Mera parivar mera gav maha gatha - Page 11 - SexBaba
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Mera parivar mera gav maha gatha

अपडेट-: 91

मनीषा भाभी के घर आते hi विभु को वो दिख गया जो वो देखना नहीं चाहता था


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सामने प्रिय दी कड़ी थी वो भी थोड़ा सतलए में जिस कारन विभु की नजर न चाहते हुवे भी वह चली गयी और विभु को प्रिय की गांड दिख गयी जिसका सीधा इफ्फेक्ट उसके लुंड पर हुआ जो बिना सोचे एक डैम तन क्र खड़ा हो गया

विभु-: (यहाँ आ क्र hi गलती क्र दी अब घूमो खड़ा लुंड लेके जब तक की इसका पानी नहीं निकल जाता यहाँ से निकल लेता हु )

विभु जैसे hi मुदा उसको प्रिय दी ने देख लिया

प्रिय दी-: विभु तू कहा जा रहा ह रुक

विभु उसकी आवाज सुन क्र रुक गया

प्रिय -: इधर आ खाना खा क्र जाना तू अब

विभु ने अपना लुंड अपनी जीन्स में एडजस्ट किया मगर इतना विशाल लुंड कैसे नहीं दीखता

विभु वह से जल्दी आ क्र सोफे पर बेथ गया

प्रिय दी-:( ये इसको क्या हुआ कुछ बोल नहीं रहा ह ) क्या हुआ मेरे हीरो को कुछ बोल नहीं रहा

विभु-: वो दी सर दर्द क्र रहा ह

प्रिय दी-: रुको में बाम लगा देती हु

में सोफे पर बेथ गया और दी अपने रूम में गयी इतने मेने भाभी को कॉल किया भाभी ने फोन नहीं उठाया

फिर प्रिय दी आ गयी और सोफे पर बेथ गयी

प्रिय -: आ मेरी गोदी में सर रख ले में तेरी मालिश क्र देती हु

में-: नहीं दी ाशे hi क्र दो

प्रिय-: (गांड तो देखता रहता ह और यहाँ शर्मा रहा ह) रख दे

फॉर प्रिय दी ने हाथ पकड़ क्र मुझे गोदी में सुला लिया ये सब इस प्रकार हुआ की मुजेव सँभालने का मौका नहीं हुआ और मेरे लोअर पहने होने के कारन मेरा मोठे लुंड का उभर दिखने लगा

प्रिय दी की नजर वह नहीं गयी उसने बाम लिया अपनी गोरी उंगली में और विभु के सर पर मालिश करने लगी प्रिय दी बड़ी आहिस्ता से मालिश करने लगी

मालिश के कारन उसे हिलना पड़ता था जिस कारन उसके चुके विभु के टच हो जाते जिस कारन विभु का लुंड और झटका खाने लगा जाता

विभु-: ( लोडे लग गए आज तो अब ये देखेगी इसको क्या जवाब दूंगा और आँखे खोली तो चुके दिख जायेंगे और खुद को रोक नहीं पाउँगा )

प्रिय दी मालिश करते हुवे दरवाजे की तरफ देखने लगी और जैसे hi उसकी नजर विभु की लोअर पर गयी उसका हाथ उसके मुँह पर चला गया


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पप्रिया-: ( बाप रे ये क्या ह अभी क्यों खड़ा हो गया इसका फिर उसने निचे देखा तो उसके चुके जस्ट मुँह के पास थे )

प्रिय फिर हलकी से मालिश करने लगी मगर अब इसका डयम केवल उस बलशाली लुंड पर था


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प्रिय ने 1-2बार देखा और फिर उसने सोचा की अगर ये यूँही रहा तो मनीषा भाभी आने वाली ह कही देख न ले वार्ना वो मुझे गलत समझेगी

प्रिय-: हो गयी विभु

विभु उठ गया और प्रिय दी जल्दी से उठ क्र अपने रूम में गयी और कुछ देर साँस ली

प्रिय-: ( मेरे भाई का आअज फिर खड़ा हो गया मगर आज तो कुछ ज्यादा hi बड़ा लग रहा था उसका चलो थोड़े मज़े लेती हु )

प्रिय बहार आ गयी और विभु के पास बेथ गयी

प्रिय;: चाय पियेगा भाई तू तेरा सर दर्द हो रहा ह तो में अच्छी कड़क चाय बना देती हु

विभु-: है दी जरूर

प्रिय दी उठ कर जाने लगी विभु फिर उसकी गांड को देखने लगा और प्रिय दी ने मुद क्र देखा तो विभु उसकी गांड hi देख रहा था


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प्रिय-: चाय के साथ और कुछ भी लेना ह क्या भाई

विभु-: नहीं दी

प्रिय+: मुझे लगा कुछ चाहिए तुजे और इतना बोलकर रसोई में चली गयी

विभु-:( क्या हे आशा इस गांड में आशा तो मेरे साथ और किसी की देखता हु तो नहीं होता इनके साथ क्यों होता हे)

मन की आवाज-: भाई इसकी खोज में भी क्र रहा हु कुछ पता नहीं चल रहा ह


इधर प्रिय चाय बनाने लगी और सोचने लगी

प्रिय-:( क्यों देखता ह भाई इतनी अच्छी लगती ह तो मांग ले न मन नहीं करूंगी तुजे तेरे लिए hi बचा के रखा ह सबसे क्यों परेशान होता ह मुझे अच्छा नहीं लगता में सामने से बोल नहीं सकती तू hi मांग ले भाई)

इधर अपनी जादुई गांड वाली प्रिय चाय बना रही थी उधर मनीषा भाभी बहार से तबेले में से दूध निकल क्र आयी और उसने देखा यहाँ तो उसकी दिल की धड़कन विभु बैठा था

विभु की भी निगाह उधर गयी और उसने देखा की उसकी भाभी आ गयी उसके चेहरे पर एक स्माइल आ गयी और वो दौड क्र मनीषा भाभी के पास गया उन्हें गले लगाया

म भाभी-: क्या हुआ आपको

विभु -; मुझे नहीं इसे देखो कबका आशा hi ह

खड़ा ह न बेथ रहा ह

भाभी-: ओह्ह्ह्हह मतलब ये लाया मेरे पास अभी रुको रत को करते हे

विभु-: और रत तक में इसे ाशे hi ले क्र घुमु क्या

म भभाई-; है घुमा

फिर मनीषा भाभी हस्ते हुवे रसोई में गयी वह प्रिय दी चाय बना रही थी

म भाभी--: विभु के लिए चाय बन रही ह क्या

प्रिय दी-: है उसका सर दर्द क्र रहा ह

म भाभी-: ( मेरी नानन्द रानी उसका सर नहीं निचे का डंडा दर्द क्र रहा ह और इसका इलाज मुझे hi करना ह मगर आप यहाँ हो तो अभी नहीं क्र सकती )ok बनाओ फिर में खाना बनती हु

इधर विभु बहार बैठा था की उसको कुछ सूज नहीं रहा था की अब क्या करे वो यहाँ आया hi क्यों. उसे पता था अगर प्रिय दी की गांड पर नजर गयी तो फिर उसके लोडे लग जायेंगे फिर भी अब क्या करे यही सोच रहा था की मनीषा भाभी ने भी लेट का बोलै ह और कही अभी जा नहीं सकता तभी उसके मन की आवाज आयी

मन की आवाज-: भाई मेरे पास एक आईडिया हे

विभु-: जल्दी बता मेरे भाई

मन की आवाज-: तू प्रिय को बोल की तुजे सुमन ने भुलाया ह वो वह चली जाएगी उसे आने में 1 घंटा तो लगेगा इतने तेरा काम हो जायेगा

विभु-: वव ग्रेट आईडिया मेरे भाई चल अब बोलता हु

मनीषा भाभी प्रिय के पास कड़ी थी प्रिय और मनीषा भाभी चाय बनने के बाद लेके हल में आये और विभु को चाय दी और खुद भी पिने लगे

विभु-: वो दी आपको सुमन ने भुलाया था अभी उसे कुछ अर्जेन्ट काम था में तो भूल गया

विभु का इतना बोलना था की मनीषा भाभी ने विभु को तरफ अजीब नजरो से देखा

प्रिय-: ओह्ह्ह्ह है उसने मुझे जाने के पहले बोलै था की मुझे ये डायग्राम बनाना सीखा देना में आती hi भाभी जा क्र

मनीषा bhabhi-:thik ह आराम से सीखा क्र आना में इतने खाना बना लेती हु

प्रिय-; अभी गयी और अभी आयी भाभी जी

विभु-: ठीक ह में भी खेत पर जा क्र आता हु

मनीषा भाभी-; मेरा ये सामान लेके आ जाओ दुकान से पहले

इतने प्रिय दी निकल गयी वह से सुमन के घर

प्रिय के बहार जाते hi विभु ने मनीषा भाभी का हाथ पकड़ा और उठा क्र रसोई में ले गया

मनीषा-: बहाना अच्छा बनाया वैसे थोड़ी देर और साबरा क्र लेते

में-: अब नहीं होता इसे साबरा

उसने मनीषा भाभी को पीछे से पकड़ लिया और उनकी गर्दन पर किश करने लगा मनीषा भाभी की साड़ी को निचे क्र दिया जिससे उनके बूब्स ब्लाउज में से दिखने लगे


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इधर प्रिय बहार गयी थी की उसे यद् आया की सुमन ने तो उसने जो ड्रॉयिंग बनायीं थी वो भी ले जाना था वो अंदर आयी और अपने कमरे में चली गयी और ड्रॉयिंग ले क्र निचे आयी

उसने सोचा भाभी को बोल दू की में वह से उसकी सहेली चंदा से मिल क्र आउंगी तो थोड़ा लेट भी हो सकती हु

वो जैसे hi रसोई के गेट के पास पहुंची उसने जो देखा वो देख क्र उसके होश उड़ गए

सामने उसका भाई उसकी सगी भाभी से किश क्र रहा था


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प्रिय ये देख क्र वह से हैट गयी और सोफे पर आ गयी

प्रिय-: ये क्या ह क्या ये सुच ह भाभी और विभु एक दूसरे को किश क्र रहे हे क्यों आशा क्यों ये किश hi करते हे की आगे कुछ करते हे देखती हु में

प्रिय वापस आयी और रसोई के गेट की दिवार से चुप क्र देखने लगी

मनीषा भभ-: मेरे पतिदेव किश करने में hi रह जाओगे तो बाकि काम रह जायेगा इतने प्रिय आ जाएगी

विभु-: है मेरी मनीषा रानी

विभु ने किश करते हु भाभी के कपडे खोलने लगा

मनीषा-: नहीं जान ाशे hi कोई आ गया तो दिक्कत हो जाएगी

((बहार प्रिय उनकी साडी बाटे सुन रही थी ))))

विभु ने मनीषा भाभी के दूध को ब्लाउज के बटन खोल क्र बहार निकला और मुँह में लेके चूसने लगा


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mmanisha bhabhi- : aahahhaa janaaaaaa dhireeee chusskooo naaaaaa kahaaaaa inmeeee dudh heeee jlddiiii keooooooo priyaaaaaa aaaa jayegiiii [/URL]



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अनिशा भाभी ने में उनके हाथ से विभु का मुँह अपनी छूट में दबा क्र चुसवा रही थी

इधर बहार उनकी नानन्द कड़ी ये सब देख रही थी जिस कारन उसकी भी आग भड़क गयी और वो अंदर देखते हुवे अपने 32 साइज के चुका को बाबाने लगी

इधर मनीषा ने जल्दी से अलग हो क्र विभु की लोअर को निकला और उसके लुंड को निकल क्र देखने लगी और अगले hi पल उसे मुँह में ले क्र गिला करने लगे
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इधर प्रिय ने जब ये देखा तो उसको समझ आया की भाभी ने विभु से क्यों करवाने लगी लुंड hi आशा ह एक बार तो प्रिय भी देख क्र दर गयी उस विशाल लुंड को

कुछ देर चूसने के बाद मनीषा भाभी कड़ी हो गयी और विभु उसके पीछे आ गया

मनीषा -: जल्दी दाल दो अब मेरे से सहन नहीं होता

विभु-: मेरे होने वाले बच्चो की. गदरायी माँ

विभु ने लुंड छूट पर रखा और एक धक्का लगाया एक बार में hi पूरा लुंड अंदर चला गया

मनीषा -: आहहहहहहहह marrrrrrrrrrrrr दल्लाआआआ आपकूऊऊओ कीत्नीईईई बररररर बोलाआआआ अअअअअअअम्मम्म सीईई दल्लाआआआ kroooooooooo maaaaaaaaaaaa

विभु-: अब जान तू हे hi इतनी कातिलाना की क्या कृ ये गांड ये दूध देख क्र रुका नहीं जाता जान

अब विभु मनीषा भाभी को पीछे से जोर जोर से धक्के लगाने लगा


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manisha&-ahahaha जान छोड़ो अपनी घोड़ी को ाहाःहाहा जोरररर सीई बना दोऊ मुझे अपने बचोऊ को माआआआ ाहाःहाह जल्दीईई प्रियाआआआ कभीई भीई अअअअअ सकतीई हहहहह

.विभु ने जब प्रिय का नाम सुना तो उसने जोर से धक्का मारा मनीषा भाभी की छूट में क्योकि ये लुंड उनकी गांड को देख क्र hi खड़ा हुआ था


मनीषा-: आहहह धीरे जन्न्नन दर्डदब होताआ हीइ अपकाआअ लुंडडडड बहुत बड़ाआ हेबेई मर्डर डालाअ रीई

चुदाई के दौरान मनीषा भाभी के चुके बड़े मज़े से भूले होली हिल रहे थे

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इधर रसोई में भयंकर चुदाई चल रही थी उधर दरवाजे पर प्रिय अपनी भाबी के मुँह से सिसकारियां सुन और गन्दी गन्दी बाटे सुन क्र कब अपना हाथ अपनी छूट को सहलाने लगा उसे पता hi नहीं चला वो भी अंदर चुदाई समारोह देख के अपनी छूट की आग को ठंडी करने लगी

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बहार प्रिय अपने हाथ से आग को ठंडा कर्नल ागि अंदर उसकी भाभी मुसल जैसे बड़े लुंड को अपने अंदर लेके मज़े ले रही थी

भाभी लुंड से अपनी आग को ठंडा क्र रही थी तो नानन्द अपनी छूट में ऊँगली करके अपनी आग को भड़का रही थी

इन सब के बिच विभु अपने लुंड का पानी निकलने में बिजी था वो अपनी भाभी काम पत्नी को अब सीधा बेसिन पर बिठाया और छोड़ने लगा जोर जोर से हचक हचक से

इधर प्रिय का पानी दो बार निकल चूका था उसने टाइम देखा तो 50 मिनिट से विभु. उसकी भाभी को छोड़ रहा था वो सोचने लगी की भाबी इतनी देर से इतने बड़े लुंड की झले कैसे रही ह

अंदर विभु को अब लगने लगा की उसका पानी निकलने वाला हे वो जोर जोर से धक्के लगाने लगा

मनीषा-: आहहह विभू मेरा पानी फिर से निकलने वाला हहहह आहहहहहहहह माआआ गयीईइ

विभु-: मनीषा मेरा भी निकलने वाला हेबेई ाःहाहाबा

ये ले तेरी छूट में मेरा पानी

मनीसा-: दाल दो अंदर मुझे आपका बच्चा अपनी गॉड में चाइये आहहहहहह माहाँ गयी


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दोनों देवर भाभी ने एक साथ चिल्ला के अपना अपना पानी चोर दिया दोनों hi निढाल हो क्र व्ही बेसिन पर पड़े रहे

इधर प्रिय ने देखा की जब इनका हो गया तो दौड के अपने रूम में चली गयी उसने जा क्र देखा की उसके हाथ पुरे गीले थे उसके पानी से कपडे भी गंदे हो गए उसनेबपने कपडे चेंज किये और थोड़ी देर लेट गयी

इधर विभु अभी भी मनीषा भाभी के ऊपर था

मनीषा-: उठो अब जल्दी कपडे पहनो और जाओ प्रिय आ सकती ह

.विभु-: है में निकलता हु उनके आने से पहले नहीं तो फिर लुंड खड़ा हो जायेगा


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विभु-: कुछ नहीं भाभी जान बाद में बता ता हु


विभु ने अपनी भाबी जान को किश किया और फिर वह से निकल गया

मनीषा अपने कमरे में गयी और अपनी हालत ठीक करके रसोई में आ गयी और खाना बनाने लगी

प्रिय ने देखा की विभु निकल गया कुछ देर में वो निचे आयी और रसोई में गयी

प्रिय-: भाभी अब खाना बना रही हो इतनी देर क्या क्र रही थी

म bhbhai-:wo में सो गयी थी थोड़ा

प्रिय-:( है विभु के निचे मेने देखा था) ok जल्दी बनाई मुझे भूक लगी हे

.म भ्भा-: आप बैठो में अभी बना देती हु

.प्रिय वह से बहार आ गयी

इधर विभु अपनी मनीषा भाभी की अच्छे से चुदाई करके बहार ायबोर मोबाइल देखा तो उसमे 3 मिस कॉल थे एक पीहू का और 2 रेखा भाबी के

vibhu-:inko क्या हुआ में बात करता हु

रेखा भाभी-: है विभु कहा हो तुम


में-: घर हु भाभी क्या हुआ

रेखा भाभी-: नहीं वो आओ कॉल नहीं उठा रहे न

में-: वो में बिजी था आप किसी हो और भैया की तबियत किसी ह अब

रेखा-: ठीक ह अब में यही बोल रही थी की ा में वह आ जाऊ क्या जल्दी काम ख़तम क्र देंगे

में-: नहीं रुको 5-6 दिन में कुछ करता हु ..

रेखा भभाई-: ठीक ह आप कॉल क्र देना जब भी आओ

में-: ोकक अपना दयँ रखना

फिर कॉल कट हुआ और विभु सोचने लगा की भाभी को तो के औ मगर वो ताल घर में अकेली कैसे रहेगी उसका कुछ करता हु यरररर कुछ समझ नहीं आ रहा ह क्या कृ पूल की तरफ जाता हु वह जा क्र सुच सोचता हु

विभु पूल की तरफ गया तो वह दिनेश अजय और विक्की तीनो बैठो थे

.विक्की- ये आ गया लवडे तुजे कबका कॉल क्र रहे ह कहा बिजी था

में-: तेरी ज्योति से बात क्र रहा था

विक्की-: देख अजय इसे समझा के गफ को बिच में मत ला

में-: आबे गांडू मजाक कर रहा था ये बता आज तीनो इधर क्या बात ह

अजय-: वो विक्की बोल रहा ह की तू इन्हे हरिया काका की बहु की छूट दिलवाएगा

में-: है तो तुजे भी लेना ह क्या

अजय-: है उसमे क्या ह

में-: क्यों माला नहीं देती ह क्या तुजे

अजय-: अरे उससे तो अभी किश hi हुआ ह बाकि कुछ नहीं

me-:ho जायेगा सब और तुन दोनों लावड़ो का कुछ हुआ ..

दिनेश-: है विभु पूजा से मेने 2 बार किया और इस विक्की ने तो 4 दिन से रोज तबेले में जा क्र छोड़ता हे

में-: व रे किस्मत हे ीरर्र तुम्हारी

अजय-: वो चोर पालक भाभी की कब दिला रहा ह

में-: देखो जब वो मुझसे पैट जाएगी और में छोड़ लूंगा वडा रहा तुम सब को 1 बार करने दूंगा

.विक्की-: तो लवदु जल्दी पता न कितना टाइम लगेगा

में-: भोसड़ी के वो कोई रंडी नहीं ह जो जेक छोड़ दिया आएगी लाइन पर धीरे धीरे

ऐसे hi 4 रो बार करने लगे और कुछ टाइम बाद अपने अपने घर चले गए

घर जा के विभु ने धीरज भाभी से 1 घण्टे तक ाशे hi बात की फिर कुछ देर निधि भाभी से और पारो का मस्सगे आया तो उसने रिप्लाई नहीं दिया उसने सोचा इसे अगर लुंड लेना ह तो मेरे सामने आना hi होगा

रत को सब सो गए बस 1 को चोर क्र वो हे अपनी हीरो की जान सुमन

सुमन रत को अपने रूम में थी उसे नींद नहीं आ रही थी वो उठ क्र विभु के कमरे में गयी तो देखा विभु सोया था थोड़ी देर अपनी जान को देख क्र वो जाने लगी तो विभु ने देख लिया

.विभु-: जान

सुमन उसकी आवाज सुन क्र रुक गयी

विभु-: क्या हुआ मेरी जान

सुमन-: कुछ नहीं जाना नींद नहीं आ रही थी तो आपके पास आयी मगर आप सो रहे हो तो सो जाओ

विभु-: जान आज मेरे पास सो जा आज

सुमन-: न बाबा न रत को मुझे परेशान करोगे आप

विभु-: मेरी जान. को परेशान भी नहीं क्र सकता क्या में

सुमन-; क्र सकते हो जान और अभी नहीं टाइम आने पर

विभु-: ok जब मेरी जान चाहेगी तब परेशान करूँगा आ जाओ सो जाओ न मुझे बहो में लेके ..सुमन-: में अपने रूम का गेट लगा क्र आती हु

सुमन कुछ देर में आयी और विभु की बहो में एक चद्दर में सो गए दोनों कुछ न बोले बस इस पल का मज़ा लेके सो रहे थे दोनों के जिस्म की गर्मी को दोनों महसूस कर रहे थे और दोनों को कब नींद आ गयी पता hi नहीं चला एक दूसरे की बहो में

इधर प्रिय मनीषा भाभी को पूछना चाहती ह की आपने मेरे भइया को धोका क्यों दिया उसको रहा नहीं जा रहा था उसका दिल जोरो से धडकत रहा था की भाभी ने आशा क्यों किया इधर मनीसा भाभी इस सब से बेखबर अपनी चुदाई विभु से करवा क्र खाना बना रही थी कुछ देर में खाना बन गया मनीषा भाभी ने बहार हॉल में खाना लगाया और प्रिय जो टीवी देख रही थी उसे भुलाया

म भभाई-: प्रिय आ जाओ खाना तैयार ह

प्रिय-: आयी भाभी

प्रिय वह से बाथरूम में गयी टॉयलेट करके हाथ धो क्र बहार आयी और भाभी के पास जा कर खाना खाने लगी कुछ देर तो दोनों चुप रही कुछ देर चुप रहने के बाद प्रिय बोली

प्रिय -: भाभी ाषा क्यों किया आपने

म भाभी--: मतलब प्रिय

प्रिय-: वो में सुमन के घर जा रही थी वापस आयी मुझे कुछ सामान लेना था मगर में रसोई में आपको और विभु देखा

ये सुन कर मनीषा भाभी के पसीना हो गया और वो दर गयी कुछ न बोल सकीय

प्रिय-: अआप कितनी अच्छी रहती थी भोली भली दिखती थी और उसके पीछे ये गुल खिला रही मेरे भइया को धोका दे रही

म भाभी-: वो प्रिय वो वो

प्रिय-: बात मत करो आप मुझसे

मनीषा भाभी ने खाना कहते हुवे उठ गयी उनकी आँखों में आंसू थे प्रिय भी उठ गयी और अपने कमरे में गयी

मनीषा भाभी ने सारा खाना वापस रसोई में रखा रट हुवे और अपने कमरे में चली गयी

कुछ देर रोटी रही और कुछ सोच क्र उठी मैं गेट लॉक लगाया और प्रिय के रूम की तरफ चली गयी

अंदर प्रिय बीएड पर लेती थी और कुछ सोच रही थी

मनीषा भाभी अंदर गयी और प्रिय के पास बेथ गयी प्रिय ने देखा और मुँह दूसरी तरफ देख लिया

म bhbahi-priya मेरे बात तो सुनो उसके बाद आपको जो करना ह क्र लेना में ये घर चोर के चली जाउंगी

प्रिय-: क्या बोलो

म भभाई-: ये सब करना मेरी मज़बूरी थी प्रिय

प्रिय-: आआआ अपने देवर से मज़े लो और फिर बोलो ये मेरी मज़बूरी थी

म भ्बहि--: सुनो तुम्हारे भैया में डैम नहीं ह की मुझे छोड़ भी सके है उनका खड़ा नहीं होता ह

प्रिय-: मतलब

म भाबी-: है प्रिय उन्होंने मुझे सधी के 1.टी दाल तक कुछ नहीं किया केवल गरम करके चोर देते थे एक दिन आपके भैया ने hi मुझे बोलै की अब मुझसे कुछ नहीं होता तू मुझे चोर के चली जा मगर में उन्हें चोर नहीं सकती थी

एक दिन मेने विभु को देखा की वो मेरी पंतय रोज ले जाने लगा बाथरूम से ये बात मेने आपके भैया को बताई तो उन्होंने गुस्से नहीं किया और उल्टा मुझे ये बताया की तू विभु से करवा के बच्चा पैदा क्र जिससे किसी को शक न होगा


तेरे भैया का इलाज भी करवाया मेने तो अब उनका वो खड़ा होता ह मगर वो कभी बाप नहीं बन सकते हे उन्हें सब पता ह विभु और मेरे बारे में आप चाहो तो ये सुनो

मनीषा भाभी ने अपने पति दिलीप भैया को कॉल किया ये सब प्रिय दी बड़े दयँ से सुन रही. थी

दिलीप भैया--: है मेरी जान बोलो

म भ्बहि-: कैसे हो आप

दिलीप भैया-: ठीक हु तू किसी ह

म भभाई-: मुझे आपकी यद् आ रही ह

दिलीप भैया-: विभु कहा ह वो दयँ नहीं रखता क्या तेरा

म भाभी- रखता ह अभी आया था करके गया ह वो मेरे

दिलीप भैया-: जल्दी से मुझे बाप बनाने की खुसी देदो तुम दोनों

म भभाई--: ोकक जान आप कब आ रहे हो

दिलीप भैया-: वैसे तो कल आने का था मगर कुछ काम ह यहाँ तो 3-4 दिन और लग जायेंगे

म भभाई- ok में आपको फ्री हो क्र कॉल करती हु

फिर भाभी ने कॉल रखा और प्रिय उठ क्र भाभी के पास चली गयी मनीषा भाभी की आँखों में आंसू फिर आ गए प्रिय ने उन्हें चुप करवाया

प्रिय-: सॉरी भाभी वो मेने आपको गलत समझा

म भाभी--: आपकी गलती नहीं ह कोई भी देखेगा तो गलत hi समझेगा

.प्रिय-: आप अब चुप हो जाओ चलो में आपको खाना खिलाती हु मेरी प्यारी भाभी

अब आप चिंता मत करो आपने जो किया इस परिवार के लिए किया अपने लिए किया

फिर दोनों नानन्द भाभी वह से निचे रसोई में गए और इस बार प्रिय ने खाना रखा अब दोनों में बड़े आराम से खाना खाया

प्रिय-: भाभी आज में मेरी प्यारी भाभी के पास सोऊंगी

म भभाई--: जा जरूर क्यों नहीं

फिर दोनों में खाना खाया और रूम में सोने चले गए

प्रिय-: भाभी आप विभु के लिए मन कैसे गयी

म भाभी--: मेने बोलै न की वो मेरी पंतय उठा के ले जाता था और आपके भैया को भी पता था उन्होंने बोलै और फिर धीरे धीरे मेने भी उसे सडके किया और ये सब हो गया

प्रिय-: मतलब आपके साथ फर्स्ट' टाइम करने वाला विभु hi हे

म भाभी--: हाआआ मुझे उससे सेफ कोई नहीं लगा अगर दूसरा कोई होता तो मुझे बदनाम भी करता और बालक मेल भी क्र सकता

प्रिय-: है ये बात तो ह विभु हे तो कुछ टेंशन नहीं किसी को कुछ नहीं बोलेगा हमें अपना मंटा हे

म भाभी-: है तभी आपके भैया और मेने उनका hi सोचा

प्रिय-:( में भी भाभी को अपनी बात बताती हु सायद मेरा काम हो जाये मुझे भी विभु मिल जाये)-: भाभी वो मुझे भी कुछ बताना हे

म भ्बहि-: है बोलो नानन्द दी

प्रिय-: भाभी वो विभु मुझे भी उस नजर से देखता ह खास क्र मेरी गांड को

म भाभी-: सुच में

प्रिय-: है बहुत बार तो मेने देखा उसका वो खड़ा हो जाता ह मेरी गांड देख क्र और है आज भी वही हुआ मेरी गांड देख क्र hi उसका खड़ा हुआ

म bhabhi-;(hanste हुवे) मतलब इस मतवाली गांड की साडी भड़ास मेरे ऊपर निकल गयी

प्रिय-: भाभी आप भी न

म भाभी--: ok में समझा दूंगी उसे की अब वो नहीं देखेगा

प्रिय-:( एक डैम से बोल पड़ी) नहीं भाभी मेरा वो कहना नहीं था

म भाभी-: तो मेरी प्यारी गुड़िया का क्या कहना ह

प्रिय-: वो भाभी मुझे भी विभु से प्यार हो गया इतना बोलकर प्रिय ने अपना मुँह छुपा लिया

म भाभी-: ओह्हू मेरी गुड़िया को अपने भाई से प्यार हो गया

प्रिय-: भाभी हो गया अब में क्या कृ

म भभाई--: आप क्या चाहती हो

प्रिय-: वो भी मुझे प्यार करे

म भाभी--: किसी को पता चल गया तो दिक्कत हो जाएगी आपको

प्रिय-: वैसे आप हो न मुझे कुछ नहीं होने डौगी

म भ्भा--: मानती हु मगर दयँ ेखना प्रिय-: मगर भाभी आपने तो बताया hi नहीं की वो भी मुझे कैसे प्यार करेंगे

म भ्बहि--: आप बोली की वो आपकी गांड देखते हे तो यही गांड आपके पास लाएंगी उन्हें

प्रिय-: मतलब

म भाभी--: मतलब की अपन जलवे बताओ और बाकि सारा में कल क्र दूंगी और है उन्हें ये पता नहीं लग्न चाहिए की आप को मेरे और उनके बारे में पता ह

प्रिय-: नहीं चलेगा ठनक ु भाभी

फिर दोनों ननाद भाभी खुस हो कर सो गयी

प्रिय को खुसी थी की अब भाभी भी उसकी मदद करेगी उसका प्यार पाने में और इधर मनीषा को खुसी थी की उसके प्यार को एक नयी नवेली छूट मिलेगी और साथ में उसे भी एक घर में अच्छा दोस्त मिल गया
 
अपडेट ---:: 92

विभु अपनी जान सुमन को बहो में भर क्र सो गया सुबह सुमन की नींद 4 बजे खुली उसने नोट किया की उसकी छूट पर कुछ चुभ रहा ह जब उसे पता चला की क्या ह तो हंसने लगी और धीरे से विभु का हाथ हटा क्र अपने रूम में चली गयी और वह जाकर सो गयी

विभु की नींद खुली वो उठा और चाय पि कर खेत पर चला गया वह जाकर काम में बिजी था देविका का कॉल आया की वो आज मंजू को लेके आएगी उसकी चुदाई दिखने विभु ने है बोल दी और कजरी को कॉल किया कजरी ने कॉल उठा कर बोलै की वो सुबह अपने मायके निकल गयी उसके पापा की डेथ हो गयी तो

विभु ने कॉल कट किया

विभु -: कजरी तक गयी अब 10 दिन पहले नहीं आये अब क्या करू किसकी चुदाई बताऊ में एक काम करता हु वह जाता हु और मंजू को केवल लुंड बता देता हु अगर मर्जी हुई तो आएगी hi और फिर उस रैंड देविका को बोलूंगा वो कुछ करेगी hi

विभि ने आपने सारा काम किया और घर जा कर खाना खाया उसको खाना सुमन ने अपने हाथो से कहिल्या और रूम में चला गया वह जा क्र उसने मोबाइल देखा तो पारो के मस्सगे थे उसने अब भी रिप्लाई नहीं दिया धराज भाबी से बात करके उसे सोनाली भाभी की यद् आयी उसने सोचा कल से मिला hi नहीं उनसे तो शाम को तो जरूर मिलूंगा आज उनसे मेरी ऐश्वर्या राइ से

विभु वह से सीधा जंगल में गया अभी टाइम था मंजू और देविका के आने में तो वो उस जगह गया जहा बाबा से मिला था आज भी बाबा वही थे

विभु-: प्रणाम बाबा

बाबा-: आओ बैठा बैठो में तुम्हारा hi इंतजार क्र रहा था

विभु-: बाबा मेरा मगर क्यों

बाबा-: बीटा तुम ठाकुर से थककर ले रहे हो मगर तुन्हे पता नहीं की वो कितना तकरवार हे इसके अलावा उसके साथ कोई और भी हे जिसका हाथ ठाकुर पर हे उन्हें तुम अकेले हरा नहीं सकते हो

विभु-: तो बाबा में क्या करू

बाबा-: बीटा मेरे पास दो लोग ह जिन्हे में कल लेके आया हु वो सुकिअद कर रहे थे मेने उन्हें बचाया ह वो भी ठाकुर ने उसके पति को मर डाला और उस आदमी की पत्नी का रपे किया हे और उसको मर डाला ह

वो दोनों वह ह मेने उन्हें सब समझा दिया ह वो ठाकुर से बदला लेने में तेरी मदद करेगा आज से ये तेरे साथ रहेगा और इस औरत को तू रेखा जिसे तू यहाँ लाना चाहता ह उसे साथ रखना ये दोनों भी यही तेरे सीक्रेट घर में रहेंगे

विभु-: कोण ह बाबा वो

बाबा-: चलो मेरे साथ

फिर बाबा विभु को थोड़ी दूर बने एक कुटिया में ले गए वह जेक विभु ने देखा 1 औरत और एक आदमी वह थे

बाबा-: बीटा ये हे आज से आपके सुब कुछ इनके साथ तुम दोनों रहोगे और अपना बदला लोगे और है विभु इनसे तुम कुछ बात मत छुपाना बदले की

आदमी-: ठीक ह बाबा

औरत-: ठीक ह बाबा

विभु ने देखा आदमी कोई 26 दाल का था और वो औरत 21 साल की थी दिखने में मस्त थी मगर चेहरे से पता चल रहा था वो खुस नहीं ह उसे बदला लेना ह इतनी खूबसूरत औरत को विधवा किया ह उस कमीने ने


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बाबा-: जाओ तुम उसके साथ और है इसकी कोई भी बात मत टालना

आदमी-; ठीक. ह बाबा आज से ये मेरे मालिक ह में इनके लिए जान दे भी सकता हु और ले भी सकता हु

ok तुम दोनों जाओ और बीटा अब में भी ये जंगल चोर क्र जा रहा हु कुछ काम हो तो मुझे मन से यद् कर लेना

फिर तीनो ने बाबा का आशीर्वाद लिया और वह से निकल गए

विभु क्या नाम हे आप दोनों का

औरत-: मेरा नाम विदिशा हे

आदमी-: मेरा नाम शेरा हे

विभु-: ok मेरा नाम विभु हे आज से तुम दोनों मेरे साथ हो कुछ जरूरत हो तो मांग लेना बेजिझक

विभु इन दोनों को खेत वाले घर ले गया और ताल घर में चोर दिया उन दोनों को

विभु-: तुम दोनों थी रहो में कुछ देर में आता हु मुझे काम ह

फिर विभु वह से निकल गया

विभु-:( ((बाबा ने मेरी बहुत मदद की ह और अब मेरा भी एक साथी आ गया ह अब मज़ा आएगा गेम का और रेखा भाभी को भी यहाँ लेके आ जाऊंगा अब उनका भी साथ हो गया फ़िलहाल तो वह जाता हु देविका मंजू को लेके आती hi होगी))

विभु वह खण्डार में गया और बेथ गया कुछ देर में उसे आहात हुई तो उसने देखा सामने से देविका और मंजू आ रही थी देविका तो बिंदास आ रही थी मगर मंजू के चेहरे पर दर था इस जंगल में पहली बार आने का दर था उसके चेहरे पर

देविका-: अब चुप रहना वो दोनों सायद अंदर hi होंगे

मंजू-: है चलो में नहीं बोलूंगी

देविका-: कुछ भी पूछना हो तो धीरे से मुझे कण में बोल देना

मंजू-: है चलो

फिर दोनों अंदर चली गयी और देविका उसे खिड़की के पास ले गयी

इधर अंदर विभु ने अपना प्लान बनाया और उसने अपनी लोअर खोल कर अपने लुंड को हाथ में लेके हिलने लगा उसने देखा की खिड़की से वो देख रहे ह तू उसने बोलना स्टार्ट किया


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विभु-: अहहहहह जननननन मुझे क्यों छोड़ के चली गयी तू तेरा पति तुजे इस गांव से ले गया अब में किसे छोडूंगा इस लुंड से कोई तो आ जाओ मेरी बहो में जिसे में जी भर के छोड़ सकू

इस बिच विभु अपना लुंड जोर जोर से हिला रहा था

देविका-: देख इसका लुंड

मांजू-: है ये तो सही में बहुत बड़ा ह मगर ये अंदर थोड़ी जायेगा किसी के इतना बड़ा

देविका-: जायेगा मेरी रानी मेने देखा ह उस औरत को छोड़ता ह आराम से जाता ह अंदर और उस औरत को भी मज़ा आता ह बहुत

मंजू-: है अब वो औरत चली गयी सायद ये बोल रहा ह और कभी. नहीं आएगा

देविका-: तू चली जा उसकी जगह

मंजू-: दी आप भी न

विभु-: हा मेरे गांव में एक से एक छूट ह कोई तो पैट जाओ में मज़ा दूंगा बहुत मज़ा दूंगा इस लुंड की सवारी करवा दूंगा तुम्हे

देविका-: जा मंजू करले लुंड की सवारी

मंजू-: हम्म्म

देविका-: मतलब जा रही ह (देविका ने अपना हाथ मंजू के चुके पर रख दिए और दबाने लगी )

मंजू-: नहीं दी ये हमारा दुश्मन ह पक्का दुश्मन इससे तो कभी नहीं आहा आप क्या क्र रही हहहह धीरीईए दर्द करता ह

देविका-: जान मज़ा नहीं आ रहा ह क्या

मंजू-: नहीं दी बहुत

देविका ने अपना हाथ उसकी साड़ी में घुसा कर उसकी छूट पर फेरा मंजू की छूट पहले से hi गीली थी वह पानी बहुत बाह रहा था


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देविका-: मंजू तेरे तो निचे नदी जितना पानी निकल रहा ह

मंजू-: दी अब वो करते नहीं ह और यहाँ ये देख रही तो आ गया

देविका. ने उंगली मंजू की छूट में डाली और आगे पीछे करने लगी मंजू ने अपना हाथ मुँह पर रख दिया

इधर विभु भी छूट को यद् करके लुंड हिलने

लगा


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मंजू-: आआह्ह्ह डीइइइइइइइ धीरीईईए भट्ट माज़आआआ अअअअअ रहाहाःहाहाः हेबेई ाःहाहाबा माआआआ

दी इसका पानी इतनी देर से निकल क्यों नहीं रहा ह

देविका-: मेने तुजे बोलै था न की ये 50 मिनिट तक छोड़ता ह उस औरत को

मंजू-: ाहः डीई मेराआआ होनी वाला ीीीज जोररररर सीई करूओ नाहा


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ये सुन देविका ने उंगली निकल दी और मंजू का हाथ पकड़ क्र जाने लगी

बहार आ क्र उसने मंजू को दिखा क्र वो उंगली जो अभी थोड़ी देर पहले उसकी देवरानी की छूट में थी उसे चाटने लगी

देविका-: ववववव मंजू तेरा पानी तो अच्छा नमकीन ह टेस्टी हे

मंजू-: शर्मा गयी

फिर देविका उसे बहार के जाने लगी

मंजू का पानी निकलने वाला था निकला नहीं उससे चला नहीं जा रहा था

मंजू-: दी मेरा पानी निकलने वाला था आपने ऊँगली क्यों निकल दी

देविका-: मुझे क्या पता घर जा कर अपने पति से करवा लेना

मंजू-: दीदी वो नहीं करते

देविका-: फिर उंगली क्र लेना जा क्र वैसे केसा लगा ये बाहुबली लुंड

मंजू-: बहुत बड़ा हे दीदी मेने तो आशा लुंड पहली बार देखा ह

देविका-: अब जी करे आ जाना यहाँ देखने मगर लेना मत वो हमारा दुश्मन हे समझी

मंजू-: हम्म्म दी

फिर दोनों वह से निकल के अपने खेत आ गयी

इधर विभु म देखा की वो दोनों निकल गयी तो विभु ने भी अपना लुंड लोअर में दाल दिया और वह से निकल गया कुछ देर में विभु का लुंड बेथ गया वो सीधा खेत आया और उन दोनों के पास चला गया

विभु-: ये सारा सामान हे खाने का कुछ जरूरत हो तो बोल देना और है इस जगह का किसी को बताना मत

औरत-: जी वो मेरे पास कपडे नहीं हे

सेरा-: मेरे पास भी

में-: ये मेरी बाइक की चाभी आज सहर जा कर अपने लिए जो लाना हे लेके आ जाओ और है एक एक मोबाइल और सिम ले लेना तुम

विभु ने उन्हें पैसे दिए और दोनों बाइक लेके निकल गए

विभु-: अब आएगा असली जुंग का मज़ा ठाकुर और विष्णु तेरे परिवार की छूट मेरी हे सरीईई वो भी तेरी आँखों के सामने उठा के ले आऊंगा एक एक छूट देख अब तू

इधर देविका आ गयी और मंजू दोनों उनके खेत वाले कमरे में चले गए

मंजू-: दी आप एक बार मेरा पानी निकल दो न

देविका-: तू कितनी गरम हे लुंड देख क्र hi आईटी ा गरम हो गयी तू

मंजू-: दी वो पहली बार देखा ह न

देविका-: चल रुक आज तुजे मज़ा देता हु

फिर देविका ने मंजू की साड़ी को ऊपर किया और उसे झुका के कड़ी करके पीछे से उंगली करने लगी

मंजू-: अहःअहः दी जोरर से करो मज़ाआ आ रहहहहह हहहहहह

देविका ने अब उसकी छूट पर होठ रख दिए और जोर से चूसने लगी उसे मज़ा आ गया जोर सीईए

मंजू-: ाहः दी क्या करती होओओओओओओ वो गंडीई जगह हहहहहह आहहहह माआआ मज़ाहा आआ रहहहहह हहहह जोररर सीईई गंडीईई जगह हहह वो दी

देविका-:( मुँह हटा क्र) देख मंजू मेने तो उसे विभु से hi सीखा ह वो उस औरत के चुस्त था उसे मज़ा आता था मेने भी तेरे साथ तरय किया अग्गर तुजे नहीं अच्छा लगता हे तो रहन्दे देती हु

मंजू-: वो करता ह क्या ाशे ाहः दी मज़ाआ बहुत आआ रहब हहहह मगर कभी ये कियाआ नहीं तू अजीब लगाआआ

देविका-: किया तो मेने भी नहीं मगर वो करता ह तो सोचा तुजे भी कृ सायद उस औरत जैसे तुजे भी मज़ा आये

मंजू-: आहहहह दी आ रह ह मजा

मंजू पलट क्र सीधी लेट गयी और मंजू ने अपनी छूट देविका के मुँह के पास करदी

देविका ने भी मोके का फायदा देख क्र अपनी जीभ से देविका की छूट को खुरदने लगी उसे ज्यादा देर नहीं लगी क्योकि मंजू बहुत देर से गरम थी और उसका पानी भी नहीं निकल था उसने जोर से चिल्ला के सारा पानी देविका के मुँह पर दाल दिया देविका भी सारा पानी पि गयी एक एक बून्द

मंजू-: दी आप मेरा गन्दा पानी पि गयी

देविका-: मुझे अच्छा लगा तो पि लिया तू भी पि क्र देखना ाचा ह नमकीन पानी

मंजू-: मज़ा आ गया बहुत दिन बाद दी

देविका-: है मेरे से इतना मज़ा आया तो सोच उस विभु के लुंड से कितना मज़ा आएगा तुजे जब वो अंदर जायेगा

मंजू-: है वो तो हे मगर हमारी अशी कहा किस्मत दी

देविका-: है सुच हे चल अब घर चलते हे

फिर वो दोनों घर जाने लगी वो दोनों जब घर जा रही थी तो विभु उसके खेत पर भेटा था दोनों को आता देख क्र फिर उसके दिमाग में कुछ आया और उसने देविका को कॉल किया कॉल देख क्र देविका ने विभु की तरफ देखा और कॉल उठा लिया

विभु-: मेरी रैंड इसकी जल्दी दिलवाना

देविका-: है कोसिस क्र रही हु

इतना बोलकर कॉल कट किया

devika-:wo देख बड़े लुंड वाला आ गया

मंजू ने विभु की तरफ देखा और उसे व्ही विशाल लुंड उसकी आँखों के सामने झूलने लगा फिर से उसकी छूट में खुजली होने लगी

मंजू-: ाहः दी क्या लुंड था वो

देविका-: है चल अब घर

फिर दोनों वह से घर आ गयी और विभु की निगाह दोनों की गांड पर गयी जहा देविका की गांड बड़ी थी वही मंजू थोड़ी लम्बी थी उसकी गांड देविका के मुकाबले थोड़ी छोटी थी

फिर वो दोनों घर चली गयी और विभु भी अपने घर चला गया

इधर ठकुराइन अपने कमरे में बैठी थी उसने फिर उसी औरत से बात की जिससे वो हर बार करती ह

औरत-: है बोलो

ठकुराइन-: अभी कुछ दिन रुकना पड़ेगा हमें वो कजरी के पापा की डेथ हो गयी ह वो वह गयी ह

औरत-: ठीक ह तू जो भी काम करे आसानी से करना

ठकुराइन-: ठीक ह

फिर दोनों में कुछ देर बात की और कॉल कट किया

इधर सहर में सेरा और विधिसे ने अपने लिए कपडे लिए और विभु के कहने के अनुसार दोनों ने एक एक मोबाइल लिया और जरुरी सामान लेके वह से निकल गए गांव

कुछ देर में. वो गांव आ गए मगर विभु तो ताल घर की चाबी लेके घर चला गया दोनों में बाइक कड़ी की और हरिया काका के पास गया सेरा

सेरा-: काका वो विभु के no. हो तो देना

हरिया काका-: आप कोण

सेरा-: जी मेरा नाम सेरा हे मुझे उनसे काम ह

हरिया काका रुको हरिया काका ने विभु को कॉल किया

विभु-: है काका बोलो

हरिया काका-: यहाँ एक औरत और आदमी आये हे

आपकी बाइक भी उनके पास हे वो आपके no. ले रहे ह

विभु-: आप उनको बिठाओ अंदर में आ रहा हु .हरिया काका-: ठीक ह

हरिया काका-: आप दोनों यहाँ बैठो वो आते hi होंगे कुछ देर में

दोनों वही बेथ गए कुछ देर में विभु आया और दोनों को धीरे से कोई देख न ले बोलकर ताल घर के अंदर ले गया

विभु-: ले आये सामान

विदिशा-: है

में-: ok ये लो मेरा no. कुछ काम हो तो कॉल करना ह और है मेरा no. मेरे नाम से सेव नहीं करना ह और आपके भी no. देदो दोनों के

सेरा-: ठीक ह

में-: विदिशा तुम बैठो यहाँ ये टीवी और सब हे भूक लगे तो खाना बना देना और तुम्हे hi सेरा के लिए खाना बनाना ह और ये भी यही सोयेगा

विदिशा-: ोककक

में-: सेरा तुम मेरे साथ चलो

सेरा-: हआ

फिर में सेरा को बहार ले आया और उसे समझा दिया की कोई पूछे तो बोल देना की आज से यहाँ काम करूँगा में बाकि सबको समझा दूंगा

में इसे हरिया काका के पास ले गया

में-: काका ये सेरा हे ये आज से यही काम करेगा आपके साथ और मेरा भी काम करेगा

हरिया-: ठीक ह काका

विभु-: और काका अब आपको जब बोलै जाये तभी रत को यहाँ सोना ह बाकि आप सुबह जल्दी आ जाओ और रत को चले जाओ घर 3-4 दिन बाद यही रुटीन रहेगा आपका

काका-: ठीक ह बीटा

दोनों काका खुस हो गए और में सेरा को समझा दिया की अब हमें क्या करना ह

में-: तुम विदिशा को जानते हो

.सेरा-: है वो मेरे hi गांव की हे

में-; उसको पति को ठाकुर ने क्यों मारा

सेरा-: वो इसका और मेरा खेत पास hi हे उस दिन मेरी पत्नी खेत पर काम कर रही थी तब ठाकुर आया और इसको पकड़ के ले जाने लगा इसके पति ने देख लिया वो उसे बचने आया और उनकी लड़ाई हुई जिसमे ठाकुर ने उसे मरवा दिया वही और मेरी पत्नी को उठा के ले गया

सेरा रोने लगा विभु ने उसे गले लगाया और समझाया की इसका बदला हम जरूर लेंगे

चली निचे मुझे विदिशा से बात करना ह

में निचे आया तो विदिशा टीवी देख रही थी

में-: विडिसाह मेने सुना की उस कमीने ने तेरे पति को कैसे मारा उसका बदला लेना चाहत हो तो यहाँ रहो नहीं तो तुम सहर जा सकती हो आज से तेरा सारा खर्चा में उताहूँगा वही रहना और सायद दूसरी सधी क्र लेना

विदिशा-: नहीं मेरा प्यार था वो बचपन का उसके लिए में. घर से बैग क्र आयी और हमने सधी की फिरबुस कमीने ने मेरा घर उजाड़ दिया ह उसके लिए मुझे कुछ भी करना पड़े चाहे मेरी इज्जत क्यों न चली जाये में उस कमीने को नहीं छोडूंगी

में-: इसमें तुम्हारी जान भी जा सकती ह

विदिशा-: मुझे फ़िक्र नहीं आप मुज पर विशवास करो में आपके सरे काम कर दूंगी मगर उस कमीने को मरने में मुझे अपने साथ रखलो

सेरा-: रखलो इसे इसकी आँखों में बहुत ज्वाला ह ये उस ठाकुर की बर्बादी में हमारे बहुत काम आएगी

.विभु-: ठीक ह आज से हम एक मगर यद् रहे ये जगह किसी को पता न चले की तुम कहा रहती हो क्या करती हो और है कभी ठाकुर और उसके आदमी को शक या तुम्हे पकड़ ले तो किसी का नाम नहीं लेना

सेरा-: कभी नहीं .

विधिसे-: ोकक

में-: और मेरा ये वडा ह की में तुम दोनों को कुछ नहीं दूंगा

विदिशा-: थैंक्स

में-: और है आज से मुझे अपना दोस्त मनो में कोई मालिक नहीं हु जो ाशे सर झुका के खड़े रहते हो दोस्त हु में आप दोनों का आज से हम तीनो दोस्त हे

विदिशा-: हम्म्म्म

फिर मेने मोबाइल में मेरे सरे काका जो मेरे दुश्मन थे उनका फोटो ठाकुर की फेमेली- का फोटो और कोनकों हे उनकी फेमेली में सब पता दिया

ये सब में मुझे पता hi नहीं चला कब 4 बज गयी

में-: ok में आप दोनों को एक सेसर्ट बतात हु

मेमे अलमारी हटाई और अंडे वाले घर में ले गया दोनों वह बहुत गन्दी थी

में-: इसको भी बहार वाले घर जैसा बनाना हे तुम दोनों यहाँ साफ सफाई कर देना में कल सारा सामान यहाँ भी मंगवा लूंगा

विदिशा-: में आज क्र दूंगी यहाँ सफाई

सेरा-: हम्म

में-: और है विदिशा तुम बहार मत ललनिकलना और सेरा तुम जब बहार जाओ तो ये पीछे का गेट हे यहाँ से देख क्र बहार निकलना कोई तुम्हे आते और जाते हुवे देखे न यहाँ

सेरा-: विभु एक काम करो न इस घर के चारो और कमरे लगवा दो जिससे हम अंदर भी रहे तो हमें सब दिखे जिससे हमें आने जाने में कोई दिक्कत न हो और विदिशा भी थोड़ा बहार घूम सकती ह

में-: ठीक ह में सोचता हु

फिर में उन दोनों को वही चोर के बहार आ गया और अपनी बाइक लेके घर की तरफ निकल गया

सेरा और विदिशा मिल क्र सफाई करने लगे

सेरा-: विदिशा तुम क्र पाओगी ये सब विभु ने बोलै ह अगर तुम जाना चाहती हो तो जा सकती हो

विदिशा-: मगर सेरा भइया में जा क्र क्या करुँगी आप जानते हो वो मुझसे कितना प्यार करते हे अगर में चली गयी तो उनके प्यार को झूठा साबित क्र दूंगी

सेरा-: ठीक ह मगर यहाँ तुम अकेली मेरे साथ कोई दिक्कत हो तो में बहार सो जाँऊगा

विसिषा-: मेरे अब आपके अलावा हे कोण

सेरा-: ok विदिशा हम ये साफ सफाई कर देते हे फिर तुम खाना बना लो

विधिसे-: ोककक

दोनों एक दूसरे को बहुत प्यार से बोलते थे और एक दूसरे की इज्जत भी करते थे

दोनों साफ सफाई करने लगे

इधर हरिया काका अपनी बहु से मिलने निकल चूका था रामु काका को बोल क्र

हरीया काका खेत पर गया और अपनी बहु को इंतजार उस जगह करने लगा जहा वो रोज चुदाई करते हे कुछ देर में पालक भाभी आयी और हरिया काका उसकी साड़ी को उठाने लगा

पालक भाभी-: पापा आज मेरी मर्जी नहीं ह

हरिया काका-: ok बेटी कोई नहीं जाओ फिर तुम

पालक भाभी-: पापा वो मुझे ये पूछना था की आप किसके वह काम करती हो

हरिका काका-: वो में विनय और विमल पटेल के वह काम करता हु

पालक भाभी-:( कल तो उसने नाम विभु पटेल बताया ) तो ये विभु पटेल कोण हे पापा

हरिया kaka-ye इनका लड़का ह

पालक भाभी-: केसा हे ये पापा

हरिया काका-: बेटी तू ये सब क्यों पूछ रही

पालक भाभी-: वो मेने सुना ह की वो अच्छे इंसान हे

हरिया काका-: है वो तो हे उनके जैसा इंसान इस पुरे गांव में कोई नहीं ह भगवन ह वो हमारे लिए

.पालक भाभी-: अच्छा तो आप उनका काम चोर क्र यहाँ आते हो उनको पाटा ह

हरिया काका-: नहीं में रामु को बोल क्र आता हु की घर जा क्र आता हु

पालक भाभी-: ठीक ह पापा अब में चलती हु कल आना आपको दूंगी में

हरिया काका-: ok बहु जा अब तू

पालक चली गयी और हरिया भी वह से खेत की तरफ चला गया


पालक-:( सुच में अच्छा लड़का ह वो तो मगर में बार बार उनके बारे में क्यों सोच रही हु होगा मुझे क्या में तो बाबूजी के साथ खुस हु)

पालक भी अपना काम करने लगी और इधर विभु वह से सीधा अपने घर गया और सुमन से जादू की झप्पी ले क्र कुछ बाटे करके अपने रूम में गया तभी उसे मनीषा भाबी को कॉल आया

विभु-: है मेरी जापानीज गर्ल बोल

म भभाई-: कहा हो आज दिखे नहीं

विभु-: वो खेत पर काम था आज बोलो

म भाभी--: घर आओ न मेरा मन हे

विभु-: प्रिय दी कहा ह

म bhabhi-wo अभी उसके कमरे में हे इतने हो जायेगा आ जाओ

में-: आया कुछ देर में

म भाभी-: ोकक

विभु ने कॉल कट किया और निचे आया

.इधर मनीषा भाभी के पास प्रिय बैठी थी

म भाभी-: नानन्द रानी आ रहा ह वो अब क्या करना ह

प्रिय-: आने तो दो आज उसे आशा नजारा दिखाउंगी इस गांड का की यहाँ से जाएंगे hi नहीं

म भभाई--: आशा कुछ मत दिखना वार्ना देखा आज hi रपे क्र दे आपका

प्रिय-: करने दो मन किसने किया ह

म भाभी-: ओह्ह्ह्हह नानन्द रानी अपना रपे करवाएगी आज

प्रिय-: इसी लिए भाभी में आपको सब नहीं बता रही थी पूछती हो और फिर मजे लेती हो

म भाभी-: सॉरी प्रिय ठीक ह करवा लेना अपना रपे में नहीं मन बोलूंगी में तो बोलू आते hi रूम में लेजा में सजा देती हु रूम सुहागरात मन hi ले आज आप

प्रिय-: गन्दी हो भाभी आप

म भाभी-: मतलब सिर्फ प्यार हे ये कुछ नहीं करना क्या

प्रिय-: करना ह न मगर धीरे से

म भ्बहि-: और वो ये गांड का जलवा देख क्र नहीं रुका और आज hi करने का बोल दिया तो

प्रिय-: फिर में भी तैयार हु

म भाभी- देखत हु आने दो उसे

प्रिय-: आप उससे नहीं करवाओगी आज

म भाभी-: ोकक बाबा

प्रिय-: मेरी कसम खाओ की आप आज उससे नहीं करवाऊंगी और न hi कुछ और करोगी

म bhbhai-:okk बाबा आपकी कसम मगर आप कुछ न कर पायी तो वो कहा खड़ा लुंड लेके घूमते रहेंगे

प्रिय-: नहीं वो तो बेथ जायेगा अपने आप

म भभाई--: ओह्ह्ह तुम्हे बड़ा पता ह

प्रिय-: आपने hi बताया था

म bhbahi-:pata ह मेरी रानी चल अब जाओ वो आता hi होगा

इधर मनीषा भाभी और प्रिय पूरा प्लान करके बैठे थे और विभु भी घर से निकल चूका था तभी उसे नीता चची का कॉल आया

विभु-: है मेरी नीता बोल

नीता चहकी-: कहा हो हमें यहाँ सहर लेने आ जाओ

में-: कोण कोण हो आप

नीता चची-: में ,निशा और नव्या

में -: आया 2 बाइक लेके आना पड़ेगा

मेने विक्की को कॉल किया और उसकी बाइक लेके चलने का बोलै वो मन गया फिर में घर पर बोल कर वह से सहर की और गाड़ी डोडा दी

कुछ टाइम में हम सहर पहुंच गए वह नीता चची बड़ी hi सेक्सी अनदाज़ में कड़ी थी वही नव्या और निशा भी बड़ी मस्त लग रही थी

नव्या और निशा मेरी बाइक पर बेथ गयी और नीता चाही बैग लेके विकी की बिकबप्र बेथ गयी मेने गाड़ी डोडा दी गांव की और. टाइम शाम की 6 बज चुकी थी

प्रिय-: भाभी आया नहीं अभी तक भाई

म भभाई-: है में कॉल करती हु

म भाभी ने कॉल किया विभु के पास कॉल आया और उसे आया की वो तो मनीषा भाभी के पास जा रहा था

विभु-: सॉरी भभाई वो में नीता चहकी को लेने शर आ गया

म भाभी-: ok रत को आना

में-: है जरूर

फिर मेने कॉल रखा और कुछ टाइम में घर आ गया चची को घर और ुअटारा और विक्की उसके घर गया मेने चची को आंक मरी उन्होंने स्माइल की

निशा-: आ चाय पि कर चले जाना

me-hm चलो

फिर मेने बैग लेके अंदर आ गया और निशा नव्या अपने कमरे में चली गयी और चची ने मुझे रसोई में भुलाया वो चली गयी अंदर और में उनके पीछे मेने पीछे से जा क्र उनको बहो में भर लिया

में-: आहहह आखिर आप आ गयी

चची-: मेरे पति को मेरी यद् आयी तो आना hi पड़ेगा न

me-:ohhh मुझे नहीं मेरे इस सेर को इस शेरनी की यद् आयी ह

चची-: अपने सेर के लिए दूसरी गुफा देखो कुछ दिन

में-; क्यों

Chachi-:bhul गए मेरे पेट में आपका बच्चा हे

में-: पता ह मेरी चची जान

चची-: मेने डॉ. को बताया था तो उन्होंने बोलै की अब अपने पति से सेक्स मत करना जब तक बच्चा हो जाये वार्ना बच्चे को कुछ हो सकता ह

में-: क्या

चची-: (उसने मन किया ह अब तुझसे करने को) है यही

में-: ok मेरे बच्चे के लिए तो में कुछ नहीं क्र सकता हु

चची-: वैसे मनीषा हे न उसकी गुफा में घुसा दे

में-; है वो तो ह

चची-: और उस कजरी के साथ क्या किया तूने उस दिन

me-:vahi जो तेरे साथ किया हे

चची-: और कुछ हुआ यहाँ कुछ किया तूने

में-:( क्या करू सब बता दू चची को की बाबा ने मन किया था क्या करू चची ने तो हमेसा मेरी मदद की क्या करू अभी रहने देता हु टाइम आने पर बताऊंगा ) कुछ नहीं खास बस वही कजरी और ठकुराइन का चल रहा ह

चची-: ठीक ह अब जाओ आप मुझे भी खाना बनाना हे

में-: जान छूट न सही किश तो दे hi दो

चची-: लेलो किसने मन किया ह

फिर मेने चची से एक जोरदार किश किया ये सब बहार कड़ी निशा सुन और देख रही थी

में भी बहार गया तो निशा चुप गयी और जब में बहार गया तो निशा आयी और अपनी माँ के लिपट गयी

निशा-: क्या बोलै वो

चची-: कुछ नहीं खास नहीं हुआ हे अभी

निशा-: पापा को बोल दो आप

चची-: शाम को बताती हु तू आराम कर मेरी बेटी .

निशा-: मुझे आज आपके पास सोना ह

चची-: ok अभी आराम क्र में खाना बनती हु

फिर वो अपने काम में लग गयी विभु वह से सीधा खेत पर गया और देखा तो सेरा और विदिशा ने सब साफ क्र दिया था और विदिशा खाना बना रही थी

सेरा-: विभु वो उस घर में सफाई तो हो गयी मगर वह पानी का कनेक्शन सही नहीं ह कल में सही करता हु

में-: ोकक सामान ले आना तू

में-: वैसे में ये पूछ रहा था की क्या तुम दोनों को ठाकुर या कोई और यहाँ जनता ह क्या

vidhisha-:muje तो उसने कभी नहीं देखा ह

सेठा-: सायद मुझे भी नहीं देखा ह

में-: फिर उसने तुम्हारी पत्नी से साथ कैसे

सेरा-: वो कमीना उधर से जा रहा था मेरी पत्नी वह काम कर रही थी उसने देखा और उसे उठा लिया

में-: ok उठा लिया उसके बाद तुन्हे पता ह अभी कहा ह तुम्हारी पत्नी

सेरा-: नहीं मुझे कुछ जानकारी नहीं ह में पुलिस सटशन गया वह से मुझे भगा दिया

में-: अब हम अपनी अदालत खुद लगाएंगे जहा ठाकुर के सरे गुनाहो का हिसाब होगा

फिर वो दोनों खाना खाने लगे और में वह से घर आ गया मेने अपने घर जा कर देखा तो वह पूजा और सुमन हल में बैठी में

में-: क्या बात ह आज दोनों सहेली एक साथ

पूजा-: आपको क्यों जलन हो रही ह

में-: मुझे क्या करना ह

विभु वह से अपने रूम में गया

सुमन-:( पूजा से) सहेली की सौतन

पूजा-: ाःहाहाब मारररररर जाऊ में तेरी इस ऐडा पर

सुमन-: जा मर जा

पूजा-: मर जाऊ

सुमन-: नहीं रे पागल में तेरे बिना नहीं रह सकती हम तीन जिसम हे मगर जान तो 1 हे न

पूजा-: ी लव ु

सुमन-: लव ु 2

में निचे आया और खाना खाने लगा पूजा और सुमन निचे hi थी माँ तै के पास गयी थी के सुमन बाथरूम में चली गयी और पूजा मेरे पास आ कर मुझे खाना खिलने लगी

में-: जान सुमन आ जाएगी

पूजा-: है पता ह

और पूजा वापस सोफे पर बेथ गयी

पूजा-: मेने तो उसे खिला दिया जा अब तू खिला अच्छे से और है किश तो क्र hi लेना

सुमन-: बाअगग यहाँ से

पूजा उसके घर चली गयी और सुमन विभु के पास आयी

vibhu-:jan

सुमन-: हम्म

vibbu-:betho में तुजे खाना खिलता हु

सुमन-: नहीं में खा लुंगी आप खाओ

विभु ने सुमन का हाथ पकड़ा और अपनी गॉड में बिठा लिया और उसे बड़े प्यार से खाना खिलने लगा

सुमन विभु की गॉड में बैठी थी उसकी नरम गांड विभु की गॉड में डाब सी गयी फिर भी विभु का लुंड खड़ा नहीं हुआ सायद इसी को प्यार कहते हे

सुमन की जगह कोई और हटा तो विभु का विशाल लुंड उसकी गांड पर ः कर मचा देता

दोनों भाई बहन एक दूसरे को खाना खिलने लगे
 
अपडेट--::93

इधर सुमन बड़े प्यार से विभु को खाना खिला रही थी वही उसके पास में सोनाली भाभी अपने कमरे में कुछ सोच रही थी

सोनाली-: क्या बात ह विभु 2 दिन से न कॉल न मस्सगे न hi मिलने आया बात क्या ह में अच्छी नहीं लगी क्या इतना जलवा दिखा दिया इस जवानी का इतने में कोई और होता तो पकड़ क्र रपे क्र देता और ये हे की अभी तक कोई रिएक्शन नहीं पर मेभी उससे आगे हु कब तक रोकेगा खुद को देखती हु

सोनाली ये सब सोच रही थी की इतने में चेतना भाभी उसके कमरे में आयी

चेतना भाभी-: क्या क्र रही हो सोनाली

सोनाली-: कुछ नहीं दीदी बस बैठी हु

चेतना-: खाना नहीं खाना क्या

सोनाली-: खाना हे न दी आपने खा लिया

चेतना-: नहीं तेरा hi वेट क्र रही थी तू आयी नहीं तो में देखने आ गयी

सोनाली-: ok चलो कहते हे

चेतना-: अब बेथ थोड़ी देर वो माया चची आयी ह माँ के पास बैठी ह इतने मेरे से बात क्र

सलोनी-: क्या बात कृ दी मेरे पास कहा बात रहती ह

चेतना-: ओह्ह वो पूजा और विभु के बारे में बता क्या जासूसी क्र रही ह तू उनकी

सोनाली-: कहा जासूसी वो तो मेने सुन लिया ह की वो ाशे करते हे और क्या

.चेतना-: है तूने बताया न की पूजा उस दिन रत को विभु के पास गयी थी

सोनाली-: गयी नहीं सब हुआ होगा

चेतना-: अब गयी टी तो हुआ hi होगा उसमे कोई शक हे क्या

सोनाली-: कोई शक नहीं मगर विभु की किस्मत देखो इतनी हसीं लड़की वो भी गफ और पडोसी जब. चाहे तब. ऊपर भुला क्र सुरु हो जाये

चेतना-: तू तो चली जा उसकी जगह

sonali-:(angdai लेते हुवे) हमारी अशी किस्मत कहा

चेतना-: क्यों अपनी इस जान लेवा जवानी दिखा भूल जायेगा पूजा को वो

सोनाली-: दीदी आप भी न गन्दी हो

चेतना-: अभी कहा गन्दी रत को आ मेरे पास फिर बताती हु कितनी गन्दी हु में

सोनाली-: ये मौका कभी नहीं मिलेगा मेरी प्यारी दीदी है अगर आप लड़का होता तो जरूर आ जाती आपके पास

चेतना-: एक दिन लड़का समझ कर आजा

इतने में निचे से आवाज आयी और दोनों निचे जाने लगी ये उनकी रोज की मजाक थी मगर कभी दोनों ने एक दूसरे को गन्दी नजर या गंदे ख्याल से हाथ भी नहीं लगाया था

दोनों निचे आयी तो विभु की माँ माया और तै बैठी थी

तै-: खाना खालो न

चेतना-: है माँ

फिर पीहू सोनाली और चेतना तीनो ने मिलकर खाना खाने लगी

इधर आज विक्रम सिंह और उसके साथ वैशाली आज डॉ के पास गए विक्रम सिंह का इलाज करवाने

विक्रम सिंह--: वैशाली तुम यही बैठो में अंदर डॉ. से बात करता हु

veshali--:me भी तो चालू अंदर डॉ. क्या बोलता ह

विक्रम-: अरे डॉ. औरत के सामने खुल क्र बात नहीं पायेगा .

veshali-:thik ह आप जाओ में यहाँ बैठी हु

फिर विक्रम अंदर गया और डॉ. के सामने बेथ गया

डॉ. -: आओ विक्रम आओ बैठो

विक्रम--: डॉ. वो में बहुत परेशां हु मेने आपको फोन पर बताया न

डॉ-: है बैठो में चेक करता हु यहाँ लेट जाओ

विक्रम लेट गया अपनी पेण्ट खोल क्र डॉ. ने उसके लुंड को हाथ में लेके देखा बिलकुल मुरझाया हुआ लुंड था कड़कपन बिलकुल भी नहीं था

डॉ.-: लगता ह झकम बहुत अंदरूनी हे ज्यादा जोर से लगी थी क्या

.विक्रम-: डॉ. मुझे तो पता नहीं की यहाँ लगी में बेहोश हो गया था पता नहीं बादमे मारा हो तो जब से होश में आया तब से ये प्रॉब्लम हे

डॉ. -: ये कुछ चेक हे करवालो फिर देखते हे क्या करते हे

विक्रम-: डॉ. चाहे कितने पैसे लेलो मगर मेरी ये बीमारी सही करदो

डॉ. -: में कोसिस करूँगा पूरी आप ये चेकउप करवालो

विक्रांत बहार गया और ब्लड पर पेशाब का चेक करवाया

डॉ. -: ठीक ह 1 जानते में रिपोर्ट आ जाएगी आईटी इ आप कुछ काम करवा के आ जाओ

विक्रम-: ठीक ह

विक्रम-: चलो वैशाली रिपोर्ट आने में 1 गनहटा हे इतने तुम्हे कुछ लेना हो तो लेलो

वैशाली--: है चलो मार्किट

फिर दोनों मार्किट निकल गए और वैशाली कुछ सामान लेने लगी इसी में 1 गनहटा हो गया

दोनों वापस हॉस्पिटल आये और विक्रम अंदर आगया

डॉ. -: है ठाकुर आपकी रिपोर्ट सही ह बस इसमें कुछ प्रोब्लेम्स हे वो में हैवी दोसे गोलिया दे देता हु आप गोली लेना और इस तुबे से काम से काम 10 मिंट मालिश करना 15 दिन में आपको रिजल्ट मिल जायेगा

विकर्म-: धन्यवाद् डॉ.

डॉ.-: ठीक ह अब आप जाओ ये गोलिया लेलो और ये 2 इंजेक्शन हे इन्हे अभी लगवा लेना

फिर विक्रम बहार गया और मेडिकल से गोलिया और इंजेक्शन लेके अंदर आया और अपने इंजेक्शन लगवाया और गोलिया समजह क्र वैशाली को लीज आए गया

वैशाली-: -: क्या हुआ क्या बोलै हे dr.ne

विक्रम-: मेरी जान 15 दिन में ठीक हो जायेगा डॉ. ने बोलै ह

वैशाली- सुच

विक्रम-: है डॉ. ने तो बोलै ह

veshali-:waw क्या खुसखबरी हे मज़ाआ आए गया वो जोर से विक्रम से गले लग गयी

.विक्रम-: रुक मेरी डार्लिंग में कार चला रहा हु

वैशाली--: लव ु जणू

विक्रम-: लोए ु

दोनों फिर वह से घर आ गए ये इधर सिमरन शाम के टाइम छत पर अकेली घूम रही थी वो सोच रही थी की ससुर जी से बात कैसे सुरु करू की वो मेरे लट्टू हो जाये वैसे वो जानती थी की ससुर भी उस पर मरता ह ये उसकी गलत फहमी हे देखते हे आगे क्या होगा हे उसने अपने बाप को फोन लगाया मगर उसका बाप फोन उठा नहीं रहा था वो निचे आ गयी और अपने रूम में चली गयी

थोड़ी देर बैठी रही और फिर उसे यद् आया की उसने रानी के रूम में एक कमरा लगवाया था अपने. पति के लिए मगर सायद अब वो ये रिस्क लेना नहीं चाहती थी फिर भी उसने दखने की सोची की मेरे नानन्द रानी अकेले रूम में करती क्या ह उसने अपनी टीवी चलायी और देखने लगी मगर अभी रानी रूम में नहीं थी वो देखने लगी रिकॉर्डिंग थोड़ी पीछे करके जब. रानी अपने कमरे में थी मगर रानी सिर्फ पड़े कर रही थी उसे गुस्सा आया और बंद क्र दिया

सिमरन-: ये पढ़ाकू अपनी छूट के साथ खेलती नहीं हे क्या इसके खुजली नहीं चलती सायद

इधर ठाकुर और उसके गांव के एक आदमी के साथ बात क्र रहा था ये आदमी वही ह आशा का ससुर मेने आशा और उसके ससुर का कहनी में पहले जिक्र किया था दोनों ससुर बहु गांव में सब जानते हे की दोनों का टंका ह

उसका नाम बाबू था

ठाकुर-: है बाबू क्या चल रहा ह आज कल

बहु-: कुछ नहीं ठाकुर सब बढ़िया हे

ठाकुर-: मेरा उधर चूका दे अब बहुत दिन हो गए हे तुजे

बहु-: ठाकुर सब कुछ दिन रुक जाओ मुझे काम नहीं मिल रहा ह मिलते hi आपका उधर चूका दूंगा ..

ठाकुर-: ये बात सुनते हुवे मुझे 2 साल हो गए हे

बाबू-: इस बार में आपका उधर चूका दूंगा

ठाकुर-: अगर 1 महीने में मेरा उधर नहीं चुकाया तो इसका अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना

बाबू-; नहीं ठाकुर सब मुझे माफ़ करदो इतनी जल्दी में नहीं ला पाँऊगा इतना पैसा

ठाकुर-: तो एक काम मेरी फेक्ट्री हे यहाँ से दूसरे सहर में वह चला जा काम करना कुछ पैसे मिलेंगे और कुछ पैसे से तेरी उधारी काम होती जाएगी

बाबू-: ok ठाकुर सब में आज घर जा कर बात करता हु

ठाकुर-: कल तक जवाब दे देना में लव दूंगा तुजे वह

बाबू-: ठीक ह साहेब

फिर बाबू वह से चला गया और ठाकुर का मुनीम जो ठाकुर की हवेली के बहार रहता ह वो ठाकुर का सारा गांव का कर्ज का हिसाब देखता ह

मुनीम-: ठाकुर सब ये तो काम करने लायक नहीं ह मेने सुना ह बहुत काम चोर हे ये .

ठाकुर-: लोड क्यों लेता ह वह जाने के बाद ये काम करेगा वह मर मर क्र काम करवाया जाता ह

मुनीम-: ok ठाकुर सब

फिर मुनीम अपने घर चला गया और ठाकुर चला अपने अड्डे पर जंगल में वह जा क्र उसने देखा वह तो पहले चारो भाई मौजूद थे

विष्णु काका, सुरेश काका, जणू काका, करू काका, और एक आदमी था

आदमी-: आओ ठाकुर तुम्हारा hi इंतजार था ..ठाकुर-: वो में उस बाबू के पास गया था कल से उसे भी फेक्ट्री भेज देंगे

आदमी-: है वह मजदुर की कमी पद रही ह मेने बहार से मंगवा लिए हे फिर भी अगर तुजे यहाँ से कोई मिले तो उसे भेज देना उनको पता मत देना

ठाकुर-: है वो तो मुझे पता ह मगर आज सबको यहाँ क्यों भुलाया आपने

आदमी-: मेने सुना ह वो लिफाफा घूम गया ह उस खजाने और हथियार का पता था उसमे

ठाकुर-: है वो मेरे बैठे से घूम गया ह

आदमी-: उसे ढूंढो जहा भी हे मुझे वो लिफाफा चाहिए वह 600 करोड़ का खजाना हे और साथ में कुछ हथियार भी हे वह जिसे हम बेच देंगे उस जीवन सिंह को

विष्णु-: ठीक ह आज से हम पूरी कोसिस करेंगे उस लिफाफे को ढूंढने की

आदमी-; और है विष्णु तेरे भाइयो को क्या हुआ कुछ सोचा उनके बारे में ..

विष्णु-: अभी नहीं पर बहुत जल्द वो रस्ते से हैट जायेंगे

आदमी-:( जितना जल्दी हटाएगा मेरा काम आसान होगा ) है वो हमारे लिए खतरा ह तू जल्दी क्र

फिर वो आदमी वह से अपनी कार लेके निकल गया

विष्णु--: इन्हे कैसे पता चला की वो लिफाफा घूम गया

ठाकुर- : तू भूल गया हम साँस भी लेते हे तो इन्हे पता रहता ह फिर ये तो छोटी बात ह

सुरेश-: माँ छोड़ू अब क्या करे हम

विष्णु-: मुझे तो कुछ समजह नहीं आ रहा ह

ठाकुर-: कुछ न कुछ रास्ता जरूर मिलेगा

इधर विभु ने सुमन को खाना खिला के गांव की तरफ पेडल निकल गया

वो चलते हुवे यद् आया की आज मनीषा भाभी ने उसे भुलाया था

वो उधर चल दिया मनीषा भाभी के घर के बहार जा क्र उसने सोचा

विभु-: आज फिर प्रिय दी दिख गयी तो क्या करूँगा चलो जो होगा देखा जायेगा मनीषा ह उसको छोड़ क्र आआआआ लुंड चुसवा क्र संत क्र hi दूंगा

विभु अंदर गया जब मनीषा भाभी को कॉल किया तो उन्होंने कॉल नहीं उठाया विभु ने टाइम देखा तो कोई 6.30 बज रही थी उसने रसोई में देखा वह कोई नहीं था उसने सोचा भाभी अपने रूम में होगी वो खुस हो गया और वह गया मगर बहार से गेट लगा था उसने खोल क्र देखा तो अंदर कोई नहीं था फिर वो बहार जाने लगा तभी उसे किसी के हंसने की आवाज आयी ऊपर से वो ऊपर गया और देखा तो ये आवाज प्रिय दी के रूम से आ रही थी विभु उधर गया तो देखा वह प्रिय दी और नव्या दी थी दोनों बाटे करके हंस रहे थे

विभु वह से जाने लगा की मुझे छत का गेट खुला लगा विभु ने सोचा वह होगी सायद मनीषा भाभी

विभु ऊपर गया और देखा की मनीषा भाभी वह कड़ी थी छत पर दिवार के सहारे निचे देख रही थी


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में गेट के पास खड़ा हो क्र देखने लगा उनकी सुंदरता बहुत सुन्दर थी मेरी भाभी मेरी पत्नी मेरी मनीषा जिस्म की बनावट भगवन ने फुर्सत से बनायीं होगी जिस दिन छुट्टी हो

विभु कुछ देर देखता रहा प्यार से न हवस न विवस बस प्यार hi प्यार

विभु-: जान

मनीषा भाभी ने आवाज सुन क्र पीछे देखा पलट क्र

म भाभी-: आप कब आये

में-: अभी आया निचे देखा तो कोई नहीं हे तो आपकी खुशु का पीछा करते हुवे यहाँ आ गया

म भाभी--: ओह्ह्ह्ह इतनी बदबू मरती हु क्या में

में-: नहीं जान आपकी खुसबू हे ये जिसमे में जिंदगी भर रह लू

भाभी-: वैसे पहले आये नहीं

में-: वो जान मुझे सहर जाना पड़ा नीता चची आयी तो उन्हें लेने

म भाभी-: ok जाना खाना खाया आपने

में-: है और अपने

म भाभी---: नहीं

में-: चलो में खिलता हु अपने हाथो से

म भाभी-: सूचि

में-: मुचि

भाभी-: कुछ देर बैठो मेरे पास जाना

भाभी निचे बेथ गयी और में उनकी गोदी में सर रख क्र निचे लेट गया

भाभी-: विभु कभी मुझे छोड़ोगे तो नहीं न

में -: जान क्या बात करती हो आप आपके होने से में हु सही मायने में आप मेरी पत्नी हो न की भैया की में आपको पत्नी मन चूका हु मेरी नजर में दुनिया की नजर में आप किसी और की हो पर में आपको हमेसा मेरी मंटा हु

भाभी-: विभु आज मेरी पीरियड की तारीख थी आया नहीं

में-: सुच

भाभी-: है जाना

में-: वव मज़ा आ जायेगा ये बच्चा पैदा होने पर पुरे गांव को दुल्हन से सजा दूंगा विभु और मनीषा का बच्चा पैदा होगा

मनीषा-: है मुझे बहुत खुसी हुई मेने सोचा जल्दी भुला क्र बता देती हु आपको मगर आप हो की आपकी पत्नी की फ़िक्र hi नहीं ह

में-: जान आप बोलो तो सही आपके लिए दिल निकल क्र आपके हाथ में रख सकता हु

भाभी-: ाशे नहीं बोलते मुए दिल नहीं आपका हाथ मेरे हाथ में हमेसा के लिए चाहिए

में-: वो तो ह

भाभी-: वैसे कल आपने बताया नहीं कुछ बताने वाले थे न आप

में-: क्या

भाभी-: वो जब में आयी तो आपका ये setan(lund पर हाथ रखते हुवे) खड़ा क्यों था

me-:(ab इन्हे क्या बताऊ) कुछ आपकी यद् में खड़ा हो गया था

भाभी-: मुझसे झूट क्यों बोल रहे

में-: सुच बता रहा हु आपको छोड़ना था इस खुसी में खड़ा हो गया

मनीषा- -: चलो मन लेती हु अब मीरा हाथ पकड़ो और एक बालो

में-: है बोलो

मनीषा-: मेरे मेरी मनीषा की कसम की में इनसे आज से कुछ भी जूथ नहीं बोलूंगा

में-: ये क्या बात हुई जान कुछ बाटे ाशे होती हो जो किसी को नहीं बताई जाती

म भाभी-: और में किसी और नहीं सिर्फ आपकी हु आपकी

में-: फिर भी जान कुछ बाटे अशी हे जो आप जान लोगी तो आपको बहुत बुरा लगेगा और सायद मुझे चोर भी दो आप

म भाभी-: मुझे मेरे होने वाले बक्से की कसान चाहे कुछ भी बात हो में आपको कभी नहीं चोर सकती हु

में-: जान मन जाओ न

मनीषा-: मुझसे वडा करो की आज के बाद

विभु-: ठीक ह जान आपकी कसम आज से कुछ भी बात होगी सुच बताऊंगा

भाभी-: अच्छा तो बताओ कल ये क्यों खड़ा था

में-: जान वो आप नाराज हो जाओगी न

म बहभी--: अभी बोलै न नहीं होंउंगी

में-: वो कल प्रिय दी की गांड दिख गयी

म भाभी-: ( जान के अनजान बन क्र )क्या सुच

me-haaa जान उसी से ये खड़ा हो गया

म भाभी-: वो हो तो अब इनको प्रिय की गांड भी अच्छी लगने लगी

में-: सॉरी जान अब किसी की नहीं देखूंगा

म भाभी-: विभु एक बात बोलू

में-: है जान

म भाभी-: आप किसी को भी देखो किसी के साथ भी करो मुझे बुरा नहीं लगेगा बस कभी इन सब के चक्कर में मुझे मत चोर देना

me-:jan बोलै न आपसे मेरा रिस्ता रूह से जुड़ा हे किसी और के आने से भी ये रिश्ता कमजोर नहीं होगा

म भभाई-: और कभी मेरी देवरानी आ गयी तो

में-: नहीं जान फिर भी नहीं वैसे आपकी देवरानी ह

म भाभी-; कोण

में-: वो ममता

म भाभी-: सुच

me-:ha जान मगर .............

फिर विभु ने ममता की स्टोरी बताई की कैसे उससे प्यार हुआ उससे मिला और अचानक वो कहा चली गयी न हो कॉल न hi मस्सगे कुछ नहीं

म भाभी-: वो मां के वह गयी होगी आ जाएगी

विभु-: एक दर रहता ह हमेसा की मुझे चोर के तो नहीं चली गयी

म भाभी-: नहीं वो आएगी जरूर

फिर हमने थोड़ी देर बाटे की

मनीषा-:( ये मुझे इतना प्यार करते हे मुझे सब बता दिया क्यों न में भी इन्हे बता दू ) जान वो कल हमें प्रिय ने रसोई में देख लिए था

VIbhu-:kyaaaaa फिररररीीे क्याआआआ हुआआआ

म भाभी-:( भाभी ने साडी बात बता दी विभु को उसकी प्रिय के बिच हुई और भइया से फोन पर हुई और फिर प्रिय ने भी विभु से प्यार वाली बात की)

विभु-: प्रिय दी मुझसे प्यार करती ह पर वो मेरी बहन हे

म भाभी--: माँ मगर बहुत प्यार करती हे वो आपसे उसे अपना लो मेरे लिए

में-: मगर जान जब उनकी सदी होगी तब

म भाभी-: वो में उन्हें समजा दूंगी की पति अपने जगह और प्यार अपनी जगह

में-: ोकक भाभी में बात करता हु उससे

म bhabhi-:nhi जान ाशे मजा नहीं आएगा थोड़ा तड़पाओ उसे सडके करो हाथ लगाओ हर जगह

me-:asha क्यों जान

म भाभी-: क्यों मछली जितना तड़पेगी उसकी जल्दी फसेंगी

में-: ok जाना जैसा आप चाहो वैसे एक बात तो हे मेने बहुत दिन से नोट किया ह

म भाभी-: वो क्या

विभु-: मनीषा जब भी में किसी और के गांड देखु या कैसे भी देखु मेरा लुंड खड़ा हो कर थोड़ी देर में बेथ जाता ह मगर जब भी मेरी नजर प्रिय दी की गांड पर गयी उसके बाद खड़ा लुंड नहीं बैठता चाहे कितनी भी कोसिस करलु जब तक इसका पानी निकल जाता

म भाभी-: ये आपका वहां हे आशा नहीं होता

विभु-; जा. ये सुच हे मेरे साथ 5 बार हो गया आशा

म भाभी-: अच्छा आशा हे तो देखना पड़ेगा

में-: है चलो अब में आपको खाना खिलता हु

फिर मेने भाभी का हाथ पकड़ा और निचे लाया प्रिय दी और नव्या दी अभी भी अपने रूम में बाटे कर रही थी विभु ने मनीषा भाभी को गॉड में बिठाया और बड़े प्यार से खाना खिलाया और किश करते हुए दोनों ने खाना खाया.

विभु-: वो दोनों अंदर हे इतने चलो एक राउंड हो जाये

मनीषा-: वो आज मुझे प्रिय ने अपनी कसम दी हे आपसे करने को

में-: ok तो कल क्र लेंगे

म भाभी-: ok आप जाओ में उन्हें भूलती हु

फिर विभु ने एक बार गले लगा भाभी के और वह से निकल गया

बहार आ कर उसने लुंड को एडजस्ट किया और जाने लगा तभी उसे आज फिर माला ने देख लिया वो हंस कर अंदर चली गयी और विभु भी वह से निकल गया

वह से सीधा मेने पास विकी का कॉल आया उसने मुझे पूल पर भुलाया में वह गया वह सब मौजूद थे

me-:kya हुआ लावड़ो आज फिर मंडली लगा क्र बैठे हो

दिनेश-: : कल से स्कूल लग रहा ह

में-: क्या बात करदी क्या हुआ उस केस का मेडम को किसने मारा

विक्की-: मेने सुना की केस बंद हो गया मेडम ने सुकिअद की हे

विभु-: क्या ये पुलिस भी पागल ह पेसो के लिए सुकिअद का केस लगा दिया

अजय-: चोर यार अपने क्या करना

में-: है और सुनाओ

फिर हम चारो ने 1 गनहटा बाटे की गांव की और फिर हम घर निकल गए

मेने सेरा को कॉल किया

सेरा-: है विभु बोलो

में-: वो सुनो कल से में स्कूल जाँऊगा तुम जल्दी उठ क्र ऊपर आ जाना और किसी को पता न चले

सेरा-: ोककक विभु

में-: और विदिशा क्या क्र रही ह

सेरा-: वो टीवी देख रही ह

में-: चलो ok अपना और उसका दयँ रखना

सेरा-: ठीक ह

फिर विभु ने कॉल कट किया और घर आ गया टाइम देखा तो 8.30 हो रहे थे सुमन पूजा के घर थी उसकी माँ निचे रसोई में थी वो ऊपर आया और उसने मोबाइल निकल क्र धीरज भाभी को कॉल किया

धीरज-: विभु में आपको कल लगाती हु वैसे में कल आ रही हु

में-: ओह्ह्ह आओ आपको देखे ने जमाना गुजर गया आशा लग रहा ह

धीरज-: ok कल देख लेना अभी में रखती हु

मेने भी कॉल कट किया और मोबाइल देखने लगा कुछ देर देखने के बाद मुझे पारो के no. दिखे वो 2 दिन से मुझे मस्सगे कर रही थी और कॉल भी क्र रही थी मेने कोई रिप्लाई नहीं दिया मेने फिर उन्हें रिप्लाई किया

विभु-: ही पारो जी कहा हो

कुछ देर रिप्लाई नहीं आया तो में वह से छत पे चला गया छत पे जा कर मुझे सोनाली बभी की यद् आयी की 2 दिन पहले कैसे यहाँ क्या हुआ था

मेने मोबाइल निकला और भाभी को. कॉल किया भाभी ने कॉल रिसीव किया

सोनाली-: में आ रही हु चाय लेके

में-: आपको कैसे पता की मेने चाय के लिए कॉल किया

सोनाली-: चाय पिलाने के लिए hi हु में वैसे इसके अलावा आपको मेरी यद् आती कहा ह

में-: ोकक आओ जल्दी

सोनाली-: आयी

फिर विभु सोनाली भाभी का वेट करने लगा और इधर सोनाली ने थान लिया था की आज तो कुछ भी हो जाये उसे अपना दीवाना बना के hi रहेगी

वो अपने कमरे में गयी और ब्रा पंतय निकल कर ाशे hi ब्लाउज बहन कर आयी और चाय बनाए लगी

भाभी चाय बना क्र 2 कप में चाय ले कर ऊपर आयी

मेरी नजर दरवाजे की तरफ hi थी में उन्हें देख रहा था जैसे hi भाभी विभु के पास आती गयी विभु के आशा लगा जैसे स्वर्ग की अपसरा खुद चल क्र उसके पास आ रही हो


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रेड साड़ी में भाभी का हसीं जिस्म देख क्र विभु को लग रहा था जैसे ऐश्वर्या राइ उनके पास आ रही हो विभु उनको देखने में खो गया था और सोनाली उसके पास आ क्र कड़ी हो गयी

सोनाली--:( ये तो पहले से hi लट्टू हो गए अभी देखा कहा ह आज तो बहुत कुछ बताने आयी हु ) चाय पिलो बादमे आराम से देख लेना कही नहीं जा रही हु

विभु-: मतलब

सोनाली-: यही की यही हु आपके पास देख लेना चाय पीओ

.विभु हंसने लगा और चाय उठा क्र पिने लगा एक सिप लिया और उसे मजाक सुझा

विभु-: भाभी ये चाय किसने बनायीं इतनी मस्त जी चाहता हे उसके हाथो को हाथ में लेके चुम लू

sonali-:lgta ह मर खाना ह जैनब को

विभु-; इन हाथो की तो मर भी खलु

सोनाली-: तो फिर खालो भाभी ने हल्का से चपत विभु के गलो पर रखा

विभु-: आहहह मरररररर गययआआ

सोनाली-: बहुत ड्रामेबाज़ हो आप

विभु और भाभी ने बातो बातो में चाय ख़तम क्र दी

विभु-: भाभी क्या सुच में एक बार इन हाथो को चुम सकता हु

sonali-:na बाबा न किसी ने देख लिया तो क्या सोचेगा

विभु-: कोई नहीं देखेगा यहाँ कोई नहीं ह मेरे और आपके आलावा

saloni-:(kya करू ये तो मेने सोचा नहीं था) मगर आपको क्यों चूमना हे

विभु-: क्योकि ये मेरे लिए प्यार से चाय बना क्र लाये न

सोनाली-: ओह्ह्ह आशा क्या

विभु-: है भाभी जी

सोनाली-: ठीक ह मगर सिर्फ एक बार फिर कुछ और नहीं

विभु-: ठीक ह

sonali-:ok करलो अपने दिल की

विभु ने सोनाली भाभी की तरफ देखा वो भी उन्हें hi देख रही थी दोनों आमने सामने खड़े थे विभु ने अपने हाथ से सोनाली भाभी के हाथ का पकड़ा जैसे hi विभु का हत्य लगा सोनाली भाभी के तन मन में एक झुरझुरी चल गयी उनकी आँखे बंद हो गयी विभु का भी यही हल था उसने सोनाली का हैट
ह पहली बार पकड़ा था उसका लुंड एक पल में भूचाल लेन लगा

विभु ने धीरे से हाथ अपने मुँह के पास ले गया सोनाली को अपने हाथ पर विभु की सांसे महसूस हुई उसने आँख खोल कर देखा तो विभु उसे hi देख रहा था

सोनाली-: देखो मत और जो करना ह जल्दी करलो

विभु ने हाथ पर अपने होठ रखे और एक हल्का सा चुम्बन लिया


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विभु ने सोनाली की आँखों में देखते हुवे 2-3 किश किये हाथो पर सोनाली भाभी के भी छूट में पानी रिस गया

सोनाली-: हो गया

विभु-: अभी तो 1 हाथ हुआ हे

विभु ने दूसरा हाथ भी लिया और किश किया दोनों एक दूसरे को देखते रहे फिर सोनाली ने अपना हाथ निचे किया

सोनाली-: हो गयी हो आपकी तो में जाऊ

विभु-: भाभी कुछ देर बैठो न मुझे आपके पास अच्छा लगता ह

सोनाली-: है सही ह तभी परसो रत को आज कॉल किया

में-: वो क्या करू माँ और सुमन आ गए न

सोनाली-: तो में क्या कृ आपको यद् आती तो मस्सगे तो कर hi सकते थे

विभु-: सॉरी अब से रोज मस्सगे करूंगा

सोनाली-: रहने दो कहने के बाद तो हर कोई कर सकता ह

तभी विभु के मोबाइल पर मस्सगे आया

पारो-: क्या हुआ जनाब को आखिर अपनी पारो की यद् आयी गयी

विभु ने मस्सगे देखा और मोबाइल वापस जेब में रखा

सोनाली-: जाओ आपकी गफ का मस्सगे आ गया ह .विभु-: नहीं हे वो तो फ्रेंड का ह

सोनाली-: ok अब में जाती हु

विभु-: बोलै न कुछ देर बैठो मेरे पास

सोनाली-: ok बाबा अभी सब जग रहे हे में लेट आती हु

विभु-: फिर रहने देना कल से थोड़ा लेट hi चाय मँगवाउँगा

सोनाली-: ok अब चलती हु

विभु-: हाआआ बी

फिर. सोनाली वह से निचे चली गयी अपने रूम में और जोर से साँस ले कर अपने हाथो को चूमने लगी और हंसने लगी


इधर विभु ने मोबाइल निकला और पारो का मस्सगे किया

विभु-: पारो जी वो मेरे पास टाइम नहीं था

पारो-: मेरे पास तो ह

विभु-: सुच बताओ न कोण हो आप

पारो-: बोलै तो ह आपकी दीवानी

विभु-: नहीं मंटा में

पारो-: मेरे से ज्यादा आपको कोई प्यार नहीं क्र सकता यहाँ तक की आपकी गफ पूजा भी नहीं

विभु ये मस्सगे पद कर एक डैम सदमे में आ गया

विभु-:( बस ये ह कोण और इसे तो मेरे और पूजा के बारे में भी पता ह )

विभु-: कोण पूजा

पारो-: वही जिससे रत को 11 बजे अपने घर में भूलते हो

विभु-: आप कोण हो और मेरे बारे में इतना कैसे जानती हो

पारो-: बोलै न मेरे जैसा प्यार आपसे कोई नहीं क्र सकता

विभु-: अगर मुझसे प्यार हे तो एक बार मेरे सामने आओ

पारो-: ok बहुत जल्द hi आपि बहो में रहूंगी

विभु-: वो तो जब आना तब अभी मेरे सामने आओ

पारो-: नहीं जाना अभी नहीं टाइम आने पर वैसे पूजा मस्त हे आपके साथ खुस रहेगी

विभु-:( पूजा के बारे में केवल नीता चहकी को पता ह और दूसरी खुद पूजा तो क्या ये दोनों हे मगर पूजा तो मेरे साथ थी तब भी मस्सगे आया और ये फोटो जो इसने भेजे हे ये न तो पूजा के बोब्ब्स और गांड हे न hi नीता चची की फिर कोण हे कही इन्होने किसी को बताया हो रुको में परसो पूजा से रत को 11 बजे मिला ये बात तो केवल पूजा को पता ह न hi चची से मतलब पूजा को पता ह मुझे कल इससे बात करना ह )

पारो-: कहा चले गए रिप्लाई तो करदो

विभु-:( मुझे पता करना पड़ेगा कोण ह) ok में सोने जा रहा हु आप अपना काम करो में कल कॉल करता हु

विभु वह से निचे आया और सोचा कल से स्कूल भी जाना ह वो सो गया

इधर नीता चची के घर पे वो सब खान खा रहे थे नव्या भी प्रिय से मिल क्र वापस आ गयी थी

नीता-: बीटा किसी ह मनीषा और बड़ी मम्मी

.नव्या-: बड़ी मम्मी और पूनम दी तो अपने मायके गए हे और प्रिय और भाभी ठीक ह

नीता-: ठीक ह अब सो जाओ खाना खा क्र थक गए होंगे तनी दूर से आये हे

फिर तीनो ने खाना खाया और सोने चले गए नव्या अपने रूम में और निशा और नीता दोनों माँ बेटी एक रूम में

निशा-: माँ विभु आया था तो मेरा मन hi रहा था उससे छुड़वाने का

नीता-: नहीं बेटी अब उससे कभी नहीं करना ह में तेरी सधी करवा दूंगी

निशा-: है माँ मेने भी यही सोचा हे आप उसे मरवा क्यों नहीं देती

नीता चची-: नहीं बेटी उसे तो बहुत तड़पना हे उसे में तदपि हु अशी हालत क्र दूंगी की रोयेगा एक दिन उसका खंडन

निशा-: में हमेशा आपके साथ हु और मुझे पापा से बात करवाओ न

नीता ने कॉल किया

नीता-: ये आपकी बेटी आपसे बात करना चाहती ह

पापा-: है बीटा किसी ह तू

निशा-: पापा आपकी यद् आ रही ह औ क्या मिलने

पापा-: नहीं बेटी अभी नहीं बहुत जल्द में मिलूंगा तुजसे वैसे अब ठीक ह न तू

निशा-: पापा आपकी यद् आ रही ह

पापा-: तेरी माँ से बात करवा

नीता-: है बोलो

पापा-: वो उसे समझा बार बार मिलने की जिद न करे किसी को पता चला गया तो सारा प्लान ख़तम हो जायेगा

नीता-: में समझा दूंगी मगर सुच तो ये हे की मुझे भी अब आपकी यद् आने लगी ह कब औ मिलने

पापा-: ok में कुछ करता हु फिर बताता हु कहा आना हे

नीता-: इंतजार रहेगा

पापा-: और है उस कमीने से निशा को दूर रखना वो मेरी ह

नीता-: है और मुझे क्या करना ह उसने आज भी बोलै की सेक्स करना ह

पापा-: तू कुछ बहाना बना के मेने जैसा बताया था वो

नीता-: है मेने बोल दिया ह

पापा-: चल में रखता हु अब

णुता-: बट अपना दयँ रखना
 
अपडेट-: 94

इधर सुबह जल्दी अपना हीरो उठ गया उसे पता था आज स्कूल जाना ह

उठ क्र तैयार हुआ और निचे आया वह पहले से सुमन बैठी थी और पास में उसकी माँ भी थी विभु सुमन के पास जा कर बेथ गया

विभु-: उठ गयी तू

सुमन-: हम्म कबका

vibhu-(dhire से उसके कण में ) जान जादू की झप्पी

सुमन-: (धीरे से) ऊपर आओ थोड़ी देर बाद मेरे रूम में

फिर दोनों ने चाय पि और सुमन उठ क्र ऊपर गयी विभु भी उसके पीछे पीछे रूम में गया

सुमन न रही थी की विभु ने उसे पीछे से पकड़ क्र अपनी और घुमा लिया


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विभु-: जान कैसे भूल जाती हो तुम

सुमन-: मुझे यद् था में आपके रूम में आयी थी मगर आप बाथरूम में थे में निचे चली गयी

विभु-: बाथरूम में आ जाती

सुमन-: गंदे

में-: हम्म गन्दा हु

और विभु ने सुमन को अच्छे से गले लगाया दोनों hi कुछ देर जादू की झप्पी लेते रहे


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विभु और सुमन दोनों कुछ देर गले लगे रहे

सुमन-: चलो अब नहीं तो इसी में पूरा दिन कर डोज

विभु-: जान तू बोल पूरी उम्र hi आशा राहु

सुमन-: मुझे पता ह चलो अब

फिर दोनों हाथ पकड़ के निचे आये और अपना बैग लेके निकल गए

सुमन-: आप जाओ में पूजा को लेके आती हु

विभु-: ok जान

फिर में वह से निकल कर विक्की के घर पास रुका वो आया वह से निकला और दिनेश और अजय को लेके स्कूल चले गए कुछ देर बाद पूजा सुमन और ज्योति भी आ गयी आज स्कूल में काम बच्चे आये थे आखिर आज 10 दिन बाद स्कूल खुला था

सुमन और पूजा सामने कड़ी थी दिनेश पूजा को इशारा किया और पूजा में उसे इधर ज्योति लगी थी विक्की से अजय फ्री बैठा था माला आज आयी नहीं थी में भी फ्री था मगर जब मेरी नजर सामने गयी तो मुझे यद् आया

में-:( बस धापू को मेने उस दिन बचाया था और उसने ी लव ु बोलै था फिर मेने भी इसे बोलै था उसके बाद आज मिल रहा हु )

((दोस्तों धापू वो ह जो पूजा एक बार मेरे लिए बोलै था और मेने रणजीत और वैभव से जिसे बचाया था मां के गांव जाने से पहले ))

धापू मेरी तरफ देख रही थी उसके साथ बुलबुल भी थी

मेने उसे आँखों से इशारा किया उसने भी मुझे इशारा किया

पूजा-: सुमन वो ममता को धुंध रहा ह

सुमन-: पूजा तू उसे बोल दे हम दोनों मिलकर संभल लेंगे उन्हें

पूजा-: ok आज बताती हु

फिर स्कूल लग गया और हम क्लास में आ गए में सबसे लास्ट में बैठा था

विक्की-: देख विभु इस इंग्लिश वाली श्वेता मेडम दिन और दिन हॉट होती जा रही ह

में-: है य्र्र इसकी पतली कमर और मोती गांड जानलेवा हे


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दिनेश-: ये एक बार हाथ आ जाये फिर पास होने की कोई दिक्कत नहीं ह

में-: वो क्यों

दिनेश-: अरे किसकी कितने no. देना सब इसके हाथ में हे परीक्षा विभाग इनके पास hi हे

में-: ओह्ह आशा क्या फिर तो देखना पड़ेगा इसको भी

vikki-:ha य्र्र इसकी पटाओ और पास हो जाओ

अजय-: इतना आसान नहीं ह पता नहीं पिछले साल उन गिरवाल सर को केसा छठा मारा था सिर्फ उन्होंने मजाक किया था

विभु-: है यद् आया उससे तो दूर रह कर पड़े करके पास हो जाना अच्छा ह (देखता हु ये किस खेत की मुल्ली हे आखिर आना तो मेरे मुले की निचे hi न )

बातो बातो में क्लास ख़तम हो गयी

अगली क्लास भी कुछ खास नहीं हुई और देखते hi देखते रेस्ट हो गयी

सब रेस्ट में खाना खाने लगे मेने भी सुमन के पास गया मेरा टिफिन वो लेके आती ह

pooja-:summi मेरा टिफिन देना वो आ रहे ह मेने बड़े प्यार से बनाया ह खाना

सुमन-: पता ह आयने तो दो

विभु-: सुमन टिफिन कहा ह

सुमन-: ये लो

में-: ok

मेने टिफिन लिया और खाना खाने लगे हम सब खाना खा कर सब बेथ गए मेने देखा धापू पीछे जा रही ह उसने विभु की तरफ देखा

विभि भी उठ कर उधर गया

विभु-: किसी हो धापू तुम

धापू-: अच्छी हु आप कब आये मां के घर से

विभु-: मुझे आये ने 2-3 दिन हो गए

धापू-: में कल hi आयी

me-:(jhut) तुम्हारा घर की तरफ आया में 2-3 बार तुम धीकि नहीं

धापू-: आपको बहुत यद् किया मेने

में-: मुझे भी आज शाम को आओगी मिलने

धापू-: है

में-: कहा


धापू-: मेरे घर के पीछे वो खाई हे वह आ जाना

में-: ोककक

फिर हम दोनों मिल कर वह से निकल गए और और सामने आ गए

विक्की-: कहा गया था

में-: यही था यरररर

फिर स्कूल लगा और देखते hi देखते 12 बज चुकी थी हम घर आ गए घर आ कर मेने फिर से खाना खाया


सुमन-: जान ऊपर चलते हे

में-: क्यों

सुमन-: ाशे hi चलो न

में-: हम्म चलो

फिर में और सुमन ऊपर गए वह पूजा पहले से थी हम तीनो बाटे करने लगे तभी

सुमन-: में आयी मुझे काम आ गया में थोड़ी देर में आयी आप यही रहना

में-: ोकक

सुमन निचे चली गयी और में पूजा को देखने लगा

.पूजा-: ाशे मई देखो

में-: क्यों

पूजा-: यहाँ आओ न

में-: पागल दिन में नहीं कोई देख लेगा


पूजा-: आओ न

तभी विभु को यस आया की पारो ने कल पूजा और विभु के मिलने की बाटे बताई और ये बात सिर्फ इन दोनों. को पता ह

विभु-: चलो

पूजा ने अपने घर का गेट ऊपर से लगाया और वह बने स्टोर रूम में चली गयी विभु भी पीछे चला गया.

विभु-: जान मुझे ये बताओ की हम दोनों परसो रत को मिले ये बात तूने किसी को बताई तो नहीं न

पूजा-: नहीं किसी को नहीं क्यों

विभु-: बस ाशे hi पूछ रहा हु

पूजा ने विभु को गले लगाया जोर से

पूजा-: जान में आपको कुछ बताना चाहती हु प्ल्ज़ अगर आप मुझसे थोड़ा भी प्यार करते हो तो मेरी बात दयँ से सुन्ना और समझना

में-: क्या हे आशा जो तू बोलने से दर रही ह

पूजा-: ( डर्टी हुई) जान वो ममता ये गांव हमेसा के लिए चोर कर चली गे

में-: kyaaaaaaaaaaaaaaa


पूजा-: है उसकी पूरी फेमेली यहाँ से चली गयी

विभु-: तुजे किसने बताया

पूजा-: वो गयी तब मुझे पता ह स्कूल से भी उसका नाम कट गया ह

विभु -: नहिई

और विभु रोने लगा पूजा भी अपने प्यार को रोटा देख रोने लगी बहार सुनाम कड़ी थी उसके भी आँखों में आंसू आ. गए थे

पुजा-: जान अपन आप को सम्भालो वैसे वो आपसे प्यार नहीं करती थी वो तो आपके साथ खेल रही थी

विभु-: नहीं जान वो करती थी

पूजा-: मेरी बात मनो और खुद को सम्भालो जान

. विभु--: पोज्जाआँ अब क्या करुँगाअ केसीए रहूँगाआआ उसी बिनायआ

पूजा-: में समझती हु जान मगर अब आपको रहना होगा में हु न उससे कही जायदा प्यार में आपसे करती हु

विभु-: है मगर ममता

और विभु रोने लगा पूजा ने फिर से गले लगा लिया

दोनक कुछ देर रोने लगे फिर

पूजा-: जान प्ल्ज़ मेरे लिए आप टूट जाओगे तो में मर जाउंगी मेरे जीने की वजह आप हो

विभु-: जननं

पूजा-: वो आपकी कभी थी hi नहीं उसे जाने दो आपके लिए तो कोई राजकुमारी आएगी

विभु चुप हो गया और दोनों ाशे hi चिपके रहे कुछ. देर

पूजा-: आपको मेरी और सुमन की कसम आज के बाद आप उसे यद् नहीं करोगे

में-: कसम मत दे तुम दोनों मेरे लिए बहुत प्यारे हो

पूजा-: तो फिर हमारे लिए उसे भूल जाओ और अपनी लाइफ जियो

विभु-: में कोसिस करूँगा जान

फिर दोनों कुछ डॉ रहे और विभु वा से निकला गया सुमन चुप गयी विभु निचे आया और अपने कमरे में जा कर रोने लगा

इधर पूजा रोटी हुई सुमन. से

पूजा-; तू जा सुम्मी उसे संम्भल मेने मेरा काम किया हे अब तू भी उसे संभाल

सुमन-: है में जाती हु मेने सुना ह मन जायेगा वो

पूजा+: जान संभाल लेना उन्हें वार्ना में

सुमन-: चुप पागल तुजे पता ह हम तीन जिश्म एक जान हे में जाती हु

फिर सुमन ने पूजा को गले लगाया और सुमन जाने लगी

पूजा-: में भी चलती हु जान

सुमन-: नहीं उन्हें पता नहीं हे की हम दोनों hi एक दूसरे के बारे में जानते हे इन्हे अभी ये बताना सही नहीं होगा

पूजा-: ठीक ह जान जातु

सुमन निचे गयी और विभु के कमरे में गयी

सुमन-: क्या हुआ मेरी जान को

विभु-: कुछ नहीं जान

सुमन-: मुझे कुछ मानते हो तो मुझे बताओ

विभु -: सुमन ममता मुझे हमेशा के लिए चोर कर चली गयी

सुमन-: मुझे पता हे जान कबका आप खुद का सम्भालो में हु न आपकी

विभु-: नहीं जान वो मुझे बहुत प्यारी थी

सुमन-: में नहीं हु क्या प्यारी जो आप मेरी बात नहीं मन रहे हो

विभु- : जान

सुमन-: मेरी वडा हे जान में आपको हर खुसी दूंगी

विभु-: नहीं जान में उससे सधी करना चाहता था मेरे सरे अरमान ख़तम हो गए

सुमन-: में करुँगी आपसे सधी आप खुद को सम्भालो जान

विभु ने सुमन को गले लगाया और दोनों कुछ देर ाशे hi चुप खड़े रहे


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सुमन-: जान में हु न आप चिंता मत करो में आपके हमेसा साथ हु

विभु-: मुझे पता ह जान तू मेरे लिए कुछ भी क्र सकती ह मगर मेरा प्यार

सुमन रट हुवे विभु को देखने लगी

सुमन-: जान में आपका प्यार नहीं हु क्या

विभु-: हे न .

सुमन-: फिर आपको अपने प्यार की कसम अब बिलकुल भी नहीं रोवोगे आप

विभु-: ok जान में अब नहीं रोवूंगा

विभु फिर चुप हो गया और सुमन और दोनों चुप रहे थोड़ी देर फिर सुमन ने विभु के मुँह को पकड़ क्र उसके होठो पर अपने होठ रख क्र किश करने लगी

कुछ देर सुमन विभु को किश करती रही मगर विभु का कोई रिएक्शन न पाकर वो अलग हुई और विभु को बीएड पर बिठा क्र गेट लगा कर आयी और विभु को बीएड पर सुला दिया और खुद भी चद्दर में विभु को बहो में भर कर सो गयी. दोनों एक दूसरे की बहो में सो रहे थे कोई कुछ न बोल रहा ह था थोड़ी देर में विभु को नींद आ गयी मगर सुमन अभी भी जग रही थी उसकी प्यारी आँखों में आंसू थे

सुमन-: में आपको टूटने नहीं दूंगी जान

विभि सोया रहा और सुमन उसे अपनी बहो में लेके सोती रही


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यही 2 घण्टे तक विभु सुमन को अपनी बहो में लेके सोता रहा फिर विभु की नींद खुली

विभु-: सॉरी जान

सुमन-: आप उठ गए में आपके लिए चाय लेके आती हु

विभु-; नहीं जान. तू मेरे पास hi रह न

सुमन-: ok जान में यही हु मगर हमें 2 घण्टे हो गए हे माँ आ सकती ह

विभु-; जान ी लव ु आज के बाद उसे क्या यद् करना वो हमें चाहता hi नहीं

सुमन-: सुच जान ी लव ु

दोनों फिर लेट गए

सुमन-: जान में आती हु चाय ले क्र

विभु-: हम्म्म

सुमन चली गयी निचे और विभु सोचने लगा

विभु-; ये अच्छा नहीं किया तूने मेरे साथ पर मेभी तुटूगा नहीं और मजबूत हो जाऊंगा मेरे पास बहुत प्यार करने वाले सुमन पूजा और मनीषा भाभी हे

कुछ देर में सुमन. आयी और विभु और दोनों के चाय पि

फिर विभु फ्रेश हो कर खेत की और निकल गया खेत की तरफ वह जा क्र उसने सेरा और विदिशा से मिला उनसे कुछ देर बाद की और फिर वह से निकल कर घर आ गया

आज उसका मन नहीं लग रहा था इस लिए वो घर आ गया घर आ कर अपने रूम में चला गया

इधर सुबह मंजू देविका के पास चली गयी

देवकी-: है मंजू क्या बात ह सुबह सुबह आज तो

मंजू-: दी वो में ये पूछने आयी थी की क्या आज भी चलना ह क्या जंगल में

.देविका-: नहीं रे रोज रोज कोई हमें देख लेगा तो दिक्कत हो जाएगी

मंजू-: दी प्ल्ज़

देविका-: देख मुझे रोज रोज देखना अच्छा नहीं लगता सायद किसी दिन में बहक गयी और तंग खोल क्र उसके सामने लेट गयी तो

मंजू-: लेट जाओ किसने मन किया ह

देविका-: इनको पता चल गया न की विभु से वो भी दुश्मन से तो मुझे कच्चा खा जायेंगे

मंजू-: कैसे पता चलेगा दी

देविका-: कभी उस कमीने ने बता दिया तो

मंजू-: नहीं बताएगा क्योकि सुना नहीं वो भी छूट के लिए तड़प रहा ह और जब सामने से उसे छूट मिलेगी तो मन नहीं करेगा

देविका-: मुझसे नहीं होगा तू कर सकती ह तो करले फिर में भी करवा लुंगी

मंजू-: सुच आप भी मेरा साथ डौगी न

देविका-: ( में तो उसे मेरे तीनो छेद में ले चुकी हु अब तेरी बरी ह) जा जरूर

फिर दोनों गले लगी और कल जाने का सोच क्र वह से मंजू चल दी और देविका खुस हो गयी उसने सोचा आशा क्या ह इस लुंड में जो देख क्र रही कितनी भी सरीफ औरत बिगड़ जाती ह और ये मंजू तो कभी किसी को देखा नहीं वो भी आज गैर लुंड से छोड़ने को तैयार हो गयी मेरा क्या मेरा काम हो जायेगा चाहे उसके लिए मुझे किसी स छोड़ना ये चढ़वाना पड़े

इधर विभु सोया था की उसका मोबाइल बजा उसने देखा मनीषा भाभी का हे

मनीषा-: कहा हो आप

विभु-: घर

मनीषा-: ये प्रिय ने मेरी जान लेली ह ा जाओ और इसे सडके करो

विभु-: आया

फिर विभु आया और मनीषा भाभी और फल में बैठी थी दोनों ने प्लान कर रखा था की विभु को प्रिय की नंगी गांड दिखना ह जिससे वो पूरा बहक जाये जब कपडे के अंदर गांड देखता ह तो लुंड बैठता नहीं ह नंगी गांड देख क्र तो पता नहीं क्या होगा

manisha-:jan आप जाओ और प्रिय की नंगी गांड देखो . .

विभु-: मतलब

मनीषा-: वो प्रिय ने बोलै ह की विभु को भेजना कुछ टाइम बाद वो नंगी अपने रूम में रहेगी इसी बहाने आप उसकी गांड देख लोगे और फिर आप निचे आओ और मुझे छोड़ो वो देखेगी

विभु-: अच्छा ये प्लान बी दी का रुको में उनक प्लान को अपने प्लान में ऐड में देता हु

फिर विभु ने मनीषा भाभी का हाथ पकड़ा और उसे उठा क्र प्रिय के रूम की तरफ ले चला

मनीषा-: क्या कर रहे हो आप

विभु-: मेरे साथ आप भी चलो

मनीषा-: मगर

विभु ने उन्हें चुप करवाया और ऊपर ले गया रूम में जा क्र देखा तो प्रिय ने अपनी लेग्गी निकल क्र बीएड पर उलटी लेती थी जिससे उसकी गांड पूरी साफ दिख रही थी ये देख कर मनीषा की छूट में खुजली हुई वही विभु का जो लुंड आज तक जिस गांड को कपडे में देख क्र भूचाल मचता था वो आज नंगी देख क्र हिलने लगा जोर जोर से


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मनीषा-; वव विभु क्या गांड हे इनकी जाओ रूम में और लेलो मज़ा

विभु-: भाभी मेरा लुंड चुसो

मनीषा भाभी-: यहाँ

विभु -: है यहाँ

मनीषा ने एक बार विभु को देखा और एक बार प्रिय को जो नंगी गांड लेके सोने का नाटक कर रही थी उसकी और देखा और बेथ गयी निचे और लोअर निचे करके विभु का लुंड नंगा क्र दिया


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मनीषा-: जान आप कुछ भी करो मुझे बिच में मत लाओ में तो कहती हु चले जाओ अंदर वो मन नहीं करेगी

विभु-: चलो निचे इसकी चोरो मुझे आपकी लेनी ह अभी

फिर विभु ने हाथ पकड़ा और मनीषा भाभी को उनके रूम में ले गया

प्रिय को पता नहीं था की साथ भाभी भी आयी ह उनके जाने के बाद प्रिय ने कपडे पहने और निचे आयी वो धीरे से भाभी के रूम में गयी और देखा वह विभु का लुंड मनीषा भाभी के मुँह में था


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विभु-: अहाहा जान क्या गांड थी प्रिय दी की कास एक बार मिल जाये मुझे

और जोर से चुसो आहहहहहह क्या गांड थी ाहहजहा चुसुओ माआआआ मेराआआआ पणीइइइइइ निकालूओ मेरा लुंड खड़ा हो गया

मनीषा-: किसकी गांड थी

विभु-: किसी की नहीं आपकी जान

प्रिय अपनी गांड की तारीफ सुन क्र खुस हो गयी और बहार से आवाज लगायी

प्रिय-: भाभी कहा हो आप

मनीषा-: इसको क्या हुआ ये तो प्लान में नहीं था

विभु-: तो फिर ये आवाज क्यों लगा रही ह

मनीषा -: लगाने दो

प्रिय गेट बजने लगी भाभी गेट खोलो क्या कर रही हो

मनीषा-: में देखती हु

मनीषा भाभी बहार गयी और देखा प्रिय हंस रही थी

मनीषा भाभी-: क्या हुआ प्लान के मुताबित तू देखेगी न

प्रिय-: भाभी थोड़ा प्लान चेंज हे उनका वो खड़ा ह और अभी तो और मजे लेना ह

मनीषा--: मतलब

प्रिय-:.....…...........

दोनों हंसने लगी

manisha-:okkk

मनीषा भाभी अंदर गयी

manisha-:jan प्रिय ने प्लान और बड़ा दिया ह. ये सुनो ......

विभु-: अच्छा इसकी छूट में कुछ ज्यादा hi खुजली हे चलो

मनीषा भाभी बहार आयी और सोफे पर बेथ गयी इधर विभु का लुंड खड़ा था वो भी लोअर में दाल क्र बहार आया मगर लुंड दिख hi रहा था

मनीषा-: में खाना बनती हु

प्रिय-: ोकक

मनीषा भाभी जाने लगी और प्रिय विभु के पास आ कर बेथ गयी

प्रिय-: भाई मेरे साथ तबेले में चल न वह भेंसे को चारा डालना हे

विभु-: है चलो न दी

फिर दोनों तबेले में चले गए प्रिय आगे और विभु पीछे विभु का लुंड ाललरेडी खड़ा था तबेले में जा क्र प्रिय ने विभु का हाथ पकड़ा और अंदर ले गयी प्रिय की नजर विभु के खड़े लुंड पर थी

प्रिय दी वह जा कर झुक क्र चारा उठाने लगी


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विभु की नजर वह गयी उसका लुंड पहले से खड़ा था

मन की आवाज-: भाई जा क्र पीछे से पकड़ ले ये तो वैसे भी तैयार ह

विभु-; है भाई आशा hi करना पड़ेगा इस गांड का तोड़ अब यही ह

विभु पीछे गया और प्रिय की गांड पर लुंड लगा दिया प्रिय ने पीछे देखा

प्रिय-: क्या करता ह भाई

विभु-: कुछ नहीं दी

प्रिय-: भाई कुछ सुबह रहा ह पीछे

विभु-: क्या ह दी मुझे नहीं पता

priya-:pata नहीं कुछ मोटा ह जो मुझे चुभ रहा ह

विभु-: क्या ह देखलो आप दी

प्रिय-: बा बाबा न में दर गयी तो

विभु-: देखो तो सही आप

प्रिय ने हाथ पीछे के कर देखा तो वह एक रोड जैसा था जिसे हाथ लगा क्र उसने देखा और जैसे hi प्रिय ने हाथ लगाया विभु ने एक झटका मारा जो सीधा प्रिय की छूट पर लगा

प्रिय--: आहहहहहह bhaiiiiiiiiiii क्या करताआआ हेबेई

विभु-: वही जो सब करते हे

प्रिय-: भाई ाहः दर्द होता ह

विभु ने प्रिय को सीधा किया और उसे देखने लगा

विभु-: दी आप कितनी हसीं हो

प्रिय -: सुच

विभु-: हम्म्म दी

प्रिय-: भाई तू मेरी वह क्यों देखता था हमेसा

विभु-: कहा

प्रिय-: आपको पता ह फिर भी

विभु-: सुच में नहीं पता ह तू बता न

प्रिय-: मुझे नहीं बताना तुजे सब पता ह

विभु ने अपने हाथ दी की कमर से उसकी गांड पर रख दिए

विभु-: दी में तो इसको देखता था


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प्रिय दी ने विभु को धक्का दिया

प्रिय-: बदमाश

विभु-: अब आपने बोलै तो मेने बता दिया

प्रिय-: ाशे कोण बताता ह

विभु-: में

प्रिय-: गंदे इंसान

विभु-; आपके लिए आप मेरी हो

प्रिय-: सपने देखो

विभु ने प्रिय का हाथ पकड़ा और उसे फिर से गले लगा लिया और 1 जोर से उसकी गांड पर मारा


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Priya-;ahaha दर्द करता ह कमीने

प्रिय ने विभु को धक्का दिया और जाने लगी

विभु-; सुनो कल इसी टाइम पर आपका इंतजार करूँगा और है प्यार हो तो आ जाना

प्रिय ने सुना और चली गयी

इधर विभु खड़ा लुंड ले कर व्ही खड़ा था उसने मनीषा भाभी को कॉल किया

विभु-: भाभी मेने अपना काम कर दिया ह अब कुछ आग आप लगाओ

मनीषा -; कहा ह वो

विभु-: यहाँ से निकल चुकी ह

मनीषा-: ok


विभु-; क्या ok मेरे खड़े लुंड को कोण बिठायेगा अब

मनीषा-: जान में तो खाना बना रही हु आ जाओ यही कर लेना

विभु ने कॉल कट किया और जाने लगा तभी उसे किसी का कॉल आया और वो खुस हो गया

विभु-: है मेरी नीता रानी

नीता चची-: कहा हो आप

विभु-: मनीषा भाभी के वह

नीता चची-: चोर दो अब बेचारी को कितना छोड़ोगे

विभु-: अब आप करने नहीं देती तो कुछ तो करना पड़ेगा न

नीता चची+: क्या करू पतिदेव मेरे पेट में आपका बच्चा जो ह

विभु-; ये लुंड आपसे बात करके खड़ा हो गया काम से काम चूस लो न .

नीता चची-: अभी तो कुछ नहीं जाओ मनीषा की गांड में दाल दो

विभु-: ok जा रहा हु

फिर विभु ने कॉल कट किया और चल दिया मनीषा भाभी के वह गया तो वह तो पहले से कोई औरत थी वो खड़ा लेके निधि भाभी को कॉल किआ मगर उन्होंने कॉल नहीं हटाया देविका को किया मगर उसने भी नहीं उठाया

फिर विभु ने मनीषा भाभी को कॉल किया

विभु-: कोण ह वो मेरा लुंड दर्द क्र रहा ह क्या करू

-:.मनीषा-: अरे आज अब कुछ नहीं होगा वो मुझे जाना ह अभी इनके वह अचार सिखने ये इसी लिए आयी ह

विभु-: फिर में खड़े लुंड का क्या करू

मनीषा-: जिसकी वजह से खड़ा हुआ उसे hi बोलो

vibhu-:kaha ह वो और कैसे करूंगा

मनीषा--; वो तो अभी नव्या के पास गयी ह

विभु-: फिर

मनीषा-: सॉरी जान थोड़ा लेट आना

विभु ने कॉल कट किया और खड़ा लुंड पूल पर गया वह जा कर थोड़ी देर बाटे की अंधरे की वजह से उसका लुंड कोई देख नहीं प् रहा था फिर उसके 3 दोस्त निकल गए वो अकेला बैठा था की

उसने देविका को फिर कॉल किआ इस बार उसने कॉल उठाया

विभु-; कहा ह. तू अभी

देविका-: घर पर हु

विभु-: अभी पूल पर आ मुझे छोड़ना ह

देविका-: अभी तो नहीं आ सकती हु वो घर पर हे क्या बोलूंगी

विभु-: गांड मारा अब

वो बैठा खड़े लुंड को लेके सोच रहा था की तभी उसे किसी के आने की आहात हुई उसने देखा अंधरे में दिख नहीं रहा था की कोण हे वो पूल के उस पर जंगल में जाने लगा विभु ने भी उसका पीछा किया कुछ देर जाने के बाद उसने देखा वो जो कोई था वो रुक गया और मोबाइल निकल कर किसी को कॉल करने लगा विभु धीरे से उसके पीछे पेड़ के पीछे चुप गया

आदमी-: कितनी देर में आ रहे हो

आदमी2-: ..............

मेने कुछ देर इंतजार किया और सामने से देखा तो 2 और लोग आ रहे थे

आदमी-: आइये ठाकुर साहब

ठाकुर-: ये ले बैग और काम हो जाना चाहिए

आदमी-: बहुत जल्दी आपका काम हो जायेगा

ठाकुर-: और किसी को पता नहींचलना चाहिए

आदमी-: देखते जाओ कैसे उन तीनो का काम लगता हु

ठाकुर-: ठीक ह में जा राहु हु थोड़ी देर में तू भी चले जाना और तुजे जाते हुवे कोई देख न ले

आदमी-: ठीक ह

फिर ठाकुर और वो आदमी जो ठाकुर के साथ आये थे जाने लगे

ठाकुर-: चलो विष्णु जल्दी

विष्णु--: है चलो

वो दोनों चले गए और वो आदमी वही था

vibhu-:(bc ये विष्णु काका और ठाकुर इसको पैसे दे रहे हे और बोलै की तीनो का काम लगा देना मतलब किसी को मरने की बात हो रही ह कही ये बस इसको पकड़ना पड़ेगा)

विभु ने जेब से रुमाल निकला और मुँह बांध क्र उस आदमी पर हमला कर दिया दोनों में लड़ाई हुई विभु ने वह रखी एक लकड़ी से उसके सर पर मर दी वो वही बेहोश हो कर गिर गया

विभु ने देखा मोबाइल की लाइट चला कर तो उसके गांव का hi रमेश था इसने बहुत लोगो के पैसे खा चूका था और बड़ा हरामी आदमी

विब्बू-+: बस ये तो बेहोश हो गया अब क्या करू ठाकुर ने इस रमेश को पैसे क्यों दिए क्या करू सेरा को कॉल करता हु

विभु-: है सेरा क्या कर रहे हो

सेरा-: बैठा हु विभु

विभु-: यहाँ पूल पर आओ की

सेरा-: आया

सेरा-: विदिशा में अभी आया जब तक में कॉल नहीं करू दरवाजा मई खोलना

विधिसे-: ोकक

सेरा वह से निकल गया इधर विभु सोचने लगा की इसका क्या करू कैसे पता करू उसने चेक किया तो वो जिन्दा था उसने सोचा इसे ताल घर में कैद कर देता हु जब होश आएगा तब बता क्र लूंगा और मर गया तो जाने दो जिस काम के पैसे लिए वो काम नहीं हो पायेगा

कुछ देर में सेरा का कॉल आया

सेरा-: विभु में आ गया हु पूल पर

सेरा-: पूल पर करके थोड़ा अंदर आओ

सेरा-: आ गया

व् Ibhu-:vahi खड़े रहो में आ रहा हु

विभु वह गया और सेरा को भुला कर ले आया

सेरा-: क्या हुआ

विभु-: इस मक ने ठाकुर से पैसे लिए हे किसी को मरने के अब किसको ये समझ नहीं आया मेने इसे मारा हे ये बेहोश हो गया ह इसे ताल घर में लेलो

सेरा-: ठीक ह में कंधे पर उठा लेता हु

सेरा ने उसे कंधे पर उतःया और विभु ने वो पैसे का बैग ले लिया और दोनों धीरे से वह से निकल गए और खेत वाले घर चले गए

सेरा ने विधिसे- को कॉल किया विधिसे ने गेट खोला और उस आदमी को लेके ताल घर में आ गए

विधिसे-: कोण हे ये आदमी

vibhu-:(vibhu ने सब विधिसे को बता दिया ) इसको उस घर की सफाई हो गयी न वह लेलो

विधिसे ने वो गेट खोला और सेरा उसे अंदर लेके आ गया विभु ने वह राखी एक पुराणी कुर्सी रख दी और उस को बिठा दिया

विभु-: सेरा उसे बांध दे यहाँ और इसके मुँह पर कला कपडा बांध दे जिससे ये हमें देख न पाए

सेरा ने वैसा hi किया और उसे बांध क्र मुँह पर कला कपडा धक् दिया

विभु-: ठीक ह इसे यहाँ रखो रत भर होश आया तो ठीक ह नहीं तो सुबह कुछ करते ह

सेरा-: सुबह तो आप स्कूल जाओगे न

विभु-: है 12 बजे तक में आ जाऊंगा तुम दोनों ने खाना खाया

विदिशा-: है अभी खाया

विभि तुम जाओ इसी बिच विभु भूल गया था की उसका लुंड खड़ा ह प्रिय दी की नंगी गांड की वजह से और ये विधिसे ने देख लिया था वो मन मन मुस्कुराते हुवे बहार आ गयी

विभु-: ठीक ह में जा रहा हु अब कल आता हु

सेरा-: ठीक ह

विभु-: इस बैग में देखना क्या ह

सेरा ने देखा तो पैसे ह

बिब्बी-: रख लो अपने काम आएगा बहार अलमारी में रख दो

सेरा-: आपका पैसा हे ये यहाँ

विभु -: मेरा आपका नहीं ये ठाकुर का पैसा ह और इसे हम उसी की बर्बादी में उसे करेंगे और साथ में विदिशा और तुम्हे कुछ काम हो तो मुझे बिना पूछे ले सकते हो

सेरा-: ोकक

फिर विभु वह से बहार आया और अपने लुंड को देखा तो खड़ा था

विभु-: बस ये क्या ह ये तो सेरा और विधिसे ने भी देखा होगा में कैसे भूल गया इसे चलो चोरो

उसने मोबाइल देखा तो 10 मिस्ड कॉल थे धीरज भाभी और पारो के और मनीषा भाबी के थे

विभु-: खड़ा लुंड लेके घर जाऊंगा तो लुंड को बिठाऊंगा कैसे और सुमन भी हे वह वो आ गयी सोने तो मनीषा भाभी के पास जाता हु

विभु मनीषा भाभी के वह गया वह अभी भी टाला लगा था विभु नीरस हो कर निधि को कॉल किया मगर उसने अभी भी नहीं उठाया

विभु का दिमाग ख़राब हो गया की जब जरुरत हो तब कोई नहीं दीखता बस वो गुस्से में घर गया और सबकी नजर बचा कर रूम में आ गया

विभु-: बस लुंड का क्या करू अब सुमन कभी भी आ सकती ह उससे कैसे बचाओ वैसे वो बोलेगी कुछ नहीं मगर फिर भी मुझे तो कुछ सोचना पड़ेगा न

विभु ये सब सोच रहा था की सुमन उसके कमरे में आ गयी

सुमन-: कहा थे जाना आप में कबकी परेशान हो रही hi

विभु बीएड पैर बेथ गया और चादर पैर पर दाल लिया जिससे खड़ा लुंड न दिखे विभु का लुंड खड़ा हुवा ने 2 घंटे हो गए थे उसका लुंड दर्द करने लग गया था

सुअन-: आपने खाना नहीं खाया में खाना लेके आती हु

सुमन निचे गयी और खाना लेके आ गयी

सुमन विभु के पास बेथ गयी और उसे अपने हाथो से खाना खिलने लगी

विभु-: जान मुझे पता ह तुमने भी नहीं खाया होगा

suman-:(mene और पूजा दोनों ने नहीं खाया जाना) हम्म्म

विभु ने बड़े प्यार से सुमन को खिलाया और सुमन ने विभु को

विभु--: हो गया मेरा खाना तो जान

सुमन-: और लेके आती हु

विभु-: नहीं जान मेरा हो गया ह अब तुम सो जाना में भी सो रहा हु

सुमन-: ok चाय बनाऊ क्या

में-: नहीं जान

सुमन मेरे पास आयी और मेरे गलो पर किसी करके चली गयी

विभु-: इतना प्यार कोई किसी से नहीं कर सकता ह जितना ये मुझसे करती ह

विभि मन मर क्र सोने की कोसिस करने लगा और मोबाइल देखा तो उसे आया की धीरज भाभी का कॉल आया था उसने कॉल बैक किया सामने से कॉल अत्तयं नहीं किया

उसने पारो को कॉल किया मगर किसी ने अत्तयं नहीं किया

वो मन मर क्र सो गया उसे नींद आ गयी

इधर विभु को खाना खिला कर पूजा के पास गयी और उसे भी बड़े प्यार से खाना खिलाया और आ कर अपने रूम में सो गयी

इधर विभु का लुंड अब कुछ ज्यादा hi दर्द करने लगा था जिस कारन उसकी नींद खुल गयी उसने टाइम देखा तो 10.30 बज चुकी थी

मन की आवाज-: भाई मुझसे दर्द सहन नहीं हो रहा कुछ कर न

विभु-: क्या करू में कोई भी छूट देने को तैयार नहीं ह

मन की आवाज+: एक काम कर छत पे चलते हे वह पुजा मिल जाये सायद नहीं तो सोनाली भाभी को कॉल क्र कुछ बात बन जाये नहीं तो मुठ तो मर hi लेंगे

विभु-: चल ऊपर hi जाते हे वही जा कर कुछ जमाते हे
 
अपडेट-: 95

विभु ऊपर आ गया अपना खड़ा लुंड लेके उसने पूजा के घर की तरफ देखा वह गेट लगा था

उसने मोबाइल निकला और सोनाली भाभी को कॉल किया

एक बार कॉल करने पर कॉल नहीं उठाया उसने फिर से कॉल किया इस बार कॉल उठा लिया

विभु--: भाभी चाय .

सोनाली-: इस समय में सो गयी अब तो

विभु--: भाभी प्ल्ज़ न

सोनाली-: आ रही हु

विभु ने कॉल कट किया और अपने लुंड को सही से एडजस्ट किया उसे पता ह की भाभी भी उससे इम्प्रेस हे अगर वो थोड़ी कोसिस करे तो ये ऐश्वर्या राइ भी उसके निचे आ सकती ह

विभु कुछ देर छत पर घूमता रहा और नजर सोनाली भाभी की छत पर रही कुछ देर में वो गेट खुला

और विभु ने उधर देखा और वो देखता रहा सामने सुच में एक खूबसूरत अप्सरा कड़ी थी जिसको देख क्र तपस्वी की तपस्या भी भांग हो जाये


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पल्लू गिरने के बाद भी भाभी ने सही नहीं किया विभु ने उनके चेहरे की स्माइल देखि जो बहुत बढ़िया थी

विभु उनकी और बढ़ता गया और पास जा कर खड़ा हो गया

सोनाली-: विभु क्या कर रहे हो

विभु-: मुझे आपसे प्यार करना ह

सोंली-: नहीं देवर जी कोई देख लेगा यहाँ

विभु-: कोई नहीं ह मुझे आपसे गले लग्न ह बस

सोनाली-: सिर्फ गले hi लग्न अपने हाथ को कण्ट्रोल में रखना

विभु-; ok मेरे हाथ आपके सरीर पर कही नहीं टच करेगा

.सोनाली-:( हँसते हुवे) देखते हे

विभि सोनाली बभी के पास गया और और उनकी तरफ देखने लगा सोनाली बहहि की सांसे जोर से चलने लगी

. विभु-: भाभी ने आपके इन हसीं गलो को चुम लू

सोनाली-: हम्म्म्म

सोनाली भाभी भी अब बहक चुकी थी वो भी आज आगे बाद जाना चाहती थी इस लिए वो छह क्र भी विभु को मन नहीं कर प् रही थी

विभु ने अपना चेहरा सोनाली भाबी के गलो के पास ले गया और हल्का सा चुम्बन उनके गलो पर किया


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जैसे hi विभु के होठ सोनाली भाभी के गलो पर छुआ सोनाली भाभी के तन मन में आग लगी उनकी छूट से पानी का रिसाव होने लगा एक डैम से वो सिसक गयी

विभु-: चुम के आपके गलो को पता चला की चाय तो वैसे hi फीकी थी

सोनाली-: मस्का मत लगाओ

विभु-: सुच जान

सोनाली-: क्या बोलै

विभु-: जान

सोनाली--: ये अच्छा नहीं हे विभु हमारा रिस्ता अलग हे और किसी को पता चल गया तो हम बदनाम हो जायेंगे

विभु-: मुझे आपके इस जिस्म से प्यार हो गया ह अब आपके बिना नहीं रह सकता भाभी

सोनाली-: ये गलत हे में बहक गयी थी में जा रही हु

सोनाली जाने लगी और विभु ने उन्हें पीछे से देखा सोनाली भाबी की चिकनी कमर बहुत hi मादक लग रही थी


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विभु-: सोनाली ी लव ु मेरी जान मुझे आपका इंतजार रहेगा

सोनाली ने एक बार विभु को देखा और वह से चली गयी

विभि अभी भी वही रहा कुछ देर उधर देखता रहा और फिर अपने खड़े लुंड को निकल क्र देखने लगा

अपने लुंड को हाथ में लेके सहलाने लगा

इधर सलोनी भाभी अपने मन को मर कर निचे तो आ गयी मगर उनका मन वापस अपने विभु के पास जाने का करने लगा वो कुछ सोच क्र वापस ऊपर आयी और गेट खोल कर देखने लगी और जैसे hi उन्होंने सामने देखा विभु अपना लुंड हाथ में लेके हिलने लगा

सोनाली-: ये तो फिर चालू हो गया तड़पो मेरे देवर जी जो चीज़ तड़पने पर मिटी हे उसकी कदर बहुत ज्यादा होती ह

विभु-: कहा सोनाली भाभी आ जाओ न एक बार मुझे अपना लो में आपको साडी खुसिया दूंगा बहुत प्यार करूँगा किसी को पता नहीं चलने दूंगा जान आ जाओ न

.विभु अपने लुंड की आग में कुछ भी बजे जा रहा था तभी उसका मोबाइल बजा उसने देखा तो पारो का फोन था उसने फोन नहीं उतःया और जोर जोर से अपना लुंड हिलने लगा कोई आधे घंटे तक वो अपना लुंड हिलता रहा और इधर गेट और सोनाली उसे देख देख कर अपने बूब्स और छूट से खोटी रही दोनों ने hi एक दूसरे के सामने अपनी प्यास अपने हाथ से भुजायी और विभु वह से निचे आ गया और सोनाली छत पर आयी और चाय के कप लिए और निचे आ गयी ..

सोनाली-: देवरजी बस अब नहीं रोकूंगी अगली बार जब भी बोलोगे मन नहीं करुँगी 😘 लव ु

इधर विभु निचे आया और अपने रूम में चला गया

.विभु-: सोनाली भाभी अब में आपको देखूंगा नहीं जब तक की आप खुद आके मुझे अपना पति न मन लो

विभु ये सोच क्र सो गया

इधर रत को लत तक प्रिय और मनीषा बाटे कर रही थी

प्रिय-: भाभी आज तो लगभग बात बन hi. गयी ह कल उसने मुझे तबेले में भुलाया ह

मनीषा-: तो जाना .

प्रिय-: है जाँऊगी hi इतनी तदपि हु कल जाँऊगी hi

मनीषा-: तैयार हो कर जाना मुझे नहीं लगता आपका भाई आपको कल बिना चोदे आने देगा

प्रिय-: आशा नहीं ह

मनीषा-: उसे अपनी गांड दिखा क्र इतने दिन उकसाया और कल तो नंगी गांड hi दिखा दी मुझे नहीं लगता की कल से आप कुंवारी
dar muje

dद



dd

dd sha-; asha kuch ho to unhe yaha ke kar aana vaha sahi se first bar ho nhi payega or tumhari aawaj bhi bahut niklgi meri kunwari kali jise sun kar gav ikkatha ho jayega


प्रिय-: भाभी आप भी न चलो कल देखते हे

इधर खेत वाले घर विधिसे और सेरा सो गए थे जब और विधिसे की नींद खुली तो उसने पास वाले से उस आदमी के चिल्लाने की आवाज सुनी वो उठी और उधर जा कर देखा तो वो आदमी बंधा था और उसके मुँह पर कपडा बंधा था वो जोर से चिल्ला रहा था

आदमी-: चोरो मुझे बस कोण हो तुम मुझे यहाँ क्यों बांध दिया

विदिशा ने सेरा को उठाया और उसे बोलै तो सेरा रूम में आया और उस आदमी को

सेरा-: चुपचाप सो जा और मुझे भी सोने दे वार्ना मर डालूंगा

रमेश-: मुझे क्यों पकड़ा ह कोण हो तुम

सेरा-: बस बोलै न सुबह बात करता हु सजा अभी

रमेश-: मुझे चोर दो में तुम्हे पैसे दूंगा

सेरा-: चुप बेथ जा नहीं तो मर डालूंगा में तुजे

इस बार सेरा गुस्से में बोलै जिसे सुन क्र रमेश चुप हो गया

विधिसे--: इसके मुँह पर कपडा बांध दो जिससे ये चिल्ला न पायेगा

सेरा-: है ये सही रहेगा

सेरा ने वह रखा कपडा लिया और उसके मुँह में गुसा कर बांध दिया और फिर दोनों आ कर सो गए

सुबह विभु को सुमन उठाने आयी

सुमन-: जान उठो न स्कूल नहीं जाना क्या

.विभु ने सुमन का हाथ पकड़ा और बीएड पर गिरा लिया और उसे चद्दर में घुसा लिया ..

सुमन-: जान में तैयार हो गयी हु आप भी उठो न .

विभु-: मेरा मूड नहीं ह आज आने का

सुमन-: ठीक ह आप आराम करो में माँ को बोल दूंगी की आपका सर दर्द क्र रहा ह आराम करने दे

विभु-: जान सॉरी और ी लव ु

सुमन-: ी लव ु 2 जान

.विभु-: एक प्यारी सी किश दो न

सुमन ने विभु के गलो पर किश किया

विभु--: वह नहीं जान यहाँ (अपने होठ बता क्र )

सुमन-: क्यों दू

विभु-: क्युकी तुम मेरी जान हो और जान को मन नहीं किया जाता

सुमन-: और जान को मांगने की जरूरत भी नहीं होती

विभु ने ये सुना और सुमन के गलो को पकड़ कर एक अपने होठ उसके होठो और रख दिए और एक चुम्बन सुरु हो गया दोनों के बिच


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फिर दोनों ने किश तोडा और सुमन

सुमन-: अब में जाती हु

vibhu-:subh सुबह इतनी मिटटी किश मिल जाये तो चाय की जरूरत hi न रहे

.सुमन-: है मिल जाएगी अभी में जाती हु

फिर विभु ने सुमन को बहो में भरा फिर सुमन उठ क्र चली गयी और विभु फिर से ाशे hi लेता रहा

उसने सोचा क्यों न आज स्कूल नहीं जा रहा तो आज सहर जा कर ताल घर के अंदर एक घर और हे वह से लिए भी सामान ले आये वो उठा उससे पहले उसने देखा की रत को पारो का कॉल आया था और धीरज भाभी से भी कल बात नहीं हुई उसने लेते लेते hi पारो का मस्सगे किया

.विभु-: पारो जी आप कोण हो में नहीं जनता नगर है इतना जरूर जनता की आप मेरे बारे में सब जानती हो और पूजा की बात आपको कैसे पता चली मुझे बताओगी कुछ वैसे गम


फिर उसने धीरज भाभी को कॉल किया सामने से कॉल कट कर दिया

vibhu-:kya ह इस हुस्न की पारी का जब देखो तब कॉल कट कर देती ह

तभी मस्सगे आया डी भाभी का

डी भाभी--; मेरे प्यारे दोस्त में आ चुकी हु यहाँ और वो मेरे पास hi थे मेने कॉल कट किया ह

विभु-: वव आखिर मेरी ड्रीम गर्ल आ गयी कब दीदार करवा रही हो इस हुस्न का .

डी भाभी-:🤪 में दोस्त हु आपकी आपकी गफ नहीं .विभु-:😁 तो क्या हुआ दोस्त को देखने का हक़ नहीं ह क्या

डी भाभी-: पूरा हे आज देख hi लेना चलो में बाद में बात करती हु

विभु ने भी उसके बाद कुछ मस्सगे नहीं किया और सोचने लगा की आज मेरी इस दोस्त के लिए कुछ गिफ्ट लेके आऊंगा

फिर विभु तैयार हुआ और निचे आया तो उसकी माँ ने बोलै

माँ -: बीटा सो जाता सर दर्द हो रहा ह तो

विभु-: अब आराम हे माँ में खेत जबकर आता हु


माँ-: चाय बना देती हु में बेथ ..

vibhu-:ok

फिर कुछ देर में माया चाय ले कर आ गयी और विभु ने चाय पिने लगा और माया उसके सर को दबाने लगी फिर विभु वह से बाइक लेके निकल गया खेत वाले घर वह जाकर उसने सेरा को कॉल किया और सेरा ने कॉल उठा क्र गेट खोला

सेरा-: विभु आज स्कूल नहीं गए .

विभु-: नहीं वो मुझे सहर जाना हे आज

सेरा-: उस रमेश को होश आ गया ह मेने रत को उसके मुँह में कपडा थुश दिया था

विभु-: चलो और उसके सामने अपना और मेरा नाम मत लेना

विभु और सेरा रमेश के पास गए और विदिशा चाय बनाने लगी

सेरा ने जा कर उसके मुँह से कपडा निकला .

रमेश-: मुझे पानी पीला दो बहुत प्यास लगी ह


विभु-: पीला देंगे पहले ये बता ठाकुर ने तुजे पैसे क्यों दिए हे

रमेश-: तुजे क्या करना

तभी सेरा ने उसके गाल पर एक जोर दर थप्पड़ रखा

विभु-: मारो इसे और पानी भी मत पिलाना इसे जब तक ये सुच न बताये

रमेश-: तुम कोण हो पहले ये बता

विभु-: चुद मरी के तुजे क्या करना हे बोल रहा ह की नहीं

इतने में एक और थप्पड़ उसके गाल पर पड़ा

रमेश-: बता रहा हु

विभु-: बोल कमीने

रमेश-: वो पैसे ठाकुर और विष्णु पटेल नहीं दिए हे ..

विभु-: भोसड़ी के मुझे पता ह वो क्यों दिए

रमेश-: वो मुझे विनय, विमल और संजय पटेल को मरने के लिए

विभु ये सुन कर 2 कदम पीछे हैट गया


विभु वह से बहार आ गया ये देख क्र सेरा भी उसके पीछे आ गया

सेरा-: विभु क्या हुआ

विभु-: ये मेरे बड़े पापा पापा और चहका का मरने वाला था

सेरा-: क्याआआआ

. विभु-: है सेरा अच्छा हुआ उस टाइम में वह पहुंच गया

सेरा-: रुको उसने वो पैसे का बैग चेक किया उसने उसे 2 बन्दुक मिली ...

सेरा-: ये देखो इसके बैग से बन्दुक मिली

विभु-: इसकी माँ को छोड़ू मेने सुना था की ये बहुत हरामी हे उसने पेसो के लिए अपने बाप का मारा हे और अपनी बहन को बेच दिया ह और अब ये ठाकुर के लिए काम करने लगा मतलब ये बहुत कुछ कर सकता ह इस गांव में

सेरा-: अपना काम हो गया इसे वो करने से रोक दिया ह अब इसका क्या करे

विभु-: ये अपने कुछ काम का नहीं ह और ये जिन्दा रहा तो गांव में पता नहीं और क्या करेगा कितनी ोर्टो को विधवा करेगा इसे मर डालो

सेरा-: मगर

.विभु-: महाभारत में बुरे लोगो को मरना hi पड़ेगा सेरा और इसकी शुरुआत सायद इसी से करनी पड़ेगी

ये विधिसे सुन रही थी

vidhisa--:ha सेरा हमारे बिच कोई भी आया उसे मरना hi पड़ेगा सायद वो कोई भी हो और इसकी शुरुआत में करुँगी

विभु-: मतलब विदिशा

विधिसे-: इसे में मरूंगी अभी

विभु-: है तुम मरना मगर अभी नहीं रत को मर के इसे जंगल में दूर फेक देंगे अभी मर देंगे तो दिक्कत हो जाएगी ..


विदिशा--; है ये ठीक रहेगा

फिर तीनो ने चाय पि और वापस उसके पास गए और उसे पानी पिलाया

विभु-: और बता और क्या करने वाला था तू . .

रमेश-: मुझे इसी के पैसे मिले हे

विभु-: ok अब शाम को हम तुजे चोर देंगे

रमेश-: ठीक ह मगर तुम हो कोण

.सेरा ने जोर से लत मरी उसे और वो गिर गया

फिर तीनो बहार आ गए और विभु न बोलै

विभु-: में सहर जा रहा हु किसी को कुछ मंगवाना ह क्या

सेरा-: नहीं मुझे तो कुछ नहीं

विदिशा-: मुझे डेरी मिल्क अच्छी लगती ह के आना

विभु-: ोकक और है जितना समन यह ही उतना हमें उस अंदर वाले घर में भी रखने हे शाम को सामान आ जायेगा हम मिल क्र जमा लेंगे

विधिसे--: ोकक

विभु-: विदिशा उस बाद से 2 लाख रूपए देना

विधिसे ने 2 लाख रूपए ठाकुर ने जो बैग दिया था उससे दे दिए और विभु ले कर चला गया सहर

वो सहर गया और उसी दुकान से सारा सामान का बोल कर उसी टाइम पर वही लेन का बोल दिया और निकल गया वो रेखा भाभी से मिलने

वह जा कर उसने रेखा भाभी- की कॉल किया और रेखा भाभी ने गेट खोला

विभु-: कैसे हो आप सब

रेखा- : ठीक ह

फिर विभु जाने लगा तो रेखा ने रोका

रेखा भाभी--: विभु मुझे कब ले चलोगे वह उस काम के लिए

विभु-: भाबी ने अभी रहने की सही जगह देख रहा हु जैसे hi कुछ होता ह में अआप्को ले जाता हु .

रेखा-: ोकक

फिर विभु वह से रेखा भाभी को झूट बोल क्र निकल गया और एक दुकान पर जा कर डेरी मिल्क का पैकेट लिया जिसने 10 डेली मिल्क थी उसके पास पास वाली दुकान से 10 अलग अलग gif लिए 3 एक जैसे बाकि सब अलग अलग और पैकिंग करवा के उस दुकान पर रख दिए जो शाम को सामान पंहुचा रही थी

वह से निकल क्र में गांव आ गया गांव आ कर मेने सबसे पहले एक डेली मिल्क निकली और धीरज भाभी की दुकान के सामने आ गया ..वह आ कर उसने डी भाभी को कॉल किया

डी भाभी-: बोलो माय डिअर फ्रेंड

विभु-: बहार आओ में बहार हु

डी भाभी-: हम्म

फिर धीरज भाभी बहार आयी और विभु ने उनको आज 6 दिन बाद देखा था वो उनको देख क्र अपने दिल पे हाथ रख किया और निचे गिरने की एक्टिंग करने लगा


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धीरज भाभी ने उसे देखा और हंसने लगी और उंगली से इशारा किया की पागल हो

विभु-: ये लो ये पागल आपके लिए कुछ लाया ह

डी भाभी-: वव डेरी मिल्क

विभु-: क़यामत लग रही हो दोस्त

डी भाभी-: पता ह मुझे मेने देखा अभी

और हंसने लगी इतने में किसी के आने की आहात हुई भाभी अंडे गयी और विभु अपनी बाइक ले कर वह से निकल गया

वह से सीधा घर गया जहा सुमन पहले से बैठी थी

सुमन-: कहा गए थे अआप

विभु-: खेत गया था कुछ काम था

सुमन-: मेने बोलै था न आराम करना पर नहीं मेरी कहा सुन्नी इनको

इतना बोल कर वो रसोई में गयी और खाना बनाए लगा

में-: माँ कहा ह.

सुमन-: वो तै के पास गयी ह

विभु ने इतना सुना और दौड क्र जा क्र सुमन को पीछे से पकड़ क्र बहो में भर लिया


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विभु-: जान नाराज मत हुआ करो तेरे बिना तो ये जिंदगी कुछ नहीं ह जान

सुमन-: फिर आज दर्द में काम करना जरुरी था क्या

विभु-: जान मेने काम नहीं किया में तो उन मजदूरों को काम बताने गया था फिर वही सो गया में

सुमन-: अच्छा

विभु-: है अब खाना खिलाओ भूक लगी ह जोरदार

फिर सुमन ने खाना लगाया और पास में बैठने लगी विभु ने उसे खींच के अपनी गॉड में बिठाया और खाना खाने लगे दोनों बड़े प्यार से एक दूसरे को ...

खाना खा कर सुमन बर्तन साफ करने लगी और विभु अपने रूम में गया वह जाकर उसने मोबाइल देखा तो पारो का मस्सगे था

पारो--: मेरे डिअर बर्फ बोलै न की आपकी हु आपके प्यार में पागल हु और है मुझे कसीस ने नहीं बताया में सब जानती हु

विभु-: तो बताओ इसके अलावा और क्या जानती हो आप .

पारो-: बस फ़िलहाल तो इतना hi जानती हु में

विभु-: ओह्ह में भी बहुत जल्द आपके बारे में जान जाऊंगा फिर देखना आपका क्या हल करता हु मेरी सधी सुधा अननोन गफ

पारो-:🤭🤭😘😘

विभु-: रत को बात करता हु

पारो-: रहने दो कल भी कॉल किया नहीं उठाया ह

विभु-: आअज करता हु पक्का

फिर विभु ने मस्सगे नहीं किया और देखने लगा टाइम तो 2 बज रही थी उसने नीता चची से मिलने का सोचा और निकल गया घर से

घर से निकलते हे उसी बहार पूजा मिल गयी पूजा ने विभु को आवाज दी

पूजा-: जान आज रत को में इंतजार करूंगी 10 बजे

विभु-: ok जान

फिर वो वह से निकला और सीधा नीता चची के घर पंहुचा मेने देखा गेट अंदर से लगा था मेने गेट बजाय

कुछ देर में निशा ने गेट खोला में उससे मिला और निशा चची के रूम में गयी कुछ देर में चची आयी

मेने चची को ही बोलै

छाछ-: आओ विभु बड़ी जल्दी अपनी कच्ची की यद्

आ गयी आपको

विभु -: चची की नहीं मेरी जान की मेरी पत्नी की यद् आ यी ह

च्चाही-: ओह्ह तो जनाब को अपनी चची की नहीं पत्नी की यद् आयी ह

विभु-: है और अब पत्नी अपने पति को एक किश देगी मस्त वाला

चची-: है क्यों नहीं इस पर तो जनाब का पूरा हक़ हे

फिर विभु ने चची को बहो में भर लिया ये सब निशा चुप क्र देख रही थी .

विभु ने अपने होठ नीता चची के होठो पर रख दिए और एक जोरदार किश स्टार्ट हो गयी

कुछ देर किश करने के बाद विभु ने चची का हाथ पकड़ा और चची के रूम में ले गया वह जा कर विभु ने नीता चची को बहो में भरा

विभु-: चची काम मेरी पत्नी किसी ह तू

चची-: मस्त हु आपका बच्चा पेट में लेके घूम रही हु

विभु-: कुछ सोचा इसके बारे में आपने कैसे मैनेज करोगे आप ये

चची-: वो में सब कर लुंगी आप उसकी चिंता मत करो

विभु -: अच्छा वो सब चोरो और निशा का क्या हुआ उसकी बीमारी का बहुत दिन हो गए हे आज करले क्या उसके साथ

न चची-:( मेरी बेटी से दूर hi रहना अब) नहीं अब आप उसके साथ नहीं कर सकते उसकी वो बीमारी ठीक हो गयी ह और वैसे भी 2-3 महीने में उसकी सधी करनी ह जिससे अब तुम उसके साथ कुछ नहीं करोगे

विभु--: ok मेरी जान जैसी आपकी मर्जी

नीता चची-: और कुछ बताओ की चल रहा ह यहाँ

विभु-: ( मेने चची को सब बताया ह इन्होने मेरी मदद की ह हर जगह इनको में सेरा विदिशा और वो लिफाफे की बात बता देता हु ) चची जान मुझे आपको कुछ बताना हे

chachi-:(kya हे जल्दी बता सायद मेरे कुछ काम आ जाये) है जी बताओ

vibhu-:wo वो वो वो वाओ क्वो वो वो wo(me बोल क्यों नहीं प् रहा हु चची को )

चची-: बोलो न जान

विभु -: वो चची बात ये हे की वो वो वो वो वो वो ( ये मुझे क्या हो रहा ह में कुछ बोल क्यों नहीं प् रहा हु )

चची-: क्या हुआ जान बोलो न

विभु--: में आपको बादमे बता ता हु अभी मुझे काम यद् आ गया

चची--: ok यद् से बता देना कुछ छुपाना मत

विभु--; ोकक चची जान

फिर विभु वह से जल्दी निकला और बहार आ गया बहार आ कर वो सोचने लगा की मेरी आवाज क्यों रुक गयी मेरे सब्द मेरे मुँह से बहार क्यों नहीं आये जब में चची को वो बाटे बताना छह रहा था वो चिंता में आ गया और वह से निकल गया फिर वह से सीधा वो खेत पर गया और सेरा और विधिसे से मिल कर ऊपर आया और कुछ सोचने लगा तभी उसे सामने से मंजू और देविका आते दिखे


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विभु-: वव मेरी एक रैंड मेरे लिए दूसरी छूट तैयार करने की कोसिस कर रही ह लगता ह बहुत जल्दी hi मुझे ये मंजू की छूट और गांड मिलने वाली ह

विभु ने देविका को कॉल किया तो देविका ने विभु की तरफ देखा

विभु ने मंजू की तरफ इशारा किया तो देविका हंस दी और फॉर देविका अपने खेत पर चली गयी मंजू को ले कर

इधर बाबू आशा से बात क्र रहा था

.आशा-: नहीं पापा आप मुझे चोर क्र नहीं जा सकते हो आपको पता ह में आपके बिना नहीं रह सकती हु

बाबू-: बहु कुछ दिन रहना पड़ेगा तुजे पता ह मेने ठाकुर से कितने पैसे लिए हे और वो पैसे हम खेती से चूका नहीं सकते हे मुझे उसके वह काम करके hi पैसे चुकाने पड़ेंगे

आशा-: तो पापा आपका जाना जरुरी हे क्या आपके बेटे को भेज दो वैसे भी वो कुछ काम के नहीं ह

बाबू-: नहीं मुझे hi जाना ह बेटी कुछ दिन में ठाकुर का पैसा चूका कर में आ जाऊंगा

.आशा-:( रट हुवे) बाबूजी मुझे आपकी आदत लग गयी ह में कैसे रहूंगी आपके बिना

आशा-: अर्जुन बीटा ह न वो तेरा दयँ रखेगा

आशा-: वो कमीना मेरा क्या दयँ रखेगा खेत पर hi पड़ा रहता ह प्ल्ज़ बाबूजी मत जाओ मुझे भी ले जाओ अपने साथ

बाबू-: नहीं बेटी में तुजे वह नहीं ले जा सकता हु अब में जा रहा हु म हर महीने में 1 दिनके लिए यहाँ आया करूँगा

.आशा रो कर बाबू के गले लगी और दोनों ससुर बहु एक दूसरे से बिचरने के दुःख में रोने लगे फिर बाबू ने अपनी बहु आशा को चोर के चला गया और आशा रोने लगी

(दोस्तों में बता दू की ये आशा वही हे जसे विभु ने जणू काका से बचाया था जणू काका ने इसका और बाबू का वीडियो बना के ब्लैकमेल करके उसे जंगल में भुला कर चुदाई करता था जिससे देविका ने मारा था

आशा की फेमेली- में आशा का ससुर बाबू था उसकी सास को संसार के कारन मर चुकी थी इसके आलावा उसका पति अर्जुन था जो आशा को छोड़ने के आलावा कुछ नहीं करता और खेत पर पड़ा रहता था आशा का एक छोटा देवर भी था जो सधी के लायक हो चूका था मगर था एक no. का आवारा अभी इनको यही चोर क्र विभु के पास आते हे )

इधर विभु नयी छूट मंजू के बारे में सोच रहा था उन्ही टाइम में सहम हो गयी और विभु ने उस गाड़ी को कॉल किया जो सामान ला रही थी कुछ देर में सामान आ गया रत का अँधेरा हो चूका था विभु ने उस गाड़ी से सामान उतरवाया और डेरा ने और दोनों ने मिल कर ताल घर के अंदर जो घर था उसे अच्छी तरह से सामान जमा दिया

विदिशा--: इसका क्या करना ह विभु

विभु-: मर दी इसे और जंगल में दूर फेक देते हे

विदिशा-: है इसे में मरी हु

विदिशा ने एक रस्सी ली और उसके गले में दाल कर जोर से दबाने लगी रमेश तड़पने लगा और सेरा और विभु देखने लगे कुछ टाइम में रमेश के सरीर हिलना बंद हो गया

व् िदिशा--: मेने क्र दिया हे अब इसे फेक दो

विभु-: सेरा चलो इसको उठा लो

फिर सेरा और विभु जंगल गए और अनादर इसकी लाश को दाल कर आ गए घर आ कर सेरा को खेतववाले घर चला गया और विभु अपने घर आ गया

.घर आ कर उसने खाना खाया सुमन के साथ और छत पर आ गया जहा उसे पूजा से मिलना था

कुछ देर इंतजार करने के बाद देखा पूजा नहीं आयी तो विभु वह से निकल गया प्रिय से मिलने उसे पता था की उसने प्रिय को टाइम दिया था और प्रिय आएगी जरूर वो तबेले में गया और प्रिय का इंतजार करने लगा कुछ देर में वो नहीं आयी तो उसने म भाभी को कॉल किया

विभु-: मनीषा क्या हुआ प्रिय आयी नहीं

म भाभी-: आ रही ह. अभी जस्ट निकली ह

विभु-: ok जान

म भाभी-: आज चूर्ण मत जो करना ह क्र लेना

विभु-: देखता हु जान

फिर मेने कॉल कट किया और कुछ देर में प्रिय दी आ गयी और अंदर आयी मेने लइते बंद नहीं की में-: ओह्ह्ह तो मेरी प्यारी दी आखिर अपने भाई से मिलने आ गयी

priya-koi मिलने नहीं आयी में में तो चारा डालने आयी हु .

विभु-: ok तो जाओ चारा दाल कर मन किसने किया ह

फिर प्रिय कुछ बोली नहीं और चारा डालने लगी कुछ देर दोनों चुप रहे प्रिय का काम हो गया वो इंतजार कर रही थी की कब विभु उसे पकडे मगर विभु ने भी सोच लिया था की आग इसके लगी ह तो यही खुद बोले

कुछ देर नहीं बोलने पर प्रिय चीड़ गयी और जाने लगी और दरवाजे के पास जा क्र रुक गयी

प्रिय-: में जाऊ

.विभु-: आपकी मर्जी

प्रिय-: तेरी क्या मर्जी ह ये बता

विभु-: जो आपकी मर्जी वो मेरी मर्जी


प्रिय-: में तो नहीं जाँऊगी

vibhu-:ok तो यही सो जाओ

प्रिय-: कल क्या बोलै था तूने की तुजे मुझसे प्यार हे

विभु-: मेने कब बोलै ये

प्रिय-: और तूने hi मुझे यहाँ बुलाया था

विभु-: मतलब आप मेरे भुलाने से आयी हो

प्रिय-: है आयी हु क्या करना

विभु उसके पास गया और उसकी गांड को पकड़ क्र अपने से चिपका लिया


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प्रिय-: ाहाहाः भाई क्या कर्ताआ हहह

विभु-; वही जो आप चाहती हो मेरी प्यारी डीइइइइइइइ

प्रिय-: भाई आपका हाथ कहा ह आपको पता ह

विभु-: है मेरी दी की प्यारी गांड पर

प्रिय-: गंदे ाशे कोई बोलता ह क्या

विभु-; जब झुक कर दिखा देती थी तब सरम. नहीं आयी इस गांड ने मुझे बहुत परेशान किया ह दी इससे मुझे बदला लेना ह

प्रिय-: ाहः दबा मत नाहा

विभु-; बोल फिर बदला लू इससे

प्रिय-: नहीं न ायः दुखता ह

विभु--: और इतने दिन ये दिखा कर मेरे कुक दुख तो कोई नहीं

प्रिय-: ाहः मेने नहीं दिखाई तू खुद देखता था


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विभु ने जोर से प्रिय की गांड को बड़ा दिया

प्रिय-: अहहहहह भैई चोरररररर देना बहुत्तत्त दुःखताआ हीईईई

विभु-: अभी कहा दी अभी तो बहुत दुखेगा देख तो सही तू

विभु को विश्वास नहीं हो रहा था की जिस गांड को देख कर उसका लुंड खड़ा होता था और फिर बैठने का नाम नहीं लेता था आज वो गांड उसके हाथ से डाब रही थी वो नरम मांसल आज उसके हाथ से लाल मसल रहे थे

प्रिय--: भाई चोर दे न तू जो मांगे गए दूंगी पर अभी चोर देना

विभु-: क्या देगी बोल

प्रिय-: ाहाहाः जो भी लेना ह बोल देना

विभु-: सोचले पक्का आज चोर दूंगा मगर कल देनी पड़ेगी तुजे

प्रिय--: अहहह क्याआ देनी पड़ेगी भाई

विभु--: व्ही जिसे में लेना चाहता हु

priya-:bolega तो दूंगी न

विभु ने प्रिय का खुला निमन्त्र देख कर प्रिय को थोड़ा दूर किया और हाथ सीधा प्रिय की छूट पर लगा दिया

प्रिय--: अहहहहह भईईई क्याआआआ करताआआ heeeeeeeeee एईई

विभु-: तूने बोलै न क्या चाहिए मुझे तो यही लेना ह तेरी

प्रिय-: ाहाहाः नहीं ये तो मेरे पति की ह .


विभु-: ाहः तो मुझे बना ले न पति

प्रिय-: पति बनाए के लिए सधी करनी पड़ती ह भाई

विभु -:( प्रिय की छूट को कपडे के ऊपर से खुरदते हुवे) तो में करूँगा तुजसे सधी

priya-:ohhh no भैई ाहः क्या कर्ताआ ह सधी नहीं होगी तू मेरा भाई हे ाहः माआ

विभु-: में तो करूँगा कल तुजसे सधी फिर तेरे साथ सुहागरात मनाऊंगा प्रिय

प्रिय-: सुच

विभु-: है दी

प्रिय-: चल हैट पागल कल आना

विभु-: (छूट को दबा कर) देगी मुझे ये बोल

प्रिय-; हआ कल देखा जायेगा

विभु-; ठीक ह तो कल मेरी दुल्हनिया बनेगी तू

प्रिय ने विभु को धक्का दिया और वह स निकल गयी दरवाजे के पास जा कर रुक गयी

प्रिय-: सपने में बनाना मुझे अपनी दुलहनिए

विभु-: कल देखता हु में वो तो वैसे आज मेरा एक काम तो करदे

प्रिय-: बोलो

विभु-: ये फिर खड़ा हो गया तेरी गांड देख कर उसे बिठा दे नहीं तो ये परेशान करेगा

प्रिय-: कल का वेट करो मेरे होने वाले पतिदेव

और प्रिय वह से हंस क्र चली गयी घर और मनीषा भाबी बैठी थी

मनीषा--: क्या हुआ आपको ाशे हम्प कर क्यों आ रही हो

प्रिय-: कुछ नहीं अभी जाओ आप तबेले में और उसके इसको संत करके आओ

मनीषा-: मतलब .

प्रिय-: आप जाओ वो परेशान हो रहा ह

इतने में मनीषा पर विभु का कॉल आया और दोनों हंसने लगे

मनीषा--: आती हु आप यहाँ देखना

प्रिय-: खुस कर देना मेरे पतिदेव को

मनीषा--: मतलब

प्रिय-: अभी जाओ बाद में बताइटी हु

मामीशा ह्मणस्ते हुवे वह चली गयी और वह जा कर देखा तो विभु वही अंदर खड़ा था

मनीषा ने गेट लगाया और जा कर विभु के बहो में समां गयी

म भाभी--: क्या हुआ जान परेशान लग रहे हो

विभु-: जान वो प्रिय दी की गांड ने ये फिर खड़ा कर दिया

.म भाभी--: में हु न इसे चुप कर दूंगी वैसे उसे क्या हुआ बड़ी चहक कर आयी और आपको पतिदेव बोली

विभु-: वो ............... विभु ने साडी बात बता दी उस इ

म bhabhi--:ohh तो कल सधी करोगे उससे

विभु-: नहीं मगर सुहागरात तो जरूर मानना हे

म भाभी--: तो मन लेना किसने मन किया हे आपको

म भाभी-: वो कल का देखा जायेगा वी अभी कैसे मनौ सुहागरात

म भाभी-: में आपके सामने हु जैसे आप चाहो

विभु-: यहाँ सही रहेगा कोई देख लेगा तो

म भाभी-: है चलो घर पर वह कोई नहीं ह और जो हे उसका दर नहीं ह

विभु-: आप चलो में आता हु

मनीषा ने विभु के लुंड को हाथ से पकड़ क्र देखा घर की और चली गयी फिर विभु भी थोड़ी देर में घर आ गया और दोनों मनीषा भाबी के कमरे में

वह करीब 1 घंटे तक दोनों देवर भाभी में चुदाई चली और विभु थक कर घर आ गया
 
अपडेट-: 96

घर आ कर वो थोड़ी देर बैठा रहा और सुमन से मिल कर अपने कमरे में गया वह गया और उसे अपना वडा यद् आया की आज उसे पारो से बात करना ह उसने पारो को मस्सगे किया

विभु-: ही पारो जी किसी हो आ गया आपका देव

कुछ देर रिप्लाई नहीं आने के बाद विभु सो गया उसे कब नींद आ गयी पता hi नहीं चला

इधर सोनाली भाबी सोच में थी की आज विभु का कॉल क्यों नहीं आया उसने चाय लेके छत पर क्यों नहीं भुलाया उसने तो सोचा इतना होने के बाद तो वो मुझे जरूर आज भुलायेगा और आगे बढ़ेगा मगर विभु ने उसे नहीं भुलाया वो भी मन मर कर सो गयी

इधर हुस्न ा मलिक्का पूजा ने आज विभु को छत पर भुलाया था मगर वो खुद लेट हो गयी थी वो सोचने लगी की में कैसे लेट हो गयी कुछ देर में वो भी सो गयी

इधर विभु ने मनीषा भाभी की छूट की बेंड बजा कर घर गया और मनीषा भाभी अपने रूम में थी अपना बिस्तर सही कर रही थी

प्रिय-: ओह्ह भाभी आज तो कब्बडी खेली आपने

म भाभी--: है खेली न कल आप भी खेल लेना

प्रिय-: है प्लान तो हे उसने मांगी ह मुझसे ये

म भाभी-: तो देने में क्या दिक्कत हे देदो वैसे भी अभी घर पर मेरे और आपके अलावा कोई नहीं ह तो किसी को पता नहीं चलेगा

प्रिय-: ok तो आज रत को में कोसिस करुँगी

म भाभी--: प्रिय कोसिस नहीं क्र hi लो नहीं तो आशा नहीं की किसी को पता लग गया तो गया आपके हाथ से

प्रिय-: है आज क्र hi लेती हु कुछ बड़ा

म भाभी-+: बड़ा क्र लेती हु नहीं आज बड़ा ले लेती हु

दोनों हंसने लगी और भाभी और प्रिय बहार आ कर बेथ गए

सुबह विभु की नींद खुली और सुमन के रूम में जा कर उसे गले लगा कर जादू की झप्पी ली

सुमन-: हो गया तो जल्दी जाओ और तैयार हो जाओ

व् िभु--: है जान

विभु और सुमन तैयार हो क्र निचे आये और स्कूल के लिए निकल गए

बहार उसे पूजा मिली

विभु-: गम पूजा

पूजा-: गम

दोनों हंसने लगे और विभु आगे निकल गया

पूजा-: देखा मेरी जान मेरी जान ने. मुझे गम कहा

सुमन-: ओह्ह जान की बंदी मुझे तो गले लगाया और झपि की उसने


पूजा-: मुझे भी देना

फिर पूजा ने सुमन को पकड़ के गले लगा लिया

सुमन-: हो गया तेरा तो स्कूल चले अब

पूजा-: हो गया चलो

फिर सब स्च्होल आ गए और सब आ गए सब विभु को दीख रही थी जो इससे चुद चुकी ह वो और जो उससे छोड़ने वाली हे वो सब तभी विभु की नजर धापू पर गयी


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विभु-: बस मुझे इससे मिलना था वडा किया था और में 2 दिन से गया नहीं इसने वेट किया होगा मेरी hi तरफ देख रही ह

विभु ने धापू की तरफ देख के कण पकड़ क्र सॉरी बोलै

धापू- ने भी सर हिला दिया

फिर विभु ने आज मिलने का बोल कर वडा किया की आज जरूर आऊंगा और

धापू खुस हो गयी और सब क्लास में चले गए

क्लास में पूजा विभु के सामने बैठी थी

पूजा-: सॉरी जान कल आ नहीं पायी आज पक्का आउंगी शाम को 6 बजे

विभु- : ok ठीक ह कोई नहीं आगे दयँ दे कोई सुन लेगा और दिनेश भी देख रहा ह

पूजा-; हम्म्म्म

फिर ाशे hi देखते देखते क्लास ख़तम हो गया और स्कूल की छुट्टी हो गयी

हम सब घर की और निकल गए हम घर जा रहे थे की धीरज भहाभी को दुकान के सामने वो झाड़ू लगा रही थी

विक्की-; देखो आज तो अप्सरा के दर्शन हो गए

दिनेश-: है यरररर पल भैया जैसा किस्मत वाला कोण होगा जो इस अप्सरा के पास रहता ह

विक्की-: है ीरर्र में तो डेली इधर से जाता हु तो सोचता हु की भाभी दिख जाये तो दिन निकल जाये ..

अजय-: अरे में तो ाशे hi इनकी दुकान की तरफ निकल जाता हु कही दिख जाये

विभु-: तुम्हारा हो गया हो तो चले अब

विभु-: अरे तुजे कुछ नहीं होता क्या इस अप्सरा को देख कर कही तू चक्का तो नहीं ह

सब हंसने लगे

विभु-: ( बस तेरी ज्योति को पूछ जा कर ) आ देख ले आ कर तेरी गांड मरता हु

सब हांसे और हम वह से निकल गए

है आ कर सुनाम और मेने हल्का सा नास्ता किया और सुमन को गले लगाया

विभु-: जान ी लव ु तेरे बिना अच्छा नहीं लगता

सुमन-: ी लव ु जान

विभु-: मेरे पास आओ न थोड़ी देर बैठो न

सुमन-; आप मेरे रूम में चलो में वही आती हु मुझे आपसे कुछ बात भी करना हे

विभु-: जान जल्दी आना

सुमन कुछ काम करके ऊपर आयी और दौड के विभु को गले लगा लिया


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सुमन-: जान आ गयी में

विभु ने उसे उतःया और बीएड पर बेथ गया और अपने गोदी में सुमन को बिठा लिया ..

विभु-: बोलो जान क्या बताना था

सुमन-: जान वो हमारे बारे में दीपिका भाभी को पता चल गया ह

विभु-: क्या और कैसे .

सुमन-: जान वो मेने आपसे बात की थी न वो रिकॉर्डिंग होती ह भाभी के मोबाइल में उन्होंने सुन ली थी फिर उन्होंने मुझे बोलै

विभु-: क्या बोलै

सुमन-: यही की कोई बात नहीं चलता ह वो किसी को नहीं बातएगी

विभु-:( उन्हें तो मनीषा भाभी के बारे में भी पता ह और पारो के बारे में भी). Ok तुम संभालना सब और अब आगे से दयँ रखना

suman-:hmm

.फिर दोनों ाशे hi गले लग के कुछ देर बैठे रहे

विभु-: जान तू आराम कर में आता हु मुझे खेत जाना ह

सुमन-: है जल्दी आ जाना

विभु-: हम्म जान

फिर विभु वह से निकला और घर से बहार आ गया घर निकल कर वो खेत की तरफ जाने लगा की रस्ते में उसे मंजू काकी दिखी

वो देखने लगा अनजान बन कर पर जब मंजू भाभी की नजर विभु पर पड़ी तो उसे विभु का मोटा तगड़ा लुंड आँखों में आ गया और वो एक डैम से वह से निकल गयी

विभु भी वह से सीधा अपने खेत गया

इधर ठाकुर और विष्णु काका

ठाकुर-: क्या हुआ विष्णु उस रमेश को कॉल लगा

विष्णु काका--: नहीं ठाकुर सब पता नहीं उसे कॉल क्यों नहीं लग रहा जब से लेसे ले के गया ह तैसे उसका मोबाइल बंद हे

ठाकुर- कहा मर गया बस

विष्णु--; मेने तो आपको बोलै था ये बस कुछ काम का नहीं हे मगर आपने उस पर भरोसा किया हे मुझे तो लगता इतने पैसे लेके भाग गया होगा

ठाकुर-- है मुझे भी यही लग रहा ह मगर आज तक तो उसने हमारा सारा काम किया ह इस बार कैसे बैग गया ..

विष्णु-: आपने पैसे पहले दे दिए अगर पैसे काम होने के बाद देते तो वो लवड़ा कभी नहीं भागता


ठाकुर-: बस हो क्या रहा ह हमारे साथ ये पहले मेरे बेटे को किसी ने मारा फॉर वो लिफाफा घूम गया फिर ये पैसे लेके भाग गया

vishnu-:ab हमे हो भी करना ह सोच समज क्र करना हे

ठाकुर-: है चलो अब में चलता हु

दोनों वह से निकल लिए और इधर मंजू भी जल्दी से देविका के पास आयी

मंजू--: दीदी चलो मेने उस विभु को खेत की तरफ जाते हुवे देखा हे जरूर वो उस खण्डार में जायेगा ..

देविका-; है चल में भी आ रही हु ..


दोनों वह से निकल गए और खेत की तरफ जाने लगे

इधर विभु खेत पर आ कर दोनों काका से मिला और खेत का काम देखने लगा उसके साथ सेरा भी था

विभु-: सेरा तुम उस खेत में पानी देदो इतने काका यहाँ का सारा काम देख लेंगे

सेरा-: है विभु

.और डेरा वह से दूसरे खेत में गया और पानी देने लगा विभु भी वह से आ कर बेथ गया तभी उसे देविका और मंजू जंगल की तरफ जाते हुवे दिखी देविका ने विभु को देखा और मोबाइल निकला और कुछ लिखने लगी

देविका-: में इसे ले जा रही हु आप कुछ देर में आ कर हमें रेंज हाथ पकड़ लेना और वीडियो बना लेना फिर ये कुछ न कर पायेगी और में भी दर जाउंगी

विभु-; आज hi उसे छोड़ लूंगा

देविका-: नहीं आज केवल वीडियो बना कर हमें डरा कर चले जाना फिर में आगे का प्लान करती हु

.विभु-: ोकक

विभु भी उनके पीछे निकल गया कुछ देर में डिवीका और मंजू भी खण्डार में चली गयी और विभु भी छुप गया

देविका-: मुझे नहीं लगता वो आएगा चल अब

मंजू-; रुको न दी वो जरूर आएगा मुझे पता ह थोड़ी देर इंतजार करते ह न

देविका-; ठीक ह तुजे बड़ी आग लगी ह अब्र बार उसका लुंड देखने की

मंजू-: दी अब आप दिखने यहाँ लायी थी तो थोड़ी देर और वेट क्र लेते हे वैसे भी वो देखने लायक ह

कुछ देर इंतजार करने के बाद जब विभु वह नहीं पहचा तो

देविका-: अब चल यहाँ से नहीं आने वाला वो

मंजू-; दी वो करो न दिन जो किया था

देविका-: क्या करू

manju-:yaha उंगली और मेरा पानी निकालो न

देविका-: है चल खेत वाले घर वह करेंगे यहाँ कोई आ जायेगा

मंजू-: अब यहाँ जंगल में कोण आएगा आप क्रोना

और मंजू ने देविका का हाथ पकड़ लिया और अंदर ले गयी

देविका-: देख मंजू किसी ने देख लिया तो हम दोनों को दिक्कत हो जाएगी

मंजू-: कुछ नहीं होगा दी

मंजू ने देविका को अपनी और खिंच के उसके होठो पर अपने होठ रख क्र किश करने लगी

देविका तो यही चाहती थी की पहल और गलती मंजू करे ताकि आगे उसे फसाया जा सके देविका भी फुल गरम हो कर मंजू को किश करने लगे


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देविका-: अहाहा मंजू तू इतने दिन मुझे क्यों नहीं मिली में प्यासी तू प्यासी दोनों की प्यास हम भुजा देते हे

मंजू-; है दी आज से हम एक दूसरे की प्यास भुजा देंगे

इधर विभु इन दोनों की किश देख कर गरम हो गया उसका लवड़ा फुल हार्ड हो गया उसने मोबाइल निकला और उनका वीडियो बनाए लगा

देविका ने मंजू की साड़ी निचे करके उसके ब्लाउज के बटन खोल दिए यही मंजू ने भी देविका को ऊपर से नंगा कर दिया

दोनों लुंड की प्यासी ोर्टे एक दूसरे के चुचो को दबाने लगे और चूसने लगी

देविका-; व मंजू तू तो लम्बी हे फिर भी तेरे चुके एक डैम बड़े और कड़क हे क्या बात ह

मंजू-: दी ये चुके ज्यादा मसले नहीं गए हे बस मेरे बच्चो में इन्हे चूसा हे

देविका-: मतलब करू ने कुछ नहीं किया

.मंजू-: ाःहाहाब दी और जोर से चुसो माआ हआ दी उन्होंने बहुत सब दबाये हे उनका मैं काम हे छूट में लुंड डाला और हिला कर इस जाते थे

देविका ने मंजू का दूध मुँह में भर के जोर से चूसने लगी


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मंजू-: अहाहा डीईई जोर से चुसाईओओओओ नाआआअबखआआआआ जूऊऊनमेराआबकुरररररर

विभु-: अब और नहीं तो में इनको. आज hi छोड़ दूंगा अब खेल सुरु करता हु

दोनों एक दूसरे के चुचो को चूसने में लगी थी और इधर विभु ने वीडियो बनाते हुवे धीरे से उनके पास आ गया और दोनों का अच्छे से वीडियो बनाने लगा और देविका ने जब विभु को देखा तो एक डैम से दर गयी और मंजू को धक्का दिया

देविका-: तुम यहाआआ

मंजू ने जब देखा तो वो भी शॉकेड रह गयी विभु उनका इस कार्यक्रम का वीडियो बना रहा था दोनों जल्दी से कड़ी हुई और अपने ब्लाउज के बटन लगाने लगी

देविका-; क्या हरकत हे ये जाओ यहाँ से

.विभु-; वो वो दोनों रंडिया यहाँ रास लीला रचा रही हे

देविका-: बोलै न जाओ यहाँ से वार्ना मेरे पति को बोल दूंगी

विभु-: आप क्या बोलो रंडी काकी में खुद ये वीडियो गांव में फैलता हु फिर देखो कैसे आपका पति का पूरा गांव आपको कैसे देखता ह

मंजू-: तुम आशा कुछ नहीं करोगे

विभु-: चुप रंडी साली कुटिया

देविका-: मुँह संभल के बात करो तुम

VIbhu-:me तो चला शाम तक पुरे गांव के मोबाइल में 2 रंडियो को ये कारनामा होगा

विभु वह से निकल गया जल्दी से

देविका-: मंजू अब क्या होगा हमारा हम पुरे गांव में बदनाम हो जायेंगे

मंजू-: क्या करे दी वो तो चला गया ..

देविका-: मुझे नहीं पता अगर वो यहाँ से चला गया तो हम गए काम से उसे रोक तू जा

मंजू-: दी में कैसे

देविका-; आग भी तेरी छूट में जयदा लगी थी जा अब कुछ नहीं करके रोकते हे उसे

दोनों बहार आये और देखा विभु जा रहा था

देविका-: वो जा रहा ह आवाज लगा उसे

मंजू-- : विभु रुको तुम प्ल्ज़्ज़्ज़्ज़

विभु ने जब सुना तो वो पलट गया और रुक गया वो दोनों दौड के उसके पास आ गए जब वो दौड रही थी तो उनके बोबे हिल रहे थे

विभु -:(इन दोनों को नंगा करके छोड़ने में मज़ा आएगा) अब क्या हुआ

manju--:plz भगवन के लिए वो वीडियो देलेट क्र दो

विभु-: पागल समझा हे क्या

देविका-: देखो विभु तुम जानते हो हमारे आलरेडी दुश्मनी हे और ये वीडियो बना कर तुम इसे और बड़ा रहे हो

विभु-: है और इसे वायरल करके और मज़ा आएगा जो प्यासी रंडिया अपने पति से न खुस अपनी प्यास भुजा रही ह गांव वाले देख्नेगे शाम को

देविका-: ये वीडियो देलेट करने के कितने पैसे लेने ह बोलो

विभु-: पैसे तो मेरे पास तुम दोनों से ज्यादा ह मुझे तो कुछ और लेना ह

देविका--: बोलो

विभु-: यही की आज से तुम दोनों मेरी रंडी बन जाओ तुम दोनों की प्यास भी भुजा दूंगा और वीडियो भी किसी को नहीं दूंगा

देविका-: क्या बोलै तूने कुत्ते कमीने

विभु-; मुझे कुत्ता बोलै अब देख तू

विभि वह से जाने लगा

मंजू-: दी आपने क्या किया वो वीडियो हे उसके पास हमारा

देविका-: देखा नहीं क्या बोलै ह उसने

मंजू-: दी अब क्या करे

देविका-: मुझे नहीं पता जाने दे उसे

मंजू दौड के विभु के पास गयी

मंजू-: विभु रुको तो सही

विभु-: अब क्या ह

मंजू-: वो ये वीडियो तुम किसी को मत बताना में आपको शाम को कॉल करके बताती हु हमने क्या सोचा

विभु-: जा जल्दी कॉल करना और है उस रंडी को समझा जेक

मंजू-: no. दो आपके

विभु ने no. दिए और चला गया मंजू ने देविका को लेके अपने खेत वाले घर आ गयी

देविका-: क्या बोलै तूने उसे

मंजू-: मेने उसके no. लिए हे रत को जवाब देने का बोलै ह

देविका-; तुजे पता हे उसे क्या चाहिए

मंजू-: है हम दोनों की छूट .


devika-: or tu de degi kya

manju-: to kya kare di aap hi batao ham fas chuke he

devika-: ha ye to h ham bure fas gaye he sab teri vajah se hua mene bola khet chalte he tu nhi mani

manju-: hua jo hua ab kya karna h bolo didi use jawab dena h nhi to wo video or fir aapko pata h kya hoga

devika-: ha janti hu ab tu bata kya karna chahiye hame

manju-: mere hisab se to vahi jo vah chahta he vese bhi ham bhi to yhi chahte the na

devika-: kisi ko pata chal gaya to

manju-: or video viral ho gaya to

devika-: chal thik h me teyar hu magar pahle tuje karna pdega or ha bat bhi tu kregi

manju-: okk me kar lungi pahle par kya wo krne ke bad video viral to nhi kr dega

devika-: nhi use chut chahiye ye us din hamne suna tha or use 2 chut mil rahi h to wo asha nhi krega

manju-: to me call krke use bol du

devika--: ha kar call

idhar vibhu vaha se nikal kr khet pr aa kar beth gaya use pata tha devika kuch na kuch idea laga degi tabhi uska mobile baja naye no. Se call aaya tha usne received kiya

vibhu--: hello kon

manju-: me manju kaki bol rahi hu

. vibhu-: ha kaki bolo kya hua aap to rat ko jawab dene wali thi na

manju-: wo hm teyar he. Bolo kab aana h

vibhu-: thik h me ab video viral nhi krunga me aapko call krke batata hu kab or kaha aana h

manju-: thik h tum ye bat kisi ko batana mt

VIbhu-: ok meri rand

fir manju ne call cut kiya or vibhu khus ho gaya usne devika ko dhanyawad kaha magar use pata nhi devika kya game uske sath khel rahi h or kab vibhu ka nuksan kr degi

idbar dono devika or manju ghar aa gaye

devika khus thi ki chalo mera aik rasta kr clear ho gaya is manju ke jariye or manju khus thi ki use bada lund se chudne ka moka milega sab apne apne khayal me khus tha

idhar Vibhu ne time dekha to din ki 3 baj chuki thi usne mobile me aik massge pada tha wo dheeraj bhabhi ka tha

d bhabhi--: janab ko fursat mil gayi ho to yad kar liya karo।

vibhu ne ye dekha or sidha massge kiya

vibhu-: janab to fursat me hi rahte he unki friend hi busy rahti he

vibhu ne kuch der wait kiya magar massge nhi aaya to Vibhu sera ko bol kar ghar aa gaya

Idhar devika or manju ghar chale gaye devika khus thi ki uska aik or Mohra aaj uske kam aa gaya vahi manju uske kam ki lag rahi thi use aage ja kar use wo istemaal kar skti thi tabhi use call aaya

devika-: ha bolo

orat-: kya hua fir aaj

devika-: aaj to kamal ho gaya hath me manju aa gyi he mere

orat-: bahut badiya kese kiya ye tune

devika-:........ Devika ne sab bata diya aaj ka

orat-: wa meri jan kya bat h ab to apni manjil bahut pas he

devika-: ha uske liye me kuch bhi kr skti hu

orat-: ha abhi to bhut kurbani deni pad sakti h

devika-: didi hamara kam ho jayega na

orat-: jarur hoga use uski saja jarur milegi dekhna

devika-: maya tuje barbad tera beta krega dekhna

orat-: koi sun na le pagal teri aawaj

devika-: chalo me aapko bad me call karti hu

orat-; kb aa rahi h milne muje tu

DEvika-: bahut jld

fir dono ne kuch der bad ki or call cut kar diya

idhar aate he thakur ki haveli or aik aik room me dekhte he kya chal raha h sabse pahle thakurain ke kamre me

thakurain apne kamre me bethi thi or kuch soch rahi thi

thakurain-: kajri ke aate hi muje vibhu ka kam lagana he kese bhi karke uska lund muje lena h fir aage kya karna h wo muje bateyge

usko call karti hu

thakurain-: kesi ho tum

orat-: thik hu tu bata kya hal he tera

thakurain-: vibhu ke lund ke bare me soch rahi hu tune jab se bataya or kajri ki chut ki halat dekhi h tanse wo lund dimag me ghum raha h

orat-: pagal lund ke chakkar me apna asli maksad mat bhul jana

thakurain-: wo to muje yad he wo sirf aapka nhi mera bhi kam h or wo karne ke liye me vibhu kya aap bolo uske niche so jau

orat-: kisi or ka to muje pata nhi magar uske niche tuje jarur Sona he jese me soi thi apne maksad ke liye

thakurain-: vese AIK bat bata vibhu ke niche sone se kya wo hamari bat manega

orat-: nhi

thakurain-: fir ye sab kyu direct bol use uthawa leti hu fir sab kam ho jayega

orat-: ye kam me kabka kar leti magar muje isse bhi jyada kuch karna he

thauraain-: muje to bata tu kya karne wali he

orat-: time aane de meri rani dekh to sahi kese is khel me maza aata he

thakurain-: ha ye bat kisi ko pata na lage me thakur se chhup ke ye sab kar rahi hu jab unko pata chala to bavandar ho jayega

orat-: uski chinta tum Mt Karo wo sab me dekh lungi

thakurain-: wo sab chor muje aik bat samjh nhi aayi ki mere bete pr hamla kisne kiya

orat-: wo me pata laga rahi hu kon he wo hamarjada

thakurain-: ha ye pata kar tu uski sari khal nikalna he muje

orat-:( muje pata h magar me bata nhi skti time aane pr tuje bata dungi thakurain) okk ab me rkhti hu

fir thakurain ne call cut kiya Or sone lagi

vahi dusre kamre me veshali apne pati Vikram ke pas bethi thi or wo kl dr. Ke pas gaye the dono khus the dr. Ne bola ki Vikram ka lund jldi hi khada hone lag jayega

veshali-: kuch khana ho to batao me aapke liye bana deti hu

vikaram--: nhi jan filhal to pani leke aa jao

veshali chali gayi or Vikram sochne laga ki ye muje 2 din pahle jab lund khada nhi ho rha to gali de rahi thi ab thik hone ka bol diya to bade payr se bat kar rahi h sali sab smjhata hu me tuje lund ki pyasi he tu aik bar thik hone de muje fir Teri sari pyas bhuja ta hu gand nhi marne di na abhi tak use bhi fadta hu me teri dekh to sahi patni kam meri rand gav ki chuto ki bhi yad aa rahi h mere bap ne muje ghar me bethne ka bola h bc kon tha tu jo meri ye halar ki he tune

vahi pas ke kamre me simaran akeli bethi thi wo kuch soch rahi thi dekhte he kya chal raha h uske setani dimag me

simaran-: kya karu sasur ji ko kese patau yrrr kese unko apni jal me lu meri penty unki jes se nikli ye such he fir bhi me kyu dar rahi hu apne jalwe batane se sayad kuch ho jaye

pas Wale kamre me rani thi jo kisi se fone pr bat kr rahi thi vahi Rima bhi apne mangetar se lagi hui thi

idhar Thakur ne apne aadmiyo ko Ramesh ko dhundhne me laga diya tha wo pese leke kaha gayab ho gaya tha

Idhar apna hero vaha se sidha ghar aaya or thodi der so gaya uski nind 5 baje khuli wo vaha se sidha chhat pr gaya jaha pahle se suman or pooja bate kar rahi thi

pooja--; aao vibhu

suman-: uth gaye aap

Vibhu-: hmm tum dono kya gappe Lada rahi ho

pooja-: hm friend he ham kuch bhi kare usse tuje kya .

Vibhu-; pata h muje

pooja ne suman ko kuch ishara kiya jise dekh kar suman

suman-; thik h tum dono bate karo me kuch der me aati hu

pooja-: ha jldi aana

suman gayi or pooja ne vibhu ka hath pakad liya

pooja-; kese ho jan aap

vibhu--: thik hu tu kl aayi nhi

pooja-: wo ghar pr koi nhi h jis karan kam karna padta h late ho gayi itne aap chale gaye

VIbhu-:tere papa kaha gaye or bhaiya bhabhi


पूजा+: पापा काम करने सहर गए हे और भैया भाभी उनके मायके

विभु-: भाभी इतने दिन से मायके में क्या कर रही और भइया भी उनके साथ हे

पुजा-: जान वो भाभी 2 बार प्रेग्नेंट हुई थी और दोनों बार hi मिस हो गया बच्चा तो उनका वह के सहर में इलाज चल रहा ह

विभु-: अच्छा ये बात हे

पूजा-; है जान

विभु ने पूजा को पकड़ कर अपनी बहो में भर लिया

पूजा-: अहाः क्या करते हो कोई देख लेगा न

विभु-: हम्म तो मेरी जान से प्यार कर रहा हु में

पूजा-: पता ह मगर चलो वह रूम में

विभु-: नहीं जान आज टाइम नहीं ह फिर कभी अभी में चलता हु

पूजा+: ी लव ु

विभु-: लव ु 2

दोनों ने एक दूसरे को हल्का सा किश किया और अलग हो गए फॉर पूजा निचे चली गयी और विभु निचे मगर 2 आँखे उन्हें ये सब करते देख रही थी वो भी निचे चली गयी

फिर विभु को यद् आया की उसे आज धापू से मिलने उसके घर के पीछे जाना हे वो घर से निकल गया टाइम देखा तो 6 बज चुकी थी

वो वह से निकला और कुछ देर में वह चला गया जहा धापू ने उसे भुलाया था

विभु-: टाइम तो हो गया और ये अभी तक आयी नहीं थोड़ी देर और वेट क्र लेता हु

कुछ देर वेट करने के बाद जब धापू नहीं आयी तो विभु वह से निकल गया और घर जाने कहा तभी उसे किसी के आने की आहात हुई उसने देखा तो सामने से पालक भाभी चली आ रही थी जब दोनों एक दूसरे के पास आये तो दोनों ने एक दूसरे को देखा जब पालक भाभी की नजर विभु पर गयी तो वो रुक गयी वो उससे बात करना चाहती थी मगर यहाँ कोई ब्बि आ सकता ह जिससे वो बदनाम हो सकती हे वो कुछ बोली नहीं और आगे निकल गयी विभु भी निकल गया दोनों एक दूसरे को मुद मुद के देखने लगे जब तक की दोनों एक दूसरे से दूर नहीं हो गए

वह से विभु निकला और घर आ गया घर आ कर उसने खाना खाया और निकल गया मनीषा भाभी के घर की तरफ मिससँ प्रिय दी की छूट के लिए वह जेक देखते आज प्रिय की छूट मिलती हे या आज भी खड़ा लुंड मनीषा भाभी की छूट में hi डालेगा या कुछ और नया मिलेगा ..
 
अपडेट -: 97

विभु यहाँ से सीधा मनीषा भाभी के घर आया

घर आ कर उसने देखा हल में कोई नहीं हे वो गेट लगा कर रसोई में गया जहा मनीषा भाभी काम कर रही रही

मेने उनको पीछे से जा कर पकड़ लिया

म भाभी--: आ गए आप

vibhu--:hmm जान किसी हे तू

म भाभी--: मस्त हु खाना खाओ मेरे साथ

विभु-: वैसे तो में खा कर आया हु मगर आप इतने प्यार से खिलाओगी तो जरूर खाऊंगा

म भाभी-: आओ फिर

में-: प्रिय दी कहा ह

म bhabhi-:room में ह चले जाना और आज hi औरत बना देना उसे रोज रोज का किस किस बंद करो

विभु-: मतलब आज काम करके hi जाना ह

म भाभी--: आज मेरे पास hi सो जाना

विभु-: में तो प्रिय

म भाभी--: है उसके पास रहना उसको खुस करके मेरे पास आ जाना मेरे पति देव

विभु-: ok तो आज की रत मेरी मनीषा के नाम

दोनों ने हंस क्र खाना खाया और मनीषा भाभी थाली रख क्र आ गयी विभु उन्हें देखने लगा


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विभु---; मर जॉन इस हुस्न पर

म भाभी-: आपका hi हे जान

विभु--: में आता हु प्रिय दी के रूम से आप दयँ रखना कोई आये नहीं

म भाभी--: में यही बैठी हु हल में दयँ रखूंगी आप जाओ और बेस्ट ऑफ़ लक

विभु-: हम्म मेरा मुँह तो मीठा करवा दो सुबह काम से पहले

मनीषा भाभी ने विभु को किश किया और फिर विभु प्रिय के रूम में चला गया

वह जा कर उसने देखा की गेट खुला हे वो अंदर गया और जाकर देखा तो उसका लुंड फिर से खड़ा हो गया

vibhu-;(bc इस गांड की तो आज इसको देखना पड़ेगा क्या लगा रखा ह इसमें जो मेरे लुंड को बैठने नहीं देता )

मन की आवाज-: भाई में तो बोलता हु इसकी गांड hi मार्के ये रोज रोज का टेंशन hi ख़तम

विभु--; पागल ह क्या पहले आज इसकी छूट की बेंड बजने दो

मन की आवाज--: ठीक ह जैसी आपकी मर्जी


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सामने प्रिय दी सोई थी उसकी गांड जस्ट मेरे सामने थी मेने देखा और जा कर प्रिय दी की गांड पर एक चपत लगायी

प्रिय-: ाहः कोण ह

एक डैम से प्रिय दी उठ गयी

प्रिय--: आहे क्या करते हो ाशे कोई मरता ह क्या अपनी दीदी को

विभु-: में दीदी को नहीं बीवी को मर रहा हु

प्रिय-: वो कब बन गयी

विभु--; अभी बन जाओगी

प्रिय-: कैसे

विभु ने प्रिय दी को खड़ा किया और उसे देखने लगा


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विभु--: तेरे हुस्न के आगे फीका फीका ये आसमान हे दी

प्रिय-: ओह्ह्ह तो आप सायर बन गए

विभु--: दी क्या ये जिस्म मेरा हो सकता ह

priya-:magar भाई

vibhu-:ha या न

प्रिय--: आँखे बंद करके हाआआ

वविभि ने इतना सुना और प्रिय दी को पकड़ के चिपका लिया

विभु--: दीदी आपके ये मुलायम होठ जी चाहता हे जी भर के चुसू

प्रिय--: हम्म

विभु ने अपने होठ प्रिय के होठो पर रख दिए और चूसने लगा प्रिय दी एक डैम मदहोश हो गयी उसने आज से पहले किश केवल नव्या के साथ की थी उसके बाद आज आपने प्यार के साथ कर रही हे

वो जी भर के आज इस आनद को लेना चाहती थी वो भी विभु को किश करने लगी दोनों भाई बहन किश में खोते चले गए


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दोनों hi किश करते रहे की विभु के

मन की आवाज--: भाई इसकी गांड को देख तो पास से बहुत परेशान किया ह इसने

विभु ने किश करके प्रिय दी को दीवाल के सहारे खड़ा करके उसकी नरम गांड को देखने लगा

प्रिय--; क्या करता ह भाई .

विभु-: तेरी गांड को देख रहा हु पास से बहुत परेशान किया ह. इसने

प्रिय-: नहीं किया

इतने विभु ने प्रिय दी की सलवार का नाडा खोल दिया प्रिय ने भी आज उसे नहीं रोका था नाडा खुलते hi विभु के सामने प्रिय दी की मस्त पेंटी के अंदर कैद गांड दिख गयी उसके लुंड से पानी की एक बून्द गिरी

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विभु-: माँ कसम अशी गांड किसी की नहीं देखि आज तक तभी तो बोलो मेरा लुंड खड़ा hi क्यों रहता हे

मन की आवाज--:( भाई इसका राज दूसरा हे इसका पता लगाना पड़ेगा )

प्रिय--: क्या बात करता हे भाई क्यों मेरी इसके पीछे पड़ा हे

विभु-; सुच दी लाजवाब गांड हे तेरी इसकी तारीफ में सब्द काम पद जाये

प रिया--: ाःहाहाब चोर न मुझे भाई

विभु ने प्रिय दी की पेंटी को निकल दिया और प्रिय दी की गांड को दखने लगा नंगा फिर उसने उसकी गांड के छेद को हाथ लगा कर देखा

प्रिय-: ाहाहाःहाहा भईईई हाहाहाहाहा ाहः nhiiiiiiiiiiiii हीई naaaaaaaaaaa..

विभु--: देखे अहा हु सिर्फ देखने दे

प्रिय-: अहहहहहहह नाआआआ maaaaaaaaaa अजीब्ब्ब्ब लगगगग रहहहह ही इ इ


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प्रिय-: मेरे गांड के पीछे क्यों पड़ा रहता हे तू हमेसा

विभु--; क्योकि ये वो गांड हे जो हमेसा मेरा लुंड खड़ा कर देती हे और जब तक इसका पानी नहीं निकल जाता मुझे सन्ति नहीं मिलती ह

प्रिय--: मतलब .

विभु-: मतलब यही की इसने मुझे बहुत परेशान किया ह इसका बदला इससे लूंगा में

फिर विभु ने प्रिय को सीधा किया और प्रिय के नंगे पेट से लेकर नाभि तक किश करने लगा

प्रिय-: इस पहले अनुभव वसे मज़े में सिसकिया लेती रही

ये सब मनीषा भाभी बहार देख रही थी


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प्रिय-: ाहः भइईईई क्याआआ करताआआ हीईई रुकक्क नाआआअबथोड़ाआआआ ाहाहाःहाहावभईई

विभु--: दीदी तू कितनी हसीं हे मेने आज देखा तेरी इस जवानी को क्या मुझे दिखाएगी तेरी ये जवानी

प्रियाआआ-: देख तो रहा ह ह भाई अब क्या देखना रह गया ..

विभु-: तेरे तजा आम

प्रिय-: गंदे

विभि गन्दा क्या अब ताज़ा आम का रास hi अच्छा लगता हे

फिर विभु ने धीरे से प्रिय की ब्रा और कुर्ती निकल दी अब विभु के सामने उसकी जिस्म की मलीकजए ा हुस्न बिलकुल नंगी थी

विभु प्रिय के पीछे गया और उसके होठो को किश करने लगा किश करते हुवे उसके हाथ कब प्रिय के ामो को सहलाने लगे

इस दोहरे हमले से प्रिय खुद को रोक न पायी और उसकी छूट से पानी रिसने लगा

विभु भी अपनी जवान होती मस्त जिस्म की बहन के ामो को दबा रहा था


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प्रिय-: धीरे दबा न भाई दर्द होता ह

विभु--: एक बात बताना दी सुच बाँटोगी

प्रिय -: है भाई पूछ न

विभु-: दी आज के पहले इन ामो को किसी ने छुआ हे

priya-:(kuch सोच के) लड़का तू पहला हे

विभु-: मतलब

प्रिय-: लड़का तू पहला हे जो इस जिस्म को देख रहा ह बाकि लड़कियों ने पहले मेरे साथ मस्ती की हे

विभु-: व दी तू तो बड़ी वाली निकली

प्रिय-: मुझे सरम आती ह बाटे मत क्र और काम कर

विभु ने प्रिय दी को बिस्तर पर सुला दिया और उसकी टैंगो के बिच आ गया और दोनों टैंगो को फैला कर उसकी प्यारी छूट को देखने लगा


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विभु ने पहले प्रिय की छूट को देखा एक डैम चिकनी छूट थी प्रिय दी की फिर सूसने प्रिय की छूट को हल्का सा खोल कर अंदर देखा अंदर गुलाबी हिस्सा था एक डैम बांध था

प्रिय आँखे बंद करके लेती अपनी प्यारी चीज़ अपने प्यारे इंसान के सामने खोल क्र बैठी थी

विभु ने अपना मुँह आगे बड़ा कर प्रिय की छूट पर जीभ गुमने लगा

प्रिय कसमसाने लगी उसके तन बदन में आग लग गयी

धीरे धीरे विभु ने उसकी टैंगो को उठा कर प्रिय की छूट पर मुँह लगा कर जोर जोर से चूसने लगा

priya-:haha भाई ाशे हीई चुस्स्सस्स बहुतत्त परेशान किया ही इस नीई ाहाहाः चुस्स्स जोररररररर सीई चुस्स्स


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विभु जोर जोर से चूसने लगा थोड़ी देर में प्रिय की आवाज पल्बेदने लगी तो विभु समझ गया की अब प्रिय दी का पानी निकलने वाला हे तो वो रुक गया

प्रिय उसके सामने देखने लगी जैसे पूछ रही हो क्या हुआ क्यों रुक गए भाई

विभु ने प्रिय की आँखों में देखते हुवे अपने कपडे निकलने लगा

धीरे धीरे कर विभु ने अपने सरे कपडे निकल लिए अब बच्ची सिर्फ अंडरवारे जोबवो निकलने लगा प्रिय दी की. आँखे उसी जगह जमी हुई थी जैसे hi विभु ने चड्डी खोली सामने का नजारा देखने लायक था विभु का कोबरे जैसा लुंड झूलता हुआ सामने आ गया जिससे प्रिय देख कर दर गयी


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प्रिय ने अपनी आँखे बंद क्र ली

. विभु--: क्या हुआ मेरी दी को अपने भाई का सामान अच्छा नहीं लगा क्या

प्रिय कुछ न बोली

विभु-: बोलो दी

प्रिय-: बड़ा हे बहुत

विभु--: बड़ा hi तो अच्छा रहता ह

प्रिय-: दर लग रहा हे

विभु--: में हु न दी

प्रिय-: हम्म्म

vibbu-:aap तैयार हो न ये सब करने के लिए अभी भी मौका हे में आपकी मर्जी के खिलाफ कुछ न करूँगा

प्रिय कुछ देर विभु को देखती रही और उसे खींच कर अपने ऊपर क्र लिया जिसे कारन. विभु का विकराल लुंड प्रिय की छूट पर लगा

प्रिय--: ाहः भाई तू मेरा प्यार हे मेरी जान हे तेरे साथ hi सब करना ह जो करना ह कर मन नहीं करूंगी में तुजे

विभु-: ोकक दी आप थोड़ी हिम्मत रखना थोड़ा दर्द होगा

प्रिय-: हम्म पता ह थोड़ा दर्द होता ह मगर तेरा ये देख कर लगता ह आज बचूंगी नहीं में

विभु-: ाशे कैसे मरने दूंगा अपनी दी को आगे भी तो करना हे

प्रिय-: कमीने

विभु-: ठीक ह दी आप तैयार हो न

प्रिय-: हआ आराम से करना भेजी

विभु ने फिर ज्यादा बाटे न करते हुवे लुंड को छूट पर लगाया और प्रिय दी के चेहरे को देखने लगा तब उसकी नजर दरवाजे पर गयी जहा उसकी भाभी मनीषा कड़ी थी

विभु ने उसे हंस क्र देखा और मनीषा भाभी ने भी उसे इशारा किया की अब करो जल्दी

विभु ने अपने होठ प्रिय दी के होठो पर रख क्र किश करने लगा किश करते हुए विभु ने एक जोरदार धक्का मारा जिससे न चाहते हुवे भी उसका विशाल लुंड प्रिय की चिकनी और छोटी छूट के होठो को चीरते हुवे अंदर चला गया


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प्रिय दी की जान hi निकल गयी एक पल तो उनको लगा की जैसे कोई रोड अंदर दाल दी हो उन्होंने अपने होठ अलग किये और जोर से चिल्लाने लगी

प्रिय-: आहहहहहा vibhuuuuuuuuuuuu nikalllllllllllllll बाआअहाहाररररररररर maaarrrrrrrrrr daallllllllllaaaaaaaaaa रईईईईई

इतने बोलकर प्रिय दी बेहोश हो गयी और विभु उसे देख कर मनीषा भाभी की तरफ देखा मनीषा भाभी दौड कर रसोई में गयी और पानी लेके आयी

म भाभी-: आप इसके मुँह पर पानी दाल के उठाओ और बहार मत निकलना आपको पता ह मेरे साथ भी आशा hi हुआ था थोड़ी देर में ठीक हो जाएगी ये

विभु-: हम्म जान

मनीषा भाबी बहार चली गयी और विभु ने पानी प्रिय दी के मुँह पर डाला जिससे उसे होश आया

प्रिय-: ाहाहावभौ बहार निकालो ना बहुत दर्द हो रहा हह मर गयी थी क्या में

विभु-: दी अब पहली बार दर्द होता ह अब सब ठीक हो जायेगा

.इतना बोलकर विभु प्रिय के दूध को पकड़ कर बढ़ाने लगा और किश करने लगा कुछ देर अच्छी किश करने के बाद देखा की अब प्रिय दी ठीक हे तो उसने एक और धक्का मारा जिससे विभु का पूरा लुंड अंदर चला गया

इस बार फिर प्रिय की आँखों से आंसू आ गए जिसे विभु छटने लगा

.प्रिय-: आह्हः भाई अब कितना बच्चा ह

.विभु-: हो गयाए डीई अब नहीं बच्चा

दोनों फिर से एक दूसरे को किश करने लगा


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किश करते हुवे विभु ने अपनी गांड को हिलने लगा धीरे धीरे हिलाते हुवे दोनों एक दूसरे को किश करने लगा

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बहार मनीषा भाभी कड़ी थी जो अंदर की रस लिईले को देख रही थी तभी उसे भार सोफे पर पड़ा विभु का मोबाइल बजते देखा वो निचे गयी और देखा तो कॉल सोनाली भाभी का था मनीषा भाभी ने उठा लिया

मनीषा भाभी-: है सोनाली बोलो

स भाभी-: मनीषा भाभी आप सॉरी वो मेने विभु को कॉल किया था आप पर लग गया सायद

म भाभी-: नहीं सोनाली ये विभु का hi मोबाइल हे यही ह वो

स भाभी--: अच्छा में समझी गलत लग गया

म भाभी-: बोलो क्या काम हे

स भाभी-: वो ये सुमन पूछने आयी की भाई इतना लेट हो गया आया नहीं

म भाभी--; वो क्या ह न विभु आज थी सोयेगा

स भाबी-: अच्छा ोकक बोल दूंगी में उसे

म भाभी--: ठीक ह

स भाभी-: ok

सोनाली भाभी ने कॉल रखा और सुमन को बोल दिया की विभु आज मनीषा भाभी के घर सोयेगा

सुमन चली गयी मगर सोनाली बभी सोच में पद गयी ..

सोनाली-: दिलीप भैया सहर हे चची के पूनम मायके गए हे प्रिय और मनीषा हे घर मतलब आज दोनों का प्लान हे चुदाई करने का तभी वो वही रुका हे मतलब विभु सुच बोल रहा था उस दिन की उसने मनीषा भाभी को छोड़ रखा हे मुझे भी कुछ जल्दी hi करना पड़ेगा

इधर अंदर विभु जोर जोर से अब प्रिय दी की चुदाई करने लगा

प्रिय भी उसका साथ दे रही थी

विभु-: हहहहह डीई आप बड़ीई मस्त्त्त होओओओओओओ मज़ाहा अअअअअ रहहहहहबहहहहहह आपकीयी sathhhhhhhhhhh अब्ब्ब दर्डदबतोऊ नहींईभूओ रहः हहहहह आआआआआ

प्रिय-: नहीं बहीईई ाहाहाःहाहा अब्ब्ब ड़ड़ड़ड़ड़ड़ न्हीीबहूऊओ रहाहाः ह्ह्ह्हहब ाःहाहाबा माहामरररर गईइइइइइ जोररररर सीई करूऊओ नाआआआ हहहहहह दुधहहह. पुयुकोऊ माआआआ अहःअहः


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विभु अपनी प्रिय दी को जोर जोर से छोड़ने में लगा था प्रिय का पानी 2 बार निकल चूका था

अब उसे दर्द होने लगा था मगर विभु की लिए वो छुड़वा रही थी विभु भी भूल गया की वो प्रिय दी को फली बार छोड़ रहा ह वो ाशे छोड़ने लगा जैसे कोई मशीन होंउसकी स्पीड बहुत हो गयी

बहार कड़ी मनीषा भाभी ने प्रिय दी का चेहरा देख कर अंदाज़ लगा लिया की उसे बहुत दर्द हो रहा ह

विभु जोर जोर से धक्के लगाने लगा प्रिय दी फिर से गरम हो गयी दोनों तरफ से धक्के लगने लगे और आखिर में वो पल आ गया जब दोनों का पानी निकलने का समय आ गया


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विभु की स्पीड और बाद गयी और प्रिय ने भी विभु को जोर से पका लिया कुछ देर स्पीड से छोड़ने के बाद दोनों को जोर जोर से पानी निकलने लगा दोनों एक दूसरे की बहो में लेके हसने लगे

.कुछदेर में दोनों नार्मल हुवे विभु ने अपने लुंड प्रिय की छूट से निकला और पास में लेट गया प्रिय अभी भी टंगे छोड़ी करके ाशे hi लेती थी

विब्बू उठ गया और प्रिय की छूट को देखने लगा जो खून से लतपत थी और उसमे से वीर्य निकल रहा था जो सिकुड़ रही थी जिस्समने से अभी एक विकराल लुंड भर निकला था


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विभु ने बहार देखा जहा मनीषा भाभी हंस रही थी मनीषा भाभी ने उसे बहार आने का बोलै

विभु ने अपने कपडे देखे और पहने लगा इतने में प्रिय दी दर्द के कारन पलट गयी जिससे विभु को फिर से उसकी गांड दिख गयी और विभु का लुंड जो अभी झाड़ा था कुछ देर पहले जल्दी से खड़ा हो गया

ये देख मनीषा भाभी हंसनेव लगज और विभु वह से निकल क्र बहार आ गया

म भाभी--: आप निचे चली में आती हु

मनीषा भाभी बहार गरम अपनी लेके कड़ी थी वो अंदर आयी

म भाभी--: प्रिय उठो

प्रिय मनीषा भाभी की आवाज सुन कर एक डैम पलट गयी

म भाभी-: विभु गया और ये क्या हालत हो गयी हे आपकी

प्रिय-: भाभी बहुत दर्द हो रहा ह कुछ करो न

म भाभी-: हम्म रुको आप लेती रहो कुछ देर

प्रिय आँखे बंद करके लेती रही और मनीषा भाभी ने उसकी छूट को पानी से साफ किया और कड़े से सिखाई की

और प्रिय दी को बिना बनती के कपडे पहन कर सुला दिया

प्रिय-: भाभी बहुत दर्द हो रहा ह गोली होतो देदो न पैन किल्लिएर की

म भाभी-: में ले कर आती हु

मनीषा भाभी नीचे आयी और विभु को देख कर हंसने लगी और अपने रूम में चली गयी फिर वह से पैन किल्लर की गोली ले क्र प्रिय के रूम में आयी और उसे गोली दे कर आराम से सोने का बोल कर निचे आ गयी

इधर विभु अपना खड़ा लुंड लेके बैठा था

म भाभी--: क्या हुआ मेरी जान को मुँह लटका के क्यों बैठा हे अभी एक काली. को फूल बनाया हे और अब मुँह लटका के बैठा ह

विभु-: मनीषा जान मेरे एक बात समझ नहीं आयी. मेने अभी प्रिय दी को छोड़ा हे और फिर से उसकी गांड देख कर मेरा ये कोबरा खड़ा हो गया जो बैठने का नाम नहीं ले रहा ह

म भाभी--: है देखा मेने गांड देख कर केसा खड़ा हुआ था मगर ये हे क्या इसे क्यों होता ह और किसी की देखने पर हुआ आशा

विभु-: नहीं किसी और के साथ नहीं होगा सिर्फ इनके साथ hi होता ह अब आप hi इसे संत करो

म भाभी-: में क्यों जिसने खड़ा किया जाओ उसके पास

विभु-: ठीक ह दी के साथ एक बार और कर लेता हु

म भाभी--: रुको उनकी हालत ठीक नहीं ह में होना मेरे जान के लिए मगर पहले आप कुछ खा लो .

फिर मनीषा भाभी और मेने कुछ हल्का खाया और में भाभी को गॉड में उठा कर हल में लाया और सोफे पर बेथ कर किश करने लगा


म भाभी-: आप जल्दी करना अपनी नानन्द की चुदाई देवर से देख कर अब रहा नहीं जाता

विभु-: तो चुसो इस लुंड को जो आपकी नानन्द की गांड देख कर खड़ा हुआ हे

मनीषा भाभी ने विभु के कपडे फिर से निकल दिए और उसके लुंड को निकला कर चाट चाट कर चूसने लगी


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विभु-: ाहाहाः मेरी जननननन मेरीए प्यारी भाभी जान मज़ा आए रहा हह आहहहआ

भाभी भी विभु को देख देख कर मस्त लुंड चूस रही थी दोनों भाभी देवर मज़े ले रहे थे

विभु-: ाहः हो गया मेरा लुंड गिला अब बन जाओ मेरी घोड़ी मेरी मनीषा

मनीषा भाभी हँसते हुवे सोफे पर hi घोड़ी बन गयी

विभु ने कुछ देर उनकी छूट को छठा और फिर लुंड को छूट पर लगाया

विभु-: मनीषा दाल दू

म भाभी-: है ा. जल्दी दाल दिए

विभु ने एक जोर दर धक्का मारा पूरा लुंड अंदर एक बार में hi

म भाभी-: ाहाःहाह धीरे डाला करूओ नाआ मरने का इरादा हीइ क्याआ अपनी पत्नीी कोऊ

विभु-: हा मरने का इरादा हे मगर कबुततततत और गण्ड आपकीइइइइइ

म भाभी-: ाहहए मारूओ अब किसने रिकाआआ ीीीी अंदर दलललल्ल हीई दियाआआ टूवू करूऊओ naaaaaaaaaa

विभु ने अपनी प्यारी भाभी की चुदाई शुरू करदी अहःअहः


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विभु-: अहहहहहह भाभीयी आआ गइईईई अआप्की सहेलियी शैलियउइ भाबीइइ

म भाभी-; हाहाहाहाहा आअज्ज्ज हीईई आईईईई हीईई

विभु-: तो फिर कब पीला रही हो ताज़ाआआ दुधहहहहहह ुनकाआआआ

म भाभी-: अहःअहः कुछ सोचटीईई हूउउ अहःअहः जोरररर सीईईई मज़ाआआ आए रहहहह हहहहहह

विभु-: प्लान करो कुछ उनको छोड़ना हीईई ाहाहाःहाहा जी भरररररी केईएएएए चिढ़नाआआअभीएएएएए

इधर मनीषा भाभी जोर जोर से चीखते हुवे जहर गईइइइइइइ

विभु ने मनीषा भाभी को अपने ऊपर बिठा कर लुंड को उनकी छूट में दाल दिया और फिर से जोर जोर से चुदाई करके छोड़ने लगा और दूध को चूसने लगा


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म भाभी-: अहःअहः शालू का दूध पीना ताज़ा ही मिठाअभीयीए जी भरररर की पिनायआ मेइइब्कुछछछ करतीयो हीईई अआप्कीीी लीईई हाहाहाहाहा

विभु--:हाहहए मेरीए रांदड़ बना ूसीएई जल्दीई छुड़वाना ूसीएएएए

विभु ने एक छठा मनीषा भाबी की गांड पर मारा

म भाभी-: अहाहा लगती हीइ एक दर्द काम हे क्या जो मर रहे हो

विभु -: मेरी जान इसी में मुझे मज़ा आता ीीीी

आहहह जोर से करूओ आहहहहावमाज़आआ अअअअअ रहाहाः हीईई ोररररर छोड़ूऊओ


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विभु ने मनीषा भाभी को कमर से पकड़ क्र जोर जोर से चुदाई करने लगा

मनीषा भाभी की छींके सुनकर ऊपर प्रिय समझ गयी की अब वो दोनों चालू हो गए उसने उठने की कोसिस की मगर दर्द के कारन लेती रही

िधाए बहार विभु जैम कर अपनी भाभी काम पत्नी को छोड़ रहा था

म भाभी-- ाहाहाःहाहा जन्न्नन माआआज़ाआआअ आआ रहहहहहबहीीी chodoooooooooo अहहहहहह

विभु-: मनीषा एक बता

म भाबी-; हाहाहा बोलूऊऊ

विभु-: मुझसे सुच में कितना प्यार करती हूऊऊ

म भाभी-: ये क्यों पूछ रहे विश्वास नहीं हे क्या

विभु-: बस ाशे hi बताओ न

म भाभी-: आपके लिए मर जाऊ इतना कभी आजमा लेना

विभु-: ok मज़ा आए रहा नाआआ

म भाभी--: आपके साथ किसे मज़ा नाआ आईये जान निकल देते हो छूट की सुबह तक दर्द करती heeeeeeeeee

विभु भाभी के मुँह से गन्दी बाटे सुन कर एक डैम जोश में आ गया और जोर जोर से चुदाई करने लागे

दोनों hi फुल जोश में चुदाई कर रहे थे कुछ देर में दोनों की झरने का समय आ गया और दोनों जोर जोर से धक्के लगा रहे थे


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म भाभी-: ाहाहहा विभु में गयी

विभु-: मेरा भी होने वाला हीइ जान. अब बन मेरे बच्चे की मायआ और मुझे बाप बणायआ ाहाहाःहाहा गया

और दोनों hi एक दूसरे की भाहो में भर के झाड़ गए

दोनों कुछ देर ाशे hi लम्बी लम्बी सांसे लेते रहे और मनीषा भाभी विभु को किश करती रही उनके ऊपर लेते रह कर

म भाभी-: जान ले लेते हो आप मेरी

विभु-: जान की भी जान ली जाती हे क्या

म भाभी-: सो जाते हे अब थक गए हे

विभु-: में एक बार प्रिय दी को देख कर आता हु

म भाभी-: नहीं आप नहीं में जाती हु आप गए और उसकी गांड दिख गयी तो अब मुझसे नहीं होगा में थक गयी हु

ये सुनकर विभु की हंसी आ गयी

और मनीष भाभी ने अपने बदन पर साड़ी लपेटी और देखने लगी प्रिय को वो सो रही थी वो वापस आ गयी और विभु और दोनों कमरे में चले गयी

विभु-: में घर पर बोलना भूल गया की आज घर नहीं आऊंगा माँ और सुमन चिंता कर रही होगी में जाता हु

म भाभी-: उसकी कोई जरुरत नहीं ह सुमन को कॉल आया था सोनाली के मोबाइल से हो गयी हे बात

विभु-: ok फिर तो आ जाओ आज मनीषा की बहो में सोने का मज़ा लेते हीईई ...

फिर दोनों hi कुछ देर बाटे करते रहे और सो गए
 
अपडेट -: 98

सुबह जल्दी उठ कर विभु ने मनीषा भाभी को उठाया.

विभु-; उठो जान मुझे स्कूल जाना हे

म भाभी--: हम्म्म में चाय बना देती हु आप इतने फ्रेश हो जाओ

विभु बाथरूम में गया और मनीषा भाभी अपनी आँखों को मसलती हुई रसोई में गयी और विभु के लिए चाय बनाने लगी

कुछ देर में विभु आया और मनीषा भाभी को पीछे से पकड़ कर

विभु-: प्रिय दी का दयँ रखना और अपना भी

म भाभी-: है आप आना शाम को .

विभु-: क्यों मन नहीं भरा क्या

म भाभी+: है यही समझ लो आप टाइम से आ जाना

विभु-: हम्म जान


फिर विभु ने मनीषा भाबी के बसी मुँह से किश किया और चाय पि कर जल्दी घर निकल गया

घर आ वो माँ से मिल कर रूम में गया और तैयार हो कर सुमन के रूम में जा कर उससे मिला

विभु-: मेरी जान तैयार हे

सुमन-: हम्म्म्म आप आ गए

विभु ने उसे गले से लगाया और दोनों कुछ देर ाशे hi रहे

सुमन-: चलो अब देर हो रही ह आपका hi इंतजार था

विभु-: मतलब मेरी जान मेरे बिना नहीं रह सकती

सुमन-: गेट और जा कर ) कबहि नहीं

फिर वो निचे चली गयी और विभु भी उसके पीछे निचे आया

दोनों ने बेथ कर चाय पि और स्कूल निकल गए

विभु निकल गया और सुमन पूजा को लेने उसके घर में

विभु जब धीरज भाभी के घर के सामने से गुजर रहा था तब बहार धीरज भाभी कड़ी थी

विभु ने उसे देख कर स्माइल की तो भाभी ने भी स्माइल दी


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Dheeraj-: (waw subh subh aaj to dil ki dhadkan ke darshn ho gaye ) kya bat he subh subh

vibhu-: aapka choro mera to din suhana ho gaya aaj subh subh husn ki Mallika apna husn leke mere liye khadi thi

dheeraj-: maska ho gaya ho to jao ab piche aapki bahan aa rahi h

.vibhu ne dekha suman or pooja aa rahi h wo bhabhi ko by bolkar nikal gaya

kucb der me sab dost school aa gaye school aa kar ham sab class lene lage mene dekha aaj bacce school kam aaye the Aaj suturday tha na dhapu bhi school nhi aayi thi or kal rat ko milne nhi. Aayi thi

Vibhu ko toilet aaya wo bahar aaya usne dekha ki uske aik sir bahut tension me ghum rahe h wo kisi se bat kar rahe the

unhone vibhu ko dekha vibhu ne unhe vibhu ne unse smile ki magar uska jawab unhone nhi diya

vibhu-: (sir ne aaj se pahle to kbhi muje ashe nhi dekha aaj kya bat h sir ji bahut chintit lag rahe he bat karta hu )

VIbhu-: kamal sir kya hua bahut chintit dikh rahe ho

kamal sir-: kuch nhi vibhu

vibhu--: batao sir sayad me kuch madad kar du aapki

kamal sir-: tum kya madad karoge meri

vibhu-: bolo to sahi sayad kar du

kamal sir-: are wo aaj muje chutti nhi mili or meri wife ko uski saheli ke vaha aaj hi le jana tha usi se bat kar raha tha

vibhu-: kaha Jana he

kamal sir -: dusre sahar jana he

vibhu-: me chala jata hu sir

kamal sir-: such magar tumhare ghar wale

vibhu--: me bat kr lunga unse vese sham tak aa jayenge na

kamal sir-: ha 1-२ gnhte ka kam he vaha

vibhu--: thik h। Fir me ghar ja kar teyar ho kar aata hu

kamal sir-: thik h me ghar pr call kr deta hu tum jao ghar hi चले जाना pese uske pas he

vibhu-: thik h sir

vibhu ghar chala gaya school se chutti lekar usne suman ko bata diya ki wo sir ke kam se ja raha h

vibhu ghar gaya or idhar kamal sir ne apni patni ko call kiya

kamal sir-: hello prena

prena-: ha bolo ab kya h ab kyu call kiya

kamal sir-: tum teyar ho jao

prena-: aap aa rahe ho kya

vibhu-: nhi mera student he vibhu wo tumhe ghar lene aa raha h uske sath chali jana or jldi aa jana

prena-;(ye accha hua ye nhi aaye) haaaa thik h kitni der me aa raha h wo

kamal sir-: bus aane hi wala he tum teyar rahna or pese le lena

prena--: okk

fir kamal sir ne call rkha or prena teyar hone lagi usne kisi ko call kiya ki me aa rahi hu aap teyar rahna

fir prena kuch time me teyar ho gayi or vibhu ghar se teyar ho kar khet gaya or kam smjha kar aa gaya sera or vidhisa se bhi milkar aa gaya uske bad wo sidha kamal sir ke ghar gaya

vibbu-: suna he kamal sir ki wife badi mast he kbhi dekha nhi aaj dekh lunga chalo ab jldi let ho raha h u

vibhu vaha se sidha gav me kamal sir ke ghar ki taraf gaya tbhi use raste me subh subh palak bhabhi mil gayi aaj fir dono ne AIK dusre ko dekha magar kuch nhi bole or vibhu vaha se sidha kamal sir ke ghar aa gaya

or usne gate bajaya kuch der me gate khula or samne aik husn ki pari khadi thi saree me jise vibhu dekhne laga aaj tak usne sirf suna tha ki kamal sir ki wife husn a Mallika he magar aaj usne dekh bhi liya tha


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प्रेणा-: तुम hi विभु हो न

विभु-: है मम

प्रेणा-: ठीक ह अब चलो मुझे देर हो रही ह

विभु-; है चलो

प्रेणा ने गेट लगाया और विभु ने अपनी बुलेट स्टार्ट कर दी प्रेणा मम गाड़ी पर बेथ आगयी और विभु ने बाइक डोडा दी जहा जाना था

कुछ देर चलने के बाद जब रास्ता थोड़ा ख़राब आया

.विभु-: मम आप थोड़ा तीते बैठना रास्ता ख़राब हे

प्रेणा-: है पता ह तुम बाइक चलने में दयँ दो

विभु-:( एक तो इसके लिए बोलै और ऊपर से मुझे अक्कड़ बता रही हे रुक तू अब )

विभु अपना दयँ बाइक चलने में लगाने लगा कुछ देर में एक घड़ा आया उसने जान बुझ कर गद्दे को देख कर उस गद्दे में गाड़ी ुअत्तर दी और प्रेणा गिरने वाली हुई उसने विभु को जोर से पकड़ लिया और विभु से चिपक के बेथ आगयी

प्रेणा-: धीरे चलाओ न

विभु-: अब धीरे hi चला रहा हु रास्ता ख़राब हे तो में क्या करू

प्रेणा-: चलाओ अब ( कितना बेवकूफ हे ये कहा इसके साथ आ गयी )

विभु-: वैसे मम जाना कहा ह आपको

प्रेणा-: वो मुझे अहमदाबाद जाना हे

विभु-: वो तो दूर हे हमें जाने में काम से काम 3 घंटे लगेंगे

प्रेणा-: है तो सर ने तुम्हे बताया नहीं क्या

विभु-: हआ

प्रेणा-: तो फिर चलो

विभु-: आपको वह कितना टाइम लगेगा

प्रेणा-: 2-3 घंटे लगेंगे इतने तुम घूम लेना

विभु-: ठीक ह

फिर विभु ने हाइवे आ गया और गाड़ी डोडा दी दोनों में कुछ देर बात नहीं हुई

विभु -; मेडम मुझे तो भूल लगी ह में तो नास्ता करूँगा आपको करना ह क्या

.प्रेणा-:( भूक तो मुझे भी लगी ह) है किसी अच्छी होटल देख कर रोक लो

फिर विभु ने थोड़ी देर में एक होटल आया उसने बाइक रोकी और जा कर 2 पोहे ले कर आ गया और दोनों खाने लगे

विभु--:( प्रेणा मेडम तो बहुत हसीं हे ीरर्र सुच. में मेने आज देखा हे थोड़ी मोती नहीं मोती नहीं कह सकते ये तो इनका जिस्म भरा ह इसे मोती नहीं कहते )

विभु अपनी सोच में घूम था की प्रेणा को किसी का कॉल आया हे

प्रेणा-: आ रही हु रस्ते में आ गयी हु तुम मुझे 1 बजे मिलो वही जा हर बार मिलते हे

फिर कॉल कट हुआ और दोनों ने नास्ता ख़तम करके विभु ने पैसे दिए और बाइक स्टार्ट करके वापस अहमदाबाद की और गाड़ी डोडा दी

विभु-:( किसका कॉल आया था और बोलै की हर बार मिलते हे वही मिलेंगे मुझे क्या मुझे तो चोर कर घूमना अहमदाबाद में)

ाशे hi दोनों अपने अपने ख्याल में जाने लगे और फिर अहमदाबाद आ गया

विभु-: मम आ गया ह अहमदाबाद कहा जाना हे आपको

प्रेणा-: मुझे ............ वह चोर दो वह से में अपनी सहेली के साथ चली जाती हु

विभु ने उधर गाड़ी चला दी और प्रेणा ने बाइक से किसी को कॉल किया

प्रेणा-: में 10 मिनिट में आ रही हु आप कोटि देर में आ जाओगे

प्रेणा-: ोककक में वही इंतजार करुँगी

फिर कॉल कट किया और विभु को रास्ता बताने लगी की कहा जाना हे

vibhu-:(bc ये किसी आदमी से बात क्र रही थी और मुझे बोल रही की सहेली के साथ जाती हु पागल समझा हे क्या मुझे )

कुछ देर में वो जगह आ गयी जहा प्रेणा मम को उतरना था

प्रेणा-: विभु वो होटल ह न वह रोक दो वो अंदर हे में उससे मिल लुंगी उसके साथ चली जाउंगी तुम मुझे 5 बजे यही मिलना

विभु--: ोकक ठीक ह मगर आपके no. देदो और आप मेरे लेलो कॉल करके बात हो जाएगी

प्रेणा-: है ये ठीक रहेगा ोकक

फिर विभु ने अपने no. प्रेणा को दिए और प्रेणा ने अपने no. उसे दे दिए और होटल के अंदर चली गयी

विभु--: बस इन मैडम लोगो के भी अलग hi चोचले हे फंक्शन में जाना हे और होटल में सहेली मिलने आ रही ह मुझे क्या चलो मुझे तो और भूक लगी ह एक पोहे से. क्या हो कुछ खता हु फिर घूमेंगे सहर

विभु होटल के पास में एक नास्ते के होटल देख कर नास्ता करने लगा विभु मज़े में नास्ता कर रहा था की उसे होटल के सामने एक बाइक दिखी और बाइक जो चला रहा था उसे देख कर उसकी नास्ता नास्ता hi रह गयी

विभु-: बस ये यहाँ क्या कर रहा ह और इस होटल में ये अंदर जा रहा ह मुझे देखना चाहिए

.विभु ने नास्ता रखा दिया और पैसे दे कर होटल के अंदर गया उसे वो आदमी सिडिया चढ़ते हुवे दिखाई दिया विभु उसके पीछे चला गया धीरे धीरे वो आदमी होटल की एक टेबल पर चला गया जहा पहले से कोई बैठा था जब विभु ने देखा तो उसकी आँखे खुली की खुली रह गयी सामने प्रेणा बैठी थी और वो आदमी जा कर प्रेणा के पास बेथ गया और प्रेणा मम भी उठ कर उस आदमी के गले लगी और दोनों टेबल और बेथ कर हंसने लगे

vibhu-(bc ये में क्या देख रहा हु प्रेणा मम इस विष्णु काका से यहाँ आके क्यों मिल रही ह और दोनों कितने खुस हे गले भी मिले हे आखिर दाल में क्या कला हे देविका से कॉल करता हु ))

विभु-; हेलिओ देविका कहा हो तुम

देविका-: घर पर क्यों क्या हुआ .

विभु-: और तेरे पति कहा ह

देविका-: वो अहमदाबाद गए हे काम से क्यों क्या हुआ

vibhu-:(jhut बोल देता हु) कुछ नहीं तेरे खेत पर कोई आदमी आया था पहचान नहीं पाया तो पूछा तेरा पति खेत पर hi ह न

देविका-: ठीक ह में किसी को भेजत हु कोण ह

विभु-: ठीक ह मुझे काम हे में लगता हु बादमे.

विभु ने कॉल करके कन्फर्म क्र लिया की देविका को कुछ पता नहीं हे मगर ये दोनों यहाँ आ कर क्यों मिले गांव में रहते हे पास में कही भी मिल लेते माजरा क्या हे

कुछ देर दोनों बैठे रहे फिर दोनों एक दूसरे का हाथ पकड़ कर ऊपर जाने लगे विभु ने दोनों का फोटो खिंच लिया टेबल से ले कर हाथ पकड़ कर जाने तक का विभु ने देखा वो दोनों एक कमरे में चले गए और अंदर से लगा लिया

विभु बहार hi खड़ा रहा कोई आधे घंटे में दोनों बहार आये विभु उनको देख कर चुप गया दोनों होटल के बहार आये और विष्णु काका ने बाइक स्टार्ट की और प्रेणा मम गाड़ी पर बेट गयी और गाड़ी आगे बाद गयी विभु ने भी अपनी बाइक स्टार्ट की और उनके पीछे पीछे चलने लगा दोनों बड़े मज़े से घूम रहे थे जैसे पति पत्नी हो एक गार्डन में जाकर दोनों रुक गए और वह जाकर एक दूसरे से चिपक कर दोनों बेथ गए

विभु ने अपने मोबाइल से दोनों का वीडियो बनाया कुछ देर दोनों बैठे रहे फिर किश करने लगे विभु ये देख समझने में देर न लगी की इन दोनों का प्लान था ये

विष्णु-: मेरी जानेमन कोनसे लड़के के साथ आयी तू

प्रेणा-: विभु नाम हे उसका मेने पहली बार देखा हे

विष्णु-: उस कमीने के साथ आयी तू

प्रेणा-: क्यों क्या किया उसने

विष्णु-: किया तो कुछ नहीं पर हमारा दुश्मन का बीटा हे वो

प्रेणा-: अपने क्या आज मिलना था मिल लिया फिर घर चली जाउंगी ने व

विष्णु-: बच क्र रहना देख न ले वो हमें बड़ा हरामी हे वो

प्रेणा-: है मेने बड़ा दयँ रखा हे इसी लिए मुँह बांध रखा हे मेने

विष्णु-: आअज तो चुदाई करूंगा पिछली बार तुजे पीरियड थे

प्रेणा-: है में भी इसी लिए आयी हु

विष्णु-: फिर चले जानेमन

प्रेणा-: पहले तो भूक लगी ह कही खाना कहते हे फिर उसी होटल में चलते हे

विष्णु-: चलो फिर जान

दोनों वह से होटल में चले गए

विभु-: मतलब इनका चुदाई का प्रोग्राम हे कुछ करना पड़ेगा अच्छा हुआ आज यहाँ आ गया एक और कांड पता चला इस विष्णु काका का मगर ये प्रेणा मेम इसके चक्कर में कैसे पता करना पड़ेगा क्या करू

विभु कुछ देर सोचता रहा फिर उसे दिमाग घुमा वो एटीएम गया और पैसे निकल कर एक वीडियो वाला मोबाइल लिया और होटल गया

होटल आ कर उसने जिस रूम में वो दोनों थे उस रूम का पूछा तो वो प्रेणा शर्मा के नाम से बुक था

विभु-; मेडम के नाम से बुक हे क्या करू कैसे मनौ

उसने वह रिसेप्शन पर अिल आदमी था उससे बात की

विभु-; सर मुझे 303 रूम की चाबी मिलेगी

रिसेप्शन-; नहीं ाशे चाबी नहीं मिलेगी आप कोण हो

विभु-: वो में प्रेणा के साथ आया हु बहार था वो बहार आगयी ह चाबी उसी के पास हे

रिसेप्शन-: ाशे थोड़ी चाबी मिलेगी क्या

विभु -: प्ल्ज़ देदो मुझे कुछ काम हे

रिसेप्शन-: नहीं मिलती हे मेरी नौकरी का सवाल हे

विभु ने एक 10000 की गद्दी निकली और उसे बताई

विभु-: अब तो मिल जाएगी न

रिसेप्शन-: इसे अंदर रखो कोई देख लेगा

विभु-: बोलो मिलेगी या नहीं

रिसेप्शन-: काम क्या हे ये बताओ कुछ गलत तो नहीं करोगे न

विभु-: वो जो औरत हे वो मेरी भाभी हे किसी और के साथ आयी ह मुझे वह कमरा लगाना हे ताकि में उसे पकड़ सकू

रिसेप्शन-: वो मुझे नहीं पता मेरा नाम नहीं आना चाहिए और ये औरत को हर महीने आती हे उस आदमी के साथ और कभी कभी तो 2-3 दिन रुक कर जाते हे ये

विभु-: वो में संभाल लूंगा आप बस मुझे चाबी देदो में अभी आता हु

रिसेप्शन-: ok पैसे दो पहले

विभु ने उसे पैसे दिए और चाबी ले कर ऊपर आया और कमरे में जा कर उस मोबाइल का वीडियो चला कर छुपा दिया कहा से बीएड पूरा दिखे और वह से निकल कर चाबी वापस उसकी दे कर बहार आ गया और देखने लगा वो कब आये

इधर प्राण मम और विष्णु काका ने खाना खा कर निकल कर होटल में आये और रूम. की चाबी के कर रूम में आ गए

विभु समझ गया की अब चुदाई चलेगी दोनों की

वो भी निचे होटल में आया और खाना खाने लगा और सोचने लगा

vibhu-:bc ये काका और इसका क्या चक्कर हे और कब से चल रहा ह दोनों कही बार आते हे और 2-3 दिन रुक कर जाते हे मतलब बहुत पहले से चल रहा ह पता करना पड़ेगा एक बार चुदाई का वीडियो बन जाये फिर देखता हु इस प्रेणा मम को सरीफ बन कर घूमती हे गांव में घर से निकलती नहीं ह सर अच्छा समझते हे और यहाँ ये गुल खिला रही हे

विभु ने खाना खा कर उस रूम की तरफ गया तो अभी तक अंदर से बंद था वो उसके पीछे चुप गया और उनके निकलने का इंतजार करने लगा कुछ देर में दोनों बहार आये और रिसेप्शन पर चाबी दे कर दोनों एक टेबल पर बेथ गए

विभु ने रिसेप्शन वाले से चाबी ली और रूम में जा कर मोबाइल लिया वीडियो सेव किया और बहार आ कर चाबी दे दी और होटल से बहार निकल गया उसने टाइम देखा 5 बजने वाली हे उसने प्रेणा मम को कॉल किया अंदर प्रेणा ने कॉल देखा तो विभु का था उसने टाइम देखा 5 बजने वाली हे

प्रेणा-: है बोलो विभु

विभु-: मेडम कितनी देर में आ रही हो

प्रेणा-: में अंदर hi हु तुम बहार रहो में कुछ देर में आती हु

विभु-: ठीक ह

प्रेणा-: जाना मुझे जाना हे विभु का कॉल आया हे वो बहार हे कही हमें देख न ले तुम बादमे आना पहले हमें जाने दो

विष्णु-: ठीक ह कॉल करना और अपना दयँ रखना

प्रेणा--: हा जरूर

प्रेणा बहार आयी और विभु को देख कर उसके पास गयी

विभु-: चले अब

प्रेणा-: है चलो

विभु ने बाइक स्टार्ट की और प्रेणा बाइक पर बेथ गयी विभु ने चला दी बाइक अपने घर की और

प्रेणा-: तूने खाना खाया कुछ

विभु-: है नास्ता की हे और आपने

प्रेणा-: में तो यहाँ फंक्शन में आयी टी तो खाना यही था

विभु-: ( मुझे पता चला मेडम तेरा फंक्शन ) ठीक ह

फिर दोनों चुप हो गया और 3 जानते के सफर में दोनों गांव आ गए गांव आ कर उसने प्रेणा को घर छोरा प्रेणा घर में चली गयी और विभु अपने घर आ गया

घर आ कर माँ से मिलकर सीधा रूम में गया और लेट गया कुछ देर में सुमन उसके रूम में आयी और उसके पास बेथ गयी विभु ने अपना सर उसके गॉड में रख दिया

सुमन-: आ गए आप

व् िभु--: है जान

सुमन-: थक गए होंगे

विभु-: जान की गॉड में आ कर थकन दूर हो गयी

सुमन-: रहने दो कभी जान को घूमने ले गए कही

vibhu-:mtlb मेरी जान को मेरे साथ घूमना हे

सुमन-: है मुझे भी ले जाओ कही घूमने

विभु-: ठीक ह तो देखते हे बहुत जल्द हम दोनों कही जायँगे घूमने

सुमन-: दोनों नहीं 3 पूजा भी साथ चलेगी

विभु-: ठीक ह जान अभी मुझे चाय पीला दो अच्छी

सुमन-: हम्म लायी

पूजा चाय बनाने लगी दर्शक ये प्लान पूजा के दोनों ने बनाया था आज स्कूल में की हम तीनो कही घूमने चलते हे और सुमन ने विभु को मन लिया हे

वो चाय बना कर लायी और दोनों ने चाय पि फिर विभु ने सुमन को गले लगाया और दोनों कुछ देर बैठे रहे फिर विभु सुमन को आने का बोलकर वह से सीधा खेत गया अँधेरा हो गया था उसने वह जा कर मोबाइल निकला और वेडो देखने लगा

उसने देखा कुछ देर में दोनों रूम में आये और पहले बेथ कर कुछ बात की फिर दोनों ने चुदाई चालू की कोई 10 मिनिट में विष्णु काका ने अपना पानी प्रेणा की छूट में चोर दिया और दोनों बीएड पर सो गए और बाटे करने लगा

फिर दोनों कुछ देर में कपडे पहन कर बहार आ गया

विभु-: बस ये सब और ये कितना हॉट मॉल हे एक डैम गोरी चिकनी मज़ा आएगा उसे छोड़ने में अब देख तू काका

उसने मोबाइल रखा और काम देख कर मनीषा भाभी के घर की तरफ जाने लगा

तभी उसे ठाकुर और सुरेश काका उनके खेत की तरफ जाते दिखे उसने देखा दोनों थोड़े टेंशन में थे वो उनके पीछे जा भी नहीं सकता था विष्णु काका के खेत पर वो वह से सीधा मनीषा भाभी के घर गया तो वह टाला लगा था उसने कॉल किया तो पता चला दोनों नीता चची के वह हे

उसने विक्की को कॉल किया और पूल पर भुलाया हे कुछ देर में विकी पूल पर आ गया

विक्की-: क्या हुआ बोल क्यों भुलाया हे

विभु-: अरे कुछ नहीं रे ाशे hi आ बेथ कर बाटे करते हे

विक्की-: फिर केसा रहा आज का तेरा सफर कमल सर की वाइफ के साथ

vibhu--;;kya घंटा सफर बड़ी अकड़ू हे सही से बात भी नहीं की और वह जाकर अपनी सहेली के फंक्शन में चली गयी और वापस बिठा कर ले आया

विक्की--: है सुना तो मेने भी हे की वो ज्यादा किसी से बात नहीं करती

vibhu-:(bat नहीं करती मगर छूट देती हे ) है ीरर्र में तो बोर हो गया वह और सुना तेरा क्या चल रहा ह आज कल

विक्की-; मेरा क्या यही रोज ज्योति से मिल रहा हु अभी तो

विभु-;( बस मुझे उससे मिले कितने दिन हो गए और ये रोज मिल रहा ह निधि भाभी की भी यद् आ रही हे ) मज़े हे तेरे तो और वो 2 लंगूर कहा ह

विक्की-- दिनेश अपने घर होगा और अजय खेत गया होगा

विभु-; हआ ीरर्र कुछ पार्टी करते हे ीरर्र बहुत दिन हो गए हे

विक्की-: हा में भी सोच रहा था कल संडे हे मेरे खेत पर कर लेते हे

विभु-: है चल ये भी ठीक रहेगा सब दोस्तों को बोल देना तू

विक्की-: है वो में बोल दूंगा

विभु-: चल अब चलते हे

दूनो वह से घर आ गए विभु ने टाइम देखा तो 9 बज चुकी थी वो सीधा रूम में गया कुछ देर बैठा रहा फिर उठ कर सुमन के रूम में गया तो वो सो रही थी

विभु-: क्या बात हे मेरी जान आज जल्दी सो गयी

सुमन--: हम्म्म्म

Vibhu-;kya हुआ बोल

सुमन-: कुछ नहीं न

विभु-: तेरी शकल गवाह हे की कुछ तो हुआ हे

सुमन-: कुछ नहीं जाना वो थोड़ा पेट दर्द क्र रहा ह

विभु-: तो चलो डॉ. के पास अभी. तो मिल जायेंगे चल अब

सुमन-: होता हे थोड़ी देर में हो जायेगा आप बैठो मेरे पास

विभु-: ाशे कैसे होता हे मेरी जान दर्द में हे

सुमन-: आप बैठो न हो जायेगा आराम

विभु-; में मुंय को भूलता हु रुको

सुमन ने विभु का हाथ पकड़ लिया और अपने पास सुला लिया

सुमन-; जान बोलै न हो जायेगा हमेसा होता ह

विभु-: और तू मुझे आज बता रही ह

सुमन-; अब क्या बताऊ आपको में

विभु-: हर बार दर्द होता ह और तू मुझे बताती नहीं हे

सुमन-: जान हमारी लड़कियों को प्रॉब्लम हे महीने में एक बार हमारा टाइम आता हे तब दर्द करता ह सयद मेरे कल से आने वाले हे

सुमन एक बार में अब बोल गयी और विभु को कास के पकड़ क्र मुँह छिपा लियाआ

विभु-: हर महीने होता ह ाशे थोड़ी होता ह कुछ तो इलाज होगा न इसका

सुमन-: अपने आप हो जाता हे आप भी न अब चोरो इस बात को

विभु-; ओह्ह्ह मेरी जान शर्मा रही ह क्या बात हे


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सुमन-: अब गन्दी गन्दी बाटे करोगे तो सरम आएगी न

विभु-: ठीक ह अब नहीं करता मगर मेरी भी एक मांग हे

सुमन-: बोलो

विभु-: एक प्यारी सी किसी दो

सुमन-: गंदे नहीं मिलेगी अब तो

विभु-: जैसी महारानी की आज्ञा

सुमन-: हहहहहए

फिर दोनों ऐसे hi मस्ती. करते हुवे सोने लगे की अचानक सुमन ने विभु के होठो पर होठ रख कर किश किया और अलग क्र दिया

सुमन-: मिल गयी दिल को तसल्ली

विभु-: है अब नींद अच्छी आएगी जान

फिर दोनों कुछ देर मस्ती करते हुए सो गए ..
 
अपडेट-: 99

सुमन और विभु इधर गहरी नींद में सो गए उधर रत की 9 बजे विष्णु काका ठाकुर के साथ कही गया था और देविका अपने रूम में बैठी किसी से बात कर रही थी

देविका-: सुनाओ किसी हो आप

औरत-: ठीक हु अच्छा ये बता मंजू का कुछ किया तूने

devika-:ha पूरी फील्ड सज गयी ह बस जैसे hi वो कमीना कॉल करे इसे ले कर जाती हु और इसका काम करवा देती हु

औरत-: ये अच्छा हे एक और रस्ते का कांटा काम हो जायेगा

देविका-: और तू कब आ रही ह मुझसे मिलने तेरी खुसबू की बहुत यद् आरही ह

औरत-: मेरी खुसबू की. मेरी छूट की खुसबू

देविका-: कुछ भी समझ जान आ जा अब तू

औरत-: थोड़े दिन रुक किसी ने साथ देख लिया न तो बवंडर हो जायेगा सारा खेल बिगड़ जायेगा

देविका-: दीदी पास हो क्र भी दूर हे कब मिलेंगे हम

औरत-: कुछ दिन और फिर हम मिलेंगे और साथ रहेंगे

देविका-: है दीदी लव ु

औरत-; लव ु 2

फिर देविका ने फोन रखा और सोने लगी

इधर विभु भी सुमन की बहो में आराम से सो गया

सुबह जल्दी सुमन ने विभु को उठाया .

सुमन-: जान उठो और अपने कमरे में जाओ मम्मी कभी भी आ सकती ह

विभु-: सोने दो न जान

सुमन-: बाद में सो जाना जाओ अभी

.विभु ने सुनाम को बहो में भर कर अच्छे से गले लगाया और किश करके अपने रूम में आ गया

विभु ने टाइम देखा तो 6 बज गयी टी उसने सोचा अब सो क्र क्या करना वो उठ गया और फ्रेश हो कर निकल गया खेत की तरफ आज संडे भी हे तो चिट्टी हे आज स्कूल की और वैसे भी 15 दिन बाद फाइनल एग्जाम आ गयी थी

वो खेत पर गया वह अभी कोई नहीं आया था दोनों काका घर गए थे सेरा और विदिशा निचे सोये थे

विभु निचे न जा कर आम के बैग में काम देखने लगा

इधर विभु के मां के घर से आज सीमा और सपना को ले कर उसके मां आ रहे थे साथ में छोटे मां की बेटी नेहा भी आ रही थी

वो मॉर्निग में जल्दी वह से निकल चुके थे

इधर अपना हीरो अपना काम करके घर आया और घर आ कर चाय पि कर अपनी जान सुमन से एक बार फिर जादू की झप्पी ली


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सुमन-: जाना आज सीमा दी और सपना आज जायेंगे तो आज से आप अपने रूम में सोना

विभु -: आज आ रहे ह क्या वो .

सुमन-: है माँ ने बताया की आज मां आ रहे हे उन्हेबकेके और साथ में लड़ाकू नेहा भी ा रही ह

विभु+: ok आने दो मुझे क्या

सुमन-: हम्म्म

फिर दोनों कुछ देर ाशे hi रहे और विभु और दोनों ने निचे आ कर खाना खाया

खाना खा कर विभु खेत पर चला गया और खेत वाले रूम में जा कर पलंग पर लेट गया

विभु-: एक काम करता हु मेरे पास प्रेणा मम के no. हे में नए no. से ये वीडियो प्रेणा मम को भेजता hi मज़े लेता हु इतने अच्छे भरे मॉल उस विष्णु के पास कैसे पता तो करना पड़ेगा

विभु ने दूसरा मोबाइल निकला ( दोस्तों ये मोबाइल वो हे जो सिया दी की सधी में विभु ने उस भारत सिंह को मारा था और मोबाइल ले लिया था ) उसने एक नई सिम मोबाइल में डाली और प्रेमा मम के no. सेव करके वीडियो पूरा प्रेमा मम के no. पर भेज दिया वीडियो बड़ा होने के कारन जाने में टाइम लग रहा था उसने मोबाइल साइड में रखा और कुछ सोचने लगा की क्या आज मंजू को भुला कर उसकी चुदाई क्र दे

तभी उसका मोबाइल बजा देखा तो मनीषा भाबी का था

विभु-: है मेरी जान बोलो

म भाभी--: कैसे हो कल आये नहीं

विभु-: वो में बहार गया था काम से और लेट आया

म भाबी--: है प्रिय बोल रही थी की दर्द दे कर गया और अभी तक मिलने नहीं आया

विभु-: में तो भूल hi गया था आज शाम को आता हु

म भाभी-: है शाम से यद् आया कल शीला आयी थी

विभु-: ववा ताज़ा दूध क्या बोलै

म भाभी-: मेने उसे मन लिया ह और बोलै की उसे तेरा नाम नहीं पता न hi आपके बारे में बताया हे आज शाम को उसी जगह मिल लेना उससे और कर लेना जो करना हे

विभु-: सुच मगर वह नहीं वह तो वो आवाज करेगी फॉर कोई सुन लेगा

म भाभी--: है ये में सोच रही थी फिर कहा

विभु-: एक काम करो उसके घर के पीछे जो खाई हे वह

म भाभी-: नहीं खुले में तो उसकी आवाज रत के सन्नाटे में सुनाई देगी

विभु-: फिर कहा

म भाभी-: में उससे बात करती हु फिर आपको जगह बताती हु शाम का यद् रखना

विभु-: जरूर भाबी जान

म भाभी-: भाभी भी और जान भी

व् िभु--: है जान

फिर दोनों हंसी मजाक में लगे रहे और कॉल कट किया विभु ने देखा की वो वीडियो प्रेणा मम के मोबाइल में जा चूका था मगर सीन नहीं हुआ था

उसने वो मोबाइल बंद किया और जेब में रख कर खेत का काम देखने लगा

तभी उसे उसके मां का कॉल आया

विभु-: है मां जी प्रणाम

मां-: बीटा में घर आ गया हु कहा हे तू

विभु-: मां खेत पर हु अभी आया

फिर विभु ने कॉल कट किया और काका को बोल कर घर की और निकल गया घर आ कर वो मां से मिला और उनसे बात करने लगा फिर मां की खेत पर घूमने ले गया और घर आ गया खर आ कर दोनों ने खाना खाया

मां-: ठीक ह माया में चलता हु अब ये नेहा यही रहेगी कुछ दिन दयँ रखना उसका

माया-: जरूर भाई

फिर मां ने सबको बी बोकर अपनी कार स्टर्ट की और निकल गए

उनके जाते hi विभु की नजर सामने कड़ी नेहा पर गयी जो उसे hi देख रही थी


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विभु-: किसी ह नेहा लड़ाकू

नेहा-: ोय हीरो सुनो अब में लड़ाकू नहीं हु समजे

विभु-: तेरे बोलने के टन में तो यही लगता हे की तू लड़ाकू हे

सब हंसने लगे जोर से

नेहा-: अब में कुछ दिन यही हु आपको बताती हु में क्या हु .

ये बोल कर वो अपना का हाथ पकड़ क्र ऊपर ले गयी अब बच्चे सिर्फ माँ सीमा और सुमन सुमन पूजा के पास चली गयी और माँ अपने कमरे में

सीमा दौड कर आयी और विभु से गले लग गयी विभु ने भी उसे अच्छे से गले लगा क्र उसकी पीठ पर हाथ गुमने लगा


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सीमा-: तुम फिर सुरु हो गए

विभु-: अब जो काम बाकि था वो पूरा करने का टाइम आ गया हे आप मेरी हो दीदी आप पर मेरा हक़ हे

सीमा-: हम्म पुराआआ

विब्बू--: फिर करने डौगी मुझे सब

सीमा-: निचे सर करके) हम्म्म्म मगर यहाँ

विभु-: आज रत को में आपके कमरे में आऊंगा बहुत इंतजार किया हे मेने अब नहीं

सीमा-: हम्म में इंतजार करुँगी

इतने में उसकी मम्मी का गेट खुला दोनों अलग हो गए

मम्मी-: तुम दोनों यही हो अभी जा सीमा थक गयी होगी आराम करले

seema-:(ha कर लेती हु फिर रत को कहा आराम मिलेगा ) हम्म मम्मी

फिर सीमा दी विभु को देखते हुवे ऊपर चली गयी और विभु अपने कमरे में आ गया और सोने लगा

तभी उसे प्राण मम को भेजा वीडियो यद् आया और उसने वो मोबाइल चला कर देखा तो प्रेणा मम ने वो वीडियो देख लिया था और कुछ मस्सगे आया था ..

प्रेणा-: कोण हो तुम और तुमने ये सब कैसे किया हे

विभु ने मस्सगे देखा और कुछ सोच कर रिप्लाई किया

विभु-: में जो भी hi बस आपका सुबह चिंतक हु और आपके लिए यही अच्छा रहेगा की ये बात आप उस विष्णु को न बताये नहीं तो ये वीडियो आपके हस्बैंड को सेंड हो जायेगा

ये लिख कर विभु ने मोबाइल फिर से बंद क्र लिया


विभु ने मोबाइल बंद किया और कुछ सोचने लगा

इधर पास में उसके तै के घर में सोनाली भाभी कुछ प्लान कर रही थी फिर वो निचे आयी और तै के रूम में गयी

सोनाली-: माँ मुझे सहर जाना हे अगले महीने मेरे भाई की सधी की तो मुझे सामान लेने जाना हे

तै-: ठीक ह बेटी का मगर तू अकेली कैसे जाएगी

सोनाली-: माँ में भी यही सोच रही हु अब कैसे जाऊ में

तै कुछ सोच कर .

तै-: एक काम कर विभु को लेजा उसकी आज छुट्टी भी हे

सोनाली-: माँ आप hi बात करलो देवर जी से

सोनाली ने अपने मोबाइल से कॉल किया और मोबाइल तै को दे दिया

इधर विभु कुछ सोच रहा था उसके मोबाइल पर कॉल आया उसने देखा की सोनाली बभी कभी उसने जल्दी से मोबाइल उठा लिया

विभु-: है भाभी जी बोलो

तै-: भाभी नहीं में तै हु बीटा

विभु--: सॉरी तै जी बोलो

तै-: बीटा क्या कर रहा ह आज तू

विभु-: कुछ नहीं सोने की तैयारी कर रहा हु

तै-: बीटा वो थोड़ा सहर चला जा सोनाली को ले कर घर का सामान भी लाना हे और उसे भी कुछ लेना ह

विभु-: ठीक ह तै में आया तैयार हो कर आप भाबी को बोल दो रेड्डी रहे

तै-: ोकक बीटा

फिर तै ने सोनाली को बोलै की तैयार हो जाओ वो आ रहा ह और कुछ पैसे भी दे दिए हे

sonali-(hanste हुवे अब देखो देवर जी ) और उसके अपने रूम में चली गयी

िधाए विभु भी तैयार हो गया और माँ को बोल कर बहार आ गया

इधर विभु सोनाली भाभी को सहर ले जाने के लिए बहार आया और इधर देविका घर से खेत की और जा रही थी

खेत पर पहुंच के उसने देखा की उसके खेत वाले घर से धुवा निकल रहा था वो दर गयी इधर उधर देखने लगी मगर उसे कोई नहीं दिखा

देविका-: आग लग गयी मगर कैसे इतना धुवा निकल रहा ह कोई पास में भी नहीं हे वह तो अनाज रखा ह सारा जल जायेगा

वो थोड़ा पास गयी और विष्णु काका को फोन लगाने लगी तभी उसके काम ने किसी के हंसने की आवाज गयी घर से

उसने मोबाइल वापस रखा और घर की तरफ बढ़ने लगी धीरे धीरे घर के पास आ गयी और उसके काम में आवाज बढ़ती गयी वो घर के बिलकुल पास जा कर पूछे से जहा खिड़की खुली थी वह गयी और देखने लगी तभी उसे दिखा अंदर तो धुवा धुवा हो रहा ह और किसी के हंसने की आवाज आ रही हे

उसने अंदर झांक कर देखा तो अंदर तो उसका भतीजा मंजू का बीटा वैभव था और वो गांजा फंक रहा था ऐसे हे वह 6-7 लड़के थे और सब गांजा फंक रहे हे जिससे इतना दुन्वा हो रहा था

अंदर जो लड़के थे वैभव, मंगल आशा भाभी का देवर , भोला आशा भाभी का सागा भाई ,रणजीत बुलबुल का भाई, सुनील ,सत्तू, राहुल

ये सब अंदर थे और गंजा पि रहे थे और बाटे कर रहे थे ये देख कर देविका का मूड करब हो गया और उसने एक डंडा उठाया और गेट पर जा कर गेट बजाय

देविका-:. कोण हे अंदर गेट खोलो

देविका की आवाज सुन कर सब दर गए और सबकी निगाह वैभव पर आगयी

वैभव-: मेरी बड़ी मम्मी हे देविका

मंगल-: अब क्या करे भोसड़ी के मेने बोलै था मेरे खेत पर चले तू यहाँ ले आया

वैभव-: चुप ीरर्र अब क्या करे सब भुजा दो

सबने बजा दी

देविका-: वैभव गेट खोल रहा की तेरे पापा को भूलौ

वैभव दर गया और उसने गेट खोल दिया गेट खुलते hi रूम से धुवा निकला और देविका को खांसी चलने लगी और वो दूर हैट कर खांसी लगी इतने में सब लड़के भाग गए केवल वैभव के

वैभव भी भागने लगा तभी देविका ने उसे देख लिया

. देविका-: रुक जाओ वार्ना में तुम्हारे बड़े पापा को बता दूंगी रुक जाओ

वैभव उनकी आवाज सुन कर रुक गया और दौड कर आ कर देविका के पेरो में गिर गया

वैभव-; बड़ी मम्मी मुझे माफ़ कार्डो आज के बाद आशा काम नहीं करूंगा

देविका-: रुक तुजे बताती हु वैसे भी तू आज के बाद ये नहीं करेगा

देविका ने डंडे से उसे मरने लगी वैभव रोने लगा

वैभव-: बड़ी मम्मी माफ़ कार्डो में अब नहीं करूंगा आप किसी को मत बताना आप हो कहोगी में करूँगा मुझे मत मारो

देविका--: अच्छा जो कहूँगी करेगा देखती हु आज के बाद मुझे ाशे करते हुवे दिख मत जाना और बता वो लड़के कोण कोण थे

वैभव-: मंगल ,सुनील , मनीष, भोला ranjeet,Rahul, सत्तू ये सब थे

देविका -: तभी में बोलू की तू ये क्यों कर रहा ह सरे आगरा लड़को के साथ रहता हे तू

वैभव-: अब नहीं रहूँगा मम्मी मुझे माफ़ कार्डो

devika--:(kuch सोच क्र) ठीक हे में तेरे घर पर नहीं बताउंगी मगर तूने अभी बोलै न की तू कुछ भी करेगा

वैभव-: है बड़ी मम्मी जो आप बोलोगी वो करूँगा आप किसी को मत बताना

देविका-: ठीक ह अभी जा मुझे शाम को मिल में किसी को नहीं बताउंगी जा अब

वैभव वह से निकल गया दौड कर घर की और देविका घर से बहार आयी और खेत में चली गयी और सोचने लगी

देविका--: उसने बोलै की वो कुछ भी करेगा और इसके सरे दोस्त भी आवारा हे कुछ भी कर देंगे पेसो के लिए क्यों न इन्हे में अपने साथ रखु और पैसे देती राहु जिससे ये मेरे बहुत काम आ सकते हे आवारा हे कुछ भी काम इनसे करवा सकती हु वैभव भी मेरे बहुत काम आएगा इनको में जो चाहिए देती रहूंगी जिससे ये मेरा सारा काम कर्नेगे है ये सही रहेगा शाम को वैभव से बात करती हु

देविका अपने ख्यालो में खोटी रही और ये सब सोच कर खुस थी की उसे 7-8 ावरे लड़के मिल जायेंगे जो उसके बहुत काम आएंगे

में आपको सरे लड़को और उनके फेमेली का इंट्रो देता हु

वैभव का आप जानते हो धापू को ले कर गया था रणजीत के साथ

और रणजीत बुलबुल का भाई जो देविका के साथ रहती हे वो बुलबुल और निशा को स्टाटिंग में फसाया था जो की निशा का प्लान था

मंगल आशा भाभी का देवर ,और भोला जो हे वो आशा भाभी का भाई हे जो यही रहता हे

सुनील और राहुल दोनों भाई हे और गांव में hi रहते हे

मनीष गांव का आवारा लड़का हे उसके घर में उसका गरीब बाप और माँ हे 2 बहने हे परिधि और प्रीति

सत्तू मनीष के मां का लड़का हे जो अब यही रहता हे उसके मां की फेमेली- में कोई नहीं हे

ये सब थे जो इस कहानी में अब रेगुलर रहेंगे

इधर विभु घर से बहार आया और सोनाली भाभी के घर में चला गया

तै-: आओ बीटा सोनाली तैयार हो रही हे

सोनाली-: में आ रही हु आप गाड़ी निकालो

तै-: ये आ गयी आवाज गाड़ी निकालो वो अभी आई

विभु वह से घर गया और अपनी बुलेट निकल कर उस बैठा हुआ सोनाली भाभी का इंतजार करने लगा कुछ देर में तै के घर के दरवाजे पर किसी की आहात हुई तो विभु की नजर वह गयी तो विभु ने देखा सामने सोनाली भाभी कड़ी थी एक डैम अप्सरा जैसे सामने कोई आशवर्या राइ आ कर कड़ी हो गयी हो


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सोनाली भाभी के चेहरे पर स्माइल थी जिससे उनका फेस और अच्छा लग रहा था

सोनाली भाबी ने देखा की विभु उनको तरफ hi देख रहा ह

सोनाली भाभी स्माइल करती हुई उसके पास आयी

सोनाली-: देख लिया हो तो अब चलो

विभु-: अभी कहा देख लिया कुछ बताया नहीं अभी तो

सोनाली--: मतलब

विभु-: कुछ नहीं बैठो

sonali--:(sab समझती हु आपको क्या देखना हे )

फिर सोनाली भाभी बाइक पर बेथ गयी और विभु ने बाइक डोडा दी सहर की और


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दोनों देवर भाभी बाइक पर बैठे बैठे जा रहे थे तभी सोनाली ने बात स्ट्रेट की

सोनाली--: बात बात हे विभु आज कल चाय लेके नहीं भूलते आप

विभु-: क्या करू अब आप मेने जो माँगा वो दिया नहीं

सोनाली--: बोलै न वो नहीं दे सकती में किसी और की अमंनत हु

विभु-: तो उसने क्या मेरी भी तो भाबी हो

सोनाली-: भाभी होने में और पत्नी होने में फर्क होता ह

विभु-: तो पत्नी बन जाओ

sonali--:(kamina) हैट बदमाश

फिर दोनों चुप चाप बेथ गए कुछ देर बाद सोनाली विभु से चिपक कर बेथ गयी जिससे उसके बड़े दूध विभु की पीठ में चुभने लगे और सोनाली के दूध डाब गए

इधर विभु का लुंड झट से खड़ा हो गया

मन की आवाज-:. भाई में तो बोलता हु इसका रपे करदे देख कैसे चुके दबा रही हे

विभु-- नहीं याररर ये खुद बोलेगी की में आपकी पत्नी हु मुझे अपना लो जब तक उसके हाथ नहीं लगाऊंगा

मन की आवाज--: है देखते हे कब तक रोकती ह ये आशवर्या राइ खुद को

व् िभु--: भाभी मेरी पीठ पर कुछ चुभ रहव ह जोर से

sonali--:(kamina );क्या चुभ रहा ह

विभु-: पता नहीं कुछ नरम नरम हे और 2 हे

सोनाली--: मुझे तो नहीं दिख रहे हे क्या हे

विभु-: आपके hi हे और आपको नहीं दिख रहे हे

सोनाली--: अब नहीं दिख रहे तो नहीं दिख रहे

विभु ने हिम्मत करके अपना हाथ पीछे ले जा कर सोनाली के दूध पर रख दिए

विभु-: ये क्या हे भाबी यही ह जो चुभ रहे हे

सोनाली अचानक हुवे इस हमने को सहन नहीं कर पायी और बाइक पर पीछे हैट गयी उसने सोचे नहीं था की विभु कुछ आशा करेगा

विभु-: क्या हुआ भाभी आपको आप पीछे क्यों हो गयी

सोनाली--: (कमीने दूध पर हाथ लगा कर पूछता हे क्या हुआ) कुछ नहीं वो वो वो

विभु-: बोलो क्या वो वाओ ऊ

सोनाली-: वो में आराम से बेथ गयी हु अब तो तुम्हारे कुछ चुभ नहीं रहा ह न

विभु-: नहीं अब नहीं चुभ रहा ह मगर क्या था वो नरम और बड़ा

सोनाली ये सुन कर शर्मा गयी

सोनाली-: मुझे तो नहीं दिखा. सायद नहींचे गिर गया होगा

विभु-: इतना बड़ा था और आपको नहीं दिखा

. सोनाली-: लगता हे ये बातो से hi मेरा पानी निकल देगा )) मुझे नहीं पता अब तुम बाइक चलाओ

विभु ने बाइक डोडा दी और कुछ समय में बाइक सहर आ गए

विभु-: भाभी जान अब कहा जाना हे

सोनाली--: में आपकी भाभी तो हु जान कब से हो गयी

विभु-: मेरी तो आप जान हो भाभी जान

सोनाली-: चलो अब किसी अच्छे मॉल में चलो

विभु-: ठीक ह जान

सोनाली--: भाभी जान से सिर्फ जान बहुत तेज़ नहीं चल रहे हो आप

विभु-: आपको बुरा लगा तो सॉरी

सोनाली-: चलो अब बाइक चलो जल्दी लेट हो जायेंगे

विभु ने बाइक मॉल के बहार आ गया

विभु-: आप रुको में आता हु बाइक पार्क करके आता हु

विभु ने बाइक स्टार्ट की और पार्किंग में खड़ा करके आ गया

सोनाली--: चले अब ..

विभु-: हम्म

सोनो अंदर आ गए अनादर जा कर सोनाली ने एक साड़ी वाली दुकान पर चली गयी

सोनाली-: आप भी चलो मेरी मदद करना

विभु-: हम्म

फिर दोनों चले गए और दुकान में जा कर बेथ गए

सोनाली--: साड़ी दिखाना अच्छी वाली

सलस गर्ल -: कितने तक चलेगी

विभु-: आप तो दिखाओ जहा तक की दिखा सको

सोनाली विभु की तरफ देखने लगी और वो लड़की साड़ी निकलने लगी

सोनाली--: इतने पैसे नहीं लायी हु में

विभु-: उसकी चिंता आप मत करो

लड़की आयी और 4-5 साड़ी दिखने लगी भाभी उन्हें देखने लगी और विभु भी देखने लगा

थोड़ी देर में लड़की क्र साड़ी लायी और भाभी को दिखाई भाभी ने 3 साड़ी पसनद की

सोनाली--: ये साड़ी ठीक रहेगी न

विभु-: है अच्छी हे मुझे क्या पहनना तो आपको हे

sonali-:(utarna तो आपको हे न) अब बता भी दो नाराजगी क्या हे

विभु-: ये 2 अच्छी हे ये वाली ठीक नहीं लग रही ह इसके बदले ये लेलो

सोनाली--: ठीक ह 2 साड़ी ये और 1 ये पैक कार्डो

सलस गर्ल और कुछ लेना हे आपको

सोनाली--: है अंडरगार्मेंट लेना हे

सलस गर्ल-: आप अंदर आ जाओ

सोनाली अंदर चली गयी और विभु वही कुर्सी पर बेथ गया उसे पता था की सोनाली भाबी क्या लेने गयी हे

कुछ देर वो बैठा रहा की अंदर से वो लड़की बहार आयी

सलस गर्ल-: सर आपको आपकी पत्नी भुला रही हे

विभु-: पत्नी मतलब

सॉस गर्ल-: अरे आपकी पत्नी उन्होंने बोलै की मेरे हस्बेंड को अंदर भेज दो

विभु-: क्या उन्होंने आशा बोलै

सलस girl'(kya अजीब हे ये) है आपकी पत्नी ने बोलै की मेरे हस्बेंड ये वो उन्हें अंदर भेज दो

विभु ये सुन कर अंदर गया वह एक टेबल के पास सोनाली भाभी कड़ी थी उन्होंने ब्रा और पेंटी ले ली थी अंदर बिल पाय करना था

सोनाली--: बिल पाय कार्डो

विभु-: कितना है टोटल

सोनाली--: 13000 और मेरे पास सिर्फ 7000 हे और मुझे और सामान भी लेना ह

विभु-: में हु न आप चिंता न करे

विभु बहार काउंटर पर आया और बिल पाय करके सामान ले लिया

विभु-: आपने उस लड़की को बोलै की मेरे हस्बेंड को भेज दो

sonali--:(ha मेरी जान) नहीं मेने कब बोलै मेने तो बोलै की मेरे देवर हे वो उन्हें भेज दो

विभु--: (ये तो ये झूट बोल रही या वो लड़की मगर वो लड़की झूट क्यों बोलेगी भाभी hi झूट बोल रही हे ) चोरो और कुछ लेना हे आपको

सोनाली-: है मकूप का सामान लेना हे

विभु ने बाइक एक अच्छी दुकान पर रोकी और बहार खड़ा हो गया कुछ देर में सोनाली भाभी कुछ सामान ले कर आ गयी

सोनाली-: अब मुझे सेंडल लेने हे

विभु-: ये दुकान हे यही से ले लेते हे

दोनों दुकान में गए और एक अच्छी सी चप्पल ले आये

सोनाली -: हो गया मेरा काम अब सिर्फ घर का सामान लेना हे

विभु-: वो तो किराना की दुकान पर गांव में मिल जायेगा न

सोनाली--: गांव में महनगा मिलता हे यहाँ से एक साथ लेते हे तो सस्ता रहता हे

विभु-: ठीक ह चलो

दोनों एक किरणे की दुकान पर गए और घर का सामान ले लिया

विभु-: और कुछ की चले अब

सोनाली-: मुझे गोल गप्पे खाने हे बहुत दिन हो गए हे

विभु-: चलो

दोनों गोगाप्पै की दुकान पर आये और उसकी गोल गप्पे देने का बोलै

दोनों खड़े हो गए और गोल गप्पे खाने लगे विभु सोनाली भाभी के हसीं चेहरे को देख रहा था जो और हसीं लग रहा था

तभी उसे क्या सुजा की एक गोल गप्पा सोनाली भाभी के मुँह के पास ले गया ये देख सोनाली भाभी भी अछ्म्ब में रह गयी और अगले hi पल उनके चहेरे पर एक स्माइल आयी

और उन्होंने अपना मुँह खोला और विभु ने गोल गप्पा उनको खिलाया बड़े प्यार से


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विभु ने एक के बाद एक तीन गोल गप्पे अपनी स्वीट भाभी को खिलाये

सोनाली भाभी बहुत खुस लग रही थी विभु ने उसे पैसे दिए

विभु-: चले भाभी अब

Sonaki-:(kya बात हे केवल भाभी जान नहीं कहा अब) है मेने तो सारा सामान ले लिया हे आपको कुछ लेना हो तो ले लो

.विभु -: आप यही रुको में सामने वाली दुकान से आया

विभु अंदर गया और वह जा कर कुछ गिफ्ट देखने लगा कुछ देर देखने के बाद उसे एक गिफ्ट बड़ा अच्छा लगा उसने वो पैक करने को कहा

विभु+; भैया एक पेज और एक पेन देना

दुकान वाले ने वो पेज और पेन दिया विभु ने कुछ लिखा और वो कागज उस गिफ्ट के साथ पैक करवा दिया और पैसे दे कर आ गया

विभु-: चलो अब अँधेरा हो जायेगा

सोनाली--: हम चलो

सामान कुछ ज्यादा होने के कारन सोनाली ने सामान दोनों के पूछ में रख दिया जिससे वो विभु से कुछ दुरी पर बैठी कुछ दूर चलने के बाद जब विभु ने देखा की रास्ता सुनसान हे तो उसने बाइक रोक दी

सोनाली-: क्या हुआ बाइक क्यों रोकी आपने

विभु-: कुछ काम हे मुझे

सोनाली बाइक से उत्तरी और विभु भी ुअत्तर गया उसने वो जो गिफ्ट लिया था वो हाथ में लिया और एक गुलाब का फुल भी हाथ में लिया और सोनाली भाभी के पेरो के पास बेथ गया

सोनाली ये सब देख कर अपने मुँह पर हाथ रख लिया


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विभु-: ी लव ु भाबी जान मुझसे सधी करोगी

सोनाली भाभी कुछ न बोली बस चुप चाप मुँह पर हाथ रख कर कड़ी रही

विभु--: बोलो भाभी जान मुझे आपसे बहुत प्यार हे मुझसे सधी करोगी

सोनाली कुछ सोच कर वो गिफ्ट और गुलाब ले लिया

विभु-: बोलो न भाभी जान

सोनाली--: विभु ये गलत ह किसी को पता चल गया तो क्या होगा

विभु-: नहीं चलेगा भाभी में किसी को नहीं बताऊंगा और न hi आप फिर क्यों

सोनाली-: नहीं मुझसे नहीं होगा एईई

विभु-: भाभी प्ल्ज़्ज़्ज़्ज़

सोनाली-: अभी मुझे घर चोर दो पलज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़

vibhu--:me आपके जवाब का इंतजार करूंगा भाभी जान

विभु ने बाइक स्टार्ट की और बाइक पर बेथ गयी सोनाली कुछ समय में दोनों घर आ गए घर आ कर विभु ने बाइक लगा क्र अपने घर में आ गया बिना सोनाली के देखे और सोनाली सामान ले कर घर में रखा और अपना सामान ले कर अपने रूम में आ गयी और बीएड पर बेथ गयी

सोनाली--: विभु इतनी जल्दी ये सब करेगा मेने सोचा नहीं था मगर ये क्या में तो सिर्फ उसे अपने जिस्म की प्यास बहुजन चाहती हु और वो मुझसे प्यार करने लगा और सधी की बात क्र रहा ह कैसे संभव होगा ये कैसे और में उसे है भी नहीं बोल पायी क्या करू

.

सोनाली ने सोचते हुवे गिफ्ट खोलने लगी धीरे धीरे जैसे hi गिफ्ट खुला उसके अंदर दो गीत थे

एक पिल्लो था जिस और कुछ लिखा था


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दोनों गिफ्ट देखकर सोनाली भभ के चेहरे पर स्माइल आ गयी

sonali-:janab ने तो दिल hi जित लिया पत्नी hi बना लिया सुच में अब देखो अपनी पत्नी प्यार

सोनाली ने दोनों गिफ्ट को अपने साइन से लगाया और बोली

सोनाली-: ी लव ु जान मेरे विभु 😘😘😘

तभी उसकी नजर गिफ्ट के पास रखी एक कागज पर गयी उसने वो उठाया और पड़ने लगी

लेटर) -:: ी लव ु भाभी जान आप मुझसे सधी करोगी मेरी पत्नी बनोगी दुनिया की नजर में आप मेरी भाभी और अकेले में मेरी पत्नी बनोगी मुझसे फिर से सधी करोगी आपका ाशिप आपका विभु अगर आपका है हे तो आज रत 10 बजे मेरा इंतजार छत पर करना कुछ बोलना मत आ जाना आ गयी तो मेरी hi समझूंगा नहीं आयी तो हमेसा के लिए दूर हो जाऊंगा आपसे आपकी खुसी के लिए

आपको विभु ी लव ु भाभी जान को

सोनाली ये चिट्टी पद कर खुश हो गयी

इधर विभु भी वह से घर में आ गया
 
अपडेट ---: (((((100 )))))))))

विभु घर आया और सीधा वह से अपने रूम में गया उसने देखा शाम की 6 बज चुकी हे और अभी तक मनीषा भाभी का कॉल आया नहीं था की आज आज शालू भाभी का दूध पीना हे और चुदाई भी करनी थी

विभु ने मोबाइल निकला और मनीषा भाभी को कॉल किया

म भाभी--: है बोलो जान

विभु-: क्या हुआ बताया नहीं की कहा मिलना हे शालू भाभी से

म भाभी--: रुको में आपको कॉल करके बताती हु

विभु-: हआ

म भाभी-: वैसे यहाँ तो आ जाओ

विभु-: ठीक ह थोड़ी देर में आता हु वही में

म भाभी-: है यही आओ इतने में शालू से बात करती हु

म भाभी ने कॉल कट किया और शालू भाभी को कॉल किया कुछ घंटी जाने के बाद शालू बहभ ने कॉल अत्तयं किया

शालू-: है मनीषा बोल

मनीषा-: भूल गयी क्या तुजे आज उससे मिलना हे .

शालू-: है यद् हे पर अभी कहा टाइम हुआ हे

मनीषा-: है पता ह मगर जगह चेंज करनी पड़ेगी मेरे तबेले में नहीं हो सकता वह हर कोई आता जाता ह किसी ने सुन लिया तो दिक्कत हो जाएगी

शालू-: फिर कहा मिलना हे

मनीषा-: वो तू बता कहा सही रहेगा

शालू-: कुछ सोच कर) एक काम कर उसे मेरे खेत पर भेज दे

म भाभी--: पागल हे क्या उसे पता न चल जायेगा की तू हे

शीला-: है यरररर मगर मुझे तो बता वो कोण हे .

म भाभी--: तुजे तो छोड़ना हे न चुद ये मत देख कोण हे

शीला-: भरोसे मंद तो ह न वो .

म भाभी--: उसकी चिंता मत क्र तू वो सब मेरे ऊपर चोर और जगह बता .

शीला-: में कॉल करती हु तुजे थोड़ी देर में

म भाभी--; जल्दी करना वो आने वाल्ला हे

शीला-: 5 मिनिट में कॉल करती हु

शीला भाभी ने कॉल कट किया और सोचने लगी की कहा मिले और कोण ह वो आज उसका चेहरा देखना ह कैसे भी करके आशा कोण हे जो इतनी मस्त चुदाई करता ह ये मनीषा को कहा मिला हे कोण मगर कहा मिलु फिर उसे यद् आया और उसने मनीषा को कॉल किया

शीला-: मनीषा सुन उसे मेरे घर के पीछे जो थोड़ी दूर एकांत जगह पर खाई हे वह भेज देना 8 बजे

म भाभी--: पागल वह खुले में तेरी आवाज कोई सुन लेगा

शीला-: वो मेरे ऊपर चोर में मैनेज कर लुंगी ..

म भाभी--: ठीक ह देखन तू ये अच्छा हे आज तेरा घर वाला यहाँ नहीं ह

शीला-: है माँ और माला हे उसे में कुछ भी बहाना बना दूंगी

म भाभी-: ह्म्म्मम्म

फिर भाभी ने कॉल कट किया और उसके घर की बेल्ल बजी

म भाभी--: ये लो ये आ गए इतनी जल्दी

भाभी ने जा कर गेट खोला तो सामने नव्या दी कड़ी थी

म भाभी--: नव्या आप आओ अंदर अचानक .

नव्या-: वो भाभी प्रिय ने बोलै था की आज शाम को आ जाना तो आ गयी में

म भाभी-: है वो अपने रूम में hi हे

नव्या-: ठीक ह में वही जाती हु

नव्या वह से प्रिय दी के रूम में चली गयी और भाभी रसोई में खाना बनाने गयी

इधर विभु अपने कमरे में बैठा था की उसके रूम में किसी के आने की आहात हुई उसने देखा तो सामने सीमा दी कड़ी थी


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विभु--: वव क्या बात ह आज हुस्न की पारी मेरे रूम में

सीमा दी-: हुस्न नहीं तेरी पारी हु में

विभु--: हम्म्म दी आप मेरी पारी हो आओ न मेरे पास बैठो

सीमा-: विभु खाना हो गया चलो खाना खा लेते हे

विभु -: हम्म पहले मुँह तो मीठा कार्डो बहुत दिन हो गए आपके होठो को चका नहीं

सीमा-: गंदे ाशे नहीं बोलते

विभु-: हो में गन्दा हो गया फिर रत को देखना क्या हल करता हु आपका

सीमा-: है देख लुंगी क्या करते हो

विभु ने सीमा दी का हाथ अपने हाथ में लिया


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विभु-: दी एक बात बोलू

सीमा -: हम्म भाई

विभु-: बचपन से आज तक कभी आपको समझा hi नहीं आपने कितना प्यार किया मुझे और मेने हमेसा आपसे झगड़ा

सीमा-: कोई नहीं मेरा भाई हमेसा मुझे प्यार करता था मुझे पता ह

विभु-: दी में आपको कभी नहीं छोड़ूंगा कभी नहीं

सीमा-: मुझे पता ह भाई तू मुझे कितना प्यार करता हे

विभु-: दी आप हमेसा मेरे साथ रहना वडा करो

सीमा दी-: वडा हे भाई तेरे सुख में न सही तेरे दुःख में तुजे मुझे अपने पास पायेगा

विभु--: ी लव ु दी

सीमा -: ी लव ु 2

विभु ने सीमा दी को जोर से सीने से लगा लिया और किश करने लगा


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दोनों भाई बहन ने कोई 5 मिनिट तक किश किया एक दूसरे के होठो को चूसने में दोनों का मन नहीं भरा मगर मज़बूरी में दोनों को अलग होना पड़ा

सीमा-: रत को कितनी बजे तक आएगा भाई

विभु-:(10 बजे ऊपर जाना हे सोनाली भाभी अगर मेरा प्यार एक्सेप कर लेती ह तो आएगी जरूर वो ऊपर ) 10.30 बजे फिक्स आ जाऊंगा में

सीमा-: हम्म लव ु

एक बार और विभु ने सीमा दी को अपने सीने से लगाया कुछ देर दोनों ाशे hi रहे फिर सीमा विभु को बोलकर निचे आ गयी

निचे सब बैठे थे नेहा सुमन माँ सीमा विभु भी उनके पास आ गया

और सबने हसी मजाक करते हुवे खाना खाया

खाना खा कर विभु माँ का बोलकर मनीषा भाभी के घर निकल गया


विभु कुछ समय में मनीषा भाभी के घर आया और बहार माला कड़ी थी शालू भाभी की ननन्दा उसने

माला-: ही विभु कैसे हो

विभु-: ठीक हु तुम किसी हो माला

माला-: अच्छी हु दिख नहीं रही क्या

विभु-: दिख रही हो न वैसे अजय बड़ा खुस रहता ह आज कल बड़ी सेवा कर रही हो

माला-: गंदे लड़के आशा कुछ नहीं हे समझा .

विभु-: पता ह मजाक कर रहा हु

mala-:(Ajay में भी मुझे तुम दीखते हो उस दिन बस वाले कांड के बाद ) पता ह वैसे कहा जा रहे हो

vibhu--:(teri भाभी को छोड़ने उसका ताज़ा दूध पिने जा रहा हु) यही आया हु मनीषा भाभी से मिलने

माला-: ( है. पता ह हर बार यहाँ से निकलते हो तो खड़ा लुंड लेके निकलते हो) ोकक जाओ मुझे भी काम हे भाभी धीरज भाभी के वह जा जा रही ह तो मुझे गुड़िया को संभालना हे

विभु-: (अच्छा तो धीरज बभी की दुकान का बोलै हे शालू भाभी ने) ठीक ह

विभु वह से मनीषा भाभी के घर में आ गया और सीधा रसोई से आवाज सुन कर वह चला गया वह जा कर देखा तो म भाभी कुछ काम कर रा hi थी

विभु--: मेरी पोर्न स्टार क्या क्र रही ह

म भाभी ने पूछे मुद कर देखा और काम करने लगी

म भाभी-: ओह्ह तो में पोर्न स्टार हो गयी अब

विभु-: सॉरी वो मेने जापान में आपकी जिसे एक पोर्न स्टार देखा तो आपको बोल दिया

म भाभी-: बोल सकते हो आपके लिए कुछ भी बन जाऊ में
आप मेरे रूम में जाओ में आती हु

विभु-: में प्रिय दी से मिल कर आता हु

.म भाभी-: नहीं आप मेरे रूम में जाओ वह नव्या भी ह में आती हु मेरे रूम में जाओ

विभु वह से निकल कर सीधे मनीषा भाभी के रूम में चला गया

कुछ देर में मनीषा भाभी आयी विभु के पास बेथ गयी विभु ने उसे अपनी गॉड में बिठा लिया

विभु-: है तो मेरी पोर्न स्टार बोलो क्या प्लान बनाया ह शालू भाभी का

म भाभी-: वो आपको उसके घर के पीछे जो खाई हे व्ही मिलेगी

विभु-: मगर आपने वह का मन बोलै न मुझे .


ंभाभी--: अब उसी ने बोलै की में सब संभाल लुंगी ठीक ह में क्या करती

विभु--: ये उसकी मर्जी से हो रहा ह तो ठीक ह फिर मज़ा आएगा आज पर मेरा प्लान कुछ और था

म भाभी-: बोलो क्या

विभु--: मुझे आप दोनों सहेलियों को एक साथ छोड़ना था

म भाभी--: अच्छा और उसे पता चल जाये की आप मेरे देवर हो फिर वो मेरे बारे में क्या सोचेगी

विभु-: मगर कभी पता चल गया तो

म भाभी--: नहीं ये बात उसे पता नहीं चलना चाहिए की वो लड़का आप हो बस

विभु--: मगर क्यों

म भाभी--: मेरे लिए इतना नहीं क्र सकते हो

विभु-: ोकककक आपके लिए में मेरे फैंटेसी को गोली मर देता हु मेरी पोर्न स्टार

म भाभी--: मेरे वडा हे हम दोनों सहेली आपको एक साथ मज़ा देंगे एक दिन

विभु-: पक्का

ंभाभी---: हम्म पक्का

फिर विभु और दोनों ाशे hi बाटे करते रहे जिसने टाइम 8 बजने आ गयी

म भाभी--: जाओ अब आप वह

विभु--: भाभी मगर ये तो पक्का ह की वो मेरे निचे आने के बाद उठ नहीं पायेगी तो वो वह के चल के कैसे आएगी

म भाभी--: है ीरर्र ये तो मेने सोचा hi नहीं तुम एक काम करना उसको सहारे दे क्र मेरे तबेले तक चोर देना और मुझे कॉल करना बाकि में देख लुंगी

विभु--: ठीक ह अब में चलता हु ताज़ा दूध पिने

म भाभी-: हम्म्म जाओ

फिर विभु वह से निकल गया शालू भाभी को छोड़ने


इधर विभु के घर पर नेहा और सुमन पूजा के घर पे बेथ कर कुछ बाटे कर रहे थे तीनो अच्छे से मज़े ले कर बात क्र रही थी

इधर सीमा दी ने आज सुबह hi नाहा कर अपनी छूट को क्लीन कर दिया था उसने एक बार और बाथरूम में जा कर अपनी कुंवारी छूट को देखा

सीमा-: मेरी छूट रानी बस कुछ घंटो और इंतजार कर लो फिर तुजे तेरे सपनो का राजकुमार मिलने वाला हे

वो बहार आयी और उसे टेबल पर रखी एक ड्रेस दिखी

सीमा दी-: सीट ये ड्रेस तो मुझे निशा को देना था अभी दे कर आती हु

सीमा दी वह से निकल कर निचे आयी निचे उसी माँ बैठी थी

माया माँ-: कहा जा रही थी बेटी .

सीमा-: माँ में निशा को ड्रेस दे कर आती हु अभी

माया-: किसी को साथ लेजा अंदर हो गया ह बहुत

सीमा-: माँ में अभी आयी आप चिंता मत करो गांव में लइते हे

माया-: ठीक ह आराम से जाना

सीमा-: हम

फिर सीमा दी वह से निकल गयी नीता चची के घर पर


इसी टाइम रत को 8 बजे देविका अपनी देवरानी मंजू को कॉल करके उसके बेटे वैभव को भुला लेती ही

मंजू वैभव को बोल देती हे की उसे उसकी बड़ी मम्मी ने भुलाया हे कुछ काम हे

वैभव समझ जाता हे की आज दिन में बड़ी मम्मी ने उसे जनजा पिटे पकड़ा था उसी के बारे में सायद कुछ बोले उसकी गांड फैट गयी मगर दर के वो चला गया

कुछ देर में देविका के कमरे में वैभव आता हे

देविका-: इधर आओ मेरे पास

वैभव डरता हुआ देविका के पास जा कर खड़ा हो गया डरते हुवे

देविका-: है तो बताओ बता दू तेरी मम्मी और पापा को की तू गांजा पि रहा था अपने आवारा दोस्तों के साथ

वैभव-: निचे बड़ी मम्मी आप मत बताओ प्ल्ज़ वो मुझे बहुत मरेंगे आज के बाद कुछ नहीं करूंगा में अपने दोस्तों का साथ चोर दूंगा

देविका-: अच्छा आज के बाद कुछ नहीं करेगा मुझे कैसे विश्वाश होगा की तू आज के बाद कुछ नहीं करेगा

. वैभव-: आपकी कसम बड़ी मम्मी आज के बाद में कुछ नहीं करूंगा

देविका--: ठीक ह मुझे यकीन हो गया पर तुजे मेरा एक काम करना पड़ेगा

ये बोल hi रही थी देविका की उसने अपने दूसरे हाथ से वैभव की नजर से बचके अपनी साड़ी का पल्लू निचे गिरा दिया जिससे वैभव के सामने अब जो नजारा था वो देखने लायक था


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वैभव की नजर अपनी बड़ी मम्मी की बड़ी चूचियों पर अटकी रह गयी जो अचानक साड़ी के पल्लू गिरने से दिख गयी थी

देविका ने भी देखा वैभव की नजर उसकी चुकी पर हे वो यही तो चाहती थी

देविका--: क्या देख रहे हो तुन्हे सरम आती हे

वैभव--: वो मम्मी में सॉरी

देविका ने वैभव का हाथ पकड़ा और उसे अपनी गॉड में बिठा लिया

देविका-: क्या देख रहा था तू

वैभव -: कुछ नहीं बड़ी मम्मी गलती से नजर चली गयी

देविका-: गलती से भरा चली गयी तो तेरा ये क्यों खड़ा हुआ देख

देविका ने वैभव के लुंड को हाथ से सहलाते हुवे कहा


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वैभव-: अहह बड़ी मम्मी क्या करती हो चोरो न

.देविका-; क्यों अच्छा नहीं लग रहा ह क्या

वैभव-: बहुत अच्छा लग रहा ह मगर आप मेरी बड़ी मम्मी जो ये सब ाःहाहा आप पापा को बता डौगी

देविका-: मेरा काम करेगा तुजे सब कुछ दूंगी जो मांगेगा तू

वैभव-: कोनसा काम बड़ी मम्मी

देविका--: तुजे बस तेरे दोस्तों से मुझे मिलवा दे कल वही सब बता दूंगी फिर तू जो मांगेगा वो मिलेगा और है ये सब किसी भी दोस्त को मत बताना न hi तेरे माँ पापा को .


वैभव-: सुच बड़ी मम्मी

देविका-; कभी किश किया हे किसी के साथ

वह्हाव-: मतलब

देविका-; अरे बंधु कभी किसी के होठो को चूमा हे

वैभव-: नहीं

.देविका-: ठीक ह कल इंतजार करना तुजे सब मिल जायेगा मेरा काम करदे

वैभव -: ठीक ह बड़ी मम्मी

देविका-: जा अब और है इसको बिठा दे कोई देख लेगा बहार

वैभव-; ठीक ह बड़ी मम्मी

वैभव हँसता हुवा वह से चला गया कहा वो डरता हुआ आया था और अब उसकी दर ख़तम हो गया था उसकी बड़ी मम्मी की हरकत देख कर मगर उसके मन में अभी भी हल्का दर था की बड़ी मम्मी ये सब क्यों कर रही ह मेरे दोस्तों से क्या बात करेगी मेरे सरे दोस्त तो ावरे हे उनके पास तो पैसे भी नहीं हे फिर क्या मुझे क्या में तो बड़ी मम्मी के साथ हु मुझे सायद वो भी मिल जाये जिसके लिए में इन आवारा लड़को के साथ हुआ था

इधर देविका वैभव के जाते hi किसी को कॉल किया

औरत-: है बोल देविका

देविका-: दीदी मेने वैभव को जैसे आपने बोलै था वो बोल दिया ह अब कल वो अपने दोस्तों के साथ मुझे खेत वाले घर मिल रहा ह क्या करना ह बोलो


औरत-: ......,................................................

देविका-: ठीक ह दीदी मुझे भी करवाना पड़ेगा उनसे

औरत-: वो तेरे ऊपर हे तू चाहे तो मगर अपना कहें न बिगड़े देख लेना उसके लिए तुजे कुछ भी करना पड़े कर लेना

देविका-: समझ गयी दी

औरत-: ठीक ह मुझे थोड़ा काम ह में तुजे बाद में कॉल करती हु और है मंजू के पास विभु के कॉल आया था

देविका--: में बात करती हु विभु से .


देविका ने विभु को कॉल लगाया मगर विभु तो उसी समय शीला भाभी को छोड़ने का रहा था उसने देविका का कॉल नहीं उतःया

देविका ने फिर कॉल मंजू को लगाया

देविका-: मंजू विभु का कॉल आया था उस बार को ले कर

मंजू-: अभी तक तो नहीं आया में खुद उसके कॉल का इतनेजर कर रही हु

देविका-: है तेरी छूट में तो बहुत गर्मी हे न

मंजू-: दी अब फास गए हे तो मज़े लो खुलकर

देविका-: ठीक ह जैसे hi उसने कुछ कॉल आये मुझे बताना

मंजू-: है ठीक दी

देविका ने कॉल रखा और सोचने लगी की ये विभु ने 2 दिन हो गए अभी तक कॉल क्यों नहीं किया पहले तो मंजू को छोड़ना हे बड़ा उतावला हो रहा था कमीना अब क्या हो गया मेरा भी कॉल नहीं उठा रहा ह और ये मंजू बड़ी खुस हो रही ह उसे नहीं पता की वो मेरे जाल में फास रही ह जहा से उसक निकलना अब मुश्किल होगा

देविका की हंसी आ गयी और वो अपनी बहु अनीता के पास जा कर बात करने लगी


धार सोनाली भाभी ने बड़ी खुस लग रही थी उसे ये यकीन नहीं था की विभु उसे हे बोलेगा की मुझसे सधी करोगी विभु उसी इतना प्यार करेगा अब उसे भी विभु से प्यार हो गया था

चेतना भाभी--: क्या बात हे आज बड़ी चहक रही ह मेरी सोनाली

सोनाली भाभी-: दीदी कुछ नहीं ाशे hi में तो हमेशा खुश hi रहती हु

चेतना--; कही देवर जी ने आने का प्लान तो नहीं बना दिया

सोनाली-: दीदी अगर वो आते तो साथ में जेठ जी भी आते ह समझी और फिर आप भी खुस हो जाती

दोनों देवरानी जेठानी ाशे hi हंसी मजाक करते रहे और खाना खा कर दोनों अपने रूम में

सोनाली-: आज तो मुझे अपने पिया से मिलना हे आज संवर कर जाउंगी अभी नाहा लेती हु

सोनाली नहाने चली गयी


इधर विभु मनीषा भाभी के घर से निकल कर शीला भाभी के घर के पीछे खाई की और जाने लगा

इधर मनीषा भाभी ने शीला को कॉल किया

म भाभी-: कहा ह चली गयी तू

शीला भाभी-: नहीं अभी तो घर हु अब निकल रही हु

म भाभी--: वो निकल चूका ह जल्दी जा वह नहीं दिखी तो वापस लौट आएगा

शीला भाभी- ठीक ह जा hi रही हु 2 मिनिट में

म भाभी-: और है कुछ ले जाना बिछाने का वह गंदे में कैसे लेतेगी

शीला भाभी-: उसकी चिंता मत करो मेरी जान मेने पहले hi वह छुपा के आ गयी हु

म भाभी--- : ओह्ह तो इतनी आग लगी ह तेरी छूट में

शीला-: तुजे तो पता ह मेरे छूट की आग कभी संत नहीं कर पाए वो तेरी वजह से यहाँ रुकी रही हु और आज तूने hi मेरी इच्छा पूरी करने जा रही ह

म भाभी--: चल लोड मत ले और है उससे बात क्र लेना अपना नाम मत बताना बस बाकि बात क्र लेना

शीला-: चल ठीक ह में बाद में कॉल करती हु में मोबाइल नहीं ले जा रही हु अब कॉल मत करना

म भाभी--: ठीक ह

कुछ देर में शीला भाभी ने अपनी बेबी को सुला कर वह पर माला को बिठाया और धीरे से निकल गयी

वो सीधा उस जगह गयी जहा विभु पहले से उसका इंतज़ार क्र रहा था

विभु ने भी देखा की कोई आया हे वो सूरे करना चाहता था की वो शीला hi हे

शीला उसके पास गयी और बोली

शीला-: वो मनीषा ने

विभु-: हआ आओ कहा भुलाया था आपने यही जगह ह न

शीला-: थोड़ा आगे चली यहाँ तो कोई आ जाता ह वह कोई नहीं आएगा

विभु--: हम्म चलो

.शीला आगे आगे और विभु अन्डेहरे में उसके पीछे पीछे चलता गया


इधर सीमा दी अपने घर से निकल गयी थी ये उस समय की बात हे जब विभु और शीला भाभी के पीछे चल रहा था

सीमा ने नीता चची के घर पर जा कर देखा तो गेट लगा था

सीमा दी-: क्या बात हे आज तो यहाँ 8 बजे hi गेट लग गया

सीमा दी ने गेट बजाय अंदर सोफे पर निशा बैठी थी नव्या दी आलरेडी प्रिय दी से मिलने चली गयी थी

निशा ने आ कर गेट खोला

सीमा-: क्या बात ह निशा आज तो अभी से गेट लगा कर बैठे हो

निशा-: वो वो वो आज घर में कोई नहीं हे अकेली हु तो लगा दिया

सीमा दी-: बाकि सब कहा ह

निशा -: वो माँ बहार गयी ह काम से अभी आती होगी और नव्या दी प्रिय दी से मिलने गयी ह

सीमा -: अच्छा चल और तू मुझसे मिले


और सीमा दी बहार हल में सोफे पर बेथ गयी

nisha-: didi chalo mere room me Beth kar bate karte he

seema-: jab ghar me koi nhi he gate laga h to yhi beth jate h

nisha ne seema di ka hath pakda or khinch ke apne room me le gayi jo upar tha

seema-: pagal h tu

nisha-: (hanste huve ) haaaaa

dono room me aa gyi

seema-: ye teri dress dene aayi thi me

nisha-: rat ko aane ki kya jarurt he kl din me aa jati

seema--: (aaj ki rat vibhu ke sath rhna he kl sayad chal na pati is liye aaj hi aana pada meri bahan) kuch nhi free thi to socha aa jati hu .. navya di to h n ab me chlti hu

nisha-: thik h me or navya kal aa jate he vahi

seema-: thik he ab me chlti hu

seema di niche aa gayi or priya wo dress jamane lagi

jab seema di niche aayi to use Nita chachi ke room se kisi ko aawaj sunai di

seema di-: nisha to bol rahi h ki sab bahar he fir yaha kon h

seema ne upar dekha Nisha abhi tak nhi aayi thi seema di per acchank room ki taraf bad gaye dhire dhire wo room ki taraf ja rahi thi idhar nisha ko kuch yad aaya or wo doad ke niche aayi idhar dhire dhire seema di room ke pas chali gayi or aik dam se gate ko dhkka lagaya

gate khula or piche nisha aa kar khadi ho gayi uske piche or seema di ne andar jo dekha wo dekh kr uski aankhe fati ki fati rah gayi ......

usne jor se चिल्लाया nita chachi aap iske sath ...............

seema ki aawaj sun kar nita chachi or us aadmi ne seema ko dekha idhar nisha bhi seema ki aawaj sun kar uske piche aa kar khadi ho gayiiiiii........
 
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