- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 130,787
मेरी आशिकी तुमसे hi.....
अपडेट 170.... (वर्ड काउंट 7500)
सुलतान : ये मेरे अपने हैं.... इन को एक खरोच भी आ जाए ये मैं बर्दाश्त नहीं कर सकता... गुस्से से मेरा दिमाग फटने लगता है.... जी चाहता है की उसे फ़ौरन जान से मार दूँ.... यहाँ तो तुम सब ने मिल के इनके साथ इतनी ज़लील हरकत करनी चाही.... अब तुम सब को मेरे केहर से कोई नहीं बचा सकता....
ये कह के सुलतान आगे बढ़ता है और बाकी सब को भी बुरी तरह से अपनी तलवार से काट ते हुए मौत के घात उतार देता है.... तब कहीं जा के उसका गुस्सा शांत होता है.... तभी किसी की आवाज़ सुनके सुलतान पलट के उस ततफ देखता है..... वो बीएड पे पूरी तरह से नंगी लेती मचल रही है.... उसकी आँखों में सेक्स की भूख साफ़ नज़र आ रही है.... यहाँ तक की उसके मुँह से भी कामुक सिसकारी निकल रही है.... सुलतान फ़ौरन अपना चेहरा दूसरी तरफ घुमा लेता है.... और अपने जादू से उसे कपडे पहना देता है.... बाकी लड़कियों का हाल भी कुछ ऐसा hi है.... फर्क सिर्फ इतना है की बाकी की लड़कियों के जिस्म पे कपडे मौजूद है.... सुलतान अपनी टीम को यहाँ सब साफ़ करने को कह के सब को ले के हॉस्पिटल निकल लेता है....
वहां डॉ फ़ौरन सब का इलाज करने लगते हैं.... इलाज के बाद जो बात डॉ सुलतान को बताती है उसे सुन के सुलतान के पैरों टेल से ज़मीन निकल जाती है.... उसे समझ नहीं आ रहा है की आखिर वो करे तो क्या करे....?
अब आगे....
सब का इलाज होने के बाद सुलतान वार्ड में जा के डॉ से बात करता है....
सुलतान : डॉ अब कैसी हैं सब....?
डॉ : मैंने सब को इंजेक्शन लगा दिया है अब काफी हद तक अब सब ठीक हैं.... कुछ देर में आप इन्हे ले जा सकते हैं...
डॉ की बात सुन के सुलतान को थोड़ा सुकून आ जाता है.... फिर वो मुद के उन दोनों की तरफ देख के उनसे उनका हाल पूछता है....
सुलतान : कैसी हो तुम दोनों....?
ये और कोई नहीं ऐना और मीणा हैं....
सुलतान की आवाज़ सुनते दोनों दौर के उसके करीब जा के कास के उसके सीने से लिपट के रोने लगती हैं....
सुलतान : ये क्या पगली तुम दोनों रो रही हो....? अब सब ठीक है.... देखो तुम्हे कुछ नहीं हुआ....
दोनों नाम आँखों से सुलतान को देख के कहती है....
दोनों : अगर कुछ हो जाता तो....?
सुलतान : जब तक सुलतान ज़िंदा है उसकी परियों को कुछ नहीं हो सकता....
ऐना : उस दिन भी और आज भी जो हुआ उसके बाद से हम इतना दर गए हैं की अब तो लगता है जैसे की अब तो हम अपने घर में भी सेफ नहीं हैं.... आज हम घर से कॉलेज जाने के लिए निकले hi थे की तभी एक कार आ के हमारे सामने रुकी... और उसमे से कुछ गुंडे निकले.... इस से पहले की हम कुछ समझ पाते उन लोगों ने हम को बेहोश कर के कार में दाल दिया और ले गए....
ऐना की बात सुन के सुलतान उनके सर पे हाथ रख के उनके जिस्म पे सुरक्षा शैलद एक्टिवटे कर देता है.... दोनों को अपने जिस्म में कुछ अलग सा एहसास होता है.... वो सुलतान से कुछ पूछने hi वाली होती हैं की तभी सुलतान की बात सुन के उनके उदास और परेशां चेहरे पे सुकून आ जाता है.... दोनों खुश हो के सुलतान के सीने से लिपट जाती हैं.....
सुलतान : आज से बल्कि अभी से कोई भी तुम दोनों को बिना तुम्हारी इजाज़त के छू भी नहीं पायेगा.... अगर किसी ने भी तुम दोनों को गलत इरादे से चुवा भी तो समझ लो की उसकी मौत पक्की है.... तुम दोनों अब सेफ हो.... तुम्हे कुछ नहीं हो सकता.... और हाँ एक बात याद रखा तुम दोनों मेरी पारी हो.... सुलतान की परियां.... जो डरा नहीं करती.... बल्कि डराया करती हैं.... समझी.....
दोनों : हाँ में अपनी गर्दन हिला के कास के सुलतान के सीने से लिपट जाती हैं....
कुछ देर ऐसे hi सुलतान के सीने से लिपटे रहने के बाद अचानक से ऐना को कुछ याद आता है जिस से वो बेहद परेशान हो जाती है.... उसके मुँह से एक लफ्ज़ निकलता है....
ऐना : माँ....
ये कह के वो इधर उधर नज़रें घुमा के अपनी माँ हुस्ना को ढूढ़ने लगती है.... जब वो उसे नज़र नहीं आती तो उसकी आँखें नाम हो जाती हैं.... उसकी आँखों से आंसू बहने लगते हैं....
ऐना : सुलतान... माँ कहाँ है....? वो कैसी हैं... वो ठीक तो हैं न....? बोलो सुलतान....
ऐना की बात सुन के सुलतान फ़ौरन दोनों को ले के उस वार्ड की तरफ जाता है जहाँ हुस्ना चची को एडमिट किया गया है.... वहां पहुँच के वो डॉ से हुस्ना चची के बारे में पूछता है....
सुलतान : डॉ.... हुस्ना चची की तबीयत कैसी है....?
डॉ : मैंने इंजेक्शन तो दे दिया है मगर जल्द से जल्द अगर इनका इलाज नहीं किया गया तो इन की हालत और बिगड़ सकती है.... शायद इन की जान भी जा सकती है....
डॉ की बात सुन के सुलतान को गुस्सा आ जाता है....
सुलतान : जब चची की हालत इतनी खराब है तो उनका इलाज करने के बजाये आप यहाँ कड़ी कड़ी बातें क्यों बना रही है....? जा के उनका इलाज कीजिये....
डॉ : हम जो कर सकते थे वो हम कर चुके हैं..... इनके जिस्म में फैले वियाग्रा को निष्क्रिय करने के लिए हम पहले hi इन को हैवी दोसे एंटीडोट दे चुके हैं मगर उस से भी कोई असर नहीं हो रहा है... और ज़्यादा एंटीडोट देने पे इनका दिमाग पहात सकता है.... और अगर नहीं दिया तो भी सेक्स न करने की वजह से इनका दिमाग पहात सकता है.... अब सिर्फ एक hi रास्ता है इनके अंडर के वायग्रा के पावर को ख़तम करने का.... सेक्स... सेक्स के ज़रिये hi इनके अंडर फैले वियाग्रा को धीरे धीरे काम किया जा सकता है.... मगर उसमे भी वक़्त लगेगा.... काम से काम 5 दिन तक इन्हे रोज़ सेक्स करना होगा.... ताकि इनके अंडर की सेक्स नीड पूरी हो सके.... अब ये तो सिर्फ इनके पति कर सकते हैं.... तो अब जितनी जल्दी हो सके आप इन्हे इनके पति के पास ले जाइये....
ये कह के डॉ वहां से चली जाती है....
सुलतान : ऐना हम चची को साथ ले के घर चलते है तुम जल्दी से चाचा को कॉल करके घर आने को कहो.... अब वो hi चची का इलाज कर सकते हैं.... चलो जल्दी....
ये कह के सुलतान हुस्ना चची को गॉड में उठा के बहार ला के कार की पिछली सीट पे लिटा देता है.... फिर ऐना और मीणा को कार में साथ बैठा के घर की तरफ चल देता है....
सुलतान : ऐना तुमने चाचा को कॉल कर दिया न.... वो घर आ रहे हैं न....
ऐना : नहीं....
सुलतान : नहीं मतलब....?
ऐना : मैं पापा को कॉल नहीं किया....
सुलतान हैरत से : मगर क्यों....?
ऐना : वो इस लिए क्यों की पापा माँ का इलाज नहीं कर सकते....
ऐना की बात सुन के सुलतान झटके से कार को ब्रेक मार देता है.... फिर ऐना की तरफ ऐसे देखता है जैसे की पूछना छह रहा हो की उसने ऐसा क्यों कहा....
ऐना : क्यों तुम्हे नहीं पता की पापा माँ का इलाज क्यों नहीं कर सकते....? उन्हें अगर कोई ठीक कर सकता है तो वो तुम हो.... और कोई नहीं....
सुलतान : ऐना तुम पागल तो नहीं हो गयी हो.... ये क्या बकवास किये जा रही हो....?
ऐना : मैंने वो hi कहा जो सच है.... माँ का इलाज इस पूरी दुनिया में अगर कोई कर सकता है तो वो सिर्फ और सिर्फ तुम हो.... भूल गए वो श्राप जो हमारे पूरे खानदान को दिया गया है.... उस श्राप की वजह से हमारे पूरे खानदान के मर्द.... नामर्द बन चुके हैं... वो इस काबिल नहीं की सेक्स कर सके.... तो बताओ एक नामर्द इंसान सेक्स कैसे कर सकता है.... एक तुम hi हो जो हमारे पूरे खानदान की हर औरत और लड़की के साथ सेक्स कर सकते हो.... तुम hi हो जो माँ के साथ सेक्स कर के उन्हें ठीक....
अभी ऐना ने इतना hi कहा था की सुलतान गुस्से में उसे एक थप्पड़ मार देता है....
Chataaaaaaaaaak.....
सुलतान गुस्से में : तुम्हे ज़रा भी शर्म नहीं आयी ये सब कहते हुए... वो कोई गैर नहीं माँ है तुम्हारी.... तुम उनके बारे में ऐसा कैसे कह सकती हो....?
मीणा : ऐना ने कुछ गलत नहीं कहा....
सुलतान : ऐना तो पागल हो गयी है मगर मीणा तुम भी....
मीणा : हाँ मैं भी वो hi कह रही हूँ जो ऐना कह रही है....
सुलतान : तुम दोनों अपनी माँ के बारे में ऐसा कैसे कह सकती हो....?
दोनों : ये कह ते हुए हम को भी अच्छा नहीं लग रहा है मगर जो सच है उसे भी तो बदला नहीं जा सकता है न.... तुम hi बताओ क्या हम ने जो कहा वो गलत है.... माँ इस वक़्त जिस हाल में है... उन्हें तुम्हारे अलावा कोई और ठीक कर सकता है क्या.... नहीं न... तो फिर तुम hi बताओ की हम क्या करें.... क्या माँ को इस हाल में मरते हुए देखें.... ये हम से नहीं होगा.... हम अपनी माँ को इतना चाहती है की की उनकी जान बचने के लिए जो ज़रूरी है वो हम सब करने को तैयार हैं मगर हम छह के भी उन्हें ठीक नहीं कर सकते... एक तुम hi हो जो माँ का इलाज कर के उन्हें ठीक कर सकता है... प्लीज हमारी बात मान लो और जल्द से जल्द माँ का इलाज करो इस से पहले की कोई उन्होनी हो जाए....
सुलतान : जी नहीं ऐसा मैं हरगिज़ नहीं कर सकता.... ये मुझसे नहीं होगा.....
सुलतान के मुँह से न सुन के ऐना और मीणा रोने लगती हैं.... सुलतान से उनका रोने देखा नहीं जाता मगर जो वो कह रही हैं वो भी तो गलत hi है....
सुलतान : मैं चची को ऐसे ठीक नहीं कर सकता तो क्या अपनी पावर्स के ज़रिये तो उनका इलाज कर hi सकता हूँ....
सुलतान की बात सुन के दोनों हैरत से उसकी तरफ देखती हैं.... इस से पहले की वो उस से कुछ पूछ पाती सुलतान आगे बढ़ के अपनी चची के पास जाता है और अपनी पावर्स से उन्हें ठीक करने hi वाला होता है की तभी वहां बाबा आ जाते हैं और वो फ़ौरन सुलतान को रोक देते हैं....
बाबा : नहीं सुलतान ये गलती मत करना.... अगर तू ने हुस्ना पे अपनी पावर्स का इस्तेमाल किया तो उसके अंडर जो शैतान का काला जादू है वो और तेरी पावर्स आपस में टकरा के हुस्ना के जिस्म को नष्ट कर देंगी..... हुस्ना ठीक होने के बजाये मर जायेगी....
बाबा की बात सुन के सब शॉक हो जाते हैं....
सुलतान : ये आप क्या कह रहे हैं बाबा.... हुस्ना चची को तो उन कामेनो ने वियाग्रा का हैवी दोसे दिया था.... उनके जिस्म में शैतान का काला जादू कहाँ से आ गया....
बाबा : ये तब हुआ था जब बाकी सब के साथ साथ तू हुस्ना को बचने वहां गया था.... शैतान के इशारे पे hi हुस्ना को वियाग्रा का हैवी दोसे दिया गया था... साथ hi उसी शैतान ने हुस्ना के जिस्म को काले जादू से बाँध दिया.... अघुरा को ये पता है की श्राप की वजह से वजह से तुझे hi हुस्ना को ठीक करना होगा.... मगर तू ऐसा करना नहीं चाहेगा.... उसे ठीक करने के लिए तू अपनी पावर्स का इस्तेमाल करेगा.... जैसे hi तेरी पावर्स हुस्ना के जिस्म में जा के काले जादू से टकराएगी जिसे हुस्ना का जिस्म बर्दाश्त नहीं कर पायेगा और हुस्ना की मौत हो जायेगी... हुस्ना के मरते hi तेरे अपने तेरे खिलाफ हो जाएंगे.... जिस से तुझे बेइन्तेहाँ तकलीफ होगी.... तू इस सब में उलझ के रह जाएगा और शैतान अपने अगले चाल की तरफ बढ़ जाएगा... ताकि वो तुझे और तकलीफ पहुंचा सके.....
बाबा की बात सुन के जहाँ ऐना और मीणा हैरान हो रही हैं वहीँ सुलतान को शैतान पे बेहद गुस्सा आने लगता है... बड़ी मुश्किल से वो अपने गुस्से को दबा के कहता है....
सुलतान : तो बाबा अब आप hi बताइये की चची को कैसे ठीक किया जाए....?
बाबा : न चाहते हुए भी तुझे वो hi करना पड़ेगा जो तू नहीं करना चाहता है.... इस के सिवाए हुस्ना को बचने का और कोई रास्ता नहीं है....
सुलतान : बाबा ये आप क्या कह रहे हैं....? ये चची है मेरी मैं इन के साथ.... नहीं बाबा नहीं....
बाबा : सुलतान तू इस बात को गलत तरीके से क्यों देख रहा है.... तू ये क्यों नहीं समझ रहा है की तू जो भी करने वाला है वो सिर्फ और सिर्फ हुस्ना का इलाज करके उसकी जान बचने के लिए कर रहा है....
सुलतान : बाबा आप जो कह रहे हैं वो सच है मगर फिर भी है तो वो मेरी चची hi न..... मैं कैसे....
बाबा : सुलतान अब ये फैसला तुझे करना है की तू क्या चाहता है..... हुस्ना का इलाज करके उसकी जान बचाना या फिर उसे तड़पते हुए मौत के मुँह में जाने देना चाहता है.... हुस्ना की ज़िन्दगी और मौत अब तेरे हाथ में है.... तू उसे ज़िन्दगी देता है या मौत....
ये कह के बाबा वहां से चले जाते हैं.... बाबा के जाने के बाद जब सुलतान की नज़र सामने जाती है तो कार में बैठी ऐना मीणा को अपनी माँ के जिस्म से लिपटे रट हुए पाटा है.... उन्हें इस हाल में देख के उसे बेहद तकलीफ होती है.... वो हुस्ना की मदत करने के लिए न आगे बढ़ पा रहा है और न उन्हें मरते हुए देख पा रहा है.....
तभी अचानक से हुस्ना चची की आवाज़ सुन के उसकी तंत्र टूट टी है....
चची : सुलताआआआआ.....
आवाज़ सुन के सुलतान सामने देखता है.... चची उसकी तरफ अपना हाथ बढ़ा के उसे मदत के लिए पुकार रही हैं....
सुलतान : च... च... चची कैसी हो आप....?
हुस्ना चची जो सेक्स की आग में जल रही है.... वो सुलतान की आवाज़ सुन के पलट के सेक्स के नशे में बोझिल आँखों से उसे देखती है.... सुलतान को देखते hi उसकी कामाग्नि और तेज़ी से भड़क उठती है.... उसकी छूट तेज़ी से रास चोर्ने लगती है.... वो कामुक भरी नज़रों से सुलतान को देखने लगती है....
हुस्ना : सुलतान मेरी मदत कर.... मुझे इस तकलीफ से निजात दिला दे..... अब और बर्दाश्त नहीं हो रहा है... जल्दी कुछ कर सुलतान इस से पहले की ये तकलीफ मेरी जान ले ले....
सुलतान : चची आप को पता है की आप मुझे से किस तरह की मदत छह रही हैं... आप को ठीक करने के लिए मुझे आप के साथ S...S... सेक्स करना होगा... वो भी लगातार 5 दिन तक.... तब कहीं जा के आप पूरी तरह से ठीक होंगी.....
हुस्ना : हाँ मुझे पता है जो मैं तुझे करने को कह रही हूँ वो गलत है.... मगर फिर भी मैं तुझे वो करने को कह रही हूँ... उस की सब से बड़ी वजह है मेरी दोनों बेटियां... मेरे मरने के बाद इनका क्या होगा....? जो परिवार घर के एक लौटे बेटे को जान से मारने से नहीं चूका वो मेरे मरने के बाद मेरी बेटियों का क्या ख़याल रखेगा.... वो सब मिल के मेरी बेटियों को भी जान से मार देंगे....
सुलतान : मेरे रहते कोई मेरी परियों को छू भी नहीं सकता....
मीणा जो काफी देर से सुलतान की बातें सुन रही थी वो बेहद गुस्से में कहती है....
मीणा : जब तू हमारी मदत करना hi नहीं चाहता तो फिर यहाँ हमारे पास क्यों खड़ा है जा चला जा यहाँ से.... या फिर कहीं ऐसा तो नहीं की तू माँ को मरते हुए देखना चाहता है.... हाँ शायद ये hi बात है हम को तकलीफ में देख के तुझे ख़ुशी हो रही है....
सुलतान : मीणा ये तू क्या कह रही है..... मुझे चची को इस हाल में देख के ख़ुशी नहीं बल्कि कितनी तकलीफ हो रही है ये मैं और मेरा दिल hi जानता है.... मैं छह के भी चची की मदत नहीं कर पा रहा हूँ....
ऐना : वो इस लिए क्यों की तू माँ की मदत करना चाहता hi नहीं है....
सुलतान : ये तू क्या कह रही है.... ऐसा बिलकुल नहीं है.....
ऐना : ऐसा hi है.... सब कुछ जान ने के बाद भी तू मदत करने को तैयार नहीं है..... तू ये क्यों नहीं समझ रहा है की उस श्राप की वजह से हमारे पूरे खानदान की औरत हो या लड़की तुझे न चाहते हुए भी सब के साथ सेक्स करना hi होगा.... ये hi हम सब की किस्मत में लिखा है.... जिसे तू तो क्या ऊपर वाला भी नहीं बदल सकता.....
फिर ऐना कार से बहार निकल के आगे बढ़ के सुलतान का गिरेबान पकड़ के उस से बेहद गुस्से में कहती है....
ऐना : अब अगर तू माँ की जान बचाना चाहता है तो वो कर वर्ण हम को मरने के लिए चोर के चला जा यहाँ से....
ऐना की बात सुन के सुलतान न चाहते हुए भी वो करने के लिए राज़ी हो जाता है जो वो नहीं करना चाहता.... वो ये समझ चूका है की ये hi उसकी किस्मत है.. और किस्मत के लिखे को वो तो क्या दुनिया का कोई भी शख्स नहीं बदल सकता....
सुलतान : हम को जल्द से जल्द यहाँ से चलना होगा ताकि चची का इलाज फ़ौरन हो सके....
ऐना : मतलब....
सुलतान : मतलब की तेरी बात मेरी समझ में आ गयी है... जो किस्मत में लिखा है वो हो के hi रहता है.... मुझे चची का अलाज कर के उन्हें जल्द से जल्द ठीक करना है....
ऐना : तू सच कह रहा है.... तू माँ का इलाज करने को तैयार है...
ऐना की बात सुन के सुलतान हाँ में अपना सर हिला देता है.... जिसे देख ऐना ख़ुशी में कास के सुलतान के सीने से लिपट जाती है...
सुलतान : अबे क्या कर रही है चोर मुझे.... तू तो ऐसे खुश हो के लिपट रही है जैसे मैंने चची के इलाज की नहीं बल्कि तेरे इलाज की बात की हो....
ऐना : मेरा इलाज....!!!! मगर मैं तो ठीक हूँ...
फिर जब ऐना को सुलतान की बात का मतलब समझ आता है तब वो गुस्से में उसके सीने में प्यार से मुक्का मार के कहती है....
ऐना : तू न सुलतान बहुत बिगड़ गया है.... पहले माँ का इलाज तो कर ले फिर मेरे बारे में सोचना..... चल अब....
ऐना की बात सुन के सुलतान हंस देता है... फिर वो लोग कार में बैठ के चल देते हैं दें की तरफ....
वहां सुलतान ऐना और मीणा को एक रूम में चोर के हुस्ना चची को ले के दूसरे रूम में चला जाता है.... वहां से पोर्टल खोल के वो हुस्ना को अपने साथ ले के जादुई झील में डुबकी लगता है ताकि चची के जिस्म में जो काला जादू है उसे निष्क्रिय किया जा सके.... फिर वो वहां से वापिस रूम में आ जाता है.... अपने जादू से वो अपने और चची के कपडे बदल देता है..... फिर चची के करीब जा के उनके पास बैठ जाता है और प्यार से उनकी आँखों में देखते हुए कहता है....
सुलतान : चची मैं ये जो भी कर रहा हूँ वो आपकी जान बचने के लिए कर रहा हूँ.... आप कोई गैर नहीं बल्कि मेरी अपनी हैं.... और अपने क्या होते हैं.... ज़िन्दगी में अपनों की और उनके प्यार की क्या एहमियत होती है ये मुझसे बेहतर कौन जान सकता है.... बचपन से मैं जिन अपनों के साथ और प्यार के लिए तड़पता रहा हूँ वो आज मेरे पास हैं.... अब चाहे मुझे कुछ भी क्यों न करना पड़े मैं मेरे अपने को और उनके प्यार को कभी खुद से अलग नहीं होने दूंगा.... जिसकी शुरुवात आज मैं आप के साथ करने जा रहा हूँ..... जो श्राप हमारे पूरे खानदान को दिया गया था उसे मैं दूर कर के रहूँगा....
हुस्ना : मैं यहाँ तड़प रही हूँ और तू है की तुझे मेरी ज़रा भी फ़िक्र नहीं है....
सुलतान : आप तो मेरी अपनी हो.... आप की फ़िक्र नहीं करूँगा तो किसकी करूँगा....
हुस्ना : जा जा ज़्यादा नाटक मत कर अगर तुझे मेरी इतनी फ़िक्र होती तो क्या तू मुझे इतना इंतज़ार करवाता और अब भी देख यहाँ आने के बाद भी मुझे प्यार करने के बजाये दूर खड़ा बातें बना रहा है....
सुलतान आगे बढ़ के हुस्ना को कास के अपने सीने लगा के कहता है....
सुलतान : आज मैं आप की साड़ी तकलीफ दूर कर दूंगा.... जिस से आप की साड़ी शिकायतें दूर हो जाएंगी और आप मेरी दीवानी बन जाएंगी.... आज मैं अपनी प्यारी चची जान को जन्नत की सैर करवाने वाला हूँ... बस एक बार आप ने मेरे मूसल जैसे लुंड की सवारी कर ली न तो फिर कभी मेरे लुंड को अपनी छूट से निकलने नहीं डौगी....
सुलतान की बात सुन के हुस्ना का चेहरा और उनकी रसीली छूट शर्म से पानी पानी हो जाती है....
हुस्ना : तू न बहुत बेशर्म हो गया है... ऐसे खुलेआम भी कोई कहता है क्या..?
सुलतान : हाय मेरी चची जान मेरा बस चले तो बातें hi क्या मैं तो खुलेआम अपनी आप को नंगी कर के आप की रसीली छूट और मदमस्त मखमली गांड का बाजा बजा दूँ.... हाय क्या मस्त सेक्सी गांड है आपकी.... इसे देख के दिल इसका दीवाना हुआ जाता है...
हुस्ना शर्माते हुए : तू न बड़ा शैतान हो गया है..... ऐसा भी कोई कहता है क्या.....? एक बात तो बता.... मेरी छूट का तो समझ में आता है मगर आखिर मेरी ग.... गए.... गांड में ऐसा क्या है.... जिसका तू दीवाना बना हुआ है.....
सुलतान : आप की मदमस्त गांड में वो कशिश है जिसे देख किसी का लुंड भी खड़ा हो जाए.....
हुस्ना : तुझे गांड की पड़ी है और यहाँ मेरी छूट कब से चुदाई के लिए तड़प के रास बहा रही है.....
सुलतान : आज मैं आपकी और आप की छूट की पूरी प्यास बुझा दूंगा.... मैं जी भर के आप के तीनो छेद में अपना लुंड डालूंगा.....
हुस्ना शरमाते हुए : जी नहीं अभी तीसरा छेद तेरे लुंड के लिए तैयार नहीं है.... पहले उसे थोड़ा फैल जाने दे फिर जी भर के मेरी गांड भी मार लेना....
ये कह के हुस्ना उठ के जाने लगती है....
सुलतान : अरे कहाँ चली....? अभी तो चुदाई के लिए तड़प रही थी... चूड़े बिना कहाँ जा रही हो.....?
सुलतान की बात सुन के हुस्ना अपनी कानि ऊँगली उसे दिखा के शरमाते हुए बाथरूम में भाग जाती है.... और अपनी साड़ी उठा के सीटी बजाते हुए मूतने लगती है.... सुलतान भी कहाँ मान ने वाला था.... हुस्ना की छूट से निकल रही सीटी की मधुर आवाज़ सुन के वो भी उनके पीछे पीछे बाथरूम में चला जाता है....
हुस्ना गांड उठा के मूट रही है.... उस की मदमस्त गांड देख के सुलतान का लुंड खड़ा हो के पूरे जोश में आ जाता है....
सुलतान को अपने पीछे खड़े देख हुस्ना शर्मा जाती है.....
हुस्ना : बहार जा.... देख नहीं रहा मैं मूट रही हूँ.....
सुलतान : वो hi तो देख रहा हूँ... हाय क्या मस्त नज़ारा है....
हुस्ना शरमाते हुआ : अरे बेशर्म कुछ तो चोर दे....
सुलतान : हाय चची जान कैसे चोर दूँ.... आप की सेक्सी गांड और छूट ने मुझे आपका दीवाना जो बना रखा है.... जी चाहता है.... अपना लुंड इसमें डाले उम्र भर आप को छोड़ता रहूं....
हुस्ना शर्माते हुए : छोड़ लेना... मैंने कौनसा तुझे रोका है... मगर अभी तो बहार जा.... पहले मुझे मूट तो लेने दे....
सुलतान : आप मुतो न मैंने कहाँ आप को रोका है.... आप अपना काम करो और मुझे अपना काम करने दो....
ये कह के सुलतान अपनी गीली कर के उसे हुस्ना की गांड के छेद पे फिरने लगता है.... सुलतान की ऊँगली अपनी गांड के छेद पे महसूस होते hi हुस्ना उछाल पड़ती है..... लाइफ में आज पहली बार उसने अपनी गांड के छेद पे किसी और की ऊँगली को महसूस किया है....
हुस्ना : हाय... ये क्या कर रहा है.....?
सुलतान : आप की गांड मारने की तैयारी कर रहा हूँ.....
ये कह के वो धीरे से अपनी एक ऊँगली हुस्ना की गांड के छेद में घुसा देता है.... ऊँगली गीली होने की वजह से वो हुस्ना की गांड के टाइट में घुस जाती है.... जिस से हुस्ना एक सिसकारी लेते हुए उछाल पड़ती है.....
Aaaaaaaaaagggghhhhhh......
हुस्ना : सुलतान क्या कर रहा है... निकाल ऊँगली.....
सुलतान हुस्ना की बात को उन सुना कर के एक हाथ से उनकी पिशाब करती छूट को रगड़ते हुए ऊँगली को उनके गांड के छेद में अंडर बहार करने लगता है.....
सुलतान की इस हरकत पे हुस्ना को मज़ा भी आ रहा है और गांड में मीठा मीठा दर्द भी हो रहा है.... वो सुलतान को रोकने की बहुत कोशिश करती है..... मगर सुलतान कहाँ मान ने वाला था.... हुस्ना को अपनी बाहों में जकड के उनकी छूट को रगड़ते हुए अपनी ऊँगली उनकी कमसिन वर्जिन गांड में अंडर बहार कर रहा है....
मस्ती में हुस्ना के मुँह से मादक सिसकारी निकल रही है....
Sssssssssss...... Aaaaaaaaaahhhhh.... ममममममममम... ऊऊऊऊओह्ह्ह्हह.....
मज़े और दर्द के मीठे मीठे एहसास को महसूस करके हुस्ना की छूट कॉमर्स की नदी बहा रही है..... धीरे धीरे वो झड़ने के करीब पहुँच जाती है.... उसका जिस्म अकड़ने लगता है.... मस्ती में वो सुलतान के होंठों को अपने मुँह में ले के चूसने लगती है..... अचानक से उनका जिस्म अकड़ने लगता है और वो झड़ने लगती है...
ठीक तभी सुलतान अपनी पूरी ऊँगली हुस्ना की गांड में धीरे से घुसा देता है..... ठीक तभी हुस्ना मस्ती में झाड़ जाती है उसे पता hi नहीं चलता की कब सुलतान ने अपनी ऊँगली उनकी कमसिन ुंचुड़ी गांड के छेद में घुसा दिया.... वो कास के सुलतान के जिस्म से लिपट जाती है.... और सुलतान के होंठों को चूसते हुए झड़ने का मज़ा लेने लगती है....
कुछ देर बाद जब हुस्ना की मस्ती थोड़ी शांत होती है तब वो शरमाते हुए सुलतान से कहती है....
हुस्ना : पूरा दिन यहीं ऐसे hi गुज़ारना है क्या.....?
सुलतान : जी नहीं..... मेरी तो कुछ और hi चाहत है..... फिलहाल आप बताओ की आप क्या चाहती हो.....?
मस्ती में हुस्ना सुलतान के होंठों को चूम के कहती है....
हुस्ना : मैं चाहती हूँ की तू जल्दी से मुझे बीएड पे ले जा के जैम के मेरी चुदाई कर....
सुलतान : नेक काम में देर नहीं करनी चाहिए.... चलो जल्दी चलो.....
हुस्ना शर्माते हुए : पहले अपनी ऊँगली तो मेरी गांड से निकाल.....
हुस्ना की बात सुन के सुलतान अपने दोनों हाथ हुस्ना को दिखा के कहता है..... वो तो मैं कब का निकाल चूका हूँ.....
सुलतान की बात पे हुस्ना चौंक के कहती है.....
हुस्ना : तो फिर इस वक़्त मेरी गांड में क्या घुसा हुआ है....?
सुलतान : आप की गांड में इस वक़्त वो डिलडो है ये मेरी तरफ से आप को हमारी पहली मिलान का तोहफा है....
हुस्ना अपनी गांड पे हाथ लगा के महसूस करती है..... तो पाती है की वाकई में उनकी गांड के छेद में डिलडो घुसा हुआ है..... वो हैरत से सुलतान की तरफ देखती है..... जैसे पूछना छह रही हो... की ये तू ने कब और कैसे घुसाया.....?
सुलतान : जिस वक़्त आप झड़ने का मज़ा ले रही थी..... ठीक उसी वक़्त मैंने इसे आपकी गांड में घुसा दिया..... अब इसे अपनी गांड में hi रहने दीजिये..... जिस से जल्द hi आप की गांड मेरा लुंड लेने लायक बन जायेगी..... बस लैट्रिन करने के लिए hi आप इसे बहार निकालेंगी..... इसमें आप को बेहद मज़ा भी आएगा..... चलते वक़्त..... उठते बैठते वक़्त... बस मज़ा hi मज़ा.... साथ hi हर पल आपको मेरी याद दिलाता रहेगा.... और हर गुज़रते पल के साथ मेरे लिए आपकी दीवानगी और प्यार बढ़ता hi जाएगा...
सुलतान की बात सुन के हुस्ना शर्माते हुए कहती है.....
हुस्ना : तू न बड़ा कमीना हो गया है.... ऐसा भी कोई तोहफा किसी को देता है क्या....? अपने मज़े के लिए मेरी गांड मारने पे लगा हुआ है..... अगर तू ने मेरी गांड मारी तो मेरी बंद बज जायेगी.....
हुस्ना की बात सुन के सुलतान उन्हें आँख मार के कहता है.....
सुलतान : बंद नहीं मैं तो पूरा ऑर्केस्ट्रा बजने की सोच रहा हूँ.....
सुलतान की बात सुन के हुस्ना उसके गाल पे प्यार से चपत लगा के कहती है..... पहले मेरी छूट तो बजा ले..... गांड का ऑर्केस्ट्रा बाद में कभी बजाते रहना.... यहाँ वियाग्रा की वजह से मेरी जान जा रही है और तू है की मेरी चुदाई करने के बजाये मेरी निगोड़ी गांड में घुसना छह रहा है....
सुलतान : दिल तो नहीं छह रहा आप के सेक्सी चूतड़ों को चोर्ने का..... मगर अभी इसमें वक़्त है..... जल्द hi मैं इसमें अपना लुंड दाल के इसे छोडूंगा.....
ये कह के सुलतान आगे बढ़ के हुस्ना के चूतड़ को प्यार से चूमता है और अपनी हथेली उसकी रास चोरटी छूट पे रख देता है.....
सुलतान की इस हरकत पे सुलतान के साथ साथ हुस्ना का जिस्म भी मस्ती में गंगना जाता है..... सुलतान की हथेली हुस्ना के छूट रास से सराबोर हो जाती है..... सुलतान इसे अपनी नाक के पास ला के सूंघता है फिर अपनी जुबां बहार निकाल के अपने हाथ पे लगे हुस्ना के छूट रास को चाट ता है.... हुस्ना की छूट की खुशबु और उसका टास्ते सुलतान के लुंड को उछलकूद मचने पे मजबूर कर देता है....
सुलतान हुस्ना की छूट पे प्यार से हाथ फेरने लगता है साथ hi उसकी गांड को चूम भी रहा है.... सुलतान की इस हरकत पे हुस्ना मस्ती के आसमान में उड़ने लगती है उसके मुँह से मादक सिसकारी निकलने लगती है.....
Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa..... Mmmmmmmmmm.... ऊऊऊऊओह्ह्ह्हह....
जिसे सुनके सुलतान थोड़ा नीचे झुक के हुस्ना की छूट को चूम लेता है.... फिर अपनी जुबां निकल के उसे चाटने लग जाता है..... सुलतान की इस हरकत से हुस्ना की छूट से तेज़ी से कॉमर्स बहने लगता है और वो ाँहें भरते हुए सुलतान को प्यार से अपनी छूट छत्ते हुए देखने लगती है..... सुलतान हुस्ना की छूट को फैला के उसके दाने को अपनी मुँह में ले के मज़े से चूसने लगता है साथ hi अपनी एक ऊँगली उस की छूट में दाल के उसे अंडर बहार करने लगता है..... हुस्ना के हाथ सुलतान के सर पे चले जाते हैं और वो उसे अपनी छूट पे दबाते हुए मस्ती में सिसकारी लेने लगती है...
हुस्ना : Mmmmmmmmmm..... Aaaaaaaaaaahhhhh..... और ज़ोर से chaaaaaaaaaaaaattt.... ममममममममम.... बड़ा माज़आआआ... आ रहा है..... oooooooooohhh.... मममममममम...
हुस्ना की बात सुनके सुलतान और तेज़ी से उसकी छूट में ऊँगली अंडर बहार करते हुए उसकी छूट चाटने लगता है.... पूरे कमरे में हुस्ना की मस्ती भरी सिसकारी गूंजने लगती है....
हुस्ना : Aaaaaaaaaaaaaaaaa..... मममममममम.... Ooooooooooohhhh.... हानन.... ऐसे hi..... ऊऊऊऊओह्ह्ह्ह.... मममममममम... बड़ा मज़ा अअअअअअअ राहाआआआ है और कास के छाअअअअअअअत.... खा jaaaaaaaaaa.... मेरी छूट को.......
धीरे धीरे हुस्ना का जिस्म अकड़ने लगता और झड़ने के करीब पहुँच जाती है.... और एक मादक सिसकारी के साथ उसकी छूट से कॉमर्स की नदी बह के सुलतान के मुँह में जाने लगती है.... सुलतान हुस्ना की छूट से निकले कामर्स को चाट चाट के पीने लगता है.... झड़ने के बाद हुस्ना सुलतान को ऊपर की तरफ खींचती है और उसके होंठ अपने मुँह में ले के उसे चूसने लगती है....
करीब 10 मिनट्स तक उसके होंठों को चूसने के बाद हुस्ना उसके जिस्म से लिपट जाती है....
हुस्ना : ऐसा मज़ा मुझे आज तक नहीं आया.... जो मज़ा आज तू ने मुझे दिया hai....mmmmmmm.... मज़ा आए गया.....
हुस्ना की बात सुन के सुलतान उसे अपनी बाहों में कास लेता है.... और प्यार से उसके होंठों को चुम के कहता है....
सुलतान : असली मज़ा तो अब शुरू होगा...
ये कह के सुलतान हुस्ना को अपनी गॉड में उठता है और लेजा के बीएड पे लेता देता है और उसकी ठोस चूचियों को अपने हाथों में ले के मसलने लगता है.... हुस्ना के मुँह से मस्ती भरी सिसकारी निकलने लगती है....
ममममममम.... aaaaaaaaaaaaahhh.... ऊऊऊऊओह्ह्ह्ह....
फिर सुलतान झुक के हुस्ना के निप्पल को अपने मुँह में ले के चूसने लगता है.... साथ hi दूसरी चूची को मस्ती में दबाने लगता है... सुलतान का लुंड और भी लम्बा और मोटा नज़र आ रहा है.... जिसे देख हुस्ना का मुँह खुल जाता है और उसकी दिल की धरकन बढ़ जाती है.... साथ hi मस्ती में उसकी छूट और गांड का छेद फड़फड़ाने लगता है....
सुलतान हुस्ना के हाथ में अपना खड़ा लुंड थमा देता है..... दर के मारे हुस्ना उसे चोर देती है....
हुस्ना : आज तो मेरी सच में फटने वाली है....
सुलतान : चची जान आप दर क्यों रही हैं...?
हुस्ना : हाथ में एनाकोंडा थमा के पूछ रहा है मैं दर क्यों रही हूँ....?
सुलतान : ये आज आपको इतना मज़ा देगा की आपका सारा दर हवा हो जाएगा...
हुस्ना आगे बढ़ के सुलतान के लुंड को अपने मुँह में ले के मज़े से चूसने लगती है.....
फिर कुछ देर बाद सुलतान झुक के हुस्ना की छूट को चाटने लगता है.... और साथ hi अपनी दो ऊँगली उसकी छूट में दाल के अंडर बहार करने लगता है....
हुस्ना मस्ती में सिसकारी लेते हुए मचलने लगती है.... उसकी छूट कॉमर्स से सराबोर हो जाती है....
और उस से एक पल भी और बर्दाश्त करना मुश्किल हो जाता है.... छूट की गर्मी के आगे मजबूर होक वो अपनी साड़ी शर्मा हाय भुला के कहती है.....
हुस्ना : सुलतान कुछ कर न.... प्लीज....
हुस्ना को चरने की नीयत से सुलतान जान के भी अनजान बांके के उस की छूट में तेज़ी से ऊँगली अंडर बहार करते हुए उस से पूछता है....
सुलतान : क्या करूँ चची जान....?
हुस्ना : ममममम..... oooooooooooohhh.... है.... क्यों तडपाआआ रहा है...? कर नाआआ जल्दी...?
सुलतान : बताओगी नहीं तो कैसे पता चलेगा की क्या करना है....?
हुस्ना : तू जान के मुझे तड़पा रहा है न..... तू यही चाहता है न की मैं अपने मुँह से कहूं... तो ले मैं कहती हूँ.... अपना मूसल जैसा लुंड मेरी छूट में दाल के छोड़ मुझे....
हुस्ना के मुँह से चुदाई की बात सुन सुलतान का दिल ख़ुशी से झूम उठता है.... और वो अपना मूसल जैसा लुंड हुस्ना की छूट पे सेट करता है.... सुलतान का लुंड अपनी छूट पे महसूस करके हुस्ना के मुँह से मस्ती भरी सिसकारी निकल जाती है.....
Aaaaaaaaaaaaaaahhhhh....
सुलतान अपना लुंड हुस्ना की छूट पे घूमने लगता है.... हुस्ना की छूट मस्ती में कामर्स बहाने लगती है....
हुस्ना : सुलतान क्यों तड़पा रहा है.... अब दाल भी दे.... मगर ज़रा प्यार से करना.... कहीं ऐसा न हो तेरा ये मूसल जैसा लुंड मेरी नन्ही सी छूट का भोसड़ा बना के रख दे.....
सुलतान : घबराओ मत चची जान.... मैं और मेरा लुंड अपनी प्यारी पारी का भोसड़ा नहीं बनने देगा....
ये कह के सुलतान हुस्ना के होंठों को अपने मुँह में ले के अपना लुंड हुस्ना की रास चोरटी छूट पे सेट करके एक झटका मारता है.... जिस से उसके लुंड का सूपड़ा हुस्ना की छूट में घुस के अटक जाता है....
दर्द के मारे हुस्ना की चीख निकल जाती है... उसकी चीख सुलतान के मुँह में डाब के रह जाती है.....
सुलतान : चची जान दर्द तो नहीं हो रहा है न....?
हुस्ना : कमीने मेरी छूट पहाड़ दी और कहता है दर्द तो नहीं हो रहा.... साले अब तेरा मूसल जैसा लुंड मेरी नन्ही सी छूट में जाएगा तो दर्द तो होना hi है.... मगर मज़े लेना है तो दर्द तो सहना hi पड़ेगा..... तू मेरे दर्द की चोर और चुदाई पे ध्यान दे....
हुस्ना की बात सुन के सुलतान आगे झुक के उसके होंठ अपने मुँह में ले के एक करारा शॉट मारता है.... 4 इंच लुंड हुस्ना की छूट में घुस जाता है.... दर्द के मारे उस की चीख निकल जाती है.... मगर सुलतान के मुँह में उसके होंठ होने की वजह वो वहीँ डाब के रह जाती है....
सुलतान हुस्ना की चूची को दबाये हुए उसके निप्पल को चूसने लगता है.... धीरे धीरे हुस्ना का दर्द काम होने लगता है और उसके जिस्म में मस्ती चढ़ने लगती है.... वो इशारे से सुलतान को आगे बढ़ने को कहती है.... सुलतान इस बार भी हुस्ना के होंठों को अपने मुँह में ले के एक करारा शॉट मारता है.... जिस से उसका 9" लम्बा और 3" मोटा लुंड हुस्ना की छूट को चीरता हुआ उसकी बच्चेदानी से जा टकराता है.... मस्ती में हुस्ना का पूरा जिस्म मदहोश हो जाता है..... मस्ती में उसका जिस्म ैठने लगता है.... वो नीचे से झटके देने लगती है....
हुस्ना के मुँह से मस्ती भरी सिसकारी निकलने लगती है.....
Aaaaaaaaaaagggghhhhh.... ममममममम.... oooooooooohhhhhhh....
अब सुलतान के हर झटके के साथ हुस्ना को मज़ा आने लगता है... और वो धीरे धीरे झड़ने के करीब पहुँच जाती है.... उसकी छूट से कॉमर्स का सैलाब सा बह निकलता है....
सुलतान मस्ती में हुस्ना की चुदाई करने लगता है.... करीब एक घंटे तक वो उसकी छूट में अपना मूसल जैसा लुंड अंडर बहार करते हुए उसे छोड़ने लगता है.... इस बीच हुस्ना 4 बार झाड़ जाती है....
सुलतान पलट के नीचे आ जाता है हुस्ना को अपने ऊपर बैठा लेता है...
मस्ती में हुस्ना भी उसके मूसल जैसे लुंड पे बाथ के उस से छुड़वाने लगती है.... उसे ऐसा लगने लगता है जैसे सुलतान उसे नहीं बल्कि वो सुलतान को छोड़ रही है.... छूट में लुंड और गांड में डिलडो उसे जन्नत का मज़ा दे रहा है..... मस्ती में वो सिसकारी लेते हुए सुलतान के लुंड पे उछलने लगती है.....
सुलतान को भी बेहद मज़ा आने लगता है.... कुछ hi देर में हुस्ना एक बार फिर से झड़ने के करीब पहुँच जाती है.... उसका जिस्म अकड़ने लगता है और वो झड़ने लगती है.... झड़ने के बाद वो सुलतान के जिस्म पे गिर के निढाल हो जाती है....
सुलतान फ़ौरन पलट के उसके ऊपर आ जाता है.... उसकी छूट में सत्ता सात अपना लुंड पेलने लगता है....
हुस्ना से अब और बर्दाश्त नहीं होता.... उसकी छूट में जलन सी होने लगती है....
हुस्ना : सुलतान अब बस भी कर.... मेरी छूट में जलन सी हो रही है....
सुलतान : बस चची जान थोड़ी देर और... मेरा बस निकलने hi वाला है....
हुस्ना : जितना मैं आज तेरे साथ एक चुदाई में झड़ी हूँ उतना तो मैं अपनी पूरी ज़िन्दगी में नहीं झड़ी.... बड़ा डैम है रे तुझमे और तेरे मूसल जैसे लुंड में..... जिस से तेरी शादी होगी वो वाक़ई में बेहद लकी होगी......
सुलतान : क्यों आप लकी नहीं हो....?
हुस्ना एक मादक सिसकारी लेते हुए कहती है....
हुस्ना : हाँ हूँ न.... आआआआअह्ह्ह्ह.... mmmmmmmmmm..... मैं तो बहोत लकी हूँ.... तभी तो तेरे मूसल जैसे लुंड से छुड़वा के जन्नत का मज़ा ले रही हूँ.... अब बातें काम कर और छोड़ मुझे....
हुस्ना की बात सुन के सुलतान राजधानी की स्पीड से अपना मूसल जैसा लुंड उस की छूट में अंडर बहार करने लगता है..... अब वो भी झड़ने के करीब पहुँच जाता है....
सुलतान : Aaaaaaaaaaaaaahhhh..... चची जान..... मैं झड़ने वाला हूँ.....
ये कह के वो एक मादक सिसकारी के साथ एक करारा शॉट हुस्ना की छूट में मारता है और अपने लुंड के सुपडे से वार्य की पिचकारी मार्के हुए उस की बच्चेदानी दानी में झड़ने लगता है.... करीब दो मिनट तक वो वार्य की पिचकारी हुस्ना की छूट में चोरता रहता है..... हुस्ना भी मस्ती में उसके साथ झड़ने लगती है.....
दोनों इस का मज़ा लेने लगते हैं... करीब 15 मिनट्स के बाद सुलतान हुस्ना की एक और बार जैम के चुदाई करता है.... दोनों थक के निढाल हो जाते हैं.... और एक दूसरे की बाहों में लिपट के सो जाते हैं.....
करीब 2 घंटे के बाद सुलतान उठ के हुस्ना के साथ फ्रेश होता है और उन्हें एक डीप किश कर के बाद प्यार से उन्हें कपडे पहना के उनसे पूछता है....
सुलतान : अब कैसा महसूस कर रही हैं चची जान....
हुस्ना : ऐसा लग रहा है जैसे अभी अभी मैं जन्नत की सैर कर के आयी हूँ.... ऐसा महसूस हो रहा है जैसे तेरा मूसल जैसा लुंड अभी भी मेरी छूट के अंडर hi है.... लाइफ में पहली बार मैंने ऐसा महसूस किया है की असली चुदाई किसे कहते हैं..... तेरे मूसल जैसे लुंड के सामने तेरे चाचा का लुंड मूंगफली जितना hi है... अगर उसमे जान होती तो तेरे साथ चुदाई के बाद अब तो वो महसूस भी नहीं होता... आज मैं तेरा लुंड पा के बेहद खुश हूँ.... मगर....
सुलतान : मगर क्या चची जान....
हुस्ना : मगर इस बात से डर्टी हूँ की अगर तू ने मुझे चोर दिया तो मेरा और मेरी छूट का क्या होगा.... दोनों तेरी दीवानी बन गयी है..... तेरे बिना दोनों तड़प के मर....
हुस्ना इस से आगे कुछ कह hi नहीं पाती सुलतान उनके होंठों को अपने मुँह ले के के उसे चूसने के बाद कहता है....
सुलतान : आज कह दिया मगर दोबारा मत कहना.... आज से बल्कि अभी से आप मेरी हो... और मैं कभी अपनों को नहीं चोरता... हमेशा उन्हें अपने पास संभाल के रखता हूँ.... आज से आप का जब दिल चाहे आप मुझसे और मेरे लुंड से जी भर के प्यार कर सकती हैं.... चाहे कुछ भी हो जाए सुलतान अब अपनी चची जान को कभी नहीं छोड़ेगा.... ये वादा है मेरा आप से....
सुलतान की बात सुन के चची बेहद खुश हो जाती है वो आगे बढ़ के उसके होंठों को चूमने के बाद कास के उसे अपने सीने से लगा लेती है....
सुलतान : हम को अब चलना चाहिए... 3 घंटे से ज़्यादा हो चुके हैं.... बगल वाले रूम में ऐना और मीणा इंतज़ार कर रही हैं...
अपनी बेटियों का नाम सुन के शर्म के मारे हुस्ना के गोर गुलाबी गाल लाल हो जाते हैं....
हुस्ना : म... म.... मैं कैसे उनके सामने जा पाउंगी.... नहीं सुलतान... मैं उनके सामने नहीं जा सकती....
सुलतान : वो दोनों आपकी बेटियां हैं उनसे कैसी शर्म.... और वैसे भी बेटियों जब बड़ी हो जाती हैं तो वो माँ की दोस्त बन जाती हैं....
हुस्ना कुछ कहने hi वाली होती है की तभी दरवाज़ा खुलता है और ऐना और मीणा रूम में आ के कहती हैं....
दोनों : सही कहा सुलतान तुमने.... हम माँ की दोस्त हैं और दोस्तों से कैसी शर्म....
ये कह के दोनों आगे बढ़ के कास के हुस्ना के सीने से लिपट जाती हैं....
ऐना : माँ हम दोनों आप को बता नहीं सकती की आप को ठीक देख के हम को कितनी ख़ुशी हो रही है.... शुक्र है ऊपर वाले का जो आप ठीक हो गयी....
सुलतान : जी इनके ठीक होने में ऊपर वाले के साथ साथ मेरे भी कुछ हाथ है....
सुलतान की बात सुन के मीणा जो कहती है उसे सुन के हुस्ना शर्म से पानी पानी हो जाती है... साथ hi उसकी छूट मस्ती में कॉमर्स की कुछ बूँदें टपका देती हैं....
मीणा : जी नहीं माँ के ठीक होने में तुम्हारा हाथ नहीं बल्कि तुम्हारा लू... मेरा मतलब है कुछ और hi शामिल है....
ऐना : हाय काश मैं भी माँ की तरह बीमार होती.... तो आज....
अभी ऐना इतना hi कह पायी थी की तभी हुस्ना उसके सर पे चपत लगा के कहती है....
हुस्ना : बहुत बोलने लगी है तू आज कल.... चल अब घर चल....
मीणा अपनी माँ को चरते हुए कहती है.....
मीणा : माँ ऐना ने कुछ गलत कहा क्या....?
मीणा की बात सुन के हुस्ना दोनों को आँखें दिखते हुए कहती है....
हुस्ना : तुम दोनों न बहुत बेशर्म हो गयी हो.... घर चलो आज मैं दोनों को अच्छे से ठीक करती हूँ....
दोनों एक साथ : काश आप हम को वैसे hi ठीक कर पाती जैसे सुलतान ने आपको ठीक किया है....
ये कह के दोनों हस्ती हुई बहार की तरफ डूअड़ जाती हैं....
हुस्ना बस उन्हें देखती hi रह जाती है.... इधर हुस्ना का चेहरा देख के सुलतान की हंसी छूट जाती है....
सुलतान को यूँ हस्ते देख हुस्ना चिढ़ते हुए कहती है....
हुस्ना : तू क्या यहाँ खड़े खड़े दांत दिखा के हंस रहा है चल घर चल....
सब कार में बैठ के घर की तरफ चल देते हैं.... कुछ देर में कार को घर के गेट के पास पार्क कर के सुलतान धीमी आवाज़ में तीनो से कहता है....
सुलतान : आज जो भी कुछ हुआ वो प्लीज किसी को मत बताइयेगा... बेकार में बात का बतंगड़ बन जाएगा..... साथ hi सब परेशान भी हो जाएंगे.... अभी आप लोग जा के आराम कीजिये मैं बाद में आप तीनो से मिलता हूँ....
सुलतान को हाँ कह के तीनो घर के अंडर चल देते हैं.... और सुलतान घर के अपने हिस्से की तरफ....
सुलतान घर में आ के सीधा रूम में जाता है और बीएड पे लेट ते hi गहरी नींद में चला जाता है....
काफी देर बाद जब उसकी नींद टूटी है तब वो अपनी आगोश में किसी को कास के लिपटे हुए पाटा है.... आज पहली बार किसी की आगोश में सुलतान को बेहद सुकून मिल रहा है.... ऐसा सुकून जो उसने आज से पहले कभी महसूस नहीं किया.... सुलतान बिना उसकी तरफ देखे उसे और ज़ोर से अपने सीने से लगा लेता है.... उसके जिस्म की खुशबु सुलतान को मदहोश करने लगती है... सुलतान की इस हरकत पे वो बुरी तरह से चौंक जाती है... वो खुद के उस से अलग करने की कोशिश करती है मगर सुलतान है की उसे चोर्ने को तैयार hi नहीं.... मदहोशी में वो अपनी आँखें खोले बिना उसके चेहरे के करीब अपने चेहरे को ले जाता है और प्यार से उसके होंठों को पाने मुँह में ले के उसे चूसने लगता है.... सुलतान की इस हरकत से वो बुरी तरह से चौंक जाती है... उसे समझ नहीं आ रहा है की वो क्या करे.... किश में सुलतान का साथ दे या फिर उस से दूर हो जाए.... अभी वो ये सोच hi रही होती है की तभी सुलतान के हाथ उसके जिस्म पे रेंगने लगते हैं.... धीरे धीरे वो उसकी पीठ से होते हुए उसके उभार की तरफ जाने लगते हैं.... सुलतान मदहोशी में उसके होंठों का अमृत पीते हुए उसके उभार को अपने हाथों में ले के उन्हें दबाने hi वाला होता है की तभी दरवाज़े की खुलने की आवाज़ सुन के उसकी तंत्र टूट टी है....
सुलतान मुद के दरवाज़े की तरफ देखता है.... वहां मुस्कान को हैरत से अपनी तरफ देखते हुए पा के उसे अजीब सा लगता है....
सुलतान : तुझे क्या हुआ तू इतनी हैरान परेशान क्यों है....? तू ने कोई भूत देख लिया क्या....?
ये कह के सुलतान उठने hi वाला होता है की तभी अपने आगोश में किसी को महसूस करके वो उसकी तरफ देखता है.... हैरत से सुलतान की आँखें बड़ी हो जाती है... वो हड़बड़ा के फ़ौरन उस से दूर हो के कहता है....
सुलतान : तुम...!!!!
अपडेट 170.... (वर्ड काउंट 7500)
सुलतान : ये मेरे अपने हैं.... इन को एक खरोच भी आ जाए ये मैं बर्दाश्त नहीं कर सकता... गुस्से से मेरा दिमाग फटने लगता है.... जी चाहता है की उसे फ़ौरन जान से मार दूँ.... यहाँ तो तुम सब ने मिल के इनके साथ इतनी ज़लील हरकत करनी चाही.... अब तुम सब को मेरे केहर से कोई नहीं बचा सकता....
ये कह के सुलतान आगे बढ़ता है और बाकी सब को भी बुरी तरह से अपनी तलवार से काट ते हुए मौत के घात उतार देता है.... तब कहीं जा के उसका गुस्सा शांत होता है.... तभी किसी की आवाज़ सुनके सुलतान पलट के उस ततफ देखता है..... वो बीएड पे पूरी तरह से नंगी लेती मचल रही है.... उसकी आँखों में सेक्स की भूख साफ़ नज़र आ रही है.... यहाँ तक की उसके मुँह से भी कामुक सिसकारी निकल रही है.... सुलतान फ़ौरन अपना चेहरा दूसरी तरफ घुमा लेता है.... और अपने जादू से उसे कपडे पहना देता है.... बाकी लड़कियों का हाल भी कुछ ऐसा hi है.... फर्क सिर्फ इतना है की बाकी की लड़कियों के जिस्म पे कपडे मौजूद है.... सुलतान अपनी टीम को यहाँ सब साफ़ करने को कह के सब को ले के हॉस्पिटल निकल लेता है....
वहां डॉ फ़ौरन सब का इलाज करने लगते हैं.... इलाज के बाद जो बात डॉ सुलतान को बताती है उसे सुन के सुलतान के पैरों टेल से ज़मीन निकल जाती है.... उसे समझ नहीं आ रहा है की आखिर वो करे तो क्या करे....?
अब आगे....
सब का इलाज होने के बाद सुलतान वार्ड में जा के डॉ से बात करता है....
सुलतान : डॉ अब कैसी हैं सब....?
डॉ : मैंने सब को इंजेक्शन लगा दिया है अब काफी हद तक अब सब ठीक हैं.... कुछ देर में आप इन्हे ले जा सकते हैं...
डॉ की बात सुन के सुलतान को थोड़ा सुकून आ जाता है.... फिर वो मुद के उन दोनों की तरफ देख के उनसे उनका हाल पूछता है....
सुलतान : कैसी हो तुम दोनों....?
ये और कोई नहीं ऐना और मीणा हैं....
सुलतान की आवाज़ सुनते दोनों दौर के उसके करीब जा के कास के उसके सीने से लिपट के रोने लगती हैं....
सुलतान : ये क्या पगली तुम दोनों रो रही हो....? अब सब ठीक है.... देखो तुम्हे कुछ नहीं हुआ....
दोनों नाम आँखों से सुलतान को देख के कहती है....
दोनों : अगर कुछ हो जाता तो....?
सुलतान : जब तक सुलतान ज़िंदा है उसकी परियों को कुछ नहीं हो सकता....
ऐना : उस दिन भी और आज भी जो हुआ उसके बाद से हम इतना दर गए हैं की अब तो लगता है जैसे की अब तो हम अपने घर में भी सेफ नहीं हैं.... आज हम घर से कॉलेज जाने के लिए निकले hi थे की तभी एक कार आ के हमारे सामने रुकी... और उसमे से कुछ गुंडे निकले.... इस से पहले की हम कुछ समझ पाते उन लोगों ने हम को बेहोश कर के कार में दाल दिया और ले गए....
ऐना की बात सुन के सुलतान उनके सर पे हाथ रख के उनके जिस्म पे सुरक्षा शैलद एक्टिवटे कर देता है.... दोनों को अपने जिस्म में कुछ अलग सा एहसास होता है.... वो सुलतान से कुछ पूछने hi वाली होती हैं की तभी सुलतान की बात सुन के उनके उदास और परेशां चेहरे पे सुकून आ जाता है.... दोनों खुश हो के सुलतान के सीने से लिपट जाती हैं.....
सुलतान : आज से बल्कि अभी से कोई भी तुम दोनों को बिना तुम्हारी इजाज़त के छू भी नहीं पायेगा.... अगर किसी ने भी तुम दोनों को गलत इरादे से चुवा भी तो समझ लो की उसकी मौत पक्की है.... तुम दोनों अब सेफ हो.... तुम्हे कुछ नहीं हो सकता.... और हाँ एक बात याद रखा तुम दोनों मेरी पारी हो.... सुलतान की परियां.... जो डरा नहीं करती.... बल्कि डराया करती हैं.... समझी.....
दोनों : हाँ में अपनी गर्दन हिला के कास के सुलतान के सीने से लिपट जाती हैं....
कुछ देर ऐसे hi सुलतान के सीने से लिपटे रहने के बाद अचानक से ऐना को कुछ याद आता है जिस से वो बेहद परेशान हो जाती है.... उसके मुँह से एक लफ्ज़ निकलता है....
ऐना : माँ....
ये कह के वो इधर उधर नज़रें घुमा के अपनी माँ हुस्ना को ढूढ़ने लगती है.... जब वो उसे नज़र नहीं आती तो उसकी आँखें नाम हो जाती हैं.... उसकी आँखों से आंसू बहने लगते हैं....
ऐना : सुलतान... माँ कहाँ है....? वो कैसी हैं... वो ठीक तो हैं न....? बोलो सुलतान....
ऐना की बात सुन के सुलतान फ़ौरन दोनों को ले के उस वार्ड की तरफ जाता है जहाँ हुस्ना चची को एडमिट किया गया है.... वहां पहुँच के वो डॉ से हुस्ना चची के बारे में पूछता है....
सुलतान : डॉ.... हुस्ना चची की तबीयत कैसी है....?
डॉ : मैंने इंजेक्शन तो दे दिया है मगर जल्द से जल्द अगर इनका इलाज नहीं किया गया तो इन की हालत और बिगड़ सकती है.... शायद इन की जान भी जा सकती है....
डॉ की बात सुन के सुलतान को गुस्सा आ जाता है....
सुलतान : जब चची की हालत इतनी खराब है तो उनका इलाज करने के बजाये आप यहाँ कड़ी कड़ी बातें क्यों बना रही है....? जा के उनका इलाज कीजिये....
डॉ : हम जो कर सकते थे वो हम कर चुके हैं..... इनके जिस्म में फैले वियाग्रा को निष्क्रिय करने के लिए हम पहले hi इन को हैवी दोसे एंटीडोट दे चुके हैं मगर उस से भी कोई असर नहीं हो रहा है... और ज़्यादा एंटीडोट देने पे इनका दिमाग पहात सकता है.... और अगर नहीं दिया तो भी सेक्स न करने की वजह से इनका दिमाग पहात सकता है.... अब सिर्फ एक hi रास्ता है इनके अंडर के वायग्रा के पावर को ख़तम करने का.... सेक्स... सेक्स के ज़रिये hi इनके अंडर फैले वियाग्रा को धीरे धीरे काम किया जा सकता है.... मगर उसमे भी वक़्त लगेगा.... काम से काम 5 दिन तक इन्हे रोज़ सेक्स करना होगा.... ताकि इनके अंडर की सेक्स नीड पूरी हो सके.... अब ये तो सिर्फ इनके पति कर सकते हैं.... तो अब जितनी जल्दी हो सके आप इन्हे इनके पति के पास ले जाइये....
ये कह के डॉ वहां से चली जाती है....
सुलतान : ऐना हम चची को साथ ले के घर चलते है तुम जल्दी से चाचा को कॉल करके घर आने को कहो.... अब वो hi चची का इलाज कर सकते हैं.... चलो जल्दी....
ये कह के सुलतान हुस्ना चची को गॉड में उठा के बहार ला के कार की पिछली सीट पे लिटा देता है.... फिर ऐना और मीणा को कार में साथ बैठा के घर की तरफ चल देता है....
सुलतान : ऐना तुमने चाचा को कॉल कर दिया न.... वो घर आ रहे हैं न....
ऐना : नहीं....
सुलतान : नहीं मतलब....?
ऐना : मैं पापा को कॉल नहीं किया....
सुलतान हैरत से : मगर क्यों....?
ऐना : वो इस लिए क्यों की पापा माँ का इलाज नहीं कर सकते....
ऐना की बात सुन के सुलतान झटके से कार को ब्रेक मार देता है.... फिर ऐना की तरफ ऐसे देखता है जैसे की पूछना छह रहा हो की उसने ऐसा क्यों कहा....
ऐना : क्यों तुम्हे नहीं पता की पापा माँ का इलाज क्यों नहीं कर सकते....? उन्हें अगर कोई ठीक कर सकता है तो वो तुम हो.... और कोई नहीं....
सुलतान : ऐना तुम पागल तो नहीं हो गयी हो.... ये क्या बकवास किये जा रही हो....?
ऐना : मैंने वो hi कहा जो सच है.... माँ का इलाज इस पूरी दुनिया में अगर कोई कर सकता है तो वो सिर्फ और सिर्फ तुम हो.... भूल गए वो श्राप जो हमारे पूरे खानदान को दिया गया है.... उस श्राप की वजह से हमारे पूरे खानदान के मर्द.... नामर्द बन चुके हैं... वो इस काबिल नहीं की सेक्स कर सके.... तो बताओ एक नामर्द इंसान सेक्स कैसे कर सकता है.... एक तुम hi हो जो हमारे पूरे खानदान की हर औरत और लड़की के साथ सेक्स कर सकते हो.... तुम hi हो जो माँ के साथ सेक्स कर के उन्हें ठीक....
अभी ऐना ने इतना hi कहा था की सुलतान गुस्से में उसे एक थप्पड़ मार देता है....
Chataaaaaaaaaak.....
सुलतान गुस्से में : तुम्हे ज़रा भी शर्म नहीं आयी ये सब कहते हुए... वो कोई गैर नहीं माँ है तुम्हारी.... तुम उनके बारे में ऐसा कैसे कह सकती हो....?
मीणा : ऐना ने कुछ गलत नहीं कहा....
सुलतान : ऐना तो पागल हो गयी है मगर मीणा तुम भी....
मीणा : हाँ मैं भी वो hi कह रही हूँ जो ऐना कह रही है....
सुलतान : तुम दोनों अपनी माँ के बारे में ऐसा कैसे कह सकती हो....?
दोनों : ये कह ते हुए हम को भी अच्छा नहीं लग रहा है मगर जो सच है उसे भी तो बदला नहीं जा सकता है न.... तुम hi बताओ क्या हम ने जो कहा वो गलत है.... माँ इस वक़्त जिस हाल में है... उन्हें तुम्हारे अलावा कोई और ठीक कर सकता है क्या.... नहीं न... तो फिर तुम hi बताओ की हम क्या करें.... क्या माँ को इस हाल में मरते हुए देखें.... ये हम से नहीं होगा.... हम अपनी माँ को इतना चाहती है की की उनकी जान बचने के लिए जो ज़रूरी है वो हम सब करने को तैयार हैं मगर हम छह के भी उन्हें ठीक नहीं कर सकते... एक तुम hi हो जो माँ का इलाज कर के उन्हें ठीक कर सकता है... प्लीज हमारी बात मान लो और जल्द से जल्द माँ का इलाज करो इस से पहले की कोई उन्होनी हो जाए....
सुलतान : जी नहीं ऐसा मैं हरगिज़ नहीं कर सकता.... ये मुझसे नहीं होगा.....
सुलतान के मुँह से न सुन के ऐना और मीणा रोने लगती हैं.... सुलतान से उनका रोने देखा नहीं जाता मगर जो वो कह रही हैं वो भी तो गलत hi है....
सुलतान : मैं चची को ऐसे ठीक नहीं कर सकता तो क्या अपनी पावर्स के ज़रिये तो उनका इलाज कर hi सकता हूँ....
सुलतान की बात सुन के दोनों हैरत से उसकी तरफ देखती हैं.... इस से पहले की वो उस से कुछ पूछ पाती सुलतान आगे बढ़ के अपनी चची के पास जाता है और अपनी पावर्स से उन्हें ठीक करने hi वाला होता है की तभी वहां बाबा आ जाते हैं और वो फ़ौरन सुलतान को रोक देते हैं....
बाबा : नहीं सुलतान ये गलती मत करना.... अगर तू ने हुस्ना पे अपनी पावर्स का इस्तेमाल किया तो उसके अंडर जो शैतान का काला जादू है वो और तेरी पावर्स आपस में टकरा के हुस्ना के जिस्म को नष्ट कर देंगी..... हुस्ना ठीक होने के बजाये मर जायेगी....
बाबा की बात सुन के सब शॉक हो जाते हैं....
सुलतान : ये आप क्या कह रहे हैं बाबा.... हुस्ना चची को तो उन कामेनो ने वियाग्रा का हैवी दोसे दिया था.... उनके जिस्म में शैतान का काला जादू कहाँ से आ गया....
बाबा : ये तब हुआ था जब बाकी सब के साथ साथ तू हुस्ना को बचने वहां गया था.... शैतान के इशारे पे hi हुस्ना को वियाग्रा का हैवी दोसे दिया गया था... साथ hi उसी शैतान ने हुस्ना के जिस्म को काले जादू से बाँध दिया.... अघुरा को ये पता है की श्राप की वजह से वजह से तुझे hi हुस्ना को ठीक करना होगा.... मगर तू ऐसा करना नहीं चाहेगा.... उसे ठीक करने के लिए तू अपनी पावर्स का इस्तेमाल करेगा.... जैसे hi तेरी पावर्स हुस्ना के जिस्म में जा के काले जादू से टकराएगी जिसे हुस्ना का जिस्म बर्दाश्त नहीं कर पायेगा और हुस्ना की मौत हो जायेगी... हुस्ना के मरते hi तेरे अपने तेरे खिलाफ हो जाएंगे.... जिस से तुझे बेइन्तेहाँ तकलीफ होगी.... तू इस सब में उलझ के रह जाएगा और शैतान अपने अगले चाल की तरफ बढ़ जाएगा... ताकि वो तुझे और तकलीफ पहुंचा सके.....
बाबा की बात सुन के जहाँ ऐना और मीणा हैरान हो रही हैं वहीँ सुलतान को शैतान पे बेहद गुस्सा आने लगता है... बड़ी मुश्किल से वो अपने गुस्से को दबा के कहता है....
सुलतान : तो बाबा अब आप hi बताइये की चची को कैसे ठीक किया जाए....?
बाबा : न चाहते हुए भी तुझे वो hi करना पड़ेगा जो तू नहीं करना चाहता है.... इस के सिवाए हुस्ना को बचने का और कोई रास्ता नहीं है....
सुलतान : बाबा ये आप क्या कह रहे हैं....? ये चची है मेरी मैं इन के साथ.... नहीं बाबा नहीं....
बाबा : सुलतान तू इस बात को गलत तरीके से क्यों देख रहा है.... तू ये क्यों नहीं समझ रहा है की तू जो भी करने वाला है वो सिर्फ और सिर्फ हुस्ना का इलाज करके उसकी जान बचने के लिए कर रहा है....
सुलतान : बाबा आप जो कह रहे हैं वो सच है मगर फिर भी है तो वो मेरी चची hi न..... मैं कैसे....
बाबा : सुलतान अब ये फैसला तुझे करना है की तू क्या चाहता है..... हुस्ना का इलाज करके उसकी जान बचाना या फिर उसे तड़पते हुए मौत के मुँह में जाने देना चाहता है.... हुस्ना की ज़िन्दगी और मौत अब तेरे हाथ में है.... तू उसे ज़िन्दगी देता है या मौत....
ये कह के बाबा वहां से चले जाते हैं.... बाबा के जाने के बाद जब सुलतान की नज़र सामने जाती है तो कार में बैठी ऐना मीणा को अपनी माँ के जिस्म से लिपटे रट हुए पाटा है.... उन्हें इस हाल में देख के उसे बेहद तकलीफ होती है.... वो हुस्ना की मदत करने के लिए न आगे बढ़ पा रहा है और न उन्हें मरते हुए देख पा रहा है.....
तभी अचानक से हुस्ना चची की आवाज़ सुन के उसकी तंत्र टूट टी है....
चची : सुलताआआआआ.....
आवाज़ सुन के सुलतान सामने देखता है.... चची उसकी तरफ अपना हाथ बढ़ा के उसे मदत के लिए पुकार रही हैं....
सुलतान : च... च... चची कैसी हो आप....?
हुस्ना चची जो सेक्स की आग में जल रही है.... वो सुलतान की आवाज़ सुन के पलट के सेक्स के नशे में बोझिल आँखों से उसे देखती है.... सुलतान को देखते hi उसकी कामाग्नि और तेज़ी से भड़क उठती है.... उसकी छूट तेज़ी से रास चोर्ने लगती है.... वो कामुक भरी नज़रों से सुलतान को देखने लगती है....
हुस्ना : सुलतान मेरी मदत कर.... मुझे इस तकलीफ से निजात दिला दे..... अब और बर्दाश्त नहीं हो रहा है... जल्दी कुछ कर सुलतान इस से पहले की ये तकलीफ मेरी जान ले ले....
सुलतान : चची आप को पता है की आप मुझे से किस तरह की मदत छह रही हैं... आप को ठीक करने के लिए मुझे आप के साथ S...S... सेक्स करना होगा... वो भी लगातार 5 दिन तक.... तब कहीं जा के आप पूरी तरह से ठीक होंगी.....
हुस्ना : हाँ मुझे पता है जो मैं तुझे करने को कह रही हूँ वो गलत है.... मगर फिर भी मैं तुझे वो करने को कह रही हूँ... उस की सब से बड़ी वजह है मेरी दोनों बेटियां... मेरे मरने के बाद इनका क्या होगा....? जो परिवार घर के एक लौटे बेटे को जान से मारने से नहीं चूका वो मेरे मरने के बाद मेरी बेटियों का क्या ख़याल रखेगा.... वो सब मिल के मेरी बेटियों को भी जान से मार देंगे....
सुलतान : मेरे रहते कोई मेरी परियों को छू भी नहीं सकता....
मीणा जो काफी देर से सुलतान की बातें सुन रही थी वो बेहद गुस्से में कहती है....
मीणा : जब तू हमारी मदत करना hi नहीं चाहता तो फिर यहाँ हमारे पास क्यों खड़ा है जा चला जा यहाँ से.... या फिर कहीं ऐसा तो नहीं की तू माँ को मरते हुए देखना चाहता है.... हाँ शायद ये hi बात है हम को तकलीफ में देख के तुझे ख़ुशी हो रही है....
सुलतान : मीणा ये तू क्या कह रही है..... मुझे चची को इस हाल में देख के ख़ुशी नहीं बल्कि कितनी तकलीफ हो रही है ये मैं और मेरा दिल hi जानता है.... मैं छह के भी चची की मदत नहीं कर पा रहा हूँ....
ऐना : वो इस लिए क्यों की तू माँ की मदत करना चाहता hi नहीं है....
सुलतान : ये तू क्या कह रही है.... ऐसा बिलकुल नहीं है.....
ऐना : ऐसा hi है.... सब कुछ जान ने के बाद भी तू मदत करने को तैयार नहीं है..... तू ये क्यों नहीं समझ रहा है की उस श्राप की वजह से हमारे पूरे खानदान की औरत हो या लड़की तुझे न चाहते हुए भी सब के साथ सेक्स करना hi होगा.... ये hi हम सब की किस्मत में लिखा है.... जिसे तू तो क्या ऊपर वाला भी नहीं बदल सकता.....
फिर ऐना कार से बहार निकल के आगे बढ़ के सुलतान का गिरेबान पकड़ के उस से बेहद गुस्से में कहती है....
ऐना : अब अगर तू माँ की जान बचाना चाहता है तो वो कर वर्ण हम को मरने के लिए चोर के चला जा यहाँ से....
ऐना की बात सुन के सुलतान न चाहते हुए भी वो करने के लिए राज़ी हो जाता है जो वो नहीं करना चाहता.... वो ये समझ चूका है की ये hi उसकी किस्मत है.. और किस्मत के लिखे को वो तो क्या दुनिया का कोई भी शख्स नहीं बदल सकता....
सुलतान : हम को जल्द से जल्द यहाँ से चलना होगा ताकि चची का इलाज फ़ौरन हो सके....
ऐना : मतलब....
सुलतान : मतलब की तेरी बात मेरी समझ में आ गयी है... जो किस्मत में लिखा है वो हो के hi रहता है.... मुझे चची का अलाज कर के उन्हें जल्द से जल्द ठीक करना है....
ऐना : तू सच कह रहा है.... तू माँ का इलाज करने को तैयार है...
ऐना की बात सुन के सुलतान हाँ में अपना सर हिला देता है.... जिसे देख ऐना ख़ुशी में कास के सुलतान के सीने से लिपट जाती है...
सुलतान : अबे क्या कर रही है चोर मुझे.... तू तो ऐसे खुश हो के लिपट रही है जैसे मैंने चची के इलाज की नहीं बल्कि तेरे इलाज की बात की हो....
ऐना : मेरा इलाज....!!!! मगर मैं तो ठीक हूँ...
फिर जब ऐना को सुलतान की बात का मतलब समझ आता है तब वो गुस्से में उसके सीने में प्यार से मुक्का मार के कहती है....
ऐना : तू न सुलतान बहुत बिगड़ गया है.... पहले माँ का इलाज तो कर ले फिर मेरे बारे में सोचना..... चल अब....
ऐना की बात सुन के सुलतान हंस देता है... फिर वो लोग कार में बैठ के चल देते हैं दें की तरफ....
वहां सुलतान ऐना और मीणा को एक रूम में चोर के हुस्ना चची को ले के दूसरे रूम में चला जाता है.... वहां से पोर्टल खोल के वो हुस्ना को अपने साथ ले के जादुई झील में डुबकी लगता है ताकि चची के जिस्म में जो काला जादू है उसे निष्क्रिय किया जा सके.... फिर वो वहां से वापिस रूम में आ जाता है.... अपने जादू से वो अपने और चची के कपडे बदल देता है..... फिर चची के करीब जा के उनके पास बैठ जाता है और प्यार से उनकी आँखों में देखते हुए कहता है....
सुलतान : चची मैं ये जो भी कर रहा हूँ वो आपकी जान बचने के लिए कर रहा हूँ.... आप कोई गैर नहीं बल्कि मेरी अपनी हैं.... और अपने क्या होते हैं.... ज़िन्दगी में अपनों की और उनके प्यार की क्या एहमियत होती है ये मुझसे बेहतर कौन जान सकता है.... बचपन से मैं जिन अपनों के साथ और प्यार के लिए तड़पता रहा हूँ वो आज मेरे पास हैं.... अब चाहे मुझे कुछ भी क्यों न करना पड़े मैं मेरे अपने को और उनके प्यार को कभी खुद से अलग नहीं होने दूंगा.... जिसकी शुरुवात आज मैं आप के साथ करने जा रहा हूँ..... जो श्राप हमारे पूरे खानदान को दिया गया था उसे मैं दूर कर के रहूँगा....
हुस्ना : मैं यहाँ तड़प रही हूँ और तू है की तुझे मेरी ज़रा भी फ़िक्र नहीं है....
सुलतान : आप तो मेरी अपनी हो.... आप की फ़िक्र नहीं करूँगा तो किसकी करूँगा....
हुस्ना : जा जा ज़्यादा नाटक मत कर अगर तुझे मेरी इतनी फ़िक्र होती तो क्या तू मुझे इतना इंतज़ार करवाता और अब भी देख यहाँ आने के बाद भी मुझे प्यार करने के बजाये दूर खड़ा बातें बना रहा है....
सुलतान आगे बढ़ के हुस्ना को कास के अपने सीने लगा के कहता है....
सुलतान : आज मैं आप की साड़ी तकलीफ दूर कर दूंगा.... जिस से आप की साड़ी शिकायतें दूर हो जाएंगी और आप मेरी दीवानी बन जाएंगी.... आज मैं अपनी प्यारी चची जान को जन्नत की सैर करवाने वाला हूँ... बस एक बार आप ने मेरे मूसल जैसे लुंड की सवारी कर ली न तो फिर कभी मेरे लुंड को अपनी छूट से निकलने नहीं डौगी....
सुलतान की बात सुन के हुस्ना का चेहरा और उनकी रसीली छूट शर्म से पानी पानी हो जाती है....
हुस्ना : तू न बहुत बेशर्म हो गया है... ऐसे खुलेआम भी कोई कहता है क्या..?
सुलतान : हाय मेरी चची जान मेरा बस चले तो बातें hi क्या मैं तो खुलेआम अपनी आप को नंगी कर के आप की रसीली छूट और मदमस्त मखमली गांड का बाजा बजा दूँ.... हाय क्या मस्त सेक्सी गांड है आपकी.... इसे देख के दिल इसका दीवाना हुआ जाता है...
हुस्ना शर्माते हुए : तू न बड़ा शैतान हो गया है..... ऐसा भी कोई कहता है क्या.....? एक बात तो बता.... मेरी छूट का तो समझ में आता है मगर आखिर मेरी ग.... गए.... गांड में ऐसा क्या है.... जिसका तू दीवाना बना हुआ है.....
सुलतान : आप की मदमस्त गांड में वो कशिश है जिसे देख किसी का लुंड भी खड़ा हो जाए.....
हुस्ना : तुझे गांड की पड़ी है और यहाँ मेरी छूट कब से चुदाई के लिए तड़प के रास बहा रही है.....
सुलतान : आज मैं आपकी और आप की छूट की पूरी प्यास बुझा दूंगा.... मैं जी भर के आप के तीनो छेद में अपना लुंड डालूंगा.....
हुस्ना शरमाते हुए : जी नहीं अभी तीसरा छेद तेरे लुंड के लिए तैयार नहीं है.... पहले उसे थोड़ा फैल जाने दे फिर जी भर के मेरी गांड भी मार लेना....
ये कह के हुस्ना उठ के जाने लगती है....
सुलतान : अरे कहाँ चली....? अभी तो चुदाई के लिए तड़प रही थी... चूड़े बिना कहाँ जा रही हो.....?
सुलतान की बात सुन के हुस्ना अपनी कानि ऊँगली उसे दिखा के शरमाते हुए बाथरूम में भाग जाती है.... और अपनी साड़ी उठा के सीटी बजाते हुए मूतने लगती है.... सुलतान भी कहाँ मान ने वाला था.... हुस्ना की छूट से निकल रही सीटी की मधुर आवाज़ सुन के वो भी उनके पीछे पीछे बाथरूम में चला जाता है....
हुस्ना गांड उठा के मूट रही है.... उस की मदमस्त गांड देख के सुलतान का लुंड खड़ा हो के पूरे जोश में आ जाता है....
सुलतान को अपने पीछे खड़े देख हुस्ना शर्मा जाती है.....
हुस्ना : बहार जा.... देख नहीं रहा मैं मूट रही हूँ.....
सुलतान : वो hi तो देख रहा हूँ... हाय क्या मस्त नज़ारा है....
हुस्ना शरमाते हुआ : अरे बेशर्म कुछ तो चोर दे....
सुलतान : हाय चची जान कैसे चोर दूँ.... आप की सेक्सी गांड और छूट ने मुझे आपका दीवाना जो बना रखा है.... जी चाहता है.... अपना लुंड इसमें डाले उम्र भर आप को छोड़ता रहूं....
हुस्ना शर्माते हुए : छोड़ लेना... मैंने कौनसा तुझे रोका है... मगर अभी तो बहार जा.... पहले मुझे मूट तो लेने दे....
सुलतान : आप मुतो न मैंने कहाँ आप को रोका है.... आप अपना काम करो और मुझे अपना काम करने दो....
ये कह के सुलतान अपनी गीली कर के उसे हुस्ना की गांड के छेद पे फिरने लगता है.... सुलतान की ऊँगली अपनी गांड के छेद पे महसूस होते hi हुस्ना उछाल पड़ती है..... लाइफ में आज पहली बार उसने अपनी गांड के छेद पे किसी और की ऊँगली को महसूस किया है....
हुस्ना : हाय... ये क्या कर रहा है.....?
सुलतान : आप की गांड मारने की तैयारी कर रहा हूँ.....
ये कह के वो धीरे से अपनी एक ऊँगली हुस्ना की गांड के छेद में घुसा देता है.... ऊँगली गीली होने की वजह से वो हुस्ना की गांड के टाइट में घुस जाती है.... जिस से हुस्ना एक सिसकारी लेते हुए उछाल पड़ती है.....
Aaaaaaaaaagggghhhhhh......
हुस्ना : सुलतान क्या कर रहा है... निकाल ऊँगली.....
सुलतान हुस्ना की बात को उन सुना कर के एक हाथ से उनकी पिशाब करती छूट को रगड़ते हुए ऊँगली को उनके गांड के छेद में अंडर बहार करने लगता है.....
सुलतान की इस हरकत पे हुस्ना को मज़ा भी आ रहा है और गांड में मीठा मीठा दर्द भी हो रहा है.... वो सुलतान को रोकने की बहुत कोशिश करती है..... मगर सुलतान कहाँ मान ने वाला था.... हुस्ना को अपनी बाहों में जकड के उनकी छूट को रगड़ते हुए अपनी ऊँगली उनकी कमसिन वर्जिन गांड में अंडर बहार कर रहा है....
मस्ती में हुस्ना के मुँह से मादक सिसकारी निकल रही है....
Sssssssssss...... Aaaaaaaaaahhhhh.... ममममममममम... ऊऊऊऊओह्ह्ह्हह.....
मज़े और दर्द के मीठे मीठे एहसास को महसूस करके हुस्ना की छूट कॉमर्स की नदी बहा रही है..... धीरे धीरे वो झड़ने के करीब पहुँच जाती है.... उसका जिस्म अकड़ने लगता है.... मस्ती में वो सुलतान के होंठों को अपने मुँह में ले के चूसने लगती है..... अचानक से उनका जिस्म अकड़ने लगता है और वो झड़ने लगती है...
ठीक तभी सुलतान अपनी पूरी ऊँगली हुस्ना की गांड में धीरे से घुसा देता है..... ठीक तभी हुस्ना मस्ती में झाड़ जाती है उसे पता hi नहीं चलता की कब सुलतान ने अपनी ऊँगली उनकी कमसिन ुंचुड़ी गांड के छेद में घुसा दिया.... वो कास के सुलतान के जिस्म से लिपट जाती है.... और सुलतान के होंठों को चूसते हुए झड़ने का मज़ा लेने लगती है....
कुछ देर बाद जब हुस्ना की मस्ती थोड़ी शांत होती है तब वो शरमाते हुए सुलतान से कहती है....
हुस्ना : पूरा दिन यहीं ऐसे hi गुज़ारना है क्या.....?
सुलतान : जी नहीं..... मेरी तो कुछ और hi चाहत है..... फिलहाल आप बताओ की आप क्या चाहती हो.....?
मस्ती में हुस्ना सुलतान के होंठों को चूम के कहती है....
हुस्ना : मैं चाहती हूँ की तू जल्दी से मुझे बीएड पे ले जा के जैम के मेरी चुदाई कर....
सुलतान : नेक काम में देर नहीं करनी चाहिए.... चलो जल्दी चलो.....
हुस्ना शर्माते हुए : पहले अपनी ऊँगली तो मेरी गांड से निकाल.....
हुस्ना की बात सुन के सुलतान अपने दोनों हाथ हुस्ना को दिखा के कहता है..... वो तो मैं कब का निकाल चूका हूँ.....
सुलतान की बात पे हुस्ना चौंक के कहती है.....
हुस्ना : तो फिर इस वक़्त मेरी गांड में क्या घुसा हुआ है....?
सुलतान : आप की गांड में इस वक़्त वो डिलडो है ये मेरी तरफ से आप को हमारी पहली मिलान का तोहफा है....
हुस्ना अपनी गांड पे हाथ लगा के महसूस करती है..... तो पाती है की वाकई में उनकी गांड के छेद में डिलडो घुसा हुआ है..... वो हैरत से सुलतान की तरफ देखती है..... जैसे पूछना छह रही हो... की ये तू ने कब और कैसे घुसाया.....?
सुलतान : जिस वक़्त आप झड़ने का मज़ा ले रही थी..... ठीक उसी वक़्त मैंने इसे आपकी गांड में घुसा दिया..... अब इसे अपनी गांड में hi रहने दीजिये..... जिस से जल्द hi आप की गांड मेरा लुंड लेने लायक बन जायेगी..... बस लैट्रिन करने के लिए hi आप इसे बहार निकालेंगी..... इसमें आप को बेहद मज़ा भी आएगा..... चलते वक़्त..... उठते बैठते वक़्त... बस मज़ा hi मज़ा.... साथ hi हर पल आपको मेरी याद दिलाता रहेगा.... और हर गुज़रते पल के साथ मेरे लिए आपकी दीवानगी और प्यार बढ़ता hi जाएगा...
सुलतान की बात सुन के हुस्ना शर्माते हुए कहती है.....
हुस्ना : तू न बड़ा कमीना हो गया है.... ऐसा भी कोई तोहफा किसी को देता है क्या....? अपने मज़े के लिए मेरी गांड मारने पे लगा हुआ है..... अगर तू ने मेरी गांड मारी तो मेरी बंद बज जायेगी.....
हुस्ना की बात सुन के सुलतान उन्हें आँख मार के कहता है.....
सुलतान : बंद नहीं मैं तो पूरा ऑर्केस्ट्रा बजने की सोच रहा हूँ.....
सुलतान की बात सुन के हुस्ना उसके गाल पे प्यार से चपत लगा के कहती है..... पहले मेरी छूट तो बजा ले..... गांड का ऑर्केस्ट्रा बाद में कभी बजाते रहना.... यहाँ वियाग्रा की वजह से मेरी जान जा रही है और तू है की मेरी चुदाई करने के बजाये मेरी निगोड़ी गांड में घुसना छह रहा है....
सुलतान : दिल तो नहीं छह रहा आप के सेक्सी चूतड़ों को चोर्ने का..... मगर अभी इसमें वक़्त है..... जल्द hi मैं इसमें अपना लुंड दाल के इसे छोडूंगा.....
ये कह के सुलतान आगे बढ़ के हुस्ना के चूतड़ को प्यार से चूमता है और अपनी हथेली उसकी रास चोरटी छूट पे रख देता है.....
सुलतान की इस हरकत पे सुलतान के साथ साथ हुस्ना का जिस्म भी मस्ती में गंगना जाता है..... सुलतान की हथेली हुस्ना के छूट रास से सराबोर हो जाती है..... सुलतान इसे अपनी नाक के पास ला के सूंघता है फिर अपनी जुबां बहार निकाल के अपने हाथ पे लगे हुस्ना के छूट रास को चाट ता है.... हुस्ना की छूट की खुशबु और उसका टास्ते सुलतान के लुंड को उछलकूद मचने पे मजबूर कर देता है....
सुलतान हुस्ना की छूट पे प्यार से हाथ फेरने लगता है साथ hi उसकी गांड को चूम भी रहा है.... सुलतान की इस हरकत पे हुस्ना मस्ती के आसमान में उड़ने लगती है उसके मुँह से मादक सिसकारी निकलने लगती है.....
Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa..... Mmmmmmmmmm.... ऊऊऊऊओह्ह्ह्हह....
जिसे सुनके सुलतान थोड़ा नीचे झुक के हुस्ना की छूट को चूम लेता है.... फिर अपनी जुबां निकल के उसे चाटने लग जाता है..... सुलतान की इस हरकत से हुस्ना की छूट से तेज़ी से कॉमर्स बहने लगता है और वो ाँहें भरते हुए सुलतान को प्यार से अपनी छूट छत्ते हुए देखने लगती है..... सुलतान हुस्ना की छूट को फैला के उसके दाने को अपनी मुँह में ले के मज़े से चूसने लगता है साथ hi अपनी एक ऊँगली उस की छूट में दाल के उसे अंडर बहार करने लगता है..... हुस्ना के हाथ सुलतान के सर पे चले जाते हैं और वो उसे अपनी छूट पे दबाते हुए मस्ती में सिसकारी लेने लगती है...
हुस्ना : Mmmmmmmmmm..... Aaaaaaaaaaahhhhh..... और ज़ोर से chaaaaaaaaaaaaattt.... ममममममममम.... बड़ा माज़आआआ... आ रहा है..... oooooooooohhh.... मममममममम...
हुस्ना की बात सुनके सुलतान और तेज़ी से उसकी छूट में ऊँगली अंडर बहार करते हुए उसकी छूट चाटने लगता है.... पूरे कमरे में हुस्ना की मस्ती भरी सिसकारी गूंजने लगती है....
हुस्ना : Aaaaaaaaaaaaaaaaa..... मममममममम.... Ooooooooooohhhh.... हानन.... ऐसे hi..... ऊऊऊऊओह्ह्ह्ह.... मममममममम... बड़ा मज़ा अअअअअअअ राहाआआआ है और कास के छाअअअअअअअत.... खा jaaaaaaaaaa.... मेरी छूट को.......
धीरे धीरे हुस्ना का जिस्म अकड़ने लगता और झड़ने के करीब पहुँच जाती है.... और एक मादक सिसकारी के साथ उसकी छूट से कॉमर्स की नदी बह के सुलतान के मुँह में जाने लगती है.... सुलतान हुस्ना की छूट से निकले कामर्स को चाट चाट के पीने लगता है.... झड़ने के बाद हुस्ना सुलतान को ऊपर की तरफ खींचती है और उसके होंठ अपने मुँह में ले के उसे चूसने लगती है....
करीब 10 मिनट्स तक उसके होंठों को चूसने के बाद हुस्ना उसके जिस्म से लिपट जाती है....
हुस्ना : ऐसा मज़ा मुझे आज तक नहीं आया.... जो मज़ा आज तू ने मुझे दिया hai....mmmmmmm.... मज़ा आए गया.....
हुस्ना की बात सुन के सुलतान उसे अपनी बाहों में कास लेता है.... और प्यार से उसके होंठों को चुम के कहता है....
सुलतान : असली मज़ा तो अब शुरू होगा...
ये कह के सुलतान हुस्ना को अपनी गॉड में उठता है और लेजा के बीएड पे लेता देता है और उसकी ठोस चूचियों को अपने हाथों में ले के मसलने लगता है.... हुस्ना के मुँह से मस्ती भरी सिसकारी निकलने लगती है....
ममममममम.... aaaaaaaaaaaaahhh.... ऊऊऊऊओह्ह्ह्ह....
फिर सुलतान झुक के हुस्ना के निप्पल को अपने मुँह में ले के चूसने लगता है.... साथ hi दूसरी चूची को मस्ती में दबाने लगता है... सुलतान का लुंड और भी लम्बा और मोटा नज़र आ रहा है.... जिसे देख हुस्ना का मुँह खुल जाता है और उसकी दिल की धरकन बढ़ जाती है.... साथ hi मस्ती में उसकी छूट और गांड का छेद फड़फड़ाने लगता है....
सुलतान हुस्ना के हाथ में अपना खड़ा लुंड थमा देता है..... दर के मारे हुस्ना उसे चोर देती है....
हुस्ना : आज तो मेरी सच में फटने वाली है....
सुलतान : चची जान आप दर क्यों रही हैं...?
हुस्ना : हाथ में एनाकोंडा थमा के पूछ रहा है मैं दर क्यों रही हूँ....?
सुलतान : ये आज आपको इतना मज़ा देगा की आपका सारा दर हवा हो जाएगा...
हुस्ना आगे बढ़ के सुलतान के लुंड को अपने मुँह में ले के मज़े से चूसने लगती है.....
फिर कुछ देर बाद सुलतान झुक के हुस्ना की छूट को चाटने लगता है.... और साथ hi अपनी दो ऊँगली उसकी छूट में दाल के अंडर बहार करने लगता है....
हुस्ना मस्ती में सिसकारी लेते हुए मचलने लगती है.... उसकी छूट कॉमर्स से सराबोर हो जाती है....
और उस से एक पल भी और बर्दाश्त करना मुश्किल हो जाता है.... छूट की गर्मी के आगे मजबूर होक वो अपनी साड़ी शर्मा हाय भुला के कहती है.....
हुस्ना : सुलतान कुछ कर न.... प्लीज....
हुस्ना को चरने की नीयत से सुलतान जान के भी अनजान बांके के उस की छूट में तेज़ी से ऊँगली अंडर बहार करते हुए उस से पूछता है....
सुलतान : क्या करूँ चची जान....?
हुस्ना : ममममम..... oooooooooooohhh.... है.... क्यों तडपाआआ रहा है...? कर नाआआ जल्दी...?
सुलतान : बताओगी नहीं तो कैसे पता चलेगा की क्या करना है....?
हुस्ना : तू जान के मुझे तड़पा रहा है न..... तू यही चाहता है न की मैं अपने मुँह से कहूं... तो ले मैं कहती हूँ.... अपना मूसल जैसा लुंड मेरी छूट में दाल के छोड़ मुझे....
हुस्ना के मुँह से चुदाई की बात सुन सुलतान का दिल ख़ुशी से झूम उठता है.... और वो अपना मूसल जैसा लुंड हुस्ना की छूट पे सेट करता है.... सुलतान का लुंड अपनी छूट पे महसूस करके हुस्ना के मुँह से मस्ती भरी सिसकारी निकल जाती है.....
Aaaaaaaaaaaaaaahhhhh....
सुलतान अपना लुंड हुस्ना की छूट पे घूमने लगता है.... हुस्ना की छूट मस्ती में कामर्स बहाने लगती है....
हुस्ना : सुलतान क्यों तड़पा रहा है.... अब दाल भी दे.... मगर ज़रा प्यार से करना.... कहीं ऐसा न हो तेरा ये मूसल जैसा लुंड मेरी नन्ही सी छूट का भोसड़ा बना के रख दे.....
सुलतान : घबराओ मत चची जान.... मैं और मेरा लुंड अपनी प्यारी पारी का भोसड़ा नहीं बनने देगा....
ये कह के सुलतान हुस्ना के होंठों को अपने मुँह में ले के अपना लुंड हुस्ना की रास चोरटी छूट पे सेट करके एक झटका मारता है.... जिस से उसके लुंड का सूपड़ा हुस्ना की छूट में घुस के अटक जाता है....
दर्द के मारे हुस्ना की चीख निकल जाती है... उसकी चीख सुलतान के मुँह में डाब के रह जाती है.....
सुलतान : चची जान दर्द तो नहीं हो रहा है न....?
हुस्ना : कमीने मेरी छूट पहाड़ दी और कहता है दर्द तो नहीं हो रहा.... साले अब तेरा मूसल जैसा लुंड मेरी नन्ही सी छूट में जाएगा तो दर्द तो होना hi है.... मगर मज़े लेना है तो दर्द तो सहना hi पड़ेगा..... तू मेरे दर्द की चोर और चुदाई पे ध्यान दे....
हुस्ना की बात सुन के सुलतान आगे झुक के उसके होंठ अपने मुँह में ले के एक करारा शॉट मारता है.... 4 इंच लुंड हुस्ना की छूट में घुस जाता है.... दर्द के मारे उस की चीख निकल जाती है.... मगर सुलतान के मुँह में उसके होंठ होने की वजह वो वहीँ डाब के रह जाती है....
सुलतान हुस्ना की चूची को दबाये हुए उसके निप्पल को चूसने लगता है.... धीरे धीरे हुस्ना का दर्द काम होने लगता है और उसके जिस्म में मस्ती चढ़ने लगती है.... वो इशारे से सुलतान को आगे बढ़ने को कहती है.... सुलतान इस बार भी हुस्ना के होंठों को अपने मुँह में ले के एक करारा शॉट मारता है.... जिस से उसका 9" लम्बा और 3" मोटा लुंड हुस्ना की छूट को चीरता हुआ उसकी बच्चेदानी से जा टकराता है.... मस्ती में हुस्ना का पूरा जिस्म मदहोश हो जाता है..... मस्ती में उसका जिस्म ैठने लगता है.... वो नीचे से झटके देने लगती है....
हुस्ना के मुँह से मस्ती भरी सिसकारी निकलने लगती है.....
Aaaaaaaaaaagggghhhhh.... ममममममम.... oooooooooohhhhhhh....
अब सुलतान के हर झटके के साथ हुस्ना को मज़ा आने लगता है... और वो धीरे धीरे झड़ने के करीब पहुँच जाती है.... उसकी छूट से कॉमर्स का सैलाब सा बह निकलता है....
सुलतान मस्ती में हुस्ना की चुदाई करने लगता है.... करीब एक घंटे तक वो उसकी छूट में अपना मूसल जैसा लुंड अंडर बहार करते हुए उसे छोड़ने लगता है.... इस बीच हुस्ना 4 बार झाड़ जाती है....
सुलतान पलट के नीचे आ जाता है हुस्ना को अपने ऊपर बैठा लेता है...
मस्ती में हुस्ना भी उसके मूसल जैसे लुंड पे बाथ के उस से छुड़वाने लगती है.... उसे ऐसा लगने लगता है जैसे सुलतान उसे नहीं बल्कि वो सुलतान को छोड़ रही है.... छूट में लुंड और गांड में डिलडो उसे जन्नत का मज़ा दे रहा है..... मस्ती में वो सिसकारी लेते हुए सुलतान के लुंड पे उछलने लगती है.....
सुलतान को भी बेहद मज़ा आने लगता है.... कुछ hi देर में हुस्ना एक बार फिर से झड़ने के करीब पहुँच जाती है.... उसका जिस्म अकड़ने लगता है और वो झड़ने लगती है.... झड़ने के बाद वो सुलतान के जिस्म पे गिर के निढाल हो जाती है....
सुलतान फ़ौरन पलट के उसके ऊपर आ जाता है.... उसकी छूट में सत्ता सात अपना लुंड पेलने लगता है....
हुस्ना से अब और बर्दाश्त नहीं होता.... उसकी छूट में जलन सी होने लगती है....
हुस्ना : सुलतान अब बस भी कर.... मेरी छूट में जलन सी हो रही है....
सुलतान : बस चची जान थोड़ी देर और... मेरा बस निकलने hi वाला है....
हुस्ना : जितना मैं आज तेरे साथ एक चुदाई में झड़ी हूँ उतना तो मैं अपनी पूरी ज़िन्दगी में नहीं झड़ी.... बड़ा डैम है रे तुझमे और तेरे मूसल जैसे लुंड में..... जिस से तेरी शादी होगी वो वाक़ई में बेहद लकी होगी......
सुलतान : क्यों आप लकी नहीं हो....?
हुस्ना एक मादक सिसकारी लेते हुए कहती है....
हुस्ना : हाँ हूँ न.... आआआआअह्ह्ह्ह.... mmmmmmmmmm..... मैं तो बहोत लकी हूँ.... तभी तो तेरे मूसल जैसे लुंड से छुड़वा के जन्नत का मज़ा ले रही हूँ.... अब बातें काम कर और छोड़ मुझे....
हुस्ना की बात सुन के सुलतान राजधानी की स्पीड से अपना मूसल जैसा लुंड उस की छूट में अंडर बहार करने लगता है..... अब वो भी झड़ने के करीब पहुँच जाता है....
सुलतान : Aaaaaaaaaaaaaahhhh..... चची जान..... मैं झड़ने वाला हूँ.....
ये कह के वो एक मादक सिसकारी के साथ एक करारा शॉट हुस्ना की छूट में मारता है और अपने लुंड के सुपडे से वार्य की पिचकारी मार्के हुए उस की बच्चेदानी दानी में झड़ने लगता है.... करीब दो मिनट तक वो वार्य की पिचकारी हुस्ना की छूट में चोरता रहता है..... हुस्ना भी मस्ती में उसके साथ झड़ने लगती है.....
दोनों इस का मज़ा लेने लगते हैं... करीब 15 मिनट्स के बाद सुलतान हुस्ना की एक और बार जैम के चुदाई करता है.... दोनों थक के निढाल हो जाते हैं.... और एक दूसरे की बाहों में लिपट के सो जाते हैं.....
करीब 2 घंटे के बाद सुलतान उठ के हुस्ना के साथ फ्रेश होता है और उन्हें एक डीप किश कर के बाद प्यार से उन्हें कपडे पहना के उनसे पूछता है....
सुलतान : अब कैसा महसूस कर रही हैं चची जान....
हुस्ना : ऐसा लग रहा है जैसे अभी अभी मैं जन्नत की सैर कर के आयी हूँ.... ऐसा महसूस हो रहा है जैसे तेरा मूसल जैसा लुंड अभी भी मेरी छूट के अंडर hi है.... लाइफ में पहली बार मैंने ऐसा महसूस किया है की असली चुदाई किसे कहते हैं..... तेरे मूसल जैसे लुंड के सामने तेरे चाचा का लुंड मूंगफली जितना hi है... अगर उसमे जान होती तो तेरे साथ चुदाई के बाद अब तो वो महसूस भी नहीं होता... आज मैं तेरा लुंड पा के बेहद खुश हूँ.... मगर....
सुलतान : मगर क्या चची जान....
हुस्ना : मगर इस बात से डर्टी हूँ की अगर तू ने मुझे चोर दिया तो मेरा और मेरी छूट का क्या होगा.... दोनों तेरी दीवानी बन गयी है..... तेरे बिना दोनों तड़प के मर....
हुस्ना इस से आगे कुछ कह hi नहीं पाती सुलतान उनके होंठों को अपने मुँह ले के के उसे चूसने के बाद कहता है....
सुलतान : आज कह दिया मगर दोबारा मत कहना.... आज से बल्कि अभी से आप मेरी हो... और मैं कभी अपनों को नहीं चोरता... हमेशा उन्हें अपने पास संभाल के रखता हूँ.... आज से आप का जब दिल चाहे आप मुझसे और मेरे लुंड से जी भर के प्यार कर सकती हैं.... चाहे कुछ भी हो जाए सुलतान अब अपनी चची जान को कभी नहीं छोड़ेगा.... ये वादा है मेरा आप से....
सुलतान की बात सुन के चची बेहद खुश हो जाती है वो आगे बढ़ के उसके होंठों को चूमने के बाद कास के उसे अपने सीने से लगा लेती है....
सुलतान : हम को अब चलना चाहिए... 3 घंटे से ज़्यादा हो चुके हैं.... बगल वाले रूम में ऐना और मीणा इंतज़ार कर रही हैं...
अपनी बेटियों का नाम सुन के शर्म के मारे हुस्ना के गोर गुलाबी गाल लाल हो जाते हैं....
हुस्ना : म... म.... मैं कैसे उनके सामने जा पाउंगी.... नहीं सुलतान... मैं उनके सामने नहीं जा सकती....
सुलतान : वो दोनों आपकी बेटियां हैं उनसे कैसी शर्म.... और वैसे भी बेटियों जब बड़ी हो जाती हैं तो वो माँ की दोस्त बन जाती हैं....
हुस्ना कुछ कहने hi वाली होती है की तभी दरवाज़ा खुलता है और ऐना और मीणा रूम में आ के कहती हैं....
दोनों : सही कहा सुलतान तुमने.... हम माँ की दोस्त हैं और दोस्तों से कैसी शर्म....
ये कह के दोनों आगे बढ़ के कास के हुस्ना के सीने से लिपट जाती हैं....
ऐना : माँ हम दोनों आप को बता नहीं सकती की आप को ठीक देख के हम को कितनी ख़ुशी हो रही है.... शुक्र है ऊपर वाले का जो आप ठीक हो गयी....
सुलतान : जी इनके ठीक होने में ऊपर वाले के साथ साथ मेरे भी कुछ हाथ है....
सुलतान की बात सुन के मीणा जो कहती है उसे सुन के हुस्ना शर्म से पानी पानी हो जाती है... साथ hi उसकी छूट मस्ती में कॉमर्स की कुछ बूँदें टपका देती हैं....
मीणा : जी नहीं माँ के ठीक होने में तुम्हारा हाथ नहीं बल्कि तुम्हारा लू... मेरा मतलब है कुछ और hi शामिल है....
ऐना : हाय काश मैं भी माँ की तरह बीमार होती.... तो आज....
अभी ऐना इतना hi कह पायी थी की तभी हुस्ना उसके सर पे चपत लगा के कहती है....
हुस्ना : बहुत बोलने लगी है तू आज कल.... चल अब घर चल....
मीणा अपनी माँ को चरते हुए कहती है.....
मीणा : माँ ऐना ने कुछ गलत कहा क्या....?
मीणा की बात सुन के हुस्ना दोनों को आँखें दिखते हुए कहती है....
हुस्ना : तुम दोनों न बहुत बेशर्म हो गयी हो.... घर चलो आज मैं दोनों को अच्छे से ठीक करती हूँ....
दोनों एक साथ : काश आप हम को वैसे hi ठीक कर पाती जैसे सुलतान ने आपको ठीक किया है....
ये कह के दोनों हस्ती हुई बहार की तरफ डूअड़ जाती हैं....
हुस्ना बस उन्हें देखती hi रह जाती है.... इधर हुस्ना का चेहरा देख के सुलतान की हंसी छूट जाती है....
सुलतान को यूँ हस्ते देख हुस्ना चिढ़ते हुए कहती है....
हुस्ना : तू क्या यहाँ खड़े खड़े दांत दिखा के हंस रहा है चल घर चल....
सब कार में बैठ के घर की तरफ चल देते हैं.... कुछ देर में कार को घर के गेट के पास पार्क कर के सुलतान धीमी आवाज़ में तीनो से कहता है....
सुलतान : आज जो भी कुछ हुआ वो प्लीज किसी को मत बताइयेगा... बेकार में बात का बतंगड़ बन जाएगा..... साथ hi सब परेशान भी हो जाएंगे.... अभी आप लोग जा के आराम कीजिये मैं बाद में आप तीनो से मिलता हूँ....
सुलतान को हाँ कह के तीनो घर के अंडर चल देते हैं.... और सुलतान घर के अपने हिस्से की तरफ....
सुलतान घर में आ के सीधा रूम में जाता है और बीएड पे लेट ते hi गहरी नींद में चला जाता है....
काफी देर बाद जब उसकी नींद टूटी है तब वो अपनी आगोश में किसी को कास के लिपटे हुए पाटा है.... आज पहली बार किसी की आगोश में सुलतान को बेहद सुकून मिल रहा है.... ऐसा सुकून जो उसने आज से पहले कभी महसूस नहीं किया.... सुलतान बिना उसकी तरफ देखे उसे और ज़ोर से अपने सीने से लगा लेता है.... उसके जिस्म की खुशबु सुलतान को मदहोश करने लगती है... सुलतान की इस हरकत पे वो बुरी तरह से चौंक जाती है... वो खुद के उस से अलग करने की कोशिश करती है मगर सुलतान है की उसे चोर्ने को तैयार hi नहीं.... मदहोशी में वो अपनी आँखें खोले बिना उसके चेहरे के करीब अपने चेहरे को ले जाता है और प्यार से उसके होंठों को पाने मुँह में ले के उसे चूसने लगता है.... सुलतान की इस हरकत से वो बुरी तरह से चौंक जाती है... उसे समझ नहीं आ रहा है की वो क्या करे.... किश में सुलतान का साथ दे या फिर उस से दूर हो जाए.... अभी वो ये सोच hi रही होती है की तभी सुलतान के हाथ उसके जिस्म पे रेंगने लगते हैं.... धीरे धीरे वो उसकी पीठ से होते हुए उसके उभार की तरफ जाने लगते हैं.... सुलतान मदहोशी में उसके होंठों का अमृत पीते हुए उसके उभार को अपने हाथों में ले के उन्हें दबाने hi वाला होता है की तभी दरवाज़े की खुलने की आवाज़ सुन के उसकी तंत्र टूट टी है....
सुलतान मुद के दरवाज़े की तरफ देखता है.... वहां मुस्कान को हैरत से अपनी तरफ देखते हुए पा के उसे अजीब सा लगता है....
सुलतान : तुझे क्या हुआ तू इतनी हैरान परेशान क्यों है....? तू ने कोई भूत देख लिया क्या....?
ये कह के सुलतान उठने hi वाला होता है की तभी अपने आगोश में किसी को महसूस करके वो उसकी तरफ देखता है.... हैरत से सुलतान की आँखें बड़ी हो जाती है... वो हड़बड़ा के फ़ौरन उस से दूर हो के कहता है....
सुलतान : तुम...!!!!