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- Dec 5, 2013
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में और छोटू सोनाक्षी दीदी की स्वीमिंग पूल में चुदाई देख रहे थे . सोनाक्षी दीदी खुल कर छुड़वा रही थी और खुल कर सिसक रही थी .
दोनों ने अब धक्के लगाने बंद कर दिए थे तो अशोक भैया बोले ,-- रानी अभी ये चुदाई का खुमार दिन भर रहेगा इसलिए चलो खाना खा लेते ह .
छोटू दौड़ कर चेंजिंग रूम में गया और दो टोलिया लेकर आया और उन्हें अशोक भैया का पकड़ा दिया तो अशोक भैया सीधी पर आकर टोलिया लपेट लिए .
हम उनका लुंड तो नहीं देख पाए लेकिन दीदी जब ऊपर आयी तो उनकी झांटो से भरी छूट हम दोनों को दिखी जो उन्होंने हम दोनों को जानबूझकर दिखाई थी .
दीदी टोलिया को बोबे पर लपेट ली और चेंजिंग रूम में अशोक भैया के साथ चली गयी . उनके ब्रा पेंटी अभी सूखे नहीं थे और कुछ देर में वो दोनों वापस आये तो दीदी उसी टोलिया में थी बस मेकअप कर लिया tha.unke होठो पर लिपस्टिक लगी थी और बाल भी बांध लिए थे .पर अशोक भैया ड्रेस पहन लिए थे.
दीदी के चेहरे पर पूरा मेकअप था और दीदी का बदन तो वैसे भी सांचे में ढला हुआ था इसलिए वो आधे बूब्स को कवर किये हुए टोलिया में मादक लग रही थी .
दीदी ने टोलिया से आधे बूब्स बांध रखे थे और निचे टोलिया छूट को कवर कर रखा था जिसे झुक कर देखा जा सकता था.
हम बैठक में आकर बैठे तो उसमे टेबल की जगह एक लम्बी बेंच थी टेबल जितनी ऊँची और उसके पीछे स्टूल थी जिस पर दोने बेथ गए तो दीदी की छूट बेंच से क्लियर दिखने लगी .
कुछ देर में गंगू खाना लेकर आ गया और उसे दीदी की झांट भरी छूट दिखने लगी तो वो वही खड़ा होकर दीदी की छूट को चोर नजर से देखने लगा .
में दीदी के सामने थोड़ा सा साइड में बैठा था और उनकी छूट मुझे भी दिख रही थी . तभी छोटू भी पानी लेकर आ गया और वो भी दीदी की छूट को देखने के लिए साइड में खड़ा हो गया.
दीदी और अशोक भैया दोनों को मालूम था की उनकी छूट हम तीनो देख रहे ह पर वो मुस्कराती हुयी खाना खा रही थी . आहोक भैया दीदी के साथ छेड़छाड़ करते हुए खाना खा रहे थे .
अशोक भैया,-- सोनाक्षी तुम आज तक जितनी लड़किया में यहाँ लाया हूँ उनमे सबसे खूबसूरत हो .
दीदी मुस्करा कर ,-- थैंक्स सर.
तभी अशोक भैया ने जानबूझकर चम्मच को निचे गिरा दिया और बोले ,-- छोटू जरा ये चम्मच उठाकर रख दे और दूसरा चम्मच ले आ.
छोटू बेंच के सामने बेथ कर चम्मच उठाया और दीदी की छूट को अच्छे से देखकर खड़ा हुआ और किचन से दूसरा चम्मच लेकर अशोक भैया को दे दिया .
दीदी मन hi मन मुस्करा रही थी .उसे मालूम था की उसकी छूट की छोटू देख रहा होगा.
तभी दो मजदुर टाइप के आदमी आये और अशोक भैया के सामने झुक कर प्रणाम किये तो दोनों के मुंह खुले रह गए .जब वो झुके तो उन्हें दीदी की छूट मुंह खोले दिख गयी .
आहोक भैया ,-- बैठो तुम दोनों कुछ देर हम खाना खा ले फिर बात करते ह .
दीदी ने ये सुना तो वो मुस्करा कर खाना खाने लगी और वो दोनों सामने पड़ी कुर्सी पर बैठकर चोरी चोरी दीदी की जवान छूट को देखते रहे .
दस मिनट तक हम पांच लोग दीदी की छूट को देखते रहे जो गीली हो चुकी थी .और दीदी मुस्कराती हुयी खाना कहती रही.
आहोक भैया ने खाना खा लिया तो हाथ पोछकर बोले ,-- अब बोलो क्या बात ह .
एक आदमी ,-- मालिक हम आपसे कई दिन से मिलना छह रहे थे पर आप आज मिले ह .
अशोक भैया दीदी को देखकर ,-- आज भी तुम्हे में सोनाक्षी की वजह से मिल गया . ये हेरोइन बन न चाहती ह .
दोनों झुक कर ,-- नमस्ते मेडम.
दीदी मुस्करा कर खाना खाने लगी .
अशोक भैया,-- बोलो क्या काम ह .
एक आदमी ,-- वो आप के आम के पेड़ इस साल कितने में देंगे.
अशोक भैया, -- तुम उसके लिए सोहन से बात कर लेना.
आदमी ,-- जी .
आहोक भैया,-- अभी तुम जाओ मेडम के साथ मुझे कुछ प्राइवेट बात करनी ह .
आदमी ,-- जी सर.
दोनों दीदी की छूट को आखरी बार देख कर निकल गए .
दीदी भी खाना खा चुकी थी और हाथ धोकर बैठी तो छोटू ने सिगरेट दी तो दोनों पिने लगे .
सिगरेट पीकर दीदी ने अशोक भैया के कान में कुछ कहा तो वो भी फुसफुसाकर कर जवाब दिए जिसे सुनकर दीदी का चेहरा लाल हो गया.
आहोक भैया,-- छोटू मालकिन को पेशाब करना ह पीछे ले jaa.aut पेशाब करवा कर ले आ.
दीदी शर्माकर कड़ी हुयी तो छोटू उनके साथ जाने लगा . दीदी कुछ सोचने लगी तो अशोक भैया बोले,-- आराम से जाओ . छोटू अगर तुम्हे हाथ भी लगा दे तो सेल की गांड तोड़ दूंगा .
दीदी को छोटू बहार ले गया तो अशोक भैया बोले ,-- रोहित जा सोनाक्षी की एक फोटो ले ले जिसमे छोटू भी आ जाये .
में बाहर आया तो दीदी दिवार के पास में hi अपना टोलिया थोड़ा सा उठाकर मूत रही थी और छोटू उन्हें देख कर लुंड मसल रहा था तो मेने फोटो ली और अशोक भैया को दिखाई तो उन्होंने फोटो को मेरे मोबाइल से hi ग्रुप में दाल दिया .
कुछ देर में दीदी मुस्कराती हुयी वापस आयी तो अशोक भैया बोले ,-- सोना तुम्हारी झांट और कांख के बाल साफ़ करवा दूँ क्या.
दीदी ,-- जी , मेने तभी तो एक महीने से साफ़ नहीं किये की आप करवा देंगे .
अशोक भैया,-- छूट चिकनी hi रहनी चाहिए चाटने में मज़ा आता ह क्यों छोटू .
छोटू ,-- जी मालिक.
अशोक भैया,-- छोटू जा वो गाँव में सलून वाला ह उसे गाड़ी में बिठाकर ले आ और बोल देना की एक मेडम की झांट साफ़ करनी ह .
दीदी को पता था और मुझे भी पता था की दीदी के एडवेंचर में मर्द से दोनों जगह कांख और झांट के बाल साफ़ करवाना भी शामिल ह इसलिए वो मुस्कराने लगी तो अशोक भैया बोले.
आहोक भैया,-- चलो तुम्हे हाउस दिखता हूँ .
अशोक भैया हमें अंदर ले गए तो अंदर एक हॉल था और उसमे एक बड़ा रूम था जो अटैच्ड बाथरूम था. और दूसरा रूम गेस्ट के लिए था.
अशोक भैया,-- सोना तुम्हे अंदर बाथरूम उसे करने की परमिशन नहीं ह इसे में और रोहित उसे करेंगे तेरा नहाना धोना सब खुले में hi होगा.
दीदी मुस्करा कर ,-- जी .
में ,-- अशोक भैया दीदी को टॉयलेट करने भी जाना होगा क्या .
अशोक भैया,-- तभी इसकी शर्म निकलेगी और मजदूरों के सामने नुदितय एन्जॉय कर सकेगी .
हॉल के बाहर hi किचन थी जिसके लिए हॉल से बाहर बैठक से होकर जाना होता था .
अशोक भैया ने दीदी को कहा ,-- सोनाक्षी तुम्हे नुदितय वाला एडवेंचर करना ह की नहीं बेबी .
सोनाक्षी दीदी,-- जी करना ह .
आहोक भैया,-- तो काम से काम अंदर तो अभी टॉवल हटा दे नहीं तो बाहर कैसे नुदे रहेगी .क्यों रोहित .
में ,-- हाँ दीदी अब आपको नुदे रहने की आदत दाल लेनी चाहिए.
दीदी ने मुस्करा कर टॉवल हटा दिया और वो पूर्ण नग्न हो गयी तो अशोक भैया मुस्करा कर बोले.
आहोक भैया,-- तुम्हे खुद hi फैसला करना ह की ज्यादा से ज्यादा लोगों के सामने अपनी नग्नता कैसे दिखानी ह . कल मेरे दोस्त भी दिल्ली से आ सकते ह एक लड़की को लेकर . तुम्हे अगले एडवेंचर में उस से मदद मिल जाएगी .
दीदी मुस्करा कर रह गयी में दीदी को देख रहा था उनकी छूट से रास छलक रहा था तो अशोक भैया ने मुझे फोटो लेने को कहा .
मेने उनकी फोटो ली जिसमे आहोक भैया पुरे कपड़ों में थे और दीदी बिलकुल नंगी .
हमें आधा घंटा भी अंदर आये नहीं हुआ था की छोटू अंदर आया और दीदी को नंगी देखकर मुस्करा कर बोलै.
छोटू ,-- मालिक वो सलून वाला आ गया ह उसे अंदर बुला लूँ.
अशोक भैया,-- नहीं , मेडम की झांट खुले में hi साफ़ करवानी ह .
छोटू ,-- फिर उन्हें कहा का बोलूं.
अशोक भैया, -- उधर पहाड़ी वाली साइड में ले चल और एक चटाई ले चलना . मेडम की झांट सोने से hi होगी .
छोटू ,-- जी मालिक .
अशोक भैया,-- एक कुर्सी भी ले चल और मजदूरों के लीडर को बोल देना वो अपना हिसाब वही लेकर आ जाये .
छोटू ,-- मालिक वो दो नए मजदुर भी आये हुए ह कल से .
अशोक भैया,-- तो तुम उन्हें ठेकेदार से नहीं मिलाया.
छोटू ,-- जी वो एक सप्ताह के लिए गाँव गया ह .
अशोक भैया,-- ठीक ह उन्हें वही ले आ और बोल देना की डरने की जरुरत नहीं ह . कही वो मेडम को झांट साफ़ करवाते देखकर पास hi नहीं आये .
छोटू ,--जी .
अशोक भैया,-- अब तू जा और तैयारी कर शाम हो रही ह और अभी सिर्फ एक राउंड hi चुदाई हुयी ह मेडम की .
दीदी ने ये सुना तो नजर झुका ली उन्होंने खुद को टोलिया से ढकने की भी जरुरत नहीं समझी थी .
अशोक भैया ये देखकर खुश हुए और बोले ,,-- सोना ऐसे hi नुदितय को एन्जॉय कर.
उन्होंने दीदी की छूट पर हाथ फिराया तो उनका हाथ में छूट रास लग गया जिसे वो चाट लिए और बोले ,-- तेरी छूट तो पानी छोड़ रही ह .
दीदी ,-- जी , पानी तो आएगा hi .
में.,-- अशोक भैया दीदी की छूट बहुत पानी छोड़ती ह जब ये गरम होती ह.
अशोक भैया,-- इसका मतलब ये अभी गरम ह पूरी .
हम फिर बाहर निकलने लगे तो सोनाक्षी दीदी ने टोलिया लपेट लिया और हम बहार आये तो गंगू मिल गया .
गंगू ,-- मालिक रात में क्या बनाऊं .
अशोक भैया,-- जो तेरी मर्जी हो बना लेना मुझे मेडम की छूट साफ़ करने जाना ह देख कितनी बड़ी झांट ह मेडम की .
अशोक भैया ने दीदी का टोलिया ऊपर कर दिया और उनकी छूट गंगू के सामने नंगी हो गयी .
दीदी मुस्करा कर अपनी छूट गंगू को दिखती रही तो अशोक भैया बोले
आहोक भैया,-- देख ली ना.
गंगू ,-- जी मालिक बहुत बड़ी झांट ह मेडम की छूट पर.
आहोक भैया, -- वो सलून वाला आदमी आया ह उसी से साफ़ करवाता हूँ . तू उसके लिए चाय ले आना.
गंगू ,-- जी मालिक. में अभी बनकर लता हूँ .
तो बे कॉन्टिनोएड...
दोनों ने अब धक्के लगाने बंद कर दिए थे तो अशोक भैया बोले ,-- रानी अभी ये चुदाई का खुमार दिन भर रहेगा इसलिए चलो खाना खा लेते ह .
छोटू दौड़ कर चेंजिंग रूम में गया और दो टोलिया लेकर आया और उन्हें अशोक भैया का पकड़ा दिया तो अशोक भैया सीधी पर आकर टोलिया लपेट लिए .
हम उनका लुंड तो नहीं देख पाए लेकिन दीदी जब ऊपर आयी तो उनकी झांटो से भरी छूट हम दोनों को दिखी जो उन्होंने हम दोनों को जानबूझकर दिखाई थी .
दीदी टोलिया को बोबे पर लपेट ली और चेंजिंग रूम में अशोक भैया के साथ चली गयी . उनके ब्रा पेंटी अभी सूखे नहीं थे और कुछ देर में वो दोनों वापस आये तो दीदी उसी टोलिया में थी बस मेकअप कर लिया tha.unke होठो पर लिपस्टिक लगी थी और बाल भी बांध लिए थे .पर अशोक भैया ड्रेस पहन लिए थे.
दीदी के चेहरे पर पूरा मेकअप था और दीदी का बदन तो वैसे भी सांचे में ढला हुआ था इसलिए वो आधे बूब्स को कवर किये हुए टोलिया में मादक लग रही थी .
दीदी ने टोलिया से आधे बूब्स बांध रखे थे और निचे टोलिया छूट को कवर कर रखा था जिसे झुक कर देखा जा सकता था.
हम बैठक में आकर बैठे तो उसमे टेबल की जगह एक लम्बी बेंच थी टेबल जितनी ऊँची और उसके पीछे स्टूल थी जिस पर दोने बेथ गए तो दीदी की छूट बेंच से क्लियर दिखने लगी .
कुछ देर में गंगू खाना लेकर आ गया और उसे दीदी की झांट भरी छूट दिखने लगी तो वो वही खड़ा होकर दीदी की छूट को चोर नजर से देखने लगा .
में दीदी के सामने थोड़ा सा साइड में बैठा था और उनकी छूट मुझे भी दिख रही थी . तभी छोटू भी पानी लेकर आ गया और वो भी दीदी की छूट को देखने के लिए साइड में खड़ा हो गया.
दीदी और अशोक भैया दोनों को मालूम था की उनकी छूट हम तीनो देख रहे ह पर वो मुस्कराती हुयी खाना खा रही थी . आहोक भैया दीदी के साथ छेड़छाड़ करते हुए खाना खा रहे थे .
अशोक भैया,-- सोनाक्षी तुम आज तक जितनी लड़किया में यहाँ लाया हूँ उनमे सबसे खूबसूरत हो .
दीदी मुस्करा कर ,-- थैंक्स सर.
तभी अशोक भैया ने जानबूझकर चम्मच को निचे गिरा दिया और बोले ,-- छोटू जरा ये चम्मच उठाकर रख दे और दूसरा चम्मच ले आ.
छोटू बेंच के सामने बेथ कर चम्मच उठाया और दीदी की छूट को अच्छे से देखकर खड़ा हुआ और किचन से दूसरा चम्मच लेकर अशोक भैया को दे दिया .
दीदी मन hi मन मुस्करा रही थी .उसे मालूम था की उसकी छूट की छोटू देख रहा होगा.
तभी दो मजदुर टाइप के आदमी आये और अशोक भैया के सामने झुक कर प्रणाम किये तो दोनों के मुंह खुले रह गए .जब वो झुके तो उन्हें दीदी की छूट मुंह खोले दिख गयी .
आहोक भैया ,-- बैठो तुम दोनों कुछ देर हम खाना खा ले फिर बात करते ह .
दीदी ने ये सुना तो वो मुस्करा कर खाना खाने लगी और वो दोनों सामने पड़ी कुर्सी पर बैठकर चोरी चोरी दीदी की जवान छूट को देखते रहे .
दस मिनट तक हम पांच लोग दीदी की छूट को देखते रहे जो गीली हो चुकी थी .और दीदी मुस्कराती हुयी खाना कहती रही.
आहोक भैया ने खाना खा लिया तो हाथ पोछकर बोले ,-- अब बोलो क्या बात ह .
एक आदमी ,-- मालिक हम आपसे कई दिन से मिलना छह रहे थे पर आप आज मिले ह .
अशोक भैया दीदी को देखकर ,-- आज भी तुम्हे में सोनाक्षी की वजह से मिल गया . ये हेरोइन बन न चाहती ह .
दोनों झुक कर ,-- नमस्ते मेडम.
दीदी मुस्करा कर खाना खाने लगी .
अशोक भैया,-- बोलो क्या काम ह .
एक आदमी ,-- वो आप के आम के पेड़ इस साल कितने में देंगे.
अशोक भैया, -- तुम उसके लिए सोहन से बात कर लेना.
आदमी ,-- जी .
आहोक भैया,-- अभी तुम जाओ मेडम के साथ मुझे कुछ प्राइवेट बात करनी ह .
आदमी ,-- जी सर.
दोनों दीदी की छूट को आखरी बार देख कर निकल गए .
दीदी भी खाना खा चुकी थी और हाथ धोकर बैठी तो छोटू ने सिगरेट दी तो दोनों पिने लगे .
सिगरेट पीकर दीदी ने अशोक भैया के कान में कुछ कहा तो वो भी फुसफुसाकर कर जवाब दिए जिसे सुनकर दीदी का चेहरा लाल हो गया.
आहोक भैया,-- छोटू मालकिन को पेशाब करना ह पीछे ले jaa.aut पेशाब करवा कर ले आ.
दीदी शर्माकर कड़ी हुयी तो छोटू उनके साथ जाने लगा . दीदी कुछ सोचने लगी तो अशोक भैया बोले,-- आराम से जाओ . छोटू अगर तुम्हे हाथ भी लगा दे तो सेल की गांड तोड़ दूंगा .
दीदी को छोटू बहार ले गया तो अशोक भैया बोले ,-- रोहित जा सोनाक्षी की एक फोटो ले ले जिसमे छोटू भी आ जाये .
में बाहर आया तो दीदी दिवार के पास में hi अपना टोलिया थोड़ा सा उठाकर मूत रही थी और छोटू उन्हें देख कर लुंड मसल रहा था तो मेने फोटो ली और अशोक भैया को दिखाई तो उन्होंने फोटो को मेरे मोबाइल से hi ग्रुप में दाल दिया .
कुछ देर में दीदी मुस्कराती हुयी वापस आयी तो अशोक भैया बोले ,-- सोना तुम्हारी झांट और कांख के बाल साफ़ करवा दूँ क्या.
दीदी ,-- जी , मेने तभी तो एक महीने से साफ़ नहीं किये की आप करवा देंगे .
अशोक भैया,-- छूट चिकनी hi रहनी चाहिए चाटने में मज़ा आता ह क्यों छोटू .
छोटू ,-- जी मालिक.
अशोक भैया,-- छोटू जा वो गाँव में सलून वाला ह उसे गाड़ी में बिठाकर ले आ और बोल देना की एक मेडम की झांट साफ़ करनी ह .
दीदी को पता था और मुझे भी पता था की दीदी के एडवेंचर में मर्द से दोनों जगह कांख और झांट के बाल साफ़ करवाना भी शामिल ह इसलिए वो मुस्कराने लगी तो अशोक भैया बोले.
आहोक भैया,-- चलो तुम्हे हाउस दिखता हूँ .
अशोक भैया हमें अंदर ले गए तो अंदर एक हॉल था और उसमे एक बड़ा रूम था जो अटैच्ड बाथरूम था. और दूसरा रूम गेस्ट के लिए था.
अशोक भैया,-- सोना तुम्हे अंदर बाथरूम उसे करने की परमिशन नहीं ह इसे में और रोहित उसे करेंगे तेरा नहाना धोना सब खुले में hi होगा.
दीदी मुस्करा कर ,-- जी .
में ,-- अशोक भैया दीदी को टॉयलेट करने भी जाना होगा क्या .
अशोक भैया,-- तभी इसकी शर्म निकलेगी और मजदूरों के सामने नुदितय एन्जॉय कर सकेगी .
हॉल के बाहर hi किचन थी जिसके लिए हॉल से बाहर बैठक से होकर जाना होता था .
अशोक भैया ने दीदी को कहा ,-- सोनाक्षी तुम्हे नुदितय वाला एडवेंचर करना ह की नहीं बेबी .
सोनाक्षी दीदी,-- जी करना ह .
आहोक भैया,-- तो काम से काम अंदर तो अभी टॉवल हटा दे नहीं तो बाहर कैसे नुदे रहेगी .क्यों रोहित .
में ,-- हाँ दीदी अब आपको नुदे रहने की आदत दाल लेनी चाहिए.
दीदी ने मुस्करा कर टॉवल हटा दिया और वो पूर्ण नग्न हो गयी तो अशोक भैया मुस्करा कर बोले.
आहोक भैया,-- तुम्हे खुद hi फैसला करना ह की ज्यादा से ज्यादा लोगों के सामने अपनी नग्नता कैसे दिखानी ह . कल मेरे दोस्त भी दिल्ली से आ सकते ह एक लड़की को लेकर . तुम्हे अगले एडवेंचर में उस से मदद मिल जाएगी .
दीदी मुस्करा कर रह गयी में दीदी को देख रहा था उनकी छूट से रास छलक रहा था तो अशोक भैया ने मुझे फोटो लेने को कहा .
मेने उनकी फोटो ली जिसमे आहोक भैया पुरे कपड़ों में थे और दीदी बिलकुल नंगी .
हमें आधा घंटा भी अंदर आये नहीं हुआ था की छोटू अंदर आया और दीदी को नंगी देखकर मुस्करा कर बोलै.
छोटू ,-- मालिक वो सलून वाला आ गया ह उसे अंदर बुला लूँ.
अशोक भैया,-- नहीं , मेडम की झांट खुले में hi साफ़ करवानी ह .
छोटू ,-- फिर उन्हें कहा का बोलूं.
अशोक भैया, -- उधर पहाड़ी वाली साइड में ले चल और एक चटाई ले चलना . मेडम की झांट सोने से hi होगी .
छोटू ,-- जी मालिक .
अशोक भैया,-- एक कुर्सी भी ले चल और मजदूरों के लीडर को बोल देना वो अपना हिसाब वही लेकर आ जाये .
छोटू ,-- मालिक वो दो नए मजदुर भी आये हुए ह कल से .
अशोक भैया,-- तो तुम उन्हें ठेकेदार से नहीं मिलाया.
छोटू ,-- जी वो एक सप्ताह के लिए गाँव गया ह .
अशोक भैया,-- ठीक ह उन्हें वही ले आ और बोल देना की डरने की जरुरत नहीं ह . कही वो मेडम को झांट साफ़ करवाते देखकर पास hi नहीं आये .
छोटू ,--जी .
अशोक भैया,-- अब तू जा और तैयारी कर शाम हो रही ह और अभी सिर्फ एक राउंड hi चुदाई हुयी ह मेडम की .
दीदी ने ये सुना तो नजर झुका ली उन्होंने खुद को टोलिया से ढकने की भी जरुरत नहीं समझी थी .
अशोक भैया ये देखकर खुश हुए और बोले ,,-- सोना ऐसे hi नुदितय को एन्जॉय कर.
उन्होंने दीदी की छूट पर हाथ फिराया तो उनका हाथ में छूट रास लग गया जिसे वो चाट लिए और बोले ,-- तेरी छूट तो पानी छोड़ रही ह .
दीदी ,-- जी , पानी तो आएगा hi .
में.,-- अशोक भैया दीदी की छूट बहुत पानी छोड़ती ह जब ये गरम होती ह.
अशोक भैया,-- इसका मतलब ये अभी गरम ह पूरी .
हम फिर बाहर निकलने लगे तो सोनाक्षी दीदी ने टोलिया लपेट लिया और हम बहार आये तो गंगू मिल गया .
गंगू ,-- मालिक रात में क्या बनाऊं .
अशोक भैया,-- जो तेरी मर्जी हो बना लेना मुझे मेडम की छूट साफ़ करने जाना ह देख कितनी बड़ी झांट ह मेडम की .
अशोक भैया ने दीदी का टोलिया ऊपर कर दिया और उनकी छूट गंगू के सामने नंगी हो गयी .
दीदी मुस्करा कर अपनी छूट गंगू को दिखती रही तो अशोक भैया बोले
आहोक भैया,-- देख ली ना.
गंगू ,-- जी मालिक बहुत बड़ी झांट ह मेडम की छूट पर.
आहोक भैया, -- वो सलून वाला आदमी आया ह उसी से साफ़ करवाता हूँ . तू उसके लिए चाय ले आना.
गंगू ,-- जी मालिक. में अभी बनकर लता हूँ .
तो बे कॉन्टिनोएड...