अपडेट - 3
मैं अपने hi ख्यालों में खोया था की तभी मेरे कानो में जोर से आवाज आई.....
""शहान bhai....shaan bhai....shaan भऐई......"'
Main(man में)- अब ये कौन hai...jo मुझे आवाज दे रहा है.....???
अब आगे......
मैं सोच hi रहा था की अचानक उस तेज आवाज के साथ एक हाथ मेरे बाजु पर laga....aur मैं चौंक गया.....
और जब मैंने चौंक कर आँखे kholi....to मुझे सामने मेरी शॉप पर काम करने वाला लड़का दिखाई दिया....
और मैंने हैरानी से अपबा सर idhar-udhar ghumaya....to मैंने पाया की मैं अभी अपनी शॉप पर hi हु.....
लड़का - शान bhai...aap ठीक तो है न....
मैं- huh...haa...theek hu...kyo...kya हुआ...
लड़का- वो आपको पसीना आ रहा है....
Main(sir पोछ कर)- ohh..saayas मेरी आँख लग गई thi....bolo...kya हुआ....
लड़का- आप वो पेपर्स मगवाने वाले थे न घर se....subah बताया था न....
मैं- hmm...main मगवा लेता hu....tum काम करो....
फिर लड़का अपने काम में लग गया और मैं अपने आप पर hi हैरान होने लगा.....
Main(man में)- ये सब एक सपना tha.....uff..kitna भयानक सपना tha.....meri rukhsaar....ohh...ye साला उस टीवी सेरिएल की वजह से hua....usme जो देखा tha....wahi साला सपने में देखने laga....wo भी खुद के साथ.....
( असल me.....free हो कर मैं ""साबधान आदमी"" सेरिएल देख रहा tha....aur वही देखते हुए मेरी आँख लग गई thi...to फिर मैं उस कहानी में अपने आपको देखने लगा था.....)
Khair.....maine पानी पिया और थोड़ा आराम कर के नार्मल हो gaya....aur फिर पेपर्स के लिए रुखसार को कॉल kiya.....par उसने कॉल नहीं लिया.....
Main(man में)- ये kya...ye तो फिर से वैसा hi हो रहा hai....kahi....nhi-nhi...ek बार फिर से कॉल करता हु....
और जैसे hi मैंने दोवारा कॉल किया तो रुखसार ने 2 रिंग में hi कॉल ले ली....
( कॉल पर )
रुखसार - hello....
मैं- ha..rukhsaar....tum कहा ho....call क्यों नहीं उठा रही थी....
रुखसार - मैं आंटी के साथ मार्किट में hu...bataya था na.....aur यहाँ शोर इतना है की जब तक रिंग सुनाई di....tab तक कॉल कट हो गई थी....
मैं- ohh.....yo हो गई शॉपिंग.....
रुखसार - nhi...abhi तो आये hai....wo आंटी को कुछ काम था तो देर से hi निकले....
मैं- ओह ho...tab तो तुम्हे टाइम लगेगा....
रुखसार - haa...kyo...koi काम था क्या....
मैं- अरे haa..kuch पेपर्स मगवाने the.....wo घर पर hi रह gaye.....aur आज hi चाहिए....
रुखसार - तो मैं घर चली जाती hu.....aur पेपर्स ले कर आ jaugi...par 2-3 घंटे लग jayege....hum बड़े बाज़ार में आये hai....par आंटी को क्या bolu....unki शॉपिंग सुरु भी नहीं हुई अभी......
मैं- ohh...to तुम रहने do.....main आ जाता hu...mere पास चाबी है....
तभी मुझे आंटी की आवाज aai...jo रुखसार को एक दूकान पर चलने को बोल रही थी....
रुखसार - है aunty....hello...aap आ रहे है की मैं...
Main(beech में)- nhi...tum शॉपिंग कर lo.....warna आंटी को बुरा lagega....main ले आता हु पेपर्स...
रुखसार- ठीक hai....bye....
मैं- bye....
फिर कॉल कट कर के मैं घर निकल aaya....aur पुरे रस्ते में अपने ख्वाब के बारे में सोचता रहा....
मुझे अब अपने आप पर गुस्सा आ रहा tha....kyoki मैं रुखसार के लिए अपने आपको कसूरवार मान रहा था....
मैं (मन में)- मेरी रुखसार तो बेचारी मार्किट गई hai....wo भी मुझसे पूछ kar....aunty के sath....aur मैं उसके लिए ऐसा सब सोच रहा tha....chhee....
फिर मैंने घर पहुंच कर पेपर्स उठाये और जब बापिस आने laga....to मेरा दिल कह इ लगा की एक बार मैं दूसरे रूम को देख लू.....
पर मेरा दिमाग इसके खिलाफ tha.....wo कह रहा था की रुखसार ऐसा सोच भी नहीं सकती....
फिर भी दिल से मजबूर हो कर मेरे कदम रूम तक पहुंच gaye...aur मैं रूम खोल कर देखने लगा....
रूम में सब सही tha.....bed भी एकदम सेट tha.....jise देख कर मैंने राहत की सांस ली और अपने सर पर तपली मार कर शॉप पर निकल गया........
फिर मैं पूरा दिन होने आपको समझाता raha..ki रुखसार ऐसा कभी नहीं karegi....wo किसी gair-mard से नहीं छुड़वाने wali....aur मुझे भी ये ज़िद छोड़ देनी chahiye....yaha तक की ऐसा रोलप्ले भी नहीं करना चाहिए......
पर रात होते- होते मेरे ख्यालात फिर बदल gaye......aur मैं फिर से gair-mard के बारे में सोचने लगा.....
Main(man में)- कुछ भी ho....mujhe एक मर्द ढूंढ़ना hi hoga....jisko सोच कर मैं रुखसार से रोलप्ले करवा saku.....tab hi मैं जान पाउगा की रुखसार का दिल क्या कहता hai...haa.....
Khair....raat को खाने के बाद हमने ek-dusre को प्यार किया और सो गए......
और अगले दिन से मैं एक gair-mard, hatte-katte मर्द की तलाश में लग गया.....
यु तो मैं कोई भी नाम सोच कर सबकुछ कर सकता tha....par मुझे एक रियल मर्द चाहिए tha....jis से मैं आगे भी अपने ख्वाब पुरे करने की कोसिस कर सकू.....
और ऐसे मर्द को तलाश करने का सबसे अच्छा जरिया था internet......jaha मैं अपनी पहचान छिपा कर भी किसी के बारे में जान सकता था....
और मैंने वही kiya....main इंटरनेट पर गैर- मर्द ढूंढ़ने laga....par मुझे जितनी खूबी चाहिए thi....wo सब किसी एक मर्द में नहीं मिल रही thi.....jis से मैं थोड़ा परेशान हो गया था......
क्योकि मुझे ऐसा मर्द चाहिए tha...jisme मेरी पसंद की साड़ी खूबिया भी ho....aur उससे मैं खुल कर सेक्स रिलेटेड बातें भी कर saku......bas इसीलिए मुझे परेशानी हो रही thi.....kyoki ऐसे hi मैं किसी से सेक्स की बात नहीं कर सकता था......
पर कहते है na....ki अगर कोई चीज सिद्दड़ से मांगो तो साड़ी कायनात वो चीज तुम्हे दिला देती है....
Bas...yahi मेरे साथ hua.....ek दिन मुझे नेट चलते हुए एक वेबसाइट के बारे में पता chala.....xforume......
वह जब मैंने dekha...to मुझे कई तरह की सेक्सी कहानी mili.....kahi कोई घर में hi चुदाई कर रहा hai...to कभी कोई किसी की बीवी को छोड़ raha....to किसी में तो एक सरीफ बीवी रंडी बन कर चुद रही है....
Khair...unhi कहानियों में से मुझे एक कहानी ऐसी भी mili...jo एक इंटरफेथ स्टोरी thi....matlab की एक गैर मर्द और एक पाकीज़ा खातून के बीच शारीरिक सम्बन्ध के ऊपर.....
उसमे एक गैरमजबी मर्द किसी और की पाकीज़ा सरीफ बीवी को बेदर्दी से छोड़ रहा है....
मुझे वो कहानी पढ़ कर kuch-kuch अपनी hi कहानी lagi....aur मैंने उस कहानी के वृत्तेर से पर्सनल चाट से बातें सुरु कर दी......
मैं जानना चाहता था की क्या वो वृत्तेर सच में वैसा hi hai...jaisa उसने अपने आपको कहानी में dikhaya....ye फिर ये सिर्फ उसकी सोच hai....jaise की मेरी....
और जब मैंने उस से बात की तो मुझे पता चला की वाकई में उसे पाकीज़ा खातूनों को छोड़ने का चस्का hai...aur कुछ को वो छोड़ भी चूका hai....aur भी छोड़ना छठा है.....
और उसकी बॉडी भी वैसी hi thi...jaise की उसने कहानी में बताई थी....
असल में उसने बातों hi बातों में अपनी कुछ फोटो दिखाई thi...uske कैसे हुए जिश्म की और उसके चमड़ी वाले लुंड की....
जिसे देख कर मैंने सोच लिया था की अब इसी के नाम से मैं अपनी बीवी के साथ रोल प्ले करुगा.....
Are...uska नाम तो बताना भूल hi gaya....us hatte-katte जवान मर्द का नाम है........
गोलू
गोलू से बात करने के बाद मैंने उसे अपने ख्वाब पुरे करने के लिए चुन लिया tha.....ab बस देर थी रुखसार की तरफ से.....
इसलिए मैं उसी दिन से रोज रुखसार से रोलप्ले के लिए बोलने laga......aur एक raat...jab हम सेक्स कर रहे the....tab.....
मैं- aahh....rukhsaar.....bolo na.....kab तक मन karogi...ek बार तो है कहो....
रुखसार- aaahh...thoda...aaahh...mera....aaahhh...
मैं- aahh..main भी.....
और हम दोनों झाड़ कर पास्ट पद गए.....
मैं- बोलो न रुखसार.....
रुखसार- आप ये सब सोचते hi क्यों hai....kya होगा इससे....
मैं- इस se....are इस से हमारी सेक्स लाइफ में मज़ा बाद जायगा.....
रुखसार- accha....par कैसे......
मैं- कैसे kya.....saayad तुम गैर- मर्द के नाम से ज्यादा गरम हो कर सेक्स karogi.....hai न...
Rukhsaar(muh बना कर)- ये तो आपकी सोच hai....meri nhi....aisa कुछ नहीं होने वाला....
मैं- पर कोसिस तो karo...matlab एक बार करते है na......fir देखते है क्या होता है....
रुखसार- accha....par अगर वाकई मैं गरम होने लगी to...fir क्या करोगे.....
Main(baahon में भर कर)- to....to फिर मैं अपनी गरम बीवी की गर्मी मिटा दुगा न.....
रुखसार - accha....aur नहीं मिटा सके तो....
रुखसार की ये बात मेरा दिमाग हिला gai....par तभी रुखसार ने मुझे देखा और बैठ गई....
रुखसार- sorry...maine तो ऐसे hi बोल diya....sorry...
मैं- अरे nhi.....isme सॉरी kya....chalta hai...accha batao....karogi न एक बार....
Rukhsaar(soch कर)- ठीक hai.....hum 2-3 दिन बाद karege....khush....
Main(kiss कर के)- uuummmmmhhh...bahut khush...i लव यू....
रुखसार- bas....ab बाकि का प्यार बाद me....chalo..fresh हो कर सो jao.....bahut वक़्त हो गया.....
मैं- हम्म....
और उस रात मैं khushi-khushi सो gaya....kyoki आज रुखसार ने मेरे ख़्वाबों को पूरा करने के लिए पहला कदम बड़ा लिया था.......
Khair.....fir 3 दिन यु hi निकल gaye......aur इस बीच मेरी गोलू से बातचीत चलती rahi.....par मैंने उसे ये नहीं बोलै था की मैं उसके नाम से अपनी बीवी के साथ रोलप्ले करने वाला hu....bas इतना hi बोलै tha...ki मेरी बीवी पहली बार रोलप्ले के लिए मान गई hai...jise सुन कर गोलू भी खुश था.....
Khair.....fir वो गुरुवार (थर्सडे) की रात aai...jis दिन मैंने पहली बार अपनी बीवी रुखसार को उस रोल प्ले के liye....jisme उसे गोलू नाम के गैर- मर्द से छुड़वाना था.....
रुखसार- आप अब भी सोच लीजिये.....
मैं- सोच कर hi बोल रहा hu....bhool जाओ की तुम मेरे साथ ho....socho की तुम एक गैर मर्द के साथ ho....jiska लुंड चमड़ी वाला hai....aur तुम मेरे सामने उसके साथ मज़ा करने वाली ho....socho रुखसार....
रुखसार- पर कैसे सोच lu....maine आज तक किसी गैर मर्द के बारे में तक नहीं socha...aur आप तो एक गैर- मर्द की बात कर रहे है.....
मैं- तो इसमें क्या बड़ी बात हो gai....mard तो मर्द होते hai...aur gair-mardo के लुंड बड़े कमाल होते hai.....chamdi वाले....
रुखसार- जानती हु...
Main(hairani से)- तुम कैसे जानती ho...kya तुमने....
रुखसार (बीच में)- chhee...fir उल्टा सोचने lage....are...mere कहने का मतलब था की मुझे पता hai...suna है मैंने....
मैं- तो अब तैयार हो jao...waise भी तुमने पहले है बोलै tha...ab मुक्रो मत....
रुखसार- आप meri....hmm...theek hai...par ये मुझसे kaise....saayad मुझसे होगा नहीं....
मैं- तुम सुरु तो karo...jaisa मैंने कहा tha.....fir देखते है....
रुखसार- accha....to क्या नाम बताया tha.....golu...yahi न....
मैं- है...
रुखसार- hmm...to गोलू ji....aaj मैं आपकी hui....aaj आप मुझे मज़ा do....aur मेरे सौहार को दिखा do...ki चमड़ी वाला लुंड कितना मज़ा देता hai....yahi न....
ये बोल कर रुखसार ने शर्म और गिलटी से अपनी नजरें झुका li.....kyoki उसने आज तक मेरे सामने ऐसा कुछ नहीं बोलै tha....jisme किसी गैर मर्द का इस तरह से नाम आये.....
मैं ये बात समझता tha...isliye मैंने रुखसार का चेहरा ऊपर किया और उसकी आँखों में देखते हुए बोलै.....
मैं- है रुखसार begum......aaj मैं तुम्हे ऐसे choduga...ki तुम अपने इस सौहार को भूल jaogi....aur हमेशा मेरा चमड़ी वाला लुंड hi अपनी छूट में चाहोगी....
Rukhsaar(hichkicha कर)- aa...accha....chalo देखते hai.....ki...ki आपका लुंड कितना कमाल करता है......
इतना सुनते hi मैंने मोबाइल में गोलू के लुंड की फोटो रुखसार को दिखा di....jise देख कर उसने ज्यादा तो nhi...par थोड़ा ऐसा dikhaya...ki उसे कुछ अच्छा नहीं लगा....
और फिर रुखसार ने मेरा लुंड पकड़ा और ऊपर नीचे हाथ चलने लगी....
मैं- रुखसार begum....yu चुपचाप रह कर मज़ा नहीं aayega....kuch तो कहो.....
रुखसार- hmm...golu ji....aapka ये चमड़ी वाला लुंड तो बड़ा खतरनाक hai...dekho to...kaise इसका सूपड़ा चमड़ी फाड़ कर बाहर आता hai...uummm...
मैं- तुम्हे पसंद आया na.....ab इसे प्यार karo.....fir dekho....ye तुम्हे कितना मज़ा देता है....
रुखसार- hmm...aisa लुंड हो तो प्यार करना hi chahiye....sssrrruuuuppppp.....
और रुखसार ने झुक कर सुपडे पर जवान फिर di......jisse मेरी आह निकल गई....
मैं- aah...rukhsaar....apne नाजुक होंठो में दवाओं ise....ye तुम्हारे होंठो का प्यार प् कर खुश हो जायगा....
मेरे बोलते hi रुखसार ने अपने नाजुक होंठो को खोला और हलके से चूम लिया.....
असल में रुखसार ने aaj-tak लुंड को अच्छे से नहीं चूसा tha.....kabhi-kabhi मेरी ज़िद पर वो कुछ लम्हों तक सूपड़ा चाट लिया करती thi....aur थोड़ी देर के लिए सुपडे को मुँह में दवा लेती थी....
मैं- aahh....ye तेरे सौहार का आधा लुंड नहीं rukhsaar....golu का असली लुंड hai.....ise मुँह में भर कर चूसो....
मेरी बात सुन कर रुखसार ने कोसिस ki...par तुरंत hi मुँह से बाहर निकाल कर मुँह बनाने लगी...
पर तभी मुझे याद aaya...aur मैंने फिर से गोलू के लुंड की फोटो रुखसार के सामने कर दी....
मैं- चूसो मेरी jaan.....chooso....
फिर वो हुआ जिसकी मुझे उम्मीद काम hi thi....rukhsaar ने मुँह कोला और एक चौथाई (1/4) लुंड का हिस्सा मुँह में भर कर चूसने लगी....
ये देख कर मैं खुश भी था और हैरान bhi....ki आखिर रुखसार इतनी जल्दी कैसे मान gai....saayad मेरी ख़ुशी के लिए.....
मैं- aaahh....aise hi rukhsaar....joor se.....dikha दो अपने सौहार ko..ki असली लुंड के मज़े कैसे लेती है tu...uuumm..joor से चूस....
रुखसार अब पूरी मस्ती से लुंड चूस रही thi...aur मैं हैरान हो कर उसे देख रहा था....
मुझे लगा नहीं था की पहली hi बार में रुखसार ऐसा कुछ karegi...par ये मेरी खुशकिस्मती thi...ki रुखसार ये सब पसंद कर रही थी.....
मैं मज़े में सिसक रहा था और रुखसार सटासट लुंड चूसे जा रही thi....halaki उसने जरा सा लुंड hi मुँह में दवा कर रखा tha....fir bhi...kam से काम सुरुवात तो अच्छी थी....
मैं- aahhh....bas मेरी jaan....ab रुक ja....ab मेरे लुंड का कमाल देख.....
और मैंने रुखसार को रोक कर litaya...aur जैसी hi उसकी तागे फैलाई तो मैं देख कर दांग रह गया.....
असल में रुखसार की छूट पानी बहाने लगी thi....jabki निकाह के इतने वक़्त बाद भी उसकी छूट को गीला करने में मुझे 5-10 मिनट लगते थे....
जब मैं उसको choomte-chaat ते हुए उसकी छूट को ऊगली से सहलाता tha...tab जा कर वो गरम होती थी.....
पर आज तो कुछ hi मिनटों में उसकी छूट पानी बहाने लगी थी.....
ये देख कर मैं हैरान hi हो रहा था की तभी रुखसार ने मुझे टोका....
रुखसार- क्या हुआ गोलू ji....dekh कर hi काम चलाओगे kya.....bheeter नहीं डालोगे....
मैं- क्यों नहीं jaan...tumhari छूट मेरे चमड़ीवाले लुंड के लिए hi बानी है......
रुखसार- अब तो मुझे भी यही लगता hai...ab डालो bhi....mere सौहार कब से इंतज़ार कर रहे hai...aahhh...
और फिर मैंने पोजीशन बना कर लुंड को रुखसार की छूट में धकेल दिया.....
रुखसार- aaaaahhhh.....ye चांदीवाला lund....uuummm....maza आ गया....
मैं- तो बता अपने सौहार ko....wo देख रहा है....
रुझसार- aaahhh...suniye ji....ye गोलू जी का लुंड मुझे बहुत पसंद aaya....aaahhh...maza आ gaya.....aapko आया की नहीं....
मैं- वो बहुत मज़ा ले रहा hai....ruk....thoda धक्के लगने दो...
और फिर मैंने धक्के मारने सुरु कर diye....aur उम्मीद से भी jyada.....rukhsaar joor-joor से चीखने लगी....
मैंने आज तक रुखसार को इतना मज़ा लेते हुए नहीं देखा tha.....par आज उसे देख कर मैं हैरान होने के sath-sath खुश भी बहुत tha....aur दोगुनी तेजी से उसे कोड़ने लगा था.....
मुझे मेरा प्लान काम करता हुआ साफ़ दिख रहा tha....isliye मैं भी गोलू के नाम से जोरदार धक्के मारने लगा.....
उस रात रुखसार और मैंने इतना पानी बहाया की क्या कहु.....
अरे एक रात में हम दोनों जितनी बार झड़ते the.....usse कही ज्यादा आज झड़े the....aur जोश तो ऐसा था की क्या बोलू....
Khair....us रात के हालात देख कर मैं समझ गया की रुखसार को चांदीवाला लुंड पसंद hai...aur अगर उसे थोड़ा और बोलै jaaye....to वो आसानी से गैर- मर्द के साथ छोड़ने को मान जाएगी.....
फिर अगली रात मैंने फिर से रुखसार को वैसा hi रोलप्ले करने को kaha....aur मेरी उम्मीद से ulta....rukhsaar तुरंत मान गई.....
उस रात तो मुझे ऐसा महसूस हो रहा था की अब ये सिलसिला चलता rahega....aur मैं रोज hi रुखसार को गरम kar-kar के एक दिन उसे असलियत में गैर- मर्द से छोड़ने को मन लगा......
पर मैं गलत tha....kyoki जैसे hi तीसरी रात aai...aur मैंने रुखसार को रोलप्ले के लिए bola.....to उसने साफ़ मन कर दिया...
रुखसार ने saaf-saaf बोल दिया की उसने 2 बार ये सब सिर्फ मेरी ख़ुशी के लिए कर दिया है....
और नहीं करना chahti...aur मैं उसे मजबूर न करू.....
Khair...haalat को देखते हुए मैं भी चुप raha...par इस बात का मुझे बड़ा मलाल भी हुआ....
मुझे अपना ख्वाब अधूरा नजर आने लगा tha.....fir भी मैंने रुखसार की बात समझी और उसे प्यार करने के बाद लेट गया....
फिर रुखसार के सोने के बाद मैंने गोलू से बात करना ठीक samjha....kyoki पिछले 2 दिन से मैंने उससे ज्यादा बात hi नहीं की थी.....
मैंने सोचा की गोलू से सब कुछ शेयर karu...saayad वो मुझे कोई रास्ता dikhaye.....jis से मेरा ख्वाब पूरा हो सके.....
( चाट पर )
मैं- hi गोलू....
गोलू - hello....kaise हो....
मैं- क्या bolu....thoda परेशान हु...
गोलू - kyo...kya hua....teri बीवी रोलप्ले के लिए नहीं mani.....are.....tune तो कहा था की मान gai....hai न....
मैं- ha...maan भी गई thi...aur किया भी tha...wo भी 2 baar...matlab 2 रात में 2 बार.....
गोलू- ohh..ye तो ख़ुशी की बात hai....fir तो तू खुश होगा na....tera काम बन रहा है....
मैं- अरे कहा yaar....kaam यो दूर की baat....usne आज रोलप्ले के लिए भी मन कर diya....bolti है की बहुत hua....ab नहीं करेगी...
गोलू- ohh...ye तो बाद न्यूज़ hai....khair...aage क्या सोचा....
मैं- ये सवाल तो मैं तुमसे पूछने वाला tha....tumhe तो काफी तजुर्बा है na....to बताओ कुछ....
गोलू- ohk....pahle तुम मुझे पूरी बात batao...ki तुम्हारे बीच क्या hua...kaise hua...tumhe कैसा महसूस hua...aur तेरी बीवी का रिएक्शन क्या tha...sab kuch...fir hi कुछ बता सकता hu...ok...
मैं- hmm..batata हु....
और फिर मैंने गोलू को साड़ी बात बता di....ki मैंने रोलप्ले में क्या किया और रुखसार की क्या हालत हुई थी....
हलाकि मैंने गोलू को ये नहीं बताया था की मैंने उसके नाम से hi रुखसार के साथ रोलप्ले किया था.......
ये बातें मैंने जब गोलू को batai...ki मेरी रुखसार गैर- मर्द के नाम से ज्यादा गरम होती hai....to उसने मुझे आगे बढ़ने को कहा....
मैं- पर आगे बदु kaise....usne तो रोलप्ले के लिए साफ़ मन कर diya....aaj तो किया भी नहीं....
गोलू- ohh...to तुम अपनी कोसिस जारी rakho....main कुछ सोच कर बताउगा की आगे क्या किया जा सकता hai...ok...
मैं- हम्म..
गोकु- accha...mujhe नीड आ रही hai....to कल बात करते hai.....ok...bye..
मैं- bye....
गोलू से बात करने के बाद मैंने सोचा की अब वक़्त आ गया है की मैं रुखसार से अपने ख्वाबो के बारे में saaf-saaf बात करू.....
और सोच हुए मैंने फैसला ले liya...ki मैं रुखसार से saaf-saaf boluga....ki मैं उसे गैर मर्द के साथ चुड़ते हुए देखना चाहता हु........
यही सब सोचते हुए मैं सोने के लिए लेट गया.....
Main(man में)- पता नहीं मेरी बात सुन कर रुखसार क्या kahegi....aur क्या करेगी......???
अगला दिन संडे का दिन tha....isliye मैं देर तक सोता raha.....kyoki शॉप की छुट्टी थी......
फिर नास्ता करने के बाद जब मैं और रुखसार बैठ कर बहार जाने का प्लान कर रहे the....tabhi मैंने रुखसार से अपने दिल की बात छेड़ दी.....
मैं- rukhsaar....ek बात कहु....
रुखसार- हम्म....
मैं- देखो rukhsaar...mujhe ऐसा लगता है की तुम चमड़ीवाले लुंड....
Rukhsaar(beech में)- सुबह से hi सुरु हो gaye.....kya है ये.....
मैं- are...meri बात तो सुन lo....bas एक बार....
रुखसार- ठीक hai...boliye...
मैं- dekho...mujhe लगता है की तुम gair-mard के नाम से ज्यादा hi गरम हो जाती ho...hai न...
Rukhsaar(najren चुरा कर)- पता nhi....ab छोडो भी ये sab...hume जूही के घर जाना है....
मैं- haa....chalte hai...par मेरी बात तो सुन लो....
रुखसार- तो बोलिये na...kab से ये फालतू बातें कर रहे हो....
मैं- ये फालतू की बात nhi....balki बहुत जरूरी बात है...
रुखसार - accha...to bataiye...kya जरूरी है इसमें....
मैं- जरूरी तुम ho...tumhari ख़ुशी hai....tumhari तमन्ना है....
Rukhsaar(hairani से)- आप कहना क्या चाहते हो...
मैं- dekho...main जनता हु की तुम चांदीवाला लुंड पसंद करती ho....isliye...
Rukhsaar(gusse से)- ये किसने बोल दिया aapko....haa...
मैं- उसमे बोलना kya...maine देखा hai.....maine देखा है tumhe...ki तुम चमड़ीवाले लुंड के नाम से पागल हो जाती ho....aur इतनी गरम हो कर चुदाई करती हो की पूछो hi मत....
Rukhsaar(gusse से)- ये क्या बकवास कर रहे हो aap....aisa कुछ नहीं hai...samjhe...
मैं- accha...to तुम इतना मज़ा कैसे लेने lagi...kyo गोलू का नाम ले कर मस्त हो जाती ho.....aur मज़े से चुदवाती हो...
Rukhsaar(pure गुस्से में)- ये सब आपकी ख़ुशी के liye...aapne hi मुझे बोलै tha...main तो बस आपके लिए कर रही hu...aur आप मुझे hi गक्लात्त बोलने लगे....
मैं- nhi...main तुम्हे गलत नहीं बोल raha....main तो बस ये चाहता हु की अब तुम्हे असली में किसी gair-mard के साथ....
Rukhsaar(joor से)- bas....ab और कुछ नट bolna....aapne मुझे समझ क्या रखा hai...main कोई सड़क छाप ran....uuhhh....kya हु main...haa...
मैं- are....tum ऐसा क्यों सोचती ho...tum मेरी बीवी ho....aur मैं तुम्हे बहुत प्यार करता hu.....tumhare बारे में गलत तो सोच भी नहीं सकता....
रुखसार- तो फिर ये क्या tha....mujhe किसी गैर- मर्द के sath...chhee...aapko बोलते हुए शर्म नहीं aai....apni hi बीवी के लिए ऐसा....
Main(beech में)- ha...biwi हो tabhi...kyoki मैं अपनी बीवी को खुश देखना चाहता hu....aur तुम्हारी ख़ुशी एक गैर- मर्द है....
रुखसार- ये किसने बोल दिया aapse...main तो ऐसा सोच भी नहीं sakti...samjhe.....
मैं- accha...soch नहीं sakti...to फिर अंकित से अपनी....
Rukhsaar(hairani से)- ankit....uska kya....aur आपको ये नाम बताया किसने....
मैं- मुझे जूही ने bataya....usne बोलै की तुम और अंकित बचपन से साथ ho...aur तुम दोनों के बीच....
Rukhsaar(joor से)- bas....ek लब्ज भी मत bolna......main....main अभी उस कमीनी जूही को देखती hu....uski हिम्मत कैसे hui.....mere बारे में गलत bolegi....saali....main छोडूगी नहीं उसे.....
मैंने देखा की रुखसार की आँखे गुस्से से लाल हो चुकी thi....aur साथ hi साथ उसकी आँखे भी भर आई थी...
Main(paas जा कर)- रुखसार मेरी बात....
Rukhsaar(hath उठा कर)- दूर raho....ab मैं कोई बात नहीं sunugi....main अभी इस घर से जा रही hu.....aur उस जूही ko...use तो मैं.....
और रुखसार गुस्से से भरी हुई आगे बड़ी और घर से निकल गई....
और मैं भी उसके पीछे उसका नाम पुकारता हुआ भागने लगा......
मैं- rukhsaar...meri बात suno...tum घर चलो plz.....hum बात करते है na...plz rukhsaar.......aahh...ye मैंने क्या कर diya.....rukhsaar......ruk जाओ plz.....rukhsaar....rukhsaar.......rukhsaar........
नोट - अपडेट पोस्टेड frnds....hope ु लिखे आईटी.....
थैंक्स फ्रेंड्स....
कीप रीडिंग.....