MERA JUNOON MERI LIFE - Page 13 - SexBaba
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MERA JUNOON MERI LIFE

अपडेट-105

राज- वो पापा मई दी से कभी कोई बात नहीं छुपता उन्हें मेरे और हमरे साडी बात पता है..

पापा- क्या सच लेकिन उसने किसी को बता तो नहीं दिया न..

राज- आप वो किसी को नहीं बातएंगी ये मेरा यकीं है उसे मालूम है सब बात फिर भी कभी आप को इस बारे एमी उन दोनों ने बात किया ..

पापा- हां ये बात तो है निशा भी तुजसे बहुत प्यार करती है वो तेरा हर कहना manengi...wo नहीं बता सकती किसी को..

राज- हां चले पापा अब ऊपर..

पापा - हां चलो और जल्दी से फ्रेश होकर आ jo..niche

☆सॉर्ट☆

मई और पापा कसरत करके ऊपर ए तो वह माँ किचन मई कफ बना रही थी और पापा अपने रूम चले गए फ्रेश होने मई भी अपने रूम मई गया तो देखा निशा और संजू वह नहीं थे दोनों उठ कर चली गयी थी तो मई पहले फ्रेश हुवा और कपडे चेंज किये आज मैंने फॉर्मल कपडे पहने the..press कांफ्रेंस का सोच कर और तैयार होकर मई सीधा निशा क रूम गया वो भी तैयार हो गयी थी मुझे वह देख कर बोली..

निशा- गुड मॉर्निंग bhai..wow आज तो तुम बहुत हैंडसम लग रहे हो फॉर्मल कपड़ो मई

राज- थँक्स दी वो मई प्रेस कॉन्फरन्स क लिए पहने है ये कपडे ..

निशा- ओह्ह हां मेरे भाई तुम बहुत अचे लग रहे हो.. अज्ज to..hay किसिस की नजर ना लग जाये मेरे जणू को...

मई उसके पास जेक उसे कमर से पकड़ कर बहो मई खींच कर उसके नजदीक जेक बोलै तुम्हारी जैसी जाएं की दवा है मेरे पास तो किसी की नजर कैसे लगे गई.. और मैंने इतना कहकर उसके होंठ के करीब होंठ ले गया मई किश करने जाता उसके पहल hi उसने होने होंठ मेरे होंठ से मिला दिया और किश करने लगी मई भी उसे किश करने लगा हम दोनों 5 मिनिट किश किया फिर उसने मुझे छोड़ा और मेरी बहो मई लिओट gayi..mai उसके सर पे हाथ फिर क बोलै..

राज- निशा तुम और संजू माँ को कुछ बताना मत सिर्फ उन्हें कहना की मई 12 कब्जे टीवी पे अज्ज आऊंगा मुझे देखे हूँ उन्हें सर्परीज़े देंगे की उनका बीटा पोलिश अफसर बन गया है...

निशा- हां भाई ये बात अपने बिलकुल सही कही अपने हम ऐसा hi करंगे..

राज- अच्छा चल मई निचे जा रहा हु तू संजू के लेके आजा निचे..

निशा- अच्छा आप जाइये मई उसे लेकर अभी आयी..

मई निचे गया और वह पहले से hi पापा और माँ बैठे थे मई जेक उनके पास बेथ गया मुझे तैयार हुए देख कर बोली माँ

माँ- गुड मॉर्निंग बीटा आज तो तू हनदसमे लग रहा है इन कपड़ो मई कहा जा रहा है तैयार होकर..

राज- माँ आप खुद 12 कब्जे टीवी पे देख लेना न्यूज़ खोल कर की मई कहा जा रहा hu..ae आपके लाइट सर्परीज़े है..

माँ- अच्छा ऐसा कहा जाने वाला है की टीवी पे तू ायनेगा ...हां

राज- माँ फिर सर्पीज़े का क्या मतलब अभी बता दिया तो तुम निशा और संजू देखना मुझे टीवी पर....

पापा- हां राज बिलकुल सहींकह रहा है..

हम बाटे कर रहे थे की इतने मई छोटू निशा और संजू एक साथ निचे आया और वो एके हमरे पास बेथ गए छोटू मुझे देख कर बोलै..

छोटू- भाई क्या बात है आज तो आप कमल के लग रहे ho..bole तो एक दम जककसस

राज- अच्छा ऐसा किसा लग रहा हु की आप लोग मेरी तारीफ कर रहे हो मई तो पहले भी अच्छा लग रहा था यार..

संजू- हां अप्प पहले अचे लगते थे बूत आप ने आज पहली बार फॉर्मल कपडे पेहेन है इस लाइट आप आज उन कपड़ो से जयादा अचे लग रहे हो..

राज- ओह्ह है ऐ बात तो है मैंने ये कपडे लिए थे पहने के लिए लेकिन कभी मौका hi नहीं मिला ऐ कपडे पहने के आज मौका मिला है तो पेहेन लिया..

पापा- अच्छा तो अब मई ऑफिस जा रहा हु मई तुम्हे 12 बजे टीवी पे देखूंगा बेस्ट ऑफ़ लक बीटा..

राज- थैंक्स पापा..

माँ- अच्छा अपने पापा को बता दिया मुझे नहीं बताया तूने हां...

राज- अरे मेरी पैरी माँ आप खुद टीवी पे देखिनगी तो अच्छा lagega...is लिए मुझे आशीर्वाद नहीं डोंगी kya..aaj से मई एक नयी जॉब करने जा रहा हु बस इतना बता सकता हूँ..

माँ- सच मई बीटा तू जॉब करने वाला hai...ohh कोनसी आजा मेरे बेटे तेरे साथ तो हमेशा मेरा आशीर्वाद है बीटा...

फिर पापा निकल गए छोटू को लेके और मई निशा और संजू और माँ को मिलकर निकल गया अपनी गोडाउन मई कार देखने की आज कोनसी कार लू ...मई कार देख रहा था की मेरे मोबाइल पे फ़ोन आया कमिशनर के no से..

मैंने कॉल पिक किया तो वो बोले..

कमिश्नर- हैल्लो कैसे हो राज...

राज- हैल्लो सर अच्छा हु अभी बस निकल रहा था mai...mr सहगल अंकल के पास जाने क लिए..

कमिश्नर- अच्छा मैंने सहगल के गर पे तुम्हारे लिए एक पोलिश की वर्दी और एक स्पेसल फाॅर्स के अफसर की कार बेहजी है देख के बताना केसा लगा और हां वर्दी को पेहेन कर आना उसी कार मई और एक ड्राइवर भी है उस कार मई मतलब की पोलिश वाला जो तुमको वो यहाँ लेके aayenga...or हमेशा तुम्हरे साथ रहेंगे.

राज- अच्छा सर कोई बात नहीं ऐसा hi होंगे लेकिन मुझे एक बात बतिये की वो दिवेर है या कोई पोलिश अफसर..

कमिशनर- हम्म वो डाइवर नहीं है तुंहारा पोलिश डिपार्टमेंट का ासियतां पोलिश है जो एक ाचा और ईमानदार आदमी है वो एक पि hai..samje और अब से तुम्हारे साथ रहेंगे .

राज- अच्छा कोई बात नहीं सर मई उसे ोाने साथ राहकुंगा अच्छा मई आपके पास कुछ देर मई पोहचता हु पहले देख तो लू की अपने मेरे लिए केसा इंतजाम किया है..

कमिश्नर- अच्छा चल माँ8 रखता हु निकलने से पहले मुझे कॉल करना ok..

राज- ok सर बी जय हिन्द..

कमिश्नर- जय हिन्द..

फिर मई निकला अपनी कार लेके अब मई कार गोबरमेंट की hi लूंगा क्यों की मई भी देखना छठा था की उन्होंने सप के लिए कोनसी कार और अफसर भेजा hai..mai वह से निकल रहा था अभी 9 बक रहे थे तो मई पहले कारन को कॉल किया उसमे मेरा कॉल उठाया..

राज- कहा है बे..

कारन- कहा हूँगा गर से निकल hi रहा था कलगे जाने और तेरा फ़ोन आ गया तू कहा है wese..ha..

राज- मई कही बाहर निकल रहा था लेकिन उसे पहले मुझे तुमसे और मनीष को कुछ बताना है तुम दोनों अभी मुझे इस कैफ़े मई मिलो ok लेकिन हां जल्दी आना मेरे पास टाइम वहुत काम है यार..

कारन- अच्छा चल मई मनीष को लेके पोहच रहा हु.....

मैंने फ़ोन रखा और इतने मई मुझे मर सहगल का कॉल आया तो माइम उसे बता दिया की मई आपके पास 30 मोनित बाद आ रहा hu..phir मैंने उनसे थोड़ी देर बात किया और फिर मई अपना मोबाइल से थोड़ी देर वात्सप्प पे अंकिता और इशिता को साथ मई बात किया और इतने मई वो दोनों आ गए कैफ़े मई और मैंने कारन को देखा सामने hi था तो उसे बुलया बूम लगा ke..wo दोनों मुझे देख कर मेरे पास ए और बेथ गए samne..or कारन बोलै..

कारन- बोल बे आज कल तू कहा बीजी हो गया है की दोस्तों के लिए टाइम नहीं निकला सकता और ऐसी कोनसी बात है जिसके लिए तुमने मुने बुलया है..

राज- अरे मेरे भाई सहनत शांत हो जा बता ता हु मई पहले कफ मंगाते हैं.

मनीष- सेल तू हमें फ़ोन पे भी बात नहीं करता ऐसा करता क्या hai..haa.

राज- अरे बस 2 दिन तो हुए है यार बात नहीं की ाचा बोल क्या पिएंगे ..

मनीष और कारन और मेरी तीन कफ मंगवाई और हूँ कफ पिने lage..mai बोलै..

राज- अब सुनो तुम दोनों को मई आब्से एक नई जॉब सटार्ट कर रहा हु उसी काम मई बिज़ी था यार..

कारन- क्या तू और जॉब कहा कोनसी.

मनीष- और तू जे किंसी जॉब की जरुरत है तेरे पास तो खोद का इतना बड़ा बिज़नेस है..

फिर मैंने उन दोनों को बताया की मई किस वजह से जॉब कर रहा हु और कोनसी जॉब उनको ये नहीं बताया की मई रॉ को भी ज्वाइन किया है सिर्फ इतना बताया की मई पोलिश मई सप मई ज्वाइन हुवा हु और अज्ज मेरा प्रेस कॉन्फरन्स है और मई नहीं छठा की तुम दोनों मुझे टीवी पे देख के या किसी और से मेरे बारे मई सुनकर मुझे गालिया और मार कहानी वादे तुम दोनों से इसी लिए पहल तुम दोनों को बतया समजे..

कारन- ये क्या बात कर रहा है तू और स्पेसल अफसर ये कैसे बन गया तू पोलिश अफसर है मुझे तो समाज hi नहीं आ रहा hai..ki तू क्या बोल रहा hai..be..

मनीष- हां बे तूने तो हमको शोक कर दिया ऐ बता kar..haa kese..huva ये सब

राज - मैंने फिर उनको पूरी बात बाटइ की किस स्पोर्ट मई कमिसनर ने मुझे देखा था और फाइट देखि उस वजह से मुझे सेलेक्ट किया गया है इस सिटी का करीम मिटने को.

कारन- अरे वह तू पॉलिश बन गया अब तो सेल बच कर रहना होंगे ...

राज- अबे चूतिये मजाक कर रहा है be...sale गांड मई डंडा दाल दूंगा..

कारन- अरे जा बे लोदु आया बड़ा डंडा डालने wala...sala क्या करता रहता है तेरा कुछ पता hi नहीं चलता ...

मनीष- अच्छा लेकिन अब तेरा सोल्लगे का क्या be...tu सोल्लगे नहीं आएंगे..

फिर मैंने बताया की मई सोल्लगे आऊंगा मई जब भी पोलिश को मेरी जरुरत होंगी तभी मई उनकी मदद के लिए जाऊंगा...

कारन- तो ठीक है बे नहीं तो हूँ दोनों तेरे बिना बोर हो जाते सोल्लगे मई .

राज- अच्छा यार अब्ब मई चलता हु मुझे आज प्रेस कॉन्फिडेंस करना है 12 बजे एक ख़ास बात का ऐलान होने वाला है आज टीवी मई देखना मत भूलना बाद मई मिलता हु .मई तुम दोनों को अच्छा..

कारन- क्या बे आज hi ज्वाइन कर रहा है और आज hi टीवी पे ऐसी कोनसी बात है बे..

राज- बाद मई बताता हु आने के बाद फ़ोन पे बाकि तुम टीवी पे सुन लेना..

कारन- अच्छा चल हम दोनों भी निकलते है..

फिर हम तीनो निकल गए वह से और मई गया सीधा मर सहगल के गर वह कार पार्क किया और अंदर गया तो देखा वह मर सहगल और एक आदमी था जो दिखने मई 30 साल का था पोलिश वर्दी मई बैठा था जिसकी वर्दी पे 3 स्टार थे जो पि के होते है काफी हटा कटा और बॉडी वाला आदमी था वो मई उनके पास गया और अंकल को बोलै..

राज- हैल्लो अंकल क्या कर रहे हो..

मर सहगल- ओह्ह राज आ गए तुम आओ बैठो इसे मिलो ए है परमवीरसिंग पि है और आज से तुम्हरे साथ hi रहेंगे ये बहुत hi काबिल अफसर है आज ये तुम को गीदे karenga..tumhare ासियतंत के टूर pe...comissioner ने इन्हे बेझा है..

राज- हैल्लो परमवीर सींग आपके बारे मई मैंने काफी सुना hai...comissioner साहब से..

परमवीर सींग - हैल्लो राज सर आपके बारे मई माइन भी काफी सुना है कमिश्नर साहब से आपसे मिलकर अच्छा लगा सर आज से मई आपके साथ hi हु हमेशा के लिए ...आपके साथ काम करने मई ाचा मजा आएंगे सर..

राज- पहले तो मुझे सर कहना बांध कार्डो यार मुझे तुम सिर्फ राज कहो मई सर या किसी और वर्ड मई नहीं मंटा मई सिर्फ दोस्ती मई मंटा hu...to आज से आप मुझे सिर्फ राज kahenge..ok...

परतप- ok राज मई आज से हम दोस्त सच मई जैसा सुना मैंने आपके बारे मई आप बिल्कुक वैसे hi हो..

मर सहगल- अच्छा बेटे बाद मई करना और ये वर्दी लो और पेहेन के aajo...tab तक मई तुंहारी अन्तेय को कॉफी के लिए बोलता हु..

राज- अच्छा देखे तो सही किसी लगती है मुज पर वर्दी...

मई रूम मई गया अंकल के ोरकपडे निकल के मैंने वर्दी को पहना ये वर्दी मुज पर बिकुल फिट आ रही थी और वकी मई मुझे वर्दी पेहेन ने के बाद लगा की सच मई इसका साला पहने से हो बॉडी मई अलग hi पॉवर होता है मैंने अपना स्टार देखा तो वह पे 2 सत्र थे जो एस्प मतलब ासियतंत पोलिश स्पेसल टास्क फाॅर्स के जवान के होते hai...maine अब आईने मई एक बार देखा और फिर बहार आया तो मुझे अन्तेय ने देखा पहल और बोली...

गीता- ओह्ह्ह राज तुम वर्दी मई ओह्ह कमल के लग रहे हो तुम सच mai...tum कब ए यहाँ...

ये सुनकर सहगल और परमवीर दोनों खड़े होक मुझे देखने लगे और मुझे मुँह फाड़ के देखने लगे और मई बोलै..

राज- मई तो कब का आया हु अन्तेय आप नहीं दिख रही थी कही..

गीता- हां बीटा मई ऊपर के रूम मई थी वह सैफई कर रही thi...lekin तुम वर्दी मई कहा se...haa...

राज- आप को अंकल बता देंगे..

मई गया उन्सेल के पास और उन्दोनो को बोलै...

राज- ऐसा क्या देख रहे हो तुम दोनों मैंने गलत तो नहीं पेहेन लिया ना की आप लोग देख के मुँह फाडे ऐसे देख रहे हो..

मर सहगल- नहीं यार तू तो सच मई एक सपकिल फोर्स का अफसर लग रहा है..

परमवीर - हां राज सच मई वर्दी तुम पर बिकलू जांच रही है...

राज- तहनक्स यार ...

मर सहगल- आओ बैठो इधर...

अन्तेय जो कब से देख रही थी हमें वो बोली...

गीता- ये राज पे वर्दी कुछ समाज नहीं आया..

मर सहगल- आज से वो स्पेसल फाॅर्स का अफसर है तुम बाकि का टीवी पे डेल्ह लेना समाज जाऊँगी...12 बजे इसकी प्रेस कांफ्रेंस है...

गीता- लेकिन ऐसे अचानक कैसे राज पोलिश बन gaya...kuch समज नहीं आया जी...

मर सहगल- मई बाद मई बता दूंगा तुम्हे अभी तुम कूफ़े लाओ यहाँ...

गीता- जी अभी लती हु मई..

मर सहगल- और ये लो राज तुम्हारी revolver...iska उपयोग बड़े ड़याँ से करम तुम..

राज- जी सर...

परमवीर - और ये सर आपका सप का ईद...

राज- ओह्ह हां थैंक्स...

मैं अपनी गन को लगने लगा तो परमवीर बोलै

परमवीर- ऐसे नहीं सर लू मई लगा देता हु सर..

राज- हां यार लगा के एक बार दिखा आज पहली बार लगा रहा हु इसे इसके बाद मई सिख जाऊंगा...

फिर परमवीर ने मेरी वर्दी पे गन लगा diya...or अंकल बोले..

मर सहगल- अब लग रहा है असली पोलिश अफसर..

मई बिल्किल ऐसा लग रहा था वर्दी मई..


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फिर हम बेथ कर कुछ बाटे किया और थोड़ा बहुत परमवीर के बारे मई जाना अन्तेय में हमें कूफ़े दिया और वो भी वही बेथ कर हमरी बाटे सुन रही थी फिर हम कुछ देर बाद कमिश्नर सर को फ़ोन किया और निकले..11 बजे उनकी ऑफिस की और जहा आज प्रेस कॉन्फरेन्सेस होनी थी...

मई परमवीर के साथ जा रहा था वो जो सॉपो बालक कलर लेके आया था उसमे उस कार के आगे लोग था स्पेसले फाॅर्स sp...polish inspector..sala अब ये लाल बाटी वाली car.ai बेथ कर ऐसा लगा रहा था मुझे की मई बता नहीं सकता और अंकल दूसरी कार मई वह ा रहे the...hum थोड़ी hi देर मई वह पोहे तो वह बहार सब मिडिया वाले के लिए जो जगह बनायीं थी प्रेस कांफ्रेंस की वो बहार hi राखी गहि थी वह सब कुस्र्ष से उठ गया मेरी कार का आवज सुनकर और मई पीछे शीट पर बेथ सब देख रहा था कार को परमवीर चला रहा था वो बोलै..

परमवीर- राज ये जो मिडिया वाले यहाँ आये तो अभी उनको कुछ बोलना माता सीधा अनादर hi चलना...

कार रुकी और सब के सब देख रहे थे की ये कोण आया और जैसे hi कार रुकी परमवीर निचे उतरा और इसे थोड़े बहुत प्रेस वाले जानते थे तो कोई आगे नहीं आया लेकिन वो उतर कर मेरी साइड का दूर खोला और मुझे निचे उअतरने को कहा मई गूगल्स लगा के टोपी पहन कर निचे ुअत्तर और सब आंखे फाडे मुझे देख ने लगे ..मई उनकी तरफ एक बार देखा और फिर परमवीर के पीछे पीछे जाने लगा जैसे hi मैंने एक स्टेप आगे गया वह खड़े सरे पुलिस वाले मुझे देख कर मेरी वर्दी को देख कर सेलुटे मरने lage...or मई उनको देखता हुवा आगे जा रहा था और कुछ कॉन्स्टेबल वह पास मई खड़े थे उनकी बात मैंने सुनी जो एक दुआरे से बात कर रहे थे...

कॉन्स्टेबल- अरे ये शाब कोण आया लगा रहा है तो बहुत hi कहतरनाक दिखने से...

कॉन्स्टेबल 2- हां बे ये कोई बड़ा ोफ्फुसर hai...kya बॉडी है इनकी यार बिलकुल हीरो लग रहा है ये तो...

मैंने एक बार चलते चलते उन दोनों की तरफ देख और स्माइल किया और आगे जाने लगा तो वह अंदर गया तो सब टेबल पे जितने भी पोलिश वाले थे सब खड़े होक मुझे सल्लुते करने lage...mai उन लोगो की तरफ देखते हुए परमवीर के पीछे एक केबिन मई गुसा और सामने कम्मिंसोनेर थे उनको सल्लुते किया और वो बोले...

कमिश्नर- वेलकम राज वाह लाग रहा है अब दिल्ही पोलिश का नाम आगे बड़े गए...

राज- हां सर आप भी क्या मजाक कर रहे हो...

कमिश्नर- अच्छा आ बैठो तुम दोनों यहाँ...

हम दोनों बैठे वह और कमिश्नर ने मुझे बतया की क्या बोलना है मुझे और कैसे बोलना है मुझे एक स्क्रिप्ट भी दिया जो मुझे सबके सामने अजा सहपाठ लेने थे क्यों की ये रूल्स है की किसी भी पोलिश को वर्दी पहन कर एक बार षप्ट तो लेने पड़ते है .

राज- क्या सर सबके सामने मुझे पहले ये बोलना होंगे .

मर सहगल अंदर ऑफिस मई एंटर करए हुए क्यों की वो हमारे पीछे थे लेकिन वो बाहर कुछ काम से रुके थे उनको कॉल आ गया था to..wo अंदर एते हुए बोले .

मर सहगल- हां पहले तुम्हे शपथ लेने होंगे ये पोलिश मई ज्वाइन होने का पहला काम यही है .इसके बाद तुम अपना काम कर सकते हो ..

कमिश्नर- उह सहगल सर आईये आइये .बैठिये यहाँ..

फिर कुछ बाटे हुयी उस्ले बाद 12 बजे हमको बहार बुलया गया और सब पूरा स्टाफ वह बहार आ गया जितने भी लोग थे वह एक बाद सा टेबल लगे गया था और सामने बहुत से चॅनेल के मिडिया वाले थे वह वो बैठे थे सब सब मुझे देख रहे थे छाए मिडिया हो या पोलसिह क्यों की सबकी नजर मई hi एक नया चेहरा था ...मुझे कमिश्नर सर के बाजु मई बेथ ने को कहा gaya..or फिर कमिश्नर ने माइक अपने हाथ मई लिया और बोले .

कमिश्नर- आऍप सब मिडिया वालो का स्वागत है आज आप लोगो के मन मई काफी सवाल होंगे मई उन का जवाब थोड़ी hi देर मई दूंगा .आप सब रेड्डी हो jaiye...jane के लिए की आज आपो सब की यू अचानक कॉन्फरन्स क्यों राखी गयी hai..to मई आप लोगो को बता दू की आज हम सब के बीच ेल नया चेहरा है उसका आज पहला दिन है पॉलीह डिपार्टमेंट मई और इसकी वजह है मुंडेर केस जो अभी तक सोल्वे नहीं huva...to मई बताऊ आपको उसके पहल इस नए चहरे का आप सब से पहचान करवा du...or इनके षप्ट भी बाकि है जो यहाँ आप सब के सामने होंगे...

कमिश्नर- ये है मर राज परतप sing...specil फाॅर्स इन दिल्ही पॉलिश सप..

मई उनको अपनी सहपात के लिए खड़े होने का अदेह देता हु...

मई कढाहुवा और कमिश्नर को सल्लुत किया ...

जैसे hi मैंने सेलुटे किया वह गर पर माँ निशा और संजू तवे पे देख कर बोले...

माँ- अरे ये तो मेरा राज है ये पोलिश मई कैसे...

निशा- हां माँ भाई आप को सुबह जिस जॉब के बारेमे बता रहे थे वो यही है ..

संजू- हां देखो तो राज वर्दी मई कितना हैंडसम लग रहा है..

निशा- हां सच मई कमल का लग रहा hai...sp....saahb..

माँ- क्या राज और सीधा सप....

निशा- हां माँ आप देखिये आज भाई का पहल प्रेस कांफ्रेंस है..

और वह दूसरी तरफ पापा अपनी ऑफिस के मीटिंग होल मई सब के साथ मीटिंग मई बैठे थे उसे रोका और परदे पे सोनिया को ब्लोके न्यूज़ लगाया जहा हमरा सिन्फोरन्स चालू था उनमे से मगल और सोनिया मुझे ोेहचानते थे उनकी नजर मेरे सलूट मरने से मुज पर पड़ी तो दोनों ेल साथ बोले ..सबके सामने...

दोनों- ये तो राज है ये कैसे वह..

परताप- मंगल देख मेरा बीटा केसा लग रहा है सप के ड्रेस मई अब वो स्पेसल फिरसे इन दिल्ही पॉलीह है...

सोनिया- क्या ये कब हुवा सर .

मगल- सच मई लग रहा है जॉन अभिराम जैसा पोलिश के ड्रेस मई..

पापा- सबको बाद मई बतात हु आज उसका पहल प्रेस कांफ्रेंस है डायन से सुनो पहल ..

पबीर सब बेथ कर सुने लगे..

और यहाँ मई सलूट मर के एक दम सीधा कड़ा हो गया हाथ आगे करके और कमिश्नर भी खड़े हुए और मुझे शपत लेने को बोलै ..

कमिश्नर- तो राज मई जैसे बोलू उसे तुम्हे दोहरा के शपथ लेना hai...ok..reddy .

राज- जी सर मई तैयार हु...

कमिश्नर - मई मर राज परतप सींग ईश्वर को सखी मन कर शपथ लेता हु की..

राज- मई मर राज परतप सींग इस्वर को अपना सखी मन कर शपथ लेता हु की ..

कमिश्नर- मई अपने देश के सविधान के पार्टी निष्ठावान रहूँगा..

राज-मई अपने देश के सविधान के पार्टी निष्ठावान रहूँगा..

comisoner-mai होने पद को गरिमा बनाये रखूँगा और सच्ची निष्ठा और भावना से अपने देश की सेवा करूँगा.. जय हिन्द..

राज-मई होने पद को गरिमा बनाये रखूँगा और सच्ची निष्ठा और भावना से अपने देश की सेवा करूँगा.. जय हिन्द..

मेरे इतना बोलते hi सब तालियों से मेरा अभी वेदना kiya...or मुझे सहपात लेने के बाद अपने बॉडी मई एक अलग hi ऊर्जा महसूस हो रही thi...sach मई कमल का एहसा था mera...pura बॉडी मई खून खोल रहा था ऐसा लग रहा था मुझे...

फिर हम निचे बैठे और कमिश्नर बोले .

कमिश्नर- तो आप लोगो को बता दू की जो घंटे मशहूर बिज़नेस में का मुंडेर हुवा था और उनकी ेल बेहेन थी उसका रपे हुवा था इस केस को हूँ रोपें कर रहे है और इसे हम ओफ्फिसल टूर पे मर राज पार्टप सींग को दे रहे hai...aaj से इस केस को वो हैंडल karenge..aab आप सब मर राज परतप सींग के मोह से सुनिए वो कुछ कहना कहते है..

राज- हैल्लो दोस्तों मई आप सबका दिल से सुक्रिया करता हु और कहस टूर पे कमिश्नर सर का जिन्होंने मुझे इस लायक समाज की मई इस केस को सोल्वे कर सकता हु ..और फिर आप सब का जो ेल तरफ से हमरे देश के आप लोग अभूत hi कस लोगो मई से हो क्यों की आप hi ेल ऐसे लोग हो जिनके द्वारा समाज तक सब मश्ग पोहचते है कहे वो अचे हो या bure...mai आप सब से बस इतना hi काबुंगा की मई इस केस को कुछ hi टाइम मई स्लोवे कर दूंगा और अलसी मोहरिम को पकड़ कर उसकी सजा दूंगा मई ऐ मेरे आप सब से वडा hai...jay हिन्द...

मई इतना बोलै की एक रेपोटर में सवाल किया मुजसे...

रेपोटर- हैल्लो राज सर आपसे ेल सवाल है..

राज- जी बोलिये क्या है...

रेपोटर- आप भी उन पोलिश वालो के जैसे तो नहीं जो कोंफ्रोंफिड्न्स बड़े बड़े वेड करतेहो और असली मई करते कुछ नहीं..

राज- हां आपका सवाल भी सही है तो मई आप सब को बता दू मुझे रेपिस्ट से बहुत नफ़रत है तो इस केस को तो मिया कुछ भी करके सोल्वे कर के दिखा दूंगा आप सब को और मेरा इस केस स जुड़े मुजरिम से एक वॉर्निंग है उसे मई केहमा छठा हु की तू जहा भी चुप जाये मई तुजे कही से भी चढ़ निकलूंगा ok जय हिन्द...

फिर जल्दी hi कमिशनर ने बाकि के सावल के जवाब दिए और कॉन्फरन्स को कथं करके हम अंदर बेथ गए मेरे मोबाइल पे काफी कॉल आये थे लेकिन अभी मैंने किसी का जवाब नहीं दिया ..और फिर सबसे मेरा इंट्रो हुवा...

और फिर हूँ वह ऑफिस मई बैठकर केस के बारे मई चर्चा हुयी ..

अब्ब देखते है अलगे ुओडेट मई क्या होता है..
 
इंट्रोडक्शन नई कैरेक्टर इन स्टोरी

☆. कमिश्नर का इंट्रो विथ फॅमिली☆

1.
सुधाकर पाटिल- ये है दिल्ही सिटी कमिश्नर बहुत hi अच्छा आदमी है उम्र इसकी 45 के आसपास होंगी..

2.
रम्य पाटिल -ये है कमिश्नर की बीबी उम्र इनकी 40 के आसपास hongi..dikhne मई एक दम गोरी है और हॉट भी हमेशा साड़ी पहनती है इनकी गंद बहुत hi मस्त और बड़ी फिगर इनका हॉट है 34-30-38 का फिगर और एक दम जान लेवा माल लगती hai..ye.gar कम् करती है..

3.
मोनिका पाटिल - ये है इनकी 1 लोटी बेटी जो दिखने मई काफी हॉट है अपनी माँ की तरह है और अभी इसकी उम्र है 24 साल की अभी पढ़ई करती है सोल्लगे मई ब की फगत इसका 32-28-34 का है इसके बाल न लम्बे न छोटे है मीडियम साइज़ लेकिन एक no का पताका है ये भी..

उनका कोई बीटा नहीं है सिर्फ 1 बेटी hi hai..wo तीनो दिल्ही मई अपने खुद के बंगलो मई रहते है..


☆पोलिश डिपार्टमेंट के कुछ अफसर intro.☆citey पोलिश

1.परमवीर सींग -
ये है कितीय ऑफिस का पि उम्र इसकी 30 साल काफी हाथ कटा और बहादुर पोलिश वाला hai...iska अपने पोलिश ठाणे के एरिया मई अच्छा नाम है उसका अभी राज का असिटेंट है उसके साथ hi रहने का ोदर है कमिश्नर ka..ae भी एक ाचा इंसान है.

@
पारुल सींग- ये परमवीर की बीबी है हल्का सवाल रंग लेकिन दिखने मई माल है ये उम्र इसकी 29 साल को hai..abhi इन दोनों की नयी नयी सदी हुयी hai..figar इसका मस्त है 34-30-36

और अभी ये कोई जॉब ढूंढ रही है अपने लिए इसने ब किया hai...koi अछि कंपनी मिली नहीं है यहाँ पर और ऐ दोनों पोलिश कुटेर्स मई रहते है.

2.
आरिफ - कॉन्स्टेबल है ये परमवीर के तने ka.or पोलिश की जीप चलता hai..achaa ड्राइवर है ये और आदमी भी अच्छा है..

3.
समय रे - ये है परमवीर के तने मई उसकी जोउनिओर inspector..achi है दिखने मई कमल की माल है बूब्स बड़े और गांड भी बड़ी हॉट भी काफी है .ye.umar इसकी 28 साल की hongi..abhi अभी hi ज्वाइन हुयी है.

☆
दिल्ही सिटी का नमी बिज़्नेस्मेन ☆

1.
आदित्य वर्मा- ये बहुत hi बड़ा बिज़्नेस में है इस सिटी का उम्र इसकी 45और इसका इणलिएगल बिज़नेस भी बहुत hai..iska मुंडेर हुवा है जो केस राज के पास है क्यों हुवा ये स्टोरी मई देख्नेगे अभी बस इतना जान लो की इसका अंडरवर्ल्ड से और आंतकवादियो से कनेक्शन है लेकिन किसी को अभी तक जयादा मालूम नहीं इसके बारे mai..iske काफी दुसमन थे..

2.
सामंथा वर्मा - ये है आदित्य की बीबी और एक दम हॉट है अपने पति का बिज़नेस शम्भल टी है इसकी उम्र है 38 साल की और ये भी हॉट है. .दिखने मई लेकिन अभी तक अपने पति के और उसकी बेटी के रपे केस के बारे मई कुछ पता नहीं कर पायी इसे इंसाफ चाइये लेकिन अभी तक मिला नहीं था इसने hi सीधा पं से लीटर लिख कर अपने पति के कातिल को ढूंढ कर सजा देने के लिए इंसाफ माँगा था क्यों की 5 साल से कोई इस केस को हल नाहिबकार सका था. इसे अपने पति के बारे मई ज्यादा मालूम नहीं है की वो क्या क्या इलीगल बिस्सनेस करते थे इसे बस उसके पति के वाइट बिज़नस के बारे मई hi पता था.

3.
नैना वर्मा - इसकी उम्र है करीब 25 साल की ये बेवजह अपने बाप के खरब धंधे के कारण इसका रपे और किडनेप हुवा और रपे होने के बाद ये कोमा मई है अभी तक होश मई नहीं आयी 5 सल्लो से इसी लिए इसे हॉस्पिटल मई रखा है इसकी माँ ने क्यों की इनको पिस्सो की कोई कमी नहीं है इसी लिए उनकी बेटी का अचे हॉस्पिटल मई टेरेट मेन्ट चालू है..

☆
1.सुरेंदर सींग -दिल्ही का क्राइम का बादशा है ये इसके बारे मई अभी तक किसी को पता नहीं है इसका नाम भी कही आता नहीं है क्यों की ये छुपकर अपने आदमियों से काम करवाता है इसके इस सिटी मई ड्रग्स हतियार और कई आतंकवादी संगतहोनो से जुड़ा है ye..or भी लोगो को ये अपने हतियार बेचता है और बहुत सी हेल्प करता है.

ये क्या कब कैसे करता hi किसी को कुछ पता नहीं है बस अपने आदमियों से हैंडल कर्त है ये...

2.
गुलशन - ये है सुरेंद्र का राइट हैंड और उसके इलीगल धंधे को हंडेल करता है ये लोगो की नजर मई यही है असली गुंडा लेकिन उसे hi पता है की उनका असली बाप कोई और hai..inke पास कई छोटी मोती गैंग है ..

3.
पाटिल- ये है एक पोलिश अफसर जो की इनकी छुपकर हेल्प करता है और काफी करूपतिओं वाला भी hai..umar इसकी 38 साल है ये सिटी के दूसरे तने मई इंचार्ज hai...jese परमवीर है वैसे hi..ye भी साला टर्की और ऐयाशी है..

☆पं का इंट्रो की जायदा जरुआत नहीं है यदि लिए नहीं दिया☆


◇गांव के ठाणे का पोलिश का इंट्रो◇

1.हिना खान - ये है राज गए गांव मई पोलिश इंचार्ज मतलब पि इसकी उम्र है 28 साल की अभी नयी नयी पोस्टिंग हुयी है राज के गांव मई लेकिन ये है बहुत hi ईमानदार और दिखने मई हॉट फिगर इसका 34-30-36 है. वर्दी मई इसके बड़े बूब्स और गांड तो जान लेवा है लेकिन उसकी वह कुछ जायदा चलता नहीं है क्यों की इसके ऊपर जो ठाणे का इंचार्ज है वो साला एक no का गठिया आदमी है इसके नई होने के कारन इसे कुछ जायदा काम करने नहीं देता और अपना रूप जमता रहता hai..ye बिचारि अपने सीनियर को कुछ कह भी नबी सकती है..

हिना वह गांव मई राज के दादा का कहली पड़ा गर है वह रहती है अपनी एक बेहेन और माँ के साथ राज के दादा ने इसे वह रहने को गर दिया hai..is गांव मई नयी होने के कारन.

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ज़रा खान- ये है हिना की माँ उकसा पति मर गया है जब हिना और उसकी बेहेन छोटी थी तब hi लेकिन इसने अपने बचो को पढ़ाया और अछि जॉब पे भी लगाया इसकी उम्र है 42 साल की अभी ये अपनी बेटी के साथ रहती है लेकिन इस उम्र मई भी ये सलवार और कमीज मई हॉट लगती है ये इसने अपने बचो को पढ़ने के लिए बहुत म्हणत किया है अब्ब बस गर पर hi रहती है..

@
यास्मीन खान - ये है हिना की बहन बहुत hi सुन्दर दिखती है और ाची भी लगती hai..umar इसकी 25 के आसपास होंगी और अभी ये सोल्लगे करती है जहा राज के चाचा की लडकिया पढ़ती है वह pe..figr इसका भी काफी ाचा hi 32-28-34 का अचे हेयर है इसके.

2. बलराज - ये है गांव के पोलिश ठाणे का इंचार्ज है बहुत hi गठिया और नीच कोर्रुप्त अफसर है ये और इसकी नजर भी बहुत गाँधी है और ये गांव मई राज के दादा के दुश्मनो से मिला हुवा hai..umar इसकी 38 साल की hongi..sala यहाँ अकेला गांव मई बने पोलिश कुटेर्स मई रहता है..

3.खोते लाल - ये गांव के पोलिश तासिओं मई कॉन्स्टेबल है अचे नेक दिल इंसान है और हिना को बहुत सपोर्ट करते है लेकिन इनकी उम्र 50 साल की अब कुछ साल hi बचे है रॉटरमेंट होने mai...kabhi करप्शन नहीं किया इन्होने इसी लिए जायदा पीसो वाले नहीं है.

4.प्रेमिला - ये भी कॉन्स्टेबल है गांव के तने मई और इसकी उम्र है 35 साल की ये भी हिना को मानती है लेकिन उसका सपोर्ट नहीं कर पति क्यों की बलराज के चलते ये कुछ कर नहीं सकती hai..ye भी वर्दी मई बड़ी गांड और बड़े बूब्स की लगती है हॉट ..

और भी स्टाफ है लेकिन इनका इंट्रो कुछ काम का नहीं है..
 
उपडेट-106

राज- हां आपका सवाल भी सही है तो मई आप सब को बता दू मुझे रेपिस्ट से बहुत नफ़रत है तो इस केस को तो मिया कुछ भी करके सोल्वे कर के दिखा दूंगा आप सब को और मेरा इस केस स जुड़े मुजरिम से एक वॉर्निंग है उसे मई केहमा छठा हु की तू जहा भी चुप जाये मई तुजे कही से भी चढ़ निकलूंगा ok जय हिन्द...

फिर जल्दी hi कमिशनर ने बाकि के सावल के जवाब दिए और कॉन्फरन्स को कथं करके हम अंदर बेथ गए मेरे मोबाइल पे काफी कॉल आये थे लेकिन अभी मैंने किसी का जवाब नहीं दिया ..और फिर सबसे मेरा इंट्रो हुवा...

और फिर हूँ वह ऑफिस मई बैठकर केस के बारे मई चर्चा हुयी ..


☆स्टार्ट☆

हम सब ने प्रेस कांफ्रेंस ख़तम कर के जल्दी hi केस के बार मई चर्चा करने लगे थे और कुछ लोगो का मुझसे इंट्रो हुवा वह फिर कमिश्नर बोले..

किस्सिनोएर- राज आज तुमने प्रेस वालो को अच्छा हैंडल किया था और हां तुम को परमवीर के साथ रहकर सब काम करने hai...ok वो तुम्हारी उस केस मई मदद करेंगे..

राज- जी सर कोई बात नहीं लेकिन मुझे बैठना कहा है जहा से ऐ सब काम कर सकू..

परमवीर - राज तुम मेरे ठाणे मई बेथ कर काम करेंगे अब से तुम hi उस ठाणे के मैं इंचार्ज हो..

कमिश्नर- हां सही कहा राज परमवीर ने तुम उस ठाणे मई hi अचे से काम कर सकते ho...waha तुम्हारा केबिन भी अलग से होंगे और अब तुम उस ठाणे को हैंडल करेंगे क्यों की जो मुंडेर केस को तुम्हे सोल्वे करना है वो वही एरिया मई आता है..

राज- ऐ बात तो ठीक है लेकिन मई आप को बता देता हु की जब तक मई हु तब तक मई इंचार्ज रहनगा उस ठाणे का और जब मई हजार न हु तो परमवीर hi उसका इंचार्ज रहेंगे..

कमिश्नर- कोई बात नहीं जैसा तुम chaho...wese भी तुम दोनों की काफी अच्छी बनने लगी है एक hi दिन मई..

परमवीर- हां वो तो राज का सहवभाव hi ऐसा है की मेरी उसके साथ जैम गयी sir...ab हम एक दोएत की तरह साथ काम karenge.kyu राज

राज- हां सही कहा सर हम दोस्त की तरह hi काम करना छठा हु..

मर सहगल- ऐ तो अछि बात है और हां तुम्हे कोई भी मदद हमारी रॉ की टीम से कभी भी मिल जाएँगी ok तुम दोनों कहो तो वह की ऑफिस मई भी काम कर सकते हो..

कमिश्नर- ऐ तो और भी ाची बात है ये सीक्रेट भी होंगे तुम्हारा इस केस से तो भी छुपा रहेंगे..

राज- हां सर वो तो है लेकिन हम को जब कोई सेकरते काम कर्म होंगे तब वह एके काम करेंगे नहीं तो यहाँ से परमवीर की ऑफिस ऑपरेट karenge..ok..

मर सहगल- जैसा तुम चाओ अच्छा मिया अब चलता हु ऑफिस मुझे कुछ जरुरी काम hai...tum आ रहे हो की नहीं..

राज- नहीं सर मई आज नहीं कल से सॉर्ट करने की सोचा है केस के बारे मई तो मई कल वह एके सबको मिल कर इस केस से जुडी साडी माहिती ते जाऊंगा ok..mai आज गर जाता हु..

कमिश्नर- अच्छा कोई बात नहीं कल तुम सीधा परमवीर की ऑफिस चले जाना ok..tum चाओ तो ऑफिस की कार को अपने पास रख सकते हो...

राज- नहीं सर मई अभी इसे साथ नहीं लेजजुंगा कल से मई अपनी कार लेके आऊंगा मुझे सिमिनल को पकड़ ने के लिए ते कार नहीं चाइये मेरे पास इसे भी धसू कार है सर मई उसे मेरे लिए लेके आऊंगा sir...jise मुझे आसानी हो फिल्ड मई...

कमिश्नर- अच्छा कोई बात नहीं लेकिन अभी तो गर जाने के लिए कार ले जाओ..

राज- नहीं मुझे परमवीर ड्राप कर देंगे ...

परमवीर - हां सर मई राज को ड्राप कर के ठाणे चला jaunga..ok हम निकला ते है सर..

हम ने सलूट मारा और निकले मई मर्सिहगल और परमवीरर बहार जेक परमवीर ने कार निकली और सहगल अंकल बोले..

मर सहगल- तुम्हारी अन्तेय का कॉल आया था उन्हें कुछ काम है तुजे वह बुलाया है जा आना गर पे ok...

राज- ok सर ...मिलते है कल और कुछ काम हो तो कॉल कर देना सर..

फिर हम अपनों अपनी मंजिल पे nikale...mai जल्दी hi गर जाना छठा था क्यों की गर से बार बार माँ का कॉल आ रहे थे और दूसरे तरफ से इशिता ,काजल ,अंकिता, सबके कॉल आ रहे थे मेरे फ़ोन पे तो मैंने पहले गर जेक माँ को बात करने का socha...parmveer बोलै..

परमवीर- राज आप कोनसी कार लेके आने वाले हो कल..

राज- अभी देखा नहीं है यार गर पे जेक या फार्महाउस पे देखना पड़ेगा कोई अछि कार हो तो वो hi लेके आऊंगा...

परमवीरर- अच्छा आपके पास ऐसी कितनी कार है sir..jo आप दो जगह देखना कहते हो..

राज- अरे यार तुम्हे मई कल दिखाऊंगा की मेरे पास कितनी कार hai...lekin आज मुझे काम है यार गर par...muje तुम कल अपने गर एके मिलना...

परमवीर- कोई बात नहीं सर मई आ जुन्गा..

राज- अच्छा हमारे ठाणे का अड्रेस कोण सा है वो मुझे वात्सप्प कर देना ok और है तुम रहते कहा पे हो..

परमवीरर- सर मई तो पोलिश कुटेर्स मई रहता hu..apni बीबी के साथ..

राज- अच्छ कोई बात नहीं तुम ऐसा करना कल किसी को साथ लेके आना और मेरे गर पर ुअत्तर कर मुझे कॉल कारन और हमारी स्कॉर्पियो को साथ लेके आये उसे दे dena..ok

परमवीरर- हां सर ऐसा hi करूँगा मई आयरिफ को लेके aunga...wo hi हमारी कार चलता है..

राज- अच्छा कोई बात नहीं...

फिर मई गर पोहचा तो वह पे विहिकल पड़े थे मतलब की 2 से3 कार थी और एक सकतीय मई निचे उतरा और परमवीर को बोलै

राज- चल गर पर आएंगे की ऑफिस जाना है..

परमवीरर- आज नहीं यार कल आऊंगा ना आज ऑफिस जाना honga...tumhre लिए केबिन को तैयार करना hai...achese..

राज- ok चल मिलते है कल..

परमवीर चला गया मैं बहार कार और स्कूटी देख कर समाज गया था की ये कोण होंगे इस लिए मैंने दी को मश्ग किया..

राज- हैल्लो दी..

निशा- कहा हो तुम सब तुम्हारा बीते कर रहे hai..tum किसी का कॉल क्यों नहीं उठा रहे है..

राज- अभी आप कहा हो पहल आप बोले बिना बहार आओ किसी को बताना mat..plz...

निशा- तू है कहा..

राज- मई बहार hi हु तुम बोले बिना किसो बहाने से बहार आ जो..

निशा- ok मई आती hu..tu रुक..

फिर निशा अंदर सबको कुछ बहना बनाकर भर की तरफ आयी और मई दूर के बाजु मई खड़ा था जल्दी से दूर को बांध किया और निशा मुझे ऊपर से लेके नई हे तक डेल्ह कर बोली..

निशा- अरे वाह मेरे दबंग के hiro..tu तो कमल का लग रहा है अंदर चल यहाँ क्यों बुलया मुझे..

राज- चलता हु लेकिन पहले मुझे ऐ बातो अनादर है कोण कोण और सब क्यों मुझे बार बार फ़ोन कर रहे थे..

निशा- तू अंदर सब तेरी वाट लगने वाले है तुजे टीवी पे पोलिश की वर्दी मई देख कर सब हिरन hai..ki ये कैसे हो gaya..andar अंकिता , काजल, ishita,medam varshu,manish, karan,or अन्तेय गीता, कारन की माँ , सब वह पे hai...tere hi आने की राह देख रहे है सब .

राज- उह मर गया सब के सब यहाँ पे क्या कर रहे hai...aaj तो गया काम se..achaa माँ का क्या रेक्शन tha..muje देख कर..

निशा- माँ तो खुश भी है और सोक भी तुजे पोलिश की वर्दी मई देख कर बोल रही थी मेरा बीटा लग रहा है न सबसे स्पेसल officer...unhone तुजे इस लिए कॉल कर रही थी की सब यहाँ गर पर एके तेरा इंतजार कर रहे है...

राज- ओह्ह अच्छा माँ कुश है तो कोई बात नहीं नहीं तो मेरी और बेंड बज जाती..

निशा- अच्छा अंदर तुम्हारी सब की सब बड़ी छोटी माल बैठी hai..tumhari बेंड बजने चल अंदर..

राज- लेकिन ये सब केसव आ गए ..

निशा- अब चल न नादर कुछ नहीं honga...polish बन गया लेकिन अभी भी डरता hai...hii....hi....

वो इतना बोलके भागने hi वाली थी की मैंने उसका हाथ पकड़ कर मेरी बहो मई लेके बोलै..

राज- क्या बोली मेरी जंगली billi..haa.mai दर रहा हु अभी दिखता हु tuje...ruk..

निशा- हां सच तो बोली थी mai...tu अनादर नहीं आ रहा था जंगली bille...is liye..aab क्या दिखाए न मुझे हां..

मैंने अपने होठ उसके होंठपे रख दिया और किश किया प्यार से और बोलै..

राज- ऐ वाला पिचार दिखाना है तुजे...

निशा - सहरमाके अंदर भाग गयी और सबको बता दिया चिल चिल कर की मई आ गया हु...

निशा- सुनो सब raj...aa गया raj...aa gaya..hai गर पर...

सब निशा की आवाज सुनकर खड़े होक राज को देखने लगते है और माँ बोलती है...

माँ- कहा है वो ...दिख क्यों नहीं raha..haa..

मई अनादर एते huye....bola....

राज- मई यहाँ हु माँ....

मैंने अनादर जले देखा सब की आंखे मुझे शोक से देख रही थी इस ड्रेस मई सबके चारे पे गुसा था अभी...

माँ- तू हु सबका कॉल कई नहीं उठा रहा था हां सब तेरा कब से बीते कर रहे hai...dekh ...सबको..

मई उन सबके पास गया और सबको हैल्लो bolo..or सबको बैठने को कहा और फिर माँ बोली..

माँ- तू तो सच मई पोलिश वाला बन गया राज हां तूने तो मुझे भी सर्परीज़े कर दिया आज .देख आज तुजे सब मिलने कितने लोग गर पर आये है...

राज- सबको मई सॉरी बोल रहा हु की किसी को बाटने का टाइम मिला नहीं मुझे क्यों ऐ सब अचानक हुवा मैंने माँ को भी नहीं बताया था सोचा था आप सब को सर्परीज़े दूंगा इस लिए किसी को इस बारे मई बात नहीं किया था..

गीता- अच्छा तभी सुबह को मुझे भी कुछ नहीं बताया था वो तो ाचा हुवा मैंने तुम्हे डेल्ह लिया था इस वर्दी मई

अंकिता- हां राज ऐ कैसे हां तुमने तो हमें सोक देकर फ़ोन hi नहीं उटाह रहे थे hamara..haa.kaha गए थे आप..

इशिता- हां बोलो कितने कॉल लगये हूँ सब ने हां..

कारन- तू तो गया बॉस आज हां पोलिश वाला आज खुद hi चोर बन gaya..aab बता bata...mujrim होक कहड़ा है.

मनीष- हआ राज बता भाई कहा गम रहा तहा हां...

राज- अरे यार सब सुनो पहले मेरी बात मई इस लिए आप सब का फ़ोन नहीं उठा रहा था क्यों की मेरा फ़ोन साइलेंट रह गया था कॉन्फरन्स की वजह se..is लिए किसी का कॉल उठा नहीं सका मैंने अभी गर आने से पहल hi सबका कॉल dekha..isi लिए मीटिंग कहत्म होते hi मि गर आया समजे आप सब...

माँ- ओह्ह ऐसा था बीटा हम ने सोचा तू कही काम पे लग गया होंगे या कही चला गया होंगे इसी लिए पबिने नहीं उठा रहा hinga..lekin अच्छा हुवा इसी बहाने ये करुणा और गिरा और रीता गर पर तो आयी ..नहीं तो यहाँ का रास्ता hi भूल गयी थी ये दोनों तो...

राज- हां ये बात तो है माँ सब कितने दिनों बाद हमरे गर आये है..

वर्षो- राज मई भी हु यहाँ ..

राज- हां हां आपको तो मैंने पहले hi देखा था मेडम किसी हो आप..

मेडम- तमहर टीवी पे देख के मई सोल्लगे से सीधा अंकिता के साथ यहाँ आ गयी...

राज- अच्छा किया आप मेरे गर पहली बार आयी तो सही..

माँ- हां बीटा सब को मिलकर आज अच्छा लगा मुझे तुम्हारी मेडम ने बतया सब कुछ उनके बारे mai..inse मिलकर अच्छा laga..or तुमने इनको अपना गर देके ाचा किया है...

राज- हां माँ मैंने आपको बताया था न वो यही मेडम है..

माँ- हां मुझे पता है निशा ने मुझे सब बतया इनके बारेमे..

वर्षो- मजी आप मुझे नाम से hi बुलिये ना मई ाओसे काफी छोटी हु ..

माँ- हां बेटी आज से नाम से hi बुलुंगी bas...kya नाम है तुंहारा..

मेडम- वर्षो...

माँ - ok वर्षो बस...

राज- चलो सब सुनो मेरी बात धुँआयँ से आप सब का एक दुआरे से परिचय हो गया अछि बात है ये अब मेरी तरफ से आज एक छोटी सी पार्टी है आज किसी को गर नहीं जाना यहाँ कहना मई मंगवा लेता हु यही खाकर हम सब बाटे करेंगे उसके बाद सब गर jayenge..ok..

कारन- हां भाई पार्टी तो बनती है..

राज- अच्छा अप्प सब बैठो और मई कारन और मनीष तीनो जेक सब के लिए अच्छा खाना और इसक्रीम लेके आते hai..ok..

माँ- बीटा सबसे अछि वाली आइस क्रीम लाना ok...na..

राज- हां माँ कोई बात नहीं...

फेर मई कारन और मनीष तीनो मेरी कार लेके निकल गए एक अचे होटल पे अभी मई वर्दी मई hi था तो होटल जेक हम निचे उतरे तो जेस hi हम अंदर गए रेसप्शन पे तो होटल का मैनेजर ने मुझे बोलै..

मनगर- आइये सर आप यहाँ बाटइट आपकी क्या सेवा करे हम्म..

राज- तुम मुझे जानते ho..kya..

रेस्पेशन - अरे सर आप राज परताप सींग अभी अभी मैंने आपको टीवी पे देखा सर.

बतिये सर क्या सेवा कर सकते है हम

राज- अच्छा तो मई वर्दी मई हु इसी लिए पहचान gaya..ek काम क्रो कुल मिला कर 20 लोगो का अच्छा कहाँ पैक करना है समज गए या कोई फिज़ डिश हो.

कारन- अरे तेरी तो लोटरी लग गयी बे तुजे तो सब देख कर hi सलाम करने लग जायेंगे बे..

मनीष- हां बे आअज तो तू शपथ लेते वक्त कुछ बदल सा गया था ऐसा लग रहा था तेरे चारे और बॉडी मई अलग सी कर्जा दिख रही थी मुझे वो क्या था बे..

राज- हां यार वो मुझे आज ऐसा लग रहा था जैसे इसे पहने के बाद मेरे सरीर मई बिजली दौड़ रही ho...sach मई वर्दी का पॉवर hi कुछ और होता है यार..

कारन- सही कहा तूने यार लेकिन तुम उस बिज़नेस में का केस क्यों लिया बे..

पता है तुजे 5 सालो से बांध पड़ा hi ऐसा मुझे पापा बता रहे थे...

राज- हां इसी लिए तो मुझे पोलिश मई ज्वाइन किया गया hai....yar अब सं काम होता तो थोड़ी न मुझे बुलाते मुझे भी कुछ ऐसा hi कारन था यार कुछ नया सिखने को मिलेंगे yar..aab तो मई इस केस को कसे कर के hi रहूँगा.....

मनीष- हां लेकिन सहमभल कर करना जो भी kare...apna ध्यान रखें ..

राज - हां बे कुछ नहीं होंगे .

इतने मई खाना आ गया और मैंने पइसे देने के लिए पर्श निकला तो वो मनगर बोलै..

मनगर- सर आपके पैसे नहीं लेने है hame..rehne दीजिये...

राज- क्यों भाई मैंने ऐसा क्या कर दिया तेरा की तू पइसे नहीं ले रहा फ्री मई थोड़ी आता है be..chal बता कितने हुए..

मैनेजर- सर आप पहली बार हमरी होटल आये है तो रहने दो न सर मई पोलिश वालो से पइसे नहीं के सकता सर..

राज- देख भाई मुझे फ्री का कहने की आदत नहीं है यदि तू पइसे नहीं लेंगे तो मई कहाँ भी नहीं लूंगा यहाँ से अब बता कितने हुए पइसे...

मैनेजर- आप पहल ऐसे पोलिश वाले है सर फ्री का लेने का मन कर रहे हो सर नहीं तो यहाँ जितने भी वर्दी वाले आते है सब अपना रुवाब जड़ते है मान गए सर आप जैसे ोफ्फुसर हो तो hi भला होंगे हूँ जेसो का...

राज- सब के सब यहाँ एके फोकट का कहते है..

मनगर- हां सर लेकिन आपको मई डिऑकउंट दूंगा आप जैसे अफसर से मई जयादा ओइसे नहीं ले सकता ..आप मुझे 3000 दे दिज्ये सर .

राज- अच्छाई लीजिए.

हम निकले वह से और एक अचे पारलर पे गए और कारन को बेह्जा वह क्यों की सेल मुझे देख कर को पिसा नहीं लेंगे इस लिए वो थोड़ी देर एमी अछि आइस क्रीम लेके आ गया सबके लिए और अब हम गर पोहे और वह सब पहले से hi तैयार बेटे थे मैंने सबको खान दिया हम सब आज एक साथ निचे बेथ कर कहाँ कहने लगे माँ और कारन की माँ और मैश को माँ और गीता नाते ने सबको खाना बता और वो भी हमरे साथ बेथ कर कहाँ खाया आज काफी मजा आया सबके साथ बाटे करके कहने मई और फिर हम सब ने मिलकर आइस क्रीम खायी और फिर सब एक एक करके जाने लगे सबसे लास्ट मई इशिता और उसकी माँ और कारन hi बचे थे..

माँ- इशिता तुम तो यहाँ अति hi नहीं हो कभी हां कहा बिजय हो गयी हो और तुम्हारी माँ भी कितने दिनों बाद आयी haa...rita..

िशियत- अन्तेय मई तो आना छाती हु लेकि अभी मेरे एग्जाम थे और कॉलेज का जयादा काम रहता था इस लिए नहीं आ पति थी लेकिन अब से तो अति रहूंगी यहाँ..

माँ- उह अच्छा और तू रीता तू क्यों इतने दिनों बाद आयी हां..

.

रीता- अरे तुजे पता है ना उनको कही न कही बिज़नेस और गांव मई उनके भाई के पास जाना पड़ता है तो गर पे मई अक़्ली होती हु इस लिए नहीं आ पाती लेकिन तुम सब मेरे गर पे क्यों नहीं एते हां. .

माँ- अच्छा चल अब से मई और निशा संजू सब आएंगे तेरे गर पे ok..

रीता- अच्छा और राज तुम कहा गायब हो गए हो पहल तो रोज आते थे हां..

मई उनकी तरफ देख कर बोलै...

राज- अन्तेय आप कारन से पूछ लेती तो वो भी बता देता मई कुछ काम मई बिजय हो गया था लेकिन अब टाइम निकल के आऊंगा ok..

रीता- स्माइल देके ok आना तू मई तेरा इंतजार karungi...ye बात हम सब समज गए थे की अन्तेय किस बात के लिए इंतजार करने की बात कर रहे थे..

माँ- अच्छा अब तुम सब बचे जाओ कही गम आओ तब तक मई और रीता कुछ बाटे करते है बेथ कर..

माँ ने मुझे आंख मर diya..mai समज gaya..ki उन्हें कुछ बात करनी है..

रीता- हां कारन इशिता तुम भी जाओ सब राज ले साथ हम दोनों यहाँ हिब्बेते है आज कितने दिनों बाद मिले है..

मई बोलै उन्दोनो की बात को समज के..

राज- हां काहलो सब मई लपड़े कहंगे करके आता हु आज हम हमरे फार्महाउस जायेंगे और वह स्विमिंग पूल मई मस्ती करे ge...cahlo..

इशिता- हां चलो सब मजा ayenga..ajj तो..

निशा- हां जा पहले कपडे कहगे करके आ..

राज- कारन तुम मनीष को कॉल करके बुला दो यहाँ उसे आना है to..or निशा तुम मेडम को बुला दो उन्हें भी ले चलते है.

निशा- ok...mai उनको बोल देती हु वो अभी अगर भी नहीं पोह्ची hongi...ankita को भी बुला दू क्या और काजल को भी..

राज- हां उन्दोनो को बोल दी सीधा फार्महाउस पोहच जाये

मई ऊपर गया संजू मेरे पूछे आयी मैंने देख उसे वो कबसे मुझे hi देख रही थी जैसे hi मैंने दूर बनध करने को मुदा उसने होने हाथ से दूर को रोका और मैंने उसे देख कर बोलै..

राज- संजू तुम यहाँ ..क्या हुबा.

संजू- अंदर एके दूर बांध करके .

मुझे पकड़ कर बहो मई आ गयी और बोली...

संजू- तुमने आकर मुजेस बात क्यों नहीं की haa....mai कबसे तुम्हे बात करने को तरस रही थी haa...aye बड़े पोलिश वाले ...मुझे भूल गए क्या .

राज- मैंने उसे अपनी भाव मई लेके बोलै अरे मेरी जान तुजे मई भूल सकत हु क्या वो तो सब मुझे कुछ न कुछ पूछ रहे थे तो तुमसे बात कर्म को मौका hi नहीं मिला इस लिए मैंने देखा था तू मुझे बार बारे देख रही थी इसी लिए तो मैंने फार्महासे जमे को कहा...

संजू- अच्छा इसी बात है तो जल्दी कपडे बदलो..

राज- तुम बहार तो जाओ ऐसे कैसे कपडे बदल दू...

संजू- नहीं मई यही हु तुन यही मेरे सामने कपडे चेंज करो मुझे जी भर के देखना है तुम्हे आज ..

राज- अच्छा मेरी जान जैसी तुम्हारी marji...maine उसके माथे पे एक किश किया और होने कपडे चेंज करने लगा उसमे इतने मई मेरे कपडे निकट एक जींस और टीशर्ट और बोली..

संजू- लो ये पेहेन लो...

राज- अब तुमने निकले है तो पहना भी दो...

संजू - अच्छा आओ इधर मेरे पास.

वो मुझे एक माँ की तरह जैसे छोटे बचे को कपडे ोेह्नति है वैसे hi कपडे पहनने लगी पहले निचे बेथ कर मुझे पेण्ट पहनाया और फिर खड़ी हुयी और मुझे टीशर्ट पहनाया और बोली..

संजू- बस अब खुस.....

राज- नहीं अभी ेल और चीज बाकि है..

संजू- क्या...

राज- मेरे बाल मई कंगी कोण करेगा..

मई कंगी दिया उसे और उसने मुएज बीएड ोे बिताया और खड़ी होकर मेरे बाल बने lagi...mai ने उसकी कमर पकड़ लिया और वो मुझे देख कर सिमले किया और बोली..

संजू- हो गया ए.बी.ए. चले...

राज- नहीं पहले कुछ मीठा खिला दो..

संजू- अब यहाँ क्या मीठा मिलेंगे ..

राज- है ना यहाँ मीठा

संजू- kyaa...hai..

राज- मई कहद हुवा और उसके होंठ पे मेरे होंठ रलह कर बोलै ये है ना मीठा ...और किश करने लगा mai..isko ..

हमारा किश निशा के निचे से आवाज देने से tuta..or संजू जल्दी से नुचे भाग गयी...

मई भी अब निचे चला या और फिर हूँ सब निकला गए वह से फार्महासे पे..
 
अपडेट-107

राज- मई कहद हुवा और उसके होंठ पे मेरे होंठ रलह कर बोलै ये है ना मीठा ...और किश करने लगा mai..isko ..

हमारा किश निशा के निचे से आवाज देने से tuta..or संजू जल्दी से नुचे भाग गयी...

मई भी अब निचे चला या और फिर हूँ सब निकला गए वह से फार्महासे पे..

☆स्टार्ट☆

हम लोग निकल गए कार लेके फार्महाउस पे मई निशा संजू कारन इशिता और मनीष भी था हमरे साथ हम सब एक बड़ी सी कार लेके निकले थे सब और निशा का फोम बजा वो बोली..

निशा- आए गया ाँकि का फ़ोन

राज- उठा कहा पे है वो लोग पूछ उन्हें

निशा- हैल्लो ाँकि बोल

अंकिता- कहा हो तुम सब हम पोहच गए है..

निशा- अच्छा पोहच गए तुम कोण कोण ho..medam आयी की nahi..or काजल

अंकिता- हां हम तीनो है

निशा- अच्छा तो तुम तीनो जाओ अंदर और कमला काकी को कहना अछि कूफ़े बना दे हम सब के लिए हम एते hi है..

अंकिता- अच्छा जल्दी आना

निशा फ़ोन कट करके बोली..

निशा- वो लोग पोहच गए है राज..

राज- अच्छ हम भी अभी hi पोहच jayenge..bas 10 मिनिट मई..

और वह हमरे जाने के बाद माँ और रीता अन्तेय की बाते..

माँ- अच्छा रीता मुझे तुमसे एक बात पूछनी है..

रायता- मुझे भी तुमसे एक बात करनी है..

माँ- अच्छा पहल तू बता चल..

रीता- कैसे कहु समाज नहीं आ रहा मुझे

माँ- बोलना यार तू मेरी फ्रेंड है न इसमें क्या है जो बोलना है बोल.

रीता- मई इशिता के लिए राज का हाथ तुमसे मांगती हु ..क्यों की वो दोनों एक दूसरे से प्यार करते है..

माँ- वाओ मई भी यही बात करने वाली थी तुमसे...

रीता- क्या लेकिन तुम्हे कैसे पता हां..

माँ- मेरा बीटा मुझसे कुछ नहीं छुपता सामजी...

rita(man)- ाचा तो राज ने बतया है इसे कही मेरे और उसके बारे मई तो नहीं बता दिया क्या अपनी माँ को..

माँ उसे सोचता देख बोलती है

माँ- क्या हुवा किन खेलो मई गम ho..muje राज की साडी बात पता होती है लेकिन मुझे तुमसे एक और बात करनी hai..jo तुम्हे मजूर हो तो hi मई राज के लिए इशिता का रिस्ता मंजूर कर दूंगी..

रीता- क्या बात है aisi...bol मुझे सब मंजूर है राज के जैसा दामाद हर किसी के नसीब मई नहीं होता..

माँ- देख मई तुजसे जो बात बाटने जा रही हु वो सायद तुजे लगे की ये कैसे हो सकता है लेकिन ऐसा hi है और ऐसा hi होंगे ...और ये सरे बात इशिता को पता hai..muje राज ने बतया hai..use कोई पॉरब्लम नहीं hai...aab तुम्हे सोचना है की तुम्हे कोई दिखात है की नहीं..

रीता- अगर मेरी बेटी को प्रॉब्लम नहीं तो मुझे कैसे होंगी उसने कुछ सोच समज कर हां कहा honga..bol क्या बात है ऐसी..

माँ- अच्छा सुन फिर माँ ने राज के बॉडी मई फार्मूला से लेके उनकी फमिकेय रिश्ते से लेके उसकी जिंदगी मई और कोण कोण लड़किया की सदी होंगी और अभी किस किस वो प्यार करता है और किस किस से सेक्स रेलेस्टिव रखा है वो सब बता देती है ये सुनने के बाद रीता बोल पड़ती है...

रीता- क्या राज के जिंदगी मई और भी लड़किया है और उसने इतने लोगो के साथ सेक्स भी किया है ये कैसे हो सकता है .और तो और तुमने भी सेक्स किया है उसके साथ और निशा की भी सदी ऐसा कभी होता है...

माँ- अच्छा इसमें बुराई किसी बता मुझे मैंने सेक्स किया है अपने बेटे से तो तूने भी तो कारन के साथ सेक्स नहीं किया बता ..हां

रीता- क्या तुजे कैसे पता ये बात भी राज ने बताया तुजे....

माँ- इतना hi नहीं तेरा और राज के सेक्स के बारे मई भी पता है मुझे अब बोल की गलत है की नहीं ये सब..

रीता- सरमाके तो उस बदमाश ने तुम्हे सब बता दिया हां और ये सब बात उसने इशिता को बताई फिर भी वो मैं गयी कैसे...

माँ- क्यों की वो दोनों एक दूसरे से सच्चा प्यार करते है samji...pagal और अब तुजे सोचना है तुजे मंजूर है की nahi...muje तो साड़ी बहु को मंजूर करना hi है मुझे सब की सब राज के लिए ाची hi लगती है वो कोई भी फैसला लेता है तो कुछ सोच समज कर लेता है...

रीता- यदि इशिता को मंजूर है तो मुझे भी मंजूर है लेकिन उसके पापा को कोण कहेंगे...

माँ- वो सब बाद मई सोचेंगे उसका भी हल मिल जाएंगे ाब्बी तुम मंजूर तो बस और क्या चाइये बेटी के साथ माँ भी फ्री hai...naaa हा हां..

रीता- साली तू भी ना क्या boli...haa और तू क्या काम है मुझसे हां बता कैसे पत्या राज को...

माँ- मैंने नहीं उसने मुझे पत्या है samji...meri तो तुजे पता है अपनी पति से सेक्स के लिए कबसे तड़प रही थी इसे अच्छा बीटा के प्यार तो मिलता और गर की बात गर मई रहती ..

रीता- हां मेरे जैसा hi है तेरा भी राज के लिए तो मई कुछ भी कर सकती हु इशिता का हाथ तो कुछ भी नहीं है उसने मुझे वो सुख दिया है जो हर औरत को अपने पति से चाइये...

माँ- हां उसके जैसा मर्द को अपना पति बना न हर किसी के बस की बात नहीं है...

रीता- हां शाही कहा मेरी इशिता नसीब वाली hai..jo राज उसको milenga...lekin ये बता तुजे राज ने सेक्स क लिए कैसे मनाया हां..

माँ ने साड़ी बात बतियो की कैसे पार्टी मई गए और आने के बाद क्या हुवा कैसे हुवा वो सब ये सुनकर

रीता- हां हां अच्छा मौका डेल्ह कर राज ने तुंहारी बजा दी नहीं तो तुम कभी नहीं मानती अपने बेटे से सेक्स के liye...haa सच मई उसका लुंड कमल का है...

माँ- अच्छा मेरे बेटे ने भी तुजे ाचा मौका देख कर hi पेला था हआ उसने मुझे बतया था सब...

रीता सरमाके boli..achaa

रीता- अच्छा मेरे दामाद को तो अपनी बहु के साथ सास और उसकी बहु की सास भी मिल गयी उसकी तो लॉटरी है हां..

माँ- हां सही kaha...achaa अब देख अभी सिर्फ हमें उनकी सगाई नहीं करनी क्यों की राज छठा है वो सब फॅमिली को जब ेल कर देंगे तब hi वो सदी करना छठा hai...samji...

रीता - मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है बस अपने पति का तुम देख लेना..

माँ- उसकी चिंता न करो वो राज देख lenga...or कारन की तो चिंता hi नहीं है..

रीता- हां उसकी कोई चिंता नहीं hai...use भी अपने चाचा की लड़की पसंद है मुझे कह रहा था की मई उसी से सदी करूँगा मई भी कंफ्यूज थी कैसे उसका रिस्ता तय करू लेकिन अब्ब कोई प्रॉब्लम नहीं है तू निशा का रिस्ता अपने बेटे से करेंगी तो वो तो वैसे भी कच्चा की लड़की hai...to अब उसकी भी मई उसके साथ hi सगी करवा दूंगी जब तुम राज की निशा और उसकी बहनो से करवा तब...

माँ- हां ऐ भी सही है...

रीता - तूने तो मेरी छूट मई आग लगा दी मेरे दामाद के बारे मई याद करवा ke...aab डेल्ह कैसे रो रही है लुंड लेने को..

माँ- अच्छा मेरे भी ऐसा hi हाल है...

रीता- अच्छा चल आज लेसबिन सेक्स करते है..

माँ- वो कैसे..

रीता - तू आना मेरे पास हम ेल दस्ते की छूट कहत कर शांत karenge..ok.

माँ- ऐसा भी होता है क्या...

रीता- सब होता है ब्लू फिल्म नहीं देखती tu...ajaa चल अब..

फिर माँ और रीता अन्तेय एक दूर के बूब्स डेन लगते hai...or दोनों अपने होंठ मिला देते है और किश करने लगते है dono...aab थोड़ी देर मई दोनों के कपडे साइड मई पड़े होते है ..और रीता अन्तेय माँ की नागि छूट मई अपनी जीभ रखकर चाटने लगती है..

माँ- आठ ..उम्म्म ओह्ह ritaa..ahhh चूस ise....ahhh ओह्ह मजा ा आ रहा है सच मई ऐसे तो...

रीता- हां अपने बेटे की जीभ को याद कर होने मन mai...aahh मजा ले....

माँ- हां कामिनी chus.....apne दामाद का लोढ़ा चुस्ती hai...ahhh वैसे hi...aahh और जोर से chus....ahhh ...ओह...

रीता - एक कम् कर तू मेरी छूट कस मई तेरी सुस्ती हु दोनों को एक साथ मजा आएंगे..

माँ - अच्छा मई तेरे ऊपर आ जाती hu..rukk..

फिर माँ और रीता अन्तेय दोनों 69 की पोष्टिओं मई आ गए और एक दुआरे की छूट को चाटने लगे माँ रीता अन्तेय की छूट मई जीभ फेरती है तो वो बोल पड़ती है..

रीता- आठ रेशमा ओह्ह्ह आह चूस इसे अपने बेटे का लुंड समज कर अहह मजा आ रहा है ूभ माँ सच मई आठ बहुत मजा ा रहा hai...meri कबसे खाविश थी की मई लेस्बिन सेक्स करू अज्ज तूने पूरी कर दी....

माँ- मुझे तो पता नहीं था ऐसा होता है मुझे भी अच्छ आठ लग रहा hai..ohh तू भी चूस ऐसे hi..aah एक दिन हम दोनों एक साथ मेरे बेटे से छुड़ई करवाएंगे

रीता- हां ये िद्या तो अच्छा है तेरा एक दिन टाइम निकल के पुरे दिन कही बहार जेक ऐसा karenge...ahhh...ohhh मजा ा रहा है...

माँ- लेकिन तू मुझसे वडा कर की मई राज से चुदवाती हु ऐ बात तू किसी से भी नहीं कहेंगी अपने बेटे कारन को भी नहीं राज ने मन किया है...

रीता- अरे नहीं बाटूंगी उसे भी और किसी और को भी ok...or तू भी मत बताना किसी को मेरे बारे mai...ok..

माँ- नहीं बाटूंगी अब चूस जोर se..ahhh ओह्ह मजा आ रहा haim...sali कहा से सीखा ऐ सब तूने हभ ओह्ह्ह मई गयी रे....

रीता- अह्ह्ह ओह्ह मई भू गयी आह्हः

दोनों जड़ने के बाद एक दूसरे को स्माइल किया और बाथरूम जेक फ्रेस हुए और फिर कपडे पहना कर फ्रेस huye..or बाटे करने लगी...

और उदार मई और बाकि सब हम फार्म हाउस पोहच गए थे और वह अंदर आगये तो कमला अन्तेय ने हम सब को साथ डेल्ह कर कुश हुयी और कूफ़े पिने के बाद मैंने सब को स्विमिंग शूट पेहेन ने रूम दिखाया सब बरी बरी स्विमिंग शूट पेहेन कर स्विमिंग करने lage....or मई उनको बोलै की अभी आता हु कपडे कहंगे करने के बहने मई कमला अन्तेय को लेके रूम एमी जेक उनकी चुदाई कर दिया एक बार जल्दी jaldi..or फिर स्वीमिंगसूट पेहे कर मई भी स्विमिंग के पास गया तो कारन बोलै..

कारन- अबे कहा रह गया था tu..itni देर कर दी.

राज- वो कुछ काम था ऑफिस का फ़ोन आ गया था..

मैंने देखा सब काजल अंकिता निशा संजू और वर्षो मेडम इशिता सब की सब हॉट दिख रही थी स्विमिंग शॉट मई मई अंदर कूद गया और हम सब ने खूब मस्ती किया और मैंने बहुत दे तक किसी न किसी बहाने सबको टच करके मजा लेता रहा फिर सब थक के बहार निकले और सबने अपने अपने कपडे चेंज किया क्यों शमा के 6 बज गए थे और मई अपने कपडे सबसे लास्ट बड़े और बहार आया तो सब उधर hi बैठे थे सोफे पे और निशा बोली..

निशा- भाई माँ का फ़ोन आया था..

राज- हां क्या कह रही थी बोल..

निशा- माँ पूछ रही थी हम सब ले खाने के बारे मई...

राज- उनको बोल की हम उनको लेके बहार hi कहना खाने जाये गए आअज सब को गर नहीं जाना सब अपने अपने गर बता दो की आज मेरे गर पर hi रुकेंगे सब.

निशा- हां भाई मजा आएंगे ..हमें..

मनीष- लेकिन मई गर जाऊंगा यार सोने को क्यों की माँ वह अक़्ली है..

राज- अच्छा तू अन्तेय को फ़ोन कर उनको भी हम मेरे गर पर बोल देंगे रहने को..

मनीष- अच्छा तो कोई बात नहीं..

फिर निशा ने माँ को कॉल किया और मनीष ने अपनी माँ को कॉल कर के कह दिया और मैंने कमला और माधवी को भी कुछ पइसे दिए और कहा की बहार से कहना मंगवा के कहा लेना क्यों की मेरी जॉब की पार्टी उनको भी देनी तो पड़ेंगी क्यों की वो भी सब मेरी फॅमिली जैसे थे मेरी जॉब का सुनकर कमला अन्तेय खुश हुयी और मुझे बोली..

कमला- मुझे ऐ सुन कर अच्छा लगा की तुम एक पोलिश वाले बने beta...tum खूब टर्की करो ऐसी मेरी बहगवां से दवा है..

माधवी- कोंग्रटुलतिओन्स राज जी..

राज- थैंक्स माधवी...

फिर हूँ सब वह से निकले मैंने जाने से पहल सोनक्षी और अंकल सबको इन्विते किया पार्टी के लिए और पापा को बोल दिया मंगल भाई को भी विथ फैमिली आने ko....or पापा ने एक अछि होटल मई पार्टी का इंतजाम भी करवा दिया जल्द hi...

फिर हम गर जेक पहल मनीष की माँ को कार मई बिठाया और फिर मेरे गर गए वह से सबको लेके हूँ निकले सहगल सर के गर वह से गीता अन्तेय को लिया और वो दोनक सेगल और सोनक्षी तो डिरेट आने वाले थे रॉ se...maine उनको कहा था को हमरे रॉ के टीम को भी बोल देना आने को और परमवीर को भी बोल दिया और कोम्मिस्सिनेर की फॅमिली को भी बुलाया था maine...itne जल्दी मई मैंने सबको बता दिया क्यों की मई सबको ेल साथ मिलकर इंजॉय करना छठा था इसी बाह्मे हम सबका परिचय भी हो जाये...

हम सब रस्ते मई थे हमरे साथ तीन कार और थी सब अलग लग कार मई थे हूँ सब एक होटल पोहचे तो वह पे पापा और मंगल भाई और छोटू थे और उन्हीने बहुत अच्छा इंतजाम किया था वह पर ..सब देख कर खुश हो गए क्यों की होटल के बड़ा सा गर्दन मई बहुत hi बढ़िया इंतजाम किया था पापा ne....hum सब वह पोहच गए मैंने पापा को बतया की मैंने इन इन लोगो को बुलाया है तो पापा कुश होकर बोले ..

पापा- ारले रूण अच्छा किया बीटा तुम्हारी साडी तेमा और कमिश्नर को बुला kar...ise हम सब का भी ोारिचय तो honga..wese किस्सिनेर तो मेरा दोस्त hai...lekin उसकी फैले से भी मुलाकात हो जाये. .

राज- हां पापा मैंने इसी लिए उन्हें खास इन्वित विथ फॅमिली किया है..

फिर सब लड़किया एक साथ बेथ कर बाटे करने लगी थी और मई कारन और मनीष तीनो बाटे कर रहे थे इतने मई कमिश्नर विथ फैमिली आते है मई उठाकर उनके पास जाता हु मई उनकी वोफे को देखा वो बहुत hi अछि दिख रही थी और उनकी बेटी भी बूटी फूल लग रही थी मेरा उन सब से कमिश्नर में परिचय करवाया और माँ को पापा ने बुलाया और उनका उनकी वोफे से परिचय करवाया...

किस्सिनेर- राज ये मेरी बेटी hai...monika और ये है राज जिसके बारे मई माइन तुमको बतया था वो ये यही है..

राज- hi monika...apse मिलकर अच्छा लगा..

मोनिका- मुझे भी आपके बारेमे पापा से बहुत सुना है हमेशा तुम्हारी तारीफ कर रहते है...

मैंने निशा को बुलया और संजू को और उनका उनसे परिचय करवाया और वो मोनिका को लेके सब लड़कियों के पास चली गयी मैंने के बार उनकी तरफ देखा तो सब अचे से गुल मिलकर बात कर रहे थे और माँ कमिश्नर की वाइफ को लेके महिला मंडल के पास कहली गयी वह पे माँ करुणा ,रीता और गीता अन्तेय और अब कमिसनर अंकल की वाइफ भी थी वह पे उन सब का एक दूसरे से परिकबया हो रहा था जब माइन देख टी वह और यहाँ हम कमिश्नर अंकल और पापा और मंगल भाई खड़े थे बात कर रहे थे की ितमे मई रॉ का पूरा सैफ आया साथ मई अंकल और सोनक्षी भी थे सब सीधा मेरे पास आये मुझे सब ने ही और हैल्लो कहा मैंने सबका परिचय पापा से और कमिश्नर अंकल से करवाया और सोनक्षी से बोलै..

राज- सोनक्षी इन सबको कारन और मैश से मिलवा तुम और तुम सबा को लेके निशा से सब का परिचय करवाओ जाओ..

सोनक्षी- जी हुकुम जनाब आज बड़े हॅंडसमे लग रहे थे पोलिश की वर्दी मई हां...

अभिजीत- हआ सही कहा सांसखसि तुमने ...

विजय- सच मई दबंग के सलमान खान की तरह बात कर रहे थे हां..

राज- सब मेरी तंग मत खींचो जाओ वह सब तुम्हारा इंतजार कर रहे है..

फिर सोनक्षी लेके चली गयी सबको और यहाँ सहगल सर और कमिश्नर पापा और मंगल भाई बाटे कर रहे थे मेरे बारे मई मई सुन रहा था इनकी बाटे और बोलै..

राज- आज तो छोड़ो केस की बात आज आप सब पार्टी का इंजॉय कीजिये ..

पापा- अच्छा जाते है लेकिन कोई गेस्ट अभी आ रहे hai..kya..

राज- हां मेरा दोएत परमवीर जो पि है वो आ रहा है अभी तक आया नहीं है वो..

किस्सिनेर- वह तूने उसे भी बुलाया है मना पड़ेगा एक hi दिन मई उसे दोस्ती कर ली तूने हां .मई उसे कॉल करता हु..

किस्सिनेर ने फ़ोन पे उसे बात करि तो वो बस पार्किंग मई था होटल की और थोड़ी देर मई आ gaya..wo भी.

मैंने देखा उसे वो किसी मस्त लड़की के साथ आ रहा था दिखमे मई भी बहुत अछि लग रही thi...woere पास आया..

राज- परमवीर आ वेलकम

परमवीर - सॉरी यार लेट हो गया मई जरा मेरी वाइफ को लेने गया था तो देर हो गयी मुझे..

राज- कोई बात नहीं आ भाभी जी से मेरा परिचय नहीं करवाएंगे क्या .

परमवीर- हां है क्यों नहीं ये मेरी वाइफ है परुलसिंग और ये राज है पारुल मैमे बतया था ना जा जो मेरा दोस्त बना नया वो यही है..

परुलसिंग- नमस्ते राज जी...

राज- नमस्ते भ्भी ji...aaiye इधर मई आपको मेरी माँ और मेरी बहनो से मिलवाता हु..

मई उनको लेके माँ के पास गया और उनका उनसे परिचय करवाया और फिर निशा और संजू को बुला कर उनसे उनका परिचय करवाया वो निशा और उनके साथ चली गयी मई उनकी गांड देखि पंजाबी ड्रेस मई बहुत hi कड़क लग रही thi...mai अब परमवीर के पास gaya.or उसे और पापा और उन सब को बुलाया और हम सब जहा कहने की वय्वस्ता की थी मंगल और छोटू ने वह सब के लिए अलग अलग टेबल लगवाया था फिर मैंने सबके बीच गया और वह माँ को पापा को निशा और संजू सबको बुलया और बोलै मई..

राज- जी आप सब का मेरी तरफ से छोटी सी पार्टी मई स्वागत है ...की आप यहाँ इतने काम समय मई आ गए मई इस लिए ये पार्टी का इंतजाम किया hi की हम सब का एक दूसरे से अचे से परिचय ho..to मई आप सब से परिचय करवाता हु ...

ऐ मेरे पापा मर परताप सींग है यहाँ के बड़े बिज़्नेस्मेन है...

और ये मेरी माँ मरस रेशमा प्रतापसिंग है.

माँ और पापा ने सबको हाथ जोड़ कर अभी वादन किया..

फिर मई बोलै ये निशा hai..meri एक लोटी बहन..

निशा ने भी सबको हाथ जोड़ कर परम किया..

फिर मैंने संजू का परिचय करवाया ..और ये मेरे पापा की दूसरी बेटी लेकिन मेरी सबसे अछि dost...kaho तो भी kum..hai..

संजू खुश हुयी मेरी बात सुनकर और मुझे समिले करके सबको परनाम किया..

फिर मैंने एक एक करके मेरे परिवार को सबका नाम लेके परिचय करवाया कमिश्नर की फैमिली फिर कारन की फैमिली फिर मनीष की और फिर अंकिता ,काजल सबका परिचय करवाया परमवीरर का भी और फिर उसके बाद मेरी नजर मंगल और छोटू पे गयी तो मई उनको कैसे भूल सकता हु वो तो मेरे जीवन का अदहर है तो मैंने उनको मेरे पास बुलाया..

राज- ये मंगल भाई है मेरे जीवन के सबसे एहम कड़ी कहो तो भी काम या यु कहु मेरा बड़ा भाई गुरु या कुछ भी कहु सब इनके लिए काम hai..or मेरे पापा इनको अपने छोटे भाई की तरह रखते है ये मेरे पापा का बिज़नेस को श्माभलते है..

मंगल भी के चारे पे मैंने खुसी देखि उनकी तारीफ मैंने ऐसे किया उनको उमीद्द नहीं थी की मई उनको इतना प्यार करता हु..

फिर मैंने छोटू का भी सबसे पदिचय करवाया...

और फिर बोलै..

राज- आप सब के लिए खाने का इंतजाम किया है और जिसे सहराब पीना है उनके लिए भी यहाँ लगा से सामने बार काउंटर है वह इंतजाम किया हैबसाब पार्टी इंजॉय कीजिए ...

फिर पापा कमिसनर सहगल और परमवीरर मंगल सब के सब पिने ले लिए बार काउंटर पे चले गए और सब महिला मंडल कहने को बेथ गए. .निशा और उनकी गैंग सब भी खाना कहने और मई कारन और मनीष के पास गया..

कारन- यार सबके लिए पीना और हमारा क्या be...haa...

मनीष- हां बे आज तो सब यहाँ है कैसे पिने को मिलेंगे..

राज- तुम चिंता क्यों करते हो मई होना चलो मेरे साथ ..

मैंने छोटू को इशारा करके अपने पास बुलया..

छोटू- जी bhai..kya हुवा..

राज- छोटू जा परमवीरर को बुला कर ला और वह से जो भी अछि बर्न्ड का दारू मिले उसे लेके आ जल्दी से होटल के अंदर जा...

छोटू- भाई मैंने ेल जगह देखि है वह चलिए मजा आ जाएंगे पिने का..

राज- कहा बे...

छोटू- वो देखिये उस तरफ जो गार्डन है वह किसी को पता नहीं चलेंगे की वह हम पार्टी कर रहे है...

राज- अरे हां बे जा जल्दी से सब लेके आजा मई और परमवीर को साथ लेके आना हम वह जाये है..

छोटू- अभी गया और अभी आया मई..

मई माँ को साइड मई बुला कर कहा..

राज- माँ मई और मेरे दोएत थोड़ा पिने जा रहे है आप सहमभल लेना पापा पूछे तो..

माँ- अच्छा जा लेकिन काम पीना तुम लोग...

फिर हम वह दूसरी तरफ गए और छोटू परमवीर को लेके और एक बॉटल और गैस और इतर को बोलके वह नास्ता भी मंगवा लिया...

परमवीरर- यार यहाँ क्यों bulya...haa.tu भी पिता है क्या..

राज- हां कभी कभी हम तीनो पेट है साथ आज मेरा भी मन था तो तुम्हे साथ बुलया..

परमवीरर- ाचा चलो बोतल खोलो..

फिर हूँ सब ने 30 मिंट तक बाटे करते हुए 2 -2 पैक मरे और बॉटल कहली कर दी बातो बातो mai...or ोहिर सबको लेके मई वह gaya...or हम सब कहाँ कहने बेथ गए उसके बाद सबके पास जेक थोड़ी थोड़ी बात kiya...maine ...मोनिका पे मेरी नजर गयी वो मुझे hi डेल्ह रही थी मैंने उसको एक दो बार देखा लेकिन अभी मई उसे नशे मई बात नहीं कर सकता था उस लिए बस कहाँ कहने मई ध्यान दिया लेकिन निशा और संजू समाज गयी थी की मई चुपचाप कहना क्यों खा रहा hu..unhe सक तो हुवा था की हम सब सरब पाइक बैठे hai..lekin इसने बोलै कुछ नहीं tha...phir सब 12 बजे एक एक करके जाने lage...or काजल अंकिता वर्षो मेडम और निशा संजू सब मेडम के गर रुकने का फिसला किया क्यों की मेडम ने उनको बोलै था वह रुकने को और सिंक्षी bhi..unke साथ कहली gayi...or बचे अब हम मई कारन मनीष..

राज- कारन तू चल रहा है न मेरे गर और मनीष तू भी...

मनीष- नहीं यार मई और माँ गारपर जाते है वह कोई नहीं है गर को अकेले अनहि छोड़ सकते .

राज- अच्छा कहल कोई बात नहीं jaa..tu..

कारन- मई आ तम्रः हु तेरे साथ और माँ भी...

फिर हमसब गर गए और सो गए माँ और अन्तेय एक साथ सोये पापा गेस्ट रूम मई और मई और कारन एक रूम मई सो गए ...सब आज की रत तो निकल गयी बढ़िया पता hi नहीं चल अब देखते है सुबह को क्या होता hai...naya din...kal मेरी नई ऑफिस का...
 
उपडेट-108

फिर हमसब गर गए और सो गए माँ और अन्तेय एक साथ सोये पापा गेस्ट रूम मई और मई और कारन एक रूम मई सो गए ...सब आज की रत तो निकल गयी बढ़िया पता hi नहीं चल अब देखते है सुबह को क्या होता hai...naya din...kal मेरी नई ऑफिस का...

☆स्टार्ट☆

रात को हम पार्टी से आने के बाद सो गए थे और अगली सुबह को 6 बजे उठे और मई और कारन फ्रेश होक निचे गए तो वह माँ पापा निशा इशिता संजू छोटू पापा और रीता अन्तेय सब टेबल पे बैठे थे हम वह गए और सबको गुड मॉर्निंग विश किया और वह बेथ गए कॉफी और नास्ता करने और फिर रीता अन्तेय कारन और ूषिता गर चले गए उसके बाद मई फ्रेश हुवा और अपनी पोलिश की वर्दी पहन कर मई निचे आया तो पापा मुझे डेल्ह कर बोले..

पापा- वह बीटा तू तो एक दम हीरो लगता है इस वर्दी मई ..

राज- थैंक्स पापा आप ओफ्फ्स नहीं गया.

पापा- हां बस निकल hi रहा हु वो छोटू आ रहा है उसकी राह देख रहा था ..अच्छा एक बात बता जो केस तुजे दिया है उसे देखा की नहीं ..

राज- हां पापा मैंने थोड़ी सातुड़ी किया है उस केस की की कोई बात थी क्या..

पापा- हां बीटा जरा शम्भल कर काम करना उस केस मई बहुत हो लहतरनाक केस है मेरी कमिश्नर से बात हुयी थी उसने बताया था की उनके इस केस से जुड़े दो पोलसिह अफसर मरे गए है..

राज- पापा आप चिंता न करो मुझे कुछ नहीं होंगे..

पापा- अच्छा लेकिन फिर भी अपना ध्यान रखना बीटा चल छोटू आ गया हम दोनों निकलते है..

राज- अच्छा बी पापा..

पापा और छोटू के जाने क बाद मई माँ के रूम मई गया तो माँ वह पर अपने बाल सवार रही थी मई पीछे जेक उनको बहो मई ले लिया तो वो मुझे आईएनए मई देख कर बोली.

माँ- क्या हुवा बीटा आज माँ पे बड़ा प्यार आ रहा है हां..

राज- बस माँ मई तो हमेशा आपको ऐसी hi प्यार करता हु..

माँ- अच्छा लेकिन कल तो तेरी साडी बीबी या एक साथ आ गयी थी हां केसा लगा कल हां.

राज- अच्छा और आप और अनित्य क्या बात कर राजे थे हमरे फार्म हाउस जाने के बाद..

माँ- हां वो रीता से तेरे और इशिता के बारे मई बात की मैंने

राज- अच्छा क्या कहा उन्होंने..

माँ- कुछ नहीं उसे तुमको अपना दामाद बना न है और क्या कहेंगी उसे तो दामाद के साथ अपनी छूट का भी इलाज फ्री मई मिल गया तो मन कैसे करेंगी हां..

राज- ाचा लेकिन अपने बतया कुचबमेरी जोड़गी के बारे मई..

माँ- हां बताया और उसको ये भी बतया की तू राज से छुड़ई करवाती है और मई भी ..

राज- kya.apne सब बता दिया unko..phir क्या हुवा..

माँ- फिर क्या होंगे हम दोनों ने वो लेस्बिन सेक्स किया बहुत मजा आया मुझे ऐसा करके..

राज- अच्छा तो आप दोनों ने एक दूसरे की छूट का रास पिया haa.maja आया न आपको कोई बात नहीं अब तो आप दोनों के एक दिन साथ मई चुदाई करूँगा ..

माँ- हां हम दोनों ने भी यही सोचा है...

फिर माँ ने मुझे साड़ी बात बतियो की मेरी और इशिता के बारे मई और क्या बात हुयी और आगे क्या करना है..

अब मई काफी देर से माँ के बालो से खेल रहा था बाटवकरते हुए और उनकी गांड पे लुंड रगड़ रहा था मेरा लुंड टाइट हो गया था तो मैंने माँ को बोलै..

राज- माँ मेरा तो अपने खड़ा कर diya..aab इसे चूस कर सहनत करो न ऐसे केसव जुआंग मई जॉब पर..

माँ- अच्छा चल निकल बहार...

मई कहड़ा हो गया और दूर बांध करके माँ मेरे घुटनो के पास बेथ गयी उनके लम्बे बाल खुले थे मैंने पेण्ट की जीप खोली और मेरा टाइट लुंड बहार निकल और माँ के बाल पकड़बकर उसमे जिसने लगा थोड़ी देर ऐसा करने से मेरे लुंड मई और जोश आ गया मैंने माँ को मुँह खोल कर अंदर लुंड डाला और चाटने लगी माँ और मई उन्हें पाना लुंड गए पीछे करके उनके मुँह को छोड़ रहा था और बोल रहा था..

राज- आह माँ मजा आ रहा है चुसो इसे आह आपके मुँह मई तो जादू hai..mahhaa ओह्ह आह मेरी सेक्सी माँ आपके ये बाल आह मेरी जान hai...aahhh ओह्ह चुसो इसे अह्ह्ह...

माँ - गुप् गुण गुण जोश मई एके चूसने लगी और मई उनका मोहः जोर से छोड़ रहा था उनके गले तक लुंड जाता और फिर बहार निकल टा मुझे बहुत मजा आ रहा था थोड़ी देर मई मई बोलै...

राज- माँ मई जड़ने वाला हु कहा निकलू.

माँ - इशारा किया की नादर hi निकल दे..

मई अब आगे पीछे करते हुए माँ के मुँह मई hi जड़ gaya..or माँ ने मेरा लुंड पूरा चाट कर साफ़ kiya...or फिर खड़ी हुयी और बोली..

माँ- आह क्या सवाद था बीटा मजा आ गया...

मई अपना पेण्ट की जीप बांध किया और उनको एक किश किया और उनको बोलै..

राज- थैंक्स माँ अपने आज बहुत अच्छा लुंड चूसा मजा आ गया मुझे भी अब मई जा रहा हु जॉब पर...

माँ- अच्छा जा कोई बात नहीं और खाना कहने आएंगे की nahi..ajj.

राज- देखूंगा टाइम मिले तो ाजुंगा नहीं तो कही बहार hi खा लूंगा काम हींग तो..

माँ- ok फ़ोन कर देना मुझे खाना कहने आओ तो गर..

राज- ok by...mom

माँ- बी बीटा..

मई बहार आया और फिर किचन जेक पानी पाता इतने मई निशा और संजू आये और मई भी कीतचन से बहार आया तो संजू बोली..

संजू- आप कहा जा रहे हो वर्दी पहन कर..

राज- आज जॉब पर जाना है मुझे तुम दोनों सोल्लगे जा रही हो..

निशा- हां हम दोनों जा रहे है कुछ काम था तुजे क्या...

राज- नहीं बस ऐसे hi पूछ रहा था...

निशा- ok हम निकल ते है शम्भल कर काम करना ok बी...

संजू- बी राज...

राज- आह मेरी दोनों बिबिया by...tumko भी उम्म्म है..

मैंने उन दोनों को फलियेंग किश दिया तो दोनों हंस कर चली गयी कार लेके..

मई बहार गया और परमवीर को कॉल किया पूछने की अभी तक आया क्यों नहीं उसने मेरा कॉल उठया और बोलै..

परमवीरर- हां बोलो राज..

राज- कहा हो अभी तक ए क्यों नहीं..

परमवीर - बस पोहच गया सर ये देखिये आपके गर के सामने कार आ रही है उसमे hi हु..

राज- अच्छा आ जल्दी और उस कार को बेहज दे वापस ..

परमवीर - अच्छा बेज देता हु sir..by...

मैंने देखा परमवीर निचे उतरा और ब्लैक स्कॉर्पियो मई से और उस कार को वापिस ऑफिस बेहज दिया और मेरे पास आया..

राज- आ भाई चल तुजे कार दिखता हु...

परमवीरर- हां चलो ..

हम दोनों हमरे कार के गरेगे मई गए और वह पे लाइट ों किया तो परमवीर इतनी साडी कार देख कर बोलै.

परमवीर- ॐ माय गॉड ये क्या है राज ये तो कार का सवोर्रोम है क्या..

राज- नहीं ऐ मेरी कार है साडी की साडी ..अब बता कोनसी ले हम..

परमवीर- यहाँ तो सब अछि अछि कार है सर आप hi पसंद कर लीजिये सर मुझे तो सब पसंद है..

राज- अच्छा ये देख मैंने ये कार को रखने का सोचा है अपने काम के लाइट ये बेस्ट कार रहेंगी..

मैंने कार का कवर हत्या और कार देख कर परमवीर बोलै..

परमवीर- वह सर ऐ तो हमार है बालक कलर एक दम jakkas..lage गई सर अप्प को बहुत शॉट karengi..sir..

राज- हां सही है इस कार की कहसिएट पता है तुजे ऐ फुल्ली बेलेटप्रूफ़ है ये कार और भी फुटचेर है इसके ..

परमवीर- वह तब तो यही कार hi चाहिए सर हमे..

राज- अच्छा यही ले लेते है चल बेथ जा अंदर हम दोनों बेथ गए और मई दृवेंग सहित के बाजु मई बैठा और परमवीर को कर चलने diya..usne कार बहार निकली..

राज- अब सुन किसी को बोल के इस कार को भी पोलिश कार की तरह बना de..ok..

परमवीर- हां इस्पे एक रेड लाइट और आगे स्पेसल अफसर और पोलिश लिखवा दूंगा ऑफिस जेक..

राज- अच्छा चल ोफ्फुस जाने अब कुछ काम कर ले यार उस केस के बारे मई और सबका परिचय भी हो जाये नयी ऑफिस का..

परमवीर- हां सर चलिए सब आपकी तहमे राह देख रहे hai..apko देखने के लिए ...

राज- अच्छा चलो जाने दो..

हम दोनों ऑफिस जाने लगे हमर कार मई मुझे कुछ याद आया तो मैमे गीता अन्तेय को कॉल किया..

राज- हैल्लो अन्तेय ..

गीता- अरे राज केसा है तू..

राज- बस अच्छा हु और हां सुनो आपसे एक बात करनी थी..

गीता- हां बोलो beta..kya बात करनी है..

राज- वो मेरी कार आपके गर पर पड़ी है na..use आपके पास hi रखना आप लोगो को कही जाना हो तो काम लगेगा ..

गीता- अरे बीटा हम क्या करेंगे कार का हमरे पास तो गोवेर्मेंट की एक कार तो है..

राज- अरे अन्तेय वो तो अंकल ऑफिस लेके जाते है ना यदि आपको कही जाना हो तो इसका ुवायोग कर सकती हो रखो ना आप वह मुझे भी कभी वह जरुआत पड़ी तो उसे कर लूंगा..

गीता- अच्छा कहल कोई बात नहीं अब तू कब आ रहा है..

राज- मई अभी तो नहीं आ सकता ऑफिस जा रहा हु टाइम निकल कर आऊंगा मई कभी..

गीता- अच्छा चल कोई बात नहीं..

राज- हां मई रखता हु बी..

इसके बाद मैंने फ़ोन रखा और हम थोड़ी देर मई एक सिटी के एक पोलिश ठाणे के बहार हमारी कार पोह्ची तो मैमे देखा ऐ पोलिश स्टेशन तो बढ़िया था और जगह भी वह बहार एक दो चाय वाले थे एक दो पैन के गली थे और हमरी कार ाडणार एंटर हुयी वह 2 पोलिश जीप पड़ी थी एक बालक कलर स्कॉर्पियो जो मुझे दिया गया था और एक जो यहाँ का सटाफ उसे करता hai..or 5 से 6 बाइके थे प्लसर बीते पोलिश के liye...or हमारी कार रुकी तो परमवीर ने बिलकुल पोलिश स्टेशन के गेट के सामने कार रोका और निचे ुअत्तर कर मेरा दूर खोला और मई निचे उतरा गॉगल्स लगा कर वर्दी मई और फिर परमवीर बोलै..

परमवीर- चलो राज अंदर ..तुम्हारा स्वागत है नयी ोफ्फुस मई..

राज- अब्ब चल अंदर जल्दी..

हमदोनो कहले मई और परमवीरर साथ मई चलते हुए जा रहे the...jese hi हम गेट के पास पोहचे वह जेस hi हूँ वह पोहे वह खड़े दो कॉन्स्टेबल ने मुझे सलाम ठोका माइन भी उन्हें अपने हाथ से सलाम किया और अंदर एंटर huva..waha अंदर तो बेदोया ऑफिस थी परमवीरर की सब हमें देख रहे थे मैंने देखा वह का पूरा सैफ था जो मुझे देख रहा था और कहड़ा हुवा और मुझे एक साथ सबने सलाम किया मैंने भी उन सब को स्लैम किया और फिर परमवीर बोलै...

परमवीर- ये है हमरे नई सप मर राज परताप sing....specil अफसर इन दिल्ही पोलिश..

राज- अब मुझे इनका परिचय करवा एक एक करके..

परमवीर -क्यों न राज मई इनको hi कहु ये खोद का परिचय खुद दे तो अपने मुँह से..

राज- हां ये बात सही है तेरी चलो सुरु करवाओ तुम्हारे बाद किसका no आता है..

paramver-somya अपना परिचय दो सैर को..

मैंने देखा वह क्या माल लग रही थी समय मई उसको देखा ऊपर से लेके निचे तक उसके बूब्स वर्दी मई तो कमल के लग रहे थे और गांड भी उसकी कमल की लग रही थी उसने खड़े होकर मुझे देखते हुए बोली..

समय रे- हैल्लो सर मेरा नाम समय रे है मई इस ठाणे मई जूनियर इंस्पेक्टर हु...

राज- ओह्ह तो तुम जूनियर इंस्पेक्टर हो अच्छा hai...cahlo नेक्स्ट.

परमवीर- आरिफ अब तुम्हारी बरी..

आरिफ- हैल्लो सर मेरा नाम आरिफ है मई हवलदार भी हु और हमारी साडी जीप का ड्राइवर भी hu...dono काम मई करता हु .

राज- वह अच्छा है...

फिर और दो से तीन लोगो का परिचय हुवा और जो बहार थे उन्हें अंदर बुलया और उनका ोारिचय भी किया फिर मई बोलै.

राज- अच्छा अब सबका परिचय हो गया अब मुझे ऐ बातो की हमरे पास कितने केस ऐसे hi जो अभी पेंडिंग पड़े है .परमवीर कोण देखत है साडी फाइल और केस को..

समय बोली...

समय- जी सर मई देखती हु साडी फाइल और केस...

राज- उह तो बातो अभी कितने केस ऐसे है जो सोल्वे नहीं हुए...

समय रे- सर यहाँ अभी तो ऐसा कोई केस नहीं है सिवाय जो आपको दिया गया है उसे बड़ा कोई केस नहीं है 4 से 5 केस है मामूली चोरी का और मारामारी का बस और कोई केस नहीं है.

राज- अच्छा कोई बात नहीं अब मुझे ऐ बातो की जो केस मुझे दिया गया है उसके बारे मई तुम्हे कितना पता है..

समय रे- सर मुझे जायदा पता नहीं है उसके बारेमे मैंने सिर्फ उसको एक बार स्टूडेय किया है लेकिन उसके बाद फाइल क्लोज कर दी गयी ऊपर से hi..

राज- अच्छा कोई बात नहीं अब मेरी बात ध्यान से सुनो मई यहाँ का नया इंचार्ज हु और मई छठा हु की हमरे तने मई कोई केस पेंडिंग न रहे कहे वो बड़ा हो या छोटा समजे आप सब अपने अपने काम पे लग जाओ और हां मुझे कुरुपतिओं से नफरत है और रही बात दूसरी की जब मई ठाणे मई न हु तो मेरा चार्ज परमवीर shmabhalenga..ok...

समय- ok सर हम आपको शिकयत का मौका देंगे नहीं..

राज- अच्छा अब सब अपना अपना काम करि यदि मुझे जरुरत होंगी तो बुला लूंगा मेरी ओफिस मई..

परमवीर- हां सर कहलिये मई ओका केबिन दिखता हु .

फिर मुझे परमवीर एक बढ़िया केबिन मई ले गया जहा ब्लैक कांच का दूर था तो अंदर से बहार देख सकते थे लेकिन बहार से कोई अंदर देख नहीं सकता था सामने एक बड़ा सा टेबल और एक रोलिंग चेयर और उसके सामने 5 जैसी खुरिस्य राखी thi...mai देख कर बोलै..

राज- अच्छा ऑफिस है..

परमवीर- आ इधर बेथ जाओ अपनी चेयर पे तुम..

मई बेथ गया वह और परमवीर मेरे बाजु मई बेथ gaya...aab मई बोलै..

राज- उस केस का सारा डाटा मुझे दे दो tum....or हां मेरा कंप्यूटर चालू है की नहीं ये..

परमवीर- जी ये चालू है नया लिया है अभी और हां इसमें नेट कनेक्टेड है और हां मई अभी फाइल भिजवा देता हु तब तक मई तुम्हारी कार का काम ख़तम कर दू..

राज- अच्छा सुन आरिफ को बोल एक बढ़िया कूफ़े भिजवा दे.. और हां साडी फाइल उस केस की लेके समय को बेहज अंदर ok..

परमवीर - ok मई भिजवाता हु और कुछ काम हो तो बोल देना मई बहार hi हु...

राज- ok

फिर मई वह बैठे बैठे थोड़ी देर मोबाइल देखा और फिर मैंने फ़ोन लगाया संस्ख्य को..

राज- हैल्लो संस्ख्य क्या कर रही हो.

संस्ख्य- कुछ नहीं बस अभी ऑफिस मई हु बोलो किस लिए याद किया..

राज- वो आदित्य वरं के केस की पूरी फाइल मुझे मेल करवा और हां उसे लगती साडी इन्फॉर्मेशन सेंड करो मुझे..

सोनक्षी- अच्छा अभी करती ok..

राज- ok चल बी..

मई बैठा था की इतने मई समय आयी कुछ फाइल लेके और दूर के पास एके बोली..

समय- किंग सर..

राज- ओह्ह समय आवो अंदर..

वो अनादर आयी और मुझे फाइल देते हुए बोली...

समय- सर ये फाइल जो अपने मगवाई थी..

राज- अच्छा बैठो इधर खड़ी क्यों हो..

समय - बैठते हुए थैंक्स सर..

राज- मैंने उसे स्माइल किया और बोलै अच्छा तुम भी यहाँ बेथ के इस केस का स्टूडेय karo..mai भी करता हु और हां तुम्हे कंप्यूटर अत है क्या..

समय- हां सर सब कुछ आता है मुझे बोलिये क्या काम है सर..

राज- मेरे कंप्यूटर मई देखो कोई मेल आया हींग उसमे इस केस की जो भी डिरेल आयी है उसे प्रिंट करके एक फाइल तैयार करो ..

समय - ok सर अभी कर देती हु जरा उस कंप्यूटर को इस तरफ करो न सर..

मैंने कंप्यूटर को घुमाया और उसे दिया तो वो मेरे मेल ईद से सरे फाइल डावनलोड कर रही थी मई उसे hi देख रहा था की किसी लग रही hai..wo सच मई वर्दी मई वो कमल की माल लग रागी थी उसने 1 से2 बार मेरी तरफ देखा और अपना काम करने लगी..

िरने मई कोई आदमी आया कॉफी लेके मेरे ऑफिस मई और मुझे और समय को कफ दिया और चला गया मई कफ पिटे हुए फाइल को चके करने लगा उस केस की क्यों की अब उस केस को सोपवे करना था जल्दी से मुझे ...

मई उसमे लिखी हुयी साडी गंतानो को दयँ से पढ़ा उसके बाद मुझे इतना hi मालूम चल उसमे से की जहा रपे हुवा था और मदुर हुवा था दोनों जगह एक hi थी लेकिन वह से कोई सभूत नहीं मिला था इन लोगो को सिर्फ लाश की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट थी जिसमे दिखाया गया था की आदित्य वरं को 4 गोली लगी थी एक साइन मई एक पेअर मई और एक हाथ पे और उस गोलिया के बारे मई लिखा था मई वो ओढ़ कर सोक हुवा क्यों की ऐसी गोलिया सिर्फ इंडिया के बहार hi उसे होती hai...maine ऐ पहल पोंइट नोट किया एक डिरे mai..or फिर आगे पढ़ा जिसमे लिखा गया था की मौत गोलियों से नहीं बहरी मात्रा मई डर्ग्स दिया था और हर जगह सहकु का निशान था मतलब इसे पहले 3 गोलिया मरी होंगी..1 पेअर मई 2.हाथ पे 3 दूसरे पेअर mai..or फिर उसे डर्ग्स दिया बहुत बाहरी मात्रा मई और ये जो डर्ग्स का उसे हुवा था ये भी लिखा था जिसे मैंने नोट किया और फिर इसे चाकू मरा कर पूरी बॉडी मई तड़पाया गया था और उसके बाद लास्ट मई इसे साइन मई गोली मरी गयी thi...lekin क्यों ते एक राज है और किसने वो भी ढूंढना था इस लिए अब मैंने दूसरी फाइल खोली जिसमे उसकी बेटी का रैप के बारे मई लिखा था मैंने उसे स्टडी कर्म लगा जिसे स्टूडेय कर के मुझे जायदा गुसा आने लगा क्यों की इसको इतना तड़पा के सेक्स किया गया था की ये पागल हो गयी और कोमा मई चली गयी थी...

इसमें जो इसकी बॉडी का रपे टेस्ट हुवा था वो लिखा गया था इसमें लिखा था की इसे सबसे पहले वो hi डर्ग्स दिया जिसे आदित्य को दिया था उसके बाद इसका रपे हुवा था एक बार नहीं पुरे 6 लोगो ने मिलकर रपे किया था ऐसा बतया गया था और उसका आगे और पीछे से भी पूरी तरह से तोक्र्चर कर के रपे किया गया था ऐ और उसके बाद इसे भी उसी हालत मई उठा कर नागि hi आदित्य की लाश के साथ hi एक संशना रस्ते पे फेंक दिया गया था ..िर मुझे ऐ सोच कर गुसा आया था की सालो ने इतनी बेहरहमी से कोई किसी के साथ ऐसा कैसे कर सकता hai...mai घुसे मई बोलै जोर से...

राज- नहीं छोडूंगा ये जो भी होंगे उसे सेल को ऐसे तड़पा तापदा के मरूंगा की इसकी रूह भी काँप जाएंगी..

समय मेरी इतने घुसे मई देख कर दर गयी और बोली..

समय- क्या हुवा सर आप इतने गुसी मई क्यों लग रहे हो..

राज- क्या हुवा इस बेचारी के साथ इतना गठिया काम किया है इन लोगो ने अब मई उनको जैसे hi मिलेंगे उन सब को ऐसे तड़पा तड़पा के मरूंगा की इसकी रूह भी काँप जाएँगी..

समय- सर ये लीजिए पानी पीजिये सर और शांत हो जाइये और ऐ रही आपकी इन केस से जुडी और फाइल..

मई शांत हुवा और पानी पाया और फिर उन फाइल को देखने लगा और फिर समय को बोलै...

राज- समय अभी के अभी जाओ और परमवीर को और आरिफ को यहाँ बुला lao..jao जल्दी..

समय- जल्दी से लाहड़ी हुयी और जाने लगी वो आभार गयी और जेक परमवीर पर आरिफ जो मेरी हमार कार के ऊपर पालते और रेड लाइट लगा रागे है थे उनके पास गयी और बोली..

समय- सर जल्दी चलिए आप और आरिफ तुजे भी वो जो माये सर आये है वो बुला रहे है बहुत गुसी मई है..

परमवीर- ऐसा क्या हुवा जो वो गैस हो गया और हम दोनों को क्यों वह बुलया है.

समय - वो तो पता नहीं सर वो उस केस की फाइल पढ़ रहे थे और घुसे मई बोल रहे थे नहीं छोडूंगा उसे मई उसको मई तड़पा तड़पा के मरूंगा ऐसा बोल रहे थे वो..

परमवीर- क्या ऐसा बोल रहे थे तो लगता है किसी के बुरे दिन आ गए है..

ारीफ़े - चलो अंदर चलते है जल्दी नहीं तो और गुसा हो जायेंगे वो.

परमवीर- हां चल जल्दी..

वो तीनो अंदर ए मेरे पैसा और परमवीर बोलै..

परमवीर- क्या हुवा राज...

राज- तुम तीनो यहाँ बैठो मुझे इस केस के बारे मई तुमसे चर्चा करनी है..

वो तीनो बैठे और मई बोलै...

राज- अच्छा अब बातो की इस केस के बारे मई तुम सब क्या जानते ho...jo भी जानते हो सब सच सच बताना मुझे

परमवीर- राज इस केस को मेरे यहाँ आने से पहले hi बांध कर दिया था तो इसके बारे मई मुझे कुछ जायदा पता नहीं है..

समय- सर मेरा भी ऐसा hi है..

राज- और आरिफ तुम बातो तुम तो कुछबजंते hi होंगे..

ारीफ़े डरते हुए बोलै..

आरिफ- सर mai...mai तो मौली सा हवलदार हु सर मई तो बस जैसा पहले के दो अफसर बोलते थे वह ले जाता था बस उनको और कभी कभी तो वो अकेले hi ड्राइव करके चले जाते है..

राज- अच्छा तो तू जब ये केस कहल रहा था तब तू यहाँ था तो बता मुझे तू क्या क्या जनता हैंइस केस के बारे मई..

ारीफ़े- सर मई इतना बता सकता हु जितना ये फाइल मई लिखा hai..or.

राज- और क्या बता इस फाइल का तो मुझे सब पता है लेकिन इसके अल्वा कोई और इनफार्मेशन जो तू जनता hi लेकिन बता नहीं सकता वो मुझे जानना है बता अब्ब क्या बात है देख दर मत जो भी है बता दे बाकि मई सहमभल लूंगा..

आरिफ- सर जब मई उन दो अफसर के साथ जाता था तो मुझे कुछ कुछ डॉट हुए थे और उन दोनों अफसर को भी बतया था लेकिन उन दोनों ने मेरी बात सुनी hi नहीं...

राज- क्या ऐसा क्या डॉट हुवा था तुजे मुझे बता तो हमें इस केस को सोल्वे काटने मई असनी होंगी ..

आरिफ- हम को जब पता चला की किसी के फ़ोन आने से की कही सड़क पे एक लाश और एक लड़की नागि हालत मई पड़ी है तो मई उन दोनों अफसर को लेके गया वह और जब उनको वह जेक चेक किया तो पता चला की वो आदमी आदित्य वर्मा है और वो तब मर गया था और उस लड़की को चेक किया तो पता चल की उसका रओ हुवा है और वो बेहोस हो गयी थी तब उसे एम्बुलेंस मई दाल कर हॉस्पिटल ले गए और जब उन दोनों का रिपोर्ट आया तो पता चल की आदित्य वर्मा को कैसे मारा गया है और उस लड़की का केसव रपे होने की वजह से पागल होक बस चीला रही थी उसे कुछ आयद hi नहीं था वो बस इतना कह रही थी जोर जोर से की मुझे छोड़ दो प्ल्ज़ plz...aisa मत करो इसे हमने पूछने की काफी कोशिस किया लेकिन वो लड़की हिन्ष मई hi नहीं थी बस एक hi रत लगये बैठी थी की मुझे छोड़ दो प्ल्ज़ plz...or वो ऐसा बोलते बोलते बेहोस हो गयी डॉक्टर ने उसे चके किया तब पता चला की ये बेहोस है और जब उसे होसे नहीं या तो डॉक्टर ने कहा की इसकी बहुत गहरा ागत लगा है तो कोमा मई चली गयी hai...lekin हमें जो गोली के सैंपल मिले थे उसे लगा मुझे की ये गोली सब यहाँ कही मिलती नहीं तो मैमे उन अफसर को बतया लेकिन किसी ने मेरी बात सुनी नहीं और जो डॉक्टर ने बतया की इसे डर्ग्स दिया गया है उस का जो नाम बताया वो भी यहाँ उसे नहीं होता सर मैंने ये बात भी बाटइ तो ये भी बात उन दोनों ने नहीं मणि सर..

लेकिन जब हमने इनके खून के बारे मई छान भीं सुरुबकिया तो पता चल की ये जो बिसमेंसमें है उसके ऑफिस मई से हमें कई डर्ग्स सेम्पले और हतियार मिले उसकी केबिन मई से और इनका इलीगल बिज़नेस और हतियारो का सप्लया का काम इसका था इसी लिए इसका सिनेशन अंडरवर्ल्ड से लेके कई लोकल गैंग एंड गुंडों से था इतना तो हमें पता चल गया उसकी एक परसनल डेयरी से और हमने और छान भीं करना सुरु किया तो जहा उनको लास्ट लक्शन फ़ोन की थी वह गए हम और वो जगह एक बढ़ फैक्टरी थी सर वह गए तो पता चल की इनदोनो को यहाँ पे लाया गया था कई की हमें वह उस लड़की के कपडे और कुछ खून के ढबी मिले उसका सैंपल चेक किया तो पता चल की ये खून उस बिज़नेस में का hai..or फिर हमने उस फैक्टरी के बारे मई भी पता किया लेकिन उसका काफी टाइम से बांध होने के कारन उसका मालिक उसे देखने भी नहीं जाता उसका इस केस से कोई कनेशन नहीं था सर क्यों की वो यहाँ रहता hi नहीं सर काफी सालो से वो उसे रहता hai..or फिर इन दोनों अफसर ने उस दिआरी के आदर पर सबको इंट्रोगटे किया लेकिन किसी के बारे मई ोाता नहीं चला सर लेकिन एक दिन अचानक सर उन दोनों की मोट हो गयी सर जब मई उस दिन जॉब पर नहीं आया था नहीं तो उस दिन मई भी मारा जाता सर उनका भी यही हाल था सर उनको भी जैसे आदित्य को मारा था वैसे hi उनका मुंडेर हुवा था लेकिन उन्दोनो के बाद इस केस को क्लोज कर दिया सर मुझे लगता है सर जो भी इस केस को अपने हाथ मई लेता है उसकी ऐसी hi हक्त होती है सर...

राज- देखता हु वो मेरा क्या बिगड़ता है मुझे ऐ सुनकर अच्छा लगा की जो डॉट मुझे हुए वो तुम्हे भी हुए थे लेकिन उन दोनों ने तुम्हारी बात को मन नहीं यही उनकी सबसे बड़ी गलती थी जो उन्होंने तुम्हारी बात को मन कर उस लीड को पकड़ कर कुछ सर्च किया होता तो सायद उनको कुछ न कुछ सुराग मिल जाता कातिल का...

समय - हां सर आप सही कह रहे हैं..

राज- समय मई जो फोटो और जो बोलू उसे रम सॉफ्ट बोर्ड पे lago.to एक बार इसका कुछ सामने से तर जोडते है..

फिर मैंने जैसे बतया वैसे सब कुछ लगया सॉफ्ट बोर्ड पे फिर मैंने उन्हें देख और बोलै...

राज- परमवीर तुम्हे क्या लगता है..

परमवीर- सर मुझे आरिफ की बात से hi सुरु करना चाहिए यही लगता है..

राज- हां वो तो मुझे पता है लेकिन मुझे एक बात जननी है..

समय- क्या सर

राज- मुझे ये बातो को ये जो इसके स्पॉट पे साबुत मिले थे जो भी वो सब कहा है अभी..

परमवीर- वो सब तो हमरे सेफ रूम मई होंगे सर...

राज- समय जेक ले ao.un सबूतों ko..muje एक बार देखना है.

आरिफ- सर कॉफी मंगवा दू आपके लिए ..यहाँ बाहर अछि कफ बनता है .

राज- हां माइन सुबह को पिया था मंगवा दे साला आज तो इस केस को कुछ न कुछ तो क्लू ढूंढ कर hi जाऊंगा mai..to कल से हम इस केस की छान भीं कर सके...

अब देखते है अगले उपडेट मई क्या होता है क्या राज को सभूत मई से कुछ ऐसा मिंग जिसे वो इस केस को सोल्वे करने मई असनी होगी या इसे कुछ और पता चलता है जाने के लिए बने रहिये स्टोरी मई और कनेट कीजिये
 
हां बही वो भी होंगे बस 3 से 4 उपडेट बाद वो भी आएंगे बस धीरज रखिये अभी राज की एक्शन का मजा लीजिए उसे सेट होने दिज्ये पोलिश और आरव मई उसके बाद ये स्टोरी मई बहुत मजा आ जाएंगे अभी उसका पहला इस ैसे को सोल्वे कर के अपने आप को प्रूफ करना है ये इसके लिए कितना चैलेंजिंग होंगे वो देखिये आप धीरे धीरे सब होंगे भाई स्टोरी मई मजा आ जाएंगे आपको
 
अपडेट-109

राज- समय जेक ले ao.un सबूतों ko..muje एक बार देखना है.

आरिफ- सर कॉफी मंगवा दू आपके लिए ..यहाँ बाहर अछि कफ बनता है .

राज- हां माइन सुबह को पिया था मंगवा दे साला आज तो इस केस को कुछ न कुछ तो क्लू ढूंढ कर hi जाऊंगा mai..to कल से हम इस केस की छान भीं कर सके...

अब देखते है अगले उपडेट मई क्या होता है क्या राज को सभूत मई से कुछ ऐसा मिंग जिसे वो इस केस को सोल्वे करने मई असनी होगी या इसे कुछ और पता चलता है जाने के लिए बने रहिये स्टोरी मई और कनेट कीजिये

☆स्टार्ट☆


इधर मई ऑफिस मई बैठा था और मैंने इस केस से मिले कुछ सबूतों को मंगवाया समय से और ारीफ़े को बोल के कूफ़े मंगवा दिया ...

समय मेरी केबिन मई एक बॉक्स लेके आयी और मेरे टेबल पे रखते हुए boli..sir ये रहे उस केस के साबुत..

राज- अच्छा बैठो तुम इधर..

परमवीर- भाई ये साबुत का क्या करेंगे इसे हमें कुछ नहीं पता chalenga..hame नए तरीके से इस के की जाँच करनी होंगी..

राज- तुम बस देखो मई वही काटने वाला हु...

इतने मई एक आदमी आया हाथ मई कफ के ट्रे लेके तो मई बोलै..

राज- वह पहले कफ पियो ोय तुम्हारा नाम काया है भाई कूफ़े अच्छा बनता hai..tu..

कफ वाला- हां साहेब धनयवाद मेरा नाम विथल है सर..

राज- विथल तुम जब भी मई इधर ावु तुम मुझे अछि कफ बना के पीला देना ok..or ऐ लो पइसे मैंने 2000 की नोट देते हुए कहा..

विथल- अरे नहीं शब् आपसे पइसे लेके मुझे स्टाल बंद नहीं करना सर रहने दीजिये मई आपको ऐसे hi कफ पीला दूंगा..

राज- अच्छा तो तुम इन सबको बिना पिस्सो के कूफ़े पिलाते हो हां..

विथल - जी साहब पि साहब देते है लेकिन मई मन कर देता हु..

राज- ऐ अछि बात नहीं मेरी ऑफिस मई मई किसी को फ्री का लेना मन है samje...aaj से जिको भी तू कूफ़े पीला ये या चाय सबका पिसा लेना होंगे तुजे समजा तेरा धंध इन पीसो से तो चलता है ले ऐ पकड़ अद्वँसे पइसे रख ले इसे मुझे फ्री का लेना पसंद नहीं है समजा..

विथल - जी साहब सुक्रिया आपका a0ke लिए स्पेसल कूफ़े बेहज दूंगा बस आप मुझे एक कॉल करवा देना इधर से मई लेके ाजुंगा...

राज- अच्छा जा अब्ब तू...

उसके जाने के बाद सब मुझे ऐसे गुर रहे थे जैसे इन्हे कुछ पूछना था मुझसे तो मई बोलै..

राज- क्या हुवा तुम सब को ऐसा क्या देख रहे हो .

परमवीर- तू कमल का आदमी है बॉस मन गए तुजे तूने उसे अद्वँसे पइसे दे दिए ..क्यों..

राज- देख भाई इन छोटे लोगो का धनधा हम जेसो के पीसो से उनका गर चलता है अब इनको हमें ऐसे फ्री मई लूटना नहीं चाइये समजे और रही बात दूसरी जो भी आदमी पोलिश सेशन के बहार अपना स्टाल चलता है छाए चाय वाला हो या पैन वाला उसे अंदर की साडी जानकारी होती है समजा यदि हम इनको खुश करेंगे ऐसे तो इसका हमें जयादा फायदा होंगे समज गया मई क्या कहना छठा हु..

समय- सर आपका मंद तो काफी तेज है अपने उसे पइसे दिए अद्वँसे मई और उसे अपने खुश कर दिया इसे ये फायदा हींग की आप इनके पास से कोई भी क्रिमिनल और किसी भी आदमी की इनफार्मेशन ले सकते हो और रही बात पोलिश स्टेऑन के अनादर जो भी केस या काम हम करते है ये बात उन लोगो को पता होती है क्यों की वो अनादर यहाँ तक कभी भी चाय या कूफ़े लेके आते जाते है तो स्वाभविक है उनकी नजर या कुछ तो वो यहाँ से सुनकर जाते hai..or बहार कोई भी आदमी इन से जान सकत है की अनादर क्या चलता hai..maan गए सर अपने बस 2000 मई उसका मुँह बांध करवा diya..abb वो आपकी या हरे पोलिश सेशन की कोई भी बात बहार किसी को बातएंगे नहीं कहे बहार वाला उसे कोई भी लालच दे...

आरिफ- हआ सर ये तो अपने कमल का काम कर दिया मान गए सर apko..apki सोच बहुत आगे तक है..

राज- अब तारीफ करना छोड़ो और काम मई ध्यान दो सब..

मैंने बॉक्स उठाया और उसको खोला तो पहले मुझे एक बैग मई गोलिया मिली जो आदित्य वर्मा की बॉडी से निकली गयी थी मैंने उसे देख ध्यान से मुझे उस गोली से ये बात तो कन्फर्म हो गयी की ये किसी बहार के देश की गन का बुलेट है इसका उपयोग जयादातर इंडिया मई नहीं होता..

राज- आरिफ तुम ऐसे कितने लोगो को जानते हो जो उस सिटी मई ऐसी गन का उसे करते hai...ya धंदा करते है उसका लिस्ट बनाओ और हां जो भी लोग डर्ग्स का धनधा करते है छाए बड़े हो या छोटे मुझे सबकी एक लिस्ट तैयार chaiye..samje...

आरिफ- हां सर समाज गया mai...mai अभी ऐ काम मई लग जाता हु..

राज- कितना टाइम लगेगा तुम्हे इस काम मई..

आरिफ- सर कुछ लोगो का मुझे पता है उनका नाम तो मुझे आसानी से मिल कयेंगा लेकिन कुछ ऐसे भी लोग है जो बहुत hi छलकी के साथ धंदा करते है उनका नाम जाना हो तो हमें कोई खबरि चाहिए जो हमें बहार की इन्फ़ोर्मतिओ दे...

परमवीर- मेरे पास ऐसे खबरि है जो हमें ड्रग्स को चुप कर बेचने वालो का नाम बता सकत है..

राज- तो उसे एक्टिव करो और उसे उस आदमी की इनफार्मेशन लो जो बहुत hi मास्टर मंद हो इस धंधे मई समज गए क्यों की ऐसे बिज़्नेस्मेन को मरने वाला कोई बड़ा hi आदमी होंगे छोटे मोठे लोगो का काम नहीं है ये .

परमवीर - मई इनकी साडी कुंडली अपने इंफोमोर से निकता हु सर .

राज- हां लेकिन एक बात का धायण रखना की खबरि भरोसे वाला ho..yadi उसे पिसा देना पड़े तो जितना मांगे उतना देना लेकिन एक भी आदमी का नाम बचना नहीं चाइये समजे..

परमवीर- समाज गया raj...lekin इतने पइसे हम देंगे कहा से sir..hamari सेल्लेरी भी कितनी काम hai..or रिश्वत हम लेते नहीं सर..

राज- तुम बस अपना काम करो पिसा जो भी होंगे जितना भी लगेगा वो सब मई दूंगा समजे..

परमवीर- ok राज समाज गया मई..

उसके बाद आरिफ को मैंने रोका थोड़ी देर और समय को भी और प्रांवेर को बेहज दिया उसके खबरि के पास फिर मई बोलै..

राज- आरिफ मुझे तुमसे कुछ और भी जानना है एक मिंट रुको..

आरिफ - हां बोलिये सर..

राज- पहल पुरे साबुत को देख लू एक बार..

फिर मैंने अनादर से एक बैग निकला उसमे उस लड़की के फाटे हुए कपडे थे और फिर कुछ छोटे मोठे चीज थी जो उस वकुकट इन चीजों को साबुत के टूर पर रखा था उसमे ऐसा कुछ नहीं मिला तो मई bola...jo मुझे एक चीज याद आयी तो..

राज- आरिफ तुमने कहा था उन दो अफसर को एक दायरे मिली थी वो कहा है इसमें तो वो कही दिख नहीं रही ..

आरिफ- हां सर ये बात सही hai...isme तो वो है नहीं ये यहाँ hi थी इस बॉक्स मई और जब केस क्लोज हुवा था तब मैंने देखा था सर इस बॉक्स मई वो डिरे थी लेकिन अभी नहीं hai..kon पे गया सर...

राज- ऐसे कैसे हो सकता है पोलिश स्टीव के अंदर से ऐसे गायब कैसे हो सकती है एक वो hi इम्पोर्टेन्ट चीज थी जो हमें कातिल तक पोहचा सकती थी समजा गयी कहा पता लगो uskaa..muje समज नहीं आता की अंदर से कोई इसे कैसे ले जा सकता है..

समय- जरूर सर ये कोई हरे डिपार्टमेंट के आदमी का काम हो सकता है sir..ya तो कोई इस पोलिश सेशन का जो उनसे मिला हुवा ho...to hi स्टोरंग रूम से साबुत गायब हो सकता है..

राज- हां ये बात तो तुम्हारी बिकुल सच है ऐसा hi honga...tum दोनों को हमारी ऑफिस मई किसी पे सक है कोण कर सकता है ऐसा..

आरिफ- सर हमरे ठाणे मई तो कोई ऐसा नहीं कर सकता लेकिन एक आदमी है सर जो हमारे डिपार्टमेंट का है उसपे मुझे डॉट है..

राज- कोण है ऐसा आदमी और क्या नाम है उसका..

आरिफ- सर मई यकीं से तो नहीं कह सकता लेकिन मुझे उसपे डॉट है sir..wo आदमी हमरे सिटी के दूसरे ठाणे का इंचार्ज है.. उसका नाम है पाटिल वो परमवीर सर की तरह उस ठाणे का इंचार्ज है ...

राज- अच्छा तो तुम किस अदहर पे कह सकते हो की वो ये काम कर सकता है..

आरिफ- सर उन दो ोफ्फुसर के मर जाने के बाद एक यही था जिसे इस ठाणे का चार्ज था और इसने hi उस केस को कसे करवाया था इतना hi नहीं सर जब तक परमवीर सर का यहाँ ज्वाइन नहीं किया तब तक वो hi इस तहने को हैंडल करता था और मई उसके साथ कई जगह पोलिश की कार लेके गया हु सर वो बहुत hi ाईएश और करप्शन वाला आदमी hai...or गठिया भी यू कहिये सर हमरे डिपार्टमेंट के नाम पे वो धब्बा hai...sala लड़किया दारू कोई ऐसी चीज नहीं होंगी जो वो करता नहीं हींग लेकिन वो किस किस से मिला हुवा है वो बात किसी को पता नहीं है सर..

राज- उह तो ये बात है तो वो hi होंगे हमारा पहला टारगेट और उसपे किसी पाने ख़ास आदमी को बोलके नजर रखवा o..kal मई इसकी खबर लेता हु उसके ठाणे जाकर...

समय- हां सर वो गठिया आदमी hi है वो सब पे अपनी बुरी नजर रखता है वो मुझे भी कई बार बुरी नजर से देखता है sir...lekin मेरा सेनोइर होने के कारन मई कुछ बोल नहीं सकती उसे सर..

राज- क्या साला टर्की आदमी है वो तुमको भी ऐसा करता है ाब्ब तो उसकी कल अचे से बजूँगा मई...

आरिफ- हां सर लेकिन आप उस पोलिश सेशन मई उसे कैसे पूछतछ करंगे सर आपका थाना तो यही है वो आपका किसी भी बात का जवाब नहीं देंगे सर..

राज- तुमको बता दू मई पुरे इंडिया मई किसी भी पोलिश स्टेऑन मई जब भी साहू जहा साहू वह का इंचार्ज बन सकता हु समजे मुझे उसको उठा के फेंक देने मई एक सेकंड नहीं लगे ga...mera पावर अभी तुम जानते नहीं हो इसके लिए कल तुम मेरे साथ चल कर देख लेना..

समय- क्या सर आप कही भी ऐसे कैसे चार्ज ले सकते हो सर..

राज- वो बात तो है स्पेसल अफसर की मुझे सीधा पं ने रेप्युटे किया है सामजी ऐसे ैरे गिरो का काम नहीं मुजसे उलझने ka...inko तो मई ऐसा सबका सिखाऊंगा की उसकी फट्बके हाथ मई आ jayengi..dekhna कल .

समय- वाओ सर तब तो मई भी आपके साथ आउंगी कल वह मुझे भी देखना हैं.

राज- अच्छा कोई बात नहीं कल हम उसे hi सुरुवात करेंगे इस केस की हमारा पहला मोतिवे वो hi होंगे..

आरिफ- मई जाऊ सर उस लिस्ट बनने के लिए जो होने बोलै है..

राज- हां लेकिन उसे पहले एक और सवाल इस केस की फिर किसने लिखवाई थी और आइल परिवार मई कोण कोण है और इसका बिज़नेस इतना बड़ा है तो उसे श्माभलता कोण है वो मुझे जानना है

आरिफ- सर हम इनको होपितल ले गया तो टीवी नेस्व से उनके गर वालो को पता चल तो इनकी बीबी वह आयी थी उसने hi उसके पति का मुंडेर का फिर लिखवाया था और उसके परिवार मई अब सर ऐ अकेली hai..kyu की सिकी बेटी तो कोमा मई hai..is लिए यही एक है जो अभिषेक का बिज़्नेस अब खोद श्माभलटी hai..lekin इसे उसके पति के बारे मई कुछ पता नहीं था मतलब की उसके काळा दहन्दे के बारे मई..

राज- ओह्ह अच्छा तो उसकी भी हमें कल मुलाकात करनी है और उसके गर की भी शान भीं करनी hai..samje...

आरिफ- सर उसकी पूछताछ तो पहले हो गयी है और अभिषेक के कमरे की bhi...lekin उसे कुछ पता नहीं चला हमें तो..

राज- तुम चिंता न करो हम फिर से तलशी और पूछताछ करेंगे ...कुछ न कुछ तो उन दो अफसर से छूटा होंगे जो उनकी नजर मई नहीं आय होंगे मुझे ऐसा लगता है...

आरिफ- कोई बात नहीं सर हम जायेंगे उसके गर भी...

राज- ok अब तुम जल्दी जाओ और उस लिस्ट को तैयार कर के lao..samje..

आरिफ- हां सर समाज गया मई...

आरिफ के जाने क बाद मई और समय बैठे थे समय बोली.

समय- क्या सर आप पहले कोण से पोलिश ठाणे मई जॉब करते थे सर..

राज- कोई नहीं यहाँ मेरा पहला पोस्टिंग है..

समय- क्या जिस तरह से आप इस केस की एक एक कड़ी को जोड़ रहे है उसे तो लगता नहीं की ये आपका पहल केस होंगे sir..muje तो यकीं नहीं हो राह..

राज- हां ये सब मेरे मंद का कमल hai.or मई सच कह रहा हु सच मई ये मेरा पहला पोस्टिंग hai..abhi तो मेरा सोल्लगे भी खत्म नहीं हुवा..

समय- क्या कैसे सर आप ऐसा किसे हो सकता है ी चैंट बिलीव थिस..

राज- हां अभी रुक मई तुम्हे मेरा कोलाज का ईद दिखता हु...

मेरा ईद देखा उसने और boli..ohh आप तो अभी इतनी छोटी उम्र मई hi स्पेसल ओफिसर मई कैसे सर..

राज- इसकी वजह है मेरी फाइट एंड मंद pawor...or कुछ जान पहचान..

समय- ओह्ह अच्छा है..

राज- अच्छा अब तुम अपने बारे मई कुछ बातो मुझे...

समय- सर मेरा भी ये पहली जगह है यहाँ जहा मैंने कॅरिअर की सुरुवात kiya..abhi मुझे इस ठाणे मई 2 साल हुए है..

राज- अच्छा 2 साल से तुम यहाँ पे ho..achaa अब गर के बारे मई भी कुछ बातो कोण कोण है गर पे और कहा रहती हो..

समय- मेरे गर पर मेरी माँ है बस और कोई नहीं है सर हम दोनों अकेले है पापा की दत्त हो गयी थी जब मई सोल्लगे करती थी तब अब सिर्फ मई और माँ hi रहते है साथ वो भी यहाँ के सरकारी कुटेर्स mai...or मेरी जॉब से हम दोनों का गुजरा हो जाता है..

राज- ओह्ह यार मुझे तुम्हारे बारे मई जान कर दुःख huva..ki तुम्हारे सर से पापा का हाथ सिन gaya..so साद .

समय- कोई बात नहीं सर किस्मत कभी कभी हमरे साथ नहीं होती..

राज- अच्छा सदी नहीं किया अभी तक..

somya-nahi सर अभी तक ऐसा कोई लड़का मिला hi नहीं जिसे मुझे प्यार हुवा हो और अभी तो मई 28 साल को हु..

राज- अच्छा तो तुम्हे केसा लड़का पसनद है...

समय- पता नहीं सर केसा होना चाइये अभी कुछ सोचा नहीं इस बारे मई क्यों की दुती से कभी तुम hi नहीं मिलता muje..ae सब सोचने का..

raj-achaa ऐसी बात है खाना खाया की nahi..tumne ..

समय - नहीं सर अभी आज तो गर गयी नहीं इस केस की वजह से खाना kahne..apne खाना कह्या सर

राज- नहीं मेरा भी बाकि hai...mere साथ चलोगी खाना खाने को..

समय- स्माइल देके नहीं सर आप क्यों खामकहा परेशान होते हो मई गर पे जेक खा लुंगी सर..

राज- इसमें परेशनी वाली कोनसी बात है मुझे भी खाने जाना था इसी लिए सोचा अकेला जाऊ उसे ाचा कोई साथ हो तो hi मजा आएंगे क्यों तुम आ रही हो तो hi मई जाता हु नहीं तो आज कहना कैंसिल.

समय- ऐसा है तो चलिए सर आज आपके साथ कहना कहने जाते है..

फिर मई और समय बहार ए तो मैंने देख वह पे आरिफ कुछ काम कर रहा था मैंने उसे कहा..

राज- आरिफ हम दोनों आते है कुछ देर मई ok और हां तुमको यदि खाना कहाँ है तो थोड़ी देर बाद काम कर लेना ok...

आरिफ- कोई बात नहीं sir..aap जाइये आप वापिस ायेबग़ै तब तक सारा काम पूरा भी कर दूंगा मई..

राज- ok मेरी कार की के कहा है..

आरिफ- ये लीजिए sir..apki के वैसे आप की कर धसू है सर बिलकुल आपके ऊपर शूट करती है..

राज- अच्छा थैंक्स ..

फिर मई और समय बहार गए और उसने मेरी कार को देखा तो देख कर बोली..

समय- ऐ आपकी कर है सर ओह माय गॉड हमार फुल्ली buletprof..mast है सर ये तो..

राज- तुमको अछि लगी तुम्हे ात है ड्राइव करना ..

समय- हां अत है ना सर ..

राज- तो लो ये के और आज तुम ड्राइव करो और कही अछि जगह ले चलो खाना खाने को.

समय- ok sir...muje आज हमार चलने का मौका तो मिलेंगे इसी बहाने..

मई उसकी बात सुनकर स्माइल किया और ड्राइवर की बाजु की सहित मई बेथ गया.

और समय ने कार सुरु किया और जाने दिया अब मुझे याद आया की माँ को कॉल करके बता दू की आज बहार hi खाना है नहीं तो वो मेरी राह देख रही hongi...gar पर..

मैमे माँ को कॉल लगाया तो उन्होंने कॉल पिक किया..

माँ- हां बोल बीटा कहा है तू आ रहा है गर पारा खाना कहने..

राज- नहीं मेरी क्यूट माँ मई आज भर खाना कहने जा रहा हु आज काम जयादा है तो मई आज रात को लेट hi गर पे आऊंगा आप सब राटा का खाना कहके सो जाना ok...mai आ जुन्गा गर पर..

माँ- ok बीटा लेकिन शम्भल कर आना देर रात को बीटा ok..

राज- ok माँ by...mai राखत हु फ़ोन..

मैंने फ़ोन रखा और तो समय मुझे देख कर बोली..

समय- आप के गर पर कोण कोण है सर..

राज- मेरे गर पर माँ डैड और निशा दी और संजू है..

समय- अच्छा आपके पापा क्या करते है सर..

राज- तुमने raj&nisha पवत और परताप संस इन्द्र्सीसे का नाम सुना है..

समय- हां सर उस कने को कोण नहीं जनता सर वो तो बहुत बड़े बिज़्नेस्मेन परतप सींग की कने है..

राज- हां तो वो hi मेरे पापा है..

समय- क्या आप उनके बेटे ho..sir..wow आप इतने बड़े बिज़्नेस्मेन के बेटे ho...or आप पोलिश मई...

राज- हां उसका भी एक अलग वजह hai..mai अपने दम पर कुछ बनान छठा हु इस लिए मैंने पोलिश की जॉब को चुना..

समय- वह सर आपकी बात hi कुछ और है आपके विचार सच मई बड़े है सर..

राज- अच्छा ऐसा कुछ नहीं वो छोड़ो ..

हम एक रेस्टोरेंट के बहार खड़े थे और समय बोली..

समय- इस रेस्टोरेंट मई खाना ाचा मिलता है sir..cahle अब अंदर..

राज- ाचा चलो..

हम अंदर गए तो हमें देख कर होटल का मंजर बोलै..

मनगर- आइये सर वेलकम क्या सेवा करे आपकी..

राज- हमें लंच करना है कोई ाचा टेबल का इंतजाम करवा

मैनेजर- आइये न सर आप मेरा साथ चलिए आपके लिए एक अच्छा टेबल है.

हम दोनों अंदर गए उसके साथ जो एक रूम था उसमे अब्बी तो कोई नहीं था हम दोनों को उसने एक टेबल दिया जहा हमें कहना खाना था मई बोलै..

राज- ाचा तुम जाओ अब और वेटर को बेहज दो ोदर लेने..

मैनेजर - जी सब अभी बजता हु..

राज- सौम्या अब तुम यहाँ लेके आयी हो तो तुम hi खाना मंगवा do...ab.

समय- लेकिन आप मुझे लेकर आये है सर आप hi ोदर करो ना..

राज- नहीं तुम ोदर दे दो तुम्हे जो अपसनद हो वो मुझे तो सब ाचा लगता है..

समय- ाचा मई कर देती हु ..

थोड़ी देर बाद ेल इतर पानी की बोत्तल लेके आया और हमें देकर बोलै..

इतर- सर क्या ोदर लावू..

समय- यहाँ की जो स्पेसल डिश है वो लेके आओ जाओ...

इतर- और कुछ मेडम ..

समय- नहीं और कुछ नहीं बस इतना hi..

फिर हम दोनों थोड़ी देर उदार उदार की बाटे की मई कई बार उसके बूब्स को देख लेता कभी कभी उसकी नजर जाती लेकिन बोली कुछ नहीं बस स्माइल दे deti..or फिर खाना आया और हमने कहाँ कह्या और फिर निकले वह से कार मई बेथ कर इस बार मई ड्राइव कर रहा था...

राज- खाना सच मई ाचा था..

समय- हां सर मई जब ब्बि बहार कहना कहने जाती हु तो यहाँ hi आती हु..

फिर हम पोलसिह सेशन गए और वह जेक हम केस के बारे मई स्टूडेय कर्म लगे और आरिफ में जो लिस्ट दिया उसे भी देखने लगा मई..

अब देखते है दुरी तरफ क्या हो रहा हैं.

एक आदमी जो टीवी पे न्यूज़ देख रहा था और उसने जैसे hi कइसनेर वाली कॉन्फरन्स सुनी तो वो बोखला गया और और किसी को कॉल लगया...

सामने वाला- जी सुरेंद्र साहब क्या बात हैं.

सुरेंदर- गुलशन ये नेस्व मई क्या दिखा रहे है उस केस को तो क्लोज कर दिया था और ये कमिश्नर किसी नए अफसर को इस केस दिया है देख जो 5 साल से बांध पड़ा है इसे कोण देख रहा है और क्यों इसे ओपन किया देख जरा पूछ उस पाटिल को साला क्या करता है लोढ़ा हमारा पिसा खता है और काम कुछ करता नहीं हरामी लोढ़ा..

गुलशन- जी भाई अभी पता लगा ता हु मई आप टीओन्सों ला जिए .

सुरेंद्र- देख तू पता लगा और कुछ भी कर लेकिन इस केस को आगे मत आने दें नहीं तो गया समज तू और पाटिल दोनों

गुलशन- जी शब् अभी ोाता लगता हु मैं.

गुलशन टीओन्सों मई एके फ़ोन से पाटिल को कॉल किया और सामने से पाटिल अपनी ऑफिस मई बैठा शराब का गट पि रहा tha..or एक कॉन्स्टेबल लेडीज़ को अपनी केबिन मई निचे बिठा कर अपना लुंड चुसवा रहा था जैसे hi उसका फ़ोन बजा उसकी नजर होने पहिने पर गयी जो टेबल पे था और पे गुलशन का no देखा तो उसकी गांड फैट gayi...or वो जल्दी से उस लड़की को हत्या और फ़ोन पिक किया..

पाटिल- भाई बोलिये आपने कॉल किया ...

गुलशन- भोस्डिके साला दारू पिया हैंक्या गांड मरवाएगा क्या..

पाटिल- अरे भाई आप गली क्यों दे रहे हो क्या बात hai..kya हुवा..

गुलशन- छोड़ू ये क्या सुन रहा हु मई साला वो वाला केस ओपन कैसे हुवा उसको तो तूने क्लोज किया था न तो फिर से गांड मरवाने खोला छोड़ू.

पाटिल- सर आप किस केस की बात कर रहे हो मुझे तो कुछ पता hi नहीं है..

गुलशन- सेल गांड मरवा रहा है पोलिश मई है फिर भी पता नहीं की अभी न्यूज़ पे तेरा कमिश्नर क्या बोल रहा है कोई नए लोंदे को ये केस दिया है देख लोडे टीवी ों कर भोस्डिके बस दारू और छूट मई पड़ा रहता है हमेशा..

पाटिल- भाई अभी देकता हु आप पहिने चलु रखिते .

पाटिल उस कॉन्स्टेबल लड़की को बोलै..

पाटिल- ये सुन जा वो टीवी ों कर और न्यूज़ लगा उसपे और यहाँ से बहार जा..

वो कॉन्स्टेबल टीवी ों करती है और फिर भर निकला जाती है केबिन se..or जैसे hi पाटिल सुन था कामोसिनेर की स्पीच और राज की उसे पता चल गया की अभिजत वर्मा का केस खुल रहा है फिरसे तो उसका नशा hi उतर गया और फिर फ़ोन पे बोलै..

पाटिल- भाई ये तो मुझे पता hi नहीं चला की ऐसा हो रहा है..

गुलशन- हम तुजे गांड मरवाने के पइसे देते है भीसदीके सेल ये कोण नया लोंदा आया hi जो ये केस को लेने की भूल कर रहा है..

पाटिल- भाई इसे तो आज hi मैमे देख है लगता है कोई नया ोफ्फुसर है और ये तो मेरे भी बाप लगता है साला कोई स्पेसल अफसर है ये तो मई पता लगवाता हु इसके बारे मई कुछ ..

गुलशन- देख लोडे जल्दी पता लगा और उसकी कुंडली निकल छाए कितना भी पिसा देना पड़े दे दे लेकिन उस केस को बंद करवा दे और हां बही ने बोलै है यदि उनका नाम कही भी आया तो समज ले तू और मई दोनों को इस दुनिया से अलविदा कहना pdenga..samja..aab जो करना है जल्दी कर सेल..

पाटिल- जी भाई समज गया मई देखता हु सब आप चिंता ना करो..

उसके बाद कॉल काट होता है और पाटिल कमिश्नर को पहिने करके पूछता है की ये क्या चल रहा है और क्यों इस केस को ओपन किया और कोण इसे ऑपरेट कर रह है..

लेकिन उसे कमिश्नर इतना hi बता ते है की इस केस को डायरेक्ट पं ने ओपन करवाया है और इस केस के लिए राज को उन्होंने अपॉइंट किया है ..बस इसके आगे कैच नहीं batya...uske बाद कॉल काट होता hai..or पाटिल सोचने लगता है..

पाटिल- किसी और को कॉल करता है जो उसका कोई खबरि होंगे उसे राज के बारे एमी पता लगनी को कहता hai..or फिर वो आम गर चला जाता है और शराब पाइक सो जाता hai..sala..

अब देखते है आगे क्या होता स्टोरी मई कमेंट करते रहते ाओको स्टोरी किसी लग रही है तो मुझे भी लिखने मई मजा ए..
 
हां भाई सही कहा सेपिंग मिस्टेक मोबाइल मई उपडेट लिखने की वजह से हो जाती है क्यों की डिक्सनरी ों होती है इसकी वजह से ऐसा हो जाता है बूत आपको समज जाना चाइये की जो पहले नाम होंगे वो सही होंगे और रही बात शिल्पा बुआ और विधि की तो उनको भी जल्दी hi उपडेट मई साहिल कर दूंगा मई भुला नहीं हु उनको लेकिन ऐसा समय होना किये जिसे राज को भी उनके साथ रहने का और गांव जाने का टाइम मिले समजे इस लिए पहले ये केस सोल्वे होंगे उसके बाद hi शिल्पा बुआ को इधर बुलया जाएंग
 
अपडेट-110

लेकिन उसे कमिश्नर इतना hi बता ते है की इस केस को डायरेक्ट पं ने ओपन करवाया है और इस केस के लिए राज को उन्होंने अपॉइंट किया है ..बस इसके आगे कैच नहीं batya...uske बाद कॉल काट होता hai..or पाटिल सोचने लगता है..

पाटिल- किसी और को कॉल करता है जो उसका कोई खबरि होंगे उसे राज के बारे एमी पता लगनी को कहता hai..or फिर वो आम गर चला जाता है और शराब पाइक सो जाता hai..sala..

अब देखते है आगे क्या होता स्टोरी मई कमेंट करते रहते ाओको स्टोरी किसी लग रही है तो मुझे भी लिखने मई मजा ए..

☆स्टार्ट☆

ीदार राज और समय और आरिफ उस लिस्ट को देख रहे थे जो हतियार और गन की बेचने का काम करते है आरिफ ने बहुत म्हणत करके उसके कतेक के धरा ऐ लिस्ट बांयी थी राज उसे देखते हुए आरिफ को बोलै..

राज- ारीफ़े मुझे बातो इन मई से कोण ऐसा है जो सबसे ज्यादा गन की डीलिंग और आउट ऑफ़ कटेरी से गन मंगवा ता है..

ारीफ़े - सर ऐसे नाम तो 2 से 3 होंगे इसमें से और वो बहुत hi पॉवरफुल लोग है सर...

राज- अच्छा इनमे से जो जो ऐसे लोग है इनके नाम बता और उनको hi हम पूछताछ करेंगे ..ok..

ारीफ़े - ok सर पहला नाम है गुलशन ये यहाँ का सबसे बड़ा गन का दलेर और भी बहुत काळा धंधे है इसके और सबसे खतरनाक आदमी है ये सर..2 क्सक्सक्स आदमी hai..3..yyy आदमी है sir..ae सब गन के सुपालय के बड़े दलेर है.

राज- ओह्ह तुमने जो पहला नाम बतया क्या था वो हां गुलशन हां इस्पे मुझे ज्यादा शक है क्यों की तुमने बतया की ये ड्रग्स का और गन का सबसे बड़ा दलेर है ये और खतरनाक भी तो इस कांड के पीछे सायद ये हो सकता है क्यों की जो आदमी का कौन हुवा है ये इनका भी बाप था इस धनदे मई इसी लिए पहले इसी को hi हम टारगेट करेंगे..

आरिफ- हां सर आप बात तो सही कर रहे हो ऐसा हो सकता है इसकी गैंग काफी बड़ी है सर इसका कतेक भी माफिया और अंडरवर्ल्ड से है जो अभिषेक वर्मा का था ...सर हमें उसकी डायरी मई से पता चला था की उसके कतेक बहुत hi खास थे अंडरवर्ल्ड से...

राज- हआ ऐ बात है समय तुम इसका नाम भी उस बोर्ड पे चिपका दो..

समय - जी सर अभी चिपका देती हु....

ारीफ़े - अच्छा मुझे ये बता की ये आदमी हमें कहा मिलेंगे यदि इसे मिलना हो तो...

ारीफ़े- सर इसे हम असनी से नहीं मिल सकते और इसके अड़े पे जाना भी आसान नहीं hai..kyu की ये जिस जगह रहता है वह सरे लोग इसी की सुनते है और वह सब के सब गुंडे मावली लोग रहते है sir..waha जाना वो भी पोलिश के ड्रेस मई तो खतरे से खली नहीं है सर आज तक कोई पोलिश वाला वह पाँव नहीं रख सका इसकी मरीजी के अल्वा..

राज- अच्छा इंट्रेस्टिंग तब तो मई वह पोलिश की वर्दी मई hi जाऊंगा और आसान काम करना मुझे ाचा भी नहीं लगता जब सामने वाला मजबूत हो तो hi उसे सजा देने मई मजा आता है..

आरिफ- क्या नहीं सर आप यहाँ मत जाना वो भी अकेले..

राज- अरे मई अकेला नहीं जाने वाला तुम सबको लेके जाऊंगा वह देखता हु कोण रोकता है पोलिश को...

ारीफ़े- हम भी सर आपके साथ सर मर गए अब तो गए काम से..

राज- अरे ारीफ़े तू दर मत मई हु ना हम ऐसे थोड़ी गु जायेंगे वह हम पूरी तैयारी के साथ jayenge..samja..

समय- सर परमवीर सर का फ़ोन आया था उन्होंने अपने खबरि को काम पे लगा दिया है कल तक लिस्ट आजएंगी ..

राज- अच्छा वो कहा है अभी ..

समय - वो अभी सर गर पारा गए hai..aapko बाटने को कहा था .

राज- अच्छा कोई बात नहीं हम उसकी लिस्ट आने के बाद िनमिसे जो भी को हींग उसकी पहली बरी मुझे तो पका यकीं है की ये गुलशन का नाम hi को honga..achaa अब आप सब को गर जाना hi तो जा सकते ho..aab मई भी निकल hi रहा हु और हां कल आजा न हमें उस पाटिल के पास भी जाना है..

समय- ok सर ..

फिर मई थोड़ी देर बैठा और वो दोनों गर चले गए और निंगहत मई ठाणे मई बाकि के किनस्टेबले थे मई भी अपनी फाइल को रखा और अंदर और फिर निकला अभी रात के 10 बज गए थे मई बहार आया और फिर अपनी हमार लेके निकला पोलिश सेशन के बहार तो मुझे सामने स्टेण्ड पे समय खड़ी दिखी जो कोई रिक्सा का इंतजार कर रही थी तो मैंने कार को उसकी तरफ ले गया और बोलै..

राज- सौम्या यहाँ क्यों खड़ी हो अभी गर नहीं गयी क्या..

समय- नहीं सर रिक्सा आज कही दिख नहीं रही जब आजएंगी तो चली जाउंगी..

राज- ओह्ह तो तुम रिक्सा मई ुपदोन करती हो गर से यहाँ तक..

समय- हां सर ..

राज- अच्छा बेथ जाओ मई तुम्हे छोड़ देता हु ..

समय - रष्णे दीजिये सर आप क्यों परेशन हो रहे हो..

राज- अरे तुम भी बेथ जाओ अब मई छोड़ दूंगा न तुम्हे chalo..abb बहुत देर हो चुकी है आज..

समय मेरी कार का दूर खोल कर आगे वाली सहित पे बैठी और मैंने पूछा कहा जाना है बातो..

समय- सर पोलिश कुटेर्स mai...jo यहाँ पे है..

राज- ओह्ह तुम यहाँ रहती हो .वाओ वह से तो मेरा गर एकदम नजदीक है...

समय- क्या आप उस तरफ hi रहते हो सर.

राज- हां वह से मेरा गर करीब 10 से 5 कम की दुरी पे होंगे .

समय- ओह्ह तब तो बहुत नजदीक hi हुवा हमारा और आपका गर सर

राज- ाचा ऐ बातो रोज ऐसी गर से आती हो..

समय- हां सर ..

राज- अच्छा अब से जब भी मई निकलू वह से तो तुम्हे अपने साथ लेके काहलुंगा मुझे तुम्हारा no दो...

समय- सर मेरा no आपका 0होने दिज्ये मई सेव कर देती हु...

मैंने अपना फ़ोन दिया और उसका no सेव करके उसके फ़ोन मई डायल किया और सेव कर लिया और मुझे पहिने वापस देते हुए बोली..

समय- आपका फ़ोन बढ़िया है सर ..वाओ.

राज- अच्छा तुम्हे पसंद आया ऐ लेस्टेट मॉडल है ीफोने का ..

समय- हां सर...

हम ऐसे बाटे करते हुए उसके गर क पास पोहच गए मैंने पूछा..

राज- कोनसे no पे रहती हो तुम यहाँ तो परमवीर भी रहता होंगे न..

समय- नहीं सर वो इस कॉलोनी मई रहते हमरे दूर कुटेर्स है वह रहते है wo..mera गर वो सामने दिख रहा है ना 7 no का वो hi है..

राज- अच्छा

मैंने कार वह ले ली और वो boli..muje..

समय- सर गर नहीं आएंगे चलिए न आप आज पहली बार आये है ..

राज- नहीं यार मुझे खाना कहने भी जाना है यार आज नहीं फिर कभी आऊंगा मई..

समय - तो सर चलाइये न सर मुझे भी खाना खाना बाकि है माँ ने अच्छा खाना बनाया होंगे ..चलो अंदर सर ..

राज- अरे तुम क्यों पारेषण होती हो मई बाहर कही खा लूंगा यार.

समय- दोपहर को अपने मुझे कहिल्या ना अब मेरी बारी मुझे कुछ सुन्ना नहीं हैबसीर आप चलिए मेरे साथ मेरे गर ...

राज- तुम बहुत जीडी हो ..haa..chalo..

मई समय के साथ उसके गर के दूर क पास गया और समय ने दूर बेल्ल bajyi..to उसकी माँ ने गेट khola..wo समय को देख कर बोली.

स माँ- बेटी तुम आ गयी आज इतनी देर क्यों हो गयी..

समय- माँ आज काम जायदा था इनसे मिलिए ये मेरे सर है आज hi नए ए है.

माँ- आ ो न बीटा अंदर

राज- जी अन्तेय नमस्ते ...

हम अंदर गए तो उसने मुझे सोफे पे बिठया और इसकी माँ पानी लेके आ गयी हमदोनो पानी पिने के बाद उसकी माँ हमरे पास एके बेथ गयी..

समय- माँ खाना बांया है अपने की नहीं.

स माँ- हां बेटी बांया है

समय- आज सर को भी मई कहने के लिए बुलाया है ...

स माँ- हां तुम दोनों बेथ जाओ खाने क टेबल पे मई अभी गरम गर्म रोटी बना के देती हु तुम दोनों को..

समय- हां माँ काहलो सर हाथ मोहः दो लीजिए मई आपको बाथरूम दिखती हु..

राज- हां चलो..

मुझे लेके वो एक रूम मई गयी जहा बाथरूम था मई अंदर जेक हाथ धोये और फिर उसने मुझे टॉवल दिया मैंने अपने हाथ मुँह को पोछा और फिर वो मुझे लेके चली बेहतमर खाने के टेबल पे हम बेथ कर बाटे करने लगे इतने मई उसकी माँ ने गरम गरम रोटी और सब्जी परोसा और बोली..

स माँ- बीटा क्या है ना मुझे पता माहि था की तुम भी साथ मई आ रहे हो नहीं तो मई आज अच्छा खाना बनती. तुम्हारे लिए .

राज- अरे कोई बात नहीं अन्तेय वैसे भी मुझे खाने माओ सब्जी रोटी जयादा पसंद hai..or अपने सच मई अच्छा खाना बनती हो क्या टेस्ट है ..

स माँ- और भी लो ना बीटा लो बहुत सब्जी hai...lo..

राज- नहीं नहीं अन्तेय इतने से hi मेरा ोएत भर गया अब और नहीं..

स माँ- ऐसे कैसे अभी तो कुछ खाया नहीं और तुम कहते हो पेट भर गया नहीं ऐसा थोड़ी होता है अभी मई और रोटी लती हु समय इन्हे सब्जी दो तुम..

समय- लो सर मेरी माँ आपका पेट जब तक भर नहीं जाएंगे तब तक आपको यहाँ से खड़ा नहीं होने देंगी. ..

राज- तुम्हारी माँ का शबाहव बहुत अच्छा है..

समय- मेरी माँ ऐसी है किसी को होने गर से कहली पेट नहीं जाने deti..yadi कोई कहने क टाइम गर ए तो..

राज- ओह्ह अच्छी बात है...

समय - किसा लग सर खाना आपको..

राज- सच मई बहुत टेस्टी है खाना ..

समय- ाचा तो फिर कभी ऐसा खाना हो तो मुझे बता देना मई माँ को बोल दूंगी वो ओके लिए बहुत ाचा खाना बांयेगी..

राज- हां हां क्यों नहीं ऐसा लहिज खाना कोण नहीं कहिएगा ..

समय- हां वो बात तो है.

फिर हमने खाना खाया मई 5 से 6 रोटी खा लिया अब और नहीं खा सकता था इस लिए खड़ा हुवा ..

और हम लोग बेथ कर बाटे करने lage..maine पूछा

राज- समय तुम्हारा गांव कोनसा है वैसे..

समय- सर हमरा गांव उप के पास है..

राज- ओह्ह ाचा hai..to तुम दोनों है हो गर मई की और कोई भी है..

स माँ- नहीं बीटा सिर्फ मई और मेरी बेटी है मेरे हस्बंड की तो कब की मोट हो चुकी है बीटा अब इसके शिव मेरा कोई नहीं है..

राज- ओह्ह सो साद अन्तेय...

स माँ- बीटा तुम तो अभी छोटे हो फिर भी पोलिश मई हो..

राज- हां अन्तेय वो एक स्पेसल केस की वजह से मई पोलिश मई हु..

स माँ- अच्छा तुम्हारे गर मई कोण कोण है बीटा..

राज- माँ है डैड है दी है और एक दोएत भी है..

स माँ - अच्छा है बीटा ..तुम्हारे पापा क्या करते है बीटा .तुन्हे देख कर लग रहा है की कही मैंने देखा है कही तुमको..

राज- मेरे पापा बड़े बिज़नेस में है हम तो आज hi मिले है अन्तेय सायद अपने मुझे इस सिटी मई कही देखा होंगे..

समय- हां माँ सर तो आज hi हमरे गर आये है अपने कैसे देखा होंगे unhe..pehle..

स माँ- नहीं बेटी इसका चेहरा कुछ जाना पहचाना लग रहा है मुझे...

राज- कही देखा हींग अन्तेय अपने मेरे जैसा कोई इस लिए आपको लग रहा है ऐसा..

स माँ- तुम्हारे पापा का नाम क्या है बेटे..

राज- परताप सींग rathod...hai उनका नाम

स माँ- क्या कहा तुमने..

वो मेरी बात सुनकर चोकन कर बोली..

राज- परताप सींग राठोड..

स माँ- परताप ....अच्छा तुम्हारा गांव कोनसा है बेटे ..

राज- सरतनपुर गांव है मेरा उप के पास hi मई..

स माँ- क्या हम भी उसी गांव के है बेटे ...हआ यद् आया तुम तो परताप के बेटे hai.....or सरतन सींग के पोते ho...hi ना..

राज- क्या अप्प मेरे दादा और पिता को जानते ho...or आपने कहा आप भी उसी गांव के ho...isi लिए आपको मेरा चेहरा जाना पहचाना लगा..

स माँ- हां क्यों की तुंहारी सकल बिलकुल तुम्हारे पिता की जैसी है बीटा..

राज- अच्छा हां थोड़ी उनके जैसी hi मेरी शकल hai..anety अच्छा तो आप मेरे दादा के बारे मई क्या जानती हो अन्तेय..

स माँ- बीटा तुंहरे दादा तो बहुत hi अचे आदमी है बीटा उनका हमरे पर बहुत hi कर्ज है बीटा मेरे पति के मरने के बाद उन्हीने hi मेरी बेटी को पढ़ाया लिखाया है बीटा आज हम जो भी है उनकी वजह से hai..or तुम कभी अपने दादा से मिले नहीं हो ..क्या जो पूछ रहे हो..

राज- नहीं अन्तेय मई कभी पाने गांव नहीं गया इस लिए..

स माँ- हां वो तो मुझे पता है क्यों की जब परताप गर से निकला था सदी करके तब हम गांव मई hi थे बीटा तुम्हरे पिता के साथ अन्य हुवा है उसका दुःख मई तुंहरे दादा को भी है बीटा वो तुंहरे पिता को बहुत याद करते hai..beta...wo तो बिलकुल अब टूट गए है बीटा तुम्हारे पिता क bina...uska कारन भी तुंहरे दादा के दुश्मन है beta...unke कारन hi तुंहरे दादा और नाना की दुश्मनी हुयी hai...muje परताप से मिलवाएंगे बीटा तुम वो मुझे पहचान जाएंगे बीटा...

राज- हां क्यों नहीं आपको मई उनसे मिलवाऊंगा क्यों नहीं और मुझे पता है थोड़ा बहुत तो की मेरे पिता और दादा को अलग करने वाला कोण है लेकिन अभी पिता जी ने मुझे कुछ बतया नहीं है हमारी फैमिली के बारे मई और उन्हें भी ोाता नहीं के मुझे सब पता है होने गांव क बारे मई...

स माँ- क्या परताप ने तुजे भी नहीं बतया बीटा उसे तो ोाता भी नहीं होंगे की उसके जाने क बाद क्या क्या हुवा है गांव मई वो जब गांव मई था तो तुम्हारे दादा का रुवाब hi कुछ अलग था उनके सामने किसी की जुर्रत जो आवज बड़ी आवाज मई बात kare...koi...lekin तुंहरे पिता के जाने क बाद सब कुछ बदल गया है beta...tumhare दादा को तुम लोगो की बहुत जरुरत है बीटा क्यों की उनको जब पता चलेंगे की परताप यहाँ रहता है तो वप खोद यहाँ आ जायेंगे उसको लेने और ये बात पता कहलेंगी की तुम उनके पिटे हो तो और भी खुश हो जायेंगे क्यों की वो अपने वरिष्ठ के लिए बहुत तड़प रहे hai..lekin अभी तक उनका कोई वरसिंह नहीं मिला बीटा unko...tumhare दोनों चाचा को कोई लड़का नहीं है सिर्फ लड़किया hi है..

राज- क्या मेरे दो दो चाचा है anty..ap सबको पहचानती हो...

स माँ- हां सबको पहचानती हु मई मैंने मेरे पास कुछ भी नहीं था तब तुम्हरे दादा ने hi हरि मदद की थी मुझे अपने गर मई काम पे रखा था बेटे ....मई तुम्हरे पापा लेके सबको जानती हु बीटा...

राज- अच्छा तो आप हमरे गर पर hi काम करती थी तब तो पापा आपको देखते hi पहचान जायेंगे लेकिन आप उनको अभी कुछ बताना मत की गांव मई क्या क्या हुवा hai...mai आपसे उनको मिलवा तो dunga...ok..

स माँ- क्यों बीटा उनको क्यों न बटु मई तुम्हरे दादा को तुम लोगो की बहुत जरुआत है बीटा .

राज- मुझे पता है अन्तेय लेकिन आप उनसे या दादा को इस बारे मई अभी कुछ मत बताना उसका भी समय आने दो उनको मई खुद बता दूंगा..

स माँ- ाचा कोई बात नहीं बीटा मुझे कब मिलवाएंगे तुम्हरे पिता से कितने साल हो गए उसे देखे huye....meri आंखे तरस रही है उसे देखने को..

राज- मई आपको जल्द hi उनसे मिलवाऊंगा बस अभी थोड़े दिन रुक जाईये मुझे पहले इस केस को खतम कर लेने दीजिये तब तक आप कुछ मत बताना उनको या दादा को या किसी और को ok ...

स माँ- अच्छा बीटा तुम जैसा चाओ मई वैसा hi करुँगी...

समय- वाओ सर आप टी मेरे गांव के निकले...

राज- हां समय देखा किस्मत कहा से कहा ले आती hai...lekin आज से तुम मुझे अब राज hi बुला न अकेले मई ok...

समय- सर मई ऐसा कैसे बुलु आपको हां.

राज- समय पहले हम एक दूसरे को जानते नहीं थे लेकिन अब तो अजन्ते है न एक दुआरे को तो अब से मुझे तुम अकेले मई राज बुला सकती हो ok..

समय स्माइल करके ..बोली..

समय- ok raj...bas khaus....abb..

राज- हां ये हुयी न बात ...अब मई निकलता हु अन्तेय...

स माँ- ok बीटा लेकिन एते रहना िदःर गर और है शम्भल कर jana..beta..

राज- है हां अब तो अत hi रहूँगा क्यों समय अब तो आप की और हमारी जो जान पहचान हुयी है तो क्यों नहीं आऊंगा मई..

समय- हां क्यों नहीं आएंगे राज माँ वो तो अब हक़ से आएंगे इधर क्यों राज..

राज- हां क्यों नहीं somya...chalo मई निकता हु ..

समय- चलो राज मई तुमको बहार तक छोड़ देती हु..

राज- हां चलो..

फिर मई और समय दोनों बहार ए तो समय बोली..

समय- मुझे बहुत खुसी हुयी की आप भी हमरे गांव के ho..ye सुनकर..

राज- अच्छा मुझे भी खुसी हुयी की तुम मेरे गांव की hi हो..

समय- अच्छा कल मुझे लेने आएंगे क्या..

राज- हां अब तो रोज आऊंगा तुमसे और अन्तेय से मिलें..

समय- हां आना रोज क्यों नहीं सब आपका तो है हमरे पास जो भी है वो..

राज- नहीं मेरा नहीं मैंने क्या किया जो किया है मेरे दादा ने किया है तुम्हरे लिए और तुम्हारी माँ के लिए...

समय- हां वो तो है सच मई वो एक महँ इंसान hai...lekin तुम भी तो उनके पोते ho...to तुंहारा भी हुवा न..

राज- अच्छा काहलो मई चलता हु तुमसे तो मई जित नहीं सकता जीडी जो हो तुम..

समय- हां haa....chalo bay...shambhl कर जाना raj...good निंगहत...

राज- ok बी गुड ninght...by..tc.

फिर मई वह से निकल गया और होने गर एके मेरे पास जो के थी उसे गर खोला और अपने रूम मई जेक सो गया क्यों की अभी 12 बज गए थे और कोई जग नहीं रहा thaa..to मई सो gaya...room मई आजके ..

अब देखना अगले उपडेट मई क्या क्या होता hai...bahut कुछ राज को पता चला उसके गांव के बारे मई अब देखते है राज की कसिमत आगे उसे कहा कहा ले जाती है..
 
अपडेट-111

समय- हां haa....chalo bay...shambhl कर जाना raj...good निंगहत...

राज- ok बी गुड ninght...by..tc.

फिर मई वह से निकल गया और होने गर एके मेरे पास जो के थी उसे गर खोला और अपने रूम मई जेक सो गया क्यों की अभी 12 बज गए थे और कोई जग नहीं रहा thaa..to मई सो gaya...room मई आजके ..

अब देखना अगले उपडेट मई क्या क्या होता hai...bahut कुछ राज को पता चला उसके गांव के बारे मई अब देखते है राज की कसिमत आगे उसे कहा कहा ले जाती है..


☆स्टार्ट☆

सुबह को मई उठा तो देखा अभी 6 बजे है मई तैयार हुवा और निचे गया तो वह पे पापा और माँ बैठे थे टेबल पे मुझे देखा वर्दी मई सुबह को तो पूछा मुझे.

पापा- बीटा सुबह सुबह आज कहा चला वर्दी पहन कर

राज- हां पापा उस केस के सिलसिले मई मुझे थोड़ा काम है तो सोचा आज जल्दो hi चला जाऊ..

पापा- ओह्ह कहा तक पोहचा वो केस..

राज- पापा उस केस के मैंने नए सिरे से सुरु किया है अभी बस सुरुवात हुयी है मुझे कुछ ऐसे नाम मिले है जो मुझे इस केस मई होने की शंभवना है..

पापा- वह तूने तो एक hi दिन मई बहुत कुछ पता लगा चूका है बस ऐसे hi मन लगाकर काम कर तुजे सफलता जरूर मिलेंगी..

माँ- आप दोनों भी शुभ सुबह को कोई और बात नहीं मिलती जो केस की बाटे करने lage...ho..

raj-haa माँ अब तो ऐसा चलता रहेंगे आपका बीटा जो पोलिश वाला हो गया है..

माँ- हां पता है मुझे आया बड़ा पोलिश वाला लेकिन गर पे नहीं चलेंगे ये पोलिश वोलिश समजा अब्ब चल नास्ता कर le...chup चाप..

हम अब नास्ता करने लगे तो इतने मई निशा और संजू आये ..आकर निशा बोली..

निशा- गुड मॉर्निंग भाई सुबह शुभ आज जल्दी मई लग रहे हो क्या बात है..

राज- हां वो केस के सिलसले मई तहकीकात करने जाना है आज मुझे तू बता केसा चल रहा है सोल्लगे मई.

निशा- बस अभी तो कुछ खास नहीं चल रह है..

राज- अच्छा ाजो बैठो इधर दोनों और कफ और नास्ता करलो..

संजू- गुड मॉर्निंग राज..

राज- गुड मॉर्निंग संजू

फिर हम सब नास्ता किया और फिर मई ों लोगोंके साथ थोड़ी देर बाटे किया फिर निकला गर से 8 बजे और पहले मई मेडम के गर गया और उनको एक रौंद चुदाई की और फिर उनको बोल के मई निकला समय के गर और मई 9 बजे पोहच गया और दूर की रिंग बेल्ल बजायी तो समय की माँ ने दूर खोला मुझे देख कर बोली..

स माँ- ओह्ह राज बीटा तुम ...आओ अंदर..

राज- हां अन्तेय वो समय किधर है..

स माँ- वो तैयार हो रही है बीटा अभी अति hi होंगी क्या तुम बैठो मई कूफ़े लेके आती हु..

राज- अच्छा अन्तेय मई इंतजार करता हु उसका..

तब तक मई ने अपना फ़ोन निकला और परमवीर को कॉल किया उसने बताया मुझे की वो अभी ऑफिस आ गया hai..to मैंने उसे थोड़ी देर मई ा रहा हु बोलके फ़ोन रखा क्यों की अन्तेय कॉफी लेके आ गयी थी..

अन्तेय ने मुझे कूफ़े दिया मई कॉफी रहा था इतने मई अन्तेय बोली..

स माँ- गर पे कैसे है बीटा सब ..

राज- सब अचे है अन्तेय ...आपको मई जल्दी से मिलवाऊंगा उनसे

स माँ- हां वो तो है बीटा मुझे तो बस तुम और तुम्हारे पापा को बस गांव मई अपनी फैमिली से मिलो यही छाती हु मई तो क्यों की उनको तुम सब की जरुरत है बीटा...

राज- हां अन्तेय मुझे भी अपने परिवार को मिलाने की बड़ी इच्छा hai..mai बस पहले इस केस को सोल्वे करदु बाद मई मई सब राज खोल दूंगा..

इतने मई समय रूम से बहार आयी और boli..tab हमरी नजर उस पर गयी..

समय- किसा राज खोलना है राज तुम्हे...

राज- ओह्ह समय वो कुछ नहीं बस गर के लोगो की बात चल रही थी..

समय - उह अच्छा अब कहले हम..

राज- हां क्यों नहीं चलो..

संयम- बीटा आज रत को खाना कहने आएगा क्या इधर..

राज- नहीं अन्तेय आज नहीं आज पता hi नहीं हमें कब काम ख़तम होंगे हमारा..

समय- हां माँ आज काम जयादा है हमारा.

स माँ- अच्छा कोई बात नहीं बीटा मेरी बेटी का ध्यान रखना ये थोड़ी जिद्दी है...

राज- कोई बात नहीं अन्तेय मई इसका पूरा ध्यान रखूँगा...

समय- क्या माँ आप भी ना मई अब बड़ी हो गयी हु आप मेरी चिंता न करे..

राज- चिंता तो करेंगी hi क्यों की वो तुम्हारी माँ है और बचे कहे कितने बड़े हो जाय माँ के लिए हमेशा छोटे hi रेह्ते है समाजी अब चलो हमें पोहचना है..

समय- हां ऐ बात तो hai...maa का प्यार की बात hi अलग है चलो अब्ब बी माँ

स माँ- बी बीटा ....हमरे जाने के बाद स माँ मन मई कितना अचे संस्कार है इसके बिलकुल अपने दादा पे गया hai..raj..or उसकी माँ रेशमा ने अछि परवरिश करि है इसकी...

हम दोनों कार मई बेथ कर निकल गए हमरे ठाणे जाने तो मई बोलै..

राज- समय वो कमीना पाटिल तुम पर भी गाँधी नजर रखता है क्या

समय- हां सर वो टर्की है एक no ka...sir..

राज- आज उसकी मई पेण्ट गीली कर दूंगा देखना आज के बाद वो तुम्हे आंख उठाकर भी नहीं dekhenga..dekhana.

समय- सच राज तुम उसको सबक सिखाएंगे ..

राज- हां क्यों नहीं अब तो तुम मेरे लिए और भी ख़ास हो गयी हो..

समय- क्या ..कहा मई खास आपके लिए

राज- हां वो तुम मेरी जान पहचान वाली निकली न और अन्तेय ने भी मुझे तुम्हारा ध्यान रखने को कहा है तो अब तो खास हुयी न मेरे लिए...

समय- ओह्ह यदि जान पहचान न होती तो तुम पाटिल को सबक न सिखाते..

राज- क्या तुम्हे लगता है मई ऐसा करता मई यदि तुमको जनता भी न होता फिर भी उसकी तो लगने hi वाली थी यदि तुम्हारी जगह कोई और लड़की होती तो भी मई इसके लिए ये करता

समय खुश होकर बोली..

समय- हां मुझे पता है राज मई तो सिर्फ मजाक कर रही हु...

राज- अच्छा मजाक था हां...

समय- बुरा लगा tumhe...raj..

राज- नहीं तो मुझे क्यों बुरा lagega..haa.

समय- अच्छा तुम न अपनी बहनोंके जैसे hi हो .

राज- तुम कोनसी बहनो की बात कर रही हो..

समय- तुम्हारे चाचा की लड़कियों की बात कर रही hu...wo भी तुम की तरह hi है बिलकुल ..ऐसी hi बाटे करती है तुम्हारी तरह

राज- ओह्ह तुम उनको जानती हो...

समय- हां वो मेरी फ्रेंड hai...sab हम सब बचपन से साथ खेलते थे..

राज- ओह्ह अच्छा है चलो मुझे तुमसे उनके बारे मि जाने को तो मिलेंगे..

समय- हां वो तो hai...dekhna उन्हें जब पता चलेंगे की उनका भाई भी है तो वो बहुत खुश हो जाएँगी..

राज- हां मुने भी उनको मिलना है जल्दी hi..

समय- तो फिर जल्दी से ये केस को खतम करो और फिर चलते है गांव छुट्टी लेके...

राज- हां मैंने भी ऐसा hi सोचा है .कुछ.

समय- अच्छा मई भी आउंगी तुम्हारे साथ गांव मई मई भिनकितने साल से उन सबको नहीं मिली..

राज- क्यों कितने साल से गांव नहीं गयी..

समय- मई 3 साल से गांव नहीं गयी हु...

राज- अच्छा हम जल्दी है जायेंगे और हां तब तक तुम उनसबको कुछ बताना मत की मई उनका भाई हु ऐसा कुछ..

समय- ok नहीं बाटूंगी मई बस..

फिर हम ऐसे बाटे करते हुए ठाणे मई पहोच गए हम दोनों अंदर गए तो वह पे आरिफ बेथ था और कुछ कॉन्टेबल थे जो मुझे देख कर सलूट किया मैं ारीफ़े को बोलै..

राज- आरिफ परमवीर को लेके मेरी ऑफिस मई आओ जल्दी..

ारीफ़े - जी सर अभी आते है हम...

फिर मई और समय दोनों मेरी केबिन मई गए और थोड़ी देर मई ारीफ़े और उसके साथ परमवीर कुछ कागज लेके आया और मुझे बोलै..

परमवीर- क्या बात है आज तुम कुछ जल्दी मई लग रहे हो..

राज- हां मई बताता हु पहले मुझे वो लिस्ट दो जो तुमने अपने कबरई से पता करके बांया है..

परमवीर- हां ये लो.

मैंने वो लिस्ट लिया और देखने लगा तो मुझे एक hi नाम कमान मिला गुलशन का तो मई बोलै..

राज- आरिफ इसमें भी एक hi नाम ऐसा है जो उस लिस्ट मई कमान है गुलशन ...यही एक लूखा है जो इस मई शमिल हो सकता है....

परमवीर- वो तो बड़ा गुंडा है भाई...

राज- हां मानिए कल सुना था ारीफ़े से लेल्किन इसको मिलने से पहले मुझे उस पाटिल को मिलना है और फिर अभिहिस्क वर्मा के गर जाना hai...hame उसकी बीबी की भी थोड़ी पूछताछ करनी है उसके बाद हमें उस जगह जाना है जहा ये कांड हुवा है..

परमवीर- उह तो आज का पूरा सुईदुले तुमने पहले से hi सोच रखा है..

राज- हां तो चले अब उस पाटिल के पास..

समय- हां लेकिन हम उसके पास जेक उसे क्या बात करेंगे..

राज- वो तुम बस देखो मई कैसे उसकी हवा टाइट करता हु ..

फिर मई ारीफ़े समय और परमवीर निकले उस पाटिल के ठाणे और मैंने कार की के ारीफ़े को दिया..

राज- ारीफ़े ये लो के और कार को सॉर्ट करो..

ारीफ़े मेरी कार की देख कर खुश होक बोलै..

ारीफ़े - ओह्ह वह सर आज तो हमार को चलने का मौका मिलेंगे मुझे वह..

राज- ाचा चल कार सॉर्ट कर पहले..

ारीफ़े कार सॉर्ट किया मई और समय पीछे बेथ गए और आगे ारीफ़े और परमवीर बैठे सेल ारीफ़े ने मेरी कार को रेड लाइट और बाकि का काम भी पूरा कर दिया था तो कार एक दम धसू लग रही थी..

हम निकल पड़े तो मेरा फ़ोन बजा मैंने देखा कमिश्नर का फ़ोन था मैंने कॉल पिक किया..

राज- हां सर ..

कमिशनर- हैल्लो राज काम कहा तक पोहचा उस केस का ..

राज- बस सर सुरु हो गया है काम बस अब कुछ दिन की hi बात है मई इस केस को सोल्वे कर दूंगा...

कमिशनर- वह मानना पड़ेगा तुम्हे..

राज- सर और कहिये किस लिए कॉल किया था.

कमिशनर- बस ऐसे hi जानने के लिए की केस के बारे मई..

राज- ओह्ह ाचा किया ...

फिर थोड़ी बहुत बाटे किया 0हीर फ़ोन रखा तो परमवीर बोलै..

परमवीर- किसका फ़ोन था बे...

राज- कमिश्नर का

समय- सर का फ़ोन था क्या कहा उन्होंने..

राज- कुछ नहीं वो बस इस केस के बारे मई पूछ रहे थे...

समय- ओह्ह ..

फिर हम थोड़ी देर मई वह पोहच गए मई ठाणे को देखा ठना तो ऐ भी अच्छा था मई बोलै..

राज- ये वही जगह है क्या ारीफ़े..

ारीफ़े - हां सर ये यही जगह उस पाटिल का थाना..

राज- अच्छा काहलो अंदर चलते है..

हम अंदर जाने लगे वह खड़े दो कॉन्स्टेबल मुझे डेल्ह कर सलूट किया और मई अंदर गया मेरे साथ वो सब भी अंदर ए मैंने देखा अंदर सब पोलिश वाले बैठे गप्पे मर रहे थे मई बोलै...

राज- यययय सालो सब क्या कर रहे हो....

मेरा इतना बोलते hi सब की नजर मुज पर गयी सब मुझे देख रहे थे और उनमे से एक बोलै...

कॉन्स्टेबल- कोण हो आप ..

परमवीर- सेल तेरा बाप है ye...khada हो साला स्पेसल अफसर है ये मर राज परताप सींग..

सब के सब सुनकर खड़े हुए और मुझे सल्लुते करने लगे...

कॉन्स्टेबल- सोररु सर माफ़ करना हमने आप को पहचाना नहीं...

राज- कहा वो पाटिल तुम्हारा तहने का इंचार्ज..

कॉन्स्टेबल- साहब वो तो इधर अभी आये नहीं है..

राज- क्या अभी तक नहीं आया wo...use कॉल करो और जल्दी से तने बुलाओ उसे..

कॉन्स्टेबल - जी साहब अभी उनको बुलाता हु मई आप तब तक अंदर केबिन मई बैठिये सर...

हम सब अंदर गए और वह बेथ गए मई उसकी खूसरषि पे बैठा और बोलै..

राज- परमवीर ऐ साला अभी तक आया क्यों नहीं ठाणे मई...

परमवीर- गया होंगे कही पि के पड़ा होंगे रंडी के पास..

राज- साला उसकी तो मई आने दो उसे जो यदि वो आज पिया हुवा होंगे तो उसकी मई गांड मार लूंगा...

मेरी बात सुनकर समय बोल पड़ी..

समय- सर ....

मई समज गया की मई जोश मई क्या बोल गया तो मैंने

राज- सॉरी समय वो घुसे मई निकल गया..

समय- कोई बात नहीं सर पोलिश मई ऐ सब कई बार सुनने को मिलता hi है..

राज- हां जब मुझे गुसा आता है तो पता नहीं गली कहा से निकल जाती है..

वो कॉन्स्टेबल अंदर आया और मुझे बोलै.

कॉन्स्टेबल- सर क्या लावू कॉफी या ठंडा..

राज- कुछ नहीं चाहिए बस उसे जल्दी से यहाँ आने को बोल...

कॉन्स्टेबल- है सर बोलै है वो यहाँ hi आ रहे है बस अभी एते hi honge..tab तक आप कुछ ठंडा लीजिए ना सर .

राज- नहीं कुछ नहीं चाइये बस वो आये तो सीधा अंदर भेज देना..

यहाँ हम उसका बीते कर रहे थे और अब जानते है उस कॉन्स्टेबल ने क्या कहा पाटिल को.

कॉन्स्टेबल ने फ़ोन किया पाटिल ko..to पाटिल अभी नशे मई किसी रैंड की चुदाई कर रहा था उसका फ़ोन बजा तो उसने पहला फ़ोन अपने कॉन्स्टेबल का नाम देख कर नहीं उठया लेकिन उसके बाद किसी दूसरे का फ़ोन आया उस मोबाइल पे तो उसने कॉल पिक कर लिया और बोलै..

पाटिल- बोल बे क्या पता चला तुजे उस नए ोफ्फुसर के बारे मई...

वो खबरि- जी शब् वो मैंने पटाया लगया की कोई राज पार्टप सींग इस केस को हैंडल कर रहा है और वो अभी परमवीर की ऑफिस मई उसको इंचार्ज बनाया है और शाब मई जब वह गया तो वो लोग कही जा रहे थे तो मैंने उनका पीछा किया पता है वो लोग अभी कहा पे है..

पाटिल- बोल न लोडे कहा पे है..

खबरि- वो आपके ठाणे मई है अभी...

पाटिल- kya..?mere ठाणे मई...

ये सुनकर पाटिल ने उस रैंड को छोड़ना बांध किया और उसे निकल ने को कहा रूम से और फिर बोलै..

पाटिल- तू फ़ोन रख मई बाद मई कॉल करता हु तुम्हे..

पाटिल ने जल्दी से उस कॉन्स्टेबल को कॉल किया और उसने पहिने उठाया और बोलै.

पाटिल- क्या काम था बोल..

कॉन्स्टेबल- जी शब् कोई नया शब् आये है और बोल रहे है आपको ऑफिस बुलाने ko.jaldi आईये वो बहुत घुसे वले hai..saahb

पाटिल- क्या वो कहा है अभी मई आ रहा हु..

कॉन्स्टेबल- वो आपकी केबिन मई है abhi..or उसके साथ बाकि पोलिश वाले भी hai....aap जल्दी आईये शब्

पाटिल- मई अभी आया उसे तुम चाय या ठंडा पिलो मई बस पोहच रहा हु..

पाटिल की गांड फैट गयी थी इस लाइए जल्दी से कपडे पहने और पोलसिह की जीप निकल के जाने लगा उसने रस्ते मई hi गुलशन को कॉल किया..

गुलशन- बोल बे क्या पता लगया तूने

पाटिल- भाई लगता है गांड मर गयी है मेरी...

गुलशन- क्या हुवा बे तू इतना डरा हुवा क्यों लग रहा है..

पाटिल- भाई वो नया अफसर कोई राज परतप सींग है और अभी वो मेरी ऑफिस मई बैठा है और मुझे बुलाया है तहने और पता है मेरा कॉन्स्टेबल कह रहा था वो बहुत घुसे वाला है..

गुलशन- क्या वो तेरी ऑफिस मई क्या कर रहा है कही उसे शक तो नहीं हो गया तेरे बारे मई क्या...

पाटिल- पता नहीं भाई वो तो जाने के बाद पता chalenga...muje तो दर लग रहा है कही उसे कुछ पता चला होंगे तो मेरी नौकरी भी जाएँगी और ऊपर से सजा मिलेंगी ये अलग..

गुलशन- साला गनद क्यों फैट रही है तुम्हारी पहले जा और वह जेक पता कर किस लिए आया है वो और हां उसे कुछ बताना मत नहीं तो पता है ना तुजे इसकी क्या सजा मिल सकती है..

पाटिल- मई पागल नहीं हु भाई जो आपके बारे मई batu..nga..

गुलशन- अच्छा जा पता कर किस लिए आया है इसके सामने ऐसा डरेंगे तो उसे शक जरूर हो जाएंगे..

पाटिल- जी bhai...mai जा रहा hu..abhi फ़ोन रखता हु बाद मई कॉल करता हु मई..

गुलशन- हां jaa..or हो सके तो उसे पीसो की लालच दे देना समजा...

पाटिल- जी bhai...pehle पता तो अलगे की वो पइसे खाने वाला है की नहीं ..

फिर पाटिल ने पहिने रकह और वो पोलिश सेशन के सामने था उसके और गाड़ी वह पार्क करके सीधा डोडा अंदर और जेक कॉन्स्टेबल को पूछा कहा है wo..to उसने इशारा किया उसकी केबिन की और तो पटेल वह गया और दूर खोला..

जैसे hi दूर khola..raj की नजर वह गयी तो वो बोलै..

राज- कोण हो तुम...

पाटिल- वो अंदर एते huye...ji सर मई पाटिल हु इस ठाणे का इंचार्ज...

सब की नजर उसके उअप्र जाती hai...uski तरफ राज बोलै..

राज- ओह्ह तो तुम hi हो पाटिल आ भाई कहा गम रहा था अभी तू हां...

पाटिल- जी शब् पेट्रोलिंग पे गया था..

राज- अच्छा आ इधर beth...tu...

पाटिल- जी शब् ..

पाटिल ेल खुसरहि पे बैठा और राज बोलै..

राज- कहा पेट्रोलिंग करने गया था बे अभी हां....

पाटिल- शाब वो मई इस एरिया मई पेट्रोलिंग कर्म गया था ..

राज- क्या वह तो रंडिया रहती है वह गया था तू हां किस लिए ..

पाटिल- जी साहब बस देखने गया था की कोई लफड़ा तो नहीं हुवा है..

राज- अच्छा देखने गया था या पि के कही पड़ा था तू हां...

पाटिल की तो सुन के गांड फैट गयी और बोलै..

पाटिल- नहीं ...साहब wo..mai बस थोड़ा ..piya..hai..

राज- अबे चूतिये इधर दुती के टाइम पाइक आया है साला ...ये क्या पीकर आने की जगह है ...

पाटिल - जी सर आप तमीज से बात कीजिये चाहे आप मेरे सीनियर अफसर hi क्यों नहीं ho...lekin मई भी एक पि hu..samje सर..

राज- अबे सेल पि है तो क्या हुवा यहाँ गांड मरवाने अत hai...haa...tu..bhsohdike यहाँ पिने आता है या सवा karne...jaa नहीं अकरूंगा बात क्या कर लेंगे..

मई इतने घुसे मई बोक रहा था सब मुझे hi देख रहे थे और मेरा ये रूप देख कर पाटिल की तो अंदर से गांड फैट रही थी लेकिन वो दर दिखाना नहीं छठा था इस लिए बोलै..

पाटिल- सर आप अपनी जुबान शम्भल कर बात करे ...तो अकहा है..

राज- अबे सेल मुझे धमकी दे रहा hai...achaa नहीं तो क्या कर ेलंगा बे तू हां..

पाटिल- मई कमिशनर को आपकी कॉम्पलियन कर दूंगा..

राज- अच्छा कर भोस्डिके कर कप्लीने देखता हु आज तुम्हे कोण बचने आता है..

पाटिल- जी शाब्ब नहीं वो मई बस ऐसे hi बोल रहा था...

राज- अच्छा फैट गयी क्या लगा न कॉल

पाटिल- नहीं सर वो mai...mai.ab से नहीं पिऊंगा दुती टाइम ..

राज- वो तो अब तुम पिने का नाम भी नहीं लोंगे समजे नहीं तो मुझे याद कर लेना तुम्हारा सारा नशा गायब हो जाएंगे..

पाटिल- जो शाब अब बतिये यहाँ किस लिए आये है साहब..

राज- क्यों यहाँ आने ले लिए तेरी परमिसन लेनी पड़ती है kyaa..mai जहा चौ वह अपनी मर्जी से जा सकता हु समजे...

पाटिल- जी शाब ..वो तो मुझे पता है लेकिन आप कुछ काम से ए थे ये मई पिच रहा था..

राज- हां वो मुझे तुमसे कुछ जानना tha...abhishek वरं के केस के बारे मई..

पाटिल- क्या अभिषेक वरं के बारे mai...kyu शब् उस केस को तो बांध हुए 5 साल हो गए अब क्या करना है उसके बारे मई जान कर..

राज- अच्छा न्यूज़ नहीं देखता क्या तू या हमेशा रंडियो के पास पि के पड़ा रहता है..

पाटिल- नहीं नहीं सर ऐसा नहीं मई मई तो यहाँ रोज आता हु सर आप किसी से भी पूछ लीजिए..

राज- अच्छा तो अब बता वो केस तूने किस लिए बांध karwaya...haa

पाटिल- सर उस केस का कोई सुराग नहीं था और जो भी उस केस को लेता था उनकी जान चली जाती थी इस लिए मैंने उस केस को बांध करवा दिया..

राज- अच्छा तो तेरी भी गांड फैट गयी थी उस केस या किसी के कहने पे ये केस बांध किया है...

ये सुनकर फिर से पाटिल को एक जतका लगा और गभारते होते बोलै..

पाटिल- नहीं नहीं शब् मई किसी के कहने पे ऐसा नहीं किया सर बना सुराग के हम कैसे पता लगा सकते थे शाब ...यही बात है सर..

राज- अच्छा गु सच बोल रहा hai...to पसीना क्यों आ रहा है तुजे इतना फैन के निचे बैठा है तो भी ...haa..bata क्या छुपा रह है..

पाटिल की तो ऐ सुनकर गांड फैट गयी thi...or अपना पछीना पिह्चते हुए बोलै..

पाटिल- नहीं सर वो बाहर से आया न इस लिए ऐसा हो रहा है...

राज- आरिफ बता जरा उस केस के साबुत को अल्हरी बार किस के कह्रगे मई the...or उसमे से क्या गायब है..

ारीफ़े - जी सर वो पाटिल सर के कह्रगे मई थे और उसमे से ेल डेरी गायब है...

अब इतना सुनकर तो पाटिल की गाड़ से धुवा निकल gaya...or राज बोलै

.

राज- अब बता पाटिल कहा गयी वो dairey...haa

पाटिल- कोनसी डायरी साहब जब मैंने उन सबूतों को रख था तब उसमे कोई डिरे नहीं thi...aap मुज पे कैसे शक कर सकते ho.sir..

राज- अच्छा ारीफ़े बता ना उस वक्त दायरे थी की नहीं उस बॉक्स मई..

ारीफ़े - जी सर मैंने खोद अपनी आँखों से देखा था उसमे दायरे थी ..

राज- हम्म तो अब बोलो और कोई साबुत चैट अब सीधी तरह से बता नहीं to...teri मई सच मई मर लूंगा..

पाटिल- आप मुझे इस तरह डरा कर मेरे ऊपर जुर्म नहीं लगा सकते सर वो भी बिना साबुत को ...मैंने कुछ नहीं किया sir...jisa था इसे hi सब रखा था मैंने क्या पता मेरे जाने क बाद किसी ने चोरी किया हो.

राज- अच्छा चल कोई बात नहीं अभी तो छोड़ रहा हु मई लेकिन जब भी मुझे पता चला की इस केस मई तू भी उस कातिल के साथ था और ऐ काम तूने किया है उस दिन तेरा आखरी दिन समाज लेना इस लिए कहता हु अभी भी बोल दे सायद मई तुजे बॉक्स दू..

पाटिल- सर आप मुझे यू डरा नहीं सकते हो मैंने सच कह रहा हु मैंने कुछ नहीं किया है..

राज- चल छोड़ ये बात और बता की तू लड़कियों पे बुरी नजर रखता है ऐसा सुना hai..or हां कुछ पोलिश कॉन्स्टेबल से लेके पि तक को तू अपनी गन्दी नजर रखता है बता क्या ये सच है..

समय ये सुनकर खुश हुयी मैंने उसके चारे पे समिले देखि थी..

पाटिल- जी शा मई ऐसा नहीं करता अपने किसने बतया की मई ऐसा करता हु.

राज- देख ते मेरी तरफ से लास्ट एंड फाइनल वार्निंग है अलगी बार जब भी मुझे तेरी इन साडी हरकतों के बारे मई पता चल तो इतना मरूंगा सेल की कही मुँह दिखने लायक नहीं रहेंगे समाज...

पाटिल- जी सर समज गायमै..

राज- अच्छा चल मई चलता हु लेकिन हां जल्दी hi मुलाकात होंगी हमारी दवा करना तेरा नाम किसी चीज मई ना ए नहीं तो समजा गया ना क्या होंगे सेल..

पाटिल- जी शाब समज गया मई..

फिर मई खड़ा हुवा और सब मेरे साथ खड़े हुए और मई बाहर आया तो पाटिल भी बाहर आया सब मुझे और पाटिल को ऐसे देख रहे थे की हम अंदर से युद्ध करके ए हो ..क्यों की सब बहार कम्प्लेट सुंई दे रहा था अंदर kaa..to मई बोलै.

राज- सुनो सब कान खोल कर मुझे इस तहने मई कोई भी फ्री का बैठा मिला तो संजो उसे उसी वक्त निकल के फेंक दूंगा समजे और हां ये पाटिल लाभ भी यहाँ पि के ए तो तुम से कोई भी मुझे कॉल कर सकता hai...kabhi कभी और हां किसी कॉन्स्टेबल लेडीज़ या किसी और स्त्री पे ये नजर बिगड़े या उसके साथ कोई भी बतमीजी करे तो भी आप मुझे बता सकते हो ाकभी कभी bhi...samje...aab से मुझे जब भी औ तब सरे केस और फाइल कम्प्लेट चाइये .समजे आप सब..

सब- जी सर समज गए...

राज- पाटिल समजा की नहीं या कोई और तरीके से संजो...

पाटिल- नहीं सर समज गया मई..

राज- चलो आरिफ कार निकालो..

ारीफ़े - जी sir...abhi निकल ता हु मई..

पाटिल हमें छोड़ने बहार तक आया और मैंने जाते वक्त ेल कॉन्स्टेबल लेडीज़ को देखा उसके चारे पर एक सिमले थी जो मेरे पाटिल के बारे मई बताए वक्त भी देख था... लेकिन अभी मेरे पास टाइम नहीं था इस लिए जायदा पूछताछ नहीं किया और कार मई बेथ कर निकल गया..
 
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