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- Dec 5, 2013
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उधर कानपूर में ...
रफीक रात में घर आया तो उसको हैरानी हुयी उसकी 20 साल की जवान बेटी घर के दूसरे हिस्से की तारा जा रही थी .
रफीक का घर दो हिस्से में बनता था और एक हिस्से में उसकी पहली पत्नी आबिदा अपनी बेटियों के साथ रहती थी और दूसरे हिस्से में वो अपनी दूसरी बीबी अपने एक बेटी और दो बेटों के साथ रहती थी.
दोनों के मुख्या द्वार भी अलग अलग था लेकिन घर में एक रास्ता था जो दोनों को आपस में जोड़ता था उसी रस्ते से हीना जो उसकी बेटी थी वो आबिदा के घर की तरफ जा रही थी .
रफीक चुपके से उसके पीछे गया और उसने देखा की हीना आबिदा के रूम की खिड़की से अंदर की तरफ झांक रही थी और फिर कुछ देर में वो अपने बोबे मसलते हुए देखने लगी तो रफीक को बहुत हैरानी हुयी की वो क्या देख रही ह.
कुछ देर में हीना ने एक हाथ से छूट मसलनि शुरू कर दी अब उसका एक हाथ बोबे पर था और दूसरा उसकी छूट पर था जिसे देखकर वो पूरा गुस्से में भर गया और उसने बाहर जाकर खांसने की आवाज की तो हीना जल्दी से भाग गयी .
रफीक फिर चुपके से आबिदा के बैडरूम की खिड़की पर गया और उसने अंदर देखा तो सन्न रह गया .
अंदर असलम अपनी बहन आबिदा की छूट को अपने मोठे लुंड से फाड़ने में लगा था वो गुस्से से आगबबूला हो गया और वो बैडरूम के गेट पर आकर गेट बजाय तो कुछ देर में आबिदा ने गेट खोला .
रफीक ने आबिदा का गाला पकड़ लिया और दबाने लगा तो असलम दौड़कर आया और उसे छुड़ा कर बोलै
असलम, -- क्या कर रहे हो.
रफीक ,-- आज में रंडी को जान से मार दूंगा.
असलम ,-- क्यों, आज हम पहली बार थोड़े hi मिल रहे ह .
रफीक ,-- आज के बाद तुम दोनों को में मिलने भी नहीं दूंगा सेल ,
असलम ,-- क्यों, आज बरसो बाद अपनी बीबी की चिंता हुयी ह.
रफीक ,-- आज तुम दोनों की चुदाई हीना देख रही थी.
आबिदा,-- तो जवान बेटी का निकाह कर दो उसे किसलिए घर में बिठा रखा ह .
रफीक ,-- वो मेरी बेटी ह उसका में निकाह करूँ या नहीं तुम को बोलने की जरुरत नहीं ह.
आबिदा ,-- तो उसका भी रेप करोगे नाजनीन की तरह.
रफीक गुस्से से ,-- आबिदा...... talaak..talaak..talaak ..
इतना बोलकर रफीक घर से निकल गया तो आबिदा हंसने लगी और बोली ,-- सच कितना करवा होता ह भाईजान.
असलम,-- वो तलाक तो ऐसे देकर गया ह जैसे की तुम्हे वो अब तक बेगम की तरह hi रखता आया ह .
दोनों ने गेट बंद किया तभी रफीक वापस आया और आबिदा के गेट खोलते hi बोलै ,-- सुबह अपनी बेटियों के साथ घर खली कर देना , समझी
आबिदा ने रफीक के मुंह पर गेट बंद कर दिया और उदास हो गयी तो असलम ने उसे गले लगा लिया और बोलै ,-- आबिदा ,उदास मत हो हम अभी यहाँ से चलते ह और तुम मेरे घर पर रहना.
दोनों अपनी बेटियों को लेकर असलम के घर आ गए और रात में सो गए .
अगले दिन तीनो बेटियां स्कूल चली गयी तो आबिदा बोली ,-- भाईजान अब हमें छुप छुप कर मिलने के जरुरत नहीं पड़ेगी.
असलम,-- में भी यही सोच रहा हूँ और हमें अब खुलकर एन्जॉय करना ह उसके लिए मेने भी कुछ सोचा ह.
आबिदा ,-- क्या .
असलम ,-- मुस्कान अब बड़ी हो गयी ह उसे हमें दूर करना पड़ेगा वार्ना उसे समझाना मुश्किल हो जायेगा.
आबिदा ,- उसे दूर करके कहाँ भेजेंगे.
असलम ,-- दिल्ली .
आबिदा ,-- दिल्ली में कहाँ.
आबिदा ,-- रोहित के पास , रोहित उसे रुखसार की तरह जवान कर देगा और हम तीनो मिलकर एन्जॉय करेंगे.
आबिदा ,-- तीसरा कोण.
आबिदा ,-- सोभा और कोण . फिर नाजनीन भी कभी कभी आ जाएगी तो इस घर में सिर्फ चुदाई चलेगी .
आबिदा ,-- और बाकि दोनों का क्या .
असलम ,-- उन्हें में यही बोर्डिंग स्कूल में दाल देता हूँ . फिर तुम्हे कपडे पहनने की जरुरत नहीं पड़ेगी घर में और अपने दामाद समीर से भी छोड़ने का मौका मिल जायेगा.
आबिदा अपनी छूट मसलकर, -- रफीक को कल क्या हुआ जो इतना भड़क गया था जबकि उसे सब मालूम ह.
असलम,-- छोड़ न अब उसका लुंड तो उठता नहीं ह और उसे उसकी बेगम ने भड़काया होगा.
आबिदा मुस्करा कर ,-- आप तीनो बेटियों को सिफत करने का प्रबंध कीजिये फिर खुलकर एन्जॉय करेंगे.
असलम ,-- हम्म .. में स्कूल जाकर दोनों की तक लेकर आता हूँ और मुस्कान अब दस क्लास पास कर ली उसे पढ़ने की जरुरत नहीं ह.
आबिदा ,-- जैसा आप ठीक समझे पर रोहित से बात तो कीजिये.
असलम,-- शाम में करूँगा अभी वो कॉलेज में होगा .
उसके बाद असलम अपनी बेटियों को स्कूल गया और उन्हें उसी स्कूल के हॉस्टल में फीस देकर एक दो दिन में सिफत होने का बोलकर आया और मुस्कान को लेकर आ गया.
मुस्कान प्रवीण जो आबिदा और असलम की नाजायज बेटी थी और अपनी अम्मी आबिदा की तरह खूबसूरत और गोरी चिट्ठी थी उसे माहवारी आते चार साल हो गए थे और उसकी छूट में भी खुजली शुरू हो चुकी थी. घर में उसे ज्यादातर अपने रूम में hi रहना पड़ता था और स्कूल जाते समय बुरका पहने बिना जाने की अनुमति नहीं थी. मुस्कान प्रवीण बहुत कामुक लड़की थी वो स्कूल में अपनी एक सहेली सीमा के साथ बैठती थी और सीमा चुदकड़ लड़की थी.
सीमा कमसिन उम्र में hi अपने बॉयफ्रेंड से छुड़वा कर जवान हो गयी थी और मुस्कान को वो अपनी चुदाई के किस्से सुना सुना कर जवान करने में लगी हुयी थी.
मुस्कान जब सीमा की बाते सुनती तो उसकी छूट गीली होने लगती और वो घर पर जब भी अकेली होती तो बाथरूम में जाकर नंगी हो जाती और अपने बूब्स से खेलने लगती जो संतरा की तरह हो गए थे.
मुस्कान को अपनी छूट में अंगुली दाल कर फिंगरिंग करने में बहुत मज़ा आता था और वो अपनी कमसिन छूट को भी भूरे रोयें आते hi साफ़ कर लिए थे जिससे उसकी छूट पर तेजी से झांट बढ़ने लगी थी.
मुस्कान हर महीने अपनी झांट को साफ़ करती और उस दिन वो अंगुली भी करती थी .
मुस्कान को इस बात का पता भी नहीं था की उसकी बड़ी दीदी नाजनीन रेप से पैदा हुयी थी और रफीक हो उसका बाप था वो उसका बलात्कार किया था और ना hi वो रुखसार के प्रेग्नेंट होने का जान पायी थी.
आबिदा ने उसे एक तरह से घर में नजरबन्द कर रखा था जिसे बस स्कूल जाने के परमिशन थी.
लेकिन कहावत ह ना किसी को जयादा कैद रखो तो वो ज्यादा बिड़द टी ह वही मुस्कान प्रवीण के साथ हुआ .
वो नाजायद औलाद होकर भी बिगड़ चुकी थी और सीमा ने उसे सेक्स का पूरा ज्ञान दे दिया था .
मुस्कान को अगर लुंड मिल जाता तो वो बिना देर किये चुद जाती और जब उसे असलम लेने आया तो उसे नहीं पता था की उसकी इच्छा बहुत जल्द पूरी होने वाली ह और वो रोहित जैसे सांड की रखेल बनने वाली ह .
असलम उसे लेकर घर आ गया और दिल्ली जाने को बोल दिया तो वो पैकिंग में लग गयी .
रात में आबिदा और असलम खुलकर चुदाई किये और दोनों छत पर बने रूम में नंगे पड़े बात कर रहे थे.
आबिदा ,-- कब आएगा रोहित .
असलम ,-- में फ़ोन करता हूँ उसे वो तो दौड़कर आएगा .
आबिदा ,-- अच्छा वो क्यों.
असलम ,-- वो पूरा मर्द ह और उसे मुस्कान जैसी कमसिन लोंड़िया की छूट की सील तोड़ने को मिलने वाली ह .
आबिदा ,-- मुस्कान पूरी मुझ पर गयी ह.
असलम ,-- हम्म . सूंदर ह और तेरे जैसी चुदकड़ भी होगी.
आबिदा ,-- ढट्ट.
असलम ,-- अरे तुम्हारी बेटी ह तो नाजनीन और रुखसार से दो कदम आगे hi जाएगी.
आबिदा, -- रोहित को बोल देना उसे इतनी जल्दी प्रेग्नेंट नहीं करे .
असलम,-- ये उन दोनों का मटर ह जो करना ह करने दे . मुस्कान अब इतनी छोटी भी नहीं ह.
आबिदा,-- रोहित ने रुखसार को कुछ hi दिन में पूरी निखार दिया था.
असलम ,-- उसका लोढ़ा सात इंच से बड़ा ह और रुखसार पूरी जवान थी तो निखरती नहीं क्या.
आबिदा,-- हम्म ... आप भी तो उसे पूरी बिगड़ hi दिए .
असलम,-- तो अच्छा किया ना सुधरके तुमने क्या घंटा प् लिया चार साल तक तड़पती थी लुंड के बिना.
आबिदा,-- हम्म. वो चार साल मेरे लिए बहुत मुश्किल से निकले थे .
असलम,-- तभी तो मेने निकाह नहीं किया ताकि तुम भी खुश रहो और मेरा लोढ़ा भी .
आबिदा,-- और फिर आपने मेरा पेट खली नहीं रहने दिया.
असलम,-- वो तो तुमने पानी मुंह में लेना शरू कर दिया नहीं तो पेट फिर से फुला देता .
आबिदा,-- चलिए रोहित को फ़ोन कीजिये
असलम अपना फ़ोन लेकर रोहित को फ़ोन लगा दिया .
तो बे कॉन्टिनोएड...
रफीक रात में घर आया तो उसको हैरानी हुयी उसकी 20 साल की जवान बेटी घर के दूसरे हिस्से की तारा जा रही थी .
रफीक का घर दो हिस्से में बनता था और एक हिस्से में उसकी पहली पत्नी आबिदा अपनी बेटियों के साथ रहती थी और दूसरे हिस्से में वो अपनी दूसरी बीबी अपने एक बेटी और दो बेटों के साथ रहती थी.
दोनों के मुख्या द्वार भी अलग अलग था लेकिन घर में एक रास्ता था जो दोनों को आपस में जोड़ता था उसी रस्ते से हीना जो उसकी बेटी थी वो आबिदा के घर की तरफ जा रही थी .
रफीक चुपके से उसके पीछे गया और उसने देखा की हीना आबिदा के रूम की खिड़की से अंदर की तरफ झांक रही थी और फिर कुछ देर में वो अपने बोबे मसलते हुए देखने लगी तो रफीक को बहुत हैरानी हुयी की वो क्या देख रही ह.
कुछ देर में हीना ने एक हाथ से छूट मसलनि शुरू कर दी अब उसका एक हाथ बोबे पर था और दूसरा उसकी छूट पर था जिसे देखकर वो पूरा गुस्से में भर गया और उसने बाहर जाकर खांसने की आवाज की तो हीना जल्दी से भाग गयी .
रफीक फिर चुपके से आबिदा के बैडरूम की खिड़की पर गया और उसने अंदर देखा तो सन्न रह गया .
अंदर असलम अपनी बहन आबिदा की छूट को अपने मोठे लुंड से फाड़ने में लगा था वो गुस्से से आगबबूला हो गया और वो बैडरूम के गेट पर आकर गेट बजाय तो कुछ देर में आबिदा ने गेट खोला .
रफीक ने आबिदा का गाला पकड़ लिया और दबाने लगा तो असलम दौड़कर आया और उसे छुड़ा कर बोलै
असलम, -- क्या कर रहे हो.
रफीक ,-- आज में रंडी को जान से मार दूंगा.
असलम ,-- क्यों, आज हम पहली बार थोड़े hi मिल रहे ह .
रफीक ,-- आज के बाद तुम दोनों को में मिलने भी नहीं दूंगा सेल ,
असलम ,-- क्यों, आज बरसो बाद अपनी बीबी की चिंता हुयी ह.
रफीक ,-- आज तुम दोनों की चुदाई हीना देख रही थी.
आबिदा,-- तो जवान बेटी का निकाह कर दो उसे किसलिए घर में बिठा रखा ह .
रफीक ,-- वो मेरी बेटी ह उसका में निकाह करूँ या नहीं तुम को बोलने की जरुरत नहीं ह.
आबिदा ,-- तो उसका भी रेप करोगे नाजनीन की तरह.
रफीक गुस्से से ,-- आबिदा...... talaak..talaak..talaak ..
इतना बोलकर रफीक घर से निकल गया तो आबिदा हंसने लगी और बोली ,-- सच कितना करवा होता ह भाईजान.
असलम,-- वो तलाक तो ऐसे देकर गया ह जैसे की तुम्हे वो अब तक बेगम की तरह hi रखता आया ह .
दोनों ने गेट बंद किया तभी रफीक वापस आया और आबिदा के गेट खोलते hi बोलै ,-- सुबह अपनी बेटियों के साथ घर खली कर देना , समझी
आबिदा ने रफीक के मुंह पर गेट बंद कर दिया और उदास हो गयी तो असलम ने उसे गले लगा लिया और बोलै ,-- आबिदा ,उदास मत हो हम अभी यहाँ से चलते ह और तुम मेरे घर पर रहना.
दोनों अपनी बेटियों को लेकर असलम के घर आ गए और रात में सो गए .
अगले दिन तीनो बेटियां स्कूल चली गयी तो आबिदा बोली ,-- भाईजान अब हमें छुप छुप कर मिलने के जरुरत नहीं पड़ेगी.
असलम,-- में भी यही सोच रहा हूँ और हमें अब खुलकर एन्जॉय करना ह उसके लिए मेने भी कुछ सोचा ह.
आबिदा ,-- क्या .
असलम ,-- मुस्कान अब बड़ी हो गयी ह उसे हमें दूर करना पड़ेगा वार्ना उसे समझाना मुश्किल हो जायेगा.
आबिदा ,- उसे दूर करके कहाँ भेजेंगे.
असलम ,-- दिल्ली .
आबिदा ,-- दिल्ली में कहाँ.
आबिदा ,-- रोहित के पास , रोहित उसे रुखसार की तरह जवान कर देगा और हम तीनो मिलकर एन्जॉय करेंगे.
आबिदा ,-- तीसरा कोण.
आबिदा ,-- सोभा और कोण . फिर नाजनीन भी कभी कभी आ जाएगी तो इस घर में सिर्फ चुदाई चलेगी .
आबिदा ,-- और बाकि दोनों का क्या .
असलम ,-- उन्हें में यही बोर्डिंग स्कूल में दाल देता हूँ . फिर तुम्हे कपडे पहनने की जरुरत नहीं पड़ेगी घर में और अपने दामाद समीर से भी छोड़ने का मौका मिल जायेगा.
आबिदा अपनी छूट मसलकर, -- रफीक को कल क्या हुआ जो इतना भड़क गया था जबकि उसे सब मालूम ह.
असलम,-- छोड़ न अब उसका लुंड तो उठता नहीं ह और उसे उसकी बेगम ने भड़काया होगा.
आबिदा मुस्करा कर ,-- आप तीनो बेटियों को सिफत करने का प्रबंध कीजिये फिर खुलकर एन्जॉय करेंगे.
असलम ,-- हम्म .. में स्कूल जाकर दोनों की तक लेकर आता हूँ और मुस्कान अब दस क्लास पास कर ली उसे पढ़ने की जरुरत नहीं ह.
आबिदा ,-- जैसा आप ठीक समझे पर रोहित से बात तो कीजिये.
असलम,-- शाम में करूँगा अभी वो कॉलेज में होगा .
उसके बाद असलम अपनी बेटियों को स्कूल गया और उन्हें उसी स्कूल के हॉस्टल में फीस देकर एक दो दिन में सिफत होने का बोलकर आया और मुस्कान को लेकर आ गया.
मुस्कान प्रवीण जो आबिदा और असलम की नाजायज बेटी थी और अपनी अम्मी आबिदा की तरह खूबसूरत और गोरी चिट्ठी थी उसे माहवारी आते चार साल हो गए थे और उसकी छूट में भी खुजली शुरू हो चुकी थी. घर में उसे ज्यादातर अपने रूम में hi रहना पड़ता था और स्कूल जाते समय बुरका पहने बिना जाने की अनुमति नहीं थी. मुस्कान प्रवीण बहुत कामुक लड़की थी वो स्कूल में अपनी एक सहेली सीमा के साथ बैठती थी और सीमा चुदकड़ लड़की थी.
सीमा कमसिन उम्र में hi अपने बॉयफ्रेंड से छुड़वा कर जवान हो गयी थी और मुस्कान को वो अपनी चुदाई के किस्से सुना सुना कर जवान करने में लगी हुयी थी.
मुस्कान जब सीमा की बाते सुनती तो उसकी छूट गीली होने लगती और वो घर पर जब भी अकेली होती तो बाथरूम में जाकर नंगी हो जाती और अपने बूब्स से खेलने लगती जो संतरा की तरह हो गए थे.
मुस्कान को अपनी छूट में अंगुली दाल कर फिंगरिंग करने में बहुत मज़ा आता था और वो अपनी कमसिन छूट को भी भूरे रोयें आते hi साफ़ कर लिए थे जिससे उसकी छूट पर तेजी से झांट बढ़ने लगी थी.
मुस्कान हर महीने अपनी झांट को साफ़ करती और उस दिन वो अंगुली भी करती थी .
मुस्कान को इस बात का पता भी नहीं था की उसकी बड़ी दीदी नाजनीन रेप से पैदा हुयी थी और रफीक हो उसका बाप था वो उसका बलात्कार किया था और ना hi वो रुखसार के प्रेग्नेंट होने का जान पायी थी.
आबिदा ने उसे एक तरह से घर में नजरबन्द कर रखा था जिसे बस स्कूल जाने के परमिशन थी.
लेकिन कहावत ह ना किसी को जयादा कैद रखो तो वो ज्यादा बिड़द टी ह वही मुस्कान प्रवीण के साथ हुआ .
वो नाजायद औलाद होकर भी बिगड़ चुकी थी और सीमा ने उसे सेक्स का पूरा ज्ञान दे दिया था .
मुस्कान को अगर लुंड मिल जाता तो वो बिना देर किये चुद जाती और जब उसे असलम लेने आया तो उसे नहीं पता था की उसकी इच्छा बहुत जल्द पूरी होने वाली ह और वो रोहित जैसे सांड की रखेल बनने वाली ह .
असलम उसे लेकर घर आ गया और दिल्ली जाने को बोल दिया तो वो पैकिंग में लग गयी .
रात में आबिदा और असलम खुलकर चुदाई किये और दोनों छत पर बने रूम में नंगे पड़े बात कर रहे थे.
आबिदा ,-- कब आएगा रोहित .
असलम ,-- में फ़ोन करता हूँ उसे वो तो दौड़कर आएगा .
आबिदा ,-- अच्छा वो क्यों.
असलम ,-- वो पूरा मर्द ह और उसे मुस्कान जैसी कमसिन लोंड़िया की छूट की सील तोड़ने को मिलने वाली ह .
आबिदा ,-- मुस्कान पूरी मुझ पर गयी ह.
असलम ,-- हम्म . सूंदर ह और तेरे जैसी चुदकड़ भी होगी.
आबिदा ,-- ढट्ट.
असलम ,-- अरे तुम्हारी बेटी ह तो नाजनीन और रुखसार से दो कदम आगे hi जाएगी.
आबिदा, -- रोहित को बोल देना उसे इतनी जल्दी प्रेग्नेंट नहीं करे .
असलम,-- ये उन दोनों का मटर ह जो करना ह करने दे . मुस्कान अब इतनी छोटी भी नहीं ह.
आबिदा,-- रोहित ने रुखसार को कुछ hi दिन में पूरी निखार दिया था.
असलम ,-- उसका लोढ़ा सात इंच से बड़ा ह और रुखसार पूरी जवान थी तो निखरती नहीं क्या.
आबिदा,-- हम्म ... आप भी तो उसे पूरी बिगड़ hi दिए .
असलम,-- तो अच्छा किया ना सुधरके तुमने क्या घंटा प् लिया चार साल तक तड़पती थी लुंड के बिना.
आबिदा,-- हम्म. वो चार साल मेरे लिए बहुत मुश्किल से निकले थे .
असलम,-- तभी तो मेने निकाह नहीं किया ताकि तुम भी खुश रहो और मेरा लोढ़ा भी .
आबिदा,-- और फिर आपने मेरा पेट खली नहीं रहने दिया.
असलम,-- वो तो तुमने पानी मुंह में लेना शरू कर दिया नहीं तो पेट फिर से फुला देता .
आबिदा,-- चलिए रोहित को फ़ोन कीजिये
असलम अपना फ़ोन लेकर रोहित को फ़ोन लगा दिया .
तो बे कॉन्टिनोएड...