में वापस चुपके से फ्लैट का टाला खोलकर पिज्जा को टेबल पर रखा तो मेने देखा दीदी के रूम का गेट खुला था और जब मेने परदे को ओट से देखा तो दोनों मादरजात मांगे बेथ कर बाते कर रहे थे.
दीदी के हाथ में समीर का लोढ़ा था और समीर दीदी के बूब्स को पकड़कर उसकी निप्पल को चुटकी से मसल रहा था.
दीदी ,-- समीर , रोहित ने आज मेरे बर्थडे को यादगार बना दिया . आज हमें पहली बार खुलकर रोमांस करने का मौका मिला ह.
समीर ,-- रोहित बहुत समझदार ह वो तुम्हे खुश देखना चाहता ह . इसलिए हमें भी उसके लिए कुछ करना चाहिए.
दीदी ,-- हम्म, उसके लिए क्या करे की उसे अच्छा लगे.
समीर ,-- देखो वो भी बालिग हो चूका ह और उसकी उम्र में जवान लड़की को नंगी देखकर मुठ मरना नार्मल बात ह . तुम उसे अपनी ुसेड पेंटी देकर देखो शायद उसे अच्छा लगे.
दीदी ,-- वो कही मुझे छोड़ने के लिए तो ये सब कुछ नहीं कर रहा ह.
समीर ,-- अगर ऐसी बात होती तो वो तुम्हे मुझसे कभी छोड़ने नहीं देता.
दीदी ,-- हम्म.
समीर ,-- तुम उसको दोस्त की तरह ट्रीट करो तो शायद उसके मन में क्या ह वो भी पता चल जायेगा.
तभी समीर बोलै की तीन बजने वाले ह वो आता होगा तुम घोड़ी बनो बीस मिनट में एक राउंड मार लेते ह. तो दीदी तुरंत घोड़ी बन गयी और समीर ने अपने लुंड पर कंडोम चढ़ाया एयर उसे दीदी की छूट में लोढ़ा पेल दिया तो वो फिर से चीख कर बोली ,यार एक साथ मत घुसाया करो दर्द होता ह.
दोनों दस मिनट की घमाशान चुदाई के बाद समीर ने एक बार फिर से एक कंडोम को फर्श पर फेंक दिया क्योंकि दोनों झाड़ गए तो दीदी कपडे उठाने लगी .
समीर,-- क्या कर रही हो.
दीदी ,-- रोहित आने वाला ह उसके सामने नंगी कैसे कहूँगी.
समीर ,--एक काम करो ये चद्दर लपेट लो और ऐसे hi बाहर चलते ह.
दीदी ,--रोहित क्या सोचेगा.
समीर ,-- कुछ सोच कर, हु .. रोहित सोचेगा की मेरी दीदी ने दूसरी बाद छुड़वा लिया और अब वो खाना खाकर तीसरी बार छुड़ेगी.
दीदी चददर लपेट कर समीर भैया की छाती पर प्यार से मुक्का मार्कर., -- बदमाश .
में जल्दी से टेबल से खाने का बैग उठाकर बाहर गया अभी पांच मिनट बाकि थे इसलिए चार मिनट तक वेट किया और फिर घंटी बजाकर गेट खोला .
दोनों सोफे पर चिपक कर बैठे थे और दोनों के बदन पर चददर थी शायद हाथ एक दूसरे के बदन पर थे. में उनको देखकर मुस्कराया तो दोनों भी मुस्करा उठे और समीर बोलै.
समीर ,-- रोहित ु अरे बेस्ट बरोथेर इन थे वर्ल्ड
में.,-- थैंक्स समीर भैया . में अपनी दीदी की ख़ुशी के लिए कुछ भी कर सकता हु.
मेने पैकेट खोला और तीन प्लेट में अलग अलग पिज्जा रखा और एक खुद कहने लगा तो समीर भैया ने एक पीेछे उठाकर दीदी के मुंह के पास किया तो दीदी ने मुंह फेर लिया.
समीर ,-- देखो रोहित तुम्हारी दीदी को में पिज्जा खिला रहा तो वो खा नहीं रही.
में.,-- दीदी खा लो ना , समीर भैया कितने प्यार से खिला रहे ह
दीदी मेरी बात सुनकर शर्मा गयी और फिर समीर की तरफ मुंह कर दी तो समीर ने पिज्जा उसके मुंह में दिया . दीदी ने अपने सफ़ेद दांतो से पिज्जा कटा तो उसी को समीर भैया ने अपना मुंह लगाकर पिज्जा कहते हुए बोलै.
समीर ,--सोना तुम्हे में पिज्जा खिला दूंगा तुम अपना काम करती रहो.
समीर की बार मेने देखा की दीदी का हाथ समीर के लुंड पर था और वो उसे सहला रही थी मेरी नजर को देखकर दीदी का चेहरा लाल हो गया तो में बोलै.
में.,-- दीदी इतना किसलिए शर्मा रही हो . एन्जॉय.
दोनों मेरी बात सुनकर मुस्कराये तो मेने जल्दी जल्दी पिज्जा खाया और किचन में हाथ धोकर आया और बोलै . दीदी में सोने जा रहा हु मुझे नींद आ रही ह.
समीर ने दीदी के कान में कुछ बोलै तो दीदी बोली ,--अभी सोना मत में तुम्हारे रूम में आ रही हु.
में अपने रूम में आकर अपने कपडे खोला और बनियान और बरमूडा में आ गया तो दीदी ने गेट पर आकर दस्तक दी और गेट खोलकर बोली.
दीदी ,-- समीर अपनी आँखे बंद करो और हाथ आगे करो.
मेने अपनी आँखे बंद करके हाथ आगे किये तो दीदी ने मेरे हाथ पर कुछ रखा .मेने आँखे खोलकर देखा तो दीदी वह नहीं थी और मेरे हाथ में उनकी पेंटी थी जो उन्होंने केक काट ते समय पहनी थी.
मेने पेंटी नाक से लगाई और उसकी पेंटी की मादक खुसबू मेरे सर में नशे की तरह चढ़ गयी जिसका असर लुंड पर हुआ और में वही बैठकर बरमूडा निचे करके उसे लुंड पर लगा लिया .
दीदी की छूट की खुसबू का असर ये हुआ की में पेंटी को लुंड पर लगा कर में दीदी की छूट को महसूस किया अपने लुंड पर .
उसमे पांच मिनट में झाड़ गया और मेरे लुंड ने पहली बार इतना पानी छोड़ा जितना मेने कभी नहीं छोड़ा था . मेने सारा छुम पेंटी से साफ़ किया और उसे फर्श पर पटक कर सो गया.
सुबह no बजे दीदी ने मुझे उठाया और बोली ,--रोहित कॉलेज नहीं जाओगे. लो चाय पि लो
में.,-- दीदी ,आज कॉलेज नहीं जाऊंगा , समीर भैया चले गए क्या.
दीदी ने एक घुटनो तक निघ्त्य पहनी थी जसके अंदर ब्रा नहीं थी क्योंकि उसकी निप्पल निघ्त्य के सिल्की कपडे से साफ़ दिख रही थी ,--अभी अभी गए ह शाम को आएंगे और हमें खाने पर लेकर जायेंगे.
Me.,,--didi आप रात भर जगी हो आप सो जाओ में खाना खुद बनाकर खा लूंगा.
दीदी, --वैसे तो दो घंटे सो गयी थी पर पूरा घर बिखरा पड़ा ह .इसे साफ़ भी करना ह.
दीदी की बात सुनकर समझ गया की समीर भैया अभी अभी दीदी को बजाकर गए ह me,,--didi में हु ना .चलो मिलकर कर देते ह .
हमने फिर हाल को आधे घंटे में साफ़ किया और दीदी के कमरे में गए तो देखा की उसमे पांच कंडोम लुंड के पानी से भरे पड़े थे.
मेने उन कंडोम को उठाकर दीदी की तरफ देखते हुए डस्टबिन माँ डाला और फिर दीदी की ब्रा और निघ्त्य को वाशिंग मशीन में डालकर बेडसीट को इकठ्ठा किया तो सरे गुलाब के पत्ते बिच में इक्क्ठे हो गए तो मुझे ब्रॉडशीट जी गहरा लाल रंग की थी उस पर सफ़ेद सफ़ेद दाग लगे दिखे.
मेने एक दाग को अंगुली से खुरच कर देखा तो दीदी मेरी तरफ देखकर मुस्कराई और फिर मेने पत्तियों को डस्टबिन में डालकर देखा बेडसीट पर पांच छह जगह वैसे hi दाग थे . मेने उन दागों को देखकर दीदी की तरफ देखकर मुस्कराया तो दीदी भी मुस्करा दी.
मेने वो बेडशीट भी वाशिंग मशीन में दाल दी और हमने नयी बेडशीट मिलकर बिछाई .बेडसीट बिछाकर जब मेने झाड़ू लगाई तो दीदी इमोशनल हो गयी उनकी आँखों से पानी आ गया तो मेने उनके गाल से ासु को अंगुली पर लेकर उसे छटक दिया और बोलै.
में.,-- साली दुबारा मेरी दीदी की आँखों से नहीं कही और से निकलना.
दीदी मेरी बात सुनकर मुस्कराई और मेरे गले लग कर बोली, -- लव ु रोहित.
में ,-- दीदी आगे से रोई तो में भी रोने लगूंगा.
दीदी ,--पगले ये ख़ुशी के आंसू ह .तूने रात में मेरे को इतना अच्छा बर्थडे गिफ्ट दिया की मुझे याद करके ख़ुशी से आंसू आ गए.
में.,-- दीदी आपके लिए मेरी जान हाजिर ह आप बस हमेशा मुस्कराती रहा करो. अब आप रेस्ट करो में पूछा लगा दूंगा.
दीदी ,-- रोहित तू मेरा बहुत पायरा दोस्त ह भैया.
में.,-- ओह्ह दीदी आप बस एन्जॉय करो ये जिंदगी दुबारा नहीं मिलेगी.
दीदी ,-- रोहित में भी यही सोचकर शादी नहीं कर रही की एक बार शादी हो गयी तो फिर घर में कैद होकर रह जाउंगी.
में.,-- पर दीदी जब जीजाजी को पता चलेगा तो क्या करोगी.
दीदी ,-- में तेरा जीजा जिसे बनाउंगी उसे पहले hi सब कुछ बता दूंगी . अगर वो तैयार हुआ तो ठीक नहीं तो दूसरा सही.
में कुछ सोचकर, --पर दीदी ऐसे तो कोई भी तैयार नहीं होगा.
दीदी ,-- अब वो पहले वाला जमाना नहीं ह शादी से पहले लड़के भी सब कुछ करते ह.
में.,-- चलो वो जब होगा अभी तो एन्जॉय करो अपनी लाइफ.
दीदी ,-- समीर की रात दो बजे फ्लाइट ह वो बारह बजे तक hi रहेगा.
में.,-- मुझे मालूम ह दीदी ,मेने उन्हें इमरजेंसी छूती लेकर एक दिन के लिए बुलाया था.
दीदी एक बार फिर से भावुक होने लगी तो मेने कहा ,-- दीदी बारह बजे तक तीन चार राउंड तो हो hi जायेंगे.
दीदी मेरे गाल पर चपत लगाकर, -- शैतान .
उसके बाद दीदी पलंग पर सो गयी और जब मेने पूछा लगते समय उनके पैरों की तरफ जाकर देखा तो उनकी छोटी सी निघ्त्य से पेंटी नहीं दिखी तो मुझे समझ में आ गया की दीदी ने ब्रा पेंटी दोनों नहीं पहनी ह और जब दीदी करवट सीधी होगी तो उनकी छूट भी दिखेगी.
में पोंछा लगाकर बाहर आया और किचन में आकर नास्ता बनाने लगा. कुछ देर में ब्रेड और दूध पीकर मेने दीदी के रूम में देखा तो दीदी वैसे hi सोई थी.
में अपने रूम में गया और थोड़ी देर पढ़कर वापस आया तो मुझे समीर भैया का लाया हुआ बैग याद आया मेने दीदी के रूम से बैग को उठाया और बाहर सोफे पर लाकर खोला तो उसमे विक्टोरिया सिल्वर की स्टिकर वाले बॉक्स दिखे.
मेने एक एक बॉक्स पर बानी फोटो को देखना शुरू किया