दीदी ,-- समीर ,में मम्मी के बारे में कैसे बताउंगी.
समीर भैया,-- सोना अब किसी शर्म , सोभा की स्टोरी सुना न जरुरी ह . तभी उसे समझ में आएगा की तुम ऐसा क्यों कर रही हो.
दीदी ,-- रोहित क्या सोचेगा.
समीर भैया,-- कुछ नहीं सोचेगा. वो बालिग ह उसे सब समझ में आ जायेगा.
दीदी ,-- समीर आज मेने रोहित के सामने गांड मरवा ली मुझे तो यकीं hi नहीं हो रहा.
समीर भैया,-- सोना तुम बहुत हिम्मत वाली हो और में तुम्हारे अंदर की पूरी शर्म निकला दूंगा.
दादी ,-- हम्म , आज मुझे रोहित के सामने गांड मरवाने में बहुत मज़ा आया.
समीर भैया,-- मुझे पता ह तभी तुम झाड़ गयी इतनी जल्दी रंडी .
दीदी ,-- समीर मुझे पूरी रंडी बना दो . सेक्स का असली मज़ा तो रंडियां hi लेती ह . घरेलु लड़किया तो एक hi लुंड से चुद कर उसे अपना भाग्य समझ लेती ह.
समीर भैया,-- तुमने देखा नहीं नाजनीन ने निकाह से पहले कितना एन्जॉय किया था.
दीदी ,-- हम्म, बहुत हिम्मत ह उसमे , कैसे उस दिन तुम्हारे साथ बिना पेंटी के होटल में गयी थी और वेटर को छूट दिखाई थी.
समीर भैया,-- वो तो कुछ भी नहीं ह .हम हनीमून पर गए तो उसने बहुत एन्जॉय किया.
दीदी ,-- कैसे.
समीर भैया,-- हम होटल में पुरे नंगे रहते थे और नाज तीन दिन तक सरे वेटर और स्वीपर को अपना बदन दिखा देती थी.
दीदी ,-- सच में.
समीर भैया,-- हम्म वो जब वेटर आता तो सोने का नाटक करती और नंगी hi सो जाती .
दीदी ,-- वाओ , नाज ने मुझे बताया नहीं.
समीर भैया,-- उसे तो सेक्स का नशा शराब की तरह लगता ह और वो अम्मी की वजह से प्रेग्नेंट हुयी थी.
दीदी ,-- वो तो मुझे पता ह.
समीर भैया,-- चल न मेरा लोढ़ा अब झड़वा दे.
दीदी ,-- हम्म. बोलो क्या करना ह.
समीर भैया,-- कंडोम तो लेकर आओ.
दीदी ,-- में रोहित से मंगवाती हु
समीर भैया,-- नहीं सोना .अब रोहित से क्या शर्म. जाओ लेकर आ जाओ. तभी तुम्हारी शर्म निकलेगी
दीदी टोलिया लपेटने लगी तो समीर भैया ने टोलिया चीन लिया और बोले ,-- सोना तुम्हे रंडी बनना ह न फिर टोलिया का क्या काम.
दीदी ,-- बाहर रोहित होगा.
समीर भैया,-- अब रोहित से क्या छुपाना बाकि रह गया उसने तुम्हारा सब कुछ तो देख लिया.
दीदी मुस्करा कर ,-- हम्म, पर में बांधूंगी नहीं.
समीर भैया,-- no वे , तुम्हे अब बोल्ड होना पड़ेगा.
में दौड़कर सोफे पर आ गया और टीवी देखने लगा तो दीदी चुपके से बाहर निकली और मेरे रूम में चली गयी वो बिलकुल नंगी थी और उसने अपनी छूट और बूब्स को दोनों हाथो से धक् रखा था.
में टीवी देखने का नाटक कर रहा था पैर तिरछी नजर से दीदी को hi देख रहा था , दीदी जब रूम में गयी तो उसकी गांड बहुत मटक रही थी. उसकी गांड को थिरकन शायद गांड छोड़ने से बढ़ी थी.
मेने नाजनीन दीदी के दिए ज्ञान को काम लेते हुए कंडोम का पैकेट दूसरी जगह रख दिया था . जब दीदी को कंडोम का पैकेट नहीं मिला तो उसने मुझे आवाज दी.
दीदी ,-- रोहित कंडोम कहा रख दिए.
में उठकर रूम में आया तो दीदी ने मेरी तरफ गांड कर ली तो में दीदी की चूड़ी हुयी गांड को देखने लगा और मेने उन्हें अपनी अलमारी से कंडोम का पैकेट निकल कर दिया.
दीदी ने बिना पीछे मुड़े पैकेट लिया और जल्दी से भाग गयी .में उनको गांड को ऊपर निचे होते देखता रह गया.
में खिड़की पर गया तो दीदी हम्प्टी हुए रूम में पहुंची और अपनी सांसे कण्ट्रोल में करने लगी.
समीर भैया,-- क्या हुआ सोना.
दीदी ,-- वो रोहित ने कंडोम की जगह बदल दी और मुझे उसे बुलाने पड़ा.
समीर भैया,-- मतलब उसने तुम्हे फिर से नंगी देख लिया.
दीदी ,-- हम्म.
समीर भैया,-- तो इसमें इतना शर्माने की क्या जरुरत ह वो तुम्हे पहले भी नंगी देख चूका.
दीदी ,-- में नंगी होकर क्या करने गयी थी ये तो सोचो.
समीर भैया,-- रंडी अपने यार से छोड़ने को कंडोम लेने गयी थी.
दीदी ,-- ढ़हत...
समीर भैया,-- तुम्हे मज़ा नहीं आया.
दीदी ,-- सच पूछो तो बहुत मज़ा आया. दिल की धड़कन तेज हो गयी और छूट भी गीली हो गयी.
समीर भैया,- यही तो एडवेंचर ह सोना. जो तुमने महसूस किया वो कभी महसूस नहीं होगा.
दीदी ,,-- मज़ा आ गया जणू.
समीर भैया,-- अभी तो शुरुवात ह आगे आगे देखो में तुम्हे क्या क्या एडवेंचर करवाता हु.
दीदी ,-- जणू छूट पूरी पनिया गयी अब छोड़ दो
समीर भैया,-- तो रंडी कंडोम चढ़ा न लुंड पर देख कब से खड़ा ह.
दीदी मुस्करा कर ,-- लो मेरे राजा.
दीदी ने समीर भैया के मुसल पर कंडोम चढ़ा दिया तो समीर भैया ने दीदी को खड़ा होने को कहा .
दीदी निचे कड़ी हुयी तो समीर भैया ने उनको एक पेअर पलंग पर रखने को कहा और दीदी ने पेअर रखा तो समीर भैया ने उनके पास जाकर खड़े होकर उनकी छूट में लोढ़ा घुसा दिया. समीर भैया ने खड़े खड़े hi दीदी को छोड़ना शुरू कर दिया.
दीदी जोर से चीखी ,-- u..i ी ... मम्मी .
समीर भैया ,-- दर्द हुआ सोना.
दीदी ,-- aa...h... हम्म्म.
समीर भैया,-- सोना तुम्हे अलग अलग पोजीसन में छोड़ने से छूट पूरी खुलेगी तो दर्द भी चला जायेगा .
दीदी ,-- हम्म , अब छोड़ो मुझे.
समीर भैया,-- अब दर्द नहीं ह ना.
दीदी ,-- होने दो दर्द मुझे छूट को पूरी ढीली करवानी ह ताकि बड़े लुंड आराम से ले सकूँ.
समीर भैया ,-- ले रांड फिर.
समीर भैया खड़े खड़े दुसि को हुमच कर छोड़ने लगे , दीदी की जोर जोर से सिसकिया निकलने लगी जो पुरे फ्लैट में गूंज रही थी.
समीर भैया ने दस मिनट तक दीदी को खड़े खड़े hi छोड़ा और फिर उन्हें बिस्टेर पर गिरा कर अपने लुंड से कंडोम निकल कर फेंक दिया और दीदी को घोड़ी बन ने को कहा.
दीदी घोड़ी बन गयी तो समीर भैया ने उनकी गांड में लुंड घुसा दिया . दीदी जोर जोर से चीखते हुए गांड मरने लगी.
समीर भैया,-- और चीख साली रंडी ताकि रोहित को पता चले की उसकी रंडी बहन की गांड चुद रही ह.
दीदी ,-- है..... में ...r....n...d....I...hu...samir ,बहन छोड़ फाड़ दे मेरी गांड.
समीर भैया,-- ले रांड चुद मेरे लोडे से .
समीर भैया ने दीदी को पांच मिनट तक छोड़ा और फिर अपना वीर्य दीदी की गांड में भर दिया.
दीदी की गांड से समीर भैया का वीर्य बाहर गिरने लगा तो दीदी बिस्टेर पर गिर गयी.
समीर भैया,-- मज़ा आया सोना.
दीदी ,-- हम्म ,जब तुम मुझे रांड बोलते हो तो मन में अजीब से फिलिंग आती ह और छूट में अलग hi सेंसेशन होता ह.
समीर भैया,- वो तुम्हे hi नहीं सब सेक्सी और चुड़काड लड़की को होता ह .
दीदी ,-- में चुड़काड हु क्या समीर.
समीर भैया,-- हम्म तुम चुड़काड hi नहीं महा चोदकद हो जो कई घंटे चुद सकती हो . तेरे अंदर सोभा के पुरे अनुवांशिक गन ह सोना.
दीदी ,-- हम्म , मम्मी भी पूरी चुड़काड औरत ह.
समीर भैया फिर उठकर बाथरूम की तरफ गए और गेट के पास hi घुटनो के बल बैठकर मूतने लगे.
दीदी भी थक गयी थी तो में भी अपने रूम में आकर सोने की तैयारी में लग गया.
तभी मेरे फ़ोन पर नाजनीन दीदी के मेसेज आया उन्होंने लिखा था, -- कोंग्रटुलतिओं रोहित .
में ,-- किसलिए दी.
नाजनीन दीदी,-- सोना के औरत बन ने की .
में.,' आपको अभी कैसे याद आया.
नाजनीन दीदी,-- मुझे अभी याद आया की मेने तुम्हे तो मुबारक बाद दी hi नहीं.
में.,-- थैंक्स दी
नाजनीन दीदी,-- रोहित तुम सच में बहुत अच्छे भाई हो .काश मेरा भी ऐसा hi भाई होता. सोना का फ़ोन आया था मेरे पास वो बोल रही थी की तुम उसके एन्जॉय को किनकी बना देते हो.
में.,-- आईडिया तो आपका हो होता ह दीदी.
नाजनीन, -- हम्म . बीआरओ अब तुम्हारी जिम्मेदारी भी बढ़ जाएगी.
में.,-- कैसे दीदी
नाजनीन, -- में तुम्हे वात्सप्प कर रही हु पढ़ लेना.
थोड़ी देर में मेरे मोबाइल पर वात्सप्प आया जो में पढ़ने लगा तो एक बार फिर मुठ मारनी पड़ी.