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- Dec 5, 2013
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घर पहुँच कर बेल बजायी तो दो पांच मिनट बाद गेट खुला और दो लड़के बाहर निकले जो शायद रूम सजाने वाले थे.
दोनों के चेहरे पर कुटिल मुस्कान थी जो रहस्यमयी थी .वो मुझे दीदी को देखते hi समझ में आ गयी थी क्योंकि दीदी किसी अप्सरा की तरह सूंदर और लहंगे चुन्नी में बहुत सेक्सी लग रही थी.
दोनों के चेहरे के एक्सप्रेशन देखकर में समझ गया की उनको घर में मेरी अकेली दीदी ने कुछ तो स्पेशल करवाया होगा तभी इतनी कुटिल मुस्कान थी .
तभी मुझे एक लड़के की जेब में कुछ लटकते हुए दिखा जिसे देखते hi में समझ गया की वो रुमाल तो नहीं था बल्कि पिंक कलर का सिल्की कपडा था जो मुझे समझ में आ गया की दीदी ने उसे अपनी पेंटी गिफ्ट की होगी.
दीदी गेट के पीछे कड़ी थी . उनके चेहरे पर मुस्करा हैट के साथ शरारत भी थी और आँखों में गुलाबीपन था जिसका मतलब वो एक पेग ली हुयी थी .दीदी के शराब पिने के बाद उनकी आँखों से पता चल जाता था . दीदी चुन्नी से बड़ा सा घूँघट किये हुए थी . दीदी ने अपनी नजर झुका राखी थी और लिपस्टिक से रास टपकते हुए होंठो पर वही कुटिल मुस्कान थी .
अनवर अभी बाहर hi था. मुझे देखते hi दीदी ने मुझे इशारे से पूछा की वो कहा ह.
में दीदी के कान में ,-- दीदी बहुत सूंदर और कामुक लग रही हो , शराब ने आपकी आँखों को ज्यादा नशीली बना दिया ह.
दीदी शर्मा कर ,-- चुप शैतान, अनवर जी कहा रह गए.
में.,-- वो कहा रहने वाले थे वो तो आपके साथ सुहागरात मानाने के लिए आपकी hi तरह बार बार अपने हथियार को मसल रहे थे बियर बार में. जैसे आप मसल रही हो.
में दीदी को लजाते देखा तो मेने आवाज दी ,-- जीजू आ जाइये अंदर ,देखिये आपकी बेगम आपके दीदार को तरस रही ह.
दीदी मेरी बात सुनकर लज्जा गयी और उनकी छाती फिर तेजी से ऊपर निचे होने लगी. उनकी धड़कन तेज हो चुकी थी और उनका हाथ छूट पर जाकर जल्दी से हैट गया.
अनवर अंदर आये उससे पहले दीदी ने मुंह घुमा लिया .
अनवर के अंदर आते hi मेने गेट बंद किया तो अनवर दीदी की गोरी पीठ और गांड की दरार को देखकर अपना लुंड मसलने लगा . दीदी ने लहंगा गांड की दरार ने निचे पहन रखा था.
दीदी की 34 की गांड को पर इतने निचे बंधे लहंगे को देखकर मेरा लुंड भी फड़क उठा.
में.,-- जीजू मस्त दरार ह ना दीदी के तबलों के बिच .
अनवर ,-- यार इतनी गोरी गांड को इस लहंगे के बांधने की स्टाइल ने पूरा कातिल बना दिया ह.
दीदी ने ये सुना तो घूम गयी और अपनी नजरो को झुका लिया. अब दीदी के बूब्स की घाटी दिखने लगी जो चुन्नी से ज्यादा कामुक दिख रही थी. और दीदी का पूरा चिकना पेट और नवल दिखने लगा.
अब तो दीदी और भी क़यामत लग रही थी .अशोक भैया ने दीदी का लहंगा चुन्नी बहुत hi सेक्सी बनवाया था और मुझे अब समझ में आया की उन्होंने दीदी को नंगी करके क्यों नाप लिया था. दीदी के लहंगे चोली की फिटिंग बहुत मस्त की थी.
अनवर एक तक्क दीदी को पांच मिनट तक घूरता रहा तो दीदी भी नजर झुकाये अपना सेक्सी बदन उसे दिखती रही.
में.,-- जीजू ऐसे hi देखते रहोगे दीदी को या फिर अंदर भी चलोगे.
अनवर हड़बड़ाकर ,-- यार तुम्हारी दीदी ह hi इतनी सूंदर की आँखे हैट hi नहीं रही इसके सेक्सी बदन से.
में.,-- चलिए उधर दोनों प्यासे पति पत्नी और ये वरमाला पहनाइए एक दूसरे को .
अनवर मेरी बात सुनकर हंस दिया.
मेने टेबल पर सामन रखा और दोनों को एक एक गजरा पहना ने को पकड़ाया .और आमने सामने खड़े होने को कहा
दोनों आमने सामने खड़े हो गए तो दीदी ने मुझे अपना फ़ोन दिया और फोटो क्लिक करने का इशारा किया .
में फ़ोन लेकर.,-- मेरी दीदी अपने हर पल की यादें कैमरा में संजो कर रखना चाहती ह.
मेने फ़ोन लिया और खोलने लगा तो वो लॉक था मेने दीदी को उसे अनलॉक करने को कहा तो अनवर बोलै.
अनवर ,-- बेगम फ़ोन के सरे लॉक खोल दो आज से रोहित hi तुम्हारा फ़ोन रखेगा और वही अटेंड करेगा . अगले एक सप्ताह तक तुम फ़ोन को हाथ नहीं लगाओगी .
दीदी ,-- जी ,
अनवर की बात सुनकर मेरे अंदर ख़ुशी की लहार दौड़ गयी और दीदी के सरे राज अब मेरे हाथ लगने वाले थे.
दीदी ने फ़ोन के सरे लॉक खोल दिए और मुझे पकड़ा दिया तो अनवर बोलै
अनवर ,-- रोहित तुम आज से सोना के सरे अकाउंट और फ़ोन हैंडल करोगे और रिप्लाई भी तुम hi doge.Tum फ़ोन के सरे पासवर्ड बदल दो . अब तुम्हे ये फ़ोन सोना को एक सप्ताह बाद देना ह.
में ,-- ठीक ह जीजू .आप अब माला पहनाइए दीदी को.
अनवर माला पहनने लगा तो दीदी वैसे hi कड़ी थी
में. -- रुकिए जीजू
में दीदी के पास गया और उनकी नाथ को सही किया फिर ठुड्डी पकड़ कर चेहरा ऊपर किया और बोलै.
में.,-- दीदी आप कैमरा की तरफ देखिये और चेहरे पर मुस्कान लाइए. जीजू आप स्लो मोशन में माला पहनाइए में फोटो क्लिक करते जाऊंगा.
अनवर ने दीदी को धीरे धीरे हाथ आगे बढ़ाते हुए माला पहना दी तो फिर दीदी ने भी वैसे hi आराम से माला पगनयी और मेने फोटो ले ली तो दोनों को पास खड़ा करके फोटो ली और फिर उन फोटो को देखने लगा.
में.,-- बहुत अच्छी फोटो आयी ह .
अनवर मेरे पास आकर फोटो देखने लगा तो दीदी बोली ,-- रोहित एक फोटो और ले
में ,-- हाँ दीदी कैसे लेना ह .
दीदी अनवर के पास आयी और उस के पैरों में झुक कर प्रणाम करने की मुद्रा में झुक गयी .
मेरी 25 वर्षीय जवान दीदी अपने से 3 साल छोटे मेरे दोस्त अनवर के पेरो में झुक कर आशीर्वाद लेने को झुकी थी और में फोटो क्लिक कर रहा था .
अनवर दीदी की गोरी नंगी पीठ को एक मिनट तक देखते रहा उसकी नजर दीदी के लहंगे में से दिखती गांड की दरार पर थी . फिर दो मिनट बाद उसने दीदी की आर्म पिट में हाथ डालकर दीदी को खड़ा किया और उसके मांग टिका पर चुम्बन करके बोलै .
अनवर ,-- बेगम तुम्हारी जगह मेरे पेरो में नहीं मेरे दिल में ह.
अनवर दीदी को गले लगा लिया तो में लगातार फोटो क्लिक कर रहा था . दीदी कुछ सेकंड में अनवर की बाँहों से निकल कर पास कड़ी हो गयी तो अनवर बोलै.
अनवर ,-- रोहित तुम एक अच्छी फोटो देखकर ग्रुप में दाल दो . सब लोग देख लेंगे .
में.,-- सब लोग कोण जीजू.
अनवर ,-- समीर जीजू , नाजनीन दीदी ह न वो सोभा ौंटी और असलम मामू को भेज देंगे.
मेने उनकी एक फोटो को ग्रुप में दाल दिया.
अनवर सोफे पर बेथ गया तो मेने पैकेट खोलकर गजरा निकला और दीदी की चुन्नी हटाकर उनके बालों में लगा दिया .
गजरा में लगे इतर से पूरा हॉल महक उठा तो मेने दीदी को अनवर के पास बिठाया और उनकी फोटो ली.
दीदी सिकुड़ कर बैठी थी तो मेने कहा ,-- दीदी आप अपना हाथ जीजू के कंधे पर रखो न एक फोटो ले लू.
दीदी ने शर्माते हुए अपना हाथ अनवर के कंधे पर रख दिया तो मेने फिर अनवर से भी वैसे hi हाथ रखवाकर फोटो ली. दीदी बार बार अपने लहंगे के ऊपर से छूट को मसल रही थी और मेरे बार बार क्लिक करने पर एक फोटो वो भी आ गयी जिसमे वो छूट पर हाथ रखे थी .
मेने वो फोटो भी ग्रुप में दाल दी और बोलै,-- जीजू आप दीदी की आँखों में देखते हुए दीदी के होंठ पर चुम्बन कीजिये .
मेरी बात सुनकर दीदी गर्दन हिलने लगी तो में बोलै ,-- दीदी ग्रुप में आग लग जाएगी आपकी फोटो देखकर.
अनवर ,-- सोना चलो इधर मुंह करो.
दीदी मुस्करा कर अपने होंठ अनवर की तरफ कर दी तो अनवर स्लो मोशन में दीदी के लिपस्टिक से चमकते होंठो की तरफ बढ़ा .
में कैमरा क्लिक करते गया और फिर मेरी दीदी के होंठो को मेरे दोस्त ने चुम लिया तो बहुत सी फोटो मेने निकल ली.
अनवर ने सिर्फ एक सेकंड hi किश किया था क्योंकि दीदी फिर पीछे हो गयी थी अनवर का होंठ दीदी की लिपस्टिक से लाल हो गया था .फिर अनवर बोलै .
अनवर ,-- रोहित पहले खाना खा लो फिर बाद में और फोटो लेना.
दीदी ये सुनकर उठने लगी तो में बोलै.,-- दीदी आप बैठी रहिये जीजू के साथ में लगता हु खाना .
दीदी फिर भी नहीं मणि और कड़ी होने लगी तो अनवर बोलै ,-- बैठो न बेगम ,रोहित ह न.
में किचन से तीन प्लेट लाया और खाना निकलने लगा तो अनवर बोलै ,-- रोहित दो hi प्लेट में निकालो .अब में और सोना तो दो जिस्म एक जान बन ने वाले ह.
दीदी अनवर की बात सुनकर शर्मा गयी तो अनवर बोलै ,-- रोहित तेरी दीदी बहुत शर्माती ह यार देखो मेने इसके मुंह से कबूल ह के आलावा कुछ सुना hi नहीं.
में.,-- दीदी इतना क्यों शर्मा रही हो , बोलो न कुछ .
दीदी ,-- क्या बोलू.
में.,-- जीजू को ी लव ु बोल दो .
दीदी ,-- लव ु अनवर जी .
अनवर ,-- लव ु तू सोना , कितनी मीठी आवाज ह तुम्हारी.
अनवर की बात सुनकर दीदी खुश हो गयी .
मेने खाना निकल लिया तो अनवर ने दीदी को खाना खिलने के लिए हाथ बढ़ाया पर दीदी मुझे देखने लगी .
में.,-- दीदी खा लो न जीजू कितने प्यार से खिला रहे ह और आप भी जीजू को खिलाओ .
दीदी के चेहरे पर मुस्करा हैट आ गयी और फिर दोनों एक दूसरे को खाना खिलने लगे . मेने भी दोनों को एक एक बाईट खिलाई जिसे दोनों ने खा लिया.
अनवर दीदी को भरपेट खिला दिया तो दीदी मन करने लगी.
अनवर,-- रोहित दीदी को बोलो ना ,देखो कितना काम खाया ह
में.,-- दी खा लो फिर रात में भूख लग जाएगी और फिर मुझे जूस के लिए बोलोगी.
दीदी ,-- मेरा पेट भर गया रोहित , जीजू को बोलो की अब नहीं खा पाऊँगी.
में ,-- जीजू रहने दीजिये में रात को जूस बना दूंगा.
अनवर ,-- लगता ह तेरी दीदी को कुछ और खिलना पड़ेगा.
में.,-- क्या जीजू .
अनवर ,-- जवान लड़कियों को खाने से ज्यादा पीला अच्छा लगता ह .
दीदी मुस्करा कर पानी पिने लगी तो में बोलै ,-- जीजू शायद दीदी को भी कुछ और hi खाना ह और इसीलिए जल्दी बैडरूम में जाना चाहती ह.
अनवर ,-- में तेरी दीदी को वही इसकी फवौरीते चीज पिलाऊंगा रोहित .
दीदी शर्माकर कड़ी होने लगी तो अनवर बोलै ,-- कहा चली बेगम, पान तो खा कर जाओ .
अनवर ने दीदी को बिठा लिया और पानी पीकर उसने जेब में हाथ डालकर पैकेट निकला और उसमे से एक पान मुझे दिया और दूसरा दीदी के मुंह की तरफ बढ़ाया .
दीदी ,-- में खा लुंगी .
अनवर ,-- नहीं बेगम ये हम अपने हाथ से खिलाएंगे अपनी दुल्हन को.
में.,-- दीदी खा लो ना जीजू के हाथ से इनके यहाँ रस्म होती होगी.
दीदी ने मुंह खोला तो अनवर ने पान खिला दिया और हाथ को बाल से साफ़ करके उसने दीदी को एक पान दिया तो दिया तो दीदी ने भी उसे पान खिला दिया .
पान में सिर्फ गुलकंद और सुपारी का कतरन था और दूसरे मसाला डाला था इसलिए में इसे जल्दी hi चबा गया और दीदी भी जल्दी जल्दी पूरा पान खा गयी तो दीदी फिर उठने लगी. तो अनवर ने दीदी को फिर से बिठा लिया और बोलै.
अनवर ,-- सोना इतनी जल्दी बजी किस बात की ह.
दीदी ,-- जी बोलिये
अनवर ,-- में रोहित के सामने वो सब क्लियर करना चाहता हु जो हमने फ़ोन पर देसीडे किया ह
दीदी ,-- पर रोहित कोई आपत्ति नहीं करेगा.
अनवर ,-- रोहित मेरा दोस्त ह और में नहीं चाहता की तुम्हारी वजह से हमें जिंदगी में शिकायत नहीं चाहिए.
दोनों के चेहरे पर कुटिल मुस्कान थी जो रहस्यमयी थी .वो मुझे दीदी को देखते hi समझ में आ गयी थी क्योंकि दीदी किसी अप्सरा की तरह सूंदर और लहंगे चुन्नी में बहुत सेक्सी लग रही थी.
दोनों के चेहरे के एक्सप्रेशन देखकर में समझ गया की उनको घर में मेरी अकेली दीदी ने कुछ तो स्पेशल करवाया होगा तभी इतनी कुटिल मुस्कान थी .
तभी मुझे एक लड़के की जेब में कुछ लटकते हुए दिखा जिसे देखते hi में समझ गया की वो रुमाल तो नहीं था बल्कि पिंक कलर का सिल्की कपडा था जो मुझे समझ में आ गया की दीदी ने उसे अपनी पेंटी गिफ्ट की होगी.
दीदी गेट के पीछे कड़ी थी . उनके चेहरे पर मुस्करा हैट के साथ शरारत भी थी और आँखों में गुलाबीपन था जिसका मतलब वो एक पेग ली हुयी थी .दीदी के शराब पिने के बाद उनकी आँखों से पता चल जाता था . दीदी चुन्नी से बड़ा सा घूँघट किये हुए थी . दीदी ने अपनी नजर झुका राखी थी और लिपस्टिक से रास टपकते हुए होंठो पर वही कुटिल मुस्कान थी .
अनवर अभी बाहर hi था. मुझे देखते hi दीदी ने मुझे इशारे से पूछा की वो कहा ह.
में दीदी के कान में ,-- दीदी बहुत सूंदर और कामुक लग रही हो , शराब ने आपकी आँखों को ज्यादा नशीली बना दिया ह.
दीदी शर्मा कर ,-- चुप शैतान, अनवर जी कहा रह गए.
में.,-- वो कहा रहने वाले थे वो तो आपके साथ सुहागरात मानाने के लिए आपकी hi तरह बार बार अपने हथियार को मसल रहे थे बियर बार में. जैसे आप मसल रही हो.
में दीदी को लजाते देखा तो मेने आवाज दी ,-- जीजू आ जाइये अंदर ,देखिये आपकी बेगम आपके दीदार को तरस रही ह.
दीदी मेरी बात सुनकर लज्जा गयी और उनकी छाती फिर तेजी से ऊपर निचे होने लगी. उनकी धड़कन तेज हो चुकी थी और उनका हाथ छूट पर जाकर जल्दी से हैट गया.
अनवर अंदर आये उससे पहले दीदी ने मुंह घुमा लिया .
अनवर के अंदर आते hi मेने गेट बंद किया तो अनवर दीदी की गोरी पीठ और गांड की दरार को देखकर अपना लुंड मसलने लगा . दीदी ने लहंगा गांड की दरार ने निचे पहन रखा था.
दीदी की 34 की गांड को पर इतने निचे बंधे लहंगे को देखकर मेरा लुंड भी फड़क उठा.
में.,-- जीजू मस्त दरार ह ना दीदी के तबलों के बिच .
अनवर ,-- यार इतनी गोरी गांड को इस लहंगे के बांधने की स्टाइल ने पूरा कातिल बना दिया ह.
दीदी ने ये सुना तो घूम गयी और अपनी नजरो को झुका लिया. अब दीदी के बूब्स की घाटी दिखने लगी जो चुन्नी से ज्यादा कामुक दिख रही थी. और दीदी का पूरा चिकना पेट और नवल दिखने लगा.
अब तो दीदी और भी क़यामत लग रही थी .अशोक भैया ने दीदी का लहंगा चुन्नी बहुत hi सेक्सी बनवाया था और मुझे अब समझ में आया की उन्होंने दीदी को नंगी करके क्यों नाप लिया था. दीदी के लहंगे चोली की फिटिंग बहुत मस्त की थी.
अनवर एक तक्क दीदी को पांच मिनट तक घूरता रहा तो दीदी भी नजर झुकाये अपना सेक्सी बदन उसे दिखती रही.
में.,-- जीजू ऐसे hi देखते रहोगे दीदी को या फिर अंदर भी चलोगे.
अनवर हड़बड़ाकर ,-- यार तुम्हारी दीदी ह hi इतनी सूंदर की आँखे हैट hi नहीं रही इसके सेक्सी बदन से.
में.,-- चलिए उधर दोनों प्यासे पति पत्नी और ये वरमाला पहनाइए एक दूसरे को .
अनवर मेरी बात सुनकर हंस दिया.
मेने टेबल पर सामन रखा और दोनों को एक एक गजरा पहना ने को पकड़ाया .और आमने सामने खड़े होने को कहा
दोनों आमने सामने खड़े हो गए तो दीदी ने मुझे अपना फ़ोन दिया और फोटो क्लिक करने का इशारा किया .
में फ़ोन लेकर.,-- मेरी दीदी अपने हर पल की यादें कैमरा में संजो कर रखना चाहती ह.
मेने फ़ोन लिया और खोलने लगा तो वो लॉक था मेने दीदी को उसे अनलॉक करने को कहा तो अनवर बोलै.
अनवर ,-- बेगम फ़ोन के सरे लॉक खोल दो आज से रोहित hi तुम्हारा फ़ोन रखेगा और वही अटेंड करेगा . अगले एक सप्ताह तक तुम फ़ोन को हाथ नहीं लगाओगी .
दीदी ,-- जी ,
अनवर की बात सुनकर मेरे अंदर ख़ुशी की लहार दौड़ गयी और दीदी के सरे राज अब मेरे हाथ लगने वाले थे.
दीदी ने फ़ोन के सरे लॉक खोल दिए और मुझे पकड़ा दिया तो अनवर बोलै
अनवर ,-- रोहित तुम आज से सोना के सरे अकाउंट और फ़ोन हैंडल करोगे और रिप्लाई भी तुम hi doge.Tum फ़ोन के सरे पासवर्ड बदल दो . अब तुम्हे ये फ़ोन सोना को एक सप्ताह बाद देना ह.
में ,-- ठीक ह जीजू .आप अब माला पहनाइए दीदी को.
अनवर माला पहनने लगा तो दीदी वैसे hi कड़ी थी
में. -- रुकिए जीजू
में दीदी के पास गया और उनकी नाथ को सही किया फिर ठुड्डी पकड़ कर चेहरा ऊपर किया और बोलै.
में.,-- दीदी आप कैमरा की तरफ देखिये और चेहरे पर मुस्कान लाइए. जीजू आप स्लो मोशन में माला पहनाइए में फोटो क्लिक करते जाऊंगा.
अनवर ने दीदी को धीरे धीरे हाथ आगे बढ़ाते हुए माला पहना दी तो फिर दीदी ने भी वैसे hi आराम से माला पगनयी और मेने फोटो ले ली तो दोनों को पास खड़ा करके फोटो ली और फिर उन फोटो को देखने लगा.
में.,-- बहुत अच्छी फोटो आयी ह .
अनवर मेरे पास आकर फोटो देखने लगा तो दीदी बोली ,-- रोहित एक फोटो और ले
में ,-- हाँ दीदी कैसे लेना ह .
दीदी अनवर के पास आयी और उस के पैरों में झुक कर प्रणाम करने की मुद्रा में झुक गयी .
मेरी 25 वर्षीय जवान दीदी अपने से 3 साल छोटे मेरे दोस्त अनवर के पेरो में झुक कर आशीर्वाद लेने को झुकी थी और में फोटो क्लिक कर रहा था .
अनवर दीदी की गोरी नंगी पीठ को एक मिनट तक देखते रहा उसकी नजर दीदी के लहंगे में से दिखती गांड की दरार पर थी . फिर दो मिनट बाद उसने दीदी की आर्म पिट में हाथ डालकर दीदी को खड़ा किया और उसके मांग टिका पर चुम्बन करके बोलै .
अनवर ,-- बेगम तुम्हारी जगह मेरे पेरो में नहीं मेरे दिल में ह.
अनवर दीदी को गले लगा लिया तो में लगातार फोटो क्लिक कर रहा था . दीदी कुछ सेकंड में अनवर की बाँहों से निकल कर पास कड़ी हो गयी तो अनवर बोलै.
अनवर ,-- रोहित तुम एक अच्छी फोटो देखकर ग्रुप में दाल दो . सब लोग देख लेंगे .
में.,-- सब लोग कोण जीजू.
अनवर ,-- समीर जीजू , नाजनीन दीदी ह न वो सोभा ौंटी और असलम मामू को भेज देंगे.
मेने उनकी एक फोटो को ग्रुप में दाल दिया.
अनवर सोफे पर बेथ गया तो मेने पैकेट खोलकर गजरा निकला और दीदी की चुन्नी हटाकर उनके बालों में लगा दिया .
गजरा में लगे इतर से पूरा हॉल महक उठा तो मेने दीदी को अनवर के पास बिठाया और उनकी फोटो ली.
दीदी सिकुड़ कर बैठी थी तो मेने कहा ,-- दीदी आप अपना हाथ जीजू के कंधे पर रखो न एक फोटो ले लू.
दीदी ने शर्माते हुए अपना हाथ अनवर के कंधे पर रख दिया तो मेने फिर अनवर से भी वैसे hi हाथ रखवाकर फोटो ली. दीदी बार बार अपने लहंगे के ऊपर से छूट को मसल रही थी और मेरे बार बार क्लिक करने पर एक फोटो वो भी आ गयी जिसमे वो छूट पर हाथ रखे थी .
मेने वो फोटो भी ग्रुप में दाल दी और बोलै,-- जीजू आप दीदी की आँखों में देखते हुए दीदी के होंठ पर चुम्बन कीजिये .
मेरी बात सुनकर दीदी गर्दन हिलने लगी तो में बोलै ,-- दीदी ग्रुप में आग लग जाएगी आपकी फोटो देखकर.
अनवर ,-- सोना चलो इधर मुंह करो.
दीदी मुस्करा कर अपने होंठ अनवर की तरफ कर दी तो अनवर स्लो मोशन में दीदी के लिपस्टिक से चमकते होंठो की तरफ बढ़ा .
में कैमरा क्लिक करते गया और फिर मेरी दीदी के होंठो को मेरे दोस्त ने चुम लिया तो बहुत सी फोटो मेने निकल ली.
अनवर ने सिर्फ एक सेकंड hi किश किया था क्योंकि दीदी फिर पीछे हो गयी थी अनवर का होंठ दीदी की लिपस्टिक से लाल हो गया था .फिर अनवर बोलै .
अनवर ,-- रोहित पहले खाना खा लो फिर बाद में और फोटो लेना.
दीदी ये सुनकर उठने लगी तो में बोलै.,-- दीदी आप बैठी रहिये जीजू के साथ में लगता हु खाना .
दीदी फिर भी नहीं मणि और कड़ी होने लगी तो अनवर बोलै ,-- बैठो न बेगम ,रोहित ह न.
में किचन से तीन प्लेट लाया और खाना निकलने लगा तो अनवर बोलै ,-- रोहित दो hi प्लेट में निकालो .अब में और सोना तो दो जिस्म एक जान बन ने वाले ह.
दीदी अनवर की बात सुनकर शर्मा गयी तो अनवर बोलै ,-- रोहित तेरी दीदी बहुत शर्माती ह यार देखो मेने इसके मुंह से कबूल ह के आलावा कुछ सुना hi नहीं.
में.,-- दीदी इतना क्यों शर्मा रही हो , बोलो न कुछ .
दीदी ,-- क्या बोलू.
में.,-- जीजू को ी लव ु बोल दो .
दीदी ,-- लव ु अनवर जी .
अनवर ,-- लव ु तू सोना , कितनी मीठी आवाज ह तुम्हारी.
अनवर की बात सुनकर दीदी खुश हो गयी .
मेने खाना निकल लिया तो अनवर ने दीदी को खाना खिलने के लिए हाथ बढ़ाया पर दीदी मुझे देखने लगी .
में.,-- दीदी खा लो न जीजू कितने प्यार से खिला रहे ह और आप भी जीजू को खिलाओ .
दीदी के चेहरे पर मुस्करा हैट आ गयी और फिर दोनों एक दूसरे को खाना खिलने लगे . मेने भी दोनों को एक एक बाईट खिलाई जिसे दोनों ने खा लिया.
अनवर दीदी को भरपेट खिला दिया तो दीदी मन करने लगी.
अनवर,-- रोहित दीदी को बोलो ना ,देखो कितना काम खाया ह
में.,-- दी खा लो फिर रात में भूख लग जाएगी और फिर मुझे जूस के लिए बोलोगी.
दीदी ,-- मेरा पेट भर गया रोहित , जीजू को बोलो की अब नहीं खा पाऊँगी.
में ,-- जीजू रहने दीजिये में रात को जूस बना दूंगा.
अनवर ,-- लगता ह तेरी दीदी को कुछ और खिलना पड़ेगा.
में.,-- क्या जीजू .
अनवर ,-- जवान लड़कियों को खाने से ज्यादा पीला अच्छा लगता ह .
दीदी मुस्करा कर पानी पिने लगी तो में बोलै ,-- जीजू शायद दीदी को भी कुछ और hi खाना ह और इसीलिए जल्दी बैडरूम में जाना चाहती ह.
अनवर ,-- में तेरी दीदी को वही इसकी फवौरीते चीज पिलाऊंगा रोहित .
दीदी शर्माकर कड़ी होने लगी तो अनवर बोलै ,-- कहा चली बेगम, पान तो खा कर जाओ .
अनवर ने दीदी को बिठा लिया और पानी पीकर उसने जेब में हाथ डालकर पैकेट निकला और उसमे से एक पान मुझे दिया और दूसरा दीदी के मुंह की तरफ बढ़ाया .
दीदी ,-- में खा लुंगी .
अनवर ,-- नहीं बेगम ये हम अपने हाथ से खिलाएंगे अपनी दुल्हन को.
में.,-- दीदी खा लो ना जीजू के हाथ से इनके यहाँ रस्म होती होगी.
दीदी ने मुंह खोला तो अनवर ने पान खिला दिया और हाथ को बाल से साफ़ करके उसने दीदी को एक पान दिया तो दिया तो दीदी ने भी उसे पान खिला दिया .
पान में सिर्फ गुलकंद और सुपारी का कतरन था और दूसरे मसाला डाला था इसलिए में इसे जल्दी hi चबा गया और दीदी भी जल्दी जल्दी पूरा पान खा गयी तो दीदी फिर उठने लगी. तो अनवर ने दीदी को फिर से बिठा लिया और बोलै.
अनवर ,-- सोना इतनी जल्दी बजी किस बात की ह.
दीदी ,-- जी बोलिये
अनवर ,-- में रोहित के सामने वो सब क्लियर करना चाहता हु जो हमने फ़ोन पर देसीडे किया ह
दीदी ,-- पर रोहित कोई आपत्ति नहीं करेगा.
अनवर ,-- रोहित मेरा दोस्त ह और में नहीं चाहता की तुम्हारी वजह से हमें जिंदगी में शिकायत नहीं चाहिए.