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- Dec 5, 2013
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1
अनीता भाभी अपनी ड्रेस को खोलकर अपनी चूचियों को पकड़ी और बोली ,--इधर देखो मेरी आँखों में और बोलो की मेरी आँखों में तुम्हे शर्म दिख रही ह क्या .
दीदी ,--नहीं .
अनीता भाभी,- पर देखो तुम्हारी आँखे अभी पूरी हवस से भरी हुयी नहीं ह बल्कि तुम्हे लग रहा ह की तुम ये मज़बूरी में कर रही हो.
पंडित जी ,- सोनाक्षी , तुम खुद को फ्री छोड़ दो और पूजा के साथ कामशास्त्र के हर आसान को खुल कर एन्जॉय करो तभी काम की देवी तुम्हे भरपूर आशीर्वाद देगी .
सोनाक्षी दीदी,- में कोशिश करुँगी गुरूजी.
अनीता भाभी,- कोशिश नहीं सोनाक्षी , तुम्हे शर्म छोड़कर अपनी और पंडित जी की हवस को पुरे कामशास्त्र के अनुसार सम्भोग की हर विधि का पालन करना होगा वार्ना अनर्थ हो जायेगा . अगर तुम नहीं कर सकती तो फिर पूजा यही रोक देते ह .
सोनाक्षी दीदी ,-- नहीं गुरु माँ. मेने अपने लादले भाई को पति बना लिया ह और उसे कुछ हो गया तो में कहीं की नहीं रहूंगी .
अनीता भाभी,-- तो फिर पूजा करते समय भूल जाओ की तुम कोण हो .बस इतना याद रखो की तुम एक जवान औरत हो और तुम्हे जितना कहा जाये वो एन्जॉय के साथ करो .
सोनाक्षी दीदी ,-- जी गुरु माँ , आप मुझे गाइड करते रहना .
अनीता भाभी,-- वो तो में करुँगी hi तभी तुम्हे टोका ह .
अनीता भभ फिर ी कुछ मंत्र बोलकर ,- तो तुम शरमाओगी नहीं न अब .
सोनाक्षी दीदी ,- आप आजमा कर देख लेना गुरुमा.
अनीता भाभी,-- चलो फिर अगले आसान में तुमको गुरूजी की गॉड में बैठा ह . तुम गुरूजी के दोनों जांघों पर बैठकर अपने पेअर उनके दोनों तरफ करके बैठो और तुम दोनों की छाती एक दूसरे के सामने होनी चाहिए.
दीदी गुरूजी के पीछे से उठी और अपने पेटीकोट को थोड़ा सा ऊपर करके पंडित जी के दोनों तरफ पेअर की और फिर उनके लुंड के ऊपर बेथ गयी तो पंडित जी की गरम भाप उनके मुंह से निकली .
दीदी के बैठने को पोजीसन इस तरह थी की दीदी और पंडित के चेहरे आमने सामने थे और दोनों के छाती एक दूसरे से लगभग टकरा रही थी क्योंकि पंडित जी की चूचियां भी काफी उठी हुयी थी .
अनीता भाभी ने भी अपने ओने पीेछे की चैन को बंद नहीं किया था जिसके कारन उनके बूब्स नंगे थे और पेंटी भीगी हुयी थी काम रास से पूरी .
अनीता भाभी,- सोनाक्षी अब तुम्हे गुरूजी को गुरु की तरह नहीं देखना ह बल्कि एक प्रेमिका की तारा से देखना ह और इन्हे अपना प्रेमी समझकर हर बार अलग अलग नामों से बुलाना ह जैसे कुंवारी और शादी सुदा औरतें अपने मर्द को बुलाती ह .
सोनाक्षी दीदी,-- जी , गुरु माँ . .
अनीता भाभी,-- तुम्हे अपने प्रेमी गोकुल की आँखों में हवस भरी नजरों से देखना ह और इनके लुंड पर बिच बिच में अपनी गांड को भी रगाना ह ताकि ये उत्तेजित रहे और हाँ तुम्हे लगातार इनके साथ कामुक बातें करनी ह.
सोनाक्षी दीदी ने ये सुना तो वो गंगना गयी और उनकी कामुक सिसकी भी निकली जो शायद पंडित जी के लुंड के फूलने से हुयी थी .
अनीता भाभी,-- सोनाक्षी, तुम को अगले दस मिनट तक पंडित जी से कामुक और अश्लील बातें करनी ह ताकि तुम्हारे और पंडित जी के बिच काम देव और कामदेवी का पूर्ण रूप से वास हो जाये और तुम अगली क्रिया करते समय खुल कर बोल सको और कर सको .
सोनाक्षी दीदी,-- जी गुरु माँ .
अनीता भाभी,- में दस मिनट बाद आउंगी तब तक तुम दोनों को जितना अश्लील और उत्तेजक वार्तालाप करना ह वो कर लेना और ध्यान रखना दोनों की आँखें एक दूसरे की आँखों में होनी chahiye.fir में आकर आगे की पूजा करवाती हूँ.
अनीता भाभी ये बोलकर बिना चैन बंद किये hi अपने चुचों को हिलती हुयी रूम का गेट बंद की और मेरे पास आयी और फिर मुझे किश करके धीरे से मेरे को बोली .
अनीता भाभी,-- मज़ा आ रहा ह ना तुम्हे डर्टी सेक्स में .
में ,-- अभी तक ज्यादा डर्टी सेक्स कहा हुआ ह डार्लिंग .
अनीता भाभी मुस्करा कर ,-- अभी असली गेम शुरू भी कहा हुआ ह राजा . आगे आगे देखो होता ह क्या .
में अनीता भाभी की उन्नत चुकी को चूमकर ,-- बेबी , बहुत शौकीन हो तुम दोनों सेक्स के मामले में .
अनीता भाभी मेरे हाथ पकड़ खिड़की के पास खदु हो गयी और बोली ,--मुझे अपनी अंगुली से झड़वा दो नहीं तो में आगे इन दोनों का डर्टी सेक्स नहीं करवा पाऊँगी .
मेने अनीता भाभी की पेंटी के ऊपर से उनकी छूट का मसलना शुरू किया और पेंटी साइड करके अपनी अंगुली अंदर करके आगे पीछे करके खुदकी से देखने लगा .
अंदर पंडित जी और सोनाक्षी दीदी एक दूसरे की आँखों में देख रहे थे और दोनों की आँखों में वासना के लाल डोरे तैर रहे थे .
पंडित जी ,--क्या देख रही हो प्रिये मेरी आँखों में .
सोनाक्षी दीदी ,- तुम्हारी आँखों में मुझे कामवासना की झलक दिख रही ह गोकुल.
पंडित जी ,-- जान आँखे तो तुम्हारी भी हवस से भरी दिख रही ह .
सोनाक्षी दीदी ,-- वो तो होगी hi जान , इस तरह टॉपलेस होकर तुम्हारे लुंड को अपनी छूट पर महसूस करके हवस तो आएगी hi .
पंडित जी ,-- तुम सच में काम की देवी हो सोनाक्षी , तुझे ऐसे टॉपलेस अपने लुंड पर बिठाकर मेरे अंदर काम उत्तेजना का भरपूर संचार हो रहा ह .
सोनाक्षी दीदी,- होने दे संचार गोकुल , में तेरी साडी उत्तेजना को शांत कर दूंगी अपने बदन की गर्मी से .
पंडित ji,--sonaxi तेरे जैसी गरम और कामुक औरत मेने आज से पहले नहीं देखि तू सच में बड़ी काम पिपासी औरत ह जो इस तरह मेरी चुकी से चुकी मिलकर भी झाड़ नहीं रही ह.
सोनाक्षी didi,--tu भी काम नहीं ह गोकुल , मेरे जैसी लोंड़िया को अपने लुंड पर बिठाकर भी तेरा लोढ़ा खम्बे की तरह मेरी छूट की गर्मी को झेल रहा ह .
पंडित जी ,-- सोनाक्षी तेरी निप्पल मेरी छाती में लोडे की तरह चुभ रही ह .
सोनाक्षी दीदी,-- हम दोनों पर हवस का पूरा असर हो चूका ह और मेरी निप्पल और तेरा लुंड एक जैसी पोजीसन में ह गोकुल.
पंडित जी ,-- सोनाक्षी तुझे पता ह तेरे जैसी गरम औरत किसी एक मर्द की नहीं हो सकती .
सोनाक्षी दीदी,- एक मर्द मेरे ी स जिस्म की गर्मी को ज्यादा दिन सहन नहीं कर पायेगा मेरे स्वामी .
पंडित जी ,-- तुझे पता नहीं ह बेबी . लोग तुझे रंडी समझेंगे जब तू अलग अलग मर्दों से छोड़ने जाएगी .
सोनाक्षी दीदी पंडित जी के होठों पर झुकने लगी तो पंडित जी बोले ,- नहीं सोनाक्षी , अभी किश नहीं .हमें अपनी हवस को भड़का के रखना होगा जब तक गुरुमा का आदेश नहीं मिलता .
सोनाक्षी दीदी अपने होंठ पीछे करके ,-- तुमने मुझे रंडी बोलै तो में उत्तेजना में बहक गयी थी गोकुल महर्षि.
पंडित जी ,-- अभी हमें बहुत देर तक अपनी कामवासना को जगाये रखना होगा बेबी .
सोनाक्षी दीदी ,-- सॉरी बाबू , मुझे कोई गाली देता ह तो में बहुत ज्यादा उत्तेजित हो जाती हूँ .
पंडित जी ,-- वो तो हर काम पिपासी औरत को अच्छा लगता ह डार्लिंग.
सोनाक्षी दीदी ,, तो तू भी दे ना लोदु मुझे गली अभी तो गुरुमा भी नहीं ह .
पंडित जी ,-- गुरु माँ की चिंता मत कर भोसड़ी वाली वो तो खुद ये चाहती ह की हम दोनों अपनी हवस को बढ़ने के लिए जो भी कर सकते ह वो करते रहे और हम दोनों का काम रास रिस्ता रहे .
सोनाक्षी दीदी,--- फिर तो तुम मुझे उनके सामने भी गन्दी से गन्दी गाली देना बहन के भाई.
पंडित जी ,--- वो जब गाली सुनेगी तो खुश होगी की हम दोनों पुरे खुल चुके ह और इसीलिए वो हमें अकेला छोड़कर गयी ह .
सोनाक्षी दीदी ,-- तो फिर तुझे शर्म आ रही ह क्या माँ के लोडे .
पंडित जी ,--* नहीं रानी , काम देव को तो अपनी काम क्रीड़ा के समय गन्दी गालिया देने में hi असली मज़ा आता ह .
दोस्तों,
मेरी 26 वर्षीय जवान और गदरायी घोड़ी मेरी सोनाक्षी दीदी टॉपलेस होकर अपने डैडी के उम्र के पंडित जी के लुंड पर बैठी थी बस लुंड और छूट के बिच में दीदी का पेटीकोट और पेंटी थी जबकि पंडित जी का धोती . पंडित जी उसके गदराये बदन को अपने नंगे साइन पर महसूस करके पुरे उत्तेजित थे.
मेरी दीदी पूरी बेशरम से पंडित जी के साथ खुलकर बात कर रही थी वही पंडित जी की बीबी मेरे पास कड़ी होकर अंदर का नजारा देखते हुए अपनी छूट में मुझसे अंगुली करवा रही थी .
अनीता भाभी की छूट कुछ देर में जवाब दे गयी और वो मेरी हथेली में झाड़ गयी तो मुझे किश
करके दूर हैट गयी तो मेने उनकी छूट रास से भरी हथेली को चाट लिया जिसे अनीता भाभी ने देख लिया और वो मुस्कराने लगी .
अनीता भाभी ने फिर जो किया उसे देखकर मेरा लुंड लुंगी को अपने ऊपर उठा लिया
तो बे कॉन्टिनोएड…..
अनीता भाभी अपनी ड्रेस को खोलकर अपनी चूचियों को पकड़ी और बोली ,--इधर देखो मेरी आँखों में और बोलो की मेरी आँखों में तुम्हे शर्म दिख रही ह क्या .
दीदी ,--नहीं .
अनीता भाभी,- पर देखो तुम्हारी आँखे अभी पूरी हवस से भरी हुयी नहीं ह बल्कि तुम्हे लग रहा ह की तुम ये मज़बूरी में कर रही हो.
पंडित जी ,- सोनाक्षी , तुम खुद को फ्री छोड़ दो और पूजा के साथ कामशास्त्र के हर आसान को खुल कर एन्जॉय करो तभी काम की देवी तुम्हे भरपूर आशीर्वाद देगी .
सोनाक्षी दीदी,- में कोशिश करुँगी गुरूजी.
अनीता भाभी,- कोशिश नहीं सोनाक्षी , तुम्हे शर्म छोड़कर अपनी और पंडित जी की हवस को पुरे कामशास्त्र के अनुसार सम्भोग की हर विधि का पालन करना होगा वार्ना अनर्थ हो जायेगा . अगर तुम नहीं कर सकती तो फिर पूजा यही रोक देते ह .
सोनाक्षी दीदी ,-- नहीं गुरु माँ. मेने अपने लादले भाई को पति बना लिया ह और उसे कुछ हो गया तो में कहीं की नहीं रहूंगी .
अनीता भाभी,-- तो फिर पूजा करते समय भूल जाओ की तुम कोण हो .बस इतना याद रखो की तुम एक जवान औरत हो और तुम्हे जितना कहा जाये वो एन्जॉय के साथ करो .
सोनाक्षी दीदी ,-- जी गुरु माँ , आप मुझे गाइड करते रहना .
अनीता भाभी,-- वो तो में करुँगी hi तभी तुम्हे टोका ह .
अनीता भभ फिर ी कुछ मंत्र बोलकर ,- तो तुम शरमाओगी नहीं न अब .
सोनाक्षी दीदी ,- आप आजमा कर देख लेना गुरुमा.
अनीता भाभी,-- चलो फिर अगले आसान में तुमको गुरूजी की गॉड में बैठा ह . तुम गुरूजी के दोनों जांघों पर बैठकर अपने पेअर उनके दोनों तरफ करके बैठो और तुम दोनों की छाती एक दूसरे के सामने होनी चाहिए.
दीदी गुरूजी के पीछे से उठी और अपने पेटीकोट को थोड़ा सा ऊपर करके पंडित जी के दोनों तरफ पेअर की और फिर उनके लुंड के ऊपर बेथ गयी तो पंडित जी की गरम भाप उनके मुंह से निकली .
दीदी के बैठने को पोजीसन इस तरह थी की दीदी और पंडित के चेहरे आमने सामने थे और दोनों के छाती एक दूसरे से लगभग टकरा रही थी क्योंकि पंडित जी की चूचियां भी काफी उठी हुयी थी .
अनीता भाभी ने भी अपने ओने पीेछे की चैन को बंद नहीं किया था जिसके कारन उनके बूब्स नंगे थे और पेंटी भीगी हुयी थी काम रास से पूरी .
अनीता भाभी,- सोनाक्षी अब तुम्हे गुरूजी को गुरु की तरह नहीं देखना ह बल्कि एक प्रेमिका की तारा से देखना ह और इन्हे अपना प्रेमी समझकर हर बार अलग अलग नामों से बुलाना ह जैसे कुंवारी और शादी सुदा औरतें अपने मर्द को बुलाती ह .
सोनाक्षी दीदी,-- जी , गुरु माँ . .
अनीता भाभी,-- तुम्हे अपने प्रेमी गोकुल की आँखों में हवस भरी नजरों से देखना ह और इनके लुंड पर बिच बिच में अपनी गांड को भी रगाना ह ताकि ये उत्तेजित रहे और हाँ तुम्हे लगातार इनके साथ कामुक बातें करनी ह.
सोनाक्षी दीदी ने ये सुना तो वो गंगना गयी और उनकी कामुक सिसकी भी निकली जो शायद पंडित जी के लुंड के फूलने से हुयी थी .
अनीता भाभी,-- सोनाक्षी, तुम को अगले दस मिनट तक पंडित जी से कामुक और अश्लील बातें करनी ह ताकि तुम्हारे और पंडित जी के बिच काम देव और कामदेवी का पूर्ण रूप से वास हो जाये और तुम अगली क्रिया करते समय खुल कर बोल सको और कर सको .
सोनाक्षी दीदी,-- जी गुरु माँ .
अनीता भाभी,- में दस मिनट बाद आउंगी तब तक तुम दोनों को जितना अश्लील और उत्तेजक वार्तालाप करना ह वो कर लेना और ध्यान रखना दोनों की आँखें एक दूसरे की आँखों में होनी chahiye.fir में आकर आगे की पूजा करवाती हूँ.
अनीता भाभी ये बोलकर बिना चैन बंद किये hi अपने चुचों को हिलती हुयी रूम का गेट बंद की और मेरे पास आयी और फिर मुझे किश करके धीरे से मेरे को बोली .
अनीता भाभी,-- मज़ा आ रहा ह ना तुम्हे डर्टी सेक्स में .
में ,-- अभी तक ज्यादा डर्टी सेक्स कहा हुआ ह डार्लिंग .
अनीता भाभी मुस्करा कर ,-- अभी असली गेम शुरू भी कहा हुआ ह राजा . आगे आगे देखो होता ह क्या .
में अनीता भाभी की उन्नत चुकी को चूमकर ,-- बेबी , बहुत शौकीन हो तुम दोनों सेक्स के मामले में .
अनीता भाभी मेरे हाथ पकड़ खिड़की के पास खदु हो गयी और बोली ,--मुझे अपनी अंगुली से झड़वा दो नहीं तो में आगे इन दोनों का डर्टी सेक्स नहीं करवा पाऊँगी .
मेने अनीता भाभी की पेंटी के ऊपर से उनकी छूट का मसलना शुरू किया और पेंटी साइड करके अपनी अंगुली अंदर करके आगे पीछे करके खुदकी से देखने लगा .
अंदर पंडित जी और सोनाक्षी दीदी एक दूसरे की आँखों में देख रहे थे और दोनों की आँखों में वासना के लाल डोरे तैर रहे थे .
पंडित जी ,--क्या देख रही हो प्रिये मेरी आँखों में .
सोनाक्षी दीदी ,- तुम्हारी आँखों में मुझे कामवासना की झलक दिख रही ह गोकुल.
पंडित जी ,-- जान आँखे तो तुम्हारी भी हवस से भरी दिख रही ह .
सोनाक्षी दीदी ,-- वो तो होगी hi जान , इस तरह टॉपलेस होकर तुम्हारे लुंड को अपनी छूट पर महसूस करके हवस तो आएगी hi .
पंडित जी ,-- तुम सच में काम की देवी हो सोनाक्षी , तुझे ऐसे टॉपलेस अपने लुंड पर बिठाकर मेरे अंदर काम उत्तेजना का भरपूर संचार हो रहा ह .
सोनाक्षी दीदी,- होने दे संचार गोकुल , में तेरी साडी उत्तेजना को शांत कर दूंगी अपने बदन की गर्मी से .
पंडित ji,--sonaxi तेरे जैसी गरम और कामुक औरत मेने आज से पहले नहीं देखि तू सच में बड़ी काम पिपासी औरत ह जो इस तरह मेरी चुकी से चुकी मिलकर भी झाड़ नहीं रही ह.
सोनाक्षी didi,--tu भी काम नहीं ह गोकुल , मेरे जैसी लोंड़िया को अपने लुंड पर बिठाकर भी तेरा लोढ़ा खम्बे की तरह मेरी छूट की गर्मी को झेल रहा ह .
पंडित जी ,-- सोनाक्षी तेरी निप्पल मेरी छाती में लोडे की तरह चुभ रही ह .
सोनाक्षी दीदी,-- हम दोनों पर हवस का पूरा असर हो चूका ह और मेरी निप्पल और तेरा लुंड एक जैसी पोजीसन में ह गोकुल.
पंडित जी ,-- सोनाक्षी तुझे पता ह तेरे जैसी गरम औरत किसी एक मर्द की नहीं हो सकती .
सोनाक्षी दीदी,- एक मर्द मेरे ी स जिस्म की गर्मी को ज्यादा दिन सहन नहीं कर पायेगा मेरे स्वामी .
पंडित जी ,-- तुझे पता नहीं ह बेबी . लोग तुझे रंडी समझेंगे जब तू अलग अलग मर्दों से छोड़ने जाएगी .
सोनाक्षी दीदी पंडित जी के होठों पर झुकने लगी तो पंडित जी बोले ,- नहीं सोनाक्षी , अभी किश नहीं .हमें अपनी हवस को भड़का के रखना होगा जब तक गुरुमा का आदेश नहीं मिलता .
सोनाक्षी दीदी अपने होंठ पीछे करके ,-- तुमने मुझे रंडी बोलै तो में उत्तेजना में बहक गयी थी गोकुल महर्षि.
पंडित जी ,-- अभी हमें बहुत देर तक अपनी कामवासना को जगाये रखना होगा बेबी .
सोनाक्षी दीदी ,-- सॉरी बाबू , मुझे कोई गाली देता ह तो में बहुत ज्यादा उत्तेजित हो जाती हूँ .
पंडित जी ,-- वो तो हर काम पिपासी औरत को अच्छा लगता ह डार्लिंग.
सोनाक्षी दीदी ,, तो तू भी दे ना लोदु मुझे गली अभी तो गुरुमा भी नहीं ह .
पंडित जी ,-- गुरु माँ की चिंता मत कर भोसड़ी वाली वो तो खुद ये चाहती ह की हम दोनों अपनी हवस को बढ़ने के लिए जो भी कर सकते ह वो करते रहे और हम दोनों का काम रास रिस्ता रहे .
सोनाक्षी दीदी,--- फिर तो तुम मुझे उनके सामने भी गन्दी से गन्दी गाली देना बहन के भाई.
पंडित जी ,--- वो जब गाली सुनेगी तो खुश होगी की हम दोनों पुरे खुल चुके ह और इसीलिए वो हमें अकेला छोड़कर गयी ह .
सोनाक्षी दीदी ,-- तो फिर तुझे शर्म आ रही ह क्या माँ के लोडे .
पंडित जी ,--* नहीं रानी , काम देव को तो अपनी काम क्रीड़ा के समय गन्दी गालिया देने में hi असली मज़ा आता ह .
दोस्तों,
मेरी 26 वर्षीय जवान और गदरायी घोड़ी मेरी सोनाक्षी दीदी टॉपलेस होकर अपने डैडी के उम्र के पंडित जी के लुंड पर बैठी थी बस लुंड और छूट के बिच में दीदी का पेटीकोट और पेंटी थी जबकि पंडित जी का धोती . पंडित जी उसके गदराये बदन को अपने नंगे साइन पर महसूस करके पुरे उत्तेजित थे.
मेरी दीदी पूरी बेशरम से पंडित जी के साथ खुलकर बात कर रही थी वही पंडित जी की बीबी मेरे पास कड़ी होकर अंदर का नजारा देखते हुए अपनी छूट में मुझसे अंगुली करवा रही थी .
अनीता भाभी की छूट कुछ देर में जवाब दे गयी और वो मेरी हथेली में झाड़ गयी तो मुझे किश
अनीता भाभी ने फिर जो किया उसे देखकर मेरा लुंड लुंगी को अपने ऊपर उठा लिया
तो बे कॉन्टिनोएड…..