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ये बोलकर वो वह से चली जाती है और में वही बैठा बैठा सोचता हु वाह यर अंजलि ने क्या प्लान बनाया है उससे जल्दी hi मुझे नई छूट मिलेगी ये सोच कर में अपने लैंड को मसलने लगता हु और फिर अपने लैंड को एडजस्ट करके घर आजाता हु क्युकी अगर में ज्यादा लेट हो जाता तो माँ से डाट पड़ती.....
इधर घर आकर सीधा में अपने रूम में जाता हु झा उर्वी बैठ कर पढाई कर रही होती है जो मुझे देख कर मुझसे बोलती है
उर्वी- भाई पढ़ भी लिया कर अगर एग्जाम में तेरे नंबर काम आगये न तो माँ और दीदी तेरी साडी आशिकी निकल देगी...
उर्वी की बात सुनकर में अपने मैं में सोचता हु है उर्वी ठीक बोल रही है अगर मेरे नंबर काम आगये तो दोनों मेरी गांड फाड़ देगी और ऊपर से पालक ( क्युकी पालक दीदी जितनी फ्रैंक थी पढाई के मामले में उठी hi स्टिक भी थी ) दीदी की छूट भी हाथ से जा सकती है ये सोच कर में अपने बैग से बुक निकल कर पढ़ने लगता हु और ऐसे hi पढ़ते पढ़ते रात के 8 बज जाते है तो संजू ( सनजना) हमारे रूम में आती है उसने उस टाइम एक बहुत छोटी ओने पीस
ड्रेस पेहेन राखी थी जो उसके जांघो तक होती है वो ड्रेस इतनी छोटी थी की अगर वो कुछ उठाने के लिए झुके तो उसकी गांड आसानी से दिख सकती है और इधर संजू रूम के आकर उर्वी से बोलती है...
संजू- उर्वी दीदी डिनर करलो आप दोनों माँ बुला रही है
उर्वी- ठीक है संजू हम आते है
उर्वी की बात सुनकर जैसे hi संजू जाने लगती है वैसे hi पता नहीं मुझे क्या होता है में संजू से बोलता हु
में- संजू वो कपडा उठा कर साइड में रख देना निचे पड़ा हुआ है..
मेरी बात सुनकर संजू मेरे इशारा करने वाली जगह की तरफ देखते है और बिना कुछ बोले जब वो कपडा उठाने के लिए झूटी है तो झुकने की वजह से उसकी स्कर्ट ऊपर हो जाती है और
हमे उसकी छूट और गांड के पिंक होल्स दिख जाता है क्युकी उसने अंदर पंतय नहीं पहनी होती है इधर ये सीन उर्वी और में देखते है उसको देख कर शॉकेड हो जाते है और हम फाड़ कर एक दूसरे के फेस को देखते है है बूत बोलते कुछ नहीं...
वही इधर संजू कपडे को उठा कर साइड में राखी एक चेयर पर रख देती है और हमसे बिना कुछ बोले रूम से बहार चली जाती है और यह रूम में हम दोनों की ससे बहुत तीज चल रही होती है और साथ में मेरा लैंड भी पूरी तरह काढ़ा हो गया था वो मेरे लोअर में अलग hi दिख रहा था जिसपर उर्वी की नज़र भी पद जाती है और वो मुझसे बोलती है...
उर्वी- चल बहार चलते है माँ हमारा वेट कर रही होगी और है बहार इसको ठीक करके आना...
ये बात वो मेरे लैंड की तरफ इशारा करके बोलती है और ये बोलकर वो अपनी बुक बंद करके साइड में रख कर बहार चली जाती है और में भी बीएड से उठ कर सीधा बाथरूम में हु और लैंड को शांत करने की कोशिश करता हु बूत उसका कुछ नहीं होता क्युकी मेरी आखो के सामने संजू की पिंक वर्जिन छूट और गांड घूम रही थी जिसकी वजह से मेरा लैंड शांत होने की जगह पूरा काढ़ा होता जा रहा था इसलिए में लैंड को अपने लोअर की लास्टिक के अंदर दाल कर नाडा बंद लेता हु और बहार आजाता हु झा दिंनिंग टेबल पर बैठ कर तीनो खाना खा रही होती है तो में चुपके से जाकर पालक दीदी के बहार में जाकर बैठ जाता हु और मुझे अपने पास बैठा देख कर पालक दीदी मेरी तरफ देखती है जिसको देख कर में उनको एक मुकसान देता हु और प्लेट में डिनर करने लगता हु और फिर चुपके से अपने एक हाथ पालक दीदी को जांघ पर रख देता हु जिसको देख कर पालक दीदी शॉकेड हो जाती है और फिर जल्दी से मेरा हाथ हत्ता देती है और मुझे गुस्से से देखती है जिसको देख कर में दुबारा कोई ऐसे वैसे हरकत नई करता और खुप चाप खाना खाने लगता हु और खाना खा कर निचे आने लगता हु घूमने के लिए तभी जब में सोसाइटी कंपाउंड में पहुँचता हु तो मुझे सोसाइटी कंपाउंड में काढ़े पोपटलाल दीखता है जिसके फेस पर अलग hi नज़र आरहा होता है रात उसकी गांड फटी है.... उनको देख कर में उसके पास चला जाता हु और उनसे बोलता हु
में- और पोपटलाल अंकल कैसे हो
मेरी आवाज सुनकर पोपटलाल अंकल मेरी तरफ देखते है और मुझसे बोलते है
पोपटलाल अंकल- है है ठीक हु तुम बताओ तुम कैसे हो
में- में भी मस्त हु वैसे अंकल तुमको देख कर लग नहीं रहा तुम ठीक हो...
मेरी बात सुनकर पोपटलाल अंकल शॉकेड हो जाते है और फिर मुझसे बोलते है
पोपटलाल अंकल- क्ययय कककययय क्या मतलब है युवी तुम्हारा..
पोपटलाल अंकल की बात सुनकर में हसने लगता हु और हस्ते हुआ hi उनसे बोलता हु
में- चलो गर्दन में चलते है वह बताता हु मेरा मतलब क्या है..
मेरी बात सुनकर पोपटलाल अंकल बिना कुछ बोले मेरे साथ चलने लगते है और फिर जब हम जैसे hi गर्दन में पहुंचते है वैसे hi पोपटलाल अंकल जल्दी से मुझसे बोलते है
पोपटलाल अंकल- अब बताओ युवी तुम्हारा क्या मतलब है
में- मेने सुबह जेठा और तारक अंकल की सरे बाते सुनली थी और पता है वो क्या बात कर रहे थे आपके साथ जो उन्होंने रात में किया उसके बारे में...
मेरी बात सुनकर पोपटलाल अंकल की आखो में से आशु निकल जाते है जिसको देख कर पहले में उनको पास में पड़ी एक बैंच पर बैठता हु और फिर उनसे बोलता हु...
में- पोपट अंकल आप रोइये मत में ये बात किसी को नहीं बताउगा मुझे पता है आपके साथ बहुत नाइंसाफी हुई है...
मेरी बात सुनकर पोपटलाल अंकल मेरे गले लग जाते है जिसको देख कर मुझे थोड़ा अजीब लगता है बूत फिर भी में उनको कुछ नहीं बोलता क्युकी मुझे पता है वो इस टाइम बहुत तकलीफ में है.... इधर थोड़ी देर बाद में उनसे बोलता हु
में- पोपट अंकल आप टेंशन मत लो में आपकी हेल्प करुगा
मेरी बात सुनकर पोपटलाल अंकल शॉकेड होकर मुझे देखने लगते है और फिर मुझसे बोलते है
पोपट अंकल- तुम मेरी कैसे हेल्प कर सकते हो
में- वो सब तुम देखते जाओ बीएस ये बताओ आपकी वीडियो सोफ़िया आंटी ने खा राखी है...
पोपटलाल अंकल- अलमारी में एक कैमरा है उसमे है वीडियो और उसकी चाबी उसके पास hi रहती है और साथ में उसका बैकअप उसके मोबाइल में है....
पोपटलाल अंकल की बात सुनकर में कुछ सोचता हु और फिर उससे बोलता हु
में- मोबाइल में देख लगा बीएस आप अलमारी में जो बैकअप है उसका आप देख लेना...
मेरी बात सुनकर पोपटलाल अंकल के फेस पर खुसी अलग दिखती है और वो मुझे थैंक ु बोलते लगते है और तभी उनकी प्रेस से कॉल आता है तो वो कॉल पिक करते है और मुझसे बोलते है
पोपटलाल अंकल- युवी मुझे अर्जेंट प्रेस me.jana. है में चलता हु
ये बोलकर वो चले जाते है और उनके जाने के बाद में अपने मैं में बोलता हु पोपटलाल तो आगये मेरे हाथ में और िएर अंकल भी आसानी से आजाएगे बीएस मुझे किसी तरफ तारक अंकल को जेठालाल अंकल से दूर करना है ताकि उनकी पावर आधी सो सकी.... अब कुछ लोग सोच रहे होने मेने ये सब क्यों कर रहा हु दरसल जेठा अंकल मेरी माँ बेहेन को छोड़ना कहते है तो में उनसे बदला लेना कहता हु सबको उनका दुश्मन बना कर उनको अकेला कर सकू...
इधर यह सभी लेडीज सोसाइटी कंपाउंड में आगयी होती है और आपस में हसी मजाक कर रही होती है... यह जबसे माँ उनके साथ बाते करने लगती है तबसे वो लोग सेक्स टॉपिक पर बात नहीं करती क्युकी मेरे पापा की डेथ हो गयी है न इसलिए वो नहीं कहती मेरी माँ के दिल को तेहेस पहुंचे है और एक बात और जबसे मेने अंजलि आंटी से बोलै है की मेरी माँ से बात कर लिया करो तबसे अंजलि आंटी मेरी माँ से ज्यादा बात करती है इधर जब में सोसाइटी कंपाउंड में आता हु तो देखता हु वह सभी होते है बूत संजू नहीं होते जिसको देख कर में सोचता हु अब ये खा गयी बूत फिर में सोचता हु यही कही होगी माँ यही है वो कोई ऐसे वैसे हरकत नहीं करेगी ये सोच कर में सोचता हु चलो घर hi चलता हु ये सोच कर में घर की तरफ चल देता हु और जैसे hi में विंड के अंदर जाता हु तभी उर्वी मुझसे बोलती है.....
उर्वी- भाई घर जा रहा हो तो ये घर की के लेकर जाओ...
उर्वी की बात सुनकर में उसके पास से के लेकर घर की तरफ चला जाता हु और जैसे hi मैं गेट ओपन करके अंदर जाता हु और सीधा अपने रूम की तरफ जाने लगता हु और तभी मुझे लगता है की माँ के रूम कोई है ये देख कर जैसे hi में उनके रूम के गेट को खोलने की कोशिश करता हु तो वो अंदर से लॉक होता है जिसको देख कर मुझे थोड़ा सक्क होता है तो में अंदर देखने की जगह देखने लगता हु और तभी मुझे गेट के ऊपर एक रोशन दान याद आता है जिसको देख कर में दिंनिंग टेबल की चेयर लेकर उस रोशन दान के निचे रखता हु और उसपर चढ़ कर अंदर देखता हु तो अंदर का नज़ारा देख कर मेरे होश उड़द जाता है और मुझे बहुत गुस्सा है क्युकी अंदर रूम में संजू और
तो बे कंटिन्यू...
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ये बोलकर वो वह से चली जाती है और में वही बैठा बैठा सोचता हु वाह यर अंजलि ने क्या प्लान बनाया है उससे जल्दी hi मुझे नई छूट मिलेगी ये सोच कर में अपने लैंड को मसलने लगता हु और फिर अपने लैंड को एडजस्ट करके घर आजाता हु क्युकी अगर में ज्यादा लेट हो जाता तो माँ से डाट पड़ती.....
इधर घर आकर सीधा में अपने रूम में जाता हु झा उर्वी बैठ कर पढाई कर रही होती है जो मुझे देख कर मुझसे बोलती है
उर्वी- भाई पढ़ भी लिया कर अगर एग्जाम में तेरे नंबर काम आगये न तो माँ और दीदी तेरी साडी आशिकी निकल देगी...
उर्वी की बात सुनकर में अपने मैं में सोचता हु है उर्वी ठीक बोल रही है अगर मेरे नंबर काम आगये तो दोनों मेरी गांड फाड़ देगी और ऊपर से पालक ( क्युकी पालक दीदी जितनी फ्रैंक थी पढाई के मामले में उठी hi स्टिक भी थी ) दीदी की छूट भी हाथ से जा सकती है ये सोच कर में अपने बैग से बुक निकल कर पढ़ने लगता हु और ऐसे hi पढ़ते पढ़ते रात के 8 बज जाते है तो संजू ( सनजना) हमारे रूम में आती है उसने उस टाइम एक बहुत छोटी ओने पीस
ड्रेस पेहेन राखी थी जो उसके जांघो तक होती है वो ड्रेस इतनी छोटी थी की अगर वो कुछ उठाने के लिए झुके तो उसकी गांड आसानी से दिख सकती है और इधर संजू रूम के आकर उर्वी से बोलती है...
संजू- उर्वी दीदी डिनर करलो आप दोनों माँ बुला रही है
उर्वी- ठीक है संजू हम आते है
उर्वी की बात सुनकर जैसे hi संजू जाने लगती है वैसे hi पता नहीं मुझे क्या होता है में संजू से बोलता हु
में- संजू वो कपडा उठा कर साइड में रख देना निचे पड़ा हुआ है..
मेरी बात सुनकर संजू मेरे इशारा करने वाली जगह की तरफ देखते है और बिना कुछ बोले जब वो कपडा उठाने के लिए झूटी है तो झुकने की वजह से उसकी स्कर्ट ऊपर हो जाती है और
हमे उसकी छूट और गांड के पिंक होल्स दिख जाता है क्युकी उसने अंदर पंतय नहीं पहनी होती है इधर ये सीन उर्वी और में देखते है उसको देख कर शॉकेड हो जाते है और हम फाड़ कर एक दूसरे के फेस को देखते है है बूत बोलते कुछ नहीं...
वही इधर संजू कपडे को उठा कर साइड में राखी एक चेयर पर रख देती है और हमसे बिना कुछ बोले रूम से बहार चली जाती है और यह रूम में हम दोनों की ससे बहुत तीज चल रही होती है और साथ में मेरा लैंड भी पूरी तरह काढ़ा हो गया था वो मेरे लोअर में अलग hi दिख रहा था जिसपर उर्वी की नज़र भी पद जाती है और वो मुझसे बोलती है...
उर्वी- चल बहार चलते है माँ हमारा वेट कर रही होगी और है बहार इसको ठीक करके आना...
ये बात वो मेरे लैंड की तरफ इशारा करके बोलती है और ये बोलकर वो अपनी बुक बंद करके साइड में रख कर बहार चली जाती है और में भी बीएड से उठ कर सीधा बाथरूम में हु और लैंड को शांत करने की कोशिश करता हु बूत उसका कुछ नहीं होता क्युकी मेरी आखो के सामने संजू की पिंक वर्जिन छूट और गांड घूम रही थी जिसकी वजह से मेरा लैंड शांत होने की जगह पूरा काढ़ा होता जा रहा था इसलिए में लैंड को अपने लोअर की लास्टिक के अंदर दाल कर नाडा बंद लेता हु और बहार आजाता हु झा दिंनिंग टेबल पर बैठ कर तीनो खाना खा रही होती है तो में चुपके से जाकर पालक दीदी के बहार में जाकर बैठ जाता हु और मुझे अपने पास बैठा देख कर पालक दीदी मेरी तरफ देखती है जिसको देख कर में उनको एक मुकसान देता हु और प्लेट में डिनर करने लगता हु और फिर चुपके से अपने एक हाथ पालक दीदी को जांघ पर रख देता हु जिसको देख कर पालक दीदी शॉकेड हो जाती है और फिर जल्दी से मेरा हाथ हत्ता देती है और मुझे गुस्से से देखती है जिसको देख कर में दुबारा कोई ऐसे वैसे हरकत नई करता और खुप चाप खाना खाने लगता हु और खाना खा कर निचे आने लगता हु घूमने के लिए तभी जब में सोसाइटी कंपाउंड में पहुँचता हु तो मुझे सोसाइटी कंपाउंड में काढ़े पोपटलाल दीखता है जिसके फेस पर अलग hi नज़र आरहा होता है रात उसकी गांड फटी है.... उनको देख कर में उसके पास चला जाता हु और उनसे बोलता हु
में- और पोपटलाल अंकल कैसे हो
मेरी आवाज सुनकर पोपटलाल अंकल मेरी तरफ देखते है और मुझसे बोलते है
पोपटलाल अंकल- है है ठीक हु तुम बताओ तुम कैसे हो
में- में भी मस्त हु वैसे अंकल तुमको देख कर लग नहीं रहा तुम ठीक हो...
मेरी बात सुनकर पोपटलाल अंकल शॉकेड हो जाते है और फिर मुझसे बोलते है
पोपटलाल अंकल- क्ययय कककययय क्या मतलब है युवी तुम्हारा..
पोपटलाल अंकल की बात सुनकर में हसने लगता हु और हस्ते हुआ hi उनसे बोलता हु
में- चलो गर्दन में चलते है वह बताता हु मेरा मतलब क्या है..
मेरी बात सुनकर पोपटलाल अंकल बिना कुछ बोले मेरे साथ चलने लगते है और फिर जब हम जैसे hi गर्दन में पहुंचते है वैसे hi पोपटलाल अंकल जल्दी से मुझसे बोलते है
पोपटलाल अंकल- अब बताओ युवी तुम्हारा क्या मतलब है
में- मेने सुबह जेठा और तारक अंकल की सरे बाते सुनली थी और पता है वो क्या बात कर रहे थे आपके साथ जो उन्होंने रात में किया उसके बारे में...
मेरी बात सुनकर पोपटलाल अंकल की आखो में से आशु निकल जाते है जिसको देख कर पहले में उनको पास में पड़ी एक बैंच पर बैठता हु और फिर उनसे बोलता हु...
में- पोपट अंकल आप रोइये मत में ये बात किसी को नहीं बताउगा मुझे पता है आपके साथ बहुत नाइंसाफी हुई है...
मेरी बात सुनकर पोपटलाल अंकल मेरे गले लग जाते है जिसको देख कर मुझे थोड़ा अजीब लगता है बूत फिर भी में उनको कुछ नहीं बोलता क्युकी मुझे पता है वो इस टाइम बहुत तकलीफ में है.... इधर थोड़ी देर बाद में उनसे बोलता हु
में- पोपट अंकल आप टेंशन मत लो में आपकी हेल्प करुगा
मेरी बात सुनकर पोपटलाल अंकल शॉकेड होकर मुझे देखने लगते है और फिर मुझसे बोलते है
पोपट अंकल- तुम मेरी कैसे हेल्प कर सकते हो
में- वो सब तुम देखते जाओ बीएस ये बताओ आपकी वीडियो सोफ़िया आंटी ने खा राखी है...
पोपटलाल अंकल- अलमारी में एक कैमरा है उसमे है वीडियो और उसकी चाबी उसके पास hi रहती है और साथ में उसका बैकअप उसके मोबाइल में है....
पोपटलाल अंकल की बात सुनकर में कुछ सोचता हु और फिर उससे बोलता हु
में- मोबाइल में देख लगा बीएस आप अलमारी में जो बैकअप है उसका आप देख लेना...
मेरी बात सुनकर पोपटलाल अंकल के फेस पर खुसी अलग दिखती है और वो मुझे थैंक ु बोलते लगते है और तभी उनकी प्रेस से कॉल आता है तो वो कॉल पिक करते है और मुझसे बोलते है
पोपटलाल अंकल- युवी मुझे अर्जेंट प्रेस me.jana. है में चलता हु
ये बोलकर वो चले जाते है और उनके जाने के बाद में अपने मैं में बोलता हु पोपटलाल तो आगये मेरे हाथ में और िएर अंकल भी आसानी से आजाएगे बीएस मुझे किसी तरफ तारक अंकल को जेठालाल अंकल से दूर करना है ताकि उनकी पावर आधी सो सकी.... अब कुछ लोग सोच रहे होने मेने ये सब क्यों कर रहा हु दरसल जेठा अंकल मेरी माँ बेहेन को छोड़ना कहते है तो में उनसे बदला लेना कहता हु सबको उनका दुश्मन बना कर उनको अकेला कर सकू...
इधर यह सभी लेडीज सोसाइटी कंपाउंड में आगयी होती है और आपस में हसी मजाक कर रही होती है... यह जबसे माँ उनके साथ बाते करने लगती है तबसे वो लोग सेक्स टॉपिक पर बात नहीं करती क्युकी मेरे पापा की डेथ हो गयी है न इसलिए वो नहीं कहती मेरी माँ के दिल को तेहेस पहुंचे है और एक बात और जबसे मेने अंजलि आंटी से बोलै है की मेरी माँ से बात कर लिया करो तबसे अंजलि आंटी मेरी माँ से ज्यादा बात करती है इधर जब में सोसाइटी कंपाउंड में आता हु तो देखता हु वह सभी होते है बूत संजू नहीं होते जिसको देख कर में सोचता हु अब ये खा गयी बूत फिर में सोचता हु यही कही होगी माँ यही है वो कोई ऐसे वैसे हरकत नहीं करेगी ये सोच कर में सोचता हु चलो घर hi चलता हु ये सोच कर में घर की तरफ चल देता हु और जैसे hi में विंड के अंदर जाता हु तभी उर्वी मुझसे बोलती है.....
उर्वी- भाई घर जा रहा हो तो ये घर की के लेकर जाओ...
उर्वी की बात सुनकर में उसके पास से के लेकर घर की तरफ चला जाता हु और जैसे hi मैं गेट ओपन करके अंदर जाता हु और सीधा अपने रूम की तरफ जाने लगता हु और तभी मुझे लगता है की माँ के रूम कोई है ये देख कर जैसे hi में उनके रूम के गेट को खोलने की कोशिश करता हु तो वो अंदर से लॉक होता है जिसको देख कर मुझे थोड़ा सक्क होता है तो में अंदर देखने की जगह देखने लगता हु और तभी मुझे गेट के ऊपर एक रोशन दान याद आता है जिसको देख कर में दिंनिंग टेबल की चेयर लेकर उस रोशन दान के निचे रखता हु और उसपर चढ़ कर अंदर देखता हु तो अंदर का नज़ारा देख कर मेरे होश उड़द जाता है और मुझे बहुत गुस्सा है क्युकी अंदर रूम में संजू और
तो बे कंटिन्यू...