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इतनी गर्मी और हवसी बन गयी थी रौशनी की वह रात भर इन दोनों बुद्धों के साथ रास लीला का खेल, खेलने बिलकुल तैयार थी और दोनों के साथ रात भार छोड़ना चाहती थी… बड़ी कामुक बना दिया था रौशनी को इन दो बुद्धों ने … उसके मियां ने , आखिर रौशनी उनकी बेगम बन गयी hi थी …
असलम और सलीम अब रुक जाते हैं और सलीम कहता हैं
सलीम “अरे रौशनी अपने दोनों मियां को दारु नहीं पिलाओगी … तुम्हारी हुस्न का नशा हैं सही लेकिन दारू के नशे से और भी मस्त लगेगा तुम्हारा नशा .. चलो आओ हमें दारू पिलाओ और थोड़ी खातिरदारी करो..
रौशनी के आँखें वासने से भरे हुए थे . वह इस वक़्त जो सलीम और असलम कहेंगे वह करने वाली थी … वह उठी और नग्न hi एक एक गिलास में एक एक पेग बना दिया ..
फिर अपने बड़े चूचियों को हिलाते हुए दारू के गिलास दोनों असलम और सलीम के पास लेकर गांड मटकाकर चलने लगी. उसकी चुहियाँ आगे झूल रही थी और पीछे गांड मटक रही थी … उसे इस स्तिथि में देख सलीम और असलम के लोडे पुरे अटेंशन में मनो रौशनी को सलामी दे रहे थे … रौशनी भी बड़ी कामुकता से आगे झुकी और दोनों गिलास असलम और सलीम के हाथों में थमा दी .. असलम और सलीम बस रौशनी के सामने झूलते हुए बड़ी कासी हुयी चूचियों को देख और गरम हो रहे थे और उनके लोडे बड़े झटके मार रहे थे और उनके लोदों से काफी प्रेकम भी उगल रहा था ..
रौशनी उन दोनों के मोठे खड़े लुन्डों को देख एक आह भरी .. उफ्फ्फ इतनी काळा और मोठे सांड जैसे लुंड थे दोनों के … कैसे बड़े लुंड वाले मर्दों की बेगम बानी थी रौशनी उफ्फ्फ … उनका लुंड तोह वह चूसना , चाटना और अपनी छूट और गांड में भी लेना चाहती थी .. इस सब सोच से उसकी बुर से काफी रास टपक रहा था उसकी अंदरूनी झंघों पर .. जो अब चमक रहे थे ..
अब जैसे उसने गिलास दोनों को दिया .. दोनों ने उसे खिंच लिया और वह दोनों के बिच जा फांसी … उसके बाल सलीम के चेहरे पर और असलम के चेहरे पर छाए हुए थे .. दोनों असलम और सलीम एक हाथ से दारू पि रहे थे और दूसरे हाथ से रौशनी की दायी और बायीं झंगहों को शेला रहे थे और बिच बिच में उन्हें दबोच रहे थे ,, इस हरकत से और खुद की बढ़ती गर्मी से रौशनी बड़ी सिसकियाँ मार रही थी और बिना रूकावट उसके भी दोनों हाथ असलम ुर सलीम के मोठे काळा लुंड पर गए और उन्हें वह मस्ती में सेहला रही थी .. उनके लुंड के चमड़े को उनके लुंड के सर पर लेजाती फिर निचे .. फिर ले जाती और फिर निचे .. अब असलम और सलीम की बरी थी कराहने की ..
“अहह उफ्फ्फ मम बेगम साली क्या मुलायम हतः हैं तेरे आह उफ्फ्फ मममम मस्त लग रहा हैं उफ्फ्फ्फ़ मममम
असलम -‘“हाँ बड़ी मस्त हैं तू उफ्फ्फ मम ऐसे hi हिला हमारे लुंड उफ्फ्फ…
अब सलीम और असलम दोनों रौशनी के दाएं और बाएं चुकी को दबाने लगे और दबोचने लगे .. दोनों दारू पीते रहे ….
दोनों फिर जल्दी से अपनी दारु ख़तम करके रौशनी को ऊपर खड़ा कर लिया और खुद खड़े होकर दोनों ने रौशनी को अपनी बांहो हेर आगे और पीछे से दबोच लिया, एक उसकी मोती गांड और छूट को अपने हाथो हेर भर रहा था तो दूसरा उसके मोठे मोठे दूध को दबोच रहा था,
सलीम- “है रौशनी तेरी गांड बड़ी मस्त और गोल मटोल है.
उफ्फ्फ्फ़ फिर क्या, दोनों ने अपनी जीभ से रौशनी के एक एक अंग को चूसना चेतना शुरू कर दिया
और रौशनी बस “आह आह ओह ओह आह आह ओह ममममम सिसकियाँ मारती रही और बोलती रही
“ज़ोर से चाट को चुसो मेरे बदन को मेरे मियां और ज़ोर से …में आप दोनों के मोठे लुंड चाहती हूँ .. हमेशा के लिए अपना बनाना चाहती हूँ …. उफ्फफ्फ्फ़ मियां अब ये लुंड आप मेरी छूट हेर दाल दो नहीं तो मैं मर जाउंगी, अब देरी न करो मियां .. उफ्फ्फ मममम आह आह मेरी चुदाई करिये मेरे दोनों मियां अहह उफ्फ्फ…”
सलीम और असलम ने रौशनी को अपने कन्धों पर उठा लिया और फिर से बिस्तर की तरफ ले जाकर उसे निचे साइड पोज़ में लिटा दिया. तभी असलम ने रौशनी की चूतड़ों के बिच के उसके गांड के छेड़ हेर अपनी दो उंगलिया अपने थूक से गीली करके
घुसेड़ दी …असलम की उंगलिया रौशनी की गांड को काफी टाइट महसूस करा …
सलीम ने अपनी उँगलियों को थूक लगा कर रौशनी की बुर में डाली और उसकी बुर के दाने को अपने उँगलियों से खुरदने लगा … रौशनी बस ऐसे दोनों के हमले से आह उफ्फ्फ ममम की hi सिसकियाँ मार सकीय.
असलम ने रौशनी की चूतड़ों के बिच में अपने चेहरे को सीधा घुसाया और अपना चेहरा रौशनी की गांड की दरार में डुबो दिया. रौशनी की गांड की सेक्सी तीखी गंध ने असलम के लुंड के झटके बढ़ा दिए … असलम ने अपने हाथों से रौशनी की गांड के गालों को फैलते हुए उसकी गांड के छेड़ को चाटना जार रखा.
असलम रौशनी की गांड को मिन्हाशा चाट रहा था, अपनी जीभ को ghuma-ghuma कर उसकी गांड के छेद को छठा रहा था .. फिर kabhi-kabhi अपनी जीभ उसकी गांड के छेद के अंदर डालने की कोशिश करने लगता. रौशनी अब पूरी तरह से अपने होश में नहीं थी और वह jor-jor से सिसकियाँ लेने लगी.
दिस्री तरह सलीम ने dhire-dhire अपना ध्यान रौशनी की छूट पर केंद्रित करे. उसने अपना चेहरा रौशनी की छूट के करीब ले गया और पीछे से उसकी छूट को सूंघने लगे. रौशनी की छूट की मीठी पसीने वाली खुशबु सलीम को काफी कामुक बना रही थी. फिर उसने अपनी जीभ से रौशनी की छूट के निचले होंठों को चाटना शुरू करे. वह अपनी जीभ रौशनी की छूट के अंदर डाली और एक से अधिक बार उसके बुर के रास को टास्ते करने लगे. यह सब , असलम की द्वारा उसकी गांड की चूसै और सलीम से उसकी बुर की चूसै .. होते हुए रौशनी मुश्किल से अपनी उत्तेजना कण्ट्रोल कर प् रही थी.
सलीम रौशनी की छूट को छाते जा रहा था .. असलम ने उसकी गांड की चटाई रोकी और अपने कठोर लोडे को रौशनी के मुँह के तरफ ले गया ..
रौशनी ने असलम का लोढ़ा उसके मुँह के सामने देखि और कोई समय बर्बाद नहीं करि और उसके लोडे को ऊपर से निचे तक चेतना शुरू कर दी. रौशनी ने अपने हाथों से उसके लोडे के गोटियों से खेलते हुए असलम के लोडे के सर को चाटने लगी. कुछ 5 मं ऐसी चूसै के बाद सलीम वापस दारु पिने चला गया और अब बस असलम और रौशनी थे बिस्तर पर. रौशनी ने असलम को लेटने बोली .. फिर रौशनी dhire-dhire असलम के पैरों के बिच चली गई और उसके लुंड के एक बॉल को अपने मुंह में ले ली. असलम ने भी dhire-dhire उसके लुंड के बॉल्स को रौशनी के चहरे पर टिका दिए और अपने लोडे के बॉल्स को रौशनी के मुँह पर रख उसे वहां और चूसने को उत्साह से कहने लगा .. रौशनी की गर्मी पूरी बढ़ चुकी थी और वह ऐसी अश्लील हरकत करती रही और असलम के बॉल्स का पूरा स्वाद चख ली … फिर रौशनी असलम के ऊपर चढ़ गयी और उसका मुँह असलम के लोडे पर था और उसका बुर असलम के चेहरे पर. . रौशनी और असलम , दोनों अब 69 की स्थिति में थे. रौशनी असलम के लोडे और उसके लोडे के बॉल्स को चूस रही थी और असलम उसकी छूट चाट रहा था. असलम ने अपने झंघों से रौशनी के चेहरे को जकड लिया और स्थिति में रौशनी अपने आप असलम के लोडे को चूसते चूसते बाहर नहीं निकाल प् रही थी इसीलिए अब असलम का लोढ़ा मनो पूरा उसके गले में उतर गया और वह उसके लोडे को दिप थ्रोट करने लगी ..
ऐसे hi कुछ चला 5 मं के लिए और फिर बस पोजीशन बदल दी .. रौशनी की नहीं सलीम की .. सलीम अब 69 पोजीशन में था रौशनी के साथ और असलम दारु का एक पेग बनाने और पिने के लिए चला गया.
कुछ 5 मं सलीम के साथ 69 पोजीशन में मस्ती करने पर अब दोनों मियां उसके सामने खड़े हो जाते हैं और रौशनी नंग लेती हुयी हैं बिस्तर पर.
दोनों सलीम और असलम उसके गदराए बदन को घूरने लगते हैं .. दोनों के मन में मनो एक hi बात दौड़ रही थी
( उफ्फ्फ इतनी गदराई और मस्त नंगी औरत उन्होंने अपनी जिंदगी में रौशनी से पहले कभी नहीं देखि थी)
दोनों फिर नंगी पड़ी रौशनी के बदन से चिपक जाता है.
सलीम- “उफ़ रौशनी मेरी बेगम ममम तेरी बड़ी मस्तानी छूट है उफ्फ्फ मममम तेरी जैसी छूट देख कर दुनिया का हर असल मर्द तेरी जैसी गदराई माल को काम से काम 4 बार रोज़ नंगी
करके छोड़ेगा.”
ा - “ रौशनी मममम तेरा पूरा बदन इतना भर गया हैं उफ्फ्फ्फ़ … अब हम दोनों अपने लोडे से तुम्हे लिटा कर
या फिर घोड़ी बना कर hi तेरी चुदाई करेंगे ….
रौशनी अब अपने बदन को इन दो बुड्ढे वासना में भरे पागलों को दिखने में कोई झिझक महसूस नहीं कर रही .. बस उसके चेहरे पर एक मुस्कराहट छायी हुयी तिह दोनों के मोठे लटकते लोदों को देख.
रौशनी अब उठ बैठ जाती हैं और दोनों के मोठे लुंड के बबल्स को सहलाने लग जाती हैं ..
सलीम “उफ्फ्फ्फ़ रौशनी ममम तू हम दोनों मियां का लुंड एक साथ लोगी तोह तुम्हे कितना मज़ा ाजेगा”
रौशनी सिसकियाँ मारती हुयी कहती हैं ..
“उफ्फ्फ्फ़ मेरे दोनों मियां अब मेरी छूट से नहीं रहा जा रहा हैं . आप दोनों अपने ये मोठे लोडे मेरी बुर में दाल कर इसकी चुदाई करो उफ्फ्फ ममममम,
दोनों फिर से रौशनी को पेट के बल लिटा कर उसकी मोती मोती जाँघों को दोनों बारी बारी अपने मुँह से दबा दबा कर सूंघते है और फिर अपनी लम्बी जीभ निकाल कर रौशनी की फूली हुई बुर की फोल्ड्स को फैला कर उसकी गुलाबी छूट के छेड़ में अपनी जीभ दाल कर चूसने लगते हैं.
रौशनी बस सिसकियाँ मारती हुई असलम के तोह कभी सलीम के सर पर हाथ फिरती हैं ..
दोनों बारी बारी उसकी बुर की चूसै करते हैं और कुछ पलों में फिर से रौशनी को साइड पर लिटा कर दोनों उसकी गांड के छेड़ को तोह kabhi-kabhi उसकी छूट के छेड़ को चाटने लग जाते है और रौशनी पूरी तरह से अपनी कमर हिला हिला कर अपनी छूट को
उठा उठा कर अपने मियां के मुँह पर मारती हैं.
रौशनी अपने दोनों मियां के मोठे मोठे लुंड को पकड़ पकड़ के मसलते हुए दबाने लगती है, और आह आह करते हुए उनका लुंड हिलने लगती है, तभी दोनों उसके मियां रौशनी के आगे और पीछे बैठ जाते है एक उसकी पहली हुई बुर मई मुँह लगा देता है तोह एक रौशनी की मोती गदराई गांड को फैला फैला कर चाटने लगता है . दोनों और से अपनी गांड और पहली छूट
की चूसै से रौशनी सिसकियाँ मरने लगती है, दोनों उसके मियां सपद सपद रौशनी की मस्तानी गांड और छूट को अपना पूरा मुँह भर भर कर चाटने लगते है, सलीम रौशनी के खड़े हुए डेन को अपने मुँह मई भर भर कर उसका रास चूसने लगता है . दोनों उसके मियां उसकी नंगी छूट और गांड चाट चाट के उसका सारा पानी निकलने लग जाते है,
फिर दोनों खड़े होकर अपने अपने लुंड को माँ को दिखते है रौशनी नीचे बेथ कर दोनों के लुंड को चाटने लगती है और बरी बरी से उनके मोठे लुंड को अपने मुँह मई भर भर कर चूसने लगती है.
उफ्फ्फ्फ़ ममम हाँ रौशनी मममम ऐसे hi तू दोनों के लोडे बड़े अच्छे से चूस, आह आह उफ्फ्फ्फ़”
ये सुन रौशनी की उत्तेजना की सिमा पार हो जाती हैं और वह उन दोनों के लुंड को पूरा अपने मुँह मई भर भर कर चूसने लगती है.
दोनों उसे उठा कर उस बैडरूम में रखे एक आईने के पास ले गए.
आईने में रौशनी सब देख प् रही थी , कैसे वह सलीम का लुंड सेहला रही थी की और कैसे असलम उसकी साइड में आकर उसकी बाहें ऊपर कर ली और उसकी बगलों को चूसने लगा. असलम ने 2 मं तक लगातार रौशनी की बगलों को बुरी तरह से चूसा, कुतर दिया, और उन्हें काट भी लिया हलके से . फिर उसने रौशनी का चेहरा घुमाया और उसे बेतहाशा चूमना शुरू कर दिया.
रौशनी ने भी उसे चूमा, अपनी जीभ उसके मुंह में दाल दी और उसे अपनी पीठ और गांड पर हाथ रगड़ने दिया.
“oooooooooooooooooooo तुम तोह एक बड़े जंगली मर्द हो असलम”
“रौशनी तुम एक मस्त सेक्सी और छुडासी महिला हो जो मेरे बड़े लुंड की भूखी भी हो” असलम कराहते हुए कहा.
उसके शब्द ने रौशनी के शरीर में उत्तेजना और बढ़ा दी और उसे एक बहुत hi छुडासी महिला की तरह महसूस कराया. सलीम रौशनी की की गर्दन को चुम रहा था और उसका हाथ उसके चूचियों को सेहला रहा था और दूसरा उसके पेट और योनि क्षेत्र को घेर रख लिया था.
रौशनी इस सब हरकतों से जोरों से सिसकियाँ मारती रही
“oooooooooooooooooooooooooooo सलीम मैं अब और नहीं सह सकती, कृपया मेरी बुर छोड़िये”
रौशनी के खुल कर चुदाई की मांग से सलीम का हौसला बढ़ा और उसने कहा “तुम्हे बहुत छोडूंगा रौशनी बेगम, मेरी जान” और उसने उसके होठों पर चूमा. रौशनी और सलीम लम्बे समय तक एक दूसरे को फ्रेंच किश कर रहे थे, और असलम उसकी बगलों को hi बस chaat-ta रहा. रौशनी महसूस करि की चूमते समय सलीम के लुंड से और बगलों को चूसते हुए असलम के लुंड से बहुत सारा pre-cum निकल रहा था.
इसके बाद असलम ने एक हाथ से रौशनी के पेट को पकड़ा और फिर से उसके पीछे गया. फिर उसने रौशनी को आईने में देखने के लिए कहा .. वह दिखाना चाहता था की कैसे वह अपनी ऊँगली उसकी नाभि पर घुमा रहा हैं और एक हाथ से उसके चकहियों को रगड़ रहा हैं. अब उसने उसकी पीठ और गर्दन को चूमा.... रौशनी डबल हमले से बहुत कामुक महसूस कर रही थी..
इसके बाद असलम ने उसका चेहरा अपनी और घुमाने के लिए फुसफुसाया. जैसे hi वह मुड़ी, उसने उसके होंठों पर लगभग एक मिनट तक एक लम्बा चुम्बन दिया.... और उसके गुलाबी होंठों को चबाने भी लगा... रौशनी पूरी तरह से उत्तेजित थी और बस असलम की बाहों में पिघल गयी.
आईने के सामने एक छोटा सा सोफे दोनों ने रख दिय्या और सलीम ने रौशनी को अपनी गॉड में बिठाकर और अपने लोडे को उसकी छूट पर निशाना कर लगाया. रौशनी उसके लोडे पर बैठ गई और उसका लुंड उसकी छूट में बड़ी आसानी से फिसल गया. सलीम के बड़े मोठे लुंड की वजह से, जैसे hi उसका लुंड उसके अंदर गहराई तक गया, रौशनी को लगा की सलीम का बड़ा मोटा लुंड पूरी अंदर तक पेल चूका था.
असलम बोलै "रौशनी तुम आईने में एक असली माले की तरह लग रही हो."
रौशनी खुद को आईने में देखि और वह उत्तेजित हो गई. उसे आईने में जो दिख रहा था वह उसे पसंद आ रहा था और वह देख सकीय की वह सलीम के लुंड पर oopar-neeche हो रही थी. रौशनी बस सिसकियाँ मारती रही अहह उफ्फ्फ मममम क्या छोड़ रहे हो राजा उफ्फ्फ मममम”:
फिर सलीम खड़ा हो गया और उसका लुंड जो अभी भी रौशनी की छूट में गहराई तक दबा हुआ था , उसे ऊपर उठाकर उसने उसे दीवार से चिपका दिया और ऐसे hi मुद्रा में उसकी छूट को जोर से छोड़ रहा था.
रौशनी कराह उठी "ओह्ह्ह उफ्फफ्फ्फ़ सलीम मियाँ ममममम ईएसस ममममममम"
सलीम ने उसे लम्बे और जोरदार झटके देने शुरू कर दिए. वह उसे तेजी से और तेजी से छोड़ने लगा. रौशनी की पीठ और चूतड़ पीछे की दीवार से टकरा रहे थे क्योंकि वह पूरी तरह से इस चुदाई के आनंद में डूबी हुई थी. बगल से वह देख सकती थी की असलम उसे घूर रहा था और अपना लुंड रगड़ रहा था उसे चुड़ते हुए देखकर लुंड हिलाते हुए.
“ ऊऊफफफफ रौशनी क्या मस्त है तेरी छूट मेरी बेगम”, सलीम ने उसे जोर से छोड़ते हुए कहा. सलीम के शब्दों से रौशनी को और उत्तेजना महसूस हुई. रौशनी साइड में मुड़ी और असलम को अपने पास आने का इशारा करि. जैसे hi असलम उसके पास आया रौशनी ने असलम के सर को अपने दोनों हाथों से पकड़ लिया और उसे अपनी और खींच लूसे जोरों से चूमने लगी, और उसकी जीभ असलम के मुंह के अंदर घुस गई और उसके हर हिस्से को तलाशने लगी.
“वह तुम बहुत मस्त चुम्बन ज्यादा देती हो रौशनी” असलम ने चुम्बन जड़ते समय कराहते हुए कहा.
सलीम रौशनी को सोफे पर बिठा कर उसे छोड़ने में व्यस्त था और असलम ने रौशनी की गर्दन को पीछे से पकड़ लिया और अपना लोढ़ा उसके चेहरे के पास ले आया. रौशनी ने असलम के लुंड को चूसने के लिए अपना मुंह खोला. और असलम ने dheere-dheere अपना लुंड उसके मुंह में दाल चुसवाने लगा. असलम अपने लोडे से रौशनी के मुँह की चुदाई करने लगा.
असलम ने कराहते हुए कहा “उफ्फ्फफ्फ्फ़ हाँ रौशनी मेरा लोढ़ा चूसो आह्हः उफ्फ्फ्फ़ ममममम तुम ऐसी चूसै में माहिर हो.” रौशनी ने उसकी मर्दानगी को महसूस की और वह असलम के लुंड की ताकत को महसूस कर सकती थी जो बड़े झटके मार रहा था उसके मुँह में.
"oooooooooooooooooooo" वह चूसते हुए कराह उठी.
सलीम ने रौशनी को निचे से छोड़ते हुए कहा "उफ्फफ्फ्फ़ रौशनी बेगम, चुदाई के समय तुम्हारे चहरे का नजारा बहुत सेक्सी और कामुक है. रौशनी तुम बहुत सेक्सी माल हो... तुम एक सेक्स बम हो.”
“ असलम बोलै “ममम, हाँ रौशनी जब तुम चुद रही हो तो तुम और भी सेक्सी लगती हो".
रौशनी दोनों के शब्दों से और वाइल्ड हुयी.
सलीम ने अपने लुंड को रौशनी के छूट से निकलकर उसे एक बड़ी चुम्मी दी. सलीम की जगह असलम ने ली और वह अब रौशनी को अपने लैप पर रख उसकी बुर की निचे से कुटाई करने लगा ..
अब रौशनी असलम को फेस कर उसके लुंड से छोड़ने लगी .. और रौशनी, असलम को कसकर गले लगायी और असलम, रौशनी के गुलाबी होठों को बेतहाशा चूमने लगा और उसके होठों को काट लिए.
असलम उसकी चुदाई करते हुए रौशनी को चूम रहा था और उसकी गर्दन और पूरे शरीर को जोश के साथ चाट रहा था. रौशनी ने कभी भी उसके पति से इस तरह का प्यार या उत्तेजना कभी महसूस नहीं की थी. ये दो काळा बुद्धों ने तोह उसकी उत्तेजना सबसे बढ़ा दी थी.
असलम और रौशनी की चुदाई चल रही थी और सलीम बहार हॉल में एक बैग से तेल को एक कटोरे में दाल कर लता हैं .. असलम अपना लोढ़ा रौशनी की बुर से निकलता हैं और पानी पीकर आता हैं और रौशनी को भी पिलाता हैं. फिर दोनों उसके सामने खड़े होते हैं.
सलीम उस तेल की कटोरी रौशनी को देता हैं और रौशनी बड़े प्यार से उन दोनों के लुंड पर खूब तेल लगा कर मसलने लगती है, और फिर उनका लुंड तेल से चमकने लगता है और रौशनी दोनों के लुंड को खूब मसलती है.
दोनों सलीम और असलम रौशनी को कड़ी कर एक आगे से और पीछे से रौशनी के बदन से सेट हो जाते हैं. असलम और सलीम अपने लुंड को रौशनी की बुर और गांड पर एआईएम करते हैं. पहले सलीम अपना तेल से कैसा हुआ मोटा लोढ़ा धीरे से रौशनी के गांड में उतरने लगता हैं .. रौशनी जोरों से सिसकियाँ मारती हुयी “आठ उफ्फ्फ मम सलीम मियां धीरे से दर्द होता हैं तुम्हारे इस मोठे लुंड को लेते हुए अपनी टाइट गांड में उफ्फफ्फ्फ़…”
अपनी गांड को सलीम के लोडे पर 2 मं बाद एडजस्ट कर अब सलीम उसकी गांड धीरे से मारने लगता हैं. तभी असलम अपने लोडे को रौशनी की बुर में आगे से अंदर धकेलने लग जाता हैं.
अब दोनों सलीम एयर असलम , रौशनी की छूट और गांड मई अपने मोठे लोदों को उतरने लगते है, और धीरे धीरे आगे पीछे करने लगते है. धीरे धीरे दोनों रौशनी की छूट और गांड मई अपने लुंड के झटके तेज करते हुए रौशनी की छूट और गांड को छोड़ने लगते है और दोनों उसकी चूचियों को कास कास कर मसलने लगते है. असलम आगे से दाए चुकी को और सलीम पीछे से बाएं चुकी को.
अब रौशनी की छूट और गांड मई दोनों और से तगड़े झटके पड़ने लगते है, और वह “आह आह आह आह ओह ओह है है मियां और तेज और तेज और मर मियां खूब छोड़ मेरी बुर. खूब कास कास कर छोड़ो मेरी गांड और छूट आह आह और छोड़ो सलीम .. ले अपनी बेगम की गांड…”
रौशनी की दोनों और से जबरदस्त ठुकाई होने लगती है , दोनों रौशनी को अपने बीच दबोचे हुए उसके नंगे बदन से चिपक कर रौशनी की छूट और गांड मई लुंड पेलने लग जाते है और करीब 15 मिनट तक दोनों खड़े खड़े रौशनी को कास कर छोड़ते है. फिर असलम नीचे लेट जाता है और रौशनी अपनी छूट उसके लुंड मई फसकर बेथ जाती है और असलम का पूरा लुंड सात से रौशनी की छूट मई पूरा गहराई तक जाता है, और सलीम रौशनी की गांड के पीछे आकर अपने लुंड को उसकी गांड के छेड़ मई लगा कर एक
जबरदस्त धक्का मरता है और उसका मोटा लुंड उसकी गांड के चीक्स को फैलता हुआ पूरा उसकी गांड मई फिर हो जाता है.
दोनों तरफ से सलीम और असलम, रौशनी की छूट और गांड को ठोकने लगते है, और दोनों उसके चूचियों को मसलते रहते हैं . असलम आगे से रौशनी के निप्पल को मसलता है तोह सलीम पीछे से उसकी गांड मई थप्पड़ मरते हुए उसे छोड़ने लगता है, रौशनी पूरी मस्ती मई अपनी छूट और गांड मरवाते हुए आह आह करती हुई शाबाश मियां और छोड़ो आह आह और तेज सलीम और असलम रौशनी के ऐसे खुल कर दोनों से एक साथ सामूहिक चुड़ते हुए और उसे कास कास कर रौशनी की छूट और गांड की ठुकाई चालू कर देते है. तभी तीनो खूब सिसकियाँ मारते हुए अब सलीम जो पीछे से रौशनी की गांड की चुदाई आकर रहा था वह बीएड पर लेत जाता हैं , अपने लुंड को रौशनी की गांड में फिट रखते हुए .. रौशनी उसके ऊपर सो जाती है और असलम रौशनी की छूट ऊपर से अपना लुंड फसाये फसाये सो जाता है और फिर तीनो बिलकुल मनो एक अंग बनकर सलीम निचे से अपनी अपनी गांड को हिलाते हुए खूब रगड़ रगड़ कर रौशनी की गांड मारता हैं और असलम ऊपर से निचे पेलते पेलते हुए रौशनी की छूट मारने लगता हैं. रौशनी की अब तक की 4तह ओर्गास्म आ गयी थी …
दोनों असलम और सलीम अब उनके पहले ओर्गास्म के बिलकुल करीब थे और दोनों अपने लोदों को रौशनी की छूट और गांड से निकलते हुए उसके चेहरे के सामने हिलने लगे ..
अपने लुंड का गधा छुम सारा रौशनी के चूचियों पर, चेहरे पर, पेट पर … झंघों पर सब जगह उतार देते हैं .. रौशनी का बदन सलीम और असलम के छुम से भरा हुआ था … तीनो अब एक दूसरे के साइड पर लेट गए ….. पुरे कमरे में उनकी चुदाई की सुगंध च चुकी थी ..
असलम और सलीम अब रुक जाते हैं और सलीम कहता हैं
सलीम “अरे रौशनी अपने दोनों मियां को दारु नहीं पिलाओगी … तुम्हारी हुस्न का नशा हैं सही लेकिन दारू के नशे से और भी मस्त लगेगा तुम्हारा नशा .. चलो आओ हमें दारू पिलाओ और थोड़ी खातिरदारी करो..
रौशनी के आँखें वासने से भरे हुए थे . वह इस वक़्त जो सलीम और असलम कहेंगे वह करने वाली थी … वह उठी और नग्न hi एक एक गिलास में एक एक पेग बना दिया ..
फिर अपने बड़े चूचियों को हिलाते हुए दारू के गिलास दोनों असलम और सलीम के पास लेकर गांड मटकाकर चलने लगी. उसकी चुहियाँ आगे झूल रही थी और पीछे गांड मटक रही थी … उसे इस स्तिथि में देख सलीम और असलम के लोडे पुरे अटेंशन में मनो रौशनी को सलामी दे रहे थे … रौशनी भी बड़ी कामुकता से आगे झुकी और दोनों गिलास असलम और सलीम के हाथों में थमा दी .. असलम और सलीम बस रौशनी के सामने झूलते हुए बड़ी कासी हुयी चूचियों को देख और गरम हो रहे थे और उनके लोडे बड़े झटके मार रहे थे और उनके लोदों से काफी प्रेकम भी उगल रहा था ..
रौशनी उन दोनों के मोठे खड़े लुन्डों को देख एक आह भरी .. उफ्फ्फ इतनी काळा और मोठे सांड जैसे लुंड थे दोनों के … कैसे बड़े लुंड वाले मर्दों की बेगम बानी थी रौशनी उफ्फ्फ … उनका लुंड तोह वह चूसना , चाटना और अपनी छूट और गांड में भी लेना चाहती थी .. इस सब सोच से उसकी बुर से काफी रास टपक रहा था उसकी अंदरूनी झंघों पर .. जो अब चमक रहे थे ..
अब जैसे उसने गिलास दोनों को दिया .. दोनों ने उसे खिंच लिया और वह दोनों के बिच जा फांसी … उसके बाल सलीम के चेहरे पर और असलम के चेहरे पर छाए हुए थे .. दोनों असलम और सलीम एक हाथ से दारू पि रहे थे और दूसरे हाथ से रौशनी की दायी और बायीं झंगहों को शेला रहे थे और बिच बिच में उन्हें दबोच रहे थे ,, इस हरकत से और खुद की बढ़ती गर्मी से रौशनी बड़ी सिसकियाँ मार रही थी और बिना रूकावट उसके भी दोनों हाथ असलम ुर सलीम के मोठे काळा लुंड पर गए और उन्हें वह मस्ती में सेहला रही थी .. उनके लुंड के चमड़े को उनके लुंड के सर पर लेजाती फिर निचे .. फिर ले जाती और फिर निचे .. अब असलम और सलीम की बरी थी कराहने की ..
“अहह उफ्फ्फ मम बेगम साली क्या मुलायम हतः हैं तेरे आह उफ्फ्फ मममम मस्त लग रहा हैं उफ्फ्फ्फ़ मममम
असलम -‘“हाँ बड़ी मस्त हैं तू उफ्फ्फ मम ऐसे hi हिला हमारे लुंड उफ्फ्फ…
अब सलीम और असलम दोनों रौशनी के दाएं और बाएं चुकी को दबाने लगे और दबोचने लगे .. दोनों दारू पीते रहे ….
दोनों फिर जल्दी से अपनी दारु ख़तम करके रौशनी को ऊपर खड़ा कर लिया और खुद खड़े होकर दोनों ने रौशनी को अपनी बांहो हेर आगे और पीछे से दबोच लिया, एक उसकी मोती गांड और छूट को अपने हाथो हेर भर रहा था तो दूसरा उसके मोठे मोठे दूध को दबोच रहा था,
सलीम- “है रौशनी तेरी गांड बड़ी मस्त और गोल मटोल है.
उफ्फ्फ्फ़ फिर क्या, दोनों ने अपनी जीभ से रौशनी के एक एक अंग को चूसना चेतना शुरू कर दिया
और रौशनी बस “आह आह ओह ओह आह आह ओह ममममम सिसकियाँ मारती रही और बोलती रही
“ज़ोर से चाट को चुसो मेरे बदन को मेरे मियां और ज़ोर से …में आप दोनों के मोठे लुंड चाहती हूँ .. हमेशा के लिए अपना बनाना चाहती हूँ …. उफ्फफ्फ्फ़ मियां अब ये लुंड आप मेरी छूट हेर दाल दो नहीं तो मैं मर जाउंगी, अब देरी न करो मियां .. उफ्फ्फ मममम आह आह मेरी चुदाई करिये मेरे दोनों मियां अहह उफ्फ्फ…”
सलीम और असलम ने रौशनी को अपने कन्धों पर उठा लिया और फिर से बिस्तर की तरफ ले जाकर उसे निचे साइड पोज़ में लिटा दिया. तभी असलम ने रौशनी की चूतड़ों के बिच के उसके गांड के छेड़ हेर अपनी दो उंगलिया अपने थूक से गीली करके
घुसेड़ दी …असलम की उंगलिया रौशनी की गांड को काफी टाइट महसूस करा …
सलीम ने अपनी उँगलियों को थूक लगा कर रौशनी की बुर में डाली और उसकी बुर के दाने को अपने उँगलियों से खुरदने लगा … रौशनी बस ऐसे दोनों के हमले से आह उफ्फ्फ ममम की hi सिसकियाँ मार सकीय.
असलम ने रौशनी की चूतड़ों के बिच में अपने चेहरे को सीधा घुसाया और अपना चेहरा रौशनी की गांड की दरार में डुबो दिया. रौशनी की गांड की सेक्सी तीखी गंध ने असलम के लुंड के झटके बढ़ा दिए … असलम ने अपने हाथों से रौशनी की गांड के गालों को फैलते हुए उसकी गांड के छेड़ को चाटना जार रखा.
असलम रौशनी की गांड को मिन्हाशा चाट रहा था, अपनी जीभ को ghuma-ghuma कर उसकी गांड के छेद को छठा रहा था .. फिर kabhi-kabhi अपनी जीभ उसकी गांड के छेद के अंदर डालने की कोशिश करने लगता. रौशनी अब पूरी तरह से अपने होश में नहीं थी और वह jor-jor से सिसकियाँ लेने लगी.
दिस्री तरह सलीम ने dhire-dhire अपना ध्यान रौशनी की छूट पर केंद्रित करे. उसने अपना चेहरा रौशनी की छूट के करीब ले गया और पीछे से उसकी छूट को सूंघने लगे. रौशनी की छूट की मीठी पसीने वाली खुशबु सलीम को काफी कामुक बना रही थी. फिर उसने अपनी जीभ से रौशनी की छूट के निचले होंठों को चाटना शुरू करे. वह अपनी जीभ रौशनी की छूट के अंदर डाली और एक से अधिक बार उसके बुर के रास को टास्ते करने लगे. यह सब , असलम की द्वारा उसकी गांड की चूसै और सलीम से उसकी बुर की चूसै .. होते हुए रौशनी मुश्किल से अपनी उत्तेजना कण्ट्रोल कर प् रही थी.
सलीम रौशनी की छूट को छाते जा रहा था .. असलम ने उसकी गांड की चटाई रोकी और अपने कठोर लोडे को रौशनी के मुँह के तरफ ले गया ..
रौशनी ने असलम का लोढ़ा उसके मुँह के सामने देखि और कोई समय बर्बाद नहीं करि और उसके लोडे को ऊपर से निचे तक चेतना शुरू कर दी. रौशनी ने अपने हाथों से उसके लोडे के गोटियों से खेलते हुए असलम के लोडे के सर को चाटने लगी. कुछ 5 मं ऐसी चूसै के बाद सलीम वापस दारु पिने चला गया और अब बस असलम और रौशनी थे बिस्तर पर. रौशनी ने असलम को लेटने बोली .. फिर रौशनी dhire-dhire असलम के पैरों के बिच चली गई और उसके लुंड के एक बॉल को अपने मुंह में ले ली. असलम ने भी dhire-dhire उसके लुंड के बॉल्स को रौशनी के चहरे पर टिका दिए और अपने लोडे के बॉल्स को रौशनी के मुँह पर रख उसे वहां और चूसने को उत्साह से कहने लगा .. रौशनी की गर्मी पूरी बढ़ चुकी थी और वह ऐसी अश्लील हरकत करती रही और असलम के बॉल्स का पूरा स्वाद चख ली … फिर रौशनी असलम के ऊपर चढ़ गयी और उसका मुँह असलम के लोडे पर था और उसका बुर असलम के चेहरे पर. . रौशनी और असलम , दोनों अब 69 की स्थिति में थे. रौशनी असलम के लोडे और उसके लोडे के बॉल्स को चूस रही थी और असलम उसकी छूट चाट रहा था. असलम ने अपने झंघों से रौशनी के चेहरे को जकड लिया और स्थिति में रौशनी अपने आप असलम के लोडे को चूसते चूसते बाहर नहीं निकाल प् रही थी इसीलिए अब असलम का लोढ़ा मनो पूरा उसके गले में उतर गया और वह उसके लोडे को दिप थ्रोट करने लगी ..
ऐसे hi कुछ चला 5 मं के लिए और फिर बस पोजीशन बदल दी .. रौशनी की नहीं सलीम की .. सलीम अब 69 पोजीशन में था रौशनी के साथ और असलम दारु का एक पेग बनाने और पिने के लिए चला गया.
कुछ 5 मं सलीम के साथ 69 पोजीशन में मस्ती करने पर अब दोनों मियां उसके सामने खड़े हो जाते हैं और रौशनी नंग लेती हुयी हैं बिस्तर पर.
दोनों सलीम और असलम उसके गदराए बदन को घूरने लगते हैं .. दोनों के मन में मनो एक hi बात दौड़ रही थी
( उफ्फ्फ इतनी गदराई और मस्त नंगी औरत उन्होंने अपनी जिंदगी में रौशनी से पहले कभी नहीं देखि थी)
दोनों फिर नंगी पड़ी रौशनी के बदन से चिपक जाता है.
सलीम- “उफ़ रौशनी मेरी बेगम ममम तेरी बड़ी मस्तानी छूट है उफ्फ्फ मममम तेरी जैसी छूट देख कर दुनिया का हर असल मर्द तेरी जैसी गदराई माल को काम से काम 4 बार रोज़ नंगी
करके छोड़ेगा.”
ा - “ रौशनी मममम तेरा पूरा बदन इतना भर गया हैं उफ्फ्फ्फ़ … अब हम दोनों अपने लोडे से तुम्हे लिटा कर
या फिर घोड़ी बना कर hi तेरी चुदाई करेंगे ….
रौशनी अब अपने बदन को इन दो बुड्ढे वासना में भरे पागलों को दिखने में कोई झिझक महसूस नहीं कर रही .. बस उसके चेहरे पर एक मुस्कराहट छायी हुयी तिह दोनों के मोठे लटकते लोदों को देख.
रौशनी अब उठ बैठ जाती हैं और दोनों के मोठे लुंड के बबल्स को सहलाने लग जाती हैं ..
सलीम “उफ्फ्फ्फ़ रौशनी ममम तू हम दोनों मियां का लुंड एक साथ लोगी तोह तुम्हे कितना मज़ा ाजेगा”
रौशनी सिसकियाँ मारती हुयी कहती हैं ..
“उफ्फ्फ्फ़ मेरे दोनों मियां अब मेरी छूट से नहीं रहा जा रहा हैं . आप दोनों अपने ये मोठे लोडे मेरी बुर में दाल कर इसकी चुदाई करो उफ्फ्फ ममममम,
दोनों फिर से रौशनी को पेट के बल लिटा कर उसकी मोती मोती जाँघों को दोनों बारी बारी अपने मुँह से दबा दबा कर सूंघते है और फिर अपनी लम्बी जीभ निकाल कर रौशनी की फूली हुई बुर की फोल्ड्स को फैला कर उसकी गुलाबी छूट के छेड़ में अपनी जीभ दाल कर चूसने लगते हैं.
रौशनी बस सिसकियाँ मारती हुई असलम के तोह कभी सलीम के सर पर हाथ फिरती हैं ..
दोनों बारी बारी उसकी बुर की चूसै करते हैं और कुछ पलों में फिर से रौशनी को साइड पर लिटा कर दोनों उसकी गांड के छेड़ को तोह kabhi-kabhi उसकी छूट के छेड़ को चाटने लग जाते है और रौशनी पूरी तरह से अपनी कमर हिला हिला कर अपनी छूट को
उठा उठा कर अपने मियां के मुँह पर मारती हैं.
रौशनी अपने दोनों मियां के मोठे मोठे लुंड को पकड़ पकड़ के मसलते हुए दबाने लगती है, और आह आह करते हुए उनका लुंड हिलने लगती है, तभी दोनों उसके मियां रौशनी के आगे और पीछे बैठ जाते है एक उसकी पहली हुई बुर मई मुँह लगा देता है तोह एक रौशनी की मोती गदराई गांड को फैला फैला कर चाटने लगता है . दोनों और से अपनी गांड और पहली छूट
की चूसै से रौशनी सिसकियाँ मरने लगती है, दोनों उसके मियां सपद सपद रौशनी की मस्तानी गांड और छूट को अपना पूरा मुँह भर भर कर चाटने लगते है, सलीम रौशनी के खड़े हुए डेन को अपने मुँह मई भर भर कर उसका रास चूसने लगता है . दोनों उसके मियां उसकी नंगी छूट और गांड चाट चाट के उसका सारा पानी निकलने लग जाते है,
फिर दोनों खड़े होकर अपने अपने लुंड को माँ को दिखते है रौशनी नीचे बेथ कर दोनों के लुंड को चाटने लगती है और बरी बरी से उनके मोठे लुंड को अपने मुँह मई भर भर कर चूसने लगती है.
उफ्फ्फ्फ़ ममम हाँ रौशनी मममम ऐसे hi तू दोनों के लोडे बड़े अच्छे से चूस, आह आह उफ्फ्फ्फ़”
ये सुन रौशनी की उत्तेजना की सिमा पार हो जाती हैं और वह उन दोनों के लुंड को पूरा अपने मुँह मई भर भर कर चूसने लगती है.
दोनों उसे उठा कर उस बैडरूम में रखे एक आईने के पास ले गए.
आईने में रौशनी सब देख प् रही थी , कैसे वह सलीम का लुंड सेहला रही थी की और कैसे असलम उसकी साइड में आकर उसकी बाहें ऊपर कर ली और उसकी बगलों को चूसने लगा. असलम ने 2 मं तक लगातार रौशनी की बगलों को बुरी तरह से चूसा, कुतर दिया, और उन्हें काट भी लिया हलके से . फिर उसने रौशनी का चेहरा घुमाया और उसे बेतहाशा चूमना शुरू कर दिया.
रौशनी ने भी उसे चूमा, अपनी जीभ उसके मुंह में दाल दी और उसे अपनी पीठ और गांड पर हाथ रगड़ने दिया.
“oooooooooooooooooooo तुम तोह एक बड़े जंगली मर्द हो असलम”
“रौशनी तुम एक मस्त सेक्सी और छुडासी महिला हो जो मेरे बड़े लुंड की भूखी भी हो” असलम कराहते हुए कहा.
उसके शब्द ने रौशनी के शरीर में उत्तेजना और बढ़ा दी और उसे एक बहुत hi छुडासी महिला की तरह महसूस कराया. सलीम रौशनी की की गर्दन को चुम रहा था और उसका हाथ उसके चूचियों को सेहला रहा था और दूसरा उसके पेट और योनि क्षेत्र को घेर रख लिया था.
रौशनी इस सब हरकतों से जोरों से सिसकियाँ मारती रही
“oooooooooooooooooooooooooooo सलीम मैं अब और नहीं सह सकती, कृपया मेरी बुर छोड़िये”
रौशनी के खुल कर चुदाई की मांग से सलीम का हौसला बढ़ा और उसने कहा “तुम्हे बहुत छोडूंगा रौशनी बेगम, मेरी जान” और उसने उसके होठों पर चूमा. रौशनी और सलीम लम्बे समय तक एक दूसरे को फ्रेंच किश कर रहे थे, और असलम उसकी बगलों को hi बस chaat-ta रहा. रौशनी महसूस करि की चूमते समय सलीम के लुंड से और बगलों को चूसते हुए असलम के लुंड से बहुत सारा pre-cum निकल रहा था.
इसके बाद असलम ने एक हाथ से रौशनी के पेट को पकड़ा और फिर से उसके पीछे गया. फिर उसने रौशनी को आईने में देखने के लिए कहा .. वह दिखाना चाहता था की कैसे वह अपनी ऊँगली उसकी नाभि पर घुमा रहा हैं और एक हाथ से उसके चकहियों को रगड़ रहा हैं. अब उसने उसकी पीठ और गर्दन को चूमा.... रौशनी डबल हमले से बहुत कामुक महसूस कर रही थी..
इसके बाद असलम ने उसका चेहरा अपनी और घुमाने के लिए फुसफुसाया. जैसे hi वह मुड़ी, उसने उसके होंठों पर लगभग एक मिनट तक एक लम्बा चुम्बन दिया.... और उसके गुलाबी होंठों को चबाने भी लगा... रौशनी पूरी तरह से उत्तेजित थी और बस असलम की बाहों में पिघल गयी.
आईने के सामने एक छोटा सा सोफे दोनों ने रख दिय्या और सलीम ने रौशनी को अपनी गॉड में बिठाकर और अपने लोडे को उसकी छूट पर निशाना कर लगाया. रौशनी उसके लोडे पर बैठ गई और उसका लुंड उसकी छूट में बड़ी आसानी से फिसल गया. सलीम के बड़े मोठे लुंड की वजह से, जैसे hi उसका लुंड उसके अंदर गहराई तक गया, रौशनी को लगा की सलीम का बड़ा मोटा लुंड पूरी अंदर तक पेल चूका था.
असलम बोलै "रौशनी तुम आईने में एक असली माले की तरह लग रही हो."
रौशनी खुद को आईने में देखि और वह उत्तेजित हो गई. उसे आईने में जो दिख रहा था वह उसे पसंद आ रहा था और वह देख सकीय की वह सलीम के लुंड पर oopar-neeche हो रही थी. रौशनी बस सिसकियाँ मारती रही अहह उफ्फ्फ मममम क्या छोड़ रहे हो राजा उफ्फ्फ मममम”:
फिर सलीम खड़ा हो गया और उसका लुंड जो अभी भी रौशनी की छूट में गहराई तक दबा हुआ था , उसे ऊपर उठाकर उसने उसे दीवार से चिपका दिया और ऐसे hi मुद्रा में उसकी छूट को जोर से छोड़ रहा था.
रौशनी कराह उठी "ओह्ह्ह उफ्फफ्फ्फ़ सलीम मियाँ ममममम ईएसस ममममममम"
सलीम ने उसे लम्बे और जोरदार झटके देने शुरू कर दिए. वह उसे तेजी से और तेजी से छोड़ने लगा. रौशनी की पीठ और चूतड़ पीछे की दीवार से टकरा रहे थे क्योंकि वह पूरी तरह से इस चुदाई के आनंद में डूबी हुई थी. बगल से वह देख सकती थी की असलम उसे घूर रहा था और अपना लुंड रगड़ रहा था उसे चुड़ते हुए देखकर लुंड हिलाते हुए.
“ ऊऊफफफफ रौशनी क्या मस्त है तेरी छूट मेरी बेगम”, सलीम ने उसे जोर से छोड़ते हुए कहा. सलीम के शब्दों से रौशनी को और उत्तेजना महसूस हुई. रौशनी साइड में मुड़ी और असलम को अपने पास आने का इशारा करि. जैसे hi असलम उसके पास आया रौशनी ने असलम के सर को अपने दोनों हाथों से पकड़ लिया और उसे अपनी और खींच लूसे जोरों से चूमने लगी, और उसकी जीभ असलम के मुंह के अंदर घुस गई और उसके हर हिस्से को तलाशने लगी.
“वह तुम बहुत मस्त चुम्बन ज्यादा देती हो रौशनी” असलम ने चुम्बन जड़ते समय कराहते हुए कहा.
सलीम रौशनी को सोफे पर बिठा कर उसे छोड़ने में व्यस्त था और असलम ने रौशनी की गर्दन को पीछे से पकड़ लिया और अपना लोढ़ा उसके चेहरे के पास ले आया. रौशनी ने असलम के लुंड को चूसने के लिए अपना मुंह खोला. और असलम ने dheere-dheere अपना लुंड उसके मुंह में दाल चुसवाने लगा. असलम अपने लोडे से रौशनी के मुँह की चुदाई करने लगा.
असलम ने कराहते हुए कहा “उफ्फ्फफ्फ्फ़ हाँ रौशनी मेरा लोढ़ा चूसो आह्हः उफ्फ्फ्फ़ ममममम तुम ऐसी चूसै में माहिर हो.” रौशनी ने उसकी मर्दानगी को महसूस की और वह असलम के लुंड की ताकत को महसूस कर सकती थी जो बड़े झटके मार रहा था उसके मुँह में.
"oooooooooooooooooooo" वह चूसते हुए कराह उठी.
सलीम ने रौशनी को निचे से छोड़ते हुए कहा "उफ्फफ्फ्फ़ रौशनी बेगम, चुदाई के समय तुम्हारे चहरे का नजारा बहुत सेक्सी और कामुक है. रौशनी तुम बहुत सेक्सी माल हो... तुम एक सेक्स बम हो.”
“ असलम बोलै “ममम, हाँ रौशनी जब तुम चुद रही हो तो तुम और भी सेक्सी लगती हो".
रौशनी दोनों के शब्दों से और वाइल्ड हुयी.
सलीम ने अपने लुंड को रौशनी के छूट से निकलकर उसे एक बड़ी चुम्मी दी. सलीम की जगह असलम ने ली और वह अब रौशनी को अपने लैप पर रख उसकी बुर की निचे से कुटाई करने लगा ..
अब रौशनी असलम को फेस कर उसके लुंड से छोड़ने लगी .. और रौशनी, असलम को कसकर गले लगायी और असलम, रौशनी के गुलाबी होठों को बेतहाशा चूमने लगा और उसके होठों को काट लिए.
असलम उसकी चुदाई करते हुए रौशनी को चूम रहा था और उसकी गर्दन और पूरे शरीर को जोश के साथ चाट रहा था. रौशनी ने कभी भी उसके पति से इस तरह का प्यार या उत्तेजना कभी महसूस नहीं की थी. ये दो काळा बुद्धों ने तोह उसकी उत्तेजना सबसे बढ़ा दी थी.
असलम और रौशनी की चुदाई चल रही थी और सलीम बहार हॉल में एक बैग से तेल को एक कटोरे में दाल कर लता हैं .. असलम अपना लोढ़ा रौशनी की बुर से निकलता हैं और पानी पीकर आता हैं और रौशनी को भी पिलाता हैं. फिर दोनों उसके सामने खड़े होते हैं.
सलीम उस तेल की कटोरी रौशनी को देता हैं और रौशनी बड़े प्यार से उन दोनों के लुंड पर खूब तेल लगा कर मसलने लगती है, और फिर उनका लुंड तेल से चमकने लगता है और रौशनी दोनों के लुंड को खूब मसलती है.
दोनों सलीम और असलम रौशनी को कड़ी कर एक आगे से और पीछे से रौशनी के बदन से सेट हो जाते हैं. असलम और सलीम अपने लुंड को रौशनी की बुर और गांड पर एआईएम करते हैं. पहले सलीम अपना तेल से कैसा हुआ मोटा लोढ़ा धीरे से रौशनी के गांड में उतरने लगता हैं .. रौशनी जोरों से सिसकियाँ मारती हुयी “आठ उफ्फ्फ मम सलीम मियां धीरे से दर्द होता हैं तुम्हारे इस मोठे लुंड को लेते हुए अपनी टाइट गांड में उफ्फफ्फ्फ़…”
अपनी गांड को सलीम के लोडे पर 2 मं बाद एडजस्ट कर अब सलीम उसकी गांड धीरे से मारने लगता हैं. तभी असलम अपने लोडे को रौशनी की बुर में आगे से अंदर धकेलने लग जाता हैं.
अब दोनों सलीम एयर असलम , रौशनी की छूट और गांड मई अपने मोठे लोदों को उतरने लगते है, और धीरे धीरे आगे पीछे करने लगते है. धीरे धीरे दोनों रौशनी की छूट और गांड मई अपने लुंड के झटके तेज करते हुए रौशनी की छूट और गांड को छोड़ने लगते है और दोनों उसकी चूचियों को कास कास कर मसलने लगते है. असलम आगे से दाए चुकी को और सलीम पीछे से बाएं चुकी को.
अब रौशनी की छूट और गांड मई दोनों और से तगड़े झटके पड़ने लगते है, और वह “आह आह आह आह ओह ओह है है मियां और तेज और तेज और मर मियां खूब छोड़ मेरी बुर. खूब कास कास कर छोड़ो मेरी गांड और छूट आह आह और छोड़ो सलीम .. ले अपनी बेगम की गांड…”
रौशनी की दोनों और से जबरदस्त ठुकाई होने लगती है , दोनों रौशनी को अपने बीच दबोचे हुए उसके नंगे बदन से चिपक कर रौशनी की छूट और गांड मई लुंड पेलने लग जाते है और करीब 15 मिनट तक दोनों खड़े खड़े रौशनी को कास कर छोड़ते है. फिर असलम नीचे लेट जाता है और रौशनी अपनी छूट उसके लुंड मई फसकर बेथ जाती है और असलम का पूरा लुंड सात से रौशनी की छूट मई पूरा गहराई तक जाता है, और सलीम रौशनी की गांड के पीछे आकर अपने लुंड को उसकी गांड के छेड़ मई लगा कर एक
जबरदस्त धक्का मरता है और उसका मोटा लुंड उसकी गांड के चीक्स को फैलता हुआ पूरा उसकी गांड मई फिर हो जाता है.
दोनों तरफ से सलीम और असलम, रौशनी की छूट और गांड को ठोकने लगते है, और दोनों उसके चूचियों को मसलते रहते हैं . असलम आगे से रौशनी के निप्पल को मसलता है तोह सलीम पीछे से उसकी गांड मई थप्पड़ मरते हुए उसे छोड़ने लगता है, रौशनी पूरी मस्ती मई अपनी छूट और गांड मरवाते हुए आह आह करती हुई शाबाश मियां और छोड़ो आह आह और तेज सलीम और असलम रौशनी के ऐसे खुल कर दोनों से एक साथ सामूहिक चुड़ते हुए और उसे कास कास कर रौशनी की छूट और गांड की ठुकाई चालू कर देते है. तभी तीनो खूब सिसकियाँ मारते हुए अब सलीम जो पीछे से रौशनी की गांड की चुदाई आकर रहा था वह बीएड पर लेत जाता हैं , अपने लुंड को रौशनी की गांड में फिट रखते हुए .. रौशनी उसके ऊपर सो जाती है और असलम रौशनी की छूट ऊपर से अपना लुंड फसाये फसाये सो जाता है और फिर तीनो बिलकुल मनो एक अंग बनकर सलीम निचे से अपनी अपनी गांड को हिलाते हुए खूब रगड़ रगड़ कर रौशनी की गांड मारता हैं और असलम ऊपर से निचे पेलते पेलते हुए रौशनी की छूट मारने लगता हैं. रौशनी की अब तक की 4तह ओर्गास्म आ गयी थी …
दोनों असलम और सलीम अब उनके पहले ओर्गास्म के बिलकुल करीब थे और दोनों अपने लोदों को रौशनी की छूट और गांड से निकलते हुए उसके चेहरे के सामने हिलने लगे ..
अपने लुंड का गधा छुम सारा रौशनी के चूचियों पर, चेहरे पर, पेट पर … झंघों पर सब जगह उतार देते हैं .. रौशनी का बदन सलीम और असलम के छुम से भरा हुआ था … तीनो अब एक दूसरे के साइड पर लेट गए ….. पुरे कमरे में उनकी चुदाई की सुगंध च चुकी थी ..