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- Dec 5, 2013
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अपडेट:-14 (It's एक टाइम :रोल: )
मैं फ़ोन उठाया जो की किरण का था और वो थोड़ी घबराई हुयी थी.
मैं:- हां बोलो क्या हुआ.
किरण:- उस आदमी को किसी ने स्टेशन के बीचो बिच मार दिया.
मैं:- व्हाट थे फ़क! ऐसे कैसे मार दिया, पुलिस वाले क्या गांजा फुक के बैठे थे.
किरण:- नहीं वो सब बेहोश थे 2 हवलदार जब राउंड से वापस आये तब सब बेहोश थे और वो मारा हुआ था.
मैं:- ma'am मानो न मानो पर ये पुलिस भी मला की है. अब बस एक काम करो कल उस मला के पास जाओ और उसे शो करो की तुम उसके साइड हो तुम उसे एक लाके डौगी उसे बिलीव करवाओ मुझे नहीं पता कैसे पर करवाओ.
इतना बोलके मैंने फ़ोन काट दिया और सोचने लगा बस अब क्या करे ऐसे तो गांड मर जाएगी, कल तक तो रोहित को भी वो सेव कर लेगा, तो आज hi मार देते है, हां ये सही रहेगा. मैंने अभय के पिछवाड़े पे दी लात वो चौक के खड़ा हो गया.
अभय:- अबे गांडू सोने दे न.
मैं:- मेरे लौड़े पे सजा आजा.
अभय:- क्या हुआ बस रात के 12 बहे क्यों भड़क रहा है.
मैं:- सुन बकचोदी न काट जल्दी से रोहित की इनफार्मेशन दे.
अभय:- वो अभी इस वक़्त अपने फार्महाउस पे मिलेगा, जो की सिटी से निकल के थोड़ा खेतो में है, ज्यादा आदमी नहीं है मुश्किल से 8 आदमी है और उसका एक दोस्त है उसके साथ, उसके बन्दे त्रिनेड नहीं है बस लेथ वगैरह है बस उस रोहित के पास गन मिल सकती है, फार्महाउस 2 फ्लोर का है.
मैं:- चल तो उठ और ब्लूटूथ ले ले और दोनों रामपुरी जो तूने बनवायी है.
अभय:- ओह्ह्ह बस आज मजा आने वाला है.
मैं:- चल जल्दी बाइक स्टार्ट कर और चल.
हम दोनों ने सामान उठाया जरूरत का, मैंने एक ब्लैक हुड डाला ास्सास्सिन वाला, और बाइक पे बैठ के हो लिए उस तरफ. 45 मिनट का रास्ता था लेकिन ड्राइवर मैं था और रोड एक दम खली भेनचोद बाइक का एयरोप्लेन बना दिया, थॉट्स व्हाई ी लव पल्सर बस चोर बाइक है क्या भगति है.
हमने बाइक उस फार्महाउस से दूर कड़ी की और पैदल हो लिए घूमके ताकि उस फार्महाउस के पीछे की साइड जा पाए. हम जा रहे थे पर गांड फैट रही थी बन्दों से नहीं बे भूतो से.
मैं:- ोयी तुझे चुड़ैल दिखी तो क्या करेगा.
अभय:- उसके मुँह पे मुठ मार दूंगा.
मैं:- :युक: बस!
अभय:- और तू क्या करेगा अगर चुड़ैल मिली तो.
मैं:- मैं तो पंत में मूट दूंगा.
अभय हसने लगा, भेनचोद मुझपे हस्ता है रुक साले.
मैं:- ाचा तुझे एक शायरी सुनौ, मैंने लिखी है.
अभय:- इरशाद! इरशाद!
मैं:- " कच्ची में कच्ची, कच्ची में कच्चा"
अभय:- वाह! वाह!
मैं:- "कच्ची में कच्ची, कच्ची में कच्चा", "मैं तेरा बाप तू मेरा बचा".
ये बोलके मैं हसने :रोफ्लोल: लगा और अभय ने गांड जैसा मुँह बना लिया, खैर हम लोग बकचोदी करते हुए पहुंच गए उस फार्महाउस के पीछे, फार्महाउस काम एक मिडिल क्लास घर लग रहा था.
अभय:- अब क्या करना है.
मैं:- बन्दों की पोजीशन पता है?
अभय:- हां.
मैं:- तो मेरे मरने के बाद बताएगा क्या?
अभय:- अबे 8 बन्दे है 5 निचे ग्राउंड फ्लोर पे जिसमे से 1 गेट पे होगा और एक स्टैर्स पे और एक मिडिल स्टैर्स पे और 2 सो रहे होंगे, और उप्पेर टेरेस पे एक होगा और उप्पेर स्टैर्स पे एक और एक सो रहा होगा. और वो रोहित और उसका दोस्त एक रूम में होंगे फर्स्ट फ्लोर पे.
मैं:- गे है क्या दोनों.
अभय:- मजाक करने आया है क्या यहाँ पे.
मैं:- नाना सोचा मर गए तो मजाक करके तो मरे.
अभय:- तेरे सादे जोक्स हो गए तो प्लान बोल.
मैं:- सिंपल है बस, लेथ वाले बन्दे है तू इस पेड़ से चाहड़ के टेरेस वाले, स्टैर्स वाले और जो सो रहा उनको टपका, सिंपल बोलू तो ास्सास्सिनाते कर दे, निचे के मैं देख लूंगा, और सुन भसडक हीरो मत बनियो रोहित के सामने अकेला जाके.
अभय:- ोकक बॉस! गुड़ लक! मिलते है अगले जनम में .
मैं:- भाग लौड़े.
वो भाग के पेड़ पे चाहड़ा और मैं हो लिया गेट की तरफ, पता नहीं कैसे मारेगा अभय पर वो मार लेगा इतना पता था मुझे क्युकी वो मेरे जैसा hi है बस उसमे मेरे जैसा ब्रेन, एंगर, पागलपन और पत्थर दिल नहीं है जो मुझे डेडली बनती है.
ये सब सोचते हुए मैं गेट के पास आया तो आँखों में चमक आ गयी की वो लोदु गॉर्ड मूट रहा था गेट के पास दूसरी तरफ मुँह करके, इससे ाचा मौका क्या मिलेगा, मैं सिलेंटली बूत फ़ास्ट उसके पास पहुंच और पीछे से उसका मुँह दबाके वो नाइफ उसकी गार्डन पे लगाया और लगते hi वो नाइफ मुझे उसके अंदर जाता हुआ फील हुआ, भेनचोद गाँडफाँड रामपुरी है ये तो और मैंने थोड़ा सा जोर लगाके वो नाइफ दबाया और झटके से खींच दिया और और उसकी बॉडी को सहारा देके लिटाया और चेक किया तो वो मर गया.
मैं:- बस 1 डाउन!
अभय:- मेरा भी.
मैं:- लेटस मूव बीच.
मैं चुपके से अंदर गुसा बिलकुल दबे पेअर और अब उस स्टैर्स वाले को लपेटना था जो थोड़ा मुश्किल था, लेकिन जैसे hi स्टैर्स के पास पंहुचा तो देखा की वो लीचर फुल तैनात खड़ा है. इसका ध्यान भटकना जरूरी था.
अभय:- 2 डाउन!
:wtf: बस ये क्या कर रहा है लोदु इतनी जल्दी.
मैं एक कोने में खड़ा होक ये सोच hi रहा था की गलती से मेरा था वह राखी किसी चीज़ पे लग गया और तभी मुझे आवाज़ सुनाई दी उनके जो सायद उप्पेर स्टैर्स वाले की थी.
आदमी:- जा के देख बिली होगी.
वो निचे वाला आदमी मेरी तरफ आया बस यही तो चाहिए था, जैसे hi वो मेरे नजदीक आया लेकिन वो बस झुक गया और मैं उसके उप्पेर से उस साइड गिर गया. वो भी सतर्क हुआ और लेथ घुमाया मेरे सर के उप्पेर से लोडे लोग एक स्टाइल आता है बस. मैं निचे झुका और दूसरी साइड हैट के सीधा नाइफ मारा उसके तइस में लेकिन वो चिल्ला पता उससे पहले hi मेरा नाइफ उसकी थिगह से निकला और उसकी चीन से घुसता हुआ पूरा अंदर चला गया, डेड भेनचोद पर उसकी बॉडी संभालता उससे पहले वो निचे गिरा धाम से.
आदमी :- कोण है बे!
मैं ( आवाज़ भरी करके) :- बिल्ली!
और मैं हो लिए उस उप्पेर वाले की तरफ उसको मरना इजी था अँधेरे में उसे लगेगा की उसका साथी उसके पास आ रहा है और जब तक वो पहचानेगा इतने तो उप्पेर होगा वो.
मैं उसके पास पंहुचा तो वो लोढ़ा बीड़ी पि रहा था वह चेयर पे बैठके. मैंने आगे हाथ किया तो बीड़ी पकड़ा दी उसने मुझे. लौड़ा नशे में है क्या मैं वो बिड्डी अपने मुँह में डाली और वो चाकू उसके गले में, वो लौड़ा प्रोसेस भी न कर पाया. मैंने उसको सुंघा तो बस ने देसी चाहड़ा राखी थी. मैंने उस बीड़ी का एक सत्ता मारा और फेक दी.
अभय:- 3 दोने.
मैं:- नाउ वेट!
और ये बोलके मैं हो लिया उस रूम की तरफ जहा वो सो रहे थे दारू पाइक, मैंने ज्यादा टाइम न वास्ते किया दोनों के मुँह पे हाथ रखके गाला काट दिया, और पहले hi बता दू ग्लव्स पेहेन रखे थे इतने भी चूतिये नहीं है बस हम.
मैंने इन 2 को मारा hi था की आवाज़ आयी.
अभय:- देख रोहित गन निचे कर ले, चल जाएगी.
रोहित:- तुझे क्या लगा तू अकेला सबको मार्के मेरे को भी मार देगा हहहह.
मैं:- अभय लोडे 1 मिनट रोक ले बस.
मैं वह से भगा उप्पेर और इस टाइम मुझे रोहित के भोकने की hi आवाज़ आ रही thi.main जैसे hi सामने पंहुचा तो मेरे एक साइड रोहित गन ताने खड़ा था और दूसरी तरफ अभय हाथ उप्पेर किये और वो रोहित का दोस्त पेट पकडे पड़ा था सायद अभय ने नाइफ मारा होगा, मैं गेट पे hi रुक गया उन्दोनो का hi ध्यान मेरी तरफ नहीं था. रोहित की ऊँगली ट्रिगर की तरफ बढ़ रही थी इसलिए मैं भी वर्किंग मोड में आया और रोहित की तरफ भगा उसकी ऊँगली ट्रिगर पे पहुंची और ट्रिगर दबा लेकि उससे जस्ट 0.11 सेकंड या 0.12 सेकंड पहले मेरी किक उसके हाथ पे पड़ी और गन से निकली हुयी बुलेट ठीक अभय की खोपड़ी के कुछ 1 फ़ीट उप्पेर से गयी. लेकिन मेरे अंदर का जानवर जाग गया था ये देख के इसलिए रोहित कुछ समझ पता उससे पहले मैंने पंच दिया उसके राइट साइड के गाल पे जिससे उसकी मुंडी मुद गयी और मुंडी मुड़ते hi मैंने एक किक दी उसकी चेस्ट में जिससे वो दिवार में लगा लेकिन एक और पंच मैंने जैसे hi मरना चाहा तो वो बचा और एक फ्लाइंग किक चिपका दी मेरे थोबड़े पे, बस मैं तो सुन्न हो गया और पीछे की तरफ हुआ. मेरे को गिरता देख अभय ने अपना नाइफ उठाया और उसको मारा लेकिन बस वो जल्लाद झुका और एक पंच दिया अभय की रिब्स पे अभय घुटनो पे आ गया और नाइफ गिर गया उसका, जो रोहित ने उठा लिया, अब मुझे hi करना था कुछ और ये सोच के मैं खड़ा हुआ और हम दोनों आमने सामने थे उसके हाथ में भी नाइफ और मेरे हाथ में भी दोनों एक दुसरे की तरफ बढे लेकिन मैंने दिमाग लगाया और एक दम से रुक गया, उसने ये एक्सेप्ट नहीं किया था इसलिए वो सिद्धता मेरे ऊपर hi आ गया और मैंने बस अपनी बॉडी को पीछे करके अपना घुटना दिया उसके पेट में, लेकिन उसने भी घूम के किक दी मुझे, बस बराबर का लोंदा है ये तो ऐसा नहीं मार पाउँगा इसे.
"उसे योर नाइफ बीच" ये आवाज़ आयी मेरे दिमाग से और अगले hi पल मैं उसके सामने घुटनो पे बैठा और वो नाइफ उसकी थिगह में घुसा दिया उसने ये एक्सेप्ट नहीं किया था वो लोदु सोच रहा था की मैं गले पे मारूंगा लेकिन मैं बैठ गया. खैर उसकी जांघ में नाइफ लगने से वो चीखने को हुआ उससे पहले उसके मुँह पे एक पंच पड़ा जो अभय का था और उसकी चीख बंद हुयी तो मैंने वो नाइफ उसके कंधे में घुसा दिया वो फिर से अपना कन्धा पकड़के चीखने को हुआ लेकिन उससे पहले एक और पंच अभय का. वो बिचारा अपना दर्द भी बहार नहीं निकल पा रहा था.
मैंने और अभय ने कुछ देर तक उसे ऐसे hi तड़पाया मैंने उसे नाइफ से दर्द देता और अभय उसका मुँह बंद करवा के उस दर्द को अंदर hi रहने देता, लेकिन अब उसकी आँखों में आंसू आ गए थे वो बर्दास्त नहीं कर पा रहा था, हाथ जोड़ने लग गया था.
रोहित:- bhàaaii छोड़ दू ममज्जी
मैं:- पकड़ा कब था तुझे.
अभय:- अबे ड्रग्स दिमाग पे चाहड़ गया क्या तेरे जो हर टाइम मस्ती सूझ रही.
रोहित:- भाई आऍप तू अक्केल्ले थेय्य ना.
मैं:- मैं अकेला hi हु भसडक,
रोहित:- तू जांवररर है, तुझी सरराम नही आइए सोटती हुएए गऊरर्ड्स को मार्र्णी में.
Main:-nahi आयी सरम, और तूने मेरे अंदर का असली जानवर नहीं देखा है, अब तक ने देखा है और उसे इतनी बुरी मौत मिली थी की वो नरक में भी रोटा होगा, वैसे कोई नहीं मिल लियो उससे वह पे और बहुत लोग आएंगे इन्ही हाथो से मरे हुए कुछ तेरे अपने भी.
Main:-ab टाइम नहीं है मेरे पास और न तेरे पास अपने भाई और भाभी से मिलियो नरक में, ब्यय
और ये बोले मैंने उसका भी गाला काट दिया. अभय ने वो नाइफ उठाया और रोहित का दोस्त जो की बेहोश था उसके गले पे फेक मारा वो भी डेड.
मैं:- भसडक हीरो बनने को कोण बोलै था तेरे को, मन करने के बाद भी घुस गया.
अभय:- अबे मैं सोचा इसको पकड़ लेता हु फिर तू पेल दियो.
मैं:- भड़वे में 1 सेकंड भी लेट होता न तो वो बुलेट तेरे भेजे में होती और बिलीव में फिर इस पुरे देश को आग लगा देता मैं.
अभय कुछ नहीं बोलै क्युकी गलती थी उसकी.
मैं:- चले अब, मज़ा आ गया आज तो.
अभय:- अब पकडे गए तो.
मैं:- कल सुबह धमक होगा भाई कोई शक नहीं करेगा हमपे, बस सबूत मिटा दे.
अभय ने सबूत मिटाये जो की थे hi नहीं, उसका हाथ थोड़ा इन्जुरेड हुआ था नहीं तो हम दोनों ने मिलके 10 बन्दे टपका दिए थे अब चैन की नींद सोयेंगे लेकिन चैन कहा हम वह से निकले और रूम पे पहुंचे तो सुबह के 4 बज रहे थे, इसलिए रूम में पहुँचते hi सो गया मैं.
आँख खुली तब देखा की मेरा फ़ोन बज रहा था, उठाया मैंने बिना देखे.
मैं:- hello कोण?
किरण:- hello के बचे जो 10 आदमी मारे है न तुमने मला के जिसमे उसका बीटा भी है, वो पागल हो रहा है उसे पता है तुमने मारा है उसे इसलिए वो कभी भी कुछ भी कर सकता है तुम्हारी फॅमिली के साथ.
मैं:- ी हैवे प्लान जिससे वो फॅमिली की तरफ देखेगा भी नहीं और ना hi मेरी तरफ, बस उसकी लोकेशन बता दो मुझे.
किरण:- ोकक, ी विल सेंड यू.
मैं:- और हां मेरे वह पहुंचने के ठीक 5 मिनट बाद वह मीडिया आ जानी चाहिए फिर मैं संभल लूंगा.
किरण:- ोकक! जो भी करो ध्यान से करना.
मैंने बिना कोई जवाब दिए कॉल काट दिया और सोचने लगा क्या करू कैसे करू ऐसे तो चुद जायेंगे हम.
तो बे कॉन्टिनोएड ??
मैं फ़ोन उठाया जो की किरण का था और वो थोड़ी घबराई हुयी थी.
मैं:- हां बोलो क्या हुआ.
किरण:- उस आदमी को किसी ने स्टेशन के बीचो बिच मार दिया.
मैं:- व्हाट थे फ़क! ऐसे कैसे मार दिया, पुलिस वाले क्या गांजा फुक के बैठे थे.
किरण:- नहीं वो सब बेहोश थे 2 हवलदार जब राउंड से वापस आये तब सब बेहोश थे और वो मारा हुआ था.
मैं:- ma'am मानो न मानो पर ये पुलिस भी मला की है. अब बस एक काम करो कल उस मला के पास जाओ और उसे शो करो की तुम उसके साइड हो तुम उसे एक लाके डौगी उसे बिलीव करवाओ मुझे नहीं पता कैसे पर करवाओ.
इतना बोलके मैंने फ़ोन काट दिया और सोचने लगा बस अब क्या करे ऐसे तो गांड मर जाएगी, कल तक तो रोहित को भी वो सेव कर लेगा, तो आज hi मार देते है, हां ये सही रहेगा. मैंने अभय के पिछवाड़े पे दी लात वो चौक के खड़ा हो गया.
अभय:- अबे गांडू सोने दे न.
मैं:- मेरे लौड़े पे सजा आजा.
अभय:- क्या हुआ बस रात के 12 बहे क्यों भड़क रहा है.
मैं:- सुन बकचोदी न काट जल्दी से रोहित की इनफार्मेशन दे.
अभय:- वो अभी इस वक़्त अपने फार्महाउस पे मिलेगा, जो की सिटी से निकल के थोड़ा खेतो में है, ज्यादा आदमी नहीं है मुश्किल से 8 आदमी है और उसका एक दोस्त है उसके साथ, उसके बन्दे त्रिनेड नहीं है बस लेथ वगैरह है बस उस रोहित के पास गन मिल सकती है, फार्महाउस 2 फ्लोर का है.
मैं:- चल तो उठ और ब्लूटूथ ले ले और दोनों रामपुरी जो तूने बनवायी है.
अभय:- ओह्ह्ह बस आज मजा आने वाला है.
मैं:- चल जल्दी बाइक स्टार्ट कर और चल.
हम दोनों ने सामान उठाया जरूरत का, मैंने एक ब्लैक हुड डाला ास्सास्सिन वाला, और बाइक पे बैठ के हो लिए उस तरफ. 45 मिनट का रास्ता था लेकिन ड्राइवर मैं था और रोड एक दम खली भेनचोद बाइक का एयरोप्लेन बना दिया, थॉट्स व्हाई ी लव पल्सर बस चोर बाइक है क्या भगति है.
हमने बाइक उस फार्महाउस से दूर कड़ी की और पैदल हो लिए घूमके ताकि उस फार्महाउस के पीछे की साइड जा पाए. हम जा रहे थे पर गांड फैट रही थी बन्दों से नहीं बे भूतो से.
मैं:- ोयी तुझे चुड़ैल दिखी तो क्या करेगा.
अभय:- उसके मुँह पे मुठ मार दूंगा.
मैं:- :युक: बस!
अभय:- और तू क्या करेगा अगर चुड़ैल मिली तो.
मैं:- मैं तो पंत में मूट दूंगा.
अभय हसने लगा, भेनचोद मुझपे हस्ता है रुक साले.
मैं:- ाचा तुझे एक शायरी सुनौ, मैंने लिखी है.
अभय:- इरशाद! इरशाद!
मैं:- " कच्ची में कच्ची, कच्ची में कच्चा"
अभय:- वाह! वाह!
मैं:- "कच्ची में कच्ची, कच्ची में कच्चा", "मैं तेरा बाप तू मेरा बचा".
ये बोलके मैं हसने :रोफ्लोल: लगा और अभय ने गांड जैसा मुँह बना लिया, खैर हम लोग बकचोदी करते हुए पहुंच गए उस फार्महाउस के पीछे, फार्महाउस काम एक मिडिल क्लास घर लग रहा था.
अभय:- अब क्या करना है.
मैं:- बन्दों की पोजीशन पता है?
अभय:- हां.
मैं:- तो मेरे मरने के बाद बताएगा क्या?
अभय:- अबे 8 बन्दे है 5 निचे ग्राउंड फ्लोर पे जिसमे से 1 गेट पे होगा और एक स्टैर्स पे और एक मिडिल स्टैर्स पे और 2 सो रहे होंगे, और उप्पेर टेरेस पे एक होगा और उप्पेर स्टैर्स पे एक और एक सो रहा होगा. और वो रोहित और उसका दोस्त एक रूम में होंगे फर्स्ट फ्लोर पे.
मैं:- गे है क्या दोनों.
अभय:- मजाक करने आया है क्या यहाँ पे.
मैं:- नाना सोचा मर गए तो मजाक करके तो मरे.
अभय:- तेरे सादे जोक्स हो गए तो प्लान बोल.
मैं:- सिंपल है बस, लेथ वाले बन्दे है तू इस पेड़ से चाहड़ के टेरेस वाले, स्टैर्स वाले और जो सो रहा उनको टपका, सिंपल बोलू तो ास्सास्सिनाते कर दे, निचे के मैं देख लूंगा, और सुन भसडक हीरो मत बनियो रोहित के सामने अकेला जाके.
अभय:- ोकक बॉस! गुड़ लक! मिलते है अगले जनम में .
मैं:- भाग लौड़े.
वो भाग के पेड़ पे चाहड़ा और मैं हो लिया गेट की तरफ, पता नहीं कैसे मारेगा अभय पर वो मार लेगा इतना पता था मुझे क्युकी वो मेरे जैसा hi है बस उसमे मेरे जैसा ब्रेन, एंगर, पागलपन और पत्थर दिल नहीं है जो मुझे डेडली बनती है.
ये सब सोचते हुए मैं गेट के पास आया तो आँखों में चमक आ गयी की वो लोदु गॉर्ड मूट रहा था गेट के पास दूसरी तरफ मुँह करके, इससे ाचा मौका क्या मिलेगा, मैं सिलेंटली बूत फ़ास्ट उसके पास पहुंच और पीछे से उसका मुँह दबाके वो नाइफ उसकी गार्डन पे लगाया और लगते hi वो नाइफ मुझे उसके अंदर जाता हुआ फील हुआ, भेनचोद गाँडफाँड रामपुरी है ये तो और मैंने थोड़ा सा जोर लगाके वो नाइफ दबाया और झटके से खींच दिया और और उसकी बॉडी को सहारा देके लिटाया और चेक किया तो वो मर गया.
मैं:- बस 1 डाउन!
अभय:- मेरा भी.
मैं:- लेटस मूव बीच.
मैं चुपके से अंदर गुसा बिलकुल दबे पेअर और अब उस स्टैर्स वाले को लपेटना था जो थोड़ा मुश्किल था, लेकिन जैसे hi स्टैर्स के पास पंहुचा तो देखा की वो लीचर फुल तैनात खड़ा है. इसका ध्यान भटकना जरूरी था.
अभय:- 2 डाउन!
:wtf: बस ये क्या कर रहा है लोदु इतनी जल्दी.
मैं एक कोने में खड़ा होक ये सोच hi रहा था की गलती से मेरा था वह राखी किसी चीज़ पे लग गया और तभी मुझे आवाज़ सुनाई दी उनके जो सायद उप्पेर स्टैर्स वाले की थी.
आदमी:- जा के देख बिली होगी.
वो निचे वाला आदमी मेरी तरफ आया बस यही तो चाहिए था, जैसे hi वो मेरे नजदीक आया लेकिन वो बस झुक गया और मैं उसके उप्पेर से उस साइड गिर गया. वो भी सतर्क हुआ और लेथ घुमाया मेरे सर के उप्पेर से लोडे लोग एक स्टाइल आता है बस. मैं निचे झुका और दूसरी साइड हैट के सीधा नाइफ मारा उसके तइस में लेकिन वो चिल्ला पता उससे पहले hi मेरा नाइफ उसकी थिगह से निकला और उसकी चीन से घुसता हुआ पूरा अंदर चला गया, डेड भेनचोद पर उसकी बॉडी संभालता उससे पहले वो निचे गिरा धाम से.
आदमी :- कोण है बे!
मैं ( आवाज़ भरी करके) :- बिल्ली!
और मैं हो लिए उस उप्पेर वाले की तरफ उसको मरना इजी था अँधेरे में उसे लगेगा की उसका साथी उसके पास आ रहा है और जब तक वो पहचानेगा इतने तो उप्पेर होगा वो.
मैं उसके पास पंहुचा तो वो लोढ़ा बीड़ी पि रहा था वह चेयर पे बैठके. मैंने आगे हाथ किया तो बीड़ी पकड़ा दी उसने मुझे. लौड़ा नशे में है क्या मैं वो बिड्डी अपने मुँह में डाली और वो चाकू उसके गले में, वो लौड़ा प्रोसेस भी न कर पाया. मैंने उसको सुंघा तो बस ने देसी चाहड़ा राखी थी. मैंने उस बीड़ी का एक सत्ता मारा और फेक दी.
अभय:- 3 दोने.
मैं:- नाउ वेट!
और ये बोलके मैं हो लिया उस रूम की तरफ जहा वो सो रहे थे दारू पाइक, मैंने ज्यादा टाइम न वास्ते किया दोनों के मुँह पे हाथ रखके गाला काट दिया, और पहले hi बता दू ग्लव्स पेहेन रखे थे इतने भी चूतिये नहीं है बस हम.
मैंने इन 2 को मारा hi था की आवाज़ आयी.
अभय:- देख रोहित गन निचे कर ले, चल जाएगी.
रोहित:- तुझे क्या लगा तू अकेला सबको मार्के मेरे को भी मार देगा हहहह.
मैं:- अभय लोडे 1 मिनट रोक ले बस.
मैं वह से भगा उप्पेर और इस टाइम मुझे रोहित के भोकने की hi आवाज़ आ रही thi.main जैसे hi सामने पंहुचा तो मेरे एक साइड रोहित गन ताने खड़ा था और दूसरी तरफ अभय हाथ उप्पेर किये और वो रोहित का दोस्त पेट पकडे पड़ा था सायद अभय ने नाइफ मारा होगा, मैं गेट पे hi रुक गया उन्दोनो का hi ध्यान मेरी तरफ नहीं था. रोहित की ऊँगली ट्रिगर की तरफ बढ़ रही थी इसलिए मैं भी वर्किंग मोड में आया और रोहित की तरफ भगा उसकी ऊँगली ट्रिगर पे पहुंची और ट्रिगर दबा लेकि उससे जस्ट 0.11 सेकंड या 0.12 सेकंड पहले मेरी किक उसके हाथ पे पड़ी और गन से निकली हुयी बुलेट ठीक अभय की खोपड़ी के कुछ 1 फ़ीट उप्पेर से गयी. लेकिन मेरे अंदर का जानवर जाग गया था ये देख के इसलिए रोहित कुछ समझ पता उससे पहले मैंने पंच दिया उसके राइट साइड के गाल पे जिससे उसकी मुंडी मुद गयी और मुंडी मुड़ते hi मैंने एक किक दी उसकी चेस्ट में जिससे वो दिवार में लगा लेकिन एक और पंच मैंने जैसे hi मरना चाहा तो वो बचा और एक फ्लाइंग किक चिपका दी मेरे थोबड़े पे, बस मैं तो सुन्न हो गया और पीछे की तरफ हुआ. मेरे को गिरता देख अभय ने अपना नाइफ उठाया और उसको मारा लेकिन बस वो जल्लाद झुका और एक पंच दिया अभय की रिब्स पे अभय घुटनो पे आ गया और नाइफ गिर गया उसका, जो रोहित ने उठा लिया, अब मुझे hi करना था कुछ और ये सोच के मैं खड़ा हुआ और हम दोनों आमने सामने थे उसके हाथ में भी नाइफ और मेरे हाथ में भी दोनों एक दुसरे की तरफ बढे लेकिन मैंने दिमाग लगाया और एक दम से रुक गया, उसने ये एक्सेप्ट नहीं किया था इसलिए वो सिद्धता मेरे ऊपर hi आ गया और मैंने बस अपनी बॉडी को पीछे करके अपना घुटना दिया उसके पेट में, लेकिन उसने भी घूम के किक दी मुझे, बस बराबर का लोंदा है ये तो ऐसा नहीं मार पाउँगा इसे.
"उसे योर नाइफ बीच" ये आवाज़ आयी मेरे दिमाग से और अगले hi पल मैं उसके सामने घुटनो पे बैठा और वो नाइफ उसकी थिगह में घुसा दिया उसने ये एक्सेप्ट नहीं किया था वो लोदु सोच रहा था की मैं गले पे मारूंगा लेकिन मैं बैठ गया. खैर उसकी जांघ में नाइफ लगने से वो चीखने को हुआ उससे पहले उसके मुँह पे एक पंच पड़ा जो अभय का था और उसकी चीख बंद हुयी तो मैंने वो नाइफ उसके कंधे में घुसा दिया वो फिर से अपना कन्धा पकड़के चीखने को हुआ लेकिन उससे पहले एक और पंच अभय का. वो बिचारा अपना दर्द भी बहार नहीं निकल पा रहा था.
मैंने और अभय ने कुछ देर तक उसे ऐसे hi तड़पाया मैंने उसे नाइफ से दर्द देता और अभय उसका मुँह बंद करवा के उस दर्द को अंदर hi रहने देता, लेकिन अब उसकी आँखों में आंसू आ गए थे वो बर्दास्त नहीं कर पा रहा था, हाथ जोड़ने लग गया था.
रोहित:- bhàaaii छोड़ दू ममज्जी
मैं:- पकड़ा कब था तुझे.
अभय:- अबे ड्रग्स दिमाग पे चाहड़ गया क्या तेरे जो हर टाइम मस्ती सूझ रही.
रोहित:- भाई आऍप तू अक्केल्ले थेय्य ना.
मैं:- मैं अकेला hi हु भसडक,
रोहित:- तू जांवररर है, तुझी सरराम नही आइए सोटती हुएए गऊरर्ड्स को मार्र्णी में.
Main:-nahi आयी सरम, और तूने मेरे अंदर का असली जानवर नहीं देखा है, अब तक ने देखा है और उसे इतनी बुरी मौत मिली थी की वो नरक में भी रोटा होगा, वैसे कोई नहीं मिल लियो उससे वह पे और बहुत लोग आएंगे इन्ही हाथो से मरे हुए कुछ तेरे अपने भी.
Main:-ab टाइम नहीं है मेरे पास और न तेरे पास अपने भाई और भाभी से मिलियो नरक में, ब्यय
और ये बोले मैंने उसका भी गाला काट दिया. अभय ने वो नाइफ उठाया और रोहित का दोस्त जो की बेहोश था उसके गले पे फेक मारा वो भी डेड.
मैं:- भसडक हीरो बनने को कोण बोलै था तेरे को, मन करने के बाद भी घुस गया.
अभय:- अबे मैं सोचा इसको पकड़ लेता हु फिर तू पेल दियो.
मैं:- भड़वे में 1 सेकंड भी लेट होता न तो वो बुलेट तेरे भेजे में होती और बिलीव में फिर इस पुरे देश को आग लगा देता मैं.
अभय कुछ नहीं बोलै क्युकी गलती थी उसकी.
मैं:- चले अब, मज़ा आ गया आज तो.
अभय:- अब पकडे गए तो.
मैं:- कल सुबह धमक होगा भाई कोई शक नहीं करेगा हमपे, बस सबूत मिटा दे.
अभय ने सबूत मिटाये जो की थे hi नहीं, उसका हाथ थोड़ा इन्जुरेड हुआ था नहीं तो हम दोनों ने मिलके 10 बन्दे टपका दिए थे अब चैन की नींद सोयेंगे लेकिन चैन कहा हम वह से निकले और रूम पे पहुंचे तो सुबह के 4 बज रहे थे, इसलिए रूम में पहुँचते hi सो गया मैं.
आँख खुली तब देखा की मेरा फ़ोन बज रहा था, उठाया मैंने बिना देखे.
मैं:- hello कोण?
किरण:- hello के बचे जो 10 आदमी मारे है न तुमने मला के जिसमे उसका बीटा भी है, वो पागल हो रहा है उसे पता है तुमने मारा है उसे इसलिए वो कभी भी कुछ भी कर सकता है तुम्हारी फॅमिली के साथ.
मैं:- ी हैवे प्लान जिससे वो फॅमिली की तरफ देखेगा भी नहीं और ना hi मेरी तरफ, बस उसकी लोकेशन बता दो मुझे.
किरण:- ोकक, ी विल सेंड यू.
मैं:- और हां मेरे वह पहुंचने के ठीक 5 मिनट बाद वह मीडिया आ जानी चाहिए फिर मैं संभल लूंगा.
किरण:- ोकक! जो भी करो ध्यान से करना.
मैंने बिना कोई जवाब दिए कॉल काट दिया और सोचने लगा क्या करू कैसे करू ऐसे तो चुद जायेंगे हम.
तो बे कॉन्टिनोएड ??