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- Dec 5, 2013
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अपडेट 69
आकाश से अब सेक्स न मिल पाने से वो बहुत बेचैन था वही सुलोचना भी आकाश मैं अब सुधर देख रही थी
ऐसे दिन बिटने लगे और 2 मंथ बिट गए
अभी सुबह का वक़त था और सुलोचना सविता के साथ नास्ता तैयार कर रही थी
और मनोज सो रहा था सुमि और मेघा गौसाल गयी थी दूध निकलने
और वो भी आजाती है
सुलोचना : अरे मेघा जा जरा जाकर हमारे साहब जड़ो को उठा दो
मेघा : अभी लो भाभी
अभी ये दोनों बात कर hi रहे थे की मनोज निचे आया जो अभी छोटा था
मनोज : माँ मुझे भूख लगी है नास्ता दोना जल्दी
सुलोचना : अरे बस अभी लो
यहाँ मेघा आकाश के रूम मैं जाती है वह देखती है की आकाश सोया हुवा है
वो उसे जगाने लगती है पर आकाश जग hi नहीं रहा था पर जैसे hi मेघा ने कम्बल हटाया और आकाश को हिलाया तब उसे पता चला की आकाश बीमार है
मेघा : हे भगवान भाभी जल्दी यहाँ आईये देखिये आकाश को बुखार चढ़ा हुवा हैजल्दी
सुलोचना जल्दी से सरे काम छोड़ कर ऊपर जाती है क्यों की मेघा की चीख hi इतनी जोरदार थी
सुलोचना : बीटा उठ क्या हुवा तुझे बीटा उठा जा आकाश बीटा उठना देख मैंने तुझे मुझसे बात करने केलिए मन किया था न बीटा मुझे माफ़ करदे प्लीज आकाश उठ जा देख तुमदोनो केलिए hi तो मैं जी रही हु उठ जा बीटा देख अपनी इस माँ को और मत रुला
सविता : भाभी मैं अभी डॉक्टर को बुलाके लती हु
फिर थोड़ी hi देर मैं एक डॉक्टर ाजते है
और आकाश को चेक उप करते है
डॉक्टर : देखिये सुलोचना जी मैंने आकाश बाबा को चेक करलिया है पर अभी उनका सरीर मैं बुखार जैसी गर्मी जरूर है पर वो किसी और चीज़ से बेहोश हुवा है
सुलोचना : किस्से ये बशोष हुवा है डॉक्टर
डॉ : क्या पहले आकाश के किसी के साथ जिस्मानी सम्बन्ध थे क्यों ये गर्मी उत्तेजना की है
सुलोचना : है डॉक्टर ये पहले वो सब करता था लेकिन इससे पिछले तीन महीने से वो सब बांध करदिया है
डॉक्टर : हम्म शायद इसीलिए इसके साथ ये सब हुवा क्यों की उसने अगर ये सब धीमे धीमे बढ़ किया होता तो शायद ऐसा न होता पर आकाश ने ये सब एक झटके मैं ख़तम करदिया इसी लिए ये सब हुवा
सुलोचना : तो अब हम क्या करे डॉक्टर
डॉक्टर : देखिये सुलोचना जी बुरा मत मन्ना पर आपका बीटा बहुत ज्यादा सेक्सुअलिय एक्टिव था इसी लिए अब इसे आपको वो सब करने की छूट देनी होगी नहीं तो इसके साथ ऐसा hi होता रहेगा या तो फिर इसकी शादी करवा दीजिये अब मैं आपसे विदा लेता हु
फिर डॉक्टर चला गया
और पीछे परेशा नई चोरर गया
सुलोचना :: अब मैं क्या करू कैसे इसको उन कामिनियों के बीच मैं चोर दू
सविता : भाभी सब ठीक होजायेगा आप चिंता न करे
सुलोचना : कैसे चिंता न कृ सविता ये 12 साल का था जब इन्होने (आकाश के फादर) मेरा साथ चोरर दिया और चला बेस उसके बाद इनको बहुत म्हणत से पला है
सविता : सांत होजाईये भाभी सब ठीक होगा
ऐसे hi दो पहर होजाती है सुलोचना अपने रूम मैं कुछ सोच रही थी वो बहुत hi गहरी सोच मैं डूबी हुयी थी
तभी उसके रूम मैं सविता मेघा और सुमि और मोहन आजाते है
सुमि : काकी आप चिंता मत करिये मेरे पास एक रास्ता है मैंने ये रास्ता पापा को बताया उन्होंने भी ये मंजूर करलिया
सुलोचना : क्या सुमि बीटा आखिर क्या रास्ता है
सविता : भाभी अगर आप बुरा न मने तो मैं मेघा और सुमि अपना जिस्म देने को तैयार है
सुलोचना : ये क्या बोल रही हो आखिर तुम कैसे तुम भले hi मेरी सगी न सही पर मैंने डिल से तुम्हे बेहेन मेघा को ननद और सुमि को बेटी मन है आखिर ये कैसे हो सकता है और जरा सोचो मोहन पर क्या बीतेगी
मोहन : एहि ठीक है भाभी आकाश को बचाना है तो हमे ये करना hi पड़ेगा रही बात मेरी तो जब मालिक का एक्सीडेंट हुवा था तब मं कार मैं उनके साथ hi था वो तो नहीं बचे पर मेरी वो जगह कार से टकराने से उस जगु पर गहरी चोट आयी है जो अब कभी ठीक नहीं हो सकती और मेरे वजह से सविता ने और मेघा ने अपने अरमानो को अपने उमडेर दवा दिया पर इससे उनकी भी जिस्म की भूख सांत होजायेगी प्लीज भाभी मुझे ये करने दीजिये मालिक के ऐहसानो के सामने तो ये कुछ भी नहीं
सुलोचना कुछ सोच के : ठीक है पर सबसे पहले मैं अपने बेटे को अपना जिस्म दूंगी अगर तुम अपने मुँह बोले बेटे केलिए इतना कर सकते हो तो क्या मैं उसकी सगी माँ होकर नहीं कर सकती पर ये बात
Mohan(beech में) : जान दे दूंगा पर ये बात कभी किसी को पता नहीं चलने दूंगा
ऐसे hi रात होगयी रात को सब खाना कहते है आकाश को उसके रूम मैं सुमि खाना खिला रही थी कटु की उसे थोड़ी वीकनेस थी
उसके बात सुलोचना अपने कमरे मैं जाती है और ा छे से नहाती है फिर अपने बालो मैं तेल से मालिश करती है और अपने बालो को गोल आकर मैं बांधती है ( जैसे नार्मल गौण की एयरटे बांधती है)
वैसे जिस्म की भूख तो सुलोचना को भी थी और ये एक तरह से उसकी मुराद पूरी हो रही थी उसने सोचा जब वो सब करना hi है तो क्यों न ा छे से किया जाये
उसने अलमारी खोली और उसमे से लाल रंग का घागरा और ब्लाउज निकला और उसे पेहेन लिया और होठो पर लाल कलर की लिपस्टिक लागली और माथे पर एक मध्यम साइज की लाल बिंदी लगायी और हाथों मैं लाल रंग की चिड़िया दाल ली और फिर वो आकाश के रूम मैं गयी जहा आकाश अभी लेता हुवा था पर वो जग रहा था अचानक अपनी माँ का ऐसा रूप देख कर शॉक होगया था
आकाश को आज पहली बार अपनी माको देख कर सेक्स की िक्षा जाग ने लगी थी
आकाश : माँ आप यहाँ ऐसे
सुलोचना :है क्यों की अब तुझे बहार जाने तो नहीं दे सकती उन कल्मुहिओ के साथ और नहीं मैं तुझे इस हालत मैं देख सकती हु इसी लिए मैं तेरे साथ वो सब कुछ करुँगी और तू कुछ नहीं बोलेगा
आकाश : पर आप मेरी माँ है मैं कैसे आपके साथ वो सब कैसे
सुलोचना : देख बीटा मेरी भी कुछ जरूरते है जो तेरे पापा के जाने के बाद पूरी नहीं होसकती थी पर अब समय आगया है की मैं भी थोड़ी जिंदगी के माझे लू आखिर इतना मस्त जवान बीटा है मेरा क्यों मैं तुझे अच्छी नहीं लगती
.
आकाश : नहीं माँ ऐसी बात नहीं है आप मेरी माँ हिज मैंने आपके बारे मैं ऐसा कभी सोचा hi नहीं
सुलोचना आकाश के लुंड पर हाथ फेर कर
सुलोचना : पर तेरा छोटा सिपाही तो कुछ और hi कह रहा है
सुलोचना आकाश के दोनों पेरो के पास आयी और पलटी मर कर बैठ गयी और आकाश के दोनों पेरी को अपनी कमर के साइड से आगे किये और आकाश को गोदी में लिया वैसे आकाश उस वक़त कुछ खाश लम्बा नहीं था सुलोचना ने एक डैम आकाश को अपनी बहो मैं जकड लिया और आअज आकाश ने अपनी माँ को पहली बार इतना करीब से देखा था
सुलोचना : किसी लग रही हु मेरे लुंड वाले बेटे
आकाश की नियत अब बोगद चुकी थी
आकाश : तुम बहुत प्यारी हो मेरी रंडी माँ जी करता है तुझे आज खा जाऊ
सुलोचना एक कातिल मुस्कान के साथ
सुलोचना : तो आज खा जाना और आज मुझे रंडी की तरह छोड़ना कोई रेहम नहीं मुझे आज अपने तुम्हारे साथ इस पहले मिलान को याद रखना है
आकाश : जरूर मेरी रांड आअह्ह्ह
आकाश बोलहि रहा था की सुलोचना ने उसके लैंड पर हाथ फेर दिया और उसने आकाश के सॉर्ट के बुतों खोल्दिया और आकाश जो की अंडरवेर मैं था उसे भी उतर दिया
सुलोचना : पर सब से पहले ये सिधुर को मेरी मांग मैं भर के मुझे सुहागन करदे मैं आज अपने बेटे की सुहागन बन कर रंडी की तरह छोड़ना चाहती हु
फिर आकाश ने चुटकी मैं सिधुर लेकर सुलो चना की मांग भरी
और मांग भरने से जो सुलोचना रेड कलर के देसी ऑउटफिर मैं कातिल लग रही थी वही अब केहर ध रही थी
फिर आकाश बिना देर किये सुलोचना को हर जगह चूमने लगता है
काफी देर चूमने के बाद आकाश सुलोचना को देखता है तो उसकी आखों मैं देर सारा सेक्स का नशा भरा हुवा था
( यहाँ ये बाटाडू की उस टाइम पर किश का फैशन नहीं था)
सुलोचना : मेरे रंडी के बेटे अब मुझे जरा अपने लुंड का पान कर ने दे
आकाश : ये ले चूसले मेरी रांड फिर इससे तेरी छूट को छोडूंगा फिर हो सकता है इससे मैं अपनी एक भाई या बेहेन भी निकलू
सुलोचना लुंड चूसते हुए
: तो निकल लेना कब मेने मन किया मुझे बस एक रांड की तरहक होड़ दाल
ये बोल फिर से आकाश का लुंड मुँह मैं भर लेती है
आकाश लुंड भी काम नहीं था आखिर अंकित का बाप था तो उसे अपना लुंड तो बाप से विरासत मैं मिला है ऐसा कह सकते है आकाश लुंड 7 इंच का था पर अंकित से छोटा था
सुलोचना : चल अब मेरी छूट फाड़ दे मेरे चूतिये बेटे
और सुलोचना सीधी लेट गयी
और ट्रेडिशनल मशीनरी पोसिसों मैं
और आकषण3 लूसकी काली छूट पर न लुंड सेट किया और एक जोरदार झटका दिया
सुलोचना : आअह्ह्ह कमीने रण्डिके जाने एक बार मैं क्यों पेल दिया
आकाश : चुप कर रांड चुप चाप चुद टी रह मेरे बाप से कितनी बार चूड़ी होगी फिर भी नाटक एले
और आकाश उसे जोरदार धक्को के साथ छोड़ने लगा
सुलोचना : छोड़ और जोर से छोड़ मेरे लात अपनी इस माँ को छोड़ कार मादरचोद मांजा जोड़ भड़वे चोर और जोरसे आह्हः आअह्ह्ह आअह्ह्ह है दिया इतना मोटा है तेरा आअह्ह्ह
आकाश : है एले रंडी एले ाःह आह्हः रैंड ये ले तेरी छूट तो बहुत गरम और टाइट है आअह्ह्ह जल्दी hi तेरी इस गांड को खोलूंगा
सुलोचना और आकाश ऐसे hi 30 मं तक एक दूसरे को गालिओ के साथ अपने जिस्म की आएगग बजाते है फिर आकाश जड़ने वाला होता है
वो अपनी पूरी ताक़त से धक्के दे रहा था
आकाश : मेरी रंडी माँ मैं आज्ञा आअह्ह्ह्हह
और आकाश ने अपनी माँ की hi गॉड भर दी अपने वीरा से आकाश ने जब सुलोचना की छूट से अपना लुंड निकला तो उसमे से आकाश का लुंड रास निकलने लगा आकाश एक बार मैं अंकित से भी ज्यादा वीरा निकलता था
फिर ऐसे hi आकाश और सुलोचना ने पूरी रात मस्ती की आकाश कभी सुलोचना के बूब्स को खींचता तो कभी जोरसे दबा देता पर दोनों ने उस रात एक दूसरे के साथ खूब मजे किये और एक दूसरे को खूब गालिया दी और सेक्स का भर पुर आन्दद लिया
अब देखते है मनोज का कब नंबर लगता है
उपदटेस पोस्टेड मेरे भाईलोग
ी होप यू लिखे आईटी
सीयो सून
ब्बये
आकाश से अब सेक्स न मिल पाने से वो बहुत बेचैन था वही सुलोचना भी आकाश मैं अब सुधर देख रही थी
ऐसे दिन बिटने लगे और 2 मंथ बिट गए
अभी सुबह का वक़त था और सुलोचना सविता के साथ नास्ता तैयार कर रही थी
और मनोज सो रहा था सुमि और मेघा गौसाल गयी थी दूध निकलने
और वो भी आजाती है
सुलोचना : अरे मेघा जा जरा जाकर हमारे साहब जड़ो को उठा दो
मेघा : अभी लो भाभी
अभी ये दोनों बात कर hi रहे थे की मनोज निचे आया जो अभी छोटा था
मनोज : माँ मुझे भूख लगी है नास्ता दोना जल्दी
सुलोचना : अरे बस अभी लो
यहाँ मेघा आकाश के रूम मैं जाती है वह देखती है की आकाश सोया हुवा है
वो उसे जगाने लगती है पर आकाश जग hi नहीं रहा था पर जैसे hi मेघा ने कम्बल हटाया और आकाश को हिलाया तब उसे पता चला की आकाश बीमार है
मेघा : हे भगवान भाभी जल्दी यहाँ आईये देखिये आकाश को बुखार चढ़ा हुवा हैजल्दी
सुलोचना जल्दी से सरे काम छोड़ कर ऊपर जाती है क्यों की मेघा की चीख hi इतनी जोरदार थी
सुलोचना : बीटा उठ क्या हुवा तुझे बीटा उठा जा आकाश बीटा उठना देख मैंने तुझे मुझसे बात करने केलिए मन किया था न बीटा मुझे माफ़ करदे प्लीज आकाश उठ जा देख तुमदोनो केलिए hi तो मैं जी रही हु उठ जा बीटा देख अपनी इस माँ को और मत रुला
सविता : भाभी मैं अभी डॉक्टर को बुलाके लती हु
फिर थोड़ी hi देर मैं एक डॉक्टर ाजते है
और आकाश को चेक उप करते है
डॉक्टर : देखिये सुलोचना जी मैंने आकाश बाबा को चेक करलिया है पर अभी उनका सरीर मैं बुखार जैसी गर्मी जरूर है पर वो किसी और चीज़ से बेहोश हुवा है
सुलोचना : किस्से ये बशोष हुवा है डॉक्टर
डॉ : क्या पहले आकाश के किसी के साथ जिस्मानी सम्बन्ध थे क्यों ये गर्मी उत्तेजना की है
सुलोचना : है डॉक्टर ये पहले वो सब करता था लेकिन इससे पिछले तीन महीने से वो सब बांध करदिया है
डॉक्टर : हम्म शायद इसीलिए इसके साथ ये सब हुवा क्यों की उसने अगर ये सब धीमे धीमे बढ़ किया होता तो शायद ऐसा न होता पर आकाश ने ये सब एक झटके मैं ख़तम करदिया इसी लिए ये सब हुवा
सुलोचना : तो अब हम क्या करे डॉक्टर
डॉक्टर : देखिये सुलोचना जी बुरा मत मन्ना पर आपका बीटा बहुत ज्यादा सेक्सुअलिय एक्टिव था इसी लिए अब इसे आपको वो सब करने की छूट देनी होगी नहीं तो इसके साथ ऐसा hi होता रहेगा या तो फिर इसकी शादी करवा दीजिये अब मैं आपसे विदा लेता हु
फिर डॉक्टर चला गया
और पीछे परेशा नई चोरर गया
सुलोचना :: अब मैं क्या करू कैसे इसको उन कामिनियों के बीच मैं चोर दू
सविता : भाभी सब ठीक होजायेगा आप चिंता न करे
सुलोचना : कैसे चिंता न कृ सविता ये 12 साल का था जब इन्होने (आकाश के फादर) मेरा साथ चोरर दिया और चला बेस उसके बाद इनको बहुत म्हणत से पला है
सविता : सांत होजाईये भाभी सब ठीक होगा
ऐसे hi दो पहर होजाती है सुलोचना अपने रूम मैं कुछ सोच रही थी वो बहुत hi गहरी सोच मैं डूबी हुयी थी
तभी उसके रूम मैं सविता मेघा और सुमि और मोहन आजाते है
सुमि : काकी आप चिंता मत करिये मेरे पास एक रास्ता है मैंने ये रास्ता पापा को बताया उन्होंने भी ये मंजूर करलिया
सुलोचना : क्या सुमि बीटा आखिर क्या रास्ता है
सविता : भाभी अगर आप बुरा न मने तो मैं मेघा और सुमि अपना जिस्म देने को तैयार है
सुलोचना : ये क्या बोल रही हो आखिर तुम कैसे तुम भले hi मेरी सगी न सही पर मैंने डिल से तुम्हे बेहेन मेघा को ननद और सुमि को बेटी मन है आखिर ये कैसे हो सकता है और जरा सोचो मोहन पर क्या बीतेगी
मोहन : एहि ठीक है भाभी आकाश को बचाना है तो हमे ये करना hi पड़ेगा रही बात मेरी तो जब मालिक का एक्सीडेंट हुवा था तब मं कार मैं उनके साथ hi था वो तो नहीं बचे पर मेरी वो जगह कार से टकराने से उस जगु पर गहरी चोट आयी है जो अब कभी ठीक नहीं हो सकती और मेरे वजह से सविता ने और मेघा ने अपने अरमानो को अपने उमडेर दवा दिया पर इससे उनकी भी जिस्म की भूख सांत होजायेगी प्लीज भाभी मुझे ये करने दीजिये मालिक के ऐहसानो के सामने तो ये कुछ भी नहीं
सुलोचना कुछ सोच के : ठीक है पर सबसे पहले मैं अपने बेटे को अपना जिस्म दूंगी अगर तुम अपने मुँह बोले बेटे केलिए इतना कर सकते हो तो क्या मैं उसकी सगी माँ होकर नहीं कर सकती पर ये बात
Mohan(beech में) : जान दे दूंगा पर ये बात कभी किसी को पता नहीं चलने दूंगा
ऐसे hi रात होगयी रात को सब खाना कहते है आकाश को उसके रूम मैं सुमि खाना खिला रही थी कटु की उसे थोड़ी वीकनेस थी
उसके बात सुलोचना अपने कमरे मैं जाती है और ा छे से नहाती है फिर अपने बालो मैं तेल से मालिश करती है और अपने बालो को गोल आकर मैं बांधती है ( जैसे नार्मल गौण की एयरटे बांधती है)
वैसे जिस्म की भूख तो सुलोचना को भी थी और ये एक तरह से उसकी मुराद पूरी हो रही थी उसने सोचा जब वो सब करना hi है तो क्यों न ा छे से किया जाये
उसने अलमारी खोली और उसमे से लाल रंग का घागरा और ब्लाउज निकला और उसे पेहेन लिया और होठो पर लाल कलर की लिपस्टिक लागली और माथे पर एक मध्यम साइज की लाल बिंदी लगायी और हाथों मैं लाल रंग की चिड़िया दाल ली और फिर वो आकाश के रूम मैं गयी जहा आकाश अभी लेता हुवा था पर वो जग रहा था अचानक अपनी माँ का ऐसा रूप देख कर शॉक होगया था
आकाश को आज पहली बार अपनी माको देख कर सेक्स की िक्षा जाग ने लगी थी
आकाश : माँ आप यहाँ ऐसे
सुलोचना :है क्यों की अब तुझे बहार जाने तो नहीं दे सकती उन कल्मुहिओ के साथ और नहीं मैं तुझे इस हालत मैं देख सकती हु इसी लिए मैं तेरे साथ वो सब कुछ करुँगी और तू कुछ नहीं बोलेगा
आकाश : पर आप मेरी माँ है मैं कैसे आपके साथ वो सब कैसे
सुलोचना : देख बीटा मेरी भी कुछ जरूरते है जो तेरे पापा के जाने के बाद पूरी नहीं होसकती थी पर अब समय आगया है की मैं भी थोड़ी जिंदगी के माझे लू आखिर इतना मस्त जवान बीटा है मेरा क्यों मैं तुझे अच्छी नहीं लगती
.
आकाश : नहीं माँ ऐसी बात नहीं है आप मेरी माँ हिज मैंने आपके बारे मैं ऐसा कभी सोचा hi नहीं
सुलोचना आकाश के लुंड पर हाथ फेर कर
सुलोचना : पर तेरा छोटा सिपाही तो कुछ और hi कह रहा है
सुलोचना आकाश के दोनों पेरो के पास आयी और पलटी मर कर बैठ गयी और आकाश के दोनों पेरी को अपनी कमर के साइड से आगे किये और आकाश को गोदी में लिया वैसे आकाश उस वक़त कुछ खाश लम्बा नहीं था सुलोचना ने एक डैम आकाश को अपनी बहो मैं जकड लिया और आअज आकाश ने अपनी माँ को पहली बार इतना करीब से देखा था
सुलोचना : किसी लग रही हु मेरे लुंड वाले बेटे
आकाश की नियत अब बोगद चुकी थी
आकाश : तुम बहुत प्यारी हो मेरी रंडी माँ जी करता है तुझे आज खा जाऊ
सुलोचना एक कातिल मुस्कान के साथ
सुलोचना : तो आज खा जाना और आज मुझे रंडी की तरह छोड़ना कोई रेहम नहीं मुझे आज अपने तुम्हारे साथ इस पहले मिलान को याद रखना है
आकाश : जरूर मेरी रांड आअह्ह्ह
आकाश बोलहि रहा था की सुलोचना ने उसके लैंड पर हाथ फेर दिया और उसने आकाश के सॉर्ट के बुतों खोल्दिया और आकाश जो की अंडरवेर मैं था उसे भी उतर दिया
सुलोचना : पर सब से पहले ये सिधुर को मेरी मांग मैं भर के मुझे सुहागन करदे मैं आज अपने बेटे की सुहागन बन कर रंडी की तरह छोड़ना चाहती हु
फिर आकाश ने चुटकी मैं सिधुर लेकर सुलो चना की मांग भरी
और मांग भरने से जो सुलोचना रेड कलर के देसी ऑउटफिर मैं कातिल लग रही थी वही अब केहर ध रही थी
फिर आकाश बिना देर किये सुलोचना को हर जगह चूमने लगता है
काफी देर चूमने के बाद आकाश सुलोचना को देखता है तो उसकी आखों मैं देर सारा सेक्स का नशा भरा हुवा था
( यहाँ ये बाटाडू की उस टाइम पर किश का फैशन नहीं था)
सुलोचना : मेरे रंडी के बेटे अब मुझे जरा अपने लुंड का पान कर ने दे
आकाश : ये ले चूसले मेरी रांड फिर इससे तेरी छूट को छोडूंगा फिर हो सकता है इससे मैं अपनी एक भाई या बेहेन भी निकलू
सुलोचना लुंड चूसते हुए
: तो निकल लेना कब मेने मन किया मुझे बस एक रांड की तरहक होड़ दाल
ये बोल फिर से आकाश का लुंड मुँह मैं भर लेती है
आकाश लुंड भी काम नहीं था आखिर अंकित का बाप था तो उसे अपना लुंड तो बाप से विरासत मैं मिला है ऐसा कह सकते है आकाश लुंड 7 इंच का था पर अंकित से छोटा था
सुलोचना : चल अब मेरी छूट फाड़ दे मेरे चूतिये बेटे
और सुलोचना सीधी लेट गयी
और ट्रेडिशनल मशीनरी पोसिसों मैं
और आकषण3 लूसकी काली छूट पर न लुंड सेट किया और एक जोरदार झटका दिया
सुलोचना : आअह्ह्ह कमीने रण्डिके जाने एक बार मैं क्यों पेल दिया
आकाश : चुप कर रांड चुप चाप चुद टी रह मेरे बाप से कितनी बार चूड़ी होगी फिर भी नाटक एले
और आकाश उसे जोरदार धक्को के साथ छोड़ने लगा
सुलोचना : छोड़ और जोर से छोड़ मेरे लात अपनी इस माँ को छोड़ कार मादरचोद मांजा जोड़ भड़वे चोर और जोरसे आह्हः आअह्ह्ह आअह्ह्ह है दिया इतना मोटा है तेरा आअह्ह्ह
आकाश : है एले रंडी एले ाःह आह्हः रैंड ये ले तेरी छूट तो बहुत गरम और टाइट है आअह्ह्ह जल्दी hi तेरी इस गांड को खोलूंगा
सुलोचना और आकाश ऐसे hi 30 मं तक एक दूसरे को गालिओ के साथ अपने जिस्म की आएगग बजाते है फिर आकाश जड़ने वाला होता है
वो अपनी पूरी ताक़त से धक्के दे रहा था
आकाश : मेरी रंडी माँ मैं आज्ञा आअह्ह्ह्हह
और आकाश ने अपनी माँ की hi गॉड भर दी अपने वीरा से आकाश ने जब सुलोचना की छूट से अपना लुंड निकला तो उसमे से आकाश का लुंड रास निकलने लगा आकाश एक बार मैं अंकित से भी ज्यादा वीरा निकलता था
फिर ऐसे hi आकाश और सुलोचना ने पूरी रात मस्ती की आकाश कभी सुलोचना के बूब्स को खींचता तो कभी जोरसे दबा देता पर दोनों ने उस रात एक दूसरे के साथ खूब मजे किये और एक दूसरे को खूब गालिया दी और सेक्स का भर पुर आन्दद लिया
अब देखते है मनोज का कब नंबर लगता है
उपदटेस पोस्टेड मेरे भाईलोग
ी होप यू लिखे आईटी
सीयो सून
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