Parivar se nafrat fir pyaar - Page 7 - SexBaba
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Parivar se nafrat fir pyaar

अपडेट 54

यहाँ सुबह निशा उठ चुकी थी और आज उसके चेहरे पर खुसी िर्टनि थी की पूछो मत आज वो और ज्यादा खिली हुयी थी

फिर वो फ्रेश होने चली गयी और वापस एके अंकित को उठाने चली गयी

निशा बड़े प्यार से अंकित को जगती है

निशा : बेबी चलो उठो सुबह होगयी आअज आपको काम भी है और हमे आज शादी केलिए निकल न भी है

अंकित कसमसा कर बदन टुडे कर उठता है और थोड़ी देर निशा के आगोश. ऐन जकड ज्यादा है

अंकित : गुड मॉर्निंग मां

निशा :गुड मॉर्निंग बेबी चलो उठो और फ्रेश होजाओ तुम्हे जाना है न कॉलेज

मैं फॉर्म सबमिट करने

अंकित :अरे नहीं माँ वो मेने डैड को ऐसे hi कहा था क्यों की मैं आपसे बात करना कहता था कुछ वक़त आपको देना कहता था क्यों की मेरी वजह से आप को हर्ट हुवा था न इसी लिए

निशा : कोई बात नहीं बीटा पर ये कभी मत कहना की तुमने हमे हर्ट किया है तुम तो मेरे बच्चे हो चलो अभी उठो और रेडी होजा शादी मैं तो जाना है न

OK उउउउउम्म्मह्ह्ह्हआआ

फिर निशा अंकित के हाल पर कीर करती है और चली जाती है निचे और अंकित फ्रेश होने

फिर अंकित भी निचे चला जाता है रेडी होकर

फिर ये और निशा नास्ता करने लगते है

निशा : बीटा ये लो दूध मैंने स्पेशल तुम्हारे लिए बनाया है आखिर इतनी मेह ात करते हो तो प्रोटीन तो कहियेना बॉडी को

चलो जल्दी ये पि जाओ

अंकित भी मन नहीं करता और पि लेता है

अंकित : माँ सचमे आपका दूध बहुत बढ़िया है क्या सवाद था

निशा :तुझे कैसे पता की ये मेरा दूध है

अंकित :माँ मुझे हंमेशा एक बात का दुःख होता है की मैं आपकी कोख से नहीं जन्मा पर मेरी आत्मा आपकी दें है बस समाज जाता हु

निशा : अरे मेरा बचा अच्छा तेरा वो घर दिखता जहा गोली लगी है मेने कल रात देखा hi नहीं

अंकित :अरे माँ वो घर तो तभी भर गया था देखो फ

फिर अंकित अपने शर्ट के बॉटम खोल के वो जगह दिखता है पर निशा शौक होजाती है

निशा :आखिर ये कैसे हुवा कोई भाव इतनी जल्दी नहीं भरता और मनीषा कभी मुझसे जूथ नहीं बोलेगी की तुझे गोली लगी है

अंकित :माँ लगता है आप को अब सच बताना hi पड़ेगा

निशा :केसा सुच

अंकित : असल मैं ये तब की बात है जब मैं गौण से चला गया था और ला गया

था वह पर मेरा मेरा एक्सीडेंट हुवा था सर चोट बहुत गहरी थी और डॉक्टर ने मन करदिया था की मैं बचूंगा नहीं पर तब मेरे दोस्तों की माँ जो की साइंटिस्ट्स है उन्होंने मुझमे अपना एक एक्सपेरिमेंट तरय किया जिससे मैं बच गया

पर मृ अट्रैक्शन पावर 100 गुना बढ़ गयी और मेरी हीलिंग पावर भी मैं किसी का. भी मन पढ़ सकता हु कोई कितना भी दूर क्यूना हो मैं उसे आखे बांध करके देख और सुन सकता हु पर मैं कभी ये करता नहीं मैं नार्मल होकर hi रहता हु

निशा कोटो झटके पे झटके लग रहे थे

निशा : बीटा क्या तुम सच बोल रहे हो

अंकित : आपकी कसम माँ

निशा :मतलब तुम अब समाज आया की तुम इतना टाइम सेक्स कैसे करलेते हो

अंकित :no माँ इससे मेरी सेक्स मैं कोई बदलाव नहीं आया है मैं पहले से hi इतना तो कर सकता हु पर इसके बाद का अगर मैं फायदा कहु तो मैं जब तक कहे किसी की बजा सकता हु पर मेने आप सब लोगो के साथ नार्मल होकर hi सेक्स किया है क्यों की आप वो सब जेल नहीं पति और मैं कैसे आपको कुछ होने देता

फिर ऐसे hi बाते होती रही फिर दोनों रेदय हुए और निअक्ल पड़े शादी केलिए

रस्ते मैं ये शाले जा रहे थे फिर ये लोग जब हाईवे पर पहुंचते है

अंकित : आअह्ह्ह इसे भी अभी hi होना था

निशा :क्या हुवा बेबी व्हाट ा प्रॉब्लम

अंकित : माँ ी हैवे वैरी हार्ड प्रेस्सेर ऑफ़ पइसस

निशा : एक काम विंडो के गिलास ऊपर करले

फिर अंकित ने ऐसा hi किया

निशा :तू बस ड्राइव कर बाकि मैं संभल टी हु

फिर निशा ने अंकित का पेण्ट खिला और उसका अंडर वियर मैं से उसका लुंड बहार निकला

अंकित : माँ प्लीज ऐसा मत करो मैं आगे जाकर गाडी रोकता हु

निशा :चुप कर और पइसस करना सुरु कर

फिर निशा अंकित के लुंड को मुँह मैं भर लेती है और अंकित से भी कंट्रोल नहीं होता तो वो भी करने लगता है

निशा उसका पइसस का आखिरी बून्द तक निगल गयी फिर दोनों ने पानी पिया और चलते रहे रस्ते मैं मैं एक ढाबे पर ये दोनों रुके नास्ता करने केलिए

फिर अंकित अंकित ने निशा को बोलै की वो आर्डर करदे वो जहा मुँह धोकर अत है

अंकित चला गया

निशा वेटर से

निशा : दो पराठे और दही ले औ

तभी वह 2 लड़के लफंगे तयप के आते है दोनों hi मरियल तरह के थे एक दम सिंगल बॉडी के दुबले पतले

एक लड़का निशा की बात पर बोलै

लड़का 1 : मैडम हु मरी भी दही चखलो

लड़का 2: हु मरी दही भी मलाई दार है और है क्या हुस्न पारी लगती हो तेरी गांड को देख कर मेरा दही निकल ने को होगया

तभी एक के पीछे से जोरदार हाथ पड़ता है वो जेक टेबल से जातकरता है और बेसुध होजाता है दूसरा जब पीछे देखता है तो ये कोई और नहीं अंकित था

अंकित ने दूसरे वाले को पीछे गले को पकड़ा और उसे अपनी तरफ घुमाके उसके नाक और मुँह मैं मुक्को की जड़ी लगा दी

अंकित उसे बिना रुके मरता hi जा रहा था

अब तक अंकित ने उसे 20 या 25 मुक्के मरे

तभी निशा वह आगयी और अंकित को रोका

निशा : बेबी चोरडे उसे वो मर जायेगा

अंकित :नहीं माँ इनकी हिम्मत कैसे हुयी आपके साथ बदतमीजी करने की

फिर जैसे तैसे निशा और दो आदमी मिला कर वह से अंकित को हटते है और अंदर ले जाते है और जो लड़का 2 जो देसुध होने का नाटक कर रहा था क्यों की वो अपने साथी की हालत देख कर उसकी गांड फैट के 4 क्या 8 होगयी थी वो अपने साथी को उठता है लड़का 1 के. यह से खून निकल रहा था और नाक भी टूट चूका था पल्म मैं उसके 10 दन्त टूट चुके थे वो दोनों वह से निकल जाते है

फिर अंकित और निशा नास्ता करते है और निकल जाते है

रस्ते मैं 30 मं ड्राइव करने के बाद अंकित के पेट मैं भूख लगने लगी क्यों की उस हादसे के बाद अंकित ने ज्यादा कुछ नहीं खाया था और ये बात निशा को पता चल गयी

निशा : बीटा तुझे भूख लगी हैना क्यों की तूने वह भी ज्यादा नहीं खाया था

अंकित : है माँ हलकी सी पर अब यहाँ क्या मिलेगा

निशा : एक काम कर गाडी साइड मैं रॉक दे

अंकित ने गाड़ी साइड मैं लगाई ये रास्ता बहुत सुमसान था और ऊपर से अँधेरा भी होरहा था अभी शाम के 7 बज रहे थे

निशा ने अपना ब्लाउज खोला और ब्रा मैं से अपनी एक छू hi निकली

निशा : आजा मेरा बचा ये पिले

फिर अंकित भी निशा से फीडिंग करने लगता है करीब 10 मं की फीड के बाद दोनों नार्मल हुए और अपनी मंज़िल पर निकल पड़े 3 कम बाद hi गाडी एक गौण मैं एंटर करती है

और ये लोग पहुंचते है मनीषा के पापा की हवेली मैं जो की गौण के ठाकुर थे

फिर ये लोग अंदर जाते है अंदर बहुत कहल पहल थी

इंट्रो टाइम

मर प्रताप ठाकुर (हेड ऑफ़ थे हाउस) :आगे 62 ये इस घर के मुखिया है और आज भी घर के सरे फैसले यही करते है वैसे अपने कानून के बहुत पक्के है पर ये परिवार वालो से प्यार भी बहुत करते है पर अभी भी ये कसरत करते है और सरीर भी अभी अच्छा खड़ा स्ट्रांग है इनका इनकी बहु का सेक्स रिलेशन है कैसे ये आगे पता चलेगा

मरस. सरला प्रताप ठाकुर (वाइफ ऑफ़ प्रताप) :

आगे 55 इयर्स ये प्रताप की वाइफ मनीषा की माँ है ये बहुत hi सुलजी हुयी ायरत है इनका वक़त घर पर और पुझा पथ मैं और सेक्स के कामो मैं निकलता है वो आगे पता चलेगा ये 55 साल होने के बावजूद भी 40 से ज्यादा नहीं लगती ये खुबौरात भी बहुत है इस आगे मैं भी

सरीर भी अभी ढीला नहीं हुवा है चूचियों मैं थोड़ा ढीला पैन जरूर है पर नहीं के जितना फिगर बोलू तो 38 34 40

इनकी गांड अंकित की फवौरीते बनने वाली है मनीषा को अपनी खूबसूरती इनसे hi मिली है और ये रोज़ टाइम से घर की सभी फ्रेमलेस के साथ योग भी करती है

मर. सूरज प्रताप ठाकुर (सोन ऑफ़ प्रताप एंड सरला) : आगे 42 इयर्स ये प्रताप का बीटा है और ये अभी अपना पिता का बिज़नेस संभालता है और गौण वालो की भलाई केलिए भी बहुत सरे काम करता है इसे सेक्स मैं कोई खास दिलचस्पी नहीं है इसे बस पैसो से और गौण वालो की भलाई से मतलब है

मरस. संजना सूरज ठाकुर ( वाइफ ऑफ़ सूरज) :आगे 39 ये सूरज की वाइफ है ये भी काफी सुलजी हुयी औरत है अपने परिवार से प्यार करने वाली ये अपने पति के सेक्स न करने से तड़प रही थी और बाद मैं इसने अपने ससुर के साथ hi रिलेशन बना लिया

मरस. मीणा राणा : आगे 41 इयर्स ये है सूरज से छोटी पर मनीषा की बड़ी बहन ये एक विद्वा है इसके पति एक नंबर का नसेड़ी था जिसके चलते उसकी बॉडी खोकली होगयी थी और वो नहीं रहा इसके पति को मरे 2 साल हो चुके है ये भी खूबसूरत है पर हलकी सावली है पर नयन नक्श बहुत hi ज्यादा तीखे है और तो आवर रोज़ कसरत और योग से इनका यौवन कलिलाना होगया है इसे सपने सावले रंग से कोई मतलब नहीं है

फिगर बोलू तो 38 30 38 ये अपने पापा की फमलीय के साथ hi रहती है

मस. सरोज प्रताप ठाकुर ( ये प्रताप और सरला की छोटी बेटी है आगे 28 इयर्स इसी की शादी मं रावल फॅमिली यहाँ आयी है फिगर बोलू तो 34 28 36 का परफेक्ट साइज फिगर और मनीषा की बहन है तो खूबसूरत होगी hi

मस. आकृति सूरज ठाकुर :आगे 20 इयर्स ये है सूरज और संजना की बेटी एक दम ज़िद्दी लड़की इसे अपना हुकुम hi चलना होता है पर अपने दादाजी से बहुत डर्टी है फिगर साइज 32 28 32 ये अभी अभी जवान हुयी है पर इसने गौण के लड़को मैं खलबली मचा राखी है पर कोई इसे जायदा कुछ करता नहीं क्यों की गौण के लोग प्रताप से डरते भी है

इंट्रो फिनिश अब जो कोई भी अंकित से एक बार छुड़ेगी उनके नाम नहीं लिखूंगा

फिर जब सब अंदर जाते है तो सब वह हॉल मैं hi बैठे थे अभी कोई भी रिस्तेदार यहाँ नहीं अयथा थे तो सिर्फ ठाकुरस और रावल्स आकाश और मनोज सूरज के साथ साडी तैयारिओं मैं लग गए थे अभी वो तीनो बहार गए थे अभी वह मर्द के नाम पर सिर्फ अंकित प्रताप और दो तीन नौकर hi थे

निशा अंदर जेक सरला के और प्रताप के पैर चुटी है

सरला निशा को गले लगा लेती है

सरला :किसी है निचा मेरी बच्ची आने कोई प्रॉब्लम तो नहीं हुवा न

निशा : नहीं कोई प्रॉब्लम नहीं हुवा आंटी जी

सरला :बीटा तुझे कहा हैना मुझे माँ या मम्मी बोलै कर तू मेरे लिए बेटियों से काम नहीं है मुझे पता है ते माँ बाप इस दुनिया मैं नहीं रहे और भाई बहिन तुझसे नाराज़ है

(यहाँ निशा के माँ डैड की डेथ हो चुकी है और निशा का भाई उससे नाराज़ है क्यों की निशा ने आकाश को दूसरी शादी करने से नहीं रोका था इसी लिए जिसे अंकित बहुत जल्द हैंडल करेगा)

फिर निशा बाकि सब से भी मिलती है

प्रताप : बस बीटा तू तो आगयी ये तो बताओ की आखिर हमारा एक लुटा नवासा अंकित कहा है मनीषा बेटी ने उसके बारे हमे पहले hi बताया था पर कभी मिले नहीं

तभी निशा के इशारे से अंकित आगे आया और सरला और प्रताप के पैर छुए

जब सरला अंकित को देखती है तो उसकी छूट और आखे दोनों भीग गयी क्यों की उसके लुँडेर नानी वाला प्यार और हवस दोनों एक साथ जाग आगयी थी

सरला अंकित को अपने सीनेसे लगाती है

सरला :यहाँ आजा मेरे बच्चे आज तक हमने अपनी नवासी ो को खूब प्यार दिया है पर आज हमे पता चला की हमारा नवासा बहुत प्यारा है हम भले hi तुझसे आज पहली बार मिल रहे है पर तेरे बारे मैं मनीषा बेटी ने बहुत बाते बताई है

अंकित : आशीर्वाद दीजिये नानी और मुझे आज पता चला की मेरे ननिहाल वाले मुझे कितना प्यार करते है

फिर अंकित प्रताप के पास गया और उसके पेअर छुए

प्रताप : जीते रहो बीटा और हमारा नवशा तो हमारा बीटा hi होता और बीटा तो सीने से लगता है

फिर दोनों गले मिले आज अंकित को यहाँ सबसे साथ बहुत अच्छा लग रहा था क्यों की उसने कभी नैननि का प्यार देखा hi नहीं था

फिर अंकित बाकि सभी लेडिस से मिला ठाकुर फीमेल की तो छूटे पनिचोर्ने का नाम hi नहीं लेती

जब मीणा अंकित को गले लगाती है तो उसकी छूट ने इतना पानी बया की उसकी छूट भीग गयी भीग टी भी क्यूना आखिर 2 साल से किसी से चूड़ी नहीं थी और सामने अंकित जैसे कम्पलीट हॉटनेस पैकेज जैसा लड़का हो तो कोई कैसे रुकेगा

मीणा फिर अपने रूम मैं जाकर रूम लोक करके कपडे उतर कर बाथ रूम मैं भाग जाती है

और अंदर अपनी बरौने छूट मई दो उंगलिया दाल कर फिंगलिंग करने लगती है

मीणा : हाय्यियी मेरा भांजा कितना हॉट है इसे देख कर तो ये कलमुही ने कितना पानी छोरा है इतना तो मैं जिंदगी मैं पानी नहीं बहाया इससे तो चुद कर रहूंगी बहुत सेहली आग अब इसे संत करवा कर hi रहूंगी आअह्ह्ह अंकित बीटा तुझे अपनी इस मसि को छोड़ना hi होगा आआह्ह्ह्ह

फिर मीणा. जड़ गयी और फिर वो नाहा कर वापस कमरे मैं आगयी

अब देखते अब देखते है अंकित के नहीं हाल मैं कितनी कहते खुलती है

अपडेट पोस्टेड दोस्तों

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
अपडेट 55

यहाँ शादी का माहौल जैसा अभी कुछ नहीं था और सूरज आकाश और मनोज यहाँ आचुके थे वो हॉल मैं आके बैठते है तो वह मनीषा आती है

सूरज : अरे मनु तुम केहरहि थी की हमारा भांजा आने वाला है कहा है वो आया की नहीं

मनीषा :भैया वो तो कब का आज्ञा है रुकिए मैं बुलाती हु

अंकित : बुलाने की जरुरत नहीं माँ मैं hi आज्ञा हु

सब पीछे देखते है तो अंकित और निशा थे जो फ्रेश होकर निचे hi आये थे अभी

अंकित सूरज के पास जाकर उसके पेअर छूटा है और सूरज उसे गले लगा था

सूरज : कैसे हो भांजे तुमसे पहली बार मिल रहा हु पर ऐसा लग रहा है की हम सालोसे तुझे जानते है

अंकित :मेरा भी कुछ ऐसा hi रिएक्शन था मामाजी

सूरज : अरे भांजे मामाजी मत के खली मां hi बोल

अंकित :ठीक है मां

सूरज :मच बेटर और है मनु मैं ये पूछना भूल गया की अंकित की शादी की खरीदारी हुयी या नहीं

मनीषा : नहीं वैसे अभी तो कुछ दिन पहले hi अंकित ने कुछ ड्रेस तो लिए थे पर शादी का कुछ भी आउट फिट नहीं लिया

अंकित : अरे मेरे पास वैसे भी कई आउट फिट्स है उनमे से hi पहन लूंगा

मनीषा : नहीं हम कल hi जायेंगे और तुम्हारी शॉपिंग करके आएंगे और तुम सब कुछ नई hi लोगे और मुझे कुछ नहीं सुन्ना

सूरज : नहीं मनु तुम नहीं खरीदेगी कुछ अंकित के सारे ओउत्फिट्स से लेकर सभी चीज़ो का खर्चा मैं करूँगा

आकाश : अरे सूरज नहीं इसकी कोई जरुरत नहीं है वो सब मैं देख लूंगा

मनीषा : है भैया वो हम करलेंगे

सूरज : ख़बरदार छोटी जो मन किया तो और जीजाजी हमारे यहाँ एक रेशम होती है की जब भांजा पैदा होता है तो उसके पहले कपडे और ज्वेल्लेरी सब कुछ मां hi लेकर आते है अंकित का बचपन तो देखा नहीं हमने पर आज इस खुसी के मौके पर उसका मौका मुझे मिला है तो प्लीज ये हक़ मुझसे न छीने

आकाश : पर सेल साहब ..

सरला : दामाद जी ये हमारा हक़ है

प्रताप : ठीक कहा तुमने सूरज कल hi मेरे नवासे केलिए सब चीज़ो का इंतज़ाम करवाओ

सूरज : जी बाउजी पर माँ मुझे ये ऑउटफिट का तो देख लूंगा पर अंकित की ज्वेल्लेरी मैं क्या क्या लेना है ये नहीं पता मुझे

सरला : अरे उसमे क्या अंकित वैसे अब तो. होता नहीं है तो उसके लिए आजकी फैशन कके हिसाब से 1 अच्छी और खूबसूरत पलटनियम डिमांड चैन और एक सोने की चैन ,और सुले बाद अंकित केलिए एक अच्छा सोने का कड़ा और एक डिमांड गोल्ड ब्रेसलेट और एक सोने की और एक डिमांड की रिंग

मनीषा : माँ अब ये ज्यादा हो जायेगा

सूरज : चुप करो मनु ठाकुर खंडन का एक लुटा भांजा है

प्रताप :अगर अंकित छोटा होता तो और हम ये सब तब देते तो और भी ज्यादा होता

अंकित : अरे मैं ये केहरहा थकी इतना कुछ ना ली तो...

तभी मीणा ने अंकित के मुँह को धक् दिया

मीणा : श कुछ नहीं बोलोगे ये हम बड़ो की बात है और तुम ये सब एक्सेप्ट भी करोगे मुझे कोई आर्गुमेंट नहीं चाहिए

फिर क्या था अंकित को भी और सभी को भी सूरज की बात नमाणि hi पड़ी

मनीषा :चलो सब लोग डिनर तैयार है

फिर सब डिनर टेबल पर पहुंच जाते है जहा अंकित बैठ ता है पर इस बार उसे संजना मीणा और सरोज घेर लेती है और उसे अपने हाथो से खिलने लगती है

अंकित : अरे ममी और मासियो मैं छोटा बचा नहीं हु मैं खा सकता हु अपने हाथ से

मीणा : खबर दार जो हाथ भी लगया तो आज हमारा बच्चक हमारे साथ hi खायेगा आखिर एक लुटा भांजा है हमारा

सरोज : सही कहा दीदी आपने चलो बेबी खाना सुरु करो

संजना : बीटा तुम तो बिलकुल सुख गए हो ये लो घी वाला हलवा आज मेने स्पेशल तुम्हारे लिए बनाया है

मोनिका : क्या बात है भाई तुम्हारी तो लुटरी लग गयी

अंकित :हम्म म

अंकित सिर्फ इतना hi बोलै प् रहा था क्यों की उसकी दोनों मसि उसे खिलाये जा रही थी

सूरज :अरे संजना हमे भी तो हलवा खिलाओ

संजना :आप बाद मैं खलेना पहले मैं अपने बेटे को तो खियलदू

फिर सब संजना की बात पर मुस्कुराते है ऐसे hi हसी मजाक के साथ सब डिनर कम्पलीट करते है फिर सब साडी लेडीज किचेन मैं चली जाती है और जेंट्स अपने अपने कुछ काम मैं

अंकित रूम मैं जाता है वह उसे आर्यन का फ़ोन आता है

अंकित : है आर्यन बोल

आर्यन : बोल के बच्चे कहा गांड मरवा रहा है सेल इतने दिन से नहीं मिला भूल गया क्या तुझे क्या करना है

अंकित : क्या करना है

अंकित बस आर्यन की तंग खींच रहा था

आर्यन :वह अब भाई को पता भी नहीं जब हम अनाथाश्रम जा रहे थे तब अपने कुछ वडा किया था

अंकित : भाई वडा किया है वो निभाउंगा भी तू चिंता न कर बस अभी थोड़े फमलीय के साथ टाइम स्पेंड कर रहा हु वह आकर मई सबसे पहले रागिनी आंटी को hi सेट करूँगा तू टेंशन मत ले

आर्यन :सेल यहाँ मेरा लुंड मेरी जान लेने पे तुला हुवा है और तुझे मजाक सूज रहा है भाई प्लीज आज की रात हो सके तो कुछ करना ायः मेरा लुंड का दर्द बर्दास्त नहीं हो रहा है

अंकित :चल ठीक है 5 मं रूक मैं कुछ करता हु

फिर कॉल कट होजाता है

अंकित दीपा को कॉल करता है

दीपा : क्या बात है जनम आज सामने से कालल कर रहे है लगता है आपको पता चल गया की मैं अकेली hi और प्यासी हु

अंकित : तभी तो कॉल किया है बेबी पर तुम अकेली कैसे आंटी आपकी बेटी कहा गई

दीपा : वो अपनी फ्रेंड के साथ रोड ट्रिप कर गयी है अब बस तुम जल्दी आजाओ

अंकित : मैं अभी सहर मैं नहीं हु पर तुम्हारी प्यास बजाने का इंतेज़ाम जरूर करवा सकता हु अगर तुम बोलो तो

दीपा : ठीक है पर अंकित मुझे बदनाम मत करना

अंकित : आप टेंशन न लो आंटी मुझ पर भरोसा हैना

दीपा : है है

अंकित :ठीक है तो फिर 30 मं मैं तुम्हारी प्यार बुझाने वाला हाज़िर होगा

फिर कॉल कर करके वापस आर्यन को कॉल करके दीपा का एड्रेस दे देता है पर जब आर्यन वह पहुँचता है तो दीपा को देख कर शौक होजाता है

दीपा आर्यन को देख कर

दीपा :आर्यन तुम

आर्यन :दीपा आंटी आप

आर्यन फिर अंकित को कॉल करता है

अंकित :अब क्या हुवा सेल तुझे

आर्यन :भाई ये तो दीपा आंटी का घर है मेरी माँ की फ्रेंड

अंकित :फ़ोन को स्पीकर पर दाल

आर्यन वैसा hi करता है

अंकित : आर्यन मैं जनता हु की तू दीपा आंटी को जनता है तभी तो तुझे इसके पास भेजा है और दीपा आर्यन कोटो तुम पसंद करती होना उसके साथ तो वैसे भी तुमने कुछ कुछ किया था जब ये छोटा था अब तो ये बड़ा है बोल तैयार hi आप

दीपा : है ठीक है

आर्यन :पर भाई मैं कैसे कर सकता हु ओतय है मेरी

अंकित : तो सेल अब क्या पाइअर छुएगा या फिर इसकी और अपनी प्यास बजायेगा वैसे भी तू तेरी माँ को तो छोड़ेगा hi और ये तो तेरी आंटी है अब बकवास चोर और मजे कर दीपा इसे रात भर इतना छुड़वाओ की ये वापस तुम्हारे पास आजाये ok एन्जॉय

यहाँ कॉल कट होते hi दीपा ने आर्यन को किश करना स्टार्ट कर दिया पहले तो आर्यन ने साथ नहीं दिया पर फिर रिस्पांस देने लगा और इनकी चुदाई सुरु होगयी

यहाँ अंकित कॉल कट होते hi टेरेस पर निकल गया अभी अँधेरा था वह गौण मैं हवाएं चल रही थी ऊपर अंकित वह घूमने लगता है तो देखता है की वह कोई ायरत टेरेस की देवर के पास झुक कर कड़ी थी और वह ऊपर से गौण की और देख रही थी

अंकित वह जाना है और आवाज लगा ता है

अंकित : कोण है वह

मीणा :अरे अंकित मैं हु मीणा

अंकित : अरे मसि आप यहाँ

मीणा : है वो मैं थोड़ी देर वह खाने आयी थी यहाँ

अंकित : वो तो ठीक है मसि पर ये क्या आपकी आखों मैं आशु

अभी टेरेस पर बिलुल अँधेरा था पर कांड की रौशनी थी हलकी सी अंकित उसे रौशनी मैं उसके आशु देख लेता है

मीणा : अरे नहीं वोटो ऐसे hi है

अंकित : मसि कहते है भांजा मसि का बीटा होता है तो आप मुझे अपना बीटा समाज कर hi आप मुझे बताईये की आप रो क्यों रही है

मीणा अंकित की बात से पिघल गयी और उसने अंकित को आगे बढ़ कर बहो मैं जकड लिया और सुबक ने लगी

अंकित ने भी थोड़ी देर कुछ नहीं कहा पर मीणा के ऐसे गले लगाने से छोटा अंकित जरूर सर उठाने लगा था

अंकित : बाटइ ये मसि क्या बात है

मीणा : ठीक है पर तुम प्रॉमिस करो तुम ये बात किसी को नहीं बताओगे

अंकित : ठीक है

मीणा : बीटा तुम्हे शायद मनीषा ने बताया होगा की मेरा सुहाग दो साल पहले hi उजाड़ गया था और दोसाल से मैंने सेक्स न के बराबर किया है पहले मैं बहुत करता था के मैं अपनी आग को कण्ट्रोल करलूँगी पर अब मुझसे ये बर्दास्त नहीं हो रहा है ऐसा लगता है अगर अब मैं मुझे सेक्स नहीं मिला तो मैं कुछ गलत न कर बैठु पर क्या करू अब ये आग संभल hi नहीं रही है पता नहीं अब कोण मेरी आग बजायेगा बीटा इसी लिए मैं आज मुझे अपने जीवन से नफरत होने लगी थी

तभी पीछे से मनीषा बोलती है

मनीषा : दीदी प्यास बजाने वाला आपके सामने खड़ा है आप टेंशन मत लो

मीणा पीछे देखती है तो वह मनीषा कड़ी थी

मीणा : मनु तू ये क्या कह रही है

मनीषा :ठीक कह रही हु दीदी अंकित आपकी प्यास बजा सकता है और दीदी कसम से एक बार इसके साथ करके देखों आपकी बरसो की प्यास संत करदेगा ये

मीणा : मनु तू ये क्या कह रही है ये तेरा बीटा है और मेरा भी बीटा है मैं कैसे और तू ऐसा कैसे कह सकती है ये तो तेरा बीटा है

मनीषा : है ये मेरा बीटा है पर हमारे परिवार का एक सीक्रेट है जो कहो तो मैं आपको बता सकती हु

मीणा :देख गुड़िया मुझे तुझ पर भरोषा है चल बता

फिर मनीषा उसे. सब कुछ नाता देती है

मीणा : ओह्ह्ह तो अब तुम्हारे मजे hi मजे है पर बीटा अंकित क्या तुम रेडी हो अपनी मसि की प्यास बजाने. केलिए

अंकित : देखों मसि अगर आप दिल से ये करना चाहती हो तो मैं रेडी हु पर आपका अगर मैं न मान रहा हो तो मैं आपको चूँगा भी नहीं और आपसे ऐसा hi रिस्ता रखूँगा जैसा मसि भांजे का होता है मैं बस अपने मजे केलिए सेक्स करता हु किसी की मजबूरी का फायदा उठाना या जबरदस्ती करना मेरी फितरत नहीं है

मनीषा ने अंकित का सर चुम लिया और साथ hi साथ मीणा ने भी अंकित को बहो मैं भर के उसके माथे पर किश किया

मीणा :उउउउउम्म्माह्ह्ह्ह सच मैं बीटा मेरी गुड़िया बहुत लू क्या है जो उसे तुम जैसा बीटा मिला तुम जितने प्यारे हो उतने समाज दार भी चलो तो आज मेरे साथ hi सोना आज देखती हु कितना डैम है आपमें

अंकित :ठीक है मसि जी

मनीषा : ठीक है मैं चलती हु

फिर मनीषा चली गयी और यह मीणा अंकित को अपनी बाँहों मैं और जकड लेती है दोनों होने एयर तिघ्त बैग जैसे चिपके हुए थे

अंकित ने मीणा की गार्डन मैं किश करने लगा

मीणा :ऊऊह्ह्ह बीटा क्या कर रहे हो अगर चेतना hi है तो मेरी छूट को छतो क्या मेरा रास पीना कहोगे

अंकित : रास पीना नहीं मसि मैं तो आपको खाऊंगा

मीणा :ठीक है खलेना

फिर ये दोनों ऐसे hi हालत मैं थे और अंकित ने अपना एक हाथ मीणा की लेगी मैं दाल दिया और छूट के पास लगाया मीणा की छूट पूरी भग्ग चुकी थी अंकित उसकी क्लीट को बार बार जोर से मसल रहा था और उसे अपनी एक ूँगी और अंगूठे से भी ह रहा था

अंकित के ऐसे हुमलेसे मीणा 1 मं मैं hi जड़ गयी

मीणा : बीटा अभी मैं चलती हु तुम मेरे रूम मैं आजाना तब तक मैं जरा थोड़ी तैयारी करलु

अंकित :किसी तैयारी मसि

मीणा : तुम आओ तो सही तुम आज की रात को हंमेशा याद रखोगे तब तक मैं जरा मेक उप करलु

अंकित : मसि आप न ये मेकअप मत लरना मुझे आपको आपके सावले रंग के साथ छोड़ना है

मीणा :ठीक है

फिर मीणा चली जाती है अंकित भी वाश रूम में चला जाता है फिर वो वापस जब टेरेस पर आता है तो देखता है वह नेहा घूम रही थी और वो बेचीं लग रही थी

अंकित वह से नेहा के पास जाता है नेहा ने अभी एक स्लीव लेस तशीर पहना हुवा था अंकित नेहा के अपने आगोश मैं जकड लेता है

नेहा : भाई कहा था इतने दिन तक तुझे पता है मेरी क्या हालत होगयी थी

अंकित : क्या हुवा दीदी आप इतनी बेचीं क्यों है

नेहा : पता नहीं भाई पर जब से तुम छोटी माँ के साथ शादी मैं गए थे तब से मुझे बहुत बेचैनी हो रही है

अंकित : लगता है आपको प्यार होगया है

नेहा : है भाई मुझे तुमसे सच्चा प्यार होगया है तुम्हारे बिना मैं बहुत बेचीं होहाती हु पता नहीं मई कैसे तुमसे प्यार कर बैठी पर अब तुम्हारे बिना मुझे कुछ अच्छा नहीं लगता बस माँ न करता है मैं तुम्हे बाँहों मैं भर के बैठे hi अपनी उम्र बिता दू

अंकित : दीदी आपको मेरा रक्षा की स्टोरी पता है

नेहा : मुझे पता है भाई और मैं ये भी जानती हु की तुम अभी भी उसे भुला नहीं ाप्ये हो और न hi भुला पाओगे क्यों की तुमने भी उसे सा च प्यार किया है पर मुझे रक्षा से कोई प्रॉब्लम भी नहीं है मैं खुसी खुसी उसे अपनी छोटी बहन के रूप मैं स्वीकार करती हु मुझे बस तुम्हारा प्यार चाहिए

अंकित : इतना प्यार करती है आप दीदी मुझसे

नेहा : है करती हु और अब ये दीदी बोलना बांध कार्डो

अंकित : ये पॉसिबल नहीं है मई आपको शादी तक तो दीदी hi बुलाऊंगा

नेहा :ठीक है भाई तू जीता पर भाई क्या रक्षा मुझे अक्कपेट करेगी

अंकित :अगर उसे मेरा प्यार चाहिए तो उसे आपको अक्कपेट करना hi होगा नहीं तो मैं उसे चोर दूंगा पर आपको नहीं छोड़ूंगा मैंने आपको अपनी रूह मैं समाया है

निशा : वह आअज मैं बहुत खुश हु की मेरे बच्ची मैं ऐसा प्यार है

अंकित और नेहा पीछे देखते है तो उनकी गांड फैट जाती है

निशा वह आती है

नेहा : माँ आप ने हमारी बाते तो सुन hi ली है आपको तो पता है मैं अंकित से कितना प्यार करती हु मैं इसके बिना नहीं रह सकती

अंकित :और मैं भी माँ पता नहीं ऐसा होगा या नहीं होगा पर मैं नेहा दीदी से शादी करना कहता हु और इनसे बहुत प्यार करता हु

ये कह कर अंकित ने अपनी आखें बांध कर्ली क्यों की उसे लगा की निशा उसे थप्पड़ मढ़ी देगी पर निशा ने अंकित के सर को चूमा और फिर नेहा के सर को चूमा और दोनों को अपने गले लगाया

निशा :बीटा तुमने कोई गलती नहीं की प्यार हैही ऐसी चीज़ किसी को भी किसी से होजाता है और अगर उसे वो न मिले वो इन्शान बर्बाद होजाता है और मैं तो खुस हु की मेरे बच्ची को उनका प्यार भी मिला और अब मेरी बच्ची हंमेशा मेरे साथ hi रहेंगी

अंकित : माँ थैंक्स पता नहीं अगर आज मेरी माँ यहाँ होती तो वो मेरे प्यार को समाज पति या नहीं

निशा : बीटा दीदी जरूर तेरे प्यार को समझती और ये कभी मत कहना की तेरी माँ साथ नहीं मैं हु न तेरी मा

अंकित : ी लव मम्मी

निशा : ी लव यू तो बच्चा

फिर ऐसे hi अंकित पहुंच जाता है मीणा के रूम मैं जहा मीणा अंकित का इंतज़ार कर रही थी

शादी के घर मैं सुहाग राते स्टार्ट होगयी है देखते है कोण कोण सुहाग रात मनाता है

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अंकित जब मीणा के रूम मैं जाता है तो रूम लॉक था जब अंकित ने दूर नॉक किया तो अंदर से आवाज आयी

मीणा : कोण है

अंकित : मसि मैं हु दूर खोलिये

मीणा गेट को जाट से खोलती है तो अंकित अंदर आके मीणा को देखे बगैर पीछे घूम कर दूर को लॉक करता है फिर जब वो सामने देखता है तो उसकी सास साधने लगती है

क्यों की सामने मीणा एक हॉट रेड निघ्त्य मैं थी और पूरीतरह सजी हुयी थी जैसे कोई दुल्हन सजती है और थोड़ी बहुत ज्वेलरी भी लगी हुयी थी बीएड पर गुलाब की पंखुड़ियों से हार्ट का शेप बना हुवा था रूम मैं से गुलाब की खुशबु आ रही थी और रूम की कुछ लाइट hi जल रही थी और बाकि की रौशनी परफूम केंडल्स दे रही थी अंकित ये सब देख कर शॉक होगया

मीणा :क्या हुवा भांजे ऐसे क्या देख रहे हो

अंकित :देख रहा हु की आज रात कुछ ज्यादा प्यारी बनाने की तयारी की है आपने

मीणा : है मनु जिस तरह से तुम्हारी तारीफ कर रही थी उस हिसाब से मुझे लगा की आज की रात कुछ तो अलग रहनी चाहिए और मैं तुम्हारे साथ अपने पहले मिलान की रात को यादगार बनाना चाहती हु

अंकित : तो बताईये मसि जान कैसे सुरुवात करू

मीणा : सबसे पहले तो ये मंगलसूत्र पहनाओ और मेरी मांग को भर कर मुझे सुहागन कार्डो जिससे मैं और हसीं बन जाऊ फ

अंकित : मसि आप ये क्या कह रही है इसका मतलब आप मेरी बीवी बनना चाहती हो पर ये कैसे होसकता है अगर नाना नानी को पता चल गया तो क्या होगा और घर मैं शादी है अगर बहार वालो ने आपकी मांग को भरहुवा और मंगल सूत्र देख लिया तो क्या होगा

मीणा : उसकी चिंता तुम मत करो मम्मी और पापा को मेरी तड़प मालूम है और उन्हें पता भी है की तुम क्या करते हो और मैं आज तुम्हारे साथ क्या करने वाली हु ये भी पता है इन्फेक्ट शायद तुम्हे तुम्हारे ननिहाल मैं सरे सुख मिलने वाले है कहे वो नानी के साथ हो या ममी के साथ

अंकित तो भौचक्का रह गया

अंकित (मन में) : ये प्रभु आप धन्य है क्या लाइफ दी है ठीक है तो यही सही

फिर अंकित मीणा के पास जाता है और उसे मगल सूत्र पहना ता है और उसके लोकेश को मीणा के क्लीवेज मैं डालदेता है और एक बार दबाता है तो मीणा की एक मिथिसि आअह्ह्ह निकल जाती है

फिर मीणा अंकित का हाथ पकड़ कर उसे पेड़ पर लेजाती है और उसे पेड़ पर सीधा लेता देती है फिर वो बड़ी कमत्क तरीकेसे अंकित के ऊपर जाती है मीणा ने बालो को बालो का जोड़ा बनाया हुवा था जो उसकी खूब सुरति को और बढ़ा रहा था वो अंकित के फेस के बिकुल पास आगयी

दोनों ने एक दूसरे को बहो मैं जकड लियक दोनों के होठोके बिच 1 इंच का फैसला था पर दोनों डेक दूसरे की आखों मैं देख रहे थे दोनों की hi गरम ससे एक दूसरे के चेरे से टकरा रही थी जो एक दूसरे की उत्तेजना को बढ़ा रही थाई

फिर दोनों ने अपने होठ मिला दिए दोनों एक दम पैशनेट होक किश कर रहे थे

अंकित : ूउम्म्म ूउम्म्म ूउम्म्म मसि क्या ूमम गरम होठ है आपके ूउम्म्म ूउम्म्म

मीणा: ूउम्म्म तू भी ूउम्म्म बहित अच्छी ूउम्म्म किश करता है बीटा उउउउम्म्म

अंकित किश करते करते एक हाथ से मीणा की गांड को दवा रहा था जिससे मीणा और उत्तेजित होजाती

फिर करीब 10 मं की किश के बाद दोनों अलग हुए फिर मीणा ने अपनी निघ्त्य उतारदी और मारहुँ कलर की ब्रा प्लेंटी मैं आगयी

और उसने अपनी ब्रा भी उतर दी

तो अंकित ने मीणा की चूचियों को दबाया

मीणा : आअह्ह्ह बीटा ऐसे hi दबाओ अपनी मसि की चूचियों को निचोड़ डालो अभूत परेशां करती है आअह्ह्ह

अंकित : चिंता मत करो मसि मैं आपकी इन चूचियों के दूध को पि कर इन्हे संत करूँगा

मीणा : है मेरे बेटे पिजा अपनी मसि का दूध

फिर अंकित मीणा की चूचियों को चूसने लगता ही

फिर अंकित उसकी चूचियों को चोरता है और मीणा के पेट को चूमने लगता है और फिर मीणा की ब्राउन नाभि को अपनी जीभ से खुरदने लगता है जिससे मीणा हडके बहार होने लगती है उसकी छूट लगातार पानी की धार चोर्ने लगती है

फिर अंकित ने अपना एक एक हाथ जब मीणा की पेंटी के ऊपर रक्खा तो वो हाथ पूरा मीणा के काम रास से भीग गया तो अंकित ने शॉक से मीणा की तरफ देखते मीणा की आखें लाल होगयी थी उसकी आखों मैं सिर्फ सेक्स की प्यास भरी हुयी थी अंकित ये महसूस कर स्खक्ता था की मीणा कितनी तड़प रही है अंकित ने मीणा की पेंटी मैं हाथ डाला तो उसका हाथ सीधा मीणा की क्लीट पर पहुंच गया और मीणा पुरे 2 साल बाद अपनी छूट पर किसी मर्द का एहसास पाकर hi जड़ गयी और उसकी पेंटी भीग गयी फिर अंकित ने उसके पेंटी को निकल और मिनके नाक के पास रक्खा और फिर सुरु हुवा स्मेल किसिंग दौर दोनों hi छूट की किश केते करते जब भी सास लेते तो मीणा के छूट की कामुक खुशबु उनके अंदर एक अलग hi मज़ा देती

फिर 15 मि किसिंग के बाद अंकित मुना की छू के पास आज्ञा पर मीणा ने कहा

मीणा : अंकित रुको एक मिंट

फिर मीणा ने पास रखे एक ग्लास मैं से सहेड निकल और अपनी छूट पर लगाया

मीणा :अब करो

फिर अंकित मीणा की सहेड वाली छूट को चाट ने लगा जिससे मीणा जन्नत के 1 क्लास वाले इलाके तक पहुंच गयी

2 मं की चूसै के बाद अंकित मीणा की की छूट का पानी सहेड के साथ पि गया

फिर मीणा ने अंकित को सीता लेटाया और उसकी वेस्ट को उतर दिया फिर मीणा ने पास रखे कप मैं से अंकित सॉलिड चेस्ट पर हॉट चॉकलेट की बुँदे गिरायी थोड़ी अंकित की चिति पर कुछ बुँदे अंकित के 6 पैक एबीएस पर कुछ अंकित के निप्पल्स पर फिर उस कप को साइड मैं रख्हा

और अपने रेड लिपस्टिक वाले होठोंसे पहले अंकित की चेस्ट पर लगी चॉकलेट को छठा और किश किया और फिर वो अंकित के निप्पल्स पे लगी चॉकलेट को चाटने लगी और अंकित के मर्दानी निप्पल्स को चूसने लगी

अंकित को भी इससे बहुत मज़ा आरहा था

अंकित : ा आअह्ह्ह मसि सच मैं अआप कमल हो आअह्ह्ह ऐसे hi करो ाःह

मीणा अंकित के निप्पल्स को कभी चुस्ती तो कभी उसके निप्पल्स को अपने दातो मैं भींच कर हल्का काट लेती

फिर मीणा ने अंकित की शॉर्ट्स को उतरा और मीणा ने जब अंकित के लुंड को देखा तो शॉक होगयी क्युकी अंकित का लुंड आधा खड़ा हो चूका था जो अभी hi 7 इंच का लग रहा था

मीणा :बाप रे बेतु जी क्या ये असली है

अंकित : है मसि ये बिलकुल असली है क्यों मौसा जी का कितना था

मीणा : अंकिता बात हो मत पूछो उनका तो खड़ा होक भी सिर्फ 3 इंच का था वो तो अंदर भी मुश्किल से जाता था और है तुम्हे जान कर खुसी होगी की मैं इसी वजह से अब तक वर्जिन हु

अंकित :ठीक है मसि जी तो से अपने हिसाब से तैयार करो आज मैं आपकी सील को खोलूंगा

फिर मीणा अंकित के लुंड को चूसने लगी करीब 5 मं की चूसै के बाद अंकित ने मीणा को सीधा लेटाया क्यों की अब अंकित का लुंड फुल ावुकत मैं था जो करीब 8.5 इंच का था

अंकित ने साइड मैं राखी आयल की बोतल उठायी

मीणा : नहीं अंकित मैंने कभी भी ये दर्द नहीं सहा है और मैं अपने इस दर्द को सहन करना चाहती हु

अंकित : मसि जी प्लीज मेरी बात सुनो अगर इसके बिना आपने ये किया तो शायद आप बेहोस होजाओ

मीणा : नहीं अंकित प्लीज अपनी मसि की बात मनोलो प्लीज

अंकित : ठीक है

फिर अंकित ने अपना ौपड़ा मीणा की छूट पर सेट किया और हल्का पुश किया जिससे अंकित का सूपड़ा मीणा की छूट मैं घुस गया पर मीणा को बहुत ज्यादा दर्द होने लगा

अंकित थोड़ा रुका और फिर अपने सरीर की साडी ताकत मिला कर एक फुल एंड फाइनल शार्ट मारा तो लुंड मीणा की छूट की दीवारों को चीरता हुवा अंदर पहुंच गया

मीणा चटपटा ने लगी तो अंकित ने उसे अपनी बहो मैं जकड लिया और उसके गालो को होठो को और गले को चुम ने लगा फिर 10 मं के बाद सुरु हुवा चुदाई का घमासान

अंकित फुल स्पीड मैं शार्ट मर रहा था और मीणा तो अपनी पहली दमदार चुदाई एन्जॉय कर रही थी पर साथ hi साथ वो चिल्ला भी रही थी

आअज मीणा करीब 10 बार जड़ चुकी थी पर अंकित आज अपनी सेक्स पावर का 5 % उसे कर रहा था क्यों की वो मीणा को एक दमदार और सेटिस्फाई चुदाई देना कहता था

करि 1.5 घंटे के बाद मीणा करीब 15 बार जड़चुकि थी और अंकित जड़ने वाला था

मीणा : बीटा अंदर hi निकलना मैं आज अपने अंदर तुम्हारे लावा को महसूस करना चाहती हु बनादो मुझे अपने बच्चे की माँ

अंकित : पर मसि इससे आपकी बढ़ना मि होगी

मीणा : मैं बोल दूंगी की ये बा च मैंने गॉड लिया है बस आज मैं पूरी तरह संतुस्ट होना चाहती हु आअह्ह्ह

अंकित : ुक्क मसि ये लो मैं आया

फिर अंकित ने इतनी स्पीड पकड़ी की मीणा की छूट ने एक आवर बार पानी बहाया और अंकित ने मीणा को जकड़ा और लुंड उसकी बच्चेदानी मैं घुसा दिया और मीणा को स्मूचिंग करने लगा

और अंडर hi जड़ गया और अंकित ने मीणा के अंदर करीब 50 मल अपना गधा रास चोर दिया 5 मं तक दोनों ऐसे hi एक दूसरे की बहो मैं लिपटे रहे और अपनी सासो को दुरस्त करने लगे

फिर दोनों उठे और फ्रेश होगये और बीएड पर आकर दोनों ने फिर से एक दूसरे को बहो मैं जकड लिया

अंकित : मसि कैसा लग रहा है

मीणा : अंकित बीटा आज जो खुसी तुमने मुझे दी है वो मैं अपने होठोंसे बयां नहीं कर सकती पता नहीं मैं तुम्हारा ये एहसान कैसे चूका पाऊँगी

अंकित : मसि आप मुझे अपना बीटा भी कहते हो और एहसान की बात करती हो ये कैसे होसकता है

फिर ऐसे hi थोड़ी देर बाते करने के बाद दोनों ने एक राउंड किया और फिर मीणा अंकित का लुंड अपनी छूट मैं दाल कर hi ये दोनों सो गए

सुभह मीणा उठ के फ्रेश होती है और निचे चली जाती है जब वो निचे जाती है वो देखती है की निशा मनीषा और संजना ब्रेक फ़ास्ट की तयारी कर रही है

जब वो किचेन मैं जाती है वो बहुत खिली खिली लग रही थी

मनीषा : क्या बात है दीदी आज बहुत hi ज्यादा खिली हुयी लग रही हो

मीणा :अरे यार क्या तुम भी

ये तीनो हसने लगती है

संजना : है दीदी लगता है अंकित ने ा छे से सेटिस्फाई किया है

निशा : आखिर हमारा बीटा है hi ऐसा क्यों मनु

मनीषा :सही कहा दीदी

फिर ये हसने लगती है मीणा मनीषा के गले लग जाती है आज मीणा की आखों मैं आशु थे

मनीषा : अरे दीदी आप रो क्यों रही है

क्या हमारी बातो ने आपको हर्ट किया सॉरी दीदी प्लीज संत होजाईये

मीणा :नहीं मनु मैं तुम्हारी शुक्रगुजार हु आखिर तुम्हारी वजह से hi मुझे वो खुसी मिली जिसक8 मैंने आशा hi चोर दी थी

निशा : दीदी आप तो हमसे बड़ी हो और बड़ी बेहेन छोटी बहन को कभी थैंक्स बोलती है क्या

फिर ऐसे hi सब काम मैं लग गए थोड़ी देर मैं शीतकल तन्वी भी आगये

मीणा : भाभी जरा दूध तो ले आओ मैं अंकित केलिए स्पेशल दूध बनाउंगी उससे बहुत म्हणत की है पुरे 1.5 घंटे तक दो राउंड चले थे

निशा को चोर कर सब शॉक होजाते है

फिर थोड़ी देर बाद सब उठा जाते है और ब्रेकफास्ट करने लगते है फिर निशा चली जाती है अंकित को उठाने

अपने भाईसाहब थो जग भूल कर नींद मैं धुत पड़े हुए थे

निशा अंकित के पास जाकर उसका सर चुम टी है

निशा : बेतु उठजा सुबह होगयी अंकित उठो अब चलो जल्दी

अंकित कसमसा कर उठ गया उसने आस पास देखा तो मीणा नहीं थी

निशा : बीटा आपकी मसि निचे है और बहुत hi ज्यादा संतुस्ट है चिंता न करो

फिर अंकित निशा की बहो मैं समां जाता है

अंकित : मेंकिसी के भी साथ सेक्स करलु माँ पर मुझे चीन आपके सीन से लग कर hi मिलता है ी लव यू माँ

निशा : अले लेले मेरा बचा चलो मेरे बेबी अब मां का प्यार बहुत होगया अब चलो फ्रेश होजाओ और नास्ता करने आजाओ ok ूउम्मंहहह

फिर निशा अंकित के गालो को किश करके चालिजाति है

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अपडेट 57

फिर अंकित फ्रेश होने चला जाता है और नास्ता करने निचे आता है आज नास्ते की टेबल पर जब वो नास्ता करने लगता है तो वो नोटिश करता है की संजना उसे हशरत भरी नज़रो से देख रही है अंकित को अब ये पता तो था hi की अब उसके ननिहाल की साडी छूटे उसकी है इसी लिए वो थोड़ा नार्मल बेहवे करता है

फिर अंकित नास्ते पर फोकस करता है पर वो देखता है की उसकी बड़ी बहन मोनिका कुछ टेंशन मैं लग रही है

अंकित ने सोचा की रात को उससे अकेले मैं मिलेगा और बात करेगा फिर आज अंकित भी शादी की तयारी यो मैं लग जाता है

फिर दोपहर को लंच करने के बाद अंकित थोड़ी देर मीणा के रूम मैं लेट जाता है अभी करीब 30 मं hi हुए थे की अंकित के दूर पर नॉक हुवा अंकित उठा पर दूर ओपन लरता है तो सामने संजना कड़ी थी

संजना : अंकित बीटा अगर तुम फ्री हो तो क्या थोड़ा मेरे साथ बेऔतीपरलोर चलोगे मुझे न वह कुछ काम है

अंकित : आप रेडी होजाईये मैं अभी फ्रेश होकर आता हु ममी

संजना : थैंक्स अंकित

संजनाफिर अपने कमरे मैं जाकर रेडी होती है और फिर निचे आती है वो देखती है की अंकित और मनीषा कॉफ़ी पि रहे है

फिर अंकित और संजना कार से निकलते है गौण के एक ब्यूटी पारलर मैं गौण मैं एक लुटा पारलर था करीब 20 मं बाद ये दोनों वह पहुंचते है

संजना की गौण मैं कई फ्रेंड थी जिससे मैं से एक का ये पारलर था

संजना और अंकित अंदर जाते है और बैठ ते है तो अंदर से एक 35 साल की औरत सामने आती है और वो और संजना गले मिलते है

संजना : आयेश मेरी जान किसी है

आयेशा : बस मेरी जान तेरे सामने हु

वैसे आज हु मरी याद कैसे आयी

संजना :कुछ नहीं तू तो जानती है की सरोज की शादी है और दिन भर की भाग डोर से मैं कल बहुत थक गयी तो सोचा तुझसे स्पा करवा लू

आयेशा : ओह्ह इतनी सी बात चलो आज तुम्हारे सरीर के सरे तनाव दूर करदेती हु

संजना : वो सब मैं जानती hi हु अच्छा इससे मिलो ये है मेरा एक लुटा भांजा अंकित

आयेशा जब अंकित को देखती है तो वो साडी दुनिया hi भूल जाती है उसकी छूट पानी की धराये बहाने लगती है वो खुद इससे शौक थी वो मन मैं सोची

आयेशा : सुभान अल्लाह क्या खूब बनाया है मेर खुदा आपने इसे क्या लड़का है बॉडी भी मस्ट है ऊपर से इतना मासूम चेहरा और कोई इतना हैंडसम कैसे होसकता है है खुदा इसे देख कर तो मृ छूट ने मेरी पेंटी कोली करदी इससे तो सरोज की शादी मैं एक बार तो छोडूंगी hi पहले संजना से इसकी जान करि लेती हु

अंकित : hello आंटी

आयेशा : hello अंकित यू अरे तू हॉट

अंकित : थैंक्स

आयेशा : संजना चलो हम अंदर चलते है

फिर ये दोनों अंदर आगये और फिर आयेशा संजन की मसाज करने लगी

आयेशा : यार संजना तेरा भांजा क्या चीज़ है यार इसको तो देख कर hi मेरी छूट ने मेरी पेंटी गीली करदी बाप रे खुदा कसम इतना हॉट इतना हैंडसम लड़का मेने अपनी पूरी लाइफ मैं नहीं देखा

संजना : अरे ये hi हाल तो मेरा है उसे जब पहली बार देखा तो ये कल मुहि इतना पानी बहा रही है की पूछ मत

आयेशा : क्या बात है मेरी जान अपने hi भांजे पर दूर दाल रही हो

संजना :यार तुझे तो पता है मेरी आग कितनी है ऊपर से मेरे ससुर जी मान भी अब दम. नहीं रहा और उनको तो मेरी कोई फ़िक्र hi नहीं है तो अब मेरे लिए सिर्फ छूट और लुंड का hi रिश्ता मायने रखता है

आयेशा : वो तो है अच्छा सुन्ना तेरे बाद मेरा भी नंबर लगा दे प्लीज यार अब इसे देखते hi मेरी आग इतनी भड़क गयी की ये ले तू hi देख ले

फिर आयेशा ने अपनी ब्रा और पेंटी उतरी जोकि संजन भी उसी हालत मैं स्पा ले रही थी

फिर ाएहा ने संजना का हाथ पकड़ कर अपनी छूट पर रक्खा

संजना : हे भगवन ये तो किसी भट्टी की तरह तप रही है

आयेशा : वही तो एक मं रूक मैं आज उसका हथियार देखते है की दमदार हैया नहीं

संजना :अरे जवान लोगो का लुंड तो करीब 5 इंच का होता hi है और ऊपर से फ्रेश माल होते है तो उनकी सेक्स पावर भी ठीक hi होती है वैसे देखना तो मुझे भी है

आयेशा : तो रुक मैं कुछ करती हु

फिर आयेशा अपनी ब्रा और पेंटी पहनने लगती है जब की संजना लेती hi रहती है

यहाँ अंकित को सक तो था hi इसी लिए अपनी पावर से इनकी साडी बाटे सुन ली थी

अंकित (मन में) : चलो मेरी छूटो की कलेक्शन मैं दो और शामिल होने वाली है पर अभी सिर्फ इन्हे दर्शन hi दूंगा छोडूंगा तो दोनों को एक साथ hi पर आज नहीं पर पहले थोड़ा तड़पता हु मज़ा आएगा

फिर आयेशा बहार आती है और देखती है की अंकित सोफे पर बैठा फ़ोन मैं लगा है

आयेशा : अरे अंकित क्या तुम स्पा लेना चाहोगे

अंकित के दिमाग मैं मस्ती सूजी

अंकित : सॉरी no इंटरेस्ट

आयेशा : क्यों कभी मसाज नहीं करवाई क्या

अंकित : करवाई है पर सिर्फ मरडोज़ hi और सिर्फ मसाज hi करवाती है नाकि कुछ और

आयेशा : क्यों अओर्तो से ममसेज पसंद नहीं है क्या

अंकित :नहीं मुझे अओर्तो से मसाज लेना पसंद नहीं

अंकित ने आयेशा के मुँह पर मन करदिया

ाएहा ने सोचा था की अंकित की मसाज के बहाने वो उसकी बॉडी और हथियार देखेगी पर यहाँ तो उसका डाव उल्टा उसी पर पड़ता है

फिर अंकित ने कहा

अंकित : पर फिर भी अगर आप इतना कह hi रही है तो ठीक है मैं स्पा लेलेता हु चलिए

अब कही जाकर आयेशा के जान मैं जान आयी फिर वो अंदर गया तो अंकित अपनी ममी को देख कर hi उसका लुंड आधा खड़ा होगया क्युकी अंकित भी लड़का था

फिर आयेशा बोली

आयेशा : अपने सरीर पर एक. भी कपडा मत रखना

अंकित : मैं अंडरवियर नहीं उतरने वाला

आयेशा :अच्छा ठीक है

फिर अंकित अपने कपडे उतर कर स्पाबेद पर लेट जाता है

Ayesha(man में) : ठीक है बच्चू अगर तुझे सुलाके hi तेरा हथियार देखना पड़े तो यही सही

फिर आयेशा अपने ड्रॉवर मैं से एक तेज निकलती है जिससे मसाज करने पर उसको नींद आजाये और आयेशा को इससे बचने का तरीका आता था वो नहीं सोने वाली थाई

फिर आयेशा ने अंकित की मसाज करना स्टार्ट करदिया और अंकित की आखे धीरे धीरे बढ़ होगयी ऐसा उनको लगता था पर अंकित उसे हे दाल करना जनता था तो वो जाग रहा था

आयेशा :संजना मेरी जान अब आराम से अपने हॉट भांजे को देखले मशालः क्या गठीला बदन है हाय

संजना : है सच मैं बहुत हॉट है अंकित

आयेशा :वो तो ठीक है चल इसका हथियार भी देखले

फिर जब आयेशा ने अंकित का अंडर वियर निचे किया तो उनके सामने अभी अंकित का आधा खड़ा लुंड था पर वो भी 8 इंच का ये नज़ारा देख कर तो दोनों hi पहले दू कदम पीछे होगयी

आयेशा : या अल्लाह ये सच है या सपना

संजना : किसीका इतना बड़ा कैसे होसकता है और ये तो अभी बच्चा है

आयेशा : संजना अब मुझसे तो रुका नहीं जा रहा

संजना :और मुझसे भी

फिर ये दोनों बरी बरी अंकित को ब्लोजॉब देने लगती है और हाथों मैं भर कर मुठ मरने लगती है

यहाँ अंकित की मसाज हो रही थी और वही दूर शर मैं जेल मैं अफरातफरी मची हुयी थी क्यों की इसी जेल के मोस्ट वांटेड क्रिमिनल मैं से एक

रंश भाग निकला था

और जेलल से बहार और फिर सहर से बहार निकले हुए एक गरबेग ट्रक के डाइवर के बाजु मैं बैठे हुए रंश अपने आप से बोलै

रंश : अंकित रावल आरहा हु मैं रोक सकता है तो रोक ले तेरा पला राश अग्रवाल से पड़ने वाला है तूने मेरा एमपीर चीन था न मैं तेरा सब कुछ चीन लूंगा तेरा पता मिलते hi मैं किसी का इंतज़ार नहीं करूँगा न hi कोई गेम कजलूँगा सीधी बात no बकवास एक hi बार मैं तेरा फुल एन्ड फ़िनल करूँगा

हहहहहहहहहह

फिर अपनी सैतानी हाशि के साथ वो अंकित के सहर की और बढ़ने लगता है

यहाँ अंकित अपनी पावर की मदद से ये सुनलेता है और एक कामिनी और डेविल स्माइल आजाता hi और वो बोलता है

अंकित : ी ऍम वेटिंग माय फ्रेंड

अपडेट पोस्टेड दोस्तों

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फ्रेंड्स ी ऍम रियली सॉरी की मैं अपडेट नहीं दे प् रहा हु पर क्या करू अभी वर्कलोड बहुत ज्यादा है और कोविद के चलते बहुत काम hi बड़े आर्डर मिल पते है बिज़नेस मैं पर ये अब बस 1 वीक और इंतज़ार कर लीजिये फिर मैं फ्री hi हु तब 1 दिन मैं शायद 2 अपडेट तो दे hi दूंगा अभी भी जब भी वक़त मिलता है मैं अपडेट hi व्रिठे करता हु जिससे पोस्ट करने मैं आसानी हो प्लीज स्टोरी से जुड़े रहिएगा

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अपडेट 58

पिछली बार अपने देखा की रंश जेल से भाग जाता है और वह गौण मैं अंकित अपनी ममी और ब्यूटिशियन के साथ िस्ख फ़रमारहा था

अब आगे

यहाँ संजना और आयेशा करीब 1 घंटे से अंकित ले लुंड को हिला रही थी लेकिन अंकित था की जड़ने का नाम hi नहीं ले रहा था और अंकित नींद का नाटक करते हुए मजे ले रहा था

आयेशा : या खुदा ये किस मिटटी का बना है यार जड़ने का नाम hi नहीं लेता

संजना : सही कहा 1 घंटे से तरय कर रहे है मेरे उनका तो 10 मं मैं hi निका जाता है और अगर ज्यादा सेक्स करने जाते है तो 5 मं मैं hi लेकिन हमारे भजे शब् तो 1 घंटे से ठीके हुए है

आयेशा : मेरी जान जब इससे अपने हॉल खुलवाएंगे तो कितना मजा आएगा पर आज तो इससे ज्यादा के रहूंगी

ये दोनों फिर उसके लुंड को हिलने लगते है आखिर कर 10 मं की और कड़ी म्हणत के बाद अंकित जड़ गया पर अंकित का इतना रास निकला की जिससे चाट कर इन दोनों की आत्मा खुश होगयी

आयेशा : सच में संजना तेरा भांजा लाखों मैं एक है कितना ज्यादा रास निकला है इतने रास से तो एक औरत पहली चुदाई मैं hi प्रेग्नेंट होजाये और सच मैं तेरा तो पता नहीं पर मैंने कई लुंड लिए है पर इस लुंड के रास का स्वाद हाय क्या बताओ

तभी अंकित के सरीर मैं हल चल हुयी अंकित उठने का नाटक करते हुए उठा

अंकित : अरे आंटी को सा तेल लगया था यार की मुझे नींद hi आगयी

आयेशा :अरे नहीं बीटा मैं तुम्हारी मसाज कर रही थी तो तुम बिलकुल रिलेक्स होगये और सो गए थे

अंकित : चलो कोई बात नहीं अच्छा ममी आपका सब कुछ होगया हो तो चले घर

संजना : है बीटा होगया तुम 10 मं रुको मैं आती हु

और अंकित बहार चल गया और संजना भी रेडी होकर बहार आयी और ये दोनों ठाकुर पैलेश निकल गए

फिर पुरे दिन कुछ खास नहीं हुवा पर रात के खाने के टाइम जब सब लोग खाना खा रहे थे तब अंकित ने देखा की मोनिका कुछ टेंशन मैं लग रही है

अंकित तब चुप hi रहा फिर वो अपने रूम मैं गया और फ्रेश होकर चाट पर गया तो वह मोनिका कड़ी थी एक पिलर के सहारे और गौण की और देख रही थी

अंकित : अरे दीदी आप यहाँ क्या कर रही है

मोनिका (हड़बड़ा कर) : क्या क्कों बी है ओह्ह तो तुम हो

अंकित : है मैं हु पर आप इतना क्यों घबरा रही है

मोनिका : अरे कुछ नहीं मैं बस हवा खाने आयी थी

अंकित : दीदी लगता है आप अपने भाई को बेवकूफ समझती है मैं कल से देख रहा हु की आप किसी बात से परेशां है क्या बात है बताईये

मोनिका :अरे कोई बात नहीं है मैं कहा परेशां हु

अंकित : दीदी आपका सागा भाई भले hi न हु पर आपको और नेहा दीदी को दिल से सगी बेहेन और दोनों माँ को अपनी सगी माँ मन है मैं देख कर बता सकता हु की किसके दिल मैं क्या चल रहा है और वैसे भी अगर आप परेशां नहीं है तो आपकी आहों मैं आशु क्यों है

मोनिका अब नहीं रुक पायी और उसकी आखों ने आशु बहा hi दिए

अंकित : दीदी प्लीज आप रोईए मत मुझे बताईये क्या प्रॉब्लम है मैं उस प्रॉब्लम को जड़ से उखड दूंगा

मोनिका : भाई जब मैं पिछले साल जब तुम हमारे साथ नहीं थे तब कॉलेज मैं एक लड़का था उसका नाम था अवि

वो हमारे कॉलेज मैं hi पढता था पर एक नंबर का बिगड़ा हुवा था हर रोज़ लड़कीओ को परेशां करता पर मुझे ये बात पता नहीं थी और वो जब पहली बार इससे मिली तो हमारी बात चित हुयी धीरे धीरे वो हमारा फ्रेंड बना और हमारे फ्रेंड सर्कल मैं शामिल होगया एक बार जब मैंने उससे है के बात की तो उसे लगा की मैं उससे प्यार करती हु पर मैंने हंमेशा उसे अपना दोस्त hi मन था और जब मुझे पता चला की वो लड़कीओ को अपने जाल मैं फसा कर उनके साथ सेक्स करके उसकी मंस बना कर ब्लैकमेल करता है तो मैंने और नेहा दीदी ने उससे दोस्ती तोड़ दी लेकिन वो अब मुझे चोर hi नहीं रहा रोज़ मुझे गन्दी गंदी मंस भेजता है और मुझे परेशां करता है इसी लिए मैं परेशां हु की क्या करू

अंकित : उस हरामखोर की इतनी हिम्मत सेल के टट्टे उसके मुँह से बहार निकलूंगा दीदी आपने पापा को नहीं बताया क्यों

मोनिका : क्यों की वो कोई आम इन्शान नहीं है वो मला का बीटा है और उसका मां किस्सिनोर है इसी लिए वो जो चाहे करता है मैं नहीं चाहती की मेरी वजह से डैड को कोई तकलीफ हो

अंकित :अरे मेरी भोली दीदी आपको ये नहीं पता की मला किस्सिनोर ये सब बिजनेसमैन के निचे होते है और अब कोई बात नहीं मैं घर जेक उसका भी इलाज करदूंगा आप टेंशन न लो मैं होना

मोनिका : पर भाई उसे पता चल गया है की हम अब इस सहर के कॉलेज मैं है और वो पक्का यहाँ भी आएगा

अंकित : तब और भी अच्छी बात है आने दो सेल को इसबार उसका पला आपके भाई से पड़ने वाला है मुझ पर भरोषा तो हैना

मोनिका :अपनी जान से ज्यादा

अंकित :तो फिर डरो मत और यहाँ आओ

मोनिका अंकित के गले लग जाती है वो एयरटाइट हुग करते है

फिर मोनिका अपनी के होठ पर होठ बढाती है अंकित भी मन नहीं करता और दोनों 10 मं तक पैशनेट किश करते है फिर ये दोनों ऐसे hi खड़े रहते है

यहाँ निचे कुछ अलग hi प्रोग्राम चल रहा था असल मैं संजना सबकेलिए दूध बना रही थी और आज अंकित का लुंड देख कर उसके अंदर की कामाग्नि भड़क उठी थी वो आज अपने पति से छोड़कर और गरम होना चाहती थी तो उसने दो ग्लाश को अलग रक्खा और उन glass's मैं एक नहीं बल्कि दो वियाग्रा की गोलिया डालदी मतलब दोनों गिलास मैं वायग्रा का दोबुल दोसे था संजना को तभी फुल प्रेशर से मूत आया वो जल्दी वाश रूम को भागी

और यहाँ किचेन मैं मीणा आजाती है और सरे दुःख के गिलास को लेकर सभी घरवालों को दे देती जिस्मे वायग्रा वाले गिलास भी थे सब ने दूध को निपटा दिया

जब संजना वापस आती है तो शॉक होती है पर दर भी जाती है

संजना : ये क्या होगया सरे गिलास जहा गए और वो दोनों गिलास वो भी नहीं है अब क्या होगा अगर वो गिलास किसी ने पि लिए तो आज रत बहित भरी होसकती है

तभी वह मीणा खली गिलास की त्यारे लेकर आती है

संजना :अरे मीणा दी क्या आप ये दूध की ट्रे लेकर गयी थी

मीणा : है वो क्यों

संजना :अरे कुछ नहीं वो मैं केलर आने वाली थी

मीणा :कोई बात नहीं भाभी लेकिन दूध बहुत अच्छा बना था सब तारीफ कर रहे थे

संजना (मन में) : तारीफ की क्या आज रात तो घामड़ ान होने वाला है पर पता नहीं किसका किसका

फिर सब सोने चले जाते है अंकित मीणा के रूम मैं सोने वाला था पर सरला ने कहा की वो अपनी बेटी मीणा के साथ सोना चाहती है तो अंकित अलग रूम मैं चला गया

रात का वक़त था करीब 1.30 बजे थे की की तभी अंकित का लुंड एक दम खड़ा होगया और दर्द करने लगा

अंकित : आआह्ह्ह्ह बाप रे ये क्या ये इतना यह इतना तेज कब से खड़ा होने लगा बाप रे ये हो क्या रहा है मुझे आअह्ह्ह पता नहीं ये इतना दर्द क्यों हो रहा है

वही दूसरी और मीणा के रूम मैं सरला भी वैसे hi उठी

सरला : आआह्ह्ह्हह हे भगवन ये क्या होरहा है मुझे आखिर मुझे आज छुडवायेगी का इतना मन क्यों होरहा है हाय

सरला उठा कर बैठ गयी और अपनी साडी को और पेटीकोट को ऊपर किया और उसकी छूट को सहलाने लगी और आहे भरने लगी

सरला : बापरे आज मेरी छूट को इतनी आग कहा से लग गयी बाप रे है भगवन मन कर रहा है की कोई इसे फाड् कर रखदे आआह्ह्ह्ह क्या करू है मीणा को उठती हु वो कुछ कर सकती है

सरला मीणा को उठती है

मीणा : ुउउम्म मम्मी क्या हुवा सोने दोना

ये बोले कर मीणा उठ कर बैठ गयी पर जब अपनी माँ की हालत देखि तो शॉक होगयी

मीणा : आप ये क्या कर रही हो

सरला : पता नहीं बीटा आज इस कलमुही मैं इतनी आग कैसे लग गयी कब से ये खुजली बढ़ाये जा रही है पता नहीं पर बहुत खुजली हो रही है कुछ बीटा नहीं तो मैं कुछ गलत कर बैठूंगी आअह्ह्ह

मीणा : माँ आप रुको मैं कुछ सोच टी हु

सरला :बेटी जल्दी कुछ सोच नहीं तो मैं बहार जाकर किसी गली के कुत्ते से छुड़वा लुंगी आअह्ह्ह

मीणा : अब क्या करू क्या करू है अंकित वो अब मम्मी को संत कर सकता है और मीणा अंकित के रूम को जाने लगी

यहाँ अंकित के भी बर्दास्त के बहार जा रहा था वो बहार थोड़ी देर टहलने लगता है

तभी मीणा वह जाती है है वो देखती है अंकित चक्कर लगा रहा है

मीणा : बीटा तुम यहाँ चक्कर क्यों मार रहे हो नींद नहीं आरही क्या

अंकित : मसि नींद क्या मेरा लुंड फुल खड़ा होगया है पता नहीं कैसे पर ये बैठने का नाम नहीं ले रहा है प्लीज क्या अभी मेरे साथ सेक्स करोगी प्लीज वर्ण ये दर्द से फैट जायेगा आअह्ह्ह

मीणा : तुम्हे भी वही प्रॉब्लम है मतलब किसी ने तुम्हारे दूध मई शायद वायग्रा मिलादी है तभी

अंकित : मसि तुम्हे भी मतलब

मीणा : वो सब बाद मैं अभी तुम मेरे साथ चलो

अंकित भी मीणा के पीछे पीछे चला जाता है

और ये दोनों मीणा के रूम मैं चले जाते है मीणा गेट को लॉक करती है

अंकित अंदर का नजारा देख कर चौक गया वो देखता है की सरला उसकी नानी अंदर बैठी है और अपनी छूट को सेहला रही हैं

अंकित : नानी ये आप क्या कर रही है

मीणा : अंकित इनको भी वही प्रॉब्लम हो रही है लगता है

अंकित : अब क्या करे

मीणा :करना क्या है छोड़ डालो मेरी माँ को

अंकित : पर मैं कैसे ी मैं मेरी नानी है

सरला : बीटा तेरी नानी अभी मुश्किल मैं है प्लीज बीटा छोड़ दे अपनी माँ की माँ को

अंकित सरला को ध्यान से देखता है तो सरला कही से भी बूढी नहीं लग रही थी सरला अभी भी 40 साल से ज्यादा की नहीं थी और ऊपर से ब्यूटी पारलर का शौक भी रखती थी बाल भी अभी भी काळा थे

अंकित वह गया और सरला को अपनी बहो मैं जाकर लिया और किश करने लगा दोनों hi सेक्स के नशे मैं वाइल्ड होगये थे दोनों hi एक दूसरे के होठो को काट रहे थे चूस रहे थे और दोनों बीएड पर उठाम मचा रहे थे क्यों की ये दोनों के अंदर की वियाग्रा बोल रही थी

फिर अंकित ने सरला का ब्लाउज उतरना कहा पर जल्दबाजी मैं हुक खुल नहीं रहा था

अंकित ने ब्लाउज को फाड् दिया और वो सरला से अलग होगया

और अंकित सरला की चूचियों को जोरसे दबाने लगा चूसने लगा काटने लगा

सरला : आअह्ह्ह्ह हाय बीटा खाजा अपनी नानी की चूचियों को बस मेरी प्यास बुजदे है आअह्ह्ह्ह

अंकित :ूउम्मम्म उउउउम्म्म ाहः सूयर्र्प्प सूयर्र्प्प सूयर्र्प्प ऊम्मम

फिर अंकित ने सरला की सदी को उतर फेका और उसके पति कोट को भी निकल दिया और सरला की छूट को बेरहमी से चाटने लगा और उसकी छूट के लिप्स को चाट ने लगा और जोर जोरसे सरला के क्लिटस को रब करने लगा और दबाने लगा

सरला : है बीटा ऐसे hi आअह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह ऐसे hi ऐसे hi करना आअज मुझे एक रंडी की तरह छोड़ दाल आअह्ह्ह्ह हैई आआह्ह्ह्हह्ह है भगवन आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ब्ब्भ

और सरला एक बार जड़ गयी फिर अंकित ने अपना लुंड सरला की छूट कर सेट किया

सरला :बीटा एक hi बार मैं डालदे और रंडी की तरह छोड़ना

अंकित : है मेरी रैंड मैं तुझे रंडी की तरह छोडूंगा

फिर अंकित ने एक hi झटके मैं अपना 9 इंच का हथियार उतर दिया और भाड़ा भाड़ छोड़ने लगा

अंकित : यस बेबी यस यस यस आठ ाःह आअह्ह्ह

सरला : यस बीटा फ़क में फ़क में यस यस यस यह

दोनों hi पूरी दुनिया यहाँ तक की अपना रिश्ता भूल कर एक दूसरे को संत करते रहे

करीब 2.30 घंटे तक इन दोनों की चुदाई चली इस चुदाई मैं दोनों ने कितनी hi बार रुक कर आराम किया पर दोनों hi आग मैं जुलस रहे थे

और इन दोनों की चुदाई देख कर मीणा भी नजाने कितनी बार जड़ चुकी थी

फिर अंकित जड़ने के कगार पे पंहुचा तो उसने मीणा को बुलाया सरला तो जड़ कर पास्ट पद गयी थी उसके सरीर से वियाग्रा का असर जा चूका था वो इतनी थक गयी थी की वो अंकित का लुंड निकलते hi सोगयी पर अंकित ने मीणा को बुलाया मीणा भी अपना टीशर्ट और लेगी उतर के आगयी और

अंकित ने उसे भी 20 मं तक छोड़ा और उसकी बच्चे दानी मैं अपना लावा चोर कर पास्ट पद गया अंकित मैं अब इतनी हिम्मत नहीं थी की उठ कर अपने रूम मैं जा सके वो वही मीणा के आगोश मैं सो गया

सुबह सरला उठी जैसे hi अपने पैरो पर कड़ी हुयी तो उसकी जांघो के बिच बहुत तेज दर्द हुवा वो जैसे तैसे करते हुए अपने रूम मैं गयी फ्रेश हुयी और आराम करने लगी आखिर रात को उसकी पलंग तोड़ चुदाई जो हुयी थी

मीणा भी उठी और फ्रेश होकर चली गयी बहार जाते जाते वो अंकित के ऊपर चादर दाल कर गयी क्यों की वो नंगा लेता हुवा था

किचेन मैं फ़िलहाल संजना निशा मनीषा और मीणा नास्ता बना रही थी

मीणा ने सा जाना को पूछा

मीणा : अरे भाभी क्या कल अपने दूध बनाया था

मीणा के मुँह से ये बाद सुन कर तो संजना की गांड फैट गयी लेकि वो जुट तो बोल नहीं सकती थी

संजना : है दीदी वो मैंने hi दूध बनाया था

मीणा : क्या अपने hi दूध मैं वाया ग्रा की गोली डाली थी

संजना की क्या हालत थी वो तो वो खुद और भगवन hi जानते थे

संजना : है वो कल मुझे बहुत मन था तो मैंने hi अपने और उनके गिलास में गोलिया डाली थी पर आप वो सरे गिलास लेगयी क्यों किसने पि लिए थे कल वो मुझे माफ़ करदेना मैंने वो गिलास अलग hi रखी थे

निशा : मतलब किसने वो गिलास पिए थे मीणा जरा हमे तो बताओ

मीणा : निशा उसमे से एक गिलास तो अंकित ने पिया था

मनीषा : क्या मतलब अंकित की तो कल हालत ख़राब होगयी होगी रुको मैं अभी देख कर आती हु डिस चलो चलते है

निशा : है चलो

मीणा : अरे बच्चे की माओ जरा पूरी बात तो सुनो आपके बच्चे को कुछ नहीं हुवा और व्वो दूसरा गिलास मम्मी ने पि लिया था जब दोनों hi प्रॉब्लम मैं थे रो उन्दोनो ने hi एक दूसरे को संत किया

फिर मीणा उनको कल रात की साडी बात बताती है

निशा :बाप रे कितनी भयंकर चुदाई हुयी थी

संजना : वो तो होनी थी क्यों की एक गिलास मैं दो गोलिया थी

मीणा : है वो तो ठीक है पर संजना आगे से ध्यान रखना वर्ण कुछ गलत होजायेगा

निशा : अच्छा मैं अंकित को ीठके आती हु

मीणा :रुको निशा उसे आराम करने दो बेचारे ने कल कुछ ज्यादा hi म्हणत की है थक गया है वो

निशा : ठीक है

फिर सब नास्ता करने आगये सरला का नास्ता उसके रूम मैं hi दे दिया और अंकित तो उठा hi नहीं था

फिर नास्ते के बाद सब अपने अपने काम पर लग गए

और निस्सहा अंकित के रूम मैं गयी अंकित अभी भी साडी दुनिया भूल कर गहरी नींद मैं सो रहा था निशा उसके पास गयी और उसका सर चुम कर उसके अपने सीने से चिपका कर सुलाया और निशा वही बैठी थी और अंकित को अपने सीने से लगाए और उसका सर सेहला रहीथी करीब 1 घंटे के बाद अंकित उठा

अंकित : माँ आप यहाँ सुबह सुबह

निशा : बेतु सुबह नहीं है 10 बजे रहे है

अंकित उठा तो उसे तेज बदन दर्द हुवा

अंकित : आआह्ह्ह्हह्ह

निशा : बीटा क्या हुवा

अंकित : माँ मेरा बदन बहुत दर्द कर रहा है शायद कल अकड़ गया था

तभी वह रूम मैं आकाश और सूरज आते है

सूरज : अंकित बीटा तुमसे कुछ काम था

अंकित : सॉरी मां पर मेरा बदन बहुत दर्द कर रहा है

सूरज : कोई बात नहीं बीटा मैं एक आदमी को जनता हु जो तुम्हे बदन दर्द से छुटकारा दिलाएगा वो एक पहल ान है जो तुम्हारी मसाज करदेगा

अंकित :ठीक है

फिर सूरज ने एक पहल ान को बुलाया और उसने अंकित के थोड़ा तोड़ मरोड़ कर ठीक करदिया

अब अंकित ठीक था आज शादी मैं आने वाले मेहमान आने स्टार्ट होगये थे क्यों की कल से शादी की रश्मि सुरु होनी थी और परसो शादी थी

अब देखते है फंक्शन मैं कितनी चुदती है सिर्फ अंकित से hi नहीं सूरज आकाश और मनोज से भी घर की एयरटे तो सिर्फ अंकित केलिए hi होगी उनकी किसी ओरसे कुछ नहीं होगा

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आज के दिन बहुत से मेहमान आगये थे.

जिसमे मनीषा मनीष की मसि यानि की सरला की बेहेन का परिवार है

स्माल इंट्रो

हेमा : आगे 56 ये है सरला की बेहेन पर यहाँ इनका कोई खास रोले नहीं है ये विधवा है इनका कोई बीटा नहीं है. पर इनके पास जमीं भी अच्छी है मतलब ये तो नहीं कह सकते की ये भी अंकित की तरह रिच है पर उप्पेर मिडिल क्लास फमलीय है और खेती से अच्छी आम दानी है

कामिनी : ये है हेमा की बड़ी बेटी इसकी शादी होगयी है आगे 31 फिगर बोलू तो 36 30 38 ये है ये एक सुलजी हुयी ायरत है ग्रेजुएट है इसी लिए मॉर्डन सोच रखती है खूब सूरत भी है

स्वाति : आगे 26 इयर्स फिगर 34 28 34 ये है हेमा की छोटी बेटी वैसे तो दिखने मैं ख़ूबसूरत है पर इसे अपनी इस ऐडा से नफरत होने लगी है वो क्यों ये आगे पता चलेगा

नीरव : ये है कामिनी का पति एक नंबर का रंडीबाज और बेवड़ा नसेड़ी इसने कितनी hi लड़कीओ के साथ जबरदस्ती की है इसका भी अच्छा बिज़नेस है ये जैसा भी है पर इसे अपने और कामिनी के बेटे से प्यार है भाई साहब अपने बेटे के जनम पर कुछ ज्यादा hi खुश होगये थे और दारुके नशे मैं hi अपनी साडी प्रॉपर्टी अपने उसी बेटे के नाम करदी अब उसे क्या पता है की उसका बीटा hi उसकी बर्बादी बनेगा वैसे ये बिज़नेस भी इसने किसी से चीन हुवा है

सब लोग शादी की रश्मि मैं लगे हुए थे और कुछ सामान लेन थे तो अंकित सुबह से hi काम पर लग गया था और दोपहर को जाकर फ्री हुवा अंकित जब सारा सामान रखवा कर जब ह्वेकि के दूर पर पहुँचता है तो वो स्वाति से टकरा जाता है अंकित ने सॉरी भी बोलै और अपना सामान को उठाने लगा

स्वाति : व्हाट थे हेलल देख कर नहीं चल सकते क्या मेरी ड्रेस ख़राब करदी अब मैं अभी क्या पहनुंगी

अंकित :अरे सॉरी मुझसे गलती होगयी प्लीज मुझे माफ़ करदिजिये मैं आपको नयी ड्रेस दिलवा दूंगा

स्वाति : अपनी सकाळ और अपना हुलिया तो देखो तुम्हे पता भी है की 50000 की ड्रेस है ये तुम जैसा दो कोड़ी का नौकर क्या मुझे ड्रेस दिलाएगा हूयः

ऐसा इसी लिए हुवा क्यों की सुबह से अंकित काम कर रहा था तो डस्ट और पोल्लुशण की वजह से उसका चेरा थोड़ा सावला लग रहा था और स्वाति अंकित को कोई नौकर समाज रही थी अंकित अभी थका हुवा था तो वो उससे बहस नहीं करना कहता था

अंकित : अगर होगया हो तो मैं जो

स्वाति है जो और सुनो तुम्हारी सजा ये है की तुम मेरी हर बात मानोगे

अब अंकित का दिमाग ख़राब होने लगा वो स्वाति की बात सुने बिना hi अपना. सामान लेकर निकल गया अपने रूम मैं अभी हवेली मैं मेहँदी का प्रोग्राम था तो सब वह पहुंच गए थे पर सिर्फ अंकित hi नहीं था

सभी अंकित को hi धुंध रहे थे यहाँ सरोज भी निशा को पूछती है की अंकित कहा है

सरोज :अरे निशा दीदी अंकित कहा है कही दिख नहीं रहा

निशा : अरे क्यों आज बड़ी अंकित की याद आ रही है

सरोज : अरे दीदी एक तो पहली बार ठीक से मिली भी नहीं मैं मेरी शादी से पहले कुछ वक़त अंकित के साथ बिताना चाहती हु

निशा: ठीक है मैं उसे अभी बुलाती हु

लेकिन निशा को खुद पता नहीं था निशा ने अंकित वाले रूम की और बढ़ने लगती है पर संजना उसे बुला लेती है पर निशा ने मनीषा को कहा की अंकित को बुला कर लाये

मनीषा अंकित के रूम मैं गयी तो रूम मैं कोई नहीं था पर तभी उसे बाथरूम से पानी गिरने की आवाज आयी मनीषा समाज गयी की अंकित शावर ले रहा है

अंकित भी कुछ देर मैं अंदर से कपडे पहन कर आया और ेने मैं अपने हेयर को सेट करने लगा

वो देखता है मनीषा अभी उसके बीएड पर बैठी है

मनीषा : बीटा कहा था तू कब से तुझे धुंध रहे है हम

अंकित : अरे माँ वो मैं कुछ सामान लेन गया था मां ने मुझे सुबह hi भेजा था

मनीषा :अच्छा ठीक है अब जल्दी से निचे चलो तुम्हारी छोटी मसि बुला रही हज

अंकित : ठीक है

फिर अंकित फुल रेडी होगया तब मनीषा ने और अंकित ने 5 मं तक स्मूच किया फिर ये दोनों निचे गार्डन मैं प्रोग्राम वाली जगह पर आगये जब अंकित निचे आया तो साडी एयरटे और लड़कीओ का बांध टूट गया सभी उसे hi घर रहे तेह सरोज भी उठ कह अपने मेहँदी वाले हाथ संभल कर अपनी के गले लग कर उसके गाल पर किश करती है

सरोज : क्या बात है बेतु तू तो एक दम हीरो लगरहा है आज रात मैं मेरे साथ सोना तुझसे कुछ काम है

अंकित : ok मसि

फिर ऐसे hi रेशम ख़तम होजाती है और सब लोग लंच कर रहे थे सरोज और स्वाति एक साथ hi थे और कामिनी भी उनके साथ थी

सरोज : दीदी स्वाति आओ तुम्हे किसी से मिलवाती हु

फिर वो अंकित के पास जाने लगती है यहाँ अंकित निशा और मनीषा एक टेबल पर खाना खाने लगते है

सरोज जेक पीछे से अंकित को किश करती है

सरोज : केसा है बेबी इनसे मिलो ये है मेरी कजिन स्वाति और कामिनी दीदी और दीदी स्वाति ये है मनीषा दीदी का बीटा और आकाश जीजू के बिज़नेस एम्पायर का एक लुटा वरिष्ठ अंकित रावल

कामिनी तो नार्मल होक मिल रही थी पर स्वाति जब अंकित को देखती है और उसकी सच्चाई सुनती है तो उसे एम्बेरक्रेश फइलल होता है

अंकित : hello मसि जी

कामिनी : hello बीटा कैसे हो तुम

अंकित : ी ऍम अब्सोलुतेल्य फाइन मसि एंड यू

कामिनी : ी ऍम आल्सो फाइन

अंकित : क्यों मैडम आप नहीं मिलेंगी क्या

स्वाति झिजति है और बाकि सब अंकित की तरफ सवालिया नज़रो से देखते है

मनीषा : बीटा तू मिल चूका है क्या स्वाति से पहले भी

फिर अंकित सब को अभी थोड़ी देर पहले हुए हादसे के बारे मैं बताता है

तो सब को हसी छूट जाती है

निशा : अरे स्वाति तुम hi क्या हाहाहा ये मेरा बीटा है

स्वाति के गाल शर्म से लाल होजाते है

सरोज : हेहेहे सही कहा और तुम 50000 की ड्रेस की बात कर रही हो अंकित तुम्हे 500000 की 50 ड्रेस खरीद देता

अंकित : अरे कोई बात नहीं होता है ऐसा वैसे भी उस वक़त मेरा हुलिया भी ठीक नहीं था

फिर ऐसे hi शम्म के साथ साथ रात भी होजाती है रात को हल्दी की रेशम मैं सबने सरोज को बरी बरी हल्दी लगायी और उसके बाद सब अंकित पर हल्दी ले कर टूट पड़े और अंकित को इतनी हल्दी लगयी की उसे नहाना hi पड़ा जब अंकित नहाकर अपने रूम से निकल रहा था तो उसने देखा की टेरेस का दरवाजा खुला है तो वो ऊपर देखने गया अंकित देखता है की वह स्वाति थी

अंकित : अरे मसि जी अकेले क्या कर रहे हो

स्वाति : ओह्ह तो तुम हो कुछ नहीं बस ऐसे hi कड़ी थी अच्छा क्या तुम मुझसे अभी भी नाराज़ हो

अंकित :अरे मसि जी कूल यार मैं ऐसी बातो को दिल पर नहीं लेता

स्वाति : थैंक्स और सॉरी मैंने अनजाने मैं तुम्हे क्या क्या कहदिया

अंकित : अरे कोई बात नहीं मसि जी होता है

तभी वह एक दुबला पतला आदमी आता है स्वाति को बुलाने वो कोई और नहीं बल्कि स्वाति का जीजा नीरव था

नीरव स्वाति के पास आता है और अंकित को देख कर अकड़ कर बोलता है

नीरव : स्वाति अन्य प्रॉब्लम अगर होतो बतादो

और उसने ये सब अंकित को देख कर कहा और वो स्वाति की पीठ पर हाथ फेरने लगा अंकित को ये सब बहुत ावक्वार्ड लगा क्यों की उसने देखा की स्वाति नीरव के ऐसा करने से खुस नहीं है

स्वाति : नहीं नहीं जीजू कोई प्रॉब्लम नहीं है हम तो यहाँ बाटे कर रहे थे

नीरव : चलो मैं तुम्हे डिनर केलिए बुलाने आया था

स्वाति :आप चलिए मैं आती हु

और फिर नीरव दो तीन बार हाथ फेर के निकल जाता है और वो अंकित को hi घर रहा था

अंकित : मसि िफ़ यू डोंट मिड ये आपके जीजा आपके साथ क्या ऐसे hi हाथ चालाकी से बेहवे करते है

स्वाति की आखें भीग hi गयी जो नीरव के आते hi दर से नाम होगयी थी

अंकित :अरे मसि जी सॉरी अगर मेरी बात से आपको बुरा लगा होतो चलिए डिनर केलिए कहते है

स्वाति : मैं तुम्हारी वजह से नहीं रो रही हु बल्कि अपने जीजा जी वजह से रो रही हु

अंकित : मसि प्लीज पहले आप संत होजाईये प्लीज अभी कोई भी आ सकता है प्लीज संत होजाईये और अब बताईये की आपके जीजाजी ने ऐसा क्या किया

स्वाति : असल मैं मेरा जीजा दिखने मैं सीधा है पर वो एक नंबर का घटिया और ठरकी किस्म का इंसान है वो मुझे ऐसे hi पसिकुलिय हार्स करता है अगर मैं मन करू तो मुझे धामी देकर ब्लैक मं करता है की वो दीदी को तलाक दे देगा और मैं कैसे अपनी बेहेन का घर बर्बाद होने दू

अंकित : लगता है अब आपके जीजा का इलाज करना पड़ेगा आप चिंता मत करो मसि अब आपको और क़ुरबानी देने की जरुरत नहीं पड़ेगी

स्वाति : क्या सच मैं ऐसा होसकता है

अंकित : क्यों नहीं मसि अपने इस भांजे पर भरोसा रखो मैं सब ठीक करदूंगा

फिर स्वाति अंकित को गले लगा लेती है आज अंकित की बहो मैं उसे बहुत ज्यादा अपना पैन लग रहा था फिर जब ये दोनों निचे डिनर करने जाती है तो अंकित देखता है की

अभी नीरव उसकी मसि सरोज के बाजु मैं बैठा है और हसी मजाक के साथ उसे टच भी कर रहा है अंकित के दिमाग मैं प्लानिंग स्टार्ट होगयी थी

यहाँ नीरव सरोज के साथ है मजाक मैं कुछ सोच रहा था

नीरव (मन में) : क्या बात है ये कुछ ज्यादा मेरे टच का विरोध नहीं कर रही मतलब ये लड़की फास गयी मेरे जाल मई बस एक. बार सही मौका मिल जाये तो इसकी भी फ्रंट साइड मैं एंट्री करलूँगा क्या बात है नीरव बाबू लड़की सेट करने मैं तो तुम्हा लोट जवाब नहीं

यहाँ अंकित ने आज अपनी पावर का उसे किया और नीरज की सोच को सुन लिया

अंकित (मन में) : मेरे प्यारे मौसा जी शादी तो मसि की है पर अगर मैंने आपकी बारात न निकली तो मेरी प्लानिंग बुरा मान जाएगी

फिर अंकित गया नेहा मोनिका के पास उन्हें अपने प्लान मैं शामिल कर रलिया फिर आया रात का वक़त रात के वक़त मैं अभी कुछ hi देर हुयी थी की अंकित टेरेस पर अपने प्लान के बारे मैं सोच रहा था

तभी पीछे से किसीकी आवाज से उसकी तन्द्रा टूटी

कामिनी :अरे अंकित बीटा कैसे हो

अंकित : ओह आप है मसि आईएनए

कामिनी : क्या कर रहेहो बीटा

अंकित : कुछ नहीं मसि बस ऐसे hi हवा खाने आया था

कामिनी : वैसे एक बात कहु अंकित तुम न बहुत हॉट हो कितनी गफ है तुम्हारी

अंकित : मेरी कोई गफ नहीं है मसि फ़िलहाल तो नहीं

कामिनी : देखों बीटा तुम मुझे अपना दोस्त hi संजो मैंने भी कॉलेज किया है और तुम तो जवान हो इन्फेक्ट तुम्हारी उम्र तो जवानी की शुरुवात की है अब सच बताओ

अंकित : ऐसा हहै है मसि पर मेरी सच में गर्लफ्रेंड नहीं है

कामिनी : मैं नहीं मानती इतने हैंडसम की कोई गफ न हो गर्मी नहीं बढ़ती क्या अंदर

अंकित :अब अपने दोस्त समजा है तो मैं सच बताता हु मैं गर्मी मिटने के लिए hi गफ बनता हु जो मिली सिद्ध उसके साथ सुहागरात गर्मी संत काम तमाम और मैं गफ अपनी उम्र की लड़कियों को नहीं बनता

कामिनी : तो किसको बनाते हो

अंकित : मुझे तो बड़ी उम्र की एयरटे ज्यादा पसंद आती है

कामिनी : वो क्यों भला हम अओर्तो मैं ऐसी क्या बात है जो तुम्हे पसंद आती है

अंकित : मुझे इसी लिए एयरटे पसंद है क्यों की अओर्तो का बदन थोड़ा काम उम्र की लड़की से ज्यादा खिला हुवा होता है और वो थोड़ी भरी हुयी होती है

कामिनी : काफी स्मार्ट हो और अगर वो मन करे तो क्या जबरदस्ती करते हो

अंकित : ना न मैं किसी के साथ जबरदस्ती नहीं करता अगर वो दिलसे तैयार हो तो hi ोथेरविसे मैं उनकी तरफ देखता भी नहीं

कामिनी : हम्म वैसे तुम समझदार भी हो

अंकित : मसि जी अगर आप बुरा ा मने तो एक बात पुछु

कामिनी : अरे पुछोना

अंकित : आप को अगर अपनी बहन और पति मैं से किसी को चुनना हो तो आप किसे चूस करोगी

इस सवाल से कामिनी थोड़ा गुस्सा होगयी

कामिनी : ये कैसा बेतुका सवाल है

ये दोनों hi मेरे लिए सबसे बढ़ कर है

अंकित :अच्छा तो आप अपनी बहन से कितना प्यार करती हो

कामिनी : क्या पूछ रहे हो तुम तू जानते भी हो

अंकित : आप बस मेरी बात का जवाब दीजिये

कामिनी : मैं अपने पति को चुनूंगी

अंकित : ठीक है अब जो मैं आपको बताने जा रहा हु उसके बाद अपना डीडेड करना

फिर अंकित स्वाति से हुयी उसकी बात को कामिनी को बता देता है पर जब अंकित अपनी बात पूरी करता है

च्छाआंट्त्ताआक्ककककककक

कामिनी ने अंकित के गलो पर थप्पड़ रसीद करदिया

अंकित :मुझे अपना जवाब मिल गया

अब मैं आपको साबित करके दिखाऊंगा

पर अगर उससे पहले आपको अगर सच जानना है तो अपनी बेहेन स्वाति से अपनी कसम देकर सच पता करिये

कामिनी :अगर तुम्हारी बात सच निकली तो मैं तुम्हे जो चाहिए वो दूंगी पर अगर तुम गलत निकले तो याद रखना तुम्हारा वोहाल करुँगी की जिंदगी भर याद रखोगे

ऐसे hi अंकित मुस्कुरा ता हुवा वह से चला गया

इधर रम मैं नीरव आज रत सरोज को पाने की खुसी मैं आधी बोतल जातक चूका था

अब देखते है क्या होता है नेक्स्ट अपडेट सरोज एंड अंकित की पलंग तोड़ चुदाई

और तब तक आप रीडर्स सुज्जैस्त करे की हमारे नीरव मौसाजी की बारात किस तरीके से निकले

एंड नेक्स्ट अपडेट परसो आएगा

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जब अंकित वहासे चला गया तो कामिनी वही कड़ी थी वुसने भले hi अंकित को ये जताया हो की उसका पति इसे नहीं है पर शक का कीड़ा तो उसके भी दिमाग मैं भी पैदा हो चूका था

काफी देर कामिनी वह कड़ी रही फिर उसने मैं मैं थान लिया की उसे अब क्या करना है वो मैं को स्ट्रिक्ट करके उस रू मैं गयउ जहा रचना थी

असल मैं स्वाति जिस रूम मैं थी वो ठाकुर हवेली का सबसे बड़ा रूम था जहा कई बीएड थे इन शार्ट जैसे किसी हॉस्टल का रूम हो वह ाआज अंकित, निशा, मनीषा, सरोज, मीणा, स्वाति, नेहा सोने वाली थी अंकित मन करता है पर उसे निशा और सभी की ज़िद्द के आगे वो मान जाता है और उसे यखी अपने प्लान को एक्सीक्यूट करना था तो वो मान जाता है

फ़िलहाल स्वाति को चोरके उस रूम मैं कोई नहीं था क्यों की साडी लेडीज निचे हॉल मैं बैठी थी और इसका फायदा उठा कर नीरव भी स्वाति वाले रूम मैं था उसके साथ और वो दोनों अभी बीएड पर लेते हुए थे स्वाति बिचारि रो रही थी और नीरव उसकी मर्जी के खिलाफ उसके प्रिवेट part को टच कर रहा था और स्वाति की छूट को सेहला रहा था

पहले कामिनी सीधा निचे गयी

कामिनी : अरे मनीषा तुमने स्वाति को कही देखा है क्या

मनीषा : है वो ऊपर वाले गेस्ट रूम मैं है वह हम सब आज सोने वाले है

कामिनी : है अच्छा उनको देखा है कही

मनीषा :नहीं नीरव को तो मैंने नहीं देखा

कामिनी का शक अब यकीं मैं बदल रहा था वो इधर उतर नीरव को देखती है तो उसे वो भी नहीं दिख रहा था

कामिनी सीधा स्वाति वाले रूम की और भागी

वह जेक उसने दोर्र को नॉक किया

कामिनी : स्वाति दरवाजा खोलो मुझे कुछ काम है

कामिनी की आवाज सुन कर स्वाति की जान मैं जान आयी पर नीरव बाबू की गांड फैट के 4 होगयी

नीरव स्वाति के कारन मैं

नीरव : मैं वाश रूम मैं जाता हु तू उसे यहाँ से लेकर जा और दूर खली बांध करना

फिर नीरव जल्दी बाथरूम मैं घुस जाता है और स्वाति खुदको ठीक करदी है और दर अजा खोलती है और यहाँ स्वाति को 5 मं लग जाते है दूर खोलने मैं कामिनी जैसे hi स्वाति की हालत देखती है उसे सब समाज आजाता है की माजरा क्या है

स्वाति : है दीदी बोलिये

कामिनी : चल टेरेस पर कुछ काम है

फिर ये दोनों टेरेस पर ाहजाति है

कामिनी ने पूछा

कामिनी : स्वाति क्या मैं जो पूछूँगी क्या उसका सच जवाब डौगी

स्वाति : दीदी मैं क्या आपसे जुट बोलूंगी

कामिनी : तेरे और नीरव के बिच क्या चल रहा है

स्वाति ये सुन कर सुन्नन रेहह गयी

कामिनी : मैंने कुछ पूछा है स्वाति

स्वाति घरबरा कर : कक्कुक नहीं च रररः है ड्डी

कामिनी : सच बता स्वाति तुझे मेरी कसम

अब स्वाति बुरी तरह फास चुकी थी

स्वाति : दीदी आपको नहीं पता की आप आने वाले तूफान का सच जानना चाहती हो ऐसा तूफान जिससे हु आए घर बिखर सकता है

कामिनी : सच बोल स्वाति मुझे उससे कोई फर्क नहीं पड़ता

फिर स्वाति दिल पर पत्थर रख कर साडी कहानी बता देती है जैसे जैसे स्वाति बोलती गयी दोनों बहनो को आखों मैं अशुओ की धरा बढ़ती गयी जब स्वाति ने सब कुछ बता कर चुप हुयी तब

छातततताएकककककक

कक्कछहहहहहत्यत्ताआक्कककक

कामिनी ने दो थप्पड़ खींच कर स्वाति के गली पर लगा दिए और रट हुए

कामिनी : तुझे जरा भी शर्म नहीं आयी वो नीच हरामी तेरे साथ इतना सब करगया और तूने मुझे बता भी नहीं शायद तू मुझे बेहेन मानती hi नहीं है

स्वाति रट हुए बोली

स्वाति : दीदी मानती हु मेने गलत किया पर क्या करती उसने मुझे धमकी दी थी की वो आपको तलाक देदे गए आप hi बताईये मैं कैसे आपका हस्ता खेलता संसार उजड़ने देती

कामिनी की आखों मैं अब खुसी के आशुते क्यों की उसे स्वाति जैसी बेहेन मिली जिसने उसकी बेहेन की खुसियो केलिए अपने जीवन की सबसे कीमती इज़्ज़त लुटा दी

कामिनी :इतना प्यार करती है मुझसे

स्वाति : है दीदी मैं आपसे बहुत प्यार करती हु आपकेलिए कुछ भी

कामिनी : स्वाति को गले लगा लेती है

दोनों hi बहने खूब रोई आज जैसे किसी एक की विदाई हो

फिर ये दोनों निचे चले गयी स्वाति अपने रूम मैं और कामिनी अपने रूम मैं

कामिनी जब अपने रूम मैं आती है तो नीरव उसे बाँहों मैं भरता है

कामिनी : क्या बात है आज बड़ा प्यार आरहा है

कामिनी ने अभी ऐसा कुछ जाहिर नहीं होने दिया जैसे उसे कुछ पता है क्यों की वो शादी मैं कोई बखेड़ा खड़ा नहीं करना चाहती थी

नीरव :अरे मेरी जान तुम तो हो hi प्यार करने वाली चीज़

कामिनी : हटियेना आपके मुँह से सरब की स्मेल आ रही है आप इतनी क्यों पिटे हो

नीरव : मेरी जान तुम तो ऐसे बोल रही हो जैसे तुमने इसकी कभी स्मेल hi नहीं ली

तभी कामिनी का बच्चा उठ जाता है

नीरव :अरे बीटा कभी तो अपनी माँ को छोड़ने ने

कामिनी (मन में) : एक बार शादी ख़तम होने दो फिर तुम्हारी भी माँ छुड़ेगी

यहाँ नीरव भी फिरसे पेग घातक ने लगता है क्यों की तब रूम मैं कामिनी के आने से उसका सारा नशा उतर गया था वो फिरसे नशा चढ़ा रहा था और कामिनी के सोने का इंतज़ार कर रहा था ताकि उसके बाद वो सरोज के कमरे मैं जा सके

यहाँ सब निचे बैठे थे तो सरोज ने बहाना बना कर अंकित को अपने रूम मैं ले आये

अंकित : अरे मसि आप मुझे यहाँ क्यों ले आयी

सरोज : मैंने तुम्हे कहा था न मैं तुम्हारे साथ सोना चाहती हु

अंकित : अरे है तो क्या हुवा हम सब आज आठ मैं hi तो सोने वाले है

सरोज : अरे मेरे भोले बेटे तुम मेरा मतलब hi नहीं समझे मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करना है

अंकित : क्या पर कैसे ी मैं कल आपकी शादी है

सरोज : है तो प्रॉब्लम क्या है तुमने तो अपनी माँ ो के साथ भी तो सेक्स किया हैना और तो और मेरी माँ के साथ भी

अंकित :अरे मसि पर मैं सेक्स केलिए मन नहीं कर रहा हु पर कल आपकी शादी है अगर आज मैं आपके साथ ये सब करूँगा तो कल मौसा जी को पता नहीं चल जायेगा ी मैं इससे आपकी विर्जिनिटी ब्रेक होगिना

सरोज : अरे भांजे उसकी चिंता मत करो तुम्हारे मौसाजी ने पहले hi मेरी विर्जिनिटी ब्रेक की है ok अब तो रेडी होना

अंकित : है तो कोई प्रॉब्लम नहीं है

फिर अंकित और सरोज किश करने लगते है आज दोनों hi पहले से hi एक दूसरे केलिए उत्तेजित थी क्युकी उसने मनीषा से सब कुछ जाना था अंकित के बारे मैं और जब उसने अंकित को देखते उसके अंदर एक अलग hi फीलिंग जगी

और अंकित की तो कमजोरी hi फीमेल थी उपरसे सरोज भी दिखने मैं एक दम जबरदस्त थी शायद इसी लिए नीरव भी फाल्ट होगया था

अंकित : ूउम्मम्म ूउम्मम्म मसि आपके होठ ूउम्म्म बस मन करता है चुस्त hi राहु ूउम्मम्म

सरोज : तो चूसले न बीटा ूउम्मम्म तुमने तो पागल करदिया है मुझे ूउम्म्म जबसे देखा है बस बात hi मत पूछो कैसे अपनी छूट को संभाला है ूउम्मम्मम्म

फिर ऐसे hi 15 मं की किसिंग और स्मूचिंग के बाद ये अलग हुए अंकित ने अपने सरे कपडे उतर दिए फिर उसने सरोज की कुर्ती भी उतारदी जिससे अब सरोज सिर्फ एक काली ब्रा मैं और सफ़ेद सलवार मैं थी अंकित सरोज के पास जाता है और उसे बीएड पर लेटता है

और अंकित उसके क्लीवेज पर किश करने लगता है और सरोज इससे पागल होजाती है अंकित कफीडेर तक वही किट कार्य रहा कभी सरोज के गालो पर कभी उसकी नेक पर कभी दोनों चूचियों के बिच और अंकित उसकी चूचियों को दवा भी रहा था फिर उसने सरोज की ब्रा को हटाया और उसकी चूचियों को प्यार से दवा रहा था और मुँह मैं भर के चूस भी रहा था

सरोज : है बीटा ऐसे hi तुम्हारा प्यार करने का तरीका आअह्ह्ह मुझे पसंद आया तुम बहुत ोुह्ह्ह आअह्ह्ह प्यारसे करते हो

अंकित : मसि आऍप तो ूउम्म्म हो hi प्यार करने वाली चीज़ उउउउउम्मम्मम

फिर अंकित करीब 10 मं तक ऐसे चूचियों को चूसने के बाद अंकित सरोज को पेट पर चूमने लगता है और न hi को जीब से खुरदने लगता है अंकित बहुत प्यार से कर रहा था अंकित के ऐसे धीरे धीरे प्यार करने से सरोज की आएग बढ़ने लग गयी थी और वो मचलने लगी थी

सरोज : अंकित बीटा आआआअह्हह्ह्ह्हह है

क्या कर रहे हो मैं पागल आअह्ह्ह हुज्ज्जऔऊंणगग्गीइ आआअह्ह्ह

फिर ऐसे hi थोड़ी देर करने के बाद अंकित अब खड़ा होगया

सरोज : सच में तुम कमल हो तुम्हारे मौसा जी तो बस किश करते है और दाल देते है और 20 बाद काम तमाम वो तो संत होजाते है पर मेरी आग बढ़ जाती है

अंकित :चिंता मत करो मसि मैं होना

फिर अंकित सरोज की छूट पर आता है और सरोज की सलवार का नाडा खिल देता है और उसे उतर देता है वो डेढ़ता है की अंदर सरोज ने निकर पहनी हुयी थी

अंकित पहले उसकी छूट को निक्कर के ऊपर से hi रेड करने लगता है

और जब अंकित सरोज की पेंटी उतरता है तो शौक होजाता है क्यों की सरोज की छूट की जाते शेव थी पर पूरी तरह नहीं उसकी ट्रिम जातो से छूट पर हार्ट शेप बना हुवा था और बाकि की जगह क्लीन शेव थी और मैं अट्रैक्शन था की सरोज ने अपनी छूट से नाभि के निचे तक मेहँदी लगवाई थी और मेहँदी से फूल बने हुए थे

अंकित : सच कह रहा हु मसि आज तक आपके जितनी सूंदर छूट नहीं देखि

सरोज : तुम्हे पसंद आयी सो के बात माय पुसी माय बेबी

फिर अंकित सरोज की छूट को चाटने और जीबसे छोड़ने लगता है और उसके क्लीट को अपने जीब मैं दबाके छोड़ने लगता है

सरोज भी काम नहीं थी उसने भी अपना कण्ट्रोल दिखया पर वो भी 7 मं से ज्यादा नहीं टिक पायी और अपना कॉमर्स अंकित के मुँह मैं चोर दिया

फिर अंकित ने अपनी अंडरवियर उतरी और अंकित के आधे खड़े लुंड को देख कर सरोज शौक होगयी

सरोज : बाप रे मेने अपनी ज़िन्दगी मैं इतना बड़ा किसीका नहीं देखा उनका भी जब खड़ा होता है तो इतना नहीं होता

अंकित : तो अब इसे गीला करो ताकि मैं आपको अंदर से गीला कर सकू

सरोज : नहीं मैं चाहती हु मुझे ऐसे hi छोड़ो गीला करुँगी तो मज़ा नहीं आएगा और दर्द भी नहीं होगा और मैं अपने बहनजी के साथ के इस पल को याद रखना चाहती हु और अब कोई सवाल नहीं

अंकित : अस योर विश

फिर अंकित ने सरोज की छूट पर अपना लुंड सेट किया और एक झटका मारा सरोज दर्द से कररह उठी

सरोज :आआह्ह्ह्हह ममममयीय फात गयी मेरी आअह्ह्ह रुक जाओ बीटा थोड़ाआ आआह्ह्ह्हह

अंकित : मसि थोड़ा hi बाकि है ये लो

और अंकित ने अपना पूरा लुंड सरोज की छूट मैं उठकर दिया और धीरे धीरे छोड़ने लगा

अंकित के ऐसे प्यार से करने से सरोज बहुत ज्यादा इम्प्रेस्से होगयी थी

ऐसे hi इनकी चुदाई 11 बजे तक चली मतलब 1 घंटे तक सरोज इस दौरान 8 बार जड़ चुकी थी और अंकित भी जड़ने वाला था

अंकित : मसि कहा निकलू

सरोज :अंदर निकलना मैं तुम्हारे बच्चे की माँ बनना चाहती हु

अंकित ने भी ज्यादा जोर नहीं डाला और सरोज की छूट की गहरायिओं मैं अपना स्पर्म निकल दिया जैसे जैसे अंकित का स्पर्म सरोज की गहरायिओं मैं बहने लगा सरोजनी अपनी आखें बांध कर्ली और उसके गाल लाल होगये फिर दोनों पास्ट पद गए फिर दोनों उठे फ्रेश हुए सरोज मुश्किल से चल प् रही थी

फिरदौनो पे अपने कपडे पहने और फिरसे एक दूसरे को बहो मैं भर लिया और किश करते हुए बाते करने लगे

अंकित : मसि अपने ये ठीक नहीं किया मेरा लावा अंदर hi निकलवा दिया क्यों क्या ये मौसा जिसे साथ नाइंसाफी नहीं होगी

सरोज : अंकित कोई न इंसाफ़ी नहीं होगी एक बार मैं अपनी फंतासी पूरी करलु फिर उनके जितने भी बच्चे कहे वो निकल सकते है

अंकित : मक़िन समझा नहीं और किसी फैंटसी मसि

सरोज : मेरी फैंटसी ये है की मुझे अपना पहला बच्चा उससे चाहिए थे ज्जिस्की आगे 18 या उसके अस्स पास हो क्यों की उनका माल एक दम फ़्रेशः होता है

अंकित : है पर अगर मैं नहीं होता तो आप क्या करती

सरोज : तुम्हे देख कर hi तो मेरी ये इच्छा फिर से जकग गयी मुझे लगा था की अगर सूरज भैया को कोई लड़का होगा तो मैं उससे hi अपनी फैंटसी पूरी करुँगी पर उनके घर जब बेटी हुयी तो मैंने ये आशा चोरडी थी पर जब तुम्हे देखा तो ये िंक्षा फिरसे जकग गयी

फिर ये दोनों उस रूम मैं आजाते है सरोज को अंकित गॉड मैं उठा लेता है और जब रूम मैं आता है तो निशा पूछती है

निशा :अरे अंकित बीटा तुमने अपनी मसि को क्यों उठा रक्खा है

अंकित : माँ वो क्या है ा की मैं और मसि टेरेस पर थे तो वह अँधेरा था तो मसि पेलर से टकरा गयी और उनके पेअर मैं हलकी मोच आगयी है इसी लिए फिर ऐसे सब लोग यहाँ सो जाते है

वह कुल 4 बीएड थे एक मैं नेहा और स्वाति शोयी थी दूसरे मैं निशा और मनीषा और उसके बाद सरोज और मीणा

और एक बीएड पर अंकित सोया हुवा था

यहाँ हमारे नीरव मौसाजी जग रहे थे और कामिनी के सोने क वेट कर रहे थे

करीब 12 उसको लगा की कामिनी गहरी नींद मैं सोगयी है तो वो उठा नशे की वजह से उससे ठीक से चला भी नहीं जा रहा था

यहाँ नीरव जैसे तैसे उस कमरे की और बढ़ता है और अपनी पास राखी मास्टर की निकला ता है

असल मैं दोपहर को hi साडी लेडीज ने इस रूम मैं सोने का प्लान बनाया था और नीरव वही चुप के इनकी बात सुनता है और चुपचाप उस चुम की डुप्लीकेट चाबी भी बनवा लेता है

और नीरव उस मास्टर की से दूर खोल कर अंदर आता है और दूर को अंदर से लॉक करदेता है

फिर वो लाइट जलतक है तो देखता है वह कई लेडीज सोई हुयी थी

और सबने चादर ओढ़ राखी थी क्यों की ठण्ड का मौसम स्टार्ट होने वाला था

नीरव पर हवस का नाश्ता था hi और ऊपर से शराब के नशे ने उसकी हवस को इतना बढ़ा दिया थकी बात hi मत पूछो वो सोचता है

नीरव (मन में) : क्या बात है इतने साडी लेडीज वैसे भी साडी दिखने मैं माल hi है चलो पहले सरोज की फ्रंट से एंट्री करता हु क्या पता इसकी चुदाई देख कर बाकि भी गरम होजाये

अंकित सबसे लशत मैं सोया हुवा था और उसने चादर से खुद को पूरा कवर करके सोया हुवा था

नीरव स्वाति की साइड जाता है उसे ये लग रहा था की नशे की वजह से की स्वाति के बाजु मैं सरोज hi सोई हुयी है

पर तभी नशे की वजह से उसके कदम लड़खड़ा गकया और वो सीधा नेहा के ऊपर गिर्र गया जिससे नेहा की नींद खुल गयी नेहा ने जब देखा की नीरव उसके चूचियों के बिच मैं है वो चिल्लाई

पर रूम साउंड प्रूफ था जिससे आवाज बहार नहीं गयी पर रूम मैं सोने वाले सभी उठा गए

नीरव नेहा को देख कर शौक होगा और दूर हैट गया पर तभी सभी उठ चुके के

थे ये

निशा : बेटी क्या हुवा

नेहा : माँ ये कौन है और ये यहाँ क्या कर रहा है ये मेरे ऊपर चढ़ा हुवा था

इतना सुनते hi मनीषा नीरव के पास गयी और खींच को दो तप्पड़ लगा दिए

नीरव : तेरी ये हिम्मत की मुझे मारा तेरी तो

नीरव को अपनी बेइज़ती सहन नहीं हुयी और गुस्से मैं वो मनीषा को मर ने hi वाला था की उसका हाथ अंकित ने पकड़ लिया

अंकित : सेल सोचना भी मत माँ है ये मेरी

और अंकित ने भी निरल और एक झन्नाटेदार थप्पड़ रसीद करदिया जिससे नीरव के फ्रंट के दो डाट टूट गए

अब देखते है आगे क्या होता है इतना तो पक्का है नीरव को ये पन्गा बहुत भरी पड़ने वाला है

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यहाँ अब नीरव की हवा टाइट होगयी थी पर करता भी क्या अगर गेट खुला होता तो यहाँ से भाग ने की कोसिस करता पर भाई साहब को शराब ऊपर वाले दिमाग मैं तो क्या निचे वाले दिमाग मैं चढ़ चुकी थी और भाई ने रूम को अच्छी लॉक किया था

निशा : हो कोण तुम यहाँ धूम लेडीज के रूम मैं क्या कर रहे हो और तुम्हारी हिम्मत कैसे हुयी यहाँ आने की

नीरव को अपनी बेइज़ाती जरा भी सहन नहीं होती है तो वो निशा की और बढ़ने लगता है लेकिन अंकित के बिच मैं आगया

नीरव : तुझे तो मैं बताता हु क्या करने आया था

अंकित (बीच में) : लगता है भाई साहब को सीधी भासा समाज नहीं आती

ये बोल एक और जन्नते दार थप्पड़ खींच दिया नीरव को अब नीरव की फैट चुकी थी अब वो ये जान गया था की यहाँ होसियारी काम नहीं आने वाली इनके सामने उसका रुतवा नहीं चलने वाला

निशा : बोल कमीने यहाँ किस लिए आया था

तभी पीछे से आवाज आयी

स्वाति : मैं बताती हु दीदी ये किस लिए आया है यहाँ

ये बोलते वक़त स्वाति रो रही थी

मनीषा : स्वाति चुप होजाओ बताओ क्या हुवा तुम रो क्यों रही हो बताओ आखिर बात क्या है

स्वाति (रट हुए) : दीदी बाद किस्मती से ये मेरे जीजा है पर ये एक नंबर का शराबी और नीच और घटिया इन्शान है

और फिर स्वाति सब को ये बता देती है की नीरव कैसे उसे ह्रास करता था सब ये सुन कर शॉक तो थे hi और अब सब की आखों मैं गुस्सा था

सभी लेडीज ने नीरव को थप्पड़ जड़ दिया

मीणा : कमीने तू हमारा जीजा है ये कहते हुए भी हमे शर्म आ रही है

मनीषा : सेल कुत्ते तू इतना कैसे गिर सकता है

निशा : अब इसे जो भी सजा देगी वो कामिनी hi देगी रुको उसे मैं फ़ोन करती हु और यहाँ बुलाती हु

ये सुन कर नीरव और दर गया और जाकर रूम के गेट को खोलने की कोसिस करने लगा लेकिन अंकित के सिकंजे से कितनी देर बच पता अंकित ने उसे उठा कर रूम के कोने मैं फेक दिया इतनी जोरसे गिरने के बाद नीरव मैं इतनी हिम्मत नहीं थी की वो वापस उठ सके वो चुप चाप जमीं पर पड़ा रहा

और यहाँ निशा ने फ़ोन करके कामिनी को बुलाया जब कामिनी रूम मैं आयी

कामिनी : है निशा दीदी क्या हुवा मुझे रूम क्यों बुलाया

अंकित : मैं बताता हु ये आपके पति यहाँ अपने सुहागरात मानाने के लिए आये है वो भी आपकी बेहेन के साथ

कामिनी : क्या नहीं ये जूथ है ऐसा नहीं होसकता

कामिनी ने भले hi स्वाति के सामने ये जताया हो पर दिल कैसे एक छोटेसे कोने मैं उसको यही उम्मीद थी उसका पति ऐसा नहीं कर सकता

अंकित नीरव को घसीट ते हुए वह कामिनी के सामने ले आया और खड़ा करके एक खींच कर थप्पड़ मारा

अंकित : अगर सच नहीं बोलै न तो वो हाल करूँगा तेरा की न जी पायेगा न मर पायेगा

नीरव की अब बुरी हालत थी और वो किसी तोते की तरह सच बोलने लगता है

नीरव : मैं यहाँ सरोज केलिए आया था सरोज को जब पहली बार देखते उसके साथ सोने का मैं किया फिर मैंने उसपे तरय मरना सुरु करदिया और वो आज है है कर मृ छेद खनियोसे मजे लेने लगी तो मुझे लगा की आज उसकी उसकी

अंकित ( चिल्ला कर) : उसकी क्या बोल जल्दी

अंकित के आवाज मैं बेहद गुस्सा था जिससे निशा मनीषा और नेहा को चोर कर सब दर गए

नीरव : उसके साथ चुदाई करूँगा और गांड मरूंगा

नीरव इतना बोलै hi था की कामिनी ने दो थप्पड़ नीरव के गालो पर जड़ दिए

कामिनी : कमीने नीच हरामजादे तेरी इतनी हिम्मत मेरी बहन को तो अपनी हवस का शिकार बनाया और अब मेरी दूसरी बहन के साथ भी वही करने चला था कुत्ते तेरी

सेल रंडी के बच्चे

अंकित ने जब ये सुना की नीरव सरोज के साथ ये सब किया तो अंकित उसे मरने लगता है पूरी ताक़त से

जब अंकित मर रहा था

तो स्वाति रट हुए

स्वाति : मर बीटा मार इस कमीने को कितना परेशां किया है मुझे इसने की मैं बता नहीं सकती हमेशा मुझे धमका ता था ये नीच

अंकित : तुझे गांड मरने का बहुत शौक हैना आज तेरी उसी जगह की ऐसी हालत करूँगा की तू जब जब बैठेगा अपनी इस सजा को याद करेगा

अंकित ने नीरव को छोरा और उस रूम मैं तंगी अपनी पेण्ट को लिया और उसमे से अपना पुरे लेढेर बेल्ट निकला

अब जाहिर सी बात है एक अरब पति का बीटा था सब चीज़े तो ओरिजिनल hi होंगी

अंकित उस बेल्ट को लेकर स्वाति के पास गया

अंकित : पकड़िए मसि इसे

अंकित ने स्वाति को अपना बेल्ट दिया और खुद नीरव के पास गया और उसे जुकडिया जिससे उसकी गांड सब को नज़र आने लगी और अंकित ने उसका ट्राउज़र्स को घुटने तक निकल दिया अब नीरव की गांड नंगी थी

अंकित : आईये मसि लगयीए इसे इसकी गांड की ऐसी हालत करिये की ये हमेशा याद करे

नीरव : प्लीज मुझे माफ़ कार्डो मैं ऐसी गलती कभी भी नहीं करूँगा प्लीज मुझे माफ़ कार्ड आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्हब

नीरव इतना बोल hi रहा था की स्वाति ने नीरव की नंगी गांड पर बेल्ट फटकार दिया

और स्वाति ने जब तक उसके दिल की भड़ास नहीं निकल गयी तब तक उसकी गांड पर मरती रही और नीरव चिल्लाता रहा जब स्वाति थक गयी तब वो जाकर बैठ गयी पर कामिनी ने उसके हाथ से बेल्ट लेकर कामिनी नीरव की गांड पर टूट पड़ी कामिनी की मरने की स्पीड और ताक़त देख कर तो सब कोई शौक था

कामिनी : सेल कुत्ते भें के लूज़ चूतिये मेरी बहन को ह्रास करेगा है ये ले एले कामिनी आधे घंटे थक नीरव की गांड की बेंड बजायी

फिर अंकित ने उसके दोनों हाथो को बढ़ दिया चैरसे जिससे वो जुका हुवा hi रहे

फिर अंकित बेल्ट लेकर नीरव पर टूट पड़ा

नीरव चीखते हुए अंकित से बोलै

नीरव : आअह्ह्ह इन दोनों बहनो का तो समाज आता है तुम क्यों मार सही हो मुझे मैंने क्या बिगाड़ा है तेरा

अंकित : सेल तेरी ये हिम्मत की मेरी सरोज मसि को टच किया और उन्हें ह्रास करने वाला था है ये ले कमीने

अंकित ने भी उसकी गांड का नक्शा पलट दिया अंकित वही नहीं रुका अंकित अपने रूम मैं गया जहा उसने अपने बैग मैं था लोडे है आयरन डिलडो या स्ट्राप ों जो आप कहे

वो लाया

निशा : बीटा ये क्या ले आये

अंकित : ये मैंने इस कमीने को सजा देने केलिए बनवाया था इस सेल को गांड मरने मैं ज्यादा मज़ा आता हैना आज इसे भी गांड मरवाने का मजा देते है पर ऐसे नहीं अंकित फिर निचे गया और 15 मं बाद आया नीरव की गांड अब सुज्ञी थी और लाल होगयी थी किसी चिम्पैंज़ी की गांड के तरह जबा अंकित आया तो उसके हाथ मैं जो लोहे का डिलडो था वो एक डैम रेड कलर का था मतलब अंकित उसे गरम कर आया थे

अंकित ने आव देखा न ताव और सीधा नीरव की गांड मैं डिलडो घुसा दिया नीरव की हालत इतनी बुरी थी की चिल्ला भी नहीं पाया

अंकित की ऐसी हैवानियत देख कर तो उसकी दोनों माँ और बहन भी शौक थी

स्वाति : अंकित अब बस करो इनकी सजा पूरी हुयी

अंकित उसकी गांड मैं से डिलडो निकल कर

अंकित : कैसे ठीक मसि इसके एक लड़की को उसकी मर्जी के बगैर टच किया है इन शार्ट इसने आपका रपे किया है और बस इतनी सी सजा

स्वाति : है अंकित अब चोरडो उसे

अंकित ने उसे खोला और उसे कहा

अंकित : सुन चूतिये अगर अब किसी के साथ भी ऐसा किया न तो अगली बार तंदूर मैं दाल कर रोस्ट करदूंगा तुझे

और नीरव वह से जैसे तैसे चला जाता है और सब लोग थोड़ी देर बैठ ते है पर अंकित सो जाता है लेकिन साडी लेडीज थोड़ी देर बैठ कर बाते करती है और सो जाती है

अगले दिन शादी थी तो तैयारियां जोर शोर से चल रही थी सभी लेडीज को तैयार करने बेऔतीचियाँ बुलाई गयी थी सब लेडीज आज किसी हेरोइन से काम नहीं लग रही थी

अंकित ने भी अपने हेयर स्टाइल को सेट किया एक एक्सपेंसिव सूट डाला और ढेर सारा परफ्यूम लगाया और आज अंकित भी आज सही मई. बिल्लिओनेरे का बीटा लग रहा था

सर शादी की रश्मि सुरु होने वाली थी सभी लेडीज सरोज के कमरे मैं थी सरोज को तैयार कर रही थी और वो आल मोस्ट रेडी hi थी

फिर सभी लेडीज रश्म की तयारी करने केलिए बहार जाने लगती है

पर सरोज मनीषा को रोक लेती है

मनीषा : है चोरी बता क्या काम है

सरोज : वो दीदी मैं आपको एक बात बताना चाहती हु

मनीषा : है बोलना

सरोज उसके और अंकित के बीच जो भी हुवा वो सब मनीषा को बता देती है

मनीषा : ोूहः तो सुहाग रात कल hi होगयी

सरोज : दीदी आप अपने ऐसे क्यों रियेक्ट किया

मनीषा : क्यों की मैं जानती हु की तेरी फैंटसी क्या है और अंकित से अट्रेक्ट होने से मैं नहीं बच पायी तो तू क्या बचे गई

सरोज : मतलब दीदी आपने भी अपने बेटे के साथ

मनीषा : सिर्फ मेने hi नहीं निशा दीदी मीणा दीदी और मम्मी काटो तुम्हे पता hi है इसी लिए कोई बात नहीं अच्छा मैं चलती हु

सरोज : वो दीदी प्लीज जरा अंकित को भेजियेना यहाँ मैं उससे बात करना चाहती हु अभी फ्री हु फिर कभी टाइम मिले या न मिले

मनीषा : ठीक है अभी भेजती हु

फिर मनीषा अंकित को धुंध कर अपने साथ ले जाने लगती है

अंकित : माँ आप कहा ले जारही है मुझे

मनीषा : बीटा चलते सही तुझे खुद पता चल जायेगा

अंकित भी ज्यादा जिद्द नहीं करता और अपनी माँ के साथ चला जाता है

और ये दोनों सरोज के रूम के पास पहुंच गए

मनीषा : जा अंदर तेरी मसि तेरा इंतज़ार कर रही है

फिर अंकित रूम मैं गया और मनीषा ने रूम को बहार से लॉक करदिया

अंदर जब अंकित सरोज को देखता है तो उसके होश उड़ जाते है क्यों की सरोज स्वर्ग की अप्सरा से काम नहीं लग रही थी लाल शादी का लिहाज मैं रेड ब्रिडेल मेकअप

होठोंपर लाल लिपस्टिक की हुयी माथे पर लाल रंग की बिंदी कुचल मिला कर 16 श्रीनगर से सजी थी सरोज

अंकित : मसि यू लुकिंग गॉर्जियस

सरोज :सच मैं या सिर्फ डिल रखने केलिए कह रहे हो

अंकित : नहीं मसि सच मैं अगर आज आपकी शादी मौसा जिसे नहीं होती तो मैं आपसे शादी करलेता

सरोज : चल चल शादी तो तेरे मौसा जिसे hi करुँगी है पर जब मन करेगा तेरे साथ सुहागरात जरूर मनाऊंगी मेरे साथ डोज न तुम

अंकित : मैं हमेशा आपके साथ हु मसि

ये बोल दोनों गले लगते है फिर दोनों के होठ आपस मैं मिलजाते है दोनों आज जी भर कर एक दूसरे के होठो को चूस रहे है

10 मं की स्मूचिंग के बाद दोनों अलग हुए और फिर अंकित बहार आज्ञा

फिर सब लोग शादी इंजॉय करने लगे बेंड बजे के साथ बारात आयी मंडप मैं शादी के मंडप मैं मंत्र गूंजने लगे फिर पंडित ने दोनों को पति पत्नी घोसित किया और फिर खाने पिने के बाद बरी आयी विदाई की सब लोग रो रहे थे पहले सरोज अपने माँ डैड से लिपट कर खूब रोई फिर सभी लेडीज की बरी आयी वो भी खूब रोई फिर बरी आयी अंकित की अंकित को कोई खास फर्क नहीं पड़ा क्यों की उसे सरोज से मिले हुए अभी सिर्फ 4 दिन hi हुए थे

फिर इमोशनल मोमेंट्स के साथ सब ने सरोज को विदा किया

और फिर रात को जब सरोज के सहज रात का वक़त था तब उसने एक नींद की गोली अपने पति को खिला कर सुला दिया और उसके और खुद के कपडे निकल कर उससे लिपट कर सोगयी और ऐसा उसने इसी लिए किया क्यों की उसे यकीन था की वो अंकित के बच्चे की माँ जरूर बनेगी और उसके पति को विश्वास दिलाने केलिए सब किया जिससे उसे लगे की उनकी सुहाग रात हो चुकी है

अब देखते है आगे किसकी छूट पट्टी है

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अगले दिन कुछ खास नहीं होता यहाँ ठाकुर हवेली मैं सब दुखी थे और नास्ता नहीं करना चाहते थे पर निशा ने और मनीषा ने सब को थोड़ा नास्ता करा दिया

फिर दोपहर तक बाकि कुछ नहीं हुवा दोपहर को सब ने लंच किया और अपने अपने रूम मैं आगये.

यहाँ रूम मैं अंकित अकेला था

और अपने दोनों दोस्तों से बाटे कर रहा था

अंकित : और मेरे भाइयो क्या हाल है वह के

कारन : अरे यार तेरे बिना कहा डिल लगता है सेल तू 20 दिन से बस घूम hi रहा है

अंकित : अरे यार क्या करू अब फॅमिली है तो रिलेटिव्स भी होंगे और अभी जैसे शादी की बाद hi आगयी है कोई नहीं कल आता हु वैसे तुम लोगो का कॉलेज मैं होगया एडमिशन

आर्यन : है मेरे भाई होगया

अंकित : और जूही अनन्य और रक्षा...

अंकित इतना बोलते बोलते रूक गया

आर्यन : है भाई सबका होगया और सॉरी यार रक्षा ने बोलै था तो उसका भी करवाना पड़ा

अंकित : कोई बात नहीं यार झेल लूंगा और कभी क्या सकता हु

कारन : अच्छा वो चोर 3 दिन बाद हमारे घर पार्टी है तुम सब को आना है वैसे तो मेरी माँ तुम दोनों के डैड को जानती है शायद बिज़नेस रिलेशन है इसी लिए तुम सब को आना तो है hi

अंकित : अच्छा अच्छा ठीक है और है कॉलेज कब खुलने वाला है यार

आर्यन : वो तो 10 दिन बाद है पर एक यार एक प्रॉब्लम है यार यहाँ फिर से फर्स्ट ईयर से स्टार्ट करना पड़ेगा

अंकित : अरे यार इसमे क्या प्रॉब्लम कॉलेज लाइफ जितनी जीने को मिले जी लो यार

कारन : सही कहा अच्छा भाई तुम लोग बाते करो मैं चलता हु मुझे काम है

अंकित : सेल सीधा बोलना जूही का कॉल आरहा है

फिर कारन झेप जाता है फ़ोन कॉल करदेता है और अंकित और आर्यन हसने लगते है

आर्यन : अच्छा भाई मेरे केस का क्या हुवा

अंकित : अरे भाई तू टेंशन क्यों लेता है मैं आता होना चल तुझसे प्रॉमिस करता हु इस वीक मैं रागिनी आंटी और तू जरूर सुहाग रात मानेगी

आर्यन : भाई अब तो जल्दी करहि दे अब बर्दास्त नहीं होता

अंकित :अरे रुकजा चल तेरे लिए कुछ करेंगे करवाता हु

आर्यन : नहीं भाई मेरी ये प्यास माँ से hi बुझेगी

अंकित : अच्छा कहल कुछ करता हु

आर्यन : भाई वो रक्षा तुझे पूछ रही थी

अंकित : अच्छा भाई मैं रखता हु

और अंकित ने कॉल कट करदिया

अंकित ने देखा की उसके सामने कामिनी कड़ी है कामिनी ने सबसे पहले रूम को लॉक करदिया

अंकित : ये क्या कर रही है मसि

कामिनी : ओह्ह ये मैं इसी लिए आयी थी के मुझे कुछ बात करनी थी और तुम डरो मत मैं तुम्हारा रपे नहीं करुँगी हहहहह

अंकित : डरे मेरे दुसमन और अंकित का रपे कर सके ऐसा कोई पैदा नहीं हुवा

कामिनी : ाँकि मैं तुमसे अपने किये की माफ़ी मांगती हु मैंने तुम्हे मारा और बहुत भला बुरा भी कहा पर तुमने मृ जिन्दी का सबसे बड़ा सच पता चला और तुमने मेरी बहन की इज़्ज़त बचाली थैंक्स फॉर एव्री थिंग बीटा

अंकित : मसि एक पल मैं बीटा बोलती हो और दूसरे hi पल थैंक्स बोलके पराया करती हो ये थिस इस नॉट फारे है और मैंने जो भी किया वो हर इंसान को करना चाहिए ऐसे लोगो को उनके किये की सजा मिलनी चाहिए

कामिनी : सही कहा की ऐसे करैक्टर लेस्स इन्शान के साथ ऐसा hi होना चाहिए

अंकित : मसि मैं को जुज्द नहीं कर सकता क्यों की मेरा कैरक्टर भी कोई दूध का धुला नहीं है

कामिनी : मतलब

अंकित उसे अपनी लाइफ की साडी कहा नई बताता है सिवाय उसकी फॅमिली के साथ सेक्स को चोट कर

अंकित : अब आप सामजी

कामिनी : फिर भी मैं कहती हु तुमने कुछ गलत नहीं किया मैं भी यही मानती हु की जब दोनों पार्टर अपनी मर्जी से सब करे तो उसमे कभी कुछ गलत नहीं होता

अंकित : है सही कहा

फिर ये दोनों ऐसे hi बाते करने लगते है

यहाँ संजना की छूट मैं खुजली hi खुजली हो रही थी

ऐसे hi रात होगयी

रात को सब लोग डिनर कर रहे थे आज संजना ने पूरा प्लान बना लिया था

ऐसे hi डिनर करते है पर आज संजना अंकित के बाजु वाली चिर पर बैठी हुयी थी

अंकित को बाजु मैं बैठा देख अब संजना से कण्ट्रोल नहीं हो रहा था

उसने अंकित के जांघ पर हाथ फेरना शुरू किया अंकित थो शौख से संजना की तरफ देख रहा था

फिर अंकित चुप चाप खाना खा रहा था

फिर ऐसे hi डिनर फिनिश होजाता है

और सब लोग अपने रूम मैं जाने लगते है

अंकित तो पहले टेरेस पर जा रहा था

संजना निशा और मनीषा और मीणा चारो किचेन मैं ककम कर रहे थे

संजना ने अपनी पहली चल खेली

संजना :अरे दीदी क्या मैं आज अंकित को अपने पास सुलौ मेरा भी बड़ा मैं है अपने भांजे को पास सुलाने का

मनीषा : अरे है है क्यों नहीं पर आपको उसके लिए निशा दीदी की भी परमिसन लेनी होगी क्यों की वो भी उसकी माँ है

संजना : निशा दीदी क्या मैं

निशा : अरे यार इसमें पूछने वाली क्या बात है अंकित आपका भी भांजा है और भांजे भी बीटा hi होता है

अब संजना के मन मैं लड्डुओं का नेखलियार ब्लास्ट होगया वो खुस तो बहुत थी पर उसने अपने चेरे पर उतनीही खुसी जताई जितनी नार्मल हो

ऐसे hi सोने का वक़त होगया अंकित निचे आकर निशा के रूम मैं जाने लगता है क्यों की अंकित जब किसी के साथ नहीं सोता तो निशा के रूम मैं hi सोता है

तभी उसे पीछे से निशा आवाज देती है

निशा : बीटा आज आपको अपनी ममी जी के साथ सोना है

अंकित : पर मुम्मा मुझे आपके साथ सोना है

निशा: बीटा आज तुम अपनी ममी के साथ सजाओ घर मैं तो तुम मेरे साथ hi तो सोते हो

अंकित : ठीक है माँ गुड नाईट

निशा अंकित के पास आती है उसके सर को चुम के

निशा : गुड नाईट मेरा बच्चा

. फिर अंकित फ्रेश होकर संजना के रूम मैं चला जाता है जहा वो देखता है संजन एक रेड मैक्सी मैं है और बीएड को ठीक कर रही है

आज सूरज आकाश मनोज के साथ ड्रिंक करने बैठ गया थे और वो तीनो वही सोने वाले है

यहाँ अंकित रूम मैं आता है तो उसने एक वेस्ट और बॉक्सर hi पहना था

संजना: आगये बीटा तुम लेटो मैं आती हु

अंकित बैठा जाता है बीएड पर कम्बल ओढ़ कर

थोड़ी देर मैं संजना उसको दूध देती है जिससे अंकित पि तहा है

संजना : बीटा नींद तो नहीं आरही हैना

अंकित : नहीं ममी नीद नहीं आरही है

संजना : चलो मूवी देखे

अंकित :अस योर विश ममी

फिर संजना टीवी लगती है और संजना ने जान भुज कर एक बी ग्रैड फिल्म लगायी क्युकी वो अंकित को सडके करना चाहती थी

अंकित और संजना मूवी देखने लगते है अंकित को भी पता चल गया था की ममी जी के इरादे क्या है इसी लिए उसने भी कोई जल्द बजी नहीं की

धीरे धीरे मूवी मैं सेक्स सीन आना स्टार्ट होगये अंकित तो गरम हो hi रहा था संजना भी गाम हो रही थी

संजना :मूवी अच्छी है न बीटा

अंकित : है ममी बढ़िया है पर अप्प को भी ऐसी मूवी पसंद है

संजना :है मुझे भी देखना पसंद है जब अकोइ मर्द ऐसे अओर्तो के साथ लिपटता है तो मुझे भी हॉर्नी फइलल होने लगता है

अब अंकित भी खुल कर बाते कर रहा था

अंकित : ममी देखो तो उसकी चूचिया कितनी बड़ी है

संजना : अरे इसमें क्या बड़ी बात है इससे अच्छी और बड़ी तो मेरी चूचिया है

अंकित : अरे क्यों झूठ बोल रही हो ऐसी और आपकी हो hi नहीं सकता उसकी तो देखो कितनी कड़क है और तानी हुयी है

अंकित अभी संजना को भड़का रहा है

संजना : मेरी भी ऐसी hi है तानी हुयी और कड़क तुम्हे मुझ पर यकीं नहीं क्या और इसकी तो सावली है पर मेरी तो सफ़ेद है

अंकित : मैं जब तक टच न हाव ी करूँगा तो कैसे पता चलेगा की सख्त है या सॉर्ट है

संजना : तो टच करके देख लेना

अंकित ने अपना राइट हैंड अपनी लेफ्ट साइड ले गया और सामने से संजन की चुकी पर रख दिया और एक बार जोरसे दबाया वो चुकी ज्यादा कड़क नहीं थी और ज्यादा नरम भी नहीं थी एक दम परफेक्ट थी

अब देखते है संजना की क्या हालत होती है

OK

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