Parivar se nafrat fir pyaar - Page 15 - SexBaba
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Parivar se nafrat fir pyaar

सर और मां आप जो भी है मैं आपके कमेंट की रेस्पेक्ट करता हु

कई रीडर्स होते है जिन्हे स्टोरी पसंद नहीं आती और कितने ऐसे होते है जिन्हे पसंद आती है

मय्बे आपने देखा होगा की मेरी स्टोरी मैं लोगोने कमेंट किया है की उन्हें स्टोरी पसंद आयी इसीलिए तो मेरी स्टोरी यहाँ तक पहुंची है अगर रिस्पांस नहीं मिलता तो मैं खुद भी स्टोरी बांध करदेता बूत मुझे रिस्पांस मिले ाचे भी मिले और बुरे भी और ा छे रिस्पांस ज्यादा मिले इसी लिए मुझे मैं हुवा की नहीं स्टोरी कम्प्लेट जरूर करू क्यों की कई रीडर्स को पसंद है ये स्टोरी

और अब आपकी स्टोरी सन वाली बात है मैंने कुछ part दूसरी स्टोरी से कॉपी किये है बूत मैंने उन सभी स्टोरी के राइटर से परमिशन ली है

मैं कहता था की ु स्टोरी के पॉइंट्स को अपनी स्टोरी मैं ऐड करते हुए ा छे सन क्रिएट करू आफ्टर आल इस फोरम पर सभी स्टोरी लवर है

और मैं इस बात का कुछ नहीं कर सकता की आपको स्टोरी जमी नहीं बूत आपने इस स्टोरी को पढ़ा इसलिए मैं आपका शुक्रगुजार हु

वेल that's सर और मां जो भी हो थैंक्स फॉर थे कमेंट
 
अपडेट 120

अंकित बाथरूम मैं गया और शावर ों किया और नहाने लगा फिर रेडी होकर अपने रूम मैं आज्ञा उसने देखा की उसकी तन्वी माँ बीएड पर बैठी हुयी है एक सेक्सी निघ्त्य मैं

अंकित : आप कब आयी मम्मी

तन्वी : जब तुम फ्रेश हो रहे थे तब

अंकित : है वो आज थोड़ा ज्यादा hi सरीर पसीने से भर गया था

तन्वी : हम्म यहाँ आह मेरे पास

अंकित बीएड पर गया और तन्वी की बाँहों मैं समां गया तन्वी एक हाथ से उसकी पीठ सेहला रही थी तो दूसरा हाथ अंकित के सर को

तन्वी : कितने दिनों बाद तुम ऐसे आये मेरे पास कब से तरस रही थी की कब बीटा आये

अंकित : बस मम्मी सही टाइम का वेट था जो आज है क्यों की मीरां जनता था की अगर मैं आपके पास आया तो खुद को रोक नहीं पाउँगा

तन्वी : बीटा मुझे कोई गिला नहीं की तू मेरे पास नहीं आया और मैं जनता हु तूने क्या कुछ नहीं सेहेन किया अब जो बिट गया उसे भुला दो और आज अपनी इस मम्मी को धीर सारा प्यार करो

अंकित उठा और अपने होठों को तन्वी के होठों से चिपका दिए

अंकित : ूउमंमाहहह ूउमंमाहहह ूउम्म्म पप्पूउउउउक्छ्ह ऊम्मम छू छुऊं उम्माह्ह्ह्ह ूउमंमाहहह

तन्वी : उम्माह्ह्ह्ह उम्माह बेटे तेरे किसी करने का अंदाज़ज आज भी खुस्स करदेता है ोूमाःह्ह्ह ूमाहहह उम्माह्ह्ह्ह

अंकित : ूमाहहह उम्माह्ह्ह्ह ूउमंमाहहह उउउउम्माह पपूछह ूमाहहह मम्मी आपके होठ बहुत अच्छे है उम्माह

तन्वी : सब तेरा hi है मेरे बच्चे उम्माह्ह्ह्ह उम्माह उम्माह ूमाहहह ूमममम पपूछब

फिर अंकित तन्वी की नैक पर किश करने लगता है

तन्वी : आठ बेटे आठ तेरी आज भी बच पैन की आदत नहीं बदली अपनी इस मम्मी के गले को चूमने की बच पैन मैं ऐसे किश परता था ूमाहहह

फिर अंकित तन्वी के दुद्धपर आज्ञा

अंकित : आठ मेरे फेवरेट है ये मेरे बचपन का सब से कीमती और पसंदीदा खिलौना मम्मी इनका दुधु पीलू

तन्वी : तेरे hi है मेरे बाबू पिले इनपर तेरा सबसे ज्यादा हक़ है

फिर अंकित ने तन्वी की ब्रा निकल दी और तन्वी के 35 साइज के परफेक्ट दूध सामने आगये जो इम्प्लांट के बाद बहुत ज्यादा सेक्सी होगई थे एक दम गोर और उस के बिच मैं गेहुए रंग के निप्पल्स और भी ज्यादा कमाल लग रहे थे

अंकित तो टूट पड़ा

अंकित : ूमममम सुर्र्प्प ूमाहहह ूमाहहह ूउम्म्म सुर्र्प्प ूउमंमाहहह ुउउम्मा

और एक साथ से एक दूध को दबाने लगा क्या hi सॉफ्ट होंगे तन्वी के चुके ऊपर से तने हुए

तन्वी : आठ बीटा पिले मेरा दूध आठ बहुत तरसे है ये तेरे लिए ूमम ओह्ह्ह बीटा धीरे आठ मैं भागी थोड़ी जा रही हु आठ आह्ह्ह्ह ऐसे hi आठ

अंकित : सुर्र्प्प ूमाहहह उम्माह ऊम्मम सुर्र्प्प ूमाहहह सुर्र्प्प ुम्हह ुउमाठ

फिर अंकित आज्ञा तन्वी की छूट पे

अंकित ने एक बार गहरी साँस अंदर ली और उसकी आखों मैं लाल डोरे टेरने लगे

तन्वी : बीटा किसी लगी अपनी मम्मी की खुशबु हम्म्म

अंकित : मम्मी आप की खुशबु मुझे पागल कर रही है

तन्वी : बीटा सर खुशबु hi लोगे या अपनी इस मम्मी का रास भी चखोगे

अंकित ने सीधा पेंटी निकली और अपना मुँह तन्वी की छूट से लगा दिया

अंकित : सुर्र्प्प सुर्र्प्प उम्माह ूउम्म्म ससूरररपपप ूमाहहह लीक लीक लिक ूउम्म्म ससूरररपपप

तन्वी : हाय मेरा बचा आह्ह्ह्ह ऐसे चाट अपनी मम्मी की छूट को आह्ह्ह्ह आअह्ह्ह आह्ह्ह्ह एसससस आह्ह्ह्ह

अंकित : सुर्र्प्प सुर्र्प्प ुउमाठ ूउम्म्म पपूछह ुउउम्मा सुर्र्प्प

तन्वी : आअह्ह्ह अंकित हाय माआ स्सीइ आअह्ह्ह ऐसे hi आअह्ह्ह बीटा रुकना मत आअह्ह्ह

अंकित : सुर्र्प्प सुर्र्प्प ुउउम्माहहससूररपपप ससूरररपपप ऊम्मम मम्मी मुझे आपका पानी पीला दो आठ ूउमंमाहहह सुर्र्प्प

तन्वी : आठ बीटा पिलाऊंगी बेटे रुकना मत आह्ह्ह्ह ऐसे आह्ह्ह्ह आअह्ह्ह आह्ह्ह्ह यस याहः ईस aahhhhaaahhhhhhhhhhhh

ससस्कककुर्र्रीीट्ट्ट्ट

ससस्कककुर्र्रीीट्ट्ट्ट

और तन्वी ने फव्वारा चोर दिया अंकित पूरा का पूरा पानी पी गया

अंकित तन्वी के पास गया और उसके गली पर किश करने लगा

तन्वी : हहहह आह्ह्ह्ह केसालगा पानी मेरे बाबू को

अंकित : बहुत स्वीट एक दम मेरी मम्मी के जैसे अब आप मेरे लुंड को गिला कार्डो फिर आपकी चुदाई करूँगा

तन्वी : तेरे साथ चुदाई केलिए तो साली से तड़प रही थी

फिर अंकित सीधा लेट गया और तन्वी उसके लुंड को मुँह मैं भर लेती है

तन्वी : उम् इसकी खुशबु के तो क्या कहने ूउम्म्म ोूगगगग ोूगगगग ूम्मा ससीईई ठयऊ ोूगगगग ोूगगगग ूगगग ूउम्म्म सुर्र्प्प ूउम्म्म

अंकित : आठ मम्मी आठ कितना अच्छा चुस्ती हो आप आह्ह्ह्ह आपका मुह्ह कितना गरम है

तन्वी : ोूगगगग ीूऊगगगगग ूम्मा ाहह्ज सीईई तेरा लुंड भी तो इतना मस्ट है मन करता है बस चुस्ती hi राहु ोूगगगग ोूगगगुणुग्गगग

फिर अंकित ने तन्वी को रोका और सीधा लेतादिया

और उसकी छूट पर अपना लुंड को थोड़ा पुस किया तो उसका सूपड़ा अंदर घुस गया

फिर अंकित एक दम धीरे धीरे अपना लुंड अंदर डालता गया उसका आधा लुंड घुस गया

तन्वी : आठ बीटा धीरे धीरे क्यों डाला आठ ृक्क जोऊ आह्ह्हह्ह्ह्ह दाअररदद्ड हो राहहह ह्हैई आह्ह्हह्ह्ह्ह ससीईई उउइउहहहहह ाहह्ज ओह्ह्ह बीटा ाहह्ज

अंकित ने फिर एक जोरदार झटका मारा तो उसका लुंड तन्वी की बच्चे दानी से टकराया

और इस एहसास से hi तन्वी झाड़ गयी

अंकित : आठ मम्मी आप इतनी जल्दी झाड़ क्यों गयी

तन्वी : ये मेरा तेरे लिए प्यार और उत्तेजना है आठ मैं खुस को रोक नहीं पायी ाहह्ज

फिर अंकित ऐसे hi 5 मं तक रहा और तन्वी को किश करते रहा और दूध को दबाने लग तन्वी फिरसे हीट मैं आगयी

तन्वी : मार धक्के मेरे बाबू

अंकित : ाहह्ज यस ाहह्ज आठ ाहह्ज आठ येलो मम्मी ाहह्ज यस यस यस यस आठ यस मम्मी आठ यस तन्वी माँ यस यस यस आठ

तन्वी : आठ छोड़ मेरे बच्चे छोड़ अपनी माँ को आठ ऐसे hi आह्हः आठ यस यस यस यस आह्ह्ह्ह आह्हः यस आह्हः फ़क यस आठ छोड़ो और जोर से आठ

अंकित : आठ मम्मी गांड कब डौगी आह्हः यस यस यस

तन्वी : आठ बहुत जल्द आठ आठ वो तेरे लिए hi है आह और अह्ह्ह्ह जोरसे बीटा आठ है तो मेरी गांड अभी भी कोरी hi है तेरे चाचू के कभी भी नहीं मरी आह्हः

ये सुनके तो अंकित मैं और जोश आज्ञा और जोश से धक्के लगाने लगा ा

अंकित : आठ यस यस यस यस आह्हः फ़क यस यस यस आह्हः फ़क फ़क फ़क यस आठ यस ओह्ह ससीईई आह्हः

करीब 50 मं की दमदार चुदाई के बाद अंकित झड़ने वाला था

अंकित : यस यस यस मुम्मेय ये लो मेरा छुम एस यस आह्ह्ह्ह फ़क आहहहहबबहबबहहहहहहहह

और अंकित ने अपना माल तन्वी की बच्चे दानी मैं भर दिया

फिर दोनों बाथ रूम गए और फ्रेश ह हुए और अंकित तन्वी की बाँहों मैं आज्ञा

अंकित : मम्मी केसा लगा पहला एहसास

तन्वी : ये तो मैं किसी को नहीं बताउंगी क्यों की मेरे पास इसे बया करने के सब्द नहीं है बाबू

अंकित : मम्मी आज फिर से दिधु पिलवा

तन्वी ने अपनी एक चुकी उसके मुँह मैं देदी और अंकित छोटे बाबू की तरह उसे चूसने लगा

तन्वी : उम् बेटे तू सच में कितना भी बड़ा होजाये तू मेरा बाबू hi रहेगा आठ

तन्वी का एक हाथ अंकित के बालो को सेहला रहा था और एक से अंकित की पीठ को थपथपा रही थी जैसे कोई माँ अपने बेटे को सुलाने केलिए करती हिअ

अगली सुबह सबलोग उठे और फ्रेश हुए अंकित सो रहा था

तन्वी उठी और अंकित के सर को चुम कर चली गयी और फ्रेश होकर निचे की हे. मैं गयी जहा निशा मनीषा और सुमि और मेघा नास्ते की तैयारी कर रही थी

अंकित उठ गए और फ्रेश होकर गयम मैं चला गया और एक्सरसाइज करने लगा

मनीषा : दी आप जाकर बाबू को जगा दोना मैं ये ब्रेड टोस्ट कर रही हु

निशा : अरे रुक एक मं मैं ये फ्रूट कट करलु फिर जाती हु

सुमि : अरे भाभी रहने दो मैं जगा के आती हु

निशा : ठीक है आप जाओ

फिर सुमि अंकित के र्रोम गयी पर अंकित वह नहीं था तो सुमि निचे आगयी

सुमि : भाभी अंकित तो अपने र्रोम मैं नहीं है

निशा : ओह्ह वो उठ गया होगा और अभी गयम मैं होगा

सिमी : है मैं देखती हु

फिर सुमि गयम मैं और देखा तो दुखते रह गयी अंकित ने अभी सिर्फ एक बॉक्सर बहना था और अभी वो आर्म्स क8 एक्सरसाइज कर रहा था सुमि भले hi अंकित से चुद चुकी थी बूत थी तो एक ायरत hi वो बस अंकित की बॉडी याद ने लगी फिर उसे होठ आया तो वह से चली गयी और निचे किचेन मैं आगयी

सिमी : सच मैं भाभी आपके बेटे की बॉडी इतनी कासी हुयी है फिर भी लाड साहब और ज्यादा अपनी बॉडी घिस रहे है

निशा : अब ये तो उसका शौक है

मेघा : येलो सब रेडी होगया चलो मैं इसे टेबल पर लेजाती हु

फिर सब निचे आजाते है और नास्ता करने लगते है

अंकित भी निचे आज्ञा और अपनी जगह पे बैठ गया

मनीषा ने उसे नास्ता सर्व किया

अंकित : वाओ स्पाइसी चीज़ टोस्ट और फ्रूट्स माँ इतना हैवी नास्ता

मनीषा : अब गयम मैं पसीना बहाओगे तो रोज़ज रोज़ देइत फ़ूड थोड़ी खाने दूंगी मैं ये देख वैसे भी इतना पतला होगया है

अंकित चुप चाप नास्ता करने लगता है और फिर मनीषा उसे दूध देती है

अंकित : अब ये मिल्क भी

मनीषा : बीटा पिलो इतने प्यार से बनाया है

अंकित भी पि लेता है

अंकित : डैड आज मैं भी ऑफिस आऊंगा वह भी थोड़ा देखु और सिखु भी

आकाश : निशा इसकी तबियत तो ठीक है

तन्वी : है दीदी जरा मिर्ची लाओ तो इसकी नज़र उतरनी है

अंकित : वैरी फनी जोके नहीं मर रहा हु मैं सच मैं जाऊंगा

मोनिका : मेरे भाइयो आपको कॉलेज जाना है

नेहा : भाइयो जरा मेरे साथ आओ मुझे तुमसे बात करनी है

अंकित : है चलो

फिर दोनों अंकित के र्रोम मैं आगये

नेहा : भाइयो हमारे स्कूल मैं एक प्रॉब्लम है जिसे अब तुम hi सॉल्व कर सकते हो

अंकित : क्या बात है दी आप कुछ परेशां लग रही है

नेहा : हमारे स्कूल मैं तो तुम झांटे हो की बड़े बड़े बिजनेसमैन पॉलिटिशंस और विप्स के बच्चे भी पढ़ते है और मिडिल क्लास लोगोके बच्चे भी

और हमारे स्कूल के टीचर्स उनके साथ आँख बांध करके भेद भाव करते है

जैसे जो बच्चे विप्स की है उन्हें आएग बिठाते है और मिडडेल क्लास और गरीब बचो को पीछे और विप्स के बच्ची को अगर होम वर्क न किया हो तो भी चोर देते है बूत उन लोगो को किसी न किसी बात पर पनिशमेंट दे कर पूरा दिन खड़ा रखते है या बेरहर्मी से मारते है अभी कल की hi बात है एक फूल बेचने वाले का बच्चा है 8 क्लास मैं उसने होम वर्क किया था बूत उसकी ये गलती की उसने बुक देर से निकली और सीन्स के टीचर ने उसे बहुत मारा इतना मारा की बिचारे के होठों खून निकल गया मैं तो वह नहीं थी बूत मैंने रिकॉर्डिंग मैं देखा था उस हरामी ने उस बिचारे 13 साल के लड़के को बिना रुके और बिना रेहम के 10 थपड मरे और वो भी जोर दार मैंने जैसे तैसे उसे चुप कराया और प्रिंसिपल को कंप्लेंट क8 तो प्रिंसिपल ने उल्टा मुझे सुनाया और मुझे देख कर दोबुल मीनिंग बाटे करि चलो मैं तो अपनी बात को इग्नोर करदिया बूत भाइयो उस छोटी से बच्चे का का क्या बिचारे को बहुत ज्यादा मार पड़ी वो बिचारा जब मैं उसे चोर्ने जा रही थी तब पुरे रास्ते वो मुझे हुग करके रोटा रहा

और तो और जो वो साइंस का टीचर है वो भी काम नहीं है उसकी नियत सिर्फ मुझ पर नहीं बल्कि 10तह 11तह और 12तह की लड़कियों पर भी है वो लड़किया मुझे कहती है की वो कमीना उन्हें गलत तरीके से टच करता है

ये सभी बाटे सून कर अंकित का खून खोल गया

अंकित : दीदी आप जाओ दो दिन मैं में सब ठीक करदूंगा और मुझे ऐसे टीचर्स की लिस्ट चाहिए और जब वो प्रिंसिपल आपको ह्रास कर रहा था तो आपने अपनी रियल आइडेंटिटी शो क्यों नहीं की

नेहा : क्यों की मैं ये देखना चाहती थी की वो प्रिंसिपल किश हद तक जा सकता है और वो फीमेल टीचर्स को कैसे और किस नज़र से देखता है

अंकित : आप रुकिए आज मैं आपको स्कूल चोर्ने आता हु आज सिर्फ देखूंगा और कल वह आकर उन सबकी क्लास लूंगा

और फिर ये दोनों निचे आगये

अंकित ने साडी बात बताई और तो सबने अंकित के बात से सहमत होकर एक्शन लेने की परमिशन दी

अंकित ने कारन को फ़ोन किया

ों कॉल

अंकित : कारन

कारन : है अंकित बोल क्या हुवा

अंकित : अभी घर पे है या निकल गया

कारन : बस निकल रहा हु भाई

अंकित : एक काम कर यहाँ से मोनी दी को पिचकूप करले मुझे आज जरा हमारे स्कूल जाना पड़ेगा एक प्रॉब्लम है और डैड को एक इम्पोर्टेन्ट मीटिंग मैं जाना है

कारन : है ठीक है मैं लीक उप कर लूंगा ok ब्यय

फिर कॉल कट होगया और नेहा और अंकित निकल पड़े आज अंकित ने नेहा की कार लेली बंव 7 सीरीज वो भी वाइट कोलोर की

और दोनों निकल पड़े

थोड़ी देर बाद अंकित और नेहा स्कूल पहुंच गए और पार्किंग मैं खड़े थे और नेहा गाड़ी से उत्तरी तभी वह एक आदमी आया दिखने मैं 33 या 35 का था फॉर्मल वियर मैं और दिखने मैं ठीक थक कह सकते है थोड़ा सावला था नाम था रवि ये वही साइंस का टीचर था जिसने उस बच्चे को मारा था और नेहा पर इसकी नियत गन्दी थी प्रिंसिपल की तरह

रवि : अरे नेहा मां के है आप

और ये बोल कर वो नेहा को हुग करने आता है

नेहा : मैं ठीक हु

पर नेहा उसे बिच मैं hi रोक देती है अंकित देख कर गुस्सा होता है उसका मैं तो कर रहा था की उस टीचर को कुत्ते की मौत मार दे बूत जब उसने देखा की नेहा ने संभल लिया है तो वो गाडी से निचे नहीं उतरा

रवि : अरे आपने हुग नहीं किया अरे फ्रेंड्स मैं तो ये बात कॉमन है

नेहा : हम बस अस टीचर है और आप मुझे छू नहीं सकते सो प्लीज

रवि : अरे नेहा तुम तो नाराज़ होगयी क्या हुवा

नेहा : एक छोटे बच्चे को बेरहमी से मरते है और पूछते है क्या हुवा आपको किश बात की खुन्नस है उसपर

रवि : क्यों की उसने होम वर्क नहीं किया था इसी लिए उससे मारा है अगर थोड़ा स्ट्रिक्ट नहीं होंगे तो ये गन्दी नाली के कीड़े आगे कैसे बढ़ेंगे

नेहा : आपको शर्म नहीं आती ऐसे करते हुए

रवि : ओह्ह कॉमन नेहा वो सब चोरो भी चलो हम अंदर चलते है ये बोल कर नेहा का हाथ पकड़ ने hi वाला था की एक हाथ उसे बिच मैं hi रोक दिया

अंकित : आई मिस्टर इनका हाथ पकड़ने की गलती मत करना वर्ण ये हाथ जेरे जिस्म से उठड़ दूंगा

रवि : आह्ह्ह्ह व्हाट थे हेलल ारे यू

अंकित : ी ऍम हेर बरोथेर और तू किसको पूछ के मेरी दीदी का हाथ पकड़ा है

रवि : अरे मैं इनका दोस्त हु आठ

ठूठ

अंकित : तो दोस्त की लिमिट मैं रहो

रवि : चिल चिल भाई मैं तो इनका दोस्त हूवोक नेहा ब्यय अंदर मिलते है

ये बोलके रवि वह से चला गया

अब देखते है अंकित अपनी स्कूल से कैसे ये कचरा साफ़ करता है

अपडेट पोस्टेड फ़्रिएंस

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
अपडेट 121

यहाँ अंकित ने सज को काम पर लगा दिया की वो उस बच्चे को धुंध निकले जिसे उस सर ने मारा था और अंकित कॉलेज चला गया

कॉलेज पंहुचा और केंटीन मैं चला गया और अपने फ्रेंड्स के पास गया

अंकित एक चेयर पर बैठ गया

सब बस अंकित को hi घूर रहे थे अंकित ने जब देखा की सब उसे hi घूरे रहे है तो वो थोड़ा कड़क आवाज मैं बोलै

अंकित : क्या हुवा

कारन : ये तू बता क्या हुवा इतना लाल क्यों होरहा है जैसे किसीने दो चपेट मार्डी हो

अंकित : कल स्कूल जाना है वह से कूड़ा साफ़ करना है

कारन : अरे तो वह किसी को बोल्डेन कोई भी कचरा साफ़ करदेगा हाहाहाहा

कारन ने देखा की अंकित गुस्से से घुर्र रहा है

कारन की फैट के हाथ मैं आगयी

जूही : कारन तुम चुप रहो अंकित क्या हुवा

अंकित फिर उनको साड़ी बात बताता है क्या हुवा जिसे सून कर सभी गुस्से से भर जाते है

अनन्य : सेल ऐसे लोगो की वजह से हमारा नाम ख़राब होता है की अमीर लोग ऐसे hi होते है जो क्लास देखते है हम वही जितना भी अच्छा क्यों न करले इनकी वजह से हमारा नाम ख़राब होता हु होता है

मोनिका : और उस प्रिंसिपल की और उस रवि की इतनी हिमायत की हमारी दीदी पर नज़र दी पर भाई तुम उस वक़त चुप क्यों रहे

अंकित : आप को क्या लगता है क्या मुझे मन नहीं हुवा होगा उसे जान ने मरने का मैं तो कर रहा था की सेल को हाथो से चिर फाड़ दालु बूत अभी उसे हमारे सवालों के जवाब भी देने है

कारन : ये सवाल जवाब पोईत पे ाँ यार

अंकित : प्रिंसिपल और वो सर ऐसे hi उनके अंदर हिम्मत नहीं आयी होगी जरूर उनके पीछे स्कूल के किसी डायरेक्टर का हाथ है

कारन : और स्कूल के डायरेक्टर कितने है

अंकित : स्कूल मैं 3 hi डायरेक्टर है क्यों की वो तीनो hi इतने काबिल है की हमे और ज्यादा डायरेक्टर की जरुरत नहीं पड़ी

कारन : हम्म तो अब क्या करना है

अंकित : कल जेक उनको सबक सीखना है

कारन : हम भी चलेंगे

अंकित : अरे नहीं तुम क्यों कॉलेज मिस कर रहे हो

रक्षा : अरे मेरे बुद्धू जानू कल सैटरडे है कल कॉलेज की छुट्टी है

मोनिका : है भाई तू भूल गया इसीलिए माँ कहती है तू गुस्सा मत किया कर पर तुझे गुस्सा इतनी जल्दी आता है की क्या कहु

जूही : बस बस दीदी बेचारा समाज गया आपने तो उसकी क्लास hi लेदली

मोनिका : पर वो कभी गलत नहीं समझता

कारन : अब क्या करना है और कैसे करना है

और सच सच बताना कोई बदमासी है

अंकित : अभी सबसे पहले आज कॉलेज के बाद उस लड़के के पास जाऊंगा जिसे उस सर ने मारा था उसे मिलूंगा फिर कल जाऊंगा स्कूल

रक्षा : है सही कहा लेकिन अभी चलो हमे जाना है क्लास का टाइम हो रहा है

फिर ये लोग अपनी अपनी क्लास मैं जाते है और फिर छुट्टी होते hi सब लोग निकल पड़ते है स्कूल की तरफ

अंकित स्कूल से नेहा को पिचकूप करलेता है

अंकित : दीदी आज कुछ हुवा

नेहा : है आज उस हरामी प्रिंसिपल ने 12 साइंस मैं पढ़ रही एक लड़की को अपने केबिन और जबरदस्ती उसे किश किया और मैंने वो सब रिकॉर्ड करलिया है ये हमारे काम आएगा

अंकित : सेल प्रिंसिपल आज तेरा आखिरी दिन था आज़ादी का कल से तुझे ऐसा मज़ा मिलेगा की तू मज़ा लेना भूल जायेगा

तभी अंकित का फ़ोन बजा जो सज का था

ों कॉल

अंकित : यस सज अड्रेस

सज : क्सक्सक्सक्सक्स एरिया. गली no 7, घर no 12

अंकित : ok ब्यय आपकी रकम पहुंच गयी है आपके पास

सज : ok ब्ययी

फिर अंकित, कारन, नेहा, मोनिका, जूही, रक्षा वह पहुंच गए अनन्य चली गयी क्यों की उसके घर से फ़ोन था

अंकित और उसकी गैंग उस घर के पास पहुंचे और दूर बेल्ल बजायी

तो एक आदमीने दरवाजा खोला दिखने मैं पतला और सावला था

आदमी : जी किस्से मिलना है आपको

नेहा : अरे आपने पहचना नहीं मैं आयुष की टीचर हु

आदमी : अरे मैडम आईएनए

फिर सब लोग अंदर चलेगये

आदमी : मैडम ये सबलोग

नेहा : ये मेरा छोटा भाई अंकित है और ये उसका दोस्त और ये मेरी बहन मोनिका और ये उसकी और मेरी सहेलिया रक्षा और जूही

आदमी : सब को नमस्ते

सब : नमस्ते अंकल

आदमी : मैडम आप सब यहाँ क्या फिर कुछ हुवा है क्या

अंकित : अंकल क्या हम आयुष से मिल सकते है

आदमी : जी आईएनए

फिर वो आदमी उस घर के एक छोटे रूम की तरफ सब को लेग्या जहा एक 13 साल का बच्चा आराम कर रहा था उसके फेस पर छोटो के निशान थे और बहुत कमज़ोर भी लग रहा था

आदमी : आयुष तेरी टीचर आयी है

आयुष की हालत देख कर अंकित को बहुत गुस्सा आया वो आयुष की अलाट देख कर hi समझ रहा था की उस रविने कितनी बेरहमी से मारा था आयुष को

आयुष : नेहा मां आप यहाँ

नेहा : है आयुष ये मेरा भाई अंकित है तुम से मिलना कहता है

फिर सब वह आयुष के आस पास बैठ जाते है नेहा आयुष को खुद से तक लेकर बैठा टी है अंकित आयुष के पास गया और बोलै

अंकित : कैसे हो आयुष

आयुष : केसा होऊंगा भैया उन टीचर की मार खाके

अंकित : तुमने ऐसा क्या किया जो उस टीचर ने मारा तुम्हे

आयुष : वो जब सर होमवर्क चेक करने आरहे थे तब मेरा ध्यान बोर्ड पर लिखे आटोमस के फॉर्मूले मैं था मैं उसे समझ ने की कोसिस कर रहा था की सर आगये और जैसे hi मैं बुक निकलने लगा तो उन्होंने मुझे मरना शुरू करदिया और बोलने लगे की '' तेरे रोज़ के यही बहाने है रुक आज तुझे बताता हु आज तेरी हड्डी पसली तोड़ दूंगा सेल जाहिल की अओलाद '' और मुझे मारा लात घुसे डस्टर और जो भी हाथ मैं आया वो मारा और तो और चप्पल से मारा

ये बोलते बोलते आयुष रोने लगा नेहा ने उसे गले से लगा लिया

अंकित : उसकी इतनी हिम्मत मैं उसे छोड़ूंगा नहीं

आदमी : अरे रहने दीजिये अंकित जी हमे किसी के खिलाफ कुछ नहीं करना हम छोटे लोग है हमारी यही ावुकत है

अंकित : अंकल कोई आदमी छोटा और बड़ा अपनी सोच से बनता है पैसो से नहीं और हमारे स्कूल मैं ये हरकत हुयी है हम इसे इग्नोर नहीं कर सकते

आदमी : आपका स्कूल मतलब

अंकित : आपको पता है इस ा. A.R. इंस्टिट्यूट ऑफ़ स्कूल का मालिक कोण है

आदमी : है ये स्कूल रावल एम्पायर के मालिक आकाश रावल का स्कूल है

अंकित : मैं हु अंकित आकाश रावल और ये मेरी दीदी है नेहा आकाश रावल और ये मेरी दूसरी दीदी मोनिका आकाश रावल

अंकित का इंट्रो सुनते hi वो आदमी अंकित के पैरो मैं गिर गया और आयुष नेहा से दूर हैट सीधा बैठा गया जिससे उसे दर्द हुवा

आदमी : सर हमे माफ़ करदिजिये सर हमसे गलती होगयी हमे नहीं पता था सर आपको है हम अब स्कूल मैं कभी नहीं जायेंगे सर

अंकित उसे खड़ा करता है

अंकित : अंकल आप बड़े है प्लीज खड़े होजाईये वो आदमी खड़ा होगया

अंकित : अंकल हम वैसे लोग नहीं है जो किसी को बेवजह परेशां करे

नेहा ने आयुष को अपने पास बिठा लिया

अंकित : आपकी वजह से हमे पता चला की हमारे स्कूल मैं कितना कचरा भरा पड़ा है आप चिंता मत कीजिये

और आयुष तुम आगे क्या करना चाहते हो

आयुष : भैया मैं आगे पढ़ना कहता हु और साइंस करके सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग करना कहता हु और एक आईटी कंपनी मैं अस प्रोजेक्ट मैनेजर बनना कहता हु

अंकित : बहुत अच्छे आज से तुम्हारी पढाई का खर्चा मैं तुम्हे दूंगा और अंकल आप अब यहाँ नहीं रहेंगे यहाँ से थोड़े दूर मेरा एक 4भक फ्लैट है आजसे आप वह रहेंगे

आदमी : आपका बहुत बहुत शुक्रिया अंकित जी

अंकित : है अनक्ले आपकी एजुकेशन क्या है

आदमी : सर मैं पढ़ा लिखा नहीं हु

अंकित : सबसे पहले तो आप मुझे सर कहना बांध कीजिये

आदमी : ठीक है सर मेरा मतलब अंकित

अंकित : है तो कल आप मेरे ऑफिस आईये और आप मेरे डैड यही आकाश रावल की अपॉइंटमेंट मैनेजर बनेंगे

आपको कुछ नहीं करना बस आपको लोग फ़ोन करेंगे की उनको मेरे डैड से मिलना है बस आपको टाइम के हिसाब से उनलोगो की अपॉइंटमेंट फिक्स करनी है करलेंगे न

और आप अकेले नहीं होंगे तो चिंता मत कीजिये और आपको महीने के 50,000 पगार भी मिलेगा

आदमी : सच मैं अंकित आज आपको देख कर पता चल गया की बड़े लोगो मैं भी इन्शानियत होती है

और सबलोग बहार आगये और बैठ कर बाते करने लगे की कैसे स्कूल वालो को सबक सीखना है तभी एक ायरत चाय लेके आयी

और सबको चाय दी

अंकित : अंकल इसकी क्या जरुरत थी

आदमी : अरे बीटा पहली बार इतने बड़े आदमी का बीटा हमारे घर आया है तो ऐसे कैसे जाने देते

फिर अंकित की नज़र उस ायरत थोड़ी सावली बूत उलटना hi सूंदर चेहरा चूचिया लगभग 33 की कमर पतली सी और गांड 35 की लग रही थी काळा बात और हिघ्त लगभग अंकित से थोड़ी hi ुचि थी क्यों की अंकित अभी जवान था तो उसकी हैहय इनक्रीस हो रही थी

अंकित उसे देख रा था तो नेहा ने ये नोटिस किया की उसका भाई इस ायरत के बारे मैं जानने केलिए कितना उत्सुक है

नेहा : वैसे अंकल ये कोण है

आदमी : ये है सारिका है मेरी बीवी

नेहा : पर आयुष ने तो कहा था की उसकी माँ मरचुकि है

सारिका : जी ये सच मैं इनकी दूसरी पत्नी हु और आयुष की माँ भी सगी या सौतेली मुझे नहीं पता पर मैंने उसकी माँ हु

नेहा : तो आयुष ने ये क्यों कहा की उसकी माँ मर चुकी है वो आपके बारे मैं भी तो बता सकता हैना

आदमी : दरसल बात ये है की आयुष को लगता है की जो सौतेली माँ होती है वो हमेषा बुरी होती है इसी लिए वो सारिका से सौतेला वयवहार करता है

सारिका : पता नहीं कभी मेरा बचा मुझे अपनाएगा की नहीं

अंकित : ये प्रॉब्लम मैं अभी सोल्वे करदेता हु दीदी जरा मेरे साथ आईये

फिर नेहा और अंकित अंदर गए आयुष के पास और गेट लॉक करदिया

अंकित : आयुष मैं ये क्या सुन रहा हु तुम अपनी माँ से सौतेला वयवहार करते हो

आयुष : भैया वो मेरी माँ नहीं है वो अभी मुझसे प्यार से पेश आएगी फिर जब उनका बीटा होगा तब वो मुझे मेरे घर से बहार निकलवा देगी

और सौतेली माँ हमेषा बुरी hi होती है

अंकित : ये गलत बात है आयुष वैसे तुम ये बताओ की वो तुम्हारे साथ कैसे पेश आती है

आयुष : वो हंमेशा मुझे प्यार करने की कोसिस करती है हंमेशा मेरा ख्याल रखें की कोसिस करती है बूत मैं मन करदेता हु क्यों की वो अभी प्यार करेगी और फिर बुरा बेहवे करेगी

अंकित : सब सौतेली मात ऐसी नहीं बेटी छोटे तुम्हारी माँ सारिका बहुत अछि है वो तुम्हे अपना बीटा मानती है क्या तुम उन्हें एक मौका नहीं डोज और एक बात तुम्हारी ये नेहा मां हैना वो मेरी भी सौतेली बहन है मेरी माँ तो जब मैं 2 साल का था तब hi मर चुकी थी तब आपकी नेहा मां की माँ ने मुझे ूढ़ पुला कर बड़ा किया और जब जब कोई पूछता है की मेरी सगी माँ कोण है तो मैं नेहा की माँ का hi नाम कहता हु समझे

आयुष को भी अपनी गलती का एहसास हुवा की वो बिना अपनी स्टेपमॉम से ऐसा बेहवे करता है

आयुष : सॉरी भैया सॉरी मां

नेहा : अरे अंकित भैया और मुझे मां क्यों मुझे दीदी hi बुलाओ सिर्फ स्कूल मैं मां बुलाना

अंकित : तो अब क्या करोगे

आयुष : मैं अपनी माँ से माफ़ी मांगूंगा

अंकित : बहुत अच्छे

फिर सारिका अंदर आयी और आयुष उसके सीने से लग कर रोने लगा और उससे माफ़ी मांगी सारिका भी खुश थी की आयुष ने उसे अपनालिया

अंकित आयुष के पापा जिसका नाम सुरेश था

अंकित : अंकल आपलोग अपना सामान पक्के करलीजिये आज hi आपका सामान उस फ्लैट मैं पहुंच जायेगा और कैसे आपलोग वही रहिएगा

सुरेश : एक बार फिर आपका बहुत बहुत धन्य वाढ

अंकित : कोई बात नहीं अंकल अब खुश रहिएगा और ाची जिंदगी गुजरियेगा

सुरेश : जी

अंकित : आयुष कल स्कूल मेरे साथ आना देखता हु कोण रोकता है मुझे

फिर सब लोग वह से निकल गए और घर पहुंच गए और फिर अपने अपने काम मैं लग गए

शाम का वक़त था और अंकित टेरेच पर था तभी वह नेहा आगयी

और अंकित के पास गयी

नेहा : भाइयो किसके बारे मैं सोच रहा है

अंकित : किसीके बारे मैं नहीं दीदी

नेहा : अब अपनी बीवी से भी जूथ बोलेगा और ये बताओ आयुष की माँ को क्यों घूर रहे थे

अंकित : कुछ नहीं दीदी बस ऐसे hi

नेहा : तुम थोड़ा कण्ट्रोल करो भाई

अंकित : है दीदी वही कर रहा था अभी पर क्या करू डीडू लड़का होना फिसल hi जाता हु पर मेरे दिमाग मैं एक अलग hi आइडियल चल रहे है

नेहा : और वो क्या है

अंकित : सोच रहा हु की आयुष को भी वो प्यार अपनी माँ से दिलवा दू जो प्यार मुझे माँ से मिलता है

नेहा : मतलब की तुम उन्हें भी चुदाई से जोर न चाहते हो और वो क्यों

अंकित : देखों दी सारिका आंटी आयुष को बहुत प्यार करती है बूत आयुष ने आज तो केहड़िया बूत मैं उसके मैं मैं सारिका आंटी केलिए इतना प्यार भरना कहता हु की उसके मैं मैं शक की चिंगारी भी जनम न ले सके

नेहा : बूत अगर सारिका आंटी ने सच मैं वही किया तो जैसा आयुष ने कहा था

अंकित : नहीं वो नहीं करेगी क्यों की वो अब माँ नहीं बन सकती

नेहा : तुम इतने यकीन से कैसे कह सकते हो

अंकित : मेरी जान आप कुछ भूल रही है

नेहा का जब माथा ठनका तब उसे याद आया की अंकित किसी का भी मन पढ़ सकता है

नेहा : समाज गया तूने उनका मन पढ़ लिया हैना

अंकित ने बस एक स्माइल की

अंकित : जब सारिका आंटी के वो सब बोलै तब मुझे शक तो हुवा इसी लिए मैंने उकसा ब्रेन रीड करना शुरू किया वो सोच रही थी

सारिका का मन : कस मेरा बीटा मुझे अपना ले मेरा उसके सिवाय कोई बीटा है भी नहीं और किश मुँह से उसे कहु की मैं अब माँ नहीं बन सकती

मुझे दर की कही उसने पूछ लिया तो किश मुँह से कहूँगी की मुझे चुदाई लूट लग गयी थी और उसी गलती की वजह से मैं पेट से होगयी और उस वक़त मेने बच्चा तो गिर्वा दिया पर अब मैं माँ नहीं बन सकती उस ऑपरेशन की वजह से

नेहा : है तब तो तुम्हे यही करना चाहिए

अंकित : अब वही करूँगा और सुरेश मैं hi समझा दूंगा की इनदोनो को इतना प्यार करने दो की ये दोनों एक दूसरे को अपनी आत्मा सूप दे

नेहा : है सही किया वैसे कल क्या करना है अंकित कल पहले तो उस रवि को दूँगा अच्छी और फिर उसकी सजा वह स्टार्ट होगी जहा कोई न हो

नेहा : ठीक है अब निचे चल 8 बजह गए है डिनर रेडी होगा

अंकित है चलो

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फिर अंकित और नेहा निचे आकर डिनर करने लगते है

आकाश : नेहा बीटा मैंने सुना है हमारे स्कूल मैं बहुत प्रोब्लेम्स है क्या ये सच है

नेहा : है डैड ये सच है वह बचो को उनके टेलेंट के बेस पर नहीं बल्कि उनके माँ बाप के स्टेटस के बेस पर एडमिशन दिया जाता है

आकाश : पर मैंने तो वह के डायरेक्टर को कह रखा है की जो लोग ऐसे होते है उनकेलिए हमने स्कालरशिप के भी मॅनॅग्मेंट किया है फिर भी मैं कल hi वह पे जाकर सब पता करता हु

निशा : विल्कुल नहीं आपको कल रोम जाना है पता हैना ऑटोमोबाइल पार्ट्स की डील केलिए भूल गए

आकाश : तुमको कैसे पता

निशा : मेरे प्यारे हुब्बी जी आपकी असिस्टेंट अमायरा हमे टाइम तो टाइम आपकी लोकेशन बताती है और वो आपके साथ होती है इसी लिए हमे कोई टेंशन नहीं रहता आपका और वो नहीं तो अमन तो साथ होता hi है

आकाश : स्मार्ट वैरी स्मार्ट जब तुम तीनो होती हो तो मैं बेफिक्र होकर काम पर ध्यान देता हु बूत ये काम भी जरुरी है

अंकित : डैड वो मामला मैं हैंडल करलूँगा क्यों की आपके साथ रोम मैं अमायरा दीदी नहीं होंगी याद हैना

आकाश : है है पता है मैं उसे भेज दूंगा कल सुबह

अंकित : वैसे आपकी फ्लाइट कब की है

आकाश : कल सुबह 7:00 ऍम

अंकित : तो आप बेफिक्र होकर जाईये और डील एंड टूर एन्जॉय कीजिये

आकाश : ठीक है भाई अब मैं चलता हु मुझे सोना है और कल जल्दी निकलना है गुड नाईट

सब लोग : गुड नाईट

फिर आकाश रूम मैं चला गया और 2 पेग लगा कर सो गया

ये आकाश की आदत थी वो सोने से पहले 2 पेग लगा लेता जिससे उसे दिन भर के स्ट्रेस से आराम मिले

फिर सबलोग काम ख़तम करके अपने अपने रूम मैं चले गए

अंकित अपने रूम मैं सोच मैं डूबा था तो निशा अंदर आयी और अपने बेटे को सोच मैं गुम देख कर बीएड पर आगयी और उसे सर को अपने सीने मैं ले लिया

निशा : क्या सोच रहा है बेतु

अंकित : कुछ नहीं मुम्मा बस ये सोच रहा हु की कैसे आयुष को सँभालु

निशा : सँभालु मतलब

अंकित फिर उसे आयुष और सारिका की कहानी बताता है

निशा : है ऐसा होता है बेतु आखिर सब लोग मेरे बेटे जैसे तो नहीं होते

अंकित : मुम्मा एक बात पुछु बुरा मत मन्ना

निशा : बीटा तेरी माँ हु कभी तेरी बात का बुरा मन है

अंकित : मुम्मा क्या मैंने कभी आपको ये एहसास कराया है की आप मेरी सौतेली माँ हो मतलब क्या मैंने आपसे कभी सौतेला बेहवे किया है क्यों की मुझे याद तो नहीं बूत अगर किया हो तो मैं आपसे सॉरी बोलता हु

ये सुन कर निशा के चेहरे पर एक मुस्कराहट आती है

निशा : यहाँ मेरे पास

अंकित निशा के पास जाता है तो निशा उसे जोरर से उसका मुँह अपने ममता मई सीने से जोर लेती है

निशा : नहीं बीटा तू ने कभी ये नहीं किया है पहले जब रतुम हमसे नाराज़ थे तब तुम मुझसे रौदे होकर बात करते थे बूत तब भी तुममे एक चीज़ थी की तुम हमसे तू तड़क करके बात नहीं करते थे ये hi चीज़ तो हमारे डिल मैं तुम्हारेलिए हर बार प्यार भरदेति थी तो अब ये फालतू मत सोचो और बताओ क्या करना चाहते हो उन माँ बेटे के बिच मैं

अंकित : मैं उन्हें भी सेक्स से जोड़ न कहता हु ताकि दोनों के दिल मैं एक दूसरे केलिए कभी न ख़तम होने वला प्यार भरना कहता हु पर समाज नहीं आरहा की कैसे करू

निशा : अभी फ़िलहाल कुछ मत सो और रूक

निशा ने अभी एक कॉटन की सारी पहनी थी जो उसका तरह का निघ्टड्रेस थे अब जज़ीर सी बात है एक अमीर आदमी की पत्नी थी निघ्टड्रेस की वेराइटी तो होगी hi उसके पास

निशा ने साड़ी निकलदी और ब्लाउज भी निकल दिया ब्रा तो वो घर मैं पहनती नहीं थी अभी वो सिर्फ एक ब्लैक कलर के पेटीकोट मैं थी उसने अपनी चुकी अंकित के मुँह मैं देदी

निशा : थोड़ी देर इन्हे चूस लो और अपना दिमाग शांत करो बाकि काम दिमाग खुद करलेगा जब वो संत होगा

अंकित अपनी माँ के दूध छूसराः था और निशा उसके माथे पर अपने होठो से किश कर रही थी अपनी जुबान से चाट रही थी

तभी अंकित को एक आईडिया आया

अंकित : माँ मुझे आईडिया मिल गया कोई घुमा फिर के नहीं मैं सीधे hi उनसे बात करूँगा

निशा : देखा अब सो जाओ 12 बज गए है

फिर ये दोनों सो गए

अगली सुबह सब लोग नास्ता कर रहे थे तभी अमायरा आगयी

अमायरा : गुड मॉर्निंग मां गुड मॉर्निंग आल

मनीषा : अमायरा कितनी बार कहा है तुमसे आंटी बोलै करो हम पराये थोड़ी है हम भी अपने है तुम्हारे तुम हमारी बेटी जैसी हो

निशा : है सही कहा

आमेरा : ठीक है आंटी अंकित यहाँ आओ

अंकित : है दीदी बस नास्ता करलु

अमायरा अंकित के पास गयी और उसके गालो को किश किया

अमायरा : अब शांति मिली कब निकलना है एक जी

अंकित : चलो मेरा होगया है अब निकलते है

फिर सब निकल पड़ते है रस्ते माहि कारन रक्षा और जूही इन्हे ज्वाइन करलेते है फिर सब लोग आयुष के घर चले जाते है और उसे लेने केलिए फिर आयुष भी इनके साथ चल्देता है

फिर सबलोग स्कूल पहुंचते है अमायरा को अंकित कुछ देर पहले hi उतर देता है और वो सीधा स्कूल मैं चली जाती है क्यों वो रावल एम्पायर के मालिक की प् थी आखिर स्कूल मैं किसकी मजाल जो अमायरा को ये पूछे की आपको किस्से मिलना है

अंकित बाकि सबलोग स्कूल के पास ए तो वाच मन उन्हें रोकता है वॉचमन को मैं वं लिखूंगा

वं : आई जाओ यहसे यहाँ भिखारियों केलिए जगह नहीं है

अंकित : ये यहाँ का स्टूडेंट है तू होता कोण है उन्हें रोकने वाला

वं : ओह्ह ये वही हैना जिसकी माँ छोड़ दी थी रवै सर ने बेटे चलजा यहाँ से ये ऐसे hi है

अंकित ने एक खींच के थप्पड़ उस वाच मन को मारा उसके कारन से खून निकल गया

वं : तेरी ये हिम्मत पता है यहाँ प्रिंसिपल को पता चला तो वो तुझे अंदर करवाड़ेगा रुक तू आज hi शिकायत करूँगा

अंकित : अबे जब भोसड़ी के तुझे पता है मैं कोण हु मेरे hi स्कूल मैं मुझे रोकेगा

वं : कोण हो तुम

अंकित : ये स्कूल किसका है

वं : आकाश अजीत रावल का

अंकित : मैं अंकित हु अंकित आकाश रावल

वं : सर मुझे माफ़ करदिजिये सर मैं बीवी बच्चों व आदमी हु

अंकित : रुक जाओ अभी तो खेल शुरू हुवा है

और अंकित की गैंग अंदर जाती है

अंकित : आयुष जाओ अपने क्लास मैं मैं अभी आता हु

आयुष अपने क्लास मैं आगया

अंकित और उसकी गैंग पूरी स्कूल मैं घूमने लगे नेहा स्टाफ रूम मैं चली गयी अंकित के साथ वाच मन भी था

अंकित देखा है एक क्लास मैं इंग्लिश का लेक्चर चल रहा है और कुछ बच्चे जो दिखने मैं टीप टॉप लग रहे थे वो आगे बैठे है

और कुछ बच्चे पीछे खड़े है जो दिखने मैं मिडिल क्लास लग रहे थे

अंकित : ये यहाँ क्या हो रहा है

वं : सर वो बच्चे अमीर घरानो के है और जो बच्चे खड़े है वो माध्यम वर्ग के घरानो से है टीचर अमीर बच्चो को पढ़ने केलिए आगे बुलाती है और उसन बच्चो को किसी न किसी बात पे पनिसमेंट देकर पीछे खड़ा करती है और बाकि के लेक्टर के टीचर्स को भी ये बोलती है की इन्हे बैठने मत देना क्यों की उन्होंने इन्हे पनिशमेंट दी है

अंकित के आखों मैं अंगारे दाहक रहे थे

तभी आयुष रोटा हुवा आया और अंकित को हुग करके रोने लगा

अंकित : आयुष क्या हुवा रो क्यों रहे हो आयुष बताओ अपने भैया को बताओ

आयुष ने कुछ नहीं बोलै बस अपना हाथ दिखाया जहा उसे चोट लगी थी वही एक निशान बना हुवा था अंकित समाज गया की सर ने इसे डस्टर या स्केल मरी है

अंकित : आयुष बस इतना बताओ की कोनसा लेक्टर था अभी

आयुष : भैया वोऊ वोऊ अभी साइंस का लेक्टर था मैं गया तो सर ने कहा की लेट आयेहो सजा मिलेगी और उन्होंने लकड़ी की स्केल से मारा

अंकित का पारा चढ़ गया

अंकित : जूही रक्षा आयुष को निचे लेकर जाओ और ग्राउंड मैं अनाउंसमेंट करवा मुझे सभी बच्चे स्टाफ मेंबर्स और प्रिंसिपल अभी के अभी ग्राउंड मैं चाहिए

कारन मेरे साथ चल

अंकित और कारन जैसे hi आयुष के क्लास मैं गए तो उन्होंने देखा की

रवि एक बच्चे को थप्पड़ मर रहा था वो बच्चा रो रहा था बूत रवि को दया नहीं आयी

रवि : सेल बिखरी होमवर्क नहीं करेगा हां तू भी अपने बाकी जैसे गन्दी नाली का कीड़ा hi रहेगा

ये सुन कर तो अंकित क्लास मैं आज्ञा

रवि : हाउ डरे यू तुम्हारी हिम्मत कैसे हुयीईईई आआह्ह्ह्ज्जज्ज

अंकित ने एक जोर का घुसा रवि के पेट मैं मारा

सभी बच्चे चिल्लाने लगे

कारन : कोई अपनी जगह से नहीं हिलेगा चुप चाप बैठो सब लोग

अंकित ने रविको धोना शुरू किया लात घुसे थप्पड़ से रवि बस दर्द से बिलखता रहा

यहाँ ग्राउंड मैं

सभी स्टाफ मेंबर्स आगये सभी बच्चे भी आगये director's, प्रिंसिपल, और टीचर्स सब थे वह पर

प्रिंसिपल : मां आज आप यहाँ क्यों आयी अपने बताया नहीं और सब लोगो को यहाँ ग्राउंड मैं एकाथा क्यों किया

नेहा : रुक जाईये अभी तो आपको बहुत कुछ जानना है आज आपका सारा हरामी पाना निकलेगा 8 तह क्लास के बच्चे को मार्के बड़े अंगरोउंग मन बनते फिरते होना आज साडी कसार निकले गई सेल हर्रमी

प्रिंसिपल : हाउ डरे यू तुम होती कोण हो मुझे बोलने वाली और मैं प्रिंसिपल हु जो चाहे करूँगा

अमायरा : ये कोण है अभी थोड़ी देर मैं पता चल जायेगा और आप प्रिंसिपल है तो जो चाहे वो करेंगे

तभी रवि के चीखने की आवाज आयी सबलोग वह देखने लगे तो पाटा चला की अंकित रवि को घसीटते हुए लेकर आरहा है और कारन लगा तर उसपर लगते बर्षा रहा है रवि के सरीर से जगह जगह खून निकल रहा है

रवि भागता हुवा प्रिंसिपल के पास गया

रवि : सर ये मुझे मार रहा है अभी के अभी अंदर करवाईये इसे

अंकित : क्यों बे हरामी बहुत शौक हैना स्टेटस के साथ खेलने का आजा आज मैं तुझे खिलाऊंगा भोड़सीके मदर छोड़ और तू सेल प्रिंसिपल तुझे बहुत शौक हैना लेडीज टीचर्स और जवान बच्चियों को गलत तरीके से हरष करने का आज तुझे ऐसा धोऊंगा की तू अपनी बीवी को भी चुने से डरेगा

प्रिंसिपल : हलवा है क्या चुके तो दिखा मैं एक रेस्पेक्टेड टीचर हु अभी के अभी तुझे अंदर करवा सकता हु तू है कोण सेल

अंकित : तू मुझे अंदर करवा सकता है तो मैं एक मं मैं बहार आकर तुझे चिरडालूँगा न तो भी पुलिस मेरा गहनता नहीं उखड सकती

प्रिंसिपल : कोण हो तुम मां ये कोण है

अमायरा : क्राउन प्रिंस ऑफ़ रावल एम्पायर अंकित आकाश रावल

ये सुनके तो वह खड़े सभी की गांड इतनी फटी की उसमे 4 लौड़े समां जाये

अंकित गया और बोलै

अंकित : तेरा काम बच्चो की ा छे बुरे की समाज देना है लड़कियों को हरष करना और छोटे बड़े की ायकाट दिखने का नहीं

रवि : सर मुझे माफ़ करदिजिये सर मैं आज के बाद ऐसा कभी नहीं करूँगा

अंकित : ठीक है बता तू कहा से पढ़ा है और तेरी इनकम कितनी है और तेरे माँ बाप कितने पढ़े लिखे है

साइंस का सर चुप रहा तो अंकित ने एक खींच के थप्पड़ दिया

अंकित : मैं दुबारा नहीं पूछूंगा

रवि : मैं एक गरीब घरसे था मेरे माँ बाप मज दुरी करते थे और उनकी इनकम 5 000 महीना थी और मैं एक सरकारी स्कूल और कॉलेज से पास आउट हु और मुझे यहाँ से 40, 000 इनकम मिलती है और प्रिंसिपल के कहे मुताबिन गरीब बच्चो को स्कूल से निकलने केलिए लड़कियों को हरष करने केलिए भी 10,000 एक्स्ट्रा मिलते है

अंकित : हैब तू खुद बिखरी की अओलाद है तो तू दुसरो को ऐसे कैसे बोल सकता है

रवि : मुझे पीसो की और इस जॉब की जरुरत थी तो मैं भी प्रिंसिपल की बातो मैं आज्ञा

ये सुन केर प्रिंसिपल अंकित को देखता है

अंकित :ा ताहू आता हु तेरे पास भी आता हु

फिर अंकित प्रिंसिपल के पास गया और उसे धोने लगा और फिर पूछा

अंकित : तुझसे भी वही सवाल पूछूंगा

प्रिंसिपल : मैं एक गरीब किसान का बीटा हु बड़े बाप ने अपनी जमीन गिरवी रख कर मुझे पढ़ाया और मेरा बाप अनपढ़ है और उनकी इनकम मुश्किल से 2000 रही होगी मैं भी सरकारी स्कूल कॉलेज से पास आउट हु और मेरी यहाँ की इनकम 1,25,000 है

अंकित : अब बता की किसके कहने पर ये सब किया

तभी वो एक स्कूल बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर की तरफ ऊँगली उठा कर कहता है

अंकित : आहूजा जी मुझे लगा hi था की आप hi होंगे

आहूजा : सर मुझे माफ़ करदिजिये सर ऐसे लोगो की वजह से स्कूल का स्टेटस डाउन होरहा था इसी लिए मैंने ये सब किया

अंकित ने तो सब से पहले आहूजा को अच्छी धोया फिर पूछा

अंकित : आज तक कितने का घफला किया तूने ऐसा करके

आहूजा : 30 करोड़ का

अंकित : अभी के अभी उस सरे ामौँत को स्कूल के ऑफिसियल अकाउंट मैं ट्रांसफर कर कारन पुलिस को बुलाओ

तभी पुलिस आजाती है

अंकित : डायरेक्टर्स ये काम आपका है ी तीनो के प्रिंसिपल और रवि के लाइसेंस रेड करवाईये और इन तीनो को लड़कियों को और लेडीज टीचर्स को प्स्य्चिकालय हरष करने के जुर्म मैं अंदर करवाईये और उन सभी टीचर्स को ृस्तिकत कीजिये और अब मुझे दुबारा ये कम्पैन आणि नहीं चाहिए

फिर सब लोग वह से निकल गए

अंकित ने नेहा और मोनिका को कारन के साथ भेज दिया और वो पंहुचा आयुष के घर मतलब अपने उसी फ्लैट मैं जहा उनसे आयुष की फॅमिली को शिफ्ट करवाया था अंकित के आदमियोने रातो रत सब सेट करदिया था वह

अंकित वह आज्ञा और सुरेश और सारिका ने उसका स्वागत किया आयुष अभी स्कूल मैं था

सुरेश : अरे अंकित आओ आओ बैठो

फिर अंकित सारिका और सुरेश तीनो मिल कर बैठ गए

अंकित : मुझे सारिका आंटी से बात करनी है

सारिका : है बोलना

अंकित : देखिये अंकल आंटी मैं जनता हु की आयुष ने आंटी को अपना लिया है

सारिका : जा अरे अंकित कल मेरा बच्चा मेरे साथ मेरे सीने से लग कर सोया था अंकित तुमने मुझे मेरा बीटा लौटा कर दुनिया भर की खुसी देदी है

अंकित : क्या आप उसके मन में अपने लिए बेपनाह प्यार भरना चाहती है

सुरेश : मतलब

अंकित : देखिये अंकल बुरा मत मन्ना बूत आयुष अभी 8 क्लास मैं है और उसका मन एक जगह ठहरता नहीं है तो उसके मन मैं सारिका आंटी केलिए फिरसे सौतेली माँ वाला ख्याल आने के पुरे चांस है

सारिका : तो अब क्या करे

अंकित : अभी मैं जो बोलूंगा उससे पहले ये बताईये की मुझ पर भरोषा है

सुरेश : आज की तारिक मैं बाद तुम पे hi भरोषा है

अंकित : तो मैं ये कहता हु की सारिका आंटी और आयुष जिस्म से भी एक होजाये.

सुरेश : क्या कह रहे हो

अंकित : अंकल देखिये जनता हु की ये आपके लिए गलत है बूत बात को समझ इये आयुष अभी भले hi ये कह दे वो सारिका आंटी को अपनी माँ मंटा है बूत उसके मन में आंटी केलिए किसी ने फिरसे नफरत भरदी तो

सुरेश : पर आयुष इतना तो समझदार है

अंकित : मैं जनता हु बूत अभी आयुष को सारिका आंटी को अपनाये सिर्फ एक hi दिन हुवा है मैं कहता हु आयुष को ये एहसास हो की उसकी ये माँ उसे इतना प्यार करती है की उसने उसे मन और डिल के साथ साथ अपना जिस्म भी सूप दिया है और तब आयुष के मन में ये सौतेली माँ वाला ख्याल डालना नामुमकिन होगा आंटी अगर आप तैयार है तो मैं आज से प्लान पर काम सुहरु करदु

सुरेश : ठीक है सारिका तुम तैयार हो

सारिका ( मन में) : अंकित थैंक यू तुमने आज मेरी चुदाई की इच्छा पूरी करदी आयुष के पापा तो पि कर लुढ़क जाते है मैं प्यासी रहजाती हु और उपरसे आयुष मोटा लूँ हाय उसका 6 इंच का लुंड लेकर तो मैं तृप्त होजाऊंगी ऊपर से मेरा बच्चा हंमेशा मुझसे प्यार करेगा हाय एक साथ कितनी खुसी देदी अंकित एक माँ की दवा है कभी भी तुम्हे माँ की कमी इस दुनिया मैं महसूस न हो

अंकित : आंटी बताईये आप तैयार है

सारिका : आयुष केलिए तो मेरा सब कुछ हाज़िर है मैं तैयार हु

सुरेश : वैसे आज मुझे ऑफिस से काम मिल गया है अंकित सुक्रिया आज से एक महीना नाईट शिफ्ट करनी है और फिर हंमेशा केलिए डे मैं

अंकित : अब मैं चलता हु और आंटी मैं फ़ोन करूँगा बाद मैं ठीक है की कैसे सब कुछ करना है

सारिका : है ठीक है

फिर अंकित घर आज्ञा

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
सुक्रिया बीआरओ अपने इस स्टोरी को रीड किया और समझा

बूत बीआरओ मैंने उपदटेस मैं लिखा है की मेरी स्टोरी मैं मैंने लॉजिक की अच्छी खासी मरी है

और अपने कहा की सेक्स स्टोरी मैं सेक्स सन मैं थोड़ा काम करना बनता है बूत बीआरओ सेक्स सन केलिए मेरे पास प्रिवेसी भी होनी चाहिए और टाइम भी जिसकी मेरे पास कमी है नहीं तो मैं दफनेटली इस पर ज्यादा काम करता

बाकि अपने अपने विचार इस पर रखे इस लिए मैं आपका दिल से सुक्रिया ऐडा करता हु

अपने एक हम्बल पर्सन की तरह कमेंट किया है सो थैंक्स बडी

मैंने अपनी स्टोरी पर ऐसे बहुत देखे जो सीधा मुँह पर बोलते है की स्टोरी एक दम वाहियाद मैं पर वो ये नहीं जानते की सबकी पसंद अलग अलग होती है सच कहु तो उनके कमेंट पढ़ कर थोड़ा बुरा लगता है बूत मैं कोई खास ध्यान नहीं देता

मेरी स्टोरी बहुत लोगो को पसंद है जिनके कमेंट मुझे सूर्य लिखने की प्रेरणा देते है

थैंक्स फॉर योर रिव्यु मन
 
अपडेट 123

सुबह हुयी और अंकित बिलकुल फ्रेश फइलल कर रहा था उसे पता था की आयुष और सारिका को कैसे एक करना है

अंकित रेडी हुवा और नास्ता करने निचे आज्ञा

अंकित : माँ नास्ता देदो प्लीज

मनीषा : ला रही हु बेबी एक मिनट

नेहा : वैसे भाई स्कूल का क्या सोचा है क्यों अब हमे वह एक नया प्रिंसिपल अपॉइंट करना है

अंकित : आपको hi बना देते है वैसे भी आप स्कूल बढ़िया संभाल सकती है

नेहा : अगर मेरी मनो तो मुझे नहीं बल्कि वह के वाइज प्रिंसिपल को हो प्रिंसिपल बनाओ वो मुझसे ज्यादा काबिल है

अंकित : वो कोण है

नेहा : उनका नाम है आदित्य शिंग वो अपने काम को लेकर बहुत पैशनेट है और वो मुझसे ज्यादा काबिल भी है उनकी आगे है 45 के अस्स पास होगी

अंकित : ok और एक बात कहु वो स्कूल आपकी अंदर है आप वह अपने हिसाब से बदलाव कर सकती है तो समझ गाइना

नेहा : है समझ गयी मतलब मैं किसी को भी कोई भी पोस्ट पर अपॉइट कर सकती हु

अंकित : सही पकडे है वाओ माँ ये पाइनएप्पल सच मैं बहुत टेस्टी है

तन्वी : है निशा दीदी ने खास तेरे लिए एक दम फ्रेश फ्रूट मंगवाए है

निशा : है अब मेरी तारीफ होगयी हो तो अब जल्दी नास्ता करो और रेडी होजाओ

अंकित : वो क्यों

निशा : बेतु आपकी शादी है आपको तो कुछ नहीं करना बूत हम लेडीज को शॉपिंग तो करनी पडेगीना

अंकित : ओह्ह ठीक है मोनिका दीदी आज कॉलेज नहीं आरहा एक काम कम्पलीट करना है मुझे

मोनिका : भाई कॉलेज बहुत ज्यादा मिस कर रहे हो आज चलो वैसे भी आज हाफ डे है

अंकित : ठीक है चलो

फिर ये दोनों कॉलेज निकल जाते है और तिया स्कूल और नेहा भी स्कूल चली जाती है तिया के साथ क्यों की तिया भी तो उसी स्कूल मैं थी

फिर अंकित और मोनिका कॉलेज पहुंच गए और क्लास करते रहे उसके बाद अंकित करने बोल्डट है की उसे काम है इसीलिए वो मोनिका को ड्राप करदे और मोनिका भी चली जाती है

फिर अंकित आयुष के स्कूल पहुँचता है और नेहा को पता था की अंकित आज आयुष को लेने आएगा

अंकित : होई आयुष कैसे हो बडी

आयुष : ी ऍम फाइन भैया

अंकित : आजा

फिर ये दोनों कार मैं बैठ गए

अंकित : आयुष एक बात पुछु

आयुष : है भैया पूछिए

अंकित : तुम अपनी माँ सारिका से अब प्यार करते हो या नहीं

आयुष : है करता हु मैं समझ आज्ञा की मैं गलत था

अंकित : वैसे क्या तुम उन्हें हद से ज्यादा प्यार करना चाहोगे

आयुष : भैया मैं उन्हें प्यार करता हु अगर मुझे ये बात साबित करने का एक मौका मिले तो मैं पीछे नहीं हटूंगा

अंकित : एक रास्ता है अगर तुम कहोतो

आयुष : वो क्या भैया

अंकित : पहले एक बात बताओ क्या तुम उन्हें ऐसा प्यार कर पाओगे जिससे तुम्हारी माँ तुम्हारे बिना रहना पाए और न तुम उनके बिना

आयुष : यहितो करना कहता हु पर समझ नहीं आता कैसे करू

अंकित : मुझ पर भरोषा है तुम्हे

आयुष : बहुत ज्यादा

अंकित : क्या तुम उनके साथ चुदाई करना चाहोगे

आयुष : नही भैया ये क्या कह रहे हो मैं कैसे

अंकित : देखों चुदाई का मतलब समझते हो तुम देखो तुम भी अभी जवान हो रहे हो मतलब अब तुम 2 साल मैं 18 के होजाओगे

आयुष : है पता है ायरत और मर्द एक दूसरे को जिस्मानी सम्बन्ध से खुश करते है

अंकित : नहीं सिर्फ इतना hi नहीं होता चुदाई मैं एक मर्द एक ायरत के सरीर को प्यार करता है उनकी भावनाओ को समझ कर उसके जिस्म को प्यार करता है

और ये तभी मुमकिन होता है जब वो दोनों एक दूसरे को हादसे ज्यादा प्यार करते हो और भरोषा करते हो और चुदाई से बेशक प्यार बढ़ता hi बढ़ता है

आयुष सोच मैं पड़जाता है

आयुष : ठीक है पर अगर पापा को पता चला तो

अंकित : तुम्हारे पापा को मेने संभल लिया है वो कुछ नहीं कहेंगे बोलो अपनी मम्मी के साथ चुदाई करना चाहोगे

आयुष : पर मुझे कुछ आता hi कहा है

अंकित : तो मैं किस मर्ज़ की दवा हु मैं होना आज हम दोनों मिलकर छोड़ेंगे वैसे तुम्हे कोई प्रॉब्लम तो नहीं हैना अगर मैं तुम्हारी माँ के साथ चुदाई करू

आयुष : नहीं आप कर सकते है

अंकित : ok तो उतरो हम तुम्हारे नए घर पहुंच गए

फिर ये दोनों उतर कर लीफ्ट मैं चल देते है इस बिल्डिंग केटोप फ्लोर के पंत हाउस मैं

सारिका रूम का दूर खोलती है और ये दोनों अंदर चले जाती है

आयुष ने आज अपनी माँ को एक माँ के प्यार वाली के साथ चुदाई की नज़र से देखा उसे पहली बार अपने डिल मैं एक अनदेखी खुसी महसूस हुयी

सारिका : ाजो खाना ख्लो

अंकित : आंटी मैं तो खा कर आया हु आयुष जय खाना खली बाद मैं बात करते है

सारिका : अरे ऐसे कैसे चलो थोड़ा सा खालो

अंकित : नहीं आंटी आप ज्यादा फाॅर्स करेंगी तो मेरी देइत मैं चीटिंग होजायेगी अच्छा आप कॉफी पिलादो और थोड़ा जल्दी करना आज आपके बेटे के साथ साथ मैं भी हु

सारिका : है मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है चलो मैं लती हु कॉफी

आयुष और सारिका खाना खा रहे थे आज सारिका ने देखा की कैसे उसका बीटा आज एक अलग hi नज़र से उसे देख रहा था और महसूस कर सकती थी की आने वाले समय मैं आयुष और उसके बिच कितना प्यार होगा

आयुष भी अपनी माँ को देख रहा था आखिर सारिका लग भी कमा रही थी एक मस्ट पर्पल साड़ी पेनी थी जिसमे वो मस्ट दिख रही थी

फिर सब ने अपना काम कम्प्लेट किया और आगये रूम मैं

अंकित : देहो आयुष अब ऐसा करो पहले अपनी सारिका आंटी को टाइट हुग करो और आंटी आप भी दोनों एक दूसरे के सरीर को महसूस करो

सारिका की हिघ्त अच्छी थी जब की आयुष की हिघ्त सारिका के गले तक hi थी

दोनों hi एक दूसरे को जकड लेते है आयुष का मुँह सारिका के चूचियों मैं घुस जाता है और दोनों एक दूसरे के पार्ट्स को महसूस कर रहे थे

फिर दोनों अलग हुए

अंकित : केसा लगा दोनों को

सरिएक : एक अलग सा hi मज़ा था ये और एक अलग सा सुकून मिला

अंकित : आंटी अब आप और आयुष किश करो

आयुष : बूत मुझे नहीं आता

अंकित : रुको मैं करके दिखता हु फिर अंकित सारिका के पास गया

और अपने होठ सारिका के होठों से जोर दिए

दोनों hi एक दूसरे के होठों को मस्ट चूस रहे थे आयुष बड़े गौर से देख रहा था फिर वो दोनों अलग हुए

अंकित : ऐसे करते है तुम्हे बस सामने वाले के होठो को चूसना है जैसे वो तुम्हारे चूसा रही है

आयुष : है ठीक है

फिर आयुष और सारिका के होठ करीब आये दोनों की आखें मिली दोनों ने एकदूसरे की आखों मैं एकदूसरे केलिए हद से ज्यादा प्यार देखा और उनके होठों की दूरिया काम होगयी और जुड़ गए आपस मैं

आयुष : ूउम्मम्म पपुच्छ ुउउम्मा ूमममममहह ूउम्मम्म ापपूछ ूउम्मम्म पपूउछह पप्पूउस च्चीययू उम्माह्ह्ह

सारिका : उम्माह्ह्ह बीटा तुम हर चीज़ मैं उम्माह्ह्ह ऊम्मम प्पोूछह होसियार हो ूमाह्ह्ह्ह पपूउछह ूमा

आयुष : ूमा माँ ी लव यू उम्माह्ह्ह ुउउम्मा प्पोूछह उम्माह्ह्ह

सारिका : ी लव यू तू मेरे बच्चे ुउउम्माछह उम्माह्ह्ह उम्माह्ह्ह पपूछह उम्माह्ह्ह

और फिर जब दोनों की सासे उखाड़ने लगी तब दोनों अलग होगये

अंकित : हम्म आयुष मज़ा आया

आयुष : बहुत ज्यादा भैया

अंकित : हम्म अब आंटी आप आयुष की t-shirt उतरो और अपनी साड़ी का पल्लू गिरा दो और आयुष को अपने बहो मैं लेकर उसके चेहरे से लेकर उसके पेट तक किश को और आयुष को प्यार करो

सारिका ने वैसा hi किया सारिका आयुष के गलो को लगा तार चुम रही थी लग भाग उसके पुरे फेस को चूमने लगी और फिर उसके गले को चूमने लगी

आयुष मुस्ती मैं बोलै

आयुष : आठ मम्मी बहुत अच्छा लग रहा है आह्हः ऐसे hi आह्हः

सारिका : उमाठ पपूछह लीक लीक लीक उमाठ पपुच्छ ूमा उमाठ उमाठ पपूउछह

फिर सारिका आयुष की नन्ही छाती को किश करने लगी और आयुष के छोटे छोटे निप्पल्स को किश करने लगी आयुष को और मुस्ती चढ़ ने लगी

आयुष : आठ माँ आठ ऐसे hi आठ आह्हः सीई आह्हः माँ आप सच मैं बहुत अच्छी हो आह्हः ओह्ह्ह

ऐसे hi सारिका करीब 10 मं तक आयुष को प्यार करती है आयुष भी मस्ट होजाता है

जब दोनों अलग होते है तो आयुष सारिका के गालो पर किश करता है

आयुष : उमाठ ी लव यू माँ

सारिका : लव यू तू बीटा

आयुष : मुंय अब आप भैया की भी छाती को प्यार करो न

सारिका : है आओ न अंकित यहाँ

अंकित खड़ा हुवा और अपनी शर्ट का एक hi बोटों खोला की

सारिका : आवा मैं उतर देती हु

फिर सारिका अंकित के बोटों खोलने लगती है जैसे जैसे बोटों खुल रहे थे अंकित की क्लियर कट बॉडी पर से पर्दा उठ रहा था फिर शर्ट निकल गया और अंकित लेट गया आयुष के साइड मैं

आयुष भी अंकित की बॉडी देखता hi रह गया और सारिका तो मदहोश hi होने लगी

आयुष : वाओ भैया क्या बॉडी है आपकी कैसे बनायीं ये

सरिएक : है सही कहा कितना गठीला बदन है तुम्हारा अंकित कैसे किया ये

अंकित : ये तो रोज़ गयम जाने की वजह से बन गयी है

फिर सारिका अंकित को प्यार करने लगी फिर प्यार करने के बाद अलग होगये

अंकित : अब आयुष अपनी माँ के दूध को चुसो

ब्लाउज के ऊपर से hi और है अब यहाँ से आयुष सब तुम hi करो गए अब मैं बच्च मैं नहीं आऊंगा

आयुष भी सारिका के दूध को चूसने लगता है और दबाने लगता है सारिका अपना एक हाथ से आयुष के सर को सहलाने लगती है

सारिका : शाबाश बीटा पिले अपनी माँ का दूध ऐसे अह्ह्ह्ह आह्हः आठ धीरे आह्हः आह है बीटा ऐसे hi आह्हः

आयुष : सुर्र्प्प उमाठ उमाठ ऊम्मम उम्माह्ह्ह

अंकित : अब धीरे धीरे ब्लाउज को उतरो

बूत आयुष इतना पागल हो रहा था की उसने ब्लाउज फटाफट उतरदिया

सारिका : अरे बीटा आराम से मैं कही भाग नहीं जाउंगी

आयुष ने फिर ब्रा को भी उतर दिया

आयुशने देखा सारिका की गेहुए रंग की 33 साइज की चूचिया एक दम गोल और तानी हुयी

एक बार फिर आयुष टूट पड़ा सारिका की चूचियों पर

आयुष : उम्माह्ह्ह ऊम्मम सूरररपोल सुर्र्प्प ुउउम्मा ूउम्मम्म सुर्र्प्प ुउउम्म मुअम्मा आपकी चूचिया कितनी नरम है मैं रोज़ खेलूंगा इनके साथ

सारिका : है बीटा खेल लेना आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह

अंकित : बस अब खड़े होजाओ और आयुष सारिका आंटी की साड़ी उतरो

आयुष ने सारिका की साड़ी निकल दी और फिर पेटीकोट का नैरा भी खोल दिया और अब सारिका एक दम नंगी थी उसकी गेहुए रंग की छूट छूट रास से चमक रही थी

फिर अंकित ने सारिका को लेटाया

अंकित : आयुष सारिका की छूट को छतो चुसो

आयुष : पर भैया वो तो गन्दी होती है

अंकित : चुदाई मैं कुछ भी गन्दा नहीं होता

आयुष : ठीक है

फिर आयुष अपनी जीब से सारिका की छूट को चाटने लगता है

सारिका : है बीटा चाट अपनी माँ की छूट को आठ हां ऐसे hi आह्हः है आठ आह्ह्ह्ज

अब आयुष को भी मज़ा आने लगा तो वो और जोश मैं चूषणे लगा

सारिका : आह्हः ऐसे hi चुसो आह्हः आयुष मेरा बचा ऐसे माँ को खुश कार्डो आजजज आह्हः

फिर सारिका झड़ने लगी

सारिका : आठ बीटा मैं झाड़ रही हुऊ ाःह पिजा मेरे पानी को आह्हः

अब तो आयुष भी सेक्स के नशे मैं था वो पूरा पानी चाट कर गया

सारिका हाफ रही थी

अंकित : आयुष केसा लगा चुतरस

आयुष : मज़ा आज्ञा पीकर बहुत टेस्टी था

ये सुन कर सारिका मुस्कुरा देती है

अंकित : सारिका अब आप लेट जाईये अब आपका बीटा आपको छोड़ेगा

सारिका : रुको पहले इसकी पेण्ट उतर कर गिला तो करदु

फिर सारिका ने आयुष का पेण्ट खोल दिया और उतर दिया अंडरवियर भी अंकित ने देखा की आयुष का लुंड भी 6.5 इंच का है जो की एक नार्मल साइज से थोड़ा बड़ा है

फिर सारिका ने एक बार मुँह मैं लेकर उसे गिला किया आयुष को ऐसे और मस्ती चढ़ गयी

फिर सारिका लेट गयी टंगे फैला के

अब अंकित भी उसके बाजु मैं आज्ञा

अंकित : सारिका इसके लुंड को अपने छूट के छेद पर सेट को

सारिका ने वैसा hi किया उसने अपनी छूट पर आयुष के लुंड को सेट किया

अंकित : आयुष अब एक झटका मारो

आयुष ने हॉर्स झटका मारा तो उसका आधा लुंड अंदर घुश गया उसे थोड़ा दर्द हुवा क्यों की उसके लुंड की सील भी खुली थी और सारिका को भी थोड़ा दर्द हुवा क्यों की सुरेश उसे छोड़ता तो था hi बूत उसका लुंड ठीक से खड़ा नहीं होता था इसी लिए वो सारिका की छूट को ज्यादा फैला नहीं पाया

और आयुष : आह्हः माँ आह ऐसा लग रहा है की मेरा लुंड किसी बत्ती मैं है आह्हः

असारिएक : अह्ह्ह बीटा तुमने बिलकुल ठीक किया है शाब्बाश आह्ह्ह्हह्ह आठ

अंकित : आयुष अब एक बार अपना लुंड बहार खींचो और पूरी ताक़त से झटका मारो

आयुष ने अपना लुंड बहार खींचा रो उसे थोड़ा नहीं सा खून दिकः बूत उसने परवाह किये बिना एक और तगड़ा झटका मारा तो उसका लुंड आसानी से सारिका की छूट मैं घुस गया

आयुष : आह्हः अब तो और गरम लग रहा है आह्हः आह्ह्ह्हह्ह सीई

और आयुष सारिका को हग करलेता है सारिका उसके सर को सहलाती है

सारिका : आठ बीटा बस होगया अब थोड़ा रुक जा

थोड़ी देर रुकने के बाद आयुष खड़ा हुवा

अंकित : धीरे धीरे अंदर बहार करो

आयुष : आठ माँ आपको केसा लग रहा है आह्हः आपका बीटा आपको छोड़ रहा है

सारिका : आठ मत पूछो बीटा बस छोड़ो अपनी इस माँ को

आयुष : आह्हः आह्हः माँ अहहह आठ चूड़ी मुझे आठ चूड़ो मुझसे ओह्ह्ह यस आह्हः

सारिका : आह्हः बीटा ऐसे छोड़ो मुझे आठ तुम बहुत अच्छी कर रहे हो आह्हः आह्हः यस यस अह्ह्ह आठ फ़क यस यस अहहह यस यस आठ

आयुष : आह्हः फ़क यस यस यस यस

इन दोनों का सन देख कर यहाँ अंकित भाई का खड़ा होने लगा था

सारिका : आठ बीटा यस यस आह्हः मैं आ रही हु आह्हः आठ यस और आयुशने भी थोड़ी स्पीड बढ़ा दी

सारिका : आठ हां हहहह अहहह यस यस यस आह्हः यहाँ आ बीटा आठ

आयुष : आठ मम्मी मुझे लगता है मैं मिटने वाला हु आह्हः

सारिका : यहाँ आजा मेरा बचा आह्हः आह्ह्ह्ह आह्हः एस्शह्ह्हह्ह आठ

आयुष : aahhhhhhhhhhh मुम्मा अह्ह्ह्ह

अंकित आयुष की टाइमिंग देख कर दांग था क्यों की आयुष का पहली बार hi 10 मं तक चला था

फिर वो दोनों अलग हुए बूत सारिका इतनी जल्दी कहा ठंडी होने वाली थी

सारिका : आयुष बीटा तुमने पहली hi बार मैं बहुत अच्छा किया बूत मैं अभी भी ठंडी नहीं हुयी हु बूत तुम टेंशन मत लो दूसरी बार तुम भी ज्यादा टीको गए पहली बार मैं ऐसा होता है आठ मेरी प्यास आठ अंकित प्लीज छोड़ो मुझे बुझा दो मेरी प्यास

अंकित : अभी लो आंटी

अंकित ने अपना बेल्ट खोला और अपना पेण्ट निकल दिया और अपना अंडरवियर भी निकल दिया अंकित का लुंड देख कर तो आयुष और सारिका का मुँह खुला का खुला रह गया

सारिका : बाप रे ये क्या है ये फाड़ देगा मेरी पर मज़ा भी उतना hi आएगा

आयुष : भैया आपका इतना बड़ा कैसे मेरा तो छोटा है

अंकित : आयुष सबके अलग अलग साइज का होता है

आयुष : मेरा छोटा है

अंकित : नहीं तुम्हारे और तुम्हारी माँ के हिसाब से ये एक परफेक्ट साइज का है अब चलो सारिका जी अब जरा छूट को धोकर आओ

आयुष : भैया यहाँ से खून निकल

अंकित : अब निकलेगा आयुष तुम टेंशन मत लो

फिर सारिका अपनी छूट धोके आयी अंकित ने अपना सूपड़ा सेट किया और एक जोर का झटका मारा अंकित का लुंड 6 इंच लग तो घुश गया बूत सारिका दर्द से तड़प उठी क्यों की अंकित का लुंड मोटाई मैं एक इंच ज्यादा था आयुष के मुकाबले

सारिका : आह्ह्ह्ह रुको अंकिततत आह्हः दर्द हो रह है मुझे आह्ह्ह्हह्ह

अंकित : सॉरी आंटी ये लास्ट टाइम

अंकित ने अपना लुंड बहार खींचा और जोर से दूसरा झटका मारा तो उसका लुंड सारिका की बच्चे दानी मैं जा लगा

सारिका : आह्हः अंकित आह्हः मुझे अभूत दर्द हो रहा है प्लीज n8akl लो आअह्हह्ह्ह्हह

इस बार खून सारिका की छूट से निकला था

अंकित : अब मज़े करो आंटी यस आह्हः आठ आठ यस यस यस आह्हः आह्ह्ह्ह आठ

सारिका : अह्ह्ह ांकित आठ ऐसे आठ तुम तो मुझे और मज़ा दे रहे हो आह्हः आह्ह्ह्ह फ़क यस यस यस यस यस आठ

अंकित : आंटी आपकी भी छूट बहुत ज्यादा टाइट है

सारिका : आठ यस यस यस आयुष बीटा देख कैसे तेरी मम्मी चुद रही है आह्हः आह्हः यस यस

अंकित : आठ आयुष ऐसे छोड़ते है ायरत को आठ ऐसे hi आंटी आह्हः अब आपको कभी चुदाई केलिए सोचना नहीं पड़ेगा आह्ह्ह्ह

ये सब देख कर आयुष का लुंड फिर से हरकत मैं आने लगा वो मुठ मरने लगा जो की सारिका देख लेती है

सारिका : आयुष मेरा बचा यहाँ आजा मुझे अपना लुंड चूसा आठ अंकित आह्हः आह्ह्ह्हह्ह आह्हः मर डाला आठ ोूगगग ुग्ग्गूग्गूगु

और आयुष अपणु माँ के पास आगे और उसके मुँह मैं लुंड दे दिया

आयुष : आठ मम्मी कितना मस्ट चुस्ती हो आह्हः ऐसे hi आह्ह्ह्ह

अंकित : अंकित ने 30 मं सारिका को अच्छे से निचोड़ लिया आयुष ने भी इस बार 17 मं तक खुद को रोके रखा और सारिका को अपना लुन्द्रास पीला दिया

सारिका : अह्ह्ह बीटा तेरा रास तो बहुत टेस्टी है अंकित तुम अंदर hi झड़ना आठ आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह मैंनं आयईईई आहहहहहजझाआहाहठ्ह

अंकित : आह्हः मैं भी aaahhhhhhhhhhhhhhh aahhhhhhhhhhh

फिर रूम मैं चुदाई का घमासान संत हुवा

फिर तीनो फ्रेश होगये

अंकित : आयुष मज़ा आया

आयुष : है भैया बहुत मज़ा आया थैंक यू अब मैं माँ को पुरदीन प्यार करूँगा क्यों मो मुझे प्यार करने डौगी न

सारिका : बीटा अब मैं जब रोज़ तेरे पापा के चले जाने के बाद नंगी hi रहूंगी जब तू आजायेगा तब हम दोनों पूरा दिन मज़े करेंगे बूत पापा के आने के बाद कोई भी ऐसी वैसी हरकत मत करना

अंकित : तुम लोग कहो तो अंकल के आने के बाद भी मज़े कर सकते हो वो कुछ नहीं बोलेंगे

सारिका : सच तोतो और मज़ा आएगा

अंकित ( मन में) : वो क्यों बोलेगा उसे भी ऑफिस मैं एक के साथ सेट करवा दिया है वही मज़े करेगा

सारिका : अंकित थक यू

अंकित : कोई बात नहीं अब मैं चलता हु और है भरपूर प्यार करना और आयुष एक बात कभी भी अपनी माँ से जबरदस्ती मत करना और हमेशा अपनी माँ का सामान करना और पढाई पर भी ध्यान देना

आयुष : बिलकुल भैया थैंक्स यू

फिर अंकित निकल जाता है और पहुँचता है आर्यन के घर पर रस्ते मैं उसे एक मश्ग आता है तो वो तुरत आर्यन के घर पहुंच जाता है

अंकित घर का लॉक खोल कर एंटर करता है (रागिनी ने एक्सरे कभी दे राखी है अंकित को) और रूम मैं जेक देखता है तो चौक जाता है

अंदर रागिनी और बीएड पर लेती हुयी थी और आर्यन जोरसे चोदे जा रहा था और आर्यन की बहन जानवी रागिनी के एक दूध को चूस रही थी ये देख कर संकित भी समझ जाता है की आर्यन ने उसे यहाँ क्यों बुलाया

अब देखते है क्या होता है यहाँ

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
बीआरओ किसी भी चीज़ का एन्ड तो होता hi हैना बीआरओ अब अगर ट्विस्ट दे दिया तो स्टोरी लम्बी होती hi रहेगी

मेरे पास इतने ट्विस्ट भी तो नहीं है न बीआरओ

बूत अभी अंकित का अपनी बहनो के साथ और माओ के साथ सेक्स बाकि है आपको मज़ा आएगा बीआरओ वो सन पढ़ने मैं

अभी थोड़ा बिजी हु नहीं तो अब तक तो स्टोरी कम्प्लेट हो चुकी होती

वेल जल्द hi अपडेट दे ता हु

थैंक्स बडी
 
अपडेट 124

जैसा की आपने देखा की पिछले अपडेट मैं आर्यन रागिनी को लगातार पेल रहा था और आर्यन की बहन जहान्वी रागिनी का दूध चिश रही थी

अब आगे

अंकित तो देख कर शॉक होगया पर उसे भी थोड़ा सेक्स का सुरूर चढ़ने लग

अंकित : वह क्या बात है ऐसा सन बहुत काम देखने को मिलता है

आर्यन : है वो माँ की इन्चा थे की तू और मैं मिल के चोदे इन्हे

अंकित ने देखा की जहान्वी अपने आपको चादर से ढकने की कोसिस कर रही है

अंकित : अरे जहान्वी डरो मत मैं उनलोगो मैं से नहीं हु जैसा तुम सोच रही हो वही तो अपनी माँ से पूछ लो

रागिनी : आठ बीटा सही बोल रहा है वो अब शर्माना चोर और आजा मज़े कर आह्हः अंकित यहाँ आजा बीटा और कपडे निकल दे

अंकित ने वही किया और नंगा बीएड पर आज्ञा

आर्यन : माँ मैं जहान्वी दी को छोड़ता हु अंकित तू यहाँ आजा

अंकित : है अभी लो

फिर दोनों ने अपनी जगह की और पेलने लगे

अंकित : अह्ह्ह आंटी काफी वक़त बाद आज आपकी छूट मिली है आह्हः आठ आह्हः आह्हः यस यस यस

रागिनी : आह्हः ओह्ह है बीटा तो आज फिर से जी भर के छोड़ ले मुझे आह्हः आह्ह्ह्ह आठ

अंकित : आह्हः यस आंटी ये साह आह्हः आठ आठ यस फ़क

जहान्वी : ूमम है भाई जोर से छोड़ मुझे आह्हः अरु आठ यस आह्हः यस यस फ़क में हर्डर ज्येष्ठ आह्हः

आर्यन : यस दीदी he's फ़क फ़क यस यस यस यस आह्हः फ़क यस याहहह आठ फ़क यस आह्हः

अंकित : आह्हः आंटी जहान्वी दी इसमें कैसे शामिल हुयी

रागिनी : आह्हः बस उसने हमे देख लिया और वो खुद भी अब जवान है तो उसने भी ज्वाइन करलिया बाकि का तू समझ जा आठ और जोरसे मारर आह्ह्ह्ह आठ

अंकित : आह्हः यस यस यस आह्ह्ह्ह फ़क यस आह्हः आह्हः

आर्यन के लगातार झको से जहान्वी जहर गयी और साइड होगयी

आर्यन : अंकित सैंडविच पोसिसों मैं करे क्या

रागिनी : पूछ क्या रहा है दाल दे मेरी गांड मैं लुंड

अंकित : है जल्दी कर आह्हः अह्ह्ह आंटी आप सच मैं हर बार खुश करदेती हो

फिर आर्यन निचे लेता और रागिनी उसके ऊपर लेती थी और आर्यन ने उसकी गांड मैं लुंड दाल दिया और अंकित उसक8 छूट बजा रहा था

अंकित : आठ यस यस आंटी फ़क फ़क फ़क यस

रागिनी : आह्हः आह्ह्ह्ह शाबाश मेरे मदर छोड़ बेटो मज़ा लो आह्हः यस यस आह्ह्ह्ह जोर से मारो आह्हः

आर्यन : यस यस यस यस mo.m आठ आह्हः

ऐसे hi इनकी चुदाई 30 मं तक चली फिर उसके बाद 4रो ठन्डे पद गए

फिर सबलोग बहार आगये और हॉल मैं बैठ गए

अंकित : आंटी आर्यन तो बोल रहा था की वो उसकी बुआ के घर जाने वाला है

रागिनी : र उसे मेरी आदत पद गयी है इसी लिए वो नहीं गया बूत जहान्वी को हमपे शक हुवा इसी लिए वो रुक गयी और जब हम दोनों चुदाई कर रहे थे तब ये देख गयी पहले तो मैडम बड़े नखरे कर रही थी बाद मैं छूट की खुजली इसे खींच hi लायी

अंकित : हम्म्म क्या बात है अरु अब तेरे तो मजे है अच्छा अब मैं चलता हु

रागिनी : आते रहना बीटा

अंकित : जी आंटी

फिर अंकित निकल गया

और घर पंहुचा

बाकि का दिन और कुछ नहीं हुवा लेडीज की शॉपिंग हुयी और कुछ नहीं ऐसे hi दिनन बीत ने लगे आखिर कर अंकित की शादी ऋतुअल्स शर्त होने वाली थी परसो से सब लोग तैयारी मैं लग गए थे और

यहाँ मनीषा की ठाकुर फॅमिली भी आचुकी थी और मल्होत्रा की भी आकाश ने एक अपना सबसे बड़ा होटल 5 दिनों केलिए बुक करलिया था और आज सबको वह जाना था और होटल एक गाओ के पास था उस होटल्स मैं 70 % वर्कर्स उसी गाओ के थे ये आकाश का hi आईडिया था आकाश ऐसे hi इतना नाम कमा कर नहीं बैठा था उसने हंमेशा दुसरो का भला किया था फिर वो भले hi केसा भी हो और आकाश ने यहाँ के गायन वालो केलिए बहुत कुछ किया था जैसे हॉस्पिटल खोला था और स्कूल बनवाये सड़क केलिए कॉन्ट्रैक्ट साइन करवाए

और नई रावल मेंशन भी बिलकुल रेडी था तो शादी के तुरंत बाद सबलोग पहले आकाश के आइलैंड जाने वाले थे क्यों की वही अंकित की सभी बहनो की शादी होने वाली थी थें उसके बाद वह से सीधा नई रावल मेंशन मैं शिफ्ट होने वाले थे उनका सारा सामान वही शिफ्ट होगया था

और कार्स भी मतलब सबकुछ हो चूका था अब रावल फॅमिली को बस वह जाने की देरी थी

मतलब आज इनका पुराने मेंशन मई लास्ट डे था

सब लोग बहुत इमोशनल हो रहे थे आखिर हो भी क्यों न पुराण घर चूर्ण किसिस केलिए आसान नहीं होता खैर फिर सब लोग होटल निकल गए रक्षा एंड फॅमिली भी वही आचुकी थी

लड़के वाले और लड़की वालो के ारेंगेमेन्ट अच्छी होगया था

फिर सब लोग होटल पहुंच गए

वह सभी का स्वागत बहुत अच्छी तरह किया गया

फिर सबलोग होटल के हॉल मैं आगये

विनोद : आकाश जी आपका स्वागत है आपको हमारी मेहमान नवाज़ी किसी लगी

आकाश : विनोद जी आपने बहुत अच्छा डेकोरेशन किया है हमे बहुत पसंद आया

विनोद : ये होना hi था आखिर दोनों परिवार की इज़्ज़त है मार्किट मैं भी और सोसाइटी मैं भी

आकाश : हां सही कहा

आरती : हमने अपनी और से पूरी तैयारी की है और हमे खुसी है की आपको पसंद आयी हमे तो दर था की कही कोई कमी न रह जाये

निशा : अरे कोई कमी नहीं रही और अंकित हमारा एकलोता बीटा है हम भी चाहते थे की हमरे बेटे की शादी एक ग्रैंड वेडिंग हो और ये सब उसी के हिसाब से हो और वही हो रहा है तो अब टेंशन छोड़िये और बच्चो की शादी को एन्जॉय कीजिये

आकाश : अरे निशा अंकित कहा है

निशा : अरे वो आर्यन और कारन के साथ होगा मैंने बोलै था की अंकित को अच्छी रेडी करवाना वैसे रक्षा भी दिख नहीं रही

आरती : है वो अपने मां की बेटियों के साथ ऊपर होंगी आप सब लोग फ्रेश हो जाईये फिर आप सब को हमारे रिलेटिव से मिलवाते है

फिर सब लोग अपने अपने रूम मैं चले गए

थोड़ी देर बाद सबलोग निचे आगये डिनर केलिए

और फिर आकाश और विनोद बाते करने लगे

विनोद : आकाश जी आईये मैं आपको अपने सेल साहब से मिलवाया हु

आकाश : है चलिए

फिर ये दोनों वह गए जहा विनोद के सरूर लोग थे

विनोद : आकाश जी इनसे मिलिए ये है मेरे ससुर जी मर. रजत खुराना ये मेरे बड़े सेल साहब धर्मेश और ये छोटे सेल साहब जतिन ये भी गोल्ड के जाने मने बिजनेसमैन है और पापा जी सेल साहब ये है

धर्मेश : अरे इन्हे कोण नहीं जनता मर थे बिज़नेस टाइकून आकाश रावल नीस तो मीट यू

आकाश : मी तू और अंकल नाश्ते

रजत : नमशते आकाश जी दामाद जी सच में आपने अपनी बेटी केलिए बढ़िया खानदान पसंद किया है

यहाँ शामे चीज़ निशा और मनीषा के साथ भी होती है आरती भी उन्हें अपने मायके वालो से मिलवाती है

फिर सबलोग डिनर करने चले जाते है और फिर सबलोग अपने अपने रूम मैं

आकाश : मनीषा अंकित कहा है वो आया नहीं अभी तक यहाँ नहीं आया

मनीषा : है उसने फ़ोन किया था की उसे तैयार होने केलिए वक़त लगेगा इसीलिए वो कल यहाँ पहुंच जायेंगे आप चिंता मत करिये

आकाश : पर वो रहेगा कहा

निशा : वो कारन के घर गया है और कल आजायेगा वही से hi

आकाश : पर उसके पास गाड़ी भी नहीं है गया तब भी कारन की hi कार मैं गया था

तन्वी : तो कारन की hi कार मैं आजायेगा टेंशन मत लीजिये और सो जाईये

फिर ये चारो सो गए और सबके सब भी सो गए

यहाँ थोड़ा छोटासा और लास्ट टाइम इंट्रो दे देता हु इस स्टोरी के कैरेक्टर यहाँ ख़तम होते है

इंट्रो

मर रजत खुराना : आगे 70 इयर्स इनका कोई खास रोले नहीं है ये रक्षा के नाना है

मरस राजश्री रजत खुराना : आगे 68

ये है रक्षा की नानी. इनका भी कोई खास रोले नहीं है

मर धर्मेश खुराना : आगे 46 इयर्स एक सुलझे हुए इन्शान दिल के ा छे और अपने पिता के उसूलो कर चलने वाले अपने माता पिता का सम्मान करने वाले और अपनी बीवी को प्यार करने वाले बूत सेक्स नहीं करपाते उतना अच्छा इनका भी कोई खास रोले नहीं है

करुणा धर्मेश खुराना : आगे 43 इयर्स ये भी एक सुलजी हुहि महिला अपने सास और ससुर की हर हुकुम आँख बांध करके मानती है और पतिका भी बूत एक चीज़ मैं ये आउट ऑफ़ कण्ट्रोल होजाती है चुदाई मैं और किस्मे जिससे धर्मेश बीएड पर करुणा का सामना नहीं कर पता

जतिन खुराना : आगे 42 इयर्स ये भी दिल के ा छे इन्शान है अपने बड़े भाई की बहुत इज़्ज़त करते है बिजनेसमैन लाइफ मैं अपने बड़े भाई को काम तकलीफ देता है बाकि सरे काम ये पर्फेक्ट्ली हेंडल करता है ये सेक्स मैं अपनी बीवी को अच्छी टक्कर देता है बूत इसकी बीवी के तो hi कहने चली उन्ही के इंट्रो मैं देखते है

पूनम जतिन खुराना : आगे है 40 इयर्स एक नंबर की चालू ायरत ये अपना काम किसी से भी निकल आने केलिए सीधा अपना जिस्म hi उसे करती है और हवस तो नजाने कितनी भरी है इसके अंदर अगर कोई नहीं मिला तो ये अपनी बेटी और बेटे के साथ अपनी हवस शांत करती है अपने बेटे बेटी को भी इसने चुदाई का चस्का लगा hi दिया घर में भी हंमेशा इसका नाटक रहता है है घर मैं महारानी की तरह रहती है बूत जतिन के दर से कुछ कुछ काम करती भी है अपनी बेटी को शादी केलिए अरुणा से अच्छा लड़का मिले यही इच्छा है और बेटे को अनीश से अच्छी और खूबसूरत बीवी मिले यही कामना है इसकी बाकि जो चीज़ इसे अच्छी लगती है उसपर अपना हक़ जमती जरूर है

धर्मेश की एक बीटा और एक बेटी है नाम है

अरुणा धर्मेश खुराना : आगे है 24 इयर्स एक दम सुशिल लड़की गुणवान इसकेलिए लड़के की खोज जारी है दिखने मैं खूबसूरत गोरी और परफेक्ट फिगर है

अनीश : आगे 23 इयर्स एक होसियार और इंनोसाटे लड़का बचपन से hi अपने बाप का अपने दादाजी केलिए बेहेवियर देखता आया है जिससे वो भी वैसा hi है एक दम सीधा सदा लड़का फिलहाल बोस्टन यूनिवर्सिटी मैं ब मास्टर्स कर रहा है बूत शादी मैं आया है इसने स्कूल मैं हंमेशा अपने बाप का नाम रोशन किया है

और जतिन का एक बीटा और एक बेटी है

पूजा जतिन खुराना : आगे 20 इयर्स लगभग रक्षा के बराबर अपनी माँ की hi तरह चालू गुसैल अपनी अरुणा से किसी न किसी बात पर झगड़ा करती है और रक्षा से भी पर झगड़ा करने के बाद सब को दिखने केलिए सब भूल भी जाती है अरुणा से और रक्षा से खड़ा इसी लिए होता है क्यों की दोनों hi इससे सूंदर है बूत सूंदर तो ये भी है बूत रक्षा और अरुणा से काम

जीत जतिन खुराना : आगे 19 साल अंकित के बराबर एक नंबर का बिगड़ा हुवा लड़कीओ को ब्लैकमेल करना उन्हें ह्रास करना यही काम है इसका आज तक 3 लड़कियों को छोड़ा है बूत वो लड़की hi चालू थी और 3 मैं से एक कोई और नहीं पूजा थी और 4या 5 अधेड़ उम्र की अओर्तो को छोड़ा है जिनमे से एक उसकी माँ पूनम है और बाकि की पूनम की उसके जैसी hi सहेली थी

अरुणा को और अपनी तैमा को हंमेशा हवस भरी नज़र से देखता है और ये 30 + अओर्तो का सौकीन है पढाई मैं पीछे है जिसके चलते जतिन इसकी सर्विस करता hi रहता है कभी मार कर तो कभी दांत कर और ये अपने भाई अनीश को ज्यादा पसंद नहीं करता क्यों की जतिन हंमेशा दोनों को कम्पेरे करता है

अब देखते है जब पूनम और पूजा की नजर जब अंकित पर पड़ेगी तो क्या क्या धमाल होता है और जब जीत की नज़र रावल फॅमिली की अओर्तो पर पढ़ती है तब क्या होता है

अपडेट पोस्टेड भाई लोग

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अपडेट 125

सुबह के 4 बज रहे थे और यहाँ कारन के घर आर्यन और कारन हमारे अंकित को उठा रहे थे असल मैं कार्सन की फॅमिली बहार गयी हुयी थी जो कल आने वाली घर और परसो अंकित की शादी मैं भी

वैसे कारन की फॅमिली का भी कोई खास रोले नहीं है

कारन : अरे अब उठ जा कुम्भ कारन कितना सोता है उठा यार

आर्यन : अंकित उठना भोसड़ी के तेरी शादी है हमारी नहीं जो इतनी देर तक सो रहा है हमे सुबह वह पहुंचना है

अंकित को तो कोई फर्क hi नहीं पद रहा था

अंकित : बस बे ओह्ह सोने दे न थोड़ी देर मेरे बिना कोई शादी थोड़ी होगी

कारन : ये ऐसे नहीं उठेगा अंकित बीटा रोक तू अभी बताता हु

और कारन एक बाल्टी लेकर आया और अंकित से बोलै

कारन : अंकित उठ जा वर्ण यही नेहला दूंगा

अंकित ने देखा की कारन बाल्टी लिए खड़ा है

अंकित : यी कारन नयी पानी के साथ मज़ाक नै कारन नहीं कारन नाहीईई

कारन : तो जल्दी से बाथरूम मैं घुस चल जल्दी

अंकित भी उठा और उसने देखा की कारन अभी अभी नाहा के hi निकला था उसने सिर्फ एक टोलिया लपेटा था अंकित उसे खींच के बाथरूम मैं घुस गया

और यहाँ आर्यन पेट पकड़ कर हसने लगा

कारन : चूतिये तू मेरे हाथ से पीटने वाला है अभी और गांडू तू क्या है रहा है जा जाकर सामान गाडी मैं रख वैसे hi लेट हो रहे है

फिर यहाँ कारन रेडी होता है अंकित भी नाहा कर निकलता है

अंकित अपने कपडे धुंध hi रहा था की कारन ने एक पार्सल खोला और कपडे निकले और अंकित को बोलै

कारन : ले ये पहन ले

अंकित : अरे यार अभी से ये कुरता और पायजामा

कारन : ये वाइट कुरता और ये पायजामा निशा आंटी ने भेजा था उन्होंने hi बोलै है अब चुपचाप पहले और ये ले तेरा परफ्यूम अभी थोड़ा लागले जब होटल से थोड़ी दूर होंगे न तब ज्यादा लगा लेना

अंकित : और कुछ

कारन : अब जल्दी तैयार हो

फिर ये तीनो तैयार होगई और निचे आगये जहा कारन की एक ब्लैक ग वैगन कड़ी थी

अंकित : ला बे ो के दे मुझे

कारन : नहीं आकाश अंकल का आर्डर है तुझे ड्राइव न करने दे शादी है तेरी तू बस एन्जॉय करना

अंकित : हद है यार वैसे जूही और अनन्य नहीं आने वाली क्या

आर्यन : वो पहुंच जाएँगी वह अब तू जल्दी बैठ तो हम भी दूल्हे को पहुचाडे वह

फिर ये तीनो ऐसे hi हसी मज़ाक मैं निकल पड़ते है बिच मैं एक ढाबे पर नास्ता करने केलिए रुक ते है

अंकित : तुम आर्डर दो मई. जरा हल्का होक आया

कारन : रुक मैं भी आता हु

अंकित : हद है यार अब वह भी साथ आएगा

कारन : अबे मेरे हरामी मुझे भी जाना है लगता शादी के चक्कर मैं बावला होगया है

अंकित और ये दोनों निकल जाते है आर्यन वह टेबल पर बैठता है वह एक आदमी आता है

आदमी : क्या लेंगे सर आप

आर्यन : तीन पराठे विथ दही और तीन चाय

आदमी : ok सर अभी लाया

तभी वह अंकित और कारन भी आगये और बैठ गए

और थोड़ी देर मैं इनका आर्डर भी आज्ञा और तीनो नास्ता करने लगे

कारन : अंकित वो देख वो लड़की कैसे तुझे घर कर देख रही है

आर्यन : अरे दीदी ऐसे मत देखो हमारे भाई पहले से बुक हो चुके है

ये लोग भी ज्यादा ध्यान नहीं देते और नास्ता करके निकल जाते है सुबह के 7 भेज रहे थे ये लोग उस गाओ की बॉर्डर के अंदर आगये थे

आर्यन : अंकित चल पर्फोमे लगा ले और मुँह ढोले और बाल सेट करले

अंकित कहता तो नहीं था बूत उसके दोस्तों की वजह से न नहीं कह पाया और आर्यन और कारन भी पूरा ध्यान रख रहे थे अंकित का वो भी नहीं चाहते थे की अंकित थोड़ा सा भी ऐसा वैसा लगे

यहाँ होटल मैं सब लोग हॉल मैं छोटे छोटे टेबल्स पर अपने अपने ग्रुप के साथ ब्रेकफास्ट कर रहे थे

यहाँ एक टेबल पर आकाश विनोद धर्मेश और जतिन और राज (निशा का भाई) और सूरज (मनीषा का भाई) बैठे थे

धर्मेश : अरे आकाश जी कल से यहाँ है पर हमारे दूल्हे राजा नहीं दिखे कहा है वो

जतिन : है आखिर हम भी तो मिले उनसे

आकाश : मेरी बात हुयी थी सुबह hi बस रस्ते मैं hi होगा

सूरज : है वैसे जीजू आपका ये होटल आज कल बहुत ज्यादा पॉपुलर है बड़े से बड़े पॉलिटिशंस और बिजनेसमैन का फवौरीते डेस्टिनेशन बन चूका है ये होटल

आकाश : यही तो मेरा आईडिया था की उनको यहाँ गाओ की ताज़गी का एहसास हो और ये गाओ की ताज़ी हवा उनके अंदर शादी की एक नयी उमंग भरदे और बूत मेरा सबसे बड़ा प्लान था की यहाँ के गाओ वालो को रोज़गार मिले इसी लिए ये होतुल मैंने इस लोकेशन पर बनवाया है

सूरज : और बताईये डॉ राज मल्होत्रा केसा चल रहा है आपका हॉस्पिटल

राज : बस अच्छा चल है

यहाँ मनीषा अपने मायके वालो के साथ बैठी थी मनीषा के साथ साथ मीणा (मनीषा की बड़ी बहन), संजना (सूरज की पत्नी और मनीषा की भाभी) और सरोज (मनीषा की छोटी बहन), और रजनी और जरा बैठी हुयी थी

मीणा : अरे मनु आखिर हमारा भांजा कहा है कही दिख नहीं रहा

मनीषा : अरे वो कल शादी केलिए रेडी होने गया था तो वह टाइम लग्न था तो वो अपने दोस्तों के साथ था कल रात अभी बस ों तह वे hi होगा

सरोज : है कितने दिन होगये उससे मिले क्यों संजू भाभी सही कहा न

रजनी : अब मेरा भांजा है hi इतना प्यारा

ज़रा : बोली भांजे की मसि

संजना : अरे क्यों नहीं बोलेगी आखिर हमारे लाड साहब है hi इतने प्यारे उसकी तारीफ कहा रुकने वाली है क्यों रजनी

रजनी : है बिलकुल ल ठीक कहा भाभी आपने

और यहाँ आरती के साथ निशा, करुणा, पूनम और सुमि और मेघा बैठी हुयी थी यहाँ भैस ामे बाते hi चल रही थी

और एक टेबल पर रक्षा, पूजा, अरुणा, नेहा और साक्षी थे यहाँ भी शामे बाते

और दूसरे टेबल पर मोनिका, akriti(suraj की बेटी), सुप्रिया और माहिरा (सुमि की बेतिया) बैठी हुयी थी यहाँ भी शामे hi था सब कुछ

फिर सब लोग मैं गेट पर आगये और जोर जोरदे ढोल बजने लगे आखिर दूल्हा पहुंचने वाला था

निशा : करुणा जी आप पूछ रही तहिना की अंकित कहा है लो आज्ञा

तभी वह ग वैगन एंटर हुयी और सबसे पहले आर्यन और कारन बहार निकले

पूनम : अरे इन दोनों मैं से अंकित कोण है

मनीषा : इन मैं से कोई भी नहीं है ये दोनों तो आर्यन और करे है अंकित के दोस्त

आर्यन और कारन भी स्वागत पर पूरा मज़ा उठा रहे थे दोनों नाचने लगे और गाड़ी का पिछले दूर खोला और डिज़ाइनर विहिते कुर्ते पायजामे और आखों मैं ब्लैक सुन ग्लासेज मैं जब अंकित बहार आया तो वही हुवा जिसका आपसबको अंदाज़ा था

सभी मर्द को एक चीज़ से hi जलन हो रही थी की खास उनकी बेटियों की शादी अंकित से होती

और यहाँ सभी लड़कियों का हाल बुरा था अंकित को देख कर उनकी छूटो मैं बाद आगयी थी जिनमे अंकित की बहने और रक्षा भी शामिल थी

और यहाँ करुणा पूनम और आरती संध्या और यहातक की एक बार तो निशा तन्वी और मनीषा की भी पेंटी मैं उन्हें गिला पैन लगने लगा

आखिर अंकित वाइट कुर्ते पायजामे मैं लग भी हॉट रहा था

फिर ये तीनो यहाँ आये और अंकित ने सबके पेअर छुए लेडीज जेन्स और विनोद के पेअर छुए और आकाश के पास खड़ा होगया

आकाश ने सबका रिएक्शन देखा था जब सब लोग लेडीज एंड जेन्स अंकित को घूर रहे थे उसे अपने बेटे पर गर्व हो रहा था और आकाश सोच रहा था

आकाश (मन में) : वह मेरे लाल आते hi सबका मन मोह लिया तूने आज मुझे खुद पर गर्व हो रहा है की इतना प्यारा और हैंडसम लड़का मेरा बीटा है

बैक तो थे प्रेजेंट

आकाश : बीटा कहा रह गया था रात को

अंकित : डैड वो कल सेलों मैं कुछ ज्यादा hi लेट होगया था और हम तीनो थक भी गए थे तो फिर रात मैं ड्राइव करना पॉसिबल नहीं था तो हम रुक गए थे

मनीषा : है चलो कोई बात नहीं अब जाओ और थोड़ा आराम करलो लम्बी जर्नी से आये हो

तभी संध्या आरती की थाली लेकर आयी

संध्या : अरे पहले दूल्हे की आरती तो उतरो भाभी

आरती : है सही कहा लाओ थाली दीजिये दीदी

फिर आरती ने अंकित की आरती उतरी और फिर सब लोग अंदर आगये

यहाँ रक्षा के साथ साथ सभी गर्ल्स थी

अरुणा : ए हाय रक्षा जीजा जी तो बड़े हॉट निकले मान गयी तेरी पसंद भी सच मैं नेहा तुम्हारा भाई जैसा जीवन साथी नसीब वालो को मिलता है

रक्षा बस शर्माए जा रही थी

नेहा : हाय जरा देखों तो मेरी भाभी को कैसे भैया का सुनते hi शर्माने लगी हहहहए

अरुणा भी है दी

अरुणा : वैसे जीजू से मिलवाडो तो सही

रक्षा : अभी तो आराम करने गए है बाद मैं मिल लेना वैसे ये पूजा कहा गयी कब से बोल रही थी जीजू की फोटो दिखाओ जब यहाँ जीजू खुद आगये तो ये गायब होगयी

यहाँ पूजा अपने रूम मैं आगयी जब उसने अंकित को देखा तो वो देखते hi उसकी छूट पानी से तर होगयी

और रूम मैं आते hi अपने सरे कपडे उतर दिए और जोर जोरसे अपनी छूट मैं दो उंगलिया दाल दी

पूनम : आठ अंकित आह्ह्ह्ह कितने हॉट हो तुम आह्ह्ह्ह तुम्हे देख कर hi छूट पानी बहा रही है आह्ह्ह्ह प्लीज मुझे छोड़ दो आह्ह्ह्ह मैं तुम्हारे बिना नहीं रह पाऊँगी आह्ह्ह्ह यस आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

ससससकककुररीयतट

ससससकककुररीयतट

ससससकककुररीयतट

आह्ह्ह्ह ांकितुहहभ आखिर ये रक्षा को कैसे मिल गया आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

तभी र्रोम का दूर खुला और पूजा की माँ पूनम अंदर आगयी वो भी तप रही थी

पूनम : पूजा ये क्या कर रही है

पूजा : आठ माँ अभी कुछ मत बोलो बस मुझे शांत होना है आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह

पूजा एक बार झाड़ चुकी थी बूत फिर भी उसका हाल बुरा था वो लगातार ऊँगली चला रही थी

पूनम ने भी अपनी सईद निकल फैकि और नंगी होगयी और पूजा की छूट से छूट रगड़ ने लगी

पूजा : आठ माँ अंकित कितना हॉट है आह्हः आह्ह्ह्ह आह्हः यस अंकित आह्हः आह्हः अंकित आठ

अंकित का नाम सुनकर तो पूनम भी जोश मैं आगयी

पूनम : हां अंकित साहहह सही कहा कितना हॉट है वो उसे देख कर hi मेरी छूट ने इतना पानी बहा दिया की बात मत कपुछ

पूजा : माँ अभी बात नहीं आह्हः यस यस यस आह्हः अंकित आठ फ़क मी आह्हः आह्ह्ह्ह आह्हः आह्हः

पूनम : आठ अंकित आह्हः आठ एक बार मुझे छोड़ दू आह्हः आह्हः यस यस आह्हः आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह फ़क यस आह्हः आह्हः

पूजा : यस अंकित यस ीाम कमिंग यस यस आह्हः

पूनम : मी टूक बेबी आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह आह्हः ऑर्डर

ससससकककुररीयतट

ससससकककुररीयतट

ससससकककुररीयतट

ससससकककुररीयतट

ससससकककुररीयतट

ससससकककुररीयतट

दोनों माँ बेटी बीएड पर बास्त पद गयी आज दोनों इतना झड़ी थी अंकित को याद करके की क्या hi कहे

पूनम : अंकित सच मैं बहुत अच्छा है पर रक्षा को कैसे मिल गया ये

पूजा : माँ ी वांट अंकित माँ प्लीज कुछ भी करो मुझे अंकित चाहिए मैं उसे उस कामिनी रक्षा का नहीं होने दूंगी

पूनम : चिंता मत कर बेटी अंकित सिर्फ तेरा होगा कुछ तो करुँगी मैं

पूजा : कैसे करेगी माँ उसकी शादी होने वाली है

पूनम : बेरी हम अओर्तो का जो जिस्म हैना वो हमारी कमज़ोरी नहीं हथियार है जब ये हथियार चलता है न अचे से अच्छा मर्द काबू मैं ाजायता है

फिर सबलोग इवनिंग मैं लंच केलिए निचे आते है

विनोद अंकित के पास आजाता है

विनोद : बीटा आओ मैं तुम्हे रक्षा के मां से मिलवाता

अंकित वह गया और धर्मेश और जतिन के पेअर छुए

विनोद : अंकित ये है रक्षा के बड़े मां धर्मेश और ये है जतिन रक्षा के छोटे मां

अंकित : नमस्ते मां जी कैसे हो आप

धर्मेश : वे अरे फाइन बीटा

जटिने : अंकित बेटे बॉडी तो बढ़िया बनायीं है और लग भी हीरो रहे हो

अंकित : ः थैंक्स मां जी

तभी वह आकाश आता है

आकाश : बीटा निशा बुला रही है तुझे

अंकित : क्यों क्या हुवा

आकाश : वो तो अब उसी से पूछ लेना जा जाकर मिले

फिर अंकित निशा के पास गया

अंकित : मुम्मा क्या बात है

निशा : बीटा तेरी सासु माँ तुझे उनके मायके वाली से मिलाना चाहती है

फिर निशा अंकित के हाथ को पकड़ कर वह लेगयी

निशा : आरती जी ये रहे आपके जमाई

आरती : आओ बीटा इनसे मिलो ये है रक्षा की बड़ी ममी करुणा ये छोटी ममी पूनम और ये करुणा भाभी की बेटी अरुणा और ये पूनम भाभी की बेटी पूजा

अंकित : नमस्ते मामीजी

करुणा : नमस्ते बीटा और आरती सच मैं दामाद जी तो बड़े हटके है

पूनम : है सही कहा खास मैं रक्षा की आगे की होती तो मैं जरूर शादी करलेती इनसे

आरती : अरे चलो अब रक्षा से और हमारी बेटियों से भी मिलने दो

लेडीज चली गयी और रहगये नेहा, रक्षा, पूजा, मोनिका और साक्षी, अरुणा

अरुणा अंकित के सामने आयी और हाथ आगे बफह्या

अरुणा : hello जीजू वैसे तो इंट्रोडक्शन की जरुरत तो नहीं है बूत ीाम अरुणा

अंकित : अंकित और आप जीजू न कहे सिर्फ अंकित hi कहे मैं तो आपसे आगे मैं छोटा हु

अरुणा : ok अंकित बस

अंकित : मच बेटर

पूजा तो जेक सीधा अंकित से चिपक गयी और उसके गाल पे किश किया बोलै

पूजा : वैसे बड़े हॉट हो अंकित

अंकित को hi नहीं बल्कि वह खड़े सभी को पूजा का ये अंदाज़ नेगेटिव विबे दे गया

अरुणा : पूजा ऐसे नहीं करते है जीजा के साथ

पूजा : ओह्ह कामों दी साली हु इनकी इतना रो हक़ बनता है इनपर मेरा वैसे भी साली आधी घरवाली होती है

और किश और अंकित के गाल पर चिपका दी वो और कुछ कह पति की तभी

निशा : अंकित बीटा चलो लंच रेडी है

अंकित : किंग मुम्मा दी चलो लुक केलिए

फिर सब चल देते है यहाँ अंकित आर्यन और कारन पीछे थे

आर्यन : अंकित मेरे भाई ये पूजा तो आधी नहीं पूरी घर वाली बनने के मूड मैं है

अंकित : मैं भी यही सोच रहा था बातो की आड़ मैं कई बार टच कर चुकी है ये

कारन : संभल के मेरे भाई इससे एक डिस्टेंस मेन्टेन रखना वर्ण इसके हाथ और होठ रुकने वाले नहीं है

अंकित : अभी चलो लंच करने

फिर सब लोग लंच केलिए चल देते है ये तीनो लंच hi कर रहे थे की एक लड़का वह आया

लड़का : क्या मैं यहाँ बैठ सकता हु

कारन : जी आप कोण

लड़का : अरे मैं रक्षा के धर्मेश मां का बीटा अनीश हु

और अंकित का साला भी

अंकित : अरे अनीश भैया आईये रक्षा ने बताया था आपके बारे मैं

अनीश : वैसे तुम कॉलेज मैं क्या कर रहे हो अंकित

अंकित : मैं और कारन बिज़नेस मैं है और आर्यन इंजीनियरिंग कर रहा है

अनीश : कूल सच मैं अच्छी चॉइस है

अंकित : है सही कहा

यहाँ तीनो देखते hi देखते अनीश के दोस्त बन गए और अनिशा था भी अच्छा लड़का

फिर कुछ नहीं हुवा अंकित अपने रूम मैं गया और आराम करने लगा ऐसे hi रात होगयी और डिनर के बाद सब सोने चले गए

अंकित के रूम का गेट खुला और रजनी अंदर आयी

अंकित : मसि आप यहाँ

रजनी : है मुझे पता है की तुम्हे रात को दीदी का दूध पीकर. सोने की आदत है दीदी तो नहीं आपई इसी लिए मैं आगयी

अंकित : थैंक्स और माँ ने ठीक किया यहाँ रिस्क नहीं ले सकते

फिर रजनी अंकित पास बीएड पर लेट गयी और अपनी शार्ट निघ्त्य उतर दी और एक चुकी अंकित के मुँह मैं देदी

अंकित : ुउउम्म सच मैं मसि आपकी चूचियों का भी अलग hi मज़ा है

रजनी : मेरी इतनी तारीफ कर रहा थोड़ा ध्यान अपनी ज़रा ममी पर भी दिया कर

अंकित : क्यों क्या हुवा

रजनी : मतलब अब उनसे आग बर्दास्त नहीं हो रही है वो एक डैम दार चुदाई कहती है

अंकित : कल रात को उनकी इच्छा भी पूरी करदेती है बूत अभी मुझे काश के हुग कर के सुलवा मसि

रजनी : बदमाश तू नहीं मानेगा ऊम्मम चल सजा अब

और ये दोनों सो गए

अब देखते है की सुबह शादी की रश्मो मैं क्या क्या गुल खिलते है

और पूनम और पूजा मन मैं ज़िद तो पकड़ ली बूत शायद इस बार उनका सामना उनके टक्कर वाले लड़के से होगा अब देखते है क्या क्या होता है

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अपडेट 126

सुबह हुयी और आज अंकित जल्दी उठ गया और फ्रेश हुवा

कारन : क्या बात है भाई आज जल्दी उठ गया

आर्यन : उठेगा हिना कियु की यहाँ उसकी फेव चीज़ का जो इंतज़ार है

कारन : हाय रक्षा भाभी के चक्कर मैं हमारा भाई बेकरार है

आर्यन : अबे चूतिये मैं उसकी बात नहीं कर रहा

कारन : तो किसकी बात कर रहा है बे

आर्यन : यहाँ अंकित केलिए आकाश अंकल ने उसका एक वर्कआउट & मार्टिकल आर्ट्स प्रेक्टिस गयम बनवाया है आज अंकित को उसकी hi ज्यादा एक्सिटमेंट है क्यों भाई

अंकित : सही कहा चलो

कारन : अबे अभी तो सिर्फ 6 बझे है ऐसे मैं अगर आवाज हुयी तो सब जाग जायेंगे

अंकित : सेल वो पूरा एरिया साउंड प्रूफ है

कारन : पर तुझे ट्रिन्निग की जरुरत क्या है वैसे भी 20 लोगो को तो आराम से धो देता है

अंकित : हाथ और हथियार तब तक काम के होते है जब तक उनमे ज़हाँग न लगे और मैं मेरे हाथो को जंग नहीं लगने देता

फिर ये तीनो होटल के पीछे जाते है जहा आकाश ने ये कोर्ट बनवाया है अंकित केलिए अंकित थोड़ी देर वर्क आउट करता है

फिर वह रखे ऑब्जेक्ट के साथ अंकित अपनी पूरी और हर तरह की फाइटिंग स्किल का उसे करके अपनी बॉडी को टास्ते करने लगता है

यहाँ महिला मंडल उठ चुकी थी और फ्रेश होकर बहार आगयी थी

अभी निशा और मनीषा और तन्वी बहार बैठी हुयी थी की पीछे से करुणा, आरती और पूनम आजाती है

आरती : अरे निशा जी हम शेर करने जा रहे थे चलिए न हमारे साथ सुबह सुबह शेर करने का मज़ा hi कुछ और होता है

तन्वी : है ठीक है चलिए

फिर ये लेडीज शेर करने निकल जाती है और गप्पे मरते मरते ये लोग भी अभी जहा अंकित था वही पहुंच जाते है

करुणा : अरे ये क्या है इसकी शाप भी बहार से देखने मैं अजीब है

मनीषा : ये स्पेशल फाइट ट्रिन्निग एंड गयम रूम मैं जिसे अक्ष ने स्पेशल अंकित केलिए बनवाया है

पूनम : ओह्ह अच्छा बूत इसमें क्या होता है मैंने कभी भी ये नहीं देखा

निशा : अरे तो इसमें क्या चलिए ये भी दिखा देते है वैसे भी वो देखिये दूर के साइड ग्रीन लाइट है अंकित अंदर hi है

पूनम : वो यहाँ क्यों है ओह्ह मैं भीना एक्सरसाइज कर रहा होगा

फिर ये सब भी अंडर चल देते है जैसे hi ये लोग अंदर गए उन्होंने देखा की चारो और एक कॉरिडोर है और बिच मैं सब सामान है और कॉरिडोर और ग्राउंड के बिच एक काच की दीवार है और आर्यन और कारन कॉरिडोर के एक सोफे पर बेथ कर फ्रूट पेल रहे है और ट्रिन्निग ग्राउंड मैं अंकित अपनी हर एक फाइट स्किल को उसे कर रहा था ऑब्जेक्ट से ऊपर कभी मिटटी का पॉट, कभी मोती लकड़ी

कभी लात तो कभी घुसा और क्या hi ट्रिन्निग कर रहा था अंकित और अभी उसने सिर्फ एक लेग टाइट ट्रैकपेन्ट पहना हुवा था ब्लैक कलर का और ऊपर से पूरा नंगा था

वह अंकित को ऐसे उछाल कुछ करके फाइट करते देख यहाँ लेडीज के दिलो मैं हलचल नहीं खलबली मच गयी अंकित के फाइट करने से उसकी बॉडी के कट्स ज्यादा hi शो हो रहे थे

करुणा : हे भगवन अंकित तो बहुत ज्यादा टेलेंटेड है क्या मूत ट्रिन्निग कर रहा है अगर अभी यहाँ हमारी जगह लड़किया होती तो अंकित को कई सारे प्रपोजल आजाते है

पूनम : सच मैं अंकित का जवाब नहीं वैसे निशा जी क्या अंकित ने फाइट लड़ी है कभी या बस ऐसे hi सीखा है ये सच

निशा को ये सुन कर गुस्सा आज्ञा क्यों पहली बार किसी ने उसके बेटे की काबिलियत पर सवाल उठाये थे

निशा : है पूनम जी अंकित ने अपने स्कूल टाइम मैं बहुत फाइट लड़ी थी कुल मिलकर उसने 30 फाइट लड़ी है वो भी अपने से दोबुल हिघ्त वैटिगत वाले फिघ्टर्स के साथ और आज तक वो कभी नहीं हरा

मनीषा जो की निशा की तरह hi अपने गुस्से को कण्ट्रोल कर रही थी वो बोली

मनीषा : सिर्फ इतना hi नहीं 30 मैं से 28 फिघ्टर्स के दांत तोड़ चूका है अंकित

ये सुन कर पूनम को साप सुंग गया

पूनम ( मन में) : अरे बाप रे अंकित हासिल करना तो बहुत मुश्किल है अगर इसे पता चल गया की मेने कुछ किया तो एक तो बाप इतना पॉवरफुल है और बीटा जिस्म से सब कुछ फूलप्रूफ प्लानिंग के साथ करना होगा और ये जीत भी पता नहीं कहा चला गया बोलै था कल आजाऊंगा बूत अभी भी नहीं आया पता नहीं कोण मिल गया है इसे पहले तो मेरे घागरे बहार नहीं निकलता था और आज कही और hi गुलछर्ररे उदा रहा है

खैर यहाँ कारन और आर्यन इनलोगो के पास आगये

कारन : आंटी आप लोग यहाँ

निशा : है वो हम शेर करने निकले थे और यहाँ अंकित के होने का पता चला तो यही आगये

आर्यन : है हमारे भाई तो देखो जैसे आज कोई जुंग लड़ने जनि है वैसे ट्रिन्निग कर रहे है

आर्यन के हाथ मैं एक माइक था जिससे ग्राउंड के अंदर अंकित से बात कर सकता था क्यों की ग्रुप भी पूरा साउंड प्रूफ था बूत बहार से

आर्यन : अंकित अब बस कर भाई चलो अब चलते है

अंकित : बस 10 मं रुक जा ारु

कारन : आंटी अब आप hi बोलो हमारी तो सुनता hi नहीं है

फिर निशा ने माइक मैं बोलै

निशा : अंकित बीटा एनफ फॉर टुडे चलो अब

निशा की आवाज सुनकर अंकित वही रूक गया और बहार आज्ञा अंकित को पता नहीं था की उसकी माँ के साथ बाकि की महिला मंडल भी है वो तो ऐसे hi बहार आज्ञा बूत जब उसने देखा की लेडीज गैंग उसे hi ताड़ रही है तब उसे पता चला की वो ऊपर से नंगा है ये देख कर अंकित अपनी फौलादी छाती को छुपाने लगा

अंकित : साली बता तो देते की सभी यहाँ है मेरी वेस्ट कहा है बे ोू

और अंकित घबरा करा भाग गया यहाँ सभी लेडीज हसने लगी

करुणा : हाय दामाद जी तो बड़े शर्मीले है

निशा : है वो बहुत शाय है

आरती : चलो अब दामादजी हमारा अभी तो सामना नहीं कर पाएंगे चलो हाहाहा

फिर लेडीज निकल जाते है अंकित वह आकर कारन को एक चपत मरता है

अंकित : भोस्डिके बता नहीं सकता था की मेरी इनलॉस भी आयी है पता नहीं क्या सोच रहे होंगे मेरे बारे मैं

कारन : वो ऐसा कुछ सोचे उससे पहले hi निशा आंटी ने संभाल लिया

अंकित ने रहत की सांस ली

अंकित : है थैंक गॉड

फिर ये तीनो निकल लिए आपने अपने रूम मैं आज कई मेहमान आने वाले थे तो सभी लोग तैयारी मैं बैठे थे

तभी एक गाडी होटल मैं एंटर करती है और गेट पर रूक जाती है उसमे से पूनम और जतिन का बीटा जीत निकलते है

और अंदर की और आने लगता है

पूजा वही आती है तो देखती है उसका भाई आज्ञा है वो जाकर उसके गले लग जाती है

जीत : किसी है मेरी जान और उसकी गांड

पूजा : जान और गांड दोनों hi सही सलामत है रुको मैं अभी मम्मी को बुला कर लती हु

तभी वह मनीषा कुछ लेडीज स्टाफ को इंस्ट्रक्शंस देते हुए वह आती है

जीत ( मन में) : वाह रे यहाँ तो मैनेजर भी लेडीज है इसको छोड़ने मैं बड़ा मज़ा आएगा री आठ क्या फिगर है इसका

जीत मनीषा की तरफ ऊँगली करके

जीत : अभी ीी यहहह

मनीषा ने उसे देखा और आगे पीछे देख कर बोली

मनीषा : कोण मैं

जीत : हां तू यहाँ आए

मनीषा और एक माइड उसके साथ आयी जीत के पास

मनीषा : है बोलो कोण हो और क्या चाहिए

जीत : तू कोण होती है मुझे पूछने वाली मैं कोई भी हु जा मेरे लिए ड्रिंक लेकर आए

मनीषा को गुस्सा तो बहुत आया पर मनीषा को दोबुत था की ये जरूर पूनम का बीटा hi है क्यों की जीत की सजल उसके बाप जतिन से काफी मिलती जुलती थी

मनीषा ने उस माइड को बोलै ड्रिंक लेन को तो जीत थोड़ा भड़क गया

जीत : अबे ूभ सड़क चाप रंडी मैंने तुझे बोलै न की जाकर ड्रिंक लेकर आ मैनेजर हो तो मैं भी लड़की के मां का लड़का हु हमारे लिए मैनेजर hi सबकुछ करता है सब्झी भोसड़ी वाली हम ी जेसो के हाथ का नहीं पिटे मुझे तो तेरे साथ से पीना है जा जाकर मेरे लिए दृ क लेकर आ और रात को मेरे रूम मैं आजाना वैसे तू है बड़ी छूट आह्ह्हह्ह्ह्ह...............

जीत बोल hi रहा था की उसके हाल पर एक ऐसा जन्नते दार जपद पड़ा की कान मैं सुंनंन की तूने बज गयी

ये थप्पड़ अनीश ने मारा था अपने छोटे भाई को और बाकि सब भी वह आगये थे

अनीश : कमीने तुझे पता भी है तूने किसे क्या बोलै ये रक्षा की होने वाली सासुमा है और तूने इसे नजाने क्या क्या बोल दिया मैं कबसे देख रहा हु और कंटोल कर रहा था खुद को की मेरा हाथ न उठे पर जब तेरी गन्दी जुबान से गन्दी गाली निकली तब तुझे ये थप्पड़ मरना जरुरी था

मनीषा तो बेचारी जीत के मुँह से अपने लिए गाली सुन कर रोने लगी थी आज तक कभी किसीने मनीषा को इतनी गन्दी गालिया नहीं दी अंकित भी मनीषा के साथ सेक्स करता था बूत अंकित ने कभी भी अपनी किसी भी माँ केलिए इतना गन्दा सब्द नहीं निकला था

जतिन : अनीश बीटा क्या हुवा तुमने जीत को मारा क्यों

पूनम : है अनीश जीत को क्यों मारा

आकाश : कोई हमे बताएगा की हो क्या रहा है और मनीषा तुम रो क्यों रही हो

निशा जा कर मनीषा को संभालती है तो मनीषा उसके गले लग कर रोने लगती है

अनीश : मैं बताता हु इस कनिमे ने मनीषा आंटी को छेड़ा और गन्दी गन्दी गली ो के साथ बात करि 19 साल का होगया है पर इतनी भी अकाल नहीं है की अओर्तो और लड़कीओ के साथ कैसे बात करनी चाहिए

पूनम : अरे गलती होगयी होगी और मुझे मेरे जीत पर पूरा भरोषा है की वो कभी किसी को गाली नहीं देता

तभी वो माइड आगयी टेबलेट लेकर उसे भी जीत पर बहुत गुस्सा आया जब जीत ने उसकी इंसल्ट की

माइड : ये देखिये सर ये है इस बात का साबुत

माइड ने टेबलेट अक्ष के हाथों मैं थमाया और सबने वो रिकॉर्डिंग सुनी जब रिकॉर्डिंग ख़तम होगयी तो जतिन ने जाकर जीत को दो थप्पड़ झाड़ दिए

जतिन : कनिमे क्या करू मैं तेरा नालायक आते hi अपनी गन्दी हरकते शुरू करदी श्रम आती है तुझे अपना बीटा कहने मैं

अनीश मनीषा के पास जाकर

अनीश : आंटी मैं जनता हु इसने जो किया वो माफ़ी के लायक नहीं है पर इसकी तरफ से मैं माफ़ी मांगता हु

मनीषा बस निशा के गले लग कर रो रही थी

आकाश : जतिन जी ये बात हमे जरा भी पसंद नहीं आयी आज तक मनीषा को किसीने आँख उठा कर नहीं देखा और आपके बेटे ने यी मन खट्टा होगया जतिन जी ये हरकत हमे पसंद नहीं आयी

जतिन : आकाश जी माफ़ करदिजिये देखिये ये अनजाने मैं हुवा प्लीज हमे माफ़ करदिजिये

आकाश ने भी डिल बड़ा रख के माफ़ करदिया

जतिन : पूनम अपने बेटे को लेजाओ नहीं तो ये मुझसे आज और पिटेगा और तू सुन ले कान खोलके अगर अब कोई भी ऐसी वैसी हरकत किना तो साडी हड्डिया टुडे दूंगा

पूनम जतिन को लेगयी

और निशा तन्वी और करुणा और आरती मनीषा को अंदर ले गयी

मनीषा : हूहू हु दीदी मैं निबटा नहीं सकती की जब उसने मुझे गाली दी तो मुझे कितना बुरा लगा इतनी गन्दी जुबान से कभी किसी ने बात नहीं की मुझसे हूहू हु हूँ हूँ

निशा : शांत होजाओ मनु उससे अनजाने मैं हुवा है शाट होजाओ अगर कही अंकित ने देख लिया न तो तुम्हे पता हैना उसका गुस्सा

आरती : मनीषा जी हमे माफ़ करदिजिये इस हरकत केलिए

मनीषा ने भी बड़ा दिल रखा और

मनीषा : कोई बात नहीं मैं भूल गयी सब आप भी भूल जाईये

करुणा : एक बार फिर आपसे माफ़ी मांगते है मनीषा जी

मनीषा कोई बात नहीं

यहाँ पूनम जीत को अपने र्रोम मैं ले आती है

पूनम : तुझ मैं जरा भी सबर नहीं है न आते hi शुरू होगया

जीत : मम्मी क्या करू वो थी इतनी हॉट एंड सेक्सी उसे देख कर hi मेरा खड़ा होगया

पूनम : बीटा वो कोई ऐसी वैसी ायरत नहीं है जिसे तू अपने निचे ले लेगा सुकर मन की उन्होंने बात को ज्यादा नहीं बधाई तू नहीं जनता उनकी पावर

तभी वह रक्षा और अरुणा और जूही आते है रक्षा ने आते hi जीत को एक थप्पड़ झाड़ दिया पूनम कुछ नहीं बोली क्यों की उसे पता था की यहाँ बोलना मतलब कुल्हाड़ी पर पेअर मरने जैसा था

जीत : है तू बाकि रह गयी थी और अब एक बार भी हाथ लगाया न तो मैं भूल जाऊंगा की तू एक लड़की है

रक्षा : तुझे जरा भी शर्म नहीं आयी कमीने कहिके आखिर कैसे तू इतना नीच है जब की आज भी विश्वास नहीं होता की तू मेरी सबसे साहित्य पूनम ममी का बीटा है

( क्यों की रक्षा को नहीं पता की पूनम किसी है)

जीत : है किया तो क्या करेगी तू

रक्षा : निछ कही के ये तो शुक्र मन की अंकित वह नहीं था

जीत : ओह्ह तो साजन वह नहीं थे आपके क्यों क्या करलेते वो

रक्षा : अगर वह होता तुम यहाँ ये पूछने लायक नहीं होते की वो क्या करलेगा अंकित वह होता न तुझे वही काट के रख देता ममी समझाइये इसे वर्ण अंकित का गुस्सा आपने देखा नहीं है और मैं यही प्रेय करुँगी की आपको उसका भयानक गुस्सा देखना भी न पड़े

पर जिसका दर था वही हुवा यहाँ रिकॉर्डिंग सुनने के बाद साक्षी तुरंत अंकित के पास गयी

साक्षी भाई वो हुवा ये की जब अंकित ने ये सुना की उसकी माँ को गाली दी गयी उसकी आखों मैं अंगारे दहकने लगे

अंकित : चोरर डालूंगा उसे और अंकित बेकाबू होकर रूम से बहार आज्ञा पीछे पीछे कारन और आर्यन उसे रोकने की कोसिस करने लगे

कारन : भाई रूक जा वर्ण तेरे और रक्ष के रिश्ते को बिगड़ ने मैं देर नहीं लगे गई प्लीज रुक जा

आर्यन : है भाई प्लीज रुक जा बात मान ले

अंकित : हटो मेरे रास्टी सीए

अंकित की चीख पुरे होटल मैं गुंजी और जिस किसीने भी वो सुना उनके पेअर काँप गए

अंकित को कारन और आर्यन ने पकड़ा पर अंकित आज रुकने मूड मैं जरा भी नहीं था

अंकित सीधा पूनम के कमरे मैं गया और जीत को देखा

जीत : कोण है बे तू चल निकल यहाँ से

अंकित : तू वही हैना जिसने मेरी माँ को गली दी

जीत : है डीई तो क्या करलेगा है बोलै जा जो करना कर्ली आह्हः चोर मुझे आह्हः मा आह्ह्ह्हह

अंकित ने जीत का गाला पकड़ कर उसके मुँह पर घुसो की बरसात कर दी

तब तक सभी वह आगे

कारन और आर्यन अंकित को जैसे तैसे जीत से दूर करते है

अंकित : मैं तेरी जान ले लूंगा कमीने. ी विल किल यू यू फेसिंग बास्टर्ड हूहः हूहः चूरू मुझे

आकाश : कारन आर्यन सम्भालो उसे अंकित शांत होजाओ उससे अनजाने मैं हुवा है जो भी हुवा है

अंकित : no डैड मैं इसे छोड़ूंगा नहीं इसकी हिम्मत कैसे हुयी मेरी माँ के बारे मैं वो गंदे सब्द बोलने की इसकी वजह से माँ रोई है मैं उसकी जान लैलूंगा

अंकित झपटा बूत कारन और आर्यन ने उसे टाइट पकड़ लिया

आकाश : मेने कहा था न ये बात अंकित तक नहीं पहुचनी चाहिए कैसे पहुंची

अंकित : मुझे साक्षी दी ने बताया

धर्मेश : अंकित बीटा मैं और जतिन जीत की तरफ से माफ़ी मांगते है हमे माफ़ करदिजिये

अंकित : मां जी इसने जो किया मैं माफ़ नहीं करता उसे अगर ये कोई और होता बूत आप मुझसे बड़े है समझाईयेगा इसे

और तू (जीत से जो की अपने मुँह पर हाथ रख के खून रोकने की कोसिस कर रहा था ) शादी मैं आया है शादी एन्जॉय कर और अगर मेरी माँ या बहेनो के करीब भी दिखा रो अगली बार सीधा टिकट काट दूंगा ऊपर का हहहह चलो यहाँ से

अंकित तमतता हुवा गयम मैं गया और सेंड बैग मैं अपना गुस्सा निकलने लगा अंकित शांत hi नहीं हो रहा था

कारन निशा के पास गया

कारन : आंटी अंकित शांत hi नहीं हो रहा है कब से सेंड बेग पर अपना गुस्सा निकल रहा है आंटी मुझे दर है कही उसकी तबियत न ख़राब होजाये

निशा : हे भगवन ये लड़का भी न चलो मैं आती निशा कारन के साथ गयी और अंकित का हाथ पकड़ कर उसे अपने रूम मैं ले आयी और उसे बीएड पर लिटाया और अपने होठ उसके होठों से जोर दिए

अंकित : ुउमामं ुउमामं ोूमा मुम्मा ुउउम्म मेरी बात ऊम्मम ूमम

निशा : उम्माह उम्माह चुप एक दम छू पॉप उम्माह ूमाहहह ूमम उम्माह

अंकित : पर मुम्मा ुउउम्मा ूउम्म्म मूयहहहह ूउम्म्म उम्माह

ऐसे hi इनकी किश का सिलसिला 15 मं तक रहा और अंकित सो गया

निशा : हां हहह है सो गया वर्ण पता नहीं गुस्से मैं क्या होता इसका

फिर निशा उसे सुलाके चले गयी क्यों की शाम को महेंदी की रेशम थी और सब लोग उसकी तैयारी मैं लग गए सब लोग आज जो भी हुवा वो भूल कर एक नयी शुरुआत के साथ तैयारी करने लगे

अब देखते है आगे क्या होता है क्या जीत कोई नया गुल खिलायेगा क्या वो मनीषा का और रावल फॅमिली की लेडीज का सामना कर पायेगा

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