अपडेट 125
सुबह के 4 बज रहे थे और यहाँ कारन के घर आर्यन और कारन हमारे अंकित को उठा रहे थे असल मैं कार्सन की फॅमिली बहार गयी हुयी थी जो कल आने वाली घर और परसो अंकित की शादी मैं भी
वैसे कारन की फॅमिली का भी कोई खास रोले नहीं है
कारन : अरे अब उठ जा कुम्भ कारन कितना सोता है उठा यार
आर्यन : अंकित उठना भोसड़ी के तेरी शादी है हमारी नहीं जो इतनी देर तक सो रहा है हमे सुबह वह पहुंचना है
अंकित को तो कोई फर्क hi नहीं पद रहा था
अंकित : बस बे ओह्ह सोने दे न थोड़ी देर मेरे बिना कोई शादी थोड़ी होगी
कारन : ये ऐसे नहीं उठेगा अंकित बीटा रोक तू अभी बताता हु
और कारन एक बाल्टी लेकर आया और अंकित से बोलै
कारन : अंकित उठ जा वर्ण यही नेहला दूंगा
अंकित ने देखा की कारन बाल्टी लिए खड़ा है
अंकित : यी कारन नयी पानी के साथ मज़ाक नै कारन नहीं कारन नाहीईई
कारन : तो जल्दी से बाथरूम मैं घुस चल जल्दी
अंकित भी उठा और उसने देखा की कारन अभी अभी नाहा के hi निकला था उसने सिर्फ एक टोलिया लपेटा था अंकित उसे खींच के बाथरूम मैं घुस गया
और यहाँ आर्यन पेट पकड़ कर हसने लगा
कारन : चूतिये तू मेरे हाथ से पीटने वाला है अभी और गांडू तू क्या है रहा है जा जाकर सामान गाडी मैं रख वैसे hi लेट हो रहे है
फिर यहाँ कारन रेडी होता है अंकित भी नाहा कर निकलता है
अंकित अपने कपडे धुंध hi रहा था की कारन ने एक पार्सल खोला और कपडे निकले और अंकित को बोलै
कारन : ले ये पहन ले
अंकित : अरे यार अभी से ये कुरता और पायजामा
कारन : ये वाइट कुरता और ये पायजामा निशा आंटी ने भेजा था उन्होंने hi बोलै है अब चुपचाप पहले और ये ले तेरा परफ्यूम अभी थोड़ा लागले जब होटल से थोड़ी दूर होंगे न तब ज्यादा लगा लेना
अंकित : और कुछ
कारन : अब जल्दी तैयार हो
फिर ये तीनो तैयार होगई और निचे आगये जहा कारन की एक ब्लैक ग वैगन कड़ी थी
अंकित : ला बे ो के दे मुझे
कारन : नहीं आकाश अंकल का आर्डर है तुझे ड्राइव न करने दे शादी है तेरी तू बस एन्जॉय करना
अंकित : हद है यार वैसे जूही और अनन्य नहीं आने वाली क्या
आर्यन : वो पहुंच जाएँगी वह अब तू जल्दी बैठ तो हम भी दूल्हे को पहुचाडे वह
फिर ये तीनो ऐसे hi हसी मज़ाक मैं निकल पड़ते है बिच मैं एक ढाबे पर नास्ता करने केलिए रुक ते है
अंकित : तुम आर्डर दो मई. जरा हल्का होक आया
कारन : रुक मैं भी आता हु
अंकित : हद है यार अब वह भी साथ आएगा
कारन : अबे मेरे हरामी मुझे भी जाना है लगता शादी के चक्कर मैं बावला होगया है
अंकित और ये दोनों निकल जाते है आर्यन वह टेबल पर बैठता है वह एक आदमी आता है
आदमी : क्या लेंगे सर आप
आर्यन : तीन पराठे विथ दही और तीन चाय
आदमी : ok सर अभी लाया
तभी वह अंकित और कारन भी आगये और बैठ गए
और थोड़ी देर मैं इनका आर्डर भी आज्ञा और तीनो नास्ता करने लगे
कारन : अंकित वो देख वो लड़की कैसे तुझे घर कर देख रही है
आर्यन : अरे दीदी ऐसे मत देखो हमारे भाई पहले से बुक हो चुके है
ये लोग भी ज्यादा ध्यान नहीं देते और नास्ता करके निकल जाते है सुबह के 7 भेज रहे थे ये लोग उस गाओ की बॉर्डर के अंदर आगये थे
आर्यन : अंकित चल पर्फोमे लगा ले और मुँह ढोले और बाल सेट करले
अंकित कहता तो नहीं था बूत उसके दोस्तों की वजह से न नहीं कह पाया और आर्यन और कारन भी पूरा ध्यान रख रहे थे अंकित का वो भी नहीं चाहते थे की अंकित थोड़ा सा भी ऐसा वैसा लगे
यहाँ होटल मैं सब लोग हॉल मैं छोटे छोटे टेबल्स पर अपने अपने ग्रुप के साथ ब्रेकफास्ट कर रहे थे
यहाँ एक टेबल पर आकाश विनोद धर्मेश और जतिन और राज (निशा का भाई) और सूरज (मनीषा का भाई) बैठे थे
धर्मेश : अरे आकाश जी कल से यहाँ है पर हमारे दूल्हे राजा नहीं दिखे कहा है वो
जतिन : है आखिर हम भी तो मिले उनसे
आकाश : मेरी बात हुयी थी सुबह hi बस रस्ते मैं hi होगा
सूरज : है वैसे जीजू आपका ये होटल आज कल बहुत ज्यादा पॉपुलर है बड़े से बड़े पॉलिटिशंस और बिजनेसमैन का फवौरीते डेस्टिनेशन बन चूका है ये होटल
आकाश : यही तो मेरा आईडिया था की उनको यहाँ गाओ की ताज़गी का एहसास हो और ये गाओ की ताज़ी हवा उनके अंदर शादी की एक नयी उमंग भरदे और बूत मेरा सबसे बड़ा प्लान था की यहाँ के गाओ वालो को रोज़गार मिले इसी लिए ये होतुल मैंने इस लोकेशन पर बनवाया है
सूरज : और बताईये डॉ राज मल्होत्रा केसा चल रहा है आपका हॉस्पिटल
राज : बस अच्छा चल है
यहाँ मनीषा अपने मायके वालो के साथ बैठी थी मनीषा के साथ साथ मीणा (मनीषा की बड़ी बहन), संजना (सूरज की पत्नी और मनीषा की भाभी) और सरोज (मनीषा की छोटी बहन), और रजनी और जरा बैठी हुयी थी
मीणा : अरे मनु आखिर हमारा भांजा कहा है कही दिख नहीं रहा
मनीषा : अरे वो कल शादी केलिए रेडी होने गया था तो वह टाइम लग्न था तो वो अपने दोस्तों के साथ था कल रात अभी बस ों तह वे hi होगा
सरोज : है कितने दिन होगये उससे मिले क्यों संजू भाभी सही कहा न
रजनी : अब मेरा भांजा है hi इतना प्यारा
ज़रा : बोली भांजे की मसि
संजना : अरे क्यों नहीं बोलेगी आखिर हमारे लाड साहब है hi इतने प्यारे उसकी तारीफ कहा रुकने वाली है क्यों रजनी
रजनी : है बिलकुल ल ठीक कहा भाभी आपने
और यहाँ आरती के साथ निशा, करुणा, पूनम और सुमि और मेघा बैठी हुयी थी यहाँ भैस ामे बाते hi चल रही थी
और एक टेबल पर रक्षा, पूजा, अरुणा, नेहा और साक्षी थे यहाँ भी शामे बाते
और दूसरे टेबल पर मोनिका, akriti(suraj की बेटी), सुप्रिया और माहिरा (सुमि की बेतिया) बैठी हुयी थी यहाँ भी शामे hi था सब कुछ
फिर सब लोग मैं गेट पर आगये और जोर जोरदे ढोल बजने लगे आखिर दूल्हा पहुंचने वाला था
निशा : करुणा जी आप पूछ रही तहिना की अंकित कहा है लो आज्ञा
तभी वह ग वैगन एंटर हुयी और सबसे पहले आर्यन और कारन बहार निकले
पूनम : अरे इन दोनों मैं से अंकित कोण है
मनीषा : इन मैं से कोई भी नहीं है ये दोनों तो आर्यन और करे है अंकित के दोस्त
आर्यन और कारन भी स्वागत पर पूरा मज़ा उठा रहे थे दोनों नाचने लगे और गाड़ी का पिछले दूर खोला और डिज़ाइनर विहिते कुर्ते पायजामे और आखों मैं ब्लैक सुन ग्लासेज मैं जब अंकित बहार आया तो वही हुवा जिसका आपसबको अंदाज़ा था
सभी मर्द को एक चीज़ से hi जलन हो रही थी की खास उनकी बेटियों की शादी अंकित से होती
और यहाँ सभी लड़कियों का हाल बुरा था अंकित को देख कर उनकी छूटो मैं बाद आगयी थी जिनमे अंकित की बहने और रक्षा भी शामिल थी
और यहाँ करुणा पूनम और आरती संध्या और यहातक की एक बार तो निशा तन्वी और मनीषा की भी पेंटी मैं उन्हें गिला पैन लगने लगा
आखिर अंकित वाइट कुर्ते पायजामे मैं लग भी हॉट रहा था
फिर ये तीनो यहाँ आये और अंकित ने सबके पेअर छुए लेडीज जेन्स और विनोद के पेअर छुए और आकाश के पास खड़ा होगया
आकाश ने सबका रिएक्शन देखा था जब सब लोग लेडीज एंड जेन्स अंकित को घूर रहे थे उसे अपने बेटे पर गर्व हो रहा था और आकाश सोच रहा था
आकाश (मन में) : वह मेरे लाल आते hi सबका मन मोह लिया तूने आज मुझे खुद पर गर्व हो रहा है की इतना प्यारा और हैंडसम लड़का मेरा बीटा है
बैक तो थे प्रेजेंट
आकाश : बीटा कहा रह गया था रात को
अंकित : डैड वो कल सेलों मैं कुछ ज्यादा hi लेट होगया था और हम तीनो थक भी गए थे तो फिर रात मैं ड्राइव करना पॉसिबल नहीं था तो हम रुक गए थे
मनीषा : है चलो कोई बात नहीं अब जाओ और थोड़ा आराम करलो लम्बी जर्नी से आये हो
तभी संध्या आरती की थाली लेकर आयी
संध्या : अरे पहले दूल्हे की आरती तो उतरो भाभी
आरती : है सही कहा लाओ थाली दीजिये दीदी
फिर आरती ने अंकित की आरती उतरी और फिर सब लोग अंदर आगये
यहाँ रक्षा के साथ साथ सभी गर्ल्स थी
अरुणा : ए हाय रक्षा जीजा जी तो बड़े हॉट निकले मान गयी तेरी पसंद भी सच मैं नेहा तुम्हारा भाई जैसा जीवन साथी नसीब वालो को मिलता है
रक्षा बस शर्माए जा रही थी
नेहा : हाय जरा देखों तो मेरी भाभी को कैसे भैया का सुनते hi शर्माने लगी हहहहए
अरुणा भी है दी
अरुणा : वैसे जीजू से मिलवाडो तो सही
रक्षा : अभी तो आराम करने गए है बाद मैं मिल लेना वैसे ये पूजा कहा गयी कब से बोल रही थी जीजू की फोटो दिखाओ जब यहाँ जीजू खुद आगये तो ये गायब होगयी
यहाँ पूजा अपने रूम मैं आगयी जब उसने अंकित को देखा तो वो देखते hi उसकी छूट पानी से तर होगयी
और रूम मैं आते hi अपने सरे कपडे उतर दिए और जोर जोरसे अपनी छूट मैं दो उंगलिया दाल दी
पूनम : आठ अंकित आह्ह्ह्ह कितने हॉट हो तुम आह्ह्ह्ह तुम्हे देख कर hi छूट पानी बहा रही है आह्ह्ह्ह प्लीज मुझे छोड़ दो आह्ह्ह्ह मैं तुम्हारे बिना नहीं रह पाऊँगी आह्ह्ह्ह यस आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह
ससससकककुररीयतट
ससससकककुररीयतट
ससससकककुररीयतट
आह्ह्ह्ह ांकितुहहभ आखिर ये रक्षा को कैसे मिल गया आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह
तभी र्रोम का दूर खुला और पूजा की माँ पूनम अंदर आगयी वो भी तप रही थी
पूनम : पूजा ये क्या कर रही है
पूजा : आठ माँ अभी कुछ मत बोलो बस मुझे शांत होना है आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह
पूजा एक बार झाड़ चुकी थी बूत फिर भी उसका हाल बुरा था वो लगातार ऊँगली चला रही थी
पूनम ने भी अपनी सईद निकल फैकि और नंगी होगयी और पूजा की छूट से छूट रगड़ ने लगी
पूजा : आठ माँ अंकित कितना हॉट है आह्हः आह्ह्ह्ह आह्हः यस अंकित आह्हः आह्हः अंकित आठ
अंकित का नाम सुनकर तो पूनम भी जोश मैं आगयी
पूनम : हां अंकित साहहह सही कहा कितना हॉट है वो उसे देख कर hi मेरी छूट ने इतना पानी बहा दिया की बात मत कपुछ
पूजा : माँ अभी बात नहीं आह्हः यस यस यस आह्हः अंकित आठ फ़क मी आह्हः आह्ह्ह्ह आह्हः आह्हः
पूनम : आठ अंकित आह्हः आठ एक बार मुझे छोड़ दू आह्हः आह्हः यस यस आह्हः आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह फ़क यस आह्हः आह्हः
पूजा : यस अंकित यस ीाम कमिंग यस यस आह्हः
पूनम : मी टूक बेबी आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह आह्हः ऑर्डर
ससससकककुररीयतट
ससससकककुररीयतट
ससससकककुररीयतट
ससससकककुररीयतट
ससससकककुररीयतट
ससससकककुररीयतट
दोनों माँ बेटी बीएड पर बास्त पद गयी आज दोनों इतना झड़ी थी अंकित को याद करके की क्या hi कहे
पूनम : अंकित सच मैं बहुत अच्छा है पर रक्षा को कैसे मिल गया ये
पूजा : माँ ी वांट अंकित माँ प्लीज कुछ भी करो मुझे अंकित चाहिए मैं उसे उस कामिनी रक्षा का नहीं होने दूंगी
पूनम : चिंता मत कर बेटी अंकित सिर्फ तेरा होगा कुछ तो करुँगी मैं
पूजा : कैसे करेगी माँ उसकी शादी होने वाली है
पूनम : बेरी हम अओर्तो का जो जिस्म हैना वो हमारी कमज़ोरी नहीं हथियार है जब ये हथियार चलता है न अचे से अच्छा मर्द काबू मैं ाजायता है
फिर सबलोग इवनिंग मैं लंच केलिए निचे आते है
विनोद अंकित के पास आजाता है
विनोद : बीटा आओ मैं तुम्हे रक्षा के मां से मिलवाता
अंकित वह गया और धर्मेश और जतिन के पेअर छुए
विनोद : अंकित ये है रक्षा के बड़े मां धर्मेश और ये है जतिन रक्षा के छोटे मां
अंकित : नमस्ते मां जी कैसे हो आप
धर्मेश : वे अरे फाइन बीटा
जटिने : अंकित बेटे बॉडी तो बढ़िया बनायीं है और लग भी हीरो रहे हो
अंकित : ः थैंक्स मां जी
तभी वह आकाश आता है
आकाश : बीटा निशा बुला रही है तुझे
अंकित : क्यों क्या हुवा
आकाश : वो तो अब उसी से पूछ लेना जा जाकर मिले
फिर अंकित निशा के पास गया
अंकित : मुम्मा क्या बात है
निशा : बीटा तेरी सासु माँ तुझे उनके मायके वाली से मिलाना चाहती है
फिर निशा अंकित के हाथ को पकड़ कर वह लेगयी
निशा : आरती जी ये रहे आपके जमाई
आरती : आओ बीटा इनसे मिलो ये है रक्षा की बड़ी ममी करुणा ये छोटी ममी पूनम और ये करुणा भाभी की बेटी अरुणा और ये पूनम भाभी की बेटी पूजा
अंकित : नमस्ते मामीजी
करुणा : नमस्ते बीटा और आरती सच मैं दामाद जी तो बड़े हटके है
पूनम : है सही कहा खास मैं रक्षा की आगे की होती तो मैं जरूर शादी करलेती इनसे
आरती : अरे चलो अब रक्षा से और हमारी बेटियों से भी मिलने दो
लेडीज चली गयी और रहगये नेहा, रक्षा, पूजा, मोनिका और साक्षी, अरुणा
अरुणा अंकित के सामने आयी और हाथ आगे बफह्या
अरुणा : hello जीजू वैसे तो इंट्रोडक्शन की जरुरत तो नहीं है बूत ीाम अरुणा
अंकित : अंकित और आप जीजू न कहे सिर्फ अंकित hi कहे मैं तो आपसे आगे मैं छोटा हु
अरुणा : ok अंकित बस
अंकित : मच बेटर
पूजा तो जेक सीधा अंकित से चिपक गयी और उसके गाल पे किश किया बोलै
पूजा : वैसे बड़े हॉट हो अंकित
अंकित को hi नहीं बल्कि वह खड़े सभी को पूजा का ये अंदाज़ नेगेटिव विबे दे गया
अरुणा : पूजा ऐसे नहीं करते है जीजा के साथ
पूजा : ओह्ह कामों दी साली हु इनकी इतना रो हक़ बनता है इनपर मेरा वैसे भी साली आधी घरवाली होती है
और किश और अंकित के गाल पर चिपका दी वो और कुछ कह पति की तभी
निशा : अंकित बीटा चलो लंच रेडी है
अंकित : किंग मुम्मा दी चलो लुक केलिए
फिर सब चल देते है यहाँ अंकित आर्यन और कारन पीछे थे
आर्यन : अंकित मेरे भाई ये पूजा तो आधी नहीं पूरी घर वाली बनने के मूड मैं है
अंकित : मैं भी यही सोच रहा था बातो की आड़ मैं कई बार टच कर चुकी है ये
कारन : संभल के मेरे भाई इससे एक डिस्टेंस मेन्टेन रखना वर्ण इसके हाथ और होठ रुकने वाले नहीं है
अंकित : अभी चलो लंच करने
फिर सब लोग लंच केलिए चल देते है ये तीनो लंच hi कर रहे थे की एक लड़का वह आया
लड़का : क्या मैं यहाँ बैठ सकता हु
कारन : जी आप कोण
लड़का : अरे मैं रक्षा के धर्मेश मां का बीटा अनीश हु
और अंकित का साला भी
अंकित : अरे अनीश भैया आईये रक्षा ने बताया था आपके बारे मैं
अनीश : वैसे तुम कॉलेज मैं क्या कर रहे हो अंकित
अंकित : मैं और कारन बिज़नेस मैं है और आर्यन इंजीनियरिंग कर रहा है
अनीश : कूल सच मैं अच्छी चॉइस है
अंकित : है सही कहा
यहाँ तीनो देखते hi देखते अनीश के दोस्त बन गए और अनिशा था भी अच्छा लड़का
फिर कुछ नहीं हुवा अंकित अपने रूम मैं गया और आराम करने लगा ऐसे hi रात होगयी और डिनर के बाद सब सोने चले गए
अंकित के रूम का गेट खुला और रजनी अंदर आयी
अंकित : मसि आप यहाँ
रजनी : है मुझे पता है की तुम्हे रात को दीदी का दूध पीकर. सोने की आदत है दीदी तो नहीं आपई इसी लिए मैं आगयी
अंकित : थैंक्स और माँ ने ठीक किया यहाँ रिस्क नहीं ले सकते
फिर रजनी अंकित पास बीएड पर लेट गयी और अपनी शार्ट निघ्त्य उतर दी और एक चुकी अंकित के मुँह मैं देदी
अंकित : ुउउम्म सच मैं मसि आपकी चूचियों का भी अलग hi मज़ा है
रजनी : मेरी इतनी तारीफ कर रहा थोड़ा ध्यान अपनी ज़रा ममी पर भी दिया कर
अंकित : क्यों क्या हुवा
रजनी : मतलब अब उनसे आग बर्दास्त नहीं हो रही है वो एक डैम दार चुदाई कहती है
अंकित : कल रात को उनकी इच्छा भी पूरी करदेती है बूत अभी मुझे काश के हुग कर के सुलवा मसि
रजनी : बदमाश तू नहीं मानेगा ऊम्मम चल सजा अब
और ये दोनों सो गए
अब देखते है की सुबह शादी की रश्मो मैं क्या क्या गुल खिलते है
और पूनम और पूजा मन मैं ज़िद तो पकड़ ली बूत शायद इस बार उनका सामना उनके टक्कर वाले लड़के से होगा अब देखते है क्या क्या होता है
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