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अपडेट 19: गलती का एहसास और नज़दीकियां
अगले दिन..
राजू अगले दिन अपने काम के लिए निकल जाता hai..lekin उससे पहले वह हॉस्पिटल जाकर काम्य के बारे में पता करता है. डॉक्टर कहता है की वह अब ठीक है और उसी दिन वह घर जा सकती है. राजू यह जान कर खुश होता hai..aur माला को कहता है की कोई ज़रुरत हो तो उसे बताये.
उस दिन काम्य को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हो जाती है और घर आ जाती है. ठाकुर घर में नहीं होता है और दोनों काम्य के कमरे में आ जाते है जहाँ माला काम्य को सुला कर उसको आराम करने के कहती है.
काम्य: देखा माला tumne..main दो दिन हॉस्पिटल में thi..lekin एक भी बार तेरा भाई ना मुझे देखने आया ना मेरा हाल चाल पूछने की कोशिश ki..bolo अब मैं ऐसे नरक में कैसे रह सकती हूँ.
राजू हमारा क्या लगता है की वह दोनों दिन आकर तुमसे भी मिला, मेरी तबियत के बारे में पुछा और हमारी मदत करने को भी तैयार हो gaya…ab मानती हो naa…maine जो भी kiya..(Raju से मदत के बारे में) हु गलत नहीं है.
माला: haan..tum सही कह रही हो Kaamya…main hi गलत thi..socha भाई ऐसे नहीं होगा और तुम hi गलत कर रही ho..lekin 2-3 दिन की घटना देख कर मुझे भी लगता है की तुम जो कर रही हो, सही कर रही हो. मैं भी राजू से बात करती हूँ इस बारे में.
उस दिन और कुछ नहीं hota..shaam को ठाकुर जब घर आता है तो काम्य पे ज़्यादा इंटरेस्ट नहीं leta..aur अपने काम और पीने में वक़्त निकल कर सो जाता है.
काम्य भी अपने ज़ख्मों पर दवाई लगा कर सो जाती है.
अगले दिने..
अगली सुबह जब ठाकुर काम से निकल जाता है तो माला छुपके से घर से बहार निकल कर राजू से मिलने उसके खेत में जाती है..
अगले दिन..
राजू अगले दिन अपने काम के लिए निकल जाता hai..lekin उससे पहले वह हॉस्पिटल जाकर काम्य के बारे में पता करता है. डॉक्टर कहता है की वह अब ठीक है और उसी दिन वह घर जा सकती है. राजू यह जान कर खुश होता hai..aur माला को कहता है की कोई ज़रुरत हो तो उसे बताये.
उस दिन काम्य को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हो जाती है और घर आ जाती है. ठाकुर घर में नहीं होता है और दोनों काम्य के कमरे में आ जाते है जहाँ माला काम्य को सुला कर उसको आराम करने के कहती है.
काम्य: देखा माला tumne..main दो दिन हॉस्पिटल में thi..lekin एक भी बार तेरा भाई ना मुझे देखने आया ना मेरा हाल चाल पूछने की कोशिश ki..bolo अब मैं ऐसे नरक में कैसे रह सकती हूँ.
राजू हमारा क्या लगता है की वह दोनों दिन आकर तुमसे भी मिला, मेरी तबियत के बारे में पुछा और हमारी मदत करने को भी तैयार हो gaya…ab मानती हो naa…maine जो भी kiya..(Raju से मदत के बारे में) हु गलत नहीं है.
माला: haan..tum सही कह रही हो Kaamya…main hi गलत thi..socha भाई ऐसे नहीं होगा और तुम hi गलत कर रही ho..lekin 2-3 दिन की घटना देख कर मुझे भी लगता है की तुम जो कर रही हो, सही कर रही हो. मैं भी राजू से बात करती हूँ इस बारे में.
उस दिन और कुछ नहीं hota..shaam को ठाकुर जब घर आता है तो काम्य पे ज़्यादा इंटरेस्ट नहीं leta..aur अपने काम और पीने में वक़्त निकल कर सो जाता है.
काम्य भी अपने ज़ख्मों पर दवाई लगा कर सो जाती है.
अगले दिने..
अगली सुबह जब ठाकुर काम से निकल जाता है तो माला छुपके से घर से बहार निकल कर राजू से मिलने उसके खेत में जाती है..