Raju – Sab kaa Rakhwala aur Khushiyaan dene waala - Page 3 - SexBaba
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Raju – Sab kaa Rakhwala aur Khushiyaan dene waala

अपडेट 19: गलती का एहसास और नज़दीकियां

अगले दिन..

राजू अगले दिन अपने काम के लिए निकल जाता hai..lekin उससे पहले वह हॉस्पिटल जाकर काम्य के बारे में पता करता है. डॉक्टर कहता है की वह अब ठीक है और उसी दिन वह घर जा सकती है. राजू यह जान कर खुश होता hai..aur माला को कहता है की कोई ज़रुरत हो तो उसे बताये.

उस दिन काम्य को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हो जाती है और घर आ जाती है. ठाकुर घर में नहीं होता है और दोनों काम्य के कमरे में आ जाते है जहाँ माला काम्य को सुला कर उसको आराम करने के कहती है.

काम्य: देखा माला tumne..main दो दिन हॉस्पिटल में thi..lekin एक भी बार तेरा भाई ना मुझे देखने आया ना मेरा हाल चाल पूछने की कोशिश ki..bolo अब मैं ऐसे नरक में कैसे रह सकती हूँ.

राजू हमारा क्या लगता है की वह दोनों दिन आकर तुमसे भी मिला, मेरी तबियत के बारे में पुछा और हमारी मदत करने को भी तैयार हो gaya…ab मानती हो naa…maine जो भी kiya..(Raju से मदत के बारे में) हु गलत नहीं है.

माला: haan..tum सही कह रही हो Kaamya…main hi गलत thi..socha भाई ऐसे नहीं होगा और तुम hi गलत कर रही ho..lekin 2-3 दिन की घटना देख कर मुझे भी लगता है की तुम जो कर रही हो, सही कर रही हो. मैं भी राजू से बात करती हूँ इस बारे में.

उस दिन और कुछ नहीं hota..shaam को ठाकुर जब घर आता है तो काम्य पे ज़्यादा इंटरेस्ट नहीं leta..aur अपने काम और पीने में वक़्त निकल कर सो जाता है.

काम्य भी अपने ज़ख्मों पर दवाई लगा कर सो जाती है.

अगले दिने..

अगली सुबह जब ठाकुर काम से निकल जाता है तो माला छुपके से घर से बहार निकल कर राजू से मिलने उसके खेत में जाती है..
 
थैंक यू मैडम फॉर योर काइंड वर्ड्स एंड रिव्यु. यस, काम्य के साथ भी हॉट सन aayega..no doubt..lekin उसके लिए सिचुएशन क्रिएट कर रहा hoon...direcly बिना कोई वजह (इवन थौघ काम्य राजू पर मर मिटटी हैं) के सन डालना मजा नहीं aayega...agar सिचुएशन के साथ उनका मिलान होगा तो ी ऍम सूरे, यू विल आल्सो एन्जॉय रीडिंग आईटी. होप यू एग्री. थैंक्स.

Btw, अगला अपडेट होपफ़ुल्ली धमाकेदार होगा :)
 
अपडेट 20: जन्मदिन (मेगा अपडेट)

कुछ दिनों के बाद…

आज राजू का जन्मदिन था…

सुबह जब राजू उठता है तो रत्न उसके कमरे में आकर उसको किश कर के जन्मदिन की शुबकामनाएं देती है…

रत्न: उठ जा bête…aaj तो तेरा स्पेशल दिन hai..aur आज भी तू घोड़े बेच कर सो रहा है..

राजू: उठते हुए रत्न को अपने बाहों में भर कर उसको भी किश कर के धन्यवाद कहता है.

फिर सब लो तैयार होक आँगन में बैठ कर चाय पी रहे होते है..

ारु, सुधा और संध्या भी राजू को विश करती है.

चाय पीने के बाद ारु अपने कमरे में जाती है और राजू को आवाज़ देकर बुलाती है

राजू जब उसके कमरे में जाता है तो ारु उसे झट से पकड़ कर दरवाज़े के पीछे ले जाकर एक गहरा किश उसके होंटो पे करती hai….Raju भी उसका साथ देता है…

ारु: जन्मदिन की मीठी मीठी शुबकामनाएं..

राजू: उसकी चुकी दबाते hue…sirf मीठा meetha…mujhe तो ठीक भी chahiye…aur उसकी चुकी मसल देता है..

ारु: सबर करो beta…sabar का फल मीठा होता hai…Raat को सरप्राइज के लिए रेडी rehna..yeh कह कर राजू को कमरे से बहार भेज देती है.

राजू अपने खेत चला जाता है काम करने और घर की सभी औरतें अपने काम में बिजी हो जाते है.

राजू काम्य के घर जाकर उसकी तबियत के बारे में पुस्ठा है.

माला कहती है की वह अब ठीक है लेकिन 1-2 दिन और लगेंगे पूरी तरह से ठीक होने में.

और ज़्यादा कुछ बात नहीं होती और राजू वहां से चले जाता है.

शाम को जब हु घर आता है तो सब राजू का मुँह मीठा करते है.

रात को खाना खाने के बाद सब अपने कमरे में जाते है जहाँ राजू ारु का बेसब्री से इंतज़ार कर रहा होता है और कमरे की रौशनी हल्का कर देता है.

करीब 11 बजे कोई कमरे में चुपके से कम्बल ओढ़ कर आती है और दरवाज़ा बंद कर के राजू के पास आती है.

राजू को लगता है की ारु आयी हुई hai...aur कहता hai..Aaru मैं तुम्हारा hi इंतज़ार कर रहा था…

वह शख्स अपने चेहरे पे मुस्कान लाकर धीरे से राजू के पास आकर उसके कान में कहती hai…kyun सिर्फ ारु hi पसंद hain…main नहीं?

राजू यह बात सुनकर उसके होश उड़ जाते है क्यूंकि वह आवाज़ पहचान जाता है..

हु शख्स ारु नहीं बल्कि संध्या थी.

संध्या: जन्मदिन फिर से मुबारक हो Raju…tumne मेरी बहुत सेवा की hai…mujhe उन गुंडों से बचाया hai…jab मैं बाथरूम में गिर गयी thi..to तुमने मेरा बहुत ख़याल rakha….main तुमपे मर मिटी hoon..aur तुमने यह भी देखा और जाना होगा की मैंने तुम्हे रिझाने की बहुत कोशिश ki..lekin तुम बहुत अच्छे संस्कार वाले nikle…meri भावनाओं का कदर kiya…Ratna माजी तो तुम पर बहुत गर्व होना चाहिए…

सोचा मैं तुम्हे तुम्हारे जन्मदिन पे खुद को सरप्राइज के तौर पे सौंपती hoon…aur यह कहते hue…use होंठों को जैम के चूसती है…

राजू भी उसका पूरा साथ देते हुए संध्या को चूमता hai…aur दोनों एक गहरी फ्रेंच किश में डूब जाते है और अपनी जुबां एक दुसरे के मुँह में घुसा के चूसना शुरू करते है..
 
अपडेट 21: माला और काम्य का बढ़ता बेशुमार प्यार

अगली सुबह:

अगली सुबह सब लोग उठ कर फ्रेश होने के बाद चाय पीने बैठ जाते hai..sab चाय पी रहे होते है तो संध्या भी फ्रेश हो कर थोड़ा लंगड़ाते हुए आती है..

उसको देख कर रत्न और ारु समझ जाते hai…aur राजू अपना हसी दबाते हुए अनदेखा कर देता है.

रत्न जानते हुए संध्या से पूछती है की वह लंगड़ा के क्यों चल रही है और उसे क्या हुआ है..

संध्या कोई जवाब नहीं देती और चाय पीने लग जाती है.

चाय पीकर सब अपने काम में लग जाते है और ारु अपने कमरे में जा कर संध्या को बुलाती है..

संध्या: Maa..zara इधर aana..thoda काम था..

संध्या उससे मिलने उसके कमरे में चली जाती है..

जब वह कमरे में जाती है तो उसे ारु दिखाई नहीं देती और वह कमरे से बहार जाने लगती hai..Darwaze के पीछे छुपे हुए ारु संध्या का हाथ पकड़ कर उसे अपनी तरफ खींचती hai..aur कहती है की कहाँ जा रही हो माँ? कहाँ छोट लगी है तुम्हे?

संध्या कोई जवाब नहीं दे paati..to ारु शरारत से संध्या का हाथ पकड़ कर अपने खुद के पैरो के बीच उसका हाथ दबा kar…dheere से उसके कान mein..yahan छोट लगी है क्या?

संध्या का मुँह खुला का खुला रह जाता है..

ारु: शर्माने की कोई बात नहीं है maa…maine कल रात तुम्हे राजू के कमरे में जाते हुए देखा है..

यह बात सुनते hi संध्या शर्मा जाती hai..aur हलके से हाँ में सर हिला देती है..

संध्या भी ारु का मज़ा लेते hue…use अपने बाहों में भर kar…ek हाथ पीछे ले जाते hue..Aaru की गांड दबा kar….yahan भी छोट लगी दी राजू ने..

अब आश्चर्य होने की बारी ारु की थी…

ारु: क्या???

संध्या: haan…thoda दर्द hua..lekin एकदम मजा भी aaya..aur यह कह कर ारु को आँख मार देती है..

ारु: Maa…ek बात kahoon…mujhe बहुत ख़ुशी है की तुम्हे अच्छा laga..tumhaare ये खिला हुआ चेहरा देख कर मैं बहुत खुश hoon….aur मैं यह भी चाहती हूँ की आप भी ऐसे hi खुश रहो.

संध्या बड़ी आखें कर के ारु को डेक्ठी hai…aur उसका चेहरा पकड़ कर प्यार से उसका माथा चूम लेती है.

ारु भी शरारत भरे अंदाज़ में धीरे से संध्या के कान में कहती hai…agli बार यह किश मैं आपके होंठों पर karoongi…yeh कहते हुए संध्या ारु की गांड पे धीरे से मार देती है और दोनों कमरे से बहार आ जाते hai..aur अपने काम में लग जाते है.

ठाकुर के घर:

उसी दिन सुबह नहाने के बाद माला काम्य के कमरे में उसे पानी देने आती है.

उसी वक़्त काम्य भी नाहा कर सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में बहार आती है.
 
अपडेट 22: गाओं की यात्रा

कुछ दिन ऐसे hi गुज़र जाते hai…zyaada कुछ नहीं hota…bas एहि होता है की राजू रोज़ बारी बारी से ारु और संध्या पे अपना प्यार लुटा रहा होता है दोनों pe…jiski वजह से दोनों कह चेहरे हमेशा खिले खिले रहते hai…aur दोनों के फिगर में भी बदलाव आ जाता है..

जहाँ पहले आराधना का फिग: 32/32/36 tha…ab 34/32/38 का हो जाता है और

संध्या का फिग: 34/32/36 tha…woh 34/32/40 का हो जाता है… (ेस्पेशलय संध्या का पिछवाड़ा).
 
अपडेट 23: गाओं की यात्रा cont….1st थ्रीसम (मेगा अपडेट)

जब वह घर आते है तो रानी पूछती है की उन्हें हु जगह पसंद आया kya..jo रानी ने बताया था..

संध्या: हाँ rani…jagah बहुत अच्छा tha…aur मज़ा भी aaya…yeh बात कहते हुए संध्या राजू की तरफ देख कर उसे आंक मार देती है.

राजू भी कहता है की उन्हें हु जगह बहुत पसंद aaya…aur अगर फिर टाइम मिलेगा तो एक और बार ज़रूर जाएंगे वह जगह.

फिर सब अपने काम में बिजी हो जाते है और रात को खाने के बाद राजू कमरे में जा के सो जाता है.

रानी औरसंध्या साफ़ सफाई कर रहे होते है तो रानी संध्या से पूछती है:

रानी: संध्या, क्या hua..tumne राजू से बात किया क्या??

संध्या: haan..baat kiya…but उसने एक शर्त रखा है..

रानी थोड़ा उदास हो जाती है और पूछती है की शर्त क्या है..

संध्या: शर्त यह है की वह चाहता है की तुम पूरे अपने तन और मन से उसके पास jaao..aur ना की कोई दबाव se…aur तुम उसके पास जाकर तुम्हे कोई पछतावा नहीं होना चाहिए.

रानी: संध्या मैंने पूरा सोच समझ कर hi तुमसे यह बात की थी kal…aur पछतावा का कोई सवाल hi नहीं hai..main पूरे तन और मन के साथ उसके पास जाना चाहती हूँ..

संध्या: तो ठीक hai…kal रात को कमरे में आ jaana…dono मिलकर धमाल मचाएंगे phir..yeh कह कर आँख मार देती है और रानी के होंठ चूम लेती hai…aur फिर धीरे से उसके कान mein…apna ज़मीन साफ़ rakha..use साफ़ सुथरी hi पसंद है..

रानी के कामुक मुस्कान के साथ हाँ में सर हिला देती है..

दोनों फिर घर का काम करके कमरे में चले जाते hai..jahan राजू (उसके कमरे में) संध्या का वेट कर रहा था..

संध्या के कमरे में जाते hi राजू उसे पकड़ कर बिस्तर पे गिरा देता hai..aur उसे प्यार करना शुरू कर देता है..

संध्या: अपनी यह ताक़त कल के लिए बचा के rakhna…kal बहुत ज़रुरत पड़ेगी इसकी..

राजू: तुम्हे कोई शक है kya…chaho तो अभी बुला लो रानी ko..phir देखता हूँ किस्मे कितना ताक़त hai..aur उसके होंठ चूमते हुए दोनों नंगे हो जाते है और फिर ज़ोरदार चुदाई कर के सो जाते है..

अगली सुबह..

रानी अपना काम निपटा कर नहाने चली जाती है जहाँ वह राजू को याद कर के अपनी छूट मसलते हुए aaah…aaah…kar के झाड़ जाती है.
 
अपडेट 24: गाँव का हाल

3-4 दिन बाद:

रत्न राजू को फ़ोन कर के..

रत्न: बीटा राजू घर आ jaao…thodi दिक्कत हो गयी है…

राजू: क्या हुआ?

रत्न: बीटा, तेरे मौसी को चोट लग गयी hai..thoda बहार गयी थी काम se..to रास्ते में गिर गयी और पाँव और कमर में चोट आयी है. उसे हॉस्पिटल लेकर जाना hai…thoda जल्दी आ जाओ..

राजू: सच में ना maa….Thakur ने कोई परेशान तो नहीं किया ना तुम सब को?

रत्न: नहीं beta…uska हमारे से कोई वास्ता नहीं है

राजू: ठीक है maa..main अभी निकलता हूँ.

रत्न: ठीक hai..intezaar करूंगी..

राजू: रानी और संध्या se…mujhe घर जाना hoga..mausi को चोट लग गयी है.

संध्या: चोट?? माजी ठीक तो है naa…main भी चलती हूँ तुम्हारे साथ

राजू: nahi..agar तुम रानी के साथ और कुछ दिन रहना चाहती हो तो रह लो और फिर आ जाना..

रानी: haan…yeh ठीक hai..aur वैसे भी तुम (संध्या) कुछ hi दिन पहले तो आयी हो..2-3 दिन और रुक जाओ मेरे paas…mujhe भी अच्छा lagega…phir चली जाना.

संध्या: ठीक hai…Raju..main 2-3 दिन बाद आ jaaongi..maa जी का ख्याल rakhna..main तुम्हे 1-2 दिन में फ़ोन करती हूँ.

राजू: ठीक hai..main निकलने की तैयारी करता हूँ.

राजू फिर जल्दी से अपना सामान निकल कर जाने को होता है..

रानी उसे बड़ी आस से देखती hai…Raju भी उसकी नज़र पहचान जाता hai..aur कहता है..

राजू: मुझे तो जाना hi था…1-2 दिन पहले जा रहा hoon..to इसमें प्रॉब्लम क्या है?

रानी: प्रॉब्लम कुछ नहीं hai..mujhe तुम्हारी बहुत याद aayegi…in 3-4 दिनों में तुमने मुझे बहुत कुछ दिया है..

राजू मुस्कुराता hai…aur रानी को अपने बाहों में भर के संध्या के सामने उसे किश करता hai…aur किश गहरा हो जाता है…5 मं तक यह किश चलता hai…aur फिर दोनों हाँफते हुए अलग हो जाते है. धीरे से राजू रानी के कान में कुछ कहता hai…Rani कामुक मुस्कान से साथ हाँ कह देती है.
 
अपडेट 25: सुधा की मालिश

राजू की दुविधा:


राजू फिर अपना काम ख़तम कर के घर आ जाता है लेकिन थोड़ा गहरी सोच में डूबा हुआ होता है.

रत्न वह महसूस करती है और राजू से पूछती है तो कोई बहाना बता कर ताल देता है.

लेकिन रत्न का मन मंटा नहीं hai..woh अपने कमरे में जा कर राजू को बुलाती है.

राजू जब कमरे में आता है तो रत्न उसे दरवाज़ा बंद करने को कहती है.

रत्न: बोल beta..pareshaani की क्या बात है? जब से तू आया hai..gumsum सा है..

राजू: कुछ नहीं maa..sab ठीक है.

रत्न: देख beta..main तेरी माँ hoon…(man mein…aage जाकर तेरी पत्नी बनने वाली hoon..to तेरा ख्याल तो रखना padega)..maine तेरी आँखों में दुविधा देखि hai..to बिना कोई हिचकिचाए बता de…shayad तुझे तेरी उलझन से दूर कर दूँ.

राजू: फिर कुछ सोचता है और कहता hai..baat यह है की आज ठाकुर की बहिन माला मुझसे मिलने आयी thi..baaton में कहने लगी की वह और ठकुराइन काम्य मुझे पे मर mit-te है और प्यार का इज़हार कर रहे है…

रत्न: यह तो थोड़ी गंभीर बात hai..lekin सिर्फ प्यार का hi तो इज़हार कर रहे hai..to इसमें परेशानी की क्या बात हैं?

राजू: परेशानी यह है की वह दोनों मुझसे हम बिस्तर होना चाहते है..

रत्न: थोड़ा आश्चर्य हो कर और फिर थोड़ा है kar…unko भी थोड़ा अपना प्यार de…unko भी खुश कर de…kya pata..yeh भी एक तरीका हो सकता है ठाकुर से बदला लेने kaa..(Ratna ने राजू से ऐसा क्यों kaha..yeh आगे पता chalega)…apna झंडा वहां भी गाड़ de..aur दिखा दे की तू भी कोई काम नहीं है.

राजू: बड़ी आंखें कर के रत्न की तरफ देखता hai…use यह उम्मीद नहीं थी की रत्न ऐसी बात करेगी usse..Maa..yeh क्या कह रही हो? राजू भी थोड़ा खुलते hue…agar हु मुझ से चुद जाए तो तुम्हे परेशानी नहीं होगी?

रत्न: परेशानी जब होगी जब तुम उनसे ज़बरदस्ती करोगे तो..

राजू: नहीं maa..main कोई ज़बरदस्ती नहीं कर रहा hoon..woh hi दोनों मेरे पास आना चाहती hai..maine उनकी मदत की thi..to मुझ पर फ़िदा हो रहे है..

रत्न: थोड़ा कामुक मुस्कान के saath..kyun फ़िदा नहीं होंगी वह dono..apne आप को देखा hai..kitna जवान गबरू और खूबसूरत है tu..koi भी तुझ पर मर मिठे..

राजू: तो तुम्हे कोई परेशानी नहीं है?

रत्न: nahi..lekin मैं इतना hi कहूँगी की अगर ज़रुरत पड़ी तो उन दोनों का इस्तेमाल कर के ठाकुर से भी बदला ले lo..woh दोनों भी khush..aur हमारा मक़सद भी पूरा होगा..

राजू: एकदम खुश होते hue…apne चेहरे पर हसी लाते hue…Ratna को अपनी करीब खींच kar…tumne तो मेरे मन की दुविधा दूर कर दी है maa…main तो परेशान हो गया tha..phir तुम्हे तो इनाम मिलना चाहिए और मुँह भी मीठा करना hai..yeh कह कर रटने के होंठ चूम लेते है और उसकी जुबां चूस कर एक गहरा किश करता hai…Ratna भी उसका साथ देती hai..aur दोनों एक दुसरे की जुबां चूसते हुए मजे से किश करते है. किश 5 मं तक चलता hai..aur किश करते हुए राजू रत्न की एक चुकी दबा देता है और दुसरे हाथ से उसकी गांड को भी मसल देता है.
 
अपडेट 26: ठाकुर की कारनामे

रत्न और सुधा की हॉट एंड सेक्सी बातचीत

अगली सुबह..

रत्न उठ कर चाय बना कर सुधा के कमरे में आती है तो देखती है की सुधा बड़ी चैन की नींद सो रही है..

रत्न सुधा को उठाती hai..Sudha बड़े कामुक अंदाज़ में अंगड़ाई लेते हुए उठती है…

रत्न को देख कर जल्दी से बाथरूम जाकर फ्रेश हो कर आ जाती है.

रत्न: ले chhoti..chai पी ले

सुधा: चाय पीते हुए रत्न की तरफ मुस्कुराती हुए देखती है.

रत्न: अभी तेरी कमर का दर्द कैसा है? राजू ने अच्छे से मालिश किया की नहीं?

सुधा: सच बताओं didi…khul के बताओं दीदी?

रत्न: haan…tere और मेरे बीच में छुपा क्या है..

सुधा: दीदी राजू ने मालिश तो एकदम अच्छे से किया hai..aur अभी दर्द भी नहीं hai…lekin उसने मेरे तन की आग एकदम भड़का दिया hai…kal रात से मेरी पूरी छूट गीली हुई hai…aur रास बहा रही हूँ और रुकने का नाम नहीं ले रहा hai….dekho…aur ऐसा कह कर सुधा रत्न का हाथ पकड़ कर अपने छूट पे रख देती है..

रत्न: हाथ हटा kar..tu तो सच में बहुत गीली हुई ho..lagta है जैसे तू पेशाब कर रही hai…lagta है कर रात को तूने बहुत मजे किये है

सुधा: ख़ाक मजा didi…usi ने मुझे इस हालत में छोड़ के चला गया hai..ab मेरा यह हाल है की बार बार मुझे पंतय बदलनी padegi..dekh रही हो naa..kitni गीली पड़ी हुई है..

रत्न: तो फिर तो पंतय पहनना बंद कर de…waise भी यह पंतय इतनी छोटी है की पहनो या ना पहनो को फरक नहीं padta…(woh एक थोंग टाइप पंतय thi)..waise तू इस पंतय में बहुत सेक्सी लग रही है…

सुधा: क्या karoon..kuch समझ में नहीं आ रहा है.

रत्न: ऐसा क्या किया राजू ने?

सुधा: अरे didi..yeh पूछो की क्या नहीं kiya….poora बदन मालिश कर diya…aur मालिश करते करते मुझे भी पूरा नंगा कर diya…choot..gand…sab अच्छे से मालिश कर diya..mere तन में आग भड़का कर चला गया.. अब तुम hi bataao..main क्या करून..

रत्न: करना क्या hai…mauka देख कर राजू को अपने में समा le…teri जगह मैं होती तो मैं एहि करती.. (अभी सिर्फ रत्न को hi पता था की राजू उन सब से शादी करना चाहता है)

सुधा: थोड़ा आश्चर्य se..didi..tumko बुरा नहीं लगेगा..

रत्न: बुरा क्या लग्न hai…Raju तो हम सबका hi हैं naa..jab वह हम सबका का इतना ख्याल रखता है तो तुम भी उसका ख्याल रख lo..aur यह कह कर रत्न सुधा को आँख मार देती है

सुधा: didi..tum कितनी अच्छी ho..aur हम सब का कितना ख्याल रखती हो…

यह कह कर सुधा रत्न को गले लगा लेती hai..aur जब दोनों थोड़ा अलग होते है तो सुधा ख़ुशी में रत्न के होंठ धीरे से चूम लेती hai..aur झट से अलग हो जाती है

सुधा: बुरा मत maan-na didi..mujhe बहुत ख़ुशी hui..isiliye ऐसा किया..

रत्न: थोड़े प्यार se…aisa भी कोई करता है क्या pagli..Sudha थोड़ा रुआंसी होकर रत्न को देखती है…

सुधा कुछ बोलने को होती है की रत्न उसका सर पकड़ कर आगे करती हुई उसको अपने बाहों में लेकर उसके होंठ ज़ोर से चूमती है. सुधा थोड़ा चक्र जाती hai..lekin 1 मं में hi रत्न का साथ देती है किश में. 1 मं बाद रत्न धीरे से सुधा के कान mein…apna मुँह khol…aur जैसे hi सुधा थोड़ा मुँह खोलती है तो रत्न उसकी जुबां चूसने लग जाती है और इस बार दोनों एक गहरे किश में डूब जाते hai…yeh किश ऑलमोस्ट 5 मं तक चलता है..
 
अपडेट 27: ठाकुर की कारनामे (कोंटड)

राजू धीरे से अंदर जाता है तो कर्मा पूरा अँधेरा tha..woh किसी तरह आगे बढ़ता है तो उसे एक और दरवाज़े का एहसास होता है. राजू धीरे से हु दरवाज़ा खोलता है तो उसे अंदर का नज़ारा दीखता hai..andar का नज़ारा देख कर राजू के होश उड़ जाते है.

राजू अंदर देखता है की ठाकुर अपने आदमियों से साथ बैठा हुआ है और उसके सात एक 25-26 इयर्स का लड़का भी बैठा हुआ था.

नई करैक्टर:

नाम: अजय, आगे: 25 इयर्स

जवानी का josh..bahut गुस्से वाला और khatarnak..aur हमेशा नशे में डूबा hua..(charsi).

ठाकुर और अजय कुछ बात करते है.. (क्यूंकि वह कमरा थोड़ा बड़ा tha…Raju को उन दोनों की बातें ठीक से सुनाई नहीं दे रही थी).

अजय: हाँ में सर हिला देता है.

राजू देखता है वहां एक टेबल पर बहुत सारे हथ्यार थे और कुछ चाक़ू और खंजर भी रखा हुआ tha…aur जब वह साइड किनारे में देखता है तो पाटा है की कुछ लोग आधे मरे ज़ख़्मी पड़े हुए है और हाथ जोड़ कर दोनों से कुछ बिनती कर रहे है..

ठाकुर गुस्से में उनके पास जाकर उनको लात मारता hai..Ajay कुछ नशा कर रहा tha..aur (राजू को लगता है) की गांजा फूँक रहा है और उसकी आँखें एकदम लाल और खतरनाक लग रही थी.

फिर अजय के कुछ इशारे पर उसके आदमी फिर उन ज़ख़्मी आदमियों पर लातों की बरसात कर देते है..

ठाकुर फिर कुछ बन्दूक उठा के उनको चेक करता है और ऐसा hi हु खंजर और चाक़ू को चेक करता है.

राजू को तब एहसास होता है की ठाकुर बहुत पहुंची हुई चीज़ है और उससे संभल कर रहना पड़ेगा और उसे यह भी समझ आता है की अजय भी बड़ा कमीना है और उससे भी बच कर रहना पड़ेगा.

इतने में एक नौकर उनके लिए खाना लात है और ठाकुर और अजय कुछ खाते है और जब राजू को लगता है को वह लोग निकलने वाले है तो राजू धीरे से बिना कोई आवाज़ किये उस घर से निकल जाता है और झाड़ियों में चुप जाता है.

थोड़ी देर बाद ठाकुर, अजय और बाकी आदमी बहार आते है और गाड़ियों में बैठ कर निकल जाते है.

5-10 मं बाद राजू को जब लगता है की रास्ता साफ़ है तो फिर से वह उस कमरे में जाता है जहाँ वह ज़ख़्मी आदमी गिरे पड़े हुए थे.

राजू उनमें से एक को कुछ पूछने कोशिश करता है तो हु आदमी दर जाता hai..yeh सोच के की ठाकुर के आदमी उसे मारने आये है.

राजू कहता है की हु ठाकुर का आदमी नहीं है और उनसे पूछने की कोशिश करता है.

जब हु आदमी कुछ बताने से दर रहे the..to एक ज़ख़्मी आदमी थोड़ा हिम्मत करके राजू को बोलता है

आदमी 1 (ा1): भाई मुझे पता नहीं तुम कौन ho..lekin यहाँ से चले jaao…Thakur को पता चलेगा तो तुमको भी नहीं छोड़ेगा.

राजू: ऐसा क्या किया है ठाकुर ने

ा1: ठाकुर हमारी ज़मीन हड़पना चाहता hai…hum 5-6 लोग अपनी ज़मीन उनको नहीं देना चाहते the..to वह आदमी (अजय) ने अपने आदमियों से हमारी मार पीठ करवा कर यह हालत बना दी hai..aur हमारे परिवार पर भी हुम्ला कर दिया है.

ा1: और वह आदमी (अजय) बहुत हरामी और खतरनाक hai..usi ने हमें मरवाया है.

राजू को अब धीरे धीरे सब माजरा समझ में आ रहा था.

राजू: और कुछ बात बोलै क्या उस ठाकुर ने?

ा1: ज़्यादा कुछ तो nahi..lekin हु अपने एक आदमी से कह रहा था की “एक लौंडे” को ठिकाने पर लगाना है.

राजू को समझने में देर नहीं लगता तो ठाकुर उसी की बात कर रहा है.

ा1: bhai..jaldi से यहाँ से निकल jaao…Thakur के आदमी फिर से यहाँ आने वाले hai…hamara क्या होगा हमें तो पता nahi..lekin तुम अभी जल्दी निकल जाओ यहाँ से.

राजू को उस आदमी की बात सही लगती और राजू तुरंत वहां से निकल जाता hai..aur थोड़ी देर झाड़ियों में इंतज़ार करता है.

और जैसे hi ा1 ने कहा tha..thodi देर बाद ठाकुर के आदमी फिर से वहां आते है और अंदर चले जाते है..1-2 मं बाद कुछ धमाका सा राजू को सुनाई देता hai…Raju समझ जाता है की ठाकुर के आदमियों ने उनसब को मार डाला है.

यह सोच कर hi राजू को दर भी लगने लगता है..

थोड़ी देर बाद जब सब शांत हो जाता है तो राजू भी वहां से चुपके से निकल जाता hai..apne घर की तरफ.

रास्ते में राजू को कुछ याद आता है और वह फ़ोन माला को करता है.

राजू: मालकिन, मैं राजू बोल रहा हूँ.

माला: haan..bolo..kya हुआ? ठीक तो हो ना तुम..

राजू: ठीक तो hoon…par यह छोटा कौन है?

माला: यह तो बहुत गड़बड़ हो gayi..chhote यानी ठाकुर का भतीजा hai..bahut हरामी और थोड़ा खतरनाक hai..agar ठाकुर उससे मिला हुआ है और बात कर रहा है तो मतलब मामला गंभीर हो सकता है. तुम संभल कर रहना.

राजू: ठीक है malkin…kal मिल कर बात करते है.

माला: ठीक है कहते हुए बात ख़तम कर देती है.

माला सोच में पद जाती है की ठाकुर अजय से क्यों मिला हुआ है..

नई चरक्टेर्स:

नाम: अजय, आगे: 25 इयर्स

जवानी का josh..bahut गुस्से वाला और khatarnak..aur हमेशा नशे में डूबा hua..(charsi).

उसकी शादी हो गयी है 2 साल पहले. लेकिन हु इतना हरामी है की बीवी को अपने घर में एक रखेल की तरह रक्त और ट्रीट करता है.

बीवी: कुसुम

आगे: 23 इयर्स (फिग: 32/32/36)
 
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