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शादी और सुहागरात:
शादी गाँव में hi हो गयी और गाँव के कुछ लोगों भी उस शादी में शामिल हुए.
जब यह बात ठाकुर को पता लगा तो उसके कानो से खून निकलने लगा (अस ा मेटाफर फॉर बीइंग वैरी एंग्री).
शादी के समपन्न के बाद आराधना और रवि को रत्न और सुधा दोनों ने अच्छे से स्वागत करते हैं और साड़ी फॉर्मलिटीज पूरी करते हैं.
रवि के कुछ दोस्त भी उसके साथ घर आये थे.
दोस्त 1: तेरे तो मजे हैं आज यार..
दोस्त 2: bhai…bhabhi का ख्याल रखना..
रवि: अबे चुप करो बे…
ऐसे hi छेड़ छड़ के बाद वह लोग भी चले जाते हैं और घर में सिर्फ घर वाले hi रह जाते हैं.
रात को सब लोग मिलकर खाना खाते हैं और रत्न और सुधा आराधना को उसके कमरे में ले जाते हैं जो की फूलों से सजा हुआ tha…kyunki आज उनकी सुहागरात थी..
आराधना सुहाग के लाल जोड़े में बहुत सुन्दर दिख रही thi…jheel सी नशीली आँखें, लाल सुर्ख होंठ जो लिपस्टिक में बहुत खूबसूरत लग रहे the…laal रंग की साड़ी, टाइट ब्लाउज जो उसकी चूचियों को और भी कामुक बना रहे the…aur बिस्तर पर बिठा कर दोनों चले जाते हैं. आराधना अपना पल्लू सर पे रख कर अपना चेहरा छुपा लेती हैं. आराधना का दिल जोरो से धड़क रहा tha…use कुछ समझ थी की सुहागरात में क्या होता hain..uski कुछ सहेलियों ने बातों में बताया था.
थोड़ी देर बाद रवि भी कमरे में आता हैं और दरवाजा बंद कर देता हैं और पलंग पर जा कर आराधना के पास बैठ जाता हैं…
आराधना बहुत शर्मा रही थी..
रवि: जान, तुम तो खुश हो naa..is शादी से..
आराधना: जी haan..bahut खुश हूँ.
रवि उसकी आँखों में देखते हुए उसका माथा चूम लेता hain..aur उसकी गाल पे एक चुम्मी देता hain…Aaradhna सिसक पड़ती हैं और aah…ki सिसकी निकल जाती हैं..
रवि: Jaan..abhi तो शुरू हुआ hain..aur अभी से सिसकी…
आराधना: dhat..aap भी naa…yeh बोल कर आराधना अपना चेहरा रवि के सीने में छुपा लेती हैं.
रवि आराधना की कान की बाली निकल देता हैं और कान की लौ को चूम लेता hain…Aaradhna सिसक पड़ती हैं.
कान की दोनों बाली निकल कर रवि अपने हाथों से आराधना का चेहरा पकड़ता hain..aaradhna आँखें बंद कर लेती हैं.
रवि: Jaan..aankhen खोलो ना…
आराधना: शर्मा जाती हैं पर अपनी आँखें खोल लेती हैं..
रवि: क्या क़यामत लग रही ho…main तो मर jaaoon..tere हुस्न की देदार पे..
आराधना: अपना हाथ रवि की मुँह पर रख kar..mare आपके दुश्मन.
रवि मुस्कुरा देता हैं और अपने होंठ आराधना के होंठ से मिला देता हैं. यह किश दोनों का पहला किश tha..aur दोनों उसमें मगन हो जाते hain..jaanu दिल करता हैं तुम्हारे होंठों का रास पी lo…bahut रसीले लग रहा हैं..
आराधना: तो पी लो naa…kisne मन किया hain…yeh तो अब तुम्हारे hi हैं.
रवि कभी ऊपर के होंठ तो कभी नीचे को होंठ चूसता hain…Aaradhna भी उसका साथ देती hain..yeh किश 5-10 मं तक चलता हैं..
जब वह दोनों अलग होते हैं तो दोनों को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी…
15 सेक् नज़ारे मिलाने के बाद फिर से दोनों के होंठ जुड़ जाते हैं और इस बार रवि अपनी जीभ ाआराधना की मुँह में दाल देता hain..aaradhna की उसकी जीभ का स्वागत करती हैं और अपनी जीभ से मिला लेती हैं.
रवि अपना एक हाथ ब्लाउज के ऊपर से चुकी मसल देता हैं तो आराधना की सिसकारी निकल जाती हैं… आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह… पलज़्ज़ज़ आराम से…..
रवि: jaanu…aaj के दिन (रात) आराम हराम हैं..
आराधना यह बात सुन कर शर्मा जाती हैं.
Jaanu…aaraam से hi तो कर रहा hoon…aur आराधना अपनी आँखें बंद कर लेती हैं.
रवि फिर उसकी गार्डन को चूमते हुए नीचे की तरफ बढ़ता हैं..
और फिर धीरे धीरे ब्लाउज के हुक्स खोल देता हैं और लाल ब्रा को देख कर जिसमे उसकी चूचियां बाहर आने को तड़प रही thi..Ravi भी आहें भरने लगता हैं..
रवि ब्रा के ऊपर से hi बूब्स को किश करता है और आराधना भी तड़प उठती हैं..
रवि उसकी ब्रा को भी खोल कर बदन से अलग कर देता हैं और उसकी चूचियों पर टूट पड़ता hain..pehle एक चुकी पर जीभ फेर कर किश करता हैं और उसको चूमता hain…uttejna में उसके निप्पल खड़े हो जाते हैं जिसे देख कर रवि हलके से उसे काट लेता हैं. आराधना ज़ोर से चिल्लाती हैं… aaaaahhhhhhhhh…aur उसकी छूट भी गीली होने लग जाती hain…uttejna के मारे..
आराधना भी मदहोश होने लगती हैं और रवि उसकी चुकी पर अपना काम कर रहा था..
2 मं बाद आराधना रवि से कहती hain..jaanu..doosri चुकी तुम्हारी सौतें हैं क्या? उसे भी प्यार करो naa….ravi इसकी बात सुन कर चेहरे पर मुस्कान आ जाती हैं और फिर दूसरी चुकी पर भी उसका वही हाल करता हैं…5 मं तक रवि बारी बारी से दोनों चूचियों का रास निचोड़ कर चूसता हैं. फिर अपना मुँह अलग करता हैं तो आराधना देखती हैं की उसकी चुकियाँ लाल हो गयी हैं और उस पर निशान भी पढ़ गए hain..Ravi देख कर मुस्कुराता हैं और कहता hain..baby यह तो लव बिट्स hain..hamaare प्यार की nishani..aaradhna यह बात सुन कर शर्मा जाती hain..aur रवि फिर से अपने होंठ उसके होंठ से जोड़ देता हैं और दोनों में एक ज़बरदस्त डीप किसिंग होती हैं.
5 मीन्स के किसिंग के बाद रवि नीचे की और बढ़ता hain…aur बढ़ते बढ़ते साड़ी भी उसके बदन से निकल देता hain….aur नाभि पे आ कर चाट था hain….Aaradhna की आअह्ह्ह सिसक निकल जाती hain…aur आराधना रवि के सर पर हाथ रख कर उसे उसके पेट पर दबा देती hain…phir से नाभि पर एक गहरा चुम्बन कर देता hain…aur आराधना की छूट गीली हो जाती हैं…
रवि और फिर नीचे बढ़ता है और उसकी पेटीकोट का नाडा खोल कर उसे अलग कर देता हैं…
आराधना अभी बिस्तर पर सिर्फ एक सेक्सी पंतय में रह जाती hain..jab रवि उसकी पंतय में छुपी छूट देखता हैं तो वह भी आह भर लेता hain…woh छूट को पंतय के ऊपर से चूम लेता hain…aur जीभ से ऊपर से नीचे तक चाट ता hain…Aaradhna सिहर उठती hai…aur… aaaaahhhhhhhhh…ki आवाज़ निकल जाती हैं आराधना के मुँह से..
रवि: jaanu…mast खुंभु आ रही hain…aur एकदम रसीली लग रही हैं.
आराधना कए बात सुन कर शर्मा जाती हैं और अपना चेहरा हाथों में छुपा लेती हैं.
रवि फिर से छूट को पंतय के ऊपर से चाटने के बाद पंतय को निकलने की कोशिश करता हैं. आराधना उसकी मदद करती हैं और अपनी गांड उठा के उसकी पंतय निकलने में मदद करती हैं.
एकदम साफ़ और चिकनी छूट देख कर रवि के मुँह में पानी आ जाता हैं और अपनी जीभ लगा कर फिर से चूम लेता हैं… (साथ में उसका लुंड भी एकदम टाइट हो जाता हैं).
आराधना: aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh…………. ऊऊऊह्ह्हह्ह्ह्ह......
रवि छूट चाट ते समय अपनी ऊँगली डालने की कोशिश करता hain..but ऊँगली घुस नहीं पाती क्यूंकि छूट बहुत टाइट थी..
रवि पूरी शिद्दत के साथ छूट ऊपर से नीचे तक उसे अपने होंठ में भर लेता hain…Aaradhna ज़ोरो से सिस्क्यान लेती हैं… रवि का सर पकड़ केर जोर से टैंगो के बीच दबा देती और जोर चिल्लाती हैं.. oooohhhhhhhhhhhh....,
रवि आराधना की छूट को कहते जा रहा था और वह उत्तेजना से कामुक अंदाज मैं आवाजे निकल रही थी और 5 मीन्स में उसका पानी निकल जाता hain…Ravi पूरा पानी पी जाता हैं और जीभ से चाट भी लेता हैं.
फिर आराधना के ऊपर आ कर एक गहरा किश करता हैं और उसका स्वाद आराधना को चकता hain..aur पूछता हैं की तुम्हारा टास्ते कैसा हैं? आराधना शर्मा जाती है और अपनी आँखें नीचे कर लेती हैं क्यूंकि यह पहली बार था उसके लिए..
रवि: अपना अंडरवियर निकल के फेक देता हैं और कथा हैं जानू अब मुझे भी थोड़ा खुश कर दो
आराधना: क्या मतलब?
रवि आराधना का सर पकड़ कर अपने खड़े लुंड के तरफ ले जाता हैं..
आराधना: मैंने कभी पहले नहीं किया है
रवि: तो क्या हुआ jaanu…zindagi में हर चीज़ पहली बार करना पड़ता हैं.
आराधना: ठीक hain…aaj के शुभ दिन में आपको निराश नहीं करना चाहती hoon..yeh बोल कर आराधना तरय करती हैं. बड़ी मुश्किल से लुंड के टोपे पर एक हल्का सा किश करती हैं.
रवि: haan..aise hi करो और थोड़ा मुँह के अंदर लो ना जानू..
आराधना हिचकिचाती हैं पर कोशिश करती hai…Ravi देख कर अपना लुंड उसके मुँह में ठूसने की कोशिश करता hai…Aaradhna ख़ास देती है और अपना मुँह हटा लेती है.
रवि: सॉरी jaanu…main बहक गया tha…phir से लो लो…
आरधना इस बार अच्छे से लुंड को मुँह में लेकर चूसती hai…aur देखते hi देखते पूरा लुंड मुँह में ले लेती हैं और खूब मजे से चूसती हैं.
रवि: jaanu..kya मस्त चूसती ho…aise hi karo…a aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh…………. ऊऊऊह्ह्हह्ह्ह्ह......
ऐसे hi करीब 10 मं तक लुंड चूसै के बाद रवि कहता हैं…
मेरा निकलने वाला hain…yeh बोल कर रवि आराधना के मुँह में अपना वीर्य छोड़ देता हैं.
आराधना खास्ती हैं और अपना मुँह हटाने की कोशिश करती है लेकिन रवि अपना हाथ उसके सर के पीच ले जाकर उसका सर लुंड में दबा देता hain…aur आराधना को पूरा पानी पी जाना पड़ता हैं.
आराधना अपना मुँह साफ़ करते हुए और थोड़े गुस्से se…kya कोई ऐसा भी करता हैं क्या?
रवि थोड़ा हस्ते hue..maja आया ना tumhe….aaradhna अपना सर नीचे कर के है देती है..
और वह उसके छाती के ऊपर सर रख कर सो जाती है और उसके छाती पर हल्का सा चपेट मारती हैं.
रवि फिर से उसके होंठ चूमता hai…choomte हुए चुकी दबा देता है और आराधना का हाथ पकड़ कर अपने लुंड पर रख देता हैं और आगे पीछे करने को कहता हैं..
फिर रवि आराधना के दोनों टांगो को अपने सर के तरफ कर के उसे अपने चेहरे पे बिठा लेता हैं और फिर से आराधना के छूट पर हुम्ला बोलता हुआ चाट लेता हैं…
आराधना: तुम्हे यह कैसे पता?
रवि: मतलब?
आराधना: यह पोजीशन
रवि: jaanu…sab कुछ बताया नहीं जाता hain…ho जाता हैं…
आराधना रवि का सर पकड़ कर अपनी छूट में दबा देती हैं और रवि मजे से चाटने में मगन हो जाता hain…isi बीच आराधना एक बार फिर से झाड़ जाती हैं और हांफने लगती हैं.
धीरे धीरे रवि का लुंड फिर से खड़ा हो जाता है और इस बार आराधना से कहता हैं की रेडी हो जाओ..
आराधना को सुला कर उसके ऊपर चढ़ जाता हैं और अपना लुंड आराधना की छूट पर रगड़ता hain…aaradhna सिसकियाँ लेती है और कहती han..jaanu अब सहा नहीं जा रहा hain…daal दो..
रवि: क्या डालूं और कहाँ डालूं
आराधना: jaanu..kyun तड़पा रहे हो..
रवि: बोलो naa…ab हमारे बीच कैसी शर्म?
आराधना: अच्छा baba…apna लललललूण्ड मेरी कक्कछूत में दाल दो.
रावो: यह हुई ना बात.
रवि लुंड घुसा ने की कोशिश करता हैं पर लुंड जाता नहीं और फिसल जाता हैं..
आराधना की छूट भी पानी पानी हो रही थी..
रवि फिर से तरय करता hai..lekin फिर भी अंदर नहीं जाता..
इस बार रवि अपने लुंड को पकड़ कर ठीक से सेट करता है और एक धक्का देता hain…lund 2 इंच अंदर चले जाता है और आराधना की चीख निकल जाती hai…oooh…aah…nikal lo..dard सहा नहीं जा रहा हैं..
रवि को पता था की पहली बारी दर्द hoga..so, इसीलिए इस बार रवि आराधना के होंठ जैम के चूसता हुआ एक ज़बरदस्त धक्का मारता है और लुंड और 3 इंच अंदर चला जाता hain..Aaradhna चीक नहीं पाती क्यों की रवि ने उसका मुँह जकड के रखा tha…usko बहुत दर्द होता हैं जो रवि को दीखता हैं…
ाआराधना: पूरा हो गया हैं क्या?
रवि: nahi..thoda और बचा हैं.
हु थोड़ी देर ऐसे hi रहता हैं और फाइनली फिर से एक जैम के शॉट मारता हैं और उसका लुंड पूरा अंदर चले जाता hai…aaradhna को बहुत दर्द होता है और उसकी आँखों से आसूं आ जाते hain..kyunki रवि ने उसका मुँह बंद किया हुआ tha..isiliye उसकी आवाज़ उसके गले में hi रह जाती है.
रवि थोड़ा देर रुक जाता और उसके आसूं पी जाता है और कहता hain..janu हो gaya..jo दर्द होना tha..ho gaya…ab मज़े hi मज़े हैं.
(आराधना को अब ारु कह कर लिखूंगा)
ारु भी अपने साँसें संभालती है और ऐसे hi रहती hain…Ravi से कहती हैं की वह ऐसे hi rahe…aur ना hile….kuch देर के बाद जब उसका दर्द थोड़ा काम होता हैं तो रवि की इशारा करती है और हाँ में साल हिला देती है.
रवि इशारा समझ जाता है और धीरे धीरे लुंड को अंदर बहार करना शुरू कर देता hain..choot गीली होने की वजह से लुंड भी थोड़ा आसानी से अंदर बहार होता रहता hain..thodi देर बाद ारु भी मजे लेने लगती हैं और धीरे धीरे चुदाई की राफ्तेर पकड़ लेता हैं ravi..uski छूट भी गीली होने के कारण लुंड आसानी से अंदर बहार हो जाता hain…aise hi 15 मं तक जैम के चुदाई कर्त है हैं.
उसके बाद रवि ारु को कहता हैं की वह उसके ऊपर आ jaaye…Aaru को समझ नहीं आता हैं तो रवि बगल में लेट जाता हैं और बड़े प्यार से ारु को उठा कर अपने लैंड पर रखता हैं. ारु को अब समझ आती हैं और थोड़ा थोड़ा कर के उसका लुंड अपने छूट में लेती हैं. जब सेट हो जाती हैं तो ऊपर नीछे होने लगती हैं. ऐसा करने से उसकी बड़ी बड़ी चूचियां हिलती रहती हैं जिसे देख कर रवि अपना मुँह एक चुकी पर रख कर चूसता हैं और दुसरे चुकी को दबाने लग जाता हैं.
10 मं की चुदाई के बाद रवि कहता हैं की उसका भी पानी निकलने वाला hain…isi बीच ारु 2-3 बार झाड़ जाती हैं.
रवि भी खुद को रोक नहीं पाटा और लुंड छूट से निकल कर उसके पेट पर झाड़ जाता हैं.
दोनों हफ्ते हुए बगल में लेट जाते है एंड ारु उसके सीने में अपना सर रख देती हैं.
रवि: मज़ा आया के नहीं?
ारु: मज़ा तो aaya…aur ख़ुशी भी हैं की आपने मुझे लड़की से औरत बना hi दिया हैं…
रवि: अभी कहाँ..
ारु: मतलब?
रवि: मतलब जब तक तुम्हारे तीनो छेद खुल ना जाए, तुम पूरी औरत नहीं बनोगी.
ारु को बात समझ नहीं आती तो रवि की तरफ अपना मुँह कर के सवालिया नज़रों से देखती हैं.
रवि हस्ता है और अपना हाथ उसके गांड पर रक् कर धीरे से कान में कहता hai..yeh वाला छेद.
ारु सेहम जाती है और कहती hain..naa बाबा naa..main नहीं करने doongi..bahut शरारती हो..
रवि कहता hai..dekhte हैं..
इसी तरह रात को एक बार रवि फिर से ारु को छोड़ता है और दोनों सो जाते हैं.