अपडेट - 54
लास्ट में आपने पड़ा की जाकर के घर में सारा और गोलू की बातों से ये क्लियर हो जाता है की गोलू और आदि एक hi इंसान है......
और सारा की मदद से hi आदि की मौत का नाटक करने के बाद गोलू जाकर के घर में आया था.......
पर परेशानी ये हुई की सारा और गोलू का ये सच आसमा जान चुकी thi....ab देखना है की अस्मा क्या करती है......
वही दूसरी तरफ जब कल्लू अपनी माल रजनी से मिलने जाता है तो वह उसे धर्म भी मिलता hai.....jo कल्लू के लिए चौकाने वाली बात थी.....
Khair...kallu वह रजनी को छोड़ता है और फिर उसे कुछ समझा कर हवेली आ जाता hai.....jaha वो तरीका की माँ तारा से मिलने के लिए तैयार होता है......
अब आगे.............
जाकर के घर में............
जब सारा और गोलू बातें कर रहे the....ki कैसे आदि ने hi एक प्लान के जरिये अपनी मौत दिखाई और अब गोलू के नाम से जाकर के घर में आ चूका है.....
उसी वक़्त आसमा बापिस से कमरे में आ चुकी thi....aur वो ये जान चुकी थी की गोलू कोई और नहीं बल्कि आदि hai.....jo सारा और उसकी फॅमिली को पहले से hi जनता है.......
गोलू- अरे aasma....chai ले aai....lao दो.....
Aasma(gusse से)- मैंने क्या puchha.....aap आदि हो......
Golu(sara को देख कर)- hmm......main hi आदि हु.....
आसमा- और आदि है koun.....kya रिश्ता है आदि का सारा se......batayge जरा.....
गोलू- तुम पहले baitho.....fir मैं....
Aasma(gusse से)- nhi....mujhe सच batao....kaise जानते हो तुम दोनों ek-dusre ko.....bol sara......kya है ये sab.....aur वो आदि की mout.....chachijaan के sath....wo सब है kya....batao मुझे.....
सारा- main....aap hi बोलिये.....
गोलू- मैं बोल तो रहा hu.....aasma....tu शांति से baith....main सब batauga.....aadi कौन hai......golu कौन hai......ye दो नामो का chakkar....aur बाकि sab.....main हर एक बात batauga....trust में....
आसमा- trust.....wo तो आपने बाकि hi नहीं rakha......sab बर्बाद कर दिया.....
गोलू- nhi....aisa कुछ भी nhi....tu मेरी बात तो सुन le....fir जो तू chahegi...wahi hoga....theek है....
सारा- है aasma....ek बार बात तो सुन ले inki.....sach सुन कर तू भी सब समझ jaygi.....ki इस सबकी जरूरत क्या थी....
आसमा- ओह ho.....lagta है कुछ ज्यादा hi लगाव है inse......kya वकालत कर रही hai.....theek hai.....main सुन रही हु.....
गोलू- तुम बैठो तो......
आसमा- haa...lo बैठ gai.....ab बोलोगे.....
गोलू- hmm....baat थोड़ी लम्बी hai.....aur उलझी हुई bhi....to ध्यान से सुन्ना......
आसमा- मेरा ज़ेहन ठीक से काम करता hai....aur कान bhi....aap bole....sahi-galat की समझ है mujhme.....boliye अब.....
गोलू- ठीक hai.....to सुनो फिर.......
और फिर गोलू ने अपना और खान परिवार का इतिहास बताना सुरु कर diya......jise सुनते हुए आसमा की न सिर्फ आँखे बड़ी होने lagi....balki उसका दिमाग भी तेजी से गरम होने laga...aur उसके जिश्म में एक अजीब सी हलचल सुरु हो gai.......aur वो एक बट की तरह बैठी हुई पूरी बात सुनती रही.......
Golu(baat ख़त्म कर के)- अब फैसला तुम hi karo....ki मैं सही हु या galat.......par सिर्फ अपनों का सोच कर nhi.....ek इंसान की तरह sochna......hmm.....
Aasma(sara को देख कर)- क्या ये sab......sab सच है......
Sara(sir हिला कर)- हम्म...
आसमा- तुझे यकीन hai.....matlab....humara pariwar.....wo ऐसे तो नहीं हो sakte......main कैसे मान लू.....
सारा- मैं भी नहीं maanti.......par मैंने सबूत देखे hai.....tab जा कर इनका साथ diya....ye सब सच बोल रहे है......
आसमा- तो क्या हमारे घरवाले इतने bekaar.....aahh....yakeen नहीं होता.....
सारा- सच तो यही है aasma.......yakeen नहीं hota.....par सच तो सच hi है.....
गोलू- अब बोलो aasma......main सही हु या गलत.......
आसमा- पता nhi.....par आपने नाम क्यों badla......kya जरूरत थी इसकी....
गोलू- वो भी समझा duga.....saayad आगे जो ho.....uske बाद तुम समझ जाओगी की मेरा नाम बदलने की वजह क्या थी.....
आसमा- मतलब ये सब प्लान tha....mujhse milna...mere घर में aana.....aur mujhe.....sab प्लान था na....haa....
गोलू- तुमसे मिलना प्लान tha.....but तुम्हारा बुरा करने की कभी सोच नहीं rahi.....aur मैं तुम्हारे जरिये hi इस घर में आना चाहता tha.....par उससे पहले hi किस्मत ने कुछ ऐसा साथ diya....ki तेरा बाप खुद मुझे यहाँ ले आया......
आसमा- तो क्या अब्बू आपको ऐसे hi ले aaye.....matlab kaise.....wo आपसे मिले कैसे.....
गोलू- तुम सच सुन्ना चाहती है.....
आसमा- जी हां.....
गोलू- सोच lo.....sach बड़ा कड़वा होता hai....saayad तुम्हे पसंद न आये.....
आसमा- मैं कोई बच्ची nhi.....samjh सकती hu....padi-likhi लड़की hu.....sach कैसा भी ho.....use एक्सेप्ट कर सकती hu......aap बोले बस......
गोलू- good....to सुनो fir.....sach ये hai...ki तेरा बाप चाहता है की कैसे भी तेरी अम्मी को बदचलन साबित किया जाए........
Aasma(gusse से)- क्या बकवास hai.....mere अब्बू ऐसा सोच भी नहीं सकते.....
गोलू- मैंने कहा tha....sach कड़वा होता hai......kya hua....padai भूल gai....haa.....
आसमा- nhi....par मैं ये नहीं मान sakti....bhala मेरे अब्बू ऐसा क्यों चाहेंगे.....
गोलू- ताकि वो साड़ी प्रॉपर्टी हासिल कर सके.......
आसमा- पर वो तो अब्बू की hi है.....
गोलू- nhi....paper पर वो तेरी अम्मी की hai...aur कानून पेपर मंटा है....
आसमा- हो सकता hai....par अब्बू को जरूरत hi क्या hai...wo इस घर ke...hum सबसे मालिक hai.....sab उनके hi अंडर है na.....to फिर...
गोलू- सही kaha....par अगर वो तुम्हारी फुसरी अम्मी ले आये tab.....kya तब भी तुम सब अपने अब्बू का साथ dogi....kya किसी भी ायरत को इस घर की मालकिन बनते देख पाओगी.....
आसमा- बस karo.....abbu ऐसा सोच भी नहीं sakte....aap बकवास बंद करो....
गोलू- मैं बिबा सबूत के मुँह नहीं chalata......ye dekho.....tere बाप का कला sach.....dekh इसे....
और फिर गोलू ने अपने मोबाइल में एक विडिओ प्ले कर diya....jusme आसमा के अब्बू जाकर खान किसी ायरत के साथ हमबिस्तर हो रहे थे.....
आसमा- ये नहीं हो sakta...ye मेरे अब्बू नहीं हो sakte.....aap झूठ बोल रहे है....
गोलू- सच का सामना करो aasma.....ye ायरत तेरे अब्बू की दूसरी बीवी hai.......jiske साथ तेरा बाप जिंदगी बिताना चाहता hai....lekin इस प्रॉपर्टी के लिए तुम सबको बोल नहीं प् रहा......
आसमा- पर kyo....unhe जरूरत क्या है iski.....kya कमी है उनके पास.....
गोलू- kami.....saayad उसकी hawas.....tabhi तो उसने अपने से छोटी उम्र की लड़की से साडी ki...dekho use.....wo तेरी बड़ी बहिन की उम्र की लगती hai....hai की नहीं....
Aasma(sir हिला कर)- हम्म....
गोलू- वही तो उसकी कमजोरी है.....
आसमा- अगर ऐसा है तो उसी के साथ रहे na...chhod दे hume....hum जी लगे....
गोलू- पर वो कैसे जी payga....kyoki अगर उसने तुम सबको chhoda....to कानूनन ये प्रॉपर्टी तेरी अम्मी को milegi....uper से तेरे बाप को हर महीने खर्चा भी देना होगा तुम sabko.....jo वो दे नहीं सकता.....
आसमा- abbu....ye सब क्यों किया aapne.....kyo.....
गोलू- इसका जवाब तो वही देगा.....
आसमा- तो क्या अब्बू ने आपको मेरी अम्मी के लिए यहाँ लाया था.....
गोलू- hmm...wo चाहता था की कैसे भी कर के मैं तेरी अम्मी को अपने साथ सुला lu....fir वो उसे बदचलन साबित कर के दूसरी बीवी के साथ आसानी से रह jayga.....aur तब कानून भी उसी का साथ देगा.....
आसमा- और आप मान gaye....ye भी नहीं सोचा की आप मेरी अम्मी को समाज की नजरों में गिराने के लिए आ रहे ho....aur वो तो बाद की baat.....aap ये करने कैसे वाले the....meri अम्मी बड़ी सरीफ hai....wo गलत बात भी नहीं sunegi....sath सोना तो दूर की बात.....
Golu(muskura कर)- sareef.....wo मेरा काम hai....mujhe ऐसी सरीफजादियो को लुंड खिलाना बखूबी आता hai.......par मेरा वो इरादा था hi nhi.....mere इरादे कुछ और hai.....jo मैं बता चूका हु........
आसमा- तो क्या आप मेरी अम्मी को भी.....
गोलू- उसकी बात chhodo....ab तुम bolo....kya करना है tumhe.....mera साथ dogi....ya फिर सबको बताओगी.....
आसमा- समझ नहीं आ raha....ye सब अचानक से kya-kya हो गया मेरे साथ....
गोलू- मैं तुम्हे रोकूंगा nhi....gate सामने hai......tum चाहो तो जा सकती ho.......fir जो दिल चाहे karna......tumhari मर्जी.....
Aasma(soch कर)- मैंने सोच लिया है....
ये बोल कर आसमा कड़ी हुई और घूर कर गोलू और सारा को देखने lagi.....aur फिर अचानक hi वो गेट की तरफ बस गई....
सारा- रोको use....warna मुश्किल हो जायगी....
गोलू- nhi.....dekhu तो वो क्या करती hai.....aur तुम डरो mat....abki बार कुछ हुआ तो मैं मरने नहीं wala.....ab मारने की बारी है......
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ठाकुर की हवेली में..........
रजनी से मिलने के बाद जब कल्लू बापिस हवेली में आया तो उसे हवेली में बड़ी ख़ामोशी नजर aai....jo ज्यादातर होती नहीं थी......
Kallu(man में)- इतनी shanti....kaise.....sab मर गए kya.....chalo....rekha से पूछता हु....
पर कल्लू जब रेखा के कमरे में गया तो वो खली tha.....aur वैसे hi तरीका भी अपने कमरे में नहीं थी......
कल्लू- ये तरीका कहा मर gai.....uski माँ के बारे में बात करनी thi....huh....chalo मिल कर hi आता hu...lagti तो गड़बड़ hai.....fir bhi.....dekhu तो क्या चाहती है साली.....
ये सोच कर कल्लू आगे बड़ा hi था की उसे कुछ आवाज सुनाई di....jo ठाकुर की बड़ी बहु कामना के कमरे से आई थी....
तो फिर कल्लू के कदम कामना के कमरे में आ pahuche....aur उसने देखा की कामना अपनी बेटी के साथ hai....aur दोनों कुछ कपडे तरय कर रही थी.....
कल्लू- क्या बात hai....itne सारे कपडे......
कामना- अरे आप....
कल्लू- तुम से सीधा आप.....
निशु- अब तो आप hi निकलेगा मुँह se.....chakh जो लिया hai....kyo मम्मी.....
कामना- क्या boli.....chup रहा kar....maa हु तेरी.....
निशु- तो क्या hua.....wo कहते है na...ki जब जवानी आ jaaye....to बेटी अपने मम्मी की सहेली बन जाती hai...kyo कल्लू ji...theek कहा न मैंने....
कल्लू- अब तूने बोलै है तो ठीक hi hoga.....chalo...main आता हु....
कामना- ऐसे hi चले जायगे क्या.....
कल्लू- तो फिर कैसे जाना चाहिए.....
कामना- nishu....tu ja....aur गेट लगा jana.....jara इनकी बिदाई कर दू.......
निशु- क्यों nhi....par बिदाई तो मुझे भी करनी है......
कामना- चुप kar......aisa नहीं होता....
निशु- सोच lo....ya तो साथ karege...nhi तो कुछ नहीं होगा.....
कामना- पर तेरे sath.....ye सही नहीं है....
निशु- क्या mummy....ab भी sahi-galat....hum दोनों सब जानते hai....aur कौन सा पहली बार इनके साथ होंगे.....
कामना- है जानती hu...tu तो मुझसे पहले hi.....theek hai......gate laga.....aaj maa-beti मिल कर इन्हे चखेंगे.....
कल्लू- ओह ho....tab तो बिदाई काफी मजेदार hogi......chalo आ जाओ.....
ये बोल कर कल्लू आगे बड़ा और कामना के होंठ चूसने laga....jisme कामना भी पूरा साथ दे रही थी....
कामना तो होंठो को ऐसे चूस रही thi...jaise सालो की प्यासी thi...aur कल्लू का hi वेट कर रही थी.....
वही निशु गेट लगा कर aai...to अपनी मम्मी की हवस देख कर मुस्कुरा उठी........
कामना- uuummhh...aah....tujhe क्या हुआ.....
निशु- कुछ nhi....main बस सोच रही thi...ki कभी तुमने पापा के होंठ चूसे होंगे ऐसे.....
कामना- तेरे पापा में ये बात kaha......ye तो ख़ास मर्द होते hai....jinke लिए ायरत कुछ भी भूल जाती है.....
निशु- जैसे अभी मुझे भूल gai.....main बेटी हु tumhari.....pahle मुझे मौका मिलना चाहिए न.....
कामना- nhi....is काम में तो पहले main...aah...aaraam से....
कामना बात hi कर रही थी की कल्लू ने कामना की ब्रा नीचे कर के उसके दूध चूसना सुरु कर दिया.....
कल्लू- uummmmhh.....kya re....sirf ब्रा me.....chudne hi बैठी थी क्या.....
कामना- aahh...nhi ji....wo तो कपडे तरय कर रहे the....uuff.....joor से chooso....joor से......
निशु- ठीक है mummy.....tum मज़े lo.....main फिर कुछ और चूसती हु.....
ये बोल कर निशु ने कल्लू का पेण्ट खोलना सुरु कर diya.....aur कल्लू वही आराम से कामना के दुध चूसता raha.....aur कामना मस्ती में सिसकती रही.....
इस तरह कुछ hi देर में निशु ने कल्लू का पेण्ट और ुंडेरवेरे निकाल liya....aur अब कल्लू का तगड़ा लुंड निशु के नाजुक हाथो में था....
निशु आराम से कल्लू का लुंड हिला कर उसे गरम कर रही thi....aur वही कल्लू बेदर्दी से कामना के दूधो को dawa-dawa कर चूसने में लगा हुआ था.....
अब कमरे में मौजूद तीनो लोग पूरी तरह गरम हो चुके the....kamna और निशु की छूट कुलबुलाना सुरु कर चुकी thi...to कल्लू का लुंड भी तन चूका था.....
और जैसे hi कल्लू का लुंड तन कर खड़ा hua....waise hi कामना भी घुटनो पर आ गई....
और फिर दोनों maa-beti baari-baari कल्लू के लुंड को मुँह में भर कर चूसने में लग गई....
लुंड चुसवाते हुए कल्लू ने अपनी शर्ट भी निकाल feki....jisse उसका कैसा हुआ बदन एकदम नंगा हो gaya.....aur वो आराम से लुंड चुसवाते हुए मज़ा लेने लगा......
कामना- अब छोड़ bhi....mujje दे न....
निशु- uummhhhh..aah..kya mummy...sab मज़ा तुम hi ले lo...beti का कुछ नहीं....
कामना- गुस्सा मत kar......tu पहले करवा लेना bas....ab चूसने तो de....aauuummmmm...uuummmm...yuummm....
निशु- वह mummy......mast चूसती हो.....
कल्लू- तू भी काम नहीं.....
निशु- बेटी किसकी hu....hehehe....
कामना- uuummmhhhh.....le चूस le.....najar मत लगा.....
निशु- है lao.....aaauuuummmmm....uuuummmm...uuummmmmm...
कामना- आज इसकी ऐसे lena...ki कुछ दिन लुंड का सोचे भी न.....
कल्लू- फ़िक्र मत kar....dono को ऐसे hi thokuga......chal nishu....aaja ab....time काम है....
और फिर कल्लू ने निशु को रोक कर उसे बीएड पर खींचा और कुछ hi देर बाद निशु को कुटिया बना कर छोड़ना सुरु कर दिया......
निशु- aaahhhh.....aap तो सच में दर्द दे रहे hai.....aaahh....dheere करो न......
कल्लू- उसके लिए टाइम nhi.....aise hi ठोकूंगा.....
और फिर कल्लू ने धक्को की रफ़्तार बड़ा di...aur लुंड सततत छूट में खलबली मचने लगे.....
ये देख कर कामना के चेहरे पर मुस्कान खिल gai...jisse निशु को गुस्सा आ गया......
निशु- aaahh....has lo...aahh....tumhari भी ऐसे hi maregi....aaahhh....aaahh.....
कामना- देख lugi.....abhi तो तेरी हालत मज़ेदार दिख रही hai....bada लुंड खाने का सूक है na.....ab झेल....
Kallu(man में)- ये सच में maa-beti hi hai....aisi होती है maa.....gajab परिवार है साला ठाकुर ka....randiyan भरी पड़ी है......
Kamna(choot सहलाते हुए)- अब मैं क्या karu....aise नहीं रह सकती.....
ये बोल कर कामना आगे बाद कर कल्लू के पीछे आ gai....aur फिर प्यार से झुक कर कल्लू की गांड चाटने लगी.....
कल्लू- ये saali.....kya कर रही है......
कामना- आपको मज़ा दे रही hu....aap लगे रहो.....
कल्लू- पर कर क्या रही hai....gaand कहेगी क्या.....
कामना- और kya.....aapko मज़ा aayga.....karne तो दो....
और फिर कामना ने अपनी जीभ निकाल कर कल्लू की गांड चटनी सुरु कर di....jisse कल्लू मचल उठा और जोरदार धक्के मरने लगा......
निशु- aaaahhhhh...marwa दिया mummy......aaahh...mera टाइम भी aayga....aaahhh...bataugi....aahh...aaahh....
अब कमरे में चुदाई का रंग पूरी तरह से चढ़ चूका tha......dono maa-beti कल्लू के साथ खुल कर मज़ा ले रही thi...aur कल्लू को भी उन maa-beti को एक साथ चुदाई का खेल खेलते देख पूरा मज़ा आ रहा था.....
और इसी मज़े के बीच निशु की छूट ने पानी छोड़ diya....par कल्लू रुका nhi.....balki उसने निशु को पलटा कर दीवार से चुदाई सुरु कर दी.....
कल्लू पूरी स्पीड से निकल शु की छूट की धजकियाँ उदा रहा tha....aur ये देख कर कामना कुछ ज्यादा hi गरम हो रही थी....
आज पहली बार था जब दोनों maa-beti अपनी मर्जी से एक साथ कल्लू से चुद रही thi.....saayad यही बात कामना को कुछ ज्यादा गरम कर रही थी......
कामना- बहुत hua.....meri बारी.....
निशु- aahhh....ruk ja.....main bas.....ohhh.....aaahh...aahh....
कल्लू- थोड़ा सब्र रख le......teri भी फाड़ता हु....
कामना- जल्दी करो न.....
निशु- aaahhh.......mera तो होने doooooo....aaaaahhhh....main gaaaiiii....aaahhh...aaahhh....
और जैसे hi निशु दोवारा से झड़ी तो कल्लू ने सटाक से लुंड को बहार खींच और कामना को बीएड पर पटक दिया.....
कल्लू- अब फाड़ता हु तेरी.....
कामना- तो फाड़ो na....roka किसने haaaiii....maaaaaa......
निशु- aahh....nani याद आई na....hehehe.....
कामना- aaahhhh.......maaar डाला re..,....choot तो थी......
निशु- सही kiya.....gaand hi फाड़ो inki...badi गर्मी छड़ी hai.....ab झेलो....
कम्बा- aaahh.....aaahhh.....mar gai,....aaahhh....sach में फाड़ di...aaahh..aaahh...
कल्लू- जैसा तूने bola....wahi हुआ.....
निशु- जोर से maaro....dawa के maaro.....chal न सके आज......
कामना- aahhh...tu चुप rah....maaa.....mar gai....aaahh...aaahh...
कल्लू ने कामना की गांड को ऐसे ठोकना सुरु किया था की कामना की चीखे निकल रही thi.....aur ये देख कर निशु अपना दर्द भूल कर है रही थी.....
कल्लू को जाने की बड़ी जल्दी thi...isliye वो कुछ ज्यादा hi जोश में धक्के मार रहा tha.......par उसकी जल्दबाजी कामना को भारी पद रही थी.....
इसलिए कामना कुछ hi देर बाद pani-pani हो कर हाफने lagi....par कल्लू ने उस पर कोई दया नहीं dikhai......ulta उसे अपनी गॉड में ले liya....aur फिर uchhal-uchhal कर गांड मारने लगा......
कामना- aaaahhh.....mar gai...aahh...dheere...dheere....ddhhheeeerreeee.........aaaaahhhh....
निशु- जोर se....joor se....joor se.....hehehe......gaand फटेगी तभी तो चलने में आह निकलेगी न......
कामना- aaahhh...beti है या dushman......maa की गांड फैट रही hai....aaaiii.....has रही है.....
निशु- चुदाई में कोई बेटी nhi...koi मम्मी nhi....bas छूट hai...gaand hai....aur तगड़ा लुंड hai.....maza करो मम्मी......
कामना- aaahh....meri hi बेटी है tu.....aaahhhh.....sach kaha........aaahh....aakhuri सच तो चुदाई hi hai.....oh maa.....meri choot.....aaaahhh...aaahhh....
निशु- क्या बात है mummy.....tumhari छूट तो आज झरना बानी हुई hai.....bahe hi जा रही......
कामना- aaahhh...kya karu....tere बाप ने सूखा hi दी thi....par इस लुंड ne....aaahh....jo खोली है na....uuummm......ab रोके नहीं रूकती....
कल्लू- चल आराम कर le.....teri बेटी की छूट भी है लाइन में......
कामना- aahhhh....uski भी फाड़ do....gaand मारना......
कल्लू- ये मैं तय करुगा की मुझे किसकी गांड मारनी है या choot....chupchaap मज़ा ले bas....aaja मेरी छोटी chamiya....tujhe झूला झूलता हु.....
ये बोल कर कल्लू ने निशु को अपनी मजबूत बाहों में उठाया और उसकी छूट में लुंड दाल कर हवा में उछालते हुए छोड़ने लगा.....
निशु- aaahh...mummmy......marwa दिया tune....aaahhh...aaahhh...aahhh....
कामना- क्या बात hai....aisa नजारा हक़ीक़त में तो किस्मत वाले hi देख पाते hai......aisi चुदाई तो बस सपनो में हो सकती hai......ya फिर वो फिल्मो में.....
निशु- aaahh...yaha मेरी जान पर बन aai....aur tum....aaahhh....tum सपनो में खोई ho.....aaahhh..........kaisi माँ ho....aaahh....mar गई....
कामना- बड़ी किस्मत वाली माँ हु beta......apni बेटी को एक तगड़े लुंड पर झूलते dekhna....uuummmmm.....kisko नसीब होता है ये देखना.....
निशु- aaahh....kallu ji....mera.....aahh..mera हो गया......
कल्लू- पर मेरा नहीं हुआ na.....tu मज़े kar.....dowara से होगा.....
निशु- aaahh....dard हो रहा है.....
कामना- दर्द में hi मज़ा है बीटा.....
निशु- aaahh....to अपनी गांड मरवाओ न....
कल्लू- सही kaha....iski गांड hi फाड़ता hu....tu आराम कर....
ये बोल कर कल्लू ने निशु को बीएड पर छोड़ा और कामना को खींच कर लिटा दिया.....
कामना- aaahh.......marwa दिया mujhe....beti है की दुश्मन....
निशु- दर्द में hi मज़ा है na....ab झेलो....
कामना- तुझे तो मैं baaaattttttttt........aaaaaiiiiii....faad दी रे......
कामना बोल hi रही थी की कल्लू ने लुंड को कामना की गांड की गहराई तक ठूस diya....jisse कामना की चीख निकल गई......
कामना- aaaaaahhhhh....bata कर तो डालते.....
कल्लू- तू क्या बता कर आई thi...ki तू लुंड की प्यासी hai....haa.....
कामना- aahh...par अब तो पता है न....
कल्लू- तो अब तुझे भी पता चल गया na...ki तेरी गांड भर gai.....ab मज़ा le.....yeeehhhh....
कामना- aaahh....maza......aaahhh.....mar gai.....aaahhh...aaahhhh....
निशु- aahh...mera सारा दर्द निकल जाता hai....jab अपनी hi मम्मी को तड़पता देखती hu....maza आ रहा है.....
कामना- aaahhh...besharm.....chup...aahh....aaahhh....
निशु- क्या mummy.....ab भी शर्म karu....ab तो बेशरमी के दिन hai....dekho na....dono maa-beti एक मर्द की gulaam.....aisa मौका किसे मिलता है.....
कामना- aaahh..tu ruk...baad me...aaahh...batati हु बाद me...aahh..aaahhh....
और फिर कल्लू ने ताबड़तोड़ धक्के मारते हुए करीब 15 मिनट तक कामना की गांड मारी.....
और फिर कल्लू झड़ने को तैयार हो gaya....to उसके इसारे पर निशु आगे आई और अपनी मम्मी की जांघो के बीच मुँह रख कर लेट गई.....
और फिर कल्लू ने लुंड को कामना की गांड के छेद पर खली कर diya....aur लुंड का पानी कामना की गांड से बहते हुए निशु के मुँह पर जाने लगा....
निशु ने लुंड का सारा पानी अपने मुँह में समां liya....aur फिर अपनी मम्मी के होंठो से होंठ मिला दिए....
इस तरह दोनों maa-beti ने लुन्द्रास का स्वाद chakha....aur बाद में कल्लू के लुंड को चाट कर साफ़ कर दिया.....
निशु- अब क्या इरादा है.....
कल्लू- अब मुझे जाना hoga........par haa....kamna....tumne अपने पति से बात की....
कामना- अभी nhi....par आज रात कर लूँगी.....
निशु- कौन सी बात.....
कामना- पहले सब ठीक हो jaaye...fir बताऊगी....
निशु- मतलब....
कल्लू- तू इसमें मत pad.....kuch hai....jiske बाद तुम सब अपनी मर्जी की मालिक हो jaogi.....fir जो चाहे करो.....
निशु- sach....matlab हम खुल कर मज़े ले पायगे.....
कामना- है सायद.....
कल्लू- सायद की जरूरत नहीं padegi....tu बस वही कर जो मैंने समझाया tha....theek है....
कामना- hmm.....karti हु....
कल्लू- chalo.....ab दूसरा काम भी देख लू....
निशु- मतलब किसी और की भी फटनी है....
Kallu(muskura कर)- फटेगी तो तुझे जरूर बताउगा........
ये बोल कर कल्लू वह से निकल कर फार्महाउस पहुंच gaya........jara तरीका की माँ तारा उसका बेसब्री से इंतज़ार कर रही थी.......
कल्लू- मुझे देर तो नहीं हुई.....
तारा- हुई तो sahi.....badi देर कर दी मेहरवा aate-aate......
कल्लू- खास लोग हनेशा देर से hi आते है....
तारा- अब ये तो कुछ देर में पता चलेगा की तुम मेरे लिए खास हो भी या.....
कल्लू- वो भी जान jaogi....filhaal कुछ खा le....bhookh लगी है.....
तारा- सब तैयार hai..........aaiye....khas कमरे में चलते है.....
और फिर तारा अंदर वेक कमरे में चल padi....aur कल्लू भी तारा की मटकती गांड देखते हुए तारा के पीछे चल पड़ा........
पर जैसे hi कल्लू कमरे में pahucha....to सामने बैठे साक्ष को देख कर कल्लू के माथे पर सिकन आ गई........
कल्लू- ये yaha....kaise....ye यहाँ कर क्या.....
Tara(ungli दिखा कर)- sssshhhhhhhh......badla लेना सिर्फ तेरा काम नहीं है बच्चे......
कल्लू- मतलब तुम सब.......
Tara(beech में)- kyo....plan क्या तू hi कर सकता hai.....ya फिर तेरा golu....yahi नाम है न उसका........
कल्लू- तुम उन्हें जानती हो.....
तारा- हम वो सब जानते है जो तुम दोनों जानते ho.....to ab.....tum वही करो जो हम कहते hai......nhi तो....
Kallu(akad कर)- नहीं तो क्या.......
कल्लू की बात सुन कर सामने बैठा साक्ष उठ कर कल्लू के पास aaya....aur कल्लू के सीने पर अपना हाथ गुमने लगा......
साक्ष- सुना है बड़ा डैम है tujhme.....chodta भी अच्छा hai......aur लुंड भी कमाल hai....hai न तारा.....
तारा- लाजवाब hai....bistar पर तो ये किसी को भी भरी पड़ेगा.....
साक्ष- बहुत khoob.....par bacche.....ye लड़ाई सिर्फ बिस्तर पर नहीं लड़ी जा rahi......bistar पर भले hi तेरा राज चलता ho....par दिमाग का कमाल हमारा भी काम नहीं......
कल्लू- तुम लोग हो koun.....golu भाई को कैसे जानते ho....aur मुझसे क्या चाहते हो......
तारा- ओह maa....itne सारे sawaal......theek hai.....har सवाल का जवाब milega.....par थोड़ा रुकना होगा......
कल्लू- मेरे पास फालतू का टाइम नहीं है.....
साक्ष- accha.....to अब मेरी भी सुन le.....ya तो अपना टाइम हमे सौंप de.....ya फिर तेरा सारा टाइम हम ख़त्म कर देते hai.....choise इस urs......ya तो हमारे साथ raho....ya आखिरी बार इस दुनिया को देख लो......
इतनी बात होते hi कमरे के अंदर 4 हथयारबन्द लो ग आ gaye....aur उन्होंने कल्लू को गन पॉइंट पर रख लिया......
साक्ष- तुम्हारे पास टाइम काम है na....to जल्दी फैसला करो....
तारा- है kallu.....jaldi karo.....mujhe सब्र नहीं होता......
Kallu(man में)- ये सब हो क्या रहा hai......maine ये मिस कैसे कर diya....aur गोलू भाई भी नहीं जान sake....par मैं ऐसे hi...nhi.....ye लड़ाई इतनी आसानी से नहीं हार sakte.....mujhe कुछ करना hi hoga.....main मर तो नहीं sakta......kaash गोलू भाई को कुछ आईडिया हो गया ho........kya karu.....lagta है आज पहली बार घुटने टेकने hi hoge.....hey bhagwaan.....sambhaal लेना......
और फिर कल्लू ने अपने हाथ ऊपर कर diye.....aur ये देख कर तारा और उसका साथी ek-dusre को देख कर मुस्कुरा उठे.....
तारा- मैंने कहा था na......choot का चक्कर किसी भी मर्द को फसा देता hai....chalo...ye तो fasa....ab तुम गोलू को sambhalo......tab तक इसे मैं देखती हु.....
अस्मा ने गोलू का सच सबको बता दिया.....???
कल्लू के सामने कौन AAYA....JISE देख कर कल्लू हैरान रह गया....???
तारा का सच क्या HAI....WO सब कैसे जानती है....???
कल्लू के बारे में गोलू को पता चल PAYGA.....YA वो खुद भी फास जायगा.....???
जानेगे अगले अपडेट में.........
नोट - अपडेट पोस्टेड frnds.....hope ु लिखे आईटी.....
थैंक्स फ्रेंड्स...
कीप रीडिंग...