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लास्ट में आपने पढ़ा की एक तरफ कल्लू ठाकुर की हवेली में काव्य नाम की लड़की को छोड़ता hai....aur कमरे से निकलते hi किसकी को देख कर परेशान हो जाता है.......
वही जाकर के घर में गोलू भी जाकर की बेटी को छोड़ता hai....aur जब वो चुद कर निकलती hai....to सामने खड़े साक्ष को देख कर दर जाती है.....
वही गोलू जाकर की बीवी सलीमा के साथ खेत पर जाता hai.....aur सलीमा के पेअर में मंच आने पर उसे गॉड में उठा कर घर ले आता है.....
तभी गोलू के पास माया का कॉल आता hai....jise सुन कर गोलू खुश हो जाता है.....
अब आगे..............
गाओं में..........
यहाँ जब सलीमा को पेअर में चोट लगी तो उसने अपनी बेटी अस्मा को अपनी बहु रुबीना के साथ खेत पर खाना ले कर भेज दिया था.....
पर जब रुबीना और अस्मा खाना ले कर जा रही thi...to दोनों hi गुमसुम सी apne-apne ख्यालो में खोई हुई थी.........
रुबीना- अस्मा....
अस्मा- huh...kya हुआ.....
रुबीना- nhi...kuch भी nhi....main तो बस बोल रही thi...ki तुम इतनी खामोश क्यों ho.....tum तो ऐसी नहीं ho....to आज क्या हुआ.....
अस्मा- wo...bhabhijaan.....tum सीधा बोलो na.....kya सोच रही है aap....yu घुमा कर बात मत करो......
रुबीना- तो सीधा बोल do......kya कर रही थी तुम उसके कमरे में.......
अस्मा- मैं बस उसे बुलाने गई thi....wo भी अम्मी ने कहा tha.....aur कुछ नहीं....
Rubina(ruk कर)- झूठ क्यों बोल रही hai.....main भाभी हु teri.....mujhse तो सच मत छिपा.....
अस्मा- kkk..kya matlab.....main सच hi बोल रही हु......
रुबीना- accha....to फिर जब अम्मी उस कमरे में गई thi...tab तुम कहा thi....aur तब तो तुम घर में भी नहीं thi.....maine खुद देखा था.....
अस्मा- nhi....main घर में hi....wo बाथरूम में थी....
रुबीना- बस asma....aur कितना jhooth....bhool mat...main भी एक लड़की hu...teri उम्र से गुजर चुकी hu....aur ये अच्छी तरह से समझती हु की जब लड़की की हालत वैसी ho...to उसका क्या मतलब होता है.....
अस्मा- haalat....kaisi हालत.....
रुबीना- wahi...jo तेरी हो रही thi....us रूम से निकलते waqt.....maathe पर pasina....ukhdi हुई saanse.....aur मुझे देखते hi चेहरे का रंग उड़ jana....ye सब समझती हु मैं.....
अस्मा- kkk....kya matlab.....kya समझ लिया तुमने.....
रुबीना- अब बन mat....main जानती हु की तू तभी क्या गुल खिला कर आई thi.....ab bol....kabse चल रहा है ये sab.....bol....
अस्मा- नहीं bhabhijaan....aisa तो कुछ भी....
Rubina(beech में)- तू ऐसे नहीं bolegi...theek hai....ab अम्मी hi जवाब मांगेगी tujhse.....huh...
इतना बोल कर रुबीना आगे बढ़ने को मुड़ी hi थी की अस्मा झट से उसके सामने आ gai....aur नाम आँखों के साथ सिसक उठी....
अस्मा- नहीं bhabhijaan.....plz....kisi से मत kahna.....nahi तो main....main मर जोगी....
रुबीना- are....mare तेरे dushman.....tu रो mat.....main कुछ नहीं karoogi....par तुझे सबकुछ sach-sach बताना होगा....
अस्मा- जी bhabhi.....sab बताऊगी......
रुबीना- तो फिर आशु पोछ और bol.....kabse चल रहा है ये सब......
Asma(man में)- बताती hu....par सच तो nhi.....fir bhi....kuch तो बताना hi होगा....
रुबीना- अब बोल भी....
अस्मा- huh....batati hu.....asal में ये सब अचानक से हो gaya.....pata नहीं kaise....par मैं अपने आपको रोक hi नहीं paai.....saayad जवानी की आग संभाल नहीं सकीय....
रुबीना- मैं समझ सकती hu....par इतनी jaldi...use आये दिन तो 1 दिन hi हुआ hai....to उसे देख कर hi आग भड़क uthi....aisa कैसे.....
अस्मा- नहीं bhabhijaan....aag तो काफी वक़्त से भड़क रही thi....bas कोई मिल नहीं रहा tha...jiske साथ ख़ामोशी से आग बुझा सकू.....
रुबीना- मैं समझी nhi...kya पहले भी किसी के साथ.....
Asma(beech में)- nhi....main कोई aisi-waisi लड़की हु kya....wo तो मेरी सहेलियों के कारनामे sun-sun कर आग लग गई thi....aur आज सुबह जब मैं उनके करे में gai....to उन्हें सिर्फ चड्डी में देख liya....uper से उनका wo....aah....itna tagda....bas...main रुक नहीं paai...aur गलती कर बैठी.....
रुबीना- accha....itna मस्त है क्या....
अस्मा- अरे है bhabhijaan....aisa मस्त hai...ki कोई बुद्धि भी देखे तो तागे खोल de....uummm...kitna lamba....aur मोटा bhi....pura चीयर कर रख diya...aah...abhi तक तीस उठ रही है.....
रुबीना- चुप kar...paagal....
अस्मा- नहीं bhabhijaan.....are....aap देखोगी तो आप भी यही बोलोगी....
रुबीना- asma...kya कुछ भी बोल रही hai...bhool mat...main तुम्हारे भाईजान की बीवी ho....tujhe शर्म नहीं आती....
अस्मा- इसमें शर्म kaisi....jo अच्छा है तो hai.....usme kya....aur मैं तुम्हे गलत थोड़े न बोल rahi...bas उनकी तारीफ कर रही हु....
रुबीना- ठीक hai....ab आगे bolo...aage क्या सोचा hai...bujh गई aag...ya बाकि है....
अस्मा- कहा bhabhijaan.....ab तो और ज्यादा भड़क गई hai.....ab तो बस मौका मिले और....
Rubina(beech में)- चुप कर बेशर्म........
अस्मा- अब बेशर्म kya......ye आग होती hi ऐसी hai....ab तुम hi batao...tum मौका देखते hi नहीं करती क्या.....
Rubina(soch कर)- छोड़ ab.....chup रह...
अस्मा- क्या हुआ bhabhijaan...aap उदास क्यों हो gai....sab ठीक है न....
रुबीना- haa....sab ठीक hai....aur तू भी mouka-mouka मत karna....kahi कोई और देख लेगा तो बनाल जार dega...samjhi न....
अस्मा- hmm...waise अब तुम मेरा ख्याल rakhna....main बता कर jaugi....fir तुम पहरा dena....aur मैं.....
Rubiba(beech में)- मज़ा karegi...hai न...
अस्मा- अब क्या karu....main रह नहीं sakti...mujhe वो चाहिए hi चाहिए....
रुबीना- चुप kar....badi aai....sambhal कर rah...nhi तो मज़ा कब सजा बन jaygi....pata भी नहीं चलेगा......
अस्मा- ऐसा कुछ नहीं hoga......waise....tum तो रोज मज़े लेती ho....to समझ सकती हो मेरा हाल....
रुबीना- अब तू चुपचाप chal....khet आने वाला है....
और फिर रुबीना ने अस्मा की बात काटी और दोनों ख़ामोशी से खेत की तरफ बाद गए......
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जाकर के घर में...............
यहाँ जाकर की बीवी सलीमा गिरने की वजह से थोड़ी तकलीफ में thi....aur गोलू से अपने पेअर की मालिश करा रही थी......
सलीमा- aahhh...kya कर रहा hai.....mujhe तकलीफ हो रही hai......dheere कर न....
गोलू- धीरे करने से कुछ नहीं hoga.....thoda तो सहना hi पड़ेगा.....
सलीमा- कैसे नहीं hoga.....lagta है तुझे मालिश करनी आती hi nhi....rahne दे.....
Golu(joor से)- bas....kuch भी मत बोलना.....
Salima(hairani से)- तू मुझ पर चिल्ला रहा है......
गोलू- sorry....par कोई मेरे काम पर शक kare....ye मुझसे बर्दास्त नहीं hota.....aapko पता nhi....par मैं सहर के बड़े मस्सगे पार्लर में काम कर चूका hu.....aourat के हर अंग की जानकारी रखता hu....ki उसे कैसे किस किया जाता है......
सलीमा- खुश मतलब.....
गोलू- खुश से मतलब ये hai.....ki अगर कोई अंग दर्द में hai....ya कुसी भी तरह से उस अंग में अच्छा महसूस नहीं हो raha....to मैं उसे सही कर के खुश कर सकता हु.....
सलीमा- accha.....to वह तुम सिर्फ अयर्तों की मस्सगे करते थे....
गोलू- ji....kyoki अयर्तों को hi मस्सगे की ज्यादा जरूरत होती hai....kyoki वही तो hai....jo सारा दिन काम करती hai...is वजह से उनकी बॉडी थकी हुई होती है....
सलीमा- ये बात तो सही hai.....kaam करने से बदन में तकलीफ तो रहती hai.....par आराम करने से ठीक भी हो जाती hai....maalish की क्या जरूरत....
गोलू- haa.....par मालिश से बदन में स्फूर्ति आती hai.....aur फिर जवानी भी तो एक वाकः है.....
सलीमा- जवानी matlab.....aaaaahhhhh....mar गई....
गोलू- बस हो गया.....
असल में जब सलीमा गोलू की बातों में खोई हुई thi...tabhi गोलू ने सलीमा के पेअर को ऐसे jhatka...ki सलीमा की आह निकल गई....
गोलू- अब ठीक है न.......
सलीमा- aahh...haa....ab ठीक hai....par किया कैसे....
गोलू- यही तो मेरा काम है.......
Salima(pair हिला कर)- सच me.....ye तो बिलकुल ठीक हो gaya....sukriya....
गोलू- अब तो मानती है न की मुझे मालिश करना आता hai.....anadi नहीं हु मैं.....
सलीमा- hmm.....maan liya.....par तुम वो जवानी की क्या बात कर रहे थे.....
गोलू- wo....asal में कुछ एयरटेन मसाज इसलिए कराती hai....taki उनकी जवानी बानी rahe...matlab....kaise samjhau....haa....dekho...kabhi-kabhi कुछ अयर्तों के पति लोग उनको जवान नहीं maante....unhe लगता है की उस ायरत के बदन की गर्मी ख़त्म हो चुकी hai.....to ऐसी एयरटेन स्पेशल मस्सगे लेती है.......
सलीमा- स्पेशल massage....wo क्या होता है.....
गोलू- समझाता hu....asal में उस मस्सगे से ायरत के जिश्म की गर्मी का पता चलता hai.....aur अगर गर्मी काम हो भी गई ho....to उसे बापूस से जगाया जाता है.....
सलीमा- सच me....aisa भी मस्सगे होता है....
गोलू- आपको भरोषा नहीं तो सहर में पता कर सकती hai....main झूठ नहीं बोल रहा.....
सलीमा- अरे nhi.....main तुम्हे झूठा नहीं बोल rahi...bas मैंने दूना नहीं na.....isliye....
गोलू- समझ सकता hu.....gaon में ौसा कुछ होता नहीं na......kyoki गाओं में अयर्तों का ऐसा मस्सगे karana.....mujhe नहीं लगता की कोई ायरत राजी होगी....
सलीमा- राजी नहीं hogi...kyo....aisa क्या होता है उस मस्सगे में.......
गोलू- जाने dijiye.....aapko सुन कर बुरा lagega....saayad आप गुस्सा भी हो जाए....
सलीमा- अरे nhi....gussa kaisi....main गुस्सा नहीं hougi.....tum बताओ....
गोलू- ठीक hai....par सुन कर भड़कना mat.....theek....
सलीमा- बेफिक्र हो कर बोलो.....
गोलू- hmm...asal में इस मस्सगे में ायरत को pura....matlab...bina कपड़ो के रहना होता है.....
Salima(muh पर हाथ रख कर)- ाअव्व्व....
गोलू- मैंने बोलै था na.....gussa आएगा...
सलीमा- nhi....par एयरटेन ऐसा करती है...
गोलू- है bilkul......ab जवानी बरकरार रखनी है तो कुछ करना hi होगा na....aur मसाज करने वाले पर भी भरोषा करना होता है.....
सलीमा- hmm...par ऐसे बिना कपड़ो ke.....kahi कोई कुछ गलत कर दे तो...
गोलू- nhi....massage करने वाले ईमानदारी से काम करते hai....wo बस बदन की गर्मी जागते है.....
सलीमा- और गर्मी जाग गई fir.....fir क्या.....
गोलू- फिर सब ायरत के हाथ में होता hai....ki उसे क्या chahiye.....par छोड़िये na.....wo तो उनके लिए है जो जवान रहना चाहती है.....
सलीमा- पर ऐसे जवान rahna.....jaroorat क्या है इसकी......
गोलू- क्या बताऊ ab.....kya है na...jab खुद का पति ये तना मारे की उसकी पत्नी बुद्धि हो gai....ya उसमे कोई बात नहीं rahi....to एयरटेन ये सब बर्दास्त नहीं कर pati....aur मेरे हिसाब से उन्हें बर्दास्त करना भी नहीं chahiye.....kyo kare....jawani क्या सर्फ मर्दो के हिसाब से chalegi....aourton को पूरा हक़ है की वो अपनी बॉडी और जवानी का ख्याल rakhe.....use सँभालने के लिए जो भी करना pade....wo kare.....kyo...
सलीमा- huh...main क्या बोलू........
गोलू- कुछ nhi...khair....aap आराम karo....waise तो पेअर ठीक hai....par आराम कर lo.....main अपने कमरे में hu....koi काम हो तो आवाज देना....
सलीमा- hmm....sukriya....
गोलू- चलता हु....
और फिर गोलू वह से निकल gaya.....aur सलीमा लेट कर उन साड़ी बातों को याद करने lagi....jo abhi-abhi गोलू ने कही थी.....
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ठाकुर की हवेली में.........
यहाँ जब कल्लू काव्य को छोड़ने डी कर कमरे से बाहर nikla....to उसके सामने एक ायरत आ gai....jise देखते hi कल्लू परेशान हो gaya....kyoki वो ायरत कल्लू के लिए नै थी.....
ायरत- कौन हो tum....aur यहाँ क्या कर रहे हो.....
कल्लू- huh....haa..main kallu....vikrant का दोस्त......
ायरत- kya.....tum और पापाजी के dost.....ye कैसे हो सकता hai......tum तो कभी छोटे हो उनसे.....
कल्लू- haa....par दोस्ती उम्र देख कर नहीं hoti.....aur तुम्हे शक हो तो रेखा जी से पूछ lo.....wo बता देगी.....
ायरत- hmm....par तुम यहाँ क्या कर रहे हो......
कल्लू- मैं तो यही रहता hu....par तुम कोइन ho...jo इतने सवाल कर रही हो.....
ायरत- मेरी hi हवेली में खड़े हो जार मुझि से पूछ रहे ho....main इस घर की बेटी hu.....samjhe........
कल्लू- ohh....thakur की beti....good....kab aai....waise तुम्हारा नाम.....
ायरत- vinita.....aur मैं कब aai...kyo aai....ye पूछने का तुम्हे कोई हक़ नहीं.....
कल्लू- ओह sorry....mera वो मतलब नहीं था.....
विनीता- वैसे तुम इस कमरे में कैसे....
कल्लू- वो main....haa...wo मुझे तरीका से काम tha....bas उसे hi देख रहा tha....par ये कमरा to....yaha कोई नहीं....
विनीता- जानती hu...kyoki ये मेरा कमरा hai...khair....aao....tarika का कमरा दिखा देती हु.....
कल्लू- hmm..chalo....
विनीता- वैसे तुम्हे तरीका से क्या काम.....
कल्लू- wo....use खेत से कुछ मगवाबा tha.....to बोली thi...ki मैं जाओ तो बता कर जाओ.....
Vinita(man में)- लगता है पापाजी ने नौकर बाबा कर रखा है इसे.....
Kallu(man में)- अच्छा हुआ ये मेरे साथ आ gai....kahi कमरे में घुस जाती to....waise भी टेडी दिख रही hai....ise पटना आसान नहीं होगा.....
विनीता- अरे सुनो.....
कल्लू- हम्म....
विनीता- तुम फार्महाउस जा hi रहे ho...to वह से मेरी बेटी को भी ले aana.....wo निशु के साथ गई hai......aur शाम होने को hai...to साथ ले आना.....
कल्लू- ठीक है....
विनीता- वो रहा तरीका का kamra....mil लो....
ये बोल कर विनीता आगे बाद कर हॉल की तरफ निकल gai....aur कल्लू तुरंत तरीका के कमरे में आ गया......
तरीका- अरे aap.....kya hua.....aise क्यों आ gaye....wo दीदी आई hai...dekh लेगी तो....
कल्लू- sshhh....chup rah....batata hu....aur टेंशन मत le.....sab ठीक है.....
तरीका- पर हुआ kya....aap अचानक से क्यों आये....
कल्लू- बताता hu.....ruk...
और फिर कल्लू ने गरे लॉक किया और बीएड पर जा कर लेट gaya........aur तरीका भी हैरानी से भरी उसके करीब जा कर बैठ गई.....
तरीका- क्या hua....aur आप विनीता दीदी के sath....kuch कहा की उन्होंने.....
कल्लू- haa....akad दिखा रही thi....uske बाप की हवेली है na....aur सायद मुझे कोई नौकर समझ रही hai....saali....boli की फार्महाउस से उसकी बेटी को ले aana.....huh...
तरीका- वो ऐसी hi hai....thakur साब पर गई है puri......chhodiye....jab जान जायगी तो ठीक से पेश आएगी.....
कल्लू- hmm...waise वो लड़की कौन thi....jo आगे वाले कमरे में है....
तरीका- wo....saayad नमिता hogi....inhi की बेटी hai.....mujhe तो बड़ी चालु लगती hai....ekdam बिगड़ैल....
कल्लू- hogi....mujhe kya....par स्ने अपना नाम काव्य बोलै था सायद.....
तरीका- काव्य तो मेरी भतीजी का नाम hai.....meri जेठानी की beti.....are haa...wo भी आई hai.....wahi तो निशु के साथ फार्महाउस पर गई है....
कल्लू- ohh....to काव्य किस तरह की लड़की hai...kya वो भी इसकी तरह चालु है....
तरीका- पता nhi...dikhti तो काफी स्मार्ट hai....saayad कोई बॉयफ्रेंड भी ho.....waise वो अपनी बहिन की तरह hi लगती hai...nishu....usi की तो बहन है....
कल्लू- hmm......chalo....main फार्महाउस जाता hu....waha मिल भी लगा और समझ भी लगा......
तरीका- hmm...waise आपने कुछ socha....mere काम का....
कल्लू- अब इतनी जल्दी क्या सोच lu....tum टेंशन मत lo.....bas समझ लो की इस हवेली की और ठाकुर की किस्मत अब मेरे हिसाब से chalegi....to...khush raho....baki मुझ पर छोड़ दो....
तरीका- ठीक hai...kuch काम हो तो बताना.....
कल्लू- bilkul.....chalo....thoda कच्ची कलियों से मिल लू....
और फिर कल्लू वह से निकल gaya...aur उसके जाते hi तरीका कुसी से फोन पर बात करने लगी......
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जाकर के घर.......
रात में......
यहाँ जाकर खान बापिस आ चूका tha....aur अपनी बीवी के साथ कमरे में सोया हुआ था....
पर जाकर की बेटी अस्मा उसी घर के एक कमरे में thi....aur गोलू उसे जोरो से छोड़ने में लगा हुआ था......
अस्मा- aaaahhh...aaahhh....kya हुआ आपको aaj....maar hi dala....aaahh....
गोलू- अब तुझे क्या bolu...bas आज बड़ा मूड बना हुआ tha.....mera बस चलता तो तेरे आते hi पेल देता....
अस्मा- aaahh...par हुआ kya....aaahh...kuch देख लिया क्या.....
गोलू- छोड़ na.....maza कर....
अस्मा- aahh...maza तो है hi....par मेरी haalat....aahhh.....main to....aaammiii....aaahh....
और अस्मा एक चीख मार कर झाड़ gai....aur उसके झड़ते hi गोलू ने उसे उठाया और अपनी गॉड में बैठा कर छोड़ने लगा.....
अस्मा- aaahh.....aaj सच में कुछ हुआ hai.....ruk hi नहीं rahe....aaahh....aaahh...
गोलू- है मेरी jaan....aaj रुकने का कोई मूड nhi.....yeeehhh....yyyeeehhhh....
अस्मा- aaaahhhh...ammi.....mar gai.....aaahh....thoda dheere....aaahh..aahh...
गोलू- आज nhi....bilkul nhi....yyyeeehhh....
अस्मा- aaahhhh......faaad दी आज to....aaahh...aaahhh...
गोलू- तो मज़ा ले na.....aisi चुदाई हर किसी को नहीं मिलती.....
अस्मा- aahh....par दर hai...aaahh...koi सुन न le....aaahh....
Golu(man में)- तू सुनने का बोल रही hai.....yaha तो साली देख भी रही hai.....dekhne de......use भी तो खाना है ये लुंड....
अस्मा- aaahh.....main थक gai.....aahh..
गोलू- उछलती rah....aaj थकना मन है....
अस्मा- aaahh.....kyo nhi...aaahh...aaahh...aaahhh...
और फिर अस्मा ने तेजी से उछलना सुरु कर diya....aur कुछ देर मज़े लेने के बाअद दोवारा से झाड़ गई......
अस्मा- aaahhhhhhhhh.....ab ruko.....aahh...thoda sa...bas....
गोलू- घबरा mat...aaraam से करता hu....aaja...
और फिर गोलू ने अस्मा को कुटिया बनाया और प्यार से छोड़ने लगा.....
अस्मा- aahh....batao na....aaj मूड में क्यों है आप.....
गोलू- तू छूट मरने आई है या मेरे मूड को dekhne....haa....
अस्मा- aahh...jab से मिली hu....uummm....wo तो मरती hi रहती hai....par आज कुछ खास hai...aahh.....joor से करो न....
गोलू- बड़ी जल्दी गरम हो gai.....le फिर....
और फिर से एक बार गोलू के धक्के तेज हुए और अस्मा की चीखे बढ़ने lagi.....aur ये सब dekh-dekh कर एक दूसरी छूट भी गीली होने लगी......
अस्मा- aaahh...ammi....aaahh...aahh...aahh....
गोलू- haa...teri अम्मी को भी बुला le.......use भी छोड़ूगा.......
अस्मा- aaahh.....aahhh.....wo ऐसी nhi....aaahh.....kabhi नहीं आएगी....
गोलू- छोड़ use.....abhi तू माज़ le......yeeehhh.....waise तेरी भी गीली हो गई न.....
अस्मा- aaahhh....buri tarah....aaahh....main aaaaiiii....aaahhh...aaahh....
Golu(man में)- तू नहीं saali.....ye तो उससे puchha...jo छिप कर माज़ ले रही है.....
अस्मा- aaahhh....thoda ruko....plzzz....aah..
गोलू- क्यों नहीं मेरी jaan....chal aaja....thoda गाला गीला कर ले....
और ये बोल कर गोलू ने अस्मा की छूट से लुंड खींचा और बीएड पर खड़ा हो gaya.....aur अस्मा भी जल्दी से घुटनो पर आई और लुंड चूसने में लग गई....
इसी बीच चुतरस से tar-batar लुंड देख कर छिपी हुई लड़की की छूट में एक सनसनी दौड़ uthi...aur वो आहें भरते हुए छूट मसलने लगी.....
गोलू- ऐसे बात नहीं banegi....lund खाना hoga....tabhi चैन मिलेगा....
अस्मा- uuuummhhh......wo तो खाऊगी hi.....par ये तो बता do....aaj हुआ क्या है....
गोलू- तू चुपचाप लुंड चूस न......
अस्मा- hmm...aaauuummmmm...uuuummmm...uuuummmmmm...uuummmmm....
Golu(muskura कर)- बिलकुल ऐसे hi choosna....taki छूट में जाए तो तकलीफ जरा काम हो....
अस्मा- uuummmhhh......thida आराम से करना.....
गोलू- फिर ruki.....ab तो तेरी गांड maregi....chal choos.....fir फाड़ता हु तेरी गांड.....
अस्मा- nhi...aaraam से karna....choo रही हु na.....aaauuummmm...uuuuummmm...uuuummmm...uuuummmmmm......
Golu(man में)- ये तो समझ आ गया की कोई छूट वाली hai.....par है koun.....rubina या salima......kaise पता करू.....
Khair.....golu ने काफी देर तक अस्मा से लुंड chuswaya.....aur फिर उसे बापिस से कुटिया बना कर उसकी गांड मारने लगा.....
गोलू ने अस्मा को कुछ इस तरह से कुटिया बनाया tha....ki उसकी गांड मरने कनजरा उस छिपे हुए साक्ष की आसानी से दिखे......
Khair....golu जोरदार धक्को के साथ अस्मा की गांड मारता raha....aur अस्मा भी पूरी मस्त हो कर चीखे निकलती रही....
इस बीच अस्मा की छूट ने फिर से पानी छोड़ दिया tha.....aur साथ hi उस छिपी हुई लड़की की छूट भी बाह चुकी थी.....
और फिर कुछ धक्को के बाद गोलू भी झड़ने को aaya....to उसने अस्मा को सीधा किया और पूरा लुन्द्रास अस्मा के मुँह पर गिराने लगा......
गोलू- aah.....pi ले saali....bujha ले अपनी प्यास......
अस्मा- uuummmhhhh.....aaj तो बदन तोड़ डाला आपने.....
गोलू- कोई na....thoda आराम कर le....fir दोवारा पेलता हु.....
अस्मा- और करेंगे.....
गोलू- haa.....chal...main फ्रेश हो कर आया,.....
और फिर गोलू फ्रेश होने निकल gaya.....par जब बापिस aaya....to वो छिपी हुई लड़की जा चुकी thi.....aur अस्मा आँखे मूंदे बीएड पर पड़ी थी.....
Golu(man में)- चली gai,....par थी koun....khair....jo भी thi....pata तो चल hi jayga.....par उससे पहले मुझे ये जानना hai...ki वो अस्मा की मर्जी से यहाँ आई thi....ya फिर अस्मा भी उससे अनजान hai....oh....wo क्या hai....koi कंगन लगता है.....
और फिर गोलू आगे बाद कर वो कंगन उठा लाया.......
अस्मा- वह क्या कर रहे हो.....
गोलू- कुछ nhi.....tum आराम करो....
अस्मा- जल्दी karna....kahi सुबह न हो जाए....
Golu(man में)- अब ये कंगन hi उस तक pahuchayga......jo मेरा शिकार बनने आया tha....huh...kya किस्मत है na.....bina कुछ किये hi बहुत कुछ मिल गया......
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अगले दिन............
माया की हवेली में...........
माया- तो आ hi गए तुम.......
गोलू- आता कैसे nhi......ek तो जरूरत thi....aur फिर तुम्हारी जैसी हस्ती ने खुद मिलने bulaya.......ye सबकी किस्मत में नहीं होता.....
Maya(muskura कर)- मुझे मस्का लगाने से कोई फायदा नहीं होने wala....hoga wahi...jo मैं chahugi......samjhe....
गोलू- ये भी कोई कहने वाली बात hai.....waise bhi....is माया नगरी में माया के अलावा चलती भी किसकी hai......hai न....
माया- hmm....lagta है पूरी तयारी के साथ आये हो.....
गोलू- bilkul.....aur ये जरूरी भी tha......ab माया से मिलना hai...to माया की माया जान लेना जरूरी है na....nhi तो जान पर बन आती है.....
माया- ohh...to फिर ये बात उस कल्लू को क्यों नहीं समझे थी.....
गोलू- वो तो बस एक जुआ tha.....asal में देखना चाहता था की कल्लू नाम का डाव मुझे कहा पहुँचता है......
माया- accha.....to फिर क्या देखा....
गोलू- अँधेरे में मारा गया तीर सीधा निशाने पर जा laga.....saboot ये टाइम hai.....jis टाइम मैं तुम्हारे सामने बैठा हु......
माया- hmm....ab मुद्दे की baat.....lalaji से तुम्हारा क्या रिश्ता hai.......pushpa से क्या lena-dena है तुम्हारा.....
गोलू- batauga....par पहले मैं ये तो जान lu....ki तुम पुष्प के कितने करीब thi...waise मुझे पता तो hai...fir bhi....tumhare मुँह से सुन्ना चाहता हु....
माया- मुझे लगता है की तुम्हे ये समझने की जरूरत तो नहीं rahi....tumhara यहाँ होना hi ये बात साफ़ कर देता hai...ki आज भी मेरे लिए पुष्प ज्यादा मायने रखती hai....har एक साक्ष से ज्यादा.....
गोलू- मेरे लिए भी.....
माया- तो batao....koun हो tum....pushpa के.....
Golu(beech में)- गौर से dekho......khud समझ jaogi....agar तुम पुष्प को सच में जानती हो to....dekho mujhe...aur सोचो....
Maya(thodi देर घूर कर)- होना सवाल karo.....jawaab मैं दूगी....
गोलू- मुझे बस वो वजह chahiye.....jis वजह से मेरा बचपन तबाह hua....aur मेरी jawani.....wo बस soch-soch कर गुजर रही hai......pata नहीं कब मुझे एक आम इंसान की तरह जीने milega......to....bolo....kya हुआ tha....jis वजह से मेरी जिंदगी बस एक सफर बन कर रह gai.....jo मजिल को देख तो सकती hai....par उसे प् नहीं सकती.....
माया- सायद मैं तुम्हारा दर्द समझ सकती hu.....par तुम्हे अपना दिल मजबूत करना hoga.....kyoki मैं जो तुम्हे बताने जा रही hu.....wo सुन कर तुम्हारे अंदर की आग सायद ज्वालामुखी बन जायगी....
गोलू- तुम बस bolo.....kyoki मेरा दर्द हर आग पर भरी hai....bolo.....
माया- hmm......par पहले ये बताओ की तुम क्या जानते हो.....
गोलू- एक shart....jisko जीतने के लिए कुछ लोग इस हद तक गिर gaye....ki उन्होंने एक hasta-khelta परिवार मिटा दिया.....
माया- मुझे लगा hi tha...ki तुम्हे गुमराह किया गया है.....
गोलू- क्या matlab....kya ये सच nhi...ki एक शर्त जीतने के लिए उन कमीनो ने....
Maya(beech में)- nhi.....aisa नहीं hai....haa....shart तो thi....par ये बस एक अधूरा सच है.....
गोलू- तो फिर सच क्या है.....
Maya(khadi हो कर)- doulat.....sohrat......jalan और hawas.....ye वो सब hai....jo इंसान को सरीफ से गुनहगार बना सकता है.....
गोलू- जनता hu.....par इंसान की जीतने की ज़िद्द भी उसे रस्ते से भटका सकती है न.....
माया- haa....par हर जीत का एक इनाम होता hai......jiske लिए इंसान हर हाल में जीतना चाहता है......
गोलू- थोड़ा सीधे तरीके से सम्झओगि.....
माया- hmm....asal में शर्त तो एक ढाल hai....jiske पीछे लोग अपने असली मंसूबो को छिपा लेते hai....aur ऐसा hi इस केस में हुआ था......
गोलू- इतना तो मैं भी जनता hu....par हुआ तो सब शर्त के लिए hi था.....
माया- haa....par उसकी वजह कुछ और thi.....aur वो कोई एक चीज नहीं थी.....
गोलू- तो फिर....
माया- किसी को नाम की जीत चाहिए thi...kisi को पैसो ki....par haa.....hawas....ye वो चीज thi....jo सबको खींच रही thi.....isliye तो सब एक साथ हुए....
गोलू- मुझे पूरी बात batao.....suru से....
माया- बताती हु......
और फिर माया ने जो कहानी sunaai....use सुनते होते गोलू का खून खोलने laga.....aur कहानी ख़त्म होते hi गोलू ने अपना हाथ टेबल पर ऐसा mara....ki टेबल tahas-nahas हो गया......
Maya(saham कर)- आराम se....plz......
Golu(gusse से)- क्या plz......main किसी को नहीं chhoduga....kisi को भी नहीं.....
माया- बिलकुल मत chhodna.....par उनको उस गुनाह की सजा भी मत dena....jo उन्होंने किया hi नहीं......
गोलू- तुम कहना क्या चाहती हो.....
माया- wo....main ठाकुर की बात कर रही हु.......
गोलू- तुम उसे बचा रही ho....kyoki वो तुम्हारा पति hai....haa....
माया- nhi...bilkul nhi.....main मानती हु की ठाकुर ने दौलत, सोहरत और हवस के लिए एक शर्त लगाईं thi........aur ये एक बड़ा गुनाह tha......par उस परिवार में जो जाने gai.....uska जिम्मेदार ठाकुर नहीं hai....bilkul भी नहीं.....
गोलू- तो फिर कौन है.....
माया- ये एक पहेली hai....jo आज तक अनसुलझी hi है.....
गोलू- मतलब.....
माया- dekho...jab मुझे उस हादसे का पता चला tha....to मैंने ठाकुर से सीढ़ी बात की thi.....aur ठाकुर ने ये माना भी tha....ki उसने जलन और हवस के लिए गलती ki.....usne शर्त की बात भी मानी thi.....par वो ये नहीं जनता tha...ki उस घर में आग कैसे lagi....kyo lagi....aur उस परिबार को मारा kisne....kyoki ये सब तो उनके प्लान का हिस्सा hi नहीं था.....
गोलू- wah....thakur ने बोलै और तुममे सच मान liya....haa....
माया- नहीं maanti....agar ठाकुर मेरे साथ दूसरे सहर में न hota.....aur फिर उसकी aankhe.....main साफ़ पढ़ सकती हु उसकी आँखों ko...ki वो कब सच बोलता है और कब jhooth.....patni हु uski...samjhe.....
गोलू- मान liya....par जिम्मेदार तो वो भी है न....
माया- मानती hu....par मैं तो बस ये बोल रही thi...ki ठाकुर ने जो नहीं kiya.....uski सजा उसे नहीं मिलनी चाहिए......
गोलू- तुम्हे भरोषा है उस पर....
माया- haa....mera पति ऐयाश hai...laalchi hai......sohrat का भूखा भी hai....par वो किसी को मारने का नहीं सोच sakta....khas कर की अपने दोस्त को.....
गोलू- ठीक hai....maan लिया वो कातिल nhi....par उसके साथी तो है....
माया- सायद नहीं....
गोलू- ये तुम कैसे बोल सकती हो....
माया- क्योकि मैं जितना जानती hu....us हिसाब से शर्त की बात सबके सामने आ चुकी thi......pushpa ने खुद बताया tha...tabhi तो मुझे ठाकुर का सच पता chala....aur मैंने उस से शर्त की बात ki........aur ठाकुर ने मांगी भी मांगी thi......to मैं नहीं मानती की ठाकुर का उनकी मौत से कोई लेना देना है.....
गोलू- हो सकता है दर की वजह से ठाकुर के साथियों ने ये हरकत की ho....wo जाकर या फिर वो गुप्ता.....
माया- saayad.....par क्या तुम्हे सच में लगता hai....ki इनमे से किसी की इतनी हिम्मत thi...jo लालजी के परिवार से पन्गा ले sakta.....wo भी जिंदगी और मौत wala......socho jara....tum तो उन्हें जानते हो....
Golu(soch कर)- पता nhi.....ye तो वो खयद batayge......jis दिन मैं उन्हें सच बोलने के लिए मजबूर कर luga....tab वो सब बोलेगे....
माया- तो फिर ठीक hai....tum उनसे सच nikalwao.......main तुम्हारे साथ hu.....kyoki मैं भी पुष्प की मौत का बदला चाहती hu....wo कोई भी ho.....uska अंत भी दर्दनाक होना चाहिए.....
गोलू- जरूर hoga.....aisi मौत दूँगा की मौत भी कांप uthegi.....par उसके लिए मुझे टाइम lagega....tab तक तुम किसी से....
Maya(beech में)- हम कभी मिले hi nhi.....na हमने कोई बात ki.....are...hum तो ek-dusre को जानते भी nhi....theek है....
गोलू- थैंक्स.....
माया- chalo....ab तो नास्ता karoge.....ya अभी भी गुस्सा भरी है....
गोलू- गुस्सा तो बहुत भरी hai.....aag सी लगी है बॉडी me.......aah....
माया- तो पहले इस आग को hi बुझा देते hai....kya कहते हो....
गोलू- मेरी aag....bujha पाओगी....
Maya(muskura कर)- ऐसी कोई आग nhi....jo माया की आया नगरी में ठंडी न हो sake.....aao....mere पीछे आओ....
ये बोल कर माया सीढ़ियां चढ़ने lagi....aur गोलू भी उसके पीछे हो लिया.....
Golu(man में)- अगर माया सही nikli....to फिर वो आग किसने lagai.....aakhir कौन hai....jo परदे के पीछे बैठा पूरा खेल चला gaya.....koun....???
अस्मा की चुदाई होते कौन देख रहा THA....KYA गोलू उस तक पहुंच पाएगा.....???
सलीमा को ले कर गोलू का क्या प्लान HAI.....YA सलीमा अपने प्लान के साथ आगे आएगी.......???
ठाकुर की हवेली में कल्लू के जलवे आगे क्या रंग DIKHAYGE....KYA हवेली में चल रही साजिशे कल्लू समझ पाएगा.....???
माया और गोलू की मुलाक़ात आगे क्या रंग DIKHAYGI......KYA गोलू असली गुनहगार को ढूंढ पाएगा.....???
नोट - अपडेट पोस्टेड frnds.....hope ु लिखे आईटी......
थैंक्स फ्रेंड्स...
कीप रीडिंग....
लास्ट में आपने पढ़ा की एक तरफ कल्लू ठाकुर की हवेली में काव्य नाम की लड़की को छोड़ता hai....aur कमरे से निकलते hi किसकी को देख कर परेशान हो जाता है.......
वही जाकर के घर में गोलू भी जाकर की बेटी को छोड़ता hai....aur जब वो चुद कर निकलती hai....to सामने खड़े साक्ष को देख कर दर जाती है.....
वही गोलू जाकर की बीवी सलीमा के साथ खेत पर जाता hai.....aur सलीमा के पेअर में मंच आने पर उसे गॉड में उठा कर घर ले आता है.....
तभी गोलू के पास माया का कॉल आता hai....jise सुन कर गोलू खुश हो जाता है.....
अब आगे..............
गाओं में..........
यहाँ जब सलीमा को पेअर में चोट लगी तो उसने अपनी बेटी अस्मा को अपनी बहु रुबीना के साथ खेत पर खाना ले कर भेज दिया था.....
पर जब रुबीना और अस्मा खाना ले कर जा रही thi...to दोनों hi गुमसुम सी apne-apne ख्यालो में खोई हुई थी.........
रुबीना- अस्मा....
अस्मा- huh...kya हुआ.....
रुबीना- nhi...kuch भी nhi....main तो बस बोल रही thi...ki तुम इतनी खामोश क्यों ho.....tum तो ऐसी नहीं ho....to आज क्या हुआ.....
अस्मा- wo...bhabhijaan.....tum सीधा बोलो na.....kya सोच रही है aap....yu घुमा कर बात मत करो......
रुबीना- तो सीधा बोल do......kya कर रही थी तुम उसके कमरे में.......
अस्मा- मैं बस उसे बुलाने गई thi....wo भी अम्मी ने कहा tha.....aur कुछ नहीं....
Rubina(ruk कर)- झूठ क्यों बोल रही hai.....main भाभी हु teri.....mujhse तो सच मत छिपा.....
अस्मा- kkk..kya matlab.....main सच hi बोल रही हु......
रुबीना- accha....to फिर जब अम्मी उस कमरे में गई thi...tab तुम कहा thi....aur तब तो तुम घर में भी नहीं thi.....maine खुद देखा था.....
अस्मा- nhi....main घर में hi....wo बाथरूम में थी....
रुबीना- बस asma....aur कितना jhooth....bhool mat...main भी एक लड़की hu...teri उम्र से गुजर चुकी hu....aur ये अच्छी तरह से समझती हु की जब लड़की की हालत वैसी ho...to उसका क्या मतलब होता है.....
अस्मा- haalat....kaisi हालत.....
रुबीना- wahi...jo तेरी हो रही thi....us रूम से निकलते waqt.....maathe पर pasina....ukhdi हुई saanse.....aur मुझे देखते hi चेहरे का रंग उड़ jana....ye सब समझती हु मैं.....
अस्मा- kkk....kya matlab.....kya समझ लिया तुमने.....
रुबीना- अब बन mat....main जानती हु की तू तभी क्या गुल खिला कर आई thi.....ab bol....kabse चल रहा है ये sab.....bol....
अस्मा- नहीं bhabhijaan....aisa तो कुछ भी....
Rubina(beech में)- तू ऐसे नहीं bolegi...theek hai....ab अम्मी hi जवाब मांगेगी tujhse.....huh...
इतना बोल कर रुबीना आगे बढ़ने को मुड़ी hi थी की अस्मा झट से उसके सामने आ gai....aur नाम आँखों के साथ सिसक उठी....
अस्मा- नहीं bhabhijaan.....plz....kisi से मत kahna.....nahi तो main....main मर जोगी....
रुबीना- are....mare तेरे dushman.....tu रो mat.....main कुछ नहीं karoogi....par तुझे सबकुछ sach-sach बताना होगा....
अस्मा- जी bhabhi.....sab बताऊगी......
रुबीना- तो फिर आशु पोछ और bol.....kabse चल रहा है ये सब......
Asma(man में)- बताती hu....par सच तो nhi.....fir bhi....kuch तो बताना hi होगा....
रुबीना- अब बोल भी....
अस्मा- huh....batati hu.....asal में ये सब अचानक से हो gaya.....pata नहीं kaise....par मैं अपने आपको रोक hi नहीं paai.....saayad जवानी की आग संभाल नहीं सकीय....
रुबीना- मैं समझ सकती hu....par इतनी jaldi...use आये दिन तो 1 दिन hi हुआ hai....to उसे देख कर hi आग भड़क uthi....aisa कैसे.....
अस्मा- नहीं bhabhijaan....aag तो काफी वक़्त से भड़क रही thi....bas कोई मिल नहीं रहा tha...jiske साथ ख़ामोशी से आग बुझा सकू.....
रुबीना- मैं समझी nhi...kya पहले भी किसी के साथ.....
Asma(beech में)- nhi....main कोई aisi-waisi लड़की हु kya....wo तो मेरी सहेलियों के कारनामे sun-sun कर आग लग गई thi....aur आज सुबह जब मैं उनके करे में gai....to उन्हें सिर्फ चड्डी में देख liya....uper से उनका wo....aah....itna tagda....bas...main रुक नहीं paai...aur गलती कर बैठी.....
रुबीना- accha....itna मस्त है क्या....
अस्मा- अरे है bhabhijaan....aisa मस्त hai...ki कोई बुद्धि भी देखे तो तागे खोल de....uummm...kitna lamba....aur मोटा bhi....pura चीयर कर रख diya...aah...abhi तक तीस उठ रही है.....
रुबीना- चुप kar...paagal....
अस्मा- नहीं bhabhijaan.....are....aap देखोगी तो आप भी यही बोलोगी....
रुबीना- asma...kya कुछ भी बोल रही hai...bhool mat...main तुम्हारे भाईजान की बीवी ho....tujhe शर्म नहीं आती....
अस्मा- इसमें शर्म kaisi....jo अच्छा है तो hai.....usme kya....aur मैं तुम्हे गलत थोड़े न बोल rahi...bas उनकी तारीफ कर रही हु....
रुबीना- ठीक hai....ab आगे bolo...aage क्या सोचा hai...bujh गई aag...ya बाकि है....
अस्मा- कहा bhabhijaan.....ab तो और ज्यादा भड़क गई hai.....ab तो बस मौका मिले और....
Rubina(beech में)- चुप कर बेशर्म........
अस्मा- अब बेशर्म kya......ye आग होती hi ऐसी hai....ab तुम hi batao...tum मौका देखते hi नहीं करती क्या.....
Rubina(soch कर)- छोड़ ab.....chup रह...
अस्मा- क्या हुआ bhabhijaan...aap उदास क्यों हो gai....sab ठीक है न....
रुबीना- haa....sab ठीक hai....aur तू भी mouka-mouka मत karna....kahi कोई और देख लेगा तो बनाल जार dega...samjhi न....
अस्मा- hmm...waise अब तुम मेरा ख्याल rakhna....main बता कर jaugi....fir तुम पहरा dena....aur मैं.....
Rubiba(beech में)- मज़ा karegi...hai न...
अस्मा- अब क्या karu....main रह नहीं sakti...mujhe वो चाहिए hi चाहिए....
रुबीना- चुप kar....badi aai....sambhal कर rah...nhi तो मज़ा कब सजा बन jaygi....pata भी नहीं चलेगा......
अस्मा- ऐसा कुछ नहीं hoga......waise....tum तो रोज मज़े लेती ho....to समझ सकती हो मेरा हाल....
रुबीना- अब तू चुपचाप chal....khet आने वाला है....
और फिर रुबीना ने अस्मा की बात काटी और दोनों ख़ामोशी से खेत की तरफ बाद गए......
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जाकर के घर में...............
यहाँ जाकर की बीवी सलीमा गिरने की वजह से थोड़ी तकलीफ में thi....aur गोलू से अपने पेअर की मालिश करा रही थी......
सलीमा- aahhh...kya कर रहा hai.....mujhe तकलीफ हो रही hai......dheere कर न....
गोलू- धीरे करने से कुछ नहीं hoga.....thoda तो सहना hi पड़ेगा.....
सलीमा- कैसे नहीं hoga.....lagta है तुझे मालिश करनी आती hi nhi....rahne दे.....
Golu(joor से)- bas....kuch भी मत बोलना.....
Salima(hairani से)- तू मुझ पर चिल्ला रहा है......
गोलू- sorry....par कोई मेरे काम पर शक kare....ye मुझसे बर्दास्त नहीं hota.....aapko पता nhi....par मैं सहर के बड़े मस्सगे पार्लर में काम कर चूका hu.....aourat के हर अंग की जानकारी रखता hu....ki उसे कैसे किस किया जाता है......
सलीमा- खुश मतलब.....
गोलू- खुश से मतलब ये hai.....ki अगर कोई अंग दर्द में hai....ya कुसी भी तरह से उस अंग में अच्छा महसूस नहीं हो raha....to मैं उसे सही कर के खुश कर सकता हु.....
सलीमा- accha.....to वह तुम सिर्फ अयर्तों की मस्सगे करते थे....
गोलू- ji....kyoki अयर्तों को hi मस्सगे की ज्यादा जरूरत होती hai....kyoki वही तो hai....jo सारा दिन काम करती hai...is वजह से उनकी बॉडी थकी हुई होती है....
सलीमा- ये बात तो सही hai.....kaam करने से बदन में तकलीफ तो रहती hai.....par आराम करने से ठीक भी हो जाती hai....maalish की क्या जरूरत....
गोलू- haa.....par मालिश से बदन में स्फूर्ति आती hai.....aur फिर जवानी भी तो एक वाकः है.....
सलीमा- जवानी matlab.....aaaaahhhhh....mar गई....
गोलू- बस हो गया.....
असल में जब सलीमा गोलू की बातों में खोई हुई thi...tabhi गोलू ने सलीमा के पेअर को ऐसे jhatka...ki सलीमा की आह निकल गई....
गोलू- अब ठीक है न.......
सलीमा- aahh...haa....ab ठीक hai....par किया कैसे....
गोलू- यही तो मेरा काम है.......
Salima(pair हिला कर)- सच me.....ye तो बिलकुल ठीक हो gaya....sukriya....
गोलू- अब तो मानती है न की मुझे मालिश करना आता hai.....anadi नहीं हु मैं.....
सलीमा- hmm.....maan liya.....par तुम वो जवानी की क्या बात कर रहे थे.....
गोलू- wo....asal में कुछ एयरटेन मसाज इसलिए कराती hai....taki उनकी जवानी बानी rahe...matlab....kaise samjhau....haa....dekho...kabhi-kabhi कुछ अयर्तों के पति लोग उनको जवान नहीं maante....unhe लगता है की उस ायरत के बदन की गर्मी ख़त्म हो चुकी hai.....to ऐसी एयरटेन स्पेशल मस्सगे लेती है.......
सलीमा- स्पेशल massage....wo क्या होता है.....
गोलू- समझाता hu....asal में उस मस्सगे से ायरत के जिश्म की गर्मी का पता चलता hai.....aur अगर गर्मी काम हो भी गई ho....to उसे बापूस से जगाया जाता है.....
सलीमा- सच me....aisa भी मस्सगे होता है....
गोलू- आपको भरोषा नहीं तो सहर में पता कर सकती hai....main झूठ नहीं बोल रहा.....
सलीमा- अरे nhi.....main तुम्हे झूठा नहीं बोल rahi...bas मैंने दूना नहीं na.....isliye....
गोलू- समझ सकता hu.....gaon में ौसा कुछ होता नहीं na......kyoki गाओं में अयर्तों का ऐसा मस्सगे karana.....mujhe नहीं लगता की कोई ायरत राजी होगी....
सलीमा- राजी नहीं hogi...kyo....aisa क्या होता है उस मस्सगे में.......
गोलू- जाने dijiye.....aapko सुन कर बुरा lagega....saayad आप गुस्सा भी हो जाए....
सलीमा- अरे nhi....gussa kaisi....main गुस्सा नहीं hougi.....tum बताओ....
गोलू- ठीक hai....par सुन कर भड़कना mat.....theek....
सलीमा- बेफिक्र हो कर बोलो.....
गोलू- hmm...asal में इस मस्सगे में ायरत को pura....matlab...bina कपड़ो के रहना होता है.....
Salima(muh पर हाथ रख कर)- ाअव्व्व....
गोलू- मैंने बोलै था na.....gussa आएगा...
सलीमा- nhi....par एयरटेन ऐसा करती है...
गोलू- है bilkul......ab जवानी बरकरार रखनी है तो कुछ करना hi होगा na....aur मसाज करने वाले पर भी भरोषा करना होता है.....
सलीमा- hmm...par ऐसे बिना कपड़ो ke.....kahi कोई कुछ गलत कर दे तो...
गोलू- nhi....massage करने वाले ईमानदारी से काम करते hai....wo बस बदन की गर्मी जागते है.....
सलीमा- और गर्मी जाग गई fir.....fir क्या.....
गोलू- फिर सब ायरत के हाथ में होता hai....ki उसे क्या chahiye.....par छोड़िये na.....wo तो उनके लिए है जो जवान रहना चाहती है.....
सलीमा- पर ऐसे जवान rahna.....jaroorat क्या है इसकी......
गोलू- क्या बताऊ ab.....kya है na...jab खुद का पति ये तना मारे की उसकी पत्नी बुद्धि हो gai....ya उसमे कोई बात नहीं rahi....to एयरटेन ये सब बर्दास्त नहीं कर pati....aur मेरे हिसाब से उन्हें बर्दास्त करना भी नहीं chahiye.....kyo kare....jawani क्या सर्फ मर्दो के हिसाब से chalegi....aourton को पूरा हक़ है की वो अपनी बॉडी और जवानी का ख्याल rakhe.....use सँभालने के लिए जो भी करना pade....wo kare.....kyo...
सलीमा- huh...main क्या बोलू........
गोलू- कुछ nhi...khair....aap आराम karo....waise तो पेअर ठीक hai....par आराम कर lo.....main अपने कमरे में hu....koi काम हो तो आवाज देना....
सलीमा- hmm....sukriya....
गोलू- चलता हु....
और फिर गोलू वह से निकल gaya.....aur सलीमा लेट कर उन साड़ी बातों को याद करने lagi....jo abhi-abhi गोलू ने कही थी.....
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ठाकुर की हवेली में.........
यहाँ जब कल्लू काव्य को छोड़ने डी कर कमरे से बाहर nikla....to उसके सामने एक ायरत आ gai....jise देखते hi कल्लू परेशान हो gaya....kyoki वो ायरत कल्लू के लिए नै थी.....
ायरत- कौन हो tum....aur यहाँ क्या कर रहे हो.....
कल्लू- huh....haa..main kallu....vikrant का दोस्त......
ायरत- kya.....tum और पापाजी के dost.....ye कैसे हो सकता hai......tum तो कभी छोटे हो उनसे.....
कल्लू- haa....par दोस्ती उम्र देख कर नहीं hoti.....aur तुम्हे शक हो तो रेखा जी से पूछ lo.....wo बता देगी.....
ायरत- hmm....par तुम यहाँ क्या कर रहे हो......
कल्लू- मैं तो यही रहता hu....par तुम कोइन ho...jo इतने सवाल कर रही हो.....
ायरत- मेरी hi हवेली में खड़े हो जार मुझि से पूछ रहे ho....main इस घर की बेटी hu.....samjhe........
कल्लू- ohh....thakur की beti....good....kab aai....waise तुम्हारा नाम.....
ायरत- vinita.....aur मैं कब aai...kyo aai....ye पूछने का तुम्हे कोई हक़ नहीं.....
कल्लू- ओह sorry....mera वो मतलब नहीं था.....
विनीता- वैसे तुम इस कमरे में कैसे....
कल्लू- वो main....haa...wo मुझे तरीका से काम tha....bas उसे hi देख रहा tha....par ये कमरा to....yaha कोई नहीं....
विनीता- जानती hu...kyoki ये मेरा कमरा hai...khair....aao....tarika का कमरा दिखा देती हु.....
कल्लू- hmm..chalo....
विनीता- वैसे तुम्हे तरीका से क्या काम.....
कल्लू- wo....use खेत से कुछ मगवाबा tha.....to बोली thi...ki मैं जाओ तो बता कर जाओ.....
Vinita(man में)- लगता है पापाजी ने नौकर बाबा कर रखा है इसे.....
Kallu(man में)- अच्छा हुआ ये मेरे साथ आ gai....kahi कमरे में घुस जाती to....waise भी टेडी दिख रही hai....ise पटना आसान नहीं होगा.....
विनीता- अरे सुनो.....
कल्लू- हम्म....
विनीता- तुम फार्महाउस जा hi रहे ho...to वह से मेरी बेटी को भी ले aana.....wo निशु के साथ गई hai......aur शाम होने को hai...to साथ ले आना.....
कल्लू- ठीक है....
विनीता- वो रहा तरीका का kamra....mil लो....
ये बोल कर विनीता आगे बाद कर हॉल की तरफ निकल gai....aur कल्लू तुरंत तरीका के कमरे में आ गया......
तरीका- अरे aap.....kya hua.....aise क्यों आ gaye....wo दीदी आई hai...dekh लेगी तो....
कल्लू- sshhh....chup rah....batata hu....aur टेंशन मत le.....sab ठीक है.....
तरीका- पर हुआ kya....aap अचानक से क्यों आये....
कल्लू- बताता hu.....ruk...
और फिर कल्लू ने गरे लॉक किया और बीएड पर जा कर लेट gaya........aur तरीका भी हैरानी से भरी उसके करीब जा कर बैठ गई.....
तरीका- क्या hua....aur आप विनीता दीदी के sath....kuch कहा की उन्होंने.....
कल्लू- haa....akad दिखा रही thi....uske बाप की हवेली है na....aur सायद मुझे कोई नौकर समझ रही hai....saali....boli की फार्महाउस से उसकी बेटी को ले aana.....huh...
तरीका- वो ऐसी hi hai....thakur साब पर गई है puri......chhodiye....jab जान जायगी तो ठीक से पेश आएगी.....
कल्लू- hmm...waise वो लड़की कौन thi....jo आगे वाले कमरे में है....
तरीका- wo....saayad नमिता hogi....inhi की बेटी hai.....mujhe तो बड़ी चालु लगती hai....ekdam बिगड़ैल....
कल्लू- hogi....mujhe kya....par स्ने अपना नाम काव्य बोलै था सायद.....
तरीका- काव्य तो मेरी भतीजी का नाम hai.....meri जेठानी की beti.....are haa...wo भी आई hai.....wahi तो निशु के साथ फार्महाउस पर गई है....
कल्लू- ohh....to काव्य किस तरह की लड़की hai...kya वो भी इसकी तरह चालु है....
तरीका- पता nhi...dikhti तो काफी स्मार्ट hai....saayad कोई बॉयफ्रेंड भी ho.....waise वो अपनी बहिन की तरह hi लगती hai...nishu....usi की तो बहन है....
कल्लू- hmm......chalo....main फार्महाउस जाता hu....waha मिल भी लगा और समझ भी लगा......
तरीका- hmm...waise आपने कुछ socha....mere काम का....
कल्लू- अब इतनी जल्दी क्या सोच lu....tum टेंशन मत lo.....bas समझ लो की इस हवेली की और ठाकुर की किस्मत अब मेरे हिसाब से chalegi....to...khush raho....baki मुझ पर छोड़ दो....
तरीका- ठीक hai...kuch काम हो तो बताना.....
कल्लू- bilkul.....chalo....thoda कच्ची कलियों से मिल लू....
और फिर कल्लू वह से निकल gaya...aur उसके जाते hi तरीका कुसी से फोन पर बात करने लगी......
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जाकर के घर.......
रात में......
यहाँ जाकर खान बापिस आ चूका tha....aur अपनी बीवी के साथ कमरे में सोया हुआ था....
पर जाकर की बेटी अस्मा उसी घर के एक कमरे में thi....aur गोलू उसे जोरो से छोड़ने में लगा हुआ था......
अस्मा- aaaahhh...aaahhh....kya हुआ आपको aaj....maar hi dala....aaahh....
गोलू- अब तुझे क्या bolu...bas आज बड़ा मूड बना हुआ tha.....mera बस चलता तो तेरे आते hi पेल देता....
अस्मा- aaahh...par हुआ kya....aaahh...kuch देख लिया क्या.....
गोलू- छोड़ na.....maza कर....
अस्मा- aahh...maza तो है hi....par मेरी haalat....aahhh.....main to....aaammiii....aaahh....
और अस्मा एक चीख मार कर झाड़ gai....aur उसके झड़ते hi गोलू ने उसे उठाया और अपनी गॉड में बैठा कर छोड़ने लगा.....
अस्मा- aaahh.....aaj सच में कुछ हुआ hai.....ruk hi नहीं rahe....aaahh....aaahh...
गोलू- है मेरी jaan....aaj रुकने का कोई मूड nhi.....yeeehhh....yyyeeehhhh....
अस्मा- aaaahhhh...ammi.....mar gai.....aaahh....thoda dheere....aaahh..aahh...
गोलू- आज nhi....bilkul nhi....yyyeeehhh....
अस्मा- aaahhhh......faaad दी आज to....aaahh...aaahhh...
गोलू- तो मज़ा ले na.....aisi चुदाई हर किसी को नहीं मिलती.....
अस्मा- aahh....par दर hai...aaahh...koi सुन न le....aaahh....
Golu(man में)- तू सुनने का बोल रही hai.....yaha तो साली देख भी रही hai.....dekhne de......use भी तो खाना है ये लुंड....
अस्मा- aaahh.....main थक gai.....aahh..
गोलू- उछलती rah....aaj थकना मन है....
अस्मा- aaahh.....kyo nhi...aaahh...aaahh...aaahhh...
और फिर अस्मा ने तेजी से उछलना सुरु कर diya....aur कुछ देर मज़े लेने के बाअद दोवारा से झाड़ गई......
अस्मा- aaahhhhhhhhh.....ab ruko.....aahh...thoda sa...bas....
गोलू- घबरा mat...aaraam से करता hu....aaja...
और फिर गोलू ने अस्मा को कुटिया बनाया और प्यार से छोड़ने लगा.....
अस्मा- aahh....batao na....aaj मूड में क्यों है आप.....
गोलू- तू छूट मरने आई है या मेरे मूड को dekhne....haa....
अस्मा- aahh...jab से मिली hu....uummm....wo तो मरती hi रहती hai....par आज कुछ खास hai...aahh.....joor से करो न....
गोलू- बड़ी जल्दी गरम हो gai.....le फिर....
और फिर से एक बार गोलू के धक्के तेज हुए और अस्मा की चीखे बढ़ने lagi.....aur ये सब dekh-dekh कर एक दूसरी छूट भी गीली होने लगी......
अस्मा- aaahh...ammi....aaahh...aahh...aahh....
गोलू- haa...teri अम्मी को भी बुला le.......use भी छोड़ूगा.......
अस्मा- aaahh.....aahhh.....wo ऐसी nhi....aaahh.....kabhi नहीं आएगी....
गोलू- छोड़ use.....abhi तू माज़ le......yeeehhh.....waise तेरी भी गीली हो गई न.....
अस्मा- aaahhh....buri tarah....aaahh....main aaaaiiii....aaahhh...aaahh....
Golu(man में)- तू नहीं saali.....ye तो उससे puchha...jo छिप कर माज़ ले रही है.....
अस्मा- aaahhh....thoda ruko....plzzz....aah..
गोलू- क्यों नहीं मेरी jaan....chal aaja....thoda गाला गीला कर ले....
और ये बोल कर गोलू ने अस्मा की छूट से लुंड खींचा और बीएड पर खड़ा हो gaya.....aur अस्मा भी जल्दी से घुटनो पर आई और लुंड चूसने में लग गई....
इसी बीच चुतरस से tar-batar लुंड देख कर छिपी हुई लड़की की छूट में एक सनसनी दौड़ uthi...aur वो आहें भरते हुए छूट मसलने लगी.....
गोलू- ऐसे बात नहीं banegi....lund खाना hoga....tabhi चैन मिलेगा....
अस्मा- uuuummhhh......wo तो खाऊगी hi.....par ये तो बता do....aaj हुआ क्या है....
गोलू- तू चुपचाप लुंड चूस न......
अस्मा- hmm...aaauuummmmm...uuuummmm...uuuummmmmm...uuummmmm....
Golu(muskura कर)- बिलकुल ऐसे hi choosna....taki छूट में जाए तो तकलीफ जरा काम हो....
अस्मा- uuummmhhh......thida आराम से करना.....
गोलू- फिर ruki.....ab तो तेरी गांड maregi....chal choos.....fir फाड़ता हु तेरी गांड.....
अस्मा- nhi...aaraam से karna....choo रही हु na.....aaauuummmm...uuuuummmm...uuuummmm...uuuummmmmm......
Golu(man में)- ये तो समझ आ गया की कोई छूट वाली hai.....par है koun.....rubina या salima......kaise पता करू.....
Khair.....golu ने काफी देर तक अस्मा से लुंड chuswaya.....aur फिर उसे बापिस से कुटिया बना कर उसकी गांड मारने लगा.....
गोलू ने अस्मा को कुछ इस तरह से कुटिया बनाया tha....ki उसकी गांड मरने कनजरा उस छिपे हुए साक्ष की आसानी से दिखे......
Khair....golu जोरदार धक्को के साथ अस्मा की गांड मारता raha....aur अस्मा भी पूरी मस्त हो कर चीखे निकलती रही....
इस बीच अस्मा की छूट ने फिर से पानी छोड़ दिया tha.....aur साथ hi उस छिपी हुई लड़की की छूट भी बाह चुकी थी.....
और फिर कुछ धक्को के बाद गोलू भी झड़ने को aaya....to उसने अस्मा को सीधा किया और पूरा लुन्द्रास अस्मा के मुँह पर गिराने लगा......
गोलू- aah.....pi ले saali....bujha ले अपनी प्यास......
अस्मा- uuummmhhhh.....aaj तो बदन तोड़ डाला आपने.....
गोलू- कोई na....thoda आराम कर le....fir दोवारा पेलता हु.....
अस्मा- और करेंगे.....
गोलू- haa.....chal...main फ्रेश हो कर आया,.....
और फिर गोलू फ्रेश होने निकल gaya.....par जब बापिस aaya....to वो छिपी हुई लड़की जा चुकी thi.....aur अस्मा आँखे मूंदे बीएड पर पड़ी थी.....
Golu(man में)- चली gai,....par थी koun....khair....jo भी thi....pata तो चल hi jayga.....par उससे पहले मुझे ये जानना hai...ki वो अस्मा की मर्जी से यहाँ आई thi....ya फिर अस्मा भी उससे अनजान hai....oh....wo क्या hai....koi कंगन लगता है.....
और फिर गोलू आगे बाद कर वो कंगन उठा लाया.......
अस्मा- वह क्या कर रहे हो.....
गोलू- कुछ nhi.....tum आराम करो....
अस्मा- जल्दी karna....kahi सुबह न हो जाए....
Golu(man में)- अब ये कंगन hi उस तक pahuchayga......jo मेरा शिकार बनने आया tha....huh...kya किस्मत है na.....bina कुछ किये hi बहुत कुछ मिल गया......
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अगले दिन............
माया की हवेली में...........
माया- तो आ hi गए तुम.......
गोलू- आता कैसे nhi......ek तो जरूरत thi....aur फिर तुम्हारी जैसी हस्ती ने खुद मिलने bulaya.......ye सबकी किस्मत में नहीं होता.....
Maya(muskura कर)- मुझे मस्का लगाने से कोई फायदा नहीं होने wala....hoga wahi...jo मैं chahugi......samjhe....
गोलू- ये भी कोई कहने वाली बात hai.....waise bhi....is माया नगरी में माया के अलावा चलती भी किसकी hai......hai न....
माया- hmm....lagta है पूरी तयारी के साथ आये हो.....
गोलू- bilkul.....aur ये जरूरी भी tha......ab माया से मिलना hai...to माया की माया जान लेना जरूरी है na....nhi तो जान पर बन आती है.....
माया- ohh...to फिर ये बात उस कल्लू को क्यों नहीं समझे थी.....
गोलू- वो तो बस एक जुआ tha.....asal में देखना चाहता था की कल्लू नाम का डाव मुझे कहा पहुँचता है......
माया- accha.....to फिर क्या देखा....
गोलू- अँधेरे में मारा गया तीर सीधा निशाने पर जा laga.....saboot ये टाइम hai.....jis टाइम मैं तुम्हारे सामने बैठा हु......
माया- hmm....ab मुद्दे की baat.....lalaji से तुम्हारा क्या रिश्ता hai.......pushpa से क्या lena-dena है तुम्हारा.....
गोलू- batauga....par पहले मैं ये तो जान lu....ki तुम पुष्प के कितने करीब thi...waise मुझे पता तो hai...fir bhi....tumhare मुँह से सुन्ना चाहता हु....
माया- मुझे लगता है की तुम्हे ये समझने की जरूरत तो नहीं rahi....tumhara यहाँ होना hi ये बात साफ़ कर देता hai...ki आज भी मेरे लिए पुष्प ज्यादा मायने रखती hai....har एक साक्ष से ज्यादा.....
गोलू- मेरे लिए भी.....
माया- तो batao....koun हो tum....pushpa के.....
Golu(beech में)- गौर से dekho......khud समझ jaogi....agar तुम पुष्प को सच में जानती हो to....dekho mujhe...aur सोचो....
Maya(thodi देर घूर कर)- होना सवाल karo.....jawaab मैं दूगी....
गोलू- मुझे बस वो वजह chahiye.....jis वजह से मेरा बचपन तबाह hua....aur मेरी jawani.....wo बस soch-soch कर गुजर रही hai......pata नहीं कब मुझे एक आम इंसान की तरह जीने milega......to....bolo....kya हुआ tha....jis वजह से मेरी जिंदगी बस एक सफर बन कर रह gai.....jo मजिल को देख तो सकती hai....par उसे प् नहीं सकती.....
माया- सायद मैं तुम्हारा दर्द समझ सकती hu.....par तुम्हे अपना दिल मजबूत करना hoga.....kyoki मैं जो तुम्हे बताने जा रही hu.....wo सुन कर तुम्हारे अंदर की आग सायद ज्वालामुखी बन जायगी....
गोलू- तुम बस bolo.....kyoki मेरा दर्द हर आग पर भरी hai....bolo.....
माया- hmm......par पहले ये बताओ की तुम क्या जानते हो.....
गोलू- एक shart....jisko जीतने के लिए कुछ लोग इस हद तक गिर gaye....ki उन्होंने एक hasta-khelta परिवार मिटा दिया.....
माया- मुझे लगा hi tha...ki तुम्हे गुमराह किया गया है.....
गोलू- क्या matlab....kya ये सच nhi...ki एक शर्त जीतने के लिए उन कमीनो ने....
Maya(beech में)- nhi.....aisa नहीं hai....haa....shart तो thi....par ये बस एक अधूरा सच है.....
गोलू- तो फिर सच क्या है.....
Maya(khadi हो कर)- doulat.....sohrat......jalan और hawas.....ye वो सब hai....jo इंसान को सरीफ से गुनहगार बना सकता है.....
गोलू- जनता hu.....par इंसान की जीतने की ज़िद्द भी उसे रस्ते से भटका सकती है न.....
माया- haa....par हर जीत का एक इनाम होता hai......jiske लिए इंसान हर हाल में जीतना चाहता है......
गोलू- थोड़ा सीधे तरीके से सम्झओगि.....
माया- hmm....asal में शर्त तो एक ढाल hai....jiske पीछे लोग अपने असली मंसूबो को छिपा लेते hai....aur ऐसा hi इस केस में हुआ था......
गोलू- इतना तो मैं भी जनता hu....par हुआ तो सब शर्त के लिए hi था.....
माया- haa....par उसकी वजह कुछ और thi.....aur वो कोई एक चीज नहीं थी.....
गोलू- तो फिर....
माया- किसी को नाम की जीत चाहिए thi...kisi को पैसो ki....par haa.....hawas....ye वो चीज thi....jo सबको खींच रही thi.....isliye तो सब एक साथ हुए....
गोलू- मुझे पूरी बात batao.....suru से....
माया- बताती हु......
और फिर माया ने जो कहानी sunaai....use सुनते होते गोलू का खून खोलने laga.....aur कहानी ख़त्म होते hi गोलू ने अपना हाथ टेबल पर ऐसा mara....ki टेबल tahas-nahas हो गया......
Maya(saham कर)- आराम se....plz......
Golu(gusse से)- क्या plz......main किसी को नहीं chhoduga....kisi को भी नहीं.....
माया- बिलकुल मत chhodna.....par उनको उस गुनाह की सजा भी मत dena....jo उन्होंने किया hi नहीं......
गोलू- तुम कहना क्या चाहती हो.....
माया- wo....main ठाकुर की बात कर रही हु.......
गोलू- तुम उसे बचा रही ho....kyoki वो तुम्हारा पति hai....haa....
माया- nhi...bilkul nhi.....main मानती हु की ठाकुर ने दौलत, सोहरत और हवस के लिए एक शर्त लगाईं thi........aur ये एक बड़ा गुनाह tha......par उस परिवार में जो जाने gai.....uska जिम्मेदार ठाकुर नहीं hai....bilkul भी नहीं.....
गोलू- तो फिर कौन है.....
माया- ये एक पहेली hai....jo आज तक अनसुलझी hi है.....
गोलू- मतलब.....
माया- dekho...jab मुझे उस हादसे का पता चला tha....to मैंने ठाकुर से सीढ़ी बात की thi.....aur ठाकुर ने ये माना भी tha....ki उसने जलन और हवस के लिए गलती ki.....usne शर्त की बात भी मानी thi.....par वो ये नहीं जनता tha...ki उस घर में आग कैसे lagi....kyo lagi....aur उस परिबार को मारा kisne....kyoki ये सब तो उनके प्लान का हिस्सा hi नहीं था.....
गोलू- wah....thakur ने बोलै और तुममे सच मान liya....haa....
माया- नहीं maanti....agar ठाकुर मेरे साथ दूसरे सहर में न hota.....aur फिर उसकी aankhe.....main साफ़ पढ़ सकती हु उसकी आँखों ko...ki वो कब सच बोलता है और कब jhooth.....patni हु uski...samjhe.....
गोलू- मान liya....par जिम्मेदार तो वो भी है न....
माया- मानती hu....par मैं तो बस ये बोल रही thi...ki ठाकुर ने जो नहीं kiya.....uski सजा उसे नहीं मिलनी चाहिए......
गोलू- तुम्हे भरोषा है उस पर....
माया- haa....mera पति ऐयाश hai...laalchi hai......sohrat का भूखा भी hai....par वो किसी को मारने का नहीं सोच sakta....khas कर की अपने दोस्त को.....
गोलू- ठीक hai....maan लिया वो कातिल nhi....par उसके साथी तो है....
माया- सायद नहीं....
गोलू- ये तुम कैसे बोल सकती हो....
माया- क्योकि मैं जितना जानती hu....us हिसाब से शर्त की बात सबके सामने आ चुकी thi......pushpa ने खुद बताया tha...tabhi तो मुझे ठाकुर का सच पता chala....aur मैंने उस से शर्त की बात ki........aur ठाकुर ने मांगी भी मांगी thi......to मैं नहीं मानती की ठाकुर का उनकी मौत से कोई लेना देना है.....
गोलू- हो सकता है दर की वजह से ठाकुर के साथियों ने ये हरकत की ho....wo जाकर या फिर वो गुप्ता.....
माया- saayad.....par क्या तुम्हे सच में लगता hai....ki इनमे से किसी की इतनी हिम्मत thi...jo लालजी के परिवार से पन्गा ले sakta.....wo भी जिंदगी और मौत wala......socho jara....tum तो उन्हें जानते हो....
Golu(soch कर)- पता nhi.....ye तो वो खयद batayge......jis दिन मैं उन्हें सच बोलने के लिए मजबूर कर luga....tab वो सब बोलेगे....
माया- तो फिर ठीक hai....tum उनसे सच nikalwao.......main तुम्हारे साथ hu.....kyoki मैं भी पुष्प की मौत का बदला चाहती hu....wo कोई भी ho.....uska अंत भी दर्दनाक होना चाहिए.....
गोलू- जरूर hoga.....aisi मौत दूँगा की मौत भी कांप uthegi.....par उसके लिए मुझे टाइम lagega....tab तक तुम किसी से....
Maya(beech में)- हम कभी मिले hi nhi.....na हमने कोई बात ki.....are...hum तो ek-dusre को जानते भी nhi....theek है....
गोलू- थैंक्स.....
माया- chalo....ab तो नास्ता karoge.....ya अभी भी गुस्सा भरी है....
गोलू- गुस्सा तो बहुत भरी hai.....aag सी लगी है बॉडी me.......aah....
माया- तो पहले इस आग को hi बुझा देते hai....kya कहते हो....
गोलू- मेरी aag....bujha पाओगी....
Maya(muskura कर)- ऐसी कोई आग nhi....jo माया की आया नगरी में ठंडी न हो sake.....aao....mere पीछे आओ....
ये बोल कर माया सीढ़ियां चढ़ने lagi....aur गोलू भी उसके पीछे हो लिया.....
Golu(man में)- अगर माया सही nikli....to फिर वो आग किसने lagai.....aakhir कौन hai....jo परदे के पीछे बैठा पूरा खेल चला gaya.....koun....???
अस्मा की चुदाई होते कौन देख रहा THA....KYA गोलू उस तक पहुंच पाएगा.....???
सलीमा को ले कर गोलू का क्या प्लान HAI.....YA सलीमा अपने प्लान के साथ आगे आएगी.......???
ठाकुर की हवेली में कल्लू के जलवे आगे क्या रंग DIKHAYGE....KYA हवेली में चल रही साजिशे कल्लू समझ पाएगा.....???
माया और गोलू की मुलाक़ात आगे क्या रंग DIKHAYGI......KYA गोलू असली गुनहगार को ढूंढ पाएगा.....???
नोट - अपडेट पोस्टेड frnds.....hope ु लिखे आईटी......
थैंक्स फ्रेंड्स...
कीप रीडिंग....