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मंटू यादव की बर्बादी
मई और विशाल अग्रवाल ग्रुप से अग्रवाल मेन्शन जाने के लिए निकल गए थे करीब आधे घंटे के बाद हम लोग अग्रवाल मेन्शन पहुंच गए थे अग्रवाल मेन्शन के पहुंचने के बाद हम दोनों कार से बहार निकले और मेन्शन के अंदर जाने लगे तो वह के गॉर्ड ने हमें रोकते हुए बोले.
गॉर्ड- आप लोग अंदर कहा जा रहे है किस्से मिलना है आपको.
गॉर्ड के बात सुन कर विशाल उससे बोलता है.
विशाल- हमें यहाँ पर सूर्यदेव अग्रवाल ने बुलाया है आप उनसे इण्टरकॉम पर बात कर के बोलो की विशाल ओबेराय आया है.
विशाल के बात सुन कर गॉर्ड तुरंत इण्टरकॉम के पास गया और अंदर बात करने लगा थोड़ी देर बात करने के बाद वो हमारे पास आया और बोलै.
गॉर्ड- जी आप लोग अंदर जा सकते है.
गॉर्ड के बात सुन कर हम दोनों अंदर चले गए थोड़ी देर में हम ड्राइंग रूम के अंदर थे जहा पर सूर्यदेव अग्रवाल उदास बैठे हुए थे जब उन्हें एहसास हुआ की ड्राइंग रूम में कोई आया है तो पीछे मुद कर देखने लगे अपने सामने विशाल को देख कर वो अपने चेयर से खड़ा हो गए अपने उदासी को छुपाते हुए मुस्कुरा कर बोले.
सूर्यदेव- आइये आइये विशाल जी आपका अग्रवाल मेंशन में स्वागत है कहिये हम आपकी क्या सेवा कर सकते है आप यहाँ आने से पहले कुछ काम के बारे में बोल रहे थे आप बताइये हम आपका सहायता किस तरह से कर सकते है.
सूर्यदेव के बात सुन कर विशाल कुछ सोचते हुए बोलै.
विशाल- काम की बाटे तो बाद में भी होती रहेगी पहले आप मुझे ये बताइये की आपकी बेटी की तबियत कैसी है.
विशाल के बात सुन कर सूर्यदेव थोड़ा उदास हो जाते है और फिर वो विशाल से बोलते है.
सूर्यदेव- कुछ ठीक नहीं है डॉक्टर ने जबाब दे दिया अब मुझे समझ में नहीं आ रहा है की मई क्या करू कहा दिखाऊ अपनी बेटी को की वो ठीक हो जाये.
सूर्यदेव के बात सुन कर विशाल उनको सांत्वना देते हुए बोलै.
विशाल- आप चिंता मत कीजिये सब ठीक हो जायेगा और है मई अपने साथ में एक डॉक्टर भी ले कर आया हु आप एक बार इनसे अपनी बेटी की चेकउप करवा लीजिये भगवन चाहेंगे तो आपकी बेटी जरूर ठीक हो जाएगी.
विशाल के बात सुन कर सूर्यदेव अग्रवाल मुझे देखते हुए बोले.
सूर्यदेव- क्या ये सच में डॉक्टर है ये देखने से तो डॉक्टर नहीं लग रहा वैसे भी मेरी बेटी का इलाज बड़े बड़े डॉक्टर ने किया है लेकिन किसी ने भी उसे ठीक नहीं कर पाया तो भला ये क्या कर लेगा.
सूर्यदेव को इस तरह से मेरे ऊपर सवाल उठाना विशाल को अच्छा नहीं लगा लेकिन वो जनता था की कोई भी जब मुझे पहली बार देखता है तो वो ऐसे hi बोलता है क्युकी मई देखने से कोई डॉक्टर नहीं लगता इधर मई जब सूर्यदेव अग्रवाल के बात सुना तो मई उनसे बोलै.
मई- मई मंटा हु की मई देखने में डॉक्टर नहीं लगता लेकिन आप यकीं मानिये मई एक डॉक्टर hi हु और मई आपके बेटी का इलाज कर सकता हु.
मेरे बात को सुन कर सूर्यदेव अग्रवाल ने बोलै.
सूर्यदेव- जब इतने बड़े बड़े डॉक्टर मेरी बेटी का इलाज नहीं कर सके तो मई तुम पर कैसे बिस्वास कर लू.
मई- अगर आपको मुझ पर यकीं नहीं है तो आप सिटी हॉस्पिटल में पता कर लीजिये मई वह पर एक गेस्ट डॉक्टर हु और मेरा नाम डॉ. प्रतिक है.
मेरी बात को सुन कर वो कुछ सोचने लगे तभी उन्हें कुछ यद् आया और वो बोले.
सूर्यदेव- तुमने अपना नाम क्या बताया.
मई- जी मेरा नाम प्रतिक है.
सूर्यदेव- हम्म प्रतिक क्या तुम वही डॉ. प्रतिक हो जो संडे को सिटी हॉस्पिटल में मरीजों का इलाज किया था.
मई- जी मई वही डॉ. प्रतिक हु और आप मुझ पर बिस्वास कीजिये मई आपकी लड़की को ठीक कर सकता हु आप एक बार मुझे उसके पास ले कर चलिए.
मेरे बात को सुन कर सूर्यदेव कुछ देर के लिए सोच में पद गए फिर वो अपने सोच से बहार निकलते हुए बोले.
सूर्यदेव- मैंने इन कुछ दिनों में आपका नाम बहुत बार सुना है ठीक है आप एक बार मेरे बेटी को देख लीजिये अगर आप उसे बचा लिए तो मई अक एहसान जिंदगी भर नहीं भूलूंगा.
मई- ठीक है मुझे आप अपने बेटी के पास ले चलिए.
इसके बाद सूर्यदेव अग्रवाल ने हम दोनों को अपने साथ लेकर एक रूम में गए जहा पर एक लड़की अपने बीएड पर बेहोश पड़ी हुयी थी और उसके देख भल के लिए वह पर 2 नर्स भी थी मई उस रूम को चारो तरफ से घूम कर देखा तो पाया की उस रूम को पूरा हॉस्पिटल के रूम में बदल दिया था उस रूम में हर वो फैसिलिटी थी जो एक हॉस्पिटल में होता है.
फिर मई आगे बढ़ते हुए उस लड़की के बीएड के पास चला गया और उसे ध्यान से देखने लगा वो लड़की करीब 18 या 19 साल की होगी जो दिखने में एक डैम मासूम लग रही थी वो लड़की बीमारी के चलते एक डैम दुबली पतली हो गयी थी जिसके कारन उसके शरीर की हड़िया तक दिखने लगी थी.
फिर मई उस लड़की को जांचने के लिए अपने दिव्या दृस्टि को एक्टिवटे किया और उसे ध्यान से देखने लगा जब मई उसके बॉडी को अपने दिव्या दृस्टि से देखा तो चौक गया क्युकी उसकी बॉडी में बहुत साडी स्प्रिचैल एनर्जी थी और इतने सरे स्प्रिचैल एनर्जी होने का दो कारन हो सकता है या तो ये लड़की जन्मजात मार्टिकल योद्धा होगी जो होना असंभव है क्युकी जन्मजात मैरिटल योद्धा लाखो में एक होते है और अगर ये जन्मजात मार्टिकल आर्ट्स योद्धा होती तो इसका स्प्रिचैल एनर्जी बचपन में hi ट्रिगर हो जाती और दूसरा कारन ये है की ये कोई ऐसी चीज खायी होगी जिसमे बहुत साडी स्प्रिचैल एनर्जी होगी.
लेकिन मुझे ये समझ में hi नहीं आ रहा है की ये लड़की जन्मजात मैरिटल आर्ट्स योद्धा नहीं है फिर भी ये अभी तक जिन्दा कैसे है क्युकी इतने स्प्रिचैल एनर्जी के बॉडी में होने के कारन इसकी बॉडी कब के फैट जाना चाहिए था लेकिन अगर इस लड़की के बॉडी अभी तक सही सलामत है इसका मतलब ये है की इसकी बॉडी में स्प्रिचैल एनर्जी कुछ दिन पहले हे गया होगा और इसके बॉडी में स्प्रिचैल एनर्जी कुछ दिन पहले आने का मतलब है की ये लड़की जरूर कुछ ऐसा खायी होगी जिसमे बहुत साडी स्प्रिचैल एनर्जी होगा अगर इसके सरे स्प्रिचैल एनर्जी को इसके शरीर इतने स्प्रिचैल एनर्जी है की उन सरे स्प्रिचैल एनर्जी को इसके बॉडी में संतुलित कर दिया जाये तो ये मार्टिकल आर्ट्स रैंक में बहुत आगे तक जाएगी फिर मई उस लड़की के ऊपर से अपने दिव्या दृष्टि को वापस लिया और सूर्यदेव अग्रवाल के पास आ गया और उनसे बोलै.
मई- आप बता सकते है की आपकी बेटी कितने समय से बीमार है.
सूर्यदेव- है करीब 5 दिन से ये ऐसी हालत में है हलाकि ये बीमार तो लगभग 12 दिनों से है लेकिन इन 5 दिनों में इसकी हालत ज्यादा ख़राब हो गयी है.
सूर्यदेव अग्रवाल इतना बोल कर उदास हो गए उन इस तरह से उदास देख कर मुझे अच्छा नहीं लगा तो मई उनसे बोलै.
मई- आप टेंशन मत लीजिये आपकी बेटी को ठीक हो जाएगी.
मेरी बात को सुन कर सूर्यदेव अग्रवाल बहुत खुस हो गए और वो खुसी से मुझसे बोले.
सूर्यदेव- क्या सच में आप मेरी बेटी को ठीक कर देंगे.
मई- है सच में आपकी लड़की ठीक हो जाएगी और है आप बहुत किस्मत वाले है जो ये आपकी बेटी है ये आपके खंडन के नाम रौशन करेगी.
मेरे बातो को सुन कर सूर्यदेव अग्रवाल कंफ्यूज हो गए और वो उसे कन्फूसिओं में मुझसे पूछे.
सूर्यदेव- मई आपके बातो का मतलब समझा नहीं मेरी बेटी कैसे मेरे खंडन के नाम रौशन करेगी.
मई सूर्यदेव के बातो को सुन कर मुस्कुराते हुए बोलै.
मई- थोड़ी देर बाद आप खुद hi देख लीजियेगा.
अभी हम बात कर hi रहे थे की तभी रूम का दरवाजा खुला और 2 लोग अंदर आये अंदर आने वाले में एक अधेड़ उम्र का आदमी था और दूसरा 24 या 25 साल का लड़का था उस लड़के का फेस थोड़ा बहुत सूर्यदेव अग्रवाल से मिल रहा था इसका मतलब था की वो सूर्यदेव अग्रवाल का बीटा धीरज था जैसे hi वो दोनों रूम के अंदर आये धीरज जल्दी से अपने डैड के पास आया है और बोलता है.
धीरज- डैड इनसे मिलिए ये है भारत के सबसे बड़े आयुर्वेदिक डॉक्टर मर. कैलाश मेहता इसे सब मेडिसिन सेंत के नाम से भी जानते है.
धीरज के बात सुन कर विशाल और सूर्यदेव दोनों हैरान हो गए क्युकी ये दोनों डॉ. कैलाश मेहता को जानते थे वो देश के सबसे बड़े आयुर्वेदिक डॉक्टर थे लोग बोलते थे इनके हाथो में जादू है ये एक बार किसी भी पेशेंट का इलाज कर देते तो फिर उसे दोबारा किसी भी डॉक्टर के पास जाने की जरुरत नहीं पड़ती थी इधर सूर्यदेव अग्रवाल डॉ. कैलाश मेहता के नाम सुन कर खुस हो गए थे इस लिए जल्दी से आगे बढे और डॉ. कैलाश मेहता से बोले.
सूर्यदेव- मेरे इस छोटे से गरीब खाने में आपका स्वागत है डॉ. कैलाश आपके यहाँ आ जाने भर से hi मुझे ऐसा लग रहा है की अब मेरी बेटी ठीक हो जाएगी क्युकी मई सुना हु की आपके हाथो में जादू है आप किसी भी मरीज कर एक बार इलाज कर देते है तो वो ठीक हो जाता है.
सूर्यदेव से अपनी तारीफ सुन कर डॉ. कैलाश के चेहरे पर घमंड दिखाई देने लगता है और फिर वो घमंड से मुस्कुराते हुए बोले.
डॉ. कैलाश- आपने ठीक सुना है मई जिस भी मरीज को छू भर लेता हु तो वो मरीज ठीक हो जाता है आप बेफिक्र रहिये आपको बेटी को मई बिलकुल पहले जैसा कर दूंगा.
इधर विशाल डॉ. कैलाश को देख कर कुछ ज्यादा hi एक्सीटेंड हो गया और वो आगे बढ़ कर बोलै.
विशाल- हैल्लो डॉ. कैलाश मई विशाल ओबेराय हु ओबेराय ग्रुप के सीईओ मैंने आपके बारे में बहुत सुना है आप एक कमल के डॉक्टर है.
विशाल के बात सुन कर डॉ. कैलाश एक बार उसे देखते है और फिर उसे इग्नोर कर देते है लेकिन इधर सूर्यदेव अग्रवाल के बीटा धीरज अग्रवाल मुझे सुर विशाल को देख कर विशाल से बोलता है.
धीरज- अरे विशाल जी आप आज इधर के रास्ता कैसे भूल गए और ये आपके साथ में कोण है.
विशाल धीरज के बात का जबाब देता उससे पहले hi सूर्यदेव अग्रवाल धीरज को बोलते है.
Suryadev-Ye भी एक डॉक्टर है और इनको विशाल यहाँ पर दामिनी के इलाज करने के लिए लाया है.
सूर्यदेव के बात सुन कर धीरज और डॉ. कैलाश दोनों मुझे एक बार घर कर देखते है फिर धीरज अपने डैड के पास जक कर बोलता है.
धीरज- डैड लगता है की दामिनी के बीमारी ने आपसे इंसान को पहचानने की छमता को छीन लिया है और आप विशाल जी आप भी इतने बड़े बिज़नेस मन हो कर के एक ठग के चाकर में पद गए ये आपको कहा से एक डॉक्टर लग रहा है ये जरूर आप दोनों को पागल बना कर पैसे लूटने के लिए आया होगा.
धीरज के बात सुन कर विशाल को बहुत गुसा आया और वो घुसे से बोलै.
विशाल- धीरज तुम ये क्या बोल रहे हो तुम जरा सोच समझ कर बोलो ये सच में एक बेहतरीन डॉक्टर है.
सूर्यदेव- विशाल सच बोल रहा है धीरज तुम ऐसी किसी का भी मजाक नहीं उदा सकते समझे ये सच में एक डॉक्टर है.
विशाल और अपने डैड के बात सुन कर धीरज कुछ सोचते हुए बोलै.
धीरज- ठीक है मई मन लिया की ये भी एक डॉक्टर है लेकिन अब इसका यहाँ पर कोई भी जरुरत नहीं इस लिए ये अब यहाँ से जा सकता है.
धीरज के बात सुन कर मुझे भी बहुत गुसा आ गया और मई वह से जाने के बारे में सोचने लगा तभी मुझे ध्यान आया की मई तो यहाँ पर कोई और भी काम से आया था इस लिए मई वो काम किये बिना यहाँ से नहीं जा सकता ये सोच कर मई धीरज से बोलै.
मई- धीरज मई यहाँ से चला तो जाऊंगा लेकिन मेरी एक आपसे रिक्वेस्ट है.
धीरज- है बोलो क्या रिक्वेस्ट है क्या तुम्हे पैसा चाहिए.
मई- अरे नहीं धीरज जी भगवन के कृपा से मेरे पास बहुत पैसे है लेकिन मई आपसे ये रेकुस्त करना चाहता हु की क्या मई यहाँ पर रुक कर डॉ. कैलाश को इलाज करते हुए देख सकता हु वो क्या है न की मई डॉ. कैलाश का बहुत नाम सुना है तो एक बार इनको इलाज करते हुए देखना चाहता हु.
धीरज कुछ सोचते हुए डॉ. कैलाश को देखता है डॉ. कैलाश भी मुझे वह पर रुकने का इजाजत दे देता है लेकिन मई देख प् रहा था की धीरज और डॉ. कैलाश मुझे हिन् भावना से देख रहे थे तभी डॉ. कैलाश मेरा मजाक बनाते हुए बोलै.
डॉ. कैलाश- ठीक किया जो तुम खुद रुकने के लिए तैयार हो गए तुम मुझे इलाज करते हुए देख कर कुछ तो सिख hi सकते हो वैसे भी तुम अपने आप को भाग्यशाली समझो की तुम्हे मुझे इलाज करते करते हुए देखने का मौका मिला.
डॉ. कैलाश के बात सुन कर धीरज उनका चापलूसी करते हुए बोलै.
धीरज- अपने ठीक बोलै डॉ. कैलाश सर इसे ऐसा मौका दुबारा कभी नहीं मिलेगा इसे तो आपका एहसान मंद होना चाहिए जो आप अपना स्किल इसे दिखाएंगे.
मई उन दोनों के बात सुन कर मन hi मन मुस्कुराने लगा लेकिन मई उन दोनों के बातो का कोई भी जबाब नहीं दिया.
इधर डॉ. कैलाश दामिनी के चेकउप करने के लिए उसके पास गए और उसके प्लस को चेक करने लगे थोड़ी देर तक चेक करने के बाद डॉ. कैलाश सूर्यदेव अग्रवाल के पास आये और बोले.
डॉ. कैलाश- आपकी बेटी की बहुत hi गंभीर बीमारी है मुझे इसके शरीर में बहुत साडी एनर्जी महसूस हो रही है और वो एनर्जी hi धीरे धीरे इसके शरीर को खाये जा रही है अगर इसके शरीर से वो एनर्जी बहार नहीं निकला तो ये मर जाएगी.
डॉ. कैलाश के बात सुन कर मई हैरान हो गया मेरे हैरान होने का कारन था की डॉ. कैलाश सच में एक अच्छा डॉक्टर थे वो बस दामिनी के पल्स चेक कर के hi ये पता लगा लिया की इसके शरीर में कोई एनर्जी है वही धीरज और सूर्यदेव ने जब सुना की दामिनी की जान भी जा सकती है तो दोनों बेचैन हो गए.
सूर्यदेव- डॉ. कैलाश क्या आप मेरी बेटी को ठीक कर सकते है अगर अपने मेरी बेटी को ठीक कर दिया तो मक आपके लिए वो सब करने के लिए रहूँगा जो आप मुझे बोलेंगे.
धीरज- है डॉ. कैलाश प्लीज किसी तरह से मेरी बेटी को ठीक कर दीजिये.
डॉ. कैलाश दोनों के बात सुन कर मुस्कुराते हुए बोले.
डॉ. कैलाश- मेरे यहाँ होते हुए आपको चिंता करने की जरुरत नहीं है मई आपकी बेटी को ठीक कर दूंगा और इसे ठीक करने के लिए मुझे बस इसके शरीर से उस एनर्जी को बहार निकलना है जो मई अपने एक्यूपंक्चर बिधि से निकलूंगा.
डॉ. कैलाश के बात सुन कर दोनों बाप बीटा खुद हो गए तो वही मई हैरान हो गया और डॉ. खुराना से बोलै.
मई- अपने ये सही बोलै की इस लड़की के शरीर में एनर्जी है लेकिन आप इस लड़की के शरीर से उस एनर्जी को बहार निकल तो इसकी तुरंत मौत हो जाएगी और मई एक और बात आपको बता दू की इस लड़की के शरीर में जो भी एनर्जी है उसका अगर सही से इस्तेमाल किया जाये तो उस एनर्जी से इस लड़की को बहुत ज्यादा फायदा होगा.
मेरे बात को सुन सब हैरान हो गए तो वही डॉ. कैलाश घुसे से मुझे घूरने लगे और घुसे से बोले.
डॉ. कैलाश- तुम जानते भी हो की तुम क्या बोल रहे हो तुम्हे डॉक्टर किसने बना दिया या फिर तुम सच में डॉक्टर न हो कर के कोई फ्रॉड हो तुम्हे खुद कुछ आता नहीं है और तुम मेरे इलाज पर सवाल उठा रहे हो.
डॉ. कैलाश के बात सुन कर धीरज भी मेरे ऊपर छीलते हुए बोलै.
धीरज- मैंने तुम्हे यहाँ रुकने के लिए बोलै वही मेरी गलती थी लेकिन अब नहीं तुम अभी के अभी यहाँ से बहार चले जाओ नहीं तो तुम्हारे लिए अच्छा नहीं होगा.
धीरज और डॉ. कैलाश के बाटे सुन कर मुझे भी गुसा आ गया और मई घुसे से बोलै.
मई- ठीक है मई चला जाता हु मुझे भी इनके जैसे डॉ. के इलाज करने का तरीका देखने का सुख नहीं है जो अपने घमंड में आ कर किसी के जान भी लेने से पीछे नहीं हटेंगे लेकिन मेरी बार को यद् रखना तुम जिस तरह से उस लड़की के इलाज करने जा रहे हो न उसके लड़की की जान भी हो सकती है चलो विशाल भाई हम यहाँ से चलते है मुझे इनके तमसा देखने का कोई सुख नहीं है.
इतना बोल कर हम वह से जाने लगे इधर डॉ. कैलाश मेरे बातो को सुन कर घुसे पागल होने लगे और जोर से छीलते हुए मुझसे बोले.
डॉ. कैलाश- तुम जहा हो वही खड़े रहे अगर तुम यहाँ से अपने कहे गए बातो को साबित किये बिना गए तो यद् रखना मई तुम्हारा जीना मुश्किल कर दूंगा सायद तुम मुझे अभी अच्छे से जानते नहीं हो या तो अपने बातो का प्रूफ दो या फिर मेरे पैरो में गिर कर मुझसे माफ़ी मांग लो.
इधर धीरज ने जब डॉ. कैलाश को इतने घुसे में देखा और उनकी बातो को सुना तो वो तुरंत अपने गॉर्ड को बोलै.
धीरज- इस लड़के को पकड़ लो इसे यहाँ से बहार मत जाने देना ये जब तक डॉ. कैलाश के ऊपर लगाए गए आरोप को साबित नहीं कर देता या फिर इनके सामने झुक कर माफ़ी नहीं मांग लेता तब तक ये यहाँ से जाना नहीं चाहिए.
इधर मेरी बात को सुन कर और डॉ. कैलाश और धीरज के मुझे बेइज्जती करते हुए देख सूर्यदेव को भी समझ में नहीं आ रहा था की वो किसका साथ दे लेकिन फिर वो कुछ सोच कर डॉ. कैलाश से बोले.
सूर्यदेव- इसके बोलने को वो मतलब नहीं था ये आपको निचा दिखाना नहीं चाहता था ये तो बस आपको एक सुग्गेस्टिव दे रहा था अगर आपको इसके बातो का बुरा लगा हो तो मई इससे बोलता हु ये आपसे माफ़ी मांग लेगा लेकिन प्लीज आप गुसा मत कीजिये (फिर मेरे तरह घूम कर बोले) डॉ. प्रतिक प्लीज आप इनसे माफ़ी मांग लीजिये और आप यहाँ से चले जाइये.
जब धीरज और डॉ. कैलाश ने सूर्यदेव के मुँह से डॉ. प्रतिक सुना तो दोनों चौक गए फिर डॉ. कैलाश सूर्यदेव से बोले.
डॉ. कैलाश- आप अभी इस लड़के का क्या नाम लिए.
सूर्यदेव- इनका नाम डॉ. प्रतिक है क्यों क्या हुआ कुछ बात है क्या.
सूर्यदेव के बात सुन कर डॉ. कैलाश कुछ सोचते हुए बोले.
डॉ. कैलाश- कही ये वही डॉ. प्रतिक तो नहीं हो कुछ दिन पहले सिटी हॉस्पिटल में मरीजों का इलाज किया था और लोग उसे चमत्कारी डॉक्टर के नाम से बुलाने लगे थे.
डॉ. कैलाश के बात सुन कर इस बार सूर्यदेव अग्रवाल भी चौक गए क्युकी उन्हें तो ये तो जानते hi नहीं थे की मई वही चमत्कारी डॉक्टर हु या फिर कोई दूसरा इस लिए वो चौक गए थे वो डॉ कैलाश के बातो का कुछ जबाब देते उससे पहले hi विशाल बोलै पड़ा.
विशाल- है अपने सही बोलै ये वही डॉक्टर है जिसे सब चमत्कारी डॉक्टर के नाम से जानते है.
विशाल के बात सुन कर वह मौजूद सरे लोग हैरान हो गए फिर अपने हैरानी को काबू करते हुए डॉ. कैलाश मुझसे बोलै.
डॉ. कैलाश- क्या तुम सच में डॉ. प्रतिक हो वही चमत्कारी डॉक्टर जो सिटी हॉस्पिटल में कुछ दिन पहले मरीजों का इलाज किया था.
मई- जी मई कोई चमत्कारी डॉक्टर नहीं हु लेकिन है मई hi वो डॉ. प्रतिक हु जो कुछ दिन पहले सिटी हॉस्पिटल में मरीजों का इलाज किया था वैसे आप ये सब क्यों पूछ रहे है.
डॉ. कैलाश- सॉरी डॉ. प्रतिक मुझे माफ़ कर दीजिये मुझे आपके साथ ऐसा बेहेवियर नहीं करना चाहिए था और रही बात की मई आपसे वो सब क्यों पूछ रहा था तो उसका कारन ये है की सरे लोग जानते है की आज तक मई जिसे भी इलाज किया वो पूरी तरह से ठीक हो गया लेकिन ये बात पूरी तरह से सच नहीं है क्युकी मैंने एक ऐसे मरीज का भी इलाज किया है जो मेरे इलाज से भी ठीक नहीं हो पाया यहाँ तक की मई उसके बीमारी को भी पकड़ नहीं पाया हु इसी लिए मई सिटी हॉस्पिटल आ रहा था तुमसे मिलने क्युकी मैंने तुम्हारे बारे में बहुत कुछ सुन रखा था लोग तुम्हे चमत्कारी डॉक्टर बोलते है तो मई सोचा की तुमसे मिल कर तुम्हे एक बार उस मरीज को इलाज करने के लिए रिक्वेस्ट करू.
डॉ. कैलाश के बात सुन कर सरे लोग हैरान हो गए किसी को उनके बातो पर बिस्वास hi नहीं हो रहा था की जो डॉ. आज तक किसी से सही से बात नहीं करता था वो आज डॉ. प्रतिक से मदत मांगने के लिए आये है तभी धीरज जल्दी से मेरे पास आया और मुझसे बोलै.
धीरज- मुझे भी माफ़ कर दीजियेगा डॉ. प्रतिक मई आपको पहचान नहीं पाया इसके चलते मई आपको भला बुरा बोल दिया दरअसल बात ऐसी है की जब से मेरी बहन का तबियत ख़राब हुआ है न जाने कितने डॉक्टर पैसे के लालच में आते है इस लिए मुझे लगा की आप भी उन्ही में से है इस लिए मई आपसे माफ़ी चाहता हु.
मई- कोई बात नहीं धीरज जी मई समझ सकता हु मुझे आपके बातो का बुरा नहीं लगा वैसे अब इन सब बातो को छोड़िये और मिस दामिनी का इलाज सुरु कीजिये.
मेरे बात को सुन कर सब डॉ. कैलाश के तरफ देखने लगे तभी डॉ. कैलाश मेरे पास आये और मुझसे बोले.
डॉ. कैलाश- डॉ. प्रतिक अब जब हम सब आपके बारे में जान hi गए है तो अब ाफी दामिनी का इलाज कीजिये और है आप अभी जो बोले थे की इस लड़की में जो एनर्जी है अगर उसे बहार निकला गया तो ये लड़की मर जाएगी तो क्या आप मुझे ये डिटेल्स में समझा सकते है की आखिर इसके शरीर से वो एनर्जी जो इसको नुकशान पंहुचा रहा है उसे निकलने के बाद ये क्यों मारेगी.
डॉ. कैलाश के बात सुन कर मई मुस्कुराते हुए बोलै.
मई- जब आप इतना बोल रहे है तो मई इस लड़की का इलाज करने के लिए तैयार सबसे पहले आप दोनों (सूर्यदेव और धीरज) मुझे ये बताइये की मिस दामिनी बीमार होने से पहले कुछ ऐसी चीज खायी थी क्या जिसके बारे में आप सब नहीं जानते जैसे कोई जड़ी बूटी या कोई फ्रूट वगैरह.
मेरी बात को सुन कर सूर्यदेव अग्रवाल और धीरज अग्रवाल दोनों सोच में पद गए कुछ देर सोचने के बाद सूर्यदेव अग्रवाल बोले.
सूर्यदेव- मुझे तो कुछ ऐसा यद् नहीं आ रहा है शायद वो बहार कही खायी होगी.
धीरज- है वो बहार hi कुछ खायी हो क्युकी वो बीमार होने से पहले घूमने के लिए शिमला गयी थी लेकिन आप ये क्यों पूछ रहे.
मई- कोई बात नहीं आप सब को नहीं पता तो ये खुद दामिनी hi बता देगी वो क्या खायी थी और रही बात मई ये क्यों पूछ रहा हु तो मई आप लोगो को बता दू की दामिनी के शरीर में जो एनर्जी है वो कोई आम एनर्जी नहीं है बल्कि वो स्प्रिचैल एनर्जी है ये एनर्जी मार्टिकल आर्ट्स योद्धा के लिए एक वरदान है तो वही एक आम आदमी के लिए पोईसिओं क्युकी एक मार्टिकल आर्ट्स योद्धा अपना कल्टीवेशन कर एक स्प्रिचैल एनर्जी को काबू करते है जिससे उनकी शक्ति और लेवल दोनों बढ़ता है तो वही एक आम आदमी कल्टीवेशन नहीं कर पता जिससे उसके शरीर स्प्रिचैल एनर्जी को बर्दास्त नहीं कर पति है और वो स्प्रिचैल एनर्जी उस आदमी के शरीर को अंदर से hi खाने लगता है जिसके कारन उस आदमी के शरीर दुबला होते जाता है और आखिर में वो आदमी वही मर जाता है दामिनी के साथ भी यही हो रहा है अगर हम जबरदस्ती उस एनर्जी को बहार निकालेंगे तो वो एनर्जी और स्पीड में दामिनी के शरीर को नुकसान पहुंचाएगी और आखिर में इसका मौत हो जायेगा.
मेरे बात को सुन कर सब हैरान हो गए तो वही सूर्यदेव अग्रवाल और धीरज अग्रवाल दोनों दामिनी के मरने के बात सुन कर दर जाते है तभी सूर्यदेव अग्रवाल मेरे सामने अपने दोनों हाथ जोड़ कर मुझसे बोलते है.
सूर्यदेव- प्लीज आप मेरी बेटी को बचा लीजिये अगर अपने ऐसा कर दिया तो मई हमेशा आपका एहसान मंद रहूँगा और आप मुझे जो भी करने के लिए बोलेंगे मई खुसी खुसी वो करूँगा.
मई- आप चिंता मत कीजिये मई आपकी बेटी को कुछ भी नहीं होने दूंगा ये समय आपको दुखी होने का नहीं है आप तो खुसी मनाइये की आपके यहाँ पर जल्द hi एक ग्रांडमास्टर का जनम होने वाला है.
मेरे बात को सुन कर सब हैरान तो हुए hi लेकिन साथ में कंफ्यूज भी हो गए की मई किस बात के लिए खुशियां मानाने के लिए बोल रहा हु तभी धीरज मुझसे बोलै.
धीरज- आपके बोलने का मतलब मई समझ नहीं पाया आप कहना क्या चाहते है और हम किस बात के खुसी मनाये.
धीरज के बात सुन कर मई मुस्कुराते हुए बोलै.
मई- अरे यार मई अभी hi तो बोलै की तुम्हारे घर जल्द hi एक मार्टिकल आर्ट्स के ग्रांडमास्टर का जनम होने वाला है.
इतना बोल मई उन लोगो के तरफ देखने लगा जब मई उनके चेहरा देखा तो पता चला की मेरी बात किसी को समझ में नहीं आया इस लिए मई फिर उनको समझते हुए बोलै.
मई- लगता है आप लोग मेरे बातो का मतलब समझे नहीं कोई बात नहीं मई अभी आप सब को समझाता हु दरअसल बात ऐसी है की आपके बेटी के शरीर में जो एनर्जी है वो स्प्रिचैल एनर्जी है और स्प्रिचैल एनर्जी से मार्टिकल आर्ट्स योद्धा के ताकत और लेवल बढ़ते है इस लिए मई दामिनी के अंदर जो स्प्रिचैल एनर्जी है उसे उसके शरीर में hi कैद कर दूंगा जिससे ये होगा की वो धीरे धीरे अभ्यास कर के थोड़ी थोड़ी एनर्जी को उस कैद से बहार निकलेगी और अपने मार्टिकल छमता को बढ़ाएगी ये एनर्जी इतना ज्यादा है की वो अगर सही से कल्टीवेशन करे तो ग्रांडमास्टर के ऊपर के लेवल पर भी जा सकती है इसी लिए मैंने आपको बोलै की आपके घर एक ग्रांडमास्टर को जनम होने वाली है.
मेरी बातो को सुन कर जहा सूर्यदेव अग्रवाल और धीरज अग्रवाल खुस थे तो वही डॉ. कैलाश और विशाल दोनों हैरान हो गए थे.
डॉ. कैलाश- क्या इस एनर्जी से ये भी हो सकता है ये तो मुझे पता hi नहीं था आप तो सच में एक महँ और चमत्कारी डॉक्टर है अब आप जल्दी से दामिनी का इलाज कीजिये मुझे भी आपको इलाज करते हुए देखने का बहुत मन है.
मई- ठीक है.
इतना बोल कर मई दामिनी के पास गया और अपने स्टोरेज रिंग से सिल्वर नीडल निकला और सरे नीडल को हवा में उछाल दिया फिर मई अपने शक्ति से उन सरे नीडल को कण्ट्रोल करते हुए दामिनी के एक्यूपंक्चर पॉइंट में डालने लगा थोड़ी देर में जब सरे नीडल दामिनी के एक्यूपंक्चर पॉइंट में लग गए तो फिर मई अपने शक्ति से दामिनी के शरीर में बाह रहे स्प्रिचैल एनर्जी को कण्ट्रोल करने लगा और उसको एक जगह पर इक्कठा करने लगा जब सरे एनर्जी एक जगह पर इक्कठा हो गयी तो मई उस पर एक सील चढ़ा दिया लेकिन मुझसे यहाँ पर एक गलती हो गया मई जब स्प्रिचैल एनर्जी पर सील चढ़ा रहा था तो ये ध्यान hi नहीं दिया की लगभग उन सरे स्प्रिचैल एनर्जी के 10% एनर्जी उस सील के बहार hi रह गया था खैर जब मेरा ध्यान सील के बहार वाले स्प्रिचैल एनर्जी पर गया तो मई उससे अपने शक्तियों से काबू करते हुए दामिनी के शरीर में चारो तरफ घूमना सुरु कर दिया जिसका कारन ये हुआ की वो स्प्रिचैल एनर्जी मेरे शक्तियों से मिल कर दामिनी के शरीर को अंदर से मजबूत करने लगे यहाँ तक की दामिनी के हड़िया भी मजबूत हो रही थी.
फिर उन सरे स्प्रिचैल एनर्जी जो की सील से बहार थी उनको दामिनी के शरीर की बोनस और मसल्स ने अपने अंदर सोख लिया इसके बाद मई दामिनी के शरीर से सरे सिल्वर नीडल को बहार निकल लिया इसके बाद मई ध्यान से दामिनी को देखने लगा जैसे hi दामिनी के शरीर में बाह रहे स्प्रिचैल एनर्जी पर सील चढ़ा तो दामिनी के चेहरे पर रौनक वापस आने लगी अब वो पहले से बेहतर लग रही थी फिर थोड़ी देर बाद hi दामिनी को होस आ गया दामिनी को होश आया देख कर दोनों बाप बेटे बहुत खुस हो गए और मेरे सामने अपने घुटनो पर बैठ कर बोले.
सूर्यदेव- आपका बहुत बहुत धन्यवाद् अपने मेरी बेटी को ठीक कर दिया मई आपके इस उपकार का बदला अपने जान दे कर भी चुकौ तो वो भी काम hi होगा आज से आपके लिए मेरे घर का दरवाजा हमेसा खुला रहेगा बस आप एक बार मुझे आवाज दीजियेगा मई आपके लिए वो सब करूँगा जो आप मुझे बोलेंगे.
धीरज- डॉ. प्रतिक मुझे माफ़ कर दीजिये मैंने आपके जैसे महँ डॉक्टर के इंसल्ट करने की कोशिश की.
मई- अरे आप लोग ये क्या कर रहे है प्लीज उठ जाइये ऐसे मेरे सामने झुक कर मुझे लज्जित न कीजिये और रही बात दामिनी के इलाज की तो एक डॉक्टर का धर्म होता है एक मरीज का इलाज करना इस लिए मई आप पर कोई उपकार नहीं किया है.
मेरे बात सुन कर सब मुझे गर्व के भाव से देखने लगे तभी डॉ. कैलाश मुझसे बोले.
डॉ. कैलाश- आप सच में एक महँ डॉक्टर है प्रतिक जी आज के ज़माने में ऐसा डॉक्टर मिलना बहुत मुश्किल है आपने आज ये साबित कर दिया की आपके जैसा महँ डॉक्टर अभी के ज़माने में कोई नहीं है आप जितना अच्छा डॉक्टर है उतना hi अच्छा इंसान भी है.
मई डॉ. कैलाश के मुँह से अपना तारीफ सुन कर शर्माने लगा क्युकी अपना तारीफ सुनने का मई अदि नहीं था खैर मई डॉ. कैलाश के बातो को इग्नोर करते हुए सूर्यदेव से बोलै.
मई- सूर्यदेव जी आपके बेटी को होश आ गया है अब आप जा कर उससे मिल सकते है और है मई आपको 1 गोली दे रहा हु आप अभी दामिनी को उस गोली को खिला दीजियेगा.
इसके बाद मई सबसे छुपा कर अपने स्टोरेज रिंग से इंस्टेंट रिकवरी पिल का 1 गोली निकला और सूर्यदेव अग्रवाल को दे दिया फिर सूर्यदेव अग्रवाल अपने बेटी के पास गए और उस गोली को उसे खिला दिए गोली खाने के करीब 5 मिनट बाद hi गोली अपना असर दिखाना सुरु कर दिया जिसके कारन दामिनी के शरीर में हुए सरे नुकशान धीरे धीरे कर के ठीक होने लगे जब वो पूरी तरह से ठीक हो गयी तो वो उठ कर अपने बीएड पर बैठ गयी ये देख कर सब हैरान हो गए और आँखे फाड् कर सब दामिनी को hi देखे जा रहे थे.
इधर दामिनी ने देख की सब उसे घर रहे है तो वो अपने डैड से बोली.
दामिनी- डैड आप सब इस तरह से मुझे क्यों घर कर देख रहे है क्या कोई बात है क्या और वैसे ये लोग कोण है और मेरे रूम में क्या कर रहे है.
दामिनी के बात सुन कर सूर्यदेव खुसी से दामिनी के पास गए और उसे देखते हुए बोले.
सूर्यदेव- बीटा तुम ठीक तो हो न तुम इस तरह से उठ कर बैठ क्यों गयी तुम अभी रेस्ट करो.
सूर्यदेव के बात सुन कर दामिनी बोली.
दामिनी- है डैड मई एकदम ठीक हो गयी हु अब मेरे शरीर में कोई दर्द भी नहीं है अब मई खुद पहले से भी ज्यादा ताकतवर महसूस कर रही हु मुझे ऐसा लग रहा है के मई अपने एक मुके से किसी पहाड़ को भी तोड़ सकती हु वैसे डैड अपने बताया नहीं की ये लोग कोण है और मेरे रूम में क्या कर रहे है.
सूर्यदेव- बीटा ये है डॉ. प्रतिक इन्होने hi तुम्हे ठीक किये है नहीं तो मई तो मन hi चूका था की तुम अब कभी ठीक नहीं होगी और ये भी एक डॉक्टर hi है इनका नाम है डॉ. कैलाश ये भी यहाँ पर तुम्हारा इलाज करने hi आये थे.
सूर्यदेव के बात सुन कर दामिनी मेरे सामने अपने हाथ जोड़ कर बोली.
दामिनी- थैंक यू डॉ. डॉक्टर प्रतिक आपने किसी फ़रिश्ते की तरह आ कर मेरी जान बचा ली.
मई- अरे इसमें थैंक यू वाली कोई बात नहीं है मेरा तो फ़र्ज़ hi है मरीजों को इलाज करना वैसे आप मुझे बता सकती है की आप बीमार होने से पहले ऐसा कुछ खायी थी जो आपको नहीं खाना चाहिए था.
मेरे बात को सुन कर दामिनी कुछ सोच में पद गयी फिर कुछ देर तक सोचने के बाद बोली.
दामिनी- है यद् आया जब मई अपने फ्रेंड्स के साथ शिमला गयी थी तब हम लोग एक पहाड़ पर घूमने के लिए गए थे वही पर मई अपने दोस्तों के साथ बिछड़ गयी थी और जंगल के अंदर चली गयी थी तब मुझे वह पर एक फल मिला था जो देखने में एक डैम एप्पल की तरह था तो मई उसे से एप्पल समझ कर खा गयी थी लेकिन मई जैसे hi मैंने वो फल खाया वैसे hi मुझे लगा की मेरे शरीर में कोई जलती हुयी लावा दाल दिया हो फिर मुझे पता hi नहीं चला की कब मई वह पर गिर कर बेहोश हो गयी फिर करीब 1 घंटे बाद मुझे होश आया तो सब कुछ सामान्य था अब मुझे न कोई दर्द हो रहा था और न hi जलन हो रही थी इस लिए मई उन सब बातो को वही पर छोड़ कर अपने दोस्तों को ढूंढा और फिर वापस मुंबई आ गयी.
दामिनी के बात सुन कर सबको समझ में आ गया था की उसकी शरीर में वो स्प्रिचैल एनर्जी कहा से आयी थी फिर मई उसे समझते हुए बोलै.
मई- देखो दामिनी अपने जो फल खाया था वो कोई आम फल नहीं था वो एक दिव्या फल था जिसमे बहुत साडी स्प्रिचैल एनर्जी थी ये तो अच्छा हुआ की मई समय रहते आपका इलाज कर दिया नहीं तो सायद आपका बचना भी मुश्किल हो जाता.
दामिनी- एक बार फिर से आपको थैंक यू अगर आप न होते तो मई जिन्दा नहीं रहती अगर आपको मुझसे या मेरे परिवार से कभी भी कोई भी काम होगा तो एक बार जरूर यार कीजियेगा.
मई- वैसे मई आपसे एक और बात बोलना तो भूल hi गया आपके से स्प्रिचैल एनर्जी निकली नहीं है बल्कि मई उसे अंदर hi सील कर दिया है अब आपको डेली मैडिटेशन करना होगा और मई आपको एक मैरिटल आर्ट्स का तकनीक दूंगा जिसे आपको डेली अभ्यास करना होगा जब आप डेली मैडिटेशन करने के बाद उस तकनीक का अभ्यास करेंगी तो धीरे धीरे आपके शरीर में सील हुआ स्प्रिचैल एनर्जी आपके शरीर से मिल जायेगा और आप बहुत ताकतवर हो जाएँगी और 1 साल के अंदर hi आप एक ग्रांडमास्टर बन जाएँगी.
मेरे बात को सुन कर दामिनी खुस हो गयी और वो फिर से मुझे थैंक यू बोलने लगी फिर मई धीरज से एक पेन और नोटबुक मंगाया और उस पर एक मार्टिकल आर्ट्स का तकनीक लिख कर दे दिया इधर डॉ. कैलाश कब से मुझसे बात करने की कोशिश कर रहे थे लेकिन वो पहले मुझसे जैसा बेहेवियर किया था उसे देख कर उनको मुझसे कुछ बोलने की हिम्मत नहीं हो रही थी फिर वो खुद में बहुत हिमत जूता कर मुझसे बोले.
डॉ. कैलाश- डॉ. प्रतिक जी मई यहाँ जिस काम से आया था वो तो आप कर दिए इस लिए अब मुझे यहाँ रुकने का कोई मतलब नहीं बनता इस लिए मई अब चलता हु लेकिन जाने से पहले क्या आप मुझे अपना no. दे सकते है दरअसल मुझे आपसे एक बहुत जरुरी काम था लेकिन मई उसे आपको यहाँ नहीं बता सकता.
मई- ठीक है.
फिर मई डॉ. कैलाश को अपना no. दे दिया इसके बाद वो वह से चले गए उनके जाने के बाद मई विशाल को इशारा किया तो विशाल सूर्यदेव अग्रवाल के पास जा कर बोलै.
विशाल- सूर्यदेव जी दरअसल मई और प्रतिक आपके पास किसी सुर काम से आये थे.
विशाल के बात सुन कर सूर्यदेव अग्रवाल चौक गए और फिर वो चौकते हुए बोले.
सूर्यदेव- है मुझे यद् आया अपने मेरे पास सायद उसी काम से रिलेटेड बात करने के लिए कॉल किया था लेकिन मई अपनी बेटी क्र बीमारी के टेंसन में था इस लिए आपसे बात नहीं कर पाया अब आप मुझे बता सकते है क्या काम था आपको मुझसे अगर मेरे बस में हुआ तो मई आपका मदत जरूर करूँगा.
सूर्यदेव अग्रवाल के बात सुन कर विशाल थोड़ी देर चुप रहा फिर वो कुछ सोचते हुए बोलै.
विशाल- दरअसल काम मुझे नहीं प्रतिक का था.
सूर्यदेव- है प्रतिक जी आप बताइये आपको मुझसे क्या काम था मुझसे आपका वो काम करने में बहुत खुसी होगी.
सूर्यदेव के बात सुन कर मई उनसे बोलै.
मई- दरअसल मई एक आपके पास इस लिए आया था की मुझे कुछ सामने का ऑक्शन करवाना था और मई चाहता हु की वो ऑक्शन इतना बड़ा हो की उसमे भाग लेने के लिए देश के हर कोने से आदमी आये.
मेरे बात को सुन कर सूर्यदेव अग्रवाल चौक गए फिर वो मुझसे बोले.
सूर्यदेव- क्या मई जान सकता हु की आप ऐसी कोण सी चीज का ऑक्शन करवाना चाहते है जिसमे आप पुरे देश भर से आदमी बुलाने के लिए बोल रहे है.
मई- है है क्यों नहीं दरअसल मई ऑक्शन में 5 चीजे ऑक्शन करवाना चाहता हु जिसमे पहला चीज है वो दवा है जो मई आपको दामिनी को खिलने के लिए बोलै था उस दवा को मई इंस्टेंट रिकवरी पिल बोलता हु इसको खाने से शरीर में अगर किसी तरह का कोई भी नुकसान हुआ है तो वो 5 मिनट के अंदर hi ठीक हो जाता है.
मई अभी बोल hi रहा था की तभी मेरे बात को बिछ में काट कर धीरज बोलै.
धीरज- क्या सच में वो दवा इतना खास है.
मई- है और उसका रिजल्ट आपके सामने है आपको क्या लगता है की आपकी बहन के शरीर में अंदर के इंटरनल झखम अपने आप भर नहीं वो सब मेरे दवा का कमल था और मेरी दूसरी चीज है है लेवल उप गोली इसको खाने से कोई योद्धा अपने लेवल एक इ स्टार ऊपर बढ़ा सकता है है लेकिन ये काम सिर्फ हाफ ग्रांडमास्टर तक hi करता है.
सूर्यदेव- क्या सच में आपके पास ऐसा दवा है.
मई- है सच में वो दवा मेरे पास है मई आपको सारा चीज दिखाऊंगा पहले आप मेरे सरे सामने के बारे में जान लीजिये मेरी तीसरी चीज है है संजीवनी गोली इसको खाने से आपके शरीर को बहुत तरह के फायदे मिलेंगे इसको खाने से लोग बूढ़ा नहीं होते है और बूढ़े लोगो के ऊपर जो झुरिया आ जाती है उसे भी ये दवा ठीक कर देगी और आपके सर से बल गायब हो गए है या विगत हो गए है तो ये दवा आराम से बल ऊगा देगी और कला कर देगी इसको खाने के बाद अगर आपकी उम्र 50 साल हो रहा है तो आपको इस दवा को खाने के बाद आप 50 साल की नहीं बल्कि 30 साल के लगेंगे और सबसे बड़ी बात की इस दवा को खाने के बाद आपको किसी भी तरह के बीमारी नहीं होगी इसका और भी कई तरह के फायदा है.
मेरे बातो को सुन कर वह पर मौजूद सरे लोग हैरान थे सिर्फ विशाल को छोड़ कर क्युकी उसे पहले से hi सब पता था खैर मई बात को आगे बढ़ाते हुए बोलै.
मई- मेरी चौथी चीज एक स्टोरेज रिंग है इस स्टोरेज रिंग के अंदर लगभग 30 फ़ीट जगह होगी जिसमे आप अपने सरे सामान को रख कर कही भी आ जा सकते है और मेरी पांचवी और आखरी चीज है एक दिव्या तलवार जिसमे आग की शक्ति है आप इस तलवार के वॉर से पूरी एक सेना को रख में बदल सकते है.
मेरे बात को सुन कर सूर्यदेव अग्रवाल धीरज अग्रवाल और दामिनी तीनो के तीनो हैरान हो गए उन्हें मेरी बातो पर यकीं hi नहीं हो रहा था तभी धीरज मुझसे बोलै.
धीरज- आप मुझसे मजाक कर रहे है न प्रतिक जी क्युकी ये स्टोरेज रिंग और दिव्या तलवार तो सिर्फ कहानियो में hi होते है असल जिंदगी में ये सब थोड़े न होता है.
धीरज के बात सुन कर दामिनी और अग्रवाल भी उसे है में है मिलाने लगे उन सब को मेरी बातो पर यकीं न करते हुए देख कर मई उनके सामने hi अपने स्टोरेज रिंग से एक लौ लेवल का स्टोरेज रिंग निकला और साथ में एक तलवार भी निकल लिया जिसमे एक तत्त्व की शक्ति थी.
जब उन लोगो ने मुझे एक अंगूठी के अंदर से ये सब निकलते हुए देखा तो सब हैरान हो गए और उन्हें मेरे बातो पर बिस्वास होने लगा फिर मई उस तलवार में सोने स्प्रिचैल एनर्जी को डाला तो वो तलवार एक्टिव हो गया और उसमे से आग निकलने लगी ये देख कर तो वो लोग और हैरान हो गए मई उनको इस तरह से हैरान देख कर मुस्कुराते हुए बोलै.
मई- आपने देखा न की मई इन सब चीज कर अपने अंगूठी से निकला है दरअसल मेरी ये अंगूठी भी एक स्टोरेज रिंग है और आप सब इस दिव्या तलवार के करिश्मा भी देख लिया तो अब तो आपको मेरे बातो पर बिस्वास हो गया होगा न.
मेरी बात को सुन कर वो सब अपने होश में आये और सूर्यदेव अग्रवाल मुझसे बोले.
सूर्यदेव- आप सच में एक महँ आदमी है क्युकी ये सब दिव्या सामान तो सिर्फ एक महँ आदमी के पास hi होगा न लेकिन मुझे ये समझ में नहीं आ रहा है जब आपके पास इतने अनोखे सामान है तो आप इसे ऑक्शन क्यों करवाना चाहते है.
मई सूर्यदेव के बाटे सुन कर कुछ सोचने लगा फिर उनको जबाब देते हुए बोलै.
मई- दरअसल मुझे बहुत सरे पैसे की जरुरत है इस लिए मई इसे ऑक्शन करवाना चाहता हु तो क्या आप मेरे इन सरे सामानों को ऑक्शन करवाने में मदत करेंगे आप चिंता मत कीजिये मेरे सामान चाहे जितने में भी ऑक्शन हो मई उसका 15% आपको दे दूंगा.
मेरे बात को सुन कर वो तीनो खुस हो गए फिर सूर्यदेव अग्रवाल मुझसे बोले.
सूर्यदेव- मई इनका ऑक्शन जरूर करवाऊंगा और मुझे इनको ऑक्शन करवाने के लिए कोई कमीशन फी भी नहीं चाहिए क्युकी अगर मई इनका ऑक्शन करवा दिया तो वैसे भी मेरे ऑक्शन बिज़नेस का नाम पुरे दुनिया में फैल जायेगा क्युकी आज तक किसी ने भी ऐसे सामने का ऑक्शन नहीं करवाया है.
मई- सॉरी सूर्यदेव जी लेकिन मई ये काम आपसे फ्री में नहीं करवाना चाहता हु इस लिए आपको 15% तो लेना hi होगा.
सूर्यदेव- जब आप इतना बोल रहे है तो ठीक है मई ऑक्शन करवाने के लिए तैयार हु अब आप इनका स्टार्टिंग प्राइस भी बता दीजिये.
मई- ठीक है दिव्या तलवार का स्टार्टिंग प्राइस 500 करोड़ और स्टोरेज रिंग का 200 करोड़ होगा रही बात उन गोलियों की तो संजीवनी गोली का 50 लाख और बक्ति दोनों का 30 30 लाख होगा.
मेरे बात को सुन कर वो लोग अपने गर्दन को है में हिलने लगे फिर सूर्यदेव अग्रवाल मुझसे बोले.
सूर्यदेव- मई आज hi पुरे इंडिया में ये खबर फैला दे रहा हु की आज से 10 दिन बाद अग्रवाल फॅमिली एक ऑक्शन ऑर्गेनिसे करेगा जिसमे एक दिव्या चीज भी होगा.
मई- ठीक है अब मेरे यहाँ का काम ख़तम हो गया है इस मई अब चलता हु.
फिर मई वह से जाने से पहले मई अपने रिंग से 3 संजीवनी गोली निकला और उन तीनो को दे दिया और बोलै.
मई- ये संजीवनी गोली है आप तीनि सोने से पहले इस गोली को खा लीजियेगा इससे आप तीनो को बहुत फायदा होगा ये मेरे तरफ हमारे डील फाइनल होने का आप सबके लिए गिफ्ट है.
इतना बोल कर मई और विशाल वह से निकल गए फिर रस्ते में मैंने देखा की बहुत सरे पुलिस वाले सभी आते जाते व्हीकल को चैक कर रहे थे ये देख कर मई विशाल से पूछा.
मई- विशाल भाई ये लोग आज इतने स्ट्रिक्टली व्हीकल क्यों चेक कर रहे है आज सहर में कुछ प्रॉब्लम हुयी है क्या.
मेरे बात को सुन कर विशाल उन पुलिस वालो को देखते हुए बोलै.
विशाल- अरे यार वो जतिन भानुशाली है न जिसने मुझसे स्टोन गैंबलिंग के समय चैलेंज लगाया था उसी के भाई का कल रत को उसी फार्महाउस पर मर्डर हो गया है और उसके साथ करीब 70 लोग थे जो आग में जल कर मरे गए सायद पुलिस वाले उसी का छानबीन कर रहे है.
मई- वह अच्छा ऐसा है क्या.
फिर मुझे यद् आया की जब मई रॉकी को मर रहा था तो उसने मंटू यादव के साडी गैरकानूनी धंधो के बारे में बताया था जिसे मई रिकॉर्ड कर लिया था फिर मई कुछ सोचते हुए विशाल से बोलै.
मई- विशाल भाई क्या आपके जान पहचान में कोई ऐसा पुलिस अफसर है जो ईमानदार हो और ुचे पद पर हो.
मेरे बात को सुन कर विशाल कुछ सोचने लगा फिर कुछ देर तक सोचने के बाद मुझसे बोलै.
विशाल- है एक है तो लेकिन तुमको उससे क्या काम है.
मई- मेरे पास किसी के गलत कारनामो का साबुत है और मई चाहता हु की उसे कड़ी से कड़ी सजा हो.
मेरे बात को सुन कर विशाल हैरान होते हुए बोलै.
विशाल- क्या तुम सच बोल रहे हो (फिर कुछ सोचते हुए) लेकिन वो है कोण जिसके गलत कारनामो का साबुत तुम्हारे पास है.
विशाल के बात सुन कर मई कुछ सोचते हुए बोलै.
मई- उसका नाम मंटू यादव है और मेरे पास मंटू यादव और उसके बेटे के गैरकानूनी धंधो का सारा साबुत है और मई चाहता हु की उसे कड़ी से कड़ी सजा मिले.
मेरे बात को सुन कर विशाल हैरान हो गया और फिर कुछ सोचते हुए बोलै.
विशाल- ये कही वही मंटू यादव तो नहीं है जो पहले एक गैंगस्टर हुआ करता था और अब वो एक मला है.
मई- है वही मंटू यादव है.
मेरे बात को सुन कर विशाल कुछ सोचते हुए बोलै.
विशाल- हम्म मामला तो बहुत गंभीर है तुम्हे पुलिस के पास जाने से अच्छा है की उसके सरे साबुत को इंटरनेट पर दाल दी जिससे तुम्हारे बारे में किसी को पता भी नहीं चलेगा और पुलिस वाले मंटू को छोड़ेंगे भी नहीं.
मई- है तुमने सही बोलै मई ऐसा hi करता हु तुम एक काम करो मुझे एक अच्छे से शॉप पर ले कर चलो मुझे एक अच्छा सा लैपटॉप लेना है.
विशाल- ठीक है चलो.
इसके बाद हम दोनों एक लैपटॉप के शॉप पर गए वह से एक एप्पल का लैपटॉप लिया फिर वह से निकल गए इसके बाद मई अपने मोबाइल से लैपटॉप में नेट कनेक्ट किया और एक फेक ईद बना कर वो वीडियो उस पर दाल दिया और निचे लिखा मुंबई पुलिस वालो को सुपर बॉय का गिफ्ट जैसे hi वीडियो इंटरनेट पर आया तहलका माछ गया अब वो वीडियो इंटरनेट पर इतना छ गया की उसे हर कोई देख लिया था उस वीडियो को जो भी देख रहा था वो मंटू यादव को गली दे रहा था.
इधर मुंबई के कम हाउस में कम अपने चेयर पर बैठ कर कुछ काम कर रहे थे तभी उनका प् वह पर आया और उनको वीडियो दिखाया जिसे देख कर वो घुसे से बोले.
कम- इस मंटू यादव ने तो हद hi कर दिया अब अपपोसिशन पार्टी वाले इस बात को लेकर हंगामा मचाएंगे और अगर ये मेरे पार्टी में रहा तो हमारा पार्टी बदनाम हो जायेगा इस लिए इसे पार्टी से निकलना जरूर हो गया है तुम अभी के अभी मंटू यादव को मला पद से हटा दो और मंटू यादव और उसके बेटे खिलाफ अरेस्ट वारंट निकालो और है कमिश्नर को कॉल कर के बोलो की वो किसी भी हालत में गिरफ्तार हो जाना चाहिए.
कम के बात सुन कर उनका प् कुछ सोचते हुए बोलै.
प्- लेकिन सर अगर हम मंटू यादव को मला के पद से हटाएंगे तो बहुत प्रॉब्लम हो जाएगी क्युकी मंटू यादव के हाथ में हमारे पार्टी के 5 मला है और अगर हम मंटू यादव को निकल दिए तो वो सब हमारे पार्टी छोड़ कर ओप्पोसिशन के पार्टी में चले जायेंगे.
प् के बात सुन कर कम सोच में पद गया फिर वो थोड़ी देर सोचने के बाद बोलै.
कम- तुम उन सब की चिंता मत करो मई उन सब को संभल लूंगा.
प्- लेकिन सर आप उनको संभालेंगे कैसे क्युकी जहा तक मई जनता हु वो मंटू यादव के लिए बहुत वफादार है.
कम- वो चाहे कितने भी वफादार हो लेकिन जब उनके पास मला का पद या फिर दोस्ती चुनने का प्रस्ताव आएगा तो वो लोग अपना मला का पद hi एक्सेप्ट करेंगे और साथ में मई उन्हें बहुत सरे पैसा भी दूंगा.
कम के बात सुन कर वो प् बोलै.
प्- ठीक है सर लेकिन अब मुझे क्या करना है.
कम- तुम एक काम करो सबसे पहले तुम मंटू यादव के खिलाफ अरेस्ट वारंट निकालो और कमिश्नर को कॉल कर के उसे गिरफ्तार करने के लिए बोलो और है मंटू यादव को भी कॉल कर के बोल देना की उसे मला के पद से हटा दिया गया है और रही बात इसके दोस्तों की तो उन लोगो को कॉल कर के बोल दो की ये अगर उन्हें मला के पद पर बने रहना है तो वो लोग मंटू सिंह के साथ छोड़ दे इससे उन लोगो को न सिर्फ मला के कुर्शी बचेगी बल्कि पैसे भी मिलेंगे.
कम के बात सुन कर प् ने तुरंत कमिश्नर को कॉल लगाया और उसे कम का आर्डर सुना दिया जिसे सुन कर कम तुरंत अपने अधिकारियो को बुला कर मंटू यादव को गिरफ्तार करने के लिए बोल दिया इसके बाद वो मंटू यादव के दोस्तों को कॉल कर के पहले धमकाया फिर उन्हें फायदे की बात बताई जिससे वो लोग कम के साथ देने के लिए तैयार हो गए फिर प् ने आखिर में मंटू यादव को कॉल लगा दिया.
इधर एक बंगलो में मंटू यादव बैठ कर शराब पि रहा था तभी उसका एक आदमी भागते हुए आता है और बोलता है.
आदमी- बॉस बॉस एक गड़बड़ हो गयी है.
उस आदमी के बात सुन कर मंटू यादव झलते हुए बोलै.
मंटू- क्या आफत आ गयी जो तुम मुझे अभी डिस्टर्ब करने के आ गए तुम जानते हो न की मई इस समय किसी से भी मिलना पसंद नहीं करता फिर भी तुम यहाँ पर आ गए.
मंटू यादव के बात सुन कर वो आदमी डरते हुए बोलै.
आदमी- बॉस बात hi ऐसी है की मुझे इस वक़्त यहाँ पर आना पड़ा.
अपने आदमी के बात सुन कर मंटू यादव भी समझ गया की कोई सीरियस बात है तभी ये यहाँ पर आया है इस लिए उस आदमी से बोलै.
मंटू- ठीक है बताओ क्या बात है जो तुम इतना घबराये हुए हो.
आदमी- सर आपके खिलाफ एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमे रॉकी भानुशाली आपके सरे गैरकानूनी काम का पर्दाफाश कर रहा है.
अपने आदमी के बात सुन कर मंटू यादव के सारा नशा hi उतर गया और वो तुरंत अपने आदमी से बोलै.
मंटू- कहा है वो वीडियो मुझे दिखाओ.
आदमी मंटू सिंह के बात सुन कर तुरंत अपने मोबाइल में वो वीडियो प्ले कर देता है उस वीडियो में रॉकी ने मंटू यादव और उसके बेटे के खिलाफ बहुत साडी बाटे बताई थी और साथ में मंटू यादव और कुंदन यादव के कुछ गलत कारनामो के वीडियो भी चल रहा था जो मैंने रॉकी के मरने के बाद उसके मोबाइल से और लैपटॉप से निकला था उन सरे वीडियो को देख कर मंटू यादव घुसे से पागल हो गया और उस मोबाइल को जमीं पर पटकते हुए बोलै.
मंटू- मई उस रॉकी को और उसके परिवार को जिन्दा नहीं छोडूंगा सेल की हिमत कैसे हुयी मेरे खिलाफ ऐसा बोलने की.
मंटू के बात को सुन कर वो आदमी बोलै.
आदमी- बॉस रॉकी अब इस दुनिया में नहीं रहा उसे और उसके साथियो को किसी ने कल रत उसी के फार्महाउस में जला कर मर दिया और मुझे लगता है की रॉकी को जिसने भी मारा है उसी ने आपका वो वीडियो भी लीक किया है.
अभी ये लोग बात कर hi रहे थे की तभी मंटू यादव के मोबाइल पर किसी का कॉल आने लगा जब उसने देखा की कॉल पुलिस स्टेशन से आ रहा है तो वो तुरंत कॉल रइवे कर लिया और बोलै.
मंटू- हैल्लो है बोलो.
कॉल पर- बॉस आप अभी जहा कही भी हो तुरंत अंडरग्राउंड हो जाओ क्युकी आपके खिलाफ अरेस्ट वारंट निकला है और पुलिस कभी भी आपके घर पर पहुंच रही होगी.
इतना बोल कर वो आदमी कॉल कट कर देता है जैसे hi वो कॉल कट करता है फिर से उसके no. कॉल आने लगते जब वो अपना मोबाइल देखता है पता है की ये कॉल कम क्र प् का था इस लिए उसने तुरंत कॉल उठा लिया और बोलै.
मंटू- हैल्लो है बोलिये.
प्- पार्टी के हाई कमांड ने फैसला किया है की तुम्हे मला के पोस्ट से हटा दिया जाये इस लिए अभी से तुम मला नहीं रहे.
इतना बोल कर प् तुरंत कॉल कट कर दिया इधर प् के बात सुन कर मंटू यादव घुसे बौखला जाता है और घुसे से बोलता है.
मंटू- सालो को इतनी हिमत hi गयी की मुझे मला के पोस्ट से निकले मई किसी को भी नहीं छोडूंगा एक एक को देख लूंगा (फिर उस आदमी से) जाओ और जाकर कुंदन को बोल दो की वो कुछ दिन के लिए अंडरग्राउंड हो जाये और है वो रॉकी मारा है उसके परिवार वाले नहीं अपने आदमियों को ले कर जाओ सुर रॉकी के बाप और भाई को उठा कर अपने अड्डे पर ले कर आओ और है जिसने भी मेरी वीडियो लीक की है उसके बारे में पता लगाओ.
आदमी- जी बॉस हो जायेगा.
इतना बोल कर वो आदमी वह से चला जाता है इधर मंटू यादव घुसे से बगल हो रहा था वो घुसे में अपने आप से hi बोलै.
मंटू- ये जिसने भी किया है उसे और उसके परिवार को मई जिन्दा नहीं छोडूंगा और जिसने भी मेरे खिलाफ अरेस्ट वारंट निकला है उसके तो मई तड़पा तड़पा कर मरूंगा.
इतना बोल कर मंटू यादव अपने घर के पीछे के रस्ते से बहार निकल गया और अंडरग्राउंड हो गया उसके घर से जाने के करीब आधे घंटे बाद वह पर पुलिस आयी और पुरे घर को छान मारा लेकिन मंटू यादव और कुंदन यादव उसे कही भी नहीं मिला थक हर कर कमिश्नर ने कम के प् के पास कॉल लगाया और बोलै.
कमिश्नर- सर मंटू यादव अपने घर छोड़ कर भाग गया हमें न उसका बीटा मिला और न hi वो खुद तो अब मुझे क्या करना है सर.
कमिश्नर के बात सुन कर प् कुछ सोचते हुए बोलै.
प्- तुम लोग शहर से बहार जाने वाले रस्ते को ब्लॉक कर दो और है उसके जितने भी प्रॉपर्टी है चाहे वो घर हो फार्महाउस हो या फिर कंपनी सभी को सील कर दो.
प् के बात सुन कर कमिश्नर ok बोल कर कॉल कट कर दिया इसके बाद उसने वही किया जो उसे प् ने करने के लिए बोलै था पुरे न्यूज़ चैनल में ये बात फैल गयी की मंटू यादव को मला के पोस्ट से हटा दिया गया और उसके सरे सम्पति को जप्त कर लिया गया है.
इधर पुस्पा अपने घर से निकल कर मार्किट जा रही थी अभी वो कुछ दूर hi गयी थी की तभी रस्ते में तो वही रस्ते में एक साधु अपने आसान लगाए हुए बैठा था उस साधु ने जब पुस्पा को आये देखा तो उसके चेहरे पर एक कुटिल मुस्कान आ गयी और वो पुस्पा को आवाज देते हुए बोलै.
साधु- बेटी तुम जरा इधर आना.
पुस्पा ने जब देखा की एक साधु उसे बुला रहा है तो वो चौक गयी पहले तो उसका मन हुआ की वो उस साधु के पास न जाये लेकिन पुस्पा इन साधु और बाबाओ को बहुत मंटू थी इस लिए वो देर सोचने के बाद उस साधु के पास चली गयी और अपने हाथ जोड़ते हुए बोली.
पुस्पा- जी बाबा अपने मुझे बुलाया कुछ काम था क्या मुझसे आपको.
साधु- नहीं बेटी मुझे तुमसे कुछ काम नहीं था लेकिन मई देख प् रहा हु की तुम्हारे परिवार पर एक बहुत बड़ा संकट आने वाला है इस लिए मई सोचा की तुम्हे उस संकट से पहले hi जगह कर दू.
उस साधु के बात सुन कर पुस्पा घबरा गयी और वो उस साधु के सामने अपना हाथ जोड़ते हुए बोली.
पुस्पा- मेरे परिवार पर कैसी संकट आने वाली है बाबा और मई इस संकट से अपने परिवार को कैसे बचा सकती हु.
पुस्पा के बात सुन कर वो बाबा अपने आँखे बंद कर के कुछ मंत्र पढ़ने लगा फिर कुछ देर बाद वो अपने आँखे खोलते हुए बोलै.
साधु- बेटी मुझे एक बात बताना क्या तुम्हारी बड़ी बेटी के सदी कुछ महीने पहले hi हुयी है क्या और तुम्हारा दामाद घरजमाई बन कर तुम्हारे यहाँ रहता है क्या.
पुस्पा ने जब उस साधु के मुँह से ये सुना तो हैरान हो गयी और वो मन hi मन सोचने लगी की इसे कैसे पता की मेरी बेटी के सदी कुछ महीने पहले hi हुयी है और मेरा दामाद घरजमाई बन कर मेरे hi घर ओर रहता है जरूर इस बाबा में कुछ शक्ति है.
पुस्पा- जी बाबा अपने सही बोलै लेकिन अपने ये बताया hi नहीं की मेरे परिवार पर संकट कैसे आने वाली है.
साधु- तुम्हारे उसी दामाद के कारन तुम्हारे परिवार पर संकट आने वाला है.
साधु के बात सुन कर पुस्पा हैरान हो गयी.
पुस्पा- क्या... मई जानती थी की वो एक no. का मनहूस है मई उसे अभी के अभी अपने घर से निकल दूंगी.
पुस्पा के बात सुन कर वो साधु बोलै.
साधु- बेसक तुम उसे अपने घर से निकल देना लेकिन अभी नहीं अभी तुम अपने घर में इस मूर्ति को रख देना जिससे तुम्हारे घर पर आये हुए संकट तक जायगा इसके बाद तुम उसे घर से निकल देना अगर तुम उसे पहले hi घर से निकल दी तो तुम्हारे घर का संकट और बढ़ जायेगा.
इतना बोल कर साधु अपने झोले से एक मूर्ति निकल कर पुस्पा को दे देता है जिसे पुस्पा अपने हाथो में पकड़ कर साधु के आगे घुटने पर बैठ कर बोलती है.
पुस्पा- थैंक यू बाबा इस मूर्ति के लिए.
फिर पुस्पा अपने पर्स से कुछ पैसे निकल कर साधु को देने लगता है तो वो साधु उससे वो पैसा नहीं लेता है और वो बोलता है.
साधु- मई तुम्हारा हेल्प पैसो के लिए नहीं किया है बल्कि इंसानियत के लिए किया है.
उस साधु के बात सुन कर पुस्पा को उसपे और भी ज्यादा बिस्वास हो जाता है इसके बाद वो साधु को प्रणाम कर के वह से निकल जाती है पुस्पा को वह से जाते hi वो साधु जोर जोर से हसने लगता है और बोलता है.
साधु- हाहाहाहा.. कितना आसान होता है इन जैसे औरतो को मुर्ख बनाना (फिर कुछ देर रुक कर) हाहाहा.. प्रतिक तुमने क्या सोचा की तुम अपने घर के बहार सुरक्षा कवच लगा डोज तो मई तुम्हारे घर वालो को और तुमको कुछ नहीं कर पाउँगा लेकिन तुमने गलत सोचा मई तांत्रिक गोरखनाथ हु मुझसे बचना इतना भी आसान नहीं है अब जल्द hi तुम और तुम्हारे परिवार वाले सरे के सरे मरे जाओगे हाहाहाहा.
इधर पुस्पा को तो मालूम hi नहीं था की वो जो अपने साथ ले कर जा रही है उससे उसके परिवार का संकट दूर नहीं होगा बल्कि उसके कारन उसका परिवार और भी मुसीबत में पड़ने वाली थी इन सब बातो से अनजान पुस्पा अपने घर पर आ कर उस मूर्ति को अपने घर में बने मंदिर में रख देता है जिसके कारन उसके उसके घर के ऊपर जो सुरक्षा कवच चढ़ा था वो टूट जाता है और पुरे घर में नेगेटिव एनर्जी फैल जाती है.
इधर मई वो सरे वीडियो सोशल मीडिया पर दाल डालने के बाद मई लैपटॉप को अपने स्टोरेज रिंग में रख दिया अब शाम होने को आ गयी थी इस लिए मई विशाल से बोलै.
मई- विशाल भाई मुझे किसी काम से कही और जाना है इस लिए आप मुझे यही पर उतर दीजिये.
मेरे बात को सुन कर विशाल कार को वही पर रोक देता है जब मई कार से उतर गया तो विशाल अपने कार को ले कर वह से चला गया विशाल के जाने के बाद मई अपने दोस्तों से मानसिक कनेक्शन किया और उनसे पूछा.
मई- तुम सब एक जगह पर आ गए हो.
मेरे बोलने के कुछ देर बाद उधर से रोहन के आवाज आया.
राहों- है हम एक एक जगह पर आ गए है.
मई- ठीक है मई कुछ सेकंड में वह पर आता हु तुम तैयार रहना आश्रम चलने के लिए.
इतना बोलने के बाद मई अपना मानसिक कनेक्शन कट किया और वह से गायब हो कर उन लोगो के पास पहुंच गया मई जब उनसे मानसिक कनेक्शन के द्वारा बात कर रहा था तभी मुझे उनका लोकेशन पता चल गया था जब मई उनके पास पंहुचा तो देखा की वो सब तैयार hi बैठे थे इस लिए मई अपने स्पेस शक्ति से वह पर एक पोर्टल खोला और उनसे बोलै.
मई- चलो चलते है गुरुदेव के पास.
इतना बोल कर मई उस पोर्टल के अंदर चला गया मेरे जाने के बाद कारन घुसे से बोलै.
कारन- साला कमीना न ही न हैल्लो सीधे यहाँ आया और हमें आर्डर देते हुए चला गया उसे ये नहीं लगा की इतने दिन के बाद अपने दोस्तों से मिला है तो थोड़ा बात hi कर ले सेल को तो मई आश्रम में बताऊंगा.
इतना बोल कर वो भी पोर्टल के अंदर चला गया ऐसे hi सब एक एक कर के पोर्टल के अंदर चले गए थोड़ी देर बाद हिमालय के एक आश्रम में एक पोर्टल खुला और उसमे से पहले मई बहार आया मुझे बहार आने के थोड़ी देर बाद मेरे सरे दोस्त बहार आ गए जब मैंने देखा की मेरे सरे दोस्त बहार आ गए है तो मई उनसे बोलै.
मई- मई जनता हु की तुम सब को मुझसे बहुत शिकायत है क्युकी हमलोगो को यहाँ से जाने के बाद मई तुम सब से एक बार भी नहीं मिला लेकिन अभी हमारे पास समय नहीं है इस लिए हम सबसे पहले गुरुदेव से मिलते है इसके बाद हम सब आपस में बैठ कर अपना अपना गिला सिकवा दूर करेंगे.
मेरी बात को सुन कर सबने अपना सर है में हिलाया और फिर हम सब आश्रम के अंदर आ गए और गुरुदेव के रूम के पास चले आये अभी हम दरवाजा खटखटाने वाले hi थे की तभी अंदर से गुरुदेव के आवाज आयी.
गुरुदेव- दरवाजा खुला है तुम सब अंदर आ सकते हो.
गुरुदेव के बात सुन कर हम सब अंदर आ गए इसके बाद हम सब ने अपने घुटनो पर आ कर गुरुदेव को प्रणाम किया.
हम सब- प्रणाम गुरुदेव.
गुरुदेव- आयुष्मान भाव पुत्रो और पुत्रियों. अपने लिए जगह देख कर तुम सब बैठ जाओ.
गुरुदेव के बात सुन कर हम सब अपने लिए जगह देख कर बैठ गए फिर मई गुरुदेव से पूछा.
मई- गुरुदेव यु अचानक हम सब को अपने क्यों बुलाया क्या कोई बड़ी समस्या आने वाला है क्या.
मेरे बात को सुन कर गुरुदेव कुछ सोचते हुए बोले.
गुरुदेव- समस्या आने वाली है नहीं बल्कि आ चुकी है अगर हम इसमें कुछ नहीं कर सके तो ये दुनिया तबाह हो जायेगा.
गुरुदेव के बात सुन कर हम सब हैरान हो गए तभी कारन गुरुदेव से बोलै.
कारन- ऐसी कोण सी समस्या धरती पर आयी है गुरुदेव जिसे अगर रोका नहीं गया तो दुनिया तबाह हो जाएगी.
कारन के बात सुन कर गुरुदेव कुछ सोचते हुए बोले.
गुरुदेव- अब समय आ गया है की तुम सब को सब कुछ बता दिया जाये तुम सब जानते हो तुम्हे ये शक्तियां क्यों मिली है.
रोहन- है गुरुदेव हम लोगो को ये शक्तियां इस लिए मिली है की हम इस धरती से बुराई को मिटा सके.
रोहन के बात सुन कर गुरुदेव बोले.
गुरुदेव- तुमने सही बोलै लेकिन तुम सब ाभु तक जिस बुराई से लड़ रहे हो वो बुराई का 1 अंश भर है अब तुम लोगो उससे लड़ना है जो इस धरती पर बुराई का साम्राज्य बनाने के लिए आया है जिसका नाम है अजातशत्रु और तुम सब को इसी अजातशत्रु से लड़ना है और उसके मनसूबे कामयाब नहीं होने देना है.
मई- ये अजातशत्रु कोण है गुरुदेव.
गुरुदेव- ये अजातशत्रु दर्कलोर्ड का एक सेनापति है जो धरती पर कुछ महत्वपूर्ण कार्य करने के लिए आया है और वो यहाँ पर सोना साम्राज्य कायम करना चाहता है.
दीप्ती- लेकिन गुरुदेव उसका धरती पर महत्वपूर्ण कार्य क्या है और ये दर्कलोर्ड कोण है.
दीप्ती के बात सुन कर गुरुदेव कुछ देर तक सोचने लगे और फिर बोले.
गुरुदेव- तुम लोगो को अगर ये सब बाटे जननी है तो मई तुम सब को एक कहानी बताता हु ये कहानी है दर्कलोर्ड की.
वर्ड काउंट- 10700
मंटू यादव की बर्बादी
मई और विशाल अग्रवाल ग्रुप से अग्रवाल मेन्शन जाने के लिए निकल गए थे करीब आधे घंटे के बाद हम लोग अग्रवाल मेन्शन पहुंच गए थे अग्रवाल मेन्शन के पहुंचने के बाद हम दोनों कार से बहार निकले और मेन्शन के अंदर जाने लगे तो वह के गॉर्ड ने हमें रोकते हुए बोले.
गॉर्ड- आप लोग अंदर कहा जा रहे है किस्से मिलना है आपको.
गॉर्ड के बात सुन कर विशाल उससे बोलता है.
विशाल- हमें यहाँ पर सूर्यदेव अग्रवाल ने बुलाया है आप उनसे इण्टरकॉम पर बात कर के बोलो की विशाल ओबेराय आया है.
विशाल के बात सुन कर गॉर्ड तुरंत इण्टरकॉम के पास गया और अंदर बात करने लगा थोड़ी देर बात करने के बाद वो हमारे पास आया और बोलै.
गॉर्ड- जी आप लोग अंदर जा सकते है.
गॉर्ड के बात सुन कर हम दोनों अंदर चले गए थोड़ी देर में हम ड्राइंग रूम के अंदर थे जहा पर सूर्यदेव अग्रवाल उदास बैठे हुए थे जब उन्हें एहसास हुआ की ड्राइंग रूम में कोई आया है तो पीछे मुद कर देखने लगे अपने सामने विशाल को देख कर वो अपने चेयर से खड़ा हो गए अपने उदासी को छुपाते हुए मुस्कुरा कर बोले.
सूर्यदेव- आइये आइये विशाल जी आपका अग्रवाल मेंशन में स्वागत है कहिये हम आपकी क्या सेवा कर सकते है आप यहाँ आने से पहले कुछ काम के बारे में बोल रहे थे आप बताइये हम आपका सहायता किस तरह से कर सकते है.
सूर्यदेव के बात सुन कर विशाल कुछ सोचते हुए बोलै.
विशाल- काम की बाटे तो बाद में भी होती रहेगी पहले आप मुझे ये बताइये की आपकी बेटी की तबियत कैसी है.
विशाल के बात सुन कर सूर्यदेव थोड़ा उदास हो जाते है और फिर वो विशाल से बोलते है.
सूर्यदेव- कुछ ठीक नहीं है डॉक्टर ने जबाब दे दिया अब मुझे समझ में नहीं आ रहा है की मई क्या करू कहा दिखाऊ अपनी बेटी को की वो ठीक हो जाये.
सूर्यदेव के बात सुन कर विशाल उनको सांत्वना देते हुए बोलै.
विशाल- आप चिंता मत कीजिये सब ठीक हो जायेगा और है मई अपने साथ में एक डॉक्टर भी ले कर आया हु आप एक बार इनसे अपनी बेटी की चेकउप करवा लीजिये भगवन चाहेंगे तो आपकी बेटी जरूर ठीक हो जाएगी.
विशाल के बात सुन कर सूर्यदेव अग्रवाल मुझे देखते हुए बोले.
सूर्यदेव- क्या ये सच में डॉक्टर है ये देखने से तो डॉक्टर नहीं लग रहा वैसे भी मेरी बेटी का इलाज बड़े बड़े डॉक्टर ने किया है लेकिन किसी ने भी उसे ठीक नहीं कर पाया तो भला ये क्या कर लेगा.
सूर्यदेव को इस तरह से मेरे ऊपर सवाल उठाना विशाल को अच्छा नहीं लगा लेकिन वो जनता था की कोई भी जब मुझे पहली बार देखता है तो वो ऐसे hi बोलता है क्युकी मई देखने से कोई डॉक्टर नहीं लगता इधर मई जब सूर्यदेव अग्रवाल के बात सुना तो मई उनसे बोलै.
मई- मई मंटा हु की मई देखने में डॉक्टर नहीं लगता लेकिन आप यकीं मानिये मई एक डॉक्टर hi हु और मई आपके बेटी का इलाज कर सकता हु.
मेरे बात को सुन कर सूर्यदेव अग्रवाल ने बोलै.
सूर्यदेव- जब इतने बड़े बड़े डॉक्टर मेरी बेटी का इलाज नहीं कर सके तो मई तुम पर कैसे बिस्वास कर लू.
मई- अगर आपको मुझ पर यकीं नहीं है तो आप सिटी हॉस्पिटल में पता कर लीजिये मई वह पर एक गेस्ट डॉक्टर हु और मेरा नाम डॉ. प्रतिक है.
मेरी बात को सुन कर वो कुछ सोचने लगे तभी उन्हें कुछ यद् आया और वो बोले.
सूर्यदेव- तुमने अपना नाम क्या बताया.
मई- जी मेरा नाम प्रतिक है.
सूर्यदेव- हम्म प्रतिक क्या तुम वही डॉ. प्रतिक हो जो संडे को सिटी हॉस्पिटल में मरीजों का इलाज किया था.
मई- जी मई वही डॉ. प्रतिक हु और आप मुझ पर बिस्वास कीजिये मई आपकी लड़की को ठीक कर सकता हु आप एक बार मुझे उसके पास ले कर चलिए.
मेरे बात को सुन कर सूर्यदेव कुछ देर के लिए सोच में पद गए फिर वो अपने सोच से बहार निकलते हुए बोले.
सूर्यदेव- मैंने इन कुछ दिनों में आपका नाम बहुत बार सुना है ठीक है आप एक बार मेरे बेटी को देख लीजिये अगर आप उसे बचा लिए तो मई अक एहसान जिंदगी भर नहीं भूलूंगा.
मई- ठीक है मुझे आप अपने बेटी के पास ले चलिए.
इसके बाद सूर्यदेव अग्रवाल ने हम दोनों को अपने साथ लेकर एक रूम में गए जहा पर एक लड़की अपने बीएड पर बेहोश पड़ी हुयी थी और उसके देख भल के लिए वह पर 2 नर्स भी थी मई उस रूम को चारो तरफ से घूम कर देखा तो पाया की उस रूम को पूरा हॉस्पिटल के रूम में बदल दिया था उस रूम में हर वो फैसिलिटी थी जो एक हॉस्पिटल में होता है.
फिर मई आगे बढ़ते हुए उस लड़की के बीएड के पास चला गया और उसे ध्यान से देखने लगा वो लड़की करीब 18 या 19 साल की होगी जो दिखने में एक डैम मासूम लग रही थी वो लड़की बीमारी के चलते एक डैम दुबली पतली हो गयी थी जिसके कारन उसके शरीर की हड़िया तक दिखने लगी थी.
फिर मई उस लड़की को जांचने के लिए अपने दिव्या दृस्टि को एक्टिवटे किया और उसे ध्यान से देखने लगा जब मई उसके बॉडी को अपने दिव्या दृस्टि से देखा तो चौक गया क्युकी उसकी बॉडी में बहुत साडी स्प्रिचैल एनर्जी थी और इतने सरे स्प्रिचैल एनर्जी होने का दो कारन हो सकता है या तो ये लड़की जन्मजात मार्टिकल योद्धा होगी जो होना असंभव है क्युकी जन्मजात मैरिटल योद्धा लाखो में एक होते है और अगर ये जन्मजात मार्टिकल आर्ट्स योद्धा होती तो इसका स्प्रिचैल एनर्जी बचपन में hi ट्रिगर हो जाती और दूसरा कारन ये है की ये कोई ऐसी चीज खायी होगी जिसमे बहुत साडी स्प्रिचैल एनर्जी होगी.
लेकिन मुझे ये समझ में hi नहीं आ रहा है की ये लड़की जन्मजात मैरिटल आर्ट्स योद्धा नहीं है फिर भी ये अभी तक जिन्दा कैसे है क्युकी इतने स्प्रिचैल एनर्जी के बॉडी में होने के कारन इसकी बॉडी कब के फैट जाना चाहिए था लेकिन अगर इस लड़की के बॉडी अभी तक सही सलामत है इसका मतलब ये है की इसकी बॉडी में स्प्रिचैल एनर्जी कुछ दिन पहले हे गया होगा और इसके बॉडी में स्प्रिचैल एनर्जी कुछ दिन पहले आने का मतलब है की ये लड़की जरूर कुछ ऐसा खायी होगी जिसमे बहुत साडी स्प्रिचैल एनर्जी होगा अगर इसके सरे स्प्रिचैल एनर्जी को इसके शरीर इतने स्प्रिचैल एनर्जी है की उन सरे स्प्रिचैल एनर्जी को इसके बॉडी में संतुलित कर दिया जाये तो ये मार्टिकल आर्ट्स रैंक में बहुत आगे तक जाएगी फिर मई उस लड़की के ऊपर से अपने दिव्या दृष्टि को वापस लिया और सूर्यदेव अग्रवाल के पास आ गया और उनसे बोलै.
मई- आप बता सकते है की आपकी बेटी कितने समय से बीमार है.
सूर्यदेव- है करीब 5 दिन से ये ऐसी हालत में है हलाकि ये बीमार तो लगभग 12 दिनों से है लेकिन इन 5 दिनों में इसकी हालत ज्यादा ख़राब हो गयी है.
सूर्यदेव अग्रवाल इतना बोल कर उदास हो गए उन इस तरह से उदास देख कर मुझे अच्छा नहीं लगा तो मई उनसे बोलै.
मई- आप टेंशन मत लीजिये आपकी बेटी को ठीक हो जाएगी.
मेरी बात को सुन कर सूर्यदेव अग्रवाल बहुत खुस हो गए और वो खुसी से मुझसे बोले.
सूर्यदेव- क्या सच में आप मेरी बेटी को ठीक कर देंगे.
मई- है सच में आपकी लड़की ठीक हो जाएगी और है आप बहुत किस्मत वाले है जो ये आपकी बेटी है ये आपके खंडन के नाम रौशन करेगी.
मेरे बातो को सुन कर सूर्यदेव अग्रवाल कंफ्यूज हो गए और वो उसे कन्फूसिओं में मुझसे पूछे.
सूर्यदेव- मई आपके बातो का मतलब समझा नहीं मेरी बेटी कैसे मेरे खंडन के नाम रौशन करेगी.
मई सूर्यदेव के बातो को सुन कर मुस्कुराते हुए बोलै.
मई- थोड़ी देर बाद आप खुद hi देख लीजियेगा.
अभी हम बात कर hi रहे थे की तभी रूम का दरवाजा खुला और 2 लोग अंदर आये अंदर आने वाले में एक अधेड़ उम्र का आदमी था और दूसरा 24 या 25 साल का लड़का था उस लड़के का फेस थोड़ा बहुत सूर्यदेव अग्रवाल से मिल रहा था इसका मतलब था की वो सूर्यदेव अग्रवाल का बीटा धीरज था जैसे hi वो दोनों रूम के अंदर आये धीरज जल्दी से अपने डैड के पास आया है और बोलता है.
धीरज- डैड इनसे मिलिए ये है भारत के सबसे बड़े आयुर्वेदिक डॉक्टर मर. कैलाश मेहता इसे सब मेडिसिन सेंत के नाम से भी जानते है.
धीरज के बात सुन कर विशाल और सूर्यदेव दोनों हैरान हो गए क्युकी ये दोनों डॉ. कैलाश मेहता को जानते थे वो देश के सबसे बड़े आयुर्वेदिक डॉक्टर थे लोग बोलते थे इनके हाथो में जादू है ये एक बार किसी भी पेशेंट का इलाज कर देते तो फिर उसे दोबारा किसी भी डॉक्टर के पास जाने की जरुरत नहीं पड़ती थी इधर सूर्यदेव अग्रवाल डॉ. कैलाश मेहता के नाम सुन कर खुस हो गए थे इस लिए जल्दी से आगे बढे और डॉ. कैलाश मेहता से बोले.
सूर्यदेव- मेरे इस छोटे से गरीब खाने में आपका स्वागत है डॉ. कैलाश आपके यहाँ आ जाने भर से hi मुझे ऐसा लग रहा है की अब मेरी बेटी ठीक हो जाएगी क्युकी मई सुना हु की आपके हाथो में जादू है आप किसी भी मरीज कर एक बार इलाज कर देते है तो वो ठीक हो जाता है.
सूर्यदेव से अपनी तारीफ सुन कर डॉ. कैलाश के चेहरे पर घमंड दिखाई देने लगता है और फिर वो घमंड से मुस्कुराते हुए बोले.
डॉ. कैलाश- आपने ठीक सुना है मई जिस भी मरीज को छू भर लेता हु तो वो मरीज ठीक हो जाता है आप बेफिक्र रहिये आपको बेटी को मई बिलकुल पहले जैसा कर दूंगा.
इधर विशाल डॉ. कैलाश को देख कर कुछ ज्यादा hi एक्सीटेंड हो गया और वो आगे बढ़ कर बोलै.
विशाल- हैल्लो डॉ. कैलाश मई विशाल ओबेराय हु ओबेराय ग्रुप के सीईओ मैंने आपके बारे में बहुत सुना है आप एक कमल के डॉक्टर है.
विशाल के बात सुन कर डॉ. कैलाश एक बार उसे देखते है और फिर उसे इग्नोर कर देते है लेकिन इधर सूर्यदेव अग्रवाल के बीटा धीरज अग्रवाल मुझे सुर विशाल को देख कर विशाल से बोलता है.
धीरज- अरे विशाल जी आप आज इधर के रास्ता कैसे भूल गए और ये आपके साथ में कोण है.
विशाल धीरज के बात का जबाब देता उससे पहले hi सूर्यदेव अग्रवाल धीरज को बोलते है.
Suryadev-Ye भी एक डॉक्टर है और इनको विशाल यहाँ पर दामिनी के इलाज करने के लिए लाया है.
सूर्यदेव के बात सुन कर धीरज और डॉ. कैलाश दोनों मुझे एक बार घर कर देखते है फिर धीरज अपने डैड के पास जक कर बोलता है.
धीरज- डैड लगता है की दामिनी के बीमारी ने आपसे इंसान को पहचानने की छमता को छीन लिया है और आप विशाल जी आप भी इतने बड़े बिज़नेस मन हो कर के एक ठग के चाकर में पद गए ये आपको कहा से एक डॉक्टर लग रहा है ये जरूर आप दोनों को पागल बना कर पैसे लूटने के लिए आया होगा.
धीरज के बात सुन कर विशाल को बहुत गुसा आया और वो घुसे से बोलै.
विशाल- धीरज तुम ये क्या बोल रहे हो तुम जरा सोच समझ कर बोलो ये सच में एक बेहतरीन डॉक्टर है.
सूर्यदेव- विशाल सच बोल रहा है धीरज तुम ऐसी किसी का भी मजाक नहीं उदा सकते समझे ये सच में एक डॉक्टर है.
विशाल और अपने डैड के बात सुन कर धीरज कुछ सोचते हुए बोलै.
धीरज- ठीक है मई मन लिया की ये भी एक डॉक्टर है लेकिन अब इसका यहाँ पर कोई भी जरुरत नहीं इस लिए ये अब यहाँ से जा सकता है.
धीरज के बात सुन कर मुझे भी बहुत गुसा आ गया और मई वह से जाने के बारे में सोचने लगा तभी मुझे ध्यान आया की मई तो यहाँ पर कोई और भी काम से आया था इस लिए मई वो काम किये बिना यहाँ से नहीं जा सकता ये सोच कर मई धीरज से बोलै.
मई- धीरज मई यहाँ से चला तो जाऊंगा लेकिन मेरी एक आपसे रिक्वेस्ट है.
धीरज- है बोलो क्या रिक्वेस्ट है क्या तुम्हे पैसा चाहिए.
मई- अरे नहीं धीरज जी भगवन के कृपा से मेरे पास बहुत पैसे है लेकिन मई आपसे ये रेकुस्त करना चाहता हु की क्या मई यहाँ पर रुक कर डॉ. कैलाश को इलाज करते हुए देख सकता हु वो क्या है न की मई डॉ. कैलाश का बहुत नाम सुना है तो एक बार इनको इलाज करते हुए देखना चाहता हु.
धीरज कुछ सोचते हुए डॉ. कैलाश को देखता है डॉ. कैलाश भी मुझे वह पर रुकने का इजाजत दे देता है लेकिन मई देख प् रहा था की धीरज और डॉ. कैलाश मुझे हिन् भावना से देख रहे थे तभी डॉ. कैलाश मेरा मजाक बनाते हुए बोलै.
डॉ. कैलाश- ठीक किया जो तुम खुद रुकने के लिए तैयार हो गए तुम मुझे इलाज करते हुए देख कर कुछ तो सिख hi सकते हो वैसे भी तुम अपने आप को भाग्यशाली समझो की तुम्हे मुझे इलाज करते करते हुए देखने का मौका मिला.
डॉ. कैलाश के बात सुन कर धीरज उनका चापलूसी करते हुए बोलै.
धीरज- अपने ठीक बोलै डॉ. कैलाश सर इसे ऐसा मौका दुबारा कभी नहीं मिलेगा इसे तो आपका एहसान मंद होना चाहिए जो आप अपना स्किल इसे दिखाएंगे.
मई उन दोनों के बात सुन कर मन hi मन मुस्कुराने लगा लेकिन मई उन दोनों के बातो का कोई भी जबाब नहीं दिया.
इधर डॉ. कैलाश दामिनी के चेकउप करने के लिए उसके पास गए और उसके प्लस को चेक करने लगे थोड़ी देर तक चेक करने के बाद डॉ. कैलाश सूर्यदेव अग्रवाल के पास आये और बोले.
डॉ. कैलाश- आपकी बेटी की बहुत hi गंभीर बीमारी है मुझे इसके शरीर में बहुत साडी एनर्जी महसूस हो रही है और वो एनर्जी hi धीरे धीरे इसके शरीर को खाये जा रही है अगर इसके शरीर से वो एनर्जी बहार नहीं निकला तो ये मर जाएगी.
डॉ. कैलाश के बात सुन कर मई हैरान हो गया मेरे हैरान होने का कारन था की डॉ. कैलाश सच में एक अच्छा डॉक्टर थे वो बस दामिनी के पल्स चेक कर के hi ये पता लगा लिया की इसके शरीर में कोई एनर्जी है वही धीरज और सूर्यदेव ने जब सुना की दामिनी की जान भी जा सकती है तो दोनों बेचैन हो गए.
सूर्यदेव- डॉ. कैलाश क्या आप मेरी बेटी को ठीक कर सकते है अगर अपने मेरी बेटी को ठीक कर दिया तो मक आपके लिए वो सब करने के लिए रहूँगा जो आप मुझे बोलेंगे.
धीरज- है डॉ. कैलाश प्लीज किसी तरह से मेरी बेटी को ठीक कर दीजिये.
डॉ. कैलाश दोनों के बात सुन कर मुस्कुराते हुए बोले.
डॉ. कैलाश- मेरे यहाँ होते हुए आपको चिंता करने की जरुरत नहीं है मई आपकी बेटी को ठीक कर दूंगा और इसे ठीक करने के लिए मुझे बस इसके शरीर से उस एनर्जी को बहार निकलना है जो मई अपने एक्यूपंक्चर बिधि से निकलूंगा.
डॉ. कैलाश के बात सुन कर दोनों बाप बीटा खुद हो गए तो वही मई हैरान हो गया और डॉ. खुराना से बोलै.
मई- अपने ये सही बोलै की इस लड़की के शरीर में एनर्जी है लेकिन आप इस लड़की के शरीर से उस एनर्जी को बहार निकल तो इसकी तुरंत मौत हो जाएगी और मई एक और बात आपको बता दू की इस लड़की के शरीर में जो भी एनर्जी है उसका अगर सही से इस्तेमाल किया जाये तो उस एनर्जी से इस लड़की को बहुत ज्यादा फायदा होगा.
मेरे बात को सुन सब हैरान हो गए तो वही डॉ. कैलाश घुसे से मुझे घूरने लगे और घुसे से बोले.
डॉ. कैलाश- तुम जानते भी हो की तुम क्या बोल रहे हो तुम्हे डॉक्टर किसने बना दिया या फिर तुम सच में डॉक्टर न हो कर के कोई फ्रॉड हो तुम्हे खुद कुछ आता नहीं है और तुम मेरे इलाज पर सवाल उठा रहे हो.
डॉ. कैलाश के बात सुन कर धीरज भी मेरे ऊपर छीलते हुए बोलै.
धीरज- मैंने तुम्हे यहाँ रुकने के लिए बोलै वही मेरी गलती थी लेकिन अब नहीं तुम अभी के अभी यहाँ से बहार चले जाओ नहीं तो तुम्हारे लिए अच्छा नहीं होगा.
धीरज और डॉ. कैलाश के बाटे सुन कर मुझे भी गुसा आ गया और मई घुसे से बोलै.
मई- ठीक है मई चला जाता हु मुझे भी इनके जैसे डॉ. के इलाज करने का तरीका देखने का सुख नहीं है जो अपने घमंड में आ कर किसी के जान भी लेने से पीछे नहीं हटेंगे लेकिन मेरी बार को यद् रखना तुम जिस तरह से उस लड़की के इलाज करने जा रहे हो न उसके लड़की की जान भी हो सकती है चलो विशाल भाई हम यहाँ से चलते है मुझे इनके तमसा देखने का कोई सुख नहीं है.
इतना बोल कर हम वह से जाने लगे इधर डॉ. कैलाश मेरे बातो को सुन कर घुसे पागल होने लगे और जोर से छीलते हुए मुझसे बोले.
डॉ. कैलाश- तुम जहा हो वही खड़े रहे अगर तुम यहाँ से अपने कहे गए बातो को साबित किये बिना गए तो यद् रखना मई तुम्हारा जीना मुश्किल कर दूंगा सायद तुम मुझे अभी अच्छे से जानते नहीं हो या तो अपने बातो का प्रूफ दो या फिर मेरे पैरो में गिर कर मुझसे माफ़ी मांग लो.
इधर धीरज ने जब डॉ. कैलाश को इतने घुसे में देखा और उनकी बातो को सुना तो वो तुरंत अपने गॉर्ड को बोलै.
धीरज- इस लड़के को पकड़ लो इसे यहाँ से बहार मत जाने देना ये जब तक डॉ. कैलाश के ऊपर लगाए गए आरोप को साबित नहीं कर देता या फिर इनके सामने झुक कर माफ़ी नहीं मांग लेता तब तक ये यहाँ से जाना नहीं चाहिए.
इधर मेरी बात को सुन कर और डॉ. कैलाश और धीरज के मुझे बेइज्जती करते हुए देख सूर्यदेव को भी समझ में नहीं आ रहा था की वो किसका साथ दे लेकिन फिर वो कुछ सोच कर डॉ. कैलाश से बोले.
सूर्यदेव- इसके बोलने को वो मतलब नहीं था ये आपको निचा दिखाना नहीं चाहता था ये तो बस आपको एक सुग्गेस्टिव दे रहा था अगर आपको इसके बातो का बुरा लगा हो तो मई इससे बोलता हु ये आपसे माफ़ी मांग लेगा लेकिन प्लीज आप गुसा मत कीजिये (फिर मेरे तरह घूम कर बोले) डॉ. प्रतिक प्लीज आप इनसे माफ़ी मांग लीजिये और आप यहाँ से चले जाइये.
जब धीरज और डॉ. कैलाश ने सूर्यदेव के मुँह से डॉ. प्रतिक सुना तो दोनों चौक गए फिर डॉ. कैलाश सूर्यदेव से बोले.
डॉ. कैलाश- आप अभी इस लड़के का क्या नाम लिए.
सूर्यदेव- इनका नाम डॉ. प्रतिक है क्यों क्या हुआ कुछ बात है क्या.
सूर्यदेव के बात सुन कर डॉ. कैलाश कुछ सोचते हुए बोले.
डॉ. कैलाश- कही ये वही डॉ. प्रतिक तो नहीं हो कुछ दिन पहले सिटी हॉस्पिटल में मरीजों का इलाज किया था और लोग उसे चमत्कारी डॉक्टर के नाम से बुलाने लगे थे.
डॉ. कैलाश के बात सुन कर इस बार सूर्यदेव अग्रवाल भी चौक गए क्युकी उन्हें तो ये तो जानते hi नहीं थे की मई वही चमत्कारी डॉक्टर हु या फिर कोई दूसरा इस लिए वो चौक गए थे वो डॉ कैलाश के बातो का कुछ जबाब देते उससे पहले hi विशाल बोलै पड़ा.
विशाल- है अपने सही बोलै ये वही डॉक्टर है जिसे सब चमत्कारी डॉक्टर के नाम से जानते है.
विशाल के बात सुन कर वह मौजूद सरे लोग हैरान हो गए फिर अपने हैरानी को काबू करते हुए डॉ. कैलाश मुझसे बोलै.
डॉ. कैलाश- क्या तुम सच में डॉ. प्रतिक हो वही चमत्कारी डॉक्टर जो सिटी हॉस्पिटल में कुछ दिन पहले मरीजों का इलाज किया था.
मई- जी मई कोई चमत्कारी डॉक्टर नहीं हु लेकिन है मई hi वो डॉ. प्रतिक हु जो कुछ दिन पहले सिटी हॉस्पिटल में मरीजों का इलाज किया था वैसे आप ये सब क्यों पूछ रहे है.
डॉ. कैलाश- सॉरी डॉ. प्रतिक मुझे माफ़ कर दीजिये मुझे आपके साथ ऐसा बेहेवियर नहीं करना चाहिए था और रही बात की मई आपसे वो सब क्यों पूछ रहा था तो उसका कारन ये है की सरे लोग जानते है की आज तक मई जिसे भी इलाज किया वो पूरी तरह से ठीक हो गया लेकिन ये बात पूरी तरह से सच नहीं है क्युकी मैंने एक ऐसे मरीज का भी इलाज किया है जो मेरे इलाज से भी ठीक नहीं हो पाया यहाँ तक की मई उसके बीमारी को भी पकड़ नहीं पाया हु इसी लिए मई सिटी हॉस्पिटल आ रहा था तुमसे मिलने क्युकी मैंने तुम्हारे बारे में बहुत कुछ सुन रखा था लोग तुम्हे चमत्कारी डॉक्टर बोलते है तो मई सोचा की तुमसे मिल कर तुम्हे एक बार उस मरीज को इलाज करने के लिए रिक्वेस्ट करू.
डॉ. कैलाश के बात सुन कर सरे लोग हैरान हो गए किसी को उनके बातो पर बिस्वास hi नहीं हो रहा था की जो डॉ. आज तक किसी से सही से बात नहीं करता था वो आज डॉ. प्रतिक से मदत मांगने के लिए आये है तभी धीरज जल्दी से मेरे पास आया और मुझसे बोलै.
धीरज- मुझे भी माफ़ कर दीजियेगा डॉ. प्रतिक मई आपको पहचान नहीं पाया इसके चलते मई आपको भला बुरा बोल दिया दरअसल बात ऐसी है की जब से मेरी बहन का तबियत ख़राब हुआ है न जाने कितने डॉक्टर पैसे के लालच में आते है इस लिए मुझे लगा की आप भी उन्ही में से है इस लिए मई आपसे माफ़ी चाहता हु.
मई- कोई बात नहीं धीरज जी मई समझ सकता हु मुझे आपके बातो का बुरा नहीं लगा वैसे अब इन सब बातो को छोड़िये और मिस दामिनी का इलाज सुरु कीजिये.
मेरे बात को सुन कर सब डॉ. कैलाश के तरफ देखने लगे तभी डॉ. कैलाश मेरे पास आये और मुझसे बोले.
डॉ. कैलाश- डॉ. प्रतिक अब जब हम सब आपके बारे में जान hi गए है तो अब ाफी दामिनी का इलाज कीजिये और है आप अभी जो बोले थे की इस लड़की में जो एनर्जी है अगर उसे बहार निकला गया तो ये लड़की मर जाएगी तो क्या आप मुझे ये डिटेल्स में समझा सकते है की आखिर इसके शरीर से वो एनर्जी जो इसको नुकशान पंहुचा रहा है उसे निकलने के बाद ये क्यों मारेगी.
डॉ. कैलाश के बात सुन कर मई मुस्कुराते हुए बोलै.
मई- जब आप इतना बोल रहे है तो मई इस लड़की का इलाज करने के लिए तैयार सबसे पहले आप दोनों (सूर्यदेव और धीरज) मुझे ये बताइये की मिस दामिनी बीमार होने से पहले कुछ ऐसी चीज खायी थी क्या जिसके बारे में आप सब नहीं जानते जैसे कोई जड़ी बूटी या कोई फ्रूट वगैरह.
मेरी बात को सुन कर सूर्यदेव अग्रवाल और धीरज अग्रवाल दोनों सोच में पद गए कुछ देर सोचने के बाद सूर्यदेव अग्रवाल बोले.
सूर्यदेव- मुझे तो कुछ ऐसा यद् नहीं आ रहा है शायद वो बहार कही खायी होगी.
धीरज- है वो बहार hi कुछ खायी हो क्युकी वो बीमार होने से पहले घूमने के लिए शिमला गयी थी लेकिन आप ये क्यों पूछ रहे.
मई- कोई बात नहीं आप सब को नहीं पता तो ये खुद दामिनी hi बता देगी वो क्या खायी थी और रही बात मई ये क्यों पूछ रहा हु तो मई आप लोगो को बता दू की दामिनी के शरीर में जो एनर्जी है वो कोई आम एनर्जी नहीं है बल्कि वो स्प्रिचैल एनर्जी है ये एनर्जी मार्टिकल आर्ट्स योद्धा के लिए एक वरदान है तो वही एक आम आदमी के लिए पोईसिओं क्युकी एक मार्टिकल आर्ट्स योद्धा अपना कल्टीवेशन कर एक स्प्रिचैल एनर्जी को काबू करते है जिससे उनकी शक्ति और लेवल दोनों बढ़ता है तो वही एक आम आदमी कल्टीवेशन नहीं कर पता जिससे उसके शरीर स्प्रिचैल एनर्जी को बर्दास्त नहीं कर पति है और वो स्प्रिचैल एनर्जी उस आदमी के शरीर को अंदर से hi खाने लगता है जिसके कारन उस आदमी के शरीर दुबला होते जाता है और आखिर में वो आदमी वही मर जाता है दामिनी के साथ भी यही हो रहा है अगर हम जबरदस्ती उस एनर्जी को बहार निकालेंगे तो वो एनर्जी और स्पीड में दामिनी के शरीर को नुकसान पहुंचाएगी और आखिर में इसका मौत हो जायेगा.
मेरे बात को सुन कर सब हैरान हो गए तो वही सूर्यदेव अग्रवाल और धीरज अग्रवाल दोनों दामिनी के मरने के बात सुन कर दर जाते है तभी सूर्यदेव अग्रवाल मेरे सामने अपने दोनों हाथ जोड़ कर मुझसे बोलते है.
सूर्यदेव- प्लीज आप मेरी बेटी को बचा लीजिये अगर अपने ऐसा कर दिया तो मई हमेशा आपका एहसान मंद रहूँगा और आप मुझे जो भी करने के लिए बोलेंगे मई खुसी खुसी वो करूँगा.
मई- आप चिंता मत कीजिये मई आपकी बेटी को कुछ भी नहीं होने दूंगा ये समय आपको दुखी होने का नहीं है आप तो खुसी मनाइये की आपके यहाँ पर जल्द hi एक ग्रांडमास्टर का जनम होने वाला है.
मेरे बात को सुन कर सब हैरान तो हुए hi लेकिन साथ में कंफ्यूज भी हो गए की मई किस बात के लिए खुशियां मानाने के लिए बोल रहा हु तभी धीरज मुझसे बोलै.
धीरज- आपके बोलने का मतलब मई समझ नहीं पाया आप कहना क्या चाहते है और हम किस बात के खुसी मनाये.
धीरज के बात सुन कर मई मुस्कुराते हुए बोलै.
मई- अरे यार मई अभी hi तो बोलै की तुम्हारे घर जल्द hi एक मार्टिकल आर्ट्स के ग्रांडमास्टर का जनम होने वाला है.
इतना बोल मई उन लोगो के तरफ देखने लगा जब मई उनके चेहरा देखा तो पता चला की मेरी बात किसी को समझ में नहीं आया इस लिए मई फिर उनको समझते हुए बोलै.
मई- लगता है आप लोग मेरे बातो का मतलब समझे नहीं कोई बात नहीं मई अभी आप सब को समझाता हु दरअसल बात ऐसी है की आपके बेटी के शरीर में जो एनर्जी है वो स्प्रिचैल एनर्जी है और स्प्रिचैल एनर्जी से मार्टिकल आर्ट्स योद्धा के ताकत और लेवल बढ़ते है इस लिए मई दामिनी के अंदर जो स्प्रिचैल एनर्जी है उसे उसके शरीर में hi कैद कर दूंगा जिससे ये होगा की वो धीरे धीरे अभ्यास कर के थोड़ी थोड़ी एनर्जी को उस कैद से बहार निकलेगी और अपने मार्टिकल छमता को बढ़ाएगी ये एनर्जी इतना ज्यादा है की वो अगर सही से कल्टीवेशन करे तो ग्रांडमास्टर के ऊपर के लेवल पर भी जा सकती है इसी लिए मैंने आपको बोलै की आपके घर एक ग्रांडमास्टर को जनम होने वाली है.
मेरी बातो को सुन कर जहा सूर्यदेव अग्रवाल और धीरज अग्रवाल खुस थे तो वही डॉ. कैलाश और विशाल दोनों हैरान हो गए थे.
डॉ. कैलाश- क्या इस एनर्जी से ये भी हो सकता है ये तो मुझे पता hi नहीं था आप तो सच में एक महँ और चमत्कारी डॉक्टर है अब आप जल्दी से दामिनी का इलाज कीजिये मुझे भी आपको इलाज करते हुए देखने का बहुत मन है.
मई- ठीक है.
इतना बोल कर मई दामिनी के पास गया और अपने स्टोरेज रिंग से सिल्वर नीडल निकला और सरे नीडल को हवा में उछाल दिया फिर मई अपने शक्ति से उन सरे नीडल को कण्ट्रोल करते हुए दामिनी के एक्यूपंक्चर पॉइंट में डालने लगा थोड़ी देर में जब सरे नीडल दामिनी के एक्यूपंक्चर पॉइंट में लग गए तो फिर मई अपने शक्ति से दामिनी के शरीर में बाह रहे स्प्रिचैल एनर्जी को कण्ट्रोल करने लगा और उसको एक जगह पर इक्कठा करने लगा जब सरे एनर्जी एक जगह पर इक्कठा हो गयी तो मई उस पर एक सील चढ़ा दिया लेकिन मुझसे यहाँ पर एक गलती हो गया मई जब स्प्रिचैल एनर्जी पर सील चढ़ा रहा था तो ये ध्यान hi नहीं दिया की लगभग उन सरे स्प्रिचैल एनर्जी के 10% एनर्जी उस सील के बहार hi रह गया था खैर जब मेरा ध्यान सील के बहार वाले स्प्रिचैल एनर्जी पर गया तो मई उससे अपने शक्तियों से काबू करते हुए दामिनी के शरीर में चारो तरफ घूमना सुरु कर दिया जिसका कारन ये हुआ की वो स्प्रिचैल एनर्जी मेरे शक्तियों से मिल कर दामिनी के शरीर को अंदर से मजबूत करने लगे यहाँ तक की दामिनी के हड़िया भी मजबूत हो रही थी.
फिर उन सरे स्प्रिचैल एनर्जी जो की सील से बहार थी उनको दामिनी के शरीर की बोनस और मसल्स ने अपने अंदर सोख लिया इसके बाद मई दामिनी के शरीर से सरे सिल्वर नीडल को बहार निकल लिया इसके बाद मई ध्यान से दामिनी को देखने लगा जैसे hi दामिनी के शरीर में बाह रहे स्प्रिचैल एनर्जी पर सील चढ़ा तो दामिनी के चेहरे पर रौनक वापस आने लगी अब वो पहले से बेहतर लग रही थी फिर थोड़ी देर बाद hi दामिनी को होस आ गया दामिनी को होश आया देख कर दोनों बाप बेटे बहुत खुस हो गए और मेरे सामने अपने घुटनो पर बैठ कर बोले.
सूर्यदेव- आपका बहुत बहुत धन्यवाद् अपने मेरी बेटी को ठीक कर दिया मई आपके इस उपकार का बदला अपने जान दे कर भी चुकौ तो वो भी काम hi होगा आज से आपके लिए मेरे घर का दरवाजा हमेसा खुला रहेगा बस आप एक बार मुझे आवाज दीजियेगा मई आपके लिए वो सब करूँगा जो आप मुझे बोलेंगे.
धीरज- डॉ. प्रतिक मुझे माफ़ कर दीजिये मैंने आपके जैसे महँ डॉक्टर के इंसल्ट करने की कोशिश की.
मई- अरे आप लोग ये क्या कर रहे है प्लीज उठ जाइये ऐसे मेरे सामने झुक कर मुझे लज्जित न कीजिये और रही बात दामिनी के इलाज की तो एक डॉक्टर का धर्म होता है एक मरीज का इलाज करना इस लिए मई आप पर कोई उपकार नहीं किया है.
मेरे बात सुन कर सब मुझे गर्व के भाव से देखने लगे तभी डॉ. कैलाश मुझसे बोले.
डॉ. कैलाश- आप सच में एक महँ डॉक्टर है प्रतिक जी आज के ज़माने में ऐसा डॉक्टर मिलना बहुत मुश्किल है आपने आज ये साबित कर दिया की आपके जैसा महँ डॉक्टर अभी के ज़माने में कोई नहीं है आप जितना अच्छा डॉक्टर है उतना hi अच्छा इंसान भी है.
मई डॉ. कैलाश के मुँह से अपना तारीफ सुन कर शर्माने लगा क्युकी अपना तारीफ सुनने का मई अदि नहीं था खैर मई डॉ. कैलाश के बातो को इग्नोर करते हुए सूर्यदेव से बोलै.
मई- सूर्यदेव जी आपके बेटी को होश आ गया है अब आप जा कर उससे मिल सकते है और है मई आपको 1 गोली दे रहा हु आप अभी दामिनी को उस गोली को खिला दीजियेगा.
इसके बाद मई सबसे छुपा कर अपने स्टोरेज रिंग से इंस्टेंट रिकवरी पिल का 1 गोली निकला और सूर्यदेव अग्रवाल को दे दिया फिर सूर्यदेव अग्रवाल अपने बेटी के पास गए और उस गोली को उसे खिला दिए गोली खाने के करीब 5 मिनट बाद hi गोली अपना असर दिखाना सुरु कर दिया जिसके कारन दामिनी के शरीर में हुए सरे नुकशान धीरे धीरे कर के ठीक होने लगे जब वो पूरी तरह से ठीक हो गयी तो वो उठ कर अपने बीएड पर बैठ गयी ये देख कर सब हैरान हो गए और आँखे फाड् कर सब दामिनी को hi देखे जा रहे थे.
इधर दामिनी ने देख की सब उसे घर रहे है तो वो अपने डैड से बोली.
दामिनी- डैड आप सब इस तरह से मुझे क्यों घर कर देख रहे है क्या कोई बात है क्या और वैसे ये लोग कोण है और मेरे रूम में क्या कर रहे है.
दामिनी के बात सुन कर सूर्यदेव खुसी से दामिनी के पास गए और उसे देखते हुए बोले.
सूर्यदेव- बीटा तुम ठीक तो हो न तुम इस तरह से उठ कर बैठ क्यों गयी तुम अभी रेस्ट करो.
सूर्यदेव के बात सुन कर दामिनी बोली.
दामिनी- है डैड मई एकदम ठीक हो गयी हु अब मेरे शरीर में कोई दर्द भी नहीं है अब मई खुद पहले से भी ज्यादा ताकतवर महसूस कर रही हु मुझे ऐसा लग रहा है के मई अपने एक मुके से किसी पहाड़ को भी तोड़ सकती हु वैसे डैड अपने बताया नहीं की ये लोग कोण है और मेरे रूम में क्या कर रहे है.
सूर्यदेव- बीटा ये है डॉ. प्रतिक इन्होने hi तुम्हे ठीक किये है नहीं तो मई तो मन hi चूका था की तुम अब कभी ठीक नहीं होगी और ये भी एक डॉक्टर hi है इनका नाम है डॉ. कैलाश ये भी यहाँ पर तुम्हारा इलाज करने hi आये थे.
सूर्यदेव के बात सुन कर दामिनी मेरे सामने अपने हाथ जोड़ कर बोली.
दामिनी- थैंक यू डॉ. डॉक्टर प्रतिक आपने किसी फ़रिश्ते की तरह आ कर मेरी जान बचा ली.
मई- अरे इसमें थैंक यू वाली कोई बात नहीं है मेरा तो फ़र्ज़ hi है मरीजों को इलाज करना वैसे आप मुझे बता सकती है की आप बीमार होने से पहले ऐसा कुछ खायी थी जो आपको नहीं खाना चाहिए था.
मेरे बात को सुन कर दामिनी कुछ सोच में पद गयी फिर कुछ देर तक सोचने के बाद बोली.
दामिनी- है यद् आया जब मई अपने फ्रेंड्स के साथ शिमला गयी थी तब हम लोग एक पहाड़ पर घूमने के लिए गए थे वही पर मई अपने दोस्तों के साथ बिछड़ गयी थी और जंगल के अंदर चली गयी थी तब मुझे वह पर एक फल मिला था जो देखने में एक डैम एप्पल की तरह था तो मई उसे से एप्पल समझ कर खा गयी थी लेकिन मई जैसे hi मैंने वो फल खाया वैसे hi मुझे लगा की मेरे शरीर में कोई जलती हुयी लावा दाल दिया हो फिर मुझे पता hi नहीं चला की कब मई वह पर गिर कर बेहोश हो गयी फिर करीब 1 घंटे बाद मुझे होश आया तो सब कुछ सामान्य था अब मुझे न कोई दर्द हो रहा था और न hi जलन हो रही थी इस लिए मई उन सब बातो को वही पर छोड़ कर अपने दोस्तों को ढूंढा और फिर वापस मुंबई आ गयी.
दामिनी के बात सुन कर सबको समझ में आ गया था की उसकी शरीर में वो स्प्रिचैल एनर्जी कहा से आयी थी फिर मई उसे समझते हुए बोलै.
मई- देखो दामिनी अपने जो फल खाया था वो कोई आम फल नहीं था वो एक दिव्या फल था जिसमे बहुत साडी स्प्रिचैल एनर्जी थी ये तो अच्छा हुआ की मई समय रहते आपका इलाज कर दिया नहीं तो सायद आपका बचना भी मुश्किल हो जाता.
दामिनी- एक बार फिर से आपको थैंक यू अगर आप न होते तो मई जिन्दा नहीं रहती अगर आपको मुझसे या मेरे परिवार से कभी भी कोई भी काम होगा तो एक बार जरूर यार कीजियेगा.
मई- वैसे मई आपसे एक और बात बोलना तो भूल hi गया आपके से स्प्रिचैल एनर्जी निकली नहीं है बल्कि मई उसे अंदर hi सील कर दिया है अब आपको डेली मैडिटेशन करना होगा और मई आपको एक मैरिटल आर्ट्स का तकनीक दूंगा जिसे आपको डेली अभ्यास करना होगा जब आप डेली मैडिटेशन करने के बाद उस तकनीक का अभ्यास करेंगी तो धीरे धीरे आपके शरीर में सील हुआ स्प्रिचैल एनर्जी आपके शरीर से मिल जायेगा और आप बहुत ताकतवर हो जाएँगी और 1 साल के अंदर hi आप एक ग्रांडमास्टर बन जाएँगी.
मेरे बात को सुन कर दामिनी खुस हो गयी और वो फिर से मुझे थैंक यू बोलने लगी फिर मई धीरज से एक पेन और नोटबुक मंगाया और उस पर एक मार्टिकल आर्ट्स का तकनीक लिख कर दे दिया इधर डॉ. कैलाश कब से मुझसे बात करने की कोशिश कर रहे थे लेकिन वो पहले मुझसे जैसा बेहेवियर किया था उसे देख कर उनको मुझसे कुछ बोलने की हिम्मत नहीं हो रही थी फिर वो खुद में बहुत हिमत जूता कर मुझसे बोले.
डॉ. कैलाश- डॉ. प्रतिक जी मई यहाँ जिस काम से आया था वो तो आप कर दिए इस लिए अब मुझे यहाँ रुकने का कोई मतलब नहीं बनता इस लिए मई अब चलता हु लेकिन जाने से पहले क्या आप मुझे अपना no. दे सकते है दरअसल मुझे आपसे एक बहुत जरुरी काम था लेकिन मई उसे आपको यहाँ नहीं बता सकता.
मई- ठीक है.
फिर मई डॉ. कैलाश को अपना no. दे दिया इसके बाद वो वह से चले गए उनके जाने के बाद मई विशाल को इशारा किया तो विशाल सूर्यदेव अग्रवाल के पास जा कर बोलै.
विशाल- सूर्यदेव जी दरअसल मई और प्रतिक आपके पास किसी सुर काम से आये थे.
विशाल के बात सुन कर सूर्यदेव अग्रवाल चौक गए और फिर वो चौकते हुए बोले.
सूर्यदेव- है मुझे यद् आया अपने मेरे पास सायद उसी काम से रिलेटेड बात करने के लिए कॉल किया था लेकिन मई अपनी बेटी क्र बीमारी के टेंसन में था इस लिए आपसे बात नहीं कर पाया अब आप मुझे बता सकते है क्या काम था आपको मुझसे अगर मेरे बस में हुआ तो मई आपका मदत जरूर करूँगा.
सूर्यदेव अग्रवाल के बात सुन कर विशाल थोड़ी देर चुप रहा फिर वो कुछ सोचते हुए बोलै.
विशाल- दरअसल काम मुझे नहीं प्रतिक का था.
सूर्यदेव- है प्रतिक जी आप बताइये आपको मुझसे क्या काम था मुझसे आपका वो काम करने में बहुत खुसी होगी.
सूर्यदेव के बात सुन कर मई उनसे बोलै.
मई- दरअसल मई एक आपके पास इस लिए आया था की मुझे कुछ सामने का ऑक्शन करवाना था और मई चाहता हु की वो ऑक्शन इतना बड़ा हो की उसमे भाग लेने के लिए देश के हर कोने से आदमी आये.
मेरे बात को सुन कर सूर्यदेव अग्रवाल चौक गए फिर वो मुझसे बोले.
सूर्यदेव- क्या मई जान सकता हु की आप ऐसी कोण सी चीज का ऑक्शन करवाना चाहते है जिसमे आप पुरे देश भर से आदमी बुलाने के लिए बोल रहे है.
मई- है है क्यों नहीं दरअसल मई ऑक्शन में 5 चीजे ऑक्शन करवाना चाहता हु जिसमे पहला चीज है वो दवा है जो मई आपको दामिनी को खिलने के लिए बोलै था उस दवा को मई इंस्टेंट रिकवरी पिल बोलता हु इसको खाने से शरीर में अगर किसी तरह का कोई भी नुकसान हुआ है तो वो 5 मिनट के अंदर hi ठीक हो जाता है.
मई अभी बोल hi रहा था की तभी मेरे बात को बिछ में काट कर धीरज बोलै.
धीरज- क्या सच में वो दवा इतना खास है.
मई- है और उसका रिजल्ट आपके सामने है आपको क्या लगता है की आपकी बहन के शरीर में अंदर के इंटरनल झखम अपने आप भर नहीं वो सब मेरे दवा का कमल था और मेरी दूसरी चीज है है लेवल उप गोली इसको खाने से कोई योद्धा अपने लेवल एक इ स्टार ऊपर बढ़ा सकता है है लेकिन ये काम सिर्फ हाफ ग्रांडमास्टर तक hi करता है.
सूर्यदेव- क्या सच में आपके पास ऐसा दवा है.
मई- है सच में वो दवा मेरे पास है मई आपको सारा चीज दिखाऊंगा पहले आप मेरे सरे सामने के बारे में जान लीजिये मेरी तीसरी चीज है है संजीवनी गोली इसको खाने से आपके शरीर को बहुत तरह के फायदे मिलेंगे इसको खाने से लोग बूढ़ा नहीं होते है और बूढ़े लोगो के ऊपर जो झुरिया आ जाती है उसे भी ये दवा ठीक कर देगी और आपके सर से बल गायब हो गए है या विगत हो गए है तो ये दवा आराम से बल ऊगा देगी और कला कर देगी इसको खाने के बाद अगर आपकी उम्र 50 साल हो रहा है तो आपको इस दवा को खाने के बाद आप 50 साल की नहीं बल्कि 30 साल के लगेंगे और सबसे बड़ी बात की इस दवा को खाने के बाद आपको किसी भी तरह के बीमारी नहीं होगी इसका और भी कई तरह के फायदा है.
मेरे बातो को सुन कर वह पर मौजूद सरे लोग हैरान थे सिर्फ विशाल को छोड़ कर क्युकी उसे पहले से hi सब पता था खैर मई बात को आगे बढ़ाते हुए बोलै.
मई- मेरी चौथी चीज एक स्टोरेज रिंग है इस स्टोरेज रिंग के अंदर लगभग 30 फ़ीट जगह होगी जिसमे आप अपने सरे सामान को रख कर कही भी आ जा सकते है और मेरी पांचवी और आखरी चीज है एक दिव्या तलवार जिसमे आग की शक्ति है आप इस तलवार के वॉर से पूरी एक सेना को रख में बदल सकते है.
मेरे बात को सुन कर सूर्यदेव अग्रवाल धीरज अग्रवाल और दामिनी तीनो के तीनो हैरान हो गए उन्हें मेरी बातो पर यकीं hi नहीं हो रहा था तभी धीरज मुझसे बोलै.
धीरज- आप मुझसे मजाक कर रहे है न प्रतिक जी क्युकी ये स्टोरेज रिंग और दिव्या तलवार तो सिर्फ कहानियो में hi होते है असल जिंदगी में ये सब थोड़े न होता है.
धीरज के बात सुन कर दामिनी और अग्रवाल भी उसे है में है मिलाने लगे उन सब को मेरी बातो पर यकीं न करते हुए देख कर मई उनके सामने hi अपने स्टोरेज रिंग से एक लौ लेवल का स्टोरेज रिंग निकला और साथ में एक तलवार भी निकल लिया जिसमे एक तत्त्व की शक्ति थी.
जब उन लोगो ने मुझे एक अंगूठी के अंदर से ये सब निकलते हुए देखा तो सब हैरान हो गए और उन्हें मेरे बातो पर बिस्वास होने लगा फिर मई उस तलवार में सोने स्प्रिचैल एनर्जी को डाला तो वो तलवार एक्टिव हो गया और उसमे से आग निकलने लगी ये देख कर तो वो लोग और हैरान हो गए मई उनको इस तरह से हैरान देख कर मुस्कुराते हुए बोलै.
मई- आपने देखा न की मई इन सब चीज कर अपने अंगूठी से निकला है दरअसल मेरी ये अंगूठी भी एक स्टोरेज रिंग है और आप सब इस दिव्या तलवार के करिश्मा भी देख लिया तो अब तो आपको मेरे बातो पर बिस्वास हो गया होगा न.
मेरी बात को सुन कर वो सब अपने होश में आये और सूर्यदेव अग्रवाल मुझसे बोले.
सूर्यदेव- आप सच में एक महँ आदमी है क्युकी ये सब दिव्या सामान तो सिर्फ एक महँ आदमी के पास hi होगा न लेकिन मुझे ये समझ में नहीं आ रहा है जब आपके पास इतने अनोखे सामान है तो आप इसे ऑक्शन क्यों करवाना चाहते है.
मई सूर्यदेव के बाटे सुन कर कुछ सोचने लगा फिर उनको जबाब देते हुए बोलै.
मई- दरअसल मुझे बहुत सरे पैसे की जरुरत है इस लिए मई इसे ऑक्शन करवाना चाहता हु तो क्या आप मेरे इन सरे सामानों को ऑक्शन करवाने में मदत करेंगे आप चिंता मत कीजिये मेरे सामान चाहे जितने में भी ऑक्शन हो मई उसका 15% आपको दे दूंगा.
मेरे बात को सुन कर वो तीनो खुस हो गए फिर सूर्यदेव अग्रवाल मुझसे बोले.
सूर्यदेव- मई इनका ऑक्शन जरूर करवाऊंगा और मुझे इनको ऑक्शन करवाने के लिए कोई कमीशन फी भी नहीं चाहिए क्युकी अगर मई इनका ऑक्शन करवा दिया तो वैसे भी मेरे ऑक्शन बिज़नेस का नाम पुरे दुनिया में फैल जायेगा क्युकी आज तक किसी ने भी ऐसे सामने का ऑक्शन नहीं करवाया है.
मई- सॉरी सूर्यदेव जी लेकिन मई ये काम आपसे फ्री में नहीं करवाना चाहता हु इस लिए आपको 15% तो लेना hi होगा.
सूर्यदेव- जब आप इतना बोल रहे है तो ठीक है मई ऑक्शन करवाने के लिए तैयार हु अब आप इनका स्टार्टिंग प्राइस भी बता दीजिये.
मई- ठीक है दिव्या तलवार का स्टार्टिंग प्राइस 500 करोड़ और स्टोरेज रिंग का 200 करोड़ होगा रही बात उन गोलियों की तो संजीवनी गोली का 50 लाख और बक्ति दोनों का 30 30 लाख होगा.
मेरे बात को सुन कर वो लोग अपने गर्दन को है में हिलने लगे फिर सूर्यदेव अग्रवाल मुझसे बोले.
सूर्यदेव- मई आज hi पुरे इंडिया में ये खबर फैला दे रहा हु की आज से 10 दिन बाद अग्रवाल फॅमिली एक ऑक्शन ऑर्गेनिसे करेगा जिसमे एक दिव्या चीज भी होगा.
मई- ठीक है अब मेरे यहाँ का काम ख़तम हो गया है इस मई अब चलता हु.
फिर मई वह से जाने से पहले मई अपने रिंग से 3 संजीवनी गोली निकला और उन तीनो को दे दिया और बोलै.
मई- ये संजीवनी गोली है आप तीनि सोने से पहले इस गोली को खा लीजियेगा इससे आप तीनो को बहुत फायदा होगा ये मेरे तरफ हमारे डील फाइनल होने का आप सबके लिए गिफ्ट है.
इतना बोल कर मई और विशाल वह से निकल गए फिर रस्ते में मैंने देखा की बहुत सरे पुलिस वाले सभी आते जाते व्हीकल को चैक कर रहे थे ये देख कर मई विशाल से पूछा.
मई- विशाल भाई ये लोग आज इतने स्ट्रिक्टली व्हीकल क्यों चेक कर रहे है आज सहर में कुछ प्रॉब्लम हुयी है क्या.
मेरे बात को सुन कर विशाल उन पुलिस वालो को देखते हुए बोलै.
विशाल- अरे यार वो जतिन भानुशाली है न जिसने मुझसे स्टोन गैंबलिंग के समय चैलेंज लगाया था उसी के भाई का कल रत को उसी फार्महाउस पर मर्डर हो गया है और उसके साथ करीब 70 लोग थे जो आग में जल कर मरे गए सायद पुलिस वाले उसी का छानबीन कर रहे है.
मई- वह अच्छा ऐसा है क्या.
फिर मुझे यद् आया की जब मई रॉकी को मर रहा था तो उसने मंटू यादव के साडी गैरकानूनी धंधो के बारे में बताया था जिसे मई रिकॉर्ड कर लिया था फिर मई कुछ सोचते हुए विशाल से बोलै.
मई- विशाल भाई क्या आपके जान पहचान में कोई ऐसा पुलिस अफसर है जो ईमानदार हो और ुचे पद पर हो.
मेरे बात को सुन कर विशाल कुछ सोचने लगा फिर कुछ देर तक सोचने के बाद मुझसे बोलै.
विशाल- है एक है तो लेकिन तुमको उससे क्या काम है.
मई- मेरे पास किसी के गलत कारनामो का साबुत है और मई चाहता हु की उसे कड़ी से कड़ी सजा हो.
मेरे बात को सुन कर विशाल हैरान होते हुए बोलै.
विशाल- क्या तुम सच बोल रहे हो (फिर कुछ सोचते हुए) लेकिन वो है कोण जिसके गलत कारनामो का साबुत तुम्हारे पास है.
विशाल के बात सुन कर मई कुछ सोचते हुए बोलै.
मई- उसका नाम मंटू यादव है और मेरे पास मंटू यादव और उसके बेटे के गैरकानूनी धंधो का सारा साबुत है और मई चाहता हु की उसे कड़ी से कड़ी सजा मिले.
मेरे बात को सुन कर विशाल हैरान हो गया और फिर कुछ सोचते हुए बोलै.
विशाल- ये कही वही मंटू यादव तो नहीं है जो पहले एक गैंगस्टर हुआ करता था और अब वो एक मला है.
मई- है वही मंटू यादव है.
मेरे बात को सुन कर विशाल कुछ सोचते हुए बोलै.
विशाल- हम्म मामला तो बहुत गंभीर है तुम्हे पुलिस के पास जाने से अच्छा है की उसके सरे साबुत को इंटरनेट पर दाल दी जिससे तुम्हारे बारे में किसी को पता भी नहीं चलेगा और पुलिस वाले मंटू को छोड़ेंगे भी नहीं.
मई- है तुमने सही बोलै मई ऐसा hi करता हु तुम एक काम करो मुझे एक अच्छे से शॉप पर ले कर चलो मुझे एक अच्छा सा लैपटॉप लेना है.
विशाल- ठीक है चलो.
इसके बाद हम दोनों एक लैपटॉप के शॉप पर गए वह से एक एप्पल का लैपटॉप लिया फिर वह से निकल गए इसके बाद मई अपने मोबाइल से लैपटॉप में नेट कनेक्ट किया और एक फेक ईद बना कर वो वीडियो उस पर दाल दिया और निचे लिखा मुंबई पुलिस वालो को सुपर बॉय का गिफ्ट जैसे hi वीडियो इंटरनेट पर आया तहलका माछ गया अब वो वीडियो इंटरनेट पर इतना छ गया की उसे हर कोई देख लिया था उस वीडियो को जो भी देख रहा था वो मंटू यादव को गली दे रहा था.
इधर मुंबई के कम हाउस में कम अपने चेयर पर बैठ कर कुछ काम कर रहे थे तभी उनका प् वह पर आया और उनको वीडियो दिखाया जिसे देख कर वो घुसे से बोले.
कम- इस मंटू यादव ने तो हद hi कर दिया अब अपपोसिशन पार्टी वाले इस बात को लेकर हंगामा मचाएंगे और अगर ये मेरे पार्टी में रहा तो हमारा पार्टी बदनाम हो जायेगा इस लिए इसे पार्टी से निकलना जरूर हो गया है तुम अभी के अभी मंटू यादव को मला पद से हटा दो और मंटू यादव और उसके बेटे खिलाफ अरेस्ट वारंट निकालो और है कमिश्नर को कॉल कर के बोलो की वो किसी भी हालत में गिरफ्तार हो जाना चाहिए.
कम के बात सुन कर उनका प् कुछ सोचते हुए बोलै.
प्- लेकिन सर अगर हम मंटू यादव को मला के पद से हटाएंगे तो बहुत प्रॉब्लम हो जाएगी क्युकी मंटू यादव के हाथ में हमारे पार्टी के 5 मला है और अगर हम मंटू यादव को निकल दिए तो वो सब हमारे पार्टी छोड़ कर ओप्पोसिशन के पार्टी में चले जायेंगे.
प् के बात सुन कर कम सोच में पद गया फिर वो थोड़ी देर सोचने के बाद बोलै.
कम- तुम उन सब की चिंता मत करो मई उन सब को संभल लूंगा.
प्- लेकिन सर आप उनको संभालेंगे कैसे क्युकी जहा तक मई जनता हु वो मंटू यादव के लिए बहुत वफादार है.
कम- वो चाहे कितने भी वफादार हो लेकिन जब उनके पास मला का पद या फिर दोस्ती चुनने का प्रस्ताव आएगा तो वो लोग अपना मला का पद hi एक्सेप्ट करेंगे और साथ में मई उन्हें बहुत सरे पैसा भी दूंगा.
कम के बात सुन कर वो प् बोलै.
प्- ठीक है सर लेकिन अब मुझे क्या करना है.
कम- तुम एक काम करो सबसे पहले तुम मंटू यादव के खिलाफ अरेस्ट वारंट निकालो और कमिश्नर को कॉल कर के उसे गिरफ्तार करने के लिए बोलो और है मंटू यादव को भी कॉल कर के बोल देना की उसे मला के पद से हटा दिया गया है और रही बात इसके दोस्तों की तो उन लोगो को कॉल कर के बोल दो की ये अगर उन्हें मला के पद पर बने रहना है तो वो लोग मंटू सिंह के साथ छोड़ दे इससे उन लोगो को न सिर्फ मला के कुर्शी बचेगी बल्कि पैसे भी मिलेंगे.
कम के बात सुन कर प् ने तुरंत कमिश्नर को कॉल लगाया और उसे कम का आर्डर सुना दिया जिसे सुन कर कम तुरंत अपने अधिकारियो को बुला कर मंटू यादव को गिरफ्तार करने के लिए बोल दिया इसके बाद वो मंटू यादव के दोस्तों को कॉल कर के पहले धमकाया फिर उन्हें फायदे की बात बताई जिससे वो लोग कम के साथ देने के लिए तैयार हो गए फिर प् ने आखिर में मंटू यादव को कॉल लगा दिया.
इधर एक बंगलो में मंटू यादव बैठ कर शराब पि रहा था तभी उसका एक आदमी भागते हुए आता है और बोलता है.
आदमी- बॉस बॉस एक गड़बड़ हो गयी है.
उस आदमी के बात सुन कर मंटू यादव झलते हुए बोलै.
मंटू- क्या आफत आ गयी जो तुम मुझे अभी डिस्टर्ब करने के आ गए तुम जानते हो न की मई इस समय किसी से भी मिलना पसंद नहीं करता फिर भी तुम यहाँ पर आ गए.
मंटू यादव के बात सुन कर वो आदमी डरते हुए बोलै.
आदमी- बॉस बात hi ऐसी है की मुझे इस वक़्त यहाँ पर आना पड़ा.
अपने आदमी के बात सुन कर मंटू यादव भी समझ गया की कोई सीरियस बात है तभी ये यहाँ पर आया है इस लिए उस आदमी से बोलै.
मंटू- ठीक है बताओ क्या बात है जो तुम इतना घबराये हुए हो.
आदमी- सर आपके खिलाफ एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमे रॉकी भानुशाली आपके सरे गैरकानूनी काम का पर्दाफाश कर रहा है.
अपने आदमी के बात सुन कर मंटू यादव के सारा नशा hi उतर गया और वो तुरंत अपने आदमी से बोलै.
मंटू- कहा है वो वीडियो मुझे दिखाओ.
आदमी मंटू सिंह के बात सुन कर तुरंत अपने मोबाइल में वो वीडियो प्ले कर देता है उस वीडियो में रॉकी ने मंटू यादव और उसके बेटे के खिलाफ बहुत साडी बाटे बताई थी और साथ में मंटू यादव और कुंदन यादव के कुछ गलत कारनामो के वीडियो भी चल रहा था जो मैंने रॉकी के मरने के बाद उसके मोबाइल से और लैपटॉप से निकला था उन सरे वीडियो को देख कर मंटू यादव घुसे से पागल हो गया और उस मोबाइल को जमीं पर पटकते हुए बोलै.
मंटू- मई उस रॉकी को और उसके परिवार को जिन्दा नहीं छोडूंगा सेल की हिमत कैसे हुयी मेरे खिलाफ ऐसा बोलने की.
मंटू के बात को सुन कर वो आदमी बोलै.
आदमी- बॉस रॉकी अब इस दुनिया में नहीं रहा उसे और उसके साथियो को किसी ने कल रत उसी के फार्महाउस में जला कर मर दिया और मुझे लगता है की रॉकी को जिसने भी मारा है उसी ने आपका वो वीडियो भी लीक किया है.
अभी ये लोग बात कर hi रहे थे की तभी मंटू यादव के मोबाइल पर किसी का कॉल आने लगा जब उसने देखा की कॉल पुलिस स्टेशन से आ रहा है तो वो तुरंत कॉल रइवे कर लिया और बोलै.
मंटू- हैल्लो है बोलो.
कॉल पर- बॉस आप अभी जहा कही भी हो तुरंत अंडरग्राउंड हो जाओ क्युकी आपके खिलाफ अरेस्ट वारंट निकला है और पुलिस कभी भी आपके घर पर पहुंच रही होगी.
इतना बोल कर वो आदमी कॉल कट कर देता है जैसे hi वो कॉल कट करता है फिर से उसके no. कॉल आने लगते जब वो अपना मोबाइल देखता है पता है की ये कॉल कम क्र प् का था इस लिए उसने तुरंत कॉल उठा लिया और बोलै.
मंटू- हैल्लो है बोलिये.
प्- पार्टी के हाई कमांड ने फैसला किया है की तुम्हे मला के पोस्ट से हटा दिया जाये इस लिए अभी से तुम मला नहीं रहे.
इतना बोल कर प् तुरंत कॉल कट कर दिया इधर प् के बात सुन कर मंटू यादव घुसे बौखला जाता है और घुसे से बोलता है.
मंटू- सालो को इतनी हिमत hi गयी की मुझे मला के पोस्ट से निकले मई किसी को भी नहीं छोडूंगा एक एक को देख लूंगा (फिर उस आदमी से) जाओ और जाकर कुंदन को बोल दो की वो कुछ दिन के लिए अंडरग्राउंड हो जाये और है वो रॉकी मारा है उसके परिवार वाले नहीं अपने आदमियों को ले कर जाओ सुर रॉकी के बाप और भाई को उठा कर अपने अड्डे पर ले कर आओ और है जिसने भी मेरी वीडियो लीक की है उसके बारे में पता लगाओ.
आदमी- जी बॉस हो जायेगा.
इतना बोल कर वो आदमी वह से चला जाता है इधर मंटू यादव घुसे से बगल हो रहा था वो घुसे में अपने आप से hi बोलै.
मंटू- ये जिसने भी किया है उसे और उसके परिवार को मई जिन्दा नहीं छोडूंगा और जिसने भी मेरे खिलाफ अरेस्ट वारंट निकला है उसके तो मई तड़पा तड़पा कर मरूंगा.
इतना बोल कर मंटू यादव अपने घर के पीछे के रस्ते से बहार निकल गया और अंडरग्राउंड हो गया उसके घर से जाने के करीब आधे घंटे बाद वह पर पुलिस आयी और पुरे घर को छान मारा लेकिन मंटू यादव और कुंदन यादव उसे कही भी नहीं मिला थक हर कर कमिश्नर ने कम के प् के पास कॉल लगाया और बोलै.
कमिश्नर- सर मंटू यादव अपने घर छोड़ कर भाग गया हमें न उसका बीटा मिला और न hi वो खुद तो अब मुझे क्या करना है सर.
कमिश्नर के बात सुन कर प् कुछ सोचते हुए बोलै.
प्- तुम लोग शहर से बहार जाने वाले रस्ते को ब्लॉक कर दो और है उसके जितने भी प्रॉपर्टी है चाहे वो घर हो फार्महाउस हो या फिर कंपनी सभी को सील कर दो.
प् के बात सुन कर कमिश्नर ok बोल कर कॉल कट कर दिया इसके बाद उसने वही किया जो उसे प् ने करने के लिए बोलै था पुरे न्यूज़ चैनल में ये बात फैल गयी की मंटू यादव को मला के पोस्ट से हटा दिया गया और उसके सरे सम्पति को जप्त कर लिया गया है.
इधर पुस्पा अपने घर से निकल कर मार्किट जा रही थी अभी वो कुछ दूर hi गयी थी की तभी रस्ते में तो वही रस्ते में एक साधु अपने आसान लगाए हुए बैठा था उस साधु ने जब पुस्पा को आये देखा तो उसके चेहरे पर एक कुटिल मुस्कान आ गयी और वो पुस्पा को आवाज देते हुए बोलै.
साधु- बेटी तुम जरा इधर आना.
पुस्पा ने जब देखा की एक साधु उसे बुला रहा है तो वो चौक गयी पहले तो उसका मन हुआ की वो उस साधु के पास न जाये लेकिन पुस्पा इन साधु और बाबाओ को बहुत मंटू थी इस लिए वो देर सोचने के बाद उस साधु के पास चली गयी और अपने हाथ जोड़ते हुए बोली.
पुस्पा- जी बाबा अपने मुझे बुलाया कुछ काम था क्या मुझसे आपको.
साधु- नहीं बेटी मुझे तुमसे कुछ काम नहीं था लेकिन मई देख प् रहा हु की तुम्हारे परिवार पर एक बहुत बड़ा संकट आने वाला है इस लिए मई सोचा की तुम्हे उस संकट से पहले hi जगह कर दू.
उस साधु के बात सुन कर पुस्पा घबरा गयी और वो उस साधु के सामने अपना हाथ जोड़ते हुए बोली.
पुस्पा- मेरे परिवार पर कैसी संकट आने वाली है बाबा और मई इस संकट से अपने परिवार को कैसे बचा सकती हु.
पुस्पा के बात सुन कर वो बाबा अपने आँखे बंद कर के कुछ मंत्र पढ़ने लगा फिर कुछ देर बाद वो अपने आँखे खोलते हुए बोलै.
साधु- बेटी मुझे एक बात बताना क्या तुम्हारी बड़ी बेटी के सदी कुछ महीने पहले hi हुयी है क्या और तुम्हारा दामाद घरजमाई बन कर तुम्हारे यहाँ रहता है क्या.
पुस्पा ने जब उस साधु के मुँह से ये सुना तो हैरान हो गयी और वो मन hi मन सोचने लगी की इसे कैसे पता की मेरी बेटी के सदी कुछ महीने पहले hi हुयी है और मेरा दामाद घरजमाई बन कर मेरे hi घर ओर रहता है जरूर इस बाबा में कुछ शक्ति है.
पुस्पा- जी बाबा अपने सही बोलै लेकिन अपने ये बताया hi नहीं की मेरे परिवार पर संकट कैसे आने वाली है.
साधु- तुम्हारे उसी दामाद के कारन तुम्हारे परिवार पर संकट आने वाला है.
साधु के बात सुन कर पुस्पा हैरान हो गयी.
पुस्पा- क्या... मई जानती थी की वो एक no. का मनहूस है मई उसे अभी के अभी अपने घर से निकल दूंगी.
पुस्पा के बात सुन कर वो साधु बोलै.
साधु- बेसक तुम उसे अपने घर से निकल देना लेकिन अभी नहीं अभी तुम अपने घर में इस मूर्ति को रख देना जिससे तुम्हारे घर पर आये हुए संकट तक जायगा इसके बाद तुम उसे घर से निकल देना अगर तुम उसे पहले hi घर से निकल दी तो तुम्हारे घर का संकट और बढ़ जायेगा.
इतना बोल कर साधु अपने झोले से एक मूर्ति निकल कर पुस्पा को दे देता है जिसे पुस्पा अपने हाथो में पकड़ कर साधु के आगे घुटने पर बैठ कर बोलती है.
पुस्पा- थैंक यू बाबा इस मूर्ति के लिए.
फिर पुस्पा अपने पर्स से कुछ पैसे निकल कर साधु को देने लगता है तो वो साधु उससे वो पैसा नहीं लेता है और वो बोलता है.
साधु- मई तुम्हारा हेल्प पैसो के लिए नहीं किया है बल्कि इंसानियत के लिए किया है.
उस साधु के बात सुन कर पुस्पा को उसपे और भी ज्यादा बिस्वास हो जाता है इसके बाद वो साधु को प्रणाम कर के वह से निकल जाती है पुस्पा को वह से जाते hi वो साधु जोर जोर से हसने लगता है और बोलता है.
साधु- हाहाहाहा.. कितना आसान होता है इन जैसे औरतो को मुर्ख बनाना (फिर कुछ देर रुक कर) हाहाहा.. प्रतिक तुमने क्या सोचा की तुम अपने घर के बहार सुरक्षा कवच लगा डोज तो मई तुम्हारे घर वालो को और तुमको कुछ नहीं कर पाउँगा लेकिन तुमने गलत सोचा मई तांत्रिक गोरखनाथ हु मुझसे बचना इतना भी आसान नहीं है अब जल्द hi तुम और तुम्हारे परिवार वाले सरे के सरे मरे जाओगे हाहाहाहा.
इधर पुस्पा को तो मालूम hi नहीं था की वो जो अपने साथ ले कर जा रही है उससे उसके परिवार का संकट दूर नहीं होगा बल्कि उसके कारन उसका परिवार और भी मुसीबत में पड़ने वाली थी इन सब बातो से अनजान पुस्पा अपने घर पर आ कर उस मूर्ति को अपने घर में बने मंदिर में रख देता है जिसके कारन उसके उसके घर के ऊपर जो सुरक्षा कवच चढ़ा था वो टूट जाता है और पुरे घर में नेगेटिव एनर्जी फैल जाती है.
इधर मई वो सरे वीडियो सोशल मीडिया पर दाल डालने के बाद मई लैपटॉप को अपने स्टोरेज रिंग में रख दिया अब शाम होने को आ गयी थी इस लिए मई विशाल से बोलै.
मई- विशाल भाई मुझे किसी काम से कही और जाना है इस लिए आप मुझे यही पर उतर दीजिये.
मेरे बात को सुन कर विशाल कार को वही पर रोक देता है जब मई कार से उतर गया तो विशाल अपने कार को ले कर वह से चला गया विशाल के जाने के बाद मई अपने दोस्तों से मानसिक कनेक्शन किया और उनसे पूछा.
मई- तुम सब एक जगह पर आ गए हो.
मेरे बोलने के कुछ देर बाद उधर से रोहन के आवाज आया.
राहों- है हम एक एक जगह पर आ गए है.
मई- ठीक है मई कुछ सेकंड में वह पर आता हु तुम तैयार रहना आश्रम चलने के लिए.
इतना बोलने के बाद मई अपना मानसिक कनेक्शन कट किया और वह से गायब हो कर उन लोगो के पास पहुंच गया मई जब उनसे मानसिक कनेक्शन के द्वारा बात कर रहा था तभी मुझे उनका लोकेशन पता चल गया था जब मई उनके पास पंहुचा तो देखा की वो सब तैयार hi बैठे थे इस लिए मई अपने स्पेस शक्ति से वह पर एक पोर्टल खोला और उनसे बोलै.
मई- चलो चलते है गुरुदेव के पास.
इतना बोल कर मई उस पोर्टल के अंदर चला गया मेरे जाने के बाद कारन घुसे से बोलै.
कारन- साला कमीना न ही न हैल्लो सीधे यहाँ आया और हमें आर्डर देते हुए चला गया उसे ये नहीं लगा की इतने दिन के बाद अपने दोस्तों से मिला है तो थोड़ा बात hi कर ले सेल को तो मई आश्रम में बताऊंगा.
इतना बोल कर वो भी पोर्टल के अंदर चला गया ऐसे hi सब एक एक कर के पोर्टल के अंदर चले गए थोड़ी देर बाद हिमालय के एक आश्रम में एक पोर्टल खुला और उसमे से पहले मई बहार आया मुझे बहार आने के थोड़ी देर बाद मेरे सरे दोस्त बहार आ गए जब मैंने देखा की मेरे सरे दोस्त बहार आ गए है तो मई उनसे बोलै.
मई- मई जनता हु की तुम सब को मुझसे बहुत शिकायत है क्युकी हमलोगो को यहाँ से जाने के बाद मई तुम सब से एक बार भी नहीं मिला लेकिन अभी हमारे पास समय नहीं है इस लिए हम सबसे पहले गुरुदेव से मिलते है इसके बाद हम सब आपस में बैठ कर अपना अपना गिला सिकवा दूर करेंगे.
मेरी बात को सुन कर सबने अपना सर है में हिलाया और फिर हम सब आश्रम के अंदर आ गए और गुरुदेव के रूम के पास चले आये अभी हम दरवाजा खटखटाने वाले hi थे की तभी अंदर से गुरुदेव के आवाज आयी.
गुरुदेव- दरवाजा खुला है तुम सब अंदर आ सकते हो.
गुरुदेव के बात सुन कर हम सब अंदर आ गए इसके बाद हम सब ने अपने घुटनो पर आ कर गुरुदेव को प्रणाम किया.
हम सब- प्रणाम गुरुदेव.
गुरुदेव- आयुष्मान भाव पुत्रो और पुत्रियों. अपने लिए जगह देख कर तुम सब बैठ जाओ.
गुरुदेव के बात सुन कर हम सब अपने लिए जगह देख कर बैठ गए फिर मई गुरुदेव से पूछा.
मई- गुरुदेव यु अचानक हम सब को अपने क्यों बुलाया क्या कोई बड़ी समस्या आने वाला है क्या.
मेरे बात को सुन कर गुरुदेव कुछ सोचते हुए बोले.
गुरुदेव- समस्या आने वाली है नहीं बल्कि आ चुकी है अगर हम इसमें कुछ नहीं कर सके तो ये दुनिया तबाह हो जायेगा.
गुरुदेव के बात सुन कर हम सब हैरान हो गए तभी कारन गुरुदेव से बोलै.
कारन- ऐसी कोण सी समस्या धरती पर आयी है गुरुदेव जिसे अगर रोका नहीं गया तो दुनिया तबाह हो जाएगी.
कारन के बात सुन कर गुरुदेव कुछ सोचते हुए बोले.
गुरुदेव- अब समय आ गया है की तुम सब को सब कुछ बता दिया जाये तुम सब जानते हो तुम्हे ये शक्तियां क्यों मिली है.
रोहन- है गुरुदेव हम लोगो को ये शक्तियां इस लिए मिली है की हम इस धरती से बुराई को मिटा सके.
रोहन के बात सुन कर गुरुदेव बोले.
गुरुदेव- तुमने सही बोलै लेकिन तुम सब ाभु तक जिस बुराई से लड़ रहे हो वो बुराई का 1 अंश भर है अब तुम लोगो उससे लड़ना है जो इस धरती पर बुराई का साम्राज्य बनाने के लिए आया है जिसका नाम है अजातशत्रु और तुम सब को इसी अजातशत्रु से लड़ना है और उसके मनसूबे कामयाब नहीं होने देना है.
मई- ये अजातशत्रु कोण है गुरुदेव.
गुरुदेव- ये अजातशत्रु दर्कलोर्ड का एक सेनापति है जो धरती पर कुछ महत्वपूर्ण कार्य करने के लिए आया है और वो यहाँ पर सोना साम्राज्य कायम करना चाहता है.
दीप्ती- लेकिन गुरुदेव उसका धरती पर महत्वपूर्ण कार्य क्या है और ये दर्कलोर्ड कोण है.
दीप्ती के बात सुन कर गुरुदेव कुछ देर तक सोचने लगे और फिर बोले.
गुरुदेव- तुम लोगो को अगर ये सब बाटे जननी है तो मई तुम सब को एक कहानी बताता हु ये कहानी है दर्कलोर्ड की.
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