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अपडेट 22 थे डिफरेंसेस अगेन
बाकी के लोग बस में से अभी को देख रहे थे के क्यों वो अब रूही के पास नहीं जा रहा क्यूंकि उसस्के सीटी को सुन कर वो टेरेस पर आगयी थी….
अभी ने ख्याल किया बस के अंदर से hi के रूही का चेहरा कुछ उतरा हुआ था और लग रहा था अभी अभी सो के उठी है.
अभी ने जल्दी से उस बुक को लिया जिस में रूही का खत था और रूही को देने गया. रूही बीमार दिख रही थी. अभी ने उस्सको किताब देते हुए कहा,
“इस में कुछ है तुम्हारे लिए अभी इसी वक़्त अंदर जाते hi पढ़ना बहोत hi ज़रूरी है, और जवाब भी देना आज hi प्लीज.”
रूही ने किताब लेते हुए अभी को एक हलकी मुस्कान में कहा,
“मेरी मम्मी से बात कर लिया आप ने?”
अभी: “नहीं, उस्सने तो कहा के तुमको तुम्हारे नानी के यहाँ चोरर आयी है….”
रूही: “ोफो मज़ाक किया होगा, मगर आप ने कल वाली बात क्यों नहीं पूछा मम्मी से?!”
अभी: “इस्सके जवाब अंदर है किताब में जाओ पढ़ो प्लीज, और एक बात, तुम्हारी तबियत ठीक नहीं किआ? चेहरा आज उतरा हुआ है? किआ हुआ?!”
रूही: “हम्म्म सुबह 5 बजे सोई, रात भर रोटी रही माँ ने खूब डांटा, मुझे नींद hi नहीं आरही थी.”
अभी ने तुरंत सिलसिला का शेर कहा,
“मजबूर यह हालात इधर भी है उधर भी
तन्हाई की एक रात इधर भी है उधर भी
कहने को बहोत कुछ है मगर किश से कहे हम
कब तक यूँही दबते, यूँही सहते रहे हम
दिल कहता है के दुन्या की हर रस्म उठा दें
दीवार जो हम दोनों में है आज गिरा दें
अब दिल में एहि बात इधर भी है उधर भी.”
रूही ने सब सुना और मुस्कुरा कर कहा
“हम्म्म सिलसिला…. कितना ाचा बला आप ने शेर को, आप अमिताभ की फैन हो किआ?”
अभी ने चमकते आँखों से कहा,
“अरे तुमको नहीं पता? यहाँ सभी को पता है के मैं उस्का कितना बड़ा फैन हूँ, मेरा आइडल है वो!”
रूही ने कहा,
“अजीब बात है हर वो चीज़ जो मुझे पसंद वही आप को भी पसंद ऐसा क्यों है?!”
अभी खुश हुआ और कहा,
“आवर सोल्स अरे अन्तर कनेक्टेड स्वीटहार्ट, रीड अबाउट थिस इन थे लेटर”
रूही: “आप ने इस सिलसिला की शेर को कुछ इस अंदाज़ में रीड किया के लगा अमित जी hi बोल रहे हैं, कितनी तड़प थी आप के आवाज़ में, कैसे किया आप ने?”
अभी: “स्वीटहार्ट, जो भी कहा हकीकत था इसी लिए, मैं भी कल रात नहीं सोया सुबह 3 से 4 बजे तक तुमको लिख रहा था, तुमसे कनेक्टेड था मैं इसी लिए तुम भी नहीं सो पायी थी शायद, समझी किआ?!”
रूही हैरान हुई और अभी के आँखों के गेराई में प्यार से देखते हुए कहा,
“आप क्यों ऐसा करते हो, दिन भर काम करना है आप को, मैं तो दिन में सो भी लुंगी आप अपना हेल्थ क्यों बिगाड़ रहे हो?!”
अभी: “तुम जो थे मेरे ख्यालों में, कैसे सो पाटा मैं? नींद कहाँ से आती जब तुमने कुछ ऐसा कह दिया जिस से नींद ुध गए….. हम तो दीवाने है आप के प्यार के, बैठे हैं आप पर ज़िन्दगी वार के, सोचा है आप ने किआ हमारे लिए, नाह सहा जाये अब थोड़ा भी फासला….”
रूही: “शायर भी हो आप किआ अभी?”
अभी: “इश्क सब कुछ सीखा देता है मेरी जान, शाइरी तो अपने आप आजाता है.”
रूही: “अगर आप अमित जी का इतना बड़ा फैन हो तो आप उनको देखने नहीं गए हमारे इलाके में उस्सकी किसी फिल्म की शूटिंग चल रही है आप को पता होगा नाह?!”
अभी: “हाँ मनमोहन देसाई की फिल्म “मर्द” की शूटिंग चल रही है, मगर यहाँ से कोई 10 कंस दूर है नाह वो जगह? काम इतना है कैसे जा पाउँगा, कल टोनी भी बता रहा था.”
रूही: “हम्म्म अब मैं समझी के कोई आप को ‘लम्बू’ क्यों बुलाते हैं अमित जी के फैन हो आप भी, तभी तो!”
अभी: “अरे, खुद लम्बा नहीं हूँ किआ मैं?!”
रूही: “इस में कोई शक है भला? किआ आप अमित जी से भी लम्बे हो?”
अभी: “बराबर हूँ, एक बार मिला था उस से, साथ खड़े होकर देखा था, शामे हाइट है हमारा!”
रूही मचल गयी, और ऊंची आवाज़ में ख़ुशी से एक बच्चे की तरह पूछा,
“क्याआ, आप अमित जी से मिल चुके हो?! वाओ, फोटोज लिए के नहीं? मुझे दिखाना प्लीज!”
अभी: “नहीं लिया मैं मनोज तो नहीं जो कैमरा लेकर चलूँ!!”
रूही उदास हुई और कहा,
“अगर मैं शूटिंग देखने जॉन तो आप चलोगे मेरे साथ?”
अभी: “काम के इस मोड़ पर निकलना नामुमकिन है रूही, फिर भी पूछ कर बताऊंगा, मगर पहले तुम बताना के कब, किश दिन और किश वक़्त जाना है ताके मैं टीम को बता सकूँ, और जायेंगे कैसे? पैदल तो नहीं नाह?!”
रूही: “बस से जायेंगे नाह, एक साथ, दोनों, आप खुश नहीं होंगे मेरे साथ जाना?!”
अभी: “ऑफ़ कोर्स, बहोत ज़्यादा ख़ुशी होगी मुझे तुम्हारे साथ जाना रूही, यह भी पूछने की बात है!”
इतने में रेज़ा ने पीछे से कहा,
“रूही मैं जा रहा हूँ शूटिंग देखने आज 1 बजे चलोगी?!”
अभी को ग़ुस्सा आया और कहा के वो काम करने जा रहा है और वहां से हट गया.
बस के अंदर से रेज़ा को रूही से बात करते हुए देख रहा था, अभी को जलन तो नहीं हो रहा था मगर क्यूंकि उस रेज़ा को वो बिल्कुल पसंद नहीं करता था इस लिए उस्सको ाचा नहीं लग रहा था और ख़ास कर उस्सको जल्दी था के रूही उस्का खत जा कर पढ़े.
दोनों के बातें सुनाई दे रहे थे, और रेज़ा फुल कोशिश में लगा हुआ था के रूही उसस्के साथ शूटिंग देखने चले. रूही को देख कर लगता था उस्का बहोत मैं है जाने के लिए, बार बार अभी को भी देख रही थी बस के अंदर रेज़ा से बात करते हुए.
अब अभी सोचने लगा के किआ इस से पहले रूही कहीं गयी होगी किआ रेज़ा के साथ? वो यहीं का रहने वाला था, मेहबूब की बस का कंडक्टर था तो कई सालों से इस आँगन में अत जाता होगा, तो रूही से बचपन से जान पहचान होगा उस्का, यह सब सोच कर अब अभी को जलन सा फील आने लगा था, और वो बुसस रेज़ा और रूही को देखे जा रहा था.
अभी को चैन मिला जब रूही ने अभी को देखते हुए रेज़ा से कहा,
“जाउंगी तो उनके साथ वार्ना नहीं जाउंगी, okay?!”
रेज़ा का चेहरा लाल हुआ और अभी को देखा बस में मुंह बनाते हुए, और अभी ने हंस दिया.
अभी काम करते हुए सोचता रहा के अब रूही उस्का खत पढ़ रही होगी, अब इस पैराग्राफ को पढ़ रही होगी, अब यह पढ़ रही होगी, अब उस्सको पता चल गया होगा के मैं ने उस्सको “ी लव यू” बोल दिया…..
अभी सोच रहा था के अब रूही किआ फील कर रही होगी उस खत को पढ़ कर? बहोत खुश हो रही होगी, उस्सको ाचा फील हो रहा होगा अभी के खत पढ़ कर, और अभी अब देखना चाहता था के रूही का रिएक्शन किआ होगा जब वो उसस्के सामने आएगी. तो अभी के नज़रें बार बार वाशिंग स्टोन के तरफ तो कभी रूही के खिड़की पर होता रहा.
फिर कुछ देर बाद अभी को हैरानी हुई मनोज को टेरेस पर देख कर. आज वो काम पर नहीं गया अभी ने सोचा, उस्का कैमरा उसस्के हाथ में था और बस के कुछ फोटोज लिए उस्सने उसस्के बाद मनोज और रूही दोनों गार्डन में गुलाब तोड़ते हुए दिखे गए.
अब अभी सोचने लाहा के किआ मनोज ने अभी का खत तो नहीं पढ़ा? किआ रूही ने उस्सको दिखाया होगा खत को? अभी रूही के चेहरे की एक्सप्रेशंस को पढ़ने की कोशिश कर रहा था. अभी के खत पढ़ने के बाद रूही पर कुछ तो एस्सार होना चाहिए था मगर रूही नार्मल थी, जैसे कुछ हुआ hi नाह हो. मगर रूही ने एकांत बार गार्डन से बस में अभी को देखा, कई बार देखा. मगर नार्मल तरीके से देखा, जो अभी को पसंद नहीं आया…. अभी ने सोचा उसस्के खत को पढ़ने के बाद रूही के चेहरे में एक चमक होना चाहिए था, बहोत प्यार उभर कर बाहर आते हुए दिखना चाहिए था अभी के लिए, और वो अभी को नहीं दिख रहा था. अभी नाखुश था रूही की रिएक्शन से.
फिर अभी ने खुद से कहा के किआ रूही ने चिठ्ठी नहीं पढ़ी होगी अब तक क्यूंकि मनोज घर पर है? या अभी कोई रिएक्शन नहीं दे रही क्यों के मनोज उसस्के साथ है? अभी कन्फ्यूज्ड था क्यूंकि उस्सको नहीं पता था के रूही ने चिठ्ठी पढ़ी के नहीं.
फिर एक बार ऐसा हुआ के मनोज झुका हुआ था मैं रोड के तरफ देखते हुए और रूही बस में देखते हुए अभी से कुछ कहा अपने होंठों को हिलाते हुए बिना आवाज़ के…. अभी समः गया के उस्सने खत पढ़ लिया क्यूंकि रूही के चेहरे में ख़ुशी चालक रही थी और बड़े प्यार से अभी को देख रही थी, लग रहा था के कह रही थी, “ी लव यू तू” उसस्के होंठों के फॉर्म उसी मूवमेंट्स में मूव हो रहे थे. अभी बहोत खुश हुआ और उसस्के सीने के अंदर जैसे उस्का दिल नाचने लगा था.
फिर कुछ देर बाद रूही नहीं दिखी और मनोज ने इशारे से अभी को बुलाया बस के बाहर. अभी समझ गया के बस के फोटोज देने वाला था उस्सको और सईद को नहीं दिखाना चाहता था जैसे के अभी ने उस से पहले कह दिया था.
75 फोटोज थे एक एनवलप में जो मनोज ने अभी को दिया और कहा के 5 रोल्स को एक साथ डेवेलोप करवाया उस्सने इसी लिए लेट दे रहा है. पर अभी ने उस्सको 500रूपए दिए थे और 50 पिक्स के उतना होते हैं मतलब और 25 पिक्स के लिए पैसे देने थे मनोज को जिस्सके लिए मनोज ने कहा,
“बाद में एडजस्ट कर लेंगे, अभी और बस के फोटोज लेने हैं नाह, जब फुल रेडी हो जाएगा बस, अंदर भी कुछ पिक्स लेने हैं, फिर जब पेंट हो जजेगा, हर स्टेप पर लेते जा रहा हूँ, कम्पलीट होकर रोड पर जाएगा तब लास्ट पिक्स लूंगा बस की. तब बाकी के पैसे दे देना okay”
अभी मान गया और उस लिफ़ाफ़े को अपने बैग में जाकर रख दिया. किसी ने नहीं देखा जॉर्ज के सिवा, मगर किसी को पता नहीं था के उस लिफाफे में मनोज ने किआ दिया अभी को.
अभी ने कुछ देर बाद मनोज को रेडी होकर जाते हुए देखा जब रूही ने उस्सको bye वेव किया.
उसस्के बाद रूही कई बार सामने आयी अभी के. खुश दिख रही थी, अभी समझ गया के उसस्के चिठ्ठी का एस्सार होगा. और कुछ देर बाद रूही और उस्सकी माँ दोनों टेरेस पर नज़र आये. रूही पोलिश लगा रही थी टेरेस पर बैठ कर और उस्सकी माँ उसस्के पीछे कड़ी थी. क्यूंकि माँ पीछे थी तो रूही ने दोबारा उसी तरह बिना साउंड के अभी को कुछ कहा. अभी नहीं समझा के उस्सने किआ कहा, फिर तुरंत रूही ने मूढ़ कर अपनी माँ को देखा के किआ उस्सने उस्सको इशारे से बात करते हुए देखा तो नहीं.
फिर कुछ ख़ास नहीं हुआ. लंच के बाद अभी रूही के खिड़की के पास गया तो वो बांध था. अभी बहोत हैरान हुआ. जबसे वो यहाँ काम कर रहा था आज पहली बार उस खिड़की को बांध देखा उस्सने. अभी चल कर पीछे के दरवाज़े तक गया वो भी बांध था. अभी हैरान हुआ, परेशां हुआ उसस्के समझ में कुछ नहीं ारः था. अब सोचने लगा के दो बार रूही ने किआ कहा था उस से? कुछ ख़ास कहा होगा जो उस्सकी माँ और मनोज को नहीं पता चलना चाहिए इस लिए बिना आवाज़ के कहा था.
अभी की परेशानी उस्सको अब बहुत तंग करने लगा उसस्के समझ में नहीं आया के वो अब किआ करें. उस्का मैं किया के दरवाज़ा खटखटा के रूही को फुकरे… पागल होने लगा अभी…..
30 मीन्स तक अभी वाशिंग स्टोन पर बैठा वेट करता रहा मगर रूही ने नाह खिड़की खोली और नाह वो नज़र आयी. टोनी सिगरेट खरीदने जा रहा था तो अभी को वहां देखा तो पूछा किआ हुआ. अभी ने ऊंची आवाज़ में रूही को अंदर सुनाने के लिए कहा,
“पता नहीं यार आज पहली बार इस खिड़की को बंद देख रहा हूँ, कोई होगा अंदर शायद इसी लिए नाह बंद है!!”
टोनी चला गया मैं रोड के तरफ, और अभी याद करने लगा किश तरह कल इस वक़्त वो अंदर इसी कमरे में था और रूही को खिड़की बंद करने को कहा था तो रूही ने कहा था के बाहर लोग सोचेंगे के क्यों खुदकी बंद है तो उस्सने पर्दा खिंच कर बुक्स से दबाया था…. और सोच रहा था के इस वक़्त रूही अपनी कमरे में hi तो होगी, तो शायद रूही जान बुझ कर ऐसा कर रही है, या अभी को अब अवॉयड कर रही है या उस्सकी माँ ने रूही को वैसा करने के लिए कहा होगा…..
कल रूही ने कहा था के वो उस्सकी माँ से उस्सकी ग़लती के बारे में पूछे वो बताएगी, तो क्यों अब खिड़की बंद है, अभी तो अभी को उस्सकी माँ से बात करना चाहिए था तो खिड़की बंद है तो कैसे अभी बात करेगा?! अभी को ग़ुस्सा भी ारः था.
फिर अभी ने याद किया के खत में उस्सने रूही से कहा के उसस्के मुंह से सब कुछ सुन्ना चाहता है उस्सकी माँ से नहीं, तो किआ इस लिए रूही ने खिड़की बंद किया क्यूंकि वो नहीं बता पाएगी? या रूही शरारत कर रही है, अभी की पेशेंस का इम्तेहान ले रही है? सुबह उस्सकी माँ ने तंग खिंचा था अभी का यह कह कर के रूही अपनी नानी के यहाँ है, किआ एक बार फिर रूही की माँ ने जान बुझ कर खिड़की बंद किया अभी से शरारत करने के लिए? किआ अंदर से माँ बेटी सब देख और सुन रहे हैं?! किआ रूही ने अपनी माँ को सब बता दिया जो अभी ने खत में लिखा है? बिना आवाज़ के रूही ने किआ कहा था अभी से?
तो बे कॉन्टिनोएड…. (4001 वर्ड्स फ्रॉम बोथ उपदटेस)
बाकी के लोग बस में से अभी को देख रहे थे के क्यों वो अब रूही के पास नहीं जा रहा क्यूंकि उसस्के सीटी को सुन कर वो टेरेस पर आगयी थी….
अभी ने ख्याल किया बस के अंदर से hi के रूही का चेहरा कुछ उतरा हुआ था और लग रहा था अभी अभी सो के उठी है.
अभी ने जल्दी से उस बुक को लिया जिस में रूही का खत था और रूही को देने गया. रूही बीमार दिख रही थी. अभी ने उस्सको किताब देते हुए कहा,
“इस में कुछ है तुम्हारे लिए अभी इसी वक़्त अंदर जाते hi पढ़ना बहोत hi ज़रूरी है, और जवाब भी देना आज hi प्लीज.”
रूही ने किताब लेते हुए अभी को एक हलकी मुस्कान में कहा,
“मेरी मम्मी से बात कर लिया आप ने?”
अभी: “नहीं, उस्सने तो कहा के तुमको तुम्हारे नानी के यहाँ चोरर आयी है….”
रूही: “ोफो मज़ाक किया होगा, मगर आप ने कल वाली बात क्यों नहीं पूछा मम्मी से?!”
अभी: “इस्सके जवाब अंदर है किताब में जाओ पढ़ो प्लीज, और एक बात, तुम्हारी तबियत ठीक नहीं किआ? चेहरा आज उतरा हुआ है? किआ हुआ?!”
रूही: “हम्म्म सुबह 5 बजे सोई, रात भर रोटी रही माँ ने खूब डांटा, मुझे नींद hi नहीं आरही थी.”
अभी ने तुरंत सिलसिला का शेर कहा,
“मजबूर यह हालात इधर भी है उधर भी
तन्हाई की एक रात इधर भी है उधर भी
कहने को बहोत कुछ है मगर किश से कहे हम
कब तक यूँही दबते, यूँही सहते रहे हम
दिल कहता है के दुन्या की हर रस्म उठा दें
दीवार जो हम दोनों में है आज गिरा दें
अब दिल में एहि बात इधर भी है उधर भी.”
रूही ने सब सुना और मुस्कुरा कर कहा
“हम्म्म सिलसिला…. कितना ाचा बला आप ने शेर को, आप अमिताभ की फैन हो किआ?”
अभी ने चमकते आँखों से कहा,
“अरे तुमको नहीं पता? यहाँ सभी को पता है के मैं उस्का कितना बड़ा फैन हूँ, मेरा आइडल है वो!”
रूही ने कहा,
“अजीब बात है हर वो चीज़ जो मुझे पसंद वही आप को भी पसंद ऐसा क्यों है?!”
अभी खुश हुआ और कहा,
“आवर सोल्स अरे अन्तर कनेक्टेड स्वीटहार्ट, रीड अबाउट थिस इन थे लेटर”
रूही: “आप ने इस सिलसिला की शेर को कुछ इस अंदाज़ में रीड किया के लगा अमित जी hi बोल रहे हैं, कितनी तड़प थी आप के आवाज़ में, कैसे किया आप ने?”
अभी: “स्वीटहार्ट, जो भी कहा हकीकत था इसी लिए, मैं भी कल रात नहीं सोया सुबह 3 से 4 बजे तक तुमको लिख रहा था, तुमसे कनेक्टेड था मैं इसी लिए तुम भी नहीं सो पायी थी शायद, समझी किआ?!”
रूही हैरान हुई और अभी के आँखों के गेराई में प्यार से देखते हुए कहा,
“आप क्यों ऐसा करते हो, दिन भर काम करना है आप को, मैं तो दिन में सो भी लुंगी आप अपना हेल्थ क्यों बिगाड़ रहे हो?!”
अभी: “तुम जो थे मेरे ख्यालों में, कैसे सो पाटा मैं? नींद कहाँ से आती जब तुमने कुछ ऐसा कह दिया जिस से नींद ुध गए….. हम तो दीवाने है आप के प्यार के, बैठे हैं आप पर ज़िन्दगी वार के, सोचा है आप ने किआ हमारे लिए, नाह सहा जाये अब थोड़ा भी फासला….”
रूही: “शायर भी हो आप किआ अभी?”
अभी: “इश्क सब कुछ सीखा देता है मेरी जान, शाइरी तो अपने आप आजाता है.”
रूही: “अगर आप अमित जी का इतना बड़ा फैन हो तो आप उनको देखने नहीं गए हमारे इलाके में उस्सकी किसी फिल्म की शूटिंग चल रही है आप को पता होगा नाह?!”
अभी: “हाँ मनमोहन देसाई की फिल्म “मर्द” की शूटिंग चल रही है, मगर यहाँ से कोई 10 कंस दूर है नाह वो जगह? काम इतना है कैसे जा पाउँगा, कल टोनी भी बता रहा था.”
रूही: “हम्म्म अब मैं समझी के कोई आप को ‘लम्बू’ क्यों बुलाते हैं अमित जी के फैन हो आप भी, तभी तो!”
अभी: “अरे, खुद लम्बा नहीं हूँ किआ मैं?!”
रूही: “इस में कोई शक है भला? किआ आप अमित जी से भी लम्बे हो?”
अभी: “बराबर हूँ, एक बार मिला था उस से, साथ खड़े होकर देखा था, शामे हाइट है हमारा!”
रूही मचल गयी, और ऊंची आवाज़ में ख़ुशी से एक बच्चे की तरह पूछा,
“क्याआ, आप अमित जी से मिल चुके हो?! वाओ, फोटोज लिए के नहीं? मुझे दिखाना प्लीज!”
अभी: “नहीं लिया मैं मनोज तो नहीं जो कैमरा लेकर चलूँ!!”
रूही उदास हुई और कहा,
“अगर मैं शूटिंग देखने जॉन तो आप चलोगे मेरे साथ?”
अभी: “काम के इस मोड़ पर निकलना नामुमकिन है रूही, फिर भी पूछ कर बताऊंगा, मगर पहले तुम बताना के कब, किश दिन और किश वक़्त जाना है ताके मैं टीम को बता सकूँ, और जायेंगे कैसे? पैदल तो नहीं नाह?!”
रूही: “बस से जायेंगे नाह, एक साथ, दोनों, आप खुश नहीं होंगे मेरे साथ जाना?!”
अभी: “ऑफ़ कोर्स, बहोत ज़्यादा ख़ुशी होगी मुझे तुम्हारे साथ जाना रूही, यह भी पूछने की बात है!”
इतने में रेज़ा ने पीछे से कहा,
“रूही मैं जा रहा हूँ शूटिंग देखने आज 1 बजे चलोगी?!”
अभी को ग़ुस्सा आया और कहा के वो काम करने जा रहा है और वहां से हट गया.
बस के अंदर से रेज़ा को रूही से बात करते हुए देख रहा था, अभी को जलन तो नहीं हो रहा था मगर क्यूंकि उस रेज़ा को वो बिल्कुल पसंद नहीं करता था इस लिए उस्सको ाचा नहीं लग रहा था और ख़ास कर उस्सको जल्दी था के रूही उस्का खत जा कर पढ़े.
दोनों के बातें सुनाई दे रहे थे, और रेज़ा फुल कोशिश में लगा हुआ था के रूही उसस्के साथ शूटिंग देखने चले. रूही को देख कर लगता था उस्का बहोत मैं है जाने के लिए, बार बार अभी को भी देख रही थी बस के अंदर रेज़ा से बात करते हुए.
अब अभी सोचने लगा के किआ इस से पहले रूही कहीं गयी होगी किआ रेज़ा के साथ? वो यहीं का रहने वाला था, मेहबूब की बस का कंडक्टर था तो कई सालों से इस आँगन में अत जाता होगा, तो रूही से बचपन से जान पहचान होगा उस्का, यह सब सोच कर अब अभी को जलन सा फील आने लगा था, और वो बुसस रेज़ा और रूही को देखे जा रहा था.
अभी को चैन मिला जब रूही ने अभी को देखते हुए रेज़ा से कहा,
“जाउंगी तो उनके साथ वार्ना नहीं जाउंगी, okay?!”
रेज़ा का चेहरा लाल हुआ और अभी को देखा बस में मुंह बनाते हुए, और अभी ने हंस दिया.
अभी काम करते हुए सोचता रहा के अब रूही उस्का खत पढ़ रही होगी, अब इस पैराग्राफ को पढ़ रही होगी, अब यह पढ़ रही होगी, अब उस्सको पता चल गया होगा के मैं ने उस्सको “ी लव यू” बोल दिया…..
अभी सोच रहा था के अब रूही किआ फील कर रही होगी उस खत को पढ़ कर? बहोत खुश हो रही होगी, उस्सको ाचा फील हो रहा होगा अभी के खत पढ़ कर, और अभी अब देखना चाहता था के रूही का रिएक्शन किआ होगा जब वो उसस्के सामने आएगी. तो अभी के नज़रें बार बार वाशिंग स्टोन के तरफ तो कभी रूही के खिड़की पर होता रहा.
फिर कुछ देर बाद अभी को हैरानी हुई मनोज को टेरेस पर देख कर. आज वो काम पर नहीं गया अभी ने सोचा, उस्का कैमरा उसस्के हाथ में था और बस के कुछ फोटोज लिए उस्सने उसस्के बाद मनोज और रूही दोनों गार्डन में गुलाब तोड़ते हुए दिखे गए.
अब अभी सोचने लाहा के किआ मनोज ने अभी का खत तो नहीं पढ़ा? किआ रूही ने उस्सको दिखाया होगा खत को? अभी रूही के चेहरे की एक्सप्रेशंस को पढ़ने की कोशिश कर रहा था. अभी के खत पढ़ने के बाद रूही पर कुछ तो एस्सार होना चाहिए था मगर रूही नार्मल थी, जैसे कुछ हुआ hi नाह हो. मगर रूही ने एकांत बार गार्डन से बस में अभी को देखा, कई बार देखा. मगर नार्मल तरीके से देखा, जो अभी को पसंद नहीं आया…. अभी ने सोचा उसस्के खत को पढ़ने के बाद रूही के चेहरे में एक चमक होना चाहिए था, बहोत प्यार उभर कर बाहर आते हुए दिखना चाहिए था अभी के लिए, और वो अभी को नहीं दिख रहा था. अभी नाखुश था रूही की रिएक्शन से.
फिर अभी ने खुद से कहा के किआ रूही ने चिठ्ठी नहीं पढ़ी होगी अब तक क्यूंकि मनोज घर पर है? या अभी कोई रिएक्शन नहीं दे रही क्यों के मनोज उसस्के साथ है? अभी कन्फ्यूज्ड था क्यूंकि उस्सको नहीं पता था के रूही ने चिठ्ठी पढ़ी के नहीं.
फिर एक बार ऐसा हुआ के मनोज झुका हुआ था मैं रोड के तरफ देखते हुए और रूही बस में देखते हुए अभी से कुछ कहा अपने होंठों को हिलाते हुए बिना आवाज़ के…. अभी समः गया के उस्सने खत पढ़ लिया क्यूंकि रूही के चेहरे में ख़ुशी चालक रही थी और बड़े प्यार से अभी को देख रही थी, लग रहा था के कह रही थी, “ी लव यू तू” उसस्के होंठों के फॉर्म उसी मूवमेंट्स में मूव हो रहे थे. अभी बहोत खुश हुआ और उसस्के सीने के अंदर जैसे उस्का दिल नाचने लगा था.
फिर कुछ देर बाद रूही नहीं दिखी और मनोज ने इशारे से अभी को बुलाया बस के बाहर. अभी समझ गया के बस के फोटोज देने वाला था उस्सको और सईद को नहीं दिखाना चाहता था जैसे के अभी ने उस से पहले कह दिया था.
75 फोटोज थे एक एनवलप में जो मनोज ने अभी को दिया और कहा के 5 रोल्स को एक साथ डेवेलोप करवाया उस्सने इसी लिए लेट दे रहा है. पर अभी ने उस्सको 500रूपए दिए थे और 50 पिक्स के उतना होते हैं मतलब और 25 पिक्स के लिए पैसे देने थे मनोज को जिस्सके लिए मनोज ने कहा,
“बाद में एडजस्ट कर लेंगे, अभी और बस के फोटोज लेने हैं नाह, जब फुल रेडी हो जाएगा बस, अंदर भी कुछ पिक्स लेने हैं, फिर जब पेंट हो जजेगा, हर स्टेप पर लेते जा रहा हूँ, कम्पलीट होकर रोड पर जाएगा तब लास्ट पिक्स लूंगा बस की. तब बाकी के पैसे दे देना okay”
अभी मान गया और उस लिफ़ाफ़े को अपने बैग में जाकर रख दिया. किसी ने नहीं देखा जॉर्ज के सिवा, मगर किसी को पता नहीं था के उस लिफाफे में मनोज ने किआ दिया अभी को.
अभी ने कुछ देर बाद मनोज को रेडी होकर जाते हुए देखा जब रूही ने उस्सको bye वेव किया.
उसस्के बाद रूही कई बार सामने आयी अभी के. खुश दिख रही थी, अभी समझ गया के उसस्के चिठ्ठी का एस्सार होगा. और कुछ देर बाद रूही और उस्सकी माँ दोनों टेरेस पर नज़र आये. रूही पोलिश लगा रही थी टेरेस पर बैठ कर और उस्सकी माँ उसस्के पीछे कड़ी थी. क्यूंकि माँ पीछे थी तो रूही ने दोबारा उसी तरह बिना साउंड के अभी को कुछ कहा. अभी नहीं समझा के उस्सने किआ कहा, फिर तुरंत रूही ने मूढ़ कर अपनी माँ को देखा के किआ उस्सने उस्सको इशारे से बात करते हुए देखा तो नहीं.
फिर कुछ ख़ास नहीं हुआ. लंच के बाद अभी रूही के खिड़की के पास गया तो वो बांध था. अभी बहोत हैरान हुआ. जबसे वो यहाँ काम कर रहा था आज पहली बार उस खिड़की को बांध देखा उस्सने. अभी चल कर पीछे के दरवाज़े तक गया वो भी बांध था. अभी हैरान हुआ, परेशां हुआ उसस्के समझ में कुछ नहीं ारः था. अब सोचने लगा के दो बार रूही ने किआ कहा था उस से? कुछ ख़ास कहा होगा जो उस्सकी माँ और मनोज को नहीं पता चलना चाहिए इस लिए बिना आवाज़ के कहा था.
अभी की परेशानी उस्सको अब बहुत तंग करने लगा उसस्के समझ में नहीं आया के वो अब किआ करें. उस्का मैं किया के दरवाज़ा खटखटा के रूही को फुकरे… पागल होने लगा अभी…..
30 मीन्स तक अभी वाशिंग स्टोन पर बैठा वेट करता रहा मगर रूही ने नाह खिड़की खोली और नाह वो नज़र आयी. टोनी सिगरेट खरीदने जा रहा था तो अभी को वहां देखा तो पूछा किआ हुआ. अभी ने ऊंची आवाज़ में रूही को अंदर सुनाने के लिए कहा,
“पता नहीं यार आज पहली बार इस खिड़की को बंद देख रहा हूँ, कोई होगा अंदर शायद इसी लिए नाह बंद है!!”
टोनी चला गया मैं रोड के तरफ, और अभी याद करने लगा किश तरह कल इस वक़्त वो अंदर इसी कमरे में था और रूही को खिड़की बंद करने को कहा था तो रूही ने कहा था के बाहर लोग सोचेंगे के क्यों खुदकी बंद है तो उस्सने पर्दा खिंच कर बुक्स से दबाया था…. और सोच रहा था के इस वक़्त रूही अपनी कमरे में hi तो होगी, तो शायद रूही जान बुझ कर ऐसा कर रही है, या अभी को अब अवॉयड कर रही है या उस्सकी माँ ने रूही को वैसा करने के लिए कहा होगा…..
कल रूही ने कहा था के वो उस्सकी माँ से उस्सकी ग़लती के बारे में पूछे वो बताएगी, तो क्यों अब खिड़की बंद है, अभी तो अभी को उस्सकी माँ से बात करना चाहिए था तो खिड़की बंद है तो कैसे अभी बात करेगा?! अभी को ग़ुस्सा भी ारः था.
फिर अभी ने याद किया के खत में उस्सने रूही से कहा के उसस्के मुंह से सब कुछ सुन्ना चाहता है उस्सकी माँ से नहीं, तो किआ इस लिए रूही ने खिड़की बंद किया क्यूंकि वो नहीं बता पाएगी? या रूही शरारत कर रही है, अभी की पेशेंस का इम्तेहान ले रही है? सुबह उस्सकी माँ ने तंग खिंचा था अभी का यह कह कर के रूही अपनी नानी के यहाँ है, किआ एक बार फिर रूही की माँ ने जान बुझ कर खिड़की बंद किया अभी से शरारत करने के लिए? किआ अंदर से माँ बेटी सब देख और सुन रहे हैं?! किआ रूही ने अपनी माँ को सब बता दिया जो अभी ने खत में लिखा है? बिना आवाज़ के रूही ने किआ कहा था अभी से?
तो बे कॉन्टिनोएड…. (4001 वर्ड्स फ्रॉम बोथ उपदटेस)