Usski Gali Mein Jaana Chorr Diya - Page 7 - SexBaba
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Usski Gali Mein Jaana Chorr Diya

अपडेट 22 थे डिफरेंसेस अगेन

बाकी के लोग बस में से अभी को देख रहे थे के क्यों वो अब रूही के पास नहीं जा रहा क्यूंकि उसस्के सीटी को सुन कर वो टेरेस पर आगयी थी….

अभी ने ख्याल किया बस के अंदर से hi के रूही का चेहरा कुछ उतरा हुआ था और लग रहा था अभी अभी सो के उठी है.

अभी ने जल्दी से उस बुक को लिया जिस में रूही का खत था और रूही को देने गया. रूही बीमार दिख रही थी. अभी ने उस्सको किताब देते हुए कहा,

“इस में कुछ है तुम्हारे लिए अभी इसी वक़्त अंदर जाते hi पढ़ना बहोत hi ज़रूरी है, और जवाब भी देना आज hi प्लीज.”

रूही ने किताब लेते हुए अभी को एक हलकी मुस्कान में कहा,

“मेरी मम्मी से बात कर लिया आप ने?”

अभी: “नहीं, उस्सने तो कहा के तुमको तुम्हारे नानी के यहाँ चोरर आयी है….”

रूही: “ोफो मज़ाक किया होगा, मगर आप ने कल वाली बात क्यों नहीं पूछा मम्मी से?!”

अभी: “इस्सके जवाब अंदर है किताब में जाओ पढ़ो प्लीज, और एक बात, तुम्हारी तबियत ठीक नहीं किआ? चेहरा आज उतरा हुआ है? किआ हुआ?!”

रूही: “हम्म्म सुबह 5 बजे सोई, रात भर रोटी रही माँ ने खूब डांटा, मुझे नींद hi नहीं आरही थी.”

अभी ने तुरंत सिलसिला का शेर कहा,

“मजबूर यह हालात इधर भी है उधर भी

तन्हाई की एक रात इधर भी है उधर भी

कहने को बहोत कुछ है मगर किश से कहे हम

कब तक यूँही दबते, यूँही सहते रहे हम

दिल कहता है के दुन्या की हर रस्म उठा दें

दीवार जो हम दोनों में है आज गिरा दें

अब दिल में एहि बात इधर भी है उधर भी.”

रूही ने सब सुना और मुस्कुरा कर कहा

“हम्म्म सिलसिला…. कितना ाचा बला आप ने शेर को, आप अमिताभ की फैन हो किआ?”

अभी ने चमकते आँखों से कहा,

“अरे तुमको नहीं पता? यहाँ सभी को पता है के मैं उस्का कितना बड़ा फैन हूँ, मेरा आइडल है वो!”

रूही ने कहा,

“अजीब बात है हर वो चीज़ जो मुझे पसंद वही आप को भी पसंद ऐसा क्यों है?!”

अभी खुश हुआ और कहा,

“आवर सोल्स अरे अन्तर कनेक्टेड स्वीटहार्ट, रीड अबाउट थिस इन थे लेटर”

रूही: “आप ने इस सिलसिला की शेर को कुछ इस अंदाज़ में रीड किया के लगा अमित जी hi बोल रहे हैं, कितनी तड़प थी आप के आवाज़ में, कैसे किया आप ने?”

अभी: “स्वीटहार्ट, जो भी कहा हकीकत था इसी लिए, मैं भी कल रात नहीं सोया सुबह 3 से 4 बजे तक तुमको लिख रहा था, तुमसे कनेक्टेड था मैं इसी लिए तुम भी नहीं सो पायी थी शायद, समझी किआ?!”

रूही हैरान हुई और अभी के आँखों के गेराई में प्यार से देखते हुए कहा,

“आप क्यों ऐसा करते हो, दिन भर काम करना है आप को, मैं तो दिन में सो भी लुंगी आप अपना हेल्थ क्यों बिगाड़ रहे हो?!”

अभी: “तुम जो थे मेरे ख्यालों में, कैसे सो पाटा मैं? नींद कहाँ से आती जब तुमने कुछ ऐसा कह दिया जिस से नींद ुध गए….. हम तो दीवाने है आप के प्यार के, बैठे हैं आप पर ज़िन्दगी वार के, सोचा है आप ने किआ हमारे लिए, नाह सहा जाये अब थोड़ा भी फासला….”

रूही: “शायर भी हो आप किआ अभी?”

अभी: “इश्क सब कुछ सीखा देता है मेरी जान, शाइरी तो अपने आप आजाता है.”

रूही: “अगर आप अमित जी का इतना बड़ा फैन हो तो आप उनको देखने नहीं गए हमारे इलाके में उस्सकी किसी फिल्म की शूटिंग चल रही है आप को पता होगा नाह?!”

अभी: “हाँ मनमोहन देसाई की फिल्म “मर्द” की शूटिंग चल रही है, मगर यहाँ से कोई 10 कंस दूर है नाह वो जगह? काम इतना है कैसे जा पाउँगा, कल टोनी भी बता रहा था.”

रूही: “हम्म्म अब मैं समझी के कोई आप को ‘लम्बू’ क्यों बुलाते हैं अमित जी के फैन हो आप भी, तभी तो!”

अभी: “अरे, खुद लम्बा नहीं हूँ किआ मैं?!”

रूही: “इस में कोई शक है भला? किआ आप अमित जी से भी लम्बे हो?”

अभी: “बराबर हूँ, एक बार मिला था उस से, साथ खड़े होकर देखा था, शामे हाइट है हमारा!”

रूही मचल गयी, और ऊंची आवाज़ में ख़ुशी से एक बच्चे की तरह पूछा,

“क्याआ, आप अमित जी से मिल चुके हो?! वाओ, फोटोज लिए के नहीं? मुझे दिखाना प्लीज!”

अभी: “नहीं लिया मैं मनोज तो नहीं जो कैमरा लेकर चलूँ!!”

रूही उदास हुई और कहा,

“अगर मैं शूटिंग देखने जॉन तो आप चलोगे मेरे साथ?”

अभी: “काम के इस मोड़ पर निकलना नामुमकिन है रूही, फिर भी पूछ कर बताऊंगा, मगर पहले तुम बताना के कब, किश दिन और किश वक़्त जाना है ताके मैं टीम को बता सकूँ, और जायेंगे कैसे? पैदल तो नहीं नाह?!”

रूही: “बस से जायेंगे नाह, एक साथ, दोनों, आप खुश नहीं होंगे मेरे साथ जाना?!”

अभी: “ऑफ़ कोर्स, बहोत ज़्यादा ख़ुशी होगी मुझे तुम्हारे साथ जाना रूही, यह भी पूछने की बात है!”

इतने में रेज़ा ने पीछे से कहा,

“रूही मैं जा रहा हूँ शूटिंग देखने आज 1 बजे चलोगी?!”

अभी को ग़ुस्सा आया और कहा के वो काम करने जा रहा है और वहां से हट गया.

बस के अंदर से रेज़ा को रूही से बात करते हुए देख रहा था, अभी को जलन तो नहीं हो रहा था मगर क्यूंकि उस रेज़ा को वो बिल्कुल पसंद नहीं करता था इस लिए उस्सको ाचा नहीं लग रहा था और ख़ास कर उस्सको जल्दी था के रूही उस्का खत जा कर पढ़े.

दोनों के बातें सुनाई दे रहे थे, और रेज़ा फुल कोशिश में लगा हुआ था के रूही उसस्के साथ शूटिंग देखने चले. रूही को देख कर लगता था उस्का बहोत मैं है जाने के लिए, बार बार अभी को भी देख रही थी बस के अंदर रेज़ा से बात करते हुए.

अब अभी सोचने लगा के किआ इस से पहले रूही कहीं गयी होगी किआ रेज़ा के साथ? वो यहीं का रहने वाला था, मेहबूब की बस का कंडक्टर था तो कई सालों से इस आँगन में अत जाता होगा, तो रूही से बचपन से जान पहचान होगा उस्का, यह सब सोच कर अब अभी को जलन सा फील आने लगा था, और वो बुसस रेज़ा और रूही को देखे जा रहा था.

अभी को चैन मिला जब रूही ने अभी को देखते हुए रेज़ा से कहा,

“जाउंगी तो उनके साथ वार्ना नहीं जाउंगी, okay?!”

रेज़ा का चेहरा लाल हुआ और अभी को देखा बस में मुंह बनाते हुए, और अभी ने हंस दिया.

अभी काम करते हुए सोचता रहा के अब रूही उस्का खत पढ़ रही होगी, अब इस पैराग्राफ को पढ़ रही होगी, अब यह पढ़ रही होगी, अब उस्सको पता चल गया होगा के मैं ने उस्सको “ी लव यू” बोल दिया…..

अभी सोच रहा था के अब रूही किआ फील कर रही होगी उस खत को पढ़ कर? बहोत खुश हो रही होगी, उस्सको ाचा फील हो रहा होगा अभी के खत पढ़ कर, और अभी अब देखना चाहता था के रूही का रिएक्शन किआ होगा जब वो उसस्के सामने आएगी. तो अभी के नज़रें बार बार वाशिंग स्टोन के तरफ तो कभी रूही के खिड़की पर होता रहा.

फिर कुछ देर बाद अभी को हैरानी हुई मनोज को टेरेस पर देख कर. आज वो काम पर नहीं गया अभी ने सोचा, उस्का कैमरा उसस्के हाथ में था और बस के कुछ फोटोज लिए उस्सने उसस्के बाद मनोज और रूही दोनों गार्डन में गुलाब तोड़ते हुए दिखे गए.

अब अभी सोचने लाहा के किआ मनोज ने अभी का खत तो नहीं पढ़ा? किआ रूही ने उस्सको दिखाया होगा खत को? अभी रूही के चेहरे की एक्सप्रेशंस को पढ़ने की कोशिश कर रहा था. अभी के खत पढ़ने के बाद रूही पर कुछ तो एस्सार होना चाहिए था मगर रूही नार्मल थी, जैसे कुछ हुआ hi नाह हो. मगर रूही ने एकांत बार गार्डन से बस में अभी को देखा, कई बार देखा. मगर नार्मल तरीके से देखा, जो अभी को पसंद नहीं आया…. अभी ने सोचा उसस्के खत को पढ़ने के बाद रूही के चेहरे में एक चमक होना चाहिए था, बहोत प्यार उभर कर बाहर आते हुए दिखना चाहिए था अभी के लिए, और वो अभी को नहीं दिख रहा था. अभी नाखुश था रूही की रिएक्शन से.

फिर अभी ने खुद से कहा के किआ रूही ने चिठ्ठी नहीं पढ़ी होगी अब तक क्यूंकि मनोज घर पर है? या अभी कोई रिएक्शन नहीं दे रही क्यों के मनोज उसस्के साथ है? अभी कन्फ्यूज्ड था क्यूंकि उस्सको नहीं पता था के रूही ने चिठ्ठी पढ़ी के नहीं.

फिर एक बार ऐसा हुआ के मनोज झुका हुआ था मैं रोड के तरफ देखते हुए और रूही बस में देखते हुए अभी से कुछ कहा अपने होंठों को हिलाते हुए बिना आवाज़ के…. अभी समः गया के उस्सने खत पढ़ लिया क्यूंकि रूही के चेहरे में ख़ुशी चालक रही थी और बड़े प्यार से अभी को देख रही थी, लग रहा था के कह रही थी, “ी लव यू तू” उसस्के होंठों के फॉर्म उसी मूवमेंट्स में मूव हो रहे थे. अभी बहोत खुश हुआ और उसस्के सीने के अंदर जैसे उस्का दिल नाचने लगा था.

फिर कुछ देर बाद रूही नहीं दिखी और मनोज ने इशारे से अभी को बुलाया बस के बाहर. अभी समझ गया के बस के फोटोज देने वाला था उस्सको और सईद को नहीं दिखाना चाहता था जैसे के अभी ने उस से पहले कह दिया था.

75 फोटोज थे एक एनवलप में जो मनोज ने अभी को दिया और कहा के 5 रोल्स को एक साथ डेवेलोप करवाया उस्सने इसी लिए लेट दे रहा है. पर अभी ने उस्सको 500रूपए दिए थे और 50 पिक्स के उतना होते हैं मतलब और 25 पिक्स के लिए पैसे देने थे मनोज को जिस्सके लिए मनोज ने कहा,

“बाद में एडजस्ट कर लेंगे, अभी और बस के फोटोज लेने हैं नाह, जब फुल रेडी हो जाएगा बस, अंदर भी कुछ पिक्स लेने हैं, फिर जब पेंट हो जजेगा, हर स्टेप पर लेते जा रहा हूँ, कम्पलीट होकर रोड पर जाएगा तब लास्ट पिक्स लूंगा बस की. तब बाकी के पैसे दे देना okay”

अभी मान गया और उस लिफ़ाफ़े को अपने बैग में जाकर रख दिया. किसी ने नहीं देखा जॉर्ज के सिवा, मगर किसी को पता नहीं था के उस लिफाफे में मनोज ने किआ दिया अभी को.

अभी ने कुछ देर बाद मनोज को रेडी होकर जाते हुए देखा जब रूही ने उस्सको bye वेव किया.

उसस्के बाद रूही कई बार सामने आयी अभी के. खुश दिख रही थी, अभी समझ गया के उसस्के चिठ्ठी का एस्सार होगा. और कुछ देर बाद रूही और उस्सकी माँ दोनों टेरेस पर नज़र आये. रूही पोलिश लगा रही थी टेरेस पर बैठ कर और उस्सकी माँ उसस्के पीछे कड़ी थी. क्यूंकि माँ पीछे थी तो रूही ने दोबारा उसी तरह बिना साउंड के अभी को कुछ कहा. अभी नहीं समझा के उस्सने किआ कहा, फिर तुरंत रूही ने मूढ़ कर अपनी माँ को देखा के किआ उस्सने उस्सको इशारे से बात करते हुए देखा तो नहीं.

फिर कुछ ख़ास नहीं हुआ. लंच के बाद अभी रूही के खिड़की के पास गया तो वो बांध था. अभी बहोत हैरान हुआ. जबसे वो यहाँ काम कर रहा था आज पहली बार उस खिड़की को बांध देखा उस्सने. अभी चल कर पीछे के दरवाज़े तक गया वो भी बांध था. अभी हैरान हुआ, परेशां हुआ उसस्के समझ में कुछ नहीं ारः था. अब सोचने लगा के दो बार रूही ने किआ कहा था उस से? कुछ ख़ास कहा होगा जो उस्सकी माँ और मनोज को नहीं पता चलना चाहिए इस लिए बिना आवाज़ के कहा था.

अभी की परेशानी उस्सको अब बहुत तंग करने लगा उसस्के समझ में नहीं आया के वो अब किआ करें. उस्का मैं किया के दरवाज़ा खटखटा के रूही को फुकरे… पागल होने लगा अभी…..

30 मीन्स तक अभी वाशिंग स्टोन पर बैठा वेट करता रहा मगर रूही ने नाह खिड़की खोली और नाह वो नज़र आयी. टोनी सिगरेट खरीदने जा रहा था तो अभी को वहां देखा तो पूछा किआ हुआ. अभी ने ऊंची आवाज़ में रूही को अंदर सुनाने के लिए कहा,

“पता नहीं यार आज पहली बार इस खिड़की को बंद देख रहा हूँ, कोई होगा अंदर शायद इसी लिए नाह बंद है!!”

टोनी चला गया मैं रोड के तरफ, और अभी याद करने लगा किश तरह कल इस वक़्त वो अंदर इसी कमरे में था और रूही को खिड़की बंद करने को कहा था तो रूही ने कहा था के बाहर लोग सोचेंगे के क्यों खुदकी बंद है तो उस्सने पर्दा खिंच कर बुक्स से दबाया था…. और सोच रहा था के इस वक़्त रूही अपनी कमरे में hi तो होगी, तो शायद रूही जान बुझ कर ऐसा कर रही है, या अभी को अब अवॉयड कर रही है या उस्सकी माँ ने रूही को वैसा करने के लिए कहा होगा…..

कल रूही ने कहा था के वो उस्सकी माँ से उस्सकी ग़लती के बारे में पूछे वो बताएगी, तो क्यों अब खिड़की बंद है, अभी तो अभी को उस्सकी माँ से बात करना चाहिए था तो खिड़की बंद है तो कैसे अभी बात करेगा?! अभी को ग़ुस्सा भी ारः था.

फिर अभी ने याद किया के खत में उस्सने रूही से कहा के उसस्के मुंह से सब कुछ सुन्ना चाहता है उस्सकी माँ से नहीं, तो किआ इस लिए रूही ने खिड़की बंद किया क्यूंकि वो नहीं बता पाएगी? या रूही शरारत कर रही है, अभी की पेशेंस का इम्तेहान ले रही है? सुबह उस्सकी माँ ने तंग खिंचा था अभी का यह कह कर के रूही अपनी नानी के यहाँ है, किआ एक बार फिर रूही की माँ ने जान बुझ कर खिड़की बंद किया अभी से शरारत करने के लिए? किआ अंदर से माँ बेटी सब देख और सुन रहे हैं?! किआ रूही ने अपनी माँ को सब बता दिया जो अभी ने खत में लिखा है? बिना आवाज़ के रूही ने किआ कहा था अभी से?

तो बे कॉन्टिनोएड…. (4001 वर्ड्स फ्रॉम बोथ उपदटेस)
 
हाहाहाहा लड़की की फोटो के बदले बस की फोटो,

मेरा मानना यह है के एक लेखक को लड़की की सुंदरता या यौवन

लिख कर उस्सकी चित्र बनाना चाहिए,

लेखक चित्र शब्दों से बनता है जो मैं करता हूँ अपने फीमेल चरक्टेर्स को पोर्ट्रे करते हुए,
 
अप्प्रेसिअशन के लिए बहोत शुक्रिया नैना डिअर

अरे यार टाइटल से hi पता चलता है नाह के बिछड़ना है, वार्ना क्यों उस्सकी गली में जाना चोर्रा अभी ने?

फिर किआ पता कभी वापस जाएगा उस्सकी गली में :डी
 
अपडेट 23 हाउ अभी फसद आईटी

सुबह उस्सकी माँ ने तंग खिंचा था अभी का यह कह कर के रूही अपनी नानी के यहाँ है, किआ एक बार फिर रूही की माँ ने जान बुझ कर खिड़की बंद किया अभी से शरारत करने के लिए? किआ अंदर से माँ बेटी सब देख और सुन रहे हैं?! किआ रूही ने अपनी माँ को सब बता दिया जो अभी ने खत में लिखा है? बिना आवाज़ के रूही ने किआ कहा था अभी से?

अभी काम करने चला गया क्यूंकि लुञ्चतिमे एन्ड हो गया था मगर नाह खिड़की खुली और ना hi रूही दिखी. अभी का दिमाग़ी हालत बहोत ख़राब था उस वक़्त. ग़ुस्सा भी कर रहा था और काम सही से नहीं हो रहा था उस से. बस के बाहर के पेनल्स पर एल्युमीनियम शीट मेज़रमेंट से काट कर रिवेट से चिपकना था, दिन भर का काम था, शाम तक वही करना था, पहला hi शीट कटा तो ग़लत कटा, कम था, एक शीट वास्ते हुए. और सईद ने कहा,

“अगर मेहबूब को पता चला के यह शीट ख़राब हुआ तो नाराज़ होगा इस शीट को छुपादो कहीं!”

अभी ने ग़ुस्से में रिप्लाई किया,

“कौन सी बड़ी बात है? कटे हुए शीट को दूसरी जगह इस्तेमाल किया जा सकता है, कई जगहों पर उस से भी छोटा डायमेंशन के लिए काटना है तो उस बिगरे हुए हिस्से से काट लेंगे नॉट ा बिग डील!”

टोनी अभी का हेल्प कर रहा था. जब शीट्स को काटना था तो किसी एक को दूसरे तरफ शीट को पकड़ना पड़ता था. और कटा जाता था एक तीन काटने वाले कैंची से जिस्सको तीन स्निप कहते है वो ऐसा होता है जैसे इस तस्वीर में है:



Tin-snipper.jpg



अब मेज़रमेंट पर काटने के लिए, पहले बस की पैनल पर नाप लिया जाता था, और उसी नाप को शीट्स पर पेंसिल से मार्क किया जाता फिर एक लाइन खिंचा जाता था शीट पर तब उस लाइन पर तीन स्निप से कटा जाता था. जैसे के अगर नाप है 5मत्स्य बी 7 मत्स्य एंड 15 कंस. तो शीट पर इतना नाप कर लाइन खिंचा जाता तब उस लाइन पर तीन स्निप्पेर को चलाते हुए काटता था अभी.

अब यह सारे काम ठीक रूही के किचन के सामने करना होता था, वो ब्लेंक स्पेस है नाह स्केच में उस हिस्से में यह सब काम किया जाता था. तो हर बार जब अभी तीन काटने जाता तो किचन के अंदर देखता मगर वो खाली था कोई भी नहीं था किचन के अंदर, मगर अभी को एक उम्मीद थी के 3 बजने के बाद रूही को किचन में आना hi पड़ेगा पकाने के लिए और तब से शाम 6 बजे तक तो किचन में hi रहती है, सो अभी उस वक़्त का इंतज़ार करता रहा काम करते हुए.

कटे हुए तीन को लाकर बस की पैनल पर सही से दबा कर होल ड्रिल करना होता, और उस होल में रिवेट पॉप किया जाता था. रिवर टोनी पॉप कर रहा था जबकि अभी तीन को सही दिशा में लगा रहा था ताके वो हिल्ले नहीं बिल्कुल. एक पैनल के तीन को चिपकाने के लिए करीब 25 होल्स ड्रिल्स करने होते थे और उतना hi रिवेट लगाना पड़ता था. तो एक शीट को काट कर, वापस आकर पैनल पर चिपकाने में कोई 30 मीन्स लग रहा था…. अभी ने जान बुझ कर स्लो किया और 45 से 50 मीन्स लिया एक शीट को चिपकाने के लिए ताके रूही को किचन में आने के टाइम अभी को उस्सको देखने और बात करने का मौका मिले.

शाम 3 बजे तक अभी ने अपने काम को स्लो चलाया….. और जब 3 बजा और रूही किचन की चौकठ पर नज़र आयी बस के तरफ देखते हुए, तो अभी गया एल्युमीनियम शीट काटने…. अभी का दिल फिर भी खुश हुआ के पहला चीज़ जो रूही ने किया वो था डायरेक्ट बस में देखना, मतलब अभी को ढूंढ़ना या उसस्के तरफ देखना.

तो अभी और टोनी गए ठीक रूही के किचन के सामने, रूही वहीँ कड़ी रही जब अभी को उस तरफ आते हुए देखा. रूही के चेहरे में देखते हुए hi अभी वहां रखे एल्युमीनियम शीट पर बैठा, कोई 14 शीट रखे हुए थे निचे कुछ ब्लॉक्स पर. रूही के चेहरे पर एक मुस्कान सजी हुई थी और उस्सकी आँखों में एक चमक दिख रही थी, खुश थी. मगर अभी हैरान था के आज मिली नहीं और ऐसे बेहवे कर रही है जैसे सब कुछ नार्मल है.

अभी ने मासुरिंग टेप का एक एन्ड टोनी को पकड़ने को कहा और अपने पेंसिल से मैसूर के हिसाब से मार्क कर रहा था शीट्स पर और रूही को बार बार देखे जा रहा था तो टोनी ने कहा,

“भाई कहीं कोई मिस्टेक मत कर देना फिरसे, मुझे क्रॉस चेक करने दो के आप ने सही मेज़रमेंट पर मार्क डाला है या नहीं आप का ध्यान उधर ज़्यादा है अभी….”

अभी ने हँस्ते हुए टेप टोनी को दिया और उस्सको खुद मेज़रमेंट मार्क करने को कहा, और लाइन खींचने को भी कहा जहाँ जहाँ तीन स्निप्पेर चलना है तब तक वो इशारे से रूही से बात करता रहा. रूही ने सोने का इशारा करके अभी को समझाया के वो सो गयी थी, तब अभी को याद आया के रात भर वो सोई नहीं थी कल, इसी लिए उस्सने खिड़की बंद करके सो गयी थी, अभी अभी उठी है.

अभी ने फिर पूछा के खत का जवाब लिखा या नहीं? तो रूही ने न में सर हिलाया हँस्ते हुए. टोनी बार बार सर उठा कर तुहि और अभी को देख रहा था तो अभी ने उस से कहा,

“अबे तू क्यों अब हमको देख रहा है? तू मार्किंग्स कर नाह!”

फिर अभी बैठा अपने टांगों पर तीन स्निप से शीट काटने के लिए, शुरू hi किया था के मनोज श्वेता को लेकर आँगन में आते हुए दिखा….. और श्वेता मनोज का हाथ छुरा कर भागते हुए सीधे अभी पर झपकी और उसस्के कांधों पर अपनी छोटी छोटी बाज़ुओं को लपेट कर जोरर से “ाभःहीीी” चिलाते हुए उस्सको गले लगाया और कई पुप्पियाँ दिया अभी को. एक हफ्ते बाद श्वेता वापस आयी थी आज. ऐसा लग रहा था अभी की बेटी अपने पापा को प्यार कर रही थी….. रूही और मनोज दोनों किचन के स्टैर्स पर खड़े हँस्ते हुए देख रहे थे श्वेता को. फिर मनोज अंदर चला गया और रूही ने कहा,

“श्वेतु, तू मुझसे मिलने नहीं आयी सीधे अभी के गॉड में चली गयी, मैं तेरी कुछ नहीं लगती, अभी सब कुछ है अब?!”

तब तक अभी ने श्वेता को गॉड में उठा कर खड़ा हो गया था और रूही के तरफ देखते मुस्कुरा रहा था, और श्वेता ने रूही को जवाब दिया,

“आप तो ऊपर थे और अभी निचे बैठा हुआ था, यह इतना ऊंचा है के इस्को पप्पी देने के लिए इनको झुकने को बोलना पड़ता है तब पप्पी दे सकते हैं तो आज इनको निचे देखा, तो चली गयी उसस्के गॉड में आप जेलस हो रहे हो किआ?!”

सब श्वेता की मासूम बातों को सुनकर हंससने लगे, खुद रूही ज़ोर से हंसी और श्वेता को रिप्लाई किया,

“हाँ मैं जेलस हूँ क्यूंकि तुमसे पहले अभी को मैं जानती हूँ”

श्वेता ने अपने नाज़ुक ऊँगली को दांतों में दबाया और अभी से धीरे से कहा,

“वो आप को पहले से जानती है?!”

अभी ने भी उस्सको धीरे से कहा,

“हाँ जानती तो है, मगर हम आप से बहुउउउउउउत ज़्यादा प्यार करते हैं, रूही से उतना नहीं करते!”

श्वेता ने “हीहीहीहीहीही” किया फिर अभी के कान में कहा,

“अब अगर उस्सको पता चला के आप मुझसे बहुउउउउउउत प्यार करते हो तब और ज़्यादा जेलस होगी नाह हीहीहीहीही”

अभी ने अपने शक को मिटाना चाहा और रूही को वैसे hi गॉड में लेकर बस के तरफ चलता गया उसस्के कान में बात करते हुए. अभी को उस बची में रूही की बचपन दिख रहा था, वही नाक नक्शा, वही आँखें, वही मुस्कान, तो अपनी शक को मिटाने के लिए अभी ने श्वेता के कान में कहा,

“किश ने आप को कहा झूट मुठ के रूही को दीदी बुलाने को? वो तो मम्मी है नाह आप की?!”

रूही ने जवाब नहीं दिया बुसस दांतों में अपनी ऊँगली दबायी. तो अभी ने श्वेता से सवाल जारी रखा,

“चाह बताओ आप रहते कहाँ हो आप की एड्रेस पता है आप को?”

श्वेता ने अपनी शहर का नाम बताया अभी को, तब अभी ने पूछा,

“आप अपने पापा के घर रहती हो?”

श्वेता ने हाँ में सर हिलाया, फिर अभी ने पूछा,

“आप के पापा का किआ नाम है, और सुर्नामे भी बताओ, और आप का सुर्नामे?!”

रूही की सुर्नामे “नुनहुक” है, तो अभी जानना चाहता था के अगर श्वेता उस्सकी चाचा की बेटी तो श्वेता की सुर्नामे भी वही होगी नाह…. और श्वेता ने जवाब दिया,

“मेरे पापा का नाम है अनिरुद नुनकुक, और मेरा श्वेता नुनहुक”

अभी ने एक गहरी सांस लिया और पूछा,

“आप की मम्मी भी रहती है नाह साथ उस घर में?”

श्वेता ने जवाब दिया,

“हाँ हमारे साथ hi रहती है, मम्मी नर्स है हॉस्पिटल जाती है रोज़.”

अभी ने कहा,

“हम्म्म तो फिर रूही आप की बड़ी दीदी hi हुई नाह बेबी!”

श्वेता ने अपनी मुठी खोलके उससे डोलते हुए कहा,

“हाँ वो बड़ी दीदी hi है मेरी”

अभी ने एक गहरा सांस लिया, उस्सको कभी शक होता था के श्वेता रूही की बेटी है और एहि सीक्रेट छुपा रही थी रूही उस से और इसी बात को अपनी ग़लती बताना चाहती थी ऐसा अभी को लगा था, अब श्वेता ने कन्फर्म कर दिया था के वो रूही की चाचा की बेटी थी.

फिर भी अभी ने एक सवाल और किया श्वेता से,

“आप का कोई और भाई बेहेन हैं किआ वहां घर पर? बड़ा भाई या बड़ी बेहेन या छोटा भाई या छोटी बेहेन?!”

श्वेता ने अपनी मासूम और रूही की जैसी आवाज़ में कहा,

“मैं अकेली हूँ मेरा कोई भाई और बेहेन नहीं है!”

अभी के मैं में दोबारा शक ने घर किया, रूही के चाचा और चची के कोई औलाद नहीं इस लिए श्वेता को अपने नाम देकर अडॉप्ट किया होगा….. अभी इस लिए ऐसा सोचने लगा क्यूंकि वो शहर वाला चाचा रूही का बड़ा चाचा था, और उस आगे में इतनी छोटी श्वेता की उम्र की बची होना कुछ अजीब लग रहा था….

तब तक मनोज अपने कैमरा के साथ घर से निकला और श्वेता से कहा,

“चल तुझे अमिताभ बच्चन की शूटिंग दिखाऊंगा आज चल श्वेतु!”

और मनोज श्वेता को लेकर चला गया, और किचन के चौकठ से रूही ने ऊंची आवाज़ में श्वेता से कहा,

“मुझे एक पप्पी भी नहीं दिया, मुझसे मिली भी नहीं, अभी के गॉड में चिपकी रही और बिना मिले जाने लगी शूटिंग देखने, मत आना मेरे पास श्वेता!”

श्वेता मैं रोड के तरफ जाते हुए रूही को वेव किये जा रही थी हँस्ते हुए….

और रूही की माँ भी निकली स्टैर्स पर श्वेता और मनोज को जाते हुए देखने, फिर अभी गयी रूही के किचन के चौकठ के पास और उस्सकी माँ के सामने कहा,

“तुम क्यों नहीं चली गयी शूटिंग देखने अपने भाई के साथ?”

रूही ने अभी से हँस्ते हुए कहा,

“मैं ने किसी और के साथ जाने को सोचा है मगर वो बिजी है सिर्फ काम काम काम करता रहता है!!

यह रिप्लाई सुनकर अंदर से अभी का दिल खुश तो हुआ मगर रूही को जवाब दिया अभी ने,

“सिर्फ काम hi करता वो; तो कल दो घंटे तुम्हारे साथ नहीं होता और आज आधा घंटा तुम्हारे कपडे धोने वाले पत्थर पर बैठ कर वेट नहीं करता!”

रूही की माँ ने हँस्ते हुए कहा,

“ले! अब दे जवाब उस्सको, वो इतना तेज़ है के तुझे हरा देगा हमेशा सवाल जवाब में तुझसे बहोत ज़्यादा तेज़ है अभी”

रूही ने मुस्कुराते हुए कहा,

“हम्म वैरी इंटेलीजेंट बॉय विथ वित्तय रिलीज ऑलवेज… आप से बात करना आसान नहीं है नाह अभी?!”

तो बे कॉन्टिनोएड इन थे नेक्स्ट अपडेट इम्मेडिएटली
 
अपडेट 24 हाउ अभी फसद आईटी (ी)

अभी ने कहा,

“इस सवाल के बदले तुमको यह बताना बेहतर सूट करता के तुम कहती के तुम ने उस आधे घंटे तक क्यों मुझे वेट करवाया?!”

रूही ने जीब को दांतों में दबाते हुए कहा,

“सॉरी अभी, कल रात नहीं सोई थी नाह तो 11 बजे hi मैं गहरी नींद में थी, आप लोग बस में काम करते हुए शोर कर रहे थे नाह तो मैं ने नहीं मम्मी ने खिड़की बंद कर दिए ताके मेरी नींद नाह टूटे!”

अभी ने कुछ नहीं कहा ठीक तभी उस तरफ से रहीम ने रूही को बुलाया कुछ दिखाने के लिए, और रूही निकली और यह गुनगुनाते हुए अभी के बगल से गुज़री, “प्यार करते हैं हम तुम्हें इतना…..”

अभी ने सुना और उस्का दिल बहोत खुश हुआ रूही को उस गीत को गुनगुनाते हुए सुन कर.

और रूही तुरंत वापस आयी रहीम से कुछ हाथ में लेकर और वही गीत गुनगुनाते हुए अभी के बहोत करीब से गुज़री, तो तुरंत अभी ने भी गुनगुनाया, “प्यार करते हैं हम तुम्हें इतना….” रूही ने मुड़कर उससे देखा, मुस्कुरायी और किचन के चौकठ पर अपनी माँ के पास कड़ी हो गयी.

अभी गया उन् दोनों के पास खड़ा हुआ और रूही से पूछा,

“दीद यू रीड थे लेटर?”

रूही ने एक प्यारी सी मुस्कराहट में कहा,

“ओह यस, यस थैंक यू वैरी मच हम्म्म्म थैंक्स वैरी वैरी मच फॉर तहत, इतस सो, सो नीस ऑफ़ यू. बूत यू विल नॉट गेट अन्य आंसर फॉर तहत okay अभी?”

अभी: “एंड व्हाई ी won’t गेट अन्य रिप्लाई?”

रूही: “ी ऍम नॉट वर्थ तो रिप्लाई तो सुच ा लवली लेटर.”

रूही बड़े प्यार से मुस्कुराते हुए बात कर रही थी अभी से अपनी माँ के सामने. माँ सिर्फ मुस्कुरा रही थी.

तो अभी ने पूछा,

“इस यू मां अंडरस्टैंडिंग व्हाट वे अरे टॉकिंग?”

रूही: “No शी इस नॉट!”

अभी: “सो विल यू तेल्ल में, व्हाट अबाउट थे मिस्टेक यू वेरे टॉकिंग यस्टरडे?”

रूही ने बात को बदलते हुए कुछ ऐसा कहा जिस से अभी का दिल बैठ गया, उस्सको घुटन सा फील हुआ, रूही ने कहा,

“चलो मान लो के आप के खत का मेरा जवाब नाह हुआ तो?!”

अभी ने कोई जवाब नहीं दिया, बुसस रूही के चेहरे में उतारते हुए चेहरे से देकखता रहा. कुछ था hi नहीं अभी के पास कहने के लिए. रूही फिर भी मुस्का रही थी… तो रूही ने खुद कहा,

“और अगर मैं आप से कहूं के मेरी मांगनी हो चुकी है तो?!”

यह सुनकर अभी के दिमाग़ ने काम करना बांध कर दिया. उसस्के समझ में नहीं आया के वो अब किआ जवाब दे रूही को!!

कुछ पल खामोश रहने के बाद अभी ने कहा,

“मैं नहीं मंटा, इम्पॉसिबल….. सो, यू हैवे समवन इन योर लाइफ?”

रूही ने बड़े आसानी से कहा,

“No नॉट इन माय लाइफ, बूत हे इस अब्रॉड.”

अभी ने दिल को संभालते हुए पूछा,

“हे विल के बैक तो स्टे?!”

रूही ने मुस्कुराते हुए अभी के आँखों में देखते हुए कहा,

“No, हे विल नॉट के तो स्टे, हे विल रेतुर्न.”

अभी ने फिर कहा,

“फिर मेरी दुः है के वो कभी भी वापस नाह आये!”

रूही ने हँस्ते हुए कहा,

“हे भगवान् ऐसा भी कोई कहता है किसी के लिए?!”

रूही की माँ सब सुन रही थी और हस्ती जा रही थी.

अभी ने तब रूही का हाथ थाम कर कहा,

“तो किआ तुम मेरे लिए उस्सको चोरर नहीं सकती, उस्सको भूल कर मेरी नहीं हो सकती तुम?”

रूही ने कहा,

“ी don’t क्नोव तहत डिपेंडस ों माय पेरेंट्स!”

अभी ने ऑब्जेक्ट करते हुए कहा,

“तुम्हारे पेरेंट्स तुम्हारे लिए डीडे नहीं कर sakte,tumko अपना चॉइस करना तुम्हारा हक़ है, वह लोग तुम्हारे लिए डीडे नहीं कर सकते!”

रूही ने कहा,

“बूत आईटी इस माय ड्यूटी तो ओबेय माय पेरेंट्स”

अभी ने उस्सको जवाब दिया,

“बूत आईटी इस आल्सो योर ड्यूटी तो ओबेय योरसेल्फ”

तब रूही ज़ोर से हंसी, तो अभी ने कहा,

“okay फिर ठीक है मैं अभी इसी वक़्त तुम्हारे मम्मी से शादी के किये तुम्हारा हाथ मांगने जा रहा हूँ….”

इस पर रूही और भी हंससने लगी…..

अभी को लगने लगा के जो कुछ अभी रूही ने कहा सब बनावटी बातें थे, मगर उसस्के दिल में डर था के कहीं यह सब सच नाह हो….

और रूही ने कहा,

“हैवे यू एवर रेअलीसेड हाउ टालल यू अरे एंड हाउ ी ऍम?”

अभी ने तुरंत कहा,

“That’s नॉट इम्पोर्टेन्ट, हाउ टालल इस अमिताभ बच्चन एंड हाउ टालल इस जाया बाधुरी?”

रूही इस पर बहुत हंसी उस्सकी माँ भी हस्ती गयी अभी की बात सुनकर….

और अभी ने कहा प्यार में यह सब नहीं देखा जाता, लम्बाई, रंग, जाट पात सब कोई मैने नहीं रखता….

अभी ने तब रूही से कहा के आज काम 5 बजे एन्ड होगा मगर वो 6 से 6.30 या7 बजे तक इसी आँगन में रहेगा और चाहता है के रूही से अकेले में बार करे…..

फिर अभी काम करने लगा… रूही आस पास hi रही और अपने जीब से अभी को घंटों भर चिढ़ाती रही, हस्ती रही, खुश दिख रही थी, चंचल अदाओं से जैसे अभी को रिझा रही थी अपनी माँ के सामने.

रूही अब अभी को नज़र से बिल्कुल भी नहीं चोरर रही थी. अभी को बस के पीछे वाले हिस्से पर शीट्स चिपकना था, तो किचन से बस के पीछे तो नहीं दिख रहा था, काफी डर्फ तक अभी वहां रहा तो रूही खुद आयी उधर…. उस्सने अपने कजिन के यहाँ जाने का बहाना किया ताके अभी के पास आ सके…. तो अभी ने उस्सको रोका, और बस के अंदर देखते हुए रूही ने कहा,

“देखो तुम्हारा बॉस तुमको देख रहा है”

अभी ने कहा,

“देखने दो उस्सको सब पता है!”

रूही ने कहा:

“व्हाट उस्सको सब पता है? तो मैं चली bye bye….”

अभी को बोलना पड़ा के नहीं सईद को कुछ पता नहीं है तब रूही रुकी अभी से बात करने के लिए…. और अभी ने कहा,

“मेरे तरफ देखो तो!”

रूही अभी के चेहरे में, बल्कि आँखों में देखने लगी, तो अभी ने कहा,

“देखो रूही, अगर तुम मुझे नहीं मिली, अगर तुम मेरी नहीं हुई, तो मैं ज़िन्दगी भर कभी शादी नहीं करूँगा, मुझे सिर्फ और सिर्फ तुम चाहिए”

रूही के दोनों आँखें भर आये अभी को सुनकर, एकांत कतरे आंसू के चालक भी गए और आसमान ताकते हुए रूही ने रोनी आवाज़ में कहा,

“ओह माय गॉड, क्यों आखिर क्यों?

अभी ने सीरियसली कहा,

“क्यूंकि मैं इस रूही को नहीं खोना चाहता एक को खो दिया हूँ और नहीं खोना मुझे!”

रूही समझी नहीं, उस्सने सोचा अभी ऐसे hi कह रहा है, रूही ने अपने आंसू पोछते हुए कहा,

“अब मैं जा रही हूँ, मैं अब कुछ दिनों में अपनी नानी के यहाँ चली जाउंगी.”

अभी ने हैरान होते हुए कहा,

“व्हाट?”

रूही रट रट हंस पारी

फिर अभी ने कहा,

“तो यहाँ मेरा किआ होगा? मैं कैसे काम करूँगा यहाँ? मैं किस्से देखूंगा हर बार यहाँ, मैं रूही के बिना किआ करूँगा फिर यहाँ?”

रूही ने तब हँस्ते हुए कहा,

“फिर दूसरे जगह कैसे काम करोगे आप?”

अभी ने कहा,

“इसी लिए तो तुम्हारी एक तस्वीर मांगी है नाह मैं ने? प्लीज एक फोटो दे दो अपनी, प्लीज.”

रूही: “नाह, मैं कभी किसी को अपनी कोई भी फोटो नहीं देने वाली”

अभी ने कई बार माँगा, रिक्वेस्ट किया, मिनतें किये मगर रूही ने मन किया.

अभी ने तब उस अब्रॉड रहने वाले आदमी के बारे में पूछा, और रूही ने कहा वो फ्रांस में है, और उस्का नाम अमित है. अभी ने कहा के वो अभी अभी उस नाम और आदमी को खुद क्रिएट कर के बता रही है वैसा कोई है hi नहीं, तो रूही ने कहा के नहीं वो हकीकत है.

तब अभी ने कहा,

“या तुम इस लिए मन कर रही हो क्यूंकि मेरी यह नौकरी तुमको और तुम्हारी माँ को नहीं पसंद, मैं गन्दा रहता हूँ, मेरे कपडे गंदे हैं इस लिए?”

रूही ने जो जवाब दिया वो अभी को पसंद आयी,

“क्यों इस में किआ है? कोई भी काम हो, काम तो काम होता है”

तो अभी ने कहा,

“या फिर तुमको ेश ो आराम वाली लाइफ चाहिए, लुक्सुरिएस चाहिए, आमिर आदमी के साथ होना पसंद है तुम्हे जिस्सके पास कार, नौकर चाकर हो, जो अब्रॉड रहता हो….”

रूही ने कहा

“नहीं बिल्कुल भी नहीं मैं वैसी नहीं हूँ!”

तो अभी बोलै;

“शेक्सपियर ने कहा है – ‘ुनस्य लाइज थे हेड तहत वेअर्स ा क्राउन’ इस्सके मतलब पता है नाह?”

रूही ने फिर कहा,

“आप कितने पढ़े लिखे हो अभी, किआ कुछ नहीं पता और याद है आप को हम्म्म?!”

तब तक रूही की माँ ने उस्सको आवाज़ दिया तो रूही ने कहा अब उस्सको जाना है और वो फिर वही गीत गुनगुनाते हुई गयी, “प्यार करते हैं हम……”

अभी एक भारीपन फील करने लगा, फिर भी उस्सको रूही से बस के पीछे इतनी देर बात करके अच्छा लगा.

और कुछ hi देर बाद अभी को अब बस के अंदर के सीलिंग के लिए कुछ इस्तेमाल करना था जो रूही की लाउन्ज में रखा हुआ था तो वो गया वहां उससे लेने, रूही की माँ ने दरवाज़ा खोला और दीवार से तक लगा कर कड़ी अभी को देख रही थी तो अभी ने उस से कहा,

“रूही से कह दीजिये मैं एक बार फिर उसस्के घर के अंदर आया हूँ”

रूही ने दूसरे कमरे से जवाब दिया,

“केहदो उनको के डंडा पड़ेगा अब उनको!

कुछ देर बाद अभी वापस पेनल्स पर शीट्स चिपका रहा था जो रूही के टेरेस के पास था और रूही और उस्सकी माँ दोनों वही थे और बार बार फिर रूही ने उसी तरह अपनी माँ के सामने अभी को अपने जीब से चिढ़ाया… अभी को तो रूही का उस तरह से जीब से चिढ़ाना बहोत पसंद था तो अभी ने सोचा के रूही का वही “ी लव यू” बोलने का तरीका था शायद.

और कुछ देर बाद और रूही अपनी खिड़की पर तक लगाए हुए देखि गयी, और अभी उस्सको फिक्स देख रहा था, तो धीरे से रूही ने कहा,

“किआ देख रहे हो आप? उस तरह से मत देखिये मुझे.

मगर अभी ने और बेहतर पोजीशन लिया रूही को बेहतर से देखने के लिए तब रूही ने कहा,

“आप बिल्कुल पागल हो!”

अभी ने जवाब दिया के “हाँ हूँ मैं पागल!”

अब रूही की माँ बाहर निकली और रूही चौकठ पर आयी और अभी को इशारे से बुलाया, तो अभी काम चोरर चार कर गया उसस्के पास, रूही कुछ कहने जा रही थी अभी को मगर जब अभी उसस्के पास पहुंचा तो रूही ने कहा,

“मैं ने आप को नहीं बुलाया!”

तो वापस लौटते हुए अभी ने कहा,

“मेरे जाने का टाइम हो गया, प्लीज यहीं रहना जब मैं जाने लागूं मुझे तुम दिखना चाहिए जाते हुए, वार्ना मैं नहीं जाऊंगा आज यहीं रहूँगा! ी विल स्टे ात योर प्लेस आल नाईट!”

रूही ने ख़ुशी से हँस्ते हुए कहा,

“रियली आप यहीं रहोगे हमारे यहाँ? यह तो ख़ुशी की बात है रहए नाह!”

उस वक़्त अभी के हाथ में एक सिगरेट था और रूही ने कहा,

“कितना सिगरेट पीते हो आप, फेंकिए इससे अभी इसी वक़्त!”

अभी को रूही का वैसे कहना बहोत अच्छा लगा, उस्सको लगा जैसे एक वाइफ अपनी हस्बैंड को सिगरेट फेंकने को कह रही है तो अभी ने जवाब में कहा,

“वो कब होगा तुमको कह दिया है मैं ने, अगर चाहती हो के हमेशा के लिए सिगरेट फेंक दूँ तो वो दिन जल्दी से आये प्रे करो! मतलब जब तुम मेरी बन जाओगी तब!”

और अभी ने सच में सोच लिया और खुद से कस्सम खा लिया था के जिस दिन रूही उस्का हुआ वो सिगरेट कभी नहीं पियेगा उस दिन से.

अभी ने फिर याद किया के उस्सने अभी तक अपनी वो बात नहीं बतायी है तो कहा,

“आरी सुनो तो, किश बात के लिए कल तुम ने कहा था के किआ मैं तुम्हारी ग़लतियों को माफ़ कर सकता हूँ या नहीं? तुमने अभी तक कुछ कहा hi नहीं, सुनों जब सब चले जाएंगे तब मैं रुकूंगा, लेट तक पीछे आना हम बात करेंगे….”

रूही ने हाँ में सर हिलाया…..

अब तक जितना कुछ हुआ वो सब अभी सोच रहा था के सब रूही की माँ की बनायी हुई प्लान है अभी को आज़माने के लिए. जो कुछ रूही ने कहा, जैसे वो बेहवे करने लगी थी सब कुछ अभी समझ रहा था के सब उसकी माँ ने रूही को सिखाया है अभी को परखने के लिए उस्का इम्तेहान लेने के लिए रूही वैसा कर और कह रही थी.

तो बे कॉन्टिनोएड इन थे नेक्स्ट अपडेट इम्मेडिएटली
 
अपडेट 25 रूही रेवेल्स आईटी

शाम के 5.15 से 6.45 तक अभी ने रूही से बात किये, और उस्सकी माँ साथ थी उस वक़्त. माँ की हाज़िरी में सब कुछ कहा सुना गया, थोड़ा इंग्लिश में थोड़ा हिंदी में बातें किये दोनों ने, रोना धोना भी हुआ, और माँ ने भी बीच बीच में बात किये.

मेहबूब ने जब देखा सारे काम करने वाले चले गए और अभी रूही के किचन के चौकठ पर खड़ा है तो पूछा,

“अरे अभी आज घर नहीं जाना है किआ तुमको?”

रहीम ने अभी की जगह जवाब दिया अपने पति को,

“लगता है आज अभी रूही के सात डिनर करके जाएगा या उसी के यहाँ रहेगा!”

रूही हँस्ते हुए अभी के चेहरे में देख रहा था, और मेहबूब ने कहा,

“ाचा यह बात है, तो ठीक है कल सुबह फिर सब से पहले काम शुरू कर देना तुमको दूर से नहीं आना पड़ेगा.”

और अभी ने रूही और उस्सकी माँ से कहा,

“देखा, सही तो कह रहा है मेहबूब, मैं यहीं ठहर जाता हूँ आज एक जगह मिलेगा किआ रात बीतने के लिए?”

दोनों माँ बेटी हंस रहे थे और रूही ने थोड़ा गंभीरता से कहा,

“आप सपनों की दुन्या से निकालिये नाह अभी मैं ने आप से कहा नाह के it’s तू लेट नाउ मैं किसी और की अमानत हूँ!”

अभी को थोड़ा ग़ुस्सा आया और उस्का दिल ने चाहा के चिल्ला कर रूही से कहे “फिर किआ नाटक कर रही है इतने दिनों से उसस्के साथ, क्यों उस्सको किश किया क्यों उस से मिलने आती रही घर के पीछे, क्यों उस्सको लंच पर इन्विते किया, क्यों उस्सको जीब से चिढ़ाती है क्यों इतना कुछ किया, खिलवाड़ समझ रकह है किआ?!!”

मगर अभी ने सय्यम रखते हुए आराम से कहा,

“प्लीज घर के पीछे आओ नाह तुमसे अकेले में बात करनी है मुझे, बहोत सीरियस बातें करनी है.”

रूही ने कहा,

“नहीं जो कुछ कहना है यहीं कहिये आप.”

अभी ने उसस्के माँ के तरफ देखा और कहा,

“मगर हम दोनों के बीच की बातें हैं तुम्हारी मम्मी की ज़रुरत नहीं है नाह यार!”

रूही ने कहा,

“अरे मेरी मम्मी को सब कुछ पता है नाह उसस्के सामने हम कुछ भी बात कर सकते हैं!”

और मम्मी जी ने कहा,

“हाँ अभी मेरे सामने बात करोगे तो कोई सवाल भी नहीं करेगा नाह, अगर रूही के साथ अकेले पीछे गए तो सवाल उठेंगे!”

तो अभी ने कहा okay ठीक है और बातों बातों में ऐसे hi एक के बाद एक बात निकलते गए.

रूही ने कहा,

“अगर आप को नहीं यकीन के कोई है जो मेरा इंतज़ार कर रहा है तो मेरी मम्मी से पूछ लीजिये.”

अभी ने उस्सकी माँ के तरफ देखा तो उस्सने कहा,

“हाँ यह सच है, रूही को प्रोपोज़ कर दिया गया है शादी के लिए हमने लड़के वालों को जुबां दे दिए हैं तो कुछ नहीं कर सकते नाह अब!”

अभी भी सीरियस हुआ और कहा,

“मैं यकीन नहीं karta,yeh सब आप दोनों ने मिलकर खिचड़ी पकाये हुए हैं है नाह?!”

रूही अभी के चेहरे में देखते हुए जैसे उस्सकी हार पर खुश हो रही थी जब उस्सकी मम्मी ने वो सब कुछ कहा तो. और रूही बोली,

“किआ मेरी माँ आप से झूट बोलेगी?”

अभी: “हाँ जैसे सुबह कहा था के तुम अपनी नानी के घर चली गयी हो!”

अभी ने उस आदमी के बारे में पूछा, तो रूही की माँ ने कहा,

“वो वहीँ का रहने वाला है जहाँ इस्सकी नानी रहती है.”

अभी ने कहा,

“आप रूही को फ्रांस भेज रही हो, इतनी दूर आप को पता भी है वहां इस्सकी किआ हाल हो सकता है?!”

मम्मी जी ने कहा,

“खैर देखते हैं इस्सकी किस्मत में किआ है, रूही को हमेशा से फॉरेन जाने की तमन्ना थी तो जाने दिया जाये मैं ने सोचा.”

अभी ने तब रूही को देखते हुए कहा,

“इसी लिए मैं ने तुमसे कुछ देर पहले पूछा था किआ तुमको लाइफ की लुक्सुरिएस चाहिए?!”

अभी बहोत डिप्रेस्ड फील करने लगा था यह उस्सकी चेहरे से ज़ाहिर था, जब भी अभी उदास होता या कोई भी चीज़ उस्सको परेशां करता तो अभी के चेहरे पे साफ़ नज़र अत था और वो रूही को अछि तरह से पता था, वो अभी के चेहरे में hi देखे जा रही थी, उस्सको पता था के अभी को गहरी चोट लगी है यह सब बातें सुनकर…… अभी इतना खुशनुमां इंसान था के उसस्के चेहरे पर हमेशा एक रौनक हुआ करता था, दोस्तों के बीच भी कोई भी उसस्के चेहरे से पहचान लेता था जब भी अभी को कोई परेशानी होती थी, क्यूंकि अभी था hi ऐसा के उस्का चेहरा सब बता देता था. अभी एक जॉयफुल हैप्पी गोइंग इंसान था. अब ऐसे इंसान को चोट लगे तो साफ़ दीखता है.

तो रूही अभी के चेहरे में देख कर समझ सकती थी के अभी घायल हुआ है और खुद रूही के आँखें भर आयी अभी को वैसे देख कर.

अभी ने सर झुका लिया था और कुछ देर तक कुछ नहीं बोलै, और जब फिर से रूही के चेहरे में देखा तो रूही ने उस्सको जीब से चिढ़ाया. इस बार अभी को उस्का चिढ़ाना ाचा नहीं लगा, अभी ने बहोत सीरियसली रूही के चेहरे में देखा ुर एक गहरा सांस लिया….

बिना कुछ कहे अभी ने अपने कदम को जाने के लिए मोड़ा, सर झुकाते हुए तो रूही की माँ ने उस्सक्को रोका यह कहते हुए,

“अरे रुको तो, अभी सिर्फ 15 मीन्स बात किये हैं और जाने लगे ठहरो तो और बातें करते हैं नाह!”

अभी ने डब्बे आवाज़ में कहा,

“अब किआ कहना बाकि है आंटी?!”

अभी ने एक सिगरेट जलाया, और रूही को पीछे अपने कमरे की खिड़की के पास आने को कहा. मगर उस्सकी माँ ने कहा,

“नहीं वो अब आप से अकेली बात नहीं करेगी, जो कुछ कहना है मेरे सामने केहये नाह आप!”

तो भी ने कहा,

“तो आप भी वहीँ आइये उस्सकी कमरे में वहीँ बात करते हैं नाह यहाँ मेहबूब और रहीम हमारे बातों को सुन सकते हैं नाह!”

तो अभी पीछे गया रूही के खिड़की के पास और देखा के रूही वहां उस से पहले पहुँच गयी है और अपने दोनों केहुनियों को खिड़की से तक कर सर बाहर निकाल कर मुस्कुराते हुए अभी को आते हुए देख रही थी…. जब अभी वहां रीच हुआ तो देखा उस्सकी माँ उसस्के पीछे कड़ी है.

अभी ने रूही के आँखों में देखते हुए कहा,

“रूही अब मैं अपने घरवालों से, नैना से, दोस्तों से किआ कहूंगा?!”

दोनों माँ बेटी ने एक साथ कहा,

“यह आप की ग़लती है क्यों सबको बताया आप ने?!”

बातें गंभीर होते गए, अभी बहुत hi सीरियसली बात कर रहा था, उस्सने अपनी माँ के बारे में कहा रूही को, उस से कहा के उस्सको उस्सकी माँ की जैसी सास लाइफ में कहीं नहीं मिलेगी, उस्सक्कि माँ इतनी अच्छी है…..

रूही की माँ ने अभी के थरथराते हुए होंठ को देखते हुए कहा,

“अब यहाँ रोना मत अभी….”

अभी ने कहा,

“नाह, यहाँ नहीं यह तब होगा जब अकेले तन्हाई में हूँगा तब…”

जब अभी ने वैसा कहा तो देखा के रूही की आँखें भर आये और आंसू चालक गए… अभी ने तुरंत अपना हाथ बढ़ाया उसस्के चेहरे के तरफ और रूही ने एक कदम पीछे किया और अभी ने उस्सकी होंठों को कांपते देखा…. उस्सकी माँ वहीँ रही बिना हिल्ले तो अभी ने उस्सकी माँ से कहा,

“अब आप मुझे यह समझाओ के रूही क्यों रोने लगी? दिल मेरा टुटा नाह? दर्द मुझे हुआ, तकलीफ मुझको हो रही है तो रूही क्यों रो रही है? समझाइये आप मुझे यह बात! अगर रूही मुझसे प्यार नहीं करती तो उस्सको क्यों ऐसे मेरे हाल पर रोना अत?!”

रूही अपनी बीएड पर लेट कर रो रही थी अपने आँखों से आंसू पोस्ते हुए, तो अभी ने उस्सको बुलाया, पास आने को कहा…. और कहा,

“अब तुम्ही बताओ मुझे रूही, के क्यों रोने लगी तुम? रोना तो मुझे था नाह? वो मैं घर जाकर कर लूंगा या बस में जाते हुए मुंह छुपा कर रो लूंगा मगर तुम क्यों रोने लगी अगर मुझसे प्यार नहीं है तो?!”

रूही ने और ज़ोर से रोना शुरू किया अपनी तकिये में मुंह दबाते हुए तो अभी के भी आँखें भर आये और चालक भी गए और तड़पती आवाज़ में, रट हुए अभी ने कहा,

“आओ नाह रूही एक साथ मिलकर रट हैं आओ रोना शेयर करते हैं दोनों आह नाह रूही!!”

अभी रूही को जोरसे अपने सीने से लगाना चाहता था उस वक़्त, मगर वो घर के बाहर था और रूही अंदर थी अपनी बीएड पर थी तो बहते आंसूओं से अभी ने उस्सकी माँ को देखा और कहा,

“प्लीज आप पीछे वाला दरवाज़ा ओपन करो नाह, मैं रूही को हुग करना चाहता हूँ चाहे वो आखरी बार hi क्यों नाह हो, खोलो नाह प्लीज….”

रूही की माँ ने नाह में सर हिलाया मगर रूही अपने आंसू पोंछते हुए उठ कर पीछे वाले दरवाज़े को खोल दिया, तो झपट कर अभी वहां गया और उस चौकट पर रूही को ज़ोर से बाहों में भर कर रोने लगा… दोनों एक दूसरे को बाहों में भाड़े रो रहे थे, माँ देख रही थी और कहा,

“रूही!! आहिस्ता सबको बताना है किआ स्स्स्सह्ह्ह्ह”

और माँ ने उठ कर दरवाज़ा बंद किया और दोनों को बीएड पर बैठने को कहा, खिड़की के परदे को खींचा और दोनों को बिल्कुल आहिस्ते बात करने को कहा, मगर बात कहाँ दोनों एक दूसरे के बाहों में रट जा रहे थे दो छोटे बच्चों की तरह…..

और अब रूही ने कल की तरह दोबारा अपनी माँ के सामने पूछा,

“आप मेरे सारे ग़लतियाँ माफ़ कर सकते हो अभी?!”

अभी ने रूही के आँखों को पोंछते हुए कहा,

“अरे बाबा कल कह दिया नाह हाँ” हाँ” हाँ” सब माफ़ किया मैं ने कुछ भी हो!”

तब रूही ने इंग्लिश में बात किये….

“एंड िफ़ ी ऍम नॉट व्हाट ी ऍम लुकिंग तो यू, िफ़ ी ऍम समवन ेल्स, डिफरेंट थें?!”

अभी ने कहा,

“आईटी मैक्स no डिफरेंस तो व्हाटएवर आईटी बे! ी वोउल्ड एक्सेप्ट तो मर्री यू इवन िफ़ यू हद ा चाइल्ड, इवन िफ़ यू अरे ा डिवोर्सी, इवन िफ़ यू अरे ा विडो!”

रूही ने अभी के उस बात को सुनकर, ऊपर छत को देखा, उस्सकी आँखें फिर भर आये और एक बच्ची की तरह रट हुए अभी का हाथ बहुत ज़ोर से पाकर कर रूही ने पूछा;

“एंड िफ़ ी ऍम नॉट ा वर्जिन अभी??!”

तो बे कॉन्टिनोएड…. (5,752 वर्ड्स फ्रॉम आल 3 उपदटेस)
 
थैंक्स सो वैरी वैरी मच विक्रम बीआरओ. वैरी हैप्पी विथ योर रिव्यु.

यू अरे अल्लोवेद तो पॉइंट थिंग्स व्हिच यू फाउंड नॉट राइट.

बूत थे फैक्ट्स रिमेंस थे शामे अस थे हप्पेनेड एक्साक्ट्ली तहत वे.

रही बात बटर चिकन और करी की तो बटर चिकन hi एक किस्सम की करी है भाई. उसी दे रोटी भी खाया जाता है और चावल भी. :डी

और बात सेक्सुअल फीलिंग की तो कुछ ग़लत नहीं था क्यूंकि अभी रूही को अपनी वाइफ मान चूका था तो उस्सको अपनी वाइफ के साथ इतना क्लोसनेस्स ऊपर ऊपर सेक्स करने की चाह बनता है.... आप शायद 1986 को ज़्यादा ओल्ड या दूर समझ रहे हो.... भाई उस ज़माने में बहोत खुलम खुला सब कुछ होने लगा था..... सभी 1980'स के मूवीज देखो समझ जाओगे.

ये गण याद है नाह "खुलम खुला प्यार करेंगे हम दोनों, इस दुन्या से नहीं डरेंगे हम दोनों..... मूवी जूली याद है, शादी से पहले सेक्स कर लिया और प्रेग्नेंट हो गयी थी..... "माय हार्ट इस बीटिंग, कीप्स ों रेपेटिंग याद है विक्रम भाई? उस ज़माने में ये सब स्टार्ट हो चूका था.... सब चलता था भाई.... अभी तब की फुल मॉडर्न लड़का था, इन था, ट्रेंडी था. तो ऑब्वियस्ली वो सब करना चाहता था अपनी होने वाली वाइफ से.....

आप केहतो हो तहत इस नॉट लव.... तो आगे पढ़ते रहना फिर एक दिन आप को आज की बात याद दिलाऊंगा :डी

और हाँ रूही ने अभी की पंत के ऊपर हाथ रखा था. अपने आप नहीं, अभी ने उस्का हाथ अपने हाथ से खिंच कर वहां किया था.... और बस हलके से हाथ चलाया था उस जगह..... अब रूही ने वैसा क्यों किया था वो आप आज की अपडेट पढ़ने क बाद शायद समझ जाओगे. आप ने यहाँ भी कहा क उस ज़माने की लड़की तो वैसा नहीं करती तो आज के उपदटेस और बाकी क उपदटेस पढ़ने क बाद योर ओपिनियन विल बे चेंज्ड.

थैंक्स विक्रम बीआरओ फॉर रीडिंग इन डेप्थ, ी लव्ड आईटी.
 
यार ये हर फ़रिदेस को hi होता है, कोई कहानी नहीं पढता किआ फ़रिदेस को? लास्ट क 2 फ़रिदेस को भी अपडेट दे दिया था को सिर्फ एकांत लोगों ने रिप्लाई किये थे.... साला 3 उपदटेस किया मैं ने हुए केवल 3 रिलीज :lol:

चलो चोर्रो सब वीकेंड मनाने में लगे होंगे.....

हाँ अब अत हूँ आप की रिव्यु पर कामदेव भाई. सेंसलेस, मीनिंगलेस हाँ बिल्कुल सही कहा आप ने भाई. लड़कियों क अक्कल ग़ुस्से रहते हैं कहीं....

मगर अपडेट तो वहां स्टॉप कर दिया मैं ने इसी लिए आप को ऐसा ज्यादा लगा क्यूंकि तुरंत अभी ने वही कहा जो आप ने कहा..... मैं ने 5000 वर्ड्स लिख कर पोस्ट किया, लेट हो गया इस लिए वो पार्ट्स टाइप hi नहीं किया जो उस कन्वर्सेशन में जारी रहा.... अगर वो सब पोस्ट कर देते तब शायद आप को सेंसलेस और मीनिंगलेस नहीं लगता रूही का जवाब....

रिगार्डिंग व्हाट यू हव साइड ऐथेर शी हद ा फिएंसी ेट्स, वेल ात तहत पॉइंट, ों तहत डे, ात तहत मोमेंट इवन अभी दीद नॉट क्नोव एनीथिंग, सो थे स्टोरी इस ओनली फ्रॉम हिज पॉइंट ऑफ़ व्यू, थुश ी वांट रीडर्स तो क्नोव अस फार अस अभी हद नॉलेज. होवेवेर कामदेव बीआरओ एवरीथिंग विल बे नोन एंड टोल्ड बी थे एन्ड ऑफ़ थे स्टोरी, तहत कुड बे ाफ्टेट 15 तो 20 इयर्स लेटर.

व्हाई हेर मदर प्रमोटेड, तहत इस व्हाई शी ेन्सॉरगेद थेइर अफेयर, थिस विल बे टोल्ड सून मई बे आफ्टर 8 मोरे उपदटेस......

हाहाहाहा देखा नाह भाई, शुरू में आप रूही क साइड में थे, तो मैं ने कहा था नाह क आगे चल कर आप अपनी रहे बदल सकते हो :लाफ: वही हुआ नाह?

और हाँ कुछ लड़कियां, औरतें बहुत आसानी से आँख से आंसू निकाल लेते हैं, कभी खुद अपने पर बीते दुखों को सोच कर तो कभी दूसरों क दुखों को सोच कर और उन् आसूओं को इस्तेमाल करते हैं किसी इमोशनल आदमी के सामने उस्सकी सम्पति हासिल करने क लिए..... किआ रूही वैसी थी?? बाद में पता तो चलेगा hi.

बहोत शुक्रिया पढ़ने और पसंद करने क लिए कामदेव भाई. :तुम्बुप:
 
देखा नाह भाई, मैं इतनी म्हणत से सस्पेंस क्रिएट कर रहा हूँ और आप प्रेजेंट क रिलीज पढ़ कर सस्पेंस बिगाड़ रहे हो तो मजा खिड़किडा खुद कर रहे hi..... इसी लिए तो कहानी को शुरू से पढ़ना चाहिए, लेखक क साथ साथ चलना चाहिए तब मजा अत है....

खैर ा आप को अपडेट 25 का पता चल गया फिर बिच में पढ़ते वक़्त आप को सब समझ में आता रहेगा...

थैंक्स डॉक् साहब.
 
किआ कामदेव भाई आप भी "उस ज़माने" कह रहे हो, अरे भाई उन् दिनों को कहो नाह आज भी अभी और रूही ज़िंदा है फुल फिट हैं.... किआ 1986 को गुज़रे इतना भी ज़माना hi गया??

और एक बात कहूं? आप ग़लत सोच रहे hi के 1986 में ओपन रिलेशनशिप नहीं होते थे, अरे लाइव इन रिलेशनशिप उन्ही दिनों को शुरू हुआ था. वही दिन थे जब लड़के लड़कियां की मिक्स्ड कॉलेजेस होना शुरू हुआ था इंडिया में भी..... ान जितना इंडिया उसे से इन्फ्लुएंस होता है तो उसे में लाइव इन रिलेशनशिप आलरेडी था ईद इंडिया में स्टार्ट हो गया था....

आप को पता होगा कामदेव भाई के इंडियन फिल्म मेकर्स फिल्में उन्ही सब्जेक्ट पर बनाते हैं जो ाक्टुअलिटी होते हैं किआ आप मानते हो यह बात?

अगर मानते हो तो याद करो राज कपूर की "बॉबी" जो 1970'स में बानी थी लड़का लड़की ओपनली मिलते थे और बहोत कुछ ओपनली करते थे..... उस से भी पहले 1960'स की फिल्म "हरे कांच की चूड़ियां" ब्लॉकबस्टर मूवी थी 60'स की, फेमस सांग्स थे इस मूवी की गूगल कर लेना.... इस्सकी एक फेमस डायलाग थे जो उतना hi मशहूर हुआ था जितना शोले फिल्म के डायलॉग्स हैं वो डायलाग ये है "आरी ओह मोहिनी ये किआ कर दिया तूने" ये बाप अपनी बेटी को तड़पते हुए कहता है?? क्यों? इस लिए के लड़की शादी से पहले प्रेग्नेंट हो जाती है.... भाई अगर 1960'स में लड़का लड़की इस हद तक जा सकते थे तो 1986 में कितना आगे बढ़ चुके थे आप को अंदाज़ा नहीं क्यों के आप शायद थे नहीं उन् दिनों, मैं था भाई. मुझर पता है, मैं ने सब देखा हुआ है कामदेव भाई.
 
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