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- Dec 5, 2013
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अपडेट 33
प्रीवियस
बी ठाकुर - अरे भीमा उसको मत चीला अरे वो तो कबसे दरवाजा खोलने की कोसिस कर रहा है पर लगता है दरवाजा जाम हो गया है एक काम कर तू इधर से ढाका दे और रघु तू उधर से खुल जाएगा
भीमा- जी मालिक यही सही होगा
अब ये सब सीन बाकि के लोग जो गाड़ी मए थे वो देख रहे थे और जब दोनों और से ताकत लगी तब दरवाजा खुला
भीमा- आई मालिक राणा साहब अंदर चलिए
बी ठाकुर - नहीं रे भीमा ऐसे नहीं
bhima-kyu क्या हुआ मालिक
बी ठाकुर - अरे भूल गया क्या अरे राणा साहब दिनु (दीनदयाल को बड़े ठाकुर हमेसा दिनु बोलते है) के बचपन के दोस्त भी है और सॉस भी अब जब तक वो नहीं ायेगक ये कैसे अंदर जायेंगे और जब तक ये यहाँ है हम कैसे एक जाये तू जल्दी से जा और दिनु को सिर्फ ये बोलना की 4-5 गाड़ी हकवेली के बखार कड़ी है वो समझा जायेगा जा अब
भीमा- जी मालिक
और भीमा दौड़ते हुए चल दिया और ठाकुर साहब समझ गए की अभी लोग आ गए है और वो भी चल दिए हवेली से बहार गए होने परिवार से मिलने
चलिए सुरु करते है आज का अपडेट
बी ठाकुर - अरे ठकुराइन जरा सभी को बहार तो आने बोलो भाई यहाँ बहुत से लोग है जिनसे paracha(itnro) दिलाना है
गाड़ी से एक 50-55 साल की औरत उत्तरी साथ मए एक 20-21 साल की लड़की भी
जइब औरत उत्तरी तो राणा साहब तुरंत उसने पैर छू कर - प्रणाम भाभी जी
sima-are खुश रहिये राणा जी इसकी क्या जरुरत है
डी राणा - अरे भाभी जी ये तो मेरी किस्मत है की अज्ज इतने सालो बाद आपके पुरे परिवार से मिलना हुआ रुकिए मए अभी आता हु
राणा साहब गाड़ी खोलते हुए
डी rana-are भगवन घुगट ले लो ठाकुर साहब है सामने और तुम सब पलवो ले लो है और उतरो गाड़ी से
सिमा ठाकुर - बहु चलो बहार आ जाओ गर्मी बहुत है
फिर सभी गाड़ी से सुन्दर सुन्दर औरते उत्तरी राणा साहब की सिर्फ एक बहु थी वही ठाकुर साहब की 2बहु थी तभी सामने से छोटे ठाकुर (दीनदयाल ठाकुर) आते हुए
ठाकुर भैया बोलते हुए अपने बड़े भाई के चरणों को छू लिया बी ठाकुर उनको उठाते हुए दोनों भाई की आँखों मए आँशु थे जो इस बात को बता रहे थे दोनों एक दूसरे से मिल कर कितने खुश है
वो कहते हैं न की
"ज़िन्दगी मए बहुत से यार आएंगे पर भाई जैसा यार तो सिर्फ एक hi होगा"
बी ठाकुर - अरे दिनु तेरी जगह मेरे पेरो मए नहीं रे मेरे दिल मए आ जा भाई मेरे गले लग जा रे दिनु
और दोनों भाई गले लगते हुए पीछे से सिमा ठाकुर
सिमा- सुनिए जी अब आप दोनों का बारात मिलाप हो गया हो तो और भी लोग लगे है लाइन मए हूँ
बी ठाकुर - अरे है भाई अब हमको तो यही रहना है बाटे तो होती रहेगी पहले अपने दोस्त और सेल से तो मिल लो
ठाकुर साहब राणा साहब के गले लगते हुए
बी ठाकुर - दिनु अब बाकि सब से हवेली मए पहचान होगी बहुत गर्मी है चल अंदर चलते है
ठाकुर - जी भैया भीमा सभी का सामान हवेली के अंदर पंहुचा दे
भीमा - जी मालिक
इधर सभी लोग हवेली की और और बाद गया और इधर राजू भी रनिंग करता हुआ हवेली के नजदीक आ गया था पर उसने अभी गाड़ी पर ध्यान नहीं दिया
तभी सिमा की छोटी बहु (माया) रुक गई अपनी बहु को इस तरह से अचानक रुकता देख कर ठकुराइन ने बोलै
सिमा - क्या हुआ छोटी बहु ऐसे क्यों रुक गई कुछ छूट गया क्या
माया- जी मजी वो मेरा मोबाइल छूट गया गाड़ी मए
sima-are कोई बात नहीं बहु भीमा ला देगा मोबिल को
maya-maji वो गलती से मेने गाड़ी लॉक करके चाबी अपने पास hi रख ली है अब भीमा काका को क्यों परेशान करू आप चलिए हवेली मए अभी आती हु
सिमा- टिक है पर जल्दी से आना
अब माया जकड़ी से बहार गई और मोबाइल उठा लिया टिक उसकी वक्त उसके पति (मोहित) का कॉल आ गया और वो उससे बात करने लगी
कॉल पर
मोहित- है हैल्लो माया हैल्लो
maya-ha बोलिये क्या हुआ
mohit-kya क्या हुआ है मैं तुमको ये तीसरी बार कॉल लगा रहा हु कहा थी अभी तक
माया - है वो मोबाइल कार मए hi भूल गयी थी
mohit-achha टिक है और ये तुम्हारी आवाज कट कट कर क्यों आ रही है
maya-kyuki हम सभी हवेली आ गए हज और यहाँ पर मेरे सिम का नेटवर्क उतना अच्छा नहीं है तुमको कुछ काम था क्या
मोहित - नहीं वो इसलिए कॉल किया था की तुम सब पूछे की नहीं
maya-achha टिक है मए रखती हु
(अब अप्प सोच रहे होंगे की किसी बीवी है जो ऐसे बात कर रही है तो इसके पीछे एक रज़ज़ है जिसके कारन hi माया काम्य राजू की जिंदगी बदल जाएगी जिसके लिए आपको तोडा आती करना होगा)
और माया ने कॉल कट कर दिया और इधर उधर देख कर कुछ सोचने लगी अब इधर राजू भी पहुंच चूका था हवेली और वो टिक माया से 8-10 फिट की दुरी पर खड़ा था माया की पीठ उसकी और थी
अब हवेली के बहार उतनी गाड़ी देख कर राजू को ये अंदाजा हो hi गया था की महेमान आ गया है अब माया के प्रो के पास 2-3 बेग पड़े हुए थे राजू कुछ बोलता चुके पहले राजू को काम्य की बात याद आ ागि की " अगर तुमको किसी की मदद करनी हो और वो कोई औरत हो तो उससे पहले पूछ लेना चाइये की उसको मदद की जरुरत है की नहीं"
राजू - सुनिए आपको किसी मदद की जरुरत है क्या क्या मैं हॉकी कोई मदद कर सकता हूँ
अब माया को पता चल गया की ये किसी लड़के की आवाज है और वो गावो मए है जहा के लोग हेल्पिंग नेचर के होते है इसलिए वो पीछे मुड़ी पर सिर्फ मुड़ी कुछ बोल नहीं पाई
क्युकी सामने का नज़ारा hi दिलकस था
अब अपना राजू एक वाइट टी शर्ट और एक ब्लू लोअर मए था पसीने की वजह से उसकी टी शर्ट उसकी बोदु से चिपक गई थी, और वर्जिस की वजह से उसकी बॉडी कपडे के ऊपर से hi दिख रही थी ढूढ जैसे गोरा रंग माया की नज़र जहा जमी थी वो थी राजू की ब्लू आँखे जिसने एक समोहन की तरह माया को बंद लिया
हम सब भी यदि किसी नीली आँखों वेक लड़की या लड़के को देखे तो कुछ पल के लिए hi सही उसकी खूबसूरती मए खो hi जाते है यही हाल माया का भी था उसको इस बात का अंदाजा भी नहीं था की वो क्या कर रही है कहा कड़ी है क्यों कड़ी है
बस राजू के मासूम चेहरे की निहार रही है
अब राजू ने माया को दो तीन बार और अव्वज लगा लिया पर माया तो राजू के हिलते लिप्स को hi देख रही
raju(mam मए) - दिखने मए तो किसी आमिर परिवार की लग रही है पर मेरे सवाल का जवाब कटु नहीं दे रही है कही गूंगी तो नहीं है
एक बार और पूछ लेते हु
raju-apko किसी तरह की मदद की जरुरत है क्या मिस
पर मया तो बस मुस्कुरा दी
की तभी भीमा पता नहीं कहा से आ गया
bhima-ate छोटी बहु अप्प अभी तक यही हो वह सब लोग दरवाजे पर आपका इंतजार कर रहे है ताकि सबकी एक साथ आरती हो सके
भीमा की बातो ने माया को वास्तविकता मए लाया
माया - वो काका मोबाइल गाड़ी मए hi भूल गई थी फिर आपके दामाद का कॉल आ गया इसलिए देर हो गई और ये (राजू की और इसरा करते हुए)
भीमा- छोटी बहु ये वही है जिसके बारे मए मालिक ने बताया था न ये राजू है और राजू ये बड़े मालिक की छोटी बहु और तुम्हारी भाभी है माया ठाकुर
की तभी एक जोरदार आवाज के साथ दरवाजा फिर बन हो गया
bhima-are रघु क्या कर रहा है रे दरवाजा क्यों बंद कर दिया तूने
रघु- अरे मेने नहीं किया भीमा भाई लगता है हवा के झोके से बंद हो गया
(तोड़ी ताकत लगता हुआ) खुल नहीं रहा है लगता है फिर जाम हो गया
bhima-hatt ससुरा एक काम नहीं होता है चल दोनों कोसिस करते हैं सायद खुल जाये पहले की तरह चल लगा जोर
इधर राजू माया से
राजू- वो तो ये है माया भाभी जैसे बड़ी भाभी ने बोलै था वैसे hi है ये
maya-kya बोलै था बड़ी दीदी ने मेरे बारे मए ऐसा बोलो
raju-yahi की पुरे ठाकुर परिवार मए काम्य भाभी और आपकी खुबसुरई का कोई जवाब नहीं है और सच है अप्प बहुत खूबसूरत हो भाभी
अब भैया एक ौराय को क्या चाइये की कोई उसकी तारीफ करे और यही राजू ने भी किया फर्क इतना था की राजू ने बिना किसी मनसा से तारीफ की पर उसकी ये बात सीधे माया के दिल मए जा लगी
तो बे कॉन्टिनोएड 
प्रीवियस
बी ठाकुर - अरे भीमा उसको मत चीला अरे वो तो कबसे दरवाजा खोलने की कोसिस कर रहा है पर लगता है दरवाजा जाम हो गया है एक काम कर तू इधर से ढाका दे और रघु तू उधर से खुल जाएगा
भीमा- जी मालिक यही सही होगा
अब ये सब सीन बाकि के लोग जो गाड़ी मए थे वो देख रहे थे और जब दोनों और से ताकत लगी तब दरवाजा खुला
भीमा- आई मालिक राणा साहब अंदर चलिए
बी ठाकुर - नहीं रे भीमा ऐसे नहीं
bhima-kyu क्या हुआ मालिक
बी ठाकुर - अरे भूल गया क्या अरे राणा साहब दिनु (दीनदयाल को बड़े ठाकुर हमेसा दिनु बोलते है) के बचपन के दोस्त भी है और सॉस भी अब जब तक वो नहीं ायेगक ये कैसे अंदर जायेंगे और जब तक ये यहाँ है हम कैसे एक जाये तू जल्दी से जा और दिनु को सिर्फ ये बोलना की 4-5 गाड़ी हकवेली के बखार कड़ी है वो समझा जायेगा जा अब
भीमा- जी मालिक
और भीमा दौड़ते हुए चल दिया और ठाकुर साहब समझ गए की अभी लोग आ गए है और वो भी चल दिए हवेली से बहार गए होने परिवार से मिलने
चलिए सुरु करते है आज का अपडेट
बी ठाकुर - अरे ठकुराइन जरा सभी को बहार तो आने बोलो भाई यहाँ बहुत से लोग है जिनसे paracha(itnro) दिलाना है
गाड़ी से एक 50-55 साल की औरत उत्तरी साथ मए एक 20-21 साल की लड़की भी
जइब औरत उत्तरी तो राणा साहब तुरंत उसने पैर छू कर - प्रणाम भाभी जी
sima-are खुश रहिये राणा जी इसकी क्या जरुरत है
डी राणा - अरे भाभी जी ये तो मेरी किस्मत है की अज्ज इतने सालो बाद आपके पुरे परिवार से मिलना हुआ रुकिए मए अभी आता हु
राणा साहब गाड़ी खोलते हुए
डी rana-are भगवन घुगट ले लो ठाकुर साहब है सामने और तुम सब पलवो ले लो है और उतरो गाड़ी से
सिमा ठाकुर - बहु चलो बहार आ जाओ गर्मी बहुत है
फिर सभी गाड़ी से सुन्दर सुन्दर औरते उत्तरी राणा साहब की सिर्फ एक बहु थी वही ठाकुर साहब की 2बहु थी तभी सामने से छोटे ठाकुर (दीनदयाल ठाकुर) आते हुए
ठाकुर भैया बोलते हुए अपने बड़े भाई के चरणों को छू लिया बी ठाकुर उनको उठाते हुए दोनों भाई की आँखों मए आँशु थे जो इस बात को बता रहे थे दोनों एक दूसरे से मिल कर कितने खुश है
वो कहते हैं न की
"ज़िन्दगी मए बहुत से यार आएंगे पर भाई जैसा यार तो सिर्फ एक hi होगा"
बी ठाकुर - अरे दिनु तेरी जगह मेरे पेरो मए नहीं रे मेरे दिल मए आ जा भाई मेरे गले लग जा रे दिनु
और दोनों भाई गले लगते हुए पीछे से सिमा ठाकुर
सिमा- सुनिए जी अब आप दोनों का बारात मिलाप हो गया हो तो और भी लोग लगे है लाइन मए हूँ
बी ठाकुर - अरे है भाई अब हमको तो यही रहना है बाटे तो होती रहेगी पहले अपने दोस्त और सेल से तो मिल लो
ठाकुर साहब राणा साहब के गले लगते हुए
बी ठाकुर - दिनु अब बाकि सब से हवेली मए पहचान होगी बहुत गर्मी है चल अंदर चलते है
ठाकुर - जी भैया भीमा सभी का सामान हवेली के अंदर पंहुचा दे
भीमा - जी मालिक
इधर सभी लोग हवेली की और और बाद गया और इधर राजू भी रनिंग करता हुआ हवेली के नजदीक आ गया था पर उसने अभी गाड़ी पर ध्यान नहीं दिया
तभी सिमा की छोटी बहु (माया) रुक गई अपनी बहु को इस तरह से अचानक रुकता देख कर ठकुराइन ने बोलै
सिमा - क्या हुआ छोटी बहु ऐसे क्यों रुक गई कुछ छूट गया क्या
माया- जी मजी वो मेरा मोबाइल छूट गया गाड़ी मए
sima-are कोई बात नहीं बहु भीमा ला देगा मोबिल को
maya-maji वो गलती से मेने गाड़ी लॉक करके चाबी अपने पास hi रख ली है अब भीमा काका को क्यों परेशान करू आप चलिए हवेली मए अभी आती हु
सिमा- टिक है पर जल्दी से आना
अब माया जकड़ी से बहार गई और मोबाइल उठा लिया टिक उसकी वक्त उसके पति (मोहित) का कॉल आ गया और वो उससे बात करने लगी
कॉल पर
मोहित- है हैल्लो माया हैल्लो
maya-ha बोलिये क्या हुआ
mohit-kya क्या हुआ है मैं तुमको ये तीसरी बार कॉल लगा रहा हु कहा थी अभी तक
माया - है वो मोबाइल कार मए hi भूल गयी थी
mohit-achha टिक है और ये तुम्हारी आवाज कट कट कर क्यों आ रही है
maya-kyuki हम सभी हवेली आ गए हज और यहाँ पर मेरे सिम का नेटवर्क उतना अच्छा नहीं है तुमको कुछ काम था क्या
मोहित - नहीं वो इसलिए कॉल किया था की तुम सब पूछे की नहीं
maya-achha टिक है मए रखती हु
(अब अप्प सोच रहे होंगे की किसी बीवी है जो ऐसे बात कर रही है तो इसके पीछे एक रज़ज़ है जिसके कारन hi माया काम्य राजू की जिंदगी बदल जाएगी जिसके लिए आपको तोडा आती करना होगा)
और माया ने कॉल कट कर दिया और इधर उधर देख कर कुछ सोचने लगी अब इधर राजू भी पहुंच चूका था हवेली और वो टिक माया से 8-10 फिट की दुरी पर खड़ा था माया की पीठ उसकी और थी
अब हवेली के बहार उतनी गाड़ी देख कर राजू को ये अंदाजा हो hi गया था की महेमान आ गया है अब माया के प्रो के पास 2-3 बेग पड़े हुए थे राजू कुछ बोलता चुके पहले राजू को काम्य की बात याद आ ागि की " अगर तुमको किसी की मदद करनी हो और वो कोई औरत हो तो उससे पहले पूछ लेना चाइये की उसको मदद की जरुरत है की नहीं"
राजू - सुनिए आपको किसी मदद की जरुरत है क्या क्या मैं हॉकी कोई मदद कर सकता हूँ
अब माया को पता चल गया की ये किसी लड़के की आवाज है और वो गावो मए है जहा के लोग हेल्पिंग नेचर के होते है इसलिए वो पीछे मुड़ी पर सिर्फ मुड़ी कुछ बोल नहीं पाई
क्युकी सामने का नज़ारा hi दिलकस था
हम सब भी यदि किसी नीली आँखों वेक लड़की या लड़के को देखे तो कुछ पल के लिए hi सही उसकी खूबसूरती मए खो hi जाते है यही हाल माया का भी था उसको इस बात का अंदाजा भी नहीं था की वो क्या कर रही है कहा कड़ी है क्यों कड़ी है
अब राजू ने माया को दो तीन बार और अव्वज लगा लिया पर माया तो राजू के हिलते लिप्स को hi देख रही
raju(mam मए) - दिखने मए तो किसी आमिर परिवार की लग रही है पर मेरे सवाल का जवाब कटु नहीं दे रही है कही गूंगी तो नहीं है
एक बार और पूछ लेते हु
raju-apko किसी तरह की मदद की जरुरत है क्या मिस
पर मया तो बस मुस्कुरा दी
की तभी भीमा पता नहीं कहा से आ गया
bhima-ate छोटी बहु अप्प अभी तक यही हो वह सब लोग दरवाजे पर आपका इंतजार कर रहे है ताकि सबकी एक साथ आरती हो सके
भीमा की बातो ने माया को वास्तविकता मए लाया
माया - वो काका मोबाइल गाड़ी मए hi भूल गई थी फिर आपके दामाद का कॉल आ गया इसलिए देर हो गई और ये (राजू की और इसरा करते हुए)
भीमा- छोटी बहु ये वही है जिसके बारे मए मालिक ने बताया था न ये राजू है और राजू ये बड़े मालिक की छोटी बहु और तुम्हारी भाभी है माया ठाकुर
की तभी एक जोरदार आवाज के साथ दरवाजा फिर बन हो गया
bhima-are रघु क्या कर रहा है रे दरवाजा क्यों बंद कर दिया तूने
रघु- अरे मेने नहीं किया भीमा भाई लगता है हवा के झोके से बंद हो गया
(तोड़ी ताकत लगता हुआ) खुल नहीं रहा है लगता है फिर जाम हो गया
bhima-hatt ससुरा एक काम नहीं होता है चल दोनों कोसिस करते हैं सायद खुल जाये पहले की तरह चल लगा जोर
इधर राजू माया से
राजू- वो तो ये है माया भाभी जैसे बड़ी भाभी ने बोलै था वैसे hi है ये
maya-kya बोलै था बड़ी दीदी ने मेरे बारे मए ऐसा बोलो
raju-yahi की पुरे ठाकुर परिवार मए काम्य भाभी और आपकी खुबसुरई का कोई जवाब नहीं है और सच है अप्प बहुत खूबसूरत हो भाभी
अब भैया एक ौराय को क्या चाइये की कोई उसकी तारीफ करे और यही राजू ने भी किया फर्क इतना था की राजू ने बिना किसी मनसा से तारीफ की पर उसकी ये बात सीधे माया के दिल मए जा लगी