Episode 2
में यूनिवर्सिटी में परेशान बैठा था.
डेविड (मेरा बेस्ट फ्रेंड)
डेविड मेरी पास आया.
डेविड. क्या बात है. परेशान क्यों बैठा है.
सनी. यार सब ख़तम हो गया. अब सोच रहा हूँ क्या करूं.
डेविड. कोई बात नहीं भाई. सब ठीक हो जाए गए. तू परेशान क्यों होता है.
सनी. किसी ठीक हो गए भाई. अपना खरचा देखना है. यूनिवर्सिटी की फीस देनी हैं. ताऊ ग सी तो नहीं मांग सकता.
डेविड. क्या करे गए पहर.
सनी. सोच रहा हूँ कोई छोटी मोती नौकरी देख लून लकिन मुझे नौकरी दे गए कोण.
डेविड. मिल क्र कोई सलूशन निकल लाइन गए.
इश्फाक (मेरा दूसरा बेस्ट फ्रेंड).
इश्फाक. भाई टेंशन न ले हम हैं न. कोई न कोई सलूशन निकल लाइन गए.
में यूनिवर्सिटी सी डेविड क साथ उस क फ्लैट पैर चला गया.
डेविड एक फ्लैट में रहता था. उस क घर वाली एक दूसरी सिटी में थय और वो यहाँ यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग करने आया था.
में डेविड क साथ बैठा था मुझे राजीव की कॉल आई.
राजीव. सनी कहाँ है.
यश. भाई डेविड क फ्लैट में हूँ.
राजीव. Ok तू रुक में वहां हे आता हूँ.
कच दिएर क बढ़ राजीव भैया वहां आ गए
राजीव. सनी एक गुड न्यूज़ है. मेरी जॉब हो गयी है.
सनी. वाओ ये तो भट अछि न्यूज़ है. में राजीव भैया क गले लग गया
राजीव. यार मुझे आज हे निकलना हो गए.
सनी. कहाँ.
राजीव भैया ने एक दूसरी सिटी का नाम बताया.
राजीव. कल जोइनिंग देनी है.
में परेशान हो गया.
राजीव. में जनता हूँ तू अकेला रह जाए गए लकिन मज़बूरी है यार.
सनी. नहीं भैया में भट खुश हूँ. आप अपना ख्याल रखना.
राजीव. तू भी
में और डेविड राजीव भैया को स्टेशन चोर क्र आय.
और में वापस ताऊ ग क घर आ गया.
राजेश भैया ने अपने लिए 2 कमरे का फ्लैट रेंट क्र लिए था और वो भाबी क साथ वहां शिफ्ट हो गए थय
आज वीकेंड था और सुबह में अब्बी सोया हुआ था.
अचानक मेरी ऊपर ठन्डे पानी की बाल्टी पररि
उठा जा हरामखोर सारा दिन सोया रही गए क्या
ये ताई ग की आवाज़ थी
ताई ग. ज्योति वर्मा.... आगे 56
ताई ग. बस खाना और सोना हे आता है इसको. एक तो हमारी सर पैर आ क्र बेथ गया और सिर्फ खता और सोता हे है.
मुझे तै ग की इन बातून का भट दुःख हुआ.
में कच नहीं बोलै बस निचे आ गया.
वर्षा. आ जा नाश्ता क्र ले.
वर्षा. ताऊ ग की बहु...
आगे 30...
सनी. नहीं भाबी में नाश्ता नहीं करूं गए
योगेश. क्यों नहीं करे गए नाश्ता.
योगेश (ताऊ ग का बीटा, वर्षा भाबी का हस्बैंड)
आगे 32. ये भी गवर्नमेंट जॉब करता है.
सनी. नहीं भैया. ताई ग को लगता है क में आप लोगन पैर बोझ हूँ.
में अपने कमरे में गया और अपना कपड़े चेंज क्र क बहार निकल आया.
में तंग आ चूका था क्यों क जब सी में आया था ताई ग का बिहेवियर मेरी साथ ऐसा हे था.
नीना. तू कहाँ जा रहा है.
नीना. ताऊ ग की बेटी.
आगे 27.
सनी . में अब आप लोगन पैर मज़ीद बोझ नहीं बन सकता नीना दीदी. में जा रहा हूँ.
नीना. माँ देखो न आप ने नाराज़ क्र दिए सनी को.
ताई ग. में ने क्या गलत कहा. बोझ हे तो है. कोई काम करता नहीं बस खता हे रहता है.
ताऊ ग. क्या बकवास लगा क राखी है. सनी तू कहीं नहीं जा रहा.
सनी. नहीं ताऊ ग. आप ने मुझे अपने घर में जगह दी आपका भट धनवाद. लकिन अब में और तनय नहीं सुन सकता.
ताऊ ग. लकिन बीटा तू जाए गए कहा.
सनी. कहीं भी चला जाओं गए ताऊ ग. लकिन अब यहाँ नहीं रह सकता.
में ने बैग उठाया और निकल गया.
जतिंदर. देख ले तेरी वजह सी वो घर चोर क्र चला गया
ज्योति. में ने कस्ब गलत नहीं कहा. घर चोर क्र चला गया तो क्या हुआ. जब कोई जगह नहीं मिले गई तो वापस आ जाए गए.
में रोड पैर चलना शरू हो गया. दिमाग़ में अजीब अजीब ख्याल आ रही थय. जी छह रहा था क किसी बस क आगे कूद जाओं. लकिन में इतना जल्दी हर मान ने वाला नहीं था.
में हाईवे पैर चलता जा रहा था. मुझे पता नहीं था क में कहाँ जा रहा हूँ. मुझे ये भी दहन नहीं था क में ंकितय की यूनिवर्सिटी में पढ़ता हूँ. में बस चलता जा रहा था.
अचानक एक भट बर्री गारी आ क्र मेरी पास रुकी और शीशा निचे हुआ.
आदमी. कहाँ जा रही हो.
सनी. पता नहीं.....
आदमी. गेट इन.
में ने कच नहीं सोचा गारी में बेथ गया.
उस आदमी ने मुझे पानी की बोतल निकल क्र दी.
में ने पानी पिया तो मुझे थोड़ा सा होश आया.
में पता नहीं कितने टाइम से गर्मी में चल रहा था.
गारी में एक चल रहा था. मुझे बर्रा सुकून मिल रहा था.
आदमी. इतनी गर्मी में ऐसी कहाँ जा रही थय
सनी. पता नहीं सर.
आदमी. तुम्हारा घर कहाँ है.
सनी. कोई घर नहीं है.
आदमी. और फॅमिली.
सनी. फॅमिली भी नहीं है.
में ने नोटिस किआ क गारी ंकितय की तरफ मुरर गयी.
और कच दिएर में ंकितय वापस पोहसंह गए.
आदमी. रहने को कोई जगह है क्या.
सनी. एक दोस्त का फ्लैट है.
आदमी. Ok अभी वहां जाओ. मंडे को मेरी ऑफिस आ क्र मुझे मिलो.
उस आदमी ने मुझे अपना कार्ड दिए और में न्य कार्ड पॉकेट में रखा उस को थैंक यू बोल क्र गारी से उतर गया और डेविड क फ्लैट पैर चला गया.
सैटरडे था और शाम क 4 बज रही थय.
डेविड. भाई ये क्या हाल बना रखा क तू ने.
सनी. कच नहीं यार बस ऐसी हे.
डेविड. तू शावर ले. और कपड़े चेंज क्र.
में शावर लेने चला गया और शावर ले क्र बहार आया.
सनी. कच खाने को है क्या भट भूक लगी है.
डेविड ने फ्रिज सी पास्ता निकला और गरम क्र क मुझे दिए.
डेविड. क्या हुआ तुझे.
में ने डेविड को साडी बात बताई.
डेविड. तू यहाँ क्यों नहीं आया.
यश. यार दिमाग़ में काम हे नहीं किआ.
डेविड. अगली बार अगर ऐसी कोई हरकत की तो दिमाग़ हे फोड़ दूँ गए तेरा.
सनी. ाचा सुन न क्या में कच दिन तेरी फ्लैट पैर रह सकता हूँ. जब तक में अपना कोई अरेंजमेंट न क्र लून.
डेविड. बीआरओ ये कोई पूछने की बात है. तू जब तक चाही रह सकता है.
सनी. थैंक यू यार.
डेविड. थैंक यू की कोई ज़रूरत नहीं. दोस्त हे दोस्तुं क काम आते हैं.
सनी. चल में राजेश भैया सी मिल क्र आता हूँ
डेविड. OK आ जा. में इश्फाक को भी बुला लून गए रात को गेम्स खेलें गए.
सनी. हाँ सही है.
राजेश भय ने मुझे अपने फ्लैट का एड्रेस सेंड किआ था. में उन क फ्लैट चला गया.
में ने दरवाज़ा नॉक किआ तो अंदर सी अमिता भाबी की आवाज़ आई.
कोण है.
सनी. में हूँ भाबी. यश.
भाबी ने दरवाज़ा खोल दिए.
Hi सनी केसा है तू
भाबी मुझ सी गले मिली.
अमिता भाबी.
इंट्रोडक्शन पहले episode में आ चूका है.
सनी. में ाचा हूँ भाबी आप किसी हो
भाबी. में भी ठीक हूँ. आजा बेथ.
ये छोटा सा फ्लैट था जिस में सिर्फ 2 कमरे थय.
1 भैया भाबी का बैडरूम था और दूसरी रूम में सामान रखा हुआ था.
और एक किचन था.
बैडरूम क साथ अटैच्ड एक बाथरूम था.
सनी. भैया कहाँ हैं.
भाबी. कच सामान लेने गए थय आ रही हों गए.
सनी. भाबी केसा चल रहा है.
भाबी. बस यार जब तक कच बेटर अरेंजमेंट नहीं होता गुज़ारा क्र रही हैं.
सनी. हमारी वजह सी आपको भी ये सब देखना पर्रा.
भाबी. ऐसी बात नहीं है. अब तुम लोग हे मेरी फॅमिली हो. अगर हम अचे वक़्त में साथ थय तो बुरे वक़्त में भी साथ हे हैं.
सनी. सही कहा भाबी. हम सब साथ हैं.
कच दिएर में भैया भी आ गए.
राजेश. अरे सनी. तू कब आया. केसा है.
सनी. अभी कच दिएर पहले आया हूँ भैया.
राजेश. ताऊ ग और बाकि सब किसी हैं.
सनी. सब ठीक हैं.
राजेश. सब को मेरी तरफ सी पूछना.
सनी. में वहां वापस नहीं जा रहा भैया
राजेश. क्यों.
यश. में ने वो घर चोर दिए है.
भैया और भाबी ने हैरानी सी मुझे देखा.
राजेश. क्यों....
में ने भैया को पूरी कहानी बताई.
राजेश. ये तो भट परेशानी की बात है. अब तू कहाँ रही गए मेरी पास तो जगह हे नहीं है.
सनी . में जनता हूँ भैया. में ने आपका फ्लैट देखा है. आप तो मुश्किल से अपना गुज़ारा क्र रही हो.
में कच मैनेज क्र लून गए.
राजेश. में तेरी हेल्प ज़रूर करता लकिन मेरी हालत तेरी सामने है.
सनी. आपको परेशान होने की बिलकुल भी ज़रूरत नहीं है.
राजेश. किसी परेशान न हूँ यार. तू मेरा सब सी लाडला भाई है.
सनी. बस भैया आपका प्यार हे काफी है.
में ने डिनर भैया भाबी क साथ हे किआ और पहर वापस फ्लैट पैर आ गया.
इश्फाक भी आ चूका था. हम टीनू ने गेम्स स्टार्ट क्र दिन
डेविड क पास प्लेस्टेशन था और हम जब भी फ्री होते डेविड क पास आ क्र गेम्स खेलते रहते.
हम रात दिएर तक गेम्स खेलते रही.
जब रात दिएर तक सनी वापस नहीं आया तो ताऊ ग जो चिंता होने लगी.
ताऊ ग ने सुरिंदर चाचा को फोन मिलाया.
जतिंदर. सुरिंदर सनी तेरी घर है क्या.
सुरिंदर. नहीं भाई साहब यहाँ तो नहीं है.
पहर योगिन्दर चाचा को फोन किआ.
जतिंदर. Hello योगी सनी वहां आया क्या.
योगिन्दर. नहीं भाई साहब.
अब ताऊ ग को सनी की टेंशन होने लगी.
जतिंदर. बहु ज़रा सनी को फोन तो क्र उसको पूछ वो कहाँ है.
वर्षा ने सनी को फोन मिलाया.
वर्षा. Hello सनी.
सनी. Hi भाबी.
वर्षा. सनी कहाँ है तू. घर वापस क्यों नहीं आया अभी तक. पापा ग को तेरी चिंता हो रही है.
सनी. भाबी आप ताऊ ग को बोलो परेशान न हों में ठीक हूँ. लकिन में वापस नहीं आऊं गए.
सनी ने फोन बंद क्र दिए.
वर्षा. वो कह रहा है क वो ठीक है लकिन वो वापस नहीं आय गए.
डेविड क फ्लैट क 2 कमरे थय.
1 कमरा उस ने मुझे दे दिए.
में लेता हुआ था लकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी.
में ने फोन निकला और अंजू को मेस्सगे किआ.
सनी. Hi किसी है.
अंजू. अछि हूँ. तू केसा है.
सनी. ठीक हूँ यार.
अंजू. में ने सुना तुम लोगन क साथ जो हुआ. ी ऍम सॉरी अबाउट तहत.
सनी. ये तो किस्मत है यार. में तेरी बारी में सोच रहा था.
अंजू. क्या सोच रहा था.
सनी. उस दिन क बारी में. जब में ने तुझे किश किआ था.
अंजू. और क्या सोच रहा था.
सनी. अगर में तुझ से मिलने आऊं तो पहर सी करने दे गई.
अंजू. अगर मौका मिला तो क्र लेना.
सनी. थैंक यू यार तू कितनी अछि है.
ठीक है में कल तुझ सी मिलने आऊं गए.
सनी रात को डेविड क फ्लैट पैर हे रुका और अगली सुबह संडे था. सनी उठा और अपने चाचा क घर चला गया
सनी सुरिंदर चाचा क घर गया.
सुरिंदर. सनी बीटा तू रात को कहाँ था ताऊ ग तेरा पूछ रही थय.
सनी. दोस्त क साथ था चाचा.
यामिनी. (चची. 48 साल की हैं. हाउसवाइफ)
यामिनी. ताऊ ग को बता तो देता.
सनी. चची बताना भूल गया था.
विभा. चल आ जा तुझ सी कच बातें करनी हैं
विभा चाचा की बेटी है 27 साल की है.
अभी शादी नहीं हुई.
में विभा क साथ अंदर चला गया.
विराट भी अंदर हे बैठा था.
विराट चाचा का बीटा आगे 25
और
विनोद चाचा का दूसरा बीटा आगे 23.
हम टीनू बातें करने लगी.
सुरिंदर चाचा क घर से निकल क्र में योगिन्दर चाचा क घर चला गया.
योगिन्दर (योगी चाचा. आगे 48 साल.) गवर्नमेंट जॉब करते हैं
सुनील चची. आगे 42 साल हाउसवाइफ हैं.
योगी चाचा क 2 बचे हैं. एक बीटा और एक बेटी. स्कूल जाती हैं
मेरी योगी चाचा सी भट बनती थी. पापा योगी चाचा सी नाराज़ थय लकिन पहर भी योगी चाचा ने कभी हम बचूं को कच नहीं कहा.
में ने दिन योगी चाचा क घर स्पेंड किआ और बचूं क साथ खेलता रहा और शाम को मां क घर चला गया
क्यों क में न्य अंजू को बोलै था क में उस से मिलने आऊं गए.
मां का नाम
उमेश है और एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करते हैं. मां 45 साल क हैं.
मां माँ क छोटे भाई हैं.
अंजू. मां की बेटी 20 साल की है और कॉलेज में मेरी साथ पढ़ती थी. मेरी भट अछि दोस्त भी है.
ममी का नाम
प्रियंका है. ममी 40 साल की हैं. अपनी बुटीक चलती हैं
मां का बीटा
तरुण अभी कॉलेज में पढ़ता है.
हम बैठी बातिअन क्र रही थय.
मां. प्रियंका सनी मेरी स्वर्ग वासी बहन का बीटा है. इसका भट ख्याल रखना.
ममी. सनी बीटा तुम अब यहाँ हे रह जाओ हमारे पास हे.
सनी. नहीं ममी. में आप लोगन पैर बोझ नहीं बनना चाहता.
मां. बोझ केसा बीटा. तू दीदी का बीटा है.
सनी. नहीं मां. में आप लोगन सी मिलने आता रहूं गए. लकिन रह नहीं सकता.
ममी. चल ठीक है जैसी तेरी मर्ज़ी.
सनी. मां अंजू कहाँ है.
ममी. वो ऊपर अपने कमरे में हो गई.
सनी. में उस सी मिल क्र आता हूँ.
में अंजू क कमरे में चला गया.
अंजू. सनी तू कब आया.
सनी. अभी कच दिएर पहले.
अंजू. आ बेथ.
सनी. पहले किश क्र लून.
अंजू. कोई आ जाए गए.
सनी. सब निचे हैं कोई आया तो पता चल जाए गए.
अंजू. आजा.
में अंजू क पास आया और उस की तरफ झुक गया और उस क होंतुन को चूमने और चूसने लगा. अंजू भी मेरा साथ देने लगी. हम दोनो भट दिएर एक दूसरे क होंतुन को चूमते और चूसते रही
किसी क कदमन की आवाज़ सी हम दोनो अलग हुए और में साइड पैर हो क्र बेथ गया
ये तरुण था.
किसी हो सनी भैया.
सनी. तुझे भी अभी हे आना था...... में हलके सी बोलै और अंजू की हसी निकल गयी.
सनी. ाचा हूँ तू केसा है.
तरुण. ाचा हूँ भैया.
हम बातें करने लगी. में ने डिनर मां क वहां हे किआ और रात को डेविड क फ्लैट वापस चला गया.
अगले दिन यूनिवर्सिटी क बढ़ में ने अपने वो कार्ड निकला जो मुझे उस आदमी ने दिए था.
मुज्जे उस आदमी का चेहरा तक यद् नहीं था.
में ने कार्ड निकला और पढ़ा.
दानी...
सीईओ दानी एंड अड़ होटल्स.
मद अग्रवाल ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज.
में कार्ड पैर लिखे एड्रेस पैर पोहंच गया.