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दिया : अरे पगलू सीधे बोल न की तेरे उनके फ़ोन आने का टाइम हो गया है ... चल कोई न मैं डिस्टर्ब नहीं करुँगी बात कर ले ...
रानी शर्मा जाती है .. ठीक 5 मिनट बाद रानी का मोबाइल रिंग होने लगता है .... दिया के इसरा करने से वो कॉल पिक कर लेती है और बात करने लगती है .... दिया दूसरी तरफ मुँह कर लेती है ताकि रानी निश्चिंत होकर बात कर सके ....
आगे
अगले दिन सब कुछ सही रहा .... इवनिंग को तरुण और उसकी बहने दिया के साथ मार्किट गयी हुयी थी क्यूंकि अगले दिन दिया वह से जाने वाली थी तो सुमित्रा ने अपनी बेटियों को दिया के लिए कुछ अछि ड्रेस की शॉपिंग करने को कहा था ....
शॉपिंग के बाद सभी ने एक रेस्टोरेंट में डिनर किया उसके बाद घर वापस लौट आये ....
दिया को भी यहाँ आ कर बहुत ाचा फील हो रहा था .... उसकी हमेसा से चाहत थी की उसकी भी कोई छोटी सगी बहन हो पर तरुण के घर उसकी बहनो के साथ रह कर उसको अपनी वो ख्वाहिस पूरी होती नज़र आ रही थी ....
दिया ने आज तरुण को अपने और रानी के रूम में सोने को कहा था तो तरुण भी उसकी बात को ठुकरा न सका .....
अपनी माँ को बता कर वो रानी के रूम की तरफ चल पड़ा ....
जब तरुण रूम में आया उस वक्त वह सिर्फ दिया hi थी जो की अपने सामान की पैकिंग में मशगूल थी ....
तरुण : क्या हुआ दीदी काफी बिजी दिख रही हो .... रात में hi भागने की सोच रही हो क्या ....
दिया : अरे नहीं भाई .... बस अपने सरे बिखरे हुए सामान को वापस बैग में दाल रही हु याद कर कर के ... लास्ट टाइम में सामान छोड़ जाने की पुराणी आदत है ....
तरुण : वैसे दीदी आज आप बहुत हसीं लग रही हो ....
दिया : ाचा जी पहले मैं इतनी बदसूरत लगती थी क्या ...
तरुण : नहीं दीदी मेरे कहने का वो मतलब नहीं था .... मैं तो कह रहा था की आप वैसे तो हमेसा खूबसूरत लगती हो पर आज कुछ ज्यादा hi खूबसूरत लग रही हो ....
दिया : यहाँ तेरी दाल नहीं गलने वाली बच्चू .... किसी लड़की या अपनी बीवी पर तरय करना ये सब ....
तरुण पीछे से दिया को अपनी बांहो में भर लेता है और उसके कान को चूमते हुए उसके कान में धीरे से कहता है ....
तरुण : आप भी तो मेरी डार्लिंग दीदी हो मेरी दाल तो आपके पास पहले से hi गली हुयी है ....
और तरुण धीरे से दिया के बूब्स को कपडे के ऊपर से hi सहला देता है ... तरुण का लुंड अभी दिया की गांड के पास था ... दिया के गांड की गर्मी पाकर वो धीरे धीरे अपना सर उठाने लगा था ....
दिया अपना हाथ पीछे करके तरुण का सेमि ेरेक्ट लुंड पकड़ लेती है ...
दिया : तो इसलिए अपना राकेट मेरी गुफा के पास घुसाने की कोसिस कर रहे हो .... पर बच्चू याद रखो अभी गेट खुला है और अगर किसी ने देख लिया न तो बड़ी दिक्कत हो सकती है .... तुम तो अपनी बहनो को जानते hi हो वो तुमसे कितना प्यार करती हैं ... सो कण्ट्रोल मजनू कण्ट्रोल ....
तरुण : सॉरी दीदी ... वैसे रानी दीदी कहा हैं ....
दिया : पता नहीं अभी तक तो वैसे रोज़ आ जाती थी .... चल बैठ बीएड पर मेरी पैकिंग तो हो चुकी जरा वाशरूम से कपडे चेंज करके आती हु ...
तरुण : एहि कर लो न दीदी ...
दिया : धत्त पागल ... मैं यु गयी यु आयी ....
तरुण : मैं भी चालू क्या ....
दिया : बाबू मार खायेगा तू ....
दिया ड्रेस चेंज करके वाशरूम से बहार निकलती है उसने एक स्लीवलेस निघ्त्य पहनी हुयी थी जिसमे उसका गोरा बदन और चमक रहा था ...
ठीक ुशी समय रानी की भी एंट्री होती है रूम में ...
रानी : क्या बात हो रही है आप लोगो में ....
दिया : वही जो तुम अपने उनके साथ करती हो ....
रानी : पर हम तो वैसी कोई बात नहीं करते ....
तरुण : बड़ी देर कर दी अपने आने में क्या कर रही थी ....
रानी : कुछ नहीं बस किचन वाला काम .... चलो जल्दी सोते हैं दिया दीदी और तुम्हे कल जल्दी निकलना होगा न ....
दिया रानी के पास hi कड़ी थी वो उसके चूचियों को मसल देती है ....
दिया : बड़ी जल्दी है हमें सुलाने की ताकि तुम अपने उनसे बातें कर सको .... आज मैं भी देखती हु की तुम कैसे उनसे बात करती हो ....
अब तक तरुण ने गेट लॉक कर दिया था .....
तरुण : क्या कहती हो दिया दीदी आज रानी दीदी का रपे कर दू क्या ...
दिया : हाँ यार आज मेरी लास्ट नाईट है यहाँ की फिर पता नहीं कब आना हो आज की रात कुछ यादगार बनाते हैं ...
रानी : नहीं भाई मेरा रपे मत करना मैं तो ख़ुशी ख़ुशी तुम्हारे साथ वो सब करने को रेडी हु hi ... वैसे भी मैंने तुम्हे पहले भी प्रॉमिस किया था की जल्द hi तुमसे दोबारा सेक्स करुँगी .... लास्ट टाइम की तरह मेरी हालत मत कर देना प्लीज ....
तरुण : दीदी जितना दर्द होना था आपको वो हो चूका ... अब दर्द नहीं सिर्फ मज़े लेने की बरी है .... और ये हमारे लिए भी एक नया एक्सपीरियंस होगा थ्रीसम का क्यों दिया दीदी क्या कहती हो ....
दिया : ी ऍम रेडी यार इसलिए hi तो तुम्हे बुलाई हु इस रूम में ...
तरुण रानी को पीछे से जकड लेता है और उसके बूब्स को दोनों हाथो में भर कर दबाने लगता है वही दिया भी नीचे बैठ कर रानी की सलवार को नीचे सरका चुकी थी .... रानी की पंतय का अगला हिस्सा थोड़ा थोड़ा गीला हो चूका था ....
तरुण : रानी दीदी अगर आपके उनका फ़ोन आया अभी तो क्या करोगी ....
रानी : सिंपल है मन कर दूंगी क्यूंकि अभी उनका मेरे ऊपर उतना हक़ नहीं जितना तुम्हारा मुझ पर है ..... मेरा पहला ुनोफ़्फ़िसल पति तू है जिसे मैंने अपना कौमार्य सौंपा था ....
दिया : मैंने अपनी विर्जिनिटी तो तरुण को नहीं दी पर ये hi पहला शक्श था जिसके सामने मैं भरी जवानी में नंगी हुयी थी ....
अब तक तरुण ने रानी को ऊपर से पूरा नंगा कर दिया था वही दिया ने नीचे से उसको नंगा कर दिया था ...
दिया ने जैसे hi उसकी छूट को चूमा रानी के मुँह से एक मादक सिसकी निकल गयी ... तरुण ने भी रानी के निप्पल को अपने मुँह में भर कर उसके ऊपर दोतरफा हमला कर दिया .... इस दोतरफा हमले से रानी कड़ी कड़ी कंपनी लगी .....
वो तरुण का मुँह अपने चुकी से हटा देती है और जोर जोर से उसके होंठो को चूमने लगती है ....
नीचे दिया बड़ी शिद्दत से रानी की छूट को चाटने में लगी हुयी थी .... दिया के द्वारा मिलने वाले जादुई एहसास से रानी आनंद के सागर में गोते लगते हुए जोर जोर से झड़ने लगी ...
दिया का पूरा चेहरा रानी के छूट रास से गीला हो चूका था वही रानी तरुण की बांहो में पड़ी हुयी जोर जोर से सांसें ले रही थी ....
तरुण ने उसको बीएड पर लिटा दिया और दिया को खड़ा करके उसके चेहरे पर लगे रानी के छूट रास को साफ़ करने लगता है ....
अब तक रानी ने भी अपनी साँसों को कण्ट्रोल कर लिया था तो वो भी कड़ी हो जाती है और ग्रुप को रेजों कर लेती है ....
तरुण दिया के होंठो को चूसने में लगा हुआ था .... रानी ने दिया की निघ्त्य को नीचे से उठाना सुरु कर दिया .... उसको सबसे बड़ा आश्चर्य तब हुआ जब उसने दिया को निघ्त्य के अंदर पूर्णतः नंगी पाया ....
रानी : दिया दीदी आप तो बहुत बड़ी रंडी निकली पहले से hi नंगी तैयार थी छोड़ने को ....
दिया : हाँ तो वो तो पहले से hi जानती थी तो क्यों कपड़ो को उतरवाने में टाइम वास्ते करती ....
तरुण ने उसके कपडे को उसके कंधे पर बंधी डोरी को खींच दिया जिससे वो सरसरा कर नीचे गिर गयी और दिया पूरी तरह से नंगी दोनों के सामने कड़ी थी ..
दिया : वह हमें नंगी करके खुद कपडे पहना हुआ है ये तो बड़ी नाइंसाफी है ....
उसके बाद क्या था दोनों ने मिलकर उसके सरे कपडे उतर कर उसको भी पूरा माँगा कर दिया ....
रानी : भाई जल्दी से दिया दीदी को छोड़ दे .... इनकी छूट पहले से hi लास्ट टपका रही है ....
तरुण ने दिया को बीएड पर लिटाया और उसके दोनों पैरो के बीच में आ कर अपना लुंड उसकी गीली छूट से रगड़ने लगा .....
दिया के मुँह से मादक सिसकी निकलने लगी ... रानी दिया के मुँह पर अपनी छूट टिका कर बैठ गयी ..... दिया के तो मज़े hi हो गए .... वो रानी की छूट से निकल रहे रास का पैन करने लगी .....
अब तरुण ने अपने लुंड को दिया की छूट के होल पर टिका कर एक धक्का मारा जिससे वो आधे से ज्यादा अंदर धंस गया .... तरुण ने अपना लुंड हल्का बहार की तरफ खींचा और एक जोर का धक्का जड़ दिया ., इस धक्के में तरुण का पूरा लुंड उसके छूट में समां गया और वो धीरे धीरे धक्के लगाने लगा ....
रानी दिया से अपनी छूट चुसवाने के साथ साथ उसके चूचियों को भी मसल रही थी .... दिया को तो जैसे जन्नत hi मिल गया हो .... उसकी छूट में तरुण का मोटा लुंड अंदर बहार हो रहा था तो मुँह में रानी का सोमरस प्राप्त हो रहा था और उसके द्वारा अपने चूचियों को दबाये जाने से वो बिलकुल हवा में उड़द रही थी ..... वो अपने गांड को उठा कर जोर से ऊपर की तरफ कर देती थी जिससे तरुण का भी हौसला अफ़ज़ाई हो रहा था और वो जोर जोर से उसकी छूट में खुदाई करने में लगा हुआ था ..
अब रानी दिया के मुँह पर से हैट जाती है और बीएड पर बैठ कर उसकी चूचियों को अपने मुँह में भर लेती है और चूसने लगती है ...
दिया : ह्ह्ह्हम्म्म्म ऐसे hi जोर जोर से चुसो मेरी बहन बहुत मज़ा आ रहा है .... हाय्ययएईए तरुण क्या लुंड है तेरी पूरी बच्चेदानी तक ठोकर मार रहा है ..... उउउउम्म्मम्म्प्प्प्पफहहहह आअह्हह्ह्ह्ह और जोर से और हॉट दे फाड़ डालो मेरी निगोड़ी छूट को ...
अब तक दिया एक बार झाड़ चुकी थी पर तरुण अब भी लगा पड़ा था ..... दिया की छूट में जोर जोर से धक्के लगता हुआ वो दिया की छूट में hi झाड़ जाता है और दिया भी उसके साथ hi झाड़ जाती है ....
झड़ने के बाद तरुण दिया के ऊपर hi गिर जाता है और हांफने लगता है .....
रानी बड़े प्यार से उसका सर सहलाते हुए उसके माथे को चूमने लगती है .....
थोड़े देर के बाद तरुण दिया की छूट से अपना लुंड निकल कर बीएड पर सीधा लेट जाता है ....
रानी तरुण के मुरझाये हुए लुंड को अपनी उंगलियों से सहलाने के बाद अपने मुँह में भर लेती है .... उसके मुँह में तरुण और दिया के जूस का स्वाद घुल जाता है ....
रानी के लुंड चुसाई से जल्द hi उसका लुंड अगली पारी खेलने के लिए तैयार हो जाता है ...
रानी भी और वक्त गंवाना सगी नहीं समझती और उसके लुंड पर अपनी छूट टिका कर धीरे धीरे उसके ऊपर बैठने लगती है ... हलाकि उसकी छूट एक बार hi चुटी हुयी थी इसलिए उसको इस पोजीशन में हल्का दिक्कत हो रहा था पर वो इस मज़े को फील करना चाहती थी इसलिए वो दृढ निश्चय के साथ लगी पड़ी थी ... जब उसकी छूट ने तरुण का थ्री फोर्थ हिस्सा निगल लिया था तो वो ऊपर नीचे होने लगती है .... हर बार वो थोड़ा सा तरुण के लुंड को अपने और अंदर जाने दे रही थी .... ऐसे hi करते करते उसकी छूट ने तरुण के लुंड को पूरा का पूरा निगल लिया ....
अब वो थोड़े तेज़ी से ऊपर नीचे होने लगती है वही तरुण भी अपने गांड की उठा कर रानी को और मज़ा देने की कोसिस कर रहा था ....
दिया भी रानी की चूचियों को मसल कर अपना योगदान कर रही थी ....
तरुण अब रानी को पलट कर बीएड पर लिटा देता है और जोर जोर से उसकी छूट में अपना लुंड ठोकने लगता है .... रानी को तो जन्नत सा मज़ा मिल रहा था की तभी उसका मोबाइल बजने लगता है ....
दिया : लो लाडो आ गया तेरे राजा का फ़ोन .... उठा कर क्या बोलेगी की अपने भाई से चुद रही हु ....
रानी : एयरप्लेन मोड ों कर दो दीदी मुझे अभी कोई अनवांटेड डिस्टर्बेंस नहीं चाहिए .... ह्म्म्मम्म आआह्ह्ह्ह ऐसे hi मेरे भाई और जोर से .... इस रानी का असली राजा तू है और कोई नहीं ..... और जोर से बेतु और जोर से फाड़ दो अपनी दीदी की छूट को .....
तरुण जोर जोर से रानी की छूट में अपना मुसल पेलने में लगा हुआ था ...
जब तरुण को लगा की उसका निकलने वाला है उसने अपना लुंड बहार खींच लिया .... और दिया को बीएड पर पेट के बल लिटा देता है ..... दिया ने पहले से hi अपने गांड की ऑइलिंग करि हुयी थी ....
तरुण ने उसके गांड के स्लिपरी छेड़ में अपना लौड़ा थुश दिया ... दिया के गांड का छेड़ पहले से hi उसके पति ने जायंट साइज का डिलडो दाल दाल कर फैला रखा था इसलिए तरुण को ज्यादा दिक्कत नहीं हुयी ....
थोड़े देर की धक्काम पेल के बाद तरुण ने अपने गाढ़े लिसलिसे रास से दिया के गांड का छेड़ भी भर दिया .....
इस घमासान खेल से तीनो की हालत काफी ख़राब हो चुकी थी ... वो जल्दी से वाशरूम जाकर खुद को साफ़ कर लेते हैं और बीएड पर नंगे hi पसर जाते हैं .... थके हुए होने की वजह से जल्द hi उन्हें नींद आ जाती है .....
अगले दिन दोपहर को दिया तरुण के साथ अपने घर को रवाना हो गयी ..... तरुण की बहनो के साथ उसका काफी ाचा इमोशनल बॉन्डिंग बन गया था इसलिए उनसे विदा लेते वक्त उसकी आँखों से जहर जहर कर आंशू बह निकले ...
दिया को उसके घर छोड़ कर तरुण जल्द hi वापस अपने घर को लौट आता है ....
तरुण के एरिया में अब फिर से इलेक्शन का माहौल छाने लगा था .... उसके बड़े चाचा ने तरुण को भी इलेक्शन में मुखिया पद के लिए खड़ा होने के लिए सलाह दी ... तरुण ने उनकी बात मान कर नॉमिनेशन तो जरूर करवाया पर अपना नहीं बल्कि सुहानी का ....
सुहानी पहले तो तैयार न हुयी पर तरुण और उसकी बहनो के जोर देने से वो रेडी हो गयी ....
इलेक्शन नेक्स्ट मंथ होने वाली थी इसलिए इलेक्शन के प्रचार प्रसार में भी लग्न था और रानी की शादी की डेट भी काफी करीब आ चुकी थी इसलिए सभी लोग शॉपिंग वगैरह के कामो में भी लग गए थे ....
रानी की माँ हो या उसके मायके वाले किसी को भी रानी की शादी में शामिल होने नहीं दिया गया था ....
धीरे धीरे अब रानी की शादी का दिन भी आ चूका था ... तरुण एक ाचा भाई होने का फ़र्ज़ निभाते हुए शादी की जिम्मेवारी अपने हाथो में ले राखी थी ... वो hi सारा काम देख रहा था .... हलाकि शादी के कामो में ruchika,ruby और प्रियांशी भी दिल खोल कर तरुण का साथ दे रही थी ..,
शादी में शामिल होने के लिए घर में आने वाले रिश्तेदारों में तरुण के मां की फॅमिली और राघव के मां की फॅमिली hi थी .....
वो लोग अगले दिन hi आने वाले थे .... क्यूंकि अगले दिन से hi शादी की साडी रश्मि सुरु होने को थी .... तरुण भी हल्का एक्ससिटेड था अपने मां की फॅमिली से मिलने के लिए ....
दिया : अरे पगलू सीधे बोल न की तेरे उनके फ़ोन आने का टाइम हो गया है ... चल कोई न मैं डिस्टर्ब नहीं करुँगी बात कर ले ...
रानी शर्मा जाती है .. ठीक 5 मिनट बाद रानी का मोबाइल रिंग होने लगता है .... दिया के इसरा करने से वो कॉल पिक कर लेती है और बात करने लगती है .... दिया दूसरी तरफ मुँह कर लेती है ताकि रानी निश्चिंत होकर बात कर सके ....
आगे
अगले दिन सब कुछ सही रहा .... इवनिंग को तरुण और उसकी बहने दिया के साथ मार्किट गयी हुयी थी क्यूंकि अगले दिन दिया वह से जाने वाली थी तो सुमित्रा ने अपनी बेटियों को दिया के लिए कुछ अछि ड्रेस की शॉपिंग करने को कहा था ....
शॉपिंग के बाद सभी ने एक रेस्टोरेंट में डिनर किया उसके बाद घर वापस लौट आये ....
दिया को भी यहाँ आ कर बहुत ाचा फील हो रहा था .... उसकी हमेसा से चाहत थी की उसकी भी कोई छोटी सगी बहन हो पर तरुण के घर उसकी बहनो के साथ रह कर उसको अपनी वो ख्वाहिस पूरी होती नज़र आ रही थी ....
दिया ने आज तरुण को अपने और रानी के रूम में सोने को कहा था तो तरुण भी उसकी बात को ठुकरा न सका .....
अपनी माँ को बता कर वो रानी के रूम की तरफ चल पड़ा ....
जब तरुण रूम में आया उस वक्त वह सिर्फ दिया hi थी जो की अपने सामान की पैकिंग में मशगूल थी ....
तरुण : क्या हुआ दीदी काफी बिजी दिख रही हो .... रात में hi भागने की सोच रही हो क्या ....
दिया : अरे नहीं भाई .... बस अपने सरे बिखरे हुए सामान को वापस बैग में दाल रही हु याद कर कर के ... लास्ट टाइम में सामान छोड़ जाने की पुराणी आदत है ....
तरुण : वैसे दीदी आज आप बहुत हसीं लग रही हो ....
दिया : ाचा जी पहले मैं इतनी बदसूरत लगती थी क्या ...
तरुण : नहीं दीदी मेरे कहने का वो मतलब नहीं था .... मैं तो कह रहा था की आप वैसे तो हमेसा खूबसूरत लगती हो पर आज कुछ ज्यादा hi खूबसूरत लग रही हो ....
दिया : यहाँ तेरी दाल नहीं गलने वाली बच्चू .... किसी लड़की या अपनी बीवी पर तरय करना ये सब ....
तरुण पीछे से दिया को अपनी बांहो में भर लेता है और उसके कान को चूमते हुए उसके कान में धीरे से कहता है ....
तरुण : आप भी तो मेरी डार्लिंग दीदी हो मेरी दाल तो आपके पास पहले से hi गली हुयी है ....
और तरुण धीरे से दिया के बूब्स को कपडे के ऊपर से hi सहला देता है ... तरुण का लुंड अभी दिया की गांड के पास था ... दिया के गांड की गर्मी पाकर वो धीरे धीरे अपना सर उठाने लगा था ....
दिया अपना हाथ पीछे करके तरुण का सेमि ेरेक्ट लुंड पकड़ लेती है ...
दिया : तो इसलिए अपना राकेट मेरी गुफा के पास घुसाने की कोसिस कर रहे हो .... पर बच्चू याद रखो अभी गेट खुला है और अगर किसी ने देख लिया न तो बड़ी दिक्कत हो सकती है .... तुम तो अपनी बहनो को जानते hi हो वो तुमसे कितना प्यार करती हैं ... सो कण्ट्रोल मजनू कण्ट्रोल ....
तरुण : सॉरी दीदी ... वैसे रानी दीदी कहा हैं ....
दिया : पता नहीं अभी तक तो वैसे रोज़ आ जाती थी .... चल बैठ बीएड पर मेरी पैकिंग तो हो चुकी जरा वाशरूम से कपडे चेंज करके आती हु ...
तरुण : एहि कर लो न दीदी ...
दिया : धत्त पागल ... मैं यु गयी यु आयी ....
तरुण : मैं भी चालू क्या ....
दिया : बाबू मार खायेगा तू ....
दिया ड्रेस चेंज करके वाशरूम से बहार निकलती है उसने एक स्लीवलेस निघ्त्य पहनी हुयी थी जिसमे उसका गोरा बदन और चमक रहा था ...
ठीक ुशी समय रानी की भी एंट्री होती है रूम में ...
रानी : क्या बात हो रही है आप लोगो में ....
दिया : वही जो तुम अपने उनके साथ करती हो ....
रानी : पर हम तो वैसी कोई बात नहीं करते ....
तरुण : बड़ी देर कर दी अपने आने में क्या कर रही थी ....
रानी : कुछ नहीं बस किचन वाला काम .... चलो जल्दी सोते हैं दिया दीदी और तुम्हे कल जल्दी निकलना होगा न ....
दिया रानी के पास hi कड़ी थी वो उसके चूचियों को मसल देती है ....
दिया : बड़ी जल्दी है हमें सुलाने की ताकि तुम अपने उनसे बातें कर सको .... आज मैं भी देखती हु की तुम कैसे उनसे बात करती हो ....
अब तक तरुण ने गेट लॉक कर दिया था .....
तरुण : क्या कहती हो दिया दीदी आज रानी दीदी का रपे कर दू क्या ...
दिया : हाँ यार आज मेरी लास्ट नाईट है यहाँ की फिर पता नहीं कब आना हो आज की रात कुछ यादगार बनाते हैं ...
रानी : नहीं भाई मेरा रपे मत करना मैं तो ख़ुशी ख़ुशी तुम्हारे साथ वो सब करने को रेडी हु hi ... वैसे भी मैंने तुम्हे पहले भी प्रॉमिस किया था की जल्द hi तुमसे दोबारा सेक्स करुँगी .... लास्ट टाइम की तरह मेरी हालत मत कर देना प्लीज ....
तरुण : दीदी जितना दर्द होना था आपको वो हो चूका ... अब दर्द नहीं सिर्फ मज़े लेने की बरी है .... और ये हमारे लिए भी एक नया एक्सपीरियंस होगा थ्रीसम का क्यों दिया दीदी क्या कहती हो ....
दिया : ी ऍम रेडी यार इसलिए hi तो तुम्हे बुलाई हु इस रूम में ...
तरुण रानी को पीछे से जकड लेता है और उसके बूब्स को दोनों हाथो में भर कर दबाने लगता है वही दिया भी नीचे बैठ कर रानी की सलवार को नीचे सरका चुकी थी .... रानी की पंतय का अगला हिस्सा थोड़ा थोड़ा गीला हो चूका था ....
तरुण : रानी दीदी अगर आपके उनका फ़ोन आया अभी तो क्या करोगी ....
रानी : सिंपल है मन कर दूंगी क्यूंकि अभी उनका मेरे ऊपर उतना हक़ नहीं जितना तुम्हारा मुझ पर है ..... मेरा पहला ुनोफ़्फ़िसल पति तू है जिसे मैंने अपना कौमार्य सौंपा था ....
दिया : मैंने अपनी विर्जिनिटी तो तरुण को नहीं दी पर ये hi पहला शक्श था जिसके सामने मैं भरी जवानी में नंगी हुयी थी ....
अब तक तरुण ने रानी को ऊपर से पूरा नंगा कर दिया था वही दिया ने नीचे से उसको नंगा कर दिया था ...
दिया ने जैसे hi उसकी छूट को चूमा रानी के मुँह से एक मादक सिसकी निकल गयी ... तरुण ने भी रानी के निप्पल को अपने मुँह में भर कर उसके ऊपर दोतरफा हमला कर दिया .... इस दोतरफा हमले से रानी कड़ी कड़ी कंपनी लगी .....
वो तरुण का मुँह अपने चुकी से हटा देती है और जोर जोर से उसके होंठो को चूमने लगती है ....
नीचे दिया बड़ी शिद्दत से रानी की छूट को चाटने में लगी हुयी थी .... दिया के द्वारा मिलने वाले जादुई एहसास से रानी आनंद के सागर में गोते लगते हुए जोर जोर से झड़ने लगी ...
दिया का पूरा चेहरा रानी के छूट रास से गीला हो चूका था वही रानी तरुण की बांहो में पड़ी हुयी जोर जोर से सांसें ले रही थी ....
तरुण ने उसको बीएड पर लिटा दिया और दिया को खड़ा करके उसके चेहरे पर लगे रानी के छूट रास को साफ़ करने लगता है ....
अब तक रानी ने भी अपनी साँसों को कण्ट्रोल कर लिया था तो वो भी कड़ी हो जाती है और ग्रुप को रेजों कर लेती है ....
तरुण दिया के होंठो को चूसने में लगा हुआ था .... रानी ने दिया की निघ्त्य को नीचे से उठाना सुरु कर दिया .... उसको सबसे बड़ा आश्चर्य तब हुआ जब उसने दिया को निघ्त्य के अंदर पूर्णतः नंगी पाया ....
रानी : दिया दीदी आप तो बहुत बड़ी रंडी निकली पहले से hi नंगी तैयार थी छोड़ने को ....
दिया : हाँ तो वो तो पहले से hi जानती थी तो क्यों कपड़ो को उतरवाने में टाइम वास्ते करती ....
तरुण ने उसके कपडे को उसके कंधे पर बंधी डोरी को खींच दिया जिससे वो सरसरा कर नीचे गिर गयी और दिया पूरी तरह से नंगी दोनों के सामने कड़ी थी ..
दिया : वह हमें नंगी करके खुद कपडे पहना हुआ है ये तो बड़ी नाइंसाफी है ....
उसके बाद क्या था दोनों ने मिलकर उसके सरे कपडे उतर कर उसको भी पूरा माँगा कर दिया ....
रानी : भाई जल्दी से दिया दीदी को छोड़ दे .... इनकी छूट पहले से hi लास्ट टपका रही है ....
तरुण ने दिया को बीएड पर लिटाया और उसके दोनों पैरो के बीच में आ कर अपना लुंड उसकी गीली छूट से रगड़ने लगा .....
दिया के मुँह से मादक सिसकी निकलने लगी ... रानी दिया के मुँह पर अपनी छूट टिका कर बैठ गयी ..... दिया के तो मज़े hi हो गए .... वो रानी की छूट से निकल रहे रास का पैन करने लगी .....
अब तरुण ने अपने लुंड को दिया की छूट के होल पर टिका कर एक धक्का मारा जिससे वो आधे से ज्यादा अंदर धंस गया .... तरुण ने अपना लुंड हल्का बहार की तरफ खींचा और एक जोर का धक्का जड़ दिया ., इस धक्के में तरुण का पूरा लुंड उसके छूट में समां गया और वो धीरे धीरे धक्के लगाने लगा ....
रानी दिया से अपनी छूट चुसवाने के साथ साथ उसके चूचियों को भी मसल रही थी .... दिया को तो जैसे जन्नत hi मिल गया हो .... उसकी छूट में तरुण का मोटा लुंड अंदर बहार हो रहा था तो मुँह में रानी का सोमरस प्राप्त हो रहा था और उसके द्वारा अपने चूचियों को दबाये जाने से वो बिलकुल हवा में उड़द रही थी ..... वो अपने गांड को उठा कर जोर से ऊपर की तरफ कर देती थी जिससे तरुण का भी हौसला अफ़ज़ाई हो रहा था और वो जोर जोर से उसकी छूट में खुदाई करने में लगा हुआ था ..
अब रानी दिया के मुँह पर से हैट जाती है और बीएड पर बैठ कर उसकी चूचियों को अपने मुँह में भर लेती है और चूसने लगती है ...
दिया : ह्ह्ह्हम्म्म्म ऐसे hi जोर जोर से चुसो मेरी बहन बहुत मज़ा आ रहा है .... हाय्ययएईए तरुण क्या लुंड है तेरी पूरी बच्चेदानी तक ठोकर मार रहा है ..... उउउउम्म्मम्म्प्प्प्पफहहहह आअह्हह्ह्ह्ह और जोर से और हॉट दे फाड़ डालो मेरी निगोड़ी छूट को ...
अब तक दिया एक बार झाड़ चुकी थी पर तरुण अब भी लगा पड़ा था ..... दिया की छूट में जोर जोर से धक्के लगता हुआ वो दिया की छूट में hi झाड़ जाता है और दिया भी उसके साथ hi झाड़ जाती है ....
झड़ने के बाद तरुण दिया के ऊपर hi गिर जाता है और हांफने लगता है .....
रानी बड़े प्यार से उसका सर सहलाते हुए उसके माथे को चूमने लगती है .....
थोड़े देर के बाद तरुण दिया की छूट से अपना लुंड निकल कर बीएड पर सीधा लेट जाता है ....
रानी तरुण के मुरझाये हुए लुंड को अपनी उंगलियों से सहलाने के बाद अपने मुँह में भर लेती है .... उसके मुँह में तरुण और दिया के जूस का स्वाद घुल जाता है ....
रानी के लुंड चुसाई से जल्द hi उसका लुंड अगली पारी खेलने के लिए तैयार हो जाता है ...
रानी भी और वक्त गंवाना सगी नहीं समझती और उसके लुंड पर अपनी छूट टिका कर धीरे धीरे उसके ऊपर बैठने लगती है ... हलाकि उसकी छूट एक बार hi चुटी हुयी थी इसलिए उसको इस पोजीशन में हल्का दिक्कत हो रहा था पर वो इस मज़े को फील करना चाहती थी इसलिए वो दृढ निश्चय के साथ लगी पड़ी थी ... जब उसकी छूट ने तरुण का थ्री फोर्थ हिस्सा निगल लिया था तो वो ऊपर नीचे होने लगती है .... हर बार वो थोड़ा सा तरुण के लुंड को अपने और अंदर जाने दे रही थी .... ऐसे hi करते करते उसकी छूट ने तरुण के लुंड को पूरा का पूरा निगल लिया ....
अब वो थोड़े तेज़ी से ऊपर नीचे होने लगती है वही तरुण भी अपने गांड की उठा कर रानी को और मज़ा देने की कोसिस कर रहा था ....
दिया भी रानी की चूचियों को मसल कर अपना योगदान कर रही थी ....
तरुण अब रानी को पलट कर बीएड पर लिटा देता है और जोर जोर से उसकी छूट में अपना लुंड ठोकने लगता है .... रानी को तो जन्नत सा मज़ा मिल रहा था की तभी उसका मोबाइल बजने लगता है ....
दिया : लो लाडो आ गया तेरे राजा का फ़ोन .... उठा कर क्या बोलेगी की अपने भाई से चुद रही हु ....
रानी : एयरप्लेन मोड ों कर दो दीदी मुझे अभी कोई अनवांटेड डिस्टर्बेंस नहीं चाहिए .... ह्म्म्मम्म आआह्ह्ह्ह ऐसे hi मेरे भाई और जोर से .... इस रानी का असली राजा तू है और कोई नहीं ..... और जोर से बेतु और जोर से फाड़ दो अपनी दीदी की छूट को .....
तरुण जोर जोर से रानी की छूट में अपना मुसल पेलने में लगा हुआ था ...
जब तरुण को लगा की उसका निकलने वाला है उसने अपना लुंड बहार खींच लिया .... और दिया को बीएड पर पेट के बल लिटा देता है ..... दिया ने पहले से hi अपने गांड की ऑइलिंग करि हुयी थी ....
तरुण ने उसके गांड के स्लिपरी छेड़ में अपना लौड़ा थुश दिया ... दिया के गांड का छेड़ पहले से hi उसके पति ने जायंट साइज का डिलडो दाल दाल कर फैला रखा था इसलिए तरुण को ज्यादा दिक्कत नहीं हुयी ....
थोड़े देर की धक्काम पेल के बाद तरुण ने अपने गाढ़े लिसलिसे रास से दिया के गांड का छेड़ भी भर दिया .....
इस घमासान खेल से तीनो की हालत काफी ख़राब हो चुकी थी ... वो जल्दी से वाशरूम जाकर खुद को साफ़ कर लेते हैं और बीएड पर नंगे hi पसर जाते हैं .... थके हुए होने की वजह से जल्द hi उन्हें नींद आ जाती है .....
अगले दिन दोपहर को दिया तरुण के साथ अपने घर को रवाना हो गयी ..... तरुण की बहनो के साथ उसका काफी ाचा इमोशनल बॉन्डिंग बन गया था इसलिए उनसे विदा लेते वक्त उसकी आँखों से जहर जहर कर आंशू बह निकले ...
दिया को उसके घर छोड़ कर तरुण जल्द hi वापस अपने घर को लौट आता है ....
तरुण के एरिया में अब फिर से इलेक्शन का माहौल छाने लगा था .... उसके बड़े चाचा ने तरुण को भी इलेक्शन में मुखिया पद के लिए खड़ा होने के लिए सलाह दी ... तरुण ने उनकी बात मान कर नॉमिनेशन तो जरूर करवाया पर अपना नहीं बल्कि सुहानी का ....
सुहानी पहले तो तैयार न हुयी पर तरुण और उसकी बहनो के जोर देने से वो रेडी हो गयी ....
इलेक्शन नेक्स्ट मंथ होने वाली थी इसलिए इलेक्शन के प्रचार प्रसार में भी लग्न था और रानी की शादी की डेट भी काफी करीब आ चुकी थी इसलिए सभी लोग शॉपिंग वगैरह के कामो में भी लग गए थे ....
रानी की माँ हो या उसके मायके वाले किसी को भी रानी की शादी में शामिल होने नहीं दिया गया था ....
धीरे धीरे अब रानी की शादी का दिन भी आ चूका था ... तरुण एक ाचा भाई होने का फ़र्ज़ निभाते हुए शादी की जिम्मेवारी अपने हाथो में ले राखी थी ... वो hi सारा काम देख रहा था .... हलाकि शादी के कामो में ruchika,ruby और प्रियांशी भी दिल खोल कर तरुण का साथ दे रही थी ..,
शादी में शामिल होने के लिए घर में आने वाले रिश्तेदारों में तरुण के मां की फॅमिली और राघव के मां की फॅमिली hi थी .....
वो लोग अगले दिन hi आने वाले थे .... क्यूंकि अगले दिन से hi शादी की साडी रश्मि सुरु होने को थी .... तरुण भी हल्का एक्ससिटेड था अपने मां की फॅमिली से मिलने के लिए ....