"रजनी", "ओ रजनी बिटिया" जरा एक लोटा पानी ला, जोर की प्यास लगी है", - गांव का मुखिया उदयराज अपने सिर से गेहूं का बोझ जमीन पर गिराकर, अंगौछे से अपना पसीना पोछते हुए अपनी बिटिया को आवाज लगते हुए बोला।
रजनी- "लायी बाबू"
(Hello दोस्तों नमस्कार मैं हूँ S_Kumar, यह मेरी पहली कहानी है, आप लोगों की तरह...