Real Maa Beta Mumbai - SexBaba
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Real Maa Beta Mumbai

hi सभी लोग को में इंडिया से हो और मुंबई में रहता हो मेरे घर में हम 4 लोग है अब्बा अम्मी में अम्मी को माँ hi बोलता हो और बेरी भें जिस की शादी हो गयी है मेरे अब्बा की आगे 62 है और वो दुबई जॉब करते है 2 साल मई आते है और मेरी अम्मी माँ उन की आगे 49 है बेहेन का ज़िकर ज़्यादा नहीं है इसलिए में नहीं बता रहा हो
 
थो कहानी शरू करता हो में एक नार्मल लड़का हो 24 साल का ज़्यदा पड़ा लहिका नहीं हो 10तह के भाड़ में जॉब करना शरू करदिया था और अब्बा दुबई में जॉब करते है और में यहाँ मुंबई मई घर में शरीफ ने और माँ hi रहते है और आप लोगो को पता hi होगा मुंबई में घर कैसे होते है 2 रूम का हम मिडिल क्लास लोग है थो बात ये है की में इन्सेस्ट में कैसे आया और मेरी शौच कैसे बदली ammi(maa) के लिए थो बात है लोखड़ौन के टाइम की जब कवेद19 था और साब काम बंद था और में घर hi था होवा यौन की में धोपेर के वक़्त बहार गया होवा था दोस्तों से मिलने और जब दोस्तों से मिल कर घर वापस आया और मोबाइल उसे कर्रा था मुझे maa(ammi) कही नहीं धीकि मुझे लगा माँ ऊपर तुम मई कुछ काम कर्री होगी थो में अपना मोबाइल में लगा होवा थो अचानक बाटरूम का दूर खोला और माँ बहार आगे
 
जैसे की मेने बताया मेरी maa(ammi) बहुद शरीफ है और मोबिल भी उसे करने नहीं आता ह शरीफ अब्बा से बात करने के लिए hi उसे करती है और मेरी माँ हमेशा साड़ी फेंटी है जब अब्बा दुबई से एते है थो माँ और अब्बा सात ऊपर के रूम में सोते है जब दुबई वापस चले जाते है थो माँ नीचे के रूम में सोती है और में जब अब्बा दुबई से एते है थो नीचे सोता अकेले और जब अब्बा चले जाते है थो माँ मेरे सात नीचे सोती है. मेरी माँ का रंग सावला है माँ का फिगर मुझे बहुद पसंद है मुझे माँ में साब से ज़्यादा उन की गांड पसंद है मेरी माँ ब्रा नहीं फेंटी अब पहले फेंटी पर अब नहीं फेंटी पेंटी फेंटी है 100कम का थो होवा यौन की जब माँ बाथरूम से जैसे hi बहार निकली में माँ को ढक कर दर गया और माँ मुझे ढक कर क्यों के मेने माँ को आज तक ेसे कभी नहीं ढका था मेरी लाइफ में फर्स्ट टाइम मेंय किसी को ेसे ढका माँ बाथरूम में नाहा रही थी उसे लगा में घर पर नहीं हो इसलिए माँ नंगी hi बाटरूम से बहार आगयी शरीफ टावल से सर के बल बन्दे थे में माँ को ढक के दर गया और शोक हो गया और माँ मुझे ढक कर पर जैसे hi माँ को होश आया माँ मुझे चिल्ला कर

माँ_ तू यहाँ क्या कर्रा है मूसा जा यहाँ से और खुद बाटरूम में भाग गयी

में शोक में था थो माँ ने बाटरूम से वापस चिललई की मूसा बहार जा यहाँ से तुझे पता नहीं में नाहरहि हो थो मेने बोलै माँ मुझे पता नहीं था की आप नाहा रही हो थो माँ ने बोली आया थो आवाज़ थो देता थो में चुप हो गया 5 मिनट फिर कोइए बात नहीं होइ हम दोनों के भेज और इन 5 मिनट में मेने माँ को नंगी ढका वो शुच रहा था की माँ कितनी खूबसूरत है माँ के बूब्स बड़े बड़े और पेट बहार निकला होवा और छूट पर हलके हलके बल थे में थो ढक कर शोक हो गया आप लोग समाज सकते होंगे की सगी माँ को नंगी ढकना कैसी फीलिंग होती है फिर अचानक माँ ने फिर चिलए की मूसा बहार जा मुझे कपडे पहनना है और में दर कर बहार चला गया फिर में 2हर घंटे तक घर वापस नहीं आया में बहार hi भेटा शुच रहा था की क्या होवा अभी मेरे सात मेंय आज तक माँ को नंगी नन्ही ढका और आज मेने माँ पूरी नंगी ढक लिया ये शॉट शॉट मेरा लैंड खड़ा हो गया पहेली बार माँ को शौच कर मेरा लैंड कड़ा होवा था और में पब्लिक टॉयलेट चला गया और मेरी ज़िन्दगी में पहेली बार माँ को शुच कर वो भी पब्लिक टॉयलेट में मोथ मर्रा था की क्या बूब्स है माँ के और क्या गांड थी बड़े बड़े जब माँ बाथरूम वापस गयी थो मुझे माँ की गांड भी धिक् गयी थी और माँ की छूट में बल में एहि साब शौच कर माँ को याद कर के मोथ माररहा था जब मेरा पानी निकला और में बहार आया थो दिमाग में ये आया की ये में क्या कर्रा हो माँ नंगी धक्के और उनको शुच कर में लैंड हिला रहा था ची ये कितना बड़ा गलत हो गया ऊपर वाला मुझे कभी माफ़ नहीं करे गए यही सोचते सोचते में बहार hi भेटा रहा फिर सोचा घर चलता बहुत टाइम हो गया फिर में घर के लिए निकल गया और दर भी रहा था की माँ क्या बोले गई
 
फिर जब में घर पहुंचा थो माँ घर के बहार भेटि थी पड़ोस की आंटी लोग के सात में माँ को ढका माँ उनलोग से नार्मल बात कर्री थी फिर जब में घर के अंदर जाने लगा थो माँ ने मुझे ढका और कुछ नहीं बोली थो में शिदा अंदर जेक भेट गया और माँ का वेट करने लगा खाना खाने के लिए 30 मिनट वेट किया नहीं आयी थो में खोद खाना दाल कर खाने लगा मुझे माँ से बात करने में दर लग्र था थो में खोद खाना दाल लिया और खाने लगा और सोचा की माँ ने कभी एसा नहीं किया मुझे खाना माँ hi देती थी पर आज मुझे लेना पड़ा और में सोचने लगा की कही माँ किसी को न बतादे की आज क्या होवा फिर मेरा धेयान बहार बेटी माँ पर गया जो बहार बेट कर बात करि थी और में माँ को धेकृ था माँ की बच मेरी तरफ थी और फिर खाना कहते कहते वही माँ का नग्गा बदन मेरे नज़र के सामने आने लगा और मेरा लैंड फिर से कड़ा हो गया और खाना कहते कहते यही शौच रहा था की आज पहेली बार माँ को ेसे नंगी हालत में ढका क्या सोचे गई मेरे बारे में और क्या अब्बा को बोलदे गई में बहुद डरा होवा था फिर मेरा खाना होवा और में हाथ धोने बाटरूम गया थो ढका माँ ने नाहा कर जो कपडे निकले है उसमे माँ की पेंटी भी है मेरा दिल बहुद ज़ोर ज़ोर से धड़क रहा था फिर में दर के बहार आगया और वापस ऊपर रूम में चला गया फिर वही शोक रहा था की क्या होवा आज मेरे सात ज़िन्दगी में पहेली बार वो भी अपनी मा को नंगी ढका और फिर वही नज़ारा वापस आने लगा और लैंड खड़ा हो गया में फिर से लैंड हिलने लगा ट्रैक में हैट दाल कर फिर पता नहीं कब शॉट शॉट आंक लग गयी फिर जब शाम को सो कर यथा थो में नीचे रूम में गया थो माँ चाय बना रही थी में माँ को hi गहेक रहा था माँ मुझसे नज़र नहीं मिला रही थी और बात भी नहीं कर्री थी फिर में टीवी ों कर के ढकने लगा थो माँ ने मुझे चाय दे और अपनी चाय ले कर बहार चले गयी माँ मुझे से बात नहीं कर्री थी और नज़र भी नहीं मिला रही थी फिर में चाय पे कर बहार चला गया और दोस्तों के सात घूमने लगा 1हर घंटे भाड़ वापस घर आया थो माँ अब्बा से बात कर्री थी थो में बहुद दर गया और दर के वापस बहार चला गया

आगे का भाड़ में अगर कुछ गलती है थो सॉरी फर्स्ट टाइम है
 
उस के भाड़ में कुछ टाइम भाड़ वापस घर आया थो माँ खाना गरम कर्री थी थो में वही बैत गया और माँ को ढक रहा था माँ मुझे इग्नोर कर रही थी थो मेरी नाज़ा माँ की गांड पर चले गयी जो हिल रही थी खाना गरम करते टाइम में पहले कभी एसा नहीं था पर आज दिन में जो होवा मेरा नज़र्या hi बदल गया माँ को धरकने का फिर माँ अचानक मेरी तरफ पलटी थो मई दर गया और ीदार उदार ढकने लगा था माँ वापस खाना ढकने लगी और में शौच ने लगा क्या हो गया है मुझे माँ भी मुझसे बात नहीं कर्री है और दिल में दर भी था कही अब्बा को थो नहीं बॉडी यही साब शौच रहा था की अब्बा की कॉल आयी मेरे मोबाइल पर में दर गया था बात करने के लिए फिर नहीं यथा कॉल फिर वापस कॉल आयी थो मई 2ंद कॉल मई कॉल ऊठाया और अब्बा से बात करने लगा

मई : अस सलामु अलेकुम अब्बा कैसे हो

अब्बा: वालेकुम सलाम बीटा कैसे है

मई : ठीक हो अब्बा आप कैसे हो

अब्बा : मई भी ठीक हो बीटा और कैसा चलरा है वहां साब ठीक थो है न और हाँ ज़्यादा बहार मत जाया कर कोरोना है इंडिया मई मस्त फेन क रक् हमेशा

मई : ठीक है अब्बा तुम भी अपना धियान दो

अब्बा: हाँ ठीक है और काम कब से चालू होरा है

मई : पता नहीं अब्बा डोवा करो साब सही हो जाये

अब्बा: हाँ बीटा साब परेशां है चल ठीक है धियान रक् अपना मई भाड़ बात करता ठीक है

मई: ठीक अब्बा आप भी धियान रहक्को

फिर मेरी जान में जान आयी माँ ने अब्बा को नहीं बताया और माँ खाना लेकर 2 प्लेट एक अपना और एक मेरा खाने लेकर नीचे बैत गयी और खाने लगी मुझे बोली भी नै फिर मई भी हैट धो कर आया और खाना लगा थो मेने ढका माँ मुज से बात hi नहीं कर्री है शरीफ खाना hi खा रही है और जब खाना खाने के लिए जब नीचे झोक रही थी थो माँ का पल्लू थोड़ा सरका होवा था आज पहेली बार मेरा नज़र माँ के बूब्स पर गयी जहा से थोड़ा बूब्स की लाइन नज़र ारी है थो वो ढक कर मेरा लैंड खड़ा हो गया फिर मई दर गया और खाना खाने लगा मुझे माँ से बात करने में दर लग्र था और माँ भी कुछ नहीं बोल रही थी फिर माँ का खाना हो गया और माँ ौटने लगी थो मेने ढका जैसे hi माँ ौठी उनका का पल्लू बूब्स से सरक गया और मुझे माँ के आधे बूब्स ढक रहे थे मेरा पूरा धेयान वही था कितने बड़े बूब्स है माँ के लैंड फिर से झटका काने लगा मई मन में यही शोक रहा था की आज क्या होरा है मेरे सात और माँ वह से चले गयी और बहार जा कर बैत गयी मई भी खाना खा कर बहार रोड पर राउंड मरने चला गया दोस्तों के पास फिर रात को में हमेशा दोस्तों के सात बाटे कर के 12:30 तक घर वापस आया थो माँ टीवी ढक रही थी थो मई ऊपर रूम में चला गया और मेरे मोबाइल मए लगा होता था की ाचक आअज जो कुछ होवा वही दिमाग में घूम रहा था वही सोच रहा था की आज माँ को नंगी कैसे ढक लिया मेने और माँ ने अब्बा को भी कुछ नहीं बोलै और मुझसे बात भी नहीं कर्री है क्यों एसा होवा यही साब शौच रहा था में और फिर वापस माँ को याद कर के लैंड मसल रहा था

अभी के लिए इतना hi अगला अपडेट कल दिन में
 
उसके भाड़ मई माँ को नंगी याद करके लैंड हिलने लगा थो मुझे याद आया बाटरूम मई माँ की पेंटी थी थो मई शिदा यथा और नीचे रूम में गया थो ढका माँ टीवी ढक रही है फिर माँ ने मुझे ढका और वापस टीवी ढकने लगी थो में बाटरूम गया टॉयलेट के बहाने से जैसे hi मई अंदर गया मुझे माँ की पेंटी ढेकी वही थो मई बाटरूम लॉक किया और पेंटी ोुथने लगा थो ढका पेंटी गीली थी थो मेने पेंटी को पूरा रूकने लगा हर जगा से मुझे छूट वाली जगा ढेकी वह से पेंटी थोड़ी फटी होइ थी थो मुझे दर लग्र था माँ बहार hi भेटि है और मई ये क्या कर्रा हो मेरा दिल बहुद तीज धड़क रहा था घबरात होरी थी थो मई पेंटी को एक बार नाक के पास लेकर आया और सूंघने लगा क्या बताओ दोस्तों मेरा दिमाग में चढ़ गयी वो खुसबो और लैंड फुल तीते हो गया फिर मुझे दर था कही माँ कुछ न बोलदे थो मई पेंटी जैसी थी वैसे hi ढक कर बहार आगया थो ढका माँ फिर से मुझे ढक कर टीवी ढकने लगी थो में शिदा ऊपर चला गया और सोचने लगा की क्या होवा है मुझे क्यों एसा कर्रा हो माँ है मेरी ऊपर वाला मुझे कभी माफ़ नहीं करे गए और गिल्टी फील करने लगा और सो गया फिर रात को 3 बजे अंक खोली थो माँ भी मेरे बाजु में सो रही थी हाँ दोस्तों हम दोनों एक hi बाद पर सोते है जब अब्बा एते है तब मई नीचे रूम में सोता हो फिर जब आंक खोली थो ढका माँ पास में सोरी है और माँ की पीट मेरी तरफ थी और उन की साड़ी कमर और पीट से हटी होइ थी मेने आज पहेली बार माँ को इतने करीब से गन्दी नज़र से ढक रहा था

आगे का भाड़ में दोस्तों
 
इतने करीब से माँ को ढकने से मुझे दर लग्र था और माँ की पूरी मेरी तरफ और गांड भी मेरी तरफ थी दिल कर्रा था जा कर माँ से चिपक जाओ पर दर लग्र था थो मई माँ के और गरब गया थो माँ के बदन की खुशबू आने लगी और दर भी लग्र था मेरा लैंड फुल तीते हो गया था थो मेने अपना एक हाथ माँ के ऊपर ढक दिया क्या बातो दोस्तों इतना गरम और नरम बदन मुझे आज तक नहीं लगा पहले भी माँ से गले मिलता था ईद में साब लेकिन आज की फीलिंग कुछ और थी मेरा दिल बहुद ज़ोर ज़ोर से धड़क रहा था फेर मई हाथ को माँ की कमर पे ढक दिया जॉबकाफी गरम थी मेरा हाथ बहुद कैंप रहा था और मेरा लैंड बहुद तीते होगया था मई रात को सोते टाइम अंडरवियर नहीं फेंटा हों शरीफ ट्रक में सोता कुछ टाइम हाथ कमर पे पर ढक ने की भाड़ मुझे लगा माँ जग रही है थो मई मेरी अंक बंद कर दिया क्यों के माँ ने करवट बदल ली थी मई दर गया और मेरी साँसे बहुद तीज चल रही थी फिर मई ेसे hi कब सो गया पता hi नहीं चला फिर सुबह जब आंक खोली थो ढका माँ आलरेडी ोुतः चुकी थी क्यों के हमारे घर पानी मॉर्निंग में आता है थो भरना पड़ता है थो माँ पानी भर रही थी मोटर लगा कर और मई जब यथा थो माँ ने मुझे घोर कर ढका और काम करने लगी फिर मई बाटरूम चला गया और रात का सोचने लगा की कितना मज़ा आरा आया रात को माँ की बॉडी को छू कर वो फीलिंग हु कुछ और थी अब मेरा नज़र्या बदल गया था माँ को ढकने की

बाकि का अपडेट भाड़ में दोस्तों
 
उस के भाड़ मई जब घर गया थो माँ ऊपर के रूम में पानी भर रही थी थो थो मई नीचे नहाने चला गया और मई सोचा चलो माँ की पेंटी से मोथ मरता हो जो बाटरूम में है लेकिन जब मई ढका वह नहीं थी थो मई ेसे hi नाहा कर बहार आया और ऊपर रूम में कपडे लेने चला गया में शरीफ एक टॉवल में था अंदर अंडरवियर भी नहीं पहने था माँ अपना काम कर रही थी जैसे hi मुझे माँ ने ढका माँ नीचे रूम में चले गयी फिर मई अपने कपडे पहना और मई भी नीचे रूम मई गया और माँ को बोलै की

मई : माँ जी नास्ता देदो

माँ ने कुछ नहीं बोलै थो मई फिर से बोलै

मई : माँ नास्ता दोना

माँ : वह रक्का है लेले जा के बहुत गऊसे में लग रही थी

थो मई जा कर नास्ता लिया और नास्ता करते करते मई माँ को hi ढक रहा था वो मुझे चोर नज़र से ढक रही थी थो मेरी नज़र माँ पर गयी जो काम कर रही थी और काम करते करते माँ की गांड बहुद हिल रही थी और बार बार झोकने से माँ की गांड बड़ी धिक् रही थी थो मेरा लैंड फिर से खड़ा हो गया और साड़ी बूब्स पर से थोड़ा हैट गया था थो मुझे बूब्स भी थोड़ा ढक रहा था मेरी थो हालत hi ख़राब होरी थी फिर मेरा नास्ता होवा और में बहार चला गया दोस्तों से मिलने फिर 1हर घंटे भाड़ वापस घर आया और ढका माँ खाना बना रही है मई भी वही बैत कर मोबाइल उसे करने लगा काम करते करते माँ की गांड पर नज़र गयी माँ की गांड बहुद हिल रही थी थो मई सोचा माँ मुझसे कल से बात नहीं कर्री है मई माँ अपनी गलती की माफ़ी मांगता हो अभी कोइए आये गए भी नहीं थो मई कल वही बात को माँ से कैसे बात करो वो शौच के दर रहा था फिर भी मई बोलै माँ को सॉरी बोल देता हो और हिमत कर के माँ को बोलै

मई : माँ ो माँ

माँ: माँ कुछ नहीं बोली

मई : माँ जी माँ

माँ : हाँ बोल क्या है गुस्से में

मई : माँ सॉरी कल के लिए

माँ: अब याद ारी है माँ से माफ़ी मांगने को गुस्से में

मई : माँ बहुद दर गया था मई

माँ : इतनी बड़ी गलती होइ कैसे तेरे से

मई : माँ मुझे पता नहीं था की आप नाहा रही हो

माँ : क्या पता नहीं था की मई नाहा रही हो झोट मत बोल

मई : हाँ माँ मुझे सच्चा में पता नहीं था सॉरी माँ गलती हो गयी माफ़ कार्डो मुझे

माँ : ठीक है दोबारा एसा मत करना समजा और हाँ ये बात किसी को बताना मत

मई : क्या बात कर्री हो मई क्यों बटंगा नहीं सॉरी आगे से धियान रहेको गए

माँ : ठीक है जा ऊपर चले जा मई यहाँ खाना बना रही हो गर्मी है बहुद

मई : ठीक है माँ जी

और मई ऊपर रूम में आगया और सोचने लगा की ाचा होवा माँ से माफ़ी मंगली नहीं थो माँ बात नहीं करती थो मई सोचा चलो माँ से चाय मांग कर ढकता हो क्या बोलती है फिर मई वही से आवाज़ दे कर माँ को बोलै

मई : माँ ो माँ चाय है क्या

माँ : हाँ है क्या होवा

मई : माँ थोड़ी चाय दोना

माँ : ठीक है देती हो रोक थोड़ा

मई : ठीक है माँ

और मई सोचा चलो ाचा है माँ बात थो कर्री है और फिर यही शॉट हॉवे मोबाइल उसे करने लगा और अचानक यार आया की गूगल में चक करता हो माँ को कैसे पतये जब गूगल में चक किया थो इतने सरे सामने स्टोरी आयी की मई ढक कर दांग रहे गया थो मई एक स्टोरी ओपन किया स्टोरी का नाम था माँ बेटे का प्यार मई वो स्टोरी फाड़ने लगा पड़ते पड़ते मेरा हाथ लैंड पर चला गया कपडे के ऊपर से hi और सहलाने लगा थो इतने मई माँ चाय लेकर ऊपर ारी थी थो मारा हाथ अचानक लैंड के पास से हैट गया माँ कही दे कर वापस जारही थी थो मुझे लगा माँ मेरा लैंड की तरफ चोर नज़र से ढक रही है मई एकदम दर गया और माँ नीचे चले गयी मई सोचा अब क्या होगा यही शौच कर दर रहा था

बाकि का भाड़ मई दोस्तों
 
उस के भाड़ मई ये शौच रहा था के माँ क्या सोचे hi मेरे बारे की मई लैंड पे हाथ ककून रक्का था बबउद दर रहा था मई फिर मिनट के भाड़ मई नीचे रूम मई गया थो माँ नार्मल थी थो मैंने पहोचा

मई : माँ जी खाना कब तक होजाये गए

माँ : 30 मिनट लगे गए मूसा

मई : ठीक है माँ फिर मई भर हो आता हो तब तक फिर खता हो बहुद भोक लगी है

माँ : ठीक है

फिर मई बहार निकला और सोचा माँ थो नार्मल है मई hi कुछ ज़्यादा शौच रहा हो फिर मई दोस्तों के सात बहार hi था 1हर घंटे भाड़ घर गया थो माँ बहार भेट कर पड़ोस की ओतय से बात कर्री थी जैसे hi मई गया मई माँ को बोलै


मई : माँ खाना

माँ : हाँ होगया थी हो तू खाना लेके भेट अति हो

मई बोलै ठीक है माँ जल्दी आना मई फिर ऊपर गया और ट्रैक निकल कर लुंगी फेन लिया और अंडरवियर भी निकल दिया सैफ टी रहिरत और लुंगी मई खाना खाने लेकर भेट गया फिर मई माँ को आवाज़ दिया

मई : माँ जी

माँ : हाँ आयी

फिर माँ नादर आयी और हाथ धो कर खाना निकलने लगी फिर मुझे ढक कर बोली

माँ : क्या होवा लुंगी कईं फेनलिया

मई : बहुद गर्मी लागरी इसलिए पहना हो

माँ : ाचा ठीक है

फिर जब माँ खाना निकल रही थी थो माँ के बूब्स सीडी से धिक् रहे थे ब्लाउज के शेप में से ब्रा नहीं फेनी थी थो ये सीन ढक कर मेरा लैंड फिर से खड़ा होने लगा लुंगी माँ थो सामने से लुंगी ऊपर ोुतः ने लगी मुझे लगा माँ ढक लेगी थो क्या कहे गई थो हम लोग खाना खाने लगे दोनों बात नहीं कर्रे थे थो मेरा खाना हो गया और में ोुतः ने लगा थो माँ ने बोली और ले खाना थो मई नोला बास माँ हो गया थो कब मई यथा थो माँ के बूब्स की लाइन ढेकी मुझे मेरा लैंड फिर से खड़ा होने लगा थो माँ ने मुझे ढक लिया उनके की बूब्स ढकते होवा थो माँ ने अपनी साड़ी सही करि और मई वापस भेट गया खाना खाने थो धोड़ा खाना और लिया और खाने लगा थो माँ बार बार नज़र चुरा कर मेरी तरफ ढक रही थी फिर जब खाना होवा थो माँ आउट गयी और मई भी ोुतः गया खाना होने के भाड़ माँ बोली मई थोड़ा खला के घर जेक आती हो मई बोलै ठीक है माँ फिर जब माँ चले गयी थो मई ऊपर रूम पर चला गया और मोबाइल उसे करने लगा फिर अचानक याद आया माँ को कैसे मई ढक रहा हो मेरी मज़ार क्यों बदल गयी ये 2 दिन मई मेरी पूरी ज़िन्दगी बदल गयी फिर मई सोचा माँ का बदन है बहुद सेक्सी क्यों न माँ को पटाओ फिर मई गूगल पर ेसे hi टाइप किया माँ को कैसे पटाया जाये थो मेरे होश ोद्गाये कितनी साड़ी स्टोरी थी माँ मेटे पर मई दांग रहे गया ढक कर फिर मई एक स्टोरी ओपन kiya(maa बेटे का प्यार) वो स्टोरी एसी थी के मई खोद को इमेजिन करने लगा और उस औरत हो अपनी माँ समझने लगा परिवस्टोरी ख़तम होते होते 1:30हर जानते होगये मेने 2 बार मोथ मरी और सोचा माँ को छोड़ना इतना आसान है क्या फिर मई सोचा वो स्टोरी की तरह hi माँ भी 2 साल तक अपनी प्यास दबा कर रहक्ति है कही माँ भी उस औरत की तरह अपनी छूट मई ऊँगली करती होगी यही साब सोचते मुझे नींद आगयी और 6 बजे यथा वो भी माँ ने ऊठाया की चाय पिने के लिए फिर मई नीचे चाय पिने गया तब मई ट्रक मे था थो माँ बोली अभी गर्मी नहीं लागरी थो मई बोलै बहार जरा हो लूंगी मई थोड़ी जाओ गए फिर माँ बोली ठीक है फिर मई चाय पि कर बहार चलेगा और रात के खाने मई शिदा आया

फिर मई रात को क्या किया कल के अपडेट मई
 
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