अपडेट 65
वो सामने कड़ी थी , एक सफ़ेद साड़ी पहने हुए , होठो में बस हलकी सी मुस्कान थी , आँखों में बस हलके से आंसू थे , वो अभी अभी उस कमरे में आयी थी ..
“तुम दोनों बात करो मैं बहार हु “
पूर्वी ने मुझसे कहा , मैं उनके साथ hi आज जेल आया था , तबियत इतनी ठीक हो चुकी थी हॉस्पिटल से बहार जाया जा सके , भाभी मेरे सामने कड़ी थी लेकिन कोई भी शब्द हम दोनों के होठो से नहीं निकल रहे थे …….
वो मेरे पास आयी मैं अभी एक व्हील चेयर पर था , वो मेरे पैरो के पास बैठ गयी और अपना सर मेरे गॉड में रख दिया …
“आपने ये क्यों किया भाभी “
मैं जनता था की भाभी पर लगाए गए सभी इल्जाम सही है ,
“कोई तुझे छोड़ पंहुचा दे तो क्या मैं उसे छोड़ सकती हु “
उन्होंने अपना सर उठाये बिना hi ये कह दिया था
“लेकिन अब मुझे आपसे साडी जिंदगी दूर रहना होगा, मैं आपको ऐसे हालत में नहीं देख सकता “
इस बार मेरा बांध टूट पड़ा मैं फुट कर रोने लगा था , उन्होंने अपना सर उठाया और मेरे गलो को प्यार से सहलाते हुए मेरे होठो पर अपने होठो को रख दिया , उन नरम होठो का स्वाद लेते हुए जैसा दुनिया का पूरा गम hi भूलने लगा था ,
उन्होंने मेरे गलो में आ रहे आंसुओ को भी अपने होठो में भर लिया ,
“बीटा दुनिया की कोई ताकत मुझे तुझसे दूर रख सकती है क्या “
भाभी के चेहरे पर एक मुस्कान आ गयी थी , लेकिन ये मुस्कान मुझे डरा गयी
“आप ऐसा कुछ नहीं करोगी जिससे आप कानून के नजरो में और गुनहगार हो जाओ “
मुझे लगा की भाभी कोई खुरापात तो नहीं करने वाली है , लेकिन भाभी बस हंस पड़ी
“फ़िक्र मत कर मैं कुछ नहीं करने वाली लेकिन कुछ ऐसा जरूर होने वाला है की मैं बेगुनाह साबित हो जाउंगी ,”
भाभी ने इतने कॉन्फिडेंस के साथ कहा था की मैं भी चौक गया ..
उन्होंने बस मेरे बालो में हाथ फेरा
“मेरा बीटा कैसा है , नेहा ख्याल तो रख रही है न “
उन्होंने बात को hi बदल दिया था , मैं उनकी बात सुनकर थोड़ा मुस्कुराया
“मुझे तो अभी भी यकीं नहीं हो रहा है की नेहा आखिर मान कैसे गयी “
भाभी हंस पड़ी थी
“अरे बीटा ये लड़किया थोड़ी अजीब होती है , प्यार के लिए कुछ भी कर जाती है , तेरे ऊपर हमले के बाद मैं तो खुद पर आप hi खो बैठी थी ,उसके बाद मैंने जो किया वो तो तुझे पता hi है , लेकिन तेरे उस हालत को देखकर शायद नेहा का दिल पिघल गया हो , और शायद बाद में उसे अक्की या अज्जू ने कुछ समझाया हो .. हमारे रिश्ते को समाज कभी मंजूर नहीं कर सकता , लेकिन अगर हमारे अपने इसे मंजूर कर ले तो हमें और क्या चाहिए, नेहा ने हमारे इस रिश्ते को मंजूरी दे दी और मुझे किसी की मंजूरी नहीं चाहिए “
भाभी मेरे आँखों में देख रही थी उनकी आँखों में एक चमक थी , हमारी आंखे बस थोड़ी देर तक के लिए मिली रही और फिर हमारे होठ फिर से मिल गए ………..
भाभी से मिलने के बाद पूर्वी ने मुझे बताया की भाभी के खिलाफ गवाही देने वाली कोई और नहीं बल्कि सम्पत की gf/rakhail रानी है , मुझे मन किया की मैं रानी से भी मिल लू लेकिन अभी मेरी hi हालत ऐसी नहीं थी , फिर भी मैंने पूर्वी से रिक्वेस्ट किया
“क्या तुम मुझे रानी के पास ले जा सकती हो “
“उस हादसे के बाद से उसका भी कोई पता नहीं है की वो कहा रहती है ,शायद सुरक्षा करने से कही छिप गयी है “
“लेकिन रानी को किस्से खतरा है “
“ी don’t क्नोव , क्या तुम आरती के वकील से मिलना चाहोगे “
मैंने है में सर हिला दिया ………
उसके बाद हम भाभी के वकील से मिले , अच्छा वकील था उसने बताया की रानी के अलावा बल्कि लोगो की गवाही में कोई डैम नहीं है , फॉरेंसिक टेस्ट वगैरह से भाभी के वंहा होने की तो पुस्टि होती है लेकिन ये प्रूफ नहीं किया जा सकता की भाभी ने hi खून किये है , क्योकि उनके अलावा भी बहुत से लोग वंहा थे …
हॉस्पिटल जाने के बाद मैंने नेहा से रिक्वेस्ट किया की वो एक बार मुझे फिर से हवेली ले चले मैं रानी एक बार मिलना चाहता था ……..
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हवेली की हालत किसी मरघट के जैसी थी पूरी तरह से सुना पड़ा था , नेहा और मेरे साथ अक्की अज्जू मोनिका और सस भी साथ थे, कही कोई भी दिखाई नहीं दे रहा था फिर भी हम आगे बड़े तो पता लगा की ये हवेली hi पुलिस ने सील कर राखी है , क्योकि जीवा और सम्पत को यही मारा गया था ..
रानी का वंहा तो कोई भी पता नहीं चला …….
दो तीन दिनों के बाद hi मुझे भी हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गयी थी .
मैं और नेहा , कोमल और भुआवन के साथ डॉ. के दूसरे घर में hi रुके हुए थे , नेहा की माँ महिमा भी कभी कभी वंहा आती लेकिन मुझसे सीधे मुँह बात भी नहीं करती थी , वो नहीं चाहती थी की मेरे और नेहा के बिच कुछ रहे , लेकिन नेहा की जिद थी की वो शादी करेगी तो मेरे साथ … महिमा अपनी बेटी को तो नहीं छोड़ सकती थी लेकिन मुझे अपना भी नहीं प् रही थी वजह भी साफ hi थी , और वजह थी भाभी ……..
अभी रत का समय था सभी लोग डिनर टेबल पर बैठे हुए थे , नेहा और कोमल खाना परोक्ष रहे थे , तभी मेरे फ़ोन की घंटी बजी ..
देखा तो अज्जू का फ़ोन था
“अबे जल्दी टीवी ों करके *** न्यूज़ चैनल देख “
वो बड़े hi उत्तेजना के साथ बोल रहा था
“क्यों क्या हुआ ??”
“अबे देख तो सही ..”
मैंने भी तुरंत hi न्यूज़ चैनल खोला …
एक सनसनीखेज खबर
‘स्टेट मिनिस्टर दया संकर तिवारी और उनके बेटे सागेर तिवारी का बेरहमी से क़त्ल करने के बाद शिवा नाम से क़त्ल करने वाली महिला ने आत्मसमर्पण किया ..
पहले इसी महिला के बयां पर आरती नाम की महिला को शिवा समझकर गिरफ्तार किया जा चूका है , और उससे पहले शिवा के नाम पर एक चंचल नाम की महिला को भी गिरफ्तार किया जा चूका है ..
लेकिन पहले के दोनों केस में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था लेकिन इस बार इस महिला ने खुद hi आत्मसमर्पण किया है , महिला की पहचान जीवा और सम्पत के साथ हवेली में hi रहने वाली रानी के रूप में की गयी है ……”
हम सभी के होश उड़े हुए थे , आखिर ये हो क्या रहा था, चैनल में रानी की फोटो चलने लगी …
“ये.. ये रानी है “
नेहा ने मुझे देखते हुए कहा उसकी आवाज उखड़ी हुई थी ..
“है क्यों ..??”
“ये तो ……..”
नेहा गहरे सोच में डूब गयी थी
“या ये तो वही है , है है वही है “
“कोण “ हम सबने लगभग एक साथ कहा
“वही जिसे तिवारी ने करीम कोई मेरी माँ के बदले सौपा था “
हमें नहीं पता था की नेहा क्या बोल रही है , लेकिन फिर नेहा जैसे जैसे अपने बचपन में बाईट उस हादसे के बारे में बताते गयी हम सब के होश hi उड़ गए ……