अडुल्टेरी भाभी माँ (कम्प्लेटेड) - Page 67 - SexBaba
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अडुल्टेरी भाभी माँ (कम्प्लेटेड)

डॉ. जी आपकी दूसरी स्टोरीज की तरह ये उतनी दमदार नहीं थी लेकिन डायरेक्टर की हर फिल्म हिट नहीं होती सो don't वोर्री. इस कहानी में सोनू और भाभी का part hi हर part से बेहतर रहा यानि सेडक्टिव और उनकी आपस की bate.baki जो बी था स्टोरी लाइन बढ़ाने के लिए था सो ok. अब एन्ड में किस का क्या हुआ doesn't मटर. स्टोरी खींचने से अच्छा है किसी नए प्लाट पे आप काम कीजिये नयी स्टोरी लिखिए. बेस्ट ऑफ़ लक. आपने जो एन्ड किया उसे चेंज मत कीजिये
 
थे फर्स्ट थिंग ी दीद नॉट थिंक तहत थे स्टोरी वोउल्ड एन्ड सो सून, बूत नाउ यू हैवे साइड तहत आईटी विल बे बेटर.

माय गेस वास् राइट, रानी वास् टेकिंग हेर रिवेंज. इन today's अपडेट, भाभी रिवील्ड आल थे ट्रुथ. आईटी वास् रानी हु किल्ड थम आल एंड सस वास् आल्सो इन्वोल्वेद, एंड सस फाइनली गोत हेर रिवेंज. Rani's पास्ट इस वैरी पेनफुल.

ओवरआल, ी थिंक थे शामे थिंग हप्पेंस विथ एवरीवन, िफ़ यू दो बाद, सो बाद फॉर यू, िफ़ यू दो गुड, यू विल बे गुड विथ यू.

माय हैरतफेलत विश वास् तहत नेहा एंड सोनू वोउल्ड हैवे बीन मैरिड. रानी है सुफ्रेड ा लोट इन हेर लाइफ, शी शुड बे रेलिएवेद now.We हैवे सीन लव बिटवीन भाभी एंड सोनू बूत ी आल्सो वांट तो सी ा लव सन बिटवीन नेहा एंड सोनू.

थी अरे माय विशेष, व्हेदर यू फुलफिल आईटी और नॉट, ी ऍम हैप्पी. एवरीवन है थेइर ओन मंद. यू अरे राइट इन योर प्लेस, वे अरे राइट इन आवर प्लेस. इन थे एन्ड, ी वोउल्ड लिखे तो से तहत थे स्टोरी वास् वैरी गुड. थैंक यू वैरी मच फॉर राइटिंग सुच ा गुड स्टोरी.

लव, हैट्रेड, रिवेंज, जेएलओसी आल अप्पेअरेड़ इन थिस स्टोरी.


थैंक यू...

???
 
अब इस सूर्य को कम्पलीट सेक्शनमे दाल hi दीजिये और प्लीज रीड माय स्टोरी यदि आपको पसंद आये तो बताइयेगा. साथ hi यदि आपकी एडवाइस हो तो और भी अच्छा मेरी स्टोरी इच्छाधारी देव

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Fantasy - इच्छाधारी देव

Friends Ye Kahaani Poori tarah se kalpanik hai jiska vastavikta se koi sambandh nahi hai. na hi isme likhe gaye kisi bhi patra ka koi astitva hae. ye kahani sirf manoranjan ki drishti se likhi gayi hae is kahani ke dwara kisi bhi jati, dharam, samaj ya vyakti vishesh ka apman karne ka ya unhe...

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वाह बहुत hi खूब डॉ साहब,,,,, :क्लाप्स:

बहुत hi ज़बरदस्त तरीके हम सबका दिमाग घुमाया आपने. भाभी को बचने का बढ़िया तरीका निकला आपने, ये अलग बात है की बाकी कातिलों को बचने के लिए आपने रानी को बलि की बकरी बना दिया. वैसे ये अच्छा hi किया क्यों की उसने बहुत दुःख सही थे इस लिए अब उसे शान्ति और सुकून hi मिलना चाहिए था,,,, :डी

कहानी की एंडिंग ने कहानी को ज़बरदस्त बना दिया. बीच में ऐसा लगा ज़रूर की जैसे कहानी पटरी से नीचे उत्तरी है मगर एंडिंग देख कर ये नहीं कहा जा सकता. यद्दपि थोड़ा बहुत तो सबके साथ हो जाता hai...kabhi खुद की वजह से तो कभी रीडर्स की वजह से. खैर जो भी हो कहानी ज़बरदस्त रही डॉ साहब,,,, :परफेक्ट:

इस एंडिंग के बाद वैसे तो अब कुछ बचा नहीं मगर रीडर्स के मन में पैदा हुयी उत्सुकता को शांत करना भी आपका फ़र्ज़ hi है इस लिए अगर किसी रीडर के ज़हन में कोई सवाल हैं तो उनके आंसर आपको देने hi पड़ेंगे. फिर चाहे जैसे देना पड़े,,,,,, :अप्प्रोवे:
 
या

अब क्या रेबो दूँ.. सब कुछ सस्ते में hi निपटा दिया जो ने :डी....

कहानी like...ek कौवा से दर कर दो कबूतर सहर आके कुछ रंग बदलते गिरगिटों से जा मिले और अपने रंग बदलने लगे ... गिरगिटों ने उन्दोनो के कंधो पे बंदूख रखके ुशी सहर में राज कर रहे गिडारो को मारा.... पर दोनों भूल गए की कबूतर रंग नहीं बदल सकते... इसलिए दोनों कई बार लगातार फंसे इसी चक्कर में....

हम्म्म........

ऐसा कीजिये सोनू की शादी कोमल से करा दीजिये....

अरे वह आकाश बेचारा.... उसको महिमा से इश्क़ करने पर मजबूर कर दियो :lol:

वैसे क्या फर्क पड़ता हैं मैडम से करे या महिमा से :lol:

जस्ट किडिंग यार

स्मिता उर्फ़ सस और अक्कू की जोड़ी बेस्ट रहेगी :डी

फायदे hi फायदे.... ऊपर से प्रॉपर्टी भी मिलेगी सो अलग.... :डी

बाकि जैसा आप चाहे :डी
 
अपडेट 67
दिन गुजरते जा रहे थे इधर भाभी के साथ साथ चंचल भी छूट गयी थी जिसको गांव के लोगो के जुर्म में शिवा के नाम से फंसा दिया गया था , लेकिन न जाने वो फिर गांव नहीं आयी ..

रानी के ऊपर केस चालू था और वकील की सलाह पर उसे मनोरोगी hi साबित करना सही लग रहा था , रानी ऐसे भी एक्टिंग में माहिर थी :lol1:

इधर तिवारी और उसके भाई के जाने के बाद सस ने hi पुरे बिज़नेस की भागदौड़ सम्हाल ली , साथ hi वो खुद भी अब अपने बाप की सीट से चुनाव लड़ रही थी , हम सभी उसके लिए चुनाव प्रचार कर रहे थे ,हमरे बिच अब जिश्मनि रिश्ते ख़त्म हो चुके थे लेकिन हम बहु थी अच्छे दोस्त की तरह जरूर रहते थे , तिवारी के जाने के बाद अब अज्जू के पिता भी अज्जू की मोनिका से शादी को मान चुके थे , अक्की स्नेहा मैडम का फेवरेट स्टूडेंट तो बन गया था लेकिन अभी तक कुछ बोल नहीं पाया था ..

नेहा की माँ महिमा नेहा और मेरे रिश्ते से अब भी खुस नहीं थी और अपने प्रेमी तिवारी की मौत से दुखी होकर वो अब डॉ. चुटिया के आश्रम में चली गयी थी , वो वंहा रह कर क्या कर रही थी ये तो वही जाने :lol1:

वही भाभी अब कोमल और भुवन के साथ गांव के घर में रहना चाहती थी , वो चाहती थी की मैं नेहा के साथ शादी करके शहर में hi राहु , लेकिन मैं उनसे दूर नहीं रहना चाहत था , गांव में मेरा भाई भी पागल हुआ घूम रहा था , भाभी उसे माफ़ कर चुकी थी और वो उसकी देखभाल खुद hi करना चाहती थी , तय ये हुआ की कभी कभी मैं और नेहा गांव जाया करेंगे और कभी कभी भाभी हमारे पास रहने आया करेगी ..

ये एक अंडरस्टैंडिंग थी हम्मे आ गयी थी की नेहा के सामने भाभी के साथ या भाभी के सामने नेहा के साथ किसी प्रकार के जिस्मानी सम्बन्ध नहीं बनाने है , हम सभी जानते थे की हम किस तरह के रिलेशनशिप में है लेकिन फिर भी एक मर्यादा का पर्दा हमने ओढ़ रखा था और शायद ये कही न कही जरुरी भी था ……..

ये अज्जू और मोनिका की शादी की पार्टी थी जंहा हम सभी एक साथ मिले थे , सभी के चेहरे खुश थे , उस शादी में मैंने नेहा और भाभी के साथ पंहुचा था वही अक्की स्नेहा मैडम के साथ और उनकी बेटी के साथ …….

शादी अपने शबाब पर चल रहा था , वही भाभी स्नेहा मैडम के साथ बातो में बिजी थी तो मैं नेहा को लेकर उस होटल की छत पर चला गया , ठंडी हवाएं चल रही थी और नेहा मेरे बहो में थी ..

“बेबी हमारी शादी कब होगी “

नेहा ने मेरे साइन में सर रखते हुए कहा, मैं उसके मासूम चेहरे पर अपनी उंगलिया फेरने लगा

“तुम कहो तो अभी कर लेते है “

“अच्छा तुमने तो अभी तक मुझे शादी के लिए प्रोपोज़ भी नहीं किया है “

“अरे तो ये भी कोई बोलने वाली बात है “

“है बिलकुल , क्या पता की मैं शादी के लिए राजी भी हु की नहीं “

नेहा ने शरारत के साथ कहा

“अच्छा जी आप हमें इंकार करेंगी “ मैंने उसे जोरो से अपनी और खिंच लिया , हमारे होठ मिल चुके थे , थोड़ी देर बाद hi मैं अपने घुटनो में बैठ गया

“ी लव जान क्या तुम मुझसे शादी ….”

मैं इससे जयदा कुछ बोल पता लेकिन नेहा का ध्यान दूसरी तरफ हो चूका था

“ये भाभी के साथ वो ायरत कौन है ??”

ये होटल के बाजु वाली सड़क थी जो हमें छत से दिखाई दे रही थी , भाभी के सामने एक ायरत कड़ी थी और वो ायरत थोड़े गुस्से में भाभी से बात कर रही थी , उसके पास hi स्नेहा मैडम कड़ी थी ..

वो ायरत भी मुझे कुछ पहचानी सी लगी तभी मेरे दिमाग ने क्लिक किया ..

“अरे ये तो स्नेहा मैडम के घर की बाई है “

नेहा मुझसे पहले बोल पड़ी

“है ये तो शोभा है , लेकिन ये यंहा क्या कर रही है ??”

तभी मेरे दिमाग में एक बात आयी और मैं निचे को दौड़ा

“अरे क्या हुआ ??”

नेहा चिल्लाई लेकिन मैंने उसके सवाल का कोई भी जवाब नहीं दिया और तेजी से उतरने लगा , वही नेहा भी मेरे पीछे hi दौड़ी ,मैं निचे गार्डन से भागता हुआ निकला , अक्की ने भी मुझे देख लिया वो भी मेरे पीछे भगा ..

जब मैं उस गली तक पंहुचा तब तक शोभा भाभी के ऊपर गन तने कड़ी थी ..

“मेरा यकीं करो सोभा , कलवा और सम्पत तो मेरे मां थे मैं भला उन्हें क्यों मरूंगी , उन्हें मरने वाली रानी थी जो अब जेल में है “

भाभी उसे समझा रही थी लेकिन शोभा कहा सुनने वाली थी , “kalwa(jiva) hi मेरे जीवन का एक सहारा था लेकिन तुमने मुझसे वो भी छीन लिया, मैं जानती हु की तुमने hi उसे मारा है और फिर रानी को फंसा दिया “

“रानी ने खुद आत्मसमर्पण किया है “

भाभी फिर बोली

“नहीं तुमने उसे फसाया है मेरे कलवा ने तुझे सहारा दिया और तूने “

वो रो पड़ी थी , मुझे दर था शोभा कुछ गलत न कर दे , और उससे भी जयदा दर इस बात का भी था की भाभी अपने रौद्र रूप में ना आ जाये , अगर वो गुस्से में आ गयी तो तबाही मचा देगी …

“देखो शोभा तुम ..” स्नेहा मैडम ने कुछ बोलने का प्रयास किया लेकिन शोभा ने उनकी बात भी बिच में hi काट दी

“आप कुछ नहीं जानती मैडम की मेरा कलवा कितना अच्छा था , दुनिया वाले भले hi उसे कुछ भी कहे लेकिन मैं उसे जानती हु ,वो दुनिया के लिए जीवा था लेकिन मेरे लिए वो हमेशा से मेरा कलवा hi था , मैं इसे नहीं छोडूंगी , मैं अपने कलवा का बदला जरूर लुंगी “

और उसने भाभी को निशाना बना कर गोलिया चला दी

धय धय धाय ……….

3 गोलियों की आवाज से माहौल गूंज उठा

“मैडम “ अक्की चिल्लाया था

स्नेहा मैडम ने भाभी को बचने के लिए उन्हें शोभा के निशाने से हटा दिया लेकिन इससे वो निशाने पर आ गयी थी और गोलिया उनको जा लगी वो जमीं पर सीधे गिर hi जाती की अक्की दौड़ते हुए उन्हें सम्हालता है वही मैं भी तुरंत hi एक्शन मोड में आकर शोभा पर जहपात पड़ा , उसे दबोच कर गन खुद ले ली ..

तब तक वह सिक्योरिटी के कुछ लोग भी आ चुके थे और कुछ पुलिस वाले भी …

***************

कुछ दिनों के बाद

Ajju-Monika ने अपने शादी की सिर्फ दोस्तों के लिए अलग से पार्टी राखी थी , लेकिन उस पार्टी में भाभी को भी शामिल किया गया था ..

सभी दोस्त वंहा मौजूद थे तो मैंने सोच की नेहा को प्रोपोज़ करने का इससे अच्छा मौका क्या मिलेगा …

मैंने माइक उठाया hi था की ..

“भाई सुन न मुझे कुछ बात करनी है “

ये अक्की था

“क्या हुआ यार ??”

उसने मेरे हाथो से माइक छीन ली , वो थोड़ा आगे आया और अपने घुटने के बल बैठ गया , सामने स्नेहा मैडम थी जो की अभी व्हीलचेयर में थी ..

गोलिया लगने के कारण वो कुछ दिन के लिए हॉस्पिटल में थी और अभी अभी hi छूती थी ..

अक्की ने मैडम की आँखों में देखा

“मैंने जब से आपको देखा है तब से मैं आपका दीवाना हो गया हु , मेरे दोस्त कहते थे की ये महज इस उम्र का आकर्षण है प्रेम नहीं , कभी कभी मुझे भी यही लगता था …

अगर ये प्रेम नहीं तो यही सही लेकिन बस आपसे ये कहना चाहता हु की जीवन के हर मोड़ पर मैं बस आपके साथ रहना चाहता हु , इसी आकर्षण के साथ , आपकी हर ख़ुशी में हँसाना और आपके हर दुःख में रोना चाहता हु , इसी आकर्षण के साथ , आपकी हर ख्वाहिशो की अपनी ख्वाहिश मानकर पूरा करना चाहता हु , इसी आकर्षण के साथ … आपको अपना नहीं बनाना चाहता बल्कि आपका हो जाना चाहता हु ……….. इसी आकर्षण के साथ…

विल यू मर्री में ..”

अक्की ने एक अंगूठी उनके सामने कर दी ..

“से यस से यस ..” नेहा मेरे पीछे कड़ी धीरे धीरे बोल रही थी , मैंने देखा की उसकी आँखों में ये सब देखकर आंसू आ गए थे , मैंने देखा की मोनिका , सस ,भाभी और मैडम सभी की आँखों में पानी था ..

मेरे और अज्जू की नज़ारे मिली हमारे होठो में ये सब देखकर मुस्कान आ गयी , हमारा दोस्त जो कभी मैडम को देखकर कुछ बोल भी नहीं पता था आज सीधे मैडम को शादी के लिए प्रोपोज़ कर रहा था ..इतने दिनों में वो मैडम के बहुत करीब जो आ गया था और अक्की को गोली लगने के बाद जैसे मैडम ने उसकी सेवा की थी वैसे hi मैडम को गोली लगने के बाद अक्की ने मैडम और उनकी बच्ची की देखभाल में अपना सुख चैन सब लुटा दिया था …

“यस …” मैडम का बोलना था की तालियों की गूंज और बधाइयों से सारा कमरा गूंज उठा …

मैडम ने अक्की के चेहरे को पकड़ कर पहले उसके माथे को चूमा और दोनों के होठ मिल गए ………

“हाउ रोमांटिक …. काश तुम भी मुझे ऐसे hi प्रोपोज़ करते लेकिन तुम तो …. कुछ आता hi नहीं तुम्हे “

नेहा ने मुँह बनाते हुए कहा

“अरे यार मैं तुम्हे प्रोपोज़ करने hi वाला था लेकिन ये अक्की ने आकर माइक ले ली “

नेहा ने इस बार मुझे गुस्से से देखा

“अब इतना भी झूठ मत बोलै करो .. तुमसे कुछ नहीं हो पायेगा “

वो आगे hi बड़ी थी की मैंने उसे खींच लिया और अपने साइन से लगा लिया …

हमारी आंखे मिल चुकी थी …

वंहा खड़े सभी लोग जो अभी अक्की और मैडम के लिए जश्न मन रहे थे इस अचानक हुए मूवमेंट से थोड़े देर के लिए स्तब्ध हो गए ..

मैंने सीधा नेहा के होठो में अपने होठो को मिला दिया ..

“ोुह्ह्ह “ सभी लोग चिल्ला उठा थे

“विल यू मर्री में “

मैंने जल्बाजी में कहा ..

“ये कोई प्रोपोज़ करने का तरीका है क्या ..” वो मुझसे अलग होकर मुझे मरने लगी वही सभी हंसाने लगे थे

“अरे बताओ तो ..”

“नहीं करती जाओ “

मैंने फिर से उसका हाथ खिंचा

“जान … जान दे दूंगा “

“तो दे दो “

मैंने फिर से उसके होठो को अपने होठो में भर लिया ..

“अरे भाई इतनी hi बेताबी है तो कई कमरे खली है वंहा चले जाओ “

अज्जू ने हमें चिढ़ाते हुए कहा जिसे सुनकर नेहा शर्म से लाल हो गयी …

इस बार मैं अपने घुटनो के बल बैठ गया ..

“मैं तुम्हारी क्या तारीफ करू जान … बस इतना कहूंगा की तुम मेरी जान हो … मुझे जयदा रोमांटिक होना नहीं आता .,..

सीधे सीधे पूंछ रहा हु , दुबारा नहीं पूछूंगा ..

विल यू मर्री में “

मैंने भी अपने जेब से एक अंगूठी निकल कर नेहा के सामने कर दी …

नेहा ने हलके से एक चपत मेरे गलो पर मारी और अंगूठी उठा ली ..

“हम्म्म सूंदर तो है …”

“अरे यार बताओ न ..”

“क्या ??” नेहा ने शरारती अंदाज में कहा

“मुझे जिंदगी भर झेलोगी की नहीं “

नेहा मुस्कुराने लगी

“अब बोल भी दे क्यों मेरे बेटे को तड़फा रही है “ भाभी ने नेहा से कहा

“ठीक है … यस “

नेहा ने भी िताःलाते हुए कह दिया , लेकिन उसके बाद hi हमारे होठ फिर से मिल गए थे ..

“ये हुई न बात …” अज्जू चिलाय और म्यूजिक तेज हो गयी …….

***************

मैंने और अक्की हमने एक hi दिन कोर्ट मैरिज कर ली , कुछ खास दोस्त और मेहमानो के साथ हमने छोटी सी पार्टी भी मिलकर दे दी ..

पार्टी ख़त्म हो चुकी थी सभी लोग अपने अपने घर जा चुके थे …

मैं अपने कमरे की और जा रहा था, आज मेरी नेहा के साथ सुहागरात थी , मैं कमरे में गया तो मैं चौक गया वंहा सुहाग की सेज पर नेहा के साथ भाभी बैठी थी

“बीटा आज से तू नयी जिंदगी की शुरुवात करने जा रहा है”

उन्होंने खड़े होकर मेरे बालो में हाथ फेरा …

“है भाभी …” मैं थोड़ा सा शरमाया था

“नेहा बहुत hi प्यारी है बस उसका ख्याल रखना”

मैंने बस है में सर हिलाया , उनकी आँखों में आंसू थे , उन्होंने अपने आँखों से काजल निकाल कर पहले मेरे माथे पर फिर नेहा के माथे पर लगा दिया …

“तुम दोनों को नयी जिंदगी के लिए बेस्ट ऑफ़ लक “

वो जाने लगी थी की ..

“भाभी …” इस बार नेहा ने भाभी को आवाज दी थी

भाभी भी आश्चर्य से उसे hi देखने लगी

“आप इन्हे इजाजत तो दीजिये “

भाभी फिर से आश्चर्य से नेहा को देखने लगी

“किस बात की “

“अरे अभी तक तो ये बस आपके थे , इन्हे मेरा बनने की इजाजत दे दीजिये वर्ण रत को फिर आपको परेशन करेंगे बोलेंगे की भाभी माँ से इजाजत लेकर आता हु “

नेहा की शरारत भरी बात से जंहा नेहा और भाभी जोरो से हंस पड़ी वही मैं बुरी तरह से झेप गया .. इन दोनों की तो खूब केमिस्ट्री बनाने लगी थी और दोनों मिलकर मेरी hi खिचाई करने लगे थे …..

“जा सोनू जा जी ले अपनी जिंदगी “

भाभी ने बड़े hi फिल्मी अंदाज में कहा वंहा से निकल गयी सभी के होठो में एक मुस्कान आ गयी थी ………..






थे एन्ड
 
हाहाहा यार ये अक्की ने तो पूरी डेरिंग दिखा कर बाज़ी मार ली और मैडम को अपन बना लिया

sonu-neha भी एक हुए भाभी के आशीर्वाद के साथ

डाक्टर साहिब थिस एंड योर प्रीवियस स्टोरी हैवे बीन मेगा लॉन्ग उनलीके योर प्रीवियस स्टोरीज व्हिच वेरे शार्ट तो मध्यम ओनेस बिकॉज़ ऑफ़ थिस चेंज थे रीडर्स कुड नॉट कम्प्रेहेंद तहत यू विल व्रिठे सुच नावेल टाइप लॉन्ग इरोटिक सस्पेंस थ्रिलर्स हंस थे स्टोरीज दीद हैवे सम ऑफ ट्रैक मोमेंट्स फॉर थे रीडर्स व्हिच फॉर में अरे नार्मल फॉर लॉन्ग स्टोरीज

इन शूम ा ग्रेट डेरिंग एटेम्पट एंड अस ा रिजल्ट वे गोत ा ग्रेट एंटरटेनिंग स्टोरी, थैंक्स फॉर योर हार्ड वर्क एंड टोलेरटिंग वरीद कमैंट्स ऑफ़ योर पैशनेट रीडर्स
 
भाई डॉ जी बेहद दिलचस्प आकर्षक इरोटिक व् थ्रिलिंग स्टोरी रही जिस ने हर एक का किसी न किसी तरह से भरपूर मनोरंजन किया और सब पढ़ने वालों ने उतार चढ़ाव के साथ इस कहानी का भरपूर लुत्फ़ भी उठाया

सब से अनूठी बात ये रही की ये कहानी पिछली कहानियों से बिलकुल अलेदा रही और अंत तक कहानी ने सस्पेंस को बनाये रखा और शिवा क़ातिल कोण है ये अंत तक राज़ ही रहा
 
:सुपर्ब: :गुड: :परफेक्ट: अमेजिंग अपडेट है डॉ साहब,

बेहद hi शानदार और लाजवाब एन्ड है भाई,

तो आखिर कर सब को अपना प्यार मिल गया,

अक्की भाई को भी मम मिल गयी,

नेहा और भाभी माँ की भी अच्छी केमिस्ट्री बन गयी,

और फाइनली नेहा और अंकित की शादी हो गयी,

महिमा डॉ के आश्रम में चली गयी,

और सस को तिवारी की कुर्सी मिल गयी,

सब मिलकर परफेक्ट एंडिंग था डॉ साहब,

आपकी नेक्स्ट स्टोरी का बेसब्री से इंतज़ार रहेगा
 
वाह बहुत खूब, अब लगा की स्टोरी की हैप्पी एंडिंग हुयी है,,,,, :क्लाप्स:

बाकी सब तो ठीक ठाक hi नहीं बल्कि बहुत hi बेहतर रहा मगर ये देख कर बहुत hi ज़्यादा अच्छा लगा की आपने आकाश भाई का उद्धार कर hi दिया. ये स्नेहा मैडम के प्यार ने अक्की भाई को पूरा ओपन कर hi दिया,,,,, :हहै:

भाई, जाओ जी लो स्नेहा मैडम के साथ ज़िन्दगी,,,,, :दोस्त:

डॉ साहब बहुत बहुत शुक्रिया इतनी खूसूरत कहानी को लिखने के लिए,,,, :thank_you:
 
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