- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 78,759
अपडेट 56
संजय सर किसी हैं आप. शान ने अपने फ्लैट सी निकलते हुए संजय को देख क्र बोलै.
संजय. ी ऍम गुड. तुम किसी हो.
शान. ी ऍम गुड तू सर. शान फरहान और संजय टीनू एक साथ लिफ्ट में आय.
शान. सर आप क्या करते हैं.
संजय. में एक कंपनी में डायरेक्टर हूँ. तुम्हें शायद इस बारी में अंदाज़ा नहीं हो गए
शान. मुझे भट ाच्य सी अंदाज़ा है सर. मेरी डैड की 12 कम्पनीज हैं सो ी क्नोव अबाउट थी थिंग्स.
संजय. ो हाँ में तो भूल हे गया था. तुम थे ग्रेट जावेद खान क बेटी हो.
लकिन तुम में वो ऐटिटूड नहीं है तुम भट सिंपल रेहटी हो.
शान. सर में समझता हूँ क सब इंसान इक्वल हैं पेसय सी कोई छोटा बारे नहीं हो जाता.
संजय. हाँ इसी लिए तुम गणपत को अपने फ्लैट सी खाना भेजते हो.
शान. अरे सर वो अपनी फॅमिली क साथ तो नहीं रहता न.
तो कभी कभी उसको घर का खाना भेज देता हूँ.
टीनू चलते हुए पार्किंग तक आ गए.
संजय. मुझे तुम्हरी सोच अछि लगी. I'll सी यू इन थे इवनिंग.
शान. सूरे सर.
शान और फरहान यूनिवर्सिटी चली गए.
यूनिवर्सिटी में एक नार्मल दिन क बढ़ दोनो फ्लैट वापस आ गए.
शान अपने कमरे की बालकनी में खरा था क शान की नज़र नीची जा रही एक औरत पैर पररि.
शान ने देखा तो वो औरत सोसाइटी क गेट की तरफ जा रही थी.
शान को उस औरत में अजीब सी अट्रैक्शन नज़र आए.
वो फ्लैट्स सी निकला और उस क पिच्य चला गया.
शान उस का चेहरा देखना छह रहा था.
वो औरत सोसाइटी सी थोड़ा बाहिर एक मार्किट में गयी और कच चीज़ें खरीदने लगी. और शान भी उस को फॉलो करता रहा.
उसको बिलकुल अंदाज़ा नहीं थक कोई उसको फॉलो क्र रहा है.
शान उसका चेहरा देखने क लिए बेचैन हो रहा था.
लकिन देख नहीं पा रहा था.
वो औरत एक शॉप क आएगी खरी हुई.
शान भी उसी शॉप क सामने खरा हो गया.
शान उसको देखना छह रहा था.
शॉपकीपर. हाँ भाई क्या चाहिए...
शान. आप पेहली मैडम को सामान दी दो. में बढ़ में बताता हूँ.
औरत. शान की तरफ मूर्ति...
थैंक यू.......
लकिन शान को उसका थैंक यू सुनाई नहीं दिए.
शान की नज़र उस क चेहरी पैर रुक गयी.
औरत. एक्सक्यूज़ में. में न्य आपको थैंक यू बोलै है.
शान. योर वेलकम....
शान को वो इस वक़्त दुन्या की सब सी सुन्दर औरत लग रही थी.
औरत पहर सी शॉपकीपर की तरफ मुरर गयी और उस से बात करने लगी और शान कच दूर जा क्र खरा हो गया.
जब वो औरत सामान लय क्र वापस निकली तो शान फिर सी उस क पिच्य चल पर्रा.
औरत सोसाइटी क गेट पैर पोहंची
औरत. गणपत काका किसी हैं आप....
गणपत. में ाचा हूँ बीटा. लाओ सामान दो में लय चलता हूँ
औरत. आर्य नहीं में ले जाओं गई.
औरत आगे चली गयी.....
शान गणपत क पास आया.
शान. ये औरत कोण थी जो आप सी बात क्र रही थी.
गणपत. अरे वो सितारा मैडम थी. सामने वाली बिल्डिंग में रहती हैं.
शान. कहाँ....
गणपत. वो जो फ्लैट है न. जिस की बालकनी में चादर लटकी है वो उनका है.
शान. और बताओ न उन क बारी में.
गणपत. आप क्यों पूछ रही हो.
शान. वैसी हे देखना चाहता हूँ क कोण कोण रहता है हमारी सोसाइटी में.
और हाँ आज बिरयानी बनी गई खाना में भेजूं गए आप क लिए.
गणपत. अरे बीटा इसकी क्या ज़रूरत है.
शान. ाचा आप कच बता रही थय.
गणपत. हाँ में कह रहा था क सितारा मैडम अपने पति क साथ रहती है.
भट अछि लड़की है. अभी 1 साल हुआ है शादी हो क्र आई है.
लकिन उसका पति अलोक एक नंबर का हरामी है.
शान. क्या मतलब.
गणपत. पत्नी क सामने तो भट ाचा बनता है. लकिन असल में वो ठीक आदमी नहीं है.
अभी कच दिएर में आ रहा हो गए.
शान. ाचा क्या करता है वो.
गणपत. किसी मार्केटिंग ऑफिस में जॉब करता है.
लो आ भी गया.
सामने सी बाइक पैर एक आदमी आ रहा था.
केसा है गणपत........ आदमी ने आवाज़ दी क्र पूछा.
और निकल गया.
गणपत. एहि है अलोक..... देखा आप ने किसी बात करता है मुझ सी....
शान. ाचा तो ये है....
ठीक है गणपत काका में चलता हूँ. और खाना भेजूं गए खा लेना.
गणपत. ठीक है बीटा.
शान अपने फ्लैट में वापस आया और बालकनी में खरा हो क्र गणपत की बताई हुई बालकनी ढूंढ़ने लगा.
गणपत की बताई बालकनी ढूंढ़ने लगा.
ये बालकनी शान क फ्लैट क सामने थी.
शान का फ्लैट 6तह फ्लोर पैर था और अलोक का फ्लैट 4तह फ्लोर पैर था.
दोनो बिल्डिंग्स एक दूसरी क सामने थीं.
कच दिएर क बढ़ शान ने देखा क अलोक और सितारा हाथ में छै क कप पकड़े बालकनी में आय.
शान उनको देख रहा था लकिन शान का फ्लैट ऊपर होने की वजह सी वो शान को देख नहीं पा रही थय.
शान भट दिएर खरा उनको देखता रहा. और पहर वो अंदर चले गए और शान भी अंदर चला गया.
शाम को शान गणपत क पास गया.
शान. काका जाओ खाना खा लो..
गणपत. अरे बीटा यहाँ हे भिजवा देती रश्मि को दे क्र.
शान. नहीं ठंडा हो जाए गए. आप घर जा क्र गर्म गर्म खा लो.
गणपत. तो गेट कोण देखे गए.
शान. में हूँ न. में गेट पैर रहता हूँ आप जल्दी सी खाना खा क्र आ जाओ.
गणपत. ठीक है बीटा शुकरिअ.
गणपत शान क फ्लैट की तरफ चला गया और शान गेट क साथ बने छोटे सी कमरे में घुस गया.
शान कमरे में चीजिएं ढूंढ़ने लगा और कच डिअर क बढ़ शान को वो मिल गया जो शान ढूंढ रहा था.
ये एक छोटी सी डेरी थी जिस में सब फ्लैट्स क फोन नंबर्स थय.
शान ने उस डेरी में सी अलोक क फ्लैट का फोन नंबर नोट किआ और वापस आ क्र गेट क साथ लगी कुर्सी पैर बेथ गया.
कच दिएर क बढ़ एक कार ने हॉर्न बजाय तो शान ने उठ क्र गेट खोला.
ये संजय की कार थी.
रौशनी. ये शान है न. हमारे सामने वाली फ्लैट में रहता है जो.
संजय. हाँ है तो वोही.
संजय. तुम यहाँ क्या क्र रही हो. और गणपत कहाँ है.
शान. गणपत काका मेरी फ्लैट पैर खाना खा रही हैं और उन की जगह में ड्यूटी क्र रहा हूँ.
संजय मुस्कुरा क्र चला गया.
संजय. इस लड़के को देखो. ंकितय क सब सी अमीर आदमी का बीटा है और एक गार्ड की जगह ड्यूटी क्र रहा है.
रौशनी. इस क माँ बाप ने भट अछि परवरिश की है इसकी.
संजय. हाँ ये तो नज़र आ रहा है.
में सोच रहा था क पता नहीं किसी लड़के हों गए लकिन दोनो लड़के भट ाच्य हैं.
कच दिएर क बढ़ गणपत खाना खा क्र वापस आ गया.
गणपत. भट शुकरिअ बीटा. अब तुम भी जा क्र खाना खा लो.
शान. एक और बात बताइये काका ये अलोक सुबह जॉब पैर किस टाइम निकलता है.
गणपत. जिस टाइम आप जाती हो आप सी कच दिएर क पेहली चला जाता है.
शान. ठीक है काका. में चलता हूँ
शान वापस अपने फ्लैट चला गया.
शान अंदर गया तो किचन में फरहान और रश्मि किसिंग क्र रही थय.
ह्म्मम्म्म्म ह्म्मम्म्म्म शान ने हलकी सी आवाज़ की.
रश्मि डर क्र फ़ौरन फरहान सी अलग हो गयी.
शान मुस्कुरा क्र किचन सी बहार जाती हुए बोलै. खाना लगा दो भूक लगी है.
रश्मि. शान ने देख लिए अब क्या हो गए....
फरहान. तू परेशान मत हो. शान मेरा दोस्त है में उसको समझाऊँ गए. वो किसी को कच नहीं बताए गए.
रश्मि. अगर उस ने कच बोल दिए तो....
फरहान. वो किसी को कच नहीं बताए गए. तू बस कच मत बोलना.
रश्मि. ठीक है.
फरहान भी बहार हॉल में आ गया. उस ने शान को देखा और मुस्कुराया. शान ने फरहान को आँख मरी और दोनो हसने लगी.
कच दिएर क बढ़ रश्मि ने खाना लगा दिए.
फरहान ने शान को इशारा किआ
शान. रश्मि परेशान नहीं होना में किसी को कच नहीं बताओं गए.
और ने तुम सी या फरहान सी कच नहीं पूछूं गए.
रश्मि. ठीक है सब.
रश्मि खाना लगा क्र चली गयी.
शान. तू कच करने वाला था तो मुझे बता देता में थोड़ा दिएर सी आ जाता.
फरहान. चल कोई बात नहीं अगली बार तुझे बता दूँ गए.
संजय सर किसी हैं आप. शान ने अपने फ्लैट सी निकलते हुए संजय को देख क्र बोलै.
संजय. ी ऍम गुड. तुम किसी हो.
शान. ी ऍम गुड तू सर. शान फरहान और संजय टीनू एक साथ लिफ्ट में आय.
शान. सर आप क्या करते हैं.
संजय. में एक कंपनी में डायरेक्टर हूँ. तुम्हें शायद इस बारी में अंदाज़ा नहीं हो गए
शान. मुझे भट ाच्य सी अंदाज़ा है सर. मेरी डैड की 12 कम्पनीज हैं सो ी क्नोव अबाउट थी थिंग्स.
संजय. ो हाँ में तो भूल हे गया था. तुम थे ग्रेट जावेद खान क बेटी हो.
लकिन तुम में वो ऐटिटूड नहीं है तुम भट सिंपल रेहटी हो.
शान. सर में समझता हूँ क सब इंसान इक्वल हैं पेसय सी कोई छोटा बारे नहीं हो जाता.
संजय. हाँ इसी लिए तुम गणपत को अपने फ्लैट सी खाना भेजते हो.
शान. अरे सर वो अपनी फॅमिली क साथ तो नहीं रहता न.
तो कभी कभी उसको घर का खाना भेज देता हूँ.
टीनू चलते हुए पार्किंग तक आ गए.
संजय. मुझे तुम्हरी सोच अछि लगी. I'll सी यू इन थे इवनिंग.
शान. सूरे सर.
शान और फरहान यूनिवर्सिटी चली गए.
यूनिवर्सिटी में एक नार्मल दिन क बढ़ दोनो फ्लैट वापस आ गए.
शान अपने कमरे की बालकनी में खरा था क शान की नज़र नीची जा रही एक औरत पैर पररि.
शान ने देखा तो वो औरत सोसाइटी क गेट की तरफ जा रही थी.
शान को उस औरत में अजीब सी अट्रैक्शन नज़र आए.
वो फ्लैट्स सी निकला और उस क पिच्य चला गया.
शान उस का चेहरा देखना छह रहा था.
वो औरत सोसाइटी सी थोड़ा बाहिर एक मार्किट में गयी और कच चीज़ें खरीदने लगी. और शान भी उस को फॉलो करता रहा.
उसको बिलकुल अंदाज़ा नहीं थक कोई उसको फॉलो क्र रहा है.
शान उसका चेहरा देखने क लिए बेचैन हो रहा था.
लकिन देख नहीं पा रहा था.
वो औरत एक शॉप क आएगी खरी हुई.
शान भी उसी शॉप क सामने खरा हो गया.
शान उसको देखना छह रहा था.
शॉपकीपर. हाँ भाई क्या चाहिए...
शान. आप पेहली मैडम को सामान दी दो. में बढ़ में बताता हूँ.
औरत. शान की तरफ मूर्ति...
थैंक यू.......
लकिन शान को उसका थैंक यू सुनाई नहीं दिए.
शान की नज़र उस क चेहरी पैर रुक गयी.
औरत. एक्सक्यूज़ में. में न्य आपको थैंक यू बोलै है.
शान. योर वेलकम....
शान को वो इस वक़्त दुन्या की सब सी सुन्दर औरत लग रही थी.
औरत पहर सी शॉपकीपर की तरफ मुरर गयी और उस से बात करने लगी और शान कच दूर जा क्र खरा हो गया.
जब वो औरत सामान लय क्र वापस निकली तो शान फिर सी उस क पिच्य चल पर्रा.
औरत सोसाइटी क गेट पैर पोहंची
औरत. गणपत काका किसी हैं आप....
गणपत. में ाचा हूँ बीटा. लाओ सामान दो में लय चलता हूँ
औरत. आर्य नहीं में ले जाओं गई.
औरत आगे चली गयी.....
शान गणपत क पास आया.
शान. ये औरत कोण थी जो आप सी बात क्र रही थी.
गणपत. अरे वो सितारा मैडम थी. सामने वाली बिल्डिंग में रहती हैं.
शान. कहाँ....
गणपत. वो जो फ्लैट है न. जिस की बालकनी में चादर लटकी है वो उनका है.
शान. और बताओ न उन क बारी में.
गणपत. आप क्यों पूछ रही हो.
शान. वैसी हे देखना चाहता हूँ क कोण कोण रहता है हमारी सोसाइटी में.
और हाँ आज बिरयानी बनी गई खाना में भेजूं गए आप क लिए.
गणपत. अरे बीटा इसकी क्या ज़रूरत है.
शान. ाचा आप कच बता रही थय.
गणपत. हाँ में कह रहा था क सितारा मैडम अपने पति क साथ रहती है.
भट अछि लड़की है. अभी 1 साल हुआ है शादी हो क्र आई है.
लकिन उसका पति अलोक एक नंबर का हरामी है.
शान. क्या मतलब.
गणपत. पत्नी क सामने तो भट ाचा बनता है. लकिन असल में वो ठीक आदमी नहीं है.
अभी कच दिएर में आ रहा हो गए.
शान. ाचा क्या करता है वो.
गणपत. किसी मार्केटिंग ऑफिस में जॉब करता है.
लो आ भी गया.
सामने सी बाइक पैर एक आदमी आ रहा था.
केसा है गणपत........ आदमी ने आवाज़ दी क्र पूछा.
और निकल गया.
गणपत. एहि है अलोक..... देखा आप ने किसी बात करता है मुझ सी....
शान. ाचा तो ये है....
ठीक है गणपत काका में चलता हूँ. और खाना भेजूं गए खा लेना.
गणपत. ठीक है बीटा.
शान अपने फ्लैट में वापस आया और बालकनी में खरा हो क्र गणपत की बताई हुई बालकनी ढूंढ़ने लगा.
गणपत की बताई बालकनी ढूंढ़ने लगा.
ये बालकनी शान क फ्लैट क सामने थी.
शान का फ्लैट 6तह फ्लोर पैर था और अलोक का फ्लैट 4तह फ्लोर पैर था.
दोनो बिल्डिंग्स एक दूसरी क सामने थीं.
कच दिएर क बढ़ शान ने देखा क अलोक और सितारा हाथ में छै क कप पकड़े बालकनी में आय.
शान उनको देख रहा था लकिन शान का फ्लैट ऊपर होने की वजह सी वो शान को देख नहीं पा रही थय.
शान भट दिएर खरा उनको देखता रहा. और पहर वो अंदर चले गए और शान भी अंदर चला गया.
शाम को शान गणपत क पास गया.
शान. काका जाओ खाना खा लो..
गणपत. अरे बीटा यहाँ हे भिजवा देती रश्मि को दे क्र.
शान. नहीं ठंडा हो जाए गए. आप घर जा क्र गर्म गर्म खा लो.
गणपत. तो गेट कोण देखे गए.
शान. में हूँ न. में गेट पैर रहता हूँ आप जल्दी सी खाना खा क्र आ जाओ.
गणपत. ठीक है बीटा शुकरिअ.
गणपत शान क फ्लैट की तरफ चला गया और शान गेट क साथ बने छोटे सी कमरे में घुस गया.
शान कमरे में चीजिएं ढूंढ़ने लगा और कच डिअर क बढ़ शान को वो मिल गया जो शान ढूंढ रहा था.
ये एक छोटी सी डेरी थी जिस में सब फ्लैट्स क फोन नंबर्स थय.
शान ने उस डेरी में सी अलोक क फ्लैट का फोन नंबर नोट किआ और वापस आ क्र गेट क साथ लगी कुर्सी पैर बेथ गया.
कच दिएर क बढ़ एक कार ने हॉर्न बजाय तो शान ने उठ क्र गेट खोला.
ये संजय की कार थी.
रौशनी. ये शान है न. हमारे सामने वाली फ्लैट में रहता है जो.
संजय. हाँ है तो वोही.
संजय. तुम यहाँ क्या क्र रही हो. और गणपत कहाँ है.
शान. गणपत काका मेरी फ्लैट पैर खाना खा रही हैं और उन की जगह में ड्यूटी क्र रहा हूँ.
संजय मुस्कुरा क्र चला गया.
संजय. इस लड़के को देखो. ंकितय क सब सी अमीर आदमी का बीटा है और एक गार्ड की जगह ड्यूटी क्र रहा है.
रौशनी. इस क माँ बाप ने भट अछि परवरिश की है इसकी.
संजय. हाँ ये तो नज़र आ रहा है.
में सोच रहा था क पता नहीं किसी लड़के हों गए लकिन दोनो लड़के भट ाच्य हैं.
कच दिएर क बढ़ गणपत खाना खा क्र वापस आ गया.
गणपत. भट शुकरिअ बीटा. अब तुम भी जा क्र खाना खा लो.
शान. एक और बात बताइये काका ये अलोक सुबह जॉब पैर किस टाइम निकलता है.
गणपत. जिस टाइम आप जाती हो आप सी कच दिएर क पेहली चला जाता है.
शान. ठीक है काका. में चलता हूँ
शान वापस अपने फ्लैट चला गया.
शान अंदर गया तो किचन में फरहान और रश्मि किसिंग क्र रही थय.
ह्म्मम्म्म्म ह्म्मम्म्म्म शान ने हलकी सी आवाज़ की.
रश्मि डर क्र फ़ौरन फरहान सी अलग हो गयी.
शान मुस्कुरा क्र किचन सी बहार जाती हुए बोलै. खाना लगा दो भूक लगी है.
रश्मि. शान ने देख लिए अब क्या हो गए....
फरहान. तू परेशान मत हो. शान मेरा दोस्त है में उसको समझाऊँ गए. वो किसी को कच नहीं बताए गए.
रश्मि. अगर उस ने कच बोल दिए तो....
फरहान. वो किसी को कच नहीं बताए गए. तू बस कच मत बोलना.
रश्मि. ठीक है.
फरहान भी बहार हॉल में आ गया. उस ने शान को देखा और मुस्कुराया. शान ने फरहान को आँख मरी और दोनो हसने लगी.
कच दिएर क बढ़ रश्मि ने खाना लगा दिए.
फरहान ने शान को इशारा किआ
शान. रश्मि परेशान नहीं होना में किसी को कच नहीं बताओं गए.
और ने तुम सी या फरहान सी कच नहीं पूछूं गए.
रश्मि. ठीक है सब.
रश्मि खाना लगा क्र चली गयी.
शान. तू कच करने वाला था तो मुझे बता देता में थोड़ा दिएर सी आ जाता.
फरहान. चल कोई बात नहीं अगली बार तुझे बता दूँ गए.





































































