इन्सेस्ट आखिर क्यों? फ्रॉम हैट्रेड तो लव (कम्प्लेटेड) - Page 18 - SexBaba
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इन्सेस्ट आखिर क्यों? फ्रॉम हैट्रेड तो लव (कम्प्लेटेड)

अपडेट - 97

अब तक...

अंशु : वो आपको समय आने पर पता चल जाएगा. पहले प्रॉमिस में ओने थिंग.

ख़ुशी : क्या???

अंशु : ये की आप सभी ये प्रॉमिस करती हो की आप भाई से प्यार करती हो और मेरे प्लान में आपसे जो भी बन्न पड़ेगा वो आप करोगी ताकि एन्ड में सभी को भाई के साथ रहने का मौका मिल सके.

सभी ने सोचने के बाद अंत में अंशु को प्रॉमिस दे hi दिया.

अंशु : ऑलराइट! प्लान बेगिंस फ्रॉम टुमारो!!


अब आगे...



अगली सुबह हुई, राहुल के घर में काफी चहल पहल थी. अब इतनी सुन्दर सुन्दर लड़किया एक hi छत के नीचे रहेंगी तोह चहल पहल होना तोह लाज़मी hi है. कल अंशु की बात से नेहा, ख़ुशी, वंशु सबसे ज़्यादा हर्ट हुई थी ये जान के की राहुल की और भी लवर्स है.

नेहा और वंशु तोह थी hi पोस्सेस्सिवे राहुल को लेकर. उनके हिसाब से राहुल केवल उनके hi साथ रहना चाहिए, बाकियो के साथ नहीं. राहुल को किसी और के साथ देखते hi दोनों को न जाने अंदर क्या फील होने लगता था, एकदम जल भून जाती थी ये दोनों. नेहा ये जान के शॉकेड थी की उसकी साड़ी बहने भी राहुल से प्यार करती है. इसका मतलब उन् सब का प्यार पहले से चलता आ रहा था.

यानी की नेहा की जब राहुल से बात चीत बंद थी, लड़ाई के चलते तब से hi राहुल का अफेयर बाकी बहनो से चल रहा था. ये जान ने के बाद नेहा और भी ज़्यादा हर्ट फील कर रही थी. काश उसकी और राहुल की लड़ाई बीच में न आयी होती तोह वो तोह बचपन में hi राहुल को अपना बना लेती और आज ये स्थिति hi न उत्पन्न हुई होती.

नेहा सबसे ज़्यादा इस बात को हज़म नहीं कर पा रही थी की ये बीच में ख़ुशी कोण है और कहा से आ गयी? ख़ुशी और प्रीती उसके लिए जैसे रास्ते में पड़े काटो की तरह थी.

बाकी सभी तोह उसकी बहने hi थी तोह नेहा वो जैसे तैसे मैनेज कर लेती, रही बात ऋचा दीदी की तोह नेहा शुरू से hi ऋचा को जानती थी, और उससे पता भी था की भाई का ऋचा दीदी के साथ पहले से hi सम्बन्ध है तोह उससे ऋचा से भी कोई प्रॉब्लम नहीं थी. तनीषा से भी उससे प्रॉब्लम नहीं थी, क्युकी तनीषा की इमेज नेहा के मैं में बदल चुकी थी उस दिन से जब से उससे साड़ी सच्चाई पता चली थी. मोनिका को भी नेहा जैसे तैसे एक्सेप्ट कर hi लेती, हॉस्पिटल में उसने देख hi लिया था की राहुल मोनिका की कितनी फिक्र करता है और मोनिका ने तोह उससे लकी के चंगुल से बचाया भी था. तोह मोनिका से भी नेहा का रिलेशन अब काफी अच्छा हो गया था. पर बात थी ये नयी नवेली ख़ुशी और प्रीती की...

नेहा उन्हें बिना जानते हुए कैसे एक्सेप्ट कर सकती है?? "भाई!!! तुमने सारे अफेयर्स मुझसे छिपा के रखे... तुम्हारी खबर लेनी पड़ेगी. सही समय आने पर बताती हु में तुमको हम्फ!!!" नेहा ने मैं में hi ठान लिया की राहुल से अकेले में वो ये बात ज़रूर छेड़ेगी.

राहुल सबकी दिन भर की पंचायत से बचने के लिए, सभी को शॉपिंग पर भेज दिया और वो खुद आज आराम से घर पर बैठ के आगे के बारे में कुछ सोचना चाहता था. सौरभ ने उससे खूब सुनाई जब उससे पता चला की राहुल को चोट लगी थी और राहुल ने कोई खबर भी नहीं दी थी. वो तोह अच्छा हुआ ऋचा ने सब कुछ बता दिया था, सौरभ भी नई ज़ीलैण्ड जाके राहुल से मिलने जाने वाला था पर ऋचा ने मन कर दिया था. ये कहकर की कंपनी को उसकी अभी ज़रुरत है.

आज राहुल अपने रूम में hi लेता हुआ था की इतने में hi उसके रूम का दरवाज़ा खुला और कोई अंदर आया,

"अंशु???", राहुल ने दरवाज़े की और देखा तोह उससे थोड़ा आश्चर्य हुआ. सभी को तोह उसने शॉपिंग पर भेजा था फिर अंशु यहाँ?

अंशु : भाई!!! अरे यू फ्री??

राहुल : हां में तोह फ्री hi हु पर तुम यहाँ? शॉपिंग पर नहीं गयी??

अंशु : नहीं भाई! यदि आप फ्री हो तोह क्या में अंदर आ जाऊ??

राहुल : हां... क्यों नहीं??

अंदर आते hi अंशु ने सबसे पहले दरवाज़े को अंदर से लॉक किया और धीरे कदमो के साथ वो राहुल के नज़दीक आयी.

इस वक़्त उसने एक वाइट टॉप और शॉर्ट्स पहने हुए थे. टॉप के अंदर उसने कोई भी ब्रा नहीं पहनी हुई थी जिसके चलते उसके निप्पल टॉप के बाहर से hi हलकी आकृति का प्रदर्शन दे रहे थे.

राहुल की नज़र एक बार उन् मनमोहक उरोजों पर गयी पर अगले hi पल उसने नज़रे हटा ली और अंशु के चेहरे को देखने लगा.

अंशु राहुल के समीप आयी और बीएड पर hi उस से सत् के बगल में बैठ गयी,

राहुल : क्या हुआ?

अंशु : आपसे बात करनी है बस.

राहुल : हां! कहो न...

जवाब में अंशु ने कुछ नहीं कहा बस अपने बालो के साथ खेलने लगी, ऊँगली में बालो को फसाती और उन्हें घुमाने लगती.

राहुल : बोल न!!

अंशु ने राहुल के चेहरे को देखा और फिर मुस्कुराते हुए बड़े hi मोहक अंदाज़ में कहा,

"ी क्नोव योर प्लान"

राहुल : हँ???

कन्फूसिओं राहुल के चेहरे पर साफ़ झलक रहा था. किस प्लान की बात कर रही थी अंशु?

राहुल : व्हाट प्लान??

उसके रिप्लाई के बाद अंशु फिर से खिल खिलाते हुए हस्सी और उसकी तरफ झुकी. झुकने से राहुल बीएड पे टिक गया और ठीक उसके ऊपर अंशु थी. अंशु राहुल के कान के समीप आयी और बोली,

"आप.... हम सब.... श्री लंका"

इतना कहते hi वो पीछे हट गयी और फिरसे राहुल को मोहक अंदाज़ में नशीली आँखों से देखने लगी.

राहुल अभी साड़ी चीज़ प्रोसेस hi कर रहा था पर जैसे hi उससे समझ में आया तोह उसकी आँखें फेल गयी, वो स्तब्ध होक बस अंशु को hi देख रहा था.

उसका शॉकेड एक्सप्रेशन देख के अंशु एक बार फिरसे जोरर से हस्सन लगी,

राहुल (शॉकेड) : अंशु....!???

अंशु (सडक्टिवेली) : यस भाई! ी क्नोव एवरीथिंग...

राहुल बस अंशु के चेहरे को देखता जाता है, तभी उससे कुछ पुरानी बातें याद आती है और उससे और भी कई बड़े झटके लगते है. आँखों में आश्चर्यता साफ़ दिख रही थी.

"सो.... शी वास् थे ओने???" मैं में राहुल ने खुद से कहा...

राहुल : अंशु??

अंशु : हां भाई!!

राहुल : तोह... तुम्ही थी न वो जिसने तानिया को बेहला कर मुझसे सच जान ने के लिए कहा था??

अंशु : *स्माइल्स*

राहुल : तुम्ही ने तानिया के साथ मिलकर प्लान बना के गुड़िया को सच बताया था??

अंशु : *स्माइल्स*

राहुल (गहरी सास लेते हुए) : मेरी बहिन तोह कुछ ज़्यादा hi होशियार निकली... और मेरे प्लान की क्या बात कर रही थी???

अंशु : आपको पता है भाई में क्या बात कर रही थी.

राहुल : हां लेकिन फिर भी... ी वांट तो हेअर फ्रॉम यू.

अंशु : ok तोह ठीक है... *स्माइल्स* आपने जान बूझ के श्री लंका में अपनी ब्रांच खुलवाई है न?? इसका कारण बिज़नेस से नहीं था बल्कि पर्सनल लाइफ के प्रॉफिट से था. क्यों? है न?

राहुल : .....

अंशु : आपने अपनी ब्रांच वह इस लिए खुलवाई बिकॉज़... श्री लंका में पॉलीगम्य अल्लोवेद है.

लगा भाई लगा, 440 वाल्ट का झटका लगा. राहुल जो सोच रहा था वही हो गया. अंशु कनौस. शी कनौस एवरीथिंग.

अंशु : मान न पड़ेगा भाई!! आप कितने आगे की सोच कर चल रहे थे. आपको पता था की आप इंडिया में रहकर एक से ज़्यादा वाइफ नहीं रख सकते, क्युकी आप आलरेडी एक जानी मानी कंपनी के मालिक हो और आप सुर्खियों में रहोगे hi. ऐसे में इतना बड़ा रिस्क तोह आप ले hi नहीं सकते और इसलिए... आपने श्री लंका चूसे किया. क्युकी वह पॉलीगम्य अल्लोवेद है. आप एक से ज़्यादा बीविया रख सकते हो. श्री लंका की सिटीजनशिप लेने के बाद आप इंडिया तो श्री लंका और श्री लंका तो इंडिया आराम से ट्रेवल कर सकते हो और एक से ज़्यादा वाइफ भी रख सकते हो. क्यों है न? क्या मेने कुछ गलत कहा भाई??

राहुल की तोह मानो जैसे बोलती hi बंद हो गयी थी. यहाँ वो सोच रहा था की वो अकेले hi सब आगे के लिए प्लान करते जा रहा है पर पीछे से अंशु जैसे उसके सारे प्लान्स पर से पर्दा उठाती जा रही थी. हमेशा राहुल hi था जो दुसरो के लिए रहस्यमयी रहता था पर आज उससे ऐसा लगा जैसे उस से कही गुना अंशु रहस्यमयी थी.

राहुल (हकलाते हुए) : an..anshu?? तुझे ये सब??

अंशु : में जब भी जिस से भी मिलती हु न भाई, हमेशा उनमे यही ढूंढ़ती हु की क्या वो मेरे भाई को जानते है? यदि हां, तोह में उनसे ढेर्रो सवाल करके आपके बारे में साड़ी इनफार्मेशन लेती हु ताकि आपकी कोई भी बात मुझसे छूट न पाए. ऋचा दीदी से पता चला मुझे की आपने श्री लंका में ब्रांच खुलवाई है, फिर मेने सौरभ भैया से बात करि तोह उन्होंने बताया था की वो काफी कन्फ्यूज्ड थे आपके इस डिसिशन पर... सो ी गूगलेड अबाउट श्री लंका. श्री लंका की साड़ी विकिपीडिया पढ़ डाली मेने. और मुझे फाइनली अपना पॉइंट मिल गया... सो... यू चोसे आईटी बिकॉज़ ऑफ़ थे पॉलीगम्य राइट???

राहुल : ........

अंशु : don't वोर्री भाई! आपको इसमें दररने की कोई ज़रुरत नहीं है.

राहुल (गहरी सास लेते हुए) : तूने... ये सब... ी मैं... किया क्यों??

उसके इतना कहते hi अगले hi पल अंशु धक्का देके राहुल को बीएड पर गिरा देती है और उसके ऊपर चढ़ जाती है. उसकी ज़ुल्फ़े राहुल के चेहरे के इर्द गिर्द बिखरी हुई थी. राहुल का व्यू उन् ज़ुल्फो से धक् चूका था. उसके सामने था तोह केवल अंशु का चेहरा.

राहुल जहा अंशु की इस हरकत से ताजुब तोह था hi पर उस से भी ज़्यादा हैरानी उससे इस बात की थी की अभी अंशु की पलके भीगी हुई थी. वो रो रही थी??? क्यों??!

राहुल : अंशु...???

अंशु (क्रिस) : यू वांटेड तो क्नोव व्हाई ी दीद आल थिस?! It's... It's बिकॉज़ ऑफ़ यू!!!

राहुल : ???????

अंशु : ी दीद एवरीथिंग... जस्ट तो गेट क्लोज़र तो यू. में आपके क़रीब आना चाहती थी... आपको क्या लगता है?? इतनी साड़ी लड़कियों को आपके क़रीब देख कर क्या मुझे अच्छा लगता है?? न्यूऊऊओ....!! इवन ी फील पैन.... ी फील हर्ट...... आईटी फूकिंग हुर्ट्स....... ी ऑलवेज वांटेड तो बे क्लोज़र तो यू...

राहुल : ......

अंशु : आपसे जब मेरी बात दुबारा होना शुरू हुई थी. यू क्नोव कितना खुश थी में? ी फेल इन लव विथ यू तहत डे... जिस दिन आपने ज़ू में मंकी से बचा के मुझे अपनी बाहो में लिया था. आईटी फेल्ट सो गुड... यू स्टार्टेड कालिंग में गुड़िया. मुझे लगता था जैसे आप भी मुझे नेहा की तरह प्यार करते है क्युकी एक में hi तोह हु आपकी छोटी बहिन नेहु के अलावा बूत... नेहु की आपसे बात जैसे hi शुरू हुई, आपने... आपने मुझे गुड़िया कहना बंद hi कर दिया... मुझे ऐसा लगा... जैसे... जैसे किसी ने मेरे दिल से एक टुकड़ा निकाल लिया हो. आप शुरू से hi हमेशा मुझे किश करने से कतराते थे, इवन थौघ आप वंशु दी के साथ सब कुछ आसानी से कर लेते थे. हमारे बीच सेक्स भी हुआ... बूत मुझे पता था समथिंग वास् मिसिंग... आप मुझे नार्मल बहिन की तरह hi ट्रीट कर रहे थे. हालात ऐसे थे की यदि में कोई मूव नहीं करती तोह शायद आप कभी भी खुद से आगे बढ़कर मेरे साथ कुछ भी नहीं करते..

राहुल : ......

अंशु (क्रिस) : that's व्हाई... That's व्हाई मेने आपके लिए सभी को एक किया, ी सॉर्टेड योर प्रॉब्लम विथ नेहा, ये सोचके की आपको ख़ुशी होएगी, मेने सभी को आपके क़रीब लाया ये सोचके की अब आपके पास मुझे दूर करने का बहाना hi नहीं बचेगा. किस लड़की को अच्छा लगेगा अपने प्यार को बाकी लड़कियों के साथ देख कर?? बूत मेने ये क़ुरबानी दी... बिकॉज़ ी कनेव... ी कनेव... की आपके पास आने के लिए मुझे सबको आपके पास लाना पड़ेगा. तब आपके पास मुझे अपनाने के अलावा और कोई ऑप्शन hi नहीं बचेगा. शुरू से hi मेने... सब कुछ... आपके क़रीब आने के लिए किया. इस होप में की I'll गेट तो क्नोव यू बेटर, में hi आपके दिल में ऐसी रहूंगी जो आपको सब से अच्छी तरह जानती है...

राहुल : ..........

अंशु (सबस) : नई ज़ीलैण्ड में... यू किस्ड ऋचा दी... मोनिका डीई... नेहु... बूत नॉट में. यू क्नोव?? ी वास् वेटिंग फॉर योर किश. में आपको करना चाहती थी बूत मुझे डर था की आप कही बुरा न मान जाओ क्युकी सभी वह मौजूद थे. बूत ी हद ा होप. शायद! शायद आप मुझे अपने क़रीब बुला के किश करो... बूत यू didn't... जस्ट लिखे बिफोर... आप मुझे अपने से दूर hi रखे... आईटी हुर्ट्स...

राहुल : अंशु...

अंशु (क्रिस) : आईटी हुर्ट्स सो मच भाई... ी दीद एवरीथिंग... जितना हो सकता था मेने किया... थिंकिंग तहत It'll मेक यू हैप्पी... आपका खुश होता हुआ चेहरा देख के... मुझे ख़ुशी होती है... आपकी स्माइल देख के मेरा दिल खुश होता है... जब जब आपको दुःख में देखती हु, जब जब आपको साड़ी ज़िम्मेदारी अकेले लिए देखती हु, जब जब आपको साड़ी समस्याओ से अकेले लड़ते देखती हु... मुझे... मेरे दिल दुखता है... रोटा है वो...

आँखों से एक अश्रु बह के राहुल के चेहरे पर गिरता है तोह अगले hi पल राहुल अंशु को खींच के अपनी बाहो में भींच लेता है,

राहुल : बस!!! बस मेरी गुड़िया... ी वास् रॉंग ी क्नोव... मेने गलती की है. मुझे माफ़ करदे मेरी गुड़िया... तू मेरे लिए पीठ पीछे मेरी कितनी समस्याओ से लड़ती रही और उन्हें मेरे लिए सुलझाती रही. मुझे पता hi नहीं चलने दिया तूने... और में तुझे अपने से दूर रखता रहा. ऐसा इसलिए अंशु क्युकी,

में डरता था... ी थॉट... ये सब ज़्यादा हो रहा है...

अंशु (क्रिस) : क्यों?? आपको मेरे लिए hi क्यों ज़्यादा लगा? और भी तोह लड़किया है न? उन्हें क्यों दूर नहीं किया आपने?

राहुल : क्युकी तुम वंशु दी के घर से हो गुड़िया. वंशु दी आलरेडी मेरे साथ फिजिकली एक्टिव थी. ऐसे में में यदि तुम्हारे साथ भी... That's व्हाई... और रही बात किश करने की तोह....

अंशु : ??????

राहुल : मेरी हिम्मत नहीं होती थी...

अंशु (सुरप्रीसेड) : हँ???

राहुल : बिकॉज़... यू वेरे तू ब्यूटीफुल. तू ब्यूटीफुल तो हैंडल... में नहीं चाहता था की में कण्ट्रोल खो बैठु

अंशु (ब्लश) : हँ???

राहुल (स्माइल्स) : I'm सॉरी!! गुड़िया...

अगले hi पल अंशु की आँखों में आसुओ का रुका हुआ बाँध खुल जाता है और वो मोठे मोठे ासु बहाते हुए रोने लगती है.

अंशु (क्रिस) : भैयाआआ.....

राहुल के सीने में मुँह छिपाते हुए अपना चेहरा उसके सीने से रगड़ने लगती है,

"ी लव यू ? ी लव यू... ी लव यू सू मुछ्ह"

राहुल (स्माइल्स) : ी लव यू तू...

अंशु : प्रॉमिस में... आप मुझे कभी भी अब अपने से दूर नहीं करोगे...

राहुल : नेवर... ी प्रॉमिस!!

अंशु (ब्लश) : किश में!!

राहुल बिना कुछ बोले hi अगले पल अंशु के होंठ अपने होंठो में भर लेता है. होंठो की वो भीनी भीनी अंगूरों वाली खुशबू और उनका रस, राहुल उनमे मानो खो सा गया.

किश लम्बी यही चलती रही, दोनों hi जी भर के एक दूसरे के आलिंगन में एक दूसरे के होंठो का रस पी रहे थे, एक दूसरे की थूक का स्वाद ले रहे थे.

और कब उन् दोनों के बदन से कपडे निकल गए दोनों को hi इस बात का पता नहीं चला. दोनों नग्न हालत में एक दूसरे को बाहो में लेकर बिस्तर में किश कर रहे थे.

राहुल अंशु के सुडोल दूध को हाथो में लेता और उन्हें कस के निचोड़ देता, सिसकियों से अंशु उसके हर्र प्रहार का स्वागत करती और उससे बस चूमती जाती. आज वो बेहद खुश थी

अगले hi पल अंशु ने राहुल का लिंग अपने हाथो में लिया और उससे जी भर के चूसना और चाटना शुरू कर दिया. किसी लोल्लिपोप की तरह वो राहुल का लिंग चूस रही थी.

राहुल (मोअन्स) : ohhhh....anshu...

और जैसे hi राहुल स्खलित होने के नज़दीक पहुचा अंशु ने अपना मुँह लिंग से हटा लिया.

उसने अपने परर म शेप में किये और राहुल को देखते हुए अपनी बाहे खोल दी और उससे खुदको भोगने का निमंत्रण देने लगी,

अंशु : आओ भाई!! भोग लो अपनी इस ना चीज़ को...

उसकी इस बात से राहुल के लिंग ने एक ज़ोरदार झटका मार दिया,

राहुल : तुम कोई ना चीज़ नहीं हो गुड़िया. तुम तोह मेरी प्यारी गुड़िया हो. मेरी प्यारी अंशु.

अंशु (सबस) : भैया....

और अगले hi पल राहुल अंशु की योनि में अपना हथियार दाल देता है, जिसके बदले में अंशु एक ज़ोरदार सिसकी भर्ती है, कुछ hi देरर बाद राहुल तेज़्ज़ धक्के मारने लगता है और कमरे में सिर्फ *फट फट फट* की आवाज़ें और अंशु की सिसकियों की आवाज़ें गूंजने लगती है.

अंशु : ummmmm....aaahhhhhh....bhaiyaaaaaaumm

जब राहुल स्खलित होने की कगार पर आता है तोह अंशु अपने परर उसकी कमर में कस के बाँध लेती है और नतीजा राहुल अंशु की छूट में ज़ोरदार पिचकारी चोरर के झरर जाता है.

कुछ देरर यही एक दूसरे की बाहो में लिपटे हुए राहुल अंशु के नंगे बदन के ऊपर hi लेता रहता है. अंशु के नंगे दूध राहुल की नंगी छाती में घुस रही थी. पसीने से दोनों के hi बदन गीले थे. अंशु प्यार से अंदर गिरे हुए राहुल के प्रेम रस का अनुभव कर रही थी और उसके बालो में हाथ फरते जा रही थी.

राहुल (स्माइल्स) : अरे यू हैप्पी???

अंशु (स्माइल्स) : मोरे थान एनीवन...

राहुल : तोह हुकुम दीजिये रानी साहिबा... क्या करना है आगे??

अंशु : में हुकुम नहीं दूंगी भाई. यू अरे थे किंग!!! हुकुम तोह आप देंगे... I'll बे योर क्वीन!!

राहुल (स्माइल्स) : यू आलरेडी अरे...

अंशु (ब्लश) : यू... आप न बोहत hi...

राहुल : बोहत hi क्या??

अंशु (ब्लश) : बोहत अच्छे हो... आपसे गुस्सा भी नहीं हुआ जाता... हम्फ!!

राहुल : हहै! तोह बताओ अब! आगे क्या करना है?

अंशु : हम्म्म! मेरे प्लान के अकॉर्डिंग... आप ऋचा दी को हनीमून पर लेके जाओगे...

मेक हेर योर वाइफ.

राहुल : हँ?? पर तुम तोह कह रही थी यू फील हर्ट जब तुम बाकी लड़कियों को मेरे साथ देखती हो.

अंशु : ी दो... बूत मेने अब मैनेज करना सीख लिया है. ी क्नोव की आप किसी एक के लिए नहीं बने हो. मुझे सबको साथ लेके hi चलना पड़ेगा, ओनली थें... ी कैन गेट योर लव.

राहुल (स्माइल्स) : गुस्सा हो??

अंशु : कभी नहीं! आपसे गुस्सा कभी नहीं हो सकती!

राहुल : इतना सब कुछ क्यों किया मेरे लिए??

अंशु (ब्लश) : बिकॉज़... ी लव यू! ी वांट तो चेरिश यू! यू अरे माय त्रैझ! ❤️

राहुल : अंशु...

और दोनों फिरसे एक मीठी किश में खो जाते है.

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आज के लिए इतना hi गाइस!!

अब हर्र अपडेट में आपको हर्र एक करैक्टर की डीप फीलिंग्स दिखाई जाएंगी!


धन्यवाद्!!
 
अपडेट - 98

अब तक...

राहुल (स्माइल्स) : गुस्सा हो??

अंशु : कभी नहीं! आपसे गुस्सा कभी नहीं हो सकती!

राहुल : इतना सब कुछ क्यों किया मेरे लिए??

अंशु (ब्लश) : बिकॉज़... ी लव यू! ी वांट तो चेरिश यू! यू अरे माय त्रैझ!

राहुल : अंशु...

और दोनों फिरसे एक मीठी किश में खो जाते है.


अब आगे...



कुछ देरर यही अपनी प्यारी अंशु की बाहो में मदमस्त हुए पड़े रहने के बाद जैसे राहुल को एकदम से कुछ याद आता है तोह वह हड़बड़ा के उठ जाता है,

"अरे...!! माँ??? क्या माँ भी कही तुम्हारे साथ तोह वापस नहीं आ गयी थी?"

अंशु : नहीं भाई! वो आने का कह रही थी पर मेने उन्हें ये कह के वापस भेज दिया की साड़ी लड़किया लोग अकेली रहेंगी, उनके साथ एक बड़ा होना ज़रूरी है.

राहुल : ओह्ह्ह!!!

अंशु : हां!! हहै!! Don't वोर्री भाई! आपकी ये बहिन बोहत hi सेफ्टी से चलती है

राहुल : वो तोह में देख hi रहा हु मेरी बहिन

इतनी बोल राहुल उससे अपनी गॉड में उठा लेता है और उससे प्रिंसेस कैर्री करके वाशरूम की और ले जाने लगता है. राहुल के गले में अपने हाथ हार की तरह बाँध के अंशु खिल खिलाते हुए हस्सन लगती है और आगे बाथरूम में होने वाले पालो को सोचकर hi एक्साइट होने लगती है.

इनका ये सेशन वाशरूम में मस्ती से भरा होने वाला था तब तक आइये देख लेते है की मार्किट में यहाँ लड़कियों के बीच क्या हुआ,

मॉल में हमारे राहुल की साड़ी प्रेमिकाए बस घुमते जा रही थी. हर्र एक राह चलते व्यक्ति की नज़र काम से काम इन् पर एक बार तोह ज़रूर टिकती. सभी इतनी मनमोहक जो थी.

जब चलते चलते निशा काफी थक गयी तोह उस से और रहा नहीं गया और उसने एक जगह खड़े होते हुए कहा,

"बच्चो! एक घंटे से हम घूम hi रहे है. यदि किसी को कुछ नहीं लेना है तोह क्या हम घर चले??"

निशा के ये कहते hi सभी एक दूसरे को देखने लगते है पर जिसके चेहरे पर सबसे ज़्यादा ख़ुशी थी वो थी ऋचा. उसने फौरन निशा के हाथ को अपनी हथेली में ले लिया,

"आंटी! मुझे कुछ नहीं लेना. आप थक गयी होगी! चलिए! में आपको वो स्नैक्स काउंटर में ले चलती हु. आपने कुछ खाया भी नहीं है जबसे. आपको डोसा पसंद है न? आइये! हम चलके वह खाते है. जिसको जो लेना है वो लेता रहेगा"

ऋचा ने ये कहते hi जैसे बाकी वह मौजूद लड़कियों के मैं में एक बेम फोड़ दिया. ऋचा की बातो से केवल वंशु और नेहा hi नार्मल थी. बाकी मोनिका, ख़ुशी, प्रीती सभी को बेचैनी होने लगी.

निशा : तुमने सही कहा बीटा! और तुझे याद है की मुझे डोसा पसंद है?? हाय मेरी बच्ची! चल! तुम और में मिलके खाएंगे और जिसको भी आना हो वो आ सकता है!

ऋचा (मैं में) : हेहेहे! रीचु!!! क्या चाल चली है तूने! तुम लोग भले मेरे राहुल से प्यार करती हो पर उसके परिवार में मेरी इमेज तुम लोगो की इमेज से कही ज़्यादा है.

ऋचा बड़ा hi प्राउड होते हुए निशा को वह से स्नैक्स काउंटर में हस्ते हुए ले जाने लगी और नेहा और वंशु भी उनके साथ में चल देती है. इधर मोनिका, ख़ुशी और प्रीती हक्की बक्की सी कड़ी hi रह जाती है.

ऋचा ने एक झटके में hi तीनो को उनकी इमेज दिखा दी की वो किस लेवल पे है और ऋचा खुद किस लेवल पे है. जहा सभी लड़किया शॉपिंग पर ध्यान दे रही थी, ऋचा ने निशा पर ध्यान दिया. ऋचा एक कदम आगे निकली सभी से. काफी समय से राहुल के परिवार के साथ कांटेक्ट में रहते हुए उससे निशा की पसंद नापसंद के बारे में भली भाति पता था.

वो जबसे राहुल के प्यार में डूबी थी तभी से hi वो राहुल के परिवार वालो के बारे में उनसे बातें करते हुए काफी बातें जान चुकी थी. न केवल ऋचा निशा को ले गयी बल्कि ऋचा ने ये पॉइंट भी रखा की निशा काफी थक गयी होगी. ये क्या दर्शाता है? ये दर्शाता है की ऋचा निशा के बारे में सोच रही थी. ज़ाहिर सी बात थी की निशा के मैं में एक फवौराबले इम्प्रैशन जाग गया ऋचा के प्रति. ये वही स्थिति थी की ऋचा को एक पॉइंट मिल गया और भैया स्कोरबोर्ड अभी यहाँ पर कुछ ऐसा था -

ऋचा - 01

मोनिका - 00

वंशु - 00

अंशु - 00

नेहा - 00

ख़ुशी - 00

प्रीती - 00

असली गेम तोह लगता है यहाँ से शुरू हुआ था

पहला पॉइंट तोह ऋचा बटोर के ले गयी. अब देखना था की आगे कोण कैसे अपने प्यार को पाने में जल्दी कामयाब होता है.

ख़ुशी और मोनिका दोनों hi अपने दांत पीसने लगी... उन्हें ये ख़याल क्यों नहीं आया? पर यदि आया भी होता तोह क्या उन्हें राहुल की माँ के बारे में कुछ पता होता?? दोनों ने खुद से ये सवाल किया,

प्रीती (दांत पीसते हुए) : तहत विच... सहित!! शी वास् अहेड ऑफ़ उस!! ख़ुशी!! आज तुम्हे राहुल की माँ को इम्प्रेस करना hi होगा. वर्ण तुम्हारी नैया डूब जाएगी. तुम घबराना नहीं. में तुम्हारे साथ हु. I'll हेल्प यू गेट राहुल!

ख़ुशी : हँ?? *ब्लशेस* हम्म...

मोनिका (सुरप्रीसेड) : शी... शी इस किते स्मार्ट!!

मोनिका भले hi बेचैन थी पर ऋचा की बुड्ढी तत्परता (प्रजेंस ऑफ़ मंद) से मोनिका काफी इम्प्रेस्सेड थी.

"शी... She'll बे ा टफ ॉपपोनेंट", अपने निचले होंठ को दांत से दबाते हुए मोनिका ने अपने मैं में सोचा.

अब यहाँ खड़े रहना का क्या फायदा? ज़ाहिर सी बात है तीनो ऋचा को और मौका नहीं देना चाहती थी इसलिए वो तीनो भी सभी के पीछे पीछे स्नैक्स काउंटर की और चल दी.

इस वक़्त एक राउंड टेबल के इर्द गिर्द सभी ख़ूबसूरत लड़किया अपनी अपनी चेयर्स पर विराजमान थी.

केवल ऋचा और निशा hi वार्तालाप कर रही थी बाकी सभी इधर उधर नज़रे करके सुन्न रही थी. नज़रे ज़रूर कही और थी पर सभी का पूरा ध्यान ऋचा और निशा की बातो में hi था.

ऋचा : आंटी डोसा न? और कुछ भी लेंगी आप?

निशा : नहीं बीटा! डोसा ठीक है. उसमे hi मेरा पेट भर जाएगा. तुम बताओ! क्या लोगी?

ऋचा : आंटी! में भी आपकी तरह डोसा. मुझे भी डोसा काफी पसंद है!

निशा : ओह्ह्ह! अच्छा!

प्रीती (मैं में) : मुझे भी डोसा काफी पसंद है! बड़ी आयी!! हम्फ!! नहीं भी पसंद होगा तोह भी ख़ुशी खुसी पेल जाएगी ये

प्रीती ख़ुशी के कान में झुकते हुए कहती है,

"ख़ुशी!!! कुछ कर!! ऐसे तोह ये बाज़ी मार लेगी! तू आज न!! राहुल को जम्म के सभी के सामने एक पप्पी दे देना. किस्सा hi ख़तम कर दे"

ख़ुशी (ब्लश) : हैंण्ण्णन?????

उसकी आवाज़ थोड़ी तेज़्ज़ थी जिस वजह से सभी लोग ख़ुशी को hi घर कर देखने लगे,

निशा : क्या हुआ बीटा??

ख़ुशी (ब्लश) : हम्म?? Ni...jii.. वो... कुछ नहीं!!!

उसने टेबल के नीचे से hi प्रीती की ब्याह में चिमटी काटी. बेचारी का चेहरा लज्जा के कारण पूरा लाल हो गया था.

निशा ने एक नज़र बाकी सभी पर दौड़ाई और सबका मुँह लटका देख उससे कुछ आभास हुआ,

निशा (मैं में) : ओह्ह्ह! तोह ये बात है??? ये सभी मुझ पर अच्छा इम्प्रैशन डालना चाहती है ताकि मेरे बेतु के ये और भी क़रीब आ सके और शादी भी कर सके?? वाक़ई! ये मेरा बेतु भी न... पता नहीं क्या क़िस्मत लेके आया है. इतनी साड़ी लड़किया. दो तोह बहिन है ऊपर से... और एक तोह घर में उठा पटक कर रही होगी बेतु के saath...mera बेतु भी न... किसी को नई चोर्रा इसने... अपनी माँ तक को... *ब्लश* हाय! क्या सोचने लगी में?? पर सही तोह है. मेरे साथ भी तोह उसने वो सब किया है! नहीं! में hi तोह थी जिसने उससे मेरे साथ करने को दबाव डाला. हां! वर्ण वो तोह करता hi नहीं... अब तोह उसके पास इतनी साड़ी लड़किया है... क्या मेरा बेतु मेरे बारे में अब भी वैसे hi विचार रखता है? कही अब वो मुझे भूल तोह नहीं जाएगा?? नहीं! उसने मुझे वचन दिया है की वो हमेशा मेरी मदद करेगा. हां!! तोह क्या अब मेरी बहुये सेलेक्ट करने का फैसला मेरे हाथो में है? चलो में भी देखती हु! मेरी बहु बन्न ने लायक कोण है!

सभी ने अपने अपने आर्डर दिए और सभी आर्डर का वेट करने लगे की इतने में नेहा ने ऋचा और मोनिका को दोनों को उठा के थोड़ा दूर चलने के लिए कहा.

ऋचा : क्या हो गया नेहा?? सभी से दूर यहाँ क्यों लायी हो?

मोनिका : हां!?

नेहा (ब्लश) : ी... ी जस्ट वांट तो आस्क यू समथिंग दी!!

ऋचा : ओह्ह! हां तोह पूछो न!?

नेहा (ब्लश) : ऋचा दी! क्या आपके और भाई के बीच वो हो चूका है??

ऋचा : हँ? क्या??

ऋचा को फिर जैसे hi कुछ सेकण्ड्स में समझ आता है तोह उसके गाल भी सुर्ख लाल पद जाते है,

ऋचा (ब्लश) : उम्म्म... नेहा!! तुम ऐसा सवाल क्यों पूछ रही हो??

नेहा : प्लीज दी! ी जस्ट वांट तो क्नोव!

ऋचा (थोड़ा साद होते हुए) : नहीं नेहा! अभी तक तोह हमारे बीच ऐसा नहीं हुआ है. राहुल कहता है की वो मुझे सरप्राइज देगा. I'm स्टिल वेटिंग फॉर हिज सरप्राइज.

ऋचा कहने के बाद काफी उदास हो जाती है. न जाने कबसे वो राहुल से ज़िद्द कर रही थी की राहुल उससे जी भर के बस एक बार भोग ले ताकि उसके जिस्म पे राहुल की मोहर लग जाए. पर राहुल हमेशा ये कह देता की वो सही समय का इंतज़ार कर रहा है और ऋचा को सरप्राइज देगा.

ऋचा सिर्फ मुस्कुरा देती पर अंदर hi अंदर उसके दिल में असुरक्षा के भाव आते थे. क्या राहुल उस से सच में प्यार करता है? या वो उससे चोरर्ण चाहता है और वो उदास न होये इसलिए हमेशा ऐसा कहता रहता है?? ऐसे अजीबो गरीब सवालों से ऋचा का दिल हमेशा असुरक्षा से भरा रहता था. उससे केवल एक hi चीज़ चाहिए थी. वो चाहती थी की राहुल उससे अपने हक़ की तरह देखे. राहुल जब भी उससे देखे तोह राहुल के मैं में यही आए की "मेरा हक़ है इस्पे". बस! ऋचा को और कुछ नहीं चाहिए था. पर राहुल के बार बार ऐसा करने से ऋचा को मैं में एक बेचैनी भरा एहसास ज़रूर रहता था.

हलाकि उससे राहुल पर अटल विश्वाश था पर ऋचा थी तोह आखिर एक लड़की hi. लड़कियों का मैं तोह न जाने कहा कहा जाता है.

नेहा : don't वोर्री दी! अब उसने कहा है तोह वो ज़रूर करेगा. ी क्नोव हिम वैरी वेल! उसने पक्के से आपके लिए कुछ स्पेशल तैयार किया होगा.

ऋचा : हम्म!!

नेहा : मोनिका दी! क्या आपने मेरे भाई के साथ??

मोनिका (ब्लश) : एहहहहह?????

नेहा : बताइये न...

मोनिका (ब्लश) : n...no!!

नेहा (मैं में) : हँ?? भाई ने इन् दोनों के साथ नहीं किया तोह किसके साथ किया होगा? मुझे नहीं लगता भाई वर्जिन है या हो भी सकता है मय्बे?? हम्म??

नेहा सोचते हुए एक नज़र सभी के साथ बैठी हुई वंशु पर डालती है तोह उससे देखते हुए कुछ पल बाद hi उसकी नज़रे फेल जाती है... "No वैयय्यी"

ऋचा : क्या हुआ???

नेहा : हँ??? Ni...kuch... कुछ नहीं! चलिए दी! आर्डर आ गया है हमारा!

और तीनो वापस से अपनी अपनी चेयर्स पर आकर बैठ जाती है. खाते वक़्त नेहा वंशु को चोरी चोरी देख रही थी.

खाने के बाद निशा ने सभी को हिदायत दी की वो कुछ न कुछ खरीद ले नहीं तोह राहुल उन् सभी से गुस्सा हो जाएगा. ये सुन्न ने के बाद तोह सभी लड़किया एक बार में hi शॉपिंग में जुट गयी.

पर नेहा वंशु को लेकर उसकी शॉपिंग करने में मदद करने लगी.

नेहा : ahem...dii???

वंशु : हां???

वंशु का ध्यान इस वक़्त नेहा पर काम और सामने टंगे टॉप्स पर ज़्यादा था.

नेहा : कुछ पूछना था आपसे

वंशु : हां?? पूछो न डिअर...

नेहा : वो... क्या आपके??... क्या आपके और भाई के बीच वो सब हुआ है???

वंशु : हम्म्म??? हां...

वंशु टॉप्स को देखने में लगी थी. उससे ध्यान hi नहीं था की वो अभी क्या बोल गयी. इधर नेहा अपनी हैरानी भरी आँखों से वंशु को देखे जा रही थी. स्तब्ध होने के कारण बेचारी का मुँह भी थोड़ा खुल चूका था.

एकदम से जैसे वंशु को ध्यान आया की अभी अभी क्या हुआ और वो नेहा की तरफ मुड़ते hi उसका चेहरा देख के खुद भी हड़बड़ा गयी,

वंशु : m..m..m..mera मतलब... है की...

नेहा : आप?? आप और भाई?? दोनों...!!

वंशु से और कुछ कहा नहीं जाता और वो शर्म के मारे अपना सर झुका लेती है,

वंशु : हम्म्म!!

और इसी के साथ वंशु ने क़ुबूल कर लिया.

नेहा (मैं में) : मतलब भाई वंशु दी के साथ सेक्स कर चुके है?? Omg!! वेट इसका मतलब... अंशु दी के साथ भी?? ओह्ह सहित!! वो दोनों अभी घर पर अकेले है...

नेहा (शॉकेड) : दी इसका मतलब अंशु दी भी??

वंशु एक बार फिर नज़रे नीचे कर लेती है

नेहा : OMG!!!!

नेहा : सो आईटी वास् आल प्लांड??

वंशु : ी don't क्नोव! मय्बे छोटी... छोटी ने प्लान किया होगा कुटी के साथ अकेले में रहने के लिए...

नेहा : अंशु दी!!! उन्होंने मुझे भी नहीं बताया?? शी... काफी स्मार्ट निकली वो तोह हां?

वंशु : उम्म्म... वो कैसे बताती? किस मुँह से बताती? अब ऐसा थोड़ी कहती की वो तुम्हारे सेज भाई और अपने खुद के कजिन के साथ वो सब... *ब्लश* वो सब करने वाली है

नेहा (ब्लश) : फाइन!! I'll टॉक तो हेर लेटर.

नेहा : डीई!! ी... I'll अल्लोव यू तो दो विथ हिम... और ऋचा दी को भी... अंशु दी, मोनिका दी... एंड मय्बे तनीषा दी, तानिया दी के बारे में मुझे कुछ पता नहीं अभी. बूत नॉट मोरे थान तहत. भाई कोई खिलौना नहीं है. हमारी भी फीलिंग्स है. ऐसे hi किसी के साथ भी में उससे मिंगले नहीं होने दे सकती.

वंशु : हम्म्म!!

नेहा इतना बोल के खुद का मूड फ्रेश करने के लिए खुद के लिए शॉपिंग करने चली जाती है और वो राहुल के लिए भी कुछ गिफ्ट सोचने लगती है.

इधर नेहा के जाते hi वंशु अपना फ़ोन निकाल के सीधा तनीषा को लगाती है,

तनीषा : वंशु?? Hello डिअर!! आज कैसे याद किया??

वंशु : दीदी! I'm सॉरी आपसे टच में नहीं रह पायी... बूत हालात hi कुछ ऐसे थे.

तनीषा : ओह्ह! कोई बात नहीं डिअर! वैसे! जल्द hi हम एक दूसरे के साथ रहने लगेंगे. ः

वंशु (ब्लश) : मेरी तोह दुआ hi यही है उपरवाले से.

तनीषा : शामे! ः!

वंशु : पर दीदी! मेने अभी आपको कुछ और बताने के लिए फ़ोन किया है.

तनीषा : ओह्ह?? क्या हुआ? कहो न! मेने तुम्हे पहले भी ये बात कही है वंशु! तुम मेरी छोटी बहिन जैसी हो! मुझसे कोई भी बात शेयर कर सकती हो.

वंशु : हां दीदी! ी क्नोव! अभी जो बताना है वो मेरा कोई पर्सनल सीक्रेट नहीं है. अभी जो बात बतानी है उससे जान ने का हक़ है आपको. शायद कुटी आपको न बताये क्युकी वो आपको टेंशन में नहीं डालना चाहेगा और मय्बे शायद वो बोहत बाद में बताये...

तनीषा : एक मिनट! क्या नहीं बताये? कुछ हुआ है क्या राहुल को??

वंशु : No दी! he's कम्प्लीटली फाइन नाउ...

तनीषा (तेनसेद) : नाउ से तुम्हारा क्या मतलब है??

वंशु : आप सुनिए तोह!! Don't वोर्री दी!! मेरी बात सुनिए पहले...

तनीषा : हां कहो!!

वंशु : अभी... I'm इन मुंबई! सभी यहाँ पर है. छोटी भी! चची भी! कुटी भी! बूत हम सभी वापस से ग्वालियर आने वाले है. कुटी शायद नहीं आएगा पर हम सब जल्द hi आ जाएंगे... तब!! आप प्लीज मेरे घर आइयेगा! मुझे आपसे बोहत hi ज़रूरी बात करनी है और हां आप रात भर मेरे यहाँ hi रुकिएगा.

तनीषा : हँ??? कोई ख़ास वजह??

वंशु : बोहत!!! आप ज़्यादा सवाल मत करिये!! बस आ जाइएगा! में बाकी साड़ी बातें आपको बता दूंगी. ये बातें फ़ोन पर नहीं बता सकती इसलिए आपको घर पर बुला रही हु. आप आएंगी न?

तनीषा : okay वंशु पर... ये राहुल... मेरा फ़ोन क्यों नहीं उठा रहा है?? मेने उससे कुछ दिन पहले कई कॉल्स किये थे बूत उसका फ़ोन किसी ने उठाया hi नहीं! तबसे मेने उससे कॉल नहीं किया फिर. घर पर गयी थी तोह ताला लगा हुआ था मुझे लगा सभी वेकेशन पर गए होंगे. इसलिए मेने सोचा डिस्टर्ब न करू उन्हें... पर आज जब में गयी तोह देखा की अंकल तोह आ चुके है. बाकी लोग नहीं आये...

वंशु : हां दीदी! हम सब यही है! और फ़ोन वाली बात का जवाब में आपको दूंगी. वैसे अब आप कॉल कर सकती हो. कुटी आपका कॉल उठा लेगा.

तनीषा : हम्फ!! उसको खुद से भी तोह करना चाहिए न?? में बड़ी हो तोह क्या इसका मतलब में hi हर्र चीज़ पहले करू?? गुस्सा हु में उस से. बता देना उससे. हम्फ!!

वंशु (स्माइल्स) : okay दीदी! अच्छा अब रखती हु. Bye bye!

*कॉल एंड्स*

वंशु (मैं में) : तानिया को भी ये जान ने का हक़ है. क्या करू?? तानिया तोह बड़ी hi भड़कु टाइप की है. वो तोह मुझसे न सँभालने वाली. क्या करू फिर?? लास्ट टाइम hi उसको जब मेरे छोटी और कुटी के रिलेशन के बारे में पता चला था तोह किसी भड़क गयी थी वह. कुटी को तोह झापड़ तक जड़ दिया था उसने... और अब तोह... अब तोह इतनी साड़ी लड़किया है... कितने झापड़ पड़ेंगे मेरे कुटी को?? नई नई... छोटी!! हां!! छोटी ने hi समझाया था पिछली बार तानिया को. मुझे छोटी से hi बात करनी होगी इस विषय में.

सभी हलकी फुलकी शॉपिंग करने के बाद घर की और निकल पड़ते है वापस. कार मोनिका ड्राइव कर रही थी क्युकी वो मुंबई की सड़को से फेमिलिअर थी और उससे hi ड्राइविंग आती थी बस

इधर घर पे राहुल अंशु के साथ धुआँ धार सेक्स करने के बाद उसके hi साथ लेता हुआ था और दोनों में कुड्लिंग चल रही थी,

राहुल : तोह बताइये रानी साहिबा! रीचु को अपनी वाइफ बनाने के बाद क्या करना होगा मुझे?

अंशु : क्या भाई... आप भी... पहले ऋचा दीदी को अपनी वाइफ तोह बनाइये और आप मुझ से ऐसे क्यों बात कर रहे हो?

राहुल : अरे भैया! अब तोह आपके अकॉर्डिंग hi चलना पड़ेगा तब hi लगता है मेरा उद्धार हो पाएगा.

अंशु : धत्त्त!! आप भी न... क्या अभी तक आप मेरे अकॉर्डिंग चलते हुए आए हो?? इतनी साड़ी लड़की नहीं पता ली आपने पहले hi!?

राहुल : हां! पर अब तोह लगता है आपके hi भरोसे चलना पड़ेगा.

अंशु (खुसपुसाते हुए) : मेरे भरोसे चलते तोह में तोह आपको किसी और का होने hi नहीं देती, अपने पास hi रखती हमेशा

राहुल : हँ?? कुछ कहा??

अंशु : n..nahi! कुछ भी नहीं! आपको मेरे हिसाब से चलने की कोई ज़रुरत नहीं है. बस में आपको बताती जाउंगी क्या सही है आगे करने को और आप अपने हिसाब से वो सब करियेगा.

राहुल : जी मेरी रानी साहिबा!!

अंशु (ब्लश) : भाआईईई!! ऐसे मत बोलो न! आप किंग हो! आप आर्डर दे सकते हो. न की में!

राहुल आगे बढ़ के उसके होंठ चूमता है और उसके गाल पर अपना हाथ सहलाते हुए कहता है,

"तू तोह मेरी प्यारी अंशु है रे... तेरे लिए तोह में क्या न करदु! वैसे! मुझे भी तुझसे कुछ बात करनी थी"

अंशु : कहिये न!

राहुल : बात मेरे और गुड़िया के रिलेशन को लेकर है. वो मेरी सगी बहिन है...

अंशु : और आप सोच रहे हो की सगी बहिन के साथ ये सब गलत है?

राहुल : उम्म्म...

अंशु : सगी बहिन के साथ कुछ ज़्यादा हो रहा है. यही न??

राहुल : हां!!

अंशु : यू can't बे लिखे तहत. इनफैक्ट आपका हक़ सबसे पहले नेहु पर है. और नेहु का भी सबसे पहला हक़ आप पर है. ऐसा करने की सोचना भी मत. और गलती से भी इसका ज़िक्र दुबारा किसी से भी मत करना...

राहुल : ी... ी सी!!

अंशु : गुड!

राहुल : तू न होती तोह पता नहीं मेरा क्या होता?? तेरे होने से जैसे में किसी पर निर्भर रह सकता हु. मुझे अकेला फील नहीं होता. तेरी वजह से आज.. में और गुड़िया एक है. मुझे चाहने वाली सभी लड़कियों को तू जोड़ के राखी हुई है. तू मेरे लिए बोहत अहम् हु अंशु...

अंशु (ब्लश) : भाआईई... आप भी न... ऐसे मत बोलै करो...

राहुल : ???? क्या हुआ???

अंशु (ब्लश) : मेरा दिल ज़र्रों से धड़कने लगता है. सासें तेज़्ज़ हो जाती है! आपसे नज़रे नहीं मिला पाती! कुछ कुछ होने लगता है दिल में...

राहुल (स्माइल्स) : क्या होता है...??

अंशु (ब्लश) : ी क्नोव ये क्या है. It's लव!

राहुल : ी लव यू!!!

अंशु (ब्लश) : ी लव यू तू!! भाई...

राहुल : ???

अंशु (ब्लश) : वो...

राहुल : बोल न!

अंशु (ब्लश) : वो... अब कैसे कहु भाई...

राहुल : अरे बोल दे बिना झिझक के. मुझसे क्या शर्माना?? क्या बात है? कह दे...

अंशु (ब्लश) : वो... वो... मेरी... मेरी छूट में दर्द है...

उसके इतना बोलते hi राहुल का लुंड एक झटका मार देता है और अंशु साफ़ साफ़ उसके लोअर में हुई ये हरकत देख लेती है और उसके गाल और भी गुलाबी हो जाते है,

अंशु (ब्लश) : आप... आपको और करना है क्या?? पर सब लोग आते होंगे भाई और... और मेरी chu...choot में थोड़ा दर्द है... अच्छा...

राहुल : ???

अंशु (ब्लश) : लाइए... में... में मुँह से चूस देती हु... आपको शांत कर दूंगी...

और फिरसे एक बार राहुल का लुंड झटका मार देता है,

राहुल : it's... it's okay गुड़िया! में मैनेज कर लूंगा...

अंशु : पर भाई... वो दर्द नहीं देगा?? अभी कोई नहीं आया है. में... में... चूस के कर देती हु न??

राहुल (ब्लश) : गुड़िया! शांत हो जा! तू और भड़का रही है उससे... में तेरे लिए पैन किलर लेके आता हु. तू और तेरे बोल... सच में...

कहते हुए राहुल बहार चला जाता है और तभी दूर बेल्ल बज्ज जाती है.

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आज के लिए इतना hi गाइस!


धन्यवाद्!!
 
अपडेट - 99

अब तक...

राहुल : it's... it's okay गुड़िया! में मैनेज कर लूंगा...

अंशु : पर भाई... वो दर्द नहीं देगा?? अभी कोई नहीं आया है. में... में... चूस के कर देती हु न??

राहुल (ब्लश) : गुड़िया! शांत हो जा! तू और भड़का रही है उससे... में तेरे लिए पैन किलर लेके आता हु. तू और तेरे बोल... सच में...

कहते हुए राहुल बहार चला जाता है और तभी दूर बेल्ल बज्ज जाती है.


अब आगे...



दरवाज़ा खुलते hi एक के बाद एक लड़किया अंदर प्रवेश करती है. नेहा घुसते साथ hi राहुल से चिपक जाती है और उसके कानो के पास आती है,

"मज़ा ले लिया अंशु दी के साथ?"

"हँ????", राहुल चकित होक एक नज़र उससे देखता है पर तब तक नेहा उसकी बाहो से निकल कर ऊपर अंशु के पास जा चुकी थी.

राहुल : आप सब ने शॉपिंग कर ली??

निशा : हां बेतु!! ये लोग कुछ खरीद hi नहीं रहे थे फिर मेने कहा की मेरा बेतु नाराज़ हो जाएगा तब जाके माने...

राहुल : अच्छा! आप सभी रेस्ट कर लीजिये. वह घूमते घूमते थक गए होंगे...

मोनिका : हम्म्म!

प्रीती (ख़ुशी के कान में) : ख़ुशी! कर न कुछ... ऐसे में तोह... तेरी इमेज गायब होती जा रही है

ख़ुशी : क्या करू??

प्रीती : तू न... चोरर अच्छा! में hi कुछ सोचती हु...

राहुल आगे बढ़ के ऋचा की तरफ आता है और उसके कानो में कहता है,

"बे रेडी फॉर टुमारो!"

हो न हो, ये ज़रूर सरप्राइज वाली hi बात थी और ऋचा को ये समझने में देरर न लगी. आँखों में अलग hi चमक आ गयी, न जाने कितने महीनो से उससे इसी शान का इंतज़ार था. इसी पल के लिए तोह वो बेकरार थी. और अभी अभी राहुल के मुँह से खुद ये सुन्न के तोह जैसे ऋचा सुख की मानो चरम सीमा पर पहुँच चुकी थी.

उसने नम्म आँखों से मुस्कुराते हुए बस हां में सर हिलाया और उसके गले लग गयी.

मोनिका : में... में ऊपर रूम में जाकर रेस्ट करती हु...

ख़ुशी : umm...mein भी...

वंशु : कुटी! तेरे लिए में खाने को लायी हु बोहत सारा. तुझे जो सही लगे इस पैकेट में देख लेना. बोहत सारे आइटम है.

राहुल : थैंक्स दी!

और सभी ऊपर चली जाती है सिवाए निशा को चोरर के.

राहुल : क्या हुआ माँ??

निशा : कुछ नहीं बेतु!

राहुल : आप टेंशन में लग रही हो.

निशा : हम्म! नहीं ऐसी कोई बात नहीं.

राहुल दरवाज़े को लॉक करके, निशा के बगल में सोफे पर उसकी जांघ में हाथ रख के बैठ जाता है.

राहुल : अब मुझसे छुपाने लगी आप बातें?

एक झलक निशा अपने बेतु के चेहरे को देखती है और प्यार से उसके गाल सहलाती है,

निशा : बस मुझे चिंता है बेतु!

राहुल : किस बात की??

निशा : नेहा और तेरे डैड के बीच के सम्बन्ध की. क्या अब नेहा अपने पिता से रिश्ता तोड़ लेगी बेतु??

राहुल : समय पर चोरर दीजिये सब माँ. में कोशिश करूँगा पूरी की गुड़िया को समझा सकू.

निशा : हम्म!

दोनों माँ बेटे एक दूसरे की नज़रो में देख रहे थे और कब दोनों के होंठ आपस में मिल गए दोनों को hi पता नहीं चला. निशा तोह जैसे इन् दो सालो के बाद दुबारा अपने बेतु के साथ ये सब करते hi रोमांच की ट्रैन पर सवार हो गयी.





राहुल ने मौका देखते hi निशा को अपनी गॉड में उठाया और नीचे के hi फ्लोर में निशा को जो कमरा था उधर ले गया और अंदर से hi किवाड़ बंद कर दिया.

बिस्तर पर निशा को लिटाते हुए राहुल उसके ऊपर चढ़ गया और होंठो को वापस से निशा के रस भरे होंठो से जोड़ दिया. ये खेल जल्द hi एक विकराल रूप में बदला और दोनों hi नग्न हालत में आ चुके थे.

निशा : छोड़ बेतु... कितने साल तूने मुझे इंतज़ार कराया रे... छोड़ अपनी माँ को... निकाल दे साड़ी कसार... तेरे बिना में कितनी अधूरी थी... क्यों तड़पाया मुझे तूने इतना हां??

राहुल : I'm सॉरी माँ! पर अबसे आपका पूरा ख़याल में hi रखूँगा...

निशा : तोह छोड़ न... छोड़ अपनी माँ को...

निशा की अश्लील बातें सुन्न राहुल का लुंड झटके पे झटके मारे जा रहा था,

निशा : ओह्ह्ह??? तोह मेरे बेतु को अश्लीलता पसंद है हां!??? लगता है आज मुझे अपना रंग दिखाना पड़ेगा...

निशा राहुल के लुंड को हाथो में लेकर उससे जी भर के सूंघने लगती है, उसकी महक में खोने लगती है, आँखें नशीली हो चुकी थी उसकी और अगले hi पल वो राहुल के लुंड को एक बार में hi पूरा अंदर ले लेती है पर कुछ हिस्सा तब भी बाहर रह जाता है,

राहुल (सिसकते हुए) : ओह्ह्ह्ह mom....ssssssss

निशा : * गल्प गल्प *

जितना हो सकता था निशा पूरा राहुल के लुंड को अपने मुँह में भरी हुई थी, उसके बाद लुंड को आगे पीछे करते हुए वो राहुल को उसके जीवन की बेस्ट ब्लोजॉब देने लगती है,





सुपाड़ी को लोल्लिपोप की तरह चूस चूस के लाल कर दिया निशा ने, राहुल जैसे hi स्खलित होने के करीब पहुचा निशा ने अपना मुँह हटा लिया और पलंग पर लेत कर अपनी छूट की फाके खोल कर राहुल को निमंत्रण देने लगी,

सम्भोग में राहुल भली भाति जानता था की सम्भोग का मतलब सिर्फ मज़े लेना नहीं है बल्कि मज़े देना भी है. उसने फौरन निशा की छूट को अपने हाथो से कई दफा रगड़ा, उसकी हर्र हरकत पर निशा सिर्फ आप खो रही थी और बेकाबू हो रही थी. उससे नशा चढ़ रहा था और मंत्रमुग्ध सी वो आने वाले पल का इंतज़ार कर रही थी.

निशा (मदहोशी में) : किसी है मेरी बुर??? हां??? किसी है मेरी मुनिया??

राहुल : ख़ूबसूरत...

निशा अपनी कमर उछला उछला के राहुल के हाथ से अपनी छूट रगड़वा रही थी,

निशा : आह्ह्ह्ह सससससस.... तोह चला दे न अपना हल मेरे खेत में... क्यों इंतज़ार करवा रहा है?? आआअह्हह्ह्ह्ह...

राहुल : सब्र रखो... *स्माइल्स*

निशा : आआह्ह्ह्हह्ह्मममममनननन.... बेतु को मेरी छूट पसंद है हां???? हम्म्म?? तेरी hi है... उफ्फ्फफ्फ्फ़.... पर अब इतने सालो से तूने उससे ऐसे hi चोरर के रखा है... देख... कितनी फसल बढ़ गयी है... Aaahhhhhhhhhhh

निशा अपनी छूट के बाल दिखाते हुए राहुल से शिकायत करते हुए बोली,

राहुल : मुझे ये पसंद है... *ब्लश* आपकी उसमे... थोड़े बाल...

निशा (ब्लश) : haaye...betuuu... क्या कहा?? मेरी छूट में बाल तुझे अच्छे लगते है?? हां??

राहुल (ब्लश) : zy..zyaada नहीं... थोड़े...

निशा : haaayeeee....uffffffff!!! मेरे बेतु को अपनी माँ की छूट के बाल पसंद है... आआआअह्हह्ह्ह्ह sssssssssss...

राहुल से अब रहा नहीं जाता और वो सीधा अपना मुँह निशा की हलके बालो से भरी छूट में दे देता है, जिसमे से सौंधी सौंधी महक आ रही थी,

"Aaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhmmmmmm" निशा एक लम्बी शिकारी लेती है और राहुल के सर को दोनों हाथो से पकड़ के अपनी छूट में धकेलने लगती है, और परर भी उसके सर के इर्द गिर्द बाँध लेती है,

निशा : हाई दैयाआआ.... बेतुउउउउउउउउ

Chaaat...aur चायत्त... चायत अपनी माँ की bur....ufffffff.... केसा लगा स्वायड?? ससससस

राहुल बिना कुछ बोले अपनी जीभ से हमले जारी रखा और निशा कुछ hi पालो में धेरर सारा पानी बहाते हुए झरर गयी. राहुल ने अपना लुंड उसी पानी से गीला किया और थोड़ी देरर छूट के ऊपर hi रगड़ा...

निशा से अब रहा नहीं जा रहा था और उसने राहुल को डालने के लिए ज़िद्द करि तोह राहुल ने लुंड छूट पर भिड़ाया और एक ज़ोरदार शॉट में लुंड करीब पौन तक अंदर दाल दिया.

निशा का मुँह खुला का खुला रह गया. न आवाज़ निकली न कुछ, वो यही सोच रही थी की उसके बेतु का लुंड पहले से बढ़ गया है क्या?

और अगले hi पल राहुल ने अगला करारा शॉट मार्के पूरा हथियार अंदर घुसा दिया.

निशा : aaaahhhhhhhhhhhhhh.... मर्डर गयीईइ..

राहुल : माँ... ये पहली बार नहीं है आपका..

निशा : ayiiiiii...ssssss... पहली बार नहीं है पर तेरा लुंड बड़ा हो गया है क्या बेतु?? उफ्फफ्फ्फ़.... और मोटा भी... ृक्क जाए बेचू.. उईईईईई मायआ.... ऐसे hi... ऐसे hi रह... कुछ देरर... हिल मत...

निशा जैसे hi कम्फर्टेबले हुई राहुल ने तेज़्ज़ शॉट्स मारने शुरू कर दिए... *फट फट फट* की आवाज़ों से कमरा गूंजने लगा,

निशा : ाः ाः aaaahh...ummmm...ssss... क्या... क्या लगता है तुझे?? ऊपर हमारी चुदाई की आवाज़ उन्हें सुनाई दे रही होगी??

राहुल : aaahhh....haaahhh... No माँ...

निशा : तेरी साड़ी बीविया ऊपर hai...mmmmmmm

स्स्सस्स्स्स आआह्ह्ह्हह और तू यहाँ अपनी माँ को छोड़ रहा hai....haaayeeeee.... छोड़ बेतु... और जोरर se....haaa... ऐसे hi.... वादा कर बेतु....

राहुल : हह....????

निशा : उईईईईई maa.....ssss....vaada कर की tu....ki तू मुझे भूलेगा नहीं... मेरा... ऐसे hi आआआआअह्ह्ह्हह मेरा ख़याल rakhega...ssssssss

राहुल : ी... ी प्रॉमिस माँ....

और ताबड़तोड़ धक्को के बाद अलग अलग पोजीशन में अपना पिस्टन चलाने के बाद राहुल जैसे hi स्खलित होने के क़रीब पहुचा तोह निशा ने अंदर hi गिराने का इशारा किया और राहुल निशा की छूट में अपना धेरर सारा माल निकालते हुए झरर गया और निशा भी दूसरी बार पानी बहाते हुए झरर गयी.

निशा : बेटू... मज़ा आ गया रे... तेरी ये माँ कितना तदपि है दो साल तुझे पता है?

निशा ने प्यार से राहुल के सर के बालो पर हाथ फरते हुए कहा, राहुल उसके ऊपर उसके स्तनों पर लेता हुआ था. उसके मुँह से लार बहते हुए निशा के दूध पर गिर रही थी पर निशा को इस से कोई परेशानी नहीं थी. वो बस अपने बेतु को प्यार करने में लगी हुई थी.

राहुल : में मजबूर था माँ...

निशा : मुझे पता है बेतु! तुझे पता है...?? मेने तेरे डैड को अपने आप को छूने तक नहीं दिया...

राहुल : क्यों???

निशा : क्यों क्या?? मेने तुझसे कहा था न... में उनकी पत्नी हु और उनका साथ मरते दम तक दूंगी, क्युकी ये मेरा पत्नी धर्म है. पर शारीरिक तौर से नहीं. मेने शारीरिक तौर से उन्हें पूरी तरह त्याग दिया है. उनके साथ तबसे hi मेने सम्भोग नहीं किया है और न hi करुँगी... केवल तू hi मेरा साथी है अब.

राहुल : हम्म्म...

निशा : क्या हुआ? परेशान है??

राहुल : नहीं माँ! कोई परेशानी नहीं है...

निशा : हम्म्म!! चल अच्छा... में तेरी मालिश कर देती हु तुझे अच्छा लगेगा...

निशा बगल में स्टूल पर रखे तेल की शीशी उठाती है और राहुल को बीएड पर लिटा देती है,

निशा : अभी देखना! तेरा सारा स्ट्रेस दूर कर दूंगी में... मेरे बेतु को कोई भी परेशानी नहीं होगी... मुआअह्ह्ह्ह

होंठो पर एक प्यार भरी चुम्मी देने के बाद निशा तेल अपने हाथो में लेकर राहुल को लगाने की बजाए अपने स्तनों पर लगाने लगती है, शीशी उठा के वो तेल अपने उरोजों पर गिराती है और मुस्कुराते हुए राहुल को आँख मार देती है, अगले hi पल शीशी को दुबारा स्टूल पर रखने के बाद वो अपने उरोजों को पकड़ के बारी बारी राहुल को दर्शन कराती है और उसके बाद राहुल का लुंड अपने स्तनों के बीच फसाते हुए वो खुद के जिस्म को घसीटते हुए राहुल के सीने तक लाती है,

राहुल : आआह्ह्ह्हह्ह....

निशा (स्माइल्स) : मज़ा आया?? अभी और मज़ा आएगा बेतु... अभी तेरी माँ... अपने इस शरीर से तुझे मालिश देगी...

राहुल अपनी आँखें बंद करके लेत जाता है ऊपर उसकी साड़ी प्रेमिकाए इस बात से बेखबर थकी हारी सो रही है और यहाँ राहुल अपनी hi माँ के साथ मस्ती में लगा हुआ है,

पर इसके बावजूद माँ की ममता अब भी वही थी. भले hi दोनों के बीच सम्भोग का रिश्ता आ गया और थोड़ा बहक भी जाते थे दोनों पर उसके बावजूद दोनों भ्रष्टता के रास्ते पर नहीं गए. निशा अब भी अकेले में hi राहुल के साथ करती, न की सभी को बता के. निशा ने भी कुछ मर्यादा का ध्यान रखा हुआ था जिन्हे वो तोडना नहीं चाहती थी और भ्रष्ट नहीं होना चाहती थी. यही बात राहुल को सबसे ज़्यादा पसंद थी. यही सोचके उसके चेहरे पर मुस्कान आ गयी और वो अपनी आखें बंद करते हुए निशा की मस्सगे की अनुभूति लेने लगा,

निशा का बदन तेल से पूरा चमक रहा था, उसके गोर दूध के कुछ हिस्से तेल के कारण किसी बल्ब की तरह रोशन हो रहे थे और निशा आगे पीछे होते हुए अपने स्तनों से राहुल के हर्र अंग की मालिश कर रही थी. कभी वो सीने पर रगड़ती, तोह कभी राहुल के लुंड को स्तनों के बीच फसा के रगड़ती, कभी पेर्रो को रगड़ती, कभी हाथो को तोह कभी राहुल के चेहरे को...

आधे घंटे की इस अद्भुद मालिश के बाद राहुल अपने इस सबसे ख़ूबसूरत एहसास से जाएगा तोह निशा ने उससे हाथ पकड़ के उठाया और वाशरूम में ले जाने लगी,

निशा : अब नहाना भी तोह पड़ेगा न?? किसी लगी अपनी माँ की मालिश??

राहुल : अद्भुत...

निशा (सडक्टिवेली) : तू चाहे तोह में तोह तुझे रोज़ देदू... पर तेरी चाहने वाली hi इतनी है की समय hi नहीं रहेगा तुझे... हम्फ!!!

राहुल : आप को जलन हो रही है??

निशा : इतनी क्या ज़रुरत थी?? इतनी साड़ी को इखट्टा कर लिया... अरे तनीषा और ऋचा काम थी क्या?? मोनिका भी आ गयी और वो ख़ुशी भी...

राहुल : ी लव थम आल... सॉरी माँ!!

निशा : चल अच्छा! में अब कुछ नहीं बोलने वाली... तुझे जितनी रखनी है रख. पर मुझे न भूल जाना. चल! तुझे आज में अपने हाथो से नहलाऊंगी...

वो राहुल को बाथ टब के करीब लाती है उसमे पानी भरने लगती है,

राहुल : उम्म्म... मुझे टॉयलेट जाना है आप बाहर जाइये न माँ दो मिनट

माँ : हँ?? क्या हुआ पेशाब आयी है??

राहुल ने हां में सर हिलाया तोह निशा खिल खिलाते हुए हस्सी और राहुल का हाथ पकड़ के कमोड के पास ले आयी और उसके पीछे जाके कड़ी हो गयी.

निशा ने राहुल का लुंड अपने हाथो में ले लिया,

निशा : ले कर...

राहुल (ब्लश) : माँ????

निशा : क्या हुआ?? अब क्या शर्मा रहा है? अरे बचपन में ऐसे hi में तुझे सुसु करवाती थी... बड़ा आया... चल कर... या अब सीटी बजा के करवानी पड़ेगी?? हँ??

राहुल शर्माते हुए पेशाब करने लगता है तोह निशा को भी और जोश चढ़ने लगता है, वो राहुल का लुंड इधर उधर करके पेशाब की धार से खेलने लगती है,

निशा : सेक्स के बाद पेशाब लगती hi है, या यु कहे... पानी चौररने के बाद पेशाब आती hi है

राहुल बिना कुछ बोले बस शर्माते हुए पेशाब hi कर रहा था. बोहत लोड भरा हुआ था. निशा का चूडियो से भरा हुआ हाथ, उसकी उंगलियों में पहनी हुई अँगूठिया राहुल को और मदहोश कर रही थी.

राहुल (ब्लश) : हो गया माँ...

निशा : ओह्ह!!?? हो गया? में भी कर लेती हु

निशा बिना कोई शर्म के वही राहुल के सामने hi नीचे बैठ जाती है और अगले hi पल वो सुसु करने लगती है. ज़र्रों की आवाज़ से राहुल शर्म की अपनी सीमा पर पहुँच चूका था, पर उसके बावजूद उसने अपनी नज़रे निशा की छूट से नहीं हटाई. इस बार तोह निशा भी बेहद शर्मा रही थी पर उसने भी अपनी नज़रे राहुल के चेहरे से नहीं हटाई.

दोनों के पेशाब करने के बाद, निशा ने दोनों के गुप्त अंग पानी से धोये और राहुल को बाथटब में बिठाते हुए वो उसके पीछे बैठ के साबुन लगाने लगी.

निशा : पहले में तुझे ऐसे hi नहलाती थी पता है तुझे? तुझे और नेहा को दोनों को साथ में...

राहुल : ओह्ह्ह!! तब तोह में काफी छोटा रहा होऊंगा माँ...

निशा : हां! और अब देख... कितना बड़ा हो गया है...

निशा ने राहुल का लुंड हाथ में लेते हुए कहा,

इधर दोनों माँ बेटे सब कुछ भूल के अपनी hi मस्ती में लगे हुए थे तोह उधर ऊपर सभी थके हारे होने के बाद गहरी नींद ले रहे थे.

नेहा जो की अब उठ चुकी थी वो सीधा अंशु के कमरे में गयी, तोह उससे अंशु नज़र hi नहीं आयी. वो सीधा राहुल के कमरे में गयी और नॉक किया तोह थोड़ी देरर बाद अंशु ने गेट खोला,

अंशु : नेहु तू?? क्या हुआ?

बिना कोई जवाब दिए नेहा आके पलंग पर परर नीचे लटकाती हुए बैठ गयी,

नेहा : आप तोह बड़ी hi चालु निकली दी...

अंशु मैं hi मैं कुछ सोच के परेशान हो रही थी. शायद नेहा का यहाँ आना उसकी परेशानी का कारण था?? आगे नेहा क्या बात करेगी उस से?? उसके बोल तोह ज़रा भी अनुकूल नहीं लग रहे थे. कुछ तोह बात है. अंशु ने अपनी बॉहे सिकोड़ते हुए नेहा को देखा और दरवाज़ा अंदर से बंद कर दिया.

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आज के लिए इतना hi गाइस!


धन्यवाद्!
 
अपडेट -100

अब तक...

अंशु : नेहु तू?? क्या हुआ?

बिना कोई जवाब दिए नेहा आके पलंग पर परर नीचे लटकाती हुए बैठ गयी,

नेहा : आप तोह बड़ी hi चालु निकली दी...

अंशु मैं hi मैं कुछ सोच के परेशान हो रही थी. शायद नेहा का यहाँ आना उसकी परेशानी का कारण था?? आगे नेहा क्या बात करेगी उस से?? उसके बोल तोह ज़रा भी अनुकूल नहीं लग रहे थे. कुछ तोह बात है. अंशु ने अपनी बॉहे सिकोड़ते हुए नेहा को देखा और दरवाज़ा अंदर से बंद कर दिया.


अब आगे...



दरवाज़ा बंद करते hi अंशु सावधानी से आगे बढ़ते हुए नेहा के पास आयी, पर अंशु की लड़ खडाती चाल देखते hi नेहा bhru-bhang होते हुए उसकी चाल का निरिक्षण करने लगी,

नेहा ने एक शब्द नहीं बोलै जब तक की अंशु उसके बगल में आके विराजमान नहीं हो गयी.

अंशु : कहो नेहु! क्या बात है?

नेहा (स्तर) : बस देख रही हु की आप जितनी सीढ़ी दिखती हो, उतनी हो नहीं

इस बार अंशु की बारी थी बॉहे सिकोड़ने की

अंशु : में कुछ समझी नहीं?

नेहा : यू हद किते ा नीस टाइम विथ भाई... नई?

अंशु : ......

नेहा : यू वेरे हैविंग सेक्स विथ हिम. राइट?

नेहा के मुँह से डायरेक्ट ये बात सुनते hi अंशु थोड़ी परेशानी में पद जाती है. क्या जवाब दे उससे कुछ सूझ नहीं रहा था.

अंशु : नेहु... यू क्नोव आईटी. ी लव हिम मोरे थान एनीथिंग.

नेहा : ी क्नोव आईटी!

अंशु : तोह फिर... ऐसा सवाल क्यों??

नेहा : लिसेन दी!! में आपकी शुक्र गुज़ार हु की आप की वजह से मुझे साड़ी सच्चाई पता चल सकीय, इसमें कोई डाउट नहीं है. पर... पर मुझे आपकी ये बात पसंद नहीं है.

अंशु : क्या बात?

नेहा : आपने सभी से चोरी छिपके सबको शॉपिंग पे जाना दिया और आप खुद यहाँ अकेले में भाई के साथ...

अंशु : नेहु! मुझे भाई से अकेले में hi कुछ समय चाहिए था.

नेहा : आप मुझे तोह बता hi सकती थी. ऐसा तोह है नहीं की मेने आपको मन कर दिया होता

अंशु : I'm सॉरी नेहु! I'll कीप तहत इन मंद.

नेहा : सो??

अंशु : क्या?

नेहा (ब्लश) : ी मैं... केसा था? आपका अकेले में भाई के साथ का टाइम...

अंशु (स्माइल्स) : तुम इमेजिन भी नहीं कर सकती... हे वास्... ओह्ह्ह सो गुड...

नेहा (ब्लश) : यू अरे मेकिंग में जेलस

अंशु खिल खिलाते हुए हस्सी लेती है,

अंशु : सो? तुमने क्या सोचा है?

नेहा : यू मैं...? मेरे और भाई के बीच का?

अंशु : unn-huh...

नेहा : सच कहु तोह दी... ी थिंक I'll नीड योर हेल्प. मेने उससे कई बार किश किया है, अपने प्यार का इज़हार भी कर चुकी हु. पर मुझे डर है, कही भाई उससे अब भी भाई बहिन वाला प्यार तोह नहीं समझ रहा

अंशु : मेरी अभी बात हुई थी उनसे. वो दुविधा में थे.

नेहा : किसी दुविधा?

अंशु : की... की तुम्हारे साथ आगे बढे या नहीं

नेहा (अंशु का हाथ थामते हुए) : तोह आपने क्या कहा?

अंशु : ी टोल्ड हिम की... कुछ भी हो जाए, नेहा का प्यार आपको अपनाना hi पड़ेगा. उसका हक़ आपके ऊपर हम सब से पहले है और आपका भी हक़ उसके ऊपर सबसे पहले है.

नेहा (आनंदित होते हुए) : तोह?? तोह क्या कहा उसने??

अंशु (स्माइल्स) : हे एग्रीड!

नेहा (नम्म आँखों से) : थैंक यू!! थैंक यू सो मच!!

नेहा अंशु का हाथ अपनी हथेली में थामते हुए अपने गालो से लगा लेती है, वो अंशु की कर्ज़दार होती जा रही थी.

नेहा : I'll दो एनीथिंग फॉर हिम...

अंशु (स्माइल्स) : पहले उन्हें बाकी सभी को अपना लेने दो. एन्ड में तुम अकेले उनके साथ अपना टाइम स्पेंड करना.

नेहा : हम्म?? सभी को मतलब? साड़ी लड़कियों को?

अंशु : अभी तोह... मेरा इशारा ऋचा दीदी और तनीषा दीदी की तरफ था. उनके बाद मोनिका दीदी... ी गेस??

नेहा : और वो ख़ुशी का क्या?

अंशु : यदि भाई उस से प्यार करते है तोह उससे भी अपनाएंगे hi...

नेहा : ये भाई भी... क्या ज़रुरत है इतनी लड़कियों के लिए... में तोह हु न इधर... क्या कमी है मुझमे? क्या में सुन्दर नहीं हु?

अंशु : बात सुंदरता की नहीं है नेहु. इन् सभी ने भाई की तब मदद की जब भाई को सबसे ज़्यादा ज़रुरत थी, इसलिए इनका बांड भी भाई से मज़बूत बन्न चूका है. हम उस स्थान पर नहीं है की जिससे चाहे भाई की ज़िन्दगी से निकाल दे. समझ रही हो न?

नेहा (उदासी से) : ी... ी अंडरस्टैंड!

अंशु (स्माइल) : गुड!

ये रात भी यही गुज़री. निशा ने राहुल के साथ इतना प्यारा समय गुज़ारा, निशा रात में भी राहुल को अपने कमरे में लाकर मस्ती करने के लिए तैयार थी, पर अगले दिन राहुल को ऋचा के साथ समय गुज़ारना था, ऐसे में वो रात में अपनी ऊर्जा या यु कहे अपना अनमोल पानी बचा के रखना चाहता था.

सुबह हुयी, रोज़ की तरह घर में हलचल और शोरगुल होने लगा. सभी ने नाश्ता किया जो निशा, वंशु और मोनिका ने मिलकर बनाया. राहुल सभी लड़कियों के बीच में सहयोग देख के काफी खुश था. यदि ऐसा hi रहा तोह उससे किसी बात की फिक्र करने की ज़रुरत hi नहीं पड़ेगी.

जब नाश्ता से सभी फुर्सत हुए तोह राहुल ऋचा के पास आया,

राहुल : गेट रेडी! रीचु! वे हैवे तो जो!

ऋचा : कहा?

राहुल : ओह हो... तुम रेडी तोह हो

मोनिका : उम्म्म... कहा जा रहे हो?

राहुल : वो... I'm टेकिंग हेर तो ा प्रॉमिस्ड सरप्राइज...

मोनिका : ओह्ह्ह!!

हो न हो, पर ये सुन्न के सभी के अंदर अप्रियता के भाव ज़रूर थे. मैं में तनाव था. ऋचा तोह हर्र बार बाज़ी मार रही थी.

यदि ऐसी hi चलता रहा तोह...

पर कर भी क्या सकती थी वह? मन तोह कर नहीं सकती.

अंशु : ठीक है भाई! आप जाइये! हैवे फन! और बाकी लोग... के तो माय रूम! मुझे आप सभी से बात करनी है कुछ.

वंशु : क्या बात छोटी?

अंशु : आप सभी आइये तोह... वही बता दूंगी!

इधर ऋचा एक रेड ओने पीेछे ड्रेस पहन के बाहर आती है. उसके गोर कंधे एकदम नग्न थे. बालो की कुछ लट्टे कंधो पर गिरकर अलग hi सौंदर्य बढ़ा रही थी.

राहुल भी अपने पूरे एक सूट में बाहर निकला, दोनों ने जब एक दूसरे को देखा तोह दोनों की नज़रे थम गयी. दोनों की धड़कने तेज़्ज़ हो गयी.

इधर राहुल ऋचा को इस रूप में देख के अलग hi mantra-mugdh था, तोह वही ऋचा भी राहुल को ऐसे सूट में देख chaka-chaundh थी.

नीचे के फ्लोर पर केवल यही दोनों थे, सभी ऊपर चले गए कोई भी डिस्टर्ब नहीं करना चाहता था प्रेमी जोड़ो को. सभी इस उम्मीद में थे की एक दिन जल्द hi वो भी राहुल के साथ ऋचा की जगह पर मौजूद होंगी.

अंशु ने सभी को इसलिए इखट्टा किया क्युकी वो नहीं चाहती थी की सभी के मैं में भेद भाव और मैं मुटाव पैदा होये. उन् सभी में एकता का बीज उगाना पड़ेगा, क्युकी अब तोह सभी को एक साथ रहना पड़ेगा. ऐसे में यदि किसी के बीच आपस में नहीं बानी, तोह आगे चलके पक्का दिक्कत हो सकती थी. यही कारण से अंशु ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए सभी को अपने कमरे में बुलाया, मक़सद एक hi था - सभी में एकता पैदा करना.

राहुल और ऋचा एक दूसरे का हाथ थामते हुए कार की और पहुचे, राहुल ने बड़े hi ध्यान में रखते हुए ऋचा के लिए कार का गेट खोला, उससे ध्यान से बैठाया और फिर खुद अंदर आके ड्राइवर सीट पर बैठा. ये शिष्टाचार ज़रूरी भी था. आज वो सब कुछ अपने पहले प्यार ऋचा के लिए जो कर रहा था.

कार चालु हुई और राहुल कार को चलाते हुए बीच बीच में ऋचा की सुंदरता को निहारते जा रहा था,

ऋचा : कहा चल रहे है हम हनी??

राहुल (स्माइल्स) : थोड़ा सब्र तोह करो रीचु! You'll क्नोव!

ऋचा से बिलकुल भी सब्र नहीं हो रहा था. न जाने क्या सरप्राइज देने वाला था राहुल? बेसब्री इतनी थी ऋचा में की वो खुदकी से बाहर बस यही देख रही थी की कब कार रुके और कब वो देख पाए की राहुल क्या सरप्राइज देने वाला है.

कुछ देरर बाद जब कार रुकी तोह ऋचा की नज़रे चारो और घूम रही थी और यही सोच रही थी की यहाँ राहुल क्या सरप्राइज देने वाला है?

राहुल ने बड़े hi प्यार से ऋचा को उसका हाथ थाम के कार से बहार उतारा और चल दिया आगे.

ऋचा : ये कहा ले आये हनी?

राहुल : जस्ट वेट एंड सी...

जैसे hi ऋचा की नज़रो में सामने का नज़ारा आया तोह उसकी आँखें चौड़ी हो गयी और आसुओ से भर गयी,

ऋचा : ये...!?

सामने एक बंगला था जिसपर rahul-richa नाम लिखा हुआ था.

राहुल : यू रेमेम्बेर??

ऋचा बेचारी कुछ बोलने की हालत में hi नहीं थी. उसकी आँखें सामने मौजूद बंगला और उसकी नाम प्लेट पर नाम देख के hi आसुओ से धुंदली हो चली थी.

राहुल : तुमसे वादा किया था, की एक दिन तुम्हारे लिए वैसा hi बंगला बनवाऊंगा...

ऋचा कैसे भूल सकती थी वो वादा? जब वो किडनैप हो गयी थी, और राहुल ने उससे बचाया था तब मास्टर का घर देख के वो विस्मित हो गयी गहि. तब राहुल ने hi उससे वादा किया था की एक दिन उनका भी ऐसा hi घर होगा. और आज राहुल ने वो वादा पूरा कर दिया...

बिना कुछ बोले hi ऋचा राहुल की बाहो में झूल गयी और उससे कस के भींच लिया.

"यू don't क्नोव... तुमने ऐसा कर के मेरे दिल को क्या कर दिया है..." रट रट hi ऋचा ने राहुल से कहा.

राहुल : क्या कर दिया है??

ऋचा : तुम सोच भी नहीं सकते... मेरे दिल में तुम्हारे लिए क्या जगह बन गयी है. खुद से ज़्यादा प्यार करने लगी हु तुम से... ओह्ह्ह गॉड... *सुबुक* I'm सो हैप्पी!!!

राहुल : पसंद आया?

ऋचा : बोहत ज़्यादा... इतना की पूछो मत!

राहुल : तोह चलो फिर! अंदर से नहीं देखना!

ऋचा : बिलकुल!

राहुल और ऋचा आगे बढ़ते है तोह गेट पर hi एक सिक्योरिटी गार्ड मौजूद था. राहुल को देखते hi वो उसने उठाते hi सलाम किया.

राहुल ने अंदर आते हुए मैं दूर को के से खोला और दरवाज़े के दोनों द्वार झटके से खोल दिए,

अंदर का नज़ारा देख ऋचा की आँखें चमक उठी. ऐसा लग रहा था किसी फिल्म सेलिब्रिटी का घर हो. बीचो बीच एक बड़ा से झूमर ऊपर लटका हुआ था. दोनों साइड में सीढिया बानी हुई थी. राज सिंघासन जैसे सोफे मौजूद थे. आगे की और एक बड़ी सी डाइनिंग टेबल और उसी से जुड़ा हुआ एक बड़ा सा किचन.

राहुल : आओ! तुम्हे टूर करवाता हु...

राहुल ऋचा का हाथ थामे पूरा घर का टूर करवाता है. हर्र एक पल गुज़रते hi ऋचा की आँखों में चमक बढ़ती जा रही थी. जितना वो घर को देखती उतना hi वो उससे लुभाता.

राहुल : तोह?? केसा लगा?

ऋचा : पूछो मत...

ऋचा राहुल के आलिंगन में समां जाती है. दोनों एक दूसरे की सासें महसूस कर पा रहे थे. धड़कन मेषसूस कर पा रहे थे. हर्र लम्हे के बढ़ते उनकी सासें और भी बढ़ती जा रही थी.

ऋचा : ी लव यू ❤️

राहुल : ी लव यू तू ❤️

राहुल : वैसे... अभी सरप्राइज ख़तम नहीं हुआ है!

ऋचा (सुरप्रीसेड) : अब और क्या बचा है?

तभी राहुल अपने ब्लेजर के अंदर से एक छोटा सा वेलवेट का डिब्बा निकालता है और अपने एक घुटने पर बैठ जाता है और डिब्बा खोल देता है,

अंदर एक ख़ूबसूरत डायमंड की रिंग थी. रिंग देखते hi ऋचा अपने मुँह को दोनों हाथो से धक् लेती है और उसकी दोनों ाअंखो से ासु उसके गालो से बहते हुए गिरने लगते है.

राहुल : विल यू मर्री में? रीचु?

ये शब्द जैसे ऋचा के कानो में बारी बारी गूंजने लगे. ये वो शब्द थे जिन्हे सुन्न ने के लिए ऋचा तरस गयी थी. न जाने उसने कितना इंतज़ार किया था ये सुन्न ने के लिए. पर आज... आज जैसे एक के बाद एक ख़ुशी उससे मिल रही थी, जैसे खुशियों की झरि लगा दी हो.

वो सही थी. जो उसने राहुल को चुना. राहुल उसके लिए फ़रिश्ते से काम नहीं था. आज वही फरिश्ता उससे अपनाने के लिए पूछ रहा है, खुश कैसे नहीं होती ऋचा? उसकी ख़ुशी तोह चरम सीमा पर थी.

रट हुए hi ऋचा ने अपनी गर्दन फौरन से हां में हिलायी और अपनी रिंग फिंगर को आगे कर दिया,

राहुल ने मुस्कुराते हुए रिंग को वेलवेट बॉक्स में से निकाला और और ऋचा की रिंग फिंगर में वो ख़ूबसूरत अंगूठी पहना दी.

आनंदित होते हुए ऋचा ने अपनी ऊँगली में पहनी हुई अंगूठी को निहारा और उससे प्यार से चूम लिया.

राहुल : यू लिखे आईटी??

ऋचा : ी लव आईटी! *स्माइल्स*

राहुल : didn't ी टोल्ड यू? I'll मेक यू माय वाइफ

ऋचा (ब्लश) : यस यू दीद!!

राहुल : सरप्राइज अभी भी ख़तम नहीं हुआ है

ऋचा : हँ?? अब क्या बाकी है??

राहुल तभी अपनी ट्रॉउज़र की जेब से दो टिकट्स निकालता है, जो फॉरेन की थी.

ऋचा : फॉरेन??

राहुल : हां! पेरिस की!! सिटी ऑफ़ लव!

ऋचा : में वह तुम्हारे साथ ज़रूर जाना चाहूंगी, पर अभी... में उस से भी अच्छी जगह पर हमारा समय व्यतीत करना चाहती हु हनी...

राहुल : हँ? पेरिस नहीं चलना? ी थॉट tumhe...uhh..pasand आएगा...

ऋचा फौरन hi राहुल का हाथ थाम लेती है,

ऋचा : मेरा वो मतलब नहीं था हनी! तुम्हारा साथ हो तोह मुझे तोह हर्र जगह जन्नत लगेगी. मेरे कहने का मतलब है की... में यहाँ हमारे अपने घर में रात गुज़ारना चाहती हु. सिर्फ हम!

उसकी गुहार सुनके राहुल के होंठो पर अपने आप मुस्कान आ जाती है,

राहुल : अस यू विश रीचु!

ऋचा : थैंक यू ❤️

अगले hi पल राहुल ऋचा को गॉड में उठा लेता है और ऊपर एक बैडरूम में ले जाने लगता है

ऋचा बेचारी पूरी लाल हो रही थी. शर्म इतनी की उसने अपना चेहरा राहुल की छाती में छुपा लिया था.

बीएड में आते hi राहुल ने बड़े प्यार से उससे लिटाया. उसका बदन इतना आकर्षक था की राहुल से कण्ट्रोल hi नहीं हो रहा था. थूक को निगलते हुए उसने अपने आप को संभाला. उसकी इस हरकत ऋचा अंदर hi अंदर मुस्कुराने लगती है, कही न कही उससे अपनी सुंदरता पर नाज़ हो रहा था.

ऋचा : िफ़ ओनली...

राहुल : हम्म??

ऋचा : काश... ये कमरा फूलो से सजा होता. बीएड पर फूल बिखरे होते... में भी न... क्या सोचने लगी अभी.

राहुल : रीचु! िफ़ यू वांट थें... हम शादी तक ृक्क सकते है. शादी की अगली रात तुम्हे बिलकुल वैसा hi माहौल मिलेगा, जैसा तुम इमेजिन कर रही हो.

ऋचा तुरंत hi राहुल की भुजा जोरर से पकड़ लेती है,

ऋचा : नहीं राहुल! कब से... कब से मेने इस पल का इंतज़ार किया है. में समझ रही हु तुम क्या कहना चाह रहे हो. हो सकता है शादी के बाद वो पहली बार करने में और भी ज़्यादा आनंद आये. पर... पर...

राहुल : ???

ऋचा : पर मुझसे अब और रुका नहीं जाएगा राहुल. यदि आज हमारे बीच वो नहीं हुआ, तोह मुझे लगेगा की कोई कमी रह गयी है. और में नहीं चाहती आज इतने ख़ूबसूरत दिन पर मुझे बाद में कोई कमी महसूस होये.

राहुल : *स्माइल्स*

ऋचा : इसलिए... प्लीज! टेक में!

उन् आँखों में बोहत ज़्यादा बेकरारी थी. जैसो मानो कह रही हो की आओ और बस भोग लो मुझे...

राहुल ने उसके बाद कुछ नहीं कहा. अब कहने का समय नहीं था. अब करने का समय था. आगे बढ़ते हुए राहुल ने ऋचा की चीन अपने हाथ में ली, बिना शराब क्र भी ऋचा बोहत नशीली लग रही थी, खासकर उसकी आँखें

जो जोरर जोरर से चिल्ला के राहुल को निमंत्रण दे रही थी. नीचे झुकते hi राहुल ने ऋचा के लाल लिपस्टिक से सजे हुए होंठ अपने होंठो में क़ैद कर लिए. आखें बंद और दोनों इस मीठे एहसास में खोने लगे. लिपस्टिक का भीना भीना स्वाद राहुल को अपने मुँह में आ रहा था. पर जो भी था, बोहत hi उत्तेजना से भरा हुआ था. रस भरे होंठो से राहुल रस निचोड़ने में लगा हुआ था.

एक दूसरे के होंठ मानो लड़ाई कर रहे थे की कोण किसपे हावी होता है. राहुल ऋचा का ऊपरी होंठ चूसने में लगा था तोह वही ऋचा राहुल का निचला होंठ खींच खींच के चूस रही थी. प्यार से काटती, कभी चूसती, कभी चाटती, वही राहुल भी अपनी किसिंग स्किल्स से ऋचा को mantra-mugdh कर रहा था.

ऋचा के हाथ राहुल की रीढ़ की हड्डी से होते हुए, उसके कंधो को हल्का स्पर्श करते हुए, उसके सर के पीछे बालो पर जाके रुके और ऋचा ने राहुल के बालो को अपनी उंगलियों में भींच लिया और कस के राहुल को अपनी और खींच लिया, जिस से किश और भी उत्साही हो गयी.

ऋचा की हर्र हरकत राहुल के रोंगटे खड़े कर रही थी. उसने राहुल का ब्लेजर उतारा पर किश नहीं तोड़ी, उल्टा अब तोह जीभ का खेल शुरू हो चूका था.

थूक से सनी हुई दोनों की जीभ जब एक दूसरे की जीभ से टकराई तोह मानो दोनों के शरीर में करंट सा डूअड़ गया. गोल गोल घुमाते हुए दोनों एक दूसरे की जीभ का स्वाद ले रहे थे. ये एहसास दोनों को पागल सा कर रहा था.

ऋचा ने अगले hi पल राहुल की शर्ट की बटन खोलना शुरू कर दिया, तोह वही राहुल ने हफ्ते हुए किश तोड़ी और किश के कारण जो होंठ तप चुके थे उन्हें ऋचा के नंगे कंधो पर जमा दिया,

"Aaaahhhhhhhhhh" एक उत्तेजना से भरी सिसकी ऋचा के मुँह से निकली,

पर उसके हाथ ज़रा भी रुके नहीं, राहुल की शर्ट कुछ hi पालो में उसने साड़ी बटन्स खोल के उसके शरीर से अलग कर दी. अंदर की वेस्ट देखते hi ऋचा से बिलकुल रहा नहीं गया और उसने राहुल की वेस्ट भी निकाल दी.

राहुल ऋचा की नंगे कंधो को चाटने के बाद जब ऋचा के कंधे पूरे राहुल के थूक से भीग गए तोह राहुल ऊपर बढ़ते हुए ऋचा की गर्दन पर आ गया और इसी के साथ,

"Aaaaaaahnnnnnnnnnn", एक और सिसकी ऋचा की निकल गयी. सासें एकदम तेज़्ज़. हर्र सास में उसका सीना ऊपर उठता और राहुल की छाती से टकराता और वापस नीचे आ जाता.

ऋचा ने जैसे hi राहुल का ऊपरी नग्न बदन देखा तोह उससे खुमारी छाने लगी. राहुल की कस्सी हुई बॉडी, उसके एबीएस... ऋचा अपने नाखुनो से राहुल की बॉडी पर लाइन बनाने लगी और उसके हर्र एक पैक को छू कर उसका आभास करने लगी,

राहुल ने एक कदम और ऊपर लिया और अब वो ऋचा के कान की लौ को मुँह में ले चूका था,

"Uhhhhhhmmmmmmmmmmmm" हर्र एक प्रहार राहुल का ऋचा को सिसकी लेने पर मजबूर कर रहा था.

अगले hi पल ऋचा ने राहुल के सीने पर धक्का देके उससे बीएड पर गिराया और किसी भूकी शेरनी की तरह उसपर टूट पड़ी.

राहुल की छाती को हर्र जगह जीभ से चाट रही थी ऋचा, उसके निप्पल, उसके सिक्स पैक एबीएस, उसको गर्दन, ऐसी कोई जगह नहीं बची थी जहा ऋचा ने अपनी जीभ से उससे छाता न हो.

राहुल की पंत में तोह पहले से hi तम्बू बन्न चूका था, उस से भी अब रहा नहीं गया. उसने ऋचा को हाथो से पकड़ा और घुमा के अपने बगल में गिरा दिया. ऋचा सिर्फ ओने पीेछे ड्रेस hi पहनी हुई थी, तोह राहुल ने जैसे hi वो निकाली, ऋचा केवल ब्लैक ब्रा और पंतय में उसके सामने थी...

ऋचा बिस्तर पर लेत जाती है और राहुल को प्यार भरी नज़रो से देखने लगती है,

ऋचा : ी वाइटेड सो लॉन्ग फॉर थिस माय लव ❤️

राहुल (स्माइल्स) : ी क्नोव डिअर!

ऋचा : टेक में हनी! बना लो अपना मुझे... तुम्हारी रीचु तुम्हारे सामने मौजूद है हनी... किसका इंतज़ार है अब?

राहुल : आईटी विल हर्ट रीचु! अरे यू रेडी??

ऋचा : इतना रेडी में कभी अपनी लाइफ में नहीं हुई हनी... *स्माइल्स*

राहुल उसकी बात सुन्न मंद मंद मुस्कुराता है और अपना ट्रॉउज़र उतार के वो आगे बढ़ने लगता है.

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आज के लिए इतना hi गाइस!!


धन्यवाद्!!
 
अपडेट - 101

अब तक...

ऋचा : टेक में हनी! बना लो अपना मुझे... तुम्हारी रीचु तुम्हारे सामने मौजूद है हनी... किसका इंतज़ार है अब?

राहुल : आईटी विल हर्ट रीचु! अरे यू रेडी??

ऋचा : इतना रेडी में कभी अपनी लाइफ में नहीं हुई हनी... *स्माइल्स*


राहुल उसकी बात सुन्न मंद मंद मुस्कुराता है और अपना ट्रॉउज़र उतार के वो आगे बढ़ने लगता है.

अब आगे...

राहुल : I'll मेक आईटी मोरे एक्ससिटिंग...

ऋचा : हम्म??

तभी राहुल साइड में जाके एक कप्बोर्ड में से एक क्रीम स्प्रे ले आता है

ऋचा : ये क्या है?

राहुल (आँख मारते हुए) : क्रीम...

ऋचा : यू मैं व्हिप्पड क्रीम?

राहुल (स्माइल्स) : यस...

तभी राहुल बड़े hi धीरे धीरे ऋचा की आँखों में देखते हुए आगे बढ़ता है, ऋचा भी तेज़्ज़ सासें लेकर आगे होने वाले पालो का बेसब्री से इंतज़ार कर रही थी. न जाने आगे राहुल क्या क्या करेगा उसके साथ, और हर्र एक लम्हा उसके लिए उत्तेजना से भरा होगा. ऋचा काफी एक्ससिटेड थी...

राहुल ने झुकते हुए सबसे पहले ऋचा के रस भरे होंठ पुनः चूसे, और अपने हाथ उसके उरोजों पर ले गया. लम्बी लम्बी सासो से ऋचा की उभरी हुई छाती ऊपर नीचे हो रही थी.

काली ब्रा में गोर गोर दूध बोहत hi घातक साबित हो रहे थे, राहुल ने आखिर कार ब्रा हटा hi दी और ऋचा की नंगी गोरी चिट्टी छुछिया राहुल की नज़रो के सामने झूल गयी

राहुल ने जी भर के पहले केवल उन्हें निहारा और हलके हाथ से दोनों छूछीयो का जायज़ा लिया. ऋचा के दोनों गाल टमाटर के भाति लाल हो चुके थे. शर्म के मारे उसकी आँखें बंद हो गयी थी और वो राहुल के टच को सिसकिया लेते हुए केवल महसूस कर रही थी.

अगले hi पल राहुल ने अपना मुँह खोला और ऋचा की छूछीयो के हलके भूरे निप्पल्स पे दे मारा. "Aaaaaaaaaahmmmmmm", ऋचा ने सिसकी भरी.

जोरर जोरर से निप्पल को चूस चूस के राहुल जैसे उनमे से दूध निकालने की कोशिश कर रहा था. कभी काटता, कभी दातो में दबाकर जोरर से खींचता, तोह कभी जीभ से उन्हें टटोलता. ऋचा उसकी हरकत से पूरी पागल हुई जा रही थी.

राहुल : जब इनमे से दूध निकलेगा तोह मुझे पिलाओगी न रीचु?

ऋचा (ब्लश) : तुम्हे नहीं पिलाऊंगी तोह किस्से पिलाऊंगी जानू??

राहुल : हमारे बच्चे को भी तोह पिलाओगी न?

ऋचा (ब्लश) : वो कितना पियेगा जानू? और वो भी एक तरफ से hi पियेगा. ये दूसरी तरफ का तोह खाली hi रहेगा न... तोह तुम्हे hi तोह पिलाऊंगी न जानू... में अपने दोनों बच्चो को धेरर सारा दूध पिलाऊंगी...

राहुल : दोनों बच्चे?

ऋचा (ब्लश) : हम्म! एक हमारा बच्चा... और एक केवल मेरा बच्चा

राहुल : सिर्फ तुम्हारा बच्चा?

ऋचा (ब्लश) : हां! तुम!

राहुल : ohh...hehe...

ऋचा : chooso...jaanu... और जोरर से... मेक में प्रेग्नेंट... अपने बच्चो की माँ बना दो मुझे हनी... माय डार्लिंग!! ी लव यू सो मच... ❤

राहुल ऋचा की सिसकिया सुन्न और जोरर जोरर से उसका स्तनपान करने लगता है,

राहुल : इस मामले में तोह I'm किते लकी...

ऋचा : वो कैसे??

राहुल : क्युकी... मेरे पास केवल ये एक hi जोड़ा नहीं है स्तनों का... हहै!!

ऋचा (जलते हुए) : धत्त!! उनके बारे में बात मत करो जानू... राइट नाउ, केवल में हु तुम्हारे साथ, मुझसे प्यार करो, मेरी छुछिया चूसो, केवल मेरे स्तन के बारे में सोचो, केवल मेरे जिस्म से प्यार करो जानू...

राहुल (स्माइल्स) : जो हुकुम मेरी रानी साहिबा!

ऋचा : तोह चूसो मेरे राजा... ❤

जब राहुल ऋचा के दूध निचोड़ निचोड़ के मसल के उन्हें पूरा बेहाल कर देता है और थूक से सना देता है, तोह राहुल ऋचा की पंतय भी निकाल देता है. और अब ऋचा की हलके बालो से सजी हुई छूट राहुल के सामने थी.

ऋचा अपनी दोनों टांगें खोल के मादरजात नंगी पड़ी रहती है, और अपनी छूट के ऊपर हाथ रख के उससे फैला के राहुल को दिखाने लगती है. भले hi उससे बेहद शर्म आ रही थी पर उसके बावजूद उसने राहुल से ऑय कांटेक्ट नहीं तोडा.

ऋचा अपनी छूट ऐसे दिखा रही थी जैसे छूट नहीं कोई पहन ने का कपडा दिखा रही हो.

ऋचा (ेम्बरसेद) : में फुल शवेद नहीं कर पायी. जानू... क्या तुम्हे फुल शवेद पसंद है? यदि ऐसा हो तोह में अभी वाशरूम में जाके शेव कर लेती हु... I'm सो सॉरी... यदि ये तुम्हारी पसंद के मुताबिक़ नहीं है.

राहुल (स्माइल्स) : नहीं रीचु! ी लिखे बोथ. फुल शवेद भी और... हलके बालो से भरी हुई भी

राहुल कहते हुए आगे बढ़ के उसकी छूट में एक बार प्यार से हाथ फरता है तोह ऋचा की सिसकी निकल जाती है, राहुल के हाथो में ऋचा की छूट के हलके बाल उसकी उंगलियों के बीच में फस्स रहे थे जो राहुल की उत्तेजना को और भी बढ़ा रहे थे.

थोड़ी देरर ऋचा की छूट को सहलाते हुए और उसपे थपकी मारने के बाद राहुल झुक के अपना मुँह उसकी हलके बाल वाली छूट में दे देता है. जीभ से वो छूट के दाने को मुँह में भर के उससे जी भर के चूसता है, और ऋचा की छूट का द्वार चाट चाट के गीला करने लगता है, ऋचा बेचारी तोह इस हमले से पूरी बेहाल हो चुकी थी.

वो बिस्तर पर उचक उचक के राहुल का सर अपनी छूट पर कस्सति और दुबारा बिस्तर पर गिर जाती, नंगी छुछिया हर्र हरकत से ज़र्रों से हवा में झूल जाती.

ऋचा जैसे hi चरम सीमा पर पहुची तोह उसके बाद इतनी जोरर से झरि की आधी बेडशीट hi गीली हो गयी उसके छूट के पानी से. राहुल ने थोड़ा चाट चाट के साफ़ किया उसके बाद अपनी अंडरवियर निकल दी.

ऋचा पहले भी कई बार ब्लोजॉब दे चुकी थी राहुल को इसलिए वो राहुल के हथियार से फेमिलिअर थी. उसको एक सेकंड नहीं लगा राहुल के लोडे को हाथ में लेने के लिए. झटके देते हुए उसने राहुल का लुंड अपने मुँह में पूरा भर लिया और उससे इतने आनंद के साथ चूस रही थी ऋचा जैसे मानो अमृत हो.

आज राहुल का लुंड उससे इतना ज़्यादा एक्साइट कर रहा था की ऋचा का मैं hi नहीं भर रहा था उस से,

ऋचा : omg जानू... आईटी फीलस सो गुड... Tumhara...ye... मुझे ये दीवाना बना रहा है

राहुल व्हिप्पड क्रीम का स्प्रे लेता है और ऋचा की चूचियों पर धेरर सारा स्प्रे कर देता है और उन् क्रीम भरी छूछीयो पर टूट पड़ता है, ज़बान से साड़ी क्रीम को छूछीयो में फैलाते हुए वो निप्पल्स को चूसता है और उन्हें खाने लगता है, ऋचा के लिए ये दो तरफी हमला था. क्रीम से उसकी उत्तेजना कई गुना बढ़ चुकी थी.

ऋचा ने राहुल के हाथो से स्प्रे लिया और राहुल ले लोडे पर क्रीम स्प्रे कर दी और एक बार में hi ऋचा ने पूरा का पूरा क्रीम से भरा लोढ़ा मुँह में भर लिया. उसके लिए ये पूरी आइस क्रीम की तरह hi था.

लुंड को पूरी क्रीम से सना के ऋचा उससे बस चूसती hi जा रही थी और उसने लुंड तब तक चूसा जब तक की क्रीम का एक एक कटरा साफ़ न कर दिया हो.

वही राहुल ने ऋचा की छुछिया इतनी चूसी की उसके निप्पल के इर्द गिर्द पूरा लाल पद गया था और दातो के निशाँ भी पद चुके थे.

अब बारी थी असली खेल की,

राहुल : रीचु! रेडी हो न?

ऋचा : यस माय डिअर... ❤

और राहुल बिना कोई पल गवाए छूट पर एक दो बार अपना लुंड रगड़ता है, उसपे थपकी मारता है लुंड से और फिर छूट के द्वार से लुंड सत्ता देता है. लम्बी गहरी सास दोनों hi लोग आपस में लेते है, और राहुल एक ज़ोरदार करारा शॉट मारता है,

"Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaghhhhhhhhnnnn" ऋचा की एक ज़ोरदार चीख निकलती है और साथ hi साथ उसकी आँखों से ासु भी. दर्द के मारे बेचारी की आँखें इतनी खुल गयी थी जैसे कोई शॉक लग गया हो उससे

"सहित!!! रीचु की छूट तोह... वंशु दी, तनीषा दी, तानिया, इवन अंशु से भी टाइट है... She's सो टाइट!! मुझे सावधानी से करना पड़ेगा... ी don't वांट हेर तो रुइन हेर फर्स्ट टाइम" राहुल ने अपने मैं में हालात को देखते हुए सोचा.

अभी केवल एक चौथाई लुंड hi अंदर गया था और ऋचा का ये हाल था. ऋचा दर्द के मारे अपने नाखुनो से राहुल की पीठ पर खूखार हमले कर रही थी, राहुल की पीठ की चमड़ी ऋचा ने अपने नाखुनो से उधेड़ के रख दी. कसमसाते हुए राहुल ने अपना दर्द निचले होंठ को दातो से दबा के काम करने की कोशिश की, पीठ में आलरेडी उधड़ी हुई चमड़ी से खून निकलना शुरू हो चूका था.

राहुल ने अपना दर्द साइड में रखते हुए ऋचा को कंसोल किया और उससे धेरर साड़ी चुम्मिया देते हुए उससे मनाते हुए शांत करवाया, जब ऋचा की छूट एक चौथाई लुंड से परिचित हो गयी तोह राहुल ने फिरसे एक गहरी सास लेते हुए बिना कोई संकेत दिए अगला प्रहार किया और करीब तीन चौथाई लुंड ऋचा के छूट के सीधे अंदर कर दिया...

"Maaaaaaaaaaaaaaaaaaaa....." एक और ज़ोरदार सिसकी ऋचा की निकली और फिरसे उसके नाख़ून राहुल की नंगी पीठ की चमड़ी उधेड़ने में सफल हो गए. आसुओ से ऋचा का तकिया भीग चूका था. वो रोटी जा रही थी पर एक भी बार उसने राहुल को टोका नहीं.

कुछ hi देरर बाद जब ऋचा फिरसे नार्मल हुई तोह राहुल ने आखिरी शॉट मार्के पूरा लुंड अंदर पेल दिया और अब दोनों पूरी जड़ तक एक दूसरे से जुड़ चुके थे. ऋचा कसमसाती हुई इधर उधर अपना सर दे माँ रही थी पर राहुल ने उससे कण्ट्रोल कर hi लिया. राहुल के होंठो में जैसे जादू था. ऋचा को यही लगता था. हर्र एक चुम्बन ऋचा को उसका दीवाना बना देती थी.

धीरे धीरे राहुल ने अपने धक्के शुरू किये पर वो बड़े hi आराम से कर रहा था, जब ऋचा ने अपनी कमर उचकाना शुरू किया राहुल को संकेत मिल गया और राहुल ने फिर तेज़्ज़ धक्के लगाने शुरू कर दिए,

"आआआआहहहहह आआह्ह्ह आह आह्ह्ह्ह... उम्म्म्म

ओह्ह्ह्हह्हह yeahhhhhhhhh...ssooo गूदड़ड्ढ... Ayiiiiiii....ssssss....yessssssssss... हा मेरे jaaaanuuuu...myyy बब्यीयीय..."

ऋचा अपनी आखें बंद किये राहुल के हर्र धक्को को एन्जॉय करने लगी, दर्द तोह था पर मज़ा उस से भी ज़्यादा था, जो मज़े की अनुभूति ऋचा को हो रही थी वो दर्द को जैसे काम कर रही थी. ऋचा सिसकी लेते हुए अपनी गांड उचका उचका छुड़वा रही थी...

"आआअह्ह्ह... फ़क में हनी... माय डार्लिंग... लव यू सो मच... Aaaaaggghhhhhhh...hmmmmmm

छोड़ो अपनी रीचु ko....yesssss....aise...hi.. और जोरर से..... माय babyyy...my लोवीए.."

हर्र धक्के के साथ ऋचा की छुछिया हिलते जा रही थी, राहुल उन्हें निचोड़ते हुए ऋचा के होंठो को चूसने लगा, तोह वही ऋचा अपने एक हाथ से राहुल के बालो में फिराते हुए उसके अपने चुच्ची पर दबा रही थी और दूसरे साथ राहुल के चूतड़ों पर रखते हुए उससे धक्का देके अपनी छूट में धकेल रही थी.

ऋचा : ओह्ह्ह्ह गॉड.... सोऊ गूदड़... तोह इसलिए.... इसलिए... तनीषा दीदी तुमसे चुदवाती ही राहुल... हां???

राहुल : हँ??

ऋचा : yesssss....aaaahhh.... सो that's हाउ सेक्स फीलस. फ़क!!! It's सोऊ गूदड़... यू क्नोव माय जानू... तनीषा दीदी ने apna...uiiii मा.... स्स्स्सस्स्स्स... अपना... एक्सपीरियंस शेयर किया था मुझसे....

राहुल : ???

ऋचा : शी टोल्ड में... हाउ तो टेम्प्ट man...hahaha आआह्ह्हस्सस्स...

राहुल ताबड़तोड़ धक्के मारता रहता है और तभी ऋचा अपना हाथ जो राहुल के चूतड़ पर था उससे सरकाती हुई राहुल की गांड के छेद तक लाती है और ऊँगली छेद के ऊपर फिराने लगती है,

जैसे hi राहुल को कुछ फील होता है उसकी आँखें चौड़ी हो जाती है, पर राहुल अपने धक्के नहीं रोक सकता, ऋचा फौरन hi अपनी ऊँगली राहुल की गांड के छेद में दाल देती है पर ऊँगली केवल थोड़ी सी hi अंदर जाती है,

राहुल : आआह्ह्हह्ह्ह्ह...

राहुल उत्तेजना में एक सिसकी भरता है, ऋचा प्रयास कर रही थी पर ऊँगली और अंदर नहीं जा रही थी. ऋचा फौरन वो ऊँगली निकालती है और सीधे अपने मुँह में वही ऊँगली दाल लेती है, कुछ देरर तक उसी ऊँगली को पूरा चूस के थूक से सनाने के बाद ऋचा दुबारा से राहुल की गांड में ऊँगली ले जाती है और फिरसे जोरर से अंदर करती है, इस बार उसके प्रयासों से और थूक की चिकनाई से उसकी ऊँगली पूरी की पूरी राहुल की गांड में समां जाती है.

"आआआह्ह्ह्हह्ह" राहुल सिसकी लेते हुए और जोरर से ऋचा को छोड़ने लगता है. जोश इतना ज़्यादा बढ़ गया था की राहुल स्खलित होने की कगार पे था. ऋचा भी इतनी ज़्यादा उत्तेजित हो चुकी थी की उसका भी पानी छूटने वाला था.

और कुछ hi शान में दोनों ने अपना अपना पानी चोरर दिया. राहुल पूरा का पूरा मुठ ऋचा की छूट के अंदर उड़ेल देता है. ऋचा बेचारी भी चीखते हुए अपना ओर्गास्म लेती है और धेरर सारा पानी चोररटी है.

राहुल निढाल होक ऋचा की चुच्चियो पर लेत जाता है और ऋचा प्यार से उसका सर सहलाने लगती है और खुद भी एकदम से नींद की वादियों में चली जाती है.

एक से दो घंटे बाद ऋचा की आँख खुलती है तोह उससे अपने होंठो पर कुछ गीलापन महसूस होता है, आँखें खोल के देखती है तोह पाती है की राहुल उसके रस्सभारे होंठो का रस्सपान कर रहा है. उसके चेहरे पर अपने आप मुस्कराहट आ जाती है और वो भी राहुल का सर पकड़ के उसके होंठ ज़र्रों से चूसने लगती है.

राहुल (स्माइल) : हाउ अरे यू फीलिंग?

ऋचा (स्माइल) : थोड़ा पैन है बूत... बूत टुडे वास् थे बेस्ट डे ऑफ़ माय लाइफ. इतनी ख़ुशी मुझे आज तक मेषसूस नहीं हुई एंड थे रीज़न इस यू.

राहुल : ज़्यादा दर्द है?

ऋचा : नहीं उतना नहीं! तुम हो न! तोह दर्द के बारे में कोण सोचेगा... *स्माइल*

राहुल : इसलिए मेने अभी तक बाहर नहीं निकाला, नाउ I'm पुल्लिंग आउट...

राहुल इतना कहते हुए धीरे धीरे ऋचा की छूट से लुंड बाहर निकालने लगता है तोह ऋचा फिरसे दर्द से कराहने लगती है और जैसे hi लुंड बाहर निकालता है राहुल का लुंड खून और मुट्ठ से सजा हुआ था.

बेडशीट खून से सजी हुई थी. ऋचा की विर्जिनिटी आज राहुल ने ले ली थी.

राहुल : वाशरूम में जाके साफ़ करना पड़ेगा

राहुल उठने लगता है तोह ऋचा उसको देखने लगती है,

ऋचा : टेक में विथ यू...

राहुल ऋचा को अपनी गॉड में उठा के सीधे वाशरूम में चल देता है. ऋचा होसे से राहुल का लुंड धोती है और अपनी छूट भी साफ़ कर लेती है,

राहुल : ी नीड तो पी...

आगे बढ़ के राहुल कमोड के पास चला जाता है तोह ऋचा उसके बगल में आके कड़ी हो जाती है और उसका लुंड अपने हाथो में ले लेती है. ऋचा राहुल का लुंड पकड़ के उसकी पेशाब करवाती है, बीच बीच में वो राहुल को मुस्कुराते हुए देखती तोह कभी पेशाब की धार को ध्यान से देखती.

और अचानक hi ऋचा अपना दूसरा हाथ पेशाब की धार के सामने कर देती है,

राहुल : रिचूऊउ????

राहुल हैरान होते हुए ऋचा को देखता रहता है पर ऋचा का ध्यान तोह पूरा पेशाब पर था. राहुल की पेशाब से उसका हाथ पूरा गीला हो रहा था.

ऋचा (ब्लश) : ी ... ी जस्ट वांटेड तो फील आईटी... It's हॉट...

और इसी के साथ राहुल के लुंड का अकार बड़ा हो जाता है. ऋचा राहुल की आँखों में देखती है और वही पेशाब से सना हुआ हाथ वो अपनी छूट में लगा लेती है और उससे मसलने लगती है,

"आआअह्ह" दोनों hi साथ में सिसकी भरते है, जैसे hi राहुल की पेशाब ख़तम होती है ऋचा अपने घुटनो पर बैठ जाती है,

राहुल (सुरप्रीसेड) : रिचुउ वेट... No don't...

पर बोहत देरर हो चुकी थी. ऋचा राहुल का लुंड जो अभी अभी पेशाब कर के बंद हुआ था उससे सीधे अपने मुँह में ले लेती है. अपनी नशीली आँखों से वो राहुल को देखे जा रही थी और मूट वाला लुंड अपने मुँह में भर के चूसे जा रही थी. वो ये जानती भी नहीं थी की उसकी ये हरकत राहुल को कितना उत्तेजित कर चुकी थी.

राहुल कराहते हुए अपनी आखें बंद कर लेता है और ऋचा के सर पर अपना हाथ रख के उसके मुँह में आगे पीछे धक्के पेलने लगता है.

और कुछ hi देरर बाद दोनों एक बार और जहर जाते है. राहुल ऋचा को उठाता है और बाथ टब में पानी भरने के बाद उससे बाथ टब में लेकर बैठ जाता है. अब वक़्त था प्यार भर के पिलो टॉक का जो की बीएड में होनी चाहिए थी पर कोई बात नहीं, वही पिलो टॉक बाथ टब में हो जाएगी, बाथ टब टॉक के रूप में. बल्कि ये दोनों के लिए और भी रोमांटिक और हॉट होने वाला था.

इधर घर में अलग hi सन चल रहा था. अंशु सभी को इखट्टा करके सभी को ओपन करने की कोशिश में लगी हुई थी ताकि फ्यूचर में कोई भी लड़ाईया न होये. जितना ज़्यादा वो अपने सीक्रेट और बातें शेयर करेंगी एक दूसरे से उतना hi ज़्यादा परिचित होएंगी और उनमे एकता आएगी.

अभी सभी थोड़ा बोहत खुलने लगे थे की तभी गेट की घंटी बजी और घर पर किसी ने दस्तक दी...

वंशु : कोई आया है. कुटी तोह होगा नहीं. इतनी जल्दी तोह वह आ hi नहीं सकता.

अंशु : हां आपने ठीक कहा दी. भाई कब आएँगे ये तोह मुझे भी नहीं पता. हो सकता है वो फॉरेन ट्रिप पर हनीमून मनाने न निकल गए हो.

ख़ुशी : क्या?? H...honeymoon??

प्रीती : shit...that विच...

नेहा : क्या कहा?? ऋचा दीदी भाई की वाइफ होने वाली है. मंद योर लैंग्वेज. मेरे सामने तोह भूल के भी ऐसा नहीं कहना...

प्रीती बस अपने निचले होंठ को दांत में दबाए बस अपना क्रोध शांत करने लगती है.

अंशु : में देख के आती हु कोण है नीचे.

अंशु दौड़ती हुई नीचे जाती है और जैसे hi गेट खोलती तोह सामने लोगो को देख हैरान हो जाती है.

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आज के लिए इतना hi गाइस!


धन्यवाद्!!
 
अपडेट - 102

अब तक...



प्रीती : shit...that विच...




नेहा : क्या कहा?? ऋचा दीदी भाई की वाइफ होने वाली है. मंद यू लैंग्वेज. मेरे सामने तोह भूल के भी ऐसा नहीं कहना...

प्रीती बस अपने निचले होंठ को दांत में दबाए बस अपना क्रोध शांत करने लगती है.

अंशु : में देख के आती हु कोण है नीचे.



अंशु दौड़ती हुई नीचे जाती है और जैसे hi गेट खोलती तोह सामने लोगो को देख हैरान हो जाती है.



अब आगे...



सामने खड़े लोगो को देख अंशु थोड़ा चकित हो गयी क्युकी सामने खड़े लोग और कोई नहीं बल्कि तनीषा और तानिया hi थी.

अंशु : आप दोनों??

तानिया : हां! तोह ये है चपडगंजु का घर? वाक़ई! कहना पड़ेगा मेरा चपडगंजु कितना आगे आ चूका है. I'm हैप्पी फॉर हिम. अरे! अंदर नहीं बुलाओगी अंशु?

अंशु (मैं में) : ओह no! तानिया दी यहाँ क्यों आ गयी? सभी लोग अंदर है! लास्ट टाइम तानिया दी को मेरे और वंशु दी का भाई के साथ रिलेशनशिप का जब पता चला था तोह भाई को थप्पड़ जड़ दिया था तानिया दी ने. शी वास् हर्ट. अब तोह सभी लड़किया मौजूद है यहाँ. तानिया दी को डेफिनिटेली आज पता लग hi जाएगा यहाँ सब कुछ... ी don't क्नोव में कैसे उन्हें हैंडल करुँगी... गॉड! प्लीज हेल्प में! भाई! में पूरी कोशिश करुँगी आप को सेव करने की...

अंशु : ahaha...aaiye न अंदर प्लीज!

तनीषा : राहुल कहा है अंशु? और बाकी सब? माँ जी कहा है?

अंशु (मैं में) : ओह no! तनीषा दीदी ने चची को माँ जी कह के बुला दिया ,वो भी तानिया दीदी के saamne...ab क्या होगा? हँ? तानिया दीदी ने कुछ नहीं कहा...!?

तानिया सामने कड़ी बस मुस्कुरा कर अंशु को hi देख रही थी. अंशु इधर पूरी कन्फ्यूज्ड कड़ी हुई थी. उसके हिसाब से तोह तानिया को अब तक गुस्सा आ जाना चाहिए था. पर तानिया तोह एकदम शांत थी. ऐसा कैसे?

अंशु : तानिया didi...aap...!?

तानिया : बताती हु बाबा! देखो में बोहत थक गयी हु इसलिए शार्ट में बताती हु. तुम्हारी वंशु दी का कॉल आया था मुझे और उन्होंने बताया की बोहत इम्पोर्टेन्ट बात करनी है उन्हें मुझसे और तनीषा जी से. इसलिए उन्होंने हम दोनों को hi अपने घर पर बुलाया था ग्वालियर वाले. सो, ी वास् कन्फ्यूज्ड की ऐसी क्या बात हो गयी जो वंशु दी को इतनी ुरगेंटली करनी है...

तनीषा : हां! मुझे भी वंशु का कॉल आया था. खर्र! में तोह वेट करने के लिए तैयार थी पर तानिया सीधे मेरे घर आ गयी. मेरी उस से बात हुई. हम सभी राहुल को प्यार करते है, ऐसे में यदि उस से रिलेटेड कोई इम्पोर्टेन्ट बात है तोह हम वेट कैसे कर सकते है भला? और तानिया मुझे लेके यहाँ आ गयी. मुझे राहुल का घर का एड्रेस पता hi था... सो...

अंशु (मैं में) : ओह्ह्ह्ह! तोह अब आया मेरी समझ में. तानिया दीदी और तनीषा दीदी मतलब... थे अरे ों गुड टर्म्स विथ एच इतर. ये तोह मेरे लिए अच्छा है. बूत ी don't क्नोव की बाकियो को देख के कैसे रियेक्ट करेंगी तानिया दीदी. वो ख़ुशी वगैरह को कही झापड़ hi न जड़ दे. ख़ुशी अकेली नहीं है, मोनिका दी, प्रीती, ऋचा दी... ये चारो लोग भी भाई से प्यार करते है और तानिया दीदी को नहीं पता है ये. ऋचा दीदी के बारे में भले जानती हो तानिया दीदी पर बाकी सब के बारे में... भाई को 4 झापड़ पड़ेंगे लगता है... ओह no! सो सॉरी भाई! मेरे से जितना होगा में करुँगी आपको बचाने के लिए... बूत ी can't प्रॉमिस. क्युकी तानिया दीदी से मुझे भी डर लगता है...

अंशु : ओह्ह! तोह ये बात है! घर में आपका स्वागत है तानिया दी और तनीषा दी. बैठिये न प्लीज!

अंशु दोनों के हाथ से बैग लेती है और साइड में रख देती है.

तनीषा : माँ जी कही दिखाई नहीं दे रही अंशु? सब ठीक तोह है न?

अंशु : हँ?? जी.. वो... वो अंदर है. शायद आराम कर रही है. में उन्हें बुला के लाती हु.

तनीषा : अरे नहीं अंशु! यदि आराम कर रही है तोह उन्हें करने दो. डिस्टर्ब मत करो.

तानिया : हां! वैसे भी... अब हम यहाँ कुछ दिन रुकने hi वाले है तोह थोड़ी देरर बाद आराम से मिल लेंगे बुआ से. उन्हें रेस्ट करने दो

अंशु (मैं में) : ओह्ह no! ये सिचुएशन तोह बिगड़ती hi जा रही है. तनीषा दीदी की तोह मुझे कोई चिंता नहीं है क्युकी she's सो जेंटल. वो हर्र सच को एक्सेप्ट कर लेंगी पर तानिया दी... ओह! No... मेरे रोंगटे खड़े हो रहे है अब. क्या कहु अब???

तानिया : वैसे... ये चपडगंजु कहा है? कही दिखाई नहीं दे रहा?

तनीषा (चिंतित) : हां! अंशु! सब ठीक तोह है न? राहुल को कुछ हुआ तोह नहीं है न?

अंशु : ुहम्म... नहीं तनीषा दी... सब ठीक है.

तानिया : तोह फिर बताओ न... कहा है वो चपडगंजु?

अंशु (मैं में) : क्या कहु अब?? कुछ सूझ hi नहीं रहा है...

तानिया : कहो न...

अंशु : jii...wo...

"ाररी...!!?? तनीषा??? तानिया???"

तभी सभी के कानो में एक आवाज़ पड़ती है, सभी देखते है तोह पाते है की निशा अपने कमरे से निकल कर सीधा उनकी hi तरफ आ रही है.

"बुआए!!!"

"माँ जी",

दोनों तनीषा और तानिया उठकर निशा से गले मिलती है

निशा : तुम दोनों यहाँ? ऐसे अचानक? सब ठीक तोह है न?

तानिया : हां बुआ! सब ठीक है! आप ठीक है की नहीं?

निशा : अरे मुझे क्या हुआ है? में तोह एकदम मस्त हु

तानिया : ः! नेहा कहा है वैसे?

निशा : ऊपर होगी अपने कमरे में... तुम चली जाओ न ऊपर...

अंशु : उम् वो... मिल लेंगे सभी एक दूसरे से

पहले कुछ खा पी तोह लीजिये, फ्रेश तोह हो लीजिये...

तानिया : ummm...well...okay!

तानिया अपने बैग से कुछ सामान निकाल के नीचे के hi फ्लोर के वाशरूम में चली जाती है और निशा तनीषा को सोफे पर बैठा के उसके बगल से बैठ के बातें करने लगती है

निशा : किसी है मेरी बच्ची?? कितने दिनों बाद दर्शन हो रहे है मेरी होने वाली बहु के...

तनीषा (शर्माते हुए) : माँ जी! सब ठीक है! आपकी याद आ रही थी मुझे वह

निशा (छेड़ते हुए) : हां?? मेरी याद आ रही थी या राहुल की याद की? हां? बोल न?

तनीषा : ओह्ह माँ जी! आप भी न... मुझे सभी की याद आ रही थी.

निशा : चलो! अच्छा है! अब तू आ गयी है तोह में भी तुझसे कुछ बातें कर सकती हु

अंशु (मैं में) : अरे... में तोह भूल hi गयी थी की वंशु दी ने इन्हे यहाँ क्यों बुलाया है. इन्हे तोह पता hi नहीं है की भाई के साथ नई ज़ीलैण्ड में क्या हुआ था. और इसी के लिए वंशु दी ने इन्हे बुलाया था पर दोनों यहाँ पर hi आ गयी...

अभी दोनों निशा और तनीषा बात कर hi रही थी की इतने में पूरी की पूरी लड़कियों की टोली ऊपर से नीचे आ गयी, जिनको देख के तनीषा थोड़ी हैरान रह गयी,

नेहा : तनीषा दीदी...

तनीषा : hi नेहा! कैसी हो?

नेहा आके तनीषा के गले लगती है,

वंशु : दीदी!!! ी मिस्ड यू सो मच!!!

वंशु भी दौड़ते हुए आके तनीषा के गले लग जाती है. तनीषा उसके लिए एक बड़ी बहिन की तरह हो गयी थी अब. उसके जज़्बात, उसकी भावनाये, उसके दिल की हर्र बात जैसे तनीषा समझ जाती थी और इसलिए वंशु तनीषा से काफी जुड़ चुकी थी. तनीषा भी वंशु को अपनी छोटी बहिन की तरह hi ट्रीट करती थी.

तनीषा : ये बाकी सब...?

वंशु : उम्म्म वो... दीदी! यही बात करने के लिए आपको मेने अपने घर बुलाया था और कुछ और भी बात है. आप बैठिये न!

तनीषा को बैठाते हुए वंशु उसके बगल से बैठ जाती है. उसकी समझ में नहीं आ रहा था की वो कैसे शुरू करे.

तनीषा : एक मिनट तानिया को भी आ जाने दो वाशरूम से, फिर बताना वंशु.

वंशु : क्याआ? तानिया भी आयी है??

तनीषा : हां क्यों??

ये बात सुनते hi वंशु फौरन उठ जाती है और तुरंत अंशु को देखने लगती है,

वंशु : छोटी! तू बताएगी इनको वो बात

अंशु : क.. क्या? पर दी!

वंशु : छोटी! मुझसे नहीं होगा! अब तुझे hi संभालना है सब!

वंशु इतना बोल निशा के बगल में बैठ जाती है,

तनीषा : अरे पर बात क्या है?? कोई कुछ बताएगा भी या नहीं?

प्रीती : ख़ुशी?? ये कोण है??

ख़ुशी : मुझे कैसे पता होगा प्रीती?

प्रीती : ये इतनी सुन्दर क्यों है??

ख़ुशी : व्हाट थे...?? वो सुन्दर है तोह है प्रीती... किसी बातें कर रही हो?

प्रीती : mujhe...mujhe बस खतरा महसूस हुआ इसलिए में तुम्हे वारं कर रही हु

ख़ुशी : केसा खतरा?

प्रीती : ी don't क्नोव. मय्बे it's बिकॉज़ ऑफ़ हेर...

"वाशरूम भी क्या मस्त है बड़ा सा..." तभी एकदम से तानिया आते हुए कुछ नए चेहरे देख वही ृक्क जाती है.

वंशु (मैं में) : ओह no...

अंशु (मैं में) : ी थिंक... मुझे पहले तानिया दीदी को सबका सच बता देना चाहिए. उसके बाद यदि वो गुस्सा हुई तोह भाई को गोली लगने की बात बता दूंगी. मय्बे शी विल फील सॉरी फॉर हिम थें. यस! यही सही प्लान है!

नहीं नहीं... कही जैसे hi मेने सच बताया और वो एकदम कण्ट्रोल के बाहर हो गयी तोह क्या होगा? मुझे पहले भाई की नई ज़ीलैण्ड वाली बात hi बतानी चाहिए, इस से उनके मैं में भाई के लिए दया जाग जाएगी और फिर सच्चाई भी बता दूंगी... हां! यही सही है! गॉड! हिम्मत देना मुझे...

तानिया : आप सब??

अंशु : उम् तानिया दी! में सभी को आपसे बाद में मिलवाउंगी. पहले आप यहाँ आके बैठिये

तानिया : ok!!

तानिया आके तनीषा के बगल से बैठ जाती है. निशा भी तनीषा के बगल से बैठी हुई थी और वंशु निशा के बगल से.

उनके सामने अंशु बैठ जाती है और उसके बगल से नेहा. बाकी सभी लड़किया अपनी अपनी जगह लेते हुए बैठ जाती है,

अंशु : वो बात या है की... कहा से शुरू करू??

तनीषा : इसमें इतना सोचने वाली क्या बात है अंशु? जो भी बात है, खुलकर बता दो

अंशु : हम्म्म! दरअसल दो बातें है! में पहली बात बताती हु पहले

तानिया : हम्म...

अंशु : बात ये है की... जब नेहा को सच्चाई का पता चला था तब आप सब भी जानती है की वो कितना टूट गयी थी. बेचारी के दिल पर बोहत भारी असर हुआ था. तभी से hi नेहु को भाई की बोहत याद सत्ता रही थी और वो भाई से मिलने के लिए कुछ भी करने तैयार थी.

तनीषा : हम्म्म! मुझे याद है!

अंशु : तोह नेहु ने ये डीडे किया था की वो भाई से मिलने मुंबई जाएगी

तानिया : okay! फिर??

अंशु : उसके साथ में मुंबई आ गयी, पर यहाँ आके हमे पता चला की भाई नई ज़ीलैण्ड में है. ये बात ऋचा दीदी ने हमे बताई.

ऋचा का नाम सुनते hi तानिया की बॉहे सिकुड़ गयी और मुट्ठी कस गयी,

तानिया : ऋचा?? ऋचा तोह ग्वालियर में रहती है न??

अंशु (घबराते हुए) : एक्चुअली... उनकी जॉब जब लगी थी, तोह भाई के सक्सेसफुल होने के बाद जब भाई की खुदकी कंपनी खुली तोह भाई ने उन्हें अपने पास बुला लिया.

तानिया : ये क्या कह रही हो? ऐसा बोलो की उसने ऋचा को अपनी कंपनी में नौकरी के लिए बुला लिया. अपने पास बुला लिया से क्या मतलब है तुम्हारा? आईटी साउंड्स डिसगस्टिंग...

अंशु (घबराते हुए) : उम्म्म... हां!

तनीषा : फिर??

अंशु : तोह नेहु से और ज़्यादा रुका नहीं गया और उसने नई ज़ीलैण्ड जाने का फैसला ले लिया. उसके साथ ऋचा दीदी और में भी गयी थी. पर वह जा के जैसे hi हमे वो खबर मिली तोह...

तनीषा : क्या खबर??

अंशु : भाई... भाई को बुलेट लगी थी कंधे में और वो हॉस्पिटल में एडमिट था.

उसके इतना कहते hi दोनों तनीषा और तानिया अपनी जगह से कड़ी हो जाती है,

"व्हाटटटटट???"

तनीषा (घबराते हुए) : g..goli?? राहुल कहा है?? वो ठीक तोह है न??

तानिया (पानिक्स) : क्या हुआ उससे?? कहा है वो? कुछ कहती क्यों नहीं?

अंशु : आप दोनों प्लीज शांत हो जाइये! भाई अब ठीक है! उनका ज़ख्म भी अब ऑलमोस्ट जा चूका है! He's फाइन! वो थोड़ा... काम से गए हुए है अभी!

तनीषा (राहत में) : हे भगवान्!!! शुक्र है!! इतनी बड़ी बात हो गयी और किसी ने कुछ बताया hi नहीं???

तानिया : वही तोह... क्या में परायी हु क्या बुआ?? इतनी बड़ी बात आपने मुझसे छुपाई?

निशा : बीटा! उस वक़्त तोह मुझे केवल मेरे बेतु की चिंता थी और मुझे भी बाद में hi पता चला था... इसलिए बाकी चीज़ो पर ध्यान hi नहीं गया.

अंशु : दरअसल! भाई चाहते थे आप सभी को बताना पर... उन्होंने कहा की खामखा आपको तकलीफ होएगी और आप दोनों वह आने के लिए ज़िद्द करोगी... वो चाहते थे की मुंबई लौट जाने के बाद आप सभी को बताये...

तनीषा : पर इसमें तकलीफ की क्या बात अंशु? हम तोह उसकी hi है न? यदि हम चिंता नहीं करेंगे तोह कोण करेगा? आप सब... कैसे? कैसे इतनी बड़ी बात छुपा सकते हो??

तानिया : सही कहा! हम भी उस से प्यार करते है! उसकी चिंता हमे भी लगी रहती है...

तानिया ऐसा कहने के बाद एक नज़र निशा पर डालती है. उसका ये कहना एक डिक्लेरेशन से काम नहीं था. उसने ऐसा कह के ये घोषणा कर दी थी की तानिया राहुल से प्यार करती है और ये बात कोई नहीं झुटला सकता की दोनों hi एक दूसरे के कजिन है. मतलब साफ़ था की वो पीछे नहीं हटने वाली, पर तानिया को ताजुब तब हुआ जब निशा ने ये सुन्न ने के बाद भी कोई रिएक्शन नहीं दिया. कैसे देती भला? अब उससे आदत जो हो गयी थी. वंशु और अंशु भी तोह कजिन hi है पर राहुल ने उन्हें पटक पटक के छोड़ा है, ये बात निशा भली भाति जानती है, और कजिन की बात क्या? खुद निशा उसकी माँ उसके साथ सम्भोग करती है, फिर ये तोह छोटी चीज़ है.

प्रीती : ी कनेव आईटी! देखा?? देखा तुमने... देखा न ख़ुशी... मेने कहा था न... लो अब... कर लो प्यार... मेने कहा था न उस दिन की आंटी को पटाओ पहले... तुमने मेरी एक नहीं सुनी, देखा अब... और दो आ गयी... और दोनों... दोनों किसी सुंदरी से काम नहीं है. ये तानिया तोह... शी... ी मस्ट से... She's दमन हॉट. हां! पर मेरे लिए तोह तू hi सबसे ब्यूटीफुल है!

ख़ुशी : अब मुझे भी लग रहा है प्रीती... की काश मेने तुम्हारी सुन्न ली होती!

प्रीती : ओह्ह्ह! Don't वोर्री नाउ! में हु यहाँ पर! ी विल हेल्प यू! बस जैसा में कहु वैसा करना एंड थें राहुल तुम्हारा...

तानिया : अच्छा ठीक है! फिर?? यही बात बतानी है क्या??

अंशु : नहीं! और भी है...

तानिया : वो सब ठीक है पर पहले ये बताओ की चपडगंजु को गोली लगी कैसे?? किस हराम खोर की इतनी हिम्मत हो गयी उससे चोट पोहचाने की??

निशा : तानिया....

तानिया : सॉरी बुआ! ज़बान फिसल जाती है मेरी कभी कभी... आखिर राहुल से इतना प्यार जो करती हु.

निशा उसकी बात पे आह भर्ती है और सबके लिए अंदर चाय बनाने के लिए चली जाती है. "आज लगता है ड्रामा लम्बा खींचने वाला है", उसने मैं में सोचा.

अंशु : भाई को गोली D'Souza ने मारी थी. D'Souza वह जो मोनिका दी कड़ी है उनके माँ एंड डैड का हत्यारा था.

अंशु ने ऊँगली से इशारा करते हुए मोनिका को सबकी नज़रो में लाया और मोनिका का पूरा सच उनको बता दिया, यहाँ तक की ये भी की... मोनिका और राहुल भी एक दूसरे से प्यार करते है.

तानिया : क्या कहा?? राहुल और ये मोनिका...

अंशु : मोनिका दीदी है वह तानिया दी! वो हमसे उम्र में बड़ी है!

तानिया (गुस्से से) : तुम्हारे कहने पर तुम राहुल को नई ज़ीलैण्ड लेकर गयी थी.

मोनिका : यस! बिकॉज़ ी लव हिम... में उस से कुछ भी छुपाना नहीं चाहती थी.

तानिया बड़े hi गुस्से में चल के मोनिका के पास आती है और उसकी शर्ट की कल्लोर अपने हाथो में ले लेती है,

तानिया (गुस्से में) : लव हिम? और दो यू वांट तो किल हिम?? हाउ डरे यू!??

उसकी गुस्से से भरी बड़ी बड़ी आँखें देख वंशु बोहत डर जाती है और उससे पिछली वाली बात याद आने लगती है.

वंशु : छोटी!! छोटी कुछ कर...

अंशु : I'm ट्राइंग दी...

मोनिका : ी लव हिम! उसके लिए में कुछ भी कर सकती हु...

तानिया : इतना प्यार है तोह क्यों लेके गयी उससे मौत के मुँह में हां??

इस प्रश्न पे मोनिका की जुबां बंद हो जाती है और उसके होंठ कापने लगते है. क्या जवाब देती वह? ये कहती की राहुल जब उसके साथ नई ज़ीलैण्ड गया था तोह उससे बोहत अच्छा फील हुआ था की कोई उसके साथ देने वाला है ऐसे समय पर भी?? क्या ये कहती?? ये बात तोह पूरी स्वार्थ से भरी दिखती सभी को. पर सच्चाई तोह यही थी की मोनिका को बोहत hi ज़्यादा अच्छा लगा था, उसके दिल में राहुल के लिए अलग hi स्थान बन गया था.

तानिया : अब चुप्प क्यों हो!? हां?? बोलती बंद हो गयी?? कहा गया अब प्यार?? हँ??

कहते कहते उसकी आँखें नम्म हो जाती है.

होंठ कापने लगते है, और दांत को मीस्ते हुए वो मोनिका की कल्लोर झटके से चोरर देती है.

"और ये दोनों कौन है??" तानिया ख़ुशी और प्रीती पर नज़र डालते हुए पूछती है.

उसकी गुस्से से भरी आँखें देखते hi ख़ुशी और प्रीती एकदम वही जम्म जाती है. प्रीती डर के मारे ख़ुशी की हथेली थाम लेती है.

अंशु (हड़बड़ाते हुए) : wo...wo... इनके बारे में मुझे भी ज़्यादा कुछ नहीं पता पर... इतना ज़रूर है की... ये दोनों भी भाई से प्यार करती है.

ये सुनते hi जैसे तानिया का पारा पूरा चढ़ जाता है. तनीषा सारा सच हज़म करने में जहा मुँह खोले सब कुछ देखे जा रही थी वही तानिया अपने रिएक्शन से hi सबको दर्रा के रखे हुए थी.

नेहा : तानिया दी इस हर्ट. ी क्नोव तहत फीलिंग. में भी हर्ट हुई थी जब मुझे पता चला था...

तानिया आगे बढ़ते हुए ख़ुशी के पास आती है,

तानिया : क्या रिश्ता है तुम्हारा राहुल के साथ?

ख़ुशी : ी... ी...

तानिया (चिलाते हुए) : बोलो...

उसकी तेज़्ज़ आवाज़ सुनते hi ख़ुशी बेचारी पूरी हिल जाती है और कापने लगती है. प्रीती खुद दररते हुए ख़ुशी को अपने पीछे करने की कोशिश करने लगती है.

तानिया : में कुछ पूछ रही हु. यदि कोई रिश्ता नहीं है तोह यहाँ हमारे घर में क्या कर रही हो तुम यहाँ?

प्रीती : ख़ुशी... ख़ुशी राहुल से प्यार करती है...

तानिया (चिल्लाते हुए) : और तुम???

प्रीती : ी... ी आल्सो... No... ी don't...

ख़ुशी : प्रीती भी उस से प्यार करती है. वे बोथ लव हिम.

तानिया : ओह्ह्ह!! एंड प्लीज कैन यू तेल्ल में व्हाई? कोई रीज़न तोह होगा? ऐसा तोह होगा नहीं न की एक झलक देखते hi तुम उसके प्यार में पद गयी??

ख़ुशी हिम्मत करते हुए उससे साड़ी बातें जब बताती hi तोह तानिया का पारा और भी चढ़ा जाता है और उसकी आँखों से पता नहीं क्यों पर ासु बहने लगते है...

तानिया (रट हुए) : एवरीवन... एवरीवन... एवरीवन ुसेड हिम... यू don't क्नोव एनीथिंग अबाउट हिज फीलिंग्स. सब कुछ उसके ऊपर थोप दिया जाता है और वो उससे अपनी ज़िम्मेदारी समझ के निभाता रहता है... ी हेट थिस... हेट थिस...

और रट हुए वो दौड़ते हुए निशा के कमरे में चली जाती है और अंदर से दरवाज़ा बंद कर लेती है.

निशा जैसे hi थोड़ा बोहत शोरगुल सुनते हुए एक ट्रे में चाय लेकर बाहर आती है तोह देखती है की सभी उसके कमरे के बाहर ीखता हुए है,

निशा : क्या हुआ?

नेहा : माँ! तानिया दीदी नाराज़ हो गयी है. और वो आपके रूम में रट हुए चली गयी है और दूर खोल hi नहीं रही है.

निशा : पर क्यों?? ऐसा क्या हो गया?

अंशु : वो चची!! तानिया दीदी हर्ट हो गयी है! भाई के इतने चाहने वाले है. उन्हें दुःख हुआ है.

निशा : हम्म! मुझे पता था ऐसा कुछ न कुछ होएगा hi... उससे कुछ देरर के लिए अकेला चोरर दो बच्चो!!

नेहा : व्हॉट?? माँ?? आपको इस बात से कोई आपत्ति नहीं है?? ी मैं... तानिया दीदी भाई की कजिन है और उसके बाद भी वो भाई से...

निशा : हां तोह? अंशु और वंशु भी तोह कजिन hi है न?? क्या ये दोनों प्यार नहीं करती बेतु से?

नेहा (सुरप्रीसेड) : व्हाट?? इसका मतलब आप जानती हो???

निशा : हां तोह...

नेहा (मैं में) : फिर तोह माँ मेरे और भाई के बारे में भी...

निशा चाय की ट्रे टेबल पर रखती है और नेहा को मुस्कुराते हुए देखती है,

निशा : हां!! मुझे वो भी पता है...

निशा इतना कह के वह से जाने लगती है पर जाते जाते सबहि को तानिया को थोड़ी देरर के लिए अकेला चौररने के किये कह देती है. इधर नेहा स्तब्ध सी कड़ी होक निशा की बात का मतलब समझने का प्रयास कर रही थी.

नेहा (मैं में) : शी एक्चुअली कनौस. उसके बाद भी... उन्होंने कोई विरोध नहीं किया... इसका मतलब में और भाई... शादी...!? Omg!!

अभी सब तानिया को अकेला चोरर के बुझे हुए मैं से टेबल पर राखी चाय उठा के वह ड्राइंग रूम में बैठे hi थे की बाहर से हॉर्न की आवाज़ आयी और राहुल और ऋचा कार से उतारते हुए घर में अंदर की और आने लगते है.

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आज के लिए इतबा hi गाइस!


धन्यवाद्!!
 
अपडेट - 103

अब तक...



निशा इतना कह के वह से जाने लगती है पर जाते जाते सबहि को तानिया को थोड़ी देरर के लिए अकेला चौररने के किये कह देती है. इधर नेहा स्तब्ध सी कड़ी होक निशा की बात का मतलब समझने का प्रयास कर रही थी.




नेहा (मैं में) : शी एक्चुअली कनौस. उसके बाद भी... उन्होंने कोई विरोध नहीं किया... इसका मतलब में और भाई... शादी...!? Omg!!



अभी सब तानिया को अकेला चोरर के बुझे हुए मैं से टेबल पर राखी चाय उठा के वह ड्राइंग रूम में बैठे hi थे की बाहर से हॉर्न की आवाज़ आयी और राहुल और ऋचा कार से उतारते हुए घर में अंदर की और आने लगते है.



अब आगे...



राहुल और ऋचा जैसे hi घर में प्रवेश करते है तोह सबसे पहले दोनों की hi नज़र तनीषा पर जाती है,

राहुल : तनीषा...!??

उतने में hi तनीषा अपनी जगह से दौड़ते हुए आकर राहुल के गले लग जाती है.

तनीषा : में नाराज़ हु तुमसे...

राहुल : आप यहाँ? नाराज़? क्यों???

तनीषा : चुप्प रहो...

तनीषा राहुल को डाट देती है और तभी राहुल को तनीषा की सिसकने की आवाज़ कानो में पड़ती है, उससे समझने में देरर नहीं लगती की तनीषा रो रही है. उसकी पीठ सहलाते हुए जब राहुल ने तनीषा को पूरा कलम कर दिया तब तनीषा उस से अलग हुई,

तनीषा : इतनी बड़ी बात तुमने मुझसे छिपाई राहुल?

राहुल : तनीषा...

नेहा : भाई! उनको हमने अभी अभी नई ज़ीलैण्ड वाली बात बताई है...

राहुल : ओह्ह्ह

तनीषा : हँ..? बोलो!?

राहुल : में... में आपको परेशानी में नहीं डालना चाहता था... इसलिए...

तनीषा : हँ? राहुल... ज़रा सोचो... की ये सब मेरे साथ हुआ होता और मेने तुम्हे खबर न लगने दी होती तोह तुम्हे केसा लगता?

इस बार तनीषा की बात सुनते hi राहुल को रीलीज़ हो जाता है की उसने बोहत गलत किया तनीषा के साथ. बिना कुछ आगे बोले वो तनीषा को फिरसे गले लगा लेता है,

राहुल : मुझे माफ़ कर दीजिये... I'm रियली सॉरी! अहिंदा से ऐसा कुछ नहीं होगा, ट्रस्ट में!

तनीषा भी बस राहुल के गले लग कर रोने लगती है. सभी दोनों को देख कर खुश थे, सिवाए प्रीती के... ख़ुशी थोड़ा असमंजस में थी.

प्रीती : मेने कहा था न ख़ुशी...

ख़ुशी : प्रीती! शांत रहो. मालुम पड़ता है राहुल के लिए ये तनीषा जी बोहत अहम् है. इसलिए... कुछ मत कहना...

प्रीती : हम्म्म...

नेहा : अरे... मैं बात तोह बताना hi भूल गए...

राहुल : क्या हुआ?

नेहा : भाई! तानिया दी सब कुछ जान ने के बाद बोहत हर्ट हो गयी है... उन्हें आपके और बाकी सब के साथ के रिलेशन के बारे में भी पता चल गया है. तनीषा दी और तानिया दी को सब कुछ साथ में hi बताया था हमने...

राहुल : क्या?? तानिया??? वो भी यहाँ आयी है??? कहा है वो??

अंशु : भाई! उन्होंने अपने आप को चची के रूम में बंद कर लिया है, वो बोहत हर्ट है. अब आप को hi उन्हें मनाना होगा...

राहुल तनीषा ऋचा और बाकी सब को देखता है तोह सभी उससे तानिया के रूम में जाने के लिए हिदायत देते है,

राहुल निशा के रूम के बाहर जाकर खड़ा हो जाता और नॉक करता है. कोई जवाब नहीं. राहुल फिरसे नॉक करता है पर इस बार थोड़ा जोरर से. इस बार भी कोई जवाब नहीं आता.

एक गहरी सास लेते हुए राहुल फिरसे नॉक करता है और आवाज़ भी लगाता है,

"तानिया! प्लीज दरवाज़ा खोलो"

पर दरवाज़ा नहीं खुलता. अब राहुल थोड़ा परेशान हो रहा था. इतना आवाज़ लगाने पर भी तानिया दरवाज़ा नहीं खोल रही थी. आखिर करे तोह क्या करे अब राहुल. उससे पता था तानिया का गुस्सा केसा है, एक बार में आसानी से ठंडा नहीं होता और तोह और तानिया एक बार हर्ट होती है तोह उससे मनाने में भी समय लग जाता है. पिछली बार तोह अंशु थी उसके साथ पर इस बार तोह सिर्फ उससे hi सब कुछ करना था.

"देखो तानिया! प्लीज! दरवाज़ा खोलो... ी नीड तो टॉक तो यू. प्लीज! बस एक बार मुझे अपनी बात रखने दो. उसके बाद तुम्हे जो करना हो कर लेना. में एक शब्द नहीं बोलूंगा. प्लीज! दरवाज़ा खोलो तानिया. तुम जानती हो तुम मेरे लिए कितनी अहम् हो. मुझे अपनी बात रखने का मौका दो तानिया. यदि तुमसे बात नहीं हुई आज तोह..... तोह में खुद को कुछ कर बैठूंगा तानिया"

राहुल ने जो भी बोल बोले सब उसके दिल से निकले थे.

उसके इतना कहते hi दरवाज़ा एकदम से खुल गया. सामने तानिया कड़ी हुई थी. बेचारी का पूरा चेहरा आसुओ से भीगा हुआ था. राहुल के अंतिम शब्द सुनते hi तानिया ने फौरन hi दरवाज़ा खोल दिया. उसके होंठ कुछ कहने के लिए खुले पर फिर बंद हो गए. तानिया पलटी और कुछ 4 कदम राहुल से दूर जाते हुए कड़ी हो गयी.

राहुल ने एक राहत की सास भरी, चलो काम से काम तानिया ने दरवाज़ा तोह खोला. कमरे में अंदर प्रवेश करते हुए राहुल ने गेट को अंदर से hi लॉक कर दिया और वो जाके तानिया के पीछे खड़ा हो गया. तानिया के आँखों में अब भी ासु थे और राहुल से वो देखा नहीं जा रहा था.

उसने तानिया का हाथ थामा, तानिया ने ज़रा भी विरोध नहीं किया तोह राहुल ने फिर बोलना शुरू किया,

"तानिया! मुझे अभी पता चला की सभी ने तुम्हे बीती हुई बातें बता दी है. अब मेरी भी सुन्न लो प्लीज. जो जो तुमने बाहर सुना वो सब सच है. मेने तुम्हे नई ज़ीलैण्ड वाली बात नहीं बताई क्युकी मुझे नहीं पता था की मेरे साथ इतना बड़ा काण्ड हो जाएगा वह... जब मुझे गोली लगी थी उसके बाद तोह मुझे चेन्न hi नहीं था, सार वक़्त हॉस्पिटल में hi गुज़रा..."

राहुल के इतना कहते hi तानिया घूम के उसके कंधो पर देखने लगती है और अपने हाथो से कंधो का जायज़ा लेने लगती है, राहुल भी मुस्कुराते हुए तानिया के हाथ पर अपना हाथ रख देता है,

"अब ठीक हु में"

राहुल : मेने निर्णय लिया था की मुंबई पहुचने के बाद तुम्हे और तनीषा दोनों को hi सच बता दूंगा पर मुझे समय hi नहीं मिल पाया. ये सभी लोग घर में ृक्क गए और मुझे मौका hi नहीं मिला.

तानिया कुछ नहीं बोल रही थी बस चुप चाप सुन्न रही थी.

राहुल : रही बात ख़ुशी प्रीती और मोनिका दी की तोह... ी थिंक तुम उनके बारे में भी जान चुकी हो. ख़ुशी के लिए मेरे अंदर फीलिंग्स है, प्रीती के लिए में कुछ नहीं कह सकता. ी don't थिंक की में अभी उस से प्यार करता हु. रही बात मोनिका दी की तोह में उनके साथ लाइफ एंड डेथ सिचुएशन में रहा हु, में उनसे भी प्यार करता हु.

इस बार तानिया के ासु निकलना शुरू हो जाते है और वो अपना चेहरा छुपा के रोने लगती है.

राहुल उसके कंधो पर हाथ रखता है, "तानिया..."

पर इस से पहले की वो कुछ और कहता तानिया उसकी शर्ट को भींच लेती है और ुचि आवाज़ में बोलना शुरू करती है,

"क्यूँउउउ??? क्यों??? क्यों हर्र बार में hi हर्ट होती हु?? जवाब दो मुझे... *सुबुक* क्यों??

क्यों तुम हर्र बार अपनी परवाह किये बजर्र दुसरो की परवाह में लगे रहते हो?? थे अरे ुसिंग यू... ुसिंग यू फॉर योर गेंटलेनेस्स... क्यों लगी है तुम्हे दुसरो की केयर करने की??"

तानिया बोलते बोलते राहुल की छाती पीटने लगती है. उससे ऐसा देख राहुल के दिल में दर्द तोह ज़रूर हो रहा था.

"में hi एक हु जो हर्र बार हर्ट होती हु. में hi एक हु जिससे हर्र बार सारा सच आखिर में पता चलता है. में hi एक हु जिससे हर बार नज़र अंदाज़ कर दिया जाता है. क्यों???"

राहुल : तानिया...

"वो मोनिका तुम्हे अपने साथ नई ज़ीलैण्ड ले गयी और तुम कहते हो वो तुमसे प्यार करती है?? यदि तुमसे प्यार करती है तोह वो कैसे तुम्हे खतरे में दाल सकती है?? क्या उससे ज़रा भी ख़याल नहीं आया की तुम्हे कुछ हो गया तोह तुम्हारी फॅमिली का क्या होगा? बोलो?"

तानिया ने राहुल को झंझोरते हुए उस से पूछा

राहुल : उनका उद्देश्य मुझे बताना नहीं था तानिया. वो तोह मेने उन्हें अपनी कसम दे दी थी इसलिए उन्होंने वो सब बताया और फिर मेने hi उनके साथ जाने के लिए उनको मनाया.

तानिया : और उस ख़ुशी का क्या?? हां?? बॉडीगार्ड बना के रखा था उसने तोह तुझे?

राहुल : उसने नहीं तानिया! मास्टर को मुझे गुरु दक्षिणा देनी थी और गुरु दक्षिणा में उन्होंने मुझसे यही माँगा था. इसलिए...

तानिया : कितने बहाने बनाओगे राहुल...??

राहुल : it's आल ट्रुथ...

तानिया : ी क्नोव it's आल ट्रुथ. पर में इस बात से हैरान हु की मेरे इतने संकेत देने के बाद भी तुमको उन् सब में एक भी दोष नहीं नज़र आ रहा राहुल...

राहुल : क्यूंकि वो दोषी नहीं है तानिया. तुम उनको लेकर हर्ट क्यों होती हो???

तानिया : में उनसे हर्ट नहीं होती राहुल...

राहुल : ....?

तानिया : तुम्हे जब देखती हु, की तुम सभी की परेशानियों का बोझ अपने ऊपर ले लेते हो, जब तुम वो फीकी सी झूटी स्माइल देते हो जिसके पीछे लाखो दर्द छिपे होते है, जब तुम दुसरो के लिए इतनी परवाह करते हो और वही दूसरे तुमपर पूरी तरह निर्भर रहते है, जब तुम्हे उन् हालातो से गुज़रता देखती हु...

तभी तानिया राहुल का हाथ थामते हुए अपने सीने के ऊपर रखवा लेती है, जिसके चलते राहुल को तानिया के दिल की धड़कन महसूस होने लगती है, तानिया राहुल की नज़रो में देखती है,

तानिया : तोह... तोह मुझे इधर दर्द होता है

और अगले hi पल राहुल की आँखों से ासु निकल पड़ते है. आगे बढ़ के वो तानिया को ज़र्रों से भींच लेता है, बदले में तानिया भी रट हुए उससे कस के भींच लेती है. राहुल को तानिया के स्तन भली भाति अपनी छाती पर फील हो रहे थे.

राहुल : मुझे माफ़ करदे तानिया... ी लव यू! तेरे बिना में अधूरा हु. तेरे बिना में नहीं रह सकता. तू मेरी वजह से हर्ट हुई है isliye...mujhe तेरी हर्र सजा मंज़ूर है.

चाह कर भी तानिया राहुल पर और गुस्सा नहीं हो पाती और उसका सारा गुस्सा वही पिघल जाता है. हर्र बार वो नाराज़ होती है और हर्ट भी होती है राहुल के कारण hi पर अंत में हर्र बार वो राहुल को माफ़ कर देती है.

तानिया : okay! चल अब हट चपडगंजु...

राहुल उसकी बात सुन्न उसके और खुदके ासु पोछता है और अगले hi पल उसके होंठ अपने होंठो में भर्र लेता है. तानिया अचानक हुए इस वार से थोड़ी चौंक जाती है पर अगले hi पल वो पूरी तरह उस मीठी किश में पिघल जाती है. किश को पैशनेट होने में समय नहीं लगता. दोनों एक दूसरे की जुबां से खेलना शुरू कर देते है.

जब दोनों की किश ख़तम होती है तोह तानिया ज़र्रों से हाफने लगती है और मुँह फुलाते हुए राहुल को देखती है और फिरसे गले लग जाती है. राहुल पे अब उससे गुस्सा भी नहीं आ रहा था इसलिए वो मुँह फुला रही थी.

राहुल (मैं में) : फ़क!! She's सोऊ क्यूट... बिल्ली है ये... ी कनेव आईटी...

राहुल : तानिया! तू पिछले जनम में जंगली बिल्ली थी न? सही बताना...

तानिया (मुँह फुलाते हुए) : तू होगा जंगली बिल्ली... चपडगंजु कही का...

और दोनों भाई बहिन के बीच आपस में सब कुछ सॉर्ट आउट हो जाता है. राहुल उससे साड़ी आगे होने वाली चीज़ो से भी परिचित कराता है और अंत में तानिया राज़ी हो जाती है पर राहुल से एक वादा ले लेती है. वादा क्या था? ये उसने नहीं बताया बस राहुल से इतना कहती है की जल्द hi वो राहुल से कुछ मांगेगी जिसके लिए राहुल मान जाता है.

जब सभी फिरसे एकत्र होते है तोह सभी को राहुल कुछ प्लान्स बताता है फ्यूचर के लिए. और सभी को पहला झटका देता है ये कहते हुए की वो ऋचा से शादी करने वाला है अगले कुछ दिनों के अंदर.

इस बात से सबसे ज़्यादा हैरान ख़ुशी और प्रीती होते है, मोनिका भी थोड़ी असमंजस में थी और साथ hi तनीषा भी.

रात में राहुल जब सभी सो जाते है तोह तनीषा को अपने रूम में बुलाता है,

तनीषा : डार्लिंग...

राहुल : तनीषा!! थोड़ी मदद चाहिए...

तनीषा : क्या हुआ डार्लिंग??

राहुल इतना कहते हुए अपनी शर्ट उतार देता है और अपनी पीठ तनीषा की और कर देता है. पीठ देखते hi तनीषा की हालत खराब हो जाती है. पीठ पर पूरे नाखुनो से चमड़ी के छिले हुए निशाँ थे.

ये वही निशाँ थे जो ऋचा ने राहुल को कल दिए थे पर राहुल ने ऋचा से ये छिपा के रखा हुआ था...

तनीषा : ये क्या हुआ डार्लिंग??

राहुल उसकी बात से शर्मा जाता है तोह तनीषा समझ जाती है. वो फर्स्ट अिध का बॉक्स लेके सवलों और कॉटन से घाव को साफ़ करने लगती है.

तनीषा : तोह?? ऋचा हँ...?

राहुल : हम्म्म!

तनीषा : उम्... तोह... तुम दोनों... शादी कर रहे हो??

राहुल : हम्म!! सिर्फ में और वो nahi...tum भी

तनीषा : ???

राहुल : मेने कुछ सोचा है. ऋचा से शादी हो जाने के बाद I'll मर्री यू. विल यू मर्री में? तनीषा?

तनीषा हां में सर हिलाती है और उसकी आँखें नाममन हो जाती है.

राहुल : तुम यही सोच रही होगी न की में पहले तुम से शादी क्यों नहीं कर रहा

राहुल के इस प्रश्न पर तनीषा शांत थी पर उसके मैं में यही चल रहा था.

राहुल : उसके पीछे एक कारण है तनीषा. मेने सब कुछ सोच लिया है. अब जो में करूँगा... उस से न केवल सभी एक हो जाएंगे बल्कि गुड़िया और डैड का रिश्ता भी दुबारा से सही हो जाएगा.

तनीषा : मुझे कोई आपत्ति नहीं है डार्लिंग. जब तक तुम मेरे साथ हो. मुझे और कुछ नहीं चाहिए.

राहुल : don't वोर्री तनीषा! यू विल ऑलवेज बे माइन... तुम मेरी हो. और जल्द hi मेरी पत्नी बनोगी...

तनीषा : यस डार्लिंग!!

और दोनों एक मीठे चुम्बन में डूब जाते है.

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आज के लिए इतना hi गाइस!

धन्यवाद्!!


ओनली 4 तो 5 उपदटेस अरे लेफ्ट नाउ.
 
अपडेट - 104

अब तक...

तनीषा : मुझे कोई आपत्ति नहीं है डार्लिंग. जब तक तुम मेरे साथ हो. मुझे और कुछ नहीं चाहिए.

राहुल : don't वोर्री तनीषा! यू विल ऑलवेज बे माइन... तुम मेरी हो. और जल्द hi मेरी पत्नी बनोगी...

तनीषा : यस डार्लिंग!!


और दोनों एक मीठे चुम्बन में डूब जाते है.

अब आगे...

अगले दिन hi राहुल ने सभी को एकत्र करके एक मीटिंग राखी. मीटिंग आगे के प्लान को लेकर थी. राहुल ने जब अपना प्लान सभी को बताया तोह सभी ये सुन्न के चकित रह गए, खासकर निशा. निशा अपनी बॉहे सिकोड़े हुए राहुल के प्लान के बारे में सोचे जा रही थी. क्या राहुल का प्लान सही है? क्या ऐसा करने से सब कुछ सही हो जाएगा? कितनी संभावना है ये योजना सफल होने की? उसकी समझ में कुछ नहीं आ रहा था. एक गहरी सास लेते हुए निशा ने अंत में सारा राहुल के ऊपर चोरर दिया. यदि राहुल को जब भी उसकी आवश्यकता पड़ेगी निशा बेझिजक अपने बेतु की मदद के लिए आगे आ जाएगी.

योजना जो भी थी, वो सभी के भविष्य में राहुल के साथ सम्बन्ध को प्रभावित करने वाली थी. अब सब कुछ समय पर निर्भर था.

जहा समय ले जाए इन् सभी को.

इस वक़्त राहुल ख़ुशी और प्रीती के साथ उनके कमरे में मौजूद था. काफी समय हो गया साथ में रहते हुए पर दोनों में अकेले में उतने अच्छे से बात नहीं हो पायी थी. राहुल ने ये सोच के रखा था की वो ख़ुशी से एन्ड में बात करेगा. अब चुकी सभी के साथ उसने इंटरैक्ट कर लिया था तोह अब केवल ख़ुशी और प्रीती hi बची हुई थी और राहुल यहाँ आज रात उनके hi कमरे में मौजूद था उनसे बात करने के लिए.

बाकी सभी अपने अपने कमरों में थे. किसी को नहीं पता था की अभी ख़ुशी और प्रीती के साथ राहुल मौजूद है सिवाए ऋचा के. ऋचा अब राहुल के साथ उसके कमरे में hi सोती थी पिछले दो दिनों से. इच्छुक तोह तनीषा और बाकी सभी भी थी पर शादी के सबसे क़रीब अभी ऋचा थी तोह ऋचा को hi ये मौका मिला. डिनर आलरेडी सभी कर hi चुके थे और सोने के लिए अपने अपने रूम में आ चुके थे.

राहुल एक कुर्सी पर बैठे हुए ख़ुशी और प्रीती को देख रहा था जो उसके सामने बीएड पर बैठी हुई थी. प्रीती तोह नार्मल hi नज़र आ रही थी पर ख़ुशी के हाव भाव देख के लग रहा था की वो कुछ कहने के लिए हिचकिचा रही है,

"तोह कहो राहुल? क्या बात करनी है? अब फाइनली हमारी याद आ hi गयी तुम्हे? वर्ण बाकी लड़कियों से तोह फुर्सत hi नहीं है तुम्हे?" प्रीती ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा.

तोह उसके विरोध में फौरन hi ख़ुशी ने उसका हाथ पकड़ लिया, "प्रीती!!! ऐसा नहीं कहो! वो सब राहुल की लवर्स है"

ख़ुशी की उदारता देखते hi प्रीती अपनी आँखों को घुमाते हुए अपना हाथ चुर्रा लेती है, "ओह! C'mon ख़ुशी! तुम जिस से प्यार करती हो वो दूसरी लड़कियों के साथ मज़्ज़े कर रहा है और तुम्हे ज़रा भी आपत्ति नहीं है?"

ख़ुशी : देखो प्रीती! बाकी लोग भी तोह ये जानते हुए भी राहुल से जुड़े हुए है न और उतना hi प्यार कर रहे है? ी क्नोव आईटी हुर्ट्स बूत... में सभी की तरह धीरे धीरे मैनेज कर लुंगी. मुझे समझ आ गया है. मेरा राहुल पे एकाधिकार नहीं है और न hi में या कोई और ऐसा कर सकता है.

कहते हुए ख़ुशी ने नज़रे नीचे झुका ली. शायद अभी भी उसमे थोड़ी बोहत इस बात को लेकर निराशा थी की वो राहुल पर एकाधिकार नहीं जाता सकती. देखा जाए तोह सभी लड़कियों में ये हलकी निराशा ज़रूर होगी और सभी की यही कामना भी होगी की वो राहुल पे हक़ जताते हुए उससे केवल सिर्फ अपना कर ले. सबसे ज़्यादा तोह नेहा और तानिया hi होंगे इस मामले में. पर ये नामुमकिन था, काम से काम इस जनम में तोह नामुमकिन hi था.

एक गहरी सास लेते हुए राहुल ने दोनों को फिरसे देखा और फिर अपना मुँह खोला, "ख़ुशी! तुम से केवल दो hi सवाल है मेरे"

ख़ुशी : पूछो राहुल!

राहुल : क्या तुम मुझसे प्यार करती हो?

इस प्रश्न पर ख़ुशी फौरन hi अपना सर हां में हिलाने लगती है, "ऑफ़ कोर्स! ी लव यू राहुल! ी लव यू सो मच..." और उसके बाद hi वो शर्माते हुए फिरसे नीचे देखने लगती है.

बीच बीच में वो नज़र उठा के राहुल को देखती जा रही थी पर जैसे hi राहुल ने स्माइल किया ख़ुशी दुबारा से शर्माते हुए नीचे देखने लगी. बेचारी के गाल सुर्ख लाल पद रहे थे.

राहुल : दूसरा सवाल ख़ुशी! क्या तुम्हारे डैड यानी की मेरे मास्टर शादी के लिए राज़ी होएंगे ये सब जानते हुए भी की मेरी इतनी चाहने वाली है...!?

इस सवाल से ख़ुशी थोड़ी दुविधा में पड़ गयी. उसके dad...kya कहेंगे? क्या वो राज़ी होएंगे? उससे इसका जवाब बिलकुल नहीं पता था और सही कहा जाए तोह ख़ुशी को खुद को इसकी संभावना 50 प्रतिशत से भी काम नज़र आ रही थी.

प्रीती : सोच क्या रही हो ख़ुशी? तुम और में मिलके अंकल को मन लेंगे. में पूरा जोरर लगा दूंगी अपना... हां बोलो राहुल को.

प्रीती की बात सुन्न ख़ुशी राहुल को देखती है और निचला होंठ दातो से दबाते हुए हां में सर हिला देती है.

राहुल (स्माइल) : गुड... आज से तुम मेरी हो

राहुल ने मानो जैसे घोषणा कर दी और उसकी ये बात सुनते hi जैसे ख़ुशी के दिल की धड़कने तेज़्ज़ हो गयी.

और अगले पल hi राहुल कुर्सी से उठा और आगे बढ़ते हुए उसने ख़ुशी की चीन को अपने दाए हाथ से पकड़ते हुए उठाया, उसकी आँखों में देखा और उसके होंठ अपने होंठो से चुर्रा लिए.

अचानक हुई इस हरकत से ख़ुशी हक्की बक्की सी रह गयी. उसकी आँखें फेल गयी और वो राहुल के चेहरे को देख रही थी हैरान होते हुए. राहुल के होंठ उसके होंठो से जुड़े हुए थे.

ये पहली बार था जब राहुल ने खुदसे उससे किश किया. धड़कने मानो जैसे किसी ट्रैन के माफ़िक़ तेज़्ज़ हो गयी.

पर अगले पल hi वो एहसास जैसे गायब हो गया. राहुल ख़ुशी के होंठ चोररटे हुए पीछे हो गया. ख़ुशी को जैसे मानो अधूरा अधूरा सा लगने लगा. अब उसका मैं कर रहा था की काश ये लम्हा और लम्बा होता.

बगल में बैठी प्रीती अभी अभी जो हुआ उससे आँखें फाड़े देख रही थी. उसकी समझ में नहीं आया की पल भर में ये क्या हो गया.

इधर ख़ुशी अपने गालो को हाथो से छिपाते हुए एकदम शर्मा गयी और पलट कर उसने बेडशीट उठा के अपने सर के ऊपर दाल ली...

उसकी ये हरकत देख राहुल को हस्सी आ गयी. सो क्यूट.

"ये भले hi उम्र में मेरी गुड़िया के बराबर है पर लगता है बचपने में ये गुड़िया से आगे है. अभी भी अल्हड़पन भरा है इसमें. वेल! ी don't मंद थौघ. जैसी है ये वैसी hi अच्छी है..." , राहुल ने मुस्कुराते हुए अपने मैं में सोचा.

प्रीती ख़ुशी को देख अपने हाथ खड़े कर देती है, "ऐसे चलेगा तोह कैसे हो पायेगा ख़ुशी? लिखे सीरियसली? एक किश में तुम्हारा ये हाल है?? अभी तुम..."

प्रीती इस से पहले की आगे कुछ बोलती उसके होंठ पहले hi राहुल के होंठो के क़ब्ज़े में आ गए.

ख़ुशी ने जैसे hi प्रीती की आवाज़ अचानक से बंद होती हुई सुनी तोह वो उठ के बैठ गयी और सामने का नज़ारा देख एकदम चौंक गयी. ये प्रीती और राहुल की दूसरी किश थी. पहली बार राहुल ने प्रीती को एकदम से किश करके चुप करवाया था जब प्रीती पैनिक हो गयी थी ख़ुशी की किडनेपिंग के वक़्त.

और इस बार भी राहुल ने उससे कहते हुए बीच में उसके होंठ चुर्रा लिए. कुछ सेकण्ड्स बाद hi राहुल प्रीती से दूर हो गया, "प्रीती! रही बात हमारे रिलेशनशिप की... तोह ी थिंक वे नीड सम मोरे टाइम. गुड नाईट तो बोथ ऑफ़ यू"

और इतना कहते हुए राहुल वह से निकल गया. इधर प्रीती भी आश्चर्य चकित सी बस आँखें चौड़ी किये दरवाज़े को घूर रही थी जहा से राहुल अभी अभी गया था.

"हेहेहे! लुक ात यू नाउ... बड़ी आयी मुझे बोलने वाली. खुद की हालत देखो" ख़ुशी ने हस्ते हुए प्रीती का मज़ाक उड़ाते हुए कहा.

थोड़ी देरर पहले तोह उससे भाषण दे रही थी प्रीती पर अब क्या हुआ? तोते उड़द गए उसके खुद के तोह.

"हँ?? N..ni.. khushi...w..wo तोह mein...aise hi...usne.. mein..mein रेडी नहीं thi...na उसने अचानक se...wo...isliye mein...aisa" प्रीती भी एकदम हकलाते हुए ख़ुशी को अपनी सफाई बया करने लगती है तोह एक बार फिर ख़ुशी की प्यारी सी किलकारी चूत जाती है

"बूत आईटी फेल्ट गुड", ख़ुशी अपनी ऊँगली ले जाके अपने होंठो पर स्पर्श कराती है जहा पर कुछ देरर पहले राहुल के होंठ लगे हुए थे. मानो जैसे वो राहुल के चोर्रे हुए छाप को ढूंढ रही हो अपने होंठो पर.

उसकी बात सुन्न के प्रीती भी शर्माते हुए अपने होंठो पर उंगलियों से स्पर्श करने लगती है, "येह! यू अरे राइट!"

अगला सवेरा हुआ, सभी प्लान के अकॉर्डिंग ग्वालियर यानी के राहुल के घर के लिए रवाना होने लगे. प्रीती और ख़ुशी को चोरर कर. उनका वह अभी के लिए कोई काम नहीं था. उनका वह रहना समस्या को और भी बड़ा देता.

इस वक़्त सभी एक कोच में ट्राइब में सफर कर रहे थे. कोई जल्दी थी नहीं और निशा ट्रैन hi प्रेफर करती है इसलिए सभी ने ट्रैन से जाने का hi फैसला लिया.

ट्रैन में...

निशा राहुल के सामने वाली बिरथ पर बैठी हुई थी. राहुल उसके सामने था. राहुल के बगल से नेहा उसकी गॉड में सर्र रख के लेती हुई थी. और बाकी सभी लड़किया अपनी अपनी बिरथ पर विराजमान थी.

निशा : बेतु! क्या ये सही है? तूने सब कुछ सोच लिया है न अच्छे से? क्युकी मुझे तोह बोहत hi जोखिम दिखाई दे रहा है इसमें.

राहुल : जोखिम तोह है माँ! बोहत है! सच कहु तोह मुझे भी पूरा कॉन्फिडेंस नहीं है.

राहुल की बात सुन्न इस्सस बार निशा वाक़ई घबरा जाती है,

निशा : बेचू!??

राहुल : हां माँ! देखते है आगे क्या होता है पर मेरे हिसाब से... यही बेस्ट रास्ता है.

तभी उतने में नेहा उठ के बैठ जाती है और राहुल के गालो पर जोरर से एक पप्पी दे देती है,

नेहा : भाई!! मुझे थोड़ा डर लग रहा है?

राहुल : किसका? लोगो का?

नेहा : लोगो में तोह में किसी से नहीं दरर्ति भाई. डर इस बात का है... की... में तुमसे दूर नहीं होना चाहती भाई. मुझे इस बात का बोहत डर है.

कहते हुए नेहा एक बार निशा पर नज़र डालती है तोह निशा मुस्कुराते हुए कहती है, "तू अपने सेज भाई से प्यार करती है न?"

नेहा फौरन hi हां में सर हिला देती है.

निशा एक गहरी सास लेते हुए, "मुझे पता चल गया था. ऐसा कैसे हुए मेरी बच्ची?"

"माँ! ये अभी से थोड़ी न है. सच कहु... तोह... मुझे भाई से बचपन में hi प्यार हो गया था. बोहत पहले... में तभी भाई को बता देना चाहती थी पर दरर्ति थी..."

नेहा ने राहुल को चुपके से देखते हुए कहा.

नेहा की बात से निशा तोह हैरान हुई hi पर राहुल भी हैरान था. उससे नहीं पता था उसकी गुड़िया उस से बचपन से hi प्यार करती है.

नेहा : यदि मेने उस वक़्त hi भाई को प्रोपोज़ कर दिया होता न तोह आज भाई के साथ इतनी साड़ी लड़किया नहीं होती. भाई सिर्फ मेरा होता

कहते हुए नेहा राहुल की कमर में चुटकी लेने लगती है तोह राहुल दर्द होने की एक्टिंग करने लगता है...

राहुल : आउच! Gudiya...lag रही है

नेहा : हम्फ!!

मुँह फुलाते हुए नेहा अपनी नज़रे फेरर लेती है तोह राहुल उससे पीछे से प्यार दिखाते हुए जकड लेता है, "अरे मेरा गुड़िया! नाराज़ हो गयी? सॉरी बाबा! पर देख! तू और mein...hum साथ तोह है न... अब मुँह मत फुला"

पर नेहा तोह जैसे आज अपने भाई की टांग खींचने के पूरे मूड में थी. वो अभी भी मुँह फुलाये hi बैठी थी तोह राहुल उससे घुमा के उसके होंठ एकदम से चुम लेता है.

इस बार नेहा हड़बड़ा जाती है. सामने उसकी माँ निशा जो बैठी thi...uske बाद भी राहुल ने ये सब उसके साथ कर दिया. इतनी हिम्मत?

नेहा थोड़ी चिंतित भाव से निशा को देखि तोह निशा मुस्कुरा रही थी.

निशा : बेतु! सबके सामने नहीं! फिलहाल नहीं! बाकी... में तुम दोनों का पूरा साथ दूंगी. बच्चो की hi ख़ुशी में तोह आखिर मेरी ख़ुशी है... सब कुछ तोह तुम्हारे लिए hi किया है. जब तुम लोग hi खुश नहीं रहोगे तोह मतलब hi क्या... परेशान होने की ज़रुरत नहीं है. तुम्हारी माँ तुम्हारे साथ है बच्चो.

राहुल (स्माइल) : थैंक यू माँ! एंड... ी अंडरस्टैंड...

नेहा भी निशा की बात सुनके एकदम से बोहत खुश हो जाती है और निशा के गले लग जाती है.

कुछ hi घंटो के सफर के बाद ट्रैन ग्वालियर पहुँच गयी. सभी ट्रैन से उतरे और राहुल के घर के लिए प्रस्थान कर दिए.

जब सभी घर पोहचे तोह राजेश घर पर नहीं था, ड्यूटी पर था और ना hi उन्होंने राजेश को बताया था की सभी घर लौट रहे है. पर निशा के पास एक्स्ट्रा के थी और उसने घर का दरवाज़ा खोला और सभी को अंदर आमंत्रित किया.

अंदर आते hi सभी बारी बारी फ्रेश हुए, नहाये धोये और कपडे बदलने के बाद सभी हॉल में इखट्टा हो गए.

मोनिका : सुच ा नीस होम...

राहुल : आप पहली बार अंदर आयी हो न?

मोनिका : एससससस!

राहुल : ये घर छोटा है काफी. अब आपको ऐसे घरो की आदत नहीं होगी.

मोनिका : no डिअर! ऐसे घरो की तुलना उन् बड़े बंगलो से नहीं की जा सकती. इन् में अलग hi बात रहती है.

राहुल : और क्या है वो बात?

मोनिका : अपनापन्न, अपनों के बीच निकटता, प्यार, एकता... जो मेने अपनी लाइफ में कुछ सालो तक महसूस किया, जब तक माँ बाप थे... ः

कहते हुए मोनिका अपने माँ बाप को याद करने लगती है.

राहुल उठाते हुए उसके बगल से आके बैठ जाता है,

"तोह अपने इस राहुल को मौका दीजिये... की आपके लिए फिरसे वही चीज़ रेक्रेट कर सकू. पर थोड़ा अंतर रहेगा. मेरे माँ डैड आपके माँ डैड होंगे. आप मेरी पत्नी रहोगी और फिर हहै... आप माँ बनोगी और में पापा"

उसकी बात सुनते hi मोनिका के ासु चालक आते है और वो राहुल के गले लग जाती है. आस पास बैठे बाकी सभी लोग ये देख मुस्कुराने लगते है. काम से काम अब सबमे एकता आ गयी थी. पर आगे क्या होने वाला था?

राहुल : माँ! कॉल लगा दीजिये...

निशा : बेतु?? एक बार फिर सोच ले! क्या यही तेरा फाइनल डिसिशन है?

राहुल : यस माँ! It's फाइनल! आप चिंता मत करिये! यदि कुछ हुआ भी तोह उसके बाद भी, ी बिलीव की घर की बात घर में hi रहेगी!

निशा हां में सर हिलाते हुए किसी को कॉल लगाती है, कुछ देरर बातें करने लगती है फिर कॉल कट करके फिरसे किसी को लगाती है और फिरसे कट करके अंत में किसी को फिरसे कॉल लगाती है.

निशा : कर दिया बेतु!

राहुल : गुड! बस अब इंतज़ार करना है.

तानिया : क्या ये प्लान काम करेगा? चपडगंजु? एक बार बस बोलदे न तू की तुझे पूरा भरोसा है ये काम करेगा तोह मुझे उतनी टेंशन नहीं होएगी.

राहुल : इस बार में भी सूरे नहीं हु तानिया

वंशु : छोटी! तू कल से इतनी चुप्प क्यों है? कुछ बोल न! क्या तू मदद नहीं करेगी?

अंशु : सच कहु तोह दी! भाई की तरह में भी बोहत टेंशन में हु. मुझे भी नहीं पता है, की क्या होगा. और मुझे बोहत डर लग रहा है.

वंशु : सहित!!

ऋचा : उम्म्म्म... जो भी होगा अच्छे के लिए होगा दीदी... ऐसे सोचते रहेंगे तोह और भी टेंशन होने लगेगी. किसी ने कुछ भी नहीं खाया है जबसे आए है. क्यों न कुछ बना के खा लिया जाए.

निशा : सही कहा! अब जो होगा सो देखा जाएगा. में चली नाश्ता बनाने. कोई आएगा क्या मेरी मदद करने? मेरी होने वाली बहुओ में से?

ऋचा : में आती हु माँ जी...

तनीषा : माँ जी! चलिए. में भी आती हु.

मोनिका : मुझे भी खाना बोहत अच्छे से आता है बनाना.

निशा : तोह आ जाओ फिर तीनो. देरर किस बात की...

और निशा के साथ तीनो किचन में चली जाती है.

नेहा : भाई?? एवरीथिंग विल बे फाइन राइट?

राहुल : होप सो!!

और सभी नाश्ते की प्रतीक्षा करने लगते है पर सभी के अंदर आने वाले कल को लेकर चिंता ज़रूर थी. खासकर की नेहा अंशु वंशु और तानिया को. अब देखना ये है की कोण ज़्यादा saubhagya-shaali निकलेगा? या फिर सभी saubhagya-shaali रहेंगे?

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आज के लिए इतना hi गाइस!


धन्यवाद्!
 
अपडेट - 105

अब तक...

और निशा के साथ तीनो किचन में चली जाती है.

नेहा : भाई?? एवरीथिंग विल बे फाइन राइट?

राहुल : होप सो!!

और सभी नाश्ते की प्रतीक्षा करने लगते है पर सभी के अंदर आने वाले कल को लेकर चिंता ज़रूर थी. खासकर की नेहा अंशु वंशु और तानिया को. अब देखना ये है की कोण ज़्यादा saubhagya-shaali निकलेगा? या फिर सभी saubhagya-shaali रहेंगे?


अब आगे...



कुछ शान बाद hi, निशा ऋचा मोनिका और तनीषा के साथ नाश्ते में सभी के लिए गरमा गरम पकोड़े बना के ले आयी और सभी को चाय भी सर्वे की. पेट पूजा हो जाने के बाद अब सभी थकान महसूस करने लगे थे और आराम करने का सोच रहे थे.

नेहा ने वंशु अंशु तानिया को लेकर अपने कमरे की और प्रस्थान किया, वैसे तोह उसका मैं अपने भाई के साथ उसके साथ चिपक कर सोने का था परन्तु ऋचा और बाकी सब भी यहाँ थी, इसलिए उसने उन्हें राहुल के साथ hi रहने दिया.

ऋचा मोनिका तनीषा तीनो hi राहुल के रूम में थी. चारो बस एक दूसरे के अगल बगल चिपक कर लेते हुए आराम फार्मा रहे थे.

ख़ुशी और प्रीती ने निशा के रूम के बगल वाले गेस्ट रूम पर क़ब्ज़ा किया और दोनों वही बिस्तर पर लेती हुई थी.

"क्या सोचा फिर?", प्रीती ने दोनों के बीच चल रहे सन्नाटे को दूर करते हुए कहा.

ख़ुशी : प्रीती! ी नीड तो टॉक विथ डैड. मुझे कैसे भी करके उन्हें मनाना है प्रीती.

प्रीती : हम्म! तुम कॉल क्यों नहीं करती उन्हें?

ख़ुशी : हां! यही सही मौका है.

ख़ुशी अपना फ़ोन उठाते हुए अपने डैड को फौरन hi कॉल लगाती है,

ख़ुशी : hello?

मास्टर : hello! क्या बात है बीटा? बोलो! किसी हो? ठीक हो न?

ख़ुशी : में ठीक हु डैड! मुझे दरअसल आपसे कुछ बात करनी है.

मास्टर : हां तोह कहो न!

ख़ुशी : डैड वो... ी don't क्नोव कैसे कहु आपसे...

मास्टर : अरे बीटा! अपने बाप से क्या छ्हिपाना अब?? जो भी है बता दो

ख़ुशी (ब्लश) : डैड! आप जानते है न ki...I...I लव राहुल!

मास्टर : हां तोह ये तोह अच्छी बात है न!? ः! इसमें क्या दिक्कत है?

ख़ुशी : डैड! इसमें दिक्कत नहीं है...

मास्टर : तोह क्या दिक्कत है? क्या राहुल तुमसे प्यार नहीं करता?

ख़ुशी : no डैड... ऐसा नहीं है! वो बात ये है की ... *गहरी सास लेते हुए* उसकी और भी पार्टनर्स है डैड... एंड हे लव्स थम तू

उसका कहना ये है की... यदि में उसके साथ रहना चाहती हु तोह मुझे उसकी बाकी पार्टनर्स के साथ रहना पड़ेगा... इन इतर वर्ड्स, ी हैवे तो शेयर हिम विथ हिज इतर लवर्स...

दूसरी साइड से कोई जवाब नहीं आया और सन्नाटा छाते hi ख़ुशी और चिंतित होने लगी.

ख़ुशी : डैड??

मास्टर : क्या कहा तुमने?? ज़रा फिरसे तोह कहना

ख़ुशी (दररते हुए) : डैड! Wo...rahul की और भी पार्टनर्स है, जिन्हे वो प्यार करता है

मास्टर : kyaaaaaaaaaaaa?

अपने डैड की जोरर से आवाज़ सुनते hi ख़ुशी सेहम गयी. यदि उसके डैड का ये रिएक्शन है ये सब सुनके तोह वो तोह बिलकुल भी ये सब नहीं होने देंगे.

ख़ुशी : डैड प्लीज! पहले पूरी बात सुनिए... राहुल का रिलेशनशिप उसकी बाकी पार्टनर्स से भी प्यार वाला है बूत सबसे बड़ी बात ये है की उसकी बाकी पार्टनर्स भी एक दूसरे के साथ घुल मिलकर रहने के लिए राज़ी हो गयी है. और राहुल ने मुझे पहले hi सब कुछ बता दिया hai...ki यदि में उसके साथ रहना चाहती हु तोह मुझे ये बलिदान देना होगा... और वो मुझे सबके जैसा एक्वाली प्यार karega...dad! ी रियली लव हिम...

मास्टर : ये क्या बकवास कर रही हो तुम बीटा? राहुल की हिम्मत कैसे हुई मेरी बेटी के साथ छल करने की...

ख़ुशी : no....no...dad! राहुल ने मेरे साथ छल नहीं किया है. उसने तोह मुझे सब कुछ सच सच बता दिया पहले hi...

मास्टर : सच सच? क्या मतलब सच सच? मेने hi तोह उससे तुम्हे प्रोटेक्ट करने के लिए रखा था जान बुझ के, ताकि तुम दोनों आपस में जुड़ सको...

ख़ुशी : हँ??

मास्टर : पर मुझे नहीं पता था की राहुल की और भी पार्टनर्स है... मेने राहुल को ऐसा बिलकुल भी नहीं समझा था. मुझे तोह लगा था वो ऋचा के साथ है पर यहाँ तोह वो ऋचा के अलावा भी बाकी किसी के साथ लगा हुआ है और उसकी हिम्मत कैसे हुई बाकियो के साथ रहने के बाद मेरी बेटी से ये कहने की, की वो तुमसे प्यार करता है...

ख़ुशी : डैड... आप प्लीज शांत हो जाइये!

मास्टर : नहीं! तुम अभी के अभी वापस ग्वालियर आओ इधर मेरे पास. राहुल से में बाद में बात करूँगा इस बारे में. और जहा तक मुझे लग रहा है, तुम उससे भूल जाओ तोह hi अच्छा है.

अपने डैड की बात सुनते hi ख़ुशी बेचारी पूरी तरह से डर गयी. भूल जाओ?? राहुल को भूल जाओ? क्या ऐसा ख़ुशी कभी सोच भी सकती है? बिलकुल भी नहीं! बचपन से लेकर आज तक था hi कोण जो उसके साथ इतना क्लोज था? प्रीती तोह एक लड़की है और उसकी बेस्ट फ्रेंड. पर लड़को में तोह केवल राहुल hi था जिसके साथ रहकर ख़ुशी को प्यार वाली फीलिंग मेषसूस हुई.

ख़ुशी के डैड के न जाना कितने मित्र थे चीन में. उन् मित्रो के जो बेटे थे, वो आए दिन ख़ुशी को इम्प्रेस करने की कोशिश में लगे रहते थे. की कैसे भी करके वो ख़ुशी को अभी से hi पता ले ताकि आगे चल के जब ख़ुशी बड़ी होगी तोह उनकी शादी ख़ुशी से हो जाएगी और इसी बहाने मास्टर की प्रॉपर्टी पर भी उनका हक़ बन्न जाएगा और वो उसके मालिक हो जाएंगे. आखिर कार ख़ुशी उनकी एकलौती बेटी जो थी. पर ख़ुशी ने आज तक किसी पे घास नहीं डाली थी. कहा थे ये सब लोग? जब उसकी माँ का देहांत हुआ था और उसके डैड केवल एक बॉडीगार्ड थे. तब तोह उसके डैड के पास इतना पैसा भी नहीं था. तब कहा थे ये सब लोग? क्या कोई हाथ आगे बढ़ाने आया? नहीं!

अब जब उसके पिता के पास पैसा है तोह सभी को वो नज़र आ रही है!? अब क्यों आए है ये? ताकि प्रॉपर्टी पर हाथ जमा सके??? इसी कारण ख़ुशी केवल प्रीती को hi अपना हमदम साथी मानती है. प्रीती उसके साथ तब भी थी जब उनके पास कुछ नहीं था और अब भी है जब उसके पास सब कुछ है. यही कारण था की ख़ुशी आसानी से किसी लड़के पर भरोसा नहीं करती थी. और राहुल को भी उसने पहले ऐसा hi समझा था.

पर उस दिन जब वो कार में बंधी हुई बैठी थी और उसने जब देखा की राहुल उससे बचाने के लिए अकेले आया है और उसके लिए लड़ाई लड़ी. उस दिन के बाद से तोह जैसे ख़ुशी के मैं में और साथ hi साथ दिल में राहुल के प्रति जो घृणा वाली भावनाये थी वो एकदम समाप्त हो गयी और एक प्यार के बीज ने जनम ले लिया. उस दिन के बाद से मानो सब कुछ बदल गया.

राहुल का यु उसके साथ मज़ाक करना, उससे खाना बनाना सिखाना, उससे खाना सर्वे करना सिखाना, कुछ अच्छा काम करने पर राहुल का उसके सर पर प्यार से हाथ फर्र्ना, ये सब छोटी छोटी बातें जो उन् तीन महीनो में घाटी, वो प्यार का बीज कब एक ठोस, बड़े, मज़बूत, पेड़ में तब्दील हो गया उससे पता hi नहीं चला.

राहुल ने पहले ख़ुशी को एक माँ की फीलिंग दी, उससे काम सिखाना, खाना बनाना, खरीद दारी सिखाना, दीं दुनिया का ज्ञान देना, सब किया. उसके बाद राहुल ने उससे एक भाई की फीलिंग दी, जब वो उसके लिए उससे बचाने आया. राहुल ख़ुशी के लिए एक कम्पलीट फॅमिली पैकेज था. पर इन् सब से आगे जो फीलिंग निकल गयी वो थी एक लवर की

नतीजा यही निकला की, ख़ुशी को राहुल से बेपनाह प्यार हो गया. अब ऐसे में वो भला सोच भी कैसे सकती है की वो राहुल के बजर्र रह सकती है!? ये बात तोह सोचना hi उसके लिए पीड़ा दायक है.

ख़ुशी (रट हुए) : डैड...

मास्टर : बीटा? तुम रो क्यों रही हो? तुम इधर आ जाओ मेरे पास में...

ख़ुशी : नूवो डैड!! प्लीज! आप समझिये! ी कन्नोत लाइव विथाउट हिम. ी रियली रियली लव हिम... प्लीज! समझिये!

मास्टर (गहरी सास लेते हुए) : देखो! अभी से तुम्हारा ये हाल है तोह आगे क्या होगा? तुम वैसी नहीं हो बीटा. राहुल को भूल जाओ, ये सब तुम्हारे बस की बात नहीं है और तुम्हे करना भी नहीं चाहिए..

ख़ुशी (क्रिस) : डैड!!! प्लीज!! आपको मेरी कसम... लेट में बे विथ हिम!!! I'm सूरे हे won't बेतरय में... वो मुझे बोहत प्यार करेगा, उसने कहा है मुझसे. हे लव्स में तू! प्लीज!!! प्लीज!!!

ख़ुशी ने आखिर कसम दे hi दी.

कुछ शान तक दूसरी तरफ से कोई आवाज़ नहीं आयी. ऐसा प्रतीत हुआ जैसे मानो मास्टर कुछ सोच रहे थे. फिर अचानक hi किसी की गहरी सास लेने की आवाज़ आयी और,

मास्टर : तुमने कहा की उसकी और भी पार्टनर्स है! कोण कोण??

ख़ुशी : हँ??? Wo...wo...richa दीदी, तनीषा दीदी है एक कोई, और मोनिका दीदी...

इधर ख़ुशी ने राहुल की बहनो का ज़िक्र नहीं किया क्युकी ये एक संजीदा मामला था और ख़ुशी किसी का इतना बड़ा सच नहीं बता सकती बिना उनसे इजाज़त लिए...

मास्टर : क्याआ??? Monica...wo कब? कैसे?

ख़ुशी : wo...pehle से hi उन् दोनों की फ्रेंडशिप अच्छी थी, उसके बाद राहुल को जब गोली लगी थी... उसके बाद से तोह... थे अरे लवर्स...

मास्टर : देखो बीटा! तुम मेरी बच्ची हो. मेरी एकलौती बच्ची!! में हमेशा तुम्हारी ख़ुशी hi चाहता हु. कभी भी तुम्हे दुःख में नहीं देख सकता.

ख़ुशी : ी क्नोव डैड...

मास्टर : और मोनिका ने इतनी बड़ी बात मुझसे छिपाई? में अभी उस से बात करता हु.

ख़ुशी : डैड no... ये क्या कर रहे हो आप? क्या सिर्फ आपकी बेटी को hi प्यार चुनन ने का हक़ है? मोनिका दीदी को भी तोह अपना प्यार चुनन ने का हक़ है न? और वो भला आपको क्यों बताएंगी? वो उनकी पर्सनल लाइफ है.

ख़ुशी का विरोध मास्टर को पूरी तरह से छुप कर देता है.

मास्टर : तोह ठीक है... मेने एक फैसला लिया है. तुम्हे ये शर्त माननी पड़ेगी.

ख़ुशी : k...kesi शर्त?

मास्टर : में तुम्हारे फैसले में बिलकुल भी हस्तक्छेप नहीं करूँगा. तुम राहुल के साथ रहो, जो करना है करो. Par...par...

यदि मुझे पता चला की तुम राहुल के कारण ज़रा भी रोई हो, या उसने तुम्हे तकलीफ पोहचायी है जाने या अनजाने में तोह तुम उसी वक़्त वह से इधर आ जाओगी. में अब और कुछ नहीं सुन्न न चाहता.

ख़ुशी : डैड!! O..ok मुझे मंज़ूर है डैड!

मास्टर (आह भरते हुए) : मेरी beti...tum इतनी पोस्सेस्सिवे कब से हो गयी? तुम राहुल को दूसरी लड़कियों के साथ कैसे देख सकती हो भला? क्या तुम राहुल को उनके साथ प्यार करते हुए देख सकती हो? क्या तुम्हे अजीब नहीं लगेगा? सबके सामने जब तुम राहुल के साथ और उसकी बाकी पार्टनर्स के साथ ये बताओगी की तुम उसकी कुछ पत्नियों में से एक हो?! क्या तुम्हे अजीब नहीं लगेगा की बाकी लोग क्या सोचेंगे तुम्हे देख के?

ख़ुशी (निचला होंठ डाट से दबाते हुए) : डैड! में शुरू से hi अकेली रही हु. प्रीती hi थी एक बस मेरे साथ. जब लोगो ने मुझे तब सहारा नहीं दिया थें व्हाई शुड ी इवन केयर की लोग मेरे बारे में क्या सोचेंगे? अस लॉन्ग अस I'm विथ राहुल थें ी don't नीड एनीथिंग. रही बात उसकी पार्टनर्स की... आईटी साउंड्स वीयर्ड बूत I'll मैनेज... उसकी बाकी पार्टनर्स भी तोह एक साथ hi है न? क्यों? क्युकी उनके लिए भी राहुल ज़्यादा इम्पोर्टेन्ट है. न की ये जलन वाले भाव...

मास्टर : हम्म्म... मेरी बस यही कामना है की

तुम्हारे ये फैसला तुम्हे तकलीफ न दे बस.

ख़ुशी की आँखें ये उत्तर सुन्न नम्म पद जाती है, "थैंक्यू सो मच डैड! थैंक यू सो मच. आप बिलकुल चिंता मत करिये डैड! ी can't बे मोरे हैप्पी..."

मास्टर (स्माइल) : हम्म! चलो अच्छा प्रीती को फ़ोन दो.

ख़ुशी : आपको कैसे पता प्रीती मेरे साथ है?

मास्टर : तुम दोनों कभी अलग हुए हो क्या?

ख़ुशी : हम्म ये भी है. अच्छा ये लीजिये, प्रीती से बात करिये.

प्रीती : ह.. hello?

मास्टर : प्रीती!! किसी हो?

प्रीती : mein...as usual...acchi hi हु अंकल

मास्टर : हम्म! मेरी एक रिक्वेस्ट है तुमसे!

प्रीती : जी कहिये न!

मास्टर : देखो प्रीती! तुम भी जानती हो की ख़ुशी पहले किसी थी और अभी किसी है. सच कहु तोह अभी की ख़ुशी से में काफी प्रसन्न हु पर ये ख़ुशी अपने आप को चोट पोहचा बैठेगी. और इसलिए मुझे तुम्हारी मदद चाहिए. में चाहता हु की कभी भी ख़ुशी राहुल या इस परिस्थिति के कारण रोये या उससे ज़रा सी भी तकलीफ पोहचे, तुम मुझे फौरन बता डौगी.

प्रीती : j...ji अंकल. ी विल.

मास्टर : गुड! और हमारे बीच क्या बात हुई ये ख़ुशी को बिलकुल भी मत बताना. Okay?

प्रीती : j...ji!

मास्टर : और किसी भी चीज़ की ज़रुरत हो तोह मुझे कॉल कर देना. Aur...uska ध्यान रखना preeti...aur अपना भी...

प्रीती : आपको ये बात कहने की ज़रुरत नहीं है अंकल...

मास्टर (स्माइल) : थैंक यू!! रखता हु अब...

*कॉल एंड्स*

कॉल कट होते hi ख़ुशी सवालिया नज़रो से प्रीती को देख रही थी, जैसे फटाफट डिमांड कर रही हो की जो भी बात हुई उससे फौरन बतायी जाए. उसकी पलके अभी भी भीगी हुई थी...

ख़ुशी : क्या कहा डैड ने?

प्रीती : कुछ नहीं! यही की... में तेरा ख़याल राखु...

ख़ुशी (ब्लश) : डैड समझते क्यों नहीं... I'm नॉट ा किध एनीमोर...

प्रीती : बच्ची तोह तू है, तभी तोह उन्होंने मुझे तेरा ख़याल रखने कहा है. चल अच्छा अब ये bata...kya डीडे हुआ फिर?

ख़ुशी बिना कुछ कहे hi प्रीती को भींच लेती है. "वो मान गए... बूत उनकी शर्त है की यदि राहुल ने मुझे हर्ट किआ या में यहाँ रह के हर्ट हुई तोह वो मुझे बुला लेंगे"

प्रीती : ओह्ह्ह!!! बूत एटलीस्ट वो मान तोह गए...

ख़ुशी (स्माइल्स) : यस!!!!

प्रीती (मैं में) : I'm सॉरी ख़ुशी! अंकल की रिक्वेस्ट पर मुझे तुझसे ये बात छुपानी पड़ेगी. पर ये ज़रूरी है, जैसे अंकल तुझे हर्ट होते हुए नहीं देख सकते वैसे hi में भी तुझे हर्ट होते हुए नहीं देख सकती...

यहाँ ख़ुशी का मटर अपने डैड से तोह सुलझ गया था पर पता नहीं कल क्या होने वाला था. कल सारे लोग जो पधारने वाले थे. कोई बड़ा हंगामा न हो जाए. यदि हंगामा खड़ा हुआ तोह अपनों के बीच सम्बन्ध तोह बिगड़ेंगे hi साथ hi साथ आस पड़ोस में भी पता चलने का डर रहेगा. समाज के बीच तोह ठु ठु हो जाएगी फिर सभी की. इस बात से राहुल और उसकी पार्टनर्स को भले फ़र्क़ न पड़े पर राहुल के फॅमिली मेंबर्स का क्या? उनका तोह उठना बैठना hi समाज में है.

रात के 8 बज चुके थे जब दरवाज़े पर अचानक किसी ने दस्तक दी.

राजेश नौकरी से घर लौटा था और अपने घर की लाइट्स ों देख के उसके होश hi उड़द गए. कही कोई चोरी तोह नहीं हो गयी?? घबराते हुए वो अंदर घुसा तोह सामने का नज़ारा देख स्तब्ध रह गया.

राहुल सोफे पर नेहा के साथ बैठा हुआ था. नहीं! नेहा राहुल से चिपक कर उसके कंधे पर सर रख कर बैठी हुई थी.

बगल वाले सोफे पर अंशु वंशु बैठी हुई थी aur...aur 2 और अनजान लड़किया एक सिंगल बीएड पर बैठी हुई थी. ये दो अनजान लड़किया ख़ुशी और प्रीती hi थी. और एक सिंगल सोफे पर तानिया बैठी हुई थी.

अचानक यु सबको देख राजेश की कुछ समझ में नहीं आया.

राजेश : अरे! तुम सब?? यहाँ ऐसे अचानक? काम से काम कॉल तोह कर देते एक... में इतना घबरा गया था. मुझे लगा घर में चोरी वोरि तोह नहीं हो गयी...

राहुल : ः... हम सबने सोचा क्यों न आपको सरप्राइज दे.

बगल में बैठी नेहा ने राजेश को देखते hi अपनी पकड़ राहुल के कपडे पर और भी कस ली.

राजेश अपना सर हां में हिलाते हुए नेहा को एक नज़र डालते हुए जब अंदर जाने लगा तोह उससे किचन में तनीषा निशा मोनिका और ऋचा दिखाई दी. इतने सारे लोगो को एक साथ घर में देख वो सोच में पद गया और उसने आखिर पूछ hi लिया,

"निशा!? तुम सब कब आये? अरे एक कॉल तोह कर देती? राहुल की तबियत तोह अब बिलकुल ठीक लग रही है... और ये कोण है? और बाहर वो दो लड़किया कोण है?"

निशा : अरे आप गए? हमने आपको इसलिए नहीं बताया क्युकी सोचा क्यों आपको परेशान करे, मेरे पास एक्स्ट्रा के थी तोह में सीधा सभी को घर ले आयी. और रही बात ये सब कोण है तोह सारे सवालों का जवाब आपको कल मिल जाएगा. अब आप जाईये, फ्रेश होइए और खाना खाने बैठ जाइये.

राजेश के सवालों का जवाब तोह उससे नहीं मिल सका पर निशा के अकॉर्डिंग उससे सब कुछ कल पता लगने वाला था तोह राजेश ने इस बात पर फिर ज़्यादा गौर नहीं किया.

बाहर राहुल नेहा को hi देख रहा था,

"परेशान हो?", राहुल ने उससे देखते हुए पूछा.

"डर लग रहा है", नेहा ने हलकी सी आवाज़ में कहा.

राहुल : डैड से?? वो कुछ नहीं करेंगे...

"उनसे नहीं! डर इस बात का है की में आपको खो न दू", नेहा ने अपनी नज़रे ऊपर करते हुए राहुल की आँखों में देखा.

राहुल : पागल! में थोड़ी कही जा रहा हु. तेरे बजर्र में खुद कभी रह सकता हु क्या?

नेहा ने गौर से राहुल की आँखों में देखा जिसमे उससे अपने प्रति बस प्यार hi प्यार दिख रहा था, "ी लव यू!!"

और नेहा वही सोफे पर बैठे बैठे hi हल्का सा आगे बढ़ी और राहुल के होंठ से अपने होंठ जोड़ दी और 3 से 4 सेकंड बाद hi वापस से अपनी जगह पर आ गयी.

इस छोटी सी किश से राहुल को बड़ा hi अच्छा लगा पर तभी उससे ध्यान आया की वो अभी हॉल में बैठा हुआ है और जैसे hi उसने नज़रे उठा के देखा तोह...

अंशु वंशु उन्हें hi देख रही थी, तानिया भी घूर रही थी. ख़ुशी और प्रीती की नज़रे भी उन् दोनों पर गाड़ी हुई थी.

ख़ुशी (मैं में) : ख़ुशी! Don't बे जेलस! Don't बे जेलस! राहुल से धेरर साड़ी किस्सेस तुम बाद में ले लेना पर don't बे जेलस. यू मस्ट नॉट लूज़ ख़ुशी.

वंशु : कुटी! कण्ट्रोल कर न! देख तोह सही हम कहा बैठे है

राहुल : हँ? वो में...

नेहा : दीदी? आप भाई को क्यों बोल रही हो? इसमें उनकी क्या गलती? आपने देखा न...!? मेने hi िनितीयते किया था. भाई तोह चुप चाप बैठे हुए थे. तोह आप उन्हें क्यों बोल रही हो?

वंशु : wo...wo...par वो तोह बड़ा है न? उससे रोकना चाहिए था तुम्हे...

नेहा : हँ?? बड़ा है तोह उसी की गलती है क्या सब? यही होता चला आ रहा है. सब उससे बड़ा समझ के पूरा दोष उसपे डालते आ रहे है, शुरू से यही होता आ रहा है, उसकी गलती नहीं भी रहती तोह भी उसपे दोष दाल दिया जाता है, और भाई कुछ बोलता भी नहीं है, सब अपने ऊपर ले लेता है, बिलकुल जैसे अभी आपकी कही हुई बात भी अपने ऊपर ले ली जबकि गलती मेरी थी... हर्र बार यही...

इस से पहले की नेहा की आवाज़ और तेज़्ज़ होती और वो आगे कुछ कहती राहुल उससे कस के अपनी बाहो में जकड लेता है,

"हे! हे!! कलम डाउन... कलम डाउन गुड़िया! It's okay! I'm फाइन! Don't वोर्री!"

पर नेहा का दिल उसकी बातो से उभरने की बजाए उल्टा रो दिया. और उसकी आँखों से ासु निकल पड़े, "देखा आपने!? दीदी!? हे टूक आल थे ब्लामे हिमसेल्फ. इसने आपको समझाने की भी कोशिश नहीं की.. एंड नाउ he's सयिंग he's फाइन"

राहुल : अरे!?? गुड़िया! I'm रियली फाइन! आईटी वास् जस्ट ा किश... इतना दुःख मनाने की क्या ज़रुरत? और वंशु दी की बात सही तोह है, में बड़ा हु, तोह इन् सब बातो का मुझे ध्यान रखना चाहिए. अभी हम हॉल में बैठे हुए है, यदि डैड अभी हमे देख लेते तोह क्या होता?! वैसे तोह उन्हें कल पता चल hi जाएगा पर अभी हम कोई रिस्क नहीं ले सकते न.

नेहा : न्यूऊओ!!! हर्र ज़िम्मेदारी आपकी नहीं है भैया... व्हाई don't यू अंडरस्टैंड? तरय तो देपेंद ों में सोमेतिमेस. हर्र बार ब्लामे अपने ऊपर मत लिया करो. ऐसा करते करते hi आप ऐसे बन्न गए हो. आपको ये सब नार्मल लगने लगा है. बूत यू don't अंडरस्टैंड भाई... की आपसे इतना प्यार करने वाली आपकी ये गुड़िया... जब आपको ऐसे देखती है न... तोह बोहत दर्द होता है. मुझे बोहत बेचैनी होने लगती है, ी फील सो उनकंफर्टबले... ऐसा लगता है मानो मेरे खुद के साथ हो रहा हो, ी फील सो बाद... It's थे वर्स्ट. वो फीलिंग... में शब्दों में नहीं बता सकती भाई... पर आपको ऐसे नहीं देख सकती. प्लीज! प्रॉमिस में, फ्रॉम नेक्स्ट टाइम यू won't दो थिस.

राहुल : अच्छा बाबा! ी प्रॉमिस! Okay?? अब तोह मुस्कुरा दे...

नेहा मुस्कुराते हुए राहुल के फिरसे गले लग जाती है. तभी राहुल को अपनी दूसरी साइड भी ऐसा फील होता है जैसे किसी ने उससे हुग किया है. देखता है तोह पाटा है की ये तानिया थी,

तानिया : नेहा इस राइट! ी फील थे शामे. और लगता है, जाने अनजाने में कई बार हम hi राहुल को चोट पोहचा देते है. पर आगे से में ऐसा बिलकुल नहीं होने दूंगी. ी प्रॉमिस यू राहुल! I'll बे योर शील्ड. देपेंद ों में तू...

राहुल : तानिया...

तभी सभी के कानो में किसी की सिसकने की आवाज़ पड़ती है, ये वंशु थी जो रो रही थी

"I'm सॉरी! I'm सो सॉरी! कुटी! जिस चीज़ से तुझे बचाते आ रहे थे, मेने भी वही कर दिया... I'm सो सॉरी! ी shouldn't हैवे बलमद यू"

राहुल : अरे... प्लीज दी! रोइये मत. आप लोग कुछ ज़्यादा hi सोच रहे हो. It's जस्ट ा सिंपल मटर. There's नथिंग सो...

अंशु : नहीं भाई! ये छोटा मटर नहीं है! ये बोहत सोचने वाला मटर है. ी थिंक वंशु दी यहाँ पर गलत थी... बूत कोई बात नहीं! नाउ शी ुन्देरस्टंडस... राइट दी?

वंशु : हम्म्म्म

"गरमा गरम डिनर रेडी है!! चलिए सभी हाथ धो लीजिये और डाइनिंग टेबल पर बैठ जाइये..." तनीषा की आती हुई आवाज़ से सभी जैसे जागे और अपनी अपनी जगह से उठ गए डिनर के लिए.

डिनर के बाद ये रात तोह यु hi गुज़र गयी, पर रात भर राजेश को चोरर कर किसी को भी अच्छे से नींद नहीं आयी. आती भी कैसे? कल को लेकर सभी को इतनी चिंता जो थी. कल या तोह ये तूफ़ान थमेगा या तोह सबको बहा के ले जाएगा और सब कुछ तेहेस महेस कर देगा. पर राहुल को अभी भी एक आस थी. एक प्लान था असल में. वो यदि तूफ़ान को रोक नहीं सकता तोह उसका रुख तोह बदल hi सकता है न?

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धन्यवाद् गाइस!!
 
अपडेट - 106

अब तक...

"गरमा गरम डिनर रेडी है!! चलिए सभी हाथ धो लीजिये और डाइनिंग टेबल पर बैठ जाइये..." तनीषा की आती हुई आवाज़ से सभी जैसे जागे और अपनी अपनी जगह से उठ गए डिनर के लिए.

डिनर के बाद ये रात तोह यु hi गुज़र गयी, पर रात भर राजेश को चोरर कर किसी को भी अच्छे से नींद नहीं आयी. आती भी कैसे? कल को लेकर सभी को इतनी चिंता जो थी. कल या तोह ये तूफ़ान थमेगा या तोह सबको बहा के ले जाएगा और सब कुछ तेहेस महेस कर देगा. पर राहुल को अभी भी एक आस थी. एक प्लान था असल में. वो यदि तूफ़ान को रोक नहीं सकता तोह उसका रुख तोह बदल hi सकता है न?


अब आगे...

सुबह हुई, और आज वो दिन था जिसका सभी को बेसब्री से इंतज़ार भी था पर साथ hi साथ एक घबराहट भी थी अंदर की आगे क्या होने वाला है.

राहुल समेत सभी उठकर नाश्ता वगैरह कर चुके थे पर राजेश से अब रहा नहीं जा रहा था,

राजेश : अरे अब कोई बताएगा क्या मुझे? क्या चल रहा है? अब मुझसे रहा नहीं जा रहा है. राहुल! बीटा बताओ न क्या बात है? और तुम्हारी तबियत किसी है अब?

राहुल : में ठीक हु अब डैड. अभी कुछ देरर में आपको सब कुछ पता चल जाएगा डैड. तब तक के लिए वेट करिये...

और थोड़ा समय बीतने के बाद hi, दरवाज़े पर किसी ने दस्तक दी. अंशु और वंशु के माँ बाप पधार चुके थे.

रुपेश और विनीता. राहुल के बड़े पापा और बड़ी मम्मी. अंदर आते hi निशा ने उन्हें बैठाया पर अंदर hi अंदर निशा की बेचैनी चरम सीमा पर पहुँच चुकी थी. उसका जी इतना घबरा रहा था, उसके परिवार वाले सच झेल भी पाएंगे या नहीं? यदि सब कुछ बिगड़ गया तोह? उपरवाले का नाम लेकर निशा ने सब कुछ अब समय पर चोरर दिया. आगे जो होगा देखा जाएगा.

विनीता : निशा!? ऐसे अचानक बुलाया है? सब ठीक तोह है न? राहुल बीटा! हाय मेरा बच्चा! किसी है अब तेरी तबियत..? में तोह आयी hi नहीं पायी थी वह नई ज़ीलैण्ड में... इधर तोह आ मेरे पास...

"अब ठीक हु बड़ी मम्मी..." राहुल ने विनीता के पास जाते हुए कहा तोह विनीता ने प्यार से उससे अपने गले से लगा लिया. प्यार से उसका चेहरा सहलाया और उसका माथा चूम लिया.

विनीता : अरे ये क्या? इतने सारे लोग? नए नए चेहरे दिख रहे है यहाँ तोह... ज़रा पहचान तोह करवाओ

रुपेश : हां! कोई बात तोह ज़रूर होगी जो अचानक बुलाया है. कुछ नए लोग भी नज़र आ रहे है.

निशा : सब इंट्रोडक्शन हो जाएगा भाभी! आप अभी बताइये नाश्ते में क्या लेंगी?

विनीता : अरे नाश्ता तोह होता रहेगा निशा. हम वैसे भी नाश्ता कर के hi आए है घर से. ये बताओ ये दोनों छोकरियों ने तुम्हे तंग तोह नहीं किया??

अंशु : मम्मी!!! बच्चे नहीं है हम...

निशा : नहीं भाभी! Balki...anshu ने तोह मेरी बोहत मदद की है

निशा ने डबल मीनिंग बात करते हुए अंशु को देखा तोह अंशु भी थोड़ी शर्मा गयी और मुस्कुराने लगी पर ये मुस्कराहट ज़्यादा देरर तक ना रही, क्युकी आगे होने वाले दृश्य के बारे में सोच के hi उसकी बेचैनी वापस से शुरू हो गयी.

रुपेश : तोह? बात क्या है? राजेश? बोलो!?

राजेश : भैया मुझे तोह कुछ भी नहीं पता है. निशा बोली है की बस सब को आ जाने दीजिये उसके बाद सब पता चल जाएगा.

विनीता : और भी कोई आ रहा है क्या निशा?

निशा : जी भाभी! वो... मेरे भाई अपनी वाइफ के साथ आ रहे है. बस उन्हें आ जाने दीजिये. उसके बाद सब एक साथ होक बात करते है.

विनीता : निशा! सब कुछ ठीक तोह है न? मेरा मैं कह रहा है की कुछ बात तोह ज़रूर है, जिसके लिए तुम कुछ परेशान सी नज़र आ रही हो.

निशा : भाभी! ठीक भी है और नहीं भी. अब में अभी कुछ नहीं कहूँगी. पहले सभी को आ जाने दीजिये...

निशा की बात सुनाने के बाद विनीता आगे कुछ न बोल सकीय. अब वो केवल इंतज़ार hi कर सकती थी. उसका मैं भी थोड़ा अब चिंतित हो रहा था.

कुछ देरर यु hi बातो का सिलसिला चलता रहा, इस बीच कई बार रुपेश और विनीता ने सच जान ने के लिए प्रश्नो पे प्रश्न किये पर हर्र बार निशा ने ये कह के ताल दिया की सबको आ जाने दीजिये उसके बाद hi साड़ी बातें करि जाएंगी.

अंततः एक बार फिर दरवाज़े पर खत खत हुई और जिनका सभी को इंतज़ार था वो लोग पधारे.

ललिता और मुकेश. राहुल के मां और ममी. यानी की तानिया के माता पिता. अपने माता पिता को देख तानिया को जहा खुश होना चाहिए, वो ख़ुशी की बजाए अंदर hi अंदर बोहत दर्री हुई थी.

नेहा ने सभी को आता देखा तोह उसने राहुल का हाथ थाम लिया, "भाई!? सब कुछ ठीक तोह हो जाएगा न?! मुझे बोहत डर लग रहा है!"

राहुल : don't वोर्री गुड़िया. परेशानी से भागोजी तोह उस से कुछ हासिल नहीं होगा. परेशानी को दत्त कर एक बार में hi उसका सामना करोगी तोह बोहत बेहतर परिणाम मिलेंगे. न केवल तुम परेशानी को सुलझा सकोगी बल्कि तुम आने वाली परेशानियों के लिए भी तैयार रहोगी.

नेहा : भाई!? आपको इस वक़्त फलसफा सूझ रही है? फलसफा काम नहीं आएगी भाई! कुछ न कुछ करना पड़ेगा. मेरा मैं कह रहा की कुछ बोहत बुरा होने वाला है अभी कुछ hi देरर में...

राहुल (गहरी सास लेते हुए) : ज़रा मेरे बारे में सोचो गुड़िया. तुम सभी पे ये लोग तोह बरसेंगे hi पर तुम सभी किस से जुडी हुई हो?

नेहा : ???

राहुल : मुझसे! तोह सबका गुस्सा किधर केंद्रित होगा?

ये सुनते hi जैसे मानो नेहा को एक झटका लगा. उसने इस बात पर ध्यान hi नहीं दिया था की सबका गुस्सा राहुल पे जाने वाला था. अब ये बात सोचते hi नेहा जो की पहले से hi दर्री हुयी थी वो और भी डर गयी.

राहुल : ऐसे मत देखो गुड़िया. Don't वोर्री! मुझे पता है क्या करना है. बस सब कुछ सही तरीके से हो...

नेहा (स्माइल) : और मुझे लगा में आपसे बेहतर बन्न पाऊँगी एक दिन ः

राहुल : तुम आलरेडी मुझसे बेहतर हो मेरी गुड़िया

राहुल कहते हुए सामने सभी को बातें करते हुए देखता रहता है तभी उससे किसी की नज़रे खुद पर गाड़ी हुई महसूस होती है. बगल में देखता है तोह पाटा है की नेहा उसके चेहरे को एक तक देखे जा रही है. राहुल का हाथ भी उसकी हथेलियों में है.

नेहा : व्हाई यू अरे सो गुड भाई? सोमेतिमेस यू मेक में फील लिखे ी don't डेसेर्वे यू... I'm नॉट गुड एनफ फॉर यू. मेने कुछ पुण्य किया होगा अपने पिछले जनम में जो आप मिले मुझे...

नेहा की नज़रो में इस वक़्त प्यार hi प्यार था. उससे तोह ध्यान hi नहीं था की इतने सारे लोग सामने हॉल में बैठे हुए है. वो तोह जैसे बस खो गयी थी राहुल के चेहरे में.

राहुल : सस्शह्ह्ह्ह! बकवास बातें नहीं करते. और ऐसा सोचना भी मत. नेवर बेलिटले योरसेल्फ.

नेहा (स्माइल) : थैंक यू फॉर बीइंग हेरे विथ में. ी लव यू!

विनीता : निशा! अब तोह सब आ गए है. भाई साहब लोग भी आ गए है. अब तोह बताओ की ऐसी क्या बात हो गयी जिसके लिए तुम्हे यहाँ सबको बुलाना पड़ा!?

निशा : हँ?? J...ji...

मुकेश : अरे भाई! क्या हो गया? ऐसे अचानक बुलवा लिया!? बाहर तोह बोहत hi गर्मी है... जी नमस्कार!

रुपेश : नमस्कार! Aaiye...baithiye!

ललिता : निशा? ऐसे सबको यु बुलाया? क्या बात है? अब नहाना धोना सब बाद में करेंगे, पहले तोह मुद्दे की बात करि जाए.

निशा काँप रही थी. उससे समझ में hi नहीं आ रहा था की वो शुरुआत कैसे करे. क्या बोले इन् सब को? ये की आपकी बेतिया मेरे बेटे से प्यार करती है जो की आपस में भाई बहिन है? ये तोह कोई जवाब नहीं हुआ. और कभी होगा भी नई.

राहुल तभी इशारे से ख़ुशी प्रीती मोनिका और तनीषा को ऊपर भेज देता है.

विनीता : अरे!? वो चारो अंदर क्यों चली गयी? काम से काम परिचय तोह करवा देते!?

राहुल : उनका यहाँ इस वक़्त कोई काम नहीं है बड़ी मम्मी. रही बात परिचय की तोह चारो hi मेरी बोहत अच्छी दोस्त है. वो मुंबई में मेरी देख भाल के लिए भी आयी थी. हम सभी यहाँ पर आ रहे थे, इसलिए में उन्हें भी यहाँ ले आया. सोचा यहाँ का घर भी दिखा दू?

विनीता : ओह्ह! काफी क्लोज फ्रेंडशिप लग रही है तुमलोगो की हां??! बता दे बीटा... कोण है उनमे से?? हाहाहा!

राहुल (मैं में) : अभी में यदि बता दू, की चारो hi मेरी है तोह आप अपनी कुर्सी सी गिर जाओगी बड़ी मम्मी. मुझे ये छिपाना पड़ेगा. ी कन्नोत तेल्ल एवरीथिंग. सब कुछ ठीक करने के लिए, नेहा और डैड का रिश्ता सुलझाने के लिए, परिवार में सम्बन्धो को बिगड़ने से बचाने के लिए, सब एकत्र हो सके उसके लिए, मुझे ये करना होगा... ी हैवे तो...

राहुल : में...

पर इस से पहले की राहुल कुछ कह पाटा अंशु उससे बीच में hi टोक देती है.

अंशु : कुछ बोहत बड़ी बातें है, जिन्हे हम सभी ने अपने बीच दबा के रखा हुआ था अब तक. पर हम कही आगे नहीं बढ़ पा रहे थे, तब... हमे समझ में aaya...ki ऐसे तोह हम कही आगे नहीं जा पाएंगे... पर आगे तोह जाना है... वर्ण ऐसे हम नहीं जी पाएंगे.. और उसी के लिए... आज आप सभी को यहाँ बुलाया गया है.

राहुल (मैं में) : अंशु?? शी वांट्स तो बेयर माय रेस्पॉन्सिबिलिटीज़. उससे पता है... सबका गुस्सा मुझपर आएगा... इसलिए... वो शुरुआत कर रही है ताकि सारा ध्यान उसपर जाए पहले... No! ी कन्नोत लेट हेर दो तहत... बड़ी मम्मी गुस्से में आके उससे मार न दे. मेरे रहते भला में कैसे उससे ये सब करने दे सकता हु...

रुपेश : बीटा! ये तुम क्या बातें कर रही हो? हमारी तोह कुछ समझ में नहीं आ रहा है. पहेलियाँ क्यों बना रही हो? बीटा साफ़ साफ़ कहो न

विनीता : हां अंशु! मेरी भी कुछ समझ नहीं आ रहा है. साफ़ साफ़ कहो न बीटा...

ललिता : तानिया बीटा...!? क्या चल रहा है ये सब?

तानिया बिना कुछ बोले hi सर झुका के बस कड़ी रहती है.

अंशु : में बताती हु मम्मी...

एक गहरी सास ली और अंशु ने आने वाले प्रश्नो, आने वाले क्रोध, आने वाले तानो के लिए खुद को तैयार कर लिया.

अंशु : तोह ये सब शुरू होता है कुछ साल पहले से... आप सभी को याद होगा... की वंशु दीदी किस समस्या से जूझ रही थी

विनीता : हां! मेरी बच्ची... कैसे भूल सकती हु में वो समय? रूह काँप जाती है मेरी अब भी जब भी वो हालात फिरसे सोचती हु. सेक्सुअल असाल्ट... मेरी बच्ची... फोबिया हो गया था उसको... कितने समय तक तोह वो अपने कमरे से hi नहीं निकलती थी. हर्र एक पुरुष से उससे डर लगने लगा था. यहाँ तक की अपने पिता पर भी उससे पूरी तरह विश्वाश नहीं होता था... मेरी बच्ची वंशु....

अंशु : हां मम्मी! और आपको पता है दीदी ठीक कैसे हुई. है न?

विनीता : हां! में कैसे भूल सकती हु... राहुल! मेरा बच्चा... इसी ने तोह उससे उस दलदल से बाहर निकाला था. वर्ण मेरी बच्ची... मुझे नहीं लगता कभी उभर भी पाती... में तोह जीवन भर राहुल की आभारी रहूंगी...

राहुल (मैं में) : अस उसुअल. थिस इस थे अंशु ी क्नोव. शी है सुच ा सिल्वर टंग. जान बुझ के पहले वो मेरी अच्छाइयों से उनके दिमाग में ये बातें बैठा रही है और ऐसा बताने की कोशिश कर रही है की बड़ी मम्मी ज़िन्दगी भर मेरी आभारी रहेंगी. पर उस आभार को वो एक तरीके से चूका सकती है, वंशु दीदी को मुझे सौपकर... मुझे यकीन है आगे यही करवाने वाली है अंशु. शी इस लिखे में इन सम आस्पेक्ट्स. सुच ा जीनियस यू अरे अंशु. पहले में तुम्हे रोकने की कोशिश करने वाला था. बूत लुक्स लिखे... ी कैन देपेंद ों यू. लगता है मुझे वाक़ई तुम्हारी मदद की ज़रुरत थी... I'm ब्लेस्ड. थैंक्स! अंशु!

राहुल : गुड़िया! दरवाज़ा बंद कर दो. में नहीं चाहता की यहाँ पर होने वाली साड़ी बातें बाहर तक जाए.

नेहा : हां भाई!

नेहा तभी दरवाज़ा बंद कर के वापस राहुल के पास आकर कड़ी हो जाती है.

अंशु : हां मम्मी! पापा? क्या आप कुछ नहीं कहना चाहते?

रुपेश : क्या कहु बीटा? में भी राहुल का आभारी हु. केवल इस बात के लिए hi नहीं. उसने और भी न जाने मेरे कितने काम किये है जिनके लिए में उसका आभारी रहूँगा.

अंशु : हां! आपको नहीं पता पर भाई ने मुझे भी बचाया था, ज़ू में और वो भी तब, जब हमारे बीच बातें बंद थी. बचपन से hi में भाई के साथ बोहत क्लोज थी. इतना क्लोज की... की मुझे भाई के अलावा कुछ सूझता hi नहीं था. पर फिर नेहु की लड़ाई भाई से हो गयी और नेहु तोह जैसे मेरी सबसे क़रीबी दोस्त थी, सबसे क़रीबी बहिन, जिसके लिए मेने भाई से बात करना बंद कर दी... पर कही न कही में तड़पती थी... की भाई से बस एक बार बात हो जाए...

विनीता : तुम दोनों बोहत लकी हो मेरी बच्चियों, जो तुम्हे राहुल जैसा भाई मिला...

अंशु : यस मम्मी! वे अरे! उसके बाद से, जब भाई ने मुझे बचाया, मेने उनकी निगरानी करनी शुरू कर दी, नेहु और उनके बीच का सच जान ने के liye...par...kuch और भी था जो घटता चला जा रहा था

विनीता : क्या??

अंशु : प्यार... मेरी बात भाई से फाइनली शुरू हो गयी, हम और भी क्लोज होने लगे, पर फिर एक दिन मुझे कुछ नया पता चला जिससे जानकार में हैरान हो गयी थी, पर खुश भी थी...

विनीता : क्या??

अंशु : यही की...

अंशु सहमे हुए एक नज़र वंशु पर डालती है जो पूरी तरह खुद भी सेहमी हुई कड़ी थी.

अंशु : यही की... वंशु दी और भाई एक दूसरे से प्यार करते है... में चौंकी इसलिए थी... क्युकी... ये प्यार... भाई बहिन से बढ़ के था, वो प्यार जो एक लड़का और लड़की करते है... न की एक भाई और बहिन...

अंशु के वाकया ख़तम होते hi मानो सब एकदम सन्न पद गए. वंशु तोह पूरी दर्री हुई थी. यदि उससे एक धक्का देते तोह वह गिर hi जाती, इतनी सेहमी हुई थी बेचारी वो अभी.

करीब कुछ शान तक तोह केवल सन्नाटा रहा. कोई कुछ नहीं बोलै. सबकी आँखें ये सुन्न के फटी की फटी रह गयी थी. सभी बस घूर के अंशु को देखते और फिर वंशु को, और फिर अंत में राहुल को.

विनीता : y..ye...ye तुम क्या कह रही हो अंशु?

विनीता की आवाज़ में थार थरपन सभी को साफ़ महसूस हो रहा था.

रुपेश : क्या कहा बीटा? ठीक से सुना नहीं हमने शायद, फिरसे तोह बोलना...

राहुल (मैं में) : मुझे पता था. थे aren't रेडी फॉर थिस. अभी वंशु दी का hi जान के इनकी ये हालत है तोह... बाकी सबका जान के तोह... ी वास् राइट. अच्छा हुआ मेने ये कदम चुना. एटलीस्ट, इस se...mein इस तूफ़ान को रोक तोह नहीं सकूंगा पर रुख ज़रूर बदल दूंगा... बस वो तूफ़ान लौट के न आ जाए कभी. I'll तेल्ल थम अस मच अस ी कैन बूत ी कन्नोत तेल्ल थम एवरीथिंग. यही सही है. इसलिए... मुझे ख़ुशी प्रीती मोनिका और तनीषा को ऊपर भेजना पड़ा... ये सब सेटल होते hi... नेक्स्ट टारगेट विल बे...

राहुल की नज़र तभी कमरे में मौजूद एक शक्श पर टिक जाती है.

अंशु : में सही कह रही हु डैड. आपने एकदम सही सुना. और बात इतनी hi नहीं है, mein...mein भी भाई se...bhai se...ussi तरह प्यार करती हु, एक भाई बहिन से कई गुना बढ़कर.

एक बार फिर पूरे कमरे में घनघोर सन्नाटा छ गया. किसी को भी यकीन नहीं हो रहा था की अंशु जो भी बोल रही है वो सच है.

विनीता : निशा? ये सब क्या है? तुम मज़ाक करवाने के लिए हमे यहाँ बुलाई हो क्या? ये मेरी बच्ची क्या बकवास करे जा रही है?

निशा बिना कुछ बोले बस अपना सर झुका लेती है, पर उसकी ख़ामोशी इस वक़्त क्या बया कर रही थी ये तोह एक बच्चा भी बता सकता था.

ललिता : हे भगवान्...

विनीता और रुपेश अपनी जगह से खड़े हो जाते है और भौचक्के भाव से बस अंशु को घूरते रहते है.

उन्हें अभी भी जैसे यकीन नहीं हो रहा था. अंशु की हथेलिया आपस में बेचैनी के मारे उलझ उलझ कर पसीने से भीग चुकी थी.

रुपेश : अंशिका! क्या अभी अभी तुमने जो कहा वो एकदम सच है? देखो! यदि ये मज़ाक है तोह अभी के अभी बंद कर दो... क्युकी ये बोहत hi भद्दा और बेहूदा मज़ाक है... समझ गयी तुम???

रुपेश के आखिरी बोल इतने तेज़्ज़ स्वर में थे, की वह बैठे सभी लोग सेहम गए.

राजेश : निशा! ये सब क्या है? क्या यही वो सच है?? कुछ कहती क्यों नहीं?

निशा फिरसे बिना कुछ कहे सर झुका लेती है, और धीमी सी आवाज़ में कहती है, "सब कुछ अंशु ने जो कहा, वो एकदम सच है"

रुपेश (जोरर से) : बस्सस!!! अंशिका! वंशिका!! क्या तुम्हारे कहने का मतलब ये है की तुम दोनों राहुल जो की तुम्हारा भाई है, तुम्हे उस से एक भाई बहिन से बढ़ कर प्रेम हो गया है? क्या ये सच है? में आखिरी बार पूछता हु. अभी भी समय है तुम्हारे पास.. कह दो की ये झूठ है और में तुम्हे तुम्हारी गलती समझ कर माफ़ कर दूंगा... वर्ण मुझसे बुरा कोई नहीं होगा...

राहुल (मैं में) : जिसका डर था वही हुआ... मुझे पता है अब आगे क्या होने वाला है...

अंशु जो की वंशु के बगल से कड़ी हुई थी, रुपेश के प्रश्न पर हां में सर हिला देती है और अगले पल hi रुपेश तेज़्ज़ कदमो के साथ एकदम आग बबूला होक आगे बढ़ता है, विनीता का हाथ रुपेश को रोकने के लिए उठता है पर न hi उसके मुँह से कुछ निकलता है और न hi वो रुपेश को रोक पाती है, बस बचते है तोह केवल आँखों में उत्पन्न हुए ासु, जो की सबूत थे की सामने चल रहा दृश्य कोई दिखावा या झूट नहीं है बल्कि एक कड़वा सच है.

और तभी...

*चटाक*

एक ज़ोरदार छाते की आवाज़ कमरे में गूँज जाती है, जिससे सुनकर वह मौजूद सभी के रोंगटे खड़े हो जाते है.

अंशु स्तब्ध सी कड़ी, पूरे शरीर में उसके कम्पन हो रहा था, क्युकी सामने का दृश्य hi ऐसा था.

वंशु जो की रुपेश को अपनी तरफ आता देख डर के मारे आँख बंद करके कड़ी हो गयी थी, आँख खोलते hi जैसे hi देखती है तोह पूरी तरह हक्की बक्की रह जाती है.

उसके सामने उसका कुटी खड़ा हुआ था. और वो ज़ोरदार तमाचा भी जो की खुद उसको पड़ने वाला था वो उसके कुटी ने अपने गालो पर ले लिया. और अगले hi पल hi वंशु की आँखे पानी पानी हो गयी.

अंशु जो की बिलकुल hi बगल में कड़ी थी, ये सब देख के उसकी हिम्मत यहाँ पर जवाब दे रही थी. उसने तोह सब कुछ घटते हुए देखा. सब कुछ इतनी तेज़्ज़ी से हुआ की वो आवाज़ भी नहीं निकाल पायी. पर अपने भाई के चेहरे पर तमाचा पड़ते देख उससे अंदर से इतनी पीड़ा हुई, जो शायद अंशु शब्दों में नहीं बया कर सकती थी.

निशा चाह कर भी बीच में नहीं आ सकती थी. राहुल ने उससे मन कर के जो रखा था. एक साइड में कड़ी ऋचा भी केवल देख hi सकती थी, अभी वो परिवार का हिस्सा नहीं थी सबकी नज़रो में. इसलिए वो पारिवारिक चर्चो में हस्तक्छेप नहीं कर सकती थी. अपना निचला होंठ दबा के उसने अपने आगे बढ़ने की तीव्र िक्षा को जैसे तैसे रोका.

तानिया गुस्सा भी थी पर उसमे एक डर भी था. अपनी मुट्ठी कस्ते हुए वो बस लम्बी लम्बी सासें ले रही थी. चाह कर भी वो कुछ नहीं कर पा रही थी, क्युकी उसके सामने ये सब करने वाले कोई जरर नहीं थे, उसके अपने परिवार वाले थे. और तोह और उसके अपने माता पिता भी मौजूद थे. गुस्से में आके वो कुछ भी ऐसा नहीं करना चाहती थी जिसके लिए बाद में उससे पछताना पड़े.

पर इधर कोई था जो अभी अभी घाटी गतिविधि को देख के अपने विचारो में hi खोया हुआ था. ये शक्श नेहा hi थी. कुछ शान लगे उसको होश में आने में... पर जैसे hi उससे एहसास हुआ की अभी अभी क्या हुआ है और किसके साथ हुआ है, नेहा शायद अब कोई विकराल रूप धारण करने वाली थी.

तमाचा? वो भी राहुल को? जो राहुल उसका सब कुछ है, जिसके लिए वो कुछ भी करने को तैयार हो जाए, जिससे वो बचपन से hi प्यार करती आयी है, उसके सामने hi उससे तमाचा मारा गया??

"हाउ डरे थे?? हाउ डरे थे दो थिस तो हिम!? इनकी हिम्मत कैसे हुई मेरे भाई पर हाथ उठाने की? उठाना तोह दूर इनकी हिम्मत कैसे हुई ये सोचने की भी... मेरा प्यारा भाई, जिसने अपना सब कुछ इस परिवार के लिए न्योछावर कर दिया, उसका ये सिला दिया इनलोगो ने!? एहसान फरामोश..." नेहा ने अपने मैं में सोचा और अगले hi पल वो राहुल के बगल से आकर कड़ी हो गयी.

राहुल की ब्याह नेहा ने कस के अपने स्तनों के बीच सताते हुए पकड़ ली,

"खबरदार यदि किसी ने भी मेरे भाई पर हाथ उठाने की कोशिश भी करि तोह, या उसके साथ गलत व्यवहार करने का सोचा भी तोह..."

नेहा ने पलटते हुए राहुल का चेहरा देखा तोह उसका दिल दुःख गया. गाल पूरा लाल पद चूका था और 5 में से 3 उंगलियों के निशाँ भी आ चुके थे. धीरे से उसने अपना एक हाथ आगे बढ़ाया और राहुल के चोटिल गाल को धीरे से छुआ.

"सो सॉरी! मुझे ये सब पहले hi होने से रोक लेना चाहिए था... पर don't वोर्री! ये आपके चेहरे पर किसी का भी आखिरी तमाचा होगा"

मुस्कुराते हुए नेहा ने वह मौजूद सबके सामने hi राहुल का गाल चूम लिया. राहुल बिना कुछ बोले बस नेहा को hi निहार रहा था. देख रहा था की कितना आगे आ गयी है उसकी गुड़िया और कितनी बड़ी हो गयी है. हिम्मतवाली भी. राहुल का पिछले वाक्य जो उसने कहा था, की गुड़िया तुम आलरेडी मुझसे बेहतर हो. ये वाक्य उसके अपने मायने में एकदम सच था, इसलिए उसने ऐसा कहा. इस स्थिति में वो केवल चुप चाप खड़ा है, पर उसकी गुड़िया आज उसके सामने उसकी ढाल बनकर कड़ी है.

नेहा : हमने यहाँ आप सभी को वो बातें बताने के लिए बुलाया है जो अभी तक सब से छिपी हुई थी और जिनके बारे में बात करके हम एक नतीजे पर पहुँच सके... न की इसलिए बुलाया है की आप जो मर्ज़ी चाहे वैसा बेहवे करे और मेरे भाई के साथ बदतमीज़ी करे... ये मत भूलिए की हम चाहते तोह आप सभी को अँधेरे में रख कर भी सब कुछ कर सकते थे पर हमे भी आपका ख़याल hai...isliye यहाँ पर आप सभी को बुलाया गया है. पर ये क्या... आप सब तोह दादागिरी पर उतर आये. मेरा भाई! उससे भी लड़ना आता है, पर वो चुप चाप खड़ा होक मार सेह लिया... क्यों?? क्युकी उससे बड़ो का आदर करना आता है और उससे आप सभी का ख़याल भी है. पर मुझे आदर का मीनिंग केवल लिमिटेड hi पता है. तोह अहिंदा से मेरे भाई के साथ बिलकुल भी मिस्बेहावे करने की सोचना भी मत, वर्ण में ये पूरी तरह hi भूल जाउंगी की आदर का मीनिंग क्या होता है. और हां! जैसे अंशु दी और वंशु दी भाई से प्यार करती है वैसे hi में भी अपने भाई से प्यार करती हु. एक भाई बहिन से कही ज़्यादा. और न केवल में, तानिया दीदी भी भाई से वैसे hi प्यार करती है... और यही है सच्चाई जिसके लिए आपको यहाँ बुलाया गया है"

नेहा के बोल न ज़्यादा ुचि आवाज़ में थे और न hi ज़्यादा हलकी आवाज़ में, उसके बोल इतने स्पष्ट थे की वह खड़े हर्र एक व्यक्ति के कान में गूँज रहे थे.

नेहा के इतने साहसी व्यहवहार को देख तानिया में भी जो हिम्मत डर के मारे पीछे छुपी हुई थी वो एकदम से बाहर आ गयी और वो आगे आकर राहुल का दूसरा हाथ थाम ली,

"एकदम सही कहा नेहा ने. हम सभी राहुल से प्यार करते है. आपको यही बताने के लिए बुलाया गया है यहाँ. और हां! राहुल के साथ कोई भी दुर्व्यवहार करने की सोचना भी मत, वर्ण में भी भूल जाउंगी की आप सब मेरे परिवार वाले है. मेरा गुस्सा एकदम बेकाबू है"

पीछे कड़ी वंशु ने भी राहुल को पीछे से hi अपनी बाहो में जकड लिया और उसकी पीठ से लग कर hi रोने लगी.

वंशु के बगल में कड़ी अंशु अपना सर झुकाए हुए थी. उससे ग्लानि और उदासी महसूस हो रही थी. वो कुछ नहीं कर पायी. उसने बोलना शुरू किया था ये सोच के की वो राहुल को उस स्थिति से बाहर निकाल लेगी पर वो कुछ नहीं कर पायी, राहुल को तमाचा भी पद गया. ऐसे वक़्त नेहा और तानिया दोनों hi हिम्मत जूता के आगे आ गयी पर वो कुछ नहीं कर पायी. वो आज दर्री हुई थी.

"थैंक्स नेहु!! तूने आज वो किआ जो में करने में असफल रह गयी. यदि तुम न होती आज तोह कोई कुछ नहीं कर पाटा और भाई के लिए स्थिति और भी बिगड़ जाती. Mein...mein... मेरे से कुछ न हो सका..." अंशु सोचते हुए अपना निचला होंठ दातो टेल दबा के राहुल की शर्ट का कोना पकड़ लेती है, उसकी आँखों में भी पानी आ जाता है.

राहुल अपनी चारो बहनो से घिरा हुआ था. आज वो सभी उसकी ढाल बनकर उसकी रक्षा के लिए कड़ी हुई थी.

"यह! थिस फीलिंग! आईटी फीलस सो गुड तो बे लव्ड", राहुल ने शांत मैं से सामने सभी को देखा जिनकी आखें फटी की फटी थी और मुँह खुले के खुले थे.

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आज के लिए इतना hi गाइस!


धन्यवाद्!
 
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