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रुचिका ने मोहनलाल को अपनी बांहो में कास लिया जिससे उसके बूब्स मोहनलाल पर कोई असर डालते उससे पहले hi मोहनलाल ने उसके सर पर हाथ फेरते हुए कहा 'चलो जल्दी, वो सब वेट कर रहे होंगे' और उसको कुछ पैसे और एक कार्ड देते हुए 'जो भी पर्चासिंग करो इससे कर लेना और पैसे की चिंता न करना और अचे से ाचा लेना और वो थीम ड्रेस भी ले लेना' रुचिका वो लेकर फिर उसके गले लग गयी तू मोहनलाल जो जल्दी से जल्दी उससे दूर होना चाहता था उसके कन्धों से पकड़ कर उससे अलग करने लगा ताकि अपनी भावो पर काबू प् सके लेकिन उसको अपने से दूर करने के चक्कर में उसके बूब्स नज़र आ गए और अपने ऊपर काबू पते हुए वो दोनों वंहा से लॉबी में आ गए. रुचिका उन दोनों के साथ चली गयी तू मोहनलाल ने चैन की सांस ली
तीनो देवियां जब बहार आयी तू बहार एक बहुत hi महंगी सुव कड़ी थी, जिसका ड्राइवर बड़े अदब से आया और दरवाजा खोलकर दिया से 'मैडम आइये' तू दिया ने रुचिका और अवनि को भी बैठने के लिए कहा तू तीनों उसमे बैठ गयी तू इ बॉडीगार्ड ने दरवाज़ा बंद किया और वो आगे ड्राइवर के साथ बैठ गया. सुव के दो कम्पार्टमेंट्स थे जिसमे एक ड्राइवर का और पीछे का पैसेंजर्स का और दोनों के बीच में सिर्फ माइक के थ्रू कनेक्शन था और ड्राइवर कम्पार्टमेंट से कोई भी पैसंजर कम्पार्टमेंट में नहीं देख सकता था.
रुचिका तू ऐसी गाड़ी देखकर hi हैरान रह गयी और दिया से कहने लगी 'ये गाड़ी आपकी है' तू उसने कहा 'पहले तू आप नहीं तुम. हाँ जब से वो हादसा हुआ है, सिक्योरिटी की वजह से ये ली थी और बॉडीगार्ड रख लिया था. अच्छा छोडो, ये बताओ कान्हा जाना है'
रुचिका 'न तू मैंने घूमने के लिए सोचा था और न hi मुझे यंहा के बारे में कुछ पता है, जंहा तुम ले चलोगी, चलेंगे'
अवनि 'ऐसा करते हैं किसी अच्छी सी मार्किट चलते है या किसी मॉल में और कुछ शॉपिंग करेंगे, किसी ब्यूटी पार्लर में अपना हुलिया ठीक करवाएंगे, फिर रेस्टोरेंट और हाँ मेडिकल शॉप तू जरूर जाना है'
दिया 'क्योँ मेडिकल शॉप की जरुरत क्योँ पद गयी, पद ख़तम हो गए हैं तू मुझसे ले लेना'
अवनि 'अरे यार वो बात नहीं हैं वो क्या है रात को ये बहुत जोश में थे और बिना प्रोटेक्शन के hi शुरू हो गए तू मुझे ी पिल लेनी है'
रुचिका तू उन दोनों की बातें सुनकर hi शर्म से गाड़ी जा रही थी और सोच रही थी की ऐसी सिचुएशन भी फेस करनी पड़ेगी. उससे तू ये दर लगने लगा की अगर इन दोनों ने उससे पूछा तू क्या जवाब देगी?
अभी रुचिका कुछ कहती की दिया भी बोल पड़ी 'अरे यार अच्छा याद दिलाया, रात को ये भी काफी जोश में थे और इन्होने तू कंडोम भी लगाया था लेकिन इनका कंडोम जोश की वजह से फैट गया था और इसलिए ी पिल तू मुझे भी चाहिए'
अवनि 'ठीक है यार ी पिल तू ले लेंगे और हाँ रुचिका के लिए भी ले लेंगे, क्योँ रुचिका, तुम्हे भी इसकी जरुरत पद जाएगी, फिर कान्हा आती रहेगी'
रुचिका जल्दी से 'नहीं नहीं मुझे जरुरत नहीं है'
दिया 'क्योँ भाई जरुरत पद जाती है, हमारे एक्सपीरियंस से फायदा उठा ले. हर रोज थोड़ी न भाई साहब सो जायेंगे.'
अवनि 'क्या कल रात कुछ नहीं हुआ तू तुझे नींद कैसे आयी होगी. सच्ची मुझे तू रात को नींद hi नहीं आती जब तक ये मुझे मसले नहीं, मेरे लिए तू ये स्लीपिंग पिल बन गए हैं'
दिया 'ये बात तू सही कही है की हमारे हस्बैंड हमारे लिए स्लीपिंग पिल hi हैं. रुचिका की भी वही बात होगी, लेकिन हम से शर्मा रही है, कोई बात नहीं शाम तक खुल जाएगी'
अवनि 'आज रात तू भाई साहब इससे बिलकुल सोने नहीं देंगे और कल ये आकर कहेगी की मुझे भी ी पिल चाहिए, प्लीज दे दो'
रुचिका 'नहीं नहीं मुझे इसकी जरुरत नहीं है और न hi प्'
दिया 'इसको इसलिए जरुरत नहीं है, क्योँकि हो सकता है ये बच्चा प्लान कर रहे होंगे'
दिया की बात सुनकर रुचिका के कान लाल हो गए और उससे समझ नहीं आ रहा था की वो क्या कहे और उसने अभी कुछ न कहने का फैसला किया.
जब उसने कोई जवाब नहीं दिया तू दिया ने कहा 'देख लो मेरी बात सही है इसलिए ये चिप है'
अवनि 'ये भी कोई उम्र है बच्चा पैदा करने की, अभी तू कुछ वक़्त जिंदगी के मज़े लो, फिर तू बच्चे hi पलने हैं'
दिया 'यार तुम भी क्या तंग कर रही हो इससे, छोड़ न कोई और बात करते हैं'
अवनि 'यार शाम का जो प्रोग्राम है उसमे सदी पहननी है, लेकिन मुझे तू आती नहीं है तू मुझे सीखा देना'
रुचिका 'मुझे भी नहीं आती, मैं भी सीखूंगी
दिया 'सीखा दूंगी लेकिन आज तू मैं भी खुद नहीं बांधूगी, चलेंगे किसी अच्छे से ब्यूटी पार्लर में और वंही से तैयार होकर आएंगे, क्योँकि आज के प्रोग्राम में पक्का कम्पटीशन होगा और हम hi जीतेंगे'
अवनि 'हम में से कोई एक hi तू जीतेगा, सब तू जाट नहीं सकते'
दिया 'उससे क्या फरक पड़ेगा, हम टेंनों में से जो कोई भी जाइते लेकिन बहार का कोई नहीं जीतना चाहिए'
रुचिका 'अगर ऐसी बात है तू हम तीनो सेहलियाँ एक हैं और जिसके भी जीतने के चान्सेस जयादा होंगे उसकी मदद करेंगे और अगर कोई बहार का बीच में आएगा तू बाकि डोमों कुछ ऐसा करेंगे जिससे वो जीत न पाए'
दिया 'यार तुम में तू सरे गुण भाई साहब वाले हैं. बिज़नेस में भी वो इसी तरह की प्लानिंग करते हैं. याद है न पिछली डील उनकी प्लानिंग की वजह से सफल हुई थी और आज भी मुझे लगता है की कुछ ऐसा hi होगा. तुम दोनों की जोड़ी लाजवाब है'
अवनि 'मुझे भी ये बात पसंद आयी की हम तीन नहीं बल्कि एक हैं टीम की तरह'
रुचिका 'अगर हम एक टीम हैं तू हमें पहले तू ये पता होना चाहिए की उस पार्टी में क्या होने वाला है और हमारी स्ट्रेंग्थ्स और वीकनेस क्या हैं. हो सकता है की एक चीज़ में मैं वीक हु, उसी में तुम स्ट्रांग हो और दूसरी में मैं या अवनि स्ट्रांग हो. अगर हमें पता होगा तू जीतने के चान्सेस बढ़ जायेंगे'
अवनि 'बात तू ये बिलकुल सही कह रही है, हमें एक दूसरे को जानना जरुरी है'
दिया 'यर तू पता नहीं लग सकता की वंहा क्या होगा, लेकिन कुछ कुछ अनुमान लगा सकती हु, जैसे डांस, कपल गेम्स और पता नहीं. हो सकता है की कुछ भी न हो बस डिनर hi हो, लेकिन ये तू है की ऐसी पार्टी में सब साझ धज के आये हैं. वो तू हम जा hi रहे हैं अपना हुलिया सुधरने'
रुचिका 'हम सब ठीक तू हैं, अच्छी खासी लग रही हैं'
दिया 'हम सब एक से बढ़कर एक सुन्दर हैं लेकिन ऐसी पार्टी के लिए बहुत जरुरी है की हम ब्यूटी पार्लर चलें और सिर्फ बाहरी नहीं बल्कि अंदर की भी सफाई करवाएंगे'
रुचिका 'अंदर से मतलब'
दिया 'फुल बॉडी वैक्सिंग, मस्सगे और बहुत कुछ'
रुचिका 'फुल बॉडी वैक्सिंग, क्या वंहा के भी'
अवनि 'क्योँ कभी भाई साहब ने कहा नहीं की साफ़ किया करो'
रुचिका तू उनकी बाते सुनकर hi पगला गयी और सोचने लगी की शायद गलत फैसला कर लिया पति पत्नी बनने का, लेकिन उससे मज़ा भी आ रहा था, नयी नयी बातें सीखने को मिल रही थी. उसने बात को सँभालते हुए कहा 'वो तू मैं खुद hi थोड़ा बहुत कर लेती हु'
दिया 'अरे एक बार करवाएगी तू खुद करना भूल जाएगी और जितना अपने को मेन्टेन करके रहेगी भाई साहब तेरे दीवाने बने रहेगे'
रुचिका को फार लग रहा था की अगर वंहा के बाल हटवायेगी तू हो सकता है उन्हें पता लग जाये की वो शादीशुदा नहीं हैं बल्कि कुंवारी है तू उसकी बड़ी बदनामी होगी तू उसने कह दिया 'आज नहीं फिर कभी'
अवनि 'अरे छोड़ यार इससे इतना तंग न कर कनिह ये यही से कूद न जाये'
रुचिका 'मैं कूदने वालों में से नहीं हु, कभी मौत के मुंह में भी कड़ी होउंगी तू भी जिंदगी से लड़ने की ताकत रखती हु. इन् छोटी मोती चीज़ों से मैं नहीं घबराती'
उसकी बात सुनकर दिया और अवनि ने उससे हुग कर लिया और ये कहा 'आज के बाद मौत की बात न करना अभी तू जिंदगी के मज़े लूटने हैं'
दिया 'अभी कोई उम्र है हमारी, क्या उम्र होगी तुम्हारी'
सबने अपनी अपनी उम्र बताई तू पता चला की दिया सबसे बड़ी है और उसके बाद रुचिका सिर्फ 6 महीने छोटी है और अवनि रुचिका से सिर्फ 10 दिन छोटी है. जब ये पता चला तू उनमे प्यार कुछ जयादा hi पैदा हो गया क्योँकि वो सब हम उम्र थे.
रुचिका अवनि से 'मुझे लगा था की तुम मुझसे बड़ी हो'
दिया 'अब के बाद हम में से कोई छोटा बड़ा नहीं, सब बराबर हैं' और फिर सबने एक बार फिर हुग किया. तभी सुव रुक गयी और माइक पर आवाज आयी 'मैडम हम पंहुच गए हैं'
सब नीचे उत्तरकार मॉल में चले गए और मॉल में वो पहले तू देखते रहे की कौन कौन सी दुकाने हैं. अभी मार्किट खुल्राही थी तू उनोहोने ब्यूटी पार्लर का पता किया और वंहा चले गए और वंहा की मैडम से बात करके तीनों के लिए पैकेज ले लिया और उनसे शाम को तैयार होने की बात भी कर ली.
सुबह का वक़्त होने के कारन बेऔतीशंस खली थी तू तीनों का एक hi वक़्त में सीधे hi ब्यूटी ट्रीटमेंट्स शुरू हो गया. हर एक को अलग अलग चैम्बर में एक एक ब्यूटिशियन ले गयी और सर से लेकर पांव तक ट्रीटमेंट करने के लिए सबको नंगा होना पड़ा. रुचिका नंगी तू हो गयी लेकिन पैंटी उतरने को तैयार नहीं थी तू उस ब्यूटिशियन ने उससे आश्वासन दिया की 'आप बिलकुल चिंता न करें, आपकी प्राइवेसी का पूरा ख्याल रखना हमारा धर्म है और आपकी कोई भी बात इस केबिन से बहार नहीं जाएगी, आप बेफिक्र हो कर अपने आप को रिलैक्स करें और मुझे काम करने दे, आप को शिकायत का कोई मौका नहीं मिलेगा'
उसकी बात से आश्वस्त होकर रुचिका ने पैंटी उत्तर दी और करीब चार घंटे तक उसका ट्रीटमेंट चलता रहा और बीच बीच में ब्यूटिशियन उसके साथ छेड़छाड़ भी कर्त रही जिससे उसके मन के तार झंझंट रहे. ट्रीटमेंट के दौरान उस ब्यूटिशियन को पता लग गया था की वो अभी वर्जिन है तू रुचिका ने उससे रिक्वेस्ट की थी की किसी को न बताये तू उसने कहा 'आप चिंता न करें, वैसे वो बहुत खुशनसीब होगा जो इस प्यारी सी मुनिया का उथगाथान करेगा, अगर मैं लड़का होती तू अभी इसका उथगाथान कर देती' और उसने रुचिका के गाल को चुम लिया तू रुचिका एकदम शर्मा गयी.
उसकी इस तरह की छेड़छाड़ जिसमे वो कभी उसके शरीर के किसी अंग को सहलाना, चुटकी काटना और कभी कभी चूमना ने रुचिका का हाल बुरा कर रखा था. खैर जब ट्रीटमेंट ख़तम हुआ तू रुचिका ने अपने बेदाग बदन को ऊपर से नीचे सामने लगे शीशे में देखा तू वो हैरान रह गयी. उसका बदन कुंदन की भांति चमक रहा था, उसके पुरे शरीर पर सर को छोड़ कर कनिह पर भी बाल नहीं थे, बाल तू छोडो कोई रत्न भी नहीं था. उससे अपने बदन पर नाज़ होने लगा. फिर कपडे पेहेन कर बहार आयी तब तक इन दोनों का भी काम ख़तम हो गया था, वो दोनों भी बहुत चमक रही थी और ऐसा लग रहा नथा की तीन परिया िक्खत्ते धरती पर उत्तर आयी हो.
वंहा से निकलकर वो एक कॉस्मेटिक की दूकान पर गयी, जंहा पर दिया और अवनि ने साधारण कास्मेटिक के साथ साथ ऐसे कास्मेटिक लिए जिससे पति को उत्तेजन में भर दे. जैसे की ऐसा परफ्यूम अगर लगा लिया जाये तू कोई भी उस लेडी को सूंघे बिना रह नहीं सकता. कई तरह की लिपस्टिक जो अगर लगी हो और अगर कोई किश करेगा तू किश करने वाले को ऐसा लगता है की वो फ्रूट्स खा रहा हो. क्रीम जिसको लगाने से चूचियां सख्त होकर कड़ी हो जाती हैं, जिससे पुरुष को आकर्षित करना आसान हो जाता है और भी बहुत कुछ.
उन दोनों ने वो सब तीन जगह पैक करवाया और एक पैकेट रुचिका को भी दे दिया और उससे कहा की उसे करोगी तू मज़े पाओगी. उसने बोलै की उससे जरुरत नहीं है तू उनोहोने कहा 'एक बार उसे करोगी तू फिर बार बार मांगोगी'
वंहा से निकल कर एक लिअनगरी की दूकान पर गए और कई तरह की ब्रा, पैंटी, स्विम सूट, बिकिनीज़ और पता नहीं क्या क्या देखा और उन दोनों ने काफी शॉपिंग की, लेकिन रुचिका ने जब कुछ नहीं ख़रीदा तू दिया ने उससे एक बहुत अच्छी सी नेट वाली ब्रा पैंटी जबरदस्ती खिर्द्वा दी और कहा ये पहनेगी तू 'भाई साहब तुझ पर फ़िदा हो जायेंगे' रुचिका उसको कैसे समझाए की वो पति नहीं उसके पापा हैं इसलिए इन् सब की कोई जरुरत नहीं है लेकिन हर बार जब भी वो ऐसी बातें करती तू वो तड़प उठती.
फिर वो सब एक गारमेंट्स की दूकान पर गए और वो रुचिका से पूछने लगे की क्या लेगी तू वो मन करने लगी तू दिया 'क्या बात है भाई साहब ने मन किया है कुछ लेने से, जब भी हम कुछ लेने के लिए कहते है तुम मन कर देती हो'
रुचिका 'नहीं नहीं मुझे इन् सब की जरुरत नहीं है और मैं जब तक जरुरत न हो तू नहीं लेना चाहिए, इसमें विश्वास करती हु इसलिए मन कर रही हु'
दिया 'अरे यार किस चीज़ की कब जरुरत पद जाये पता नहीं होता. घर में तू वक़्त मिलता नहीं है तू जब टूर पर आओ तू खूब शॉपिंग कर लो बाकि तुम्हारी मर्जी है '
रुचिका 'मुझे तू बस एक नाईट ड्रेस लेनी है'
अवनि 'एक क्योँ, अलग अलग डिज़ाइन की सेक्सी नाईट ड्रेसेस लो न, भाई साहब को तडपाओगी तू मजा भी खूब आएगा'
रुचिका 'नहीं नहीं मुझे तू एक नार्मल ड्रेस लेनी है'
अवनि 'क्या यार तुम इस ज़माने की हो या बूढी दादी अम्मा हो, अभी मजे नहीं लोगिनतु फिर कब लोगो, चलो मैं तुम्हे कुछ इरोटिक नाईट ड्रेसेस दिलवाती हु, तुम भी क्या याद रखोगी'
फिर सब ने कुछ न कुछ लिया और अपने अपने हस्बैंड के लिए भी ड्रेस ली और वंहा से बहार आ गए तू वो थक गए थे तू ड्राइवर को बुलाकर सरे पैकेट्स उसको दे दिए और वंहा से एक रेस्टोरेंट में बैठकर कुछ आर्डर दिया तू दिया ने कहा 'मैं अभी आयी और कोई दस मिनट बाद उसने आकर दो बहुत hi कीमती मोबाइल फ़ोन लेकर रुचिका को दिए और कहा की ये हमारी तरफ से तू रुचिका ने कहा की उससे जरुरत नहीं है तू उसने कहा की 'इससे शादी का गिफ्ट समझ कर रख लो'
रुचिका ने बहुत मन किया लेकिन वो नहीं मणि और साथ में ये भी कहा की इन फ़ोन के साथ प्रे एक्टिवेटिड नंबर्स भी है तू उन्हें चालू कर लेना. रेस्टोरेंट से फारिग होने के बाद वो एक मेडिकल शॉप में गए और वंहा से ी पिल, कंडोम्स, शक्ति वर्धक दवाइयां और पैन किलर्स खरीदी और एक पैकेट रुचिका को भी पकड़ा दिया जो वो फिर से मन करने लगी.
उन दोनों ने ज़िद करके उससे पकड़ा दिया और कहा की इन् सब की तुम्हे इस टूर पर पक्का पड़ने वाली है और हाँ पेनकिलर जरूर खा लेना ताकि मज़े जायदा ले सको नहीं तू दुखी होगी. बेचारी रुचिका क्या कहती.
इसके बाद डीडे हुआ की अब वक़्त काम रह गया है तू तैयार होकर hi जायेंगे. अब थीम ड्रेस दिया और अवनि की तू गाड़ी में hi थी तू ड्राइवर से माँगा ली. रुचिका ने उस गारमेंट्स शॉप से कलेक्ट कर ली और वो सब ब्यूटी पार्लर में चले गए. वंहा पर उन तीनो को तैयार करने के लिए उन्ही बेऔतीशंस ने तैयार का दिया. रुचिका को जब वो तैयार करने लगी तू उसकी ब्रा ब्लाउज की बैक बहुत काम होने की वजह से दिकहि दे रही थी तू उस ब्यूटिशियन ने उससे ब्रा बदलने के लिए कहा लेकिन उसके पास दूसरी ब्रा नहीं थी. तब उसने सलेसगिरल को फ़ोन करके बताया तू उसने मैचिंग नयी ब्रा वंही भिजवा दी और रुचिका को नयी ब्रा बहुत अच्छी लगी. ब्यूटिशियन ने जब उससे तैयार कर दिया तू कहा 'मैडम यू अरे लुकिंग गौर्जियस' रुचिका ने उससे सिर्फ थैंक्स hi नहीं कहा बल्कि उससे अछि खासी टिप भी दी.
बहार आने पर वो दोनों पहले से hi तैयार होकर वेट कर रही थी. फिर तीनों हुस्नपरियाँ जो एक से बढ़ाकर एक लग रही थी सुव में आ गयी और रस्ते में दोनों रुचिका को छेड़ने लगी की आज तू भाई साहब की खैर नहीं. रुचिका पहले तू शर्मा गयी लेकिन फिर उसने इन दोनों को भी कहा 'आज आपके पति लोग भी तुम दोनों के हुस्न के जादू से बच नहीं पाएंगे'
रुचिका ने मोहनलाल को अपनी बांहो में कास लिया जिससे उसके बूब्स मोहनलाल पर कोई असर डालते उससे पहले hi मोहनलाल ने उसके सर पर हाथ फेरते हुए कहा 'चलो जल्दी, वो सब वेट कर रहे होंगे' और उसको कुछ पैसे और एक कार्ड देते हुए 'जो भी पर्चासिंग करो इससे कर लेना और पैसे की चिंता न करना और अचे से ाचा लेना और वो थीम ड्रेस भी ले लेना' रुचिका वो लेकर फिर उसके गले लग गयी तू मोहनलाल जो जल्दी से जल्दी उससे दूर होना चाहता था उसके कन्धों से पकड़ कर उससे अलग करने लगा ताकि अपनी भावो पर काबू प् सके लेकिन उसको अपने से दूर करने के चक्कर में उसके बूब्स नज़र आ गए और अपने ऊपर काबू पते हुए वो दोनों वंहा से लॉबी में आ गए. रुचिका उन दोनों के साथ चली गयी तू मोहनलाल ने चैन की सांस ली
तीनो देवियां जब बहार आयी तू बहार एक बहुत hi महंगी सुव कड़ी थी, जिसका ड्राइवर बड़े अदब से आया और दरवाजा खोलकर दिया से 'मैडम आइये' तू दिया ने रुचिका और अवनि को भी बैठने के लिए कहा तू तीनों उसमे बैठ गयी तू इ बॉडीगार्ड ने दरवाज़ा बंद किया और वो आगे ड्राइवर के साथ बैठ गया. सुव के दो कम्पार्टमेंट्स थे जिसमे एक ड्राइवर का और पीछे का पैसेंजर्स का और दोनों के बीच में सिर्फ माइक के थ्रू कनेक्शन था और ड्राइवर कम्पार्टमेंट से कोई भी पैसंजर कम्पार्टमेंट में नहीं देख सकता था.
रुचिका तू ऐसी गाड़ी देखकर hi हैरान रह गयी और दिया से कहने लगी 'ये गाड़ी आपकी है' तू उसने कहा 'पहले तू आप नहीं तुम. हाँ जब से वो हादसा हुआ है, सिक्योरिटी की वजह से ये ली थी और बॉडीगार्ड रख लिया था. अच्छा छोडो, ये बताओ कान्हा जाना है'
रुचिका 'न तू मैंने घूमने के लिए सोचा था और न hi मुझे यंहा के बारे में कुछ पता है, जंहा तुम ले चलोगी, चलेंगे'
अवनि 'ऐसा करते हैं किसी अच्छी सी मार्किट चलते है या किसी मॉल में और कुछ शॉपिंग करेंगे, किसी ब्यूटी पार्लर में अपना हुलिया ठीक करवाएंगे, फिर रेस्टोरेंट और हाँ मेडिकल शॉप तू जरूर जाना है'
दिया 'क्योँ मेडिकल शॉप की जरुरत क्योँ पद गयी, पद ख़तम हो गए हैं तू मुझसे ले लेना'
अवनि 'अरे यार वो बात नहीं हैं वो क्या है रात को ये बहुत जोश में थे और बिना प्रोटेक्शन के hi शुरू हो गए तू मुझे ी पिल लेनी है'
रुचिका तू उन दोनों की बातें सुनकर hi शर्म से गाड़ी जा रही थी और सोच रही थी की ऐसी सिचुएशन भी फेस करनी पड़ेगी. उससे तू ये दर लगने लगा की अगर इन दोनों ने उससे पूछा तू क्या जवाब देगी?
अभी रुचिका कुछ कहती की दिया भी बोल पड़ी 'अरे यार अच्छा याद दिलाया, रात को ये भी काफी जोश में थे और इन्होने तू कंडोम भी लगाया था लेकिन इनका कंडोम जोश की वजह से फैट गया था और इसलिए ी पिल तू मुझे भी चाहिए'
अवनि 'ठीक है यार ी पिल तू ले लेंगे और हाँ रुचिका के लिए भी ले लेंगे, क्योँ रुचिका, तुम्हे भी इसकी जरुरत पद जाएगी, फिर कान्हा आती रहेगी'
रुचिका जल्दी से 'नहीं नहीं मुझे जरुरत नहीं है'
दिया 'क्योँ भाई जरुरत पद जाती है, हमारे एक्सपीरियंस से फायदा उठा ले. हर रोज थोड़ी न भाई साहब सो जायेंगे.'
अवनि 'क्या कल रात कुछ नहीं हुआ तू तुझे नींद कैसे आयी होगी. सच्ची मुझे तू रात को नींद hi नहीं आती जब तक ये मुझे मसले नहीं, मेरे लिए तू ये स्लीपिंग पिल बन गए हैं'
दिया 'ये बात तू सही कही है की हमारे हस्बैंड हमारे लिए स्लीपिंग पिल hi हैं. रुचिका की भी वही बात होगी, लेकिन हम से शर्मा रही है, कोई बात नहीं शाम तक खुल जाएगी'
अवनि 'आज रात तू भाई साहब इससे बिलकुल सोने नहीं देंगे और कल ये आकर कहेगी की मुझे भी ी पिल चाहिए, प्लीज दे दो'
रुचिका 'नहीं नहीं मुझे इसकी जरुरत नहीं है और न hi प्'
दिया 'इसको इसलिए जरुरत नहीं है, क्योँकि हो सकता है ये बच्चा प्लान कर रहे होंगे'
दिया की बात सुनकर रुचिका के कान लाल हो गए और उससे समझ नहीं आ रहा था की वो क्या कहे और उसने अभी कुछ न कहने का फैसला किया.
जब उसने कोई जवाब नहीं दिया तू दिया ने कहा 'देख लो मेरी बात सही है इसलिए ये चिप है'
अवनि 'ये भी कोई उम्र है बच्चा पैदा करने की, अभी तू कुछ वक़्त जिंदगी के मज़े लो, फिर तू बच्चे hi पलने हैं'
दिया 'यार तुम भी क्या तंग कर रही हो इससे, छोड़ न कोई और बात करते हैं'
अवनि 'यार शाम का जो प्रोग्राम है उसमे सदी पहननी है, लेकिन मुझे तू आती नहीं है तू मुझे सीखा देना'
रुचिका 'मुझे भी नहीं आती, मैं भी सीखूंगी
दिया 'सीखा दूंगी लेकिन आज तू मैं भी खुद नहीं बांधूगी, चलेंगे किसी अच्छे से ब्यूटी पार्लर में और वंही से तैयार होकर आएंगे, क्योँकि आज के प्रोग्राम में पक्का कम्पटीशन होगा और हम hi जीतेंगे'
अवनि 'हम में से कोई एक hi तू जीतेगा, सब तू जाट नहीं सकते'
दिया 'उससे क्या फरक पड़ेगा, हम टेंनों में से जो कोई भी जाइते लेकिन बहार का कोई नहीं जीतना चाहिए'
रुचिका 'अगर ऐसी बात है तू हम तीनो सेहलियाँ एक हैं और जिसके भी जीतने के चान्सेस जयादा होंगे उसकी मदद करेंगे और अगर कोई बहार का बीच में आएगा तू बाकि डोमों कुछ ऐसा करेंगे जिससे वो जीत न पाए'
दिया 'यार तुम में तू सरे गुण भाई साहब वाले हैं. बिज़नेस में भी वो इसी तरह की प्लानिंग करते हैं. याद है न पिछली डील उनकी प्लानिंग की वजह से सफल हुई थी और आज भी मुझे लगता है की कुछ ऐसा hi होगा. तुम दोनों की जोड़ी लाजवाब है'
अवनि 'मुझे भी ये बात पसंद आयी की हम तीन नहीं बल्कि एक हैं टीम की तरह'
रुचिका 'अगर हम एक टीम हैं तू हमें पहले तू ये पता होना चाहिए की उस पार्टी में क्या होने वाला है और हमारी स्ट्रेंग्थ्स और वीकनेस क्या हैं. हो सकता है की एक चीज़ में मैं वीक हु, उसी में तुम स्ट्रांग हो और दूसरी में मैं या अवनि स्ट्रांग हो. अगर हमें पता होगा तू जीतने के चान्सेस बढ़ जायेंगे'
अवनि 'बात तू ये बिलकुल सही कह रही है, हमें एक दूसरे को जानना जरुरी है'
दिया 'यर तू पता नहीं लग सकता की वंहा क्या होगा, लेकिन कुछ कुछ अनुमान लगा सकती हु, जैसे डांस, कपल गेम्स और पता नहीं. हो सकता है की कुछ भी न हो बस डिनर hi हो, लेकिन ये तू है की ऐसी पार्टी में सब साझ धज के आये हैं. वो तू हम जा hi रहे हैं अपना हुलिया सुधरने'
रुचिका 'हम सब ठीक तू हैं, अच्छी खासी लग रही हैं'
दिया 'हम सब एक से बढ़कर एक सुन्दर हैं लेकिन ऐसी पार्टी के लिए बहुत जरुरी है की हम ब्यूटी पार्लर चलें और सिर्फ बाहरी नहीं बल्कि अंदर की भी सफाई करवाएंगे'
रुचिका 'अंदर से मतलब'
दिया 'फुल बॉडी वैक्सिंग, मस्सगे और बहुत कुछ'
रुचिका 'फुल बॉडी वैक्सिंग, क्या वंहा के भी'
अवनि 'क्योँ कभी भाई साहब ने कहा नहीं की साफ़ किया करो'
रुचिका तू उनकी बाते सुनकर hi पगला गयी और सोचने लगी की शायद गलत फैसला कर लिया पति पत्नी बनने का, लेकिन उससे मज़ा भी आ रहा था, नयी नयी बातें सीखने को मिल रही थी. उसने बात को सँभालते हुए कहा 'वो तू मैं खुद hi थोड़ा बहुत कर लेती हु'
दिया 'अरे एक बार करवाएगी तू खुद करना भूल जाएगी और जितना अपने को मेन्टेन करके रहेगी भाई साहब तेरे दीवाने बने रहेगे'
रुचिका को फार लग रहा था की अगर वंहा के बाल हटवायेगी तू हो सकता है उन्हें पता लग जाये की वो शादीशुदा नहीं हैं बल्कि कुंवारी है तू उसकी बड़ी बदनामी होगी तू उसने कह दिया 'आज नहीं फिर कभी'
अवनि 'अरे छोड़ यार इससे इतना तंग न कर कनिह ये यही से कूद न जाये'
रुचिका 'मैं कूदने वालों में से नहीं हु, कभी मौत के मुंह में भी कड़ी होउंगी तू भी जिंदगी से लड़ने की ताकत रखती हु. इन् छोटी मोती चीज़ों से मैं नहीं घबराती'
उसकी बात सुनकर दिया और अवनि ने उससे हुग कर लिया और ये कहा 'आज के बाद मौत की बात न करना अभी तू जिंदगी के मज़े लूटने हैं'
दिया 'अभी कोई उम्र है हमारी, क्या उम्र होगी तुम्हारी'
सबने अपनी अपनी उम्र बताई तू पता चला की दिया सबसे बड़ी है और उसके बाद रुचिका सिर्फ 6 महीने छोटी है और अवनि रुचिका से सिर्फ 10 दिन छोटी है. जब ये पता चला तू उनमे प्यार कुछ जयादा hi पैदा हो गया क्योँकि वो सब हम उम्र थे.
रुचिका अवनि से 'मुझे लगा था की तुम मुझसे बड़ी हो'
दिया 'अब के बाद हम में से कोई छोटा बड़ा नहीं, सब बराबर हैं' और फिर सबने एक बार फिर हुग किया. तभी सुव रुक गयी और माइक पर आवाज आयी 'मैडम हम पंहुच गए हैं'
सब नीचे उत्तरकार मॉल में चले गए और मॉल में वो पहले तू देखते रहे की कौन कौन सी दुकाने हैं. अभी मार्किट खुल्राही थी तू उनोहोने ब्यूटी पार्लर का पता किया और वंहा चले गए और वंहा की मैडम से बात करके तीनों के लिए पैकेज ले लिया और उनसे शाम को तैयार होने की बात भी कर ली.
सुबह का वक़्त होने के कारन बेऔतीशंस खली थी तू तीनों का एक hi वक़्त में सीधे hi ब्यूटी ट्रीटमेंट्स शुरू हो गया. हर एक को अलग अलग चैम्बर में एक एक ब्यूटिशियन ले गयी और सर से लेकर पांव तक ट्रीटमेंट करने के लिए सबको नंगा होना पड़ा. रुचिका नंगी तू हो गयी लेकिन पैंटी उतरने को तैयार नहीं थी तू उस ब्यूटिशियन ने उससे आश्वासन दिया की 'आप बिलकुल चिंता न करें, आपकी प्राइवेसी का पूरा ख्याल रखना हमारा धर्म है और आपकी कोई भी बात इस केबिन से बहार नहीं जाएगी, आप बेफिक्र हो कर अपने आप को रिलैक्स करें और मुझे काम करने दे, आप को शिकायत का कोई मौका नहीं मिलेगा'
उसकी बात से आश्वस्त होकर रुचिका ने पैंटी उत्तर दी और करीब चार घंटे तक उसका ट्रीटमेंट चलता रहा और बीच बीच में ब्यूटिशियन उसके साथ छेड़छाड़ भी कर्त रही जिससे उसके मन के तार झंझंट रहे. ट्रीटमेंट के दौरान उस ब्यूटिशियन को पता लग गया था की वो अभी वर्जिन है तू रुचिका ने उससे रिक्वेस्ट की थी की किसी को न बताये तू उसने कहा 'आप चिंता न करें, वैसे वो बहुत खुशनसीब होगा जो इस प्यारी सी मुनिया का उथगाथान करेगा, अगर मैं लड़का होती तू अभी इसका उथगाथान कर देती' और उसने रुचिका के गाल को चुम लिया तू रुचिका एकदम शर्मा गयी.
उसकी इस तरह की छेड़छाड़ जिसमे वो कभी उसके शरीर के किसी अंग को सहलाना, चुटकी काटना और कभी कभी चूमना ने रुचिका का हाल बुरा कर रखा था. खैर जब ट्रीटमेंट ख़तम हुआ तू रुचिका ने अपने बेदाग बदन को ऊपर से नीचे सामने लगे शीशे में देखा तू वो हैरान रह गयी. उसका बदन कुंदन की भांति चमक रहा था, उसके पुरे शरीर पर सर को छोड़ कर कनिह पर भी बाल नहीं थे, बाल तू छोडो कोई रत्न भी नहीं था. उससे अपने बदन पर नाज़ होने लगा. फिर कपडे पेहेन कर बहार आयी तब तक इन दोनों का भी काम ख़तम हो गया था, वो दोनों भी बहुत चमक रही थी और ऐसा लग रहा नथा की तीन परिया िक्खत्ते धरती पर उत्तर आयी हो.
वंहा से निकलकर वो एक कॉस्मेटिक की दूकान पर गयी, जंहा पर दिया और अवनि ने साधारण कास्मेटिक के साथ साथ ऐसे कास्मेटिक लिए जिससे पति को उत्तेजन में भर दे. जैसे की ऐसा परफ्यूम अगर लगा लिया जाये तू कोई भी उस लेडी को सूंघे बिना रह नहीं सकता. कई तरह की लिपस्टिक जो अगर लगी हो और अगर कोई किश करेगा तू किश करने वाले को ऐसा लगता है की वो फ्रूट्स खा रहा हो. क्रीम जिसको लगाने से चूचियां सख्त होकर कड़ी हो जाती हैं, जिससे पुरुष को आकर्षित करना आसान हो जाता है और भी बहुत कुछ.
उन दोनों ने वो सब तीन जगह पैक करवाया और एक पैकेट रुचिका को भी दे दिया और उससे कहा की उसे करोगी तू मज़े पाओगी. उसने बोलै की उससे जरुरत नहीं है तू उनोहोने कहा 'एक बार उसे करोगी तू फिर बार बार मांगोगी'
वंहा से निकल कर एक लिअनगरी की दूकान पर गए और कई तरह की ब्रा, पैंटी, स्विम सूट, बिकिनीज़ और पता नहीं क्या क्या देखा और उन दोनों ने काफी शॉपिंग की, लेकिन रुचिका ने जब कुछ नहीं ख़रीदा तू दिया ने उससे एक बहुत अच्छी सी नेट वाली ब्रा पैंटी जबरदस्ती खिर्द्वा दी और कहा ये पहनेगी तू 'भाई साहब तुझ पर फ़िदा हो जायेंगे' रुचिका उसको कैसे समझाए की वो पति नहीं उसके पापा हैं इसलिए इन् सब की कोई जरुरत नहीं है लेकिन हर बार जब भी वो ऐसी बातें करती तू वो तड़प उठती.
फिर वो सब एक गारमेंट्स की दूकान पर गए और वो रुचिका से पूछने लगे की क्या लेगी तू वो मन करने लगी तू दिया 'क्या बात है भाई साहब ने मन किया है कुछ लेने से, जब भी हम कुछ लेने के लिए कहते है तुम मन कर देती हो'
रुचिका 'नहीं नहीं मुझे इन् सब की जरुरत नहीं है और मैं जब तक जरुरत न हो तू नहीं लेना चाहिए, इसमें विश्वास करती हु इसलिए मन कर रही हु'
दिया 'अरे यार किस चीज़ की कब जरुरत पद जाये पता नहीं होता. घर में तू वक़्त मिलता नहीं है तू जब टूर पर आओ तू खूब शॉपिंग कर लो बाकि तुम्हारी मर्जी है '
रुचिका 'मुझे तू बस एक नाईट ड्रेस लेनी है'
अवनि 'एक क्योँ, अलग अलग डिज़ाइन की सेक्सी नाईट ड्रेसेस लो न, भाई साहब को तडपाओगी तू मजा भी खूब आएगा'
रुचिका 'नहीं नहीं मुझे तू एक नार्मल ड्रेस लेनी है'
अवनि 'क्या यार तुम इस ज़माने की हो या बूढी दादी अम्मा हो, अभी मजे नहीं लोगिनतु फिर कब लोगो, चलो मैं तुम्हे कुछ इरोटिक नाईट ड्रेसेस दिलवाती हु, तुम भी क्या याद रखोगी'
फिर सब ने कुछ न कुछ लिया और अपने अपने हस्बैंड के लिए भी ड्रेस ली और वंहा से बहार आ गए तू वो थक गए थे तू ड्राइवर को बुलाकर सरे पैकेट्स उसको दे दिए और वंहा से एक रेस्टोरेंट में बैठकर कुछ आर्डर दिया तू दिया ने कहा 'मैं अभी आयी और कोई दस मिनट बाद उसने आकर दो बहुत hi कीमती मोबाइल फ़ोन लेकर रुचिका को दिए और कहा की ये हमारी तरफ से तू रुचिका ने कहा की उससे जरुरत नहीं है तू उसने कहा की 'इससे शादी का गिफ्ट समझ कर रख लो'
रुचिका ने बहुत मन किया लेकिन वो नहीं मणि और साथ में ये भी कहा की इन फ़ोन के साथ प्रे एक्टिवेटिड नंबर्स भी है तू उन्हें चालू कर लेना. रेस्टोरेंट से फारिग होने के बाद वो एक मेडिकल शॉप में गए और वंहा से ी पिल, कंडोम्स, शक्ति वर्धक दवाइयां और पैन किलर्स खरीदी और एक पैकेट रुचिका को भी पकड़ा दिया जो वो फिर से मन करने लगी.
उन दोनों ने ज़िद करके उससे पकड़ा दिया और कहा की इन् सब की तुम्हे इस टूर पर पक्का पड़ने वाली है और हाँ पेनकिलर जरूर खा लेना ताकि मज़े जायदा ले सको नहीं तू दुखी होगी. बेचारी रुचिका क्या कहती.
इसके बाद डीडे हुआ की अब वक़्त काम रह गया है तू तैयार होकर hi जायेंगे. अब थीम ड्रेस दिया और अवनि की तू गाड़ी में hi थी तू ड्राइवर से माँगा ली. रुचिका ने उस गारमेंट्स शॉप से कलेक्ट कर ली और वो सब ब्यूटी पार्लर में चले गए. वंहा पर उन तीनो को तैयार करने के लिए उन्ही बेऔतीशंस ने तैयार का दिया. रुचिका को जब वो तैयार करने लगी तू उसकी ब्रा ब्लाउज की बैक बहुत काम होने की वजह से दिकहि दे रही थी तू उस ब्यूटिशियन ने उससे ब्रा बदलने के लिए कहा लेकिन उसके पास दूसरी ब्रा नहीं थी. तब उसने सलेसगिरल को फ़ोन करके बताया तू उसने मैचिंग नयी ब्रा वंही भिजवा दी और रुचिका को नयी ब्रा बहुत अच्छी लगी. ब्यूटिशियन ने जब उससे तैयार कर दिया तू कहा 'मैडम यू अरे लुकिंग गौर्जियस' रुचिका ने उससे सिर्फ थैंक्स hi नहीं कहा बल्कि उससे अछि खासी टिप भी दी.
बहार आने पर वो दोनों पहले से hi तैयार होकर वेट कर रही थी. फिर तीनों हुस्नपरियाँ जो एक से बढ़ाकर एक लग रही थी सुव में आ गयी और रस्ते में दोनों रुचिका को छेड़ने लगी की आज तू भाई साहब की खैर नहीं. रुचिका पहले तू शर्मा गयी लेकिन फिर उसने इन दोनों को भी कहा 'आज आपके पति लोग भी तुम दोनों के हुस्न के जादू से बच नहीं पाएंगे'