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अब तक
दब मेरे घर में tha....usko जितना कुछ जानना चाहिए था उतना पता चल चुक्का tha....wahi मैं निकिता और रूपल दीदी को लेके ज्वाला के कबीले में आया tha...taaki रूपल दीदी की कुल्हाड़ी वाली समस्या ख़तम हो जाए और साथ hi निकिता की नयी पावर्स मिल jaaye....jiske बाद ना सिर्फ वो पोलर बेअर्स की मदद कर sakegi...balki एल्फ कंट्री में जो बच्चो के साथ हो रहा था उसके लिए भी वो कुछ कर सकती thi....par कभी bhi...jaisa सोचो वैसा होता hi नहीं hai....Rupal दीदी की समस्या तो ख़तम हो गयी थी par...jo पावर्स निकिता को मिलनी चाहिए thi....wo उसको ना milke....Rupal दीदी को मिल gayi....aur ऐसा इस लिए हुआ क्यूंकि वो पावर्स निकिता के काबिल hi नहीं thi....agar निकिता को वो पावर्स मिलती तो वो पावर्स hi ख़तम हो जाती....
अब आगे...
अभी भी पावर्स ट्रांसफर हो रही thi....aur main....main समझ नहीं पा रहा था करना क्या hai....upar से ये ध्रुव ये अलग hi लगा हुआ tha...ye मुझसे पूछ रहा था की निकिता क्यों स्पेशल hai...aisa क्या है usme...ab मुझे क्या पता hoga...uske बारे में देखा तो था उसने bhi....hum दोनों ने देखा tha...ek बच्ची thi....jisko लेके कोई भाग रही thi...Maa hi होगी उसकी और फिर वो उसको एअर्थ पे भेज देती है जहा एक औरत उसका ख्याल रखती है पर वो औरत भी ज्यादा समय तक जी नहीं पाती उसको मार दिया जाता hai.....aur फिर उसको मारने वाला hi बच्ची को प्रोफ. सूरज के गिरोह में लेके चला जाता है जहा वो बड़ी होती hai....inn सब में मुझे स्पेशल वाली बात समझ नहीं आती kuch....haa अब अगर कुछ और भी हो जो हममे दिखा hi नहीं तब बात अलग है....
मैं - ध्रुव देखो अब ये ख़तम होने वाला hai.....ab क्या होगा...
ध्रुव - ऐसा बहुत वक़्त बाद हो रहा है जब चीजजें समझ नहीं आ रही mere.....ye सब ऐसा होना hi नहीं चाहिए tha.....par ये ऐसा हुआ hai.....aur इसके पीछे का कारन मेरी समझ में तो नहीं आ रहा है....
मैं - एक hi बात को 2 तरह से बोल रहे हो tum...sahi तो ह ना...
ध्रुव - हां sayad.....par अब जो भी हुआ hai...isme हम कुछ नहीं कर sakte...tum देखो ध्यान se......powers ऐसे सूट कर रही hai...yaa तो ये पावर्स इसमें उस वक़्त भी thi...yaa वो सही वक़्त नहीं था की ये पावर्स इसको दिया jaata...haa आखिर तब ये खुनी घुड़सवारों की रानी thi...ye hi मुमकिन hai....par निकिता के बारे में kya....uska अभी तक कुछ समझ नहीं आ रहा है...
मैं - एक बात बताओ ये खुनी घुड़सवारों की रानी है kya.....baar बार बोलते रहते हो aisa.....kon थे ये log....aur दीदी को उनकी रानी क्यों बताते हो तुम....
ध्रुव - मैं अभी खुद सब समझने की कोशिश कर रहा hu....par सायद अगर में तुम्हे ये बातें समझों तो मैं खुद भी समझ jaun...samjhe कुछ...
मैं - हां समझ gaya...mujhe कुछ नहीं समझना samjhe....ab बस ये समझाओ की मुझे आगे करना क्या hai....kya इन् पावर्स से दीदी ऑउटफ कण्ट्रोल होने वाली है जैसे उस कुल्हाड़ी की वजह से हुई थी....
ध्रुव - नहीं ऐसा नहीं hoga.....tum सायद देख नहीं पा रहे पर ये पावर इन्ही के लिए बननी thi...isse इनको कुछ नहीं होने wala....aur रही बात कुल्हाड़ी ki...to अगर वो असल वाली कुल्हाड़ी होती तो कुछ भी नहीं hota...ye तो बस डेमोस के खास मेटल से बननी हुई कुल्हाड़ी थी इस वजह से थोड़ी सैतानी थी ये.......
मैं - तो हम ऐसा मान के चले की सब सही होगा...
ध्रुव - और कोई रास्ता hi नहीं है हम बस यही मान सकते है...
मैं उससे बातें कर रहा था और उतनी देर में ये पावर ट्रांसफर का काम पूरा हो gaya....aur इसी के साथ रूपल दीदी के बाद जो अभी तक काले the....wo थोड़े थोड़े ब्राउन से होने लग gaye....aur वो वही पे गिर gayi...behosh हो गयी...
मैंने उनको उठाया और वह पे खड़े वैद्यों को उन्हें चेक करने के लिए bola....main उस रानी से पूछना चाहता था की ऐसा कैसे hua...par जब उसकी ओर देखा तो वह पे बस एक अजीब सा ढांचा पड़ा हुआ था हडियों ka....Wo अपने पावर्स देने के साथ hi सायद मर चुकी तह.....
मैं - ध्रुव अब kya....wo तो मर गयी और उसकी पावर्स कैसे उसे करनी है ये कैसे पता chalega.....Didi कैसे उन् जीवों को पोलर बेअर्स वाले जगह से जाने को kahegi...kya वो बात मानेंगे...
ध्रुव - इन् सब के बारे में तो मुझे भी पता नहीं hai...humme इन् जीवों के बारे में पता करना hoga....aur साथ hi इन् पावर्स के उसे करने के तरीके के बारे में bhi....aur सिर्फ इतना hi नहीं हममे निकिता के बारे में भी जानना hoga....main समझना चाहता हु की आखिर वो क्यों स्पेशल है...
Vaidya(Jwala) - ये होश में आने वाली है...
उसने ऐसा बोलै hi था की दीदी होश में आ gayi.....aur आते hi यहाँ वह देखने लगी.....
मैं - आप ठीक हो ना....
दीदी - nahi.....main ठीक नहीं hu.....mujhe अभी घर जाना है....
मैं - हां ये सही hoga....waise भी अब यहाँ कोई काम नहीं बच्चा hai....Nikita चलो हम चलते है.....
मैं इतना बोल के उसकी ओर mudda....par वो वह थी hi nahi....matlab अभी तक वो वही thi......main उसको देख रहा था और एक पल बाद जैसे hi मैं दीदी से बात कर रहा tha.....wo गायब हो गयी...
मैं - ये कहा gayi...Jwala कहा गयी वो.....
ज्वाला - अरे अभी तो यही थी.....
मैं - ध्रुव कहा गयी वो....
ध्रुव - पता नहीं.....
दीदी - मुझे घर जाना है abhi.....mujhe घर जाना है....
मैं - ज्वाला मैं जा रहा hu...portal kholo....aur ब्लैक आउल से बोलो निकिता को dhunde....aur जब वो मिले उसको वापस से घर भेजने....
ज्वाला - हां ठीक है....
उसने फिर पोर्टल खोला और हम उससे होक घर आ gaye.....main वह पे रुकना चाहता tha...mujhe भी ढूँढना था usko....par दीदी को अभी सायद वह रखना सही नहीं hota....upar से नयी शक्तियां thi....kuch भी हो सकता है...
दीदी को घर पे हम सीधा उनके रूम में लेके आये the.....aur वह आते hi वो फिर से बेहोश हो गयी पता नहीं kaise.....Maine उनको बीएड पे लिटा दिया...
मैं - ध्रुव ये दीदी बार बार ऐसे कब तक चलता rahega...tumne तो कहा था सब सही होगा....
ध्रुव - ये सायद आखिरी बार tha....inki बॉडी एडजस्ट कर रही है उस पावर ko.....to ये सब नार्मल है....
मैं - और निकिता का क्या वो कहा gayi....humme उसको ढूँढना होगा....
ध्रुव - हां मैं भी यही सोच रहा hu....dhundhna होगा उसको पर वो गयी कहा इतनी जल्दी और क्या उसको पता था की वो स्पेशल hai...matlab ऐसे गायब हो जाना वो भी इतनी जल्दी...
मैं - मुझे नहीं पता उसको क्या पता था क्या nahi....mujhe बस उसको ढूँढना है ओल्ड आउल के लोग उसको ढूंढने में लगे ुए है पर हममे भी कुछ करना चाहिए....
वही दूसरी taraf.....Elf वर्ल्ड में एल्फ किंग जो अभी अपने सिंघासन पे बैठे हुए the....aur किसी पे चिल्ला रहे थे....
ेल्फ़किंग - मैंने कहा था की उसका पता लगाओ यहाँ लाने नहीं कहा tha...tumhare पास दिम्माग नहीं है क्या....
वो - पर मुझे लगा सायद आपको इसको सज़्ज़ा देनी hai.....to मैं पकड़ लाया isko.....aur मुझे लगा की आप खुश होंगे....
एल्फ किंग - मैंने ऐसा कुछ कहा था क्या tumse....maine बस कहा की पता करो ये जो भी है वो किस हालत में है और कैसी hai.....aur तुम कामकल इसको यहाँ ले aaye.....isko इसके सही जगह पे pahuchao....aur हां ध्यान रहे इसको याद भी नहीं रहना चाहिए की ये यहाँ लायी गयी thi....isne कुछ देखा तो नहीं है ना यहाँ पे....
वो - नहीं इसने कुछ नहीं देखा है और ना किसी ने isko.....main तो बस आपको दिखाना चाहता था इसका चेहरा...
एल्फ किंग - नहीं देखना mujhe...ab बस इसको लेके जाओ जहा से इसको लाये थे और धायण रहे इसको कुछ भी याद नहीं रहना चाहिए....
वो - ठीक है जैसा आप कहे....
वो वह से चला जाता है और फिर वह पे एक एल्फ आता है और कौंरटय में हो रही सभी घटनाओं को बताता है....
एल्फ - महाराज प्रजा की हालत कुछ ठीक नहीं hai....bacche मरते जा रहे hai.....aur अब तो उनकी बॉडीज भी गायब होती जा रही है...
एल्फ किंग - Kya.....bodies गायब हो रही है मतलब क्या hai...ek तो इस महामारी का पता नहीं चला रहा है ऊपर से अब बॉडीज चोरी कर रहा है कोई....
एल्फ - महाराज वैद्य लगे हुए है पता करने में की ये कोण सी महामारी आ गयी hai....aur हमने सैनिकों को भी बोल दिया है ये बॉडीज की चोरी का पता करे....
एल्फ किंग - पता नहीं क्यों ये सब हो रहा hai....Yuvraj कहा hai....unse कहो की हममे अभी कही निकलना है तो वो इन् सब का ध्यान रखे...
एल्फ - जी महाराज...
एल्फ किंग अपनी जगह से उठे और पहले अपने कमरे में gaye....uske बाद वह से अच्चानक से गायब हो गए....
प्लेनेट - फोमोस
यहाँ पे वो लोग लाये जा चुके थे एल्फ वर्ल्ड se.....yaha के लीडर ने अपना वडा पूरा किया था अब बारी किसी और की thi....aur वो बस इंतज़ार में थे की कब वो आये और उसको सब कुछ bataye....aur उसका इंतज़ार ज्यादा लम्बा नहीं चला.....
लीडर- एल्फ king....aapko आने की जरुरत नहीं thi....aap किसी और को भी भेज सकते थे.....
एल्फ किंग - नहीं मैं इन् सब के बारे में और किसी को नहीं बताना चाहता tha....mujhe पता चल गया है उसके बारे mein.....par ये समझ नहीं आया की वो रहती कहा है....
लीडर- क्या मतलब है aapka.....wo ठीक तो है ना....
एल्फ किंग - हां वो ठीक thi.....par मेरे लोग ये नहीं पता कर पाए की उसका ठिकाना कहा hai.....sayad कोई मैजिक hoga....(isko अगर ये बता दिया की मेरे लो उसको मेरे पास लेके आ सकते है तो मैं मुसीबत मरें पद सकता hu...isko उतना hi बटांना चाहिए जीने से काम चले)
लीडर ये बात सुनके बहुत दुखी हुआ....
लीडर - ये सब मेरी hi वजह से हुआ tha.....kaas वो सब मैंने ना किया होता तो आज मैं भी अपने परिवार के साथ एक अच्छी जिंदगी बीतता रहा hota...iss जगह से dur....inn सब से dur...apne परिवार के साथ....
एल्फ किंग - मैं समझ सकता हु तुमपे क्या बीत रही hogi....par तुम चिंता मत करो मैं उसका ध्यान रखूँगा....
लीडर - हां बस उसका ध्यान अच्छे से rakhna....aur मैं तुम्हारे कैदियों को यहाँ भेजते रहने की मंजूरी देता रहूँगा....
एल्फ किंग फिर वह से गायब हो गया......
(एल्फ किंग वह कभी गए hi नहीं the......waha पे बस उनका एक प्रतिबिम्भ गया था जिसके थ्रू वो बातें कर रहे थे उससे.....)
वापस चलते है.....
ओल्ड आउल और बाकि सब को निकिता को ढूंढने का बोल के जब ज्वाला वापस से वह आता है वैद्य से मिलने तो वो जो सामने देखता है वो समझ नहीं पाटा ऐसा कैसे हो गया....
उसने देखा की निकिता वह पे वापस आ गयी थी पर वो बेहोश पड़ी हुई थी.....
उसने जल्दी से वैद्यों को कहा निकिता को देखने के liye.....aur खुद पोर्टल खोल के प्रतीक को वह लेके आ गया....
मैं - कहा मिली ये और ये बेहोश क्यों है....
ज्वाला - ये यही पे thi....aur बेहोश thi...pata नहीं कई....
वो बोल hi रहा था की वह पे एक सैनिक आ गया.....
सैनिक - महाराज यहाँ पे कोई आया था...
मैं - क्या मतलब है कोई आया था...
ज्वाला - अच्छे से बताओ....
सैनिक - महाराज कोई जीव tha....wo यहाँ पे आया था abhi.....aur एक बार नहीं 2 बार....
ज्वाला - kya...koi जीव यहाँ पे आ गया और तुमलोग क्या कर रहे थे....
सैनिक - महाराज पोलर बेअर्स और बाकियों के आने के कारन हमने बाहरी सिक्योरिटी को थोड़ा काम कर दिया है और अंदरूनी सिक्योरिटी पे ध्यान दे रहे hai....sayad इसी का फायदा उठा के कोई यहाँ आ गया tha.....par वो बस आया और चला गया...
ज्वाला - जो भी tha...uska पता लगाओ और अगर वो खतरनाक है तो ख़तम करो उसको.....
मैं - इतना गुस्सा क्यों हो रहे हो....
ज्वाला - ये जगह सबके लिए नहीं hai....tumko नहीं पता यहाँ सिर्फ तुम और वो लोग hi आ सकते है जिनको तुम लाना chaho....aur कोई nahi....iss जगह के बारे mein....aur यहाँ के लोगो के बारे में किसी को भी पता नहीं होना chahiye...ye बहुत खतरनाक है.....
मैं - ठीक है जो करना है karo.....ek मिनट पर वो जीव कहा से आया था जिसने इतना कुछ किया....
ज्वाला - उन्ही वजहों से तो इस जगह को हम किसी के नज़रों में नहीं आने देना चाहते...
हम बात कर रहे थे और निकिता को होश आ जाता है....
निकिता - मैं कहा हु.....
मैं - कही नहीं चलो घर चलते hai.....baatein करनी है कुछ....
मैंने ज्वाला की और देखा उसने पोर्टल खोला और हम चल दिए वह से...
सवाल बहुत से थे मेरे मान में पर निकिता की हालत ख़राब thi,...aisa लग रहा था जैसे किसी ने इसको बेहोशी का दवा दे दिया हो...
खैर ये रात बड़ी अजीब thi....aur बस काट hi gayi....lekin अगले कुछ दिन मुझसे मेरे दोस्त छीनने वाले थे ये बात मुझे पता नहीं थी....
नेक्स्ट डे...
सुबह सब जागे और सभी निच्चे aaye....Rupal दीदी के बाल अब पहले जैसे काले hi the....sab नार्मल सा hi लग रहा tha....DB भी रूम से बहार aaya....Chachi ने खाना लगाया tha.....hum खा hi रहे थे की दादा दादी वापस आ गए.....
वो भी फ्रेश होक खाने के लिए बैठ gaye....aur फिर से दरवाजा नॉक हुआ.....
इस बार दरवाजा खोलने पे वो इंसान था वह जो कल आया था......
वो - अच्छा है सभी यही मिल gaye.....mujhe मदद चाहिए थी इस परिवार से....
दादा जी - Tum....tum यहाँ कैसे....
वो - बस कुछ काम आ गया tha.....aana पड़ा yaha...tum बताओ कैसे हो....
दादाजी - अभी तक सब सही था अब आगे का पता नहीं....
वो - hahahaa...sab सही होगा पर मुझे तुमसे बात करनी hai...tum सब से....
दादाजी - हां बताओ.....
वो - पहले में तुम्हे वो सब बता दू जो तुम्हे जानना chahiye.....jo सायद अभी तक बताया नहीं गया है तुम्हे...
उसने दादाजी को कल की साड़ी बातें बताई दब के बारे में बताया उसका उसके घर से बहार निकले जाने के बारे में बताया और भी बाकी सब.....
दादा दादी ये सब सुन्न रहे थे और उनको दब के लिए बुरा लग रहा था और साथ hi उसके लोगो के लिए bhi.....DB ने भी जब सुन्ना की उसके लोगो की हालत इतनी ख़राब हो गयी है तो वो बहुत दुखी हुआ.....
दादी जी - ये सब तो बहुत बुरा hua....ab बताओ हम कैसे मदद करे.....
वो - मैंने इनके स्कूल में अपना एक प्रोफ भेजा है वो वह पे इनका ध्यान rakhega....par मुझे नहीं लगता की उससे काम chalega....maine जितना सोचा था ये सब उससे कही जल्दी हो रहा hai.....Mujhe अभी उसकी जरुरत है....
दादाजी - किसकी बात कर रहे हो tum....saaf साफ़ बोलो....
वो - मुझे क्लोनिंग की जरुरत hai....Main चाहता हु दब बस मेरे साथ hi rahe...aur यही अच्छा hoga....aur तुम लोग इसका एक क्लोन बनाओ और उसको स्कूल में लेके jaao....waha पे मेरा वो आदमी ध्यान रखेगा की किसी को पता ना चले की वो क्लोन है दब नहीं.....
मैं - पर आपने तो कहा था.....
वो - बचे मैं जानता हु मैंने क्या कहा tha...par जैसे हालत वह पे बनते जा रहे है उसको देखते हुए ये करना जरुरी hai.....Maine कल hi बात की थी लीमो se.....usne बताया लोग उदास है उनके बचे मरते जा रहे hai....mere कहने पे वो अब उन् बच्चो की बॉडीज को प्रेज़रवे कर रहा है जिनको बचने की उम्मीद hai.....aur मैं नहीं चाहता की वो सब bhi....Mujhe इसक ट्रेनिंग जल्दी से शुरू करनी hai.....aur काम से काम उतना काबिल तो बनाना है की ये उस महामारी को रोक paaye....fir धीरे धीरे इसकी ट्रेनिंग चलती rahegi....aur ये वापस आ जाएगा....
मैं कुछ बोलता उससे पहले दब बोलै.....
दब - मैं तैयार हु....
अब मैं क्या बोलता ये उसके लोगो के लिए जरुरी tha....main जितना मदद कर सकता था वो मैं करने के लिए तैयार था....
दादा जी - हां ठीक है हम तैयार है....
चची - पापा मुझे लगता है प्रतीक को भी.....
दादी - मैं भी इस बारे में सोच रही thi...ye यहाँ आया है लोग इसको देख रहे hai....par किसी को भी इसके बारे में पूरा सच नहीं पता hai.....aur ना hi पता चले तो अभी के लिए अच्छा hoga....hum इसको भी देख lenge....main और तुम्हारे पापा इसके लिए कुछ लेके भी आये hai.....Poonam जाओ दोनों को तैयार करके आओ.....
दादाजी -(इंसान से) अब आपको थोड़ी देर के लिए जाना hoga...aap समझ रहे है ना...
वो - मैं बहार हु....
निकिता - क्या होने वाला है...
कविता मैडम - कुछ नहीं तुम एक काम करो रूम में जाओ और वही रहो मैं भी आ रही हु....
जो घर के लोग थे वो सभी अब वही दिंनिंग टेबल के पास the....Mujhe और दब को बुआ लेके गयी रूम में और हममे तैयार kiya....pata नहीं क्या कर रही thi....koi पानी था जिसको हमपे छिड़का जा रहा था और फिर कुछ मंत्र बड़बड़ा रही थी वो.....
उन् सब के बाद वो हममे बहार लेके आयी जहा पे एक बड़ा सा घेरा बना हुआ tha....aur उसकी लीनिंग्स पे मेरे घर वाले खड़े थे....
दादाजी - दब पहले तुम....
दब को धीरे के बिच में खड़ा किया गया और वो लोग कुछ मंत्र पड़ने लगे और उसके पाद वह पे थोड़ी सी रौशनी हुई और उससे दब की एक परछाई बन gayi....aur वो परछाई फिर कड़ी hui....aur उसका रूप बदलने लग gaya....aur वो दब की तरह बन gaya.....Main ये देख के हैरान था.....
दादाजी - प्रतीक अब तुम...
और फिर मैं वह जायके खड़ा हुआ...
ध्रुव - बेकार में ये सब कर रहे है ye....waise भी मेरे रहते तुम्हे कोई नहीं पहचान पायेगा पर चलो करने देते है...
मैं वह खड़ा हुआ और वो सब वापस से वही मंत्र आंत्र पढ़ने lage......aur उनके ऐसा करने से मेरे चारो ओर कुछ आ गया और bas.....aur कुछ नहीं हुआ....
दादाजी - काम हो गया hai....ab बुलाओ उसको बहार se....DB beta...kabhi भी किसी चीज़ की जरुरत हो तो हममे कहना हम हमेसा होंगे मदद के लिए समझे.....
दब - जी दादाजी
वो इंसान अंदर आया और वो दब को लेके चला गया अब वह पे हम लोग hi रह गए थे और वो दब का क्लोन....
तभी ऊपर से कविता मैडम और निकिता आयी...
कविता मैडम - आप लोगो को कुछ दिखाना है...
बुआ - क्या hua....tum परेशां लग रही हो....
कविता मैडम - पता नहीं par.....ye देखो....
कविता मैडम ने निकिता का हाथ आगे करते हुए हममे dikhaya....mujhe तो घंटा कुछ समझ नहीं आया पर सायद बाकी सब समझ गए the....koi निशान बना हुआ था उसके हाथ p...ajeeb सा....
दादी - बीटा तुम एल्फ वर्ल्ड में कब gayi...aur ये निशान क्यों है तुम्हारे हाथ पे....
बुआ - माँ हम गए थे ये नहीं गयी थी और वो सब सही तरीके से tha....aur ये निशान होना hi नहीं चाहिए tha.....aur ये देखो ये तो नया लग रहा hai.....(Madam के साथ जाने वाली बात नहीं बतानी चाहिए और वैसे भी उस टाइम तो ये निशान था hi नहीं)
दादाजी - नया हो या पुराण बात वो नहीं है पर ये यहाँ है kyun....Nikita बीटा तुमको पता है ये निशान क्यों लगाया जाता है...
निकिता - नहीं और मैंने तो अभी देखा isko.....pata नहीं कैसे आ गया....
दादाजी - तुमको नज़रबंद किया हुआ है एल्फ वर्ल्ड के लोगो ne....par क्यों....
मैं - नज़र बंद...
निकिता - नज़रबंद...
दादा जी - कुछ तो गड़बड़ है ऐसे hi किसी को नज़रबंद नहीं किया जा सकता hai....(Chacha जी से) बुलाओ usko...humme ये बातें ऊपर तक बतानी hogi....kuch तो चल रहा है एल्फ वर्ल्ड में.....
चाचा जी - जी पापा मैं अभी बुलाता हु....
थोड़ी hi डॉ में वही मोटा आदमी हमारे घर में वापस आ गया....
दादाजी को देख के वो थोड़ा घबरा रहा tha....par दादाजी ने आराम से पूछा...
दादाजी - ये निशान इस बच्ची के हाथ पे क्यों है.....
उसने उस निशान को अच्छे से dekha....aur वो भी अपना सर खुजाने laga....isko तो मैंने नहीं भेजा था...
वो - पता नहीं कैसे हो गया ye.....sayad कुछ गलती हुई hai...main वह पे इस बात को उठता hu....aur तब तक के लिए ये निशान मैं मिटा देता हु....
दादाजी - निशान हम भी मिटता सकते the...aur तुम ये जानते हो पर इसके बाद बहुत कुछ हो jaata....mujhe इस बारे में साड़ी जानकारी चाहिए समझे...
वो - जी समझ गया...
वो वह से निकल जाता है निशान हटा ke....par सवाल तो अभी भी था निशान आये क्यों...
ध्रुव - पता है मुझे लगता है हममे स्कूल वापस चलना चाहिए कुछ बातें भी हो जायेगी कुछ लोगो se....jinki वजह से ये सब शुरू हुआ था...
मैं - Pankaj....haa मुझे भी यही लगता hai....main अब उससे बात करना चाहता hu.....kyun उसने ऐसा किया और किसके कहने पे किया...
आज के लिए इतना hi नेक्स्ट अपडेट में देखझते है पंकज से बात कैसे होती hai....aur दब का इंसानों के बिच रहने का पहला दिन भी...
अब तक
दब मेरे घर में tha....usko जितना कुछ जानना चाहिए था उतना पता चल चुक्का tha....wahi मैं निकिता और रूपल दीदी को लेके ज्वाला के कबीले में आया tha...taaki रूपल दीदी की कुल्हाड़ी वाली समस्या ख़तम हो जाए और साथ hi निकिता की नयी पावर्स मिल jaaye....jiske बाद ना सिर्फ वो पोलर बेअर्स की मदद कर sakegi...balki एल्फ कंट्री में जो बच्चो के साथ हो रहा था उसके लिए भी वो कुछ कर सकती thi....par कभी bhi...jaisa सोचो वैसा होता hi नहीं hai....Rupal दीदी की समस्या तो ख़तम हो गयी थी par...jo पावर्स निकिता को मिलनी चाहिए thi....wo उसको ना milke....Rupal दीदी को मिल gayi....aur ऐसा इस लिए हुआ क्यूंकि वो पावर्स निकिता के काबिल hi नहीं thi....agar निकिता को वो पावर्स मिलती तो वो पावर्स hi ख़तम हो जाती....
अब आगे...
अभी भी पावर्स ट्रांसफर हो रही thi....aur main....main समझ नहीं पा रहा था करना क्या hai....upar से ये ध्रुव ये अलग hi लगा हुआ tha...ye मुझसे पूछ रहा था की निकिता क्यों स्पेशल hai...aisa क्या है usme...ab मुझे क्या पता hoga...uske बारे में देखा तो था उसने bhi....hum दोनों ने देखा tha...ek बच्ची thi....jisko लेके कोई भाग रही thi...Maa hi होगी उसकी और फिर वो उसको एअर्थ पे भेज देती है जहा एक औरत उसका ख्याल रखती है पर वो औरत भी ज्यादा समय तक जी नहीं पाती उसको मार दिया जाता hai.....aur फिर उसको मारने वाला hi बच्ची को प्रोफ. सूरज के गिरोह में लेके चला जाता है जहा वो बड़ी होती hai....inn सब में मुझे स्पेशल वाली बात समझ नहीं आती kuch....haa अब अगर कुछ और भी हो जो हममे दिखा hi नहीं तब बात अलग है....
मैं - ध्रुव देखो अब ये ख़तम होने वाला hai.....ab क्या होगा...
ध्रुव - ऐसा बहुत वक़्त बाद हो रहा है जब चीजजें समझ नहीं आ रही mere.....ye सब ऐसा होना hi नहीं चाहिए tha.....par ये ऐसा हुआ hai.....aur इसके पीछे का कारन मेरी समझ में तो नहीं आ रहा है....
मैं - एक hi बात को 2 तरह से बोल रहे हो tum...sahi तो ह ना...
ध्रुव - हां sayad.....par अब जो भी हुआ hai...isme हम कुछ नहीं कर sakte...tum देखो ध्यान se......powers ऐसे सूट कर रही hai...yaa तो ये पावर्स इसमें उस वक़्त भी thi...yaa वो सही वक़्त नहीं था की ये पावर्स इसको दिया jaata...haa आखिर तब ये खुनी घुड़सवारों की रानी thi...ye hi मुमकिन hai....par निकिता के बारे में kya....uska अभी तक कुछ समझ नहीं आ रहा है...
मैं - एक बात बताओ ये खुनी घुड़सवारों की रानी है kya.....baar बार बोलते रहते हो aisa.....kon थे ये log....aur दीदी को उनकी रानी क्यों बताते हो तुम....
ध्रुव - मैं अभी खुद सब समझने की कोशिश कर रहा hu....par सायद अगर में तुम्हे ये बातें समझों तो मैं खुद भी समझ jaun...samjhe कुछ...
मैं - हां समझ gaya...mujhe कुछ नहीं समझना samjhe....ab बस ये समझाओ की मुझे आगे करना क्या hai....kya इन् पावर्स से दीदी ऑउटफ कण्ट्रोल होने वाली है जैसे उस कुल्हाड़ी की वजह से हुई थी....
ध्रुव - नहीं ऐसा नहीं hoga.....tum सायद देख नहीं पा रहे पर ये पावर इन्ही के लिए बननी thi...isse इनको कुछ नहीं होने wala....aur रही बात कुल्हाड़ी ki...to अगर वो असल वाली कुल्हाड़ी होती तो कुछ भी नहीं hota...ye तो बस डेमोस के खास मेटल से बननी हुई कुल्हाड़ी थी इस वजह से थोड़ी सैतानी थी ये.......
मैं - तो हम ऐसा मान के चले की सब सही होगा...
ध्रुव - और कोई रास्ता hi नहीं है हम बस यही मान सकते है...
मैं उससे बातें कर रहा था और उतनी देर में ये पावर ट्रांसफर का काम पूरा हो gaya....aur इसी के साथ रूपल दीदी के बाद जो अभी तक काले the....wo थोड़े थोड़े ब्राउन से होने लग gaye....aur वो वही पे गिर gayi...behosh हो गयी...
मैंने उनको उठाया और वह पे खड़े वैद्यों को उन्हें चेक करने के लिए bola....main उस रानी से पूछना चाहता था की ऐसा कैसे hua...par जब उसकी ओर देखा तो वह पे बस एक अजीब सा ढांचा पड़ा हुआ था हडियों ka....Wo अपने पावर्स देने के साथ hi सायद मर चुकी तह.....
मैं - ध्रुव अब kya....wo तो मर गयी और उसकी पावर्स कैसे उसे करनी है ये कैसे पता chalega.....Didi कैसे उन् जीवों को पोलर बेअर्स वाले जगह से जाने को kahegi...kya वो बात मानेंगे...
ध्रुव - इन् सब के बारे में तो मुझे भी पता नहीं hai...humme इन् जीवों के बारे में पता करना hoga....aur साथ hi इन् पावर्स के उसे करने के तरीके के बारे में bhi....aur सिर्फ इतना hi नहीं हममे निकिता के बारे में भी जानना hoga....main समझना चाहता हु की आखिर वो क्यों स्पेशल है...
Vaidya(Jwala) - ये होश में आने वाली है...
उसने ऐसा बोलै hi था की दीदी होश में आ gayi.....aur आते hi यहाँ वह देखने लगी.....
मैं - आप ठीक हो ना....
दीदी - nahi.....main ठीक नहीं hu.....mujhe अभी घर जाना है....
मैं - हां ये सही hoga....waise भी अब यहाँ कोई काम नहीं बच्चा hai....Nikita चलो हम चलते है.....
मैं इतना बोल के उसकी ओर mudda....par वो वह थी hi nahi....matlab अभी तक वो वही thi......main उसको देख रहा था और एक पल बाद जैसे hi मैं दीदी से बात कर रहा tha.....wo गायब हो गयी...
मैं - ये कहा gayi...Jwala कहा गयी वो.....
ज्वाला - अरे अभी तो यही थी.....
मैं - ध्रुव कहा गयी वो....
ध्रुव - पता नहीं.....
दीदी - मुझे घर जाना है abhi.....mujhe घर जाना है....
मैं - ज्वाला मैं जा रहा hu...portal kholo....aur ब्लैक आउल से बोलो निकिता को dhunde....aur जब वो मिले उसको वापस से घर भेजने....
ज्वाला - हां ठीक है....
उसने फिर पोर्टल खोला और हम उससे होक घर आ gaye.....main वह पे रुकना चाहता tha...mujhe भी ढूँढना था usko....par दीदी को अभी सायद वह रखना सही नहीं hota....upar से नयी शक्तियां thi....kuch भी हो सकता है...
दीदी को घर पे हम सीधा उनके रूम में लेके आये the.....aur वह आते hi वो फिर से बेहोश हो गयी पता नहीं kaise.....Maine उनको बीएड पे लिटा दिया...
मैं - ध्रुव ये दीदी बार बार ऐसे कब तक चलता rahega...tumne तो कहा था सब सही होगा....
ध्रुव - ये सायद आखिरी बार tha....inki बॉडी एडजस्ट कर रही है उस पावर ko.....to ये सब नार्मल है....
मैं - और निकिता का क्या वो कहा gayi....humme उसको ढूँढना होगा....
ध्रुव - हां मैं भी यही सोच रहा hu....dhundhna होगा उसको पर वो गयी कहा इतनी जल्दी और क्या उसको पता था की वो स्पेशल hai...matlab ऐसे गायब हो जाना वो भी इतनी जल्दी...
मैं - मुझे नहीं पता उसको क्या पता था क्या nahi....mujhe बस उसको ढूँढना है ओल्ड आउल के लोग उसको ढूंढने में लगे ुए है पर हममे भी कुछ करना चाहिए....
वही दूसरी taraf.....Elf वर्ल्ड में एल्फ किंग जो अभी अपने सिंघासन पे बैठे हुए the....aur किसी पे चिल्ला रहे थे....
ेल्फ़किंग - मैंने कहा था की उसका पता लगाओ यहाँ लाने नहीं कहा tha...tumhare पास दिम्माग नहीं है क्या....
वो - पर मुझे लगा सायद आपको इसको सज़्ज़ा देनी hai.....to मैं पकड़ लाया isko.....aur मुझे लगा की आप खुश होंगे....
एल्फ किंग - मैंने ऐसा कुछ कहा था क्या tumse....maine बस कहा की पता करो ये जो भी है वो किस हालत में है और कैसी hai.....aur तुम कामकल इसको यहाँ ले aaye.....isko इसके सही जगह पे pahuchao....aur हां ध्यान रहे इसको याद भी नहीं रहना चाहिए की ये यहाँ लायी गयी thi....isne कुछ देखा तो नहीं है ना यहाँ पे....
वो - नहीं इसने कुछ नहीं देखा है और ना किसी ने isko.....main तो बस आपको दिखाना चाहता था इसका चेहरा...
एल्फ किंग - नहीं देखना mujhe...ab बस इसको लेके जाओ जहा से इसको लाये थे और धायण रहे इसको कुछ भी याद नहीं रहना चाहिए....
वो - ठीक है जैसा आप कहे....
वो वह से चला जाता है और फिर वह पे एक एल्फ आता है और कौंरटय में हो रही सभी घटनाओं को बताता है....
एल्फ - महाराज प्रजा की हालत कुछ ठीक नहीं hai....bacche मरते जा रहे hai.....aur अब तो उनकी बॉडीज भी गायब होती जा रही है...
एल्फ किंग - Kya.....bodies गायब हो रही है मतलब क्या hai...ek तो इस महामारी का पता नहीं चला रहा है ऊपर से अब बॉडीज चोरी कर रहा है कोई....
एल्फ - महाराज वैद्य लगे हुए है पता करने में की ये कोण सी महामारी आ गयी hai....aur हमने सैनिकों को भी बोल दिया है ये बॉडीज की चोरी का पता करे....
एल्फ किंग - पता नहीं क्यों ये सब हो रहा hai....Yuvraj कहा hai....unse कहो की हममे अभी कही निकलना है तो वो इन् सब का ध्यान रखे...
एल्फ - जी महाराज...
एल्फ किंग अपनी जगह से उठे और पहले अपने कमरे में gaye....uske बाद वह से अच्चानक से गायब हो गए....
प्लेनेट - फोमोस
यहाँ पे वो लोग लाये जा चुके थे एल्फ वर्ल्ड se.....yaha के लीडर ने अपना वडा पूरा किया था अब बारी किसी और की thi....aur वो बस इंतज़ार में थे की कब वो आये और उसको सब कुछ bataye....aur उसका इंतज़ार ज्यादा लम्बा नहीं चला.....
लीडर- एल्फ king....aapko आने की जरुरत नहीं thi....aap किसी और को भी भेज सकते थे.....
एल्फ किंग - नहीं मैं इन् सब के बारे में और किसी को नहीं बताना चाहता tha....mujhe पता चल गया है उसके बारे mein.....par ये समझ नहीं आया की वो रहती कहा है....
लीडर- क्या मतलब है aapka.....wo ठीक तो है ना....
एल्फ किंग - हां वो ठीक thi.....par मेरे लोग ये नहीं पता कर पाए की उसका ठिकाना कहा hai.....sayad कोई मैजिक hoga....(isko अगर ये बता दिया की मेरे लो उसको मेरे पास लेके आ सकते है तो मैं मुसीबत मरें पद सकता hu...isko उतना hi बटांना चाहिए जीने से काम चले)
लीडर ये बात सुनके बहुत दुखी हुआ....
लीडर - ये सब मेरी hi वजह से हुआ tha.....kaas वो सब मैंने ना किया होता तो आज मैं भी अपने परिवार के साथ एक अच्छी जिंदगी बीतता रहा hota...iss जगह से dur....inn सब से dur...apne परिवार के साथ....
एल्फ किंग - मैं समझ सकता हु तुमपे क्या बीत रही hogi....par तुम चिंता मत करो मैं उसका ध्यान रखूँगा....
लीडर - हां बस उसका ध्यान अच्छे से rakhna....aur मैं तुम्हारे कैदियों को यहाँ भेजते रहने की मंजूरी देता रहूँगा....
एल्फ किंग फिर वह से गायब हो गया......
(एल्फ किंग वह कभी गए hi नहीं the......waha पे बस उनका एक प्रतिबिम्भ गया था जिसके थ्रू वो बातें कर रहे थे उससे.....)
वापस चलते है.....
ओल्ड आउल और बाकि सब को निकिता को ढूंढने का बोल के जब ज्वाला वापस से वह आता है वैद्य से मिलने तो वो जो सामने देखता है वो समझ नहीं पाटा ऐसा कैसे हो गया....
उसने देखा की निकिता वह पे वापस आ गयी थी पर वो बेहोश पड़ी हुई थी.....
उसने जल्दी से वैद्यों को कहा निकिता को देखने के liye.....aur खुद पोर्टल खोल के प्रतीक को वह लेके आ गया....
मैं - कहा मिली ये और ये बेहोश क्यों है....
ज्वाला - ये यही पे thi....aur बेहोश thi...pata नहीं कई....
वो बोल hi रहा था की वह पे एक सैनिक आ गया.....
सैनिक - महाराज यहाँ पे कोई आया था...
मैं - क्या मतलब है कोई आया था...
ज्वाला - अच्छे से बताओ....
सैनिक - महाराज कोई जीव tha....wo यहाँ पे आया था abhi.....aur एक बार नहीं 2 बार....
ज्वाला - kya...koi जीव यहाँ पे आ गया और तुमलोग क्या कर रहे थे....
सैनिक - महाराज पोलर बेअर्स और बाकियों के आने के कारन हमने बाहरी सिक्योरिटी को थोड़ा काम कर दिया है और अंदरूनी सिक्योरिटी पे ध्यान दे रहे hai....sayad इसी का फायदा उठा के कोई यहाँ आ गया tha.....par वो बस आया और चला गया...
ज्वाला - जो भी tha...uska पता लगाओ और अगर वो खतरनाक है तो ख़तम करो उसको.....
मैं - इतना गुस्सा क्यों हो रहे हो....
ज्वाला - ये जगह सबके लिए नहीं hai....tumko नहीं पता यहाँ सिर्फ तुम और वो लोग hi आ सकते है जिनको तुम लाना chaho....aur कोई nahi....iss जगह के बारे mein....aur यहाँ के लोगो के बारे में किसी को भी पता नहीं होना chahiye...ye बहुत खतरनाक है.....
मैं - ठीक है जो करना है karo.....ek मिनट पर वो जीव कहा से आया था जिसने इतना कुछ किया....
ज्वाला - उन्ही वजहों से तो इस जगह को हम किसी के नज़रों में नहीं आने देना चाहते...
हम बात कर रहे थे और निकिता को होश आ जाता है....
निकिता - मैं कहा हु.....
मैं - कही नहीं चलो घर चलते hai.....baatein करनी है कुछ....
मैंने ज्वाला की और देखा उसने पोर्टल खोला और हम चल दिए वह से...
सवाल बहुत से थे मेरे मान में पर निकिता की हालत ख़राब thi,...aisa लग रहा था जैसे किसी ने इसको बेहोशी का दवा दे दिया हो...
खैर ये रात बड़ी अजीब thi....aur बस काट hi gayi....lekin अगले कुछ दिन मुझसे मेरे दोस्त छीनने वाले थे ये बात मुझे पता नहीं थी....
नेक्स्ट डे...
सुबह सब जागे और सभी निच्चे aaye....Rupal दीदी के बाल अब पहले जैसे काले hi the....sab नार्मल सा hi लग रहा tha....DB भी रूम से बहार aaya....Chachi ने खाना लगाया tha.....hum खा hi रहे थे की दादा दादी वापस आ गए.....
वो भी फ्रेश होक खाने के लिए बैठ gaye....aur फिर से दरवाजा नॉक हुआ.....
इस बार दरवाजा खोलने पे वो इंसान था वह जो कल आया था......
वो - अच्छा है सभी यही मिल gaye.....mujhe मदद चाहिए थी इस परिवार से....
दादा जी - Tum....tum यहाँ कैसे....
वो - बस कुछ काम आ गया tha.....aana पड़ा yaha...tum बताओ कैसे हो....
दादाजी - अभी तक सब सही था अब आगे का पता नहीं....
वो - hahahaa...sab सही होगा पर मुझे तुमसे बात करनी hai...tum सब से....
दादाजी - हां बताओ.....
वो - पहले में तुम्हे वो सब बता दू जो तुम्हे जानना chahiye.....jo सायद अभी तक बताया नहीं गया है तुम्हे...
उसने दादाजी को कल की साड़ी बातें बताई दब के बारे में बताया उसका उसके घर से बहार निकले जाने के बारे में बताया और भी बाकी सब.....
दादा दादी ये सब सुन्न रहे थे और उनको दब के लिए बुरा लग रहा था और साथ hi उसके लोगो के लिए bhi.....DB ने भी जब सुन्ना की उसके लोगो की हालत इतनी ख़राब हो गयी है तो वो बहुत दुखी हुआ.....
दादी जी - ये सब तो बहुत बुरा hua....ab बताओ हम कैसे मदद करे.....
वो - मैंने इनके स्कूल में अपना एक प्रोफ भेजा है वो वह पे इनका ध्यान rakhega....par मुझे नहीं लगता की उससे काम chalega....maine जितना सोचा था ये सब उससे कही जल्दी हो रहा hai.....Mujhe अभी उसकी जरुरत है....
दादाजी - किसकी बात कर रहे हो tum....saaf साफ़ बोलो....
वो - मुझे क्लोनिंग की जरुरत hai....Main चाहता हु दब बस मेरे साथ hi rahe...aur यही अच्छा hoga....aur तुम लोग इसका एक क्लोन बनाओ और उसको स्कूल में लेके jaao....waha पे मेरा वो आदमी ध्यान रखेगा की किसी को पता ना चले की वो क्लोन है दब नहीं.....
मैं - पर आपने तो कहा था.....
वो - बचे मैं जानता हु मैंने क्या कहा tha...par जैसे हालत वह पे बनते जा रहे है उसको देखते हुए ये करना जरुरी hai.....Maine कल hi बात की थी लीमो se.....usne बताया लोग उदास है उनके बचे मरते जा रहे hai....mere कहने पे वो अब उन् बच्चो की बॉडीज को प्रेज़रवे कर रहा है जिनको बचने की उम्मीद hai.....aur मैं नहीं चाहता की वो सब bhi....Mujhe इसक ट्रेनिंग जल्दी से शुरू करनी hai.....aur काम से काम उतना काबिल तो बनाना है की ये उस महामारी को रोक paaye....fir धीरे धीरे इसकी ट्रेनिंग चलती rahegi....aur ये वापस आ जाएगा....
मैं कुछ बोलता उससे पहले दब बोलै.....
दब - मैं तैयार हु....
अब मैं क्या बोलता ये उसके लोगो के लिए जरुरी tha....main जितना मदद कर सकता था वो मैं करने के लिए तैयार था....
दादा जी - हां ठीक है हम तैयार है....
चची - पापा मुझे लगता है प्रतीक को भी.....
दादी - मैं भी इस बारे में सोच रही thi...ye यहाँ आया है लोग इसको देख रहे hai....par किसी को भी इसके बारे में पूरा सच नहीं पता hai.....aur ना hi पता चले तो अभी के लिए अच्छा hoga....hum इसको भी देख lenge....main और तुम्हारे पापा इसके लिए कुछ लेके भी आये hai.....Poonam जाओ दोनों को तैयार करके आओ.....
दादाजी -(इंसान से) अब आपको थोड़ी देर के लिए जाना hoga...aap समझ रहे है ना...
वो - मैं बहार हु....
निकिता - क्या होने वाला है...
कविता मैडम - कुछ नहीं तुम एक काम करो रूम में जाओ और वही रहो मैं भी आ रही हु....
जो घर के लोग थे वो सभी अब वही दिंनिंग टेबल के पास the....Mujhe और दब को बुआ लेके गयी रूम में और हममे तैयार kiya....pata नहीं क्या कर रही thi....koi पानी था जिसको हमपे छिड़का जा रहा था और फिर कुछ मंत्र बड़बड़ा रही थी वो.....
उन् सब के बाद वो हममे बहार लेके आयी जहा पे एक बड़ा सा घेरा बना हुआ tha....aur उसकी लीनिंग्स पे मेरे घर वाले खड़े थे....
दादाजी - दब पहले तुम....
दब को धीरे के बिच में खड़ा किया गया और वो लोग कुछ मंत्र पड़ने लगे और उसके पाद वह पे थोड़ी सी रौशनी हुई और उससे दब की एक परछाई बन gayi....aur वो परछाई फिर कड़ी hui....aur उसका रूप बदलने लग gaya....aur वो दब की तरह बन gaya.....Main ये देख के हैरान था.....
दादाजी - प्रतीक अब तुम...
और फिर मैं वह जायके खड़ा हुआ...
ध्रुव - बेकार में ये सब कर रहे है ye....waise भी मेरे रहते तुम्हे कोई नहीं पहचान पायेगा पर चलो करने देते है...
मैं वह खड़ा हुआ और वो सब वापस से वही मंत्र आंत्र पढ़ने lage......aur उनके ऐसा करने से मेरे चारो ओर कुछ आ गया और bas.....aur कुछ नहीं हुआ....
दादाजी - काम हो गया hai....ab बुलाओ उसको बहार se....DB beta...kabhi भी किसी चीज़ की जरुरत हो तो हममे कहना हम हमेसा होंगे मदद के लिए समझे.....
दब - जी दादाजी
वो इंसान अंदर आया और वो दब को लेके चला गया अब वह पे हम लोग hi रह गए थे और वो दब का क्लोन....
तभी ऊपर से कविता मैडम और निकिता आयी...
कविता मैडम - आप लोगो को कुछ दिखाना है...
बुआ - क्या hua....tum परेशां लग रही हो....
कविता मैडम - पता नहीं par.....ye देखो....
कविता मैडम ने निकिता का हाथ आगे करते हुए हममे dikhaya....mujhe तो घंटा कुछ समझ नहीं आया पर सायद बाकी सब समझ गए the....koi निशान बना हुआ था उसके हाथ p...ajeeb सा....
दादी - बीटा तुम एल्फ वर्ल्ड में कब gayi...aur ये निशान क्यों है तुम्हारे हाथ पे....
बुआ - माँ हम गए थे ये नहीं गयी थी और वो सब सही तरीके से tha....aur ये निशान होना hi नहीं चाहिए tha.....aur ये देखो ये तो नया लग रहा hai.....(Madam के साथ जाने वाली बात नहीं बतानी चाहिए और वैसे भी उस टाइम तो ये निशान था hi नहीं)
दादाजी - नया हो या पुराण बात वो नहीं है पर ये यहाँ है kyun....Nikita बीटा तुमको पता है ये निशान क्यों लगाया जाता है...
निकिता - नहीं और मैंने तो अभी देखा isko.....pata नहीं कैसे आ गया....
दादाजी - तुमको नज़रबंद किया हुआ है एल्फ वर्ल्ड के लोगो ne....par क्यों....
मैं - नज़र बंद...
निकिता - नज़रबंद...
दादा जी - कुछ तो गड़बड़ है ऐसे hi किसी को नज़रबंद नहीं किया जा सकता hai....(Chacha जी से) बुलाओ usko...humme ये बातें ऊपर तक बतानी hogi....kuch तो चल रहा है एल्फ वर्ल्ड में.....
चाचा जी - जी पापा मैं अभी बुलाता हु....
थोड़ी hi डॉ में वही मोटा आदमी हमारे घर में वापस आ गया....
दादाजी को देख के वो थोड़ा घबरा रहा tha....par दादाजी ने आराम से पूछा...
दादाजी - ये निशान इस बच्ची के हाथ पे क्यों है.....
उसने उस निशान को अच्छे से dekha....aur वो भी अपना सर खुजाने laga....isko तो मैंने नहीं भेजा था...
वो - पता नहीं कैसे हो गया ye.....sayad कुछ गलती हुई hai...main वह पे इस बात को उठता hu....aur तब तक के लिए ये निशान मैं मिटा देता हु....
दादाजी - निशान हम भी मिटता सकते the...aur तुम ये जानते हो पर इसके बाद बहुत कुछ हो jaata....mujhe इस बारे में साड़ी जानकारी चाहिए समझे...
वो - जी समझ गया...
वो वह से निकल जाता है निशान हटा ke....par सवाल तो अभी भी था निशान आये क्यों...
ध्रुव - पता है मुझे लगता है हममे स्कूल वापस चलना चाहिए कुछ बातें भी हो जायेगी कुछ लोगो se....jinki वजह से ये सब शुरू हुआ था...
मैं - Pankaj....haa मुझे भी यही लगता hai....main अब उससे बात करना चाहता hu.....kyun उसने ऐसा किया और किसके कहने पे किया...
आज के लिए इतना hi नेक्स्ट अपडेट में देखझते है पंकज से बात कैसे होती hai....aur दब का इंसानों के बिच रहने का पहला दिन भी...