फंतासी इम्मोर्टल्स - Page 9 - SexBaba
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फंतासी इम्मोर्टल्स

अपडेट - 66

शाम का वक़्त था चची ने खाना रेडी कर दिया tha.....aaj कुछ ज्यादा hi pahle.....ghar भी चकाचक tha...Nani ने जबरदस्ती सब कराया था unse.....aur अभी वो इंतज़ार कर रहे थे रूपल दीदी और चाचू के आने का....

चची - आप भी ना जल्दी करो जल्दी karo......dopaher में hi ये सब करा लेना था तभी से बैठे रहते ना डिनर के liye.....abhi वक़्त है आने में unke....bekar में चिल्लाते रहो बस.....

नानी - अब तुम मुझे sikhaogi.....chup चाप बैठी रहो और ये कैसे कपडे पहने हुए hai....aur कोई ड्रेस hi नहीं है kya.....wo आएंगे तो क्या कहेंगे माँ ध्यान hi नहीं देती बेटी ko......poccha मारने वाली के कपडे पहना दिए है....

चची - माँ बता रही हु एक और ताना दिया ना main....main चली जाउंगी.....

नानी - वैसे भी जाने hi वाली है :lol: जा जहा जाना है जा...

नाना जी - क्या परेशां करती रहती हो usko.....aur ठीक थक कपडे तो है...

नानी - आपसे इस बारे में राय ना hi ली जाए तो अच्छा hai....koi सेंस hi नहीं फैशन ka....ye पहले वैम्पायर होंगे जो ब्लैक सूट छोड़ के कुरता पेहेन आये थे मुझे देखने ko....aapki hi फैशन सेंस गयी है इसमें....

ये दोनों लेट रहते है....

करीब 8 बजे चाचा जी नानाजी के घर के बहार होते hai....Rupal दीदी के साथ....

रूपल दीदी - अब चलोगे bhi.....kab से देख रही हु आप अजीब से हरकतें कर रहे हो....

चाचा - तेरी मम्मी ने मेरे hi बारे में कहा था naa.....yaa किसी और के....

रूपल दीदी - :डोह: मत जाओ मुझे भूख लगी है मैं जा रही hu....aap रहो ऐसे hi.....pata नहीं क्या खा लिया है इन्होने दिम्माग hi काम नहीं कर रहा इनका तो.....

वो बड़बड़ाते हुए अंदर चली जाती है चाचा उसको रोकट रहते है पर वो है की.....

अंदर आते hi....Chachi रूपल दीदी को देखती hai...wo पीछे देख रही होती है के चाचा भी आ रहे honge....par वो दीखते hi nahi....darwaja भी बंद हो गया था....

चची - तेरे पापा नहीं आये...

रूपल दीदी - नाम मत लो unka.....pata नहीं क्या हुआ है unko......kab से कह रही हु चलो अंदर chalo.....aa hi नहीं रहे वो तो पूछ रहे थे आपने उनको hi बुलाया है या किसी au.....ek मिनट आप दोनों ने झगड़ा किया है ना...

चची - नहीं ऐसा कुछ भी नहीं है तुम बैठो मैं उनको लेके आती हु.....

चची चली गयी bahar...Chacha अभी भी वही खड़े थे आस पास देख रहे थे और सोच रहे थे जाए या ना जाए.....

चची - यहाँ क्या कर रहे ho.....ander चलो.....

चाचा - Wo....Nidhi वो मैं बस....

चची - घर में बात karenge.....abhi यहाँ खाना khao....aur फिर घर चलते है....

चाचा उनके साथ अंदर चले गए डिनर हुआ फिर घर को निकल लिए ये sab.....ghar में...

चची - मैंने माँ डैड को सब बता दिया.....

चाचा - मैं तुमसे कहने वाला था उनसे बात करने को पर फिर लगा क्यों पास्ट को याद करना....

चची - पास्ट को याद करना मेरे माँ डैड ने हमारी वजह से कितना टाइम कैद में बिताया था और तुम कहते हो पास्ट को क्या याद करना....

चाचा - सॉरी मैं वो नहीं कहना चाहता tha....tum तो जानती हो मैं बता नहीं पता.....

चची - हां पता hai....Mom - डैड ने कहा है की वो सब भूल जाओ और अब आगे से ऐसा कुछ ना करने को कहा hai.....aur....

चाचा - वो तो हमने उसी वक़्त से सब बंद कर दिया tha....tumko तो पता hi है ना.....

चची - हां जानती हु पर वो बातें जब वापस से मेरे कानो में padi.....main समझ नहीं पा रही थी की क्या karu....aur इस सब में मैंने ये सब कर दिया....

चाचा - अरे कोई बात नहीं.....

चची - हमको एक काम और करना होगा....

चाचा - कैसा काम....

चची - वो रस्ते जो खुले the....aaj भी वैसे hi hai.....aap जानते है ना....

चाचा - पर वो चिप्पे हुए hai....aur उनसे आना jaana.....ye अब सायद hi कोई करता hoga....kyunki उनके बारे में किसी को पता hi नहीं है...

चची - हममे उनको बंद करना hi hoga....aur साथ hi जो शतान बच्चे हुए है उनको भी भागना hoga....tum जानते हो ना इंसानो को भी उनसे परेशानी हो रही hai.....naa जाने कब से.....

चाचा - हां मैं जानता हु पर....

चची - कोई पर वॉर nahi....aap माँ जी और पापा जी से बात karoge.....agar उन्होंने मन्ना किया तो मैं अकेले जाउंगी वह....

चाचा - अरे ठीक है मैं बात करूँगा वैसे भी वो 2 दिन में आने hi वाले hai...main उनसे इस बारे में बात करता हु....

इन् दोनों को यही छोड़ चलते है हम स्ट्रेंज वर्ल्ड mein....jaha पे आज hi मीटिंग होनी थी इस वक़्त pe.....kyunki सुबह से बस दरबार के कामों में हो लगे हुए थे हमारे एल्फ King.....aaj वो हर एक चीज़ज़ की जांच कर रहे the....unhone आज hi 4-4 बदलियां कर दी thi.....matlab अगर उनमे से कोई एक भी उनके इस अनदेखे अपने दुसमन के साथ होगा तो वो दरबार से निकल jayega.....aisa हुआ भी 2 लोग उन्ही में से थे....

महाराज उसी रूम में होते है abhi....aur ओल्ड आउल उनकी बातें सुन्न रहा होता है...

लीडर - लगता है आपको आपका गुनेहगार नहीं मिलला...

महाराज - आप भी सायद मिलना छह रहे थे मुझसे.....

लीडर - देखिये इस बार मैं आपको एक नाम dunga....aur आप मुझे एक नाम dijiyega....aapko पता तो लग hi गया होगा की आपके यहाँ कोई तो है gaddar....ab जितना वक़्त उसको milega....wo उतना hi खतरनाक होता jaayega....to समझदारी इसी में है आप मुझे एक नाम बताये मैं आपको एक नाम बताऊँ...

एल्फ किंग - एअर्थ.....

लीडर - Earth....waha पे kya......Earth पे है मेरी बच्ची.....

एल्फ किंग - मैंने एक नाम बताया अब बारी तुम्हारी hai.....tum नाम बताओ.....

लीडर - आपका bhatija.....ab ये मत पूछिए हममे कैसे पता चला hai...hum तो ये भी जानते है जस्टिन से मिलना हुआ है unka....Justin उसको तो जानते hi होंगे aap....wo कमज़ोर ladka....Lucifer का लड़का....

एल्फ किंग ने ये सुन्ना और वो समझ hi नहीं पाए kuch.....ek पल को तो बहुत hi ज्यादा गुस्सा हो गए wo....aur सामने जो लीडर की इमेज थी उसपे हमला कर दिया...

लीडर - अरे महाराज शांत हो jaaiye....aur sochiye....main इसको लेके झूट kahunga.....uske जस्टिन से मिलने के साबुत hai....Earth पे जब आप पे हुम्ला हुआ था तभी गया था वो वह से.....

एल्फ किंग - पर वो क्यों करेगा ऐसा kuch...wo तो वैसे भी युवराज है....

लीडर - ये अब आप jaano...main चलता हु अपनी बेटी को ढूंढने.....

वो चला गया वही एल्फ किंग भी वह से निकल गए और अपने रूम में चले गए.....

अब यहाँ आ hi गए है तो निक्स मंदिर में भी चल लेते है.....

अज्ज इस वक़्त रात के वक़्त वो लड़की वही तालाब के पास बैठी हुई thi....ussi मंत्र के बारे में सोच रही thi.....aur उसी जगह के जहा पे वो गयी thi....usko इंसान दिखे तो the....ar सब दर के भाग गए the.....ye उसको अच्छा नहीं लगा था....

पुजारी जी ने उसको समझाया था की वो सब तुम्हारे उस रूप से दर्रे थे ना की tumse......par वो ये समझ hi नहीं रही thi......usko बुरा लगा था अब आप पहली बार अपने जैसे लोगो को dekho...aur वो आपको देखते hi भागने लगे तो कैसा lagega....bas यही बात थी....

पुजारी - बीटा तुम नहीं जानती जब तुम वह जाओगी उसके कुछ वक़्त बाद सब तुमको कितना प्यार karenge.....tum इस बात को लेके चिंतित ना रही.....

वो सुनती है और एक फींकी सी मुस्कान देती है.....

पुजारी - तुम ऐसे नहीं मानोगी naa....accha चलो आओ मेरे साथ आज तुमको तुम्हारे परिवार के बारे में बताता हु....

लड़की ने जैसे hi ये सुन्ना वो बहुत खुश हो gayi....wo एकदम से उछलते हुए उनके पास पहुंच गयी...

लड़की - आप सच में bataoge....par आप तो बोलते थे मैं नहीं बता sakta....aap झूट भूलते थे...

पुजारी - :डोह: उस वक़्त नहीं बता सकता tha....par अब सायद बताने का वक़्त आ गया hai....par इससे पहले मैं कहानी शुरू karu.....tum ये बताओ तुम उसी जगह कैसे pahuchi...uss तालाब के पास....

लड़की - उस तालाब के pass.....pata नहीं दिम्माग में उसी जगह के बारे में ख्याल आया और मैं वह पहुंच गयी....

पुजारी - चलो फिर कहानी कल sunaunga.....aaj जाके सो जाओ और कल ध्यान लगते वक़्त इसी बात पे गौर करना समझी.....

लड़की - Kya....par आपने अभी सुंनने के लिए बोलै था.....

पुजारी - अभी वक़्त नहीं आया है ना अगर आ गया होता तो तुम बता देती मेरे सवाल का सही जवाब.....

लड़की - (बनावटी गुस्से mein)theek है.....

वो वह से चली जाती है....

वो तस्करी करने वाला याद hi होगा आप सब ko....to वो जनाब अभी स्ट्रेंज वर्ल्ड के सबसे बड़े जेल में the......ye वो जेल है जहा पे सभी किंगडम्स के मुजरिमों को रखा जाता tha....sabhi किंगडम्स के अपने भी जाइल्स थे पर एक ये जेल भी tha...to इसी जेल में वो बाँदा बंद हुआ था.....

ओल्ड आउल एल्फ किंग की बातें सुन के वापस आ गया था अपने आज के प्लान को अंजाम देने के liye....par वह पे अपने बदले किसी ो रख के आया था ताकि ऐसा ना हो कोई चीज़ उसकी नज़र से बच जाए.....

ओल्ड आउल अभी यहाँ पे 3 और अपने साथियों के साथ tha.....aur वो बस इंतज़ार कर रहा था किसी चीज़ का....

मैं अपने रूम में बैठा हुआ था.....

मैं - पोर्टल खोलो.....

वह उसने पोर्टल खोला और मैं वह चला gaya.....par मेरा साइज छोटा tha.....(naye एलिमेंट का पावर)

मैं सीधा ओल्ड आउल के ऊपर चला गया......

ओल्ड आउल - तुम इतने छोटे कैसे हो गए.....

मैं - इसके बारे में बाद में बात karenge.....tum मुझे उठा तो पा रहे हो ना.....

ओल्ड आउल - अब इतने छोटे चीज़ज़ को कौन नहीं उठा सकता....

मैं - नहीं मैंने सुन्ना था की साइज से पावर्स पे कोई असर नहीं पड़ता मुझे लगा मेरी वेट भी पहले जितनी hi होगी.....

ओल्ड आउल - पता नहीं पर अगर वेट पहले जितनी hi है फिर भी मैं उठा सकता हु....

मैं - हां हां ठीक hai.....ab बताओ क्या पता चला है कहा है हमारा शिकार....

ओल्ड आउल अपने एक बन्दे की ओर इशारा करता hai......aur वो बोलना शुरू कर देता है....

ो1 - इसको यहाँ पे 16 साल की सज़्ज़ा मिली hai.....uske बाद इसको यहाँ वापस नहीं आना hai.....Earth से जैसे इसको बन किया हुआ है वैसे hi इस जगह से भी होने वाला है ये......

मैं - अभी वो कहा पे है ये बताओ उसके बाद वो कहा जाता है इससे अभी मतलब नहीं है....

ो2 - वो इस जेल के 3रद फ्लोर पे है वही पे 15 साल से ज्यादा की सज़्ज़ा वाले लोग रहते hai.....cell नंबर 26 में है ये....

मैं - और कुछ है ऐसा जो मुझे जानना चाहिए...

ो3 - ये jagah.....yaha पे ऐसे hi नहीं जा सकते aap.....aap बहार निकल hi नहीं पाएंगे....

मैं - मज़ाक कर रहे ho.....tum सब के होते हुए इसकी जरुरत hi नहीं पड़नी चाहिए ना....

ओल्ड आउल - वो सच बोल रहा hai......hum अंदर जा सकते है पर बहार नहीं आ sakte.....ye सब जो भी इन्होने बताया है naa....ye सब बस पूछ ताछ से और सुनने से पता चला hai....humme से कोई अंदर नहीं गया hai.....ander एक भी सेक्यूरीटी वाला नहीं होता है अंदर बस ये कैदी होते है और कोई नहीं....

मैं - फिर वो सब वह अच्छे से रह कैसे लेते hai.....aur बहार आने की कोशिश क्यों नहीं करता कोई.....

ओल्ड आउल - वो आ hi नहीं सकते तो कैसे aayenge.....hum खुद भी अंदर चले जाएंगे पर बहार नहीं आ सकते....

मैं - तो ये बात अभी क्यों बता रहे ho.....main एअर्थ से यहाँ तक आ गया हु और अब बता रहे काम नहीं हो sakta....mazak है क्या ये.....

ओल्ड आउल - Nahi.....tumhare उस तस्करी वाले दोस्त के ऊपर अभी और भी तो केसेस hai.....uska kya....uske लिए उसको कल लेके जाने वाले है वापस से court....aur तुमको बुलाया है ताकि सब समझा sakku.....humko कुछ चीजजें भी chahiye....jaise में इसकी जगह कोई इसके जैसा दिखने wala.....size अगर उतने तक हो तो हम उसको बदल denge.....bich में hi उसको बदल देंगे फिर कोर्ट से आते वक़्त तक जब हमारा काम हो जाए तो इसको बदल देंगे वापस से.....

मैं - पर कोर्ट में कोई इसको चेक नहीं करेगा kya.....agar वह पता चला की ये कोई और hi है तब क्या करेंगे......

ओल्ड आउल - वो भी सोचा हुआ hai......court में जाने पे कैदिओं को चेक नहीं करते यहाँ pe....isse इस जेल की तौहीन समझी जाती hai....aur यहाँ के लोग बड़े ेगोइस्टिक hai.....wo कभी ऐसा नहीं karte....to इसके बारे में सोचना बेकार है.....

मैं - हम्म तो कब होगा ये....

ओल्ड आउल - ये कल होने वाला hai.....par चुक्की इसमें हममे बहुत एनर्जी लग जाएगा तो मैंने सोचा तुमको यही पे बुल्ला लू ताकि कल तुमको यहाँ लाना ना पड़े.....

मैं - यार तुम ये बता सकते थे mujhe....main थोड़ा इम्प्रोविसे कर देता इस प्लान ko.....jaise ज्वाला को ले आते वो मुझे यहाँ से वह लेके चला jaata...aur वैसे उसकी भी जरुरत नहीं पड़ने वाली बस तुम मेरे लिए उस वक़्त पे पोर्टल खोल देना मैं अपने हिस्से का काम कर dunga....saath hi तुम्हारे हिस्से का भी जिससे तुमको काम काम करना pade......accha सुनने एक जगह भी चाहिए होगी जहा पे हम उसकी यादें देख sakkke....yahi हो तो बेहतर hoga....Kabile में उस चीज़ज़ को वापस ले जाने से पोलर बेअर्स नाराज़ hi सकते hai.....pata है वो कुछ करेंगे नहीं पर फिर भी हमको उनको परेशां नहीं होने देना chahiye.....tum सब एक काम karo....yahi आस पास कोई जगह देख lo....yaa फिर लीमो से बात करता हु मैं उसको पता होगा कोई जगह यहाँ पे....

ओल्ड आउल - नहीं एल्फ किंगडम दूर हो jaayega....main यही कोई बंदोबस्त करा देता hu......waise एक और बात बतानी थी.....

मैं - हां बोलो....

ओल्ड आउल - मैंने तुमको इसी के बारे में बताने के लिए बुलाया था यहाँ पर समझ नहीं आ raha....acha तुम फोमोस के बारे में जानते हो....

मैं - Fumos.....wo जेल planet.....haa सुन्ना है मैंने....

ओल्ड आउल - वह पे जो अभी लीडर है उसकी बेटी एअर्थ पे है....

मैं - वह के लीडर की बेटी एअर्थ पे hai....isse मुझे kya....main क्या करू इसका....

ओल्ड आउल - अगर उसके बारे में पता चल जाए तो फोमोस पे भी हमारे दोस्त होंगे.....

मैं - ठीक है मैं सोचता हु इसके बारे mein.....tumse जो कहा है वो करो.....

ओल्ड आउल - पूरी बात तो sunno......Mujhe ये सब पता कैसे चला ये तो सुन्ना hi नहीं.....

मैं - अरे तो बताओ ना मैं क्लब जाने से पहले एक दवा खायी thi....sala सरीर कमज़ोर हो गया है mera....mujhe आराम चाहिए.....

ओल्ड आउल ने सब बताया कैसे एल्फ किंग और लीडर के बिच बातें हुई कैसे लीडर ने नए युवराज के बारे में बता दिया है एल्फ किंग को.....

मैंने ये सब सुन्ना और एकदम से चौक गया....

मैं - मतलब सब पता चल गया है unko....ab चिंता की कोई बात नहीं है.....

ओल्ड आउल - नहीं अभी hi चिंता की बात hai.....dekhna होगा वो किस नतीजे पे पहुंचते hai....isse एल्फ किंगडम का फिउचरे पता chalega....Maine उनके पास अपना एक बाँदा हमेशा के लिए लगा दिया है....

मैं - हम्म ये सही किया hai....ab उनपे ध्यान rakhna.....aur एअर्थ के बारे में मैं पता कर लेता hu....accha और वो लड़की उसका क्या....

ो3 - उसके बारे में क्या बताये aapko....wo बस वह निक्स मंदिर में ट्रेनिंग ले रही hai.....unki बातें हममे सुनाई नहीं देती वह आस पास पानी के गजहरन की वजह से नहीतो बता देता क्या बात करते है वो सब.....

मैं - ओल्ड आउल ऐसी दिक्कत है तो कोई उपाय batao....mujhe आवाजें भी सुन्नी है सब पता करना है एक इंसान आयी कैसे यहाँ और उसने ये सब कैसे सीख लिया....

ओल्ड आउल - ठीक है मैं कुछ उपाय निकलता hi.....abhi पोर्टल खोल रहा हु तुम जाओ आराम karo....aur हां कल मत खा लेना वो dawayi...plan ख़राब हो jayega....mauke हमेशा नहीं मिलते समझे ना..

उसने पोर्टल खोला और मैं उससे होते हुए वापस से अपने रूम में आ gaya....aur सीधा बीएड पे सो gaya....bahut थका हुआ था main.....ye क्लब वगेरा पता नहीं क्यों नाम लिखी लिया इनमे.....

हतियार चलना shikhayenge.....mujhe आता है चलना अगर वो गोली का असर नहीं होता naa....to सबको बताता मैं भी क्या चीज़ hu.....Prateee.....aaahhhh yaar....ye हाथ दर्द कर रहा है अभी तक.....

ऐसे hi बोलते बोलते मैं सो गया......

नेक्स्ट अपडेट में देखते है कैसे वो तस्करी वाला हमारे हाथ लगता है और उसकी yaadein.....saath में वो कहानी भी उस लड़की के परिवार की कहानी कैसे उसको वह से लेके जाय गया स्ट्रेंज world...aur तो और हम जानेगे क्या करते है अब एल्फ किंग जब उनको पता चल गया है इन् सब के बारे mein....waise पता चलना कहना सही नहीं hoga.....abhi बस एक टिप मिली है उनको कन्फर्म करना है फिर वो एक्शन लेंगे की नहीं वो देखेंगे.....

अपडेट की साइज छोटी होती जा रही है :सिघ: बड़ी कर देंगे कल वाले की साइज
 
अपडेट - 67

मैं अपने रूम में उठा वही दरवाजे वाला सपना आया था आज भी पता नहीं क्या है इस बड़े दरवाजे के picche.....iska कुछ तो करना hi hoga....Maine घडी dekhi.....waqt कुछ 4 बज रहे होंगे मैं जल्दी से उठा और फिर तैयार होक ध्यान लगाने चला गया.....

मैं वह जाके अपने नए वाले एलिमेंट पे ध्यान लगाने लग gaya....main इस्पे भी अच्छा कर रहा tha...har एक बॉल को दूसरे बॉल से जोड़ रहा tha....par यहाँ पे दिक्कत ये हो जाती thi.....wo बॉल्स मिलके कभी कभी लिक्विड बन जाते और सब अलग अलग हो जाता है

ध्यान लगाने के बाद उठा तो सब वही the......par सभी अभी भी ध्यान लगा रहे थे ऐन hi आज जल्दी उठ गया था.....

वह से सीधा रूम में गया main.....aur तैयार होने laga.....aaj कभी भी ओल्ड आउल वह बुल्ला सकता था mujhe....dekhna ये था की कब....

मैं तैयार hua...aur जल्दी से नास्ता करने जाने laga...tabhi रूम के बहार hi बुआ मिली...

बुआ - इतनी जल्दी में कहा चले......

मैं - वो बुआ वो दवा दी थी ना सायद उससे भूख ज्यादा लगती है तो बस खाने जा रहा हु.....

बुआ ने मेरी बात सुन्नी और मुझे एक बार अच्छे से देखा....

मैं - क्या हुआ बुआ ऐसे क्या देख रही ho....main सच कह रहा हु....

बुआ - चलो आज मेरे केबिन में करते है nasta....Kavita और निकिता को भी बुल्ला लेंगे....

मैं - हां ठीक है चलिए...

मैं (मैं में) - इनको पता चला तो जाने नहीं dengi....upar से सवाल अलग होंगे inke....accha है अकेले जाऊं और बस यादास्त hi तो पता करना hai.....waise भी ये गयी तो उस जीव की कहानी भी सुननी hogi...aur भी ना जाने क्या क्या... :सिघ: अकेले बेस्ट है जाना....

मैं चला गया इनके साथ इनके केबिन में वह पे 4 प्लेट्स लगे हुए the.....thodi देर में निकिता और k.bua भी आ गए....

हम सब ने खाना शुरू kiya....Bua मुझे बार बार देख रही थी....

बुआ - निकिता बच्चू कही जाना है क्या आज...

निकिता (मुँह में खाना भर्रे हुए) - नहीं to....classes है आज बस.....

बुआ - हम्म ठीक है फिर....

उन्होंने अपना फ़ोन निकला और फिर रूपल दीदी को कॉल कर diya.....jo अभी घर से निकलने hi वाली thi.....par कॉल चची ने उठा ली...

चची - हां पूनम क्या हुआ....

बुआ - आप घर पे ho.....yaa रूपल वह है...

चची - मैं घर आ गयी hu.....aur रूपल यही है ऊपर गयी है abhi.....ye जानने के लिए फ़ोन किया है....

बुआ - नहीं वो bas.....Bhabhi उसको पूछना जर्रा आज कही जाना है क्या उसको....

चची - हम्म rukko.....(Chillate हुए) रूपल आज कही बहार जाना है kya.....teri बुआ पूछ रही है....

रूपल दीदी - नहीं to.....bas होटल जाना hai....wo प्रोजेक्ट आज hi ख़तम कर देती हु....

चची - सुन्ना ना वो नहीं जा रही kahi....waise उसने बताया क्या tujhe...usne और निकिता ने बहुत अच्छा प्लान बनाया hai....hotels को पूरी तरह बदल देंगे ये सब....

बुआ - नहीं bhabhi.....main उससे बाद में पूछ lungi....chalo रखती हु.....

चची - हम्म ठीक hai.....accha सुन्न कल सभी आ जाना.....

बुआ - भाभी परसो क्लास भी hai....waise भी फिर शाम को तो आएंगे hi ना.....

चची - हां ठीक है मिलते है उसी दिन मैं नया डिश उसी दिन तरय करुँगी फिर रखती हु....

चची ने कॉल कट कर diya...Bua मुझे देखने lagi.....itne में K.Bua और निकिता का खाना हो gaya....wo दोनों उठने lagi....aur हाथ दोने चली gayi....main भी खाना ख़तम करके उठा और हाथ धोने चला गया....

बुआ - सच सच बता आज क्या करने वाला है तू.....

मैं - kya....main क्या करूँगा क्लास है आज और कुछ नहीं.....

बुआ - फिर मुझे ऐसा क्यों लग रहा है जैसे तू आज कुछ करने वाला है.....

मैं - अरे नहीं Bu......aaaaaaa.......aise कोण करता है ओल्ड आउल मैं बात कर रहा था........ :डोह: बुआ se....ab उनको सब बताना hoga...wo पता नहीं क्या karegi....thodi देर रुक नहीं सकते थे तुम.....

ओल्ड आउल ने आज भी वैसे hi अच्चानक मुझे पोर्टल खोल के खिंच लिया tha.....Wo भी तब जब बुआ से मैं बात कर रहा था उनको बता रहा था की मैं कही नहीं जा रहा हु.....

ओल्ड आउल - मुझे पता नहीं था तुम ऐसा कुछ कर रहे ho.....wo तो वक़्त आ गया है ना इस वजह से....

मैं - तो मैं वो जीव लेके घूम रहा था kya.....thoda पहले बता देते तो मैं तैयार हो जाता और ये सब ना hota.....pata नहीं अब जाने पे वो क्या करेगी mera.....ab खड़े क्या ho....chalo waha....dikhao क्या हो रहा है वो जेल से निकला है या नहीं...

ओल्ड आउल - पर तुम सामान तो लाये नहीं फिर कैसे hoga.....aur वो निकलने hi वाला है बस.....

मैं - ध्रुव बहार भेजो अलबूस को उस तस्करी करने वाले के रूप में....

ध्रुव - हम्म अभी भेजता हु....

मैं - एक मिनट रूक्को अभी बस तैयार रखो जैसे hi कहु वैसे भेजना ठीक है....

ध्रुव - मैं रेडी रहूँगा.....

मैं - ओल्ड आउल उस बग्गी को रोकना samjhe.....jaise hi वो आगे जाने लगे उसको रोक lena....aur वह पे जो भी पहरेदार उस तस्करी वाले को लाने को आये है उनको बहार आने पे मजबूर karna......jaise hi वो बहार आये तस्करी करने वाले को उड़ा lena....samajh gaye......apne लोगो को भी समझाओ.....

ओल्ड आउल - पर तुम किसी को लाये कहा ho.....uski जगह बदलने ko.....mujhe लगा निकिता या कोई और आएगी....

मैं - Aayegi.....tumne मौका दिया किसी को लाने ka......aise मुझे खींच लिया जैसे किडनैप कर रहे हो mujhe.....agli बार ऐसा सोचना भी मत करने की....

ओल्ड आउल - अच्छा ठीक है पर वह पे जाएगा कौन fir....uski जगह पे.....

मैं - उसकी चिंता मत करो तुम बस उसको निकल aao.....waha कोई ना कोई पहुंच hi jaayega....kitna वक़्त है ये सब होने में.....

ओल्ड आउल आसमान की ओर देख के अपनी भासा में कुछ bola....aur फिर सायद उसको भी कोई आवाज aayi.....fir वो मुझसे बोलै...

ओल्ड आउल - कोर्ट से बग्गी निकल चुकी है.....3 लोग है usme....ek जो चला रहा है wo....aur दो कैदी के लिए....

मैं - Waah......sala सही नाम है जगह का स्ट्रेंज world....itni अजीब जगह hi है ये की यही नाम सही tha.....ek इतना बड़ा अपराधी hai....usko ले जाने के लिए एक बग्गी और उसमे बस 3 log...bhagana hi था तो ऐसे hi भगा देते ना.....

ओल्ड आउल - इस जेल से निकल के कोई भागने की कोशिश hi नहीं karta.....aur वो बग्गी भी कोई आम बग्गी थोड़ी hai....ispe किसी भी मैजिक का कोई असर नहीं होता.....

मैं - तो तुम रोकोगे कैसे उसको....

ओल्ड आउल - पूरी बात सुनते नहीं और बोलने लग जाते ho.....maine कहा मैजिक का असर नहीं hota.....par अगर दिम्माग चलाया जाए तो सब हो जाता है....

मैं - इंसानो में ना जो सबसे मुर्ख होता है उसको गधा बोलते है और उससे जो थोड़ा सा सायना होता है ना वो उल्लू कहलाता hai....to दिम्माग की बात करो मत जो करना है वो बताओ...

ओल्ड आउल - मैं कर के दिखता hu....mera बस काम यही है ना की उस बन्दे को बहार ले aaun....wo मैं कर dunga....baaki तुम samjho....mujhe बेवक़ूफ़ कह रहा hai......boyzzzz काम पे लग jaao......wo आने वाला है....

मैं - करने क्या वाले हो ये भी बता दो.....

ओल्ड आउल - बस चुप raho....Boyzzz t-30s है हमारे pass.......sab तयारी चेक करो एक baar.....O2 तुमने स्मोग तैयार राखी है ना.....

ो2 - तैयार है सर....

ओल्ड आउल - ो1 हिप्नोसिस के लिए काम वक़्त milega.....isme कोई चुक्क नहीं होनी चाहिए....

ो1- मैं रेडी हु सर....

ओल्ड आउल - ो3 तुम भी तैयार हो ना उस बन्दे को निकलने के liye.......bas 2 सेक् का वक़्त मिलेगा तुमको.....

ो3 - रेडी हु सर.....

ओल्ड आउल - टी-10 स है bas.....sab पोसिशन्स पे raho.....O2 स्मोग तैयार raho.....ishara मिलते hi खली कर देना.....

मैं - एक minute....usko बग्गी में बैठने तो do.....aise क्या 10 स है जल्दी karo.....Baggi आयी भी नहीं है....

ओल्ड आउल - चुप रहो और देखो....

ठीक इसके 5 सेकंड बाद अच्चानक से वह पे एक बग्गी ा गयी उस जेल के pass.....aur मैं देखता hi रह gaya.....pata hi नहीं चला वो आया तो आया कहा se....matlab एकदम से प्रकट हो गया जैसे wo....aur उसके बाद देखा तो उसके खिड़की में वो तस्करी करने वाला बाँदा भी दिखा मुझे...

ओल्ड आउल इसी का वेट hi कर रहा था jaise.....usne इशारा किया और चारो तरफ स्मोग आ gaya.....kuch दिखने hi नहीं लगा....

ओल्ड आउल - ो2 बहुत ache.....O1 वो बहार आएंगे ab.....darwaja khulega,......taiyaar raho...O3 तुम bhi.....jaise hi हिप्नोसिस ख़तम हो तुम उनको उड़ा लो.....

मैं - ये क्या hai......Dhruv.....Dhruv भेजो अलबूस को bahar....taiyar karke....jaise hi ो3 उसको निकले अलबूस को वह फिट कर देना...

ये इतनी जल्दी कर देंगे ये लोग मैंने सोचा भी नहीं tha.....plan तो बनाया था इस ओल्ड आउल ने अच्छा khasa....mere सीने से एक लाइट निकली और वो चली गयी उस बग्गी की oor.....jiske बहार अभी 3 लोग the.....tinno hi बस खड़े the....O3 ने अपना काम यानी की तस्करी वाले को बहार निकलने का काम कर दिया tha.....wahi बाकी के 2 लोगो ने भी कर दिया tha.....Old आउल वह पे आया और जल्दी से स्मोग को अपनी पंखों की मदद se....O2 जिसने उन् तीनो हो सम्मोहित किआर रखा था उसने भी उनको वापस जैसे थे वैसे hi रहने को बोल diya....aur फिर फिर सम्मोहन हत्ता दिया....

वो तिण्णो होश में आये और बग्गी वापस से गायब हो गयी.....

मैं - ये क्या था ओल्ड आउल तुमने तो कम्मल hi कर दिया....

ओल्ड आउल - ये कुछ भी नहीं tha....aise ना जाने कितने hi काम किये है maine.....khair इसको छोड़ो अब उस बन्दे को लेके चलते hai.....O3 उसको बेस पे pahuchao....aur वापस यहाँ आके कमांड sambhalo....O4 तुम जैसे बग्गी पे नज़र रखे हुए थे वैसे hi नज़र रखे raho.....koi गड़बड़ हो तो तुरंत बताना....

मैं - हम्म चलो बेस pe....dekhte है कैसा बेस बनाया है तुमने.....

उसने एक पोर्टल khola....aur उसके अंदर जाते hi हम कही और पहुंच gaye....dekhne में कोई गुफा जैसी लग रही थी ये जगह....

मैं - ये कोण सी जगह है.....

ओल्ड आउल - यही पास की जगह hai.....pedon से चिप्पी हुई गुफा है ye...yaha इसको ऐसे नहीं ला सकते थे ना तो पोर्टल खोलना pada.....O3 वापस जाओ तुम इसको हम देख लेंगे....

ो3 वह से वापस चला जाता hai....uss तस्करी करने वाले को वही पे छोड़ के....

मैं - क्या देख lenge...main वो जीव पॉकेट में लेके नहीं घूम रहा tha.....Portal खोलो वापस जाने ka.....mere रूम के लिए खोलना....

उसने पोर्टल खोला और मैं रूम में अंदर gaya....aur वो जार लिया जिसके अंदर उस जीव को रखा था और वापस जाने hi लगा की सामने बुआ...

Matlab....pahle पोर्टल hai....fir बुआ है और उसके बाद मैं hu....Bua गुस्से से मुझे देख रही hai...aur मैं हाथ में एक अजीब सा जीव लिए खड़ा हु.....

ओल्ड आउल - मिला की नहीं milla......waqt बर्बाद na.....oo

बुआ - Kya....kya कहा था कही नहीं जाना फिर ऐसे गायब कहा हो गए the...aur अब फिर से कहा जा रहे हो....

मैं - वो बुआ मैं ...तभी मेरे को पता नहीं था ना जाना है वर्ण मैं तो बता hi देता ना.....

बुआ - तुमको मैं जान गयी हु इतने टाइम में....

ओल्ड आउल - माफ़ करना बुआ जी par....Prateek वह कोर्ट में बग्गी पहुंच चुक्की hai.....aur अभी बस वक़्त जा रहा है हमारा.....

मैं - hmm...Bua यार आप थोड़ी देर बाद दांत लेना ना अभी बहुत जरुरी काम है.....'

बुआ - क्या कहा.... :शॉकेड: अच्छा ठीक hai...chalo मैं भी देखती हु कौन सा काम कर रहे हो...

मैं उनको मन्ना करता उससे पहले उन्होंने हाथ पकड़ा मेरा और पोर्टल से होते हुए अंदर....

बुआ ने आस पास देखा तो कुछ समझ नहीं आया unko.....bas ये पता चला की गुफा है koi.....par कहा पे ये नहीं जानती थी wo....lekin अभी उन्होंने सवाल नहीं पूछा कोई.....

बुआ - जा अपना काम कर....

मैं भी वक़्त ना जज़्ज़ा करते हुए गया उस तस्करी करने वाले के pass.....aur वो जीव जो जार में लेके आया था उसको बहार निकला.....

मैं - ध्रुव इसको उसे कैसे करते है....

ध्रुव - इसको उसके सर पे रख do....ye मारा हुआ hai....par इसकी बॉडी फिर भी इससे जुड़ जायेगी....

मैंने वैसा hi किया उस जीव को निकला और उसके सर पे रख diya......usko वह रखने के बाद hi मैंने देखा जीव में कुछ हलचल हुई hai.....aur जब ध्यान से देखा तो उस जीव के pair....taskari करने वाले के दिमाग के नशों से जुड़ गया था...

मैं - अब क्या.....

ध्रुव - 2 चीजजें कर सकते ho......yaa तो उसके मुँह से सुनने या उसकी आँखों से dekho.....aakhon से देखना जो है वो एकदम से सही जानकारी degi.....par मुँह से sunna....isme दिक्कत है अगर इसने अपनी मेमोरी के साथ कुछ किया होगा तो कुछ बातें झूटी भी निकल सकती है...

मैं - आँखों वाली केस में ये लॉजिक नहीं चलता kya.....waha मेमोरी में कुछ करने से नहीं होता क्या कुछ,......

ध्रुव - होता है पर उसमे बहुत काम चान्सेस honge......tum जाओ इसके बॉडी में और मैं तुम्हारी बॉडी संभालता हु.....

मैं - अभी कहा आँखों से देखो इसके मुँह से सुनो और अब कह रहे हो इसके अंदर चले जाओ....

ध्रुव - वो जो दो ओप्तिओंस है ना वो आम लोगो के लिए hai...aur तुम्हारे साथ मैं hu.....to तुम इसके अंदर आओ और मैं बॉडी संभालता hu.....accha और जब बहार निकलना हो तो इसके बॉडी में एक छोटी सी लड़ाई लड़नी padegi.....taaki ये जीव सही से निकल jaaye....iski जरुरत पड़ेगी ना बाद में.....

मैं - ठीक है....

मैंने उस तस्करी करने वाले के सर पे हाथ रखा और अपनी बॉडी से निकल के उसके बॉडी में चला aaya......aur मेरी बॉडी वो ध्रुव देखने लगा...

एक अजीब सी जगह thi...andhera था चारो taraf.....ajeeb सी आवाजें आ रही thi...aur garmi.....puccho mat.....aisa लग रहा था आग में दाल दिया हो mujhe.....tabhi मेरे अस्स पास की cheezin....aur मैं सब कुछ hi हिलने लग जाता hai,....Main एक बक्से में था abhi......ek घर में एक बक्सा था और उसमे मैं tha.....aur घर में आग लगी हुई थी इसी वजह से ये गर्मी लग रही थी....

अभी किसी ने बक्सा खोला तब जाके मुझे पता चला ये sab,....saamne एक औरत थी जो बस रोये जा रही thi.....usne mujhe....mera मतलब है सायद इस तस्करी करने वालो को गॉड में उठाया और अपने सीने से लगा लिया...

अस्स पास देखा तो बस आग hi आग थी वह और कुछ nahi.....ek बड़ा सा लकड़ी का टुकड़ा हमारे ऊपर girra....aur फिर से अँधेरा.....

मैं - ध्रुव ये क्या था.....

ध्रुव - अरे बताया था ना ये जीव आपके पास्ट को hi नहीं बल्कि प्रीवियस लाइफ को भी दिखा सकती hai.....tumko ध्यान लगाना hoga....aur इसके इस लाइफ को ढूँढना hoga....fir वो याइदिन जो तुमको देखनी hai....warna वही इस मायाजाल में फसे रहोगे...

मैं - ये बात पहले बतानी थी naa....main वो आसान तरीको से काम चला leta....ab ये बताओ पता कैसे चलेगा की इसकी अभी वाली लाइफ कौन सी है....

ध्रुव - अभी क्या मर गया है ये....

मैं - हां मर गया है ये एक बक्से से निकल और फिर लकड़ी का टुकड़ा गिर्रा और मर गया साथ में कोई औरत भी थी सायद इसकी माँ हो उस वक़्त की....

ध्रुव - हम्म बुरा हुआ इसके साथ फिर उस जनम mein....accha यर पता लगाने के लिए की इसकी ये वाली लाइफ कौन सी है आस पास देखो कही से लाइट आ रही hai.....dhimmi सी लाइट भी होगी वो भी चलेगी...

मैं - लाइट से क्या कनेक्शन hai...mujhe कोई लाइट नहीं दिख रही....

ध्रुव - आखें जो होती है naa....unse लाइट अंदर जाती है सरीर ke.....aur अभी इसके पास जो आँखें है वो इसी जनम में है ना इससे पहले वाली बॉडीज तो ख़तम हो गयी hongi....to लाइट से पता चल hi जाएगा कहा है ये...

मैं - पर कोई लाइट नहीं दिख रही है आस pass......maine अच्छे से देखा है...

ध्रुव - ऐसा कैसे हो सकता hai....accha मैं यहाँ कुछ तरय करता hu.....tum वह ध्यान rakhna....dekhte रहना कहा से लाइट आती hai....ussi तरफ निकल जाना...

मैं - हम्म ठीक है पर तुम करने क्या वाले हो....

मैं बोल hi रहा था की मुझे एक तरफ से बहुत सी लाइट आती हुई दिखी मैं उसी ओर चल दिया....

ध्रुव - दिखी क्या लाइट.....

मैं - हां dikhi...wahi जा रहा हु अभी...

देउव - ये काम करता है fir.....theek है तुम वह jaao....waha पे भी बहुत सी यादें hongi....jitni इसकी उम्र hai...uss हिसाद से तो बहुत hi होंगी...

मैं _ मैं अभी वापस से किसी अँधेरी जगह पे आ गया हु पर यहाँ रोशनी है thodi......main देख सकता हु tumko....ye बुआ ओल्ड आउल को क्या समझा रही है...

ध्रुव - Wo.....wo तुम कही ऐसे जाओ तो उनको इन सब की खबर पहले मिल जाए ये समझा रही है.... :lol: पर ओल्ड आउल उनको बता रहा है वो तुम्हारी हर खबर उनतक नहीं पंहुचा sakta...iske लिए तुम्हारी परमिशन चाहिए hogi....ye सब बाद में देख lena...abhi तुम इस बॉडी में पहुंच गए ho...ab इसकी यादें dekho....dhundhon उनको....

मैं - कहा धुन्ध्दना है ये भी बताओ...

ध्रुव - ध्यान lagao....tum पहुंच जाओगे इसके मेमोरी में...

मैं भी ध्यान लगाने लगा और जैसे hi आँखें बंद करके वापस से kholi.....main कही और hi tha.....haathon में एक बड़ा सा अंडा था mere......aur मैं भाग रहा tha.....Main अभी इसके जगह पे tha.....Maine पीछे मदद के देखा तो वह पे कुछ अजीब से सांप थे जो मेरे पीछे लगे हुए the.....bade गुस्से में लग रहे the.....unme से एक आया और meri.....yaani की इस तस्करी करने वाले के हाथ पे काट liya...Main वही पे गिर गया और वो anda....wo भी वही पे गिर gaya.....jo सांप मेरे पीछे लगा हुआ था वो उस टूटे हुए अंडे के पास चला gaya....aur अभी वो मेरे पास आता उससे पहले ऐन वह से भाग गया.....

मैं - ध्रुव ये सब क्या tha....ye सांप वो anda....aur मैं भाग रहा था.....

ध्रुव - तुम नहीं भाग रहे थे वो सब ये कर रहा था तस्करी वाला banda.....tum बस उसके यादों में the....sayad ये इसका अभी जल्दी का किया हुआ कारनामा hai....iske हाथ पे वो चोट के नीसाण hai...aur देखने से लगते है 3-4 तमहीने पहले के hi है ये...

मैं - वो सांप उसका अंडा टूट गया इसकी वजह से.....

ध्रुव - शांत हो jaao.....abhi और पीछे जाओ और फिर देखो क्या मिलता है....

मैं और पीछे gaya.....iss बार एक बच्चा tha....uske सर पे सिंह लगे हुए the...ye एक दानव का बच्चा tha....maine देखा है ऐसा pahle....par ये साइज में थोड़ा छोटा tha....Main इसको लेके भाग रहा tha....wo baccha...usko सायद ये सब एक खेल सा लग रहा tha....to वो हिस्से जा रहा tha....Maine उस बच्चे को एक नदी में फ़ेंक diya....ek गहरी nadi.....maine उसको अभी गॉड में लिया हुआ tha....uss नदी के पास पंहुचा main....aur फिर उस बच्चे को जोर से निचे फ़ेंक diya....aur फिर अपना हाथ साफ़ करते हुए वह से चला गया....

पता नहीं कौन था वो बच्चा और ये क्या hua.....Main अभी इस तस्करी करने वाले की यादों में tha....ye यादें बहुत hi दुःख देने वाली thi.....uss बच्चे का हस्ता हुआ chahra....sayad वो दानव का hi बच्चा क्यों ना हो पर उसका वो हस्ता हुआ चेहरा जैसे छप्प गया हो मेरे अंदर.....

मैं इसकी यादों से बहार आना चाहता था...

ध्रुव - प्रतीक सम्भालो खुद ko.....tum भूल रहे हो क्या करने आये थे yaha....ye सब इतना कुछ किश वजह से हुआ था....

मैं - तुमने देखा na....isne उस बच्चे ko....nadi में फ़ेंक diya....wo बच्चा tha....aur वो anda.....usko तोड़ दिया इसने....

ध्रुव - मैं भी सब देख रहा hu....tum खुद को सम्भालो dost....aur वो ढूंढो जिसके लिए आये ho....iss बिछ और भी ऐसी चीज़ीं िलेंगी par...tumko वो चीज़ ढूंढे बिना बहार नहीं आना है....

फिर क्या tha.....ek और याद उसके बाद एक और yaad.......inn यादों को देखते hue.....aisa लग रहा था जैसे मैंने वो सारे काम किये hai....un बच्चो को maarna....unn चीज़ज़ों को churana.....wo लोग मेरी वजह से रो रहे the....main महसूस कर रहा था उन् सब के दर्द ko....jo सायद इस कमीने ने कभी नहीं किया tha......iske बॉडी से निकलने के बाद इसको ऐसी मौत दूंगा की ये वापस से जनम नहीं lega.....aisa मैं बना चुक्का था main....par अभी भी वो याद नहीं मिली थी मुझको जो मैं धुंध रहा था...

अगली याद जो इसकी मुझे dikhi.....wo कुछ जानी पहचानी हुई सी thi......aisa लग रहा था ये सब देखा हुआ है maine....ek औरत जो भाग रही thi.....bas भागे hi जा रही thi....apni गॉड में एक बच्चा लिए hue.....aur फिर वो रुक जाती hai.....main उसके पास जाता hu....aur मुझे कुछ हो जाता hai....wo अपनी बच्ची को एक बार चूमती है और फिर उसको मेरे हाथों में देके मुझे जाने के लिए कहती hai....wo aaurat.....wo बहुत जक्खमि thi....sayad मेरे जाने के बाद hi वो वही पे मर गयी hogi.....Main वह से एक पोर्टल खोलता hu...aur सीधा चला जाता हु एक घर के दरवाजे pe.....maine नॉक किया और एक बुध्दि मेरे सामने aayi....isko पहले भी देखा था maine...kaha ये याद नहीं आ raha.....maine उस बच्ची को उसके आठ में diya...aur फिर से पोर्टल खोला और जहा पे मैं था वही पे चला गया......

मैं - ध्रुव ये क्या tha....aisa लगा जैसे इस बार इसको कण्ट्रोल किया गया tha....aur वो बच्ची वो aurat....aur वो भुड्डी वो भी देखि हुई सी लग रही थी....

ध्रुव - Nikita....uski यादें जब हमने वो देखि थी तो उसी की तरह थी naa....aur वो बुद्धि बिलकुल वैसी hi दिख रही थी.....

मैं - तो क्या वो निकिता thi.....aur वो औरत वो क्या उसकी माँ थी.....

ध्रुव - पता नहीं पर सायद ऐसा hi ho.....unke साथ बुरा हुआ tha.....tumne देखा ना वो जख्मी थी...

मैं - हां बहुत jyada....aisa लग रहा था किसी ने उनको मारने की पूरी कोशिश की थी पर वो बच के वह से आ gayi....aur निकिता को कही सेफ जगह पे भेज diya......yaad है निकिता के यादों में हमने देखा था वो भुड्डी औरत वो भी मर्डर जाती है और फिर निकिता को प्रोफ सूरज के पास लेके चले जाते है...

ध्रुव - हम्म याद है mujhe.....sayad ये बात निकिता को ना पता ho...aur हम भी कन्फर्म नहीं है abhi....to अभी इसको बस याद रखते है और आगे चलते hai.....dekho और यादें dekho...sayad उस लड़की के बारे में भी मिले कुछ....

करीब 3-4 और यादें और मैं वापस से गुस्से में tha.....ye बाँदा ऐसा था जिसने sayad...saare पाप कर रहे होंगे...

वही इसी के साथ पुजारी जी उस लड़की को उसके परिवार के बारे में बता रहे the....par उससे पहले लड़की से उन्होंने पूछा hi था की क्या तुमको पता चला तुम उसी जगह क्यों गयी थी...

लड़की - पता nahi...maine कल भी तो कहा था मेरे दिम्माग में बस वही एक जगह hi आयी तो क्या बताऊँ mein....maine ध्यान भी लगाया पर बस कुछ धुंधला सा दिखा था....

पुजारी - और क्या देखा तुमने ये भी बताओ...

लड़की - पता nahi....main bas..maine देखा वह पे कुछ हो रहा tha....kya पता nahi.....bas वो जगह मेरे दिम्माग में thi....wo taalab....wo मेरे दिम्माग में thi.....aur कुछ नहीं पता क्या ह रहा था वह और कैसे वो मेरे दिम्माग में है...

पुजारी - कोई बात nahi....tumhe याद होना भी नहीं चाहिए था...

लड़की - क्या.....

पुजारी जी - कुछ नहीं अब मेरी कहानी सुनने जो तुम्हारे बारे में है....

लड़की - कब से वही सुनने के लिए हु main...ab आप सुनाओ....

पुजारी जी - Bhanupur....ye वो जगह है जहा पे तुम पैदा हुई thi....kahne को तुम्हारा बहुत बड़ा परिवार है दोनों तरफ से माँ और पापा दोनों के hi तरफ se....par...insano में ना एक प्रेम विवाह का चलन चला हुआ था उस वक़्त और तुम्हारा माँ पापा ने बस उसी के antargat....shadi कर li......aur शादी के ठीक 7 महीने बाद hi तुम्हारा जनम हो गया....

लड़की - एक मिनट इंसानो में बच्चे 7 महीने पे हो जाते hai....maine तो....

पुजारी जी - 9 महीने लगते hai....par तुम्हारा केस hi अलग tha....prem विवाह में सायद ऐसा अक्सर हो जाता है इंसानो के bich....shadi से पहले hi गर्भ में थी tum...bas इसी के वजह से तो तुम्हारे माँ पापा ने भाग के शादी kari...agar उनके घर वालो को पता चलता तो गड़बड़ हो jaati...tumhara जनम भी बड़े अजीब ढंग से हुआ tha.....jinhone देखा था वो कहते है जनम के वक़्त तुम्हारी आँखें और बाल बिलकुल सुनहरे रंग के थे पर वक़्त के साथ वो नार्मल से हो गए the....kareeb 1.5 साल तक तो तुम बड़े अच्छे से रही थी वह pe....par फिर किसी ने को भनक लग गयी tumhari......ek इंसानी बच्ची जो जादू जानती है जिसके पास पावर्स hai....baatein फैलने लगी चारो taraf.....jo जादुई जीव वह थे वो और बहार से भी कुछ तुमको देखने जाने lage......kuch इंसानी भेष में जाते तो कुछ चुप्प ke.....ye साड़ी बातें टाइटन तक पहुंची thi....waha से भी लोग गए थे तुमको dekhne....ek दिन किसी तरह से तुह्मरे पास वो आ gaya.....Earth पे उसका जाना मन्ना tha.....par वो पता नहीं कैसे वह पहुंच गया और उसने तुमको उठाया और लेके भाग gaya....aur तुम्हारी जगह पे छोड़ गया एक shaitaan.......Tumhare माँ पापा के लिए वो किसी श्राप से काम नहीं होने वाला tha....tumhari जगह लेने के बाद उसने ना जाने क्या क्या kiya.....par उसका मकसद था तुम्हारे माँ पापा को maarna....taaki कोई बच्चे hi नहीं वह जिसको तुम्हारे बारे में कुछ याद ho...par उसने ये ाआसानी से नहीं kiya....unn दोनों के बिच के प्यार को hi ख़तम कर diya....baat यहाँ तक आ गयी की दोनों का hi तलाक़ होने वाला tha......aur तलाक़ के बाद जैसे hi दोनों अकेले होते उनको मार दिया jaata.....par ओरियन का एक निवासी एक बहुत बड़े जादूगर उन दिंनो उस जगह पे the...unko पता चला इन् सब के बारे में उन्होंने उस शैतान को ख़तम कर diya...par तलाक़ को नहीं रोक sakke...Tum यहाँ thi.....iss प्लेनेट पे पर तुमको वह पे जिन्दा उन्होंने hi rakha....ek नकली पहचान बनायीं tumhari....tunhari एक parchayi....jisko उसके माँ पापा ने मनहूष समझ के छोड़ दिया था उसको इंसानो के बिच rakha....Tum यहाँ pe....uske साथ थी जिसको तुम अपना सब कुछ मानती thi.....usne तुम यहाँ पे ट्रैन kiya...aur अपने साथ अपने कामो में लगा दिया....

लड़की - तो मेरे माँ बाप ने मुझे मनहूस समझ के फेंक दिया....

पुजारी - उन्होंने तुमको नहीं फेंका tha.....wo वो शैतान था....

लड़की - अब वो दोनों अलग hai.....aur कहा रहते है अब wo....main कैसे ढूंढूंगी उनको.....

पुजारी - तुम्हारी माँ के बारे में ये पता चला है की वो अपने मायके वापस चली गयी thi...tumhare नाना और उनके घर वालो ने बहुत कुछ सुनाया पर बाद में माफ़ भी कर diya....abhi वो वही रहती hai....aur तुम्हारे Papa......wo सायद किसी सोल्लगे में पढ़ते hai.....yaa प्रिंसिपल है सायद वह के....

लड़की - पर मैं उनको कैसे pahchanungi....aur उससे भी बड़ी बात क्या वो मुज्झे पहचानेगे और मुझे अपनाएंगे...

पुजारी जी - ये सब तो तुमपे hai....kaise क्या करती ho.....main बस मदद कर सकता hu.....aur कुछ करना hi है तो उन् दोनों को साथ लेके आना pahle....aur वो जो गलतफहमियां आयी है उनको दूर करती जाना सब सही हो जाएगा...

वह वो दोनों बातें कर रहे थे वही मैं उस याद में पहुंच गया जिसकी तलाश थी मुझे......

मैंने dekha....ki एक पालने में एक बच्ची hai.....mere साथ भी कोई tha....maine उसको उस पालने में रखा और बच्ची उठायी और चल दिया वह se.....waha से निकला और सीधा pahucha...Strange वर्ल्ड के पास उल्कापिंडों के एक समूह के pass....jaha पे मैं किसी का इंतज़ार कर रहा tha.....bahut वेट किया पर कोई नहीं aaya.....main उस बच्ची को लेके वह से चल दिया स्ट्रेंज वर्ल्ड mein....waha पंहुचा तो सोचने लगा इस इंसान की बच्ची का क्या किया jaaye.....jiske कहने पे ये सब किया था वो तो आया hi nahi....Main तो मार hi देता उसको अगर वो बाँदा ना आया hota....usne मुझसे वो बच्ची ली और उसके बदले कुछ पैसे diye....ab कुछ ना से अच्छा कुछ होना होता hai.....maine बची देदी और चला गया...

मैं - ध्रुव ये वही hai.....yahi होगी वो ladki.....ye इंसानी बच्ची है पर इससे कुछ खास पता नहीं चला...

ध्रुव - हम्म कोई बड़ा चालक बाँदा होगा इन् सब के picche.....accha तुम बहार आ jaao.....yaha पे बुआ मुझे और ओल्ड आउल को मार देगी नहीं तो...

मैं - हां मैं आ रहा हु....

मैंने वापस से ध्यान लगाया बहार जाने के liye....aur तभी मुज्झे एक अजीब सा जीव dikha.....wo मेरी ओर बढ़ रहा था....

मैं - ध्रुव ये क्या है.....

ध्रुव का कोई जवाब hi नहीं aaya.....pata नहीं क्या था ये.....

मैंने अपनी तलवार को याद किया और वो मेरे हाथ में tha.....wo जीव मेरे करीब आता जा रहा tha....aur मैं तलवार लिए खड़ा tha.....samajhne की कोशिश कर रहा था की ये है क्या....

कुछ समझ तो नहीं आया पर वो जीव मेरे बिलकुल करीब आ गया tha...Maine तलवार पे अपना गृप और मजबूत kiya....aur उसपे वार किया.....

मेरी तलवार उसको चीरती हुई निकल आयी उसके अंदर से खून भी निकला par.....jis जगह को चीयर के मेरा तलवार बहार आया tha....wo जगह वापस से जुड़ gayi.....aisa लगा जैसे वह पे उसको कुछ हुआ hi नहीं tha....maine वापस से हमला kiya....aur फिर से वही हुआ.....

मैं समझ नहीं पा रहा था ये है kya.....aur इसको ख़तम कैसे किया जाए......

मैं - ध्रुव आवाज आ रही है kya.....yaha पे कोई जीव आ गया है मैं इसको मार रहा हु पर ye.....ye वापस से ठीक हो जा रहा hai....Dhruv...sun रहे हो क्या......

वह से कोई आवाज hi नहीं आ रही थी.....

इतने में पता नहीं कैसे वह पे कूपर आ गया ठीक मेरे saamne.....aur फिर एक लाइट ओर्ब में बदल के तलवार पे आ gaya.....jisse तलवार का ब्लेड बहुत चमकने laga....sayad ये मुझे बता रहा था कैसे मारना है सामने वाले ko......maine भी अपने लइटेनिंग एलिमेंट को जगाया और उसकी पावर्स को तलवार के ब्लेड पे केंद्रित kiya.....jisse वो तलवार बहुत hi ज्यादा चमकने लग गया tha.....maine फिर से एक वार kiya......aur इस बार उसको कट लगा tha......bas फिर क्या tha....jitne भी डाव पेंच आते थे तलवारबाज़ी के सारे hi प्रैक्टिस कर daale......matlab वो जीव इतने पीसेज में कट्टा होगा की गिनना मुश्किल हो गया tha....main बस कट्टा गया और कट्टा gaya....jaise hi वो ख़तम हुआ मैं अपनी बॉडी में आ gaya......aur

Chattak...chattak.....

जहा ऐसे किसी जीव को मार के आने के बाद तारीफ़ मिलती hai....saabasi मिलती है wahi.....mujhe थपड मिले थे वो भी 2-2

मैं अपने गलों पे हाथ रखे खड़ा था....

बुआ - मुझसे बहस करोगे tum.....itne बड़े हो gaye.....isko बोलते हो की और मार कहानी है....

मैं - क्या बोलना है ये तो बताओ.....

बुआ -(गुस्से में) इतनी देर से बता रही hu....bol isko...jaha भी तू जाए ये मुझे खबर karega....bol वर्ण टाँगे तोड़ दूंगी अब....

मैं - पर वो वैसा नहीं कर सकता बुआ......

बुआ - अभी तो कहा इसने की अगर तू हां करेगा तब hi ये ऐसा कर सकता है अब हां बोल उसको,...

अब कुछ समझ में आ रहा था ये थपड क्यों पद रहे hai....ye सब सेल उस ध्रुव का किया hoga......Bua तो बोल रही है बहस कर रहा tha.....isne ऐसा कर दिया..... :डोह:

मैं - ओल्ड आउल तुमने ये कहा inse......kya तुम सच में इनको बता सकते हो मैं कहा hu....(aankhen दिखते हुए उसको कहा मैंने)

उसने मेरी ओर देखा और ना कहा फिर बुआ ने उसकी ओर देखा और उसने हां कह दिया.... :डोह:

मुझे ये नहीं पता चल रहा था ये साला मेरी साइड है या बुआ के.....

बुआ - देखो उसने कहा है की वो बता सकता है....

मैं - Buaa....yaar आप समझ नहीं रही naa.....ab मैं कही जाऊँगा और आप इससे पूछ के वह आ jaogi....accha लगेगा ऐसा....

बुआ - इसमें बुराई hi क्या hai....ye तो अच्छा है मैं हमेशा तुमको बच्चा लुंगी....

मैं - यही तो आप hi बचते रहो mujhe....main कुछ करता hi नहीं हु fir....school से भी निकलवा do...aap तो रहोगी hi....aap बच्चा lena...mere सारे काम आप कर dena....main बस घर पे बैठा rahunga....ye अच्छा होगा ना....

बुआ - ज्यादा स्मार्ट बनने के जरुरत नहीं hai.....sochne दो मुझे.....

ओल्ड आउल - wo.....wo लोग वापस आ रहे है....

बुआ - कौन log.....aur ये जगह है कौन si.....aur ये तो वही है ना.....

मैं - बुआ थोड़ी देर rukko....Old आउल कितना टाइम है....

ओल्ड आउल - टी- 600 सेकण्ड्स......

मैं - ध्रुव सुन्न रहे हो....

ध्रुव - हां सुन रहा hu.....par ये कूपर को क्या हो gaya....aisa क्यों लग रहा है जैसे इसने बहुत साड़ी एनर्जी लगा दी है apni....thakka हुआ सा लग रहा है....

मैं - वो एक जीव आ गया था उसको मारने में इसने मदद ki.....par ये दोनों इतनी जल्दी कैसे कमज़ोर हो जाते hai.....aise में तो मैं मुशीबत में पद जाऊँगा कभी....'

ध्रुव - इनको बाहर निकला karo....inko बहार की हवा लगने do...tumhare अंदर रह रह के ये कमज़ोर हो रहे hai....tum सब की ेनेर्गीएस कमबीएड होती hai......jitni एनर्जी लेवल तुम्हारी है उतनी hi इन् दोनों की bhi.....ab सोचो दो ड्रैगन्स तुम्हारे जितनी एनर्जी के साथ रह रहे hai.....ye तो ये दोनों मैनेज कर ले रहे है इस वजह se....warna...

मैं - एक मिनट इसके बारे में कभी और बात karenge.....yaad है इसको सज़्ज़ा देनी thi....kya मैं मार दू isko......waise भी ये इसी के काबिल है...

ध्रुव - पूछ क्या रहे ho....maar do.....yaa छोड़ दो ये तुमपे hai....par सज़्ज़ा के और भी तरीके होते है वो भी सोचो...

मैं - हम्म सही कहा मार देने से तो इसके सारे दुःख hi ख़तम हो जाने hai....main इसको तड़पाना चाहता hu.....itna जितना कोई ना तड़पा ho.....batao क्या करू मैं....

धुर्व - जो दर्द लोगो ने इसकी वजह से साहा है वो दर्द इसको dedo.....ye खुद तड़पता रहेगा....

मैं - हम्म ये सही है पर kaise.....kaise करू मैं ये.....

ध्रुव - वो jeev...wo अभी भी लगा हुआ है उसके सर pe.....uske ऊपर हाथ rakho....aur बताओ उसको क्या दिखाना चाहते हो तुम इस्को....

मैं बुआ और ओल्ड आउल से थोड़ी दूर पड़े उस तस्करी करने वाले के पास gaya.....uske सर पे वो जीव था मैंने उसके ऊपर हाथ रखा.....

मैं - इसने जिस किसी को bhi......dard दिया है दुखी किया hai......ye खुद को उन्ही लोगो के तरह दिखने lage...aur tadpe.....jaise वो सब तड़पे the....roye जैसे वो रोये थे....

मैंने ऐसा कहा वो जीव थोड़ा सा chamka....aur मैंने उसको खिंच liya...aur फिर उसी जार में बंद कर दिया जिससे उसको निकला था.....

ऐसा करने के बाद वो तस्करी करने wala......wo जोर जोर से चीखने laga....kaan पहाड़ दे ऐसी aawaj....utne जोर जोर से चींख रहा था वो.....

बुआ को तो अपने काम बंद करने पद gaye.....aur main.....main बस खुश हो रहा tha....wo tadap....wo तड़प जो मैंने इसकी यादों में उन् लोगो के अंदर महसूस की thi....jo उन् सब के चाहर में देखि thi....abhi वही सुनाई दे रही थी mujhe.....ki बुआ आयी और जादू से उस तस्करी करने वाले को बेहोश कर दिया....

मैं - ये क्या किया aapne.....aisa क्यों किया....

बुआ - क्या मतलब क्या kiya....kaan पहाड़ देता ye....aur खुद का गल्ला पहाड़ leta....aine बस उसको आराम पहुंचे इस वजह से बेहोश कर diya....aur तुमने क्या किया उसके साथ ुए जार में क्या लेके घूम रहे हो.....

मैं - बुआ आपने अच्छा नहीं kiya......wo वो अच्छा नहीं hai....wo बहुत बुरा है uski....uski वजह से बहुत से मासूम तड़पे hai....usko आराम nahi...usko सज़्ज़ा hi मिलनी चाहिए.....

बुआ - क्या बकवास कर रहे हो tum.....yaha आओ.....

उन्होंने मेरा हाथ पकड़ के खुद की तरफ khincha....aur मेरा माथा छूटे हुए चेक किया की कही मैं ठीक हु या नहीं....

बुआ - ठीक तो लग रहे हो फिर ये ऐसी बातें....

मैं - आप समझ नहीं रही Bua.....iski वजह से कितने लोगो ने अपना क्या कुछ नहीं खोया है....

बुआ - ठीक hai....Old आउल यहाँ का इसका काम हो गया naa....jaldi से पोर्टल खोलो और हमको बहार लेके जाओ यहाँ se.....hamare घर पे....

मैं - नहीं....

बुआ - ओल्ड आउल अभी करो....

उसने पोर्टल खोला और बुआ मुझे वह से लेके चली aayi....ghar पे.....

घर पे जैसे hi pahucha.....pata नहीं कैसे मेरे दिम्माग से जैसे उस तस्करी करने वाले के लिए जो गुस्सा था वो काम सा होने लग gaya.....main समझ नहीं पा रहा था....

बुआ - जाओ जाके पहले हाथ मुँह दो के aao.....main देखती हु भाभी कहा hai....aur अगर कही भागे तो याद रखना बाद में इसी घर में आना है और मैं यही milungi...samjhe...

मैं - हां.....

मैं अपने रूम में गया वह के बाथरूम में गया अपना चेहरा dhoya...saamne आईने में खुद को देखने laga......meri aankhen....aisa लगा jaise....aakhon का जो कला हिस्सा होता hai....wo और बड़ा हो गया था mera......aur बहुत अजीब सा लग रहा था....

मैंने वापस से चेहरे पे पानी daala....aur फिर dekha...to अब कुछ नार्मल सा लग रहा tha......Maine शावर चालू kiya....aur वैसे hi कपडे पहने हुए hi.....uske निच्चे जाके खड़ा हो गया.....

थोड़ी hi देर mein.....Old आउल की ावेज आयी.....

ओल्ड आउल - काम हो गया hai....usko जेल में वापस दाल दिया गया hai....par वो जो उसके जगह पे था वो गायब हो गया.....

मैं - एक छोटा सा पोर्टल खोलो कुछ देर के liye....waise वह से एअर्थ पे ऐसे ट्रेवल करके आने में क्या वक़्त लग जाएगा....

ओल्ड आउल - 30 दिन सायद या उससे भी ज्यादा......

मैं - पोर्टल खोल दो phir....aur बाद में बात करते है....

उसने पोर्टल khola...aur उसमे से मेरा अलबूस मेरे पास आ गया और मेरे अंदर चला aaya....uske मेरे बॉडी में आने se....jaise कुछ कुछ अच्छा सा लगने लगा था मुझे....

ध्रुव - डार्क power.....wo तुमपे हावी हो रही hai......sambhalo खुद को.....

मैं - वही तो कर रहा hu....aur पहले नहीं बता सकते थे.....

ध्रुव - मैं समझ hi नहीं paaya......ye सब जब तुम उसके अंदर से बहार आये तभी शुरू हो gaya...agar सही वक़्त पे वो चांटा और फिर तुमको वह से यहाँ लेके आना ना हुआ होता तो सायद अभी डार्क पावर तुमपे हावी होती....

मैं - तो बुआ ने मेरी जान bachayi.....main कैसे रोकू इसके......

ध्रुव - अलबूस और Cooper.....usko आज़ाद छोड़ do.....unki एनर्जी को तुम apnao.....jaise अभी वो तुम्हारी अपना रहे है.....

मैं - आसान भाषा में बताओगे.....

ध्रुव - मैंने bataya.....ki तुम उनको आज़ाद कर do.....abhi उनकी एनर्जी लेवल्स जो है वो तुम्हारे इतनी रहती hai....jaise hi वो आज़ाद honge...bahar rahenge/....khana khayenge...unki एनर्जी लेवल badhegi....aur साथ hi तुम्हारी भी क्यूंकि जुड़े हुए है हम सब....

मैं - पर वो चले गए तो....

ध्रुव - ये फेज पूरा हो चुक्का है अगर जाना hi होता तो कबके चले जाते wo....naa तो तुमको बचते उससे जो तुमको तलवार चलने सीखने आया tha....aur ना hi तुम्हारी बात सुनते वो...

मैंने थोड़ी देर सोचा....

मैं - तो कैसे करू आज़ाद unko....matlab छोड़ du.....ki जाओ जहा जाना है वह jaao.....jee लो अपनी जिंदगी...

ध्रुव - :डोह: अच्छा मज़ाक था ye....main कह रहा hu...aazad करने ko....matlab....unko बहार भी टाइम do....ghumne दो unko....dekhne दो duniya.....wo रोज आ hi जाएंगे तुम्हारे pass....bas कुछ पल की आज़ादी चाहिए होगी unko....din में 2 ghanta...jab वो बहार jaaye....sab dekhe...chizzen sikhen...aur एमेरञ बढ़ाये अपनी...

मैं - हम्म ठीक है मैं तैयार hu....Main अभ.....

ध्रुव - अभी nahi.....abhi इस हालत में नहीं है Cooper.....wo थक्का हुआ है अभी आराम करने do.....kal से करना ये sab....unn दोनों को बहार छोड़ दिया karo.....raat meim.....yaa जब भी तुम्हे लगे.....

मैं - थी...

"प्रतीक बच्चू ठीक हो naa.....kab से आवाज दे रही hu....main अंदर आ जॉन kya....sab ठीक है ना..."

मैं - हां बुआ वो मैं शावर ले रहा hu......abhi आया आप जाओ निच्चे....

मैं तब से शावर के निच्चे hi खड़ा tha....shower बंद kiya...pahle कड़पे निकले खुद को सुखाया और बहार gaya.....Bua निच्चे चली गयी थी :स्वेट: ....मैं कपडे पहने और निच्चे चला gaya.....waha चची पहले से बैठी हुई थी और बुआ से बात कर रही थी......

मुझे देखते hi वो मेरे पास आयी...

चची - तू ठीक है naa....kya हो गया था तुमको.....

मैं - कुछ नहीं चची वो बस....

बुआ - तुम्हारी aankhen.....wo कैसे बदल गयी thi.....sab ठीक लग रहा है naa....kuch अजीब तो नहीं लग रहा.....

मैं - नहीं बुआ वो लगता है पोर्टल की वजह se...saya.....

चची - Portal......kitni बार कहा की पहले सीख lo.....uske बाद करना use...par नहीं आपको तो सब आता hai.....maine कहा था ना पोर्टल का उसे अभी नहीं करना hai.....fir क्यों किया....

मैं - अरे नहीं चची main....bas.....

चची - लास्ट वार्निंग दे रही hu....iske बाद अगर कुछ ऐसा hua....to तुमको main.....main.....uss वक़्त bataungi....dekhna बस तुम....

बुआ - भाभी खन्ना लगाओ pahle.....bhukh लगी हुई hai.....iss गधे की वजह से 2 क्लासेज नहीं ली maine.....aur इसने भी अपनी क्लासेज मिस की है....

चची - हां लेके आती hu....tu भी baith....pata नहीं क्या क्या करता रहता hai.....hazar बार मन्ना करो पर इनको तो फर्क hi नहीं पड़ता कुछ......

ऐसे hi बड़बड़ाते हुए वो चली गयी....

बुआ - सब ठीक है ना.....

मैं - हां बुआ सब ठीक hai....aap थी तो ठीक होना hi था ना....

बुआ - क्या मतलब...

मैं - आप वह से यहाँ ना लाती तो गड़बड़ हो जाती फिर....

बुआ - dekha...issiliye कह रही hu...Old आउल को bolo....mujhe तुम्हारी लोकेशंस का बताते रहने के लिए.....

फिर से वही बात sunke....mera मुँह बनने लग गया....

मैं - नहीं ये नहीं karunga.....par....

बुआ - नहीं क्या karega.....taange तोड़ dungi....bol usko....aur ये पर वॉर ना उनके सामने जहा तुम्हारी चलती ho....samjhe....

मैं - अरे आप सुनती नहीं na.....main कह रहा हु वो नहीं बता sakta....par अगर कभी मुशीबत में हुआ naa....to सबसे पहले आपको खबर पहुंच jaayegi....pakka...

बुआ - अच्छा ठीक है इतना काफी है मेरे लिए पर तुमको नहीं लगता की तुम मुशीबत में हो की नहीं हो ये बात तुमको पता hi नहीं लगती hai.....aaj लगी थी क्या पता....

बात तो सही है inki.....par मैं आगे से ध्यान रखूँगा....

मैं - वो मैं देख lunga..aur जब तक खतरे ना मिलेंगे कैसे seekhunga.....aur हां आपको भी तब बुआलया जाएगा जब मुझसे ना सम्भले खुद samjhe....aur ओल्ड आउल के सामने चांटा क्यों मारा आपने....

बुआ - क्यों नहीं मार सकती....

मैं - मैं K.Bua के सामने आपकी बुरयो करता हु kya....wo दोस्त है मेरा और आप उसके सामने मुझे....

बुआ - सोचना भी mat.....meri बुराई करने का ाणज़ज़म बहुत बुर्रा होता है bacchu.....aur ठीक है आगे से मैं भी ध्यान rakhungi.......par उससे पहले तो वह चल क्या रहा था ये सा.....

चची - ये lo....sab khao....kya बातें चल रही thi...mujhe भी बताओ.....

बुआ - वो भाभी कुछ नहीं बस ऐसे hi इसको समझा रही thi.....aage से ऐसा ना करने को....

चची - हां अच्छे से समझा isko....naa समझे तो मुझे batana....iss बार मैं समझाउंगी फिर....

वो दोनों मुझे ऐसे hi दांती रही......

वही यहाँ से dur.....Strange वर्ल्ड में.....

एल्फ king....unhe अभी तक यकीन नहीं हुआ था इस बात पे की उनका भतीजा hoga....jo उनको धोखा देने की कोशिश karega.....ho भी kyun....aakhir सब कुछ तो उसी का होना tha....fir वो क्यों करता ये sab....par साथ में ये भी लग रहा था लीडर क्यों झूठ bolega....wo भी उस वक़्त जब उसकी बेटी का सवाल ho....kyun वो झोट बोलने लग गया.....

एल्फ किंग ऐसे hi परेशां हो रहे थे.....

उन्होंने अपने एक खास बन्दे को bulaya.....kya खास अभी तो वो अपने साये पे भी याक्किन नही कर पा रहे थे.....

वो - महामहिम आपने हुम्म्मे याद किया....

एल्फ किंग - haa......aao कुछ बात करनी है....

वो - बोलिये महाराज आपका ये सेवक सुन रहा है.....

एल्फ किंग - मुझे एक टिप मिली hai.....jiske anusar....(thoda सोच के) जिसके अनुसार तुम मेरे खिलाफ कोई साज़िश रच रहे हो....

उस बन्दे ने बस ये sunna......ek पल को एल्फ किंग की ओर dekha....aur फिर अपनी तलवार निकल ली......

एल्फ किंग - तुम मुझपे हमला करोगे.....

वो - आपने ये सोच भी कैसे लिया Mahamahim.....khair अब क्या hi फर्क पड़ता है.......

उसने अपनी तलवार निकली और दोनों हाथों से उसका हैंडल पकड़ के खुद के पेट में डालने laga.....par इसे पहले तलवार उसके अंदर जाती एल्फ किंग उसके पास चले gaye....aur उसका हाथ पकड़ liya.....bahut तीजी से गए थे wo.....haath पकड़ा और तलवार भी फेंक दिया उन्होंने....

वो - Mahamahim......aap मत रोकिये mujhe.....aaj मैंने आपका भरोषा खू दिया hai....matlab ये जिंदगी भी खो दी hai.....mera मरना मेरे लिए अच्छा है...

एल्फ किंग - Rukko.....aur सीधे खड़े हो जाओ.....

उस बन्दे ने एल्फ किंग की बात सुन्नी और एकदम सिद्ध खड़ा हो gaya......wahi एल्फ किंग अपनी जगह पे वापस चले गए.....

एल्फ किंग - ये एक इम्तेहान tha.....jisme तुम सफल हुए ho....ab मैं जो भी पुछु सब बताना

वो - आपने तो अभी दर्रा hi दिया tha.....aisa क्या हो गया जो मुझपे भी याक्किन ना रहा aapka....jarur कोई बड़ी बात हुई है....

एल्फ किंग - हां बात तो बड़ी hi hai.....par सवाल यहाँ मैं karunga....tum बस जवाब दो.....

वो - माफ़ करिये Mahamahim....maine आपका अपमान किया.....

एल्फ किंग - अब शांत रहो और मेरी बातें sunno....kya tum....kisi ऐसे को यहाँ ला सकते हो जो थे आर्चरी सोसाइटी के बारे में जानते है.....

वो banda....usne एक बार एल्फ किंग की ओर dekha....jaise देख रहा हो क्या चल रहा है इनके दिम्माग में....

एल्फ किंग - बताओ क्या जानते हो किसी को....

वो - Nahi....par कोई है जिसके बारे में सुन्ना है की वो जानता है उस सोसाइटी ko....aur वह के कुछ लोगो ko....par आप क्यों....

एल्फ किंग - मुझे मदद चाहिए unki.....abhi इस वक़्त सिर्फ तुम हो जिसपे मैं याक्किन कर सकता hu....aur कोई नहीं hai.....jitna मैंने उनके बारे में सुन्ना है वो mere.....iss गद्दी के वफादार है वो कभी धोखा नहीं dete.....unse काम है मुझे ek...kuch पता करना है.....

वो - बुरा ना माने तो आप मुझे जांच के देखे इस काम के liye....main अपनी साड़ी शक्ति लगा दूंगा आपके काम mein...chahe मुझे कुछ भी हो जाए....

एल्फ किंग - यही तो मैं नहीं chahta......tum वो आखिरी हो जिसपे पूरा याक्किन है mujhe....tumko khona...bada कठिन hoga.....mujhe मिलवाओ उससे जो उस सोसाइटी के बारे में जानता है...

वो - वक़्त लगेगा महामहिम पर आपका काम मैं कर dunga...aaj hi लेका आऊंगा उसको यहाँ में.....

एल्फ किंग - नहीं बेवक़ूफ़ यहाँ nahi....main खुद आऊंगा waha....tum बस जगह बताना mujhe....aur ध्यान रहे हमारी ये mulakat......Kingdom में फैली हुई बीमारी से बचने के विषय में हुई है....

वो - ठीक है Maharaj.....ab आज्ञा दे....

एल्फ किंग - जाओ और मेरी बात याद रखना.....

वो बाँदा चला जाता है wahi....Elf किंग वापस से खुद से बातें करने लग जाते है...

एल्फ किंग - ये फैसला सही है या नहीं पता नहीं par.....mujhe ये बात पक्की करनी hi hogi...agar इन् सब में उसका नाम आया तो उसको सज़्ज़ा भी देनी hi hogi......pata नहीं और क्या क्या देखना बाकी hai.....bas ये मुझे उस सोसाइटी तक पंहुचा de....wo मेरी मदद के लिए मान जाए बस.....

यहाँ एल्फ किंग ने सोच लिया था लीडर की बात को कन्फर्म करने का एक hi तरीका है और वो है नए युवराज के बारे में हर एक बात janna......isme वो किसी और की मदद लेने से कटरा रहे the....par जैसा की उन्होंने सुन्न रखा tha....wo सोसाइटी हमेशा क्रोनेड एल्फ फॅमिली के पक्ष में रही hai,....aur गद्दी की सव्वा की thi....to उन्होंने मदद लेने का मैं बनाया....

वही यहाँ से dur.....Fumos mein.....Leader तो कब का वह से निकलने को तैयार हुआ बैठा tha....par दिक्कत ये thi.....wo फोमोस से dur.....rah नहीं सकता था ज्यादा der....ye नियम है वह ka.....aap लीडर हो तो आप वह से ज्यादा समय के लिए बहार नहीं जा sakte.....ek फिक्स्ड टाइम पीरियड होता था जितनी देर आप वह से बहार रह सकते the......par लीडर को इस केस में दिक्कत हो रही thi....Earth इतना bada.....wo akele....aur धिंधना भी उसको है जिसको इन्होने बहुत पहले देखा हुआ था.....

लीडर इसी समस्या के बारे में तो सोच रहा tha...aur कोई उपाय ढूंढने की कोशिश कर रहा tha....upay वैसे तो वो जानता tha....par उसके बदले उसको कुछ करना padta.....ek कीमत...

लीडर जम्मीं पे बैठा हुआ tha.....Fumos से कनेक्ट हो रहा था.....

फोमोस - बताओ कैसे याद कर लिया mujhe....kya फैसला कर लिया इस भर से मुक्त होने का......

लीडर - Nahi.....main तुमसे एक फवौर चाहता हु....

फोमोस - Batao.....kaisa फवौर चाहिए तुम्हे...

लीडर - मैं ज्यादा वक़्त तक तुमसे दूर रहना चाहता हु.....

फोमोस - मंजूर है.....

लीडर - क्या कीमत चुकानी होगी मुझे.....

फोमोस - इतने साल से मुझसे जुड़े हुए हो की अब सब समझ जाते हो tum....keemat तो चुकानी hi hogi....shabit करो खुद ko......ek ladayi....dopaher wali......kisi एक को चुन्नो उसको harao....aur तुमको मैं वक़्त दे दूंगा....

लीडर - पर उस वक़्त तो मैं वह जा hi नहीं सकता....

फोमोस - ये नियम मैंने बनाया tha.....ab मैं hi तोड़ने कह रहा hu...jaao abhi....aur लड़ के aao......chalo इतने बरस मेरे साथ रहे हो एक गिफ्ट तो बनता hai....Bonus भी मिलेगा तुमको...

लीडर - क्या मतलब है इसका...

फोमोस - किसी 1 को maaro....aur खुद को शाबित karo.....uske बाद भी अगर तुम लोगो को मारते ho......to तुमको और भी ज्यादा वक़्त दूंगा मैं....

लीडर - कितना वक़्त....

फोमोस - 1 मौत पे एक दिन diya....tum भी क्या याद रखोगे....

लीडर - तुम मज़ाक कर रहे ho....agar ऐसा किया तो तुम बच नहीं पाओगे....

फोमोस - नया लीडर आ गया है yaha.....aur जब तक वो यहाँ रहेगा तुम बहार रह सकते हो....

ये बात सुनते hi जैसे लीडर ख़ुशी से पागल हो गया.....

लीडर - To....to क्या wo....wo जब तक यहाँ है मैं बहार रह सकता hu....matlab....main ऐसे hi आज़ाद हो सकता हु....

फोमोस - आज़ादी की कीमत पता है tumko....maut बस वही तुमको आज़ाद कर सकती hai....abhi नए लीडर को अपना सारा भर सौंप दो और आज़ाद हो जाओ.....

घूमफिर के बात वही आ गयी thi....Kaha लीडर ये सोच रहा था वो इन् सब से ऐसे hi निकल पायेगा और फिर अपनी बेटी के साथ rahega....par...sayad ऐसा कुछ होना hi नहीं hai....mann मार के लीडर ने खुद को तैयार kiya....aur उस जगह से निकल वो पहुंच गया bahar....jaha पे सब लड़ रहे थे....

लीडर ने एक बन्दे को dekha...jo अभी ह किसी से जीता tha...Leader ने उसको चुनौती दी.....

उसको याद आया कैसे वो इस प्लेनेट पे पंहुचा tha.....wo lalach...wo पावर की भूख जो उसको यहाँ लेके आ गयी thi...jisne बाद में उससे उसका सब कुछ चीन लिया....

सामने से आ रहा वो banda....usne आते हुए hi जम्में पर से कुछ पत्थर उठाये और उससे लीडर को मारने की कोशिश ki...par लीडर के शरीर पे लगते hi वो पाथेर hi चकनाचूर हो gaya.....Leader ने अपने हाथों से उस बन्दे का काठ pakda....aur बड़े hi आराम सेउसका हाथ मदद diya...yaa कहे तोड़ दिया हो...

वो पूरी जगह इस वक़्त जुंग का मैदान बननी हुई थी हर तरफ से चीखने और चिल्लाने की आवाजें आ रही थी par......leader ने जिसका हाथ मड़ोड़ा था उसकी आवाज सभी के कानो में गयी thi....agar कोई x-ray करके देख लेता तो वो भी चक्र jaata.....uss बन्दे की हाथ की hadiyan....karib 5 टुकड़ों में बात गयी थी.....

लीडर - अभी भी ताकत है mujhme....itna बोलते hue....usne....saamne वाले बन्दे का सर अपने हाथों से pakda.....aur प्रेस करने लग गया usko.....wo बाँदा चिल्ला रहा tha....bahut ज्यादा चिल्ला रहा tha...aur fir....ek कड़ड़ड और पहच की आवाज के साथ छिलने की आवाज ख़तम हो गयी उसकी.....

लीडर के हाथ पुररे खून से सन्नी हुए the.....wo banda.......uske सर की तो चटनी बन चुक्की थी.....

लीडर - साबित कर दिया मैंने खुद ko....abhi भी दम है mujhme.....ab बोनस की बारी है......

इसके बाद जो खून बहाया था लीडर ने पूछो hi मत....15 लोगो को मार चुक्का था wo.....wahi Slayer......wo ठीक दूसरी तरफ था अभी लीडर ke.....bas यही एक वजह thi....jiss वजह से आज दोनों में लड़ाई नहीं हो paayi....nahi तो पता चल hi जाता किस्मे कितना दम है....

स्लेयर भी काम नहीं tha....par उसने जैसे खुद से समझौता कर रखा tha....wo बस इस जगह से निकलने के बारे में सोचता rahta....wo बस यहाँ पे उतना hi काम करता जिससे वो जिन्दा रह सक्के.....

ये बदलाव सायद वक़्त के कारन हुआ tha....par इसमें सिर्फ वक़्त का हाथ नहीं tha.....Strange वर्ल्डस से आइये हुए लोगो का भी हाथ tha.....Slayer ने इस बात पे गौर किया की जब भी वो स्ट्रेंज वर्ल्ड से आये हुए लोगो को मारता है और उनको खता है तो उसको बहुत ज्यादा ताकत मिलती है इतनी की वो ध्यान लगा प् रहा tha....par गड़बड़ तब हुई जब उसको पता चला की अब सारे स्ट्रेंज वर्ल्ड वाले लोग मरे जा चुक्के hai....to ये अब पावर गेनेराते नहीं कर पा रहा tha....Slayer को लगने लगा था अगर उसने एक दिन में 4 या 4 से ज्यादा स्ट्रेंज वर्ल्ड से आये लोगो को मार के उनकी आत्माएं खायी तो वो वापस पहले जैसा hi पावरफुल हो जाएगा और इस जगह से निकल jaayega.....par ऐसा होना मुश्किल था क्यूंकि वह से अभी लोग आ hi नहीं रहे the....to बस ये अपना वक़्त काट रहा था.....

लड़ाई का समय ख़तम हुआ और लीडर वापस से अपने कमरे में आ गया और जम्में पे बैठ गया.....

फोमोस - ताकत तो अभी भी है tumme......ispe सहज नहीं किया जा सकता.....

लीडर - तुमने जो कहा था याद है ना.....

फोमोस - मेरी बातों पे भी शक नहीं किया जा sakta....jaisa कहा था वैसा hi होगा.....16 लोग मारे है तुमने.....1 खुद को साबित करने के लिए और बाकी के 15 bonus.....khud को शाबित kiya...iske लिए 5 दिन दिए तुमको.....5 दिन तुम बहार रह सकते हो......

लीडर - बोनस का क्या.....

फोमोस - तुम्हारी इसी आदत की वजह से हम दोनों एक हुए थे naa.....sabr hi नहीं है tumme....bas भूख है एक तुम्हारे ander.....aur जैसे hi मौका मिलता है तुम लग जाते हो....

लीडर इस बात को सुनके याद करने लगा कैसे उसने पूरी बात नहीं सुन्नी थी और हां कह दिया tha.....aur इस जगह पे फस्स गया था वो....

फोमोस - !5 लोग मारे है tumne....to 15 दिन और diye......par

लीडर - ये तुम्हारा पर कभी ख़तम नहीं होता naa.......har एक लाइन में ये पर आ hi जाता है tumhara....batao इस बार क्या है इस पर mein.....kya चाहते हो......

फोमोस - अब तुम मुझसे इतने लम्बे वक़्त तक जब दूर रह सकते हो तो जब यहाँ आओगे तो यहाँ भी ज्यादा दिन रहना होगा.....

लीडर - ये क्या बात hui.....aisa तो कोई सौदा hi नहीं हुआ था....

फोमोस - यही एक बात hai.....ab ये तुमपे है की तुम क्या चाहते ho....mere साथ रहना या फिर हमेशा की aazadi....matlab maut....chun लो....

लीडर - बताओ कितने दिन बढ़ाये है वह तुमने....

फोमोस - 20 दिन तुम बहार raho....par उसके बाद जब यहाँ आओगे तो 10 दिन तक कही भी नहीं जा सकते tum......bas यही rahoge.....aur इस बात का भी ध्यान रखना hoga...tumhare जाने के बाद यहाँ पे सब सही से होता रहे.......

लीडर - उसकी चिंता मत karo......yaha पे कभी कुछ सही से नहीं hota.....aur ये 10 din.....mujhe मंजूर है....

फोमोस - अगले चाँद से तुम ये शुरू कर सकते हो.....

चाँद का मतलब हो गया फुल moon...inka अलग हिसाब है ना...

लीडर - ठीक है....

चलो आज के लिए इतना hi....wo हमारे बड़े दादा जी एक्सपिरे कर gaye....aisa hi कहते है ना :साद: खैर उम्र भी हो गयी थी unki...bimar भी the.....bas इसी वजह से अपडेट आ नहीं paaya....ab लेके आ गए है अपडेट...

नेक्स्ट अपडेट में देखते hai.....Elf किंग की मुलकात आर्चरी सोसाइटी के लोगो se....Prateek का अलबूस और कूपर को बहार chodna...dekho क्या करते है वो dono.....aur लूसिफ़ेर के पसस चलेंगे क्यूंकि एक बार फिर se.....Dark पावर ने अपनी चाप छोड़ी thi....aur Lucifer.....wo इसको पहचान hi lega....apne बेटे के लिए वो कुछ भी करेगा...
 
दोस्त कल चलेगा kya....bada अपडेट hi होगा वो आज रहने देते है ना 🥺

कल 8क वर्ड्स का अपडेट होगा वैसे भी बहुत कुछ डालना है usme....aur अभी आधा भी नहीं हुआ है wo....kal का पक्का करते है...

:बात1: नाम चेक करो

:क्राई2: इतना अच्छा नाम रखा है और गलत स्पेलिंग :सिघ:

अच्छा लगता hai.....accha लगता है ऐसा :एंग्री:

कल रखते अपडेट

:lol: :केओ:
 
अपडेट - 68

बुआ तो निकल गयी थी थोड़ी देर बाद hi स्कूल के लिए क्लास जो लेनी थी unko.....wahi मुझे घर पे छोड़ दिया था क्यूंकि उनको लगा मेरी तबियत ख़राब है...

साइड इफेक्ट्स ऑफ़ डार्क पावर :सिघ:

मैं बताया उनको मैं ठीक हु पर कौन सुनने meri.....upar से चची ने भी बोल दिया घर पे hi रहना है....

मैंने भी socha....chalo सही hai......rah लेते है यही पे.....

चची ने कमरे में बंद कर दिया :सिघ: आराम करो बोलके.....

जब तक रूपल दीदी नहीं आयी तब तक बस ऐसे hi रहा main.....Old आउल से बात करने की कोशिश की मैंने पर हुआ ये की वो कर रहा था kaam....matlab बातें उन रहा था wo....Elf किंग ki....nazar रखे हुए जो था वो उनके upar...to फिर मैंने भी उसको अपना काम करने diya....Jwala से बात करने की भी कोशिश ki..bahut वक़्त हो गया था उसके पास गए हुए.....

रूपल दीदी आयी उनको चची ने बताया मेरी तबियत ख़राब hai...aur लेडीज लोगो का तो पता hi hai....binna नमक मिर्च :सिघ: कुछ होता हो nahi...to सिचुएशन ऐसी बताई उन्होंने जैसे मैं एकदम से मरते मरते बच्चा हु...

रूपल दीदी ऊपर आयी....

रूपल दीदी - छोटू क्या हुआ tujhe...tu ठीक है ना ये मम्मी क्या बोल रही है.....

मैं - क्या बोल रही है Chachi.....Main ठीक हु...

रूपल - वो बोल रही है टुन्ने वापस से पोर्टल का उसे kiya.....bata कहा गया tha....aur क्या कर के आया है...

मैं - ऐसा कुछ नहीं हुआ था वो तो खुद उनको ऐसा लगा....

रूपल - ये नहीं वो बता जो पूछा है गया कहा tha....aur बताया क्यों नहीं...

मैं - वो तस्करी करने वाला याद है naa....ussi से मिलने....

रूपल - तस्करी karn.....tu अभी तक उस लड़की के बारे में पता कर रहा है.... :डोह:

मैं - ऐसा कब कहा maine.....main तो बस देखने गया था वो और क्या क्या कर के बैठा हुआ है.....

रूपल - बड़ा आया पता है mujhe.....sab जानती हु तुम्हारी आगे के लोगो के बारे mein....ye बताओ क्या पता chala.....rukko.....ye मम्मी ने बोलै था बुआ लेके आयी बुआ को लेके गए थे क्या..

मैं - नहीं पर वो वह पहुंच गयी थी :साद: पर ये अच्छा hi हुआ...

रूपल - हम्म मतलब सुनने जैसा तो है ये sab...ab बताओ....

मैंने उनको सब बताया कैसे ओल्ड आउल ने मुझे बुआ के सामने hi बुला liya...yani खिंच liya....aur फिर बुआ भी आ पहुंची मेरे रूम में और वह से वो भी पहुंच गयी स्ट्रेंज वर्ल्ड mein...aur आगे की भी सब घटनाये batayi....aur बताते बताए मुँह से वो सब भी निकल गया जो नहीं बताना चाहिए tha.....uss जीव के बारे में निकल गया मुँह se......khair फिरर बात संभल ली और ध्रुव के बारे में नहीं बताया unko....aur ना hi अलबूस और कूपर के बारे में....

रूपल - तो तुम एक जीव की मदद से उसके दिम्माग में घुस गए the.....fir क्या हुआ...

मैं - मैंने बताया ना aapko.....uski यादें देखि maine....aap सोच भी नहीं सकती कितना बड़ा कमीना था wo....usne क्या कुछ नहीं किया था....

फिर मैंने उनको वो सब बताना शुरू किया जो उस तस्करी करने वाले की यादों में देखा tha.....yaha पे मुझे एक चीज़ कन्फुसिंग लग रही thi.....aur मैंने वो भी दीदी से बता diya......Nikita के बारे mein....aur इससे हम पहुंच गए और पीछे....

रूपल - तो तू दिम्माग में भी चला जाता है लोगो ke,....unki यादें देखने :फैंट:

मैं - नहीं वो पता नहीं कैसे चला गया tha.....sayad कुछ hi लोगो के साथ ऐसा कर सकता हु main....aap ये chodo.....aap ये सुनने पहले मैंने ना उस तस्करी करने वाले के दिम्माग में एक याद देखि जो कुछ हद्द तक बिलकुल निकिता के यादों से मैच कर रही थी.....

रूपल दीदी - शुरू से बताओ क्या मैच कर रहा था और क्या देखा तुमने....

मैंने फिर उनको सब बताया पर संभल के की कही वापस से कुछ और ना निकल jaaye....Nikita के यादिन में भी एक बच्ची को लेके जा रही थी कोई फिर वो किसी को वो बच्ची देती है और वो बच्ची फिर एक लेडी के पास चली जाती है और वो लेडी फिर कुछ साल बाद मर जाती है और निकिता कही और चली जाती hai.....Prof सूरज के yaha.....waisa hi कुछ उस तस्करी करने वाले के यादों में भी था जैसे की उसको एक बच्ची दी गयी थी उसने उस बच्ची को एक औरत के पास pahuchaya.....dono hi यादों में बच्ची ले को लेके आने वाली और वो ऐयरट एक जैसी hi thi....ye सब मैंने दीदी को bataya.....aur wo....wo बस मुझे देखे जा रही थी....

मैं - अब बोलोगी भी कुछ या ऐसे hi देखना है बस आपको.....

रूपल दीदी - तुझे क्या लगता है निकिता hi थी wo....uske साथ उसके फॅमिली के साथ कुछ बुरा हुआ है क्या.....

मैं - सायद didi...ye सब देखने के बाद मुझे ऐसा hi लग रहा है....

रूपल दीदी - ये सब उसको मत बताना abhi.....tumne जो यादें देखि थी उसमे ये पता चला वो कहा से थी....

मैं - पक्का नहीं पता मुझे....

रूपल दीदी - मैं देखती हु इसके बारे mein...usko बिन्ना पता चले मैं ये पता कर लुंगी वो कहा से hai....fir आगे का बाद में dekhenge....par उसको ये सब अभी नहीं बताना है समझा....

मैं - नहीं pataunga...aap चिंता मत करो...

रूपल दीदी - इस बारे में चिंता तो करनी hogi...tunne मुझे इतना कुछ बता दिया क्या पता उसको भी बता de.....khair कोशिश करना ना बताने ki.....aur अब बैठ यही मैं जा रही हु निचे....

वो चली गयी और मैं वही अपने रूम में raha.....sach में बहुत कुछ बता दिया था मैंने unko....aise में तो कोई भी कुछ भी जान के चला जाएगा.....

रात हुई और फिर हमने खाना खाया और फिर सो gaye...Maine कहा था मुझे स्कूल जाने दे पर चची ने कहा सबेरे चले जाने को तो मैं ृक्क गया....

वही.....

डेमोस पे.....

लूसिफ़ेर को फिर से पता चला की कही और भी डार्क पावर का पता चला hai....usne पता किया तो वो जगह स्ट्रेंज वर्ल्ड पे थी जहा पे डार्क पावर को देखा गया था....

इस बात को जान के वो बहुत गुस्सा हो gaya....usne सोचा hi नहीं था की जिस चीज़ज़ की तलाश वो इतने वक़्त से कर रहा है वो उस जगह मिलेगी जहा पे अब उसका जाना hi मन्ना है....

उसने अपने सेना नायक को बुलाया.....

सेना नायक - महाराज आपने बुलाया.....

लूसिफ़ेर - वो जगह जहा पे हमने अपने सैनिक भेजे थे वह कुछ मिला....

सेना नायक - नहीं महाराज अभी तक कुछ नहीं मिला है वह पास दानव रहते hai.....humne आपके कहने पे और भी लोग भेजे थे waha....abhi कुछ लोग और तैयार कर रहे है वह भेजने ko....Daanavon से लड़ने की ट्रेनिंग दे रहे है उनको तो वक़्त लग रहा है....

लूसिफ़ेर - जितने है उतने रहने दो waha....Mujhe अपने गुप्तचर chahiye....unko स्ट्रेंज वर्ल्ड में bhejo....waha पे जो चल रहा है सब हममे पता छ्पना chahiye.....koi नयी शक्ति हाथ लगी hi अगर वह के लोगो के पास तो उसकी भी खबर होनी चाहिए हमारे पास....

सेना नायक - जी महाराज मैं कुछ गुप्तचर वह भेजने का प्रबंध करता हु....

लूसिफ़ेर - बस जल्दी करो ye.....aisa ना हो इसके बारे में ओरियन या टाइटन तक बात pahuche....agar ऐसा हुआ तो परेशानी हो jaayegi....abhi भेजो उनको....

सेना नायक - जी महाराज....

इतना बोल वो वह से चले gaye...wahi हमारे लूसिफ़ेर खुद से hi नाराज़ होक चल रहे थे यहाँ से वह.....

लूसिफ़ेर - आखिर स्ट्रेंज वर्ल्ड में कैसे पहुंच गयी ये डार्क power......kya उन् सब को पता चल गया hoga....main क्यों नहीं जा सकता waha....ye सब क्या हो रहा hai......jitna मैं उस चीज़ज़ के पास जा रहा हु उतना hi वो दुर्र हो रही है....

इतने में वह पे जस्टिन आ जाता hai.....apne पिता को इस तरह परेशां देख वो थोड़ा कंफ्यूज हो जाता है....

जस्टिन - Dad......aap ठीक है ना.....

लूसिफ़ेर जो अभी अपने में गम था उसको सुनाई hi नहीं दिया की जस्टिन कुछ पूछ रहा है उसका तो ध्यान तक ना गया उस ओर....

जस्टिन - Dad.....aap...aap ठीक है ना कोई परेशानी है क्या.....

जस्टिन उनके सामने जाके ऐसा पूछता है.....

पहले तो लूसिफ़ेर जस्टिन को अपने सामने देख के थोड़ा हैरान हो जाता है फिर....

लूसिफ़ेर - तुम यहाँ क्या कर रहे ho......you अरे नॉट well...jao रेस्ट करो....

जस्टिन (चिढ़ते हुए) - ी ऍम fine....Dad ये हर वक़्त रेस्ट मुझसे नहीं hota....main बहार जाना चाहता हु....

लूसिफ़ेर - अभी nahi.....abhi तुम तैयार नहीं ho.....room में जाओ....

जस्टिन - आप ऐसा क्यों कर रहे ho.....I ऍम टोटली fine....aur आप परेशां क्यों हो.....

लूसिफ़ेर - अच्छा ठीक है आओ मेरी जगह पे baitho.....fir बात करते है...

लूसिफ़ेर ने अपनी गद्दी पे जस्टिन को बिठाया और खुद उसके सामने खड़ा रहा,...

अपने बेटे को अपनी गद्दी पे बैठा देख उसको पहले तो बहुत अच्छा लगा और फिर वो सब याद aaya....kaise ज्यादा ताकतवर बनाने के चक्कर में उसने उसको इतना कमज़जूर बना दिया है की खुद के राज्य में भी उसको बहार नहीं जाने दे सकता wo.....jaise जैसे वक़्त गुजर रहा hai...uski आगे बढ़ रही है वो कंज़ुर होता जा रहा है.....

लूसिफ़ेर ये सा देख बहुत दुखी हो गया.....

ऐसा नहीं था जस्टिन ये सब समझ नहीं पा रहा tha......haa उससे बातें छुपाई गयी thi.....wo क्यों इतना कमज़ोर है ये सब नहीं बताया था लूसिफ़ेर ने उसको क्यूंकि उसके बाद जस्टिन सिर्फ और सिर्फ नफरत करता लूसिफ़ेर se.....jo उसको मंज़ूर नहीं tha.....par फिर भी जस्टिन जानता था वो एक अच्छा बीटा नहीं बन पा रहा hai....wo उतना ताकतवर नहीं है जितना उसको होना चाहिए tha....bas इसी वजह से तो व खुद को साबित करना चाहता है हमेशा प्लान्स बनाते है अपने पिता के सामने बेहतर दिखने के लिए par...annt में कुछ हो नहीं पाटा....

जस्टिन - Dad....aap परेशां है और सायद मैं इसकी वजह hu.....am ी राइट ???

लूसिफ़ेर - No माय son....tum जैसा सोच रहे हो वैसा कुछ नहीं hai.....bas.....bas एक चीज़ज़ की तलाश थी मुझे जो उस जगह पे पहुंच चुक्की है जहा पे जाना मेरे बास की बात नहीं abhi....agar मैं वह गया और लोगो को पता chala......joki चल hi जाएगा तो बहुत बड़ी परेशानी हो जायेगी....

जस्टिन - व्हिच प्लेस Dad.....sayad मैं जा सक्कु waha...main मदद कर सक्कु aapki....khud को प्रूफ कर सक्कु.....

लूसिफ़ेर - No माय son......tum कही नहीं जा rahe.....aur खुद को प्रूफ करने की जरुरत नहीं तुम्हे तुम मेरे बेटे ho.....mere.....bas यही काफी hai....jab वक़्त आएगा प्रूफ करने का मैं खुद bataunga....par अभी नहीं....

जस्टिन - पर आप प्रॉब्लम तो बता सकते है ना सायद मदद कर दू मैं....

लूसिफ़ेर - Alright....Strange वर्ल्ड में एक चीज़ज़ पहुंच गयी है जिसकी मुझे तलाश है पर मैं खुद जाके उसको नहीं ला सकता ना.....

जस्टिन - स्ट्रेंज world.....mera एक दोस्त है वह pe.....agar आप चाहो तो मैं उसको बुल्ला सकता हु वो काम आ सकता है हमारे.....

लूसिफ़ेर - ये किसी ऐसे वैसे के करने का काम नहीं hai....tum आराम करो बस मैं देखता हु क्या कर सकता हु.....

जस्टिन - डैड आप मेरे दोस्त का मज़्ज़ाक़ उड़ा रहे hai.....wo एल्फ किंगडम का युवराज है और राजा बनते बनते रह गया था वो.....

लूसिफ़ेर - एल्फ किंगडम का युवराज :हँ: एल्फ किंग का beta....par वो तो बहुत छोटा hai.....usse दोस्ती कैसे हुई तुम्हारी.....

जस्टिन - नॉट तहत इडियट Dad......I ऍम टॉकिंग अबाउट हिज cousin....waha का सेना नायक था wo....par अब मेरी वजह से वो युवराज बन चुक्का है और उसका भाई :lol: उसके बारे में बात hi ना करे तो अच्छा है....

लूसिफ़ेर - हम्म साउंड्स interesting.....batao जर्रा कैसे मिले उससे.....

जस्टिन - बूत डैड इससे तो वक़्त जाएगा bas....aap उसको काम बता दो फिर मैं आपको बताता हु हमारे बारे में....

लूसिफ़ेर - बीटा ी ट्रस्ट you....but जिसकी बात हम करने वाले है वो बहुत इम्पोर्टेन्ट है हमारे liye.....to मैं बिन्ना तुम्हारे इस दोस्त के बारे में जाने उसको कुछ नहीं बता सकता.....

जस्टिन - alright.....to sunno.....wo मुझे किसी के थ्रू मिला tha.....usko बस अपने चाचा की जगह लेनी thi.....entire एल्फ kingdom....usne उसके बारे में मुझसे मदद maangi....you रेमेम्बेर तहत सूरज ओने ऑफ़ माय friend....ussi के थ्रू मिले थे usse....shuru में तो मैंने भी ट्रस्ट नहीं kiya....uss बन्दे पे कैसा ट्रस्ट करना जो खुद के चाचा की गद्दी हड़पना चाहता ho....par फिर मैंने सोचा अगर इसकी मदद की जाए और ये ऐसा कर le....to फायदा हमारा hi hai.....Strange वर्ल्ड में एक कौंरटय होगी जो हमारे साइड rahegi....uske थ्रू हम वह पे अपना इन्फ्लुएंस बना सकते hai......I गावे ठोस एक्सेस तो Suraj......those डार्क axes.....aur उसको बोलै हेल्प him....but...sab अच्छा नहीं hua.....wo एक्सेस भी गायब हो गयी और भी चीजजें hui....aap भी जानते hi ho....waise मैंने आपसे ये बात छुपाई हुई थी :अंगरिसद: ी वांटेड तो प्रूफ माइसेल्फ बस इसी वजह se....par इन् सब के बाद वो फिर भी वह पे सेना नायक से एक युवराज बन गया है और वो मदद करेगा hamari....mujhe याक्किन है....

लूसिफ़ेर इस वक़्त ऐसी स्तिथि में था की क्या hi bataye....mann तो उसका कर रहा था अभी अपने इस कमज़ोर से बेटे को एक चनन्ता maare....aur कोई बड़ी सज़्ज़ा de......par जानता tha.....ye उसका बीटा इतना कमज़ोर है की अगर इसको अच्छे से एक छत्ता मार दे वो तो ये यही पे ख़तम हो jaayega......wo khulhadi....issi के लिए बनवायी हुई थी usne....apne ताकतवार बेटे को देने के liye.....taaki उससे ये और भी खतरनाक banne.....sabse पावरफुल बनने पर ye.....ye चुटिया निकल....

लूसिफ़ेर का चेहरा बस लाल पिल्ला हुआ जा रहा tha...Justin ने ऐसा देखा तो उसको लगा उसके डैड और परेशां हो गए है....

जस्टिन - डैड मैं उसको बुलाता हु वो हेल्प कर देगा आपक......

लूसिफ़ेर (चिल्लाते हुए)- खम्मोस एकदम chup....pata नहीं कैसा बीटा पैदा कर दिया maine.....khud के पीरों पे कुल्हाड़ी मार आता तो भी सह लेता मैं पर इसने तो खुद का सर्र कुल्हाड़ी पे दे मारा hai.....jaao अपने रूम में और आराम करो......

जस्टिन आज पहली baar.....pahli बार अपने डैड से ऐसा कुछ सुन्ना tha.....wo जानता था उसके डैड उससे परेशां hai...uski कमजोरिओं से परेशां है par....aaj तक उन्होंने इस बारे में नहीं कहा और aaj....aaj सायद उन्होंने इसी वजह से ऐसा kaha....Justin वह से उठा और अपने रूम में चला gaya.....wahi लूसिफ़ेर गुस्से में यहाँ से वह होने लग गया वापस से......

नेक्स्ट मॉर्निंग....

मैं सुबह उठा ध्यान लगाया और उसके बाद चला गया स्कूल के लिए क्लास्से भी तो थे......

स्कूल में आया तो सबसे पहले निकिता hi dikhi.....Main उसके पास जाने लगा.....

उसने मुझे dekha....aur गुस्से में वह से चली गयी... :शॉकेड:

मैं- ये अब क्या कर दिया maine....aisa क्यों लगा जैसे मुझे देख के वो चली गयी वह से.....

मैं उसके पास वापस से जाने लगा की सामने से पंकज आता हुआ dikha....aur वो निकिता के पास चला गया....

चेहरा देखने लायक था निकिता ka.....agar अभी कोई चीज़ होती उसके पास ना उससे मार मार के सर फोड़ देती उस पंकज का वो......

निकिता उसको देख के उससे भी दूर जाने लगी....

:सिघ: पता नहीं क्या हुआ है इसको मैं पास आ रहा हु तो दूर जा रही hai.....aur ye.....Pankaj से दूर जा रही hai.....ye अच्छा है उसके पास किसी को नहीं जाना chahiye....chutiya है साला खुद लड़ाई दिखने लेके जाता हो और बाद में बोलता है अब मेरे साथ मात आना kabhi....Matlab कुछ भी....

निकिता सीधे क्लास में hi घुस गयी सायद पत्ता था वह पे तो नहीं hi आएगा वो पंकज....

मैं भी क्लास की तरफ जाने laga.....ki तभी उस चोमू की नज़र मुझपे padi.....wo साला अब मेरे पास आने laga.....ye है kya....koi बीमारी है isko.....Rupal दीदी से मार खा के कुछ हो गया है isko.....samajh नहीं आ रहा कुछ....

पंकज मेरे पास आ गया,....

पंकज - और भाई कैसा hai.....sab ठीक तू दीखता नहीं yaha.....maine कल देखा तू मिला hi नहीं फिर मैं निकिता के साथ रहा कल पुरे din....acchi लड़.....

मैं - एक minute....rukko jarra....ye भाई कहा से आ gaya.....tumne कहा था मिलना मत ये सब कहा se.....aur चलो उसको छोड़ देते है उससे पहले तो दोस्त तक की बात हुई थी ना ये भाई कहा से आ गया....

पंकज - आर्डर ना सुन्ना टुन्ने अपनी चची ka.....Nidhi वीर जी का....

मैं - क्या कहना चाहते ho....jarra खुल के कहो....

पंकज - तुम्हारी चची ने मेरे Papa.....yaani तुम्हारे मां जी से बात ki....aur ये तय हुआ की तुम सब को मुझे अपने साथ रखना होगा...

मैं - kya.....ye कब hua....aur मुझे क्यों नहीं पता ये सब.....

पंकज - बताया नहीं होगा या भूल गए hoge....ab जो है बस यही hai.....abhi तो क्लास का वक़्त है mera......class के बाद मिलता हु.....

मैं बस उसको देखे जा रहा था ये साला क्या बोल के निकल gaya...aur चची भला ऐसा kyun....wo मार के liye.....Rupal दीदी की वजह से इसको झेलना होगा....

मैं ये सब सोच रहा था वह पे की एक बातचमते ने मुझे हिलाया और क्लास का वक़्त हो गया है ऐसा bataya....hote है ना वो अच्छे वाले batchmates....jagruk बातचमटेस उन्हों में से एक था वो....

मैं क्लास में गया और निकिता के पास जाके खड़ा हो gaya....jab से ये दब का clone....putla जो भी है ये आया है तब से हम दोनों hi साथ में बैठा करते है....

उसको जब ऐसा लगा मैं वह पे आ गया hu....ek बड़ी hi डरावनी लुक दी usne....aisa लगा जैसे खा hi जायेगी....

मैं बैठ गया जैसे सब बैठ रहे the.....class चालू हुई मतलब थ्योरी वाला part.....Main निकिता से बात करने की कोशिश कर रहा था.....

मैं - यार मैंने नहीं किया kuch....meri वजह से नहीं पीके पड़ा वो हमारे......

वो बस घूरे जा रही थी कभी घूरती कभी इग्नोर karti.....par जब उसको लगा मैं ऐसे चुप नहीं होने वाला उसने मेरे पैरों पे बड़े जोर से मारा.....

प्रोफ - मर. Prateek.....Miss Nikita....aap दोनों सायद किसी बहुत hi बड़े डिस्कशन में लगे हुए hai.....puri क्लास को बताना पसंद करेंगे आप दोनों.....

मैं क्या hi बोलू मुझे क्या पता था ये सब देख रहा hai.....Nikita ने एक बार मुझे देखा अपना सामन उठाया और...

निकिता - सॉरी sir.....may ी लीव थे क्लास....

प्रोफ - यस Please.....aur ऐसे डिस्कशन बहार hi करे.....

वो चली गयी मैं खड़ा tha.....maine भी किताबें उठायी और निकल गया.....

मैं - निकिता यार सुनो तो मैंने कुछ नहीं kiya.....wo रूपल दीदी की वजह से ये हुआ है....

निकिता - दीदी ने क्या kiya....sab गलती तुम्हारी hai....khud निकल जाओ और ये अपने फटीचर भाई को मेरे पीछे छोड़ do....kaha थे kal.....ye मुझेसुबह से परेशां कर रहा tha....jaha जाती वह आ जाता ye.....mann कर रहा था मार दू इसको.....

मैं - मार देती ना,,,,

निकिता - मन्ना किया था मुझे इस वजह से नहीं maara....warna ये मेरे आस पसस ना hota.....aaj तो बुआ से बोलना hi hoga....dimmag ख़राब कर रखा है इसने.....

मैं - अभी कहा अभी तो बुआ भी क्लास में होगी...

निकिता - तो मैं K.Bua के पास जा रही hu....wo तो फ्री hogi...aur....mere पीछे मत आना वर्ण उसका गुस्सा तुमपे निकल jaayega....aur हां दूर रहने कहो उसको मुझसे.....

मैं - मैं क्या कहु मैं तो खुद hi.... :सिघ:

वो चली गयी गुस्से में और मैं चला गया अपने रूम में....

रूम में आया hi था की ओल्ड आउल की आवाज आयी.....

ओल्ड आउल - एल्फ किंग लीमो की सोसाइटी वालो से मिलने वाले है....

मैं - Kya......kya कुछ हुआ है kya.....sab ठीक है naa....wo पकडे गए है क्या....

ओल्ड आउल - Nahi......ELf किंग उनको काम देने वाले है अपने भतीजे के बारे में पता करने के लिए....

मैं - मैं समझा नहीं थोड़ा खुल के बताना जर्रा....

ओल्ड आउल ने मुझे सब बताया कैसे अपने एक खास बन्दे की हेल्प से एल्फ किंग पहले उस बन्दे तक पहुंचे जो आर्चरी सोसाइटी के बारे में जानता tha.....fir वह से कैसे वो लीमो के कुछ लोगो के बार में पता kiye....aur अब उनसे मिलने जा रहे है......

लीमो को इन् सब के बारे में पहले पता चल गया था इसी वजह से उसने इतनी जड़ली सब पता चलने दिया एल्फ किंग ko.....kah सकते है खुद hi एड्रेस लिख के दे दिया हो....

मैं - लीमो क्या चाहता है....

ओल्ड आउल - सायद वो खुद भी मिलना चाहता है एल्फ किंग se...par अगर तुम बात करो तो अच्छा है.....

मैं - offo....yaha से आज निकला तो परेशानी हो jaayegi.....par वह ज्यादा परेशानी होने के आसार दिख रहे hai.....Portal खोलो दोस्त मैं आ रहा हु....

ओल्ड आउल ने मेरी बात सुन्नी और पोर्टल खोल diya.....wo भी सिद्ध उसी जगह पे जहा पे अभी लीमो था.....

मेरे ऐसे अचानक वह आ जाने से वो थोड़ा शॉक हो गया....

लीमो - आप yaha.....aise अच्चानक....

मैं - वो सब चूड़ो लीमो ye.....Main क्या सुन रहा hu.....tum एल्फ किंग से मिल रहे हो....

लेममो - आपको पता चल gaya....pata नहीं कैसे चला पर haa....Main मिल रहा hu...aur इस बार मौका hi ऐसा है की क्या बताऊँ.....

मैं - एल्फ किंग तुम लोगो को युवराज के पीछे लगाना चाहते hai....taaki उसके बारे में सब बता सक्को....

लीमो - हां यही to.....jaise hi वो आएंगे हम सब बता देंगे unko...aur इस युवराज की छुट्टी हो jaayegi....isko फोमोस भेज देंगे हमेशा के लिए....

मैं - सच mein....aisa लगता hai.....saboot है कोई तुम्हारे pass....saboot है कोई की युवराज ने कुछ गलत किया है.....

लीमो - उसके लोगो को पकड़ लेंगे....

मैं - उसके लोग उसके खिलाफ कभी नहीं बोलेंगे मरते दम तक नहीं देखा नहीं tha.....ek पकड़ा गया था ना वो वित्त्य salahkaar....ek ंबार भी नाम लिया उसने युवराज का....

लीमो को मेरी बात में दम लगी.....

लीमो - बात तो आपकी सही hai....aap बताओ क्या करे फिर....

मैं - लीमो साबुत ढूंढो pahle....uske बाद करना kuch....abhi जब वो एल्फ किंग मिलने आ रहे hai....chupp के मिले चेहरा दिखाओ hi मत unko....wo पूछे तो बताओ हम ऐसे hi काम करते hai.....jab साबुत सामने हो तब जाके दिखाना अपना चेहरा साथ में सबूत भी...

लीमो - हम्म ये भी ठीक है अब ऐसा hi hoga.....Main तब hi उनको अपनी सकल दिखाऊंगा जब हमारे पास पक्के साबुत हो....

मैं - चलो फिर मैं चलता hu....aaj क्लास मिस की तो ख़तम हो जाना है सब

मैंने ओल्ड आउल से वापस से पोर्टल खुलवाई और वापस से रूम में आ gaya.....timming अच्छी थी meri.....Abhi जस्ट दरवाजा नॉक हुआ और मैं अंदर पंहुचा...

मैंने दरवाजा खोला सामने निकिता था...

मैं - निकिता tum....kya हुआ...

निकिता- (मुँह बनाते हुए) क्या hua.....bada aaya....Bua बुल्ला रही hai...chalo जल्दी....

माइए घडी देखि तो उनका क्लास ख़तम हो चुक्का था और अभी 2ंद क्लास में थोड़ा टाइम tha....to मैं चल दिया निकिता के साथ बुआ के pass.....Raste में वो पंकज भी मिलल गया....

निकिता - इसको भगाओ वर्ण मैं तुम्हे मार दूंगी.....

मैं - ये क्या बात hui.....accha ठीक hai....Panjak यार तुम थोड़ा रुकोगे हमको बुआ ने बुलाया है...

पंकज - हम्म ठीक hai..ruk जाता hu.....bad में मिलते है.....

हम दोनों जल्दी से केबिन में पहुंचे.....

निकिता - बुआ कुछ करो naa....ye ऐसे पीछे रहेगा कैसे चलेगा फिर.....

बुआ - बच्चू मैं क्या कहु ab.....Bhabhi के तरफ से आर्डर है उसको अपने साथ रखने कहा है उन्होंने....

निकिता - मुझे नहीं रखना अपने साथ उस चिपकू ko.....kal से जो चिपका है जा hi नहीं रहा hai.....main मार दूंगी उसको....

बुआ - बच्चू आराम se....thoda सयम रखो सब ठीक हो जाएगा....

मैं - वैसे बुआ इसके लिए बुलाया क्या...

बुआ - नहीं तबियत ठीक है न तेरी.....

मैं- हां बुआ आज सब सही है....

बुआ - क्लब्स के बारे में बात करनी thi.....tum दोनों hi बहुत काम गए हो वह pe......matlab जब से इंट्रोडस कराया है तब से बहुत काम गए हो naa.....aisa होने पे क्लब की मेम्बरशिप चली जायेगी....

मैं - जाने दो बुआ वैसे भी बेकरर.....

मेरी बात पूरी होती उससे पहले 2 नहीं 4 hi थे.....4 आँखें घूर रही थी मुझे.....2 निकिता के और 2 खुद बुआ के.....

बुआ - बक्कर है से क्या मतलब hai....sab कुछ आ गया है tumko....ab चलो आज टेस्ट लेती हु तुम्हारा......

निकिता - बुआ इसको पढ़ाई में कोई मैं नहीं लगती है आज सुबह क्लास से निकलवा दिया मुझे....

बुआ - kya.....class से निकलवा दिया....

निकिता - और नहीं तो kya....class में भी परेशां कर रहा tha....main तो कहती हु नाम hi कट्टा दो इसका घर में रहने दो इसको....

मैं - kya...kuch भी बस बोले जाओ बोले jaao....Bua वो सब पंकज की वजह से हुआ है.....

K.Bua वही पे बैठी हुई thi.....aur हमारी बात सुनके उन्होंने बस इतना कहा.....

K.Bua - जिसकी वजह से फसे हो ना उसी को batao.....wo एकदम से तूफानी आईडिया देगी फिर dekho....Pankaj प्रोफ दक्ष कोई नहीं आएगा पास mein....mazze से रहो फिर...

निकिता - रूपल didi....haa उनको बताती hu....wo कुछ करेगी.....

बुआ - ू madam....kya कुछ karegi....wo बस फसा देगी तुम सब ko......jaisa है वैसा रहने do....aur तुम प्रतीक ज्यादा एब्सेंट नहीं करना क्लब में samjhe.....waha पे कपट करने के लये भी प्रजेंस होनी मस्ट hai.....ab jao....class का टाइम हो गया है.....

हम दोनों hi निकलने lage.....ki तभी पीछे से आवाज आयी....

बुआ - निकिता बच्चू तुम रूक्को thoda.....aur तुम क्या देख रहे हो जाओ jaldi....aise hi चलता रहता है बस....

मैं भी ऐसे hi बड़बड़ाते हुए वह से निकल गया और क्लास में जाके बैठ gaya.....saamne दक्ष सर आये और क्लास शुरू हो gayi.....Nikita नहीं आयी थी सीट खली थी uski......phir मैं क्लास में ध्यान देने लगा की तभी दक्ष जी ने निकिता से सवाल पूछा....

पर वो तो आयी..... :शॉकेड: ये मेरे बगल में बैठी हुई थी और मुझे पता भी नहीं chala......Prof ने बाद में किसी को आने भी नहीं दिया क्लास में फिर ये कैसे हो गया....

निकिता ने आंसर भी दे diya...iss क्लास में मैं उसको परेशां नहीं kiya....par जैसे hi क्लास ख़तम हुई मैं उसके तरफ मुद्दा वो गायब.....

ये क्या हो रहा था अब.....

यहाँ का छोड़ते है वापस स्ट्रेंज वर्ल्ड हो आते है जहा बड़ी मुश्किल से एल्फ किंग आज आ पहुंचे थे आर्चरी सोसाइटी के लोगो के bich.....aisa उनको लग रहा था....

एल्फ किंग - आप सब का मुखिया कौन है.....

लीमो जो की वह सभी के साथ बैठा हुआ tha......usne एक बन्दे के ओर dekha...aur वो बोलै....

इ1 - यहाँ पे कोई मुखिया नहीं होता एल्फ किंग यहाँ पे कई लोग मुखिया होते hai...aur उन् सब की बातें मानी जाती hai....har एक काम को करने से पहले उसपे बहेश होती hai....aap बताइये क्या काम है आपको....

एल्फ किंग - मैं आपका राजा आज आप सभी से एक मदद मांगने आया हु...

लीमो - बोलिये क्या मदद चाहिए आपको.....

एल्फ किंग - मुझे ये सुचना मिली hai.....mera कोई अपना है जो मेरी गद्दी के पीके पड़ा हुआ है.....

इस बात को सुन्न के वो सब हसने लगते है.....

एल्फ किंग सबको हस्ते हुए देख के कंफ्यूज हो जाते है.....

इ2 - आपको इस बात का पत्ता अब चला hai.....arre आपके गद्दी के पीछे तो ना जाने कितने hi लोग लगे पड़े रहते है पर हमारे होते hue....apko कोई परेशानी नहीं होती.....

एल्फ किंग - जी मैं इस बात के लिए बहुत आभारी hu....mujhe पता भी नहीं चलता और आप सब मेरी रक्षा करते रहते hai.....bas इसी वजह से मैं आपके पास आया hu.....jaisa मैंने कहा मेरा कोई अपना है जो मेरी गद्दी के पीछे पड़ा हुआ है.....

इ3 - आपके बेटे तो नहीं....

इ4 - वो कैसे honge....wo तो यहाँ है भी नहीं....

इ1 - फिर और कौन......

लीमो - परिवार का hi कोई होगा.....

इ2- कोई साथी भी हो सकता है उनको भी तो अपने बोलते है ना....

इ3 - इनका bhatija....uske बारे में तो हमको भी पता है ना.....

एल्फ किंग - आपको पता hai...kya पता है आपको युवराज के बारे में.,,,,

लीमो - हममे पता तो बहुत कुछ है महाराज पर साबुत नहीं hai....aur बिन्ना साबुत आप मानोगे नहीं....

एल्फ किंग - जी ये तो सही कहा aapne,.....par पता क्या है ये भी बताये.....

इ4 - अभी उसका वक़्त नहीं hai.....bas एक सुझाव दे रहे है hum.....unke बनाये गए जितने भी नियम hai.....usko एक बार देखे और आगे से भी अगर कोई नियम वो बनाये तो उसको अच्छे से परखे तब लागू कराये....

एल्फ किंग ने थोड़ा सोचा और फिर हां कहा......

लीमो - आप चिंता ना करे महाराज हम आपके साथ hai.....hum आपको साबुत जल्द hi दे denge....abhi के लिए आप जा सकते है....

एल्फ किंग - अगर मुझे तुम सब से मिलना हुआ to....kaha आऊंगा मैं....

लीमो - मिलने की जरुरत नहीं hogi....aur अगर पड़ी तो आप ऐसे hi मिल लेंगे humse....hum खुद आपको पता दे देंगे अपना....

एल्फ किंग वह से निकल जाते है.....

वही डेमोस पे.....

जस्टिन कल की दांत से अभी तक उद्दस था उसको तो यही लग रहा था वो कमज़ोर है बस यही एक वजह है उसके डैड उसको कुछ करने नहीं dete.....usne तय कर लिया था आज की आज वो खुद को शाबित karega.....Elf किंगडम से युवराज को यहाँ पे बुलाएगा और फिर उससे मदद मांगेगा और खुद को शाबित भी करेगा....

जस्टिन बहार जाने laga.....mahel के अंदर वो नहीं बुला सकता था एल्फ वर्ल्ड के युवराज ko....par उसको रस्ते में hi उसके डैड दिख गए....

लूसिफ़ेर ने कल दांत तो दिया था isko....galti भी थी उसकी पर लूसिफ़ेर को लगा जैसे उसने थोड़ा ज्यादा कर दिया hai.....wo कल भी आया था उससे बात करने को पर जस्टिन सो रहा था तो वो चला गया tha......abhi भी वही जा रहा था और रस्ते में वो मिल भी gaya.....Lucifer खुश हो गया....

लूसिफ़ेर - सोन मैं तुमसे hi मिलने आ....

जस्टिन - डैड मुझे नहीं पता मैंने क्या गलत किया है पर आप देखना खुद को प्रूफ करूँगा मैं....

लूसिफ़ेर - अरे कौन कह रहा है प्रूफ karne....kuch भी प्रूफ करने की जरुरत नहीं है तुम चलो अंदर बैठो...

जस्टिन (चिढ़ते हुए)- नहीं बैठना mujhe.....aap मुझे कमज़ोर समझते है naa...ab मैं खुद को प्रूफ करके hi कुछ करूँगा....

लूसिफ़ेर - ये क्या बोल रहे ho.....(gahri सांस लेते हुए) अच्छा बताओ कैसे प्रूफ करोगे खुद को....

जस्टिन - आप जिस चीज़ को ढूंढ रहे हो उसको आपके सामने ला ke....aap बस बताओ क्या है वो....

लूसिफ़ेर - तुम समझ नहीं rahe.....wo कोई आम चीज़ज़ नहीं hai...bahut जरुरी है वो....

जस्टिन - ठीक है तो एक मौका आप मुझे do.....mere उस फ्रेंड को बोलो उसके बारे mein....wo सच में लेके आएगा उस चीज़ज़ ko...aap मौका दो उसको.....

लूसिफ़ेर - ठीक है बुलाओ उसको देख लेते है कैसा दोस्त है tumhara...par बात मैं करूँगा usse....aur तुम चुप चाप देखोगे...

जस्टिन - ठीक है....

जस्टिन ये सुन्न के खुस होता है और वही पे से उसको बुलाने लग जाता है वाया टेलिपाथी......

स्ट्रेंज वर्ल्ड में भी ये खबर मिल hi जाती है usko....par वह से सीधे यहाँ आना खतरनाक हो सकता था....

एल्फ वर्ल्ड में युवराज ढूंढने लग जाते है अपने चाचा जी को ताकि वह से निअक्लने का कोई बंदोबस्त कर सक्के.....

थोड़ी देर में वो मिल भी जाते है....

युवराज - चाचा ji......Main आज दब से मिल के आता hu.....bahut दिन हो गए उससे मिले हुए....

एल्फ किंग - DB......usse क्या मिलना याद नहीं है उसने क्या किया था.....

युवराज - चाचा जी वो बच्चा है गुस्से में ऐसा कुछ हो जाता है फिर आपने hi तो उसको एअर्थ पे भेजा tha.....wo यहाँ पे भी तो पढ़ सकता tha....inn सब में गलती तो आपकी भी है.....

एल्फ किंग - तुम अपने राजा पे इलज़ाम लगा रहे हो...

युवराज - राजा पे नहीं एक पिता pe.....aap भी जानते है गलतियां दोनों hi तरफ से हुई hai......aap मुझे उससे मिलने दे मैं देख तो आऊं वो ठीक है या नहीं.....

एल्फ किंग (खुद से) - ये कैसे मेरे गद्दी के पीछे लगा हुआ हो सकता है.....

एल्फ किंग ने उसको जाने की परमिशन देदी और वो निकल गया वह से....

एअर्थ पे आने के बाद वो पहले तो थोड़ी देर यहाँ वह घूमता hai.....usko भी पता था लोगो की नज़र होगी uspe......aur वैसे भी यहाँ आके सीधा कही और जाना खतरनाक hi होगा.....

उसने थोड़ी देर एअर्थ पे यहाँ वह पे वक़्त कटा कुछ चीजजें kharidi....aur फिर जब लगा की अब बहुत वक़्त हो गया है तब वह से गया वो डेमोस pe.....aur सीधा पहुंच गया उसी गुफा में जहा वो प्रिंस से बात किया करता tha....justin से.....

वो वह पहुंचा hi था की वह पे 3 लोग और आ जाते hai....khud जस्टिन लूसिफ़ेर और इनका सेना नायक....

सेना नायक को देख के युवराज को अपनी पिछली मुलाकात याद आ gayi....aur लूसिफ़ेर को dekh.....wo समझ नहीं पाया की यहाँ हो क्या रहा hai....ek पल को तो उसको खुद की hi लाश दिख गयी थी.....

वो - जस्टिन आपने मुझे याद किया था कोई खास वजह....

जस्टिन कुछ बोलता उससे पहले लूसिफ़ेर ने उसको चुप रहने को कहा और अपने सेना नायक की ओर देखा....

ये जैसे उसके लिए एक सिग्नल था.....

सेनानायक - राज कुमार ने नहीं महाराज ने याद किया hai.......kuch फवोर्स किये हुए है हमारे tumpe....bas उन्ही के बदले हममे कुछ चाहिए.....

वो - Favours.....haa favours.....aap बताये मुझे क्या करना है....

सेना नायक - वो कुल्हाड़ी कहा है पहले तो ये बताओ...

वो - कौन सी कुल्हाड़ी dost.....uss वक़्त भी कहा था मैंने नहीं देखा वो कहा hai...bas उसको एक बार सूरज के पास देखा था उसके बाद कहा कुछ....

सेना नायक - महाराज मुझे नहीं लगता ये हमारे कोई काम aayega....humme इसको यहाँ से भेज देना चाहिए....

लूसिफ़ेर - एक मौका देना तो बनता hai.....Justin क्या कहते हो....

जस्टिन ने ये सुन्ना और है में सर हिल्ला दिया.....

लूसिफ़ेर - हम्म अब हमारे बेटे ने जब कह दिया तो ठीक hai.....ab sunno.....mera सेना नायक एक जगह के बारे में batayega.....waha जाओ और देखो क्या है और क्या नहीं है.....

इतना बोल के जस्टिन को लेके वो वह से निकल गया....

सेना नायक ने एक नक्सा निकला और उसपे एक जगह को दिखते हुए बताया युवराज को की कहा पर है वो जगह जो उनको चेक करने को कही गयी thi........Usne भी उस जगह को अच्छे से dekha.....aur जल्दी से वह से निकलने को हुआ.....

सेना नायक - जल्दी क्या है अपने पुराने दोस्त से नहीं मिलोगे....

वो - वो ठीक हो गया....

सेना नायक - मैंने कहा था उसको मार dunga....maine तो मार भी दिया अब कहा से ठीक होगा wo....main तो उसकी राख से मिलने की बात कर रहा था.....

वो - नहीं कोई जरुरत नहीं hai.....Main चलता हु वैसे भी बहुत काम है mujhe....itna बोल वो वह से भाग जाता है वही पहले तो रैथ pe....aur वह आबे जे बाद वो एक बार स्कूल में भी आते hai....yaha पे किसी से मिलता नहीं है wo.....bas जो भी ख़रीदा था उसको गार्ड से बोल के दब के पास पहुंचने बोल देता hai....aur खुद वह से निकल लेया है स्ट्रेंज वर्ल्ड की ओर.....

एअर्थ पे.....

अब साड़ी क्लासेज ख़तम हो गयी thi.....Nikita को पता नहीं क्या हुआ tha....main तो ये नहीं समझ पा रहा था उसको कुछ हुआ है या मुझे कुछ हुआ hai....kabhi दिखती थी तो कभी एकदम से गायब....

पंकज मेरे पीछे लग गया था aaj....Class ख़तम होने पे मैं एक बार अपने रूम में चला गया....

ध्रुव - आअज के बारे में क्या ख्याल है आज़ाद करोगे inko....yaa फिर कभी.....

मैं - अरे मैं तो एकदम से भूल गया tha....par इनको कहा करू आज़ाद यहाँ आस पास में किसी को कुछ कर दिया तो......

ध्रुव - ये किसी को कुछ नहीं करेंगे जब तब वो किसी को तुम्हे कुछ ना kare.....aur उनको कही भी छोड़ सकते ho.....waise भी वो उसी रूप में रहेगी जिसमे तुम उनको बोलोगे.....

मैं - हम्म ये सही है फिर....

तो मैंने उन् दोनों को hi मेरे अंदर से बहार आने को kaha.......aur वो दोनों लाइट बॉल्स बांके बहार आ भी gaye....g

मैं - तुम दोनों को मैं अभी बहार जाने की आज़ादी दे रहा hu.....jaha जाना है वह जाओ जो करना है वो karo....bas लोगो को परेशानी नहीं होनी चाहिए समझे....

मेरा बस ये कहना hi था की दोनों hi चले गए....

आज के लिए इतना hi :गूडनिघत: पोस्ट 11 बजे hi हो जाता अगर सिस्टम हैंग होक बंद ना होता to.....uske वजह से ोपेनेड फाइल का डाटा उड़द गया और अपडेट वापस से लिखना पड़ा.....

नेक्स्ट अपडेट आज hi आएगा 11 बजे.... जहा हम dekhenge....Elf किंग्दोन के युवराज को लूसिफ़ेर का काम करते hue....wahi ज्वाला से मिलेंगे और साथ hi दब से भी एक बार milenge.....aur लीडर भी अपनी खोज में niklega...saath में कुछ और सीन्स
 
अपडेट - 69

शाम का वक़्त था जब मैंने अलबूस और कूपर को बहार छोड़ दिया tha.....wo दोनों hi पहले तो लाइट ोर्ब्स के फॉर्म में थे उसके बाद वह से चले gaye.....pata नहीं कहा गए थे wo.....Main देख भी नहीं पाया क्यूंकि उनके जाने के थोड़ी देर बाद hi मेरे क्लब का टाइम हो गया था बुआ से आज hi वार्निंग मिली thi...to जानना तो था hi bas....fir मैं निकल गया कलिउब के लिए वो K.Bua की दी हुई दवाई खा के.....

आज तो सायद इस दवाई का कुछ ज्यादा hi असर हो गया tha....Main बहुत hi ज्यादा कमज़ोर महसूस कर रहा tha....sayad ये उन् दोनों के ना होने के वजह से tha.....badi मुश्किल से क्लब में टिक्का रहा मैं....

क्लब में बसीकली होता ये था की आप वह जाते हो अपने सीनियर्स से मिलते हो उनसे चीजजें सीखते ho.....bas यहाँ पे उस क्लब के हेड भी होते है आपको गाइड करने के लिए ताकि आप बेटर कर sakko.....aur साथ hi उनका काम होता है हर बैच से कुछ लोगो को चूसे करना जो अपने बैच और उस क्लब को रिप्रेजेंट करेंगे जब भी कम्पटीशन होगा...

तो क्लब में से आने के बाद तो ऐसी हालत हो गयी थी मेरी की पूछो hi mat.....kuch ज्यादा hi असर कर गयी ये दवाई आज तो.....

मैं अपने रूम में आया hi tha....karib 2 घंटे ह गए थे इन् दोनों को बहार छोड़े hue.....Dhruv ने कहा था दिन में एक घटना बहार निकल दो उनको बस काफी hoga....par ये तो....

मैं - ध्रुव वो दोनों अभी तक नहीं आये hai....kahi कोई दिक्कत तो नहीं है ना....

ध्रुव - अरे आ जाएंगे चिंता मत karo.....kahi होंगे अभी मज़्ज़े कर रहे होंगे....

मैं - कही कोई परेशानी तो नहीं हो जायेगी naa....aisa ना हो उनको बहार छोड़ के मैंने गलती कर दी hai....agar इंसानो में चले गए वो और वह पे कुछ कर दिया तो.....

ध्रुव - ऐसा कुछ नहीं hoga....aur पूछ क्या रहे हो कनेक्ट करने की कोशिश karo.....tumko दिख hi जाएगा कहा पे है दोनों....

मैंने अपनी आखें बंद की और उन् अलबूस को याद करने laga.....thodi देर में मुझे दिखने लगा एक aquarium.....ek बड़ा सा aquarium.....saamne मछलियां दिख रही थी मुझे....

सायद अलबूस कही एक्वेरियम में चला गया tha.....matlab इंसानो के बिच में :डोह:

मैं - ध्रुव यार अलबूस इंसानो के बिच में hai......lagta है कुछ गलत हुआ hai.....waha सब ठीक होंगे ना.....

ध्रुव - कोई हल्ला गुल्ला सुनाई दे रहा था kya.....yaa फिर एकदम से सन्नाटा ऐसा कुछ....'

मैं - (सोच के) नहीं तो वह तो नार्मल आवाजें आ रही thi...baccho की आवाजें बड़ो की आवाजें....

ध्रुव - Bas....matlab सब सही hai....Albus बस देख रहा होगा उन् जीवों ko.....uske लिए तो नए hi है naa.....ye ड्रैगन्स बड़े hi जिज्ञासु होते है....

मैं - फिर ठीक है अच्छा मैं कूपर को भी देख लेता hu.....wo कहा रह गया है......

मैंने वापस से आँखें बंद की और फिर कूपर के बारे में सोचने laga....aur सामने बहुत सारे पेड़ पौधे दिखने lage.....ye सायद किसी जंगल या पार्क में पंहुचा हुआ tha....iss बार आस पास की आवें सुन्नी maine....laga सायद जुनले में hi है ये क्यूंकि चिड़ियों की आवाजें आ रही thi.....insano की आवें नहीं आ रही थी और ना hi कोई गाडी वाड़ी की आवाज...

मैं - ये लगता है जंगल में जाके बैठा हुआ है...

ध्रुव - ये दोनों आज पहली बार बहार गए है ना चीज़ें ऑब्सेर्वे कर रहे hai....inn दोनों को सायद आज वक़्त लगे....

मैं - हां वैसे भी अभी उनकी कोई जरुरत कहा hai......Main खाना खा आता हु सायद तब तक वो आ जाए....

मैं चला गया डिनर करने वह पे वो पंकज मिला mujhe.....aur निकिता भी thi....hum तिण्णो ने डिनर किया और फिर टक्के होने के वजह से मैं और निकिता सीद्दे अपने अपने रूम्स mein....Pankaj थोड़ा चौका हुआ था मुझे देख ke....wo सायद सोच रहा होगा की मैंने उस फाइटर को तुरंत hi हर्रा दिया था और आज बस क्लासेज करने के बाद ऐसी हालत हो चुक्की hai....usko कहा पता था ये सब दवा का आसार है....

रूम में आ तो गया मैं पर उन् दोनों का अभी भी कोई पता नहीं tha.....Maine सोचा आ hi जाएंगे मैं बीएड पे जाके सो गया......

नेक्स्ट डे...

आज भी वही sapna....par आज कुछ अलग tha.....aaj मैं सपने में खुद को कण्ट्रोल कर पा रहा tha.....yaha वह देख पा रहा था पर इससे पहले मैं ये सब समझता और आस पास की चीजजें ऑब्सेर्वे करता ऐसा लगा जैसे मेरे सीने में कोई बहुत hi पावरफुल चीज़ज़ चली गयी हो....

इसी वजह से नींद खुल गयी मेरी....

वक़्त देखा तो यही कोई 6 बज रहे the.....aaj बहुत देर तक सो गया main.....Main जल्दी से उठा और तैयार होने चला gaya....aur फिर वह से जल्दी hi चला गया ध्यान लगाने वाले जगह पे.....

वह पे सब पहले से पहुंचे हुए थे.....

मैं भी बैठ गया जल्दी से ध्यान लगाने को.....

वही इसी वक़्त स्ट्रेंज वर्ल्ड में कुछ अलग hi चल रहा tha....waha पे ओल्ड आउल और उसके लोग लगे हुए थे एल्फ किंग और लीमो पे नज़र लगाए hue....unn लोगो ने मिस कर दिया था किसी एक ko.....Yuvraj को......

युवराज को उन् सब ने अभी छोड़ रखा tha.....kyunki अभी उसके पास कोई डिसिशन मेकिंग पावर hi नहीं थी..... :सिघ:

युवराज ने कल hi अपने कुछ चुनिंदा लोगो को अपने साथ चलने को बोल दिया tha.....uss जगह की जांच करने के लिए जहा पे लूसिफ़ेर के सेना नायक ने बताया था देखने को.......

अभी वो सब रेडी हो चुक्के the....aur 3 ग्रुप्स में वह गए हुए the......wahi युवराज अभी महल में hi tha.....usne एल्फ किंग के साथ नास्ता किया और फिर थोड़ी देर बहार जाने के बारे में बोल के निकला गया और पहुंच गया उसी जगह पे जहा उसको चेक करना था.....

ओल्ड आउल ने बताया tha....wo guffa.....uska मुँह पेड़ों से धक्का हुआ tha....aasani से नहीं मिल सकता था किसी ko....aur अंदर जाना तो दूर की बात thi....tabhi तो उसने पोर्टल का उसे किया था....

युवराज और उसकी पूरी टीम लगी हुई thi.....uss पुररे जगह की छान बीन करने mein.....kabhi इस कोने में तो कभी उस कोने में वो बस लगे हुए थे....

स1 - युवराज यहाँ पे कुछ है hi नहीं सिवाय इन् पेड़ पौदों के...

युवराज - हां मैंने भी देखा है.....

पर इस जगह पे कुछ अजीब तो होना hi चाहिए tha.....tabhi तो उसको वह पे चेक करने को बोलै tha.....kuch बताया तो था नहीं की क्या ढूँढना है और क्या nahi.....to युवराज अब समझ नहीं पा रहा था क्या किया जाए....

युवराज - एक बार और इस जगह को अच्छे से dekho....kuch भी अजीब मिले मुझे बताओ....

वही डेमोस में अपनी गद्दी पे बैठा लूसिफ़ेर सब कुछ देख रहा tha.....Yuvraj पे उसने आते के साथ hi एक बहुत बेसिक मैजिक कर दिया tha.....jisse वो उसकी आंख्यों से सब देख सकता tha.....aur उसको भी वही सब कुछ दिख रहा था बस वही sab...wo वह पे बैठे गुस्सा हुआ जा रहा था.....

लूसिफ़ेर - यहाँ भी कुछ नहीं hai.....sayad उसके बारे में पता चल गया हो लोगो को....

सेना नायक - महाराज अगर ऐसा होता तो आपके पास इस बारे में खबर आ चुक्की hoti...par अभी तक ऐसा नहीं हुआ यानी वो वह नहीं है.....

लूसिफ़ेर - हां वो वह नहीं hai....phir कहा है यही तो मुद्दा hai.....ahle जहा से उसके होने का पता चला वह गए तो वो दानवों का इलाका hai...aur अब यहाँ पे आये है to.....ye कही खुद को चिप्पा तो नहीं रहा naa.....kya उसको पता चल गया है उस पावर के बारे में और अब वो चिपटा चल रहा hai.....nahi ऐसा होता तो वो चिप्प hi नहीं pata....tab तो कुछ और hi चल रहा hota....jaha भी वो पावर होतो वह तबाही होती....

लूसिफ़ेर वही पे बैठा अपने सेना नायक से बातें कर रहा था......

इन् सब के अलावा लीडर आज बड़े खुश the.....aaj चाँद वाली रात thi.....matlab वो कल hi निकल सकते थे एअर्थ के liye.....apni बेटी की तलाश mein.....usne तो प्लान भी बना लिया था कैसे उसको ढूँढना है अपनी बेटी को.....

जैसे वो सबसे पहले तो मैजिकल क्रीचर्स के पास जाएगा वह पता karega....saath hi उसी वक़्त वो किसी ऐसे जगह पे जाएगा जहा पे लगभग हर एक मैजिकल बच्चे के बारे में कुछ ना कुछ मिल जाता हो जैसे School....usne स्कूल से भी [अत लगाने के बारे में सोच रखा tha....ab चुक्की उसका एअर्थ पे आना वर्जित नहीं था तो बस इसी वजह से वो स्कूल से भी मदद ले hi सकता था.....

वो बस आज रात ख़तम होने के इंतज़ार में tha.....jaise hi रात ख़तम होती वो निकल जाता वह से 20 दिन के लिए....

वही DB.....DB इंसानो के बिच रहने की पूरी कोशिश में tha.....haa इसकी कोशिश मुसीबत बन गयी थी K.Bua के उस दोस्त के liye......jiske साथ वो रह रहा था.....

ध्यान से हम सब उठ गए थे और फिर 2 क्लासेज भी कर आये the.....uske बाद बुआ ने हमको बुआलया लंच के लिए उनके केबिन mein......Main और निकिता पंकज को छोड़ के चले गए waha.....Pankaj भी मान गया tha.....vanda हमको इक्कंत दे दिया करता था ये अच्छी बात थी उसकी......

हम 4 लोग अभी बुआ के केबिन में बैठे लंच कर रहे थे की तभी फ़ोन बज्जा K.Bua का.....

K.Bua - ओफ्फो अब क्या कर दिया इस राजकुमार ने......

बुआ - क्या हुआ परेशां क्यों है.....

K.Bua - दब के बारे में hi बताने वाली होगी ye....dekh लो....

उन्होंने स्पीकर पे डाला फ़ोन और कॉल पिक ूप किया....

फ़ोन - कविता यार ये किस नमूने को भेज दिया है yaar.....isne मेरे भाई का काम ख़राब कर दिया hai.....uske सारे फाइल्स इधर उधर हो गए hai....isko बस बोलै था उनको संभल के rakho......sab मिला दिया इसने...

K.Bua - मैं आती hu.....aur कोई बात तो नहीं है ना....

फ़ोन - यार भाई बहुत गुस्सा hai....wo इसको नहीं रहने देंगे यहाँ पे.....

K.Bua - नहीं कैसे रहने देंगे wo....tu है naa......kuch कर और हैंडल कर situation.....Main आती हु तब तक समझने को उसको.....

कॉल एन्ड....

K.Bua - dekha.....aisa इसने एक बार नहीं किया है naa....ab क्या करू मैं.....

बुआ - वैसे ये तो अच्छी दोस्त लग रही थी तेरी....

K.Bua - हां ये भी डॉक्टर hi hai.....main इसको मदद कर आती हु कभी kabhi....aur इससे बहुत सी चीज़ें भी सीख आती hu.....bahut होसियार है वो....

मैं - आप वह जा रही हो दब के पास फिर....

K.Bua - हां जाना hi hoga....aise थोड़ी होगा kuch.....tumko भी चलना है क्या....

बुआ - नहीं ये नहीं जा रहा kahi....iski क्लासेज है और क्लब्स bhi....Main चलूंगी तेरे saath....iss प्रिंस को समझाना होगा काम ना बिगड़े दुसरो के....

K.Bua - अरे वो काम बिगड़ता नहीं hai.....maine देखा था वो बेचारा तो मदद करने की कोशिश करता है और गड़बड़ हो जाती है.....

बुआ - हम्म चलो फिर इसी बारे में बात कर aayenge.....aur तुम दोनों अभी तक खाना ख़तम नहीं हुआ क्लास शुरू होने वाली है....

मैं और निकिता दोनों ने जल्दी से खाना ख़तम किया और फिर वह से निकल गए क्लास के लिए.....

वही दोनों बुआ निकल गयी दब से मिलने को......

दब एक फ्लैट में रहता tha....jaha पे भाई बहन रहा करते the....bahen जोकि K.Bua की फ्रेंड hai.....wo भी डॉक्टर है और जो उसका भाई hai....wo फ्रीलांसर hai...ghar से काम किया करता है वो.....

दब जब से वह आया है तब से वो उसी की मदद करने में लगा होता hai....aur इसके बदले वो बाँदा दब को कुछ न कुछ नया सिखाते रहता hai.....jaise की कंप्यूटर chalana...yaa फिर इंसानो की और भी चीजजें वह के खेल के बारे में ये सब बताता रहता उसको...

दोनों बुआ उस फ्लैट के दरवाजे के पास पंहुचा गयी और बेल्ल बजाय.....

दरवाजा K.Bua की दोस्त ने खोला tha.....aur वो हैरान नहीं हुई thi.....usko आदत हो गयी थी इस बात की.....

K.Bua को फ़ोन करो और वो थोड़ी hi देर में वह पहुंच jaati....issi वजह से उसने कुछ इंसानो की जान तक बचाःयी हुई थी.....

खैर अभी वो सामने K.Bua और उनके बगल में बुआ को देख रही thi....K.Bua तो दोस्त थी उनको तो जानती थी वो पर बुआ को नहीं जानती थी वो....

दोस्त - ये कौन hai....isko भी लेके आ गयी tum....haa इसको भी रख लेती हु...

K.Bua - अरे नहीं re.....ye मेरी दोस्त है वो हम दोनों यही पे थे ना जब टुन्ने कॉल किया तो इसको लेके hi आ गयी दूसरे सहर से आयी है अकेले नहीं छोड़ सकती ना....

दोस्त - फिर ठीक है.....

K.Bua ने दोनों को इंट्रोडस कराया और फिर उनकी दोस्त सबको अंदर लेके gayi....jaha पे अभी दब उन्ही फाइल्स को ठीक करने में लगा हुआ था जिनको उसने मिला दिया tha.....saath में K.Bua के दोस्त का भाई भी tha....jo गुस्से में लग रहा था और परेशां भी....

K.Bua - यार तेरा भाई तो आज बड़े गुस्से में है.....

दोस्त - और नहीं तो kya...sab इस उल्लू की वजह से hai.....bhai को आज hi एक मीटिंग करनी thi....kuch होटल्स है उनको नए ढंग से बनाने के liye.....bahut बड़ा काम tha...Bhai पूरा रेडी थे और ये सब हो gaya.....bahut सारे होटल्स है उसके....

K.Bua - सॉरी यार तू एक काम करेगी उनको थोड़ा साइड में लेके जा मैं सब सही कर देती हु और इसकी क्लास भी लेनी है ना....

दोस्त - मैं कुछ नहीं कहने वाली उनको.....3 बार मुझे सुन्ना चुक्के है अभी तक...

बुआ - तुम दोनों ऐसे hi बातें करते raho.....chal के मदद करते है ना....

वो इतना बोल के दब और दोस्त के भाई के पास चली गयी और फाइल्स को वापस से सही करने lagi....papers पे लिखा हुआ था कौन किस फाइल का पेपर है....

वही थोड़ी देर में दोस्त और K.Bua भी आ gayi....Dost के भाई ने एक दो बार और सुनाया अपनी बहन ko....par वो लगी रही....

वही K.Bua और बुआ जब पेपर्स सही कर रहे थे तो उनको कुछ milla...jisko देख के दोनों hi थोड़ा हैरान हो gaye....fir एक दूसरे को देख के स्माइल पास की और दोनों भाई बहन से बस्ते हुए मैजिक का उसे किया और फाइल्स सेट हो गयी बहुत जल्दी...

इतने में उस बन्दे के मीटिंग का वक़्त भी हो गया tha....usne फाइल्स उठायी सबको थैंक्स कहा और निकल गया....

दोस्त - चलो एक काम तो hua.....ab बताओ इसका क्या करना है....

बुआ - इससे मैं बात करती hu....DB तुम आओ इधर...

K.Bua - हां ये सही hai....tab तक हम दोनों आपस में कुछ बातें कर लेते hai.....aaj कल हॉस्पिटल में सब ठीक है ना..

:सिघ: कितना अजीब सवाल है ये हॉस्पिटल में कभी कुछ ठीक नहीं होता....

वो दोनों अपने में लग गयी.....

दब - मैडम मैंने जान बुझ के कुछ नहीं किया मैं तो बस मदद कर रहा था....

दब ने अपनी बात कह डाली.....

बुआ - हां मुझे पता है और कोई बात नहीं ऐसा होता hai....tum ये बताओ यहाँ पे सब ठीक से कर रहे हो ना....

दब ये सवाल सुन्न के थोड़ा उद्दस हो जाता है उसको यहाँ पे अपने प्रोग्रेस के बारे में कुछ पता hi नहीं tha.....wo जानता hi नहीं था आखिर वो पोर्ग्रेस कर भी रहा था या फिर ऐसे hi वक़्त कट्टा जा रहा था रोज ध्यान लगता था wo....par कोई अनेर नहीं दिख रहा था....

दब ने सब कुछ दुखी होते हुए बुआ को बता diya.....iss बार वो सच में कोशिश कर रहा था जल्दी से इसको पूरा करने की ताकि उसके लोग वापस से पहले की तरह खुशहाल rahe...wo अपने प्लेनेट पे जा सक्के.....

बुआ - कोई बात नहीं कभी कभी ऐसा हो जाता है पर तुमने अपने गुरूजी से इस बारे में बात की या नहीं.....

दब - जिस दिन से मैं यहाँ आया हु ना तो वो और ना hi लिमि आयी है मेरे pass.....na उनका कोई सन्देश आया hai.....sayad वो नाराज़ है mujhse.....uss दिन लिमि को तो देखा था आपने...

बुआ - नाराज़ नहीं होंगे wo....aur अगर है भी तो तुम जाके देख क्यों नहीं aate....wo लोग बड़े है ना tumse....aur गलती भी तुमसे hi हुई thi...to फिर जाने में क्या hai....chalo आज वह चलते है और देखते है कहा पे पहुंची है तुम्हारी प्रोग्रेस....

दब ने भी हां कह diya...aur कोई रास्ता नहीं था उसके पास.....

K.Bua को बता के बुआ उसको लेके बहार चली gayi....Dost को बोल दिया की कुछ शॉपिंग करनी है....

बुआ और दब वह से सिद्धि चले गए आश्रम में......

आश्रम में सब पहले जैसा hi tha....log लगे हुए है अपने अपने कामो mein....Bua और दब आश्रम के दरवाजे पे hi गए the.....waha पे उनको 2 लोग mille.....Bua ने कुछ नहीं कहा और ना hi दब ने उन् दोनों ने उनसे अपने पीछे आने को कह diya....ye दोनों भी पीछे चल diye....aur इनको गुरूजी के पास पहुंचाया gaya.....jaha पे वो अभी लिमि को उसकी बेटी को ट्रैन करते हुए देख रहे थे....

बुआ - गुरूजी...

गुरूजी - Aao.....DB मैंने सोचा था थोड़ा और पहले आओगे tum....par कोई बात नहीं....

बुआ - दब बताओ इनको तुमको क्या दिक्कत हाउ.....

दब ने सब बताया कैसे वो वो सब कुछ कर रहा था जो उसको बताया गया था पर वो ये समझ नहीं पा रहा था प्रोग्रेस हो भी रहा है या बस ऐसे hi है.....

गुरूजी - कभो कभी खो जाना बहुत अच्छा होता hai....isse आपको बहुत कुछ नया देखने को मिल जाता है और साथ hi सीखने को bhi.....tum सही रस्ते पे ho....bas खुद पे थोड़ा और याक्किन karo....aur थोड़ा और सयम rakho.....uss बच्ची को देख रहे हो....

दब और बुआ ने उसकी ओर dekha...wo लिमि की बेटी की बात कर रहे थे...

दब - ये तो लिमि के बेटी है ना....

गुरूजी - Haa.....aur ये तुम्हारे लिए तैयार हो रही hai......ye तुम्हारी सेना नायिका hogi......dekho उसको और सीखो....

दब - मेरी सेना nayika....par लड़कियां...

गुरूजी - यही सब तो सीखना है यहाँ पे tumko.....jaha तुम रह रहे हो वह पे भी एक लड़की hai.....kya वो बस घर में बैठी रहती hai.....nahi वो काम करती hai...logo की जान बचती hai....seekho isko.....aur अपने दिम्माग में जो कुछ बातें बीतता ली है उनको निकल do....Insano के बिच भेजने का ये भी एक उद्देस्य था....

दब - जी ठीक है गुरु जी पर क्या उसको....

गुरूजी - तुमको क्या लगता है मैं उसको अभी bataunga....abhi वो नहीं जानती इस बात को और ना hi जाने तो बेहतर hai....tum अभी कुछ देर यही rahoge....aur देखोगे उसको और सीखोगे कैसे वो चीज़ें सिख रही है कटनी जल्दी mein....par फिर भी सटीक तरीके se....Poonam मैं इसको इसके जगह पे भेज dunga....aur शॉपिंग का सामान bhi...aap जा सकते है...

बुआ - गुरूजी क्या मैं भी थोड़ी देर देख सकती हु इसको.....

गुरूजी - देख सकती ho...ye इसके बाद तुमसे भी सीखने आने वाली hai.....taiyaar रहना.....

बुआ - हम्म जरूर...

इनको छोड़ते है इनका लम्बा जाने वाला है...

मेरी क्लासेज ख़तम हो गयी थी और फिर क्लब्स में जाना tha....Main गया एक क्लब में पर वह पे कुछ हुआ था जिसकी वजह से आज बंद था wo.....matlab खली था main....aur आज दवा नहीं ली थी याद नहीं रहा tha....to कोई थकावट होने के भी चान्सेस नहीं थे....

मैं पहले तो निकिता को ढूंढने लगा par.....wo मिली hi नहीं पता नहीं कल से क्या हो रहा था ऐसा लगता था जैसे वो बगल में है पर जब मैं देखता तो वो होती hi नहीं और फिर थोड़ी देर में वही से आवाज देती mujhe.....main एकदम से चौक जाता...

मैं रूम में चला गया उस पंकज से बचने के liye....waise उसका था क्लब तो बहार रहने से भी कोई दिक्कत नहीं होने वाली थी.....

रूम में आया तो मैंने सोचा आज भी बहार छोड़ देता हु दोनों ko....par आज बोल दूंगा पहले आ जाय karo.....jab मैं सो रहा हु तब मत aana.....aaj मैं देख hi लेता मेरे उस सपने में क्या है पर इन् दोनों की वजह से मिस हो गया....

मैंने दोनों को बहार निकला और बता दिया ज्यादा से ज्यादा 2 घंटे बहार रहने को उसके बाद वापस आ जाने के लिए.....

वो चले gaye.....aur मैं अकेला रूम में था....

मुझे लगा बहुत वक़्त हो गया है इस ज्वाला से मिले hue......aaj देख आता हु और इसी बहाने उस बिजली का हाल भी जान lunga....kya पता वापस से कोई प्रॉब्लम हुई हो और उसने बताया ना हो मुझे.....

मैं - ज्वाला पोर्टल खोलो.....

मेरे बोलने के साथ hi उसने पोर्टल खोल दिया और मैं भी उससे होते हुए अंदर चला गया.....

पिछले वाले जगह से अच्छा बनाया था इस जगह ko....matlab यहाँ पे उन् लोगो ने मिल के काम किया tha.....Old आउल के लोग साथ में पोलर बेअर्स और ज्वाला के log....sabhi ने जो घर बनाये थे नए wale....wo अलग the.....aur अच्छे भी...

मैं - काम तो अच्छा चल रहा है यहाँ पे Jwala.....koi परेशानी तो नहीं है....

ज्वाला - नहीं अभी सब सही hai....meri और पोलर बेयर किंग की बात हो रही थी एक चीज़ को लेके....

मैं - बात हो रही है ये तो अच्छी बात है दोनों कबीले साथ में rahenge.....mil के....

ज्वाला - अच्छी बायत है पर साथ में रहने की नहीं उनका कहना है की मैं तुमसे कहु की अब उनकी जगह खली करने के बारे में सोचा जाए.....

मैं - यहाँ पे उनको कोई परेशानी है kya.....Main बात कर के देखता हु उनसे.....

ज्वाला - नहीं ऐसी बात नहीं है दरअसल उन् सब के प्रजनन करने का समय आने वाला hai....sambhog....Polar बेयर किंग का कहना है की वो अपने कबीले के नए वंशजों का स्वागत अपने घर में hi करना चाहते है...

मैं - हम्म ये बात hai...matlab कोई लड़ाई वगेरा तो नहीं है ना.....

ज्वाला - नहीं अभी ये सब कुछ नहीं hai....hum सब सही hai....aur उनकी जो ये बात है उसको मैं भी मानता hu.....wo सही hi है....

मैं - इस बारे में क्या कहु tumse....main खुद नहीं जानता कब मैं को उनकी जगह वापस कर paaunga....kyunki ये मेरे बस की बात hi नहीं है...

ज्वाला - हां मैं जानता हु पावर्स रूपल जी को मिली hai.....par तुम उनसे बात तो कर सकते ho....sayad वो समझे इस बात को और कोई रास्ता निकल जाए....

मैं - मैं इस बारे में बात करता हु unse....aur बिजली की तबियत अब ठीक है ना....

ज्वाला - हां बिजली ठीक hai....par मैं सोच रहा था एक बार और अगर आपकी बुआ उसको देख लेती तो....

मैं - अरे पहले बताना था naa.....main इसी वजह से आया hu.....aur तुम ये बात मुझे बता सकते the.....aur हां अगर कभी कोई इमरजेंसी हुई तो तुम उनको यहाँ खुद भी लेके आ सकते हो Jyala....haa ये बात अलग है दोनों hi साथ में आएगी....

ज्वाला - हम्म ठीक hai....to तुम कुछ देर यहाँ रूक्को मैं एक काम निपटा के आता hu....tab तक घूम भी लोगे इस नयी जगह को...

मैं - हां थोड़ी बहुत ये जगह बदली है मैं देख लेता हु ये सब....

ज्वाला चला जाता है वही मैं यहाँ वह सब देखने लगता hu....ek बात सभी वैद्यों से भी मिल लिया main....unse भी पूछा सब कैसा चल रहा है...

जब से ये तिण्णो ग्रुप्स एक साथ आये the...inko बहुत फायदा हो रहा tha...jo नयी नयी चीज़ीं सीख रहे थे ये एक दूसरे से समझ रहे थे वो सब.....

अभी के लिए इतना hi नेक्स्ट अपडेट में देखेंगे लीडर का अपने प्लेनेट से बहार आना अउ एअर्थ पे aana....saath hi अलबूस का घायल होना bhi...aur कुछ बातें
 
अपडेट - 70

मैं ज्वाला के कबीले में tha....wahi घूम रहा था मैं आस pass....nayi तरह की चीज़ें बना रहे थे वो जिसमे ना सिर्फ उसके कबीले का आर्ट और कल्चर था साथ hi बाकी के दो कबीलों का भी योगदान tha....yaha पे एक बिलकुल hi अलग चीज़ज़ बन रही thi....halaki पोलर बेयर किंग ने ऐसा कहा जरूर था की वो अब अपने घर जाना चाहते hai....aur उनकी इस बात के पीछे की जो बात थी वो बिलकुल सही thi....har कोई चाहता है उसका बच्चा उसके अपने घर में aaye.....apne गाओं mein....sahron में ये सब नहीं hota....saher अलग hi चीज़ hai.....khair इस बारे में बात करने लग जाए तो साड़ियां बीत सकती है सायद.....

मैं कभी यहाँ कभी वह ऐसे hi घूम रहा था की अच्चानक से ऐसा लगा jaise....kuch hua......kuch बहुत hi अजीब.....

मैं जहा पे खड़ा था वही पे बैठ गया Main.....aisa लगा किसी ने मेरे किसी हिस्से को नुकसान पहुंचाया है.....

मैं - ध्रुव ये क्या हो रहा hai.....ye....m..mm..mujhe...

इसके आगे प्रतीक कुछ बोल पता उससे पहले वह पे ओल्ड आउल आ gaya....Old आउल ने उसको जल्दी से तिण्णो वैद्यो के पास pahuchaya....aur साथ hi दोनों बुआ को खबर di....aur उनको भी वह लेके आये.....

प्रतीक बेहोश tha.....par akela.....pata नहीं...

K.Bua उसको चेक कर रही थी सब ठीक था उसके सरीर mein....sach कहे तो ठीक से कुछ ज्यादा hi tha....aur यही बात K.Bua समझ नहीं पा रही थी....

बुआ ने उनका परेशां चेहरा देखा और पूछा उनको....

बुआ - कविता क्या हुआ है isko...ye ऐसे बेहोश क्यों है सब ठीक है ना....

K.Bua - सब ठीक hai......darasal ठीक से कुछ ज्यादा hi अच्छा है par....kaise बताऊँ मैं समझ नहीं पा रही

बुआ - हुआ क्या है ये बताओ....

K.Bua - प्रतीक के अंदर की energy.....wo बहुत ज्यादा hai....uska लेवल बहुत ज्यादा hai...humse बहुत hi ज्यादा....

बुआ - कितना jyada...aur ये तो अच्छा है पर ये वजह नहीं है इसके ऐसे बेहोश होने की वजह क्या है ये बताओ....

K.Bua - Wajah.....wo hi नहीं समझ आ रही और साथ में ये भी नहीं की इसकी एनर्जी किसी टाइटन गृह वाले से भी ज्यादा कैसे हो सकती है...

बुआ - kya....kya बोल रही हो तुम दिम्माग सही है naa......ye कैसे हो सकता है.....

K.Bua - ये हुआ hai....aur हो रहा है....

मैं बेहोश tha.....yaa ये कहु मेरी बॉडी उस हालत में थी Main....Main तो कही और hi आ गया tha....Main पता नहीं किस जगह पे आके खड़ा हो गया tha....aas पास अंदर tha....par कुछ कुछ चीज़ें दिख भी रही थी....

मैं - ये कौन सी जगह hai.....Dhruv....ye कहा आ गया हु मैं...

कोई आवाज नहीं सिवाय मेरे hi आवाज ke....maine जो सोचा वो वापस से मेरे कानो में aaya.....Main आगे बढ़ा और बढ़ता raha....aur बढ़ता रहा par....par कुछ हो hi नहीं रहा था.....

मैं जैसे एक कभी ना ख़तम होने वाले अँधेरे गलियारे में चला जा रहा tha....aur मैं थक भी नहीं रहा tha....abhi तक तो नहीं....

बचपन mein...Jab मैं अपनी मास्टर के साथ रहा करता tha.....wo मुझे नयी नयी चीज़ीं सिखाया करती thi....ye उन्ही में से कोई एक सा लग रहा था.....

मैं - Master.....Master आप कहा हो.....

मास्टर - आगे बढ़ते रहो प्रतीक.....

मैं बढ़ता जाता मुझे लगता और जब लगता की अब तो मास्टर के पास पहुंच hi गया hu.....to फिर से आवाज lagata....wapas से आवाज आती मास्टर ki....tab भी उतनी hi दूरी से जितनी दूरी से इससे पहले बार आयी थी...

मास्टर अपने तरीको को अजीब से नाम दे दिया करती thi....sach में बड़े hi अजीब से naam....ab क्या hi बताऊँ उनके बारे mein.....iss चीज़ को उन्होंने थे सीकर पैसेज तकनीक कहा tha....isme अपने दुश्मनो को फसाया जाता है....

कहते है ओरियन प्लेनेट के प्रमुख जादूगरों में से किसी एक ने इसी का उसे किया था खुद को अपने दुसमन से बचने के liye....unhone hi इसका इज़्ज़ाद किया tha.....ek गलियारा बनवाया था unhone...ussi गलियारिन से होक hi उनके कमरे में जाय जा सकता था और कोई दरवाजा hi नहीं tha....raat के वक़्त वो उस गलियारें को जिन्दा कर देते the...aisa ओरियन के लोगो का कहना tha.....fir जब तक वो वापस से उठ के खुद उस गलियारें को सुला नहीं देते तब तक कोई उसको पार नहीं कर सकता था....

आज उसी गलियारें में मैं खड़ा tha....akela....Master ने बताया था इसको कैसे भेदा jaaye.....uss वक़्त मैंने इसको महज एक कहानी hi माना था तब तो पता नहीं था ना मैं कौन हु क्या hu.....aur Master.....unhone तो ऐसा रास्ता चुनना था इसको सीखने के लिए की मैं समझ hi नहीं पता था की वो सब है kya.....wo मेरी आँखों में पट्टी बाँध देती और मुझे एक ट्रेडमिल पे खड़ा कर देती और चलने को kahti.....Main भी इसको अस ा गेम कर लिया करता tha.....uss वक़्त तो सब वैसे hi किया करता था सब खेल hi तो था.....

मैं चलता रहता आँखों में पट्टी बाँध के और मास्टर को बुलाता rahta.....aur मेरे हिसाब से मास्टर एक जगह बैठ के जब भी मैं उनको पुकारता वो जवाब दे दिया करती thi....aur मैं उसी जगह हुआ करता था हर बार....

मास्टर ने तो ये चीज़ mujhe.....aawaj से दुर्री का अनुमान लगाने के लिए सिखाया था sayad....yaa ऐसा मुझे लगता आ रहा था....

मैं- ध्रुव सुन्न रहे हो क्या....

मैंने ये टेस्ट करने के लिए किया tha......pakka जो करना था की ये सही है भी या नहीं.....

जैसा सोचा था वैसा hi था ye,....bimari का पत्ता चल गया था पर उसको पार कैसे kare.....kaise उस जगह से निकले ये समझ नहीं आ रहा tha.....Master ने सायद बताया hi nahi.....yaa मैंने पूछा hi नहीं था कभी....

मैं ये सब hi सोच रहा था की अच्चानक से दिम्माग में एक ख्याल aaya.....Dark पावर.....

मैं - क्या वो हो सकती है wajah.....kya वो अभी मेरे ऊपर हावी है....

ये सोच के hi डर गया था मैं.....

मैं अभी जो रुक्का हुआ था उस अँधेरे कमरे में एक दम से बैठ gaya.....aakhen बंद करि और ध्यान लगाने की कोशिश करने लगा....

अगर मेरा ये डर सही हुआ तो पता नहीं अभी क्या हो रहा hoga....Dark पावर ने मुझे अपने काबू में कर लिया होगा और ये Seeker's पैसेज में फसा दिया है....

वही बहार.....

बुआ - यार कुछ तो bata...kab होश आएगा isko.....kal घर भी जाना है क्या कहूँगी उनको....

K.Bua - मैं क्या बताऊँ तुझे सब तो बताया ना सब समझाया भी इसको पता नहीं क्या हुआ hai....sab ठीक है पर ये होश में नहीं आ रहा hai.....aur देखो वो भी बेहोश hai....uska भी कुछ पता नहीं चल रहा है....

ठीक इसी waqt.....raat के वक़्त hi डेमोस पे अलग hi कुछ चल रहा था वह पे अच्चानक से जस्टिन की तबियत ख़राब हो गयी thi....waise तो अक्सर hi उसकी तबियत ख़राब रहती थी पर इस बार सीरियस tha....Lucifer पुररे गुस्से में अपने डॉक्टर्स को समझा रहा था उसके बेटे को कुछ नहीं होना चाहिए.....

डेमोस के डॉक्टर्स भी करे तो क्या kare.....wo समझ hi नहीं पा रहे the.....unhone तो कब के अपने हाथ खड़े कर दिए the....par लूसिफ़ेर को सच कौन बताये की उसका बीटा Justin....kabhi भी...

डॉक्टर्स लगे हुए the.....wahi लूसिफ़ेर भी लगा हुआ tha.....kisi भी तरह अपने बेटे को बचने की कोशिश में.....

लूसिफ़ेर अपने सेना नायक को बुलाता है....

सेना नायक - महामहिम हुकुम करे....

लूसिफ़ेर - स्ट्रेंज world...waha पेजितने भी लोग है hamare.....sabhi को उस जगह पे bhejo.....aur अच्छे से देखने kaho.....wapas से....

सेना नायक - जी महामहिम....

लूसिफ़ेर - और tum.....tum खुद जाओ अभी के अभी उस जगह जहा पे उस डार्क पावर के होने का पता चला tha.....(chillate हुए) पोर्टल खुलवाओ और इसको भेजो वह jaldi...(sena नायक से) tum....tum वह jao...aur dekho.....dekho वो डार्क पावर है वह या nahi.....kuch भी मिले वो बताओ mujhe....aur जल्दी करो....

सेना नायक ने सुन्ना ये और वो निकल गया पोर्टल खुलते hi साथ hi उसने स्ट्रेंज वर्ल्ड में भी मैसेज भिजवा दिया tha....aur ये उन् सब के लिए था जिन्होंने फवौर लिया था लूसिफ़ेर से डेमोस se.....yaa डेमोस के किसी भी बन्दे se......jaahir सी बात है युवराज का नाम कैसे नहीं आएगा इसमें.....

वो भी उठा और उस जगह को वापस से निकल गया बिन्ना मैं के.....

मैं करे भी तो कैसे....3-4 बार उसने सुबह के उजाले में सब देखा tha....kuch भी नहीं मिला tha...ab इस रात को क्या मिलने वाला था.....

वह पे पंहुचा तो पहले से लोग थे वह पे अलग अलग प्रजाति के और सभी ने चेहरे धक् रखे the.....isne ये दूर से hi देख लिया था बस इसी वजह से इसने भी खुद की पहचान छिप्पने को चेहरा धक् लिया...

पर ये कहा जानता था इसके पीछे तो लोग लगे हुए है पहले से hi.....wo इसके हर एक मूवमेंट की खबर रखते है...

लीमो ने अपने खास लोगो को लगा रखा था इसके picche....subah के वक़्त भी जब ये यहाँ आये थे तब भी वो दोनों आये थे इसके पीछे पीछे पर समझ नहीं पाए आखिर बात क्या hai....fir इस वक़्त भी यहाँ पे aana....aur जब उन्होंने देखा सभी ने चेहरे चुप्पा रखे है तो वो लोग भी मिल गए उन्ही में....

एल्फ किंगडम का युवराज यहाँ आके वापस से बेमान सब देखने laga....har एक तरफ.....

कुछ पेड़ों के पास उसको थोड़ी सी रोशनी आती हुई dikhi....wo उस ऑर्डर देखने gaya.....to उसने पाया उस पेड़ के अस्स पास रात में चमकने वाले कुछ फूल the....wai चमक रहे the......usne सोचा था की उसको कुछ खास मिल जाएगा पर हाथ लगे वो वही चमकने वाले फूल.....

उसने एक फूल को तोडा और उसको मसलने लगा अपने हाथों mein.....tabhi उसकी नज़र किसी चीज़ पे पड़ी....

युवराज - कोई इन् पेड़ों को काटों यहाँ से.....

"तेरे बाप के नौकर नहीं आये हुए है yaha...apna काम kar.....hum लूसिफ़ेर के कहने पे आये hai.....tere बाप के नहीं..."

ये बड़े लोग जो होते है इनकी बड़ी ख़राब आदत होती hai.....inko लगता है जैसे सब बात सुन लेंगे inki....ye युवराज का भी यही tha...saahi खून बड़े लोग..

वो - तुमको पता है मैं कौन हु...

उस बात पे कुछ ने तो ऐसा लुक दिया जैसे अभी मार देंगे उसको....

वो - अरे वह कुछ hai.....Lucifer ने इसी के लिए तो भेजा है humko.....hatao इसको....

लूसिफ़ेर का नाम आते hi सब के सब एकदम से सीधे हो गए और बिन्ना कुछ देखे सुनने वो चल दिए उन् पेड़ों को हटाने....

एक बन्दे ने अपने फायर एलिमेंट से जलना शुरू किया उस जगह हो...

"पागल वलग हो kya.....jal जाएगा जो भी है अंदर फिर लूसिफ़ेर को क्या कहोगे..."

किसी और ने ऐसा kaha...to एक बाँदा जिसके पास वाटर एलिमेंट था उसने वैसा किया....

इतने में वो आर्चरी सोसाइटी वालो को लगा अभी उनको अपने लोगो को बुलाना chahiye...unhone भी लूसिफ़ेर का नाम सुन्ना tha....matlab मौका मिल गया था उनको पकड़ने का युवराज को.....

जब तक वह पे लोग पेड़ जलाते बुझाते rahe....unn सब को घेर लिया गया tha....aur अभी लूसिफ़ेर खुद परेशां था इस वजह से वो यहाँ पे देख नहीं रहा tha.....aur ना hi उसका वो सेना नायक....

युवराज - एक minute....tum वाटर एलिमेंट wale....puri फाॅर्स के साथ पानी अंदर डालो....

"वो भीग गया और ख़राब हो गया तो...."

युवराज - किसी के पास ढंग का एलिमेंट नहीं hai......talwaar hi देदो कोई....

"ये सर्च ऑपरेशन था talwa.....ye lo...ye रही तलवार...."

गजब के लोग थे ये.... :सिघ:

एक तलवार मिली फिर युवराज को और उसने उन् पेड़ों को काटना शुरू kiya....thodi देर में गुफा में जाने का रास्ता खुल गया tha....wo सब अंदर gaye....ander बस एक पंख tha...ek बड़ा सा पंख...

सब उसी को देख रहे थे और बातें कर रहे the.....koi भी उसको छू नहीं रहा tha....Lucifer की चीज़ मतलब खतरनाक hi hogi....par युवराज डरपोंख नहीं tha....wo गया वह pe.....usne उस पंख को dekha....usko उठाया और अच्छे से देखने लगा.....

किसी पंछी का पंख था wo....par...kya ये इतना खास है भी की इसके लिए इतने लोगो को लूसिफ़ेर ने यहाँ भेजा सभी ko...bas यही एक बात उसके दिम्माग में चल रही थी....

आर्चरी सोसाइटी ने सब देखा था और देख भी रहे थे....

एक बार स्कूल भी हो आते hai....waise तो निकिता को अपने रूम में hi होना चाहिए था इस वक़्त par....aaj के दिन उसको जाना tha....Rupal दीदी के pass.......wo अपने रूम से निकली उस सफ़ेद पत्तों वाले पेड़ तक भी पहुंची ताकि वह से बहार जा sake....par उसके baad.....uske बाद उसका कोई पता hi नहीं raha....Annt में बस पंकज ने hi उसको देखा tha.....jab वो उस पेड़ की तरफ जा रही थी पंकज उसके पीछे भी गया पर वो ुस्तक पहुंच नहीं पाया पंकज को लगा वो पेड़ के रस्ते बहार चली गयी होगी पंकज ने बहार भी जाके देखा पर वह तो वो थी नहीं और उस वक़्त कोई बस आयी नहीं thi.....Pankaj ने सोचा था की वो इस बात को बुआ या फिर प्रतीक को बताये पर वो वह थे hi nahi....wo उनके बुआ के केबिन में गया था दोनों बुआ के केबिन में वो वह नहीं the...Prof. दक्ष का बीटा होने के कारण उसको स्टाफ क्वाटर्स में जाने की परमिशन भी thi...aur वो गया bhi.....par दोनों बुआ वह भी नहीं thi...halaki उसने बस दूर नॉक करके hi पूछा था अंदर जाना मन्ना जो tha...par आवाज नहीं आयी kuch.....phir वो वह से निकल प्रतीक के रूम पे भी गया वह भी दरवाजा खटखटाया और इसके बदले उसको बस एक झटका milla.....jab भी कोई प्रतीक के रूम में जबरन घुसने की कोशिश करता उसको झटका लग jaata....aur ऐसा hi उसके साथ भी hua....jiske बाद उसने सोचा ये सब के सब उसको छोड़ के चले गए होंगे अपने घर pe.....waise भी तो पंकज से बचते फिरते थे वो सब....

Main...Prateek अभी भी वही अपने Seeker's पैसेज में फसा हुआ tha....samajh नहीं पा रहा था कैसे niklu...dhyaan लगाने बैठ तो गया था पर तब भी कोई ज्यादा अंतर नहीं पद रहा था.....

यहाँ आये पे बेहोश हुए सायद....3 घंटे हो चुक्के थे mujhe....aur तभी एक लाइट ओर्ब आता है और मेरे अंदर चला जाता hai...ye इतनी तेज़्ज़ी से हुआ की कोई देख hi नहीं पाया इसको....

मैं अभी तक जो उस Seeker's पैसेज में पड़ा हुआ tha.....ekdum से हिल gaya....aisa लगा जैसे धमाके हो रहे हो वह पे.....

मेरा ध्यान तोता और saamne.....saamne मेरे कूपर tha.....par अकेला....

मैं - Cooper...tu....

इससे पहले कुछ बोलता मुझे एक चीज़ज़ दिखने लगी....

Albus.....wo एक इंसान बना हुआ जा रहा था कही pe....sayad जंगल mein....yaa कही aur....par उसके पीछे से किसी ने उसके ऊपर हमला kiya....agar कोई इंसान hota....to वो बच नहीं पाटा usse....par ये अलबूस था मेरा ड्रैगन Albus.....usko क्या hi होना tha.....wo बिलकुल वैसे hi खड़ा raha....aur फिर mudda.....par वह पे कोई था hi nahi....Albus कुछ समझ पाटा उससे पहले उसके ऊपर बहुत से हमले होने लगे वो भी बहुत जल्दी jaldi...aas पास कुछ दिखाई नहीं दे रहा था जब अलबूस को लगा वो वह पे कुछ कर नहीं पा रहा तो उसने वह से निकलने का फैसला kiya....taaki मुझे सब बता sakke.....par जैसे hi वो ओर्ब में बदला एक और वार हुआ उसके ऊपर और जहा उसको जाना था वो वह ना जाके एक जगह बेहोश होक गिर pada....par वो उस अनजान हमलावर से दूर था.....

मैं - अलबूस के साथ ये सब hua.....abhi कहा है Albus....Dhruv कहा हो तुम....

ध्रुव - d...ddaa...dark p....pp

बस यही टूटी फूटती आवाज aayi....aur मेरी आँख खुल गयी.....

मैं अभी K.Bua और बुआ के सामने tha.....ye ज्वाला के कबीले वाला हॉस्पिटल था.....

बुआ - देखो इसको होश आ गया hai.....Kavita देखो इसको....

K.Bua - हम्म rukko.....Prateek सब ठीक है naa.....sab सही लग रहा hai....(ungliyan दिखते हुए) इनको गईं पा रहे हो....

मैंने उनकी ओर देखा एक baar.....aur फिर से अपनी आखें बंद kari....ek बार और कन्फर्म करना था ये सब सच hi है या फिर कुछ और.....

वापस से मुझे कूपर दिखा पर अलबूस नहीं था वह pe.....Ye साब सच hi tha....jo भी हुआ tha....Main झट से उठ गया और उठ के बैठ गया....

बुआ - इसको फिर से होश आया....

मैं - ज्वाला कहा hai.....kaha है ज्वाला....

मैं जल्दी से बस पोर्टल से अलबूस के पास जाना चाहता tha...aur उसको देखना चाहता था......

ध्रुव भी कमज़ोर हो गया था सायद उसने डार्क पावर से वापस से लड़ाई लड़ी हो...

बुआ - वो यही hai.....par....

मैं - Par....par ky....isko क्या hua....ye ऐसे क्यों पड़ा hai.....Jwala तुम ठीक हो ना....

मैं उठ के उसके पास गया और उसको देखने लगा.....

वैद्य1 - महाराज अभी बेहोश hai.....pata नहीं क्या हुआ है inko....sab कुछ तो ठीक hi है...

मैं -(मैं mein)Dark Power....ussi की वजह se....ussi की वजह से इसका ये हाल हुआ hai......meri वजह se...Nikita.....wo..wo खा है....

मैं - बुआ निकिता कहा hai.....wo किधर है इस वक़्त....

K.Bua - प्रतीक शांत हो जाओ अभी होश आया है तुमको और निकिता ठीक hogi.....usko क्या होना है....

मैं - ओल्ड Owl.....jao निकिता की dhundho....dekho कैसी है wo....kaha है wo...jaise hi मिले मुझे बताओ....

बुआ - ऐसा क्यों बोल रहा है उसको कुछ हुआ है क्या....

मैं - बुआ आप दोनों jaao.....Nikita को dhundho.....sayad वो ठीक नहीं hai....jaldi jaao.....Old आउल इनको भी लेके जाओ......

बुआ - पर बच्चू.....

वो कुछ और बोलती उससे पहले मैंने ओल्ड आउल को एक और बार जोर से कहा जिससे उसने तुरंत पोर्टल खोला और वह से निकल gaya...dono बुआ को लेके....

मैं - ज्वाला का ध्यान rakhna.....Polar बेयर king....wo कहा है....

मैंने बस बोलै और वो सामने आके खड़ा हो गया.....

मैं - King.....aapko अभी इस पूरी जगह को संभालना hoga...kya मैं याक्किन कर सकता हु aape....ye बहुत जरुरी hai....abhi आपके सिवाय और कोई नहीं इस जगह को देखने वाला....

पोलर बेयर किंग ने मेरी ओर देखा और हां कहा....

मैं - ज्यादा तकलीफ नहीं होगी aapko....bas कुछ पल को ये सब देख lijiye....Jwala जल्द hi ठीक हो jaayega....Koi पोर्टल kholo...mujhe किसी के पास जाना है....

मैंने कहा और वही पे खड़े वैद्यों ने पोर्टल खोल diya...aur मैं उससे एअर्थ पे आ गया...

दोनों बुआ और ओल्ड आउल स्कूल में गए the....gussa तो आ रहा था दोनों को पर एक डर भी था उनके मैं mein.....aakhir मैंने ऐसा क्यों कहा की निकिता ठीक नहीं hai....to गुस्से को साइड में कर के वो दोनों hi उसको ढूंढने lage...pahle तो उसके रूम में फिर और जहा कही भी वो हो सकती thi....school में.....

वही ओल्ड आउल भी लगा हुआ tha....usne एअर्थ पे जितने भी उल्लू the....sabhi से बात ki.....aur उनकी मदद लेने लगा ये पता करने के लिए की निकिता कहा hai....unke साथ होने से उसका काम और आसान हो जाने वाला था....

दोनों बुआ को कही भी निकिता नहीं milli.....par कोई था जिनको वो दोनों दिख गयी thi.....Pankaj....

पंकज रात के इस वक़्त खुद को कोष रहा था तालाब के pass.....aakhir क्यों उसको सब बुरा मानते है हां उसने कुछ गलतियां की thi....par अब तो सुधर रहा था ना तो मौका क्यों नहीं देते usko.....chod के क्यों चले gaye....nahi ले जाना था तो बस बता देते की हम सब घर जा रहे है...

वो ऐसे hi सब सोच रहा था और पाथेर फ़ेंक रहा था वह तालाब में की तभी उसको K.Bua दिखाई दी.....

पंकज उनके पास जाने लगा पर वो तो जल्दी में thi...yaha से वह बस ऐसे hi होते जा रही थी....

पंकज ने आवाज भी लगायी पर....

फिर उसको बुआ दिखाई di...wo बुआ के पास आने लगा....

पंकज - प्रोफ. पूनम प्रोफ.....

वो चिल्लाने laga....Bua वैसे तो बहुत परेशां थी और अभी निकिता को ढूंढने में hi लगी थी पर आवाज तेज़ थी तो उनके कानो तक पहुंच hi gayi...unhone देखा सामने पंकज है.....

बुआ - Pankaj...isko पता हो सकता hai....sayad...

बुआ भी यही सोच पंकज के पास गयी....

बुआ - पंकज निकिता को देखा है तुमने....

पंकज - वो तो आप सभी के साथ आपके घर गयी होगी ना....

बुआ - नहीं ऐसा नहीं hai....wo पता नहीं kaha....(mann में) इसको सब बता सकते है क्या....

पंकज - वो घर नहीं gayi....par मैंने तो उसको वो सफ़ेद पत्ते वाले पेड़ के पास देखा था.....

बुआ - उस पेड़ के pas.....ghar गयी होगी क्या wo...Tumne अच्छे से देखा था ना.....

पंकज - हां प्रोफ मैंने देखा था वो उस पेड़ के पास hi जा रही थी और मैंने उसको आवाज दिया और wo...wo एकदम से गायब हो gayi....Mujhe लगा बहार गयी hogi...main भी बहार gaya...par वो वह मिली hi नहीं....

बुआ - बहार गयी hogi....Pankaj मेरी बात ध्यान से sunna.....sayad निकिता किसी परेशानी में hai....humme उसको ढूँढना है....

पंकज - वो कैसी परेशानी में hogi...aap भी ना....

उसके ऐसा बोलने पे जो गुस्से वाला चेहरा बुआ का tha...dekh के....

पंकज - मैं वह उस पेड़ के पास देखता hu.....aur बहार बस स्टॉप के पास भी....

इतना बोल वो निकल gaya....aur बुआ वापस से लग gayo....par पहले उन्होंने रूपल दीदी को कॉल kiya....aur उनसे पता किया की वो वह आयी है या नहीं...

रूपल दीदी - बुआ मैं तो खुद उसका वेट कर रही thi.....hotel का याद है ना aapko....ussi को लेके कुछ दसिग्नस आये थे उनको देखने ko....par वो आयी hi nahi....sab ठीक है ना.....

बुआ - बच्चू ने कहा है निकिता सायद ठीक नहीं hai....aur वो हमको कही मिल नहीं rahi....tum भी घर के पास dekho...par कोशिश करना ये बात सबको ना पता चले....

रूपल दीदी - हम्म मैं यहाँ देखती हु.....

ओल्ड आउल ने काफी सारे उल्लुओं को फैला दिया tha....par कोई खास फर्क नहीं pada......unko नहीं मिल रही थी निकिता.....

यहाँ पे यही सब चल रहा tha...aur इसी में 12 बज gaye...matlab नया दिन शुरू हो गया.....

फोमोस पे कोई था जो इस वक़्त का बहुत hi बेसब्री से इंतज़ार कर रहा tha....jaise hi दिन बदला वो वह से निकल गया.....

Leader.....haa wahi....wo अपनी बेटी को ढूंढने के लिए बहुत hi ज्यादा उत्सुक tha.....bas इसी वजह से वो निकल गया जैसे hi दिन बदला.....

वैसे तो उसका प्लान था की वो यहाँ एअर्थ पे आये तो सबसे पहले वो जादुई क्रीचर्स के घरों के आस पास पता karega....aur फिर स्कूल mein.....par ये वक़्त ऐसा था की वो उन् घरों के पास जाके कुछ पता नहीं कर सकता tha....issi वजह से वो यहाँ स्कूल के पास आने को हुआ.....

वो अभी एक बस स्टॉप के पास था....

लीडर - हम्म bus....sayad इसी से मेरी बेटी आती जाती hogi....Main भी इसी से जाऊँगा.....

वो बस पे बैठा और निकल गया वह से....

बस का तो पता hi है पालक जपकाओ एक दो बार और अपने मंजिल पे होंगे aap.....waisa hi hua....usko वक़्त hi नहीं मिला किसी से कुछ पूछने का और स्टॉप आ गया unka....Wo भी उतर गए...

बस स्टॉप स्कूल के गेट पे था नहीं वो गेट से थोड़ी दुरी पे tha...tabhi तो वह से बच्चे या प्रोफ्स. भी निकल के भाग जाय करते थे....

लीडर बस से उतरा और उसने देखा सामने एक लड़का है यहाँ वह देख रहा है wo...jaise कुछ धुंध रहा था....

लीडर- (मैं में) सायद इससे बात करि जा सकती है....

लीडर - Bache.....oo bache....yaha...

वह पे पंकज था जो वह पे देख रहा था सायद निकिता ने जाते वक़्त कुछ गिर्रा दिया हो या कुछ aur....aisa कुछ जिससे पता चले वो कहा गयी hai....waise तो इस बात में लॉजिक थी hi नहीं पर फिर भी ये लगा हुआ tha....aur इतने में एक अजीब से बन्दे ने उसको pukara.....ek बार तो उसने इग्नोर किया पर दोबारे में उसने देखा उसकी ओर....

लीडर ने देखा वो वह आ नहीं रहा तो वो उसके पास चला गया....

लीडर - बड़े बिजी हो बेटे तुम to.....accha थोड़ा वक़्त निकल के मेरी एक मदद कर डोज.....

पंकज - अरे yaar.....uncle मैं अपनी दोस्त को धुंध रहा hu....wo खो गयी hai.....aap कही और जाओ....

पंकज ने जब ये बात कही लीडर समझ नहीं paaya....wo बस पंकज को देखता रह gaya.....aur वो पंकज वापस से जमीं पे देखने लगा.....

लीडर - बेटे आपका ये दोस्त kya...size में बहुत छोटा है...

पंकज -(जबरदस्ती स्माइल देते हुए) नहीं uncle.....theek है अब jaao.....kahi और जाओ मदद मांगने....

लीडर - अजीब हो बेटे तुम to.....matlab आपका दोस्त छोटा नहीं है फिर ऐसे जमीन पे और झाड़ियों के पीछे क्या देख रहे ho....wo क्या वह पे hoga....accha मैं मदद कर देता हु अभी tumhari...fir तुम मेरी कर देना ठीक है ना....

पंकज - आइए अंकल समझ नहीं आया kya....bade अजीब हो यार आप to.....aapko पता है मेरी दोस्त कैसी दिखती है फिर कैसे ढूंढोगे...

लीडर - ये अजीब से bacche.....kabhi इनको अकाल नहीं आणि hai.....Bete वो तो तुम बता hi doge...aur मैं तुरंत धुंध के बता सकता हु कहा है wo....tum....tum बस बताओ मुझे....

पंकज - (मैं में) पता नहीं कौन आ गया साला chipku.....aise जाने से रहा ये....

पंकज ने उसको निकिता के बारे में bataya....jaise उसने कैसे कपडे पेहेन रखे the...baal कैसे है उसके और वो वैम्पायर है....

लीडर - वो भी वैम्पायर hai.....main भी जिसको धुंध रहा hu....wo bhi....nahi सायद nahi...pata नहीं khair...jara साइड हो जाओ बेटे मैं मदद कर देता हु तुम्हारी....

लीडर ने अपनी आँखें बंद kari....aur फिर वापस से kholi.....bikluk हरी रंग की आँखें हो चुकी थी uski....pata नहीं kaise.....Pankaj ये देख के दांग tha....usne बड़े से प्रजातियों को देखा था उनके बारे में पढ़ा था पर ye....ye कुछ नया tha....yaa उसके ज्ञान से पर्रे....

लीडर की जब आँखें बदली वो यहाँ वह देखने laga....usne थोड़ी दुरी तक hi देखा था की उसको कुछ dikha....Leader ने वापस से अपनी आखें बंद करि और उसकी आँखें नार्मल हो gayi.....wo वापस से पंकज के पास आया....

लीडर - बेटे तुम्हारा काम हो गया है मिल गयी है तुम्हारी दोस्त.....

पंकज लीडर को बस घूरे जा रहा था समझ नहीं आ रहा था उसको वो क्या कहे...

लीडर - अरे याक्किन नहीं हो raha....accha जाके देख lo.....wo एक बड़े से पेड़ के पास पड़ी हुई hai.....theek hi है sayad...bas बेहोश है...

पंकज - क्या मज़ाक है ye...maine 3 बार देखा वह पे....

लीडर - अरे मैं बताता हु कहा पे dekho....aur वो गायब hai.....ek नेकलेस कड़े की मदद se.....bas इसी वजह से नहीं दिखी होगी तुमको.....

लीडर ने ठीक वो जगह बताई जहा पे निकिता पड़ी हुई thi.....behosh...

लीडर - अरे बेटे जाके देख lo.....Main तो यही hu....tum जाओ मैं बाद में मिल लूंगा तुमसे....

पंकज वह से चला गया wapas.....Leader को वैसे hi छोड़ ke....naa तो उसकी परेशानी सुन्नी और ना कुछ और....

लीडर - ये एअर्थ वाले बच्चे तो ज्यादा काम के नहीं लगते वर्ण इतना तो आराम से पता लगा lete...hamare वक़्त में तो लग hi जाता था pata....pareshan होगा wo.....baad में उससे बात कर linga....abhi तो कोई प्रोफ. भी नहीं मिलेगा जाएगा hua.....kahi रहने का ठिकाना ढूंढता हु....

लीडर वह थोड़ी देर खड़ा रहा एक बस वापस से आया और वो उसपे चढ़ के चला गया कही...

वही मैं इस वक़्त उस जगह पे था जहा पे अलबूस पे हमला हुआ tha....main आस पास देख रहा tha....ye देखने के लिए की हमला किसने किया था और क्या वो यहाँ पे है अभी bhi.....jab थोड़ी देर देखने पे कोई नहीं दिखा तो मैं वह से उस जगह जाने लगा जहा पे अलबूस हो सकता tha....Main खुद नहीं जा रहा था ये कूपर था जो मुझे गाइड कर रहा tha.....par सिर्फ वही नहीं tha....kuch और भी tha....kuch अलग sa.....Main बस उसी ओर जा रहा tha.....thodi और आगे गया झाड़ियों के pass....to एक काला मोती मिला mujhe....Maine उसको chuwa....aur वो चमकने लगा....

ध्रुव - इसको अपने पास रखो....

मैं - Dhruv.....tum ठीक ho.....kya हो गया tha....tumko पता है अलबूस पे हमला हुआ है....

ध्रुव - इससे ज्यादा बातें पता है mujhe....abhi चलो यहाँ se....yaha पे खतरा है....

मैं कुछ बोलता उससे पहले hi एक पोर्टल खुल गया मेरे saamne....Maine देखा उस तरफ ओल्ड आउल tha....Main अंदर gaya.....Main वापस से वही tha....ussi जगह pe...wo ज्वाला का kabila.....aur इस बार वह पे सिर्फ ज्वाला hi नहीं एक बीएड पे निकिता भी थी.....

मैं - ये मिल gayi....ye ठीक है ना.....

K.Bua - हां ठीक है जैसे तुम ठीक the...jaise ज्वाला ठीक है उसी तरह पर होश में नहीं है ये दोनों....

ध्रुव - वो moti....dono को एक साथ लेके आओ और उस मोती को टच कराओ दोनों se....aur तुमको भी टच करना hai...ek hi वक़्त mein.....baaki सब को पहले निकालो यहाँ से...

मैं - बुआ आप सब थोड़ी देर के लिए बहार जाओगे...

बुआ - क्या बोल रहा hai....pahle ये बता चल क्या रहा है तुमको क्या हुआ था कहा गया था tu...aur अब निकिता को क्या hua....aur ये ज्वाला इसको....

मैं - बुआ एक बार और बात मान लो आप bas.....waqt काम है....

K.Bua - पूनम chalo...baaki सब bhi.....bahar चलो जैसा ये कह रहा है वैसा करो....

K.Bua बात सुनती थी और सायद समझ भी जाती thi...unhone सबको समझाया और बहार किया....

मैंने उनके जाने से पहले दोनों को पास में करवाया और फिर साथ में बैठ गया...

ध्रुव - उसको अपने हाथ पे रखो और इन् दोनों को साथ में टच karao....mera हिसाब अगर सही है तो ये दोनों hi ठीक हो जाएंगे.....

मैं - है क्या उस मोती में और अलबूस तो मिला नहीं हमको...

ध्रुव - सच mein....uss मोती में है wo.....mere हिसाब से इस बार डार्क पावर ने मदद की hai.....tum सोच भी नहीं सकते क्या होने वाला है abhi.....bas जैसा मैं कह रहा हु वैसा h......ek minute....iss जगह ko....kisi को बुलाओ जो इस जगह को एक दम से सील कर de.....thodi सी भी एनर्जी बहार नहीं जानी चाहिए......

मैं - ठीक है.....

मैं वैसे hi बहार gaya,....Bua वही थी....

बुआ - हो gaya....hosh आ गया उनको....

मैं - Nahi.....par मुझे मदद chahiye....uss कमरे को पूरी तरह से सील करवाना है....

ओल्ड आउल - मैं करता हु ये....

मैं - तुम कर paaoge...rukko....Polar बेयर किंग.....

किंग - हम्म मैं यही hu....Main मदद कर सकता हु uski...puri तरह से सील करना है मतलब निचे के हिस्से भी सील करने honge....Old आउल आप ऊपर का dekhiye....main निच्चे का करता हु....

मैं - हम्म ठीक hai....dhyaan रहे अंदर से कुछ बहार नहीं जाना चाहिए....

बुआ - अरे कर क्या रहा है ये.....

K.Bua - रूक्को पूनम उसको देखो पहले...

बुआ - क्या बात करती हो तुम भी.....

मैं उनको वैसे hi छोड़ के अंदर चला गया और उन् दोनों ने अपना काम शुरू कर दिया....

ध्रुव - हम्म अब सब सही hai....ek और काम करो कूपर को भी बहार bulao....jyada एनर्जी बच्ची तो वो कुछ अब्सॉर्ब कर लेगा....

मैं - आखिर होने क्या वाला है.....

मैंने कूपर को बहार निकल कर ऐसा puccha...par जवाब नहीं दिया ध्रुव ने कुछ bhi......phir जैसा उसने कहा था ठीक वैसे hi मैंने मोती को हम तिण्णो से टच कराया एक साथ में.....

एक रौशनी चारो तरफ फैल gayi.....Main.....main बड़ा hi अजीब सा महसूस करने laga....samajh नहीं आ रहा था kaisa.......tabhi mujhe....Albus dikha.....wo ठीक tha.....yaa फिर ठीक से कुछ jyada.....uska साइज और बड़ा हो गया tha.....uske बाद मुझे वो कूपर भी दिखाई दिया वो भी वैसा hi tha....ekdum से बदल गया था ये bhi.....saath में एक परछाई दिखी mujhe....pata नहीं किसकी थी....

मैं - t....tum कौन हो....

"तुम देख सकते हो mujhe.....kya तुम देख सकते हो मुझे..."

मैं - हां कुछ कुछ.....

"Main...Main ध्रुव hu....aur मैं तुमको दिखाई दे रहा हु...."

उसने ऐसा बोलै hi था की उसकी परछाई वापस से गायब हो gayi.....aur वो रौशनी वो भी ख़तम होने लगी......

मैं जमीन पे गिर्रा पड़ा tha.....sayad ये सब उस मोती की वजह से हुआ tha....par मेरे पास अब और ताकतवर अलबूस और कूपर थे.....

मैं वह से उठा और देखा ज्वाला और निकिता को....

ज्वाला की आग की लपटें एक दम से काली हो चुक्की thi.....Maine उसको chuwa.....to वो वापस से नार्मल हो गया और वो उतने को hua...matlab होश आ रहा था usko.....Maine फिर निकिता की तरफ dekha.....Nikita पूरी तरफ से वैम्पायर बानी हुई thi.....uske दांत बहार आये हुए the....hoth जो पहले लाल हो जाय लारती थी वो सायद इतनी ज्यादा लाल हो चुक्की थी की एकदम से काली लग रही thi.....Maine उसको भी चुवा और उसका भी रूप पहले जैसा होने लगा.....

मैं - ध्रुव ये सब क्या था.....

ध्रुव - ये सब डार्क पावर की वजह से हुआ hai....hum सब की सोई हुई ताकतें जगा दी है usne....wo जिस जिस से भी कनेक्टेड है उन् सब की ताकतें उसने बढ़ा दी है....

मैं - पर ऐसा क्या hua....aur वो तो हावी होना छह रही थी मुझपे.....

ध्रुव - Hamla.....hamla हुआ tha....Albus pe....aur इस हमले को डार्क पावर ने खुद पे किया हुआ हमला manna.....wo तुम्हारी बॉडी पे काबू तो कर नाह पा रहा तो अपनी सुरक्षा के लिए उसने तुमको मजबूत बना दिया hai....aur इसी के साथ तुमसे जुड़े हुए लोग भी मजबूत हो चुक्के hai....Main....Albus....Cooper.....Nikita....Jwala सब....

मैं - बड़ा अजीब है ye.....kaabu ना कर पाया तो मजबूत बना diya.....acha ये सब छोड़ो और ये बताओ kisne....kisne हमला किया था अलबूस pe.....kon था wo....aur क्यों....

ध्रुव - पता नहीं कौन था wo...par इंसान नहीं tha.....jaise hi ये हुआ मैं अलबूस के पास चला गया था par....main भी समझ नहीं paaya...maine उसको वह से निकलने को बोलै पर उतने mein.....ye सब हो गया फिर ये डार्क पावर का kamal....Maine तो बताने की कोशिश भी की थी....

इतने में दरवाजे खोलते हुए बुआ अंदर आ gayi....abhi तक दोनों के दोनों होश में आ गए थे बस यहाँ वह देख रहे थे और समझने की कोशिश कर रहे थे क्या हुआ है.....

सभी hi अंदर आ गए थे....

बुआ ने देखा निकिता भी होश में आ गयी थी....

वो दोनों hi उसके पास चले गए the.....aur ज्वाला के पास कुछ लोग चले gaye....Bijli और ज्वाला की माँ यहाँ नहीं the....Bijli को यहाँ आने नहीं दिया था ज्वाला की माँ ne.....aur वो खुद भी उसका ध्यान रखने को वह पे thi....khair मैं ीुतः और मैं ओल्ड आउल और पोलर बेयर किंग के पास चला गया......

पोलर बेयर किंग - wo...wo क्या tha....itna takatwar.....aakhir कुछ इतना ताकतवर कैसे हो सकता है....

ओल्ड आउल - Haa....ye बहुत hi अजीब और ताकतवर tha....meri तो एनर्जी ख़तम होने को thi....agar थोड़ी भी और मात्रा होती उसकी तो मैं संभल नहीं पाटा....

किंग - मेरा भी यही हाल था dost....kya बताउँन...

मैं - तुम dono....iss बारे में किसी से कुछ नहीं कहना है samjhe....Polar बेयर king.....yar तुमको थोड़ी देर पहले hi बाग़ दौड़ दी थी यहाँ की और अब वापस ले रहा हु बुरा तो नहीं लगेगा ना....

किंग - Bura.....ye जो अभी किया है उससे इतना थक गया हु की 2-3 दिन आराम करना padega...main तो खुश हु....

मैं - इतनी पावरफुल थी क्या ये chizz....Old आउल तुम ठीक हो naa....tum अपना काम कर लोगे या....

ओल्ड आउल - प्रतीक मुझे नहीं lagta....main bhi....main थोड़ा आराम करना चाहता हु....

मैं - हम्म तुम इस आराम के हकदार ho...par तुम्हारा काम नहीं रुकना chahiye.....apni जगह पे लगा देना किसी ko...kissi अच्छे ko.....aur उसको बोलना मुझे रिपोर्ट करने को...

ओल्ड आउल - ठीक है....

मैं - जाओ तुम दोनों आराम कर.....

बुआ - अब बताओ हुआ क्या था.....

मैं बात hi कर रहा था की ये आ गयी...

मैं - बुआ अभी नहीं यार आप बाद में बात करते है naa....main थक गया hu....aur देखो तो वक़्त कितना हो गया 2 बजने वाले hai.....lagta है ध्यान भी छोड़ना padega....mujhe बहुत नींद आ रही है....

K.Bua - पूनम इनको लेके चलते है वैसे भी दोनों थक्के हुए लग रहे hai....inko नींद की जरुरत hai....aise नहीं तो waise....main इनको सुलाने की दवा देने वाली हु....

बुआ - kya.....sach mein....itna क्या हो गया...

K.Bua - इनकी बॉडीज बहुत ज्यादा ठक्की हुई hai....aur ऐसे नींद नहीं आने वाली inko....inki एनर्जी लेवल्स बहुत ज्यादा है....

मैं - हां सुला hi do.....Jwala दोस्त तुम भी सोने से पहले पोर्टल खोल दो यार हमको वापस भेज दो....

ज्वाला ने पोर्टल खोला....

मैं - बुआ इसके लिए भी दवा देदो aap.....ye भी ऐसे नहीं सोने वाला....

K.Bua ने तुरंत से दवा दिया और फिर मुझे और निकिता दोनों को लेके सीधा अपने मेडिकल डिपार्टमेंट में लेके आ gayi.....aur वह पे दवाई dedi....aur हम सो गए....

अज्ज के लिए इतना hi....waqt काम मिल रहा पर्सनल प्रोब्लेम्स की वजह se.....to 4 तक सायद 2-3 अपडेट hi आ पाए....

नेक्स्ट अपडेट में देखेंगे लीडर एअर्थ पे अपनी बेटी की तलाश ko....aur साथ में दब के कजिन को भी देखना hai....aur देखना है उस अलबूस पे हमला कैसे hua.....kaun थे वो log....aur कुछ चीजजें
 
अपडेट - 71

हममे नींद की दवाई देके सुलाने का ये आईडिया बहुत hi अच्छा tha......hum तिण्णो के hi बॉडीज को वक़्त चाहिए था डार्क पावर ने जो भी किया था उसको अपनाने के लिए.....

नेक्स्ट मॉर्निंग.....

आज वैसे तो वीकेंड की लास्ट क्लास thi....par ना तो प्रतीक और ना hi निकिता जाने वाले थे क्लासेज के liye....wo सो रहे the....abhi तक सो रहे the.....darasal रात में जो कुछ भी हुआ उसमे बहुत वक़्त चला गया था और K.Bua ने जो दवाइयां दी थी उसका आसार ऐसे hi ख़तम नहीं होने वाला था.....

बुआ अभी आयी थी K.Bua के पास उनके मेडिकल डिपार्टमेंट में देखने की प्रतीक और निकिता की नींद खुली है या नहीं....

K.Bua - अभी nahi....yaar मैंने दोनों को थोड़ी हैवी दोसे दे दी thi.....iss प्रतीक को इतना देने की जरुरत नहीं थी पर Nikita.....usko तो देना hi tha....yaar हमने उसको बेकार वो अंगूठी दे दी थी.....

बुआ - सही कहा यार टुन्ने अगर वो ना देते हम तो ये काम से काम dik.......arre टुन्ने पंकज को देखा kya....kal रात वो पूछ रहा था की हुआ क्या है निकिता ko....aur मैंने उसको कुछ बताया भी नहीं था और तेरे पास लेके आ गयी थी इसको....

K.Bua - नहीं मैंने तो नहीं dekha....par उसने कम्मल कर diya....wo ना होता तो निकिता का पता hi नहीं चलता humko.....ye ऐसे hi वह बेहोश पड़ी रहती....

निकिता उठ जाती hai...dawai का असर काम होने लग गया tha....thodi देर में प्रतीक भी उठ जाता hai....par दोनों अभी भी बीएड पे hi the...sar में थोड़ा सा dard.....wo उस दवाई की वजह से हो रहा था.....

K.Bua - हम्म दोनों ठीक हो ना ab...sab सही लग रहा है ना.....

निकिता पहले तो यहाँ वह देखती hai......usko समझ hi नहीं आ रहा होता वो यहाँ आयी तो आयी kaise....darasal उसके साथ ये सब जो कुछ भी hua....wo बस उसको सपना सा लग रहा था....

निकिता - Main....main यहाँ kaise...main तो जा रही थी ना....

Main(mann में) - इसको क्या हो गया भूल गयी क्या ये सब.....

ध्रुव - इसको सब सपना लग रहा hoga.....waise भी इतना अचानक से हुआ ये सब की हममे से कोई भी नहीं समझ सक्का.....

मैं - हम्म सही कहा....

बुआ - कविता इसको सायद याद नहीं है kuch.....ab क्या करे....

K.Bua - डरने की बात नहीं है ये उस दवाई का असर hai....ye थोड़ी देर में सब समझ jaayegi....Nikita जाओ जाके फ्रेश हो jaao.....aur तुम भी...

बुआ - हम्म अच्छा हां और sunno....classes तो की नहीं दोनों ne.....to लंच करके सीधा घर को niklenge....waise भी दोनों को सिक लीव मिल चुक्की है.....

हम दोनों hi वह से उठे और चल diye....apne अपने रूम में....

सुबह से अभी तक स्ट्रेंज वर्ल्ड में युवराज लगे हुए the.....ki किसी तरह वह से निकले और कही और से होते हुए डेमोस पहुंचे और लूसिफ़ेर को वो पंख दे aaye.....jisse उसकी इज्जत बढ़ jaayegi.....par मौका hi नहीं मिल रहा tha....aaj पता नहीं क्यों पर इतने सारे काम मिलते जा रहे थे इसको की ये समझ hi नहीं पा रहा tha....aur काम भी कोई ऐसे वैसे नहीं इसके इंटरेस्ट ke.....jaise एल्फ किंग का इसको कहना की आज वो खजाने को इस महीने पहरा देने वाले लोगो को वो chunne....aur भी ऐसे बहुत से काम जिसको वो ना कर hi नहीं पा रहा था....

अब उसको कहा पता था की वजा चल क्या रहा है.....

लीमो ने पहले hi प्लान बना लिया tha.....usne एल्फ किंग से बस इतना कहा की आज वो किसी भी तरह युवराज को कही जाने ना de....aur एल्फ किंग ने बिलकुल वैसा hi किया....

वही ओल्ड आउल का बाँदा ये सब देख रहा था और समझने की कोशिश कर रहा tha.....darasal रात का कारिक्रम उसने मिस कर diya..aur ना hi कोई उसका बाँदा था वह पे जो ये सब देख sakke....to वो अभी ज्यादा कुछ समझ नहीं पा रहा tha.....aur अभी तो कोई ऑप्शन भी नहीं था की वो प्रतीक को बुल्ला ले और उसको पूछने कहे लीमो से आखिर ये क्या चल रहा है.....

प्लान सिंपल सा था unka....wo आज किसी भी तरह उसको रोक के रखेंगे जिससे वो थोड़ा परेशां हो jaaye....aur अगर उसको काम वक़्त मिलेगा तो वो सीधा यहाँ से जाएगा waha.....aur इससे साबुत मिल जाएगा उनको....

अब पता तो कल hi चल गया था इनको भी की ये युवराज वो पंख लूसिफ़ेर के लिए hi धुंध रहा hai.....aur इतना समझना तो आसान था की अब जब मिल गया है तो वो जरूर उसको पहुंचने jaayega...bas ध्यान ये रखना था की जब वो पहुंचने जाए तो सीधा स्ट्रेंज वर्ल्ड से होक jaaye....naaki कही और se...isse उनको उसके बनाये हुए पोर्टल के बच्चे हुए टुकड़ो से पता चल jaata....aur साबुत भी बन जाता.....

स्ट्रेंज वर्ल्ड में hi निक्स लोगो के pass.....aaj वापस से वो लड़की तालाब के पास बैठी thi....iss बार वो कुछ और जगह के बारे में सोच रही थी जहा वो जा paaye...darasal कल रात को इसने तरय किया था kuch.....isne एक ऐसी जगह के बारे में सोचा जहा पे आस पास लोग ho....bahut से log...jinko ये देख sakee....aur ये सोचते हुए इसने वो मंत्र पढ़ा और पानी के अंदर चली gayi....aur एअर्थ पे पहुंच गयी एक स्विमिंग पूल mein...phir भाईसाब तो हंगामा हुआ है वह...

ये आज भी कुछ ऐसा hi करने के बारे में सोच रही thi....tabhi वह पे पुजारी जी आ जाते है....

पुजारी - हम्म ट्रेनिंग बहुत अच्छी जा रही है tumhari....ab इसको आज़माने का वक़्त आ गया है.....

लड़की - मतलब....

पुजारी - मतलब ये की अब तुमको मैं मैदान में भेजने वाला hu....ek चीज़ज़ hai...usko लेके आना है tumko...sunna है बहुत खास है किसी के लिए...

लड़की - आप चोरी करने को बोल रहे हो मुझे...

पुजारी - हम्म कुछ कुछ वैसा hi hai....par इससे पता चलेगा की तुम कितनी तैयार हुई हो....

लड़की - हां haa...batao क्या करना hai....inn सब के लिए मुझे ज्याद म्हणत करने की जरुरत नहीं है....

पुजारी जी - कल रात ko....humare एक खबरि को कुछ पता chala.....humme से कोई एक है जो डेमोस के राजा लूसिफ़ेर के लिए कुछ धुंध रहा tha.....uss बन्दे को तो उसकी सजा देके आ रहा हु main...par उसने बताया है की वो चीज़ज़ बहुत जरुरी थी लूसिफ़ेर के liye.....ab तुमको वो चीज़ज़ लेके आणि है....

लड़की - कौन सी चीज़ज़ और कहा है ये.....

पुजारी जी - उसने बताया है एक पंख hai.....ussi को लाना hai.....kaha है ये पता नहीं पर किसके पास है ये जानता था wo...usne बताया की एल्फ किंगडम के नए युवराज के पास है वो pankh...aur तुमको वही लेके आणि है यहाँ पे....

लड़की - एल्फ किंगडम.... :lol: वही से उस तस्करी करने वाले को भगाया था maine....waha पे बहुत भ्रस्टाचार फैल रहा hai....kaam ऐसे hi हो जाते है वह पे....

पुजारी जी - वो भ्रस्टाचार यही नया युवराज hi फैला रहा tha.....ab मतलब तुम खुद समझ jaao.....bharast आदमी के यहाँ से चोरी करनी है तुमको....

लड़की - हम्म थोड़ी म्हणत लग जायेगी पर मैं ले aaungi....aap बस देखते रहना....

पुजारी जी - ठीक hai...tumko पता है रूप कैसे बदलना है पानी की मदद se.....hamare देवता का आशीर्वाद हमेशा तुमपे बना rahega....jaao सफल होक hi आना.....

लड़की भी दोपहर के आस पास निकल जाती है एल्फ किंगडम की oor.....aur आराम से वह अंदर भी चली जाती hai.....paani के मदद से उसने बहुत hi अच्छे तरह से खुद को एल्फ बना लिया था.....

Wahi......Demos पे.....

डेमोस पे अभी भी सब शांत नहीं हुआ tha.....kal रात बड़ी मुश्किल से डॉक्टर्स ने जस्टिन को सुला दिया tha....darasal उसको बहुत दर्द होने लगा tha.....jo ख़तम hi नहीं हो रहा tha.....Lucifer इसी को लेके परेशां था और उसने अपने सेनानायक को दानवों के बिच भेज दिया था ताकि वो पता करे की वह पे डार्क पावर है या nahi.....uss वक़्त वो चांस नहीं लेना छह रहा था....

कल रात से hi सेना नायक ने उस जगह को बहुत अच्छे से देखा पर वह ज्यादा कुछ नहीं milla.....haa कुछ जगह थे जहा पे जलने के निशान the....aisa लग रहा था आग लगी थी waha......par ये बताना मुश्किल था की ये आग लगी कैसे thi....daanavon का कुछ कहा नहीं जा सकता वो ठहरे गंदे जीव जब चाहे जो चाहे करने लग जाते है....

सेना नायक ने उस पूरी जगह को अच्छे से देख लिया और वह से निकल चुक्का था वापस से डेमोस आने के लिए.....

लूसिफ़ेर वह गुस्से में tha....kuch भी हाथ नहीं लगा था uske....ek उम्मीद जो जाएगी थी वो वापस से ख़तम होती नज़र आ रही thi......Justin को इस दर्द से बचने के लिए उसके पास बस एक वही पुराण उपाय बच्चा था जो उसको कभी पसंद नहीं आया था....

जस्टिन को उसके बॉडी से अलग कर देना होता tha....aur उसके बॉडी को रेगेनेरशन के लिए रख दिया जाता और उसके बॉडी से निकली हुई आत्मा को वो एक शीशे के बोतल में रख lete...sabse dur.....jo किसी के नज़र में ना aaye.....ye रास्ता एक ड्वार्फ ने बताया था लूसिफ़ेर ko.....bahut hi पुराण तरीका था ye...kisi को जिन्दा रखने ka....uski बॉडी को अच्छे से रेगेनेरशन के लिए रख do...aur उसकी आत्मा को उससे alag.....jab कुछ वक़्त बाद वो बॉडी वापस से सही हो जाए तो उस आत्मा को उसके अंदर दाल दो.....

ना पसंद इस वजह से था ये लूसिफ़ेर को क्यूंकि इन् सब के वजह से उसके बेटे की सोल को दर्द होता tha.....Body से सोल को अलग करना बहुत hi दर्दनाक है....

साथ में एक और भी बात thi.....ye कोई परमानेंट तरीका नहीं tha....ye समझ लो उस दवा की तरह है जो आपको रोज खाना है जब तक आप जिन्दा ho...Justin को भी इस चीज़ज़ की जरुरत हर 3 महीने पे पद जाय करती थी....

डॉक्टर - Mahamahim....humne आपको सब कुछ बता दिया है अब ये आपके ऊपर है आप क्या करवाते है हमसे....

लूसिफ़ेर खुद के गुस्से को कण्ट्रोल करता hai.....kyunki ये गिनने चुनने डॉक्टर्स hi थे जो इस प्रोसेस को अच्छे से कर देते the.....koi और मिलना बहुत मुश्किल था....

लूसिफ़ेर - अभी इस तरह वो कितने वक़्त तक रह पायेगा.....

डॉक्टर - अगर सोते रहे तो सायद 2-3 din.....par अगर थोड़ा भी यहाँ वह hue...to हमको तुरंत hi वो सब करना होगा...

इतने में वह पे सेना नायक आ पहुँचता है....

सेना नायक - महामहिम मैंने और मेरे लोगो ने पुरे इलाके को अच्छे से देख liya.....koi भी जगह नहीं छोड़ी humne....waha पे कुछ भी नहीं tha.....bas कुछ जले हुए जगह the.....dark पावर के वजह से सय्यद वो हुआ हो....

लूसिफ़ेर - (गहरी सांस लेते हुए) हम्म ठीक hai.....tum jaao....aur स्ट्रेंज वर्ल्ड वालो से बात karo....sayad किसी को कुछ मिला हो...

सेना नायक - जी महाराज....

लूसिफ़ेर - rukko....mujhe नहीं लगता वह भी कुछ मिला hoga.....Main तुमको कुछ चीजजें बता रहा hu.....wo जाके लेके आओ......

कुछ सामान चाहिए होते थे उस प्रोसेस के लिए बस वही मंगवा रहे था Lucifer....wo वो ये काम अपने सबसे भरोशे वाले से hi करता tha..aur अभी सेना नायक hi था वो....

लूसिफ़ेर ने चीजजें बताई और सेना नायक सब सुन्न के चला गया उनको लाने ko......wo सामन इक्कठा करने में उसको एक दिन तो लग hi जाना tha.....Lucifer ने डॉक्टर्स से कहा की जब तब वो वो सारे सामन ना ले आये तब तक वो ये सुनिश्चित करे की वो सोता hi रहे.....

लूसिफ़ेर ये बता के खुद वह से चला gaya.....wo इस वक़्त वह रहना नहीं चाहता tha.....Chalo हम भी चलते है यहाँ से.....

एअर्थ पे.....

लीडर ने सुबह होते hi अपनी खोज शुरू कर दी थी अपनी बेटी ki.....w सबसे पहले तो उन् जगहों पे गया जहा पे मैजिकल क्रीचर्स रहा करते hai.....waise एअर्थ पे बहुत से ऐसे जगह the....to वो ऐसे hi यहाँ वह घूमता रहा कुछ जगहों पे गया वो...

लीडर - ऐसे तो कोई पहचान hi नहीं रहा है usko....mujhe कुछ और hi करना hoga....kaas उसकी कोई तस्वीर होती जिससे बता सकता लोगो को दिखा के पूछ सकता इसको जानते हो या नहीं....

ये बाँदा सबसे बदु hi अजीब तरह से पूछ रहा था वो जानता है उसकी बेटी को या nahi.....wo उनके सामने जाता और पूछता मेरे चेहरे से मिलने वाली किसी वैम्पायर को देखा है या नहीं.....

जब उसकी बेटी छोटी thi....bahut छोटी तो उसकी सकल थोड़ी बहुत उससे मिलती थी...

ये इसका पहला स्टेप था सॉर्टिंग ka....agar सकल थोड़ी बहुत मिलने वाली होती तब वो ये देखता की उसकी एनर्जी और उसके बेटी की एनर्जी एक जैसी है या nahi....par इससे पहले चेहरा मिलना भी तो chahiye....log इसको भगा देते थे जब भी ये जाता कही और पूछता वैसे.....

लीडर ने सोचा की यहाँ पे लगभग सभी मैजिकल क्रीचर्स hi स्कूल जाते honge...aur वह पे उनकी तस्वीरीं होती hi hai....to उनसे ये ज्यादा आसानी से पता कर सकता था सायद.....

बस यही सोच के वो बस स्टॉप के पास पहुंचे और बस आती है और वो बैठ के निकल लेते है....

ये वो वक़्त था जब प्रतीक निकिता और दोनों बुआ लंच करके घर के लिए निकलने वाले the.....wo भी वही बस स्टॉप के पास बस का वेट कर रहे the....Bua नहीं जाने वाली थी abhi....unki क्लास थी इसी liye....par उन्होंने K.Bua को साथ जाने के लिए बोल दिया था...

बस आती है प्रतीक निकिता और K.Bua अंदर जाते है वही लीडर वह से उतरता है...

लीडर ने देखा की कोई प्रोफ खड़ा है वह pe....Prof के अगल ड्रेस होते है वह pe.....dekh के पता चल जाता hai...to बुआ को देखा usne....aur वो चला गया बुआ से बात करने को.....

बुआ उस वक़्त प्रतीक और बाकी दोनों को bye कर रही थी....

लीडर - Suniye......mujhe एक मदद चाहिए थी.....

बुआ - जी मुझसे कहा क्या आपने...

लीडर - जी हां आप से hi....wo दरअसल मुझे किसी के बारे में पता करना है....

बुआ - हम्म आप नाम बताइये मैं आपको बता देती hu....agar मुझे पता नहीं हुआ तो आपको मैनेजमेंट के पास लेके जाउंगी वह सारे रिकार्ड्स है....

लीडर - जी मुझे नाम तो पता नहीं है.....

बुआ ने लीडर को एक बार अच्छे से dekha....kaale kapde.....ajeeb सा दीखता भी tha...thoda पागल sa.....Bua को लगा ये कोई ब्लैक मैजिक वाला hoga...isko किसी के बारे में भी बताना सही नहीं होगा.....

बुआ - नाम नहीं पता है तो मैं कुछ नहीं कर सकती.....

बुआ इतना बोल के वह से स्कूल के गेट के पास आयी और अंदर चली gayi.....wahi लेडीर भी उसके साथ साथ पीछे आता है पर गार्ड्स उसको रोक लेते है....

लीडर को गुस्सा आता है पर वो जानता था इस गुस्से का कोई फायदा नहीं है...

लीडर ने सोचा सायद कल का वो लड़का उसकी कोई मदद कर sakee....waise भी तो उसने कहा tha.....par दिक्कत फिर वही thi.....naam नहीं याद था.....

लीडर - तुमने उस लड़के को देखा है जो कल रात बहार था....

गार्ड्स - कल रात कोई भी बहार नहीं tha....gaye से कोई नहीं गया था....

लीडर - अरे वो वह pe....wo जहा बस रूकती है वह पे था wo....wo अपनी दोस्त को धुंध रहा था वो पेड़ के पास बेहोश थी.....

गार्ड - हम नहीं जानते क्या बात कर रहे हो tum.....jaao यहाँ से....

लीडर - मैं यहाँ पे प्रिंसिपल से बात कर सकता हु क्या...

गार्ड - आज nahi.....aaj वो जा चुक्के है जब स्कूल वापस से चालू हो तब आना....

लीडर - (मैं में) - ये तो बड़ी मुश्किल हो गयी ऐसे में कैसे पता चलेगा mujhe.....main यही थोड़ा वोट कर लेता हु सायद वो लड़का मिल जाये.....

लीडर वही पे ृक्क गया और इंतेज़्ज़र करने laga....wahi.....

हम घर पे पहुंच गए the.....aur इस वक़्त हम रूपल दीदी के साथ the....wo पूछ रही थी की आखिर हुआ क्या था kal.....aur मैं उनको झूट बता रहा था,......

मैं - दीदी ये सब बातें बाद में करते hai....mujhe आपसे बात करनी है एक चीज़ज़ के बारे में.....

रूपल दीदी - हम्म बताओ छोटू क्या बात है....

मैं - आपको वो पोलर बेअर्स याद है naa......wo अपने जगह पे जाना चाहते है....

रूपल दीदी - हां तो जाए ना मैं कहा रोक रही हु उनको....

मैं - याद है आपको कुछ पावर्स मिली hai....aapko उन् पावर्स को कण्ट्रोल करना hoga...aur फिर उनकी जगह खली करनी होगी....

रूपल दीदी - पावर कण्ट्रोल करना hoga....wo तो मैं कर lungi....par जगह कैसे खली करना है....

मैं - वो मैं बता dunga....kal से आप बस अपने पावर्स को करोल करने की कोशिश karogi.....waise आपने थोड़ा बहुत कण्ट्रोल तो पा hi लिया होगा.....

मेरी ये बात सुन्न के रूपल दीदी ने स्माइल किया और पीछे देखने का इशारा kiya....Main पीछे मुद्दा तो वह पे एक परछाई कड़ी हुई थी....

मैं - हम्म आपने ठीक ठाक कण्ट्रोल कर लिया है बस थोड़ा और वक़्त उसके बाद ये पावर आपके पुरे कण्ट्रोल में होगी...

निकिता - वैसे मुझे भी बता दो अब कौन सी नयी पावर आ गयी है....

मैं - नयी power.....kya बात कर रही हो.....

मेरे ऐसे बोलने पे वो मुझे घूरने lagi....isko सब याद आ गया था क्या हुआ क्या nahi.....bas ये ये समझ नहीं पा रही थी आखिर नया क्या है ये अपने पावर्स को महसूस कर रही थी पर कोई नयी चीज़ नहीं मिल रही थी...

मैं (धीरे से) नयी पावर नहीं hai.......dark पावर ने हम सब को और ज्यादा पावरफुल बना दिया है....

निकिता - मैंने कहा tha....maine कहा था ऐसा करने को....

रूपल - इसको क्या हुआ...

मैं कुछ नहीं दीदी ये बस थोड़ी परेशां hai....accha आप दोनों को मेरी एक मदद करनी hogi.....par आप जानते है घर में किसी बड़े को नहीं पता चलना चाहिए इसके बारे में.....

निकिता - बक्को....

मैं - shannt.....kal जब मैं निकिता और वो Jwala.....hum तिण्णो बेहोश हुए the....uske पीछे कुछ बड़ी hi अजीब वजह थी....

निकिता - हम्म्म मैं सुन्न रही हु आगे बताओ....

मैं - hamla.....hamla हुआ था....

रूपल दीदी - Humla......tumpe.....kisne किया tha.....kaun था wo....tumne देखा था usko...Nikita तुमने देखा क्या....

निकिता - Hamla.....main तो अभी जान रही हु इस चीज़ज़ ko....mujhe तो पता भी नहीं है....

मैं - मैंने देखा नहीं क्या था wo....kaun था wo....par बहुत hi तेज़्ज़ tha.....aur वो जिस जगह था वो जगह भी जानता हु मैं.....

रूपल दीदी - बताओ फिर कौन सी जगह थी वो अभी जाके उसको समझके आते hai.....samjhake kya....peet के आते है....

मैं - पहले तो हमको ये पता करना है वो है kon.....aap याक्किन नहीं करोगी उसकी स्पीड बहुत ज्यादा thi....itni की आप उसको देख भी नहीं सकोगी....

मैंने ये बताते हुए उन् दोनों को वो जगह बताई जहा पे कल अलबूस पे हमला हुआ था....

रूपल दीदी - ये jagah.....ye सायद देखि हुई hai.....iske बारे में सुन्ना भी hai.....Nikita याद है उस दिन होटल पे wo.....TV हां टीवी पे इसके बारे में दिखा रहे थे naa.....insan गायब हो जाते है यहाँ से....

निकिता ने भी ध्यान से देखा....

निकिता - हां दीदी ये तो वही hai.....wahi जगह है ye....aapko याद है वह पर जो लोग गए थे जांच करने उसमे से भी कुछ गायब हो गए the....ye जगह सही नहीं है इंसानो के liye....mujhe लगता है कोई नरभक्षी रहता है वह पे....

रूपल दीदी - उस जगह पे जितना मैं जानती hu....waha पे सतोरी रहते है kahi....wo बन्दर जैसे दीखते है और दिम्माग पढ़ लेते hai....par वो नरभक्षी नहीं hote.....haa खाना चुरा लेते है कभी कभी पर किसी को मारना ये नहीं होता उनसे...

निकिता - Satori......aap उनकी बात कर रही ho.....wo तो बड़े चालक होते है...

मैं - Satori.....wo भी एअर्थ पे है kya....maine तो पढ़ा था वो यहाँ नहीं hote....wo बस स्ट्रेंज वर्ल्ड पे hi है.....

निकिता - स्ट्रेंज वर्ल्ड में उनके अधिकारों का फायदा उठाया जाने लगा था और इसी वजह से वो यहाँ एअर्थ पे आ gaye...kuch डार्क वर्ल्ड पे भी गए हुए the.....ab स्ट्रेंज वर्ल्ड में कुछ hi है इस प्रजाति के लोग...

मैं - क्या ऐसा हो सकता है उन्होंने देखे हो उस चीज़ज़ को जिसने हुम्ला किया था.....

रूपल दीदी - हम्म वो बड़े चालक होते hai.....apne इलाके में आने वाले हर एक चीज़ज़ का पता होता है unko.....wo जानते hi होंगे.....

मैं - मैं जा के आता हु वह se....aap दोनों यहाँ संभल लेना...

रूपल दीदी - क्या संभल lena....jaanta भी है कैसे बात करते है unse.....wp बहुत चालक होते है तुमको अपनी बातों में फसा lenge...Main भी चलती हु....

मैं - दीदी आपका यहाँ रहना ज्यादा जरुरी hai....Main वह अकेला जाना चाहता hu.....par अगर मुझे जरुरत पड़ी तो बुला लूंगा aapko.....agar अभी आप भी निकल गयी यहाँ से तो K.Bua भी पीछे पद jaayengi..fir बात बहुत आगे बढ़ jaayegi....Main बस पता करना चाहता हु वो चीज़ज़ है क्या....

वो मान नहीं रही थी पर बार बार कहने से वो मान gayi....lekin मुझे उसके पास ओल्ड आउल को बुलाने को कहा उन्होंने.....

मैं - वो अभी छुट्टी पे hai....par उसका कोई बाँदा आ सकता है जो आपको सब बताता रहे....

मैंने ोोल्ड आउल से बोल के उसके एक बन्दे को बुला दिया वह pe.....aur खुद के लिए एक पोर्टल खुलवा के निकल गया उसी जंगल की तरफ जहा पे कल अलबूस पे हुम्ला हुआ था....

ध्रुव - Satori....hmm बात तो सही है वो चालक जीव चोरी कर लेंगे पर लोगो को मारना ये नहीं होता उनसे.....

मैं - अलबूस और कूपर ठीक है ना....

ध्रुव - हां दोनों hi सही है....

मैं - अलबूस कूपर दोनों बाहर आओ....

मेरे कहते hi वो दोनों बहार आ गए और दोनों को मैंने सतोरी लोगो को ढूंढने को बोल diya....par साथ में ये भी कहा की संभल के jaana......mujhe लग रहा था वो जीव यही कही होगा....

वापस से चलते है हम स्कूल mein......jaha पे अब साड़ी क्लासेज ख़तम हो चुक्की thi.....Pankaj को बुआ ने बोल दिया था की उसको अभी हमारे यहाँ आना hai....aaj का डिनर साथ करना है फिर वो घर जा सकता hai.....aisa चची का कहना था...

पंकज ने प्पहले तो मन्ना किया पर बुआ के 2-3 बार कहने पे वो मान गया....

दरअसल पंकज को इस वक़्त बुर्रा लग रहा tha.....raat को कुछ बातें उसको समझ में आयी थी जिससे वो समझ चुक्का था की मैं और मेरे घरवाले उसको बस इस्सलिये अपने पास रखते थे क्यूंकि चची ने कहा tha....warna हमको उससे कोई मतलब hi नहीं था.....

पंकज आज आने को तैयार भी इसी वजह से हुआ था ताकि वो आके चची से बात कर सक्के और उनको बोल सक्के की इन् सब के साथ कोई जबरदस्ती करने की जरुरत नहीं है...

बुआ को अभी कुछ काम था कोई मीटिंग होने वाली थी इसीलिए उनको वक़्त लग्न tha....to पंकज ने सोचा खुद hi चला जाए wo......wo यही सोच के बहार आता hai....aur आते hi उसको लीडर दिख जाता है....

पंकज - Ye....ye यहाँ क्या कर रहे है....

लीडर इस वक़्त आसमान की ओर देख रहा tha...jaise कुछ ढूंढ रहा हो उस विशाल आसमान में....

पंकज जाके उसके पास खड़ा हो जाता है और वो भी ऊपर आसमान में देखने लग जाता है.....

पंकज - ऊपर क्या अदृश्य पंछियों को देख रहे हो........

पंकज की आवाज सुन्न के जैसे लीडर होश में आ गया....

लीडर - अरे बच्चे tum.....main तुम्हे hi धुंध रहा था....

पंकज - कहा आसमान mein....main वह नहीं जाता....

लीडर - अरे नहीं वो तो bas....accha सुनने तुमने कल कहा था अगर मैं मदद करू तो तुम भी karoge....yaad है ना...

पंकज - हां याद है..... बताओ क्या मदद करूँ मैं...

लीडर - हम्म मैं ना यहाँ पे किसी को धुंध रहा hu...iss प्लेनेट pe....to मैंने सुन्ना है स्कूल में लगभग से सभी मैजिकल क्रीचर्स की तस्वीर और उनका डिटेल होता है....

पंकज - हां सही कहा सबके बारे में होता hai.....par कुछ फिर भी बछ जाते hai....kuch मैजिकल क्रीचर्स ऐसे भी होते है जो यहाँ आ hi नहीं paate....majburi या कोई और वजह के कारण....

लीडर - तुमने तो दुविधा में दाल दिया बच्चे....

पंकज - अरे पर ये जरुरी थोड़ी है आप जिसको धुंध रहे हो वो यहाँ नहीं ho...ho सकता है वो यही पे हो....

लीडर - हम्म बात सही है tumhari.....accha मुझे गौर से dekho....meree चेहरे ko.....ek लड़की को ढूँढना है जिसकी शकल मेरे जैसी होगी....

पंकज - Kya....mazak कर रहे हो ना तुम.....

लीडर - अरे बच्चे मैं भला क्यों मज़ाक karunga.....tum देखो मुझे और मेरे जैसी किसी लड़की को देखा है तो बताओ....

पंकज - देखिये ऐसे में तो कभी नहीं मिलने वाली आपको वो जिसको भी आप धुंध रहे ho....koi और तरीका बताओ फिर hi कुछ हो सकता hai....aapko पता भी है शकल तो कोई भी बदल लेता है आज....

इतना बोल के पंकज ने अपना चेहरा बदल के दिखा दिया लीडर को....

लीडर - तुम्हारी बात में दम hai.....tum बताओ अगर तुम किसी को धुंध रहे hote....jisko तुमने बहुत छोटे में देखा था तो कैसे ढूंढते.....

पंकज थोड़ी देर सोचने के बाद....

पंकज - कोई चीज़ है uski....sayad उससे काम बन्न जाए.....

लीडर - उसकी कोई cheez.....nahi ऐसा तो कुछ भी नहीं है....

पंकज - :डोह: अब तो बस ेनेग्री का मिलान करके hi पता chalega....par उसके लिए भी उसके एनर्जी के बारे में थोड़ा बहुत पता होना hi chahiye.....uska कोई परिवार वाला है kya....jisse एनर्जी मिल सक्के.....

लीडर ने एक बार यहाँ वह dekha.....koi नहीं था वह pe.....usne पंकज का हाथ pakda.....aur बस आयी और उसी में चला गया.....

पंकज - अरे यार तुम तो.....

लीडर - रूक्को यहाँ nahi....ek लम्बी कहानी सुन्नी hai,....uske लिए जगह भी सही होनी chahiye.....sayad वो सुनने के बाद तुम समझ जाओ मैं क्या और क्यों धुंध रहा हु....

पंकज - हां चलो वैसे भी मुझे जहा जाना है वह जाने का मैं नहीं कर रहा hai...chalo तुम......

लीडर उसको लेके कही चला जाता है बस से.....

बैक तो स्ट्रेंज वर्ल्ड.....

लड़की निक्स लोगो के पास से निकल के पहुंच चुक्की थी एल्फ किंगडम mein.....elf के भेष mein....aur वो जा पहुंची थी राम महल के pass.....itna कुछ करने में उसको जर्रा भी म्हणत नहीं लगी thi....waha आने के बाद उसने देखा कोई औरत thi.....jo कुछ लोगो पे बाहत चिल्ला रही thi.....chillane तक तो सब ठीक tha....par उसने अपने से एक छोटी aurat....sayad उसके अंडर काम करती हो उसको धक्का दे diya.....aur काम से निकल diya.....wo औरत देखने में hi गरीब थी.....

एल्फ नेशन में पहले से hi लोग परेशां the....aur ऐसे में किसी की नौकरी चली जाना ये तो और भी बुरा hai.....wo औरत अपने से बड़ी वाली औरत को समझा रही थी उसने सब सही किया था कोई भी गलती नहीं की थी usne....wo सब बता भी रही थी पर उसकी बात नहीं सुन्न रही थी वो बड़ी औरत...

लड़की को लगा ये कोई खड़ूस hai....aur ये महल में है मतलब वही काम करती hogi......usne अपने कमर पे बंधे हुए एक बोतल को निकला और उससे थोड़ा सा ोानी अपने हाथ में liya..aur उस पानी को अपने चेहरे के पास लेके गयी और एक मंत्र padha.....aur वो वही औरत बन गयी जो दांत रही थी abhi.....aur आगे के दरवाजे से वो अंदर चली गयी महल ke.....kisi ने उसको नहीं rokka......balki कुछ लोग तो उसके सामने सर भी झुक्का रहे the.....Ye चेहरा यहाँ के प्रमुख सेविकाओं में से एक का था....

लड़की एक सिपाही के पास गयी....

लड़की - युवराज कहा पे होंगे अभी.....

सिपाही - Yuvraj.....wo तो अभी बगीचे में hai....waha पे लोगो को चुनन रहे है.....

लड़की - हम्म ठीक hai.....waise मुझे उनके कमरे के बारे में बता सकते हो....

सिपाही ने उसकी ये बात सुनके उसको घूरने लगा.....

लड़की - अरे ऐसे क्या देख रहे ho....wo नया कमरा बना है naa....room चेंज हुआ है तुमको नहीं पता....

सिपाही - कमरा चेंज हुआ hai....nahi ऐसा तो नहीं है...

लड़की - अरे होने वाला है change.....main नए कमरे के बारे में पूछ रही हु उन्होंने कौन सा कमरा चुनना है इस baar....sab सामान वह सेट करना होगा ना....

सिपाही - नया kamra....pata नहीं ये सब तो आप सभी के hi अंडर आता है naa.....sayad ऊपर वाले कमरे में हो रहा हो सामान सेट.....

लड़की - अरे haa....wahi तो हो रहा hai.....accha तुम चलो मेरे साथ पुराने रूम में से कुछ सामान वह कर dena....meri मदद भी हो जायेगी.....

सिपाही - पर मेरी जगह खली हो जायेगी...

लड़की - (बिलकुल उसी टोन में जैसे इस चेहरे की असली मालकिन बात कर रही थी..) अगर नहीं किया तब और पहले jaayegi....upar से और इलज़ाम लगा के जेल भी करवा dungi....jaisa कह रही हु वैसा करो....

सिपाही थोड़ा दर जाता है और वो जाने लगता है युवराज के रूम में.....

लड़की को लग रहा था सायद उसने वो पंख वही राखी hogi....agar नहीं भी है तो भी चेक करके कन्फर्म कर लेना चाहिए...

सिपाही उसको लेके चला जाता है युवराज के रूम के पास....

लड़की - अच्छा तुम जाओ मैं कर लुंगी kaam.....agar किसी को पता चला तुम अपनी जगह छोड़ के घूम रहे थे तो तुमको निकल देंगे और तुम मुझे bologe.....mujhe ये सब नहीं चाहिए.....

सिपाही आँखें फाड़े लड़की को देख रहा था....

लड़की ने वापस से कहा और सिपाही वह से चला गया.....

लड़की भी रूम के अंदर चली गयी...

लड़की - offo....itna बड़ा kamra.....ye लोग इतने बड़े रूम्स में कैसे रह लेते hai....ab पता अगर यहाँ पे राखी भी होगी इसने वो पंख तो मिलेगी कहा.....

लड़की थोड़ी देर यहाँ वह देखती है पर रूम का साइज देखने के बाद to.....wo परेशां hi हो गयी.....

उसने कुछ socha..aur फिर सारे दरवाजे खिड़की सब बंद करना शुरू कर दिया.....

लड़की - पुजारी ji.....ab dekho...kaise आपको बताती हु आपक ट्रेनिंग से क्या क्या सीखा है मैंने.....

वो वही पे बाथरूम में जाती है और वह का नल्ल चालू कर देती है.....

पानी भरने लग जाता hai.....usne खिड़की और दरवाजा इस तरह से बंद कर दिया था जिससे पानी बहार ना निकल सक्के...

इसको पानी भरने देते है और हम चलते है एअर्थ पे हीरो के पास.....

कूपर को एक सतोरी मिल गया tha.....aur उसने मुझे वह बुल्ला लिया tha......aur मैंने अलबूस को भी वही बुल्ला लिया था....

हम वह pahuche....wahi एक पेड़ पे पालती मारे एक सतोरी बैठा हुआ था.....

मैं कुछ बोलता उससे पहले वो बोलै.....

स1 - लड़का ek.....aur बातें बहुत si.....badi अजीब बात है ये तो.....

मैं - ध्रुव ये दिम्माग पढ़ रहा है mera....kya इसको तुम्हारे बारे में पता चल गया होगा....

स1 - खुद से बातें करता hai....badi अजीब बात है.....

मैं - सुनने मुझे कुछ पूछना है.....

स1 - ये तो बोलता भी hai....badi अजीब बात है.....

मैं - kya....sab बोल सकते है इसमें अजीब क्या है.....

स1 - सब बोल सकते hai....ye भी बड़ी अजीब बात है...

मैं - तुमने यहाँ किसी जीव को देखा है जो इंसानो को गायब kar.......arre.....ye कहा गया...

मैं बोल hi रहा था की जैसे वो गायब hi हो गया.....

मैंने यहाँ वह देखा तो वो उसी पेड़ के पीछे चुप गया था उसकी पंच दिख रही थी.....

मैं - पूछ दिख रही है तुम्हारी....

स1 - पूछ दिख रही hai....badi अजीब बात है...

मैं - बड़ी अजीब बात है सब अजीब hi लगता है tumko.....accha मेरी बात तो सुनने कोई जीव को देखा है जो लोगो को उठा ले जा रहा है.....

स1 - पंच दिख रही है.....

मैं - हां दिख रही है और इसमें कुछ अजीब नहीं है मैंने जो पूछा वो बताओ....

स1 - देखा है usko.....wo भी अजीब बात नहीं hai....tumko क्या करना है उससे....

मैं - उसने मेरे ऊपर हमला किया था....

स1 - अजीब बात है और तुम बच भी gaye.....usse ना इंसान और ना hi कोई और बच्च सकता है सिवाय hamare.....par अब तुम्हारे भी....

मैं - वो कौन है मुझे batao.....Main जानना चाहता हु उसको....

स1 - एक काम बुद्धि वाला jeev.....jiske पास ज्यादा शक्तियां hai....ajeeb बात है...

मैं - कहा है वो कैसे दीखता है ये बताओ....

स1 - कहा hai....wo यही hai.....kaisa दीखता hai......maine भी नहीं देखा usko.....ajeeb बात है.....

मैं - (मैं में) ये साला पागल लगता है अजीब बात है अजीब बात hai....pagal है ye.....sayad इसके किसी दोस्त ने देखा ho.....unse बात कर सकता हु....

मैं कुछ बोलता उससे पहले hi वो मुझे एक ओर इशारा करने लगा.....

मैंने उस ओर देखा तो वह पे एक बड़ा सा पेड़ tha...aur उसके ऊपर भी कुछ सतोरी थे.....

मैं - sukriya....sayad उन् लोगो ने देखा हो....

स1 - अजीब बात है :अप्प्रोवे:

मैं - हां हां अजीब बात है.....

मैं उन् सब के पास gaya....par वो सब कुछ बोल hi नहीं रहे थे मैंने थोड़ा और तरय किया पर मुँह hi नहीं खोला उन् लोगो ने.....

स1 - अजीब बात hai.....ped के तन्ने को देखो....

मैं - इसमें क्या अजीब hai.....bas अजीब बात है ajee.....ye तो ड्रॉइंग्स लग रहे है.....

स1 - अजीब बात hai.....dekho unko....sab वैसे hi शुरू हुआ hai....aur वो यहाँ पे आ गया है और हमारे पास रहता hai.....ajeeb बात है....

मैं - पास रहता hai....tumne कहा था वो तुम लोगो को भी नहीं मार सकता वो क्यों.....

स1 - अजीब बात hai....usne कोशिश की thi....par हो नहीं पाया अजीब बात है...

मैं - क्यों नहीं कर पाया वो.....

स1 - अजीब बात hai.....usne वचन दिया tha....par वो वचन तोड़ देता hai....ajeeb बात है...

मैं - यार ये अजीब बात है बोलना बंद karo....aur जब वो वचन तोड़ देता है फिर क्यों नहीं मार पाया तुमको....

स1 - अजीब बात hai....humne उसके शब्दों को कैद कर liya.....aur अब वही हमको बचते है अजीब बात है....

मैं - शब्दों को कैद कर liya.....kya बात कर रहे हो.....

ध्रुव - woooow....ye ये उस बारे में बात कर रहा hai......sach में अभी तक ये प्रोसेस लोग उसे करते है जान के बड़ा अजीब लगा ये तो सच में अजीब बात है....

मैं - अब तुम भी शुरू हो gaye.....kya है ये अजीब बात,...

ध्रुव - यही तो है अजीब बात hai......ye shabd....ye रोकते है usko.....inki वजह से नहीं मार पाटा वो इन् सब ko....ajeeb बात है...

मैं - मतलब क्या है....

ध्रुव - शब्दों को शब्दों से कैद कर do....wo कभी निकल नहीं paayenge....aur जब तक शब्द है उनका असर भी hoga.....ajeeb बात है....

मैं - पागल हो kya....kuch समझ आ जाए ऐसा बताओ ना अजीब बात है बोले जा रहे हो.....

धुर्व - sunno.....usne जो भी वचन diya.....uske शब्दों को इन् सब ने "अजीब बात है" में कैद कर लिया hai.....ab जैसे hi वो जीव अजीब बात है सुनता है उसको याद आ जाता है उसने वचन दिया tha......agar वो तब भी उस वचन को नहीं निभाता तो उसको झटके लगते honge......aur वो इस वजह से कमज़ोर हो जाता hoga.....ajeeb बात है....

मैं - हम्म तो ये बात hai.....ye तो सच में अजीब है.....

मैं उस पेड़ के तन्ने पे बनने हुए ड्राइंग को देखने लग गया.....

आज के लिए इतना hi नेक्स्ट अपडेट में देखते है आगे क्या क्या होता hai.....Pankaj कहानी सुनेगा लीडर ki.....Prateek देखेगा उन् ड्रॉइंग्स ko....aur वो ladki.....abhi तक इसका नाम नहीं दिया मैंने :सिघ: नाम कारन करना hoga....wo लड़की क्या कर रही है युवराज के कमरे में....
 
अपडेट -72

मैं अभी उसी सतोरी के साथ खड़ा tha....dekh रहा था उस पेड़ पे बनने हुए आकृतियों को......

ये होंगे chalak....par इनको ड्राइंग नहीं आती acchi.....ekdum बेकार बना के राखी hai....koi आग की लपटों जैसी एक आकृति hai....jo एक अजीब से जीव को मिलती hai......wo आकृति को बाकि के अजीब लोगो के पास लेके चला जाता hai.....jaha पे ये सब कुछ करते है उसके saath.....aur वो अजीब सी आकृति वापस से सही हो जाती hai.....ajeeb से जीव वह से भागने लग जाते hai.....par आकृति वही रहती है....

अजीब से जीव थोड़ी देर बाद वापस से उस आकृति के पास जाते hai.....kuch बातिन होती है......

उसके baad.....uske बाद वही लिखा हुआ tha......Ajeeb बात है....

इसको देख के क्या hi समझा जाए...

मैं - बस इतना hi है....

स1 - अजीब बात है.....

मैं - :डोह: इससे कहा कुछ पता चलेगा.....

मैं वापस से देखने लगा उन् सब ko.....bacche इससे बेहतर बना देते है और इनको चालक बोल रही थी रूपल दीदी...

मैं - यार ध्रुव इससे तो bas.....ye पता चल रहा है वो दिखने में अजीब hai...aur कुछ समझ में आया क्या तुम्हे जो काम आये...

ध्रुव - सोचने वाली बात ये है की वो रुक्का kyun.....agar मारना hi होता तो पहले ना मार देते....

मैं - हां ये सच में अजीब hai.....waise इसने नाम क्या बताया था अपना इससे पूछ लेते है....

स1 - अजीब बात hai.....ajeeb बात hai......ajeeb बात है....

वो तो बोल hi रहा था साथ में और बाकी के भी तो सतोरी बैठे हुए थे वो सब भी चिल्लाने लग गए अजीब बात है अजीब बात है...

मैं - ये अच्चानक ऐसे सब क्यों chillan......kahi वो जीव तो नहीं आ रहा यहाँ pe.....Jwala यहाँ आओ.....

प्रेपर रहना चाहिए naa....ab क्या चीज़ज़ है ये पता nahi,...isko काम आंकना कोई बुद्धिमानी की बात तो थी nahi....aakhir अलबूस पे भी इसने हुम्ला किया था इतना की वो बेहोश हो गया था.....

मैंने बुलाया और ज्वाला आ गया पोर्टल से.....

ज्वाला - हम्म bata.....hilna mat.....jaise हो वैसे hi रहना.....

मैं कुछ समझ नहीं paaya......aisa क्यों बोल रहा था ये Jwala....abhi तो आया hi था ये

मैं कुछ करू उससे पहले आग की लपटें मेरी ओर आ रही thi....Jwala ने ऐसा किया था....

लीडर पंकज को एक जंगल में लेके gaya.....Bus se.....wo जंगल के पास hi उतरे the......Leader ने उसको अपने पीछे आने को कहा.....

वो भी पीछे पीछे जाने laga.....thoda अंदर जाने के बाद एक खली जगह थी वही पे लीडर rukka....thodi सी मिटटी उठायी उसने और अपनी हथेली पे रख के उसपे फुक्क maari.....saamne एक बेंच बन गया....

पंकज - हम्म अच्छा जादू कर लेते हो यार तुम to....uss दिन भी तुमने aadridhya.....khair chodo....aur ये बताओ यहाँ क्यों लाये ho.....baat वह भी हो सकती थी ना.....

लीडर - Nahi....wo जगह मुझे अच्छी नहीं lagi....ye.....ye जगह सही hai......yaha मैं उससे पहली बार मिला tha.....yahi पे......

पंकज - किस्से....

लीडर - मेरी जान se.....Main डार्क वर्ल्ड का रहने वाला hu......nahi tha....uss वक़्त तो वही का था main....ab पता बदल चुक्का hai.....Drk वर्ल्ड में उस वक़्त चीजजें बदल रही thi.....ajeeb अजीब सी चीज़ें हो रही thi......to मेरी फॅमिली ने वह से निकलने का socha....par....usme सारे के सारे मारे गए सिर्फ mere......kismat कहो या कुछ aur.....Main बच गया वह se......aur किसी तरह यहाँ आ gaya.....ye जगह देख रहे हो एक घर हुआ करता था यहाँ pe.....jisme वो रहा करती thi.....apne परिवार के saath.....wo भी वैम्पायर थे और मैं bhi......Uske Pita....bade दयालु the.....Mujhe अपने साथ रख liya.....hum कुल 5 लोग रहा करते थे इस जगह pe.....sab अच्छा चल रहा था की पता नहीं कहा से कुछ लोग आये और unhone.....unhone उसके माता पिता और भाई को मार diya......hum भी मारे जाते अगर उस दिन यहाँ पे होते to.....par हम यहाँ पे नहीं the.....hum जंगल में गए हुए the....aur ander.....khane के लिए सिखर करने ko......jab यहाँ आये तो देखा घर जल रहा tha....hum रोये बहुत roye....par रोने से कहा कुछ होना tha.....uss din.....ussi वक़्त मैंने ये सोच लिया था इतना पावरफुल होना hai.....itna की कोई आँख उठा के देख ना sakke......uss दिन से हम दोनों का hi जैसे एक नया जनम hi हो गया tha....hum दोनों hi यहाँ वह घूमने lage......khana हमको जंगल में मिल जाता tha...par भूख तो ताकत की थी naa......ye भूख कभी ख़तम hi नहीं हो रही thi....khass कर के meri......Maine बहुत कुछ kiya....achha बुरा.... पता nahi...par बहुत कुछ kiya....kabhi किसी के लिए तो कभी किसी और के liye.....jab तक मुझे उस चीज़ज़ का पता नहीं लगा जो mujhe.....ek तरह से इतना ताकतवर बना देती की कोई मेरे सामने टिक नहीं paata.....Mujhe उस चीज़ के बारे में पता chala......par हर एक चीज़ज़ की एक कीमत भी होती hai.....ye भूल चूका था main......unn दिंनो हम दोनों hi चल दिए थे इस एअर्थ se......haa तब कुछ लोग जान्ने लग गए थे hummme.....hamari चिंता करने लगे थे वो sab......aur पता नहीं kyun....inn सब से मेरी जान कमज़ोर होती जा रही thi.....ek आग जो मैंने उसके अंदर भी देखि थी ताकतवर होने ki.....wo bhukh...wo आग अब काम होती जा रही thi...aur वो मुझे भी समझाया करती अब इन् सब की कोई जरुरत नहीं hai.....par मैं कहा सुनने वाला tha.....aur जब बात उस चीज़ज़ की हो जिससे मैं सबसे ज्यादा ताकतवर बनने वाला था तो क्यों सुनता main......Maine उसको मन्नाया और हम दोनों hi चल दिए यहाँ se......Fumos......iss जगह से पहले एक छोटा सा उल्कापिंडों का एक समूह हुआ करता tha.....hum दोनों वह gaye.....waha हमको उससे मिलना था जो हममे पावरफुल banata.....par वह पे मिला तो सिर्फ एक kankaal......Maine उसको chuwa.....aur Main....Main गायब हो गया tha.....uske बाद मेरी जान कहा गयी मैं नहीं जानता tha.....par Main....main पता नहीं कहा पे tha.....waha पे मुझे बहुत सी चीजजें सिखाई gayi.....shuru में वह से निकलने का सोचा मैंने par.....par उन् सब ने कहा की मैं इतना पावरफुल हो जाऊँगा की मैं प्लैनेट्स को कण्ट्रोल कर paaunga....planets सुन्न के तो जैसे मैं खो hi gaya....iska सीधा मतलब था मैं एक राजा बनने वाला hu.....aur मेरी jaan.....wo एक Rani....hum खुश रहने वाले थे इसके baad......bas यही सोच मैंने वो सब सीखा जो वह पे मुझे सिखाया gaya.....sab kuch....kitna वक़्त बीता कुछ पता नहीं chala......ek दिन आवाज आयी मेरी ट्रेनिंग पूरी हो चुक्की है और अब मैं अपने प्लेनेट पे रहने वाला hu.....wo जगह जहा पे मेरा सेशन होगा bas.....jab आँखें खुली एक कमरे में अकेला था main.....ass पास अंदर tha......Maine जब थोड़ी ध्यान से देखा तो अजीब से जीव थे वह pe.....aise जीव की देख के hi डर लगने lage....par मैं नहीं darra.......Main उनके पास gaya....aur वो झुक्क गए मेरे saamne......mujhe लीडर बुलाने lage.......Ye मेरा प्लेनेट tha.....Maine इस जगह को अच्छे से dekha.....bahar आया तो बहुत hi अजीब जगह थी ye....yaha पे लोग ऐसे hi बक्कर में लड़ते rahte...din रात हर waqt.....Main ऐसा प्लेनेट नहीं चाहता tha....par अब इसको सही करना tha......Mujhe बताया गया था जब भी मदद चाहिए होगी मुझे कुछ चीजजें करनी होगी और मुझे मदद मिल jaayegi.....Maine वैसा hi kiya....aag पानी hawa....mitti.....aur जो कुछ भी कहा गया था सब लेके aaya.....apne कमरे में बैठ के वो चीजजें की जो बताया गया था mujhe......inn सब को करने के baad....ek आवाज aayi....usne पूछा mujhse.....kya मदद chahiye.....maine कहा उससे की मुझे क्या क्या chahiye.....aur उसने बस सब कर diya......sab सही हो gaya.....par....waha के log....wo लड़ते hi रहते the...fir कुछ नियम बनाया maine....uss आवाज के साथ जो मेरी कही हर बात मान रहा tha.....usne कहा लड़ाई होनी जरुरी hai....to मैंने दोपहर का एक वक़्त फिक्स कर diya....waha पे बहार से लाये जाने wale....kaidiyon को आने से मन्ना कर दिया था maine.....ab वो जगह मेरे लिए सही thi.....main वह अपनी जान को लेके आ सकता tha....uske साथ रह सकता tha.....par इस वक़्त मुझे ये पता नहीं था वो कहा hai.....mujhe उससे अलग हुए यही कोई साल भर हो गए the.....Maine अपने लोगो को भेजा उसको लाने के liye....par.....unn लोगो ने उसको मेरे पास नहीं लाया बल्कि nicche.....uss जगह जहा पे गुलाम रहा करते थे वह पे छोड़ आया usko.....ye baat...ye बात मुझे 4 दिन बाद पता चली thi.....inn चार दिंनो में ना जाने कैसे वो बच्ची rahi.....ladti रही wo.....jab मुझे पता चला तो मैं गया उसके pass....usko lene....par उसकी halat....wo बहुत जख्मी thi....unn 4 दिंनो में 13 लड़ाइयां लड़ी थी usne....aur जीती थी sabhi...Main उसको अपने पास लाया अपने रूम में rakha...wapas से उस आवाज को पुककर्ता जो मदद किया करता tha.....uss din.....uss दिन पता चला मुझे ये आवाज उस प्लेनेट की थी फोमोस की thi.....wo था जो मेरी मदद करता tha....abhi मैं सिर्फ और सिर्फ उसका एक जरिया tha,....jisse वो खुद पे रह रहे लोगो को काबू करता था.....

मैं - फोमोस इसको ठीक कैसे करू....

फोमोस - गुलाम है ye....Gulam को ठीक वो खुद करते है......

मैं - फोमोस मैं प्यार करता हु इससे ये मेरे साथ रहेगी....

फोमोस - तुम इसके साथ रहिगे ये तुम्हारे साथ नहीं rahegi....tumko जाना होगा इसके saath.....isko बचने ko....jo इससे लड़ने आये उससे तुमको लड़ना hoga....Main और कुछ नहीं कर sakta...yahi नियम है.....

उसके बाद मैं रोज जाता वह nicche.....apni जान के साथ और उसके लिए लड़ा karta....gussa tha......bahut ज्यादा गुस्सा और उसके वजह से वह पे एक दिन में 20-30 लोग मारे जाते थे....

फोमोस ने जब देखा की ये बहुत ज्यादा हो रहा है तो उसने संधि करनी चाही.....

फोमोस - इसको तुम कही बहार भेज do......main इसको जाने dunga....koi कुछ भी नहीं करेगा....

मैं - मैं इसके साथ रहना चाहता hu,....tum इसको यहाँ मेरे पास रहने दो....

फोमोस - लीडर सिर्फ एक होता hai.....sirf एक और वो अकेला होता hai....aisa नहीं हो सकता.....

मैं - ठीक है फिर जैसा चल रहा है वैसा hi होगा.....

बस फिर से वैसा hi चलता रहा 2 महीने तक सब वैसा hi raha.....inn दो महीनो में हमारे बिच बहुत कुछ hua....hum दो से एक hue....aur उसके बाद तीसररे के आने की खबर भी आ गयी......

अब तो जैसे मैं कहर बन्न के बरषने लग गया था वह के लोगो pe.....pahle कोई जब मेरी जान के पास आने वाला होता था तब उससे लड़ता था main....ab कोई बस उसको देख भी ले तो वो मारा जाता tha....inn सब से वो भी परेशां thi.....par हम दोनों साथ the....bas यही काफी tha.....par एक दिन कुछ ऐसा hua....ki निच्चे के लोगो ने प्लान बना लिया की वो मुझे या उसको ख़तम करके hi rahenge....bas इसी में उन् सब ने मुझपे हमला kiya....aur मैं उसने लड़ता raha...aur उनमे से 2 लोग दूसरी तरफ से gaye.....aur उसपे हमला कर diya....wo बच gayi....ladna उसको भी आता tha....par एक दार बन गया मेरे ander.....agar कही उसको और हमारे होने वाले बच्चे को कुछ हो गया to....tab क्या करेंगे.....

मैंने फोमोस से वापस से बात kari....iss बार कहा उससे की मैं उन् दोनों को वह से कही और करना चाहता हु......

फोमोस ने मुझे डार्क वर्ल्ड के बारे में bataya.....wo नज़दीक भी होने वाली thi.....saath में ये भी कहा की मैं उनसे मिलने भी जा sakunga.....par सिर्फ 2 दिन एक वीक mein.....aur ये काफी नहीं tha.....par इसके अलावा और कोई रास्ता नहीं क्यूंकि मैं वह से अब जा नहीं सकता था.....

मैंने उनको डार्क वर्ल्ड में पंहुचा diya....aur वह ऐसा बंदोबस्त किया की कोई उनको कुछ कर ना paaye....koi भी नहीं....

कुछ महीने baad.....hamari एक बेटी hui....Main गया हुआ था डार्क world.....hum खुश the....Main खुश था पर वो थोड़ी दुक्खी थी क्यों की मैं उसके पास नहीं रहने वाला था.....

फोमोस से बात हो चुक्की thi....usne कह दिया था वो और ज्यादा दिन मुझे नहीं दे sakta.....aur मैं इन् दोनों को वापस से वह लेके नहीं जा सकता tha.....agar गया तो वापस से उनको लड़ना hoga....aur इस बार मैं उनके साथ नहीं हो सकता tha.....Ab मुझे कुछ ऐसा ढूँढना tha.....kuch ऐसा जिससे वो दोनों सुरक्षित rahe.....hamesha...maine खोज शुरू ki......Fumos पे जितने भी लोग थे सभी को ऐसी चीज़ के पीछे लगा diya.....Fumos के पूछने पे खुद के लिए bataya......agar मैं और ताकतवर होता तो वो भी हो jaata....aisa सोच उसने भी साथ diya......Ek चीज़ज़ मिली mujhe.....ek pathar....usko लेके मैं चला गया अपनी पत्नी और बच्ची के pass.....aur अपनी पत्नी को वो पाथेर देते हुए कहा की रोज ध्यान लगते वक़्त इस पाथेर को अपने साथ rakhna.....wo पाथेर तुम्हारे उस क्रिया को बहुत ज्यादा बढ़ा dehi....Main जानता नहीं था की वो चीज़ज़ आयी कहा से thi.....aur कोशिश भी नहीं की थी जाने ki.....wo चीज़ज़ टाइटन प्लेनेट से thi......jisse वह के लोग अपनी पावर्स बढ़ाते the.....usko वह से कोई चुरा के आया था किसी वजह se.....aur उसके पास से वो चीज़ज़ मेरे लोगो के पास चली गयी और फिर मेरे पास आ गयी और मैंने उसको अपनी पत्नी और बेटी को दे diya.....iss बारे में टाइटन पे बात पहुंच गयी की एक वैम्पायर को वो चीज़ज़ मिल चुक्की hai....waha से लोग आये डार्क वर्ल्ड pe......uss चीज़ज़ के खोज mein.....unko लगा मेरी पत्नी ने चुराई hai.....to उसको पता होगा टाइटन पे कैसे जाय जा सकता है चुप्प ke.....jo उनके लिए बुर्रा tha.....unn लोगो ने उसको मारने की तैयारी कर li....kuch जीव भेजे गए थे डार्क वर्ल्ड में बस उनके लिए hi......jab तक मुझे ये पता चला और मैं ये बात उनको समझने jaata....tab तक मेरी पत्नी ने अपनी जान दे दी thi....meri बची को बचने mein......Main उस वक़्त टाइटन में tha.....uss din....uss दिन टाइटन ने मुझे dekha....Fumos की ताकत के saath......waha का एक इलाका पूरी तरह से ख़तम कर चुक्का था main.....aur फिर भी शांत नहीं हो पा रहा tha.....unn लोगो ने फोमोस से बात kari.....pata नहीं kaise.....ye आज तक समझ नहीं आया mujhe.....Main फोमोस का कान hu....main hi उसकी आवाज hu....phir भी उन् लोगो ने उससे बात कर ली किसी तरह se....aur मुझे वह से फोमोस पे भिजवा diya......waha पे आया तो फोमोस ने मुझे शांत kiya.....meri पूरी शक्ति hi खींच ली थी usne.....Main इतना कमज़ोर था की पूछो mat......Wo मेरे वह होते हुए पहली बार था जब टाइटन से ओरियन से और स्ट्रेंज वर्ल्ड से लोग वह पे आये the....bade बड़े log......saath hi डेमोस से bhi....aur डार्क वर्ल्ड से bhi.....Main वही पे पड़ा हुआ tha....aur उन् सब ने वह पे एक कोर्ट बिठा दी.....

मुझे सज़्ज़ा भी मिली टाइटन पे जाके वह के एक पुरे इलाके को tahas-nahas करने ki.....saath में उन् लोगो से जो भूल हुई थी उसके बदले उन् लोगो ने भी मुझे कुछ diya.....Meri बच्ची को पावर्स di....jisse वो हमेशा सुरक्षित rahe.......sazza ये थी की मैं कुछ जगहों पे नहीं जा सकता tha....aur साथ hi......meri बेटी को मुझसे अलग रखा jaayega......Main उससे मिल नहीं paaunga.....Meri पत्नी की Body....wo मेरे पास आ गयी thi....taaki मैं उसको देख sakku.....aur उसका अंतिम संस्कार कर सक्कु...

एक सज़्ज़ा डेमोस से आये हुए लूसिफ़ेर को भी milli......usko भी बहुत जगह जाने से रोक लगा दी gayi.....kyun ये आज तक समझ नहीं आया मुझे....

वो लोग चले गए और मुझे मेरी ताकत मिल gayi....Main उठा और अपनी पत्नी की बॉडी के पास जाके roya....bahut roya.....aur उससे वादा kiya....Main अपनी बेटी तक पहुँचूँगा hi...aur उसको सब बताऊंगा....

फोमोस सब सुन्न रहा tha.....usne भी मुझसे कहा......

फोमोस - मेरी वजह से तुमने बहुत कुछ खोया hai.......ab जब भी सही वक़्त आएगा मैं खुद तुम्हारी मदद करूँगा.....

पंकज - :शॉकेड: तो tum.....sorry aap.....aap फोमोस के लीडर ko.....Wo असली वाले फोमोस के....

लीडर - हां मैं hi हु वो....

वही यहाँ से durr.....Strange वर्ल्ड में.....

रूम को पूरा पानी से भर दिया था उस लड़की ने.....

लड़की ने आँखें बंद की aur....kuch बोलने lagi.....aur उसके बाद अपना हाथ फैलाके ऊपर उठाने lagi.......waha जो पानी था वो पानी भाफ में बदलने लग gaya.....aur उसके बाद वो रूम पूरा का पूरा भाफ से भर gaya......Usne अपनी आखें बंद कर राखी थी.....

भाफ बनाने के पीछे उसका तर्क ये था ki......ye भांफ कही भी जा सकता hai.....room के अंदर पूरी तरह से भाफ फैली हुई thi.....ladki ने आँख बंद कर राखी thi.....jinn चीज़ज़ों को भी वो भाफ छुट्टी उन् चीज़ज़ों की आकृति उसके दिम्माग में बन्न जाती......

भाफ हर जगह phaili....par कही भी पंख नहीं मिला usko......haa एक गुप्त कमरा milla....aur वह पे भी भाफ पूरी तरह से अंदर जा चुक्का था पर वह भी पंख नहीं था......

लड़की ने सब बंद kiya.....jitna भी भाफ था उसको एक खिड़की खोल के बहार की ओर करने lagi.....ki तभी उसको वह pe.....Yuvraj आते हुए dikhe......Ladki ने वो पूरा bhaff....wo पूरा का pura......Yuvraj के चारो तरफ फैला दिया......

अब अचानक से कुछ ऐसा वो भी आपके घर में हो जाए ये तो अजीब hai....wo कुछ तैयार हो paata.....usse पहले hi वो bhaaf.....jamne लगी.....

लड़की को पता चल गया था की वो पंख युवराज ने अपने दाहिने तरफ रखा हुआ tha.....uss भाफ से hi वो पंख उससे liya...aur इस बात का पता भी नहीं चला usko.....aur फिर वो वह से कूदते हुए निकल gayi....ek बार महल के बहार आते hi उसने अपना चेहरा वापस से बदल लिए और चली गयी वह से.....

युवराज इस दौरान बर्फ में अकड़े जा चुक्के थे.....

महल से सिपाही उसके पास आये और उनको उससे निकला.....

ये बात जब लीमो को पता चली की उसका प्लान बेकार हो चुक्का है वो बड़ा गुस्सा hua....wo समझ नहीं पा रहा था आखिर ये सब हुआ kya.....ek तरफ उसको ऐसा भी लग रहा था सायद ये लूसिफ़ेर के लोग ho.....sayad युवराज को शक हो गया हो की वो लोग उसके लिए जाल बिछा रहे है और उसने ये सब नाटक किया ho....aur भी बहुत कुछ चल रहा tha.....wahi युवराज भी गुस्से में आग बबूला हुए बैठे the......aakhir किसने ऐसा कर diya.....kisme इतनी हिम्मत आ गयी की उसके पास से कोई सामन चोरी कर लेके चला gaya....Gussa तो एल्फ किंग भी the......aakhri राजमहल से चोरी हुई thi.....ab अगर वो जगह hi सुरक्षित नहीं तो फिर कौन सी जगह सिउराकशित होगी....

लड़की को इन् सब से कोई मतलब था नहीं वो आराम से चली गयी निक्स के इलाके में.....

एल्फ किंग ने आदेश दिया पता करने के लिए की आखिर कौन हो सकता है wo.....kaun आया था उस महल में.....

अब किसी को इस बात की उम्मीद तो थी नहीं की एक इंसान वह चली jaaye....ab चली भी जाए तो उसमे पावर्स तो होने थे नहीं की वो ऐसे चोरी करके निकल जाए.....

उन् जांच करने वालो ने जांच तो की par.....kisi भी नतीजे पे नहीं pahuche.....pahuchte भी kaise.....Paani से जुड़ा ये केस tha.....to उन्होंने पहले पानी से जुड़े लोगो को एक तरफ kiya....isme वो लोग आते है जिनके पास वाटर ेलेमेट ho....yaa फिर वो जो पानी में रहते hai.....inme से निक्स लोग भी the.....par वो जो पानी में एनर्जी पायी gayi...uske सिग्नेचर्स किसी भी जीव से मिल hi नहीं रहे थे.....

वही एअर्थ pe.....Jwala ने मेरी ओर आग की लपटें फेंकी थी.....

मैं बचने के लिए कुद्द गया......

ज्वाला - अभी तो बच gaye......kab तक बचोगे......

"हम्म नए लगते ho.....main भी देखता हु कैसे पकड़ते हो मुझे...."

मैं - ये कौन बोलै.....

स1 - अजीब बात hai.....ajeeb बात है....

"जा रहा हु main.....par वापस आऊंगा...."

ज्वाला - हां पर जा पाओगे अगली बार या नहीं ये पता नहीं.....

इतने में वह हवा चली और फिर सब शांत हो गया....

मैं - ज्वाला ये सब क्या tha.....aur वो आवाज.....

ज्वाला - तुमको ये जीव कहा से मिल gaya.....ye तो यहाँ का है भी नहीं.....

स1 - अजीब बात है....

ज्वाला - hmm.....uske सब्द पकड़ रखे है isne.....ye सही hai.....iss जीव को मार ना सक्को तो इससे बचने का यही एक रास्ता है.....

मैं - ये जीव है kya....aur ये यहाँ कैसे आ gaya......tum कैसे जा....

ज्वाला - आराम se.....ye बहुत दूर से आया हुआ जीव hai.....inn जैसों को यहाँ आने की अनुमति भी नहीं है फिर ये यहाँ कैसे.....

स1 - अजीब बात hai....ye सच कह रहा hai.....ajeeb बात है..

मैं - ज्वाला इसको ख़तम करना hai.....iski वजह से परेशानी हुई है....

स1 - अजीब बात है पूरी बात बताओ...

ज्वाला - चिंता मत karo......inn जैसों को मारने के लिए हमारे यहाँ के बच्चे भी काफी होते hai......par ये वाला थोड़ा ताकतवर लग रहा था....

स1 - अजीब बात hai....khurakh जो अच्छी मिलती है इसको यहाँ pe.....bahut से इंसान मारे है isne.....Ajeeb बात है....

ज्वाला - तुम भी कोई दूध के धुले नहीं ho......ye जीव ऐसे hi कही नहीं ृक्क jaate....aur इस वातावरण mein.....kabhi nahi.....tumne इसकी मदद की है ना.....

स1 - अजीब बात hai.....ye तो सच में चालक hai.....ajeeb बात hai.....wo darasal.....insan यहाँ बहुत आते जाते रहते the.....shuru में हमने इसको यहाँ पे अपने गार्ड की तरह रखा tha....ye इंसानो को दर्रा के भगा देता tha....par अजीब बात hai....humme पता भी नहीं चलता था और ये उनको खा जाता tha.....ajeeb बात है हम इससे डरने lage...kyunki इसको मारना हमको आता नहीं tha....ajeeb बात hai...aur फिर वो यहाँ आराम से रहने लगा और हम दर दर ke.....par हमारे पास उससे बचने का तरीका tha....ajeeb बात hai....jiss वजह से हम अभी तक सही hai.....ajeeb बात है...

मैं - वो ड्राइंग में फिर क्या बना के रखा है फालतू का.....

स1 - नाम ख़राब नहीं होना चाहिए hamara.....aaj तक ये किसी को पता नहीं चला पर इसको तुरंत पता चल गया......

ज्वाला - मैंने अनुमान लगाया था और तुमने सब बता दिया... सतोरी के नाम पे कलंक hi तुम sab.....Prateek....iss जगह पे मैं नज़र रखूँगा कुछ वक़्त के liye.....iss जीव को मारने का मौका नहीं छोड़ सकता....

मैं - ठीक है तुम रहो yaha.....Accha एक पोर्टल खोल do......aur haa.....(old आउल के बन्दे की ओर देखते हुए) यहाँ आओ tum...aur बताओ क्या क्या बताया है उनको.....

वो मेरे पास आया और बोलै.....

वो - आप यहाँ जंगल में aaye....ek सतोरी मिला उससे बात चीत की और थोड़ी देर बाद ज्वाला जी यहाँ आये उनसे कुछ बात चीत हुई बस.....

मैं - वो हमला ये सब नहीं दिखाया ना....

वो - नहीं जैसा कहा था बिलकुल वैसा hi था.....

मैं - ये सही hai.....jwala खोलो पोर्टल हम निकलते hai...tum ध्यान रखना अपना.....

वैसी भी रात होने वाली thi....thodi और देर यहाँ ृक्क जाता तो घर में सबको पता चल जाता

मैं घर पे आ गया अपने रूम में.....

रूपल दीदी - ज्वाला भी आ गया था waha......kuch हुआ क्या....

मैं - उस जीव को देखने के लिए उसको बुलाया है ओल्ड आउल अभी है नहीं तो वो वह ध्यान रखेगा....

निकिता - dekha....ye पागल hai.....aur वो भी.....

मैं - ऐसा क्यों बोल रही ho.....maine आखिर ऐसा क्या कर दिया.....

रूपल दीदी - पागल वह बिजली प्रेग्नेंट hai....aur तुम इसको यहाँ लेके आ gaye....aur ये गधा भी आ गया.....

मैं - :डोह: मैं तो भूल gaya....accha ये K.Bua आयी kya.....Jwala ने कहा था एक बार उनको बिजली को देखने लेके जाना है.....

रूपल दीदी - नहीं वो बहार गयी थी उसके बाद नहीं आयी अभी tak.....sayad थोड़ी देर में आ जाए....

मैं - हम्म ठीक है ये भी.....

वही दूसरी तरफ.....

पंकज - पर आपको कैसे पता चला आपकी बेटी यहाँ पे है....

लीडर - इस बारे में नहीं बता sakta.....ab कहानी बहुत हुई तुम बताओ मदद करोगे या नहीं....

पंकज - अरे सर आप बोलो और मैं ना karu...aisa हो सकता है क्या....

लीडर - (हस्ता हुआ) अरे बेटे मैं कोई नुकशान नहीं पहुंचने wala.....aur ये पहले वाला टोन hi सही tha....hum दोस्त बन जाते है तुम मेरी मदद कर do....main तुम्हारी करता rahunga.....waise वो लड़की अब कैसे है कल वाली....

पंकज - :रेडफास: ठीक hi hogi....yaar आपको पता hai....yaha पे ये उसे करते है लोगो का.....

लीडर - क्या मतलब है....

पंकज - अरे yaar.....ab मैंने उनको दोस्त samjha.....par उनको कदर hi nahi.....wo ladki.....wo मेरी वजह से अदृश्य हुई thi.....aaj जाना था उन्ही के पास mujhe.....aaj hi सब क्लियर कर aata...hu....bol दूंगा आंटी se....koi जरुरत नहीं इनको मेरे साथ रहने को बोलने का....

लीडर - तुम तो अच्छे लगते हो वो सब hi काबिल नहीं होंगे tumhare......dekho रात भी होने को आ गयी है बातों बातों mein....tum एक काम karo....aaj चले जाओ कल वही बस स्टॉप के पास मिलता hu....main तुम्हे अपने एनर्जी का सिग्नेचर दे दूंगा जिससे तुम वह पे रहने वाली लड़कियों के सिग्नेचर से मिला सकते ho....sayad मेरी बेटी मिल जाए.....

पंकज - अरे आप चिंता मत kariye....Main धुंध के दूंगा आपको आपकी बेटी का pata....aap आज hi देदो सिग्नेचर.....

लीडर - आज नहीं beta.....iske लिए मुझे बहार जाना padega....yaha अपनी एनर्जी उसे किया अगर ज्यादा तो उससे यहाँ के लोगो को खबर हो जायेगी मेरी और फिर दिक्कत हो सकती hai.....kal मिलता हु तुमको....

पंकज - हम ठीक है मैं चलता hu.....par आप रहोगे कहा aise....khule में....

लीडर ने वापस से थोड़ी मिटटी uthayi....aur उसको अपने हथेली पे रख के वापस से फूक maari....ek छोटा सा कमरा बन गया इस बार जहा पे बीएड था....

लीडर - ये रहा मेरे रहने का jagah......tum jaao....Main छोड़ आऊं क्या तुमको.....

पंकज - नहीं nahi....main चला जाऊँगा...

पंकज ने बस पकड़ी और वो वह से अपने घर चला gaya.....ab उसका मंत्र नहीं था प्रतीक के यहाँ जाने ka......Apne घर पे aaya.....Prof. दक्ष थे नहीं waha......wo स्कूल में hi रुकने वाले the.....usne अपने लिए खाना बनाया और खाने के बाद रूम में जाके सो गया.....

वही हमारी क्लास लगी हुई थी.....

चची - वो आया क्यों नहीं तुम लोगो ने कुछ कहा क्या usko......Poonam तुमसे तो कहा था मैंने उसको लेके आने को....

बुआ - भाभी मैंने उसको बोलै था पर वो आया hi नहीं.....

चची - वजह तो होगी ना koi,....aise कैसे नहीं आया वो.....

रूपल दीदी - क्या मम्मी अब नहीं आया तो नहीं aaya.....isme इतना क्या है.....

चची - हम्म सही kaha....chalo ऊपर जाओ फिर....

रूपल दीदी - मम्मी पर खाना.....

चची - upar....sunayi नहीं दिया.....

मैं कुछ बोलता उससे पहले मेरी ओर देखने lagi.....main चुप hi raha.....Rupal दीदी ने भी सॉरी बोलके खाना खा लिया....

खाने के बाद हम सब ऊपर चले gaye.....aur दोनों बुआ को भी ऊपर आने को बोल दिया था.....

रूपल दीदी - ये पंकज इसके हाथ पेअर तोड़ दूंगी main......aaj फिर उसकी वजह से दांत सुन्नी मैंने....

तभी वह पे K.Bua और बुआ भी आ गए...

बुआ - क्या हुआ यहाँ क्यों बुला लिया....

रूपल दीदी - आपने उससे कहा था ना आने को फिर वो आया क्यों नहीं....

K.Bua - कौन....

रूपल - वो Pankaj.....ab देखो बस आप log...isko मैं....

बुआ - आराम se....bacchu वो अपने घर पे hai.....sayad उनको बुर्रा लगा hai.....ye दोनों hi उससे बचते रहते the.....ek मौका नहीं दिया usko....bas इन्ही वजहों से वो नहीं आया hoga.....wo chodio....isske लिए बुलाया है हम दोनों को यहाँ.....

मैं - नहीं Bua....Jwala पोर्टल kholo......aur यहाँ आओ...

ज्वाला ने पोर्टल khola.....aur वो खुद भी आ गया हमारे पास.....

ज्वाला - तुम जानते हो naa....Main वह बहुत जरुरी काम कर रहा था.....

मैं - हां पता है पर अभी हम सबको जाना है कबीले mein....Bijli को दिखाना भी है ना इनको....

ज्वाला - अरे haa....chalo....

K.bua - और यहाँ kya.....koi ऊपर आया तो....

मैंने ओल्ड आउल के उस बन्दे को बुलाया.....

मैं - सबकी आवाज सुन्न ली है naa.....koi भी आये तो अंदर नहीं आना चाहिए wo.....unko किसी भी तरह जवाब दो और वापस भेज do....par अगर संभल ना पाए तो आवाज लगा देना.....

वो - ठीक है....

रूपल दीदी - वाह chotu....tu तो बड़ा तेज़्ज़ हो गया मेरे साथ रहते हुए....

मैं - ज्वाला अब चले....

ज्वाला ने पोर्टल khola....aur हम सब उसके कबीले चले gaye....waha जाते hi....Dono बुआ तो चली गयी बिजली को देखने को....

मैंने सोचा अगर रूपल दीदी की मुलाकात पोलर बेयर क्वीन से करा दे तो सायद वो इमोशनली थोड़ा और जल्दी से अपने पावर्स पे कण्ट्रोल पा सकती hai...ye नहीं तो काम से काम वह पे जो जीव है उनके बारे में तो वो बता hi देंगे....

मैं लेके पहुंच गया उनको पोलर बेयर क्वीन के pass.....Waha पे रूपल दीदी और निकिता बातें करने lage.....aur मैं चला गया देखने को ओल्ड आउल और पोलर बेयर किंग को....

दोनों hi आराम करने को हॉस्पिटल में hi रुक्के हुए थे.....

वही स्ट्रेंज वर्ल्ड में....

लड़की ने पंख को पुजारी जी को दे दिया.....

पुजारी जी ne.....wo पंख liya....usko अच्छे से dekha...aur फिर उसको तालाब में लेके गए और कुछ मंत्र पढ़ते हुए उसमे दे डाला.....

जैसे hi वो पंख अंदर डाला gaya.....Pujari जी ने जो देखा उससे वो थोड़ा परेशां हो गए....

सामने एक रूम था जहा पे उस एक उल्लू बैठा हुआ tha.....aur तभी पीछे कुछ आवाज होती है और वो अपनी गर्दन पीछे करता hi है ki.....koi उसको मार देता है.....

ये जो पंख का खेला tha....wo पंख ओल्ड आउल के साथी का tha.....wahi साथी जिसने तस्करी करने वाले को उस गुफा में अंदर किया tha....aur अभी जो मारा गया वो वही tha....uske पंख से उसका पता चला था पुजारी जी को और तुरंत hi उन्होंने देखा की उसकी मौत हो गयी है....

नेक्स्ट अपडेट में देखते है क्या होता है....

वो सतोरी के यहाँ वाला जीव पहुंच चुक्का है प्रतीक के घर में किसी तरह se....aur ओल्ड आउल का एक बाँदा मारा जा चुक्का hai....Sabhi के सभी वह से बहार hai.....Leader ने अपनी कहानी सुन्ना दी hai.....Wahi लीमो का plan....uska व्हाट लग चुक्का है :lol: देखते है क्या hi होता है अब.....
 
अपडेट -73

पुजारी जी ने जैसे hi पंख को तालाब में daala....uske तुरंत बाद hi उन्होंने वो देखा जो प्रतीक के घर में ओल्ड आउल का बाँदा था उसने देखा tha....Wo बाँदा तो मारा गया पर उसकी आँखें अभी भी खुली हुई thi......jiske जरिये पुजारी जी वह जो भी हो रहा था सब देख सकते थे......

प्रतीक अभी ओल्ड आउल और पोलर बेयर किंग से मिलने गया hi था की ओल्ड आउल को कुछ अजीब सा laga.....aur ये सिर्फ उसको hi नहीं बल्कि वह मौजूद उसके हर एक बन्दे को लगा tha.....aur साथ Hi ज्वाला के लोगो को भी....

खतरा सर पे था प्रतीक के घर वालो ke.....Jwala के कबीले ने वडा किया tha.....wo हमेशा रक्षा करने आएंगे unki.......to उनको क्या खतरा है ये तो नहीं पता चला पर फिर भी पता चल गया था उनको की खतरा है.....

प्रतीक वह पे बैठा हुआ दोनों से बात hi कर रहा था की ओल्ड आउल अपने जगह से utha.....aur उसने पोर्टल खोली और वह से निकल गया.....

प्रतीक समझ नहीं पाया ये क्या hua.....par सिर्फ ओल्ड आउल hi नहीं गया tha.....waha पे ज्वाला के जितने भी लोग the....wo और साथ hi ओल्ड आउल के लोग bhi.....sab निकल gaye....waha पर अभी बच्चे हुए थे तो बस पोलर बेयर किंग और उसके लोग साथ में प्रतीक और उसके साथ आये लोग.....

जब ये हुआ तो प्रतीक तुरंत बहार गया देखने ko.....waha भी ऐसा hi चल रहा था सब बस पोर्टल्स खोले वह से जा रहे थे

मैंने देखा महल के बालकनी के पास बुआ भी कड़ी ये सब देख रही थी.....

मैं - ध्रुव ये सब क्या हो रहा है.....

ध्रुव - यहाँ से चलना hoga....kuch हुआ hai....jisse ये सब परेशां hai.....Jwala कहा है उसको बोलो हममे भी ले चले....

मैं - ज्वाला कहा जा रहे है सब....

कोई जवाब नहीं आया....

पोलर बेयर किंग - कुछ हुआ है sayad....aise नहीं जाते है सारे लोग.....

मैं - तुम जानते हो ये लोग कहा गए है....

पोलर बेयर किंग - सायद वह लेके जा सकता हु main.....wo dekho...waha पे कुछ पंख है.....

उसने ओल्ड आउल जहा पे था उस ओर इशारा kiya....Maine वो पंख लिए और वो उसको दे दिया.....

पोलर बेयर किंग ने वो पंख liya....aur उसको अपने सर पे rakha....aur कुछ बोलते हुए अपना सर यहाँ वह हिलने laga.....uski आँखें खुली तो एकदम से ब्लू हुई हुई thhi.....usne सामने की ओर देखा तो उसके आँखों से एक रोशनी nikli....jiske बाद सामने एक पोर्टल खुला हुआ था.....

पोलर बेयर किंग - chalo....main भी चलता हु.....

हम दोनों उस पोर्टल से अंदर gaye.....ander का नज़ारा देखने लायक tha.....Chacha - चची और दादा दादी चारो हॉल में the....charo के चारो हथियार लिए हुए वह पे खड़े the.....wahi पुरे घर ko....Jwala के लोगो ने घेरा हुआ tha......hamare यहाँ से खिड़कियों से बस उनके पंखों में लगी हुई आग की रोशनी आ रही thi......yun तो रात का वक़्त था ये पर फिर bhi....bahut रोशनी thi......wahi जब ऊपर की ओर dekha....to वह का हाल कुछ और hi tha......waha पे ओल्ड आउल के लोग बैठे हुए the......bahut सारे लोग.....

" एक और shikar.....arre ये तो वही है...."

ये aawaj.....ye उसी की आवाज थी जिससे मिलके आया था main.....wahi जीव जो सतोरी लोगो के पास रहता tha....jo इंसानो को मारता tha....jisne अलबूस पे हुम्ला किया था.....

चची - प्रतीक जाओ यहाँ se.....yaha पे खतरा है....

मैं जानता था इस जीव को कैसे हटाना है यहाँ se.....bas इतना अभी के लिए काफी था......

मैं - चची अजीब बात है bolo.....sab अजीब बात है बोलो....

चची - बीटा जा यहाँ से.....

दादी - प्रतीक निकलो beta......ye शैतान hai....ye तुम्हे भी पका.....

मैं - अजीब बात है बोलो वो भाग जाएगा.....

कोई नहीं सुन्न रहा tha.....to मैं hi बस बोलता गया अजीब बात है अजीब बात hai.....aur मेरे baad.....Jwala के सारे लोग बोलने लगे ऐसा......

वो जीव वो तो जैसे पागल hi चिल्लाने लगा वह pe......isko देख के दादा दादी चाचा चची भी बोलने लगे वही.....

मैं जो अभी दरवाजे के पास खड़ा tha......mere पास से एक बहुत तेज़ हवा का झोंका गया और वो जीव वह से चला gaya.....pata नहीं कहा गया था वो.....

मैं - ज्वाला सभी को वापस कमरे में लेके aao...isse पहले ये सब ऊपर जाये वो ऊपर होने chahiye.....Old आउल अपने लोगो को निकालो यहाँ se....Polar बेयर किंग तुम भी मदद करो इनकी....

पुजारी जी जो की स्ट्रेंज वर्ल्ड में बैठे देख रहे थे की उल्लू की आखों में क्या चल रहा hai...unhone देखा की उसी के जैसे और बहुत सारे उल्लू वह आ gaye.....aur उसको देखने lage......sab उसी को देख रहे the.....aur अब कुछ लोगो ने उसको उठाया और अपने साथ कही लेके चले gaye......iske बाद उसकी आँखें बंद हो गयी थी....

पुजारी जी इस बारे में सोच रहे the.....ki वो उल्लू जाना पहचाना लग रहा tha....aisa कुछ उन्होंने देखा है और साथ hi उसके बारे में पढ़ा भी hai....par उनको याद नहीं आ रहा tha.....itne में वह पे लड़की आ जाती है...

लड़की - तो क्या milla.....kuch मिला या nahi....waise मज़्ज़ा बड़ा aaya.....wo yuvraj...usko तो जम्मा दिया था मैंने....

पुजारी - तुम्हारी वजह से वह पे बहुत से लोगो को परेशानी होने वाली hai.....jitne भी वाटर एलिमेंट वाले है सबसे पूछ ताछ होगी उनको परेशां karenge....tumko इस बात का भी ध्यान रखना था....

लड़की - पर....

पुजारी - देखो beta....ye इसीलिए बोलै गया tha.....taaki मैं देख सक्कु तुम बस अपने टास्क पे ध्यान दे रही हो या उसके बाद जो होता है उसपे bhi.....aur तुमने सिर्फ अपने टास्क पे ध्यान दिया hai....ab सोचो मैं तुमको एअर्थ पे भेज du....aur वह जाके तुम बस अपने पेरेंट्स को मिलाने में लग jaao....puri शिद्दत se....ye भी भूल जाओ की वह क्या है क्या नहीं hai....agar ऐसा हुआ तो दिखात हो jaayegi.....iss बात पे ध्यान देना....

लड़की - हम्म्म ठीक hai....samajh गयी मैं....

पुजारी जी - आज कुछ नया नहीं सिखाया jaayega....tum पुराने चिज्जों की प्रैक्टिस करो मैं एक काम करके आता hu.....wo वह से चले गए....

एअर्थ पे......

घर पे सब आ चुक्के थे....

ज्वाला और उसके जितने भी लोग the.....wo सब के sab....pure इलाके में घूम रहे the......saath hi ओल्ड आउल के लोग भी....

घर में

चची - तुमको कैसे पता था उस चीज़ज़ को कैसे भगाया जा सकता है....

मैं - वो chachi....school में ना लाइब्रेरी में ऐसा कुछ पढ़ा tha.....aur फिर कुछ कही सुनाई baatein....bas उनसे पता चला की ये शैतान बस एक hi है एअर्थ pe....aur इसको ऐसा कहने से वो भाग जाता है....

बुआ - भाभी कुछ हुआ तो nahi....sab ठीक है ना....

चची - हां सब ठीक hai.....pahle से hi लग रहा था कोई तो आ जा रहा है घर mein....par लगा तुम सब ऊपर कुछ कर रहे hoge....par फिर अच्चानक से ऐसा लगा jaise....jaise कुछ और hi चल रहा hai......Maine ये बात तुम्हारे भैया से boli....unhone पहले तो कहा मेरा वहां hai....par मेरे कहने पे वो साथ आ gaye....aur फिर हमने माँ पापा को भी kaha.....Maa को भी वैसा hi लग रहा tha.....Hum ऊपर तुम सब के पास आते उससे पहले hi आवाज आयी उस शैतान ki.....hum सब तैयार हो gaye....aur उसके बाद वो तरह तरह के jeev.....wo भालू इसके साथ क्यों आया था....

मैं - Wo....wo....wo भालू नहीं था चची wo...wo कुछ और था....

चची - क्या था वो....

K.Bua - अरे भाभी वो भालू hi tha.....School के पास में एक जंगल है ना वही पे रहता है wo....humne उसको खाना दिया है इसी वजह से कभी कभी साथ आ जाता hai....ye उसी को खाना देने गया tha.....aur आते वक़्त वो भी साथ आ गया hoga.....ab चला गया ना....

दादी - हां हां अब माँ बाप के गुण तो आने hi hai,.,,unn दोनों को भी जंगली जानवरों से बड़ा लगाव था....

चची - माँ मुझे लगता है घर को थोड़ा और सुरक्षित करना hoga....aap क्या कहते हो...

दादी - बात सही है तुम्हारी Nidhi.....hum कल सुबह से शुरू करेंगे ये sab....kal सुबह इन् सब को कही भेज देते है...

दादा जी - मुझे और सत्य को तो कुछ काम है तुम जानती hi ho.....baaki इन् सब का इनसे पूछ लेना...

बुआ - भाभी इस बार मैं भी राहु क्या....

दादी - नियम पता है tumko....tum अभी उसके लिए तैयार नहीं ho.....tum नहीं ृक्क रही यहाँ....

चाचा - कल वैसे भी रूपल कुछ दसिग्नस फाइनल करने वाली hai....to....tum वह चली jaana....aur बाकी सब भी...

चची - और पंकज को भी बुल्ला लेना..

रूपल दीदी - ठीक है....

हम सब सोने चले गए.....

थोड़ी देर में ऊपर बुआ और K.Bua भी आ गए.....

K.Bua - ये सब क्या था.....

मैंने उनको बताया की वो वही जीव था जिसकी वजह से हम सब बेहोश हो गए the.....aur आज सायद किसी तरह वो यहाँ आ गया था......

मैं - आपने बिजली को चेक कर लिया था....

K.Bua - हम्म सब नार्मल hi था.....

मैं - मुझे कुछ सही नहीं लग रहा Main....Main एक बार वह से होक आता hu....aap सब यही rahna....aur ओल्ड आउल और ज्वाला के लोग यही है तो चिंता करने की जरुरत नहीं hai....wo जीव आज नहीं बचने वाला....

निकिता - अगर वो किसी के घर में चला गया हो तो.....

मैं - ज्वाला और ओल्ड आउल के लोग देख lenge......Jwala पोर्टल खोलो......

ज्वाला ने पोर्टल khola.....wo सब पीछे से कुछ बोल रहे थे पर मैंने सुना नहीं और अंदर चला aaya......waha पे पोर्टल भी बंद हो गया.....

मैं जब कबीले आया तो ओल्ड आउल और उसके कुछ साथी वही the....Polar बेअर्स वह पे थे ज्वाला भी वही पे tha....apne कुछ लोगो के saath......wo सब गोल घेरा बना के खड़े हुए थे.....

मैं उन् सब के पास पंहुचा तो देखा की ओल्ड आउल का वही साथी जो मेरे यहाँ था वो पड़ा हुआ था वह जमीन पे.....

मैं - ये सब कैसे हो गया.....

ज्वाला - ये सब उसी का किया गहरा hai.....usne इसको मार दिया.....

मैं - ये तो बहुत बुरा हुआ.....

ओल्ड आउल - बुरा अब होने वाला hai.....wo जहा भी hoga....jaise भी होगा हम धुंध के उसको यहाँ लेके aayenge...aur शिकार कैसे करते है ये उसको dikhayenge.....aaj raat.....khel होगा यहाँ pe......tum भी आना.....

मैं - ओल्ड आउल dost....main समझ सकता hu.....aur तुम्हारे साथ भी hu....par क्या ुसस्स जीव को यहाँ लाना सही hoga....matlab वो यहाँ पे भी लोगो को नुकशान पंहुचा सकता है....

ओल्ड आउल - इसको पता नहीं था इस वजह से ye......par हमको सब पता hoga.....hum जानते है की उसको कैसे मारना है क्या करना है सब kuch....aur यहाँ पे किसी को कुछ नहीं होगा इस बात की जिम्मेदारी मेरी होगी....

ज्वाला - ठीक hai.....Old आउल अब तुमने मैं बना लिया है तो वैसा hi होगा....

पोलर बेयर किंग - हमारा ज्यादा कुछ लेना देना तो नहीं hai.....par हम मदद karenge.....aur साबित करेंगे की हम भी अच्छे दोस्त बन सकते है....

मैं - पर तुम सब समझ नहीं रहे वह पे लोगो का क्या...

ज्वाला - उनकी चिंता मत karo......mere बहुत से लोग वह पे hai.....unhone वह पे करीब हर एक घर देख रहे honge......jaha भी वो जीव मिलेगा उसको वही से यहाँ लेके आ जाएंगे.....

ओल्ड आउल - मेरे लोग भी इसी काम में लगे है.....

पोलर बेयर किंग - तो मेरे लोग याना के काम में लगते hai......Bears......iss जगह को अच्छे से सुरक्छित karo.....sabhi घरो के दरवाजे खिड़कियां सब kuch.....wo जीव जब यहाँ आये तो किसी घर में ना जा पाए...

मैं - ओल्ड आउल इसका अंतिम संस्कार तो कर dete.....phir ये सब करते रहते....

ओल्ड आउल - वो सामने देख रहे ho.....wo इसका भाई hai......usne मुझसे कहा है जब तक इसके कातिल को ना मारा जाए वो इसको चुनने भी नहीं वाला.....

अब मैं क्या hi bolta.....Maine पोर्टल खुलवाया और वह से एअर्थ को आ गया पर उससे पहले अलबूस को उस जगह पे छोड़ diya.....ye कहके की अगर कुछ हेल्प चाहिए होगी इनको तो वो कर दे......

एअर्थ पे आने के साथ hi मैं भी अपने घर के सामने खड़ा हो gaya.....yaha waha.....jaha भी देखा बस ओल्ड आउल और ज्वाला के लोग hi दिख रहे the.....Wo जीव किसी भी घर में नहीं जाने वाला था इस बात का मुझे याक्किन हो गे जब ये याद आया की रात के इस वक़्त सभी घरों की अपनी प्रोटेक्शन चालू रहती hai....wo जीव हमारे यहाँ आया था पोर्टल se.....agar कोई और रास्ता ढूंढा होता तो वो किसी भी तरह नहीं आ सकता था.....

मैं - कूपर जाओ बहार जाओ और मदद करो इन् सब ki.....uss जीव को ढूंढने mein.....jaise hi mille.....dhar दबोचो उसको....

ध्रुव - मुझे नहीं लगता वो यहाँ कही आस पास hoga.....aise jeev...aise जीव अक्सर उन् जगहों पे छुपते है जहा पे बहुत पेड़ पौधे हो.....

मैं - घरों में जा नहीं सकता wo.....to बच्ची बस वो एक jagah......wo जगह जहा pe....humare परिवार के बारे में सब कुछ होता है.....

ध्रुव - सही समझे.....

मैं उसी ओर चल pada.....sayad कूपर को साथ में रखना चाहिए था मुझे.....

ध्रुव की बात बिलकुल सही thi....ussi जगह पे वो चिप्पा हुआ tha.....pedon की वजह से अभी तक दिखाई नहीं दिया था किसी को वह पे wo....par कूपर को दिख gaya....aur कूपर को जैसा कहा गया था उसने ठीक वही करने की कोशिश kari......uss जीव को पकड़ने ki...par इस वजह से वह के पेड़ों को नुकसान हो रहा था.....

मैं - कूपर रूक्को.....

मेरे कहते hi कूपर ृक्क gaya....aur उसके बाद मैं कुछ करता उससे पहले वह पे ज्वाला और ओल्ड आउल आ गए....

मैं - अंदर पेड़ों को कुछ ना ho....iss बात का ध्यान रखना होगा.....

ओल्ड आउल - कुछ नहीं होने wala......Jwala ये बताओ वो किश जगह पे है.....

ज्वाला ने अपने सभी बन्दों को देखने को bola....ek भी ब्लेंक जगह ना बच्चे इस तरह se......unko पता चल गया.....

ज्वाला - sabhi.....portal kholenge....Old आउल अपने लोगो को बोलो उसको खदेड़ने के लिए.....

ओल्ड आउल - सब वही करो जो ज्वाला कह रहा है....

पता भी नहीं चला और उस जीव को उन् सब ने पोर्टल के अंदर जाने पे मजबूर कर दिया....

और फिर ज्वाला ने एक बड़ा सा पोर्टल khola......sab उससे होते हुए अंदर चले gaye.....kuch को छोड़ ke......Mujhe भी लेके गए वो सब.....

एक घंटे mein...iss पोलर बेयर किंग ने यहाँ का सब बदल hi डाला tha......ek उच्ची जगह बनायीं गयी thi......jiske ऊपर उस मारे हुए ओल्ड आउल के साथी को रखा गया tha....uske ठीक सामने हम चारो के बैठने की जगह thi....aur पुरे मैदान को तो जैसे स्टेडियम hi बना दिया था usne....aur जिसके चारो तरफ उसी के बन्दे the......gol घेरा banaye.....sab के सब एक शील्ड बना रहे the....wo जो जीव अभी पोर्टल से यहाँ आया tha.....wo बिच में था....

पहले तो हमको बिठाया gaya....Maine अलबूस को अपने पसस बुल्ला लिया....

ध्रुव - ये तो अलग hi प्रबंध है इन् सब का.....

मैं - मैंने आज तक ऐसा कुछ नहीं देखा है.....

ओल्ड आउल खड़ा होता है अपने जगह पे......

ओल्ड आउल - शहीदों को हमेशा याद किया जाता रहा hai....aur रहेगा bhi.....hum ना तो उनकी कुर्बानी भुल्ले है और ना कभी bhulenge....aaj....unhi शहीदों की शुछि में हमारा एक और नौजवान sipahi....kabil नौजवान shipahi....apna नाम दर्ज करा gaya.....isne अपनी जान di.....hamare.....hamare महाराज और उनके परिवार की रक्षा करते hue.....iss नौजवान का कातिल आज हमारे बिच में hai.....gaur से देखिये isko......pitth पीछे हुम्ला करने वाला ये कायर देखो कैसे दुब्बक के बैठा हुआ hai....iss कायर को आज हम ऐसी मौत denge...ki ye.....aur इसकी नेसल कभी भी भविष्य mein......humare और हमारे दोस्तों pe......nazar डालने से पहले 1000 बार सोचे....

ओल्ड आउल ने अपनी बात कही और बैठ gaya....uske बाद उसी उल्लू का भाई जिसने कहा था जब तक उसके भाई का कातिल जिन्दा है वो अपने भाई की लाश को चुवेगा भी नहीं वो अंदर जाता hai.....uss जीव के पास.....

जीव पहले से hi.....darra हुआ tha.....wo इस वक़्त ऐसे हालत में था की पूछो hi mat.....manna वो मेरे घर पे आ गया था ये सोच के की वो वह पे नभर पेट खा पायेगा शिकार कर paayega...par इस waqt...iss वक़्त उसकी हालत देखने लायक थी....

ओल्ड आउल के इस बन्दे ने उसकी ओर अपने पंखों से हमला करना शुरू किया.....

ठीक इसी waqt.....Demos पे कुछ अलग hi चल रहा tha.....Yuvraj की तो हिम्मत नहीं हुई बताने की की उसके पास से लूसिफ़ेर की चीज़ज़ चोरी हो गयी par....aise मौको pe......kuch लोग होते है जो जल्द से जल्द ये खबर पहुंचना चाहते है.....

तो एक स्ट्रेंज वर्ल्ड का बाँदा ये खबर लेके पहुंच गया घूमते घूमते लूसिफ़ेर के दरबार mein.....ab लूसिफ़ेर अभी पूरा परेशां tha....ander उसके बेटे के जिस्म से उसकी आत्मा को अलग किया जा रहा था एक बोतल में बंद करने के liye.....wo दर्द से कररह रहा tha....par लूसिफ़ेर कुछ भी और नहीं कर सकता था.....

इतने में वो स्ट्रेंज वर्ल्ड का बाँदा वह आ टपकता है.....

वो - महामहिम को मेरा samman.....Mahamahim एल्फ किंगडम के युवराज के हाटों से आपकी चीज़ किसी ने चुरा ली है.....

लूसिफ़ेर पहले से परेशां tha....wo समझ नहीं पाया कौन सी chizz.....dark पावर हो नहीं सकती क्यूंकि वो चीज़ज़ है नहीं koi...ki कोई भी आएगा और लेके निकल लेगा.....

लूसिफ़ेर - कौन सी cheez....kiske बारे में बात कर रहे हो तुम....

वो - महामहिम वो pankh.....wo पंख उसके पास से किसी ने चोरी कर लिया है....

लूसिफ़ेर - Pankh....kaun सा pankh....aur तुम क्या बकवास किये जा रहे हो.....

लूसिफ़ेर के गुस्सा होने के वजह से वो बाँदा वह से माफ़ी मांग के निकल liya.....ab कंफ्यूज वो हो रहा था की पंख hi मिला सिर्फ और इनको पंख के बारे में hi नहीं पाटा है तो आखिर चल क्या रहा hai.....Wo बाँदा वापस आता hai.....par उसके इस काण्ड के बारे में युवराज को पता चल जाता है....

युवराज ने उसको घेर लिया.....

युवराज - मेरी चुगली करने गया था तू.....

वो - m...mmmm...mmain kaha...aa..main तो बस.....

युवराज - अरे दर्रो mat....ye बताओ क्या कहा वह पे....

वो - wo...waha बोलै कोई पंख नहीं hai....Lucifer को पंख नहीं चाहिए थे....

युवराज - लूसिफ़ेर को पंख नहीं चाहिए the....par वह पे तो और कुछ मिला hi नहीं.....

वो - वही to....uss गुफा में और कुछ भी नहीं tha....sayad अगर हम वह पे वापस से देखे तो कुछ मिल jaaye...fir वो लूसिफ़ेर को देंगे तो वो हम दोनों से खुश हो जायेगे....

युवराज - खुश तो होंगे पर mujhse.....itni रात हो गयी है और तुम जाग रहे ho.....chh...chh.chh.cchhu.....ye तो बहुत बुरी बात hai....chalo मैं सुल्ला देता हु....

इतना बोलने के बाद अपनी तलवार निकल के सीधा गर्दन hi काट दिया युवराज ने उसका....

युवराज - चलो डेमोस के कुछ दोस्त काम तो aaye......wo सिपाही से अगर ना कहता मैं तो इसके बारे में तो पता नहीं chalta.....par वो चीज़ज़ वो पंख नहीं है तो क्या hai....aur पंख अगर बक्कर है तो चोरी क्यों हुई....

बैक तो एअर्थ....

सभी यहाँ [इ एक hi जगह पे बैठे हुए थे मेरा वेट कर रहे the....par मैं तो आया नहीं था अभी तक....

बुआ - मुझे लगता है हमको जाना चाहिए वह पे......

K.Bua - कैसी jaayenge....wo हमको आने hi नहीं dega....koshish कर लो.....

बुआ - Jwala.....Old आउल पोर्टल खोलो.....

कुछ भी नहीं हुआ 3 बार 4 बार बोलने पे भी कुछ नहीं हुआ.....

बुआ - इस प्रतीक को main....aane दो इस बार.....

K.Bua - बस किसी मुसीबत में ना हो वो....

निकिता - नहीं बुआ अभी तक तो नहीं है.....

बुआ - क्या मतलब hai....tumko कैसे पता नहीं है.....

निकिता - हम दोनों जुड़े हुए hai...usko कुछ होता है तो ज्यादातर मुझे पता चल hi जाता hai.....aur उसकी वजह से बहुत बार मैं मुसीबत में भी फांसी hu....wo जो मैं बेहोश हुई थी उसके पीछे उसी का हाथ था....

K.Bua - तुम दोनों ने कोई रिचुअल पूरा किया है kya.....Poonam ऐसा तो तब होता है जब कोई बहुत बड़ा बॉन्डिंग हो दो लोगो के bich....aisa शादी में भी नहीं होता....

बुआ - हम्म्म सायद ये ओल्ड आउल और ज्वाला इन् सब के वजह से ho.....sabse पहले इसी को लेके गया था ना वो...

निकिता बताना चाहती थी उस डार्क पावर के बारे में पर उसने नहीं बताया.....

निकिता - नहीं मुझे लगता है जब मैं वो कोमा में गयी थी और उसने बचाया था तब से है ये....

बुआ - हम्म ये भी हो sak....ek मिनट तो क्या तुम पोर्टल खुलवा सकती हो.....

निकिता - बुआ इतनी पावर्स नहीं है mujhme...aur ओल्ड आउल या ज्वाला इनको कभी ऐसा करने को बोलै नहीं है मैंने.....

रूपल - हां तो अभी बोलो....

निकिता - ज्वाला पोर्टल खोलो.....

यहाँ पे अभी लड़ाई हो रही thi.....Uss उल्लू का भाई अभी उस जीव को मारे जा रहा tha.....darasal ये पोलर बेअर्स जो गोल घेरा बना के खड़े थे वह पे वो कोई सुरक्षा कवच नहीं बना रहे the....wo उस जीव की ऊर्जा को खींचते जा रहे the.....jisse वो कमज़ोर होता जा रहा tha....aur ये बहुत hi बुरा था....

मैं ये सब देख रहा tha.....par ओल्ड आउल और उसके लोगो को इस चीज़ज़ को होने से मन्ना नहीं कर पा रहा tha....wo भी तो बदला ले रहे the....apne एक साथी की मौत ka....par ये कोई तरीका नहीं था मेरे हिसाब se....par अगर इस जीव ने मेरे फॅमिली में se.....kisi को कुछ भी किया होता तो सायद मैं भी इसको तड़पा तड़पा के मार hi deta....to अभी मैं बस कन्फ्यूज्ड था.....

ज्वाला मेरे बगल में hi बैठा था की अचानक से उसने मेरी ओर dekha.....aur फिर पोर्टल खोल diya....picche की ओर se.....aur उसके अंदर से वो चारो आ गए यहाँ पे....

मैंने देखा बुआ, K.Bua,didi और Nikita....charo खड़े हुए थे मेरे पीछे....

मैं गया उठ के अपने जगह से उन् सब के पास.....

मैं - आप सब कैसे......

बुआ - बच्चू अब देखो bas....humko पता चल गया है कैसे आना है तुम्हारे pass.....ye सब क्या चल रहा है तुम रात के वक़्त ये कर रहे हो यहाँ pe.....aur वह वो जीव खुल्ले में घूम रहा hai....Old आउल भी यही hai....to उसको कौन देख रहा है,....

मैं - वो बुआ वो जीव यहाँ आ चुक्का है रूक्को मैं दिखता हु आप सब को....

हम आगे बढ़ने लगे और पोलर बेयर किंग ने देखा humko....usne ताली बजायी और वह पे 4 और बैठने की जगहें बन gayi.....aur हम सब वह पे बैठ गए....

वो सब उस जीव की हालत को देख रहे थे....

बुआ - इतना भी क्या तड़पना किसी ko.....aasan मौत देके मुक्त करने कहो उसको.....

मैं - बुआ इसने हमारे घर में किसी का खून कर दिया है....

मेरी ये बात सुन्न के उन् सब को झटका लगा.....

मैं - वो dekho....uss तरफ वो बॉडी दिख रही hai....wo.....wo वही उल्लू hai....jo हमारे घर में tha.....isne उसको मार दिया....

बुआ - क्या.....

K.Bua - एक minute......inn सब में कितना वक़्त हुआ hai.....aur ये बात पहले मुझे क्यों नहीं बताई gayi....kisne चेक किया है उसको की वो मर्रा हुआ है.....

ओल्ड आउल - हमारे चिकित्सक ने देखा है उसको और उसने कहा की वो मर्रा हुआ है.....

K.Bua अपनी जगह से uthi....aur उस बॉडी के पास जाने लगी.....

मैं - ज्वाला जल्दी पहुचाओ inko...ye घेरा लगाना पड़ेगा नहीं तो.....

ज्वाला ने पोर्टल खोला और K.bua उसके अंदर चली gayi....saath में बुआ भी....

मैं समझ नहीं पा रहा था अब मर्रे हुए के साथ क्या करने वाली है ये.....

वो दोनों hi वह गयी.....

इस वक़्त जैसे पुररे मैदान में जितने भी लोग थे सभी का ध्यान बस और बस K.Bua के ऊपर hi tha....K.Bua ने उस उल्लू के नॉब्स को चेक kiya.....aur बुआ की ओर देखा....

बुआ - क्या hua....ye जिन्दा है क्या...

K.Bua - nahi.....jinda नहीं है ये par.....tujhe याद है वो experiment....jisko उस चूहे पे किया था हमने....

बुआ - पागल है kya.....wo चूहा tha....aur ye....ye उल्लू है और इस्पे एक्सपेरिमेंट दिम्माग नहीं है क्या.....

K.Bua - अगर मैं सही हुई naa.....to इससे इन् सब को बहुत फायदा होने वाला hai....kabhi भी नहीं मरेंगे ये सब.....

बुआ - पर ये नियमों के खिलाफ hoga.....tu भी जानती है नेचर के नियम को.....

K.Bua - हां पता है पर एक तरय तो बनता है ना.....

मैं - रूपल दीदी ये क्या बातें कर रही है दोनों....

रूपल दीदी - पता नहीं....

वह K.Bua और बुआ लगे हुए थे आपस mein....par बुआ ने K.Bua को मन्ना hi liya.....uss उल्लू के साथ एक्सपेरिमेंट ना करने के लिए......

दोनों वह से अपनी जगहों पे आ गए.....

K.Bua - ओल्ड आउल सॉरी अब कुछ नहीं हो सकता....

ओल्ड आउल - जी मैं जानता hu.....ab कुछ भी नहीं हो sakta.....rukk क्यों गए इसको ख़तम करो.....

बुआ - ओल्ड आउल तुम सब कब से इस शैतान के साथ ऐसा कर रहे हो.....

मैं - 45 मिनट...

ओल्ड आउल - तुम्हे नहीं लगता अब हमको तुम्हारे साथी का अंतिम संस्कार कर देना chahiye.....Kavita ने बताया की बॉडी ख़राब होने लग गयी hai.....aksar तो ऐसा नहीं hota....par इस शैतान की वजह से उसकी बॉडी ख़राब होने लगी है जल्दी से.....

बुआ ने झूट बोल दिया ताकि ये शैतान भी अब ख़तम हो jaaye.....usne भी बहुत सह लिया था.....

बुआ की बात पे गौर करते हुए ओल्ड आउल ने वैसा hi करने को kaha....Shaitan को मार दिया गया और फिर उसको ज्वाला और उसके लोगो ने जल्ला दिया....

उसके बाद ओल्ड आउल के साथी की अंतिम संस्कार की गयी......

नेक्स्ट अपडेट में देखते है आर्चरी सोसाइटी के कुछ लोगो की रहस्यमयी तरीके से मौत हो जाना और साथ hi घर की सिक्योरिटी और भड़ाना और वो होटल्स का designs....jisme दब भी आने वाला है....
 
अपडेट - 74

एअर्थ से dur.....Strange वर्ल्ड mein......Subah का वक़्त था.....

लीमो अपने एक अड्डे पे tha.....aur वही खड़ा सब देख रहा था.....4 लाशें पढ़ी हुई थी वह pe......Archery सोसाइटी के लोगो की....

बहुत hi अजीब तरह से मारा था unko......dono हाथ काट दिए गए थे कंधे से hi...aur फिर उनको आपस में बदल दिया tha....left वाले हाथ को राइट वाले के पास और राइट वाले को लेफ्ट वाले के पास....

लीमो - कुछ पता चला कौन आया था यहाँ.....

"Nahi.....abhi तक कुछ पता नहीं चला hai....ye लोग जो मारे गए है ये स्टोरंग the.....isko ऐसा मार dena.....mujhe लगता है कोई बहुत ताकतवर आया होगा यहाँ पे....."

लीमो - इस जगह से कुछ गायब नहीं हुआ hai.....upar से इन् जगहों के बारे में किसी को पता भी नहीं होता hai.....phir ये खुनी यहाँ आया कहा se.....pata करो इन् सब को कौन कौन सा काम दिया गया tha...aur यहाँ का पहरेदार कौन था.....

"पहरेदार भी यही पे मर्रा पड़ा hai....usne किसी को नहीं छोड़ा hai....jaha तक आपने चीजजें गायब होने के बारे में कहा है सब कुछ अपने जगह पे hi hai.....aur वो जो कोई भी था यहाँ कैसे आया इसके बारे में तो कुछ पता hi नहीं है..."

लीमो - हम्म तुम अब सबसे पहले ये पता करो की इन् सब को किस किस काम पे लगाया गया tha.....aur हां सभी अड्डों की सुरक्षा और badhao....aur वो लिस्ट पता है ना tumko...jisme सोसाइटी के सभी लोगो का नाम hai....uss लिस्ट ko...usko अभी के अभी मेरे पास लेके aao....wo सुरक्षित नहीं है यहाँ pe....humko उससे कही और लेके जाना होगा....

"जी मैं करता हु..."

लीमो इतना बोल के वह से एक बार उन् लाशों की तरफ देख के निकल गया......

घर पे हम सब को सुबह सुबह hi निकल दिया गया tha.....Dadu और चाचू भी कही साथ में निकल गए the.....Chachi ने कहा था हमसे की उस पंकज को भी कॉल करके अपने साथ lele.....par वो आया hi nahi.....usko जब बुआ ने कॉल किया तो उसने बोल दिया उसको स्कूल जाना है कुछ पढ़ाई करनी hai....Ajeeb तो लगा बुआ को ये sunke...par वो सोची सच में बदल रहा है ये तो डिस्टर्ब नहीं करते है.....

हम सब रूपल दीदी के साथ आज इंडिया के hi अपने एक होटल में पहुंचे हुए the.....Bua और K.Bua को रूपल दीदी और निकिता का केयरटेकर बना दिया गया tha....aur main...main बक्कर में आया हुआ था यहाँ पे....

ये लोग बिज़नेस को लेके बातें कर रहे the....aur मुझे इन् सब में बिलकुल भी इंटरेस्ट नहीं tha....Maine कहा की मैं कही और चला जाता hu...par ये बोल के रोकक दिया की आगे जाके मुझे भी तो इन् सब में आना hi है तो देख के सिखने की कोशिश करू....

बारी बारी से लोग आते gaye....wo सब आते और अपना प्लान हम सभी को batate....plans भी अजीब अजीब से the.....koi कुछ लेके आता तो कोई kuch.....ek बन्दे ने ऐसा प्लान दिखाया की हमको अपने होटल्स को कब्रिस्तान जैसा थीम दे देना चाहिए....

मन्ना की थोड़ा डरावना दिखाना था usko.....jisse अगर वह पे असल के भी मैजिकल क्रीचर्स आ जाए इंसानो के सामने तो उनको बस यही लगेगा की ये तो कस्टम में hai....par इतना भी नाह करना था....

मैं वह पे थोड़ी देर और रुकता पर उससे पहले hi ओल्ड आउल का मैसेज आया......

उसने बताया की स्ट्रेंज वर्ल्ड में कुछ गड़बड़ हुई है.....

मैंने इन् सब को इस बारे में बताया और वह से निकल gaya.....iss बार इन् सब ने भी नहीं रूका इनको अब पता जो चल गया था की निकिता भी मेरे बेहल्फ़ में ज्वाला से काम करा सकती thi.....to जब मैं किया ये टपक पड़ेंगे वह pe...par अभी इनको यहाँ पे कुछ और hi करना था.....

मैं झट से पहुंच गया ओल्ड आउल के पास.....

मैं - हम्म पूरी बात बताओ....

ओल्ड आउल - पिछले 2-3 रातों से वह पे कुछ गड़बड़ चल रही है....

मैं - कैसी गड़बड़ और इस बारे में मुझे कभार क्यों नहीं मिली है....

ओल्ड आउल - मैं तो यहाँ था आराम कर रहा tha....aur मेरे जगह पे जो वह पे tha.....usne जैसी रिपोर्ट दी थी उसके हिसाब से सब ठीक hi था बस थोड़ी बहुत चीजजें यहाँ वह thi....aur कल का तो तुमको पता hi hai.....kal सभी अपना अपना काम छोड़ के यहाँ आ गए the.....bas इसी में वह पे ये सब हो गया....

मैं - और ये ये सब से क्या मतलब है tumhara....waha पे हुआ क्या है असल में.....

ओल्ड आउल - पहले तो तुम्हारी उस इंसान के कारनामे के वजह से हम बच भी गए और सायद फंस भी गए hai...ispe अभी थोड़ी कन्फूसिओं hai.....par साथ hi लीमो के 4 लोग मारे गए है कल रात में.....

मैं - Kya......Archery सोसाइटी के लोग मारे gaye....aur इस बारे में अब पता चल रहा है mujhe.....subah से अभी तक इस बारे में क्यों नहीं बताया....

ओल्ड आउल - वो दरअसल सभी अपने अपने परिवार वालो के पास आये the....aur कल जो कुछ भी हुआ था उसके बाद मैंने सभी को कुछ वक़्त के लिए उनके कामों से मुक्त कर दिया tha,.....aur इतने में ये सब हो गया....

मैं - अभी वह सब कैसा hai.....aur लीमो क्या कर रहा hai....kuch पता चला की कौन था वो जिसने ये खून किये है....

ओल्ड आउल - Nahi....iss बारे में मैंने कुछ लोग भेजे hai.....wo अपना काम कर रहे hai....par....abhi तक तो कुछ नहीं मिला है.....

मैं - एल्फ किंग या युवराज का हाथ तो नहीं है isme.....yaa फिर कोई और hi.....

ओल्ड आउल - एल्फ king......wo भला ऐसा कुछ क्यों karenge.....wo तो मदद मांग रहे थे ना.....

मैं - इन् बड़े लोगो की सोच के बारे में कुछ ना कहा जा सकता hai.....ye बड़े लोग बड़े अजीब होते hai.....khair....mujhe इन् दोनों के हर एक मूवमेंट की खबर chahiye....aur खबर सिर्फ मुझे milegi...aisa ना हो की पहले कही और खबर जाए और फिर मुझे mille....isse बातें बदल जाती है.....

ओल्ड आउल - तुम ऐसा कह के मेरे पुरे समुदाय पे इलज़ाम लगा रहे हो....

मैं - ये फैक्ट है ये बातें हर जगह होती है मैं सिर्फ तुम्हे और तुम्हारे लोगो को नहीं बोल raha.....ab जो कहा है वो karo....aur अब आराम ख़तम हो गया है tumhara....kaam पे लगो....

ओल्ड आउल वह से जाने लगा....

मैं - एक मिनट और उस इंसानी ladki....uska क्या बताया था......

ओल्ड आउल - उसने हमला किया tha.....Yuvraj pe.....aur सुनने में आया है उसने कोई चीज़ चुरा ली है उनसे....

मैं - हम्म तो क्या चुराया उससे.....

ओल्ड आउल - एक pankh...kal जिसकी मौत हुई थी उसी की पंख चोरी की थी उसने और अपने गुरु को दे दी thi.....wo निक्स मंदिर का पुजारी hai.....humko शक हो रहा है की उस पुजारी ने सब देख लिया है....

मैं - kaise.....aur इस शक को कन्फर्म करने के बारे में सोचो jisse....aage क्या किया जाए ये सोच पाए hum.....wapas से सब कुछ तुरंत सेटअप नहीं कर सकते हम.....

ओल्ड आउल - हम्म ठीक है....

वो वह से चला गया.....

मैंने सोचा वह मीटिंग में जानना एकदम से बेकार hai.....Main लीमो से मिलने चला जाता hu......sayad उसकी कुछ मदद की कर सकू....

मैं ज्वाला के पास गया और उसको पोर्टल खोलने के लिए kaha....Strange वर्ल्ड के लिए....

हम दोनों सीधे लीमो के पास pahuche......Leemo ज्वाला को नहीं देख सकता था.....

लेममो - अरे aap.....main अभी आप जैसे hi किसी को मिलना चाहता था....

मैं - हम्म मैंने सुन्ना तुम्हारे 4 लोगो की मौत हो गए है....

लीमो - हत्या हुई है unki.....jisne भी किया है वो बचेगा नहीं.....

मैं - हां और इसमें मैं भी मदद karunga.....waise मुझ जैसे किसी को क्यों धुंध रहे थे कोई काम था क्या.....

उसने अपने कपड़ों में चुप्पा राखी एक छोटी सी किताब मुझे di.....ye एक डेरी थी....

मैं - ये क्या है और मुझे क्यों दे रहे हो.....

लीमो - ये हमारे सोसाइटी का ग्रन्थ hai....hum इस्पे हाथ रखने के बाद hi इस सोसाइटी में आते hai...aur हम सब का नाम उसमे आ जाता hai....ye किताब सायद यहाँ पे सुरक्षित नहीं hai.....isko आप अपने पास rakhiye....jab ये खुनी मिल जाएगा तब मैं खुद ये आपसे ले लूंगा.....

मैं - पर इसके ना होने से तुम नए लोगो को कैसे ले सकोगे.....

लीमो - अभी किसी को सोसाइटी में नहीं लेना hai.....aur प्रमुख लोगो की सभी जगह भी भरी हुई hai....aap लेके जाओ isko...aur अपने पास रखना....

मैं - हम्म ठीक hai....par इसकी जरुरत नहीं पड़नी चाहिए.....

लीमो - नहीं ये यहाँ पे सुरक्षित नहीं है लेके जाइये आप इसको.....

मैंने उससे वो किताब ले liya.....aur थोड़ी देर यहाँ वह की बातें करि उससे......

थोड़ी देर के बाद मैंने ज्वाला को बोलके एअर्थ के लिए निकल गया....

वही सुबह से पंकज और लीडर भी बातें कर रहे थे......

पंकज को लीडर ने अपने एनर्जी का सिग्नेचर दे दिया tha.....aur पंकज भी उसको लेके आज स्कूल गया हुआ था......

स्कूल में इन् दिंनो में वैसे भी ज्यादा लोग होते नहीं hai....upar से ये तो प्रोफ दक्ष के लड़के thahre....to बाकी के prof.s से या स्टाफ मेंबर्स से बातें होती रहती thi.....bas इसी का उसे करते हुए वो पता लगाने लग गया इन् सब के बारे mein......ek जूनियर स्टाफ मेंबर के साथ रिकार्ड्स रूम में जाके उसने चेक करना शुरू kiya.....Energy सिग्नेचर्स को भी चेक करना कोई आसान काम तो होती नहीं hai....aur ऊपर से ये एक स्टूडेंट था ye......usne सबसे पहले तो लड़कियों का डाटा एक तरफ kiya....aur उस डाटा को देखने के बाद तो उसने अपना सर पटक liya,....bahut ज्यादा देता था wo....aur इसको सभी के एनर्जी सिग्नेचर्स को देखना था......

एक एनर्जी सिग्नेचर को देखने में hi कमसे काम 20 मिनट लगते the....aur जितना डाटा था यहाँ पे उतना चेक करने के लिए अगर बिन्ना खाना खाये और सोये भी देखे तो काम से काम 4 साल लग जाना था

पंकज - आप मेरे काम को शुरू kariye....par ये किसी को पता नहीं चलना चाहिए......

सम - पर यार इसमें वक़्त बहुत लगने वाला hai.....koi और चीज़ज़ नहीं है क्या....

पंकज - होता तो मैं आपको नहीं batata....Main भी इसको जल्दी ढूँढना चाहता hu....kisi के लिए बहुत खास है ये.....

सम - चलो ठीक है हम ये कर देते hai....par आप भी वो छुट्टी वाली बात थोड़ा पापा को याद dilaiyega....unke कहने से चान्सेस बढ़ jaayenge.....humko जाना है कुछ वक़्त के लिए अपने घर....

पंकज - अरे मैं इसका पूरा ध्यान rakhunga...aur पहली बार थोड़ी है अपना....

घर पे अलग hi सब चल रहा hai.....Dadi और चची दोनों hi घर के बिलकुल बिच में बैठी हुई hai.....aur कोई विद्धि कर रही hai....aag नहीं जल रही वह पे पर पुरे घर में धुंवा सा फैला हुआ tha.....aur ये इनका जब से हम सब बहार गए थे तब से चल रहा tha......ab तो वैसे भी दोपहर का वक़्त हो गया था.....

वो धुवां अब लगभग पुरे घर में हर एक कोने तक चला गया tha....saath में पीछे वाला गार्डन और उसके अलावा आगे के गार्डन का कुछ हिस्सा भी उसके पास आ गया था......

चची अब कड़ी होती hai.....aur अपने हाथों से उसी धुवें में कुछ बनाने लगती hai....jaha जहा पे वो हाथ लेके जाती वह वह से धुवां हैट जाता ऐसा लग रहा था जैसे कोई द्वारिंग बना रही हो wo.....Fir दादी भी कड़ी होती है और वो भी यही करने लगती hai.....thodi देर ऐसा करने के baad....wo धुवां गायब होने लग जाता है.....

चची - माँ 3 जगह.....

दादी - हम्म मुझे भी ऐसा hi लगता hai......ek तो इस प्रतीक के रूम में hai....ek सामने वाले गार्डन mein.....aur एक हमारा वाला.....

चची - माँ प्रतीक के रूम में तो वही आया था एक दो baar.....wo मैंने आपको बताया भी था ना वो सिख रहा था और उससे यहाँ आ गया tha.....aur वो बहार गार्डन वाला भी उसी का hoga....wo उस दिन याद है naa.....aur अपना वाला तो हमहि सब का है ना....

दादी - नित्य मतलब समझ रही ho....wo शैतान यहाँ हमारे लिए hi आया tha.....par इतने वक़्त बाद क्यों.....

चची - माँ मैंने आपसे और पापा से कहा भी tha.....ki उन् सब को हमको भेज देना chahiye.....sayad ये वाला शैतान कोई प्लान बना रहा ho.....sayad वो उसके यहाँ होने का सबूत मिटाना चाहता हो....

दादी - मैंने भी तुम्हारे पापा से बात करि थी इस बारे mein....par तुम भी जानती ho.....wo सुनते कहा hai.....lekin अब तो सुन्ना hi पड़ेगा हमारे बच्चो पे बात आ गयी hai....agar उस शैतान ने उनपे हमला किया होता तो.....

चची - हां माँ मैं भी यही कह रही hu....hume जल्दी से उन् सब का पता लगा के उनको भेजना होगा यहाँ से.....

दादी - कल रात hi बात हुई है इस बारे mein.....aaj सत्य और ये उसी के लिए गए hai.....abhi तो उस शैतान के ठिकाने पे गए honge.....waha से पता करने की ये चाहता क्या tha....aur बाकी के शैतानो के बारे में भी ऐसा hi hai....hum उनको भी हत्ता hi देंगे यहाँ se.....ab कोई रिस्क नहीं ले सकते हम.....

चची - माँ पूनम अब बड़ी हो चुकी है सायद वो......

दादी - Nahi......inn सब में अब घर का कोई और नहीं आना chahiye.....hum चार hi बच्चे है जो ये सब जानते है और हम चार hi रहने chahiye....ye नुबेर बढ़नी नहीं chahiye....humne उनको यहाँ पे लाया था हम उनको भगा भी सकते hai....aur खबरदार जो पूनम या किसी और को इन् सब के बारे में बताया है to....ab chalo.....iss विद्धि को पूरा करते hai....wo सब शाम तक आ भी जाएंगे....

चची - जी ठीक है....

चची ने किसी से नहीं कहा था की उन्होंने ये साड़ी बातें अपने माँ डैड से या फिर निकिता से कही हुई है.....

दोनों hi वापस से उसी जगह पे बैठ जाते है और बैठते hi धुवां वापस आ जाता है और फिर ये दोनों कुछ करने लग जाती hai....iss दौरान उस धुवें का रंग बदल रहा था बार बार बदल रहा था....

इन् सब से dur...Chacha जी और दादा जी उस शैतान के बारे में पता लगाने गए हुए the.....unko ये नहीं पता था वो रहता कहा hai....par वो ये जानते थे की उसका ठिकाना कैसे ढूँढना hai.....pahli बात ये मांस खाने वाला शैतान tha...to उन् इलाको में जाने का जहा पे लोग मारे जा रहे ho....yaa गायब हो जा रहे ho.....ab ऐसे में तो बहुत से जंगल भी आ jaayenge....jungli जानवर भी तो मांस कहते hai....par इन् दोनों ने इसके बारे में भी सोच रखा tha......jaha कही भी ये शिवतन रहता है वह पर की हवा में एक अजीब सी महक होती hai....shikar को लुभाने के liye.....wahi महक जिसकी वजह से अलबूस जा पंहुचा था इसके pass......Ab अलबूस की स्मेल्लिंग स्ट्रेंथ बहुत ज्यादा थी इतनी तो इनकी थी नहीं तो इन्होने पहले वो जागहिं चुन्नी जहा पे लोग गायब हो जा रहे the....aur फिर उन् जगहों पे जाके चेक करने lage....par ये काम बहुत वक़्त लेने वाला tha....to शाम होने तक इन्होने मदद के लिए कुछ लोग इकठा कर liye....aur उनको उनका काम समजझा के ये घर को निकल लिए......

यहाँ मैं जब मीटिंग वाले जगह पे वापस आया तो देखा वह पे दब बैठा हुआ tha.....uske साथ में एक आदमी भी था पता नहीं कौन था wo......wo दोनों वेटिंग रूम में बैठे हुए थे अपने नंबर का वेट कर रहे थे.......

सायद दब को हमारे घर के बिज़नेस के बारे में बिलकुल hi नहीं पता tha....yaa वो ये नहीं जानता था जहा पे वो आया हुआ है वो हमारा होटल tha.....Main इंटरव्यू वाले रूम की ओर जा रहा था की उसपे नज़र पड़ी मेरी....

मैं - ये दब यहाँ क्या कर रहा है.....

पहले मैंने वो डेरी अपनी पॉकेट में rakhi....aur फिर उसके पास गया...

मैं - दब तुम यहाँ....

दब ने पहले तो एक बार मुझे अच्छे से dekha...uske बाद उसने उस आदमी को देखा जिसके साथ वो आया था.....

दब -(थोड़ा हिचकिचाते हुए) हां वो मैं इनका असिस्टेंट बन के आया हु....

राज कुमार बना असिस्टेंट :सिघ:

मैं - पर किस लिए....

वो आदमी - हम यहाँ पे अपने दसिग्नस दिखने आये hai...iss होटल के ओनर्स ने अपने कुछ होटल्स को मॉडिफाई करने के बारे में सोचा है थोड़ा अजीब सा लुक देने के बारे mein....to मैं आ गया यहाँ pe....isko leke....waise तुम इसको कैसे जानते हो.....

मैं - वो ये मेरा दोस्त hai.....accha क्या कहा आपने एक बार और बताना....

आदमी - यहाँ पे दसिग्नस दिखने आया hu.....freelancer हु ना....

मैं - हम्म्म तो आपका नंबर नहीं आया अभी tak....aap रूक्को मैं देखता हु....

मैं उन् दोनों को वही छोड़ के अंदर चला गया रूम mein....mujhe जाते हुए देख दोनों अजीब सा मुँह बना रहे थे पर अब क्या hi कर सकते है.....

मैं - दीदी अभी तक चल रहा है ये.....

रूपल दीदी - इनसे hi puccho.....chotu 3 दसिग्नस पसंद आये है humko....par ये दोनों है ki.....thoda और देख लेते hai.....kya पता कुछ नया और यूनिक मिल jaaye....inke नए और यूनिक के चक्कर में सर दर्द करने लग गया है......

निकिता - बुआ अब बस भी करो naa......kitne और दसिग्नस देखोगे....

बुआ - बस थोड़े aur.....sayad कुक......

रूपल दीदी -(मुँह बनाते हुए) सायद कुछ यूनिक और नया मिल जाए.....

इतना बोलने के बाद उन्होंने बेल्ल बजायी वापस से.....

और बहार से एक और बाँदा aaya.....designs देखे इसके bhi.....aur थोड़ी बातें करि.....

मैं - K.Bua बहार दब आया हुआ hai.....assistant बांके किसी के साथ....

K.Bua ने मेरी बात सुन्नी तो उनके चेहरे पे एक अलग hi चमक आ gayi.....unhone बुआ के कान में कुछ कहा.....

बुआ ने भी वापस उनको कुछ kaha......aur वो खुद कड़ी हुई और बहार जाने लगी.....

रूपल दीदी - आप कहा निकल रही हो....

बुआ - वो आ रही है अब बस एक दो और लोग बच्चे hai....unka देख के घर chalenge....Bacchu टुन्ने लंच किया क्या.....

मैं - नहीं वो थोड़ी गड़बड़ हो गयी थी स्ट्रेंज वर्ल्ड mein....bas उसी के कारन याद नहीं रहा....

बुआ - क्या हुआ वह पे....

मैंने उनको सब बताया कैसे लीमो के चार लोग मारे जा चुक्के थे और उसने मुझे उनकी डेरी दी थी.....

बुआ - बच्चू ये डेरी तू संभल paayega.....mujhe लगता है isko.....isko लिमि को दे देना chahiye....wo इसका अच्छे से ध्यान रखेगी....

मैं - बुआ मैं भी यही सोच रहा tha.....kyunki घर पे रखना सेफ नहीं होगा isko....kabhi भी किसी के हाथ लग सकता hai.....Maine आपको देने का सोचा tha....par आप लिमि का कह रही हो तब मुझे भी लगता है उसी को देना चाहिए...

हम बात कर hi रहे थे की K.Bua वापस आ गयी.....

K.Bua - हम्म हो gaya.....ab बस 2 और दसिग्नस hai.....aur तुरंत हो जाना चाहिए ये sab.....tum सब ऐसे क्यों मुँह किये हुए हो....

निकिता ने K.Bua को सब बताया.....

K.Bua - ये तो बुरा हुआ उसके साथ.....

थोड़ी डियर में एक और डिज़ाइन के साथ एक लड़की aayi....uske दसिग्नस सभी ने dekhe.....wo सच में देखने लायक the....uski फाइल को हमने रख लिया और उसको आगे इन्फॉर्म करेंगे ऐसा बोल diya.....uske बाद दब और वी आदमी अंदर aaye.....wo दोनों hi मुँह फाड़े the...DB सभी को देख ke....aur वो बाँदा दोनों बुआ को देख के.......

ये वही था K.Bua की दोस्त का bhai.....wo दसिग्नस बना रहा tha.....hamare hi होटल्स के लिए....

दब इस वक़्त थोड़ा सर्मिन्दा सा लग रहा tha....sayad वो इस तरह से अपने दोस्तों के सामने कम्फर्टेबले फील नहीं कर रहा था.....

खैर हमने उनको बैठने को कहा और सब प्रोफेशनल तरीके से hi hua......aur उसके बाद हमने 3 लोगो के डिसीजन्स चोसे kiye....unme से एक इ भी the.....humne...tinno को 3 होटल्स के बारे में बताया और वह पे काम शुरू करवाने को कह दिया.....

दब चुक्की आज बहुत वक़्त बाद मिला था तो हमने उसको घर चलने को kaha....aur उसके साथ आये आदमी को बोलै की वो कल तक आ jaayega.....wo भी ख़ुशी ख़ुशी चला गया....

हम सब जब घर pahuche....to वह पे बड़े लोग मीटिंग कर रहे the.....pata नहीं क्या बातें चल रही थी पर थे चारो एकदम से सीरियस.....

हम सबको देख के चारो ने सब बातें बंद कर दी और अपने काम पे लग गए.....

हम भी अंदर आये थोड़ी बात चीत की वो दसिग्नस और दीदी ने जो भी फैसला लिया था उसके बारे में सबको बताया.....

चची - ये पंकज नहीं आया तुम सब के saath.....wo नहीं था वह पे....

बुआ - भाभी उसको कॉल किया था तो पता चला वो स्कूल में गया हुआ है.....

रूपल दीदी - अब इतने पढ़ाकू बच्चे को पढ़ने से rokna....accha नहीं लगता ना मम्मी....

बड़े hi अजीब तरह से कहा था उन्होंने :lol: जिससे सभी की हस्सी निकल गयी.....

चची ने लेकिन सोच लिया की वो इस बारे में खुद अब पंकज से बात करेगी की वो क्यों नहीं आ रहा यहाँ पे आखिर उन्होंने वडा किया हुआ था मां जी से....

इन् सब के आलावा आज के दिन पुजारी जी ने कुछ बातें पता करने की कोशिश की thi.....par उसका नतीजा भी कुछ वक़्त बाद hi आने वाला था....

तो आज का यही तक रखते है नेक्स्ट अपडेट में देखेंगे.....

स्ट्रेंज वर्ल्ड में आये हुए एक नए हत्यारे ko......aur साथ hi एअर्थ पर के शैतानो के बारे में निकिता बताएगी हम सब को जो कुछ भी उसको पता hai.....aur पंकज और लीडर की जोड़ी.....
 
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