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- Dec 5, 2013
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अपडेट - 58
अब तक
मैंने एक लड़की को देखा स्ट्रेंज वर्ल्ड में उसने मुझे देखा और भाग gayi....main अभी भी मानता हु इसकी वजह मैं नहीं ओल्ड आउल tha...uss लड़की का पता लगाने के लिए पहले तो मैंने ओल्ड आउल को बोलै उसके पीछे लगाओ किसी को या खुद jao...saath hi जिसको व पीट रही थी उसको मैं लेके आ गया अपने ghar...jaha पे थोड़े सवाल जवाब के बाद उसको घर के तैखने में रख दिया गया तब रात के 2-3 बज रहे the...uske बाद सुबह हुई और जब तक मैं उठा तब तक उसपे हाथ साफ़ कर चुक्के थे घर के log....par जब मैं पूछताछ करने पंहुचा तब आ गया वो मोटा aadmi....wo स्ट्रेंज वर्ल्ड का banda...usne उसको अरेस्ट किया और स्ट्रेंज वर्ल्ड में भेज दिया मेरी पूछ ताछ वही ख़तम हो gayi....main फिर चल दिया School....kam से काम बुआ की क्लास करनी थी सायद काम दांत पड़े...
अब आगे
क्लास होने में देरी थी तो मैं अपने रूम में आया और बैठ gaya...ab बस एक hi तैरका था उस लड़की के बारे में पता करने का और वो था ओल्ड आउल जब वो उसका पीछा करता तब hi उसके बारे में कोई और खबर milti....abhi तक बस यही पता था इंसान है और लड़की hai...haa सूंदर भी hai...par उससे ज्यादा और कुछ पता नहीं tha...haa गुस्से वाली भी है sayad....maar कैसे रही थी उसको
मैं ये सब सोच hi रहा था की क्लास का वक़्त हो गया और मैं चल दिया तैयार होक बुआ के क्लास mein....wo पहले से अंदर thi....mujhe देखा तो घूरने लग gayi....matlab साफ़ tha....daant पड़नी hi hai....Pure क्लास में गुस्से से देखती रही मुझे wo....fir जब क्लास ख़तम हुआ तो मुझे अपने केबिन में बुलाया...
मैं भी क्या होगा क्या karegi....aat भी गाल लाल honge....aise सोचते हुए वह पहुंच gaya....ander कविता मैडम पहले से thi....ye अच्छा नहीं है यार डांटा है तो अकेले में डांटे ये कविता मैडम को हर बार लाइव शो दिखने लेके चली आती है ye...ab कुछ बोल भी नहीं sakte.....kyunki फॅमिली मेंबर टाइप hi है वो bhi....pata चला वो भी लगे हाथ
खैर वह गया तो उन्होंने पहले दरवाज बंद करने को कहा मैंने कर diya....unhone फिर कविता मैडम को कोई इशारा किया जिसको देख वो थोड़ा हसने lagi....Bua ने गुस्से में वापस से इशारा kiya....aur कविता मैडम अपनी हसी रोकती हुई पता नहीं कुछ तो की और इससे हुआ ये की रूम में आवाजें आने लग gayi...awajein दादी की....
दादी - पूनम तुमसे प्रतीक संभाला नहीं जाता तो बता do....ye कैसे वह से निकल जाता है रोज रात ko....aur आज तो किसी से इसकी लड़ाई भी हो गयी स्कुल के bahar....ye सब चल रहा है waha....aisi सिक्योरिटी है वह ki.....aur ये भतीजा है ना tumhara...ispe तो खास ध्यान देना चाहिए tumko....aur तुम हो की बस खाया पिया और सो gayi....ek काम ढंग से नहीं होता इस लड़की se.....kya सोचा tha.....baccha है प्रतीक रूम में hi रहेगा एक बार बोल दिया to.....wo बड़ा हो रहा hai....usko अभी नियम तोड़ने का मैं करता रहेगा पर तुमको कुछ तो करना चाहिए ना उसको नियमों का पालन करते रहने के liye....karo kuch....aur हां अब बहुत वक़्त दे दिया है मैंने tumhe....tumhare भाई और पापा के कहने pe....aur ये जो निधि के पीछे चिप्पी रहती हो naa...usko भी देखती हु main.....aage से प्रतीक पे ज्यादा ध्यान dena.....wo किसी भी तरह रात में बहार ना जा paaye....pata नहीं क्या क्या करता रहता है वो bhi....ek काम karo.....uske ऊपर वो जादू कार्डो जो माँ अपने छोटे बच्चों पे करती है जिससे वो खो ना जाए....
ऐसे hi ना जाने कितनी देर तक ये चलता रहा और मैं सुनता रहा वही कविता मैडम पास में पड़े हुए सोफे पे बैठी पेट पकड़ के हिस्से जा रही thi....aur मैं सोचे जा रहा था आज क्या hoga....Dadi को इतना कुछ भी नहीं कहना चाहिए tha....sayad इसके बाद चची को भी कहेगी अभी मैं वह था तो मेरे सामने ना कहा हो अब कह रही hogi...aur वो भी मुझे hi याद कर रही होगी....
बुआ - करू तुमपे वो जादू करू मैं....
मैं - क्या होता है उस जादू से...
बुआ - देखो अभी भी सवाल पूछ रहा है ये नहीं चुप रहे....
कविता - तो बता दो ना क्या होता है उस जादू se...bata दो की जहा भी ये जाएगा वो सब तुमको पता चलता रहेगा जो ये सुनेगा वो तुमको भी सुनाई देगा जो ये देखेगा वो तुमको भी दिखाई देगा.....
बुआ - सुन्ना na....ab बोलो करू मैं ये sab,.....aur तुममे थोड़ी भी अकाल नहीं है kya....maar पीट क्यों ki.....aur की तो की चलो कोई मजबूरी रही होगी हमने भी अपने वाक्य में किया है ये sab....par उसके बाद घर कोण जाता hai....aur वो भी जिसको मारा उसको कोण घर लेके जाता hai....raat में कही सर पे चोट वोट तो ना लग gayi....jisse पागल वागल हो गए ho.....sunna ना कितना कुछ कहा है मम्मी ने mujhe....aur अब भाभी को बोले जा रही होंगी वो.....
मैं - सॉरी वो मैं बस दीदी के पास जाना था...
कविता मैडम ने जब रूपल दीदी का नाम सुन्ना तो और हसने लग गयी wo....aur बुआ और गुस्से में आ गयी....
बुआ - Didi....haa ये सही है दोनों भाई बहन मिलके मुझे सताते रहो bas...aur अब तो एक नयी भी आ गयी है ना वो निकिता उसको भी गैंग में शामिल कर लिया ना वो भी करेगी परेशां ab.....par मैं भी अब शांत नहीं rahungi....tum सब को आगे से कुछ भी गलत किया तो सज़्ज़ा मिलेगी....
मैं कुछ नहीं बोलै बस सर निच्चे कर के खड़ा रहा और क्या करता मैं.....
कविता मैडम - वैसे वो मिला कहा tumhe.....aur वो एअर्थ पे आया कहा se....uske आते hi सबको पता लग जाना चाहिए था.....
मैं - (मैं में) अब यहाँ भी सवाल hi है बस.....
मैं इनको भी कहानी सुंनने लग गया.....
चलो यहाँ प्रतीक को कहानी सुंनने देते है और हम एक नज़र दाल आते है अपने दब भाई पे....
ये यहाँ बहुत कोशिश कर रहा hai....yaha पे बसने ki....yaha के लोगो के साथ अच्छे से रहने की और अपनी ट्रेनिंग करने की par...ab कहा ये राज महल में रहता था वो भी पुरे aisho-aarram के साथ और कहा अभी ये आ पंहुचा है इस आश्रम में जहा आराम का मतलब hi कुछ और hai...isko तो खाना भी यहाँ इंसानो वाला hi दिया जाता है वो भी साफ़ सुथरा खाना कोई मसालेदार nahi...inn सब में ये बाँदा लगा हुआ था...
वो आज भी सबेरे से वही खिच्चड़ के पास बैठ ध्यान लगा रहा था...
कीचड़ के पास इस लिए क्यूंकि वो भी तो नेचर का hi एक हिस्सा है और इसको सभी कुछ अपनांना hoga....itne वक़्त में कुछ कुछ दब की सहने की क्षमता बढ़ गयी थी.....
लम्मी - राजकुमार गुरु जी आपको बुला रहे है....
लम्मी तो याद hi होगी लेममो की bahen...jo एअर्थ पे आयी थी अपनी बेटी के साथ और उसके आश्रम में hi रहने को कहा गया था...
ध्यान में बैठा दब इस आवाज को सुनता है और उठ के चल देता hai....pata नहीं कैसे ध्यान लगा रहा था ये....
दब गुरूजी के pass....matlab यहाँ का सबसे ताकतवर और समझदार insan....uske पास चला जाता है..
गुरु जी - तुम पूरा दल लगा के ये सब नहीं कर रहे ....तुम्हे और म्हणत करनी होगी.....
दब ने ये सुन्ना और गुस्से से उसका चेहरा लाल हो gaya.....itne दिन से वो कोशिश किये तो जा रहा tha.....par इनको तब भी ये काम hi लग रहा था......
गुरूजी - तुम अपने देश के लोगो को अपना नहीं मानते सायद....
दब - अपना नहीं मानता तो यहाँ hota.....main उन्ही के लिए तो सीख रहा हु ये सब...
गुरूजी (मुस्कुराते हुए)- इतना झूठ खुद से कैसे बोल लेते ho....tum यहाँ सिर्फ और सिर्फ खुद के लिए हो नाकि उनके liye....tum यहाँ इस डर की वजह से हो की तुम कही किसी को वापस से नुकसान ना पंहुचा do.....aur वो sab....wo सब तो बस एक पर्दा है जिसके पीछे तुम अपने दर को चिप्पा के रखते हो.....
दब - आप कुछ भी बोल रहे है.....
गुरूजी - सचाई को जब तक नहीं अपनाओगे तब तक कुछ नहीं होगा.....
दब - नहीं ऐसा कुछ नहीं है......
गुरूजी - इंसानो के बारे में क्या ख्याल है तुम्हारा....
दब ने एक बार गुरूजी को ऊपर से निच्चे देखा और बस सपाट लहजे में बता दिया कुछ भी नहीं.....
गुरूजी - इसी तरह झूठ बोलते हो तुम खुद se....tum राजा बनने वाले ho.....Raja का धर्म होता है अपने लोगो की रक्षा karna....aur यहाँ तुम खुद को खुद के झूट से नहीं बच्चा पा rahe.....Leemi इसको बहार लेके jao....insano के बिच में रहेगा अब ये कुछ दिन...
दब - मैं इंसानो के बिच में hi तो hu.....ab और कहा जॉन....
गुरूजी ने कुछ नहीं कहा वही लिमि ने अपनी आखें बंद की और राजकुमार यानी दब का हाथ पकड़ा और एक रौशनी hui.....aur दब की आखें खुद बंद हो गयी और वो एक गाओं में the....dono के dono....DB का रूप बदल चुक्का था उसके बड़े बड़े कान और थोड़ी सी नुकीली नाक दिनों hi आम इंसानो जैसी हो गयी thi.....Wo लिमि की ओर देखे जाए रहा tha.....usko समझ नहीं आ रहा था की कैसे िस्सने ये सब सिख liya....waise वो जानता नहीं था की उसको क्या आता है और क्या नहीं पर एक एल्फ औरत के लिए भी ऐसा करना आसान नहीं tha.....yaha तक की उसकी अपनी माँ को भी ये सब नहीं आता tha.....aur उसकी माँ एल्फ वर्ल्ड में सबसे काबिल महिला एल्वेस में से एक थी...
लिमि - आपको यही रहना है Rajkumar......main चलती हु.....
दब - तुमको ये सब कैसे पता hai...tumne मेरा रूप कैसे बदल दिया....
लिमि - ye....ye सब मैंने यही सीखा hai....aur हां मुझे पता है आप हम लोगो के बारे में सोचते है तभी यहाँ पे hai....aap कोई दरपुख नहीं hai...jo बस अपने दर की वजह से यहाँ है....
लिमि ने ये कहा और इसको सुन के दब सोच में ोाद गया कही ना कही उसके मैं में ये सब चल रहा tha...wo सच में डरा हुआ था अपनी शक्तियों se....ab ये उसपे था की वो क्या karta...aur क्या नहीं.....
लिमि ने उसकी ओर dekha...aur फिर वह से चाय आयी वापस आश्रम....
गुरूजी - छोड़ आयी उसको....
लिमि - आपने ऐसा क्यों कहा unse.....wo परेशां हो गए hai.....ab कही कुछ हो गया तो....
गुरूजी (हस्ते हुए)- कुछ नहीं होगा usko.....maine बस उसके अंदर पनप रहे एक शक रुप्पी पौधे को उखाड़ने के लिए थोड़ा विस्स दिया hai.....ab देखना ये है की राज कुमार कैसे उस पौधे को ख़तम करते hai....isme वक़्त lagega....par ये अच्छा hoga.....tum भी जानती हो इसी की वजह से वो ठीक से ध्यान नहीं लगा प् रहा hai...aur ना hi उसकी पावर्स काबू में आ रही hai....usko खुद पे याक्किन नहीं hai...usko उसका मकसद hi अच्छे से पता नहीं है....
लिमि - हां ठीक है पर वो gaon.....waha पे कुछ हो गया तो इंसान भी खतरे में पद सकते है....
गुरूजी - फ़िक्र मत karo.....meri नज़र होगी unpe.....ab तुम jao....aur अपनी पावर्स को badhao....aur अपनी बच्ची को भी sikhao......wo बच्ची काफी आगे jaayegi....apne मां की तरह वो भी बड़े बड़े काम करेगी....
लिमि - जी.....
लिमि वह से चली जाती है अपने बच्ची के पास जो की वही आश्रम में रह रहे बच्चो को प्रैक्टिस करते हुए देख रही होती है....
लिमि - क्या hua....kya देख रही हो....
बच्ची - माँ ये सब रोज ऐसे hi करते hai....main भी इनके साथ ये करू....
लिमि - पर तुम तो छोटी हो....
बच्ची - नहीं मैं छोटी नहीं रही ab.....ab मैं भी बड़ी हु....
लिमि - है है बड़ी हो गयी ho.....par अभी तुमको मैं जो सिखाऊंगी वो सीखना है फिर कुछ दिन बाद इन् लोगो के साथ भी सीख लेना समझी....
बच्ची कुश हो जाती है ये जान के की अब उसको भी कुछ सिखाया jayega....aisa अक्सर होता है बच्चो को वो हर एक चीज़ चाहिए होती है जो उनको दिखती hai....aur यहाँ पे लिमि की बेटी को बस और बस ज्ञान दिख रहा था तो उसको वही चाहिए था और अब उसको वो मिलने वाला था....
इनको छोड़ हम चलते है ओल्ड आउल के पास......
ओल्ड आउल अभी भी लगा हुआ था एल्फ किंग के picche.....matlab उसने उस लड़की के पीछे किसी और को hi लगाया था....
ओल्ड आउल देख रहा था कैसे राजा अपनी कोशिश किये जा रहा था सब सही करने ki.....ek तो ये bimari....jiski दवा बनाने में वो सफल नहीं हो पा रहे थे और ऊपर से कुछ और भी प्रोब्लेम्स आ गए थे जैसे में नए युवराज के द्वारा कर बढ़ा दिया jaana.....isse सभी परेशां the....par कुछ और भी परेशानियां थी जो उसको दिख नहीं रही thi.....DB का कजिन नया युवराज धीरे धीरे अपने प्यादे बैठाये जा रहा था वह दरबार में....
ओल्ड आउल सब देखता rahta...sab kuch...aur साड़ी खबरें मुझे देता रहता tha...par ये एक काम सही से नहीं कर रहा था वक़्त पे सही खबर नहीं देता था mujhe...aur वह की कुछ परेशानियां ऐसी थी जिसका मैं कुछ नहीं कर सकता था मुझे उसके लिए लीमो की मदद लेनी padegi....main इस बारे में सोच hi रहा था....
आज ओल्ड आउल वही राजा पे नज़र रख रहा था और उसने सुन्ना की एल्फ किंग ने ओरियन से मदद मांगी है साथ hi टाइटन पे भी मदद के लिए चिठ्ठी भेजी hai.....Titan पे रह रहे लोग बहुत ताकतवर the....wo इन् सब छूती बातों पे ध्यान भी नहीं देते the....par इस बार का मामला जब उनको पता चला तो वह से भी एक बाँदा भेजा गया था स्ट्रेंज वर्ल्ड में
ओरियन से एक जादूगर और टाइटन से एक devta....yaha देवता इनको इस लिए कहा जाता है क्यूंकि इनकी पावर्स ुन्डीफिनेड होती hai....aisa भी नहीं है बहुत तत्रह की पावर्स है inme.....bas ये एक hi पावर को लाखों तरह से उसे करना जानते है उसको हर सिचुएशन में कैसे उसे करना है सब पता होता है इनको....
दोनों hi अपने जगह से aaye....Raja ने दोनों के लिए बहुत hi अच्छा प्रबंध किया हुआ था....
राजा ने दोनों को उस बीमारी के बारे में bataya....waise तो वो दोनों भी जानते थे उसके बारे में पर ये प्रोटोकॉल है ऐसा समझा जा सकता है.....
टाइटन वाला बाँदा - आपको मालूम है हम आये है तो इसके पीछे की वजह भी बड़ी hogi....warna हम नहीं आते....
एल्फ किंग - जी मैं जानता hu.....aur मैंने ये सब देखते हुए hi आप दोनों के यहाँ खत भिजवाया tha.....ab ये सब मुझसे नहीं सहा जा raha......roj मेरे देश के लोग मर रहे hai....upar से कुछ नरभक्षी भी आ गए है यहाँ जो उनकी बॉडीज तक लेके चले जाते है...
टाइटन वाले ने ये सुन्ना और सोच में पद गया......
एल्फ की बॉडी खायी नहीं जा sakti.....pahle तो ये बहुत hi बेस्वाद hoga....dusra ये जहरीला होता है.....
यही बात ओरियन से आया हुआ बाँदा भी सोच रहा tha.....dono ने एक दूसरे की ओर देखा.....
एल्फ किंग ने उस बीमारी के बारे में बताना जारी rakha...aur सब कुछ बताते गए....
वो दोनों ये सब सुन्न रहे the.....jab एल्फ किंग की बातें ख़तम हुई तो उन् दोनों ने उनसे कहा की अपने प्रमुख वैद्य को बुलाओ....
एल्फ किंग ने उसको बुलावा भेजा और वही वो दोनों अपनी जगह से खड़े हुए और बहार की ओर जाने लगे बगीचे की तरफ.....
ओरियन वाला - आपको भी ये वही लग रहा है क्या.....
टाइटन - Sunkicho......tumne हमरी लाइब्रेरी में काम किया है वह के बहुत से किताबें पढ़ी हुई है tumko......tum इसके बारे में जानते hi ho.....fir क्यों पूछ रहे हो.....
ओरियन वाला - मैं बस पक्का होना चाहता hu....par ये सब यहाँ हुआ kaise....ye सब तो होना भी नहीं चाहिए था.....
टाइटन - ये तो अब ये एल्फ किंग hi जाने खैर हममे यहाँ से निकलना होगा ये सब इनकी अपनी परेशानी hai.....aur हम इसमें कोई मदद नहीं कर sakte....aisa हमने वडा किया था.....
ओरियन वाला - हां पर इसमें इनके लोग मारे जा रहे है...
टाइटन वाला (हस्ते हए) - सुनकीचो तुम अभी तक समझे नहीं कोई नहीं मर्रा hai......inn लोगो को ऐसा लगा होगा की वो सब मर चुक्के है और इन लोगो ने उनको जमीन में दफना दिया hoga....par कोई है यह बुद्धिमान जो उन् बॉडीज को वह से निकल के सही तरीके से रख रहा है.....
ओरियन वाला - हां ऐसा हो सकता hai....main उससे मिलना चाहूंगा अगर मुमकिन हुआ तो....
टाइटन वाला - अभी इसके लिए वक़्त नहीं hai......par मैं उनकी मदद जरूर करना chahunga....iss बीमारी को धीमी करने की दवा पता है तुमको.....
ओरियन वाला - जी मैं जानता हु....
टाइटन वाला - सुनकीचो वो दवा यहाँ के प्रमुख वैद्य को batao.....aur उससे बोलो इसके बारे में पुरे देश को बता दिया jaaye.....naa सिर्फ ये बीमारी बल्कि और भी चीजजें है जो यहाँ सही नहीं है.....
ओरियन वाला - पर वो जड़ी butiya....wo सब यहाँ उतनी मत.....
वो बोल hi रहा था की टाइटन वाशी ने अपना pair.....apne जुटते से निकला और उसको जमीन पे rakha...aur अपनी आखें बंद कर di.....isse एक वेव सा उनके सरीर से निकला और वो चारो तरफ फैल गया....
ओरियन वाला - हम्म मैं उनको बता देता hu...aap निकले टाइटन के लिए मैं भी अपना काम करके यहाँ से ओरियन की ओर निकलता हु....
टाइटन वाला - Sunkicho.....kabhi वक़्त मिले तो टाइटन aao....hum वह बातें karenge...apne पुराने दिन याद करेंगे.....
ओरियन वाले ने हां में सर hilaya......aur अगले hi पल टाइटन से आया हुआ बाँदा गायब हो गया tha.....wahi थोड़ी देर बाद उसके पास वह के वैद्य aaye....usne एक कागज़ पे कुछ बातें लिख उनको dedi....aur कहा इसको पुरे देश में फैला दो....
वैद्य ने वैसा hi kiya....apne शिष्यों के पास उस कागज़ को लेके गया और उसकी कपीस बनवानी शुरू कर di....aur फिर उसको हर जगह बाटने की तैयारी करने लग गया....
ओरियन वाला भी वह से गायब हो गया बिन्ना एल्फ किंग से वापस मिले हुए....
ये सब ओल्ड आउल देख रहा था...
उसने ये सब मुझे बताने के लिए मुझसे कांटेक्ट करना शुरू किया.....
चलो इसको भी छोड़ हम एक नज़र उस लड़की पे डालते है.....
ये लड़की इतने वक़्त से यहाँ पे रहते रहते एक अच्छी खासी बहरूपिया बन चुक्की thi.....rup ऐसे बदलती थी की पता hi नहीं chale...kab एल्फ है और कब फेयरी और कब निक्स.....
जिसको ओल्ड आउल ने इसके पीछे भेजा था वो भी 2 - 3 बार धोखा खा चुक्का था...
ये लड़की कोई आम इंसान नहीं thi.....matlab कम्मल की थी ye.....abhi तो अपने परिवार के तलाश में थी ये पर साथ hi किसी और को भी ढूंढ रही थी ये लड़की.....
स्ट्रेंज वर्ल्ड के दूसरे छोर पे जहा पे निक्स (वाटर स्पिरिट्स) बास्ते the....waha पे ये जा पहुंची thi....unhi का रूप leke....aur वह पे ढूंढ रही थी अपने मास्टर के कातिल को यहाँ....
ये सब मुझे इसी ओल्ड आउल के बन्दे ने bataya.....wo निक्स वर्ल्ड में जाके वह पे बनने एक मंदिर में gayi....jaha पे सब अपनी अपनी ट्रेनिंग कर रहे the....ye भी उनमे से एक बन के सबमे घुल मिल gayi....aur अपने दुसमन को सामने देखने लगी.....
वो दुसमन यहाँ का प्रमुख पुजारी tha,...jisne इसके मास्टर को मारा था क्यूंकि वो यहाँ पे कोई चीज़ज़ चुराने आया था और पकड़ा गया था.....
लड़की का कहना था की उनको मरने की क्या जरुरत thi.....unko जेल भेजा जा सकता था.....
सब तरीनिंग कर रहे थे और फिर वक़्त ख़तम हो गया सब चले गए पर कड़की वही पे रुक्की rahi....wo छीपी हुई thi....Wo मुख्या पुजारी भी वही था....
पुजारी - छुपने की जरुरत नहीं है तुम बहार आ सकती हो....
लड़की ने ऐसा सोचा नहीं था की उसके बारे में पुजारी को पता hoga.....fir उसने सोचा अब जब पता है hi तो हुम्ला कर देते hai....aur वो हमला करने के लिए आगे badhi.....Pujari वैसे hi खड़ा raha.....usne उसको रोकने की कोशिश तक नहीं की.....
लड़की ने 2-3 वार किये उसपे और उसको चोट भी लगी पर उसने वापस से वार नहीं किया....
लड़की अब थोड़ी कंफ्यूज हो गयी थी...
लड़की - तुमने क्यों मारा मेरे मास्टर को....
पुजारी - मास्टर या उससे जिसको तुम अपना पिता मानती थी.....
लड़की - वो मेरे पिता नहीं the.....ab तो nahi.....wo मेरे मास्टर hi थे बस....
पुजारी - और ये बात तुम्हे मेरी वजह से पता चली hai.....aur तुम मुझे मारने चली आयी....
लड़की - तुमने मेरे मास्टर को मारा है....
पुजारी - वो यहाँ से यहाँ की सबसे कीमती चीज़ चुराने आया tha.....mujhe तो ये करना hi tha.....par मैं उसको नहीं मारता अगर मुझे ये पता नहीं चला होता की वो कितना घटिया tha....aur कैसे कैसे घिनौने काम किये थे उसने.....
लड़की - हां वो बुरे थे पर मेरे मास्टर थे और मैं बदला लुंगी.....
पुजारी - सुख से lo....pae सायद इसके बाद तुम अपने परिवार से ना मिल pao.....wahi परिवार जिससे तुमको अलग कर दिया gaya....aur इसमें तुम्हारे मास्टर का बहुत बड़ा हाथ tha...tum भी जानती हो ye.....yaa सायद नहीं पता तुमको....
वो लड़की ये बात सुनके सुन्नन हो gayi....usko मरते वक़्त बस यही बताया था उसके मास्टर ने की उसको अपने लोगो से चोरी करके लाया गया tha.....par ये नहीं की इसमें उसका भी हाथ था आखिर क्यों कहेगा वो ये बात....
लड़की को पुजारी पे याक्किन था वो जानती थी उसने पहले जो भी कहा वो सब सच है सायद ये भी सच hi hoga....aur पिछले कुछ दिन जैसे उसके बैठे है वो अभी बहुत कमज़ोर हो गयी थी अंदर से.....
पुजारी - मैं तुम्हे तुम्हारे घर ोाहुचा सकता hu.....par तुम्हारे उस मास्टर ने ऐसा कुछ किया है वह ोे की वो लोग तुम्हे कभी नहीं अपनाएंगे.....
लड़की - ऐसा क्या किया है उसने....
पुजारी - मैं सब बताऊंगा tumhe....par अभी nahi....ab जब तुम यहाँ आयी ho......jaisa की हमारे ग्रन्थ में लिखा tha.....to तुम्हे वो सब ज्ञान भी देना होगा मुझे जो उस ग्रन्थ में बताया गया hai....kal se...main तुम्हे ट्रैन karunga....aur ट्रेनिंग पूरी होने के बाद तुमको एअर्थ पे छोड़ aaunga...jaha तुम्हे खुद आने परिवार को पाना hoga...pata है ये बहुत मुश्किल होने वाला hai....par तुम्हारा असली सफर वही से शुरू होने वाला hai.....insano को वो सब वापस मिलेगा जो उनका tha....jisko वो भूल गए है या खू दिया है.....
अभी के लिए इतना hi नेक्स्ट अपडेट आज hi आएगा जहा हम dekhenge...Prateek और लीमो में थोड़ी बात cheet.....DB का इंसानो के साथ रहना aur...Prateek की छोटी सी लड़ाई....
अब तक
मैंने एक लड़की को देखा स्ट्रेंज वर्ल्ड में उसने मुझे देखा और भाग gayi....main अभी भी मानता हु इसकी वजह मैं नहीं ओल्ड आउल tha...uss लड़की का पता लगाने के लिए पहले तो मैंने ओल्ड आउल को बोलै उसके पीछे लगाओ किसी को या खुद jao...saath hi जिसको व पीट रही थी उसको मैं लेके आ गया अपने ghar...jaha पे थोड़े सवाल जवाब के बाद उसको घर के तैखने में रख दिया गया तब रात के 2-3 बज रहे the...uske बाद सुबह हुई और जब तक मैं उठा तब तक उसपे हाथ साफ़ कर चुक्के थे घर के log....par जब मैं पूछताछ करने पंहुचा तब आ गया वो मोटा aadmi....wo स्ट्रेंज वर्ल्ड का banda...usne उसको अरेस्ट किया और स्ट्रेंज वर्ल्ड में भेज दिया मेरी पूछ ताछ वही ख़तम हो gayi....main फिर चल दिया School....kam से काम बुआ की क्लास करनी थी सायद काम दांत पड़े...
अब आगे
क्लास होने में देरी थी तो मैं अपने रूम में आया और बैठ gaya...ab बस एक hi तैरका था उस लड़की के बारे में पता करने का और वो था ओल्ड आउल जब वो उसका पीछा करता तब hi उसके बारे में कोई और खबर milti....abhi तक बस यही पता था इंसान है और लड़की hai...haa सूंदर भी hai...par उससे ज्यादा और कुछ पता नहीं tha...haa गुस्से वाली भी है sayad....maar कैसे रही थी उसको
मैं ये सब सोच hi रहा था की क्लास का वक़्त हो गया और मैं चल दिया तैयार होक बुआ के क्लास mein....wo पहले से अंदर thi....mujhe देखा तो घूरने लग gayi....matlab साफ़ tha....daant पड़नी hi hai....Pure क्लास में गुस्से से देखती रही मुझे wo....fir जब क्लास ख़तम हुआ तो मुझे अपने केबिन में बुलाया...
मैं भी क्या होगा क्या karegi....aat भी गाल लाल honge....aise सोचते हुए वह पहुंच gaya....ander कविता मैडम पहले से thi....ye अच्छा नहीं है यार डांटा है तो अकेले में डांटे ये कविता मैडम को हर बार लाइव शो दिखने लेके चली आती है ye...ab कुछ बोल भी नहीं sakte.....kyunki फॅमिली मेंबर टाइप hi है वो bhi....pata चला वो भी लगे हाथ
खैर वह गया तो उन्होंने पहले दरवाज बंद करने को कहा मैंने कर diya....unhone फिर कविता मैडम को कोई इशारा किया जिसको देख वो थोड़ा हसने lagi....Bua ने गुस्से में वापस से इशारा kiya....aur कविता मैडम अपनी हसी रोकती हुई पता नहीं कुछ तो की और इससे हुआ ये की रूम में आवाजें आने लग gayi...awajein दादी की....
दादी - पूनम तुमसे प्रतीक संभाला नहीं जाता तो बता do....ye कैसे वह से निकल जाता है रोज रात ko....aur आज तो किसी से इसकी लड़ाई भी हो गयी स्कुल के bahar....ye सब चल रहा है waha....aisi सिक्योरिटी है वह ki.....aur ये भतीजा है ना tumhara...ispe तो खास ध्यान देना चाहिए tumko....aur तुम हो की बस खाया पिया और सो gayi....ek काम ढंग से नहीं होता इस लड़की se.....kya सोचा tha.....baccha है प्रतीक रूम में hi रहेगा एक बार बोल दिया to.....wo बड़ा हो रहा hai....usko अभी नियम तोड़ने का मैं करता रहेगा पर तुमको कुछ तो करना चाहिए ना उसको नियमों का पालन करते रहने के liye....karo kuch....aur हां अब बहुत वक़्त दे दिया है मैंने tumhe....tumhare भाई और पापा के कहने pe....aur ये जो निधि के पीछे चिप्पी रहती हो naa...usko भी देखती हु main.....aage से प्रतीक पे ज्यादा ध्यान dena.....wo किसी भी तरह रात में बहार ना जा paaye....pata नहीं क्या क्या करता रहता है वो bhi....ek काम karo.....uske ऊपर वो जादू कार्डो जो माँ अपने छोटे बच्चों पे करती है जिससे वो खो ना जाए....
ऐसे hi ना जाने कितनी देर तक ये चलता रहा और मैं सुनता रहा वही कविता मैडम पास में पड़े हुए सोफे पे बैठी पेट पकड़ के हिस्से जा रही thi....aur मैं सोचे जा रहा था आज क्या hoga....Dadi को इतना कुछ भी नहीं कहना चाहिए tha....sayad इसके बाद चची को भी कहेगी अभी मैं वह था तो मेरे सामने ना कहा हो अब कह रही hogi...aur वो भी मुझे hi याद कर रही होगी....
बुआ - करू तुमपे वो जादू करू मैं....
मैं - क्या होता है उस जादू से...
बुआ - देखो अभी भी सवाल पूछ रहा है ये नहीं चुप रहे....
कविता - तो बता दो ना क्या होता है उस जादू se...bata दो की जहा भी ये जाएगा वो सब तुमको पता चलता रहेगा जो ये सुनेगा वो तुमको भी सुनाई देगा जो ये देखेगा वो तुमको भी दिखाई देगा.....
बुआ - सुन्ना na....ab बोलो करू मैं ये sab,.....aur तुममे थोड़ी भी अकाल नहीं है kya....maar पीट क्यों ki.....aur की तो की चलो कोई मजबूरी रही होगी हमने भी अपने वाक्य में किया है ये sab....par उसके बाद घर कोण जाता hai....aur वो भी जिसको मारा उसको कोण घर लेके जाता hai....raat में कही सर पे चोट वोट तो ना लग gayi....jisse पागल वागल हो गए ho.....sunna ना कितना कुछ कहा है मम्मी ने mujhe....aur अब भाभी को बोले जा रही होंगी वो.....
मैं - सॉरी वो मैं बस दीदी के पास जाना था...
कविता मैडम ने जब रूपल दीदी का नाम सुन्ना तो और हसने लग गयी wo....aur बुआ और गुस्से में आ गयी....
बुआ - Didi....haa ये सही है दोनों भाई बहन मिलके मुझे सताते रहो bas...aur अब तो एक नयी भी आ गयी है ना वो निकिता उसको भी गैंग में शामिल कर लिया ना वो भी करेगी परेशां ab.....par मैं भी अब शांत नहीं rahungi....tum सब को आगे से कुछ भी गलत किया तो सज़्ज़ा मिलेगी....
मैं कुछ नहीं बोलै बस सर निच्चे कर के खड़ा रहा और क्या करता मैं.....
कविता मैडम - वैसे वो मिला कहा tumhe.....aur वो एअर्थ पे आया कहा se....uske आते hi सबको पता लग जाना चाहिए था.....
मैं - (मैं में) अब यहाँ भी सवाल hi है बस.....
मैं इनको भी कहानी सुंनने लग गया.....
चलो यहाँ प्रतीक को कहानी सुंनने देते है और हम एक नज़र दाल आते है अपने दब भाई पे....
ये यहाँ बहुत कोशिश कर रहा hai....yaha पे बसने ki....yaha के लोगो के साथ अच्छे से रहने की और अपनी ट्रेनिंग करने की par...ab कहा ये राज महल में रहता था वो भी पुरे aisho-aarram के साथ और कहा अभी ये आ पंहुचा है इस आश्रम में जहा आराम का मतलब hi कुछ और hai...isko तो खाना भी यहाँ इंसानो वाला hi दिया जाता है वो भी साफ़ सुथरा खाना कोई मसालेदार nahi...inn सब में ये बाँदा लगा हुआ था...
वो आज भी सबेरे से वही खिच्चड़ के पास बैठ ध्यान लगा रहा था...
कीचड़ के पास इस लिए क्यूंकि वो भी तो नेचर का hi एक हिस्सा है और इसको सभी कुछ अपनांना hoga....itne वक़्त में कुछ कुछ दब की सहने की क्षमता बढ़ गयी थी.....
लम्मी - राजकुमार गुरु जी आपको बुला रहे है....
लम्मी तो याद hi होगी लेममो की bahen...jo एअर्थ पे आयी थी अपनी बेटी के साथ और उसके आश्रम में hi रहने को कहा गया था...
ध्यान में बैठा दब इस आवाज को सुनता है और उठ के चल देता hai....pata नहीं कैसे ध्यान लगा रहा था ये....
दब गुरूजी के pass....matlab यहाँ का सबसे ताकतवर और समझदार insan....uske पास चला जाता है..
गुरु जी - तुम पूरा दल लगा के ये सब नहीं कर रहे ....तुम्हे और म्हणत करनी होगी.....
दब ने ये सुन्ना और गुस्से से उसका चेहरा लाल हो gaya.....itne दिन से वो कोशिश किये तो जा रहा tha.....par इनको तब भी ये काम hi लग रहा था......
गुरूजी - तुम अपने देश के लोगो को अपना नहीं मानते सायद....
दब - अपना नहीं मानता तो यहाँ hota.....main उन्ही के लिए तो सीख रहा हु ये सब...
गुरूजी (मुस्कुराते हुए)- इतना झूठ खुद से कैसे बोल लेते ho....tum यहाँ सिर्फ और सिर्फ खुद के लिए हो नाकि उनके liye....tum यहाँ इस डर की वजह से हो की तुम कही किसी को वापस से नुकसान ना पंहुचा do.....aur वो sab....wo सब तो बस एक पर्दा है जिसके पीछे तुम अपने दर को चिप्पा के रखते हो.....
दब - आप कुछ भी बोल रहे है.....
गुरूजी - सचाई को जब तक नहीं अपनाओगे तब तक कुछ नहीं होगा.....
दब - नहीं ऐसा कुछ नहीं है......
गुरूजी - इंसानो के बारे में क्या ख्याल है तुम्हारा....
दब ने एक बार गुरूजी को ऊपर से निच्चे देखा और बस सपाट लहजे में बता दिया कुछ भी नहीं.....
गुरूजी - इसी तरह झूठ बोलते हो तुम खुद se....tum राजा बनने वाले ho.....Raja का धर्म होता है अपने लोगो की रक्षा karna....aur यहाँ तुम खुद को खुद के झूट से नहीं बच्चा पा rahe.....Leemi इसको बहार लेके jao....insano के बिच में रहेगा अब ये कुछ दिन...
दब - मैं इंसानो के बिच में hi तो hu.....ab और कहा जॉन....
गुरूजी ने कुछ नहीं कहा वही लिमि ने अपनी आखें बंद की और राजकुमार यानी दब का हाथ पकड़ा और एक रौशनी hui.....aur दब की आखें खुद बंद हो गयी और वो एक गाओं में the....dono के dono....DB का रूप बदल चुक्का था उसके बड़े बड़े कान और थोड़ी सी नुकीली नाक दिनों hi आम इंसानो जैसी हो गयी thi.....Wo लिमि की ओर देखे जाए रहा tha.....usko समझ नहीं आ रहा था की कैसे िस्सने ये सब सिख liya....waise वो जानता नहीं था की उसको क्या आता है और क्या नहीं पर एक एल्फ औरत के लिए भी ऐसा करना आसान नहीं tha.....yaha तक की उसकी अपनी माँ को भी ये सब नहीं आता tha.....aur उसकी माँ एल्फ वर्ल्ड में सबसे काबिल महिला एल्वेस में से एक थी...
लिमि - आपको यही रहना है Rajkumar......main चलती हु.....
दब - तुमको ये सब कैसे पता hai...tumne मेरा रूप कैसे बदल दिया....
लिमि - ye....ye सब मैंने यही सीखा hai....aur हां मुझे पता है आप हम लोगो के बारे में सोचते है तभी यहाँ पे hai....aap कोई दरपुख नहीं hai...jo बस अपने दर की वजह से यहाँ है....
लिमि ने ये कहा और इसको सुन के दब सोच में ोाद गया कही ना कही उसके मैं में ये सब चल रहा tha...wo सच में डरा हुआ था अपनी शक्तियों se....ab ये उसपे था की वो क्या karta...aur क्या नहीं.....
लिमि ने उसकी ओर dekha...aur फिर वह से चाय आयी वापस आश्रम....
गुरूजी - छोड़ आयी उसको....
लिमि - आपने ऐसा क्यों कहा unse.....wo परेशां हो गए hai.....ab कही कुछ हो गया तो....
गुरूजी (हस्ते हुए)- कुछ नहीं होगा usko.....maine बस उसके अंदर पनप रहे एक शक रुप्पी पौधे को उखाड़ने के लिए थोड़ा विस्स दिया hai.....ab देखना ये है की राज कुमार कैसे उस पौधे को ख़तम करते hai....isme वक़्त lagega....par ये अच्छा hoga.....tum भी जानती हो इसी की वजह से वो ठीक से ध्यान नहीं लगा प् रहा hai...aur ना hi उसकी पावर्स काबू में आ रही hai....usko खुद पे याक्किन नहीं hai...usko उसका मकसद hi अच्छे से पता नहीं है....
लिमि - हां ठीक है पर वो gaon.....waha पे कुछ हो गया तो इंसान भी खतरे में पद सकते है....
गुरूजी - फ़िक्र मत karo.....meri नज़र होगी unpe.....ab तुम jao....aur अपनी पावर्स को badhao....aur अपनी बच्ची को भी sikhao......wo बच्ची काफी आगे jaayegi....apne मां की तरह वो भी बड़े बड़े काम करेगी....
लिमि - जी.....
लिमि वह से चली जाती है अपने बच्ची के पास जो की वही आश्रम में रह रहे बच्चो को प्रैक्टिस करते हुए देख रही होती है....
लिमि - क्या hua....kya देख रही हो....
बच्ची - माँ ये सब रोज ऐसे hi करते hai....main भी इनके साथ ये करू....
लिमि - पर तुम तो छोटी हो....
बच्ची - नहीं मैं छोटी नहीं रही ab.....ab मैं भी बड़ी हु....
लिमि - है है बड़ी हो गयी ho.....par अभी तुमको मैं जो सिखाऊंगी वो सीखना है फिर कुछ दिन बाद इन् लोगो के साथ भी सीख लेना समझी....
बच्ची कुश हो जाती है ये जान के की अब उसको भी कुछ सिखाया jayega....aisa अक्सर होता है बच्चो को वो हर एक चीज़ चाहिए होती है जो उनको दिखती hai....aur यहाँ पे लिमि की बेटी को बस और बस ज्ञान दिख रहा था तो उसको वही चाहिए था और अब उसको वो मिलने वाला था....
इनको छोड़ हम चलते है ओल्ड आउल के पास......
ओल्ड आउल अभी भी लगा हुआ था एल्फ किंग के picche.....matlab उसने उस लड़की के पीछे किसी और को hi लगाया था....
ओल्ड आउल देख रहा था कैसे राजा अपनी कोशिश किये जा रहा था सब सही करने ki.....ek तो ये bimari....jiski दवा बनाने में वो सफल नहीं हो पा रहे थे और ऊपर से कुछ और भी प्रोब्लेम्स आ गए थे जैसे में नए युवराज के द्वारा कर बढ़ा दिया jaana.....isse सभी परेशां the....par कुछ और भी परेशानियां थी जो उसको दिख नहीं रही thi.....DB का कजिन नया युवराज धीरे धीरे अपने प्यादे बैठाये जा रहा था वह दरबार में....
ओल्ड आउल सब देखता rahta...sab kuch...aur साड़ी खबरें मुझे देता रहता tha...par ये एक काम सही से नहीं कर रहा था वक़्त पे सही खबर नहीं देता था mujhe...aur वह की कुछ परेशानियां ऐसी थी जिसका मैं कुछ नहीं कर सकता था मुझे उसके लिए लीमो की मदद लेनी padegi....main इस बारे में सोच hi रहा था....
आज ओल्ड आउल वही राजा पे नज़र रख रहा था और उसने सुन्ना की एल्फ किंग ने ओरियन से मदद मांगी है साथ hi टाइटन पे भी मदद के लिए चिठ्ठी भेजी hai.....Titan पे रह रहे लोग बहुत ताकतवर the....wo इन् सब छूती बातों पे ध्यान भी नहीं देते the....par इस बार का मामला जब उनको पता चला तो वह से भी एक बाँदा भेजा गया था स्ट्रेंज वर्ल्ड में
ओरियन से एक जादूगर और टाइटन से एक devta....yaha देवता इनको इस लिए कहा जाता है क्यूंकि इनकी पावर्स ुन्डीफिनेड होती hai....aisa भी नहीं है बहुत तत्रह की पावर्स है inme.....bas ये एक hi पावर को लाखों तरह से उसे करना जानते है उसको हर सिचुएशन में कैसे उसे करना है सब पता होता है इनको....
दोनों hi अपने जगह से aaye....Raja ने दोनों के लिए बहुत hi अच्छा प्रबंध किया हुआ था....
राजा ने दोनों को उस बीमारी के बारे में bataya....waise तो वो दोनों भी जानते थे उसके बारे में पर ये प्रोटोकॉल है ऐसा समझा जा सकता है.....
टाइटन वाला बाँदा - आपको मालूम है हम आये है तो इसके पीछे की वजह भी बड़ी hogi....warna हम नहीं आते....
एल्फ किंग - जी मैं जानता hu.....aur मैंने ये सब देखते हुए hi आप दोनों के यहाँ खत भिजवाया tha.....ab ये सब मुझसे नहीं सहा जा raha......roj मेरे देश के लोग मर रहे hai....upar से कुछ नरभक्षी भी आ गए है यहाँ जो उनकी बॉडीज तक लेके चले जाते है...
टाइटन वाले ने ये सुन्ना और सोच में पद गया......
एल्फ की बॉडी खायी नहीं जा sakti.....pahle तो ये बहुत hi बेस्वाद hoga....dusra ये जहरीला होता है.....
यही बात ओरियन से आया हुआ बाँदा भी सोच रहा tha.....dono ने एक दूसरे की ओर देखा.....
एल्फ किंग ने उस बीमारी के बारे में बताना जारी rakha...aur सब कुछ बताते गए....
वो दोनों ये सब सुन्न रहे the.....jab एल्फ किंग की बातें ख़तम हुई तो उन् दोनों ने उनसे कहा की अपने प्रमुख वैद्य को बुलाओ....
एल्फ किंग ने उसको बुलावा भेजा और वही वो दोनों अपनी जगह से खड़े हुए और बहार की ओर जाने लगे बगीचे की तरफ.....
ओरियन वाला - आपको भी ये वही लग रहा है क्या.....
टाइटन - Sunkicho......tumne हमरी लाइब्रेरी में काम किया है वह के बहुत से किताबें पढ़ी हुई है tumko......tum इसके बारे में जानते hi ho.....fir क्यों पूछ रहे हो.....
ओरियन वाला - मैं बस पक्का होना चाहता hu....par ये सब यहाँ हुआ kaise....ye सब तो होना भी नहीं चाहिए था.....
टाइटन - ये तो अब ये एल्फ किंग hi जाने खैर हममे यहाँ से निकलना होगा ये सब इनकी अपनी परेशानी hai.....aur हम इसमें कोई मदद नहीं कर sakte....aisa हमने वडा किया था.....
ओरियन वाला - हां पर इसमें इनके लोग मारे जा रहे है...
टाइटन वाला (हस्ते हए) - सुनकीचो तुम अभी तक समझे नहीं कोई नहीं मर्रा hai......inn लोगो को ऐसा लगा होगा की वो सब मर चुक्के है और इन लोगो ने उनको जमीन में दफना दिया hoga....par कोई है यह बुद्धिमान जो उन् बॉडीज को वह से निकल के सही तरीके से रख रहा है.....
ओरियन वाला - हां ऐसा हो सकता hai....main उससे मिलना चाहूंगा अगर मुमकिन हुआ तो....
टाइटन वाला - अभी इसके लिए वक़्त नहीं hai......par मैं उनकी मदद जरूर करना chahunga....iss बीमारी को धीमी करने की दवा पता है तुमको.....
ओरियन वाला - जी मैं जानता हु....
टाइटन वाला - सुनकीचो वो दवा यहाँ के प्रमुख वैद्य को batao.....aur उससे बोलो इसके बारे में पुरे देश को बता दिया jaaye.....naa सिर्फ ये बीमारी बल्कि और भी चीजजें है जो यहाँ सही नहीं है.....
ओरियन वाला - पर वो जड़ी butiya....wo सब यहाँ उतनी मत.....
वो बोल hi रहा था की टाइटन वाशी ने अपना pair.....apne जुटते से निकला और उसको जमीन पे rakha...aur अपनी आखें बंद कर di.....isse एक वेव सा उनके सरीर से निकला और वो चारो तरफ फैल गया....
ओरियन वाला - हम्म मैं उनको बता देता hu...aap निकले टाइटन के लिए मैं भी अपना काम करके यहाँ से ओरियन की ओर निकलता हु....
टाइटन वाला - Sunkicho.....kabhi वक़्त मिले तो टाइटन aao....hum वह बातें karenge...apne पुराने दिन याद करेंगे.....
ओरियन वाले ने हां में सर hilaya......aur अगले hi पल टाइटन से आया हुआ बाँदा गायब हो गया tha.....wahi थोड़ी देर बाद उसके पास वह के वैद्य aaye....usne एक कागज़ पे कुछ बातें लिख उनको dedi....aur कहा इसको पुरे देश में फैला दो....
वैद्य ने वैसा hi kiya....apne शिष्यों के पास उस कागज़ को लेके गया और उसकी कपीस बनवानी शुरू कर di....aur फिर उसको हर जगह बाटने की तैयारी करने लग गया....
ओरियन वाला भी वह से गायब हो गया बिन्ना एल्फ किंग से वापस मिले हुए....
ये सब ओल्ड आउल देख रहा था...
उसने ये सब मुझे बताने के लिए मुझसे कांटेक्ट करना शुरू किया.....
चलो इसको भी छोड़ हम एक नज़र उस लड़की पे डालते है.....
ये लड़की इतने वक़्त से यहाँ पे रहते रहते एक अच्छी खासी बहरूपिया बन चुक्की thi.....rup ऐसे बदलती थी की पता hi नहीं chale...kab एल्फ है और कब फेयरी और कब निक्स.....
जिसको ओल्ड आउल ने इसके पीछे भेजा था वो भी 2 - 3 बार धोखा खा चुक्का था...
ये लड़की कोई आम इंसान नहीं thi.....matlab कम्मल की थी ye.....abhi तो अपने परिवार के तलाश में थी ये पर साथ hi किसी और को भी ढूंढ रही थी ये लड़की.....
स्ट्रेंज वर्ल्ड के दूसरे छोर पे जहा पे निक्स (वाटर स्पिरिट्स) बास्ते the....waha पे ये जा पहुंची thi....unhi का रूप leke....aur वह पे ढूंढ रही थी अपने मास्टर के कातिल को यहाँ....
ये सब मुझे इसी ओल्ड आउल के बन्दे ने bataya.....wo निक्स वर्ल्ड में जाके वह पे बनने एक मंदिर में gayi....jaha पे सब अपनी अपनी ट्रेनिंग कर रहे the....ye भी उनमे से एक बन के सबमे घुल मिल gayi....aur अपने दुसमन को सामने देखने लगी.....
वो दुसमन यहाँ का प्रमुख पुजारी tha,...jisne इसके मास्टर को मारा था क्यूंकि वो यहाँ पे कोई चीज़ज़ चुराने आया था और पकड़ा गया था.....
लड़की का कहना था की उनको मरने की क्या जरुरत thi.....unko जेल भेजा जा सकता था.....
सब तरीनिंग कर रहे थे और फिर वक़्त ख़तम हो गया सब चले गए पर कड़की वही पे रुक्की rahi....wo छीपी हुई thi....Wo मुख्या पुजारी भी वही था....
पुजारी - छुपने की जरुरत नहीं है तुम बहार आ सकती हो....
लड़की ने ऐसा सोचा नहीं था की उसके बारे में पुजारी को पता hoga.....fir उसने सोचा अब जब पता है hi तो हुम्ला कर देते hai....aur वो हमला करने के लिए आगे badhi.....Pujari वैसे hi खड़ा raha.....usne उसको रोकने की कोशिश तक नहीं की.....
लड़की ने 2-3 वार किये उसपे और उसको चोट भी लगी पर उसने वापस से वार नहीं किया....
लड़की अब थोड़ी कंफ्यूज हो गयी थी...
लड़की - तुमने क्यों मारा मेरे मास्टर को....
पुजारी - मास्टर या उससे जिसको तुम अपना पिता मानती थी.....
लड़की - वो मेरे पिता नहीं the.....ab तो nahi.....wo मेरे मास्टर hi थे बस....
पुजारी - और ये बात तुम्हे मेरी वजह से पता चली hai.....aur तुम मुझे मारने चली आयी....
लड़की - तुमने मेरे मास्टर को मारा है....
पुजारी - वो यहाँ से यहाँ की सबसे कीमती चीज़ चुराने आया tha.....mujhe तो ये करना hi tha.....par मैं उसको नहीं मारता अगर मुझे ये पता नहीं चला होता की वो कितना घटिया tha....aur कैसे कैसे घिनौने काम किये थे उसने.....
लड़की - हां वो बुरे थे पर मेरे मास्टर थे और मैं बदला लुंगी.....
पुजारी - सुख से lo....pae सायद इसके बाद तुम अपने परिवार से ना मिल pao.....wahi परिवार जिससे तुमको अलग कर दिया gaya....aur इसमें तुम्हारे मास्टर का बहुत बड़ा हाथ tha...tum भी जानती हो ye.....yaa सायद नहीं पता तुमको....
वो लड़की ये बात सुनके सुन्नन हो gayi....usko मरते वक़्त बस यही बताया था उसके मास्टर ने की उसको अपने लोगो से चोरी करके लाया गया tha.....par ये नहीं की इसमें उसका भी हाथ था आखिर क्यों कहेगा वो ये बात....
लड़की को पुजारी पे याक्किन था वो जानती थी उसने पहले जो भी कहा वो सब सच है सायद ये भी सच hi hoga....aur पिछले कुछ दिन जैसे उसके बैठे है वो अभी बहुत कमज़ोर हो गयी थी अंदर से.....
पुजारी - मैं तुम्हे तुम्हारे घर ोाहुचा सकता hu.....par तुम्हारे उस मास्टर ने ऐसा कुछ किया है वह ोे की वो लोग तुम्हे कभी नहीं अपनाएंगे.....
लड़की - ऐसा क्या किया है उसने....
पुजारी - मैं सब बताऊंगा tumhe....par अभी nahi....ab जब तुम यहाँ आयी ho......jaisa की हमारे ग्रन्थ में लिखा tha.....to तुम्हे वो सब ज्ञान भी देना होगा मुझे जो उस ग्रन्थ में बताया गया hai....kal se...main तुम्हे ट्रैन karunga....aur ट्रेनिंग पूरी होने के बाद तुमको एअर्थ पे छोड़ aaunga...jaha तुम्हे खुद आने परिवार को पाना hoga...pata है ये बहुत मुश्किल होने वाला hai....par तुम्हारा असली सफर वही से शुरू होने वाला hai.....insano को वो सब वापस मिलेगा जो उनका tha....jisko वो भूल गए है या खू दिया है.....
अभी के लिए इतना hi नेक्स्ट अपडेट आज hi आएगा जहा हम dekhenge...Prateek और लीमो में थोड़ी बात cheet.....DB का इंसानो के साथ रहना aur...Prateek की छोटी सी लड़ाई....