फंतासी इम्मोर्टल्स - Page 8 - SexBaba
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फंतासी इम्मोर्टल्स

अपडेट - 58

अब तक

मैंने एक लड़की को देखा स्ट्रेंज वर्ल्ड में उसने मुझे देखा और भाग gayi....main अभी भी मानता हु इसकी वजह मैं नहीं ओल्ड आउल tha...uss लड़की का पता लगाने के लिए पहले तो मैंने ओल्ड आउल को बोलै उसके पीछे लगाओ किसी को या खुद jao...saath hi जिसको व पीट रही थी उसको मैं लेके आ गया अपने ghar...jaha पे थोड़े सवाल जवाब के बाद उसको घर के तैखने में रख दिया गया तब रात के 2-3 बज रहे the...uske बाद सुबह हुई और जब तक मैं उठा तब तक उसपे हाथ साफ़ कर चुक्के थे घर के log....par जब मैं पूछताछ करने पंहुचा तब आ गया वो मोटा aadmi....wo स्ट्रेंज वर्ल्ड का banda...usne उसको अरेस्ट किया और स्ट्रेंज वर्ल्ड में भेज दिया मेरी पूछ ताछ वही ख़तम हो gayi....main फिर चल दिया School....kam से काम बुआ की क्लास करनी थी सायद काम दांत पड़े...

अब आगे

क्लास होने में देरी थी तो मैं अपने रूम में आया और बैठ gaya...ab बस एक hi तैरका था उस लड़की के बारे में पता करने का और वो था ओल्ड आउल जब वो उसका पीछा करता तब hi उसके बारे में कोई और खबर milti....abhi तक बस यही पता था इंसान है और लड़की hai...haa सूंदर भी hai...par उससे ज्यादा और कुछ पता नहीं tha...haa गुस्से वाली भी है sayad....maar कैसे रही थी उसको

मैं ये सब सोच hi रहा था की क्लास का वक़्त हो गया और मैं चल दिया तैयार होक बुआ के क्लास mein....wo पहले से अंदर thi....mujhe देखा तो घूरने लग gayi....matlab साफ़ tha....daant पड़नी hi hai....Pure क्लास में गुस्से से देखती रही मुझे wo....fir जब क्लास ख़तम हुआ तो मुझे अपने केबिन में बुलाया...

मैं भी क्या होगा क्या karegi....aat भी गाल लाल honge....aise सोचते हुए वह पहुंच gaya....ander कविता मैडम पहले से thi....ye अच्छा नहीं है यार डांटा है तो अकेले में डांटे ये कविता मैडम को हर बार लाइव शो दिखने लेके चली आती है ye...ab कुछ बोल भी नहीं sakte.....kyunki फॅमिली मेंबर टाइप hi है वो bhi....pata चला वो भी लगे हाथ

खैर वह गया तो उन्होंने पहले दरवाज बंद करने को कहा मैंने कर diya....unhone फिर कविता मैडम को कोई इशारा किया जिसको देख वो थोड़ा हसने lagi....Bua ने गुस्से में वापस से इशारा kiya....aur कविता मैडम अपनी हसी रोकती हुई पता नहीं कुछ तो की और इससे हुआ ये की रूम में आवाजें आने लग gayi...awajein दादी की....

दादी - पूनम तुमसे प्रतीक संभाला नहीं जाता तो बता do....ye कैसे वह से निकल जाता है रोज रात ko....aur आज तो किसी से इसकी लड़ाई भी हो गयी स्कुल के bahar....ye सब चल रहा है waha....aisi सिक्योरिटी है वह ki.....aur ये भतीजा है ना tumhara...ispe तो खास ध्यान देना चाहिए tumko....aur तुम हो की बस खाया पिया और सो gayi....ek काम ढंग से नहीं होता इस लड़की se.....kya सोचा tha.....baccha है प्रतीक रूम में hi रहेगा एक बार बोल दिया to.....wo बड़ा हो रहा hai....usko अभी नियम तोड़ने का मैं करता रहेगा पर तुमको कुछ तो करना चाहिए ना उसको नियमों का पालन करते रहने के liye....karo kuch....aur हां अब बहुत वक़्त दे दिया है मैंने tumhe....tumhare भाई और पापा के कहने pe....aur ये जो निधि के पीछे चिप्पी रहती हो naa...usko भी देखती हु main.....aage से प्रतीक पे ज्यादा ध्यान dena.....wo किसी भी तरह रात में बहार ना जा paaye....pata नहीं क्या क्या करता रहता है वो bhi....ek काम karo.....uske ऊपर वो जादू कार्डो जो माँ अपने छोटे बच्चों पे करती है जिससे वो खो ना जाए....

ऐसे hi ना जाने कितनी देर तक ये चलता रहा और मैं सुनता रहा वही कविता मैडम पास में पड़े हुए सोफे पे बैठी पेट पकड़ के हिस्से जा रही thi....aur मैं सोचे जा रहा था आज क्या hoga....Dadi को इतना कुछ भी नहीं कहना चाहिए tha....sayad इसके बाद चची को भी कहेगी अभी मैं वह था तो मेरे सामने ना कहा हो अब कह रही hogi...aur वो भी मुझे hi याद कर रही होगी....

बुआ - करू तुमपे वो जादू करू मैं....

मैं - क्या होता है उस जादू से...

बुआ - देखो अभी भी सवाल पूछ रहा है ये नहीं चुप रहे....

कविता - तो बता दो ना क्या होता है उस जादू se...bata दो की जहा भी ये जाएगा वो सब तुमको पता चलता रहेगा जो ये सुनेगा वो तुमको भी सुनाई देगा जो ये देखेगा वो तुमको भी दिखाई देगा.....

बुआ - सुन्ना na....ab बोलो करू मैं ये sab,.....aur तुममे थोड़ी भी अकाल नहीं है kya....maar पीट क्यों ki.....aur की तो की चलो कोई मजबूरी रही होगी हमने भी अपने वाक्य में किया है ये sab....par उसके बाद घर कोण जाता hai....aur वो भी जिसको मारा उसको कोण घर लेके जाता hai....raat में कही सर पे चोट वोट तो ना लग gayi....jisse पागल वागल हो गए ho.....sunna ना कितना कुछ कहा है मम्मी ने mujhe....aur अब भाभी को बोले जा रही होंगी वो.....

मैं - सॉरी वो मैं बस दीदी के पास जाना था...

कविता मैडम ने जब रूपल दीदी का नाम सुन्ना तो और हसने लग गयी wo....aur बुआ और गुस्से में आ गयी....

बुआ - Didi....haa ये सही है दोनों भाई बहन मिलके मुझे सताते रहो bas...aur अब तो एक नयी भी आ गयी है ना वो निकिता उसको भी गैंग में शामिल कर लिया ना वो भी करेगी परेशां ab.....par मैं भी अब शांत नहीं rahungi....tum सब को आगे से कुछ भी गलत किया तो सज़्ज़ा मिलेगी....

मैं कुछ नहीं बोलै बस सर निच्चे कर के खड़ा रहा और क्या करता मैं.....

कविता मैडम - वैसे वो मिला कहा tumhe.....aur वो एअर्थ पे आया कहा se....uske आते hi सबको पता लग जाना चाहिए था.....

मैं - (मैं में) अब यहाँ भी सवाल hi है बस.....

मैं इनको भी कहानी सुंनने लग गया.....

चलो यहाँ प्रतीक को कहानी सुंनने देते है और हम एक नज़र दाल आते है अपने दब भाई पे....

ये यहाँ बहुत कोशिश कर रहा hai....yaha पे बसने ki....yaha के लोगो के साथ अच्छे से रहने की और अपनी ट्रेनिंग करने की par...ab कहा ये राज महल में रहता था वो भी पुरे aisho-aarram के साथ और कहा अभी ये आ पंहुचा है इस आश्रम में जहा आराम का मतलब hi कुछ और hai...isko तो खाना भी यहाँ इंसानो वाला hi दिया जाता है वो भी साफ़ सुथरा खाना कोई मसालेदार nahi...inn सब में ये बाँदा लगा हुआ था...

वो आज भी सबेरे से वही खिच्चड़ के पास बैठ ध्यान लगा रहा था...

कीचड़ के पास इस लिए क्यूंकि वो भी तो नेचर का hi एक हिस्सा है और इसको सभी कुछ अपनांना hoga....itne वक़्त में कुछ कुछ दब की सहने की क्षमता बढ़ गयी थी.....

लम्मी - राजकुमार गुरु जी आपको बुला रहे है....

लम्मी तो याद hi होगी लेममो की bahen...jo एअर्थ पे आयी थी अपनी बेटी के साथ और उसके आश्रम में hi रहने को कहा गया था...

ध्यान में बैठा दब इस आवाज को सुनता है और उठ के चल देता hai....pata नहीं कैसे ध्यान लगा रहा था ये....

दब गुरूजी के pass....matlab यहाँ का सबसे ताकतवर और समझदार insan....uske पास चला जाता है..

गुरु जी - तुम पूरा दल लगा के ये सब नहीं कर रहे ....तुम्हे और म्हणत करनी होगी.....

दब ने ये सुन्ना और गुस्से से उसका चेहरा लाल हो gaya.....itne दिन से वो कोशिश किये तो जा रहा tha.....par इनको तब भी ये काम hi लग रहा था......

गुरूजी - तुम अपने देश के लोगो को अपना नहीं मानते सायद....

दब - अपना नहीं मानता तो यहाँ hota.....main उन्ही के लिए तो सीख रहा हु ये सब...

गुरूजी (मुस्कुराते हुए)- इतना झूठ खुद से कैसे बोल लेते ho....tum यहाँ सिर्फ और सिर्फ खुद के लिए हो नाकि उनके liye....tum यहाँ इस डर की वजह से हो की तुम कही किसी को वापस से नुकसान ना पंहुचा do.....aur वो sab....wo सब तो बस एक पर्दा है जिसके पीछे तुम अपने दर को चिप्पा के रखते हो.....

दब - आप कुछ भी बोल रहे है.....

गुरूजी - सचाई को जब तक नहीं अपनाओगे तब तक कुछ नहीं होगा.....

दब - नहीं ऐसा कुछ नहीं है......

गुरूजी - इंसानो के बारे में क्या ख्याल है तुम्हारा....

दब ने एक बार गुरूजी को ऊपर से निच्चे देखा और बस सपाट लहजे में बता दिया कुछ भी नहीं.....

गुरूजी - इसी तरह झूठ बोलते हो तुम खुद se....tum राजा बनने वाले ho.....Raja का धर्म होता है अपने लोगो की रक्षा karna....aur यहाँ तुम खुद को खुद के झूट से नहीं बच्चा पा rahe.....Leemi इसको बहार लेके jao....insano के बिच में रहेगा अब ये कुछ दिन...

दब - मैं इंसानो के बिच में hi तो hu.....ab और कहा जॉन....

गुरूजी ने कुछ नहीं कहा वही लिमि ने अपनी आखें बंद की और राजकुमार यानी दब का हाथ पकड़ा और एक रौशनी hui.....aur दब की आखें खुद बंद हो गयी और वो एक गाओं में the....dono के dono....DB का रूप बदल चुक्का था उसके बड़े बड़े कान और थोड़ी सी नुकीली नाक दिनों hi आम इंसानो जैसी हो गयी thi.....Wo लिमि की ओर देखे जाए रहा tha.....usko समझ नहीं आ रहा था की कैसे िस्सने ये सब सिख liya....waise वो जानता नहीं था की उसको क्या आता है और क्या नहीं पर एक एल्फ औरत के लिए भी ऐसा करना आसान नहीं tha.....yaha तक की उसकी अपनी माँ को भी ये सब नहीं आता tha.....aur उसकी माँ एल्फ वर्ल्ड में सबसे काबिल महिला एल्वेस में से एक थी...

लिमि - आपको यही रहना है Rajkumar......main चलती हु.....

दब - तुमको ये सब कैसे पता hai...tumne मेरा रूप कैसे बदल दिया....

लिमि - ye....ye सब मैंने यही सीखा hai....aur हां मुझे पता है आप हम लोगो के बारे में सोचते है तभी यहाँ पे hai....aap कोई दरपुख नहीं hai...jo बस अपने दर की वजह से यहाँ है....

लिमि ने ये कहा और इसको सुन के दब सोच में ोाद गया कही ना कही उसके मैं में ये सब चल रहा tha...wo सच में डरा हुआ था अपनी शक्तियों se....ab ये उसपे था की वो क्या karta...aur क्या नहीं.....

लिमि ने उसकी ओर dekha...aur फिर वह से चाय आयी वापस आश्रम....

गुरूजी - छोड़ आयी उसको....

लिमि - आपने ऐसा क्यों कहा unse.....wo परेशां हो गए hai.....ab कही कुछ हो गया तो....

गुरूजी (हस्ते हुए)- कुछ नहीं होगा usko.....maine बस उसके अंदर पनप रहे एक शक रुप्पी पौधे को उखाड़ने के लिए थोड़ा विस्स दिया hai.....ab देखना ये है की राज कुमार कैसे उस पौधे को ख़तम करते hai....isme वक़्त lagega....par ये अच्छा hoga.....tum भी जानती हो इसी की वजह से वो ठीक से ध्यान नहीं लगा प् रहा hai...aur ना hi उसकी पावर्स काबू में आ रही hai....usko खुद पे याक्किन नहीं hai...usko उसका मकसद hi अच्छे से पता नहीं है....

लिमि - हां ठीक है पर वो gaon.....waha पे कुछ हो गया तो इंसान भी खतरे में पद सकते है....

गुरूजी - फ़िक्र मत karo.....meri नज़र होगी unpe.....ab तुम jao....aur अपनी पावर्स को badhao....aur अपनी बच्ची को भी sikhao......wo बच्ची काफी आगे jaayegi....apne मां की तरह वो भी बड़े बड़े काम करेगी....

लिमि - जी.....

लिमि वह से चली जाती है अपने बच्ची के पास जो की वही आश्रम में रह रहे बच्चो को प्रैक्टिस करते हुए देख रही होती है....

लिमि - क्या hua....kya देख रही हो....

बच्ची - माँ ये सब रोज ऐसे hi करते hai....main भी इनके साथ ये करू....

लिमि - पर तुम तो छोटी हो....

बच्ची - नहीं मैं छोटी नहीं रही ab.....ab मैं भी बड़ी हु....

लिमि - है है बड़ी हो गयी ho.....par अभी तुमको मैं जो सिखाऊंगी वो सीखना है फिर कुछ दिन बाद इन् लोगो के साथ भी सीख लेना समझी....

बच्ची कुश हो जाती है ये जान के की अब उसको भी कुछ सिखाया jayega....aisa अक्सर होता है बच्चो को वो हर एक चीज़ चाहिए होती है जो उनको दिखती hai....aur यहाँ पे लिमि की बेटी को बस और बस ज्ञान दिख रहा था तो उसको वही चाहिए था और अब उसको वो मिलने वाला था....

इनको छोड़ हम चलते है ओल्ड आउल के पास......

ओल्ड आउल अभी भी लगा हुआ था एल्फ किंग के picche.....matlab उसने उस लड़की के पीछे किसी और को hi लगाया था....

ओल्ड आउल देख रहा था कैसे राजा अपनी कोशिश किये जा रहा था सब सही करने ki.....ek तो ये bimari....jiski दवा बनाने में वो सफल नहीं हो पा रहे थे और ऊपर से कुछ और भी प्रोब्लेम्स आ गए थे जैसे में नए युवराज के द्वारा कर बढ़ा दिया jaana.....isse सभी परेशां the....par कुछ और भी परेशानियां थी जो उसको दिख नहीं रही thi.....DB का कजिन नया युवराज धीरे धीरे अपने प्यादे बैठाये जा रहा था वह दरबार में....

ओल्ड आउल सब देखता rahta...sab kuch...aur साड़ी खबरें मुझे देता रहता tha...par ये एक काम सही से नहीं कर रहा था वक़्त पे सही खबर नहीं देता था mujhe...aur वह की कुछ परेशानियां ऐसी थी जिसका मैं कुछ नहीं कर सकता था मुझे उसके लिए लीमो की मदद लेनी padegi....main इस बारे में सोच hi रहा था....

आज ओल्ड आउल वही राजा पे नज़र रख रहा था और उसने सुन्ना की एल्फ किंग ने ओरियन से मदद मांगी है साथ hi टाइटन पे भी मदद के लिए चिठ्ठी भेजी hai.....Titan पे रह रहे लोग बहुत ताकतवर the....wo इन् सब छूती बातों पे ध्यान भी नहीं देते the....par इस बार का मामला जब उनको पता चला तो वह से भी एक बाँदा भेजा गया था स्ट्रेंज वर्ल्ड में

ओरियन से एक जादूगर और टाइटन से एक devta....yaha देवता इनको इस लिए कहा जाता है क्यूंकि इनकी पावर्स ुन्डीफिनेड होती hai....aisa भी नहीं है बहुत तत्रह की पावर्स है inme.....bas ये एक hi पावर को लाखों तरह से उसे करना जानते है उसको हर सिचुएशन में कैसे उसे करना है सब पता होता है इनको....

दोनों hi अपने जगह से aaye....Raja ने दोनों के लिए बहुत hi अच्छा प्रबंध किया हुआ था....

राजा ने दोनों को उस बीमारी के बारे में bataya....waise तो वो दोनों भी जानते थे उसके बारे में पर ये प्रोटोकॉल है ऐसा समझा जा सकता है.....

टाइटन वाला बाँदा - आपको मालूम है हम आये है तो इसके पीछे की वजह भी बड़ी hogi....warna हम नहीं आते....

एल्फ किंग - जी मैं जानता hu.....aur मैंने ये सब देखते हुए hi आप दोनों के यहाँ खत भिजवाया tha.....ab ये सब मुझसे नहीं सहा जा raha......roj मेरे देश के लोग मर रहे hai....upar से कुछ नरभक्षी भी आ गए है यहाँ जो उनकी बॉडीज तक लेके चले जाते है...

टाइटन वाले ने ये सुन्ना और सोच में पद गया......

एल्फ की बॉडी खायी नहीं जा sakti.....pahle तो ये बहुत hi बेस्वाद hoga....dusra ये जहरीला होता है.....

यही बात ओरियन से आया हुआ बाँदा भी सोच रहा tha.....dono ने एक दूसरे की ओर देखा.....

एल्फ किंग ने उस बीमारी के बारे में बताना जारी rakha...aur सब कुछ बताते गए....

वो दोनों ये सब सुन्न रहे the.....jab एल्फ किंग की बातें ख़तम हुई तो उन् दोनों ने उनसे कहा की अपने प्रमुख वैद्य को बुलाओ....

एल्फ किंग ने उसको बुलावा भेजा और वही वो दोनों अपनी जगह से खड़े हुए और बहार की ओर जाने लगे बगीचे की तरफ.....

ओरियन वाला - आपको भी ये वही लग रहा है क्या.....

टाइटन - Sunkicho......tumne हमरी लाइब्रेरी में काम किया है वह के बहुत से किताबें पढ़ी हुई है tumko......tum इसके बारे में जानते hi ho.....fir क्यों पूछ रहे हो.....

ओरियन वाला - मैं बस पक्का होना चाहता hu....par ये सब यहाँ हुआ kaise....ye सब तो होना भी नहीं चाहिए था.....

टाइटन - ये तो अब ये एल्फ किंग hi जाने खैर हममे यहाँ से निकलना होगा ये सब इनकी अपनी परेशानी hai.....aur हम इसमें कोई मदद नहीं कर sakte....aisa हमने वडा किया था.....

ओरियन वाला - हां पर इसमें इनके लोग मारे जा रहे है...

टाइटन वाला (हस्ते हए) - सुनकीचो तुम अभी तक समझे नहीं कोई नहीं मर्रा hai......inn लोगो को ऐसा लगा होगा की वो सब मर चुक्के है और इन लोगो ने उनको जमीन में दफना दिया hoga....par कोई है यह बुद्धिमान जो उन् बॉडीज को वह से निकल के सही तरीके से रख रहा है.....

ओरियन वाला - हां ऐसा हो सकता hai....main उससे मिलना चाहूंगा अगर मुमकिन हुआ तो....

टाइटन वाला - अभी इसके लिए वक़्त नहीं hai......par मैं उनकी मदद जरूर करना chahunga....iss बीमारी को धीमी करने की दवा पता है तुमको.....

ओरियन वाला - जी मैं जानता हु....

टाइटन वाला - सुनकीचो वो दवा यहाँ के प्रमुख वैद्य को batao.....aur उससे बोलो इसके बारे में पुरे देश को बता दिया jaaye.....naa सिर्फ ये बीमारी बल्कि और भी चीजजें है जो यहाँ सही नहीं है.....

ओरियन वाला - पर वो जड़ी butiya....wo सब यहाँ उतनी मत.....

वो बोल hi रहा था की टाइटन वाशी ने अपना pair.....apne जुटते से निकला और उसको जमीन पे rakha...aur अपनी आखें बंद कर di.....isse एक वेव सा उनके सरीर से निकला और वो चारो तरफ फैल गया....

ओरियन वाला - हम्म मैं उनको बता देता hu...aap निकले टाइटन के लिए मैं भी अपना काम करके यहाँ से ओरियन की ओर निकलता हु....

टाइटन वाला - Sunkicho.....kabhi वक़्त मिले तो टाइटन aao....hum वह बातें karenge...apne पुराने दिन याद करेंगे.....

ओरियन वाले ने हां में सर hilaya......aur अगले hi पल टाइटन से आया हुआ बाँदा गायब हो गया tha.....wahi थोड़ी देर बाद उसके पास वह के वैद्य aaye....usne एक कागज़ पे कुछ बातें लिख उनको dedi....aur कहा इसको पुरे देश में फैला दो....

वैद्य ने वैसा hi kiya....apne शिष्यों के पास उस कागज़ को लेके गया और उसकी कपीस बनवानी शुरू कर di....aur फिर उसको हर जगह बाटने की तैयारी करने लग गया....

ओरियन वाला भी वह से गायब हो गया बिन्ना एल्फ किंग से वापस मिले हुए....

ये सब ओल्ड आउल देख रहा था...

उसने ये सब मुझे बताने के लिए मुझसे कांटेक्ट करना शुरू किया.....

चलो इसको भी छोड़ हम एक नज़र उस लड़की पे डालते है.....

ये लड़की इतने वक़्त से यहाँ पे रहते रहते एक अच्छी खासी बहरूपिया बन चुक्की thi.....rup ऐसे बदलती थी की पता hi नहीं chale...kab एल्फ है और कब फेयरी और कब निक्स.....

जिसको ओल्ड आउल ने इसके पीछे भेजा था वो भी 2 - 3 बार धोखा खा चुक्का था...

ये लड़की कोई आम इंसान नहीं thi.....matlab कम्मल की थी ye.....abhi तो अपने परिवार के तलाश में थी ये पर साथ hi किसी और को भी ढूंढ रही थी ये लड़की.....

स्ट्रेंज वर्ल्ड के दूसरे छोर पे जहा पे निक्स (वाटर स्पिरिट्स) बास्ते the....waha पे ये जा पहुंची thi....unhi का रूप leke....aur वह पे ढूंढ रही थी अपने मास्टर के कातिल को यहाँ....

ये सब मुझे इसी ओल्ड आउल के बन्दे ने bataya.....wo निक्स वर्ल्ड में जाके वह पे बनने एक मंदिर में gayi....jaha पे सब अपनी अपनी ट्रेनिंग कर रहे the....ye भी उनमे से एक बन के सबमे घुल मिल gayi....aur अपने दुसमन को सामने देखने लगी.....

वो दुसमन यहाँ का प्रमुख पुजारी tha,...jisne इसके मास्टर को मारा था क्यूंकि वो यहाँ पे कोई चीज़ज़ चुराने आया था और पकड़ा गया था.....

लड़की का कहना था की उनको मरने की क्या जरुरत thi.....unko जेल भेजा जा सकता था.....

सब तरीनिंग कर रहे थे और फिर वक़्त ख़तम हो गया सब चले गए पर कड़की वही पे रुक्की rahi....wo छीपी हुई thi....Wo मुख्या पुजारी भी वही था....

पुजारी - छुपने की जरुरत नहीं है तुम बहार आ सकती हो....

लड़की ने ऐसा सोचा नहीं था की उसके बारे में पुजारी को पता hoga.....fir उसने सोचा अब जब पता है hi तो हुम्ला कर देते hai....aur वो हमला करने के लिए आगे badhi.....Pujari वैसे hi खड़ा raha.....usne उसको रोकने की कोशिश तक नहीं की.....

लड़की ने 2-3 वार किये उसपे और उसको चोट भी लगी पर उसने वापस से वार नहीं किया....

लड़की अब थोड़ी कंफ्यूज हो गयी थी...

लड़की - तुमने क्यों मारा मेरे मास्टर को....

पुजारी - मास्टर या उससे जिसको तुम अपना पिता मानती थी.....

लड़की - वो मेरे पिता नहीं the.....ab तो nahi.....wo मेरे मास्टर hi थे बस....

पुजारी - और ये बात तुम्हे मेरी वजह से पता चली hai.....aur तुम मुझे मारने चली आयी....

लड़की - तुमने मेरे मास्टर को मारा है....

पुजारी - वो यहाँ से यहाँ की सबसे कीमती चीज़ चुराने आया tha.....mujhe तो ये करना hi tha.....par मैं उसको नहीं मारता अगर मुझे ये पता नहीं चला होता की वो कितना घटिया tha....aur कैसे कैसे घिनौने काम किये थे उसने.....

लड़की - हां वो बुरे थे पर मेरे मास्टर थे और मैं बदला लुंगी.....

पुजारी - सुख से lo....pae सायद इसके बाद तुम अपने परिवार से ना मिल pao.....wahi परिवार जिससे तुमको अलग कर दिया gaya....aur इसमें तुम्हारे मास्टर का बहुत बड़ा हाथ tha...tum भी जानती हो ye.....yaa सायद नहीं पता तुमको....

वो लड़की ये बात सुनके सुन्नन हो gayi....usko मरते वक़्त बस यही बताया था उसके मास्टर ने की उसको अपने लोगो से चोरी करके लाया गया tha.....par ये नहीं की इसमें उसका भी हाथ था आखिर क्यों कहेगा वो ये बात....

लड़की को पुजारी पे याक्किन था वो जानती थी उसने पहले जो भी कहा वो सब सच है सायद ये भी सच hi hoga....aur पिछले कुछ दिन जैसे उसके बैठे है वो अभी बहुत कमज़ोर हो गयी थी अंदर से.....

पुजारी - मैं तुम्हे तुम्हारे घर ोाहुचा सकता hu.....par तुम्हारे उस मास्टर ने ऐसा कुछ किया है वह ोे की वो लोग तुम्हे कभी नहीं अपनाएंगे.....

लड़की - ऐसा क्या किया है उसने....

पुजारी - मैं सब बताऊंगा tumhe....par अभी nahi....ab जब तुम यहाँ आयी ho......jaisa की हमारे ग्रन्थ में लिखा tha.....to तुम्हे वो सब ज्ञान भी देना होगा मुझे जो उस ग्रन्थ में बताया गया hai....kal se...main तुम्हे ट्रैन karunga....aur ट्रेनिंग पूरी होने के बाद तुमको एअर्थ पे छोड़ aaunga...jaha तुम्हे खुद आने परिवार को पाना hoga...pata है ये बहुत मुश्किल होने वाला hai....par तुम्हारा असली सफर वही से शुरू होने वाला hai.....insano को वो सब वापस मिलेगा जो उनका tha....jisko वो भूल गए है या खू दिया है.....

अभी के लिए इतना hi नेक्स्ट अपडेट आज hi आएगा जहा हम dekhenge...Prateek और लीमो में थोड़ी बात cheet.....DB का इंसानो के साथ रहना aur...Prateek की छोटी सी लड़ाई....
 
अपडेट - 59

आगे

मैं बुआ के सवालों की बौछार से बचते bachate.....ab अपने रूम में पंहुचा hi tha....aur बैठा hi था की तभी वह से ओल्ड आउल आ gaya.....iss बार वो आया था yaha....matlab बात सीरियस thi.....usne मुझे सब बताया सब कुछ कैसे आज ओरियन और टाइटन से लोग आये थे एल्फ किंग की मदद के लिए और उनमे क्या बातें hui...maine भी सब ध्यान से सुन्ना.....

मैं - वो vaidya.....usko कोई परेशानी ना हो इसका ध्यान rakhna....jaise hi ये बात पता चलेगी सबको की वो दवाई के बारे में सभी जगह बताने वाला hai....Naya युवराज कुछ ना कुछ karega.....uske लक्षण सही नहीं लग रहे mujhe....usne टैक्स भी बढ़ा दिया है वो भी ऐसे वक़्त mein....aur बाकी के लोग क्या करते है उस दरबार में....

ओल्ड आउल - मैंने बताया ना वो अपने प्यादे रखे जा रहा है दरबार mein.....ek दुर्री सी बनती जा रही है जनता और एल्फ किंग mein......ek पर्दा सा आता जा रहा है बिच mein.....aur उस परदे से जनता को ये दिखाया जा रहा है की राजा बस खुद में hi मगन है और राजा क ये दिखाया जा रहा की हालत अभी भी काबू में hi hai.....Orion और टाइटन से लोगो को और पहले hi बुलाना चाहिए tha.....abhi हालत और ख़राब होती जा रही है वह पे

मैं - लीमो को इस बारे में अभी कितनी जानकारी hai....kya वो ये सब जन्नत है...

ओल्ड आउल - लीमो के बारे में मुझे अभी उतना पता nahi.....haa वो और उसके साथी लगे रहते है लोग की मदद करने mein.....abhi तो जैसे उनका मकसद hi बदल गया hai....wo राजा के लिए नहीं बल्कि जनता के लिए काम कर रहे hai....aur ये अच्छा भी है अभी के हिसाब से...

मैं - मैं उससे मिलना चाहता hu......waise तुम भी ये कर सकते थे पर मैं खुद उसको बताना चाहता हु ये sab......ek और बात उस वैद्य का...

ओल्ड आउल - ये तुम पहले भी बता चुक्के ho...main उसका ध्यान रखूँगा.....

मैं - वो लड़की उसका क्या hua.....uske बारे में और भी कुछ पता चला है kya.....Nix लोगो के साथ hi है क्या वो....

ओल्ड आउल - हां अभी तक तो यही पता चला है बस की वो निक्स लोगो के साथ है.....

मैं - तुम्हारे उस बन्दे ने बताया था की उसका मास्टर जिसको वो अपना पिता मानती थी वो मारा गया tha...uske बारे में भी कुछ पता है kya.....sayad उससे मुझे एअर्थ पे उसके बारे में पता करने में मदद मिल जाए....

ओल्ड आउल - हां ये भी hai...main किसी को इस बारे में भी पता लगाने भेजता hu.....waise मैंने उस तस्करी वाले के बारे में साड़ी खबर निकलने के लिए बोलै है किसी को....

मैं - हां उससे भी कुछ ना कुछ पता chalega.....ye सही किया है तुमने....

ओल्ड आउल - वैसे एक और बात थी क्या humko....uss तस्करी वाले को मार देना chahiye....usko हमारे नए ठिकाने का पता hai....manna वो नशे में tha....par कुछ भी हो सकता है रिस्क लेना सही होगा क्या.....

मैं - क्या लगता है इसके बारे में ये हम सभी के लिए खतरा हो सकता है...

ओल्ड आउल - हो सकता है ये बाद में खतरा बन jaaye.....aur वह पे बात फिर से सभी की hogi....ek तो ये बाँदा वैसे hi कमीना hai.....aur इनके जैसे अगर मारे भी जाए तो अच्छा hi है....

मैं - याद है वो जीव जिससे मंद रीडिंग होती thi....Dhruv क्या ये इस्पे काम karega.....mujhe नहीं लगता इसने बस उस लड़की के साथ ऐसा कुछ किया hoga....aur भी बहुत से लोग होंगे वैसे.....

ध्रुव - हम्म वो मंद कंट्रोलर जो उस रानी पे था.....

मैं - और भी है क्या हमारे पास कुछ... :सिघ: उसी की बात कर रहा हु...

ध्रुव - हो jaayega....usse ये काम हो जाएगा हम उससे उस तस्करी करने वाले की साड़ी बातें जान सकते है...

मैं - हम्म ये सही है fir.....Old आउल एक काम karo....tum उस तस्करी करने वाले का भी पता lagwao...mujhe वो chahiye...usne ना जाने कितनो के साथ ऐसा कुछ किया हो...

ओल्ड आउल - हां ये भी कर dunga....aur कुछ हो तो बताओ....

मैं - नहीं मैं ज्वाला के साथ चला जाऊंगा वह लीमो के pass.....accha एक और बात थी ये बिजली को क्या हुआ hai....naa उसने कुछ बताया ना hi उस ज्वाला ने....

ओल्ड आउल - तुम्हे पता नहीं क्या....

मैं - नहीं मैं नहीं जानता क्या हुआ है.....

ओल्ड आउल - वो अंडे देने वाली hai....par कुछ कॉम्प्लीकेशन्स है....

मैं - :शॉकेड: kya.....matlab ज्वाला और उसका...

ओल्ड आउल - हां और तुम्हे ये पता नहीं अभी तक...

मैं - नहीं मुझे नहीं बताया गया इस बारे mein.....aur कैसी कॉम्प्लीकेशन्स है.....

ओल्ड आउल - पता नहीं मुझे ज्यादा bas.....uska अंडा सायद थोड़ा बड़ा hai....Dark पावर के कारन सायद ऐसा हुआ है....

मैं - डार्क पावर की वजह se....matlab ये सब मेरी वजह से हो रहा है.....

ओल्ड आउल - नहीं ऐसी बात नहीं hai.....sab ठीक हो jaayega....waise अगर तुम मदद करना चाहो तो कोई वैद्य लेके आ सकते हो waha...jo उसको dekhe....aur उसकी परेशानी दूर करे....

मैं - हम्म मैं देखता हु इसके बारे में क्या ार सकता hu....accha क्या तुम hi मुझे लीमो के पास छोड़ सकते ho....main अभी ज्वाला के पास नहीं जा paunga....meri वजह से उनको ये सब सहना पद रहा hai...aur उन् लोगो ने मुझे इसके बारे में एक बार भी नहीं बताया....

ओल्ड आउल - हां मैं लेके चल सकता हु वैसे भी वही जा रहा हु main....par हां उस मिरर वाल से पहले hi उतरना hoga....kyunki उसके आगे जा नहीं पोहे मेरे साथ....

मैं - हां समझ सकता हु....

मैं ओल्ड आउल के साथ वही उन् दीवारों के पास आ gaya....kismat अच्छी थी meri....maine देखा की सामने hi एक पहरेदार tha....jiske मैंने लीमो के साथ देखा tha.....main उसके पास gaya....wo मुझे पहचान gaya.....wo मुझे बाकी लोगो से थोड़ी दूर लेके गया.....

वो - आप yaha....sab ठीक तो है ना....

मैं - हम्म सायद सब ठीक hi hai....tum बताओ यहाँ के क्या हाल है और लीमो कहा hai....mujhe उससे बात करनी है....

वो - यहाँ के बाजरे में मैं क्या hi bataun....haalat बात से बत्तर होते जा रहे है...

उसने भी वही सब बताया जो मुझे ओल्ड आउल ने बताया था bas....iski बातों में वो दर्द साफ़ साफ़ झलक रहा tha.....kahte है ना जो सहता है वही जानता है उस दर्द को...

वो - लीमो अभी कुछ लोगो के साथ कब्रिस्तान के पास गए हुए hai....wo खुद जाते है वह से बच्चो की बॉडीज laane....naa जाने कैसे दिन देख रहा है ये देश...

मैं - बस कुछ और din.....DB अपनी तैयारी में लगा हुआ hai....wo यहाँ आएगा और सब सही हो जाएगा...

मेरी इस बात पे उसने बस एक फिक्की मुस्कान दिखाई mujhe....ye फिक्की मुस्कान बता रही थी कैसे लोगो का अपने राजा और उसके परिवार के लोगो से भरोसा उठता जा रहा hai....DB को बाहत परेशानी होने वाली है यहाँ आने के बाद.....

बातें करते हुए hi वो मुझे अपने उस ठिकाने पे लेके गया जहा पे बच्चो की बॉडीज पड़ी हुआ थी वह पे कुछ लोग थे जो उन् बॉडीज को साफ़ कर रहे थे वही कुछ थे जो कोई जूस जैसा कुछ उनके मुँह में देते जा रहे the....wo जूस उन् बच्चो की बॉडीज में जा रहा था थोड़ा thoda....ye मंजर बहुत hi बुरा tha...main बता नहीं सकता इन् सब को देख के कैसा लग रहा था mujhe....agar मैं भी इन् लोगो के जगह होता तो मेरा भी याक्किन उठ चूका होता अपने राजा se....apne देश से....

मैं वो सब देख hi रहा था की वह पे लीमो वापस आ gaya....uske साथ 3 बॉडीज भी thi....usne उनको सही जगह पे rakhwaya....aur उसके बाद लोग आ गए उन् बॉडीज को देखने के लिए.....

वो भी उनकी मदद कर रहा tha....thodi देर में उसकी नज़र मेरे ऊपर पड़ी....

लीमो - प्रतीक aap...aap yaha....kisi ने देखा तो नहीं आपको....

मैं - नहीं सब ठीक hai....mujhe ये लेके आये है yaha.....uss आदमी की ओर इशारा करते हुए मैंने कहा....

लीमो - हम्म ठीक है चलिए आप मेरे साथ हॉल में चलते है वह बातें करेंगे....

वो मुझे अपने साथ लेके gaya....hall में पहले से कुछ लोग थे लीमो के वह जाते hi वो सब झुकते हुए वह से चले गए....

लीमो - सब कैसा चल रहा है waha.....raj कुमार ठीक है naa....wo अपनी ट्रेनिंग ध्यान से कर रहे है ना...

मैं - हां वो कर रहा hai....par तुमने अपनी भांजी और बहन के बारे में नहीं पूछा...

लीमो - उन् दोनों का क्या है वो वह अच्छे hi honge....main जानता hu....par यहाँ सब अच्छा होने के लिए राज कुमार की जरुरत है इस लिए उनके बारे में पूछा है....

मैं - हां वो दोनों भी ठीक hai....main वह नहीं गया कभी par.....chacha जी वह जाते रहते hai.....unse मैंने सुन्ना है इस बारे mein....wo दोनों अभी बिलकुल ठीक है...

लीमो - बस वो जल्दी आ jaaye...aur ये सब ठीक हो जाए....

मैं - लीमो यहाँ पे ओरियन और टाइटन से लोग आये थे इस बीमारी के liye...unhone कोई दवाई दी hai....jisse इन् सब में थोड़ी कम्मी आएगी....

लीमो - kya.....sach में ये तो बहुत अच्छा है आप मुझे उस दवाई के बारे में bataye.....main खुद उसको बाटूंगा सभी जगह.....

मैं - वो मेरे पास नहीं है दोस्त अगर होता तो मैं जरूर lata.....abhi वो यहाँ के मुख्या वैद्य के पास hai.....aur वो लगा हुआ है उसको सभी जगह पहुंचने mein.....maine उसकी सुरक्षा के लिए लोग लगा दिए है par....tumhe भी इसमें मदद करनी hogi.....tumko भी उसको देखना होगा....

लीमो - इसमें कहने की बात नहीं hai.....main ये करूँगा hi......main अभी निकल रहा hu...iske लिए...

मैं - Leemo...sunno to....arre दोस्त बात ये है ki...tum भी जानते हो इस बात को की नए युवराज अपने लोगो को यहाँ फैला रहा hai....Main उसके बारे में भी बात करने आया tha....Maine महसूस किया है उसके इन् सारे कारनामो की वजह se.....logo का भरोसा उठने लगा है एल्फ किंग से....

लीमो -(सीरियस होते हुए) हां आपने सही kaha....aisa होने लगा hai.....aur आप सायद पूरी पिक्चर नहीं देख रहे hai.....bahut सी जगह ऐसी है जहा पे अब लोग क्रांति लाने की बातें कर रहे hai....aapko इसका मतलब पता hai....abhi एल्फ किंगडम किसी जीवित ज्वालामुखी के मुँह पे hai....naa जाने कब वो ज्वालामुखी फत्ते और ये सब ख़तम....

मैं - इससे बचने का कोई उपाय है क्या तुम्हारे पास....

लीमो - रास्ता है par.....mera जमीर उसकी इज्जाजत नहीं deta.....par हां अगर ऐसा hi चलता रहा तो ये गुनाह भी करने पे मजबूर हो जाऊंगा मैं.....

मैं समझ रहा था ये किश बारे में बात कर रहा tha......Military सौप की वो सेना नायक था यहाँ का पर फिर भी यहाँ के सीना में जितना लीमो का सिक्का चलता है उतना किसी का भी nahi.....abhi के सिचुएशन को देखते hue....mujhe भी यही सही लग रहा था......

मैं - मैं इस बारे में दब से एक बार बात करना chahunga....usko यहाँ के सिचुएशन के बारे में सब बताना chahunga.....aakhir ये उसका राज्य hai.....main इसमें कुछ नहीं कर सकता....

लीमो - हां उनका राज्य है ye....aap बात करे unse.....abhi के लिए मैं उस वैद्य के पास जा रहा hu....unki मदद करने आप चलना chahenge.....ek बार आप भी इस जगह को देख lenge...sayad राज कुमार को यहाँ के हालत के बारे में बताने में अच्छा होगा....

मैं - मुझे अभी जाना tha....par वो सब बाद में भी हो जाएगा चलो मैं तैयार hu....chalo....

लीमो मेरे साथ चल diya......pahle तो उसने अपने लोगो से पता किया की ये मुख्या वैद्य अभी कहा hai.....aur फिर हम उस ओर चल diye.....raste में ऐसी ऐसी चीजें देखने को मिल रही थी जिसको देख समझ नहीं आ रहा था क्या karu....agar मैं इन् सब के पीछे का कारन ना जानता तो अभी तक यहाँ के राजा को मारने के लिए निकल चुक्का hota....charo तरफ मातम hi मातम था....

मैं - लीमो इन् सब को भी रोकने का कोई रास्ता है क्या...

लीमो - रास्ता hai.....par उसमे खून करना hoga.....uss नए युवराज ka.....jo अब आसान नहीं hai...usne बहुत hi सख्त पहरा लगवा रखा है अपने चारो तरफ वो भी अपने खास सैनिकों का pahra.....uss तक पहुंचना बहुत मुश्किल है...

मैं - कोई तो और रास्ता hoga.....hum उसको डरा सकते है...

लेममो - Darayenge...kaise डराएंगे usko....uske सामने 12 पैरों वाला मकड़ा फेंक de.....jisse वो दर के भाग जाएगा...

मैं - नहीं ऐसे nahi....pata है मैं ना एअर्थ पे इंसानो के बिच रहा करता tha.....waha पे मैंने एक बात अचे से सीखी hai.....Janta में बहुत पावर होती hai....aur यहाँ तो जनता के साथ तुम हो और तुम्हारे जैसे लोग है तो पावर और भी ज्यादा है यहाँ पे...

लीमो - क्या कहना चाहते हो.....

मैं - पता नहीं क्यों पर आज उन् इंसानो के लिखे किताबों की बातें यहाँ करने का दिल कर रहा hai.....sath hi मैं भी कुछ परेशां हु सायद वो परेशानी ये करने से थोड़ी काम लगने लग जाए....

लीमो - क्या कहना चाहते हो तुम....

मैं - अपने कुछ लोगो को bulao.....aur मुझे एक नक्शा चाहिए...

लीमो - हममे पहले वैद्य को सुरक्षित करना चाहिए....

मैं - उसकी फ़िक्र मत karo...agar उनपे किसी का साया भी पड़ेगा ना तो मुझे पता चल जाएगा और अगले hi पल हम वह होंगे....

लीमो - फिर बताओ क्या क्या चाहिए मैं तैयार हु....

मैं - एक नक्सा 5-5 लोगो के 4 gut....aur हां ये लोग ऐसे होने चाहिए जिनको देख जनता भी उनके साथ आ जाये...

लीमो - हो जाएगा....

लीमो थोड़ा पीछे गया और उसने आसमान की ओर देखते हुए कुछ kiya....maine ऊपर देखा तो आकाश में कोई आकृति बनती हुई दिखाई दी mujhe....aur फिर एक आवाज भी हुई....

मैं - ये क्या है....

लीमो - जो तुमने कहा उसका बंदोबस्त कर रहा hu....wo सब यहाँ आते hi होंगे....

मैं - waah....waise ये था क्या....

लीमो - ये हमारा तरीका है बात करने का मेस्सगेस पहुंचने ka......inko बस वही समझ सकते है जो इनके बारे में जानते है नहीं तो सब बस इनको बादल hi समझते है....

ज्यादा देर नहीं लगी और वो लोग वह पे आ गए थे....20 log.....saath में मैप्स भी थे....

मैं - सबसे ज्यादा आबादी कहा है.....

एक ने मुझे मैप पे एक तरफ इशारा करके बताया मैंने वह पे निशान लगा दिए....

मैं - सबसे गरीब लोग कहा रहते है....

वापस से इशारा हुआ वह भी मैंने निशान लगा दिया...

मैं - अमीर लोग कहा रहते है और वो जगह जहा पे कोई मैन्युफैक्चरिंग का काम होता है...

उन् दोनों जगहों के बारे में भी बताया गया....

मैं 2 gutt....sabse ज्यादा आबादी वाली जगह jaayege....waha पे लोगो को bhadkao....yaha के राजा और उनके लोगो के khilaf.....apni ये ड्रेस बदल के जाना और हो सक्के तो चेहरा भी चुप्पा के रखना...1 गुट गरीबों के इलाके में....1 गुट अमीरों के pass.....aur एक गुट मैन्युफैक्चरिंग वाली जगह पे hoga....par वह वो कुछ करेगा nahi....bas वह पे hoga.....baaki 4 गुट लोगो को इकठा करो और उनको उस मैन्युफैक्चरिंग वाले जगह पे लेके आना hai....ek किताब में पढ़ा था मैंने किसी बै क्रन्तिकारी की baat....Bahre लोगो को सुनने के लिए उच्ची आवाज की जरुरत होती hai.....aaj वही आवाज उनको sunayenge......Elf किंग के सामने का वो पर्दा आज खुद बा खुद जल के राख हो जाएगा जिससे उनको यहाँ के लोगो की हालत नहीं दिख रही hai....Main ये भी बता du......iske बाद आपको और भी परेशानियां झेलनी पद सकती है.....

लीमो - किसी को भी इससे कोई परेशानी है तो अभी बताओ...

कोई कुछ नहीं bola....sab चुप थे....

लीमो - हम ये karenge.....wo पर्दा आज hi जले ga.....Maharaj को अपनी जनता के दुःख देखने hi honge....hum उनको मज़बूर कर देंगे...

सभी ने एक साथ हां बोलै....

मैं - फिर chalo....jaisa कहा है वैसा hi karo....sab वही मैन्युफैक्चरिंग एरिया में aayenge....aur उस जगह पे हम कब्ज़ा karenge....uss जगह पे अब कुछ नहीं banega.....jab तक खुद महाराज ना आये वह.....

सबने वापस से हां कहा और सब चल दिए....

मैं - लीमो ये तो इनका hua...ab ये हमपे है की महाराज आज hi इस जगह पे pahuche....Darbaar में तुम्हारे कितने लोग है abhi....aur उनका कितना प्रभाव है वह....

लीमो - अब बस 3-4 hi है पहले तो 10 the...par अब सबको यहाँ से हटाया जा रहा hai...ye 3-4 जो है वो राजा के बहुत खास है इस लिए बनने हुए है वर्ण ये भी नहीं hote......waha पे बनने रहने के लिए इनको भी युवराज की बातें माननी पड़ती hai...aaki ये वह बनने रहे और हममे खबर मिलती rahe....aisa ना हो की हम बिलकुल hi काट जाए उस जगह से....

मैं - हम्म तो उनसे bolo....Yuvraj तक ये बात पहुंचने की लोग आक्रोशित हो रहे है और वो मैन्युफैक्चरिंग एरिया में आ रहे है....

लीमो - वो सीना भेज देगा....

मैं - हां और उसके बाद क्या होगा....

लीमो - उसके बाद महाराज को वह आना hoga....par अगर उसने ये बात उनसे चुप्प के करि तब....

मैं - तब एक hi रास्ता hoga....hum सीधा उसके ऊपर हमला कर denge.....Main करूँगा ये.....

लीमो - आप समझे नहीं मैंने कहा ना उसके पास सबसे ताकतवर पहरेदार है....

मैं - हां मैंने सुना पर वो नहीं जानते की उनके सामने कोण आने वाला hai...maine जैसा कहा वैसा karo....aur मैं यहाँ थोड़ा अपना काम कर लू....

लीमो को लग नहीं रहा था ये सब इतनी आसानी से hoga...waise मुझे भी नहीं लग रहा था पर ये करना जरुरी tha...nahi तो ये सब बस बढ़ता hi jaata....aur इसे बस यहाँ तनाव hi बढ़ता और सायद इससे भी बड़ा कुछ हो जाता.....

मैंने ओल्ड आउल से puccha...waha सब ठीक है ना....

ओल्ड आउल - हां सब ठीक है ये यहाँ से निकलने वाला hi hai....ek minute.....kuch सैनिक यहाँ आ रहे है....

मैं - Sainik....theek से बताओ क्या हो रहा है.....

ओल्ड आउल - ये नया युवराज hai...wo यहाँ पे hai....usko पता चल चुक्का है इस बारे में....

मैं - क्या कर रहा है वो.....

ओल्ड आउल - वो अभी उन् चीज़ों को पढ़ रहा है.....

मैं - पोर्टल खोलो एक छोटा सा.....

ओल्ड आउल - छोटा sa...tum उससे नहीं आ पाओगे....

मैं - मुझे आना भी नहीं है बस जल्दी से पोर्टल खोलो...

मैं - ध्रुव - अलबूस को भेजो waha.....aur उसको बोलो वो वह सब sambhale.....maine सोचा नहीं था इसको इतने जल्दी पीटना होगा...

ध्रुव - हम्म जैसा तुम कहो....

एक लाइट ओर्ब मेरे सीने से निकला और उस पोर्टल से होते हुए ओल्ड आउल के पास पंहुचा और फिर वह से निच्चे चला गया.....

जब अलबूस वह पंहुचा तो मैं खुद hi उनकी बातें सुन पा रहा था....

युवराज - ये तो बड़े काम की चीज़ hai....hum इस्पे भी टैक्स lagayenge....sainiko.....jo जो भी इसमें लिखा है सब इक्कठा karo....hum इसको बेचेंगे वो भी मोती कीमत mein....aur इस vaidya...saath hi इसके सभी लोगो ko....jail भेजो जल्दी से...

इतना बोल युवराज वह से निकल गया....

मैं - ध्रुव अलबूस को मैं भी गाइड कर सकता हु क्या...

ध्रुव - हां कर सकते ho....ab तुम hi करो...

मैं - हां अब ठीक है....

मैं - Albus....abhi एक एल्फ बच्चा बन जाओ...

वो तुरंत बन गया एक छोटा सा एल्फ baccha...Rup बदल सकते थे अलबूस और कूपर दोनों hi...

मैं - जो बह उन् कागज़ों को चुनने की कोशिश kare....unpe हमला karo....par मरना नहीं चाहिए wo...bas जख्मी karo....aur हां बस सैनिको को करना ना की वैद्य या उसके लोगो को....

अलबूस तैयार था....

ओल्ड आउल - यहाँ पे एक बच्चा आ गया है कही से.....

ओल्ड आउल अलबूस और कूपर के बारे में नहीं जानता tha....naa hi ज्वाला.....

मैं - हां पता hai...ek काम karo....tum अभी लीमो के पास jao....aur कुछ लोगो को उसके साथियों के पास भी भेजो मुझे उनके हर कदम की जानकारी देते रहो....

ओल्ड आउल - मैं यहाँ से चला जॉन पक्का ना...

मैं - हां यहाँ का मैं देख लूंगा अब....

ओल्ड आउल वह से चला गया वही......

एक सैनिक ने वह पे रखे उन् कागज़ों को चुने के लिए हाथ hi बढ़ाया था की Albus....jo की अभी एक छोटा सा एल्फ बच्चा बना हुआ tha....uske उसका हाथ pakda....aur 180 डिग्री घुमा के पटक diya.....log समझ hi नहीं पाए हुआ kya....Vaidya और उसके लोग इस बात से परेहन थे की ये बच्चा है kaun....aur वही युवराज के लोग इस बात को देख के परेशां की उनके एक साथी को इसने खिलौने की तरह पटक दिया....

मैं - ध्रुव ये अलबूस बोलता भी है क्या....

ध्रुव - हां तुम जो कहोगे वो वो बोलेगा.....

मैं - Albus....sabko kaho....ki इन् कागज़ों को जिसने भी छुआ उसका यही हाल होगा....

उसने भी वैसा hi बोल diya....sab बस उसको देखे जा रहे the....koi समझ hi नहीं पा रहा था ये टिन्गु है कौन.....

3 और सैनिक बच्चे हुए थे वह उनमे से एक आगे आया....

सैनिक - तू कोई मायावी hai...bahrupiya है tu....himmat है तो अपने असली रूप में आ फिर दिखता हु

मैं - अलबूस इसको अभी छोड़ो और वो जो बाकी के 2 है ना उनको maaro.....behosh कर दो उनको भी....

अलबूस ने बिलकुल वैसा hi किया और इतनी तेज़्ज़ी से की कोई समझ hi नहीं पाया हुआ क्या....

अलबूस - इनसे कहो की इन् कागज़ों को जल्दी से सभी जगह baatein...aur इस वाले सैनिक को जरा बहार लेके जाओ और इसको अपना असली रूप दिखाओ....

अलबूस ने पहले तो सबको वो मैसेज diya.....jisko सुनके उनको समझ आ गया ये उनके hi साइड का hai.....wahi उसके बाद उसने उस बच्चे हुए सैनिक को pakda...aur उसको लेके आ गया बहार एक खली मैदान में ये सब बहुत जल्दी हुआ tha....wo सैनिक खुद को सँभालने में लगा हुआ था....

मैं - अलबूस बाकियों को भी लेके आओ दोस्त वो यही पे सही रहेंगे....

अलबूस तुरंत गया और वह से उन् 3no को भी लेके आ गया.....

मैं - होश में लाओ inko....aur अब अपने असली रूप में आओ और वही कहना जो मैं कहु....

वो अपने असली रूप में aaya....ek बड़ा सा ड्रैगन.....

मैं - मैं इस प्लेनेट की एक स्पिरिट hu......main तुम सभी के कामो से बहुत दुखी hua....tum सब के sab....logo को परेशां कर रहे ho....iss वक़्त जब उनको मदद चाहिए तुम उनको परेशन कर रहे ho.....Main सब देख रहा hu.....ab इसकी सज़्ज़ा milegi....suruawt हो चुकी है अब बस देखते जाओ.....

एक तो उन् सब की हालत पहले hi ख़राब थी अलबूस का रूप dekhke...uske बाद उसकी बातें और बोलने का अंदाज़ वो देख के तो और भी हालत पतली हो गयी thi....to वो थार थार कपट हुए वही पे पड़े रहे....

मैं - अलबूस वह से वापस आ जाओ....

वो वह पे वापस से उस लाइट ओर्ब में बदला और वह से गायब हो गया jaise....aur मेरे पास आ गया....

मैं - चलो यहाँ पे सब ठीक hi hai...ab जो प्लान बनाया है उसका भी देखा jaaye...Old आउल क्या खबर है...

ओल्ड आउल - क्या खबर है तुम तो यहाँ पे दंगे धरना करने जा रहे ho....ye सब आ रहे है waha.....ye सब सच में बहुत hi ज्यादा दुखी है और गुस्से में है....

मैं - होंगे भी क्यों नहीं अपने बच्चे खोये है inhone.....kya सभी जगह से लोग आ रहे है...

ओल्ड आउल - हां सभी जगह से आ रहे है लोग.....

मैं - सीना का क्या हाल hai....iske बारे में लीमो ने वह बात पहुचायी है या नहीं...

ओल्ड आउल - अब क्या बताऊँ main.....sena के जवान भी इन् सभी के साथ है उन्होंने भी अपने बच्चे खोये है....

मैं - ये तो ज्यादा हो gaya...par कोई बात नहीं इससे हमारा काम और जल्दी होगा....

ओल्ड आउल - मैंने राजा के पास भी किसी को लगाया tha...uska कहना है ये बात सीधा उनतक hi पहुंची है....

मैं - क्या बात पहुंच भी gayi....par अभी तो कुछ शुरू भी नहीं हुआ hai....aur ये युवराज कहा गया....

ओल्ड आउल - पता नहीं उसके बारे में मैं नहीं जानता.....

मैं - हम्म उसके पीछे भी भेजना था किसी को खैर अभी रहने देते hai...Elf किंग के क्या हाल है ये बताओ....

ओल्ड आउल - वो पता कर रहे है की ये सब लोग कहा जा रहे hai....aur सायद वो भी वही जाने वाले है....

मैं - हम्म ये अच्छा hai...bahut सही जा रहा है ye.....kuch होने से पहले hi ये ख़तम होने वाला है अब सायद एल्फ किंग खुद सब कुछ देखने लग जाए वापस se....isse सभी को आराम मिले....

ओल्ड आउल - हां sayad.....par अगर उन्होंने इसको अपने ईगो पे ले लिया तो बात और भी बिगड़ सकती है....

मैं - नहीं ऐसा नहीं होना chahiye....dekhte है....

ओल्ड आउल - वो वह से निकलने वाले है अब.....

मैं - और log....unka क्या है वो कहा पे है अभी....

ओल्ड आउल - लोग बस उस जगह पहुंचने वाले है जहा पे एक और गुट उनका इंतज़ार कर रहा है....

मैं - हम्म ठीक है अच्छा कुछ 4 लोगो को वह पे टेलिपोर्ट कर सकते हो kya....maine थोड़ा और सोचा है इसके बारे में....

ओल्ड आउल - हां कोशिश करता हु...

मैंने उसको उन् चारो सैनिको के बारे में बताया जो अभी भी डर से कांप रहे थे उनको ओल्ड आउल ने वह से टेलिपोर्ट कर diya...aur वो जा pahuche......Manufacturing एरिया mein.....aur इस बार तो और भी डारे हुए the....pahle उनको लग रहा था अब Albus....joki उनके हिसाब से प्लेनेट का कोई स्पिरिट hoga....wo चला गया hai.....apr अब वो अपनी जगह से वापस से टेलिपोर्ट हो gaye....to और भी ज्यादा डर gaye....itne hi देर में वह पे एल्फ किंग अपने लोगो के साथ पहुंच गए और वह पे लोगो के आने का इंतज़ार कर रहे the...ki वो चारो उनके सामने आ गए...

एल्फ किंग को सामने देख के वो चारो hi उनके कदमो में गिर gaye....aur ना जाने क्या क्या बोलने lage....Elf किंग समझ नहीं पा रहे थे ये है कौन और क्यों परेशां है इतना...

एल्फ किंग - कोण है ये और सेना की पोशाख पेहेन के ऐसे क्यों कर रहे है....

"महाराज हममे बच्चा लीजिये हमे उस स्पिरिट से बच्चा लीजिये...."

एल्फ किंग - स्पिरिट कोण सी स्पिरिट....

उन् चारो ने अलबूस के बारे में सब बताना शुरू कर diya.....ab सायद वो इतने दर्रे हुए थे की फ्लो फ्लो में ये भी बता बैठे की वो उनको मिला कहा था मतलब वैद्य के पास जाने की बात bhi....aur युवराज का आदेश bhi.....isko सुनते hi.....Elf किंग को झटका लगा वो समझ नहीं पाए की ऐसा भी कर सकता है क्या ये....

अभी ये सब हो hi रहा था की वह पे जनता भो पंहुचा gayi.....Ab ये महाराज पे था वो कैसे हैंडल करते है ये सब....

वो इन् सब को भूल के जनता की ओर देखने lage....par उससे पहले उन् चारो को कैदखाने में भेजने को कह diya....saamne ना सिर्फ उनकी जनता थी बल्कि उनकी सीना के भी लोग the....ek राजा के लिए ये बहुत hi बड़ी बात thi......wo समझ रहे थे की जनता hi नहीं बल्कि सीना को भी उनके नेतृत्वा पे शक है....

वही साड़ी जनता ने देखा उनके राजा वही पे है और उनका इंतज़ार कर रहे the....wo सब वह रुक गए...

एल्फ किंग - मुझे दिखा hi nahi.....ki मेरी janta.....meri खुद की सीना मुझसे कितना गुस्सा hai.....main समझ hi नहीं पाया isko.....Main जानता hu...hamara देश संकट से गुजर रहा hai....par ये पता नहीं था की ये संकट इतना बढ़ गया है की हमारे बिच एक दीवार सी बन गयी है....

महाराज इतना बोलके सामने की ओर देखने lage.....tabhi पीछे से किसी ने कहा....

"महाराज अभी और भी बातें है जो आपको पता नहीं hai....kar बहुत ज्यादा बढ़ा दिया गया hai....dawaiyan जो सस्ती हुआ करती थी वो महंगी होने लगी hai...khane पन्ने के सामान भी महंगे होने लगे है..."

एल्फ किंग - ये क्या बोल रहे ho....maine इन् सब के बारे में कब आदेश diya.....kisne बढ़ाया है ये सब कर....

" महाराज सरकारी मोहर है उन् आदेशों pe....sabko यही पता है आपने hi आदेश दिया है"

एल्फ किंग - मैंने बस कुछ hi कर बढ़ने के आदेश दिए the....aur वो भी इस वजहसे क्यूंकि हमारा खजाना खली हो रहा tha...par इतने कर nahi...hamare वितता सलाहकार को इसके बारे में पता है क्या.....

"महाराज सायद आप समझ चुक्के honge...aapke पीठ पीछे क्या क्या चल रहा है यहाँ...."

एल्फ किंग (गुस्से में) इन् सब को अभी यहाँ से जाने bolo....aur तुरंत hi दरबार लगेगी abhi.....Yuvraj को वह उपस्थित होने bolo...aur साथ hi वित्त सलाहकार को भी....

जो महाराज से अभी बातें कर रहा था वो लीमो के साथ का hi tha...usne लीमो की ओर इशारा kiya....Leemo समझ गया उसने अपने लोगो को सब यही पे रोकने का इशारा kiya....kuch परेशानी hui....par सभी वापस अपने अपने घर चले gaye....bheed बुलानी आसान होती है पर उसको काबू कर पाना सबके बस की बात नहीं होती...

एल्फ किंग के कहे अनुसार दरबार लगाया गया और इस वक़्त सबसे मज़्ज़े की बात ये हुई की युवराज पुरे नशे में दरबार में पेश किये gaye.....inn जनाब ने सोच लिया था की आज के काम के बाद इनको और भी बहुत पैसे मिलने वाले है तो एन्जॉय करना बनता hai...unke राख्षकों को बस यही बताया गया था की इनको महाराज ने बुलाया है कहा बुलाया है ये सब बताया hi नहीं तो वो सब भी बिन्ना कोई परेशानी के लेके चल दिए इन्हे....

साथ hi में इस युवराज के साथ वित्त सलाहकार भी थे वह pe.....unse पूछ टाच hui....aur फिर ये सामने निकल के आया की ये सब उन्होंने ने किया hai...khud किया है इसमें युवराज का कोई दोष नहीं tha.....yaha पे राजा को बचने के लिए एक प्यादे ने खुद को कुर्बान कर दिया.......

एल्फ किंग ने ये sunna...aur उसके बाद ुसस्स वित्त सलाहकार को फोमोस भेजने को kaha.......wahi युवराज को दरबार से अगली नीली चांदनी तक केलिए निकला gaya...wo वह नहीं आ सकता था....

मैं वही tha....Leemo भी और उसके कुछ लोग भी....

लीमो - इसने उसको बचा लिया और खुद की बलि dedi...koi तो बात होगी इस युवराज में bhi....isne कुछ तो पट्टी पढ़ाई होगी इन् लोगो को...

मैं - सही kaha.....aise hi भला कौन कोई इतना बड़ा इलज़ाम खुद पे ले lega....khair अभी के लिए मैं चलता hu.....raat होने को आयी hai.....waha लोग मुझे धुंध रहे होंगे....

लीमो - जी ठीक hai......aur आपका सुक्रिया कैसे करे समझ नहीं आ raha......ab सायद कुछ चीजजें बदलेगी उस दवाई के वजह से भी और साथ hi इन् करो के ख़तम होने से bhi...gareebi और भुखमरी के हालत तो ख़तम हो hi जाएंगे....

मैं -हां ये तो hai...aur शुक्रिया की कोई बात nahi....main आता रहूँगा yaha....abhi चलता हु....

मैंने ओल्ड आउल को याद किया उसने एक पोर्टल खोला और मैं चला गया एअर्थ पे अपने स्कूल के रूम mein....aur इसी के साथ आज भी मैं क्लब में नहीं gaya....dekhte है कब मौका मिलता है इन् क्लब्स में जाने का....

चलो इस प्रतीक को छोड़ देते है ये खाना वन खाके सो hi जाएगा हम थोड़ा पीछे चलते है जब दब को इंसानो के बिच भेजा गया था उस वक़्त mein...dekhte है ये दब कैसे रहता है इंसानो के बिच जो उसको उतने अच्छे नहीं लगते....

दब को लिमि छोड़ के तो चली गयी एक गाओं mein....ab दब यहाँ वह देखता घूम रहा tha....usko समझ नहीं आ रहा था वो यहाँ करे तो करे kya.....upar से उसको किसी इंसान से कुछ पूछने में बुरा लग रहा tha...par खुद को सँभालते हुए उसने एक इंसान से पूछ hi लिया....

दब - ये जगह कौन सी है...

"Cikanagar....naya आया है क्या यहाँ...."

दब - हां

"रहने के लिए जगह चाहिए naa....chal मैं दिखता हु मस्त जगह..."

दब - नहीं हममे कोई जगह नहीं chahiye....hum चलते है यहाँ से.....

वो आदमी उसको देखता रहा वही दब वह से आगे बढ़ gaya....usko समझ नहीं आ रहा था वो यहाँ करे kya....usko कहा गया था की इंसानो के बिच raho.....par रहके करो kya....ye कौन batayega....aur कब तक रहना था उसको एक दिन दो दिन कब तक....

वो यहाँ वह घूमता रहा और शाम हो gayi....ab उसको भूख लग gayi.....khane के नाम पे आश्रम में कुछ मिल तो जाता था पर यहाँ तो वो भी नहीं tha...usne देखा सामने एक मंदिर tha...jaha लोगो को प्रसाद मिल रहा tha.....pahle तो उसको वो लेने में भी बुरा लग रहा था पर bhukh...sabko मजबूर करती है और ये जो राजा राज कुमार टाइप लोग होते है उनको भूख भी ज्यादा hi लगती hai....DB भी चला जाता है वह और उसको भी प्रसाद मिल जाता है वो प्रसाद खा लेता hai...par उतने में उसका होगा kya....wo यहाँ वह फिर से घूमने लगा खाने की तलाश mein....aur ऐसे hi वो पहुंच गया एक जंगल mein....waha उसको एक पेड़ पे कुछ फल लगे mille....wo चढ़ गया वह फल खाने के liye..aur वह खाने लग गया fal....Ye सब उसके गुरूजी देख रहे थे...

गुरूजी - इंसानो के बिच रहने बोलै tha...jungle में nahi....ab वापस से उन् इंसानो के बिच jao....aur वही raho......unke साथ उनको samjho...unko अपनाओ....

दब - मैं कही नहीं जा रहा आपने मुझे आश्रम से निकला है मैं अब यही जंगल में रहूँगा और यहाँ पे अपने एलिमेंट पे काबू पाउँगा....

गुरूजी - जैसी तुम्हारी मर्जी...

लिमि - गुरूजी ये क्या कर रहे है राज kumar....isse तो और परेशानी होगी....

गुरूजी - हां पता hai...sayad इसको इसके दोस्त से मिलने की जरुरत hai...Tum इसके उस दोस्त के पास jao...aur उसको कहो इसे सब bataye.....jo कुछ भी इसके देश में हो रहा hai....sayad तब ये समझे कुछ....

लिमि - जी...

दब भटक गया है :सिघ: उसको इंसानो के पास भेजा गया था ताकि वो उनके साथ रहे और उनसे भी सीखे पर वो ये समझ नहीं paaya....ab देखते है वो इस बात को कैसे समझता है...

नेक्स्ट अपडेट में dekhenge.....Jwala की परेशानी के बारे mein.....dekhte है प्रतीक क्या करता है इसके बारे mein....aur साथ hi वो जो फाइट hai....wo भी वही होगी :सिघ:
 
अपडेट - 60

आज भी वही sapna....pata नहीं क्या हो रहा tha.....kya है उस दरवाजे के पीछे जैसे hi मैं उसको छूटा हु मैं जाग जाता hu....aur इसके बारे में तो ध्रुव भी बात नहीं करता सायद मुझे उससे पूछना चाहिए ये.....

अभी यही कोई सुबह के 4 बजे honge...aur आज भी उसी तरह मेरी नींद खुल gayi.....Main फ्रेश हुआ और चल दिया ध्यान लगाने को पर बार बार दिम्माग में वही दरवाजा वही सपना आ रहा tha...aakhir क्या था उस दरवाजे के अंदर...

मैं - ध्रुव मुझे ना एक सपना आ रहा है कुछ दिंनो से....

ध्रुव - सपना आए रहा hai.....kaisa sapna...aur मुझे इसके बारे में क्यों पता नहीं...

मैं - Matlab....kya तुम्हे मेरे हर सपने के बारे में पता होना चाहिए....

ध्रुव - हां ऐसा hi kuch.....main तुमसे जुड़ा हुआ hu.....par चीजजें पता नहीं क्यों वैसी नहीं हो रही जैसा मैंने सोचा था.....

मैं - क्या सोचा था तुमने....

ध्रुव - मैं तुमसे जुड़ा हुआ हु और मुझे तुम्हारी हर एक बात का पता होना चाहिए था पर यहाँ ऐसा है की मैं तुम्हारे मैं की बातें भी नहीं जान पा रहा हु....

मैं - तो तुम जान के क्या karoge....mujhe जितना बताना होता है मैं वो बताता हु ना.....

ध्रुव - हां पर मुझे और भी जानना है....

मैं - नहीं और क्या जानना चाहते हो ये batao...main दिन भर खाने के बारे में सोचता हु ये जानना चाहते ho....main कभी कभी तुमपे बहुत गुस्सा हो जाता हु ये जानना चाहते ho...dekho जितना मैं चाहता हु तुम्हे पता चले उतना तुम जान hi जाते हो naa....aur बा ये सब छोड़ो और जिस बारे में मैं बात कर रहा था वह पे आओ...

ध्रुव - हां ठीक है वैसे भी जिस तरह की हालत अभी तुम्हारे दिम्माग की है मैं ऐसे hi ठीक hu....nahi जानना कुछ और bhi.....accha अब बताओ क्या बताने वाले थे तुम....

मैं - सपने के बारे mein.....ek सपना आ रहा है कुछ दिंनो se.....ek बड़ा सा दरवाजा होता है मैं उसको देख रहा होता hu.....aur जैसे hi उसको खोलने के लिए हाथ बढ़ता हु चारो तरफ रौशनी फैल जाती है और मैं जाग जाता हु...

ध्रुव - कैसा दरवाजा था वो और कुछ देखा था usme....upar कोई बोर्ड या आस पास कोई cheez....handle कैसा था दरवाजे का....

मैं - ये सब मैंने नहीं dekha....aur क्या मैं ये सब देख सकता tha....wo सपना tha....jitna दिखा मैंने वो बता दिया....

ध्रुव - ये तुम्हारा सपना tha.....aur तुम क्या हो ये तुम्हे खुद नहीं pata.....agle बार जब ये सपना आये तो आस पास की चीज़ज़ों पे भी ड़याँ dena....taki मुझे पता चले की ये सब है क्या...

मैं - ठीक है मैं कोशिश करूँगा....

ध्रुव - ये नए एलिमेंट के बारे में कुछ पता लगाया या नहीं....

मैं - सायद मैं करीब hu.....kal मैंने लेममो को देखा था आसमान में कुछ करते hue.....aur इससे मुझे याद आया मेरा एलिमेंट भी उसी तरह का है kuch...sayad ये आसमान से रिलेटेड है....

ध्रुव - हां ये उसी से रिलेटेड है पर बहुत खास hai.....tumne लीमो को आसमान में बादलों को शेप देते देखा tha......wo वाटर एलिमेंट का उसे कर रहा था और थड़ा बहुत विंड एलिमेंट ko...par तुम्हारे पास जो है उससे तुम इन् सब से ज्यादा कर सकते ho....tum apni....yaa किसी और चीज़ज़ की आकर काम ज्यादा कर सकते हो साथ हो पर उसकी ताकत उतनी hi रहेगी....

मैं - जैसे में....

ध्रुव - सामने पाथेर दिख रहा है naa....usko ध्यान से dekho....aur सोचो की वो बड़ा हो रहा है...

मैंने वैसा hi किया और वो सच में बड़ा हो गया.....

मैं - वोओओओओ ये तो कम्मल का ेलेमेंय है और क्या क्या होता है इससे....

ध्रुव - आस पास भी देख लिया करो पाथेर बड़ा नहीं हुआ है तुम छोटे हो गए हो :सिघ: इसी वजह से ध्यान लगाना जरुरी hai.....iski लिमिट्स नहीं hoti....par इंसानी बॉडी की लिमिट hai....tumhari ये bodi....abhi बस 2 फ़ीट जितनी hi छोटी hogi....par अगर तुम और ध्यान लगाओ तो ये 2 फ़ीट काम होक 2 इंच तक जा सकता hai.....aur बड़े होने की लिमिट अभी के लिए सायद 10 फ़ीट होगी उससे ज्यादा nahi....par आगे ये और बढ़ेगी और 20 फ़ीट के करीब हो jaayegi....par हां तुम बाकी चीज़ज़ों का साइज बड़ा छोटा कर सकते हो जितनी उनकी लिमिट रहे उतनी....

मैं - ये तो कमल की पावर है....

ध्रुव - अभी पूरा कहा सुन्ना hai....iska सबसे अच्छा उसे आता है लड़ाई के waqt.....aap अपने हथियार को बड़ा कर सकते है और सामने वाले का chota....ye सब....

मैं - हां मैं समझ gaya...aur भी कुछ है क्या इससे एलिमेंट में जैसे वाटर एलिमेंट से हम पानी के सभी फॉर्म्स पे काबू कर सकते है वैसे इसके भी टाइप्स होंगे ना...

ध्रुव - इसके बारे में अभी बहुत सी बातें राज़ hi hai...main भी उतना नहीं जानता जितना पता था वो बता दिया है maine.....Ab ये तुमपे है इसके राज़ जान पाते हो या नहीं....

मैं - हम्म ठीक है.....

मैं पहले तो अपने सही शेप में आया और फिर ध्यान में बैठ gaya...aur लग गया अपने इस वाले एलिमेंट को और मजबूत बनाने में....

थोड़ी देर में बाकी सब भी आ gaye...aur वो सब भी ध्यान में बैठ गए....

ध्यान से उठा तो वह पे बुआ थी और कविता मैडम bhi....Bua ने मुझे dekha....aur बड़े प्यार से कहा...

बुआ - बच्चू चल मेरे केबिन में चल थोड़ी बात करनी है तुझसे....

इतने प्यार से अभी तक तो कभी बात नहीं की थी mujhse.....Mujhe लगा सायद खुश होंगी किसी बात को लेके इस वजह se.....par उसी वक़्त मैंने ध्यान diya...Kavita मैडम हिस्से जा रही thi....par में उनकी हस्सी का कारन नहीं समझ सक्का....

मैं - मैं तैयार होक आता हु बुआ फिर क्लास भी जाना है naa.....aur आज शाम घर चलेंगे ना हम...

बुआ - अरे बच्चू क्या तैयार hona....baad में हो लेना ना तैयार....

कविता मैडम (हस्ते हुए) - क्या पूनम तैयार होक आना चाहता है तो अच्छा hi है naa.....tumhe भी सायद अच्छा लगी.....

बुआ ने उनकी ओर dekha......aankhen दिखते hue....par वो तब भी हिस्से जा रही थी....

बुआ - हां बच्चू तू जा तैयार होक्के aa.....par आना ठीक है naa....main वेट करुँगी तुम्हारा...

मैं - मैं अभी आता हु बुआ...

मैं रूम में गया जल्दी तैयार हुआ और फिर वह से सीधा चल दिया बुआ के केबिन में .....रस्ते में पंकज दिखा मुझे.....

पंकज - और भाई कैसे ho....kal क्लब में नहीं दिखे थे tum....Prof. पूनम बहुत गुस्से में थी इसको लेके.....

मैं - हां वो मैं कुछ काम tha....kya बुआ गुस्से में थी....

पंकज - हां वो भी बहुत गुस्से में ऐसा लग रहा था की सबको वही पे पटक पटक के मारेगी.....

पता नहीं क्यों पर पंकज की बातें सुन्न के मुझे अपना आने वाला वक़्त भी दिखाई देने लगा मेरे हाथ खुद hi मेरे गलों पे चले गए....

पंकज - क्या हुआ गाल में कुछ हुआ है kya.....yaa दांत का दर्द है....

मैं - कुछ हुआ नहीं है पर अब लगता है hoga....tum जाओ मैं बाद में मिलता हु....

पंकज - ठीक है bhai....accha हां आज तो वीक की लास्ट क्लास है naa......sham को कही चलते है naa....manna मत करना yaar...ab जब तक साथ नहीं रहोगे मैं कैसे खुद को अच्छा दिखा paunga.....tum तो मुझे वही बुरा पंकज hi समझते रहोगे....

मैं - मैं बुआ के साथ घर जाने वाला tha...lekin तुम कह रहे हो तो थोड़े वक़्त के लिए चला aaunga....par ज्यादा देर नहीं....

पंकज - बहुत accha....theek है मैं बस स्टॉप के पास मिलूंगा.....

मैं - हां....

इतना बोल मैं वापस से आगे बढ़ने लगा धीरे dheere.....ab समझ आ रहा था बुआ का इतने प्यार से बात करना और कविता मैडम का ऐसे हसना....

मैं उनके केबिन के पास pahucha.....waise तो दरवाजा खुला था पर मैंने फिर भी नॉक किया.....

बुआ ने मेरी ओर देखा और बड़े hi प्यार से वापस कहा....

बुआ - बच्चू आओ ना अंदर दरवाजा नॉक करने की क्या जरुरत hai....aate वक़्त ना बंद कर देना दरवाजा...

मैं दरवाजा बंद करके उनके पास जाने लगा....

मैं - बुआ वो मैं kal.....ek काम से थोड़ा...

बुआ - ू तो मेरे प्यारे बच्चू को पता चल गया मैं क्यों बुला रही thi....(chillate हुए) तुमको कहा था ना मैंने बिन्ना बताये कही ना जाओ और tum....tumm मेरी बात hi नहीं सुनते....

मैं चुप रहा.....

बुआ - अब बोलोगे भी कहा गए the.....main यहाँ तुम्हे धुंध धुंध के परेशां हो गयी thi....ghar पे भी नहीं गए थे कहा थे तुम....

मैं फिर भी चुप रहा ....

बुआ - कविता इसको पकड़ो ये ऐसे नहीं सुनने वाला आज इस्पे मैजिक कर hi देती हु....

कविता मैडम - पूनम यार छोड़ो भी देखो बड़ा हो गया hai.....kahi गया होगा ghumne.....ab क्या इसको अपने पल्लू से बाँध के रखेगी....

बुआ - इसको बता के तो जाना चाहिए था ना कल देखा नहीं था मैं कितना परेशां thi.....ghar पे बता नहीं सकती अगर बताती तो इसी को दांत पड़ती

मैं - सॉरी बुआ

बुआ - sorry.....bacchu तुमको पता भी है मैं कितनी परेशां thi......ek तो वो तुमने उस आदमी से लड़ाई करि थी मुझे लगा कही उसके साथी ना आ गए हो तुम्हे पकड़ने के liye.....Main कल hi कहने वाली थी तुमको की यही रहो अभी स्कूल में hi यही सेफ रहोगे पर वक़्त नहीं मिला था....

मैं - सॉरी ना बुआ....

बुआ - आगे से ऐसा कुछ किया तो देख lena.....main ये नहीं कहती की तुम बहार मैट जाओ कही घुम्मो मत पर ऐसे क्लासेज भी बंक करना सही नहीं naa.....iss बार कुछ नहीं कर rahi...aagli बार समझ लेना...

मैं - हम्म (मैं में) कुछ भी नहीं kiya...sach में बहुत परेशां हो गयी होगी....

बुआ - अब यही रहना है अभी कहा ना क्लास बंक नहीं करते जाओ क्लास में क्लास शुरू होने वाला है....

मैंने वक़्त देखा तो सच में तमे हो चुक्का था और मैंने नास्ता भी नहीं किया था....

मैं - अरे मैंने तो नाश्ता भी नहीं किया और क्लास का टाइम भी हो गया....

बुआ - हां तो सज़्ज़ा मिलनी hi चाहिए थी naa....ek वक़्त का खाना ना मिलना सही hai....ab अगर वापस से बिन्ना बताये गए तो दिन भर खाना नहीं milega....niklo अब...

मैं उसको देखे जा रहा tha....kitni अच्छी तरीके से उन्होंने सज़्ज़ा di...khana hi नहीं खाने दिया... :सिघ:

मैं वह से उठा और 1सत क्लास के लिए निकल gaya...class में वही सब हथियार के बारे में बताया जा रहा tha....ye क्लास ख़तम हुई मुझे भूख लगने लगी पर अभी खाने को कुछ मिल नहीं सकता tha....Main 2ंद क्लास की ओर जा रहा था तब बुआ वापस milli....unke हाथ में एक एप्पल tha....mujhe लगा सायद दया आ गयी होगी इनको ये एप्पल मुझे दे degi....par ठीक मेरे सामने आके एप्पल को कहते हुए चली गयी....

मूड ख़राब हो gaya....3rd क्लास की ओर जब जा रहा था तब मैं ये सोच रहा था जल्दी से क्लास ख़तम हो और मैं दोपहर का खाना खाने jaun...par वापस से बुआ ने मुझे बुल्ला liya....Maine पहले तो सोचा नहीं जाता hu.....phir पता नहीं क्या हुआ मैं चल दिया उसी oor....Bua अपने केबिन में बैठी हुई thi...unke सामने 2 प्लेट्स लगे हुए the.....Main गया वह....

बुआ - आओ baitho....khana खाओ...

मैं जल्दी से बैठ गया और खाने लगा....

बुआ - भूख लगी थी ना...

मैं - हां....

मैंने खाना खाया और उस वक़्त बुआ मुझे समझा रही थी आगे से ऐसा नहीं करने के बारे में wapas....Khana ख़तम होने के बाद मुझे याद आया पंकज ने मुझे आज अपने साथ चलने को कहा था मैंने सोचा इस बारे में बुआ को बताऊँ....

मैं - बुआ वो पंकज ने आज मुझे अपने साथ चलने के लिए पूछा....

बुआ - हां तो तुमने क्या कहा.....

मैं - वो बहुत इमोशनल बातें कर रहा था तो मैंने भी थोड़ी देर के लिए बोल दिया hai....main जॉन क्या....

बुआ - Jao...waise भी तुम्हारी मास्टर आयी थी उन्होंने कहा है तुमको बाँध के नहीं रखना है इसी वजह से बैठ के खाना खा रहे हो yaha....warna चुनने भी ना deti....par हां जैसे अभी बताय ना वैसे hi बता के जाय karo...aur क्लास बंक नहीं करने का समझा...

मैं - ठीक है बुआ और मास्टर मुझसे मिल नहीं रही अभी कुछ दिंनो से....

बुआ - पता नहीं वो तुम दोनों के बिच का है मैं नहीं जानती चलो अब क्लास में चलते है.....

मैं बुआ के साथ चल दिया क्लास के लिए क्लास ख़तम hua....aaj मैंने सोचा था की कोई एक क्लब जाऊंगा पर आज चुक्की वीक की लास्ट क्लास थी इस वजह से क्लब बंद कर रखे थे पता नहीं रूल्स थे ऐसे sayad......khair मैं अपने रूम में आ gaya.....thodi डियर वही रहा......

मैं - ओल्ड आउल से पूछता हु उस तस्करी वाले का पता चला की नहीं.....

मैंने ओल्ड आउल को याद किया और उससे पूछा इस बारे में....

ओल्ड आउल की आवाज आयी...

ओल्ड आउल - उसको अभी वह के कोर्ट में भेजा जाना hai......uspe और भी चार्जेज लगे हुए hai......wo बहुत वक़्त के लिए जेल जाने वाला है....

मैं - उसको एक बार मिलना hi होगा तभी हम उसके मंद को पढ़ पाएंगे....

ओल्ड आउल - तुम मंद कैसे पढोगे....

मैं - वो मेरे पास एक तरीका hai....accha एक और बात batao.....ye बिजली की मदद कैसे करू कुछ आईडिया दो...

ओल्ड आउल - मैं कैसे बताऊँ मुझे पता होता तो मैं उन्हें नहीं बता deta.....waha के वैद्यों से कुछ नहीं हो रहा hai....sayad तुम किसी ऐसे को जानते हो जो इन् सब के बारे में जानता हो....

मैं - एक doctor....haa ऐसा hi kuch....main समझ गया हु...

ओल्ड आउल - क्या....

मैं - अभी जाओ बाद में बताता hu......ek मिनट उस लड़की के बारे में भी कुछ पता चला है क्या या वो वही है निक्स टेम्पल में.....

ओल्ड आउल - हां वो अभी वही है ट्रेनिंग ले रही hai......kuch ज्यादा दिलचस्पी नहीं ले रहे उसमे....

मैं - नहीं वो बस ऐसे hi अब jao.....aur हां लीमो की मदद करते रहना वो मुशीबत में हो तो मुझे बता देना.....

ओल्ड आउल - ठीक hai....kuch और कहना है वापस से नहीं रोकोगे ना....

मैं - नहीं सब हो गया जाओ अब...

वो चला gaya.....wahi मैं रूम में ये सोचने लगा की अब डॉक्टर को कहा से ढूंढा jaaye....mere दिमाग में कविता मैडम aayi.....haa वो भी डॉक्टर hi थी पर पता नहीं उनको वह कैसे लेके जाऊँगा.....

मैं यही सब सोच रहा था की इतने में पंकज की आवाज आयी बहार se....Maine उसको रुकने बोलै जल्दी से रेडी हुआ और बुआ को वापस से एक बार उसके साथ जा रहा हु बोल diya....unhone कहा घर पे आ जाने सीधे....

मैंने सोचा अगर आज भी कविता मैडम हमारे hi घर आयी तो मैं उनसे पूछ सकता हु इस बारे mein.....Main बुआ से उनके बारे में पूछा तो पता चला वो वही आने वाली है...

मैं फिर वह से पंकज के साथ चल diya....main नहीं जानता था वो कहा लेके जाने वाला था मुझे.....

मैंने उसको बस के पास जाने को बोलै था मैं भी वही चला गया बस आयी उसी ने टिकट खरीदी.....

मैं - कहा जा रहे है हम....

पंकज - लड़ाई dekhne....bahut मज़्ज़ा आता है उसमे.....

मैं - लड़ाई dekhne....tum सच कह रहे ho.....tumne मुझसे कहा की मैं तुम्हारे साथ आऊं ताकि तुम मेरे सामने खुद की इमेज सही कर पाओ और अब तुम मुझे लड़ाई दिखने लेके चल रहे हो....

पंकज - अरे बहुत मस्त लड़ाई होती है वह तुम चलो तो सही.....

मैंने कुछ नहीं कहा और बस वापस से रुक गयी हमारा स्टॉप आ गया tha....ye पता नहीं कौन से जंगल में लेके आ गया था mujhe.....maine आस पास देखा पूरा का पूरा जंगल hi था ये.....

मैं - ये तो जंगल है....

पंकज - मेरे पीछे पीछे aana...issi इंसानी कबीले में होती है लड़ाई....

मैं - इंसानी kabila...hum इंसानो की लड़ाई देखने आये है....

पंकज - ऐसा किसने kaha....ye कबीला इंसानो का है जो हम जैसों को जानते hai.......aur पैसों के लिए हममे यहाँ लड़ने देते है....

मैं - मतलब लड़ने वाला हम जैसा hi होता है.....

पंकज - हां सही sunna....ab चलो चुप चाप और ध्यान रहे ज्यादा बोलना mat.....ye लोग हमारी भासा समझते नहीं hai.....kahi कुछ उल्टा पता समझ बैठे तो लेनी के देनी हो जायेगी...

मैं - हम ठीक है....

मैं भी आगे चलता गया पंकज के साथ हम एक लकड़ी के बनने छोटे से कुटिया के पास आये.....

मैं - कहा है कबीला और लड़ाई कहा हो रही है....

पंकज - लड़ाई इसके अंदर हो रही है और कबीला यही है जहा हम खड़े hai....wo सब चुप्पे हुए होते है...

पंकज ने अपने पॉकेट से सोने के 2 सिक्के निकले और उनको हवा में uchala....aur सिक्के gayab.....jaise hi सिक्के गायब हुए वही वो कुटिया की गेट khuli...bahar से देखने में जितनी hi छोटी थी ye....ander से उतनी hi बड़ी थी ये kutiya.....main तो देखता hi रह gaya....bahut से लोग आये हुए थे yaha....tarah तरह के लोग...

ध्रुव - ये जगह सही नहीं hai...yaha नहीं आना चाहिए था.....

मैं - पहले क्यों नहीं bataya.....ab आ गए हैं तो थोड़ा रुक जाते है....

ध्रुव - देखते है अब यहाँ क्या होता है....

मैं और पंकज दोनों अंदर गए उसने अच्छी सीट ली थी हम वही से लड़ाई देखने lage...abhi एक 3 एलिमेंट वाला बाँदा वह पे खड़ा tha...jiske पास वाटर एयर और साथ hi फिर एलिमेंट the....aur उसके सामने एक 2 एलिमेंट वाला बाँदा एअर्थ और एयर ka....dono के बिच का मुकाबला होना था...

मैं ध्यान से देखने लगा...

फ1 जोकि 3 एलिमेंट्स वाला था उसने शुरुवात ki....aur पहले एयर एलिमेंट और फायर एलिमेंट को मिला के हवा में एक आग का भवंडर बना दिया और उसकी ओर फेंका......

मैं तो देखता hi रह gaya.....bahut hi आश्चर्य करने वाला दृश्य था मेरे लिए ये.....

सामने वाले बन्दे ने उस भवंडर में छोटे छोटे पाथेर दे diye....aur खुद को एक पत्थर के पीछे चिप्पा liya.....usse हुआ ये वो पाथेर यहाँ वह जाने laga....aur उससे फ1 को भी चोट लग रही थी साथ hi बाकी सब जो देखने आये थे उनको भी चोट लग जाती अगर उस पुररे जगह को उसी वक़्त घेरा ना jaata.....jaise hi उसने ऐसा किया था उस रिंग के चारो तरफ एनर्जी फील्ड फैल गयी जिससे वो पाथेर बहार नहीं आ सके....

फ1 ने ताकत का उसे किया था और फ2 ने दिम्माग ka...Jab फ1 को ज्यादा चोट लगने लगी usne....paani से उस भवंडर को बुझाना chaha...par हुआ कुछ aur...wo भवंडर अब आग और पानी दोनों का बन गया tha....aur उसके अंदर जो पाथेर थे वो उस पानी के तेज़्ज़ बहाओ की वजह से और आग की गर्मी की वजह से टूटने लगे the...aur छोटे छोटे कणो में बदल गए the....F1 ने उसको वैसे hi रहने दिया और तेज़्ज़ फाॅर्स के साथ पानी की धार छोड़ी उस पाथेर पे जहा पे फ2 चिप्पा हुआ tha....aur साथ hi उसी पानी के बाद आग भी उसकी तरफ देने laga.....pather पहले कुछ सॉफ्ट होता और फिर टूट रहा था....

मैं - ये फ1 तो बड़ा बैलबुद्धि लग रहा hai....ye तो हार जाएगा ऐसे में....

पंकज ने मेरी ओर dekha.....aur अपना सार पीट लिया....

मैंने आस पास देखा तो सब मुझे देख रहे थे और मुस्कुरा रहे the....main समझ नहीं पाया ये सब ऐसे क्यों मुस्कुरा रहे है....

मैंने वापस से मैच की ओर देखना शुरू kiya....abhi भी फ1 लगा हुआ था ऐसे hi फ2 के पाथेर को पिघलने में....

मैं - कितना बड़ा चुटिया है ye....isse अच्छा अपने विंड एलिमेंट से हमला करे....

इस बार भी सब देखने lage.....Pankaj हाथ जोड़ के मुझे ऊँगली से चुप्प रहने को बोल रहा tha...par मुझे समझ नहीं आ रहा था क्यों एक तो ये मुझे इस गधे की फाइट दिखने लेके आ गया है और अब :सिघ:

वापस देखा तो अभी भी फ1 लगा हुआ था ऐसे hi.....usne लगभग से पत्थर को पिघला दिया tha.....aur तभी फ2 ने अपने विंड एलिमेंट से उसके ऊपर बहुत जोरर का वार kiya.....wo बाँदा पहले से hi थक चुक्का था तो इस वार को संभल नहीं सक्का और गिर गया...

मैं - पता था ये हारेगा :सिघ: इससे अच्छा तो कोई बच्चा लड़ ले...

मैंने तीसरी बारी अपना मुँह खोल लिया tha....aur इस वाहियात सी जगह का ये नियम था की जो भी ऐसा करेगा उसको अगला मुकाबला करना होता था जीतने वाले के saath.....aur अगर वो जीता तो उसको इनाम मिलेगा और हारा तो sazza.....sazza कोई फिक्स नहीं थी यहाँ की कुछ भी सज़्ज़ा दे देते ये लोगो ko......par मुझे कहा पता था ये sab....aur जो मुझे यहाँ लाया था उसने भी कहा कुछ बताया था इस बारे mein...usne तो बस कहा था बोलना मत थोड़ी कहा था बोलोगे तो लड़ना पड़ेगा....

मुझे ये सब तब पता चला जब मैं रिंग के बिलकुल पास पहुंच गया tha.....Ye सब कब हुआ कैसे हुआ पता भी नहीं chala....main अभी अपने जगह पे hi था की तभी मेरी सीट उड़ते हुए वह आ पहुंची...

मुझे रिंग के पास उतरा gaya.....aur फिर अनाउंसमेंट हुई....

"अगला मुकाबला फ2 और इस लड़के के बिच hogi....isne खुद उसको चलेंगे किया है"

मैं समझा hi नहीं फिर बाद में मुझे इन् सब ने समझाया यहाँ के niyam....aur रिंग में भेज दिया...

मैं - ध्रुव अब मैं क्या करू....

ध्रुव - मैंने कहा था जगह सही नहीं है ye....ab लड़ो और kya.....par खुद पे काबू rakhna....thunder एलिमेंट hi उसे करना bas....aur कुछ नहीं....

मैं - समझ गया..

अब लड़ना तो था hi मैं भी तैयार हो गया सामने मेरे था फ2 2 एलिमेंट्स थे इसके एअर्थ और wind....wahi मेरे पास भी 2 थे पर उसे 1 करना था tunder....wo भी आराम se....kisi को मेरी पावर्स का अंदाज़ा नहीं होना चाहिए वैसे....

इस बार वार उसने kiya....main बस बचना चाहता tha....to जब उसने विंड एलिमेंट से एक तेज़्ज़ हवा का झोंखा बनाया और उसमे एअर्थ एलिमेंट की मदद से पाथेर दाल diye....to मैंने अपने थंडर एलिमेंट से अपने सामने एक त्रिअंगुलार शेप की शील्ड बना diya...isse हुआ ये की हवा काट के मेरे आस पास से गुजर गयी और जो पाथेर थे वो भी टूट गए थंडर एलिमेंट की वजह से....

सबने मेरे शील्ड का आकर देखा और चिल्लाने lage...accha शेप था uska...dimmag सही लगाया था मैंने...

उसने वापस से वार किया इस बार एक bhawander.....sirf bhawander.....par सायद इसकी अकाल ठिकाने नहीं thi....maana मैं हवा को नहीं काबू कर सकता पर बिजली तो मेरे पास hai....maine उस भवंडर पे थंडर एलिमेंट से उसपे काबू पाने लगा उसमे इतनी थंडर वेव्स दाल दी की जैसे वो बस एक बिजली का गोला था जो घुम्मे जा रहा tha....aur वो उस फ2 के काबू से निकलता जा रहा था और मेरे काबू में आता जा रहा था....

मैंने उसको उसी की तरफ मदद diya.....usne जब उसको अपनी ओर आते देखा उसने पठारों में छिपने का socha.....par ये बिजली hai...pather टूट जाते है जब बिजली गिरती hai....maine और थंडर अटैक्स kiye....itne की उसके छुपने की जगह बर्बाद हो गयी और अभी भी वो बिजली का भवंडर सके पीछे hi tha.....ab वो कुछ और करता उससे पहले मैंने एक ठुण्डीर अटैक थी उसके ऊपर कर दिया जिससे वो निच्चे गिर गया बाकी का काम उस भवंडर ने कर दिया.....

वह पे सब मुँह बाए मुझे देख रहे the....ye मुकाबला तो जैसे शुरू होते hi ख़तम हो गया हो.....

मैंने पंकज की ओर देखा जब मैं रिंग में आया था और तब उसको देखा था तब वो परेशां दिख रहा tha...sach में परेशां और अभी वो थोड़ा खुश दिख रहा था....

मैं और लोगो को देख रहा था तभी वह धुवां सा फैल gaya....aur हम सभी के सामने एक बाँदा आ खड़ा hua...ajeeb से कपडे थे uske....dekhne में hi जोकर लग रहा था वो...

वो - तुम जीत गए ho....ye लो तुम्हारा इनाम...

वो पागल मुझे एक कागज़ दे रहा tha....pata नहीं क्या था usme....maine उसको liya.....khola तो उसमे एक अजीब सी ड्राइंग बननी हुई thi...aisa लग रहा था क्लास 2 के बच्चे की बनायीं हुई है....

मैं कभी उसको देखता तो कभी उस जोकर को....

पंकज की ओर देखा तो वो इशारे से चुप चाप बहार आने बोल रहा tha...iss बार कोई भी गलती किये बिन्ना मैं बहार चला गया...

बहार जाते hi मेरे सार पे एक हाथ मारा उसने.... :एंग्री:

पंकज - कब से चुप रहने बोल रहा था सुनाई नहीं deta....tumhare चाकर में मैं मार दिया jaunga....ab मुझे नहीं रहना तुम्हारे saath....main जा रहा hu....ye लो paise.....bus आएगी टिकट लेना और निकल lo....aur हां प्लीज भाई इस बारे में किसी को पता ना चले please....haath जोड़ता हु तेरे सामने....

अब मैं क्या करू समझ नहीं आ रहा था ये मुझे खुद यहाँ लेके आया ये बताने की ये बदल गया hai....aur अब देखो...

मैं - ठीक है...

बस इतना hi कहा वो भद्दी से ड्राइंग मदद के अपनी पॉकेट में राखी और बस के पास चला gaya....bus आयी हम दोनों उसी में बैठे पर अलग alag....Maine अपनी टिकट ली उसने apni....aur हम दोनों अपने अपने जगह पे इतर gaye...Main घर के सामने utra.....aur घर की ओर जाने लगा तभी पीछे से आवाज आयी....

"ooye....ooye प्रतीक rukko.....Main आती हु...."

पीछे देखा तो वो निकिता thi....Main वही पे रुक्का वो मेरे पास आयी ये सायद नानी के यहाँ से आ रही होगी....

उसने आते ह मुझे देखा और पूछा.....

निकिता - ये ऐसी हालत क्यों बनायीं है गिर गए थे क्या....

मैं - नहीं तो.....

इतना बोल के मैंने खुद के कपड़ो पे देखा तो हर जगह धूल लगी हुई थी...

मैं उसको साफ़ करने लग gaya....ab ऐसे घर जाना मतलब वह सवालों के जवाब देने honge....Mujhe साफ़ करते dekh.....Nikita ने रुकने को कहा और फुक्क मारी मेरे upar....saari धूल saaf....ek दम चका चक.....

मैं - वाह ये क्या tha....ye कहा से सीखा...

वो - क्या लगता है स्कूल में hi पढ़ाई होती है bas......hum सब जब पहले साथ हुआ करते थे तब ऐसे hi एक दूसरे को साफ़ करके मिशंस पे जाया करते थे.....

ये आज भी अपने उन् साथियों के बारे में बताने lagi....uski बातों के दौरान मैंने उसके चेहरे पे थोड़ी मायूसी मह्सुश ki.....sayad इसको उन् सब की याद आ रही थी....

मैं - चलो घर चलते है पता नहीं सब कब से वेट कर रहे होंगे....

वो - हां वेट hi कर रहे है मैं तो अभी वह नाना नानी की बुलाने गयी थी आज सब साथ में डिनर करेंगे इस लिए वो भी आते hi होंगे....

हम दोनों घर पे चले gaye.....waha पे मैंने सबसे पहले तो कविता मैडम को ढूंढा.....

मैं - कविता मैडम नहीं आयी क्या....

बुआ - आयी है ना पर तुम्हे उससे क्या काम hai.....school में भी पूछ रहे the...yaha भी...

दादी - बीटा सब ठीक है ना छूट वोट तो ना लगी कही....

चची - Kya...choot लगी है इसको.....

रूपल दीदी - क्या आप सब भी बच्चे ने एक सवाल hi पूछा है और आप सब के सब पता नहीं कहा से कहा पहुंच gaye....Kavita बुआ अंदर hi है किचन में....

कविता मैडम - मेरी बात हो रही hai....kyun...

रूपल - वो ये baccha...issko तो आप जानती hi होंगी naa....ye अपनी किसी कविता मैडम को धुंध रहा था....

कविता मैडम - क्या बात है प्रतीक मुझसे कुछ काम है...

मैं - हां Ma'am वो कुछ पूछना था...

कविता मैडम मुझे देखते hue...unke चेहरे पे कोई इमोशंस hi नहीं रही थे उस वक़्त....

कविता मैडम - सॉरी अभी मैं छुट्टी पे hu...aap मंडे को आइये और मेरे केबिन में जो पूछना है पूछ लीजिये...

मैं - क्या...

बुआ - हां ठीक hi तो कहा isne...hai ना भाभी....

चची - हां बात तो सही hai....Kavita मैडम तो छुट्टी पे hi है....

मैं - अरे पर मुझे स्कूल से रिलेटेड कुछ नहीं पूछना hai.....main तो इन जनरल पूछने वाला था....

बुआ - तू ये बता इसको मैडम मैडम क्यों बोलता है...

मैं - मैडम को मैडम नहीं तो क्या सर बुलाऊँ :सिघ: आप भी ना बुआ...

चची - तेरी दीदी उसको क्या बुलाती है....

मैं - वो तो कभी नाम से कभी बुआ ऐसे बुलाती है.....

बुआ - तो तू कोई स्पेशल है kya.....jo तुझे बताना padega...isko भी बुआ बोलने ka....ye दोस्त है मेरी.....

मैं - हां ठीक hai.....to कविता बुआ अब जवाब डौगी ना....

K.Bua - हां बीटा अब तो दूंगी jawab....puccho क्या पूछना है...

मैं - अभी नहीं खाने के बाद....

मैं बोल hi रहा था तभी नाना नानी भी आ गए और वो भी बैठ गए खाना खाने ko.....hum सबने खाना खाया और फिर रूपल दीदी और निकिता चल दी नाना नानी के साथ वही पूनम बुआ कविता मैडम को लेके चल दी अपने रूम की ओर.....

मैं - अरे बुआ मेरी बात तो सुन लेती....

बुआ - क्या कहना है तुझको इससे मैं भी तो सुन्नु मुझे भी कुछ नया सीखने को मिले...

मैं - नहीं मुझे इनसे hi काम है.....

बुआ - वाह ये सही है नयी मिल्ली तो पुराणी को भूल jaao....accha है बच्चू हमारे भी दिन आएंगे....

मैं - आप भी naa.....accha K.Bua आपको पंछियों के बारे में पता है.....

K.Bua - कैसे panchi...panchi बहुत तरह के होते है तुम क्या पालने वाले को कोई पंछी को....

मैं - नहीं ऐसा नहीं hai....aur वो पंछी ना चील की तरह है पर उससे थोड़ा बड़ा है...

मैंने ऐसा कहा hi था की दोनों मुझे घूरने lage...hum अभी हॉल में hi the...to बुआ ने मुझे पकड़ा और अपने रूम में लेके चली गयी...

बुआ - तुम कही उसी पंछी की बात तो नहीं कर रहे जो हमे बचने आता है

K.Bua - वही पंछी जो उस दिन स्ट्रेंज वोर्ल्ड में आया था हममे बचने....

मैंने पहले सोचा कुछ और कह du.....par ये सब बेकार hota....waise भी इन् दोनों को बताने से मुझे नहीं लगता कोई नुकशान होने वाला था बल्कि ये दोनों तो मदद कर सकती है आगे भी...

मैंने बस हां में सर हिलाया....

बुआ - उनका kya....unke बारे में क्या ये बता....

मैं - मैं उनको जानता हु ये भी जानता हु वो कहा से आते है और कहा रहते है अभी उनमे से एक को मेरी वजह से परेशानी हो रही hai...main चाहता हु कविता बुआ आप अगर मदद कर सके उनकी तो कर दो प्लीज....

पहले तो 2 मिनट वो दोनों कभी मुझे कभी एक दूसरे को तो कभी फिर मुझे ऐसे hi देखते rahe....kuch बोलने वाले होते फिर चुप हो जाते....

K.Bua - तुमने कहा तुम्हारी वजह से ऐसा क्या हुआ है....

मैं - वो उनमे से एक अंडा नहीं दे पा रही है...

बुआ - Kya,....anda....tumhari वजह se....kya बोल रहे हो समझ में आ रहा है....

K.Bua - पूनम पागल वो कुछ और लैह रहा hai....aur तुम हो की प्रतीक पूरी बात बताओ बीटा....

मैंने एक गहरी सांस ली और उनको सब बताना शुरू किया पर डार्क पावर के बारे में अभी नहीं bataya...mujhe खुद नहीं पता इसके बारे में मैं उन्हें क्या batata....aur साथ hi ये सब भी नहीं की उनकी जगह बदल दी है मैंने बला बल...

मेरी बातें सुनने के बाद भी उनका शामे रिएक्शन था....

बुआ - मतलब तुम राजा हो उनके....

मैं - नहीं मैं उनके राजा ज्वाला का दोस्त hu.....waise मालिक हु पर मैं उसको दोस्त hi मानता हु....

K.Bua - और वह पे और भी तरह के जीव है...

मैं - हां है पर मैं बस कुछ को जानता हु जिनमे पोलर बेअर्स है और एक उल्लू की प्रजाति hai....jiska राजा भी मेरा दोस्त है...

बुआ - तो तुम उसके भी मालिक हो...

मैं - हां उसका भी.....

K.Bua - पोलर बेयर वह क्यों है वो तो लड़ते रहते थे ना....

मैं - मैंने बताया ना कुछ मुशीबत आयी और मेरे कहने पे वो सब साथ में है...

बुआ - तो पोलर बेयर भी तुम्हारे गुलाम है.....

मैं - नहीं वो नहीं hai...ab बस भी karo.....itna सवाल निकिता और दीदी ने तो नहीं पूछा tha.....aur आप दोनों हो बकबक किये जा रहे हो...

बुआ - एक मिनट तुमने ये नहीं बताया वो दोनों भी वह गए हुए है....

मैंने ये नहीं बताया था.... :साद: अब इनको ये भी बताना होगा और वो वापस से सवाल पूछेंगे.....

मैं - एक minute....unko मेरी मदद chahiye...aur आप लोगो के सवालों के जवाब ना मैं बाद में भी दे dunga...ab K.Bua आप बताओ मदद कर पाओगी आप.....

K.Bua - तुमने कहा की अंडा बड़ा है sayad...tum कन्फर्म नहीं लग rahe.....mujhe उसको अच्छे से देखना होगा तब बता सकती हु क्या करना है....

बुआ - मैं भी चलूंगी...

मैं - हम पिकनिक नहीं जा रहे....

बुआ (आँखें दिखते हुए) - इसी लिए कहा मैं भी chalungi....ab बुला उनको और ले चल हममे.....

मैं - ठीक hai...K बुआ आप ना अपने सामान रख lo...main ओल्ड आउल को बुलाता hu....aur एक बात किसी को इस बारे में नहीं बताना है समझे ना...

दोनों ने हां कर दिया....

मैंने ओल्ड आउल को बुलाया वो वह आया उसने पोर्टल खोला वह के लिए और मैं इन् दोनों को लेके वह पहुंच गया.....

मैं सीधा ज्वाला के महल के पास आया था दोनों को leke......wo सब अभी आस पास के इलाके देख रही thi...waha पे ज्वालामुखी tha....thodi दुरी पे पोलर बेअर्स के टेंट दिख रहे the...pedon पे उल्लू थे जो सब पे नज़र रखे हुए थे.....

हममे देख वह पे कुछ सैनिक आ gaye....aur दोनों को देखने लगे.....

मैं- ये मेरे साथ है ज्वाला को बोलो मैं आया hu....aur कहो बिजली को भी अपने पास बुलाये....

मेरी बात सुनने के बाद उनमे से एक सैनिक वह से चला गया.....

बुआ - तुम तो सच कह रहे थे ये तो तुम्हारी बात मानते है....

मैं - हां पर अब जिसके लिए आये है वो करते है ठीक है....

K.Bua - ये जगह तो कम्मल की hai....aur ये जीव ये भी..

इतने में वो सैनिक वापस aaya....aur कहा....

महाराज महल में hi hai....wo वही इंतज़ार कर रहे है....

हम तिण्णो उस ओर जाने लगे वह पहुंचे तो ज्वाला मिला.....

ज्वाला - तुम फिर से लोगो को लेके आ गए ho....aisa नहीं करना चाहिए tha....hum....

वो आगे कुछ बोलता उससे पहले hi चुप रहने का इशारा कर दिया मैंने और वो समझ भी गया....

मैं - ये दोनों मेरी बुआ है तुम्हे तो पता hi है और ये यहाँ तुम्हारे लिए hi आयी है....

K.Bua - ये तो मेल लग रहा है मेल अंडे देगा क्या....

ज्वाला - अंडे....

मैं - हां ande....mujhe पता चला है बिजली को कुछ दिक्कत हो रही hai....bas उसी वजह से ये यहाँ आये है ये हमारे यहाँ वैद्य का काम करती है और वो दूसरी वाली बस हाथ बताने आयी hai...inko पंछियों के बारे में भी पता है अगर तुम इज़्ज़ज़त दो तो ये बिजली को एक बार....

ज्वाला मेरी बातों को सुन के दांग रह गया उसको ये समझ नहीं आ रहा था की मुझे ये सब कैसे पता चला

मैं - अब बताओगे भी इज़्ज़ज़त है या नहीं...

ज्वाला - हां....

उसने हां कहा और मैंने दोनों को अंदर जाने के लिए kaha....ander पहले से ज्वाला की माँ थी जो बिजली का ध्यान रखा करती थी.....

मैं - अब ये बताओ मुझे इसके बारे में क्यों नहीं बताया गया....

ज्वाला - वो दरअशल बात ऐसी थी की main...main बताने वाला था पर उस वक़्त हालत सही नहीं the....fir ये सब hua...aur उसकी हालत ख़राब होती जा रही thi.....aur तुम इन् सब का जिम्मेदार खुद को मानते....

मैं - हां जिम्मेदार तो मैं हु hi.....aur अब मुझे और भी ज्यादा दर लग रहा है बस तुम hi नहीं हो जिसको मैंने ये पावर दी थी वह निकिता भी है उसके साथ भी कुछ ऐसा हो सकता hai....mujhe इस पावर के बारे में जल्द से पता करना hoga....aur एक बात आगे से कुछ भी ऐसा हो तो मुझे बताया karo.....mere पास मौका तो होगा ना जो गलत हुआ उसको सुधरने ka....warna मैं तो बस पछताता hi रहूँगा...

यहाँ का रहने देते है और अंदर चलते है....

अंदर दोनों गयी वह पे ज्वाला की माँ भी thi.....unhone उन् दोनों को dekha....Bua को तो वो पहचान गयी वो सायद मेरे पुरे परिवार को जानती thi....par सायद कविता बुआ को नहीं देखा ho....par बिजली ने देखा था उसको bhi....khair

ज. माँ - आप दोनों यहाँ....

बुआ - हां हमको बिजली को देखने के लिए लेके आया है प्रतीक

मैंने उनको बता दिया था बिजली के बारे में bhi...khair...

J.mom ने कुछ नहीं कहा वो थोड़ी साइड हो गयी वही K.bua और बुआ दोनों hi बिजली के पास गए....

K.bua ने बिजली के पंजो को dekha....waise तो इन् पंछियों के नॉब्स पैरों में पता नहीं चल पाटा तो यहाँ भी कुछ नहीं milla....par थोड़ा ऊपर जाते hi कुछ मिला K.bua को उन्होंने वह अपना हाथ रखा और आँखें बंद ki....aisa करते hi K.bua के दिम्माग में बिजली की पूरी बॉडी hi बन gayi....aur अभी जैसा भी उसकी बॉडी में चल रहा था वो सब भी दिख रहा था उनको...

थोड़ी देर सब ऑब्सेर्वे करने के बाद....

K.bua - ये पूरी तरह से ठीक hai....aur जैसा हममे पता चला था इसका अंडा कुछ बड़ा है वैसी भी कोई बात नहीं hai....wo भी ठीक hi है....

J.Mom - आप क्या कह रही ho...humne यहाँ पे चेक कराया tha...aur सभी ने यही बताया की अंडा बड़ा है और उससे इसकी जान को भी खतरा हो सकता है...

K.Bua - नहीं ऐसी कोई बात नहीं है मैं आपको दिखती हु....

सामने एक दीवार था उसी की तरफ उन्होंने अपना हाथ kiya.....unki हाथ से रोशनी निकली और उस दीवार पे बिजली की पूरी बॉडी hi दिखने लगी.....

K.bua - पूनम सामने वो पेट के पास गोल कुछ दिख रहा है naa...uske पास जाओ...

बुआ वह गयी....

K.Bua - देखिये जहा अभी पूनम कड़ी है उसी जगह पे अंडा hai....aur आप देख सकती है ये साइज में ठीक थक hi hai....yaha पे बात साइज की नहीं hai...baat पावर्स की है सायद.....

J.Mom ने गौर से उस ओर देखा उन्होंने भी ये महसूस किया की वो तो बिलकुल सही hai...size में कोई दिक्कत hi नहीं है....

J.Mom - पावर में दिक्कत hai....ye हममे पता है पर हम ये समझ रहे थे की उसी दिक्कत की वजह से अंडा बड़ा है और वो अंदर hi फसा हुआ है...

K.Bua - आप सब में कितने वाक्य में अंडे दे दिया जाता है...

J.Mom - 6-7 दिन mein....hamara शरीर जल्दी रियेक्ट करता है इन् मामलो में इस वजह se....par बिजली के साथ तो वक़्त ज्यादा hi लग रहा hai...ab तो करीब 14 दिन होने वाले hai...aur हम इसी वजह से परेशां है....

K.Bua - आपकी और बिजली की पावर्स भी अलग अलग लगती है इसमें कुछ थंडर पावर के भी अंश दिखे है मुझे....

J.Mom - हां ये सच hai...par इससे कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए था....

K.Bua - हां फर्क उससे नहीं पड़ा है बात ये है की इसके बॉडी में जो अंडा है वो इससे भी ज्यादा ताकतवर होने वाला hai....uske पास 2 नहीं और भी ज्यादा एलिमेंट्स ह सकते है और इसी वजह से अंडे को पूरी तरह से बहार आने के लिए तैयार होने में वक़्त ज्यादा लग रहा hai...anda बिलकुल पाथेर की तरह होने वाला hai...ek और बात अंडा टूटने में भी वक़्त आम से ज्यादा lagega...Main समझती हु मुझे इनके लिए कुछ जड़ी बूटियां दे देनी chahiye...isse इनको ताकत मिलती रहेगी और इनका अंडा भी आराम से तैयार होता रहेगा...

J.Mom - आप ऐसा करेंगी तो हम आपका ये अहसान कभी नहीं भूलेंगे....

K.Bua - अरे आप कैसी बात कर रही है आपने जान बचाइए थी hamari....accha मैं वो जड़ी बूटियां यही बना देती hu....yaha कोई दवा खाना होगा to....waja के वैद्य को भी इस बारे में बता दूंगी...

J.Mom - हां जरूर....

उन्होंने कुछ सैनिकों को बुलवाया और उन् दोनों को वह की वैद्यशाला में भिजवा diya....waha पे 3 हेड वैद्य the...polar बेयर का ज्वाला के कबीले का और साथ hi ओल्ड आउल का भी...

दोनों बुआ अंदर gayi...wo सब उनको देख थोड़ा हैरान हुए पर सैनिक साथ में थे तो कोई परेशानी हंगामा कुछ नहीं हुआ....

K.Bua - hello हम यहाँ बिजली जी के इलाज के लिए आये the....humme कुछ जड़ी बत्ती चाहिए थी अगर यहाँ मिल जाती तो....

P.Vaidya - बताइये कोण से जड़ी बत्ती हमारे पास बहुत तरह के है ऐसे भी जो बहुत पहले hi विलुप्त हो चुक्के है....

O.Vaidya - आपने कहा आपने देखा है unko....ab कैसी है वो और क्या वो ठीक हो जाएंगी....

बुआ - हां वो ठीक है और अभी जो जड़ी बत्ती से दवा हम बनाएंगे वो उनको और ठीक कर देगा....

K.Bua ने उनको कुछ जड़ी बूटी के बारे में bataya....aur वो लोग वो सब जड़ी बूटी उनके पास लेके आ गए.....

K.Bua ने बुआ की मदद से 2 दवाइयां banayi...aur दोनों को साइड में rakha......wo इन् दवाइयों के बनाने का तरीका भी बता रही thi...jisse अगर आगे कभी भी ऐसी कोई दिक्कत हो तो वो देख ले....

वो तिण्णो वैद्य ध्यान से देख रहे थे ये sab.....aur समझ भी रहे थे...

K.Bua - ये हो गयी बिजली जी की dawaiyan....accha मैं आपको कुछ और दवाइयां बनाना सीखा देती हु जिससे अगर किसी और के साथ इस तरह का कोई केस हो या किसी को बहुत ज्यादा एनर्जी मिलेगी unko....ye आप किसी मेल को भी दे सकते है जिससे वो अगर बीमार हो तो जल्दी ठीक हो जाएगा.....

वो तिण्णो इन् दवाओं को बनते हुए भी ध्यान से देख रहे थे....

यहाँ पे बस K.Bua ने सिखाया hi नहीं बल्कि उन्होंने सीखा bhi.....unn तिण्णो वैद्यों से बहुत सी बातें सीखी unhone....aur जब बुआ वापस आयी दवा देने तब वो वही वैद्यशाला में थी और बाकी के मरीज़ों को देख रही thi....aur उनका इलाज कैसे किया जा रहा है ये सब बह देख रही thi.....itne में वह एक सैनिक जाता है और उनको मेरे पास आने को बोलता है क्यूंकि अब हममे जाना tha....raat काफी हो गयी थी....

वो उनको लेके ज्वाला और मेरे पास aaye....itne वक़्त में मैंने ज्वाला को बहुत सी बातें बताई थी समझायी थी....

वो दोनों वह आये....

ज्वाला - आप दोनों का sukriya...aap यहाँ आयी बिजली को dekha....aur उसके लिए दवा बनायीं....

K.Bua - अरे ये तो काम है hamara....accha आपसे भी एक बात करनी थी....

ज्वाला - जी बताइये...

K.Bua - इन् सब में बिजली को आपकी जरुरत padegi...waqt ज्यादा भी लग सकता है और वो एक माँ बनने वाली hogi....sayad इमोशंस को कण्ट्रोल ना कर paaye....uss वक़्त आपको उसको संभालना hoga.....aur अंडे को सेफ रखना hoga....aur एक बात ये अंडा बहुत hi ताकतवर hai....aap सोच भी नहीं सकते आप दोनों का ये बच्चा कैसा होगा...

ज्वाला - जी मैं उसका साथ दूंगा...

मैं - हां और इन् सब के बिच मैंने अगर गलती से कुछ काम वाम दे दिया ना तो मुझे भगा देना samjhe...pali प्रायोरिटी अभी उस अंडे को बनाना होगा तुमको...

ज्वाला - हां ठीक hai.....chaliye मैं पोर्टल खोल देता हु आप थक गए होंगे....

उनसे पोर्टल खोला और हम जाने lage....usne वापस से हमको थैंक्स कहा......

हम घर पे आ gaye....karib 12 बजे हुए थे sayad...sabhi सो गए थे....

मैं - चलो मैं भी चलता hu...aap दोनों भी सो जाना....

बुआ - तुमने ये सब पहले क्यों नहीं बताया था...

मैं - यार बुआ अभी hi करना है ye....jao ना सो जाओ मुझे भी सोने do...baad में करते है न ये सब...

बीए - हम्म ठीक है पर बाद में भी छोडूंगी नहीं तुझे....

मैं अपने रूम में गया और सोने की कोशिश करने hi लगा था ki.....tabhi ऐसा लगा जैसे खिड़की के बहार गार्डन में कोई है जो मेरी ओर देख रहा है...

मैंने जब ध्यान से देखा तो वो लिमि थी....

मैं बहार गया....

मैं - लिमि तुम इस वक़्त सब ठीक है ना....

लिमि - हां भी और नहीं bhi....aapko सायद राज कुमार से बात करनी hogi....unko गुरूजी ने इंसानो के साथ रहने कहा है इंसानो को समझने के लिए पर वो जंगल में चले गए है...

मैं - ठीक है मैं इस बात पे गौर karunga...abhi तुम भी जाओ इतनी रात में आने की क्या जरुरत thi...aur तुम्हारी बच्ची वो ठीक है ना....

लिमि - हां वो अच्छी है....

मैं - अच्छा रूक्को मैं कल hi लीमो से मिला tha.....wo भी ठीक थक hi है....

लिमि - मुझे पता है मैं हमेशा उनको देखती रहती हु....

मैं - देखती रहती हो ???

लिमि - मैं चलती hu....aap कल पहले गुरूजी से मिल लेना और फिर राज कुमार से...

इतना बोलने के बाद वो बिन्ना कुछ सुने hi गायब हो गयी....

मैं भी अपने रूम में आया और सो गया....

नेक्स्ट अपडेट में देखते है क्या होता है जब घर में उस छोटी सी लड़ाई के बारे में पता चलेगा sabko....aur साथ hi....kaise मैं दब को samjhaunga....saath में निक्स टेम्पल का भी एक चक्कर मकर आएंगे और तस्करी करने वाले बन्दे को उड़ाना भी तो है स्ट्रेंज वर्ल्ड से कुछ वक़्त के लोइये....
 
अपडेट - 61

वही sapna....pata नहीं क्या है इस दरवाजे के पीछे और था कहा ये दरवाजा...

मैं खुद से hi बातें करता हुआ जागता hu......waise तो ध्रुव ने कहा था आस पास की चीज़ज़ों ो ध्यान से देखने को पर ये इतना आसान नहीं tha....ye सपना था और इसमें मैं खुद को कैसे कण्ट्रोल करू ये समझ नहीं आ रहा tha...maine कोशिश की पर कुछ हुआ hi nahi.....sayad ये इसको करने का सही तरीका नहीं tha.....iske बारे में पता करने होगा फिर कुछ कर पाउँगा...

मैं उठा बीएड से वक़्त देखा....4 बजने वाले the....jaldi से फ्रेश हुआ और घर के पीछे वाले गार्डन में जाके बैठ gaya.....dhyaan लगाने के liye.....thodi देर बाद दोनों बुआ भी आ gaye....aur उनके बाद बाकी सब भी...

बाकी सब को अब ज्यादा ध्यान लगाने की जरुरत नहीं पड़ती थी वो सब अपने अंदर की ाबिलिटीज़ के एक स्पेसिफिक मुक्काम पे पहुंच चुक्के the...aur उसके बाद जाने के बारे में उन्होंने सोचा hi नहीं था...

वो सब तो ध्यान लगा के उठ भी काम भी होते है उन्हें हमारी तरह तो है नहीं की बस पढ़ाई और ये ध्यान लगाके खुद को और बेहतर banana.....to वो सब अपना ध्यान लगाने का कोटा पूरा कर उठे और लग गए अपने अपने कामों mein...fir दोनों बुआ और उसके बाद मैं ....हम भी उठ gaye....aur वापस से अपने अपने रूम्स में चले गए तैयार होने के liye.....Kal जो ड्रेस पहनी थी व तो मैंने धुलने के लिए रख दी thi.....ye जब से फॅमिली मिली थी आदतें ख़राब होती जा रही थी सायद meri.....Master के साथ रहता था तो सायद जब मैं स्कूल जाने लगा था उसके कुछ hi महीने बाद उन्होंने मुझे वो सब भी सीखा दिया tha....like कपडे धोना वगेरा wagera.....school ड्रेस तो खुद hi साफ़ किया करता था मैं अपना...

हां तो कपडे मैंने धुलने को दाल दिए थे और वो कपडे चची लेके चली gayi....haa यहाँ वो मैजिक से hi साफ़ करती थी kapde.....par उसमे भी पानी साबुन ये सब तो लगेगा hi ना तो वो बकेट में डालने से पहले एक बार सबके पॉकेट्स चेक कर रही थी और उनको वो मिला जिससे आज का दिन मेरे लिए भरी पढ़ने वाला था....

हां वो ड्राइंग याद है वो बच्चो से भी धातियाँ बनायीं हुई ड्राइंग वही उनको मेरी पॉकेट में मिली....

अब मुझे कहा पता था की ये चीज़ज़ इतनी प्रचलित है यह की सबको पता चल जाएगा इसके बारे में तुरंत...

उन्होंने उस ड्राइंग को dekha....aur पहुंच गयी मेरे रूम में....

मैं बैठा ये सोच रहा था की साला अपने सपने में खुद को कैसे कण्ट्रोल karu.....aur इतने में दरवाजा khula...saamne चची थी थोड़ी परेशां थोडिन गुस्से mein.....dekh के समझ नहीं आ रहा था ये क्या karegi...wase भी कहा समझ आती है ये फ्रेमलेस...

मैं - हां chachi....kya हुआ.....

चची ने मुझे कुछ कहा नहीं बस मेरी बॉडी को देख रही थी जैसे कोई चीज़ ढूंढ रही हो....

मैं उनके जवाब ना देने के वजाये ऐसा करने से थोड़ा असहज होने लग गया....

मैं - क्या हुआ चची आप ऐसे क्या देख रहे हो....

मैंने ये पूछा hi था की उन्होंने अपनी आखें बड़ी बड़ी कर li.....aur मेरे पास आके मुझे खड़ा कर diya....aur वापस से मुझे देखने लगी ऐसा लग रहा था वो सिक्योरिटी वाले नहीं होते वैसे hi चेक कर रही थी वो मुझे....

मैं - चची आप ऐसा क्या कर रही हो कोई बात है क्या....

उन्होंने वो ड्राइंग मुझे dikhayi.....aur हाथों से hi इशारे करके पूछ रही थी की ये क्या है...

मैं - ये ये तो ऐसे hi मिला mujhe....dekho ना कितना भद्दा है ना ये....

वो कुछ बोलती उससे पहले hi...

बुआ - भाभी कहा चली गयी tum.....yaha ऊपर हो क्या.....

दरवाजा बंद था रूम का उन्होंने hi किया था....

चची - हां पूनम यही hu.....jarra तू भी आना अंदर बात करनी है....

मैं वैसे hi सब देखता रहा चची ने दरवाजा खोला और बुआ को भी अंदर बुल्ला liya....aur वापस से दरवाजा बंद कर diya.....aur वही ड्राइंग उन्होंने बुआ को भी दिखाई....

उसको देख के बुआ थोड़ी कंफ्यूज होने लगी.....

चची - कहा से आया ये इसके pass.....tunne दिया....

बुआ ये सुन्न के एक दम से शॉकेड....

बुआ - Main....main क्यों दूंगी इसको ye.....ye तो घर में hi पड़ी हुई है...

चची - वही मैं भी सोच रही hu....jo घर में है वो तो पुराण है पर ये वाला ये तो नया है इसके पास कहा से आया ये.....

बुआ - भाभी मुझे क्या pata....main कैसे bataun.....ooye बच्चू कहा से लाया ये....

मैं - आप दोनों इस भद्दी से ड्राइंग को लेके ऐसे बातें कर रहे हो :डोह:

बुआ - जितना पूछा ना उतना bata....warna इतना मरूंगी की अकाल तहिखने आ जायेगी...

मैं - :शॉकिंग: आप इसके लिए इतना कर रही ho......ye तो बस ऐसे hi मिला मुझे....

बुआ ने अपना फ़ोन निकला और उससे उसका एक पिछ लिया और किसी की भेज दिया....

बुआ - अभी पता चल जाएगा कहा से आया है ye...aur उसके बाद बताती हु मैं tujko...Bhabhi मेरा कोई हाथ नहीं है इसमें....

मैंने सोचा मैं खुद hi बता देता हु अगर बहार से पता चला तो और दांत पड़ेगी....

मैं - वो बुआ मैं कल कही गया था वह के नियम पता नहीं थे ना तो मुझे लड़ने के लिए भेज दिया....

चची - किसके साथ गए थे वह....

मैं - वो पंकज के साथ....

बुआ - Pankaj.....to वो वह लेके जाना चाहता था tumko....isko तो मैं देखती हु....

मैं - नहीं बुआ इसमें उसकी गलती है पर उतनी नहीं वो बोलै था मुझे मुँह बंद रखने को पर सामने वाले ऐसे पागलों की तरह लड़ रहे थे की मुझसे रहा नहीं गया और मैं बोल बैठा....

बुआ - 3 बार बोलै वह पे तुमने तब जाके लड़ाई लड़नी पड़ी naa......tumko अकाल है की nahi....jab उसने कहा था नहीं बोलना तो बोले hi क्यों....

चची - इस पंकज को और उसके पिता दोनों से मिलना hoga.....inko मैं देखती hu...aur tum.....aaj बस निकलो यहाँ से मैं बताती हु फिर....2 दिन घर से बहार नहीं जाने दूंगी तुमको मैं....

मैं - चची कल लिमि आयी थी उसने कहा दब से मिलना hai....wo जरुरी है....

चची - मैं नहीं जानती कुछ भी एक बार कह दिया तो कह diya...ab अगर निकले तो समझ लेना...

मैं - पर चची....

वो कुछ सुनने के मूड में नहीं thi....wahi बुआ मुझे देख रही थी अब.....

मैं - आप भी दांत lo.....aap भी देदो कोई सज़्ज़ा

बुआ - ज्यादा नौटंकी की ना हाथ पेअर बांड के यही लटका dungi.....aur ये बताओ जीते कैसे tum....samne वाले को कैसे हराया...

मैं - पता नहीं आप जाओ यहाँ से....

बुआ ने एक चंट्टा मारा mujhe....aur आँखें दिखते हुए बोलने लगी....

बुआ - चुप चाप bata.....aur उससे पहले ruk.....agar यहाँ से कही गया तो देख लेना....

मैं - नहीं जा रहा kahi...bas मरते जाओ....

बुआ ने तुरंत hi K.Bua को बुलाया.....

K.Bua - क्या बात hai....aur इसके गाल लाल क्यों है.....

मैं - पूछो अपनी दोस्त से.....

बुआ - आईईईई चुप rah....bak बक करा लो बस isse....Kavita इसको जर्रा चेक करो अच्छे से कोई चोट तो नहीं है ना.....

K.Bua - chot.....chot कैसे lagi....pata नहीं क्या क्या करता रहता है ye.....mujhe तो अब लगता है अभी और भी बहुत कुछ चुप्पा के रखा है इसने....

वो ऐसे hi बोलते हुए मुझे चेक करने lagi....mera हाथ पकड़ा और मेरी नोब्स चेक करने lag....usse उनको मेरे शरीर के बारे में सब पता चला गया....

K.Bua - ये तो ठीक hai....isko कुछ नहीं हुआ hai....bas ये गाल पे चोट लगी है...

मैं - हां कुछ नहीं हुआ है मुझे पर आप लोग कर dogi.....koi ऐसे मारता है kya.....jab देखो तब आप मारते रहते ho.....main परेशां हो गए....

मैं बोल hi रहा था की दरवाजा khula.....saamne रूपल दीदी कड़ी थी....

रूपल दीदी - क्या hua....aise क्या देख रहे हो....

बुआ - आओ आओ तुम भी आओ आज दोनों को समझती हु मैं....

मैं - उनको भी अपने टीम में कर लो ना मेरी टीम में क्यों दे रही हो...

बुआ - तुमको समझ नहीं आता kya....chup raho.....aur तुम रूपल ये ज्वाला के बारे में तुमको पता था ना....

रूपल दीदी ने ज्वाला के बारे में sunna....to बुआ को ध्यान से देखने लगी जैसे उनका दिम्माग पढ़ रही हो की ये वही ज्वाला की बात कर रही है या ये कोई और hi hai....waha से पता ना चला तो मेरी ओर देखा उन्होंने...

मैं क्या bolta....ek तो सुबह सुबह इतनी दांत सुनने के बाद और सज़्ज़ा पाने के बाद दिम्माग घुम्मा हुआ था मेरा ऊपर से अभी और बाकी था...

मुझसे भी कोई इशारा ना मिलने पे उन्होंने बुआ से पूछा

रूपल दीदी - कोण ज्वाला बुआ...

K.Bua - देखो तो जर्रा कितनी भोली बन रही है ye.....aur वो कहा गयी वो Nikita....tum तिण्णो की खबा ली जायेगी आज तो बराबर खबर ली जायेगी...

रूपल - मैं कुछ समझी नहीं....

बुआ - मैं समझती hu....ek बड़ा सा चील है जिसके पंखों में आग लगा होता है उसी को ज्वाला के नाम से जानते hai....ab याद आया कुछ......

रूपल दीदी ने वापस से मेरी ओर देखा इस बार मैंने इशारे से बता दिया ये सब जानती है...

रूपल दीदी - हआ मैं जानती हु उसको पर उससे क्या..

एक थप्पड़...

बुआ - उससे kya.....tumne हममे क्यों नहीं बताया.....

रूपल दीदी - Buaaaa....Chotu के सामने तो मत मारो ना.....

बुआ - इसके सामने रुक....

मेरे 2 वापस से झाड़ दिए गालों पे :रेडफास: मैं कुछ बोलने hi वाला था की वापस से चुप रहने को कहा वर्ण और पड़ेगी.....

बुआ - तुम बड़ी हो तुमको बताना था ना....

रूपल दीदी - वो मुझे भी कुछ hi दिन पहले पता चला है वह के बारे में और उनसे इसको कोई खतरा नहीं है वो तो दोस्त है iske....nahi नहीं हमारे..

बुआ - बस इसी वजह के लिए बस एक थपड मारा hai....warna.....

यहाँ ये ड्रामा चला जा रहा था वही चची एक नया hi ड्रामा शुरू करने वाली thi....wo फुल तैयारी करके निकल ली घर se....aur पहुंच गयी इंसानो के उसी मोहल्ले में जहा पे रहते थे दक्ष मां और पंकज.....

पता नहीं इनको इस घर का पता कैसे tha.....sayad वो यहाँ पहले भी आयी ho.....khair....

वो वह पहुंची और उन्होंने दरवाजा खटखटाया....

थोड़ी देर में पंकज ने दरवाजा खोला.....

पंकज - कोण hai....kya काम है....

बिना चेहरा देखे ये बोले hi जा रहा था की उसने चची का चेहरा dekha....Vampires वाले दांत बहार निकले हुए the.....aur आँखें पूरी तरह से laal....Waise तो पंकज जातना था वामपिरेस को उनके साथ रह भी चुक्का tha.....par बात ये नहीं thi...baat थी एक्सपेक्ट ना करने ki......un इंसानो के मुहल्ले में थोड़ी ना कोई ऐसे आपके सामने आ जाता hai....bas इसी वजह से वो दार गया या कहे चौक gaya......par खुद को सम्भलते हुए उसने कहा....

पंकज - आप यहाँ....

चची - अपने पापा को बोलो मैं आयी hu.....unse कुछ बात करनी है.....

पंकज समझ नहीं पाया की किश बारे में बात करनी hogi....wo सोचने लगा और इतने में चची ने उसको साइड किया और अंदर घुस गयी....

चची - Daksh.....kaha ho......Daksh...

पंकज दरवाजा बंद करके उनके पीछे हॉल में गया.....

पंकज - अरे आप चिल्ला क्यों रही ho....aap बैठो मई......

दक्ष - Nidhi.....tum......sorry आप यहाँ कैसे.....

चची - मुझे बात करनी है kuch....nicche आओ पहले....

दक्ष मां निच्चे आते hai.....Pankaj को इशारे से कुछ पन्ने के लिए लाने को कहते hai...wo भी चला जाता है.....

दक्ष - आप yaha.....wo भी aise.....chillate hue.....koi भूल हुई है क्या हमसे.....

चची - Bhul.....apne बेटे से पूछो वो प्रतीक को कहा लेके गया tha.....agar उसको कुछ हो जाता तो....

दक्ष - Kya....Pankaj तुम्हारे भतीजे के साथ था....

चची - हां मेरा bhatija......aur तुम्हारा बीटा उसको लेके गया था वह जंगल में लड़ाई दिखने.....

दक्ष - एक मिनट मुझे इसके बारे में कोई खबर नहीं है मैं अभी पूछता हु usse.....Pankaj....yaha आओ....

पंकज वैसे तो चाय बना रहा था पर जिस तरह उसके पिता chillate....wo बस पानी लेके hi चला गया bahar....aur खड़ा हो गया सामने.....

दक्ष - ये क्या बोल रही hai.....tum इनके भतीजे के साथ थे....

पंकज को समझ में आया की सायद इनको लड़ाई के बारे में पता चला गया hai....par उसको लगा ये तो अच्छी बात है वो जीत गया इससे तो इनको खुश होना चाहिए....

पंकज - जी हां वो मेरे साथ गया था लड़ाई dekhne.....par....wo चुप hi नहीं रहा मैंने उसको बोलै था चुप रहना लेकिन वो तो बस बोलता gaya....aur फिर उसको लड़ना pada.....par क्या लड़ा wo...kuch hi देर में जीत गया था wo....kammal का था वो सब....

चची - तुम उसको लेके क्यों गए थे.....

पंकज - वो मेरा भाई hai....maine सोचा थोड़ी जान पहचान....

चची - ऐसे होती है जान पहचान उसको कुछ हो जाता तो....

पंकज - मैं भी यही सोच रहा tha.....aur आगे से मेरी वजह से वो मुसीबत में ना पड़े इसलिए मैं उससे दूर hi रहूँगा....

इतना बोल वो वह से जाने laga.....Daksh मां सब सुन्न रहे थे साथ hi पंकज के एक्सप्रेशंस भी देख रहे the.....acchanak से उनको जैसे कुछ बहुत hi नायब सा मिल गया हो वैसा रिएक्शन आया उनके चेहरे पे.....

पंकज के जाने के बाद.....

चची - अच्छा हुआ ये समझ गया वर्ण मुझे और भी तरीके आते है इसको दूर रखना उससे......

दक्ष - ये तो नहीं hoga.....wo मेरी भी बहन का बीटा hai......aur उससे मिलने का हक़ मुझे भी है और पंकज को bhi......aur इसमें आप कुछ नहीं कर सकती.....

चची - भूल रहे हो मैं क्या नहीं कर सकती.....

दक्ष - मैं भूल रहा hu....hahaha......mujhe तो वो निधि दिखाई दे रही है जिसके माँ बाप किसी की गुलामी करते the.....wo निधि जो हर किसी से मदद मांगती thi.....yaad है किसने मदद की thi.....bahut पावरफुल है ना तुम्हारे ससुराल wale.....koi गया था बचने unko.....arre कैसे जाता उनका तो डील था उसस्के saath......naa वो उनके रस्ते में आएंगे और ना hi वो inke......aur याद दिलों......

चची के दिम्माग में उनका पास्ट घूमने लग gaya.....ek डील tha....jiss डील की वजह से वो छह के भी अपने माँ बाप को नहीं निकल सकती थी उस कमीने के यहाँ se....naa तो वो ना hi उसके परिवार का koi......Par रूपल didi....unhone और मैंने ज्वाला के एक साथी की मदद se......uss कमीने को मार दिया tha....aur सभी को आज़ाद करा दिया tha....par ये तो बस शुरुआत और एन्ड था इस पहलु ka....bich में चची ने ना जाने क्या क्या नहीं kiya....kitne hi लोगो से मदद मांगी पर कोई भी मदद के लिए सामने नहीं आता tha....Prof दक्ष भी उनमे से एक थे जिन्होंने उनकी मदद करने से इंकार किया tha....par उन्होंने उनको एक मदद की थी जिससे कभी कभार वो अपने माँ बाप को देख पाती थी...

दक्ष - क्या hua.....sab याद आने लग gaya.....bhul गयी कितनी लचर थी तुम और तुम्हारा वो महँ pariwaar.......wo परिवार जिसने मेरी बहन मुझसे चीन लिया.....

चची बस सुन्न रही thi....wo अलग hi दुनिया में अपने दुखों को याद कर रही थी.....

दक्ष - खैर मैं वो सब भूल जाता hu....ab मैं तुमसे एक छोटी सी मदद मांग रहा hu....Mera बीटा Pankaj......ye कुछ समय से अच्छी संगती में नहीं hai.....par इसको प्रतीक के बारे में बात करते देख मुझे ऐसा लगा जैसे वो इसको सुधर सकता hai......to तुमको उससे बोलना होगा इससे मिलने को.....

चची ने उनकी बात सुन्नी और बस हां में सर हिल्ला के वह से निकल gayi.....wo यहाँ क्या करने आयी thi....aur किश मूड में आयी थी और अब क्या हो gaya......wo सारे दर्द वो सारे दुःख जिनको वो सायद अपने मैं के किसी कोने में चुप्पा के बैठी हुई थी वो सब एक बार फिर से उजाले में the.....wo वापस घर नहीं aayi.....wo सीधा अपने माँ पापा के घर में चली gayi......wahi जहा अभी निकिता भी रहा करती थी.....

चची का बचपन का रूम अब भी वैसे का वैसा hi था जैसा पहले हुआ करता tha.....saaf सफाई होती thi....par किसी सामन को फेंका नहीं गया था.....

वो वही अपने रूम में जाके अपने बीएड पे बैठ gayi.....ghar में सायद उस वक़्त कोई था नहीं इसी कारन उनको किसी ने देखा नहीं होगा.....

यहाँ घर में अब तो निकिता भी आ चुक्की थी और उसकी भी क्लास ली जा रही thi....haa पर उसको चुवा तक नहीं था किसी ne.....kitni लकी है ये लड़की...

जब दोनों बुआ का डांटा ख़तम hua....to मुझे याद आया की लिमि आयी थी दब से मिलना hoga....par चची ने तो बहार नहीं जाने को कहा tha.....aur उनकी बात मैं इस बार नहीं टालना चाहता था.....

मैं - आप सब का हो गया तो मेरी बात सुनने ab....Kal रात लिमि आयी thi....usne कहा था मुझे दब से मिलना होगा और उसको कुछ बातें समझनी hogi......wo कुछ भटक गया है ऐसा कुछ कह रही थी वो....

निकिता - उससे उम्मीद hi क्या कर सकते है बेचारे एल्फ कंट्री के log....Raja तो है hi aisa.....aur अब जी राजा बनने वाला है उसके तो पूछो hi मात....

मैं - निकिता उसको हमारी मदद chahiye......waise तो मैं चला जाता पर चची ने कहा है घर से बहार नहीं जाना इस वजह से मैं नहीं जाऊँगा bahar.....tum सब जाओगे उसके पास......

बुआ - हमको भी बोल रहे हो क्या....

मैं - हां इतना तो आप कर hi सकती है मेरे लिए naa.....aap चारो चले जाओ उसके pass.....aur हां उसके पास जाने से पहले ना वो उसके गुरूजी से मिल lena......wo इंसान से....

बुआ - तुम्हारे यहाँ आने के बाद से तुम्हारा इंसानो के बारे में नजरिया बदल गया hai......ye अच्छा नहीं है बच्चू इंसान भी अच्छे होते है और कम्मल के होते है.....

मैं- आप ये सब ना आके बताना अभी जाओ आप चारो.....

निकिता - मैं आती हु घर se....kuch सामान लेके फिर चलते है....

रूपल - कौन सा saman.....main भी चालू क्या.....

निकिता - अरे नहीं आप सब मेरा बस के पास इंतज़ार करना ना मैं आती हु वही पे.....

निकिता इतना बोल वह से निकल li...wahi मैं बाकी के तिण्णो को बता रहा था की कैसे इससे डील करना hai....jispe वो घंटा ध्यान दे रही thi....Meri बात ख़तम हुई और वो सब निकल गए.....

मैं रूम में बैठा ान अपने सपने के बारे में सोच रहा था की कैसे उसको कण्ट्रोल करू....

मैंने वो पोर्टेबल लाइब्रेरी वाले बास्ते से सपनो से रिलेटेड कुछ किताब ढूंढे और फिर उनमे से hi एक पढ़ने लगा.....

वही वो सब चली गयी दब के pass.....ab पता नहीं कैसे वो उनको समझायेंगे.....

दब आज भी जंगल में hi tha....wahi आराम से पेड़ो के बिच में बैठा फल khata.....kabhi ध्यान lagata.....ek तरह से इस कुछ वक़्त के लिए उसको अलग hi मौज मिल रही थी.....

तभी वह पे बहुच गयी लिमि के साथ साथ दोनों बुआ और दीदी bhi...ye तिण्णो पहले hi गुरु जी से मिल के आ रहे the....saath hi उनको ये भी बताया की मैं क्यों नहीं आ सक्का वह.....

दब उनको देख के थोड़ा चौक गया....

दब - आप सब यहाँ....

बुआ - अब क्या kare.....Raj कुमार को सही रास्ता जो दिखाना था....

रूपल दीदी - देखो रास्ते 2 है bas.....ya तो तुम चुप चाप इंसानो के बिच जाओ और उनको समझने की कोशिश karo.....nahi तो...

दब - नहीं तो kya....main नहीं जाने वाला waha.....aasram पे तो चल जाता है वह पे थोड़ी बहुत बुद्धि चलती है इन् इंसानो की पर इनकी बस्तयों में मैं नहीं जा रहा वह....

K.Bua - राज कुमार जी बात तो suniye.....waise सोचा नहीं था ये बताना padega.....par लिमि क्या लगता है इनको ये बताना पड़ेगा या nahi....kya ये सह पाएंगे ये....

लिमि ने कुछ नहीं कहा वो बस सुनती rahi.....sayad उसको खुद याक्किन नहीं हो रहा था की उसके देश में एक ऐसा भी दिन aayega.....She वास् शॉकेड

दब - क्या बताने आये ho......saaf साफ़ कहो....

रूपल - एल्फ कौंरटय की janta.....hui bekabu....itni बेकाबू की वो सबकुछ बंद करने जा रहे the....waha पे सिविल वॉर जैसे सीटुएशन्स बनते जा रहे hai.....Civil वॉर समझते हो naa.....grihyudh....

दब ने ये सुन्ना पर उसको याक्किन hi नहीं hua......kaise होता उसको अपने पिता के शासन करने पे पूरा भरोषा tha....wo उसके साथ चाहे कुछ भी कर de.....par अपने देश की जनता का हमेशा ध्यान रखते है वो....

दब - तुम सब झूट बोल रहे हो naa.....Main जानता हु तुम सब के सब झुठे ho....aisa हो hi नहीं sakta.....Mere पिता मेरे साथ चाहे कुछ भी कर de...par जनता के साथ nahi....Leemi तुम बताओ ये झूठ बोल रहे है ना....

लिमि ने अपना सर झुका liya.....aur उसको देख के दब समझ गया वो सच बोल रहे है पर वो मान hi नहीं पा रहा था....

दब - लिमि पूरी बात बताओ.....

K.Bua - अरे राज कुमार हम है ना बताने ko.....Fir बुआ ने उसको वो सब बताया जो उनको पता चला था उस इंसानी गुरूजी se.....Khair इसमें मेरा कही भी नाम नहीं tha....aur अभी के लिए ये सबसे अच्छी बात थी....

दब गुस्से में भी था और उसको अफ़सोस भी हो रहा tha.....ki वह ये सब हो रहा tha......usko अपने कजिन पे बहुत गुस्सा आ रहा था पर वो कुछ नहीं कर सकता tha.....kyunki उसको वह जाना मन्ना था abhi.....aur इसी बात से गुस्सा होक्के वो वह पे लगे हुए एक पेड़ पे एक पंच मारता hai....aur वो पेड़ वही से टूट जाता है....

रूपल - राज कुमार जी ये जो गुस्सा है ना इस पेड़ पे दिखने से क्या hoga....thodi ना वह के हालत सही हो jaayenge...aapko लगता है ऐसा क्या...

दब (गुस्से में) - तो क्या karu.....aap सब hi batao....waha ये सब हो रहा है वो मेरा भाई जिसको मैं अपना आदर्श समझता था वो आज ऐसे गलतियां कर रहा hai.....(jaise उन्होंने बताया था उस हिसाब से अभी इसका कजिन बस थोड़ा चुतियापा कर रहा है पर विलन नहीं दिखाया था इसको) मैं वह जा भी नहीं सकता...

बुआ - जा सकते हो naa.....par....

दब - Par.....par kya.....aap बताओ मुझे मैं कुछ भी karunga....waha जाने के liye.....kuch bhi.....koi भी काम karunga....mujhe बस वह भेज do......main मदद करूँगा पापा की सब सही करने में...

बुआ - हां तो फिर इंसानो के बिच तो जाना hi होगा उनको अपनाना hi होगा....

दब - मैं jaunga....main अब वह भी जाऊंगा और जो करना पड़े वो करूँगा....

लिमि - हां और फिर कुछ दिन बाद आपकी नौटंकी शुरू हो jaayegi.....jaise कुछ वक़्त पहले चल रही thi......aur आप तिण्णो मुझे लगता है की इनको नेचर एलिमेंट गलती से मिल गयी है ये उसके काबिल hi नहीं hai.....agar होते तो हर वक़्त ऐसे नाटक ना करते rahte....baar बार इनके सामने आके हममे हमारे लोगो की दुखी जिंदगी के बारे में नहीं सुनना padta.....maaf करना RajKumar.....par तुम इस नेचर एलिमेंट के काबिल hi नहीं हो......

इतना बोलने के बाद लिमि वह से चली gayi....jaate वक़्त उसके आँखों में आशु the....waise सच hi तो बोल रही thi....abhi तक सायद 2-3 बार इन् जनाब को एल्फ किंगडम की बातें सुन्ना के गुस्सा दिलाना पड़ता है और ये मोटीवेट होते है की सब बदल denge......aur 2 दिन बाद वापस से fusss.....kya hi उम्मीद करे ऐसे राज कुमार से......

दब सर्मिन्दा महसूस कर रहा था उसके पास कोई जवाब नहीं था iska.....Leemi ने सच hi कहा tha......ek पल को तो वो ये भी सोचने लगा खास इसका ेलेमेट इसके पास ना hota.....koi और राज कुमार होता जो थोड़ा हिम्मत वाला हो और ध्यान से काम kare.....buddhi सही से लगाए....

बुआ - दब तुम कर सकते ho.....main जानती हु तुममे वो जूनून hai....par तुम उसको अपना नहीं rahe....Tum वो हो जिसको खुद नेचर एलिमेंट ने चुनना hai....kya ये तुम्हारे उस भाई के पास नहीं हो सकता tha.....ho सकता था पर ये फिर भी तुम्हारे पास aaya.....tum चलो इंसानो के pass.....unko samjho....unki परेशानियॉं को samjhoo.....aur हो सके तो परेशानियां दूर karo.....maan लेना की वो तुम्हारी प्रजा hai....aur तुम उनकी मदद करना....

दब - जी मैं समझ गया.....

रूपल - हां प्रजा है मान सकते हो पर वो तुम्हे अपना राजा नहीं मानने वाले समझे naa.....to उनसे ऐसे रेस्पेक्ट की कोई उम्मीद भी मत करना.....

दब - हां मैं समझ gaya......par मैं रहूँगा कहा....

K.Bua - उसकी चिंता मत karo......tumko सिर्फ इंसानो के बिच रहने को कहा गया है ना ऐसा तो नहीं की यही के पास वाले गाओं में hi.....chalo मैं तुम्हे अपने एक दोस्त के यहाँ छोड़ आती हु....

रूपल दीदी -Dost.....kya बात hai...aap भी इंसानो से दोस्ती रखने लगी....

K.Bua - आई चुटकी इंसान भी अच्छे होते है कुछ kuch....aur मेरी दोस्त सच में अच्छी hai.......wo भी डॉक्टर hai.....main उसके पास जाती hu....uska क्लिनिक है वह और कभी कभी उसके हॉस्पिटल पे बुलाने पे भी जाना पड़ता hai....wo अच्छी है waise......DB पर उसको ये मैजिक वागीश कुछ नहीं पता है ठीक है ना और पता भी नहीं चलना chahiye.....tumko मैं वह रेंट पे रूम दिलवा dungi......aur तुम्हे खर्चा भी खुद hi निकलना hoga.....ab वो कैसे ये तुम जानो....

रूपल - पर ये कैसे करेगा.....

दब - मैं कुछ ना कुछ कर lunga....bas मुझे वह ले चलिए....

K.Bua उनको लेके चली जाती है वही बुआ और दीदी वही पे रूकती है कुछ वक़्त के liye.....jungle में एक अलग hi सुक्कुन मिलता है उसी के मज़्ज़े ले रही थी वो दोनों.....

बुआ - बच्चू ये निकी क्यों नहीं aayi....usko ऐसा क्या काम आ गया की वो आयी hi नहीं और फ़ोन करके बताया हममे....

दीदी - पता नहीं Bua....kaun सा काम आ गया usko....chalo हम भी घर चलते है छोटू को बता देंगे काम हो गया है....

ये दोनों भी वह से निकल liye...inn सब में शम्म हो गयी थी यहाँ pe.....wahi मैं अपने रूम में पहले तो भूखा hi किताब पढता रहा फिर जब भूख ज्यादा बढ़ी तो निच्चे चची की ढूंढने गया पर वो मिली nahi....khud hi फ्रीज से खाना निकला गरम किया और खा के वापस से किताब में लग गया....2 किताब......2 किताब पढ़ चुक्का था मैं पर एक भी ढंग की बात hi नहीं थी inme....Mujhe इससे कोई फायदा hi नहीं हो रहा tha....sayad कुछ और चाहिए था मुझे.....

मैं वापस से रूम से बहार निकलने hi वाला था की वह पे बुआ aayi...saath में वो दीदी भी थी...

बुआ - काम हो गया है तुम्हारा.....

मैं - हम्म ठीक है आपने उसको सही से समझाया naa....waha पे हालत बहुत बुर्रे है.....

बुआ - हां हममे batay.....ek मिनट तुमको किसने बताया ye.....tum घर से बहार गए थे क्या.....

मैं - नहीं वो ओल्ड आउल वो मेरा खबरि है समझ lo....wahi बताया था mujhe.....(Inko पता लगा वह जो भी हुआ है उसमे मेरा हाथ है तो ये वापस से मारेंगे मुझे)

दीदी - और मम्मी कहा है दिख नहीं रही तेरी खबर लेते हुए.....

मैं - वो तो तभी गयी थी उसके बाद आयी hi नहीं मैंने खुद खाना लेके खाया है...

बुआ - भाभी अभी तक नहीं aayi......wo तो गुस्से में निक्कल गयी thi......aur सायद वो वह पंकज के यहाँ भी चली गयी हो....

दीदी - Pankaj......Mummy क्यों उसके पास gayi.....kuch हुआ है क्या.....

फिर दीदी को वो सब बताया गया वो ड्राइंग और उसके मिलने के बाद का हंगामा ये सब.....

दीदी - अभी तक नहीं aayi.....Main देख के आऊं क्या बुआ.....

बुआ - नहीं मैं कॉल करती हु प्रोफ. दक्ष ko......usse पता चल hi जाएगा.....

निकिता - कॉल करने की जरुरत नहीं किसी ko.......Wo वह hai....Nana नानी के घर mein.....abhi सोई है वो.....

बुआ - सोई है इस waqt......bhabhi....kya बात कर रही ho......unki तबियत तो ठीक है ना....

निकिता - कभी कभी बहार से सब सही hi लगता है पर अंदर के जखम वो वैसे hi बढ़ते रहते है दर्द देते रहते है बस उसी का असर है......

दीदी - निकिता क्या बोले जा रही हो मम्मी ठीक है ना....

निकिता - हां अभी ठीक hai.....unhone कहा वो कुछ दिन वही रहेगी अपने माँ डैड के pass...aur तब तक वह कोई ना जाए

दीदी - क्या मतलब कोई ना jaaye.....Arre उनको वह रहना है तो रहे ना पर ये क्या मतलब है वह कोई ना जाए....

बुआ - रूपल बच्चू भाभी ने कहा ना कोई नहीं जाएगा waha.....to कोई नहीं जाएगा समझे naa.....tum सब यही रही मैं खाना बनाने जाती हु....

बुआ ने ऐसा कहा और वो चली gayi.....nicche...wahi रूपल दीदी और मुझे समझ नहीं आ रहा था ऐसा क्यों कहा चची ne.....kya वजह हो सकती है इसके पीछे.....

मैं - कुछ और कहा क्या चची ne......aur वो ठीक है ना

निकिता - हां ठीक है मैंने बताया ना वो बस थोड़े वक़्त वह रहना चाहती है....

मैं - तुमको कब कहा उन्होंने तुम तो दीदी के साथ गयी थी ना.....

रूपल दीदी - नहीं ये नहीं गयी थी ये यही थी कोई काम आ गया था isko....kya काम आ गया था निकिता.....

निकिता - वो कुछ काम था bas......waise आप सब का काम हो गया naa.....wo गधा समझा की नहीं बात ko....mujhe तो लगता है 2-3 थप्पड़ झाड़ hi देने थे उसके ऊपर तब सायद वो सही से rahe......aur ध्यान दे बातों पे....

साफ़ साफ़ दिख रहा था कैसे निकिता बात को बदल रही thi.....par अभी मुझे और रूपल दीदी को उसके सच छुपाने से ज्यादा ना चची के अकेले रहने के फैसले से मतलब था....

हम सोचते रहे पर कुछ समझ नहीं aaya.....aur उन्होंने हममे कहलवाया था की वह ना jaaye......Bua ने भी कह दिया था कोई नहीं जाएगा उनके pass......wo अकेला रहना चाहती है तो कुछ वक़्त दो उनको....

दब को छोड़ के K.Bua भी आ गयी थी......

रात में बाकी सब भी aaye.....Dadi तो दादा जी के साथ कही बहार किसी काम से गए हुए थे तो वो नहीं आने वाले the.....Chacha जी आये और उन्होंने ने भी चची के बारे में पूछा और निकिता ने उनको वही जवाब दिया....

चाचा जी - रूपल प्रतीक तुम दोनों सुन्न लो अभी कोई नहीं जाएगा निधि के पास समझे ना उसको अकेला रहने दो कुछ वक़्त....

पता नहीं क्या है इन् सब ka.....sab वही कह रहे hai.....aur यहाँ मैं समझ नहीं पा रहा हुआ क्या है.....

खाना खाने के बाद ऊपर रोऊं में गया तो वह ओल्ड आउल की आवाज aayi.....wo तस्करी वाले को कल उठा सकते है.....

मैं - रहने दो अभी बाद में dekhenge......accha किसी को meri......nahi रहने दो जाओ तुम....

अभी उसको यहाँ तो ला नहीं सकता tha.....usko कभी और देखना hi सही hoga.....main अपने बीएड पे लेता और सो गया.....

Wahi....yaha से दूर स्ट्रेंज वर्ल्ड mein.....Nix लोगो के साथ अपनी हीरोइन ट्रेनिंग कर रही thi....isme कुछ तो खास tha......ye चीजजें बहुत जल्दी समझ जाती सीख लेती thi.....Pujari इसको ट्रेनिंग देने में लगा हुआ tha.....aur वो खुश था उसको एक ऐसी स्टूडेंट मिल्ली है....

थोड़ी देर बाद....

लड़की - आप हमेशा से इसी मंदिर में रहते आ रहे हो क्या....

पुजारी जो अभी अपने पास खाना लेके बैठा था उसके बगल mein......wo पहले तो सोचने लग जाता hai....Ladki को समझ नहीं आता इतने से सवाल में इतना क्या सोचना.....

पुजारी - बहुत वक़्त से hu....bas यही समझ lo....ye साल वगेरा गिनने बैठा तो पता नहीं कितना वक़्त निकल जाएगा....

लड़की - मंदिर में है क्या जिसको wo(iska मास्टर वो चोर) चुराने आया tha.....bas मूर्ति hi तो है....

पुजारी - वक़्त आने पे मैं बता दूंगा क्या है यहाँ पे ऐसा khass.....abhi सही वक़्त नहीं आया है.....

लड़की - waqt....haar बार यही जवाब देते हो aap......koi झूटी कहानी hi सुन्ना देते....

पुजारी - मैं झूठ नहीं bolta...main बस सच बोलता हु.....

लड़की - अच्छा वो नहीं बता सकते पर ये तो बता दो वो उस मूर्ति के पीछे जो हथियार रखे है वो किसके hai.....dekhne में तो बहुत अच्छे लगते है.....

पुजारी - तुम्हारे लिए है wo......training पूरी करने पे तौफा निक्स कबीले की तरफ से.....

लड़की - पर मैंने तो देखा था की शिष्य गुरुदक्षिणा देते है फिर आप मुझे तौफा क्यों denge...mujhe आपको कुछ देना चाहिए....

पुजारी - मैं lunga.....Guru दक्षिणा तो जरूर लूंगा पर वक़्त आने पे और इस सवाल का जवाब ये है की मैं ये नहीं दे रहा णिच कबीले की तरफ से हाउ ये sab...waha पृथ्वी पे जरुरत पड़ेगी....

लड़की अपना खाना ख़तम करती है और फिर मंदिर में घूमने लगती hai....mandir बहुत बड़ा tha.....itne दिन हुए थे पर वो उसको पूरा देख ना सकीय thi.....iss मंदिर के बार में एक बात फेमस थी की इसको इसके पुजारी ने भी कभी पूरा नहीं dekha.....kisi भी पुजारी ne.....aur जिसने कोशिश ki....wo या तो खू गया या उसके होश खू गए....

आज के लिए इतना hi....next अपडेट में देखते है चची को क्या हुआ hai.....aur फोमोस चलेंगे वह के लीडर से मिलने को और कुछ बातें
 
:अप्प्रोवे: बातें तो बिलकुल पत्ते की hai....akela था पर मास्टर के साथ tha...Masterke सामने कभी एक बार जुबान ना चली iski....har तरह की लड़ाई सिखाई unhone...par एक बार कह दिया की किसी से भी लड़ना नहीं hai...aur इसने बात मान ली...

बन्दे को परिवार अभी कुछ वक़्त पहले मिला hai....uski एक कम्मी थी जो सायद धीरे धीरे पूरी ho.....aur एक बार गुस्सा करके चला भी गया था छत्ता खाने के baad....tab सबने इसको कुछ वक़्त के लिए hi par..ignor करना शुरू कर diya....usss part को थोड़ा और लम्बा करना चाहिए था ना :वेरिसद: अपन को भी अब लग रहा है....

खैर..

और उसके बाद जब सब सही हुआ तो चाटें pade...ab देखते है आगे अगर कभी फॅमिली गलत हुई और फिर भी इसके ऊपर हाथ उठाया तो ये क्या करता है तब तो गुस्सा आना चाहिए
 
पिक्स डालने के बारे में सोचा जा सकता है पर उसमे दिक्कत ये है मैं नोटपैड पे अपडेट लिखते हु और यहाँ डालता हु....

9-10 बार ऐसा हुआ है की मैं अपडेट यहाँ के टेक्स्ट बॉक्स पे लिखता हु और वो किसी कारण से सेव नहीं हो पाते the...to वापस से करना पड़ता था ये फिर अपन चंगेस....

ये सब बेकार की बातें hui...par पिक्स ऐड किया जा सकता है इसको भी नोट करते है...

पर वर्ड्स से hi अगर एक तस्वीर बनवा देना इस ान art....apan देखा बड़े बड़े वरिटेरस को बहार के यहाँ भी वरिटेरस है लिखे नैनो उन्किल हो गए SGP..Subham kumar...and मान्य more...inn सब की स्टोरी पड़ते वक़्त ना ऐसा लगता है जैसे कहानी में जो हो रहा है वो सब सामने चल रहा hai....to बस उसी को सीखने के लिए पिक्स का उसे नहीं करता अपन....

पर जैसा कहा अगर जरुरत पड़ी तो जरूर करूँगा
 
अपडेट - 62

एक और दिन बीत चुक्का tha...kal से स्कूल शुरू होने थे तो आज शाम जाना भी था पर चची वापस नहीं आयी thi....wo कल रात क्या आज शाम तक नहीं आयी है घर mein....aur ना hi कोई गया है उनके pass.....siway इस निकिता ke.....Pata नहीं क्या चल रहा था यहाँ मैं समझ नहीं पा रहा tha...Rupal दीदी सायद कुछ समझ रही थी पर पूरी बात सायद वो भी नहीं जानती thi....unhone कल तो कुछ ना कहा पर aaj....aaj सुबह वो वह जाने वाली thi....ab उनकी माँ ऐसे hi अच्चानक से अपने माँ डैड के यहाँ चली गयी थी और संदेसा भिजवाया था कोई वह आये ना तो कारण पता करने का दिल तो करेगा hi naa.....par सुबह भी उनको रोक लिया गया था.....

वो दिन भर से निकिता से पूछ रही थी की क्या माँ ने कुछ कहा hai...wo परेशन है kya....yaa कोई और चीज़ जो उसने नोटिस किया हो अगल...

पर निकिता उनको kya.....kisi को कुछ नहीं बता रही thi....baaki सब का तो इस्पे ज्यादा बड़ा रिएक्शन नहीं tha......siwaye मेरे K.Bua के और दीदी ke.....hum तिण्णो को इस बात को लेके उसपे बहुत गुस्सा आ रहा था.....

बुआ - चलो तुम दोनों स्कूल चलने का वक़्त आ गया है हम निकल रहे है अभी....

निकिता - बुआ मैं नहीं जा rahi....main घर पे पढ़ाई कर लुंगी मुझे कोई दिक्कत नहीं होगी....

बुआ ने उसकी बात sunni.....thoda सोचा और फिर ठीक है बोल दिया.....

निकिता ने अपना जो भी सामान यहाँ पे थोड़ा बहुत था वो समेटा और निकल गयी....

बुआ - तुम क्या बैठे हो तुम्हे नहीं चलना...

मैं - चची ने 2 दिन के लिए मन्ना किया था naa....Main कल hi वह आ जाऊंगा.....

बुआ - नहीं तुम साथ चल रहे ho....aur रूपल तुम भी कल से होटल नहीं गयी ना apne....aise बिज़नेस चलना sikhogi...chalo तैयार हो जाओ और निकलो वह के लिए.....

रूपल दीदी - मैं कही नहीं जा रही जब तक माँ से मेरी बात नहीं hoti.....aap लोगो ने मुझे जाने नहीं दिया सुबह भी.....

बुआ - बच्चू उनको भी थोड़ी प्राइवेसी देना बनता है ना भाभी हमेशा तो घर में hi लगी रहती है ना और फिर यहाँ से नबहार गयी भी तो होटल में जाती hai....abhi वो अपने माँ डैड के साथ है तो रहने दो ना उनको वह....

रूपल दीदी - पर बात क्यों नहीं करनी है ये बताओ naa.....mujhse कोई गलती hui...maine कुछ किया तो वो आके मुझे सज़्ज़ा दे ऐसे घर से क्यों गयी हुई है वो.......

बुआ - सायद इस घर से hi नाराज़ है वो...

धीरे से hi कहा उन्होंने पर जिनको सुन्ना था वोन सुन चुक्के थे.....

मैं रूपल दीदी और क बुआ तीनो hi उनको देखे जा रहे the....ghar पे अभी बस हम hi तो the....aur कोई नहीं था यहाँ pe...Chachu थोड़ी देर बाद आने वाले थे....

बुआ - अरे अब देख क्या रहे ho....aur कविता तुम bhi....chalo जल्दी से सामान uthao...humko जाना भी है याद है न मीटिंग है आज....

K.Bua ने कुछ नहीं कहा वो बस जिस रूम में हमेशा रूकती थी वह गयी वह से अपना बैग लिया और और बहार आ गयी....

बुआ - तुमको क्या अलग से kahu.....jaldi सम्मान लेके आओ....

मैं - पर बुआ आप समझ क्यों नहीं रही अगर चची मुझसे और नाराज़ हुई to....main पहली क्लास से पहले आ jaunga....aap जाओ..

K.Bua - रहने दे ना हमको वैसे भी देरी हो रही है....

बुआ ने एक बार हां कहा और अपना सम्मान भी लेके आ गयी....

बुआ - रूपल प्रतीक कोई भाभी के पास नहीं जाएगा समझे naa.....abhi थोड़े वक़्त उनको अकेला रहने दो...

इतना बोल के वो वह से चली gayi.....ab घर में मैं और दीदी थे बस.....

मैं - आपने भी वो सुन्ना था जी बुआ ने कहा था.....

रूपल दीदी - पर मम्मी सबसे क्यों नाराज़ hogi....aur घर से जाना ये क्या बात हुई....

मैं - मुझे सज़्ज़ा देते वक़्त उन्होंने कहा था वो प्रोफ दक्ष के यहाँ जायेगी पंकज को मुझसे दूर रहने को कहने के liye....aur उसी के बाद से वो घर नहीं आयी....

रूपल दीदी - तो तू कह रहा है जो कुछ हुआ है वही हुआ hai.....unn बाप बेटे की वजह से....

मैं - लग तो यही रहा hai...Mujhe लगता है मुझे ओल्ड ोल्व से बोलके पता करना चाहिए ये....

रूपल - ये सब ओल्ड आउल का काम नहीं है मैं जा रही हु waha....main खुद पुछुनंगी unse....kya हुआ था waha...Mummy से मिलने से मन्ना किया है ना मुझे उनसे तो नहीं ना....

मैं - दीदी मैं भी आता हु...

रूपल - तुम नहीं आ रहे तुम यही rahoge....Mom ने कहा है नहीं निकलने तो नहीं hi निकलोगे....

वो ये बोलके गुस्से में निकल गयी वह se....aaj ये सुबह से गुस्से में है और चिद्धि हुई bhi....pata नहीं वह क्या करेगी....

मैं - ओल्ड आउल किसी को इनके पीछे भेजो मुझे सब खबर मिलती रहनी चाहिए....

ओल्ड आउल ने मेरी बात सुन्नी और किसी को उनके पीछे भेज दिया....

मैं घर में अकेला बैठा सोच रहा था की क्या hoga....ki तभी चाचा घर में आ गए.....

चाचा - तुम नहीं गए प्रतीक school....mujse पूनम ने कहा था वो सभी को लेके जा रही है घर पे कोई नहीं होगा....

मैंने सोचा सायद इनसे कुछ पता chale....Bua ने कहा घर से नाराज hai...ye जानते होंगे कुछ....

मैं - नहीं चाचू वो चची ने मन्ना किया था ना बहार जाने से वर्ण वो वापस से मुझे सज़्ज़ा दे देगी...

चाचा - hahahha.....arre ऐसा कुछ नहीं होगा रुको मैं baa......accha वो तो है नहीं ना अभी....

मैं - हां चची आयी hi नहीं wapas....pata नहीं क्या हुआ उनको....

चाचा ने थोड़ी देर वह rahe......kuch बोलने को hue....par फिर वह से चले gaye....aisa लगा जैसे इनको पता है क्यों नाह आयी है चची पर मुझे बताया नहीं....

यहाँ सबको पता hi है sayad....siway मेरे और दीदी को छोड़ ke....Ab चाचा अपने रूम में चले गए तो मैं भी अपने रूम में चला गया....

मैं - ध्रुव तुम्हे क्या लगता है क्या बात है जो सबको पता है पर हम दोनों को नहीं....

ध्रुव - अब इसके बारे में मैं कैसे बताऊँ bhala...waise तुम पता लगा सकते हो अगर तुमने...

मैं - अगर मैं kya....batao क्या करना होगा...

ध्रुव - अरे वही मंद रीड करने वाला वो jeev....usse पता चल hi जाएगा ना उसको लेके आतें hai....aur तुम्हारे चाचा का दिम्माग प्.....

मैं - kya......matlab कुछ भी आईडिया doge....pagal हो kya....kuch हो गया उनको तो.....

ध्रुव - मैं तो बस बता रहा tha....aur होने को क्या उस तस्करी वाले को कुछ नहीं हो सकता.....

मैं - वो साला बुरा है पर चाचू बुरे नहीं है....

ध्रुव - फिर मैं और क्या bataun....haa तुम अपने सरीर से निकल के उनका मैं पढ़ सके तो बात अलग है पर तुमसे होगा hi नहीं अभी ye....isme प्रैक्टिस की जरुरत होती है और तुम इसके बारे में ज्यादा जानते भी नहीं होंगे....

मैं - तो पहले बताया क्यों नहीं कभी....

ध्रुव - ये जो सरीर है ना tumhara....isme इंसानो के भी गन hai...thodi बहुत नहीं बल्कि jyada....aur मज़्ज़े की बात देखो तुमको इंसान अब पसंद नहीं aate...khair ये बात नहीं है बात ये है की अभी शरीर तैयार नहीं इन् सब विद्याओं को अपनाने के liye...jab होगा ना तब मैं खुद bataunga...abhi ये बताओ सपने का क्या हुआ...

मैं - अरे यार मैंने तरय किया पर हुआ hi नहीं kuch....accha वैसे निकिता और लिमि की बच्ची के केस में तो...

ध्रुव - मैं जानता था तुम पूछोगे hi इस बारे mein.....unki हालत देखि thi....wo पूरी तरह अपने hi बनाये हुए मायाजाल में फसे हुए थे उनका बास नहीं था खुद पे तभी.....

मैं - समझ gaya....kaash दीदी को कुछ पता चले....

ध्रुव - ये मनाओ की उनको सब ज्यादा गुस्सा आने से पहले पता चल jaaye....ghar में तो अभी केवल वो पंकज hoga....aur खुनी घुडसवाओं की रानी के पास अभी है एक power....jiske बारे में ज्यादा उनको पता है नहीं... अब आगे मैं क्या hi बताऊँ कुछ भी हो सकता है....

मैं - हां बुआ ने कहा था Prof.s की मीटिंग hai....matlab दक्ष मां भी नहीं honge.....aur अगर दीदी ने गुस्से mein,...mujhe कुछ करना hoga.....Old आउल जल्दी से यहाँ आओ....

मैंने कहा और वो वह पे आ गया.....

ओल्ड आउल - क्या बात है जल्दी बताओ मैं वह पे तुम्हारा hi इम्पोर्टेन्ट काम कर रहा हु.....

मैं - उस काम पे किसी और भरोसेमंद को भेजो अभी तुम मेरी बात सुनने दीदी पंकज के यहाँ गयी है वो अकेला होगा घर पे इंसानो का मुहल्ला hai....Didi के पास एक नयी पावर है जिसके बारे में उनको उतना पता नहीं है abhi.....kuch भी हो सकता है....

ओल्ड आउल - तुम्हारे कहने पे मैंने अपने एक बन्दे को वह पे भेजा हुआ hai.....ab क्या मैं भी जॉन वह....

मैं - तुम बात की गंभीरता नहीं समझ रहे kya....main यही कह रहा हु तुम वह jaao....aur कुछ ऐसा करो की दोनों hi सुरक्षित रहे....

ओल्ड आउल कुछ बोलता उससे पहले hi उसने जिस बन्दे को भेजा था उसकी आवाज आयी.....

वो - यहाँ पे लड़ाई शुरू हो गयी hai....ye लड़की इस लड़के को मार डालेगी...

मैं - तो तुम पहले नहीं बता सकते थे क्या gadhe.....ab क्या karu...Didi को रोकना मेरे बस में तो नहीं है....

ओल्ड आउल - मैं वह लेके चलता हु तुम्हे...

मैं - अरे वो गुस्से मैं है और उनका गुस्सा अब चची से hi शांत hoga.....Neekita के पास jaao.....usko बताओ क्या हो रहा है उसको बोलो चची को बताये ये sab....aur जैसे hi चची को सब पता चले उनको जड़ली से वह पहुचाओ.....

ओल्ड आउल निकल गया जल्दी से....

मैं - अब क्या हो रहा है वह पे......

वो - लड़की ने लड़के का गाला पकड़ा हुआ है....

मैं - हद्द hai.....Dhruv तुम बताओ क्या करना चाहिए....

ध्रुव - मैं बस ये kahunga....rokk लो खुनी घुड़सवारों की रानी को एक बार खून करने का नशा वापस से लगा naa.....to मुश्किल होगी फिर.....

मैं - पता नहीं क्या बोलता रहता है ye....Albus कूपर बहार aao.....uss जगह पे जाओ और ये सुनिश्चित करो उस घर में हजो भी हो रहा है उसका पता बहार ना लगे.....

मेरे ऐसे कहने पे मेरे सीने से वो दो रोशनियां निकली और चली गयी वह से....

मैं - अब क्या हो रहा hai....main क्या बार बार पूछता राहु tumse..tumko बताया नहीं जाता....

वो - लड़की से छूटने की कोशिश कर रहा है ladka......usne लड़की को अपने पैरों से मार के खुद से दूर किया hai.....ladka खड़ा हो रहा hai....ladki उसको देख रही hai....ladki की आखें गुस्से से लाल होती जा रही hai....ye क्या लड़की तो वैम्पायर है उसके दांत बहार आ रहे hai....par दांत कुछ बड़े लग रहे hai...ye वो लड़का खड़ा हुआ है और खुद की साँसें संभल चुक्का है और लड़की को रुकने का इशारा कर रहा hai.....aur लड़की रुक नहीं रही है लड़की आगे बढ़ रही है लड़का पीछे जा रहा hai....ladka लड़ने के मूड में नहीं लग रहा है....

मैं - आए पागल इतना डिटेल में भी नहीं बताना hai.....Old आउल तुमने निकिता को खबर बताई.....

ओल्ड आउल - हां उनको सब बता चुक्का hu....wo जा रही है तुम्हारी चची को बताने के लिए ये सब....

मैं - ध्यान rakho....jaise hi चची जाने के लिए रेडी हो उनके लिए पोर्टल खोल dena,....ek सेकंड भी नहीं रुकना hai....Dhruv ये दोनों पहुंचे की नहीं अभी तक....

ध्रुव - अलबूस और कूपर वह पहुंच गए है और अभी इंसानो के भेष में hai.....aur उस घर के चारो तरफ एक शील्ड लगा रहे है बिकुल उसके पास se....taaki किसी को कुछ सक ना ho.....waise वह पे पहले से hi एक ऐसा शील्ड लगा हुआ है....

मैं - ठीक hai.....aur तुम अब चुप क्या हो आगे बताओ क्या हो रहा hai...Didi और पंकज दोनों ठीक है ना....

वो - आपकी दीदी उसपे भरी पद रही है अब फिजिकल लड़ाई नहीं हो रही है जादू का प्रयोग हो रहा है....

इतना बोल वो चुप हो गया....

मैं - ओल्ड आउल क्या hua.....Chachi ने सब सुन्ना क्या....

ओल्ड आउल - वो बाथरूम में है,....

मैं - तुम उनके बाथरूम में क्या कर रहे हो.....

ओल्ड आउल - मैं उनके रूम के खिड़की पे hu....bathroom में वो है और रूम में निकिता hai....wo वेट करने को बोल रही है निकिता को.....

मैं - और वो पागल क्या वेट कर रही है वह pe.....usko बोलो वही से सब bataye....waha दीदी और पंकज में लड़ाई चालू है अभी भी....

ओल्ड आउल - तो तुम खुद क्यों नहीं जाते waha....chale जाओ क्या पता ृक्क जाए वो दोनों.....

मैं - जितना कहा है ना उतना hi करो.....

मैं फिर से वैसे देखा जाए तो सायद मेरे जाने से लड़ाई ृक्क jaati.....par इससे चची वापस नहीं आने वाली thi....ab वो वापस आये या ना आये पर बात तो एक बार जरूर hogi....aisa कुछ सोचा नहीं था पर ये होने की उम्मीद सी अब जाग रही थी...

वह से वो ओल्ड आउल का बाँदा मुझे बताने लगा क्या हो रहा है अब....

वो आपकी दीदी ने मुट्ठी बंद की हुई hai.....aur पंकज हिल नहीं पा रहा hai...bas चीखता जा रहा है wo....ajeeb है ये तो.....

मैं - ध्रुव ये उसी पावर के वजह से है ना....

ध्रुव - हां और बता दू अभी पंकज को बहुत दर्द हो रहा hoga....agar रूपल का गुस्सा और बढ़ता गया तो ये दर्द अययर badegi....power कण्ट्रोल में है नहीं और अभी रूपल सायद थोड़ी परेशां है तो ऐसे में बहुत डेंजर है.....

मैं - अलबूस अंदर jaao....aur रूको उनक....

ओल्ड आउल - पोर्टल खोल दिया है तुम्हारी चची और निकिता दोनों उसी घर में है....

वह से ओल्ड आउल का बाँदा....

वो - 2 नए लोग आये है कही se.....ek उम्र में थोड़ी बड़ी है और दूसरी wali....aapki दीदी से छोटी है thodi.....par आपकी दीदी लगी हुई है अभी भी.....

अलबूस इतने में अंदर पहुंच चुक्का था और अब मुझे वो सब दिख रहा था जो उसकी आँखें देख रही थी.....

चची और निकिता अभी आये थे और वह की हालत को देख रहे the.....ki उनकी नज़र रूपल पे गयी जो हाथ सामने करके मुट्ठी बांधे कड़ी थी वही उनके सामने पंकज था जो छीलते छीलते अब बेहोश होने hi वाला था....

चची - Rupal.....chodo usko.....kya कर रही हो तुम.....

चची की आवाज जैसे उनको सुनाई hi नहीं di.....wo वह पे थी hi नहीं jaise....wo बस मुठी को कैसे जा रही thi.....ki एक चांटा पड़ा और वो nicche........Muthi खुल गयी पैकेज जो अभी तक हवा में लटका था वो निच्चे जमीं पे गिरके बेहोश हो गया.....

चची पंकज के पास गयी और उसको देखने lagi....ki ठीक है की nahi.....wahi रूपल दीदी ने भी देख लिया था चची ko....aur वो इस थपड से बहुत hi ज्यादा खुश थी....

वो उठी और चिल्लाते हुए उनके पास चली gayi.....aur पीछे से उनको हुग कर लिया.....

निकिता भी अभी वही पंकज के पास थी और चची के कहने पे उसको अच्छे से चेक कर रही thi....iska K.Bua के साथ रहना काम आ रहा tha....seekh रही है लड़की....

चची पीछे घुम्मी और गुस्से से चेहरा लाल था unka....pahle तो दीदी को अलग kiya.....aur फिर एक थप्पड़ मारा...

चची - ये क्या कर रही थी tum.....isse लड़ने क्यों चली aayi.....dekho कैसी हालत hi गयी है iski.....kuch हो जाता तो क्या होता फिर...

रूपल दीदी बस कड़ी मुस्कुराती रही jaise.....usko सुनाई hi ना दे रहा हो ये sab....yaa फिर ये दांत बहुत अच्छी लग रही है unko....wahi चची ऐसा देख के और गुस्से में....

चची - पता नहीं कैसी लड़की है ये इतना कुछ कर रही हु पर ये हसी जा रही hai....rukk तुज्झे बताती hu.....aaj के बाद अगले 3 दिन तक बस 2 वक़्त का खाना और घर का सारा काम तुमको hi करना hai....aur ये मत समझना होटल की जिम्मेदारी नहीं उठानी hogi....hotel भी जाओगी tum....aur ये मुस्कुराना बंद करो नहीं तो दांत तोड़ दूंगी....

फिर से दांत सुनके पता नहीं क्या हुआ inko....ye एकदम से आशु बहाने लगी और चची के गले hi लग गयी और रोये जा रही है रोये जाए रही hai....Chachi को लगने लगा सायद ज्यादा कह दिया कुछ

चची उसके सार पे हाथ फेरते हुए उनको चुप करने लग gayi.....tabhi निकिता उनके पास आयी....

निकिता - ये ठीक है बस थोड़ी सी चोट आयी हुई है....1-2 दिन में ठीक हो jaayega....Main कविता मैडम से बोल दूंगी इसके बारे में...

चची - हम्म्म ठीक hai.....aarre अब और कितना रोयेगी एक तो गलती karo.....uske बाद दांतो तो रोने लग jaao...aisa तो पहले नहीं करती थी tu....ye क्या हो गया तुझको...

दीदी वैसे hi गले लगे हुए....

दीदी - aap...aap चली क्यों गयी thi.....aur बात क्यों नहीं करनी थी aapse.....aur aapne.....apne ऐसे क्यों कहलवाया की कोई ना मिलने aaye.....main भी naa.....maine to....kuch किया भी नहीं tha......fir क्यों...

चची - :डोह: हद्द है इतनी सी बात पे रो रही hai......wo मुझे थोड़ा काम था और तुम तो मुझे करने देती nahi....aur वो तुम्हारा एक नालायक भाई भी आ गया hai....wo तो अच्छा हुआ निकिता जैसी प्यारी बहन भी आयी है बस यही है जो मेरी मदद कर रही thi.....aur कोई बात नहीं hai....hai ना निकिता...

निकिता ने ये बात सुन्नी और हां में हां मिला diya......ek बार को उसको भी अंदर hi अंदर लगा क्या क्या नहीं सहना पड़ता एक माँ ko.....kaha ये अपने दुःख को थोड़ा काम करने के लिए अपने माँ डैड के यहाँ आयी हुई थी और अब उसके बारे में अपनी बेटी को बता भी नहीं सकती है.....

चची भी सायद समझ रही थी निकिता क्या सोच रही होगी उन्होंने बस उसकी ओर देखा और कुछ नहीं...

माँ होना सच में बहुत hi कठिन होता hoga....apni परेशानियां अपनी बातें दूर करके पहले अपने बच्चों को dekho.....agar वक़्त मिल जाये तब फिर अपनी परेशानियों के बारे में सोचो....

चची रूपल दीदी को चुप करने में लगी rahi....aur जब वो थोड़ी शांत हुई तो उन्होंने उसका कान पकड़ा और मड़ोड़ते हुए पूछा...

चची - ये सब करने को किसने कहा tha....dekho कैसी हालत हो गयी है बेचारे की....

रूपल दीदी - छोटू ने कहा की आप इन् दोनों से मिलने के बाद hi से घर नहीं आयी ho......to मैं आ गयी इनकी खबर lene....main बस पूछ रही थी क्या कहा इन्होने आपसे की आप हमसे बात hi नहीं करना चाहती....

चची - गाढ़ी की bacchi....akal नहीं है ना tujhme....binna मतलब के इसको इतना maara....aur wo.....tera छोटू उसको तो मैं अभी जाके बताती hu....aaj उसके टाँगे तोड़ दूंगी main....ek तो पहले लड़ाई देखने जाता है और खुद लड़ने लग जाता है उसके बाद तुझको यहाँ भेज देता है इस बेचारे को पीटने के लिए...

रूपल - ये कोई बेचारा नहीं है और छोटू ने बस अनुमान लगाया था सब की वजह ये है आपकी चाहती Nikita....aisa सस्पेंस बना के रख दिया की हम दोनों भाई बहन तो समझे दाल पूरी काली है....

चची - हां अब काली दाल के चक्कर में जो किया है ना उसके बदले काली सजा भी दूंगी दोनों ko.....Nikita बीटा तुम जरा मेरी मदद करो इस जगह को पहले जैसा करने mein....sab ख़राब कर दिया है इस लड़की ने....

दोनों मिल के सब सही करने लगते है रूपल दीदी भी उनका साथ देने लगती है मैं वही लाइट ओर्ब में बदले हुए अलबूस के जरिये सब देख और सुन्न रहा था....

जब सब सही हो जाता है तब.....

चची - चलो अब sab...ghar चलते है एक और को भी सबक सीखना है....

निकिता - इसका क्या kare....chotein ज्यादा नहीं है par.....akela छोड़ना सही नहीं होगा sayad....Main दक्ष सर को खबर पहुँचवा दू क्या....

चची - नहीं मैं उनको खबर करा dungi....isko लेके चलते है घर पे.....

रूपल दीदी - Isko....ghar पे.... :सिघ:

चची - ज्यादा मुँह बनाएगी तो ऐसा चांटा मारूंगी ना की मुँह वैसा hi बना रह jaayega....ek तो इसकी हालत ख़राब कर दी अब देख भल तो करनी hi होगी naa....aur माफ़ी भी मांगनी होगी तुझे इससे भी और प्रोफ. दक्ष से भी समझी....

रूपल दीदी (मुँह बनाते हुए) - माफ़ी मांगनी hogi....huhhhhh....theek है....

चची - क्या ठीक है उठा इसको और लेके आ.....

मैं - ओल्ड आउल पोर्टल खोलो यार....

ओल्ड आउल ने वापस से उनके लिए पोर्टल खोला और वो सीधा घर के बहार आ gaye....charo....yaa साढ़े थीं log....Nikita ने जितना बताया था उससे तो ज्यादा hi ख़राब हालत थी पंकज की हां पर मरने वाला नहीं था वो...

चची गेट के बहार कड़ी एक बार फिर से घर को देख रही थी....

रूपल दीदी - क्या हुआ मम्मी चलो भी.....

चची - हां चल रही हु ना.....

और वो वह अंदर चली जाती hai...naa पर बेमान se.....Chacha तो अपने रूम में the....itne में मैंने अपने अलबूस और कूपर दोनों को hi बहार भी सब नार्मल करके अपने पास बाल लिया tha....Old आउल वापस से चला गया स्ट्रेंज वर्ल्ड अपना काम करने ko....Aur मैं निच्चे चला गया चची को milne....milne क्या मार खाने बोलो....

मैं निच्चे आया hi था की दरवाजा खुल्ला.....

मैं - चची आप आ गयी....

चची का चेहरा थोड़ा सा मुरझाया हुआ था पर मुझे देखते hi वो वापस से पहले जैसी हो गयी और फिर तुरंत से गुस्से में......

चची - हां आ गयी और अभी बताती हु तुझे क्यों आयी हु मैं.....

वो मेरे पास आने lagi....aur मैं पीछे जाने लगा....

तभी रूम से चाचू भी बहार आ gaye....wo चची को देख के खुश थे पर साथ hi थोड़ा आश्चर्य भी हो रहा था उनको....

चाचू - क्या हुआ ऐसे गुस्से में क्यों हो.....

उन्होंने नार्मल तरीके से hi कहा पर चची उनको देख के एक दम से चुप हो gayi.....aur फिर निकिता से कहा....

निकिता - पंकज को रूम में लेके jaao......aur हां जरुरत पड़े तो कविता को भी बुल्ला lena....iska ाचा से ध्यान रखना है हममे....

चाचू - इसको यहाँ लेके आ gaye...aur इसको हुआ क्या है...

निकिता को लगा सायद बाकी सभी को पता चल जाएगा की कुछ गड़बड़ है तो उसने बताना शुरू किया.....

निकिता - वो हुआ ये की रूपल दीदी ने इसको थोड़ा गुस्से में आके कूट दिया है वो भी बिन्ना किसी गलती के....

रूपल - आइए क्या कुछ भी haaa......ye मुझे बता नहीं रहा था की इसने और इसके पापा ने मम्मी से कहा क्या जो वो ना तो घर आ रही थी और ना hi हमसे बात करने को तैयार थी...

ये सुनने के baad....sayad चाचा जी को ये समझ आ गया होगा की बात शुरू कहा से हुई hai....aur यहाँ तक आयी kaise....khair इस बारे में नेक्स्ट अपडेट में देख lenge....Abhi चलते है फोमोस पे.....

फोमोस पे स्लेयर लगा हुआ था अपने hi काम mein....matlab लड़ाई karo....aur खा जाओ ये sab.....aur साथ में काम भी karo.....uski जर्रा भी पता नहीं था की उसकी किस्मत उसको उस जगह लेके आयी है जहा उसका सब कुछ बदलने वाला था.....

खैर ये महासय अभी वो नहीं जिनसे मिलने हम आये है हम तो यहाँ के लीडर से मिलने आये है जो इन् दिंनो अपने गुप्तचरों को बढ़ने में लगा हुआ tha....pata चला था उनको की आज कल एल्फ किंग के साथ कुछ अच्छा नहीं हो रहा hai...pareshani में है wo.....ab वो ठहरे इनके dost.....wo माने या ना मने पर लीडर ने उनको अपना दोस्त मान लिया था क्यूंकि उसने लीडर को उसकी बेटी के बारे में थोड़ा hi बताया था पर बताया था एक उम्मीद जगाई thi.....Leader कभी नहीं चाहता था की उसके एक ऐसे दोस्त के साथ ककुछ भी बुरा हो जो उसकी उसकी बेटी के बारे में बताता है...

लीडर वैसे तो एअर्थ या फिर डेमोस तक जा सकता tha....par उनको पता नहीं था की उनकी बेटी को कहा रखा गया hai....inke हिसाब से उसक कही ऐसी जगह hi रखा गया हो जहा ये ना जा सक्के उससे मिल ना सक्के....

लीडर अभी उन्ही गुप्तचरों के साथ था....

लीडर - बताओ क्या खबर लाये हो.....

ग1 - पता नहीं कैसे बताये समझ नहीं आ रहा hai.....wo जगह बदहाल होती जा रही hai.....ek तो वह पे लोग एक दूसरे से लड़ते नहीं है वह pe...naa कोई मार kaaat....aise hi मर जाते है अब तो वो किसी बीमारी से मार रहे the...aur कुछ पागल ऐसे है जो मार्रो हुआ की लाशें लेके जातें है और उनको साफ़ करते है और उनकी देख भल करते hai....sayad वह के लोगो की दिमागी हालत भी ठीक नहीं है...

और भी ऐसी कही बातें उनको बताई गयी जिनमे बस इसी के बारे में नहीं था बल्कि दब के कजिन के कुछ लोगो के बारे में भी था....

लीडर ने सब सुन्ना और फिर तय किया की ये सब एल्फ किंग को बताया जाएगा पर उसके बदले वो अपनी बेटी का पत्ता लेंगे usse.....aur कोशिश करेंगे उससे मिलने की...

अभी के लिए इतना hi आज का अपडेट क्लासेज के बाद :स्माइल:

जहा हम देखेंगे की कैसे लीडर और एल्फ किंग के बारे में ओल्ड आउल को खबर लगती है और साथ hi चची ने घर ना आने का कहने से पहले घर के बड़ो को क्या सन्देश भेजा था जिसके कारण वो जान रहे थे की आखिर बायत क्या है...
 
अपडेट - 63

सुबह का वक़्त...

मैं ध्यान लगा चुक्का था और तैयार होक्के नास्ता कर रहा था सभी के saath....sabhi बोले तो वह पर हम थी थे और चाचा और chachi....bas

चाचा - तो तुम सब अब स्कूल के लिए जाने वाले हो naa.....aur तुम रूपल होटल जाओगी ना....

मैं - हां मैं स्कूल जाऊंगा और निकिता बोल रही थी यही रहने के लिए.....

निकिता ने चची की ओर dekha...jaise पूछ रही हो वो क्या bole....kuch इशारे हुए....

निकिता - नहीं मैं भी सोच रही हु चली जॉन आज वैसे भी वह पे क्लब्स में मैं बस एक hi बार गयी हु ना....

चाचा - और रूपल तुम तुम बताओ...

रूपल दीदी - मैं तो होटल जा hi रही हु पापा....

चची - मैं भी आज चलूंगी तुम्हारे साथ मैं भी तो देखु जर्रा क्या करती है वह tu...kaam सही है होते है वह या सब तेरे hi तरह है...

रूपल दीदी - मम्मी मैंने अस्सिस्टेंट्स रखे हुए है वो भी बहुत अच्छे आप उनको देखोगी तो पता chalega.....aur होटल के बारे में बात hi ना करो aap....main तो उसको चेंज करने का सोच रही hu...theme होटल mein....plans भी तैयार किया है maine...Ooye निकिता बताना जर्रा इनको...

निकिता - हां दीदी ने बहुत मस्त ीडीए दिया tha....isse नावः इंसानो के साथ में अगर हम जैसे भी रहते है तो उनको खबर भी नहीं hogi....hum बस फाइनल टॉचेस देने वाले है और फिर आपलोगो के सामने लाएंगे...

चाचा - हम्म तब तो मुझे भी चलना चाहिए....

रूपल दीदी - हां हां आइये आप भी साथ chaliye....Mummy पापा साथ में हो तो और अच्छा रहेगा...

चची - uff....main भी कितनी भुलक्कड़ hu....maine बताया था ना मैं क्यों घर पे नहीं आ रही thi....wo काम तो अभी बाकी hi hai....to मैं नहीं आ paungi....Main माँ डैड के पास जा रही हु आज wapas....sayad कुछ दिन लग jaaye....aur हां इस बार Rupal...Prateek तुम दोनों भी मिलने आ सकते हो ठीक है....

रूपल दीदी - आपको कौन सा काम है जो घर में नहीं हो sakta....wo तो आपने बोल दिया की हम आ सकते है वर्ण इस बार जाने hi नहीं देते....

इतने में ऊपर से पैकेज की आवाज आयी...

चची - लगता है वो जाग गया है मैं देख आती हु usko....Nikita तुम स्कूल जाओ तो कविता को बोलना मुझसे आके मिलने ko....ummm...Mom डैड के यहाँ hi भेज dena.....waise भी जब मैं वह रहूंगी तो पंकज को भी वही ले जाती hu.....aur हां मैंने दक्ष से बात कर ली thi....usko सब समझा भी दिया tha....sayad प्रतीक तुमपे वो थोड़ा गुस्सा ho...par अगर बात बढे तो मुझे बताना.....

मैं - हम्म ठीक hai....Nikita हममे चलना चाहिए अभी निकलेंगे तभी रेडी होक क्लास में पहुंच पाएंगे.....

हम दोनों निकल गए वही रूपल दीदी भी निकलने वाली थी चाचा जी के साथ ताकि अभी तक का जो प्लान है वो थोड़ा बहुत देख सक्के पर फिर चची को पंकज को अकेले लेके जाना होता नाना नानी के yaha...Baatein नहीं हो रही थी दोनों में पता नहीं कौन से बात को लेके पर चाचू ने हेल्प की पंकज को नाना नानी के यहाँ ले जाने mein....par वो अंदर नहीं गए....

नाना जी ने उनको अंदर बुलाया पर वो मुस्कुराते हुए बहना बना के निकल liye....aur इनसब की वजह से नानी अलग भड़की हुई थी चची पे....

यहाँ का सन आगे थोड़ा dekhenge.....Abhi तो स्ट्रेंज वर्ल्ड में चलते है....

ओल्ड आउल लगा हुआ था लीमो की मदद करने में बिन्ना उसके पता chale....cases के आने की रफ़्तार काम होती जा रही थी दवाइयां काम कर रही थी apna....par वो ये बीमारी रोकक नहीं रही थी बस इसकी रफ़्तार को धीमा कर रही थी....

ओल्ड आउल ने अपने कुछ लोगो को लीमो के अड्डों पे लगा दिया था ताकि कोई भी गड़बड़ हो कही पे भी तो उसको पता चले और फिर वो आगे प्लान करके लीमो को निकल सक्के उस गड़बड़ se....par मिस्टेक का क्या है हो hi जाता है ऐसा hi एक मिस्टेक कल रात के वक़्त हुआ tha....Old आउल का एक बाँदा नज़र रखे था किसी एक थिककाने पे जहा पे बच्चो की बॉडीज राखी जाती थी....3-4 दिन सायद हो गए थे उसको एक hi जगह लगे hue....par कुछ नया देखने को नहीं मिला था usko...wo बोर हो गया उसको नींद आ गयी और उसी वक़्त वह से फोमोस के लीडर के गुप्तचरों को किसी तरह से भनक लागु थी वह के ठिकाने के बारे mein.....to वो वह छुपते हुए चले gaye.....Leemmo ने भी पहरेदार लगा रखे थे पर गुप्तचरों ने उनको चकमा दे diya....aur अंदर क्या चल रहा था सभी की जानकारी ली और फुर्र हो गए.....

इस बात की यहाँ पे किसी को भनक hi नहीं लगी थी.....

ओल्ड आउल का काम वैसे तो जैसा बताया की लीमो की hi मदद करनी thi.....aur इसी क्रम में लीमो एक बार आज महल gaya...sayad कोई बुलावा आया ho...yaa कोई और कारण रहा ho...Old आउल उसको पीछे tha....Leemo गार्डन के बहार था और किसी से बातें कर रहा था वही महल के अंदर वाले हिस्से में एल्फ किंग कुछ परेशां से चलते हुए दिख रहे the....Old आउल ने लीमो के लिए अपने किसी बन्दे को बुलाया और खुद महाराज पे नज़र रखने laga....ab इसको किस्मत hi कहेंगे sayad.....Maharaj आज फिर से उसी कमरे में गए the....jaha से वो बातें किया करते थे फोमोस के लीडर se....Old आउल ने अच्छे से उस कमरे को dekha...bahar से hi...ander से दरवाजा बंद कर लिया गया tha...Old आउल को एक छोटा सा होल मिल गया जाहा से उसको सब दिखाई और सायानी देने लग gaya.....ek परछाई जैसी कुछ थी जो वह पे आ गयी थी और एल्फ किंग उससे बहुत hi अच्छे से बातें कर रहे थे....

परछाई - महाराज हमने सुन्ना है आपके यहाँ बहुत सी घटनाये हो रही है....

एल्फ किंग - इस बात को लेके मिलने को इतने आतुर तो नहीं हुए जा रहे होंगे आप...

परछाई - आप बड़े hi समझदार hai.....darashal बात ऐसी है मैं आपको कुछ बातें bataunga....aur आप उसके बदले में मुझे कुछ बातें बताएँगे....

एल्फ किंग - अगर ये उस बारे में है तो आप भी जानते है जवाब क्या होगा मेरा....

परछाई - कभी कभी जवाब बदल दिए जाते hai...jaise आप इस बार badlenge...chaliye पहले ना एक डेमो दिए देता हु उसको देख lijiyega...fir...mera जो काम है उसका थोड़ा सा हिस्सा आप पूरा कर lena....main कुछ नहीं पूईछूँगा तब tak....aur आप तो वैसे भी नहीं बताने वाले....

एल्फ किंग - लीडर आप समझ नहीं रहे इस वक़्त मेरा वक़्त बहुत कीमती hai...main इसको खो नहीं sakta....agar ये कोई जरुरी जानकारी नहीं hui....to आपको जो वड्डा किया है की आपकी बेटी कैसी है बताता रहूँगा वो वडा तोडना पड़ेगा मुझे....

लीडर - आपो फोमोस ऐसे hi नहीं बुलाया hai....suuna है आपके राज्य में लाशें चोरी हो रही है आज kal.....buri बात है ना मुर्दो के साथ छेद चाँद karna...pata नहीं कितने घिनौने लोग होंगे वो....

ओल्ड आउल ने जैसे hi ये सुन्ना वो और ध्यान से सुनंने लगा क्यूंकि बात hi ऐसी हो गयी थी....

एल्फ किंग - आपको इस बारे में कैसे pata.....hum कोशिश कर रहे है par....humari सेना को कुछ पता नहीं चल रहा है.....

परछाई - बुरा ना मानियेगा एल्फ किंग पर इन् सब में आपके यहाँ की सीना भी hai...main आपको 2 ऐसी जगहें bataunga...jaha पे आपको बच्चो की लाशें मिलेंगी...

एल्फ किंग - मेरी sena.....wo शामिल है इन् सब mein.....kya बकवार कर रहे ho.....agar ये गलत hua.....to तुम सोच भी नहीं सकते की मैं क्या करूँगा....

परछाई - आप sochiye.....main भला उसको ऐसी गलत खबर क्यों dunga.....jo मेरी आखिरी उम्मीद है....

फिर एल्फ किंग को परछाई ने एड्रेस दिया और कहा की आप खुद भी साथ में जाएंगे तो अच्छा hoga....aur ये sab.....ye सब तो शुरुवात है एल्फ King....aage झटको के लिए तैयार rahiye....kyunki यहाँ पे बहुत सी बातें ऐसी हो रही है हुई hai....jo आपको पता नहीं है....

इतना बोल वो गायब हो gaya.....Old आउल ने सब सुन्न लिया tha....wo जानता था अभी एल्फ किंग किसी पे भी भरोसा नहीं karenge....apni parchayi(shadow) पे भी nahi....wo लीडर की बात मान के खुद hi जाएंगे waha....par रिस्क नहीं ले सकते the...usne अपनी जगह किसी और को बुल्ला लिया और कड़े आदेश दिए एक एक बात बताते रहने ka...aur वो खुद वह से ऐसी जगह चला गया जहा से वो पोर्टल से मुझे बुला सकता था....

उसने पोर्टल खोला और मुझे अंदर खींच liya.....par यहाँ सिर्फ मैं hi नहीं मेरे साथ साथ निकिता भी आ gayi.....sukar था की 1सत क्लास ओवर हुई थी और हम बहार आ रहे थे तब ये सब hua....sayad किसी ने देखा भी हो usko.....par अब क्या hi फर्क पड़ता hai....dekha जाएगा क्या होता है....

दरअसल हम क्लास से निकल रहे थे आगे से सभी जा चुके थे sayad....ek दो और स्टूडेंट्स रहे होंगे प्रोफ से बातें करते हुए उसने मेरे पीछे पोर्टल खोली होगी और मुझे खिंच liya...aur इसी के रिफ्लेक्स की वजह से मैंने आगे जा रही निकिता के बाल पकड़ लिए और हम दोनों स्ट्रेंज वर्ल्ड में the.....Mahel के upar...dono निच्चे गिर्री hue.....Maine जल्दी से अपनी तलवार nikali....risk लेना गलत hota....Nikita ने भी जैसे hi देखा हम कही और आ गए है वो भी तैयार हो गयी थी....

ओल्ड आउल - दोनों आ gaye...chalo अच्छा hi hai....sunno कुछ बातें पता चली है....

मैं - Tum.....tum लेके आये हो हममे yaha....aur ये कोण सी जगह पे ली आये हो....

निकिता - इ ये एल्फ किंगडम hi है ना....

ओल्ड आउल - हां ये वही जगह hai.....ab ये सब छोड़ो और मेरी बात सुनने.....

ओल्ड आउल ने जैसा जैसा सुन्ना था सब कुछ बता दिया हमको...

मैं - पर तुम्हारे लोग तो नज़र रखे हुए थे ना सभी जगहों पे फिर ये गुप्तचर कहा से आ gaye....aur तुम्हे पता कैसे नहीं चला...

ओल्ड आउल - पता नहीं kaise.....sayad मेरी hi तरफ से कोई कम्मी रही है....

निकिता - तुम दोनों क्या पागल ho....yaha अभी आगे क्या करना है वो सोचना चाहिए और दोनों लगे हुए हो पिछली बातों mein....Old आउल यही नाम है naa....jaisa मैं कहती हु वैसा करो समझे....

मैं - एक मिनट ये क्या बात हुई....

निकिता - बात मैं बताउंगी तुमको चलो पहले यहाँ se....mere बालों के साथ जो किया है तुमने उसका बदला लुंगी main.....Old आउल लीमो को यहाँ लेके आओ...

ओल्ड आउल ने मेरी तरफ देखा...

मैं - हां करना तो होगा hi.....par मैडम एल्फ किंगडम का ना अलग hi हिसाब hai....yaha पे ना अगर हम अंदर है तो hi अंदर कही पे पोर्टल खो....

ओल्ड आउल - नहीं हमने इसको क्रैक कर लिया hai...ab हम आराम से जाए सकते है यहाँ से भी....

मैं - तो देख क्या रहे हो मुझे जल्दी करो.....

उसने पोर्टल खोला और हम दोनों को ठीक लीमो के सामने खड़ा कर diya....wo अभी रस्ते में tha.....jungle के रस्ते में जहा से वो अपने छिपने के एक ठिकाने पे जा रहा tha.....Hum दोनों को अच्चानक से वह देख वो चौंक जाता है....

लीमो - आप dono.....yaha....

मैं - हां कुछ बात करनी है....

निकिता - तुम्हारे 2 ठिकानो के बारे में एल्फ किंग को पता चल गया है किसी तरह se....wo खुद वह आने वाले है

लीमो - Maharaj.....par उनको कैसे पता chala.....Mai अभी वो जगह खली करा देता हु.....

मैं - Nahi.....abhi nahi.....aur मुझे लगता है ये जो चुप चुप के कर रहे थे उसको सबके सामने लाया जा सकता है....

निकिता - उनके माँ बाप लीमो और बाकियों को बहुत बड़ी सज़्ज़ा दे denge....tum सोच भी नहीं सकते उतनी badi....ye जो भी शुरू किया है naa.....ye ख़तम तब होगा जब वो बच्चे ठीक होक्के सामने होंगे अपने माँ बाप के......

मैं - तो तुम बताओ अभी के लिए क्या करना hoga..humko....

निकिता - मैं बता रहा hu....accha प्रतीक तुम कितनो को ठीक कर लोगे.....

मैं - ध्रुव मैं कितने बच्चों को सही कर पाऊंगा....

ध्रुव - अभी इसके बारे में मैं पूरी तरह से सूरे नहीं hu....ye तुमपे है....

मैं - ठीक है...

मैं - वह पे कितने बच्चे होंगे लीमो.....

लीमो - तुम करने क्या वाले ho.....dono जगह मिला के 30 बॉडीज hai....sukkar है बड़े जगहों के बारे में नहीं पता चला है....

मैं - मैंने अगर कोशिश की तो सायद 20 तक को ठीक कर दूंगा....

ध्रुव - हां इतने हो जाने chahiye....Unn दोनों को भी काम पे lagao....agar अभी रूपल की नयी पावर्स काबू में होती तो वो भी मदद कर सकती थी....

मैं - कोई नहीं मैं देख lunga.....Leemo दोनों जगह पे 10 -10 बॉडीज rakho....baaki की बॉडीज वह से निकल do....Nikita हममे वह और भी लोग चाहिए होंगे जो पकडे जाए.....

निकिता - हां मैं भी उसी के बारे में सोच रही hu....Leemo एक काम karo.....tumhari टीम में वैद्य और बुजुर्ग लोग है तो उनको वह पे बुल्ला लो.....2 जगह है ना.....4-4 बुजुर्ग और 1-1 वैद्य वह पे रहने को kaho....aur बॉडीज होंगी बस वह और कुछ nahi....Prateek ये जो बॉडीज है उनको एक जगह पे कर देना सही होगा kya.....tuhko एक जगह से आसानी होगी....

मैं - नहीं ऐसे hi ठीक होगा तुम भी जानती ho.....(Old आउल की ओर इशारा कर दिया....) तुम लीमो के साथ रहो और मदद करो उसकी...

लीमो मैं पहली जगह पे जा रहा hu....waha पे सब बॉडीज जैसा मैंने कहा उस हिसाब से karao....jaldi से फिर दूसरे जगह का काम शुरू कराओ....

लीमो ने असम्मान की ओर आपने हाथ किया और ऊपर एक अजीब सा आकर बन गया....

लीमो - मैंने उनको जगह खली करने का कह दिया है पर कैसे करना है ये बताने हममे जाना hoga....tum पहले जगह पे जाके बताओ ye.....ye लो ये पेपर देना उनको अगर वो मैंने से इंकार करे to....aur हम जाते है दूसरे जगह सब रेडी करने को.....

मैं वह से जल्दी से nikla....Old आउल मेरे साथ आ रहा था.....

मैं - एल्फ किंग की क्या खबर है....

ओल्ड आउल - अभी वो तैयारी कर रहे है....

मैं - वक़्त है मतलब हमारे pass.....chalo मुझे वह जल्दी से पहुचाओ....

उसके साथ मैं जल्दी वह पहुंच gaya.....waha तो पहले से भगदड़ मच्छी हुई thi....sabhi जगह को खली करने में hi लगे हुए थे...

मैं - हां जल्दी करो....10 बॉडीज बस वही होनी चाहिए यहाँ....

वह सायद लोग जानते थे मुझे तो कोई कुछ बोलै नहीं बस जल्दी जल्दी हाथ चलने lage.....aur मैं उन् 10 बॉडीज में से एक के पास जाके खड़ा हो गया....

उसके सर पे हाथ rakha....aur मेरी बॉडी वही पे गिर gayi....jo लोग भगदड़ कर रहे थे उनमे से कुछ आये मेरी बॉडी के pass....aur मुझे उठाने lage.....par मैं अभी सामने पड़े बच्चे की बॉडी में tha.....wo तो ध्रुव ने अपना कण्ट्रोल करते हुए बॉडी को खड़ा किया और वापस से उन् सब को अपने काम पे लगने कहा.....

ध्रुव - अरे बताना था ना.....

मैं - तुमको ध्यान देना चाहिए tha....waqt काम है अच्छा ये बताओ अब क्या karu,..tumne कहा अलबूस और कूपर भी मदद करेंगे.....

ध्रुव - Haa....wo karenge.....hmm तुम ये बताओ तुम्हारे पास hi भेजू या फिर अलग बॉडीज में.....

मैं - वो क्या हैंडल कर लेंगे खुद से....

ध्रुव - उनको गाइड करना hoga....aur ये बच्चे hai.....agar गड़बड़ हुई तो दिक्कत हो जायेगी....

मैं - उन् दोनों को मेरे पास इसी जगह पे bhejo.....wo यहाँ पे देखेंगे फिर उनको दूसरी बॉडीज दूंगा....

ध्रुव - हम्म ठीक hai....Meri बॉडी से 2 लाइट बॉल्स निकली और वो सीधा उसी बॉडी में चले आये जंहा मैं था...

वो अभी भी लाइट बॉल्स hi बनने हुए थे....

मैं - हमको पहले तो ये देखना है ये बच्चा कहा hai.....aur उसके आस पास कौन कौन है...

मुझे तो वक़्त लगने वाला tha....ye सा करने में पर वो dono.....bahut हेल्प करने वाले थे mere....light के रफ़्तार से यहाँ से वह हुए और मुझे बताया की किश जगह पे उनको क्या milla....unhone बच्चे के बारे में bataya....wo एक खेत में अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था.....

हम वह gaye...mujhe देखने के baad.....wo जो उसके दोस्त थे वो मेरी ओर आने lage....Albus ने ऐसा देखा और वो उनकी तरफ बढ़ने लगा बड़ा होता जा रहा था wo.....par वो बच्चो वो भी उसी तरफ आ रहा tha....mujhe पता नहीं ऐसा क्यों लगा की अगर ये बच्चा भी अलबूस के सामने आया तो परेशानी hogi.....Main उसकी ओर दौड़ा और उसके ऊपर कुद्द गया और वही cooper.....wo हम दोनों के ऊपर एक सुरक्षा कवच की तरह आ gaya.....aur अलबूस ने बाकी के बच्चे हुए जो भी थे वह वो सभी को ख़तम कर दिया tha.....Main अभी उस बचे के साथ कूपर के बनाये घेरे में था की बच्चा चमकने लगा....

मैं - चलो यहाँ का काम हो गया है निकलो यहाँ se.....aur हम तिण्णो निकल गए

मैं - धुर्व ये तो कम्मल का tha...itni जल्दी तो मैं भी नहीं कर सकता tha......Accha अलबूस कूपर एक बार और हम एक hi बॉडी में jaayenge...waha पे तुम दोनों को वापस से देखना है मैं कैसे कर रहा hu....samjhe...uske बाद तुम दोनों अलग बॉडीज में और मैं अलग बॉडी में...

हम फिर से दूसरे बॉडी में चले gaye....1st बॉडी अभी ठीक हो गयी थी पर बच्चा बेहोश था....

दूसरे बॉडी में जाने के बाद हमने जल्दी से यहाँ भी वही kiya......Cooper को उसका काम बताया की वो बच्चे को कवर करेगा और अलबूस सबको khatam....aur अगर मैं करे तो दोनों चेंज भी कर सकते है अपना अपना पोजीशन....

बस फिर क्या था वो दोनों अलग लग गए और मैं अलग बॉडी में अपनी तलवार से ये सब करने laga....talwaar निकलने से पता नहीं क्यों पर वो सभी के सभी मेरे पास आने लग जाते the...jisse उनको ढूँढना नहीं पड़ता था....

बस फिर kya.....jyada वक़्त नहीं laga......bas देखते hi देखते हमने वो 10 बॉडीज को सही कर दिया था....

इतने देर में वह पे वो 5 log.....matlab 4 बुजुर्ग और 1 वैद्य वह पे आ चुक्के थे....

मैं - ये सब बस बेहोश hai.....jaise hi होश में आये बस इनको संभल lena.....thoda बहु घबराएंगे ये पर आप संभल लेना...

मैं उनको बता के वह से निकला और दूसरे जगह पे पहुंच gaya....waha पे पहले से सब रेडी था.....

निकिता - वह का काम हो गया क्या.....

मैं - हां वो बच्चे ठीक हो गए hai....par बेहोश hai....Leemo एक काम और कर सकते हो kya....wo जिनके भी बच्चे है ना उनको खबर कर do....Elf किंग वह आएंगे तो गुस्से में honge...aur उस वक़्त जब वो उन् माँ बाप को अपने बच्चो के साथ सही पाएंगे तो आश्चर्य से hi नहीं बल्कि प्रजा की ख़ुशी देख के भी वो हमारे लोगो को कुछ नहीं करेंगे बस उनसे पूछ ताछ hi होगी..

निकिता - ये सही बात hai....tum वह वालो का karo....aur यहाँ के लिए भी किसी को लगाओ...

लीमो चला जाता है....

निकिता - तुम ठीक ho......kamzoori नहीं हो रही ना.....

मैं - अभी इसका वक़्त नहीं hai.....hmmmm तुम ओल्ड आउल के साथ raho......jaise hi कुछ गड़बड़ लगे निकल जाना मुझे चूड के मैं घर पे मिलूंगा....

निकिता - नहीं ऐसा नहीं hoga,...aur वक़्त बर्बाद ना करके काम पे लगो....

यहाँ भी वही kiya....Kuch बॉडीज मेरी और कुछ अलबूस और कूपर ki...aur देखते hi देखते यहाँ का भी ख़तम कर दिया हमने sab.....par इसके baad.....bahut ज्यादा कमज़ोरी सी लगने लगी...

मैं खड़ा तक नहीं हो पा रहा था.....

मैं - ध्रुव ये सब क्या हो रहा है....

ध्रुव - तुमने बहुत ज्यादा तेज़ी से अपनी एनर्जी ख़तम की hai....sharir इतनी जल्दी के लिए तैयार नहीं है abhi.....thoda आराम करना होगा tumhe....Old आउल से बोलो तुम दोनों को यहाँ से लेके जाए....

मैं - ओल्ड आउल हममे निकालो यहाँ से.......

उनसे वापस स्कूल के लिए hi पोर्टल खोल दिया और हम दोनों को वह भेज दिया.....

निकिता - ये क्या किया उस पागल ne.....ghar पे लेके जाना tha....tum ठीक ho.....Chalo मैं कविता बुआ के पास लेके चलती हु....

मुझसे चला hi नहीं जा रहा था ऐसा लग रहा जैसे नशें पहात जायेगी मेरी अभी के अभी.....

किसी तरह से वह से मुझे लेके गयी निकिता K.Bua के pass....K.Bua अभी आयी थी नानी के यहाँ से पंकज को देख ke.....aur वो भी निकिता से hi मिलने वाली thi...ki हम दोनों वह पहुंच hi gaye....par वो कुछ बोलती उससे पहले मेरी हालत दिखी उनको....

K.Bua - ये क्या hua....ye ऐसे kaise.....Prateek ठीक हो ना tum.....Prateek...pr.....

पता नहीं उसके बाद क्या हुआ कैसे hua....Main बीएड पे tha....saamne बुआ thi...dono...unke बगल में Nikita.....aur उसके गाल लाल थे :lol:

मैं - ये तुम्हारे गालों को क्या हुआ है निकिता....

उसने गुस्से से मेरी तरफ dekha....par बोली कुछ nahi....fir बुआ को देखते हुए.....

निकिता - पूछ लो isse....Maine पूछा था की नहीं ठीक हो की nahi.....isko hi हीरो बनने का सुख tha....aur मार मुझे रही हो आप....

बुआ - हां तो हमको बुलाना था naa...tum दोनों को किसने कहा था अकेले करने को ये सब....

K.Bua जो मेरे होश में आते hi मुझे चेक कर रही thi.....wo बोली.....

K.Bua - लो ये भी रेडी है.....

ये कोई तरीका होता hai....yaha इतना बड़ा प्लान बनाया humne....sabko बचाया है और ये है की मारे जा रही hai......wo मुझे मारने hi वाली thi.....ki रूपल दीदी और साथ में चची वह पे पहुंच गयी.....

खबर उनको भी मिल गयी thi.....ki मुझे कुछ हुआ hai.....par पूरी बात नहीं बताई गयी thi...aur जब वो aayi...tab बुआ का हाथ ऊपर उठा हुआ tha....aur चची ने उनका हाथ पकड़ा था.....

बुआ - भाभी aap.....aap वापस आ गयी.....

चची - वो सब बाद में पहले तो ये बता ये हाथ उठा के क्या कर रही thi.....wo अभी उठा है और usko....akal नहीं क्या तुझमे....

बुआ - भाभी आपको पता चलेगा ना दोनों को आप भी सज़्ज़ा डौगी....

चची - दोनों ko....Nikita को क्या hua.....aur इसके गाल लाल क्यों hai.....tunne मारा उसको....

बुआ - हां मैंने hi मारा hai....ye बच्चे खुद को हीरो समझते है naa....inko अकाल सीखनी hi थी....

चची - अकाल मैं तुझे sikhaungi....yaha आ मेरी बच्ची देखो कितना लाल हो गया है इसको गाल.....

रूपल दीदी - हां ये बहुत अच्छा है मुझे खुद maaro....aur इसको कोई मारे तो इधर आ मेरी बच्ची...

मैं (मैं में) - ये पता नहीं कहा कहा से एक hi जगह पे फिट हुए है ये namune...Main यहाँ बीएड पे hu....aur ये सब लगे हुए है अपने mein....Chachi ने भी एक बार नहीं पूछा mujhse...main अब कैसा hu....batao

तभी मुझे ओल्ड आउल की आवाज आयी....

ओल्ड आउल - सब ठीक है ना waha....tum ठीक हो अब.....

मैं - हां ठीक hu.....udhar क्या हुआ ये बताओ....

ओल्ड आउल - तुम्हारे जाने के kc=uch hi देर बाद लोग आये थे यहाँ pe.....plan काफी हद्द तक ठीक ठाक raha....inn सब का क्रेडिट थे आर्चरी सोसाइटी को दिया गया hai.....Leemo ने एक खत दोनों जगह रखवा दिया tha.....usme लिखा था इन् सब के पीछे थे आर्चरी सोसाइटी का हाथ है वो अपने राजा को कभी भी गलत करने नहीं दे सकते इस वजह से उन्होंने इन् बॉडीज को संभल के रखा hai....aur इनका इलाज़ कर रहे the...baaki की बॉडीज जो इसी बीमारी के वजह से ऐसी हालत में थी वो भी जल्दी hi ठीक होक घर भेज दिए jaayenge...Raja से अनुरोध है सोसाइटी के किसी भी बन्दे को सज़्ज़ा देने से पहले सोसाइटी के द्वारा किये गए कामो को एक बार देख लिया jaaye.....Raja ने ये खबर पढ़ी और सबको बस पूछ ताछ के लिए बुलाया और छोड़ diya.....saath hi आज दावत का भी बंदोबस्त करा रहे है wo....laute हुए बच्चो के ख़ुशी में....

मैं - चलो एक चीज़ज़ तो ठीक hui....tum ध्यान बनाये रखो एल्फ किंग पे और वो फोमोस वाली परछाई उससे वापस बात हो तो बताओ....

मैं उससे बात कर रहा था की सामने का सन hi बदल गया है अब to....Jungle से आये है सायद ये सब के सब...

मैं - क्या कर रहे हो आप sab....yaha बाँदा अभी होश में आया है और आपसे ये नहीं की पूछ ले बीटा कुछ चाहिए अब ठीक ho.....sab सही है naa.....nahi आप सब को बातें करनी hai....aur वो भी :सिघ:

चची - अरे हां तुम ठीक हो ना....

मैं - नहीं नहीं पहले कर लो baat......uske बाद मेरे से puchna.....theek हु की nahi....theek हु मैं.....

मैं इतना बोलके उठ के बैठने लगा की मसल्स में जोरर का दर्द hua.....abhi भी दर्द ख़तम नहीं हुआ था....

K.Bua जल्दी मेरे पास आयी और मुझे लिट्टे दिया वापस से....

K.Bua - उतने किसने कहा tumko....iske मसल्स जैसे पुररे अक्कड़ गए hai.....unko आराम दिलाने के लिए इसको गरम पानी में नहलाना होगा....

बुआ - हां तो लेके चलते है isko....bathroom तो है ना यहाँ pe.....paani गरम करो टब में.....

मैं - आप सब के saamne.....pagal हो क्या....

चची - हम सब के सामने से क्या मतलब hai......Kavita पानी गरम करो....

वो पानी गरम करने चली जाती है मैं इनसे कहता रहता hu....par इनको सुन्ना hi नहीं है kuch....paani गरम हो जाता है मुझे बाथरूम में लेके जाते है और टब में लिट्टे देते है.....

पानी में आते hi बहुत आराम मिल रहा था....

मैं - आप सब जाओ जब बुलाना होगा बुला लूंगा....

वो सब मेरी बात मान के चले भी जाते है....

वही बहार जाने के baad.....Bua बार बार चची की तरफ hi उम्मीद भरी निगाहों से देखे जा रही थी....

चची को समझ में आ जाता है ये बात करना चाहती है और इसको समझाना उस रूपल से भी मुश्किल होने वाला था इनके लिए...

चची बहार जाती है और उनके पीछे पीछे बुआ भी....

बुआ - मेरे केबिन में चलते है....

दोनों वह जाती है और फिर बुआ पूछती है चची से.....

बुआ - आपने ये सब क्यों कहलवाया tha....aur वो सन्देश उसका क्या मतलब tha....mujhse कोई गलती हुई थी kya,....jo मुझसे नाराज़ थी आप....

चची - :डोह: मैंने तुझसे कहा था क्या kuch.....Main गुस्सा हु बस तुमसे nahi.....tumse हो सकती हु क्या गुस्सा ये बताओ पहले....

बुआ - हां तो मिलने से क्यों रोकना और वो sab....aur आप गुस्सा हो किश बात से भैया से और माँ पापा से....

चची - मैं गुस्सा नहीं हु re.....par कन्फूसेड हो sayad.....Daksh की बातों ने उस घाव को झूरेद दिया जिसको मैं समझी थी की भर गया होगा अभी ta.....par वो भर hi नहीं रहा hai....bas अंदर hi अंदर और दर्द देने वाला बनता जा रहा hai....tujhko तो याद hi hoga.....wo treaty,.....wo deal...jo हुई thi....humare फॅमिली mein....aur उस कमीने के bicch....yaad है naa.....aur हमसे एक भूल हो गयी थी जिसकी सज़्ज़ा उसने मेरे माँ डैड को दी thi.....unko जिनका इन् सब से कुछ लेना देना hi नहीं tha....hum उसको मारने के वजय रुक gaye....agar उस वक़्त तेरे भैया और माँ पापाजी ने साथ दिया होता तो क्या उसी वक़्त वो नहीं मारा जाता क्या उसी वक़्त मेरे माँ डैड आज़ाद नहीं हो jaate.....par nahi....humme जरुरत थी uski.....to उन्होंने ऐसा कुछ नहीं करने diya.....Main नाराज़ हु unse.....khud se.....par समझ नहीं आ रहा क्या karu.....Mom डैड से इस बारे में बात की उन्होंने कुछ कहा hi nahi....jaise उनको मतलब hi नहीं isse....par मुझे है मतलब मेरी वजह से उनके कितने साल चले गए...

बुआ - हां पता है भाभी आप इस बात को लेके पहले भी परेशां रहती थी par.....ab इससे कुछ नहीं होने wala....ab सब ठीक हो गया है naa.....ab वो भी ठीक है और हमारे साथ है....

चची - बात वो नहीं है पूनम तुम समझ नहीं रही मेरी बात ko......hum लोगो ने बहुत से ऐसे काम किये hai....jiske बारे में क्या hi बताऊँ tumko......wo घिनौने है बहुत कज्यादा घिनौने.....

बुआ ये सुन रही थी पर समझ नहीं पा रही थी.....

बुआ - क्या मतलब है भाभी....

चची - ये समझाया नहीं जा sakta.....waqt आने पे मैं दिखाउंगी tumko.....par तब तक सायद में घर पे ना राहु....

बुआ - ये क्या बात hui...aadhi बात बताती हो aap....aur fir...accha ठीक है पर मैं वह आती rahungi....aur एक बार भैया से बात कर लो....

चची - उनसे बात नहीं होगी अभी तो बिलकुल भी nahi.....ab जब माँ और पापाजी आएंगे तो तिण्णो के सामने मैं बात करुँगी....

बुआ - पता नहीं आप क्या बोल रही ho....par जो भी हो मैं आपके साथ हु आपकी टीम में हु और याद रखना इस बात को.....

नेक्स्ट अपडेट में dekhenge.....Leader की अगली खबर और उससे पहले उनकी maang......aur ये चची का मटर सुलझाने के लिए अब किसी और को hi रिंग में लाना hoga....wo समझाएंगी inko.....ghalat सही का जो ये सब कर रही है वो....
 
अपडेट - 64

बुआ से मिलने के बाद और एक बार वापस मेरे से हाल चल पूछने के बाद चची रूपल दीदी को लेके चली गयी thi....par जाने से पहले उन्होंने रूपल दीदी को दक्ष मां से भी मिलवाया और उनसे माफ़ी भी mangwayi.....Mamaji गुस्से में तो the....lekin चची ने उनको कुछ ऐसा कहा जिससे वो कुछ हद तक ठीक हो गए the....wahi की अब पंजक भी इन् सब के साथ कुछ वक़्त तो रह hi lega...lekin ये भी कहा अगर पंकज से इनको कोई परेशानी हुई तो जो बेवजह रूपल दीदी उसको कूट आयी thi....agali बार वो काम वो खुद कर देगी तो पंकज को भी अच्छे से रहने को बोल दे.....

ये सब करने के बाद वो चली गयी.....

पंकज की हालत के बारे में थोड़ा सा जान लेते hai....Haddiyan टूटी नहीं थी bas....par चोट गहरा tha....sareer पूरा दर्द करता रहता uska....Nikita ने बच्चा लिया था रूपल दीदी को वर्ण उनका अच्छे से बंद बजा देती चची उसकी पूरी हालत के बारे में जान ke....aur उसके बाद भी जो चेक करने गयी थी K.Bua wo....unko भी पता चल hi गया था पंकज के साथ क्या हुआ hai....to उन्होंने भी चची से कुछ बातें काम hi कही पर इलाज और दवाएं वो तो सही hi देनी थी....

आज भी मेरी...3 क्लासेज मिस हुई और उसके बाद आराम करने को कहा गया तो मैं क्लब में भी नहीं गया tha...Nikita गयी थी waha.....aur किया होगा कुछ उसने...

अभी मैं रूम में अपने बीएड पे था....

ध्रुव - अलबूस और कूपर बहुत खुश है आज.....

मैं - मैं ऐसी हालत में हु इस लिए

ध्रुव - अरे नहीं वो तुमने आज उनको बहार इतना कुछ करने diya.....aur उनको नयी चीज भी सिखाई बस इसी को लेके....

मैं - अच्छा ये अच्छी बात हुई fir.....waise तुमने कहा था मेरी बॉडी ठीक नहीं hai...kaise ठीक होगी ye.....kya करू मैं इसका....

ध्रुव - ठीक नहीं hai.....aisa कब कहा था maine....maine कहा था तैयार नहीं hai.....aur जब ये तैयार होगी ना तो तुम धन्यवाद् करिऒगे की तुमको इंसान की hi बॉडी मिली hai....ye इंसानो की बॉडी अजीब होती hai.....full ऑफ़ surprises.....maine जो तुमको वो सब बताया है naa....itne hi लम्बे हो सकते हो इतने hi छोटे हो सकते ho......wo बस सेफ्टी के लिए hai....par अगर पूरी क्षमता को देखा जाए तो पता नहीं क्या क्या हो सकता है....

मैं - पर अभी के लिए क्या किया jaaye.....halat सही नहीं लग रही मेरी mujhe....thoda बहुत दर्द अभी भी है...

ध्रुव - तो सहो isko...aur मजबूत banno...ab सो jaao...aur हां वो सपना आये तो आज कुछ मत करने लग jaana....aisi हालत में कुछ भी हो सकता है.....

मैं - मैं कुछ करने भी नहीं वाला...

मैं सो गया....

वही दूर यहाँ से स्ट्रेंज वर्ल्ड में जहा एक तरफ लोग खुश the....Elf किंग भी खुश hi थे पर साथ hi परेशां bhi....unki प्रजा ने hi उनसे इतनी बड़ी बात chupayi....ye थे आर्चरी सोसाइटी वाले भी उनकी प्रजा का hi हिस्सा tha....aur उन्होंने बात तो चिप्पायी hai...koi मज़बूरी रही होगी kya....kya मेरे और मेरी प्रजा के बिच इतना बड़ा दीवार खड़ा हो चुक्का hai....ispe कुछ तो करना होगा मुझको....

वो ये सब सोच रहे थे....

तभी वह उनके पास एक बाँदा आता है उनको कुछ कहता है और वो उसी दावत के बिच व्वहा से उठ के चले जाते है...

वही kamra....jaha वो पहले गए the....jaha पे परछाई मतलब की फोमोस के लीडर का प्रतबिम्भ से उनकी बात हुई thi....wo वह चले gaye.....Old आउल जो की इसी कर्म पे खुद नज़र रखे हुए था abhi....usne भी ये सब dekha.....aur फिर और ध्यान से देखने लगा....

एल्फ किंग अंदर आये और परछाई भी आ गयी वह पे.....

परछाई - तो एल्फ किंग आपने देखा ना क्या चल रहा है आपके पीठ पीछे....

एल्फ किंग - हां देखा मैंने यहाँ पे कुछ लोग है जो उन् बचो की बॉडीज उठा रहे है.....

परछाई - अब तो मेरी बातों पे पूरा याक्किन हो गया है आपको....

एल्फ किंग - यकीं तो आया है पर पूरा nahi....aapne कहा था वो उनके साथ कुछ अजीब कर रहे hai....aisa hi कुछ कहा था naa...par वो उनकी जान बच्चा रहे the.....sukkar है उन् लोगो का जो उन्होंने वो बॉडीज निकली वह se...warna उनक परिवार वाले और बाकी सब तो उनको मर्रा हुआ समझ के दफना hi आये the....aur उनकी वजह से हमने सबसे कहा hai....ki अब से कोई भी ऐसे hi बॉडीज नहीं दफना dega....wo भी बच्चो ki...ye उनकी भवनों के साथ गलत तो है पर और कोई रास्ता नहीं दिख रहा हमको....

लीडर को ये बात समझ नहीं aayi....unke लोगो ने ऐसा कुछ तो नहीं कहा tha...wo भी सोच में पद gaye...par...

एल्फ किंग - लेकिन इसके बारे में तुमसे पता चला है mujhe...to मैं तुम्हारी वो आगे की बात पे भरोषा कर सकता हु....

लीडर - bharosha....haa आगे जो है उसपे तो भरोषा होगा hi aapko.....lekin वो बात मैं कल आपको बताऊंगा जब आप मुझे ये बताएँगे की मेरी बेटी को किस प्लेनेट पे रखा गया है...

एल्फ किंग - क्या बात कर रहे ho....main कभी नहीं बताने वाला ye.....aur तुम भी जानते हो जान के भी कुछ नहीं होने वाला क्यूंकि तुमसे तो दूर hi कही रखा होगा usko....main तुमको उसके बारे में खबर देता रहिंगा...

लीडर - आपने सही कहा मुझसे तो दूर hi रखा गया होगा usko.....aisi जगह जहा पे मैं ना जा sakku.....fir तो आपको बताने में भी कोई तकलीफ नहीं होनी चाहिए ना वैसे भी मैं थोड़ी ना जा पाउँगा वह...

एल्फ किंग - और तुम्हारे log....unka क्या......

लीडर - आपको लगता है मैं इन् जैसों को अपनी बेटी के पास भी भेजूंगा....

एल्फ किंग ने भी इस बात पे गौर kiya.....Leader जो अपनी बेटी से मिलने के लिए उसकी हाल जान्ने के लिए इतना तड़प रहा hai....wo भला फोमोस के किसी को क्यों hi भेजेगा उसके pass.....wo लोगइतने घाटियां होते है ये बात एल्फ किंग भी खुद जानते थे....

लीडर - आप इस्पे सोचिये मैं चलता hu,....agar कल सुबह मुझे मेरा जवाब मिलेगा तो आपको एक ऐसा राज़ बताऊंगा जिससे आपके पैरों तल्ले जमीन खिशक जायेगी

इतना बोल के वो वह से चले जाते है.....

वही एल्फ किंग सोचने लग जाते है क्या kare.....kya ना करे......

कुछ देर सोचने के baad...unhone अपने खास बन्दे को बुलाया और पता करने को कहा की वो कहा रहती hai.....kis प्लेनेट पे है wo.....saath में ये भी कहा की उठा के मत आ जाना उसको....

कुछ भी हो एल्फ किंग जाना चाहते थे वो बातें जो उनसे चुप्पी हुई थी वो बातें जो उनके hi लोगो के बारे में थी...

ऐसे hi ये दिन निकल गया.....

सुबह मेरी आँख खुली तो वक़्त 5 बज रहे the....naa कोई सपना आया था और नींद भी ना खुली थी मेरी....

मैं जल्दी से उठा और तैयार होने को चला की तभी बॉडी में थोड़ा थोड़ा और दर्द hua....par मैं रुक्का नहीं जल्दी से तैयार हुआ और वह चला गया ध्यान लगाने ko....sahi से ध्यान भी नहीं लगा पाया मैं....

मैं - ध्रुव ये सब क्या हो रहा है....

ध्रुव - असर hai....wo कहते है ना तुरंत लगी हुई चोट में दर्द बढ़ जाता है वक़्त काटते hue....aisa hi कुछ...

मैं - मतलब क्या है वो बताओ...

ध्रुव - ये ज्यादा एनर्जी उसे करने के नतीजे है और क्या कहु main.....ek दिन में थोड़ी न ठीक हो jaaoge...dard काम हो गया तो क्या लगा सब सही हो गया है....

मैं उससे बात कर रहा था की तभी ऐसा लगा जैसे किसी ने मेरे माथे पे बर्फ रख दिया ho....aakhen खुद hi खुल गयी meri.....saamne बुआ थी....

बुआ - इसको तो बहुत तेज़ बुखार है.....

K.Bua - तभी मैं भी कहूं ये ऐसे बड़बड़ा क्या रहा hai.....hato जरा मैं देखती हु....

उन्होंने मेरे नॉब्स को चेक किया....

K.Bua - पता नहीं क्यों पर इसके अंदर की एनर्जी जो है वो सही से आ नहीं पा रही hai...aur इसी वजह से ये फीवर आ गयी है...

मैं - नहीं मैं ठीक हु.....

बुआ - तुमसे पूछा किसी ne....Kavita क्या kare....isko लेके चले क्या तुम्हारे हॉस्पिटल में....

K.Bua - यार इसको दवा तो चाहिए hi साथ में आराम भी chahiye....agar तू कहे तो मैं isko....behosh कर दू...

बुआ - इससे ये ठीक हो जाएगा ना.....

K.Bua - हां आराम चाहिए इसको वो भी bahut...aaram से सोयेगा ना तो सब सही हो जाएगा शाम तक

बुआ - कर दे fir.....aur तू तो रहने hi वाली है ना....

K.Bua - यार आज उस प्रिंस के पास जाना hai....DB को भी थोड़ी परेशानी हो रही है वजा एडजस्ट होने में और इस बार जेन्युइन भी लग रही है बात तो देख आती हु usko.....isko मैं सोच रही हु भाभी के पास छोड़ aaun....wo देखती रहेगी...

मैं - मुझे बेहोश होना hi नहीं है मैं ऐसे hi ठीक हु...

कोण सुनता है meri.....thodi देर में हम सब नाना नानी के यहाँ the...K.Bua चची को सब समझा रही thi....aur उसके बाद मेरे पास आयी और बेहोश कर दिया मुझे.....

चलो एल्फ किंगडम hi देख आते है...

वह फिर से एल्फ किंग उसी रूम में the....Parchayi सामने tha.....aur इस बार वो शॉकेड था.....

Wajah....wajah थी एल्फ किंग के द्वारा बताई गयी बात.....

एल्फ किंग - दोस्त मैं एक परेशानी मैं फस गया हु समझ नहीं आ रहा क्या करू....

परछाई - बताओ क्या बात है मैं बताता हु उसका upaye...maine भी बहुत से परेशानिया ख़तम की है....

एल्फ किंग - हम्म तो sunno.....koi है जो मुझे सोना देने वाला hai...aur मुझे सोना चाहिए भी पर वो उसके बदले में मुझसे मेरे यहाँ का अनाज भी लेना चाहता hai...par अनाज में सारा दे नहीं सकता...

परछाई - तो उससे बात करिये बताइये उसको सायद वो समझ जाए...

एल्फ किंग - इससे अच्छा इस खेल में और मैं कुछ नहीं कर sakta.....Mujhe आपकी बच्ची के बारे में पता चल गया है वो कहा है ये bhi....par मुझे उम्मीद hi नहीं थी ऐसा भी हो सकता है....

परछाई - कहा है wo....aur उम्मीद क्या बात कर रहे है आप मैं समझ नहीं पा रहा हु.....

एल्फ किंग - बात hi कुछ ऐसी hai....aur मैं सेफ साइड के लिए आपको आधी बात hi बता paunga....par आपको मुझे पूरी बात बतानी होगी...

परछाई - ये क्या बात hui....hamare बिच एक सौदा हुआ है...

एल्फ किंग - हां sauda....jisko मैं तोड़ भी सकता hu.....kaisa हो अगर मैंने मन्ना कर diya....fir आप किस्से पता करोगे की आपकी बेटो कहा है.....

परछाई - अगर मैंने भी बात बताने से मन्ना कर दिया तो....

एल्फ किंग - मैं बात को पता कर lunga....mere खास लोगो को लगा ke....par आपका क्या hoga....apne लोग भेजोगे नहीं aap...aapke पास सिर्फ मैं hi तो हु....

एल्फ किंग की बात को ध्यान से सुनते है Leader....aur फिर हार मानते हुए हां बोल देते hai...aakhir इससे कुछ तो पता चलेगा ना....

एल्फ किंग - आपकी बेटी ऐसी जगह पे है जहा आप जा सकते hai....pata नहीं ऐसा क्यों hai...agar उससे आपको दूर hi रखना था तो फिर वह क्यों...

लीडर तो ये बात सुनके जैसे सदमे में hi चला गया tha.....usko समझ नहीं आ रहा था वो क्या kahe....aur इसी वजह से एक बार तो कनेक्शन भी टूट gaya....wo गायब hi हो गया उस रूम se....aur एल्फ किंग ये देख के चौक गए....

थोड़ी देर बाद फिर से कनेक्शन हुआ.....

एल्फ किंग - आप तो चले hi गए the....binna मेरी बात को बताये.....

लीडर - आने जो बताया hai.....wo बहुत है मेरे liye....main बता hi नहीं सकता कितनी ख़ुशी हो रही है mujhe....aapki baat....aapki बात ये है की कोई आपका apna...raj महल ka....aapke घर ka...aapko चलता आया hai....aur अगर आप ना सम्भले तो वो आपको और चलेगा और फिर आपकी गद्दी भी ले लेगा....

एल्फ किंग ये सुन के शॉकेड हो gaye.....connection वापस से टूट गया tha....ab एक तरफ एल्फ किंग जो परेशां शॉकेड हुए थे वही दूसरी ओर लीडर ji.....ye खुसी से पगलाए हुए थे....

ओल्ड आउल सब देख रहा था ऊपर se.....usne ये भी सुन्न लिया था की कहा है लीडर की beti.....par सिर्फ प्लेनेट का hi नाम सुन्ना था उसने bhi....wajah थे खुद एल्फ king....unhone बस प्लेनेट का hi नाम पूछा था अपने बन्दे se...aur उनका ये बाँदा इतनी दांत खा चुक्का था की बस वही बताया भी ये भी नहीं बताया की वो किस जगह पे है....

चलो यहाँ से भी निकलते है और चलते है थोड़ा फॅमिली ड्रामा देखने को....

कहते है न हर किसी का दिन आता hai....aaj चची का आया था :lol:

प्रतीक वही किसी कमरे में सोया हुआ tha...aur उसके पास वाले रूम में पंकज भी पड़ा हुआ tha...ghar से नाना जी nikle....aur नानी का पर्रा chadha.....parra पहले से hi चढ़ा हुआ था par...abhi मौका मिला tha....Chachi जो थी वो अपने रूम में से बहार आ रही thi...Nani ने हाथ पकड़ा और सीधा किचन में...

चची - माँ क्या कर रही हो aap....chodo मुझे..

नानी - आज nahi....aaj तो इस पार या उस paar.....tu क्या थोड़ा भी नहीं सोचती हमारे बारे mein....kaisa लगता है हमको नहीं सोचती तू....

चची - क्या बात कर रही हो aap....maine कहा कुछ किया है....

नानी - कुछ किया hai...kya कुछ नहीं किया है tunne...pahle तो यहाँ आ gayi....ghar छोड़ ke...uske बाद निकिता से बुलवा दिया की कोई मिले ना tujhse....aur फिर जब घर गयी तो इस लड़के को लेके आ गयी पता नहीं कहा se.....aur सत्य आया tha...usko अंदर भी नहीं bulaya....aur तो और ये प्रतीक की हालत इसमें भी तेरी hi कोई गलती होगी,....

चची (गुस्से में) - उम्र हो गयी है aapki.....kuch भी बोलती रहती ho...aur अगर मेरा यहाँ रहना पसंद नहीं है तो सीधे सीधे बता do....chali जाउंगी यहाँ se....par याद रखना वापस नहीं आउंगी main......bata रही hu....samajh लो...

नानी - वापस नहीं aungi.....badi aayi....puri बात बता चल क्या रहा है तेरा और सत्य ka....kya दिक्कत है...

चची - कुछ भी नहीं और आपको तो मैं बताउंगी भी nahi...jaane दो मुझे...

नानी - जाने do....jab तक नहीं बताएगी जाने नहीं dungi.....aur....aur रुक tu....abhi बताती हु....

पास में वो चिंता होता है ना वो लेके आ गयी वो.....

नानी - नहीं बताएगी तो देख ले isko....yaad है ना ये......

चची - आप पागल ho.....isse डरा रही हो mujhe....aur कुछ नहीं मिला....

नानी - तो बता तू बता क्या करू main....nahi बता naa....tu तो चली आयी पता नहीं किस बात पे मुँह फुल्ल के बाकी सब का सोचा hai....tere सास ससुर उनका kya....aur बाकी के घर वाले उन् सब का क्या....

चची - सास sasur....wahi तो परेशानी है.....

नानी - क्या bola.....kuch हुआ है kya...kuch कहा है unhone....tune सत्य से बात ki....bataya उनको....

चची - अरे यार आप हर बार गलत hi समझती ho....sahi बात समझना hi नहीं आपको है ना...

नानी - तो समझा naa.....bata क्या बात है...

चची - मैंने कुछ बुरे काम किये hai.....Satya और मां जी और पापाजी के साथ मिलके....

नानी - बुरे kaam.....kaise बुर्रे kaam....kya बोल रही है तू...

चची - हमने कुछ रस्ते खोल दिए थे....

नानी - रस्ते खोल दिए tha....kya मतलब है तुम्हारा...

चची - शैतानो के यहाँ आने के rastein......humne जान बुझ के नहीं किया था ऐसा पर ये हो गया tha....aur इस वजह से कुछ ऐसी चीज़ें पृत्वी पे आयी जिनको नहीं आना चाहिए tha.....aur बहुत से लोग उनका शिकार हो gaye....yaha तक की आप दोनों bhi.....wo जिसके कब्ज़े में आप दोनों the....wo भी हंजारी hi वजह से यहाँ आ गया tha....sirf वही नहीं जैसा मैंने बताया बहुत से लोग आ गए the...kuch को हमने वापस भेजा कुछ यही चुप गए और कुछ जाना hi नहीं चाहते the.....hum इस बात को यहाँ किसी को बता नहीं सकते थे की वो हमारे वजह से आये है यहाँ pe....to हमने उनमे से कुछ के साथ सौदा किया....

नानी - तुम क्या बोल रही हो समझ भी आ रहा है तुमको....

चची - हां मैं सब सच बता रही hu...aur आप और पापा इतने वक़्त जो उस शैतान के साथ थे वो सायद सज़्ज़ा थी मेरे लिए....

नानी समझ नहीं पायी थी ये sab....wo बस वह से चली gayi.....aur वही चची वो सोचती रही उन्होंने इस बात को पूरा सच सच बता के सही किया है या nahi...unhone पहले भी कहानी बताई थी पर वो बस उनके और चाचा जी के बिच हुए छोटे से अनबन को लेके बताई थी जो पूरी झूठ थी....

आज का यही तक रखते है....3 दोनों को शॉक लगा है देख्नेगे उन्ही सब ko...next अपडेट mein...aur साथ hi कुछ और बातें
 
अपडेट - 65

3 log....tinno शॉकेड the.....koi खुसी से पागल हुआ जा रहा था तो कोई इस बात को लेके की उसका कोई अपना उसको धोखा दे रहा hai....aur कोई इस कन्फ्यूज्ड tha....bahut hi ज्यादा कन्फ्यूज्ड...

अभी के लिए ना इनको साइड में करते है और चलते है डेमोस क्यों की वह pe....waha पे लूसिफ़ेर गुस्से में tha.....aaj उसका वो नया सेनापति उसके सामने बैठा हुआ था अपने घुटनो के बल पे....

लूसिफ़ेर - कितने दिन हो गए है मैंने तुम्हारे लोगो को एक काम के लिए भेजा tha.....aaj तक कुछ भी पता hi नहीं चला कैसे संभल पाओगे तुम ये सब.....

सेनापति - महामहिम मैं खुद वह jaunga.....uss जगह को खुद देखूंगा....

लूसिफ़ेर - हमने पहले भी कहा है तुम खुद वह नहीं जा rahe.....kisi और को भेजो और पता करो वह चल क्या रहा hai......aur ये कैसी अफवाहीन hai.....ki वह पे दानव रह रहे है....

सेनापति - महामहिम सैनिको ने यही बताया hai....aur आप मुझे जा.....

लूसिफ़ेर - तुम सवाल कर रहे हो....

सेनापति एकदम से चुप हो जाता है और वह से चला जाता है लूसिफ़ेर से आज्ञा लेके...

तभी वह लूसिफ़ेर का लड़का आ जाता है बीटा....

L.Son - डैड मैं चला जॉन वह वैसे भी आप मुझे कही बहार नहीं जाने दे रहे है कुछ वक़्त से....

लूसिफ़ेर (गुस्से में) - जस्टिन तुम जानते हो ऐसा क्यों hai....aur अभी तो बिलकुल नहीं...

जस्टिन - पर kyun......aapko क्या लगता है अभी भी मैं छोटा बच्चा hu....nahi संभल पाउँगा उन् सब ko....I ऍम फुल्ली त्रिनेड....

लूसिफ़ेर - त्रिनेड फॉर what....wapas से हारने जा रहे ho.....ginwaun क्या कितनी बार हारे ho.....kis किस से हारे ho.....ye तुम्हारी भलाई के लिए hai....ek बार जो मैं धुंध रहा हु वो मुझे मिल जाए फिर मैं तुम्हे कभी किसी चीज़ के लिए मन्ना नहीं karunga....tum जो चाहो वो कर पाओगे..

जस्टिन - दो व्हाट यू want.....par मैं ज्यादा din....aahhhhhhh,,,,,fuccccccccccccckkkkkkkkkk थिस चेस्ट.......

लूसिफ़ेर जो अभी अपने गद्दी पे बैठा हुआ था वी उठा कर तुरंत से जस्टिन के पास गया....

लूसिफ़ेर - जस्टिन तुम ठीक हो ना beta.....kitni बार कहा है कमरे में रहा करो और तुम हो के....

लूसिफ़ेर खुद उसको उसके कमरे में लेके जाता है और फिर उसको वह उसके बीएड पे लिटा देता hai.....aas पास कोई चीज़ज़ ढूंढे लगता है wo....Justin उसको हाथ से इशारा देके बताता है और लूसिफ़ेर वो चीज़ जल्दी से लेके आता है और वो जस्टिन को दे देता है....

लूसिफ़ेर - जस्टिन यू अरे नॉट रेडी तो बे थे King.....bas कुछ वक़्त और दो mujhe.....wo उम्मीद वापस से दिखी है mujhe.....main तुमको ठीक कर दूंगा...

जस्टिन सो चुक्का tha.....Lucifer वह से निकलता है और वापस से अपने गद्दी पे जा बैठता hai.....aur सोचने लगता है वो waqt....jab उसने ये सब किया tha.....kya कुछ नहीं सोचा था usne.....aur हुआ क्या सब गलत हो गया tha....apne बेटे को खुद से भी ज्यादा काबिल बनाना चाहता था wo.....aur उसके लिए उसने बलिदान diya....par कुछ काम hi नहीं aaya.....sab ऐसे hi बर्बाद हो गया.....

जस्टिन जब अपनी माँ के पेट में tha....tab की बात थी ये.....

लूसिफ़ेर एक अच्छा शाशक बना हुआ था डेमोस pe....waha पे जिस तरह से लोगो को खुश होना चाहिए था वो उसी तरह से खुश the....unko हर चीज़ज़ दिलाता था Lucifer...chahe फिर वो झगड़ा लड़ाई की जगह ये सब hi क्यों ना हो...

पर एक प्यास भी तो होती hai.....Lucifer अपने बेटे को ना सिर्फ डेमोस का बल्कि हर जगह का राजा बनाना चाहता tha.....usne अपने गद्दी चूड चुक्के पिता से इस बारे में बात ki.....Wo एक बड़े विद्वान् the....unhone उसको टाइटन प्लेनेट पे बननी हुई लाइब्रेरी के बारे में bataya.....wo लाइब्रेरी जहा आपको हर एक जानकारी मिल जायेगी बस ढूंढने की देर hogi....uss जगह पे hi आपको वो एक किताब ढूंढनी hai....jisme इस बारे में बताया गया है....

लूसिफ़ेर ने उनकी बात सुन्नी फिर अपने यहाँ पे आये हुए उन् योद्धाओं (ये वो है जिनको अपने प्लेनेट से निकल दिया गया tha....wo जिनके हथियार छुपाये हुए the....aur कैसे bataun...haa वो जिनमे बाद में लड़ाई हो गयी थी और वो सब यहाँ वह चले गए the...kuch फोमोस तो कुछ कही aur.....tatto याद है स्नेक का और वुल्फ का स्लेयर के upar.....bas याद आ hi गया होगा सायद नहीं तो पूछ लेने का :कूल: ) को कहते है उस लाइब्रेरी में से वो किताब लेके aaye....par वो लोग अपने प्लेनेट पे नहीं जाना चाहते the.....unko निकल दिया गया था वह se....wo भला वह क्यों jaate....aur वो भी एक किताब के लिए....

लूसिफ़ेर ने उनको बहुत समझाया पर वो नहीं maane....Unke पास हथियार तो थे nahi.....wo हथियार बना रहे थे अपने वही पे डेमोस पे पर वो उतने कारगर नहीं the.....Lucifer उनसे नाराज़ था उसने उन् सब के परिवार वालो को कैद कर लिया और उन दोनों वो किताब लाने को kaha.....ye दोनों hi मान जाते है और वह चले जाते hai....chupte छुपाते वो वह से वो किताब चुर्रा लेते hai....wo किताब किसी और hi लिप्पी में लिखी गयी होती hai....Lucifer को समझ नहीं आता वो उस किताब को अपने पिता के पास लेके जाता hai.....uske पिता उस किताब को पढ़ने लगते है पर कम्मल की बात ये थी इन् किताबों ki...ki इनमे मंत्र हुआ करते the....pranghatak mantra.....ab अगर कोई भी बाँदा एक नयी किताब पढ़ने बैठेगा तो वो हर एक लाइन पढता hai.....yaha पे लूसिफ़ेर के पिता वही कर रहे the....aur ऐसा करते हुए युनसे 3 बार वही प्राणघातक मंत्र का उपचार हो जाता है जिसके बाद वो वही पे बेहोश हो जाते है और किताब खुद से गायब हो जाती hai.....Kitab जहा से आयी थी उसी जगह पे पहुंच गयी थी.....

लूसिफ़ेर को बताया जाता है उसके पिता घायल hai....uss वक़्त वो उन् दो योद्धाओं को सज़्ज़ा दे रहे the.....Lucifer ने पहले hi उनके परिवार को ख़तम कर दिया tha....aur अब इन् दोनों की बारी thi.....inko मारना मुश्किल tha...par जब कोई अपना सब कुछ खू के बैठा हुआ होता है ना सबसे कमज़ोर वक़्त में तो एक कुत्ता भी उसको मार सकता hai.....waise hi दोनों अपने परिवार के शोकक में मार जाते है....

लूसिफ़ेर ये सब करके अपने पिता के पास जाता है तो देखता है उनकी हालत भी ख़राब thi.....bahut ख़राब....

लूसिफ़ेर को पास बुल्ला के वो उसको सब बताते hai....wo विद्धि जिससे जस्टिन एक महँ शाशक बन jaayega.....wo विद्धि जिससे जस्टिन की पावर्स का सोर्स ना सिर्फ डार्कनेस रहेगा बल्कि लाइट भी उसको एनर्जी degi....par ये बताते बताते hi वो मर्डर गए the.....matlab पूरी बात नहीं बता पाए थे वो.....

लूसिफ़ेर ने उस किताब को ढूँढना शुरू किया पर किताब होगा तब ना milta......wo तो वापस से लाइब्रेरी में चला गया था.....

अब लूसिफ़ेर के पास एक अधूरी विद्धि थी जिससे उसको उसको मंजिल मिल सकती thi....par खतरा भी बहुत था और वो ये रिस्क नहीं लेना चाहता tha.....usne कुछ विद्वान लोगो को बुलाया और इस बारे में बात करि...

उसको ये सुझाव दिया गया अगर ये जो भी है वो जस्टिन पे ना करके किसी और के ऊपर किया जाए to....isse जस्टिन को कोई परेशानी नहीं hogi...aur जब वो कोई और उस पावर को अपने अंदर अच्छे से रख लेगा तभी उसको मार के वो पावर निकल के जस्टिन में दाल देंगे जिससे वो इम्मोर्टल हो jaayega...bahut सी पावर्स होंगी उसके पास और वो वही बन सकेगा जो लूसिफ़ेर छह रहा है.....

लूसिफ़ेर मात्र गया इसके liye......wo बहुत खुश tha.....par कहते है ना कुछ पाने के लिए खोला भी जरुरी होता hai.....bas यही बात उन् विद्वानों में से एक ने कही....

वो - महामहिम हममे आपके बेटे की कुछ शक्तियां चाहिए होगी इसके liye....taaki वो पहले से hi इस विद्धि का हिस्सा rahe.....isse उसके शरीर को आसानी होगी नयी पावर्स को अब्सॉर्ब करने में....

लूसिफ़ेर को भी लगा की ये कोई बड़ी बात नहीं hogi.....waise भी वो होगा वह पे और साथ hi ये लोग भी तो honge....par....Jaise hi जस्टिन पैदा हुआ और ये सब शुरू किया गया tha....ussi वक़्त कुछ गड़बड़ हो गया और वो पावर्स तो छोड़ो जस्टिन की भी जो पावर ली गयी थी वो भी कही गम हो गयी यूनिवर्स mein.....aur उसका कही पता hi नहीं tha.....ye एनर्जी 3 टुकड़ो में गयी थी.....1 डार्क पावर.....2 जस्टिन का पावर......3 गोल्डन पावर....

उस दिन से जस्टिन कमज़ोर hi hai....kaha लूसिफ़ेर उसको सबसे ताकतवर बनाना चाहता tha,....inn सब की वजह से वो बहुत कमज़ोर tha....Strange वर्ल्ड के स्कूल में कुछ हुआ था उसके साथ और वो हार गया tha....uske बाद और कही सारे मौके aaye....Lucifer ने फिर उसको चुप्पा hi लिया jaise....uske बाद से तो उसका निकलना hi बंद हो गया tha.....aur वो अगर अपने प्लेनेट से बहार निकलता भी तो ज्यादा देर रह नहीं पाटा tha....Apne प्लेनेट पे भी बिन्ना दवाओं के वो ज्यादा वक़्त नहीं रह पाटा tha....Plans बहुत से बनाये इसने भी पर घंटा सफल हुआ हो एक bhi....naa तो एल्फ किंगडम पे कब्ज़े का प्लान सही से काम kiya...aur एअर्थ पे भी कुछ प्लान्स ऐसे hi बक्कर हो गए थे...

ये रही कहानी डार्क पावर ki.....par ये अकेली है nahi....iske साथ है 2 और पावर्स और वो भी मिलेगी जल्द hi....

लूसिफ़ेर इन् सब के बारे में सोच रहा था और उस डार्क पावर की तलाश में tha.....isse पहले वो ना जाने कितने hi तरीके ढूंढने की कोशिश की थी जिससे उसका बीटा सही हो जाए par...aisa कुछ हुआ hi nahi....har बार वो तरीका गलत हो जाता था....

यहाँ से दूर हम चलते है एक मंदिर में निक्स लोगो के मंदिर mein.....ye वही मंदिर है जहा वो लड़की प्रैक्टिस कर रही है....

पुजारी - बहुत hi तेज़ी के साथ तुम ये सब सिख रही ho....aisa लगता है जल्द hi तुम होने परिवार से मिलोगी...

लड़की - आप हर बार ये कहते hai....aapne एक बार भी मुझे ये नहीं बताया मेरे परिवार में कोण है वो कहा hai...bas एअर्थ पे है ये पता है मुझे...

पुजारी (हस्ते हुए) - सब्र karo.....sabr karo....(serious होत्ते हुए) वैसे भी वह बहुत साबरा से काम लेना होगा तुमको.....

लड़की - हां आपने बताया है पर आप बस यही सब बताते रहते हो कभी एक बार मेरी फॅमिली के बारे में बता दो या फिर इंसानो के बारे mein....main वह जाके रहूंगी किसके साथ ोीुर कैसे....

पुजारी - इन् सब की तैयारी तुम्हारे यहाँ आते hi शुरू करवा दी थी maine....waha की भासा भी सीखनी होगी ना tumko...uske लिए भी कुछ उपाय ढूंढते है....

लड़की - अच्छा ठीक है आप बस एक झलक मुझे देख लेने दीजिये पृत्वी और उसके इंसानो को फिर मैं आ जाउंगी wapas.....apne जैसो को देखने की बहुत इच्छा हो रही है...

पुजारी - बड़ी जिद्दी है तू ladki....aise मानेगी नहीं तू....

लड़की - आपको क्या लगता है मान जाउंगी....

कुछ hi वक़्त हुआ था इसको यहाँ aaye.....aur ये काफी खुल गयी थी पुजारी जी के साथ वो भी इसको अपनी बेटी के जैसा हो मान रहे थे और इस लड़की ने एक भी मौका नहीं छोड़ा इस बात का फायदा उठाने mein....fayda उठाना कहना गलत hoga...wo बस काम निकलवा लेती थी अपनी चिकनी चुपड़ी बातों से...

पुजारी जी अपनी जगह से खड़े होते है और मंदिर के कोने में बने हुए एक तालाब की ओर जाने लगते hai.....ladki उनको देखती रहती है....

पुजारी जी - अब नहीं देखना है kya.....baithi क्या हो चलो जल्दी.....

लड़की खुसी से उछलती कूदती उनके साथ जाती है वो एक तालाब के पास पहुंचते है....

पुजारी जी - एक मंत्र बता रहा hu....dhyaan से sunno....aur जिस जगह भी देखना है उस जगह को याद करो और वो मंत्र padho...aur उसी के साथ पानी के अंदर चली जाओ....

लड़की - Kya...paani के ander,...aap मज़ाक नहीं कर रहे ना....

पुजारी जी - मैं मज़ाक भी करने laga...main कभी मज़ाक नहीं करता अब मंत्र sunno.....aur मैंने तुमको बता भी दिया है कैसे जाना है waha.....lekin एक और बात है इतना भी मत खू जाना उस जगह को देखने में की सांस लेना hi भूल jaao.....Hum निक्स के लिए ये आसान होता hai...par बाकी कोई भी प्रजाति ये नहीं कर पाती पानी के jariye....kyunki वो पानी के माया में फंस जाते है और सांस लेना hi भूल जाते है पानी उनको अपनी आग़ोश में ले लेती है और उनका सरीर ख़तम हो जाता है....

लड़की - तो मैं ये कर पाऊँगी ना.....

पुजारी - हां कर पाओगी तुमने इस मंदिर में ट्रेनिंग ली hai....Paani की आत्माओं ने तुम्हे मंजूर जिया है वो तुमको कुछ होने नहीं denge...par फिर भी तुमको संभल के करना होगा ye.....ek सांस तक hi रहना पानी के अंदर जिससे तुम सेफ raho....sans रोकने में कोई दिक्कत तो नहीं ना तुमको...

लड़की - नहीं कोई दिक्कत नहीं है.....

पुजारी जी ने उसको मंत्र diya....thodi देर उसने वो मंत्र याद kiya.....aur जब उसको लगा की अब वो तैयार है उपयोग के लिए तो वो पानी में जाने lagi....usne एक जगह के बारे में socha....pata नहीं कोण सी जगह thi....usko वो जगह कुछ कुछ याद thi...to वो उसी के बारे में सोच रही थी....

एअर्थ pe.....Bhanupur नाम का एक गाओं tha.....waha पे एक बड़ी सी तालाब thi...jungle के बच्चो bicch.......Jungle में बस कुछ छोटे मॉटे जानवर hi रहते थे तो वह पे बच्चे या फिर प्रेमियों के जोड़ें पाए जाते थे aksar....accha स्पॉट था वो....

ऐसे hi आज भी वह चल रहा tha.....ki अच्चानक से तालाब के पानी में gudgud-gudgud की आवाज आने lagi....log तो लगे हुए थे अपने अपने काम में तो शुरू में किसी ने ध्यान नहीं diya....par उसके baad.....paani के अंदर से एक आकृति nikli...pahle तो ऐसा लगा जैसे पानी का hi एक टुकड़ा ऊपर उठता जा रहा hai...aur फिर वो शेप लेने लग gayi....ek लड़की की शेप....

अब इतने में किसी एक जोड़े को वो आकृति दिख gayi....fir जो भूत भूत का शोर हुआ hai....puccho hi मैट,...2 मिनट ना लगे होंगे उस जगह को खली होने mein....aur फिर ठीक 5 मिनट बाद सब हिम्मत करते हुए वह पे आये देखने को की वो है kya....par तब तक वो चीज़ज़ जा चुक्की thi....sab एक दूसरे तो तो कभी तालाब को देख रहे थे.....

एक दो लोगो ने तो उस आकृति की फोटो hi लेली thi...darte हुए भी लोग ले लेते hai...Post जो करना होता है naa....fb पे इंस्टा पे और भी ना जाने कहा kaha..."aaj पानी वाली भूतनी से हुई मुलाकात" :lol: ऐसी बातें निच्चे लिख के....

अब एअर्थ पे आये है तो नानी के यहाँ भी चलते है जहा पे चची ने उनको सब बता दिया tha....aur वो कन्फ्यूज्ड थी की कहे तो क्या कहे usko...unhone इस बात को नाना जी से भी बताई और कल से वो दोनों इसी के बारे में सोच रहे the....unko अभी अपने साथ जो हो गया उससे ज्यादा ये देख के बुरा लग रहा था की उसकी वजह से उनकी नालायक बेटी :lol: चची अपना घर छोड़े यह आयी हुई thi....apne पति से बात नहीं कर रही thi...aur ऐसी बातें आज कल कब तक छुपती है....1-2 दिन में ये बात प्रतीक और रूपल को पता चल jaayegi....fir वो भी कारन puchenge....isse बस ये बात आगे बढ़ती रहेगी....

नानी - Chaliye....hum उससे बात करते hai....uss kam-akal को वो नहीं दिख रहा जो मैं सोच रही hu...usse बस बात बिगड़ेगी....

नाना जी - अब तो सही से नाम लिया करो uska....Beti है उसकी ab....wo भी बड़ी...

नानी - उसी के लिए तो उससे बात करनी hai...aapko नहीं लगता रूपल को ज्यादा वक़्त नहीं लगेगा ये समझने में की उसके माँ डैड के बिच कुछ हुआ hai...aur फिर ये साडी बातें उसके सामने वो प्रतीक के सामने हमारी निकिता के saamn.......usss कामकल ने निकिता को सब बता दिया hai...ab बताओ क्या कहु उसको मैं...

नानाजी - और क्या कहोगी कामकल hi है तुमपे hi गयी है wo....mujhpe जाती तो इन् सब की जरुरत hi नहीं पड़ती....

नानी - आपको अभी इस बात पे झगड़ा करना hai....main बता रही हु पहले उसको निकालो यहाँ se.....wo जाए अपने घर वह सब संभाले फिर लड़ते रहना यहाँ...

चची - क्या आप लोग ऐसे लड़ते रहते हो हर वक़्त मेरे रूम तक आवाजें आ रही है...

प्रतीक और पंकज यहाँ होते तो क्या सोचते वो....

नाना जी - निद्धि बीटा यहाँ बैठो हममे तुमसे hi बात करनी है....

चची - अगर आप सत्य और घर जाने के बारे में बात करने वाले हो तो मुझे नहीं करना कोई बात मैं जा रही हु.....

नानी - Dekha....dekha कैसे बात करने लगी है ye....Chup चाप बैठ यहाँ वर्ण main....main पता नहीं क्या करुँगी...

चची बड़बड़ाती हुई बैठ जाती है वही पे....

नानाजी - बीटा जो हुआ बुरा hua.....par अब उसको बदला नहीं जा सकता न...

चची - हां बदला नहीं जा sakta....par इससे मेरा गिल्ट ख़तम थोड़ी ना हो जाएगा मेरी वजह से आप सब इतने साल....

नानी - हां बताया है tumne....aur हम समझ चुक्के है बार बार एक hi बात बोलने की जरुरत नहीं hai.....ab मेरी बात सुनने रूपल का क्या....

चची - Kya...Rupal का क्या से क्या मतलब है उसको क्या हुआ है...

नानी को गुस्सा आ जाता है वो यहाँ वह देखने लगी कोई सामान ढूंढने lagi....par कुछ मिल hi नहीं रहा था....

नाना - अरे अब तुमको क्या हुआ शांत baitho....baat कर रहे है naa....aur निद्धि तुमने ये सोचा है रूपल को जब पता चलेगा ये सब तो वो क्या sochegi....tum उसको ये सब बताने वाली हो क्या...

चची - उसको ये सब क्यों batana....wo सही है बिन्ना जाने हुए hi....

नानी - कब तक हां कब tak....kya लगता है उसको समझ नहीं आएगा की तू क्यों नहीं घर जा रही hai....tere और सत्य के बिच कुछ हल रहा है तुझे नहीं लगता वो समझ जायेगी ये...

चाची - इतना नहीं समझ....

नानी - इसकी टाँगे तोड़ दूंगी मैं आज.......

नाना - Chup....pagalon जैसे करती रहती ho.....baitho शांति से....

नानी - Kya.....pagal.....aur ये आपकी Beti....isko कुछ नहीं kahoge....humare बिच लड़ाई होती थी इसको पता चलता था की nahi....tab तो रूपल से क्या प्रतीक से भी छोटी थी ye....abhi समझ नहीं आएगा क्या usko.....pata नहीं दिम्माग कहा फेंक के आयी है ये....

चची - हां हां समझ gayi.....ab ये बताओ आप क्या चाहती हो....

नानी - तुम घर जाओ सब सॉर्ट आउट करो और बात ख़तम करो....

चची - पर aaplog....hamari वजह से....

नाना जी - अरे बीटा अब तो ठीक है ना hum.....aur भी ऐसे शैतान है क्या यहाँ एअर्थ पे अभी भी अगर वो है तो उनको यहाँ से भागने के बारे में socho....ye सब सोच के कुछ नहीं hoga.....hum यहाँ ठीक है और हमको कोई शिकायत नहीं hai......tum अब अपने बारे में सोचो अपनी फॅमिली के बारे में socho....aur आगे से ध्यान रखना की इन् सब में ना पदों....

चची - हम्म ठीक hai....kuch शैतान अभी भी है यहाँ pe.....kuch तो इंसानो के बिच में है :क्राई: हम उनतक पहुंच hi नहीं paaye.....hamare ऊपर बहुत से गुनाह है Papa....main बता नहीं सकती कितने ज्यादा....

नानाजी - अब इन् सब को सोच के क्या hoga.....ye किस्मत में था unke....aur हमारे bhi....ab ये सब छोड़ो और घर जाओ और वह पे अछेसे रहो...

चची - ठीक है मैं आज hi चली जाउंगी.....

नानी - हां और सामान भी लेके जाना पता चला अभी गयी और थोड़ी देर बाद फिर वापस यही...

चची - माँ आपको क्या अच्छा लगता है मुझे ताने मरते हुए...

नानी - बिलकुल nahi.....dande से मारने का मैं करता है तुझे तो...

चची - आप दोनों भी चलो वही खाना खाएंगे....

नाना जी - Nahi.....aaj पहले तो सत्य को यहाँ bulao....aaj सब यही खाएंगे...

चची - ठीक है मैं रूपल से बोलती हु उनको कॉल करके यहाँ आने के बारे में बता दे...

इतना बोल वो चली gayi...aur नानी ऐसे hi बड़बड़ाने लगी.....

नानी - देखो to....abhi समझाया पर खुद नहीं बता सकती पता नहीं किसपे गयी है ये....

एक नज़र फोमोस पे भी डालते है जहा कल से hi बहुत ज्यादा खुश the....Leader ji....itna खुश की पूछो hi matt....inhone अपने लोगो को बोल दिया था पता लगाने के लिए की कौन कौन सी जगह है जहा वो जा सकते है....

आज एक लिस्ट आयी इनके सामने और उसको देखने के बाद तो जैसे सर hi फोड़ लेने का मैं किया inka....Pure यूनिवर्स में इतने ज्यादा जगह है जहा ये आ जा सकते है की पूछो hi mat.....ye देख ये गुस्सा हो गए.....

अभी खुश थे की अपनी बेटी से मिल पाएंगे और ab....agar मिलना है इनको तो इनको 100 साल लग जाएंगे बस उस जगह का पता लगाने में जहा पे इनकी बेटी hai....matlab ये घूमफिर के उसी जीरो पे आ गए the...jaha से शुरू किया वही pe....samajh hi नहीं आ रहा था क्या करे ye...jo ख़ुशी थी वो गायब hi हो गयी थी......

सब छोड़ चढ़ के फिर से ये बैठ जाते है अपने कामों mein....aur सोचते रहते है की खास ये सब हुआ hi ना होता और वो वही अपने परिवार के साथ hote....naa वो लालच करते ना ये सब होता...

एक और जगह थी जहा पे एक बाँदा बहुत गुस्से में था....

एल्फ किंगडम....

एल्फ किंग को याक्किन hi नहीं हो रहा tha....wo करना भी नहीं चाहते थे पर अभी की कुछ घटनाओं के बाद थोड़ा शंका उनको भी थी इन् सब को लेके की कोई तो है जो उनकी गद्दी के पीछे पड़ा हुआ hai...aur ये कोई अपना hi hai....fir वो उनके दरबार में hi कुछ गद्दारों का milna...ye सब तो इस बात को और हवा दे रही थी....

एल्फ किंग सभी पे शक कर रहे the....yaha तक अपने सबसे भरोसे वाले बन्दे पे bhi.....unhone एक प्लान banaya......sabhi को थोड़ी थोड़ी जानकी दी एक खास चीज़ज़ के बारे में और फिर सभी को जाने को कह diya....aur आज वो बस वेट कर रहे थे की जो भी उन्होंने किया उसका फल aayega....par ऐसे hi थोड़ी ना इतना जल्दी कुछ होता है.....

प्लान फ़ैल रहा और उनको पता नहीं चला की कौन है वो अपना जो उनको धोखा दे रहा tha....unhone वापस से लीडर से मिलने का तय किया शामे लीडर भी सोच रहा था.....

नेक्स्ट अपडेट में देखते है लीडर और एल्फ किंग का एक और मुलाकात साथ में चाचा का चची के पास वापस जाना या इसका उल्टा जो भी हो.....
 
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