अपडेट - 21
अब तक
रात को बहुत कुछ hua....wo anda....dragons के bacche....Pankaj और उसके साथियों की pitayi....aur भी बहुत कुछ...
अब आगे
रूम में आया और सो गया main.......aur बीएड का तो पता hai....jaise hi इस्पे जाओ दिम्माग खली hi कर देता है ye....bas वही हुआ tha....main आराम से घोड़े बेच के सो गया था....
मेरी आँखें किसी चीज़ के मुझे घसीटने से khulli....aur जब खुली तो खुली की खुली hi रह गयी....
मैं घास पे लेता हुआ था और वो ड्रैगन के बच्चे मुझे खींचते हुए कही लेके जा रहे the...ab ऐसे में कोई जागे तो चिल्लायेगा hi ना मैं भी चिल्लाया और मेरे चिलकलते hi वो पूरी jagah...jo अभी घास से भरी हुई थी वो बिलकुल काली हो गयी ऐसा मानो वह पे कुछ था hi नहीं pahle...bas अँधेरा hi andhera....aur उसी अँधेरे में 4 चमकती हुई आँखें दिखी मुझे....
मैं - कोण hai...kon है waha....koi hai....koi है यहाँ...
कोई जवाब नहीं आया बल्कि वो जो चार आँखें थी वो मेरे और पास आने lagi....main पीछे की ओर होता gaya....ab अगर रोशनी होती तो पता चलता कोण है वह और उनसे लड़ा भी जा सकता था पर अभी कुछ समझ में hi नहीं आ रहा tha....sayad दर सवार हो गया था मेरे सार पे तभी तो मैजिक आते हुए भी उसे नहीं कर रहा था main.....uss बेसिक ऑफ़ मैजिक वाले किताब से इतना कुछ तो आ hi गया था की अँधेरे कमरे में आग jalana....par...nahi दार hi था बस मेरे दिम्माग में उस waqt.....aur इसी दार की वजह से मेरे मुँह से ज्वाला का नाम निकला...
मैं - Jwala....jwala....
मेरा बोलना था की वह पे पूरी तरह लाइट आ gayi...par ज्वाला नहीं आया tha...bas सब दिखने लगा tha....maine सामने देखा तो वही दो ड्रैगन्स के बच्चे थे वह पे....
मैं गया उनके pass....unko देखने laga...haa ये वही दोनों थे जो कल गायब हुए थे मुझे चुनने के बाद और अभी बह शामे साइज के दिख रहे थे...
मैं - कोण हो तुम दोनों और ये जगह कोण सी है....
"बीटा वो ड्रैगन्स है और वो भी बच्चे अभी नहीं बोलेंगे वो...."
एक आवाज आयी मेरे पीछे se...main जल्दी से पीछे mudda...koi नहीं था वह पे....
"क्या हुआ किसको ढूंढ रहे हो..."
मैं - कोण hai...kon बोल रहा है...
"मैं बोल रहा हु..."
मैं -कोण मैं ...नाम बताओ apna...warna main...main...
"अरे बाप re.....warna क्या कर loge...meri भी बॉडी पे निशान बना doge....isse घटिया सज़्ज़ा नहीं देखि थी maine...arre कुछ क्रिएटिव karte....par नहीं ऐसे निशान बनाये है जो sayad...ek दिन भी ना chale,.....haaye किसको मेरे गल्ले दाल दिया रे..."
मैं - कोण हो तुम और दीखते क्यों नहीं मुझे....
"कोण हु main...hmm ये तो तुम बताओगे naa...chalo एक नाम dedo...aur मैं उसी नाम से जानना jaaunga....par हां ध्यान रहे अच्छा नाम होना चाहिए..."
मैं - मैं भला क्यों नाम दू tumhe...aur तुम आये कहा से ho,...kya वह कोई नाम नहीं था tumhara,....aur ये जगह कोण सी है...
"एक hi बार में सब पूछ lo....main तो यही करने आया हु ना सब सवालों के जवाब dene....to sunno...Main कहा से आया hu...to वो अंडा जिससे यर दोनों चुटकु निकले है ना उसी के अंदर से मैं भी आया hu....yaar क्या bataun...kab से हम तिण्णो को कैद कर के रखा था ...ईटा लम्बा वक़्त कभी कभी तो ऐसा लगता की अब बस यही रहना hi hai...wo दोनों चुटकु तो सट्टे रहते और मैं अकेला ऐसे hi रहता waha...samajh नहीं ायता था क्या karu...kaise वक़्त गुजरू...."
मैं - ांडे से आये हो तुम भी...
"हआ बोलै तो अभी एक बार में सुणाई नहीं देता क्या..."
मैं - ये जगह कोण सी है और तुम तिण्णो यहाँ कैसे और मैं कैसे पंहुचा यहाँ पे...
"तुम्हे नहीं पता कोण सी जगह है ye....dhyaan से dekho...aur हममे यहाँ लाने वाले तुम hi हो...."
मैंने यहाँ वह dekha...to मुझे ये बिलकुल ुसस्स पार्क की तरह लगा जो मास्टर के घर के पास था जहा हम रहते the...isko पार्क कहना गलत hoga....ek तो यहाँ कोई आता नहीं था सिवाय मेरे और मास्टर ke...master इसको पार्क कहती तो मैं भी वही kahta.....ye वही जगह thi...jaha मास्टर मुझे ट्रेनिंग दिया करती थी.....
"याद आ गया naa...chalo अच्छा है..."
मैं - पर मैं कब तुम सब को यहाँ लाया और तुम हो कोण और दीखते क्यों नहीं....
"नाम नहीं दिया है अभी तक कैसे बताऊँ कोण हु main....aur तुम hi हममे यहाँ ले आये ho....abhi हम तुमसे जुड़ गए hai...wo दोनों स्पिरिट एनिमल्स है tumhare...aur main...main गाइड hu....tumko उन् दोनों को कण्ट्रोल करना सिखाऊंगा औरसाथ hi में और भी कही चीज़ें जो तुम्हे जाने की बहुत जरुरत hai...par उससे पहले मुझे मेरा नाम दे दो..."
मैं - नाम चाहिए ठीक hai....Dhruv सही नाम hoga....thik है ना...
ध्रुव - हम्म ये भी ठीक hai....chalo नाम कारण हो गया mera...ab आज तुम्हे समझा देता हु यहाँ क्या करना है और कैसे करना है...
मैं - हां बताओ...
ध्रुव - रोज रात में तुम खुद यहाँ पहुंच jaaoge...aur जैसा मैं कहु वैसा hi karoge.....yahi पे मैं तुम्हे तैयार करूँगा तुम्हे सब सिखाऊंगा...
मैं - एक minute....par तुम kyun....waise भी मैं स्कूल में हु वह पे टीचर्स है उनसे सीखूंगा main...tumse क्यों....
ध्रुव - कर दी ना छोटी baat.....wo बेसिक्स सिखाएंगे tumhe....aur मैं एडवांस लेवेक की बाते समझ रहे ho.....tum कोई आम इंसान तो हो नहीं किबस उन् टीचर्स से सिख के अपना काम ख़तम कर loge...bahut मुश्किल hogi...issiliye तो मैं आया hu...tumhe सीखने को....
मैं - हम्म ठीक है मतलब तुम मेरे मास्टर हो यही ना...
ध्रुव - हां अभी के लिए मास्टर hi कह lo.....unn दोनों चटकु को bulao....aaj का काम शुरू करते है...
मैं - मैं कैसे bulaun....wo क्या जानते है मुझे...
ध्रुव - जानते hai...arre माँ हो तुमन unke....ande से निकलने के बाद तुम्हे hi तो देखा tha...tab से तुम्हे hi अपनी माँ समझ रहे है...
मैं - क्या कुछ भी बोल रहे हो ऐसा थोड़ी होता है...
ध्रुव - अच्छा छोड़ो फिर ye...seethi बजानी आती है...
मैं - हां आती hai...par क्यों....
ध्रुव - हां तो बजाओ और उन् दोनों को बुलाओ यहाँ
मैंने सीतहि bajayi....wo दोनों ड्रैगन्स के बच्चे जो अभी तक यहाँ वह घूम रहे थे वो तुरंत hi दौड़ते हुए मेरे पास आ गए,,,
ध्रुव - देखा आ गए ना अपनी माँ के बुलाने pe....Dekho प्रतीक तुम्हे इन् दोनों पे काबू पाना hai...aur इसके 2 hi रास्ते है एक आसान और एक muskil....aasan वाला जल्दी हो जाएगा पर मुश्किल वाले में वक़्त लगेगा....
मैं - पर इनपे काबू क्यों करना hai,...aur कोण कोण से रस्ते है ये भी बताओ...
ध्रुव - पहला रास्ता जाता है बल se....inn दोनों को खूब darao...aur इनको सर्कस वाला शेर बना do...aur खुद बन जाओ ringmaster...isme वक़्त काम lagega...kyunki दोनों hi अभी बच्चे hai....par हो सकता है किसी दिन जरुरत पड़े और ये दोनों hi चुहे छोड़ के चले jaaye....aur दूसरा रास्ता वो है इन् दोनों को अच्छे से खिलाओ पिलाओ और इनको अपना दोस्त बना lo....inka भरोषा jitto...waqt लगेगा इसमें पर अगर सच कहु तो ये hi सबसे अच्छा तरीका hai.....isse ये दोनों खुल के करेंगे जो भी कहोगे इन्हे....
मैं - हम्म ठीक है मैं दूसरे रस्ते में चलने को तैयार hu....waise भी मार पीट के की hi हासिल हो जाना hai....ek minute...chod के चले जाए matlab...ye तो स्पिरिट एनिमल है ना मेरे फिर कैसे छोड़ के चले जाएंगे...
ध्रुव - हां एनिमल स्पिरिट है पर कोई आम एनिमल स्पिरिट नहीं है ye...inn दोनों को अभी भेजा गयाहै तुम्हारे पास साथ में मुझे bhi...aur हम तिण्णो के पास डिसिशन लेने की शक्ति है की तुम हमारे काबिल हो या nahi...par अभी उसमे वक़्त hai....yaad रहे जिस दिन हममे लगा तुम उस काबिल नहीं हम तिण्णो चले jaayenge....aur साथ hi जायेगी वो साड़ी baatein...jo मैं तुम्हे sikhaunga....wo साड़ी पावर्स सब कुछ....
मैं - हम्म समझ gaya...main वो 2ंद रास्ता hi चुनूंगा....
ध्रुव - चलो आज का काम ख़तम बहुत अच्छे आज तुमने एक टेस्ट पास कर लिया hai...assan टेस्ट था ये तो खुश मत hona...ab जाओ जल्दी और उठ के तैयार हो जाओ और ध्यान lagana...ek और baat...dhyaaaan जितना ज्यादा लगा सको उतना accha....chalo जाओ...
उनका इतना बोलना था की मेरे आँखों के पास बहुत ज्यादा रोशनी हो गयी और मैंने उन्हें बंद liya...aur जब रोशनी काम होने का अहसास हुआ तो मैंने आँखें kholi...aur खुद को अपने रूम में paaya....aaj भी वो साड़ी ड्रॉइंग्स जो बने हुए थे रूम में वो चमक रही thi....par मुझे लगा की ये उस रोशनी के आने के वजह से ऐसा लग रहा है बस मुझे...
मैं बीएड पे hi लेता रहा कुछ der.....jab तक उस ध्रुव की आवाज वापस नहीं आयी और मुझे ये याक्किन नहीं हो गया की वो सपना नहीं सच था जो भी मैंने देखा....
मैं जल्दी से उठा और फिर तैयार होक ध्यान लगाने को चला गया.....
आज कुछ ज्यादा पहले उठ गया था main....main भी जाके ध्यान लगाने बैठ gaya...isme आज कोई अजीब बात नहीं hui...fir वही बाद में बुआ आयी और वो भी बैठ गयी....
मैं ध्यान से तब उठा जब बुआ ने मुझे उठाया....
बुआ - क्या आज क्लासेज नहीं अटेंड करनी kya...late हो रहा hai...ab तो नास्ता भी नहीं कर paaoge.....mere केबिन में आ jao....jaldi से नास्ता वही करके निकल जाना समझे..
मैं - ठीक है बुआ,.,..
मैं जल्दी से रूम में गया और वह से तैयार होक निकला बुआ के केबिन की ओर जाने को की सामने कुछ चूज़जी मिल gaye...haa वही पंकज के log....unki स्किन्स पूरी लाल हो राखी thi...sayad निशान मिटने के लिए कोई काढ़ा उसे किया होगा और उसी कला इफ़ेक्ट हो yee....dekhne में बिलकुल टमाटर जैसे लग रहे the...saath में स्किन्स सुज़्ज़ भी गयी थी कुछ....
मैंने देखा वह पे दब भी hai...aur वो अपना सर खुजाये जा रहा tha....main भी गया वह पे...
ा4 - ुये चल; तुझे पंकज भाई बुला रहे है...
दब - अरे वो छोड़ो पहले तो ये बताओ ये जो लम्बी चौड़ी कहानी सुनाई तुम सबने जिसमे मैं एल्फ प्रिंस बेहोश हो गया था और ये प्रतीक ने तुम सब को dhoya...wo सच है क्या...
सायद इसको याद नहीं रहा कल के बारे में या ये मज़्ज़े ले रहा होगा...
अभी हम कुचजः बोलते या करते उससे पहले बुआ आ गयी वह pe...main थोड़ा लेट हो गया था उनके केबिन में पहुंचने में इसीलिए वो खुद आ gayi...unhone उन् लोगो को देखा...
बुआ - हम्म क्या बात hai...kya हो रहा है यहाँ पे....
सभी ने बुआ को dekha..aur फिर थोड़ी देर woo....woo...woo...main....main....ye सब चला...
वो सारे कोई बहाना बना के वह से निकल gaye....wahi दब वापस से रूम में चला गया वो नास्ता कर आया tha...abhi कुछ सामान लेने रूम में जा रहा tha......aur मैं चल दिया बुआ के साथ उनके केबिन mein....Nasta किया और जब बहार आने लगा तो...
बुआ - और बच्चू क्या हो रहा था वह pe...bataoge...
मैं - क्या हो रहा tha...wo तो बस ऐसे hi....
बुआ - ऐसे hi naa....theek है जाओ तुम ममें खुद देख लुंगी....
मैं भी निकल गया वह से...
जल्दी से पंहुचा अपने s=1st क्लास mein.....aaj प्रोफ. सूरज आये हुए the...main लेट पंहुचा था वह pe....par ज्यादा कुछ नहीं बस कहा की जल्दी आया करो...
फिर क्लास शुरू हुई सब कुछ नार्मल hi tha....ye क्लास ख़तम हुई और फिर चल दिए हम सब काढ़े वाली क्लास में मतलब पंकज के पिताजी वाली क्लास mein...waha गए तो आज भी वो खुद आये हुए the....aur कुछ गुस्से में दिख रहे थे....
प्रोफ- बड़ी hi इंटरेस्टिंग क्लास है ye....yaha पे बहुत से विद्वान बैठे हुए hai...aise विद्वान जो कुछ भी कर सकते hai....Kyun है ना एल्फ प्रिंस,,,,
दब को समझ नहीं आया ये बोल क्या रहे थे पर दब तो दब है...
दब - हां प्रोफ.. बहुत hi कम्मल के स्टूडेंट्स है हम आप किसी को भी उठा lo...aur उससे कोई भी सवाल पूछो या कुछ भी कहो मैं जुबान देता हु वो जवाब dega...aur अगर नहीं दिया तो मैं क्लास में नहीं आऊंगा...
मैं (मान में) - ये तो बड़बोला hai....pagal कही ka...ab पता नहीं क्या होगा यहाँ...
प्रोफ. - हां तो ठीक है दब जी आज यही करते hai...Main किसी को खड़ा करूँगा और जब वो नहीं बता पायेगा मेरे सवालों का जवाब तो उसको और साथ में आपको दोनों को hi इस क्लास से निकल दिया jaayega..aur ना hi इस सब्जेक्ट की डिग्री मिलेगी आपको...
प्रोफ. की बात सुनके अब दब को थोड़ा दर लगने laga...wo फंस गया था अब अपने kaaran...ab बस वो सोचे जा रहा था की किसको खड़ा करेगा ये और क्या पूछेगा....
प्रोफ. - चिंता मत करिये एल्फ प्रिंस सवाल किताब के अंदर से hi hoga......aur जवाब देंगे आपके परम mitra....Prateek ji....Haa तो प्रतीक जी खड़े हो जाइये...
मुझे लग रहा था कुछ ऐसा hoga...par..cholo...main भी खड़ा हो गया,.,,
प्रोफ. - हां तो प्रतीक ji...maan lijiye...apke किसी दोस्त के खून में कोई जहरीला द्रव्य मिल गया ho...kisi भी कारण से किसी कीड़े ने काट लिया ho....yaa सांप ne,...to आप उसको कैसे बचाएंगे...
उनका सवाल पूछना था और सभी स्टूडेंट्स के बिच भून भून की आवाज होने lagi.....ye वो पोरशन था जिसके बारे में अभी पूरा नहीं बताया गया tha...dono hi केसेस में उस व्यक्ति को बचने के 2 अलग अलग उपाय hai...aur हम्मे बस एक hi अच्छे से बताया गया है और दूसरे का बस नाम भर बताया गया tha.....ye कल के hi क्लास में बस शुरूआती वाली बाटें thi....1st का प्रोसेस बताया था और 2ंद का बताने से पहले टाइम ख़तम हो गया tha...aur मैंने भी नहीं पढ़ा था 2ंद का.....
प्रोफ - सब शांत रहे मैंने जिससे पूछा है जवाब वही देगा कोई और नहीं
दब - पर प्रोफ. इसके बारे में पूरा कहा बताया है आपने...
प्रोफ - कल hi तो बताया tha...naam और उसकी विधि ko...ab आप नखरे कर रहे hai....ye तो आपको करना hi चाहिए था की जो बताया गया उसके रिलेटेड थोड़ी जानकारी hi ली aate...tabhi तो क्लास में मज़्ज़ा आता hai...par लगता नहीं प्रतीक जी ने ऐसा कुछ किया hai....aur अब मैं आपको क्लास से बहार जाने का याद दिलके निच्चा नहीं दिखाना chaunga...to आप खुद hi अपने परम मित्र के साथ अगर यहाँ से विद्दले तो अच्छा होगा...
उन्होंने तो बिन्ना कुछ सुनने hi अपना मात बना लिया और मुझे और दब को जाने के लिए बोल दिया..
मैं - प्रोफ. अभी मैंने बोलै भी नहीं kuch,,,bolne तो दीजिये अगर गलत हुआ तो मैं खुद चला जाऊंगा...
प्रोफ. ने एक बार मेरी ओर देखा...
प्रोफ. हम्म बोलिये अब क्या यहाँ बंद बाजे के इंतज़ार में है आप की कब वोपाये और आप शुरू करे...
मैं - नहीं मैं बता रहा हु...
आज के लिए इतना hi
नेक्स्ट अपडेट में प्रतीक का आंसर भी देख lenge...aur साथ hi प्रोफ. नमन की क्लास में क्या होता है वो और पंकज कहा यही वो भी...
बनने रहिये....