अपडेट - 87
नेक्स्ट डे.......
सुबह hui.....Main अपने रूम में utha......raat को हम अपने अपने रूम्स में चले गए the......jo कुछ भी हुआ था kal.....uske बाद ज्वाला उसके लोग और वह के बाकी sab....sabhi को आराम की जरुरत thi.....Polar बेयर किंग की जगह वापस मिल गयी thi.....par अभी उनकी हालत ख़राब हो चुक्की थी कल के वजह से तो उन् सब ने थोड़ा आराम करने के बाद अपने यहाँ काम शुरू करने के बारे में सोचा tha.....aur जब तक काम होता वो सब वही ज्वाला के कबीले में रहने वाले the,,,,....pahle की तरह....
मैं उठा और उसके बाद जैसा तय होता है मैं चला गया ध्यान लगाने ko.....waha पंहुचा तो निकिता और बाकी के सब भी आ गए थोड़ी देर में....
हम सब ने अपना रोज का काम kiya....uske बाद वह से अपने अपने रूम में चले gaye......fir वह से ब्रेकफास्ट के लिए गए......
निकिता - तुमने बोलै था कुछ बताओगे......
मैं - क्या बताना tha.....mujhe याद नहीं है.....
निकिता - तुमने कहा था पंकज ठीक हो जाएगा तो तुम मुझे बता doge.....par वो कल hi आ गया था यहाँ पे.....
मैं - वो ठीक हो गया इतनी jaldi......aisa होना तो नहीं चाहिए tha......sayad दक्ष मां ने कुछ किया hoga....haa....
निकिता - अगर कल वो सब ना हुआ होता ना तो abhi.....abhi...
मैं - अरे शांत हो jaao....ab आ गया ना वो जो करना है karo.....maar दो उसको मुझे कोई मतलब न.....
मैं कुछ और बोलता उससे पहले hi मेरी नज़र सामने एक लड़की पे padi....chahra नहीं दिख रहा था par.....kya कहु....
निकिता - देखो ज्यादा तो बोलो mat.....main क्यों उसको कुछ करने जाउंगी मैंने तो बस थैंक्स और सॉरी बोलना है उसको अब वह क्या देख रहे ho.....tumse baat.....Pankaj...
निकिता ने मुझे देखा और मेरी नज़रों का पीछा करते हुए वो भी वही देखने लगी पर उसको लड़की दिखे उससे पहले पंकज दिख gaya......Ab वो समझ नहीं पा रही थी कैसे उससे बात kare.....usne तो कुछ और hi प्लान कर रखा था par.....ye तो पहले hi पहुंच gaya...Usne जब आस पसस देखा तो वो एक लड़की के साथ बैठा हुआ था जिसके बाल और पीठ hi देखे जा रहे थे यहाँ से तो...
मैं - तुम जानती हो उसको.....
निकिता - मैं भी यही पूछने वाली थी....
मैं - मैं क्यों जानूंगा usko........lekin सोचने पे लग तो थोड़ी बहुत जानी पहचानी hi....bas चहेरा दिख जाए तो....
निकिता आगे कुछ बोलती उससे पहले hi क्लास का टाइम हो गया और सभी वह से जाने लग gaye......humko भी जाना pada.....humdekh नहीं पाए उस लड़की का चेहरा.....
क्लास में पहुंचे तो पता नहीं ये निकिता को क्या हो gaya.....wo चिढ़ने लग गयी mujhse....upar से वो यहाँ वह देख रही थी की वो नयी स्टूडेंट वो लड़की उसको दिख जाए और वो उससे बात kare....par वैसा कोई है hi नहीं वह पे.........
मैं क्लास में ध्यान देने लग गया क्यूंकि ये एक अजीब से हथियार के बारे में tha.....Lambe हैंडल वाले सोर्ड के बारे mein....khair इसको तो बाद में सुनेंगे कभी.....
अभी को मधु के पास चलते है......
मधु को आये ज्यादा टाइम नहीं हुआ था यहाँ pe.....par वो यहाँ के पढ़ाई में बहुत पीछे thi.....Principle चाहते थे उसको थोड़ा ज्यादा केयर mille.....to उन्होंने सबसे पहले तो कुछ प्रोफ्स को बोलै की उसको padhaye.....aur अच्छे से padhaye.....taaki वो मैच कर सक्के अपना लेवल बाकी सब के saath.....par बात इतनी सी तो थी nahi.....Madhu ने इन् सब में पंकज को भी खींच लिया.....
पंकज जोकि सीनियर tha...uske कारण उसको अपने साड़ी पुराणी पढ़ाई वापस करने का मौका मिल गया.....
ये मौका नहीं सज़्ज़ा होती hai......par पंकज को इसको मन्ना करने का मौका नहीं milla.......Daksh मां वही पर थे जब मधु ने ये बात बताई प्रिंसिपल को की वोआकेले में क्लासेज नहीं लेना chahti....usko कोई तो और चाहिए hi.....
इस्पे प्रिंसिपल ने भी सोचा इसके साथ किसी एवरेज ग्रेड या भी ख़राब ग्रेड वाले को बिठा दिया जायेगा उससे उसका भी भला हो jaayega......unhone उसको इस बात से परेशां नहीं होने को kaha......wo खुद धुंध लेंगे किसी ko.....par मधु ने तो सोच रखा था......
मधु - मैं पंकज के साथ पड़ूँगी आपको किसी को ढूंढने की जरुरत नहीं.......
प्रिंसिपल - Pankaj.....(haste हुए) अरे उसने तो बड़ी मुस.....
वो आगे कुछ बोलते उससे पहले उनको याद आया की पंकज के पिता वही पे खड़े है जो सब सुन्न रहे the.....Par दक्ष मां को तो सब पता hi tha.....Pankaj के गरदेस और उसके तरीके जिससे वो पास होता आया tha....to उन्होंने प्रिंसिपल सर को अपनी बात पूरी करने को कहा....
परिनिस्प्ले - मधु बीटा पंकज के गरदेस सही नहीं hai....aur ऊपर से वो सीनियर hai...tumse....usko तुम्हारे साथ padhana....ye सही नहीं होगा ना.....
मधु - आपने कहा गरदेस सही नहीं hai....ab वो मेरे साथ पढ़ेंगे तो उनके गरदेस सही हो जाएंगे naa....aur मुझे भी एक साथी मिल jaayega....waise भी यहाँ और किसी को कहा जानती हु main.....bas वही तो है एक....
परनिसिपले - इस बारे में मैं कुछ नहीं kahunga.....Daksh आप bataiye.......aapko क्या लगता है......
दक्ष - मैं इसके बात से सहमत hu.....aap चिंता मत करिये मैं उसको इसमें आने को बोल dunga.....dusra मौका बड़े किस्मत वालो को मिलता hai....aur लगता है पंकज की किस्मत अब आ गयी है यहाँ पे....
किस्मत वाली बात उन्होंने मधु को देखते हुआ कहा था....
पंकज जो आराम से अपने रूम में तैयार हो रहा था क्लास में जाने को उसके रूम के दरवाजे पे नॉक करता है koi.....wo दरवाजा खोलता है तो वह पे कोई स्टाफ का बाँदा tha......uske हाथ में एक लेटर tha....usne वो लेटर उसको दिया और हस्ता हुआ वह से चला गया.....
पंकज पहले तो उसको देख रहा tha......aur सोच रहा था ये उसको देख के है क्यों रहा था उसने एक बार खुद को देखा kahi...kuch गड़बड़ तो नहीं thi......par ऐसा कुछ नहीं tha....wo एकदम से ठीक tha.....kapde बाल सब सही थे.....
पंकज - ये है जे क्यों gaya....saare पागल हो गए है लगता है इतने hi वक़्त mein.....ye लीडर भी पता नहीं बिन्ना बताये कहा निकल liye....sayad वो खुद को मेरी हालत का कारण समझ रहे honge.....Unko धुंधके उनसे बात करनी होगी.....
पंकज ये सब बड़बड़ाते हुए उस लेटर को खोलता hai......usme लिखा हुआ पढ़ के उसको बहुत गुस्सा आ रहा tha......khud pe.....Daksh मां pe.....aur सबसे ज्यादा प्रिंसिपल pe.......usne तो लेटर को hi फाड़ diya.......par फिर उसने उसको वापस से ठीक कर दिया और लेके चल दिया प्रिंसिपल ऑफिस की तरफ.......
वह पे पहले से hi दक्ष तैयार थे......
पंकज ने दरवाजा नॉक किया......
प्रिंसिपल - हम्म्म के इन.......
पंकज वो लेटर हाथ में लिए आगे बढ़ा की उसको उसके पापा दिख gaye.....ek पल को रुक्का वो पर उसने जो पढ़ा था उस हिसाब से तो उसके पापा ने भी हां कहा था इस बारे में......
पंकज - सर ये लेटर......
प्रिंसिपल - देखो बीटा Pankaj......daraasal हम एक एक्सपेरिमेंट करने वाले है स्टूडेंट्स के sath.....to हमको एक सब्जेक्ट तो चाहिए hi tha......Daksh जी से बात करने के बाद हमने तुमको चुनना है......
पंकज - आपके एक्सपेरिमेंट की वजह से मुझे परेशानी होने वाली hai.......Main इसमें भाग नहीं लेना चाहता आप किसी और को ये देदो......
दक्ष - सब हो चुक्का hai.....ab कोई भी बदलाव नहीं होने वाला.....
पंकज - पर Papa....Prof. मैं hi क्यों आप जानते है मेरे एग्जाम होने वाले hai......main इन् सब में रहा तो वह कैसे परफॉर्म कर सकूंगा.....
पंकज के इस बात को सुन्न के प्रिंसिपल को हस्सी आने लग गयी......
दक्ष - तुम्हारे गरदेस के बारे में सब जानते hai.....aur तुमको बस उन्हें सुधरने के लिए hi इस प्रोग्राम में लिया गया hai......tum और मधु दोनों को स्पेशल क्लासेज करनी होगी......
मधु का नाम जब इसमें aaya......to पंकज को थोड़ा सा तो पता चल hi गया की ये सब कहा से शुरू हुआ होगा......
पंकज ने थोड़ी कोशिश और ki.....par कुछ फायदा नहीं हुआ उसके बाद उसने हार मान li.....aur सोच लिया इस मधु को सबक सीखने के बारे में.....
पंकज वह से चला gaya.....kaha जाता अपने रूम mein......uska नया टाईमटेबल उसको मिल गया tha......to थोड़ी देर में hi उसको बुआ के पास जाना था उनसे मैजिक की क्लासेज लेने को......
पंकज को बहुत बुरा लग रहा tha.....upar से अजीब इतना की पूछो मत.....
पंकज ने एक बार तो सोचा वो वह जाए hi nahi....par क्लास 2 hi लोगो की thi....usko धुंध hi लेंगे वो सब...
पंकज अपना मैजिक क्लास का सारा सामान उठता है और चल देता है.......
जब वो बुआ के पास पंहुचा तो वह पे पहले से hi मधु thi......Madhu उसको देख के स्माइल कर रही thi.....Pankaj भी कर रहा था पर उसके स्माइल के पीछे उसके भिच्चे हुए दांत नहीं दिख रहे थे जो उसके गुस्से को दिखा देते....
बुआ वही पर thi.....aur मधु को कल के बारे में बता रही thi.....ki उनकी नज़र भी पंकज पे पड़ती hai..........Pankaj जाता है चुप चाप बैठ जाता है वह पे......
बुआ पढ़ना शुरू करती hai.......Madhu ko......Pankaj बस देख रहा tha.....kyun की उसको ये सब थोड़ा थोड़ा पता था.....
बुआ ने मधु को जो भी बताया उसको एक बार वापस से देखने को कहा और वो पंकज की ओर देखने लगी....
बुआ - तो मर. Pankaj.....tum भी आये ho.....par आके भी हो नहीं यहाँ पे.....
पंकज - मुझे इन् सब के बारे में पता hai,,,,,aur कोई अपनी मर्ज़ी से नहीं आया हु यहाँ pe......(madhu को देखते हुए) किसी ने बहुत म्हणत की है मुझे यहाँ लाने में....
बुआ ने जब ये देखा तो उनको हस्सी आ गयी.....
बुआ - हम्म ठीक hai....agar तुमको ये सब आता है तो बस एक रेविसिओं की तरह लेलो isko......Principle सर ने बताया था की तुम्हारा ये बस रेविसिओं hai......Daksh चाहते है तुम और बेहतर बन्नो.....
पंकज सब सुन्न रहा था और ऐसे hi अजीब से फेसिअल एक्सप्रेशन दे रहा था जैसे बोर हो रहा हो वो.....
बुआ - वैसे तुमने पनिशमेंट के बारे में नहीं bataya....uska क्या हुआ है.....
Bua(mann में ) - ये क्या पूछ लिया poonam......aaj तो ये सही लग रहा hai......ab वापस से वो सब पूछ liya....ye पक्का वापस से डिप्रेस हो jaayega.....ye क्या कर दिया.....
पंकज - वो काम चल रहा hai....waise अभी तक तो हो भी जाना tha.....par कुछ करने की वजह से नहीं हो paaya.....par पिछले दिन हम गए थे हेडोफ़्फ़िस mein.....aur उनसे बात की thi.....unhone कहा है वक़्त लगेगा इसमें पर कितना ये नहीं पता है......
बुआ -(मैं में) हस्सस ये सही hai....isko इससे कोई परेशानी नहीं hui.....ab बेहतर लग रहा है ye......sayad इस लड़की की वजह से......
बुआ - हम्म तो तुम वह गए the.....Daksh जी के साथ गए थे kya.....unke जाने से काम जल्दी हो जाता.....
मधु - मैं गयी thi.....inke साथ mein.......ye lijiye.....maine देख लिया इसको.....
बुआ - हम्म दो......
बुआ ने फिर उस टॉपिक से कुछ क़ुएस्तिओन्स pucche....Pankaj से भी पूछे जिसमे पंकज ने 5 में से बस 2 के जवाब दिए.....
उसके बाद इन् दोनों की अगली क्लास थी.....
वही क्लास ख़तम होने के बाद निकिता यहाँ वह देख रही थी की पंकज कहा hai,,,,,,usne सोचा था की उसको सॉरी बोल देगी और थैंक्स के लिए उसको कोई ट्रीट दे degi.....par वो दिख भी नहीं रहा tha......upar से वो ladki.....Nikita को पता नहीं चल रहा था आखिर उसको बुरा क्यों लग रहा है....
मैं उसके पास आया......
मैं - क्या hua.....yaha ऐसे क्यों कड़ी हो......
निकिता - कुछ नहीं तुम जाओ मैं आती हु थोड़ी देर में.....
मैं - ठीक hai.....pata नहीं इसको अब क्या हुआ hai.....accha मैं बुआ के पास जा रहा hu......aane हो तो आ जाना......
निकिता ने थोड़ी देर में आने को कहा और मैं वह से चला आया......
बुआ के केबिन में पंहुचा तो वो फ़ोन पे बात कर रही thi......sayad रूपल दीदी से कर रही thi........Main जाके बैठ गया ऐसे hi.......
उन्होंने मुझे देखा पर वो बात करती rahi......thodi देर बाद जब बात ख़तम हुई तो वो मेरे पास आयी.....
मैं - क्या हुआ दीदी ठीक है ना......
बुआ - वही पूछने को कॉल किया tha.....sab सही है या nahi.......abhi वो ऑफिस में है वो दसिग्नस वगेरा वो sab.....thek hi लगी मुझे बात करने पे तो......
मैं - हम्म ये ठीक है.....
बुआ - हम्म तुम बताओ यहाँ क्या करने आये हो......
मैं - वो तो बस ऐसे hi.....waise मुझे ना किसी के बारे में पता करना था....
बुआ - अभी nahi.......abhi मैं वैसे भी एक्स्ट्रा वर्कलोड से परेशां hu.....abhi कुछ नहीं करने वाली मैं.....
मैं - सुन्न तो lo.....aap भी कम्मल करती हो......
बुआ - मुझे सुन्ना hi नहीं hai.......pahle तुम बताओगे फिर मुझे उसका पता लगाने को bologe.....main पढ़ना hi नहीं चाहती इसमें वैसे भी ये एक्स्ट्रा क्लास्से.......
वो आग कुछ बोलती उससे पहले निकिता बड़बड़ाते हुए अंदर aayi.......chahre से साफ़ पता चल रहा था ये जिससे में hai......waise सायद ये हमेशा hi गुस्से में रहती है......
बुआ - तुझे क्या हुआ......
निकिता - ये सारे लड़के hi अजीब होते है.....
मैं - क्या hua.....maine कहा कुछ किया इस बार.....
निकिता - इसको hi देख lo......aur तुम तो बोलो मत......
बुआ - अरे हुआ क्या ये तो बताओ......
निकिता - वो मुझे इग्नोर करके चला गया मैं उससे माफ़ी मांग रही थी और उसने सुन्ना तक nahi......aur वो ladki......usko तो main......wo उसको वह से लेके चली गयी....
मैं - किसकी बात कर रही हो तुम......
निकिता - तुम्हारे भाई ki........sahi कहती थी main.......ye लड़के सही होते hi nahi......koi माफ़ी मांग रहा हो उसको सुन्नते भी नहीं.....
बुआ - aree......Pankaj की बात कर रही ho......meri मानो तो अभी कुछ वक़्त उसको वैसे hi छोड़ do.....wo पहले hi परेशां hao......darasal उसको अब साड़ी पढ़ाई वापस से करनी पद रही है......
निकिता - अच्छा hi है ye......usko तो निकल भी देना चाहिए यहाँ से.....
मैं - एक minute....padhayi वापस से क्यों करनी पद रही है.....
बुआ ने मुझे बताया की प्रिंसिपल सर ने कोई एक्सपेरिमेंट के बारे में बताया है जहा उसको अस ा सब्जेक्ट ट्रीट किया जाने वाला hai.....jiske बाद से उसको स्पेशल क्लासेज में बी......
बुआ की बात पूरी होती उससे पहले hi K.Bua आ गयी और उन्होंने बताया की उनको प्रिंसिपल सर बुल्ला रहे hai......K.Bua बस यही बताने आयी thi....unko आज भी दब के पास hi जाना था......
दब का कुछ अलग hi चल रहा tha.....mujhe इसके बारे में पूछना चाहिए tha.....par मैंने नहीं puccha....pata नहीं क्यों....
क बुआ वहज से चली gayi.....thodi देर में मैं और निकिता भी चल दिए......
मैं उसको बता रहा था की वो छोड़ दे पंकज ko....usne माफ़ी मांग ली बस बात khatam.....par वो सुनने को तैयार hi नहीं थी......
यहाँ का छोड़ हम डेमोस पे चलते hai.......aaj जाके बस एक बात पता चली थी स्लेयर के बारे में.....
स्लेयर ने शाम के वक़्त जब लड़ाई ख़तम हुई तो सोफ़िया का नाम लिया tha......wo इस वक़्त अपनी माँ को याद कर रहा tha......Bas ये नाम hi पता चल पाया था लूसिफ़ेर ko......aur लूसिफ़ेर ने लोगो को लगा दिया इस नाम के बारे में पता करने ko.....bahut सी सोफ़िया थी वैसे तो पर वो ये नहीं जानता था ये किसका बीटा hai.......usne अपने लोगो को इस काम में लगा दिया.....
बस इस नाम का पता चला था usko....aur उसके बदले करीब 13 लोग मारे गए the......ab तो जो लोग स्ट्रेंज वर्ल्ड से वह गए हुए थे वो ये सोच रहे थे की कैसे खुद को बच्चा के रखे कुछ समझ गए थे की लूसिफ़ेर के आने से पहले उनकी मौत hi आने वाली है.....
वही इन् सब से दूर लीडर ने पता लगा लिया था की कितने सैतान है एअर्थ pe.....par वो कहा कहा पे है वो उसको पता नहीं चल पा रहा था वो कोशिश कर रहा था पर सफल नहीं हो रहा tha......saath hi उसने शेतां को ट्रैन करना शुरू कर दिया था जिसको वो पंकज को देना चाहता था.....
पंकज से याद आया......
क्लासेज जब ख़तम हुई तो पंकज पुर्रा चिढ़ा हुआ tha......Madhu को गुस्से से देख रहा tha.....par उसको कुछ बोल नहीं रहा था वो.....
मधु - अरे बोलो bhi....kya ऐसे घूर रहे ho......tum भी.....
पंकज - तुम्हारी वजह से मुझे ये सब करना पद रहा hai.....kaha मैं एकदम सही से अपनी लिफ़.......
वो इस बात को बोल hi रहा था की वह पे निकिता आ जाती hai......usko देख के वो चुप हो जाता है और जब वो छुओ होता है तो मधु देखने लगती है कारण क्या है इस चीज़ ka......to उसकी नज़र निकिता पे जाती है......
निकिता - पंकज मुझे तुमसे कुछ बात करनी है.....
पंकज ने कुछ नहीं कहा वो बस वैसे hi बैठा raha......wahi मधु भी बस देखती रही और समझने की कोशिश करती रही अब ऐसे hi किसी के मामले में बोल देना सही तो नहीं hai.....wo भी बिन्ना कुछ जाने
निकिता - सॉरी मैंने तुम्हारे साथ वैसा बेहवे किया......
पंकज ने एक बार मधु की तरफ dekha.....aur जिस बेंच पे बैठा था वह से उठा और वह से जाने लग गया......
मधु भी उसके पीछे जाने lagi.....wo पीछे मुद के देख रही थी निकिता ko......aur निकिता गुस्से में thi.....koi ऐसे इग्नोर करे वो भी तब जब आप उससे माफ़ी मांगने जाओ तो ऐसा होता है.....
वो आगे बढ़ी और वापस से पंकज के सामने गयी और उसको सॉरी bola.......khud के गुस्से को कण्ट्रोल करते hue.......iss बार मधु ने पंकज का हाथ पकड़ा और वह से लेके चली गयी......
निकिता का गुस्सा बस बढ़ता hi जा रहा tha......isse पहले वो कुछ और करती वो दोनों hi जा चुके थे.....
वो भी अपने पेअर पटकते हुए वह से चली गयी.......
पंकज और मधु दोनों अपने नेक्स्ट क्लास में जाके बैठ gaye......Madhu उससे कुछ पूछ नहीं रही thi....sayad वो जानती थी की पंकज बताएगा उसको की क्या मटर था.....
पंकज ने वैसा hi किया जब ये क्लास ख़तम हुई तब उसने मधु से कहा की वो बहार जा रहा है अगर वो आना चाहे तो आ सकती है......
मधु को तो जाना hi tha.....wo भी निकल ली उसी पेड़ के पास se......aur दोनों चल दिए बस se......Pankaj ने आज भी वही जगह चुन्नी thi.....jaha वो पहली बार प्रतीक के साथ बहार गया tha.....wo फैजटिंग वाली जगह :lol:
मधु - हम्म तो यहाँ भी इललीगल फाइटिंग होती hai.......ye सही जगह लेके आये तो तुम.....
पंकज - तुमको पता है इस बारे mein.....tab तो नियम भी पता होगा naa......bolna नहीं होता यहाँ पे.....
मधु - बोलेंगे नहीं तो मज़्ज़ा कैसे aayega......arre स्ट्रेंज वर्ल्ड में तो......
वो फ्लो फ्लो में थोड़ा ज्यादा बोल जाती पर ृक्क गयी खुद को संभल लिया उसने
पंकज - तुम्हे वह इन् सब का पता tha.....ajeeb राजकुमारी हो तुम to......accha पर यहाँ पे कच मत bolna.....bas मैच देखना है.....
मधु - बस देखने में कैसा मज़्ज़ा
पंकज - आज बस देख lo.....aaj मैं कोई और परेशानी नहीं देखना चाहता......
मधु ने उसकी बात मान ली पंकज और वो दोनों अंदर गए और बैठ गए मैच देखने को.....
पंकज आराम से बैठा देख रहा था लड़ाई ko......ki तभ मधु छिलने lagi......aur मारो लेफ्ट se....punch karo......elements ऐसे कौन उसे करता है....
वो बस चिल्लाने लग गयी......
उसका 1 बार हो गया था......
पंकज जो अभी वह थोड़ा आराम से बैठा था वो उसको घूरने laga.....aur चुप रहने को कहा......
थोड़ी देर वापस से वो चुप rahi......par उसके बाद फिर se......ek बार चिल्लाने लगी वो......
पंकज उसको चुप करने में बोलने लग gaya.......aur इसके वजह से उसका भी एक पॉइंट हो गया था......
पंकज ने जब ये देखा वो वह से मधु को लेके निकल gaya......aur बहार आके उसको कुछ बोलता उससे पहले वो हसने लग गयी.....
Madhu(haste हुए) - तुम इतना डरते क्यों ho.......darne का नहीं मैं है इधर....
पंकज - तुमको पता है अगर तुमको चोट लागु तो मुझे क्या क्या बोलै jaayega......aur डरता नहीं मैं किसी से.....
मधु - ारी तुम्हारे पापा.......
मधु ने ऐसा कहा तो वो पंकज एकदम से दर गया पीछे देखा कोई नहीं था वह पे आगे बस पेट पकड़ के मधु है रही thi.......pahle तो पंकज को गुस्सा आया पर फिर उसको खुद हस्सी आने लग गयी.....
पंकज - कुछ खाने चले......
मधु - हां chalo.....main भी देखती हु कहा लेका जाते हो तुम एक लड़की को.....
पंकज उसको बस के पास लेके गया और फिर इंसानो के अरे में उतर gaya.......waha पे उसने एक होटल dekha.....chota सा था wo......uss ओर चल दिया.....
पंकज - ये देख रही ho.....yaha पे हम सब आया करते थे pahle....jab मैं छोटा था......
मधु - ooh.....tab तो अच्छा खाना मिलता होगा यहाँ pe......chalo ये ठीक है....
पंकज वह गया और कुछ आर्डर kiya....aur जाके दोनों एक टेबल पे बैठ गए......
पंकज ने उसको बताना शुरू kiya....kaise वो निकिता से और बाकी सब से milla.....aur उसने सब कुछ hi बता diya.....matlab एल्फ किंग को मारने की कोशिश ये सब भी बता दिया था usne......kuch भी नहीं छुपाया tha......pata नहीं क्यों उसको ऐसा लग रहा था सायद ये सब जब बाद में मधु को पता चलेगा तो वो उसके पास नहीं aayegi.....to उसने सोचा अभी hi बता देना सही होगा......
मधु बस हैरानी से सुनती रही सब kuch.......kahi कही पे पंकज गलत tha....par और जगह पे तो उसको मौका hi नहीं मिला किसी चीज़ के बारे mein.....usko गुस्सा आ रहा था इन् सब mein.....ki कैसे कोई ऐसा कर सकता है किसी के साथ.....
मधु - तुमको फ़िक्र करने की जरुरत नहीं hai...aur अब तो अकेले भी नहीं हो tum.....main हु तुम्हारे saath......aur जैसे आज इग्नोर किया naa...waise hi इनको करना hai......inko तो मैं सबक सिखाऊंगी.....
पंकज - खाना खाओ चुप चाप सबक sikhaungi.....kuch नहीं करोगी tum......wo सब पास्ट tha....usko रहने do....ab मुझे भी उनसे कोई मतलब नहीं hai......jo करना है उनको करने दो.....
मधु - हम्म ठीक hai.....koshish कर सकती हु.....
इन् दोनों ने अपना खाना ख़तम किया और फिर वह से चल दिए वापस स्कूल को.....
आज के लिए इतना hi......
अभी अपन बिजी है एक एग्जाम के चक्कर में तो उपदटेस थोड़े छोटे हो जा रहे hai.......ye बड़े हो jaayenge....kuch वक़्त में.....
नेक्स्ट अपडेट रूपल दीदी और दब के प्रॉब्लम पर hogi....saath में हीरो हीरोइन को मिलवा भी देंगे.....