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अब तक आपने पढ़ा की विक्रम को अवंतिका के पिछले जनम के बारे में पता चल जाता है....
अब आगे........
CHAPTER-2
( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )
अपडेट-59:-
प्लेनेट- वर्ल्ड ऑफ़ थे वारियर:-
प्लेस- PLANET'S एज:-
मोकसायटी कवचं भाव
अनडू थे शील्ड
तोह तुम आज़ाद हो गए...........
आवाज़ सुन डिफेंडर पलटा और सामने वाले को देख एक पल के लिए हड़बड़ा गया.
डिफेंडर के सामने ास्मोडियस खड़ा था....
भले hi डिफेंडर भी कई अलौकिक शक्तियों का मालिक tha,par इतने वक़्त में वो ास्मोडियस और उसकी असीम ताकत के कई नमूने देख चूका था....
और खुद उनका एक छोटा सा हिस्सा भी रह चूका था....
पर डिफेंडर ने अपने अंदर के भावनाओ को नियंत्रित कर कहा.....
डिफेंडर- haan...........aur अब तुम मेरा कुछ नहीं बिगड़ सकते......
ास्मोडियस- सच में!!!!!!!
ास्मोडियस के इस छोटे से सवाल में कहीं न kahin,ek vyanga,aur खुद पर भरोसे से भरा हुआ जवाब भी छुपा हुआ था........
डिफेंडर- हाँ सच me.......aur तुम्हारी नज़र तोह हर जगह रहती है naa.toh तुम्हे मालुम hi होगा की मई ये क्यों कह रहा हूँ......
ASMODEUS-aatm विश्वास अछि चीज़ है डिफेंडर पर आती आत्मविश्वास नहीं......
पापियास अछेद्या कवच......
DEVIL'S अनब्रेकेबल शेड........
यही कवच तुमने ओढ़े हुए है ना...
डिफेंडर ास्मोडियस की बात सुन कर चौंक गया......
क्यूंकि कवच का पता स्पेल बोलने के बाद hi मालुम पड़ता है पर ास्मोडियस ने बिना कुछ करे hi कवच के बारे में बता दिया था....
डिफेंडर- इस बाद में कोई संदेह नहीं की तुम्हारे शक्तियों का कोई तोड़ नहीं...
काश तुम अपनी योग्यता बुराई nahi,balki अच्छे के मार्ग पर दिखते.....
एक बाद हमेशा याद rakhna,burai कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो jaaye,usse एक दिन अच्छे के सामने झुकना hi पड़ता है.....
dekhna,ek दिन तुम अपने hi नफरत की आग में जल जाओगे.......!!!!
ास्मोडियस- नफरत से सच्चा और पाक एहसास कुछ नहीं होता डिफेंडर.....
नफरत में चाहत जैसी मिलावट नहीं hoti....nafrat का कभी मन नहीं बदलता....
MOHOBBAT,CHAHAT,APNAPAN..........ye जितने भी अचे शब्द है naa,ek न एक दिन इनके मार्ग पर चलने वाले को ठोकर अवश्य लगती है....
अच्छे के मार्ग पर चलने वालों का सबसे ज़्यादा उच्चारित करने वाला शब्द होता है विश्वास.....
एक बाद हमेशा याद rakhna,VISHWAS में hi विष का वास होता है....
तुम बुराई की बात करते ho.......burai से ज़्यादा पाख और ाचा कुछ भी nahi......par तुम ये नहीं samjhoge.......acchai नामक झूठे एहसास से जो घिरे हुए हो........
डिफेंडर के पास ास्मोडियस की बातों का कोई तर्क नहीं tha.......kyunki वो जानता था की ास्मोडियस ने कुछ भी गलत नहीं कहा था...
ास्मोडियस- khair,tum एक बात और भूल रहे ho......jis कवच ने तुम्हे सुरक्षित किया हुआ hai,usse तुम डेविल्स से तोह बच sakte,par ास्मोडियस से नहीं......
क्यूंकि ास्मोडियस काली शक्तियों का गुलाम नहीं उनका मालिक है...
पर साथ hi,bhale hi अब मई एक एंजेल नहीं raha,par एंजेल की shaktiyan,aaj भी मेरे अंदर मौजूद हैं....
तुम्हारा कवच तुम्हे ब्लैक एनर्जी से तोह बचा lega,par वाइट ेनेर्गीएस से कैसे बचाएगा......
डिफेंडर ास्मोडियस की बात सुन कर घबरा gaya......wo ये बात भूल गया था की ास्मोडियस के पास डेमोनिक पावर्स के साथ साथ एंजेल पावर्स भी मौजूद हैं...
और अब वो कुछ कर भी नहीं सकता tha.....DEFENDER ने गॉड को स्मरण किया और अपने साथ होने वाले दुर्गति के लिए खुदको तैयार करने लगा....
संपूर्ण विनाशं...........
कम्पलीट डिस्ट्रक्शन.......
ास्मोडियस के हाथों से लाल रौशनी निकली और डिफेंडर की तरफ तेज़ी से बढ़ गयी.....
डिफेंडर को अपनी अंतिम घडी उस लाल रौशनी के रूप में अपनी तरफ आते हुए दिखने लगी....
भूममममममम.........
लाल रौशनी के डिफेंडर से टकराते hi एक कारण भेदी धमाका hua.......aur जब धुआं छठा तोह ास्मोडियस के चेहरे पर घोर आश्चर्य के भाव थे......
आश्चर्य के भाव सिर्फ ास्मोडियस के चेहरे पर hi नहीं the,DEFENDER के चेहरे पर भी थे......
डिफेंडर तोह अपने शरीर को छू छू कर देख रहा था मानो चेक कर रहा हो की क्या वो वाकई अब भी ज़िंदा है.......
( मैंने तुमसे वादा किया था की मई तुम्हे कुछ नहीं होने DUNGA,FIR ये संदेह क्यों????? )
ये आवाज़ डिफेंडर के दिमाग में गुंजी थी..
डिफेंडर मन में- मुझे माफ़ kijiyega.ASMODEUS की बातें सुनकर मई आपके दिए गए वचन को भूल गया था.....
वहीँ डिफेंडर के सामने खड़ा ास्मोडियस अब तक सोच में पड़ा हुआ था....
ामदेउस ने अपने हाथ डिफेंडर की तरफ गोल घुमा diye.....ASMODEUS को डिफेंडर के चरों तरफ फैली DEVIL'S अनब्रेकेबल शील्ड दिखने लगी.......
ास्मोडियस ने शैलद को अपने तरफ आने का इशारा kiya..SHIELD के अंदर से उसके जैसी एक और शील्ड निकली और ास्मोडियस के दिमाग में घुस गयी....
ऐसा लगा मानो ास्मोडियस के इशारे पर शील्ड ने खुद की एक कॉपी बाहर निकाल ास्मोडियस को दे दी हो........
विघ्रनाटी..............
अनलयसे
ास्मोडियस के दिमाग में वो कवच विबरते होने लगी मानो खुद को झटक रही हो और तभी.........
असंभाववववववव................
ास्नोडेउस के मुँह से ये शब्द अपने आप hi निकल गया.......
दरअसल बात ये थी की शील्ड के विबरते होते hi उस शील्ड के बीच में एक और शील्ड दिखने लगी.....
और इस शील्ड का नाम था........
स्वर्ग दुता अच्छेद्य कवच
ANGEL'S अनब्रेकेबल शील्ड
और ये कोई ऐसी वैसी शील्ड नहीं thi.iska प्रयोग सिर्फ ास्मोडियस hi करता था......
ास्मोडियस मन में- ये कवच कोई और कैसे इस्तेमाल कर सकता है....
( ये सब स्पीयर का कमाल है doston......jab स्पीयर ासमोसडएस की मिलकियत thi,toh ास्मोडियस को बिना पता लगने diye,is शील्ड की एक कॉपी उसने अपने अंदर सोख ली थी.... )
डिफेंडर- अपनी बुराई की ताकत और आज़माना चाहोगे ास्मोडियस....????????
ास्मोडियस- क्षणिक मात्रा के जीत से खुश हो रहे हो डिफेंडर......
तुम भले hi आज ज़िंदा बच गए ho,par तुम्हारे लोगों के अंदर मेरे बच्चों ने ( DEVIL'S ) जो नजाने कितने वर्षो तक कैवा का रास भरा hai,wo अभी सिर्फ इसीलिए बेअसर hai,kyunki तुम्हारे लोगों के अंदर काली शक्तियां मौजूद हैं....
जिसकी मदद से तुमने अपने चारो तरफ शील्ड बना राखी hai,wo भी इस मामले में तुम्हारी कोई मदद नहीं कर सकता......
तुम अपने गृह के चारो तरफ फैले शील्ड को तोह हटा सकते ho,par तुम्हारे लोगों के अंदर भरे कैवा रास को nahi....tum kya,tumhare लार्ड ऑफ़ एंगेल्स के पास भी कोई तोड़ नहीं है मेरे कैवा का........
HAHAHAHA...HAHAHAHAHAHA................
ास्मोडियस विजेताओं की हसी हस्ता हुआ गायब हो gaya.....wahin डिफेंडर ास्मोडियस की बात सुनकर निराश हो गया....
पर वो कर भी क्या सकता tha,usne एक लम्बी सांस छोड़ी और प्लेनेट शील्ड को हटाने में लग गया.........
प्लेनेट- एअर्थ
PLACE-SECRILLA
डे-3
students,ye है आज का हमारा फर्स्ट हालत या यूँ कहूं, फर्स्ट adventure.........THE रॉक माउंटेन....
आज की हमारे सेक्रिला एक्सप्लोरेशन की शुरआत भी मॉर्निंग 8 बजे से हो गयी thi.......kuch 1 घंटे हम जंगल के अंदर चलते रहे....
रास्ते में गाइड सर हमे अलग अलग पेड़ के बारे में बताते rahe.......do दिन के जंगल एक्सप्लोरेशन में हमने अभी तक कोई खतरनाक जानवर नहीं देखे थे....
जिसका कारण था इलेक्ट्रिकल वाल बॉउंड्रीज़ जो वकाजुला गवर्नमेंट ने सेक्रिला जंगल के रिस्ट्रिक्टेड एरियाज की शुरुआती जगहों पर लगाई हुई थी......
1 घंटे तक लगातार टहलने के बाद हम सब जैसा की गाइड सर ने कहा, रॉक माउंटेन के सामने खड़े थे......
गाइड- जैसा की आप सब देख रहे हैं,
इस हरे भरे जंगल के बीच ये पत्थरों का पहाड़........
पर जैसा दिख रहा है वैसा है nahi......is माउंटेन की ऊंचाई 200 फ़ीट hai...jaisa की हर रॉक माउंटेन में होता hai,is माउंटेन में भी दरारे hain,jinki मदद से आप आज यहाँ माउंटेन क्लाइम्बिंग करेंगे...
पर ये दरारे कुछ ख़ास hain...khaas कर माउंटेन के ऊपर की daraaren..koi बता सकता है की उन दरारों में क्या है...???
अवंतिका ने अपने हाथ ऊपर किये....
गाइड- बताइये......
अवंतिका- दरारों के beech,chote छोटे पौधे हैं.
गाइड- क्या आप बता सकती हैं की उन पौदों में ऐसा क्या ख़ास है???
AVANTIKA-un पौधो को गरम पानी में डुबोकर फिर लेप बनाया जाता है......
उस लेप को छोटे छोटे गोलों का शेप देकर 24 घंटों के लिए सुखाया जाता है....
उन गोलों से ब्लड कैंसर से अफेक्टेड मरीज़ को ठीक किया जा सकता है.....
गाइड- बोहोत acche.......i मस्ट से आपको जड़ीबूटी विज्ञानं का काफी नॉलेज है.......
इधर मई अवंतिका का जवाब सुन मुस्कुरा दिया........
गाइड- सो जो भी स्टूडेंट्स इंटरेस्टेड hain,mere पास आके क्लाइम्बिंग गियर्स ले सकते hain.....but एक बाद याद rakhiye.mountain क्लाइम्बिंग कोई मज़ाक नहीं है......
इसमें जान जाने का भी खतरा रहता hai..isiliye जिन्हे माउंटेन क्लाइम्बिंग करने का एक्सपीरियंस hai,wahi आगे आएं....
हमारे ग्रुप से mai,ANJALI और रोनित आगे आये........
शनाया- तुम लोगों को माउंटेन क्लाइम्बिंग भी आती hai.ANJALI,tujhe भी......!!!!!!
अंजलि- haan,toh इसमें कौन सी बड़ी बात है....
AKSHAANT,SHAILA और मोकलसर के ट्रेनिंग में रोनित और अंजलि ने सीधी सिविल पर कैसे चढ़ना hai,ye सीखा tha,toh फिर ये माउंटेन क्लाइम्बिंग क्या चीज़ है!!!!!!
अवंतिका- आराम से V.J....... पहाड़ काफी बड़ा है....
अवंतिका मेरे पास आकर धीरे से बोली.....
मई- nahi,aaj तोह मई खुद को चोट लगवा कर hi लौटूंगा....
अवंतिका- क्यों भला??????
अवंतिका ने तुरंत पूछा....
मई- yaar,sahi सलामत वापस आकर भी तोह तुम्हारा उदास चेहरा hi देखना hai....isse acha,haath पेअर तुड़वा कर लौटूं....
इससे होगा ये की तुम्हारा ध्यान अपनी उदासी से हटकर मेरी तरफ चला जाएगा....
अवंतिका- तुम्हे कैसे पता की मई उदास हूँ!!!!!!
दरअसल अवंतिका आज सुबह से hi उदास hai..par सबको दिखने के लिए ऊपर से अपने आप को खुश दिखा रही है......
मई अवंतिका के और करीब जाकर- जो आँखों की भाषा समझते hain,unhe सच जानने के लिए जुबां के खुलने की ज़रुरत नहीं होती...
मई ये बोलकर हस्ते हुए उस माउंटेन के नीचे चला गया...
अवंतिका मन में- आखिर कौन हो tum???mere बिन बोले मेरे दिल की बात समझ लेते हो.....
जब भी मेरे करीब होते हो तोह लगता है जैसे वक़्त वहीँ रूक jaaye.....oh सहित......
मैंने तोह V.J को बोलना hi भूल गयी की उन दरारों के बीच के कुछ पौधे मेरे लिए तोड़ कर लाये....
इधर हम तीनो ने माउंटेन क्लाइम्बिंग करना स्टार्ट भी कर दिया tha.....hum तीनो के अलावा कुछ 3,4 बन्दे और थे जो क्लाइम्बिंग करने के लिए आगे आये थे...
हम तीनो नार्मल इंसानो की स्पीड से hi ऊपर चढ़ते gaye.waise इस माउंटेन में चढ़ने ज़्यादा मुश्किल नहीं था.....
दरारें काफी ज़्यादा thi......jinme कील ठोकना और क्लिप्स लगाना काफी आसान tha.....hum सब कुछ आधे घंटे एम् ऊपर थे......
उतरना तोह और भी आसान रहता है ऐसे क्लिंबिंगस me.hum फटाफट उतर गए...
मई- लो........
मैंने अवंतिका के पास जाकर अपने हाथ आगे कर diye.....mere हाथों में कुछ पौधे थे जो मैंने उन दरारों से तोड़े थे...
अवंतिका मेरे हाथ में पूओढ़ां को देखकर बोहोत खुश और साथ hi सुरप्रीसेड भी हो गयी.....
अवंतिका- तुम्हे कैसे पता था की मुहे ये चाहिए....!!!
मई- जाने से पहले मैंने तुम्हे कुछ कहा tha,bhul गयी!!!!!
ये बोलकर मई मुस्कुराते हुए आगे बढ़ गया.....
शनाया- अरे ये पौधे कैसे????
अवंतिका मुझे पीछे से एकटक देख कुछ सोच hi रही thi,SHANAYA की आवाज़ से अपनी सोच से बाहर आयी...
अवंतिका- वो मैंने V.J से कहा था की मेरे लिए उन दरारों से कुछ तोड़ कर laaye.ye वही पौड़ेन हैं....
शनाया- oh...yaar,mai क्या कहती hun,ek बार हम naa,apni पूरी फॅमिली के साथ यहाँ aayenge.unhe भी ये जंगल काफी ाचा लगेगा.....
ख़ास कर बड़े पापा ko.unhe तोह ऐसे अडवेंचरउस ट्रिप्स काफी पसंद हैं.
अवंतिका पापा शब्द सुन फिर से उदास हो गयी पर उसने तुरंत खुद को नार्मल कर लिया...
अवंतिका- सूरे babes.par अभी जल्दी chal,dekh सब आगे निकल गए हैं....
शनाया और अवंतिका आगे की तरफ चल diye.AVANTIAK चल तोह रही thi,par साथ साथ कुछ सोचकर फिरसे उदास हो गयी थी...
अब ऐसी क्या बात है जिसकी वजह से हमारी हीरोइन सुबह से उदास hai,chaliye देखते हैं.....
स्माल फ्लैशबैक फ्रॉम लास्ट नाईट:-
पुत्रियीईइ......................
अवंतिका की आँखें खुल गयीं........
वो यहाँ वहां देखने लगीं..........
आधी रात गुज़र चुकी thi...is वक़्त रात के करीब 2 बज रहे थे.......
अवंतिका- मई भी naa.sapne में आयी आवाज़ को हक़ीक़त में ढूंढ रही हूँ....
पर ये आवाज़ तोह मैंने पहले भी अपने सपने में सुनी hai,par आज ये आवाज़ कुछ ज़्यादा hi क्लियर थी............
पर अवंतिका ने इसके बारे में ज़्यादा नहीं socha,kyunki कल उससे सुबह जल्दी भी उठना tha.isiliye उसने अपने दिमाग को झटका और जैसे hi वापस लेटने को हुई........
आवाज़- ये कोई सपना नहीं है putri,tum सच में मेरी आवाज़ सुन रही हो.....
अवंतिका दर के मारे कांपने lagi........usne जिससे सपना सोचा tha,wo हक़ीक़त बनकर उसके सामने था....
अवंतिका ने थरथराती आवाज़ में शनाया को आवाज़ दी जो उसके पास hi सोई thi,par शनाया पे इसका असर नहीं hua.wo काफी गहरी नींद में थी......
तभी वो आवाज़ एक बारी और अवंतिका के कानो में पड़ी....
आवाज़- घबराओ मत putri........mai तुम्हे कोई हानि नहीं पहुंचाऊंगा.......
पर उस आवाज़ की बात का अवंतिका पर उल्टा असर pada.wo और ज़्यादा दर के मरे कांपने लगी...
आवाज़- ठीक है putri....agar तुम्हे मेरी आवाज़ से इतना hi दर लग रहा है तोह अब मई नहीं bolunga.....jab भी तुम्हारा दर ख़त्म ho,tum मुझे आवाज़ दे dena,ab मई तभी बोलूंगा.........
इसके बाद आवाज़ आना पूरी तरीके से बंद हो गयी.
अवंतिका कुछ देर तक डर्टी hi रही पर कुछ 10 मिनट गुज़र जाने के बाद भी जब कोई आवाज़ नहीं आयी तोह धीरे धीरे अवंतिका का दिमाग काम करने लगा....
उससे ये बात समझ में आ गयी की ये आवाज़ जिसकी भी thi,wo उससे नुक्सान नहीं पहुंचाएगा.......
अवंतिका- आपपपप कौन हैं????
आवाज़- पहले तुम डरना बंद करो putri.....tumhari आवाज़ अभी भी कांप रही है....
अब अवंतिका का दर काफी हद तक काम हो चूका tha.aur उस आवाज़ में अपने लिए पुत्री शब्द में जो प्यार छुपा हुआ tha,usse अवंतिका ने महसूस कर लिया था....
अवंतिका- आप कौन hain.....????kya ये कोई प्रैंक hai....!!!!aapki सिर्फ आवाज़ सुनाई दे रही hai,par आप दिखाई नहीं दे रहे hain......kahin आप कोई भूत......
अवंतिका की बात पूरी होने से पहले hi आवाज़ हसने लगी.........
आवाज़- नहीं putri,naahi तुम्हारे साथ कोई मज़ाक कर रहा है और मई कोई भूत भी नहीं हूँ....
AVANTIKA-fir आप दिखाई क्यों नहीं दे रहे!!!!
आवाज़- वो तोह मई तुम्हारे सामने आने पर hi bataunga.....par तुम वादा करो की मेरे सामने आने पर दरोगी नहीं.....
अवंतिका- ठीक hai.promise....
तभी अवंतिका के टेंट में एक रौशनी हुई और उस रौशनी के बीच से गुरु विशिष्ट प्रकट हुए.....
अवंतिका के लिए तोह ये सब किसी मूवी के स्पेशल एफ्फेक्ट्स सीन के जैसा tha.wo आँखें फाड़े ये सब देख रही थी........
गुरु विशिष्ट- तुमने वादा किया था पुत्री की तुम दरोगी नहीं...
गुरु विशिष्ट के आवाज़ से अवंतिका होश में आया
AVANTIKA-aap कौन है और ये आपने कैसे किया?????
गुरु विशिष्ट- ये जानने में बोहोत वक़्त lagega.....aur मेरे पास अधिक समय नहीं hai....abhi के लिए तुम इतना जान लो की मई तुम्हारा पिता हूँ.......
गुरु विशिष्ट की बात सुन अवंतिका को झटका लगा....
अवंतिका- ये आप क्या बोल रहे hain???aapko कोई गलत फेहमी हुई hai.mai आपकी बेटी नहीं हूँ......
अवंतिका की बार सुन गुरु विशिष्ट muskuraye.....unhone अपने हाथ आगे कर diye..unke हाथिन से एक रौशनी निकली और शनाया में समां गयी.....
अवंतिका- ये आपने मेरी बेहेन के साथ क्या किया????
गुरु विशिष्ट- कुछ भी नहीं putri...maine तोह बस उसकी निद्रा को और गहरी कर di....tum मेरे पास आओ....
पर अवंतिका अपनी जगह पर बैठी रही....
गुरु विशिष्ट- घबराओ मत putri,maine कहा naa,mai तुम्हे कोई हानि नहीं pahunchaunga.......mere पास आओ.
अवंतिका हिचकिचाते हुए गुरु विशिष्ट के पास चली gayi...GURU विशिष्ट ने अपना एक हाथ अवंतिका के सर पर रख दिया....
एक सफ़ेद रौशनी गुरूजी के हाथ से निकली और अवंतिका के सर में समां gayi...AVANTIKA की आँखें बंद हो gayin.usse अपने पिछले जनम की साड़ी बातें याद आने लगी....
उसकी shiskhsa,BABA विशाखत का shadyantra,uska मृत्यु को प्राप्त hona,uski पिछली ज़िन्दगी में बीता हर सुख दुःख उससे दिखने लगा...............
अवंतिका के बंद आँखों से भी आंसू निकलने लगे......
गुरु विशिष्ट ने अपना हाथ अवंतिका के सर से हटा दिया...
अवंतिका बबाआ कहते हुए अपने पिता के गले लग गयी......
अवंतिका को तोह अपनी सच्चाई बस अभी पता चली thi,par गुरु विशिष्ट तोह इस कड़वी सचाई के साथ नजाने कितनी सदियों से जी रहे थे.....
अपनी बेटी को अपने सीने से लगते हुए उनकी आँखों से भी आंसू निकल गए..
काफी देर तक दोनों बाप बेटी एक दूसरे के गले लगे rahe,fir गुरु विशिष्ट ने आरती को खुद से अलग करते हुए कहा.....
गुरु विशिष्ट- putri,meri आखरी इच्छा थी की आज मई तुम्हे पुनः एक बार सामने से देख लूँ जो आज मैंने देख लिया....
पिछले जनम की स्मृति के साथ साथ मैंने तुम्हे तुम्हारी विद्या भी लौटा दी है और कुछ और चीज़ें भी जो मैंने समाधी के वक़्त महसूस की थी.....
अब मेरा धरती पर कार्य संपन्न hua........mere जाने का समय आ गया है....
अवंतिका- जाने ka..nahi nahi,abhi अभी तोह आप मुझे मिले hain.......aap कहीं नहीं जाएंगे...
गुरु विशिष्ट- नहीं putri.........yahi मेरा भाग्य hai...mera जीवन काल यहीं तक tha...par तुम उदास मत hona,mai हमेशा तुम्हारे ह्रदय में rahunga...sada खुश रहना पुत्री....
गुरु विशिष्ट ने अपनी बेटी के सर पर हाथ firaya...aur तभी गुरु विशिष्ट के ऊपर एक रौशनी पड़ी..........
गुरु विशिष्ट का शरीर उस रौशनी का एक हिस्सा बन गायब हो गया....
अपने पितः को फिर से एक बार खो दिया था अवंतिका ne.fark सिर्फ ये था की पिछली बार वो अपने पितः से दूर चली गयी थी और इस बार उसके पितः उससे दूर चले गए थे....
फ्लैशबैक एंड्स:-
ात नाईट:-
शनाया- अब ये कहा gayi??arre,ye वहां क्या कर रही hai????kamaal hai,kal तक तोह इससे यहाँ दिन में भी अकेले में दर लगता tha.aur अब रात को भी यूँ अकेले बैठी है....!!!!!
rooko,bulakar लाती हूँ.....
दरअसल बात ये थी की हम सब खाना खाने के बाद बोनफिरे के पास बैठे हुए आग सेक रहे थे.
पर अवंतिका मैडम हम सबसे दूर एक गिरे हुए पेड़ के तने में अकेली बैठी हुई थी.....
मई- rooko,mai बुलाता हूँ....
मई उठकर अवंतिका के तरफ चल पड़ा.....
मई- बाप re,yahan कितना शोर है ना...
मेरी आवाज़ सुन अवंतिका पलटी....
अवंतिका- shor!!!!ulta बोल रहे ho,yahan तोह कितनी शान्ति है.....
मई- बाकियों के liye.par तुम्हारे लिए तोह शोर hi है ना....
अवंतिका अपने चेहरे पर सवाल लिए मेरी तरफ देखने लगी....
मई- कहते हैं की जब कोई अकेले में आँखों में दर्द का समंदर लिए बैठा ho,toh भले hi उसके आस पास कितनी hi शान्ति क्यों ना ho,uske दिल me,uske दिमाग में शोर मचा हुआ होता hai....mai उसी शोर की बात कर रहा हूँ......
अवंतिका मेरी आँखों में देखने लगी.....
मई- अब इससे कहते हैं hunar...hum आज तक किसीसे बातों में नहीं हारे पर आज आपकी ख़ामोशी से हार बैठे.....
अवंतिका मेरी बात सुनकर मुस्कुरा दी....
मई- बस ऐसे hi हस्ती रहा kijiye,bhale इसके बदले आपकी कोई भी डिमांड क्यों न ho,banda पूरी कर देगा....
अवंतिका- सच........!!!!!!!
मई- जो एक बात को दो बार दोहराये वो V.J नहीं.......
अवंतिका- सोच lijiye,kahin हम कुछ ऐसा न मांग ले की आपको पीछे हटना पड़े.....
मई- hmm,matlab सच में मैडम को कुछ chahiye...ab डरना छोड़िये और बताइये की क्या चाहिए......?????
अवंतिका- यहाँ से वेस्ट में 2 कम दूर जो इलेक्ट्रिकल बॉउंड्री hai,usse थोड़ा और आगे जाने पर एक वॉटरफॉल hai.mujhe वहां जाना hai....le जा सकते हो.....
????
मई- जान सकता hun,wahan क्या है...???
अवंतिका- ब्लड फ्लावर और स्नोवी FLOWER..........hindi में इन्हे रक्त फूल और श्वेत फूल कहते hain...aur भी कुछ पेड़ो में लटकी पत्तियां है जो बोहोत रेयर hain.mujhe वो चाहिए.....
( गुरु विशिष्ट के समाधी लेने के बाद उनके शरीर से तरंगे निकलकर पुरे सेक्रिला फारेस्ट में फैली थी जिसकी वजह से उन्हें यहाँ पर क्या क्या HAI,WO सब कुछ मालुम पद गया THA...WO इन्ही चीज़ों के बारे में बात कर रहे थे....
और इन चीज़ो का ज्ञान मरने से पहले उन्होंने अपनी बेटी को दे दिया था )
मई- ये रेड फ्लावर और स्नोवी फ्लावर है क्या और किस काम आती है?????
अवंतिका- वो actuallyyyyyyyyyy..........
मई- तुम इतना सोच क्यों रही ho????ye चीज़ें किसी गलत काम के लिए तोह उसे में नहीं आती...
अवंतिका- अरे नहीं nahi..wo एक्चुअली अगर मैंने इनके बारे में बता दिया तोह तुम हसोगे......
मई- नहीं हसूंगा...
अवंतिका- प्रॉमिस..........?????
मई- प्रॉमिस yaar....ab बताओ भी.....
अवंतिका - कहा जाता है की सदियों पहले DEVIL'S अपने दुश्मनो को और बंदियों को चल से एक रास मतलब एक लिक्विड पिलाते the.us द्रव जो भी पीटा था उनका शरीर अंदर से खोकला होना शुरू हो जाता था...
एक तरीके से कहा जाए तोह उनके अंदर के शरीर को लकवा यानी परलैटिक अटैक मार जाता था.....
और कहा जाता था की अब वो इंसान कभी भी ठीक नहीं हो sakta...par ये बात बोहोत काम या फिर ये कहूं नाम भर के लोग जानते थे की उन लोगों को भी ब्लड फ्लावर के ज़रिये बचाया जा सकता था......
मई- और स्नोवी फ्लावर?????
अवंतिका ने मुझे स्नोवी फ्लावर के बारे में भी बताया जिसके बारे में आपको बाद में पता चलेगा.....
मई- वैसे उस रास ी मैं उस लिक्विड का क्या नाम है जिससे बॉडी को खोकला किया जाता था...????
अवंतिका- .............कैवा.............
आज के लिए इतना HI...
आपका अपना V...J..
अब आगे........
CHAPTER-2
( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )
अपडेट-59:-
प्लेनेट- वर्ल्ड ऑफ़ थे वारियर:-
प्लेस- PLANET'S एज:-
मोकसायटी कवचं भाव
अनडू थे शील्ड
तोह तुम आज़ाद हो गए...........
आवाज़ सुन डिफेंडर पलटा और सामने वाले को देख एक पल के लिए हड़बड़ा गया.
डिफेंडर के सामने ास्मोडियस खड़ा था....
भले hi डिफेंडर भी कई अलौकिक शक्तियों का मालिक tha,par इतने वक़्त में वो ास्मोडियस और उसकी असीम ताकत के कई नमूने देख चूका था....
और खुद उनका एक छोटा सा हिस्सा भी रह चूका था....
पर डिफेंडर ने अपने अंदर के भावनाओ को नियंत्रित कर कहा.....
डिफेंडर- haan...........aur अब तुम मेरा कुछ नहीं बिगड़ सकते......
ास्मोडियस- सच में!!!!!!!
ास्मोडियस के इस छोटे से सवाल में कहीं न kahin,ek vyanga,aur खुद पर भरोसे से भरा हुआ जवाब भी छुपा हुआ था........
डिफेंडर- हाँ सच me.......aur तुम्हारी नज़र तोह हर जगह रहती है naa.toh तुम्हे मालुम hi होगा की मई ये क्यों कह रहा हूँ......
ASMODEUS-aatm विश्वास अछि चीज़ है डिफेंडर पर आती आत्मविश्वास नहीं......
पापियास अछेद्या कवच......
DEVIL'S अनब्रेकेबल शेड........
यही कवच तुमने ओढ़े हुए है ना...
डिफेंडर ास्मोडियस की बात सुन कर चौंक गया......
क्यूंकि कवच का पता स्पेल बोलने के बाद hi मालुम पड़ता है पर ास्मोडियस ने बिना कुछ करे hi कवच के बारे में बता दिया था....
डिफेंडर- इस बाद में कोई संदेह नहीं की तुम्हारे शक्तियों का कोई तोड़ नहीं...
काश तुम अपनी योग्यता बुराई nahi,balki अच्छे के मार्ग पर दिखते.....
एक बाद हमेशा याद rakhna,burai कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो jaaye,usse एक दिन अच्छे के सामने झुकना hi पड़ता है.....
dekhna,ek दिन तुम अपने hi नफरत की आग में जल जाओगे.......!!!!
ास्मोडियस- नफरत से सच्चा और पाक एहसास कुछ नहीं होता डिफेंडर.....
नफरत में चाहत जैसी मिलावट नहीं hoti....nafrat का कभी मन नहीं बदलता....
MOHOBBAT,CHAHAT,APNAPAN..........ye जितने भी अचे शब्द है naa,ek न एक दिन इनके मार्ग पर चलने वाले को ठोकर अवश्य लगती है....
अच्छे के मार्ग पर चलने वालों का सबसे ज़्यादा उच्चारित करने वाला शब्द होता है विश्वास.....
एक बाद हमेशा याद rakhna,VISHWAS में hi विष का वास होता है....
तुम बुराई की बात करते ho.......burai से ज़्यादा पाख और ाचा कुछ भी nahi......par तुम ये नहीं samjhoge.......acchai नामक झूठे एहसास से जो घिरे हुए हो........
डिफेंडर के पास ास्मोडियस की बातों का कोई तर्क नहीं tha.......kyunki वो जानता था की ास्मोडियस ने कुछ भी गलत नहीं कहा था...
ास्मोडियस- khair,tum एक बात और भूल रहे ho......jis कवच ने तुम्हे सुरक्षित किया हुआ hai,usse तुम डेविल्स से तोह बच sakte,par ास्मोडियस से नहीं......
क्यूंकि ास्मोडियस काली शक्तियों का गुलाम नहीं उनका मालिक है...
पर साथ hi,bhale hi अब मई एक एंजेल नहीं raha,par एंजेल की shaktiyan,aaj भी मेरे अंदर मौजूद हैं....
तुम्हारा कवच तुम्हे ब्लैक एनर्जी से तोह बचा lega,par वाइट ेनेर्गीएस से कैसे बचाएगा......
डिफेंडर ास्मोडियस की बात सुन कर घबरा gaya......wo ये बात भूल गया था की ास्मोडियस के पास डेमोनिक पावर्स के साथ साथ एंजेल पावर्स भी मौजूद हैं...
और अब वो कुछ कर भी नहीं सकता tha.....DEFENDER ने गॉड को स्मरण किया और अपने साथ होने वाले दुर्गति के लिए खुदको तैयार करने लगा....
संपूर्ण विनाशं...........
कम्पलीट डिस्ट्रक्शन.......
ास्मोडियस के हाथों से लाल रौशनी निकली और डिफेंडर की तरफ तेज़ी से बढ़ गयी.....
डिफेंडर को अपनी अंतिम घडी उस लाल रौशनी के रूप में अपनी तरफ आते हुए दिखने लगी....
भूममममममम.........
लाल रौशनी के डिफेंडर से टकराते hi एक कारण भेदी धमाका hua.......aur जब धुआं छठा तोह ास्मोडियस के चेहरे पर घोर आश्चर्य के भाव थे......
आश्चर्य के भाव सिर्फ ास्मोडियस के चेहरे पर hi नहीं the,DEFENDER के चेहरे पर भी थे......
डिफेंडर तोह अपने शरीर को छू छू कर देख रहा था मानो चेक कर रहा हो की क्या वो वाकई अब भी ज़िंदा है.......
( मैंने तुमसे वादा किया था की मई तुम्हे कुछ नहीं होने DUNGA,FIR ये संदेह क्यों????? )
ये आवाज़ डिफेंडर के दिमाग में गुंजी थी..
डिफेंडर मन में- मुझे माफ़ kijiyega.ASMODEUS की बातें सुनकर मई आपके दिए गए वचन को भूल गया था.....
वहीँ डिफेंडर के सामने खड़ा ास्मोडियस अब तक सोच में पड़ा हुआ था....
ामदेउस ने अपने हाथ डिफेंडर की तरफ गोल घुमा diye.....ASMODEUS को डिफेंडर के चरों तरफ फैली DEVIL'S अनब्रेकेबल शील्ड दिखने लगी.......
ास्मोडियस ने शैलद को अपने तरफ आने का इशारा kiya..SHIELD के अंदर से उसके जैसी एक और शील्ड निकली और ास्मोडियस के दिमाग में घुस गयी....
ऐसा लगा मानो ास्मोडियस के इशारे पर शील्ड ने खुद की एक कॉपी बाहर निकाल ास्मोडियस को दे दी हो........
विघ्रनाटी..............
अनलयसे
ास्मोडियस के दिमाग में वो कवच विबरते होने लगी मानो खुद को झटक रही हो और तभी.........
असंभाववववववव................
ास्नोडेउस के मुँह से ये शब्द अपने आप hi निकल गया.......
दरअसल बात ये थी की शील्ड के विबरते होते hi उस शील्ड के बीच में एक और शील्ड दिखने लगी.....
और इस शील्ड का नाम था........
स्वर्ग दुता अच्छेद्य कवच
ANGEL'S अनब्रेकेबल शील्ड
और ये कोई ऐसी वैसी शील्ड नहीं thi.iska प्रयोग सिर्फ ास्मोडियस hi करता था......
ास्मोडियस मन में- ये कवच कोई और कैसे इस्तेमाल कर सकता है....
( ये सब स्पीयर का कमाल है doston......jab स्पीयर ासमोसडएस की मिलकियत thi,toh ास्मोडियस को बिना पता लगने diye,is शील्ड की एक कॉपी उसने अपने अंदर सोख ली थी.... )
डिफेंडर- अपनी बुराई की ताकत और आज़माना चाहोगे ास्मोडियस....????????
ास्मोडियस- क्षणिक मात्रा के जीत से खुश हो रहे हो डिफेंडर......
तुम भले hi आज ज़िंदा बच गए ho,par तुम्हारे लोगों के अंदर मेरे बच्चों ने ( DEVIL'S ) जो नजाने कितने वर्षो तक कैवा का रास भरा hai,wo अभी सिर्फ इसीलिए बेअसर hai,kyunki तुम्हारे लोगों के अंदर काली शक्तियां मौजूद हैं....
जिसकी मदद से तुमने अपने चारो तरफ शील्ड बना राखी hai,wo भी इस मामले में तुम्हारी कोई मदद नहीं कर सकता......
तुम अपने गृह के चारो तरफ फैले शील्ड को तोह हटा सकते ho,par तुम्हारे लोगों के अंदर भरे कैवा रास को nahi....tum kya,tumhare लार्ड ऑफ़ एंगेल्स के पास भी कोई तोड़ नहीं है मेरे कैवा का........
HAHAHAHA...HAHAHAHAHAHA................
ास्मोडियस विजेताओं की हसी हस्ता हुआ गायब हो gaya.....wahin डिफेंडर ास्मोडियस की बात सुनकर निराश हो गया....
पर वो कर भी क्या सकता tha,usne एक लम्बी सांस छोड़ी और प्लेनेट शील्ड को हटाने में लग गया.........
प्लेनेट- एअर्थ
PLACE-SECRILLA
डे-3
students,ye है आज का हमारा फर्स्ट हालत या यूँ कहूं, फर्स्ट adventure.........THE रॉक माउंटेन....
आज की हमारे सेक्रिला एक्सप्लोरेशन की शुरआत भी मॉर्निंग 8 बजे से हो गयी thi.......kuch 1 घंटे हम जंगल के अंदर चलते रहे....
रास्ते में गाइड सर हमे अलग अलग पेड़ के बारे में बताते rahe.......do दिन के जंगल एक्सप्लोरेशन में हमने अभी तक कोई खतरनाक जानवर नहीं देखे थे....
जिसका कारण था इलेक्ट्रिकल वाल बॉउंड्रीज़ जो वकाजुला गवर्नमेंट ने सेक्रिला जंगल के रिस्ट्रिक्टेड एरियाज की शुरुआती जगहों पर लगाई हुई थी......
1 घंटे तक लगातार टहलने के बाद हम सब जैसा की गाइड सर ने कहा, रॉक माउंटेन के सामने खड़े थे......
गाइड- जैसा की आप सब देख रहे हैं,
इस हरे भरे जंगल के बीच ये पत्थरों का पहाड़........
पर जैसा दिख रहा है वैसा है nahi......is माउंटेन की ऊंचाई 200 फ़ीट hai...jaisa की हर रॉक माउंटेन में होता hai,is माउंटेन में भी दरारे hain,jinki मदद से आप आज यहाँ माउंटेन क्लाइम्बिंग करेंगे...
पर ये दरारे कुछ ख़ास hain...khaas कर माउंटेन के ऊपर की daraaren..koi बता सकता है की उन दरारों में क्या है...???
अवंतिका ने अपने हाथ ऊपर किये....
गाइड- बताइये......
अवंतिका- दरारों के beech,chote छोटे पौधे हैं.
गाइड- क्या आप बता सकती हैं की उन पौदों में ऐसा क्या ख़ास है???
AVANTIKA-un पौधो को गरम पानी में डुबोकर फिर लेप बनाया जाता है......
उस लेप को छोटे छोटे गोलों का शेप देकर 24 घंटों के लिए सुखाया जाता है....
उन गोलों से ब्लड कैंसर से अफेक्टेड मरीज़ को ठीक किया जा सकता है.....
गाइड- बोहोत acche.......i मस्ट से आपको जड़ीबूटी विज्ञानं का काफी नॉलेज है.......
इधर मई अवंतिका का जवाब सुन मुस्कुरा दिया........
गाइड- सो जो भी स्टूडेंट्स इंटरेस्टेड hain,mere पास आके क्लाइम्बिंग गियर्स ले सकते hain.....but एक बाद याद rakhiye.mountain क्लाइम्बिंग कोई मज़ाक नहीं है......
इसमें जान जाने का भी खतरा रहता hai..isiliye जिन्हे माउंटेन क्लाइम्बिंग करने का एक्सपीरियंस hai,wahi आगे आएं....
हमारे ग्रुप से mai,ANJALI और रोनित आगे आये........
शनाया- तुम लोगों को माउंटेन क्लाइम्बिंग भी आती hai.ANJALI,tujhe भी......!!!!!!
अंजलि- haan,toh इसमें कौन सी बड़ी बात है....
AKSHAANT,SHAILA और मोकलसर के ट्रेनिंग में रोनित और अंजलि ने सीधी सिविल पर कैसे चढ़ना hai,ye सीखा tha,toh फिर ये माउंटेन क्लाइम्बिंग क्या चीज़ है!!!!!!
अवंतिका- आराम से V.J....... पहाड़ काफी बड़ा है....
अवंतिका मेरे पास आकर धीरे से बोली.....
मई- nahi,aaj तोह मई खुद को चोट लगवा कर hi लौटूंगा....
अवंतिका- क्यों भला??????
अवंतिका ने तुरंत पूछा....
मई- yaar,sahi सलामत वापस आकर भी तोह तुम्हारा उदास चेहरा hi देखना hai....isse acha,haath पेअर तुड़वा कर लौटूं....
इससे होगा ये की तुम्हारा ध्यान अपनी उदासी से हटकर मेरी तरफ चला जाएगा....
अवंतिका- तुम्हे कैसे पता की मई उदास हूँ!!!!!!
दरअसल अवंतिका आज सुबह से hi उदास hai..par सबको दिखने के लिए ऊपर से अपने आप को खुश दिखा रही है......
मई अवंतिका के और करीब जाकर- जो आँखों की भाषा समझते hain,unhe सच जानने के लिए जुबां के खुलने की ज़रुरत नहीं होती...
मई ये बोलकर हस्ते हुए उस माउंटेन के नीचे चला गया...
अवंतिका मन में- आखिर कौन हो tum???mere बिन बोले मेरे दिल की बात समझ लेते हो.....
जब भी मेरे करीब होते हो तोह लगता है जैसे वक़्त वहीँ रूक jaaye.....oh सहित......
मैंने तोह V.J को बोलना hi भूल गयी की उन दरारों के बीच के कुछ पौधे मेरे लिए तोड़ कर लाये....
इधर हम तीनो ने माउंटेन क्लाइम्बिंग करना स्टार्ट भी कर दिया tha.....hum तीनो के अलावा कुछ 3,4 बन्दे और थे जो क्लाइम्बिंग करने के लिए आगे आये थे...
हम तीनो नार्मल इंसानो की स्पीड से hi ऊपर चढ़ते gaye.waise इस माउंटेन में चढ़ने ज़्यादा मुश्किल नहीं था.....
दरारें काफी ज़्यादा thi......jinme कील ठोकना और क्लिप्स लगाना काफी आसान tha.....hum सब कुछ आधे घंटे एम् ऊपर थे......
उतरना तोह और भी आसान रहता है ऐसे क्लिंबिंगस me.hum फटाफट उतर गए...
मई- लो........
मैंने अवंतिका के पास जाकर अपने हाथ आगे कर diye.....mere हाथों में कुछ पौधे थे जो मैंने उन दरारों से तोड़े थे...
अवंतिका मेरे हाथ में पूओढ़ां को देखकर बोहोत खुश और साथ hi सुरप्रीसेड भी हो गयी.....
अवंतिका- तुम्हे कैसे पता था की मुहे ये चाहिए....!!!
मई- जाने से पहले मैंने तुम्हे कुछ कहा tha,bhul गयी!!!!!
ये बोलकर मई मुस्कुराते हुए आगे बढ़ गया.....
शनाया- अरे ये पौधे कैसे????
अवंतिका मुझे पीछे से एकटक देख कुछ सोच hi रही thi,SHANAYA की आवाज़ से अपनी सोच से बाहर आयी...
अवंतिका- वो मैंने V.J से कहा था की मेरे लिए उन दरारों से कुछ तोड़ कर laaye.ye वही पौड़ेन हैं....
शनाया- oh...yaar,mai क्या कहती hun,ek बार हम naa,apni पूरी फॅमिली के साथ यहाँ aayenge.unhe भी ये जंगल काफी ाचा लगेगा.....
ख़ास कर बड़े पापा ko.unhe तोह ऐसे अडवेंचरउस ट्रिप्स काफी पसंद हैं.
अवंतिका पापा शब्द सुन फिर से उदास हो गयी पर उसने तुरंत खुद को नार्मल कर लिया...
अवंतिका- सूरे babes.par अभी जल्दी chal,dekh सब आगे निकल गए हैं....
शनाया और अवंतिका आगे की तरफ चल diye.AVANTIAK चल तोह रही thi,par साथ साथ कुछ सोचकर फिरसे उदास हो गयी थी...
अब ऐसी क्या बात है जिसकी वजह से हमारी हीरोइन सुबह से उदास hai,chaliye देखते हैं.....
स्माल फ्लैशबैक फ्रॉम लास्ट नाईट:-
पुत्रियीईइ......................
अवंतिका की आँखें खुल गयीं........
वो यहाँ वहां देखने लगीं..........
आधी रात गुज़र चुकी thi...is वक़्त रात के करीब 2 बज रहे थे.......
अवंतिका- मई भी naa.sapne में आयी आवाज़ को हक़ीक़त में ढूंढ रही हूँ....
पर ये आवाज़ तोह मैंने पहले भी अपने सपने में सुनी hai,par आज ये आवाज़ कुछ ज़्यादा hi क्लियर थी............
पर अवंतिका ने इसके बारे में ज़्यादा नहीं socha,kyunki कल उससे सुबह जल्दी भी उठना tha.isiliye उसने अपने दिमाग को झटका और जैसे hi वापस लेटने को हुई........
आवाज़- ये कोई सपना नहीं है putri,tum सच में मेरी आवाज़ सुन रही हो.....
अवंतिका दर के मारे कांपने lagi........usne जिससे सपना सोचा tha,wo हक़ीक़त बनकर उसके सामने था....
अवंतिका ने थरथराती आवाज़ में शनाया को आवाज़ दी जो उसके पास hi सोई thi,par शनाया पे इसका असर नहीं hua.wo काफी गहरी नींद में थी......
तभी वो आवाज़ एक बारी और अवंतिका के कानो में पड़ी....
आवाज़- घबराओ मत putri........mai तुम्हे कोई हानि नहीं पहुंचाऊंगा.......
पर उस आवाज़ की बात का अवंतिका पर उल्टा असर pada.wo और ज़्यादा दर के मरे कांपने लगी...
आवाज़- ठीक है putri....agar तुम्हे मेरी आवाज़ से इतना hi दर लग रहा है तोह अब मई नहीं bolunga.....jab भी तुम्हारा दर ख़त्म ho,tum मुझे आवाज़ दे dena,ab मई तभी बोलूंगा.........
इसके बाद आवाज़ आना पूरी तरीके से बंद हो गयी.
अवंतिका कुछ देर तक डर्टी hi रही पर कुछ 10 मिनट गुज़र जाने के बाद भी जब कोई आवाज़ नहीं आयी तोह धीरे धीरे अवंतिका का दिमाग काम करने लगा....
उससे ये बात समझ में आ गयी की ये आवाज़ जिसकी भी thi,wo उससे नुक्सान नहीं पहुंचाएगा.......
अवंतिका- आपपपप कौन हैं????
आवाज़- पहले तुम डरना बंद करो putri.....tumhari आवाज़ अभी भी कांप रही है....
अब अवंतिका का दर काफी हद तक काम हो चूका tha.aur उस आवाज़ में अपने लिए पुत्री शब्द में जो प्यार छुपा हुआ tha,usse अवंतिका ने महसूस कर लिया था....
अवंतिका- आप कौन hain.....????kya ये कोई प्रैंक hai....!!!!aapki सिर्फ आवाज़ सुनाई दे रही hai,par आप दिखाई नहीं दे रहे hain......kahin आप कोई भूत......
अवंतिका की बात पूरी होने से पहले hi आवाज़ हसने लगी.........
आवाज़- नहीं putri,naahi तुम्हारे साथ कोई मज़ाक कर रहा है और मई कोई भूत भी नहीं हूँ....
AVANTIKA-fir आप दिखाई क्यों नहीं दे रहे!!!!
आवाज़- वो तोह मई तुम्हारे सामने आने पर hi bataunga.....par तुम वादा करो की मेरे सामने आने पर दरोगी नहीं.....
अवंतिका- ठीक hai.promise....
तभी अवंतिका के टेंट में एक रौशनी हुई और उस रौशनी के बीच से गुरु विशिष्ट प्रकट हुए.....
अवंतिका के लिए तोह ये सब किसी मूवी के स्पेशल एफ्फेक्ट्स सीन के जैसा tha.wo आँखें फाड़े ये सब देख रही थी........
गुरु विशिष्ट- तुमने वादा किया था पुत्री की तुम दरोगी नहीं...
गुरु विशिष्ट के आवाज़ से अवंतिका होश में आया
AVANTIKA-aap कौन है और ये आपने कैसे किया?????
गुरु विशिष्ट- ये जानने में बोहोत वक़्त lagega.....aur मेरे पास अधिक समय नहीं hai....abhi के लिए तुम इतना जान लो की मई तुम्हारा पिता हूँ.......
गुरु विशिष्ट की बात सुन अवंतिका को झटका लगा....
अवंतिका- ये आप क्या बोल रहे hain???aapko कोई गलत फेहमी हुई hai.mai आपकी बेटी नहीं हूँ......
अवंतिका की बार सुन गुरु विशिष्ट muskuraye.....unhone अपने हाथ आगे कर diye..unke हाथिन से एक रौशनी निकली और शनाया में समां गयी.....
अवंतिका- ये आपने मेरी बेहेन के साथ क्या किया????
गुरु विशिष्ट- कुछ भी नहीं putri...maine तोह बस उसकी निद्रा को और गहरी कर di....tum मेरे पास आओ....
पर अवंतिका अपनी जगह पर बैठी रही....
गुरु विशिष्ट- घबराओ मत putri,maine कहा naa,mai तुम्हे कोई हानि नहीं pahunchaunga.......mere पास आओ.
अवंतिका हिचकिचाते हुए गुरु विशिष्ट के पास चली gayi...GURU विशिष्ट ने अपना एक हाथ अवंतिका के सर पर रख दिया....
एक सफ़ेद रौशनी गुरूजी के हाथ से निकली और अवंतिका के सर में समां gayi...AVANTIKA की आँखें बंद हो gayin.usse अपने पिछले जनम की साड़ी बातें याद आने लगी....
उसकी shiskhsa,BABA विशाखत का shadyantra,uska मृत्यु को प्राप्त hona,uski पिछली ज़िन्दगी में बीता हर सुख दुःख उससे दिखने लगा...............
अवंतिका के बंद आँखों से भी आंसू निकलने लगे......
गुरु विशिष्ट ने अपना हाथ अवंतिका के सर से हटा दिया...
अवंतिका बबाआ कहते हुए अपने पिता के गले लग गयी......
अवंतिका को तोह अपनी सच्चाई बस अभी पता चली thi,par गुरु विशिष्ट तोह इस कड़वी सचाई के साथ नजाने कितनी सदियों से जी रहे थे.....
अपनी बेटी को अपने सीने से लगते हुए उनकी आँखों से भी आंसू निकल गए..
काफी देर तक दोनों बाप बेटी एक दूसरे के गले लगे rahe,fir गुरु विशिष्ट ने आरती को खुद से अलग करते हुए कहा.....
गुरु विशिष्ट- putri,meri आखरी इच्छा थी की आज मई तुम्हे पुनः एक बार सामने से देख लूँ जो आज मैंने देख लिया....
पिछले जनम की स्मृति के साथ साथ मैंने तुम्हे तुम्हारी विद्या भी लौटा दी है और कुछ और चीज़ें भी जो मैंने समाधी के वक़्त महसूस की थी.....
अब मेरा धरती पर कार्य संपन्न hua........mere जाने का समय आ गया है....
अवंतिका- जाने ka..nahi nahi,abhi अभी तोह आप मुझे मिले hain.......aap कहीं नहीं जाएंगे...
गुरु विशिष्ट- नहीं putri.........yahi मेरा भाग्य hai...mera जीवन काल यहीं तक tha...par तुम उदास मत hona,mai हमेशा तुम्हारे ह्रदय में rahunga...sada खुश रहना पुत्री....
गुरु विशिष्ट ने अपनी बेटी के सर पर हाथ firaya...aur तभी गुरु विशिष्ट के ऊपर एक रौशनी पड़ी..........
गुरु विशिष्ट का शरीर उस रौशनी का एक हिस्सा बन गायब हो गया....
अपने पितः को फिर से एक बार खो दिया था अवंतिका ne.fark सिर्फ ये था की पिछली बार वो अपने पितः से दूर चली गयी थी और इस बार उसके पितः उससे दूर चले गए थे....
फ्लैशबैक एंड्स:-
ात नाईट:-
शनाया- अब ये कहा gayi??arre,ye वहां क्या कर रही hai????kamaal hai,kal तक तोह इससे यहाँ दिन में भी अकेले में दर लगता tha.aur अब रात को भी यूँ अकेले बैठी है....!!!!!
rooko,bulakar लाती हूँ.....
दरअसल बात ये थी की हम सब खाना खाने के बाद बोनफिरे के पास बैठे हुए आग सेक रहे थे.
पर अवंतिका मैडम हम सबसे दूर एक गिरे हुए पेड़ के तने में अकेली बैठी हुई थी.....
मई- rooko,mai बुलाता हूँ....
मई उठकर अवंतिका के तरफ चल पड़ा.....
मई- बाप re,yahan कितना शोर है ना...
मेरी आवाज़ सुन अवंतिका पलटी....
अवंतिका- shor!!!!ulta बोल रहे ho,yahan तोह कितनी शान्ति है.....
मई- बाकियों के liye.par तुम्हारे लिए तोह शोर hi है ना....
अवंतिका अपने चेहरे पर सवाल लिए मेरी तरफ देखने लगी....
मई- कहते हैं की जब कोई अकेले में आँखों में दर्द का समंदर लिए बैठा ho,toh भले hi उसके आस पास कितनी hi शान्ति क्यों ना ho,uske दिल me,uske दिमाग में शोर मचा हुआ होता hai....mai उसी शोर की बात कर रहा हूँ......
अवंतिका मेरी आँखों में देखने लगी.....
मई- अब इससे कहते हैं hunar...hum आज तक किसीसे बातों में नहीं हारे पर आज आपकी ख़ामोशी से हार बैठे.....
अवंतिका मेरी बात सुनकर मुस्कुरा दी....
मई- बस ऐसे hi हस्ती रहा kijiye,bhale इसके बदले आपकी कोई भी डिमांड क्यों न ho,banda पूरी कर देगा....
अवंतिका- सच........!!!!!!!
मई- जो एक बात को दो बार दोहराये वो V.J नहीं.......
अवंतिका- सोच lijiye,kahin हम कुछ ऐसा न मांग ले की आपको पीछे हटना पड़े.....
मई- hmm,matlab सच में मैडम को कुछ chahiye...ab डरना छोड़िये और बताइये की क्या चाहिए......?????
अवंतिका- यहाँ से वेस्ट में 2 कम दूर जो इलेक्ट्रिकल बॉउंड्री hai,usse थोड़ा और आगे जाने पर एक वॉटरफॉल hai.mujhe वहां जाना hai....le जा सकते हो.....
????
मई- जान सकता hun,wahan क्या है...???
अवंतिका- ब्लड फ्लावर और स्नोवी FLOWER..........hindi में इन्हे रक्त फूल और श्वेत फूल कहते hain...aur भी कुछ पेड़ो में लटकी पत्तियां है जो बोहोत रेयर hain.mujhe वो चाहिए.....
( गुरु विशिष्ट के समाधी लेने के बाद उनके शरीर से तरंगे निकलकर पुरे सेक्रिला फारेस्ट में फैली थी जिसकी वजह से उन्हें यहाँ पर क्या क्या HAI,WO सब कुछ मालुम पद गया THA...WO इन्ही चीज़ों के बारे में बात कर रहे थे....
और इन चीज़ो का ज्ञान मरने से पहले उन्होंने अपनी बेटी को दे दिया था )
मई- ये रेड फ्लावर और स्नोवी फ्लावर है क्या और किस काम आती है?????
अवंतिका- वो actuallyyyyyyyyyy..........
मई- तुम इतना सोच क्यों रही ho????ye चीज़ें किसी गलत काम के लिए तोह उसे में नहीं आती...
अवंतिका- अरे नहीं nahi..wo एक्चुअली अगर मैंने इनके बारे में बता दिया तोह तुम हसोगे......
मई- नहीं हसूंगा...
अवंतिका- प्रॉमिस..........?????
मई- प्रॉमिस yaar....ab बताओ भी.....
अवंतिका - कहा जाता है की सदियों पहले DEVIL'S अपने दुश्मनो को और बंदियों को चल से एक रास मतलब एक लिक्विड पिलाते the.us द्रव जो भी पीटा था उनका शरीर अंदर से खोकला होना शुरू हो जाता था...
एक तरीके से कहा जाए तोह उनके अंदर के शरीर को लकवा यानी परलैटिक अटैक मार जाता था.....
और कहा जाता था की अब वो इंसान कभी भी ठीक नहीं हो sakta...par ये बात बोहोत काम या फिर ये कहूं नाम भर के लोग जानते थे की उन लोगों को भी ब्लड फ्लावर के ज़रिये बचाया जा सकता था......
मई- और स्नोवी फ्लावर?????
अवंतिका ने मुझे स्नोवी फ्लावर के बारे में भी बताया जिसके बारे में आपको बाद में पता चलेगा.....
मई- वैसे उस रास ी मैं उस लिक्विड का क्या नाम है जिससे बॉडी को खोकला किया जाता था...????
अवंतिका- .............कैवा.............
आज के लिए इतना HI...
आपका अपना V...J..