ATTITUDE.....( MAGIC + ROMANCE ) - Page 7 - SexBaba
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ATTITUDE.....( MAGIC + ROMANCE )

अब तक आपने पढ़ा की विक्रम को अवंतिका के पिछले जनम के बारे में पता चल जाता है....

अब आगे........

CHAPTER-2

( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )

अपडेट-59:-

प्लेनेट- वर्ल्ड ऑफ़ थे वारियर:-

प्लेस- PLANET'S एज:-

मोकसायटी कवचं भाव

अनडू थे शील्ड

तोह तुम आज़ाद हो गए...........

आवाज़ सुन डिफेंडर पलटा और सामने वाले को देख एक पल के लिए हड़बड़ा गया.

डिफेंडर के सामने ास्मोडियस खड़ा था....

भले hi डिफेंडर भी कई अलौकिक शक्तियों का मालिक tha,par इतने वक़्त में वो ास्मोडियस और उसकी असीम ताकत के कई नमूने देख चूका था....

और खुद उनका एक छोटा सा हिस्सा भी रह चूका था....

पर डिफेंडर ने अपने अंदर के भावनाओ को नियंत्रित कर कहा.....

डिफेंडर- haan...........aur अब तुम मेरा कुछ नहीं बिगड़ सकते......

ास्मोडियस- सच में!!!!!!!

ास्मोडियस के इस छोटे से सवाल में कहीं न kahin,ek vyanga,aur खुद पर भरोसे से भरा हुआ जवाब भी छुपा हुआ था........

डिफेंडर- हाँ सच me.......aur तुम्हारी नज़र तोह हर जगह रहती है naa.toh तुम्हे मालुम hi होगा की मई ये क्यों कह रहा हूँ......

ASMODEUS-aatm विश्वास अछि चीज़ है डिफेंडर पर आती आत्मविश्वास नहीं......

पापियास अछेद्या कवच......

DEVIL'S अनब्रेकेबल शेड........

यही कवच तुमने ओढ़े हुए है ना...

डिफेंडर ास्मोडियस की बात सुन कर चौंक गया......

क्यूंकि कवच का पता स्पेल बोलने के बाद hi मालुम पड़ता है पर ास्मोडियस ने बिना कुछ करे hi कवच के बारे में बता दिया था....

डिफेंडर- इस बाद में कोई संदेह नहीं की तुम्हारे शक्तियों का कोई तोड़ नहीं...

काश तुम अपनी योग्यता बुराई nahi,balki अच्छे के मार्ग पर दिखते.....

एक बाद हमेशा याद rakhna,burai कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो jaaye,usse एक दिन अच्छे के सामने झुकना hi पड़ता है.....

dekhna,ek दिन तुम अपने hi नफरत की आग में जल जाओगे.......!!!!

ास्मोडियस- नफरत से सच्चा और पाक एहसास कुछ नहीं होता डिफेंडर.....

नफरत में चाहत जैसी मिलावट नहीं hoti....nafrat का कभी मन नहीं बदलता....

MOHOBBAT,CHAHAT,APNAPAN..........ye जितने भी अचे शब्द है naa,ek न एक दिन इनके मार्ग पर चलने वाले को ठोकर अवश्य लगती है....

अच्छे के मार्ग पर चलने वालों का सबसे ज़्यादा उच्चारित करने वाला शब्द होता है विश्वास.....

एक बाद हमेशा याद rakhna,VISHWAS में hi विष का वास होता है....

तुम बुराई की बात करते ho.......burai से ज़्यादा पाख और ाचा कुछ भी nahi......par तुम ये नहीं samjhoge.......acchai नामक झूठे एहसास से जो घिरे हुए हो........

डिफेंडर के पास ास्मोडियस की बातों का कोई तर्क नहीं tha.......kyunki वो जानता था की ास्मोडियस ने कुछ भी गलत नहीं कहा था...

ास्मोडियस- khair,tum एक बात और भूल रहे ho......jis कवच ने तुम्हे सुरक्षित किया हुआ hai,usse तुम डेविल्स से तोह बच sakte,par ास्मोडियस से नहीं......

क्यूंकि ास्मोडियस काली शक्तियों का गुलाम नहीं उनका मालिक है...

पर साथ hi,bhale hi अब मई एक एंजेल नहीं raha,par एंजेल की shaktiyan,aaj भी मेरे अंदर मौजूद हैं....

तुम्हारा कवच तुम्हे ब्लैक एनर्जी से तोह बचा lega,par वाइट ेनेर्गीएस से कैसे बचाएगा......

डिफेंडर ास्मोडियस की बात सुन कर घबरा gaya......wo ये बात भूल गया था की ास्मोडियस के पास डेमोनिक पावर्स के साथ साथ एंजेल पावर्स भी मौजूद हैं...

और अब वो कुछ कर भी नहीं सकता tha.....DEFENDER ने गॉड को स्मरण किया और अपने साथ होने वाले दुर्गति के लिए खुदको तैयार करने लगा....

संपूर्ण विनाशं...........

कम्पलीट डिस्ट्रक्शन.......

ास्मोडियस के हाथों से लाल रौशनी निकली और डिफेंडर की तरफ तेज़ी से बढ़ गयी.....

डिफेंडर को अपनी अंतिम घडी उस लाल रौशनी के रूप में अपनी तरफ आते हुए दिखने लगी....

भूममममममम.........

लाल रौशनी के डिफेंडर से टकराते hi एक कारण भेदी धमाका hua.......aur जब धुआं छठा तोह ास्मोडियस के चेहरे पर घोर आश्चर्य के भाव थे......

आश्चर्य के भाव सिर्फ ास्मोडियस के चेहरे पर hi नहीं the,DEFENDER के चेहरे पर भी थे......

डिफेंडर तोह अपने शरीर को छू छू कर देख रहा था मानो चेक कर रहा हो की क्या वो वाकई अब भी ज़िंदा है.......

( मैंने तुमसे वादा किया था की मई तुम्हे कुछ नहीं होने DUNGA,FIR ये संदेह क्यों????? )

ये आवाज़ डिफेंडर के दिमाग में गुंजी थी..

डिफेंडर मन में- मुझे माफ़ kijiyega.ASMODEUS की बातें सुनकर मई आपके दिए गए वचन को भूल गया था.....

वहीँ डिफेंडर के सामने खड़ा ास्मोडियस अब तक सोच में पड़ा हुआ था....

ामदेउस ने अपने हाथ डिफेंडर की तरफ गोल घुमा diye.....ASMODEUS को डिफेंडर के चरों तरफ फैली DEVIL'S अनब्रेकेबल शील्ड दिखने लगी.......

ास्मोडियस ने शैलद को अपने तरफ आने का इशारा kiya..SHIELD के अंदर से उसके जैसी एक और शील्ड निकली और ास्मोडियस के दिमाग में घुस गयी....

ऐसा लगा मानो ास्मोडियस के इशारे पर शील्ड ने खुद की एक कॉपी बाहर निकाल ास्मोडियस को दे दी हो........

विघ्रनाटी..............

अनलयसे

ास्मोडियस के दिमाग में वो कवच विबरते होने लगी मानो खुद को झटक रही हो और तभी.........

असंभाववववववव................

ास्नोडेउस के मुँह से ये शब्द अपने आप hi निकल गया.......

दरअसल बात ये थी की शील्ड के विबरते होते hi उस शील्ड के बीच में एक और शील्ड दिखने लगी.....

और इस शील्ड का नाम था........

स्वर्ग दुता अच्छेद्य कवच

ANGEL'S अनब्रेकेबल शील्ड

और ये कोई ऐसी वैसी शील्ड नहीं thi.iska प्रयोग सिर्फ ास्मोडियस hi करता था......

ास्मोडियस मन में- ये कवच कोई और कैसे इस्तेमाल कर सकता है....

( ये सब स्पीयर का कमाल है doston......jab स्पीयर ासमोसडएस की मिलकियत thi,toh ास्मोडियस को बिना पता लगने diye,is शील्ड की एक कॉपी उसने अपने अंदर सोख ली थी.... )

डिफेंडर- अपनी बुराई की ताकत और आज़माना चाहोगे ास्मोडियस....????????

ास्मोडियस- क्षणिक मात्रा के जीत से खुश हो रहे हो डिफेंडर......

तुम भले hi आज ज़िंदा बच गए ho,par तुम्हारे लोगों के अंदर मेरे बच्चों ने ( DEVIL'S ) जो नजाने कितने वर्षो तक कैवा का रास भरा hai,wo अभी सिर्फ इसीलिए बेअसर hai,kyunki तुम्हारे लोगों के अंदर काली शक्तियां मौजूद हैं....

जिसकी मदद से तुमने अपने चारो तरफ शील्ड बना राखी hai,wo भी इस मामले में तुम्हारी कोई मदद नहीं कर सकता......

तुम अपने गृह के चारो तरफ फैले शील्ड को तोह हटा सकते ho,par तुम्हारे लोगों के अंदर भरे कैवा रास को nahi....tum kya,tumhare लार्ड ऑफ़ एंगेल्स के पास भी कोई तोड़ नहीं है मेरे कैवा का........

HAHAHAHA...HAHAHAHAHAHA................

ास्मोडियस विजेताओं की हसी हस्ता हुआ गायब हो gaya.....wahin डिफेंडर ास्मोडियस की बात सुनकर निराश हो गया....

पर वो कर भी क्या सकता tha,usne एक लम्बी सांस छोड़ी और प्लेनेट शील्ड को हटाने में लग गया.........

प्लेनेट- एअर्थ

PLACE-SECRILLA

डे-3

students,ye है आज का हमारा फर्स्ट हालत या यूँ कहूं, फर्स्ट adventure.........THE रॉक माउंटेन....

आज की हमारे सेक्रिला एक्सप्लोरेशन की शुरआत भी मॉर्निंग 8 बजे से हो गयी thi.......kuch 1 घंटे हम जंगल के अंदर चलते रहे....

रास्ते में गाइड सर हमे अलग अलग पेड़ के बारे में बताते rahe.......do दिन के जंगल एक्सप्लोरेशन में हमने अभी तक कोई खतरनाक जानवर नहीं देखे थे....

जिसका कारण था इलेक्ट्रिकल वाल बॉउंड्रीज़ जो वकाजुला गवर्नमेंट ने सेक्रिला जंगल के रिस्ट्रिक्टेड एरियाज की शुरुआती जगहों पर लगाई हुई थी......

1 घंटे तक लगातार टहलने के बाद हम सब जैसा की गाइड सर ने कहा, रॉक माउंटेन के सामने खड़े थे......

गाइड- जैसा की आप सब देख रहे हैं,

इस हरे भरे जंगल के बीच ये पत्थरों का पहाड़........

पर जैसा दिख रहा है वैसा है nahi......is माउंटेन की ऊंचाई 200 फ़ीट hai...jaisa की हर रॉक माउंटेन में होता hai,is माउंटेन में भी दरारे hain,jinki मदद से आप आज यहाँ माउंटेन क्लाइम्बिंग करेंगे...

पर ये दरारे कुछ ख़ास hain...khaas कर माउंटेन के ऊपर की daraaren..koi बता सकता है की उन दरारों में क्या है...???

अवंतिका ने अपने हाथ ऊपर किये....

गाइड- बताइये......

अवंतिका- दरारों के beech,chote छोटे पौधे हैं.

गाइड- क्या आप बता सकती हैं की उन पौदों में ऐसा क्या ख़ास है???

AVANTIKA-un पौधो को गरम पानी में डुबोकर फिर लेप बनाया जाता है......

उस लेप को छोटे छोटे गोलों का शेप देकर 24 घंटों के लिए सुखाया जाता है....

उन गोलों से ब्लड कैंसर से अफेक्टेड मरीज़ को ठीक किया जा सकता है.....

गाइड- बोहोत acche.......i मस्ट से आपको जड़ीबूटी विज्ञानं का काफी नॉलेज है.......

इधर मई अवंतिका का जवाब सुन मुस्कुरा दिया........

गाइड- सो जो भी स्टूडेंट्स इंटरेस्टेड hain,mere पास आके क्लाइम्बिंग गियर्स ले सकते hain.....but एक बाद याद rakhiye.mountain क्लाइम्बिंग कोई मज़ाक नहीं है......

इसमें जान जाने का भी खतरा रहता hai..isiliye जिन्हे माउंटेन क्लाइम्बिंग करने का एक्सपीरियंस hai,wahi आगे आएं....

हमारे ग्रुप से mai,ANJALI और रोनित आगे आये........

शनाया- तुम लोगों को माउंटेन क्लाइम्बिंग भी आती hai.ANJALI,tujhe भी......!!!!!!

अंजलि- haan,toh इसमें कौन सी बड़ी बात है....

AKSHAANT,SHAILA और मोकलसर के ट्रेनिंग में रोनित और अंजलि ने सीधी सिविल पर कैसे चढ़ना hai,ye सीखा tha,toh फिर ये माउंटेन क्लाइम्बिंग क्या चीज़ है!!!!!!

अवंतिका- आराम से V.J....... पहाड़ काफी बड़ा है....

अवंतिका मेरे पास आकर धीरे से बोली.....

मई- nahi,aaj तोह मई खुद को चोट लगवा कर hi लौटूंगा....

अवंतिका- क्यों भला??????

अवंतिका ने तुरंत पूछा....

मई- yaar,sahi सलामत वापस आकर भी तोह तुम्हारा उदास चेहरा hi देखना hai....isse acha,haath पेअर तुड़वा कर लौटूं....

इससे होगा ये की तुम्हारा ध्यान अपनी उदासी से हटकर मेरी तरफ चला जाएगा....

अवंतिका- तुम्हे कैसे पता की मई उदास हूँ!!!!!!

दरअसल अवंतिका आज सुबह से hi उदास hai..par सबको दिखने के लिए ऊपर से अपने आप को खुश दिखा रही है......

मई अवंतिका के और करीब जाकर- जो आँखों की भाषा समझते hain,unhe सच जानने के लिए जुबां के खुलने की ज़रुरत नहीं होती...

मई ये बोलकर हस्ते हुए उस माउंटेन के नीचे चला गया...

अवंतिका मन में- आखिर कौन हो tum???mere बिन बोले मेरे दिल की बात समझ लेते हो.....

जब भी मेरे करीब होते हो तोह लगता है जैसे वक़्त वहीँ रूक jaaye.....oh सहित......

मैंने तोह V.J को बोलना hi भूल गयी की उन दरारों के बीच के कुछ पौधे मेरे लिए तोड़ कर लाये....

इधर हम तीनो ने माउंटेन क्लाइम्बिंग करना स्टार्ट भी कर दिया tha.....hum तीनो के अलावा कुछ 3,4 बन्दे और थे जो क्लाइम्बिंग करने के लिए आगे आये थे...

हम तीनो नार्मल इंसानो की स्पीड से hi ऊपर चढ़ते gaye.waise इस माउंटेन में चढ़ने ज़्यादा मुश्किल नहीं था.....

दरारें काफी ज़्यादा thi......jinme कील ठोकना और क्लिप्स लगाना काफी आसान tha.....hum सब कुछ आधे घंटे एम् ऊपर थे......

उतरना तोह और भी आसान रहता है ऐसे क्लिंबिंगस me.hum फटाफट उतर गए...

मई- लो........

मैंने अवंतिका के पास जाकर अपने हाथ आगे कर diye.....mere हाथों में कुछ पौधे थे जो मैंने उन दरारों से तोड़े थे...

अवंतिका मेरे हाथ में पूओढ़ां को देखकर बोहोत खुश और साथ hi सुरप्रीसेड भी हो गयी.....

अवंतिका- तुम्हे कैसे पता था की मुहे ये चाहिए....!!!

मई- जाने से पहले मैंने तुम्हे कुछ कहा tha,bhul गयी!!!!!

ये बोलकर मई मुस्कुराते हुए आगे बढ़ गया.....

शनाया- अरे ये पौधे कैसे????

अवंतिका मुझे पीछे से एकटक देख कुछ सोच hi रही thi,SHANAYA की आवाज़ से अपनी सोच से बाहर आयी...

अवंतिका- वो मैंने V.J से कहा था की मेरे लिए उन दरारों से कुछ तोड़ कर laaye.ye वही पौड़ेन हैं....

शनाया- oh...yaar,mai क्या कहती hun,ek बार हम naa,apni पूरी फॅमिली के साथ यहाँ aayenge.unhe भी ये जंगल काफी ाचा लगेगा.....

ख़ास कर बड़े पापा ko.unhe तोह ऐसे अडवेंचरउस ट्रिप्स काफी पसंद हैं.

अवंतिका पापा शब्द सुन फिर से उदास हो गयी पर उसने तुरंत खुद को नार्मल कर लिया...

अवंतिका- सूरे babes.par अभी जल्दी chal,dekh सब आगे निकल गए हैं....

शनाया और अवंतिका आगे की तरफ चल diye.AVANTIAK चल तोह रही thi,par साथ साथ कुछ सोचकर फिरसे उदास हो गयी थी...

अब ऐसी क्या बात है जिसकी वजह से हमारी हीरोइन सुबह से उदास hai,chaliye देखते हैं.....

स्माल फ्लैशबैक फ्रॉम लास्ट नाईट:-

पुत्रियीईइ......................

अवंतिका की आँखें खुल गयीं........

वो यहाँ वहां देखने लगीं..........

आधी रात गुज़र चुकी thi...is वक़्त रात के करीब 2 बज रहे थे.......

अवंतिका- मई भी naa.sapne में आयी आवाज़ को हक़ीक़त में ढूंढ रही हूँ....

पर ये आवाज़ तोह मैंने पहले भी अपने सपने में सुनी hai,par आज ये आवाज़ कुछ ज़्यादा hi क्लियर थी............

पर अवंतिका ने इसके बारे में ज़्यादा नहीं socha,kyunki कल उससे सुबह जल्दी भी उठना tha.isiliye उसने अपने दिमाग को झटका और जैसे hi वापस लेटने को हुई........

आवाज़- ये कोई सपना नहीं है putri,tum सच में मेरी आवाज़ सुन रही हो.....

अवंतिका दर के मारे कांपने lagi........usne जिससे सपना सोचा tha,wo हक़ीक़त बनकर उसके सामने था....

अवंतिका ने थरथराती आवाज़ में शनाया को आवाज़ दी जो उसके पास hi सोई thi,par शनाया पे इसका असर नहीं hua.wo काफी गहरी नींद में थी......

तभी वो आवाज़ एक बारी और अवंतिका के कानो में पड़ी....

आवाज़- घबराओ मत putri........mai तुम्हे कोई हानि नहीं पहुंचाऊंगा.......

पर उस आवाज़ की बात का अवंतिका पर उल्टा असर pada.wo और ज़्यादा दर के मरे कांपने लगी...

आवाज़- ठीक है putri....agar तुम्हे मेरी आवाज़ से इतना hi दर लग रहा है तोह अब मई नहीं bolunga.....jab भी तुम्हारा दर ख़त्म ho,tum मुझे आवाज़ दे dena,ab मई तभी बोलूंगा.........

इसके बाद आवाज़ आना पूरी तरीके से बंद हो गयी.

अवंतिका कुछ देर तक डर्टी hi रही पर कुछ 10 मिनट गुज़र जाने के बाद भी जब कोई आवाज़ नहीं आयी तोह धीरे धीरे अवंतिका का दिमाग काम करने लगा....

उससे ये बात समझ में आ गयी की ये आवाज़ जिसकी भी thi,wo उससे नुक्सान नहीं पहुंचाएगा.......

अवंतिका- आपपपप कौन हैं????

आवाज़- पहले तुम डरना बंद करो putri.....tumhari आवाज़ अभी भी कांप रही है....

अब अवंतिका का दर काफी हद तक काम हो चूका tha.aur उस आवाज़ में अपने लिए पुत्री शब्द में जो प्यार छुपा हुआ tha,usse अवंतिका ने महसूस कर लिया था....

अवंतिका- आप कौन hain.....????kya ये कोई प्रैंक hai....!!!!aapki सिर्फ आवाज़ सुनाई दे रही hai,par आप दिखाई नहीं दे रहे hain......kahin आप कोई भूत......

अवंतिका की बात पूरी होने से पहले hi आवाज़ हसने लगी.........

आवाज़- नहीं putri,naahi तुम्हारे साथ कोई मज़ाक कर रहा है और मई कोई भूत भी नहीं हूँ....

AVANTIKA-fir आप दिखाई क्यों नहीं दे रहे!!!!

आवाज़- वो तोह मई तुम्हारे सामने आने पर hi bataunga.....par तुम वादा करो की मेरे सामने आने पर दरोगी नहीं.....

अवंतिका- ठीक hai.promise....

तभी अवंतिका के टेंट में एक रौशनी हुई और उस रौशनी के बीच से गुरु विशिष्ट प्रकट हुए.....

अवंतिका के लिए तोह ये सब किसी मूवी के स्पेशल एफ्फेक्ट्स सीन के जैसा tha.wo आँखें फाड़े ये सब देख रही थी........

गुरु विशिष्ट- तुमने वादा किया था पुत्री की तुम दरोगी नहीं...

गुरु विशिष्ट के आवाज़ से अवंतिका होश में आया

AVANTIKA-aap कौन है और ये आपने कैसे किया?????

गुरु विशिष्ट- ये जानने में बोहोत वक़्त lagega.....aur मेरे पास अधिक समय नहीं hai....abhi के लिए तुम इतना जान लो की मई तुम्हारा पिता हूँ.......

गुरु विशिष्ट की बात सुन अवंतिका को झटका लगा....

अवंतिका- ये आप क्या बोल रहे hain???aapko कोई गलत फेहमी हुई hai.mai आपकी बेटी नहीं हूँ......

अवंतिका की बार सुन गुरु विशिष्ट muskuraye.....unhone अपने हाथ आगे कर diye..unke हाथिन से एक रौशनी निकली और शनाया में समां गयी.....

अवंतिका- ये आपने मेरी बेहेन के साथ क्या किया????

गुरु विशिष्ट- कुछ भी नहीं putri...maine तोह बस उसकी निद्रा को और गहरी कर di....tum मेरे पास आओ....

पर अवंतिका अपनी जगह पर बैठी रही....

गुरु विशिष्ट- घबराओ मत putri,maine कहा naa,mai तुम्हे कोई हानि नहीं pahunchaunga.......mere पास आओ.

अवंतिका हिचकिचाते हुए गुरु विशिष्ट के पास चली gayi...GURU विशिष्ट ने अपना एक हाथ अवंतिका के सर पर रख दिया....

एक सफ़ेद रौशनी गुरूजी के हाथ से निकली और अवंतिका के सर में समां gayi...AVANTIKA की आँखें बंद हो gayin.usse अपने पिछले जनम की साड़ी बातें याद आने लगी....

उसकी shiskhsa,BABA विशाखत का shadyantra,uska मृत्यु को प्राप्त hona,uski पिछली ज़िन्दगी में बीता हर सुख दुःख उससे दिखने लगा...............

अवंतिका के बंद आँखों से भी आंसू निकलने लगे......

गुरु विशिष्ट ने अपना हाथ अवंतिका के सर से हटा दिया...

अवंतिका बबाआ कहते हुए अपने पिता के गले लग गयी......

अवंतिका को तोह अपनी सच्चाई बस अभी पता चली thi,par गुरु विशिष्ट तोह इस कड़वी सचाई के साथ नजाने कितनी सदियों से जी रहे थे.....

अपनी बेटी को अपने सीने से लगते हुए उनकी आँखों से भी आंसू निकल गए..

काफी देर तक दोनों बाप बेटी एक दूसरे के गले लगे rahe,fir गुरु विशिष्ट ने आरती को खुद से अलग करते हुए कहा.....

गुरु विशिष्ट- putri,meri आखरी इच्छा थी की आज मई तुम्हे पुनः एक बार सामने से देख लूँ जो आज मैंने देख लिया....

पिछले जनम की स्मृति के साथ साथ मैंने तुम्हे तुम्हारी विद्या भी लौटा दी है और कुछ और चीज़ें भी जो मैंने समाधी के वक़्त महसूस की थी.....

अब मेरा धरती पर कार्य संपन्न hua........mere जाने का समय आ गया है....

अवंतिका- जाने ka..nahi nahi,abhi अभी तोह आप मुझे मिले hain.......aap कहीं नहीं जाएंगे...

गुरु विशिष्ट- नहीं putri.........yahi मेरा भाग्य hai...mera जीवन काल यहीं तक tha...par तुम उदास मत hona,mai हमेशा तुम्हारे ह्रदय में rahunga...sada खुश रहना पुत्री....

गुरु विशिष्ट ने अपनी बेटी के सर पर हाथ firaya...aur तभी गुरु विशिष्ट के ऊपर एक रौशनी पड़ी..........

गुरु विशिष्ट का शरीर उस रौशनी का एक हिस्सा बन गायब हो गया....

अपने पितः को फिर से एक बार खो दिया था अवंतिका ne.fark सिर्फ ये था की पिछली बार वो अपने पितः से दूर चली गयी थी और इस बार उसके पितः उससे दूर चले गए थे....

फ्लैशबैक एंड्स:-

ात नाईट:-

शनाया- अब ये कहा gayi??arre,ye वहां क्या कर रही hai????kamaal hai,kal तक तोह इससे यहाँ दिन में भी अकेले में दर लगता tha.aur अब रात को भी यूँ अकेले बैठी है....!!!!!

rooko,bulakar लाती हूँ.....

दरअसल बात ये थी की हम सब खाना खाने के बाद बोनफिरे के पास बैठे हुए आग सेक रहे थे.

पर अवंतिका मैडम हम सबसे दूर एक गिरे हुए पेड़ के तने में अकेली बैठी हुई थी.....

मई- rooko,mai बुलाता हूँ....

मई उठकर अवंतिका के तरफ चल पड़ा.....

मई- बाप re,yahan कितना शोर है ना...

मेरी आवाज़ सुन अवंतिका पलटी....

अवंतिका- shor!!!!ulta बोल रहे ho,yahan तोह कितनी शान्ति है.....

मई- बाकियों के liye.par तुम्हारे लिए तोह शोर hi है ना....

अवंतिका अपने चेहरे पर सवाल लिए मेरी तरफ देखने लगी....

मई- कहते हैं की जब कोई अकेले में आँखों में दर्द का समंदर लिए बैठा ho,toh भले hi उसके आस पास कितनी hi शान्ति क्यों ना ho,uske दिल me,uske दिमाग में शोर मचा हुआ होता hai....mai उसी शोर की बात कर रहा हूँ......

अवंतिका मेरी आँखों में देखने लगी.....

मई- अब इससे कहते हैं hunar...hum आज तक किसीसे बातों में नहीं हारे पर आज आपकी ख़ामोशी से हार बैठे.....

अवंतिका मेरी बात सुनकर मुस्कुरा दी....

मई- बस ऐसे hi हस्ती रहा kijiye,bhale इसके बदले आपकी कोई भी डिमांड क्यों न ho,banda पूरी कर देगा....

अवंतिका- सच........!!!!!!!

मई- जो एक बात को दो बार दोहराये वो V.J नहीं.......

अवंतिका- सोच lijiye,kahin हम कुछ ऐसा न मांग ले की आपको पीछे हटना पड़े.....

मई- hmm,matlab सच में मैडम को कुछ chahiye...ab डरना छोड़िये और बताइये की क्या चाहिए......?????

अवंतिका- यहाँ से वेस्ट में 2 कम दूर जो इलेक्ट्रिकल बॉउंड्री hai,usse थोड़ा और आगे जाने पर एक वॉटरफॉल hai.mujhe वहां जाना hai....le जा सकते हो.....

????

मई- जान सकता hun,wahan क्या है...???

अवंतिका- ब्लड फ्लावर और स्नोवी FLOWER..........hindi में इन्हे रक्त फूल और श्वेत फूल कहते hain...aur भी कुछ पेड़ो में लटकी पत्तियां है जो बोहोत रेयर hain.mujhe वो चाहिए.....

( गुरु विशिष्ट के समाधी लेने के बाद उनके शरीर से तरंगे निकलकर पुरे सेक्रिला फारेस्ट में फैली थी जिसकी वजह से उन्हें यहाँ पर क्या क्या HAI,WO सब कुछ मालुम पद गया THA...WO इन्ही चीज़ों के बारे में बात कर रहे थे....

और इन चीज़ो का ज्ञान मरने से पहले उन्होंने अपनी बेटी को दे दिया था )

मई- ये रेड फ्लावर और स्नोवी फ्लावर है क्या और किस काम आती है?????

अवंतिका- वो actuallyyyyyyyyyy..........

मई- तुम इतना सोच क्यों रही ho????ye चीज़ें किसी गलत काम के लिए तोह उसे में नहीं आती...

अवंतिका- अरे नहीं nahi..wo एक्चुअली अगर मैंने इनके बारे में बता दिया तोह तुम हसोगे......

मई- नहीं हसूंगा...

अवंतिका- प्रॉमिस..........?????

मई- प्रॉमिस yaar....ab बताओ भी.....

अवंतिका - कहा जाता है की सदियों पहले DEVIL'S अपने दुश्मनो को और बंदियों को चल से एक रास मतलब एक लिक्विड पिलाते the.us द्रव जो भी पीटा था उनका शरीर अंदर से खोकला होना शुरू हो जाता था...

एक तरीके से कहा जाए तोह उनके अंदर के शरीर को लकवा यानी परलैटिक अटैक मार जाता था.....

और कहा जाता था की अब वो इंसान कभी भी ठीक नहीं हो sakta...par ये बात बोहोत काम या फिर ये कहूं नाम भर के लोग जानते थे की उन लोगों को भी ब्लड फ्लावर के ज़रिये बचाया जा सकता था......

मई- और स्नोवी फ्लावर?????

अवंतिका ने मुझे स्नोवी फ्लावर के बारे में भी बताया जिसके बारे में आपको बाद में पता चलेगा.....

मई- वैसे उस रास ी मैं उस लिक्विड का क्या नाम है जिससे बॉडी को खोकला किया जाता था...????

अवंतिका- .............कैवा.............

आज के लिए इतना HI...

आपका अपना V...J..
 
अब तक आपने पढ़ा की अवंतिका विक्रम को कैवा के रास के तोड़ के बारे में बताती है.....

अब आगे:-

CHAPTER-2

( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )

अपडेट- 60:-

प्लेनेट- इस्ला

प्लेस- पैलेस गार्डन....

अश्ली- putri,kya लार्ड ऑफ़ एंगेल्स ने फिर कभी तुमसे बात की!!!!........

अलेसेन्द्र- नहीं maa.........wo भला मुझसे क्यों बात करेंगे....????

सुबह का वक़्त hai.....KING सोलोमन अपनी पत्नी अश्ली और पुत्री अलेसेन्द्र के साथ अपने पैलेस के बहार बने गार्डन में घूम रहे हैं.........

किंग सोलोमन- beta,us दिन की तुम्हारी बात सुनाने के बाद से हम उनसे मिलने के लिए बेताब हैं.....

इतनी बेताबी आप सब ने हमसे मिलने के लिए तोह कभी नहीं दिखाई...........

ये आवाज़ जैसे hi किंग SOLOMON,ASHLEY और अलेक्सांद्र के कानो में takrayi,teeno के चेहरे पर एक साथ दो एक्सप्रेशंस आये...

1सत- शॉक......

2ंद- दर.....

अचानक एक नयी आवाज़ कानो में पड़ने की वजह से तीनो शॉकेड हुए और तीनो डरे इसलिए क्यूंकि वो जानते थे की ये आवाज़ किसकी है????

तीनो एक साथ- अस्मोदयस्सस्सस्स...........

उनके ये नाम लेते hi चरों तरफ ास्मोडियस की हसी गूंज गयी.....

उस गार्डन में कुछ 10,बराह लोग कुछ काम कर रहे the.aur गार्डन के बहार चारों तरफ महल के सैनिक भी मौजूद थे...

पर ये kya,itni ज़ोरदार तेज़ बिजली कड़कने के शोर से भी ऊँची हसी उन तीनो के अलावा और किसीको सुनाई नहीं दी....

चलिए आपको इसकी वजह भी बता देता hun....darasal अलेसेन्द्र ने ास्मोडियस से ये वचन लिए था की वो कभी भी इस्ला गृह पर कदम नहीं रखेगा......

और ना hi कभी किसी इस्ला वासी को उसकी वजह से कोई परेशानी होनी चाहिए.....

ास्मोडियस ने अलेसेन्द्र को इन दोनों की hi बातों के लिए हाँ तोह कह दिया था पर एक शर्त के साथ..

अब ास्मोडियस की वो शर्त क्या thi,ye आपको बाद में पता चलेगा.......

फ़िलहाल के लिए इतना जान लीजिये की उसी वचन की वजह से ास्मोडियस की आवाज़ सिर्फ किंग SOLOMOM,unki पत्नी और पुत्री अलेसेन्द्र hi सुन पा रहे थे......

किंग सोलोमन- हमारे कर्म hi बताते हैं की लोग हमसे मिलने की दुआ करेंगे या फिर ये दुआ करेंगे की दोबारा हमसे कभी मुलाकात न हो......

और तुम अछि तरीके से जानते हो ास्मोडियस की तुम्हारे लिए क्या दुआ निकलती है....

ास्मोडियस- hahahaha......ye भी सही hai..mujhe आपसे उम्मीद भी नहीं है की आप मेरे बारे में कुछ ाचा सोचें.....

पर ALESENDRA,jhooth hi sahi,kamsekam तुम तोह ये कह दो की मेरी आवाज़ सुनकर तुम्हे ख़ुशी मिली.....

अलेसेन्द्र- झूठ और पाप तुमसे जुडी चीज़ें है ास्मोडियस...... और तुमसे जुडी हर चीज़ से मुझे सिर्फ नफरत है....

ास्मोडियस- ऐसा कहकर तुम खुद को hi कोस रही हो ALESANDRA..........kyunki मुझसे अगर कोई सबसे ज़्यादा जुड़ा hai,toh वो तुम हो......

अलेसेन्द्र- अच्छे कभी भी बुराई के साथ नहीं जुड़ सकती ास्मोडियस......

ास्मोडियस- अगर मई इतना hi बुरा होता न ALESENDRA,toh तुम्हारा वचन नहीं माना होता...

तुमने कब मुझे समझा है जो आज samjhogi!!!!!khair,aaj एक ख़ास वजह से मैंने आप को याद किया hai.......mujhe आपसे कुछ पूछना है....????

ास्मोडियस की बात सुन तीनो फिरसे शॉकेड हो gaye..kyunki तीनो ये अचे से जानते थे की ास्मोडियस का सवाल भी उसके जितना hi खतरनाक होता है.....

अलेसेन्द्र- क्या पूछना चाहते हो????

अलेसेन्द्र ने धड़कते दिल से ये सवाल किया...

ास्मोडियस- फाउंटेन ऑफ़ लाइट........

ास्मोडियस की आवाज़ ने जैसे hi फाउंटेन ऑफ़ लाइट kaha,teeno के दिल की धड़कन और तेज़ हो गयीं........

अलेसेन्द्र- फाउंटेन ऑफ़ लाइट matlab????wo तोह सदियों पहले hi गायब हो चुकी hai,wo भी तुम्हारी वजह से......

ास्मोडियस- hmm...par मैंने कुछ दिनों पहले उसकी एनर्जी फिर से महसूस ki,par बस कुछ hi पलों के लिए......

जब तक मई हक़ीक़त का पता lagata,wo एनर्जी गायब हो gayi.....ab ये सब क्या चक्कर hai,iske बारे में आप तीनो से बेहतर और कौन जानता होगा????

doston,aap सब के मन में ये सवाल आ सकता है की ास्मोडियस जिससे सब कुछ दिख जाता hai,usne कुछ दिनों पहले इस्ला में जो कुछ भी hua,usse कैसे नहीं देखा????

इसका जवाब आपको हमारे हीरो के यहाँ आने के बाद मिल जाएगा......

अलेसेन्द्र- chakkar!!!....kaisa chakkar????koi चक्कर नहीं है ास्मोडियस......

और वैसे भी हमसे बेहतर तुम्हे हर बड़ी शक्ति के बारे में पता रहता hai....agar तुम्हे कुछ गड़बड़ लग रही hai,toh तुम खुद hi पता लगा लो...

अलेसेन्द्र ने ये बात बोल तोह दी thi,par अंदर hi अंदर वो ये दुआ कर रही थी की ास्मोडियस को कुछ भी पता न चले....

ASMODEUS-hmmmm.........thik है, फिर से एक बार निराश करने के लिए shukriya.....bohot जल्द मुलाकात होगी.........

इसके बाद ास्मोडियस की आवाज़ आणि बंद हो गयी.........

ALESENDRA,KING सोलोमन और अशली एक दूसरे की तरफ दर और टेंशन वाली नज़र से देखने लगे.........

प्लेनेट एअर्थ

प्लेस- सेक्रिला

डे-4

students...........ye है थे मर्सिए RIVER.........iske बारे में आप सभी ने सुना hi hoga.....isse एक और नाम से भी बुलाया जाता hai......koi वो नाम बता सकता है????

अंजलि- थे डिवीने रिवर.... दिव्या नदी........

पिछले 3 दिनों की hi तरह आज के दिन की भी हमारी शुरुआत अर्ली मॉर्निंग hui..kal रात मई और अवंतिका उस वॉटरफॉल से करीब 3 बजे लौटे.....

और आज सुबह 8 बजे तक रेडी होकर हमारे गाइड के पीछे पीछे हो liye.......hum करीब एक घंटे तक चलते रहे...

& फाइनली अपने आज के डेस्टिनेशन में पहुँच गए जिसके बारे में अभी अभी गाइड सर ने बताया था......

गाइड- वैरी good....kya आप बता सकती हैं की इस नदी को ऐसा क्यों कहा जाता है....???

अंजलि- माना जाता है की लाखों साल पहले इस नदी में एंगेल्स नहाया करते the....jiski वजह से उनकी डिविनिटी इस नदी के पानी के साथ मिल गयी थी.....

और इसी वजह इस पानी में बोहोत सी अलौकिक शक्तियां आ गयी thi......is बात का पता चार डेविल्स को लग गया....

( ABBADON,LILITHA,ABRAXAS और लेट वालेफ़ोर )

उन चारो ने इस नदी की शक्ति को हासिल करने की सोची पर वो जानते थे की एंगेल्स के रहते वो ये नहीं कर पाएंगे....

इसीलिए उन्होंने एक भ्रम को जन्म diya...unhone पुरे नदी के ऊपर एक काली परत jamadi..jab एंगेल्स ने उस काली परत को देखा तोह शॉकेड हो गए......

वो इस बात का पता लगाने hi वाले थे की उनके सामने चारों डेविल्स प्रकट हुए और उन्हें बताया की उन्होंने hi इस नदी में एंगेल्स की पुण्य शक्तियों के बीच अपनी पाप की शक्तियां मिला दी है......

एंगेल्स उन चारो को इस बात का दंड देते पर उससे पहले hi वो चारों गायब हो गए..

एंगेल्स का मन इस नदी से उठ गया और वो सब बिना डेविल्स के झूठ को जांचे गायब हो गए.....

एंगेल्स के गायब होते hi चारों डेविल्स वापस प्रकट hue....unhone वो काली परत हटा दी और इस नदी में घुस gaye....unhone इस नदी की साड़ी शक्ति अपने अंदर खींच ली...

शक्ति खींचने के बाद उन्होंने इस नदी को सच में दुषिष्ठ और पापित करने का सोचा...

उन्होंने अपने काले जादू का प्रोयग इस नदी पर किया पर वो कामियाब नहीं हो पाए....

उन्होंने काफी प्रयास किये पर जब कोई रिजल्ट नहीं निकला तोह उन्हें जितना मिला उतने में hi संतुष्ट हो वापस चले गए.....

उस दिन से इस नदी की शक्तियां इससे छीन तोह गयी पुर पूरी तरीके से नहीं......

माना जाता है की आज भी अगर किसी पवित्र चीज़ को इसमें डुबाया जाए तोह इसकी दिव्यता उस चीज़ में चली जाती है.....

अंजलि के जवाब को सुनकर सभी ने ताली बजायी......

गाइड- क्या बात है beta.....aapne तोह इस जगह से जुड़े मैथोलॉजिकल बुक के सारे पैन खोल दिए........

एक बात तोह माननी पड़ेगी की आप सब कॉमर्स स्टूडेंट होने के बावजूद HISTORY,MYTHS,GEOGRAPHY और मेडिसिन्स के बारे में काफी कुछ जानते हैं....

गाइड- ये तोह थी मैथोलॉजिकल baat....ab एक साइंटिफिक सच है इस रिवर ka..mere पीछे aayiye..mai आपको उसके बारे में बताता भी हूँ और दिखता भी.......

हम सब गाइड सर के पीछे पीछे चलते हुए आगे बढे.

मर्सिए रिवर के चारो तरफ पेड़ hi पेड़ the,par इन पेड़ों की हिघ्त काफी काम थी.....

हम सब गाइड सर के पीछे पीछे उस नदी के लेफ्ट साइड से होकर कुछ दूर तक चलते रहे ,फिर एक जगह पहुंचकर रूक गए.....

गाइड- ये पौधे आप जो पेड़ देख रहे hain,unka hi आमचेर रूप hai...ab इनकी खासियत सुनिए..

इन पौधो के चूर्ण मेरा मतलब पाउडर से किडनी पेशेंट्स को ठीक किया जाता hai....ye पाउडर काफी मेहेंगे प्राइस में बिकते हैं....

और जब ये पौधे आगे चलकर इन ट्रीज का रूप ले लेते hain,toh इन ट्रीज के लीफ्स से से जो मेडिसिन बनता hai,usse हार्ट के ब्लॉकगेस को हटाया जा सकता है.....

इसी वजह से इस रिवर का नाम मर्सिए रिवर मतलब रेहम करने वाली नदी रखा गया....

यहाँ और भी कई मेडिसिन प्लांट्स hain,aayiye,mai उन सब के बारे में आपको बताता हूँ..........

SHANAYA-yaar,aaj सुबह से तू ये मिक्स्ड रिएक्शंस क्यों दे रही है......???

हम सब गाइड सर एक साथ आगे बढे तोह शनाया ने अवंतिका से पूछा....

अंजलि- haan,ye बात तोह मैंने भी गौर की है.......

पर अवंतिका बिना कुछ बोले आँखों में सवाल लिए दोनों की तरफ देखने लगी...

अंजलि- अब कुछ बोलेगी भी???

अवंतिका- मुझे तोह यही समझ नहीं आया की ये मिक्स्ड रिएक्शन क्या होता है

शनाया- arre,tu कभी एकदम खुश दिखती hai,toh फिर अचानक उदास हो जाती है....

कभी कुछ सोचने लग जाती है फिर अचानक या तोह मुस्कुराने लगती है या फिर उदास हो जाती hai....yahi है मिक्स्ड रिएक्शंस जो तू आज सुबह से दे रही है......

अवंतिका- तू na,mere चेहरे के रिएक्शन को नोट करना छोड़ और सर जो बातें बता रहे हैं naa,wo नोट कर....

शनाया- बात को घुमा mat..sach सच बता....

अवंतिका- अरे कुछ है hi नहीं बताने के लिए तोह बताऊँ kya????arre,actually कल रात को मई एक थ्रिलर नावेल पढ़ रही थी....

उसमे इतने सारे ट्विस्ट्स और तुरंस थे ना की पूछो hi mat...maine वो बुक आधी पढ़ी हुई है.

आज सुबह से hi वो बुक मेरे दिमाग में चढ़ी हुई hai...mai सुबह से यही सोच रही हूँ की उस स्टोरी में आगे क्या क्या होगा????

कुछ पॉजिटिव होगा सोचती हूँ तोह खुश हो जाती हूँ और कुछ नेगेटिव होगा सोचने पर sad...simple......

शनाया- तू भी naa,ek दम पागल hai...ek नावेल के बारे में क्या sochna????ab नावेल को छोड़ और यहाँ फोकस kar..dekh सर कितनी इंटरेस्टिंग चीज़े बता रहे हैं......

अंजलि- और नहीं तोह kya...chalo,sab आगे निकल गए हैं....

SHANAYA,ANJALI और अवंतिका आगे बढ़ gaye.AVANTIKA ने इन दोनों को तोह झूठ की गोली दे दी थी पर खुद फिरसे कल रात के बारे में फिरसे सोचने लग गयी.....

फ्लैशबैक फ्रॉम लास्ट नाईट:-

मई- सबको सो जाने do,fir चलते हैं????

अवंतिका ने जब मुझसे उस वॉटरफॉल पर उससे लेजाने के लिए pucha,toh मैंने एक सीधा और सिंपल सा जवाब दे दिया.....

मेरा जवाब सुन अवंतिका शॉकेड हो gayi..usne सोचा था की मई मन कर दूंगा...

अवंतिका- अरे मई मज़ाक कर रही hun..mai तोह बस देख आरही थी की तुम क्या जवाब डोज...

मई- nopes,tum सीरियस ho.tum सच में वहां जाना चाहती ho,par अब इसीलिए मन कर रही हो क्यूंकि तुम्हे पता है की वहां खतरा hai.....toh अब झूठ बोलना बंद करो...

अवंतिका कुछ देर तक मुझे देखती रही फिर बोली...

AVANTIKA-haan,ye सच है की मई जाना चाहती हूँ. पर जाएंगे kaise????mera matlab,wo जगह काफी दूर hai.aur खतरा भी तोह होगा hi ना...????

मई- वो सब मई देख lunga.abhi के लिए तुम सब कुछ भूल कर सबके साथ एन्जॉय करो.

मई अवंतिका का हाथ पकड़ कर सबके पास ले आया.

फिर कुछ ख़ास न hua....hum सब कुछ देर तक मस्ती करते rahe,fir सोने के लिए अपने अपने टेंट्स की तरफ चल दिए....

मिडनाइट 12.ऍम.......

मई- चलें........

मई 12 बजते hi चुप चाप उठा और जैसे hi बाहर आया तोह देखा की एक लड़की अभी भी बॉन फायर के सामने बैठी हुई thi....ye और कोई नहीं अवंतिका hi थी....

मई उसके पास चला गया....

अवंतिका- hmm.par जाएंगे कैसे.....???

मई एक तरफ बढ़ गया और अवंतिका को अपने पीछे पीछे आने का इशारा किया.....

अवंतिका- arre,ye यहाँ कैसे?????

दरअसल हम टेंट्स के पीछे की तरफ गए जहाँ एक जंगल में उसे होने वाली बाइक राखी हुई thi...hamare साथ जो स्क्रित्य के लिए लोग आये the,ye उनमे से एक की थी....

मई- जिसकी ये बाइक hai,maine उसके पॉकेट से चाबी निकल लिया था...

मैंने बाइक को निकला और उससे धक्का देते हुए थोड़ी और दूर ले गया ताकि जब मई इससे स्टार्ट करूँ तोह इसकी आवाज़ कोई सुन न लें....

मई- बैठिये ma'am.....

अवंतिका मेरे पीछे बैठ गयी....

मैंने किक मार बाइक स्टार्ट की और भगा दी....

अवंतिका- अरे V.J.......slow yaar...andhera है और उसके ऊपर तुम इतनी तेज़ बाइक चला रहे ho....accident हो जाएगा.....

मई- रिलैक्स yaar...kuch नहीं hoga.hume जितना जल्दी हो सके वापस भी तोह आना है ना.

अवंतिका ने अपनी आँखे बंद कर ली thi,aur मई बाइक भगाये जा रहा tha...kuch 5 मिनट में hi हम उस इलेक्ट्रिक वाल के पास थे.....

मई- आँखें खोलिये madam...hum पहुँच गए......

अवंतिका ने जब आँखें खोली तोह देखा की बाइक रूक चुकी है और हम दीवाल के पास आ गए हैं...

अवंतिका- थैंक god.......par अब kya,isse कैसे पार करें.......????

मई- अरे उस तरफ dekho,wahan एक गेट भी है.....

मैंने अपनी जेब से एक टोर्च निकला और एक तरफ फ़्लैश kiya...wahan एक लोहे की गेट थी जिससे ेलेक्टिसिटी की वायरिंग आत्ताच नहीं हुई थी....

हम दोनों उसी तरफ चल िये......

मैंने गेट के टॉप को पकड़ा और अपने आप को ऊपर पुश kiya.agle hi पल मई गेट के ऊपर था....

अवंतिका तोह मुझे आँखें फाड़े देख रही थी.......

मई- अरे yaar,gymnast भी hun.itna तोह आराम से कर hi लूंगा naa...aao....

मैंने अपना हाथ निचे कर दिया जिससे अवंतिका ने पकड़ लिया..

मैंने अवंतिका को एक झटके में ऊपर खींच लिया और जब तक वो कुछ समझ या बोल paati,mai उससे लेकर दूसरी तरफ कूद चूका था........

मई- चलें.....

अवंतिका तोह अब तक शॉक में कड़ी thi.kabhi वो अपने आप को देखती तोह कभी उस गेट को जिसपर मैंने उससे एक पल पहले खींचा था.....

मई- शॉक की आदत दाल दीजिये ma'am....par फिलहाल के लिए चलिए....

अवंतिका चुप चाप किसी बच्चे की तरह मेरे पीछे पीछे चल पड़ी..

हम दोनों कुछ 20 मं तक चलते रहे...

मुझे तोह रात ho,andhera ho,dikhne में तोह कोई परेशानी थी nahi,mai चलता raha,aur अवंतिका भी मेरे भरोसे मेरे पीछे पीछे चलती रही...

अवंतिका- wow,hum आ गए.......

हम कुछ 20 मिनट तक लगातार चलने के बाद अवंतिका के बताये गए वॉटरफॉल के पास पहुँच गए....

अपने सामने वॉटरफॉल को देख अवंतिका बोहोत खुश हो गयी..........

मई- हाँ पहुँच तोह gaye....chalo,ab तुम्हारे दोनों फ्लावर्स को ढूंढते हैं....

अवंतिका- हाँ चलो.......

हम दोनों अवंतिका के बताये फ्लावर्स को ढूंढ़ने लगे.......

इस वक़्त अवंतिका के से ज़्यादा मई इन दोनों फ्लावर्स को ढूंढ़ने के लिए एक्ससिटेड tha....khaas कर के ब्लड फ्लॉवर KO..iske दो कारण थे...

1सत- जैसा की अवंतिका ने बताया था की ब्लड फ्लावर से कैवा के रास के असर को ख़त्म किया जा सकता था....

2ंद- इस फ्लावर की ताकत को मई मैंने यहाँ आते hi महसूस कर लिया tha..par मई इस फ्लावर को डिटेक्ट नहीं कर पा रहा था....

और ये कोई छोटी मति बात तोह थी नहीं...

मई बड़े ध्यान से हर जगह दोनों फ्लवर्स को ढूंढ़ने लगा और तभी........

मई- AVANTIKA...wo dekho,ek बड़ा सा वाइट FLOWER....dekho zara,ye वही तोह नहीं जिससे तुम ढूंढ रही हो......

मई यहाँ वहां देख hi रहा था की इतने में मेरी नज़र एक जगह पर पड़ी जगन कुछ जंगली वाइट लिलि के पौधे थे....

उन वाइट लिलि के पीछे एक और वाइट फ्लावर दिख रहा था पर उसका आकर उन लिलि से ज़्यादा था..

हम दोनों उस तरफ चल दिए.....

अवंतिका ने उस वाइट फ्लावर को तोडा और उससे स्मेल करने lagi....fir अवंतिका ने उस फ्लावर को उल्टा किया और उसकी पतली सी दंगली को हलके हलके दबाने लगी.....

तभी उस दंगली से हल्का सा रास निकला जिसके निकलते hi अवंतिका की आँखें चमक गयीं....

अवंतिका- ये वही फ्लावर है......

ये बोलते वाट अवंतिका काफी एक्ससिटेड हो गयी थी.....

वहां पर 3,4 वाइट फ्लावर्स और the..AVANTIKA उन्हें भी तोड़ने लगीं...

मई- तुम यहीं raho,mai वो ब्लड फ्लावर देख कर आता हूँ........

अवंतिका- ठीक hai.par संभल ke.kaha जाता है की उस बलूड़फ्लोवेर के आस पास बोहोत hi ज़हरीले सांप रहते हैं....

मई- मई ध्यान रखूँगा....

अभी तक मैंने वॉटरफॉल के साइड की सब जगह देख ली thi,isiliye इस बार मैंने वॉटरफॉल के पास जाने की सोची...

मई आगे की तरफ बढ़ gaya......maine धीरे धीरे चलते हुए हर तरफ नज़र घुमली थी पर अभी तक मुझे उस ब्लड फ्लावर का नामो निशान तक नहीं मिला था.....

मई मन में- कहाँ होगा ये राखत FUL???iska मिलना बोहोत ज़रूरी है......

मैंने थोड़ा और आगे जाने की सोची और आगे बढ़ gaya.ab मई वॉटरफॉल के पानी के दायरे में घुस गया tha......mai झुक कर हर तरफ देखने लगा...

अवंतिका- V.JJJJ. वहां क्या कर रहे ho????itne रहांङे पानी में उतरने की क्या ज़रुरत थी.......

मैंने dekha,AVANTIKA मेरे सामने hi कुछ दूरी पर कड़ी thi.uske हाथों में 3 वाइट फ्लावर थे.......

मई- मैंने बाकी सब जगह देख लिए hain.bas यही जगह बची है तोह देख रहा हूँ......

अवंतिका- अरे वो कोई कमल का फूल थोड़ी है जो पानी में ugega..cahlo,bahar आओ.....

मई अपनी नज़र एक बार फिर से हर तरफ घुमाकर पानी के बाहर आने के लिए मुदा hi था की मई रोक गया...

मई तुरंत वापस मुदा और तेज़ी से अपने राइट तरफ बढ़ गया.....

अवंतिका- अरे अब कहाँ जा रहे हो????

पर मैंने उसकी बात नहीं सुनी और तेज़ी से आगे बढ़ते हुए एक जगह आकर रूक गया..

दरअसल बात ये थी की मैंने जब आखरी बार हर तरफ अपनी नज़रें घुमाई तोह अचानक मुझे अपने राइट की तरफ एक बड़े से पत्थर के निचे कुल लाल सा dikha.....isiliye मई उस और बढ़ गया था......

और उस पत्थर के पास पहुँचते hi मेरा शक यकीं में बदल gaya..wo लाल सी दिखने वाली चीज़ ब्लड फ्लावर hi थी...

मई एक्ससिटेमेंट में- AVANTIKA,mil गया तुम्हारा ब्लड फ्लावर.....

मेरी बात सुन अवंतिका भी उस ठन्डे पानी में से होते हुए जल्दी से मेरे पास पहुंची...

अवंतिका ने भी जैसे उस ब्लड फ्लावर को dekha,excitement में चिल्लाते हुए मेरे गले लग gayi..maine भी उससे अपनी बाहों में समेत लिया था...

हम दोनों कुछ देर तक यूँही एक दूसरे की बाहों में खड़े रहे.......

पर अवंतिका को जैसे hi ये एग्सास हुआ की वो मेरी बाहों में hai,wo मुझसे अलग हो गयी....

इस काली अँधेरी रात में भी मुझे उसके गालो की लाली साफ़ दिख रही थी......

अवंतिका- वो मई एक्चुअली........

मई- इतस ok yaar.waise भी हम दोस्त hain..itna तोह चलता hi है ना.

अवंतिका मन में- अगर हम सिर्फ दोस्त हैं तोह तुमसे गले लगते वक़्त मेरा दिल इतना तेज़ क्यों धड़का फिर????

मैंने अवंतिका के मन की बात सुन तोह ली थी पर मैंने कुछ कहा नहीं......

मई- rooko...mai निकलता hun...tumne hi कहा था न की इस फ्लावर के आस पास स्नैक्स हो सकते हैं...

अवंतिका ने जैसे hi अपने हाथ उस फ्लावर को निकलने के लिए badhaye,maine उससे रोक दिया और खुद नीचे कझुक कर पानी के अंदर हाथ दाल ब्लड फ्लावर को निकल लिया..........

स्स्स्सस्स्स्स.............

V..J...............

स्स्सस्स्स्स की आवाज़ मेरे मुँह से निकली कर मेरे नाम की चीख अवंतिका के मुँह से.......

हुआ ये की ब्लड फ्लावर के जड़ों को एक काले सांप ने लपेटे हुए था.......

जैसे hi मैंने अपना हाथ पानी के अंदर दाल फ्लावर को जड़ से पकड़ कर uthaya,FLOWER सहित सांप भी बाहर आ गया....

अवंतिका ने टोर्च निचे की taraf,jahan मैंने हाथ डाला tha,wahan किया tha..paani से बाहर आते hi सांप ने मेरे हाथों में काट लिया..

इसीलिए मेरे मुँह से सससस की आवाज़ निकली और अवंतिका के मुँह से मेरे नाम की चीख.

अब उस सांप के काटने का मुझपर कोई असर तोह होना था nahi,par क्यूंकि अवंतिका ने सांप को मुझे काटते हुए देख लिया tha,isiliye एक्टिंग तोह करनी hi थी...

मैंने अपना हाथ झटक दिया जिससे सांप दूर फेका gaya......AVANTIKA ने मेरी कलाई झट से पकड़ ली....

अब मेरी कलाई से खून तोह निकलने से raha,haan पर उसपे सांप के दोनों दाँतों के निशान ज़रूर बन गए थे...

अवंतिका के आँखों से आंसू निकलने lage......wo झट से मुड़ी और भागते हुए एक तरफ गयी.........

मई भी चलता हुआ उसी तरफ बढ़ gaya.par जैसे hi मैंने अवंतिका को वापस आते हुए देखा, मैंने थोड़ा नशे में झूमने की एक्टिंग स्टार्ट कर दी.......

अवंतिका- टेंशन मत लो V.J.... मई तुम्हे अभी ठीक कर दूंगी.....

अवंतिका ने रट हुए ये बात कही थी.....

अवंतिका के हाथों में इस वक़्त कुछ जंगली पत्ते थे और एक पत्थर था.......

अवंतिका ने उन पत्तों को मोड़ा और उस पत्थर से उन पत्तों को घिसने lagi..kuch hi देर में उन पत्तों से कुछ लिक्विड टपकना लगा..

अवंतिका झट से मेरे पास आयी और उन पत्तों को मेरे कलाई पर जहाँ सांप के दाँतों के निशाँ बने the,unke ऊपर निचोड़ने लगीं...

उन पत्तों के रास मेरे कलाई पर गिरने लगे.....

अवंतिका- इस रास से उस सांप का ज़हर पूरा ख़त्म हो jaayega........tumhe चक्कर आ रहे हैं ना.!!!!!....

अब मई नहीं तोह बोल नहीं बोल सकता था....

मई- haan.....thoda थोड़ा....

अवंतिका- तुम थोड़ी देर के लिए लेट जाओ.....

मई- अरे नहीं मई ठीक हूँ......

पर अवंतिका ने तोह जैसे मेरी बात सुनी hi nahi..wo मुझे पकड़ कर पानी से बाहर ले आयी.....

वहीँ बाहर एक लांब सा चट्टान टाइप का पत्थर था जो किसी बीएड की तरह दिख रहा था.....

अवंतिका- तुम यहाँ लेट जाओ.....

फैब उसकी बात न मानें का रिस्कमि नहीं लेना चाहता था इसीलिए मई उस पत्थर पर लेट गया.

अवंतिका ने मेरा सर अपनी गोद में रख लिया था.....

ये पल मेरे दिल में दो अलग अलग जस्बात पैदा कर रहा tha....jahan अवंतिका की गोद में सर रख मेरे दिल को सुकून मिल रहा था वहीँ उसके आँखों में आंसू देखकर मेरा दिल बेचैन हो गया था....

मई- AVANTIKA,plz तुम रोना बंद करो......

अवंतिका सिसकते हुए- आज मेरी वजह से तुम्हारे साथ ये सब हुआ hai...agar तुम्हे कुछ हो जाता तोह मई ख़ुदकु..........

मई- तुम्हारे होते मुझे कुछ नहीं हो सकता AVNI.............please रो mat.tumhare आंसू मुझे उस सांप के काटने से ज़्यादा दर्द दे रहे हैं....

मेरी बात सुन अवंतिका एक दम से चुप हो गयी और एक तक मेरी आँखों में देखने लगी......

अवंतिका मन में- तुम मेरे आंसू नहीं देख sakte.mai तुम्हे दर्द में नहीं देख सकती....

कुछ वक़्त पहले तुम मेरे दुश्मन the,fir हम दोस्त बन गए और आज तुम्हारा दर्द मुझे अपनी तकलीफ लगने लगी है....

AVANTIKA-aakhir कौन हो तुम??????

ये सवाल अवंतिका के मुँह से अपने आप निकल गया था....

मई- हक़ीक़त..........

अवंतिका- तोह मुझे सपने जैसा क्यों लगते हो????

मई- खुली आखों से देखे गए सपने अक्सर हक़ीक़त में बदल जाते हैं...

अवंतिका- फिर सपने और हक़ीक़त के बीच का फर्क कैसे पता चलेगा???

MAI-jab सपना भी मई हूँ और हक़ीक़त भी मई तोह फर्क करने की ज़रुरत hi क्या है???

अवंतिका- अगर कभी ये सपना टूटा और हक़ीक़त कुछ और nikli,tab मई क्या करुँगी???

मई- सपने को हक़ीक़त से जोड़ do.....fir किसी और हक़ीक़त के लिए कोई जगह hi नहीं बचेगी....

अवंतिका-

इतनी जल्दी फैसला लेना

नादानी होगी....

अगर हक़ीक़त को

सपने से जोड़ दिया,

तोह किसी अपने से

बेईमानी होगी... ( दिग्विजय )

मई-

जब तुम चाहोगी,

ये रिश्ता तभी खिलेगा....

जब भी दिल करे,

पलट कर देखना,

सपने के साथ हक़ीक़त...

तुम्हे खड़ा मिलेगा...

आज के लिए इतना HI....

आपका अपना V...J...
 
अब तक आपने पढ़ा की अवंतिका और विक्रम को ब्लड फ्लावर और वाइट फ्लावर मिल जाते हैं....

अब आगे:-

CHAPTER-2

( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )

अपडेट- 61

( प्लेनेट- वारियर्स ऑफ़ थे वर्ल्ड )

प्लेस- पैलेस कोर्ट

इस द्रव का स्वाद कमाल का hai.....iske आगे सभी द्रव फीके लगते हैं......

हम इस द्रव का सेवन नजाने कितने वर्षों से कर रहे hain,par आज भी इसका स्वाद कुछ नया सा लगता है.........

सुबह का वक़्त hai........KING क्रूसेडर अपनी सभा में बैठे हैं....

उनके सामने सेनापति हेन्सबर्ग और वारियर्स वर्ल्ड के कुछ ख़ास सलाहकार खड़े हैं...

सभी के हाथों में वो द्रव है जिससे डिफेंडर ने उन्हें कैवा के रास का काट बता कर दिया था.....

हेन्सबर्ग- सही कहा महाराज aapne....par एक बात hai,hum सब नजाने कितने वर्षों से इस द्रव का सेवन कर रहे hain,par अभी तक हमे इस द्रव का नाम भी नहीं पता और नाही ये ये पता है की ये द्रव आखिर बनता किस्से है....??????

1सत सलाहकार- मुझे लगता है की ये द्रव काले अंगूरों से बना हुआ है तभी तोह इसका रंग भी काला है.....

2ंद सलाहकार- nahi,mujhe नहीं लगता की ये द्रव अंगूरों से बना hai....iska स्वाद अंगूर के रास से बोहोत अलग है......

लार्ड क्रूसेडर- सही kaha.....jaanana तोह हम भी चाहते हैं की ये रास आखिर बना किस्से है पर इसका जवाब तोह बस डिफेंडर के पास hi होगा क्यूंकि उन्होंने hi हमे ये द्रव दिया है.....

पर इतनी छोटी बात के लिए उनका आवाहन कर उन्हें बुलाना थुइक नहीं होगा......

हेन्सबर्ग- क्यों नहीं होगा maharaj.....aap इस गृह के राजा hain.....aapka रुतबा कहीं से भी डिफेंडर से काम नहीं है....

और सबसे बड़ी बात maharaj,aap भूल रहे हैं की डिफेंडर को ताकत हमारी ताकत की वजह से मिलती है.....

हमसे वो hain,unse हम नहीं.......

लार्ड क्रुसडेर को हेन्सबर्ग की बात सहीं lagi.......aur इस सोच के मन में जन्म लेते hi डिफेंडर उन्हें खुद से कमज़ोर लगने लगा...

उनके चेहरे पर घमंड के बादल छाने lage.wo अभी डिफेंडर का आवाहन करने hi वाले थे की...............

आपको मेरा आवाहन करने की ज़रुरत नहीं है MAHARAJ......MAI यहीं हूँ.....

और इसी के साथ लार्ड क्रूसेडर के दरबार के बीच एक तेज़ रौशनी हुई और उसी रौशनी के बीच से डिफेंडर बहार निकले.....

जब भी डिफेंडर लार्ड क्रूसेडर या इस गृह के किसी भी मनुष्य के सामने आता था तोह सभी उसके आगे झुक जाते थे पर आज ऐसा कुछ भी नहीं हुआ.....

लार्ड क्रुसडेर अपने सिंघासन से उठे तक नहीं और नाही उनके सेनापति या बाकी के सलाहकार में से कोई डिफेंडर के आगे झुका......

और ये परिवर्तन देख कर डिफेंडर के होठों पर एक फीकी सी मुस्कनां आ गयी.....

लार्ड क्रूसेडर- आईये DEFENDER.hum आप hi को याद कर रहे the.....darasal हम सभी के मन में एक सवाल hai,jiska उत्तर आप hi के पास है.....

डिफेंडर- आप यही जानना चाहते हैं ना की जिस द्रव का आप वर्षों से सेवन कर रहे hain,uska नाम क्या है और वो किस चीज़ से बना है.....

किंग क्रुसडेर- ji....yahi सवाल है हमारा???

डिफेंडर- इस द्रव का नाम है काल द्रव...

और ये बना है ब्लैक पर्ल से.

लार्ड क्रूसेडर- काल DRAV!!!!!kitna नकारात्मक नाम है ye....aur ये ब्लैक पर्ल क्या hai....kissi ख़ास किस्म का फल है क्या??????

डिफेंडर- नहीं maharaj.....BLACK पर्ल कोई फल नहीं hai,balki एक पौधा है..... और ये पौधा सिर्फ एक hi गृह में पाया जाता hai.MONSLICKEL में....

मांसलिकेल नाम सुनकर लार्ड क्रूसेडर और वहां खड़े बाकी सभी को एक झटका लगा पर अगले hi पल वो सब शांत हो गए...

लार्ड क्रुसडेर- ये तोह लार्ड ऑफ़ DEVIL'S का गृह है ना.

ये बात लार्ड क्रूसेडर ने बड़ी इज़्ज़त के साथ कहा था जिसका कारण था वो द्रव....

उस द्रव को पीते hi पीने वाले के मन में बुरे काम करने वालों के लिए इज़्ज़त पैदा हो जाती है और ास्मोडियस तोह बुराई का देवता hai.......uske लिए तोह इज़्ज़त डबल हो जाएगी ना.....

डिफेंडर- हाँ maharaj..ye वही गृह hai....aur ब्लैक पर्ल पौधा hi एक मात्रा पौदा है जो उस गृह में उगता है....

लार्ड क्रूसेडर- तभी ये द्रव इतना मीठा और स्वादिष्ट है.....

डिफेंडर- ज़्यादा मीठा सेहत के लिए हानिकारक होता है maharaj...har वो चीज़ जो स्वादिष्ट और आकर्षक lage,zaroori नहीं की वो अछि ho..usse हमे नुक्सान भी हो सकता है....

लार्ड क्रूसेडर- आप कहना क्या चाहते हैं डिफेंडर??????

डिफेंडर- यही की आप इस काल द्रव का सेवन करना बंद कर दें महाराज......

डिफेंडर की बात सुन लार्ड क्रूसेडर क्रोधित हो गए....

लार्ड क्रूसेडर- आप ये कह भी कैसे सकते हैं DEFENDER.......!!!!!!aap अचे से जानते हैं की इस द्रव के सेवन करें से hi हमपे उस कैवा के रास निष्प्रभावित है..

जैसे hi हमे इस द्रव का सेवन बंद kiya,hum सब मर जाएंगे.......

DEFENDER-aap सब वैसे भी कहाँ जीवित हैं maharaj.....is द्रव के सेवन की वजह से आप सब की आत्मा मर चुकी है....

और बिना आत्मा के शरीर का क्या mol....isse ाचा तोह यही होगा की आप सब मर..........

लार्ड क्रूसेडर- डिफेंडररररर..... आप अपनी हद भूल रहे hain......aap जानते हैं की आप किसके सामने खड़े हैं....?????

डिफेंडर- एक ऐसे साधारण व्यक्ति के सामने जिससे मैंने hi इस गृह का राजा घोषित किया था....

और आप आज मेरे सामने hi ऊँची आवाज़ में बात कर आरहे hain...par मई आपसे नाराज़ नहीं हूँ महाराज क्यूंकि ये सब किया तोह मैंने hi है ना....

आप सबने ये द्रव मेरे कहने से hi तोह पीना शुरू किया tha....khair,mai जानता था की मेरे कहने से तोह आप मेरी बात मानेंगे नहीं क्यूंकि इस वक़्त आप nahi,aapke रगो में दौड़ता हुआ ये द्रव बातें कर रहा है...

पर क्यूंकि ये गलती मुझसे हुई thi,isiliye एक प्रयास करने मई आपके समक्ष आ गया...

अब मई चलता हूँ maharaj,ab दोबारा मई आपके सामने तभी आऊंगा जब इस आपको बचने वाला मेरे साथ होगा....

ये बोलकर डिफेंडर गायब हो गए.........

हेन्सबर्ग- maharaj,DEFENDER तोह चले gaye..ap हमे ये द्रव कौन देगा????

लार्ड क्रूसेडर- चिंता मत करो senapati....abhi हमारे भोजभंडार में काफी मात्रा में ये द्रव रखा हुआ है....

हमे वर्षो तक इसका सेवन कर सकते hain....aur जब ये ख़त्म होने को hoga,tab हम DEVIL'S लार्ड का आवाहन करेंगे...

हमे पूरा यकीं है की DEVIL'S लार्ड अपने भक्तों की आवाज़ ज़रूर सुनेंगे और हमपर अपनी कृपा बरसायेंगे..........

प्लेनेट एअर्थ

प्लेस- कॉलेज कैंटीन

क्या बात है DIGVIJAY,dekh रहा हूँ कुछ दिनों से तू कुछ शांत सा हो गया hai...koi प्रॉब्लम है क्या?????

सुबह का वक़्त hai.....DIGVIJAY & फ्रंज कॉलेज के कैंटीन में बैठे हुए हैं...

दिग्विजय- नहीं yaar,aisa तोह कुछ नहीं है........

1ंद फर्न- देख नहीं बताना है तोह मत bata,par झूठ तोह मत बोल.....

2ंद- अरे तू भी naa,itni सी बात को नहीं samajhta....arre यार भाभी के बिना भाई का दिल यहाँ कैसे lagega..kyun,sach बोल रहा हूँ ना?????

अपने दोस्त की बात सुन कर दिग्विजय बस मुस्कुरा दिया.....

2ंद- भाई एक बात poochun??????AVANTIKA के साथ तुम सीरियस हो या ये भी तुम्हारी बाकियों वाली जैसी hi है....

1सत- अब्बे सीरियस हो या टाइम paas,tujhe क्या करना है?????

दिग्विजय- मई बताता hun,ye अवंतिका को चखना चाहता है........

दिग्विजय की बात सुन उसके सभी दोस्त शॉकेड हो गए.....

दिग्विजय- अब्बे इतना शॉकेड क्यों हो रहे ho,tum सबने भी तोह अब तक की मेरी साड़ी गफ्स को मेरे बाद चखा है...

1सत फर्न- bhai,wo बात अलग thi.wo सब तोह तेरी टाइम पास थी naa,par अवंतिका तोह.......

दिग्विजय- अवंतिका में कौन से पर लगे हुए hain..wo भी बाकियों की तरह hi hai.ek बार मेरा काम हो jaaye,fir उससे भी तुम सब आपस में बाँट लेना.....

1सत- यार DIGVIJAY,tu यारों का यार hai...maza आ gaya...tu जल्दी से उससे बीएड पर laa,uske बाद हम भी अपना नंबर लगाएंगे....

दिग्विजय- waah,dekho toh,abhi कितना शरीफ बन रहा tha,ab आ गया न अपनी औकाद में....

1सत फर्न- भाई क्या karun,bandi hi ऐसी है की उससे देखते hi रोम रोम मचल उठता है....

दिग्विजय के दोस्त की बात सुन सभी है दिए..........

दिग्विजय................

जैसे ये आवाज़ दिग्विजय के कान में padi,DIGVIJAY एक झटके में अपनी जगह पर खड़े हो गया.......

1सत फर्न- अब्बे क्या hua,yun अचानक क्यों खड़े हो गया........??????

दिग्विजय- yaaron,mujhe एक अर्जेंट काम याद गया hai...mai आता हूँ...

दिग्विजय बिना किसी की बात सुन तुरंत वहां से निकल gaya..COLLEGE शहर से थोड़ा बहार था.

दिग्विजय तुरंत अपनी कार में बैठ कॉलेज से बहार निकला और एक सुनसान जगह पर अपनी कार पार्क कर गायब हो गया.......

प्लेनेट- मांसलिकेल

प्लेस- ास्मोडियस पैलेस

तुम्हे एक बोहोत hi महत्वपूर्ण कार्य करना है दिग्विजय...........

ये ास्मोडियस की hi आवाज़ थी doston,jisse सुनते hi दिग्विजय अपने दोस्तों को छोड़ भाग निकला था और गायब होकर यहाँ ास्मोडियस के सामने सर झुकाये खड़ा था......

दिग्विजय- ये मेरा सौभाग्य होगा डेविल लार्ड.........

ास्मोडियस- तुम्हे याद hoga,apne आप को और शशक्त बनाने के लिए तुम एक गृह पर गए थे....!!!!!!!

दिग्विजय- मिरर वर्ल्ड............

ास्मोडियस- हाँ मिरर WORLD..........jahan तुमने अग्रसेन से शिक्षा प्राप्त की थी...........

दिग्विजय- जी.........

ास्मोडियस- तुम्हे मालूम है अग्रसेन को क्या कह कर बुलाया जाता है......??????

दिग्विजय- सोर्ड लार्ड........

ास्मोडियस- हम्म सोर्ड LORD......aur क्या तुम इसका कारण जानते हो?????

दिग्विजय- नहीं महामहिम..........

ास्मोडियस- क्यूंकि उसके पास गॉड द्वारा वरदान में प्राप्त हुई एक तलवार hai........us तलवार का कोई सांई नहीं है...

बड़े से बड़े spell,hathiyaar उस तलवार के आगे बेकार हैं........

दिग्विजय- तोह मेरे लिए क्या आदेश हैं mahamahim.......kya मई उस तलवार को अग्रसेन से छीन कर यहाँ ले आऊं........???

ास्मोडियस- मेरी बात अभी खेतम नहीं हुई दिग्विजय.....

दिग्विजय ास्मोडियस की कठोर हो चुकी आवाज़ को सुन कर सेहम गया...

ास्मोडियस- मिरर वर्ल्ड खुद अग्रसेन ने उस सोर्ड की शक्ति से बनायीं है.....

इससे से अंदाज़ा लगाया जा सकता है की उस सोर्ड में कितनी ताक़त है......

जब गॉड ने अग्रसेन को वो सोर्ड di,toh मुझे उसकी शक्ति का आभास हो गया tha..mai उससे पाना चाहता था इसीलिए मई अग्रसेन के पास गया....

मैंने अग्रसेन से उस सोर्ड को माँगा tha,maine सोचा था की अग्रसेन उस सोर्ड को देने से मन कर देगा पर ऐसा हुआ नहीं...

अग्रसेन ने उस सोर्ड को मेरे सामने रख diya.par जैसे hi मैंने उस सोर्ड को चुने के लिए हाथ badhaya,wo सोर्ड गायब होकर वापस अपने मियां में चली गयी......

पहले मुझे लगा की ये अग्रसेन कर रहा है इसीलिए मैंने उससे बाँध दिया पर उसके बाद भी मई उस तलवार को हासिल करना तोह दूर छू भी नहीं पाया........

पर मैंने कुछ महसूस किया tha....maine महसूस किया था उस सोर्ड के विब्रेशन्स को......

हर मायावी चीज़ किसी न किसी से जुडी होती hai......apne मंज़िल पहुंचे तक उसमे एक कम्पन सी होती है.....

मैंने वही कम्पन उस सोर्ड में भी महसूस की thi....jisse एक बात साफ़ हो गयी की भले hi गॉड ने वो सोर्ड अग्रसेन को दी थी पर अग्रसेन उस सोर्ड का मालिक नहीं hai,bas रखवाला है......

उस सोर्ड को अभी तक अपनी मंज़िल नहीं मिली hai.......aur मई नहीं चाहता की उससे कभी भी अपनी मंज़िल मिले.......

अब सुनो की तुम्हे क्या करना है......

फिर ास्मोडियस ने दिग्विजय को उससे क्या करना है सम्जहय....

दिग्विजय ने एक बार फिर ास्मोडियस के आगे अपना सर झुकाया और गायब हो गया.....

ास्मोडियस मन में- पत्ते तुमने भी बिछाये hain,patte मैंने भी बिछाये hai,dekhte हैं बाज़ी कौन जीतता है.....

प्लेनेट- एअर्थ

प्लेस- सेक्रिला

डे-5

सो students,hum सेक्रिला फारेस्ट के रिस्ट्रिक्टेड एरिया के बॉर्डर पर पहुँच गए हैं.......

कल रात हम करीब 3 बजे वापस लौटे the......par जैसा की हर दिन होता आया hai,aaj की हमारी शुरुआत भी काफी अर्ली हो गयी थी.

हम सब करीब मॉर्निंग 8 बजे अपने आगे के सफर के लिए निकल गए the.....hum काफी जगहों पर रूक कर वहां के पौधों और अलग अलग चीज़ों के बारे में जानते हुए आगे बढ़ रहे थे...

इसीलिए यहाँ तक यहाँ तक पहुँचने में हमे करीब 3 घंटे लग गए थे..

और जैसा की सर ने बताया की अब हम सेक्रिला फारेस्ट के बॉर्डर पर पहुँच गए हैं...

GUIDE-yahan पर भी कुछ काफी इंटरेस्टिंग चीज़े हैं हैं जिससे हम आज देखेंगे.

जैसे की ये............

गाइड सर ने एक पेड़ की तरफ पॉइंट किया और उसकी तरफ बढ़ gaye.....hum सब भी सर के पीछे पीछे हो लिए.....

की तभी......................

मई- सहित......................

रोनित- क्या हुआ?????

मई और रोनित साथ साथ चल रहे the.RONIT ने मेरे शब्द सुन लिए......

मई- बाद में बात करते हैं.......

और कोई मौका होता तोह रोनित बिना आंसर जाने नहीं मानता पर इस वक़्त मेरे माथे पर उभरे टेंशन की लकीरों को देखकर रोनित चुप हो गया.....

मई मन में- अब इससे कैसे निपटु?????

गाइड- सो students,is पेड़ के बारे में कोई कुछ जानता है.....!!!!!

सर की आवाज़ सुनकर नाही मई सिर्फ होश में आया बल्कि अगले hi सेकंड मेरी टेंशन भी ख़त्म हो गयी और मेरे होंठों पर एक मुस्कान आ गयी....

सर्वस्वा सुरक्षा कवच प्रकटम

कम्पलीट प्रोटेक्शन

माया वाक्यं..........

मैजिकल वर्ड्स......

मैंने दो स्पेल्स बोले. पहले मंत्र के उच्चरित करते hi हमारे चारों तरफ एक अदृश्य स्ट्रांग कवच बन गया....

अब यहाँ पर कोई भी घुस नहीं सकता था......

और दूसरा स्पेल काफी मज़ेदार tha.is स्पेल का ये असर होना था की यहाँ पर हुई कोई भी बात सिर्फ हम hi सुन सकते थे...

अगर कोई भी हमपर नज़र रखे हो तोह उससे वही सुनाई देगा जो मई उससे सुनना चाहूंगा....

अब आप सब सोचेंगे की इतनी पंचायत kyun????toh इसका कारण है की जिस बात की मुझे टेंशन हो गयी thi,uska सलूशन मैंने गाइड सर के दिमाग में मिल गया था...

अब ये सब आखिर है क्या ये आपको हमारे कहानी के 3रद एवम आखरी CHAPTER में पता chalega.....filhaal के लिए चल रहे सन में वापस चलते हैं........

गाइड- तोह students,koi इस ट्री के बारे में कुछ जानता है........?????

अवंतिका- क्यूरियस ट्री..... इस पेड़ का यही नाम hai....is पेड़ के ब्रांचेज को चील कर एक पाउडर बनाया जाता है....

उस पाउडर से अब तक 30 बिमारियों के मेडिसिन्स बन चुके हैं....

पर साइंटिस्ट्स का ये कहना है की अभी तक उन्होंने इस ट्री का बस 25 % इस सच जाना है.

उनका दावा है की इस पेड़ से और भी कई मेडिसिन्स बन सकते hain...isiliye इस पेड़ का नाम क्यूरियस ट्री रखा गया है......

गाइड- अब्सोलुतेल्य right.......par सेक्रिला ''थे मिस्ट्री'' बुक में इस पेड़ को एक अलग नाम दिया गया hai....koi जानता है की वो नाम क्या है????

अवंतिका- PRISON'S के.........

गुड़ी- बिलकुल sahi........aur इसका कारण ये है की........................

गाइड सर ने सबको इस ट्री के मैथोलॉजिकल नाम का रीज़न बताया फिर हम सबने कुछ और plants,trees के बारे में jaana.kuch देर बाद हमारा लंच टाइम हो गया.....

लंच के बाद हम सब ने सेक्रिला फारेस्ट के अल्लोवेद एरिया के लास्ट वॉटरफॉल में काफी देर तक मस्ती की..

इस दौरान अंजलि ने कुछ चीज़े नोटिस की पर इससे अपने दिमाग का वेहम मानकर दिमाग में आये उस ख्याल को झटक दिया....

ऐसे hi मस्ती करते करते कब रात हो gayi,pata hi नहीं chala.raat को हम सबने डिनर किया और बॉन फायर के पास बैठ गए जहाँ आज किसीको एक झटका लगने वाला था....

ात बोनफिरे:-

शैफाली- तोह आज कुछ नया हो जाए!!!!!

हम सब- क्या?????

शैफाली- आज हम एक ऐसा गेम खेलेंगे जिससे गेम कहा नहीं जा सकता...

तोह फ्रंज करना ये है की सबको एक एक करके सबके सामने एक सच बोलना hoga....ek ऐसा सच जो की परिवटेली तोह कहा जा सकता है पर पुब्लिकल्ल्य नहीं.....

जिसका सच सबसे ज़्यादा इम्पैक्टफुल्ल hoga,wo जीत jaayega........toh शुरू करें!!!!!!

सभी शैफाली की बात सुनकर एक्ससिटेड भी हो गए और नर्वस bhi.ab सबके सामने सच बोलने में वो भी एक प्राइवेट sach,toh नर्वस्नेस तोह होगी hi ना....

khair,is सब के बावजूद सब ये गेम खेलने के लिए रेडी हो गए......

शैफाली- तोह कौन शुरू करेगा......????

अवंतिका -मई........

शैफाली- कूल ,जो ों थें......

मई अवंतिका के साइड में hi बैठा tha....mere बाजू में SHANAYA,uske बाजू में रोनित और रोनित के बाद अंजलि बैठी थी....

अवंतिका मेरी तरफ घूम गयी....

अवंतिका- V.J ये बात मैंने काफी बार पहले भी कही है पर आज एक बार सबके सामने कहना चाहती hun...i'm रियली सॉरी 4 व्हाट ी दीद.........

पता नहीं मुझे किस बात का घमंड था जो मैंने तुम्हारे साथ बुरा करें की कोशिश की..

हाँ ये बात लगा है की तुम हर मोड़ पर मुझसे दो कदम आगे hi थे पर उसके बावजूद तुमने मेरे साथ कुछ भी गलत नहीं किया...

और यही रीज़न है की मई खुद अपने नज़र में गिर गयी थी...

और जब मैंने तुमसे माफ़ी मांगी तोह तुमने एक झटके में सब कुछ भूलकर मुझे माफ़ भी कर दिया......

और यहाँ तक की जब मैंने तुम्हारी तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाया तोह तुमने उससे भी दिल से एक्सेप्ट कर लिया....

दिल से V.J,i'am रियली सॉरी.........

अवंतिका की बात सुन कर वहां बैठे सभी काफी इमोशनल हो गए थे.......

मई- एक शर्त पर मई तुम्हारी सॉरी एक्सेप्ट karunga...wo ये की ये जो तुम्हारे सॉरी वाला chapter हैं naa,wo आज और अभी से तुम्हे क्लोज करना hoga.....manzoor है!!!!

अवंतिका ने है कर हाँ में सर हिलाया...

शैफाली- वाओ yaar.....emotional कर दिया तूने toh.......so,moving on,who's गोंना बे थे सेकंड ओने........??????

फिर क्या था, एक के बाद एक बन्दे बन्दियाँ आते गए और अपने दिल में छुपे राज़ बताते गए..

किसीकी बात पे हम सब है dete,toh किसीकी बात पे इमोशनल हो जाते और कुछ तोह ऐसे नमूने थे जिनके राज़ बताने के बाद भी राज़ hi रहते थे....

वो आधी बात बताते और आधी छुपा लेते थे.........

SHAIFALI-wow yaar,ye गेम तोह जितना सोचा tha,usse भी ज़्यादा इंटरेस्टिंग बनता जा रहा है... अब कुछ hi लोग बचे hain..so who's गोंना बे थे नेक्स्ट ओने??????

शनाया- मई कुछ कहना चाहती हूँ.......

अवंतिका- तेरी ऐसी कौन सी सीक्रेट है जो मुझे नहीं पता.....

शैफाली- नहीं पता तोह अब पता चल jaayega...ya SHANAYA,go ों..........

शनाया अपने राइट तरफ मुड़ी और..............

शनाया- I.....LOVE.....U......RONIT..........

आज के लिए इतना HI......

आपका अपना V...J...
 
अब तक आपने पढ़ा की ास्मोडियस दिग्विजय को कुछ काम देकर मिर्रोर्स वर्ल्ड भेज देता है वहीँ दूसरी तरफ शनाया रोनित को प्रोपोज़ कर देती है.......

अब आगे:-

CHAPTER-2

( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )

अपडेट-62:-

प्लेनेट- एअर्थ

प्लेस- धवलगढ़

dadiji....aap तोह इस शहर में पिछले 44 सालों से रह रही hain....aapko तोह इस शहर के इतिहास के बारे में सब कुछ मालुम होगा....

बीते दिनों में जो चमत्कार हुआ hai,uske बारे में आपका क्या कहना hai????kya आपको लगता है की जो सुनी सुनाई बातें धवली झील के बारे में कही जाती thi,kya वो सच है??????

सुबह का वक़्त hai.......AHUJA फॅमिली ने जस्ट ब्रेकफास्ट ख़त्म किया hi था की बोहोत सारे न्यूज़ रिपोर्टर्स उनके घर आ धमके और नवीन समेत घर के सारे मेंबर्स से सवाल करने लगे.....

जिसका मैं कारण ये था की ाहूजास फॅमिली धवलगढ़ के सबसे पुराने खानदानो में से एक है और उन्हें यहाँ घाटी हर घटना के बारे में काफी कुछ पता है......

अब किस कारण से न्यूज़ रिपोर्टर्स अपने अपने माइक ाहूजास के मुँह में ठूस रहे hain,ye आपको कुछ hi देर में पता चल जाएगा....

दादी- जी ये बात सच है की मई धवलगढ़ में काफी सालों से रह रही hun,par आप मुझसे जो जानना चाहते hain,uska जवाब मेरे पास भी नहीं है....

और वैसे bhi,chamatkaro पर सवाल नहीं करते beta,usse ईश्वर का तोहफा समझ कर चुप चाप ग्रहण कर लेते हैं......

न्यूज़ रिपोर्टर- पर ये भी तोह हो सकता है की इसके पीछे कोई साइंटिफिक रीज़न हो.....!!!

दादीजी- अगर ऐसा है तोह आज तक कोई भी वैज्ञानिक इस बात का असली कारण क्यों नहीं बता पाया है.....

नजाने कितने सालों से अनगिनत शोधकर्ता यहाँ आये hain,par किसी के हाथ आज तक कुछ भी नहीं लगा.....

बीटा तर्क करना अछि बात hai,par इसका ये मतलब नहीं की हम सच्चाई पर भी अपनी अपनी अलग अलग प्रतिक्रिया रखें.....

हमारे maa,baap जैसे हमारे एक मात्र सच hain,thik उसी तरह ईश्वर और उसके चमत्कार भी एक सच है जिससे नाही झुटलाया जा सकता है नाही उसपे सवाल किया किया जा सकता है....

न्यूज़ रिपोर्टर- आप की बात सच है daadiji...par अगर हमारे सामने अचानक कुछ अलग ghate,toh उसका कारण जानना और उसकी तह तक पहुंचना हमारा फ़र्ज़ है...

शायद इससे कोई नयी बात भी सामने आ जाए........

दादीजी- कोशिश करके देख लो beta,shayad तुम्हे तुम्हारे सच का पता चल जाए...

मुझे इस बारे में ज़्यादा कुछ पता नहीं hai.....jitna यहाँ पर बसने वाले लोग जानते hain,mujhe भी उतना hi पता है.....

न्यूज़ रिपोर्टर- daadiji,kya आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानती हैं जो हमारी मदद कर सके?????

दादीजी- अमरीश SEHGAL....yahi एक ऐसे इंसान हैं जिन्हे इस शहर से जुडी हर बात पता है.......

पर अब वो यहाँ नहीं rehte,wo अपने परिवार के साथ मुंबई शिफ्ट हो गए हैं.....

न्यूज़ रिपोर्टर- थैंक ु daadiji.....ab हम चलते हैं.......

सारे न्यूज़ रिपोर्टर्स AHUJA'S मेन्शन से निकल कर पहुंचे धवली झील के पास.......

जी हाँ दोस्तों धवली JHEEL.ab ये वापस लौट आयी है और इसकी वजह तोह आप सब को मालुम hi है......

इस झील के साथ दो नयी चीज़ें भी हुई है......

1सत- अब ये झील झील न होकर एक तालाब को रूप ले चुकी hai....ek बड़ा talab,par इसका पानी आज भी स्वच्छ है....

और दूसरे रीज़न के बारे में आपको कुछ hi देर में पता चल जाएगा....

न्यूज़ रिपोर्टर- यही है वो चमत्कारी झील जो लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है.....

चमत्कारी kaise,ye आप खुद hi देख लीजिये.......

सारे रिपोर्टर्स अपने कैमरा मन के साथ धवली झील की के शोरे पर पहुँच गए....

जहाँ सारे रिपोर्टर्स खड़े the,wahan से धवली झील का शोरे बस 50 मित्रे की दूरी पर tha..par सारे रिपोर्टर्स को इन 50 मीटर को क्रॉस करने में 10 मिनट्स से ऊपर लग गए...

इसका कारण ये था की इस waqt,is वक़्त kya,har वक़्त धवली झील के चारों तरफ हज़ारों की तादाद में लोग मौजूद रहते था......

अब ऐसा kyun,chaliye,khud hi देख लीजिये....

न्यूज़ रेपोटर- जैसा की आप देख रहे है की इस वक़्त धवली झील को हज़ारों लोगों की भीड़ ने घेर रखा है..........

आईये इसका कारण और कारण के साथ मिलने वाले चमत्कार को भी देख लेते हैं.....

जितने भी कैमरा में थे उन्होंने अपना कमरे धवली झील के शोरे की तरफ घुमा दिया....

बोहोत से लोग जिन्हे कोढ़ tha,ya ऐसी hi कई लाइलाज बीमारी thi,wo सब धवली झील में एक एक डूबकी लगा रहे थे....

जैसे hi वो डूबकी लगा कर बाहर nikalte,unke सारे रोग अप्पनइ में मिलकर ख़त्म हो जाते थे....

पर इसके साथ साथ एक बात और भी thi,wo ये की जिस भी जगह कोई डूबकी lagata,wo जगह एक पल के लिए काली हो jaati,maano डूबकी लगाने वाले इंसान की बीमारी को खींच रही हो और फिर बैक तो नार्मल.....

न्यूज़ रिपोर्टर- तोह देखा aapne,aaj तक आप सब ने चमत्कारों की कानो सुनी तोह कई साड़ी बातें सुनी hongi,par हम आपको एक अविश्वसनीय चमत्कार का आँखों देखा नमूना दिखा रहे हैं....

और चमत्कार का सिलसिला सिर्फ यहीं ख़त्म नहीं hota,ye dekhiye,is वक़्त मेरे हाथ में स्ग्वब डिपार्टमेंट से जारी किया गया ये एप्रूव्ड लेटर भी है...

जिसमे ये साफ़ लिखा हुआ है की इतने सारे रोगों को हरने वाला ये पानी अब भी साफ़ है....

इन रोगों का एक भी बैक्टीरिया धवली झील में मौजूद नहीं hai....toh हुआ न ये डबल चमत्कार....

हम इस अनोखे विषय पर बने rahenge...iske बारे में और जानने के लिए आप हमारे साथ बने रहिये...

कैमरा मन ********* के साथ मई ******* से................

प्लेनेट- मिर्रोर्स वर्ल्ड

प्लेस- इन्फ्रोन्ट ऑफ़ थे थ्री मिर्रोर्स

छायात्मानं..........

सेल्फ शैडो.......

दिग्विजय के इस स्पेल को बोलते hi उससे खुद एक झटका लगा पर फिर सब कुछ पहले जैसा हो गया.........

गृह द्वाराम बन्धं........................

इस स्पेल के बारे में आपको बाद में पता चलेगा.....

दिग्विजय ने अपने दोनों हाथ फैलाकर ेय स्पेल bola...uske दोनों हाथों से कुछ रेज़ निकली और हर तरफ फैलती चली गयी.....

दिग्विजय- ये तोह बोहोत आसान था.....

AAAHHHHHHHHHH............

अभी दिग्विजय का सेंटेंस ख़त्म hi हुआ था की एक बिजली की उससे आकर lagi...DIGVIJAY करहाते हुए दूर जा गिरा........

तुम तोह वही होना जिसने कुछ समय पूर्व यहाँ आकर शिक्षा ली थी.....

दिग्विजय ने आवाज़ की तरफ dekha...uske सामने अग्रसेन खड़ा था......

दिग्विजय- हाँ मई वही हूँ...

दिग्विजय ने खड़े होते हुए कहा.......

अग्रसेन- तुम्हारी इतनी हिम्मत की तुम यहाँ आकर काली शकितयों के मंत्र बोलो..........

दिग्विजय- हिम्मत तूने अभी देखि hi कहाँ है अग्रसेन..........

अग्रसेन दिग्विजय की बात सुन क्रोधित हो gaye......unhone अपनी तलवार nikali,abhi वो कुछ करने वाले hi थे की उनके तलवार में एक तस्वीर उभरी जिससे देखते hi उनका ग़ुस्सा शांत हो गया.......

अग्रसेन- तोह तुझे ास्मोडियस ने यहाँ भेजा hai,kyun..........??????

दिग्विजय अग्रसेन की बात सुनकर बिलकुल भी शॉकेड नहीं हुआ क्यूंकि उससे ास्मोडियस ने पहले hi ये बता दिया था की अग्रसेन के तलवार निकलते hi उससे इस बात का पता चल hi जाएगा.....

जो तस्वीर अग्रसेन ने अपने तलवार म देखि thi,wo ास्मोडियस की hi थी....

उस तलवार की खूबियों में से एक खूबी ये भी है की उसके सामने वाला किस मंसूबे से आया hai,ye उससे पता चल जाता है.......

दिग्विजय- तुम लार्ड ऑफ़ DEVIL'S को क्यों नहीं बता देते की तुम्हे ये तलवार क्यों मिली hai...?????isse सारा किस्सा hi ख़त्म हो जाएगा.........

अग्रसेन- काली शक्तियों के मालिक का कुत्ता मुझे बताएगा की मुझे क्या करना चाहिए??????

saala,ye अग्रसेन को कैसे मालुम पड़ा की उसके सामने जो खड़ा था उसका नाम डोगग्य hai,i मैं डोगग्य से मिलता जुलता नाम

hai..par साले की सीरत तोह डॉगी सी hi है...

दिग्विजय अग्रसेन की बात सुनकर क्रोधित हो गया पर उसने खुद को कण्ट्रोल कर लिया क्यूंकि उससे ास्मोडियस ने अग्रसेन पे अटैक करने के लिए मन किया था......

इसके पीछे भी एक कारण है जो कुछ hi देर में आपको पता चल जाएगा.....

दिग्विजय- तुझे जो समझना है samajh,par मेरी बात पे गौर kar,teri ज़िन्दगी बच जायेगी....

अग्रसेन- और अगर ना माना तोह कौन लेगा मेरी jaan.tere जैसा कुत्ता या इस कुत्ते का maalik,ASMODEUS......

दिग्विजय- मुझे पता है की तू मुझे भड़काना चाहता है और इसके पीछे की वजह भी पता hai,par फ़िक्र मत कर ऐसा होगा नहीं........

अग्रसेन दिग्विजय की बात सुनकर chownka..usse नहीं पता था की ास्मोडियस को इस बारे में भी पता होगा.....

अग्रसेन- acha,toh ज़रा मई भी तोह जानू की तुझे तेरे मालिक ने क्या बताया है???

दिग्विजय- तेरे पास जो तलवार है वो डिफेंसिव hai....ye तभी किसी पे हमला कर सकती है जब सामने से हुम्ला ho...tab तक ये बेकार है...

इसीलिए तू मुझे उकसा रहा है क्यूंकि जब तक मई तुझे पहला वार नहीं karunga,tab तक तू इस सोर्ड को इस्तेमाल में नहीं ला सकता...

इतना hi nahi,maine यहाँ आते hi जो स्पेल बोलै tha,uska असर भी तू सिर्फ इस सोर्ड से hi ख़त्म कर सकता है पर वो भी तभी मुमकिन है जब मई तुझपे हुम्ला karun......kyun,sahi कहा ना!!!!!!!!

दिग्विजय की बात सुनकर अग्रसेन के चेहरे पर दो एक्सप्रेशंस ने जन्म लिया....

1सत- TENTION.......wo इसीलिए की अग्रसेन ये जान गया था की दिग्विजय उसपे हुम्ला नहीं करेगा और इसीलिए वो दिग्विजय द्वारा किये गए स्पेल को काट नहीं सकता......

2ND-RAAHAT...wo इसीलिए की दिग्विजय को या यूँ कहूं ास्मोडियस को सोर्ड के बारे में सिर्फ आधी hi जानकारी hai......aur आधी अधूरी जानकारी हानिकारक होती है....

अग्रसेन- सही कहा tune,tere स्पेल को ख़त्म करने के लिए मुझे इस सोर्ड की ज़रुरत है पर तुझे ख़त्म करने के लिए नहीं.....

सर्वस्वा विनाशं.........

कम्पलीट दिसऱ्टुक्तिओं.......

भूमममममममम.............

अग्रसेन ने सोर्ड उसके मियां में राखी और दिग्विजय की तरफ हाथ कर इस स्पेल को उच्चारित किया......

दिग्विजय के ऊपर एक तेज़ वाइट रे पड़ी और इसीके साथ एक तेज़ धमाका हुआ.....

धमाका होते देख अग्रसेन के चेहरे पर एक मुस्कान आ गयी पर ये मुस्कान सिर्फ कुछ hi पलों के लिए थी....

धमाके की वजह से हुए धुंए के चातेथे hi अग्रसेन को दिग्विजय अपनी जगह पर सुरक्षित खड़ा दिखा.......

अग्रसेन- असंभावववववव.......

ये सब हुआ था दिग्विजय के इस प्लेनेट में आते hi बोले गए पहले स्पेल की वजह से........

छायात्मानं..........

सेल्फ शैडो.......

इस स्पेल के उच्चारित होते hi उच्चारण करें वाले के सामने उसकी hi एक परछाई बन जाती है जो किसी शील्ड से काम नहीं होती....

इस परछाई में किसी भी एक बड़े से बड़े स्पेल को झेलने की शक्ति होती है....

अग्रसेन द्वारा बोलै गया स्पेल इसी शैडो से टकराया जिससे ये शैडो तोह ख़त्म हो गया पर दिग्विजय को बचा गया.....

दिग्विजय- जिसके सर पर DEVIL'S लार्ड का हाथ ho,usse मारना इतना आसान भी नहीं है अग्रसेन.

वैसे भी मेरा यहाँ का काम ख़त्म हो गया hai,ab मई चलता हूँ....

इससे पहले की अग्रसेन कोई और स्पेल bole,DIGVIJAY गायब हो चूका था.....

अग्रसेन थके कदमो से आगे बढ़ा और वो भी गायब हो गया.....

प्लेनेट- एअर्थ

प्लेस- सेक्रिला

फाइनल डे इन सेक्रिला

सो students,aapka और हमारे साथ का आज लास्ट डे है क्यूंकि आज हमारे सेक्रिला फारेस्ट के एडवेंचर टूर का आखरी दिन है.......

अभी तक मैंने आपको इस फारेस्ट के सभी एक्ससिटिंग जगह दिखा दिए है सिवाए एक को chhodkar..aur वो लास्ट जगह हम आज देखने वाले हैं.....

वो जगह यहाँ से कुछ 2 कम की दूरी पर hai....so लेटस वाक........

हम सब गाइड सर के पीछे पीछे हो liye......par आज हमारा ग्रुप साथ होकर भी साथ नहीं लग रहा tha.....aisa kyun,chaliye आपको बताता हूँ......

हर दिन की hi तरह हमारे आज के दिन की भी शुरुआत काफी जल्दी हो गयी पर आज का हमारा सफर कुछ अलग था..

हमारा मतलब हमारे ग्रुप ka.......kal रात को शनाया ने जो बम फोड़ा था उसके बाद से हमारे ग्रुप का संतुलन थोड़ा सा बिगड़ गया था..

रोनित ने शनाया के प्रपोजल के जवाब में शनाया को कुछ दिनों के लिए रूकने को कहा था....

इतना बड़ा फैसला वो यूँ ासाहनक तोह कर नहीं सकता tha...RONIT के जवाब को सुनकर शनाया ने भी बस ok कहा....

रोनित ने भले hi शनाया को कुछ वक़्त माँगा tha,par आज सुबह से hi दोनों साथ hi थे....

पर इनके साथ आते hi एक चेहरा हम सब से hi अलग हो गया और वो कौन होगा ये तोह आप सब जानते hi hain...hamari अंजलि मैडम....

सुबह से मुँह को फुलाये अकेली hi घूम रही hai....AVANTIKA ने उससे इसका रीज़न भी पूछा पर उसने उससे ताल दिया....

और जब मई उसके पास गया तोह मैडम से मुझे इतना घूर कर देखा की जो डीएलओगे में सोचकर गया था की उससे sunaunga,wo मेरे अंदर hi रह गया और मई चुप चाप काट लिया......

रोनित भी अंजलि के पास एक बार जा चूका था पर अंजलि ने उससे ऐसा लुक दिया की उसकी फैट गयी और वो भी कल्टी हो गया......

khair,hum इन सब बातों को साइड कर गाइड सर के पीछे पीच चल रहे थे....

करीब आधे घंटे चलने के बाद हमारी आज की मंज़िल आ गयी....

गाइड- सो गाइस यही है वो जगह जो अभी तक हमने नहीं देखि thi....hai न ख़ूबसूरत!!!!

इस वक़्त हम कुदरत के एक करिश्मे के सामने खड़े थे....

हमारे आँखों के सामने इस वक़्त कुदरत की गोद में बानी एक नहीं बल्कि दो स्विमिंग पूल थे.....

हम सभी के मुँह से कुदरत के इस नायब तोहफे को देखकर वाओ निकल गया.....

गाइड- इन में से एक स्विमिंग पूल को एक नाम दिया गया है पर दूसरे को nahi...iske बारे में कोई जानता है?????

शनाया- इन दोनों में से जो पीछे वाला स्विमिंग पूल hai,ussi को नाम दिया गया hai..aur वो नाम है ट्रांस POOL....NASHILA पूल...............

गाइड- बिलकुल sahi.....aur इसका रीज़न ये है की इस पहले पूल का पानी तोह नार्मल है पर इस दुसरे पूल का पानी नशीला है ठीक शराब की तरह..

पर इसमें शराब की तरह खामियां नहीं hai.......iska पानी शरीर को कोई नुक्सान नहीं पहुंचता पर haan,jo भी इसके पानी को पीटा है उससे शराब का नशा हो जाता है...

ये वाकई एक वीयर्ड बात thi,par साथ साथ मज़ेदार भी.....

हम सबने उस ट्रांस पूल के कई सारे फोटोज लिए फिर उसके आगे जो नार्मल पूल थी उसमे कूद gaye.....aise hi मस्ती करते हुई कब सेक्रिला का ये आखरी दिन गुज़र gaya,pata hi नहीं चला......

ात नाईट:-

खुद से बात करने में जो मज़ा hai,wo दोस्तों से बात करने में kahan???kyun!!!!

हम सब डिनर करके हर रात की तरह आज भी बोनफिरे एक पास बैठे पर इस हम शब्द में एक बाँदा एक्चुअली एक बंदी काम thi...aur वो थी हमारी अंजलि मैडम.....

वो हम सब से कुछ दूर अकेली hi बैठी सर को ऊपर किये चाँद को घर रही थी....

मैंने कुछ बन्दों को भेजा उसके पास उससे बुलाने पर उसने सबको बहाना बना कर वापस भेज दिया....

इसीलिए आखिर में मई और अवंतिका उसके पास पहुँच गए......

मेरी आवाज़ सुन अंजलि ने एक बार हूअमरि तरफ देखा और फिर वापस अपना चेहरा चाँद की तरफ कर लिया.....

मई- यार मुझे भी तोह बता की जब एक चाँद दूसरे चाँद की तरफ देखता है तोह पहले चाँद को ाचा लगता है या बुरा...!!!

अंजलि- V.J प्ल्ज़ yaar,mujhe अभी किसीसे कोई बात नहीं करनी.....

अवंतिका- मुझसे भी nahi..iska मतलब तूने मुझे दिल से अपना दोस्त नहीं maana,haina!!!!

अंजलि- ऐसा कुछ नहीं है AVNI....meri कोई भी फीलिंग कभी भी झूटी नहीं होती....

ये बात अंजलि ने रोनित की तरफ देखकर कही थी जो की शनाया के साथ बैठा हुआ था......

मई- चल jhuti....teri फीलिंग्स naa,us पानी की तरह है जिससे दूध में मिलाया जाता है....

पता hi नहीं चलता की पानी कितना है और दूध कितना....

मेरी बात सुन अंजलि मेरी तरफ सवाल भरी आँखों से देखने लगी....

मई- कुछ जस्बात वक़्त रहते बयान कर देने चाहिए अंजू वर्ण उनका मोल ख़त्म हो जाता है......

अंजलि- पर तू hi तोह कहता था न की जो तुम्हारी खामोशी को ना समझ सके वो तुम्हरी बातों को कभी नहीं समझ सकता....

मई- दोस्ती और प्यार के तराज़ू अलग अलग होते हैं ANJU.......unme एक सा वज़न डालकर नहीं टोला जाता.....

नहीं समझी...

अंजलि ने ना में सर हिला दिया......

मई- समझाता हूँ...

स्कूल में फर्स्ट पीरियड से पहले हमारी क्लास टीचर क्या करती थी....????

अंजलि- अटेंडेंस लेती थी......

कभी ऐसा हुआ है की अटेंडेंस लेने से पहले भी टीचर ने तुझे देखा है!!!

अंजलि- haan,kayi बार...

मई- तोह क्या अटेंडेंस लेते वक़्त वो तेरा नाम स्किप कर देती थी....

अंजलि- नहीं.....

मई- और तू यस MA'AM बोलती thi....ye जानते हुए भी की टीचर को तेरे क्लास में होने का आलरेडी पता है.....

अंजलि- haan........attendence में नाम लेना और उसका आंसर देना तोह कपोलसरी.........

अंजलि बोलते बोलते रूक गयी जैसे मेरी बात का मतलब समझ गयी हो....

मई- तूने सही समझा ANJU......pyar भी उसी अटेंडेंस जैसा hi hai...pata भी हो ना की ये मौजूद hai,fir भी मुँह से एक बार इज़हार करना hi पड़ता है....

अंजलि के आँखों से आंसू निकल gaye.AVANTIKA ने उससे सहारा दिया......

मई- ले पानी पी और किला फ़तेह कर........

अंजलि- मुझसे नहीं होगा V.J. और वैसे भी शनाया उससे प्यार करती hai.agar मई उन दोनों के बीच में आ गयी तोह उससे कितना बुरा लगेगा...

मई- रोनित ने उससे अभी तक हाँ नहीं कहा hai.....kya पता उसके दिल में क्या ho...???agar उसके दिल में तू हुई तोह.......

तूने आज तक उससे मस्ती में hi बात की hai,uska मज़ाक hi उदय hai,aise में वो तुझसे कुछ कहे भी तोह kaise?????meri बात maan,ek बार उससे बात करले...

अंजलि- मुझसे नहीं होगा V.J.....

मई- चल chhod,aur पहले ये रोना बंद कर और पानी पि.....

अंजलि ने अपने आंसू poche.mere हाथ में पानी की एक बोतल थी जो मैंने अंजलि की तरफ बढ़ा di.......ANJALI ने पानी पि लिया......

अंजलि- ये मुझे अजीब सा क्यों लग रहा है?????

पानी पीने के कुछ 2 मिनट के बाद अंजलि ने बोलै.........

मई- ajeeb.....matlab!!!!!

अंजलि- मेरा सर घूम रहा hai.....aisa लग रहा है जैसे मेरे दिमाग की नसे खुल रही hain.......ek min......ye पानी kahin...........saale kutte,V.J.............tune......

मई- सही समझी baalike.ye पानी उसी ट्रांस पूल का hai...aur गली नहीं थैंक्स bol......tujhe दर लग रहा था naa,isse तेरा दर ख़त्म हो जायेगा.....

अंजलि- यतु कुछ भी karle,mai रोनित को कुछ नहीं बोलूंगी...........

अंजलि ने ये बात लड़खड़ाती आवाज़ में कही थी....

मई- मत bol.wo dekh,dono कितने क्यूट लग रहे हैं साथ me....RONIT मेरी बात तोह काटेगा nahi...soch रहा हूँ जाकर रोनित की तरफ से शनाया को हाँ बोल दूँ....

ये बोलकर जैसे hi मैंने रोनित की तरफ अपने कदम badhaye,ANJALI ने पीछे से मुझे पकड़ लिया.........

अंजलि- ऐसे कैसे हाँ बोल देगा tu.........aur उस साले को तोह मई बताती हूँ......

अंजलि मुझे पीछे कर खुद लड़खड़ाती हुई आगे बढ़ने लगी......

इधर मई और अवंतिका भी मुस्कुराते हुए उसके पीछे पीछे चल दिए.

अंजलि- एक मिनट ओने minute......i वाना कुछ कहना चाहती hun.....actually शैफाली,

एस्टर्डआयस game,true बोलने waali,i वना खेलना है मुझे आज....

अंजलि की आधी हिंदी आधी इंग्लिश वाली बात सुनकर हम सबको हसी आ गयी...

शैफाली और शनाया ने हमारी तरफ देखा..

मैंने शैफाली को इशारे से हाँ kaha,aur अवंतिका ने इशारे से शनाया को अपने पास बुला लिया....

शैफाली- ok then.par कल तोह सभी ने अपना अपना सच बोल दिया tha.bas तुम्ही बची thi....toh तुम्हे जो बोलना hai,bol दो.....

अंजलि- haan,i विल bolungi.......sab ट्रू ट्रू बोलूंगी.....

अंजलि धाम करके रोनित की साइड में बैठ गयी........

रोनित- आराम से yaar,tujhe लग जायेगी.....

अंजलि-

toh,i'll गेट हर्ट ना,

तुझे उससे क्या............!!!!!!

साले चाइल्डहुड me,bachpan में, तेरे नोज बहने पर ी ुसेड तो गिव तुझे रुमाल.....

kyun?????kabhi यू thought!!!!!!!nahi........

तुझे उससे क्या...........!!!!!!!!!!

योर सारे homework,who करता tha,mai...

kyun????kabhi यू thought!!!!!!!nahi.......

तुझे उससे क्या.............!!!!!!!!!!

टीचर्स से 4 u,just 4 u,who लड़ता tha,mai.....

kyun??????kabhi यू thought!!!!!nahi.......

तुझे उससे क्या.........!!!!!!!!!!!

जब वे गए the,TRAINING me,aur जब जब वे बोथ को चोट लगती thi,toh अपनी चोट को लीव karke,your चोट को हु देखता tha????.......mai.........

kyun????kabhi ु थॉट!!!!!!!! नहीं.............

तुझे उससे क्या................

तेरी लिटिल से लिटिल baat,chahen कितनी hi स्टुपिड क्यों न ho,uspe लाफ करते हुए हु ने तेरा साथ ऑलवेज diya......??????MAINE.........

kyun??????kabhi ु thought!!!!nahi............

तुझे उससे क्या.........!!!!!!!!!!!

V.J को ी ने फ्रंशीप di......par यू को ी ने फ्रंशीप के साथ साथ अपना दिल भी दिया...

कभी ु thought!!!!!!nahi...........

तुझे इससे क्या........!!!!!!!!!

रोनित- प्यार.............

अंजलि- व्हाट बोलै तू.........

रोनित- तूने पूछा न की मुझे उससे kya???toh मुझे प्यार है....

अंजलि- किस्से?????

रोनित- tujhse.........I लव ु अंजलि...........

आज के लिए इतना HI......

आपका अपना V....J........
 
अब तक आपने पढ़ा की दिग्विजय मिर्रोर्स वर्ल्ड के सरहद पर एक स्पेल बोलता है वहीँ दूसरी तरफ रोनित अंजलि को प्रोपोज़ कर देता है.....

अब आगे:-

CHAPTER-2

( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )

अपडेट- 63

प्लेनेट- एअर्थ:-

प्लेस- पलम्फोस

students,today इस योर लास्ट डे इन वकाजुला country......mujhe उम्मीद है की आपने अपने सेक्रिला ट्रिप को काफी एन्जॉय किया होगा.....

दोपहर का वक़्त hai......hum सब आज सुबह सेक्रिला से वापस पलम्फोस आने के लिए 7 बजे निकल गए थे.......

कल की रात जो hua,wo तोह आप सब जानते hi hain....aaj पहली बार बस में मेरे दोनों दोस्त फ्रेंड की तरह नहीं बल्कि एक कपल की तरह बैठे थे.....

और इस बात की ख़ुशी उन दोनों से ज़्यादा मुझे thi.......waise आज सुबह अंजलि का जब हैंगओवर उतरा तोह उसने मेरी काफी कुटाई ki,jiske दो रीज़न थे...

1सत- अब मैंने उससे कल नशीली पानी जो पीला दी थी....

2ंद- आज होश में आते hi अंजलि सबसे पहले शनाया के पास गयी thi,usse सॉरी कहने के लिए की ये जानते हुए भी की शनाया रोनित को पान्ड करती hai,usne भी रोनित को प्रोपोज़ कर दिया.....

अंजलि की बात सुन पहले तोह शनाया ने साद होने का नाटक किया पर फिर ज़ोर ज़ोर से हसने लगी.....

शनाया के इस तरह अचानक हसने से अंजलि काफी शॉकेड हो गयी पर फिर जब शनाया ने उससे बताया की उसका रोनित को प्रोपोज़ करना सिर्फ एक प्लान था.....

और ये प्लान मेरा था ताकि अंजलि को अपने प्यार को खुद से दूर होने का एहसास हो जाए और वो रोनित से अपने दिल की बात कर दे.....

अब ऐसे में मेरी कुटाई तोह बनती थी ना..

khair,kuch देर तक मुझे कूटने के बाद अंजलि ने मुझे गले से लगा लिया..........

और इसी तरह हमारे सेकंड chapter का एक हिस्सा अपनी मंज़िल तक पहुँच gaya..ab चलते हैं वापस कहानी की तरफ....

GUIDE-jaisa की आप जानते है की इस वक़्त हम पलम्फोस में हैं जो की वकाजुला का कैपिटल है........

और पलम्फोस ब्रांडेड कपड़ों और टेस्टी फ़ूड के लिए जाना जाता hai....aapki फ्लाइट मिडनाइट 12 बजे hai.hume 9 बजे तक एयरपोर्ट में चेक इन करना है...

तब तक आप पलम्फोस ghumiye,shopping kijiye,yahan की लज़्ज़द्दार डिशेस को chakhiye...in शार्ट एन्जॉय यौरसेल्वेस.....

हम सब ने गाइड सर को थैंक्स कहा और अपने अपने ग्रुप के साथ निकल गए.....

अवंतिका- तोह पहले कहाँ चलें?

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?

शनाया- पहले शॉपिंग चलते हैं.....

रोनित- अरे यार तुम लोगों की शॉपिंग अगर एक बार शुरू हो गयी तोह सीधे फ्लाइट के टाइम पर hi ख़त्म hogi..pehle कुछ खा लेते हैं......

मई- वही तोह मई सोचूं की हमारा भूकड़ ने पलम्फोस जैसी जगह में आकर भी अभी तक खाने की बात कैसे नहीं की....

अंजलि- अरे उससे भूक लग रही होगी ना....

अवंतिका- ोये hoye......aaj तक तोह जब भी इसने खाने का नाम लिया था तोह तूने hi इससे भुक्कड़ कहकर चिढ़ाया था और आज तू hi इससे सपोर्ट कर रही है.....

लगता है इश्क़ का भूकर सर चढ़ कर बोल रहा है......

अंजलि- अरे मई तोह इसीलिए बोल रही थी की हमने पुरे साथ दिन जंगल में एडजस्ट करके खाना खाया है और अब जब हम वापस एक सिटी में हैं तोह भूक लग्न तोह ऑबविआ hi है ना......

मई- आज तक सुना tha,aaj देख भी liya...mohobbat मिलते hi लोग अक्सर दोस्ती भूल जाते हैं......

रोनित- चुप be......ab तोह मई इंडिया पहुँचने के बाद hi खाऊंगा....

मई- ये ाचा hai.ab तोह पहले लंच hi करते hain,fir सब शॉपिंग कर lenge.....RONIT तोह खायेगा nahi,uske हिस्सा का भी मई hi खा जाऊंगा.......

अवंतिका- तोह पहले किसी अचे से रेस्टुरेंट में चलते हैं.....

शनाया- उससे ाचा तोह हम मॉल चलते hain.wahan लंच भी हो जाएगा और शॉपिंग भी.....

मई- haan,yahi ठीक होगा....

हम सब ने एक टैक्सी रुकवाई और उसमे बैठ कर पलम्फोस के सबसे बड़े मॉल के लिए निकल पड़े......

इन मॉल:-

शनाया- एक्सक्यूज़ me.......take आवर आर्डर.....

हम सब मॉल के 3रद फ्लोर पर बने रेस्टुअरंत के काउंटर पर pahunche......ye एक सेल्फ सर्विस रेस्टुरेंट tha,matlab आपको अपना आर्डर खुद लेकर आना होता था.....

मई- अरे सिर्फ हम चारों का hi आर्डर dena,RONIT तोह खायेगा नहीं....

मेरी बात सुनकर रोनित का मुँह छोटा सा हो गया...

अंजलि- यार V.J...kyun हमेशा उसकी टांग खींचते रहता है......

मई- bola,bola,andar का प्यार मुँह के रास्ते से बोलै.....

अंजलि- तू फिर शुरू हो gaya.aisa कुछ भी नहीं है.......

मई- acha,humesha तू hi इसकी टांग खींचती thi,aur आज टांग खींचना तोह door,iska सपोर्ट कर रही है.......

रोनित- हाँ toh,G.F है meri.support तोह करेगी ना......

रोनित ने फ्लो फ्लो में बोल तोह दिया पर बोलने के बाद खुद hi हड़बड़ा gaya.aur अंजलि बेचारी के तोह गाल शर्म से लाल हो गए थे.....

अवंतिका- V.J......bas करो यार........

मई- चलो ठीक hai.......order हो गया......

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रोनित- bhai,mai भी खाऊंगा.......

रोनित की बात सुनकर हम सब है दिए...

मई- ऑफ़ कोर्स खायेगा saale.tujhe भूका रखकर हम कैसे खा सकते है यार......

रोनित- तू hi तोह मेरा भाई है यार...

ये बोलकर रोनित मेरे गले लग गया..

शनाया- guys,ye इंडिया नहीं पलम्फोस hai.yahan यूँ गले लगोगे तोह लोग अंजलि को रोनित की गफ nahi,balki रोनित को तेरी गफ समझेंगे......

रोनित- सोचने दो सालों ko.....ab लोगों के सोच की वजह से क्या मई अपने भाई के गले भी न लागूं.....

अंजलि- अब अगर तुम दोनों का भारत मिलाप हो गया हो तोह कोई काउच ोकुप्य karen....dekho,saare कोचेस भरते जा रहे हैं......

हम सब ने अपना आर्डर रेसेप्ट फ़ूड कोर्ट में दिया और जाकर एक काउच पर बैठ गए.....

अभी हमे बैठे कुछ 2 मिनट hi हुआ था की रोनित का और उसके जस्ट बाद मेरा फ़ोन baja..ye कॉल्स हमारे घर से थे...

मैंने सबको एक्सक्यूज़ बोलै और थोड़ा दूर जाकर बात करने लगे.......

हमारे जाने के बाद.........

शनाया- so,u लकी girl....tujhe अपना मर परफेक्ट आखिर मिल hi गया क्यों?

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अंजलि बस शनाया की बात सुनकर मुस्कुरा दी.....

शनाया- एक बात puchun,par प्लीज बुरा मत maanana..bas एक करिओउसीतय है इसीलिए पूछना चाहती हूँ....

अंजलि- SHANAYA,we अरे फ्रेंड्स now....kuch बी पूछने के लिए तुम्हे हिचकिचाने की ज़रुरत नहीं है.......

शनाया- रोनित kyun,V.J क्यों nahi...i मैं तुम तीनो बचपन से फ्रेंड्स हो..... पर तुमने रोनित में दिलचस्पी dikhayi,V.J में नहीं......

मई ये नहीं कह रही की रोनित में कोई बुराई hai,infact रोनित काफी ज़्यादा हैंडसम hai,par ु know.....V....JJJJJJJ..........

अंजलि- मई जानती हूँ तुम क्या कहना चाहती ho...yahi ना की रोनित V...J से बेटर नहीं है....

V..J इंडिया का ब्राइटेस्ट स्टूडेंट hai,hamare कॉलेज का सबसे हैंडसम लड़का hai,aur भी नजाने कितनी साड़ी खूबी है usme.in सब को जानने के बावजूद मैंने रोनित को क्यों chuna...yahi ना......

शनाया- राइट........

अब अवंतिका भी अंजलि के आंसर को सुनाने के लिए काफी एक्ससिटेड हो गयी थी.....

अंजलि- चाँद को हर कोई देख सकता है शनाया पर उससे पाने की तक़दीर सिर्फ चांदनी hi अपनी किस्मत में लिखवा कर लाती है...

मई भी चाँद को देखने वालों में से hi हूँ....

जो जो खूबी तुमने अभी V.J की गिनवाई naa,yahi रीज़न है की मैंने उससे नहीं चुना.

वो इतना परफेक्ट है ना की मेरे लीग से बहार है....

मई V.J को एफ्फोर्ड नहीं कर sakti........wo इस दुनिया की सबसे खुशकिस्मत लड़की होगी जिसका हाथ V.J थामेगा..

ये बात अंजलि ने अवंतिका की तरफ देख कर बोली थी जिससे अवंतिका अंदर hi अंदर हड़बड़ा गयी थी....

शनाया- इसका matlab,kabhi तुमने भी V.J के लिए कुछ फील किया था.............

अंजलि- नहीं बोलूंगी तोह झूठ होगा.....

रोनित- मुझसे ज़्यादा तोह मेरे घरवाले तेरे वापस आने से एक्ससिटेड लग रहे हैं..

अभी शनाया कुछ कहने hi वाली थी की इतने में रोनित अपना फ़ोन हैंग उप करके लौटा.....

शनाया को एक शरारत सूझी..........

शनाया- वैसे क्या ये बात रोनित को पता है..!!!!

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शनाया को लगा उसके ऐसा कहने से अंजलि हड़बड़ा जाएगी पर हुआ ulta,ANJALi है दी.....

रोनित- मुझे क्या पता है?

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??

अंजलि- कुछ nahi,SHANAYA ये पूछ रही है की मेरा जो V.J पर क्रश tha,uske बारे में रोनित को कुछ पता है की नहीं....

अंजलि की बात सुनकर शनाया और अवंतिका दोनों शॉक हो गए....

होना भी चाहिए naa,ek लड़की अपने b.f के सामने अपने पुराने क्रश के बारे में इतने आराम से बता de,wo भी तब जब वो क्रश उन दोनों का hi बेस्ट फ्रेंड ho,toh सुनाने वाले को झटका तोह लगेगा hi ना....

रोनित- इसमें बताने वाली कौन सी बात hai,ye बात तोह मुझे आलरेडी पता है..

अवंतिका और शनाया एक शॉक से उभरे नहीं the,ki उन्हें रोनित की बात सुन दूसरा शॉक लगा...

रोनित- yaar,hum तीनो बचपन के दोस्त hain...ek दूसरे की दिल की छोटी से छोटी बात हम तीनो को पता होती hai....toh इतनी बड़ी बात मुझे कैसे पता नहीं चलती....

अंजलि- जैसे जैसे हम बड़े होने lage,mere क्रश का बुखार भी उतरता चला gaya.fir एक ऐसा टाइम भी आया की मेरा दिल V.J की परफेक्शन से हैट कर रोनित के इम्पेर्फेक्शन की तरफ झुकने लगा और ये झुकाव कब प्यार में बदल gaya,mujhe पता hi नहीं चला....

रोनित- मुझे भी पता नहीं चला की मई कब अंजू को दिल से बैठा.....

V.J- पर मुझे पता था.........

मेरे चारों दोस्त एक दूसरे से बात करने में इतने खो गए थे की उन्हें मेरे उनके पास खड़े होने का पता hi नहीं चला.....

मेरी आवाज़ सुन सबकी नज़र एक झटके में मेरी तरफ पड़ी.....

रोनित- haan,aur इसने तोह कई बार मुझे और अंजू दोनों को िन्देरस्टली कहा भी की हम अपने दिल की बात बोल दें पर हम थे जो इसकी बात को टालते गए.....

शनाया- पर V.J ने तुम दोनों के hi मुँह से सच निकलवा hi दिया आखिर....

friends,maanana पड़ेगा तुम तीनो की फ्रंशीप ko..hats ऑफ यार & थैंक्स की तुमने हम दोनों को भी अपना फर्न बनाया......

V.J- अब ये इमोशनल टॉक्स बंद करो yaar...waise bhi,frnship में ये सॉरी वर्ड सूट नहीं करता....

काउच NO.5............

हममे से कोई कुछ बोलता उससे पहले hi फ़ूड काउंटर से आवाज़ आयी जिसका मतलब था की हमारा आर्डर आ चूका था...

मई और रोनित अपना आर्डर लेने काउंटर की तरफ चल पड़े....

अवंतिका- hello............haan,i'm ok.....

अभी मई और रोनित काउच से उठकर गए hi थे की इतने में अवंतिका का मोबाइल बजा.

स्क्रीन पर नाम देखकर एक सेकंड के लिए अवंतिका का चेहरा मुरझा गया पर अगले hi पल उसने कॉल पिक कर लिया....

दिग्विजय- तुमसे बात नहीं हुए बस 1 हफ्ता hi हुआ है पर ऐसा लग रहा है जैसे सालों बीत गए....

AVANTIKA-hmm,hmm.

दिग्विजय- arre,kya hua,tum कुछ बोल क्यों नहीं रही हो.......

अवंतिका- सबके साथ बैठी हूँ naa,toh!!!!!!

दिग्विजय- arre,toh क्या hua.hum दोनों कपल hain,hum रोमांटिक बातें नहीं करेंगे तोह क्या वो तुम्हारा दोस्त V.J करेगा......

अवंतिका- कहना क्या चाहते हो?

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दिग्विजय- कुछ नहीं yaar..wo तोह मई बस ऐसे hi..........

दिग्विजय को पता चल गया था की उसने फ्लो फ्लो में कुछ ज़्यादा hi बोल दिया है.....

इधर अवंतिका का दिमाग ख़राब हो गया था पर वो सबके सामने कुछ कहना नहीं चाहती थी....

अवंतिका- मई तुमसे बाद में बाद करती हूँ..

अवंतिका ने इतना बोल बिना दिग्विजय की कोई बात सुने फ़ोन काट दिया.....

अंजलि- क्या hua???tere चेहरे पर ग़ुस्सा!!!!

अवंतिका- कुछ नहीं यार ऐसे hi.....

खाना आ गया है................

अभी अंजलि और कुछ कहती उससे पहले hi मई और रोनित लंच लेकर आ गए.....

रोनित- अरे AVNI,tumhe क्या hua???tumhara चेहरा उतरा हुआ क्यों है.......

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अंजलि- यही तोह मैंने भी पूछा tha,par ये बोलती है कुछ नहीं हुआ?

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मई- जब कोई इंसान दिल के फैसले दिमाग से लेने lage,toh अक्सर ऐसा होता है.......

अंजलि- मतलब!!!!!

मई- मतलब कुछ nahi.dimag में ये डीएलओगे आया तोह बोल दिया....

रोनित- तू भी naa,kuch bhi.chalo भाई खाते है ab.bohot भूक लगी है....

बाकी सबका ध्यान तोह खाने की तरफ हो गया पर अवंतिका मुझे देखने lagi..kyunki उससे मेरी बात का मतलब अचे से समझ आ गया था.....

प्लेनेट एअर्थ

प्लेस- दिग्विजयः फार्म हाउस

DIGVIJAY-agar मैंने तेरी साड़ी अकड़ नहीं निकल दी ना तोह मेरा नाम भी दिग्विजय नहीं..........

अभी अभी अवंतिका ने जो बिना दिग्विजय की पूरी बात सुने फ़ोन काटा tha,DIGVIJAY को बोहोत ग़ुस्सा आ रहा था.....

दिग्विजय- साली खुद को कहीं की अप्सरा समझती hai,chune तोह देती nahi,uske ऊपर ऐसा ऐटिटूड दिखती है की खून जल जाता है....

पर आखिर कब tak!!!!ek बार उसके शरीर को भोग lun,fir मेरे इतने दिनों के इंतज़ार को उसका फल मिल jaayega,phir साली की ऐसी हालत करूँगा की उससे मौत ज़िन्दगी से आसान लगेगी........

ABBADON,LILITHA,ABRAXAS..............

दिग्विजय के नाम लेने के कुछ hi पलों बाद तीनो DEVIL'S दिग्विजय के सामने सर झुकाये प्रकट हुए.....

दिग्विजय- जिस वक़्त का मई इतने दिनों से इंतज़ार कर रहा tha,wo आने वाला hai.kal अवंतिका वापस आ जाएगी.....

और परसो मई अपने काम को अंजाम दूंगा...

इसी फार्म हाउस पर मई उससे मसलूंगा और अपनी शक्ति को इतनी बढ़ा लूंगा जिससे विक्रम जैसे 100 भी मेरे आगे काम पद जाएंगे.......

अब तुम तीनो सुनो की तुम्हे क्या करना है.......

पूर्ण ोजमनाम

कम्पलीट पावर

परसो तुम तीनो को एक साथ यहाँ ये स्पेल बोलना है......

दिग्विजय ने जो स्पेल बोलै वो सुनके तीनो DEVIL'S शॉकेड हो गए क्यूंकि ये कोई छोटा मोटा स्पेल नहीं था...

इस स्पेल के के उच्चारतीत होते hi उच्चारण करने वाले की बॉडी से उसकी पूरी शक्ति निकल कर एक शील्ड का रूप ले लेती थी......

एक अबिद्या SHIELD....par इस स्पेल का इससे बोलने वाले पर एक और भी असर होता था वो ये की इससे बोलने वाले की हालत एक लकवा खा चुके इंसान जैसी हो जाती थी.....

स्पेल बोलते hi वो बाँदा अपनी जगह खड़े खड़े गिर जाता था और उसकी हालत तभी ठीक होती थी जब वो शील्ड हैतथा था.....

दिग्विजय- मई जानता हूँ की तुम तीनो क्या सोच रहे हो पर घबराओ मत...

तुम्हारी शक्तियों को मई ज़्यादा देर तक तुम तीनो से अलग नहीं rakhunga.mere काम होते hi मई शील्ड हटा दूंगा.......

तीनो- जैसा आपको उचित लगे....

दिग्विजय- तुम तीनो जा सकते हो....

तीनो वैसे hi सर झुकाये गायब हो गए.....

DIGVIJAY-ek दिन और जी लो AVANTIKA.uske बाद तोह....... हहहहहहहहह......

प्लेनेट- शैडो वर्ल्ड

परछाई की दुनिया

aaahhhhhhhhahhhhhhhhhhahhhhhhhhh

नजाने कब तक इस अग्नि की जलन हमे सहनी होगी......

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??

ये हमारे पापों का परिणाम hai,bhugatna तोह पड़ेगा hi.........

आह्ह्ह्हह्हह्ह्ह्हह्ह्ह्हह्ह्ह्हह्हह्ह्ह्हह्हह

समझ नहीं आया na,chaliye समझत हूँ.....

इस गृह का नाम है शैडो वर्ल्ड.....

इस गृह में इंसान नहीं बास्ते बल्कि परछाइयां रहती है......

ऐसी परछाइयां जो न तोह जीवित है न मरी हुई है......

जीवन और मरण के बीच जो जगह होती hai,ye उस अवस्था में हैं.....

इस गृह की आबादी ज़्यादा नहीं hai....har परछाई को गिनने के बाद इस गृह की कुल संख्या सिर्फ 200 hi है......

किसी ज़माने में यह 200 परछाइयां इंसान हुआ करते the...par इनके साथ हुए एक छल की वजह से ये सब परछाई में परिवर्तित हो गए.....

पर सिर्फ शैडो बनाना hi इनकी सजा नहीं thi.inke मुँह से जो आह्ह्ह्ह निकल रही hai,ye उनके नीचे बार बार प्रज्वलित होने वाले आग की वजह से निकलल रही है....

पर ये सजा न तोह इन्हे गॉड दे रहे hain,naahi DEVIL......ye सजा इन्होने खुद hi अपने लिए चुनी hai...kaise और kyun,ye तोह आपको बाद में पता चलेगा........

1सत परछाई- हमे एक बार फिरसे ध्यान में बैठने की कोशिश करनी chahiye....shayad गॉड हमारी मुराद सुनकर हमे मुक्त करा दें......

2ंद- गॉड ऐसा क्यों करेंगे....

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?हमने उनके आदेश की अवेहलना की है?

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?और वैसे भी हमारे साथ जो हो रहा hai,wo तोह हमने स्वयं खुद के लिए चुना है......

1सत परछाई- पर वो हमे मुक्त तोह करा सकते hi हैं ना......

2ंद- nahi,hume इस दंड को भुगतते रहना hoga.yahi हमारी सजा hai.....yahi हमारी नियति है...

1सत परछाई- तोह क्या हमने कभी मुक्ति नहीं मिलेगी?

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??

अवश्य मिलेगी..................

सारे परछाई इस वक़्त एक hi जगह पर मौजूद थे और दोनों परछाइयों के बीच की बात सुन रहे थे.....

इस आवाज़ को सुन सभी ने सामने देखा और अपने सामने खड़े शख्श को देखकर सभी नीचे बैठ गए.....

1सत PARCHAYI-mujhe अपनी आँखों पर यकीं नहीं नहीं raha.....hamare जैसे पापियों के बीच स्वयं गोड्स मेसेंजर सत सेबेस्टियन आये हैं.........

सत सेबेस्टियन- आप सब पापी नहीं हैं....

आप से बस एक भूल हुई थी जिसकी आप सबने इतने वर्षों तक बोझ उठायें है.....

1सत परछाइयी- क्या आप हमे मुक्त करने आये हैं.....

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सत सेबेस्टियन- मुझमे इतना सामर्थ्य नहीं है .............

सारे शादौस जो सत सेबेस्टियन को देख कर खुश हो गए the,ST सेबेस्टियन की बात सुन सभी फिरसे मायूस हो गए.......

सत सेबेस्टियन- चिंता मत kijiye,jo आप सब को इस तड़प से और इस अधूरे जीवन से मुक्त करने वाला बोहोत जल्द यहाँ आने वाला है....

सत सेबेस्टियन की बात सुन सारे शादौस के मुरझा चुके चेहरे एक बार फिर से खिल गए.....

2ंद परछाई- कौन है वो!!!!

सत सेबेस्टियन- ये तोह आप सब को उनके आने पर hi पता chalega....abhi के लिए बस इतना जान लीजिये की ये वही होंगे जो आपके भूल को सुधरेंगे.....

जिस शक्ति को ास्मोडियस ने आप सब से चल कर प्राप्त किया tha,wo उससे पुनः प्राप्त करेंगे....

साड़ी परछाई चौंक कर

....................परिवर्तक....................

आज के लिए इतना HI....

आपका अपना V...J......
 
अब तक आपने पढ़ा की दिग्विजय अवंतिका को पाने का प्लान बनता है वहीँ दूसरी तरफ S.T सेबेस्टियन शैडो वर्ल्ड में जाकर वहां के शादौस के मन में उम्मीद की किरण को जगा देते हैं.....

अब आगे:-

CHAPTER-2

( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )

मेगा अपडेट- 64

प्लेस- हेवन

बाहर आईये GOD'S मेसेंजर्स.........

हेवन- एक ऐसी जगह जहाँ हमेशा एक ख़ूबसूरत सी रौशनी रहती है...

पर इस आवाज़ के आते hi वो रौशनी नजाने कहाँ गायब हो गयी और उसकी जगह पुरे हेवन के ऊपर एक अँधेरा चा गया....

तीनो GOD'S मेसेंजर्स जो की इस वक़्त ध्यान की अवस्था में बैठे the,is आवाज़ को सुन उन तीनो की आँखें एक झटके में खुल गयी.....

तीनो hi एक दूसरे की तरफ हैरत से देखने lage.......teeno को hi यकीं नहीं हो रहा था की ऐसा भी हो सकता hai......abhi उनमे से कोई कुछ कहता की तभी............

मैंने कहा बाहर आईये आप TEENO...MAI आपकी प्रतीक्षा कर रहा हूँ.....

तीनो सेंटस अपनी जगह पर एक झटके में खड़े हो गए...........

सत सकीला- क्या ये????????

सत अल्फ़्रिक- haan,ye वही है..........

सत सकिलिअ- लेकिन वो.................

सत सेबेस्टियन- अभी बातों में समय व्यर्थ न karen.chaliye चल कर देखते हैं.....

सत सेबेस्टियन ने सत सकिलिअ की बात बीच में hi काटी और अपनी बात पूरी कर गाताब हो गए....

उनके पीछे पीछे बाकी दोनों सेंटस भी गायब हो गए...........

आइये SAINTS....KAISE हैं आप तीनो?????

सत सेबेस्टियन- तुम हमसे हमारा हाल जानने के लिए तोह यहाँ नहीं आये हो ASMODEUS........toh मुद्दे की बात करें....

तीनो सेंटस गायब होकर हेवन की सराह पर पहुंचे जहाँ ास्मोडियस खड़ा हुआ था....

वैसे तोह ास्मोडियस हेवन के सरहद पर खड़ा था पर गॉड के द्वारा निकले जाने के बाद ये पहली बार था जब ास्मोडियस हेवन के आस पास भी कहीं दिखा था.......

ास्मोडियस- hmm...mudde की baat........mere 3 सवाल hain......aap तीनो में से हर एक लिए एक सवाल.

1सत- संत सेबेस्टियन आपके liye.sawaal ये है की आप शादौस वर्ल्ड क्यों गए थे........???

आपने शादौस से ऐसा क्या कहा है जिससे उनके चेहरे की रौनक लौट आयी है????????

सत सेबेस्टियन ास्मोडियस की बात सुनकर बिलकुल भी नहीं chownke.........wo ये अछि तरह जानते थे की ास्मोडियस की नज़र शैडो वर्ल्ड के ऊपर हमेशा रहती है....

इसलिए जब वो शैडो वर्ल्ड गए the,toh सबसे पहले उन्होंने

माया वाक्यं..........

मैजिकल वर्ड्स......

स्पेल का इस्तेमाल किया tha....ye वही स्पेल है जिसका उसे हमारे हीरो ने सेक्रिला एडवेंचर के 5तह डे किया था........

और इसी वजह से ास्मोडियस को सत सेबेस्टियन के मुँह से या फिर शादौस के मुँह से निकली कोई भी असली बात की जगह सत सेबेस्टियन जो चाहते the,sirf वही बातें सुनाई दी थी....

सत सेबेस्टियन- ASMODEUS,jab तुम ये जानते हो की मई शैडो वर्ल्ड गया tha,toh तुमने मेरी वहां की हुई बात भी सुनी hogi.fir पूछ क्यों रहे हो?????

ास्मोडियस- माया वाक्यं..........

इसी स्पेल का इस्तेमाल किया था आपने कुछ भी बोलने से पहले........

आप भूल रहे हैं सत सेबेस्टियन की इस ब्रम्हांड के ज़्यादातर स्पेल्स मेरे सामने hi लिखे गए हैं....

आप मुझसे अपनी कही गयी बातें तोह छुपा सकते हो पर अपने मनसूबे नहीं.....

मई जानता हूँ की आप मुझे कुछ नहीं batayenge,par मई आपकी तरह छुप कर वार नहीं करूँगा.....

मई आपको यही बताने आया हूँ की आप जितना चाहे ज़ोर लगा lijiye,kintu आप उन शादौस को उनकी तड़प से और उनके अधूरे जीवन से मुक्त नहीं करा पाएंगे......

उनके मुक्त होने का बस एक hi रास्ता hai,aur वो ये है की वो मुझे परिवर्तक का वो हिस्सा भी सौंप दें जिससे उन्होंने मुझसे छुपा दिया है.....

सत सेबेस्टियन- उससे छुपाने के बदले उन्होंने जो कुर्बानी दी hai,uska kya.....????aur उन्हें मुक्त होने से रोकेगा kaun......tum!!!!

तुम ये भूल रहे हो ास्मोडियस की उन्होंने जो अपने देह का त्याग कर एक शैडो की ज़िन्दगी जीने की क़ुरबानी दी hai,uski वजह से अब तुम कभी भी उनके प्लेनेट पर कदम भी नहीं रख सकते.......

ास्मोडियस- ास्मोडियस कभी कुछ भी नहीं भूलता सत SEBASTIAN..........par आप ये भूल रहे हैं की ास्मोडियस को अपने काम को अंजाम देने के लिए खुद जाने की ज़रुरत नहीं पड़ती.....

अपने मकसद को उसके अंजाम तक पहुँचाने के लिए मेरे पास और भी कई तरीके हैं........

खैर मेरा दूसरा सवाल सत सकीला से है.....

2ंद- तोह ST.CECILAI,

चित्त चक्रम

थॉट स्पिनर..........

आप काफी समय से इस मंत्र का उच्चारण कर रही hain......jaan सकता हूँ क्यों.....?????

सत CECILIA-toh इसमें आपत्ति क्या hai......????tumhe भी पता है की तुम्हारे DEVIL'S बोहोत से अचे लोगों के दिमाग में घुसकर उनके मन में ईविल थॉट्स पैदा कर रहे हैं....

जो की हमारे बीच हुई संधि क़ानून के खिलाफ है.....

संधि क़ानून के मुताबिक.......

ास्मोडियस- कोई भी मनुष्य भगवन और शैतान के बीच चुनने के लिए बाध्य नहीं किया jaayega.ye उसका खुद का विवेक hoga,jisse वो अपना फैसला खुद लेगा.....

ास्मोडियस को आप नियम क़ानून न सिखाएं तोह hi बेहतर है सत CECILIA.kyunki जिस भगवान् की इस संधि में बात हुई है वो तुम नहीं हो पर जिस शैतान की बात हुई है वो मई हूँ....

आप ये स्पेल नजाने कितनी सदियों से बोलती आ रही हो पर क्या मैंने आज से पहले कभी भी आपसे इस बारे में बात ki...!!!!nahi....toh फिर आज क्यों?????

वो इसीलिए क्यूंकि आपके प्रिय लार्ड ऑफ़ एंजेल ने अपनी असलियत जानने के बाद जो अपना पहला निर्देश सारे एंगेल्स को दिया था वो यही था की इस ब्रम्हांड के उन सभी लोगों के दिमाग से उन साड़ी चीज़ों को निकल दिया जाए जिससे DEVIL'S ने अपनी शक्ति से भरा है.....

और जब उसके निर्देश अनुसार सारे एंगेल्स ने ये काम पहले hi कर दिया है तोह फिर आपके इस मंत्र को उच्चारण करने के पीछे क्या उद्देश्य है????

मई बताता hun,ye सब आप इसीलिए कर रही हैं ताकि लोगों के बीचे से हमारी काली शक्तियां ka,paap का असर काम होने लगे.

जिससे मई कमज़ोर पड़ने लागूं और आपके लार्ड ऑफ़ एंजेल और शक्तिशाली हो जाएँ......

वैसे तोह ऐसा होगा नहीं पर फिर bhi,kyunki ऐसा कर आप संधि तोड़ रही हैं इसीलिए मई आपको पहली और आखरी बार बता रहा हूँ की आप ऐसा करना बंद कर दें...

अन्यथा परिणाम भुगतने के लिए भी तैयार रहें......

ास्मोडियस की इस आधी अधूरी धमकी को सुनकर सत सकिलिअ काफी घबरा गयी क्यूंकि वो अछि तरह जानती थी की ास्मोडियस जो कहता hai,wo करके hi रहता है........

ास्मोडियस- और तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण सवाल मेरा आपसे है सत अल्फ़्रिक.....

3RD-SAINT अल्फ़्रिक...............

सत अल्फ़्रिक- मई जानता हूँ की तुम क्या पूछना चाहते हो ASMODEUS.....yahi ना की मैंने एक बाबा का रूप धार अवंतिका को क्या दिया था??????

ास्मोडियस- हमेशा शांत रहने वाले सत अल्फ़्रिक का दिमाग हमेशा बोलता रहता है kyun!!!?????mere पूछने से पहले hi मेरा सवाल बता दिया आपने.....

बोहोत ache..ab लगे हाथों इसका जवाब भी दे दीजिये.......

सत अल्फ़्रिक- तुम कबसे इतने अधीर हो गए ASMODEUS.......????khair,maine अवंतिका को क्या दिया hai,ye तोह मई तुम्हे नहीं बता सकता..

सही वक़्त का इंतज़ार karo,sab पता चल जाएगा......

ास्मोडियस- hmm.....waise मैंने ये बात बस आपसे जिज्ञासा पूर्व पूछी thi....mujhe मेरे भाई के काम में दखल देने का कोई इरादा नहीं था......

सत सकीला- अपने आप को लार्ड ऑफ़ एंजेल का भाई मत कहो ASMODEUS.....wo सूर्य के सामान हैं और तुम एक ग्रहण हो....

ास्मोडियस- ग्रहण भी तोह सूर्य को hi लगता है सत CECILIA.....koi भी मनुष्य ये नहीं चाहता की वो कभी mare,par उसके पैदा होते hi उसकी मौत निश्चित हो जाती है...

जीवन और मृत्यु सिक्के के दो पहलु hai...bina एक के दूसरे का कोई वजूद nahi.....mai और विक्रम भी ऐसे hi हैं....

अगर मई nahi,toh उसका भी कोई वजूद nahi.....khair,ye बात आप नहीं samjhenge,kacha पक्का hi sahi,aapne मेरे सवालों का जवाब तोह diya.......chalta हूँ....

ये बोलकर ास्मोडियस गायब हो गया.....

सत सकिलिअ- ये कब क्या kahega,kya karga,kabhi पता hi नहीं चलता......

सत सेबेस्टियन- अँधेरे का बादशाह hai,jiske अपने नियम हैं......

ये बोल सत सेबेस्टियन गायब हो gaye,aur उनके साथ साथ बाकी के दोनों सेंटस भी.....

प्लेनेट एअर्थ:-

प्लेस- दिग्विजयः बैडरूम

कैसे हो दिग्विजय?????????

सुबह का वक़्त hai...DIGVIJAY अवंतिका के घर जाने के लिए रेडी हो रहा tha.is वक़्त वो ड्रेसिंग टेबल के सामने खड़ा बाल सवार hi रहा था की उसके पीछे से ये आवाज़ आयी....

दिग्विजय आवाज़ सुन जैसे hi पीछे palta,apne सामने खड़े शक्श को देखकर शॉकेड भी हुआ और साथ hi खुश भी.....

दिग्विजय- NISKALIKA......what ा प्लीजेंट surprise.......aaj हमारे घर का एक्चुअली हमारे प्लेनेट का रास्ता कैसे भूल गयी आप......!!!!!!!!

निष्कलिका- ऐसे hi......tumhari याद आयी तोह चली आयी........

दिग्विजय निष्कलिका की बात सुनकर है दिया.....

दिग्विजय- अब कमसेकम मुझसे तोह झूठ मत बोलो yaar....ye याद karna,khayal rakhna,apnapan,in शार्ट ये जो फीलिंग्स है naa,usne तोह कब का हमारे अंदर hi दम तोड़ दिया है......

निष्कलिका- फिर तुम कैसे एक लड़की से सम्बन्ध बना बैठे........????

दिग्विजय- तुम मुझपर नज़र रख रही हो NISHKALIKA.........!!!!!!!ye सही नहीं है....

निष्कलिला की बात सुन दिग्विजय को थोड़ा ग़ुस्सा आ गया था.......

निष्कलिका- तुम गलत सोच रहे हो DIGVIJAY......ye बात मुझे कल hi पता चली है......

निष्कलिका की बात सुनकर दिग्विजय का ग़ुस्सा शांत हो गया...

दिग्विजय- पर kaise????aur तुमने अब तक ये भी नहीं बताया की तुम यहाँ कैसे??????

निष्कलिका- पहले तुम मेरे प्रश्न का उत्तर do......tumne उस लड़की से सम्बन्ध क्यों बनाया है.....?????

DIGVIJAY-isse तुम्हे कोई मतलब नहीं होना चाहिए निष्कलिका. और भूल कर भी मेरे अंदर झाँकने की कोशिश मत करना tum...warnaa.....

निष्कलिका- तुम बात बात पर नाराज़ क्यों हो रहे हो DIGVIJAY.nahi बताना है तोह मत बताओ....

दिग्विजय- तुमने बताया नहीं की तुम यहाँ कैसे?????

निष्कलिका- वैसे तोह तुम्हे भी मुझसे कुछ भी पूछने का हक़ नहीं hai,aur तुम्हारा रवैया देखकर मेरा मन भी नहीं है की मई तुम्हे अपने आने का कारण bataun,par क्यूंकि बात तुमसे जुडी है इसलिए बता देती हूँ......

कल रात मुझे एक स्वप्न आया जिसमे तुम्हारे शरीर से बोहोत अधिक मात्रा में खून निकल रहा था और तुम ठीक भी नहीं हो पा रहे थे......

दिग्विजय- ये तुम्हारा स्वप्न hi है या फिर तुम्हारी ख्वाहिश है......

निष्कलिका- तुम कहना क्या चाहते हो????

दिग्विजय- ज़ाहिर सी बात hai.un डायमंड्स ने हम दोनों को hi एक सी ताकतें दी थी...

अब अगर मई मर जाऊं या मेरा शरीर बेकार हो जाए तोह इससे सबसे ज़्यादा फायदा तुम्हे hi है ना...

निष्कलिका- तुम्हारी शक्तियां तोह बढ़ गयी हैं दिग्विजय किन्तु दिमाग अब भी काम hi है.......

अगर तुम्हारे अहित को मई अपना फायदा समझती तोह ये साड़ी बातें बताने अपने गृह से इतनी दूर तुम्हारे पास क्यों आती.....?????

दिग्विजय जो की अब तक निष्कलिका और उसकी बातों को लिघ्टलय ले रहा tha,NISHKALIKA के इस तर्क को सुन सीरियस हो गया......

दिग्विजय- क्या तुमने ये नहीं देखा की मुझे चोट किसने पहुंचाई थी.

NISHKALIKA-nahi.mere स्वप्न के टूटते hi मैंने ध्यान अवस्था में अपनी साड़ी शक्ति को जागकर भी तुम्हे चोट पहुँचाने वाले को देखने की कोशिश की पर मई असमर्थ रही...

दिग्विजय- और सिर्फ मुझे अपने स्वप्न के बारे में बताने तुम इतनी दूर आ gayi!!!!kyun?????

निष्कलिका- मतलब????

दिग्विजय- अगर तुम चाहती तोह ये बातें मेरे दिमाग से संपर्क करके भी मुझे बता सकती thi..iske लिए तुम्हे मेरे सामने आने की ज़रुरत नहीं थी.....

निष्कलिका- अब की ना तुमने बुद्धिमानो वाली बात.......

हाँ ये सच है की मई सिर्फ तुम्हे ये सब बताने के लिए इतनी दूर नहीं आयी hun,darasal मुझे तुम्हे ये देना था......

निष्कलिका ने अपने हाथ आगे कर diye.uske हथेली पर एक तेज़ रौशनी चमकी और जब वो रौशनी घाटी तोह निष्कलिका के हाथों में काले मोतियों से पिरोया गया एक धागा था......

दिग्विजय- ये क्या है?????

निष्कलिका- शक्ति BANDHAK......isse तुम्हारी शक्तियां बड़े से बड़े दुश्मन के सामने भी सुरक्षित रहेंगी........

दिग्विजय- अरे वाह.....

ये बोलकर दिग्विजय ने निष्कलिका के हाथों से वो धागा ले लिया....

निष्कलिका- इससे अपने दाहिने हाथ में पेहेन लो.....

दिग्विजय ने जैसे hi उस धागे को अपने राइट हैंड में pehna,wo धागा गायब हो गया...

दिग्विजय- arre,ye कहाँ गया????

निष्कलिका- जिस जगह पर धागा tha,wahan छू कर देखो.......

दिग्विजय ने जैसे hi धागे वाले जगह को चुकार dekha,wo शॉकेड हो गया क्यूंकि धागा अब भी वहीँ था....

दिग्विजय- धागा तोह मेरे कलाई में hi hai,par फिर दिख क्यों नहीं रहा????

निष्कलिका- ताकि तुम्हारे शत्रु को ये आभास न हो की तुमने इससे पेहेन रखा है वर्ण वो इससे निकल भी सकता है....

दिग्विजय- मेरे हाथों से कुछ भी निकलने की हिम्मत किसीकी नहीं hai,fir भी ये तरकीब मुझे अछि लगी....

और NISHKALIKA,mere कठोर रवैये के लिए मई तुमसे माफ़ी चाहता हूँ......

निष्कलिका- कोई बात नहीं DIGVIJAY.....mujhe तुम्हारी बात बुरी नहीं lagi..........acha,ab मई चलती हूँ......

दिग्विजय- मुझे भी अभी कहीं निकलना है वर्ण मई तुम्हे ज़रूर रोकता.........

निष्कलिका- कोई बात नहीं DIGVIJAY.mujhe भी अभी कुछ महत्वपूर्ण काम hai.toh मई चलती हूँ.........

ये कहकर निष्कलिका गायब हो गयी.....

दिग्विजय- आज के दिन की शुरुआत में hi मुझे एक नयी शक्ति मिल gayi...lagta है तक़दीर भी मेरे साथ hi है.

जिस चीज़ को पाने के लिए इतने दिनों तक इंतज़ार किया hai,ab उसकी बारी hai....AVANTIKA,mai आ रहा हूँ......

दिग्विजय भी मुस्कुराता हुआ घर से बहार आया और गेराज से कार निकलकर अवंतिका के घर की तरफ निकल गया.....

प्लेनेट ग्लूटो:-

प्लेस- NISHKALIKA'S पैलेस

बोहोत अचे NISHKALIKA.TUMNE क्रोध से NAHI,VIVEK से काम लिया.....

निष्कलिका अभी अभी दिग्विजय के पास से लौटी thi...wo इस वक़्त अपने सिंघासन में बैठी कुछ सोच मुस्कुरा रही थी......

की तभी ये आवाज़ aayi..par निष्कलिका इस आवाज़ को सुनकर बिलकुल भी चौंकी nahi.chownkti भी क्यों!!!!!

इसी आवाज़ के आदेश अनुसार hi तोह निष्कलिका दिग्विजय के सामने गयी थी.....

निष्कलिका सिंघासन से उतर अपने घुटनो के बल सर झुकार बैठ गयी.....

निष्कलिका- मई आपके आदेश की अवहेलना कैसे कर सकती हूँ DEVIL'S लार्ड.......

अब मेरे लिए क्या आदेश है??????

ास्मोडियस की आवाज़- कुछ nahi.ab बस अपने पुरस्कार के मिलने का इंतज़ार करो.....

इसके बाद ास्मोडियस की आवाज़ आना बंद हो गयी.......

निष्कलिका वापस मुस्कुराते हुए उठी और अपने सिंघासन पर जाकर बैठ गयी.......

अब आप सब सोच रहे होंगे की ये सब है kya???toh chaliye,jaanane के लिए थोड़ा पीछे चलते हैं....

ा स्माल फ्लैशबैक:-

निष्कलिका...................

सुबह का वक़्त hai.NISHKALIKA अपने महल के पीछे बने गार्डन में ध्यान अवशता में बैठी हुई है की तभी उसके कानो में ये आवाज़ गुंजी.....

वैसे तोह निष्कलिका जब भी ध्यान अवस्था में बैठी हो और उस वक़्त अगर उसके कानो में किसीकी आवाज़ भी पद जाए तोह वो उस इंसान को मृत्यु दंड दे देती है.

पर अभी अभी जो आवाज़ निष्कलिका के कानो में पड़ी thi,usse सुनकर निष्कलिका अपने पालथी आसान को छोड़ अपने घुटो पर आ गयी.......

निष्कलिका- लार्ड ऑफ़ DEVIL'S को निष्कलिका का अभिनन्दन......

ास्मोडियस वौइस्- क्या तुम और शक्तिशाली होना चाहती हो????

निष्कलिका- जी ज़रूर महामहिम.....

ास्मोडियस वौइस्- तोह तुम्हे आज एक काम करना होगा निष्कलिका.......!!!!!!!

निष्कलिका- हुक्म दीजिये महामहिम.....

तभी निष्कलिका के सामने हवा में hi शक्ति बंधक धागा आ गया......

ास्मोडियस वौइस्- इससे शक्ति बंधक धागा कहते hain.....tumhe इससे जाकर दिग्विजय को किसी बहाने से पहनना है.....

निष्कलिका- जैसा आप कहें MAHAMAHIM......par क्या मई???

ास्मोडियस आवाज़- तुम बस इतना जान लो की इस धागे की मदद से दिग्विजय द्वारा प्राप्त की गयी शक्तियां आज शाम तक तुम्हारी हो जाएंगी....

निष्कलिका ास्मोडियस की बात सुनकर बोहोत खुश हो gayi.usme ास्मोडियस से अपने जाने की परमिशन मांगी और पहुँच गयी दिग्विजय के पास..

और उसके बाद क्या hua,ye सब तोह आप जानते hi हैं............

फ़्लैश बैक एंड्स:-

प्लेनेट- एअर्थ

प्लेस- AHUJA'S मेन्शन

नमस्ते AUNTY...............HOW र ु??????

ये आवाज़ और किसी की nahi,hamare डोगग्य ी मैं हमारे दिग्गी भाई साहब की है....

दिग्विजय जैसे hi हॉल में ghusa,toh उसकी नज़र अवंतिका के माँ पर गयी जो सामने सोफे पर बैठी हुई थी........

A/MOM- नमस्ते beta.....kaise ho?????aur तुम्हारी माँ कैसी हैं?????

दिग्विजय- माँ ठीक हैं aunty....aunty अवनि!!!!!!!!!!!!!

A/MOM- अवनि अपने रूम में है......

दिग्विजय- oh,thanks आंटी....

ये बोलकर दिग्विजय स्टैर्स पे चलते हुए अवंतिका के रूम की तरफ चल दिया.....

DIGVIJAY-kiske ख्यालों में खोयी हुई हैं मैडम..........

दिग्विजय जैसे hi अवंतिका के रूम के सामने pahuncha,toh उसने देखा की रूम खुला हुआ है और अवंतिका बीएड पर सीधी लेती ऊपर की तरफ देख कुछ सोच रही है...

दिग्विजय की आवाज़ सुन अवंतिका अपने सोच की दुनिया से बाहर आयी और जैसे hi उसकी नज़र दिग्विजय के ऊपर gayi,AVANTIKA एक जहटके में उठकर बैठ गयी......

अवंतिका- tum,yahan!!!!!

दिग्विजय- अब क्या karta,aap तोह हमारा फ़ोन उठती hi नहीं hain.....toh मुझे hi आना पड़ा....

अवंतिका ने एक गहरी सांस छोड़ी और फिर बोली....

अवंतिका- DIGVIJAY,mai तुमसे कुछ कहना चाहती हूँ......

दिग्विजय अवंतिका की बात सुन chownka,kyunki रिलेशनशिप में आने के बाद ेय फर्स्ट टाइम था जब अवंतिका ने दिग्गी की जगह उससे दिग्विजय कहा था.....

दिग्विजय- हाँ बोलो.........

अवंतिका- इतस ओवर DIGVIJAY.....ab हम दोनों रिलेशनशिप में नहीं रह सकते.......

अवंतिका की बात सुनकर दिग्विजय का दिमाग घूम gaya.uska मन किया की अभी अवंतिका का गाला दबा दे पर उसने खुदको कण्ट्रोल में रखकर कहा....

दिग्विजय- क्या मई इसकी वजह जान सकता हूँ........

अवंतिका दिग्विजय के यूँ नार्मल बेहेवियर को देख कर काफी शॉकेड हुई...

अवंतिका- तुम्हारे साथ रिलेशनशिप में आने का फैसला मेरे दिमाग ने किया tha,dil ने nahi...par अब मुझे समझ में आ गया है की दिल के फैसलों को दिमाग से नहीं लिया जाता...

दिग्विजय- कोई बात नहीं AVNI.par हम फ्रेंड्स तोह रह hi सकते हैं ना.

अवंतिका- ओफ़्कौर्से yaar.ye भी कोई कहने की बात है...

एक तरफ अवंतिका खुश हो रही थी की ये मटर इतनी आसानी से निपट गया वहीँ दूसरी तरफ दिग्विजय ने अपने दिमाग के घोड़े दौड़ने शुरू कर दिए थे....

वो किसी भी हालत में आज अपने काम को अंजाम तक पहुँचाना चाहता tha...sochte सोचते अचानक दिग्विजय के दिमाग की बत्ती जाली....

उसने तुरंत अपने मन में एक मंत्र बोलै...

और अगले hi पल.............

दिग्विजय के मोबाइल की घंटी बजी..........

दिग्विजय- hello.....haan mom,arre नहीं mom........par............dekhta hun..........bye...............

दिग्विजय ने कॉल डिसकनेक्ट kiya.uska चेहरा उतरा हुआ था.......

अवंतिका- क्या हुआ DIGVIJAY.tum इतने साद क्यों हो gaye?????kya कहा आंटी ने?????

दिग्विजय- वो दरअसल माँ की तबियत ठीक नहीं hai.....aur वो तुमसे मिलना चाहती hain...maine मन किया तोह नाराज़ हो गयीं........

अवंतिका- तोह तुमने मन किया hi kyun.arre yaar,aunty की तबियत ख़राब hai.aise में अगर वो मुझसे मिलना चाहती है तोह मई तोह उनसे मिलूंगी hi ना.....

दिग्विजय- sach!!!!tum मेरे साथ चलोगी माँ से मिलने.....

अवंतिका- ओफ़्कौर्से yaar.what अरे फ्रंज 4 थान????

chalo,chalte हैं.......

अवंतिका नीचे aayi,apne माँ से परमिशन ली और दिग्विजय के साथ निकल पड़ी इस बात से अनजान की ये सब दिग्विजय की चाल थी उससे पाने की.....

DIGVIJAY'S फार्महाउस:-

दिग्विजय आ गए hain....ab हमे अपना काम कर देना चाहिए........

ABRAXAS,LILITHA और अब्ब्दों फार्महाउस के पास hi खड़े the...jaise hi दिग्विजय की कार फार्महाउस में एंटर हुई अब्ब्दों ने अपनी बात बाकी दोनों DEVIL'S से कही.....

लिलिथ- चलो fir,der किस बात की!!!!!

सबने एक दूसरे के हाथ थाम लिए......

पूर्ण ोजमनाम......

तीनो ने एक साथ इस मंत्र का उच्चारण kiya.....teeno के पुरे शरीर से उनकी शक्ति निकल फार्म हाउस को चारो तरफ से घेरने लगी और कुछ hi पलों में पूरा फार्म हाउस एक अभेद्य शील्ड से घिर गया....

वहीँ दूसरी तरफ इस बात की भनक दिग्विजय को भी लग गयी thi..uske चेहरे पर भी एक विजयी मुस्कान आ गयी...

दिग्विजय- अब तू कुछ भी नहीं कर सकेगा VIKRAM..........AB अवंतिका को मुझसे कोई भी नहीं बचा सकता.....

अवंतिका- कहाँ खो गए DIGVIJAY???aur आंटी किस रूम एम् हैं????

दिग्विजय- अंदर chalo,sab पता चल जाएगा......

दिग्विजय अंदर की तरफ बढ़ गया.....

अवंतिका को दिग्विजय के बोलने का टोन कुछ अलग लगा पर उसने ज़्यादा ध्यान नहीं दिया और दिग्विजय के पीछे पीछे चल दी....

अवंतिका- वैसे आज कोई नौकर भी नहीं दिख रहा hai.....???kahan गए सब....?????

अब तक अवंतिका और दिग्विजय हॉल में आ गए थे...

दिग्विजय- चाहता तोह मई भी था की सबके सामने तुझे नंगी करूँ पर मजबूर hun,sabko अपना असली चेहरा भी तोह नहीं दिखा सकता ना.....!!!!

दिग्विजय की बात सुन अवंतिका को एक ज़ोर का झटका laga........usne जो suna,uspe उससे यकीं hi नहीं हो रहा था.....

अवंतिका- ये क्या बकवास कर रहे हो दिग्विजय?????????

अवंतिका ने चिल्लाकर अपनी बात कही......

दिग्विजय- SHHHHHHH...............dheere बात kar.kahin मेरा दिमाग घूम गया naa,toh तेरे बाद तेरे पुरे परिवार को नंगा कर बीच बाज़ार में घुमाऊंगा.....

आह्ह्ह्हह्ह..................

ये दर्द भरी आवाज़ अवंतिका के मुँह से निकली थी...

हुआ ये की दिग्विजय की बात सुनकर अवंतिका को ग़ुस्सा आ गया.

उसने आगे बढ़कर दिग्विजय को थप्पड़ मारना chaha,par दिग्विजय ने उसके हाथ को बीच में hi पकड़ लिया.....

और अवंतिका के हाथ को एक झटका दिया जिससे अवंतिका के मुँह से दर्द भरी आह निकल गयी और वो पास hi के सोफे पर जाकर गिरी....

दिग्विजय- ये कैसे हुआ???????

दिग्विजय ने अपने हाथ को देखते हुए ये सवाल खुदसे पूछा...!!!!

दरअसल हुआ ये की अपने जिस हथेली से दिग्विजय ने अवंतिका के हाथ को पकड़ कर झटका दिया tha,us हथेली पर लाल लाल निशाँ सा बन गया था.....

पर दिग्विजय ने इस बात पर ज़्यादा ध्यान नहीं दिया......

अवंतिका- मैंने तुम्हारा क्या बिगाड़ा hai????tum क्यों मेरे साथ ऐसा कर रहे हो????

दिग्विजय- चल तुझे बता देता hun.waise भी आज के बाद तू मुँह खोलने के लायक तोह रहेगी नहीं इसीलिए तुझे कुछ बताने में कोई बुराई नहीं है...

मैंने तुझसे कभी भी प्यार नहीं किया tha........wo गुंडे याद हैं जिन्होंने तेरे साथ लंदन में बत्तमीज़ी की thi,wo मैंने hi भेजे थे...

फिर उन्हें पीट कर मई तेरा हीरो बन गया था......

दिग्विजय की बात सुन अवंतिका शॉकेड होइ गयी......

अवंतिका- पर ये सब क्यों?????

दिग्विजय- बताता hun...batata hun......tujhe जानकार ताजुब hoga,shayad तू विश्वास भी ना करे की तू सिर्फ एक इंसान नहीं hai,balki एक शक्ति कुञ्ज है....

तेरे अंदर डिफेंसिव एनर्जी का अनलिमिटेड सप्लाई है और मुझे वही चाहिए.......

दिग्विजय की बात सुनकर अवंतिका के होश उड़ gaye.apne असली पिता से मिल अवंतिका को अपने पूर्व जन्म के बारे में सब कुछ पता चल गया था.

उसके लिए चमत्कारिक बातें कोई नयी चीज़ नहीं थी पर दिग्विजय की बात और अपनी एक नयी असलियत सुन उसका दिमाग चक्र ज़रूर गया था.....

अवंतिका ये भी समझ गयी थी की दिग्विजय कोई आम इंसान नहीं hai.......usme भी चमत्कारिक शक्तियां है....

अवंतिका- देखो आगे मत badho,aur तुम्हे कोई गलत फेहमी हुई hai,mai कोई शक्ति कुञ्ज नहीं हूँ........

दिग्विजय धीरे धीरे चलते हुए अवंतिका के पास जा रहा tha,jisse देखकर अवंतिका भी दूर हैट रही थी......

तभी दिग्विजय ने अपनी मैजिक स्पीड का उसे किया और एक झटके में वो अवंतिका के सामने था.....

दिग्विजय ने अवंतिका के दोनों बाजू ज़ोर से पकड़ लिए ताकि वो भाग न जाए....

दिग्विजय- दिग्विजय कभी गलत नहीं होता ladki.......maine जो bola,tu वही hai..aur पता है तेरी असली बदकिस्मती क्या है????

किसी भी ऐसे शक्श से जिसके पास तेरे जैसी शक्ति रहती hai,usse पाने का एक hi तरीका hai......sambhog.......

क्यूंकि यही एक ऐसा कार्य है जिससे दो शरीर एक हो जाते हैं और शक्ति बाहर निकल आती है.............

ये बोलकर दिग्विजय ने अवंतिका को उसके पीछे पड़े सोफे की तरफ धक्का दे दिया...

अवंतिका धाम की आवाज़ के साथ सोफे पर गिरी.........

अवंतिका को अपना अंत दिखने लगा tha.apni आँखें बंद कर उसने ऊपर वाले का नाम जपना शुरू कर दिया.

दिग्विजय ने अपने कदम उसकी तरफ बढ़ा दिए थे......

की तभी............

अवंतिका का शरीर थार थार कांपने लगा.......

दिग्विजय को तोह ये बस अवंतिका का दर hi लग रहा tha........par अगले hi पल...........

दिग्विजय- ये क्या हो रहा है??????

दरअसल अवंतिका का शरीर जो अब तक कांप रहा tha,ab उससे झटके लगने लगे मानो उससे कोई ज़ोर से झंझोड़ रहा है......

और अगले hi पल......................

दिग्विजय की आखें हैरत से फैलती चली गयी.........

हुआ ये की अवंतिका के सर से लेकर पेअर तक से एक लाल परत बाहर निकलने लगी.......

कुछ hi पलों में वो परत अवंतिका के शरीर से पूरी तरह से निकल कर बाहर आ गयी और दिग्विजय के सामने एक मानव आकृति का शेप लेकर कड़ी हो गयी....

वहीँ सोफे पर पड़ी अवंतिका बेहोश हो चुकी थी......

तुमने दो बातें कही दिग्विजय......

तुम्हारी दोनों बातें अधूरा सच है.......

दूसरी बात से शुरू करते हैं.....

किसी की शक्ति को पाने का जरिया मात्रा सम्भोग नहीं hai.SACHA प्रेम भी है जिससे तुम जैसा डेविल नहीं समझ सकता.......

और पहली बात ये की अवंतिका शक्ति पुंज hai....haan,ye सच है पर जैसा की मैंने कहा अधूरा सच.....

अवंतिका सिर्फ एक शक्ति पुंज नहीं एक चाबी भी है...........

चाबी वाली बात सुनकर दिग्विजय चौंका ज़रूर पर जो आवाज़ उस लाल परत की आकृति से आ रही थी उस आवाज़ को सुनकर उसका दिमाग घूम गया था.......

दिग्विजय-

KAUUNNNN...HO....T....U...M................?????

दिग्विजय के सवाल पूछते hi उस लाल परत के मानव आकृति में एक बार फिर से परिवर्तन आने लगे और कुछ hi पलों में वो आकृति एक इंसान में बदल गयी.....

और जो इंसान इस वक़्त दिग्विजय के सामने खड़ा था उससे देखकर तोह दिग्विजय कोमखड़े खड़े hi लकवा सा मार गया था......

दिग्विजय- V...I....KKRR...AA....MMMM......

दिग्विजय ने बड़ी मुश्किल से हकलाते हकलाते मेरा नाम लिया.........

मई- ाचा लगता hai.jab तुम जैसे पापियों की जुबां लड़खड़ाती hai,toh बोहोत ाचा लगता है...

दिग्विजय- kaise???mera मतलब ये असंभव hai?????mere डेविल्स ने तोह....

मई- पूर्ण ोजमनाम मंत्र से पुरे इलाके को धक् दिया tha.yahi ना??????

दिग्विजय मेरी बात सुनकर फिरसे शॉकेड हो गया.....

मई- वो मंत्र बाहर से अंदर आने वाले को रोकता hai,andar से बाहर जाने वाले को नहीं...

दिग्विजय- पर तुम अंदर आये कब?????

MAI-mai फार्म हाउस के अंदर नहीं अवंतिका के अंदर था........

मेरी बात सुन दिग्विजय का दिमाग एक बार फिर से घूम गया....

मई- समझाता hun.......sab समझाता hun.waise भी आज तुम्हारे ज़िन्दगी का आखरी दिन hai.....aur मई नहीं चाहता की तुम कोई सवाल को अपने मन में दबा कर मारो........

मुझे मालुम था की तुम अवंतिका के करीब किसी गलत मकसद की वजह से आये हो इसीलिए आज से तीन हफ्ते पहले मैंने अवंतिका को किसी ज़रिये से अपना राखत चूर्ण दिया था...

दिग्विजय- राखत चूर्ण...???????

मई- मेरे खून से बनाया गया एक किस्म का पाउडर........

स्वयं परिवहन

सेल्फ ट्रांसपोर्टेशन

वो स्पेल जिसके ज़रिये इस राखत चूर्ण के अंदर खुदको समाया जा सकता है......

और इस तरह मई तुम्हारे सामने हूँ....

दिग्विजय जिसका पहले से hi दिमाग पूरी तरह से आउट हो चूका tha,VIKRAM की बात सुनकर पूरा गायब hi हो गया....

दिग्विजय- bas,bohot hua..mahamahim ने मुझे तुझसे आमने सामने जी लड़ाई करने से मन किया tha,par अब कोई और चारा नहीं बचा है....

आज मई तुझे मारूंगा तोह ज़रूर पर अभी nahi,kuch देर baad..pehle मई तुझे हराकर तेरा घमंड todunga.fir तुझे बांधकर तेरे hi सामने अब्बब्बबबबबबबबबबबबबबबबबब ...................

दिग्विजय के मुँह से अवंतिका पूरा निकलने से पहले hi उसके होंठ चिपक गए..........

वो बस अब्बब्बबाँ करके बोलने लगा....

दिग्विजय ने बंधन मुक्तम के जितने भी स्पेल्स आते the,wo सब तरय kiye,par उसके होंठ सिले hi रहे..

वो आँखें फाड़े विक्रम की तरफ देखने लगा.....

मई- तुझे लगता है तू बोहोत ताकतवर है क्यों?????

मैंने अपने हाथ आगे kiye,DIGVIJAY के होंठ खुल गए......

दिग्विजय- कौन हो तुम???????

दिग्विजय के चेहरे में इस वक़्त ज़माने भर का शॉक था.....

मई- मई तुझे ज़रूर batata,agar तूने मेरी अवंतिका के बारे में गलत नहीं सोचा होता.............

दिग्विजय- मेरी अवंतिका!!!!!!!!!!!!

मई- मैंने कहा naa,tune जो किया अगर वो न किया होता तोह मई तुझे सब कुछ बताता.......

बातें बोहोत hui,aakhri बार अपने आप को जीवित लोगों में महसूस कर ले.....

मैंने एक बार और हाथ आगे किये और एक बार फिर दिग्विजय की आँखें हैरत से फैले गयी......

दिग्विजय के आखों के सामने हवा में hi एक पर्दा बन गया जिसमे उसने आजतक जो भी किया hai,wo सब घूमने लगा.....

यहाँ तक की वो चीज़ें bhi,jisse उसने मुझसे छुपाने की कोशिश की थी....

सब कुछ दिख जाने के बाद वो पर्दा गायब हो गया....

अब दिग्विजय के पास कुछ भी बोलने के लिए बचा नहीं था......

MAI-teri इतनी औकाद नहीं है दिग्विजय जो तू मुझे अँधेरे में रख सके.......

अब दिग्विजय के पास सिवाय मुझसे लड़ने के और कोई चारा नहीं था......

दिग्विजय- AGNI,VAAYU,JAL संविश्वाम.......

FIRE,AIR,WATER मिक्सचर.........

दिग्विजय ने अपने आँख बंद कर इस स्पेल का उच्चारण kiya....agle hi पल दिग्विजय के हाथों में paani,hawa और आग के गोले के दूसरे के साथ मिलने लगे....

जब सारे शक्तियों ने मिलकर एक नयी मिश्रित शक्ति के बड़े से गोले को जन्म diya,toh दिग्विजय ने उस गोले को मेरी तरफ फेक दिया....

पर मई अपनी जगह पर खड़ा raha...aur अगले hi पल.............

जो हुआ उससे देख दिग्विजय अपने घुटनो पर आ गया......

हुआ ये की वो गोला मेरे सीने की तरफ आगे बढ़ा था.

पर वो गोला मेरे सीने से टकराया नहीं बल्कि मेरे सीने से होते हुए मेरे अंदर चला गया.....

मैंने अपने हाथ आगे kiye...agle hi पल मेरे हाथों में वही दिग्विजय के द्वारा छोड़ा गया गोला आ गया जिससे देखकर दिग्विजय समझ गया की वो मेरा कुछ नहीं बिगड़ सकता और वो नीचे गिर गया...

मई- अलविदा दिग्विजय..............

मैंने उस गोले को वापस दिग्विजय की तरफ फेक दिया....

मेरे गोला फेकते hi दो हाथ एक साथ आगे हुए....

पहला हाथ दिग्विजय का tha,jisse वो उस गोले को रोकने की कोशिश कर रहा था......

और दूसरा हाथ मेरा tha,jiske आगे होते hi उस गोले की शक्ति 10 गुना तक बढ़ गयी............

और बूम.........................

वो गोला सीधे जाकर दिग्विजय के उसी हाथ से टकराया जिससे वो उससे रोकने की कोशिश कर रहा था और इसीके साथ एक तेज़ धमाका हुआ...

मैंने पुरे फार्महाउस को अपने दिमाग के तरंगो से सेफ कर दिया tha.......isiye उस ब्लास्ट का उस हॉल पे जहाँ हम खड़े the,koi फर्क नहीं पड़ा...

पर दिग्विजय के साथ ऐसा कुछ नहीं hua...uska सारा शरीर छोटे छोटे टुकड़ों में बात गया था और इधर उधर बिखरा पड़ा था.......

पर जैसा की मुझे पूर्व अनुमान tha,uske बॉडी पार्ट्स वापस एक दूसरे की तरफ जुड़ने के लिए आने लगे.......

मैंने अपने दोनों हाथ आगे किया.............

जल प्रकटम.......

देहा विलीयते........

बॉडी मेल्ट........

मेरे एक हाथ में एक लाल रौशनी प्रकट हुई और दूसरे हाथ में paani.maine दोनों को मिलाया और हाथ आगे कर diye.....paani के समागम से मिली लाल रौशनी दिग्विजय के बॉडी पार्ट्स पर पड़ी...............

ये वही पानी थी दोस्तों जो सेक्रिला के उस नशीली पूल में पायी जाती hai...ye पानी इंसानो के लिए नशीली है पर डेविल्स के लिए ये किसी तेज़ाब से काम नहीं है......

वहीँ देखते hi देखते दिग्विजय के बॉडी पार्ट्स जुड़ गए.......

दिग्विजय- HAHAHAHAHAHA.......tujhe क्या लगा की मुझे मारना इतना आसान hai....mai.........arreeee,ye,ye क्या हो रहा hai..........mera sharirrrrrrrr,,meraaaaaa chheehhhrrraaa.....nahiiiiiiiiiiiiiiiiii,aaahhhhhhhhhh....

दिग्विजय ने अपनी बात शुरू hi की थी उसका शरीर गलने laga....ye उसी स्पेल की वजह से हुआ था जो मैंने कहा था..........

जैसे जैसे उसका शरीर गाल रहा tha,dhuan बनकर गायब होता जा रहा tha....DIGVIJAY को समझ आ गया था की अब वो नहीं बच पायेगा.........

शक्तियम परिणति...........

इस मंत्र को दिग्विजय ने बोलै नहीं बुदबुदाया tha....DIGVIJAY के अंदर से एक काली रौशनी निकली और कहीं चली गयी.......

दिग्विजय- टुन्ननी मऊझी हर्रा जागररऱऊऊर दद्दीियाआ हैई वीककककरामममम परररर एई जऊँगगगगग ाअभ्हि ख्हातत्तंमंम नहहीइ हुइइइइ.....

ये बातें दिग्विजय ने अपनी बची हुई साड़ी शक्ति समेत कर कही thi......par आखरी वर्ड बोलने के बाद उसका बचा चेहरा भी गाल गया एयर धुआं बन गायब भी हो गया...

दिग्विजय तोह गाल गया पर उसके हाथ में बंधा काला धागा वैसे hi अदृश्य हालत में हवा में hi कुछ देर रुका रहा फिर गायब हो निष्कलिका के पास पहुँच गया....

जब दिग्विजय का शरीर गाल रहा tha,tab उस धागे ने दिग्विजय के शरीर में बेस उन डायमंड्स की शक्ति को अपने अंदर सोख लिया tha....aur अब वो ताकत निष्कलिका की मिलकियत थी........

मैंने अवंतिका को अपनी गोद में uthaya....is बेहोशी की हालत में भी बाला की ख़ूबसूरत लग रही थी wo...mai कुछ देर तक उससे यूँही निहारता रहा फिर गायब हो सीधे उसके बैडरूम में पहुंचा....

मैंने उससे उसके बीएड पर लेता दिया........

मई- तू मेरी हो या ना ho,teri हिफाज़त मेरी ज़िम्मेदारी है और हमेशा रहेगी......

कुछ देर उसके नूरानी चेहरा का दीदार कर मई गायब हो गया.........

अद्भुधहहहह मेरे भाई..................

अपने राजगादी पर बैठा ास्मोडियस जो विक्रम और दिग्विजय के बीच की लड़ाई देख रहा tha,DIGVIJAY के अंत को देखकर उसके मुँह से, ये शब्द निकले.......

वहीँ दूसरी तरफ दिग्विजय के अंदर से जो काली रौशनी निकली thi,wo अपने मंज़िल तक पहुँच गयी और तभी...........

दो आँखें एक झटके में खुल गयी.........

उन दोनों आँखों से कुछ देर तक आंसू बहे पर फिर उन्ही आखों में बेस दर्द ने ग़ुस्से का रूप ले लिया.

VIKRAMMMMM,tera काल लौट आया hai....kuch दिन और जी le,kyunki उसके बाद तेरी मौत बनकर तेरे सामने खड़ा होगा.............

मद्दोक्सक्सक्सक्सक्सक्सक्सक्सक्स..........

आज के लिए इतना HI

आपका अपना V.J..........

 
BURA!!!!!!!!!!!!!!Bura क्यों lagega.....apka review,sawal बोहोत सही हैं brother.....aur आप इस स्टोरी के ओने ऑफ़ डी बेस्ट रीडर्स भी hain...toh कमेंट में सुग्गेस्टिव और अपनी नाराज़गी दिखने में कभी हिचकिचाईयेगा नहीं.....

अब आते हैं आपकी डिमांड par,maahi बरोथेर इस स्टोरी के स्टार्ट में मैंने हीरो का जो बायो लिखा tha,usme ये साफ़ बताया था की उसका सफर आसान नहीं hai...wo हारा भी है पर हर हार से सिख कर आगे बढ़ता gaya....wahi सब विस्तार से दिखा रहा हूँ....

अब रही बात ास्मोडियस जितना पावरफुल होने ki,toh आप खुद बताइये, एक devil,jo नानाजी कितने लाख सालों से लगातार अपनी शक्ति बढ़ाये जा रहा hai,uske बराबर शक्ति एक लड़का जो की महज़ 18 वर्ष का hai,kaise पा सकता hai.!!!!sirf इसीलिए क्यूंकि वो गॉड का बीटा hai,wo तब ास्मोडियस भी hai.......uske बावजूद फ़िलहाल विक्रम काफी शक्तिशाली हो गया hai....maine कहा था बरोथेर की मई ये स्टोरी अस ा राइटर नहीं बालको अस ा रीडर लिख रहा hun....mai हमेशा से एक ऐसी स्टोरी पढ़ना चाहता था जिसमे विलन को भी हीरो जितनी या फिर ये कहीं हीरो से ज़्यादा वैल्यू mile..kyunki भले hi उसके करम बुरे ho,par म्हणत वो हीरो से डबल करता hai....aur फिर अपने विलाइन की तोह बात hi अलग hai...kabhi बोहोत बुरा है तोह कभी बोहोत ाचा.....

अगर आप इस स्टोरी से दिल से जुड़े हुए हैं तोह आगे चलकर और भी ऐसे कई मोड़ आएंगे जिसकी जिसकी शायद आपको उम्मीद न ho,aapko अजीब lage,par जो भी होगा उसमे मैजिक के साथ साथ लॉजिक भी ग़ुस्सा हुआ hoga...yunhi साथ बने रहिये brother...thanks....
 
अब तक आपने पढ़ा की विक्रम दिग्विजय को मार देता है वहीँ दिग्विजय के मरते HI मैडोक्स की आँखें खुल जाती हैं......

अब आगे:-

CHAPTER-2

( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )

अपडेट- 65

प्लेनेट- मांसलिकेल

प्लेस- ास्मोडियस पैलेस

तुम सब कबसे इतने निकम्मे हो गए!!!!

बुद्धि नाम की भी एक चीज़ होती hai...kabhi तोह उसका इस्तेमाल कर लिया करो..........

इस वक़्त ास्मोडियस के सामने उसके तीनो प्रमुख DEVIL'S सर झुकाये खड़े थे......

जैसा की आप सब जानते हैं की अपने hi मन्त्रों के प्रभाव से कल इन तीनो की बॉडी परलैटिक कंडीशन में आ गयी थी....

विक्रम के जाने के बाद ास्मोडियस ने इनके मंत्र को निष्प्रभाव कर दिया tha..thik होने पर तीनो को पता चल गया की दिग्विजय के साथ क्या हुआ है.....

तीनो अपनी अपनी सोच में गुम ये सोच hi रहे थे की आगे क्या करें की तभी तीनो के कान में ास्मोडियस की आवाज़ गुंजी....

ास्मोडियस ने उन्हें दिग्विजय का एक क्लोन बनाकर फार्महाउस को ब्लास्ट कर देने का हुक्म दिया...

तीनो ने ास्मोडियस के आदेश अनुसार दिग्विजय का क्लोन बनाकर फार्म हाउस को उदा दिया और गायब हो गए........

और आज ास्मोडियस ने तीनो को याद किया जिसकी वजह से तीनो ास्मोडियस के सामने खड़े हैं.....

अब्ब्दों- mahamahim,humne तोह वही किया जो मास्टर ने हमसे करने को कहा था.....

ASMODEUS-kya तुमने दिग्विजय के योजना में अपनी कोई प्रतिक्रिया दी thi......nahi..........

तुम्हारा सामना एक बार विक्रम से हो चूका है ना सेक्रिला me.kya तुमने उसकी ताकत का नमूना नहीं देखा था!!!!!!

तुमने एक बार भी नहीं सोचा की अगर दिग्विजय की योजना असफल hui,toh तुम उसकी मदद कर सकते हो.......

तुम तीनो hi मेरे सेना के प्रमुख सेनानायक हो.......

तुम्हारे किये गए स्पेल को बहार से तोडना बोहोत मुश्किल tha,par अंदर से तोह उससे आराम से तोडा जा सकता था..

तुम अगर चाहते तोह किसी भी डेविल को अपने साथ ले जा सकते थे....

और ज़रूरी स्तिथि में तुम उससे अपने स्पेल को अंदर से तोड़ने का आदेश दे सकते थे...

पर ऐसा करना तोह door,tumne इस बारे में सोचा तक नहीं......

तीनो DEVIL'S जो की सर झुकाये खड़े the,unhe अपनी गलती का एहसास हो gaya.unhe पता था की ास्मोडियस की कही गयी हर बात सही hai.........unhone मूर्खता कर दी थी....

ास्मोडियस- सर झुकार अपनी गलती को मान लेना hi काफी नहीं hota.......usse सीखकर गलती न दोहराना hi असली पश्चाताप है.....

ये तुम्हारे द्वारा की गयी आखरी गलती thi....agar दोबारा कभी भी ऐसा हुआ तोह वो तुम्हारे जीवन का अंतिम पल होगा....

तीनो डेविल्स ये बात अछि तरीके से जानते थे की ास्मोडियस की कही हुई बात पत्थर पर खींची गयी लकीर के जैसी है....

ये जानते हुए भी की वालेफ़ोर और दिग्विजय के बाद ास्मोडियस के पास पावरफुल DEVIL'S बस गिनती भर के hi बचे hain,ASMODEUS उनकी अगली गलती पर उन्हें मारने के लिए एक पल के लिए भी नहीं सोचेगा....

ास्मोडियस- तुम तीनो सही सोच रहे ho...ASMODEUS ने तुम्हारा निर्माण अपनी सहूलियत के लिए किया है...

तीनो चौंक gaye...teeno DEVIL'S ये भूल गए थे की ास्मोडियस उनके मन की हर बात पढ़ लेता है....

अगर इस सहूलियत में खलल padi,toh तुम्हे ज़िंदा रखने का क्या फायदा.....

khair,maine तुम्हे यहाँ कुछ काम से बुलाया है.....

अब्ब्दों- आदेश दें महामहिम......

ास्मोडियस- पूर्ण OJMANAM.tum तीनो को इस मंत्र का प्रयोग एक बार और करना होगा....

ास्मोडियस की बात सुनकर तीनो DEVIL'S एक बार फिर चौंके.....

पर उनमे से किसीमे भी ास्मोडियस से कुछ पूछने की हिम्मत नहीं थी....

ास्मोडियस- मई तुम्हे एक गृह के सरहद पर भेज रहा hun........tum तीनो को उसी जगह पर इस मंत्र को उच्चरित करना है........

मेरे पास आओ........

तीनो DEVIL'S ास्मोडियस की तरफ चल पड़े...

नजाने कितने हज़ारों सालों से ये तीनो ास्मोडियस को देखते आ रहे हैं पर आज ये पहला अवसर था जब ास्मोडियस ने उन्हें अपने करीब बुलाया था...

तीनो अपनी कम्कम्पाती टांगो को शतिर करने की कोशिश करते हुए ास्मोडियस के करीब पहुँच गए......

ास्मोडियस ने बारी बारी तीनो के सर पर हाथ रखा और स्पेल बुदबुदाया...

ग्राहम मार्ग गचटी......

पाठ तो थे राइट प्लेनेट......

तीनो डेविल्स एक के बाद एक गायब होकर पहुंचे ास्मोडियस की तय किये गए जगह पर.....

लीलता- arre.ye हम कहाँ आ gaye.MAHAMAHIM ने तोह हमे किसी गृह के सरहद पर भेजा था naa,par हम तोह खाली अंतरिक्ष में हैं.....

लिलिथ अपनी जगह पर सहीं thi...is वक़्त तीनो डेविल्स अंतरिक्ष के काले साये के बीच खड़े थे....

ास्मोडियस- तुम्हे क्या दिख रहा है और क्या nahi,ye बताने के लिए वहां नहीं भेजा गया hai..jo काम दिया गया hai,wo करो.....

तीनो DEVILS'S के कानो में जैसे hi ास्मोडियस की आवाज़ gunji,teeno सेहर उठे...

तीनो ने एक दूसरे के हाथों को थामा और स्पेल दोहराया.........

पूर्ण ोजमनाम........

और जैसा की कल हुआ tha,waisa hi कुछ आज भी हुआ पर इस बार जो रौशनी कवच के रूप में तीनो के बॉडी से nikli,uska दायरा बोहोत बड़ा था..

आखिर एक प्लेनेट को जो घेर रहा tha........kuch 5 मिनट के अंदर hi तीनो डेविल्स के शरीर की साड़ी शक्ति को उस रौशनी ने निचोड़कर उस असरिश्य प्लेनेट के चरों तरफ लपेट दिया....

मंत्र के असर के पूरा होते hi तीनो डेविल्स नीचे लुढ़क गए.

अब उनमे और एक आम इंसान में कोई फर्क नहीं tha,infact आज एक आम इंसान उनसे कई गुना ज़्यादा शक्तिशाली था...

कल तोह उन्हें सहारा देने के लिए ज़मीं thi...par aaj,aaj वो बीच अंतरिक्ष में थे......

उनका शरीर बिना वायु के मंडल में तैरने laga........ki tabhi......unke सामने एक वर्ल्ड दूर खुला जो की मांसलिकाल का था....

उस दूर से एक रौशनी की रस्सी सी निकली और तीनो पर पड़ी...

तीनो के शरीर उस रौशनी रूपा रस्सी में बांध gaye...wo रस्सी उन्हें खींचती हुई उस वर्ल्ड दूर के अंदर ले gayi.unke अंदर जाते hi वर्ल्ड दूर बंद हो गया....

प्लेनेट एअर्थ:-

प्लेस- दिग्विजयः हाउस........

MOM,kuch खा lo.....aapne कल शाम से कुछ नहीं खाया है.....

D/MOM- जिस माँ का बीटा उससे छीन गया ho,uske गले से निवाला कैसे निचे उतरेगा बीटा.....

और ये कैसा संजोग hai,mera एक बीटा ठीक हुआ तोह दूसरा बीटा....................

सुबह का वक़्त hai.......DIGVIJAY मेन्शन में मातम छाया हुआ है........

कल दोपहर को मैडोक्स ठीक होकर घर आ गया था.........

मैडोक्स की माँ ने आखरी बार अपने बेटे को कोमा की हालत में देखा tha...BALBEER ने अपनी बीवी से यही कहा था की मैडोक्स को ठीक करने के लिए उससे U.S.A भेजना पड़ेगा...

उस दिन के बाद आज मैडोक्स की माँ ने अपने बेटे को देखा tha.wo बोहोत खुश हो गयी thi,par उनकी ख़ुशी बस कुछ hi देर के लिए hi थी....

मैडोक्स को घर आये अभी कुछ hi देर हुई thi.dono माँ बेटे ने लंच किया hi था की इतने में उनके घर के लैंड लाइन की घंटी बजी...

ये फ़ोन पुलिस स्टेशन से आया था इस खबर के साथ की उनके फार्म हाउस में आग लग गयी थी जिसमे उनका दूसरा बीटा दिग्विजय जल कर मर गया था....

थोड़ी hi देर में एम्बुलेंस में दिग्विजय की जाली हुई बॉडी भी आ gayi..shaam तक मैडोक्स ने दिग्विजय के क्लोन की बॉडी का अंतिम संस्कार भी कर दिया था.....

और आज दिग्विजय के गुजरने के बाद की पहली सुबह थी.......

मैडोक्स- mom,aapne तोह फिर भी अपने उस बेटे के साथ काफी वक़्त बिताया hai,par मेरा kya???maine तोह उससे पहली बार सामने से देखा वो भी उसके गुज़र जाने के बाद....

अपने छोटे भाई को गले लगाने का हक़ भी मुझसे छीन गया hai........itna hi nahi,mujhe तोह अपने पिता का प्रेम भी सिर्फ कुछ hi दिनों के लिए नसीब हुआ......

पर mom,humare रोने से वो दोनों वापस तोह नहीं आ जायेंगे naa...par आपको यूँ खाना पीना छोड़ता dekh,dad और भाई की आत्माओ को कितना दुःख पहुँच रहा होगा...

मेरे लिए न sahi,kamsekam उन दोनों की आत्मा की शांति की खातिर कुछ खा लीजिये...

मैडोक्स ने अपनी माँ को सहारा देकर uthaya,aur उन्हें डाइनिंग टेबल पर बिठाया और ब्रेकफास्ट करने लगा.....

chaliye,jab तक मैडोक्स अपनी माँ को ब्रेकफास्ट करा रहा hai,tab तक मई आपको मैडोक्स के साथ क्या क्या hua,wo बता देता हूँ......

कहाँ से शुरू karun!!!!haan,VIKRAM और मैडोक्स की लड़ाई के बाद जब अलेसेन्द्र विक्रम को उठाकर अपने प्लेनेट ले gayi,uske बाद से शुरू करता हूँ....

तोह जिस तरह रोनित के बेहोश बॉडी को बाबा विशाखत उठा कर हॉस्पिटल ले गए the,ussi तरह मैडोक्स के जगह जगह से फैट चुके शरीर को उठाकर उसके डैड घर ले आये थे...

वैसे तोह मैडोक्स का शरीर के सारे ghaaw,kuch hi मिनटों में भर गए the,par रोनित की hi तरह मैडोक्स भी कोमा में चला गया था....

पर रोनित सिर्फ एक शॉक की वजह से कोमा में tha,jabki मैडोक्स के दिमाग की नसों में विक्रम द्वारा बोले गए विध्वंशक स्पेल का असर हुआ था....

जिसकी वजह से मैडोक्स ठीक नहीं हो पा रहा tha..kyunki मैडोक्स भी अब एक डेविल tha,isiliye उससे ठीक करने के दो hi तरीके the,ek तोह ास्मोडियस tha,jo बिना अपने मतलब के किसी की मदद नहीं करता और दूसरा था किसी दूसरे पावरफुल डेविल का अपने साड़ी काली शक्तियों का त्याग कर उस शक्ति को मैडोक्स के दिमाग से जोड़ना....

पर ये कोई छोटी मोती बात नहीं thi..aur एक डेविल के लिए तोह बिलकुल भी nahi....kyunki काली शक्तियों का त्याग मतलब मौत....

जैसे इंसान का शरीर उसके हार्ट और दिमाग के चलने से काम करता hai,waise hi एक डेविल का शरीर उसकी काली शक्तियों की वजह से काम करता है......

अपनी ज़िन्दगी का त्याग karna,koi छोटी मोती बात तोह है नहीं......

और वैसे bhi,tyag जैसे शब्द DEVIL'S के डिक्शनरी में नहीं आते......

पर दिग्विजय ने ये त्याग diya.usne अपनी साड़ी काली शक्ति अपने भाई के शरीर में ट्रांसफर कर दी......

हालांकि ये त्याग भाई प्रेम से ज़्यादा प्रतिशोध प्रेम के लिए tha.DIGVIJAY विक्रम से हार तोह गया tha,par हारते हारते भी उसने विक्रम के लिए अपने भाई के रूप में एक pratidwandi,ek दुश्मन छोड़ गया था....

दिग्विजय द्वारा त्यागी गयी उसकी काली शक्तियों मैडोक्स के अंदर समां गयी जिससे मैडोक्स ठीक भी हो गया था और पहले से ज़्यादा ताकतवर भी.......

तोह ये थी मैडोक्स की अब तक की kahani...ab चलते है वापस हमारी कहानी की तरफ....

मैडोक्स- mom,aap कुछ देर रेस्ट कर lijiye.aap कल से सोई नहीं हैं.....

अपनी माँ को ब्रेकफास्ट करके मैडोक्स ने उन्हें उनके बीएड रूम में छोड़ा और वापस आकर हॉल में रखे सोफे पर बैठ गया....

ास्मोडियस- मई उस विक्रम को ऐसी मौत दूंगा की वो दोबारा जन्म लेने से भी डरेगा.....

पर करू kya,mere साथ हुई लड़ाई में उससे भी मेरी hi तरह चोटें आयी thi,par एक तरफ जहाँ मई इतने वक़्त तक बेहोश raha,wahin वो तभी से hi बिलकुल ठीक है...

मेरा भाई इतना शक्तिशाली tha,usse भी उसने मार diya.....iska तोह एक hi मतलब है की अब वो पहले से भी ज़्यादा शक्तिशाली है...

पर kaise????uski शक्ति का श्रोत क्या hai????ab मुझे हर काम सोच समझ कर करना होगा........

और सबसे पहले मुझे भी उसके jitna,nahi nahi,usse भी ज़्यादा शक्तिशाली बनाना hoga......par कैसे??????

अब की न तुमने सही बात............

आवाज़ सुनकर मैडोक्स चौंक gaya.abhi उसका शॉक लेवल काम हो hi रहा था की पर अगले hi पल जो हुआ उससे उसका शॉक 10 गुना तक बढ़ गया..............

प्लेस- कॉलेज कैंटीन:-

ANJALI-babes,are ु ऑलराइट!!!!!

शनाया- तू बोल तोह घर चलें.....

सुबह का वक़्त hai.kal दिग्विजय की मौत की वजह से आज हमारे कॉलेज को ऑफ दे दिया गया था....

सुबह से hi अवंतिका काफी काम बोल रही थी और कहीं खोयी हुई सी थी....

अवंतिका- नहीं guyz,mai ठीक है.....

कल मेरे अवंतिका को उसके रूम में छोड़ने के कुछ 1 घंटे बाद उससे होश आया था.....

अवंतिका ने धीरे से अपनी आँखें kholi,aur जैसे hi उससे याद आया की बेहोश होने से पहले क्या हुआ tha,wo एक झटके में उठ कर बैठ गयी...

उसने इधर उधर नज़र doudayi.usse ये जानकार एक झटका लगा की वो अपने कमरे में थी.....

पहले तोह उसने जो भी उसके साथ हुआ tha,wo सपना लगा पर जैसे hi उसकी नज़र उसकी कलाई की तरफ gayi,usse यकीं हो गया की वो सब सपना नहीं सच था......

ये सोच कर की आज उसके साथ क्या होने वाला था अवंतिका अपने घुटनो को मोड़ अपने सर को उनमे छुपकर रोने लगी......

कुछ देर रो लेने के बाद अवंतिका का मन कुछ हल्का हुआ....

अवंतिका मन में- मई यहाँ कैसे pahunchi.....???mujhe किसने बचाया...

कहीं पिताजी ने तोह............

काफी देर तक सोचने के बाद अचानक अवंतिका को अपने पिछले जनम के पिता गुरु विशिष्ट का ख्याल आया......

अवंतिका- ज़रूर पिताजी को इस बात का अंदाज़ा पहले से hi हो गया होगा इसीलिए उन्होंने पहले से hi मुझे बचने के लिए कुछ अर्रंगेमेन्ट्स कर के रखे होंगे......

अवंतिका ने गुरु विशिष्ट को मन hi मन थैंक्स कहा और उठकर नीचे चली गयी.....

कल का पूरा दिन अवंतिका ने घर एक किसी न किसी मेंबर के साथ bitaya.usse अब भी दर था की कहीं दिग्विजय वापस न आ जाए...

पर कल शाम की ब्रेकिंग न्यूज़ जिसमे दिग्विजय के मरने की खबर आ रही thi,usse सुनकर अवंतिका आदर hi अंदर खुश हो गयी...

उसके घर वाले उससे हिम्मत रखने के लिए बोल रहे the.AVANTIKA उन्हें सच तोह बता नहीं सकती थी इसीलिए उसने उनके सामने साद होने की एक्टिंग करनी शरुरु कर दी थी.....

मई- तुम्हारे हाथ को क्या हुआ अवनि.....???

अवंतिका के राइट कलाई में कुछ रेड मार्क्स the,jisse देखकर मैंने पूछा????

अवंतिका- वो एक्चुअली ये वो......

अवंतिका जो कल जो भी hua,ussi ख्यालों में खोयी हुई thi,mere यूँ अचानक पूछने से वो हड़बड़ा गयी थी......

शनाया- अरे ye,ye तोह एलर्जी है.....

मई- किसने कहा?????

शनाया- अवनि ne....kyun?????

मई- एलर्जी के मार्क्स ऐसे नहीं hote.ye तोह किसीके ज़ोर से कलाई को पकड़ कर मोड़ने से आने वाले मार्क्स hain.....haina अवंतिका!!!!!

अवंतिका मेरी बात सुनकर कुछ नर्वस सी हो गयी.......

शनाया- पर अवनि ने तोह कहा था की ये.....

AVNI....sach सच bata.tujhe मेरी kasam..ye अलेर्जी के hi मार्क्स हैं ना......

अब अवंतिका फास चुकी thi....wo शनाया की कसम को झूठ बोलकर तोड़ नहीं सकती थी....

अवंतिका- वो actually,ye एलर्जी नहीं hai....ye वो...........

मई- किसीने तुम्हारे कलाई को ज़ोर से पकड़ कर दबाया hai.haina?????

अवंतिका ने सर नीचे कर हाँ कहा...

अवंतिका की बात सुनकर शनाया रोनित अंजलि तीनो शॉकेड हो गए.....

रोनित- किसने किया aisa....????mujhe बस तू उसका नाम bata,abhi साले की हाथ की हड्डी hi तोड़ देता हूँ........

शनाया- babes,chup चाप नाम बता उसका जिसने ये किया है.....

अवंतिका- दिग्विजयययय........

सब- व्हॉट????????

शनाया- पर kyun??????i mean,mujhe तोह कुछ समझ में नहीं आ रहा hai.jo भी बात hai,clearly बता.......

AVANTIKA-kal वो मुझे अपनी माँ के पास लेजाने आया था...

शनाया- haan,ye तोह मुझे मालुम hai.toh उससे क्या????

अवंतिका- उसने कहा था की उसकी माँ की तबियत ख़राब है और वो मुझसे मिलना चाहती hain.par ऐसा नहीं था..

वो मेरे साथःहःहःहः............

शनाया- तेरे साथ क्या?????

अवंतिका- इंटिमेट होना चाहता था.....

SAB-WHATTTTT

इस बार का व्हाट पिछले बार के व्हाट के मुकाबले ज़्यादा लाउड था..........

अवंतिका- haan.aur जब मैंने मन किया तोह वो मुझे फाॅर्स करने laga.usne मेरे हाथ पकड़ ज़ोर से दबा दिया tha,isiliye ये मार्क्स आये...

पर मैंने उससे पुलिस की धमकी di,tab जाकर उसने मुझे छोड़ा और मई घर भाग आयी.....( झूठ )

शनाया- और ये बात तूने किसीको बताई nahi....aur कल शाम को हम सबने जब दिग्विजय की डेथ की न्यूज़ के बारे में सुनकर तुझे समझा रहे the,tab भी तू चुप रही.......

अवंतिका- मैंने उससे ब्रेकअप कर लिया tha..isiliye मई उस बात को भूल जाना चाहती थी.....

शनाया- तोह तू कल से इसलिए इतनी साद थी...

अवंतिका ने हाँ में अपना सर हिलाया...

अंजलि- ाचा हुआ साला कुत्ता मर gaya,warna मई hi उससे मार डालती.......

रोनित- मई तोह साले की अस्थियों को खोलूंगा और उसकी डेड बॉडी की राख पर मुतुंगा..........

इतने टेंशन वाले माहौल में भी रोनित की बात सुनकर हम सब है दिए........

मेरा काम हो गया tha.mai अवंतिका को झुट्टी एक्टिंग करने से बचाना चाहता था और साथ hi दिग्विजय के लिए सभी के मन से सहानुभूति मिटाना भी और दोनों hi काम हो गए थे.....

मई- अब्बे लड़कियां hai,soch समझ कर बोलै कर..........

वैसे मेरे पास एक न्यूज़ hai,jisse सुनकर तुम्हारा मूड एकदम फ्रेश हो जाएगा अवनि......

अवंतिका- कैसी न्यूज़????

मैंने रोनित और अंजलि की तरफ dekha..dono hi शर्मा कर अपने सर को नीचे कर लिए...

शनाया- अब बताएगा bhi.aur ये दोनों शर्मा क्यों रहे हैं????

मई- इनकी जोड़ी अब ऑफिसियल हो गयी है......

शनाया अवंतिका- मतलब??????

मई- matlab,inke रिलेशनशिप के बारे में घर वालों को सब कुछ पता है और वो सब इनकी शादी के लिए भी मान गए हैं....

मेरी बात सुनकर शनाया और ावनतिका के मुँह खुल गए............

अवंतिका- अरे ु सीरियस?????

मई- दमन सीरियस बेब्स..........

अवंतिका और शनाया ने बारी बारी रोनित और अंजलि को हुग किया........

अवंतिका- ु बोथ अरे सो लकी yaar...pyar के मिलने से ज़्यादा इम्पोर्टेन्ट है उस प्यार को हमेशा के लिए पा लेना....

मई- जो प्यार सच्चा होता hai,usse पाने का रास्ता ऊपर वाला बता देता है.....

मेरी बात सुनकर अवंतिका मेरी तरफ देखने लगी........

रोनित- पर हमारे प्यार का रास्ता ऊपर वाले ने नहीं उनके बेटे यानी तूने बताया है.....

रोनित ने बातों बातों में सच बोल दिया था......

शनाया- मतलब!!!!!!!!

अंजलि- मई बताती hun......isne पलम्फोस पहुँचते hi फ़ोन कर के आंटी को सब बता दिया था........

और हम तीनो के घर में से अगर किसीको भी कुछ भी पता चलता है तोह बाकियों को भी सब कुछ पता चल जाता है.....

हम जब घर पहुंचे तोह सब इसके घरमे हमारा इंतज़ार कर रहे the....humare लिए तोह ये नार्मल था.......

पर घर में घुसते hi V.J ने "मिलिए हमारे नए लव बर्ड्स se"ye कहकर हमारे ऊपर बम फोड़ दिया...

पहले तोह सबने हमारे कान मरोड़े.....

रोनित- हमारे नहीं सिर्फ mere..tujhe तोह चुम्मियाँ hi मिल रही थीं...

अंजलि की बात को बीच में hi काट कर रोनित बोलै.......

अंजलि- हाँ तेरे कान marode.....par फिर हमे एक नया झटका laga.....JAIRAJ अंकल ने ये अन्नोउंस कर दिया की हम दोनों की शादी हमारे पढ़ाई ख़त्म होते hi कर दी जायेगी......

शनाया- तुम दोनों सच में लकी हो babes..........i mean,kitne केसेस में ऐसा होता है जैसा तुम्हारे साथ हुआ है......

रोनित- haan,ye तोह है......

अवंतिका- क्या हां ये तोह hai????party चाहिए हमे.......

शनाया- बिल्कुल्ल.......

रोनित अंजलि- दोने......

मई- आज तोह कॉलेज ऑफ हो गया hai..chalo पहले मूवी देखते hain,wahin डीडे कर लेंगे....

सब मेरी बात पर राज़ी हो गए और हम निकल गए मूवी देखने.....

प्लेनेट- मांसलिकेल

प्लेस- ास्मोडियस पैलेस

कौन हो TUM??????AUR मई यहाँ कैसे पहुंचा???????

जिस आवाज़ को सुनकर मैडोक्स शॉकेड हुआ tha,wo और किसीकी नहीं ास्मोडियस की थी....

और अगला झटका उससे इसलिए लगा था क्यूंकि वो जिस सोफे पर बैठा विक्रम के बारे में सोच रहा tha,ab वो उस सोफे में नहीं tha,us सोफे में क्या वो तोह अपने घर me,ghar में क्या अपने गृह में hi नहीं था..

वो इस वक़्त ास्मोडियस के रियल्म में उसके सामने खड़ा tha.aur ठीक अपने भाई की hi तरह जब वो पहली बार यहाँ आया tha,ASMODEUS को नहीं पहेचानता था....

ास्मोडियस- तुम इस वक़्त मांसलिकेल प्लेनेट में ho.......aur आरही मेरी baat,toh मई तुम्हारे बाप का बाप हूँ........

ास्मोडियस की बात सुनकर मैडोक्स को ग़ुस्सा आ गया..

मैडोक्स- तेरी इतनी himmat..ruk,tujhe बताता हूँ.......

मैडोक्स ने एक आग का गोला बनाया और ास्मोडियस की तरफ फेक दिया....

आअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह.............

अब ये दर्द भरी आवाज़ ास्मोडियस की तोह हो नहीं sakti,ye दर्द भरी आह मैडोक्स के मुँह से hi निकली थी......

हुआ ये की जिस गोले से मैडोक्स ने ास्मोडियस पे वार किया tha,wo गोला आधे रस्ते से hi वापस घूम गया और वापस जाकर मैडोक्स से टकराया.......

जिसकी वजह से मैडोक्स पीछे छिटककर गिरा.....

अभी मैडोक्स खड़ा hi हुआ था की..........

मैडोक्स- अरे ये kaise??????..........mere haath.................aaahhhhhhhh...ahhhhhhhh

हुआ ये की मैडोक्स के खड़े होते hi उसके दोनों हाथ उसके बाज़ू से उखड कर हवा में झूल रहे थे....

मैडोक्स को इस वक़्त असहनीय पीड़ा हो रही थी......

ास्मोडियस- जिन हाथों ने हम पर वार करने की कोशिश ki,unhe तोह उखाड़ना hi है......

मैडोक्स- mujjheee...m...a..a..f...ka...r..d.o...

p..l...z...........

मैडोक्स की दर्द भरी रिक्वेस्ट सुनकर ास्मोडियस के चेहरे पर मुस्कान आ gayi.....usne अपनी उँगलियाँ हिलायी और अगले hi पल मैडोक्स के दोनों हाथ जो की हवा में झूल रहे the,wo वापस आकर मैडोक्स के बाज़ू से जुड़ गए...

मैडोक्स का दर्द भी ख़त्म हो गया tha....MADDOX फटी आँखों से ास्मोडियस की तरफ देख रहा tha.......par अगले hi पल मैडोक्स अपने घुटनो पर बैठ गया.....

मैडोक्स- मुझे अपनी शरण में ले lijiye.....mujhe और शक्तिशाली होना है....

ास्मोडियस- होता कुछ भी नहीं है bache,banana पड़ता hai....aur कुछ भी बनाने में काफी तकलीफे उठानी पड़ती हैं.....

मैडोक्स- मई कोई भी तकलीफ से लड़ने के लिए ,कितना भी दर्द झेलने के लिए तैयार hun...bas मुझे शक्तिशाली बनाना hai....bohot शक्तिशाली........

ास्मोडियस- शक्ति की bhook,sabse बड़ी भूक होती hai......par इससे पाने के लिए कुर्बानी भी देनी होती hai.....jo मुझे नहीं लगता की तुम दे पाओगे.......

मैडोक्स- मई बड़ी से बड़ी क़ुरबानी देने के लिए तैयार हूँ.......

ास्मोडियस- hmm...wo तोह पता चल hi jaayega........pehle मई तुम्हे शक्तिशाली बनाने का मार्ग बता देता हूँ.....

पर उससे पहले ये batao,ki क्या तुम जानते हो की विक्रम ने किस चीज़ की मदद से तुम्हारे भाई को मारा.....

मैडोक्स- नहीं.....

ास्मोडियस- ट्रांस पूल के पानी की मदद se.....TRANCE पूल का पानी किसी ज़माने में एंगेल्स पिया करते थे....

ये उनके जश्न में इस्तेमाल की जाने वाली शराब थी......

ये पानी एंगेल्स के लिए जितनी स्वादिष्ट hai,DEVILS के लिए उतनी hi ज़हरीली है.......

इसीलिए मेरे कहने पर मेरे DEVILS'S ने उस पूल के आस पास की जगह को दूषित कर दिया जिसकी वजह से एंगेल्स वहां फिर कभी नहीं आये....

विक्रम ने तुम्हारे भाई के शरीर के सारे अंदरूनी अंगों में इस पानी को छिड़क दिया था जिसकी वजह से दिग्विजय का शरीर अंदर से फैट गया......

तुम्हे भी इसी पानी का सेवन करना है....

मैडोक्स ास्मोडियस की बात सुनकर चौंक गया.......

मैडोक्स- पर अभी तोह आपने कहा की वो पानी डेविल्स के लिए ज़हरीली hai.fir मई कैसे?????

ास्मोडियस- डेविल्स के अंदर ब्लैक एनर्जी होती है जिससे वो पानी काटती है इसीलिए ये डेविल्स के लिए हानिकारक है...

पर अगर कोई डेविल इस पानी में वाइट एनर्जी को मिलकर पिए तोह उसकी मृत्यु नहीं होगी.......

मैडोक्स- पर वाइट एनर्जी आएगी कहाँ से?????

ास्मोडियस- समुन्दर के पास आकर पूछते हो की पानी कहाँ है???

मैडोक्स- मतलब????

ास्मोडियस मैडोक्स का सवाल सुनकर मुस्कुराया और अगले hi पल कुछ ऐसा हुआ जिससे देखकर मैडोक्स की आँखें हैरत से फैले गयी....

ास्मोडियस का पूरा शरीर इस वक़्त वाइट लाइट से जो की एक एंजेल की पहचान hai,usse ग्लो कर रहा था....

थोड़ी देर तक यूँही रहने के बाद ास्मोडियस नार्मल हो गया.....

मैडोक्स जो की अपने घुटनो पर अब भी बैठा था वो अब अपने हाथ जोड़े ास्मोडियस के सामने सीधे लेट गया......

ास्मोडियस- उठ जाओ मैडोक्स.........

मैडोक्स- मई नहीं जानता की आप कौन hain,par आज और अभी से आप मेरे भगवान् हैं.....

ास्मोडियस- अब तुम्हे घर जाना होगा MADDOX.....SHAKTI सेवन का अध्याय तुम्हारे जीवन में कल से शुरू hoga....kintu याद rahe,ye आसान नहीं होगा.....

दो चीज़ों में से एक को चुनने के लिए तैयार रहना....

1सत- दर्द......

2ंद- त्याग.....

मैडोक्स- मई दोनों के लिए hi तैयार हूँ....

ास्मोडियस ने मुस्कुराकर अपना हाथ आगे किया और अगले hi पल मैडोक्स वापस अपने गृह अपने घर में थे.....

ास्मोडियस- तुम्हारी शक्तियां बढ़ रही हैं मेरे bhai......toh चुनौतियां का स्तर भी तोह बढ़ेगा ना.....

कल की परेशानी की युक्ति तुमने पहले से सोच ली थी पर आज का kya!!!!!ek बाधा को तोह तुम जैसे तैसे पार कर लोगे पर दूसरे से कैसे निपटोगे.......!!!!!!!

पर ये सब तोह बाद की बात है.....

सोचा tha,ki तुम्हे कुछ मौके dun,par मेरे ख़ास मोहरे को मारकर तुमने अपना वक़्त खुद काम कर लिया है........

उम्मीद है की तुम तैयार रहोगे......

क्यूंकि बोहोत जल्द हमारी पहली मुलाकात होगी मेरे भाई........

आज के लिए इतना HI.....

आपका अपना V...J....
 
थैंक्स 4 थिस ब्यूटीफुल रिव्यु बरोथेर... आपने अपने रिव्यु में स्टोरी के बायो को मेंशन kiya,i रियली अप्प्रेसियते that....aur जहाँ तक ास्मोडियस की बात hai,maine हर बार कहा है की वो एक अनबुझी पहेली hai.mujhe सबसे ज़्यादा म्हणत उसी के किरदार और एक्शन्स को दिखने और छुपाने में करणु पड़ती hai.bas इतना समझ लिनिये की जब भी आपजो लगेगा की आप ास्मोडियस को समझ गए hain,tabhi अचानक आपको उसका एक नया रूप देखने को मिलेगा....
 
थैंक्स माहि बरोथेर 4 थिस ब्यूटीफुल रिव्यु... आपने जो जो पॉइंट्स पर कमैंट्स किये hain,wo सही में काफी इम्प hain...aapko मेरी राइटिंग स्किल अछि लग रही hai,uske लिए एक और बार thanks...ASMODEUS अभी और बोहोत बार आपको झटके देगा क्यूंकि सबसे ज़्यादा दिमाग मई उसीके ऊपर खर्च करता hun...haan ये सच है की काफी सारे पॉइंट्स और मुद्दे खड़े हो गए हैं पर मैंने सभी को इतनी इम्पोर्टेंस दी है की सभी पॉइंट्स मेरे दिमाग में छाप से गए hain...aage भी साथ बने रहिएगा.....
 
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