फंतासी ऐटिटूड.....( मैजिक + रोमांस )(कम्प्लेटेड) - Page 13 - SexBaba
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फंतासी ऐटिटूड.....( मैजिक + रोमांस )(कम्प्लेटेड)

मई अभी ठीक हूँ brother..par इतने वक़्त तक बीएड पर रहने की वजह से काफी काम पेंडिंग पड़े hain.wahi निपटा रहा hun...aur रही बात उपदटेस की तोह मई सिर्फ मेगा उपदटेस लगातार लिखता हूँ बाकी के सारे अपडेट काम के बीच जो 10 मं,15 मिनट्स का स्पेयर टाइम मिलता hai,ussime लिखता जाता hun...toh टाइम तोह लगेगा hi..waise bhi,ye लास्ट chapter में अभी तक जितने भी उपदटेस आएं hain,sabhi 4000 वर्ड्स से ज़्यादा हैं जो की एक्चुअल में एक मेगा अपडेट का साइज होता है....4 घंटे से ज़्यादा की म्हणत लगती है इन्हे लिखने me..aur ये 4 घंटे निकलने में मुझे 2 से 3 का वक़्त लग जाता है....
 
अब तक आपने पढ़ा की जहाँ एक तरफ रोनित को विक्रम की हालत के बारे में जानकार दुःख होता है वहीँ दूसरी तरफ सत सेबेस्टियन अवंतिका को लार्ड ऑफ़ एंगेल्स कहकर सम्भोदित करते हैं

अब आगे:-

फाइनल CHAPTER

(एंगेल्स सैक्रिफाइस & डेविल्स डेमोलिशन)

अपडेट-96

PLANET-MONSLICKEL

PLACE-ASMODEUS पैलेस

आओ आओ मेरे BACHON.....MERA सर फक्र से ऊँचा करने की कैसी शाबाशी दूँ????...

ास्मोडियस के इस बात या फिर ये कहूं की उसके टॉन्ट को सुनकर उसके सामने खड़े भुविका और बिल्जेबब का सर शर्म से झुक गए.....

आपको सबको याद होगा की रोप ऑफ़ पैन में जकड़े बिल्जेबब और भुविका अचानक गायब हो गए थे...

वो दोनों खुद गायब नहीं हुए थे बल्कि उन्हें ास्मोडियस ने गायब कर अपने पास बुला लिया था....

ास्मोडियस- क्या hua???sir झुकाये क्यों खड़े ho???apni नाकामी में शर्म आ रही है या अपने घमंड के टूटने पर....!!!!???

पर भुविका और बिल्जेबब अब भी बिना एक शब्द कहे अपना अपना सर झुकाये खड़े थे....

ास्मोडियस उन दोनों के मन में उमड़ रहे सवालों को अचे से पढ़ पा रहा tha...isiliye......

ास्मोडियस- अपने शर्म का नाटक छोड़ जो सवाल तुम दोनों के मन में उफान मार रहे hain,wo पूछो हो दफा हो जाओ मेरे सामने से.....

इस बार भुविका और बिल्जेबब ने धीरे धीरे अपना सर ऊपर उठाया और.....

बिल्जेबब- FATHER.....aapse तोह कुछ भी छुपा नहीं hai....ye जो भी hua,wo कैसे हो सकता है????

हम दोनों मिलकर भी रोनित का सामना नहीं कर पाए...!!!

भुविका- हम दोनों hi रोनित के सामर्थ्य से परिचित hain..usme इतना दम नहीं की हमे हरा सके और वो भी इतनी सहजता से....

हो ना हो ये सब उस अवंतिका ने किया hai,par kaise????uske पास इतनी शक्तियां कहाँ से aayin????aisi शक्तियां जिनका सामना करना तोह दूर हम उसके सामने कुछ शान भी खड़े तक नहीं रह पाए....

ास्मोडियस- ये तोह मई भी जानना चाहता हूँ की अवंतिका के पास इतनी शक्तियां आयीं तोह आयी कैसे????

ास्मोडियस की बात सुनकर भुविका और बिल्जेबब को झटका लगा...

ऐसा कुछ जिससे ास्मोडियस अनजान ho,wo भी तब जब उसने खुद भुविका और बिल्जेबब को अवंतिका द्वारा रोनित को दिए शक्ति से लड़ते हुए देखा tha,ye बात उन्हें हज़म नहीं हो पा रही थी.....

बिल्जेबब- आपको नहीं पता FATHER???par ये कैसे हो सकता है????

ास्मोडियस- इस ब्रम्हांड का एक मात्र सच यही है की यहाँ कुछ भी हो सकता hai...khaas करके तब जब किसी बात किसी विषय में मई और विक्रम जुड़े हुए हों....

बिल्जेबब- पर यहाँ बात तोह अवंतिका की है ना....

ास्मोडियस- विक्रम और अवंतिका एक hi धागे में पिरोये दो मोती hain...AVANTIKA के पास बेशक कोई मायावी या अलौकिक शक्ति नहीं है पर उससे इसकी ज़रुरत hi नहीं है...

जब तक विक्रम जीवित है तक तक अवंतिका एक अबिद्या किले की तरह है जिससे भेदा नहीं जा सकता.....

ास्मोडियस के मुँह से अवंतिका की तारीफ़ सुनकर बिल्जेबब और भुविका दोनों को ाचा नहीं लगा.....

बिल्जेबब- FATHER.....AVANTIKA ने आपका भी अपमान किया tha....usne कहा की.....

ास्मोडियस- जब तेरा बाप मुझे नहीं मार सकता तोह तू किस खेत की मूली है.....

बिल्जेबब की अधूरी बात ास्मोडियस ने पूरी कर दी.....

भुविका- जी डेविल LORD,usne आपका अपमान करने हेतु इन्ही शब्दों का प्रयोग किया था...

भुविका और बिल्जेबब को लगा की अब ास्मोडियस भड़केगा पर जो बात ास्मोडियस ने kahi,usse सुनकर दोनों को एक और झटका लगा.....

ASMODEUS-sach कड़वा hi होता है और सच को कभी अपमान की श्रेणी में नहीं रखा जाता....

अवंतिका ने जो कहा वो शाट प्रतिशत सत्य है और सत्य से लज्जित नहीं हुआ जाता.....

बिल्जेबब- पर FATHER,aapne तोह इस्ला में अवंतिका के शरीर में शकरून विष को स्थानांतरित (ट्रांसफर) किया था ना....

ASMODEUS-ye याद रहा की मैंने अवंतिका के शरीर में विष मिलाया था किन्तु ये याद नहीं रहा की किन परिस्तिथियों में मई ऐसा करने में कामियाब हुआ था.....

उस वक़्त विक्रम का शरीर मूर्छित tha..itna hi नहीं उसकी अलौकिक शक्तियां भी उसके शरीर से निकलते राखत के साथ कमज़ोर पढ़ गयी थी....

इसीलिए उस वक़्त अवंतिका का कवच जो उससे पैदा होते साथ hi मिल गया tha,wo भी कमज़ोर हो गया था और इसीलिए मई उसके शरीर में विष दाल पाया था....

पर अभी ऐसा कुछ भी नहीं hai....is वक़्त अवंतिका के पास ना सिर्फ उसके खुद का अभेद्य सुरक्षा कवच hai,par उसके साथ साथ विक्रम की अपार शक्तियां भी उससे जुडी हुई है....

ऐसे में उससे मारना तोह door,haani पहुँचाना भी असंभव है....

भुविका- अगर ऐसा है तोह जब हमने अवंतिका को मारने की बात kahi,toh आपने हमे मन क्यों नहीं किया????

ास्मोडियस- एक आम लड़की से तुम्हे इतनी शक्तिशाली बना दिया उसके बाद भी तुम्हारी मूर्खता भरे फैसलों को मई ठीक करता रहूं????

अवंतिका को अगर हानि पहुंचाया जा सकता तोह तुम्हारे कहने से पहले hi मैंने तुम्हे ऐसा करने के लिए कह दिया होता....

पर तुम दोनों hi इतने मुर्ख हो की जब तक साड़ी बात किसी बच्चे को समझाने के जैसे hi तुम्हे भी ना समझाया jaaye,tab तक तुम्हारा मस्तिष्क सुण्या hi रहता है....

जितनी हानि तुम विक्रम को पंहुचा सकती thi,utni पहुंचा चुकी ho...isse ज़्यादा तुम कुछ नहीं कर सकती पर ये बात तुम्हारी बुद्धि में प्रवेश hi नहीं करती तोह मई क्या कर सकता हूँ....

जहाँ ास्मोडियस की बात सुनकर एक बार फिरसे भुविका का चेहरा शर्म से झुक गया था वहीँ बिल्जेबब के दिमाग में एक दूसरे सवाल ने जन्म ले लिया था...

और जैसे hi ास्मोडियस ने अपनी बात ख़त्म की तभी........

बिल्जेबब- FATHER???kya मई कुछ पूछ सकता हूँ????

ास्मोडियस को बिल्जेबब के सवाल के बारे में पता था फिर भी उसने उसके सवाल को सुनाने के लिए अपने सर को एक हलकी सी जुम्बिश दी.....

बिल्जेबब- हमे सत्य से परिचित करने के लिए आपने हमे अवंतिका को मारने के लिए हाँ कहा किन्तु आपने सेक्रिला hi क्यों चुना ऐसा करने के लिए....!!!???

और अवंतिका वहां कर क्या रही थी????

ास्मोडियस तोह बिल्जेबब के पूछे गए सवाल के बारे में पहले से जानता था इसीलिए वो नार्मल hi रहा पर पर भुविका इस सवाल को सुन जिज्ञासा भरी नज़रों से ास्मोडियस के तरफ देखने लगी....

ास्मोडियस- पिछले साथ महीनो से विक्रम पूरी रात सेक्रिला में मर्सिए रिवर के पानी के ऊपर ध्यान अवस्था में बीतता आया है और प्रातः होते hi वो उसी पानी के अंदर चला जाता है दोबारा ध्यान में बैठने के लिए.....

मुझे जानना था की वो ऐसा क्यों करता hai???VIKRAM के साथ जो हुआ है उससे केवल अवंतिका hi जानती है और उसके ऊपर वो विक्रम की शक्ति भी है.

मुझे अंदेशा था की एक ना एक दिन विक्रम के पीछे पीछे अवंतिका भी ज़रूर सेक्रिला पहुंचेगी.....

इसीलिए मैंने तुम दोनों को उस जगह पर अपनी शक्ति तरंगे छोड़ने को कहा था जिससे जब भी वहां कोई आये तोह तुम्हे पता चल जाए....

बिल्जेबब- विक्रम मर्सिए रिवर के ऊपर और भीतर ध्यान लगता hai,iska कारण जानना आपके लिए तोह मामूली बात है फादर.....

और ख़ास कर तब जब आपका खून विक्रम के भीतर hai....unke दिमाग में चल रही साड़ी बातें तोह आपको आपके खून की वजह से पता चल hi जाती होंगी....

ास्मोडियस- यही तोह समस्या hai...pehle कुछ दिन तक मई उसकी हर सोच पढ़ पा रहा था पर जबसे वो मर्सिए रिवर के अंदर ध्यान लगाने बैठा hai,tab से मई ऐसा करने में असमर्थ हूँ....

किसी तरह विक्रम ने अपने विचारों को अपने दिमाग में आने से रोकने की कला सिख ली है....

भुविका- अगर ये सब मर्सिए रिवर की वजह से हुआ hai,toh हमे उस रिवर को hi ख़त्म कर देना चाहिए....

ना रहेगा baans,naa बजेगी बासुरी.....

भुविका की बात सुनकर ास्मोडियस को हसी आ गयी.....

ास्मोडियस- jao,ye भी करके देख lo...par एक बात याद rakhna,is बार मई तुम्हे नहीं बचाऊंगा.....

ास्मोडियस की बात सुनकर भुविका को अपनी गलती का एहसास hua..usse याद आया की वो फिरसे वही गलती कर रही है जो उसने अवंतिका के वक़्त की thi..bina सच जाने फैसला लेने की गलती......

जब ास्मोडियस को ज्ञात हुआ की भुविका को अपनी गलती का एहसास हो गया है तब उसने आगे कहना शुरू किया.....

ास्मोडियस- विक्रम के मर्सिए रिवर में ध्यान लगाने के बाद से hi उस रिवर के चारों तरफ एक अभेद्य कवच बन गया है....

एक ऐसा कवच जिससे भेदा नहीं जा sakta...har दिन जब तक विक्रम उस रिवर तक नहीं pahunchta,mai उससे देख पाटा hun,par जैसे hi वो उस रिवर के पानी को छूटा hai,mujhe विक्रम दिखना बंद हो जाता है...

इस गुत्थी को सीधी तरह सुलझाया नहीं जा sakta..isiliye मैंने अवंतिका का सहारा लेने की सोची....

मैंने सोचा था की जब तुम दोनों उसके सामने jaaoge,toh तुम्हारी आखों से मई वहां का सारा दृश्य देख पाऊंगा पर ऐसा हो नहीं पाया.....

अवंतिका के पास मात्रा खुदको और अपने आस पास वालों को बचने के लिए एक सुरक्षा कवच tha,par आकर्मण शक्ति का उसके पास होना अब एक नयी पहेली बन गयी है....

तुम दोनों को वहां से वापस लाने के बाद मुझे वहां का दृश्य दिखना भी बंद हो गया है.....

बिल्जेबब- तोह अब?????

ास्मोडियस- SAMAY...ek ना एक दिन समय सभी राज़ों से पर्दा उठा hi देता hai..is राज़ से भी आज नहीं तोह कल पर्दा उठ hi जाएगा.....

भुविका- अब हमारे लिए क्या आदेश है???

ास्मोडियस- यही की दोबारा अपनी मूर्खता का परिचय मत dena....jaa सकते हो.....

भुविका और बिल्जेबब ने अपना सर एक बार फिरसे ास्मोडियस के आगे झुकाया और गायब हो गए.....

ास्मोडियस- ऐसी चाल को कैसे रोका जाए जो दिख HI नहीं रहा????

प्लेनेट- एअर्थ

प्लेस- सेक्रिला

जानती हूँ की बात थोड़ी शॉकिंग HAI,PAR इतने भयानक रिएक्शंस तोह मत दे.......

अपनी बात बोल अवंतिका ने रोनित के कंधे को hilaya,tab जाकर उसका मुँह बंद हुआ और वो अपनी ख्यालों की दुनिया से रियलिटी में वापस आया.....

पर अब भी रोनित एक तक अवंतिका को देख रहा था और जो सच कुछ देर पहले सत सेबेस्टियन ने उससे बताया tha,usse हज़म करने की कोशिश कर रहा था....

अवंतिका का रोनित को ये सच खुद बताने की जगह सत सेबेस्टियन के मुँह से बुलवाने का रीज़न ये था की वो जानती थी की अगर उसने ये बात बताई तोह रोनित विश्वास नहीं करेगा...

बात जो इतनी बड़ी thi...isiliye रोनित के उसकी शक्तियों के बारे में सवाल पूछते hi अवंतिका ने तीनो मेसेंजर्स को मन hi मन याद किया और उसके ऐसा करते hi GOD'S मेसेंजर्स वहां प्रकट हुए और अपनी बात कह दोबारा गायब हो गए......

कुछ देर लगा फिर जैसे hi रोनित ने अवंतिका के सच को डाइजेस्ट kiya......par सवाल तोह उसके मन में अब भी the..isiliye......

रोनित- पर kaise???i मैं ये कोई एग्जाम तोह है नहीं की टोपर ने एग्जाम नहीं दिया तोह कोई और टॉप कर लेगा....

विक्रम लार्ड ऑफ़ एंगेल्स है क्यूंकि वो परमेश्वर पुत्र है पर तुम कैसे?????

अवंतिका- जानती हूँ इस बात को डाइजेस्ट करना मुश्किल है पर यही सच hai,par अधूरा सच....

रोनित- अब ये क्या बात hui??adhura सच मतलब!!!!

अवंतिका- मेरे अंदर लार्ड ऑफ़ एंगेल्स की साड़ी ऊर्जा hai,par मई उनका लार्ड ऑफ़ एंगेल्स मतलब विक्रम की तरह इस्तेमाल नहीं कर सकती....

रोनित- मुझे अभी भी तुम्हारी कोई भी बात समझ नहीं आ रही है.....

अवंतिका- दो मिनट दिमाग और मन दोनों को शांत रख मेरी पूरी बात sun,sab समझ में आ जाएगा....

लार्ड ऑफ़ एंगेल्स की ऊर्जा का पूरा इस्तेमाल करने के लिए विक्रम के दिमाग जैसे दिमाग की ज़रुरत पड़ती है...

एक ऐसा दिमाग जो किसी भी इंसान से करोड़ों गुना तेज़ चलता hai...jiske अंदर एक सेकंड के सौवे हिस्से में hi ना सिर्फ बड़े से बड़े फैसले लेने का हुनर होता hai,balki उस फैसले को हक़ीक़त का रूप देने की क्षमता भी होती है....

इस पुरे यूनिवर्स में विक्रम जैसा दिमाग सिर्फ उसके भाई के पास है और किसी के पास नहीं....

पर जैसा की मैंने बताया था की क्यूरियस में ास्मोडियस ने छल से V.J के दिमाग को अपने खून द्वारा कण्ट्रोल में कर लिया था...

ास्मोडियस ने विक्रम के दिमाग को hi इसीलिए निशाना बनाया क्यूंकि इसके अलावा ास्मोडियस के पास कोई और ऑप्शन नहीं था....

क्यूंकि कोई भी काली शक्ति विक्रम को नुक्सान नहीं पहुंचा sakti...balki हर काली शक्ति V.J के शरीर में समां कर वाइट एनर्जी में तब्दील हो जाती है....

पर जैसे hi ास्मोडियस का खून V.J के दिमाग में pahuncha,us खून ने V.J के दिमाग को धीरे धीरे अपने बस में करना शुरू किया....

जैसे जैसे ास्मोडियस के खून का असर V.J के दिमाग में होने laga,waise वैसे V.J की ऊर्जा उसकी पहचान उससे दूर होने लगी....

पर जैसा की मैंने bataya,V.J का दिमाग एक सेकंड से भी काम वक़्त में बड़े से बड़े फैसले ले सकता hai,toh V.J ने अपने दिमाग पर ास्मोडियस के हावी होने से पहले hi तुरंत एक फैसला लिया.....

इससे पहले की V.J की ऊर्जा उससे दूर jaati,usne उस ऊर्जा को मेरे अंदर ट्रांसफर कर दिया....

रोनित- यही तोह मेरा मैं दो क़ुएस्तिओन्स में से एक hai....tum इतनी बड़ी शक्ति को कैसे संभल पा रही हो...

मुझे उस शक्ति के बस एक हलके से अंश को कुछ देर सँभालने में इतनी तकलीफ हुई और तुम उस शक्ति को पिछले 7 महीनो से लगातार संभल रही ho???kaise????

अवंतिका- क्यूंकि मेरा जन्म hi इसीलिए हुआ hai..mai ना सिर्फ विक्रम की शक्ति hun,balki वो तिजोरी भी हूँ जिसमे विक्रम अपनी शक्तियां रख सकता है....

मुझे भी इस बात का पता नहीं tha,jab V.J ने अपनी शक्तियां मुझे सौंपी तब मुझे इस बात का पता चला....

रोनित- माय goodness...jis वक़्त ास्मोडियस का खून V.J के दिमाग को अपने कब्ज़े में कर रहा tha,us वक़्त भी V.J ने इतने आगे का सोच लिया था....

अवंतिका- इतना hi nahi,V.J ने किसी तरह बिना अपने दिमाग पे ज़ोर डाले ये भी पता कर लिया की मर्सिए रिवर में वो अपने दिमाग को नियंत्रित कर सकता है....

रोनित- पर ये उसने कैसे किया?????

अवंतिका- यही तोह पता लगाने हम यहाँ आये hain..shayad इससे ये भी पता चल जाए की V.J के दिमाग से ास्मोडियस के खून को कैसे निकल जाए.....

रोनित- hmm....par एक सवाल रह गया.....

अवंतिका- यही ना की जब मई V.J की शक्तियां इस्तेमाल नहीं कर सकती तोह मैंने तुम्हारे अंदर उसकी शक्तियों की ऊर्जा कैसे छोड़ी....

रोनित- हाँ...

AVANTIKA-V.J की ऊर्जा समंदर की तरह hai...aur समंदर से एक जग पानी निकलने से समंदर को कोई फर्क नहीं पड़ता...

ठीक वैसे hi मैंने V.J की ऊर्जा का एक मामूली सा भाग तुम्हारे अंदर ट्रांसफर किया वो भी कुछ समय के लिए....

अब एक बैंक के पैसों को उसका ब्रांच उसे तोह कर hi सकता है ना....

अवंतिका की बात सुनकर रोनित और खुद अवंतिका है दिए....

रोनित- तोह अब???

AVANTIKA-hume मर्सिए रिवर के पास जाना hoga....hamare प्रॉब्लम का सलूशन वहीँ है....

रोनित ने मर्सिए रिवर के सामने के व्यू को याद कर अपना हाथ आगे kiya...RONIT और अवंतिका के सामने एक मैजिक दूर खुल गया जिससे होते हुए दोनों मर्सिए रिवर के बैंक के पास पहुँच गए.....

मर्सिए RIVER.......jisse डिवीने रिवर भी कहा जाता hai..agar इस रिवर के बारे में याद ना हो तोह अपडेट 60 पढ़ लें....

रोनित- अब क्या करें?????

पर अवंतिका ने रोनित की बात का कोई जवाब नहीं diya..MERCIA रिवर के सामने आते hi अवंतिका अपने सीने में हाथ रख उससे प्रेस कर रही थी.....

रोनित- क्या हुआ अवनि??? अरे ु ऑलराइट??!!!

अवंतिका- hmm....yahan आते hi मई अपने अंदर एक हलचल फील कर रही हूँ....

ऐसा लग रहा है जैसे V.J की ऊर्जा बाहर आना चाहती है....

रोनित- तोह ले आओ बाहर usse..shayad कोई क्लू मिल जाए...

अवंतिका- मई ऐसा नहीं कर sakti...V.J की ऊर्जा 1000 सूर्य के तेज से भी अधिक शक्तिशाली hai...agar उससे ऐसे hi खुला छोड़ दिया जाए तोह हर तरफ तबाही मच जाएगी.....

रोनित- पर कुछ तोह करना पड़ेगा naa...mai एक काम करता hun,paani में उतर कर देखता hun..shayad पानी के अंदर कुछ हो जिससे हमे मदद मिले.....

पर अवंतिका ने रोनित के सुग्गेस्टिव पर कुछ नहीं कहा ुर कुछ सोचने lagi...kuch देर सोचने के बाद.....

अवंतिका- अपना एक पेअर आगे badhao..par धीरे से.....

रोनित को अवंतिका की बात का मतलब समझ नहीं आया पर उसने फ़िलहाल कुछ नहीं पूछा....

रोनित और अवंतिका इस वक़्त नदी के छोर से कुछ कदम दूर खड़े the...RONIT आगे बढ़ा और जैसे hi उसने अपना एक पेअर पानी में रखने के लिए बढ़ाया........

अह्ह्ह्ह.........

डूब............

पानी से एक अदृश्य रे निकली और उस रे ने रोनित के उस पेअर को लपेट लिया जो पानी में जाने के लिए आगे बढ़ा था...

उस रे में बोहोत तेज़ इलेक्ट्रिक करंट thi...uske पेअर को लपेटते hi रोनित को एक तेज़ झटका लगा जिस वजह से उसके मुँह से आह निकल गयी..

पर वो रे यहीं नहीं rooki....us रे ने रोनित को हवा में उठाकर पटक दिया.....

रोनित के नीचे गिरते hi अवंतिका तुरंत उसके पास पहुँच गयी....

AVANTIKA-RONIT......tum ठीक हो....

रोनित- क्या pata????saala बॉडी में अभी तक झटके लग रहे हैं...

कुछ देर तक उसी पोजीशन में पड़े रहने के बाद रोनित खड़ा हो गया....

अवंतिका- hmm..mujhe लगा hi था की ऐसा कुछ होगा....

रोनित- तोह कुर्बानी के लिए मई hi मिला था क्या????

अवंतिका- मैंने तोह तुम्हे पहले hi कहा था की यहाँ खतरा hai..aur ये जो हुआ वो तोह बस एक सैंपल tha,asli खतरा तोह पानी के अंदर है....

रोनित- पर साला ये था क्या????

अवंतिका- V.J के यहाँ ध्यान लगाने की वजह से उसके शरीर से निकलने वाली तरंगों से ये पूरी जगह एक अदृश्य सुरक्षा घेरे में बदल गयी है...

ओह shit.....ye मई कैसे भूल गयी.......

अवंतिका को अचानक जैसे कुछ याद आया था......

रोनित- क्या भूल गयी......

AVANTIKA-toh इसीलिए V.J यहाँ आता था....

रोनित- तू क्या बोले जा रही hai..mujhe भी कुछ बताएगी की तू किस बारे में बात कर रही है???

AVANTIKA-MERCIA रिवर के असली प्रभाव के बारे me......aaj भी अगर किसी पवित्र चीज़ को इस पानी में डुबाया जाए तोह इसकी दिव्यता उस चीज़ में चली जाती है.....

V.J गॉड का बीटा hai..usse ज़्यादा पवित्र और कौन hoga....???V.J के इस रिवर के अंदर लगातार जाने से इस पानी की दिव्यता भी V.J के अंदर लगातार जा रही है और उसी दिव्यता के प्रभाव से V.J के दिमाग में मौजूद ास्मोडियस के खून का असर काम हो गया है या फिर V.J खुदको कण्ट्रोल कर पाने में कामियाब हो पा रहा है....

पर साथ hi V.J की ध्यान शक्ति की वजह से उसके अलावा इस पानी में कोई नहीं घुस सकता.....

रोनित- matlab,hamara यहाँ आना वास्ते हो गया....

अवंतिका- बिलकुल nahi..yahan आएं हैं तोह कोई ना कोई सलूशन तोह लेकर hi जाएंगे...

रोनित- पर कैसे????

अवंतिका- तेरे साथ इस पानी में V.J भी जाएगा????

रोनित- तू भले hi V.J की पूरी शक्तियों को उसे नहीं कर sakti,par तू आज कल बिलकुल उसके जैसे hi घुमा फिरकर बात करने लगी है...

रोनित की बात सुनकर अवंतिका मुस्कुरा उठी....

रोनित- अब मुस्कुराना छोड़ और बता की क्या करें????

पर इस बार भी अवंतिका ने कुछ कहा नहीं बस अपने दिल पर हाथ रख अपनी आखें बंद कर ली.....

अवंतिका के ऐसा करते hi उसके दिल वाली जगह पर एक तेज़ रौशनी हुई और उस रौशनी के बीच सफ़ेद धुंए की शकल लेकर एक आकृति बन गयी.....

उस आकृति के बनते hi अवंतिका की आँखें खुल गयी.....

अवंतिका की आँख खुलते hi रोनित उससे कुछ पूछना चाहता पर उससे पहले hi.....

अवंतिका- ये V.J की ऊर्जा hai......shayad इससे काम बन जाए......!!!!

रोनित को अब भी अवंतिका का प्लान समझ नहीं आया था पर इससे पहले की वो अवंतिका से कुछ puchta,AVANTIKA ने उस आकृति या फिर ये कहूं की V.J की ऊर्जा को रोनित की तरफ इशारा किया.....

और अगल hi पल..........

रोनित- ये क्या hai??isne मुझे घेर क्यों लिया है????

तोह हुआ ये की अवंतिका के इशारा करते hi उस ऊर्जा भरी आकृति ने रोनित को चारो तरफ से घेर liya....aisa लग रहा था मानो रोनित ने उस आकृति को ओढ़ लिया है...

उस आकृति ने रोनित को चारों तरफ से घेरा ज़रूर था पर उससे छुआ नहीं tha...aur wajah,V.J की ऊर्जा का टच रोनित बर्दाश्त नहीं कर पाटा...

अवंतिका- अब पानी की तरफ jaa...shayad अब तुझे कुछ ना हो!!!!

RONIT-shayad....!!!!!

अवंतिका ने अपने कंधे उचका दिए....

रोनित- साली ये दोस्ती क्या क्या करवाती है....???

रोनित ने एक लम्बी सांस छोड़ी और पानी की तरफ चल pada..uske साथ साथ hi उससे कवर किये हुए V.J की उर्जात्मक आकृति भी चल रही थी...

और जैसे hi रोनित ने पानी में अपना पहला कदम rakha,uski ख़ुशी का ठिकाना नहीं raha...reason,is बार उससे कुछ नहीं हुआ था...

उसने पलट कर अवंतिका की तरफ देखा जिसके चेहरे पर भी इस वक़्त संतुष्टि के भाव थे....

अवंतिका- रोनित तुम्हे नदी के बीच जाना hai....aur वहां से एक्सएक्ट नीचे की तरफ तैरना hai....V.J उसी जगह पर पानी के गहराई के लास्ट पॉइंट पर ध्यान लगता है...

रोनित- वो जगह कितनी गहराई में है???

अवंतिका- एक्सएक्ट तोह नहीं कह सकती पर नियर अबाउट 150 तो 200 feet....kya तुम ये कर पाओगे...???

रोनित- haan,training के वक़्त लड़ते हुए भी 30 मिनट तक तोह मई सांस रोक लेता tha....mere ख्याल से उतना टाइम काफी वहां जाकर वापस आने के लिए...

पर वहां लास्ट पॉइंट पर जाकर मई करूँगा क्या???

अवंतिका- ये तोह मुझे भी नहीं pata...par इतना गारंटी के साथ कह सकती हूँ की वहां तुम्हे कोई न कोई काम की चीज़ ज़रूर मिलेहगी...

अगर तुम्हे कुछ इम्पोर्टेन्ट lage,toh उससे अपने साथ ले आना....

रोनित- ठीक है....

ये बोल रोनित पानी के अंदर जाने के लिए पलटा hi था की....

अवंतिका- RONIT....wahan अंदर कुछ भी हो सकता hai....ye मत भूलना की वहां V.J क्यों जाता hai..ASMODEUS की शक्तियों के परेसूरे को कण्ट्रोल करने के लिए....

इसीलिए वहां नीचे ज़र्रोर V.J की ध्यान की ऊर्जा से निकलने वाली शक्तियों के साथ साथ ास्मोडियस की वो शक्तियां भी निकल कर मौजूद होंगी जिससे V.J ने खुद को कण्ट्रोल करने से रोक रखा है.....

और वो शक्तियां बेहद खतरनाक हो सकती hain.....isiliye ध्यान से.....

रोनित- मेरे साथ तोह V.J की ऊर्जा hai..mujhe कुछ नहीं होगा???

अवंतिका- exactly...tumhare साथ V.J की ऊर्जा है इसीलिए ास्मोडियस की शक्तियां तुम्हारा सीधे तौर पर कुछ बिगाड़ नहीं paayengi...par वो चुप भी नहीं बैठेंगी...

इसलिए अपना दिमाग खुला rakhna....kuch भी हो jaaye,thande दिमाग से सोच कर फैसला karna...aur कोई भी इम्पोर्टेन्ट या कुछ अलग सी चीज़ dikhe,toh उससे अपने साथ ले आना.....

रोनित ने अपना सर हाँ में हिलाया और वापस मुद पानी में दिवे लगा दी....

अवंतिका- GOD,please हेल्प हिम.....

जहाँ अवंतिका अपने फिंगर क्रॉस करके इधर उधर बेचैनी से टहलने लगी वहीँ...

RONIT-wow yaar,kitna साफ़ पानी है......

रोनित पानी में तैरता हुआ आगे बढ़ा और कुछ hi देर में वो मर्सिए रिवर के बीच में tha...centre में पहुँच रोनित ने अपनी सांस खींची और अगली hi पल रोनित का शरीर पानी के अंदर था....

मर्सिए रिवर को बीच से चीरता हुआ रोनित का शरीर नीचे की तरफ जा रहा था...

नीचे जाते जाते पानी की शुद्धता और स्वछता को निहारता हुआ रोनित मन hi मन इस पानी की दुनिया की तारीफ़ करते करते आगे बढ़ रहा था....

रोनित आधे से ज़्यादा सफर तय कर चूका tha....RONIT ने अपनी आखों से देखने के रेंज को भी बढ़ा लिया tha...RONIT बिना कोई टेंशन अपने मंज़िल के करीब पहुँच hi रहा था की.....

रोनित- arre,itne साफ़ पानी के बीच ये मैला बवंडर कैसा....?????

तोह हुआ ये की रोनित अब पानी के लास्ट पॉइंट से कुछ फ़ीट hi दूर था की उससे अपने निचे एक जगह एक बवंडर दिखा जिसका कलर मिटटी की तरह था....

रोनित सीधे उस बवंडर के पास ना जाते हुए उस बवंडर वाली जगह के थोड़ा राइट साइड जाकर रूक गया और उस बवंडर को ध्यान से देखने लगा...

कुछ hi सेकण्ड्स में रोनित को उस बवंडर के बारे में पता चल गया जिससे फिगर आउट करते hi वो शॉक हो गया...

रोनित- ोये teri....ye बवंडर नहीं मछलियां हैं.....

कुछ याद आया doston..ye वही मछलियां है जो V.J के ध्यान लगते वक़्त उससे घेरे रहती थी और इस वक़्त वो साड़ी मछलियां एक बोहोत बड़ा झुण्ड बनाकर उस जगह के तेज़ी से चक्कर काट रही थी जिस जगह पर V.J बैठ कर ध्यान लगाया करता था....

उन मछलियों का कलर हल्का मिटटी जैसा था जिस वजह से उनके घूमते वक़्त वो मिटटी से उठने वाले बवंडर की तरह दिख रहे थे....

जैसे hi रोनित को पता चला की उसके सामने घूम रही चीज़ बवंडर नहीं मछलियां हैं तोह वो उन मछलियों के पास जाने लगा पर तभी......

मछलियां जो बोहोत तेज़ी से एक hi जगह पर गोल गोल घूम रही thi,unhe ये आभास हो गया की कोई उनके पास आ रहा hai....aur अगले hi पल उन साड़ी मछलियों ने एक नया फार्मेशन बनाया...

देखते hi देखते उन मछलियों ने एक दीवाल का रूप ले liya.....aisa लग रहा था मानो वो मछलियां रोनित को रोक रही हों आगे बढ़ने से.....

रोनित ये सब देखकर शॉकेड हो gaya..par अभी उसके पास ज़्यादा देर तक शॉक में रहने के लिए टाइम नहीं था इसीलिए वो आगे बढ़ने लगा....

रोनित को ना रूकता देख उन मछलियों में से कुछ मछलियों ने तीर का फार्मेशन ले लिया और अगले hi पल......

कमान से छूटे तीर की गति से hi वो मछलियां रोनित की तरफ आने लगी....

पर रोनित ने कुछ भी नहीं kiya..wo एक जगह पर सीधा होकर रूक गया और तभी....

पानी के अंदर hi बिजली सी चमकी और अगले hi पल वो साड़ी मछलियां जो रोनित को मारने आ रही thi,wo मर चुकी थी.....

तोह हुआ ये की रोनित से टकराने से पहले hi उन मछलियों को V.J की उस ऊर्जा से टकराना पड़ा जो इस वक़्त अदृश्य थी....

V.J की ऊर्जा से टकराते hi वो साड़ी मछलियां मर gayin....aur अगले hi पल.....

उसी ऊर्जा से जो इस वक़्त रोनित को घेरे हुए thi,ek तेज़ रे निकली और जाकर सामने कड़ी मछलियों के दीवाल से टकराई....

इस प्रहार से आधी से ज़्यादा मचियों ने दम तोड़ दिया और बाकी की मछलियां भाग गयी....

अब सामने का नज़ारा एक दम साफ़ था पर जो चीज़ रोनित के सामने aayi,usse देखकर रोनित को एक बार फिरसे शॉक लगा.....

इस वक़्त उस जगह पर जहाँ V.J ध्यान की अवशता में बैठता tha,wahan एक शार्क की साइज की मछली बैठी हुई थी जिसके शरीर से हलकी हलकी वाइट लाइट निकल रही थी.....

पर सबसे शॉकिंग बात ये थी की एक बड़े शार्क के साइज की वो मछली जो इस वक़्त रोनित के आँखों के सामने thi,wo असल में उन छोटी छोटी मछलियों में से एक थी जो अभी थोड़ी देर पहले बवंडर का रूप लेकर गोल गोल घूम रही थी.....

रोनित- साला ये क्या पन्गा hai....????zaroorat से ज़्यादा तोह नहीं खा लिया इसने जो इतनी फैले गयी....

अब तक रोनित उस मछली को घर कर देख रहा था

पर तभी उसका ध्यान अपने चारों तरफ फैले ऊर्जा की तरफ गया जो अब धीरे धीरे विज़िबल होने लगे the...ab इस नए परिवर्तन को रोनित समझने की कोशिश कर hi रहा था की........

ुआनंमंममममम.........

एक अजीब सी आवाज़ रोनित के कानो से टकराई या फिर ये कहूं की पानी के विबरतिओन्स उसके शरीर से टकराये जिससे ये आवाज़ आ रही थी....

और जब रोनित ने सामने देखा तोह तुरंत अलर्ट हो gaya...reason........wo शार्क नुमा मछली इस वक़्त रोनित को hi देख रही या फिर ये कहूं घर रही थी....

उसी के शरीर से ये विब्रेशन्स निकल रही थी जिससे वो अजीब आवाज़ बाहर आ रही thi....un विब्रेशन्स का असर बोहोत ज़्यादा tha,agar रोनित के चारों तरफ V.J की ऊर्जा नहीं होती तोह वो उन विब्रेशन्स की चपेट में आ चूका होता....

रोनित उस मछली के करीब जाने की सोच hi रहा था की तभी.......

बिजली की तेज़ी से वो मछली रोनित की तरफ badhi.....uski स्पीड इतनी तेज़ और इम्पैक्टफुल थी की उस पूरी जगह में में भूकंप सा आ गया...

इससे पहले की रोनित कुछ रियेक्ट करता

........बूम..........

.......रोणिततत........

ये आवाज़ अवंतिका की thi..jab से रोनित पानी के अंदर गया tha,tabhi से अवंतिका पानी के उस जगह को घर रही थी जिसके एक्सएक्ट नीचे इस वक़्त रोनित गया था....

गुज़रते वक़्त के साथ अवंतिका की बेचैनी बढ़ती hi जा रही थी की तभी........

पानी के बीच एक तेज़ ब्लास्ट hua....is ब्लास्ट से रिवर के बीच के हिस्से का पानी कई मीटर तक ऊपर उछाल गया और इसीलिए अवंतिका के मुँह से रोनित की चीख निकल गयी थी....

वहीँ निचे......

रोनित- haash..bhala हो V.J की ऊर्जा ka,bach गया....

तोह हुआ ये की उस मछली और रोनित के बीच V.J की ऊर्जा thi...wo मछली सीधी उसी ऊर्जा से टकराई और दूर झिटक गयी....

रोनित को तोह कुछ भी नहीं हुआ पर इम्पैक्ट बोहोत पावरफुल था जिस वजह से धमाका हुआ....

RONIT-arre arre,ye साली तोह फिर से आ रही है...

BOOM......BOOMMM....BOMMM........

उस मछली ने दोबारा रोनित पर हुम्ला किया पर नतीजा वही nikla...V.J की ऊर्जा से टकराकर वो दूर झिटक गयी....

इससे उस मछली को ग़ुस्सा सा आ gaya....usne लगातार कई बार V.J की ऊर्जा को तोड़ने की कोशिश की पर नाकामियाब रही पर उसके प्रयासों से पानी में कई धमाके हुए...

और उन धमाकों का असर पानी के बाहर तक gaya.....bohot ज़्यादा मात्रा में पानी बहार उछलने लगा जिससे देख अवंतिका की टेंशन और बढ़ गयी....

अवंतिका को इस बात की कोई टेंशन नहीं थी रोनित को पानी के अंदर किसी वार से कोई नुक्सान hoga,usse पता था की V.J की ऊर्जा को कोई भेद नहीं सकता...

उससे इस बात की टेंशन थी की रोनित के साथ किसी प्रकार का कोई छल ना हो jaaye.....aur हुआ भी वही........

कुछ देर तक लगातार अटैक करने के बाद वो मछली एक जगह शांत कड़ी हो गयी और रोनित की तरफ देखने लगी...

वहीँ जबसे उस मछली ने रोनित पर हुम्ला किया tha,tab रोनित ने उसके स्किन से निकलती वाइट लाइट को ध्यान से देखे जा रहा था.....

उस वाइट लाइट में भी वही ऊर्जा थी जो इस वक़्त रोनित को घेरे हुए thi....par उस वाइट लाइट के बीच में हलकी हलकी ब्लैक लाइन्स भी थी जिससे फिगर आवर करते hi रोनित समझ गया था की ये लाइन्स एक्चुअल में क्या हैं????

ास्मोडियस के खून से निकलने वाली ऊर्जा जिससे V.J ने कण्ट्रोल किया tha..RONIT को ये भी अंदाज़ा हो चूका था की हो ना ho,is मछली ने V.J की ऊर्जा को निगल लिया है...

पर V.J की ऊर्जा के स्पर्श से hi इससे मर जाना चाहिए था पर ये ज़िंदा है और वो भी एक नए और विकराल रूप धारण कर..

और ये सब संभव हो पाया है उसी नेगेटिव एनर्जी की वजह से जो V.J की ऊर्जा को लपेटे हुए thi..us एनर्जी ने उस मछली को ना सिर्फ जीवित रखा बल्कि उससे एक्सपैंड कर शक्तिशाली भी बना दिया......

पता नहीं क्यों पर रोनित को फील हो रहा था की हो ना ho,issi मछली से उससे और अवंतिका को कोई क्लू मिलेगा.....

रोनित ये सब सोच hi रहा था की तभी.....

अंजलि.........

पानी के अंदर होने के बावजूद रोनित उस पानी को रोक नहीं पाया जो इस वक़्त उसकी आँखों से निकल रहे थे....

दिल में एक तेज़ दर्द को झेलते हुए रोनित अपने सामने के नज़ारे को देख रहा था......

दरअसल बात ये थी की जिस जगह वो मछली कड़ी thi,is वक़्त उस जगह अंजलि कड़ी थी....

ANJALI.....RONIT की mohobbat......uski ज़िन्दगी जिससे मौत ने गले लगा लिया tha....par इस वक़्त वही अंजलि जो की बेहद ख़ूबसूरत दिख रही thi,RONIT से कुछ दूर उसके सामने कड़ी थी.....

सफ़ेद रौशनी से नहायी हुई अंजलि रोनित की तरफ देखे जा रही thi....ANJALI ने अपना हाथ आगे किया मानो रोनित को अपने पास बुला रही हो.....

रोनित भी किसी अनजानी ताकत से वशीभूत सा होकर अंजलि की तरफ तैर पड़ा पर तभी......

अंजलि.......................

एक बार फिरसे रोनित के मुँह से ये आवाज़ निकली पर इस बार रोनित की आवाज़ में ख़ुशी नहीं दर्द tha,ghussa था.....

reason.....wo शार्क नुमा मछली जो की गायब हो चुकी thi,wo फिरसे प्रकट हो चुकी thi....aur इस वक़्त वो अंजलि के चरों तरफ घूम रही थी...

ठीक उसी तरह से जैसे एक शार्क अपने शिकार को अपने जबड़ों में जकड़ने से पहले उसके चारों तरफ घूमती है...

अंजलि- मुझे बचालो RONIT......mai फिरसे तुमसे जुड़ा नहीं होना chahti..mai मरना नहीं चाहती RONIT.....please मुझे बचा लो....

अंजलि की गुहार सुनकर रोनित का ग़ुस्सा बढ़ gaya..wo तेज़ी से आगे बढ़ा पर इससे पहले की वो अंजलि या उस शार्क के पास पहुँचता.......

रोनित के शरीर को एक झटका लगा और वो रूक gaya....usne फिर कोशिश की पर नाकामियाब raha...usse ऐसा लग रहा था की उसके सामने कोई अदृश्य दिवार हो जो उससे आगे बढ़ने से रोक रही हो....

अंजलि- ये V.J की ऊर्जा है रोनित जो तुम्हे आगे बढ़ने se,apni मोहोब्बत को बचने से रोक रही hai...mujh तक पहुँचने के लिए तुम्हे इस V.J की ऊर्जा को खुद से अलग करना होगा.....

रोनित- पर मई ये करूँगा कैसे???

अंजलि- दिल se,apni पूरी इच्छा से इस ऊर्जा को ठुकरा do....ye तुम्हे छोड़ कर चली jaayegi...fir तुम मुझ तक पहुँच मुझे बचा सकते हो और उसके बाद सिर्फ हम होंगे और हमारा प्यार होगा....

अह्ह्ह्ह........

अंजू...........

अंजलि के हाथों से खून निकल रहा था जिससे उससे बोहोत ज़्यादा दर्द हो रहा tha..toh हुआ ये की अंजलि की बात ख़त्म होते hi उस शार्क नुमा मछली ने अंजलि के हाथों में अपने दाथ गदा दिए पर बस एक सेकंड के लिए...

ऐसा होते hi अंजलि एक हाथों से खून निकलने लगा और उसके मुँह से चीख निकल गयी....

वहीँ रोनित अंजलि के बातों के बारे में सोच रहा tha..wo सोच रहा था की क्या उससे V.J की ऊर्जा का त्याग करना चाहिए की तभी उसके कानो में अंजलि की चीख गुंजी..

और जब उसने इस चीख की वजह देखि तोह उसका दिमाग घूम gaya..usne सोच लिया की वो V.J की ऊर्जा का त्याग कर देगा...

रोनित अपनी आखें बंद कर V.J की ऊर्जा को जाने के लिए कहने hi वाला था की....

ANJALI-jaldi करो RONIT....V.J के वजह से hi हम दोनों अलग हुए the...aur आज भी वही हमारे बीच दिवार बन रहा hai..is दिवार को गिराकर अपनी अंजू को बचा लो रोनित.....

रोनित अपनी आखें बंद कर V.J की ऊर्जा का त्याग करने hi वाला था की इतने में उसके कानो में अंजलि की बात गुंजी....

और अंजलि की बात सुनकर रोनित की आँखें एक झटके में खुल गयी....

रोनित एक बात अचे से जानता था की कुछ भी हो jaaye,ANJALI V.J के बारे में कभी कुछ गलत नहीं बोल सकती....

और इस सोच के रोनित के दिमाग में उभरते hi उससे अवंतिका की कही गयी बात याद आयी....

ास्मोडियस की शक्तियां तुम्हारा सीधे तौर पर कुछ नहीं बिगड़ PAAYENGI..PAR वो चुप भी नहीं BAITHENGI.....ISILIYE अपना दिमाग खुला रखना......

रोनित मन में- ोये तेरी ki...matlab ये सब झूठ है.......

रोनित ने सामने देखा जहाँ अंजलि चिल्ला चिल्ला कर RONI000t से V.J की ऊर्जा का त्याग करने की रिक्वेस्ट कर रही थी...

रोनित- तुम मेरी अंजलि नहीं हो sakti....tum ास्मोडियस की माया ho....mai V.J की ऊर्जा का त्याग नहीं करूँगा.....

नहीं.............

यहाँ रोनित की बात ख़त्म हुई वहां अंजलि की चीख गूंज गयी और ऐसा होते hi अंजलि रौशनी में तब्दील हो उसके आस पास घूमते शार्क के अंदर समां गयी

अंजलि के खुदमे समाते hi उस शार्क के बॉडी से एक बार फिर विब्रेशन्स निकले और वो दुगनी तेज़ी से रोनित की तरफ लपकी....

पर अब रोनित ने इस खेल को ख़त्म करने का सोच लिया था....

जैसे hi वो शार्क रोनित के करीब pahunchi,RONIT ने अपनी ऑंखें बंद कर V.J की ऊर्जा को शार्क को लपेटने के लिए निवेदन किया और अगले hi पल......

ूआंआंम्म्म्म.........

शार्क के मुँह से अजीब अजीब आवाज़ें आने lagi...is वक़्त शार्क की पूरी बॉडी को V.J की ऊर्जा ने खुदमे लपेट लिया था और धीरे धीरे वो ऊर्जा शार्क पर कसने लगी थी जिस वजह से शार्क को तकलीफ होने लगी और वो आवाज़ें करने लगी.....

कुछ देर तक ऐसा चलता रहा पर फिर अचानक......

बूम..............

इस बार का धमाका पहले से ज़्यादा इम्पैक्टफुल था पर V.J की ऊर्जा ने उस धमाके के इम्पैक्ट को ऑब्सेर्वे कर लिया जिससे रोनित को कोई नुक्सान नहीं हुआ......

पर फिर भी धमाके की वजह से रोनित ने अपनी आखें बंद कर ली thi...thodi देर बाद जब रोनित ने अपनी आखें खोली तब.....

रोनित- अब ये क्या बाला hai?????paas जाकर देखता हूँ......

जहाँ कुछ देर पहले वो शार्क V.J की ऊर्जा के लपेटे में आकर तड़प रहा tha,ab उस जगह पर एक रौशनी जगमगा रही थी....

और जैसे hi रोनित उस रौशनी के पास gaya,usse एक नया झटका laga....wo रौशनी दरअसल एक पानी के बुलबुले से आ रही thi..par रोनित के शॉक होने का रीज़न वो पानी का बुलबुला नहीं बल्कि उस बुलबुले के अंदर की चीज़ थी....

दरअसल उस पानी के बुलबुले के अंदर कुछ लिखा हुआ tha....aur जब रोनित ने उस लिखावट को गौर से देखा तब उससे झटका लगा...

उस बुलबुले के अंदर लिखा था अवंतिका.....

पर रोनित ने ज़्यादा नहीं socha..aur उस बुलबुले के नीचे अपना हाथ रखा...

रोनित को ये देखकर एक बार फिर शॉक लगा की वो बुलबुला उसके हाथों में चिपक सा गया था मानो वो खुद ऐसा चाहता हो....

उस पानी के बुलबुले को अपने हथेली के ऊपर रखे रखे रोनित ऊपर की तरफ तैरने लगा...

वहीँ रिवर के साइड कड़ी अवंतिका कभी पानी की तरफ देखती तोह कभी अपने हाथों में बंधी घडी की तरफ..

रोनित ने उससे कहा था की वो

आधे घंटे तक अपनी साँसें रोक सकता है और आधा घंटा ख़त्म होने में कुछ hi मिनट्स बाकी थे...

हर गुज़रते पल के साथ उसकी बेचैनी बढ़ती चली जा रही thi...AVANTIKA ने अपनी आखें बंद की और रोनित की सलामती की दुआ मांगी..

प्रे करने के बाद जैसे hi अवंतिका ने अपनी आखें खोली.......

उसकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं raha...usse पानी के ऊपर रोनित का चेहरे दिखाई दे gaya..is वक़्त रोनित ज़ोर ज़ोर से हांफ अपनी साँसों को दुसरुस्त करने में लगा हुआ था...

अवंतिका ने मन hi मन गॉड को थैंक्स kaha..apni ख़ुशी के बीच उसकी नज़र रोनित के राइट हैंड की हथेली की तरफ गयी जिससे रोनित हल्का उठाये हुए था..

उसकी हथेली में जो भी चीज़ थी उससे हलकी हलकी रौशनी निकल रही थी जिससे अवंतिका की नज़रों ने भी देख लिया था...

उस चमकती चीज़ को देख अवंतिका को यकीं हो गया की हो ना हो ये वही चीज़ है जिससे उससे V.J के ठीक होने का क्लू मिलेगा..

और इस बात के ज़हन में उठते hi अवंतिका की ख़ुशी का ठिकाना नहीं raha.....wo बेसब्री से रोनित की तरफ देखने लगी जो इस वक़्त अपने राइट हैंड को हकला हवा में उठा अपने लेफ्ट हाथ से तैरते हुए उसकी तरफ आ रहा था....

और कुछ hi देर में रोनित रिवर के तथ के पास पहुँच चूका था जिसकी गहरायी बस उसके घुटनो तक थी....

जहाँ रोनित चलता हुआ अवंतिका की तरफ आने लगा वहीँ अवंतिका जिज्ञासा भरी आखों से रोनित के हथेली के ऊपर उस जगमति चीज़ को देख रही थी..

और जैसे hi रोनित अवंतिका के करीब पहुंचा.......

पानी का वो बुलबुला जो अब तक रोनित के हथेली के ऊपर tha,wo हवा में उड़ता हुआ अवंतिका के सामने रूक गया...

ऐसा होने पर अवंतिका को भी रोनित की hi तरह शॉक लगा और रीज़न भी शामे था...

अवंतिका को उस चमकते पानी के बुलबुले के अंदर अपना नाम लिखा हुआ दिखा...

वो सवाल भरी नज़ारे लिए रोनित की तरफ देखने लगी....

रोनित- मुझे मत देख yaar..mujhe इसके बारे में कुछ आईडिया नहीं hai...tune जैसे कहा था मैंने वैसा किया और उसका रिजल्ट ये निकला...

ये बुलबुला जिसके अंदर तेरा नाम है....

अवंतिका- पर ये तुझे मिला kahan??aur वहां अंदर हुआ क्या tha???yahan बाहर पानी में कुछ धमाके भी हुए थे....

फिर रोनित ने जो भी वहां पानी के नीचे hua,wo सब अवंतिका को बताया जिससे सुनकर अवंतिका को ज़्यादा शॉक नहीं लगा क्यूंकि उससे अंदाज़ा था की ऐसा hi कुछ होगा....

khair,RONIT की साड़ी बात सुनाने के बाद अवंतिका की नज़र वापस उसके सामने हवा में रूक उस पानी के बुलबुले पर ठहर गयी..

वो उस बुलबुले को ध्यान से देख समझने की कोशिश कर hi रही थी की.....

RONIT-AVNI...tera हाथ देख....

रोनित की बात सुन जैसे hi अवंतिका की नज़र अपने राइट हैंड पर गयी तोह उससे एक झटका लगा...

reason,uske हाथ से भी वैसे hi रौशनी निकल रही थी जैसे उस पानी के बुलबुले से निकल रही थी....

कुछ देर तक अपने हाथों को कन्फूसिओं के साथ देखने के बाद अचानक अवंतिका के दिमाग की बत्ती जाली और उसके मुँह से निकला....

अवंतिका- भविष्यवाणी........

अवंतिका के मुँह से भविष्वाणी सुनकर एक पल के लिए रोनित भी चौंका पर फिर उससे इस्ला के फाउंटेन के अंदर अवंतिका को मिले भविष्वाणी के बारे में याद आया जिसके बारे में अवंतिका उससे बता चुकी थी....

वहीँ अवंतिका अपने हाथ में उभरते रौशनी वाली जगह को सहलाते सहलाते सोचने लगी की आगे क्या किया जाए.....

एक बार फिरसे उसकी नज़र उस पानी के बुलबुले की तरफ चली गयी जसिके अंदर उसीका नाम लिखा हुआ था....

कुछ सोचकर अवंतिका ने अपना लेफ्ट हाथ आगे kiya..aisa करते hi वो पानी का बुलबुला अवंतिका की हथेली के ऊपर आ गया...

अवंतिका अपने हथेली को अपने राइट हैंड के करीब लेकर आयी जहाँ से रौशनी निकल रही थी....

जैसे जैसे वो पानी का बुलबुला और उसका राइट हैंड पास आ रहे the,AVANTIKA को ऐसा लग रहा था मानो दोनों एक दूसरे को किसी चुम्बक की तरह खींच रहे हों...

और जैसे hi अवंतिका की लेफ्ट हथेली उसके राइट हैंड को टच हुई......

अवंतिका के शरीर को एक तेज़ झटका laga..reason.....paani का वो बुलबुला जो उसके लेफ्ट हथेली पर tha,wo उसके राइट हैंड को छूटे hi फतह gaya..us बुलबुले के अंदर पानी से hi अवंतिका का नाम लिखा हुआ था...

बुलबुले के फटते hi वो पानी अवंतिका के राइट हैंड पर गिर gaya.....aur ऐसा होते hi अवंतिका को झटका लगा पर उसके आगे hi पल......

अवंतिका के हाथ की रौशनी और बढ़ गयी और देखते hi देखते वो रौशनी बाहर आने लगी...

बाहर आते hi उस रौशनी ने दोबारा उसी छर्रे का रूप ले लिए जैसा अवंतिका के हाथ में सामने से पहले था....

बस फर्क सिर्फ इतना था की इस बार जो छर्रा उसके सामने tha,wo पानी से बना हुआ था...

वो रौशनी का छर्रा हवा में उठ गया और एक जगह जाकर रूक गया पर वो अपनी जगह पर गोल गोल घूम रहा था........

रोनित को तोह कुछ समझ नहीं आया पर अवंतिका समझ गयी थी की भविष्यवाणी का वक़्त आ गया है.......

वहीँ कुछ देर तक अपनी जगह पर घूमने के बाद अचानक वो पानी से भरा रौशनी का छर्रा रुक गया और अगले hi पल उसके अंदर से एक ऊँची भारी भरकम आवाज़ गुंजी......

भविष्वाणी...............

मेरे स्पर्श से राखत की

जकड ढीली होगी....

पर सम्पूर्ण उपचार

उस पानी से होगा,

जिसमे मोहोब्बत में निकली

नमकीन पानी मिली होगी....

आज के लिए इतना HI.....

आपका अपना V...J........
 
सहित..... फीलिंग रियली सॉरी बरोथेर ों ुर condition...aur ऐसी हालत में भी आप स्टोरी की तारीफ़ कर रहे हैं तोह इससे बड़ी बात मेरे लिए क्या hogi.....u क्नोव what,mai आपको कोई मोटिएशनल बात नहीं kahunga,kyunki मुझे पता है की जिसपे बीतती hai,wahi जानता है की उससे कैसा लग रहा hai....bas इतना कहूंगा की अपडेट देने के बाद मई कभी भी कमैंट्स का वेट नहीं करता पर अब आपके कमेंट का मई वेट karunga....apni तकलीफ से ladhiye,jitiye वापस आईये और आपकी अपनी कहानी पर कमेंट kijiye...phir मिलेंगे बरोथेर... इसी कहानी me...AAPKA इंतज़ार रहेगा.........
 
अब तक आपने पढ़ा की रोनित मर्सिए रिवर के अंदर से क्लू लाने में सफल हो जाता है और वो क्लू और कुछ नहीं बल्कि एक भविष्वाणी है....

अब आगे:-

फाइनल CHAPTER

(एंगेल्स सैक्रिफाइस & डेविल्स डेमोलिशन)

अपडेट-97

प्लेनेट- ग्लूटो

प्लेस- पैलेस हॉल

कहाँ हो VIKRAM?????ITNA समय बीत GAYA,KYA तुम्हे अब तक हमारी तकलीफ महसूस नहीं हुई ....???

आज शैला को अपने hi महल में दासी बने पुरे एक साल हो गए the....in एक साल में उसने गॉड और विक्रम को दिन रात याद किया था...

उसकी दुआ में उसकी सलामती nahi,balki अक्षांत और उसके गृह के लोगों की भलाई की गुहार होती थी......

एक वर्ष तक दिल hi दिल में प्रार्थना करने के बाद आज शैला चिल्ला चिल्ला का अपनी व्यथा बोल रही थी......

शैला- इस ज़िल्लत भरी ज़िन्दगी से तोह मौत hi बेहतर hai..par मेरा दुर्भाग्य की मई मर भी नहीं सकती....

अगर मैंने आत्महत्या कर ली तोह वो दुष्ट लड़की इसका बदला मेरी प्रजा से legi....wo अक्षांत को भी नहीं बख्शेगी जो अभी भी कितने कष्ट में है....

ये कैसी विडम्बना है की मेरे प्यार के मेरे आँखों के सामने कष्ट में होते हुए भी मई उससे बचाना तोह छोड़ छू तक नहीं सकती.....

मई ये तोह नहीं जानती की तुम अभी तक हमे बचने क्यों नहीं aaye,shayad हमारी hi तरह तुम भी किसी मुश्किल में ho,kintu हर बाधा को पार कर तुम्हे हमे बचने आना hi होगा विक्रम.......

ऐसी विकत परिस्थिति में तुम हमसे मुँह नहीं मोड़ sakte.....mai हर दिन तुम्हे पुकारूंगी विक्रम....

एक ना एक दिन तोह मेरी guhaar,meri awaaz,meri तड़प तुम्हे सुनाई देगी....

इतना समय निकलने के पश्चात भी तुम्हे उम्मीद है की वो तुम्हे बचने आएगा.....!!!!

ये आवाज़ शैला के पीछे से आयी thi....wo जानती थी की ये आवाज़ किसकी है पर शैला पीछे नहीं palti...usne वैसे hi बैठे हुए अपनी बात कही......

शैला- उम्मीद पर तोह दुनिया कायम है BHUVIKA......fir मई तोह उससे उम्मीद लगाए बैठी हूँ जिसका दूसरा नाम hi उम्मीद है.....

अब तक भुविका चलते हुए शैला के सामने आ गयी थी.....

भुविका- रानी से नौकरानी बन gayi,par आज भी तेरे आवाज़ की अकड़ नहीं gayi....haan!!!

भुविका की बात सुन शैला के चेहरे पर एक स्माइल आ गयी.....

शैला- जब भाड़े की शक्तियों के गुमान में तू अपने आप को महाशक्तिशाली समझने का भ्रम पाल घमंड कर सकती hai,toh मैंने तोह अपनी साड़ी शक्तियां कड़ी मेहनत से हासिल की हैं..

और उसी मेहनत के फल स्वरुप मुझे ग्लूटो की रानी बनाया गया tha....ghamand तोह होगा ना.....

AHHH............AHHHH............

ये दर्द भरी कराह शैला के मुँह से नहीं बल्कि अक्षांत के मुँह से निकल रही thi....jisse सुनकर शैला का मुस्कुराता हुआ चेहरा गम में बदल गया...

तोह हुआ ये की शैला की बात सुनकर भुविका को आया ghussa,aur हर बार की तरह भुविका ने शैला के जिस्म के बदले उसके दिल पर वार करना सही samjha..matlab अक्षांत पर.....

जो की इस वक़्त ठीक वैसे hi हवा में अकड़ा हुआ खड़ा था जैसा भुविका उससे 1 साल पहले छोड़ कर गयी थी....

भुविका ने अपना हाथ आगे kiya...uske ऐसा करते hi अक्षांत की मांस पेशियों में खिचाव आने लगा जिससे उससे दर्द हुआ....

अपने प्रेमी के दर्द को देख शैला के चेहरे में जो परिवर्तन आया था उससे भुविका को बोहोत अच्छा लगा....

भुविका- ये मत भूलना की तेरी हसी को रोने में बदलना मुझे आता hai....dobara मेरे आगे अदब से बात करना वर्ण तेरे प्रियतम का हाल और बुरा कर दूंगी......

शैला असहाय सी सर नीचे कर बैठी thi....usse अपनी मज़बूरी पर बोहोत क्रोध आ रहा tha...wo खुदको कोस hi रही थी की.....

शैला के शरीर को एक झटका laga...usse इस झटके का मतलब समझ नहीं आया पर नजाने क्यों पर अचानक उससे अपने अंदर एक sheetalta,ek सुकून महसूस होने लगी थी....

ये वही वक़्त था दोस्तों जब अवंतिका के सामने भविष्वाणी ने खुदको खोला था....

दरअसल बात ये थी की युद्ध प्रशिक्षण सिखाते वक़्त शैला और बाकी के सारे लोगों को विक्रम ने खुदसे जोड़ लिया था....

पर ास्मोडियस के राखत के प्रभाव में आने के बाद विक्रम का सभी से कनेक्शन टूट गया था.....

पर भविष्यवाणी के ऊर्जा की वजह से जो की असल में लार्ड ऑफ़ एंगेल्स की hi ऊर्जा thi,ek पल के लिए वो कनेक्शन वापस शैला से जुड़ गया.....

और इसी वजह से शैला का मन हल्का सा हो गया tha....SHAILA को अब भी अपने अंदर आये परिवर्तन का असली मतलब समझ नहीं आया था पर नजाने क्यों उससे लग रहा था की होना ho,ye सब विक्रम की वजह से hi हुआ है....

और ये ख्याल आते hi शैला की गुम हो चुकी मुस्कराहट वापस आ गयी...

इस वक़्त शैला का चेहरा नीचे tha,isiliye भुविका को वो मुस्कराहट नहीं दिखी...

कुछ वक़्त तक शैला को देखने के पश्चात भुविका गायब हो gayi..uske गायब होते hi शैला का खुशाल चेहरा ऊपर उठा....

शैला- नदी कितना भी बड़ा हो jaaye,samandar के सामने उसकी कोई औकाद nahi....aakhir में उससे समंदर में मिलना hi होता है....

भुविका तेरा भी तेरी बेहेन की तरह विक्रम नाम के समंदर से मिलने का वक़्त समीप है....

प्लेनेट- ISLA/WARRIORS वर्ल्ड

प्लेस- गृह सेतु

एक बात बताओ PUTRI.....JAB से हम सब इस गृह सेतु में फसे HAIN,HUM में से ऐसा कोई नहीं है जिसके मन में हमारे भविष्य के लिए सवाल न उठा हो.....

समय HI इतना बीत चूका HAI...NA विक्रम खुद आये और ना HI उनकी कोई KHABAR....AISE में मन में नकारात्मक विचार का आना आम बात है...

किन्तु तुम्हारे मुख का TEJ,TUMHARA विश्वास अब भी पूर्णतः कायम है....

क्या तुम्हे एक शान के लिए भी ऐसा नहीं लगा की शायद विक्रम हमे आज़ाद करने के लिए नहीं आने वाले....????

अपने पितः की बात सुनकर अलेसेन्द्र मुस्कुरा दी.....

वैसे किंग सोलोमन की बात कुछ हद तक सही hi thi.....itna लम्बे समय तक एक hi जगह फसे रहने से किसी के मन में भी आशंका पैदा होना लाज़मी सी बात है...

ऐसा में लगातार उम्मीद का दिया जलाये हर वक़्त चेहरे पर मुस्कान लिए रहना बोहोत बड़ी बात होती है....

ऐसी श्रद्धा बोहोत काम लोगों में होती है जो अलेसेन्द्र में थी.....

अलेसेन्द्र- जब सांस लेते वक़्त इस बात पर शक नहीं रहता की अगले पल सांस ले पाएंगे या नहीं तोह इस बात पर कैसे शक किया जा सकता है की ज़िन्दगी बचने वाला हमे बचने आएगा या नहीं....

ज़िन्दगी देना ईश्वर का काम है और उस ज़िन्दगी की रक्षा करने का दायित्व उसके पुत्र ka....VIKRAM पर संदेह करना ईश्वर पर संदेह करने जैसा है पिताजी....

किंग सोलोमन और उनके बाजू में उनकी बीवी कड़ी होकर अलेसेन्द्र की बातें या फिर ये कहूं की एक अबिद्या किल्ले की तरह उसके भरोसे को सुन खुश हो गए.....

किंग सोलोमन- तुम्हारे आत्मविश्वास से भरी बातों को सुनकर हमारे मन में पनप रहा संदेह का बादल भी छत गया पुत्री....

क्वीन अश्ली- हाँ putri..bhale hi विक्रम को आने में कितनी hi देर क्यों ना ho,par अब हम पुरे विश्वास के साथ उनके आगमन की प्रतिसखा करेंगे.....

अपने पिता और माँ की बात सुनकर अलेसेन्द्र के चेहरे पर मुस्कराहट आ गयी...

अलेसेन्द्र की नज़रें यूँही घूमते घूमते डिफेंडर की तरफ गयी और डिफेंडर को देख अलेसेन्द्र के माथे पर सवालों के बल आ गए....

वो चलते हुए डिफेंडर की पास पहंच गयी...

इस वक़्त डिफेंडर की आखें बंद थी पर उनके चेहरे पर मुस्कान thi....issi मुस्कान को देख अलेसेन्द्र डिफेंडर के पास आयी थी ताकि वो इस मुस्कराहट का कारण जान सके....!!!!!

डिफेंडर को भी इस बात का एहसास हो चूका था की कोई उनके पास खड़ा है इसीलिए उन्होंने अपनी आखें खोल di...apne सामने अलेसेन्द्र को देख डिफेंडर की स्माइल और बढ़ गयी..

reason...dhyan से बहार आकर वो अलेसेन्द्र को hi बुलाने वाले थे पर उससे पहले hi अलेसेन्द्र उनके सामने थी....

डिफेंडर- मई तुम्हे hi बुलाने वाला था putri.....acha हुआ की तुम स्वयं मेरे पास आ गयी.....

अलेसेन्द्र- आदेश दें डिफेंडर????

डिफेंडर- मुझे इस गृह सेतु से बाहर जाना होगा.......

डिफेंडर की बात सुनकर अलेसेन्द्र चौंकी....

अलेसेन्द्र- क्या बाहर का खतरा समाप्त हो गया???

डिफेंडर- nahi....par मेरा जाना आवशयक है.....

अलेसेन्द्र डिफेंडर से उनके इस फैसले का कारण जानना चाहती थी किन्तु फिर भी वो चुप रही...

पर डिफेंडर अलेसेन्द्र के मन में उमड़ रहे सवालों से भली भाति परिचित थे...

डिफेंडर- पिछले बार जब मेरे चेहरे पर ख़ुशी और दुःख दोनों के भाव आ जा रहे teh,aur जब तुमने मुझसे इसका कारण पूछा था तोह मैंने क्या उत्तर दिया था???

अलेसेन्द्र- यही की विक्रम के साथ कुछ छल हुआ है जिससे उनकी लार्ड ऑफ़ एंगेल्स की ऊर्जा उनसे दूर हो गयी है इसी वजह से आप दुखी थे और खुश इसलिए थे क्यूंकि वो ऊर्जा अब अवंतिका के अंदर मौजूद है और सुरक्षित है....

डिफेंडर- hmm...aur आज भी मेरे चेहरे पर आये ख़ुशी के भाव को देख कर hi तुम मेरे सामने हो ताकि इसका कारण जान sako...haina???

अलेसेन्द्र- जी डिफेंडर.....

फिर डिफेंडर ने अलेसेन्द्र को अपने खुश होने का राज़ बताया और ये भी बताया की वो क्यों गृह सेतु से बाहर जा रहे हैं....

अलेसेन्द्र- डिफेंडर की बात सुनकर अलेसेन्द्र खुश भी हुई और थोड़ी चिंतित भी.....

अलेसेन्द्र- ये तोह बोहोत ख़ुशी के बात है पर जो हालात hain,kya उनमे आपका बाहर जाना उचित है....

DEFENDER-nishchint रहो putri..mujhe कुछ नहीं hoga...aur वैसे भी मेरा बाहर जाना आवशयक है.....

तुम बस इस बात का ख्याल रखना की मेरी अनुपस्तिथि से यहाँ कोई चिंतित ना ho..apne माता पिता और लार्ड क्रूसेडर से बस इतना कहना की मई किसी आवशयक कार्य से बाहर गया हूँ.....

अलेसेन्द्र- जैसा आप कहें डिफेंडर.....

डिफेंडर गृह सेतु के प्रवेश द्वार के सामने खड़े हो gaye...DEFENDER के प्रवेश द्वार के सामने पहुँचते hi एक सेकंड के लिए प्रवेश द्वार खुल गया...

ऐसा होते hi डिफेंडर तुरंत बाहर आ gaye....DEFENDER के बाहर आते hi वो प्रवेश द्वार बंद हो गया....

आज एक वर्ष पश्चात डिफेंडर इस्ला को देख रहे the...is वक़्त इस्ला अँधेरे में डूबा हुआ था....

और इसका कारण था की पुरे इस्ला को और वारियर्स वर्ल्ड को बिल्जेबब और भुविका ने अपने काले जादू के मदद से बाँध दिया था...

जिस वजह से सूर्य की सकारात्मक शक्ति इस्ला और वारियर्स वर्ल्ड में नहीं पद पा रही थी....

डिफेंडर इस्ला को देख hi रहे थे की.......

डिफेंडर से कुछ hi दूर उनके सामने एक ज़ोर की बिजली कड़की और अगले hi पल उस बिजली के बीच में से एक काला साया बाहर आया...

पर उस काले साये को देखकर डिफेंडर के चेहरे पर कोई एक्सप्रेशन नहीं आये मानो वो जानते थे की ऐसा कुछ होने वाला है...

वो काला साया डिफेंडर से कुछ कदम दूर आकर रूक गया...

काला साया- मैंने उम्मीद नहीं की थी की तुम अपने बिल से बाहर आने का साहस दिखाओगे....

डिफेंडर- मैंने भी उम्मीद नहीं की थी की ास्मोडियस ने तुम्हे यहाँ का चौकीदार नियुक्त किया होगा बिल्जेबब.....

डिफेंडर की बात सुनकर बिल्जेबब के चेहरे पर क्रोध की सिलवटें दौड़ गयी....

बिल्जेबब- देख रहा हूँ की एक वर्ष तक कायरों की तरह छुपे रहने के बाद भी तुम्हारे जुबां को जुंग नहीं लगा है....

उम्मीद करता हूँ की तुम्हारी ज़ुबान की hi तरह तुम्हारी शक्तियां भी ठीक ठाक चलेंगी क्यूंकि ऐसे hi तुम्हे मारने में मुझे मज़ा नहीं आएगा....

डिफेंडर- मेरा काम मेरे गृह के लोगों की सलामती है BEELZEBUB.aur मुझसे hi उनके हौसलें जुड़े हुए हैं....

उनकी सलामती और उम्मीद के लिए मुझे भी छुपना pada....aur रही बात मेरी शक्तियों की तोह आज़मा कर देख लो.....

विस्पुरति विबजूति

विबरते पावर

डिफेंडर ने बिना समय गवाएं अपना पहला स्पेल बोल दिया....

डिफेंडर के स्पेल बोलते hi बिल्जेबब के चारों तरफ हवा के तेज़ और बेहद शक्तिशाली विब्रेशन्स होने लगे...

ये विब्रेशन्स इतने स्ट्रांग थे की बिल्जेबब के पेअर लड़खड़ा gaye...kuch पल के लिए बिल्जेबब को अपनी शारीरिक शक्तियां कमज़ोर सी पड़ती हुई महसूस हुईं...

बिल्जेबब ने अपनी आखें बंद की और अपनी आंतरिक ऊर्जा को महसूस करने laga..aisa करते hi बिल्जेबब की कमज़ोरी ख़त्म होने लगी और जब ऐसा हुआ........

अनुवर्तिता

रिवर्ट

बिल्जेबब के स्पेल बोलते hi उसके शरीर से ढेर साड़ी काली शक्तियां एक प्रेशर के साथ निकली और सीधे जाकर हवा में हो रहे विब्रेशन्स से टकरायीं......

और जैसे hi ऐसा hua,hawa की विब्रेशन्स ख़त्म हो गयीं......

बिल्जेबब ने भले hi डिफेंडर के स्पेल को काट दिया हो पर डिफेंडर के बोले गए स्पेल के इम्पैक्ट को देखकर वो हैरान था....

हर स्पेल की ताकत उससे बोलने वाले के ऊपर होती hai...SPELL की ताकत से hi उससे बोलने वाले की ताकत का अंदाज़ा हो जाता है...

बिल्जेबब को उम्मीद नहीं थी की डिफेंडर इतना शक्तिशाली होगा.....

डिफेंडर- बोहोत अच्छे BEELZEBUB.....dum तोह है तुममे पर तुम्हारे पितः वाली बात नहीं hai...wo सोचने में इतना समय व्यर्थ नहीं करता.....

बिल्जेबब- मेरे पितः जैसी बात इस ब्रम्हांड में किसी की नहीं hai..tumhare विक्रम में hi नहीं.....

डिफेंडर- सही वक़्त आने do,tumhari ये गलत फेहमी भी दूर हो जायेगी बच्चे....

बिल्जेबब- वो वक़्त जब आएगा तब aayega,par अफ़सोस तुम उस वक़्त को देखने के लिए जीवित नहीं बचोगे....

डिफेंडर- मेरी ज़िन्दगी की घड़ियाँ ख़त्म करने का दम तुझमे नहीं है BEELZEBUB...chaahe तोह कोशिश करके देख ले.....

माया जेकदम

मैजिक क्लेंच

बिल्जेबब के स्पेल बोलते hi डिफेंडर को एक अदृश्य ताकत ने जकड liya......aur ऐसा होते देख बिल्जेबब के चेहरे पर एक मुस्कान नाच गयी....

बिल्जेबब- अब क्या करेगा DEFENDER..ab मई आराम से तेरा सर तेरे धड़ से अलग कर दूंगा और तू चाटपने के अलावा और कुछ नहीं कर पायेगा...

बिल्जेबब की बात का डिफेंडर ने कोई जवाब नहीं diya..DEFENDER ने बस अपनी आँखें बंद की और.....

परिवर्जिता

देवोईड

डिफेंडर के स्पेल बोलते hi वो अदृश्य ताकत जिसने उन्हें जकड रखा tha,wo हैट गयी...

जहाँ फ्री होते hi डिफेंडर ने अपने हाथ को झटका वहीँ उन्हें अपने स्पेल को इतनी आसानी से काटता देख बिल्जेबब शॉकेड हो गया.....

बिल्जेबब के हैरानी से भरे चेहरे को देख कर डिफेंडर के चेहरे पर मुस्कान आ गयी.....

डिफेंडर- तुम्हे क्या लगा की बस तुम hi स्पेल्स को काटना जानते हो...????

डिफेंडर की बात सुनकर बिल्जेबब को ग़ुस्सा आ गया....

बिल्जेबब- अब bas..bohot हुआ khel....ab तुझे मरना पड़ेगा....

बिल्जेबब ने अपनी आखें बंद की और अपनी साड़ी शक्तियों को अपने दोनों हाथों में लाने लगा...

बिल्जेबब के ऐसा करने से मौसम और ख़राब होने laga....abhi तक हर तरफ हल्का हल्का अँधेरा tha,par अब मौसम और डार्क होने लगा था...

डिफेंडर भी समझ गए की बिल्जेबब अपनी पूरी शक्ति से उनपर वार करने वाला है और अगर ऐसा हो गया तोह वो बच नहीं पाएंगे......

इससे पहले की बिल्जेबब अपना स्पेल उच्चारित kare,DEFENDER को अपनी सेफ्टी के लिए कुछ न कुछ करना था इसीलिए.....

परमेश्वर कवचं प्रकटम

गोड्स बैरियर अप्पेअर

सम्पूर्ण विनाशं

कम्पलीट डिसरक्शन

जैसे hi डिफेंडर ने स्पेल बोलै उसके अगले hi पल बिल्जेबब ने भी नापना स्पेल उच्चरित कर दिया.....

बिल्जेबब के स्पेल बोलते hi उसके हाथों से ढेर साड़ी मात्रा में काली रेज़ निकली और एक ज़ोरदार गर्जना करते हुए डिफेंडर की तरफ बढ़ी.....

और जैसे hi वो काली रेज़ डिफेंडर के करीब पहुंची........

भूममममम........

एक तेज़ धमाका hua..is धमाके का इम्पैक्ट इतना ज़्यादा था कोई बिल्जेबब के शरीर को भी एक तेज़ झांकता लगा और वो निचे गिर गया....

जहाँ डिफेंडर खड़े the,is वक़्त वहां कुछ भी नहीं दिख रहा था क्यूंकि वहां धूल hi धूल फैला हुआ था....

कुछ देर बाद जब धूल छत्ता तोह वहां का नज़ारा क्लियर हुआ और सामने के नज़ारे को देख बिल्जेबब के चेहरे पर स्माइल आ गयी...

reason....DEFENDER का शरीर नीचे ज़मीं पर पड़ा हुआ tha....antim बार डिफेंडर को देखने की ीचा लिए बिल्जेबब चलते हुए उनके करीब पहुंचा पर जैसे hi वो डिफेंडर के पास आया उसकी आँखें हैरत से फैले गयी.....

reason.....DEFENDER ज़िंदा थे और इस वक़्त धीरे धीरे खड़े हो रहे थे..

दरअसल डिफेंडर बिल्जेबब की स्पेल की वजह से नहीं गिरे थे बल्कि खुदके कहे गए स्पेल की वजह से गिरे थे...

डिफेंडर ने जिस स्पेल को बोलै था उस स्पेल को बोलने और इस्तेमाल करने की क्षमता सिर्फ गोड्स मेसेंजर को थी..

पर क्यूंकि विक्रम ने डिफेंडर को शक्तियां प्रदान की थी इसीलिए डिफेंडर भी इस स्पेल को बोल सकते थे पर उसके इम्पैक्ट को वो पूरी तरफ झेल नहीं पाए और स्पेल की वजह से उनके शरीर से निकली ऊर्जा से आयी कमज़ोरी की वजह से वो गिर गए....

विक्रम की वजह से वो ये स्पेल का सक्सेस्स्फुल्ली उसे तोह कर गए थे पर इस स्पेल का उनके ऊपर एक साइड इफ़ेक्ट भी हुआ था....

और वो ये की अब जिस कवच से वो चारों तरफ से घिरे हुए the,ab वो चाहकर भी उससे निकल नहीं सकते the..ab ये कवच उनके लिए एक किस्म का जेल हो गया था....

इस सच से डिफेंडर भी अवगत थे इसके बावजूद उन्होंने इसका उच्चारण किया था....

डिफेंडर अब खड़े हो चुके थे पर अब भी उनके चेहरे पर कमज़ोरी साफ़ झलक रही thi.BEELZEBUB जो की उनके सामने खड़ा था वो अब भी आँख फाड़े डिफेंडर को देख रहा था....

जब डिफेंडर की नज़र बिल्जेबब पर गयी तोह वो हंस पड़े....

डिफेंडर- ऐसे क्या देख रहा है BEELZEBUB..mai तेरे स्पेल की वजह से निचे नहीं गिरा था बल्कि तेरे स्पेल को काटने के लिए बोले गए अपने स्पेल की ऊर्जा से गिरा था....

बिल्जेबब- असंभव.....

डिफेंडर- asambhav!!!haan असंभव तोह है और जानता है kya???tera इस कवच को bhedna......chaahe तोह कोशिश करके देख ले....

बिल्जेबब ने डिफेंडर के कवच को तोड़ने के लिए एक के बाद कई सारे स्पेल्स बोले पर कोई फायदा नहीं हुआ..

कवच वैसा का वैसा hi इन्टाक्ट raha.....jaisa की मैंने बताया था की स्पेल्स का असर उसके बोलने वाले के शक्तियों के ऊपर निर्भर करता hai,isiliye स्पेल्स उससे बोलने वाले की ऊर्जा निचोड़ उससे थका भी देते हैं...

बैक तो बैक इतने सारे स्पेल्स बोलने की वजह से बिल्जेबब के ऊपर भी थकन होने लगी थी.....

DEFENDER-maine कहा था ना BEELZEBUB,is कवच को तोडना तुम्हारे लिए असंभव hai....wapas लौटने के सिवा तुम्हारे पास और कोई चारा नहीं है.....

बिल्जेबब ने अपनी आँखें बंद की और अपने राइट हैंड को अपने दिल के ऊपर रखा..

बिल्जेबब के शरीर से ब्लैक एनर्जी की एक मोती रे निकलकर डिफेंडर के चारों तरफ फैले गयी.....

चारों तरफ फैलने के बाद वो काली रेज़ गायब हो गयी.....

बिल्जेबब- अभी तोह मई जा रहा हूँ DEFENDER..par मई वापस आऊंगा...

मेरे शरीर की सुचना शक्ति ने तुम्हारे कवच को चरों तरफ से घेरा हुआ hai...jis लम्हे तुम अपने कवच से बाहर aaye,meri इन रेज़ से मुझे इसकी सुचना मिल जायेगी और उसी शान मई तुम्हारे सामने प्रकट हो जाऊँगा....

और जिस दिन हमारा दोबारा आमना सामना hua,wo दिन तुम्हारे ज़िन्दगी का आखरी दिन होगा...

बिल्जेबब ने अपनी बात बोहोत क्रोध में कही थी पर उसकी बात सुनकर डिफेंडर के चेहरे पर स्माइल आ गयी.....

डिफेंडर- मई तुमसे एक वादा करता हूँ BEELZEBUB....aur वो ये की जिस दिन भी हमारा दोबारा सामना hua,us दिन मई तुम्हारे वार का जवाब तक नहीं दूंगा पर इसके बावजूद तुम मेरा कुछ नहीं बिगड़ पाओगे...

मुझे मारना तोह दूर अगर तुमने मुझे नीचे तक गिरा दिया तोह मई तुम्हारा गुलाम बन जाऊँगा....

बिल्जेबब ने एक बार घर कर डिफेंडर को देखा और गायब हो गया.....

डिफेंडर- इस्ला और वारियर्स वर्ल्ड आपकी प्रतीक्षा कर रहे hain..jaldi आइयेगा लार्ड ऑफ़ एंगेल्स.......

प्लेनेट- एअर्थ

प्लेस- सेक्रिला

तुझे कुछ समझ में आया KYA???KYUNKI मेरे तोह सर के ऊपर से गया....

अवंतिका- no क्लू yaar...mere भी सर के ऊपर से निकल गया.....

भविष्वाणी पूरी होते hi वो पानी से बना छर्रा वापस अवंतिका के हाथ में चला गया था....

अवंतिका और रोनित काफी देर तक उस भविष्वाणी की बात या फिर ये कहूं की उसकी दी गयी पहेली को समझने की कोशिश करते रहे पर सब बेकार.....

उन्हें कुछ भी समझ नहीं आ रहा था....

अवंतिका- फ़िलहाल के लिए सोचना बंद करते hain...waise भी आज का पूरा दिन काफी स्ट्रेस फुल रहा hai....filhal घर चलते हैं....

रोनित- कूल......

रोनित ने उसी जगह के लिए मैजिक दूर खोल दिया जहाँ से वो यहाँ आने के लिए निकले थे...

अवंतिका और रोनित दूर से होते हुए उस जगह पर पहुँच गए...

इस वक़्त शाम के 7 बज रहे थे......

रोनित- काफी लेट हो गया hai..hume घर जाना चाहिए.....

अवंतिका- haan,chal....

अवंतिका अपनी कार लेकर आयी थी जबकि रोनित पैदल hi यहाँ आया tha.uska घर पास में hi था...

गार्डन से बहार आकर जैसे hi रोनित ने अवंतिका को bye कहा.....

अवंतिका- चल तुझे छोड़ देती हूँ....

रोनित- मई पैदल चले jaaunga..mera घर पास में hi hai.....tu जा तेरे घर वाले टेंशन ले रहे होंगे....

AVANTIKA-nahi वो मई घर पर बता कर आयी थी ी रात तक aaungi..aur वैसे भी मई अभी अपने घर नहीं V.J के घर जा रही हूँ.....

RONIT-V.J के ghar..kyun????

अवंतिका- क्यों matlab???mera ससुराल hai...mai नहीं जाउंगी तोह और कौन जाएगा....???

अवंतिका ने सीधे सपाट तरीके से अपनी बात कही पर उसकी बात सुनके रोनित को हसी आ गयी....

रोनित- अभी से sasural.....!!!!!badi बेसब्री है तुझे....

AVANTIKA-bilkul hai...mera बस चले तोह अभी V.J से शादी कर लूँ पर उस खड़ूस का दिमाग अभी खिसका हुआ hai...propose करुँगी तोह मन कर देगा....

रोनित- aisa....toh एक काम करते hain,mai आंटी और अंकल को तेरे और V.J के बारे में बता देता hun..wo उससे मन लेंगे...

अवंतिका- बता de..par तुझे पता है की अभी V.J के दिमाग में शार्ट सर्किट हुआ hai..kahin तेरी बातों से भड़क कर तुझे धो ना दे......

रोनित- हाँ yaar,ye बात भी hai..idea cancel....chal मई भी तेरे साथ चलता hun..mai भी V.J से मिल लूंगा....

अवंतिका और रोनित अवंतिका की कार में बैठ V.J के घर की तरफ चल पड़े....

अवंतिका V.J के घर सिर्फ इसीलिए नहीं जा रही थी क्यूंकि उससे अभी मिलने का मन हो रहा था...

उसके V.J के घर जाने के पीछे एक और कारण भी tha...darasal बात ये थी की जब से अवंतिका सेक्रिला से वापस आयी thi,tabhi से उससे उसके अंदर कुछ महसूस हो रहा था...

उससे ऐसा लग रहा था जैसे V.J की ऊर्जा उससे कुछ बताना चाहती है पर वो उससे समझ नहीं पा रही है....

V.J की ऊर्जा भले hi अभी अवंतिका के अंदर थी फिर भी जब जब V.J अवंतिका के सामने आता था तब अवंतिका के अंदर की ऊर्जा ज़्यादा एक्टिव हो जाती थी.....

और अवंतिका को कुछ न कुछ पता चलता tha....exams के वक़्त जब V.J और अवंतिका का आमना सामना हुआ था तब अवंतिका को गृह सेतु और ग्लूटो के बारे में पता चल गया था.....

अगली बार दिल्ली में मुलाकात के बाद जब अवंतिका वापस मुंबई आयी थी तब भी V.J से मिलने के बाद ऊर्जा के एक्टिव होने असर बचा हुआ था....

अवंतिका को पूरा भरोसा था की जो बात V.J की ऊर्जा अवंतिका को बताना चाहती hai,wo V.J के सामने आते hi उससे क्लियर हो जाएगा.....

ये सब बातें सोचते सोचते अवंतिका और की कार V.J के घर में एंट्री कर गयी......

कार पार्क कर जैसे hi अवंतिका कार से बाहर आयी........

अवंतिका- ओह सहित.......

अवंतिका के मुँह से निकले ये शब्द सुनकर रोनित आखों में सवाल लिए उसकी तरफ देखने लगा.......

अवंतिका- गाडी में baitho...batati हूँ....

अवंतिका तुरंत वापस गाडी में बैठ gayi..RONIT भी कन्फ्यूज्ड सी शकल लिए वापस अपनी सीट पर बैठ अवंतिका की तरफ देखने लगा.....

अवंतिका ने तुरंत कार घुमा ली.....

दरअसल बात ये थी की V.J की शक्ति असीम thi...V.J जहाँ भी होता tha,uske आस पास की सब जगह उसकी शक्ति के दायरे में आती थी....

और इसी बात का असर अभी अभी hua.....jaise hi अवंतिका ने अपने कदम गाडिस इ बाहर rakhe,V.J की ऊर्जा जो की अवंतिका के अंदर thi,wo V.J की शक्तियों के कांटेक्ट में आ गयी..

ऐसा होते hi अवंतिका को उस बात के बारे में पता चल गया जिस बात को V.J की ऊर्जा कुछ देर से अवंतिका को बताना चाहती थी....

रोनित- बताएगी भी की क्या हुआ और हम कहाँ जा रहे हैं.....???

अवंतिका ने रोनित को V.J की ऊर्जा और उस ऊर्जा का उससे संकेत देने के बारे में बता diya..AVANTIKA ने उससे बताया की वो V.J के घर क्यों जा रही थी...

और ये भी की V.J के घर के लॉन में कदम रखते hi उससे उस संकेत की वजह पता चल गयी......

रोनित- पर V.J की ऊर्जा तुझे क्या बताना चाहती thi,wo तोह बता????

अवंतिका- कुछ देर rook.sab पता चल जाएगा....

अवंतिका अपनी कार को तेज़ भागते हुए आगे बढ़ी और उसी गार्डन के पास आकर रुकी जहाँ से वो दोनों सेक्रिला गए थे और वापस आये थे....

रोनित- हम तोह वहीँ आ गए जहाँ कुछ देर पहले थे...

पर अवंतिका ने रोनित की बात के जवाब में बस इतना कहा की....

अवंतिका- चल andar..sab पता चल जाएगा....

अवंतिका और रोनित मैजिक दूर से पुराने गार्डन में आये थे जो की हमेशा बंद hi रहता था पर इस वक़्त वो दोनों नए गार्डन में आये थे जहाँ अभी काफी लोग थे...

शाम के वक़्त इस गार्डन में लोगों का सैर करना आम बात थी....

अवंतिका बेचैनी से एक और आगे बढ़ती चली गयी....

रोनित भी उसके पीछे पीछे चुप चाप चल रहा था....

अवंतिका खुदसे hi चल तोह रही थी पर एक्चुअल में V.J की ऊर्जा उससे गाइड सी कर रही थी....

कुछ देर तक चलने के बाद एक बेंच के पास आकर अवंतिका रूक गयी.....

अवंतिका के सामने बेंच पर एक लड़की बैठी हुई थी जिसके आँखों में इस वक़्त आंसू the.....wo आँखों में आंसू और दर लिए इधर उधर देख रही थी....

और जैसे hi उस लड़की की नज़र अवंतिका पर padi.....uski दर भरी आँखों में एक चमक आ gayi..wo बेंच से उठ कड़ी हुयी....

वहीँ रोनित की नज़र अभी तक उस लड़की पर नहीं पड़े the..wo अवंतिका के पास आया और...

RONIT-ab बताएगी भी की हम यहाँ क्यों आये हैं???

अवंतिका आने कुछ कहा नहीं बस सामने बेंच की तरफ इशारा कर दिया...

अवंतिका की ऊँगली का पीछा कर जैसे hi रोनित की नज़र सामने gayi,ek पल के लिए रोनित को पहले तोह झटका लगा पर अगले hi पल उसकी आँखों में ग़ुस्सा तैरने लगा....

अवंतिका और वो लड़की तोह एक तक एक दूसरे को देखने में बिजी थे इसीलिए उन दोनों का रोनित की तरफ ध्यान नहीं था...

RONIT-subah तोह तू बच गयी पर इस बार मई तुझे नहीं छोडूंगा भुविका......

रोनित की बात अवंतिका के कानो से टकराई पर इससे पहले की वो उससे rokti,RONIT तेज़ी से आगे बढ़ा और......

ummmm.....ummmmmm.....ummmmm.......

रोनित ने उस लड़की के गले को पकड़ उससे हवा में उठा diya....wo लड़की दर्द से छटपटाने लगी थी....

ावनतिका तुरंत रोनित के पास पहुंची....

अवंतिका- उसका गाला छोडो RONIT....wo मर जायेगी..

पर रोनित ने जैसे अवंतिका की बात सुनी hi nahi..uske हाथ की पकड़ अब भी सख्त hi thi...qahin उस लड़की की आँखें भी अब बंद होने लगी थी...

अवंतिका- तुम्हे अंजलि की कसम hai....usse छोडो रोनित.

अवंतिका के मुँह से अंजलि की कसम सुनते hi रोनित की हाथ की पकड़ ढीली हो गयी...

उस लड़की के गले को छोड़ वो अविश्वास भरी नज़रों से अवंतिका को देख रहा tha....uske चेहरे पर अभी भी बोहोत ग़ुस्सा दिख रहा था...

वहीँ वो लड़की ज़ोर ज़ोर से सांस लेते हुए खुस को ठीक करने की कोशिश कर रही थी...

अवंतिका ने रोनित का बाज़ू पकड़ा और उससे थोड़ा दूर ले गयी....

फिर अवंतिका ने कुछ कहा या फिर ये कहूं की एक ऐसा खुलासा किया जिससे सुनकर रोनित के चेहरे पर जो ग़ुस्से के एक्सप्रेशंस थे वो तिरन्त सेकंड में गायब हो गए...

उससे अवंतिका की बात पर यकीं hi नहीं हो रहा tha...AVANTIKA भी जानती थी की उसकी कही बात पर यकीं करना रोनित के लिए क्या किसीके लिए भी बोहोत मुश्किल है...

अवंतिका- ये सच है RONIT...aur इसके बारे में इससे भी नहीं पता.....

ये लड़की भुविका नहीं बल्कि उसकी बेहेन

अनलिए है

आज के लिए इतना है......

आपका अपना V..J.......
 
पुराण!!!! 90तह उड़ाते जिसका साइज मोरे थान 7000 वर्ड्स था इनफैक्ट पूरा सेकंड chapter जो की 40 उपदटेस का tha,wo पूरा अनलिए के प्लेनेट के ऊपर था और अनलिए hi वो माध्यम थी जो विक्रम को क्यूरियस से जोड़ती थी... डीह्याँ दिया कीजिये बरोथेर क्यूंकि हर फ्यूचर अपडेट कहीं ना कहीं पुराने अपडेट से जुड़ा हुआ है.. ध्यान नहीं दिया तोह समझ नहीं आएगा.. साथ बने रहिये
 
नोपस.... आंसर इस मल्टीप्ल फीलिंग्स brother....word इस सिंगुलर तहत मीन्स आईटी कैन कैर्री ओनली ों फीलिंग बूत वर्ल्ड कसमस आल words....that मीन्स आईटी इस अप्प्लिकप्ले विथ आल फीलिंग्स....

एंड थिस लाइन सुम्मेरीज़ेस थे भविष्यवाणी puzzle....many हैवे गेस्सेड डिफरेंट things..but थे रीज़न इस same...just लिखे WORD....but थे आंसर इस लिखे वर्ल्ड.... तहत है मल्टीप्ल फीलिंग्स बूत ओनली ओने सोर्स ऑफ़ मीनिंग.....

िफ़ ी सुम्मेरीज़े माय स्टेटमेंट्स इन ओने लाइन....

NO ओने है अंडरस्टुड थे पजल....

रीज़न- आल कंक्लूडे व्हाट से SEEK...WHAT व्हाट थे सीक कन्नोत बे कंक्लूडेड....

हिंट- ओनली िफ़ ु अंडरस्टैंड थे बेस ऑफ़ थे STORY,THAN ओनली ु विल अंडरस्टैंड थे रिडले...
 
अब तक आपने पढ़ा की बिल्जेबब से लड़ाई के वक़्त डिफेंडर खुदको एक कवच नुमा कैद में फसा लेते हैं वहीँ भुविका अनलिए को भविका की बेहेन बताकर एक बोहोत बड़ा खुलासा करती है

अब आगे:-

फाइनल CHAPTER

(एंगेल्स सैक्रिफाइस & डेविल्स डेमोलिशन)

अपडेट-98

प्लेनेट- शैडो वर्ल्ड

PLACE-OPEN ग्राउंड

हे PARMESHWAR....HUM तोह सभी आशा खो चुके THE..KINTU जिस दिन आपके दूत ST.SEBASTIAN यहाँ आये और हमे बताया की बोहोत जल्द हमे बचने के लिए हमारा उद्धारकर्ता आने वाला HAI,TOH हमारी ख़ुशी का ठिकाना ना रहा....

हमारी मरती हुई उम्मीद फिर से जीवित हो UTHI....HUM दिल से हमारे स्वामी का इंतज़ार कर रहे थे किन्तु........

उससे पहले तुम सबकी मुलाकात मुझसे हो गयी.....

इस आवाज़ को सुन सारे शादौस जो की किसी ज़माने में समय संचालकों के नाम से जाने जाते थे पालते......

और अपने सामने खड़े शक्श को देख कर उन सब के चेहरे उतर गए......

अननोन- अरे मुझे देख तुम सबका चेहरा क्यों उतर गया....

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?लगता है मुझे देख तुम सब को ख़ुशी नहीं हुई...!!!!!

1सत शैडो- अँधेरे को देख उजाले को कभी ख़ुशी नहीं होती भुविका.......

जी हाँ doston,SHADOWS के सामने कड़ी शख्स और कोई नहीं बल्कि भुविका है.....

अब उसका यहाँ क्या kaam,ye तोह आप सब को आगे पढ़कर hi पता चलेगा....

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?

भुविका- महा रानी BHUVIKA....apni रानी का नाम तमीज़ से लो samjhe.....warna ऐसी हालत करुँगी की तुम्हारी आत्मा के साथ साथ एलोप्टुस में दफ़न तुम्हारी प्राणहीन शरीर तक तड़प उठेगी......

2ंद शैडो- जिस दर्द की तुम बात कर रही हो वो तुम हमे पहले भी दे चुकी ho.....hum ऐसे तकलीफों से नहीं डरते भुविका.....

1सत शैडो- और तुम जिस ताकत के दम पर इतना घमंड कर रही hi हो naa,agar हम अपने वास्तविक रूप में होते तोह तुम्हारी ताकत और तुम्हारे घमंड को शान भर में समाप्त कर देते....

हम समय संचालक hain....humari शक्तियां खुद गॉड से hain....tumhare जैसे भाड़े की शक्तियों से और वो भी काली शक्तियां जिनका एक न एक दिन सर्वनाश होना निश्चित hai,hum नहीं डरते.....

और..........

AHHH.....AHHHH..........

इससे आगे वो शैडो कुछ कह नहीं paaye...SHADOWS की बात सुनकर भुविका को ग़ुस्सा आ गया था.....

इस वक़्त सारे शादौस एक ग्रुप में खड़े the....aur इससे पहले की शैडो कुछ kahe,BHUVIKA ने सामने खड़े उन दोनों शादौस को जो उसका अपमान कर रहे the,unpar अपनी काली शक्तियों से निर्मित काटों भरी रेज़ छोड़ दी....

वैसे तोह शैडो का कोई शरीर नहीं था पर इन रेज़ में आत्माओं को तकलीफ पहुँचाने की शक्ति थी.....

उन रेज़ दोनों शादौस को चरों तरफ से घेर लिया और उन रेज़ से निकलते धारधार काँटों ने शादौस को चुभोना शुरू किया जिस वजह से उन दोनों के मुँह से दर्द भरी आह निल्कलने लगी...

वो रेज़ कुछ समय तक उन शादौस को तकलीफ पहुंचती रही और जैसे hi दर्द की अत्यधिकता की वजह से वो दोनों शैडो नीचे giri,BHUVIKA ने अपनी छोड़ी रे वापस खींच ली.....

बाकी के सारे शादौस अपने चेहरे पर बेबसी लिए अपने दोनों साथियों को देख रहे थे....

भुविका- आज के लिए इतना काफी है या अभी भी मन नहीं भरा!!!!!

वो दोनों शादौस जो इस वक़्त ज़मीन पर पड़े अपने दर्द को ज़ब्त करने की कोशिश कर रहे the,BHUVIKA की बात सुन उसकी तरफ एक फीकी मुस्कान लिए देखने लगे.....

1सत शैडो- तुम्हे लगता है की इस दर्द से हमे कोई फर्क पड़ेगा....

आह्ह्ह्ह....

अह्ह्ह्हह....

अह्ह्ह्हह.....

इस बार ये दर्द भरी चीख हर शैडो के मुँह से निकली thi....reason...ussi अग्नि की वजह से जो इन सब के नीचे प्रज्वलित हुई थी...

ये वही अग्नि या फिर ये कहूं की वही सजा है जो सारे समय संचालक खुदको देते आ रहे हैं....

जब तक वो अग्नि उन सब के नीचे प्रज्वलित होती rahi,saare शादौस दर्द से चीखते रहे वहीँ उनके सामने कड़ी भुविका आँखों में आश्चर्य लिए ये सब देख रही थी..

ये पहली बार नहीं था जब भुविका ये सब होते हुए देख रही thi...jab से ास्मोडियस ने उससे शैडो वर्ल्ड की रानी बनाया है या फिर ये कहूं की उससे शैडो वर्ल्ड में जाने की परमिशन दी है ( इसके पीछे एक ख़ास रीज़न है जो बाद में पता चलेगा )...

तब से hi वो शादौस को इसी अग्नि द्वारा तड़पते हुए देख रही hai...par जब भी वो इस दृश्य को देखती है तोह आश्चर्य में पढ़ जाती है...

भुविका को ये बात पता थी की अग्नि से जलने का फैसला खुद शादौस का है पर वो ये जानना चाहती थी की खुद के साथ ऐसा करने के पीछे शादौस का क्या कारण हो सकता है?

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?

जहाँ भुविका अपनी सोच में गुम थी वहीँ अग्नि अब बुझ चुकी थी और सारे शादौस की पीड़ा भी कुछ हद तक काम हो चुकी thi....aur जैसे hi उनकी पीड़ा काम हुई....

1सत शैडो- अभी अभी जिस अग्नि द्वारा तुमने हमे जलते हुए देखा hai,us अग्नि को हम सब ने खुद प्रज्वलित किया है...

हम खुद hi उस अग्नि द्वारा दिए पीड़ा को सहर्ष झेलते आ रहे हैं वो भी तब से जब तुम्हारा जन्म तक नहीं हुआ था....

ऐसा कष्ट जिसकी तुम कल्पना भी नहीं कर सकती और वो भी हर दिन हर पहर लगातार....

तुम्हे लगता है की जो ऐसी पीड़ा को स्वयं खुद पर लाकर झेलते हैं उन्हें तुम्हारे द्वारा सजा से कोई फर्क padega..kabhi नहीं....

भुविका- भले फर्क पड़े ना pade..par तुम लोगों को कष्ट देकर मुझे बड़ा सुकून मिलता है....

पर अगर तुम मुझे ये बता दो की तुम सब ने खुदके लिए ऐसी सजा क्यों चुनी तोह मेरे द्वारा तुम सब को पीड़ा देने से बच सकते हो...

2ंद शैडो- और ये जानकार तुम्हे क्या लाभ?

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भुविका- लाभ ना सही पर कमसेकम मेरी उत्सुकता तोह मिटेगी....

1सत शैडो- वैसे तोह हमारी खुद को दी गयी सजा वाली बात कोई बोहोत बड़ा राज़ नहीं है किन्तु अगर इससे तुम्हे शान्ति मिलती है तोह हम कुछ भी नहीं बताने वाले....

तुम्हे पहुँचने वाले किसी भी तरह के सुकून के हम क कारण नहीं बन सकते....

शादौस की बात सुनकर भुविका को फिरसे ग़ुस्सा आ गया...

भुविका- तोह फिर दर्द के एक अंतहीन एहसास और सफर के लिए तैयार हो जाओ....

अपनी बात कह भुविका ने मंत्र उच्चारण करने के लिए अपने दोनों हाथ फैलाये hi थे की....

जितना दर्द देना है दे DENA...PAR उससे पहले अपनी जिज्ञासा शांत कर लो....

ये आवाज़ भुविका के पीछे से आयी thi...aur ये आवाज़ और किसी की नहीं बल्कि बिल्जेबब की थी...

भुविका- तुम्हे इनकी खुद को देने वाली सजा के बारे में कैसा pata???YELUPTUS में इनके बारे में जानकारी देते वक़्त तोह तुमने इस बारे में कुछ नहीं बताया था....

बिल्जेबब- वो इसीलिए क्यूंकि उस वक़्त मुझे खुद इस बारे में ज्ञात नहीं tha....COURIOUS से लौटने के बाद जब मई वापस फादर के पास गया था तब मैंने उनसे इस बारे में पूछा था...

और तब पहली बार फादर ने इस राज़ के ऊपर से पर्दा हटाया tha....us वक़्त तुम्हे फादर ने पहली बार यहाँ भेजा था इसीलिए तुम्हे इसके बारे में पता नहीं है....

भुविका- hmm....toh फिर बताओ की इन सब ने खुद के लिए ये सजा क्यों चुनी???

बिल्जेबब- ये सच है की जिस आग से ये तड़पते hain,ye इनकी खुद के लिए निर्धारित एक सजा है किन्तु ये सिर्फ आधा सच है...

असल बात कुछ और है.....

बिल्जेबब ने ये बात समय संचालकों की तरफ देख कर कही thi..BEELZEBUB की बात सुनकर शादौस को शॉक लगा......

वो भी जानना चाहते थे की बिल्जेबब क्या जानता है..

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भुविका- आधा सच मतलब?

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बिल्जेबब- आधा सच इसीलिए क्यूंकि जिस आग से ये खुदको जलाते आ रहे hain,ussi आग की वजह से इनका अस्तित्व भी ज़िंदा है....

जहाँ भुविका को बिल्जेबब की बात का मतलब समझ में नहीं आया वहीँ शादौस के शॉक का लेवल और बढ़ गया...

उन्होंने ये नहीं सोचा था की उनके राज़ को ास्मोडियस जानता होगा.....

भुविका- मुझे तुम्हारी कोई बात समझ में नहीं आ रही....

बिल्जेबब- समझाता hun...darasal जो आग इन शादौस के नीचे प्रज्वलित होती hai,wo कोई आम आग नहीं है बल्कि जीवन बचने वाली अग्नि है.....

तुम्हे ये तोह पता hi है की इन सब का शरीर एलोप्टुस की ज़मीं के अंदर दफ़न hai....kintu शरीर कितना hi मज़बूत क्यों ना ho,par बिना आत्मा के उसका समूह पतन अनिवार्य है....

इन्हे अपने शरीर से अलग हुए साड़ियां बीत चुकी hain..uske बावजूद इनका शरीर अब भी एलोप्टुस के अंदर सुरक्षित hai..aur इसका कारण वही अग्नि है जो इन सब के नीचे प्रज्वलित होती है....

वो अग्नि असल में एक धागे जैसा है जो इनके शरीर को इनकी आत्मा से जोड़े रखता hai...jab इन सब की आत्मा इनके शरीर के भीतर thi,tab भी ये अग्नि इनके अंदर थी....

पर शरीर और आत्मा के साथ में होने के कारण वो अग्नि इन्हे दर्द नहीं पहुंचती थी बल्कि उसी अग्नि से इनकी ऊर्जा निरंतर कायम रहती थी....

पर अब जब ऐसा नहीं hai,toh यही अग्नि इन्हे दर्द पहुंचती है....

भुविका- तोह ये इनकी सजा कैसे hui???dard में hi sahi,in सब ने खुद को वरदान hi दिया है naa..kyunki ऐसा करने से इनके शरीर बचे हुए हैं???

बिल्जेबब- हाँ ये सत्य है की इसी अग्नि से इनके शरीर बचे हुए hain,kintu इसी अग्नि की वजह से ये मोक्ष प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं....

और इसका कारण ये है की ये जानते हैं की इनके समूह नाश से परिवर्तक भी नष्ट हो जाएगा और ऐसा होते hi ब्रम्हांड के सारे ग्रहों की चाल और दिशा बदल जायेगी..

यही नहीं हर गृह की गति और वक़्त पर भी प्रभाव padega..agar एक वाक्य में कहूं तोह इनके मरते hi पूरा ब्रम्हांड भी ख़त्म हो जाएगा....

इस अग्नि की वजह से ये मर तोह नहीं पा रहे हैं पर साथ साथ जी भी नहीं पा रहे हैं...

तोह हुआ न इनका दर्द इनका अविषाप भी और वरदान भी....

भुविका- क्या बात hai???agar तुम मुझे ये सब नहीं बताते तोह ऐसा भी कुछ हो सकता है इसकी मई कल्पना भी नहीं कर पाती....

जैसे hi बिल्जेबब की बात ख़त्म hui,itni देर से शांत खड़े शादौस में से एक ने अपना मुँह खोला......

1सत शैडो- तुम्हारे कथन से पता चलता है की ास्मोडियस को इस सब के बारे में पहले से ज्ञात tha....fir उसने कुछ क्यों नहीं किया???

BEELZEBUB-unhe भला इस सब से क्या matlab???unhone जो चाहा वो हासिल kiya...(parivartak).....

अब तुम सब खुदको बचाओ या मारो इससे उन्हें कोई नुक्सान nahi...is ब्रम्हांड के रहने ना रहने से तुम्हे फर्क पड़ता hai,mere फादर को नहीं.....

भुविका- वैसे यहाँ से निकलने के बाद मई तुम्हारे पास hi आने वाली थी....

ये जानने के लिए की डिफेंडर को तुम कैसे ख़त्म नहीं कर paaye.....ye तोह तुम्हारे लिए बोहोत आसान होना चाहिए था....

बिल्जेबब- नहीं BHUVIKA....pichle बार हम दोनों में से किसीका भी डिफेंडर से ज़्यादा देर तक मुकाबला नहीं हुआ था....

उसके गायब होने पर हमने ये सोचा की वो हमसे दर गया है किन्तु असल में उस वक़्त उससे अपने दोनों ग्रहों को बचाना था इसीलिए वो गायब हो गया था...

हमने जितना सोचा था डिफेंडर उससे कई गुना ज़्यादा शक्तिशाली है....

इसीलिए hi तोह मुझे उससे मारने के लिए अपना आखरी अस्त्र का इस्तेमाल करना पड़ा....

पर इससे पहले hi उसने अपने चाहरों तरफ एक अभेद्य कवच बना दिया जिससे मई तोड़ नहीं पाया....

भुविका- hmm.ye सब तोह मैंने भी देखा था किन्तु मुझे एक बात समझ में नहीं आयी....

बिल्जेबब- कौन सी बात???

भुविका- यही की वो गृह सेतु से बाहर आया hi kyun????mere कहने का अर्थ है की इससे उससे क्या लाभ हुआ?

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बिल्जेबब- ये तोह मई भी जानना चाहता हूँ. किन्तु चिंता मत karo..maine उसके कवच के चरों तरफ अपनी तरंगे फैला दी hai..jaise hi वो अपने कवच से बाहर aaya,mujhe पता चल जाएगा और अगले hi पल मई उसके सामने पहुंच जाऊँगा.....

और उससे मृत्यु देने से पहले मई सब जान लूंगा......

भुविका- hmm...thik hai....chalo जिस काम से आयी थी वो तोह कर लूँ....

भुविका की बात सुनकर बिल्जेबब है diya......BEEZEBUB को हस्ते देख भुविका भी है दी...

दोनों hi हवा में तैरते हुए आगे badhe..ek जगह पहुँच दोनों रूक gaye....jis काम से भुविका आयी थी वो कर दोनों गायब हो गए......

PLANET-EARTH

प्लेस- गार्डन

ANALIA,TUM ठीक हो ना.....

अनलिए जो अब भी लम्बी लम्बी साँसें ले रही thi,wo इस वक़्त अवंतिका के किसी सवाल का जवाब देने की हालत में नहीं थी....

अवंतिका भी इस बात को समझ रही थी इसीलिए उसने आगे कुछ भी नहीं pucha..wo बस अनलिए के पीठ को सहलाने लगी....

वहीँ उन दोनों से थोड़ी दूर खड़ा रोनित तोह अपने hi ख्यालों में गुम tha....usse समझ नहीं आ रहा था की वो कैसे रियेक्ट करे....

रोनित इस वक़्त ये सोच रहा था की उससे अपना दुःख बोहोत बड़ा लगता tha...usse लगता था की गॉड ने उसके साथ hi इतनी ज़्यादती क्यों की....

पर अब वो इस बात को समझ रहा था की गॉड ने उसके साथ कोई ज़्यादती नहीं ki..infact गॉड कभी भी अपने बच्चों के साथ कुछ गलत करने का नहीं सोच सकते...

पर इस यूनिवर्स में गॉड के अलावा भी एक पावर सोर्स है जो पुरे यूनिवर्स को अपने इच्छा अनुसार चलना चाहती है...

और जब कोई उसके हिसाब से नहीं चलता और उसके फैसलों के खिलाफ जाता है तोह वो उससे सजा देती है....

रोनित एक तक अनलिए को देखे जा रहा tha....wo सोच रहा था की इस मासूम को तोह ये तक मालुम नहीं की इसके साथ कैसा खेल खेला गया है.....

और वो भी इसके जन्म लेने से pehle..RONIT के कानो में अब भी अवंतिका की वो बातें गूंज रही थी जो उसने अनलिए के बारे में उससे बताई थी....

अवंतिका ने जब रोनित को बताया की उनके सामने कड़ी लड़की भुविका नहीं बल्कि उसकी जुड़वाँ बेहेन है तोह रोनित को यकीं नहीं हुआ...

उसके बाद अवंतिका ने रोनित को अनलिए और भुविका की पूरी असलियत बताई जिससे सुनकर रोनित का दिमाग घूम गया....

आपको याद होगा दोस्तों की क्यूरियस के लोगों को श्राप मुक्त करते hi V.J की शक्तियां वापस आ गयी थी....

और जैसे hi V.J की शक्तियां वापस aayin,usse दो चीज़ें पता चली..

एक तोह ास्मोडियस का वो षड़यंत्र जिसकी वजह से उसका वजूद उससे अलग होने वाला था और इसके साथ साथ V.J को एक और बात पता चली थी जिससे जानकार वो ास्मोडियस के दिमाग की तारीफ़ करने से खुद को रोक नहीं पाया था...

वो बात यही थी doston.....V.J को पता चल गया था की भुविका की असली सगी बेहेन निष्कलिका नहीं बल्कि अनलिए hai...aur अपने अस्तित्व को खोने से पहले उसने इस बारे में अवंतिका को भी बता दिया था....

अब आपके ज़हन में सवाल उठ सकता है ये कैसे हो सकता है bhala,kahan क्यूरियस और कहाँ ग्लूटो....

उसके ऊपर भुविका का जन्म अनलिए के जन्म के हज़ारों साल बाद हुआ tha...aur वो भी उसी माँ की कोख से जिस कोख से निष्कलिका ने जन्म लिया था....

फिर अनलिए और भुविका का बेहेन होना कैसे संभव hai..toh दोस्तों मैंने पहले भी कहा था की जिस किस्से में ास्मोडियस और विक्रम शामिल हों वहां कुछ भी हो सकता है..

पर इससे ज़्यादा मई आपको इस बारे में फ़िलहाल नहीं बता पाऊंगा. आप सब को इस मटर को समझने के liye,iski हक़ीक़त से रूबरू होने के लिए अभी थोड़ा इंतज़ार करना पड़ेगा....

प्रेसिसेली कहूं तोह वेट टिल थे सेंचुरी अपडेट....

khair,ANALIA अब ठीक thi..par ठीक होते hi वो आँखों में दर लिए रोनित को देख रही थी...

खुदके लिए अनलिए की आँखों में दर देख रोनित को अच्छा नहीं laga..wo जानता था की अनलिए एक सिंपल सी लड़की है जिससे अनजाने में hi sahi,usne तकलीफ पहुंचा दी थी...

पर रोनित अभी अनलिए को कुछ कहना नहीं चाहता tha..wo चाहता था की पहले अवंतिका अनलिए से बात कर उसके दर को दूर करे...

अवंतिका- तुम्हे डरने की ज़रुरत नहीं है ANALIA,RONIT तुम्हे कुछ नहीं करेगा....

अनलिए- पर उन्होंने हमारा गाल क्यों dabaya..???kya हमने अनजाने में उनके साथ कुछ गलत किया hai....agar किया है तोह कृपया हमे माफ़ कर दीजिये....

अनलिए की भोली भाली बात सुनकर रोनित का मन ग्लानि से भर गया....

अवंतिका- तुम क्यों माफ़ी मांग रही हो अनलिए....

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?तुम तोह पहली बार यहाँ आयी हो naa.pehli बार इससे मिल रही ho..fir तुम भला कैसे इसके साथ कुछ बुरा कर सकती हो???

अनलिए- हाँ वो तोह hai..par जब ये हमारा गाला दबा रहे थे तब ये इतने ग़ुस्से में थे की हमे लगा की शायद अनजाने में हमसे कोई गलती हो गयी है...

अवंतिका और रोनित दोनों hi अनलिए की सादगी भरी बातों को सुनकर सोच में पद गए...

दोनों सोच रहे थे की कितना फर्क है दोनों बहनो me...ek के मन में सिर्फ बदले की भावना है वो भी एक गलत कारण को लेकर...

और दूसरे के मन में त्याग ki,maafi की भावना है जबकि उसकी कोई गलती hi नहीं है...

रोनित- मुझे माफ़ कार्डो ANALIA......darasal मैंने तुम्हे कोई और समझ कर ऐसा किया था?

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अनलिए- आप माफ़ी मत maangiye...hum आपसे माफ़ी मांगते हैं की हमारे चेहरे को देख आप जैसे अचे इंसान के दिल को तकलीफ पहुंची....

रोनित- अभी कुछ दे पहले hi मैंने तुम्हारा गाला दबाया tha..fir तुम कैसे मुझे एक अच्छा इंसान कह सकती हो???

अनलिए- क्यूंकि आप इनके साथ हैं....

अनलिए ने अवंतिका की तरफ इशारा कर अपनी बात कही...

रोनित- तोह???

अनलिए- इनकी और हमारे कष्टहरता (V.J) की वजह से hi तोह हमारा गृह इतने सालों की तड़प से आज़ाद हो पाया है....

हमे बचने के लिए इन दोनों को स्वयं भगवन ने चुना tha....aur आप इनके साथ हैं इसका अर्थ ये है की आप इनके मित्र हैं...

जिससे भगवन ने हमारे उद्धार के लिए चुना ho,aise मनुष्य का मित्र तोह ाचा hi होगा ना....

अवंतिका- तुमने बिलकुल ठीक कहा ANALIA...ye मेरे मित्र hain..par तुम्हारे कष्टहरता के ये सबसे घनिष्ट मित्र हैं....

ये जानकार की रोनित विक्रम का बेस्ट फ्रेंड है अनलिए बोहोत खुश हो गयी....

AVANTIKA-ek बात बताओ ANALIA,tum यहाँ कैसे?

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इतने देर से अवंतिका के दिमाग में जो सवाल चल रहा tha,wo उसने अनलिए से पूछा???

अनलिए- सबसे पहले तोह हम आपका धन्यवाद करना चाहते hain....hum जानते हैं की आप ने जो हमारे लिए किया उसके बदले में मात्र एक धन्यवाद काफी नहीं hai,kintu इसके अलावा हमारे पास आपो देने के लिए कुछ नहीं है....

ये बोल अनलिए ने अवंतिका के सामने अपने हाथ जोड़ liye....par अनलिए के ऐसा करते hi अवंतिका ने झट से उसका हाथ पकड़ वापस नीचे कर दिया...

अवंतिका- तुमने hi तोह अभी कहा था ना की तुम्हे और तुम्हारे गृह को बचने के लिए हमे भगवन ने चुना था....

तोह फिर धन्यवाद kaisa???hum वही कर रहे थे जिससे करने के लिए हमे भगवन ने आदेश दिया tha....ab ये सब छोडो और जो मैंने तुमसे पूछा है उसका जवाब do..tum यहाँ कैसे आयी?

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अनलिए- वो दरअसल आप दोनों ने हमारी इतनी बड़ी मदद की और फिर बिना हमसे मिले वापस चले gaye..hume अपना आभार प्रकट करने का मौका भी नहीं diya..isiliye आप दोनों से मिलकर आपको धन्यवाद करने के लिए हम यहाँ चले आये....

अनलिए की बातों और उन बातों को कहते वक़्त उसके चेहरे को अवंतिका बड़े गौर से देख रही थी....

उससे अंदाज़ा हो गया था की अनलिए ने अधूरी बात बताई hai..baaki की बात जो की असल बात है वो उससे छुपा गयी है....

पर अवंतिका ने इस बात को फ़िलहाल के लिए ताल दिया....

अवंतिका- इतनी बड़ी पृथ्वी में तुम्हे ये कैसे पता चला की हम तुम्हे यहीं पर मिलेंगे?

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रोनित- haan,ye तोह मई भी जानना चाहता हूँ....

अनलिए- वो दरअसल जिस सौरिस वृक्ष पर ास्मोडियस ने काला जादू किया tha,jiske फल को खाकर लार्ड ऑफ़ एंगेल्स ने उस वृक्ष के अंदर अपनी सफ़ेद ऊर्जा छोड़ी और उससे वापस पवित्र kiya,ussi वृक्ष की मदद से हम यहाँ पहुँच पाए हैं....

अवंतिका- मई अभी भी नहीं समझी की तुम क्या कह रही हो?

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अनलिए- दरअसल बात ये है की अपनी जिस सफ़ेद ऊर्जा से लार्ड ऑफ़ एंगेल्स ने सौरिस वृक्ष को श्रापमुक्त किया tha,wahi ऊर्जा अब सौरिस वृक्ष के अंदर भी बहती है....

जो की असल में लार्ड ऑफ़ एंगेल्स की ऊर्जा hai...aur इसी वजह से वो वृक्ष भी लार्ड ऑफ़ एंगेल्स से जुड़ चूका है......

शायद ये लार्ड ने इसीलिए किया था ताकि दोबारा कोई चाहे भी तोह हमारे गृह के ऊपर कोई काला जादू न कर पाए और ना hi किसी अन्य तरीके से दूषित कर पाए...

आपके हमारे गृह से जाने के कुछ देर बाद तक उसी वृक्ष के फल को खाने से हम सब सौरिस वासी लार्ड ऑफ़ एंगेल्स को महसूस कर पा रहे थे...

हम सभी उनका धन्यवाद करने हेतु उनसे मिलने आने वाले थे किन्तु ऐसा करना ठीक नहीं होता...

हम अपने गृह को जो की नजाने कितने सदियों के बाद वापस पहले जैसा श्राप मुक्त हुआ tha,usse छोड़ना नहीं चाहते थे...

और वैसे bhi,jaise हमारी ऊर्जा का श्रोत सौरिस विरिक्ष में फैलने वाला फल hai,ussi तरह हमारे गृह के ऊर्जा का श्रोत भी हम हैं....

हम सब के एक साथ जाने से हमारे साथ साथ हमारी ऊर्जा भी हमारे गृह से चली जाती जिसका परिणाम ाचा नहीं होता....

इसीलिए सबने ये फैसला किया की उन सब की तरफ से मई यहाँ आऊं और लार्ड ऑफ़ एंगेल्स से सबकी तरफ से धन्यवाद कहूं...

रोनित- तुम hi क्यों?

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मेरा मतलब तुमसे बड़े भी तोह कई लोग वहां होंगे naa????unme से भी तोह कोई न कोई यहाँ आ सकता था ना???

ANALIA-haan आ सकते the..par मई इसीलिए आयी क्यूंकि मई hi वो थी जिससे सपने में देख लार्ड को हमारे गृह के कष्ट के बारे में पता चला था....

अवंतिका- सवाल तोह अब भी वही hai..ki तुम यहाँ पहुंची कैसे?

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ANALIA-LORD तक पहुँचने का रास्ता भी सौरिस वृक्ष का फल tha....kyunki उससे खाते hi हम कुछ पलों के लिए लार्ड की ऊर्जा से जुड़ जाते थे....

और उसी दौरान अपनी आतंरिक शक्ति की मदद से मई उस जगह पर पहुँच सकती थी जिस जगह पर मुझे लार्ड की ऊर्जा महसूस होती थी.....

फिर जब मैंने तय किया की आज मई याना लार्ड के पास आउंगी और इसी सोच को सच बनाने हेतु जब मैंने कौरीन फल का सेवन किया....

पता नहीं क्यों पर मुझे लार्ड ऑफ़ एंगेल्स की ऊर्जा महसूस होना बंद हो gayi....maine जब ये बात सबको बताई तोह उन सब ने भी फल का सेवन किया पर कोई नतीजा नहीं निकला...

किसी को भी लार्ड ऑफ़ एंगेल्स की ऊर्जा महसूस नहीं हो पा रही thi...ab हम कुछ नहीं कर सकते थे..

हम सब बोहोत निराश हो गए थे.....

निराशा के साथ साथ हमे ये दर भी सताने लगा था की कहीं कुछ अनिष्ट तोह नहीं हो gaya....par लार्ड ऑफ़ एंगेल्स को भला क्या तकलीफ हो सकती है ये सोचकर हम खुद को मन लेते थे.....

ऐसे hi दिन बीतने lage....hum सब हर दिन इस उम्मीद के साथ की आज लार्ड की ऊर्जा को हम महसूस कर paayenge,hum फल का सेवन करते पर कोई फायदा नहीं होता....

किन्तु कुछ दिन पश्चात् हमे वापस लार्ड की ऊर्जा महसूस होने lagi.hum सब बेहद खुश हो गए किन्तु ये ख़ुशी भी कुछ hi पलों के लिए थी..

kaaran....hum लार्ड की ऊर्जा महसूस तोह कर पा रहे थे किन्तु सिर्फ शान भर के लिए...

और इतना समय काफी नहीं tha.....LORD तक पहुँचने के लिए हमे उनसे और अधिक देर तक जुड़ने की आवशयकता थी...

हम लगातार कौरीन फल का सेवन करने लगे इस उम्मीद के साथ की हमे थोड़ी ज़्यादा देर तक लार्ड की ऊर्जा महसूस हो ताकि हम उस ऊर्जा के केंद्र को खुद से जोड़कर उन तक पहुँच सकें पर ऐसा हुआ नहीं...

किन्तु आज इतने समय के बाद हमे उनकी ऊर्जा थोड़ी ज़्यादा देर के लिए मेहुस hui..aur ऐसा होते hi हमने उनकी ऊर्जा को अपने आतंरिक शक्ति से जोड़ दिया....

पर पता नहीं कैसे लार्ड के सामने पहुँचने के बजाये हम इस उद्यान में पहुँच गए....

(अनलिए जब यहाँ पहुंची तोह ये वही टाइम था जब अवंतिका और रोनित यहाँ से गायब होकर सेक्रिला गए थे)

ANALIA-hume लगा की लार्ड यही कहीं होंगे पर काफी देर तक ढूंढ़ने के बाद भी जब हमे वो नहीं मिले तोह हमे बोहोत बुरा लगा..

हमने अपनी साड़ी आतंरिक शक्ति यहाँ आने में लगा दी थी इसीलिए अब हम यहाँ से जा भी नहीं सकते the....isiliye हम यहाँ इस जगह बैठ कर काफी देर से रो रहे थे...

ऊपर वाले से प्रार्थना कर रहे थे की हमारी मदद kare..humari तोह साड़ी आस hi टूट गयी थी की इतने में हमारी नज़र आप पर पढ़ गयी.....

पर तभी अनलिए को जैसे कुछ याद आया....

अनलिए- पर आप यहाँ kaise????aur लार्ड ऑफ़ एंगेल्स कहाँ hain????unhe तोह पता चल hi गया होगा की क्यूरियस से कोई यहाँ आया hai..bhala उनसे कुछ थोड़ी न छुपता है....

अनलिए के सवाल पर पहले तोह अवंतिका और रोनित ने एक दूसरे की तरफ देखा...

दोनों hi सोच रहे थे की अनलिए को सच बताएं या नहीं.....

सच न बताने की दोनों के hi पास दो दो वजह थी...

पहली ये की V.J की कंडीशन के बारे में जानकार अनलिए को दुःख पहुँचता..

और दूसरी ये की V.J की कंडीशन के बारे में सुनकर शायद अनलिए के मैं में ये दर बैठ जाए की जब लार्ड ऑफ़ एंगेल्स hi सुरक्षित नहीं हैं तोह फिर उनके साथ दोबारा कुछ गलत होना कौन सी बड़ी बात है..

पर इन दोनों सोच के ऊपर एक सोच और थी जो इन दोनों सोचों पर भारी थी...

और वो ये की अनलिए बिना अपनी परवाह के अपने गृह से लाखों लाइट इयर्स दूर पृथ्वी पर बस V.J से मिलने उससे थैंक्स कहने आयी है....

बिना इस बात के बारे में सोचे या फ़िक्र किये की अगर V.J यहाँ उससे ना मिला तोह शायद ऐसा कोई भी दूसरा नहीं है जो उससे वापस उसके गृह में पहुंचा पाए....

और इसीलिए......

AVANTIKA-filhal V.J नहीं आया है yahan..aur उससे इस बात का आभास तक नहीं है की तुम यहाँ आयी हो....

अवंतिका की बात सुनकर अनलिए चौंकी...

अनलिए- पर ये कैसे मुमकिन hai..jis तरह से सौरिस वृक्ष के माध्यम से हम उनसे जुड़े हुए hain,ussi तरह वो भी तोह वृक्ष के माध्यम से हमसे जुड़े हुए होंगे ना..

आखिर उन्ही की ऊर्जा hi तोह अभी हम सारे क्यूरियस वासियों के अंदर बह रही है...

अवंतिका- तुम सब के अंदर लार्ड ऑफ़ एंगेल्स की ऊर्जा बह रही है ANALIA,VIKRAM की नहीं....

अनलिए- हम समझे nahi..dono तोह एक hi हैं ना...!!!!

अवंतिका- अब nahi....VIKRAM से उसकी ऊर्जा अलग हो गयी hai..aur ये उसी वक़्त हुआ था जिस दिन से तुम सब को उसकी ऊर्जा महसूस होना बंद हो गयी थी...

अवंतिका की बात को सुनकर अनलिए को समझ नहीं आया की वो कैसे रियेक्ट kare..wo ठगी सी अवंतिका को देख रही थी या फिर ये कहूं की उसकी बातों को समझने की कोशिश कर रही थी....

अनलिए- हमे अभी भी समझ नहीं आ रहा की आप क्या कह रही hain...LORD ऑफ़ एंगेल्स से उनकी पहचान कैसे छीन सकती है....

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फिर अवंतिका ने शुरू से अनलिए को सब कुछ bataya....jaise जैसे अवंतिका साड़ी बात बताए जा रही thi,ANALIA के आखों से आंसुओं की धार सी निकलने लगी थी..

ख़ास कर के इस बात को जानकार की विक्रम की ये हालत उन्ही को बचने की वजह से हुई है...

अनलिए सोच रही थी की ना तोह विक्रम क्यूरियस aate,aur नाही उनसे उनकी पहचान अलग होती...

अनलिए के आंसुओं को देखकर अवंतिका भी ये समझने लगी थी की कहीं न कहीं अनलिए खुदको और अपने प्लेनेट को विक्रम का गुनहगार मान रही है....

अवंतिका- ANALIA,agar तुम ये सोच रही हो की तुम और तुम्हारे गृह के लोग विक्रम की इस हालत के ज़िम्मेदार हैं तोह तुम गलत हो...

अचे लोगों को बुरी शक्तियों से bachana,unki बिगड़ी हालत को सुधारना hi विक्रम का फ़र्ज़ hai...isiliye hi उसका जन्म हुआ है...

और कभी कभी अपने फ़र्ज़ को निभाते वक़्त कुछ कुर्बानियां देनी पड़ती hain..ye कुर्बानियां भी उस फ़र्ज़ का hi एक भाग है...

तोह अपने आप को दोष देना बंद karo..aur फ़िक्र मत karo,bohot जल्द विक्रम को उनकी pehchaan,unka ओहदा वापस मिल जाएगा....

अवंतिका की बात सुनकर अनलिए को थोड़ा चैन आया पर तभी उसके मन में एक दूसरे सवाल ने घर कर लिया....

अनलिए- पर कुछ समय से हम सब उनकी ऊर्जा को महसूस कर पा रहे the...aur आज तोह काफी देर तक हमने उनकी ऊर्जा को महसूस किया इसीलिए तोह हम यहाँ उनसे मिलने आ पाए..

अगर उनकी ऊर्जा उनके पास नहीं है तोह फिर हम किस्से महसूस कर रहे थे...

अवंतिका- तुम विक्रम के ऊर्जा को hi महसूस कर रही thi..par वो ऊर्जा इस वक़्त विक्रम के पास नहीं बल्कि मेरे पास है....

अवंतिका की इस बात को सुनकर अनलिए बुरी तरह चौंकी....

अनलिए- kya!!!!par ये कैसे संभव है....

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अवंतिका- संभव है ANALIA..kyunki मई V.J की शक्ति हूँ...

इसके बाद अवंतिका ने अनलिए को अपना सच बताया और ये भी बताया की V.J ने किस तरह अपनी ऊर्जा को उसके हवाले किया था...

अवंतिका की साड़ी बातों को सुन अनलिए कुछ देर तक एक तक अवंतिका को देखती रही...

उसके मन में कुछ चल रहा था जिस वजह से उसके आँखों में कुछ था जो अवंतिका पहचान नहीं पा रही thi....par तभी....

अनलिए अवंतिका के आगे झुकती चली गयी....

अवंतिका- अरे ये क्या कर रही हो...

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अनलिए- चाहे जिस भी रूप में ho,par इस वक़्त लार्ड ऑफ़ एंगेल्स की ऊर्जा मेरे सामने hai..mai उसी को नमन कर रही हूँ....

अवंतिका- इसकी कोई ज़रुरत नहीं.....

ये कहकर जैसे hi अवंतिका ने अनलिए को उठाने के लिए उसके कंधे को छुआ....

AVANTIKA-OH सहित........

अवंतिका की आवाज़ कुछ तेज़ थी जिससे सुनकर रोनित भी चौंक gaya...RONIT को याद आया की कुछ देर पहले भी अवंतिका ने ओह सहित कहा था और उसका रिजल्ट अनलिए के रूप में एक बोहोत बड़े झटके के रूप में लगा..

और एक बार फिरसे अवंतिका ने वही शब्द कहें hai,iska मतलब अभी फिरसे एक और झटके की बारी है.....

जहाँ अवंतिका अनलिए को उठाने के बाद एक तक उससे देख रही थी वहीँ अनलिए भी अवंतिका को देख रही थी....

अवंतिका- ANALIA,sach batao,tum यहाँ क्यों आयी ho????aur अगर तुमने झूठ कहा तोह मई तुम्हे बिना विक्रम से मिलाये बिना वापस भेज दूंगी....

इस बार अवंतिका की आवाज़ थोड़ी कड़क थी.

अवंतिका की बात सुनकर रोनित चौंका पर वो चुप hi raha..wo जानता था की अवंतिका बिना वजह ऐसे बेहवे नहीं करेगी...

अनलिए भी अवंतिका की बात और बात सुनकर पहले तोह शॉकेड हुई पर फिर उसके चेहरे पर दर के भाव आ गए...

अवंतिका- सच बोलने से डरो mat.....sach बोलोगी तोह मई वादा करती हूँ की मई कुछ नहीं कहूँगी पर अगर झूठ बोलै तोह मुझसे बुरा कोई नहीं होगा..

इस बार अवंतिका की आवाज़ में और सख्ती थी जिससे सुनकर अनलिए का दर और बढ़ गया...

पर अवंतिका के वादे की वजह से उससे थोड़ा हौसला भी आया था और इसीलिए.....

अनलिए- हम विक्रम से प्रेम करते हैं........

आज के लिए इतना HI

आपका अपना V..J.....
 
मेरे स्पर्श से राखत की

जकड ढीली होगी....

पर सम्पूर्ण उपचार

उस पानी से होगा,

जिसमे मोहोब्बत में निकली

नमकीन पानी मिली होगी...

बरोथेर.. रिडल्स अरे लिखे ब्रेक्स.. वे अप्लाई आईटी बी आवर लेग्स बूत इतस इफेक्ट्स अरे ों टायर्स व्हिच वे चैंट इवन सी....

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थे लेंथ वास् 3500 वर्ड्स बीआरओ... एनफ बिग 4 ान अपडेट... स्टार्टिंग फ्यू उपदटेस ऑफ़ थिस लास्ट chapter वेरे बिग... लिखे रियली बिग... अस एच ओने वास् मोरे थान 5000 वर्ड्स जस्ट लिखे ा मेगा अपडेट... बूत रीज़न बिहाइंड गिविंग सुच बिग उपदटेस वास् जस्ट तो क्लियर थे एयर ऑफ़ तजे सेकंड chapter एंड तो बिल्ड थे बेस ऑफ़ थिस chapter... िफ़ ी वोउल्ड हैवे गिवेन नार्मल साइज उपदटेस व्हिच इस स्टिल बिग्गेर अस आल अपडेट तहत ी हैवे रिटेन अरे सिंगुलर्ली मोरे थान 3000 वर्ड्स व्हिच इस नॉट ओफ्तें सीन इन ा स्टोरी थान टिल टाइम वे वोउल्ड हैवे क्रॉस्ड 175 उपदटेस easily...but ी डोंट बिलीव इन पुशिंग थे स्टोरी लॉन्ग जस्ट तो कसमे time....very soon,we अरे गोइंग तो रीच थे एन्ड गेम ऑफ़ थिस story....read एंड एन्जॉय
 
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