अब तक आपने पढ़ा की जहाँ एक तरफ रोनित को विक्रम की हालत के बारे में जानकार दुःख होता है वहीँ दूसरी तरफ सत सेबेस्टियन अवंतिका को लार्ड ऑफ़ एंगेल्स कहकर सम्भोदित करते हैं
अब आगे:-
फाइनल CHAPTER
(एंगेल्स सैक्रिफाइस & डेविल्स डेमोलिशन)
अपडेट-96
PLANET-MONSLICKEL
PLACE-ASMODEUS पैलेस
आओ आओ मेरे BACHON.....MERA सर फक्र से ऊँचा करने की कैसी शाबाशी दूँ????...
ास्मोडियस के इस बात या फिर ये कहूं की उसके टॉन्ट को सुनकर उसके सामने खड़े भुविका और बिल्जेबब का सर शर्म से झुक गए.....
आपको सबको याद होगा की रोप ऑफ़ पैन में जकड़े बिल्जेबब और भुविका अचानक गायब हो गए थे...
वो दोनों खुद गायब नहीं हुए थे बल्कि उन्हें ास्मोडियस ने गायब कर अपने पास बुला लिया था....
ास्मोडियस- क्या hua???sir झुकाये क्यों खड़े ho???apni नाकामी में शर्म आ रही है या अपने घमंड के टूटने पर....!!!!???
पर भुविका और बिल्जेबब अब भी बिना एक शब्द कहे अपना अपना सर झुकाये खड़े थे....
ास्मोडियस उन दोनों के मन में उमड़ रहे सवालों को अचे से पढ़ पा रहा tha...isiliye......
ास्मोडियस- अपने शर्म का नाटक छोड़ जो सवाल तुम दोनों के मन में उफान मार रहे hain,wo पूछो हो दफा हो जाओ मेरे सामने से.....
इस बार भुविका और बिल्जेबब ने धीरे धीरे अपना सर ऊपर उठाया और.....
बिल्जेबब- FATHER.....aapse तोह कुछ भी छुपा नहीं hai....ye जो भी hua,wo कैसे हो सकता है????
हम दोनों मिलकर भी रोनित का सामना नहीं कर पाए...!!!
भुविका- हम दोनों hi रोनित के सामर्थ्य से परिचित hain..usme इतना दम नहीं की हमे हरा सके और वो भी इतनी सहजता से....
हो ना हो ये सब उस अवंतिका ने किया hai,par kaise????uske पास इतनी शक्तियां कहाँ से aayin????aisi शक्तियां जिनका सामना करना तोह दूर हम उसके सामने कुछ शान भी खड़े तक नहीं रह पाए....
ास्मोडियस- ये तोह मई भी जानना चाहता हूँ की अवंतिका के पास इतनी शक्तियां आयीं तोह आयी कैसे????
ास्मोडियस की बात सुनकर भुविका और बिल्जेबब को झटका लगा...
ऐसा कुछ जिससे ास्मोडियस अनजान ho,wo भी तब जब उसने खुद भुविका और बिल्जेबब को अवंतिका द्वारा रोनित को दिए शक्ति से लड़ते हुए देखा tha,ye बात उन्हें हज़म नहीं हो पा रही थी.....
बिल्जेबब- आपको नहीं पता FATHER???par ये कैसे हो सकता है????
ास्मोडियस- इस ब्रम्हांड का एक मात्र सच यही है की यहाँ कुछ भी हो सकता hai...khaas करके तब जब किसी बात किसी विषय में मई और विक्रम जुड़े हुए हों....
बिल्जेबब- पर यहाँ बात तोह अवंतिका की है ना....
ास्मोडियस- विक्रम और अवंतिका एक hi धागे में पिरोये दो मोती hain...AVANTIKA के पास बेशक कोई मायावी या अलौकिक शक्ति नहीं है पर उससे इसकी ज़रुरत hi नहीं है...
जब तक विक्रम जीवित है तक तक अवंतिका एक अबिद्या किले की तरह है जिससे भेदा नहीं जा सकता.....
ास्मोडियस के मुँह से अवंतिका की तारीफ़ सुनकर बिल्जेबब और भुविका दोनों को ाचा नहीं लगा.....
बिल्जेबब- FATHER.....AVANTIKA ने आपका भी अपमान किया tha....usne कहा की.....
ास्मोडियस- जब तेरा बाप मुझे नहीं मार सकता तोह तू किस खेत की मूली है.....
बिल्जेबब की अधूरी बात ास्मोडियस ने पूरी कर दी.....
भुविका- जी डेविल LORD,usne आपका अपमान करने हेतु इन्ही शब्दों का प्रयोग किया था...
भुविका और बिल्जेबब को लगा की अब ास्मोडियस भड़केगा पर जो बात ास्मोडियस ने kahi,usse सुनकर दोनों को एक और झटका लगा.....
ASMODEUS-sach कड़वा hi होता है और सच को कभी अपमान की श्रेणी में नहीं रखा जाता....
अवंतिका ने जो कहा वो शाट प्रतिशत सत्य है और सत्य से लज्जित नहीं हुआ जाता.....
बिल्जेबब- पर FATHER,aapne तोह इस्ला में अवंतिका के शरीर में शकरून विष को स्थानांतरित (ट्रांसफर) किया था ना....
ASMODEUS-ye याद रहा की मैंने अवंतिका के शरीर में विष मिलाया था किन्तु ये याद नहीं रहा की किन परिस्तिथियों में मई ऐसा करने में कामियाब हुआ था.....
उस वक़्त विक्रम का शरीर मूर्छित tha..itna hi नहीं उसकी अलौकिक शक्तियां भी उसके शरीर से निकलते राखत के साथ कमज़ोर पढ़ गयी थी....
इसीलिए उस वक़्त अवंतिका का कवच जो उससे पैदा होते साथ hi मिल गया tha,wo भी कमज़ोर हो गया था और इसीलिए मई उसके शरीर में विष दाल पाया था....
पर अभी ऐसा कुछ भी नहीं hai....is वक़्त अवंतिका के पास ना सिर्फ उसके खुद का अभेद्य सुरक्षा कवच hai,par उसके साथ साथ विक्रम की अपार शक्तियां भी उससे जुडी हुई है....
ऐसे में उससे मारना तोह door,haani पहुँचाना भी असंभव है....
भुविका- अगर ऐसा है तोह जब हमने अवंतिका को मारने की बात kahi,toh आपने हमे मन क्यों नहीं किया????
ास्मोडियस- एक आम लड़की से तुम्हे इतनी शक्तिशाली बना दिया उसके बाद भी तुम्हारी मूर्खता भरे फैसलों को मई ठीक करता रहूं????
अवंतिका को अगर हानि पहुंचाया जा सकता तोह तुम्हारे कहने से पहले hi मैंने तुम्हे ऐसा करने के लिए कह दिया होता....
पर तुम दोनों hi इतने मुर्ख हो की जब तक साड़ी बात किसी बच्चे को समझाने के जैसे hi तुम्हे भी ना समझाया jaaye,tab तक तुम्हारा मस्तिष्क सुण्या hi रहता है....
जितनी हानि तुम विक्रम को पंहुचा सकती thi,utni पहुंचा चुकी ho...isse ज़्यादा तुम कुछ नहीं कर सकती पर ये बात तुम्हारी बुद्धि में प्रवेश hi नहीं करती तोह मई क्या कर सकता हूँ....
जहाँ ास्मोडियस की बात सुनकर एक बार फिरसे भुविका का चेहरा शर्म से झुक गया था वहीँ बिल्जेबब के दिमाग में एक दूसरे सवाल ने जन्म ले लिया था...
और जैसे hi ास्मोडियस ने अपनी बात ख़त्म की तभी........
बिल्जेबब- FATHER???kya मई कुछ पूछ सकता हूँ????
ास्मोडियस को बिल्जेबब के सवाल के बारे में पता था फिर भी उसने उसके सवाल को सुनाने के लिए अपने सर को एक हलकी सी जुम्बिश दी.....
बिल्जेबब- हमे सत्य से परिचित करने के लिए आपने हमे अवंतिका को मारने के लिए हाँ कहा किन्तु आपने सेक्रिला hi क्यों चुना ऐसा करने के लिए....!!!???
और अवंतिका वहां कर क्या रही थी????
ास्मोडियस तोह बिल्जेबब के पूछे गए सवाल के बारे में पहले से जानता था इसीलिए वो नार्मल hi रहा पर पर भुविका इस सवाल को सुन जिज्ञासा भरी नज़रों से ास्मोडियस के तरफ देखने लगी....
ास्मोडियस- पिछले साथ महीनो से विक्रम पूरी रात सेक्रिला में मर्सिए रिवर के पानी के ऊपर ध्यान अवस्था में बीतता आया है और प्रातः होते hi वो उसी पानी के अंदर चला जाता है दोबारा ध्यान में बैठने के लिए.....
मुझे जानना था की वो ऐसा क्यों करता hai???VIKRAM के साथ जो हुआ है उससे केवल अवंतिका hi जानती है और उसके ऊपर वो विक्रम की शक्ति भी है.
मुझे अंदेशा था की एक ना एक दिन विक्रम के पीछे पीछे अवंतिका भी ज़रूर सेक्रिला पहुंचेगी.....
इसीलिए मैंने तुम दोनों को उस जगह पर अपनी शक्ति तरंगे छोड़ने को कहा था जिससे जब भी वहां कोई आये तोह तुम्हे पता चल जाए....
बिल्जेबब- विक्रम मर्सिए रिवर के ऊपर और भीतर ध्यान लगता hai,iska कारण जानना आपके लिए तोह मामूली बात है फादर.....
और ख़ास कर तब जब आपका खून विक्रम के भीतर hai....unke दिमाग में चल रही साड़ी बातें तोह आपको आपके खून की वजह से पता चल hi जाती होंगी....
ास्मोडियस- यही तोह समस्या hai...pehle कुछ दिन तक मई उसकी हर सोच पढ़ पा रहा था पर जबसे वो मर्सिए रिवर के अंदर ध्यान लगाने बैठा hai,tab से मई ऐसा करने में असमर्थ हूँ....
किसी तरह विक्रम ने अपने विचारों को अपने दिमाग में आने से रोकने की कला सिख ली है....
भुविका- अगर ये सब मर्सिए रिवर की वजह से हुआ hai,toh हमे उस रिवर को hi ख़त्म कर देना चाहिए....
ना रहेगा baans,naa बजेगी बासुरी.....
भुविका की बात सुनकर ास्मोडियस को हसी आ गयी.....
ास्मोडियस- jao,ye भी करके देख lo...par एक बात याद rakhna,is बार मई तुम्हे नहीं बचाऊंगा.....
ास्मोडियस की बात सुनकर भुविका को अपनी गलती का एहसास hua..usse याद आया की वो फिरसे वही गलती कर रही है जो उसने अवंतिका के वक़्त की thi..bina सच जाने फैसला लेने की गलती......
जब ास्मोडियस को ज्ञात हुआ की भुविका को अपनी गलती का एहसास हो गया है तब उसने आगे कहना शुरू किया.....
ास्मोडियस- विक्रम के मर्सिए रिवर में ध्यान लगाने के बाद से hi उस रिवर के चारों तरफ एक अभेद्य कवच बन गया है....
एक ऐसा कवच जिससे भेदा नहीं जा sakta...har दिन जब तक विक्रम उस रिवर तक नहीं pahunchta,mai उससे देख पाटा hun,par जैसे hi वो उस रिवर के पानी को छूटा hai,mujhe विक्रम दिखना बंद हो जाता है...
इस गुत्थी को सीधी तरह सुलझाया नहीं जा sakta..isiliye मैंने अवंतिका का सहारा लेने की सोची....
मैंने सोचा था की जब तुम दोनों उसके सामने jaaoge,toh तुम्हारी आखों से मई वहां का सारा दृश्य देख पाऊंगा पर ऐसा हो नहीं पाया.....
अवंतिका के पास मात्रा खुदको और अपने आस पास वालों को बचने के लिए एक सुरक्षा कवच tha,par आकर्मण शक्ति का उसके पास होना अब एक नयी पहेली बन गयी है....
तुम दोनों को वहां से वापस लाने के बाद मुझे वहां का दृश्य दिखना भी बंद हो गया है.....
बिल्जेबब- तोह अब?????
ास्मोडियस- SAMAY...ek ना एक दिन समय सभी राज़ों से पर्दा उठा hi देता hai..is राज़ से भी आज नहीं तोह कल पर्दा उठ hi जाएगा.....
भुविका- अब हमारे लिए क्या आदेश है???
ास्मोडियस- यही की दोबारा अपनी मूर्खता का परिचय मत dena....jaa सकते हो.....
भुविका और बिल्जेबब ने अपना सर एक बार फिरसे ास्मोडियस के आगे झुकाया और गायब हो गए.....
ास्मोडियस- ऐसी चाल को कैसे रोका जाए जो दिख HI नहीं रहा????
प्लेनेट- एअर्थ
प्लेस- सेक्रिला
जानती हूँ की बात थोड़ी शॉकिंग HAI,PAR इतने भयानक रिएक्शंस तोह मत दे.......
अपनी बात बोल अवंतिका ने रोनित के कंधे को hilaya,tab जाकर उसका मुँह बंद हुआ और वो अपनी ख्यालों की दुनिया से रियलिटी में वापस आया.....
पर अब भी रोनित एक तक अवंतिका को देख रहा था और जो सच कुछ देर पहले सत सेबेस्टियन ने उससे बताया tha,usse हज़म करने की कोशिश कर रहा था....
अवंतिका का रोनित को ये सच खुद बताने की जगह सत सेबेस्टियन के मुँह से बुलवाने का रीज़न ये था की वो जानती थी की अगर उसने ये बात बताई तोह रोनित विश्वास नहीं करेगा...
बात जो इतनी बड़ी thi...isiliye रोनित के उसकी शक्तियों के बारे में सवाल पूछते hi अवंतिका ने तीनो मेसेंजर्स को मन hi मन याद किया और उसके ऐसा करते hi GOD'S मेसेंजर्स वहां प्रकट हुए और अपनी बात कह दोबारा गायब हो गए......
कुछ देर लगा फिर जैसे hi रोनित ने अवंतिका के सच को डाइजेस्ट kiya......par सवाल तोह उसके मन में अब भी the..isiliye......
रोनित- पर kaise???i मैं ये कोई एग्जाम तोह है नहीं की टोपर ने एग्जाम नहीं दिया तोह कोई और टॉप कर लेगा....
विक्रम लार्ड ऑफ़ एंगेल्स है क्यूंकि वो परमेश्वर पुत्र है पर तुम कैसे?????
अवंतिका- जानती हूँ इस बात को डाइजेस्ट करना मुश्किल है पर यही सच hai,par अधूरा सच....
रोनित- अब ये क्या बात hui??adhura सच मतलब!!!!
अवंतिका- मेरे अंदर लार्ड ऑफ़ एंगेल्स की साड़ी ऊर्जा hai,par मई उनका लार्ड ऑफ़ एंगेल्स मतलब विक्रम की तरह इस्तेमाल नहीं कर सकती....
रोनित- मुझे अभी भी तुम्हारी कोई भी बात समझ नहीं आ रही है.....
अवंतिका- दो मिनट दिमाग और मन दोनों को शांत रख मेरी पूरी बात sun,sab समझ में आ जाएगा....
लार्ड ऑफ़ एंगेल्स की ऊर्जा का पूरा इस्तेमाल करने के लिए विक्रम के दिमाग जैसे दिमाग की ज़रुरत पड़ती है...
एक ऐसा दिमाग जो किसी भी इंसान से करोड़ों गुना तेज़ चलता hai...jiske अंदर एक सेकंड के सौवे हिस्से में hi ना सिर्फ बड़े से बड़े फैसले लेने का हुनर होता hai,balki उस फैसले को हक़ीक़त का रूप देने की क्षमता भी होती है....
इस पुरे यूनिवर्स में विक्रम जैसा दिमाग सिर्फ उसके भाई के पास है और किसी के पास नहीं....
पर जैसा की मैंने बताया था की क्यूरियस में ास्मोडियस ने छल से V.J के दिमाग को अपने खून द्वारा कण्ट्रोल में कर लिया था...
ास्मोडियस ने विक्रम के दिमाग को hi इसीलिए निशाना बनाया क्यूंकि इसके अलावा ास्मोडियस के पास कोई और ऑप्शन नहीं था....
क्यूंकि कोई भी काली शक्ति विक्रम को नुक्सान नहीं पहुंचा sakti...balki हर काली शक्ति V.J के शरीर में समां कर वाइट एनर्जी में तब्दील हो जाती है....
पर जैसे hi ास्मोडियस का खून V.J के दिमाग में pahuncha,us खून ने V.J के दिमाग को धीरे धीरे अपने बस में करना शुरू किया....
जैसे जैसे ास्मोडियस के खून का असर V.J के दिमाग में होने laga,waise वैसे V.J की ऊर्जा उसकी पहचान उससे दूर होने लगी....
पर जैसा की मैंने bataya,V.J का दिमाग एक सेकंड से भी काम वक़्त में बड़े से बड़े फैसले ले सकता hai,toh V.J ने अपने दिमाग पर ास्मोडियस के हावी होने से पहले hi तुरंत एक फैसला लिया.....
इससे पहले की V.J की ऊर्जा उससे दूर jaati,usne उस ऊर्जा को मेरे अंदर ट्रांसफर कर दिया....
रोनित- यही तोह मेरा मैं दो क़ुएस्तिओन्स में से एक hai....tum इतनी बड़ी शक्ति को कैसे संभल पा रही हो...
मुझे उस शक्ति के बस एक हलके से अंश को कुछ देर सँभालने में इतनी तकलीफ हुई और तुम उस शक्ति को पिछले 7 महीनो से लगातार संभल रही ho???kaise????
अवंतिका- क्यूंकि मेरा जन्म hi इसीलिए हुआ hai..mai ना सिर्फ विक्रम की शक्ति hun,balki वो तिजोरी भी हूँ जिसमे विक्रम अपनी शक्तियां रख सकता है....
मुझे भी इस बात का पता नहीं tha,jab V.J ने अपनी शक्तियां मुझे सौंपी तब मुझे इस बात का पता चला....
रोनित- माय goodness...jis वक़्त ास्मोडियस का खून V.J के दिमाग को अपने कब्ज़े में कर रहा tha,us वक़्त भी V.J ने इतने आगे का सोच लिया था....
अवंतिका- इतना hi nahi,V.J ने किसी तरह बिना अपने दिमाग पे ज़ोर डाले ये भी पता कर लिया की मर्सिए रिवर में वो अपने दिमाग को नियंत्रित कर सकता है....
रोनित- पर ये उसने कैसे किया?????
अवंतिका- यही तोह पता लगाने हम यहाँ आये hain..shayad इससे ये भी पता चल जाए की V.J के दिमाग से ास्मोडियस के खून को कैसे निकल जाए.....
रोनित- hmm....par एक सवाल रह गया.....
अवंतिका- यही ना की जब मई V.J की शक्तियां इस्तेमाल नहीं कर सकती तोह मैंने तुम्हारे अंदर उसकी शक्तियों की ऊर्जा कैसे छोड़ी....
रोनित- हाँ...
AVANTIKA-V.J की ऊर्जा समंदर की तरह hai...aur समंदर से एक जग पानी निकलने से समंदर को कोई फर्क नहीं पड़ता...
ठीक वैसे hi मैंने V.J की ऊर्जा का एक मामूली सा भाग तुम्हारे अंदर ट्रांसफर किया वो भी कुछ समय के लिए....
अब एक बैंक के पैसों को उसका ब्रांच उसे तोह कर hi सकता है ना....
अवंतिका की बात सुनकर रोनित और खुद अवंतिका है दिए....
रोनित- तोह अब???
AVANTIKA-hume मर्सिए रिवर के पास जाना hoga....hamare प्रॉब्लम का सलूशन वहीँ है....
रोनित ने मर्सिए रिवर के सामने के व्यू को याद कर अपना हाथ आगे kiya...RONIT और अवंतिका के सामने एक मैजिक दूर खुल गया जिससे होते हुए दोनों मर्सिए रिवर के बैंक के पास पहुँच गए.....
मर्सिए RIVER.......jisse डिवीने रिवर भी कहा जाता hai..agar इस रिवर के बारे में याद ना हो तोह अपडेट 60 पढ़ लें....
रोनित- अब क्या करें?????
पर अवंतिका ने रोनित की बात का कोई जवाब नहीं diya..MERCIA रिवर के सामने आते hi अवंतिका अपने सीने में हाथ रख उससे प्रेस कर रही थी.....
रोनित- क्या हुआ अवनि??? अरे ु ऑलराइट??!!!
अवंतिका- hmm....yahan आते hi मई अपने अंदर एक हलचल फील कर रही हूँ....
ऐसा लग रहा है जैसे V.J की ऊर्जा बाहर आना चाहती है....
रोनित- तोह ले आओ बाहर usse..shayad कोई क्लू मिल जाए...
अवंतिका- मई ऐसा नहीं कर sakti...V.J की ऊर्जा 1000 सूर्य के तेज से भी अधिक शक्तिशाली hai...agar उससे ऐसे hi खुला छोड़ दिया जाए तोह हर तरफ तबाही मच जाएगी.....
रोनित- पर कुछ तोह करना पड़ेगा naa...mai एक काम करता hun,paani में उतर कर देखता hun..shayad पानी के अंदर कुछ हो जिससे हमे मदद मिले.....
पर अवंतिका ने रोनित के सुग्गेस्टिव पर कुछ नहीं कहा ुर कुछ सोचने lagi...kuch देर सोचने के बाद.....
अवंतिका- अपना एक पेअर आगे badhao..par धीरे से.....
रोनित को अवंतिका की बात का मतलब समझ नहीं आया पर उसने फ़िलहाल कुछ नहीं पूछा....
रोनित और अवंतिका इस वक़्त नदी के छोर से कुछ कदम दूर खड़े the...RONIT आगे बढ़ा और जैसे hi उसने अपना एक पेअर पानी में रखने के लिए बढ़ाया........
अह्ह्ह्ह.........
डूब............
पानी से एक अदृश्य रे निकली और उस रे ने रोनित के उस पेअर को लपेट लिया जो पानी में जाने के लिए आगे बढ़ा था...
उस रे में बोहोत तेज़ इलेक्ट्रिक करंट thi...uske पेअर को लपेटते hi रोनित को एक तेज़ झटका लगा जिस वजह से उसके मुँह से आह निकल गयी..
पर वो रे यहीं नहीं rooki....us रे ने रोनित को हवा में उठाकर पटक दिया.....
रोनित के नीचे गिरते hi अवंतिका तुरंत उसके पास पहुँच गयी....
AVANTIKA-RONIT......tum ठीक हो....
रोनित- क्या pata????saala बॉडी में अभी तक झटके लग रहे हैं...
कुछ देर तक उसी पोजीशन में पड़े रहने के बाद रोनित खड़ा हो गया....
अवंतिका- hmm..mujhe लगा hi था की ऐसा कुछ होगा....
रोनित- तोह कुर्बानी के लिए मई hi मिला था क्या????
अवंतिका- मैंने तोह तुम्हे पहले hi कहा था की यहाँ खतरा hai..aur ये जो हुआ वो तोह बस एक सैंपल tha,asli खतरा तोह पानी के अंदर है....
रोनित- पर साला ये था क्या????
अवंतिका- V.J के यहाँ ध्यान लगाने की वजह से उसके शरीर से निकलने वाली तरंगों से ये पूरी जगह एक अदृश्य सुरक्षा घेरे में बदल गयी है...
ओह shit.....ye मई कैसे भूल गयी.......
अवंतिका को अचानक जैसे कुछ याद आया था......
रोनित- क्या भूल गयी......
AVANTIKA-toh इसीलिए V.J यहाँ आता था....
रोनित- तू क्या बोले जा रही hai..mujhe भी कुछ बताएगी की तू किस बारे में बात कर रही है???
AVANTIKA-MERCIA रिवर के असली प्रभाव के बारे me......aaj भी अगर किसी पवित्र चीज़ को इस पानी में डुबाया जाए तोह इसकी दिव्यता उस चीज़ में चली जाती है.....
V.J गॉड का बीटा hai..usse ज़्यादा पवित्र और कौन hoga....???V.J के इस रिवर के अंदर लगातार जाने से इस पानी की दिव्यता भी V.J के अंदर लगातार जा रही है और उसी दिव्यता के प्रभाव से V.J के दिमाग में मौजूद ास्मोडियस के खून का असर काम हो गया है या फिर V.J खुदको कण्ट्रोल कर पाने में कामियाब हो पा रहा है....
पर साथ hi V.J की ध्यान शक्ति की वजह से उसके अलावा इस पानी में कोई नहीं घुस सकता.....
रोनित- matlab,hamara यहाँ आना वास्ते हो गया....
अवंतिका- बिलकुल nahi..yahan आएं हैं तोह कोई ना कोई सलूशन तोह लेकर hi जाएंगे...
रोनित- पर कैसे????
अवंतिका- तेरे साथ इस पानी में V.J भी जाएगा????
रोनित- तू भले hi V.J की पूरी शक्तियों को उसे नहीं कर sakti,par तू आज कल बिलकुल उसके जैसे hi घुमा फिरकर बात करने लगी है...
रोनित की बात सुनकर अवंतिका मुस्कुरा उठी....
रोनित- अब मुस्कुराना छोड़ और बता की क्या करें????
पर इस बार भी अवंतिका ने कुछ कहा नहीं बस अपने दिल पर हाथ रख अपनी आखें बंद कर ली.....
अवंतिका के ऐसा करते hi उसके दिल वाली जगह पर एक तेज़ रौशनी हुई और उस रौशनी के बीच सफ़ेद धुंए की शकल लेकर एक आकृति बन गयी.....
उस आकृति के बनते hi अवंतिका की आँखें खुल गयी.....
अवंतिका की आँख खुलते hi रोनित उससे कुछ पूछना चाहता पर उससे पहले hi.....
अवंतिका- ये V.J की ऊर्जा hai......shayad इससे काम बन जाए......!!!!
रोनित को अब भी अवंतिका का प्लान समझ नहीं आया था पर इससे पहले की वो अवंतिका से कुछ puchta,AVANTIKA ने उस आकृति या फिर ये कहूं की V.J की ऊर्जा को रोनित की तरफ इशारा किया.....
और अगल hi पल..........
रोनित- ये क्या hai??isne मुझे घेर क्यों लिया है????
तोह हुआ ये की अवंतिका के इशारा करते hi उस ऊर्जा भरी आकृति ने रोनित को चारो तरफ से घेर liya....aisa लग रहा था मानो रोनित ने उस आकृति को ओढ़ लिया है...
उस आकृति ने रोनित को चारों तरफ से घेरा ज़रूर था पर उससे छुआ नहीं tha...aur wajah,V.J की ऊर्जा का टच रोनित बर्दाश्त नहीं कर पाटा...
अवंतिका- अब पानी की तरफ jaa...shayad अब तुझे कुछ ना हो!!!!
RONIT-shayad....!!!!!
अवंतिका ने अपने कंधे उचका दिए....
रोनित- साली ये दोस्ती क्या क्या करवाती है....???
रोनित ने एक लम्बी सांस छोड़ी और पानी की तरफ चल pada..uske साथ साथ hi उससे कवर किये हुए V.J की उर्जात्मक आकृति भी चल रही थी...
और जैसे hi रोनित ने पानी में अपना पहला कदम rakha,uski ख़ुशी का ठिकाना नहीं raha...reason,is बार उससे कुछ नहीं हुआ था...
उसने पलट कर अवंतिका की तरफ देखा जिसके चेहरे पर भी इस वक़्त संतुष्टि के भाव थे....
अवंतिका- रोनित तुम्हे नदी के बीच जाना hai....aur वहां से एक्सएक्ट नीचे की तरफ तैरना hai....V.J उसी जगह पर पानी के गहराई के लास्ट पॉइंट पर ध्यान लगता है...
रोनित- वो जगह कितनी गहराई में है???
अवंतिका- एक्सएक्ट तोह नहीं कह सकती पर नियर अबाउट 150 तो 200 feet....kya तुम ये कर पाओगे...???
रोनित- haan,training के वक़्त लड़ते हुए भी 30 मिनट तक तोह मई सांस रोक लेता tha....mere ख्याल से उतना टाइम काफी वहां जाकर वापस आने के लिए...
पर वहां लास्ट पॉइंट पर जाकर मई करूँगा क्या???
अवंतिका- ये तोह मुझे भी नहीं pata...par इतना गारंटी के साथ कह सकती हूँ की वहां तुम्हे कोई न कोई काम की चीज़ ज़रूर मिलेहगी...
अगर तुम्हे कुछ इम्पोर्टेन्ट lage,toh उससे अपने साथ ले आना....
रोनित- ठीक है....
ये बोल रोनित पानी के अंदर जाने के लिए पलटा hi था की....
अवंतिका- RONIT....wahan अंदर कुछ भी हो सकता hai....ye मत भूलना की वहां V.J क्यों जाता hai..ASMODEUS की शक्तियों के परेसूरे को कण्ट्रोल करने के लिए....
इसीलिए वहां नीचे ज़र्रोर V.J की ध्यान की ऊर्जा से निकलने वाली शक्तियों के साथ साथ ास्मोडियस की वो शक्तियां भी निकल कर मौजूद होंगी जिससे V.J ने खुद को कण्ट्रोल करने से रोक रखा है.....
और वो शक्तियां बेहद खतरनाक हो सकती hain.....isiliye ध्यान से.....
रोनित- मेरे साथ तोह V.J की ऊर्जा hai..mujhe कुछ नहीं होगा???
अवंतिका- exactly...tumhare साथ V.J की ऊर्जा है इसीलिए ास्मोडियस की शक्तियां तुम्हारा सीधे तौर पर कुछ बिगाड़ नहीं paayengi...par वो चुप भी नहीं बैठेंगी...
इसलिए अपना दिमाग खुला rakhna....kuch भी हो jaaye,thande दिमाग से सोच कर फैसला karna...aur कोई भी इम्पोर्टेन्ट या कुछ अलग सी चीज़ dikhe,toh उससे अपने साथ ले आना.....
रोनित ने अपना सर हाँ में हिलाया और वापस मुद पानी में दिवे लगा दी....
अवंतिका- GOD,please हेल्प हिम.....
जहाँ अवंतिका अपने फिंगर क्रॉस करके इधर उधर बेचैनी से टहलने लगी वहीँ...
RONIT-wow yaar,kitna साफ़ पानी है......
रोनित पानी में तैरता हुआ आगे बढ़ा और कुछ hi देर में वो मर्सिए रिवर के बीच में tha...centre में पहुँच रोनित ने अपनी सांस खींची और अगली hi पल रोनित का शरीर पानी के अंदर था....
मर्सिए रिवर को बीच से चीरता हुआ रोनित का शरीर नीचे की तरफ जा रहा था...
नीचे जाते जाते पानी की शुद्धता और स्वछता को निहारता हुआ रोनित मन hi मन इस पानी की दुनिया की तारीफ़ करते करते आगे बढ़ रहा था....
रोनित आधे से ज़्यादा सफर तय कर चूका tha....RONIT ने अपनी आखों से देखने के रेंज को भी बढ़ा लिया tha...RONIT बिना कोई टेंशन अपने मंज़िल के करीब पहुँच hi रहा था की.....
रोनित- arre,itne साफ़ पानी के बीच ये मैला बवंडर कैसा....?????
तोह हुआ ये की रोनित अब पानी के लास्ट पॉइंट से कुछ फ़ीट hi दूर था की उससे अपने निचे एक जगह एक बवंडर दिखा जिसका कलर मिटटी की तरह था....
रोनित सीधे उस बवंडर के पास ना जाते हुए उस बवंडर वाली जगह के थोड़ा राइट साइड जाकर रूक गया और उस बवंडर को ध्यान से देखने लगा...
कुछ hi सेकण्ड्स में रोनित को उस बवंडर के बारे में पता चल गया जिससे फिगर आउट करते hi वो शॉक हो गया...
रोनित- ोये teri....ye बवंडर नहीं मछलियां हैं.....
कुछ याद आया doston..ye वही मछलियां है जो V.J के ध्यान लगते वक़्त उससे घेरे रहती थी और इस वक़्त वो साड़ी मछलियां एक बोहोत बड़ा झुण्ड बनाकर उस जगह के तेज़ी से चक्कर काट रही थी जिस जगह पर V.J बैठ कर ध्यान लगाया करता था....
उन मछलियों का कलर हल्का मिटटी जैसा था जिस वजह से उनके घूमते वक़्त वो मिटटी से उठने वाले बवंडर की तरह दिख रहे थे....
जैसे hi रोनित को पता चला की उसके सामने घूम रही चीज़ बवंडर नहीं मछलियां हैं तोह वो उन मछलियों के पास जाने लगा पर तभी......
मछलियां जो बोहोत तेज़ी से एक hi जगह पर गोल गोल घूम रही thi,unhe ये आभास हो गया की कोई उनके पास आ रहा hai....aur अगले hi पल उन साड़ी मछलियों ने एक नया फार्मेशन बनाया...
देखते hi देखते उन मछलियों ने एक दीवाल का रूप ले liya.....aisa लग रहा था मानो वो मछलियां रोनित को रोक रही हों आगे बढ़ने से.....
रोनित ये सब देखकर शॉकेड हो gaya..par अभी उसके पास ज़्यादा देर तक शॉक में रहने के लिए टाइम नहीं था इसीलिए वो आगे बढ़ने लगा....
रोनित को ना रूकता देख उन मछलियों में से कुछ मछलियों ने तीर का फार्मेशन ले लिया और अगले hi पल......
कमान से छूटे तीर की गति से hi वो मछलियां रोनित की तरफ आने लगी....
पर रोनित ने कुछ भी नहीं kiya..wo एक जगह पर सीधा होकर रूक गया और तभी....
पानी के अंदर hi बिजली सी चमकी और अगले hi पल वो साड़ी मछलियां जो रोनित को मारने आ रही thi,wo मर चुकी थी.....
तोह हुआ ये की रोनित से टकराने से पहले hi उन मछलियों को V.J की उस ऊर्जा से टकराना पड़ा जो इस वक़्त अदृश्य थी....
V.J की ऊर्जा से टकराते hi वो साड़ी मछलियां मर gayin....aur अगले hi पल.....
उसी ऊर्जा से जो इस वक़्त रोनित को घेरे हुए thi,ek तेज़ रे निकली और जाकर सामने कड़ी मछलियों के दीवाल से टकराई....
इस प्रहार से आधी से ज़्यादा मचियों ने दम तोड़ दिया और बाकी की मछलियां भाग गयी....
अब सामने का नज़ारा एक दम साफ़ था पर जो चीज़ रोनित के सामने aayi,usse देखकर रोनित को एक बार फिरसे शॉक लगा.....
इस वक़्त उस जगह पर जहाँ V.J ध्यान की अवशता में बैठता tha,wahan एक शार्क की साइज की मछली बैठी हुई थी जिसके शरीर से हलकी हलकी वाइट लाइट निकल रही थी.....
पर सबसे शॉकिंग बात ये थी की एक बड़े शार्क के साइज की वो मछली जो इस वक़्त रोनित के आँखों के सामने thi,wo असल में उन छोटी छोटी मछलियों में से एक थी जो अभी थोड़ी देर पहले बवंडर का रूप लेकर गोल गोल घूम रही थी.....
रोनित- साला ये क्या पन्गा hai....????zaroorat से ज़्यादा तोह नहीं खा लिया इसने जो इतनी फैले गयी....
अब तक रोनित उस मछली को घर कर देख रहा था
पर तभी उसका ध्यान अपने चारों तरफ फैले ऊर्जा की तरफ गया जो अब धीरे धीरे विज़िबल होने लगे the...ab इस नए परिवर्तन को रोनित समझने की कोशिश कर hi रहा था की........
ुआनंमंममममम.........
एक अजीब सी आवाज़ रोनित के कानो से टकराई या फिर ये कहूं की पानी के विबरतिओन्स उसके शरीर से टकराये जिससे ये आवाज़ आ रही थी....
और जब रोनित ने सामने देखा तोह तुरंत अलर्ट हो gaya...reason........wo शार्क नुमा मछली इस वक़्त रोनित को hi देख रही या फिर ये कहूं घर रही थी....
उसी के शरीर से ये विब्रेशन्स निकल रही थी जिससे वो अजीब आवाज़ बाहर आ रही thi....un विब्रेशन्स का असर बोहोत ज़्यादा tha,agar रोनित के चारों तरफ V.J की ऊर्जा नहीं होती तोह वो उन विब्रेशन्स की चपेट में आ चूका होता....
रोनित उस मछली के करीब जाने की सोच hi रहा था की तभी.......
बिजली की तेज़ी से वो मछली रोनित की तरफ badhi.....uski स्पीड इतनी तेज़ और इम्पैक्टफुल थी की उस पूरी जगह में में भूकंप सा आ गया...
इससे पहले की रोनित कुछ रियेक्ट करता
........बूम..........
.......रोणिततत........
ये आवाज़ अवंतिका की thi..jab से रोनित पानी के अंदर गया tha,tabhi से अवंतिका पानी के उस जगह को घर रही थी जिसके एक्सएक्ट नीचे इस वक़्त रोनित गया था....
गुज़रते वक़्त के साथ अवंतिका की बेचैनी बढ़ती hi जा रही थी की तभी........
पानी के बीच एक तेज़ ब्लास्ट hua....is ब्लास्ट से रिवर के बीच के हिस्से का पानी कई मीटर तक ऊपर उछाल गया और इसीलिए अवंतिका के मुँह से रोनित की चीख निकल गयी थी....
वहीँ निचे......
रोनित- haash..bhala हो V.J की ऊर्जा ka,bach गया....
तोह हुआ ये की उस मछली और रोनित के बीच V.J की ऊर्जा thi...wo मछली सीधी उसी ऊर्जा से टकराई और दूर झिटक गयी....
रोनित को तोह कुछ भी नहीं हुआ पर इम्पैक्ट बोहोत पावरफुल था जिस वजह से धमाका हुआ....
RONIT-arre arre,ye साली तोह फिर से आ रही है...
BOOM......BOOMMM....BOMMM........
उस मछली ने दोबारा रोनित पर हुम्ला किया पर नतीजा वही nikla...V.J की ऊर्जा से टकराकर वो दूर झिटक गयी....
इससे उस मछली को ग़ुस्सा सा आ gaya....usne लगातार कई बार V.J की ऊर्जा को तोड़ने की कोशिश की पर नाकामियाब रही पर उसके प्रयासों से पानी में कई धमाके हुए...
और उन धमाकों का असर पानी के बाहर तक gaya.....bohot ज़्यादा मात्रा में पानी बहार उछलने लगा जिससे देख अवंतिका की टेंशन और बढ़ गयी....
अवंतिका को इस बात की कोई टेंशन नहीं थी रोनित को पानी के अंदर किसी वार से कोई नुक्सान hoga,usse पता था की V.J की ऊर्जा को कोई भेद नहीं सकता...
उससे इस बात की टेंशन थी की रोनित के साथ किसी प्रकार का कोई छल ना हो jaaye.....aur हुआ भी वही........
कुछ देर तक लगातार अटैक करने के बाद वो मछली एक जगह शांत कड़ी हो गयी और रोनित की तरफ देखने लगी...
वहीँ जबसे उस मछली ने रोनित पर हुम्ला किया tha,tab रोनित ने उसके स्किन से निकलती वाइट लाइट को ध्यान से देखे जा रहा था.....
उस वाइट लाइट में भी वही ऊर्जा थी जो इस वक़्त रोनित को घेरे हुए thi....par उस वाइट लाइट के बीच में हलकी हलकी ब्लैक लाइन्स भी थी जिससे फिगर आवर करते hi रोनित समझ गया था की ये लाइन्स एक्चुअल में क्या हैं????
ास्मोडियस के खून से निकलने वाली ऊर्जा जिससे V.J ने कण्ट्रोल किया tha..RONIT को ये भी अंदाज़ा हो चूका था की हो ना ho,is मछली ने V.J की ऊर्जा को निगल लिया है...
पर V.J की ऊर्जा के स्पर्श से hi इससे मर जाना चाहिए था पर ये ज़िंदा है और वो भी एक नए और विकराल रूप धारण कर..
और ये सब संभव हो पाया है उसी नेगेटिव एनर्जी की वजह से जो V.J की ऊर्जा को लपेटे हुए thi..us एनर्जी ने उस मछली को ना सिर्फ जीवित रखा बल्कि उससे एक्सपैंड कर शक्तिशाली भी बना दिया......
पता नहीं क्यों पर रोनित को फील हो रहा था की हो ना ho,issi मछली से उससे और अवंतिका को कोई क्लू मिलेगा.....
रोनित ये सब सोच hi रहा था की तभी.....
अंजलि.........
पानी के अंदर होने के बावजूद रोनित उस पानी को रोक नहीं पाया जो इस वक़्त उसकी आँखों से निकल रहे थे....
दिल में एक तेज़ दर्द को झेलते हुए रोनित अपने सामने के नज़ारे को देख रहा था......
दरअसल बात ये थी की जिस जगह वो मछली कड़ी thi,is वक़्त उस जगह अंजलि कड़ी थी....
ANJALI.....RONIT की mohobbat......uski ज़िन्दगी जिससे मौत ने गले लगा लिया tha....par इस वक़्त वही अंजलि जो की बेहद ख़ूबसूरत दिख रही thi,RONIT से कुछ दूर उसके सामने कड़ी थी.....
सफ़ेद रौशनी से नहायी हुई अंजलि रोनित की तरफ देखे जा रही thi....ANJALI ने अपना हाथ आगे किया मानो रोनित को अपने पास बुला रही हो.....
रोनित भी किसी अनजानी ताकत से वशीभूत सा होकर अंजलि की तरफ तैर पड़ा पर तभी......
अंजलि.......................
एक बार फिरसे रोनित के मुँह से ये आवाज़ निकली पर इस बार रोनित की आवाज़ में ख़ुशी नहीं दर्द tha,ghussa था.....
reason.....wo शार्क नुमा मछली जो की गायब हो चुकी thi,wo फिरसे प्रकट हो चुकी thi....aur इस वक़्त वो अंजलि के चरों तरफ घूम रही थी...
ठीक उसी तरह से जैसे एक शार्क अपने शिकार को अपने जबड़ों में जकड़ने से पहले उसके चारों तरफ घूमती है...
अंजलि- मुझे बचालो RONIT......mai फिरसे तुमसे जुड़ा नहीं होना chahti..mai मरना नहीं चाहती RONIT.....please मुझे बचा लो....
अंजलि की गुहार सुनकर रोनित का ग़ुस्सा बढ़ gaya..wo तेज़ी से आगे बढ़ा पर इससे पहले की वो अंजलि या उस शार्क के पास पहुँचता.......
रोनित के शरीर को एक झटका लगा और वो रूक gaya....usne फिर कोशिश की पर नाकामियाब raha...usse ऐसा लग रहा था की उसके सामने कोई अदृश्य दिवार हो जो उससे आगे बढ़ने से रोक रही हो....
अंजलि- ये V.J की ऊर्जा है रोनित जो तुम्हे आगे बढ़ने se,apni मोहोब्बत को बचने से रोक रही hai...mujh तक पहुँचने के लिए तुम्हे इस V.J की ऊर्जा को खुद से अलग करना होगा.....
रोनित- पर मई ये करूँगा कैसे???
अंजलि- दिल se,apni पूरी इच्छा से इस ऊर्जा को ठुकरा do....ye तुम्हे छोड़ कर चली jaayegi...fir तुम मुझ तक पहुँच मुझे बचा सकते हो और उसके बाद सिर्फ हम होंगे और हमारा प्यार होगा....
अह्ह्ह्ह........
अंजू...........
अंजलि के हाथों से खून निकल रहा था जिससे उससे बोहोत ज़्यादा दर्द हो रहा tha..toh हुआ ये की अंजलि की बात ख़त्म होते hi उस शार्क नुमा मछली ने अंजलि के हाथों में अपने दाथ गदा दिए पर बस एक सेकंड के लिए...
ऐसा होते hi अंजलि एक हाथों से खून निकलने लगा और उसके मुँह से चीख निकल गयी....
वहीँ रोनित अंजलि के बातों के बारे में सोच रहा tha..wo सोच रहा था की क्या उससे V.J की ऊर्जा का त्याग करना चाहिए की तभी उसके कानो में अंजलि की चीख गुंजी..
और जब उसने इस चीख की वजह देखि तोह उसका दिमाग घूम gaya..usne सोच लिया की वो V.J की ऊर्जा का त्याग कर देगा...
रोनित अपनी आखें बंद कर V.J की ऊर्जा को जाने के लिए कहने hi वाला था की....
ANJALI-jaldi करो RONIT....V.J के वजह से hi हम दोनों अलग हुए the...aur आज भी वही हमारे बीच दिवार बन रहा hai..is दिवार को गिराकर अपनी अंजू को बचा लो रोनित.....
रोनित अपनी आखें बंद कर V.J की ऊर्जा का त्याग करने hi वाला था की इतने में उसके कानो में अंजलि की बात गुंजी....
और अंजलि की बात सुनकर रोनित की आँखें एक झटके में खुल गयी....
रोनित एक बात अचे से जानता था की कुछ भी हो jaaye,ANJALI V.J के बारे में कभी कुछ गलत नहीं बोल सकती....
और इस सोच के रोनित के दिमाग में उभरते hi उससे अवंतिका की कही गयी बात याद आयी....
ास्मोडियस की शक्तियां तुम्हारा सीधे तौर पर कुछ नहीं बिगड़ PAAYENGI..PAR वो चुप भी नहीं BAITHENGI.....ISILIYE अपना दिमाग खुला रखना......
रोनित मन में- ोये तेरी ki...matlab ये सब झूठ है.......
रोनित ने सामने देखा जहाँ अंजलि चिल्ला चिल्ला कर RONI000t से V.J की ऊर्जा का त्याग करने की रिक्वेस्ट कर रही थी...
रोनित- तुम मेरी अंजलि नहीं हो sakti....tum ास्मोडियस की माया ho....mai V.J की ऊर्जा का त्याग नहीं करूँगा.....
नहीं.............
यहाँ रोनित की बात ख़त्म हुई वहां अंजलि की चीख गूंज गयी और ऐसा होते hi अंजलि रौशनी में तब्दील हो उसके आस पास घूमते शार्क के अंदर समां गयी
अंजलि के खुदमे समाते hi उस शार्क के बॉडी से एक बार फिर विब्रेशन्स निकले और वो दुगनी तेज़ी से रोनित की तरफ लपकी....
पर अब रोनित ने इस खेल को ख़त्म करने का सोच लिया था....
जैसे hi वो शार्क रोनित के करीब pahunchi,RONIT ने अपनी ऑंखें बंद कर V.J की ऊर्जा को शार्क को लपेटने के लिए निवेदन किया और अगले hi पल......
ूआंआंम्म्म्म.........
शार्क के मुँह से अजीब अजीब आवाज़ें आने lagi...is वक़्त शार्क की पूरी बॉडी को V.J की ऊर्जा ने खुदमे लपेट लिया था और धीरे धीरे वो ऊर्जा शार्क पर कसने लगी थी जिस वजह से शार्क को तकलीफ होने लगी और वो आवाज़ें करने लगी.....
कुछ देर तक ऐसा चलता रहा पर फिर अचानक......
बूम..............
इस बार का धमाका पहले से ज़्यादा इम्पैक्टफुल था पर V.J की ऊर्जा ने उस धमाके के इम्पैक्ट को ऑब्सेर्वे कर लिया जिससे रोनित को कोई नुक्सान नहीं हुआ......
पर फिर भी धमाके की वजह से रोनित ने अपनी आखें बंद कर ली thi...thodi देर बाद जब रोनित ने अपनी आखें खोली तब.....
रोनित- अब ये क्या बाला hai?????paas जाकर देखता हूँ......
जहाँ कुछ देर पहले वो शार्क V.J की ऊर्जा के लपेटे में आकर तड़प रहा tha,ab उस जगह पर एक रौशनी जगमगा रही थी....
और जैसे hi रोनित उस रौशनी के पास gaya,usse एक नया झटका laga....wo रौशनी दरअसल एक पानी के बुलबुले से आ रही thi..par रोनित के शॉक होने का रीज़न वो पानी का बुलबुला नहीं बल्कि उस बुलबुले के अंदर की चीज़ थी....
दरअसल उस पानी के बुलबुले के अंदर कुछ लिखा हुआ tha....aur जब रोनित ने उस लिखावट को गौर से देखा तब उससे झटका लगा...
उस बुलबुले के अंदर लिखा था अवंतिका.....
पर रोनित ने ज़्यादा नहीं socha..aur उस बुलबुले के नीचे अपना हाथ रखा...
रोनित को ये देखकर एक बार फिर शॉक लगा की वो बुलबुला उसके हाथों में चिपक सा गया था मानो वो खुद ऐसा चाहता हो....
उस पानी के बुलबुले को अपने हथेली के ऊपर रखे रखे रोनित ऊपर की तरफ तैरने लगा...
वहीँ रिवर के साइड कड़ी अवंतिका कभी पानी की तरफ देखती तोह कभी अपने हाथों में बंधी घडी की तरफ..
रोनित ने उससे कहा था की वो
आधे घंटे तक अपनी साँसें रोक सकता है और आधा घंटा ख़त्म होने में कुछ hi मिनट्स बाकी थे...
हर गुज़रते पल के साथ उसकी बेचैनी बढ़ती चली जा रही thi...AVANTIKA ने अपनी आखें बंद की और रोनित की सलामती की दुआ मांगी..
प्रे करने के बाद जैसे hi अवंतिका ने अपनी आखें खोली.......
उसकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं raha...usse पानी के ऊपर रोनित का चेहरे दिखाई दे gaya..is वक़्त रोनित ज़ोर ज़ोर से हांफ अपनी साँसों को दुसरुस्त करने में लगा हुआ था...
अवंतिका ने मन hi मन गॉड को थैंक्स kaha..apni ख़ुशी के बीच उसकी नज़र रोनित के राइट हैंड की हथेली की तरफ गयी जिससे रोनित हल्का उठाये हुए था..
उसकी हथेली में जो भी चीज़ थी उससे हलकी हलकी रौशनी निकल रही थी जिससे अवंतिका की नज़रों ने भी देख लिया था...
उस चमकती चीज़ को देख अवंतिका को यकीं हो गया की हो ना हो ये वही चीज़ है जिससे उससे V.J के ठीक होने का क्लू मिलेगा..
और इस बात के ज़हन में उठते hi अवंतिका की ख़ुशी का ठिकाना नहीं raha.....wo बेसब्री से रोनित की तरफ देखने लगी जो इस वक़्त अपने राइट हैंड को हकला हवा में उठा अपने लेफ्ट हाथ से तैरते हुए उसकी तरफ आ रहा था....
और कुछ hi देर में रोनित रिवर के तथ के पास पहुँच चूका था जिसकी गहरायी बस उसके घुटनो तक थी....
जहाँ रोनित चलता हुआ अवंतिका की तरफ आने लगा वहीँ अवंतिका जिज्ञासा भरी आखों से रोनित के हथेली के ऊपर उस जगमति चीज़ को देख रही थी..
और जैसे hi रोनित अवंतिका के करीब पहुंचा.......
पानी का वो बुलबुला जो अब तक रोनित के हथेली के ऊपर tha,wo हवा में उड़ता हुआ अवंतिका के सामने रूक गया...
ऐसा होने पर अवंतिका को भी रोनित की hi तरह शॉक लगा और रीज़न भी शामे था...
अवंतिका को उस चमकते पानी के बुलबुले के अंदर अपना नाम लिखा हुआ दिखा...
वो सवाल भरी नज़ारे लिए रोनित की तरफ देखने लगी....
रोनित- मुझे मत देख yaar..mujhe इसके बारे में कुछ आईडिया नहीं hai...tune जैसे कहा था मैंने वैसा किया और उसका रिजल्ट ये निकला...
ये बुलबुला जिसके अंदर तेरा नाम है....
अवंतिका- पर ये तुझे मिला kahan??aur वहां अंदर हुआ क्या tha???yahan बाहर पानी में कुछ धमाके भी हुए थे....
फिर रोनित ने जो भी वहां पानी के नीचे hua,wo सब अवंतिका को बताया जिससे सुनकर अवंतिका को ज़्यादा शॉक नहीं लगा क्यूंकि उससे अंदाज़ा था की ऐसा hi कुछ होगा....
khair,RONIT की साड़ी बात सुनाने के बाद अवंतिका की नज़र वापस उसके सामने हवा में रूक उस पानी के बुलबुले पर ठहर गयी..
वो उस बुलबुले को ध्यान से देख समझने की कोशिश कर hi रही थी की.....
RONIT-AVNI...tera हाथ देख....
रोनित की बात सुन जैसे hi अवंतिका की नज़र अपने राइट हैंड पर गयी तोह उससे एक झटका लगा...
reason,uske हाथ से भी वैसे hi रौशनी निकल रही थी जैसे उस पानी के बुलबुले से निकल रही थी....
कुछ देर तक अपने हाथों को कन्फूसिओं के साथ देखने के बाद अचानक अवंतिका के दिमाग की बत्ती जाली और उसके मुँह से निकला....
अवंतिका- भविष्यवाणी........
अवंतिका के मुँह से भविष्वाणी सुनकर एक पल के लिए रोनित भी चौंका पर फिर उससे इस्ला के फाउंटेन के अंदर अवंतिका को मिले भविष्वाणी के बारे में याद आया जिसके बारे में अवंतिका उससे बता चुकी थी....
वहीँ अवंतिका अपने हाथ में उभरते रौशनी वाली जगह को सहलाते सहलाते सोचने लगी की आगे क्या किया जाए.....
एक बार फिरसे उसकी नज़र उस पानी के बुलबुले की तरफ चली गयी जसिके अंदर उसीका नाम लिखा हुआ था....
कुछ सोचकर अवंतिका ने अपना लेफ्ट हाथ आगे kiya..aisa करते hi वो पानी का बुलबुला अवंतिका की हथेली के ऊपर आ गया...
अवंतिका अपने हथेली को अपने राइट हैंड के करीब लेकर आयी जहाँ से रौशनी निकल रही थी....
जैसे जैसे वो पानी का बुलबुला और उसका राइट हैंड पास आ रहे the,AVANTIKA को ऐसा लग रहा था मानो दोनों एक दूसरे को किसी चुम्बक की तरह खींच रहे हों...
और जैसे hi अवंतिका की लेफ्ट हथेली उसके राइट हैंड को टच हुई......
अवंतिका के शरीर को एक तेज़ झटका laga..reason.....paani का वो बुलबुला जो उसके लेफ्ट हथेली पर tha,wo उसके राइट हैंड को छूटे hi फतह gaya..us बुलबुले के अंदर पानी से hi अवंतिका का नाम लिखा हुआ था...
बुलबुले के फटते hi वो पानी अवंतिका के राइट हैंड पर गिर gaya.....aur ऐसा होते hi अवंतिका को झटका लगा पर उसके आगे hi पल......
अवंतिका के हाथ की रौशनी और बढ़ गयी और देखते hi देखते वो रौशनी बाहर आने लगी...
बाहर आते hi उस रौशनी ने दोबारा उसी छर्रे का रूप ले लिए जैसा अवंतिका के हाथ में सामने से पहले था....
बस फर्क सिर्फ इतना था की इस बार जो छर्रा उसके सामने tha,wo पानी से बना हुआ था...
वो रौशनी का छर्रा हवा में उठ गया और एक जगह जाकर रूक गया पर वो अपनी जगह पर गोल गोल घूम रहा था........
रोनित को तोह कुछ समझ नहीं आया पर अवंतिका समझ गयी थी की भविष्यवाणी का वक़्त आ गया है.......
वहीँ कुछ देर तक अपनी जगह पर घूमने के बाद अचानक वो पानी से भरा रौशनी का छर्रा रुक गया और अगले hi पल उसके अंदर से एक ऊँची भारी भरकम आवाज़ गुंजी......
भविष्वाणी...............
मेरे स्पर्श से राखत की
जकड ढीली होगी....
पर सम्पूर्ण उपचार
उस पानी से होगा,
जिसमे मोहोब्बत में निकली
नमकीन पानी मिली होगी....
आज के लिए इतना HI.....
आपका अपना V...J........