Meri Police wali Biwi - SexBaba
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Meri Police wali Biwi

मेरी लाइफ की हे 1सत स्टोरी हे प्लीज दोस्तों गलती को नज़र अंदाज़ करना

मेरा नाम तपन हे और में भोपाल में रहता हु मेरी शादी को 4 इयर्स हुए हे. मेरी बीवी का नाम माधुरी हे और वो पुलिस इंस्पेक्टर हे वो 24 इयर्स ओल्ड हे मुझसे सिर्फ 1 इयर्स बड़ी हे. जी है दोस्तों वो उम्र में मुझसे 1 साल बड़ी हे हमारी लव मैरिज हुई थी जब हम B.A के लास्ट ईयर में





ऐसी दिखती हे मेरी बीवी. और मेरी बीवी बहोत सेक्सी हे. मेरी बीवी ने कई ऐसे लोगो से सेक्स किया जिकी में कल्पना बी नहीं कर सकता था.

मेरी बीवी पुलिस इंस्पेक्टर हे और उसकी वर्दी तो आप समज hi सकते हो फिर बी ज्यादा तर साड़ी hi पहनती हे लेकिन कभी उसे ठाणे से बहार घूमना होता हे तो वर्दी में पेण्ट शर्ट पसंद करती हे.

34. 26.34 ये मेरी बीवी का फिगर हे. क्या क़यामत लगती हे. जो बी उसे देखता हे तो बस देखते hi रह जाता हे. उसे भूढो से बहोत प्यार हे. बचपन से उसके दादाजी से बहोत प्यार हे लेकिन जब वो तीन आगे की हुई तब उसके दादाजी से वो बिछड़ गई सायद कही वो चले गए. इस लिए सायद वो बुधो पर कुछ ज्यादा hi महेरबान रहती हे.

कुछ हकीकत कहानी के बिच में पता चलेगी.

में आज 26 इयर्स ओल्ड हु और ये कहानी में 3 साल पहले की बता रहा हु. मेरा लैंड 5.5 इंच हे और 3 इंच मोटा हे. मेरी बीवी मुझसे सेक्स में काफी खुश थी जब तक वो रफीक चाचा का नहीं देखि थी तब तक लेकिन बाद में बी मेरी बीवी के प्यार में कोई कमी नहीं आई वो पहले बी मुझसे बहोत प्यार करती थी और आज बी बहोत करती हे और मेरी इज़्ज़त बी बहोत करती हे.

तो कहानी सुरु करते हे. हमारी शादी के बाद में एक कंपनी में जॉब करता था और मेरी बीवी पुलिस इंस्पेक्टर की तयारी नतीजा वो बन गई वो स्कूल टाइम से hi कुंफू और करते सीखती थी और बहोत स्टॉन्ग थी मुझसे तो कई ज्यादा लेकिन कभी भी मुझपर गुसा या अकड़ नहीं दिखाई उल्टा में उस से ज्यादा हुकुम चला देता और वो आम इंडियन वुमन की तरह मुँह निचे कर के मेरी बात सुनती मेरी कोई बी बात आज तक नहीं ताली.

उसकी ट्रेनिंग के बाद उसकी पहेली पोस्टिंग इनडोर सिटी में हुई. हमने सिटी के बहार एक अपार्टमेंट में 2ंद फ्लोर पे एक घर किराए पर ले लिए जो एक 65 इयर्स का बूढ़ा था पोपट लाल काफी ठरकी था बहोत hi ज्यादा हवस का भूका. हमारे फ्लेट के सामने रोड था और रोड के उस तरफ रफीक चाचा की लेडिस टेलर की दुकान.

हम जब वह रहने के लिए गए तो मेरी बीवी ने ब्लैक साड़ी थी और ब्लाउज़ बिना बै का जबर्दस्त पताका लग रही थी





बिलकुल ऐसी हम जब अपनी गाड़ी से उतरे सभी लोग हमें hi ताड रहे थे. खास कर मेरी बीवी को. वह ज्यादा लोग नहीं रहते रोड की सामने की तरफ 4 दुकाने और हमारे फ्लेट की तरफ 5 या 6 मस्कन और हमारा 4 मंजिला अपार्टमेंट.

हम गाड़ी से उतरे hi थे की एक बूढ़ा दौड़ता हुआ आया और बोलै

बूढ़ा; जी गुस्ताखी माफ़ कीजिये लगता हे आप सायद यहाँ नए रहने आए हे.

और वो माधुरी के बूब्स को ललचाई नजर पे एक नजर दाल के तुरंत हटके उसके फेस की तरफ देखता हे.

माधुरी; जी है हम यहाँ 2ंद फ्लोर पे फ्लेट किराए पर लिआ हे.

बूढ़ा; मेरा नाम रफीक हे और ये सामने मेरी दरजी की दुकान हे. में लेडीज के कपडे सिलता हु आप को मेरे लायक कोई काम हो तो जरूर याद कीजियेगा.

माधुरी ; जी जरूर अब तो हम यही रुकेंगे आप से तो मिलना जुलना होता hi रहेगा.

और रफीक मेरी बीवी को ऊपर से निचे तक देखता





फिर हम अपने नई घर में चले जाते हे
 
हमने घर में अंदर गए. सिर्फ 2 भक हमारे लिए काफी था हम दो hi तो थे हमारा कोई बेबी तो हुआ नहीं था सामान माधुरी ने पहले hi किसी को बता के सेट करवा दिया था. अरे भाई वो पुलिस इंस्पेक्टर हे इतनी तो चलती hi होगी. वो रिस्वत तो लेती थी लेकिन गरीबो को परेशान नहीं करती थी ये बात मुझे बाद में पता चली.

माधुरी ने घर में आके कपडे चेंज किया ट्राउज़र पेण्ट और दिला टॉप कुछ इस तरह



माधुरी ने अपने हाथो से खाना बनाया. सैम के 7 बज रहे थे. में अपना एक इसकी का पग बनाया और बहार गेलरी में आके खड़ा था. माधुरी मुझे आके पीछे से हग करके कड़ी होती हे और बोलती हे सही जगह हे न जणू. सैम हो चुकी थी गर्मी के मौसम था तो अँधेरा होने वाला था सूरज ढलने में बस जरासा बचा था. निचे रफीक दुकान बंद करने की तयारी कर रहा था.

में ; जणू इस बूढ़ा टेलर हे लेडीज का तुम इस से कुछ सिल्वा सकती हो.

माधुरी ; पता नहीं इसे कुछ ठीक से आता भी होगा सोचा ब्लाउज सिलवाउंगी यूनिफार्म में साड़ी के लिए लेकिन इसे आता भी हे या नहीं. कही बिगड़ दिया तो.

में ; देख लो क्या पता

इतने में रफीक दुकान से बहार आता हे और दुकान के बगल में जा कर पेशाब करने लगता हे. अक्सर लोग अमूमन ऐसा करते हे उसे नहीं पता था हम ऊपर से उसे देख रहे हे. उसने अपना लैंड निकला और मूतने लगा. और हम दो देखते hi रहे गए उस वक्त मेरे मुँह से निकल hi गया bap....re... इतना बड़ा लडडडड...

और मेरा और माधुरी का मुँह कुल का खुला hi रहे गया



और माधुरी भाग कर अपने रूम में चली गई. में भी उसके पीछे रूम में गया. वो मुझे देख के सरमाई और अपनी नज़र निचे ज़ुका ली.

मेने मौसे बहो में भर लिआ

में ; क्या हुआ डार्लिंग दर गए ी

(मेरी बहो में सर छुपाए)

माधुरी ; देखा नहीं उस जानवर को कैसे हेडपम्प निकले के पानी दे रहा था.

माधुरी ; उसकी बीवी का क्या हल होता होगा. लगता हे उसे देख तो भाग hi गई होगी.

में ; डार्लिंग तुम्हे उसके हेडपम्प का पानी पीना हे क्या.

माधुरी ; बकवास मत करो मुझे कोई प्यास व्यास नहीं भुजनि.

मेरी प्यास के लिए तुम हो तो सही.

में ; है में हु तो लेकिन तुमने देखा नै कैसे तुम्हारे बूब्स को घर रहा था ऐसा लग रहा था की तुम्हारा सारा दूध निचोड़ के पि जाएगा.

माधुरी ; ोय मिस्टर तुम्हे पता नहीं में पुलिस इंस्पेक्टर हु हाथ तो लगाए सेल के हाथ तोड़ के उसकी गांड में दाल दूंगी.

में ; मधुरीय... कण्ट्रोल करो घर में गली नै

मुझे पता हे तुम्हे आदत हो गई लेकिन घर में थोड़ा सा कण्ट्रोल करो

माधुरी ने अपने कण पकडे और बोली सॉरी जानऊ... और मेने भी उसे बहो में ले लिआ.

और हम दो बीएड पे लेट गए उसके सेक्सी और रसीले होतो को चुम लिआ और गौर से अपनी बहो में लेकर उसके फेस पर देखने लगा

माधुरी ; ऐसे क्या देख रहे हो.

में ; तुम बहोत ब्यूटीफुल और प्रीटी हो.

माधुरी ; बस अपनी खूबसूरत बीवी की इतनी hi तारीफ

में ; नहीं डार्लिंग

कितने लम्बे बल हे

सुन्दर सा चहेरा

काली और नशीली तुम्हारी आंखे मुझे तो क्या किसी को भी मदहोश कर दे

नाजुक सी हिरणी जैसी गर्दन जब तुम पानी भी पीती हो तो उसे देख भी नजरे रुक जाए

ये तुम्हारी बहे जो समां जाने को मन चाहे

तुम्हारे 34 के ये बूब्स उफ़ और ये गुलाबी निप्पल इतनी रसीली की डिल करता हे निचोड़ लू.

तुम्हारी 24 की कमर उफ़ ये तो मुझे मर hi डालेगी और तुम्हारी गहरी जान लेवा नाभि

हैय्येई....

तुम्हारी 36 की बेम देखते hi मेरा खड़ा कर देती हे तुम्हारी खूबसूरत लम्बी टंगे

तुम हिघ्त में मुझसे लम्बी हो तुमने पता नहीं 2 चीजे मुझे समाज नहीं आई

( मेने जो तारीफ करि वो झूठी नहीं थी माधुरी सच में बहोत ब्यूटीफुल हे. क़यामत हे क़यामत )



माधुरी ; क्या तुम्हे समाज नहीं आया.

में ; ये की तुन बहोत बड़ी मॉडल बन सकती थी या बॉलीवुड की बहोत बड़ी हेरोइन फिर बी तुमने अपनी लाइफ में पुलिस के प्रोफेशन को चुना.

माधुरी ; जणू में ब्यूटीफुल हु मेने मन लेकिन इंसान का कोई डिल होता हे कोई पेस्टिव होता हे. में बता नहीं सकती की में ये गुंडा गिरी से जो नफरत हे.

और तुम्हे पता हे न में कितनी स्टॉन्ग हु. कितने लड़को को पिता हे.

में ; है है पता हे बाबा तुम को में कॉलेज से जनता हु. तुम सच में फिल्म के हीरो की तरह हो. क्या फाइट लड़ती हो.

माधुरी ; और दूसरी बात क्या ???

में दूसरी क्या !!!

माधुरी ; अरे तुमने कहा न दो बाटे समाज नहीं आई बुद्धू.

में ; है है और दूसरी जाने दो

माधुरी ; अरे बोलो यार मुझसे क्यों छुपाते हो बोलो.

में ; यही की तुम ब्यूटीफुल तो छोडो क़यामत हो अप्सरा हो स्ट्रांग हो में तो तुम्हारी पाओ ( लगे ) की धूल भी नहीं आगे में भी 1 साल छोटा न इतना स्मार्ट न हैंडसम न तुम्हारे जितनी हाइट फिर बी तुमने मुझे चुना. क्यूओ???

मदुरई थोड़ा मुस्कुराते



माधुरी ; अरे ऐसा मत बोलो यार तुम मेरे पति हो मेरे सच्चे प्यार मेरे भगवन मेरे मालिक आज जो भी हु तुम्हारी वजह से तो हु मुझे न मेरे माँ डेड समाज सके न मेरी छोटी बहन.

सिर्फ तुमने मेरा साथ दिया और रही मेने तुमको hi चुना की तुम कोई काम हिमत वाले नहीं हो याद हे वो दिन जब मेरी वो कॉलेज की फाइट के बाद किसी में हिमत नहीं थी तब आप hi आए अपना क्वाइट सा फेस लिए चास्मिस और क्या कहा था बोलो आज भी में वो तुम्हारे मुँह से सुन न चाहती हु.

में ; है याद हे यही कहा था की

माधुरी जी प्लीज मेरी बात सुने बिना मुझे पीटना नहीं. में आपसे पागलो की तरह प्यार करता हु. आप के साथ पूरी जिंदगी बिताना चाहता हु. ये तो नहीं कह सकता की कितना जीऊंगा लेकिन ये वादा कर सकता हु की आप की आखरी साँस तक आप का साथ निभाउंगा.

आप को मेरा प्यार मंज़ूर नहीं तो मुझे एक थपड मर दो या मेरा प्यार मंजूर हो तो मुझे गले लगा दो लेकिन उन लड़को की तरह मेरी पिटाई मत करना प्लीज में आप की तरह स्टॉन्ग नहीं हु में जनता हु में आप के लायक नहीं

और तुम्ही ने पहले तो छोटा सा तप्पड़ मारा और मेरी लिप्स पे जोरदार किस्स्स किया था.

में तो खुसी के मरे बेहोस hi हो गया था होश आया तो निचे पड़ा तुम्हारी बहो में था जब मुझे होश आया तो तुम्हारी आँखों में अंशु थे मुझे होश में देख तुम देख मुस्कुरा उठी और तुमने मुझे गले लगा लिआ था सब लोग ताली बजा रहे थे.

कॉलेज में भी मुझे कोई परेशान करता तो तुम hi मुझे बचती थी.

माधुरी ; बेहोश तुम तो हो hi नाजुक. सुहागरात को मुझे नुदे देखते hi बेहोश हो गए और तुम्हे होश में लेक मुझे hi सब करना पड़ा पता नहीं मेरा डिल तुम्हरे जैसे बुद्धू को hi क्यों चाहता हे.

लेकिन तुम हो hi बड़े प्यारे. ी लव यू यार में तुमसे बहोत प्यार करती हु और हमेसा करती रहूंगी. तुम्हारे लिए में कुछ भी करुँगी

और उसने मेरे लैंड को पाजामे में हाथ डालके निकला मेरी आँखों में देखते हुए उसे लम्बी जीभ से छठा

मेरे मुँह से आह निकल गई वो मुस्कुराई और जोर से चूसने लगी मेरी तो जान hi निकल गई

में किसी अजीब और मिट्ठी सी दुनिया में पहोच गया मेरा लैंड एकदसम टाइट हो गया

में ; म किंग डार्लिंग.

माधुरी ; ऍम मम.... प्लीज के ी लव यू.

में ओह्ह्ह.... लव यू तू माय क्वीन

माधुरी ; उम्म्म के माय लव

और जोर जोर से चूसने लगी और ढेर सारा माल उसके मुँह में hi लेकिन उसने मुँह नहीं हटाया और पूरा मॉल उसके मुँह में भर मेरी तरफ बढ़ी और वही मुँह से मेरे लिप्स को मुँह में लेकर किश करने लगी.

मेरे मुँह में मेरा वीर्य और माधुरी के रसीले होतो का रास मिक्स था. मेरा थोड़ा वीर्य में पी गया और ज्यादा तो वही पी गई. मुझे थोड़ा वीर्य वाली किश में अजीब तो लगा लेकिन मजा बहोत आया.

पता नहीं क्यों लेकिन मेरी बीवी की एक आदत थी वो मुझसे सेक्स करने के बाद वो वीर्य से सनी छूट पक्का चतवती लेकिन मजा मुझे भी बहोत आता हे खास कर जब में उसकी छूट चाट रहा होता हु माधुरी की आंखे बंद होती हे वो अपने बूब्स और बॉडी पे बुरी तरह रब करती हे


शी इस मच सेक्सी
 
रत के 10 बज चुके थे. में डिनर के लिए टेबल पे था. माधुरी किचन से खाना लेकर टेबल पे आती हे.

में; डार्लिंग तुम मेरे लिए भगवन का दिया वरदान हो

माधुरी ने प्यारी और कातिल स्माइल दो और मेरे बिलकुल नज़दीक एकदम चिपका के चेयर लगा के बैठी उसने एक हाथ मेरे सर पे रखा और दूसरा मेरे गाल पे और मेरे सर के हलके से नज़दीक खींच के झुकाया और एक प्यारी सी किश मेरे माथे पे की और बोली

माधुरी ; में चाहे जितनी भी स्तरों हु पर मेरी कमजोरी तुम हो.

में ; हम्म.. कही वो बूढ़े रफीक के हेडपम्प की याद तो नहीं आ रही.

माधुरी ; बिलकुल नहीं यार. पुर उसका कितना बड़ा हे.

में ; मुद कर गया क्या.

माधुरी ; अछ्हा... ... और कर गया तो??

में ; कर गया तो में क्या करूँगा. करोगी तो तुम.

माधुरी ; में क्या करुँगी.

में ; कही तुम अपना ब्लाउज सिलवाने गई और उसने कुछ हरकत कर दी तो.

माधुरी ; मेरी आँखों में देखती हे

माधुरी ; वो क्या कर सकता हे?

में ; कुछ भी !!

सायद तुम्हे बहका दे.

माधुरी ; और में बाहेक जाउंगी ??

पागल हो गए हो क्या

( में जनता था की माधुरी रफीक का देख के गरम हो चुकी थी मुझे उसका पता जब उसने लैंड चूसा मेरा तभी पता लग गया था लेकिन ये सब देख के मेरे डिल में भी कुछ अजीब सी gud-gudi हुई थी. लेकिन ऐसा वैसा मेने कभी सोचा और न कभी चाहा

और न hi में इस हालत को समाज पाया)

में ; और लहि तुम बाहेक गई या कुछ हो गया तो

मेने हस्ते हुए कहा

माधुरी ; पागल मत बनो यार न मुझे तुमसे और तुम्हे मुझसे कोई नहीं छीन सकता.

तुम मेरी कमजोरी हो यार ी लव यू

ओनली ओनली एंड ओनली ु.

और में खामोश हो गया

माधुरी ; अब बोलो भी

अरे चुप क्यों हो गए

मेने स्माइल की और चुप रहा. हमारा खाना ख़तम हो गया था में और माधुरी उठ गए माधुरी प्लेट्स उठा के जाने लगी और पीछे मुड़के मेरी तरफ एक बार देखा और मुस्कुराई.



में सिगरट पिने अपनी बहार गेललर्य में आ गया और मेरा ध्यान वही गया उस रफीक की दुकान की और दुकान बंद थी दुकान में शटर नहीं थी लकड़ी की फ्रेम वाला दरवाजा था जिस में उसने पर्दा लगा था और पर्दा भी पूरा नहीं था. अंदर से जीरो वाल्ट के बल्ब की रौशनी दिख रही थी जो उसकी दुकान के उस कमरे को भी रोशन नहीं कर प् रही थी. बस इतनी रौशनी की कच से कोई जाके तो अंदर का हिंसा देख सके.

रफीक दुकान के पीछे हिस्से में रहता था उसके साथ कोण रहता था कोई था भी या नहीं पता नहीं

अचानक पीछे से किसी का हाथ मुझे में गांड में महसूस हुआ. मेने तुरंत hi था पकड़ के पीछे मुदा तो देखा माधुरी मुस्कुराते हुए मुझे देख रही थी मेने आहिस्ता से हाथ हटाया और पीछे मुद गया

माधुरी भी पीछे से मेरी बगल में आ गई और मेरी कमर और गांड पे हाथ फिरने लगी मेरी नजर सामने की तरफ थी. में झुक गया और अपने दोनों हाथो को सामने की दिवार पर टिका दिए

कुछ भी बोलै नहीं माधुई ने लेफ्ट हैंड को दिवार पे टिकाया और राइट हैंड से मेरी गांड में पाजामे के ऊपर से hi ऊँगली घूमने लगी.

ऊँगली से मेरी गांड के छेड़ में घुमाए जा रही थी. मजा तो मुझे भी आ रहा था लेकिन कुछ अजीब सा लग रहा था.

में फिर भी खामोश रहा और दुकान रोड की तरफ hi देखता रहा

माधुरी ; अब बोलो भी

जणू बोलो न. ओह्ह मेरे पति देव.

ू मेरे मालिक. बोलो यार

में ; क्या बोलू.

माधुरी मुस्कुराते हुए में भी मुस्करा hi रहा था

कुछ भी बोलो बात करो मुझसे

में ; दो बाटे

माधुरी ; फिर से दो अच्छा बताओ दो क्या 4 बताओ 6 बताओ लेकिन बाटे करते रहो मुझसे

में ; मुझे समाज नहीं आता हमारे रिश्ते में पति में या तुम???

माधुरी ; ऐसा जनाब को क्यों लगा !!??

अभी दोपहर को और सैम को जो बाटे की उस वजह से ???

में ; नहीं वो तुम अपनी नाहक सी प्यारी पायरी लम्बी सी ऊँगली मेरी गांड में घुमा रही हो तो मेने सोचा तुम्हे पति बन न पसंद हो

माधुरी जोर से हस्ती हे और हस्ते हुए बहोत प्यारी लगती हे.



माधुरी वो इस लिए की है मुझे सायद ाचा लगता में तुहारी पति होती और तुम मेरी पत्नी

और ऊँगली से तुम्हारी गांड छोड़ने में जो मजा आता हे न में बता नहीं सकती.

में ; तब तो मेरी समेत आ जाती. सुकर हे भगवन ने तुम्हे लैंड नहीं दिया नहीं तो मेरी गांड का तो तुम बजा hi बजा देती

हम दोनों hi हस्ते हुए बात कर रहे थे लेकिन दोस्तों में गांडू नहीं हु नहीं कभी मरवाई न मरवाउंगा और न hi ऐसा सोख हे बस बीवी की ख़ुशी के लिए उसे सब करने देता हु.

माधुरी ; ोय होय मेरी जान मेरा लैंड होता तो पूरी लाइफ अपने लैंड को तुम्हारी गांड में hi डेल रखती कभी नहीं निकलती.

लेकिन तुम्हारे पास तो हे उसमे hi मजा हे

और जोरसे मेरी गांड में ऊँगली दाल के गोल गोल घूमती हे कपड़ो के ऊपर से hi. में अपनी हाफ बंद आँखों से अजीब से नजरो से घूम के उसे देखता हु.

वो मेरे पीछे आती हे और घुटनो के बल बैठ जाती हे मेरा पजामा जो इलास्टिक वाला था ुको गांड के निचे थोड़ा सरकती हे . मेरी गांड पे थूक लगाती हे और लम्बी सी जीभ घूमती हे फिर पूरा मुँह लगा के सक करती हे. मुझे बहोत मजा आ रहा था फिर अपनी अपनी लम्बी सी ऊँगली को मेरी गांड में डालती हे. थूक से गीले गांड की वजह से मधरी की ऊँगली मेरी गांड में घुस जाती हे अचानक मीठे से दर्द की वजह से मेरे मुँह से अहह... निकल गई

माधुरी को भी बहोत मजा आ रहा था उसकी आफ्टर थोड़ी सी तेज होती हे और वो अपनी प्यारी सी नाहक ऊँगली को अंदर बहार के साथ गोल गोल घूमती हे.

मेरी आंखे बंद थी मुझे बहोत मजा आ रहा था. माधुरी आहिस्ता से थोड़ा राइट हो कर मेरे फेस की तरफ देखती हे और दूसरे हाथ से मेरे लैंड को पकड़ती हे मुझे बहोत मजा आ रहा था उसके दोनों हाथो की उंगलिया अपना काम बराबर कर रहा था मुझे आधा घंटा हुआ और में बोलै

म किंग डार्लिंगगगग..

माधुरी घुटनो से hi खिसकते आगे आई और मेरे लैंड को मुँह में ले लिआ उसका एक हाथ पीछे hi था और ऊँगली अब भी मेरी गांड में hi थी

अचानक मेरी पिचकारी छूट गई और सारा मॉल उसके मुँह में छूट गया. लेकिन माधुरी ने बिलकुल मुँह नहीं हटाया वो कड़ी हुई और मुझे किश करने लगी मुँह में आधा आधा मॉल बात गया मेरा रास हम दोनों हे पी रहे थे

सेक्स का नशा हम दोनों की आँखों में था माधुरी का फच काफी नशीला था



लेकिन अब बरी मेरी थी में भी झुक गया और घटना के बल बेथ गया उसका टाउजर के बटन पे ठाठ रखा उसने तुरंत hi मेरा हाथ पकड़ के बोली जानू

मेने अपना हाथ नहीं हटाया बातों खोल के धीरे से पेण्ट को निचे सरकाया पेण्ट ढीला था. पेण्ट सार्क कर गिर गया और ुकि टैंगो में निचे अटका रहा गुलाबी चड्डी में माधुरी की लम्बी पतली केले जैसी टंगे और पिंक पेंटी में फूली हुई उसकी छूट देख कर मेरा फिर से खड़ा होने लगा.

मेने छपने हाथो से चड्डी के ऊपर से छूट पे उंगलिया घुमाई और एक हाथ से पीछे माधुरी की मखमली गांड पर घुमाई . माधुरी झुक गई और उसके दोनों हाथ सामने वाली दिवार पे टिका दिए जिसके कारन सामने से कोई मुझे देख नहीं सकता था में माधुरी की लम्बी टैंगो से लेकर उसकी फूली हुई छूट और गांड पे हाथ घूमता रहा. माधुरी काफी मदहोश हो चुकी थी. में मधरी के पीछे आया अब भी घुटनो के बल hi था. मेरे दोनों हाथो से माधुरी की कमर पे ले गया. अपनी ऊँगली को माधुरी की गुलाबी पेंटी को आहिस्ता से पकड़ा.

अचानक माधुरी की सांसे रुक गई उसने जाट से अपने दोनों हाथ मेरे हाथो से पकड़ लिए लेकिन रोका नहीं मेने धीरे से पेंटी को उसके घुटने से निचे उतरा. अपना मुँह माधुरी की गांड की दरार में घुसा के रब किया. माधुरी को एक क्रान्त सा लगा. अपनी खुदरी सी जीभ से उसकी कोमल गुलाबी गांड के छेड़ को छठा. माधुरी की गांड मेरे थूक से गीली हो गई. माधुरी काफी गरम हो चुकी थी.

माधुरी ने अपने दोनों हाथो को पीछे लेजाकर मेरे सर को दबा दिनया मेरा सर नक् मुँह और थोड़ी माधुरी के गांड की दरार में घुस गया. मधरी का सर हवा में ऊपर की तरफ उठ गया. माधुरी की आंखे बंद थी. मेने अपनी जीभ माधुरी की गांड डालने लगा.

अब माधुरी अपने बस में नहीं और कहने लगी

प्लीज के जणू आ... जोऊ... न

में खड़ा हुआ मधरी की सेक्सी अदाओ से में भी गरम हो चूका था मेरा लैंड फिरसे टाइट और सख्त हो चूका था

अपने मुँह से ढेर सारा थूक निकला और माधुरी की गांड पे लगाया

आह ओह्ह...

माधुरी के मुँह से आवाज निकली

अपने लैंड को माधुरी की गांड की छेड़ पे लगाया और हल्का सा प्रेस किया. माधुरी की हलकी और प्यारी सी चीख निकली ाःह...

में मदहोश हो गया और दोनों हाथ माधुरी की कमर पे थोड़ा जोर से जकड़ा और थोड़ा और ज्यादा जोर से लैंड को प्रेस किया माधुरी थोड़ा जोर से चिल्लाई ओह्ह...

मर डालने का इरादा हे क्या ? बड़े धीमे से प्यार से बोली.

में ; मरने का नहीं तुम पे मर मिटने का डिल हे जनम.

माधुरी ; ओह.. मरे तुम्हारे दुश्मन. नं

और आंखे बंद कर के ऊपर की और फेस उठ्ती हे लेकिन पूरी बॉडी अब भी ज़ुकी हुई थी मेरे हाथो ने कमर जकड राखी थी और मेरा 5.5 लम्बा 3.5 मोटा लैंड पूरा माधुरी की गांड में था.

माधुरी ; स्टार्ट करो जणू मुझे बहोत मजा आ रहा हे

में उसकी गांड में लैंड को आगे पीछे करने लगा मजा हम दोनों को आ रहा था सायद माधुरी को कई ज्यादा

में ; डार्लिंग मजा तो मुझे भी बहोत आ रहा हे मेरी ब्यूटीफुल बीवीजी.

माधुरी ; प्लीज मिजे जी मत कहो जणू में तो तुम्हारे चरणों की दासी हु

में ; अरे जानेमन तुम मेरी कोई दासी वासी नहीं मेरी शापनो की मलिका हो.

माधुरी ; सच हु... अहह....?

में ; है सच में वैसे तुम्हारी गांड बहोत मस्त हे डार्लिंग बहोत मजा आ रहा हे.

माधुरी ; वैसे मजा तो मुझे भी बहोत आ रहा हे.

माधुरी ; तुम से भी ज्यादा. तुम्हारा हर जाततका मेरे पुरे सरीर में मस्त मीठी मीठी गुदगुदी कर रहा हे. बहोत मजा आ रहा हे जणू . ी लव यू सो मच.

में ; लव यू तू डार्लिंग

और में अपना एक हाथ माधुरी के शर्ट में डालकर ब्रा के ऊपर से hi माधुरी के बूब्स को प्रेस करने लगता हे.

दूसरे हाथ की एक बिच वाली ऊँगली माधुरी के छूट में दाल देता हु ऊँगली आगे पीछे करने से मेरी पीछे की रफ़्तार रुक जाती हे और आगे मधरी की मखमल जैसी मुलायम छूट ढेर सारा पानी छोड़ने लगती हे माधुरी की छूट कई बार छोड़ने के बावजूद काफी टाइट थी.

ये भी मेरी प्यारी बीवी की एक और खासियत थी जितना भी छोड़ो टाइट hi रहती हे

माधुरी ; उफ्फ्फ जणू में मर गई ओह्ह तुम तो ला जवाब हो हिय..

में ; तुम भी तो ला जवाब हो तुम तो अच्छे अच्छा का आँखों से hi पानी निकल दो

मधरी : सब को आँखों से काम चलने दो मुझे तो तुम्हारे लैंड की जरूर हे जो मुझे खुश करते करते आपने रोक लिआ

में ; ओह्ह सॉरी में भूल गया.

आगे से हाथ हटा कर मेने माधुरी की कमर को जोरो से जकड़ा और अपनी स्पीड बढ़ा दी

माधुरी ; प्लीज सॉरी मत बोलो यार तुम तो मेरे खुदा होठ्हहह...

अचानक मेरे झटके स्टार्ट हो गए

हम दोनों ने बात चित बंद की और गेम को आगे ले जाने लगे हम दोनों को बहोत मजा आ रहा था

5 मिनिट और हो गए और मेरी पिचकारी पूरी माधुरी की गांड में छूट गई हम दोनों रिलैक्स हुए . में माधुरी पर ज़ुका रहा पीछे से लैंड को नहीं निकला 2 मिनिट बाद मुझे हलके ढके से उठती हुई माधुरी मुड़ी और मुझे गले लगा लिआ माधुरी की चड्डी उसके घुटनो पे फांसी हुई थी और गांड से मेरा ढेर सारा वीर्य गांड से लेकर कड़ी तक टपके जा रहा था. वो थोड़ी पीछे हटी और मेरे सर को निचे की तरब दबाते हुए हसने लगी

में ; ओह में समाज गया

और में फिर घुटनो के बल बैठ गया माधुरी भी दोबारा पीछे घूम गई में अपने वीर्य से सनी हुई माधुरी की गांड को चाटने लगा ये माधुरी को बहोत पसंद हे माधुरी हर बार चुदाई के बाद मुझसे चतवती इसमें माधुरी को बहोत मजा आता हे

में मधरी की गांड से ले कर उसकी लम्बी टैंगो को चाट रहा था माधुरी बहोत नशीला इंजॉय कर रही थी और वो अचानक से मेरे बालो को पकड़ के मेरे फेस को अपनी गांड पे रब करने लगी 2 मिनिट बाद वो हटी और मेरी गॉड में बेथ गई हमें बहार से कोई नहीं देख सकता था पीछे मेरा घर था और सामने कमर तक की दिवार

हम दोनों हसे और एक दूसरे को देखते रहे

फिर माधुरी आगे आई और मुझे एक लम्बी 3 मिनिट की किश करा फिर से मुझे देख के बोली

माधुरी ; ी लव यू जणू हमेसा मेरे पास hi रहना

में घुटनो से उठ जमीं पे अपने लेग्स को पसर कर गांड के बल बेथ चूका था माधुरी मेरे गॉड में थी उसने अपने लेग्स को लम्बे कर दिए अपना सर को मेरे कंधो पर दाल मेरी तरफ अपनी गर्दन को मेरे कंधो से जुला कर आराम से रिलैक्स पोजीशन में थी.

मेने अपने दोनों हाथो से उसे जकड़ा हुआ था मेरे फेस पे माधुरी के लेम बल थे जो में हटाने की बार बार नाकाम कोसिस कर रहा था.

में ; लव यू तू डार्लिंग में तुमसे कभी दूर नहीं जाऊंगा हमेसा तुम्हारे पास रहूँगा.

हम्म दोनों कुछ देर खामोस रहे और फिर माधुरी बोली

माधुरी ; और दूसरी बात ????

में ; तुम अब भी वही अटकी हुई हो.

माधुरी ; बोलना यार बोलो

प्लीज bolo...ooo...

में हँसा और बोलै

में ; देखो तुम बुरा मन जाओगी में तो सिर्फ मजाक करना चाहता हे

माधुरी ; अच्छा नहीं बुरा मॉंगी बोलो

में हस्ता हु और चुप रहता हु.

माधुरी ; बोलो ू... यार प्लीज

अच्छा में तुम्हे एक प्रॉमिस करती हु लाइफ में कुछ भी हो जाए में कभी भी न तुमसे गुस्सा होउंगी न तुमसे नरराज होउंगी उल्टा आप नाराज हुए तो आप को हर बार मनाऊंगी आप 100 बार नाराज हुए तो में 1000 बार मनाऊंगी अब बोलो

में ; बस बस में कभी तुमसे रूठने वाला नहीं हु अच्छा बोलता हु

में ; देखो में सिर्फ मजाक hi कर रहा हु.



माधुरी ; अरे बाबा करो यार बोलो
 
आगे

माधुरी मुझे बार बार बोलने के लिए फ़ोर्स कर रही थी. लेकिन में तो सिर्फ मजाक कर रहा था.

माधुरी ; देखो बोलो नै तो बैडरूम में चलो

में ; चलो हम वही बाटे करते हे.

माधुरी ; है है ये ठीक रहेगा वही जितना मजाक करना हे कर लेना

हम दोनों हस्ते हुए बैडरूम चले गए माधुरी काफी सेक्सी और नशीली लग रही थी.

जाते hi माधुरी मुझे बहो में लेके बीएड पर गिरती हे और पूछती हे.

माधुरी ; अब बताओ जनाब के माइंड में कोनसा खुरापाती मजाक चल रहा हे.

में ; डार्लिंग कही उस बूढ़े के पास तुम कुछ काम से गई तो उस बूढ़े का क्या हल होगा.

माधुरी ; क्या होगा बिचारे को मेरे जैसी हसी जावा और खुबशुरत लेडी तो मिल नहीं सकती बेचारे को आंखे तो सेकने दो.

में ; है आंखे तो सेकने से कोई रोक नहीं सकता.

माधुरी ; अरे रे.. रे... रे हुकम तो करो जनाब सेल ने उनके सेकने की कोसिस भी की तो

में माधुरी की बात बिच में hi काट देता हु.

में ; बस यार. मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं हे

माधुरी ; हम्म्म तो फिर कहा प्रॉब्लम हे

मेरे जणू को जलन हो रही हे???

में ; जलन वालन कुछ नहीं बेचारे बूढ़े का हल सोचो काया होगा

माधुरी ; क्या होगा

में ; तुम्हारे बूब्स को कैसे ज़क रहा था.

माधुरी ; हम्म्म वो तो में साड़ी का पल्लू निचे गिरा देती न तो भी हार्ड अटैक से मर जाता बिचारा.

में ; हम्म्म सोच लो अभी तुम्हे किसी टेलर की जरुरत हे सिटी में जाए वह किसी को जानते नहीं हे. तुम्हे यूनिफार्म में साड़ी के लिए ब्लाउज सिलवाना हे.

माधुरी !!! हम्म्म तो?? सिल्वा लू??

में ; है तो कहा जाओगी सिल्वा लो

माधुरी ; जनाब आपका हुकम हे सिलवाना तो पड़ेगा.

मुझे हसी आ जाती हे मुझे हस्ता देख माधुरी भी शर्मा जाती हे.

माधुरी ; जणू हु क्यों है रहे हो शैतान हो गए हो.

ऑर्डर हम दोनों हस्ते हे वो शर्मा जाती हे.



और कुछ इस तरह से हस्ते हुए मुझे प्यार से देखती हे

में ; अब तो वो तुम्हारा साइज लेगा और वैसे भी तुम्हे सब टाइट पहन ने की आदत हे.

माधुरी ; है तो यार अब तुम्हारी बीवी सेक्सी भी न दिखे और साइज दिए बिना ब्लाउज तो नहीं सील सकता यार.

माधुरी ; आप बोलो तो न दिखू. मुझे आप मेरी सुंदरता से ज्यादा प्यारे हो. मुझे पता हे मेरी सुन्दता नहीं भी होगी तब बी मुझसे उतना hi प्यार करोगे.

में ; है है में तो तुम्हे किसी भी हल में हो प्यार करता हु रहूँगा चाहे ब्यूटीफुल न भी हुई तो भी.

और रही बात तुम सेक्सी दिखना चाहती हो तो कोई भी आए सामने कोई फर्क नै पड़ता.

मेरी बीवी हो हे तो हे ब्यूटीफुल हे प्रीटी हे

जिसकी जलनि हो जले क्या फर्क पड़ता हे.

माधुरी ; सच?

में ; है

माधुरी ; और वो बूढ़ा मेरी जवानी को ताड़ता हे टाडा तो?

में ; तो ताड़ने दो न.

माधुरी ; सोच लो वो सजी लेगा तो

में ; लेने दो उस बेचारे बूढ़े पर भी रहें कर दो.

माधुरी ; देख लो बूढ़े पर महेरबान मत हो जाओ.

में ; है है बाद में पता चले उस से छुड़वा के आओ और कही आकर सनी हुई छूट मुझसे चेतवानी पड़े.

माधुरी जोरो से हसने लगती हे हस्ते हुए माधुरी बहोत खुबशुरत लगती हे.

माधुरी ; देख लो काम जा रही हु साइज देने.

बड़े नज़दीक से देखेगा

में ; अरे वो तो दरजी हे देखे नहीं तो काम कहा चले

माधुरी का हाथ अब मेरी गांड के दरार में घूमना चालू हो गया

में ; वह मेरे पति देव अब हाथ हाथ हटाओ और सो जाओ कल सिटी भी जाना हे तुम्हे 3 डेज के बाद जोइनिंग कर लेना.

माधुरी ; अरे नहीं कल hi जोनिंग हे कल में पेण्ट शर्ट वाले यूनिफार्म में hi चली जाती लेकिन.

में ; लेकिन क्या.

माधुरी ; चलो जाने दो फोन कर लुंगी 3 डेज के बाद hi जाउंगी अभी घर का काम भी तो देखना हे

मेने दोस्तों पहले भी बताया माधुरी कोई ईमानदार पुलिस इंस्पेक्टर नहीं हे बस गरीबो को नहीं परेशान करती


सुबह मेरी नींद खुलती हे नई जगह पे आए थे मुझे नै जॉब भी ढूंढनी थी. क्यों के हम भोपाल में रहे रहे थे वह तो जब थी मगर अब हम इनडोर में थे
 
सुबह मेरी नींद खुली तो 10 बज रहे थे माधुरी जल्दी उठ जाती हे और जॉगिंग करती हे उसने सुबह क्या किया होगा मुझे नहीं पता सायद बादमे पता चलेगा.

में जैसे बेडरूम में आया मुझे पीछे से आवाज

माधुरी ; गुड मॉर्निंग जणू.

मेने पीछे मुदा तो माधुरी खड़ी थी लाइट पिंक साड़ी में बहोत ब्यूटीफुल सेक्सी हॉट लग रही थी





में माधुरी की खुभूर्ति को देखता hi रह गया जितनी हॉट हे उतनी hi मासूम और किते भी

में ; गुड मॉर्निंग डार्लिंग

माधुरी ; फ्रेश हो जाओ नाश्ता रेडी हे

में फ्रेश हो कर टेबल पे आता हु माधुरी नाश्ता और दीनार मेरे साथ hi करती थी. हम दोनों नाश्ता करते बाटे करते हे.

में ; हम्म क्या प्लान हे आज का

माधुरी ; काम तो हे मार्किट से सामान लाना हे ब्लाउज भी सिलवाना हे यार.

मुझे टेंशन हो रही हे ये सील पाएगा थिकसे

में ; रिलेक्स डार्लिंग ट्रे तो करो क्या पता ठीक से सील दे.

माधुरी ; नै यार चलो ट्रे तो करती हु.

हम्म दोनों बाटे करते नाश्ता करते हे बादमे माधुरी मुझे भी जबरदस्ती करती हे

माधुरी ; तुम भी चलो यार साथ में.

में ; ok ok इतनी हॉट और सेक्सी वाइफ को कैसे मन कर सकता हु.

में तैयार होता हु और साथ जाने के लिए निचे हम दोनों साथ उतारते हे. सामने दुकान में खड़ा बूढ़ा रफीक हम दोनों को देख दुकान में से hi हमें स्माइल देता हे और अपनी गन्दी सी स्माइल करता हे वो दूर से hi माधुरी को घूरता हे



मेरी बीवी थी hi इतनी हॉट हर किसी की नजर माधुरी पर hi थी. लॉन्ग हिघ्त हिल में तो और ज्यादा हिघ्त लग रही थी हिल के कारन माधुरी के बूब्स भी बहार को उभर के आ रहे थे बिना बे के ब्लाउज में माधुरी के 34 साइज के बूब्स क़यामत ला रहे थे खुली बाजु पतली कमांड साड़ी भी कमर के निचे बढ़ी थी

हम दोनों पहले रफीक की दुकान की तरफ hi बढ़ते हे. रफीक अपनी फटी फटी आँखों से माधुरी को hi घर रहा था. माधुरी आगे जेक खुले दरवाजे से अंदर घुसती हे. पीछे में भी घुसता हु. मुझे देख के बूढ़ा अपनी नजरे तुरंत माधुरी की बूब्स और कमर से हटते बोलता हे

रफीक ; आइये आइये कहिये में आप दोनों की क्या खिदमत कर सकता हु.

रफीक कमर से थोड़ा टेढ़ा था सायद बूढ़े में जान काम थी. आगे को ज़ुका हुआ पतला और कमजोर चमड़ी भी लटकी हुई लेकिन सेल का लैंड का साइज उसके सरीर को देख के बिलकुल मच नहीं करता था.

में ; जी हमारी धर्म पत्नी को कुछ काम हे

हस्ते हुए बोलता हु वो भी मुस्कुरा रहा था.

माधुरी ; मुझे एक ब्लाउज सिलवाना हे एक डैम अर्जन्ट हे.

रफीक ; महोतरमा कितनी जल्दी चाहिए आपको.

माधुरी ; कितनी जल्दी दे सकते हो आप???

और माधुरी स्माइल करती हे माधुरी नज़दीक हो और वो स्माइल करे तो अच्छे अच्छा का होश खो जाता हे वो हे hi इतनी हॉट.

रफीक बोलते लड़खड़ा जाता हे अभी hi सील के दे देता हु.

माधुरी जोर से है देती हे उसकी हसी से बूढ़े की जान hi निकल जाती हे

वो माधुरी के फेस को hi देकता रह जाता हे जैसे उसके होठ सील गए हो ख़ुशी और घबराहट उसके फेस पे थी.

माधुरी ; देखिये मुझे ब्लाउज सिलवाना हे और बिगड़ना नहीं चाहिए कपडा मेरे पास हे आप मुझे शाम तक सील देना.

बूढ़ा होश में नहीं था वो लड़खड़ाई जुबान से बोलता

रफीक ; हे है है आप आ जाना बिलकुल चिंता मत करना हम हम सील देंगे.

माधुरी ; चाचा साइज तो ले लो कपडा तो ले लो.

रफीक ; ला. ला ला लाइए लाइए.

माधुरी को हसी आ जाती हे वो कपडा निकल के देती हे. साइज के नाम से रफीक की जान hi निकल जाती हे सायद वो छूने की कल्पना से या देखने की कल्पना में दुब गया होगा लेकिन माधुरी ने उसे भी तोड़ देती हे बैग से एक सिला हुआ ब्लाउज रफीक को देती हे ये साइज का शामे सिलना बे तो चाहिए लेकिन लम्बी नहीं और मुस्कुराती हे सायद माधुरी के माइंड में भी शरारत थी. रफीक का भी थोड़ा फेश उतर जाता हे और झूठी हसी से बोलता हे ठीक हे संको 7 बज जाएंगे.

रफीक ; लेकिन ये महेदी कलर का क्यों.

माधुरी ; मेरी मर्जी.

और ऐडा से पीछे मुड़जाति हे. हम दोनों दुकान से बहार आते हे और एक ऑटो को रोक के बेथ जाते हे.

जाते वक्त मेरी बीवी की मस्त नाजुक पतली कमर और मस्त गांड को देख रहा था जो पतली कमर की सेक्सी लचक से जलवे बिखेर रही थी. हम ऑटो से मार्किट की तरफ चल पड़ते हे.
 
हम ऑटो में भेठ जाते हे माधुरी की सहने फुल रही थी जिस कारन माधुरी के बूब्स उप डाउन हो रहे थे पसीने से माधुरी का फेश चमक रहा था वो काफी ब्यूटीफुल और हॉट लग रही थी जो ऑटो ड्राइवर सामने के शीशे से ताड रहा था. ड्राइवर की हालत भी ख़राब हो रही थी मुझे अजीब तो लगा लेकिन थोड़ा मजा बी आया मेने हिसार से माधुरी को हिसार किया माधुरी ने स्माइल की और कच में उसकी नजरो से नज़ारे मिला कर कातिलाना स्माइल दी और कहा.

माधुरी ; भैया सामने भी देखना

माधिरि की बात से वो थोड़ा घबरा गया और सामने देखने लगा हम खुश hi देर में बाजार पहोच गए सिर्फ 30 मिनिट का hi सफर था. हम उतरे और वो मंडी का इलाका था हमारे उतारते hi सभी लोग माधुरी को hi ताड रहे थे.



मडंडी में ज्यादा लोग नहीं थे 7 या 8 hi रेडी वाले थे हम लेट आए मंडी सुबह सुबह या सैम को खुलती हे दोपहर को कोई नहीं आता.

एक मावली टाइप का लड़का स्टाइल में आता हे और नज़दीक में आजके बोलता हे.



मावली ; क्या बात हे ये फूलजड़ी कैसे.

में ; ोय क्या बतमीजी हे ये.

मावली ; अबे हे हर के साथ ये लंगूर क्या कर रहा हे बे.

माधुरी को मेरी बजती करने से गुस्सा आता हे और वो आगबबूला हो जाती हे और जा कर उस मावली को कास के तप्पड़ जड़ देती हे. मावली के कण से खून निकल जाता हे एक hi तप्पड़ से वो जमीं पर गिर जाता हे सब लोग ये नजारा देख के सन्न रहे जाते हे .

माधुरी ; बीटा अब तू कुछ भी नहीं बोलेगा. बोलने का कलेजा नहीं हे तुजमे.

में माधुरी का ये रूप पहले भी देख चूका हु आदत सी हे. में माधुरी का हाथ पकड़ता हु और खींचता हु

में ; चलो यार.

माधुरी ; मेरी जान रुको तो इस कुत्ते ने तुम्हारी बजती करने की हिम्मत कैसे की. उठने दो एक hi ख्य हे अभी और 2, 4 प्रसाद बाकि हे.

में ; चलो यार.

और में उसे खींच कर वह से आगे ले जाता हु. हम एक रेडी पर पहोचे और रेडी वाला ललचाई नजरो से चोरी से माधुरी को ताड़ता हे.

रेडी वाला ; जी सही सबख सिखाया मेमसाब उस खजुरा को.

माधुरी ; ओह वो कुत्ते का नाम खजुरा हे कल मिलती हु उसे.

और माधुरी सब्जी का टलवाने लगती हे रेडी वाला भी फटाफट सब्जी तोलता हे.

माधुरी ; आप की सब्जियों के डैम काफी ज्यादा हे.

ऐसा बोलते माधुरी थोड़ा सा ज़ुकती हे और कातिलाना स्माइल करती हे जिस से रेडी वाले की बोलती बंद हो जाती हे और माधुरी के बूब्स पे एक नजर डालता हे तो उसकी नजरे वही रुक जाती हे बोलती बंद हो जाती हे और ाआवाज भी लड़खड़ाने लग जाती हे.



देदी वाला ; जी जी जी a.a.a आप कुछ भी दे दीजिये.

माधुरी ; फिर बी आप बोलिये.

रेडी वाला ; जी जी आप कुछ भी aa.apna समाज के दे दो.

माधुरी ; क्यों अपना समजू.

माधुरी ने काफी नशीली स्टाइल में कहा मुझे भी डिल में कुछ कुछ होने लगा घबराहट और मजा एक साथ आ रहा था.

रेडी वाला ; जी जी आप जो भो दो चलेगा आप से जा जा जान पहचान रखोगी तो सा सा सब्जिया भी मुझसे फ फ फ्रेश और सस्ती मिल जाएगी.

माधुरी ; ठीक हे

जो भाव बोलता हे माधुरी उतने पैसे दे देती हे सेक्सी स्माइल करती हे और पीछे मुझे अपने आप से सत्ता देती हे मेरा लैंड सब हरकतों से काफी खड़ा हो गया था और पीछे से सटने से माधुरी की गांड में गढ़ ने लग जाता हे माधुरी थोड़ा सा पीछे फेस कर के मेरी आँखों में देखती हे सेक्सी स्माइल करके मेरी नजरो से नज़ारे मिलती हे और मुझे एक आंख मरती हे में भी काफी जोस में आ कर माधुरी की कमर को जकड लेता हु और जोर से माधुरी की गांड को अपने लैंड से एक झटका मरता हु. जिस से माधुरी थोड़ा सा हिल जाती हे और फिर एक बार पीछे फेस करके मेरी नजरो से नजरे मिलती हे और स्माइल करती हे.

माधुरी ; नाट्य बॉय.

और मेरे गलो पे एक किश करती हे.

ये सब देख के उस रेडी वाले की हालत ख़राब हो जाती हे वो कपट हाथो से पैसे और सब्जी की थैली माधुरी की तरफ बढ़ता हे माधुरी भी नशीली आँखों से उसे देख के उसके कपट हाथो से सब्जी की थैली ले लेती हे हम वह से ऑटो स्टैंड की तरफ चलते हे.

माधुरी के एक हाथ में सब्जियों की थैली कंधे पे एक छोटा सा कपड़ो का बैग और एक हाथ मेरा हाथ थम के चलती हे हम दो हाथो में हाथ थामे पुराने प्रेमियों की तरह चलते हे और रिक्सा स्टैंड पर पहोच जाते हे .

में ; क्या बात हे डार्लिंग अपनी सेक्सी ऐडा से उस बिचारे भूढ़े रेडी वाले की हालत ख़राब कर दी.

मधरी ; तुमने देखा कुछ???

में ; है.

मधरी ; क्या?

में ; उसका लैंड खड़ा हो गया था लुंगी में .

मधरी जोर से हस्ती हे .

मधरी ; उसकी हालत hi ख़राब हो गई मेरे बूब्स की झलक से hi उसकी फैट के 4 हो गई

हम दोनों जोरो से हस्ती हे.

में ; आज रत तो लगता हे बूढ़े को नींद hi नै आएगी शापनो में तुम्हे hi नंगी करेगा हिलाते रहे जाएगा बेचारा.

मधरी ; हालत तो तुमने भी मेरी ख़राब कर दी घर तो चलो आज में तुमको नंगा करुँगी.

और नाट्य स्माइल कर के मेरी आँखों में देखती हे.

इतने में वही ऑटो वाला लड़का जो हमें ले के आया था वो दीखता हे में उसे हिसार से बुलाता हु वो दूर से हमें hi देख रहा था लेकिन सायद थोड़ा डरा हुआ था. और वो ऑटो को हमारी तरफ ले आता हे

.

में ; भय वापस जाना हे चलोगे.

ऑटो वाला ; जी चलिए. ( दरी आवाज से )

हम दोनों ऑटो में बेथ जाते हे. ऑटो आगे बढ़ता हे और घर की तरफ चल देते हे.

ऑटो वाला ; में में मेडम आप ने जिस लड़के को मारा वो हाकिम भाई का आदमी हे वो बहोत hi खतरनाक हे.

माधुरी ; तुम वही थे? .

ऑटो वाला ; जी है मेडम मेने देखा आप ने एक hi लाफ़े ने खजुरा को उल्टा कर दिया.

माधुरी ; ये हाकिम कोण हे ?

ऑटो वाला ; वो बहोत hi खतरनाक हे मेडम आप दोबारा मंडी मत जाना मेडम मंडी में हाकिम दादा की hi चलती हे. सरे रेडी वाले उसे हफ्ता देते हे.

माधुरी ; बड़े देखे ऐसे दादा.

माधुरी ; तुम्हारा क्या नाम हे.

ऑटो वाला ; जी मेडम जग्गू

मधरी ; देखने में तो 20 21 साल के हो पढाई नै की रिक्सा चलते हो सिर्फ?

जग्गू ; जी मेडम B.S.C लास्ट ईयर में हु part टाइम घर चलने के लिए सिर्फ.

मधरी ज्यादा नहीं पूछती हमें पता चल जाता हे की वो गरीब हे और स्टूडेंट हे. लेकिन मार्किट में जो हुआ और जग्गू ने जो बताया उस से में थोड़ा डरा जरूर था.

माधुरी मुझे कहती हे.

मधरी ; वो बूढ़े ने मेरा ब्लाउज सिला होगा या नहीं. नहीं सिला होगा तो उसकी भी हालत

और में माधुरी की बात काट देता हु.

में ; डार्लिंग गुस्सा नहीं देखना गुस्सा मत करो परसो तक का टाइम तुम्हारे पास हे प्यार से काम लो.

मधरी मुस्कुराती हे और मेरे आँखों में आंखे दाल के स्माइल के साथ कहती हे.

माधुरी ; जणू मेने प्यार से काम लिया तो बूढ़े का हेडपम्प से पानी निकल जाएगा.

मुझे भी हसी आ जाती हे

में ; निकलने दो लेकिन लड़ना मत.

माधुरी ; है... मेरे भोले पति देव

और हम घर पहोच कर ऑटो से उतारते हे
 
दोस्तों लेफ्ट हैंड से जितना होगा टाइप करूँगा अपडेट छोटे होंगे. मेरा राइट हैंड ठीक नहीं हे.

आप ने पिछले अपडेट में पढ़ा की कैसे मेरी और माधुरी का प्यार भरा सेक्स करीम के साथ एक्साइटमेंट और मार्किट में लोकल टापरी की पिटाई.

माधुरी ने उतर कर करीम की दुकान की तरफ देखा और दुकान की तरफ चल दी. में भी अपने घर क लिए सिद्या चढ़ रहा था मुझे करीम दुकान के बाजु से आता दिखाई दिया .

हे भगवन ये तो मूत के आ रहा हे में 2 स्टेप चढ़ के सीडीओ में hi रुक गया मुझे कुछ अजीब सा होने लगा में फ़ास्ट फ़ास्ट सिडिया चढ़ के अपने घर का लॉक खोला और ऐसेही बिना लॉक का बंद करके भगा दुकान की तरफ देखा माधुरी और करीम दोनों hi दुकान में थे सैम हो चुकी थी हल्का अँधेरा था. मेरा डिल मुझसे पूछ रहा था क्या उस करीम का हेडपम्प देख कर माधुरी बाहेक जाएगी. हल्का अँधेरा था में धीरे धीरे दुकान की तरफ बढ़ा. मिररर वाले गेट के पास जो जो साइड का मिरर था में वह छुपके से बैठ गया मुझे वो दोनों देख नहीं पाए.

माधुरी पिंक साड़ी और सेक्सी ब्लाउज में कड़ी थी सायद वो करीम को दूध रही थी करीम उसके पीछे खड़ा था माधुरी की पीठ खुली हुई थी सुडोल गांड की बनावट को ताड रहा करीम सायद अपने लैंड को पाजामे से मसल रहा था.

अचानक माधुरी पीछे मुड़ती हे और करीम को देखती हे



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माधुरी जैसे hi पीछे मुड़ती हे करीम उसे hi देख रहा था

करीम ; आइये महोतरमा वो थोड़ा पेशाब लग गया था

वो माधुरी को देखता hi रहता हे माधुरी की ट्रांसफर्मेन्ट जाली दर साड़ी से उसके बूब्स को देखता हे और अपना लैंड मसलने लगता हे जो पाजामे में तम्बू बना था. माधुरी भी तम्बू को देखती हे तो नजर नहीं हटा पति उसके पाजामे में उभरे हुई तम्बू को देख के उसकी सांसे तेज चलने लगती हे. ये देख के करीम भी अपना लैंड मसल ने लगता हे सायद माधुरी की हालत का उसे पता चल गया था माधुरी उसके तम्बू से नजर नहीं हटती हे सायद उसे उस दिन याद आता हे जिस दिन हम दोनों ने करीम को पेशाब करते देखा था. मुझे कुछ अजीब सा लग रहा था पेट में कुछ गुदगुदी सी मची मेरा लैंड भी हरकत में आ गया फिर बी देखना चाहता था की मुझे पागलो की तरह प्यार करने वाली माधुरी क्या करती हे क्या वो बड़ा लैंड देख के बाहेक जाएगी या वह से भाग जाएगी लेकिन माधुरी की नजरे अब भी तम्बू पर थी.

अचानक माधुरी के मोबाईल जो माधुरी के हाथ में था उसमे मश्ग की बीप बजी और माधुरी का ध्यान वह से हटा उसने तुरंत मोबाईल में देखा वो कपंनी का मश्ग था.

मधरी ; जी वो मेरा ब्लाउज बड़े धीमी आवाज में बोलती हे.

मधरी की आंखे बड़ी नशीली हो गई थी जो करीम की आँखों में आंखे दाल के स्माइल के साथ देखती हे.

मधरी ; चाचा मेरा ब्लाउज सील दिया

आवाज धीमी और नशीली थी.

करीम ; मेने कटिंग तो कर दिया हे लेकिन आप को सिमल और टाइट ब्लाउज सिलवाना हे वो ये स्तालिस्ट ब्लाउज के साथ कैसे नाप हो पाएगा आप खुद नाप दे दे तो???

ये बोलते अपने लैंड को फिर से पाजामे से मसलता हे. माधुरी फिर उसके तम्बू को देखे जा रही थी करीम जो माधुरी की खूबसूरती में खो जाया करता था अब उसे हौसला बढ़ गया था. करीम मधरी के बॉडी को hi ताड़े जा रहा था खास कर उसके बूब्स को. मधरी की सांसे तेज हो जाती हे वो नजरे नहीं हटा पति.

करीम ; (दिमि हवस भरी आवाज से ) बोलो महोतरमा अपना नाप डौगी??? और स्माइल करता हे.

माधुरी करीम की आँखों में देख के हलके से है में सर हिलती हे.

करीम माधुरी के करीब आता हे. माधुरी उसे देखती हे वो इंची तप उठता हे मधरी के कंधे से गले का नाप लेता हे मधरी को टाच होते hi कारणत सा लगता हे वो कप जाती हे हल्का सा हिलते hi करीम बोलता हे

करीम ; महोतरमा हिलिए मत

और हास्के माधुरी को देखता हे मदुरई भी अपने मासूम से फेस को करीम की आंखोमे मासूमियत से देखती हे. करीम की स्माइल में कमीनापन था वो राइट सोल्डर से गले तक फिर लेफ्ट सोल्डर से गले तक का नाप लेता हे और गले पे हलके से हाथ फेरता हे. जैसे हे वो लेफ्ट साइड के गले को टाच करता हे मधरी की आंखे बंद हो जाती हे और सर को लेफ्ट साइड हल्का सा दबा कर सिसकारी लेती हे

Ssss....s.

करीम का हौसला बढ़ जाता हे मेरा डिल थोड़ा दुखी तो थोड़ा एक्साइट था मुझे मजा भी आ रहा था सैम के 07:00बज रहे थे फिर वो कंधे से तप को खींचता हुआ राइट बूब्स की तरफ आता हे ऐसा करते मधरी के बूब्स पे उंगलियों से प्रेस करता हे माधुरी भी आँखों को जोरसे भींच देती हे.

करीम ; महोतरमा पल्लू तो हटाओ.

माधुरी आँखे खोलती हे और करीम को मासूमियत से देखती हे करीम भी कामिमि स्माइल के साथ मधरी के फेस को हवस भरी नजरो से ताड़ता हे. मेने मधरी को पहेली बार बेबस देखा था अचानक करीम कंधे को अपने बूढ़े हाथो से मसलते हुए पल्लू की पिन निकलता हे और पल्लू गिर जाता हे

मधरी की सांसे तेज चल रही थी नेट साड़ी से पहले से आर पर माधुरी की क्लेवरेज दिख रही थी अब वो जाली भी हैट चुकी थी. माधुरी की 34 की ब्रेस्ट करीम बूढ़ा साला कमीना पुरे नज़दीक से कुत्ते वाली नजरो से ताड रहा था मधरी के ब्रा जैसे ब्लाउज से माधुरी के बूब्स क़यामत लग रहे थे.

करीम तप को काढ़े से रख के बूब्स पे घिसता हुआ खींचता हे और निप्पल की नोक पे रोकता हे मधरी के बूब्स बिलकुल टाइट थे जरा भी नहीं जुलते 34 के साइज में भी टाइट बूब्स देख के करीम की भी हालत ख़राब हो जाती हे. मधरी के बूब्स तेज सांसो की वजह से उप डाउन हो रहे थे.

करीम ; महोतरमा आप के ये खूबसूरत रसीले आम तो ऊपर निचे हो रहे हे थोड़ा सांसो को रोकने की कोसिस कीजिये

लेकिन ये मध्रुरी के बसमे नहीं था. वो और ज्यादा hi उप डाउन हो रहे थे करीम हिमत कर के हाथो से मधरी के बूब्स पे हलके से रक्त हे और पुरे पंजे से दोनों बूब्स को पकड़ लेता हे.

करीम ; में थोड़ी मदद कर देता हु.

मधरी एकदम से बाहेक जाती हे बिलकुल भी नहीं हिलती आँखों को जोरसे मैच के सिसकारी भर्ती हे.

सससससस सैस अस्स अहह.

अब करीम कुतो की नजर से मधरी के फेस को देखे जा रहा था और पंजो से आराम आराम से बूब्स को मसले जा रहा था करीब 4 से 5 मिनिट तक बॉब्स को मसलता he.apne तम्बू बने लैंड से माधुरी की टैंगो के बिच में ठोकर मरे जा रहा था माधुरी अपने आप में नहीं थी वो बिलकुल भी नहीं हिलती पुतले की तरह कड़ी थी ऐसा सीन देख के मेरा लैंड भी टाइट हो गया था मेरा ध्यान हटा तो मेरा हाथ अपने लैंड पे था.

अब करीम कुछ आगे करना चाहता था वो मधरी के पीछे आता हे और माधुरी के सोल्डर पे हाथ रक्त हे मधरी पीछे एकदम से आँखों को बड़ा कर के देखती हे और

करीम ; बेथ जाइये महोतरमा.

वो प्रेस करके एक स्टूल पे बिठाता हे

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