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- Dec 5, 2013
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नेहा वापस होश में तब आई जब ठन्डे पानी की एक तेज़ बौछार उसके चहेरे पर पड़ी और वो हड़बड़ा कर वापस अपने होश में आ गई. होश में एते hi नेहा खुद को कमरे के बीचो बीच पाया. कमरे के बीचो बीच बस एक बल्ब जल रहा था. और उस बल्ब के नीचे नेहा के हाथ पेअर और गर्दन किसी बेदी में जकड़े हुए थे. ध्यान से देखने पर नेहा को समझते देर न लगी की ये क्या है. ये बड़सम में इस्तेमाल करने वाली फ्लोर पिल्लोरी थी.
ये चीज़ उसके लिए नै नहीं थी क्युकी फ्लोर पिल्लोरी से उसका स्याह अतीत बेहद गहरे तरीके से जुड़ा था. फ्लोर पिल्लोरी hi वो चीज़ थी जिसने सीढ़ी साधी फॅमिली से आने वाली इंट्रोवर्ट और शाय नेहा को फंतासी गर्ल नेहा बना दिया था. फ्लोर पिल्लोरी नेहा के जीवन की वो काली सच्चाई थी जिससे उसके बेहद करीबी लोग भी अनजान थे.
फ्लोर पिल्लोरी पर आगे बढ़ने से पहले रीडर्स का इससे परिचित होना बेहद ज़रूरी है.
फ्लोर पिल्लोरी- फ्लोर पिल्लोरी बड़सम में बाँध कर सेक्स करने में इस्तेमाल किया जाने वाला एक टूल है. जिसमे लोहे की कुछ रोडस और पांच कुफ्फस होते है जिनमे दो हैंडकफ्फ्स दो लेग्कफस और एक नेककूफ होता है. इसे फ्लोर पर रख दिया जाता है और female(or मेल इतस ऑप्शनल जो भी सुब्मिस्सिवे होना चाहता है) उसके ऊपर डोगग्य पोज़ में आ जाता है और नेककूफ से अपनी गर्दन लॉक कर लेती है लेग कफ से अपने पेअर यदि के पास से लॉक कर लेती है और हैंडकफ से अपने हाथ. सरे कुफ्फस लॉक कर देने के बाद वो उस पोजीशन में पूरी तरह लॉक हो जाती है और चाहकर भी खुद को इस पोजीशन से आज़ाद नहीं कर सकती जब तक डोमिनेंट उसे आज़ाद नहीं करता.
फ्लोर पिल्लोरी ने नेहा को कुछ पल के लिए अपनने अतीत में पीछे भेज दिया अपनी सोच को रोकते हुए नेहा ने कमरे में यहाँ वह देखा पर उसे कही भी वो स्ट्रेंजर नहीं दिखा वो इधर उधर देख hi रही थी अचानक कमरे में जल रहा वो एकमात्र बल्ब भी बंद हो गया और पुरे कमरे में अन्धाघुप्प अँधेरा छ गया. अँधेरा होने के बाद जब नेहा की एक ज्ञानेंद्री बंद हो गई तो वो अपनी बाकि ज्ञानेन्द्रियो से आस पास में माहौल को महसूस करने की कोशिश करने लगी. और इसी दौरान उसे महसूस हुआ की वो विशाल डिलडो और उन बिजली के झटको की वजह से उसकी छूट में हो रहा दर्द अब कुछ कम था. उसे अपनी छूट के अंदर एक चिकने तरल लेप का भी एहसास हो रहा था जो शायद उसके बेहोश होने के बाद उस ास्मि ने उसकी छूट में लगाया होगा. और फिर उसीने उसे यहाँ कमरे के बीच में इस फ्लोर पिल्लोरी में बाँध दिया होगा. नेहा ने अपने हाथ पैरो को आज़ाद करने की पूरी कोशिश की पर वो भी जानती थी बड़सम की इस चीज़ से आज़ाद होना नामुमकिन है जब तक कोई आपको खुद आज़ाद न करे. अपना दर्द गायब हो जाने से नेहा को ये भी अंदाज़ा हो गया की वो एक घंटे से ज्यादा समय से बेहोश थी. क्युकी दवा या लेप को असर करने में भी 30-40 मं तो लगते hi है और फिर उसे उस कुर्सी से उठाने वो पोल्ल हटाने उसे फ्लोर पिल्लोरी में जकड़ने इन सबमे भी कुछ समय तो लगा hi होगा यानि वो एक घंटे या उससे ज्यादा समय से बेहोश थी.
नेहा अपने खयालो में डूबी थी की उसे किसी के पदचापों की आवाज़ सुनाई दी जो उसकी hi तरफ आ रही थी पर अन्धाघुप्प अँधेरे में कुछ नहीं दिख रहा था. वो पदचाप उसके सर के पास आकर रुक गए. कोई उसके सामने खड़ा था पर अँधेरे में वो उसे देख नहीं सकती थी और हाथ पेअर बंधे होने की वजह से वो उसे छू भी नहीं सकती थी. वो आदमी अपना चेहरा नेहा के कान के पास ले आया और फुसफुसा कर उससे बात करने लगा.
स्ट्रेंजर: क्यों माय स्लेव बाँडेज डोमिनान्स सबमिशन मसोचिस्म का ये रूप कैसा लगा तेरी तो हालत ख़राब हो गई इतने में hi, बेहोश हो गई तू तो.
नेहा: बिजली के झटके लग रहे थे मई उन्हें बर्दाश्त नहीं कर पाई प्लीज अब और झटके मत देना.
स्ट्रेंजर: हाहाहाहा तू तो इतने में hi दर गई चल कोई बात नहीं अब तू मेरे सामने इतना गिड़गिड़ा रही है तो चल अब और झटके नहीं दूंगा. पर रात तो अभी बाकि है. और अभी तो मेरा वो दोस्त भी बाकि है जिसके बारे में मैंने तुझे बताया था.
नेहा: मई अब आज रात और झेल नहीं पाऊँगी प्लीज कल कर लेना.
नेहा का इतना बोलना था की एक तेज़ झापड़ नेहा के गलो पर पड़ा.
स्ट्रेंजर: भूल गई तू तो मेरी गुलाम है जब तक मई तुझे जाने को नहीं कहूंगा तब तक कैसे जा सकती है. और तेरी छूट पर मैंने अंदर हाथ डालकर अच्छे से लेप लगा दिया है. तुझे दर्द नहीं होगा बल्कि मेरे दोस्त का स्टैमिना देख तेरे होश उड़ जाएंगे. मुझसे भी ज्यादा ज़ादा देगा वो तुझे.
पहली बार कोई मर्द चुदाई के मामले में अपने से ज्यादा किसी दुसरे मर्द की स्टैमिना की तारीफ कर रहा था, वर्ण नोर्मल्ली तो मर्द खुद को hi बाहुबली समझता है. अब तो नेहा भी एक्ससिटेड थी इस शिक्षा के उस दोस्त से मिलने को. स्ट्रेंजर उठकर अँधेरे में hi पीछे उसके चूतड़ों के पास आकर बैठ गया और अपने हाथो से नेहा की स्टॉकिंग्स के ऊपर से उसकी टांगो को चाटने लगा. छत्ते छत्ते वो अपना चेहरा नेहा की छूट के करीब ले गया और पंतय के ऊपर से नेहा की छूट की महक सूंघने लगा. पंतय के अंदर से छूट के साथ साथ उस लेप की महक भी आ रही थी जो उसने नेहा की छूट में लगाया था. ये शायद गाँव का कोई देसी आयुर्वेदिक लपे था क्युकी इतना बड़ा डिलडो अंदर लेने के बावजूद नेहा का दर्द अब लगभग न के बराबर था. कुछ पल यही नेहा की छूट को पंतय के ऊपर से सूंघने के बाद स्ट्रेंजर ने नेहा की पंतय पीछे से फाड़ दी और नेहा की छूट को पीछे से खोल दिया.
और कुछ चिपचिपा चिपचिपा चाशनी जैसा कुछ नेहा की छूट और गांड में लगा दिया. नेहा को लगा शायद ये भी कोई लेप हो जिससे लुंड आसानी से अंदर चला जाए.
नेहा को यही लग रहा था शायद अब वो खुद उसकी चुदाई करने वाला है क्युकी कल तो उसने न उसकी गांड मरी थी न छूट बस अपना लुंड चुसवा कर उसे जाने दिया था. इसलिए शायद आज वो उसकी चुदाई करेगा और यहाँ आने के बाद अब तक उसने कई मर्दो के साथ बहुत कुछ करा था पर प्रॉपर चुदाई नहीं की थी यानि अपनी छूट में किसी का लुंड नहीं लिया. कल्लू से छूट छतवई, भूरा से गांड मरवाई, छोटू से दूध चुस्वाए उसका लुंड चूसा, रामु काका को हैंडजॉब दिया और इस स्ट्रेंजर के साथ भी 69 पोजीशन में ब्लोजॉब करा पर यहाँ गाँव में एक भी लुंड अपनी छूट में नहीं लिया था, तो शायद आज इस गाँव में इस स्ट्रेंजर के हाथो जिसका अब तक उसने चेहरा भी नहीं देखा उसके हाथो उसकी छूट की बोंय होने वाली थी. पर इस बोंय से उसे अर्जुन मिलेगा या जहान्वी ये कहना मुश्किल था. नेहा अपने hi खयालो में खोई थी की उसे वो पदचाप दूर जाते सुनाई दिए यानि वो स्ट्रेंजर उससे दूर जा रहा था. पर क्यों यु अचानक से उसकी पंतय पहाड़ कर वो अब दूर क्यों जा रहा था क्या चल रहा था उसके दिमाग में.
नेहा अपने विचारो में खोई थी की अचानक उसे अपने होंठो पर किसी का हाथ महसूस हुआ जो उसके होंठो को खोल रहा था नेहा ने भी ज्यादा न सोचते हुए अपना मुँह खोल दिया और मुँह खुलते hi उस शिक्षा ने एक छोटी सी बॉल नेहा के मुँह में घुसेड़ दी जो दोनों तरफ से चमड़े की पट्टी से बंधी थी.
नेहा बड़सम के सामन से भली भाति परिचित थी और वो समझ गई की ये क्या है ये बॉल गैग है जो बड़सम में सुब्बम्मीसीवे का मुँह बंद करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है ब्रूटल फ़क से पहले. ताकि सुब्बम्मीसीवे की चीख बहार न जा पाए. पहले hi वो इतने बड़े डिलडो और बिजली के झटको से नेहा को चीखने पर मजबूर कर चूका था और अब ये बॉल गैग से उसका मुँह बंद कर दिया तो क्या अब उससे भी ज्यादा ब्रूटल फूकिंग करने वाला है. नेहा ये सोच hi रही थी की अचानक से वो बल्ब जल उठा और वो स्ट्रेंजर पहली बार रौशनी में उसकी आँखों के सामने था.
सूट बूट पहने वो नेहा के सामने कुछ दूरी पर कुर्सी पर बैठा था. पर उसके चेहरे पर अब भी मास्क था और पूरा बदन कपड़ो से ढाका था यहाँ तक की हाथ भी ग्लव्स के नीचेहो ओल्ड इस थे डॉटर इन ताकें ढके थे. इसलिए नेहा के सामने होते हुए भी वो अब भी नकाब के पीछे छुपा हुआ था. पर नेहा यही सोच रही थी की अब वो करने क्या वाला है पहले उसे फ्लोर पिल्लोरी में जकड दिया फिर पीछे से उसकी पंतय पहाड़ दी फिर वह कुछ चिपचिपा लगा दिया फिर उसके मुँह भी बॉल गैग से बंद कर दिया ताकि वो चीख न सके और खुद सामने आकर बैठ गया और इसका वो दोस्त कहा है. आखिर ये करने क्या वाला है.
इतस लोगन हेरे यहाँ से आगे का अपडेट थोड़ा रूल्स के अगेंस्ट चला गया तो मई उसे अभी हटा रहा हु.
ये चीज़ उसके लिए नै नहीं थी क्युकी फ्लोर पिल्लोरी से उसका स्याह अतीत बेहद गहरे तरीके से जुड़ा था. फ्लोर पिल्लोरी hi वो चीज़ थी जिसने सीढ़ी साधी फॅमिली से आने वाली इंट्रोवर्ट और शाय नेहा को फंतासी गर्ल नेहा बना दिया था. फ्लोर पिल्लोरी नेहा के जीवन की वो काली सच्चाई थी जिससे उसके बेहद करीबी लोग भी अनजान थे.
फ्लोर पिल्लोरी पर आगे बढ़ने से पहले रीडर्स का इससे परिचित होना बेहद ज़रूरी है.
फ्लोर पिल्लोरी- फ्लोर पिल्लोरी बड़सम में बाँध कर सेक्स करने में इस्तेमाल किया जाने वाला एक टूल है. जिसमे लोहे की कुछ रोडस और पांच कुफ्फस होते है जिनमे दो हैंडकफ्फ्स दो लेग्कफस और एक नेककूफ होता है. इसे फ्लोर पर रख दिया जाता है और female(or मेल इतस ऑप्शनल जो भी सुब्मिस्सिवे होना चाहता है) उसके ऊपर डोगग्य पोज़ में आ जाता है और नेककूफ से अपनी गर्दन लॉक कर लेती है लेग कफ से अपने पेअर यदि के पास से लॉक कर लेती है और हैंडकफ से अपने हाथ. सरे कुफ्फस लॉक कर देने के बाद वो उस पोजीशन में पूरी तरह लॉक हो जाती है और चाहकर भी खुद को इस पोजीशन से आज़ाद नहीं कर सकती जब तक डोमिनेंट उसे आज़ाद नहीं करता.
फ्लोर पिल्लोरी ने नेहा को कुछ पल के लिए अपनने अतीत में पीछे भेज दिया अपनी सोच को रोकते हुए नेहा ने कमरे में यहाँ वह देखा पर उसे कही भी वो स्ट्रेंजर नहीं दिखा वो इधर उधर देख hi रही थी अचानक कमरे में जल रहा वो एकमात्र बल्ब भी बंद हो गया और पुरे कमरे में अन्धाघुप्प अँधेरा छ गया. अँधेरा होने के बाद जब नेहा की एक ज्ञानेंद्री बंद हो गई तो वो अपनी बाकि ज्ञानेन्द्रियो से आस पास में माहौल को महसूस करने की कोशिश करने लगी. और इसी दौरान उसे महसूस हुआ की वो विशाल डिलडो और उन बिजली के झटको की वजह से उसकी छूट में हो रहा दर्द अब कुछ कम था. उसे अपनी छूट के अंदर एक चिकने तरल लेप का भी एहसास हो रहा था जो शायद उसके बेहोश होने के बाद उस ास्मि ने उसकी छूट में लगाया होगा. और फिर उसीने उसे यहाँ कमरे के बीच में इस फ्लोर पिल्लोरी में बाँध दिया होगा. नेहा ने अपने हाथ पैरो को आज़ाद करने की पूरी कोशिश की पर वो भी जानती थी बड़सम की इस चीज़ से आज़ाद होना नामुमकिन है जब तक कोई आपको खुद आज़ाद न करे. अपना दर्द गायब हो जाने से नेहा को ये भी अंदाज़ा हो गया की वो एक घंटे से ज्यादा समय से बेहोश थी. क्युकी दवा या लेप को असर करने में भी 30-40 मं तो लगते hi है और फिर उसे उस कुर्सी से उठाने वो पोल्ल हटाने उसे फ्लोर पिल्लोरी में जकड़ने इन सबमे भी कुछ समय तो लगा hi होगा यानि वो एक घंटे या उससे ज्यादा समय से बेहोश थी.
नेहा अपने खयालो में डूबी थी की उसे किसी के पदचापों की आवाज़ सुनाई दी जो उसकी hi तरफ आ रही थी पर अन्धाघुप्प अँधेरे में कुछ नहीं दिख रहा था. वो पदचाप उसके सर के पास आकर रुक गए. कोई उसके सामने खड़ा था पर अँधेरे में वो उसे देख नहीं सकती थी और हाथ पेअर बंधे होने की वजह से वो उसे छू भी नहीं सकती थी. वो आदमी अपना चेहरा नेहा के कान के पास ले आया और फुसफुसा कर उससे बात करने लगा.
स्ट्रेंजर: क्यों माय स्लेव बाँडेज डोमिनान्स सबमिशन मसोचिस्म का ये रूप कैसा लगा तेरी तो हालत ख़राब हो गई इतने में hi, बेहोश हो गई तू तो.
नेहा: बिजली के झटके लग रहे थे मई उन्हें बर्दाश्त नहीं कर पाई प्लीज अब और झटके मत देना.
स्ट्रेंजर: हाहाहाहा तू तो इतने में hi दर गई चल कोई बात नहीं अब तू मेरे सामने इतना गिड़गिड़ा रही है तो चल अब और झटके नहीं दूंगा. पर रात तो अभी बाकि है. और अभी तो मेरा वो दोस्त भी बाकि है जिसके बारे में मैंने तुझे बताया था.
नेहा: मई अब आज रात और झेल नहीं पाऊँगी प्लीज कल कर लेना.
नेहा का इतना बोलना था की एक तेज़ झापड़ नेहा के गलो पर पड़ा.
स्ट्रेंजर: भूल गई तू तो मेरी गुलाम है जब तक मई तुझे जाने को नहीं कहूंगा तब तक कैसे जा सकती है. और तेरी छूट पर मैंने अंदर हाथ डालकर अच्छे से लेप लगा दिया है. तुझे दर्द नहीं होगा बल्कि मेरे दोस्त का स्टैमिना देख तेरे होश उड़ जाएंगे. मुझसे भी ज्यादा ज़ादा देगा वो तुझे.
पहली बार कोई मर्द चुदाई के मामले में अपने से ज्यादा किसी दुसरे मर्द की स्टैमिना की तारीफ कर रहा था, वर्ण नोर्मल्ली तो मर्द खुद को hi बाहुबली समझता है. अब तो नेहा भी एक्ससिटेड थी इस शिक्षा के उस दोस्त से मिलने को. स्ट्रेंजर उठकर अँधेरे में hi पीछे उसके चूतड़ों के पास आकर बैठ गया और अपने हाथो से नेहा की स्टॉकिंग्स के ऊपर से उसकी टांगो को चाटने लगा. छत्ते छत्ते वो अपना चेहरा नेहा की छूट के करीब ले गया और पंतय के ऊपर से नेहा की छूट की महक सूंघने लगा. पंतय के अंदर से छूट के साथ साथ उस लेप की महक भी आ रही थी जो उसने नेहा की छूट में लगाया था. ये शायद गाँव का कोई देसी आयुर्वेदिक लपे था क्युकी इतना बड़ा डिलडो अंदर लेने के बावजूद नेहा का दर्द अब लगभग न के बराबर था. कुछ पल यही नेहा की छूट को पंतय के ऊपर से सूंघने के बाद स्ट्रेंजर ने नेहा की पंतय पीछे से फाड़ दी और नेहा की छूट को पीछे से खोल दिया.
और कुछ चिपचिपा चिपचिपा चाशनी जैसा कुछ नेहा की छूट और गांड में लगा दिया. नेहा को लगा शायद ये भी कोई लेप हो जिससे लुंड आसानी से अंदर चला जाए.
नेहा को यही लग रहा था शायद अब वो खुद उसकी चुदाई करने वाला है क्युकी कल तो उसने न उसकी गांड मरी थी न छूट बस अपना लुंड चुसवा कर उसे जाने दिया था. इसलिए शायद आज वो उसकी चुदाई करेगा और यहाँ आने के बाद अब तक उसने कई मर्दो के साथ बहुत कुछ करा था पर प्रॉपर चुदाई नहीं की थी यानि अपनी छूट में किसी का लुंड नहीं लिया. कल्लू से छूट छतवई, भूरा से गांड मरवाई, छोटू से दूध चुस्वाए उसका लुंड चूसा, रामु काका को हैंडजॉब दिया और इस स्ट्रेंजर के साथ भी 69 पोजीशन में ब्लोजॉब करा पर यहाँ गाँव में एक भी लुंड अपनी छूट में नहीं लिया था, तो शायद आज इस गाँव में इस स्ट्रेंजर के हाथो जिसका अब तक उसने चेहरा भी नहीं देखा उसके हाथो उसकी छूट की बोंय होने वाली थी. पर इस बोंय से उसे अर्जुन मिलेगा या जहान्वी ये कहना मुश्किल था. नेहा अपने hi खयालो में खोई थी की उसे वो पदचाप दूर जाते सुनाई दिए यानि वो स्ट्रेंजर उससे दूर जा रहा था. पर क्यों यु अचानक से उसकी पंतय पहाड़ कर वो अब दूर क्यों जा रहा था क्या चल रहा था उसके दिमाग में.
नेहा अपने विचारो में खोई थी की अचानक उसे अपने होंठो पर किसी का हाथ महसूस हुआ जो उसके होंठो को खोल रहा था नेहा ने भी ज्यादा न सोचते हुए अपना मुँह खोल दिया और मुँह खुलते hi उस शिक्षा ने एक छोटी सी बॉल नेहा के मुँह में घुसेड़ दी जो दोनों तरफ से चमड़े की पट्टी से बंधी थी.
नेहा बड़सम के सामन से भली भाति परिचित थी और वो समझ गई की ये क्या है ये बॉल गैग है जो बड़सम में सुब्बम्मीसीवे का मुँह बंद करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है ब्रूटल फ़क से पहले. ताकि सुब्बम्मीसीवे की चीख बहार न जा पाए. पहले hi वो इतने बड़े डिलडो और बिजली के झटको से नेहा को चीखने पर मजबूर कर चूका था और अब ये बॉल गैग से उसका मुँह बंद कर दिया तो क्या अब उससे भी ज्यादा ब्रूटल फूकिंग करने वाला है. नेहा ये सोच hi रही थी की अचानक से वो बल्ब जल उठा और वो स्ट्रेंजर पहली बार रौशनी में उसकी आँखों के सामने था.
सूट बूट पहने वो नेहा के सामने कुछ दूरी पर कुर्सी पर बैठा था. पर उसके चेहरे पर अब भी मास्क था और पूरा बदन कपड़ो से ढाका था यहाँ तक की हाथ भी ग्लव्स के नीचेहो ओल्ड इस थे डॉटर इन ताकें ढके थे. इसलिए नेहा के सामने होते हुए भी वो अब भी नकाब के पीछे छुपा हुआ था. पर नेहा यही सोच रही थी की अब वो करने क्या वाला है पहले उसे फ्लोर पिल्लोरी में जकड दिया फिर पीछे से उसकी पंतय पहाड़ दी फिर वह कुछ चिपचिपा लगा दिया फिर उसके मुँह भी बॉल गैग से बंद कर दिया ताकि वो चीख न सके और खुद सामने आकर बैठ गया और इसका वो दोस्त कहा है. आखिर ये करने क्या वाला है.
इतस लोगन हेरे यहाँ से आगे का अपडेट थोड़ा रूल्स के अगेंस्ट चला गया तो मई उसे अभी हटा रहा हु.