ABHI -- THE WARRIOR (Completed) - Page 9 - SexBaba
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ABHI -- THE WARRIOR (Completed)

अपडेट - 72

अब तक आपने देखा अभी मला क ठिकाने तक पहुँच गया .......वह उसका सामना जीवो से हुआ ..

उनको मारकर जब तक मला क पास पहुँचता वह भाग चूका था.....

अभी को अपने टीम में गद्दार अर्नाल्ड क बारे में पता चलता है .......



अब ाजी.......

अर्नाल्ड को अपने सीक्रेट चैम्बर क टॉर्चर रूम में बंदकर ....अभी वापस घर aagaya.......aur अपने रूप को अपने भीतर समां लिया.....

अब 4 दिन तक उस्का वही डेली रूटीन चलता raha.....aur साथ साथ में मला की खोज........

बहुत टॉर्चर करने क बाद अर्नाल्ड से यह पता चला ...क ...अभी ...क टीम में आने से pahele.....woh मला क लिए काम करता था......

और जब मला को अभी बंधी बनाकर उस दिन लाया tha.....toh उससे टॉर्चर करने का काम अर्नाल्ड को hi सौंपा गया tha........Tab मला ने अर्नाल्ड से उसकी रिहाई और उसके लिए काम करने क बदले 2000 कर की डील हुई....

लेकिन तब तक मला की हालत बहुत बेकार हो गयी thi....lekin कुछ साँसे अभी बाकी thi.....direct अर्नाल्ड संघारक क डर से तोह कुछ मदत नहीं कर सकता था......

लेकिन उसने मला को वह छोड़ने से pahele.....Life सेविंग ड्रग्स ......क हाई दोसे दिए ठगे इसी उम्मीद में क शायद मला बच जाए और उस्का काम बन जाए........

और जब मला ठीक हुआ तोह उस्सने अर्नाल्ड क साथ संपर्क kiya........Aur मला ने अपने बड़े बेटे क द्वारा उससे पोसे भिजवाए और आगे भी इनफार्मेशन देने क लिए कहा....

अभी - तोह तूने कुछ पैसो क लिए मुज़हे धोका diya.......kya जिंदगी इतनी सस्ती hai........tuzhe पता होना चाहिए गद्दारो क सजा क्या होती है.....

अर्नाल्ड - ha...ha...ha...mar दो मुज़हे लेकिन तुम भी नहीं बचोगे........

मला अकेला नहीं है...... और इतना ककर कर उसने अपने गले में पड़ा हुआ लॉकेट चबा डाला और मर gaya....hum सोचा भी नहीं था क अपनी मौत का सामन वह अपने hi गले में डालकर घूम रहा है.....

अब देखते है पटल लोक में क्या चल रहा है........

कस ...को कुछ दिनों से मयासुर का कोई सन्देश नहीं मिल रहा tha.......aur पृय्वी पर असुरो की क्या स्थिति है यह भी पता नहीं थी.......

दुर्मुखासुर क जाने क बाद अब उसके छोटे भाई भयाक्षा अब असुरो का सञ्चालन कर रहा था ......और उसने

रक्तासुर की सहायता से ाताललोक जहा भेड़िया मानव ( वेयर वुल्फ) का राज्य था

जो दो हिस्सों में बता था एक में सफ़ेद भेडियो का राज था ( वाइट वुल्फ )

और एक में काले भेडियो ka.........jaha सफ़ेद भेड़िये .....देवताओ क उपासक the.......wahi काले bhediye........Eblis के......

अब वह भैक्षा न असुरो का राज स्थापित किया tha.......aur वाइटल लोक एक प्रेत लोक है जहा प्रेत और वेटलो का राज था उससे भी असुरो ने अपने अधिकार में ले लिया था......

इसीलिए मयासुर क अचानक गायब होने पर भी कस चुप tha.....aur अपनी सड़ना पूरी होने की प्रतीक्षा कर रहा था........

कस की छोटी रानी मदनसा की बेटी मदालसा आज कल कुछ खोयी खोयी सी रहती थी

मदनसा - क्या बात है बीटा कुछ दिन से देख रही हु तू कुछ खोयी खोयी सी रहती hai......na ठीक से भोजन करती है और न hi अपनी सखियों से कोई बात .......

मदालसा - नही माँ ऐसी कोई बात nahi.......muzhe तोह बस पिता जी की चिंता hai.....aur मैं में

( अब आपको क्या बताऊ माँ ...क मेरी यह हालत किसने की )

तभी कस अंदर आते हुए ......अच्छा मेरी लाडो को मेरी चिंता है .......और मदालसा क पास आकर उसके सर पर हाथ फेरते hue.........meri प्यारी बच्ची पिता की देखो कितनी चिटा hai.......aur उसे एक पिता की तरह गले लगा कर दुलार करता है.......

कस कितना भी क्रूर था पापी था लेकिन जैसे hi वह मदालसा क पास होता था सब कुछ भूल जाता tha......sansar में सबसे ज्यादा प्रेम वह अपनी बेटी से hi करता tha......yaa कहो मदालसा में उस्सकी जान बस्ती थी.......

कस - अच्छा बीटा बताओ तोह ऐसी कौन सी मेरी चिंता तुम्हे परेशां कर रही है

अब मदालसा सोचने लगी अब क्या बातये ...तभी कुछ सोचकर...

मदालसा - पिताश्री वह आप इतने वर्षो से साधना में व्यस्त हो क आपके पास हमारे लिए समय hi नहीं rahta.......aapki साधना पता नहीं कब पूरी होगी एहि सोच रही ..थी

कुछ देर अपनी बेटी से बात करके कस चला जाता है........

और मदालसा मैं में -- ( बहुत बुरे हो आप रोज़ मेरे सपनो में आकर परेशां करते हो ....और देखो आप की वजह से आज मुज़हे माता और पिताश्री से ज़हूत बोलना pada......pata नहीं सपनो से बहार भी कभी मिलोगे या नहीं..) सोचते सोचते और खयालो में खो जाती है......

यहाँ दुमुखासुर जब नाराज़ होकर पटल लोक से निकला tha......toh मैं में दुःख और क्रोध दोनों थे .....दुःख इस बात का ..क ..उसके अपने भाई ने अवसर का लाभ उठाकर उसके अधिकार छिन्न liye......aur क्रोध इस बात का ....वह अब तक ...रक्षक का कुछ बिगड़ नहीं पाया था.......

इसीलिए उस्सने शक्ति प्राप्त करने का निश्चय kiya......aur रेगिस्तान में रेट क निचे .....बैठकर एना जल त्याग कर अपने प्राणो को अपने कांत में रोककर ....भगवन भोले नाथ की साधना लड़ने लगा.........

और कस की मंजली रानी का बीटा मारकेश, पृथ्वी पर रक्षक की खोज असुर को आम लोगो क बिच इंसानो क तरह रहने की कला सीखा रहा था ताकि रक्षक उनंनतक न पहुँच पाए......

यहाँ प्रीतवीलोक में.........

आज से 5 दिन क लिए कॉलेज का स्पोर्ट्स फेस्टिवल भी शुरू होने जा रहा था.........

जिसमे एथेलेटिक्स ..swimming.....boxing......chess......aur फुट बॉल क टूर्नामेंट होने वाली thi.....jissme शहर क बहुत से कॉलेज part ले रहे the.........innmein दो कॉलेज मैं थे .......एक अभी का आरा कॉलेज ...और दूसरा ....SR...group ऑफ़ कम्पनीज का सीज़ ..कॉलेज....

सर कम्पनीज का सीईओ कोई प्रभाकरन नाम का था ...जो... बड़ा hi मिस्टीरियस था......

उसकी कपय सोशल सर्विस क लिए खुलकर दान करती thi......kai अनाथ आश्रम उसके डोनेट किये हुए फण्ड से hi चलते थे.....

.लेकिन आज तक वह कभी मीडिया या लोगो क सामने नहीं आया tha......kam hi समय में उसने लोगो क दिलो में अच्छी चाप छोड़ी थी .....में भी ऐसे इंसान से मिलना चाहता था.....

पहले तोह स्पोर्ट्स फेस्टिवल का इनॉगरेशन डैड क हाथो से होना था ....लेकिन अपने hi इंस्टिट्यूट में चेइफ़ गेस्ट बनना डैड को अच्छा नहीं लगा तोह उन्होंने ...सर ग्रुप क सीईओ ...प्रभाकरन को चीफ बनाने क लिए इन्विते किया.......

डैड क बहुत जोर देने पर वह मान गया.......

सभी मीडिया और लोगो में यह खबर फैल गयी थी.....

फेस्टिवल क दिन सुबह जल्द hi अभी रिम्पी को लेकर कॉलेज चला गया....

सभी फ्रेंड्स भी जल्द hi आगये थे.....

सभी स्पोर्ट्स में पार्टिसिपेट करने वाले स्टूडेंट्स को अभी ने ऑडिटोरियम में बुलाया.....

रिम्पी - टेनिस और चैस टीम लीड कर रही थी

में - बॉक्सिंग और सभी टीम्स को भी साथ साथ में लीड कर रहा था

शंकु और रिंकू - एथेलेटिक्स

लिमा - रनिंग & स्विमिंग...

श्याम - हॉकी टीम का कप्तान

विक्की - बॉक्सर

आशु, saavi.aur.bina - जिमनास्टिक्स

अभी - फ्रेंड्स आज से 5 दिन क लिए अपने सभी ा॑िमश भूल jaao...aur सिर्फ एक एआईएम रखो ....जिस भी गेम में आप हिस्सा ले रहे हो उस्में ...अपना 100 % देने की पूरी कोशिश करो........

अपना सारा कंसंट्रेशन अपने गेम में लगाओ......

ऐसा सोच कर खेलो क यह आपकी लाइफ का लास्ट गेम है.......

उसस्के बाद अप्पालूसे ......आज सिर्फ इनॉगरेशन और रनिंग होने वाली थी....

कॉलेज में मीडिया चैनल्स का जमावड़ा था.......

कॉलेज का स्पोर्ट्स स्टेडियम पुअर फुल था......

डैड माँ , ऋतू दी ...और ाद्दु ...दीपू भी आगये the........Main स्टेज पर डैड और माँ चले गए .....और ऋतू दी , ाद्दु और दीपू फ्रंट रौ में बैठ गए.......

अभी चीफ गेस्ट आने वाले the........Sports फेस्टिवल की मसहल उनके hi हाथो से जलाकर इनॉगरेशन होना था......

तभी कॉलेज क गेट से जैसे गाड़ियों का काफिला आया.........

11 ब्लैक बुग्गति एक लाइन में अंदर आयी ...जिससे देखकर ....सारे मीडिया वाले इकट्ठा हो गए........

जैसे hi गाड़िया रुकी .....उनमें से ब्लैक ड्रेस में फुल मास्क्ड कमोंडोस आधुनिक हतियारो से लास निकले ....और एक घेरा सा बना लिया ...

.तभी बिच वाली बुग्गति का दूर एक कमांडो ने ओपन किया तोह उस्में से कोई 30 क लगभग ब्लैक सूट में कोई निकला ....यही था प्रभाकरन.....

गाड़ी से और किसी को न निकलते देखकर मीडिया वालो को अंदाजा हो गया क यह नौजवान hi प्रभाकरन hai.......kitni काम उम्र में आज पूरे इंडिया में इसका नाम और बुसिनेस फैलाया है.....

कैमरा ों हो गए ....लेकिन 40 क लगभग गॉर्डस क chalte......woh उन तक नहीं पहुँच पारहे थे ....फिर भी दूर से hi फोटो लेने की कोशिश कर रहे थे....

प्रभाकरन (पण) जब स्टेज पहुंचा तोह प्रिन्सी और बाकी प्रोफ़ेस्सोर्स ने गले में हार डालकर स्वागत किया .... डैड ..भी आगे बढ़कर उससे मिले .......

अब थोड़ा स्पीच का प्रोग्राम चला.....

जिसमें डैड ने पण की खूब जमकर तारीफ़ की ....और ..उनके द्वारा किये गए कामो को सराहा.......

और युवा पीढ़ी को उससे कुछ सिख लेने को कहा ...

पण ने भी डैड को अपना आदर्श बताया और उन्हें धन्यवाद कहा उनकी प्रेरणा बनाने क लिए.....

फिर कुछ स्टूडेंट्स का हौसला बढ़ाया...........

उसके बाद इनॉगरेशन का समय आया ...अपने कॉलेज को में hi लीड कर रहा tha....toh ....में hi स्टेज पर gaya.....phir पण ने मशाल jalayi......aur मेरी तरफ badayi.......muzhe मशाल देते हुए मुस्कुराते hue.......best ऑफ़ लक यंग मन......

मैंने उसकी आँखों में देखा तोह कुछ अजीब सा लगा ......पता नहीं क्यों में उससे पढ़ नहीं पारहा था....

उसका चेहरा भी कुछ अलग hi लग रहा था....

हर इंसान क शरीर का एक ौर्रा होता hai.....aur उस्में से इंसान की सोच क हिसाब से पॉजिटिव या नेगेटिव वाइब्स निकलती है......

लेकिन मेरे लिए हैरानी की यह बात थी क उसस्के श्री से मुज़हे कोई वाइब्स फील नहीं hui....na...positive ...और ...na....negative......

खैर में मशाल लेकर आगे bada....aur मेरे साथ फ्लैग मार्च करते हुए हमारे टीम लीडर्स.......

फिर अलग अलग कॉलेज क फ्लैग मार्च हुए........

उसके बाद कुछ कल्चरल programms.........k ...बाद ...शुरू हुई रनिंग

जिसमें 100 मत्र ....200 मत्र विथ ऑप्स्टैलेस....500 मत्र .......

हमारे कॉलेज से रिंकू ...संकु ..aur....Lima ...race...mein part ले रही थी ....

पहले ...100 मत्र में रिंकू फर्स्ट आया.....

दूसरे ऑप्स्टैलेस वाली रेस में पहले तोह सब साथ थे फिर संकु सबको पीछे छोड़कर आगे आगया

......सभी ...स्टूडेंट्स अपने अपने प्लेयर्स को चीयर कर रहे थे ........

शंकु बस फिनिशिंग लाइन तक पहुँचने hi वाला था की अचानक ....सीज़ का प्लेयर इतनी स्पीड से आगे निकल गया क किसी को पता भी नहीं चला.....

उस्सकी स्पीड देखकर मुज़हे कुछ गड़बड़ lagi.....kyuki यह स्पीड इंसानो क लिए नार्मल नहीं थी.....

उस रेस में संकु 2ंद आया.........

500 मत्र की रेस में खुद दौड़ रहा tha.........jaise hi इशारा hua......maine अपनी सीड बिकुल नार्मल rahkhi.....XYZ का प्लेयर मेरे बराबर दौड़ रहा था .

.....उसने जब दौड़ते दौड़ते मुज़हे देखा तोह उस्सकी आँखों में एक मुर्दे जैसी ख़ामोशी thi......aur चेहरे पर वहशत बहरी मुस्कान मैंने अपनी.....

3 राउंड क बाद मैंने अपनी स्पीड बड़ाई.........

तोह वह भी मेरे बराबर aagaya......jaise hi लास्ट राउंड चला हम दोनों सब से बहुत आगे थे....

में यहाँ अपनी पावर नहीं दिखाना चाहता था तोह हम अभी फिनिशिंग लाइन पहुँचने hi वाले थे ...क मेरी ..इन्द्रियों ने सतर्क कर diya....ki वह मुज़हे गिराने क लिए धक्का मरने hi वाला है......

जैसे उसने मुज़हे गिराने क लिए ...पीठ पर मरना चाहा तोह मैंने स्पीड बड़ा ली और वह औंधे मुँह वही गुर gaya.....aur में हुआ winner........Sabhi मुज़हे चियर्स कर रहे थे.....

गर्ल्स रेस में 100 मत्र और 200 में लिमा फर्स्ट आयी....

ऐसे hi आज का दिन ख़तम हुआ ....मैंने रेणु संकु और लिमा को कोंग्रटुलते किया और ......उनको वही छोड़कर सीज़ कॉलेज क ग्रुप में उन दोनों को ढूंढ़ने लगा जो संकु क साथ रेस में था और जो मेरे साथ था ...लेकिन वह कही नहीं मिले......

ऐसे hi 3 दिन बिट गए जिसमें tennis.....swimming ......Atheletics......gymnastics क कॉम्पिटशन हुए

जिनमें रिम्पी टेनिस में फर्स्ट आयी..

एथेलटिक्स में सीज़ कॉलेज और हमारा कॉलेज बराबरी पर था....

लिमा - बटरफ्लाई स्विमिंग में फर्स्ट आयी...

बाकि क कॉलेज भी कुछ कुछ गेम्स में जैसे लॉन्ग जम्प ....वैगेरे में अच्छा खेल रहे थे.....

आज था 4 तह day.....aaj बॉक्सिंग क मैचेस होनेवाले थे.........

में रिम्पी क साथ कॉलेज में एंटर hua........aur अपने ग्रुप्स क सब प्लेयर्स जो स्पोर्ट्स हॉल में गेम शुरू होने से पहले मिलते थे उनसे मिलने गया......

अंदर देखा आज बहुत काम प्लेयर्स वह थे ........जब में अंदर गया .......कुछ स्टूडेंट्स मुज़हे घूर घूर कर देख रहे the......unki आँखों में मुज़हे अपने लिए नफरत दिखाई दे रही थी........

जैसे hi में अपने ग्रुप क पास पहुंचा ....तोह एक जोरदार तमाचा मेरे गाल पर पड़ा

.....छहटाक.......

क्यों स्टूडेंट्स अभी को नफरत से देख रहे थे.....

और कौन है वह जिसने अभी क गालो पर तमाचा मारे .....देखते है आगे....

अभी क लिए इतना hi .........

अगला अपडेट जल्द hi.........
 
अपडेट - 73



अब तक आपने देखा कुछ पटल लोक की ज़हालकिया...

मदालसा क दिल का हाल .........

प्रभाकरन क मिस्टीरियस पर्सनालिटी.....

और स्पोर्ट्स फेस्टिवल की शुरुवात

अभी क गाल पर जोरदार तमाचा.......

अब आगे.............




जिसे hi अभी क गाल पर तमाचा पड़ा ...तोह उसने देहका सामने लिमा थी ...जिसका चेहरा आसुंओ से भरा था ....अभी कुछ bolta......ki लगातार 3...4 थप्पड़ उसके गाल पर पड़े......

थप्पड़ मरकर लिमा ने अभी का कालर पकड़ा और जमीन पर बैठकर रोने लगी............

लिमा का अभी क साथ ऐसे करना रिम्पी का पारा बढ़ने लगा..............

वह भी निचे बैठ गयी और लिमा क गाल पर जोरदार तमाचा मारा.........

रिम्पी - तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरे ....अभी पर हाथ उठाने ki.......haa....

और रिमय और मारने वाली थी क अभी ने पकड़ लिया...........

अभी - नाहीइ रिम्पी छोड़ दो ....उससे.....

रिम्पी - ....नहीं बाबू ......इसने ऐसा क्यों किया .....में छोडूंगी नहीं isse.......bhul गयी यह तुम्हारे किये अहसान को.......

लिमा - हां ....मार ...दो muzhe......kyu .....Agar.....mere....Rinku को कुछ हो गया तोह में भी जी कर क्या karungi...........jisse में देवता मानकर ...पूजती थी ....वही राक्षस निकला.........

और वह फर्श पर सर पटकने hi वाली थी क सोफिए ने आगे बढ़कर उससे रोक दिया और हाथ पकड़कर उठा लिया......

अभी जो अब तक चुप चाप खड़ा था....

अभी - आखिर क्या हुआ कोई मुज़हे batayega.......aur रिंकू ..क्या हुआ है उससे........

लिमा - ओह्ह्हो ...खुद घाव देकर पूछते हो ....क ज़ख़्मी कैसे हुई........

मैंने सोचा था क तुम बाकि अमीरो क तरह नहीं हो........

जब मैंने तुम्हे पहली बार देखा था तोह तुम मुज़हे अच्छे लगे the.......tumahre अच्छे हेल्पिंग नेचर को देखकर में तुम्हे चाहने भी लगी थी........

लेकिन जब मैंने देखा तुम रिम्पी को प्यार करते ho....toh में तुमसे दूर रहने lagi......mera प्यार शुरू होने से पहले hi ख़तम हो गया tha.....mein तू दी गयी थी ...

.उस समय रिंकू hi था जिसने मुज़हे sambhala....woh मुज़हे हासता ....मेरे दुखो को उस्सने सुख में बदल diya........Aur हम दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगे.........

लेकिन यह भी तुमसे देखा नहीं gaya.........yadi मेरे रिंकू को कुछ भी हुआ न अभी तोह देख लेना.......

रिम्पी - लेकिन किया क्या है अभी ने ....कोई बताएगा मुज़हे.......

तभी विक्की आगे आया और उस्सने एक वीडियो चालू करके अपना मोबाइल रिम्पी क सामने कर दिया ....

जैसे जैसे रिम्पी वो वीडियो देखती गयी उस्सकी आँखों से आंसू बहने लगी ........

तक तक अभी रिम्पी क मैं को पढ़कर साड़ी बात जान चूका था.......

रिम्पी - नहीं यह नहीं हो sakta.......yeh...Abhi ...नहीं ...

हो ...सकता.......

रिम्पी मेरा कालर पकड़ते हुए - कौन हो तुम ......और मेरा अभी कहा है.........

लिमा - यह क्या कह रही हो यही है तुम्हारा Abhi........jo सिर्फ वासना का भूका है....

रिम्पी - तुम अपनी बकवास बंद karo..Lima ....phir....Abhi की आँखों में देखते hue......Jo रिम्पी क ऐसा करने से भर आयी थी .......अब क्यों रो रहे हो ..........इतना कुछ तुमने किया .........मुज़हे तोह अब भी यकीन नहीं हो रहा hai........tumahari आँखों में देखती हु तोह मुज़हे तुमपर यकीन होता hai......lekin वो वीडियो ........मुज़हे तोह कुछ समाज नहीं आरहा.....

और फिर रोने लगती है.....

अभी - रिम्पी क्या यही है तुम्हारा प्यार तुम्हारा यकीन मेरे liye.......kal यहाँ से जाने क बाद रात तक तोह में तुम्हरे साथ tha.......phir भी इस वीडियो को देखकर मुज़ह पर शक कर रही हो......


और तुम लिमा तुम सब भी तोह मुज़हे अच्छी तरह से जानते हो.........

मैं 24 हरष में साबित कर दूंगा क वीडियो में जो है वह मैं नहीं हु.......

इतना कहकर अभी वह से निकल. गया........

जैसे hi अभी वह से चला gaya......Rimpy को अपनी गलती का अहसास हो गए.......

की अभी की असलियत जानते हुए भी उसने अपने प्यार पर hi शक kiya......aur यह भी जानती थी क कल कॉलेज से निकलने क बाद रात तक तोह अभी उसके साथ था .......

वह घुटने पर बैठकर रोने लगी .....

रिम्पी - यह में क्या कर बैठी सब कुछ जानते हुए भी अपने hi प्यार पर शक कर बहती......

तभी विक्की आगे आया - क्या सब कुछ जानते hue......itna बड़ा प्रूफ देखकर भी तुम अभी भी उस पर यकीन कर रही हो.....

रिम्पी - हां क्युकी की कल कॉलेज से निकलने क बाद रात तक अभी मेरे साथ hi था ....हम डेट पर गए the........aur इसका प्रूफ मेरे मोबाइल में hai.....phir रिम्पी ...कल रात की खींची हुई अपनी सेल्फीज़ दिखती है.......

विक्की - ओह्ह्ह अगर अभी तुम्हारे साथ था ..तोह यहाँ कौन था.......

रिम्पी - एक बार फिर वीडियो ध्यान से देखते है......

दोनों फिर से वीडियो चालू कर क देखने कागते है.......

रिम्पी - yes....got...it...Dhyan से देख को ......अब ...लिमा भी आगयी और वीडियो देखने लगी......

अभी क राइट हैंड पर घोड़े का टैटू है ( वायु घोडा , अभी की गति शक्ति), जब की वीडियो में जो अभी दिख रहा है , उसके हाथो में कोई टैटू नहीं है ....और साथ hi इसकी आवाज भी कुछ अलग है.......

विक्की - ओह्ह्ह गॉड ...इस तरफ तोह हमने ध्यान दिया hi नहीं..........

लिमा इस सचाई को जाकर जोर जोर से रोने लगी ........सव्वी और दिया उससे चुप करने लगी...

लिमा - मुजह्से कितना बड़ा गुनाह हो gaya.......anjane में मैंने अपने भगवन पर hi इल्जाम लगा diya......Lekin मैं भी क्या करती.......

तभी रिम्पी को कुछ ख्याल आया ......विक्की यह वीडियो किस किस के पास है ......

विक्की - ज्यादा नहीं बस हमारे फ्रंड सर्किल में ...क्यों..

रिम्पी - हमे इससे वायरल होने से रोकना होगा .........तभी विक्की ने अपने सभी फ्रेंड्स को ...कॉल काके सब बात बताई और वीडियो डिलीट कराया .......

श्याम - विक्की ...अब हमे हॉस्पिटल भी चलना cahiye......hum यहाँ अभी से बात करने hi आये the........Sanku वह अकेला होगा........

हमने रिंकू क गाओं में भी खबर नहीं की.... ....

विक्की - तुम लोग जाओ .....आज मेरा मैच hai.....agar हमारे कॉलेज की तेपुटेशन का सवाल नहीं होता ...तोह में बिलकुल नहीं khelta........aur हमारी स्पोर्ट टीम लीड करने क लिए यहाँ अभी भी नहीं है......

फिर श्याम ...लिमा ...आशु और बिना हॉस्पिटल में चले गए.....

और रिम्पी उस वीडियो क सैंपल को लेकर घर वापस चली gayi.......ghar जाकर अपनी लैब में उसने अपने डिज़ाइन किये हुए स्पेशल कंप्यूटर में उस वीडियो को डाला ....

.पहले तोह उसने एक ऐसे वायरस क्रिएट किये क नेट पर कोई भी अगर यह वीडियो डालेगा तोह दलए hi डिलीट हो जाएगा.......

उस वीडियो को अपने बनाये हुए एक साउंड फ़िल्टर अप्प में डाला जो किसी भी मिमिक की हुई आवाज की फ्रीक्वेंसी को डिटेक्ट करके .....उसको फ़िल्टर करता है .....जिससे मिमिक करने वाले की ओरिजनल साउंड सामने आ जाती है......

बड़ी देर तक वह अपने कंप्यूटर पर काम करने lagi.......phir जो आवाज फ़िल्टर होकर उसके सामे आयी .....वह कुछ सुनी हुई लगी ......फिर उसने

......मीडिया से एक और वीडियो निकला और उसकी साउंड को मैच किया तोह पाया दोनों आवाज एक hi इंसान की है.....

इस सच को जानकार उस्का दिमाग hi घूम गया.....

रिम्पी इसकी खबर अभी को देने क लिए .....बार बार कॉल कर रही थी लेकिन उसका पह स्विच ऑफ आरहा था........

आईये देखते है लिमा क साथ ऐसा क्या हुआ था.....

तीसरे दिन कॉलेज क स्पोर्ट्स फेस्टिवल में रिम्पी ने चैस में गोल्ड मैडल जीता था.......

कॉलेज से निकलकर अभी रिम्पी क साथ डेट पर चला गया........

और यहाँ कॉलेज में डुप्लीकेट अभी ( डा) ने एंट्री maari........kafi स्टूडेंट्स जा चुके थे .....और लिमा बस रिन्कुश का वेट कर रही थी........

तभी डा की नज़र लिमा पर padi.......toh उसके चेहरे पर एक कामिनी मुस्कान aagayi.........woh चुपके से ऑडिटोरियम जाने वाले रस्ते पर आगया और वह से चलकर लिमा क पास आया......

लिमा - अरे अभी आप तोह रिम्पी क साथ चले गए थे....

डा - हां चला तोह गया था ....लेकिन तभी रिन्कुश का पह aagaya.....k ....कुछ अर्जेंट काम था ...तोह रिम्पी को घर जाने का कहकर में आगया.....

.अभी रिन्कुश से मिलकर ऑडिटोरियम से hi आरहा hu...........Rinkush ने कहा क अभी कुछ डेट और लगेगी .....isiliye.....tumhe भी वही बुलाया है..............

लिमा ने पहले तोह सोचा की रिंकू hi हमेशा अभी क आर्डर फॉलो करता tha......lekin आज अभी खुद उससे बुलाने आया है ......कुछ अजीब तोह लगा ...लेकिन अभी पर पूरा विश्वास था.......

तोह वो उसस्के साथ ऑडिटोरियम चली गयी .....

जब अंदर गयी तोह वह कोई नहीं था .......

रिम्पी - यह क्या है अभी यहाँ तोह कोई नहीं है .....

डा - मेरी जान ....में हु न यहाँ ....बड़े दिनों से तेरी यह मस्त जवानी देख रहा hu.......aaj तोह जी भर क मज़े लूंगा......

लिमा - Abhiiii...yeh सब क्या hai....agar यह मज़ाक है तोह मुज़हे ऐसा मज़ाक पसंद नहीं है........

डा - यह मज़ाक नहीं है ...jaan.....teri इस मस्त जवानी ने मुज़हे पागल बना दिया है......

और लिमा का हाथ पकड़कर अपनी तरफ खींचता है.....

लिमा उससे धक्का देकर अलग हो जाती है .........लकिन में अब रिंकू से प्यार करती हु ....और तुम भी तोह रिम्पी से प्यार करते हो..........

डा - अरे क्या रखा है उस रिंकू में .........में तुज़हे सब कुछ दूंगा .......और रिम्पी एक दम बोरिंग है ...और tu.....toh एकदम टंच माल

.....और लिमा को अपनी तरफ खींचने लगता hai.....Lima पूरे ऑडिटोरियम में अपने आपको उससे बसाहने क लिए इधर उधर भगति hai......uske कपडे कई जगह से फैट जाते है......

यह जब रिंकू वाशरूम से आकर लिमा को ढूंढ़ने लगता है ....तोह जिन्होंने अभी को देखा था ....उन्होंने बता दिया क लिमा अभी क साथ ऑडिटोरियम गयी है......

रिंकू ने सोचा शायद कुछ जरुरी काम होगा .....तोह वह भी उस तरफ चला गया और जो तो संकु और दो और फ्रेंड्स भी मिल गए तोह उन्हें भी साथ ले गया......

यह आकर जो उस्सने देखा उस्का खून कॉलने लगा .....डा ने लिमा को पीछे से पकड़ रखा गई और उसके कपडे फाड़ने की कोशिश कर रहा है .......और लिमा बचने क लिए चटपटा रही है और चीला भी रही है... ..

इसी स्कीन से एक स्टूडेंट ने वीडियो रिकॉर्ड करना चालू किया

रिंकू दौड़कर पीछे गया .. और डा क बाल पकड़कर पीछे खींचते हुए.....

रिंकू - साले हरामखोर . ..छोड़ ussko.......aur जा डा क चंगुल से लीना छूट गयी और वह पलट गया ..........तोह रिंकू ने एक जोर का चांटा उसको मारते hue......Humne तुम्हे अपना दोस्त मन और तू ......chiii.....ghin आती है ..तुज़हे........

डा - साले मत्चेर मुज़ह पर हाथ उठता है ...अब देख ......और उसने रिंकू को उठाकर देवर पर दे मारा ....जिससे उसस्के सर से खून बहने लगा और वह बेहोश हो गया.........

डा क ऐसे करने पर संकु ...विक्की और बाकी स्टूडेंट्स उस्सकी और बढे तोह डा ने रिवाल्वर निकल दी.....

डा - ख़बरदार अगर कोई आगे बड़ा तोह......

रिवाल्वर देख सभी पीछे हैट गए ...और डा ...वह से चला गया......

फिर सब रिंकू को लेकर हॉस्पिटल गए ....वह उसकी कंडीशन thi.....bahut ब्लड लोस्स होने क कारण ......उसकी हालत बहुत सीरियस thi.......doctor ने 24 हरष बहुत क्रिटिकल बताये......

यहाँ हॉस्पिटल में रिंकू अंदर िक में tha.....aur बहार संकु एक चेयर पर बैठा था ....तभी शयाम ....लिमा भी वह आजाते है .....और उससे रिंकू क बारे में पूछते है .......

तोह संकु रोने लगता hai........aur उससे देखकर लिमा भी रोने लग जस्ती है ....उससे अपना प्यार दूर जाता हुआ दिखने लगता है......

तभी वह एक डॉक्टर आता है .......तोह संकु डॉक्टर को पकड़ लेता है......

संकु - सर कुछ भी करिये लेकिन मेरे दोस्त को बचा लीजिये .....

डॉक् - डोंट वोर्री ...हे विल बे ाललरिघ्त ...ी विल तरय माय best....aur डॉक् अंदर चला jaata...hai......

यहाँ ...अंदर नर्स thi......aur रिंकू बीएड पर ......उसके सर पर पट्टी बंधी हुई थी ......डॉक्टर रिंकू क पास जाता है ....और उसके हाथ से एक रौशनी निकल कर रिंकू में जाने लगी........

जिससे रिंकू क शरीर में हलचल होने लगी........

डॉक् - माफ़ करना दोस्त मेरी दुश्मनी की वजह से तुम्हे यह सब सहना पड़ा........

नर्स यह सब देखकर हैरान हो रही थी .......फिर डॉक् नर्स क पास गया .....और उसकी आँखों में देखकर कुछ किया और वह से बहार आगया .....

बहार आते hi संकु क पास जाकर

डॉक् - नाउ हे इस ाललरिघ्त ...उससे अभी होश आने वाला hai.....aap उससे मिल सकते है

और डॉक् वह से चला गया......

लिमा और बाकी फ्रेंड्स डॉक् की बी ात सुनकर बहुत खुश हो गए..... ...

और वार्ड क अंदर जाने लगे ......तभी डॉक् ..

डॉक् - आप सब अंदर कहा जा रहे ho....pata नहीं यह िक है.....

संकु - पर सर अभी तोह आपने hi तोह ांडेट जाने की परमिशन दी गई.....

डॉक् - मैंने कब ...मैं तोह अभी इस केस क बाते में दिकस्स कर रहा tha.....tum क्या कह रहे हो .......और डॉक् अंदर चला गया...

यहाँ संकु & फ्रेंड्स डॉक् की बात सुकर और हैरान हो gaye......ki वह कल वाला अभी असली अभी नहीं hai........aur यहाँ दिस का भी कोई डुप्लीकेट aagaya...aakhir यह हो क्या रहा है

.......तभी िक का दूर ओपन होता hai......aur रिंकू बहार आता है डॉक् और नर्स उससे पकड़ने की कोशिश करते है लेकिन वह उन्हें धक्ज देकर बहार आता है......

और जब उसकी नज़र लिमा पर पड़ती है तोह विह उसके पास जा कर ...उससे गले लगा लेता है.......

यहाँ अभी अपनी पूरी कोशिश करता है अपने डुप्लीकेट तक पहुँचने की ....लेकिन अब तक वह कुछ नहीं कर पा रहा था .......तभी उसस्के मैं से शिवली ने संपर्क किया....

जान ....रिम्पी से बात कर लो आपकी परेशानी का हाल मिल जाएगा.....

अभी - नहीं ....जब उससे मुजहपर विश्वास hi नहीं है यह क्यों वर बार में hi आगे जाओ.....

शिवली - जान आप भाव क अधीन होकर क्यों बार बार भूल जाते हो क आप एक आम इंसान नहीं hai......aapke ऊपर महँ दायित्व है ....ऐसी छोटी छोटी बातो से आप विस्गाळित होते रहे तोह कैसे चलेगा .........

अभी को उस्सकी बातें समाज आगयी ......और उस्सने रिम्पी को कॉल लगाया.....

रिम्पी - मुज़हे माफ़ कर दो जान ....मिज़हसे बहुत बड़ी गलती हो गयी ....में आपके काबिल नहीं हु .....आपने मुज़हे इतना प्यार दिया और मैं ....शायद मेरा प्यार hi कमजोर hai.....aur जोर जोर से रोने लगी.......

अभी से रहा नहीं गया तोह वह टेलिपोर्ट hokar......Rimpy क पास पहुँच gaya......aur उससे बाहो में भरकर .....उससे शांत किया........

फिर रिम्पी ने उससे उस वीडियो क बारे में और आवाज क बारे में bataya.......toh अभी का माथा ठनका .........

अभी में पहले hi सोच रहा था क कुछ गड़बड़ hai.....iss और क्यों मेरा ध्यान नहीं गया.....

खैर अब तिह तू नहीं बच पायेगा .....आरहा हु ...mein...ab .....बच सके तोह बच क दिखा....

आज क लिए इतना hi .......


अगला अपडेट कल......
 
अपडेट - 74



अब तक आपने देखा क किसी ने अभी बनकर कॉलेज में लिमा क साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की और रिंकू को घायल किया.....

रिम्पी को पता चल जाता है क वह कौन है

और वह अभी को बता देती है

अब आगे..........




अभी को अब पता चल चूका था उससे फ़साने की साज़िश करने वाला कौन है.......

अभी ने नेट पैट ढूंढा लेकिन इतनी बड़ी कंपनी का सीईओ होने क बावजूद पण का कोई रेजिडेंस hi नहीं tha.......tab अभी ने राकेश को याद किया ...और उससे पस क बारे में पूरी जानकारी हासिल करने को कहा.......

अभी - जान क्या तुम इस पस क हेड ऑफिस क कम्प्यूटर्स हैक कर सकती ho........Shyad उस्में हमे जुच ऐसा मिल जाए जिससे हमे उसकी लोकेशन का पता चल सके.......

रिम्पी - हां लेकिन इससे हमे उसकी लोकेशन का पता कैसे चलेगा ....

अभी - इतनी बड़ी कपय चलने क लिए ..कुछ तोह मीटिंग्स होती hogi......hi सकता hai...kisi मीटिंग में वह मिल जाए.......

अभी दोनों कंप्यूटर में लगे hi हुए थे क अभी का पह बजने लगा .....पह संकु का था.......

अभी की कुछ बातें हुई जिससे वह परेशां लगरहा था.............

रिम्पी - क्या हुआ जान ...किसका पह है.......

अभी - रिम्पी तुम तब तक पण का पता करने की कोशिश करो ...मुज़हे अभी हॉस्पिटल जाना पड़ेगा.....

रिम्पी - क्यों क्या हुआ अब .....कही रिंकू को तोह कुछ नहीं हुआ.......

अभी - नहीं रिंकू को मैंने पांच तत्त्व की ऊर्जा से ठीक कर दिया है....

रिम्पी - तोह फिर......

अभी - आज कॉलेज क बॉक्सिंग मैच में विक्की बुरी तरह घायल है ....उससे हॉस्पिटल ले ...गए hai........pata ....नहीं ..एक ....क बाद ...एक ..परेशानी......

अभी वह से टेलिपोर्ट होकर हॉस्पिटल पहुँच जाता है ........वह उससे वार्ड क सामने रिंकी ..संकु ...लिमा ...और बाकी फ्रेंड्स मिल जाते है........

अभी उनको देखकर वापस मुद जाता है.......

तोह पीछे से कोई उसके कंधे पर हाथ रखता है......

रिंकू - ऐसे तोह छोड़ कर मत जा यार .....सब से तुज़हे समझ ने में भूल hui......maaf कर दे न यार.........

अभी - उसकी तरफ पलटकर ....नहीं यर मैं नाराज़ कहा hu.......bs .....मुज़हे वह बातें फिर याद आगयी....

रिंकू अभी क गले लगते hue......chod न यार ....वैसे thanku......muzhe ठीक करने क लिए.....

अभी - मैंने कब तुज़हे ठीक किया ...में कोई डॉक् थोड़े hi हु........

रिंकू - डॉक् क भेष में तू hi आया tha........bhale hi तेरा चेहरा अलग था लेकिन तेरी आवाज में ाचे से पहचानता हु.....

अभी क पास प्राणशक्ति की ऊर्जा नहीं है .....वह सिर्फ पांच तत्वों की ऊर्जा से किसी क श्री को ठीक कर सकता है

.........लेकिन जब डॉक् बनकर वह रिंकू को ठीक कररहा था .....तोह रिंकू का शरीर तोह ठीक हो रहा tha....lekin सुक्ष्म शरीर उसका साथ छोड़ रहा था ......

इसीलिए उस्सने अपनी आत्मशक्ति का अंश उससे दिया ...jisse....Rinku तुरंत ठीक हो गया tha......ab ....रिंकू ......अभी की आत्मा क साथ जुड़ चूका था..

फिर अभी सब से mila....Lima तोह अभी से नज़रे नहीं मिला रही थी .......,..

तभी डॉक् बहार आया ......अभी ने डॉक् क साथ बात की तोह पता chala......k विक्की क नाक की हड्डी .....रिब bone.....aur वर्टीकल कॉलम टूट गयी है अब उसका बचना बड़ा मुश्किल है........

अभी क जोर देने पर ...और यह हॉस्पिटल भी रवस का hi था इसीलिए उससे अंदर जाने क परमिशन मिली..........

अंदर जाकर अभी ने पांच तत्त्व की ऊर्जा से विक्की क शरीर को तोह ठीक कर दिया लेकिन अभी भी उससे होश आने का लक्षण नहीं दिख रहा था........

तभी शिवली ने फिर मैं से सम्पर्क किया.....

यह क्या कर रहे हो जान .....अपनी आत्मा शक्ति का अंश का प्रयोग मत karo.....hume और बहुत लड़ाई लड़नी hai.........Isse ाद्दु की प्राणशक्ति hi ठीक कर सकती है........

फिर अभी वह से निकल कर बहार aagaya..........Aur रिंकू को कुछ बताने hi वाला tha........k तभी उसका पह बजा ....तोह देखा दी का कॉल था.......

ऋतू - तू..... कहा है ...बेतु .......ठीक तोह है न.....

अभी - मून ठीक हु दी .....मेरा एक फ्रंड हॉस्पिटल में है वही पर हु........

ऋतू - यह न्यूज़ चैनल वाले क्या दिखा रहे hai.....sach सच बता बेतु ......क्यों किया तूने aisa......mera दिल बहुत घबरा रहा है..........

अभी - एक मं दी ...आप क्या कह रही हो मुज़हे कुछ भी समझ नहीं आरहा.......

में बाद में कॉल करता hu.....aur कॉल कट कर देता है.....

रिंकू - क्या हुआ दोस्त .....इतना परेशां क्यों डीह रहा है....

अभी कुछ नहीं बोलता और एक चेयर पर बैठ जाता hai.......aur अपने मोबाइल में ऑनलाइन सिटी न्यूज़ देखने लगता

....अभी न्यूज़ एंकर एक वीडियो दिखकर कुछ बोल रही थी ....जिसमें अभी किसी रेस्टॉरेंट ..में 10 लोगो की बेरहमी से हत्या करते हुए दिखाया जा रहा था......

जिसमें दो छोटे बचे भी थे.......

न्यूज़ आकर - देखिये किस तरह से इस अमीरजादे ने एक छोटी सी बात पर सारे आम 10 लोगो की बेरहमी से हत्या कर di........kya क़ानून और पुलिस कुछ कर paayegi........kab तक ये अमीरजादे ......ऐसे hi लोगो पर जुल्म करेंगे.......

इंडिया क टॉप मोस्ट बिज़नेस मन और अपने सोशल वर्क क लिए जाने जिसने वाले रवस क साहबजादे ....अभी का ....यह खौफनाक कारनामा.......

इस केस की पूरी उपदटेस मिलेगी सिर्फ हमारी hi चैनल पर ....साथ बाने रहिये ....लेते है एक छोटा सा ब्रेक.....

अभी और बाकि फ्रेंड्स ने भी यह वीडियो dekha......Abhi का तोह माथा hi ठनक गया.......

श्याम - अबे यह क्या hai....yeh तोह लगता है साला वही डुप्लीकेट hai......ab क्या करेगा यार ....

अभी - फिलहाल तोह मुज़हे वाशरूम जाना है .........

रिंकू - ठीक है भाई हो आ.....

फिर अभी वाशरूम चला जाता hai........aur वह से आकर अपने फ्रेंड्स से मिलता है और हॉस्पिटल क बहार निकलता hai.....tabhi .....एक साथ कई पुलिस जीप वह आजाती है .....और दसप अपने पुलिस टीम क साथ आगे बढ़ता hai......Abhi को देखकर.....

दसप - खा जा रहे हो बरखुरदार...... बहुत हो गयी मौज अब चलो हमारे saath......Aur अभी भी कुछ बहस न करते हुए उनके साथ चला गया......

यहाँ किसी अंडर ग्राउंड कमरे में दो लोग बैठे टीवी पर न्यूज़ देख रहे the.......jispar आरहा tha.....RVS ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज क मालिक और समाज सेवक ....रवस का एकलौता बीटा 10 लोगो की निर्मम हत्या क जुर्म में गिरफ्तार.......

और यह न्यूज़ देखते hi दोनों हसने लगे .........

और यह दोनों थे मला और उसका बड़ा बीटा प्रभाकरन ...

जिसने प्लास्टिक सर्जरी से अपना चेहरा बदलकर अभी का रूप ले लिया tha.....aur एक नकली मास्क पहनकर बहार अपनी अलग पहचान बनायीं थी.

मला - वह ....बीटा ....wah....jo काम मेरी काली शक्तिया नहीं कर सकती वह काम तूने अपने दिमाग की शक्ति से कर दिखाया......

रवस और उस अभी की ऐसी बदनामी हो गयी ...बड़ा मज़ा आरहा है इस खेल में .....अब हमे संघारक बनकर भी कुछ ऐसा करना चाहिए क रक्षक का यह रूप भी लोगो क और गोरन की नज़रो से गिर jaaye....ha....ha....ha.....Rakshak अब निकल कर दिहा इस जाल से....

प्रभाकरन - पर डैड कोई भी जेल उससे कैसे रोक सकती है......

मला - जाता हु बेटे ....यही तोह मज़े की बात hai.....agar वह जेल से भाड़ता है तोह और ज्यादा बदनामी hogi.........Woh जेल में रहे या जाहि और .....हमे logo.k दिलो में रवस और रक्षक क खिलाफ लोगो में इतनी नफरत भर देनी है क .....लोग खुद इन्हे ...यहाँ से भगा देंगे.......

बीटा जनशक्ति क आगे कोई भी शक्ति जाम नहीं करती.......

कितनो को रोकेगा रक्षक .....हाहाहा.....

यहाँ अभी लॉकअप में बंद tha......Khud अभी क डैड उससे छुड़ाने क लिए ठाणे पहुंचे the.......lekin शो था क बात माने को तैयार नहीं था.......

रवस ने हर जगह पह कर लिया लेकिन आज कोई उस्सकी बात माने को भी तैयार नहीं tha.......Sab कह रहे थी क जनता में बहुत आक्रोश है .......ऐसे समय में हम उससे नहीं छुड़ा सकते .....लेकिन थोड़ी देर अभी से बात करने की परमिशन मिल गयी......

जब रवस अभी से मिलकर आया ...तोह अब उसस्के चेहरे पर परेशानी क भाव ख़तम हो गए था ....और वह वापस चले गए........

यहाँ कॉलेज में भी स्पोर्ट्स फेस्टिवल कैंसिल हो गया था.......

अभी क फ्रेंड्स को सच्चाई पता थी तोह वह अभी को लेकर परेशां दिख रहे the........lekin बाकी स्टूडेंट्स क बिच खुसुर फुसुर चालू हो गयी थी......

यहाँ अभी क घर में भी ऋतू और ाद्दु का रो ..रोकर बुरा हाल tha......unhe यकीन hi नहीं था क उनका प्यारा भाई कुछ ऐसा कर सकता है........

रवस और नैना को सच्चाई पता थी

ाद्दु को अभी क सुपर पावर्स क बारे में पता था.......

ाद्दु - दी ...मेरा भाई ऐसा नहीं ...कर सकता ....यह सब ज़हूत hai.......Bhai एक सुपर हीरो hai.......muzhe उन्होंने अपना मैजिक और पीवेर दिखाया tha.......koi भी सुपर हीरो कभी गलत काम नहीं करता ......

ऋतू - यह क्या बात कर रही है आड़ू tu.....Abhi क पास सुपर पावर कहा से आगयी .......

ाद्दु - आपको सुलेखा दी याद है जब वह हॉस्पटल में थी ....तोह भाई मुज़हे मैजिक से वह लगाए the.......aur ....उसको ठीक करके .....फिर यहाँ भी मैजिक से आगये थे .......

ऋतू - चुप कर बेतु यह कैसे पॉसिबल है.....

रवस - बीटा ाद्दु ठीक कह रही hai.......Powers सिर्फ अभी में hi नहीं तुम दोनों में और तुम्हारी माँ में भी है.......

तभी रवस को कण्ट्रोल रूम से कॉल आयी ....

सर गेट क बहार बहुत लोगो की भीड़ इकट्ठी हुई hai.......woh गेट तोड़कर अंदर आना चाहती है .....हमारे गॉर्डस बड़ी मुश्किल से उन्हें रोके हुए है....

रवस - नैना तुम यही बच्चो क पास रहो , में देखता हु .....

नैना - नहीं जी ...इतने सारे लोग ......अभी तोह आपके पास पावर्स ...भी नहीं है.....

रवस - जाने दी नैना ...देखु तोह जीन लोगो को अपना परवर मानकर मैंने आज तक सेवा की है ...वह आज क्या करते है.......

रवस ....गेट तक पहुंच gaya......Waha क गॉर्डस रवस को घेर कर खड़े थे....

रवस ने गॉर्डस को हटाया और आगे aagaya......kaho क्या कहना चाहते हो तुम लोग......

भीड़ में से एक - हमने सुना है क आप अपने उस बेटे को छुड़ाने गए थे जिसने 10 मासूम लोगो को बेरहमी से maara.......chotte बच्चू की भी परवाह नहीं की ........

आप से हमे ऐसी उम्मीद नहीं थी

रवस - क्या अब मेरी बात sunenge........Aaj तक मैंने कभी कोई गलत काम न किया hai....aur न hi बर्दास्त किया hai.....aap ..सभी ..अच्छी तरह से जानते ho.......mera वचन है aapko.......ki अपराधी चाहे मेरा बीटा hi क्यों न ho......usse....usski सजा मिलेगी.......

तभी भीड़ से कोई पत्थर रवस की तरफ aaya.......iske पहले वह पत्थर उससे lagta......kissi ने उससे बिच में hi पकड़ लिया..........

वह था एक नकाब posh....jo ..काले कपड़ो में tha.....sirf उसस्के आंखें दिख रही थी .........

उसमे भीड़ की तरफ देखकर न जाने ऐसा क्या किया क सब वह से चुप चाप चले गए.......

नकाब पॉश - आप ठीक है न .....रवस ने उस्सकी आवाज से नकाब पॉश को पहचान लिया.........

नकाब प - अंकल आप अंदर चले , मुज़हे आपसे बात करनी है ..........

और वह रवस क साथ अंदर की और आने क लिए bada......lekin मैं दूर तक पहुंचा hi था क रूक gaya........aur उस्सने अपना नकाब हटा दिया.......

रवस - क्या बात है बीटा रुक क्यों गए .....

नकाब पॉश - डैड मुज़हे अभी कही अर्जेंट जाना है ........यह जगह अब सेफ नहीं है आप सब को लेकर जल्द hi यहाँ से किसी सेफ जगह चले जाए......

रवस - बीटा हमारे घर से ज्यादा सेफ जगह और जहा होगी........

नकाबपोश - खतरा है डैड ...आप जल्दी करो........

रवस - खतरा तोह तेरे लिए है बीटा यहाँ par.....aur जैसे hi आगे बड़ा

तभी ऋतू ाद्दु नैना और दीपू भी निचे आगये थे.......

रवस - सावधान नैना ....घर क बहार मत निकलो यह अभी नहीं hai........Aur रवस ने डूअड़ कर एक फीलिंग किक इसके जबड़े पर मारी जिससे वह जमीं पर गिर gaya.......usse रवस से ऐसे हमले की उम्मीद नहीं थी.....

रवस उसस्के उठने से पहले उस तक पहुँच ...गया और अपना पेअर उसस्के सीने पर रहकर ......अब कहा जाएगा बहरूपिये......

तभी वह काले चोंगे में मला प्रगट हुआ ..और रवस और नकली अभी क साथ वह से टेलिपोर्ट हो गया......

अपनी आँखों क सामने अचानक अपने पति को गायब हुआ देखकर नैना ने जोर से अभी को पकाकर......

अभी ने अपने घर और सभी घर वालो को अपनी अपनी ऊर्जा और नैना की शक्ति से ऐसे कवच में बांध दिया tha.....ki कोई बुराई की शक्ति न तोह उनके घर में प्रवेश पा सकता था ....और बहार भी उनमें से किसी को किसी को न तोह कोई नुकसान पहुंचा सकती थी ........

जब मला ने देखा की पण रवस क घर क अंदर नहीं जा सका तोह उससे इस बात का अंदाजा हो गया और रवस उसस्के बेटे को कोई नुकसान pahunchaye.....usske pahele......usne .....उससे टेलिपोर्ट कर क एक जगह कैद कर क रख दिया.....

अभी क लिए इतना hi.......


अगला अपडेट रात को ......
 
अपडेट - 75

अब तक आपने देखा ....क पण ने अभी बनकर 10 लोगो की हटाया की जिसका इलज़ाम अभी पैट aaya......aur उससे गरफ्तार होना पड़ा......

और रवस का मला द्वारा किडनैप होने......



अब आगी ..........

मला .....PN.....aur....RVS ....को lekar.......apne सीक्रेट चैम्बर क गोडाउन में लेकर gaya.........iss सेक्रेट चैम्बर को उस्सने इब्लीस की शक्तियों से ऐसे सुरक्षित किया था क बिना उसकी इक्का क यहाँ कोई भी प्रवेश नहीं कर सकता था.........

इस काली शक्तियों क शील्ड को बहार से नहीं ....अंदर से hi तोडा जासकता था.......

मला - क्यों रवस कैसे ho.......kahi सफर में तोह कोई परेशानी नहीं hui.......ha...ha...ha....

चिंता मत करो बहुत जल्द तुम्हारा सारा परिवार तुम्हारे सामने होगा........

और वह जो तुम्हारा बीटा .....jo....Rakshak बना घूमता hai........usko तुम सब को बचने क लिए अपने प्राणो की आहुति देनी hi होगी ......चाहे वह कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो ......वह यहाँ तक मेरे काली शक्तियों क सुरक्षा घेरे को तोड़कर नहीं आसक्त......

रवस - मुस्कुराते hue.......hmmm लगता hai.badi जल्दी है तुम्हे ...अपने मौत से मिलने ki......toh चलो तुम्हारी यह इच्छा भी पूरी कर देते है.......

मला - कौन मारेगा मुज़हे यहाँ ........ha...ha...ha.....mein जानता हु क अब तुम्हरे पास कोई शक्ति नहीं है........

रवस - ाचा तोह फिर खुद hi देख लो .....और तभी इसके हाथ में शक्ति त्रिशूल प्रगट होता है.....

जिससे देखकर मला और पण दोनों हैरान हो जाते है........

मला - यह ...शक्ति ...त्रिशूल तुम्हारे पास .....कौन ho...tum...

रवस - वही जिसका तुम्हे इंतजार था तुम्हारी maut...........tabhi रवस का रूप बदल जाता है ....और वह रवस की जगह tha....ABHI

अभी को अपने सामने देखकर मला और पण चौक गए ......

अभी ने देर न करते हुए , तुरंत मला क बनाये काली शक्ति क शील्ड को स्काक्ति त्रिशूल की ऊर्जा से ख़तम कर diya....aur और और एक ऐसी शील्ड बना दी ...जिससे कोई काली शक्ति भेद नहीं सकती......

मला - tuuumm.....yaha...kaise....tum toh.....jial में ...the.....aur तुम्हे कैसे पता चला ....क ...हमारी ....योजना क बारे में ........

शार्ट फ़्लैश बैक.....

हुआ यह था जब अभी ने हॉस्पिटल में न्यूज़ देखि थी ....तोह समाज गया की मला की यह उनको बदनाम करने की चल है.........

अभी ने भी मला को चल को hi हतियार बनाकर वार करने का सोचा ......... और हॉस्पिटल से निकलने से pahele........washroom gaya......waha उसने अपना एक प्रतिरूप बनाया और उससे हॉस्पिटल क बहार भेज दिया ....जिससे ..पुलिस अभी समज़कर पकड़ कर ले गयी थी........

और खुद रिम्पी क पास पहुँच gaya........Rimpy पण का मैं कंप्यूटर हैक कर चुकी thi........aur हर मेल पर नज़र रख रही थी.....

यहाँ जब रवस ठाणे में अभी को छुड़ाने पहुंचा तोह ....तब उससे अभी से मिलने का मौका मिला .....वह उससे अभी की चल का पता चला........

यहाँ अभी और रिम्पी पण क पर्सनल कंप्यूटर क साथ कनेक्टेड थे .....तभी एक मेल पण क पर्सनल कंप्यूटर से कई जगह भेजा गया.......

जब अभी ने उससे ओपन किया तोह पता चला की पण ने कई नेताओ और बिज़नेस मन को मीटिंग क लिए मेल भेजा था .......और एक कोड क जरिये मीटिंग की जगह भी बताई थी.....

यह कोड जगह की लाट्टीटुडे और लोंगीटुडे को मिलकर बनाया tha......jisse अभी ने आसानी से डिकोड किया था........

अभी ने मीटिंग में शामिल होने वाले एक भ्रस्ट नेता को उसके hi घर में बंदी बनाया ...और खुद उसका रूप बनाकर ....मीटिंग में पहुँच gaya.........waha मीटिंग में ....आनेवाले सभी देश द्रोही थे ...........

मीटिंग में पण ने सबको लालच दिया और ...बाकी सब भ्रष्ट नेताओ से भी संपर्क करने क लिए कहा ......और जितने भी ईमानदार नेता है उनको मारकर अपने गुलाम नेताओ को उनकी जगह बिठाकर ......

इस देश पर राज करने का प्लान बांया जा रहा था....

अभी बस मीटिंग में साड़ी बातें सुनता raha.......aur जब मीटिंग ख़तम हुई और सब नेता जाने लगे तोह वह से निकलने से पहले...

. अभी ने वह टेबल क निचे एक छोटा सा माइक्रो पह लगा दिया था ....जो अभी क पह से connected....tha....

अब अभी वह से निकलकर टेलिपोर्ट हो घर पर अपने रूम में पहुँच गया .....और पह पर पण क ऑफिस में होने वाली बातें सुनने लगा .......तभी उससे मला की आवाज आई ....

मला - बीटा जब तक रवस और रक्षक जिन्दा hai.....tab तक... हम अपना बिज़नेस और राज इस देश

में नहीं फैला सकते .....इसकेलिए उन्हें मरना होगा...

पण - पर कैसे डैड .......

मला - बीटा अच्छे लोगो की कमजोरी होती है उनकी अक्साई और वह लोग जिनको वह बहुत प्यार करता है.......

पहले हम अभी की फॅमिली को अपने कब्ज़े में करेंगे और ...फिर उन्ही क सहारे हम ख़तम करेंगे उस रक्षक को .......

फिर हमे यहाँ पृत्वी लोक का भगवन बनाने से कोई नहीं रोक sakta.....ha...ha..ha....

और जब रवस .....ऋतू और ाद्दु को अभी और उनकी सचाई क बारे में बता रहे थे...

उसी समय पण की भेजी हुई भीड़ बहार हंगामा मचा रही थी .......

और जब रवस भीड़ का सामना करने निचे आया तोह हॉल में hi अभी उनसे मिला ...और उन्हें अपने रूम में भेजकर खुद रवस का रूप लेकर निचे आगया......

बैक तो स्टोरी लाइन......

अभी को वह देखकर पण अपने आपको रोक नहीं saka.......Aur रिवॉल्वर निकलकर उसपर फायर कर दिया....

अभी तुरंत वह से हैट गया और एक पल में hi उसके पास पहुंचकर ...और उसका हाथ पकड़कर मोड़ दिया जिससे उसके हाथ की हड्डी टूट गयी .....और दर्द क मारे वह चीला उठा.......

मला ने अपने बेटे को खतरे में देखकर अपनी काली शक्ति की ऊर्जा का प्रहार ...अभी पर किया ........

जो अभी क पीठ पर जाकर लगा .......उससे ऐसा लगा जैसे उस्सकी पीठ ओर जलता हुआ लावा दाल दिया हो ....और वह निचे गिर गया.......

मला - ha.....ha..ha..itna आसान नहीं hai.....muzhe मारना......

तब तक अभी ने अपने आपको संभाला और उठते hi पहले एक जोरदार किक पास खड़े पण को मारी ....जीसे वह दूर दीवार से टकरा कर बेहोश हो गया.....

मला - nahiiii....Yeh तूने ठीक नहीं किया .........अब देख .....और अपनी काली शक्तियों का एक बड़ा सा गोला बनके अभी क तरफ phenka.........jisse अभी ने अपने शक्ति त्रिशूल से ख़तम कर दिया..........

जब तक मला अपना दीसरा वार करता अभी उस तक पहुँच गया और उससे गार्डन से उठाकर जमीन पर फ़ेंक दिया ........और एक जोरदार किक उसके पेट में मारी ...जिससे वह दीवार से जाकर टकरा गया........

लेकिन यह क्या मला फिर खड़ा होगया .....उससे इस वार से जरा भी फरक नहीं पड़ा.........

मला - इससबार काली शक्ति और क वार अभी पर लगातार करने लगा .....जिससे अभी ने पांच तत्त्व की ढाल बनाकर रोका और साथ साथ में मला पर भी वॉर करने लगा ........

मला ने इब्लीस को अपनी आत्मा समर्पित की थी ....जिसके वजह से अभी क वार का उसपर कोई असर नहीं हो रहा था..........

मला से मुकाबला करते karte...Abhi ने ध्यान दिया क एक मला का किया हुआ एक वॉर उसके ढल से टकराकर वापस मला को लगा जिससे मला थोड़ा जख्मी हुआ ........

अभी को मला क खात्मे का राज पता चल गया.......

अभी अब मला को छोड़ कर ..पण क पास पहुंचा ......और एक लात और मारी ........और उससे मारने क लिए अपनी गदा का आवाहन किया ......

मला ने अपने बेटे पर भयंकर वॉर होते देखर ....अपनी पूरी ऊर्जा का एक बड़ा सा गोला बनाया और अभी पर छोड़ diya.........lekin वह वार अभी को लगता उससे pahele....hi अभी ने अपनी गदा क जोरदार प्रहार से उस ऊर्जा क गोले को मला पर hi छोड़ दिया .......uss....waar..ke लगते hi ....MLA.....ki जोरदार चीख निकली ......ahhhhh..ahhh

अभी - क्यों सुधाकर कैसे रही.......

मला - तड़पता हुआ ......रक्षक यह तुमने मेरे साथ धोका किया hai....ahhhh

अभी - धोका मैंने नहीं तुमने किया है इस देश क साथ .....मानव जाती क साथ ....और अपने आप क saath......tumhe शायद यह किसी ने नहीं बताया ....क इंसान की बुरे कर्म hi उसके अंत का कारण बनते है .......जिस काली शक्तियों की तुमने दुसरो का अंत करने क लिए उपासना की ....आज वह hi काली शक्ति ...तुम्हारे अंत का कारण बन रही है.....

मला - तुम मुज़हे तोह मार डोज लेकिन अब मेरे जीवो से लोगो को कैसे बचाओगे ..........और उस्सने होनी जेब से एक रिमोट जैसा को गैजेट निकला और उसका लाल बटन दबा दिया.........

में तोह मर रहा हु लेकिन अब यह शहर भी नहीं bachega.....mera सन्देश अब उनतक पहुँच गया है ........

अभी - सॉरी सुधाकर तुम्हारा यह ख्वाब भी अधूरा hi रह जाएगा.......

तभी उस हॉल का दरवाजा जोर की आवाज क साथ टुकर गिर gaya......aur वह से ....रखेह .....GK....SHIVALI ..और सुलेखा अंदर आये......

मला क सीक्रेट चैम्बर क 3 पार्ट्स थे ...एक part उसस्के पर्सनल उसे क लिए था .....और एक में ....उसके पाले हुए gunde.......aur 3 part में उसके भयानक जीव ......

जब अभी यहाँ आया तोह उससे यहाँ क बारे में पता चल....

उसने शिवली को मैं से सन्देश भेजा ...और यहाँ क जीवी को ख़तम करने क लिए कहा.....

शिवली ...Rakesh....Sulekha ....और गक को लेकर यहाँ आयी....

और जब अभी मला का सामना कर रहा tha...tab वह यहाँ क जीवो और गुंडों को यमलोक पहुंचा रहे थे.....

मला अब अपनी अंतिम सास ले चूका tha.....uske मरते hi अभी ने अपने अग्नि तत्त्व की ऊर्जा से इसके शरीर को नष्ट कर दिया.........

अब उसने पण को होश में laaya.....Abhi का मैं तोह कर रहा था क इस्को भी ख़तम कर de.......lekin अभी क़ानून और समाज के सामने अपनी बेगुनाही को साबित करना था.....

अभी ने पण क मंद को कण्ट्रोल किया और उसस्के मंद में बस यह hi बिठा दिया की उससे अपना गुनाह कबूल करना है........

फिर अभी अपने टीम क साथ पण को लेकर वह से निकल gaya.......aur उससे ठाणे क आगे छोड़ दिया ....और सब को लेकर अपने घर आगया.......

आधी रात का समय हो गया tha.......Thane से अभी शो बहार निकला hi था क अपने सामे अभी को देखकर हैरान हो gaya.....SHO उससे पकड़ते हुए .....अबे तू बहार कैसे आया.....

हवलदार गंगूराम....

हवलदार - यस ...सर ....

शो - कैसी ड्यूटी करते हो तुम लोग यह कैदी बहार कैसे आया.....

हवलदार - पैन ..साहेब ....हां ...कैदी तोह ..लॉकअप में था....

काय रे बहार कैसा आला तू .....और उससे पकड़कर अंदर ले जाता है.....

तोह देखता है ांडेट लॉकअप में एक और अभी है.......

हवलदार दौड़कर बहार जाता है अभी शो घर जाने क लिए गाडी में बैठने hi वाला tha....ki

हवलदार.- साहेब ...saheb...jaldi अंदर चलिए.....

शो - अब क्या हुआ गंगूराम ....

हवलदार - साहेब वह एक कैदी तोह लॉकअप में है और एक बहार ......साहब दोनों बिलकुल एक जैसे है...

शो - क्या रे ड्यूटी पर hi पि ली क्या ....कैसी बाते का रहा है....

हवलदार - नहीं साहेब एक बार अंदर तोह चलो......

और शो अंदर जाता hai....waha दो अभी देखकर उसका सर चक्र जाता है...

फिर पूछताछ करने पर ........पण अपने सारे गुनाह कबूल कर देता है....

अदालत में भी यह प्रोफ हो जाता है पण ने मास्क क जरिये अपनी नकली आइडेंटिटी बनायीं और अपने बिज़नेस एम्पायर खड़ा kiya......Aur अभी बनाकर रेस्टॉरेंट में 10 कतल किये जिससे अभी पर यह इल्जाम आये........

अदालत ने पण अजीब बेहेवियर को देखकर पहले उस्का दिमागी इलाज करने ...मेन्टल हॉस्पिटल भेज diya........kyu की अपने गुनाह कबूल करने क सिवा वह और कुछ नहीं बोल रहा था.......

यहाँ अभी & फॅमिली बहुत खुश थी .......अब ऋतू को भी अभी और अपने फॅमिली क पोएट्स क बारे पता चल गया था .....

रिम्पी की शक्ति अभी अभी पूरी तरह जागृत नहीं thi....Aur ऋतू और ाड़फू भी अपनी शक्तियों से अनजान थी .....

तोह अभी ने सोचा क तीनो की शक्तिया जगाने क लिए उन्हें ध्यान योग साधना की शिक्षा देना जरुरी hai....toh इस कसम क लिए उससे राकेश hi बेस्ट लगा....

अभी हाल में बैठकर अपने फॅमिली क साथ इसी बात पर विचार कर रहा tha......aur रवस न्यूज़ देख रहे थे ....क तभी .......एक न्यूज़ ने सब का ध्यान अपनी और खिंचा.....

10 लोगो की हत्या और धोखाधड़ी क जुर्म में सजा पाए हुए प्रभाकरन ...जो अपनी दिमागी हालत क कारण मेन्टल हॉस्पिटल में था........

उसका शव वाज सवेरे पंखे से लटकता पाया gaya.......jaanch में यह पाया गया क पण ने अपने पागलपन में आत्महत्या की है.....

तभी अभी ने राकेश को याद किया.........

अभी - मुस्कुराते हुए .... रक्सेह देखा तुमने पण ने आत्महत्या कर ली .....वैसे अभी तुम कहा से आरहे हो......

राकेश - mein....meinn....haa...yaad aaya....woh थोड़ी खासी thi...(.kkuuuuhu...kuhhhu....khaste hue.)......toh दवा लेने हॉस्पिटल गया था.....

उसकी बात सुनकर अभी और रवस हसने लगते है....

अभी - रहने ..दे ..pata..hai.. कौनसे हॉस्पिटल गया था....

फिर अभी ने राकेश को रिम्पी ..Ritu..aur ाड़फू को त्रिनेड करने की जिम्मेदारी सौंपी....

कॉलेज का रुका हुआ स्पोर्ट्स फेस्टिवल भी पूरा हो गया .....और अभी ने ाद्दु की प्राणशक्ति से विक्की को भी ठीक कर दिया था......

कॉलेज की एक्साम्स भी अब ख़तम हो गयी थी......

अभी ने अब अपनी अगली शक्ति को प्राप्त करने का विचार बनाया.....

और बाकी लोको में असुरो क बढ़ते कदम को रोकने क लिए अपनी एक अलग आर्मी बनाने का फैसला लिया......

अब देखते है आगे अभी कौनसी शक्ति प्राप्त करता है और किन चुनौतियों का सामना करता है...

अभी क लिए इतना hi.......


अगला अपडेट कल........
 
अपडेट - 76

अब तक आपने देखा की कैसे अभी ने मला और पण का खत्म किया......


अब आगी .....

कॉलेज क एग्जाम ख़तम होगयी थी ..........

रिन्कुश को अभी ने अपनी आत्मा शक्ति क अंश से ठीक किया था ...इसिलए अब वह भी अभी से जुड़ गया था...........

आज कॉलेज का लास्ट दिन था........

सीनियर्स क लिए एक छोटी सी फारे वेल पार्टी कॉलेज में hi राखी गयी थी..........

जहा सीनियर्स को कॉलेज से और अपने दोस्तों से दूर होने का गम था ....वही जूनियर्स को भी कुछ दिन क लिए अपने दोस्तों से बिछड़ने का गम .......

अभी - तोह यारो छुट्टी में किस किसका कहा जाने का प्लान है..........

लिमा - में कहा jaaungi.....Bas...issi सिटी में अपनी माँ क साथ रहूंगी.....

रिंकू - अगर तुम चाहो तोह मेरे गाओं आसक्ति हो ..........

संकु - अच्छा beta....sirf ..लिमा को ....भाई हम भी hai....yaha ....गाओं हम भी देख सकते है....

विक्की - हां यार भीड़ से भरी इस सिटी लाइफ से दूर कुछ दिन गाओं जाने को मिल जाए तोह मज़ा aajaye......agar तुज़हे ऐतराज न हो............

अब रिंकू क्या बोलता ....क्युकी उस्का घर इतना बड़ा नहीं tha...aur गुजरा भी मुश्किल से चलता था....

वह बस लिमा की तरफ देख रहा था.....

अभी - ...रिंकू की परेशानी समज़ते hue......frnds ...अगले हफ्ते में भी ननिहाल जा रहा हु सोनपुर .....

वह हर साल की तरह इस साल भी बहुत बड़ा मेला .....लगने वाला है ...और ....nana...ji ने महापूजा क लिए भी सब को इन्विते किया hai........Toh आपलोग .......एशिया क्यों नहीं करते क .....मेरे साथ जाने का प्रोग्रमम banao.......isse गाओं का मेला भी देख ...लोगे .. .......क्यों रिम्पी ....ठीक है न......

रिम्पी - हां सभी फ्रेंड्स साथ होंगे तोह और मज़ा आएगा.....

रिंकू - क्या नाम बताया गाओं का सोनपुर अरे वह तोह मेरा भी गाओं hai..........mein वही तोह जाने की बात कर रहा.....

अभी - वाओ ....नीस ....तोह फ्रेंड्स तय रहा ..क एक हफ्ते बाद सभी मेरे साथ गाओं चल रहे hai.......sabhi अपने अपने घर से परमिशन ले लो........

फिर सब वह से निकल gaye......Abhi भी रिम्पी को लेकर निकल गया........

जब रिम्पी ने देखा की अभी की गाड़ी घर की तरफ न जाकर कही और जा रही hai.......toh

रिम्पी - बाबू यह हम कहा जा रहे है........

अभी - सस्शह्ह्ह बस देखती रहो जान......

और जब गाड़ी रुकी तोह रिम्पी ने देखा जैसे स्वर्ग में आगये हो.......

शाम का समय था सूरज पछिम दिशा की पहाड़ी क पीछे छुपने hi वाला tha.....aakash का रंग सिन्दूरी हो गया था ....हरे भरे पहाड़ो क बिच डूबता हुआ सूरज ....बहुत hi खूबसूरत लग रहा था ........एक बहुत बड़ा फूलों से भरा बगीचा जहा .रंग भी रेंज फूल इस जगह को और सूंदर बना रहे थे .....और उन् फूलों से निकलती हुई सुगंध ....ठंडी ठंडी हवाओ में मिलकर ...एक अलग hi नशा सा सांसो में भर रही थी...........

प्रकृति की सुंदरता ....को देखते देकते दोनों एक दम करीब aagaye.......dono के चेहरे बिकुल एक दूसरे क बिलकुल paas.......ek दूसरे को आँखों में अपने लिए बेइंतेहा प्यार देख रहे थे ........एक दूसरे की साँसों की महक दोनों को मदहोश कर रही थी.........

अभी - ऐसे क्या देख रही हो जान........

रिम्पी - तुम्हारी आँखों में अपने लिए pyar.......dil कर रहा है क वक्त ऐसे hi तहर जाए और में ऐसे hi तुम्हारी बाहों में अपनी ज़िन्दगी गुज़र लू..........

अभी फिर रिम्पी क हाथ पकड़कर ....फूलों क गार्डन क बिच बननी pagdandi....se ले जाते hue......Abhi तुम्हे और कुछ दिखाना है........

जब रुका है तोह रिम्पी सामने देखती है .......वह एक खूबसूरत एकदम दूध की तरह सफ़ेद बंगलो ...था .....उससे एक महल hi कहना उचित होगा.........

यह ......महल ...अभी ....ne..GK....dwara बनाया tha......bahar से यह जितना खूबसूरत और बड़ा दिख रहा था ....अंदर से उतना hi vishal.....har तरह की सुख सुविधाओ से परपूर्ण....

अभी - कैसा ..लगा जान ...तुम्हारे सपनो का महल......

रिम्पी - तुम्हे कैसे पता चला ki....mein हमेशा से ऐसे hi महल का सपना देखती thi.....jisme में तुम्हारे साथ अपनी ज़िन्दगी बिता दू.....

अभी रिम्पी को गॉड में उठाकर अंदर जाता है......

और महल को दिखते हुए ....वह क बीएड रूम पहुँच jaata...hai.....

जहा एक आलीशान राउंड शेप वाइट बीएड था सफ़ेद रेशमी चादर और हिरे जड़ी हुई नाकशी .....मानो चाँद hi अपने सितारों क साथ जमीन पर आगया हो.....

अब दोनों एक दम नज़दीक आगये ....दोनों एक होंठ आपस में मिल गए ......और आलिंगन और गहरा हो गया अब .....दोनों कभी ऊपर का होंठ चूस रहे थे ...कभी निचे ka.....dono क हाथ एक दूसरे की पीठ पर चल रहे थे .......

ऐसा लग रहा था मानो एक दूसरे में समां जाना चाहते हो.....

दोनों मदहोश होने लगे .....एक दूसरे से मिलान की तड़प और बढ़ने लगी .......पता नहीं कब ऐसे hi चूमते हुए दोनों बीएड पर आगये.......

दोनों क बदन एक दूसरे से रगड़ने से एक अलग hi ऊर्जा प्रगट हो रहो थी.....

अभी का लिंग मिलान की आस में एक दम तन गया tha.....aur रिम्पी की बभी में चुभ रहा था.....

जिससे रिम्पी की सिसकारी निकल gayi.......Abhi क लिंग की चुभन अपने नाभि पर महसूस करके उसके अंदर भी वासना की आग भड़कने लगी.......

रिम्पी - रोक लो जान .....नहीं तोह .....में आपने आपको नहीं रोक paaungi.......humara यह milan.....tumahre रास्ते की सबसे बड़ी बाधा बन जायेगी........

बिना विवाह क यदि यह मिलान हुआ ...तोह तुम कभी अपने लक्ष्य तक बही पहुँच पाओगे......

रिम्पी की बातो ने अभी पर असर किया ....और वह उससे अलग हो गया....

रिम्पी - जान में कब से ऐसे hi जगह तुमसे मिलान का सपना डेक्टि आरही hu......lekin अभी विवाह से पहले यह सम्बव नहीं हमे इंतज़ार करना होगा.....

अभी - जान तुम्हारा यह सपना जल्द hi पूरा होगा.......

प्यार क लम्हे साथ बिताते हुए रात हो गयी ........बहार पूरा अँधेरा होगया....

अँधेरे में भी वह महल जगमगा रहा था....

ऐसे hi कुछ पल बिताकर अभी रिम्पी को उसके घर छोड़कर अपने घर आगया...

अब अभी अपने शक्तियों को प्राप्त करने क सफर को आगे बढ़ाते हुए ..........अपने दो रूपों को ....संघारक ...और .....घर पर अभी क रूप में chodkar.......Tallok ....में गया.......

मैं जब यहाँ आया उस समय शालू युद्ध का अभयास कर रही thi......jaise एक योगी ध्यान में एकाग्रचित होकर अपनी शक्तियों को जगाता है......

शालू भी तलवार क अभ्यास में ऐसे एकग्रचित हो गयी थी ...क ऐसा लग रहा था तलवार उसके श्री का hi अंग हो.........

जैसे जैसे वह तलवार घूमती ....7 रंग क धातुओं की ऊर्जा की लकीर जैसे बन जाती......

शालू का यह रूप आज में पहली बार देख रहा था........

उसकी युद्धकला का ऐसे अभ्यास देखकर ....में मंत्रमुग्ध सा खड़ा देख रहा था.....

तभी शालू ने तलवार क साथ चक्र की तरह घूमते हुए ........मेरे पास पहुंच गयी और तलवार अभी की तरफ करके ...मुस्कुराने लगी.....

अभी - घायल तोह पहले hi कर चुकी हो tum......ab क्या अपने इस दीवाने की जान लेना चाहती हो........

शालू तलवार हटा कर आगे बड़ी और अपने हाथ अभी क मुँह पर रख दिया...........

जान तोह तुम मेरी लेलोगे .....अब ...जुदाई का दर्द मुज़हे और बर्दास्त नहीं होता.....

अभी - जान इसीलिए तोह आया hu.........ab हमारे मिलान का समय आगया है.......

शालू - अभी की आँखों में देखकर .....सच.....

अभी शालू को अपनी बाँहों में khinchkar......haa ..jaan......ab और देर करना ठीक नहीं....

और शालू की होंठ को चूमने hi वाला होता है क .....किसी क खस्ने की आवाज आती है....

जब अभी मुड़कर देखता है तोह वह आचार्य वरुण (ाव) और आचार्य धरा (अड़) थे .......

उनको देखकर दोनों अलग हो जाते hai.......Shalu शर्माकर ....नज़रे निचे कर लेती है ......

अभी आगे बढ़कर दोनों को प्रणाम करता है....

ाव शालू क पास जाती है और उसके सर पर हाथ फेरते हुए

देखो तोह कैसी शर्मा रही hai.......putri अब तुम्हारी यह लम्बी प्रतीक्षा समाप्त होने वाली है.....

सारे ताल्लुक में इस विवाह की खबर फ़ैल जाती है ....अपने रानी क विवाह की खबर से सारा राज्य आनंदित हो जाता hai.....poore राज्य को सजाया जा रहा था......

विवाह की तैयारी क लिए ....Shivali....Sulekha....GK ....और अभी क आश्रम क सारे मित्र आजाते है......

शिवली और सुलेखा खुद शालू को अपने हाथो से सजती है....

सुलेखा - हाय मेरी प्यारी sauten.....dekho तोह कितनी सूंदर काग रही है......

शालू - यह क्या है दीदी ...में तिह आपको बहिन मान रही हु और आप मुज़हे सौतें कह रही है....

शिवली - सुलेखा क्यों इससे सत्ता रही ho.....yeh सौतें नहीं मेरी प्यारी बहिन है......

सुलेखा - दीदी में तोह बस ऐसे hi........waise ....किसी की नज़र न लग जाए ..मेरी छोटी को ....और आँखों से काजल निकलकर शालू क कान क पीछे लगा दिया .....इस प्यार और अपनेवान को देखकर शालू की आंखें भर आयी....

शिवली - उसके आंसू पोंछते हुए ....na...na...aise शुभ अवसर पर रट नहीं है......

यहाँ मंडप में अभी बैठा अपनी नयी दुल्हन की प्रतीक्षा कर रहा tha......aur उसके पीछे खड़े थे उसके मित्र कट और कार्तिक ....

तभी शिवली और सुलेखा शालू को मंडप तक लेकर aayi..........jab तीनो को एक साथ देखा तोह अभी का मुँह खुला का खुला रह gaya.......teeno इतनी सूंदर लग रही थी ...की अभी की नज़ारे वह से हैट hi नहीं रही थी ....जैसे वह खो गया हो ...और जाने ख्वाब में क्या क्या कर रहा हो .......

अभी को होश तब आया जब कट ने उसका खुला मुँह अपने हाथो से बंद का दिया...

कट - भाई ऐसे मुँह मत खुला रखो ....यह तुम्हारी hi है .....

अभी जहा देख रहा था वह से कब की तीनो मंडप में आगयी थी....

अब विवाह की रस्में शुरू हुई ...और दोनों अग्नि क सामने एक दूसरे से बांध गए .....विवाह संपन्न हुआ शालू को शिवली और सुलेखा ने सुहागसेज तक पहुँचाया.......

शालू ...बेसब्री से घूँघट में अभी का इंतजार कर रही थी ......अभी को उसकर मित्रो ने सुहागरात वाले कक्ष तक पहुँचाया......

जैसे hi अभी क आने की आहात हुई ...शालू का दिल जोरो से धड़क ने laga.......aur वह सिमट गयी.....

अभी शालू को घुंगट में देखकर उसकी और bada.......uska भी दिल जोरो से धड़क रहा था.........

दोनों चुप थे बात कहा से शुरू kare.......Abhi क अब तक दो मिलान हो चुके थे .....लेकिन शालू क साथ उससे अलग अनुभव हो रहा tha......shayad इसीलिए वह उसका बचपन का प्यार था ...और एक लांबी जुदाई क बाद आज उनका मिलान हो रहा था...

अभी ने पास में पड़ा दूध का गिलास उठाया और शालू की तरफ कर सिया ... शालू ने भी गिलास लेकर डॉइड को गटागट पि लिया......

अभी - अरे ....अर्र्रे जान थोड़ा ...मेरे लिए भी तोह बकहकर रखो......

शालू गिलास हटाकर मासूमियत से - लेकिन यह तोह खली हो gaya........ab क्या करे....

शालू क होंठो क ऊपर दूध की एक लाइन सी बन गयी थी

अभी - नहीं अभी कुछ दूध बाकी है और उसका चेहरा पकड़कर उसके होंठो को चूसने लगता hai.....aur अलग होकर .....लो पि लिया मैंने भी ...बहुत मीठा था.......

शालू शर्म क मस्ती अभी क सीने में सर छुपाती है......

अभी - जान ...जब तोह बड़ी मिलान क लिए बेक़राक़ थी और अब समय आगया है तोह शर्मा रही हो.......

शालू - आपको क्या ोाता ...यह शर्म hi तोह औरत का पहला गहना होता है ..

तोह अब में पहले इसी गहने को उतरता हु ....और अभी शालू को बीएड पर लिटा देता है .....और खुद उसके ऊपर आकर उसके होंठो को चूसने लगता है ......शालू क अंदर भी मिलान की आग भड़कने लगती गई ... और जब अभी ने अपनी जुबान से उसकी जुबान को टच किया तोह जैसे उसके जिस्म में बिजली सी दौड़नर लगी .. और उसने कसकर अभी को पकड़ लिया .......

अब अभी क हाथ कमल दिखने लगे ....ढालू क स्तनों तक पहुँच गए.....

शालू - उफ्फ्फ्फ़ ...sss....ahha....jaan ....कब से इससे स्पर्श का इंतजार tha...ahhhh...asie..hi ....

अभी होंठो को चूसते चूसते धीरे धीरे शालू क स्तनों को दबाने लगा ......दोनों की सांस उखाड़ने लगी ...तोह दनो अलग हो गए ...फिर दिनों जुट गए अपने मिलान में अभी अब शालू क कानो से चुम ते हुए शालू की गार्डन तक अस्य ....अपनी गार्डन पर अभी की गरम साँसों को महसूस करते हुए शालू का बुरा हाल हो रहा था....

अभी से भी अब सबर नहीं हो रहा है..

उसका खड़ा लिंग शालू क जांघो पर कपड़ो क ऊपर से रगड़ रहा tha.....jiski चुभन को मेहसु करके .....शालू की योनि कॉमर्स बहा रही थी

अभी - अह्ह्ह्हह सहलु ....अब और .....सबर नहीं हो रहा hai.....uff तुम्हारा यह ....बदन मुज़हे और मदहोश कर रहा है .....अभी गार्डन से चूमते हुए निचे की और आने लगा ...अब उसके हाथ शालू क कठोर स्तनों को चोली से बहार निकलने लगे....

शालू को तोह होश hi नहीं रहा .....अब शालू क गुलाबी निप्पल्स क कठोर स्तन चोली की कैद से बहार आगये थे......

अभी थोड़ा हटके उनकी सूंदर ता को देखने लगा .......

जब शालू को यह अहसास हुआ तोह उसने आंक खोलकर देखा ....तोह अभी को अपने स्तनों को घूरता हुआ पाया ....तोह शर्म क मारे उसने अपना मुँह छुपा लिया......

अभी ने अपने सारे कपडे खोल दिए और शालू क निप्पल को मुँह बारी बारी मुँह में लेकर चूसने laga........ab उसका एक हाथ शालू क सतनो को डाबरहा था और दूसरा पेट को सहलाते हुए निचे लहंगे क ऊपर से उसकी योनि पर गया......

अभी का हाथ अपनी योनि क ऊपर महसूस करके शालू की योनि खूब कॉमर्स बहाने लगी .......

शालू - सस्सड ...अह्ह्ह कुछ करो न जा ...मुज़हे कुछ हो रहा hai.....ahhh

अभी तोह वस् अपने कसम में लगा था....

शालू की नाभि में अपनी जीभ घूमते हुए ...उसने शालू का नाडा खोल diya.....aur हाथ उसके अंदर घुसकर उसकी चिकनी योनि की सहलाने लगा.......

डॉन क अंदर एक वासना का तूफान उठने laga.......Shalu का हाथ अब अभी क लिंग पर चला गया .....जिससे लिंग और जहटके मारते हुए मोटा होने लगा

अभी - ओफ़्फ़्फ़ ....अह्ह्ह ...jaan....tumahara यह स्पर्श ..उफ़

फिर अभी ने शालू को भी नंगा कर दिया ......और उसके पैरो को चूमते हुए ऊपर की तरफ बड़ा ....शालू की गोरी चिकनी जा ंघो को .अपनी जीब से चाट रहवता ....और ऊँगली से शालू की क्लिटोरिस को छेड़ने laga......Shalu इस दो तरफ़ा वॉर से तड़प उठी .......अब देर न करते हुए ...शालू की जाएंगे क बिच आया ...और अपना लिंग शालू की योनि पर रगड़कर ....उसके निकलते हुए कॉमर्स से गिला करने लगा......

जैसे hi अभी का लिंग शालू की योनि से टकराया ....दोनों क शरीर से 7 धातुओं की सप्तरंगी ऊर्जा निकलने लगी ....और एक प्रकाश का रूप लेने लगी.....

शालू - अह्ह्ह अब और बर्दाश्त नहीं होता जान ......जल्दी कुछ करो ..नहीं तोह ....मैं मर जाउंगी.....

अभी ने अपना हाथ उसके मुँह पर रख दिया .......

अभी - मिलान क समय ऐसी बात मत करो जान ........और एक जोरदार धक्का लगा देता है जीसे उसका आधा लिंग ...शालू की योनि को चीरता हुआ अंदर चला जाता ....है....

और शालू की चीख निकल जाती है........

शालू - अह्हह्ह्ह्ह ....maaas.....mar...gayiiiii....jaan.....bas...karo....

लेकिन अभी रुकने का वक्त नहीं था ...तोह अभी शल्य क स्तनों को दबाने लगता है और उसके होंतोह को मापने होंठो में भरकर एक और जोरदार जहतका मारता hai.......Shalu की आखों से आंसू निकल पड़ते है.....

अभी उससे सहलाकर किश करके उससे नार्मल करने की कोशश करता hai.......thodi देर में शालू भी नार्मल हो जाती है ....ab....usse भी मज़ा आने लगता है ...पूरी कमरा उनकी सिसकारियों से गूंज उठता है .....दोनों अपने अंतिम चरण तक पहुँचते पहुंचते इतने तेज़ हो जाते hai....ki.....thap....thap.....ki आवाजे वादी तेज़ी से आरही थी....

दोनों को ऐसा लगता है जैसे कोई बाढ़ टूटने वाला hai.....aur एक साथ दोनों आवज करते हुए अपने चरम तक पहुँच जाते है और शालित हो कर शांत hi जाते है.....

उनके शेर से निकलने वाली ऊर्जा प्रश् रूप से अभी क शरीर में प्रवेश कर जाती hai.....jisse उसके श्री पर सप्तधातुवो का एक ादिरिस्य कवच आजाता है जिससे ....त्रिदेवो क ास्त्रो को छोड़ कर कोई भी देविक ...या आसुरी शास्त्र भेद नहीं सकता.....

और दोनों चरम सुख क बाद एक दूसरे की बाहो में सो जाते है....

अभी क लिए इतना hi ....


अगला अपडेट रात को.....
 
अपडेट - 77

अब तक आपने देखा अभी का ोा शालू क साथ मिलान हो गया और तीसरी Shakti.....Divya रक्षा कवच प्राप्त हो गया ......


अब आगे.......

मिलान क बाद अभी का दूसरे दिन ताल्लुक क राजा क रूप में राज्याभिषेक हो गया........

अब ताल्लुक को अपना राजा मिल चूका था......

शालू क साथ अभी वह 5 दिन ruka.......in 5 दिनों में दोनों ने एक दूसरे को खूब प्यार दिया ......

अभी क सभी ाआश्रम क मित्र भी टिटने दिन वही थे........

यहाँ अभी को पता चला क असुरो ने 14 में से 2 लोक अपने अधिकार में ले लिए hai.....dhire धीरे अब उनकी शक्ति भी बढ़ रही है...........

बाकी लोको में असुरो का आतंक रोकने क लिए अभी ने रक्षक सेना क संगठन की योजना बनायीं........

अपनर गुरुकुल क 5 आचार्य जिनसे उसने 5 तत्त्व की शिक्षा ली थी उन्हें भी अभी ने वह बुलाया ....और उनसे विचार विमर्श karke.......Rakshak सेना क संगठन की पूरी योजना बना ली.......

इस सेना 7 भाग होंगे हर एक भाग का एक सेना पति होगा......

और यह 7 भाग हमेशा एक दूसरे क संपर्क में रहेंगे .......

इन सातो टुकड़ियों क योद्धाओ का प्रशिक्षण ..5 आचार्यो को सौपा गया.......

इन 7 टुकड़ियों क सेनापति ...है.......

कट ....Kartik.....Vajrabahu.......Uday.....GK.......Shahu.......Kantak ....

अभी और उसकी पत्निया आवश्यकता क अंसार किसी भी टुकड़ी का सञ्चालन अपने हाथ में ले सकते थे ....

इनमें .....कट ..कार्तिक और वज्रबाहु को पृत्वी से ऊपर क 7 लोक ...और बाकी क निचे क 7 लोको की रक्षा का भर सौंपा गया......

अब अभी का शालू से विदा होने का समय aagaya.....Abhi से मिलान क बाद अब शालू का भी मैं उससे जुड़ गया tha.....aur टेलिपोर्ट होने की पावर भी आगयी thi.....isilye वह जब चाहे अभी से बात भी कर सकती थी ....और जब चाहे मिल भी सकती थी......

अभी क विवाह की एक विशेहता यह थी ...हर मिलान क साथ उससे अपनी शक्ति तोह मिलती hi थी .....और साथ साथ में उसके पत्नी की भी ....उइजा पूरी तरह से जाग जाती थी........

अब अभी वह से अपने घर aagaya.....aur घर पर चोदे हुए अभी को अपने भीतर समां लिया.......

अब वह दिन भी आया जब अभी को अपने ननिहाल जाना था.......

अभी ने अपने सभी दोस्तों से सपर्क किया .......और सबको उसके घर पर hi आने कप कहा.......

रवस बिज़नेस क कारण ..अभी नहीं जारहे थे .....वह पूजा वाले दिन hi जानेवाले the....Addu और दीपू बड़े एक्ससिटेड थे ......

.आज नैना बड़ी खुश थी .....क्यों न हो आज इतने वर्षो बाद वह अपने मायके जा रही थी........

सभी जाने क लिए तैयार हो gaye........Roopnagar सिटी से सोनपुर 5 घंटे की दुरी पर था ........गाड़ियों का काफिला निकल पड़ा ........और 5 घंटे का सफर करते हुए ....पहुँच गए अपनी मंज़िल ....सोनपुर.....

सोनपुर गाओं चारो तरफ से छोटी छोटी ..पहाड़ी से घिरा tha.......ek पहाड़ी से बहते हुए जल का स्रोत ...एक नदी क रूप में बाह रहा था जहा से .......पूरे गाओं में पानी सप्लाई होता था....

कुछ साल पहले तक इस नदी क बहाव क साथ स्वर्ण कण मिली हुई रेट आती थी जिससे छानकर सोना निकला जाता tha....Shayad इसीलिए इस गाओं का नाम सोनपुर pada....aur नदी का नाम सोन नदी ......

गाओं क जयादातर लोग किसान थे ...और जगह भी काफी उपजाऊ थी.......

अभी की गाड़ियों का काफिला .....गाओं में प्रवेश कर gaya.......Abhi खिड़की से गाओं को देख रहा था.......

गाड़ियों का काफिला देखकर गाओं क कुछ लोग और बाचे खड़े होकर देखने लगे...........

अभी ने गाओं क बारे में जैसा सुना था वैसा पाया नहीं...........

किसी भी खेत में फसल नहीं दिखी ...सारे खेत बंजर से दिखे .......और लोगो की आँखों में एक उदासी थी..........

अभी क नाना ठाकुर निर्मल सिंह ..इस गाओं के जंमीदार थे......

काफिला हॉली तक पहुँचने वाला था की की अचानक गाडी क आगे किसी क आने की वजह से आगे चलने वाली गाड़ी जिसमें नैना और ऋतू थे वह रुक गयी ....जिससे सभी गाड़िया भी रुक गयी......

वह तोह अच्छा हुआ क गाड़ी क सामने आनेवाला शख्स गाड़ी ने नहीं टकराया ....नहीं ....तोह साड़ी ख़ुशी मातम में बदल जाती.....

ड्राइवर उस आदमी को उठाने की कोशिश कर रहा tha.....woh औंधे मुँह जमीन पर पड़ा tha......usske ....शरीर से शराब की बहुत बदबू आरही थी क जैसे शराब में डुबकी लगाकर आया हो.......

अभी भी गाड़ी से उतर कर देखने gaya......Abhi ने उस आदमी को पलटकर देखा तोह एक धक्ज सा लगा ....क्युकी वह और कोई नहीं ....उस्का ..राजू मां ...tha.....jo हमेशा हस्ता रहता था और सभी को हसता tha.......uski ऐसे हालत देखकर .. अभी को बहुत दुःख हुआ ........

तभी नैना भी गाड़ी से उत्तरी ....क्या हुआ अभी ..कौन है ....क्या हुआ है इससे.......

अब अभी कैसे बताता क उनका प्यारा भाई शराब क नशे में धुत बेहोश पड़ा है.....

अभी ....koi...nahi maa....lagta है गाओं का hi कोई hai.........lagta है बीमार है ....और अभी उससे कंधे पर इस तरह से उठता है की उसके चेहरा ...माँ को न दिखे.....

अभी - आप चलो माँ में इससे इसके घर तक पहुंचा क आता हु........

और फिर सभी गाड़िया हवेली की तरफ बड़ी........

और अभी गाओं वालो की नज़र बचाकर वह से टेलिपोर्ट होकर सीधे ....हवेली क अंदर मां क रूम में pahuncha........Aur मां को बीएड पर litakar......jaise hi palta.....toh देखा रानी ममी जो बीएड क पास एक चेयर पर अपने सर पर हाथ रखकर उदास सी बैठी thi....achanak वह अभी को मां क साथ प्रगट होते देखकर .....चौंक गयी......

ममी - अभी .....तुम ...yaha...achanak......kahi तुम कोई भूत ....तोह नहीं bangaye......aur दर क मारे पचे होने लगी.....

अभी - नहीं ममी ....में कोई बहुत प्रेत नहीं हु ....तिम्हरा ..भांजा अभी हु ....मेरा हाथ चुकार देखलो .......और अपना हाथ आगे करता है........

रानी डरते हर अभी क हाथो को चुटी है ....और जब छू लेती है ......

सच में तुम अभी hi ho.........maine बाबूजी को माजी से बात करते हुए सुना था की तुम खास हो

लेकिन समाज नहीं पायी .....लेकिन आज अपनी आखों से देख लिया ........

अभी - ममी यह मां की ऐसी हालत और एस्प भी ीकुछ परेशां लग रही हो क्या बात है...........

रानी - कुछ नहीं बीटा ...वह सब रहने do......accha बताओ और कौन कौन आया है......

अभी - ममी बात को टालो मत ...बताओ न ....यह सब क्या hai.........aur ममी का हाथ अपने हातो में ले लेता है.........

ममी रट हुए अभी क गले लग जाती है ...और फुट फुटकर रोने लगती है.........

ममी - बीटा मत पूछ न ....में तुम्हे कुछ नहीं बता sakti.......babu जी ने हम सबको कसम दे राखी है.......

अभी ममी की आँखों में देखकर सब बातो को जान लेता है.......

और फिर ममी क मंद से अपने आने की याद मिटा देता hai....aur वह से टेलिपोर्ट होकर हवेली क पीछे पहुँच जाता है.......

अभी मैं में सोचता है क गाओं में इतना कुछ हो रहा है और नाना जी ने कुछ भी हमे नहीं बताया ........मुज़हे नानाजी से बात करनी होगी.......

अभी वह से चलते हुए हवेली क सामने pahuncha......yeh हवेली कोय 500 साल पुराणी थी लेकिन अच्छी मेंटेनेंस क चलते अब भी शान से कड़ी थी........

अभी जब गेट पर पहुंचा ....तब तक सभी गाड़िया पहुँच चुकी थी और सब का लगेज हवेली क नौकरो द्वारा अंदर ले जाय आने लगा......

माँ , ऋतू दी नाना जी से मिल रहे थे जो गेट पर hi हम सबका इंतजार कर रहे थे.......

ाद्दु , दीपू ...रिम्पी क साथ खड़े मेरा hi इंतजार कर रहे थे........

ाद्दु - भाई आप कहा चले गए थे ....मैं कब से आपका वेट कर रही हु.......

में - गुड़िया उस बीमार अंकल को उनके घर छोड़ने गया था........

फिर सभी हवेली में प्रवेश करते hai........Abhi नानाजी क चरण छूटा है .....नानाजी उससे गले लगा लेते है.........

नाना - कैसा है beta.....arre यह तू तोह अब गबरू जवान हो गया है.........

नाना जी क चेहरे पर ज़्हुटी मुस्कराहट मैं साफ़ साफ़ देख सकता था........

फिर हम अंदर गए .....वह में नानी जी ( लक्ष्मी देवी ).......सुनीता मस्सी ....प्रदीप fufaji....aur उनकी दो लड़किया ...मेरी कौसिन्स ...मोनिका और लवली से mila....dono जुड़वाँ थी और ाद्दु जितनी thi......Nilima मस्सी ...ऋतू की hi उम्र की thi........Satish मां ...और शुष्मा ममी से मिला .....ममी अभी प्रेग्नेंट थी.........

राजू मां को तोह उनके रूम में छोड़ आया था ....रानी ममी भी निचे आगयी ...उन्हें याद hi नहीं रहा की अभी कुछ देर पहले वह मुज़हे से मिली थी....

मैं - रानी ममी ऋत्विक (उनका बीटा) कही दिखाई नहीं दे रहा है ...कहा है....

रानी - बीटा वह अपने नानी क यहाँ गया है .....अपने आंसू चुपर ज़्हूटी मुस्कुराहट लिए हुए....

सब से मिलकर हम सब फ्रेश होने चले गए ....और लंच करके सभी सफर की थकन की वाकः से अपने अपने रूम्स में जाकर सो गए.........

लेकिन मुज़हे नींद kaha......iss गाओं में क्या चल रहा है यह जाने क लिए में गाओं वाले का भेष बदलके ....गाओं में घूमने लगा .....वह लोग की आँखों में एक दर और दर्द देखा ........

गाओं की चौपाल भी सुनी थी बहुत काम लोग जीने कोई जरुरी काम हो वही घर से बहार निकले हुए थे.............

तभी में घूमते घूमते एक घर क पास पहुंचा ....जहा से किसी औरत क रोने की आवाज आरही थी ........तब मैंने अपनी इन्द्रियों की शक्ति को जागृत करके उस घर क पीछे आगये .....अब मुज़हे अंदर का हाल साफ साफ दिख भी रहा था और सुनाई भी दे रहा है.........

औरत चट्टी पुटकार रो रही थी ......िये मेरा बच्चा .....मेरा munna......le गए ....लगाए ....usse.bhi...uthakar ........कोई तोह ढूंढ क लाओ ....मुज़हे मेरा बच्चा chahiye....mere जिगर का tukda...........jaane कहा होगा ...वह ......

उसका पति उसका मुँह दबाते हुए - अररि चुप होजा .....नहीं तोह वह साया फिर वापस आजाये गए ....और हमारे छोटे बचे को भी उठा कर ले जाए गए........

मैंने वह कुछ तामसिक ऊर्जा महसूस की ....होना ...हो .....जो ..भी बच्चे को लेकर गया है वह कोई इंसान नहीं था........

में उस ुरः का पीछा करते हुए ......उस गुफा तक पहुँच गया जहा से बहता हुआ जल आगे सोन नदी का रूप लेता था....

.गुफा क अंदर मुज़हे कुछ हलचल महसूस हुई ....में अपनी गति का प्रयोग करता हुआ ........अंदर पहुँच gaya......waha दो काले साये बच्चे को लेकर गुफा की बंद दीवार ...में प्रवेश कर ने hi वाले थे क

मैंने जिसके हातो में बच्चा था उसको पीछे से गार्डन से पकड़ liya........jise देखकर उसके दूसरे साथी .....ने मुजहपर अपनी ऊर्जा से वॉर किया लेकिन मुजहपर उस्का कोई असर न होते dekhkar.....woh वही दीवार में समां गया............

एयर जिसकी मैंने गार्डन पकड़ी thi.......usspar में अपने आज्ञा चक्र की ऊर्जा से वार करने लगा जिससे वह तड़प utha.....aur बच्चा उसके हाथ से छूट गया .......

मैंने बच्चे को वायु तत्त्व की ऊर्जा से हवा में hi रोक लिया .....और उस साये क ऊपर अपनी पकड़ मजबूत कर ली ......

लेकिन तभी वह साया ......धुआँ बनकर उस गुफा की दीवार में घुस गया.......

मैंने चेक करके देखा ....न तोह वह कोई पोर्टल tha.....aur न hi द्वार फिर वह साये कैसे इस दीवार में प्रवेश कर गए और यहाँ से कहा चले गए.....

खैर मैं बच्चे को लेकर यसदि घर क पास पहुँच और आवाज लगाने लगा........

अंदर से वही आदमी बहार aaya......aur मेरे हाथ में baccha....dekhkar मुज़हे hi बच्चा ले जाने वाला समज़ह..........

आदमी - आगया तू .......मेरे दूसरे बेटे को भी लेने aagye.......lekin में तुज़हे ऐसा नहीं करने dunga.....aur वह पास में पड़ा हसिया उठाकर मेरी तरफ बढ़ गयी.......

में - arre...arre...bhai क्या कर रहे हो ........मुज़हे तुम्हारा बच्चा ...नदी क किनारे बेहोश पड़ा मिला .....तोह में इससे यहाँ ले आया.......

उस्का बचा उस्सकी गॉड में देककर में वापस जाने क लिए hi मुदा .......की तभी उस्सकी पत्नी बहार आयी ...और अपना बच्चा देखकर उस्सको अपनी गॉड में ले लिए और उसके पूरे चेहरे को चूमने लगी मानो आज उससे संसार का सबसे बड़ा खजाना मिल गया हो .....

मैं आगे बड़ा hi था क उस आदमी ने मेरे पेअर पकड़ लिए....

माफ़ कर दो भाई मैंने तुम्हे गलत samzha.....tum तोह मेरे लिए भगवन हो ...जो मेरे बेटे को वापस लाये ho......main जानता हु की यह तुम्हे नदी क किनारे नहीं मिला .

....क्यों की आज तक भी उन् सायो ने किसी का बच्चा ऐसे छोड़ा nahi.hai.......tum कौन ho......itna कह सकता हु तुम इस गाओं क नहीं हो .....और को साधारण इंसान नहीं हो.....

मैं - नहीं भाई में भी तुम्हारी तरह एक आम इंसान hu.....bas भोलेनाथ की कुछ कृपा hai........kya तुम मुज़हे कुछ बता सकरे हो .....जो इस गाओं में हो रहा है

फिर वह मुज़हे अपने घर क अंदर के gaya.....waha उस्सने मुज़हे पिने क लिए छाछ और खाने क लिए गुड़ की डाली दी ........

वह मुज़हे पता चला ...क कुछ दिनों से गाओं क बाचे गायब हो रहे hai......kuch लोगो ने काले साये देखे है ....इसीलिए सबका यही अंदाजा है क यह उनका hi काम है.....

अभी 4 दिन पहले ठाकुर साहब क पोते भी अचानक गायब हो गया hai..........uss फ़ोन में अब खुद ठाकुर साहब भी सुरक्षित नहीं है तोह हम अब कहा जाए.......

और जिस दिन से बच्चो का गायब होना शुरू हो गया है ....yss..din से साड़ी फसल सुख गयी और सारे खेत बंजर है.......

साड़ी बातो से इतना तोह मैं जश्न गया था क यह किसी सुक्ष्म जीव प्रेत या किसी काली शक्ति का काम है...........

फिर में वापस हवेली अपने रूम में आगया........

जब में रूम में पहुंचा तोह बहार से कोई जोर जोर से दरवाजा पिट रहा है........

मैंने खोलकर देखा तोह सामने ...संकु और विक्की थे.......

संकु - क्या कर रहा था यार कितने देर से आवाज लगा रहा हु......

कुछ नहीं .....वह टोहड़ा वाशरूम चला गया था......

चल न यार रिंकू को मिलकर आते है......( रिंकू पहले hi गाओं क लियर निकल चूका था)

मैं - हां ठीक है सबको बोलदे रेडी ईहे में अभी आता हु......

संकु - सारे ... तेरा hi इंतजार कर रहे है .....जल्दी चल अब

में भी अब सभी फ्रेंड्स क साथ चल पड़ा रिंकू क घर की तरफ....

उसका घर पाका था ....गाओं क घरो क मुकाबले यहूदा ठीक tha.......jab हम उसके घर पहुंचे ....तोह वह वह नहीं था.........

रिंकू की माँ ने बताया क वह अभी पलभर पहले यही था ...अब na..jaane कहा रह गया.....

आज क लिए इतना hi .........


.अगला ...अपडेट कल........
 
अपडेट - 78

अब तक आपने देखा अभी अपने फॅमिली & फ्रेंड्स क साथ सोनपुर पहुँच गया......

वह उससे गाओं में गायब होनेवाले बच्चो क बारे में पता चल



अब आगे ........,.....

अभी & फ्रेंड्स रिंकू क घर गए तोह वह वह नहीं था.........

रिंकू क माँ ने बताया क अभी तोह यही था...........

लिमा थोड़ा बेचैन हो गयी ....क्युकी एक हफ्ते से न तोह रिंकू को उसने देखा था और न hi कोई बात की थी........

में - चिंता मत करो आजायेगा यही कही गया होगा.........

संकु - यर यह भी कोई बात hui.....hum यहाँ मिलने क लिए आये लेकिन भाईसाहब का तोह कोई पता नहीं .

रिंकू माँ - शायद बगीचे में गया हो........

लिमा - माँ जी क्या आप बता सकती हो क कहा है वह बगीचा........

तब रिंकू माँ ने हमे बताया गाओं क दक्षिण दिशा में एकदम आखरी चोर पर है....

में निश्चिंत tha....kyuki क मुज़हे पता था क रिंकू इस समय कहा है और क्या कर रहा है....

जब मैंने उससे अपने आत्मशक्ति क अंश से ठीक किया tha.....tab से वह मुजह्से जुड़ चूका था......

और उसी कारण उस्में कुछ शक्तिया भी जागृत हो गयी थी ........

अब रिंकू वायु की गति से भी तेज़ दौड़ सकता था, ...उसका शरीर मजबूत हो गया tha.......aur उस्में पहले से कोई 20 गुना यानि 20 आदमियों क लगभग ताकत आगयी थी...........

बगीचा यहाँ से करीब 3 कम था .....और वह पैदल क सिवा जाने का कोई साधन नहीं था........

अभी दिन ढलने में भी ज्यादा समय नहीं था......

श्याम - अबे यार इतना दूर जाकर आने में तोह अँधेरा हो जाएगा ....और इतना चलने की हमे आदत भी तोह नहीं hai......aur यदि हम रास्ता भटक gaye.....toh पता नहीं हम कहा भटकते फिरेंगे....

आशु - हां यर बात तोह ठीक कह रहा है.......

फिर हम वह से चल दिए .......

चलते चलते हम गाओं क नदी क किनारे aagaye.....sab वह अपने अपने पार्टनर क साथ बिजी हो gaye.........Rimpy और में एक जगह बैठ गए.....

रिम्पी - जान यहाँ पर कुछ ठीक नहीं हो रहा hai.....muzhe इस गाओं में कुछ अलग सी फीलिंग आरही hai.........Lagta है कोई बहुत बड़ी बात है जिससे यहाँ क लोग छुपा रहे है.....

में - तुम बिलकुल ठीक कह रही हो jaan.....phir मैंने उससे सारी बातें बताई......

रिम्पी - ओह्ह्ह तोह यह बात है ......कही रिंकू कोई मुसीबत में तोह नहीं ...........

लिमा बेचारी देखो कैसे गुमसुम बैठी है अकेले......

में - नहीं जा रिंकू को कुछ नहीं hoga.......mera उसपर पूरा ध्यान है........

जब उससे मेरी जरुरत होगी में वह पल भर में पहुँच जाऊँगा .....,...ऐसे थोड़ी देर घूमते हुए शाम हो गयी दिन ढलने का समय हो गया ...इसीलिए हम हवेली वापस आगये.....

देखे तोह रिंकू कहा है........

जब रिंकू अपने फ्रेंड्स क आने की रह देख रहा tha.....toh दो काले साये उसस्के घर से थोड़ी दूर एक घर से निकलते हुए देखे .........

उस समय हवा तेज़ चल रही थी और धूल उड़ रही थी ....जिससे किसी को कुछ दिखाई नहीं दे रहा था ......लेकिन रिंकू को सब कुछ दिखाई दे रहा था..........

रिंकू ने देखा उनके हाथ में कुछ hai......woh समाज गया हो न हो यह फिर किसी बच्चे को ले जा रहे है.........

रिंकू उन सायो का पीछा करता हुआ .....दक्षिण दिशा में गाओं क बहार नदी क किनारे शमशान तक गया........

जब उन् सायो ने किसी को इतने तेज़ी से पीछा करते dekha.......toh शमशान में स्तिथ बरगद क पेड़ की खोह में उस बच्चे को छुपाया और पेड़ क अंदर समाकर देखने लगे ......क कही यह वही लड़का तोह नहीं जिसस्ने उनका पहले सामना हुआ था.....

लेकिन जब रिंकू को देखा तोह पता चला क यह कोई दूसरा hai.....unhone रिंकू पर वार करना शुरू किया .....अचानक हुए वार से रिंकू क पेअर डगमगाए और वह जमीन पर गिर पड़ा.......

अभी वह उठता उसके पहले एक ने रिंकू क हाथ पकडे ...और ...एक ने पेअर.......

और रिंकू को ऊपर की और ले जाने लगे

रिक्नु - अबे कल्लूओ सालो कहा ले जा रहे हो अपने बाप का माल समाज रखा है........

अबे ..चुतियो कुछ बोलोगे भी या नहीं .....सालो haramkhoro....m..cdooo.....kaale..

kaluto.....aur न जाने कितनी गालिया दी .......

इतनी गालिया सुनकर तोह उन दोनों क कान पाक गए .........उनका गुस्सा बढ़ने लगा और उन्होंने गुस्से में रिंकू को निचे फ़ेंक दिया.......

लेकिन निचे गिरने क बजाये रिंकू हवा में ग़लतिया मारते हुआ आराम से खड़ा हो गया.....

रिंकू - अबे कालू मां अपना किराया तोह बता दे जो इतनी मस्त सैर कराई......

अब दोनों सायो का गुस्सा बहुत बाद गया tha........aur निचे रिंकू क सामने आगये.....

साया एक - बहुत हो गया बच्चे तेरा खेल अब तुज़हे ज़िंदा नहीं छोड़ेंगे........

उनकी आवाज सुनकर रिंकू की हास्य निकल गयी ....क्यों की उनकी आवाज बहुत ज्यादा बारीक थी और ऐसा लग रहा था की कोई औरत नाक से बात कर रही हो.....

रिकू - एबीई तेरी तोह ....कल्ल्लुवे ...... यह क्या है बे ......

अपनी खिल्ली उड़ाते हुए रिंकू को देखकर दोनों अब रिंकू पर जहापात पड़े .....रिंकू भी यही चाहता था.........

वह शमशान में भगवन भूतनाथ की एक मूर्ति थी , जिस्सके आगे रिंकू खड़ा tha......jaise hi दोनों ुसस्पर जहापते रिंकू तेज़ी से हैट गया .. और दोनों भोलेनाथ की मूर्ति से takraye.....aur उनकी चीख निकली .....और दोनों दूर जाकर गिरे....

दोनों ने सोचा यहाँ से भाग जाना hi ठीक hai......Abhi वह उठकर जाने क लिए कगाड़े hi हुए थे क रिकू ने वह भोलेनाथ का त्रिशूल जोर से फ़ेंक कर मारा ......

जो सीधा एक साये क पिछवाड़े में जाकर घुसा .....और वो ह आईईईई .....करते हुए ौंदे मुँह जमीन पर गिर गया........

तब तक दूसरा धुए में बदलकर निकल गया......

भगवन क त्रिशूल क वार क कारण वह अपने आपको धुए में नहीं बदल पारहा था....

रिंकू - त्रिशूल पकड़कर ..हिलाते हुए .....kyu...bhai ...कालू ......अब बताएगा कुछ ....ya..thodi और सेवा karu.........lekin वह था की अजीब सी आवाज में चीखे जा रहा था ....ल्र्किन बोल कुछ नहीं रहा था......

तभी वह पर अभी उसके सामने टेलिपोर्ट होकर पहुँच गया.......

रिंकू ने देखा क अभी क हाथ में बच्चा है........

अभी - छोड़ दे भाई उससे ....अब क्या उसके पिछवाड़ा में पूरी गुफा बनाएगा kya........hume इससे बहुत कुछ उगलवाना है.......

रिंकू ने अब उससे छोड़ दिया ......और त्रिशूल भी निकल दिया .....जिससे उसकी और चीख निकल गयी.......

अभी ने बच्चा रिंकू को पकड़ाया ......और अपने पांच तत्त्व की ऊर्जा क बंधन ...और वरुण पाश से उसको बांध दिया ......और .......वह से थोड़ी दूर रिंकू का एक आम का बगीचा था वह ले आये.....

सारे गाओं की जमीन और बगीचे बंजर पड़े थे ....लेकिन रिंकू का यह बगीचा हरा भरा और आम क फॉलो से लबालब भरा पड़ा था......

उस बागीचे में रिंकू क पूर्वजो क द्वारा क्षेत्र पल का मंदिर था........

जो इस जमीन की रक्षा करता था..........

हर जमीं का एक क्षेत्र पल होता hai.......jo प्रेत रूप में होता hai...........woh अपना क्षेत्र निर्धारित करता है और उसमें विचरण करता है........

यदि उससे प्रसन्न कर लिया जाए तोह उस जगह की रक्षा वह स्वयं करता है....

इसीलिए हमारे वैदिक परंपरा में हर हवन क बाद क्षेत्रपाल की बलि का विधान hai.......Jimein हम उड़द की khichadi...nariyal ...पेठा ....इसी भी बालू देते hai....usske बिना हवन पूरा नहीं होता....

उस बगीचे में मंदिर क पास hi एक पुराण सा कमरा tha....Abhi ने इस साये को वही बंद कर दिया .......अभी क बंधन को तोड़कर और क्षेत्र पल क मंदिर क कारण न तोह अब वह यहाँ से निकल सकता था और न hi उसका कोई साथी यहाँ आ सकता था....

रिंकू अभी को गले लगते हुए ......आजा गले लग जा मेरे यार ....इस chichundar....ki वजह से तुजशे ढंग से मिल भी नहीं सका.....

और अभी को कसकर गले लगा लेता है......

अभी - अबे छोड़ ....में कोई वैसा नहीं हु ....इस तरह अपनी ..लिमा को गले लगा लियो.....

रिंकू - क्या yr......mein भी कोई इसे थोड़ी हु ...और हसने लगता है.....

अभी - वैसे यार ...बहुत काम समय में बहुत कुछ सिख गया tu.....aur क्या खूब मुकाबला किया है दोस्त ......

रिंकू - भाई यह सब तेरी hi दें hai.......accha छोड़ अब मुज़हे इस बच्चे को लेकर जाना hai.....isske घर वाले परेशां हो रहे होंगे.....

और रिंकू उस बच्चे को लेकर वह से निकल गया.....

अब में उस साये को होश में लाने का प्रयत्न करने लगा.......

मेरी बड़ी कोशिशों क बाद उस्सको होश आया .........मुज़हे अपने सामने देखकर वह घबरा गया .....क्यों की यह वही था जिस्सकी गार्डन उस गुफा में मैंने पकड़ी थी.....

उससे कुछ पूछना बेकार tha.....iisiliye में उसकी आँखों में से उसके दिमाग में घुस गया ...और ...साड़ी baat....pata करने लगा ....मैंने वह होने वाली घटनाओ क सभी कारण पता कर लिए थे ... ...

यहाँ दक्षिण दिशा क hi पहाड़ी क पीछे घने जंगल में एक जटाधारी तांत्रिक जिसके गले में इंसानी हड्डियों की माला थी और बस एक काला लंगोट बांधे हुए था , उस्सकी आंखें जलते अंगारे जैसी दाहक रही थी......

बड़े क्रोध में अपने सामने जलती हुई आग में कुछ डालता है ....जिससे उस आग से एक रौशनी निकलती है ....और माने खड़े एक साया को लगती है .....जिससे वह जल जाता है ...और पल भर में वह था तोह बस रख का ढेर.....

तांत्रिक अघोरा - यह कौन आगया है जो हमरे काम में बड़ा पहुंचा रहा hai........asaflta क अघोरा क पास एक hi सजा है मौत ..........

फिर वह स्थित पेरटराज की मूर्ति पर अपना अंगूठे को चीरा लगाकर कुछ बुँदे खून की छिड़क ता है ........

अघोरा - यह मेरे मालिक बस 2 दिन और उसके बाद अमावस्या को 101 बच्चो की बलि तुज़हे चढ़ाऊंगा ...और उनके गरम गरम खून से तेरा अभिषेक करूँगा ......tab....tak मेरे hi खून से अपनी प्यास बुज्ज़ः........

बस 2 दिन और उसस्के बाद इस पृत्वी पर में बन फसूंगा सबसे shaktishali.......ha...ha....ha......

Timbak.....Kal संध्या काल में ..... हमरे अधीन इन 5 प्रेतों को ले जाना .........और बलि की संख्या को पूरा करना .....अब हमारे पास कल का hi दिन शह hai......aur हां सावधान .....लगता है गाओं में किसी अद्भुत शक्ति ने प्रवेश किया है

टिम्बक - जी Gurudev......dhyan rakhunga.....aur आपका आशीर्वाद तोह साथ hi hai........dek लगा उस शक्ति को भी ......कल रात तक वह ..और बलि क लिए बाकी बच्चे आपके चरणों में होंगे......

अघोरा - यदि तुमसे कोई चूक हुई तोह पहले तुम्हरी hi बलि चढ़ेगी ध्यान रखना

और टिम्बक वह से प्रेतों को लेकर निकल गया.......

उसके बाद अघोरा ....वह जमीं क निचे जाती हुई सीढ़ियों से होते हुए ........अंडर ग्राउंड ठिकाने में पहुंचा .......वह 95 बच्चे बंधी बने हुए बेहोश पड़े थे.......

101 की संख्या पूए करने क लिए ...अघोरा को बस 6 की और जरुरत थी.........

यहाँ अभी ने पकडे हुए साये से सब कुछ पता कर के उससे ख़तम कर दिया.........

उससे पता था क अघोरा अपनी बलि की संख्या पूरी करने क लिए जरूर किसी को भेजेगा ........

अभी सोचने लगा क अब ऐसा क्या किया जाए ...जिससे अघोरा क चंगुल से सभी बच्चो को सुरक्षित बचाया जा सके........

इस्सके लिए वह माया का भी प्रयोग नहीं कर सकता .....क्युकी प्रेत सुक्ष्म जीव होते है जिससे कोई भी माया उनको भ्रमित नहीं कर सकती......

तोह अब क्या करे ......फिर अभी को ध्यान aaya.....iss ....vishaya.mein रिम्पी hi है जो मदत कर सकती है........

और अभी वह से टेलिपोर्ट होकर सीधा गावेली क चाट पर पहुंचा ......और वह से उतारते हुए .....निचे रिम्पी क कमरे की तरफ जाने लगा .......अभी आधी रात क्क समय हो गया था.........

अभी रिम्पी क रूम की खिड़की तक पहुंचा और अंदर देखा तोह .....रिम्पी क रूम में लिमा .....और ...सोफिए भी hai.....Abhi टेलिपोर्ट होकर अंदर गया ..और ....चुपके से रिम्पी को उठाकर रूम क बहार टेलिपोर्ट हो गया......

रिम्पी ने अभी क गले में बाहें दाल दी और अपने आखें खोल दी ....

अभी - तुम ..अभी जाएगी हो ....फिर सोने का नाटक क्यों की ......

रिम्पी - तुम्हारे पास होने का अहसास यह दिल hi बता देता hai.......jo तुम्हे महसूस करके जोर जोर से धड़कने लगता है......

अभी .ने उससे निचे उतरा ......जान मुज़हे कुछ बात करनी है ....यहाँ कोई भी आ सकता है ...चाट पर चलो.......

और अभी रिम्पी को लेकर चाट की तरफ ले चलता है..........

दो आंखें थी जो इन्हे चुप कर देख रही थी ..........

और वह दो आंखें चाट तक अभी क पीछे पीछे गयी ...वही सीढ़ियों पर खड़े रहकर दोनों की बातों को सुंनने लगा......

रात बिट गयी सुबह नयी आशा की किरण क साथ सभी उठे ..........गाओं में मेले की तैयारियां होने लगी .....किसी भी ग्राम वासी और ठाकुर साहब का गाओं में होने वाली घटनाओ क कारण मेला करने का मान नहीं था .....लेकिन पुरखो क द्वारा शुरू की गयी परंपरा को ऐसे छोड़ नहो सकते थे.......

सुबह का breakfast....karne हम सब बैठे थे ......तभी राजू मां ......जो पिछले कई दिनों से सरब में धुत the......jinki हालत देखकर माँ को भी बहुत दुःख हुआ था........

आज वह बिना पिए दिंनिंग टेबल क पास आये ..बड़े फ्रेश लग रहे थे.....

माँ अपने भाई को ठीक देखकर बड़ी खुश होगयी.....

राजू मां - आज में अपने प्यारे भांजे क साथ ब्रेकफास्ट करूँगा......

और वह अभी क पास वाली चेयर पर बैठ गए ाद्दु भी अपने भाई क पास बैठी थी ........

ब्रेकफास्ट करते हुए अभी का ध्यान ...राजू मां की थाली पर गया.....

अभी - अरे मां .....aap...kheer...kyu नहीं खा रहे हो ...बहुत टेस्टी है...

सतीश मां - रहने दे बीटा ...इससे मीठा पसंद नहीं ........ला इधर दे मैं hi खा लूंगा.......

नीलिमा मासी ने जैसे hi कटोरी उठाने को हाथ badaya.......Raju मां ने रोक दिया.....

अरे रहने दे नीलिमा आज में अपने भांजे को अपने हाथो से खीर खिलाऊंगा.......

नानी - क्या बात है बीटा आज भांजे पर बड़ा प्यार आरहा है.....

राजू मां - क्यों नहीं आएगा ....आखिर इकलौता भांजा जो है ........

और राजू अभी को अपने हाथो से अपने कटोरे से खीर खिलने लगे.......

ाद्दु - मामू मुज़हे भी खिलाओ न .....

राजू - अरे नहीं ाद्दु यह सिर्फ अभी क लिए है .......

अभी - क्यों मामू .....adddduuu...ko.....ahhhh

और बोलते बोलते अभी जमीं पर पड़ा तड़पने लगा उसके मुँह से झाग निकलने लगा......

यहाँ गाओं टिम्बक गाओं में बलि क लिए बच्चे ढूंढ रहा था ....लेकिन पूरे गाओं में एक भी बच्चा नज़र नहीं आया......

अपने प्रेतों क साथ घूमते घूमते नदी क किनारे आया तोह वह का नज़ारा देख कर वह बहुत खुश हो गया.........

नदी में ,6 बच्चे पानी खेल रहे थे....

अभी क लिए इतना hi .....


अगला अपडेट रात को .....
 
अपडेट - 79

अब तक आपने देखा रिंकू का .काले साये से मुकाबला

तांत्रिक अघोरा.......

अभी का रिम्पी क साथ कुछ प्लान बनाना.....

अभी का मां क हाथ से खीर खाकर निचे गिरना और मुँह से झाग निकलना......

अब आगे.......


अभी क मुँह से झाग निकलते देखकर सभी घबरा gaye......naina जोरसे अभी छीलते हुए अभी की तरफ gayi.......aur उसका सर गोदी में रखकर अपने पल्लू से उसका मुँह पोछने लगी उसको पुकारने लगी और उसको होश में लाने की कोशिश करने लगी

उससे समाज नहीं आरहा था क यह क्या हो gaya.....kyu की अभी की फॅमिली जानती थी क अभी क ऊपर किसी भी विष का प्रभाव नहीं हो सकता ..........

राजू वह से खिसकने hi वाला था क सतीश मां ने उससे गार्डन से पकड़ लिया...........

सतीश - ये क्या किया राजू तूने .....तूने hi अभी को जहरीली खीर खिलाई na.....isiliye मुज़हे नहीं दे रहा था ...न ......

ाद्दु अपने प्राणशक्ति क बारे में जानती थी.......

उस्सने अभी क माथे को हील करने क लिए टच किया तोह भी अभी पर उसका कोई असर नहीं hua....addu सबकुछ समाज गयी लेकिन भाई क खेल में शामिल होते हुए वह भी जोर से रट hue.....Abhi को उठाने लगी ....

ाद्दु - भाई उठो न क्या हुआ है आपको .....भाई .......और उसके सीने पर सर रहककर रोने लगती है ........और धीरे से अभी क कानो में .......भाई आप नाटक क्यों कर रहे है.....

अभी ने भी धीरे से उससे चुप रहने का इशारा किया........

ठाकुर - अरे कोई डॉक्टर को तोह पह करो ......हे भगवन यह सब क्या हो रहा hai......mera hi खून इतना गन्दा nikla........Aur अंदर चले जाते है ........

रिम्पी भी कड़ी आंसू बहावरहि थी ....

नानी - यह क्या किया तूने .....अब तक तोह तेरा शारब पीना हिम बर्दाश्त करते रहे ......लेकिन आज तूने ऐसा काम करके मेरी कोख को गली दी है......

राजू - तोह क्या कटा में ....मुज़हे किसी भी कीमत पर अपना बीटा chahiye......Unn लोगो ने मुज़हे वादा किया था क में यदि अभी को मार दू तोह वह मुज़हे मेरा बीटा लौटा देंगे........

अब आप काहे इसके लिए मुज़हे मर दे.......

तभी अंदर से ठाकुर साहब अपनी बन्दूक लेकर आगये ........और तान दी राजू की तरफ......

तस - हां मार hi देना चाहिए तुज़हे ........खाकर गोली चला दी .........और राजू मां निचे गिर पड़ा ............यह सब देखकर इतने देर से कड़ी रानी ममी भी बेहोश हो गयी .......

.इतने देर से एक साया अदृश्य रूप में वह का सारा हाल देख रहा था .......जैसे hi राजू को निचे गिरते देक्ग वह साया वह से चला गया........

गोली चलने से सब हड़बड़ा रहे थे ...लेकिन जब देखा गोली राजू को नहीं उसके सर क ऊपर से होते हुए दीवार को लगी.........

तोह फिर राजू गिरा कैसे .....गोली चलने क आवाज से राजू ने आपने आपको गोली लगी समज़कर मौत क दर से बेहोश हो गया.....

अब अभी उचित समय जानकार खड़ा हो गया........

सब उससे ऐसे अचानक उठते हुए हैरानी से देखने लगे ........नानी उससे गले लगते हुए .....tu...thik तोह है मेरे बच्चे ........,

अभी - हां नानी में बिलकुल ठीक हु.....

नाना जी - लेकिन यह सब क्या है बीटा........

अभी - नाना ji....aap क्या सोचते थे , क आपके इस झूटी मुस्कराहट क पीछे आप सब कुछ छुपा सकते हो

.......यहाँ गाओं वालो क चेहरे पर भी मैंने एक उदासी देखि तोह मैंने जब गाओं में पता किया ....तोह साड़ी सच्चाई मुज़हे पता चली.......

और ममी आप जब मैंने आपके बेटे क बारे में पूछा तोह आपने भी अपने आंसू छुपाते हुए झूट बोलै .......

कल रात मुज़हे हवेली में मैंने किसी साये को देखा......


जब मैं और रिम्पी चाट पर बातें कर रहे थे.....

फिर में वह से निकल gaya.......aur दुबारा वह चुपके से गया तोह वह ...मैंने मां जी को ....उस साये से बात करते हुए suna.......ussne मुज़हे मारने क लिए एक कागज की पीडियस मां जी को दी

..........जिससे मैंने बाद में बदल दिया ..........और अभी वह काला साया यहाँ नज़र रखे हुए tha......isiliye मुज़हे यह सब नाटक करना पड़ा........


यहाँ जब टिम्बक ने 6 बच्चो को एक साथ नदी पर देखा तोह खुश हो gaya......tabhi उसका हवेली भेजा हुआ साया वापस आया और उससे खबर दी की .....शहर से आनेवाला लड़का मारा gaya......aur उस्सको जहर देनेवाला राजू भी अपने बाप क हाथो माता गया.....

टिम्बक - अरे वह क्या खूब खबर सुनाई hai.......yaha दुश्मन भी मारा गया. और बलि क लिए एक साथ बच्चे भी मिल गए.... .लगता है आज प्रेत राज हम पर बहुत खुश है...

फिर टिम्बक ने उन 6 वच्चो को बेहोश किया और निकल गया अघोरा क पास .......

अघोरा क पास पहुंच कर टिम्बक ने उन् 6 बच्चो को उसके सामने रख दिया .....

अघोरा - वह ..timbak....wahhh .....हम तुम पर बहुत प्रसन्ना है...

फिर टिम्बक ने अभी क मरने की भी खबर सुनाई ...जिससे अघोरा और खुश हो gaya....Aur टिम्बक की पीठ थपथपाने लगा .......

लेकिन टिम्बक को यह ध्यान नहीं था उसका पीछा करते हुए और भी कोई यहाँ पर आया है........

देखते है पीछा करनेवाले कौन है....

हुआ यह था क सुबह सब क उठने से पहले .....अभी रिम्पी को लेकर उस नदी क किनारे gaya.........aur रिम्पी की प्रकृति शक्ति की ऊर्जा और अपने पांच ृत्व की ऊर्जा से ,6 बच्चो क शरीर बनाये ......जिएँ अपनी आत्मा की ऊर्जा से अभी ने जोड़ दिया था जिससे उनमें प्राणो का संचार होने लगा.....

अभी माया से भी 6 बच्चे बना सकता tha......Lekin प्रेत माया से बानी चीजों को देखते hi पहचान जाते hai......issiliye अभी को रिम्पी की सहयता लेनी पड़ी ......

इन 6 बच्चो क जरिये कैसे बाकी बचो तक पहुंचे इस की योजना बनाने लगा ......लेकिन रिम्पी और रिंकू दोनों इस मिशन को करना चाहते थे......

जब टिम्बक उन 6 बच्चो को ले जा रहा था तब अभी की आत्मा से जुड़े होने क कारण अभी को पता चल गया ......और थोड़ी दूर रखकर उनका पीछा करने लगे.......

अभी ने इस तरह से उनको बनाया था क वह जो भी देखेंगे वह अभी को भी दिखेगा......

अभी देख रहा था ....अघोरा ने पहले अपने अंगूठे को फिर चीरा lagaya.....aur प्रेतराज की मूर्ति पर छिड़क दिया .......

अघोरा - यह मेरे मालिक ...प्रेतों क राजा ......सभी बरको क सेनापति .....ोरेटराज ....बस आज की रात्रि और कल प्रथा 101 बच्चो की बलि तुज़हे चढ़ा कर तुम्हे तृप्त कर दूंगा......

फिर उसने जमीं पर कुछ मंत्र पड़ते हुए पानी डाला तोह वह की जमीं पीछे हैट गया और प्रगट हुआ निचे जाने का raasta.....jaha सभी बक्से बंधे हुए थे........

अभी ने वह राजू मां क बच्चे को भी dekha......uss गुफा की सुरक्षा वह 10 प्रेत कर रहे the........Aur टिम्बक क साथ कुछ शिष्य बहार.....

अभी का इशारा मिलते hi रिंकू वह आगे bada.....aur ...तहखाने की और जाने लगा क तभी टिम्बक ....

टिम्बक यह कहा जा रहा है .....रुक ....

रिंकू - पलट ते हुए अरे पंडित जी में तोह आपको hi दूध रहा था......

टिम्बक - मुज़हे क्यों..... कौन हो तुम.....

रिंकू - मेरी शादी करनी है isiliye.......aur टिम्बक क पेअर पकड़ कर खींचने लगता है....

टिम्बक - अर्र्रे छोड़ ...chod..bola न

.में. कोई पंडित नहीं हु ...... ....आईई एहहहह kyaa....dhadam...

रिंकू उस्का पेअर पकड़कर उठ jaata...hai .......उस्सकी आवाज सुनकर बक्की चेले आजाते है तोह रिम्पी उनके सामने आजाती है......

अघोरा हवन में बैठ चूका tha.....jo सुबह 4 बजे तक चलने वाला था .......

यहाँ रिम्पी मार्शल आर्ट और निंजा तकनीक का इस्तेमाल कर रही थी .......

यहाँ टिम्बक की अच्छे से धुलाई रिंकू कर रहा था .....क तभी उस्सने वह उपस्थित सभी प्रेतों को बुलाता है ...जिससे अंदर बच्चो की रखवाली कर ने वाले सभी प्रेत रिंकू की तरफ जहापते हैं ....

इस मौके का फायदा उठाकर अभी टेलिपोर्ट होकर अंदर जाता है और सभी बच्चो को लेकर वह से टेलिपोर्ट होकर हवेली क बहार पहुँच जाता hai.......aur फिर वह से वापस पहुँच जाता है .....

जब रिंकू पर 10 प्रेत एक साथ जहापते तोह

रिंकू - अरे कालुओ तुम सब एक जैसे लगता है तुम्हारे बाप ने बहुत म्हणत की है तभी थो 10 जुड़ा पैदा हुए.......

अब वह भी क्या करे क्युकी,. इन् भूत प्रेतों को जो उनसे डरते है उनसे hi डील करना आता hai.....jo उनकी हसी उड़ाए ऐसे क साथ पहली बार पाला पद गया था.....

रिंकू - सायो को अपनी तरफ बढ़ते हुए देखकर ......अच्छा तोह चलो पहले पकड़म पकड़े खेलते है ........और अपनी पूरी गति से दौड़ ने laga........jaha अघोरा हवन कर रहा था उस जगह क चारो तरफ तेज़ी से चक्कर लगा रहा tha....aur प्रेत उसके पीछे....

जिससे वह धूल उड़ने लगी और अघोरा को हवन करने में परेशानी होने लगी

यहाँ रिम्पी सभी चलो की हड्डिया तोड़ चुकी थी....

और मेरे साथ रिंकू का तमाशा देख रही thi......aur है रही थी...

पता नहीं चल रहा था क प्रेत रिंकू क पीछे है या रिंकू प्रेत क पीछे ...

तभी रिंकू हवन कुंड क पास रुका .......और अघोरा की तंत्र शक्ति से भरी छड़ी उठाते हुए....

रिंकू - यह लंगोट वाले बाबा .....एक मं यह छड़ी देना ....यह कलुये तोह साले पीछे hi पड़े है........

जैसे hi उन् सायो ने अघोरा की छड़ी को रिंकू क हातो में देखा वह रुक gaye......Rinku ने उस अजीब सी छड़ी को देखा .....यह लंगोट वाले बाबा यह छड़ी मजबूत तोह है na....jara पत्थर पर पटक कर dekhu....Ab अघोरा को अपने हवन छोड़ना पड़ा .....और nahhiiii..ruk जाओ....

लेकिन तब तक देर हो चुकी थी रिंकू उस छड़ी को तोड़ चूका tha......jisse अघोरो की साड़ी तनरा विद्या रिंकू में प्रवेश कर गयी......

अघोरा - तुमने मेरी वर्षो की सड़ना से अर्जित शक्तियों को समाप्त कर दिया अब ने तिम्हे नहीं chodunga......aur अपना त्रिशूल लेकर रिंकू की तरफ बड़ा ....लेकिन रिंकू ने उसके वार को उसकी टूटी छड़ी से ब्लॉक कर क ....उसका त्रिशूल चीन लिया और उसी से उसका खत्म कर दिया.......

में - ताली बजाते हुए ....वह रिंकू और रंपी तुम दोनों का पहला मिशन कामयाब रहा ......बहुत खूब.....

अब अभी ने वह की प्रेत राज की मूर्ति को खंडित करने क लिए तलवार उठायी hi थी क ....

क तभी एक आवाज गुंजी .......ऐसा मत करो रक्षक .....में इस गाओं का क्षेत्रपाल हु .....वह तोह अघोरा ने मुज़हे अपने वश में किया था इसी कारण में गाओं की रक्षा करने क बजाये उसका भक्षण करने में उस्सकी मदत करता था ........

अब यह गाओं वापस पहले जैसा हरा भरा हो जाएगा.......

अभी - प्रेत राज आप कशेरा पल क रूप में है , जब कोई जीव अपने कर्मो क अंसार प्रेत बनकर आपके लोक आते है ...तोह आप hi उन्हें ...उनके कर्मफल क रूप में दंड देते हो ....तोह फिर यह बलि जैसा गघृणित कार्य .....क्यों अपने भक्तो से करवाते हो ......

प्रेतराज - हम किसी को नहीं कहते क हमे बलि chadao......koi हमे खिचड़ी कोई नारियल कोई पेठा कोई मिठाई कोई मास्स ....ऐसी बलि चढ़ाते है ......हम तोह वस् उसके अंसार उन्हें दाल देते है.......

और इस समय हम स्वतंत्र नहीं hai.......asuro क अधीन है इसीलिए आसुरी प्रवृति वाला इंसान को हमे शक्तिया देनी hi पड़ती है.........

एक तुम hi हो रक्षक जो हमारे लोक को असुरो से मुक्त करा सकते हो........
...अब में चलता हु ......

फिर हम वह से हवेली क बहार पहुंचे .....बच्चे अभी तक बेहोश hi the.....aadhi रात हो

गयी थी .....

रिम्पी ने बनाये हुए उन् 6 बच्चो से अपनी ऊर्जा खिंच ली और फिर वह 6 मुज़ह में वापस समां गए

.......हमने अंदर से नानाजी को बुलाया और उहने बच्चे सौंपे ....न सभी क सोने की व्यस्था हवेली में hi की गयी

....राजू मां और ममी अपने मुन्ना को वापस पाकर बड़े खुश हो गए....

राजू - बीटा मुज़हे माफ़ का देना जिस बाचे क मोह में मैं तुम्हे hi मारने चला था आज वही बच्चा आज तुमने मुज़हे lautaya...Aur अभी क पेअर पकड़ने लगे .....अभी ने उन्हें कंधे से पकड़कर उठाया और गले लगाया.....

रात बीती सुबह की नयी किरण गाओं वालो क खुशियां बनकर आयी......

सुबह सभी बच्चो को उनके घरो में पहुँचाया गया..........

छोटी छोटी मिठाईओं ..कपड़ो .....गहनों की ..दुकाने खुलने लगी ....पूरे गाओं को सजाया गया .....जगह जगह पवन ज़हले लग गए थे .......कही जादूगर का खेल कही सपेरे ka...,.....charo तरफ धूम मची थी.......

पापा भी चॉपर से आगये the.......Gaon क बच्चो ने पहली बार इतने करीब से चॉपर देखा था ......वह उससे घेर कर खड़े थे....

फिर महा पूजा क बाड़ा हम सभी फ्रेंड्स ने मेले में खूब मज़ा किये ....

रिम्पी को तोह वह की चुडिया बहुत पसंद आयी ......उसने वह मेरे गाठो से कंगन पहने ...

आड़ू और दीपू , मोनिका और लवली सब मेले क अलग अलग प्रकार क ज़हूलो में मगन थे ..... ....

ऐसे hi हसी ख़ुशी मेला ख़तम हुआ .....हम गाओं में और 2 दिन रहे .......इन दो दिनों में हमने गाओं में खूब मज़े किये ........सोनपुर की खुशिया अब वापस लौट आयी थी........

मैंने नाना जी को प्रेतराज की मूर्ति को गाओं क क्षेत्र पल क रूप में मंदिर बनाने को कहा ......

रिंकू अभी कुछ दिन एयर कुकना चाहता था.....

और फिर हम वापस अपने शहर रूपनगर सिटी पहुँच गए.....

नीलिमा मासी राजू मां और रानी ममी भी हमारे सात डैड का बिज़नेस में हाथ बताने

ऐसे hi कुछ दिन मैंने अपने फॅमिली क साथ टाइम स्पेंड किया........

अब आगे किस लोक में मुज़हे है उस बात को जानने क लिए मैं ध्यान में बैठ गया...

थोड़ी डेट में मैं अंतर मन तक पहुंचा की वह से आज इतने दिनों क बाद मैंने महागुरु की आवाज suni......Unhone मुज़हे इससबार ......वाइटल और ाताललोक दोनों लोको में जाने ला संकेत किया.....

तोह मुज़हे प्रेतराज की बास्त याद आ गयी...

और में निकल पड़ा पहले वाइटल लोक की और.....

आज क लिए इतना hi ......


अगला अपडेट कल .......
 
अपडेट - 80



अब तक आपने देखा तांत्रिक अघोरा का नाश होगया ...और सोनपुर में फिर खीशिया लौट आयी

और अभी निकल पड़ा अपने अगले सफर पर.......



अब आगे ---------

ताल्लुक क बाद अटल लोक और उसके बाद वाइटल लोक आता है ...यहाँ का राज प्रेतराज क अधीन था.......

जो जीव श्रिस्ति में अपने कर्मफल क असुर दंड भोगने क लिए प्रेत बनता है .....उन्हें उचित दंड देकर यहाँ से मुक्त करने का काम प्रेतराज का काम था........

मरने क बाद व्यक्ति 13 दिनों तक प्रेत रूप होता है उसके सञ्चालन और उससे अपने कर्मानुसार स्वर्ग नरक आदि लोको में भेजने का काम प्रेतराज का है.......

प्रेतराज (पीजे) अपने लोहे क काले सिंघासन पर बैठे किसी सोच में गम थे.............

तभी किसी की मिट्ठी आवाज से उनका ध्यान भांग हुआ .......

- प्रणाम pitashri.....Phir आप गम होगये .......कुछ दिनों से में देख रही हो आप जाने कहा खोये से रहते ो......

यह थी भद्रा यह प्रेतराज की मानसी ......पुत्री थी .....क्युकी प्रेत राज का तोह विवाह hi नहीं हुआ था ......

प्रेतराज अपने आराध्य भगवन भोले नाथ की आराधना कर रहे the.......ussi समय कई सालो पहले

.......महागुरु क द्वारा विभक्त की हुई अभी की शक्ति का एक अंश यहाँ प्रेतराज क भीतर समां gaya......aur जब पूजा समाप्त हुई तब वह hi ऊर्जा उनके ह्रदय से कन्या रूप में प्रगट हुई

पीजे - पुत्री तुम तोह जानती हो क जब से हमारे लोक में असुरो ने अधिकार कर लिया है हमारे सारे अधिकार चले गैर है , अब हिम केवल नाम क hi प्रेतराज रह गए है....

भद्रा - आप व्यर्थ क्यों चिंता करते है ......आप ने hi कहा था की सृष्टि की स्री घटनाये प्रभ्रमा परमात्मा क द्वारा पूर्व निर्धारित होती है....

तोह जो पहले से hi निर्धारित है उस्सकी व्यर्थ चिंता क्यों करना........

पीजे - परन्तु पुत्री जो जीव अपने कर्मो का दंड भोगने यहाँ प्रेत बनकर आते है ....वह सब अब असुरो क वश में है ...असुर उन्हें संसार में बुराई फ़ैलाने का काम में उपयोग करते है

भद्रा - पिताश्री मेरे मैं कह रहा है क शीग्र इस समस्या का हाल निकलने वाले है ,

वही दूसरी और प्रेत लोक क पश्चिम में अभी की संगठित रक्षक सेने की सुक्ष्म शरीर वाली टुकड़ी .....प्रेतलोक में प्रवेश कर रही thi........iss तुकी में अभी सिर्फ यक्ष योद्धा hi है.......

गक की टुकड़ी प्रेतलोक की काली बंजर जमीं की पहाड़ी की एक खोह में छुपे थे और आगे की रणनीति पर विचार कर रहे थे ....... क ...कैसे इस लोक को असुरो से मुक्त कराये क्यों क इससे आगे असुरो और प्रेतों क सिवा कोई भी प्रवेश नहीं पा सकता .......

प्रेतलोक का राजभवन और 27 नारको में से 10 नरक जो यहाँ स्थित थे जहा प्रेतों को पूर्व कर्म क कारण दंड दिया जाता था ,

सबकुछ अब रक्तासुर क मायावी असुरो क अधिकार में हो गया tha.....jo अदृश्य रहकर यहाँ पर नज़र रख रहे थे......

अब इन 10 नार्को में प्रेतों को दंड नहीं दिया जाता tha......ab यहाँ रकासुर क असुरो क मनोरंजन क लिए निरपराध जीवो को तड़पाया जाता था.........

यहाँ भद्रा भी कभी कभी उन नार्को का रक चक्कर दिन में लगा लेती थी........

ऐसे hi प्रेतलोक क अंत में एक आखरी नरक था जो एक वन क रूप में था असितपत्रवन......

यहाँ क्लाम्बे लम्बे घास पेड़ क पत्ते सब कुछ तलवार से भी तेज़ थे ......जहा प्रेतों को नग्न करके छोड़ा जाता था......

राजकुमारी भद्रा अपने विमान में बैठकर ऊपर से hi सभी नारको का अवलोकन कर रही थी .....क अचानक से न जाने कैसे बिजली कड़की .......जिस्सकी आवाज इतनी भयंकर थी क

भद्रा
विमान से निचे उस वन में गिरने hi वाली थी क ....उसका हाथ हवा में उड़ते हुए एक असुर ने अपने तरफ खींच लिया ......जिससे वह जोर से उस असुर की चट्टी से takrayi.......aur उसने कास कर पकड़ लिया .....



भद्रा - तुम असुरो की इतनी धृष्टता क अब तुमने हमे स्पर्श किया .......

असुर - अपने हाथ छोड़ते हुए ......लो छोड़ दिया अब तुम भी छोड़ do......lekin भद्रा गिरने क दर से जोर से उस असुर क गले लटक गयी......

असुर - ha...ha...ha.....ab क्या हुआ मैंने तोह छोड़ दिया........

अब वह असुर एक पहाड़ी क सामने रुका .......यहाँ किसी भी पेड़ पत्तो का कोई नाम निशान नहीं था.....

ौसुर - अब तोह छोड़ो ...अब तुम सुरक्षित हो.........

भद्रा ने अपने पाओ क निचे जमीन महसूस की तोह उससे अलग हो गयी........

असुर - बड़े अस्चर्य की बात है क ....प्रेत राज की बेटी होकर भी आपको उड़ने क लिए वायुयान की आवश्यकता पद रही है.......

आप का शरीर भी प्रेतों से बिलकुल अलग है.......

बिलकुल स्वर्ग लोक की किसी अप्सरा जैसा........

उसस्के मुँह से अपनी तारीफ सुनकर भड़ता मन hi मन खुश हो गयी.......

लेकिन फिर सोचा है तोह असुर hi ........

और ज़हत से अपने कमर बंद में बंधी मयान से तलवार निकलकर ...उस असुर की गार्डन पर रख दी....

असुर - ओह्हो ...प्राण बचने का खूब उचित पुरस्कार दे रही हो

भद्रा - पुरस्कार और तुम असुरो को ....कभी नहीं तुम तोह दंड के पत्र ho.....ek तोह हमारे स्सरे अधिकार छींटे हो और पुरस्कार की बाते करते हो..

और मैं ( जाने इस असुर की आँखों में क्या है ....जो मुज़हे अपनी और आकर्षित कर रही है..)

लेकिन फिर अपने विचारो को जहातक दिया ....है तोह यह असुर hi न असुर कभी अच्छे नहीं होते.........

भद्रा - तुम मुज़हे इतनी दूर क्यों लाये हो .....जानती हु तुम असुरो को .......लेकिन मेरे साथ कुछ गलत नहीं कर पाओगे .....में प्रेतराज की पुत्री hu....aur तलवार का वार किया .....उस असुर ने पालक जहापकते hi भद्रा क वार को ब्लॉक किया .........

और उससे पलटकर एक हाथ से तलवार वाला हाथ पकड़ लिया और एक हाथ से भद्रा का पेट पकड़कर उससे जकड रखा था......

असुर - वह मैंने तोह यह सोचा hi नहीं tha.....aacha हुआ तुमने याद दिला दिया ......की कुछ गलत हो सकता है .....वैसे मौका भी अच्छा है .....तुम भी एकदम मस्त ....और ज़्हुक कर इस्सके गालो को चुम लेता है ........

भद्रा चटपटा उठती hai....uske पेट पर उस असुर क हाथ कमल दिखा रहे थे.......

भद्रा क लिए यह अभाव बिलकुल नया था उससे समाज नहीं आरहा था क्या हो रहा है.....

उसके बदन मेंआनंद की लहर सी दौड़ चली थी....

दिल कह रहा था क ऐसे hi बहून में रहे

दिमाग कह रहा था क यह शत्रु hai......inn भावनावो को वह समझ hi नहीं पा रही थी .....क ासाहनक ........paas...mein

...एक आग का गोला आकर गिरा ........

तोह दोनों का ध्यान उस्तराफ gaya......toh देखा वह ड्रैगन जैसा hi कोई बहुत बड़ा कोई विचित्र जीव खड़ा है जिसके मुँह से वह आग का गोला निकला था

जैसे hi दूसरा गोला उन तक पहुँचता ....तोह वह असुर ने भद्रा को लेकर एक छलांग लगयी और दोनों बच गए .....

वह जीव लगातार आग के गोले से हमले कर रहा था ....और वह असुर असुर भद्रा को लेकर इधर उधर फिल्प्स और जम्प लगाकर उस हमले से बचा रहा था.......

तभी असुर ने राजकुमारी को एक बड़े से पत्थर क पीछे सुरक्षित किया , बहद्रा क दिल घबरा रहा था ....आज जो कुछ भी हो रहा था सब कुछ उसके लिए नया था.......

भद्रा - कहा जा रहे हो ..मुज़हे भय लग रहा है ....वह बहुत खतरनाक है ...अगर तुम्हे कुछ हो गया तोह.....

असुर - तोह ...क्या...

भद्रा - अपनी बात दिल में hi छुपाते हुए ....कुछ नहीं....

असुर - देखो राजकुमारी जीवन में विपत्तिया तोह आती रहती है .....उसने भागकर हम उनसे मुक्त नहीं हो सकते ...उसस्के लिए हमे उनका सामना करना होगा ....

और वह असुर अपनी तलवार लेकर डट गया उस जीव क सामने .....तभी उव्स जीव का जोरदार पंजा उस असुर को लगा जिससे वह उड़ता हुआ पहाड़ी से टकराया .......यह देखकर ..भद्रा की चीख निकल गयी....

फिर उस जीव क मुँह से एक गोला और निकला ...तोह उस असुर ने अपनी तलवार ...se...uss गोले को वापस उसी जीव की और मोड़ दिया ....जिसके लगते hi वह जीव विचलित हो गया ...और इसी मौके का fayda...uthate हुए ...वह असुर उस जीव की गार्डन पर आगया और अपनी तलवार पूरी ताकत से उस जीव क सर में घुसा diya......aur ..वह जीव धराशायी हो गया....

उस जीव क ऊपर से उतर के ...वह असुर ....Bhadra...k पास गया ....तोह ..भद्रा ...दौड़कर ...उसके गले ...लग गयी.....

थोड़ी देर ऐसे hi रह कर उससे होश आया क आवेग में उसने क्या .किया तोह ...वह शर्माने लगी......

असुर - तोह राजकीमारी जी शर्माना भी जानती है....

भद्रा - मेरा नाम भद्रा है .....राजकुमारी नहीं........

वैसे तुम्हारा क्या नाम है ....

असुर - वीएस तोह हमारे नाम से किसी को कोई मतलब नहीं होता .....फिर भी नव...

बहद्रा - नव यह कैसे नाम है .....

नव - क्यों आपको अच्छा नहीं लगा...

बहद्रा - अरे नहीं बहुत सूंदर है , बस थोड़ा अलग है....

लेकिन चलो अभी मुज़हे महल छोड़ दो ...बहुत देर हो गयी है .......

नव - इसके आगे में नहीं जा सकता........

भद्रा - क्यों ...हमारा राज्य तोह असुरो क hi अधीन है फिर तुम अंदर क्यों नहीं जा सकते....

नव - क्युआ की यहाँ रकासुर क मायावी असुर ....और प्रेत hi जा सकते है.......

मुज़हे उनका काम पसंद नहीं ....जो वह अत्याचार करते है मैं उनके विरुद्ध हु ....इसिलोयव उन्होंने अपने रकया में मेरे आने पर प्रतिबन्ध लगा दिया .....

बहद्रा - तुम असुर होकर भी बाकी असुरो से अलग हो .....तुम बुरे नहीं लगते .....

नव - किसने कह दिया क सभी असुर बुरे होते है .......

vibhisahn.....prahlad....Raja balii...yeh सब भी असुर थे ...लेकिन अपने धर्म पर स्थित थे .....

भद्रा चाहती तोह अपने वायु विमान को मैं से याद करती तोह वह हाज़िर हो जाता ......लेकिन उससे नव का साथ बहुत अच्छà लग रहा tha.....jaise उसके मैं में कई तरह क सुगन्धित पुष्प खिल गए हो ......वह कुछ और भी सोच रही थी ....क यह असुर बलवान भी है और अच्छा भी ....तोह क्यों न वह अपने राज्य को रक्तासुर से मुक्त करने में सहायता मांगे

दोनों वह गुफा में चले जाते है ........

नव - बापरे मुज़हे तोह बड़ी भूक लग रही है......

भद्रा - लेकिन यहाँ तोह कुछ नहीं है ....कही मुज़हे खाने का विचार तोह नहीं यही न .......

नव - ha...ha...ha....nahi में मासाहार नहीं करता हु...

भद्रा - kyaaaa......ek असुर होकर भी मासाहार नहीं करते ...आश्चर्य है.....

तभी नव ने अपने हाथ ऊपर की तरफ किया तोह वह तरह क पकवान फलो और मिठाईओं क थल आगये ......

तोह भद्रा हैरान हो गयी......

नव - आओ तुम भी कुछ खा लो ......

भद्रा - ठीक है फिर ...में hi सारा खा लेता हुआ....

और खाने लगा .......

भद्रा - कैसा है बस एक बार hi पूछा ....एक बार और पूछता तोह.....

अब भद्रा से और बर्दाश्त नहीं हुआ तोह ......तोह वह भी खाने लगी ....

जिससे देखकर नव क मुख पर मुस्कराहट आ गयी.....

भोजन का बाद भद्रा को प्रेत लोक की साड़ी स्थिति बताई और मदत करने क लिए कहा...

नव - आपके राज में असुरो का राज है .....और में भी असुर hi .....आप मुज़हे अपनी hi जाती क विरूद्ध होने क लिए कह रहो है....

भद्रा - आपने hi कहा था क रक्तासुर और उसके मायावी असुरो क द्वारा किये गए अत्याचार आपको अच्छे नहीं लगते ....आप दुसरो की पीड़ा नहीं देख सकते....

और आपने hi कहा अत्याचार देखने से नहीं सामना करने से दूर होता है......

और अब आप hi पीछे हैट रहे है.....

नव - बात वह नहीं है .....में इस नगर में प्रवेश नहीं कर sakta....kyuki रक्तासुर ने तुम्हरे पिताश्री और अपनी माया सरे इस नगर क चारो तरफ ऐसा बंधन बनाया है .....क्वींस नगर में केवल प्रेत और उसके मायावी अदृश्य असुर प्रवेश कर सकए हो .......

भद्रा - क्या इस्सके कोई मार्ग नहीं .....

नव - एक मार्ग है ........तुमने कभी सोचकर देखा क तुम प्रेतराज की पुत्री होकर भी तुम्हारे पास प्रेतों की कोई भी शक्ति नहीं है .......

क्या तने कभी सोचा है इस बारे में ....सभी प्रेतों से तुम बहुत अलग हो.... विशेष हो...

भद्रा - हां ...मैंने इस बारे में पिताश्री से बात की तोह उन्होंने भी कुछ नहीं बताया ....

नव - में जानता हु क तुम्हे तुम्हरी शक्तिया कैसे milegi......Aur उसके लिए तुम्हे कि करना होगा ......

भद्रा - क्या करना होगा......

नव - मार्ग तोह है ...और इसी एक मार्ग से तुम्हारी शक्तिया भी आजायेगी ....और में भी नगर में प्रवेश पा सकूंगा .....और इस राज्य को रक्तासुर से मुक्त करने प्रेतराज की सहायता भी कर sakunga....parantu क्या तुम कर सकोगी .......

भद्रा - बताओ तोह मुज़हे क्या करना होगा........

नव - यह सुनो तुम्हे मुजह्से यही विवाह और उसके बाद मिलान करना होगा.....

तभी तुम्हे तुम्हारी शक्तिया मिलेगी ....और प्रेतलोक की राजकुमारी से मिलान क कॉटन मुजहमैं भी प्रेत की शक्तिया आजायेगी ....जिससे में यहाँ प्रवेश कर पाऊंगा ......

अब सब कुछ तुम्हारे हाथ में है ........

अभी क लिए इतना hi .......


अगला अपडेट रात को .......
 
अपडेट - 81



अब तक आपने देखा वाइटल लोक की राजकीमारी को कोई मिल असुर मिलता है.....

जो उसके प्राणो की रक्षा करता है .....

नव भद्रा क आगे विवाह का प्रस्ताव रखता है



अब आगे ...........

नव - तोह भद्रा क्या सोचा है तुमने .....

भद्रा - विवाह एक कन्या क लिए जीवन का सबसे बड़ा ..निर्णय होता है .....ऐसे एकदम से कैसे फैसला ले सकती हु.....

नव - देखो भद्रा विवाह में दो hi चीज़े सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होती है ...एक दोनों में प्रेम हो .......और .....दूसरा .....और ेवो के स्वाभाव एक दूसरे क अनुकूल हो ....बाकी सब बातें ...koi....visheh ...महत्व ...नहीं रखती........

क्या ..तुम ......मुज़हे ..तोह tumhe....dekhte hi प्रेम हो गया था .....अब ..तुम कहो क्या तुम मुज़हे प्रेम करती हो .........उतर दो भद्रा...

भद्रा - मैंने जब तुम्हे प्रताम बार देखा तोह न जाने क्यों मेरा भी बस तुम्हे देखंव का और तुम्हरे समीप रहने का मैं करने लगा .....प्रेम क्या होता है मैं नहीं जानती........

परन्तु जब तुम उस जीव का सामना कर रहे था तोह न जाने kyu......jab आपपर प्रहार होता तोह दर्द मेरे ह्रदय में होता .......

नव - भद्रा इसी को तोह प्रेम कहते है ...

भद्रा - विवाह तोह मैं भी आपसे करना चाहती हु ...परन्तु.....

नव - यदि तुम भी मुजह्से विवाह करना छाती हो ..तोह फिर यह परन्तु कहा से आया ........

भद्रा - ठीक है ...मैं ...तैयार हु

नव - देखो भद्रा यदि तुम केवल इस लिए विवाह क प्रस्ताव को मैं रही हो ....क इसके बदले में मैं तुम्हारे राज्य को असुरो से मुक्त करने में तुम्हारी सहायता करूँगा ....तोह रहने दो .....क्यों की जब किसी सम्बंद में स्वार्थ आजाता है तोह सब व्यर्थ है...

भद्रा - नहीं में सच में तुमसे hi विवाह करना चाहती हु ....ऐसा कहकर मेरे प्रेम का अपमानतोह न karo....phale तोह हृदय में प्रेम जागते हो ...पीहर ऐसी बातें करते हो .... यदि आप ऐसा सोचते हो क मेरा प्रेम स्वार्थी है ....तोह कहले जाओ यहाँ से ....में बस अब हमारी इस छोटी सी भेट की यादो क सहरे hi जीवन काट लुंगी ......

इतना कहकर भद्रा रोने लगी ........

बहद्रा को रट हुए देखकर ....नव उसके पास जाता है है और अपने हाथ से उसका आंसू से भरा चेहरा उठता hai......aur उसकी आंखों में देखता hai....jaha उससे अपने लिए ......बस पर्म का सागर नज़र आता ..है

नव - मुज़हे क्षमा कर दो ...Badra.....main रुमहे रुलाना नहीं छह रहा था .......रोक लो इन आंसू को .........कई की अब तुम्हारे यवह ानऊ में सहन नहीं कर सकता जान....

भद्रा - क्या कहा आपने ........

नव - अब इतना सारा फिर से बोलना पड़ेगा

भद्रा - नहीं आखरी mein....jo कहा वह ....

नव - अच्छा वह .....जान.......

और नव क मुँह से अपने लियु जान सुनकर .....भद्रा ख़ुशी से ..उससे लिपट गयी .....

दोनों बड़ी देर तक एक दुसरव क आलिंगन में बस प्रेम को महसूस कर रहे थे ........

नव - जान ....मुज़हे तुम्हे कुछ बताना है....

भद्रा - यही न की आप असुर नहीं हो ......

नव - उससे अलग होते हुए .......तुम्हे कैसे पता चला .......

भद्रा - पहले तोह में भी तुम्हे असुर hi समज़ती रही .....

परन्तु जब मैंने आपकी बातें सुनी ....और का व्यव्हार देखा ...तोह मैं समाज गयी क आप असुर नहीं हो सकते ........और जब मुज़हे आपसे परवम हुआ तोह ...मेरे हरिराय ने भी यही कहा क अप्प असुर नहीं हो ...

नव - तुम ठीक कहती हो जान ....में कोई असुर नहीं ....और अब नव ने अपना असुर रूप त्यागा और आगया अपने वास्तविक रूप में ....अभी.....

और सब कुछ भद्रा को बताता चला गया .....

भद्रा - अभी क वास्तविक रूपबको देखकर बहुत खुश हो जाती hai.........aur एक तक बस अपने सपनो क राजकुमार को देखती रहती है......

अभी - मेरे पहले hi 3 विवाह हो गए है ....क्या तुम्हे इस बात से कोई परेशानी नहीं है...

भद्रा - मुज़हे इससे कोई फरक नहीं पड़ता क्यों की मुज़हे अपक्व प्रेम पर पूर्ण विश्वास है ..

फिर अभी ने भद्रा को बहो में ले लिया .......

भद्रा - परन्तु हमारा विवाह होगा कैसे ...क्यों की हम्हारे लोक में तब कभी विवाह हुआ नहीं ....क्युकी प्रेतों क कभी विवाह नहीं होते ...... इसीलिए कोई विधि भी नहीं है ...

अभी - जान विवाह क लिए सबसे आवश्यक होते है वचन ....जो किसी की साक्षी में ...लिए जाते है .....वीडिया हर समुदाय की अलग हो सकती है परती वचन एक जैसे hi होते है......

तब अभी ने वह अग्नि प्रगट की और उसे अग्निबक सामने दोनों ने एक दूसरे का जन्मजन्मान्तर साथ निभंव का वचन ....दिया ......ोहिर अभी ने अपने अंगूठे को ....चीरा लगाकर अपने खून से मांग भर दी ......

अभी - आज से तुम मेरे हृदय का अभिना अंग हो .....और भद्रा को अपने बाहों में ले लिया....

अभी - ....जान अभी एक और रस्म बाकी है .......

बहद्रा - क्या......

अभी - विवाह के बाद मुँह मीठा करने की रस्म ....

भद्रा - परन्तु यहाँ मिठाई कहा hai......aap hi पहलव जैसे अपनी माया से ले आओ मिठाई..

अभी - उसकी आवश्यकता नहीं hai.....kyu की मुहे जो मिठाई चाहिए वह तोह तुमहाव पास है ..

भद्रा - मेरे पास ....नहीं तोह ....कहा है .....

अभी भद्रा का चेहरा अपने हातो से पकड़कर उसके होंठो पर अपने होंठ रख देता है है और चूसने लगता है ......भद्रा क लिए यह अभाव बिलकुल नया tha.....jaise जैसी अभी उसकव होंठो को चुम रहा था उसके शरीर में तरंगे उठने लगी ....

अभी फिर अलग होकर - वह सचमुच बहुत मीता लगा ..एकदम शहद जैसे.......

और भद्रा शर्माकर अपना मुँह अभी क छाती में छुपा लेती है.....

अभी उसका चेहरा ऊपर करता है ......उसको देखने लगता है.....

भद्रा - ऐसे क्या देख रहे हो.........

अभी - तुम्हारे इस सुंदरता को ......जो प्रेतलोक मेंजनम लेने क बाद भी स्वर्ग को अप्सरा जैसा है ......और उसके होंठो पर अपने होंठ रख देता है और चूमने लगता है.......

दोनों की दहकती सांसे उन्हें और मदहोश करने लगती है.....

अब अभी भद्रा को अपनी गॉड में लेकर निचे बैठ गया और उसके चेहरे को पकड़ कर अपनी और किया और उसके माथे को चुम लिया.....

फिर दोनों एक दूसरे को देखने lage.....dono एक दूसरे क प्रेम को महसूस करने लगे...

भद्रा की आंखों में मिलान की स्वीकृति देखते हुए

अभी ने भद्रा की पीठ कर अपना हाथ चलना सुरु कर diya.....aur उसकी आखों में देखते हुए.... धीरे से उसकी ब्लाउज की डोरी को खोल दी...... और उसके ब्लौसे को अपने हाथ से हटा दिया.

उसका ब्लाउज उसके कंडे पैर झूल रहा था....

अभी ने उससे भी निकल दिया ....अब उसके स्तन पूरी तरह निर्वस्त्र थे...... भद्रा की सासे गरम होने लगी थी. ....

अब अभी क हाथ उसके स्तनों पर चलने लगे और धीरे धीरे दबाने lage.......usse सरम भी बहुत आ रही थी .....पर मिलान क लिए भी बहुत आतुर थी...

स्तनों पर इस वॉर से वह और ज्यादा मदहोश होने lagi.....uski आखें बंद हो चुकी थी. ..

अब अभी उसके गार्डन को चूमते हुए निचे को और आने लगा .....और सतानो तक पहुँच गया

एक हाथ से उसके स्तनों को दबाते hue......uske निप्पल चूसने लगा.....

अभी ने निचे होते हुए ab....uske पेट पैर अपने होंठ रख दिए. ..

अपनी पेट पैर अभी के होंठ और गरम साँसों को और हाथ को स्तनों को महसूस करके भद्रा आखें बंद किये सिसकारियां ले रही थी...

उसकी सिसकारियों की कामुक आवाज अभी को और गरम करने लगी..

अभी ने फिर ऊपर होकर उसके स्तनों को अपने हाथो में पकड़ कर सहलाने लगा तो दूसरे स्तन पैर निचे से उसके निप्पल तक चूमने लगा....

भद्रा की आखें मदहोशी में बंद thi.....aur इस मिलान क हर पल को महसूस कर रही थी

उसकी योनि में एक तरंग सी उठ रही thi.....jisse वह काम रास बहा रही थी..

अब अभी ने उससे निचे लिटा diya....aur अपने कपडे उतर दिए .....भद्रा की आंखें अभी भी बंद thi......jab उसने महसूस किया ...क अभी उससे अलग हो गया है तोह उसने कारण जाने क लिए आखें खोली तोह अपने सामने अभी को निर्वस्त्र देखा ....जब उसकी नज़र अब्जी क बड़े लिंग ओर पड़े तोह शर्म क मारे उसकी आंखें फिर बंद हो गयी...

अब अभी भद्रा क ऊपर आगया और उसको अपने से चिपका लिया और उसके होंटो को अपने मुँह में भर लिया और उनको चूसने laga.....Bhadra भी अब उसका साथ देने लगी.

भद्रा के स्तन अभी के सीने में दबे रहे tha....aur रगड़ रहे थे

इस से दोनों को कामुकता भी चरम पर पहुंचे लगी थी

अब अभी का हाथ उसके लहंगे क ऊपर से उसकी योनि को रगड़ रहा था...

अभी क इस वॉर से भद्रा तड़प उठी .....और उसने अभी का हाथ अपनी जांघो को कसकर योनि में दबा diya....aur जोर जोर से सिसकी लेने लगी...

दोनों से अब सबर करना मुश्किल जो रहा था ....भद्रा भी अभी क शरीर को चुम रही थी सहला रही थो ....k...uske हाथ अब अभी क लिंग पर आगये .......उसने जोर से लिंग को पकड़ा जिससे अभी की सिसकारी निकल गयी......

अभी - स्स्स्सह्ह्ह अह्ह्ह जान अब और बर्दास्त नहीं होता ........देखो यह कैसे तुम्हरे मिलान क लिए तड़प रहा है इससे और न तड़पाओ ....

भद्रा - अह्ह्ह ससस जान ....मुज़हे कुछ हो रहा है पता नहीं यह क्या हो रहा है ...क्या करू कुवह समाज नहीं आरहा.....

फिर अभी ने भद्रा को भी पूरा निर्वस्त्र कर दिया अब दो नंगे बदन आपस में रगड़ रहे थे ... और उनके श्री से एक धुए जिसे ऊर्जा निकलकर एक जगह एकत्रित हो रही थी....

भद्रा अभी क लिंग की चुभन अपने पेट पर महसूस कर रही थी जिससे उसकी योनि बहुत अधिक मात्र में कॉमर्स छोड़ रही थी.....

अभी अपना हाथ उसकी योनि पैर रख कर सहलाने लगता है. और भद्रा आह्हः ाःह करके जोर जोर से सिसकने लगती है

भद्रा की वासना चरम पर पहुँचने से फिर धीरे उसकी पेरत शक्ति जागृत होने लगती है......

अभी अब स्तनों से निचे होता हुआ उसकी योनि की और बढ़ता है और उस पैर एक किश कर देता है.

उसकी योनि अब पूरी तरह गर्म हो गयी थी...

अभी उसकी खुसबू से और पागल हो कर योनि को चाटने लगता है...

भद्रा तो जैसे वासना क कारण पागल सी हो रही थी और जाने कैसी कैसी आवाजे निकल रही थी..

अब भद्रा की योनि से पानी आने लगा tha......Abhi ने अब और देर करना उचित नहीं समज़ह...

तो वो उठ कर उसके उप्पेर आ gaya......Or उसकी दोनों टैंगो को छोड़ा कर अपना लिंग भद्रा की योनि पैर रख दिया. .....

अभ का लिंग भद्रा की योनि पैर रगड़ रहा था. ...और दोनों को बहुत ज्यादा कामुक हो गए थे

भद्रा का इशारा मिलते hi अभी ने अपने लिंग को उसके छेद पैर दबा दिया. ...

तो उसका टोपा उसकी योनि में घुस गया. ....भद्रा की एक चीख निकल गयी..... अभी ने उससे शांत करने के लिए उसके स्तनों को सहलाना सुरु कर दिया. और धीरे धीरे अपने लिंग पैर दबाव बढ़ाने लगा

फिर अभी ने लिंग को थोड़ा सा पीछे खींच कर एक जोर का दक्का लगा दिया. उसका लिंग उसकी योनि को चीरता हुआ अंदर घुसने लगा

जिससे भद्रा की जोरदार चीख निकल गयी..... उसकी आखों में दर्द के आशु थे.

उसके हाथ अभी के कंडे पैर थे ोरभद्र ने उसके कंडे पैर नाख़ून गदा रखे थे.

अभी भद्रा को संत करने के लिए उसके होंटो को चूसते हुए उसके स्तनों को मसल रहा था.

थोड़ी hi देर में भद्रा शांत हुयी तो अभी ने एक और जोर का दक्का मार दिया. इस बार पूरा लिंग अंदर तक चला गया था

अब दोनों की काम लीला कमर की थोरकन के साथ और तेज़ होने लगाई .....और तेज़ होने लगी दोनों की सिसकिया .....ताल से ताल मिलते हुए दोनों चरम पर पहुंचे .....और सकलित हो गए ...दोनों क शरीर से निकलती हुए धुए क रंग की ऊर्जा एक होगयी और दोनों क श्री में सामगायी....

और दोनों निढाल होकर एक दूसरे की बाहों में कुछ देर पड़े रहे .......

बड़ी देर तक एक दूसरे को प्यार से सहलाते hue...ek दूसरे क प्रेम को महसूस करने लगे

अब दोनों उठ चुके थे ....अभी को अपने भीतर बहुत दर्द होने लगा ...वह उस दर्द को सहता रहा ...दर्द क कारण उस्सकी असंख्येन बंद हो गयी.....

थोड़ी hi देर मून सारा दर्द ख़तम हुआ ....तोह उसने आखें खोली अब उसकी ांकों एकदम सफ़ेद हो gayi.....Abhi का श्री प्रेत रूप में पारी वर्तित होने लगा ....आकाश भयंकर गर्जना करने लगी ...और चमकी जोरदार बिजली .....और उसमें से एक शक्ति प्रगट होकर अभी क हाथ में aagayi........yeh थी महापेर्ट शक्ति ...जिसकी भयकर विद्युत् ऊर्जा शत्रुवो क लिए मौत थी.......

अब भद्रा की भी शक्ति जागृत हो गयी थी

अभी को अब किसी भी काली शक्ति से बने कवच को पार कर सकता tha.....woh अब अपना रूप एक परमाणु जितना छोटा भी कर सकता था.....

और प्रेतों क जैसा किसी भी दीवार क पर जा सकता था....

अभी अब भद्रा क साथ प्रेत रूप में उड़ते हुए ....प्रेत राज क महल पहुंचे ........

यहाँ रकासुर ....और प्रेतराज का किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था.....

अभी क लिए इतना hi .....


अगला अपडेट कल ---........
 
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