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अब तक आपने देखा अभी मला क ठिकाने तक पहुँच गया .......वह उसका सामना जीवो से हुआ ..
उनको मारकर जब तक मला क पास पहुँचता वह भाग चूका था.....
अभी को अपने टीम में गद्दार अर्नाल्ड क बारे में पता चलता है .......
अब ाजी.......
अर्नाल्ड को अपने सीक्रेट चैम्बर क टॉर्चर रूम में बंदकर ....अभी वापस घर aagaya.......aur अपने रूप को अपने भीतर समां लिया.....
अब 4 दिन तक उस्का वही डेली रूटीन चलता raha.....aur साथ साथ में मला की खोज........
बहुत टॉर्चर करने क बाद अर्नाल्ड से यह पता चला ...क ...अभी ...क टीम में आने से pahele.....woh मला क लिए काम करता था......
और जब मला को अभी बंधी बनाकर उस दिन लाया tha.....toh उससे टॉर्चर करने का काम अर्नाल्ड को hi सौंपा गया tha........Tab मला ने अर्नाल्ड से उसकी रिहाई और उसके लिए काम करने क बदले 2000 कर की डील हुई....
लेकिन तब तक मला की हालत बहुत बेकार हो गयी thi....lekin कुछ साँसे अभी बाकी thi.....direct अर्नाल्ड संघारक क डर से तोह कुछ मदत नहीं कर सकता था......
लेकिन उसने मला को वह छोड़ने से pahele.....Life सेविंग ड्रग्स ......क हाई दोसे दिए ठगे इसी उम्मीद में क शायद मला बच जाए और उस्का काम बन जाए........
और जब मला ठीक हुआ तोह उस्सने अर्नाल्ड क साथ संपर्क kiya........Aur मला ने अपने बड़े बेटे क द्वारा उससे पोसे भिजवाए और आगे भी इनफार्मेशन देने क लिए कहा....
अभी - तोह तूने कुछ पैसो क लिए मुज़हे धोका diya.......kya जिंदगी इतनी सस्ती hai........tuzhe पता होना चाहिए गद्दारो क सजा क्या होती है.....
अर्नाल्ड - ha...ha...ha...mar दो मुज़हे लेकिन तुम भी नहीं बचोगे........
मला अकेला नहीं है...... और इतना ककर कर उसने अपने गले में पड़ा हुआ लॉकेट चबा डाला और मर gaya....hum सोचा भी नहीं था क अपनी मौत का सामन वह अपने hi गले में डालकर घूम रहा है.....
अब देखते है पटल लोक में क्या चल रहा है........
कस ...को कुछ दिनों से मयासुर का कोई सन्देश नहीं मिल रहा tha.......aur पृय्वी पर असुरो की क्या स्थिति है यह भी पता नहीं थी.......
दुर्मुखासुर क जाने क बाद अब उसके छोटे भाई भयाक्षा अब असुरो का सञ्चालन कर रहा था ......और उसने
रक्तासुर की सहायता से ाताललोक जहा भेड़िया मानव ( वेयर वुल्फ) का राज्य था
जो दो हिस्सों में बता था एक में सफ़ेद भेडियो का राज था ( वाइट वुल्फ )
और एक में काले भेडियो ka.........jaha सफ़ेद भेड़िये .....देवताओ क उपासक the.......wahi काले bhediye........Eblis के......
अब वह भैक्षा न असुरो का राज स्थापित किया tha.......aur वाइटल लोक एक प्रेत लोक है जहा प्रेत और वेटलो का राज था उससे भी असुरो ने अपने अधिकार में ले लिया था......
इसीलिए मयासुर क अचानक गायब होने पर भी कस चुप tha.....aur अपनी सड़ना पूरी होने की प्रतीक्षा कर रहा था........
कस की छोटी रानी मदनसा की बेटी मदालसा आज कल कुछ खोयी खोयी सी रहती थी
मदनसा - क्या बात है बीटा कुछ दिन से देख रही हु तू कुछ खोयी खोयी सी रहती hai......na ठीक से भोजन करती है और न hi अपनी सखियों से कोई बात .......
मदालसा - नही माँ ऐसी कोई बात nahi.......muzhe तोह बस पिता जी की चिंता hai.....aur मैं में
( अब आपको क्या बताऊ माँ ...क मेरी यह हालत किसने की )
तभी कस अंदर आते हुए ......अच्छा मेरी लाडो को मेरी चिंता है .......और मदालसा क पास आकर उसके सर पर हाथ फेरते hue.........meri प्यारी बच्ची पिता की देखो कितनी चिटा hai.......aur उसे एक पिता की तरह गले लगा कर दुलार करता है.......
कस कितना भी क्रूर था पापी था लेकिन जैसे hi वह मदालसा क पास होता था सब कुछ भूल जाता tha......sansar में सबसे ज्यादा प्रेम वह अपनी बेटी से hi करता tha......yaa कहो मदालसा में उस्सकी जान बस्ती थी.......
कस - अच्छा बीटा बताओ तोह ऐसी कौन सी मेरी चिंता तुम्हे परेशां कर रही है
अब मदालसा सोचने लगी अब क्या बातये ...तभी कुछ सोचकर...
मदालसा - पिताश्री वह आप इतने वर्षो से साधना में व्यस्त हो क आपके पास हमारे लिए समय hi नहीं rahta.......aapki साधना पता नहीं कब पूरी होगी एहि सोच रही ..थी
कुछ देर अपनी बेटी से बात करके कस चला जाता है........
और मदालसा मैं में -- ( बहुत बुरे हो आप रोज़ मेरे सपनो में आकर परेशां करते हो ....और देखो आप की वजह से आज मुज़हे माता और पिताश्री से ज़हूत बोलना pada......pata नहीं सपनो से बहार भी कभी मिलोगे या नहीं..) सोचते सोचते और खयालो में खो जाती है......
यहाँ दुमुखासुर जब नाराज़ होकर पटल लोक से निकला tha......toh मैं में दुःख और क्रोध दोनों थे .....दुःख इस बात का ..क ..उसके अपने भाई ने अवसर का लाभ उठाकर उसके अधिकार छिन्न liye......aur क्रोध इस बात का ....वह अब तक ...रक्षक का कुछ बिगड़ नहीं पाया था.......
इसीलिए उस्सने शक्ति प्राप्त करने का निश्चय kiya......aur रेगिस्तान में रेट क निचे .....बैठकर एना जल त्याग कर अपने प्राणो को अपने कांत में रोककर ....भगवन भोले नाथ की साधना लड़ने लगा.........
और कस की मंजली रानी का बीटा मारकेश, पृथ्वी पर रक्षक की खोज असुर को आम लोगो क बिच इंसानो क तरह रहने की कला सीखा रहा था ताकि रक्षक उनंनतक न पहुँच पाए......
यहाँ प्रीतवीलोक में.........
आज से 5 दिन क लिए कॉलेज का स्पोर्ट्स फेस्टिवल भी शुरू होने जा रहा था.........
जिसमे एथेलेटिक्स ..swimming.....boxing......chess......aur फुट बॉल क टूर्नामेंट होने वाली thi.....jissme शहर क बहुत से कॉलेज part ले रहे the.........innmein दो कॉलेज मैं थे .......एक अभी का आरा कॉलेज ...और दूसरा ....SR...group ऑफ़ कम्पनीज का सीज़ ..कॉलेज....
सर कम्पनीज का सीईओ कोई प्रभाकरन नाम का था ...जो... बड़ा hi मिस्टीरियस था......
उसकी कपय सोशल सर्विस क लिए खुलकर दान करती thi......kai अनाथ आश्रम उसके डोनेट किये हुए फण्ड से hi चलते थे.....
.लेकिन आज तक वह कभी मीडिया या लोगो क सामने नहीं आया tha......kam hi समय में उसने लोगो क दिलो में अच्छी चाप छोड़ी थी .....में भी ऐसे इंसान से मिलना चाहता था.....
पहले तोह स्पोर्ट्स फेस्टिवल का इनॉगरेशन डैड क हाथो से होना था ....लेकिन अपने hi इंस्टिट्यूट में चेइफ़ गेस्ट बनना डैड को अच्छा नहीं लगा तोह उन्होंने ...सर ग्रुप क सीईओ ...प्रभाकरन को चीफ बनाने क लिए इन्विते किया.......
डैड क बहुत जोर देने पर वह मान गया.......
सभी मीडिया और लोगो में यह खबर फैल गयी थी.....
फेस्टिवल क दिन सुबह जल्द hi अभी रिम्पी को लेकर कॉलेज चला गया....
सभी फ्रेंड्स भी जल्द hi आगये थे.....
सभी स्पोर्ट्स में पार्टिसिपेट करने वाले स्टूडेंट्स को अभी ने ऑडिटोरियम में बुलाया.....
रिम्पी - टेनिस और चैस टीम लीड कर रही थी
में - बॉक्सिंग और सभी टीम्स को भी साथ साथ में लीड कर रहा था
शंकु और रिंकू - एथेलेटिक्स
लिमा - रनिंग & स्विमिंग...
श्याम - हॉकी टीम का कप्तान
विक्की - बॉक्सर
आशु, saavi.aur.bina - जिमनास्टिक्स
अभी - फ्रेंड्स आज से 5 दिन क लिए अपने सभी ा॑िमश भूल jaao...aur सिर्फ एक एआईएम रखो ....जिस भी गेम में आप हिस्सा ले रहे हो उस्में ...अपना 100 % देने की पूरी कोशिश करो........
अपना सारा कंसंट्रेशन अपने गेम में लगाओ......
ऐसा सोच कर खेलो क यह आपकी लाइफ का लास्ट गेम है.......
उसस्के बाद अप्पालूसे ......आज सिर्फ इनॉगरेशन और रनिंग होने वाली थी....
कॉलेज में मीडिया चैनल्स का जमावड़ा था.......
कॉलेज का स्पोर्ट्स स्टेडियम पुअर फुल था......
डैड माँ , ऋतू दी ...और ाद्दु ...दीपू भी आगये the........Main स्टेज पर डैड और माँ चले गए .....और ऋतू दी , ाद्दु और दीपू फ्रंट रौ में बैठ गए.......
अभी चीफ गेस्ट आने वाले the........Sports फेस्टिवल की मसहल उनके hi हाथो से जलाकर इनॉगरेशन होना था......
तभी कॉलेज क गेट से जैसे गाड़ियों का काफिला आया.........
11 ब्लैक बुग्गति एक लाइन में अंदर आयी ...जिससे देखकर ....सारे मीडिया वाले इकट्ठा हो गए........
जैसे hi गाड़िया रुकी .....उनमें से ब्लैक ड्रेस में फुल मास्क्ड कमोंडोस आधुनिक हतियारो से लास निकले ....और एक घेरा सा बना लिया ...
.तभी बिच वाली बुग्गति का दूर एक कमांडो ने ओपन किया तोह उस्में से कोई 30 क लगभग ब्लैक सूट में कोई निकला ....यही था प्रभाकरन.....
गाड़ी से और किसी को न निकलते देखकर मीडिया वालो को अंदाजा हो गया क यह नौजवान hi प्रभाकरन hai.......kitni काम उम्र में आज पूरे इंडिया में इसका नाम और बुसिनेस फैलाया है.....
कैमरा ों हो गए ....लेकिन 40 क लगभग गॉर्डस क chalte......woh उन तक नहीं पहुँच पारहे थे ....फिर भी दूर से hi फोटो लेने की कोशिश कर रहे थे....
प्रभाकरन (पण) जब स्टेज पहुंचा तोह प्रिन्सी और बाकी प्रोफ़ेस्सोर्स ने गले में हार डालकर स्वागत किया .... डैड ..भी आगे बढ़कर उससे मिले .......
अब थोड़ा स्पीच का प्रोग्राम चला.....
जिसमें डैड ने पण की खूब जमकर तारीफ़ की ....और ..उनके द्वारा किये गए कामो को सराहा.......
और युवा पीढ़ी को उससे कुछ सिख लेने को कहा ...
पण ने भी डैड को अपना आदर्श बताया और उन्हें धन्यवाद कहा उनकी प्रेरणा बनाने क लिए.....
फिर कुछ स्टूडेंट्स का हौसला बढ़ाया...........
उसके बाद इनॉगरेशन का समय आया ...अपने कॉलेज को में hi लीड कर रहा tha....toh ....में hi स्टेज पर gaya.....phir पण ने मशाल jalayi......aur मेरी तरफ badayi.......muzhe मशाल देते हुए मुस्कुराते hue.......best ऑफ़ लक यंग मन......
मैंने उसकी आँखों में देखा तोह कुछ अजीब सा लगा ......पता नहीं क्यों में उससे पढ़ नहीं पारहा था....
उसका चेहरा भी कुछ अलग hi लग रहा था....
हर इंसान क शरीर का एक ौर्रा होता hai.....aur उस्में से इंसान की सोच क हिसाब से पॉजिटिव या नेगेटिव वाइब्स निकलती है......
लेकिन मेरे लिए हैरानी की यह बात थी क उसस्के श्री से मुज़हे कोई वाइब्स फील नहीं hui....na...positive ...और ...na....negative......
खैर में मशाल लेकर आगे bada....aur मेरे साथ फ्लैग मार्च करते हुए हमारे टीम लीडर्स.......
फिर अलग अलग कॉलेज क फ्लैग मार्च हुए........
उसके बाद कुछ कल्चरल programms.........k ...बाद ...शुरू हुई रनिंग
जिसमें 100 मत्र ....200 मत्र विथ ऑप्स्टैलेस....500 मत्र .......
हमारे कॉलेज से रिंकू ...संकु ..aur....Lima ...race...mein part ले रही थी ....
पहले ...100 मत्र में रिंकू फर्स्ट आया.....
दूसरे ऑप्स्टैलेस वाली रेस में पहले तोह सब साथ थे फिर संकु सबको पीछे छोड़कर आगे आगया
......सभी ...स्टूडेंट्स अपने अपने प्लेयर्स को चीयर कर रहे थे ........
शंकु बस फिनिशिंग लाइन तक पहुँचने hi वाला था की अचानक ....सीज़ का प्लेयर इतनी स्पीड से आगे निकल गया क किसी को पता भी नहीं चला.....
उस्सकी स्पीड देखकर मुज़हे कुछ गड़बड़ lagi.....kyuki यह स्पीड इंसानो क लिए नार्मल नहीं थी.....
उस रेस में संकु 2ंद आया.........
500 मत्र की रेस में खुद दौड़ रहा tha.........jaise hi इशारा hua......maine अपनी सीड बिकुल नार्मल rahkhi.....XYZ का प्लेयर मेरे बराबर दौड़ रहा था .
.....उसने जब दौड़ते दौड़ते मुज़हे देखा तोह उस्सकी आँखों में एक मुर्दे जैसी ख़ामोशी thi......aur चेहरे पर वहशत बहरी मुस्कान मैंने अपनी.....
3 राउंड क बाद मैंने अपनी स्पीड बड़ाई.........
तोह वह भी मेरे बराबर aagaya......jaise hi लास्ट राउंड चला हम दोनों सब से बहुत आगे थे....
में यहाँ अपनी पावर नहीं दिखाना चाहता था तोह हम अभी फिनिशिंग लाइन पहुँचने hi वाले थे ...क मेरी ..इन्द्रियों ने सतर्क कर diya....ki वह मुज़हे गिराने क लिए धक्का मरने hi वाला है......
जैसे उसने मुज़हे गिराने क लिए ...पीठ पर मरना चाहा तोह मैंने स्पीड बड़ा ली और वह औंधे मुँह वही गुर gaya.....aur में हुआ winner........Sabhi मुज़हे चियर्स कर रहे थे.....
गर्ल्स रेस में 100 मत्र और 200 में लिमा फर्स्ट आयी....
ऐसे hi आज का दिन ख़तम हुआ ....मैंने रेणु संकु और लिमा को कोंग्रटुलते किया और ......उनको वही छोड़कर सीज़ कॉलेज क ग्रुप में उन दोनों को ढूंढ़ने लगा जो संकु क साथ रेस में था और जो मेरे साथ था ...लेकिन वह कही नहीं मिले......
ऐसे hi 3 दिन बिट गए जिसमें tennis.....swimming ......Atheletics......gymnastics क कॉम्पिटशन हुए
जिनमें रिम्पी टेनिस में फर्स्ट आयी..
एथेलटिक्स में सीज़ कॉलेज और हमारा कॉलेज बराबरी पर था....
लिमा - बटरफ्लाई स्विमिंग में फर्स्ट आयी...
बाकि क कॉलेज भी कुछ कुछ गेम्स में जैसे लॉन्ग जम्प ....वैगेरे में अच्छा खेल रहे थे.....
आज था 4 तह day.....aaj बॉक्सिंग क मैचेस होनेवाले थे.........
में रिम्पी क साथ कॉलेज में एंटर hua........aur अपने ग्रुप्स क सब प्लेयर्स जो स्पोर्ट्स हॉल में गेम शुरू होने से पहले मिलते थे उनसे मिलने गया......
अंदर देखा आज बहुत काम प्लेयर्स वह थे ........जब में अंदर गया .......कुछ स्टूडेंट्स मुज़हे घूर घूर कर देख रहे the......unki आँखों में मुज़हे अपने लिए नफरत दिखाई दे रही थी........
जैसे hi में अपने ग्रुप क पास पहुंचा ....तोह एक जोरदार तमाचा मेरे गाल पर पड़ा
.....छहटाक.......
क्यों स्टूडेंट्स अभी को नफरत से देख रहे थे.....
और कौन है वह जिसने अभी क गालो पर तमाचा मारे .....देखते है आगे....
अभी क लिए इतना hi .........
अगला अपडेट जल्द hi.........
अब तक आपने देखा अभी मला क ठिकाने तक पहुँच गया .......वह उसका सामना जीवो से हुआ ..
उनको मारकर जब तक मला क पास पहुँचता वह भाग चूका था.....
अभी को अपने टीम में गद्दार अर्नाल्ड क बारे में पता चलता है .......
अब ाजी.......
अर्नाल्ड को अपने सीक्रेट चैम्बर क टॉर्चर रूम में बंदकर ....अभी वापस घर aagaya.......aur अपने रूप को अपने भीतर समां लिया.....
अब 4 दिन तक उस्का वही डेली रूटीन चलता raha.....aur साथ साथ में मला की खोज........
बहुत टॉर्चर करने क बाद अर्नाल्ड से यह पता चला ...क ...अभी ...क टीम में आने से pahele.....woh मला क लिए काम करता था......
और जब मला को अभी बंधी बनाकर उस दिन लाया tha.....toh उससे टॉर्चर करने का काम अर्नाल्ड को hi सौंपा गया tha........Tab मला ने अर्नाल्ड से उसकी रिहाई और उसके लिए काम करने क बदले 2000 कर की डील हुई....
लेकिन तब तक मला की हालत बहुत बेकार हो गयी thi....lekin कुछ साँसे अभी बाकी thi.....direct अर्नाल्ड संघारक क डर से तोह कुछ मदत नहीं कर सकता था......
लेकिन उसने मला को वह छोड़ने से pahele.....Life सेविंग ड्रग्स ......क हाई दोसे दिए ठगे इसी उम्मीद में क शायद मला बच जाए और उस्का काम बन जाए........
और जब मला ठीक हुआ तोह उस्सने अर्नाल्ड क साथ संपर्क kiya........Aur मला ने अपने बड़े बेटे क द्वारा उससे पोसे भिजवाए और आगे भी इनफार्मेशन देने क लिए कहा....
अभी - तोह तूने कुछ पैसो क लिए मुज़हे धोका diya.......kya जिंदगी इतनी सस्ती hai........tuzhe पता होना चाहिए गद्दारो क सजा क्या होती है.....
अर्नाल्ड - ha...ha...ha...mar दो मुज़हे लेकिन तुम भी नहीं बचोगे........
मला अकेला नहीं है...... और इतना ककर कर उसने अपने गले में पड़ा हुआ लॉकेट चबा डाला और मर gaya....hum सोचा भी नहीं था क अपनी मौत का सामन वह अपने hi गले में डालकर घूम रहा है.....
अब देखते है पटल लोक में क्या चल रहा है........
कस ...को कुछ दिनों से मयासुर का कोई सन्देश नहीं मिल रहा tha.......aur पृय्वी पर असुरो की क्या स्थिति है यह भी पता नहीं थी.......
दुर्मुखासुर क जाने क बाद अब उसके छोटे भाई भयाक्षा अब असुरो का सञ्चालन कर रहा था ......और उसने
रक्तासुर की सहायता से ाताललोक जहा भेड़िया मानव ( वेयर वुल्फ) का राज्य था
जो दो हिस्सों में बता था एक में सफ़ेद भेडियो का राज था ( वाइट वुल्फ )
और एक में काले भेडियो ka.........jaha सफ़ेद भेड़िये .....देवताओ क उपासक the.......wahi काले bhediye........Eblis के......
अब वह भैक्षा न असुरो का राज स्थापित किया tha.......aur वाइटल लोक एक प्रेत लोक है जहा प्रेत और वेटलो का राज था उससे भी असुरो ने अपने अधिकार में ले लिया था......
इसीलिए मयासुर क अचानक गायब होने पर भी कस चुप tha.....aur अपनी सड़ना पूरी होने की प्रतीक्षा कर रहा था........
कस की छोटी रानी मदनसा की बेटी मदालसा आज कल कुछ खोयी खोयी सी रहती थी
मदनसा - क्या बात है बीटा कुछ दिन से देख रही हु तू कुछ खोयी खोयी सी रहती hai......na ठीक से भोजन करती है और न hi अपनी सखियों से कोई बात .......
मदालसा - नही माँ ऐसी कोई बात nahi.......muzhe तोह बस पिता जी की चिंता hai.....aur मैं में
( अब आपको क्या बताऊ माँ ...क मेरी यह हालत किसने की )
तभी कस अंदर आते हुए ......अच्छा मेरी लाडो को मेरी चिंता है .......और मदालसा क पास आकर उसके सर पर हाथ फेरते hue.........meri प्यारी बच्ची पिता की देखो कितनी चिटा hai.......aur उसे एक पिता की तरह गले लगा कर दुलार करता है.......
कस कितना भी क्रूर था पापी था लेकिन जैसे hi वह मदालसा क पास होता था सब कुछ भूल जाता tha......sansar में सबसे ज्यादा प्रेम वह अपनी बेटी से hi करता tha......yaa कहो मदालसा में उस्सकी जान बस्ती थी.......
कस - अच्छा बीटा बताओ तोह ऐसी कौन सी मेरी चिंता तुम्हे परेशां कर रही है
अब मदालसा सोचने लगी अब क्या बातये ...तभी कुछ सोचकर...
मदालसा - पिताश्री वह आप इतने वर्षो से साधना में व्यस्त हो क आपके पास हमारे लिए समय hi नहीं rahta.......aapki साधना पता नहीं कब पूरी होगी एहि सोच रही ..थी
कुछ देर अपनी बेटी से बात करके कस चला जाता है........
और मदालसा मैं में -- ( बहुत बुरे हो आप रोज़ मेरे सपनो में आकर परेशां करते हो ....और देखो आप की वजह से आज मुज़हे माता और पिताश्री से ज़हूत बोलना pada......pata नहीं सपनो से बहार भी कभी मिलोगे या नहीं..) सोचते सोचते और खयालो में खो जाती है......
यहाँ दुमुखासुर जब नाराज़ होकर पटल लोक से निकला tha......toh मैं में दुःख और क्रोध दोनों थे .....दुःख इस बात का ..क ..उसके अपने भाई ने अवसर का लाभ उठाकर उसके अधिकार छिन्न liye......aur क्रोध इस बात का ....वह अब तक ...रक्षक का कुछ बिगड़ नहीं पाया था.......
इसीलिए उस्सने शक्ति प्राप्त करने का निश्चय kiya......aur रेगिस्तान में रेट क निचे .....बैठकर एना जल त्याग कर अपने प्राणो को अपने कांत में रोककर ....भगवन भोले नाथ की साधना लड़ने लगा.........
और कस की मंजली रानी का बीटा मारकेश, पृथ्वी पर रक्षक की खोज असुर को आम लोगो क बिच इंसानो क तरह रहने की कला सीखा रहा था ताकि रक्षक उनंनतक न पहुँच पाए......
यहाँ प्रीतवीलोक में.........
आज से 5 दिन क लिए कॉलेज का स्पोर्ट्स फेस्टिवल भी शुरू होने जा रहा था.........
जिसमे एथेलेटिक्स ..swimming.....boxing......chess......aur फुट बॉल क टूर्नामेंट होने वाली thi.....jissme शहर क बहुत से कॉलेज part ले रहे the.........innmein दो कॉलेज मैं थे .......एक अभी का आरा कॉलेज ...और दूसरा ....SR...group ऑफ़ कम्पनीज का सीज़ ..कॉलेज....
सर कम्पनीज का सीईओ कोई प्रभाकरन नाम का था ...जो... बड़ा hi मिस्टीरियस था......
उसकी कपय सोशल सर्विस क लिए खुलकर दान करती thi......kai अनाथ आश्रम उसके डोनेट किये हुए फण्ड से hi चलते थे.....
.लेकिन आज तक वह कभी मीडिया या लोगो क सामने नहीं आया tha......kam hi समय में उसने लोगो क दिलो में अच्छी चाप छोड़ी थी .....में भी ऐसे इंसान से मिलना चाहता था.....
पहले तोह स्पोर्ट्स फेस्टिवल का इनॉगरेशन डैड क हाथो से होना था ....लेकिन अपने hi इंस्टिट्यूट में चेइफ़ गेस्ट बनना डैड को अच्छा नहीं लगा तोह उन्होंने ...सर ग्रुप क सीईओ ...प्रभाकरन को चीफ बनाने क लिए इन्विते किया.......
डैड क बहुत जोर देने पर वह मान गया.......
सभी मीडिया और लोगो में यह खबर फैल गयी थी.....
फेस्टिवल क दिन सुबह जल्द hi अभी रिम्पी को लेकर कॉलेज चला गया....
सभी फ्रेंड्स भी जल्द hi आगये थे.....
सभी स्पोर्ट्स में पार्टिसिपेट करने वाले स्टूडेंट्स को अभी ने ऑडिटोरियम में बुलाया.....
रिम्पी - टेनिस और चैस टीम लीड कर रही थी
में - बॉक्सिंग और सभी टीम्स को भी साथ साथ में लीड कर रहा था
शंकु और रिंकू - एथेलेटिक्स
लिमा - रनिंग & स्विमिंग...
श्याम - हॉकी टीम का कप्तान
विक्की - बॉक्सर
आशु, saavi.aur.bina - जिमनास्टिक्स
अभी - फ्रेंड्स आज से 5 दिन क लिए अपने सभी ा॑िमश भूल jaao...aur सिर्फ एक एआईएम रखो ....जिस भी गेम में आप हिस्सा ले रहे हो उस्में ...अपना 100 % देने की पूरी कोशिश करो........
अपना सारा कंसंट्रेशन अपने गेम में लगाओ......
ऐसा सोच कर खेलो क यह आपकी लाइफ का लास्ट गेम है.......
उसस्के बाद अप्पालूसे ......आज सिर्फ इनॉगरेशन और रनिंग होने वाली थी....
कॉलेज में मीडिया चैनल्स का जमावड़ा था.......
कॉलेज का स्पोर्ट्स स्टेडियम पुअर फुल था......
डैड माँ , ऋतू दी ...और ाद्दु ...दीपू भी आगये the........Main स्टेज पर डैड और माँ चले गए .....और ऋतू दी , ाद्दु और दीपू फ्रंट रौ में बैठ गए.......
अभी चीफ गेस्ट आने वाले the........Sports फेस्टिवल की मसहल उनके hi हाथो से जलाकर इनॉगरेशन होना था......
तभी कॉलेज क गेट से जैसे गाड़ियों का काफिला आया.........
11 ब्लैक बुग्गति एक लाइन में अंदर आयी ...जिससे देखकर ....सारे मीडिया वाले इकट्ठा हो गए........
जैसे hi गाड़िया रुकी .....उनमें से ब्लैक ड्रेस में फुल मास्क्ड कमोंडोस आधुनिक हतियारो से लास निकले ....और एक घेरा सा बना लिया ...
.तभी बिच वाली बुग्गति का दूर एक कमांडो ने ओपन किया तोह उस्में से कोई 30 क लगभग ब्लैक सूट में कोई निकला ....यही था प्रभाकरन.....
गाड़ी से और किसी को न निकलते देखकर मीडिया वालो को अंदाजा हो गया क यह नौजवान hi प्रभाकरन hai.......kitni काम उम्र में आज पूरे इंडिया में इसका नाम और बुसिनेस फैलाया है.....
कैमरा ों हो गए ....लेकिन 40 क लगभग गॉर्डस क chalte......woh उन तक नहीं पहुँच पारहे थे ....फिर भी दूर से hi फोटो लेने की कोशिश कर रहे थे....
प्रभाकरन (पण) जब स्टेज पहुंचा तोह प्रिन्सी और बाकी प्रोफ़ेस्सोर्स ने गले में हार डालकर स्वागत किया .... डैड ..भी आगे बढ़कर उससे मिले .......
अब थोड़ा स्पीच का प्रोग्राम चला.....
जिसमें डैड ने पण की खूब जमकर तारीफ़ की ....और ..उनके द्वारा किये गए कामो को सराहा.......
और युवा पीढ़ी को उससे कुछ सिख लेने को कहा ...
पण ने भी डैड को अपना आदर्श बताया और उन्हें धन्यवाद कहा उनकी प्रेरणा बनाने क लिए.....
फिर कुछ स्टूडेंट्स का हौसला बढ़ाया...........
उसके बाद इनॉगरेशन का समय आया ...अपने कॉलेज को में hi लीड कर रहा tha....toh ....में hi स्टेज पर gaya.....phir पण ने मशाल jalayi......aur मेरी तरफ badayi.......muzhe मशाल देते हुए मुस्कुराते hue.......best ऑफ़ लक यंग मन......
मैंने उसकी आँखों में देखा तोह कुछ अजीब सा लगा ......पता नहीं क्यों में उससे पढ़ नहीं पारहा था....
उसका चेहरा भी कुछ अलग hi लग रहा था....
हर इंसान क शरीर का एक ौर्रा होता hai.....aur उस्में से इंसान की सोच क हिसाब से पॉजिटिव या नेगेटिव वाइब्स निकलती है......
लेकिन मेरे लिए हैरानी की यह बात थी क उसस्के श्री से मुज़हे कोई वाइब्स फील नहीं hui....na...positive ...और ...na....negative......
खैर में मशाल लेकर आगे bada....aur मेरे साथ फ्लैग मार्च करते हुए हमारे टीम लीडर्स.......
फिर अलग अलग कॉलेज क फ्लैग मार्च हुए........
उसके बाद कुछ कल्चरल programms.........k ...बाद ...शुरू हुई रनिंग
जिसमें 100 मत्र ....200 मत्र विथ ऑप्स्टैलेस....500 मत्र .......
हमारे कॉलेज से रिंकू ...संकु ..aur....Lima ...race...mein part ले रही थी ....
पहले ...100 मत्र में रिंकू फर्स्ट आया.....
दूसरे ऑप्स्टैलेस वाली रेस में पहले तोह सब साथ थे फिर संकु सबको पीछे छोड़कर आगे आगया
......सभी ...स्टूडेंट्स अपने अपने प्लेयर्स को चीयर कर रहे थे ........
शंकु बस फिनिशिंग लाइन तक पहुँचने hi वाला था की अचानक ....सीज़ का प्लेयर इतनी स्पीड से आगे निकल गया क किसी को पता भी नहीं चला.....
उस्सकी स्पीड देखकर मुज़हे कुछ गड़बड़ lagi.....kyuki यह स्पीड इंसानो क लिए नार्मल नहीं थी.....
उस रेस में संकु 2ंद आया.........
500 मत्र की रेस में खुद दौड़ रहा tha.........jaise hi इशारा hua......maine अपनी सीड बिकुल नार्मल rahkhi.....XYZ का प्लेयर मेरे बराबर दौड़ रहा था .
.....उसने जब दौड़ते दौड़ते मुज़हे देखा तोह उस्सकी आँखों में एक मुर्दे जैसी ख़ामोशी thi......aur चेहरे पर वहशत बहरी मुस्कान मैंने अपनी.....
3 राउंड क बाद मैंने अपनी स्पीड बड़ाई.........
तोह वह भी मेरे बराबर aagaya......jaise hi लास्ट राउंड चला हम दोनों सब से बहुत आगे थे....
में यहाँ अपनी पावर नहीं दिखाना चाहता था तोह हम अभी फिनिशिंग लाइन पहुँचने hi वाले थे ...क मेरी ..इन्द्रियों ने सतर्क कर diya....ki वह मुज़हे गिराने क लिए धक्का मरने hi वाला है......
जैसे उसने मुज़हे गिराने क लिए ...पीठ पर मरना चाहा तोह मैंने स्पीड बड़ा ली और वह औंधे मुँह वही गुर gaya.....aur में हुआ winner........Sabhi मुज़हे चियर्स कर रहे थे.....
गर्ल्स रेस में 100 मत्र और 200 में लिमा फर्स्ट आयी....
ऐसे hi आज का दिन ख़तम हुआ ....मैंने रेणु संकु और लिमा को कोंग्रटुलते किया और ......उनको वही छोड़कर सीज़ कॉलेज क ग्रुप में उन दोनों को ढूंढ़ने लगा जो संकु क साथ रेस में था और जो मेरे साथ था ...लेकिन वह कही नहीं मिले......
ऐसे hi 3 दिन बिट गए जिसमें tennis.....swimming ......Atheletics......gymnastics क कॉम्पिटशन हुए
जिनमें रिम्पी टेनिस में फर्स्ट आयी..
एथेलटिक्स में सीज़ कॉलेज और हमारा कॉलेज बराबरी पर था....
लिमा - बटरफ्लाई स्विमिंग में फर्स्ट आयी...
बाकि क कॉलेज भी कुछ कुछ गेम्स में जैसे लॉन्ग जम्प ....वैगेरे में अच्छा खेल रहे थे.....
आज था 4 तह day.....aaj बॉक्सिंग क मैचेस होनेवाले थे.........
में रिम्पी क साथ कॉलेज में एंटर hua........aur अपने ग्रुप्स क सब प्लेयर्स जो स्पोर्ट्स हॉल में गेम शुरू होने से पहले मिलते थे उनसे मिलने गया......
अंदर देखा आज बहुत काम प्लेयर्स वह थे ........जब में अंदर गया .......कुछ स्टूडेंट्स मुज़हे घूर घूर कर देख रहे the......unki आँखों में मुज़हे अपने लिए नफरत दिखाई दे रही थी........
जैसे hi में अपने ग्रुप क पास पहुंचा ....तोह एक जोरदार तमाचा मेरे गाल पर पड़ा
.....छहटाक.......
क्यों स्टूडेंट्स अभी को नफरत से देख रहे थे.....
और कौन है वह जिसने अभी क गालो पर तमाचा मारे .....देखते है आगे....
अभी क लिए इतना hi .........
अगला अपडेट जल्द hi.........