- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 95,232
अपडेट 20
“भाई और कितना देर यंहा बैठना पड़ेगा ,5 कप चाय पि चूका हु मैं यंहा बैठकर “
शाम का समय था और अक्की ने मुझे अपने साथ जासूसी में लगा रखा था , जी है जासूसी..
मैडम की जासूसी स्नेहा मैडम की जासूसी ..
हम उनके घर के बहार खड़े हुए थे कुछ 2 घंटे हो गए थे और पास के hi चाय ठेले में मैं और अक्की बैठे हुए उनके घर को निहार रहे थे…
“चुप करके बैठे रह न भाई , अज्जू के लिए तू तिवारी के घर जाने के लिए राजी हो गया अपनी जान जोखिम में डालने के लिए भी तैयार है और सेल मेरे लिए तू कुछ घंटे बैठा भी नहीं रह सकता ..” अब अक्की की ऐसी धमकी से मैं फिर से चुप हो गया था ..
“लेकिन भाई तुझे ये आईडिया किसने दिया की मैडम के घर के बहार बैठे रहो “
“भाई ये आईडिया नेहा का था उसने कहा की पहले पता तो कर ले की वो मैरिड है या नहीं या उसका कोई बॉयफ्रेंड तो नहीं है , इसलिए आज से काम शुरू कर दिया हु ..”
“आज से ….?? सेल यानि तू रोज यंहा आकर बैठेगा”
“ है तेरे साथ .. और भाई इसी बहाने हम थोड़ा घूम भी लेंगे “
मैं उसकी बात से सिहर गया था ये तो सरासर टार्चर था, मैं रोज शाम को ऐसे घंटो बैठकर चाय नहीं पि सकता था ..
“मेरे भाई इसे घूमना नहीं कहते, ये मानसिक प्रताड़ना है , मैं तेरा दोस्त हु इसका मतलब ये नहीं है की तू मुझे ऐसे टार्चर करे “
मेरी बात सुनकर अक्की का चेहरा उदास हो गया ..
“ठीक है कल से तू मत आना मैं hi अकेले आ जाऊंगा चाहे इसके बाद मेरे साथ कुछ भी हो जाए तुझे क्या पड़ी है …”
अब ये साला मुझे इमोशनल ब्लैकमेल करने में उतारू हो गया था, जिसे सुनकर मेरे होठो में मुस्कान खिल गई..
“सेल इतना इमोशनल अगर मैडम के सामने हो जायेगा न तो वो सब कुछ दे देगी तुझे “
“भाई सब कुछ नहीं बस वो मुझे देख कर मुस्कुरा दे यही मेरे लिए बहुत है ,क्या मुस्कान है उनकी .. अनार के दानो जैसे दांतो की पंक्तिया , जब मुस्कुराती है तो लगता है जैसे कमल खिल गया हो “
“भाई कमल कीचड़ में खिलता है और उनका मुँह कीचड़ तो नहीं है “
मेरी बात सुनकर वो थोड़ा गुस्से से मुझे देखने लगा
“है सेल कमल नहीं तो गुलाब समझ ले न”
वो फिर से खो गया और उसके होठो में मुस्कान आ गयी
“और उनकी बात.. वह क्या आवाज है कोमल कोमल , मखमल मखमल , जन्नत जन्नत , वो हर है पारी है मेरे दिल की धड़कन है “
अक्की की बकवास शायरी शुरू हो चुकी थी और मेरी नजर मैडम के दरवाजे पर पड़ी और मैं बुरी तरह से चौक गया ..
“अबे उधर देख ..”
मैडम के घर का दरवाजा खुला और वंहा से एक आदमी बहार निकला, अक्की का चेहरा उतर गया था वही मेरी आंखे बड़ी हो चुकी थी क्योकि हम दोनों hi उस शख्स को जानते थे ..
“ये साला यंहा क्या कर रहा है “
मैंने अक्की को बोलै उसने मुझे ऐसे देखा जैसे मुझे बोल रहा हो की मुझे कैसे पता होगा और वो सही था उसे कैसे पता होगा लेकिन हम दोनों यंहा तीन घंटे से बैठे हुए थे और वो आदमी तीन घंटे से मैडम के साथ उनके घर के अंदर था …..
“मैडम उसके साथ 3 घंटे से अकेली थी “
मैंने अकेली में थोड़ा जोर दिया
“हुम्म्म”
“अबे क्या हम्म कर रहा है 3 घंटे से अकेली साथ थी मतलब समझ रहा है “
“क्या ??”
अक्की अभी भी जैसे अपनी आँखों पर भरोषा नहीं कर प् रहा था या फिर किसी सदमे में बैठा हुआ था ..
“मतलब की पवन सर hi मैडम के बर्फ है “
अक्की का चेहरा पूरी तरह से उतर गया
तभी ठेले के रेडियो में एक गण चला
‘क्या से क्या हो गया बेवफा ..तेरे प्यार में ..’
और अक्की मुझसे बिना कुछ बोले hi अपनी गाड़ी की और जाने लगा ..
स्कूल में माहौल थोड़ा गमगीन था हमारे ग्रुप में कोई भी किसी से बात नहीं कर रहा था और अक्की जैसे किसी सदमे में था, कैंटीन वाले ने भी जैसे उसको जलने की कसम खा ली थी जो सेल रोज डिस्को सांग या रोमांटिक लगा कर रखते थे आज दुखी मन वाले गीत चला रहे थे ..
‘ज़माने में बहला कैसे मोहोब्बत लोग करते है ,
वफ़ा के नाम की अब तो शिकायत लोग करते है ..
आंख है भरी भरी और तुम मुस्कुराने की बात करते हो ..’
ये सांग प्ले हो रहा था और न चाहते हुए भी हम सबके होठो में मुस्कान फ़ैल गयी , सुकर है की अक्की ने हमारे चेहरे नहीं देखे वर्ण बेचारी का दिल hi टूट जाता ..
“पहले मुझे एक चीज बता की तुम लोगो को किसने कहा था की उसके घर के बहार खड़ा रहो “
मोनिका थोड़े गुस्से में बोली
“यार नेहा ने “
अक्की ने भोलेपन से कहा
“हे मैंने ऐसा कब कहा था “
नेहा की आवाज थोड़ी तेज थी
“तुमने hi तो कहा था की उनके बारे में जानकारी जुटाओ “
“जानकारी जुटाने के लिए कहा था पागल, उनके घर के सामने खड़ा रहने के लिए नहीं, ये तो है hi पगलू तुम भी इसके बात में आ गए “
नेहा ने मेरी और देखा
“मैं नहीं तू पगलू .. तूने बोलै की जानकारी जुटाओ लेकिन ये नहीं बताया की कैसे तो मैं क्या करता, अब तो मैडम भी किसी गैर की हो गयी अच्छा hi हुआ की ये सब अपने आँखों से देख लिया “
अक्की का चेहरा फिर से उतर गया था
उसके गुस्से से हमारे होठो पर वैसी hi मुश्कान खिल गई जैसे किसी बच्चे के गुस्से पर खिल जाती है लेकिन फिर उसके दुखी चेहरे को देखकर हम सबका दिल उदास हो गया था, वो हमारे ग्रुप का सबसे प्यारा मेंबर था और उसके चेहरे में उदासी देखकर सभी का दुखी होना लाजमी hi था..
“तू फ़िक्र मत कर मेरे दोस्त सब ठीक हो जायेगा “
मैंने उसके कंधे पर हाथ रखा
“अब क्या ठीक हो जायेगा, मेरे प्यार को तो वो पवन उदा कर ले गया “
“यार तुम लोग हो hi चूतिये, ऐसे कौन नजर रखता है :डेड: ,तुम लोग खुद को जासूस Dr.Chutiya समझते हो क्या, या फिर उनकी शागिर्द काजल समझते हो “
मोनिका अपने स्वभाव के अनुसार थोड़े गुस्से में चिल्लाई
“ये लोग कौन है ??”
मेरे मुँह से निकल गया
“उनकी बात अभी छोडो मैंने बस एक उदाहरण दिया था, बात ये है की तुम्हे अगर नजर रखनी hi है तो उसके और भी तरीके थे , और वो तुम्हारी टीचर है यार सबसे अच्छा तरीका तो ये था की तुम उनके पास ट्यूशन शुरू कर दो”
सबकी नजर मोनिका पर चली गयी , साला ये आईडिया हमारे दिमाग में क्यों नहीं आया था,
जैसे हमारे दिमाग की घंटी बज उठी :आईडिया:
“मैं आज hi उनसे बात करती हु “ नेहा ने तुरंत hi कहा ऐसे भी उसे बॉटनी पसंद थी
“लेकिन तेरे वंहा जाने से तो बात बिगड़ जायेगी यानि मेरा मन्ना है की अक्की को अकेले जाना चाहिए “
मैंने तुरंत hi कहा
लेकिन मेरी बात सुनकर नेहा मुस्कुरा उठी
“अरे पागल वो क्या एक लड़के को अकेले पढ़ाएगी मेरे ख्याल से नहीं काम से काम कुछ लोग तो होने चाहिए न “
“देखो भाई मैं तो नहीं जाने वाला, मुझे डैड के साथ बिज़नेस का काम देखना होता है और साथ hi मोनिका के साथ मॉडलिंग भी “
अज्जू ने साफ मन कर दिया
“और मैं भी, मुझसे अब ये पढाई होती नहीं यार “
ये मोनिका थी उसने भी मन कर दिया था
“यार मेरे पास ट्यूशन के पैसे नहीं है “
मैंने अपनी मजबूरी बताई
“अबे उसकी टेंशन क्यों ले रहा है वो मैं देख लूंगा, तू नेहा और अक्की जाकर मैडम से बात करो और कल से hi जाना शुरू कर दो “
अज्जू ने साफ साफ कह दिया था …
वही नेहा के होठो में एक अजीब सी स्माइल भी आ गयी थी , मैडम का इरादा कुछ नेक तो नहीं लग रहा था मुझे ……:अप्प्रोवे:
“क्या मैं क्लास में इतना बुरा पद्धति हु “
हम तीनो स्नेहा मेम के पास खड़े थे
“नहीं मेम लेकिन फिर भी हमें और डिटेल में पढ़ना है, मैं बॉटनी से hi पीएचडी करना चाहती हु “
“ोकक और ये दोनों, ये तुम्हारे बॉडीगार्ड है क्या “
मैडम ने मजाक किया नेहा भी हलके से हंसी
“मैडम असल में इनकी बॉटनी कमजोर है “
“उह ोकक तो मुझसे किस पर सबसे जयदा म्हणत करनी पड़ेगी “
स्नेहा मैडम ने मुझे और अक्की को देखते हुए कहा वही नेहा और मेरी उंगली अक्की के ऊपर थी और वो ..
वो बस मैडम के करीब होने के कारण पसीने से भीग चूका था , और उसकी घबराहट देख कर स्नेहा मेम के होठो पर एक मुस्कान आ गयी थी …….
“भाई और कितना देर यंहा बैठना पड़ेगा ,5 कप चाय पि चूका हु मैं यंहा बैठकर “
शाम का समय था और अक्की ने मुझे अपने साथ जासूसी में लगा रखा था , जी है जासूसी..
मैडम की जासूसी स्नेहा मैडम की जासूसी ..
हम उनके घर के बहार खड़े हुए थे कुछ 2 घंटे हो गए थे और पास के hi चाय ठेले में मैं और अक्की बैठे हुए उनके घर को निहार रहे थे…
“चुप करके बैठे रह न भाई , अज्जू के लिए तू तिवारी के घर जाने के लिए राजी हो गया अपनी जान जोखिम में डालने के लिए भी तैयार है और सेल मेरे लिए तू कुछ घंटे बैठा भी नहीं रह सकता ..” अब अक्की की ऐसी धमकी से मैं फिर से चुप हो गया था ..
“लेकिन भाई तुझे ये आईडिया किसने दिया की मैडम के घर के बहार बैठे रहो “
“भाई ये आईडिया नेहा का था उसने कहा की पहले पता तो कर ले की वो मैरिड है या नहीं या उसका कोई बॉयफ्रेंड तो नहीं है , इसलिए आज से काम शुरू कर दिया हु ..”
“आज से ….?? सेल यानि तू रोज यंहा आकर बैठेगा”
“ है तेरे साथ .. और भाई इसी बहाने हम थोड़ा घूम भी लेंगे “
मैं उसकी बात से सिहर गया था ये तो सरासर टार्चर था, मैं रोज शाम को ऐसे घंटो बैठकर चाय नहीं पि सकता था ..
“मेरे भाई इसे घूमना नहीं कहते, ये मानसिक प्रताड़ना है , मैं तेरा दोस्त हु इसका मतलब ये नहीं है की तू मुझे ऐसे टार्चर करे “
मेरी बात सुनकर अक्की का चेहरा उदास हो गया ..
“ठीक है कल से तू मत आना मैं hi अकेले आ जाऊंगा चाहे इसके बाद मेरे साथ कुछ भी हो जाए तुझे क्या पड़ी है …”
अब ये साला मुझे इमोशनल ब्लैकमेल करने में उतारू हो गया था, जिसे सुनकर मेरे होठो में मुस्कान खिल गई..
“सेल इतना इमोशनल अगर मैडम के सामने हो जायेगा न तो वो सब कुछ दे देगी तुझे “
“भाई सब कुछ नहीं बस वो मुझे देख कर मुस्कुरा दे यही मेरे लिए बहुत है ,क्या मुस्कान है उनकी .. अनार के दानो जैसे दांतो की पंक्तिया , जब मुस्कुराती है तो लगता है जैसे कमल खिल गया हो “
“भाई कमल कीचड़ में खिलता है और उनका मुँह कीचड़ तो नहीं है “
मेरी बात सुनकर वो थोड़ा गुस्से से मुझे देखने लगा
“है सेल कमल नहीं तो गुलाब समझ ले न”
वो फिर से खो गया और उसके होठो में मुस्कान आ गयी
“और उनकी बात.. वह क्या आवाज है कोमल कोमल , मखमल मखमल , जन्नत जन्नत , वो हर है पारी है मेरे दिल की धड़कन है “
अक्की की बकवास शायरी शुरू हो चुकी थी और मेरी नजर मैडम के दरवाजे पर पड़ी और मैं बुरी तरह से चौक गया ..
“अबे उधर देख ..”
मैडम के घर का दरवाजा खुला और वंहा से एक आदमी बहार निकला, अक्की का चेहरा उतर गया था वही मेरी आंखे बड़ी हो चुकी थी क्योकि हम दोनों hi उस शख्स को जानते थे ..
“ये साला यंहा क्या कर रहा है “
मैंने अक्की को बोलै उसने मुझे ऐसे देखा जैसे मुझे बोल रहा हो की मुझे कैसे पता होगा और वो सही था उसे कैसे पता होगा लेकिन हम दोनों यंहा तीन घंटे से बैठे हुए थे और वो आदमी तीन घंटे से मैडम के साथ उनके घर के अंदर था …..
“मैडम उसके साथ 3 घंटे से अकेली थी “
मैंने अकेली में थोड़ा जोर दिया
“हुम्म्म”
“अबे क्या हम्म कर रहा है 3 घंटे से अकेली साथ थी मतलब समझ रहा है “
“क्या ??”
अक्की अभी भी जैसे अपनी आँखों पर भरोषा नहीं कर प् रहा था या फिर किसी सदमे में बैठा हुआ था ..
“मतलब की पवन सर hi मैडम के बर्फ है “
अक्की का चेहरा पूरी तरह से उतर गया
तभी ठेले के रेडियो में एक गण चला
‘क्या से क्या हो गया बेवफा ..तेरे प्यार में ..’
और अक्की मुझसे बिना कुछ बोले hi अपनी गाड़ी की और जाने लगा ..
स्कूल में माहौल थोड़ा गमगीन था हमारे ग्रुप में कोई भी किसी से बात नहीं कर रहा था और अक्की जैसे किसी सदमे में था, कैंटीन वाले ने भी जैसे उसको जलने की कसम खा ली थी जो सेल रोज डिस्को सांग या रोमांटिक लगा कर रखते थे आज दुखी मन वाले गीत चला रहे थे ..
‘ज़माने में बहला कैसे मोहोब्बत लोग करते है ,
वफ़ा के नाम की अब तो शिकायत लोग करते है ..
आंख है भरी भरी और तुम मुस्कुराने की बात करते हो ..’
ये सांग प्ले हो रहा था और न चाहते हुए भी हम सबके होठो में मुस्कान फ़ैल गयी , सुकर है की अक्की ने हमारे चेहरे नहीं देखे वर्ण बेचारी का दिल hi टूट जाता ..
“पहले मुझे एक चीज बता की तुम लोगो को किसने कहा था की उसके घर के बहार खड़ा रहो “
मोनिका थोड़े गुस्से में बोली
“यार नेहा ने “
अक्की ने भोलेपन से कहा
“हे मैंने ऐसा कब कहा था “
नेहा की आवाज थोड़ी तेज थी
“तुमने hi तो कहा था की उनके बारे में जानकारी जुटाओ “
“जानकारी जुटाने के लिए कहा था पागल, उनके घर के सामने खड़ा रहने के लिए नहीं, ये तो है hi पगलू तुम भी इसके बात में आ गए “
नेहा ने मेरी और देखा
“मैं नहीं तू पगलू .. तूने बोलै की जानकारी जुटाओ लेकिन ये नहीं बताया की कैसे तो मैं क्या करता, अब तो मैडम भी किसी गैर की हो गयी अच्छा hi हुआ की ये सब अपने आँखों से देख लिया “
अक्की का चेहरा फिर से उतर गया था
उसके गुस्से से हमारे होठो पर वैसी hi मुश्कान खिल गई जैसे किसी बच्चे के गुस्से पर खिल जाती है लेकिन फिर उसके दुखी चेहरे को देखकर हम सबका दिल उदास हो गया था, वो हमारे ग्रुप का सबसे प्यारा मेंबर था और उसके चेहरे में उदासी देखकर सभी का दुखी होना लाजमी hi था..
“तू फ़िक्र मत कर मेरे दोस्त सब ठीक हो जायेगा “
मैंने उसके कंधे पर हाथ रखा
“अब क्या ठीक हो जायेगा, मेरे प्यार को तो वो पवन उदा कर ले गया “
“यार तुम लोग हो hi चूतिये, ऐसे कौन नजर रखता है :डेड: ,तुम लोग खुद को जासूस Dr.Chutiya समझते हो क्या, या फिर उनकी शागिर्द काजल समझते हो “
मोनिका अपने स्वभाव के अनुसार थोड़े गुस्से में चिल्लाई
“ये लोग कौन है ??”
मेरे मुँह से निकल गया
“उनकी बात अभी छोडो मैंने बस एक उदाहरण दिया था, बात ये है की तुम्हे अगर नजर रखनी hi है तो उसके और भी तरीके थे , और वो तुम्हारी टीचर है यार सबसे अच्छा तरीका तो ये था की तुम उनके पास ट्यूशन शुरू कर दो”
सबकी नजर मोनिका पर चली गयी , साला ये आईडिया हमारे दिमाग में क्यों नहीं आया था,
जैसे हमारे दिमाग की घंटी बज उठी :आईडिया:
“मैं आज hi उनसे बात करती हु “ नेहा ने तुरंत hi कहा ऐसे भी उसे बॉटनी पसंद थी
“लेकिन तेरे वंहा जाने से तो बात बिगड़ जायेगी यानि मेरा मन्ना है की अक्की को अकेले जाना चाहिए “
मैंने तुरंत hi कहा
लेकिन मेरी बात सुनकर नेहा मुस्कुरा उठी
“अरे पागल वो क्या एक लड़के को अकेले पढ़ाएगी मेरे ख्याल से नहीं काम से काम कुछ लोग तो होने चाहिए न “
“देखो भाई मैं तो नहीं जाने वाला, मुझे डैड के साथ बिज़नेस का काम देखना होता है और साथ hi मोनिका के साथ मॉडलिंग भी “
अज्जू ने साफ मन कर दिया
“और मैं भी, मुझसे अब ये पढाई होती नहीं यार “
ये मोनिका थी उसने भी मन कर दिया था
“यार मेरे पास ट्यूशन के पैसे नहीं है “
मैंने अपनी मजबूरी बताई
“अबे उसकी टेंशन क्यों ले रहा है वो मैं देख लूंगा, तू नेहा और अक्की जाकर मैडम से बात करो और कल से hi जाना शुरू कर दो “
अज्जू ने साफ साफ कह दिया था …
वही नेहा के होठो में एक अजीब सी स्माइल भी आ गयी थी , मैडम का इरादा कुछ नेक तो नहीं लग रहा था मुझे ……:अप्प्रोवे:
“क्या मैं क्लास में इतना बुरा पद्धति हु “
हम तीनो स्नेहा मेम के पास खड़े थे
“नहीं मेम लेकिन फिर भी हमें और डिटेल में पढ़ना है, मैं बॉटनी से hi पीएचडी करना चाहती हु “
“ोकक और ये दोनों, ये तुम्हारे बॉडीगार्ड है क्या “
मैडम ने मजाक किया नेहा भी हलके से हंसी
“मैडम असल में इनकी बॉटनी कमजोर है “
“उह ोकक तो मुझसे किस पर सबसे जयदा म्हणत करनी पड़ेगी “
स्नेहा मैडम ने मुझे और अक्की को देखते हुए कहा वही नेहा और मेरी उंगली अक्की के ऊपर थी और वो ..
वो बस मैडम के करीब होने के कारण पसीने से भीग चूका था , और उसकी घबराहट देख कर स्नेहा मेम के होठो पर एक मुस्कान आ गयी थी …….