Adultery BUDHHA TAILOR - Page 3 - SexBaba
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Adultery BUDHHA TAILOR

पूर्वी- कहा उठ रही है…

पद्मा – करीम का लुंड चूसने के लिए

पूर्वी- उसकी कोई जरूरत नहीं है… मई कर लुंगी….

करीम इस पर हसता hai..aur करीम बिना डियर किया पूर्वी के ऊपर चढ़ कर उसके बदन को फिर से चेतना शुरू करता हैं...... पूर्वी और भी कुछ कहना चाहती थी मगर करीम अब पूर्वी को कोई भी मौका नहीं देना चाहता tha......aur इतना ाचा मौका उसके हाथ आया था वो भला कैसे उसे अपने हाथ से जाने दे सकता था....... पूर्वी को जलील करने का.. उसे बड़े घर की औरतो को जलील करके छोड़ने मई बड़ा मजा आता था.... करीम के इस तरह से चाटने से पूर्वी फिर से गरम होने लगती हैं ........ फिर से उसकी छूट में गीलापन बढ़ गया था ....... फिर करीम झट से पूर्वी का सर बीएड के नीचे झुका देता हैं और फिर वो झट से पूर्वी के मुँह के पास जाकर खड़ा हो जाता हैं अपने दोनों टांगों को फैलाये .........

करीम फिर पूर्वी के सर को अपनी मज़बूत हाथों में कसकर पकड़ता हैं और फिर अपना लुंड पूर्वी के मुँह के पास ले जाता हैं और धीरे धीरे अपने लुंड को उसके मुँह में उतरता चला जाता हैं ........





पूर्वी इस समय खुद करीम के रहमो करम पर थी ........ अब जैसा चाहे वैसा करीम उसे इस्तेमाल कर सकता था ....... वो भी धीरे धीरे अपने लुंड पर दबाव बनाना शुरू करता हैं ........... पूर्वी उसके लुंड के टोपे को बड़े मुश्किल से चूस पा रही थी ........ मगर करीम का लुंड काफी लुम्बा और मोटा था ..... पूर्वी आने वाले तकलीफ से अनजान नहीं थी ........

करीम आपने लुंड बहार निकालता है और फिर से अपने लुंड को पूर्वी के मुँह में डालता हैं और फिर से दबाव डालना शुरू करता हैं ....... जैसे जैसे उसका लुंड पूर्वी के मुँह में समता जा रहा था वैसे वैसे पूर्वी की तकलीफ बढ़ती जा रही थी ........ करीब 4 इंच तक करीम का लुंड पूर्वी के मुँह में उतर जाता हैं ....... पूर्वी इस वक़्त पूरी तरह से अपने आप को बेबस महसूस कर रही थी ......... करीम फिर से अपना लुंड तेज़ी से बहार निकालता हैं और इस बार उतनी hi तेज़ी से अंदर की ओरे पूरा उतरता चला जाता हैं ....... जैसे जैसे पूर्वी के हलक में करीम का लुंड जा रहा था पूर्वी की सांसें अटकती जा रही थी ........ उसकी आंखें अब बहार की ओरे आने लगी थी ......... इस से पहले करीम के लुंड को पूर्वी ने चूसा था लेकिन इस तरह नहीं…

करीम बिना रुके अपने लुंड को ऐसे hi अंदर की ओरे लगातार पुश कर रहा था ......... फिर से वो अपना लुंड बहार निकलता हैं और इस बार उतनी hi तेज़ी से पूरा अंदर की ओरे उतर देता हैं .......

पूर्वी के मुँह से ga.a...p...aa.a.p... ..g.a.a...l...a....p की आवें गूंज रही thi.......aab तक उसका लुंड करीब 7 इंच तक समां गया tha......fir से वो पूरी तेज़ी से अपना लुंड एक hi झटके में पूर्वी के गले में उतर देता हैं ......... करीम का लुंड का सूपड़ा पूर्वी के गले में फंस चूका था ...... अब उसकी आँखों से एक बार फिर से आंसूं निकल पड़ते हैं ....... उसका दम फिर से घुटने लगता हैं .........

इधर करीम के सर पर भी जूनून सा चाय हुआ था ...... वो पूरी कोशिश में लगा था की उसका 10 इंच का लुंड पूरा पूर्वी के गले के अंदर तक उतर जाये ....... पूर्वी hi जानती थी की इस वक़्त उसकी क्या हालत हो रही थी ....... एक बार फिर से करीम अपना पूरा लुंड बहार निकालता हैं और इस बार बहुत ज़ोर के झटके के साथ अपना पूरा लुंड पूर्वी के गले के नीचे तक पहुँचाने में सफल हो जाता हैं .........





पूर्वी को ऐसा लग रहा था की अब उसकी मौत पक्की हैं ...... उसका सांस लेना भी मुश्किल होता जा रहा था वहीँ उसकी आँखों से आंसूं बहते hi जा रहे थे ....... कुछ सेकण्ड्स तक करीम अपने लुंड को पूर्वी के गले के नीचे तक रखे रहता हैं … पूर्वी अपने दोनों हाथों को करीम के पवन के पास ले जाती हैं और उसे ज़ोरो से उसके पवन पर मरने लगती हैं....... इन् दोनों का ये खेल पद्मा देख रही थी.. बीच बीच मई वो पूर्वी के बूब्स को आपने मू मई लेके चूस रही थी…

करीम तो अपनी मस्ती में खोया हुआ था ..... भला करीम की छटपटाहट से उसका क्या बिगड़ने वाला था ....... तभी वो एक hi झटके से अपना लुंड पूरा बहार खींच लेता हैं और पूर्वी वहीँ ज़ोरों से हाफने लगती हैं ........ करीम का लुंड बहार निकलने से उसकी जान में जान आती हैं........ फिर कुछ डियर रुकने के बाद करीम इस बार तेज़ी से अपना लुंड पूर्वी के गले के नीचे उतरता चला जाता हैं और इस बार तब तक अपना लुंड बहार नहीं निकालता जब तक उसका सारा छुम पूर्वी के गले के नीचे नहीं उतर जाता ........

एक बार फिर से पूर्वी की हालत ख़राब हो गयी थी ........ मगर इस बार जो मज़ा करीम को मिला था वो मज़ा उसे आज तक नहीं मिला था ...... वो भी ज़ोरों से aaaaaaaaaaaaaaaaa ........... ह hhhhhhhhhh करते हुए झरने लगता हैं ....... पूर्वी का चेहरा पूरा लाल पढ़ गया था ....... वो वहीँ ज़ोरों से ख़ास रही थी ...... करीम का कुछ छुम उसके मुँह के साइड से बेहटा हुआ बहार की ओरे टपक रहा था........

करीब 15 मिनट तक पूर्वी ऐसे hi लेती रहती हैं ......





इस वक़्त भी उसकी सांसें ज़ोरों से चल रही थी ...... पता नहीं क्यों पर अब उसे इस तरह की सेक्स में मज़ा बहुत आ रहा था ..... एक भी बार उसने करीम को रोकने की कोई कोशिश नहीं की थी .......... थोड़ी डियर बाद करीम झट से पूर्वी के पास आता हैं .. और उसके उप्पर जुख जाता है..





और उसके लबों को बड़े प्यार से चूसने लगता हैं .......





पूर्वी उसे घूर रही थी ...... मगर कुछ भी नहीं कहती ........





पद्मा – मेमसाब … आप तो इंग्लिश पिक्चर मई जैसा लुंड चूसते है वैसे hi चूस रही थी… सचमुच मेमसाब आप एक नंबर की रंडी हो…

पूर्वी उसे आपने से दूर करती है…

पूर्वी- दूर हैट मुजसे…

करीम फिर अपनी जीभ पूर्वी के छूट पर ले जाता हैं और इस बार वो अपनी जीभ पूर्वी के छूट से सरकते हुए नीचे उसकी गांड की ओरे अपना जीभ फेरता हैं ...... एक बार फिर से पूर्वी उसकी ये हरकत से उछाल पड़ती हैं ......... करीम अपनी जीभ के पॉइंट को पूर्वी के गांड पर रख देता हैं और बहुत आहिस्ता से अपनी जीभ फेरने लगता हैं ...... पूर्वी की हालत फिर से ख़राब होने लगती हैं ....... इधर करीम अपनी जीभ तेज़ी से पूर्वी के गांड के चीड़ पर फेरने लगता हैं…..

पूर्वी - aaaaaaaaaaaaaaaaaa ......................... hhhhhhhhhhhhhhhhhhhh.ssssssssssssssssssss.......iiiiiiiiiiiiiii

इस ववजह से पूर्वी की मू से ऐसे आवाज़ें निकलने लगती हैं ........ कुछ डियर के बाद वो वहीँ चीख पड़ती हैं वो भी किसी लाश की तरह फिर से बिलकुल ठंडी पढ़ जाती हैं ......... एक बार फिर से उसका रास निकल गया था ........वो काफी डियर तक ऐसे hi बिस्टेर पर पड़ी रहती हैं ......... अब वो वक़्त आ गया था जिस पल को करीम को न जाने कब से इंतज़ार था ..........................................

पूर्वी किसी लाश की तरह बिलकुल ठंडी पड़ी थी ........ मगर करीम अभी भी अपनी जीभ उसके गांड पर फेर रहा था ........ तभी वो झट से अपनी एक उंगली पूर्वी की गांड की छेद पर ले जाता हैं और वहां बहुत आहिस्ता से अपनी उंगली को धीरे धीरे हरकत करने लगता हैं ....... पूर्वी को उसकी उंगली से गुदगुदी सी हो रही थी ........ एक बार फिर से वो सिसक पड़ती हैं ....... थोड़ी डियर बाद फिर से वो दुबारा गरम होने लगती हैं ....... थोड़े डियर तक करीम अपने उंगली को ऐसे hi आहिस्ता से फेरता रहता हैं फिर वो अपनी उंगली को पूर्वी के गांड में धीरे धीरे अंदर की ओरे पुश करना शुरू करता हैं ....... पूर्वी की गांड बहुत टाइट थी जिस्सके वजह से उसकी उंगली अंदर नहीं घुस पा रही थी .......

फिर करीम पद्मा को आपने पास बुला लेता है.. उसकी साड़ी और पेटीकोट उतर देता है.. और उसे पूर्वी के बगल मई पूर्वी के पोजीशन मई सोने को बोलता है… अब माइड और मालकिन उसके सामने नंगे पड़े थे… अब करीम वही उंगली जो पूर्वी के गांड मई डालने की कोशिश कर रहा था वही उंगली पद्मा के गांड मई डालता है.. पद्मा की उसने पहले से मारी थी इस वजह से वो उंगली आसानी से अन्दर जाते है.. करीम वही उंगली बहार निकालता है और पूर्वी के गांड मई डालने की कोशिश करता है.. 4-5 बार वो ऐसे hi करता है .. कुछ 4-5 तरय करने के बाद उसकी एक उंगली पूर्वी की गांड में अंदर घुस जाती हैं........

उधर पूर्वी न चाहते हुए भी ज़ोरों से सिसक पड़ती हैं ........ करीम के उस हरकत से पूर्वी के गांड में दर्द होना शुरू हो जाता हैं मगर अगले hi पल वो फिर से अपना जीभ वहां पर फेरने लगता हैं और अपनी उंगली को वहीँ कुछ डियर तक ऐसे hi रोके रहता हैं ........ पूर्वी कुछ डियर में पूरी तरह से नार्मल हो जाती हैं ........

अब करीम कब पद्मा की गांड चाहता तो कभी पूर्वी की गांड … कभी पूर्वी की छूट चाटता तो कभी पद्मा की … करीम कभी पूर्वी के छूट को अपने मुँह में लेकर चाटता ......तो कभी उसकी गांड पर अपना जीभ firata.......aab धीरे धीरे वो अपनी उंगली को भी हरकत कर रहा tha.........jab पूर्वी की गांड उसकी एक उंगली को पूरा एडजस्ट कर लेती हैं फिर वो आहिस्ता से अपनी दूसरी उंगली भी उसकी गांड में अंदर डालने लगता हैं ..

एक बार फिर से पूर्वी ज़ोरों से सिसक पड़ती हैं ......... जैसे जैसे उसकी उंगली अंदर जा रही थी वैसे वैसे पूर्वी की बेचैनी भी बढ़ती जा रही थी ........ उसे बहुत दर्द हो रहा था मगर यहाँ पर करीम को अब किसी बात की कोई जल्दी नहीं थी ...... वह इस खेल का मन्ज़हा हुआ खिलाडी था ........ थोड़ डियर बाद जब उसकी दोनों उंगली पूरी पूर्वी की गांड में उतर जाती हैं तब वो अपनी उंगली को कुछ डियर तक ऐसे hi रोके रहता हैं ....... थोड़े डियर बाद पूर्वी फिर से कुछ नार्मल हो जाती हैं ....... तभी करीम धीरे धीरे अपनी उंगली को हरकत करने लगता हैं ........ और उधर पूर्वी के मुँह से फिर से सिसकारी निकल पड़ती हैं......

पूर्वी – aaaaaaaaaaaaa……..

haaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa…….

पद्मा उठ कड़ी हो जाती है.. और पूर्वी के पास बैठ जाती है…

पद्मा – इतना आसान नहीं है करीम की रांड बनाना….

करीम फिर से उंगली उसके गांड मई डालता है…

पूर्वी - Mmmmmmmmmmuuuuuuuu….

miiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii………..

पद्मा – मैंने कहा न अम्मी नहीं करीम … करीम … बोलो..

पूर्वी हस्ती है…





पूर्वी- aaaaaaaaaahhhhhaaa….

Kkarrrrrrrrrrrrrrr………….. ीीी…..

mmmmmmmm….mmmmm….

इस पर दोनों हँसाने लगाती है.. पद्मा उसका एक आम आपने मू मई लेके चूस रही थी aab…aisa पहली बार था जब वो कुछ अपनी गांड में ले रही थी ....... अब उसे भी धीरे धीरे ाचा लग रहा था मगर अभी भी उसके अंदर दुर्र था की जब करीम का लुंड उसके गांड में जायेगा तब उसका क्या हाल होगा ........

पूर्वी पद्मा को आपने करीब बुलाती है..

पूर्वी- जब उसका का वो जायेगा मेरे गांड मई तो बहोत दर्द होगा क्या… सच बता न तुजे तेरे बच्चे की कसम..

पद्मा- काया जायेगा..

पूर्वी- करीम का बड़ा लुंड..

पद्मा- नहीं मेरे मालकिन रांड… ज्यादा नहीं तोडा दर्द होगा…

पूर्वी- तू बहोत ज्यादा बोल रही है…

जब पूर्वी को पद्मा ने मालकिन रांड बोलै था इस बात पर पूर्वी को गुस्सा आया था...

इस पर पद्मा हँसाने लगाती है….

करीम फिर से अपनी जीभ पूर्वी की गांड पर ले जाता हैं और फिर से उसके छूट से लेकर गांड तक चेतना शुरू करता हैं और साथ hi साथ अपने दोनों उँगलियों को भी हरकत करने लगता हैं ..... उसके इस हरकत से पूर्वी बहुत तेज़ी से अपने चरम पर पहुँच जाती हैं ......... करीब 5 मिनट के अंदर hi पूर्वी फिर से चीखते हुए दुबारा से ठंडी पढ़ जाती हैं ....... वो अब दूसरी बार झाड़ चुकी थी ........ फिर से वो वहीँ बीएड पर शांत पढ़ी रहती हैं ....... अब भी उसका जिस्म काँप रहा था........

फिर करीम वहां से उठता हैं और पास में रखा तेल अपने हाथों में लेता हैं और अपने लुंड पर ाचे से मलने लगता हैं ...... फिर वो अपनी दो उंगली को पुरे तेल में भिगोता हैं और फिर से उसे पूर्वी की गांड के अंदर दाल देता हैं ........ तेल की वजह से चिकनाहट बढ़ जाती हैं और करीम का हाथ तेज़ी से पूर्वी के गांड में मूव होता हैं ....... पूर्वी फिर से अब गरम होने लगी थी.....

पूर्वी खुद हैरान थी की उसे आज क्या हो गया हैं ..... सुबह से वो 3 बार चुद चुकी है.. और वो भी इस मुसल लुंड से और अब अपनी गांड मरवाने के लिए रेडी हो गयी है. वो कभी भी आपने हस्बैंड से एक से ज्यादा बार चूड़ी नहीं थी एक दिन मई…. अब उसके जिस्म से उसका कण्ट्रोल पूरी तरह से ख़तम हो गया था ........ वो बस करीम को पूरी मनमानी करने दे रही थी ........ जब उसकी गांड थोड़ी सी लूसे हो जाती हैं फिर वो पूर्वी को वहीँ बीएड पर सोने का इशारा करता हैं ...... पूर्वी का दिल ज़ोरों से धड़क रहा tha......kahin न कहीं फिर से उसके दिल में दुर्र जनम लेने लगता हैं.......

करीम – मेरे रांड तू यहाँ पर पेट के बल लेट जा ....... अब मैं आज तुजे पूरी औरत बनाने जा रहा हूँ ....... अब तक तू अधूरी thi........aaj के बाद तू पूरी औरत बन जाएँगी ........

पूर्वी एक नज़र करीम के चेहरे की ओरे देखने लगती हैं...... थोड़ी गर्दन थेड़े करके..





फिर वो दूसरे नज़र पद्मा की ओरे देखते है… पूर्वी करीम के बातों को सुनकर शर्मा जाती हैं ......





एक बार फिर से उसका चेहरा पूरा लाल पढ़ गया tha....wo बिना कुछ कहें चुप चाप वहीँ बिस्टेर पर पेट के बल लेट जाती हैं और फिर करीम झट से उसके ऊपर आता हैं और फिर से अपना जीभ उसके गलों पर फेरने लगता हैं और उसे धीरे धीरे फेरते हुए उसके कान तक ले जाता हैं..... पूर्वी के जिस्म के रोएं एक बार फिर से पूरी तरह से खड़े हो जाते हैं........

करीम फिर पूर्वी के दोनों हाथ पूर्वी की गांड पर रखने को कहता हैं और उसके गांड को पूरा फ़ैलाने को कहता हैं ....... पूर्वी बिना किसी सवाल के अपने दोनों हाथ अपने गांड पर ले जाती हैं और अपने चुतरों को पूरा फैला देती hain......aab उसकी गांड का चीड़ साफ़ दिखाई दे रहा था ...... करीम बड़े गौर से एक तुक देख रहा था ...... अब उसका भी लुंड पुरे एक्ससिटेमेंट से खड़ा हो गया था ...... अब उसका भी साबरा टूट चूका था ....... फिर वो झट से अपना लुंड पूर्वी की गांड के छेद पर रक्त हैं और वहीँ पूर्वी के ऊपर आराम से लेट जाता हैं .............

पूर्वी - प्लीज करीम ज़रा आराम से करना..... मैं दर्द बर्दास्त नहीं कर सकुंगी ...... प्लीज ....... मेरे खातिर......

पद्मा- मेरे मालकिन रांड…. आप चिंता मत करो… करीम बहोत धीरे से करेगा…

पूर्वी गुस्से मई बोलती है…

पूर्वी – तू चुप कर चैनल… और मुझे मालकिन रांड मत बोल… मुझे रांड सिर्फ करीम hi कह सकता है… समाजी… बाजारु.. औरत..

इस पर पद्मा बहोत धीरे से बोलती है..

पद्मा – खुद आपने पति को छोड़ के एक गैर मर्द के निचे नंगी पड़ी है और मुझे बाजारू कह रही है..

पूर्वी ने इस मई का आधा hi सुना था…

पूर्वी- क्या बोली तू…

पद्मा- कुछ नन्ही मेमसाब…

पूर्वी का दिल ज़ोरों से घबराए रहा था ......... वो अंदर hi अंदर काँप रही थी ...... अब वो भी आने वाले दर्द को बर्दास्त करने की पूरी कोशिश कर रही थी ........ बार बार वो करीम के मूसल को अपने गांड में उतरता सा महसूस कर रही थी ...... जिसके वजह से उसका गाला बार बार सुख रहा था.....

करीम - तू चितना मुट्ठ कर....... जब तुजे दर्द होगा तो मैं रुक जवांगा ......... देखना तुजे भी इसमें मज़ा आएगा ........

करीम फिर झट से अपने दोनों हाथ पूर्वी के बूब्स पर ले जाता हैं और उसे कसकर अपनी दोनों मुट्ठी में भींच लेता हैं ....... फिर वो धीरे धीरे अपने लुंड पर दबाव डालना शुरू करता हैं ........ पूर्वी का जिस्म अभी भी दुर्र से काँप रहा था .......... तभी करीम ज़ोर से दबाव डालता हैं और उसका सूपड़ा पूर्वी की गांड को चीरता हुआ उसकी गांड में पूरा समां जाता हैं........ पूर्वी अपनी चीख नहीं रोक पाती और ज़ोरों से चिल्ला पड़ती हैं ...





पूर्वी - aaaaaaaaaaaaaaaa ..... iiiiiiiiiiiiiiiii ....... hhhhhhhhhhhhhh .... ओह ....... माय ......... गॉड .......... प्लीज स्टॉप आईटी ............ करीम ............. मैं ..... मुरर ...... जावांगी ......... मैं नहीं ले पाओंगी तुम्हारा ......... प्लीज इससे अभी बहार निकालो ........

और ऐसे कहते हुई पूर्वी अपने सर को इधर उधर घूमने लगती हैं ........ करीम कुछ डियर तक वहीँ रुक जाता हैं और अपने लुंड को पूर्वी की गांड में फंसाये रखता हैं ......... ...... कुछ डियर बाद पूर्वी थोड़ी नार्मल होती हैं फिर करीम झट से अपना लुंड बहार निकलता हैं और इस बार एक hi झटके में अपना पूरा लुंड पूर्वी की गांड में उतरता चला जाता हैं ......





ढाका इस बार इतना ज़बरदस्त था की पूर्वी कुछ डियर तक वैसे hi चुप चाप पड़ी रहती हैं ........ उसके जिस्म में कोई हरकत नहीं हो रही थी .......

थोड़ी डियर बाद पूर्वी बहुत ज़ोरों से चीख पड़ती हैं ...... और इस बार उसके आँखों से आंसूं की धरा निकल पड़ती हैं ....... वो झट से अपने दोनों हाथ बिस्टेर पर ले जाती हैं और कसकर अपने दोनों मुट्ठी से बिस्टेर को पूरी ताकक से मसलने लगती हैं....... करीम के इस झटके से पूर्वी के गांड मई आग होने लगाती है….

पूर्वी अभी भी पेट के बल वहीँ बिस्टेर पर लेती हुई thi........aab वो हांफ रही thi.......wo अब कैसे भी करीम के लुंड को बहार करना चाहती thi..........Karim करीब 6 इंच तक अपना लुंड पूर्वी की गांड में पेल चूका tha......Purvi अभी भी सिसक रही थी........

पूर्वी - please......Karim.....main तुम्हारे आगे हाथ जोड़ती हूँ प्लीज इसे बहार nikalo.......main मुरर जावांगी ....... तुम्हारा बहुत बड़ा hain....ye नहीं जायेगा मेरे ander........please......

पद्मा – मेमसाब .. आप हिलिए मत नहीं तो आपको बहुत तकलीफ होगी..

पूर्वी – तू चुप कर…..

करीम कुछ डियर तक वैसे hi पूर्वी के ऊपर शांत पड़ा रहता हैं…..

करीम - बस पूर्वी ......थोड़ा सा और दर्द बर्दास्त कर le.......fir तुजे भी ाचा लगेगा.........

कुछ डियर बाद पूर्वी फिर से कुछ नार्मल होती हैं ...... इधर करीम बड़ी बेरहमी से उसके दोनों बूब्स को मसल रहा था ..... और बरी बारी से उसके गलों को भी चाट रहा था ....... फिर वो झट से अपना लुंड बहार निकलता हैं और इस बार एक hi झटके में अपना लुंड पूरी ताकक से पूर्वी की गांड में पूरा उतरता चला जाता हैं ......





इस बार पूर्वी अपने चीखों को नहीं रोक पाती और ज़ोरों से चिल्ला पड़ती हैं........

पूर्वी –aaaaaaaaaaaaaaaaaaaa ............. hhhhhhhhhhhhhhhhh नाहिंन ......... प्लीज ...... करीम ...............

उसकी आँखों से आंसूंओं के सैलाब फिर से उमड़ पड़ता हैं......... पूर्वी hi जानती थी की इस वक़्त उसकी क्या दशा हो रही है .......... अब करीम का पूरा लुंड पूर्वी की गांड में उतर चूका था ......... वो भी वहीँ रुक जाता हैं और फिर से पूर्वी के बूब्स को मसलने लगता हैं और अपनी जीभ पूर्वी के गलों पर भी फेरता हैं ......... पूर्वी के मुँह से दर्द भरी सिसकरी निकल रही thi......wo दर्द से इस वक़्त बहुत तड़प रही thi........Karim की तो कोई मज़े की सीमा नहीं थी ....... इसी गांड के लिए तो वो सुआबाह से तड़प रह रहा था ......... वो भला कैसे पूर्वी को इतनी आसानी से जाने देता ....... पूर्वी की गांड पूरी तरह से टाइट थी जिस से उसका लुंड पूरा फंसा हुआ था ........ करीब 5 मिनट तक करीम ऐसे hi अपने लुंड को पूर्वी के गांड में वैसे hi रहने देता हैं.........

अब पूर्वी पहले से काफी बेहतर महसूस कर रही thi......aab उसका दर्द बहुत हुड्ड तक कम हो गया tha.......fir से करीम धीरे धीरे अपनी कमर को हिलना शुरू करता हैं और उधर पूर्वी फिर से सिसक पड़ती हैं ........... अब उसका दर्द मज़े में धीरे धीरे बदल रहा था ......... इधर करीम भी अपनी रफ़्तार धीरे धीरे तेज़्ज़ करता जाता हैं और उधर पूर्वी के मुँह से सिसकारी भी तेज़्ज़ होती चली जाती हैं...........





फिर करीम एक झटके में अपना पूरा लुंड बहार निकलता हैं और इस बार उतनी hi तेज़ी से अपना पूरा लुंड पूर्वी की गांड में उतरता चला जाता हैं .......... फिर वो ज़ोरों से पूर्वी की गांड मरना शुरू करता हैं ...... पूर्वी बस सिसक रही थी और अपने दोनों हाथों से बिस्टेर को ज़ोरों से मसल रही थी ....... करीब 10 मिनट की चुदाई के बाद उधर करीम ज़ोरों से हाफने लगता हैं ....... वो भी अब अपने चरम पर पहुँच गया tha.........wo अपना सारा छुम पूर्वी की गांड में पूरा निकल देता हैं ...... पूर्वी एक बार फिर से चीख पड़ती हैं और वो फिर से aaaaaaaaaaaaaaaaaaaa........hhhhhhhhhhh.........ssssssssssss करते हुए ज़ोरों से झरने लगती hain.......aur उधर करीम भी तुरंत ठंडा पढ़ जाता हैं और वहीँ पूर्वी के ऊपर लेते रहता हैं.........

दोनों की सांसें एक बार फिर से बहुत ज़ोरों से चल रही थी ......... इस वक़्त दोनों के जिस्म पसीने से पूरी तरह से भीगे हुए थे ......... पूर्वी झट से अपनी आँखें बंद कर लेती हैं और वहीँ बिस्टेर पर शांत पड़ी रहती hain.....kareeb 15 मिनट तक दोनों ऐसे hi बेसुध होकर वहीँ बिस्टेर पर पड़े रहते हैं ......... थोड़ी डियर बाद करीम अपना लुंड पूर्वी की गांड से बहार निकलता हैं .......इस वक़्त उसके लुंड पर खून लगा हुआ था जो पूर्वी की गांड से धीरे धीरे बहार की ओरे बह रहा था .........

पद्मा – मेमसाब आज तो आपकी डबल सुहागरात हो गयी…

करीम उसके तरफ देखता है..

पद्मा – सुबह छूट की सुहागरात और अब गांड की सुहागरात…

पूर्वी- कुछ भी बाके जा रही है तू….

पूर्वी की गांड से कुछ करीम का छुम और कुछ खून का मिला जुला रूस अब धीरे धीरे बहार की ओरे निकल रहा था ......... पद्मा एक कपडा करीम को लेक देते है.. उस कपडे से वो अपना लुंड को ाचे से साफ़ करता हैं .... फिर पूर्वी के गांड और छूट को ाचे से साफ़ करता हैं .......

जब पूर्वी उतने की कोशिश करती है और चलने की कोशिश करती है तब उसकी चल में लड़खड़ाहट thi........wo सही से चल भी नहीं पा रही थी .......... करीम झट से अपने कपडे पहन लेता हैं और पूर्वी भी थोड़े डियर बाद अपने कपडे पहनने लगती हैं .....

करीम अभी भी पूर्वी के चेहरे को एक तुक देख रहा था......





पूर्वी - अब ऐसे क्या देख रहे ho......kar ली न तुमने अपनी मनमानी ....... तुम्हें तो ये भी होश नहीं रहा की मुझे आज कितनी तकलीफ हुई हैं ....... मुझे ठीक से चला भी नहीं जा रहा.....

करीम – तुजे कुछ ज्यादा तकलीफ हुई क्या…

पूर्वी एक नज़र करीम की ओरे घूर कर देखती हैं …..





पूर्वी- तुम सच में पूरे जानवर हो ...... जानते हो ऐसा लगा की जैसे आज मेरी मौत पक्की hain..........tumhein थोड़ी भी मुझपर दया नहीं आयी ......भला कोई इस तरह से सेक्स करता हैं kya........tumne तो मेरे दोनों छेद को पूरा फैला दिया हैं ....... अब अरुण को मैं क्या जवाब दूँगी ...... बोलो........

करीम फिर आगे बढ़कर पूर्वी के लैब चूम लेता हैं …

करीम – तू भी न पूर्वी .......सब ठीक हो जायेगा.......

पूर्वी बड़े प्यार से करीम को एक तुक देख रही थी..........





कहते हैं न अगर जिस्मानी सम्बन्ध एक बार बन जाये तो उस इंसान से एक लगाव सा हो जाता hain.....aaj पूर्वी को भी करीम से एक लगाव सा हो गया tha.......shayad वो अब करीम को अपना मानाने लगी थी ........

पूर्वी – अब मुजसे चला भी नहीं जार अहा है.. मुझे हाल तक छोड़ो न …

पद्मा- मई छोड़ दूंगी न मेमसाब आपको..

पूर्वी- तू क्या मुझे अपनी बहू मई लेके जाएगी क्या..

फिर करीम उसको आपने बहू मई उठा लेता है… और उसे उसके बैडरूम तक लेके जाता है.. वो बोल रही थी की बैडरूम मई हस्बैंड है तुम मत आओ पर करीम उसके बैडरूम मई उसको लेके गया.. अरुण वह सोया हुआ था.. दूसरे तरफ मू करके … पूर्वी ने उसको जल्दी जाने को कहा.. करीम ने उसको किश किया और वह से चला गया.. इधर पूर्वी अपने बीएड पर जैसे hi लेटती हैं वो तुरंत सो जाती hain..........wo आज बहुत थक गयी thi......aur उसे थोड़ी कमज़ोरी सी भी लग रही thi........aaj पूर्वी के चेहरे पर एक सुकून भी tha.....wo करीम के साथ सेक्स करने के बाद वो आज पूरी तरह से संतुस्ट थी........

करीम चला गया… बहार नहीं उप्पर शालिनी के रूम मई.. शालिनी उप्पर सोई थी.. एक रूम मई..





उसने पता किया था पद्मा से…

______________________________

अब करीम उप्पर चला गया था… उसको सिर्फ इतना पता था की कार्नर वाली रूम शालिनी की है… लेकिन कोनसे कार्नर वाली … लेफ्ट या राइट… उसमे वो कंफ्यूज हो गया था… कुछ सोचने के बाद वो एक रूम मई जाने का सोचता है .. वो रूम का दूर थोड़ा पुश करता है… सामने पूजा उसे दिखाए देते है..





थोड़े देर मई पूजा सो जाती hai...Pooja को देख के करीम ख्यालों में गम हो जाता हैं ....... वाह!!!! कुंवारी छूट लगाती hain.....tab तो और भी मज़ा आएगा …. इस कच्ची काली को फूल बनाने mein.......kasam से बहुत मज़ा आएगा जब वो एक बार मेरे नीचे आएगी .............. अब पूर्वी तो मेरे नीचे आ hi चुकी हैं तो उसकी ननद भी बहुत जल्द आएगी ....... देख लेना मेरी जान एक दिन तुम दोनों को इसी बिस्टेर पर छोडूंगा ...... बस मुझे उस दिन का बड़ी बेसब्री से इंतज़ार रहेगा....

तभी पीछे से उसके शोल्डर पर किसी ने हाट रख दिया…

शालिनी – तुम इस वक़्त यहाँ क्या कर रहे हो…

करीम पीछे घूम जाता है.. सामने शालिनी को देख के उसके दिल मई ठंडक पड़ती है…





करीम – मेरे रानी .. तुमको ढूंढते हुई hi यहाँ आया हु..

शालिनी – फिर मेरे रूम मई आना था न.. इस पूजा के रूम के बहार क्या कर रहे हो…

करीम उसके कमर के पीछे से दोनों हाथ दाल के उसे उठा लेता है…





करीम- मुझे क्या पता तुम्हारा कोनसा रूम है..

शालिनी – घर नहीं गय्ये क्या…

करीम – मेरे रानी… तुम्हारी छूट की याद आयी तो घर से भाग के तुम्हारे पास चला आया

शालिनी- आफ्टरनून मई जो कुछ मेरे साथ किया उस से जी नहीं भरा क्या….

करीम- तुम्हारे जैसे फटका आइटम हो तो इतनी जल्दी जी कैसे भर सकता है मेरी जान..

तब उसकी आँखों मई देखते हुई कहते है..





शालिनी- अब घर जाओ … कोई तुम यहाँ देख लेगा… कल मिलते है..

करीम- नहीं रानी… एक बार छूट दे दो….

शालिनी- तुम जब से गए हो न तबसे अभी तक मई चल भी नहीं सकते थी… अब चल पा रहे हो.. और तुम फिर उसके पीछे पड़े हो… कल मुझे रसम मई जाना है.. अगर ह्यूमेन अभी और कुछ किया तो मई कल उठ भी नहीं पा सकूंगी…

करीम- मुझे कुछ पता नहीं… मुझे तुम्हारी एक बार छूट चाहिए..

शालिनी- प्ल्ज़… समाज करो…

करीम उसे बहू मई उठा के उसके रूम मई लेके आता है ..

शालिनी- मई कही भागी नहीं जा रही हु.. यही हु… आज नहीं.. प्ल्ज़… बहोत दर्द हो रहा है… मेरे छूट का तुमने बहोत बुरा हाल किया है… शादी के इतने सालो के बाद आज मुझे पहली बार इतनी तकलीफ हो रही है… आज के बाद कभी भी अपनी खाविश पूरी कर लेना..

करीम- तो ठीक है… छूट नहीं बोल रही हु तो गांड दे दो…

शालिनी – क्या????

शालिनी उछाल पड़ती है…

करीम – है

शालिनी- क्या … पागल हो गए हो क्या.. वो तो तुम हरगिज नहीं मिल सकती..

करीम- क्यों

शालिनी- तुम्हारा वो हत्यार कितना बड़ा है..

करीम – उस से क्या होता है.. तुम्हारे छूट ने तो ले hi लिया न..

शालिनी – मई पागल नहीं हु… मेरे हस्बैंड ने इतने दिनों से मेरे छूट मारी थी इस वजह से मुझे तुम्हारा ये हत्यार अपनी छूट मई लेने को ज्यादा तकलीफ नहीं हुई… और अगर मई आपने गांड मई ये लुंगी तो कितने दिनों तक मई चल भी नहीं पाऊँगी..

करीम- मुझे कुछ पता नहीं.. तुम मुझे छूट या गांड दोनों मई से एक तो देने पड़ेगी

शालिनी- ज्यादा पागल मत बनो.. और यहाँ से चले जाओ…

करीम थोड़े देर शांत रहता है..

करीम- सुबह से कुछ मैंने खाना नहीं खाया है.. मुझे भूख लगी है…

शालिनी- तो ठीक है .. मुझे भी भूख लगी है.. मई निचे किचेन से कुछ लेके आते हु..

निचे जाकर शालिनी करीम के लिए कुछ लेके आये , साथ मई फ्रूट और मिल्क भी लेके आयी… साथ मई बैठकर दोनों ने खाना ख्य.

खाना खाने के बाद शालिनी ने करीम से कहा तुम अब जाओ, मुझे नींद आ रही है और मेरा बदन भी बहुत दर्द कर रहा है…

करीम- मई मालिश करवा देता हु… बहुत अच्छी मालिश करता हु मई..

तब उसकी और देखते हुई शालिनी कहती है..





शालिनी- मई जानती हु … तुम मालिश के बहाने मेरे फिर से बजाओगे… तुम्हारे सब चल मई समजती हु..

करीम – अरे बाबा.. मई कुछ नहीं करूँगा .. सिर्फ मालिश hi करूँगा.. ट्रस्ट करो ..

शालिनी – सिर्फ मालिश.. दूसरा कुछ भी नहीं… समजे..

करीम – है

अब करीम दूर बंद करता है … बीएड पे शालिनी बैठ जाती है … उसके पीछे करीम बैठा था.. उसके दोनों साइड से पेअर कर के.. सिचुएशन ऐसे थी की अगर करीम का लुंड अभी खड़ा होता तो वो शालिनी के गांड को सूरे चूब रहा होता… अभी खड़ा नहीं था लेकिन आगे चल के वो खड़ा होने वाला hi था.. करीम अब शालिनी के शोल्डर की मालिश करने लग गया था…





शालिनी के बाल पहले से hi खुले थे इस वजह से करीम वो बाल आगे करता है.. बाल आगे करने की वजह से उसकी शोल्डर अब ओपन हुई थी.. उसको करीम सुंग रहा था.. करीम ने अभी तक उसके नैक या शोल्डर को किश नहीं किया था.. लेकिन शालिनी के खुशबू की वजह से करीम के लुंड ने हरकत करना शुरू कर दी थी… वो अब शालिनी को समाज मई आ रहा था..

शालिनी- सिर्फ .. मालिश hi करना .. दूसरा कुछ मत करना..

करीम- मई तो सिर्फ मालिश hi कर रहा हु

शालिनी- लेकिन तुम्हारा ये छोटू तो कुछ और hi कह रहा है..

करीम- क्या ..कह रहा है…

शालिनी – अपनी औकात मई आ रहा है..

करीम – इतनी खूबसूरत औरत जब इतने नज़दीक बैठे हो तो वो छोटू तो कुछ न कुछ करेगा hi न शालिनी मैडम

ऐसे कहते हुई करीम आपने एक हाथ थोड़ा आगे उसके कमर के उप्पर तक लेके जाता है..





उस हाट को शालिनी चपत लगाती है..

शालिनी- ऐसे चालबाज़ी मेरे साथ नहीं चलेंगे.. आपने हाथ पीछे ले लो

करीम – मेरे नहीं तो आपने प्यारे छोटू की तो बात सुन लो

शालिनी- छोटू को बोलो … आज कुछ नहीं मिलेगा…

करीम- एक बार से शालिनी क्या होगा… थोड़ा रेहम खाओ

शालिनी- चुप चाप मालिश करो नही तो यहाँ से चले जाओ..

करीम- ठीक है…

थोड़े दे रेज hi मालिश करने के बाद करीम शालिनी से बोलै ..

करीम- शालिनी तुम अब पेट के बल सो जाओ.. मई तुम्हारे पिट की मालिश करता हु…

उस समय शालिनी ने पिंक निघ्त्य पहनी हुई thi..wo आपने पेट के बल सो गयी..

करीम – इस निघ्त्य के ऊपर से hi मालिश करनी है क्या ..

शालिनी – हां…

करीम अब उसके पिट की मालिश करने लग गया…





5 मिनट मई hi शालिनी को अच्छा लगाने लगा था … उसका दर्द अब दूर जाने लगा था.. करीम अब उसके कमर पर बैठ गया और उसके पिट को जोरसे से दबाने लग गया.. ऐसे hi थोड़े देर करने के बाद करीम ने उसकी निघ्त्य थोड़े निचे से उप्पर उठा ली.. उसके गांड तक.. शालिनी ने कुछ नहीं कहा.. उसे बहोत मज़ा आ रहा था करीम के मालिश से..

अब करीम शालिनी के बैक , गार्डन और उसके सर की मालिश कर रहा था.. शालिनी अब सिसक रही थी… करीम का बड़ा लुंड अब उसके गांड को चूब रहा था लेकिन वो कुछ नहीं बोल रही थी… ये देख के करीम ने उसके निघ्त्य और थोड़ी उप्पर उठाई … उसके कमर के उप्पर.. और मालिश करने लग गया…

करीम - कैसा लगा रहा है.. शालिनी मैडम.. ठीक है अभी.. या और जोरसे करू?".

शालिनी - ठीक है बस इतना hi प्रेशर सही है.. अच्छा लग रहा है…

करीम – और कहा करना है…

शालिनी - कमर से थोड़ा नीचे बी karo..waha भी दर्द है.

फिर करीम शालिनी के कमर से मालिश करते हुई उसके गांड पर भी मालिश करने लग गया..

करीम - शालिनी तुम्हारे पुरे बदन की मालिश करू क्या…

शालिनी कुछ नहीं बोलती और सिर्फ सिसक रही थी… अब करीम शालिनी के टांगों के बीच में बैठ कर पीठ पर दबाव डालने laga.waise करते करते वो थोड़ा आगे बाद गया.. अब शालिनी की निघ्त्य उसके आड़े बदन को hi धक् रही थी.. करीम उसको निकलने लगा.. उसने शालिनी के पेट से हाट डालके उसको निकलना चाहा तो वो सोई थी इस वजह वो निकल नहीं रहा था. शालिनी ने अपनी चेस्ट थोड़ी उठाकर उसे निकलने मई मदद की..

करीम अब मालिश करते हुई उसके हाथ शालिनी के चूचिओं के आस पास जाने लगे… ऐसे करने से वो उत्तेजित हो जाती. थोड़ी देर वैसे hi करीम मस्सगे करता रहा.. अब शालिनी से रहा नहीं जा रहा था... वो चाहती थी की वह उसके चूचिओं के साथ खेले …

शालिनी – बस सिर्फ पीट पर hi मालिश करते रहोगे या आगे बी करोगे.

करीम - तू घूम जा.. आगे भी कर देता हु.

शालिनी के घूमते hi वह फिरसे से उसके ऊपर चढ़ गया .

शालिनी - ठीक से मालिश करना जैसे अपनी बीवी की करते हो...

करीम – बीवी मालिश के बाद छोड़ने देते है.. तू तो दे नहीं रहे है…

शालिनी हसती है…





करीम- कभी कभी तो गांड भी देती है…

शालिनी – तो अपनी बीवी के पास जाओ.. यहाँ क्या कर रहे हो…

करीम- उसकी छूट और गांड रोज hi मरता हु.. अब वो बुद्धि भी वो गयी है.. सोच रहा हु तेरा जैसा नया माल रोज छोड़ने को मिलेगा तो मज़ा आ जायेगा…

शालिनी हसती है.. अब करीम उसके पेट पाई बैठ गया…

करीम- बोल न.. शालिनी रानी… तू मुझे छोड़ने को देगी क्या रोज…

शालिनी- आज का कोटा ख़तम हुआ.. आज सुब्बह hi दिया था न …

करीम – और एक बार ..

अब करीम शालिनी के दोनों हातो पकड़ के एक दूसरे को दूर करके पकड़ के रखता .. उसके सर से परेल्लल लाइन mai…aur आपने फेस शालिनी के चहरे के पास ले जाता है.. शालिनी वैसे hi आपने चेहरा दूसरी तरफ घुमा लेती है… वैसे hi करीम उसके कान को किश करता है..

शालिनी- तुम देख के ऐसा नहीं लगता की मई अकेली हु .. तुम्हारा ऑप्शन..

करीम- हां..

शालिनी – और कोण है..

करीम- बता दू…

शालिनी- हां

करीम- पूर्वी

शालिनी – क्या… ऐसा नहीं हो सकता .. पूर्वी ऐसे नहीं है..

करीम- मेरे खाविश है की पूर्वी और तुजे एक साथ hi छोड़ दू .. एक hi बीएड पर..

शालिनी – सचमुच .. तुम्हारा और पूर्वी का है क्या..

करीम- अभी तक तो नहीं … लेकिन तुम पटके डौगी तो हो जायेगा..

शालिनी – वो वैसे नहीं है..

करीम- फिर भी कोशिश करो

शालिनी – कोशिश करती हु…

करीम – मज़ा आ जायेगा तुम दोनों को एक साथ छोड़ने मई..

शालिनी हसती है..





शालिनी – तुम पागल हो… ऐसा कैसे हो सकता है..

करीम- मेरी जान हो सकता है..

ये कहते हुई वो शालिनी की ब्रा के उप्पर से मालिश करता है…

करीम – इस को निकल दो..

शालिनी – इस के उप्पर से hi मालिश करो

शालिनी ने ऐसे कहते hi करीम उसके ब्रा को पकड़ता है और जोरसे उसको खींचता है… उस वजह से ब्रा थॉट जाता है..

शालिनी – थोड़ दी .. कल hi मेरे हस्बैंड ने लायी थी…

करीम- तुमने hi कहा न की बीवी के जैसे मालिश करो..

शालिनी हस्ती है…

शालिनी – तुम अपनी बीवी की मालिश ऐसे hi करते हो क्या..

करीम- हां.. ऐसे hi करता हु.. आज के रात तुम मेरे बीवी हो….

शालिनी फिर से हँसाने लगाती है…

करीम- आज रात के लिए बनोगी न मेरी बेगम…

शालिनी – मई तो शदीशुद्दा हु .. आलरेडी…

करीम- तो क्या हुआ .. एक रात के लिए मेरी बेगम बन जाओ…

शालिनी – न.. बाबा

करीम- क्या हुआ बेगम

शालिनी – मई अभी तक तुम्हारी बेगम नहीं बानी हु

करीम- तो बन जाओ

शालिनी के दोनों आम को आपने दोनों हातो मई लेके करीम जोरदार दबाता है..

शालिनी- आआआआह्ह्हह्हआआ…

Hhhhhhhhaaaaaaaaaaa….

Nahiiiiiiiiiii… बनाना है मुझे तुम्हारी बेगम ….

करीम- क्यों

ऐसे कहते हुई वो आपने हूंठ शालिनी के होंटो के पास लता है.. शालिनी आपने दोनों हाथो से करीम का चेहरा उप्पर करती है..

शालिनी – तुम बहोत बेहराम हो…

करीम- क्या बेरहमी की मैंने आपने बेगम के साथ..

शालिनी – मेरा कितना बुरा हाल किया तुमने सुबह.. अभी तक बदन दर्द कर रहा है.. अभी तक मई तुम्हारी बेगम नहीं बानी तो मेरा ये हाल है.. अगर मई तुम्हारी परमानेंट बेगम बानी तो तुम मुझे घूमने और चलने के काबिल बे नहीं छोड़ोगे…

करीम- ऐसे बात है तो आगे से मई अपनी बेगम का ख्याल अचे से रखूँगा… उसे ज्यादा तकलीफ नहीं दूंगा…

शालिनी – मई ने कहा न मई आपकी बेगम अभी तक नहीं बानी..

करीम उसका एक आम आपने मू मेल ेके उसे चूसने लगता है…

शालिनी – aaaaaaaaaaaaaaaahaaa….

Aaaaaaaaaaaahhhhaaaaa…..

करीम आपने दातो मई लेके उसे थोड़ा काटता है..

शालिनी – haaaaaaaaaaaaa…… कटु… ……… maaaaaaaaaaaattttttt…..

करीम- जैसे मेरे बेगम की विश

शालिनी – मई जानती हु .. तुम झूट बोल रहे हो..

करीम – कोनसा झूट

शालिनी – यही की तुम मेरे साथ बेरहमी नहीं दिखाओगे…

करीम – अरे… रीई… मैंने तो आपने बेगम की बात की तरफ ध्यान hi नहीं दिया

शालिनी – कोनसी बात

करीम – यही की मई तो आपको एक रात की बेगम बनाना चाहता था.. और हमारी नयी बेगम तो हमारी परमानेंट बेगम बनाना चाहती है….

इस बात पर शालिनी शर्माकर आपने दोनों हाथो से आपने चेहरा छुपा लेते है…

करीम- ारे शर्माओ मत मेरे बेगम…

करीम उसका हाथ उसके चहरे से हटा देता है….

करीम- क्या तुम हमारी परमानेंट बेगम बनाना चाहती हो

शालिनी कुछ नहीं बोलती

करीम – बोलो न बेगम

शालिनी – गलती से मुँह से निकल गया

करीम- एक बार क्या तुजे छोड़ा तो तुजे मेरा लुंड इतना पसंद आ गया क्या..

शालिनी कुछ नहीं बोलती…

करीम- क्या तुम हमारी बेगम बनाना पसंद करोगे.. आज रात के लिए..

शालिनी है मई गार्डन हिलती है..

करीम- तो तुम आज रात के लिए मेरे बेगम हो..

शालिनी – मुझे क्या करना होगा आपने शोहर के लिए आज रात भर…

करीम- क्या करोगे आपने शोहर के लिए

जो तुम कहो

ंगे

करीम – पहले तो आपने शौहर को तुम रेस्पेक्ट देखे बात करने होगी… मुझे तुम नहीं आप कहना पड़ेगा..

शालिनी – जीई… जैसे आपकी इच्छा

करीम- क्या करागि

शालिनी – मई अपनी जिंदगीभर आपको रेस्पेक्ट dungi...mai आपको आप कहके hi बुलाऊंगी...

करीम – दूसरी बात आपने नाम बदलना पड़ेगा..

शालिनी – जी चेंज कर दो… आप hi कोई अच्छा सा नाम दे दो…

करीम थोड़े देर सोचता है…

करीम – उज्मा… ये नाम ठीक रहेगा..

अब करीम आपने शर्ट निकल देता है.. और शालिनी की बरी बरी चूचिओं को मसलने लगा. उसके मुँह से सिसकारी निकलने लगी. उसने आँखें बांड कर ली.

अब करीम खड़ा हुआ और अपनी पंत और ुंदरपनत निकल के उसने उतर दी… उसका तना हुआ लुंड शालिनी के सामने था.. वो शर्माकर अपनी आँखे बंद करती है.. और चुप चुप के उसे देखते है…

करीम- मेरी उज़्मा बेगम…. शर्मा मत इससे खुल के देख…

शालिनी अपनी आँखे खोलती है..

शालिनी – सुबह तो आपके इस पर बाल ते .. अब कहा गए…

करीम – तुम्हारे लिए निकल के आया हु..

शालिनी – आप को पता था क्या.. की आपको यहाँ सब कुछ मिलेगा..

करीम – हां..

शालिनी - आगे से मई आपकी सेवा करुँगी... आप खुद मत निकालो इससे..

करीम आपने तना हुआ लुंड हाट मेल ेके हिलने लग गया

करीम- तुजे ये पसंद है..

शालिनी – आपने शोहर की हर चीज़ मुझे पसंद है..

करीम- पहले या दूसरे शोहर की..

शालिनी – आप मेरे अकेले शोहर हो.. वो मेरा हस्बैंड है.. मई आपने शोहर के लिए कुछ भी करुँगी…

करीमी – बहोत खूब… उज़्मा… बेगम…

खूब अच्छी तरह चूचिओं को मसलने के बाद करीम ने उसके टांगों पर मालिश करने लगा. उसके पंतय टांगों में फांसी हुई थी, जिसके आस पास वह खूब अच्छे से मालिश कर रहा था. अब उसके सामने शालिनी के विशाल चुतर थे. शालिनी ने छोटी सी जालीदार नायलॉन की पारदर्शी पिंक पंतय पहन राखी थी जो कुछ भी छुपा पाने में असमर्थ थी. ऊपर से शालिनी के चुतरों की आधी दरार कच्ची के बहार थी. फैले हुए मोठे चुतर करीब पूरे hi बहार थे. उसने उन मोठे मोठे चुतरों की जी भर के मालिश की जिससे कच्ची शूटरों से सिमट कर बीच की दरार में फँस गयी. अब तो पूरे चूतर hi नंगे थे.

मालिश करते करते करीम शालिनी के छूट के अस्स पास हाथ फेरने लगा और फिर फूली हुई छूट को मुठी में भर लिया. शालिनी की पंतय बिलकुल गीली हो गयी थी ..

शालिनी - इस्सस…. आआ…. क्या कर रहे हो आप . पलज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़….. छोर दो उसे, मैं मर जाउंगी.

करीम- मज़ा आया न उज़्मा…

अब शालिनी पलट gayi…Karim उसके टांगों के बीच में थोड़ा आगे खिसक गया और उसके पीठ पर मालिश करने लगा. ऐसा करने से उसका तना हुआ लावड़ा शालिनी के छूट से जा तक्र्य. अब उसके तने हुए लुंड और शालिनी की छूट के बीच छोटी सी पंतय थी. उसकी छूट का रास जालीदार पंतय से निकल कर उसके लुंड के सुपर को गीला कर रहा था. वह शालिनी के चूचिओं को दबाने लगा और अपने लुंड से उसके छूट पर ज़ोर डालने लगा. लुंड के दबाव के कारन पंतय छूट में घुसने लगी. बारे बारे नितम्बों से सिमट कर अब वो बेचारी पंतय उनके बीच की दरार में धंस गयी थी.

उसकी लुंड का सुपर शालिनी की जालीदार कच्ची को फरता हुआ उसके छूट में समां गया.

शालिनी - aaaaaah…….ooooh….ui मा. ोोूफ.. यह क्या कर रहे हो आप … मेरे शोहर.. मालिश के नाम पर आपने बेगम के साथ.. aaaaaaahhaaa…Mujhe नहीं मालिश करवानी.

करीम ने थोड़ा सा दबाव दाल कर आधा इंच लुंड और शालिनी की छूट में सरका दिया.

शालिनी - ाः …ोूह… िस्स्सस्स…. Chotuuuuuuuuuuuuuuuu… ने तो मेरी पंतय फर hi दी…….. ाआब मेरी छूट का क्या होगा…..

करीम - उज़्मा बेगम….. तू तो कुंवारी नहीं हैं. तुजे तो लुंड की आदत है…

शालिनी - ाः… मुझे मेरे हस्बैंड के छोटे लुंड की आदत है… शोहर के घोड़े जैसे बड़े लुंड की नहीं.

लेकिन शालिनी को दर्द के साथ मज़ा आ रहा था. उसने अपने चूतड़ों को हल्का सा उचकाया तो करीम का लुंड आधा इंच और शालिनी की छूट में सरक गया. अब करीम ने उज़्मा की कमर पाकर के एक और धक्का लगाया. करीम का लुंड कच्ची के छेड़ में से उज़्मा की छूट को दो भागों में चीरता होता हुआ 5 इंच अंडर घुस गया.

उज़्मा - आआआआआह… ahh….ahh. मर गयी ! छोर dijiye….meeree.. शोहर… मेरी पहात जाएगी. Oooh…Dheere राजा. अभी और कितना बाकी है? निकल लो इससे….

अपनी hi बेगम को कोई इतनी बेरहमी से छोड़ता है क्या.

करीम उज़्मा की चूचिओं को मसलते हुए बोलै …

करीम - अभी तो आधा hi गया है उज़्मा बेगम एक बार पूरा डालने दो फिर निकलूंगा.

उज़्मा- आप का क्या घोड़े का है क्या.. मेरी छूट आपके मूसल के लिए बहुत छोटी है

करीम ने धीरे धीरे दबाव दाल कर तीन इंच और अंडर पेल दिया.

करीम – मेरी जान.. उज़्मा बेगम … थोड़े से चूतर और ऊँचे करो न.

उज़्मा ने अपने भरी नितम्ब और ऊँचे कर दिए. अब उनकी छाती बीएड पर तिकी हुई थी. इस मुद्रा में उज़्मा की छूट करीम का लुंड पूरा निगलने के लिए तैयार थी. अब करीम ने उज़्मा के शूटरों को पाकर के बहुत ज़बरदस्त धक्का लगाया. पूरा 10 ऊंच का लावड़ा उज़्मा की छूट में जार तक समां गया.

उज़्मा - aaaaaaaaaaaaah……….

मार डाला ……. ोोूह .… ाः ….. अघ …. ुइ …si….aah… ाः….. ोीी….. maaaa……kitne जालिम हो आप ..ah….aise छोड़ा जाता है क्या अपनी बेगम को क्या.. पूरा 10 इंच का मूसल घुसेड़ दिया.

उज़्मा की छूट में से थोड़ा सा खून भी निकल आया. अब करीम धीरे धीरे लुंड को थोड़ा सा अंडर बहार करने लगा. उज़्मा का दर्द काम हो गया था और वो भी चुतरों को पीछे की और उचका कर लुंडको अंडर ले रही थी. अब करीम भी लुंड को सुपर तक बहार निकल कर जार तक अंडर पेलना शुरू कर दिया. उज़्मा की छूट इतनी गीली थी की उसमे से पहच पहच की आवाज़ पूरे कमरे में गूंजने लगी.

उज़्मा - आप तो सांड की तरह चढ़ कर छोड़ रहे हो अपनी फूल जैसे कोमल बेगम को. ज़िन्दगी में पहली बार किसी ने ऐसे छोड़ा है. Aaah…..aa..aaa.h…..ooooh..oh.

अब करीम ने लुंड को बिना बहार निकाले उज़्मा की फटी हुई पंतय को पूरी तरह फर कर उनके जिस्म से अलग कर दिया. उज़्मा अब बिलकुल नंगी थी. चूतर उठाई उनके चौरे नितम्ब और बीच में से मुंह खोले निमंत्रण देती, काली लुम्बी झाटों से भरी छूट बहुत hi सूंदर लगा रही थी.

भारी भारी शूटरों के बीच गुलाबी गांड के छेड़ को देख कर तो करीम ने निश्चय कर लिया की अब मेरे बेगम की गांड ज़रूर मारनी पड़ेगी. बिलकुल नंगी करने के बाद करीम ने फिर अपना 10 इंच का लावड़ा उज़्मा की छूट में जार तक पेलना शुरू कर दिया. उज़्मा की छूट के रास करीम क्र लुंड को लगा हुआ था. उसने छूट के रास में ऊँगली गीली करके उज़्मा की गांड में सरका दी.

उज़्मा - ुइ माँ…… आह …क्या कर रहे हो आप ..

करीम - कुछ नहीं बेगम तेरा ये वाला छेड़ दुखी था की उसकी ओरे कोई ध्यान नहीं दे रहा. मैंने सोचा इसकी भी सेवा कर दूँ.

ये कह कर करीम ने अपनी पूरी ऊँगली उज़्मा की गांड में घुसा दी.

उज़्मा - aaaaah…oooh…agh… धीरे राजा, एक छेड़ से आप का दिल नहीं भरा जो दुसरे के पीछे परे हो आप…

उज़्मा को गांड में ऊँगली डलवाने में मज़ा आ रहा था. करीम ने ज़ोर ज़ोर से धक्के मरने शुरू कर दिए. उज़्मा शायद दो तीन बार जहर चुकी थी क्योंकि उनकी छूट का रास बाह कर करीम अमरूदों को भी गीला कर रहा था. 15- 20 धक्कों के बाद करीम भी जहर गया और ढेर सारा वीर्य उज़्मा की छूट में उंडेल दिया. उज़्मा भी इस भयंकर चुदाई के बाद पसीने से तर हो गयी थी. वीर्य उसके छूट में से बहार निकल कर टांगों पर बहाने लगा. उज़्मा निढाल हो कर बीएड पर लेत गयी.

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फिर दोनों थके हुई थे तो नंगे hi सो गए … करीम भी वही सो गया.. सुबह जब शालिनी का फ़ोन बजा तो दोनों नींद से जग गए … रात को लेट सोने की और थकावट की वजह से दोनों को उतने मई थोड़ा टाइम लगा…. उठाते hi करीम फिर से शुरू हो गया .. उसने शालिनी को आपने बहू मई ले लिया…

करीम - कैसा लगा बेगम …. आपने शोहर से छुड़वाना…. अब रोज छुड़वाना चाहोगी क्या आपने इस शोहर से या नहीं..

शालिनी - मैं कब मन कर रही हूँ? अब आपकी बेगम बानी हुई हु अब क्या शर्माना. इतना मोटा लुम्बा लुंड तो बहुत hi किस्मत से नसीब होता है. अच्छा अब मुझे जाने दे मेरे मिया आपने तो मेरी छूट का बंद बजा दिया है.

अब करीम उसके गांड के पीछे पड़ता है.. लेकिन वो नहीं बोलती है ..

शालिनी - लेट हुआ है.. मई निचे जा रही हु..
 
उसके बाद शालिनी उठ कर कपडे पहन कर निचे चली गयी..





थोड़े देर करीम उठ कर कपडे पहन कर निचे जाने लगा तो उसे बालकनी मई लता दिख जाती है… वो बालकनी मई बैठकर नेलपॉलिश लगा रही थी..

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उसका ध्यान करीम के तरफ नहीं था.. वो सोच रहा था काँटी शेठ की उम्र तो बहोत ज्यादा है और ये लता मैडम तो ज्यादा उम्र की नहीं लगाती … मांजरा क्या है.. पता करना पड़ेगा..

तभी वह पूजा एक कार्नर मई बैठ कर करीम जो लता को देख रहा था वो देखते है ..





करीम का लता को देखने की वजह से उसे बहोत गुस्सा आता है.. वो मन मई बोलती है ठरकी साला... सुदरेगा नहीं.. करीम जैसे hi देखता है की पूजा उसे देख रही है वो लता को छोड़ के उसे देखने लगता है …तब पूजा ने एक हाफ निघ्त्य पहनी हुई थी.. और एक चेयर पे बैठी थी.. उसके थिगह के निचे सब कुछ नंगा hi था. अब करीम उसे देख रहा था.. पूजा गुस्से से आपने रूम मई चली जाती है.. फिर करीम निचे जाता है..

किचन मई शालिनी कुछ बना रही थी.. करीम वह जाता है.. उसे हाल मई और किचन मई कोई नहीं दिखता है.. करीम उसके पास चला जाता है… और उसे पीछे से पकड़ता है…





उसके कमर मई हाथ दाल के …और उसके गाल को किश करता है..





शालिनी ने अब साड़ी पहनी हुई थी . करीम आपने हाथ थोड़े उप्पर लेके जाता है और अपने दोनों हाथ से शालिनी के सीने पर रखकर ज़ोरों से उसके बूब्स को मसलने लगता हैं ....... शालिनी कोई विरोध नहीं कर पाती और बस वहीँ ज़ोरों से सिसक पड़ती हैं......

शालिनी –आआआआ . hhhhhhhhhhhh ....... iiiiiiiiiiiiiiiiii......sssssssssssss...dheere ......

कितने बार आपसे कहा हैं की इसे जरा धीरे दबाया karo......mujhe दर्द होता हैं.......

करीम - क्या उज़्मा बेगम ....... दर्द में जो मज़ा हैं वो बाकि में कहाँ ......... मैं तो इसे ऐसे hi दबाऊंगा .........

शालिनी - aaaaaaa.hhhh.....chodho besharam........dusare की बीवी पर अपना हक़ जमाते हो.......

करीम – तुम मेरे बेगम हो…

शालिनी – वो सिर्फ कल के रात के लिए थी मई..

करीम – तुम किसी दूसरे की बीवी नहीं हो

शालिनी - ाचा...... वैसे भी क्या फर्क पड़ता हैं की मैं आपकी बेगम बनु या आपने पति की बीवी बनूँ ........ बीवी होने का मज़ा तो आप वैसे भी मेरे साथ ले रहे हो ..... मेरी छूट छोड़कर..... अब आपको इससे ज़्यादा और क्या चाहिए .......

करीम – वो बात तो है hi …

करीम आपने दोनों हाथ अभी भी शालिनी के सीने पर थे और वो उसके दोनों बूब्स को बड़ी hi बेहरमी से मसल रहा था .......





शालिनी की आँखें सुर्ख लाल होती जा रही थी ...... उसकी सांसें भी अब धीरे धीरे भरी होने लगी थी ........ करीम कभी उसके बूब्स को मसल रहा था तो कभी उसकी गांड पर अपना हाथ फेर रहा था ...... वो शालिनी की छूट को भी सेहला देता है जिससे शालिनी मनो तड़प सी जाती है .......

करीम - घर मई कोई देख नहीं रहा है ..

शालिनी - साब बहार गार्डन मई बैठ कर चाय नास्ता कर रहे है…. वैसे आपको किसका इंतज़ार है…

करीम- मुझे तो सिर्फ आपने बेगम का hi इंतज़ार रहता है…

शालिनी – बेगम तो यहाँ hi है … आप पूछ रहे हो इस का मतलब शयद आपको पूर्वी का इंतज़ार होगा…

और शालिनी हँसाने लगाती है… करीम का लुंड अब अपनी असली औकात मई आ गया था और वो शालिनी के गांड मई चूब रहा था..

करीम – मुझे क्यों रहेगा पूर्वी का इंतज़ार.. तुम हो न सब कुछ करने के लिए…

शालिनी – ये तुम्हारा छोटू बहुत शैतान हो गया hain.....jab देखो तब मुझे देखकर खड़ा हो जाता हैं ....... इसका कुछ तो इलाज़ करना होगा ........

करीम – इस को तेरे गांड का इंतज़ार है…

शालिनी - कहीं ऐसा तो नहीं की ये पूर्वी को भी देखकर ऐसे hi अंगड़ाई लेता हो ....... क्या भरोसा तुम्हारे इस पापु का ....... इसे तो बस चीड़ चाहिए चाहे जिसकी भी हो ........ ये थोड़ी न जनता हैं की ये जिसके छूट के अंदर जायेगा वो पूर्वी है या उज़्मा बेगम.. या फिर कोई और........

करीम - बात तो तेरी सही हैं ........ काश पूर्वी एक बार मुझे अपनी छूट दे देती तो ..... मज़ा आ जाता ..... मगर वो इतनी आसानी से मुझे ये सब करने नहीं देगी ...... तू कुछ कर न ........ उसकी जवानी मुझे पल पल बेचैन करती रहती हैं .......

शालिनी के चेहरे पर मुस्कान और गहरी हो जाती हैं





शालिनी - आप उसकी चिंता मुट्ठ करो मेरे शोहर .... बहुत जल्द पूर्वी तुम्हारे लुंड के नीचे होगी ...... ये आपको अपनी उज़्मा बेगम का वादा हैं.....

इतना कहकर शालिनी आपने हाथ पीछे ले जेक करीम का लुंड अपने हाथ में ले लेती हैं और धीरे धीरे उसके लुंड को दबाने लगती हैं...... करीम की मज़े से आँखें बंद हो गयी थी ......... वो वहीँ ज़ोरों से सिसक पड़ता है.....

करीम - एक बात पूछनी है..

शालिनी – हां…

करीम - काँटी शेठ और उसकी वाइफ मई आगे डिफरेंस कुछ ज्यादा hi लग रहा है..

शालिनी - क्या अब उसके पीछे पड़ना है क्या..

करीम उसके आम जोरसे दबाते हुई कहता है..

करीम- नहीं ... तू बता न... मांजरा क्या है..

शालिनी - वो पप्पा की सेकंड वाइफ है..

करीम - फिर भी पूजा की माँ नहीं लगाती..

शालिनी - दोनों hi उसके बच्चे नहीं है .. पूजा भी और अरुण भैय्या भी… वो पप्पा के पहले वाइफ के बच्चे है.. वो तो मुझसे थोड़ी hi बड़ी है..

करीम - ऐसे बात है क्या..

शालिनी –अब आप उसके पीछे मत पदों .. वो बहोत तीखी मिर्च है… खुद पापा की छोटी अम्मी के सामने कुछ नहीं चलती…

करीम - नहीं पडूंगा बेगम .. तू है न..

( वो सोच रहा था.. फिर तो मज़ा hi आएगा.. तीखी मिर्च का टास्ते लेने मई )

वो थोड़े देर ऐसे hi एक दूसरे को चिपक कर खड़े रहते है.. तभी हाल मई एक मोबाइल की रिंग बजती है.. दोनों एक दूसरे से दूर हो जाते है… दोनों देखते है तब हाल मई उन दोनों की तरफ मोबाइल पर बात करते हुई लता देख रही थी..





शालिनी गार्डन निचे कर के वह से बहार गार्डन मई चली जाती है.. करीम वही किचन मई खड़ा था… लता को देख hi रहा था.. बीच बीच मई लता उसे देख रही थी..

लता अब मोबाइल पे बात ख़तम होने के बाद किचन मई आ जाती है..

लता - क्या चल रहा है.. तुम दोनों के बीच मई ...

अड्डा से उसकी तरफ देखते हुई लता कहती है..

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करीम - कुछ नहीं लता मैडम..

लता – क्या कुछ नहीं.. इतनी क्लोज चिपक के खड़े ते..

करीम – वो मई मेज़रमेंट ले रहा था..

लता- यहाँ किचन मई..

करीम उसके तरफ देख कर hi कहता है..

करीम – हां.. उसको क्या कहा भी मेज़रमेंट ले सकते है…

लता- वो टेप तो नहीं देख रहा है तेरे पास..

करीम – वैसे मुझे टेप की कोई जरूरत नहीं है..

लता उसको आचर्य से देखती है…

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करीम थोड़ा उसके पास आता है..

लता – क्या मतलब ..

करीम- मई तो विथाउट टेप के hi बता सकता हु की किस लेडी का क्या मेज़रमेंट है…

लता – वो कैसे…

लता के चहरे पर थोड़े स्माइल थी…





करीम- मुझे उतना तजुर्बा है.. लताजी.. मई देखके और हाथ लगाके बता सकता हु ..

लता – मतलब तुम टेप नहीं रखते..

करीम – रखता हु न…

वो आपने पंत से टेप निकल के दिखा देता है…

लता - मतलब तुम आपने लेडी क्लाइंट के बॉडी को टच कर के बताते हो…

करीम- आप गलत समाज रहे हो…

लता – इस मई क्या गलत है…

करीम – मई तो वैसे भी बता सकता हु..

लता – कैसे..

करीम - देख के..

लता हँसाने लगाती है…

करीम – मेरे आँखे नहीं.. एक्स रे मशीन है..

लता – कुछ भी मत बको..

करीम- मई आपका मेज़रमेंट बता दू क्या…

लता कुछ नहीं बोलती और शांत हो जाती है..

करीम – 38 – 30 – 36

सही बोलै न…

लता निचे गार्डन कर के कड़ी थी.. उसे अब थोड़ी शर्म आ रही थी..





करीम की ऐसे बाते सुनकर … करीम थोड़ा और करीब आता है लता के..

करीम - एक बात कहु......

लता गार्डन तिरछी कर के कहती है..

लता - कहु...





करीम - आप तो शेठ की बीवी नहीं लगाती..

लता अपनी गार्डन उप्पर करती है.. उसके आँखों मई देखते हुई..





लता - मस्का मत लगाओ..

करीम उसके पास आता है.. उसको हाथ आपने हातो मई लेता है..

करीम - आप तो बहोत खूबसूरत हो..

उसने स्लीवलेस ब्लाउज पहना हुआ था.. उसके ओपन शोल्डर को वो टच करता है.. लता शर्मा जाती है..

करीम – आप का इस टेप से मेज़रमेंट लेके बता दू क्या मई सच बोल रहा हु या झूट…

लता - उप्पेर जाओ… पूजा को ड्रेस शिलाना है..

करीम - और आप को ..

लता - मुझे कुछ नहीं शिलाना है..

करीम एक हाथ उसके कमर से पीछे से डालता है.. और लता को आपने पास खींचता है..





उसके खींचने से लता करीम के बहोत क्लोज आती है.. वो दूसरे हाट उसके गाल पर रखता है..

करीम - मई ब्लाउज बहोत अच्छे से सिलता हु..

लता आपने चहरे पर हसी लेट हुई कहते है….

लता - जैसे शालिनी का सिलए था..

और वो दोनों हँसाने लगाती है..

करीम - तुम्हारा मई उससे अच्छा से सिला दूंगा और आपको उससे अच्छे से सर्विस दूंगा..

ऐसे कहते हुई लता के सदी का पालू निचे गिरा देता है..





और वह आम के उप्पर और नैक के निचे आपने हाथ से रब करता है.. लता उसको ढाका देते पीछे हैट जाते है..

लता - मुझे क्या शालिनी समाज रखा है क्या.. की तुम कुछ भी कहोगे और मई करें को रेडी हो जाउंगी.. याद रखना मई लता महरा हु.. काँटी शेठ महरा की बीवी हु..

और हसती हुई बहार चली जाती है.. बहार जाते वक़्त वो करीम से कहते है उप्पेर जेक पूजा का मेज़रमेंट लो.. ज्यादा ओवर स्मार्ट मत बनो ..

अब करीम थोड़े देर वही किचन मई खड़ा रहता है.. सोचता है थोड़ा घुमाके आ जाऊ... थोड़े देर बाद जाते है पूजा की तरफ.. ये सोचते हुई वो बहार गर्दन मई चला जाता है..

वह काँटी शेठ को मिलाने को द्क्प सिमरन आयी हुई थी …





द्क्प सिमरन कौर.. लघबघ 35 साल की लेडी पुलिस अफसर है .. करीम एक कार्नर मई वह खड़ा होक उसे घर रहा था… सिमरन काँटी शेठ से बाते करते वक़्त करीम जो उसे घर रहा था उसे बीच बीच मई देख रही थी.. वो काँटी शेठ को एक बार पूछती है की ये आदमी कोण है.. काँटी शेठ पीछे मूढ़ कर देखता है और बोलता है एक टेलर है.. घर का कुछ छोटा मोटा काम करने आया है.. काँटी शेठ उसे कहता है अन्दर जाओ और आपने काम करो.. इस पर करीम धीरे आवाज से कहता है.. हरामखोर साली... इससे देख रहा था थो इस के बाप का क्या जा रहा था.. पुलिसवाली है इस का मतलब इससे देखे भी नहीं क्या... सिमरन को लगा की ये कुछ बोलै .. वो कुछ सुन नहीं पायी और समाज भी नहीं पायी..

करीम अन्दर चला जाता है ... वह लता कुछ कर रही थी बैठकर..

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लता करीम को देखती है और फेस पर थोड़ी स्माइल लेट हुई कहते है..

लता - उप्पर जाओ.. पूजा के रूम मई.. वो शयद तुम्हारा वेट कर रही होगी.. इधर उधर मत घूमो..

करीम - हां.. जा रहा हु..

लता - यहाँ कुछ नहीं मिलनेवाला है.. यहाँ हर कोई शालिनी नहीं है.. दाल एक जगह hi गाल सकती है.. हर जगह नहीं..

करीम - करीम चाहे तो हर जगह दाल गाल सकती है.. देखना है क्या आपको...

लता - मेरे साथ तो पॉसिबल नहीं है..

करीम - देखते है.. आप के साथ भी पॉसिबल कर के दिखा दूंगा...

लता - हां. हां...

करीम उप्पेर जाते वक़्त लता के पीछे से चला जाता है... जाते वक़्त लेट के गांड को आपने पेअर से टच करता है..

लता - आअह्ह्हह्हआआआ.....

करीम - लगता है शेतजी अच्छे से सेवा नहीं देते है..

करीम के ऐसे करने से और कहने से लता उसके तरफ गुस्से से देखती है..





करीम- इस उम्र मई तो एक बुद्धा आदमी क्या कर सकता है.. शेतजी की भी मजबूरी है.. वो क्या कर सकते है..

लता - तुम भी तो बूढ़े हो...

ऐसे कहते हुई लता उठ कड़ी हो जाती है...





करीम उसके पास चला जाता है.. लता के कमर के पीछे से दोनों हाथ दाल कर जोरदार उसे दबोच लेता है...

करीम - इस बूढ़े के हाथ मई एक बार आओ.. तब आपको पता चलेगा की इस बूढ़े का पावर ...

लता - हरगिज़ नहीं..

तभी हाल का दूर ओपन होता है.. दूर का आवाज होते hi करीम लता को चोर देता है... दूर से सिमरन अन्दर आ रही थी.. उसके पीछे काँटी शेठ थे... एक बार फिर करीम सिमरन को गाली देता है.. इस बार मन मई hi.. और सिमरन की तरफ गुस्से से देखता है.. सिमरन भी उसके तरफ देखती है..





फिर वो लता की तरफ देखती है.. लता तब अपनी साडी ठीक करती है... सिमरन को थोड़ा शक होता है...

अब करीम उप्पेर जाता है.. पूजा बाथ करके उसके रूम मई टॉवल मई thi..aur पीछे से कम्प्लीटली नंगी थी..





करीम विथाउट नॉक करके उसके रूम मई चला जाता है..

पूजा उसपर चिलाती है…

पूजा - बतामाजित.. नॉक करके नहीं आ सकते क्या..

करीम - सॉरी मैडम ..

सॉरी कहता है लेकिन उसके करीम देख रहा था...

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पो- मई सब जानती हु..

का - क्या..

पो - तुम सुबह ममी को ऐसे hi घर रहे थे और अब मुझे.. तुम एक नंबर के घटिया इंसान हो .. मुझे प्रिय ने सब कुछ बता दिया है..

करीम - वो सबकुछ झूट है..

पो - वो मेरे फ्रेंड है.. मुझे क्यों झूट बोलेगी..

कर- मुझे नहीं पता लेकिन वो सब सच नहीं है..

पो - तुम अब बहार जाओ.. मुझे चेंज कएने दो .. फिर अन्दर आना..

करीम बहार जाता है.. थोड़े देर बाद पूजा दूर ओपन करती है.. करीम उसको देख के पागल हो गया था..





उसने अब टी- शर्ट और जीन्स पहनी थी .. टीशर्ट के उप्पर उसने एक काला सा जैकेट पहना हुआ था.. वो जिस अड्डा के साथ कड़ी थी उस से वो और भी ज्यादा सेक्सी लग रही थी.. करीम उसको hi देख रहा था..

पूजा - ऐसे क्या देख रहे हो...

करीम कुछ नहीं बोलता है वो सिर्फ उसको hi देख रहा था..

पो - कभी लड़की नहीं देखि क्या..

करीम- देखि है छोटी मेमसाब.. लेकिन इतनी बाला की खूबसूरत और हॉट लड़की अभी तक नहीं देखे है...

पो - ऐसे hi हर किसी के साथ फ़्लर्ट करते होंगे तुम ...

करि - नहीं मेमसाब.. आप जैसे खूबसूरत मैंने अभी तक तो देखि hi नहीं...

पो - मस्का मत.. मारो.. और काम पाई लग जाओ...

का- मई मस्का नहीं मार रहा हु.. आप जो सुन्दर हो वही तो बता रहा हु...

पू - मुजसे ज्यादा तो प्रिय सुन्दर है.. और तुम मुझे बोल रहे हो...

का- किस गड़े ने कहा आप को की प्रिय आप से ज्यादा खुबसुआरत है... आप के सामने वो कुछ भी नहीं है...

पो - अब झूट बोलना बंद करो...

का- मई झूट बोल नहीं रहा हु

पूजा हसते हुई कहते है..





पो - अगर प्रिय सूंदर नहीं है तो उसके साथ फ़्लर्ट क्यों कर रहे थे..

करीम- वो तब की बात थी...

पू - क्या तब की बात और अब की बात... झूठ बोलना तो कोई तुम से सीखे...

करीम - मई कोई झूठ नहीं बोल रहा हु... मेमसाब.... मई एक बात सच्ची बोलू .. आप .सी..

पू- अब क्या नया झूठ बोलना है तुम ..

करीम- झूठ नहीं सच है..

पूव - बको..

करीम - एक्चुअली .. मई कोई आप के सहेली से फ़्लर्ट नहीं कर रहा था...

पूजा गुस्से मई बोलती है..





पो- क्या फिर वो तुमसे फ़्लर्ट कर रही थी..

ka-ha.. मेमसाब ... अब आपने ने सच कहा...

पूजा जोर से हँसाने लगी..

पू - प्रिय और तुमसे फ़्लर्ट करेगी... वो इतनी खुबसुआरत है की कॉलेज की कितने सारे लड़के उसके पीछे पड़े हुई है....

करीम - पड़े होंगे... लेकिन वो मेरे पीछे पड़ी थी...

पूजा हसती है..

पू- और उसके भाभी के साथ आपका क्या था..

कर- वो तो ऐसे hi था...

पो - अब तुम्हारी बोलती बंद हुई न...

का - क्या बोलती बंद .. अगर कोई प्यासा कोई के पास आये तो उसकी प्यास तो बजाने पड़ेगी न कोई को..

पू - कुछ बको मत... एमी प्रिय के भाभी को अच्छे से जानती हु.. वो ऐसे वैसे नहीं है.. तुम ने hi कुछ ऐसा वैसा किया होगा उनके साथ...

करीम - मई क्यों करने लगा.. उल्टा सिद्धा... मई जब भी करता हु तो सीधा hi करता हु....

पू - एक मिनट.. तुम यहाँ कल से आये हो... यहाँ पूर्वी भाभी के साथ कुछ ऐसा वैसा किया नहीं न तुमने..

करीम- अभी तक तो नहीं न..

पू - अभी तक का क्या मतलब..

कर- मैंने कुछ नहीं किया है.... मगर.... अगर उनोने किया तो मई जिम्मेदार नहीं हु..

पू - तुम आपने गंदे दिमाग मई मेरी पूर्वी भाभी के बारे मई कुछ ऐसा वैसा मत सोचो.... और वो कुछ नहीं करेंगे... अगर कुछ सोचा भी तो पप्पा को बता के तुम्हारा बुरा हाल कर दूंगी...

कर- आप तो बुरा मान गयी....

पू- अब चुप चाप मेरे मेज़रमेंट ले लो... और यहाँ से दफा हो जाओ....

करीम – बोलिये मैडम … आपको क्या क्या सिलना है..

पूजा- एक ड्रेस…

करीम – ये जैकेट निकलना पड़ेगा…

पूजा- नहीं उसको रहने दो…. पहले पंत का ले लो मैसूर…

करीम- ठीक है..

करीम पूजा के पंत का मेज़रमेंट लेने लग गया…

करीम - वैसे मैडम मई इतना बुरा भी नहीं हु...

पूजा - मेरे फ्रेंड के भाभी की जिंदगी बर्बाद की और मेरे फ्रेंड को सडके करने की कोशिश की और बोल रहे हो मई इतना भी बुरा नहीं हु....

करीम- मैडम आपको कोई गलत फैमि हुई है...

पो- तुम पहले से hi ऐसे हो क्या…

का- कैसे …

पू – यही लेडीज से फ़्लर्ट करना और ये सब कुछ…

का- वैसे मेमसाब मई कभी किसी के साथ फ़्लर्ट नहीं करता…

पो – तुम फिर से झूठ बोलना शुरू हो गए …

का – आदमी वही पत्थर मारता है जहा कुछ मिलाने का अंदेशा हो… मई आपने आप कुछ नहीं करता … वो वैसे हो जाता है…

पूजा एक नज़र करीम के चहरे की तरफ देखती हैं …





पूजा – वो कुछ भी हो....... ये सब ठीक नहीं हैं...... पता है तुम्हारे वजह से प्रिय के भाभी का घर टूथ सकता था…

करीम - आप भी न मेमसाब ..मेरे कुछ गलती नहीं थी उस काजल मैडम के केस मई… वो तो खुद hi तैयार हो गयी थी सबकुछ देने मई…

पू – वो क्यों ऐसा करेगी…

करीम- वैसे मई आप को सबकुछ बता दूंगा…

करीम उसके थिगह का मेज़रमेंट लेने लग गया…

पूजा – ह्म्म्मम्म

करीम- वैसे काजल के शादी को 3-4 साल हो गए थे.. लेकिन उनको बच्चा नहीं हुआ था.. बाद मई वो मेरे पास ब्लाउज और ड्रेस सिलने के लिए आयी.. हमारी जान पहचान हो गयी.. और बाद मई हमारा अफेयर सुरु हो गया.. काजल को मेरे वजह से बच्चा हुआ..

पूजा- झूठ बोलना बंद करो

करीम – मुझे तो लगता है वो प्लान करके hi मेरे पास आयी थी..

पूजा कुछ डियर तक खामोश रहती हैं और कभी फर्श की ओरे तो कभी करीम के चेहरे की तरफ चुप चाप देखती रहती हैं..... .आखिर वो अपनी चुप्पी तोड़ती हैं.......

पूजा – मुझे नहीं लगता.. ये पॉसिबल नहीं है.. अगर काजल भाभी को बच्चा चाहिए तो दूसरे भी ऑप्शन थे… किसी डॉक्टर के पास जाती…

अगले hi पल करीम के चेहरे पर मुस्कान और भी गहरी हो जाती हैं......... अब करीम ाचे से समझ चूका था की पूजा को थोड़ा ओपन लैंग्वेज उसे करके पटाया जा सकता था..

करीम – आप नहीं जानती मेमसाब.. सेक्स की प्यास क्या होती है…. छूट …..की आग भले भले को बेबस करती है…

तब पूजा गुस्से से करीम को देखती है..





पूजा – no वल्गर लैंग्वेज.. नहीं तो पप्पा को बता दूंगी..

कर- सॉरी.. सॉरी.. आप तो डायरेक्ट शेतजी के नाम की धमकी hi देती है...

इस पर पूजा हसती है...





करीम- मेरे कहने का मतलब है की मेरे पास आने से काजल को बच्चा भी मिल सकता था और सेक्स की जरूरत भी पूरी हो सकती थी…

अब पंत का हो गया है … इस जैकेट को निकल दो तो आपके बॉडी का अचे से मेज़रमेंट ले सकता हु..

पू- कोई जरूरत नहीं है… मई सब समजती हु..

करीम को लगा की मोखा हाथ से निकल जायेगा …करीम पूजा की छूट मरने के लिए बहुत बेचैन हो रहा tha........magar उसे पूजा अभी तक ऐसा कहीं कोई मौका नहीं दे रही थी जिस से वो पूजा को अपने नीचे ला सके .......

पूजा कुछ देर तक सोचने के बाद बोलती है…

पूजा – तुम कैसे लगा की पूर्वी भाभी ऐसा वैसा कुछ कर सकती है…

पूजा के अचनाक ऐसे इस तरह के सवाल से करीम को बहुत हैरानी हो रही थी......... पूजा के चहरे पर टेंशन था..





करीम – क्या मतलब है आपका.. पूजा मैडम…

पूजा करीम के चहरे को घर रही थी..

करीम – मई आपको पूजा मैडम कह सकता हु न..

पूजा हां मई गार्डन हिलती है..

करीम – मई आपका मतलब नहीं समाज ….

करीम पूजा का हाथ आपने हाथो मई लेता है…. उसका हाथ थोड़ा उप्पर उठा लेता है… मेज़रमेंट लेने के लिए….

पूजा उसकी आँखों मई देखती है…





पूजा – सिर्फ मेज़रमेंट hi ले लो .. कोई छलखि मत करो…

करीम सिर्फ उसकी आँखों मई देखता है..

करीम- थो आप का क्या सवाल था इस नछिः के लिए…

पूजा आपने चहरे पर स्माइल लेट हुई कहती है..





पूजा – बहुत शहाणे मत बनो.. मई तो सिर्फ इतना पूछ रही थी की..

करीम- क्या

पूजा – साबरा रखो बता रही हु न… तुमने कहा न अभी तक तुमने पूर्वी भाभी के साथ ऐसा वैसा कुछ किया नहीं…

करीम – है… सही बात है…

पूजा – फिर तुमने कहा की मैंने कुछ नहीं किया है.... मगर.... अगर उनोने किया तो मई जिम्मेदार नहीं हु..

करीम – हां…

करीम अब पूजा के पीछे चला गया…

पूजा की साँसे रूख रही थी…

पूजा – इसका मतलब क्या है…

करीम - मई क्यों बताओ..

पू- बताओ .. न..

करीम- नहीं.. नाहीइ.. आप शेतजी के नाम की धमकी देते हो..

पूजा- नहीं.. पापा को कुछ नहीं कहूँगी...

करीम- आप झूठ मत बोलिये... आप को शोभा नहीं देता..

पूजा - प्रॉमिस... पूर्वी भाभी के बारे में मई पापा को कुछ नहीं बोलूंगी..

करीम – इसका मतलब ये है की मई आपके पूर्वी भाभी के साथ कुछ नहीं करूँगा मगर आपके पूर्वी भाभी ने कुछ मेरे साथ किया तो मई इसका जिम्मेदार नहीं हु…

ऐसा कहते हुई करीम पूजा के पीछे से hi आपने दोनों हाथ आगे लेके जाता है और उसका जो जैकेट था वो निकल देता है… अब तक पूजा जैकेट निकलने के लिए मन कर रही थी मगर अब जब करीम ने जैकेट निकला तो मन नहीं किया.. उसको ओपपोसे नहीं किया.. और करीम ने भी जैकेट निकलने से पहले उसको पूछा भी नहीं…

पूजा थोड़े देर शांत रहती है…

करीम- मैडम …. आपको क्या पूछना है मुजसे …. यही या और कुछ…

पू- तुम जानते हो मुझे क्या पूछना है….

ऐसे खहते हुई पूजा घूम जाती है… और करीम के आँखों मई देखने लगाती है…





करीम – क्या आपको अपनी भाभी पर ट्रस्ट नहीं है…

पू- है .. है…

करीम- तो….

पू- तुम पर नहीं है..

करीम- मैडम मैंने पहले hi बताया आपको की मई जब तक आगे से सिग्नल नहीं मिलता मई कुछ नहीं करता…

पूजा करीम के और पास आती है…

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पू- सच बताना… तुमने भाभी के साथ अभी तक ऐसा वैसा कुछ किया क्या…

करीम- नहीं…

पू- फिर क्यों कहा भाभी कुछ कर सकती है…

करीम- ऐसा hi कह दिया…

पू- क्या भाभी तुजे सिगनल दे रही थी…

करीम- घूम जाओ मुझे आप का मेज़रमेंट लेने है…

करीम अब पूजा के पीठ का मेज़रमेंट लेने लग गया…

पूजा – बताओ … न….

करीम – क्या..

पूजा – यही … पूर्वी भाभी के बारे मई…

करीम – तुम क्यों इतनी क्वारसिटी है पूर्वी के बारे मई जान ने के…

अब करीम पूजा के दोनों शोल्डर पर टेप रख कर उनकी लम्बाई नापने लग गया…

पूजा – एक मिनट… एक मिनट …

ऐसे कहते हुई पूजा घूम जाती है..

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पू- तुमने भाभी को क्या कहा.. पूर्वी… न मैडम … न मेमसाब.. न बहुरानी.. जैसे सब लोग कहते है..

करीम- गलती से मू से निकल गया…

पूजा – ऐसे कैसे निकल सकता है…

करीम- तो आप का क्या कहना है..

पूजा- तुम ने भाभी के साथ कुछ न कुछ हरकत की है…

करीम जान भुज कर शांत रहता है…

पू – बोलो.. बोलो…

करीम- क्या बोलू…

पू- यही ..तुमने भाभी के साथ क्या हरकत की है..

करीम गुस्से मई आकर बोलता है… ( ये उसका बनावटी गुस्सा था.. वो सिर्फ पूजा को दिखाना चाहता था… ताकि पूजा को लगे की उसको गुस्सा आया है…)

करीम- हां.. मैंने… तुम्हारे पूर्वी भाभी को छोड़ा है…

पू- क्या….

थोड़ी देर के बाद वो बोलती है…

पू- फिरसे वल्गर लैंग्वेज… ऐसे भाषा मेरे साथ नहीं चलेगी… निचे द्क्प मैडम भी आयी है.. उनके हाथ मई दे दूंगी तुम….

पूजा को गुस्सा आया था… करीम ऐसे भाषा उसके साथ जो उसे कर रहा था उस वजह से… वो सोचने लगी की मई थोड़ी भाभी के बारे मई पूछने लगी की ये आदमी तो बिगड़ गया… वो थोड़ी देर सोचती है.. भाभी ऐसे नहीं कर सकती.. ये ऐसे hi फेक रहा है..

पू- मुझे लग रहा है… भाभी ऐसा नहीं कर सकती.. तुम फेक रहे हूँ..

करीम- आप को पता तो है फिर मुजसे झूठ क्यों बुलावा रहे हो…

फिर करीम उसके दोनों शोल्डर को पकड़ता है और उसे घूमता है.. उसके बाल आगे की और करता है…

पू- मुझे पता है तुम ने जो कहा वो सच नहीं है… जो सच है वो बताओ..

करीम अब उसके शोल्डर का मेज़रमेंट लेते हुई उसके गार्डन के पीछे आपने फेस लेता है.. वो किश नहीं करता है… उसके मू से गरम हवा का एहसास पूजा को होता है…

पूजा – छलखि नहीं…. मेरे गार्डन से आपने मू दूर रखो….

फिर करीम मेज़रमेंट लेने लग गया… थोड़ी देर बाद पूजा बोलती है..

पू- बताओ न… जो सच है…

का- अपनी भाभी से पूछो न…

पू- मुझे मत सिखाओ की क्या करना है… जो मई पूछ रही हु सिर्फ उतना hi बताओ..

कर – मई नहीं बताऊंगा…

पू – क्यों….

कर – तुम फिर से शेतजी के या उस द्क्प के नाम की धमकी ढोंगी….

पू- बहोत स्मार्ट हो.. अभी तक मैडम बोल रहे थे अब तुम पाई आ गए…

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चहरे पर अड्डा लेट हुई आँखों से इशारा करते हुई वो कहती है..

उस पर करीम कुछ नहीं बोलता है…

पू – बताओ न..

इस पर करीम कुछ नहीं बोलता है..

पूजा - .......ीाम सॉरी.......

करीम - वो किस बात की ........

पूजा - वो मैं तुम्हे धमकी नहीं दूंगी …. और द्क्प मैडम और पापा को भी कुछ नहीं बताउंगी….

करीम पूजा की बाटिओं को सुनकर धीरे से मुस्कुरा पड़ता हैं..

करीम - इसमें सॉरी की कोई बात नहीं ........ लेकिन आगे से ख्याल रखो की हमारे बीच की बात किसी तीसरे के पास न जाये…

ये बात करीम कड़क आवाज मई बोलै.. जैसे पूजा पूरी तरह से उसके हाथ मई आयी हुई हो…

पूजा- एस… प्रॉमिस…

करीम - एक बात पूछों पूजा ...... ( अब करीम डायरेक्ट पूजा का नाम ले रहा था..) …. तुम बुरा तो नहीं मानोगे ना..........

करीम एक नज़र पूजा के चहरे की तरफ देखता हैं.. थोड़ा आपने फेस आगे कर के…. फिर वो हाँ में धीरे से अपनी गार्डन हिला देता हैं........

पूजा बड़े मुश्किलों से अपने आपको संभालती हैं फिर वो अपनी बात कहती है ….

पूजा- कहो… क्या बात हैं ….

करीम- तुम इतनी खूबसूरत हो… तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड नहीं है क्या…





पूजा थोड़ी स्माइल देते हुई कहते है..

पूजा- मेरे साथ फ़्लर्ट….

करीम भी हसता है…

पूजा- मेरे बात का जवाब दो…

करीम – सच बोलू…

ऐसे कहते हुई करीम थोड़ा आगे जुकता है.. उसको पूजा के चेस्ट के उप्परि बाजु का मेज़रमेंट लेना था.. इस वजह से वो पूजा से टच करके खड़ा हो गया.. उसका तना हुआ लुंड पूजा के गांड को टच करने लग गया..

पूजा – हां…

करीम- तुम किसी को कुछ बोलोगी तो नहीं न…

आपने साँसे काबू मई करके पूजा बोलती है..

पूजा – प्रॉमिस किया न बाबा… किसी को कुछ भी नहीं बताउंगी…

करीम- सच बताऊ तो मुझे आपकी पूर्वी भाभी पहली बार देखते hi पसंद आ गयी थी…

पूजा – पहली बार देखते hi ..

करीम- हां… क्या लाजवाब पीेछे है… अल्ला तल्ला ने बहोत फुर्सत से उसको बनाया है…

पूजा – इतनी पसंद आ गयी आपको हमारी भाभी..





बहुत अड्डा के साथ कहती है..

पूजा को पता नहीं क्यों इस तरह अपनी बहभी की टैरिफ करीम के मू से सुन कर अच्छा लगाने लगा tha..lekin अंदर hi अंदर मनो जल सी गयी थी ......... वो उसने गलती से hi करीम को आपने कहा था.. उसकी गलती उसे जैसे hi समाज मई आ गयी.. वैसे उसने अपनी जीभ दबा दी… सोचने लगी ये मैंने क्या कह दिया…

करीम- हां… वो ऐसा hi एक नगीना है..

पूजा - तो ये बात hain.........aisi क्या बात हैं हमारे भाभी में जो दूसरे किसी मई नहीं ......... तुमने तो अभी तक बहोत साड़ी औरतो को देखा होगा.. वो भी तो जवान hoongi....bahbhi की तरह ख़ूबसूरत होओगे ........ फिर तुम भाभी में ऐसा क्या देख लिए जो उसके पीछे हाथ धोकर पड़े हुए हो ......

करीम अब ाचे से हालत समझ रहा था ....... वो ये बात समझ चूका था की एहि सही मौका हैं पूजा को काबू करने का........ वो अब धीरे धीरे करीम की बाटिओं में आने लगी थी.........

करीम फिर पूजा के एक दम और करीब आ गया … वो अब इतने करीब था की उसका जिस्म पूजा के जिस्म से पूरी तरह सत्ता हुआ था........ उसने आपने दोनों हाथ पूजा के दोनों शोल्डर से आगे ले गया और उसका मेज़रमेंट लेने लग गया.. थोड़े देर इसी पोजीशन मई रहने के बाद वो आपने एक हाट थोड़े देर के लिए पीछे ले गया और आपने लुंड को सीधा पूजा के गांड के दरार पर रख दिया… पूजा ये बात समाज गयी..

पूजा – मेरे साथ चलूगिरि नहीं चलेगी… उसको साइड मई कर दो..

लेकिन करीम कुछ बोलता नहीं है और आपने वो हाथ फिरसे आगे शोल्डर पर रखकर मेज़रमेंट लेने लग गया..

करीम – आपकी पूर्वी भाभी … मतलब एक कड़क माल है…. एक दम फटका आइटम …

पूजा – ऐसा क्या पसंद आया आपको उसमे जो आप उसके इतनी टैरिफ कर रहे हो…





घूम कर उसके तरफ देखते हुई कहते है..

करीम को अब पूजा आप कह रही थी और भाभी से जल रही थी…

करीम- एक बात हूँ तो बताऊ… पूर्वी की हर एकक बात मई अड्डा है… उसका वो ठुमकाके चलने मई एक सेक्सी अड्डा है.. उसके वो पतली कमर… ( ऐसे कहते हुई करीम पूजा के कमर पर हाथ रखता है…. पूजा जातक के साथ वो हाथ हटा देती है… ) उसके वो गुलाभी हूंठ… ( ऐसे कहते हुई पूजा के नाज़ुक हूंठ पर करीम अपनी उंगली रखता है.. पूजा जातक के साथ उसको भी हटा देते है..) उसके वो काळा घने बाल.. ( ऐसे कहते हुई पूजा के बालो मई आपने फेस रख कर सुंघाने लगता है.. ) उसके ये बड़े बड़े आम.. ( ऐसे कहते हुई पूजा के दोनों आम को आपने दोनों हाथो मेल ेके कास के दबाता है…)

पूजा – aaaaaaaaaaaa…….

ह्ह्हह्ह्ह्हह्हआआआ……

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सिसकते हुई करीम के हाथ वह से हटा देती है…

करीम- उसकी ये मोती गांड…

ऐसे कहते हुई उसकी दोनों गांड आपने हातो मई लेके दबाता है….

पूजा- ूउऊउउउक्कछःह…….

पूजा वह से करीम का हाथ हटती है…

पूजा – तुम भाभी की टैरिफ कर रहे थे या मेरे बॉडी पार्ट्स को टच कर रहे थे… फील कर रहे हो..

पूजा फिर से तुम पर आयी थी…

करीम इस पर हसता है..

करीम- मई तो पूर्वी की टैरिफ कर रहा था..

पूजा – मेरे बॉडी को टच कर के ..

करीम – हां…

पूजा - अभी लग रहा है अरुण भैया को संभल के रहना पड़ेगा उनके वाइफ के साथ … नहीं तो ये करीम टेलर उनकी फूल जैसे वाइफ को भगा के ले जायेगा..

और पूजा हँसाने लगाती है…

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करीम- मई किसी को भगा के नहीं ले जाता..

पूजा – जानती हु … भगा के नहीं ले जाते हो ..लेकिन उसे आपने हस्बैंड के काबिल नहीं रखते…. सबकुछ करते हो… आपने बच्चा भी दे देते हो उनके कोक मई…

पूजा ने ऐसे कहते hi करीम पूजा के बहो के निचे से आपने दोनों हाथ आगे कर के उसके आम पर रखता है…

करीम - अरुण भैया के वाइफ के बारे मई केयर है लेकिन अरुण भैया के इस फूल जैसे कोमल नाज़ुक सी सिस्टर के बारे मई ख्याल नहीं है क्या…

पूजा वैसे hi उस दोनों हातो को आपने हातो से मारती है और वो हाथ हटा देते है…

पूजा – ये सिस्टर ऐसी आसानी से हातो मई नहीं आ सकती.. अभी तक कितने लडको ने प्रोपोज़ किया लेकिन अभी तक किसी के हाथो मई नहीं आयी…

करीम- तो मेरे सवाल का अब जवाब मिला मुझे…

दोनों हँसाने लगते है…..

करीम- इस सिस्टर हाथ मई आने के लिए क्या करना पड़ेगा…

पूजा – फिर दोनों के बॉडी को टच मई आपको क्या फरक दिखाई दिया…

अब करीम पूजा की थोड़ी मजा लेना चाहता था…

करीम - पूर्वी में जो खूबी हैं वो तेरे में नहीं ....... सिर्फ ख़ूबसूरत होने से कोई स्मार्ट नहीं होता ........ पूर्वी ख़ूबसूरत के साथ साथ स्मार्ट भी हैं ........ तेरे में वो बात कहाँ ........

करीम जांभोज कर पूजा को जलना चाहता था.. वो जनता था की जलन की वजह से औरत जल्दी पिगल जाती है.. करीम की ऐसी बाटिओं से पूजा का चेहरा गुस्से से लाल पढ़ गया था ........ उसे न जाने क्यों पूर्वी की इस तरफ से टैरिफ करना ज़रा भी ाचा नहीं लग रहा था ....... आखिर थी तो वो भी एक लड़की hi ...... भला वो अपना नेचर कैसे बदल सकती थी ........

पूजा - ठीक हैं तुम्हें अगर पूर्वी भाभी ीतिनि hi ाची लगती हैं तो जाकर रहो उन्ही के पल्लू में ....... फिर दूसरे लेडी की पीछे क्यों पड़े हो…

करीम को अब अन्दर से हसी आ रही थी…

करीम- मई कहा किस के पीछे पड़ा हु..

पूजा – सुबह छोटी अम्मी को कैसे घर रहे थे.. क्या इसका मतलब मई नहीं समजती क्या.. और अब मेरे पीछे क्यों पड़े हुए हो .......

और इस बार पूजा वहां से गुस्से से आगे की और हो जाती hai…jaise hi पूजा थोड़ी आगे होती है करीम उसके सामने आ जाता है.. करीम एक नज़र उसके चहरे की तरफ देखता हैं.. ........

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उसके चेहरा पर अभी भी गुस्से की लखेरें साफ़ झलक रही थी ........

करीम - क्या हुआ रानी sahiba.......sab ठीक तो हैं ना ........ क्यों आपके चहरे पर बारह बजे हुए हैं......

पूजा करीम की बाटिओं को सुनकर बुरा सा मुँह बना लेती हैं

पूजा - कुछ नहीं हुआ ..........बस ऐसे hi.......

करीम अपना एक हाथ पूजा के चीन पर ले जाता हैं और बड़े प्यार से उसका चेहरा अपने तरफ करता हैं......

करीम - मैं जनता हूँ की मेरी रानी सर्कार को अपनी भाभी से जलन हो रही है…

और इतना कहकर करीम मुक्सुरा पड़ता हैं ........

पूजा की सोच अब धीरे धीरे बदल रही थी .......... करीम की बाते और आपने बहभी का जिक्र उसके जेहन में खलबली मचा कर राखी हुई थी ........ वो भी अब अपने आपको क्सपोसे करना चाहती थी मगर शर्म की जो दीवार जो थी उस से वो आगे नहीं बढ़ पा रही थी ......... मगर उसे खुद को आगे और पूर्वी को नीचे दिखाना था ........ पूजा के अंदर अब धीरे धीरे जलन की भावना भी होने लगी थी ..... वो अब एहि चाह्हती थी की करीम अब उसके पीछे रहे ...... उसकी अदाओं का आशिक़ बने ......

वो कुछ सोच कर अपनी चहरे पर हसी लती है… वो आपने मन मई hi सोचती है… तुम भी क्या याद करोगे करीम टेलर की तुम्हारा पला किस से पड़ा था...... मैं तुम्हें दिखाउंगी की अब मैं क्या चीज़ हूँ ....... मेरी ऐडा देखकर तुम अपनी पूर्वी को पल भर में भूल जाओगे ......... पूजा के चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान थी .......... वो अब करीम को पूर्वी से चुरा लेना चाहती थी ...... ये जानते हुए भी की वो किसका भी नहीं रह सकता है हमेशा के लिए.. पूजा को उसके फ्रेंड द्वारा पता तो था की करीम एक औरत का कभी भी नहीं हो सकता ....... आज उसके अंदर इस चीजों की जगह उसके ईगो ले चूका tha......yehi तो करीम भी चाहता था .......

पूजा जाने अनजाने में करीम की मुश्किलों को और भी आसान कर रही थी ....... देखना ये था की उसका ये ईगो कहाँ ले कर जाता हैं ........ लेकिन वो इतना आसानी से भी करीम के वश मई होने वाली नहीं थी …

करीम- क्या हुआ रानी सहीभा… आपने भाभी से जलन हो रही है…

पूजा- है हो रही है …. तुम इतनी hi पूर्वी पसंद है तो उसके पास क्यों नहीं चले जाते… मेरे पीछे क्यों पड़े हुई हो…

करीम- मुझे तेरा मेज़रमेंट लेना है..

पूजा – मुझे नहीं देना है… लेना है तो पूर्वी के पास जाओ… वो आप को अचे से मेज़रमेंट देगी…

ऐसे कहते हुई पूजा बीएड पे जेक बैठ जाती है.. करीम उसके पीछे दोनों साइड से पेअर दाल के बैठ था है.. पूजा के पेअर अब फर्श पाई थे और वो बीएड पे बैठे थे..

करीम – अब तो वो यहाँ नहीं है…

पूजा- तो निचे उसके पास चले जाते..

करीम- नहीं जा सकते न… एक तो वो आपने हस्बैंड के पास होगी… और दूसरी बात वो द्क्प है न निचे..

पूजा - वो द्क्प तुम क्या करने वाली है…

अब करीम आपने हाथ धीरे से आगे ले जाता है.. उसके बूब्स पर रखता है.. वैसे hi पूजा उस हाथ को वह से हटती है…

करीम- तुम्हारे प्यारे भाई ने कम्प्लेन कर दी थो वो द्क्प मुझे अरेस्ट कर लेगी…

पूजा इस पर हसती है..

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करीम- वैसे ये द्क्प यहाँ क्या कर रही है..

पूजा – हमारी फॅमिली फ्रेंड है.. वो हमेशा घर पर आती रहते है…

करीम- बहोत कड़क है क्या .. मुझे बहोत घर रही थी

पूजा - है कड़क है..

आखिरकार कुछ डियर बाद वो अपना एक हाथ धीरे से सरकते हुए पूजा के पंत पे ले जाता है.. और उसके बटन खोलने सुरु कर देता है.. वैसे hi पूजा उसको पकड़ती है..

पूजा – ये क्या कर रहे हो..

करीम- तेरे पंत के बटन निकल रहा हु..

पूजा – मई क्या आपकी पूर्वी हु…

करीम- तो कोण हो…

पूजा – मई आपकी पूर्वी नहीं हु..

करीम- मुझे तो तू मेरे पूर्वी रांड hi लग रही हो..

करीम उसके दोनों हाथ आपने एक हाथ से पकड़ता है .. और उसके उस हाथ को आगे की और ले जाता है.. थोड़ा उप्पर उठाते हुई… और दूसरी तरफ उसके गार्डन को किश करता है…





तब वो घूम जाती है..

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आपने दूसरे हाथ से उसके पंत के बटन खोलता hai..aur उस के मांसल जांघों पार वो हाथ रख देता हैं.....

पूजा – रांड…. इतने … बड़े… घर… की…… बहुउउ… को एक दिन मई hi अपनी… रांड… बना… डीई..

करीम- करीम चाहे तो कुछ भी कर सकता है….

पूजा – सच कहा था प्रिय… नई…

करीम- क्या…

और बहुत आराम से करीम पूजा के जगहों पर हाट फेरने लगता हैं ..... और अगले hi पल पूजा बहुत आहिस्ता से सिसक पड़ती हैं ....... और उसके आँखे बंद हो जाते है..





पूजा- yaaaaaaaaaaaaaaaaahiii ......

की आप बहोत कमीने हो…

करीम- किसी को अपनी रांड बनाना कमीनापन होता है क्या..

पूजा – तो क्या होता है…

करीम- उस तेरे फ्रेंड प्रिय को एक बार छोड़ना hi पड़ेगा ….

लाजत और एक्ससिटेमेंट की वजह से उसकी आँखें बंद हो चुकी थी ......... पूजा के मुँह से एक बहुत हलकी सी आह फुट पड़ी थी





पूजा – aaaaaaaaaaaaaahhhhhaaaaa..

hhhhhhhhhhhaaaaaaaaaaa…

ppppppurvviiiiiiiiiiiiiiiii………….

Aaaauuuuuuurrrrrrrrrrrrrrrrrrr….

Maaaaaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiii

Kaaaaaaaafiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii

Nahiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii………

Haiiiiiiiiiiiii……….iiiiiiiiiii…..

Kkkka……..ayaaaa……….

करीम – अभी तो कह रही थी न तुम पूर्वी नहीं हो..

पूजा की सांसें बहुत ज़ोरों से चल रही thi.........uska जिस्म लाजत और एक्ससिटेमेंट से काँप रहा tha........baar बार उसकी आँखें बंद होती जा रही thi..........is समय उसके बदन पर उसका काबू बिलकुल नहीं था......

पूजा – मई आपकी पूर्वी .. रांड.. नाहीइ… हूउउउउ….

करीम- तो कोण हो…..

पूजा- पुज्जज्ज्जाआआआ….

करीम- पुजा… किया…

पूजा – रानीईई… साहिबआ..

इधर करीम हौले हौले उसके जांघों के ऊपर अपना हाथ फेर रहा था ......... उसे भी इन सब में बड़ा मज़ा आ रहा था ..... उसकी कल रात की तमाना अब पूरी हो रही thi.......aur वो खुस होता भी क्यों ना पूजा उसे इतनी आसानी से जो मिल गयी थी......

पूजा फ़ौरन अपनी आँखें खोलती हैं और अपनी गार्डन घुमाकर एक नज़र करीम के चहरे की तरफ बड़े गौर से देखने लगती हैं ......





इस समय उसका चेहरा सुर्ख लाल हो चूका था ......

पूजा – क्या आपने ….

करीम- क्या..

पूजा – भाभी के साथ..

करीम – भाभी के साथ… क्या… खुल के बोलो..

पूजा – किया है क्या..

इधर करीम अपना हाथ धीरे धीरे सरकते हुए पूजा के छूट के तरफ ले जा रहा था वहीँ पूजा की हालत अब और भी ख़राब होने लगी थी ........ ऐसा पहली बार था जब वो किसी मरदाना हाथ को अपने जिस्म पर महसूस कर रही थी .......

करीम- क्या किया था…

उसके गालो को चूमते हुई पूछता है..





पूजा – सेक्सस…

करीम – इंग्लिश नहीं समाज मई आती.. हिंदी मई बोलो.. खुल के बोलो…

ये सब पूजा के लिए नया tha..aaj सब कुछ बदल सा गया था पूजा के लिए ......

पूजा – क्या आपने पूर्वी भाभी को छोड़ा है क्या…

करीम की ऐसी हरकतों से पूजा मज़े के उस मुकाम पर थी की उसे बयां कर पाना शायद उसके वश में नहीं था ..........

करीम – तुम क्या लगता है..
 
पूजा – मुझे नहीं पता..

जैसे जैसे करीम के हाथ पूजा के छूट के नज़दीक जा रहे थे वैसे वैसे पूजा की आहें धीरे धीरे तेज़्ज़ होती जा रही थी .........

पूजा – बताओ …. नाआ…

करीम- मई क्यों बोलू…

करीम जैसे hi अपना हाथ पूजा के पंतय के ऊपर से उसके छूट पर रखता हैं अगले hi पल पूजा तुरंत अपने दोनों जगहों को कसकर दबा लेती हैं ........ और साथ hi साथ उसकी सिसकारी भी एक बार फिर से फुट पड़ती हैं .....

पूजा – plzzzzzzzzzzzzzzzz…….

Battttttttttoo….. naaaaaaaaaaaa….

करीम- मेरा क्या फायदा……

करीम कुछ पल तक ऐसे hi अपने हाथों को वहीँ रहने देते हैं मगर कुछ समय के बाद पूजा धीरे धीरे अपनी दोनों जंघीयन ढीली करती जाती हैं ........

पूजा – आपको क्या चाहिए…..

करीम पूजा की छूट को अपनी मुट्ठी में पकड़ लेता हैं और इस बार वैसे hi अपने हाथों पर दबाव बनाये रखता हैं.......

करीम – तेरे ये छूट…

पूजा की लाजत से एक बार फिर से आँखें बंद हो चुकी thi......aab पूजा के अंदर इंकार लगभग पूरी तरह से ख़तम होने लगा था......

करीम- देगी न अपनी छूट…

पूजा कुछ नहीं बोलती है.. करीम अब धीरे धीरे हौले से अपना हाथ उसकी पंतय के अंदर ले जाता हैं और उसके छूट को ऐसे hi माल्टा रहता हैं ........

करीम – देगी … ना….

पूजा – पताआआआ…..

नाहीईईई….

अगले hi पल करीम के हाथ में गीलापन साफ़ महसूस होने लगता हैं ....... वो अब ाचे से समझ चूका था की पूजा इस वक़्त कितनी गरम हो चुकी हैं ....... वो अपने हाथों से पूजा की पंत और पंतय को धीरे से सरकता हैं और पूजा भी अपनी गांड थोड़ा ऊपर की ओरे उठाकर उसका पूरा साथ देती हैं ......

जैसे hi वो उसकी नंगी छूट को छूटा हैं अगले hi पल पूजा फिर से सिसक पड़ती हैं...... करीम भी अपने हाथों को पूजा के छूट पर धीरे धीरे फेर रहा था ....... उसके छूट के लिप्स से होते हुए उसकी गांड तक ........ पूजा तुरंत अपना एक हाथ करीम के हाथों पर रख देती हैं और कसकर अपने हाथों को उसके हाथों पर दबाने लगती हैं......

करीम भी अब कहाँ रुकने वाला था ..... उसका लुंड किसी पाथर के सामान सख्त हो चूका था ....... बार बार उसके दिल में एहि हसरत हो रही थी की वो कैसे भी करके पूजा की छूट का एक बार दीदार कर lein....magar अब इतना सब कुछ हो गया था तो अब मंज़िल भी ज़्यादा दूर नहीं thi......jaise hi वो पूजा की छूट की पंखुड़ियों को छूटा हैं पूजा की लाजत से आँखें बंद हो जाती हैं ....... वो फ़ौरन अपनी एक ऊँगली धीरे धीरे अंदर की ओरे पुश करने लगता हैं...

पूजा की छूट अभी कंवरी थी इस लिए करीम उसे ज़्यादा अंदर की ओरे पुश नहीं कर रहा था ..... इतने दिनों की छुड़ा के एक्सपीरियंस से वो अब तक ये ाचे से जान चूका था की कुंवारी छूट कैसे चोदे जाती है......... पूजा वहीँ लुम्बी लुम्बी सांसें लेने लगती हैं और करीम के हाथों को पूरा मनमानी करने देती हैं......

धीरे धीरे करीम का हाथ तेज़ी से बढ़ने लगा था ....... पूजा की ाँहिं भी तेज़्ज़ होने लगी थी.... ...... करीब 5 मिनट भी नहीं बीते होंगे की पूजा के जिस्म अकड़ने लगता हैं और वो अपने हाथों की दबाव करीम के हाथों पर तेज़्ज़ कर देती हैं ........ अब उसका जिस्म भी जवाब देने लगा था ...... आखिरकर उसका साबरा पूरी तरह से टूट जाता हैं और वो वहीँ धीरे से सिसकते हुए अपनी गार्डन करीम के चेस्ट पर रखकर लेट जाती हैं और अपनी आँखें बंद करके ऑर्गैनिस्म का पूरा मज़ा लेने लगती हैं.....

इस समय उसे कोई होश नहीं tha.....uske मुँह से बहुत हलकी सी aaaaaaaaaa .....hhhhhhh......jaise सिसकारी फुट रही thi.......uski सांसें बहुत ज़ोरों से चल रही थी......... तभी बहार से अचनाक पूजा बेटी की आवाज आते है…

करीम – अब कोण आ गया

पूजा – ये द्क्प मैडम का आवाज है … जल्दी से ुतो…

करीम- ये चैनल फिर से बीच मई आ गयी…

पूजा और करीम उठ कर आपने कपडे ठीक कर लेते है… द्क्प सिमरन रूम मई आती है…





करीम छोत के पीछे खड़ा हो जाता है.. उसका लुंड तना हुआ था तो वो सिमरन से उसे छिपा रहा था..

सिमरन पूजा के पास जाती हैं ...... पूजा अभी भी चुप चाप अपने कमरे में गुमसुम सी बैठी हुई थी ......... जब उसकी नज़र सिमरन पर पड़ती हैं वो फिर से शर्मा कर अपनी नज़रें नीचे की ओरे झुका लेती हैं .......... सिमरन के चहरे पर अब भी मुस्कान थी.....

सिमरन - क्या हुआ रानी साहिबा...... तुम बहुत अपसेट सी लग रही ho......kuch हुआ kya........ya फिर किसी ने कुछ कहा तुमने.......

पूजा एक नज़र करीम के चेहरे पर डालती हैं फिर वो तुरंत अपनी नज़रें नीचै की ओरे झुका लेती हैं .....

पूजा – मई बाथरूम मई जेक आती हु..

पूजा बाथरूम मई चली जाती है… इतने देर तक करीम सिमरन को देख रहा था..

सिमरन – तुम यहाँ क्या कर रहे हो..

उसकी और देखते हुई वो कहती है ..





करीम- मैडम के कपडे सिलने है तो वो मेज़रमेंट ले रहा था..

सिमरन- हो गया न मेज़रमेंट न ..

करीम- है..

सिमरन- तो अब चले जाओ…

करीम गुस्से से उस रूम से चले जाता है..

करीम बहार आता है.. और गुस्से मई शालिनी के रूम की तरफ जाने लगता है .. तभी लता उसे वह देखती है.. तभी करीम को आवाज सुनाई देता है…

“ शालिनी को ढूंढ रहे हो …”

करीम घूम जाता है… उसके सामने लता कड़ी थी…





शयद वो पूजा करके आयी थी..

करीम- हो गयी क्या पूजा….

लता है मई गार्डन हिलती है..

लता को देख के उसके सामने hi आपने तने हुई लुंड को करीम मसलता है…

लता – लगता है शालिनी की बहुत याद आ रही है..

करीम के तने हुई लुंड को देख कर वो बोलती है..





जब करीम ये देखता है की लता उसके लुंड को hi देख रही है तब वो फिर से आपने लुंड को मसलने लगता है..

करीम- हां..

लता – वो तो निचे है.. अरुण से और पूर्वी से बाते कर रही है… वो तो अब तुम्हारे लिए उप्पर नहीं आ सकती है..

करीम उसके तरफ देख कर थोड़ा उसके करीब जाता है…

लता – लगता है आज प्यासा hi रहना पड़ेगा…

करीम- क्यों

लता – एक तो सुअभ मेरे फ़ोन के आवाज से तेरा चांस चला गया … और अब तुम रेडी हो तो वो निचे बैठे है…

करीम – अब शालिनी की जगह तुम लोगी.. मेरे प्यास तुम बजाओगे… मेरे पप्पू को तुम शांत करोगी..

करीम लता के पास और चला जाट है… उसके हातो मई पूजा की थाली लेता है और निचे रखता है.. लता उसको hi देख रही थी.. करीम उसके और करीब जाती है…

लता – ये कभी भी नयी होगा… इतनी hi प्यास लगी है तो निचे जाओ और शालिनी को उठा के उप्पेर लेके आओ..

करीम- उस को उठा के उप्पर लेन की कोई जरूरत नहीं है… आज तू मेरे शालिनी बनेगी…

लता इस पर हसती है…





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करीम उसके पास जाता है .. उसके दोनों थिगह को निचे से पकड़ता है.. वो लता को उठता है.. और पीछे वाल को सत्ता देता है.. दर के मरे.. गिराने की डर से लता आपने दोनों बहे करीम के गार्डन के पीछे डालती है.. और उसे पकड़ लेते है...

करीम- ये हुई न बात..

करीम जैसे hi लता को वाल से सत्ता के कड़ी करता है लता आपने हाथ निकल देते है.. करीम के गार्डन के पीछे से ..

लता – मुझे निचे उतर दो..

करीम उसके नवल को किश करता है..

तब लता तड़प उठाती है..





लता - आहहहा

करीम- क्यों…

लता – आपने शालिनी के पास चले जाओ…

करीम – अब तुहि शालिनी… और तू hi लता…

लता – प्ल्ज़… निचे उतर दो… नहीं तो मई गिर जाउंगी…

करीम एक हाथ उसके थिगह से निकल देता है… गिराने के दर से लता ने अपनी दोनों पेअर करीम के कमर के पीछे से दाल के राखी थी … करीम एक हाथ से उसके सदी का पालू निकल देता है…





और उसके एक आम को धीरे से टच करता hai..Lata वो हाथ वह से हटती है…

करीम – कड़क है..

लता – वह नहीं…

ऐसा कह के आपने पालू से फिर से आम को धक् लेती है…

करीम – तो फिर कहा रकू…

लता – मुझे नहीं पता… मुझे निचे उतर दो… कोई आ जायेगा तो आफत हो जाएगी…

करीम- तो तेरे बैडरूम मई चलते है..

लता न मई गार्डन हिलती है…

करीम - मेरे लुंड को तो बहोत देख रही थी…

लता – मई नहीं देख रही थी…

करीम – तेरे पति से बड़ा है या छोटा..

लता – मुझे नहीं पता..

करीम एक हाथ से उसके नवल पर घूमता है..

लता – अअअअअअअहाआआ….

वह से हाथ हटा दो …

करीम – क्या है … लता मैडम … आम पर हाट नहीं लगाने देती… पेट पे भी नहीं लगाने देती… कहा तो राखण्ड़ दे न …

लता – जो रखने देती है उसके पास चले जाना…

करीम – तो मेरे लुंड को तू देख नहीं रही थी…

लता न मई गार्डन हिलती है …

करीम – तो क्या देख रही थी..

लता – कुछ भी तो नहीं….

करीम फिर से एक हाथ से उसके सदी का पालू थोड़ा हटके उसके एक निप्पल को टच करता है… वो निप्पल तना हुआ था….

करीम – झूठ मत बोल…. देख मेरे लौड़े का नाम सुनते hi तेरा ये निप्पल तन कर कैसे खड़ा हो गया है..

लता थोड़ा स्माइल आपने फेस पर लती है…





लता – वैसे बात नहीं है…

करीम – तो कैसे बात है…

ये कहते हुई करीम आपने हूंठ लता के हूंठ के पास ले जाता है…





लता आपने चेहरा दूसरी तरफ घूमती hai…Karim उसके फेस को आपने तरफ करता है…

करीम – बता न… तेरे निप्पल खड़े कोई हो गए…. देख अब तो दूसरा निप्पल भी खड़ा हो गया है… लगता है मुझे बुला रहे है…

लता – मुझे नहीं पता..

और चेहरा घुमा कर अपनी आँखे बंद कर लेती है… उसके चहरे पर अभी भी स्माइल थी..





करीम उसके नवल को चुम लेता है…. लता सिसकती है…

लता – अह्ह्ह्हह्हआआ…….

Hhhhhhhhhhhhhaaaaaaaaaaaa…….

लता वह से करीम के सर को पीछे कर लेती है …..

करीम- तो तू मेरे लुंड को नहीं देख रही थी …

लता – नहीं….

उसके चहरे पर स्माइल थी ..

करीम- जिस भगवन की अभी पूजा कर के आयी है उसके कसम खाके बता… तू मेरा लुंड नहीं देख रही थी…

लता हसती है…

करीम – खा कसम ….

लता – आपने बीच मई भगवन को क्यों ला रहे हो…

करीम नवल से हाथ नीच सदी तक लेके जाता है… लता उसको पकड़ लेती है …

लता – वह नहीं… प्ल्ज़्ज़्ज़्ज़…..

करीम- बता नहीं तो तो खोल दूंगा…

लता – भगवन की नहीं दूसरे किसी की कसम कहते हु ….

करीम – किस की

थोड़ा सोचने के बाद बोलती है..

लता – आपने हस्बैंड की कसम कहती हु..

करीम हस्ता है…

करीम – जो बुद्धा तुजे पूरी तरह से संस्तुसतह नहीं कर पता उसकी कसम खाके क्या फायदा

लता – मई आपने हस्बैंड से पूरी तरह से संस्तुसत हु ..

करीम – अगर तू संस्तुष्ट होती तो मेरे लुंड को इतने देर तक घर के नहीं देखती…..

और वो आपने मू मई लता का एक निप्पल ले लेता है .. लता तुरंत करीम का सर पीछे करती है… और गुस्से माई बोलती है…

लता – मई तुम्हारे लललललल………

करीम- बोल… बोल….

लता शर्माके आपने हाथ मई चेहरा छुपा लेती है…

करीम – मेरे बुलबुल शर्मा मत ….

लता – मई नहीं देख रही थी….

करीम – क्या…

लता – मुझे नहीं पता….

करीम – सच बता न… तुजे मेरा लुंड इतना पसंद आ गया ककया….

लता – जिस को पसंद आया न उसके पास जाओ…

करीम – उसके पास जाने क्या जरूरत है.. जब भी उसके छूट मई खुजली होगी तो वो मेरे पास भाग के आएगी…

लता आपने फेस पर बनावटी गुस्सा लती है..





लता – गंदे इंसान… तूने मुझे समाज क्या रखा है… मेरे सामने ये गन्दी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हो .. मुज से बात करनी है तो तमिश से पेश आओ.. ये तुम्हारी गन्दी भाषा मेरे साथ नहीं चलेगी..

करीम – तुजे क्या समजना है.. तूने सुबह hi कहा न की .. तू लता महरा है… लता काँटी शेठ महरा …

लता – हां…

करीम- चैनल तू आपने आप को बहोत बड़ी समजती है क्या..

लता – मई कोई बाजारू औरत नहीं हु .. जो तुम्हारी ये भाषा सुने… मुजसे अचे डुंग से पेश आओ..

करीम – तू खुद को क्या समजती है.. सुबह से देख रहा हु… मुझे किसी को छोड़ने भी नहीं देते और खुद भी चुदती नहीं …

लता हसती है…





लता – सुबह की वजह से इतना गुस्सा आया क्या … अरररी री मेरे वजह से एक नया माल हाट मई आने से बच गया…

करीम – वैसे मोखा हाथ से नहीं गया..

लता उसकी और आचर्य से देखती है..

करीम – उसको तो कल रात मई मैंने छोड़ा था..

लता – क्या ?????

करीम – मई तो उसकी गांड मारनेवाला था.. जब तू बीच मई आयी…

लता – वैसे मई कोई जांभोज कर आप दोनों के बीच मई नहीं आयी.. मुझे तो प्यास लगी थी इस वजह से मई किचन मई आयी..

करीम – चल अब तेरे प्यास भुजता हु..

लता – मुझे अब कोई प्यास नहीं लगी है.. मतलब इस घर मई तुम आलरेडी एक कक्कक्कक्स…….. एक लेडी मिल गयी है …

उसके मू से छूट शबद निकलने hi वाला था लेकिन वो खुद को रुख लेती है..

करीम – बोल बोल … वैसे लता रानी … ये कोई पहले लेडी नहीं है..

लता – मई कोई तुम्हारे रानी नहीं हु … ये हक़ सिर्फ मेरे हस्बैंड को hi है…

करीम – उस बूढ़े को है…

लता – हां..

करीम – एक बार मेरा ये बड़ा लुंड तेरे छूट मई जायेगा तो ये हक़ मुझे भी मिलेगा…

लता – ऐसे सपने देखनः अच्छी बात नहीं है..

करीम – चैनल…. बहुत मस्ती कर रही है मेरे साथ … तेरे सदी अब निकलने hi पड़ेगी….

और करीम लता को थोड़ो और उप्पर उठता है … और उसकी सदी निकलने के लिए आपने एक हाथ उसके सदी के पास ले जाता है.. और सदी निकलने लगता है..

लता घबराकर बोलती है..

लता – नाहीइ… नाहीइ… पलज़्ज़ज़ ….. पलज़्ज़ज़…

करीम – चैनल … ज्यादा शाहनपट्टी मत कर नहीं तो खड़े खड़े hi छोडूंगा…

लता – प्ल्ज़्ज़… मुजसे ऐसे भाषा मई मत बोलो …

करीम – तो ठीक से कड़ी रह …

लता अब सब्जेक्ट थोड़ा डाइवर्ट करना चाहती थी..

लता – अभी थोड़ी देर पहले तूने कहा की ये पहली लेडी नहीं है..

करीम – हां..

लता – इस घर की …

करीम – है..

ऐसे कहते हुई करीम एक हाथ से उसकी सदी थोड़ा उप्पर करता है … लता उसे फिरसे निचे करती है..

लता – कोण है…

करीम – अंदर क्या पहना है…

करीम के इस सवाल से लता उसके और बड़े बड़े आँख दिखाकर देखती है .. गुस्से से..

लता – क्या..

करीम – सदी के अन्दर क्या पहना है..

लता – तुम मुझे क्या समजते हो.. मई कोई बाज़ारू हु क्या.. जो मई तुम्हारे ऐसे वाहयात सवाल का जवाब दू ..

लता गुस्से मई आकर बोलती है…





करीम – बता न चैनल…

मन मई सोचती है… ये सुदरेगा नहीं… बहुत हरामी है …

लता – पता नहीं है क्या सदी के अन्दर क्या पहना जाता है…

करीम – तुम बड़े घर की औरत लोग पता नहीं क्या क्या पहनती हो.. या अन्दर से नंगी hi हो..

लता – मई एक बड़े घर की बहु हु … और एक मला की बीवी हु.. कोई ऐसे वैसे नहीं हु …

करीम – तो क्या मुझे आज एक मला की बीवी को छोड़ने को मिलेगा क्या…

लता – फिर से सुरु हो गए क्या… मुझे ये बताओ की इस घर मई वो कोनसे लेडी तुमने पटायी है .. शालिनी से पहले वो बताओ…

करीम – तू साडी के अन्दर क्या पहना है ये बता…

लता गुस्से से बोलती है..

लता – मई नहीं बाटूंगी..

करीम – लगता है.. मुझे hi देखना पड़ेगा..

जैसे hi करीम ऐसा कहता है वैसे hi लता को निचे खड़ा करता है .. और दोनों हाथो से उसकी सदी पेटीकोट के साथ ऊपर उसके थिगह के उप्पर उठता है … जैसे लता सदी निचे करने के लिए झुक जाती है.. वैसे hi उसका पालू निचे गिर जाता है…





वैसे hi करीम जल्दी मई उसके दोनों आम दबाता है….

लता – aaaaaaaaaaaaahhhhaaaa….

कोई ऐसे करता है क्या…

और आपने पलु शोल्डर पर डालती है..





करीम – तो कैसे करता है.. मेरी रानी…

लता – ये ठीक नहीं है..

करीम – तुजे क्या बुरा लगा ….सदी उप्पर उठाई वो … या तेरे ग्रीन पंतय देखि वो या तेरे आम दबाये वो..

लता – heeeee…bahgwan … तूने मेरे पंतय भी देखि क्या.. कितने गंदे इंसान हो … ऐसे किसी मैरिड लेडी की पंतय देखते है क्या…

ऐसे कहते हुई लता रोने लग गयी…

लता – ये ठीक नहीं है ..

करीम – अरे रो क्यों रही है.. तू क्या जिंदगी मई पहली औरत है.. जिसकी मैंने पंतय देखि है क्या..

और उसके हूंतो पर अपनी उंगली घूमने लग gaya..Lata उसका हाथ वह से हटा देती है.. करीम उसका पालू निचे गिरा देता है.. लता फिर से आपने पालू ठीक करती है... करीम उसको फिर से उप्पर उठा लेता है…

लता – मई कोई ऐसे वैसे लेडी नहीं हु.. जिसकी हर कोई पंतय देखे…

करीम – जनता हु तू लता शेठ है.. काँटी शेठ मेहरा की बीवी.. और मई भी कोई ऐरागैरा नहीं हु.. किसी बड़े घर की बहु या बेटी को hi मई आपने निशाना बनता हु … और तू ये बात जान की तू इस घर की पहेली लेडी नहीं है जो मई उसकी पंतय देखि hai..aaj अगर मई नै तुजे नहीं छोड़ा तो मेरा नाम बदल के रखना..

लता – देखती हु..

करीम – सुबह क्या बोल रही थी मेरे सामने तेरे दाल नहीं गलेगी… दाल तो आदि गाल चुकी hai..thodi बाकि है..

लता – क्या मतलब…

करीम – यही किट ु अब मेरे हाथ मई आ चुकी है..

लता – मई कोई तेरे हाथ मई नहीं आयी हु.. तूने जबरदस्ती मुझे पकड़ के रखा है..

करीम – चैनल … अब मई तुजे बताता हु की जबरदस्ती क्या होती है.. तुजे अब नंगा hi करता हु…

लता को लगा की ये पागल सच मई मेरे सदी यहाँ खोल न दे.. इस लिए वो बोलती है..

लता – ऐसा मत करो… वैसे इस घर की और किस की पंतय देखि है तूने… शालिनी को छोड़ के…

करीम – मई क्यों बताऊ

लता – बताओ न..

करीम – मुझे क्या मिलेगा..

लता चल्दबाज़ी मई बोलती है…

लता – तुम क्या चाहिए…

और सोचनी लगाती है हे भगवान् मैंने क्या बोल दिया..

करीम – तेरी छूट…

लता न मई गार्डन हिलती है…

करीम – तो ठीक है मई hi तेरे सदी निकल के देखता हु.. और तेरे छूट भी मरता हु..

लता को लगा की हे भगवान् अब मेरा क्या होगा.. वो थोड़े देर सोचती है.. और कहती है..

लता – वो नहीं दूसरा कुछ मांग लो..

करीम – किश दे दे… तेरे इस कोमल लिप्स का … तेरे ये गुलाभी हूंठ जब मेरे काळा हूंतो से मिलेंगे तो बड़ा मज़ा आएगा..

लता – नहीं… नाहीइ…

करीम – तो ठीक है तेरे छूट hi दे..

लता एक प्लान सोच कर कहती है..

लता – ठीक है किश देती हु…

करीम – ये हुई न बात…

करीम अब लता को निचे उतर देता है .. वो आपने दोनों हाथ लूसे छोड़ता है .. जैसे hi वो आपने हूंठ लता के हूंठ पर रखता है वैसे hi लता उसको पीछे धकेल देती है.. और भगति है..

लेकिन करीम भी पक्का खिलाडी था.. जैसे hi लता भगति है वैसे hi वो उसे पकड़ने की कोशिश करता है… वो उसके हाथ मई नहीं आती लेकिन उसके सदी का पालू हाथ मई आ जाता है…

करीम – मुजसे छलखि…. चैनल …. अब तुजे दिखता हु…

लता – प्ल्ज़्ज़.. करीम.. मुझे जाने दो … यहाँ कोई हमें देखेगा…

करीम – तो क्या होगा .. तूने जैसे शालिनी को और मुझे देखा था वैसे hi होगा..

लता – प्ल्ज़… समाज करो… मुझे जाने दो… मई मर जाउंगी… अगर हमें किसी ने देख लिया तो… यहाँ…

करीम – अभी तो मई तुजे छोड़ूंगा … नही.. मेरे साथ चालाकी…

लता – ी ऍम सॉरी करीम … मई क्या कर सकती हु.. तुम मुझे जाने नहीं दे रहे थे..

करीम – अब तो तुजे इस स्की सजा मिलेगी..

लता – मई किश के लिए रेडी हु.. सिर्फ किश .. और कुछ नयी..

करीम – अब मुझे क्या चाहिए ये मई टैक करूँगा तू नहीं.. समाजी..

लता – प्ल्ज़ .. करीम जल्दी किश करो और मुझे जाने दो…

करीम – तो ठीक है आ मेरे बहू मई…

लता अब डरते हुई करीम के पास आती .. वो उसको घुमाकर उसके पीछे हो जाता है.. और उसका पलु निचे गिरा देता है.. उसके दोनों हाथ पीछे करता है.. उसको एक हाथ से पकड़ता है.. और दूसरे हाथ से उसकी साडी निकलना शुरू करता है…

लता – पलज़्ज़ज़.. करीम सरई मत निकालो… मई किश दे रही हु न..

करीम – चुप कर.. पहले देती तो ये नहीं होता .. तेरे यही सजा है..

लता – मुझे कोई देखेगा.. यहाँ ..

करीम उसकी सदी निकल देता है.. अब लता ब्लाउज और पेटीकोट मई थी… वो उसे वाल से सत्ता खड़ा करता है..

करीम फ़रूअन अपना लिप्स लता के होंठों पर रख देता हैं और तुरंत उसके नीचले होंठों को हौले हौले काटने लगता हैं ........





आज करीम काफी जंगली की तरह बर्ताव कर रहा था..... वो उसका गुस्सा था.. सुबह जब वो शालिनी की गांड मारनेवाला था ो लता के वजह से मार नहीं पाया.. और अब पूजा को छोड़नेवाला था तो वो सिम्ररन की वजह से छोड़ नहीं पाया था. और लता ने भी उसे आज बहोत गरम किया था.. सुबह से दो बबर वो उसके हाट से निकल गयी थी… ये सब का मिलजुला गुस्सा था करीम का…

वो अपने दोनों डेंटन से लता के नीचले होंठों को कसकर काट लेता हैं… जिस से लता अपनी चीख रोक नहीं पति और कसकर चीख पड़ती हैं....... ये चीख की आवाज उसी फ्लोर मई सिमरन जो पूजा से बात कर रही थी वो सुनकर रूम से बहार आ जाती है..

करीम फिर अपने एक हाथ मई लता के दोनों हाथों को थम लेता हैं और उसे उसके सर के उप्पर उठा लेता है.. और दूसरा हाथ लता के पेट से सरकते हुए उसके सीने पर रखकर ज़ोरों से मसलने लगता हैं .......

लता – आआआआअह्ह्हह्हआआआ…

hhhhhhhhaaaaaaaaaa…….

Jaaaaarrraaaaaaaaaaaaaa….

Dhireeeeeeeeeeeeeeeeeeeeee…..

Karrriiiiiiiiiiimmmmmmmmm…

इस बार लता का आवाज पहले से ज्यादा बड़ा था.. पहला आवाज सुनकर सिमरन को बहार कुछ नहीं दिखा तो वो फिर से पूजा के रूम मई जाने लगी… लेकिन फिरसे वो आवाज सुनकर वो जान गयी की मांजरा क्या है.. वो जान गयी की ये आवाज किसी लेडी की सिसकने की है..

सिमरन – पूजा बीटा .. तुम आराम करो .. मई जरा निचे जाती हु…

ये आवाज सुनते hi लता अपनी पूरी ताकत लगाकर करीम को पीछे धकेल देती है.. और वह से आपने बैडरूम मई भाग जाती hai..Aapni साडी हाथ मई लेके.. सिमरन के वह आने से पहले.. बैडरूम उसी फ्लोर पाई था लता का इसी वजह उसे बैडरूम मई जाने को ज्यादा टाइम नहीं लगा..

अब सिमरन रूम से बहार आ जाती hai..aur करीम के पास आके खड़े होक उसे देख रही थी..





उसे वह देखकर करीम को बहुत गुस्सा आ जाता है.. वो सोचता है की साली यहाँ भी आ गयी..

वो आपने आप को कहता है.. पूजा इसके वजह से गए और अब लता.. लगता है इसको दिखाना पड़ेगा आपुन कोण है.

अब करीम अपना सैयाम पूरी तरह से खो चूका था ....... सुबह से दो छूट उसके हाथ से निकल गयी थी.. माँ बेटी.. पूजा और लता .. और दोनों भी सिमरन की वजह से..

वो गुस्से मई बोलता है..

मैडम आप क्यों मेरे पीछे पड़े हो

क्या बक्वज कर रहे हो.. मई क्यों तुम्हारे पीछे पडूंगे..

फिर मेरा पीछा क्यों कर रहे हो

मई और तुम्हारा पीछा?? पागल हो क्या.. पहले ये बताओ यहाँ मैंने किसी लेडीज की चीख सुनी.. कोण थी यहाँ..

कोई नहीं

नहीं नहीं मैंने आवाज सुनी थी..

तब करीम सींचने लगता है.. साली इस पुलिसवाली के कान बहुत फ़ास्ट है लगते है.. साली को थोड़ा डाइवर्ट करना पड़ेगा .. तब वो सिमरन को गौर से देखने लगता है..





सिमरन उसको hi देख रही thi..usko लग रहा था की अब लता को जाने देते है.. फिर वो सोचता है की लता तो गए है अब और ये सिमरन मैडम यहाँ है तो क्यों न सिमरन मैडम को hi पता लेते है..

थोड़ी देर वो वेट करता है.. और सोचने लगता है.. इस्को कैसे पटाया जय.. साली का गुस्सा आया और उसने जेल मई डाला तो गड़बड़ हो jayege..jail से आपने कुछ नहीं जायेगा पर जेल मई जाने के बाद यहाँ दो तीन छूट है ये आपने हाथो से चली jayege..ye जान ने के बाद करीम अपनी पहली वाली सोच बदल देता है..

सिमरन वह खड़े होकर चुप चुप के उसको देख रही थी..





कोण थी वो लेडी

कोनसी वाली

जिसका मैंने आवाज सुना

कोई नहीं था मैडम.. आप को कुछ गलतफैमी हुई होंगे

तुम शयद पता नहीं है की मई कोण हु

पता है मैडम आप पुलिस अफसर हो

अच्छा.. फिर भी मुझसे जूथ बोल रहा है...

नहीं मैडम मई क्यों जूथ बोलूंगा

बोल रहे हो

नहीं

तभी वह कंठीशत आ जाता है..

ारे मैडम आप इस टेलर से क्या बात कर रहे हो.. आप को भी क्या कोई ड्रेस सिलना है..

नहीं नहीं मला साहब.. मई तो ऐसे hi बात कर रही थी..

चलिए नीचे चलते है..

कंठीशत ने ऐसा कहा तब सिमरन उनके साथ नीचे चली गए..





जाते टाइम वो एक बार पलट कर करीम को देखते है.. तब करीम सोचता है.. अब क्यों देख रही है मेरी माँ.. जा न शेठ के साथ..
 
जाते टाइम वो एक बार पलट कर करीम को देखते है.. तब करीम सोचता है.. अब क्यों देख रही है मेरी माँ.. जा न शेठ के साथ..

सुबह का वक़्त था…… काँटी शेठ का घर तो करीम के लिए 1 दिन मई hi मनो स्वर्ग ही बन गया था और वो वह कहा भी आ जा सकता था.. उसको वह रोकने वाला कोई नहीं था… वैसे इस घर मई उसको कोई सवाल जवाब नहीं करते थे… सवाल जवाब करनेवाले यहाँ सिर्फ दो लोग थे.. काँटी शेठ और उसका बीटा अरुण… लेकिन वो कभी घर पे रहते hi नहीं थे.. तो करीम को कोई सवाल जवाब नहीं करता था यहाँ.. घर की दो औरते पूर्वी और उसकी सांस लता तो करीम के हातो मई पूरी तरह आ चुके थी.. लता को उसने छोड़ा नहीं था पर उसको अपनी बहो मई ले चूका था.. उसको किश कर चूका tha..Pooja भी लगभग करीम के हाथ मई आ चुकी थी.. सिर्फ उसको छोड़ना बाकि था अब..

इस घर मई एक और लेडी थी.. शालिनी.. पूर्वी की भाभी.. जो कुछ दिनों के लिए यहाँ आयी थी.. उसको भी करीम दो बार छोड़ चुक्का था और इन् दोनों की चुदाई पूर्वी ने देखे थी..

शालिनी ऊपर कमरे मई अपना सामान पैक करने लगी thi.usko आज जाना जो था.. आपने फ्रेंड के सिस्टर के रसम को.. करीम उसके साथ आने वाला है या नहीं ये शालिनी को पक्का पता नहीं था. यही वो सोच रही थी..





पहले तो उसने प्लान किया था करीम को साथ मई लेके जायेंगे पर जब से उसे पता चला की पूर्वी के साथ उसका हस्बैंड भी आने वाला है तब से उसे लग रहा था की उसका पूरा प्लान फ़ैल हो जायेगा.. अरुण आएगा तो करीम को कैसे ले जायेंगे .. उसको क्या बोलेंगे.. वो सोचते है पूर्वी को वो मैनेज करेंगे पर अरुण को kaise..Iss वजह से वो थोड़ी नर्वस थी..





उसका चहरे पर की हसी चली गयी थी. तभी पूर्वी वह आ जाती hai..Uska चेहरा देखकर पूर्वी कहती है.

पूर्वी- भाभी अब्ब रसम से hi वापिस जा रहे हो न ….पता नहीं फिर कब यहाँ एना हो गए आपका………………………

पूर्वी को लगता है की करीम को मिलाना नहीं होगा इस वजह से भाभी मायूस है...

शालिनी- हां .. वो बात तो है.. यहाँ से जाने का मान तो नहीं कर रहा है पर जाना पड़ेगा……………………

पूर्वी मन मई सोचती है.. मुझे पता है आपका मन क्यों नहीं हो रहा है यहाँ से जाने को… करीम का कला लुंड जो आप को पसंद आ गया है.. चैनल साली… मेरा करीम मुजसे छीनना चाहती है.. जब से करीम तुजको मिला है तबसे मुझे भूल hi गया है.. दिन बार वो मुजसे मिला भी नहीं ..

पूर्वी- कोई बात नहीं bhabhi…..jab चाहे आ जाना……. ये अब आपका hi घर है..............

मन मई कहती है.. मेरे सौतन जो बन गयी है… तू अब मेरे घर से जल्दी से निकल जा… अब करीम आने वाला होगा .. अगले 2-3 दिन मई अकेले hi करीम जी के साथ रहूंगी.. तू नहीं रहेंगे मेरे saath...agar करीम ने तुजको यही देख लिया तो वो मेरे पास नहीं आएगा.. तेरे पास hi जायेगा.. साली तूने मेरे करीम पे क्या जादू किया है की वो मुजको लगबघ भूल hi गया hai..aab भैया को बोल कई तुजे यहाँ कभी आने hi नहीं दूंगी……... देख अब मई क्या करती हु…………….

तभी शालिनी पूर्वी की तरफ देखते हुई कहते है..





शालिनी - हमारे साथ अरुण आ रहे है क्या

पूर्वी - हाँ

स - मई सोच रही थी वह अब कुछ दिन रहना पड़ेगा तो हमारे छोटे मोठे काम के लिए कोई आदमी चाहिए और मैंने आते टाइम ड्राइवर साथ मई नहीं लिया है.. और रास्ता भी लम्बा है तो मई सोच रही थी कोई ड्राइवर साथ मई लेंगे..

प - ड्राइवर?? कोण ड्राइवर..

स- वो तुम्हारा टेलर है न..

प - वो तो है न.. उसका क्या

स- उसको hi साथ मई लेते है.. शादी का घर है तो वह टेलर की भी जरूरत पड़ेगे.. अदिति भी टेलर चाहिए बोल रही थी..

पूर्वी मैं मई कहते है..

क्या बहाने बना रही है करीम को साथ मई ले जाने के लिए.. पूर्वी कुछ सोचने का नाटक करते हुई कहते है..

उस टेलर को पूछना पड़ेगा

मैंने पूछा है पर

पर क्या भाभी

मुझे पहले लगा था हम सिर्फ दोनों साथ मई जा रहे पर अरुणजी आ रहे है तो..

कामिनी इस वजह से मायूस है..





मुझे लगा अब ये यहाँ से जा रही है.. मेरे करीम से दूर जा रही है इस वजस से मायूस है... इसने तो करीम के साथ रहने का पूरा प्लान बनाया है पर अरुणजी की वजह से इसका प्लान फ़ैल हो रहा है इस वजह से ये मायूस है..

ये दोनों जब बात कर रहे थे तब करीम मैं गेट से काँटी शेठ के बंगला मई आ चुक्का था.. पूर्वी वो कक्तव मई देख लेती है.. तब वो शालिनी से कहते है..

इस का कुछ सोकहते है

और जुट से निचे आ जाती है.. उसने अब पका किया था की करीम को उप्पर शालिनी भाभी के कमरे मई आने hi नहीं देना है.. पूर्वी करीम को अब रोज़ाना चाहती थी.. .. और खुद को अचे से तैयार कर लेती है.. निचे आकर हॉल का दूर खुद hi ओपन करती है.. करीम पूर्वी की तरफ देखता hi रहता है…….





करीम और पूर्वी अब हॉल के बाजु वाले रूम मैं आ गए… करीम ने हाल के अन्दर आने के बाद पूर्वी की तरफ देखते ही पूर्वी को बहो मैं भर laya….aur उसके होंटो को चूसने लगा…..

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पर पूर्वी ने उससे पीछे हटा दिया….. नखरा करते हुई कहती है..

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पूर्वी- ज्यादा प्यार जताने का नाटक मत करो आप..

करीम- क्या हु बहुरानी…

ऐसा कहके उसको फिर से किश करता है..





तब उसको पीछे धकेल देती है..

पूर्वी- मई सब जानती हु.. आपको जब से शालिनी भाभी मिली है तब से आप हम को भूल गए हो..

करीम सोचता है .. मई सुबह उसके पास था इससे कैसे पता चला. . साली क्या इस चैनल शालिनी ने इससे सब बता दिया क्या.. नहीं नहीं शालिनी ऐसे कैसे बतायेगे.. उसे क्या शर्म नहीं है क्या.. खुद के इज़्ज़त की पर्व नहीं है क्या.. नहीं नहीं ऐसा नहीं कर्ज वो.. ये शयद आपने मैं से hi श्यादा ऐसा सोच रहे थी ..

करीम- ारे रांड मई शालिनी को कब मिला हु.. उसको तो कल hi मिला था वो तो तू जानते है..

ऐसा कहके पूर्वी का एक आम दबा देता है..

आह्ह्ह्हआ

पूर्वी- देखो आप हमसे झूठ मत बोलो.. मई जानती हु …

करीम सोचता है इस साली को अब कैसे संजो.. ये रांड सोचती है की मई शालिनी की लिए इस को भूल गया… अब इससे समजानही पड़ेगा..

नहीं रांड तुजे जूथ नहीं बोल रहा हु मई. .

ऐसा कह के उसके हूंतो को आपने उंगली मई लेके दबाने लगा..





मतलब उसके बाद आप भाभी से नहीं मिले क्या

नाराज होते हुई वो कहते है

नहीं

पक्का रांड.. रात को तेरे को छोड़ने के बाद मुझे नींद आ रही थी तो मई घर गया था और अब hi घर से आ रहा हु

मतलब आप यहाँ कीर्ति के रूम मई नहीं सोये ोउथोउसे मई

नहीं.. उस कीर्ति रांड ने तुजे ऐसे बताया क्या

नहीं नहीं.. मुझे लगा आप उसके रूम मई सोये..

नहीं रांड

मतलब रात मई कीर्ति के साथ भी कुछ नहीं किया आपने

नहीं रांड..

ऐसे कह के उसको आपने बहो मई लेके उसके गर्दन को किश करने लगा..

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कुछ सोच कर पूर्वी मायूस होते है..

करीम - क्या हो गया रांड.. ऐसे नाराज क्यों हो रहे है

पूर्वी- देखो ना.. कल हम नहीं मिले.. और अब हम मिल रहे है तो आज आप को जाना है… …

करीम उसको गुलाभी हूंतो को जोरसे चूमता है..

करीम- कहा जाना है..

आप भाभी के साथ जा रहे हो न.. रसम पर

हाँ वो तो मई पर तभी आ रही है न

मई आ रही हु पर मेरे साथ अरुण भी है..

उसे क्यों ले रही है

तब स्माइल करते हुई कहते है..

मई कहा ले रही हु वो खुद आ रहे है ..

कैंसिल नहीं कर सकते क्या उसको

नहीं... और वह से हमें आगे भी जाना है..

कहा

उनका कोई बिज़नेस प्रोजेक्ट है वह..

तू भी जा रही है क्या

हम्म्म

और कितने दिनों के लिए..

पूर्वी- ज्यादा नहीं 1 या 2 वीक के लिए.. मुंबई को..

कैंसिल नहीं कर सकती

नाही न मेरे राजा.. वह मेरे सहेली की शादी भी है.. उस के लिए भी जाना है … और वो प्रोजेक्ट मेरे नाम पाई hai..to सिग्न के लिए मुझे वह जाना पड़ेगा..

हम्म्म्म

इतने दिन हम आप से कैसे रह सकते hai..hum आपके बिना अकेली हो जायगे..

करीम पूर्वी के बात सुन कर चुप हो gaya……aur फिर बोलै

अकेले कैसे .. तेरा पति है न..

वो है पर आप नहीं न.. आप के बगैर हम अकेले हो जायेंगे न..

फिर क्यों जा रही है

क्या करू.. जाना नहीं चाहती पर मन तो नहीं कर सकती न..

करीम- मैं पेशाब करके आता हूँ

ये कह कर करीम रूम से बाथरूम मई चला गया..

पूर्वी- मई बाजु वाली बैडरूम मई हु..

करीम बाथरूम से आने के बाद आकर बीएड पर बेथ gaya…uska दिल पूर्वी यहाँ से जाने के कारन बिकुल भी नहीं लग रहा tha….par वो छह कर भी कुछ नहीं कर सकता था….. करीम बीएड पर बैठा हुआ था…. उसका चेहरा उदा हुआ था.. लेकिन ये सब वो पूर्वी को दिखने के लिए कर रहा था.. वो ऐसा दिखा रहा था जैसे पूर्वी के जाने से वो बहुत उदास हो गया हो.. उस को देखकर पूर्वी कहती है..

पूर्वी- आप बहोत ज्यादा नर्वस मत हो.. ये 1-2 वीक जल्दी hi चले जायेंगे ..

ये कहकर पूर्वी करीम के होंटो को चूमने लगे..





और फिर उसे बीएड पर लेता दिया और खुद उसके ऊपर लेत गयी……





पूर्वी के सांसे मस्ती मैं तेज हो गए thee…….aur वो अपने होंटो को ढीला चोर कर करीम से अपने होंटो को चुसवा कर मस्त हुई जा रही thee……aur करीम उसके होंटो को चूसते हुए उसके ड्रेस के बटन को धीरे –धरी खोल रहा tha…….jaise ही पूर्वी के सरे बटन खुले उसके बड़ी- बड़ी आम ब्रा के क़ैद से बहार उछाल पढ़ने को बेताब हो रही थी…..

करीम ने अपने होंटो को पूर्वी के होंटो से अलग kiya…..aur पूर्वी के आँखों मैं देखा…..





उसकी ऑंखें भोत मुश्किल से खुल पा रही thee…..jisme वासना का नसह चाय हुआ tha….Purvi के चुच्यां ऊपर नीचे हो रही thee…..jisse देख करीम के आँखों के चमक भी बढ़ gaye…..wo किसी भूखे कुत्ते के तर्हां पूर्वी के चुच्यों पर टूट पढ़ा…..

पूर्वी के पीछे हाट दाल के उसकी ब्रा निकल दी और अपने दोनों हाथों मैं जितना उसके आम को भर सकता tha..bhar कर दोनों आम को मसलते हुए उसके निप्पल्स पर अपनी जीभ को फिरने लगा…… पूर्वी मस्ती मैं एक दम से सिसक उठी और उसने करीम को बाँहों मैं भरते हुए अपने बदन से चिपका लिया….. करीम का लुंड उसके पयजामे को पहाड़ कर बहार ऐनी को बेक़रार हुआ जा रहा था…..

पूर्वी - (मस्ती मैं सिसकते हुए) अह्ह्ह करीम जीईईईई आपने मुजी काया कर दिया hai……..ohhhh क्यों आप का लुंड अपनी छूट मैं लिए बिना मुझे नींद नहीं aati……..main मर जाउंगी आपके बिना…… मुझे वडा करो करंजी.. मुझे चूड के आप कही नहीं जायँगे किसी दूसरे लेडी की तरफ … चाहे वो मुजसे कितने भी सुन्दर क्यों न हूँ.. मुजसे कितने भी अच्छी क्यों न हो

करीम- (पूर्वी के आम पर अपने होंटो को रगरते हुए) अह्ह्ह पूर्वी रांड ……मेरा भी तो तेरा जैसा hi हाल hai…….saala ये लुंड जब तक तेरे छूट का रास चख नहीं leta….muje भी नींद नहीं अत्ति…… साला दिन भर कितने भी छूट को छोड़ो ये लुंड तेरे hi छूट मांगता है… तेरे जैसे कासी हुई छूट मुझे कहा मिलाने वाली है.. तेरे से सुन्दर औरत मुजको मिलेगी लेकिन तेरे से अचे छूट मुझे नहीं मिलेंगे…

इस बात पर पूर्वी हसते है… और नखरा करते हुई कहते है





पूर्वी – हातो आप.. हर किसी को ऐसे hi बोलते होंगे आप…

करीम- नहीं रांड तू तो स्पेशल है..

पूर्वी- फिर तड़पा क्यों रहे ho…..kisi रंडी की तरह मुझे chodo…daal दो अपना मुंसल लुंड मेरे छूट main…aur खूब रगड़ कर छोड़ो अपनी इस पूर्वी रांड को……..

ये कहते हुए पूर्वी बीएड पर पीठ के बल लेत गए…..

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उसने अपने ड्रेस को अपनी कमर तक ऊपर उठा दिया और अपनी पंतय खुद hi निकल के फेक दी …… दिन के रोशनी मैं पूर्वी के चिकनी छूट का कॉमर्स लबाला कर चमक utha……jisse देखते ही करीम एक दम पागल सा हो गया और पूर्वी के झांगों के बीच मैं आकर उस पर सवार हो गया….

ऊपर ात्ते हुए करीम ने पूर्वी के आम को जितना हो सकता था मुँह मैं भर कर चूसना चालू कर दिया….. पूर्वी के पूरे बदन मैं मनो बिजली कोंध गयी …… उस्सने करीम के सर को अपनी बाँहों मैं जकड कर अपने आम पर दबाना चालू कर दिया…….

पूर्वी- अह्ह्ह्ह चुसस्स साली … चुसस्स हरामीई… चुसस्स ले मेरा दूध ko…sab तेरे लिए hai…..ohhhhh और जोर से चुस्स्सस्स अह्ह्ह्ह हननननन काट ली ओह्ह्ह्हह ढेऱीीी… काट इससेई… माईई tereeeeeeeeeeee sabseeeeeeeeeeee achhhhhhhhhhhiiiiiiiii………. रआआआंददद……… हूउउउउउउ…. माईई…. Tujakooooooooooooo… ुस्सस्स्स्स…. Kaminiiiiiiiiii… शालिनीईईई… seeeeeeeeeeee… achaaaaaaaaaa….. mazaaaaaaaaaaa…. डूंगीयी….
 
पूर्वी- फिर तड़पा क्यों रहे ho…..kisi रंडी की तरह मुझे chodo…daal दो अपना मुंसल लुंड मेरे छूट main…aur खूब रगड़ कर छोड़ो अपनी इस पूर्वी रांड को……..

ये कहते हुए पूर्वी बीएड पर पीठ के बल लेत gaye…..usne अपने ड्रेस को अपनी कमर तक ऊपर उठा दिया और अपनी पंतय खुद hi निकल के फेक दी …… दिन के रोशनी मैं पूर्वी के चिकनी छूट का कॉमर्स लबाला कर चमक utha……jisse देखते ही करीम एक दम पागल सा हो गया और पूर्वी के झांगों के बीच मैं आकर उस पर सवार हो गया….

ऊपर ात्ते हुए करीम ने पूर्वी के आम को जितना हो सकता था मुँह मैं भर कर चूसना चालू कर दिया….. पूर्वी के पूरे बदन मैं मनो बिजली कोंध गयी …… उस्सने करीम के सर को अपनी बाँहों मैं जकड कर अपने आम पर दबाना चालू कर दिया…….

पूर्वी- अह्ह्ह्ह चुसस्स साली … चुसस्स हरामीई… चुसस्स ले मेरा दूध ko…sab तेरे लिए hai…..ohhhhh और जोर से चुस्स्सस्स अह्ह्ह्ह हननननन काट ली ओह्ह्ह्हह ढेऱीीी… काट इससेई… माईई tereeeeeeeeeeee sabseeeeeeeeeeee achhhhhhhhhhhiiiiiiiii………. रआआआंददद……… हूउउउउउउ…. माईई…. Tujakooooooooooooo… ुस्सस्स्स्स…. Kaminiiiiiiiiii… शालिनीईईई… seeeeeeeeeeee… achaaaaaaaaaa….. mazaaaaaaaaaaa…. डूंगीयी….

करीम पूर्वी के निप्पल को अपने होंटो मैं बीच मैं लेकर अपनी जीभ से कुलबुलाने laga…..Purvi का पूरा बदन मस्ती के कारन कनाप रहा tha…..uski हलकी सिसकियाँ उसके रूम के दीवारों से टकरा कर उसी कमरे मैं खो कर रह जा रही thee……choot मैं खुजली और बढ़ गए थी….. करीम ने अपना एक हाथ नीचे लेजाकर अपने पायजामे का नाडा खोल कर उसे नीचे सरकना शुरू कर दिया……

पूर्वी ने अपनी टांगों को मोड़ कर करीम के झांगों पर पाऊँ रख कर उसके पयजामे मैं अपने पेअर फंसा दिए और फिर उसके पयजामे को अपने पैरो से नीचे सरकते हुए उसके पैरो से निकल diya….Karim का फनफनता हुआ लुंड जैसे ही पयजामे के क़ैद से बहार aaya……..wo सीधा पूर्वी के छूट के फैंको को बीच जा पहुंचा……

जैसे ही करीम के लुंड के गरम सुपड ने पूर्वी के छूट के फांकों को छुआ पूर्वी के छूट मैं सरसरहाट और बढ़ गए….. पूर्वी ने मस्त होकर अपनी टांगों को और पहला कर ऊपर उठा कर करीम के कमर पर कास liya……Karim का लुंड का सुपड पूर्वी के छूट के फैंको को पहला कर उसकी छूट के छेद पर जा लगा….. पूर्वी ने अपनी मदहोशी से भरी आँखों को खोल कर करीम के तरफ देखा …..

पूर्वी- (मदहोशी और मस्ती भरी आवाज़ मैं करीम के आँखों मैं झांकते हुए) अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह भोत गरम ही री तेरा यी लौड़ा….

करीम- हाँ.. चिनलल.. रांड.. तेरी छूट भी भाटी के तरह तप रही है…..

पूर्वी- हां मेरे राजा… वो तो कब से फुदक रही hai..tere लुंड को अंदर लेने के लिए……

ये कहते हुए पूर्वी ने करीम के पीठ पर अपनी बाँहों को कास लिया और ऊपर के तरफ अपनी गांड को उठाने लगी….. लुंड पर छूट का दबाव पड़ते ही पूर्वी के छूट के फांकें फैलाने lagee…..aur करीम के लुंड का मोटा सुपड पूर्वी के टाइट छूट के छेद को फैलते हुए अंदर घुसाने लगा…. पूर्व्वी अपनी सांसो को थामे हुए तब तक अपनी गांड को ऊपर के और उठती रही.. जब तक करीम का लुंड धीरे धरी पूर्वी के छूट मैं झाड़ तक नहीं समां गया…….

जैसे ही करीम के लुंड का सुपड पूर्वी के बच्चेदानी से जाकर तक्र्य पूर्वी के होंटो पर संतुस्ती भरी मुस्कान फेल gaye…..masti अपने चरम पर पहुंच गए…… पूर्वी एक दम कामविह्ल हो गए. मनो जैसे वो जानत मैं पहुंच गए ho….usne अपने अधखुली और वासना से लिपट आँखों से करीम के तरफ देखा तो उससे ऐसा लगा मनो जैसे करीम ही उसकी जिंदगी ho……Usne अपने दोनो हाथों मैं करीम के चहरे को पकड़ कर कुछ देर के लिए उसकी तरफ देखा और फिर अपने थरथरा रहे होंटो को करीम के होंटो पर लगा diya……aur उसके होंटो को चूसते हुए अपना सारा प्यार करीम को लौटने लगी…. करीम भी मस्ती मैं आकर पूर्वी के होंटो को चूसते हुए धीरे धरी अपने लुंड को पूर्वी के छूट के अंदर बहार करने लगा…..

दोनों एक दूसरे के होंटो को चूसते हुए अपने प्यार का इजहार एक दूसरे से कर रहे थी…

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इस मई पूर्वी का प्यार तो सच्चा था लेकिन करीम के लिए ये तो वासना hi थी.. वो हर औरत को ऐसा hi छोड़ता था.. … जब करीम अपना लुंड पूर्वी के छूट से बहार निकल कर दोबारा अंदर पेलता तो पूर्वी अपनी झांगों को पहला कर अपनी गांड को ऊपर उठा कर फिर से करीम के लुंड को अपनी छूट मैं लेने के लिए आतुर हो उठती …. और जब करीम का लुंड फिर से पूर्वी के छूट के गेहरों मैं जाता तो पूर्वी अपने दोनों हाथों से करीम के बदन को दबा रही थी..

उसकी छूट के दीवारे करीम के लुंड को अंदर ही अंदर कास कर चोर रही थी …. मनो जैसे उसके लुंड को मैथ रही ho……Purvi के छूट के गरमी को अपने लुंड पर महसूस करके करीम भी मदहोश हुआ जा रहा tha…..har देखे के साथ करीम के स्पीड बढ़ रही थी और पूर्वी भी मस्ती मैं अपने होंटो को चुसवाते हुए उसकी लेह मैं अपनी गांड को ऊपर के और उछाल कर करीम का लुंड अपनी छूट के गेहरों मैं लेने के कोशिश कर रही थी……

अब्ब करीम पूरे जोश मैं आ चूका tha…..usne अपने होंटो को पूर्वी के होंटो से अलग किया और उसकी झांगों के बीच बैठते हुए ताबरतोड़ देखे लगाने लगा….. करीम के लुंड के टाबरोटोर देखो ने पूर्वी के छूट के दीवारों को बुरी तर्हां रगड़ कर रख diya…..uske पूरे बदन मैं मस्ती के लहर दौड़ गए……..

पूर्वी- (अपने आम के निप्पल्स को अपने हाथों से मसलते हुए) अहह अह्ह्ह करीम साले जरा ढेरी कर ओह्ह्ह मर गयीईइ रीई ढेरी हरामी ओह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह ुंहःहः और भोत मजा आ रहा है करीम ओह्ह्ह्ह ढेरी अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह छोड़ मुजीब अह्ह्ह्हह्हह

करीम- साली रांड अह्ह्ह छोड़ तो रहा हूंणंन्न अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह … मेरी.. कोऊ.. सालियी.. गालिया.. देती.. हैई..

पूर्वी- सररररररययययययय… गलतततततियई.. सीईई…. Madhoshiiiiiiiiiiiiiiiii… मैई…. Nikalllllllllllll.. गईइइइइइ..

पूर्वी ने अपनी सिसकार्यों को दबाने के लये अपने होंटो को दांतो मैं बीच मैं दबा laya….aur तेजी से अपनी गांड को ऊपर के और उछलते हुए झड़ने लगी…… करीम के लुंड ने भी उसकी छूट के दीवारों को भिगो कर रख daya….jhadne के बाद करीम पूर्वी के ऊपर निढाल होकर गिर पढ़ा…..

थोड़े देर बाद करीम तैयार होक बहार आते है.. पूर्वी रूम मई आपने कपडे चेंज करके करीम के साथ बहार आ जाती है …. बहार वह काँटी शेठ, पूर्वी का हस्बैंड और शालिनी बैठी थी. … शालिनी पहले करीम को आते हुई देखते है तो कुश हो जाती है..





जैसे hi पूर्वी करीम के पीछे से आते है तो पूर्वी को देखते हुई वो मायूस हो जाते है..





अब करीम और पूर्वी साथ साथ वह आते है तो शालिनी उसको घर के देख रही थी…





उसके ऐसे देखते hi पूर्वी करीम को कहते है..

देखो तुम्हारी रांड कैसे देख रही है..

देखने दे न

मई तुम्हारे साथ आ रही हु इसलिए जल रही है..

शालिनी को पता नहीं था की पूर्वी का करीम के साथ अफेयर है..

जलने दे न..

ऐसे कहते हुई उसके गांड दबाता है.. तब पूर्वी हस्ते है..





जैसे hi वो पूर्वी को करीम के साथ हस्ते हुई बात करते हुई आते देखते है तो उसे इन् दोनों पाई शके होने लगता है.. वो सोचते है इसका करीम के साथ अफेयर तो नहीं है न.. ये इसके साथ हस्ते हुई क्या बात कर रही है .. जब ये दोनों नज़दीक आते है तब शालिनी आँखों से इशारा करते हुई करीम से पूछते है..





क्या चल रहा है

तब करीम इशारा करते हुई इशारे से कहता है..

कुछ नहीं

तब शालिनी जगह से उठ के करीम के पास जाती है.. जैसे hi शालिनी नज़दीक आते है वैसे hi पूर्वी नाराज़ होते हुई वह से चली जाती है..





शालिनी करीम के नज़दीक जेक उससे कहते है

तब उसके साथ क्या कर रहे हो

कुछ नहीं.. मई आ रहा था बहार तब वो उप्पर से बहार आ रही थी.. इसलिए साथ साथ आये बाकि कुछ नहीं

फिर करीम की तरफ देखकर कहती है..

फिर हाशासके क्या बात कर रहे थे..

ारे कुछ नहीं.. मैंने उसको कहा

ारे आप लोग मुझे लेके जा रहे हो या आड़े से काट कर डोज.. आप के हस्बैंड को कैसे कन्वेन्स करोगे..

तब वो हस्ते हुई कहते है

ऐसा कुछ नहीं होगा.. मई और भाभी कुछ न कुछ करेंगे और आप को लेके जायेंगे..

ऐसा क्या

हाँ

ारी आप को इस बात का टेंशन है क्या...





नहीं तो क्या.. तेरे साथ अच्छे से मज़ा करने का प्लान था और इस मादरचोद अरुण शेठ की वजह से सब मज़ा किरकिरा हो रहा है..

उसका आप टेंशन मत लो .. ऐसा कुछ नहीं hoga..Aap को साथ लेके जाना है.. आप के साथ मुझे 4-5 दिन अच्छे से एन्जॉय करना है.. सिर्फ बीच मई पूर्वी और उसका हस्बैंड का रोड़ा है.. उसको हटाना है.. बाद मैं सिर्फ मई और आप..

पक्का न

हां

तभी कंठीशत कहता है

पूर्वी बीटा आप लोग कब जा रहे हो

अभी निकलना है

ok.. अरुण ड्राइवर को बोलै है न..

हाँ पापा.. पूर्वी की hi वेट कर रहा था..

ठीक है तो तुम लोग निकालो फिर.. जाते जाते श्याम हो जायेगे आप लोगो को

पूर्वी - हाँ पापा

क - इन् लोगो के साथ शालिनी बीटा आप भी जा रहो हो न

श - हाँ पापा

क - इतने लम्बे खुद ड्राइविंग कर सकते हो क्या

स - कभी की नहीं है पर अब करनी पड़ेगे.. हमारा ड्राइवर छूटे पाई गया है.. कोई अचानक बीमार पड़ा उस के फॅमिली मई..

क - ारे इतना बड़ा रिस्क क्यों ले रहे हो..

स- क्या करे जाना तो पड़ेगा hi

क - जाने को मई मन नहीं कर रहा हु.. मई hi कोई ड्राइवर देता हु..

ऐसा कह के वो करीम की तरफ देखता है..

तुजे ड्राइविंग आते है न

तब शालिनी कुश हो जाती है..





हां मालिक

जायेगा मैडम के साथ

कहा मालिक

नौटंकी करते हुई करीम कहता है

तब कंठीशत सब डिटेल्स बता देता है

जायेंगे मालिक पर इतने दिन काम मई.. मेरा घर..

ऐसा कहते hi कंठीशत उठ के कहता है

हाँ पता है.. ऐसा बोल के उसके जेब मई 20-25 हज़ार दाल देता है ..

अब जायेगा

हाँ मालिक..

ये सब पूर्वी कब से देख रही थी..





वो मैं hi मैं मई कहते है..

भाभी का काम पापा ने hi कर दिया.. मुझे या उनको कुछ करना hi नहीं पड़ा..

क - अच्छे से ड्राइविंग कर.. मैडम को कोई दिक्कत नहीं होना चाहिए..

नहीं होगा ..

ठीक है.... मैडम के रूम से सामान लेके आ..

हाँ मालिक

तब झट से शालिनी कहते है..

चलो

प - कितने उतावली हो रही है भाभी.. आपने यार के लुंड के लिए..

अब वो दोनों आदत घर मई पहुँच गए थे.. घर के अन्दर आते hi करीम ने मैं दूर बंद किया और शालिनी को आपने बहो मई लिया पीछे से.. और उसके साड़ी का पल्लू गिरा दिया और उसके आम को दबाने लगा..





तब शालिनी हस्ते हुई उप्पर रूम मई भाग गए .. अब अन्दर रूम मई करीम आ चूका था और उसके सामने शालिनी खड़े थी..





शालिनी की नंगी पीठ देखते hi करीम से रहा नहीं गया और उसने शालिनी को बहो मई लिया पीछे से .. उसको बहो मई लेते hi शालिनी करीम के और बनवाती गुस्सा दिखते हुए कहती है..

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शालिनी- हटो .. मेरे पास मत आओ..

और करीम के बहो से दूर हो जाती है.. करीम फिर से उसे बहो मई लेता है .. करीम एक हाट बगल मई जो शालिनी के चहरे पर लेता है.. उसके हूंतो के पास.. शालिनी गुस्से से वो हटा लेते है…

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शालिनी- हटो .. मेरे पास मत आओ.. मुझे पता है .. आप का मुझसे मैं भर गया है अब.. इसलिए आप मुझसे ज्यादा उस पूर्वी को पसंद करने लगे हो

नहीं बाबा

फिर क्यों आप वो चैनल पूर्वी रांड की तरफ गए थे.. क्यों उसके साथ चिपक के खड़े थे..

ारे वो तो ऐसे hi..

ऐसा कह के उसको बहो मई लेता है..

ोुह्ह्ह्ह रांड प्ल्ज़ मान जा न.. नखरे क्यों कर रही है.. मेरा मैं बहुत कर रहा है..

जाओ न उस पूर्वी के साथ जेक करो न.. उससे बहुत चिपक रहे थे..

उसको चोर न.. उस पूर्वी को लेके क्या बैठ गए है.. एक बार छोड़ने दे न.. बाद मई कब मोखा मिलेगा पता नहीं.. वो अरुण शेठ साथ मई है.. उस भड़वे को भी साथ मई आना hi था क्या..

तब हस्ते हुई शालिनी उससे दूर होक कहती है..





वो आ रहे है बहुत अच्छा हो रहा है..

तब उसको बहो मई लेते हुई कहता है

वो क्यों

मुझे नहीं पता

उसके गले को किश करने लगता है

में तेरी मेमसाब हु.. ऐसे चिपकना गलत है..

क्या गलत है

ये सब गलत है

मुझे बहकाने की कोशिश मत करो..

वर्ण

वर्ण मई रस्ते मई अरुण भाईसाहब को बता दंगे..

धमकी दे रही है क्या

वैसे hi संजो

तब उसके छूट जोर से दबाता है

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सषःष्ष्ठ हरामी

जरा जोर से शालिनी छीलते है..

जोर से आवाज़ नहीं वर्ण तुम्हारी आवाज़ सुनकर सच मच किसी को पता चल जायेगा की तू मेरे साथ क्या कर रही है

फिर जोर से क्यों दबाया

हाय क्या फूली हुई छूट है तेरे ऊपर से तेरा ये नंगा जिस्म मुझे पागल कर रहा है.. इसलिए दबाने से रह नहीं पाया..

हैट जाओ बेशरम

कह के उससे दूर हो जाती है और करीम की और देखने लगती है..





तभी शालिनी की नज़र करीम के लुंड पर गए.. करीम ने वो देख लिया.. शालिनी ने उसे देख के भी अनदेखा किया और चुप चाप मोबाइल चलने lage..shalini वही खड़े होकर मैं में सोकहने लगे..

उउउउउउफफ्फ्फफ्फ्फ़ ये आदमी है या घोडा.. देखो तो कितना बड़ा है इसका.. और हमेशा खड़ा hi रहता है.. इसके पाजामे में भी साफ़ दिख रहा है हहहहह

तब करीम उसके पास चला जाता है

क्या देख रही है

कुछ नहीं चल अब निकलते है यहाँ से .. वो लोग नीचे वेट कर रहे होंगे..

कैसे निकालेंगे ..

ऐसा कह के उसके कमर पर हाट रखता है..



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उफ्फ्फफ्फ्फ्फफ्ठ्ठ..

जब मेरे सपनो की रानी मेरे पास हो... देखो कितना कोमल बदन है तेरा

आअह्ह्ह्ह.. ये क्या कर रहे हो आप... हाथ हटाओ न

करीम समाज गया था की ये फिर से गरम हो सकते है.. इसलिए वो उसके बदन को चूमने लगा..



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ायःहा यहाँ नहीं.. कोई उप्पर आ जायेगा.. उउउउउउउउफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ्फ़..... माआआ आअह्ह्ह्हह फिर बड़ी प्रॉब्लम हो jayege..aahhhh हतोऊ ना

शालिनी ने पूरी कोशिश की थी की करीम हैट जाये पैर उसकी ताकत ज्यादा थी इसलिए करीम के आगे जुकति चली गए.. और करीम उसके होंटो को चूसते चला गया..



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आआह्ह्ह ाअरराम से मेरे राजा.. दर्द हो रहा है...

ये मजा पूर्वी नहीं दे पाएंगे..

वो मुझे पता नहीं.. … मई आपको असली मज़ा दूंगी… उस चैनल को कुछ नहीं आता… सेक्स का असली मज़ा मई आप को दूंगी… मई hi आपकी सबसे अचे रांड हु…

अब करीम पागलो की तरह शालिनी को चुम ने लगा और वो भी पागलो की तरह करीम को चूमने लगे..





आअह्ह्ह मेरे शोहर बस अब और वक़्त मत लगा तेरी ये बेगम बहुत तड़प रही है.. अब जल्दी से मेरी साडी तड़प मिटा दे मेरे आंग आंग को खोल कर रख दे ऊऊफफफफफफफ कितना मोटा है तेरा ये..

करीम के लुंड को हाथ मई लेते हुई शालिनी कहते है

देखो शालिनी ..

शालिनी नहीं उज्मा बेगम बोलो

मेरे प्यारे उज्मा बेगम.. मजा करना है तो खुल कर बोलो नाम से वर्ण रहने दो मुझे कुछ नहीं करना

ओह्ह्ह्ह मेरे शोहर तू जो कहेगा

आप कह

आप जो कहोगे वही करुँगी बस अब आप अपना ये लुंड मेरी छूट की गहराई में उतार दो प्ल्ज़ फाड़ दो मेरी छूट को आज इतना जोर से छोड़ की ये पूरी फैट जाए

तब जोर से उसके मम्मी दबाता है

ऊऊह्ह्ह्ह मेरे शोहर ऐसे hi जंगली बन जाओ फाड़ दो मेरे कपडे और भोग लो अपनी बेगम के जिस्म को

दोनों पागलो की तरह एक दूसरे को नोच ने लगे थे.. हवस हावी होती जा रही थी .. वही शैलिंज तो बस ये च रही थी की जल्दी से करीम का लुंड उसकी छूट में घुस जाए पैर करीम के दिमाग में तो कुछ और hi चल रहा था इसलिए उसने शालिनी को कास के पकड़ा और लुंड को उसके मुँह में घुसा दिया और तेज़ तेज़ अंदर बहार करने लगा.. शालिनी की तो हालत hi ख़राब होने लगी थी यहाँ तक की उस से सांस भी नहीं लिया जा रहा था .. जब करीम को इस बात का एहसास हुआ तो उसने लुंड बहार खेंच लिया

लुंड बहार आते hi शालिनी ने चैन की सांस ली और बोली

आह्ह्ह्ह कमीने मुझे मार ने का इरादा था क्या .. अभी कुछ देर और न निकाल ता तो में मेर hi जाती ऊऊफफफफफफ

ऐसे कैसे मर जाती मेरी जान अभी तो तुम्हे मेरे बच्चें की अम्मी भी बनाना है

शालिनी शर्मा के कहते है

ह्ह्हआआ तो बना दो न

सचमुच बनाऊ

बनाओ न.. किस ने मन किया है..

उसके लिए तेरे ताबड़तोड़ चुदाई करने पड़ेगे..

करो na..kab से बोल रही हु पैर आप है की सुनता hi नहीं

तब झट से उसके छूट मई आपने लुंड करीम डालता है…

आअह्ह्ह्ह ारराम्म्म सीए कूटटरीईए राण्डीय नाहीई हूउउउउउउ मेइइइइइइइइइण्णं aaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhmmmaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhh

चुप कर और मजे लिए ( शालिनी की चीखे बहार न जाये इसलिए मुँह बंद कर दिया था करीम ने) अभी तो कह रही थी की अंदर डालो अब दाल दिया तो चीख रही है

ाःमममममममममगघहुउउउउउउउउआआआह्ह्ह्हह्हह्ह्ह्हुउउउहा

शालिनी को झटपटा ता देख करीम ने उसके मुँह को खोल दिया और जोर जोर से छोड़ ने लगा

आआअह्ह्ह्ह कुट्टी कामिनीई आईसीए कोण करता है ऊऊफफफफ्फ्फ्फ्फ़ मममममआयःहजहहह ठुडडा तो रिहहाआममम कर तेरी बेगम हु मीईइओणन्न.. कोई रंडी नहीं हु..

तूने hi तो कहा था न की मुझे छोड़ो बोल के अब मुझे बोल रही होऊ

हआ तो इसका मतलब ये थोड़ी है की आप मेरी जान ले लो

ऊऊह्ह्हह्हआआअह्ह्ह्हह्हह ाआईईसीईई काअरररररररर oooooaaaaaahhhhmaaaaaaoooohjhhhhhhhhhhhhhh ट्ठझूओडायआ प्यार भी तो होओओओ आअह्हह्ह्ह्ह ईएएसस्सस्स मेरे राज्ज्ज्जाःह्ह्ह्हह्ह एआईईएससीईए बाहुट्ट्ट्ट्ट आछ्हा लगघ रहहहआ हासीइइइइइइ उउउउउउफफ्फ्फफ्फ्फ़

ऊऊह्ह्हह्ह रांण्ड तुइओम्हर भी कुछ पता नहीं चलता कभी कुछ कहती हो तो कभी कुछः आआआह्ह्ह्हह्ह पैर जो भी कहो तुम्हारी छूट है बड़ी मस्त दिल करता हाई बस छोड़ता राहु कभी ना रुककूऊ

ोुह्ह्ह्ह ममी राजनंददद नाहीई हु तुमरीई… रांड मत बोलो.. बेगम बोलो.. मई बेगम हु तुम्हारी.. तुम्हारी अपनी उज्मा बेगम.. बस तुम्हारी.. मेरी शाहजी मेइइइइ तो तुम्हारररीी दीवानी हो गयी हूउउ अब तो तुम्हारे बिना मैं hi नहीं लगता उउउउउउउउफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ यहाँ सी जाने के बाद मेरा क्या होगा uuuuuuffffaaaaaaaahhhhhhhhhhhorrrrr टीज़ज़ज़ कार्र फ्फआयआयड़ड्डड्डड़ डीईई मममममाःह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

aaaaaahhhhhhhhhhh

oooooooohhhhhhhhhhaaahhhh

तो मत जाना न फिर हम दोनों रोज़ चुदाई करेंगीए आअह्हह्ह्ह्हह

मात्र तो मेरा भी यही करता है पैर क्या करू छह कर भी नहीं रुक सकती आआअह्हह्ह्ह्हह फिरररससीई वहीइ कर राहहीइए होऊ ारांम सीए कर नाआ

आह्हः आराम से मजा नहीं आ रहा है अब तो ऐसे hi मजे लो ऊऊफफफफ्फ्फ्फ़ाआआह्ह्ह्ह

आआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह mmmeeeeeeeiiiiiiiigggggggaaaaaaayyyyyyiiiiiiiiiii क्कारतीमंजियई… आआआआह्ह्ह्हम्मम्मम्हाआआअह्ह्ह्हह ाअरररररायअम्म्म सीए oohhhhhhhhhhhhhhhh

aaaaaaaaaahhhhjjjjmmmmmeriiiiiichhuuuuttttttfffaaaaddddiiiiiiihhhhjmmmmmmmm एई कमीना आज मुझे मार कर hi छोड़ेगा आआअह्ह्ह्हह बहाल तो मत खेच ऊऊऊह्ह्ह्हह्म्मम्माआआआ

आआअह्ह्ह्ह इतना मजा तो आ रहा है रांड तुजे

रांड मत बोलो न

तुम फिर क्यों रंडी की तरह चिल्ला रही होओओओ अगर ऐसे करोगी तो फिर कभी नहीं करूँगा

आआअह्ह्ह्ह आईसीई मत बोलल मेरे राजा कर तू जैसे करना फव्डडड मीरररीी छुट्ट्ट्ट कोऊ आआह्ह्ह्हह्ह मसल मुझी ऊऊऊह्ह्हह्हहजम्म्मममअअअअअअअम्मम्माम्मम्ममाआररररररगगगगगीयीईईईइर्रीटीईईईईईएवायजःह

हआ ये हुई ना बाटत्ताहहहहह क्या मस्त छूट हाइइइइ तुम्हाररिई देखो कैसे मेरे लुंड कहा रही हाइइइइ ऊऊह्ह्हह्ह्ह्ह

बस्स्स आप खुश हो ना तो मेऐईंण भी लघुश हूउउउउइउआआआह्ह्हह्ह्ह्हम्मम्मआआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह

आआअह्हह्ह्ह्हजहहह

oooolhhhhhhhhhhhhhhhhyyeeeeeessssssssssoooohhhhhhhhhhhhmmmaaaaa

पूरा कमरा करीम के धक्को से गूंज रहा था ठप्प ठप्प थापपपप.. शालिनी का बुरा हाल हो चूका था मगर अपने शोहर की कृषि के लिए वो अभी भी पूरा साथ दे रही थी

मद- आआआह्ह्ह्हह्ह मेरे राजा ोुर्रर्रर्र कितना तिमी लागेगाआ uuuuuuuuffffffffffm

आआआहहहहह भूउउउससससस रानी कुछ देर और ऊऊऊओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मम्मीईईईन्न्न भीईईई ायनी वाला हूउउ aaaaaaahhhhhhhhhhhhhhmmmmaaaaaaaaaoooohhhhhhhjhhhhhhh आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

कुछ hi पल में करीम शालिनी की छूट में hi झाड़ गया और उसके ऊपर hi लेता रहा थोड़ी देर बाद जब नार्मल हुआ लुंड बहार निकल के साइड में लुढ़क गया

दोनों में से कोई भी अभी कुछ नहीं बोल रहे थे बस दोनों अपनी सांसें दुरुस्त करने में लगे हुए थे जब दोनों कुछ नार्मल हुए तो शालिनी ने hi चुप्पी तोड़ी

ओह्ह्ह मेरे राजा आज आपने सच में जान ले ली थी मेरी पैर एक बात है मजा भी बहुत आया काश आप मेरे पति होते तो हर रात चुदती आप से

अभी तो कह रही थी शोहर हु मई तेरा और अब कह रही है मई पति होता तोह रोज छुड़ाते तुजसे..

शोहर तो आप हो है मेरे.. पर हम साथ साथ नहीं रहते न..

वैसे बोल न

हम्म्म

एक बात बोलू

बोलिये

तुम्हारे साथ चुदाई करते वक़्त होश hi नहीं रहता मैं करता है छूट में hi घुस जाऊ

ः ऐसा मत करना मेरे राजा वर्ण मेरी छूट को कोण छोड़ेगा अगर आप छूट में घुस गया तो

हां ये तो है पैर तू चिंता मत कर में बहार hi हु हीहीही वैसे तुम सच में बहुत खूबसूरत हो दिल करता है तुम्हे फील करता राहु( चूचियों पैर हाथ फेरते हुए)

आह्हः क्या कर रहे हो अभी इतनी देर से फील hi तो कर रहे थे.. अब भी मैं नहीं भरा आपका ोोूछह गंदे छोड़ू

तुमसे मैं कैसे भर सकता है रानी ( चुकी चूसते हुए)

ाचा जी इतनी अछि लगती हु में आपको

अब कैसे बातो तुम्हे जितना भी प्यार करू तुम्हे काम hi लगता है

आअह्ह्ह्ह नाहीइ फिर से नाहीइ ोुह्ह्हह्ह्ह्ह एई क्याआ कार्र raahhe3eee हाइइइइ uuuffffffffff हाथ हटाओ ना मुझे फिर से कुछ हो रहा है में पागल हो जाउंगी ooooooohhhhhhhhhh mmmaaaaaaaaaaaaaa.. हमें रसम मई जाना भी है न.. वह 5 दिन साथ मई है न वह करना जो भी करना है..

में कहा कुछ कर रहा हु ये तो अपने आप हो रहा है ऊऊफफफफ कितनी गरम तुम्हारी छूट है हलके से चुने से फिर तैयार हो गयी है आआह्ह्ह्ह

और ऊँगली हटा कर लुंड को छूट पैर रब करने लगा

आआह्ह्ह अगर करना है तो कर लो बस ऐसे तड़पा तो मत ऊऊऊह्ह्हह्ह्ह्ह वो वीक पॉइंट हीी माआ

( लुंड को रगड़ते हुए) कहा ये है क्या वीक पॉइंट मुझे तो नहीं दिख रहा

सब दिख रहा है आपको ऊऊह्ह्हह्ह आआह्ह्ह्हह्ह एआईसीए ही अंदर दाल दो ोूहःहज्ज क्या कर रहे हो क्यों तड़पा रहे हो मुझीीी में पागल हो जाउंगी राजा आआअह्हह्ह्ह्हह्हह

ऊह्ह्ह्ह रानी क्या बात है गांड में भी लेना है क्या जो ऊँगली दाल कर दिखा रही हो( लुंड को अंदर बहार करते हुए)

करीम की बात सुनकर शालिनी ने झटके से ऊँगली बहार खींच ली और बोली

न बाबा न वो ऐसे hi गलती से चली गयी आप बस छूट hi फाड़ो मुझे गांड नहीं फाड् वाणी आअह्ह्ह्ह आईसीए hi प्यार से करो बहुत ाचा लग रहा है ऊऊफफफफफफफफफ

फटेगी तो वो भी क्युकी उसपर मेरी नज़र बहुत टाइम से है

आआह्ह्ह्ह नहीं राजा वह बहुत दर्द होगा ऊऊफफफफ्फ्फ्फ्फ़ आआअह्ह्ह्ह ऐसी हीई माआआअह्हह्ह्ह्ह उउउउइइइइइइइइ

बिलकुल दर्द नहीं होगा रानी बड़े आराम से करूंगा आअह्ह्ह्हह कितना कास रही तुम्हारी छूट मेरे लुंड को आअह्ह्ह जैसे खा hi जायेगी

आअह्ह्ह मेरा बस चले तो सच में खा जौऊ ऊऊफफफफफ मायआ क्या शोहर है मेरा अपनी बेगम की छूट की कितनी सेवा करता है ऊऊफफफफफ

ऊऊऊह्ह्हह्ह्ह्हम्मम्मआआआ अब जल्दी कर में थक गयी हु बहुत .. अब जान नहीं है मुझ में

ह्ह्हम्म्म बस्स्स आआआआआ रानी मेऐईंण भी धीरे 2 में पता hi नहीं चला 40 मं हो गए तुम्हे छोड़ते 2 हुए

आआआह्ह्ह्ह बस्सस ायबबब और नहीं जाल्दीईई कारररो आआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह mmmmmaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhuummmmeeeerrrriiiii कछूउऊउत्ततत्तत्त

आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह बूयुअस्स्स्सस्स्स्स ममममवीएएएएएए आआआययययआआआआ raniiiiiiiiiiiiiiiiiyyyeeeeeeeeellllooooo

और एक तेज़ पिचकारी मारी शालिनी की चुकी पीरररर

ऊऊओह्ह्ह्ह राजा कितना गरम हैई तेरा ऊऊफफफफ्फ्फ्फ्फ़ मायआ अब तो में माँ भी बन hi जाउंगी जब तक यहाँ हु आअह्ह्ह्हम्ममाआहहहहहहहह

हआ रणनीयी पक्का ये तो जरुए होगा ह्ह्हम्मम्मम

ओह्ह्ह थक्क गया मेरा राजा आजा अब सोऊ जायआ

और करीम को खुद से चिपका लिया और बोली..

ी लोउववीई यूउउउ सूऊऊओ मुछ्छःह मेरे राजा मेरे प्रेमी मेरे होने वाले बच्चे के बाप लव यू लव यू

और करीम को बच्चे की तरह सर में हाथ फेर कर सुलाने लगी जिस करीम भी जल्दी hi नींद की वादियों में खो गया..

नीचे तीनो इन् दोनों का वेट कर रहे थे.. वो आये नहीं तब कंठीशत पूर्वी को कहता है..

पूर्वी बीटा देख लो.. शालिनी और वो टेलर कहा रह गए..

पूर्वी अच्छे से जान गए थे की ये इतने देर नहीं आये इसका मतलब ये दोनों क्या कर रहे होंगे.. पूर्वी को भी यही मौका चाहिए था और उसे करीम के पास जाना था ..

पूर्वी - ठीक है पापा मई देख के आती हु..

ऐसा कह के पूर्वी वह से उठ के चली गए..

थोड़े देर बाद करीम शालिनी के बदन से अलग हो गया और बीएड पे बाजु मई बैठ गया.. शालिनी अब करीम के सामने बीएड पे बाजु मई जेक बैठ गयी... ऐसा लग रहा था शालिनी करीम को आपने बदन दिखा रही है..

तभी रूम के दूर पर कोई आ गया था.. दूर पर पूर्वी आयी थी.. रूम के अंदर ठीक पूर्वी की आँखों के सामने करीम और शालिनी नंगे थे… करीम बैठा हुआ था और शालिनी कड़ी थी… करीम को आपने बदन दिखा रही थी..

दूर पर किसी की आहात सुन के दोनों एक दम से हड़बड़ा gaye…..dono ने जल्दी से अपने कपड़े आपने बदन पे दाल के बदन को धक् liya..USKI आहात से शालिनी और करीम दोनों दूर की तरफ HI देखने लगे .... तो सामने पूर्वी को खड़ा पाया. .दोनों बिलकुल नंगे थे.. बीएड पर बैठ कर करीम और खड़े रहकर शालिनी दूर की तरफ देखने LAGHE..Purvi को देखते hi करीम का डर भाग गया.. पर शालिनी का नहीं.. और वो बीएड पर बैठ के बदन छिपाने लगे..

तभी दूर पर कड़ी पूर्वी मुस्कुराते हुई कहते है..





चलना नहीं है क्या

जैसे hi शालिनी का ध्यान पूर्वी के ऊपर गया तो शालिनी फैट से करीम के पीछे बैठ गयी और खुद को छिपाने लगे.. और आपने कपडे से बदन ढकने की कोशिश करने लगी..

……

पूर्वी को देखकर करीम के चहरे पर का डर गायब हो गया था पर शालिनी के चहरे पर डर अभी भी था… वैसे पूर्वी को सब पता था लेकिन शालिनी को कुछ पता नहीं था… करीम कैसा आदमी है.. शालिनी को नहीं पता था की करीम के कितने लफड़े hai...Karim छोत के एक साइड मई निचे पेअर कर के अब बैठ गया.. उसके बदन पर एक भी कपड़ा नहीं tha..…aur उसका 8 इंच लुम्बा काळा रंग का लुंड हवा मैं झटके खा रहा tha….par शालिनी उससे देख नहीं रही thee…..wo तो पूर्वी की तरफ देख रही थी.. … एक पल के लिए शालिनी के हाथ पाओ मनो जैसे सुन पढ़ गए हो.. उसके ऐसा लग रहा था मनो जैसे उसके शरीर मैं जान ही ना बची हो..

पूर्वी गुस्से से शालिनी को देख रही thi..wo अब बहार से र्रोम के अन्दर आये हुई थी.. और करीम और शालिनी के सामने आकर फहुंच गयी…… पूर्वी अन्दर आते hi शालिनी दर के मारे हांफ रही थी….

पूर्वी अपने सांसे थामे हुए शालिनी को गुर्जर रही थी और शालिनी अपनी गार्डन निचे की हुई थी.. शालिनी को कुछ सूज नहीं रहा था.. क्या करू कुछ समाज नहीं आ रहा था..…… शालिनी नंगी hi थी… शालिनी को इस हालत मई पूर्वी ने पहली बार देखा था.. ….. शालिनी के 38 साइज के bade-bade आम हिल रही थी….. जोर जोर से सांस लेने से उप्पर निचे हो रहे थे..

पूर्वी को सामने देख शालिनी के चहरे का रंग ुध गया…. इस बात के परवाह किये बिना के शालिनी उसकी भाभी है… उसके भाई की प्यारे बीवी है पूर्वी शालिनी को गुस्से से देखने लगी और गुस्से से बोली..

पूर्वी - शालिनी तू ये क्या कर रही है… कुछ शर्म कर??? तुजे कुछ लज्जा है की नहीं.. किसी के साथ भी आपने मु कला करेगी क्या??

आज तक पूर्वी और शालिनी एक दूसरे को रेस्पेक्ट देखे बात किया करती थी…

वो… वोओओओ.. पूर्वी…

ऐसे हड़बड़ाते हुई कहने लगे ..

तब तक पूर्वी बीएड पाई आके करीम के पास बैठ गए.. और सर उप्पर उतके शालिनी को देखने लगे..





क्या भाभी?? क्या कह रही थी आप?

फिर शालिनी करीम से अलग हो गए.. और बीएड से निचे उतारकर सर्रे से आपने बदन छिपाने लगे… अब उसे याद आया दूर खुला hi है.. पूर्वी को देखते hi शालिनी डर गए..

अब शालिनी पूरी तरीके से डर गयी थी.. डरते हुई hi कहती है..

वो पूर्वी… मेरी कुछ गलती नहीं है..

तब झट से पूर्वी करीम को खींच के आपने बहो मई लेते है..

तो किस के गलती है भाभी.. करीम की..

करीम को पूर्वी की बहो मई देखकर शालिनी ाशर्यवहाकित होक उन्दोनो की तरफ देखने lage..aur आपने कपडे पहनने लगे..

स - ारे ये तू क्या कर रही हो

पूर्वी - (झूटी मुस्कन चहरे पर लेट हुए) मैंने तो तेरे जैसा ऐसा वैसा कुछ कर नहीं रही हु .. तेरे जैसा मैं मु काला नहीं कर रही हु ..

मैंने कोई मू कला नहीं किया है

पूर्वी- हाँ वो तो देख चुकी हूँ मई... रूम मई मेरे आने से पहले तूने इस टेलर के साथ क्या किया है... मु कला किया या गोरा ... ये मई जानते हु.... करीम जी को तूने कैसे गरम किया……. कैसे कुश किया वो सब मई देख चुकी हु..

आपने पे सब इलज़ाम आ रहा है ये देखते हुई शालिनी और गुस्सा हो गयी और बोलने लगी..

स - अरे ये काया तरीका हुआ किसी के कमरे मैं ऐसे घुस ऐनी का ? माँ बाप ने तेरे को कुछ अकाल दी है के नहीं. ? भाभी से इस तरीके से बात करते है क्या..

प - अच्छा अगर मेरा तरीका ठीक नहीं है तो तू इस वक़्त एक टेलर के साथ क्या कर रही थी …

स - वही कर रही थी जो तू इस वक़्त करीम जी के साथ करना च रही हो ..

करीम पूर्वी के तरफ देख कर मुस्कारते हुए लगतार अपने लुंड को मुथैया रहा tha…..aab पूर्वी करीम के लुंड की तरफ बीच बीच मई देख रही थी... लेकिन उसके चहरे पर गुस्सा अभी भी tha..Karim के काळा रंग के लुंड के चमड़ी जब पीछे होती और उसका गुलाबी रनग का सुपड शालिनी के आँखों के सामने आ जाता…… शालिनी ने थोड़े देर के लिए करीम के तरफ देखने की कोशिश की लेकिन उसके मैं मई पूर्वी के प्रति बहोत ज्यादा गुस्सा था..…..

प- हाँ करोगे.. तुजे क्या प्रॉब्लम है..

शालिनी- पपूर्वी तुम ये सब ठीक नहीं कर rahi..main पूरे घर वालो को बता दूंगी की तू करंजी के साथ क्या कर रही हो ………

शालिनी के बात सुनते हुई पूर्वी के चहरे का रंग एक दम से ुध gaya…..wo कभी शालिनी के तरफ देखते तो कभी करीम के तरफ…….. करीम को भी कुछ समाज मई नहीं आ रहा था की आखिर हो काया रहा है….. अब तक तो वो इन् दोनों के झगड़े का मजा ले रहा था लेकिन उसको अब लग रहा था की बात बिगड़ सकती है..

ये सोच कर करीम ने शालिनी का हाथ पकड़ा और उसे खेंचता हुआ एक कार्नर मई ले गया और उसके बालो को जोरसे निचे की तरफ खिंचा ……

करीम- साली अगर मुँह खोला तो तेरे जिंदगी नरक बना दूंगा …

करीम के बात सुन कर बेचारी शालिनी सेहम गए.

शालिनी- मई आप को कुछ नहीं कह रही थी .. मई तो इस चैनल को बोल रहे थी..

करीम की बात सुन्न कर पूर्वी होंटो पर तीखी मुस्कान लेक उन दोनों को देख रही थी……

पूर्वी- साली.. रांड … चैनल किस को बोल रही है…

शालिनी को शांत देख कर वो करीम से बोली

पूर्वी- करीम जी आप बहार जाओ मैं इससे दिखती हूँ..

शालिनी गुस्से से पहन पहना रही थी..

वो पूर्वी की तरफ देख कर कहती है..

शालिनी- किसी को दिखाएगी तू…

शालिनी के पास आकर पूर्वी कड़ी हो गयी…

पूर्वी- ए सुन शालिनी …… देख अगर हंगामा करेंगे तो तेरे भी लोस्स होगा और मेरा bhi…waise तेरे बात कोई नहीं मानेगा yaha……bhaiya को उल्टा सीधा कह के तुजे घर से निकल दूंगी… तू तो जानती है भैया मेरे बात कितने मानते hai..phir तू किसी को मुँह दिखने लायक नहीं रेह्न्गे…….

दोनों एक दूसरे पर गुस्सा थी मगर एक दूसरे के बदन को टच नहीं कर रही थी.. मतलब मारपीट नहीं कर रही थी.. करीम दोनों के तेवर देख रहा था.. उसको तो अन्दर से मजा आ रहा था.. मेरे वजह से बड़े घर की दो रंडिया जगद रही है ये देख के उसको बहोत अच्छा लग रहा था..

शालिनी थोड़े देर सोचते है..

शालिनी- (सुबकते हुए) ठीक है नहीं कहूंगी किसी ko……par तू करीम जी को चोर दो…….

पूर्वी- (मुस्कारते हुए) अरे ऐसे कैसे चोर du…tun तो आज ए है यहाँ par………maine तो उनसे तेरे से पहले छुड़वा रही hun….………..abb जब असली मजा लेने के बरी ए तो तू मेरे सौत बन कर आ रही है ……. देख करीम जी सिर्फ मेरे है और सिर्फ मेरे ही रहेंगे……. हाँ अगर कभी उनका दिल कर आया तो मैं करीम जी को मन नहीं करूंगी तेरे पास आने से ………..

शालिनी एक तक पूर्वी के तरफ देखते हुए उसकी बातों को सुन रही थी ……. उसे यकीन नहीं हो रहा था की पूर्वी उस के साथ ऐसे कैसे बात कर सकती है …… शालिनी को चुप देख कर एक बार फिर से पूर्वी बोल पड़ी…….

पूर्वी- देख ली मर्जी तेरे hai..tere बात पर यहाँ कोई यकीन नहीं करेगा ……… चुप रहेगी तो दोनों के hi मज़े है..

ये कह कर पूर्वी बीएड की तरफ चली गयी … वह करीम नंगा hi बैठा था.. जैसे ही पूर्वी बीएड के पास phunchi….wo अपने पैरो पर मूतने वाले अंदाज़ मैं करीम के सामने नीचे बेथ gaye….aur उसके हाथ को उसके लुंड से हटा कर खुद उसके लुंड को पकड़ liya…..aur शालिनी के और देखते हुए बोली

पूर्वी- अब तो सच मैं मेरे छूट मैं खुजली और बढ़ गए hai….ye सोच कर की जिस लुंड को मैं अपनी छूट मैं ले रही hun………wo अब्ब मेरे इस चैनल सौत के छूट को छोड़ेगा…….. ( शालिनी की तरफ इशारा करते हुई ) .. वो भी मेरे सामने…

ये सुनके करीम कहता है…

करीम- आजा रांड आजा … और तुम दोनों मिलकर मेरा मजा दोगुना कर दो..

शालिनी नहीं मई गार्डन हिलाते है…

पूर्वी- (करीम के लुंड के गुलाबी सुपड पर अपनी उंगलयां घूमते हुए) मेने तो पहले ही कहा था आपको… मेरे करंजी… वो साली रांड आप को वो सुख कभी नहीं दे payege…….jo मई आपको अपनी छूट मैं आपका लुंड डलवा कर देती हूँ……

करीम शालिनी की तरफ देखकर कहता है..

करीम- हाँ रांड… मैं तो अब तेरा गुलाम बन गया hun…..wo तो मेरा दिमाग ख़राब हो गया था जो मैंने इस कामिनी के साथ रिश्ता बना लिया ……. देख ना मेरी पूर्वी… रानी.. तेरे ये मस्त आम को देख कर मेरे लौड़ा कैसे तन गया है….

ये सब बात करीम शालिनी की तरफ देख कर बोल रहा था.. शालिनी को जलने के लिए… शालिनी ये सब देख रही थी और सुन भी रही थी..

पूर्वी- हाँ देख रही हूँ मेरे raja…….mere छूट भी तो आप के लुंड को देखते ही पानी छोड़ें लगती है… मैं कैसे बर्दास्त करती इस लुंड को किसी और के छूट मैं देख कर जिससे मेने रोज मालिश करके इतना तगड़ा बांया hai..yaad है जब आप ने मुझे पहली बार छोड़ा tha…tab आप ने मुझे कितना मजा दिया था.. तब से मई आप की रांड बन गयी थी… असली लौड़े का मजा कोई चैनल रांड समाज नहीं पति करीम जी..

तभी पूर्वी का मोबाइल बजता है.. कॉल उसके हस्बैंड अरुण का था..

करीम - किस का है

अरुण का है..

ये सुन के शालिनी थोड़ा दर जाती है..

हाँ अरुण जी बोलिये

हुआ नहीं क्या

नहीं न भाभी का अभी तक नहीं हुआ है

शालिनी की तरफ देखते हुई पूर्वी कहते है

कितना टाइम लगेगा

पता नहीं वो वाशरूम मई है

ठीक है उनका होते hi आ जाओ

अच्छा.. अरुणजी आप ऐसा कर सकते हो क्या की आप आगे चलो.. लगता है भाभी को टाइम लगेगा और आप को आगे सिटी मई किसी को मिलाना भी था न

लेत हो जायेगा इसलिए मैंने वो कैंसल कर दिया था

कैंसल मत करो.. आप मिल लो.. आपने काम करो.. मई भाभी के साथ आ जाउंगी..

अच्छा ये ठीक रहेगा..

हाँ

वो टेलर है क्या वह

है न

उसको फ़ोन दो

तब पूर्वी करीम को फ़ोन देते है..

हाँ शेठ जी

अच्छे से गड़े चलना.. दोनों मैडम को ठीक से लेके आओ.. मई आगे जा रहा हु.. रस्ते मई मिलेंगे.. धीरे से लेके आना.. कोई प्रॉब्लम नहीं होने चाहिए..

ठीक है साहब.. कोई प्रॉब्लम नहीं होगा..

ऐसा कह के करीम कॉल रख देता है..

तभी पूर्वी की नज़र दूर पर जाती है.. वो धीरे से करीम को कहती है..

आपने रांड को दूर बंद करने को कहो

तब करीम शालिनी को कहता है

शालिनी दूर बंद करो

शालिनी नाराज होते हुई दूर बंद करते है..

ये सब शालिन्नी को उकसाने के लिए था..

करीम धीमे सवार मैं हस्ते हुए कहता है..

करीम- हाँ रांड तूने भी मुझे अच्छा मजा दिया tha..tu hi मेरे असली रांड है..

Purvi-(nakhare से मुसकरते हुए)

है मेरे मालिक… आप ने तो मुझे असली प्यार का मतलब सीखा है..

करीम- हां मेरी रांड…

पूर्वी- अच्छा चोरो ये sab………aaj हमें टाइम मिला है.. आज के बाद कितने दिनों के बाद मेरे छूट और जीभ आप के लुंड का सवाद चखने वाली होंगे मुझे पता नहीं hai...isliye खली गप्पे लगा कर टाइम बर्बाद ना करो आप मेरे करीम जी…….. मेरे भोषडी मैं आग लगी हुई hai….abb तो मुझे ये आप का लौड़ा अपनी छूट मैं लेने दू……

ये कहते हुए पूर्वी ने झुक कर करीम के लुंड के सुपड पर अपनी जीभ बहार निकल कर उसके और देखते हुए चारो तरफ से चाटने लगी…….. करीम ने पालक झपकते ही पूर्वी के बैलन को कास के पकड़ लिया और आँखों से शालिनी को इश्हारा कर दिया आने का तो शालिनी ने न मई गार्डन हिलाई फिर से एक बार..

करीम- अह्ह्ह चूस साली रांड ओह्ह्ह्हह भोत अच्छा चुस्ती है tun….ohhhhh साली दिल करता है दिन रात तेरे छूट और मुँह मैं लौड़ा पलटा रहूं…….

पूर्वी- (करीम के और बनवाती गुस्सा देखते हुए) फिर क्यों आप वो चैनल शालिनी रांड की तरफ जाते हो…

करीम- (पूर्वी के सर को पकड़ कर अपने लुंड पर झुकाते हुए) तुन चूस ना साली.. मुझे सब पता है…. तू hi मेरे असली रांड है… बाकि सब बकवाज है..

पूर्वी ने एक बार शालिनी के और फिर करीम के तरफ देखा और फिर अपने होंटो को खोल कर करीम के लुंड के सुपड को मुँह मैं ले लाया…… करीम के ऑंखें मस्ती मैं बंद हो गए….. ये नज़ारा देख शालिनी एक दम से हरिजन रह गए…… उसे समाज मैं नहीं आ रहा था की आखिर उसके साथ हो काया रहा है… उसको पूर्वी पर गुस्सा आ रहा था और दूसरी तरफ उसके आँखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे thee…..par अब्ब उससे भी अपनी छूट के बीच नमी महसूस होने लगे थी….

उधर पूर्वी करीम के लुंड को मुँह के अंदर बहार करते हुए चूस रही थी…. और करीम अपने एक हाथ से उसकी आम को मसल रहा था…… बीच बीच मैं पूर्वी अपनी जीभ के चोर से उसके लुंड के पेशाब वाले छेद को कुरेद देती है और करीम एक दम से मचल उठता है …..और पूर्वी को उसके कंधो से पकड़ कर ऊपर उठा लेता है …… जैसे ही पूर्वी सीढ़ी कड़ी हुई करीम ने उसके पूर्वी के छूट मई एक उंगली दाल दी…

पूर्वी- आआआआअह्ह्हह्ह्ह्हह्हआआ….

Jaraaaaaaaaaaaaa… dhireeeeeeeeeeeee…. सीईए…..

पूर्वी- ओह्ह क्या कर रहे हो आप… मुझे खड़ा क्यों किया ..

पूर्वी ने बनवाती गुस्सा दिखते हुए कहा…. सिसकते hi पूर्वी एक हाट पीछे ले गयी और अपनी गांड के छेद को उस हाट से डाक लिया…

करीम- क्या कर रही है… उस हाट से…

पीछे शालिनी की तरफ देखते हुई कहती है..

पूर्वी- पीछे मेरे प्यारे भाभी और आपकी चैनल रांड कड़ी है.. वो मेरे गांड देख लेगी.. मुझे इस चैनल के मेरे गांड को ऐसे देखने से शर्म आ रही है…

करीम- (पूर्वी के हाथ को आगे करते हुई ) साली रांड .. तुजे तो मई आज खड़ा करके मेरे इस दूसरे रांड के सामने चौंदूंगा…

ये कहते हुई करीम खड़ा हो गया.. करीम ने अपने हाथों को पीछे लेजाकर पूर्वी के मांसल गांड को अपने हाथों मैं भर कर मसलना चालू कर दिया……… शालिनी की तरफ देखते हुई..

करीम- क्या गांड है तेरे रांड… मज़ा आ गया..

ऐसे कहते हुई पूर्वी के गांड मई एक उंगली डालता है करीम.

पूर्वी- aaaahhhhhhhhhhhhaaaa….ye आपकी hi है.. मेरे मालिक..

पूर्वी के ऑंखें मस्ती मैं बंद हो gaye…..poore बदन मैं मस्ती के लहर दौड़ gaye……Karim खड़ा हुआ था ..……पूर्वी ने करीम से लिपटे हुए अपने दोनों परिजन को करीम के दोनों तरफ कमर पर रख कर उसके बहो मई बही दाल दी..….. और करीम को किश करने लग गयी.. ये नज़ारा किसी पोर्न फिल्म जैसा था… शालिनी इसी नज़ारे को बड़े प्यार से देख रही थी.. पूर्वी ने अपना एक हाथ नीचे लेजाकर करीम के लुंड को पकड़ कर अपने छूट के छेद पर रखा… करीम ने उसी कंडीशन मई पूर्वी को उतके जहा शालिनी कड़ी थी वह ले गया और शालिनी के बगल मई पूर्वी को खड़ा किया वाल को सत्ता के… और धीरे धीरे आपने लुंड को पूर्वी की छूट पर दबाने laga……Karim का लुंड फिसलता हुआ पूर्वी के छूट के गेहरों मैं घुसाने laga…….jaise ही करीम का पूरा लुंड पूर्वी के छूट के गेहरों मैं समाया…. पूर्वी ने अपनी बाँहों को करीम के पीठ पर कास लिया और अपनी गांड को ऊपर नीचे उछाल कर करीम के लुंड से छुड़वाने लगी…….

करीम एक हाट बगल मई जो शालिनी कड़ी थी उसके चहरे पर लेता है.. उसके हूंतो के पास.. शालिनी गुस्से से वो हटा लेते है…

शालिनी- हटो .. मेरे पास मत आओ..

पूर्वी- (पूरी रफ़्तार से अपनी छूट को करीम के लुंड पर पटकते हुए) अह्ह्ह अह्ह्ह्ह हाँ … ऐसे hi masal..ooo… मेरे गांड को ओह्ह्ह्हह्ह.. आप के लुंड के बिना नहीं रह सकती ओह्ह्ह्हह्ह ओह्ह्ह्ह और जोर से छोड़ो अपनी इस रांड को ओह्ह्ह्ह माआआ मर गए ओह्ह्ह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह……….

अब करीम आपने एक हाथ शालिनी के एक आम पर रखता है और उसके आम जोर से मसलता है ……

शालिनी- आआआह्ह्ह्हआआ…. हाताआओ… क्या कर रहे है हो .. उस आपकी रांड के साथ hi करो ना… मेरे पास क्यों आ रहे हो..

ऐसे कहके करीम से थोड़ा दूर हो जाते है…

पूर्वी- चुप कर चैनल…

अब करीम पूर्वी को छोड़ रहा था..

करीम- (पूर्वी के छूट को छोड़ते हुए) अहह पूर्वी रांड ….कसम से तेरे जैसा गदराया हुआ माल आज तक नहीं छोड़ा…… आज तेरे गदराये हुए छूट छोड़ कर मेरे लुंड के किस्मत जाग गए..

अब करीम पूर्वी को उतके शालिनी के बगल मई फिरसे ले गया… शालिनी एक कार्नर मई कड़ी थी.. वह पूर्वी को खड़ा किया.. उसका लुंड पूर्वी की छूट मई था … और वो शालिनी को देख रहा था.. करीम एक हाथ शालिनी के आम पर लगता है तो शालिनी वो हाट हटती है..

करीम - अह्ह्ह्ह क्या कमल के छूट है री तेरे रांड अह्ह्ह देख ना साली कैसे पानी बहा रही hai….aur ऊपर से तुन नखरे छोड़ रहे hai…..chal आज देख तेरे छूट कैसे फाड़ता हूँ…..

फिर करीम ने अपने लुंड को पूर्वी के छूट के छेद पर टिका daya….uski गांड को पीछे से करीम ने दबाया.. और फिर करीम के एक जोर दर देखें ने पूर्वी के छूट के दुईवरों को हिला कर रख दया…..

करीम के लुंड का वार इतना तेज और जबरदस्त था की करीम का लुंड एक ही बार मैं पूर्वी के छूट के दीवारों से रगड़ खता हुआ पूरा का पूरा अंदर जा ग़ुस्सा…. पूर्वी के मुँह से दर्द और मस्ती भरी अहह निकल पढ़ी….

पूर्वी- अह्ह्ह्हह्हह ओह्ह्ह्हह नाहीइइइइइइ करिमम जेईई ओह्ह्ह्हह्हह अह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्हह अह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह बुस्स्सस्स उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ अह्हह्ह्ह्ह siiiiiiiiiiiii ओह्ह्ह्हह्हह माआआआ मर्डर डाला…..

पूर्वी ने हाथों से करीम के कमर को कसके पकड़ liya..Karim ने भी उसकी टांगों के नीचे से हाथ लेजका उसको वाल से अचे से दबाके कसके पकड़ लिया… पूर्वी की चीख से शालिनी के चहरे पर हल्कीसी हसी आ गए..

अपनी गांड को हिलाते हुए करीम ने पूर्वी की छूट मैं अपने लुंड को अंदर बहार करने लगा…. पूर्वी के मस्ती भरी सिसकार्यं फिर से पूरे कमरे मैं गूंजने लगी…. पूर्वी तो बस कड़ी thee….wo छह कर भी हिल नहीं पा रही thee…..aur करीम अपने मुंसल लुंड को पूरी ताकत और बेहरमी के साथ पूर्वी के छूट के गेहरों मैं पेल रहा था……

करीम- अह्ह्ह्हह साली कया छूट है तेरी एक दम कासी hui…….aaj कल के छोकरों के भी इतनी कासी नहीं होती ओह्ह्ह्हह्ह साली भोसड़ी है यान bhatti…….ohhh कितनी गरम है…..

करीम ये बात शालिनी के तरफ देख कर कहता है… अब शालिनी के चहरे पर शर्म थी.. वो श्रम कर निचे देखने लग गयी.. करीम के जबरदस्त ढकों से पूर्वी का पूरा बदन मस्ती मैं कनाप रहा tha,….uski बड़ी बड़ी चुच्यां हर देखें से हिल रही थी…..

पूर्वी- अह्ह्ह्ह सालेईईई… हरामीई… अब्ब बातेंनननन छोड़ना बंद कररर अह्ह्ह साली अपने शालिनी रांड को भी इसी आसन्न मैं छोड़ता है कया अह्हह्ह्ह्ह हरामी कुटी ओह्ह्ह्हह्हह फड़द डीई री मेरी छूट ओह्ह्ह्ह धेरेईई ढेरी अह्ह्ह्ह अह्ह्ह उन्घ्ठ्ह

पूर्वी ने ऐसे कहते hi शालिनी हँसाने lagii..Purvi के होंटो के जकड़न लगातार बढाती जा रही थी…… करीम के लुंड का सुपड बुरी तर्हां से उसकी छूट के दीवारों से रगड़ खता हुआ अंदर बहार हो रहा था… पूर्वी भी जितना हो सकता था उतनी अपनी कमर को अग्गे के तरफ दाखिल कर करीम के लुंड को अपनी छूट के गेहरायों मैं लेने के कोशिश कर रही थी…

करीम- साली चन्नण आज चाहे मुजी जितनी गाली दी मैं आज तेरे छूट का भोसड़ा बना कर rakhunga…..ahhh काया कासी हुई छूट है तेरे..

बाजु मई कड़ी शालिनी के हालत ये चुदाई का नज़ारा देख कर ख़राब हुई जा रही thee…..aur दूसरे तरफ करीम और पूर्वी का चुदाई के खेल अपने जोरो पर था…….

पूर्वी-- (मस्ती मैं अपने होंटो को दांतो से काटते हुए) कया कया कहा तुणीऐ हरामी टुन्न मेरी छुट्ट्ट्ट काआअ भोसड़ा banyeegaaaaaaa…ahhhhhh.. बणायआ डीईई… साली मेरा हस्बैंड teeeerrrrrrrrrre जैसीईईई मुजेईईई छोड़ताआ.. नाहीइ.. haiiiiiiiiiii इस्सलियीईइ… तू मुजीबी जो भीई बनाना चाहेगा बना डीएई
 
करीम- अहह चुप कर बहिन के loudi…..main हुआआ ना अब्ब निकल लेना अपनी छूट सीई मेरे बचो को….

करीम के ताबरतोड़ देखों से पूर्वी के हालत ख़राब होने lagee…uske छूट मैं सरसरहाट और बढ़ गयी और उसका पूरा बदन ऐसे अकड़ने लगा जैसे उसको कोई दूर पढ़ा रहा hoo…Karim जान गया की अब्ब ये रांड अपनी छूट से कॉमर्स के नदी बहाने वाली hai……usne पूर्वी के कमर को और जोर से पकड़ कर धना धन शॉट लगाने चालू कर दया……

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पूर्वी - अह्ह्ह्हह्हह छोड़ साली भोसड़ी की औरर जोर लगाआ बहनचोड़ड़ मुजीई रांदड़ बांयेगाआ अह्ह्ह्ह दिखायआ तो सही अपने लौड़ी का दौमममम अह्हह्ह्ह्ह उन्ह्ह ुँघठ उन्घ्ठ्हहहह मैं गयी अह्हह्ह्ह्ह…..

पूर्वी के छूट से लावा के नदी बह निकली .. वो बुरी तर्हां कपट हुए झड़ने लगी…. करीम के लुंड ने भी पूर्वी के छूट मैं अपने वीर्ये के बौछार कर dee…..aur दोनों हांफने लगी….. करीम ने पूर्वी को चोर दिया .. वो धाम से निचे गिर गयी..

वो शालिनी की तरफ देख कर बोलै..

करीम- क्यों शालिनी रांड.. कैसा लगा… अपनी ननद की चुदाई देख कर …..

शालिनी शर्मा कर निचे देखने लग गयी..

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करीम के मुँह से अपने लिए ऐसे बात सुन कर शालिनी बुरी तर्हां झेंप गए…… जिंदगी मई पहली बार उसने लाइव चुदाई देखि थे.. वो भी आपने नांद ki..Karim अब शालिनी के पास आ गया.. शालिनी अभी भी निचे देख रही thi..aur शालिनी के पास आकर शालिनी के सदी का पालू आपने हाथ मई लेके अपने लुंड पर लगे वीर्ये और पूर्वी के छूट के कॉमर्स को साफ़ करने लगा….. शालिनी चोर नज़रों से करीम को देख रही thee….jo अपने लुंड को उसकी सदी के पालू से उसके सामने ही साफ़ कर रहा था…….

शालिनी को आपने तरफ ऐसे देखते हुई करीम ने देख लिया और शालिनी को आपने बहू मई भर लिया..





आखिर शालिनी कब तक ये सब सहन करती… उसके सामने ही करीम उसके ननद को छोड़ा रहा tha……….wo भी करीम के लिए सुबह से तड़प रही थी.. वो आज यहाँ से जाने वाली थी.. वो सुबह से छाती थी की आज पूरा दिन करीम उसकी चुदाई करे……….. अब्ब शालिनी से बर्दास्त नहीं हुआ और जब करीम उसे लिपट गया तब उसने भी उसको गले से लगा लिया…

करीम ने शालिनी के तरफ देखा….





शालिनी के आँखों मैं वासना के खुमारी छाए हुई thee…..dono एक तक एक दूसरे के नज़रो मैं देख रहे थी…. करीम ने अपने होंटो को शालिनी के होंटो पर रख दिया …. और उसे चूसने लगे..





शालिनी एक दम से पीछे हैट gaye…..aur बीएड से कड़ी होकर बहार को जाने लगी….. करीम ने उससे पकड़ने के लिए हाथ अग्गे बढ़ाया तो शालिनी के सदी का पालू उसके हाथ मैं aagaya…..aur उसको करीम जैसे hi खींचता शालिनी ने दर के विंडो को पकड़ लिया… उसको दर था की करीम उसको अपनी और khinchega…aur वो बोल पड़ी..

शालिनी- न..... ना…

करीम उसका पल्लू थोड़ा और खिंचा..

शालिनी- नूवो….. plzzzzzzzzzz…. करीम…. जीईई…

करीम ने एक जोरदार झटके के साथ शालिनी की पूरी सदी निकल दी… अब शालिनी की सदी उसके बदन से अलग हो गयी थी…..

अब्ब शालिनी सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट मैं करीम के सामने कड़ी थी….

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ब्लाउज मैं कासी हुई चुच्यां ऊपर नीचे हो रही thee….ye देख कर करीम का लुंड फिर से एक बार तन कर खड़ा हो gaya…..usne अग्गे बढ़ कर शालिनी को अपनी बाँहों मैं भर liya…..aur उसके होंटो को एक बार फिर से अपने होंटो मैं भर कर चूसने लगा….. करीम का लुंड शालिनी के पेटीकोट के ऊपर से उसकी छूट के ऊपर जा लगा….

शालिनी के पूरे बदन मैं मस्ती के लहर दौड़ gaye…uska बदन ढीला पढ़ने लगा….. मौका देख के करीम ने शालिनी को बीएड के पास लेजाकर उसको बीएड पर देखेल diya….aur पागलों के तर्हां शालिनी पर टूट padha….wo उसके होंटो गालो और गर्दन और चुच्यों के ऊपर हिस्से को चूअमने लगा….

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शालिनी एक दम मदहोश हो गए…. उसने अपनी आँखे बंद की...

शालिनी- अह्ह्ह ुम्हह करीम जीई … ओह्ह्ह्हह्ह चोर दूऊऊ मुजीब क्या कर रहे हो आप……

शालिनी भले ही करीम को चोर्ने के लिए कह रही thee….par वो उसका विरोध बिलकुल भी नहीं कर रही थी….. करीम बुरी तरह से उसकी चुच्यों को मसलते हुए उसके पूरे बदन को अपनी जीभ से चाट रहा था और शालिनी अब्ब कामविह्ल होकर आठ ओह्ह्ह कर रही थी…. करीम ने दोनों हाथों से शालिनी के ब्लाउज के हुक्स खोला दिए और उसके ब्लाउज को थोड़ी से मेहनत के बाद शालिनी के बदन से अलग कर दिया….. करीम ने उसका ब्रा भी निकल दिया..

अब्ब करीम के सामने शालिनी के दोनों बड़ी बड़ी चुच्यां बेपर्दा हो चुकी thee.jisse देख करीम के आँखों मैं वासना का भूत का सवार हो gaya….aur वो अपने दोनों हाथों मैं शालिनी के दोनों चुच्यों को भर कर जोर जोर से मसलने laga….jaise वो उसका सारा दूध निचोड़ लेना छठा हो….

शालिनी- अह्ह्ह्हह aahhhhhhhhhhaa… karrrrimmmmmmmmmmmm…… कीतनीईईई…… जोरररररर सीईई.. dabbbbbbaaaaa..raaaaaaaheeeee… होओओओओओओ….

पूर्वी- दबा इस रांदड़ के और जोररररर सीईईई दब्बब्बब्बबाअ… भोत्तत्तत सटी सवित्रीीीी होंईईई का नाटक करती हैईईई….

अब पूर्वी कुछ ठीक हुई थी और करीम और शालिनी का खेल देखते हुई कहते है…

शालिनी- चुप कर चैनल… अभी तो मेरे करंजी से चुड़के ली है न…

करीम ने शालिनी के चुच्यों को निचोड़ते हुए झुक कर उसके एक निप्पल को मुँह मैं भर liya…..aur जोर जोर से चूसने laga…..aur एक हाथ नीचे लेजाकर शालिनी का पेटीकोट ऊपर उठाने लगा….. शालिनी ने अपना हाथ नीचे लेजाकर करीम को रोकने नाकामयाब कोशिश की पर करीम ने उसके पेशकते को ऊपर उठा दिया… और उसकी पंतय निकल दी..

करीम ने ये सब एंटी फुर्ती से किया की शालिनी को सँभालने का मौका भी नहीं मिला….. और अगली ही पल करीम के लुंड का दहकता हुआ सुपड शालिनी के छूट के फैंको को पहला कर छूट के छेद पर जा लगा….

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शालिनी के पूरे बदन मैं बिजली से कोंध gaye…..uski ऑंखें मस्ती मैं बंद हो gaye….aur शालिनी ने अपने दोनों हाथों को ऊपर लेजाकर अपने सर के नीचे राखए तकए को कास लिया…..

शालिनी करीम के लुंड के गरमी को अपनी छूट के छेद पर महसूस करके बेहाल हो चुकी thee….usne अपने हथ्यार करीम के सामने दाल diye…..ye देख करीम घुटनो के बल बेथ gaya….aur पास पढ़े शालिनी के ब्लाउज को उठा कर बीएड के दूसरे तरफ फ़ेंक diya…..aur फिर शालिनी के टैंगो को घुटनो से मोड़ कर ऊपर उठा कर पहला दिया…… शालिनी लेती हुई तेजी से सांसे ली रहे थी…..

उसकी बड़ी- बड़ी गुदाज चुच्यां सांस लेने से ऊपर नीचे हो रही थी. जब करीम के तरफ से कोई हरकत नहीं हुई तो शालिनी एक दम से मचल uthi…aur अपनी गांड को धीरे- धीरे ऊपर उठाने lagee…..ye देख कर करीम के होंटो पर मुस्कान फेल गए….. करीम के लुंड का मोटा सुपड शालिनी के छूट के छेद फैलता हुआ अंदर घुसाने लगा….

शालिनी - ुंहःहःह छोड़ो नाआ मुझे रुक्खक्क क्यों गयी ओह्ह्ह्हहू… मेरे Karimjiiiiiiiiii…. सिर्फ मेरी करीम जीईईई… मेरे छूट मैं आएग लगा की..... क्यों रुक गयी... अह्ह्ह्हह… उस चिनललललल पूर्वी रांड के जैसा छोड़ो न..

करीम ने भी जयादा देर नहीं की और एक जोरदार देखा मार कर अपना पूरा लुंड एक ही बार मैं शालिनी के छूट के गेहरों मैं उतर दिया……

वह एक कार्नर मई पूर्वी सोई हुई थी... वैसे hi हालत मई पूर्वी कहती है..

पूर्वी- हआ.. करीम जी.. जोर से छोड़ो इस चैनल को… इस स्की छूट फाड़ दू..

शालिनी- तू चुप कर… तुजे बताने की जरूरत नहीं है.. करीम जी तुजसे मुझे अचे छोड़ेंगे..

अब करीम किस से अच्छा छोड़ेगा ये कम्पटीशन इन दोनों मई लगा हुआ था..

शालिनी- अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मेरी छुट्ट्ट्ट फड़द ड्डूओ ओह्ह्ह्हह्ह….. मई आप की अच्छी रांड बनूँगी...

करीम शालिनी के ऊपर झुका गया……. और उसके टैंगो को अपने कंधो पर रख कर जोर दर देखे लगाने लगा…..

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हार देखे के साथ करीम के लुंड का सुपड उसके बच्चेदानी के मुँह से जा takrta….aur शालिनी के छूट मैं मस्ती के लहर दौड़ jati……wo भी अपनी गांड को ऊपर के और उछाल कर अपनी छूट के गेहरायों मैं करीम के लुंड को लेने के कोशिश karti…..aur जब करीम के झंगो के jhade….Shalini के भरी और मोठे चूतड़ों से टकरती….. शालिनी के गांड वापिस बिस्तर सी आ टकरती…….

करीम- पूर्वी रांड… तू भी आ… नाआआ..

पूर्वी नखरा दिखते हुई कहती है..

पूर्वी- मुझे नहीं उस चैनल के साथ छुड़वाना…

शालिनी पूर्वी की तरफ देख कर कहती है..

शालिनी- मुझे भी इस रांड के साथ नहीं छुड़वाना है… करीम जी आप मुझे छोड़ो उसको चोर दो.

करीम ने अपने लुंड को शालिनी के छूट से बहार निकला और बिजली से फुर्ती के साथ बीएड से नीचे उतर कर पूर्वी को पीछे से पकड़ लिया….. और बीएड के पास ले आया…..

पूर्वी- ये ये क्या कर रहे हो आप करीम जी.. चोर चोर दो मुझे…

इतने देर तक शालिनी को गन्दी भाषा मई पूर्वी बात कर रही थी मगर अपनी भाभी के साथ एक बीएड शेयर करना ये सोच कर पूर्वी को श्रम आ रही थी.. बात करना अलग और चुदाई एक साथ करना अलग इस बात का पता अब पूर्वी को लग गया था.. उसके चहरे पर अब शर्म थी.. उसने शरमाते हुए कहा……

करीम- नहीं नहीं क्या.. अब तक तो रेडी थी..

पूर्वी- मई सिर्फ बोल रही थी.. ये मई नहीं कर सकती..

उसके चहरे पर अब शर्म थी.. उसने शरमाते हुई hi ये कहा..

करीम- मई आज आपने दोनों रांड को एक साथ hi चौंदूगा..…….

पूर्वी- (शर्मा कर नीचे के और देखते हुए) नहीं करीम जी चोरो मुझे मुझसे नहीं होगा ये सब भाभी के samane……jane दो मुझे …..देखो मुझे शर्मिंदा ना करो……

करीम- अब तक तो उसे चैनल बोल रही थी अब भाभी बोल रही है..

बीएड के पास पूर्वी कहदी थी…. पूर्वी बुरी तर्हां झेंप gaye…..aur कमरे से बहार जाने लगी….. और आपने कपडे ढूडने लगी… शालिनी ने भी अपने बेपर्दा हुए चुच्यों को देखें के लिए ब्लाउज को ढूंढना शुरू कर diyaa……par जब करीम ने ब्लाउज को बीएड के दूसरी तरफ फेंका तो शालिनी के ऑंखें बंद thi.Bed पर बैठी शालिनी को कुछ समाज मैं नहीं आ रहा tha…..wo अपने दोनों हाथों से अपनी badi-badi चुच्यों को छुपाने के कोशिश कर रही थी….

शालिनी ने बीएड से नीचे उतरे के कोशिश की पर करीम ने उससे वापिस बीएड पर दाखिल diya……..Shalini को इस से पहले के कुछ समाज अट्टा…… करीम बीएड पर चढ़ गया….. उसने एक हाथ से पूर्वी का हाथ पकड़ा हुआ था…… जैसे ही करीम बीएड पर chadha…usne पूर्वी को बीएड पर खेच लिया…… पूर्वी गिरते हुए बीएड पर आ leti…..aab पूर्वी और शालिनी दोनों एक दूसरे के बगल मैं लेती हुई थी ….. पूर्वी ने उठाना चाहा तो करीम ने गुस्से मई कहा

करीम- उठ गए तो तेरे चुत फाड़ दूंगा… रंडी…

पूर्वी दर कर वहां ऑंखें बंद किये लेत गए …..

करीम शालिनी के झंगो के बीच मैं बैठा हुआ था …. उसने शालिनी के पेटीकोट को पकड़ कर ऊपर उठा दिया…. शालिनी ने एक बार पूर्वी के तरफ देखा जो की ऑंखें बंद किये हुए उसकी बगल मैं लेती हुई थी. करीम ने पालक झपकते ही अपने लुंड के मोठे सुपड को शालिनी के छूट के छेद पर लगा दिया….. शालिनी के छूट पहले से ही कॉमर्स से सनी हुई थी …….

अपनी छूट के छेद पर करीम के लुंड के मोठे और गरम सुपड को महसूस करते ही शालिनी के ऑंखें मस्ती मैं बंद हो gaye….usne अपने होंटो को अपने दांतो मैं दबा लिया….. ताकि उसकी मस्ती भरी सिसकार्यं उसकी ननद पूर्वी के कानो मैं न padhe……uska चेहरा शर्म से लाल होकर देहक रहा था… करीम ने शालिनी के पैरो को घुटनो से मोड़ कर टांगों को ऊपर उठा कर एक जोरदार देखा mara…..Karim का लुंड पूरी रफ़्तार के साथ एक ही बार मैं शालिनी के छूट के गेहरों मैं जा ग़ुस्सा….

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शालिनी के मुँह से हलकी सी आह निकल gaye…..jisse सुन कर पूर्वी के छूट के फांकें भी कुलबनने lagee….usne अपनी आँखों को थोड़ा सा खोल कर करीम के तरफ dekha…..Karim शालिनी के टैंगो के बीच घुटनो के बल बैठा हुआ tha…..aur उसकी भाभी शालिनी के टाँगें हवा मैं झूल रही thee……Karim का लुंड पूरा का पूरा शालिनी के छूट के गेहरों मैं समाया हुआ था…….

करीम ने अपने हाथ को अग्गे बढ़ा कर पूर्वी के हाथ को पकड़ कर उठा दिया….. पूर्वी ठीक उसके बर्बर मैं आकर बेथ gaye……Karim ने अपनी एक हाथ उसके पीछे से लेजाकर दूसरे तरफ वाले कंधे पर रख कर पूर्वी को अपने से सत्ता लिया…….

करीम- देख रांड.. तेरे भाभी के छूट कैसे पानी टपका रही है…..

ये बात सुनते ही दोनों… शालिनी और पूर्वी … के चहरे शर्म से लाल हो गए….. करीम के देखो के रफ़्तार लगतार बढ़ती जा रही thee……..aur वो पूरी ताकत के साथ अपनी गांड को हिला कर अपना लुंड शालिनी के छूट मैं पेल रहा था….. करीम के ताबरतोड़ देखो ने शालिनी के छूट के दीवारों को हिल्ला कर रख दिया tha……Masti मैं आकर शालिनी अब्ब अपनी मस्ती भरी सिसकार्यों को छह कर भी ना दबा पा रही थी….

शालिनी- अहह ऊंघ अह्ह्ह ढेरी ओह्ह्ह्हह ुंहःहः सीईईईई…..

अपनी भाभी के मस्ती भरी सिसकियाँ सुन कर पूर्वी के छूट भी पस्जेने लगी…… छूट मैं लुंड लेने के खुजली पूर्वी मई और बढ़ने लगी….. पूर्वी ने अपने आँखों को थोड़ा सा खोल कर शालिनी के टांगों के बीच मैं देखा तो उसके दिल के धड़कन और बढ़ गए……

करीम का 3 इंच मोटा और 9 इंच लम्बा लुंड शालिनी के छूट के फैंको को फैलाये हुए तेजी से अंदर बहार हो रहा था….. उसका लुंड शालिनी के छूट के रास से भीग कर चमक रहा था…… लुंड फातच फातच के आवाज़ करता हुआ तेजी से उसकी छूट के अंदर बहार हो रहा था….. जिससे देख के पूर्वी के छूट भी पूरी तर्हां पन्या गए……

पूर्वी का एक हाथ खुद बा खुद अपने छूट पर पहुंच गया और वो अपनी छूट को मुठी मैं भर कर मसलते हुए अपनी भाभी को करीम का लुंड अपनी छूट मैं लेते हुए देखने लगी….. पूर्वी का दूसरा हाथ करीम के छथि पर आ गया …… और वो करीम के छथि को सहलाने लगी…. करीम समाज गया की अब्ब पूर्वी भी पूरी तर्हां गरम हो चुकी थी…..

करीम ने पूर्वी के कंधे से हाथ को सरका कर अग्गे लेजाकर उसकी चुकी को दोबाच लिया… और जोर से मसलने laga…..tabhi पूर्वी का धयान शालिनी के छूट से हटा और वो करीम के तरफ देखने lagee….jaise ही उसके नज़रे करीम से मिली पूर्वी बुरी तर्हां से झेंप गए…. उसके गाल किसी सेब के जैसे लाल होकर देखने लगी…..

करीम ने उससे कमर से पकड़ कर उठा कर शालिनी के उप्पर बिता दिया… कमर से थोड़ा उप्पर… और उसके चहरे को पास खेंच कर उसके होंटो पर अपने होंटो को रख दिया…..

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और उसके होंटो को चूसते हुए शालिनी के छूट मैं लुंड अंदर बहार करने लगा……

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शालिनी भी अपनी मदहोशी भरी आँखों को खोल कर पूर्वी और करीम को देख कर मस्त हुई जा रही थी…… सामने का कामुक नज़र देख शालिनी के छूट ने करीम के लुंड को अपने अंदर और कसना शुरू कर दिया…….

करीम का लुंड देखे मरते हुए शालिनी के छूट से बहार निकल gaya…..aur शालिनी के छूट के क्लीट पर रगड़ खा गया….. शालिनी मस्ती मैं एक दम सिस्का उठी….. करीम ने अपने होंटो को पूर्वी के होंटो से hataya….aur अपने लुंड को हाथ मैं लेकर पूर्वी को देखते हुए बोलै…….

करीम- देख… चैनल… अपनी भाभी के छूट कैसे पानी बहा रही है…… मेरे पूरा लुंड सं गया…..

पूर्वी अब शालिनी के बदन से उठ कर करीम के बाजु मई आकर बैठ गयी... ये बात सुन कर शालिनी और पूर्वी दोनों शर्मा गए……

करीम- चैनल… एक बार इससे अपने हाथ मई पकड़ के इस रांड के छूट मैं दाल ना…

ये सुन के शालिनी के दिल के धड़कन बढ़ गए …. उससे यकीन नहीं हो रहा था की अब्ब उसकी ननद करीम का लुंड अपने हाथ से पकड़ कर उसके छूट मैं डालने वाली है…. करीम ने पूर्वी का हाथ पकड़ कर अपने खड़े लुंड पर रख दिया…… पूर्वी के साँसे अब्ब उखाड़ने लगी थी…. करीम ने अपने लुंड से हाथ हटा लिया और शालिनी के दोनों टैंगो को ऊपर उठा कर पहला दिया …….

अब्ब पूर्वी के आँखों के सामने शालिनी के छूट का लबलता हुआ छेद सामने tha…uske छूट का छेद कामवासना मैं कभी सिकौर और पहल रहा था…….. पूर्वी ने अपने कंपतो हाथ से करीम के लुंड को पकड़ कर शालिनी के छूट के छेद पर टिका दिया…. शालिनी की ऑंखें एक बार फिर से मस्ती मैं बंद हो गए….

करीम- थोड़ा सा छूट को खोल तो सही …. चैनल..

करीम ने पूर्वी के चुकी को दबाते हुए कहा……

अपने सामने करीम के लुंड को शालिनी के छूट मैं जाता देख पूर्वी एक दम मस्ताय gaye…..usne अपने दोनों हाथों से शालिनी के छूट के फैंको को पकड़ कर पहला दिया….. करीम ने बिना एक पल रुके एक जोर दर देखा मारा….. करीम का लुंड एक बार फिर से शालिनी के छूट के गेहरों मैं उतर गया….. अब्ब तक चुप चाप लेती शालिनी भी मस्ती से सरोबार हो गए……

शालिनी- ुम्हह अह्हह्ह्ह्ह ढेरी siiiiiiiiiiii…….. कित्तत्ताआँन… मोटा लौड़ा है रईईए पूर्वी तेरे इस टेलर का ahhhhhh…….mere भोसड़ी को पहाड़ दया री माँ… मरररररर…….. गयीईइ..

अपनी भाभी के मस्ती भरी सिसकार्य सुन कर पूर्वी और मस्त हुई जा रही थी…….. करीम ने उससे पकड़ कर शालिनी के ऊपर कर दिया…… अब्ब पूर्वी शालिनी के ऊपर दोनों तरफ पैरो को करके घुटनो को बिस्तर पर टिका कर बैठी थी…. और उसके पीछे करीम शालिनी के टैंगो के बीच मैं बैठा हुआ अपना लुंड शालिनी के छूट के अंदर बहार करता हुआ अपने दोनों हाथों को अग्गे ले गया…… और पूर्वी के चुच्यों को दबाने लगा……..

करीम के होंठ पूर्वी के गर्दन के पीछे वाले हिस्से पर रगड़ रहे थी….. पूर्वी कामविहार हो चुकी थी…… करीम ने पूर्वी के चुच्यों को दबते हुए उसके शोल्डर को चूमने लगा… ….. उसने पूर्वी को अग्गे के तरफ झुका दिया…… ………. जैसे ही पूर्वी शालिनी के ऊपर झुकी पूर्वी के बड़ी गुदाज चुच्यां शालिनी के ठीक मुँह के सामने आ गए ……….

करीम के होंठ पूर्वी के गर्दन के पीछे वाले हिस्से पर रगड़ रहे थी ….. शालिनी अपनी अध् खुली आँखों से पूर्वी के बड़ी बड़ी हिल रही चुच्यों को तरफ देख रही थी ……. और करीम शालिनी के टांगों के बीच मैं बैठा हुआ अपना लुंड शालिनी के छूट के अंदर बहार करता हुआ अपने दोनों हाथो से पूर्वी के गुदाज चूतड़ों को फैलाकर मसल रहा था……

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पूर्वी भी करीम के हाथों से गांड मसलवा कर मस्त हुए जा रही थी ……

करीम ने पूर्वी के गांड मसलते हुए अपनी एक ऊँगली को पूर्वी के छूट के दरार मैं पहरने लगा….. पूर्वी के पूरे बदन मैं बिजली से कोंध गए…. वो ऑंखें बंद किये हुए शालिनी पर झुकी हुई थी. और करीम उसके छूट के क्लीट को अपनी उंगलयों से मसल रहा था….. पूर्वी के छूट तो पहले से अपना कॉमर्स बहा रही थी…… जिस से करीम के उंगलयां भी गीली होने लगी ……

करीम- क्यों पूर्वी रांड… माज़ा आ रहा है ना…… अपनी भाभी… शालिनी रांड…. के साथ करने मैं…….

और ऐसे कहते अपनी एक उंगली जोरदार पूर्वी के छूट मई अन्दर डालता है…

पूर्वी - अह्ह्ह्हह सीईई हाआआ…… kariiiiiiiiiiiim……….. jiiiiiiiiiii………. भोत माज़ाआ अअअअअअअ… राहहहहहह…. हीी……….

करीम ने अपने लुंड को शालिनी के छूट से बहार निकल लिया…… जिससे शालिनी का बदन हिलना बंद हो गया….. पूर्वी समाज गए की करीम ने अपना लुंड शालिनी के छूट से बहार निकल लिया…… करीम ने पूर्वी के दोनों चूतड़ों को पकड़ कर पहला diya……aur अपने घुटनो के बल थोड़ा सा ऊपर उठ कर पूर्वी के छूट के छेद पर आपने लुंड टिका दिया……. और एक जोरदार देखा मारा……

पूर्वी- अह्ह्ह्हह्हह ओह्ह्ह्हह नाहीइइइइइइ karrrrrrrrrrrimmm जेईई ओह्ह्ह्हह्हह अह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्हह अह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह बुस्स्सस्स उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ अह्हह्ह्ह्ह siiiiiiiiiiiii ओह्ह्ह्हह्हह माआआआ मर्डर डाला…..

धोखा इतना जबरदस्त था की पूर्वी छीलते हुई शालिनी के ऊपर लुढ़क गयी ……और उसके चुच्यां शालिनी के चुच्यों से रगड़ खा गए……. करीम ने दोनों चूतड़ों को दबोचते हुए तेजी से पूर्वी के छूट मैं अपना लुंड अंदर बहार करना शुरू कर दिया ……. पूर्वी तो जैसे मस्ती मैं पागल हो गए.. उसने अपने नीचे लेते शालिनी के दोनों चुच्यों को अपने हाथों मैं भरते हुए पीछे के तरफ अपनी गांड को हिलाते हुए अपनी छूट को करीम के लुंड पर पटकना चालू कर दिया ……

पूर्वी का ये रूप देख करीम और जोश से भर गया…. और पूरे जोश के साथ अपनी गांड हिलाते हुए पूर्वी के छूट को छोड़ने लगा…..

करीम- अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह और लेटी साली ओह्ह्ह्ह … कमल के छूट है टेरीए ओह्ह्ह्हह.. एक दम कासी हुई री ओह यह हह अह्ह्ह्हह्हह अह्हह्ह्ह्ह…

पूर्वी- (अपने दोनों हाथों से शालिनी के चुच्यों से मसलते हुए) oooooo….jhhhh kkkkaaaaa.rrrimmmmmmm…. ओह्ह्ह्हह्ह तेरे लुंड भोत बड़ा हैई छोड़ मुजीई साली ओह्ह्ह और जोर से छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ पहाड़ डीईई मेरे choot…bhar दी मेरे छूट को अपने लौड़े सीईए ओह्ह्ह्हह भोसड़ी की………

करीम - (तेजी से देखे लगते हुए)

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अह्ह्ह्हह तुन देख तू sahi………aaj तुम दोनों के छूट को कैसे भरता हूँ अपने बीज सीई ओह्ह्ह्हह्ह कसम से दोनों ननद भाभी… के छूट भोत टाइट है… ओह्ह्ह्हह्ह चूस साली अपनी भाभी का दूध निचोड़ ली ाजजज……

करीम के बात सुनते ही पूर्वी ने झुक कर शालिनी के एक चुकी को मुँह मैं भर लिया…….. और अपने होंटो मैं भर कर jor-jor से चूसने लगी……. शालिनी ये देख कर और मस्त हो गए की उसकी ननद खुद अपनी छूट मैं रांड के तरह लौड़ा लेते हुए उसकी चुकी को चूस रही है…….

पूर्वी- (शालिनी के चुकी को मुँह से बहार निकलते हुए) अह्ह्ह अह्ह्ह बहभी भोत मज़ा आ रहा है ओह्ह्ह्हह मेरीए छूट के दीवारों से इसका लुंड रगड़ रगड़ कररररर अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अंडरररररर जाआ रहा है… भोत मोटा लौड़ा है नाआ बहभी… इस्सस हरामी … bhudeeeeeeeeeee…….. kaaaaaa….ohhhhhhh धेरेईई ढेरी…….

पूर्वी ने फिर से झुक कर शालिनी के दूसरी चुकी को मुँह मैं भर कर चूसना शुरू कर diya…….aur करीम ने अपना लुंड बहार निकल कर एक बार फिर से शालिनी के छूट के छेद पर टिका दिया…….

शालिनी- हाँ पूर्वी.. भोत मोटा लौड़ा है री इस्स्स्सस्स्स्स हर्मीीी… भूउउउउउउदीईईईई… kaaa……..mere छूट का भी भोसड़ा बना diyaaaa……saala एक नंबर का छोड़ो हैई ओह्ह्ह्हह अह्हह्ह्ह्ह धेरेईई हरमखोरर मेरे chuttttttttttttt पर तरस खा……..

करीम - (शालिनी के छूट मैं अपने मुंसल लुंड को अंदर बहार करते हुए) चुप साली एंटी कासी हुई छूट है तुम दोनों की ….. तुम दोनों मुझे बहुधा कह रही हूँ क्या……….. देखो अब इस बूढ़े का कमल… आज तो पूरा दिन तुम दोनों के इस छूट मैं लुंड पेल - पेल कर इसका भोसड़ा बनुगा …….

फिर तुम दोनों आपने आपने हस्बैंड को भूल जाओगी… और इस बूढ़े के पास रोज छुड़ाने को आओगी…. रंडियोओओओ…

ऐसे कहते हुई करीम पूर्वी के गांड को पकड़ता है और उसे उप्पर की और उठता है… और उसके गांड के छेद पर अपनी जीभ लगता है…

पूर्वी- आआआआहहहा..

kaaaaaarimjiiiiiiiiii… वहा… nahiiiiiiiiiii…. Sirffffffffffff ……..chutttttttttttttt…. गांडडडडडड…. Nahiiiiiiiiiiiii…

करीम- क्यों रांड……..

पूर्वी- उस दिन का दर्द अभी तक नहीं गया है..

करीम- शालिनी तेरी गांड मारनी है न आज..

शालिनी झट से बोल पड़ी…

शालिनी- नाहीई.. नाहीई… बहोत दर्द होगा…

करीम- तूने तो बोलै था न…

शालिनी- आज नहीं.. करीम फिर कभी…

करीम हसता है…

करीम- मुझे तो तुम दोनों की गांड आज hi मारनी है..

और शालिनी की छूट मारना चालू रखता hai..Shalini मस्ती मैं अपनी गांड को ऊपर के तरफ उछाल रही थी…… और करीम पीछे से देखें लगते हुए अपने हाथ के दो उंगलयों को पूर्वी के छूट के अंदर बहार कर रहा tha…..dono किसी रांड के तर्हां मस्ती मैं सिसाय रही thee….poora कमरा उन तीनो के मादक और कामुक सिकसेरों से गूंज रहा था…. शालिनी ने अपनी दोनों बाँहों को पूर्वी के पीठ पर कैसा हुआ था……..

पूर्वी शालिनी के एक निप्पल को चूसते हुई कहा….

पूर्वी- भैय्या से ज्यादा मज़ा आ रहा है न… भाभी….

शालिनी हां मई गार्डन हिलती है…

शालिनी- तेरे को भी पूर्वी अरुण भैय्या से ज्यादा मज़ा आ रहा हो गए न…

पूर्वी हां मई गार्डन हिलती है..

पूर्वी- भैय्या का इतना बड़ा नहीं हो गए न….

शालिनी- करीम जी के सामने तो तेरे भैय्या का कुछ भी नहीं है..

शालिनी पूर्वी की आँखों मई देखती है…. और पूर्वी के बालो के पीछे हाट दाल के उसे आपने और खिंच लेते है… और पूर्वी के होंटो को किश करने लगते है… शालिनी बीएड पर लेती हुई अपनी ननद के लबों को बड़े प्यार से चूस रही थी … किश तोड़ने के बाद शालिनी कहते है..

शालिनी- और अरुण भैय्या का..

पूर्वी- मेरा भी वही हाल है..

शालिनी- इस लिए तो हम माँ नहीं बन सकीय अब तक .. न… पूर्वी..

पूर्वी- मुझे भी ऐसे hi लगता है.. भाभी… करीम जी के सामने हमारे हस्बैंड की ताकत कुछ भी नहीं है..

Karim—daro मत… मेरे दोनों रांड… आज मई तुम दोनों की विश पूर्वी कर दूंगा.. और माँ भी बना दूंगा…

पूर्वी- हां… हमें माँ बना दो.. करिमजीए…

करीम कभी पूर्वी के छूट मैं लुंड दाल कर पलटा और कभी शालिनी की…….. शालिनी कुछ देर बाद झाड़ कर ढेर हो गए…… एक देख कर पूर्वी उठ कर शालिनी के बगल मैं लेत gaye…….Karim ने पूर्वी को पीठ के बल लेता कर उसकी टांगों को उठा कर अपने कंधो पर रख लिया…….. शालिनी ने झुक कर पूर्वी के होंटो पर अपने होंठ रख दिया ……. और उसके होंटो को चूसते हुए एक हाथ नीचे लेजाकर उसके छूट के भंगास को मसलने लगी …… शालिनी के इस तर्हां करने से पूर्वी एक दम मस्त हो गयी………

पूर्वी- अह्ह्ह्ह दाल ना बहनचोद मेरे छूट मैं लुँड्ड्ड अह्ह्ह….

करीम ने अपना लुंड पूर्वी के छूट के छेद पर टिका कर अपनी गांड को नीचे तरफ दबना चालू कर दिया…… और जुख कर उसको किश करने लगा...

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करीम का लुंड अगले ही पल कॉमर्स बहा रही पूर्वी के छूट के गेहरों मैं समां गया………

पूर्वी- अह्ह्ह्ह भर दिए मेरी छूट को अपनी बीज सीईए ओह्ह्ह्हह मेरे कोख भर दिए साली हरामी …. भूउउउउउउउधठ्ठीये……. ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह……..

ये सुनते ही करीम ने अपने लुंड को पूरी रफ़्तार से पूर्वी के छूट के अंदर बहार करना शुरू कर दिया….. शालिनी उसके छूट के डेन को मसलते हुए करीम के मोठे लुंड को अपनी ननद के छूट मैं अंदर बहार होता देख रही थी……..

शालिनी- हाँ छोड़ साली पहाड़ दिए इस चैनल के छूट को ओह्ह्ह्हह बड़ा मोटा केला है री tera…….mere नानन्द कितनी खुशकिस्मत है reeeeeeeeee …………

पूर्वी- हैं बहभी दिल करता है पूरे दिन बाहर इसका लुंड अपनी छूट मैं लेकर लेती रहूं… ओह्ह्ह पहाड़ दे री मेरे छूट हरामी ओह्ह्ह्हह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह और जोर लगा नाआ साले ohhhh…..bus मेरे पानी छोटाने वाला hai…..ohhhhhh और अंदर तक डाललललल………

पूर्वी ने अपनी टांगों को करीम के कन्धों पर रख कर ऊपर उठा रखा था….. जिसे करीम का लुंड झाड़ तक आसानी से उसकी छूट के गेहरों मैं उतर कर उसके बच्चेदानी से तकर रहा था……. पूर्वी झड़ने के बेहद करीब थी….. उसका पूरा बदन आकड़ें लगा……….. और उसका बदन झटके कहते हुए झड़ने लगा… छूट के दीवारों ने लुंड को अपनी गिरफत मैं कसना शुरू कर दिया……. और करीम के लुंड से गरम खोलता हुआ लावा निकल कर पूर्वी के छूट के दीवारों को सरोबार करने लगा…..

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पूर्वी के छूट का मुँह बिलुल ऊपर के तरफ था……. और वो अपनी छूट के दीवारों से करीम के लुंड का पानी बह कर अपने बच्चेदानी के तरफ जाता हुआ महसूस कर रही थी…….. उसका होंटो पर संतुस्ती से भरी मुस्कान फेल गए थी अब …….. वो संस्तस्ति मई करीम के उप्पर आके उसे किश करने लगे..

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शालिनी और पूर्वी की धमाकेदार चुदाई के बाद हालत काफी पतली हो गयी थी उन्दोनो की. वो एक दम थक तो गयी थी साथ में उनकी छूट बहुत दर्द कर रही थी. आज दूसरी बार किसी मुसल लुंड ने उसे छोड़ा था वो भी इतनी बेरहमी से . वो दोनों थक कर सो गयी थी… करीम भी उन्दोनो के बीच मई सो गगया ..

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दोनों उसकी बहो मई सो गयी..

थोड़े देर बाद करीम उठ गया.. वो काफी थका हुआ था उन्दोनो की छूट मार के… अब उसको दारू पिने की याद आ रही थी… वो आपने पंत ढूंढने लगा… लेकिन आज उसने दारू की छोटी सी बोतल जो करीम हमेशा आपने साथ मई रखता है वो आज आपने साथ नहीं लाया था… करीम खुद पे गुस्सा करने लगा…

करीम- साला.. इस छूट के चक्कर मई मई दारू भूल गया घर पर hi… अब मेरा दिमाग कैसे चलेगा दिन भर आज..

फिर वो सोचने लगा की उस दिन लता के रूम मई दारू थी तो इस रूम मई भी होगी.. मई ढूंढता हु.. उसने 5-10 मिनट दारू धुंडी लेकिन उसको दारू कही नहीं मिली .. उसने पूर्वी को आवाज लगाई लेकिन वो तो गहरी नीड मई सो गयी थी.. करीम सोचने लगा साली ये रांड तो घोड़े बेच के सो रही है … इस शालिनी को तो पता नहीं होगा.. ये तो मेहमान है.. अब क्या करू.. फिर वो सोचता है … चलो कपडे पहन के चलते है लता रांड के रूम मई… दारू भी मिल जाएगी और साथ मई अगर वो हाथ मई आ गयी तो अच्छा है.. हाथ मई आए गयी तो उसको भी एकबार छोड़ते है… … फिर करीम कपडे पहन के लता के रूम के तरफ निकल पड़ता है… वो स्टेप्स चडके उप्पर जाता है… उप्पर के flloor..fir लता के रूम मई जाता है .. वह लता नहीं थी.. .. उस रूम मई कोई नहीं था.. वह दारू की बोटले ढूंढ़ता है… दारू मिलाने के बाद वह बैठके करीम दारू पिता है.. दारू की बोतल ख़तम होने के बाद वो वह से निकलने लगता है.. वह उसको वार्डरॉब मई एक लेडीज पर्स दिख जाती है.. पर्स करीम ओपन करता hai…waha उसको एक पैसे का बंडल मिल जाता है.. करीम वो उठा लेता है और पंत के जेब मई रख लेता है.. फिर करीम वह से निचे आ जाता है.. वही रूम मई ..जहा पूर्वी और शालिनी को थोड़े देर पहले करीम ने एक साथ छोड़ा था वही .. करीम दूर ओपन करके अन्दर जाता है.. अब वह पूर्वी तो नहीं थी पर अकेली शालिनी सो रही थी.. ..वो भी पेट के बल.. अब करीम के सामने शालिनी की नंगी गांड थी…

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उसको ऐसे देखते है करीम को शालिनी की गांड मरने की इच्छा होती है… शालिनी को ऐसे हाल मई देख के करीम कहता है…

करीम- aaaahhh....Shaaalini मेरी chinal...kyaa करू तेरी इस गांड का randi..jab भी देखता हु लुंड लोहे की तरह तन्न जाता है... अब तोह तभी चैन मिलेगा जब असली में तेरी गांड पेलुँगा... chod-chod के तेरी गांड की धज्जिया उड़ा dungaa...chal नहीं पायेगी तू रंडी.

ऐसे कहते हुई करीम अपना लुंड हाथ मई लेके हिलता है.. शालिनी के गांड को देखते hui..Shalini इस वक़्त नांगी करीम के सामने लेती हुई थी..... एक बार फिर से करीम के लुंड कड़क हो चुक्का था.. ...... वैसे तो करीम के लुंड ने अब तक कितनों की छूट और गांड मारी थी.. शालिनी की छूट भी दो बार मारी थी… कितने तो छूट और गांड इस लुंड के नीचे आ चुकी थी मगर अब करीम शालिनी की गांड मरना चाहता था…

करीम अब शालिनी के पास बैठ जाता hai..uske दोनों हाथ कभी उसके पीठ पर सरक रहे थे तो कभी उसकी कमर के नीचे की taraf..........yani उसकी गांड पर...... करीम अपने कठोर हाथों से लगातार शालिनी की गांड को मसल रहा था....

करीम शालिनी को अपनी तरफ घूमता हैं और उस को अपने सीने से लगा लेता हैं..... और उसके हूंतो को चूमता है..

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जैसे hi करीम शालिनी को चूमता है.. शालिनी आपने आँखे खोलती hai..aur सामने करीम को पाकर उसके चहरे पर स्माइल आ जाती है…

शालिनी फ़ौरन आगे बढ़ती हैं और बड़े प्यार से करीम के लबों को चूम लेती हैं …

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और दारू की स्मेल आती hi आपने फेस पीछे लेती है..

शालिनी- दारू पिए हो..

करीम – है रानी..

और ऐसा कहके करीम फिरसे शालिनी को चूमता है..

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शालिनी अब उसका एक हाथ धीरे से सरकते हुए अपने सीने पर ले जाती हैं और कसकर अपने बूब्स पर अपने हाथों से दबाव डालने लगती hain........wahin एक बार फिर से करीम के लुंड में ज़ोरों की अंगड़ाई होती hain.....aisa लगता हैं जैसे उसका लुंड बरसों की अंगड़ाई लेकर आज जगा हो.........

शालिनी - ......... aaaaaaaaaaaaaa. ssssssssssssss............

करीम- पूर्वी कहा है…

शालिनी- कुछ मुट्ठ कहिये करीम जीई............... मुझे प्यार कीजिये .... बस ............ aaaaaaaaaaaa........sssssssssssss.....

करीम आगे कुछ नहीं कहता और शालिनी के लबों को चूमने लगता हैं....... वहीँ वो कसकर अपने कठों हाथों से शालिनी के नरम बूब्स को मसल भी रहा था......... शालिनी की सिसकरी अब उस कमरे में गूंजे लगी थी ....... वहीँ कुछ दूरी पर बाथरूम के पास कड़ी रहकर पूर्वी अपनी नज़रें गड़ाए उन दोनों के बीच चल रहा खेल बड़े गौर से देख रही थी ....... साथ hi साथ अपने बूब्स को धीरे धीरे सेहला रही थी .........

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करीम की बेकरारी फिर से पूरे उफान पर thi........aab वो शालिनी को पूरी तरह से मसलना चाहता tha.......use किसी बाज़ारू रंडी की तरह छोड़ना चाहता था...... उसकी गांड मरना चाहता tha…wahin शालिनी भी अब काफी गरम हो चुकी थी........

करीम अपने दोनों हाथ तेज़ी से शालिनी के आम के ऊपर रख देता हैं और अपने दोनों हाथों से उसकी निप्पल्स अपनी उँगलियों के बीच फंसकर मसलने लगता हैं...... करीम के उस हरकत से शालिनी की छूट पूरी गीली होती जा रही thi........wahin उसका साबरा भी टूटने लगा था...... कमरे में शालिनी की आहें गूंझ रही थी.......

करीम अपना एक हाथ नीचे लेजाकर वो शालिनी के छूट को अपनी मुट्ठी में कसकर जकड लेता हैं..... पूर्वी ऐसे करने से करीम की बाँहों में मचल उठाती है ...... तड़प थी है ......उसकी बेकरारी भी बढ़ती जा रही thi.......aab दोनों एक दूसरे में पूरी तरह से खो जाना चाहते थे.......

करीम फ़ौरन अपना लैब शालिनी के गार्डन पर हौले से रख देता हैं और बड़े प्यार से चूमने और चाटने लगता हैं ..... करीम के इस हरकत पर शालिनी के जिस्म में एक आग सी लग जाती हैं और वो वहीँ करीम के पीठ पर अपने नाखूनों को कसकर दबाव डालने लगती हैं ....... इसका जवाब करीम शालिनी के लबों को अपने डेंटन से काट कर देता है ....... करीम अब धीरे धीरे जानवर बनता जा रहा tha........magar इन सब में शालिनी को बहुत मज़ा आ रहा था...... उसे भी अब वाइल्ड सेक्स बहुत पसंद आ रहा था ....... वो एक नज़र सामने बाथरूम के तरफ देखती हैं तो उसे सामने पूर्वी कड़ी हुई नज़र आती हैं ....... नंगी.. शयद वो बाथरूम से नहाकर आयी थी.. उसके बदन पर सिर्फ टॉवल hi था.. वो उसे देखकर हौले से मुस्कुरा पड़ती हैं..... वहीँ पूर्वी एक हाथ आपने छूट पर और दूसरा हाथ आपने एक बूब्स पर रखकर धीरे धीरे शालिनी को देखकर सेहला रही थी........ उसकी भी बेकरी अब बढ़ने लगी थी.......

करीम - शालिनी.... सच में तुम बहुत कमल की चीज़ ho......jee तो करता हैं बस.....

शालिनी – अअअअअअअ ….. sssssssssss ............ क्या .... .....क्या चाहते हैं आप मुझसे .......... जो आपका दिल करे वो आप मेरे साथ कर lijiye.....main आपको मन नहीं करुँगी.......

ये बात शालिनी पूर्वी को देखकर कहती है.. करीम शालिनी को बेह्तषा चूमे जा रहा था......

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कभी उसके गलों को तो कभी उसके होंठों ko........aur साथ hi साथ उसके नरम बूब्स को बड़ी hi बेदर्दी से मसल भी रहा tha.....wahin शालिनी की सिसकरी वक़्त के साथ साथ बढ़ती जा रही थी........

शालिनी- आ गयी आपकी चैनल.. रांड… पूर्वी…

करीम पीछे देखता है… पूर्वी की तरफ और अपनी गार्डन घुमा के शालिनी को एक बार जोरदार किश करता है…

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करीम- चैनल.. वह क्या कर रही है.. आजा हमारे पास..

पूर्वी उसके पास आकर बैठ जाती है.. करीम अपनी जीभ हौले से फेरते हुए शालिनी के गलों पर ले जाता हैं और फिर धीरे धीरे सरकते हुए उसके गार्डन की तरफ ले जाता है .............. करीम के इस हरकत ने एक बार फिर से उसके अंदर हवस की आग भड़का दी थी....... करीम बड़े गौर से शालिनी के चेहरे को देखे जा रहा था......... करीम अपना एक हाथ धीरे से सरकते हुए शालिनी के सीने की तरफ ले जाता हैं और इस बार कसकर अपने कठोर हाथों से शालिनी के बूब्स को मसल देता hain......Shalini एक बार फिर से किसी जल बिन मछली की तरह तड़प उठती हैं......

करीम अपना दूसरा हाथ उसके कंधे पर तो कभी उसके कमर पर फेर रहा tha......wahin वो अपना जीभ उसके जिस्म के हर हिस्से पर भी फेर रहा tha......jaise hi वो नीचे की तरफ अपना जीभ ले जाता हैं शालिनी एक बार फिर से लाजत से काँप उठती hain.....uska जिस्म अब उसका साथ छोड़ता जा रहा tha.......sansein एक बार फिर से बेकाबू होती जा रही थी.........

करीम अपने जीभ जैसे hi शालिनी के निप्पल्स पर ले जाता हैं अलगे hi पल शालिनी वहीँ ज़ोरों से सिसक पड़ती hain......uski आँखें शर्म और लाजत से एक बार फिर से बंद हो चुकी thi.......sanson पर वश अब बिकुल न tha.........wo अपना हाथ हौले से सरकते हुए करीम के सर पर रख देती हैं और बड़े प्यार से उसने सर को सहलाने लगती hain......Karim अपने डेंटन से शालिनी के निप्पल्स को काट रहा था तो कभी उसपर अपने जीभ फेर रहा था......

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करीम के इस हरकत पर शालिनी की छूट एक बार फिर से गीली होती जा जा रही thi.......uske मुँह से सिसकारी लगातार फुट रही थी.......

करीम को किसी बात की कोई जल्दी नहीं thi......wo आज बहुत आराम से शालिनी की मरना चाहता tha........uski जवानी का पूरा पूरा मज़ा लेना चाहता tha.......uske थूक से शालिनी की निप्पल्स अब पूरी तरह से गीली हो चुकी thi.......wo अपना मुँह कभी शालिनी के लेफ्ट चूचियों पर ले जाता तो कभी राइट चूचियों par......kabhi उन्हें डेंटन से हौले से काटता तो कभी उसपर अपना जीभ हौले से फेरता ....... शालिनी की हालत अब धीरे धीरे ख़राब होने लगी thi.........wo अब हवस की आग में जल रही थी........ और ये सब बाजु मई बैठकर पूर्वी देख रही थी … वो कुछ हरकत नहीं कर रही थी बॉस देखे जा रही थी… उसे ये सब लाइव शो देखने मई बड़ा मज़ा आ रहा था..

करीम अपनी जीभ धीरे से सरकते हुए नीचे उसके नैवेल पर ले जाता हैं और बड़े प्यार से चूम लेता hain.....ek बार फिर से शालिनी के जिस्म में करंट सा दौड़ पड़ता hain......uske जिस्म के रोएं पूरी तरह से खड़े हो गए थे ......... करीम बिना रुके अपनी जीभ हौले हौले फेरता रहता हैं .. अब वो आपने एक हाथ बाजु मई बैठी पूर्वी के छूट पर रखता है.. और वह पर फेर रहा था....... अब आग तो दोनों तरफ … सॉरी तीनो तरफ बराबर लगी हुई थी मगर करीम ाचे से जनता था की इस आग को कब शोला का रूप देना हैं ..........

जैसे hi करीम अपने जीभ शालिनी के छूट पर ले जाता हैं एक बार फिर से शालिनी वहीँ ज़ोरों से सिसक पड़ती हैं.......

शालिनी- aaaaaaaaaaaahhhhhhhh… aaaaaaaaaahhhhhhhhhh….

वही करीम आपने एक हाथ धीरे से सरकते हुए एक ऊँगली पूर्वी की छूट में दाल देता हैं … जैसे hi उंगली पूर्वी छूट मई जाती है वो भी सिसक पड़ते है..

पूर्वी- uuuuuuummmmmmmmmm….. कककककककाआ… ररर…. Iiiii….mmmmm… एक साठः दोनोंओओओ की साथ खेल रहे हो.. ाप्प..

और वहीँ दूसरे और अपनी जीभ करीम हौले से शालिनी के छूट के दानों पर फेरने लगता hain.....Purvi और शालिनी करीम के इस हमले से दुबारा तड़प उठती hain.......un दोनों के मुँह से लगातार aaaaaaaaaaaa ....... sssssssssssss...iiiiiiiiiiiiii....mmmmmmmmmmmmmmmmmm.....jaisi आवाज़ें निकल रही थी......... उन दोनों की शर्म की दीवार अब कभी की कहीं दूर पीछे चूत चुकी थी.......

करीम के मुँह से निकलती थूक अब शालिनी के छूट से बहते हुए उसकी गांड के छेद के तरफ जा रही थी .... करीम अपने दूसरे हाथ की ऊँगली उस छूट के रास मई डूबता है और धीरे से शालिनी के मू मई डालता है.. और एक नज़र शालिनी के चेहरे की ओरे देखने लगता हैं...... और अगले hi पल वो अपनी वो ऊँगली धीरे से शालिनी के मू से निकलते हुई शालिनी की गांड के छेद के करीब ले जाता हैं और अपने ऊँगली को बहुत आहिस्ता से शालिनी के गांड के छेद के पास धीरे धीरे फेरने लगता हैं........ करीम अब पूर्वी की तरफ देखता है.. पूर्वी के छूट मई जो उंगली करीम ने डाली थी वो वही एक जगह पाई रखता है.. उसको अब करीम हिलता नहीं है.. पूर्वी भी वही करीम के चहरे की तरफ देख रही थी और करीम पूर्वी की तरफ देखकर शालिनी के गांड के साथ खेल रहा था… ऐसा लग रहा था की पूर्वी को वो पूछ रहा था की शालिनी की गांड मई उंगली दालु क्या… पूर्वी भी करीम का इशारा समाज गयी .. वो आपने चहरे पर हसी लेट हुई कहती है…

पूर्वी- दाल दो इस चैनल के गांड मई.. और फाड़ दो इस की गांड… शयद मेरे भैय्या ने तो कभी डाली नहीं होगी इस चैनल के गांड मई अपनी उंगली…

पूर्वी के ऐसे कहने से शालिनी पूर्वी की तरफ आचर्य से देखने लगाती है..

जैसे hi पूर्वी कहती है करीम अपनी उंगली शालिनी के गांड मई डालता है.. करीम के इस हमले से शालिनी एक बार ज़ोरों से उछाल पड़ती हैं.........

शालिनी- ऊऊऊऊऊचक्कक्कछहहह…..

kkkkk…….rrrrrrriimmmmmmmm… जजजजजजजजज…. ईईईईई…

वो अपनी आँखें फाड़े अपनी ननद पूर्वी के चेहरे की तरफ देख रही थी......... पूर्वी के चेहरे पर एक कुटिल मुस्कान थी....

पूर्वी- जरा जूऊऊऊर से करीम जीई..

करीम उसके उंगली बहार निकालता है और जोरसे शालिनी के गांड मई डालता है..

शालिनी- इस्स्स्सस्स चिनलललललललल … की.. बाटी मत सुनुऊ आपपपप… कहा.... rrrrrrrrrrr... iiiiiiiiiiii.. ममममममम… जज…. ीी.. जराआआआ… धीरीईईए… सीई… darddddddddddd… होऊ रहा.. हीी..

शालिनी मुन्न hi मुन्न मई घबरा रही थी … वो सोच रही थी की कहीं इस पूर्वी रांड के उकसाने से करीम का मुन्न कहीं उसके गांड पर तो नहीं फिसल जाये....... अगर ऐसा हुआ तो आज मेरे खैर nahin........aab तक मेरे गांड कुंवारी है ...... मगर मई करीम का लुंड अपने गांड में नहीं ले सकती thi........itna मोटा लुंड अगर मेरे गांड में गया तो यकीनन मेरे गांड फुट जाएगी.......

शालिनी ने ढर्रे से करो ऐसा कहा तब से करीम अपने उँगलियों को बड़े हौले हौले से शालिनी के गांड मई घुमा रहा tha.....wahin शालिनी की हालत धीरे धीरे ख़राब होती जा रही थी......

करीम - एक बात पूछों........ क्या शालिनी..

करीम के ऐसे पूछने के अगल hi पल शालिनी का दुर्र और भी गहरा होता चला जाता hain.....wo एक बार फिर से करीम के चेहरे की ओरे सवाल भरे नज़रियों से एक तुक देकने लगती हैं........ उसको लगता है क्या अब ये मेरे गांड मरने की बात तो नहीं पूछेगा न..

शालिनी - हा........ आआआआ. sssssssssssss...... पूछिए.....

पूर्वी- उसको क्या पूछ रहे हो आप.. आपने इस बड़े काळा लुंड से इस चैनल की गांड फाड़ दो….

ये कहते हुई पूर्व्वी करीम का लुंड आपने हाथ मई लेते है..

शालिनी गुस्से से पूर्वी की तरफ देखती है..

करीम - क्या तुमने कभी अपनी गांड मरवाई हैं....... तुम्हारी गांड अब तक कुंवारी hain......ya फिर.......... तेरे पति ने कभी मारी है…

ये सुनते hi शालिनी के चेरे का रंग बिलकुल फीका सा पढ़ जाता है ......उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था की वो अब इस सवालों का क्या जवाब दें..... उसे लग रहा था हां बोलू तो भी मुसीबत है और न बोलू तब भी मुसीबत है.. उसकी मुश्किलें बार बार बढ़ती जा रही thi......Shalini कुछ पल तक यु hi खामोश रहती हैं…

पूर्वी- मई बताती हु… मेरे भैय्या ने तो कभी मारी नहीं होंगे.. लेकिन इस चैनल का दूसरा कोई यार होगा तो मई बता नहीं सकती…

शालिनी गुस्से मई बोलती है..

शालिनी- तू मेरे गांड के पीछे क्यों पड़ी है पूर्वी… चाहे तो तू मार ले अपनी गांड करीम जी से..

पूर्वी- मई तो पहले से मार चुकी हु…

शालिनी- क्या…

करीम- हां.. मैंने hi उसके गांड की ओपनिंग की है.. लेकिन शालिनी तू किया कह रही थी की तेरा कोई यार नहीं है..

शालिनी- कोई नहीं है.. ये पूर्वी कुछ भी बोल रही है..

करीम- मतलब तेरे गांड अभी तक किसी ने मारी नहीं है..

शालिनी हां में अपनी गार्डन धीरे से हिला देती हैं....... शालिनी के ऐसे कहने से करीम के चहरे पर एक चमक दिखाई देती हैं........

करीम - छूट hi न सही गांड तो हैं तेरे अब तक कुंवारी....... तेरे छूट की ओपनिंग तेरे पति ने की थी.. तेरे चूड़ी हुई छूट तूने मुझे दी पर अब गांड की ओपनिंग मई करूँगा… तू अपनी विर्जिनिटी मुझे सौप सकती हो.. ाब्ब... शालिनी..

शालिनी जिस चीज़ से दुर्र रही थी वहीँ बात अब करीम ने उसके सामने कह दी थी ...... शालिनी का चेहरा दुर्र से पीला सा पढ़ गया था ...... वो पूर्वी को अजीब सी नज़रियों से एक तुक देखने लगती हैं....... और दूसरी तरफ पूर्वी के चहरे पर स्माइल थी अब.. शालिनी ये तो आज समझ चुकी थी की आज उसकी गांड की खैर नहीं ..... और वो अब करीम को मन भी नहीं कर सकती थी........ क्यों की उसको पता था अगर वो मन भी करेगी तो करीम मानेगा नहीं और दूसरी तरफ पूर्वी करीम को और उकसाएगी ..

शालिनी - मगर .....मैं......

करीम – डर मत............ . मैं बहुत आराम से तेरे गांड मरूंगा...... चाहे तो पूर्वी से पंच… उसकी गांड कितनी आहिस्ता से मारी थी..

शालिनी पूर्वी की तरफ देखती है .. वो है रही थी…

शालिनी- वो तो है रही है.. लगता है तुम दोनों का कुछ प्लान है…

करीम- कुछ प्लान नहीं है.. वो तो ऐसे hi है रही है .. तुजे डरने के लिए…

पूर्वी- है भाभी .. करीम जी बहोत आहिस्ता से करेंगे.. सुहागरात मई भैय्या ने जितना आहिस्ता से तेरे छूट मारी होगी उससे भी ज्यादा आहिस्ता से…

शालिनी- पूर्वी तेरा कुछ प्लान तो नहीं है न…

पूर्वी न मई गार्डन हिलती है..

करीम अपनी ऊँगली बहुत आहिस्ता से सरकते हुए शालिनी के गांड के चीड़ पर रख देता हैं और बहुत आहिस्ता से अपने ऊँगली पर ज़ोर देने लगता हैं ........ अगले hi पल शालिनी वहीँ अपने दोनों हाथों को बिस्टेर से जकड लेती हैं और वहीँ ज़ोरों से सिसक पड़ती hain.......jaise जैसे करीम अपनी ऊँगली उसकी गांड में पेलता जा रहा था वैसे वैसे शालिनी की आहें तेज़्ज़ होती जा रही थी.......

करीम के मुँह का थूक लगने से अब उसकी ऊँगली तेज़ी से शालिनी के गांड में सरक रही thi......wahi करीम अपना जीभ धीरे धीरे कभी उसकी गांड पर तो कभी उसकी छूट पर फेर रहा था ...... शालिनी का बुरा हाल tha........uski बेचैन अब लगातार बढ़ती जा रही thi......wahin अब उसकी चीखें भी बढ़ने लगी थी..... करीम की जब पहली ऊँगली शालिनी के गांड में ाचे से सेट हो जाती हैं तब वो अपनी ऊँगली उसकी गांड से बहार निकलता हैं और उसे अपने मुँह में लेकर धीरे धीरे चूसने लगता hain......jaise वो उसकी गांड का टास्ते चख रहा हो.....

कुछ डियर बाद वो ढेर सारा थूक शालिनी के गांड के छेद पर गिरा देता हैं और अगले hi पल अपनी दो ुंगियों को सरकते हुए उसे उसकी गांड के अंदर धीरे धीरे पुश करने लगता हैं..... करीम के इस हमले से शालिनी इस बार ज़ोरों से दर्द से सिसक पड़ती हैं.......

शालिनी- aaaaaaaaaahhhhhha…….

माहाआरररररर……….. गयीईइ….. ेक्क्क हीई डालूऊओ ... दोओओओ नाहीईई.. पलज़्ज़ज़. करिममम..

एक तरफ तो उसे मज़ा भी आ रहा था वहीँ दूसरी तरफ अब उसकी तकलीफ बढ़ने लगी थी........ करीम उसकी परवाह किये बिना तेज़ी से अपनी उँगलियों को अंदर और अंदर की ओरे धकेल रहा tha........jab तक उसकी दोनों उँगलियाँ शालिनी के गांड की गहराई में नहीं उतर जाती करीम अपने हाथों को नहीं रोकता.....

शालिनी की सांसें धीरे धीरे उखाड़ने लगी thi.......uska सैयाम पूरी तरह से टूटने लगा था................ करीम कभी उसके छूट पर अपने जीभ फेर रहा था तो कभी उसकी गांड par........ye सिल्सलीला करीब 15 मिनट तक यु hi चलता हैं......

जब शालिनी अपने ऑर्गैस्म के बहुत करीब होती हैं तब करीम अपना मुँह उसके छूट से फ़ौरन हटा लेता hain.........aur साथ hi अपनी दोनों उँगलियाँ भी उसकी गांड से बहार निकल लेता hain......ek बार फिर से शालिनी तड़प उठी thi.......wo सवाल भरे नज़रियों से करीम के चेहरे की ओरे देखने लगती हैं.... करीम के चेहरे पर एक हलकी सी मुस्कान thi........wo फ़ौरन अपना लुंड अपने हाथों में लेता हैं और शालिनी के ऊपर आता hain........Shalini अपनी दोनों टांगें पूरा फैला देती हैं और उसके लुंड को अपने छूट में आने की जगह देती हैं.......

करीम – रांड ........ aaaaaaaaaaaaa ........ hhhhhhhhhhhhhhh...aab बरदसासत नहीं होता......

और करीम उसे अपनी मज़बूत बाँहों में जकड लेता hain......wahin पूर्वी करीम के होंठों को चूमने लगती हैं ........

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हवस का रंग अब उसके ऊपर भी पूरी तरह से चाय हुआ था....... करीम अपना लुंड धीरे से शालिनी के छूट पर सेट करता हैं और अगले hi पल अपनी कमर पर धीरे धीरे दबाव डालने लगता हैं........

शालिनी करीम के चेहरे की ओरे बड़े गौर से देखे जा रही thi.......wahin करीम इस बार अपना होंठ पूर्वी के होंठों पर रख देता हैं और उसे फिर से चूसने लगता hain.....kabhi वो उसके निचले होंठों को choomta...to कभी अपने डेंटन से उसे काट लेता ........ पूर्वी भी करीम का पूरा पूरा साथ दे रही थी.......

अगले hi पल करीम एक ज़ोर का ढाका मरता हैं जिससे उसका 3.5 इंच मोटा लुंड शालिनी की छूट को फाड़ता हुआ उसकी गहराई में पूरा समां जाता हैं....... वहीँ शालिनी के जिस्म में दर्द की एक तेज़्ज़ लहर दौड़ पड़ती hain.....wo इस वक़्त चीख पड़ती है..

शालिनी- aaahhhhhhhhhhaaaa…

aaaaaaaaaaaaaaaaaaaa…

जाआराआआअ… धीरीईई..

शालिनी की आँखों में दर्द साफ़ बयां हो रहा था ........मगर इस वक़्त करीम को सिर्फ छूट के सिवा और कुछ नहीं दिखाई दे रहा tha.....wo अपनी कमर हिलाते हुए लगातार अपने लुंड को अंदर बहार कर रहा था और शालिनी को छोड़ रहा था....

कमरे में faaach..........faach............aaaaaaaaaaaaa...ssssssssssssssss..iiiiiiiiiiiiiiiii.jaisi आवाज़ें लगातार गूंझ रही थी जो शालिनी के मुँह से पल पल निकल रही थी... करीम अब कभी पूर्वी के होंठों को चूसता तो कभी अपने हाथों से उसके दोनों बूब्स को मसलता........ शालिनी का दर्द से बुरा हाल tha......Karim का लुंड काफी मोटा था जिससे उससे काफी तकलीफ हो रही थी.......

इधर करीम की ढकूँ की रफ़्तार धीरे धीरे बढ़ती जा रही थी........ अब करीम अपनी पोजीशन चेंज करता है... शालिनी के एक पेअर को उप्पर उतके अब करीम छोड़ रहा था ..

........ इस वजह से शालिनी को इस वक़्त काफी तकलीफ हो रही thi....magar चाँद मिनटों बाद उसका भी दर्द मज़े में बदल जाता और वो भी करीम का पूरा पूरा साथ देती hain.........ek बार फिर से उस कमरे में तूफ़ान सा उठा था......

करीम शालिनी को ढ़ाके लगा रहा tha.....wahin शालिनी उसके चेहरे की ओरे एक तुक देखे जा रही थी......

करीम- शालिनी ....... aaaaaaaaaaaaa ......... sssssssssssss ................तू सच में बहुत कमल की चीज़ हो.........

शालिनी बस जवाब में मुस्कुरा पड़ती हैं.....

पूर्वी- और मई..

करीम- तू तो मेरी बुलबुल है…

करीम – शालिनी अगर मई तेरा पति होता तो तुजे रोज छोड़ता…

पूर्वी- अब क्या पति से काम हो….

इस पर शालिनी हँसाने लगाती है…

पूर्वी- करीम जीई… तुम हमारे लिए… हम दोनों के लिए पति से काम नहीं हो.. आप जब जी छाए आकर हमें छोड़ सकते हो.. अब हम दोनों आपकी hi है..

शालिनी – अअअअअअअ ... स्स्स्सस्स्स्स .... करीम जी .... प्लीज ...... मुझे छोड्दुओ… पूर्वी ने जो कहा वो सब सच है.. अब हम आपके hi है… जब जी छाए हमे छोड़ो…

करीम कुछ नहीं कहता और फिर से तेज़ी से शालिनी को छोड़ने लगता हैं....... करीब 10 मिनट बाद करीम कहता है..

करीम - शालिनी ....अब तू मेरे ऊपर आ....

शालिनी फिर उठकर करीम के ऊपर आती हैं और उनका लुंड अपने छूट पर सेट करती हैं और धीरे धीरे उसपर बैठती चली जाती हैं....... करीम अपने दोनों हाथों से उसकी चूचियां थामे हुए अब अपना लुंड अंदर बहार पेल रहा था....... शालिनी इस वक़्त किसी पेशावर रंडी की तरह अपनी गांड उछलते हुए करीम का लुंड पूरा अपने छूट में ले रही थी.....

अब करीम पूर्वी को आपने पास बुलाता है.. अब वो पूर्वी के निप्पल को मसलता है .. दूसरे हाथ से पूर्वी को उंगली से छोड़ रहा tha..saath मई शालिनी के आम मू मई लेके चूस रहा था.. करीब 10 मिनट के बाद शालिनी ज़ोरों से हाफने लगती हैं और अगले hi पल शालिनी ज़ोरों से सिसक पड़ते hain........aab वो ऑर्गैस्म के बहुत करीब थी...... थोड़े डियर बाद करीम का साबरा टूट जाता हैं और इस बार वो वहीँ ज़ोरों से चीख पड़ता hain....aur अगले hi पल शालिनी aaaaaaaaaaaaaaaa....... ssssssssssssssssssss ........ mmmmmmmmmmmmmmm........... करते हुए किसी लाश की तरह करीम के बदन पर गिर पड़ती है.. बिलकुल वैसे hi हालत करीम किट hi.. वो भी ठंडा पढ़ जाता हैं .....वहीँ पूर्वी भी किसी लाश की तरह वही बीएड के उप्पर लेट जाती hain......wo भी बिलकुल ठंडी पढ़ चुकी थी........ उसका भी ऑर्गैस्म हो चूका tha.......aab कमरे में चरों तरफ ख़ामोशी thi.......bus उनकी सांसों को महसूस किया जा सकता था ......

_________________________

कमरे में अब गहरी ख़ामोशी थी ............ उनके सांसिओन और धडकनेयों की आवाज़ पल पल उस ख़ामोशी में साफ़ सुनाई दे रही thi.........Shalini के छूट में से करीम का छुम अब धीरे धीरे बहार की ओरे बहने लगा tha......jo अब बिस्टेर पर भी गिर रहा था....... काफी डियर तक शालिनी और करीम दोनों एक दूसरे की बाँहों में ऐसे hi चुप चाप पड़े रहते हैं ........... बाजु मई पूर्वी भी पड़ी हुई थी.. लेकिन इन् दोनों से थोड़ी दूर…

करीम अपनी आँखें खोलता हैं और शालिनी के चेहरे की ओरे बड़े गौर से एक तुक देकने लगता hain.......wo अपना होंठ आगे बढाकर शालिनी के आनोखों को चूम लेता हैं...... इस वजह से शालिनी जग जाती है और अपनी आँखे खोलती है..

करीम अभी भी वहीँ लेता हुआ अपने हाथों को शालिनी के बूब्स पर फेर रहा था … फिर उसके जिस्म के हर हिस्से पर लगातार फेर रहा tha.....kabhi उसके गांड पर तो kabhi.....uske बूब्स par.......wo पल पल शालिनी की कोमलता का एहसास अपने अंदर उतर रहा था......

करीम अपनी जीभ हौले से शालिनी के कानों पर रख देता हैं और बड़े हौले हौले से चाटने लगता हैं ..... करीम के इस हरकत पर शालिनी के जिस्म में फिर से संप्रियाहट सी होने लगती hain........uski सांसें फिर से तेज़्ज़ होने लगी थी......

करीम – शालिनी ........ रेडी हो जाओ.. ....... मुझे अब कण्ट्रोल नहीं हो रहा .........

शालिनी- अभी तो किये हो.. इतने जल्दी…

करीम- क्या तुम्हारे पास कोई क्रीम वगैरह हैं लगाने को........

करीम की बात को सुनकर शालिनी कुछ समझ नहीं पति और चुप चाप वैसे hi खामोश रहती हैं ....... और करीम के चेहरे की तरफ सवाल भरे नज़रियों से देखने लगती है....... उसे ये समझ में नहीं आ रहा था की करीम को अब क्रीम की क्या ज़रुरत पढ़ गयी ..... अब तक तो बिना क्रीम के hi किया है…

करीम - छिनाल ....... तुजे कुछ पूछ रहा हु….......... क्या तेरे पास कोई क्रीम hain......is वक़्त......

तभी पूर्वी उठ जाती है..

पूर्वी- हाँ ......... है.. मेरे पास हैं .......

करीम- ये है मेरे असली रांड..

शालिनी डरते हुई पूछती है.. पूर्वी की तरफ देखते हुई..

शालिनी- मगर अब क्रीम से क्या करना है.......

पूर्वी- मेरी भाभी जान अब करीम जी तेरे गांड मरेंगे…

अगले hi पल शालिनी को समझ में आ जाता हैं की करीम उससे क्रीम क्यों मांग रहा था......

करीम - ज़रा वो क्रीम मुझे लेकर दे पूर्वी…........

शालिनी सवाल भरे नज़रियों से अपने ननद पूर्वी के चेहरे की ओरे फिर से देखने लगती हैं..

पूर्वी- भाभी.. ये तुम्हारे भले के लिए hi हैं..

फिर पूर्वी उठकर जाते है और एक फेयर & लवली की तुबे करीम के हाथों में दे देती हैं......

करीम अब शालिनी को पेट के बल सोने को कहता है और वो तुबे धीरे से खोलता हैं और कुछ क्रीम लेकर उसे शालिनी के गांड के छेद पर धीरे धीरे लगाने लगता हैं ..... उधर शालिनी की बेचैनी वक़्त के साथ साथ बढ़ती hi जा रही थी........ उसे लग रहा था करीम अब मेरे गांड के पीछे पड़ा हुआ है.. पता नहीं अब मेरा कितना बुरा हाल होगा.. आज मेरे साथ और क्या क्या होने वाला है ........ एहि सोचकर उसका दुर्र और भी बढ़ता जा रहा था......

एक बार फिर से शालिनी के दिल में दहशत जनम लेने लगी थी...... वो सोच रही थी पता नहीं मई करीम का 3.5 इंच मोटा और 9 इंच लुम्बा लुंड क्या अपनी गांड में पूरा ले पङेगी...... जो भी है आज मेरी पूरी फटने वाली है....... यह ख्याल आते hi शालिनी अंदर hi अंदर काँप उठती हैं ........

शालिनी - करीम... जीई ..... please....dheere से daliyega.........aapka बहुत बड़ा hain........main बर्दास्त नहीं कर pawungi.......please....

करीम बड़े हौले से शालिनी के लबों को चूम लेता हैं -

करीम- दर मत...... तू पहली रंडी नहीं है जो मई गांड मार रहा हु… बस तू अपना बदन बिलकुल ढीला छोड़ दे ......... मैं बहुत आराम से करूँगा .........

करीम ाचे से शालिनी की गांड पर क्रीम लगा रहा tha......fir वो अपने लुंड पर भी कुछ क्रीम लगता हैं और अपने लुंड को भी ाचे से चिकना करता हैं.......... अब वो घडी आ गयी थी जिसका करीम को न जाने कब से इंतज़ार था..........

करीम - शालिनी ...... रांड… अब तू बिस्टेर पर पेट के बल सीधा लेट जा....... और अपना बदन बिलकुल ढीला छोड़ दे .........

तभी पूर्वी करीम के पास आकर उसके कानो मई धीरे से बोलती है..

पूर्वी- जैम कर छोड़ना… साली की गांड फाड़ दे… साली रट हुई इस घर से जानी चाहिए…

ये धीरे आवाज शालिनी सुनते है… वैसे hi गार्डन पीछे घूमती है…

शालिनी- इस चैनल की बात मत सुनना करीम जी… और तू रांड मेरे पीछे क्यों पड़ी है… मैंने तेरा क्या बिगाड़ा है… मई तेरे पाँव पड़ती हु… प्ल्ज़ कुछ उलटा सीधा करीम जी को मत बताना…

शालिनी एक नज़र करीम और पूर्वी के चेहरे की ओरे देखती हैं .अब उसकी आँखों में फर्याद थी........ मगर करीम आज उसकी कहाँ सुनने वाला था...... वो तो बस आज अपने सरे अरमान पूरी करना चाहता tha.....Karim के चेहरे पर अब कुटिल मुस्कान थी........ पूर्वी हस्ती है… शालिनी चुप चाप वहीँ बिस्टेर पर पेट के बल लेट जाती hain......Karim अपना हाथ उसके गांड पर धीरे धीरे फेरने लगता hain.............kabhi उसके गांड के दरारों के बीच तो कभी अपनी ऊँगली से उसकी गांड की सूराख को धीरे से चढ़ देता...... शालिनी उसके हर करकट से सिसक पड़ती.........

करीम – पूर्वी तू अपनी दोनों हाथ इसके गांड पर रखकर उसे पूरी तरह ओपन करो.......

शालिनी को पूर्वी अपनी गांड पर हाथ रखनेवाली है ये सोचकर बहुत शर्म आ रही thi..aab पूर्वी अपने दोनों हाथ शालिनी के गांड पर रख देती हैं और उसके चुतरों को ाचे से ओपन करती हैं..... अब उसकी कुंवारी छेद करीम को साफ़ नज़र आ रही थी जो एक गुलाबी सी सूराख की तरह बिलकुल बंद थी ....... ये देखकर करीम की आँखों में चमक आ गयी थी......

करीम अपना लुंड हौले से शालिनी के गांड के सूराख पर रखता हैं और धीरे धीरे वो शालिनी के ऊपर आता हैं....... अब उसका लुंड शालिनी की गांड में जाने को बेताब था ...... करीम हौले से अपने दोनों हाथ शालिनी के बूब्स पर रख देता हैं और अपने कठोर हाथों से शालिनी के दोनों बूब्स को बरी बरी से मसलना शुरू करता hain.....aur साथ hi साथ अपना जीभ उसकी गार्डन पर तो कभी उसके कानों के पास रखकर धीरे धीरे चाटने लगता हैं ........ दूसरी तरफ शालिनी का मज़े से बुरा हाल था वहीँ उसके अंदर दुर्र भी अब बढ़ता जा रहा था.......

करीम अपनी कमर पर थोड़ा सा दबाव डालता हैं और अगले hi पल उसका मोटा सूपड़ा धीरे से सरकते हुए शालिनी की गांड में दस्तक देने लगता हैं....... इस बार करीम नहीं रुकता और एक ज़ोर का ढाका मरता हैं जिससे उसका पूरा सूपड़ा शालिनी की गांड में उतर जाता हैं..... अगले hi पल शालिनी वहीँ ज़ोरों से चिल्ला पड़ती हैं .........उसके जिस्म में दर्द की एक तेज़्ज़ लहर दौड़ गयी थी ..... आँखों में आंसूं चालक पड़ते है ....... उसे ऐसा लग रहा था जैसे किसी ने उसकी गांड में लोहे का गरम सरिया दाल दिया ho.....wo वहीँ ज़ोरों से सिसक पड़ती हैं....

शालिनी – aaaaaaaaaa ....... assssssssssssssss ........... iiiiiiiiii ...... मममममम ... उउउउउ ... ममममममम.... ममममममय.... y.yyyyy .... प्लीज .... कककककक… ररररर.. iii..mmmmmmm… जीई… इसे बहार निकालिये .... आपकी शालिनी रांदड़.. मुरर jayegi........mujhe नहीं होता बर्दास्त ............. प्लीज ....... करिमजीए......

पूर्वी- तुजे मरने को क्या हुआ.. अभी तो सुरवात है… आगे आगे देख रांड तेरा हाल क्या होगा…

शालिनी- चुप कर चैनल… तेरे वजह से तो ये सब हुआ है..

पूर्वी- मैंने क्या किआ … मैंने कहा था करीम से छुड़वाने के लिए..

शालिनी- तेरे घर आती नहीं तो ये करीम से नहीं मिलते और ये मुझे जानवर जैसे छोड़ता नहीं…

पूर्वी इस पर हँसाने लगाती hai…Karim वहीँ रुक जाता हैं और शालिनी के गलों और उसकी गार्डन पर अपना जीभ हौले हौले से फेरने लगता हैं ...... शालिनी वहीँ दर्द से तड़प रही थी ....... उसके दोनों हाथ बिस्टेर को कसकर जकड़े हुए थे....... वो अपने दोनों हाथों से कसकर बिस्टेर को लगातार मसल रही थी ...... आँखों में आंसूं लगातार बहते हुए उसके गलों के रस्ते बिस्टेर पर गिर रहे थे ......

करीम कुछ देर तक उसी पोइस्तियन में रुकता हैं फिर से वो अपना लुंड कुछ बहार निकलता हैं और इस बार फिर से एक ज़ोर का ढाका मरता hain.....is बार फिर से उसका लुंड शालिनी की गांड को चीरता हुआ 5 इंच तक समां जाता hain.....is बार शालिनी ज़ोरों से चीखती इससे पहले पूर्वी अपना हाथ शालिनी के मुँह पर रख देता हैं और उसके मुँह से निकलती चीखेंव को अपने हाथों से पूरी तरह दबा देता हैं ......... शालिनी के आँखों से आंसूं और भी गहरे होते जा रहे the.......un आँखों में दर्द साफ़ नज़र आ रहा था .......

वो बार बार करीम को अपने ऊपर से हटाने की नाकाम कोशिश कर रही thi.........use तो ऐसा लग रहा था की जैसे आज उसकी जान निकल जाएगी दर्द se........aab उसका दर्द बर्दास्त के बहार होता जा रहा था ...... वहीँ करीम पर पूरा सुरूर चाय हुआ था ..........उसे बस शालिनी की गांड ाचे से मारनी थी ......तो बस मारनी थी......

शालिनी - aaaaaaa...mmmmmmmmm...... sssss........please...... कक्का.. रिइइइइइ.. ममममममम जीई ......अब और nahin.........main नहीं सेह पाऊँगी आपका.......

पूर्वी जैसे hi अपना हाथ शालिनी के मुँह से हटाता हैं अगले hi पल शालिनी फिर से रोने लगती हैं......

करीम - चुप कर रांड ...... तेरा पहली बार हैं इस लिए इतना दर्द हो रहा hain....kuch देर में देखना सब नार्मल हो jayega........baad में तुजे भी मज़ा आएगा......

फिर करीम उसके होंठ शालिनी के गलों पर तो कभी उसके गार्डन पर लगातार फेर रहा tha........wo अब शालिनी को पूरी तरह से नार्मल करना चाहता था मगर शालिनी दर्द के आगे सब कुछ भूल सी गयी थी ......... करीम अपना जीभ फिर से उसके कानों और गार्डन पर धीरे धीरे फेरने लगता hain.........uske इस तरह चाटने से शालिनी की गार्डन करीम की थूक से पूरी तरह गीली हो गयी thi.......jab शालिनी कुछ नार्मल हो जाती हैं तब करीम अपना लुंड पूरा बहार की ओरे खींच लेता हैं और इस बार पूरे ताकत से एक करारा ढाका मरता हैं....

इस बार करीम का लुंड शालिनी की गांड की साडी सीमाएं तोड़ता हुआ पूरा अंदर तक समां जाता hain......poori गहराई tak.......Karim का लुंड शालिनी की गांड में कहीं गम सा हो गया था ........अब करीम का 9 इंच लौड़ा शालिनी की गांड में पूरी तरह से उतर चूका tha......is बार फिर से शालिनी वहीँ दुबारा से चीख पड़ती hain.......aankhon में आंसूं थे जो रुकने का नाम नहीं ले रहें थे....... अगर पूर्वी अपना हाथ उसके मुँह पर नहीं राखी होती तो रूम के बहार उसकी चीखें साफ़ सुनाई देती..... आँखों में आंसूं किसी झरने की तरह लगातार बह रहे थे ...... शालिनी बार बार करीम को अपने ऊपर से हटाने की नाकाम कोशिश कर रही thi.......dard साफ़ उसकी हरकटीओं से पता चल रहा था.....

अब उसके अंदर ज़रा भी हिम्मत नहीं थी दर्द बर्दास्त करने की....... करीम वहीँ शालिनी के ऊपर ऐसे hi कुछ देर तक लेता रहता हैं और अपने लुंड को अपनी शालिनी की गांड की गहराई में ाचे से महसूस करता hain.......use कुछ अंदर चिपचिपा सा महसूस हो रहा tha..........ye चिपचिपा सा और कुछ नहीं बल्कि शालिनी की गांड से निकलता खून था जो अब ये एहसास दिला था की उसकी कुंआरापन अब टूट चूका था ......... काफी देर तक शालिनी अपने दोनों हाथ पेअर बिस्टेर पर मरती रहती hain.....aur दर्द से तड़पती रहती हैं ......... करीब 10 मिनट बाद उसका दर्द काफी कम हो जाता hain.....magar आंसूं नहीं रुकते......

अब उसके अंदर ज़रा भी हिम्मत नहीं थी दर्द बर्दास्त करने की....... करीम वहीँ शालिनी के ऊपर ऐसे hi कुछ देर तक लेता रहता हैं और अपने लुंड को अपनी शालिनी की गांड की गहराई में ाचे से महसूस करता hain.......use कुछ अंदर चिपचिपा सा महसूस हो रहा tha..........ye चिपचिपा सा और कुछ नहीं बल्कि शालिनी की गांड से निकलता खून था जो अब ये एहसास दिला था की उसकी कुंआरापन अब टूट चूका था ......... काफी देर तक शालिनी अपने दोनों हाथ पेअर बिस्टेर पर मरती रहती hain.....aur दर्द से तड़पती रहती हैं ......... करीब 10 मिनट बाद उसका दर्द काफी कम हो जाता hain.....magar आंसूं नहीं रुकते......

करीम अपना लैब धीरे से सरकते हुए शालिनी के लबों पर रख देता हैं और बड़े प्यार से चूमने लगता हैं..... वहीँ शालिनी गुस्से से करीम को देख रही thi.........aab उसका चुदाई में बिलकुल मुन्न नहीं लग रहा tha.....sara नशा बिलकुल ठंडा सा पढ़ गया था......

शालिनी - अब आप मेरे ऊपर से हटिये करीम जी ........आप बहुत गंदे हैं ........आपने तो आज मेरी पूरी फाड़ कर रख di..........aapko ज़रा भी मुझपर तरस नहीं आया........ इस चैनल का सुनके आप ने मेरी इतनी बुरी हालत कर दी..

करीम बड़े प्यार से शालिनी के गलों को चूम लेता हैं-

करीम- तू तो मेरी जान से बढ़कर हैं शालिनी रांड ....... भला मुझे तेरी तकलीफ का एहसास नहीं होगा तो किसे होगा ........... हाँ मंटा हूँ की जोश में मुझे ऐसा करना pada.....agar नहीं करता तो तू आगे कभी मुझे अपनी गांड नहीं मरने देती......... पहली बार जब तेरे पति ने तेरी छूट मरी थी तब भी तुजे इतना hi दर्द हुआ होगा naa......to अब मेरे साथ क्यों इतने नखरे कर रही है ......

शालिनी - नहीं करीम ji.........us वक़्त इतना दर्द नहीं हुआ था......... मेरे पति का वो आपसे छोटा tha.......aapka तो बहुत बड़ा हैं......

करीम शालिनी की बाटिओं को सुनकर धीरे से मुस्कुरा पड़ता हैं

करीम- - वो क्या छोटा है शालिनी .......उसका कुछ तो नाम होगा न....

अगले hi पल शालिनी का चेहरा शर्म से पूरा लाल पढ़ जाता hain.........tabhi करीम अपनी कमर पीछे की तरफ मूव करता हैं और अगले hi पल वो एक करारा ढाका मरता hain.....ek बार फिर से शालिनी वहीँ ज़ोरों से सिसक पड़ती hain.......magar इस बार चीखती nahin......aab उसे भी मज़ा आ रहा tha......apni गांड मरवाने में......

शालिनी -aaaaaaaaaaaaaaa…. Ssssssssssssssss ... ... धीरे से ........दर्द हो रहा हैं.....

करीम - बताओ न शालिनी ......मेरा क्या घुसा हुआ हैं इस वक़्त तुम्हारी गांड के ander.......uska कुछ तो नाम तो होगा .....aaaaaaa...ssssssssssss........

शालिनी - aaaaaaa.hhhh..............please.......main ये सब नहीं बोल pawungi.......aisa मुट्ठ करो मेरे साथ..........

करीम- बोल न

शालिनी - आप मुझे पूरी बेशरम बनाकर hi chodenge.......sach में आप बहुत गंदे हैं.......

करीम - जो समझना हैं वो समझ lo.......mujhe इससे कोई फर्क नहीं पड़ता........

शालिनी - aapka.......aapka.... वो ......डिक मेरी अस्स के अंदर हैं इस waqt.........aur आप अपने डिक से मेरी आस फ़क कर रहे हैं.........

शालिनी की सांसें फिर से ज़ोरों से चलने लगी thi......uska जिस्म फिर से गरम होता जा रहा tha........choot में एक अजीब सी सेंसेशन बार बार उठ रही thi......aaj तक वो ऐसी गन्दी लैंग्वेज कभी किसी के सामने नहीं उसे की थी..... थोड़ी बहुत करीम के साथ hi की थी .. उसे ाचा भी लग रहा था मगर शर्म भी बहुत आ रही थी......

करीम – हम गवर आदमी है ....... इंग्लिश हमे समाज नहीं आती.. .....जो कहना हैं वो हिंदी में साफ़ साफ़ कहो.............

पूर्वी- बोल भी दो भाभी… अब हम से क्या शर्माना..

शालिनी- पूर्वी … मई तेरे जैसे बेशरम नहीं हु…

पूर्वी- अपनी छोटी ननद के सामने एक गवर से अपनी गांड मार के ले रही है और बोल रही है मई बेशरम हु…

अगले hi पल शालिनी के चेहरा का रंग और भी फीका सा पढ़ जाता hain......aur चेहरे पर शर्म की लाली और भी गहरी हो जाती hain.........kehna तो वो बहुत कुछ चाहती थी मगर उसकी जुबान अब उसका साथ नहीं दे रहे थे .......

शालिनी – आपका .... लू ...... न .. डी ........ मेरी ........ g....a...n......d.... के अंदर है इस वक़्त .....

शालिनी वहीँ झट से अपने दोनों हाथों से अपना चेहरा छुपा लेती hain.....sansein उसकी बहुत ज़ोरों से चल रही thi.....wo अब करीम का सामना नहीं करना चाहती thi......ander hi अंदर उसके मुन्न में एक ग्लानि सी बार बार उठ रही thi........aaj तक वो ऐसे शब्द सिर्फ आवारा लड़कों के मुँह से सुनती आयी थी......

करीम धीरे से मुस्कुरा पड़ता हैं और अपना होंठ शालिनी के हाथों पर लेजाकर उसके हाथों को चूम लेता hain.........aur बहुत आहिस्ता से शालिनी के दोनों हाथों को उसके चेहरे से हटाने लगता हैं......... शालिनी का चेहरा शर्म से और भी दोहरा होता जा रहा tha.......idher करीम फिर से धीरे धीरे ढ़ाके लगाने लगता हैं .... अब शालिनी की आहें फिर से उन वादियों में गूँज रही thi.......uska जिस्म फिर से किसी आग के सामान टप्प रहा tha.......saath hi साथ छूट में अजीब सा सेंसेशन भी......

धीरे धीरे करीम की रफ़्तार बढ़ती जा रही थी वहीँ शालिनी की भी छूट पूरी तरह से गीली होती जा रही thi........ye उसकी ज़िन्दगी का एक नया अनुभव tha.......wo इस पल में पूरी तरह से डूबना चाहती थी..............

करीम धीरे धीरे उसकी गांड मार रहा tha........Shalini की मुँह से सिसकारी फुट रही थी जो करीम उसकी गांड मार रहा था...... अब करीम ज़ोरों से ढ़ाके मरने लगता हैं जिससे शालिनी ज़ोरों से सिसक पड़ती हैं........ करीम की स्पीड लगातार बढ़ती जा रही thi......wahin शालिनी ज़ोरों से सिसक रही thi.........wo ज़्यादा देर तक अपने आपको नहीं रोक पता और अगले hi पल उसकी ढ़ाके की रफ़्तार और भी तेज़्ज़ हो जाती hain.......wahin शालिनी की आहें भी उस कमरे में पल पल गूँज रही थी..... करीम कभी शालिनी के बूब्स को मसल रहा था तो कभी उसके हाथों को अपने हाथों में कसकर दबा रहा .. दो तीन ढाकों के बाद करीम वहीँ ज़ोरों से सिसक पड़ता हैं

करीम- ssssssssssssssssss. … aaaaaaaaaaaaaaaaaaa.............iiiiiiiiiiiii.........

अपना सारा छुम शालिनी की गांड की गहराई में उतरता चला जाता हैं....... वहीँ शालिनी जोर्णो से चीख पड़ती हैं..

शालिनी - sssssssssssssss. Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa ....... ीी ............... hhhhhhhhhhhhhh....... करीम जीई…

सिसक कर बिलकुल बेजान सी बिस्टेर पर शांत पढ़ जाती hain.....aab उसके जिस्म में कोई हलचल नहीं थी ....वहीँ करीम शालिनी के ऊपर लेता हुआ ज़ोरों से लुम्बी लुम्बी सांसें ले रहा tha.......dono की सांसें एक दूसरे से टकरा रही thi......ek बहुत बड़ा तूफ़ान के आने के बाद जो ख़ामोशी होती हैं कुछ वैसे hi ख़ामोशी अब उस कमरे में साफ़ नज़र आ रही thi..........dono बिलकुल खामोश थे और दोनों के जिस्म पसीने से बुरी तरह भीगे हुए थे....... दोनों की तरफ पूर्वी देखती रहते है..

करीब 10 मिनट तक करीम शालिनी के ऊपर उसी तरह लेता रहता हैं फिर वो जैसे hi शालिनी के ऊपर से हटाता हैं उसका लुंड पपपपपप .... uuuuu.ccccchhhhh.......ki आवाज़ के साथ उसके गांड से बहार निकल जाता hain.......Karim का लुंड इस वक़्त खून की वजह से पूरा लाल दिखाई दे रहा tha.....wahin कुछ छुम के भी रूस उसके लुंड पर साफ़ नज़र आ रहे थे ...... शालिनी के गांड से कुछ खून और छुम दोनों का मिला जुला रूस अब बिस्टेर पर धीरे धीरे बह रहा था ......... वहीँ शालिनी अभी भी चुप चाप बिस्टेर पर लेती हुई थी....... ...
 
वो तीनो सोये हुई थे.. पर करीम का सर दर्द कर रहा था.. इसलिए वो नीड से जग गया.. वो खुद से कहने लगा .. बिना दारू के मेरा सर दर्द ठीक नहीं होगा.. और दारू ढूडने लगा.. फिर वो सोचने लगा की उस दिन लता के रूम मई दारू थी तो इस रूम मई भी होगी.. मई ढूंढता हु.. उसने 5-10 मिनट दारू धुंडी लेकिन उसको दारू कही नहीं मिली .. उसने पूर्वी को आवाज लगाई लेकिन वो तो गहरी नीड मई सो गयी थी.. शालिनी तो गेस्ट थी.. उसे पता था शालिनी को कुछ पता नहीं होगा.. करीम सोचने लगा साली ये रांड तो घोड़े बेच के सो रही है … अब क्या करू.. फिर वो सोचता है … चलो कपडे पहन के चलते है लता रांड के रूम मई… दारू भी मिल जाएगी और साथ मई अगर वो रूम मई होगी तो उसको भी छोड़ते है… साली उसदिन मेरे है तह से भाग गयी थी.. और अब कुछ दिन के लिए इस शालिनी रांड के साथ जाना है तो लता रांड को छोड़ने का मौका नहीं मिलेगा..

ऐसा सोच के वो लता के रूम मई जाता है.. वह थोड़े देर ढूडने के बाद उसे दारू की बोतल मिलते है.. फिर वो दारू की बोतल लेके वही रूम मई बैठ जाता है.. उसे गिलास और पानी मिल जाता है.. अब वो दारू पिने लगता है..

इधर कुछ देर बाद पूर्वी उठ जाती है.. और वो आजु बाजु देखती है तब उसे करीम नहीं दिखता तब उसे लगा शयद बाथरूम मई गया होगा.. तब वो बाजु मई देखती है तो शालिनी अभी भी सो रही थी.. उसे शालिनी को देख कर थोड़े देर पहले जो गुस्सा आया था अब वो काम हो जाता है.. वो उसे देखकर कहती है..

कैसे सो रही है.. लगता है जाने का मैं नहीं है इसका.. पर जाना hi होगा न नहीं तो मेरे हस्बैंड कॉल करेंगे ..

तब वो आपने मोबाइल ढूंढने लगती है.. उसे मोबाइल मिलता है तब वो ओपन करती है तब उसे आपने हस्बैंड के 5-6 कॉल दिख जाते है..

तब वो आपने सर को पकड़ के टेंशन मई आ जाती है..

ये कब आये. .. अब मई क्या करू.. इनको क्या जवाब दू अगर अबतक क्यों नहीं निकले ये पूछा तब

फिर वो शालिनी को देखते है और कहते है..

इधर मई टेंशन मई मरी जा रही हु और ये साली घोड़े बेचकर सो रही है..

फिर वो गुस्से मई आके कहते है..

भाभी उठ जाओ..

वो उठी नहीं तब उसे जोर जोर हिलने लगी और जोर जोर से छिलने लगी ..

उठ जाओ भाभी

तब शालिनी उठ जाती है.. और गुस्से से पूर्वी को देखते हुई कहते है

क्या???

क्या.. क्या.. भाभी नहीं जाना है क्या..

हाँ जाना है.. टाइम क्या हुआ है

आप खुद देख लो

जब शालिनी वाच मई देखते है तो टेंशन मई आके कहते है..

ओह्ह्ह गोड़.. इतना लेत.. अब कैसे पहुँच जायेंगे.. इस बूढ़े के चक्कर मई इतना लेत हो गया.. अब वो कामिनी मुज पाई बहुत चिल्लायेंगे..

चुद के लेते टाइम सींचना था न भाभी

हाँ.. तुमने भी सोचना था न

मुझे दर तो अब ये है की अरुण को क्या बोलू

अब क्या हो गया

हम सो रहे थे तब अरुण ने 5-6 बार कॉल किया था

ओह्ह गॉड

ऐसा कह के शालिनी आपने सर को हाट मार लेते है.. अब दोनों टेंशन मई आ गए थे.. तब शालिनी कहते है

ये करीम कहा है

अब क्या फिर से छोड़ के लेना है क्या

तू चुप कर.. उसको साथ मई लेके जाना है न.. हमारा तै हुआ है न वैसे..

हम्म्म

फिर कहा गया

यही पाई कही पि के पड़ा होगा

क्या पि के.. पूर्वी वो पिता है

हाँ.. आप को पता नहीं है क्या

No

आप को बहुत बाते उसके बारे मई पता नहीं है..

वो जाने दो उसे ढूंढना होगा.. पाइक पड़ा होगा तो उसको कैसे लेके जायेंगे.. बहार पापा जी भी बैठे होंगे

ढूंढ लेंगे पहले.. हम रेडी तो हो जय..

हाँ यू अरे राइट पूर्वी

पूर्वी हमेशा राइट hi होती है

हाँ पता है

ऐसा कह के स्माइल करती है

भाभी आप यहाँ रेडी हो जाओ.. मई निचे रेडी होती हु.. मेरे बैडरूम मई

Ok.. पर जल्दी रेडी हिना पूर्वी

हाँ भाभी.. अगर आप पहले रेडी हो जाओगे तो आप के करीम को ढूंढ लेना..

तब शालिनी स्माइल करते हुई कहते है..

क्या तुम्हारा नहीं है क्या

है न पर वो मुज से ज्यादा आप पाई फ़िदा है..

चल हैट बदमाश!!

ऐसा कह के बाथरूम मई चली जाती है और पूर्वी नीचे… और इधर करीम लता के रूम मई बैठ कर दारू पिने लगता है.. लगभग एक बोतल ख़तम होने को आयी थी..

इधर ये दोनों फ्रेश हो रही थी.. करीबन आधे घंटे तक अपने गोर दूध जैसे बदन को नहलाने के बाद शालिनी बहार अति है … शालिनी आज एक साड़ी पहने का मन बनती है जो डीप नैक की hai....oh कन्सेर्वटिवे ज़रूर थी लेकिन पुराने ख़यालात की नहीं उसे लेटेस्ट फासिओं की जानकारी हमेशा रहती thi...aaj उसको टोकने के लिए उसका हस्बैंड या सास ससुर भी नहीं थे.. ...ऐसा नहीं था के उनकी मौजूदगी में ो नहीं पहन सकती thi...par थोड़े डर्टी थी उनको.. थोड़ी देर में एक स्लीवलेस ब्लाउज की साड़ी पहन लेती है और फिर अपने खूबसूरत चेहरे पे हल्का मेक उप कर लेती hai...boht हॉट लग रही थी ो इस waqt...wahi दूसरी तरफ पूर्वी थी.. उसकी खूबसूरती मोती की तरह थी जो एक सख्त खौल में बंद थी जो की इस बंगला की दीवारें थे ....इस बेहद कीमती मोती को चुने तक की हिम्मत किसी ने की नहीं थी अबतक उसके पति के अलावा… ( ओफ़्कौर्से करीम को छोड़कर)..

इधर शालिनी रेडी हो गयी थी.. फिर वो सोचते है नीचे जेक पूर्वी तैयार हुई है या नहीं देखती हु.. और फिर करीम जी को ढूंढते है.. ऐसा सोच कर वो नीचे जाने के लिए दूर की तरफ जाने लगी तब मिरर के सामने से जाने लगी तब वो मिरर मई खुद को देखती है.. जैसे hi वो खुद को मिरर मई देखते है वैसे hi खुद के खूबसूरती पर खुश हो जाती है.. तब उसके मैं मई विचार आता है की ये खुद की खूबसूरती करीम को एकबार दिखा दू.. साला मुझे देखते hi फिर से एक बार लट्टू हो जायेगा.. ऐसा वो खुद से कहते है.. ऐसा hi करते हु..

ऐसा कहने के बाद वो करीम को ढूंढने लगी.. 2-3 रूम ढूंढते है.. फिर गैलरी मई जेक देखते है.. वह भी उसे करीम नहीं मिलता तब वो खुद से कहती है..

बेवड़ा साला.. कहा गया अब ये.. कहा पि कर बैठ गया..

तब वो फिर से वापिस आके नीचे जाने लगी तब उसको सामने लता की रूम दिखते है और लाइट भी ों हो थी.. लाइट ों देख के उसकी उम्मीद जग गयी..

शायद यही होगा मेरा प्यारा सा बेवड़ा!!

ऐसा कह के स्माइल करते है..

बेवड़ा है तो क्या हुआ.. आपने उज़्मा बेगम का शोहर है!! तो उज़्मा बेगम का काम है आपने शोहर को कुश रखना!! और

उदर पूर्वी फ्रेश होकर आज एक साड़ी पहन लेती है .... बैकलेस ब्लाउज के साथ एकदम हॉट लग रही थी पूर्वी ..अपने सास ससुर की मौजूदगी में वो ये ब्लाउज नहीं पहनती thee…halaki उसको और उसके पति को भी पसंद था उसका ये बैकलेस ब्लाउज pehenna…per कन्सेर्वटिवे फॅमिली की वजह से नहीं पहनती thee….uske बड़े चुके उस ब्लाउज में बहार आने को होरहे the...uski गांड तो बस उफ्फ्फ भर को आरही thi...uske बाल कमर तक एते the...pairon में पायल की वजह से एक मधुर सी आवाज़ अति थी.. जब भी ो कहीं से गुज़रती hai....aur उसका खूबसूरत chehra...hur पारी है बस हर pari....Purvi अब आईने के सामने आकर थोड़ा तोचुप करती है और हॉल में चली जाती hai....Purvi स्टैर्स के तरफ जाने लगती है… आप को पता hi है बंगला 2 फ्लोर्स का है .... ग्राउंड फ्लोर पर पूर्वी का बैडरूम था.. वही वो रेडी हो गए थे और करीम और शालिनी उप्पर फरिस्त फ्लोर पर थे..

खुद को तैयार करके पूर्वी उप्पर के फ्लोर पर पहुँच जाती है.. वह उसे शालिनी मिल जाती है वो भी पुतवि की तरह hi रेडी थी और बहुत hi हॉट एंड सेक्सी लग रहे थे....

कहा है करीम

तब शालिनी कहते है

शयद रूम मई है

ऐसा रूम की तरफ इशारा करती है.. तब वो दोनों उस रूम की तरफ जाने लगते hai..undoni के पायल की आवाज़ पुरे फ्लोर में गूंजने लगती hai....purvi और शालिनी उस रूम के नज़दीक पहुँच जाती hai....room के नज़दीक एते hi पायल की आवाज़ सुनकर करीम समझ जाता हैं के वो दोनों उसकी तरफ आ रही hai....tabhi वो दोनों उस रूम मई अन्दर दाखिल होते है.. उन्दोनो को देख के करीम कहता है

क्या मस्त पाठक लग रही है तुम दोनों मादरचोद रंडिया ..... वह क्या लोंगो का कतल करने का इरादा है क्या..

तब दोनों शर्मा जाती है..

तुम्हारे चुके तो देखो ब्लाउज संभल नहीं पढ़ा hai.......kya महक रही है दोनों रंडिया..

तब पूर्वी कहती है..

बहुत हो गयी तरफ हमारी.. चलो हमें लेट हो रहा.. हमें दूर जाना है..

तब शालिनी कहते है..

हाँ दूर जाना है और इनको तैयार करना है और इनके कपडे भी लेने है..

हाँ भाभी

जायेंगे न तुम दोनों टेंशन क्यों ले रही हो

हमें बहुत टाइम लगेगा इन चींजों मई

नहीं लगेगा मई फ़ास्ट लेके जाऊंगा अपनी दोनों रानियों को

फ़ास्ट लेके जेक एक्सीडेंट करने का इरादा है क्या

शालिनी ने कहा तब करीम शालिनी का हाथ पकड़ के उसको अपनी और खींचता hai..tab वो उसकी बहो मई लुढ़क जाती है.. उसके गालों को किश करते हुई कहता है

मई कैसे आपने रानी को मरने दूंगा

तब नखरा दिखते हुई पूर्वी कहते है

भाभी फिर से सुरु मत हो जाओ आप

मई नहीं िनोने hi खिंचा.. पूर्वी..

करीम चलो न

पूर्वी ने कहा तब करीम कहता है

अभी तो मुझे और पिने है

प - अभी और नहीं..

शालिनी कहते है

हाँ अब मत पीओ

मुझे भूख भी लगे है

शालिनी - भूख और अब इस वक़्त

हाँ..

और पूर्वी की तरफ देखकर कहता है..

पूर्वी

प - जी बोलिये

मुझे कुछ खाने को बनके लेके आओ

प - अभी इस वक़्त

हाँ रांड कुछ प्रॉब्लम है क्या

प्रॉब्लम नहीं है पर हमें लेट हो रहा है न

तब शालिनी झट से कहती है

पूर्वी तुम रहने दो मई बनके लेके आती हु

तब करीम कहता है

तुम रहने दो पूर्वी बनके लाएंगे.. बनाओगे न तुम पूर्वी

हाँ हाँ लेट हु

ऐसा कह के पूर्वी निचे चली जाती hai..purvi निचे जाते hi करीम शालिनी की आँखों को चूमता है..

करीम ने शालिनी की आँखों को चूमने के बाद उसे निचे लिटा दिया और खुद ऊपर हो गया …. कुछ देर तक शालिनी के मासूम चेहरे को यही निहारता रहा ….

करीम जी.. मई आप से शादी.. सॉरी.. निकाह करना चाहते हु..

मुझसे

हाँ.. आप नहीं करना चाहते हो क्या आपने उज़्मा बेगम से निकाह

करीम हसते हुई कहता है

मैंने तो ऐसे hi कहा था

पर मई सीरियस हु .. मुझसे निकाह नहीं करोगे क्या

करूँगा न.. मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है

अब नेक्स्ट 4-5 दिन हम दोनों hi रहेंगे

और पूर्वी

वो तो उसके हस्बैंड के साथ कल मॉर्निंग चली जायेंगे

फिर ठीक है

शालिनी करीम के नीचे लेती हुई थी और उसको प्यासी नजरो से देखने lagi.Achanak करीम ने शालिनी के हाथ पाई आपने हाथ रख दिया.. अब करीम और शालिनी की आँखे आपस में टकराई और करीम ने शालिनी का हाथ पकड़ कर अपने खड़े लुंड पर रख दिया. करीम के ऐसा करते hi शालिनी के जिस्म में 440 वाल्ट का झटका laga.shalini कड़ी हुई और तेजी से बहार जाने लगी. करीम ने उस को पीछे से अपनी बहो में जकड लिया और उसके बूब्स मसलने लगा. इस वक़्त दोनों खड़े थे और करीम ने शालिनीको पीछे से पकड़ रखा था.

"uuuuuuuuuuummmmmmmm करीम जी मुझे जाने दो.. वह मेरे फ्रेंड और उसकी फॅमिली मेरा वेट कर रहे होंगे.. आज हमे शादी के रसम मई भी जाना है. कल शादी के रसम मई हम अकेले hi है तब कर लेना कितनी भी baar..mai कुछ नहीं कहूंगी.. "

शालिनी ने इतना कहा और शर्मा गयी..

पर मुझे अब साबरा नहीं हो रहा है न रानी

अभी तो थोड़े देर पहले किया न

इतना कह कर शालिनी अपने आप को छुड़ा कर बहार निकल गयी… दूर तक..

रस्ते मई गाड़ी मई

पूर्वी मुझे एक काम है तुजसे

बोलिये

मई और शालिनी निकाह करना चाहते है

ये बात सुन कर तो पूर्वी उछाल पड़ी.. वो गाड़ी चला रहे थी.. तुरंत उसने गाड़ी रोक दी और करीम की तरफ देखते हुई कहते है

क्या

हां

फिर वो शालिनी की तरफ देखते हुई कहते है

र ु सीरियस भाभी

तब शालिनी हाँ मई गर्दन हिलाते है

कब डीडे हुआ

अभी थोड़े देर पहले

कब करना है

यही शादी के मगोल मई करते है

पर मई वह नहीं हु

कुछ बहाना बनके आ जाना एक दिन के लिए

अच्छा.. कुछ सोचते हु

हाँ सोच जार सीरियस होक

तुम दोनों ने तो मुझे शॉक दिया है

पर पूर्वी अभी किसी को कुछ मत बता

नहीं बताउंगी भाभी

मेरे करीम जी के साथ निकाह के बाद भी मेरे लाइफ पहले जैसे hi चलने चाहिए.. ी मैं तुम्हारे भैया के साथ

ऑफ़ कोर्स भाभी मेरे वजह से आपको कोई प्रॉब्लम नहीं होंगे..

तो ठीक है..

क - इस बात से तू नाराज़ नहीं है न

नहीं बिलकुल नहीं करीम जी.. बल्कि मई तो बहुत कुश हु आप दोनों के इस डेसूओं से

अच्छा तो ठीक है..





आप के पास लेबर है न

काजल के हस्बैंड ने ऐसे कहते hi काजल आपने हस्बैंड की तरफ बड़ी आश्रय से देखते है

तब अरुण कहता है..

लेबर नहीं हमारा ड्राइवर है..

तब झट से पूर्वी कहती है..

हाँ हमारा ड्राइवर है.. रफ़ीक.. कही बहार लेके जाना है क्या..

नहीं मैडम एक्चुअली हमें जो रूम आल्लोट हुआ है न उसमे कुछ बड़े बड़े बॉक्स है. थोड़े हैवी है और यहाँ कोई लेबर अवेलेबल नहीं है तो मैंने सोचा आपका लेबर अगर वो हटा देगा..

तब काजल झट से कहती है..

क्या जरुरत है जी.. मई कर लुंगी..

तुम. कैसे. वो कितने हैवी है..

ी मैं उनको बोल के लेबर अर्रंगे करेंगे इनको क्यों तकलीफ हमारे वजह

पूर्वी - तकलीफ कहा.. ये तो हमारा काम है.. हम लड़कीवाले है. शादी हमारे तरफ है और आप तहरे लड़के वाले. तो आप की हेल्प करनी चाहिए..

फिर पूर्वी अरुण की तरफ देखती है और कहती है..

क्यों न जी.. मई सही कह रही हु न जी..

अरुण - हां हां

काजल का हस्बैंड - सो नीस ऑफ़ यू मैडम..

काजल - मैडम आप खेमका तकलीफ कर रही हो

प - अरे नहीं.. आप टेंशन न लो..

ऐसा कहते हुई वो करीम को आवाज देती है..

करीम जरा इधर आओ

तब करीम आ जाता है..

जी बहुरानी

प - ये लड़केवाले की तरफ से है..

तब करीम काजल को देखता है.. उसको देख के वो बहुत कुश हो जाता है.. और काजल करीम को देखके टेंशन मई आ जाती है.. करीम फिर पूर्वी को देख के स्माइल करता है और पूर्वी भी उसको देख के स्माइल करते है..

प - करीम इनके रूम मई से कुछ बॉक्स हटाने है.. उनके थोड़े हेल्प कर दो

करीम - जी बहुरानी..

तब काजल का पति कहता है

चलो ड्राइवर..

ठीक है चलो साहब

ऐसा कहके करीम काजल के पति के साथ जाता है और काजल वही खड़े रहकर कुछ सोचने लगती है.. तब पूर्वी कहती है..

काजल मैडम आप भी जाएये.. आप आपने हस्बैंड को अच्छे से बता पाएंगे क्या कहा रखना है..

हैं हाँ पूर्वी मैडम जा रही हु

हाँ ठीक है.. बेझिझक से करीम से आपने काम करवा लो आप.. डरो मत

पूर्वी ने ऐसे कहते hi काजल आशर्य से उसे कहते है

जी..

प - ी मैं बॉक्स हटाने का काम

Ok

ऐसा कह के काजल वह से आपने रूम की तरफ जाती है और पूर्वी खुश होक आपने फ्रैंडसिर्ले मई गप्पे लड़ने चली जाती है..

इधर काजल वह से चली जाती है पर आपने रूम मई चली नहीं जाती. बाहर खड़े रहकर कुछ सोचने लगती है..

इस चेहरे को भुलाने की कोशिश काजल कर रही थी वही चेहरा अब फिर से उसके सामने आ गया था.. …कुछ दिन या महीने पहले उसके लाइफ मई जो उथल पुथल हुई थी वो सब इसी चहरे की वजह से हुई थी. अब वो सब काजल फिर से उसे दोहराना नहीं चाहती थी .. क्यों की उसके पति का गुस्सा अभी भी शांत तो बिलकुल नहीं हुआ tha…kam जरूर हुआ था.. उसके लाइफ की गाड़ी अभी अभी पटरी पाई आये थी.. खैर उसके हस्बैंड को नहीं पता था की यही ड्राइवर के वजह से ये सब हुआ है वो तो सिर्फ पूजा को पता था.. उसका पति तो समजता था काजल के किसी फ्रेंड की वजह से हुआ है ये सब..

प्रिय के बारे मई सोचते hi उसके दिमाग मई आया की क्यों न प्रिय की सुग्गेस्टिव ले लू.. वो हमेशा मुझे सही सूजेस्टिव देती है.. यही सोच कर वो प्रिय को कॉल करती है..

काजल -- ही प्रिय दी … कैसी हो आप ??

( काजल प्रिय को हमेशा प्रिय दी कहते थी.. वो उससे छोटे थी पर ननद थी इस वजह से उसे रेस्पेक्ट देते हुई उसे दी कहते थी)

प्रिय -- मई बिलकुल ठीक हूँ भाभी … आप पहुँच गए वह..

हैं दी

जगह अच्छी है न भाभी

काफी अच्छी है

मैंने आप को कहा था न रिसोर्ट बहुत अच्छा है

हाँ

भैया और पीहू कहा है

वो रूम मई और मई बहार हु

Ok..

कुछ देर के लिए दोनों चुपचाप रहे तब प्रिय कहते है..

भाभी.. कुछ बात है क्या

हां दी

बोलिये भाभी क्या प्रॉब्लम है..

लगता है मेरा साया.. मेरा बाद पास्ट मेरा पीछा नहीं छोड़ेगा..

व्हाट दो यू मैं भाभी.. मई कुछ सामजी नही..

वो आप को करीम टेलर याद है न

उस कमीने को कैसे भूल सकते हु

वो..

वो वह पाई है

हम्म्म

वह कैसे??

पता नहीं

उसने कुछ किया तो नहीं न आप को

नहीं

आप के पास आने का तरय किया क्या

अभी तक तो नहीं पर पक्का करेगा

हाँ वो पता है मुझे भाभी.. वो कमीना आपने आदत से बाज़ नहीं आएगा

अब मई क्या करू दी

भाभी आप उससे दूर रहिये

कैसे

मतलब

आप के भैया ने उसे कमरे मई बुलाया है

और वो आया होगा

हाँ

अब वो दोनों कमरे मई

पर भैय्या ने क्यों बुलाया उसे

उन कुछ पता नहीं है न

हाँ भाभी पर फिर भी आप ने ोपोसे करना था न

किया पर ज्यादा नहीं कर पायी

क्यों

पूर्वी मैडम के सामने कुछ बोल नहीं पई

पूर्वी भाभी वह थी

हाँ

अब समाज आया उनके साथ वो कमीना आया है

हाँ ड्राइवर बांके

इस पूजा की बच्ची को बोलै तह मैंने उसको घर मत बुला.. उसकी वजह से ये सब हुआ है..

अब..

अब मई जरा सोचते हु

सोचो दी कुछ सुग्गेस्टिव दो ताकि मई बच जाऊ

हाँ भाभी

मेरा यहाँ टेंशन से जान चली जा रहे है..

आप ड्रॉ मत उसे.. फ्री होक बेहवे करो

वैसे तो वो मेरे पास आएगा..

ी मैं उसे डरो मत पर उसे बात मत करो

उसने की तो

नेग्लेक्ट करो

Ok ठीक है..

तभी काजल के रूम के दूर से उसकी बच्ची ने काजल को देखा और उसने आवाज़ दी..

मम्मी..

तब उसका पति उसे आवाज़ देता है..

काजल तुम वह क्या कर रहे हो यहाँ आ जाओ.. क्या क्या सामान हटाना है ये जरा इस ड्राइवर को बताओ.. मुझे कुछ समाज नहीं आ रहा है..

दी.. आपके भैया बुला रहे है.. मुझे जाना होगा..

Ok भाभी बेस्ट ऑफ़ लक.. बे ब्रेव..

थैंक यू❤ दी..

ऐसा कह के काजल फ़ोन रख के आपने रूम के और जाती है..
 
तीसरी छूट अब उसके हाथ मई आयी थी.. अब उसे कुछ भी होश नहीं था .......... उसे बस अब छूट चाहिए थी चाहे वो शालिनी .. हो या पूजा हो या लता हो… ...

करीम फिर अपने हाथों को सरकते हुए लता के कमर पर ले जाता हैं और उसके पेटीकोट के अन्दर डालता है .. और उसके पंतय के उप्पर से hi उसकी छूट दबाता है….

लता ---- aaaaaaaaaaaaaahhhhhhhaa…Karim Tuneeeeeeeeeeeeeeee…….. तो … मुज में आग लगा डीईई…

ऐसा कहते हुई करीम का शर्ट उतर थी है… अब सिमरन ये आवाज सुनकर उसी दिशा मई आ रही थी… जैसे hi वो कार्नर मई आती है वैसे hi उसे करीम की पिट दिख जाती है.. सिमरन वह hi कड़ी रहती है.. और अन्दर देखती है..





उसने करीम को तो पैचान लिया था लेकिन उसके साथ कोण लेडी है वो उसे पता नहीं था.. सिमरन थोड़े देर वह कड़ी रहती है.. फिर सोचती है आगे चले जय… लेकिन उसका मान राजी नहीं होता .. वो वह से आगे बाद नहीं पाती है..

करीम तो जैसे पागलों की तरह लता की चूचियों को दबा रहा था तो कभी उसका रूस पी रहा था ...... वहीँ लता ज़ोरों से सिसक रही थी .......... तभी करीम ये देख लेता है की सिमरन वह कड़ी है.. वो सोचता है की साली यहाँ भी आ गयी.. उसको लग रहा था की अब लता को जाने देते है.. लेकिन फिर सोचता है की सिमरन अगर यहाँ आती है तो hi लता को छोड़ देते है.. थोड़ी देर वो वेट करता है.. लेकिन सिमरन वह खड़े होकर चुप चुप के उनको देख रही है ये जान ने के बाद करीम अपनी पहली वाली सोच बदलता है.. अब करीम जान बूझ कर और ज़ोरों से सिसक रहा था ताकि बगल में कड़ी सिमरन उनकी चीखें सुने और वो इस खेल का सुनेहरा नज़ारा खुद आकर अपनी आँखों से देखें .......

उधर सिमरन अपनी आँखे बंद कर रही थी और फिर खोल रही थी .........





वो अब लता और करीम की सिसकारिओयों से पूरी तरह से बेचैन हो गयी थी ......... उसकी छूट में हल्का सा गीलापन भी आ गया था ...... और साथ में सेंसेशन भी ........ वो ाचे से जानती थी की इस वक़्त वो आदमी उस लेडी के साथ क्या कर रहा है .......... वो सोच रही थी की इतना घटिया आदमी महरा फॅमिली के लेडी को कैसे आपने वाश मई कर सकता है.. कितना कला है.. और इस्सकी उम्र भी ज्यादा लग रही hai…koi लेडी कैसे इतने निचे गिर सकती है.. लेकिन तुरंत उनका खेल देखते hi उसके दिल में बेचैनी की एक लहर दौड़ जाती हैं और अब करीम अब लता को घूमता है.. अब लता की पिट सिमरन के सामने थी और सिमरन करीम एक दूसरे को अचे से देख सकते है.. वो एक दूसरे के आमने सामने थे… करीम का एक हाथ फ़ौरन लता के चूचियों पर चला जाता हैं ........ वो अपने हाथों को सरकते हुए अपने एक हाथ से कभी लता की छूट मसल रहा था तो कभी चूचियों को रगड़ रहा था ....... ये देख कर सिमरन की सांसें भी अब भरी होती जा रही थी ........ अब करीम लता की गांड दबाता है… और सिमरन की तरफ देखता है.. सिमरन उसको hi देख रही थी..





तब उसको देख कर स्माइल देता है और करीम उसको इशारा करता है.. उसके आम दबाने का.. सिमरन के आम तो बहुत बड़े थे.. सिमरन गुस्से मई आकर वह से पीछे हैट जाती है…





और वह चुप जाती है …

लता – करीम यहाँ कोई देख लेगा…

करीम – चलो.. तेरे बैडरूम मई..

लता है मई गार्डन हिलती है.. करीम उसको आपने बहो मई उठता है और उसे उसके बैडरूम मई ले जाता है ..

तभी वह माइड पद्मा आ जाती है..

पद्मा – लता .. मैडम की सदी यहाँ..

ये आवाज सुनकर सिमरन वह आ जाती है..

सिमरन – किस की सदी है..

पद- लता मैडम की..

तब सिमरन समाज जाती है की वह कुस टेलर के साथ लता थी..

पद- मई लता मैडम को देके आती हु..

पद्मा लता के रूम की तरफ जाती है.. दूर अन्दर से लॉक था.. पद्मा लता को आवाज देती है .. साडी के लिए … लेकिन लता सिसकते हुई कहती है बाद मई देना.. सिमरन दूर पर कान लगाकर उसकी आवाज सुनती है… पद्मा उसे देखती है.. कहती है.. शयद मैडम सो गयी है.. सिमरन कहती है.. नही.. अभी तो बहार यहाँ कड़ी थी.. उस टेलर से बात कर रही थी.. पद्मा कहती है.. वो करीम उप्पर आया था… सिमरन कहती है.. उसका नाम करीम है क्या.. अब पद्मा वह से चली जाती है..

सिमरन वह hi दूर पर कड़ी रहकर उनकी आवाजे सुन रही thi…thode डियर बाद जब उसकी बेचैनी बर्दास्त के बहार हो जाती हैं तब वो फ़ौरन बालकनी की तरफ अपने दबे क़दमों से चलते हुए विंडो की तरफ जाने लगती हैं ..... उस विंडो से उस रूम मई देखा जा सकता tha..is वक़्त उसका दिल बहुत ज़ोरों से धड़क रहा tha.......is वक़्त सिमरन की ऐसी हालत हो रही थी जैसे वो खुद द्क्प होक चोरी करने जा रही हो ......... उसके कदम दुर्र से आगे नहीं बढ़ रहे थे ..... मगर छूट की गर्मी ऐसी होती हैं की इसके आगे किसी का बस नहीं चलता ...... सो सिमरन भी वहीँ करती हैं जिस चीज़ की उसे उस वक़्त सबसे ज़्यादा ज़रुरत थी .... ..............

थोड़े डियर बाद जब वो अपने कदम बढ़ाते हुए उस कमरे के पास जाती हैं तब उसके कानों में सिसकारी की आवाज़ और भी तेज़ी से सुनाई पड़ती हैं ........ दिल में साथ hi साथ बेचैनी भी बढ़ती जा रही थी ........ पता नहीं अंदर का नज़ारा कैसा होगा ....... जैसे hi वो खिड़की के पास जाती हैं उसे सामने की खिड़की पूरी खुली हुई दिखाई देती हैं ...... चहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान और आँखों में जिज्ञासा की भावना लिए वो उस खिड़की के पास जाती हैं ..





और अंदर बहुत धीरे से झाँकने लगती हैं .......

जैसा उसने कल्पना किया था अंदर का नज़ारा कुछ वैसा hi था ....... …लता एक बेहद खूबसूरत और नशीली नीली आँखें वाली औरत थी .....जो एक पल में किसी को भी अपना दीवाना बना दे ... जिस्म किसी दूध की तरह गोरा और सफ़ेद और बेहद नाजुक फूलों जैसा बदन .... इतना नरम की अगर कोई आदमी उसके जिस्म पर अपना हाथ रख दे तो उसकी उँगलियों के चाप वहां पद जाये.... बदन का हर कटाव ऐसा की वो किसी को भी पल भर में पागल बना दे.... उपरवाले ने भी उसे पूरे साचे में ढला था..... चेहरे पर हल्का सा लालिमा और हलकी क्रीम उसके गोर मुखड़े पर चार चाँद लगा रही थी.... आँखों में काजल, होंठों पर हलकी गुलाबी lipstick....aur माथे पर sindoor....haathon में kangan..kul मिलकर वो बस क़यामत सी लग रही थी ......

छोत पर बैठी लता बड़े मुश्किलों से अपने धड़कनों को संभल रही थी .... इस वक़्त उसका दिल ज़ोरों से धड़क रहा था.... और बार बार वो अपने दोनों हाथों से बिस्टेर को अपनी मुट्ठी में मसल रही थी.... एक तरफ तो उसकी घबराहट साफ़ दिखाई दे रही थी वहीँ दूसरी तरफ उसको जो आएगी होने वाला है वो करने की इच्छा भी thi..uske दिल और दिमाग में हज़ारों सवाल चल रहे the.....wo ाचे से जानती थी की आज अभी उसके साथ क्या होने वाला हैं .....बार बार उसका गाला सुख रहा tha.....bade मुश्किलों से वो अपना थूक निगल पा रही thi.....is वक़्त लता ब्लाउज और पेटीकोट में बैठी हुई थी... ..... ......





करीम को अपने पास आता देखकर लता की हाथों की हरकतें तेज़्ज़ हो जाती हैं और फिर वो अपनी मुट्ठी कसकर बिस्टेर से बंद कर लेती hain….Karim के पास आते hi लता का दिल फिर से ज़ोरों से धड़कने लगता hain....wo अपनी गार्डन तुरंत नीचे झुका लेती हैं ....





अब सिमरन विंडो के पास आयी थी.. और अन्दर देखने लगे..





वो देख रही थी की लता बीएड पे बैठे है और करीम उसकी तरफ आ रहा है.. उसके मू मई बीड़ी थी.. मुँह में बीड़ी पेट हुए करीम उसके पास आता हैं .. करीम को देख कर सिमरन को घिन आ रही थी... उसके बदन पर शर्ट नहीं था... उसका कला बदन सिमरन देख लेती है.. वो सोचती है कला है लेकिन इस उम्र मई भी फिट लग रहा है..

करीम तुरंत वहीँ लता के बगल में बैठ जाता हैं और बड़े ध्यान से वो लता के चेहरे को देखने की कोशिश करता हैं..... फिर वो अपनी बीड़ी नीचे फर्श पर फेंक देता हैं और एक तुक लता के की ओरे देखता हैं .... बिना अपनी पलकें झपकाएं.......... उधर लता की दिल की धड़कनें और तेज़्ज़ हो चुकी थी ...लता अपनी नज़रें नीचे झुकाये बिस्टेर की ओरे देख रही थी.....

करीम को इस तरह अपनी तरफ घूरता हुआ देखकर लता दर से वहीँ सेहम जाती हैं और झट से अपनी आँखें बंद कर लेती हैं ....





करीम अपना एक हाथ आगे बढ़ता हैं और उसके गलों पर बड़े प्यार से एक उंगली धीरे धीरे फिरने लगता हैं .... इस वक़्त लता की आँखें बंद थी मगर वो अपने दोनों हाथों को कसकर बिस्टेर से जकड़े हुई थी ...... सिमरन बड़े प्यार से ये नज़ारा देख रही थी ..





न जाने क्यों लेकिन सिमरन को अब करीम आगे क्या करेगा इस की उचकता थी.. उसे करीम से गईं आ रही थी मगर मन hi मन मई करीम जिस तरह से लता को प्यार कर रहा था वो पसंद आ रहा था... .. वो सोच रही थी आदमी गन्दा है , कला है लेकिन उसे पता है की प्यार कैसे किया जाता है ..

न जाने क्यों करीम के इस तरह उसके गलों पर हाथ फिरने से लता की बेचैनी और बढ़ गयी थी ..... उसका दिल कर रहा था की वो करीम को तुरंत मन कर दे की उसे न छुएं मगर उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी की वो ये बात करीम से कह सके ......

करीम बहुत धीरे धीरे अपनी एक उंगली को हरकत कर रहा था ...... बड़े हौले हौले वो अपनी उंगली लता के दोनों गलों पर घुमा रहा था .... अभी भी लता अपनी आँखें बंद की हुई अपने सर को नीचे झुके बैठी थी .... थोड़ी डियर बाद करीम अपना वही हाथ उसके चीन पर ले जाता हैं और उसके सर को ऊपर उठता हैं ..... लता भी अपना सर ऊपर की ओरे कर लेती हैं मगर अपनी आँखें नहीं खोलती .... ये देखकर करीम के चेहरे पर मुस्कान तैर जाती हैं .....

करीम - अपनी आँखें खोल न ......

लता जवाब में कुछ नहीं कहती और बस ना में अपनी गार्डन धीरे से हिला देती हैं ......

करीम - मुझसे कैसी शर्म जान ..... तुम तो अब पूरी मेरी हो .....तुम पर मेरा पूरा अधिकार hain.....aur अब तुम तो मेरी अपनी हो...

लता कुछ नहीं कहती और वो फिर से अपना सर नीचे झुका लेती हैं ......

करीम - आज हमारे मिलान का समय है ..... थोड़े देर पहले तो मुझे किश कर रही थी.. अब क्या हो गया ... इतना शरमाओगी तो कैसे काम चलेगा....

करीम के कहने पर लता बहुत धीरे धीरे अपनी आँखें खोलती हैं ..... करीम को अपने को ऐसे घूरते हुए पाकर वो झट से अपनी नज़रें दूसरी तरफ फेर लेती हैं .... करीम अपना दोनों हाथ आगे ले जाता हैं और उसके दोनों गालों को थम लेता हैं....

करीम - सच में लता तू बहुत खुसनसीब हूँ.. जो मुझे आज तुम जैसा आइटम छोड़ने को milega......tum सच में कमल की खूबसूरत हो.....

सिमरन सोचती है कितनी गन्दी बात बोली है लेकिन कितने प्यार से बोल रहा hai..Ye सोचते हुई उसके चेहरे पर हलकी सी हसी आ जाती है.. और वो स्माइल करते हुई उन्दोनो को देखने लगती है..





लता – क्या शालिनी खुसुआरत नहीं थी..

सिमरन सोचती है .. क्या शालिनी भी... मान गए इस आदमी को.. एक hi घर मई.. दो दो लेडीज.. और लता मैडम को पता है की शालिनी का और इस का अफेयर है फिर भी वो रेडी हो गयी ... कैसे कव्वींके किया होगा इस टेलर ने.. लता मैडम को...

करीम – वो तो तुम्हारे सामने कुछ भी नहीं है… वैसे मई बता दू की वो hi मेरे पीछे पड़ी थी.. मई नहीं..

लता अपनी टैरिफ सुनकर खुश हो जाती hai..Lata की तारीफ पर सिमरन भी कुश होती है..

करीम - ज़रा मेरे और करीब आवो न जान ..... इतनी दूर क्यों बैठी हो मुझसे......

लता - nahin.......please तुम मेरे इतने करीब मूत aao....mujhe दर लगता हैं......

करीम उसके और करीब जाता हैं और अपना हाथ उसकी कमर में दाल देता हैं और एक hi झटके में वो लता को अपने और करीब खींच लेता हैं ..... लता भी अपना संतुलन खो देती हैं और वो करीम के सीने पर गिर जाती हैं ..... उसके नरम बूब्स करीम के सीने पर डाब जाते हैं .... लता फिर उठाने की कोशिश करती हैं मगर करीम उसको अपनी बाहों में जकड़े रखता हैं.......

लता - चोरो मुझे ..... ये तुम क्या कर रहे हो ......मुझे शर्म आ रही हैं....

करीम - क्यों जान..... अब क्या हुआ .. थोड़े देर पहले तो तू मुझे किश कर रही थी.. तब तू तैयार थी.. अब क्या हुआ…

फिर करीम अपना होंठ लता के गार्डन पर रख देता हैं और लता को ऐसा लगता हैं जैसे किसी ने उसके शरीर में 440 वाल्ट का करंट चुवा दिया ho....uske जिस्म के रोएं पूरे खड़े हो जाते हैं ...... मगर करीम नहीं रुकता और लगातार अपने जीभ उसकी कानों से लेकर उसकी गार्डन तक फेरता रहता हैं ..... लता की धड़कनें बढ़ जाती हैं और वो झट से अपनी आँखें दुबारा बंद कर लेती हैं ......

लता - प्लीज रुक जाओ … ना ..... मेरे साथ ये सब मूत kijiye.....main ये सब के लिए अभी तैयार नहीं हूँ .....

लता की बात सुनकर भी करीम रुक नहीं जाता है …

करीम - क्यों .. क्या हो गया…

लता - बस थोड़ी सी घबराहट हो रही hain...samajh में नहीं आ रहा की मैं तुम्हें कैसे फेस करुँगी......

करीम धीरे से मुस्कुरा देता हैं…

करीम - इसकी टेंशन तू मुझपर छोड़ do....tuje मई आज ऐसा चूंडागा की तू आपने पति को भूल जाएगी.. और रोज मुजसे chudayegi…bus जो भी मैं करूँ तुम मेरा पूरा साथ देना ... देखना कुछ डियर में तुम्हारी साड़ी झिजक दूर हो जाएगी ......

सिमरन सोचती है कितनी घंडी लैंग्वेज ये आदमी उसे कर रहा है..

लता जवाब में बस मुस्कुरा देती हैं और करीम तुरंत आगे बढ़कर फिर से उसकी गार्डन पर अपना होंठ रख देता हैं और बहुत धीरे धीरे वो अपना जीभ फिरने लगता हैं कान से लेकर गार्डन तक..... लता एक बार फिर से मचल जाती हैं मगर इस बार वो करीम के किसी भी हरकतों का विरोध नहीं करती ..... थोड़ी डियर बाद वो अपना होंठ लता के लिप्स पर रख देता हैं और उसके होंठों को बड़े प्यार से चूसने लगता हैं .... पहले के जैसे जानवर की तरह काटता नहीं है… इस समय करीम के मुँह से बीड़ी की स्मेल आ रही थी ... लता वो स्मेल बर्दास्त नहीं कर पति और वो तुरंत करीम को अपने से दूर कर देती हैं.....

करीम - अब क्या हुवा ..... चिनलललल….

लता - तेरे मुँह से बीड़ी की स्मेल आ रही हैं... मुझे ाचा नहीं लग रहा ......

करीम - कुछ नहीं होता....

ऐसा कहते हुई करीम फिर से आकर लता के लिप्स पर अपना होंठ रख देता हैं और धीरे धीरे उसके नीचले होंठों को अपनी दांतों में लेकर चूसने लगता हैं ..... लता झट से अपनी आँखें बंद कर लेती है ..... बीड़ी की स्मेल अभी भी आ रही थी मगर लता इस बार कुछ कहना ठीक नहीं समझती ..... वो अब धीरे धीरे गरम हो रही थी.... ज़िन्दगी में ऐसा पहली बार था जब किसी मर्द ने उसे इस तरह किश किया हो.... उसका पति उसे किश करता था मगर इस तरह nahi…uske लिए ये सब नया था मगर करीम इन सब मामलों में एक्सपर्ट था.....

करीम लगातार अपने होंठों को लता के होंठों पर रखकर उसे बड़े आराम से चूस रहा था और साथ hi साथ अपना एक हाथ लता के कमर से लेकर उसकी पीठ तक फेर रहा था .......

थोड़ी डियर बाद वो लता के पीछे जाता है और उसकी गार्डन पर अपना जीभ फिरने लगता हैं ..... लता के मुँह से .... आआह्ह्ह ........... .की ज़ोर से आवाज़ निकल पड़ती हैं मगर करीम नहीं रुकता और बहुत धीरे धीरे वो अपनी जीभ लता के नंगी पीठ पर फिरने लगता हैं ......

फिर वो उसके ब्लौसे का बाँदा डोर अपने दांतों में फंसकर धीरे धीरे उसे खींचने लगता हैं ... लता फिर से शर्म और लज्जत से अपनी आँखें दुबारा बंद कर लेती हैं..

करीम अब लता के सामने आया हुआ tha...Simran उन दोनों को उस हालत मई देख के पीछे हैट जाती है .. वो सोचने लगाती है ये सब ठीक नहीं है... मई एक द्क्प हु ... मैरिड हु ... दो बच्चे की माँ हु.. मुझे ये शोभा नहीं deta..mai जो ये कर रही हु वो सब ठीक नहीं hai..fir वो आपने आप को समजने लगी की मई थोड़ा hi यहाँ उस टेलर और लता मैडम का सेक्स देखने आयी हु ..मई कैसे उस काले आदमी को देखने आ सकती हु .. मई कैसे इतने काळा आदमी का सेक्स देख सकती हु .. कितना घटिया आदमी दिख रहा है... दिखाने मई भी काला है और उसकी हरकत भी घटिया है .. थोड़े देर पहले बहार एक तरफ लता मैडम के बूम को दबा रहा था और दूसरी तरफ मुझे इशारे कर रहा था.. मेरे बूब्स को दबा ने को बोल रहा था.. जैसे उसे मेरे बूब्स दबा ने की इच्छा है ऐसे बोल रहा है.. मई कैसे आपने बूब्स इस काळा आदमी को दबाने को दे सकती हु… ये तो सिर्फ मेरा हुब्बी hi दबा सकता है… मई क्या लता मैडम हु क्या जो उसके हाट मई आ जाऊ ... मई एक वेल एडुकेटेड हु.. एक पुलिस अफसर हु .. उस घटिया आदमी के हाट मई कैसे आ सकती हु .. मुझे ये सब एक्स्ट्रा माररिटल अफेयर्स पसंद भी नहीं है.. लेकिन लता मैडम ने उसमे ऐसा क्या देखा जो उसपे फ़िदा हो गयी.. वो कितने गंदे तरीके से लता मैडम से बेहवे कर रहा था.. वह बहार… शयद घालीअ भी देता होगा.. मुझे सुनिए नहीं दे रहा था.. कितना गंदा इंसान है ये .. लता मैडम उसके हाथ मई है लेकिन वो मुझे इश्हारा कर रहा था... जैसे बता रहा हो की मुझे अकेले लता नहीं चाहिए तो तुम भी चाहिए.. सचमुच ये इंसान मुझे पागल लग रहा है.. या मुझे पागल बना रहा है समाज मई नहीं आ रहा है.. ये बहोत चालू चीज़ लग रही है.. वैसे हम पुलिस वाले को ऐसे लोगो को ठीक करना आता है... मुजसे उलझेगा तो मई इससे ठीक कर dungi...lekin उसमे कोई बात तो होगी.. नहीं तो ऐसे मामूली आदमी के हाथ मई लता जैसे लेडी आती नहीं.. मुझे क्या करना है उसमे कोई बात होगी या नहीं ... मई ये क्या सोचने लग गयी.. मई यहाँ सिर्फ ये देखने आयी हु की वो लता hi है या कोई और.. मुझे थोड़ा hi अनडू के बीच मई का सेक्स देखना hai..aise घटिया आदमी का सेक्स कैसे देख सकती हु..

सिमरन अभी चुप चाप वहीँ खिड़की के पास कड़ी थी .......... अन्दर क्या हो रहा उसे देखना था लेकिन उसे दर लग रहा था.. उसने देखा था की करीम का मू विंडो की तरफ hi है.. वो समाज गयी थी की करीम ने ये पोजीशन जान भुज कर ली है.. वो देखना चाहती मगर सोच रही थी की अगर करीम ने उसे देख लिया तो… तो आगे क्या… ये घटिया आदमी कुछ गलत िषहरे करेगा… थोड़े देर वो वही कड़ी रही .. विंडो के साइड मई पिट करके .. विंडो के साइड मई कड़ी टी वो.. थोड़े देर सोचते है… अन्दर क्या चल रहा है वो थोड़ा देख के अहा से चले जाने का वो मन बनती है…

करीम की नज़र भी बार बार सामने के खिड़की पर जा रही थी ...... वो खिड़की करीम ने hi ओपन राखी थी.. वो जानना चाहता था की द्क्प सिमरन वह आती है या नहीं.. उसने अपनी पोसिटीओं ऐसे बनायीं थी की वो खिड़की के सामने दिखे..

अब सिमरन खिड़की के सामने आती है … अन्दर करीम लता के निप्पल को ब्लाउज के उप्पर से hi चूस रहा था… सिमरन अपनी आँखें फाड़े अंदर का वो गरमा गरम नज़ारा देख रही थी ....... उसकी सांसें भरी होती जा रही थी...... उसके जिस्म से उसका कण्ट्रोल धीरे धीरे ख़तम होने लगा था ....जैसे hi ये सिमरन देखती है तो उसके बदन मई आग लगाती है.. करीम जोर जोर से लता के निप्पल चूस रहा था और लता जोर जोर से सिसक रही थी.. इस वजह से सिमरन का बदन किसी आग के सामान टप्प रहा था......

तभी करीम की नज़र सामने कड़ी सिमरन पर पड़ती हैं और अगले hi पल करीम के होंठों पर एक कुटिल मुस्कान तैर जाती हैं ....... जब करीम की नज़र सामने कड़ी सिमरन पर पड़ती हैं तो अगले hi पल सिमरन शर्म से अपनी नज़रें नीचे की ओरे झुका लेती हैं ........ वो अब करीम से नज़रें नहीं मिला पा रही थी .....करीम अपने जीत पर खुस हो रहा था ....... उसे यकीं नहीं था लेकिन सिमरन वह आयी थी… सिमरन बाजु हो जाती है… करीम से वो चुप रही thi…ye देखकर करीम और ज़ोरों से सिसकने लगता हैं .........

करीम –aaaaaaaaaas ..... ssssssssssssssssss .. iiiiiiiiiiiiiiiiiii ...... क्या मस्त ाआँम …. है .. तुमरीईईए……. Laaaaataaaaa..ttttaaaaa…… बहुत मज़ा आ रहा हैं.......

करीम लता के निप्पल्स को और ज़ोरों से मरोड़ देता हैं जिस से लता ज़ोरों से सिसक पड़ती हैं

लता - aaaaaaaaaaa …. Ssssssssssssssssss

.....

थोड़े देर ऐसे hi चलता है… सिमरन फिर से विंडो से देखने लगाती है..

करीम के हरकतों से लता की बेताबी पल पल बढ़ने लगी थी..... जैसे hi करीम देखता है की सिमरन देख रही है वैसे hi करीम अपना एक हाथ लता के सर के पीछे ले जाता हैं और उसके बालों में फंसा क्लिप धीरे से निकल देता hain...kuch hi पलों में लता के बल खुल जाते hain......uske सर के बाल उसकी कमर तक आ रहे थे जिसके वजह से वो अब और भी हसीं लगने लगी thi......Simran अब करीम की तरफ hi देख रहा था …. करीम उसे देखकर मंद मंद मुस्कुरा रहता है और करीम उसे आँखों hi आँखों में अंदर आने का इशारा करता हैं… वैसे hi सिमरन पीछे हैट जाती है.. फिर से करीम से चुप जाती hai..use अब करीम के सामने आने से दर लग रहा tha..sharam से उसका बुरा हाल tha........durr और एक्ससिटेमेंट की वजह से उसका जिस्म काँप रहा था....... वो सोचती है अब मई नहीं देखूंगी.. अभी मुझे यहाँ से चलना चाहिए… लेकिन वो वह से नहीं जाती.. वो वह hi कड़ी रहती है.. अब सिमरन के बदन मई चिंगारी भड़क चुकी थी ..... करीम लता के जरिये बस उस चिंगारी को हवा दे रहा tha…aab देखना ये था की अब ये चिंगारी आगे जाकर कौन सा शोला का रूप लेती हैं .... या सिमरन इस चिंगारी की शांत करती है..

अब थोड़े देर बाद सिमरन फिर देखने लगाती है.. करीम फिर सिमरन को देखने लगता है.. करीम एक नज़र सिमरन के चेहरे पर डालता हैं और फिर धीरे से मुस्कुरा देता हैं .... करीम ने अब आपने सामने लता को बिताया था… मतलब लता की पिट सिमरन के तरफ thi..fir वो आगे बढ़कर अपने लबों को लता के लबों पर रखकर उसे हौले हौले चूसने लगता हैं ...... और आपने एक हाथ पीछे ले जेक सिमरन को अन्दर आने का िश्र्रा करता है… और दूसरे हाथो से वो लता के जिस्म पर फेरता हैं उसकी कमर से लेकर उसके चेहरे tak......Karim को किसी बात की कोई जल्दी नहीं thi...wo तो बस एहि चाहता था की लता के साथ आज सिमरन भी छोड़ने को मिले… सिमरन भी अब धीरे धीरे गरम हनी लगी थी ......

करीम के दोनों हाथ अब धीरे धीरे लता के कंधे तक सरक रहे the.....magar इस बार करीम अपना हाथ उसके कंधे से धीरे धीरे सरकते हुए नीचे की ओरे उसके बूब्स के तरफ ले जाता हैं...... ऐसे करते हुई वो सिमरन को देखता hai…Simran एक नज़र करीम को घूर कर देखती हैं फिर वो फ़ौरन अपनी नज़रें नीचे की तरफ झुका लेती हैं.. पहली की तरह इस बार वो विंडो से दूर जाती नहीं है बल्कि वह hi कड़ी रहती है..

फिर करीम बिना डियर किये अपने दोनों हाथों को लता के कंधे से सरकते हुए धीरे धीरे लता के बूब्स की ओरे ले जाता hain.....ek बार फिर से लता की दिल की धड़कनें तेज़्ज़ हो जाती हैं... साथ मई सिमरन की bhi..aab करीम लता को पेट के बल सुला देता है… जैसे hi करीम का हाथ लता के बूब्स के पास आता हैं वो अपनी दोनों हाथों की एक उंगली को धीरे धीरे सरकते हुए लता के बूब्स पर ले जाता हैं और अपनी उँगलियों को वहीँ बहुत धीरे धीरे गोल गोल घूमने लगता हैं.... बीच बीच मई वो सिमरन की तरफ देख रहा था… ब्लौसे के ऊपर से उसकी दोनों उँगलियों घूमने से लता के जिस्म में मनो आग सी लग जाती हैं.... उधर सिमरन भी बेचैन हो गयी थी …

लता का गाला इस वक़्त सुख रहा tha.....wo अपनी आँखें बंद की हुई थी और कसकर अपने दोनों हाथों को बिस्टेर से जकड़े हुई बिस्टेर को मसल रही थी .... और दूसरी तरफ सिमरन आँखे फाड़े लता और करीम को देख रही thi..fir करीम लता के पेट पर अपने दोनों हाथों को घूमने लगता है.. लता इस वक़्त गहरी गहरी सांसें ले रही थी ... लता का ये हाल देख कर सिमरन की साँसे भी ग़हरी होती जा रही थी.. लता के दोनों बूब्स ऊपर नीचे हो रहे the.....aur लता के दोनों बूब्स अपने आकर में दिखाई देने लगते हैं.....

करीम अपने हाथों को नहीं रोकता और धीरे धीरे अपने दोनों हाथों को वो लता के बूब्स के तरफ ले जाता हैं और कुछ hi पल में अपने दोनों हाथों से वो लता के दोनों नरम बूब्स को अपने हाथों में फील करता हैं ....... लता के मुँह से लगातार सिसकारी निकल रही थी.......

ये सब करते हुई जब करीम सिमरन की टैरिफ देखता है तब सिमरन शर्मा जाती थी… और अपनी नज़र नीचे झुका देती थी..

करीम - तुम इतना शर्मा क्यों रही हो ......... मई तो तुम्हारा hi हूँ …

ये बात करीम सिमरन को देखते हुई कहता है… सिमरन का चेहरा शर्म से पूरा लाल पढ़ चूका था ....... वो चाह कर भी कुछ नहीं बोल पति और यु hi अपनी नज़रें नीचे की ओरे झुकाये रहती हैं ........

लता – …ये सब करने मई मुझे शर्म आ रही है…

लता के ऐसे बोलने से सिमरन के चहरे पर स्माइल आ जाती है.. वो जानती थी की ये सब करीम उसके लिए बोल रहा है मगर जवाब लता दे रही है… दूसरी तरफ ये सोच रही थी की मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए… मुझे इस घटिया आदमी के सामने ऐसा खड़ा नहीं रहना चाहिए.. ये कैसे मुझे घूर रहा है.. मुझे हवस की नज़र से देख रहा है… मुझे अन्दर आने को िषहरा भी किया िस्सने.. और मई भी उसको न नहीं बोल सकीय.. इस बात पर मुझे शर्म आयी… मई क्यों ये सब देखते हुई शर्मा रही हु… मई क्यों इस आदमी को जवाब नहीं दे रही हु… शयद लता मैडम है इस लिए जवाब नहीं दे रही हु… लेकिन लता मैडम को इस आदमी मई ऐसा क्या अच्छा लगा होगा… दिखने मई काला… शेव नहीं की है …उसके बाल लता मैडम के फेस को चुबते होंगे ना… कपडे कितने गंदे है.. और उसमे मुस्लिम… एक टेलर है… कितनी घंडी बात करता है… लता मैडम को चैनल बोलता है.. अगर कोई मुझे ये वर्ड उसे करे तो मई उसे वही मारूंगी… लेकिन मई क्यों इतना इस आदमी के बारे मई सोच रही हु… मुझे क्या करना है लता मैडम को इस मई क्या अच्छा लगे… मुझे यहाँ से चला जाना चाहिए या नहीं… ऐसे बाते सिमरन सोच रही थी… लेकिन वो वह से नहीं जा रही थी.. इतना कुछ सोचने के बाद bhi..fir से सिमरन लता और करीम की तरफ देखने लग गयी…

करीम अपने हाथों पर धीरे धीरे दबाव बढ़ाते जा रहा था और साथ hi साथ अपने जीभ से लता की गर्दन से लेकर उसके कान तक लगातार चाट रहा tha....jaise जैसे करीम अपने हाथों पर दबाव डालता हैं वैसे वैसे लता की सिसकारी भी तेज़्ज़ होने लगती hain.....is वक़्त करीम के दोनों हाथ लता के बूब्स को मसल रहे थे....

करीम - मैं जनता हूँ की इस वक़्त तुम बहुत गरम हो चुकी हो ..... तुम्हारा बदन हवस की आग में जल रहा हैं ....... मगर मैं तुम्हारे साथ कोई जबरदस्ती नहीं करूँगा ..... अगर तुम इस खेल मई शामिल होना चाहते हो तो तुम बेशक इस में शामिल हो सकते हो .......

ये बात करीम दोनों को बोल रहा था.. लेकिन निशाना सिमरन थी…

इस बात पर सिमरन कुछ नहीं बोल पति और लता हां मई गार्डन हिलती है.. वैसे सिमरन है मई गार्डन हिलना चाहती थी .. लेकिन वो ऐसा नहीं करती .. क्यों की.. वो अपने अंदर उठ रहे उस आग को बुझाना चाहती थी... मर्यादा की दीवार अब उसके सामने आ रही थी जो वो उस दीवार को पार नहीं कर पा रही थी ..........

करीम - क्या हुआ .....तुम कुछ बोलती क्यों nahin.........mujhe तुम्हारा जवाब चाहिए........

लता – करीम ....... वो main.......mujhe शर्म आती hain.........main ये सब आपके साथ ......

करीम -- मैं तुम्हारे साथ कोई जबरदस्ती नहीं kArunga......aage तुम खुद समझदार हो.......

लता – मई रेडी हु…

सिमरन लता के इस बात पर स्माइल करती है… सिमरन ने पहली बार स्माइल की थी .. वो जानती थी की करीम उसे बोल रहा है और जवाब लता दे रही है.. वहीँ करीम कभी सिमरन के चेहरे की ओरे एक तुक देख रहा था तो कभी लता के तरफ ........ इस वक़्त सबसे ज़्यादा बेचैन सिमरन नज़र आ रही thi.....aab लता और करीम इन् दोनों के के बीच सिमरन पिश रही थी....... सिमरन जिस्म के आगे वो अब बिलकुल मज़बूत सी दिखाई दे रही थी ........ अब हवस उसके दिमाग पर हावी होना शुरू हो चुकी थी... ..... उसकी हिम्मत अभी भी थोड़ी बाकि थी..…

फिर लता अपने दोनों हाथों को ऊपर लेजाती हैं और धीरे से करीम के गले में अपने दोनों हाथ दाल देती हैं ..... तभी करीम लता के दोनों निप्पल्स पर अपनी दोनों उँगलियों के बीच फंसता हैं और अपने दोनों उँगलियों पर दबाव डालकर तेज़ी से मसलने लगता hain.....is तरह उंगलिओं में निप्पल्स मसलने से लता की छूट बहुत तेज़ी से गीली होने लगती हैं और वो करीम के सर के पीछे हाथ डालते हुई उसे आपने और खींचते है.. और करीम के होंठों पर अपने होंठ रख देती हैं और उसे खुद बा खुद चूसने लगती हैं.... सिमरन ये नज़ारा देख रही थी… अब उसके बदन मई भी आग लग चुकी थी..

अब करीम आपने दोनों हाथों से लता के बूब्स दबा रहा था… इस वक़्त लता लगातार करीम के होंठों को चूस रही thi.....Karim भी धीरे से अपनी जीभ निकल देता हैं और लता के होंठों पर फिरने लगता हैं...... .... लता भी अपनी जीभ आगे निकल कर करीम के जीभ पर रख देती हैं और उसे चूसने लगती hain......Lata के इस हरकत से करीम का लुंड पूरा अकड़ जाता हैं ......

अब करीम लता को उठता ही और बीएड पे खड़ा करता है… वीनडयो के साइड मई सट्टे hui..Lata को करीम ने अब खड़ा किया था .. खड़की से सट्टे हुई.. विंडो के साइड लता की पीठ थी .. सिमरन ये सब देख रही थी.. सिमरन को करीम इश्हारा कर रहा था .. अन्दर आने का लेकिन वो न मई गर्दन हिला रही थी.. ऐसे hi कुछ 2-3 बार होता है .. सिमरन न कह रही थी लेकिन वह से हैट नहीं रही थी.. लता के एक निप्पल को करीम मू मई लेता है.. ब्लाउज के उप्पेर से .... और सिमरन को इश्हारा करता है आपने क्लौसे आने को .. सिमरन न कहते है .. लेकिन उसके चहरे पर गुस्सा नहीं था.. लेकिन एक अड्डा थी उसके ना मई ... करीम वो बात समजता था की इस के ना मई hi है है.. वो लता को विंडोज की तरफ थोड़ा खींचता है थकी उसका हाट विंडो से बहार जाये.. लता का चेहरा लेफ्ट साइड मई घूमता है ... विंडो लता के राइट साइड मई थी.. थकी लता विंडो पाई जो सिमरन कड़ी है उसको न देखे ... लता के राइट कान मई किश करता है .. किश करते हुई सिमरन को हाट से इश्हारा करता क्लोज आने को ...

सिमरन न मई गर्दन हिलती है .. करीम विंडो से हाथ बहार निकालता है ... और उसके हाट को पकड़ के आपने और खींचता है... सिमरन करीम के हाथ को झटका देते है.. और पीछे हो जाती है...

अब करीम लता के पीछे खड़ा हो जाता है .. और लता के कान को पीछे से किश करता है.. उसके लिप्स को किश करता है.. और एक हाथ आपने पीछे से वाल से बहार डालता है.. सिमरन के हाथ को पकड़ने के लिए.. सिमरन उस हाथ को झटका देते है .. करीम अब लता के गाल को किश करता है .. . एक हाथ फिर से वो सिमरन को पकड़ने के लिए फिर से पीछे डालता है.. सिमरन वो हाथ हटा लेते है .. फिर करीम वही विंडो मई बैठ जाता है और आपने गॉड मई लता को बिठा लेता है... अब उसे आपने एक हाथ पीछे डालने मई आसानी हो रही थी... लेकिन सिमरन आपने बदन पर करीम का हाथ लगाने नहीं दे रही थी... करीम 3-4 बार कोशिश करता है .. लेकिन सिमरन वो हाथ हटा रही थी.. एक बार थो करीम सिमरन के आम पर आपने हाथ लगता है .. सिमरन वो हाथ झट से वह से निकल देती है..

अब करीम लता के आम को एक हाथ से दबाता है और दूसरा हाथ पीछे दाल देता है.. करीम वो हाथ चलते हुई आगे ले जाता है.. सिमरन के फेस के तरफ ... उसके गाल को रब करता है.. और अपनी एक उंगली सिमरन के लिप्स पर घुमा रहा tha..Simran के पूरे फेस पर आपने वो हाथ करीम चला रहा था ... दूसरी तरफ उसने लता को थोड़ा निचे सरका दिया था.. और आपने दूसरे हाथ से लता के आम को दबा रहा था ... बीच बीच मई उसके एक आम को मू मई ले रहा था.. लता के लिप्स को किश करता है..

करीम - चैनल .... तेरे हूंठ तो बहोत नज़्ज़ुक है... किसी फूल की तरह ...

ये बात करीम लता के होंटो को किश करते है और सिमरन की तरफ अपनी गर्दन घुमाके देखा ते हुई कहता है ... सिमरन जानती थी की वो उसके hi लिप्स की तारीफ कर रहा है.. लेकिन खुद को एक घटिया आदमी चैनल बोले उसे रास नहीं आ रहा था.. इस वजह से वो गुस्सा होती है.. करीम जैसे hi उसके लिप्स के अन्दर अपनी उंगली डालती है... सिमरन उसे काटती है ...

करीम - आह्ह्ह्हह्हा....

सिमरन आँखों से hi बताती है .. मई चैनल नहीं hu..waise hi करीम आपने उसी हाट मई सिमरन का पूरा फेस लेता है.. और उसे जोरसे दबाता hai..phir छोड़ देता है ..

करीम - चैनल तेरे आम कितने बड़े बड़े है ..

ऐसे कहते हुई सिमरन के एक आम पर आपने हाथ घूमता है..

सिमरन वो हाथ वह से जतका देखे हटती है .. और हाट के इशारे से कहती है ... उसके दबाओ ना..

लता - तुजे मेरे आम इतने पसंद आये क्या करीम...

करीम - हां .... चैनल तेरे जैसे आम किसी के नहीं है..

अब करीम सिमरन के दूसरे आम को दबाता है..

सिमरन के मू से हलकी सी सिसकारी निकलती है..

सिमरन - आह्ह्ह्हह्हा...

करीम - कितने बड़े बड़े और सॉफ्ट है ... रुई जैसे...

लता को किश करता हुई कहता है...

करीम - दबाउ क्या ..

सिमरन िषहरे से कहती है...

दबा तो रहे हो...

लता - दबाउ न मेरे राजा ...

ये सब अब तुम्हारे अमानत है अब..

करीम - ये तेरे आम कपडे के उप्पेर इतने सॉफ्ट है तो कपड़ा निकलने के बाद कितना माझा आएगा ...

सिमरन झट से बोलती है .. धीरे से बोलती है..

सिमरन - नहीं ... नहीं...

करीम का हाथ सिमरन के दूसरे आम पर था ... वो जो इस आम को जोरसे दबाता है..

सिमरन - आह्ह्ह्हह्हा.....

आआह्ह्ह ह........ जरररररराआ... धीरीई.... सीईई...

करीम - dabau......huuuuuuu.... क्या आआह्ह्ह...... teeereeee...yeeeee....

चूचियों आआह्ह्ह .... chiiinaàaaaa....,..llllll

सिमरन के चेहरा पर स्माइल आ जाती hai...aur वो हां मई गर्दन हिलती है...

करीम फिर सिमरन के उसी आम को जोरसे दबाता हैई

सिमरन - आआह्ह्ह... hhhhaaaaa...jarrraaaaa.. धीरीई.. seeeeee...naaaa

करीम - बता न chinaaaallllllllll..... दबाउ क्या...

सिमरन चहरे पर हसी लेट हुई कहती है..

सिमरन ---. दबा तो रहे हो .... और दबाउ क्या पूछ रहे हो..

करीम फिर से वही आम को जोरसे दबाता है..... पहले से ज्यादा जोरदार ..

सिमरन - आह्ह्ह्हह्हा....... जारहा... धीरीई.. से... दबाओ.. नाआ..

करीम अब एक हाथ से सिमरन के आम दबा रहा था और दूसरे हाथ से लता के आम दबा रहा था ... दोनों hi सिसक रही थी..

करीम - chinaaaallllllllll.... बहोत hi सॉफ्ट है .. कपड़ा निकल न..

सिमरन न मई गर्दन हिलती है.. फिर बे करीम उसके बटन पे हाट लेके जाता है.. सिमरन वह से हाथ होता लेती है...

करीम - कुछ नहीं होगा ....

सिमरन - न्यूऊऊऊ ........

प्ल्ज़्ज़्ज़्ज़..

फिर करीम आपने दोनों बाजु से पीछे हाट डालता है .. साथ मई लता को किश करता है.. ताकि लता पीछे न देख सके ... अब करीम आपने दोनों हाथ सिमरन के शर्ट के बटन खोलता है.. 2 बटन.. वैसे hi सिमरन पीछे हैट जाती है ... और बाजु हो जाती है... उसे अब ये करने मई दर लग रहा था..

करीम के हाथ फिर से लता के आम पर चलने लग गए थे... इस वक़्त लता की सांसें बहुत ज़ोरों से चल रही थी जिसके वजह से उसके दोनों बूब्स ऊपर नीचे हो रहे थे .... और ऊपर से करीम उसके निप्पल्स को अपने दोनों हाथों की उँगलियों के बीच दबा कर लगातार उसे मसाले जा रहा था ...... लता की छूट लगातार गीली हो रही थी.....

अब करीम फिर से अपनी जीभ लता के कान के पास ले जाता हैं और फिर से अपने जीभ धीरे धीरे वहां पर फिरने लगता हैं ...... लता मज़े और लज्जत से अपनी आँखें बंद कर लेती हैं....

करीम – मेरे चैनल

.. रांड… जरा अचे से बैठ न … मेरी गॉड में ......

लता – मई ठीक hi बैठी हु न…. और कैसे बैठु …

इस पर सिमरन हसती है.. वो बाजु मई hi कड़ी थी.. इस बार जरा थोड़े दूर… विंडो के सामने नहीं तो बाजु मई कड़ी थी वो… सिमरन की हसी लता को सुनिए देती है…

लता – यहाँ और कोई है क्या….

करीम – साली चैनल .. मई क्या तेरा पति हु.. जो ऐसे बैठी है मेरे गॉड मई … जरा ठीक से बैठ…

लता की बात सुनकर सिमरन जरा और थोड़ा बाजु मई हैट जाते है … लता अचे से करीम के गॉड मई बैठती है..

लता – मैंने यहाँ किसी के हँसाने की आवाज सुनी यहाँ…

करीम- यहाँ कोण आ सकता है.. तू देख जरा…

लता घूम के देखते है….

करीम – लगता है वो चैनल द्क्प आयी क्या यहाँ ….?????

िस्सपर लता हँसाने लगाती है…. सिमरन लता की नज़र पीछे नहीं है ये देख कर आपने हाथ विंडो से आगे ले जाकर करीम के पिट को टच करके उसे आँखों से इशारा करके कहती है…. चुप बैठो न… मेरा नाम क्यों ले रहे हो..

करीम – वैसे वो द्क्प कैसा आइटम है…

लता हसती है…

लता – क्या मुजसे तेरा मैं भर गया क्या…

सिमरन उसको हाथ जोड़ती है.. और कहती है.. चुप हो जाओ…

करीम – नहीं… तू तो मेरी चैनल.. रांड है.. उसके बारे मई तो ऐसे hi पूछ रहा था.. बता न…

लता – द्क्प सिमरन मैडम अचे है…

करीम- उसका हस्बैंड क्या करता है.. वो भी पोलिसवाले hi है क्या…

लता – नहीं.. नाहीइ… वो एक बिजनेसमैन है… क्यों पूछ रहे हो…

करीम सिमरन की ओरे देखता है.. सिमरन उसको गुस्से से देखते है…

करीम- उसके तो मज़े hi मज़े है… ऐसा माल रोज छोड़ने को मिल रहा है और वो भी फ्री मई तो आदमी की मज़े hi होंगे न….

सिमरन उसे गुस्से से गुर रही थी…

लता – वो तो है…

करीम- वैसे देखा जय तो द्क्प एक कड़क माल hai…wo दिखने मई खूबसूरत है.. उसका जिस्म कोमल मलाई जैसा मुलायम है.. वो एक माल है… क्या गांड है उसकी… मोठे मोठे… और आम भी कितने मोठे है.. और मुलायम भी होंगे… एक दम चौडू आइटम है…

शयद सिमरन की ऐसी टैरिफ उसके मू के सामने इतने गन्दी तरीके से किसी ने नहीं की थी.. लता के साथ खुद के बारे मई करीम जो बात कर रहा था उस वजह से उसको गुस्सा आ रहा था .. लेकिन साथ मई करीम ने जिस तरीके से अपनी टैरिफ की थी उसको पसंद आयी थी.. वो एक कड़क अफसर थी… लेकिन एक घटिया आदमी से ऐसे टैरिफ उसे पसंद आ रही थी…

ऐसे कह के सिमरन के आम पर आपने हाथ रखता है… उसे दबाता है.. और धीरे से अपनी गार्डन पीछे कर के बोलता है..

मुलायम है..

सिमरन वह से करीम का हाथ हटा देते है … उसे वो घर रही थी..

लता – तुमने कब देखा..

करीम – वो सुबह मुझे घर रही थी न तब देखा था ….

लता - है वो तो खूबसूरत है hi...

करीम – वैसे बिजनेसमैन को रोज छोड़ने का टाइम तो मिलता नहीं होगा..

लता – वो बात तो है.. बिजनेसमैन के पास ज्यादा टाइम नहीं रहता …

करीम- मतलब … द्क्प का पति उसे रोज छोड़ता नहीं होगा….

लता – हो सकता है….

करीम- मतलब उसकी छूट ज्यादा खुली नहीं होगी…

उसपर लता हस्ती है…..

लता – पता नहीं..

करीम आपने एक हाथ पीछे ले जाकर सिमरन के छूट पर हाथ रखता है और वह वो जोरसे दबाता है …पंत के उप्पर से hi.. सिमरन गुस्से से वो हाट हटा लेते है करीम का..

करीम- लगता है द्क्प का पति उसे रोज नहीं छोड़ता है…

लता – तुम्हारे इरादे तो नख नहीं लग रहे है…

करीम – क्या वो मुजसे पैट

जाएगी…

लता – तरय करो… क्या पता … वो तुम्हारे निचे भी आ जाएगी…

करीम – एक पुलिसवाली को छोड़ने मई मज़ा आएगा … आज तक किसी पुलिसवाली को छोड़ा नहीं है …

सिमरन करीम के तरफ देख कर उसे चुप हो जाने का इशारा करती है..

करीम – वैसे पोलिसवाले लोगो की गांड बहोत मरते है.. अगर पुलिसवाली की गांड मरने को मिल जय तो मज़ा आ जय.. और वो भी सिमरन जैसे चैनल रांड पुलिसवाली की गांड मिल जय तो मेरा नसीब hi खुल जायेगा…

लता अब और जोरसे हँसाने लगाती है…

करीम – तू मुझे उसको पटाने मई मदद कर ….

सिमरन no no कर रही थी…

लता – करुँगी… आज तक कितनो को निचे लिया है..

करीम – पता नहीं.. कभी काउंट नहीं किया …

लता – फिर भी

करीम – कुछ 20-40…

पीछे अब सिमरन के आम पर हाट रखकर उसके आम पर वो धीरे से दबाकर कहता है..

करीम- अब तुम और एक…

सिमरन की तरफ देख कर कहता है..

लता – और द्क्प सिमरन एक….

और हँसाने लगाती है..

लता – तुम उसे देख रहे ते उसे तब क्या वो भी तुजे देख रही थी…

करीम- हां… वो चैनल भी मुझे देख रही थी….

सिमरन धीरे से कहते है... मई नहीं देख रही थी...

सिमरन का एक निप्पल दो उंगली के बीच मई लेकर उसे मसलता है….

सिमरन – aaaaaaa…hhhaaaa.aaa….

करीम दूसरे हाथोसे लता का एक निप्पल को जोर से मसलता है…

लता – आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह….. हहहह… aaaaaaaaaaaaaaaaaaaa……….lagta है अब तो तुम सिमरन मैडम को भी आपने निचे ले पाओगे…. और उसका भी मज़ा chakoge…agar वो तुम देख रही थी तब शयद वो बेचारी तुम्हारे छोटे मिय्या के लिए तरस रही होगी .........

करीम - अगर ऐसी बात हैं तो चैनल मैं उस चैनल को इसी बिस्टेर पर तेरे सामने रगडूंगा .......

करीम दोनों के एक एक निप्पल को एक साथ hi आपने दोनों हाथो मई लेकर मसलता है… दोनों एक साथ hi सिसकते है..

करीम - मगर ऐसी बात हैं तो वो मुझसे कहती क्यों नहीं ........ क्या मैं उसकी छूट की आग ठंडी नहीं कर सकता.....

लात – तुम दुनिया के हर औररात के छूट की आग ठंडी कर सकते हो …. Aaa..haaaa..aaaaaaaaa………………

करीम आपने गार्डन पीछे कर के पूछता है…

करीम – कर सकता हु क्या…

सिमरन की आँखे बंद हो गयी थी…

करीम – बता न.. चिनलल...

सिमरन – aaaaaaaaaaaaa… hhaa..aaaa… पता नहीं…. मुजेईईई… kaiseeeeeeeeeee… पायतत्ता…. हुगजाआए…..

करीम – तो चिनलल …. ीीक बार मेरे लुंड से छुड़ा ले… तेरे पति को तू भूल जाएगी..

सिमरन – नूवो…… प्लललज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़…. Zzzzzzzzzzzz ……………………. उसे choddoooooooooooo…. नाआआआ…… bahuttttttttttt… dardddddddddddddd.. होओओओ……. Rahaaaaaaaaaa…… हैईईई…

लता - तुम पूरे बुद्धू ho....bhala वो तुमसे ये आकर कहेगी की मेरी छूट में आग लगी हुई hain....please इसे अपने छोटे मिया से मेरी छूट की आग बुझा दो.......

तभी करीम लता के दोनों निप्पल्स को अपनी दोनों उँगलियों के बीच फंसता हैं और अपने दोनों उँगलियों पर दबाव डालकर तेज़ी से मसलने लगता हैं.....

इस वजह से लता के मुँह से सिसकारी निकल रही थी ....... करीम अपने हाथों पर धीरे धीरे दबाव बढ़ाते जा रहा था और साथ hi साथ अपने जीभ से लता की पीठ से लेकर उसके कान तक लगातार चाट रहा था....

इस तरह उंगलिओं में निप्पल्स मसलने से लता की छूट बहुत तेज़ी से गीली होने लगती हैं और वो अपनी गार्डन पीछे लेजाकर करीम के होंठों पर अपने होंठ रख देती हैं और उसे खुद बा खुद चूसने लगती हैं . ... वैसे hi सिमरन पीछे हैट जाती है…

लता के हूंठ चूसने के बाद करीम कहता है…

करीम – दर.. मत…. चैनल… इस मई बड़ा मज़ा है…

करीम अपने दोनों हाथों को लता के आम से हटा लेता हैं और झट से उसके ब्लौसे के बटन पर ले जाता हैं और धीरे धीरे उसके ब्लौसे के एक एक बटन को खोलने लगता हैं ..... इस वक़्त लता फिर से करीम के हूंतो को चूस रही थी … ...........

अब तक करीम लता के ब्लौसे के सारे बटन खोल चूका था.... लता ने काली ब्रा पहनी हुई थी.. फिर से करीम अपने दोनों हाथ लता के बूब्स पर रख देता हैं और इस बार वो पूरी ताक़त से उसके दोनों बूब्स को मसलने लगता हैं .... लता के मुँह से ज़ोर से सिसकारी निकल पड़ती हैं मगर करीम के मुँह में अपना मुँह होने से उसकी आवाज़ अंदर hi घुट जाती हैं ...... इस वक़्त लता की सानें बहुत ज़ोरों से चल रही थी .... और उधर सिमरन का भी वही हाल होना शुरू हो रहा था.. वो चुप कर देख रही थी.. वो करीम के सामने आना नहीं चाहती थी.. उसे लग रहा था की करीम के सामने वो अगर आ जाएगी तो करीम उसे भी सडके करना शुरू कर देगा… उसे अब करीम का दर लग रहा था.. इस लिए वो करीम से चुप कर देख रही थी..

करीम के दोनों हाथ तेज़ी से लता के आम पर हरकत कर रहे थे ....... करीम एक नज़र पीछे दाल के सिमरन के चेहरे की ओरे देखता हैं तो सिमरन बड़े प्यार से ये सब hi देख रही थी ........ सिमरन की आँखें फिर एक बार सुर्ख लाल हो चुकी थी...... सिमरन के बूब्स अब पूरी तरह से हार्ड को चुके थे और दोनों निप्पल्स तन्न कर खड़े हो गए थे ......

करीम – चैनल… तेरे निप्पल तो खड़े हो गए.. लगता है तू अब मुजसे छुड़ाने के लिए रेडी हो गयी अब…

करीम ये बायत सिमरन की तरफ देखकर बोलता है … सिमरन निचे गार्डन कर के आपने निप्पल को देखती है…

लता – ऐसे गन्दी बाते मत करो… मुझे शर्म आ रही है…

उधर सिमरन उन दोनों के बीच साडी बातें सुन रही थी ......... उसका गाला बार बार सुख रहा था ....... और करीम ने उसका निप्पल को मरोड़ा था उस वजह से उसे दर्द भी बहोत हो रहा था

इस वक़्त करीम का लुंड लता की गांड को टच कर रहा था ..... जिसके वजह से करीम का लुंड और ज़्यादा झटके मार रहा था..... लता भी करीम के लुंड को अपने गांड पर महसूस कर रही थी ...... तभी फिर से वो अपने दोनों हाथों को आगे ले जाता हैं और लता के दोनों बूब्स को अपने दोनों हाथों से मसलने लगता हैं..... लता के मुँह से फिर से सिसकारी निकल पड़ती हैं ......

इस वक़्त लता करीम के सीने की ओरे पीठ करके बैठी हुई थी ...... और करीम अपने दोनों हाथों से लता के बूब्स को लगातार मसल रहा था .....

करीम अब उसके हाथ सीधा लता के दोनों क़दमों पर ले जाता हैं ..... करीम फिर झट से लता के फेस को अपनी तरफ करता हैं और उसके लबों को फिर से चूसने लगता हैं...... लता अपने दोनों हाथों को करीम के गले में दाल देती हैं और उसके होंठों को धीरे धीरे चूसने लगती हैं.....

करीम – रांड… तेरे होऊणथ बहुत मुलायम है… और कितने गुलाभी है..

इस टैरिफ की वजह से लता के चहरे पर स्माइल आ जाती है..

करीम – तेरे हूंठ ज्यादा मुलायम होंगे या उस चैनल द्क्प.. के

इस पर सिमरन आपने माथे पर हाथ मर लेते है और सोचने लगाती है… ये भगवन इस आदमी का क्या करू मई.. मेरा पीछा क्यों नहीं छोड़ रहा है ये.. हर बार मुझे hi बीच मई ला रहा है.. और मेरे और लता मैडम की क्यों कपरिसिओं कर रहा है..

लता – मेरे hi होंगे… उससे ज्यादा सॉफ्ट और नाज़ुक…

इस पर करीम सिमरन के हूंठ पर अपनी एक उंगली रख कर कहता है…

करीम – हां रांड.. आज तक मुझे तेरे जैसे नाज़ुक हूंठ चूसने को नहीं मिले… वो द्क्प से तेरे hi हूंठ अचे है..

इस पर सिमरन आपने हूंठ पर अपनी उंगली रखकर देखने लग गयी… उसे अब लता से जलन होने लगी थी.. वो सोचने लग गयी मेरे हूंठ उतने बुरे तो नहीं है.. मेरे हस्बैंड तो हमेशा मेरे पिंक लिप्स के तारीफ करते है और ये कला सांड मेरे हूंतो को अच्छा नहीं बोल रहा है.... ये आपने आप को क्या समजता है.. खुद इतना कला है.. गन्दा है और मेरे इतने अच्छे लिप्स को अच्छा नहीं बोल रहा है.. सिमरन अब करीम के बालो को थोड़ा पीछे खींचते है..

सिमरन - मेरे लिप्स मई क्या प्रॉब्लम है.. उस लता मैडम से मेरे लिप्स अच्छे है.. तुम उसके hi क्यों अच्छे बोल रहे हो..

करीम उस की तरफ देख कर कहता है..

करीम - उसके लिप्स मैंने चूसे है.. इस लिए मुझे अच्छे लगे.. और चैनल मैंने तेरे लिप्स चूसे नहीं है.. तूने आपने लिप्स चूसने नहीं दिए न

सिमरन - मई कब मन कर रही हु.. मई यहाँ बहार हु.. तुम अन्दर हो.. तो कैसे पॉसिबल है...

करीम- तू अंदर आ जा चैनल

सिमरन - नू.. मई नहीं आ सकती.. अगर मई अंदर आ भी गयी तो मई कहा बैठूंगी.. वो चैनल रांड तुम्हारे बहो मई है.. वो तुम्हारी गॉड मई है..

करीम- तू चिंता मत कर तुजे भी बिता दूंगा .. तू जल मत उससे

सिमरन - मई क्यों जलूँगी उससे..

फिर सिमरन सोचने लग गयी मई क्यों जलूँगी लता मैडम से.. और मैंने ये क्या कह दिया इस गंदे आदमी से की मई इस को किश कर dungi..ye कैसे पॉसिबल hai..wo कितना गन्दा बदसूरत काला और नीच इंसान है .. और मई कितनी खूबसूरत हु.. उसको तो मेरे जैसे लड़की खाव्बू मई भी नहीं मिल सकती.. मई कैसे उसे किश कर सकती हु.. मई कैसे उसे किश कर सकती हु.. मई एक सरदारनी और वो एक मुस्लिम.. पॉसिबल hi नहीं है.. न्यू.. नेवर.. मेरे से ये गलती हुई है.. आगे से मई इस्को ऐसा कुछ नहीं कहूँगी..

फिर करीम लता के पैरों पर.. जहा तक उसका पेटीकोट है वह तक आपने दोनों हाथ रखता है और बहुत धीरे धीरे अपने दोनों हाथों को पैरों से सरकते हुए ऊपर को ओरे ले जा रहा था ..... बहुत धीरे धीरे ...... जैसे जैसे उसके दोनों हाथ आगे बढ़ते हैं लता का दिल फिर से ज़ोरों से धड़कने लगता हैं ..... अब तक करीम के दोनों हाथ लता का पेटीकोट को लेकर बहुत धीरे धीरे ऊपर की ओरे बढ़ रहे थे और कुछ hi पलों में उसके दोनों हाथ लता के घुटनों तक पहुँच गए थे ...... करीम अपने हाथों को नहीं रोक रहा था और उसी रफ़्तार से आगे बढ़ाते जा रहा था .... जब उसके दोनों हाथ उसकी जाँघों के पास पहुंच जाते हैं तब लता झट से अपने दोनों हाथों को आगे बढाकर पेटीकोट के ऊपर अपने जांघों पर रख देती हैं ...... मगर अपने होंठों को अलग नहीं करती ....

ये सब सिमरन थोड़ा क्रॉस होक देख रही थी.. उसे स्टार्ट मई तो समाज मई नहीं आया की करीम क्या कर रहा है.. उसे तो सिर्फ उनका किश hi दिक् रहा था … लेकिन जब वो थोड़ी पास आयी और उसने थोड़ी अपनी गार्डन क्रॉस की तब उसे पता चल गया..

अब करीम लता का पेटीकोट थोड़ा ऊपर करता हैं ..... उसकी जांघों तक पेटीकोट सरका देता hain...aur अपना एक हाथ उसके पेटीकोट के अन्दर दाल कर उसके पंतय पर रख देता हैं ...... जैसे hi लता अपने छूट पर करीम के हाथों को फील करती हैं वो अपने होंठों को झट से अलग कर देती हैं और करीम को बड़े गौर से देकने लगती हैं......

लता – पलज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़…… वह नाहीइ..

करीम मुस्कुरा देता हैं और फिर से अपने हाथ से लता की छूट पर रखकर इस बार तेज़ी से उसे मसल देता हैं ......

करीम – कुछ नाहीइ होगा… अब थो तुजे छोड़ना hi है न…

लता के मुँह से एक तेज़्ज़ सिसकारी निकल पड़ती हैं........

लता – आआआआअह्हह्ह्हह्हआआआ…

लता करीम के हाथों को हटाने की बिलकुल कोशिश नहीं करती ..... वो फिर करीम के छाती पर आपने सर रख देती है ... अब उसकी आँखे बंद हो चुकी थी.. मस्ती में .....

करीम झट से अपना एक हाथ को पीछे ले जाता है और विंडो के बहार दाल कर सिमरन के शर्ट के उप्पर वाले बटन पर रख देता है और उसे जोरसे खींचता है.. इस वजह से सिमरन के शर्ट की उप्पर की एक बुट्टन टूट जाती है… लता की तरफ देखकर hi करीम सिमरन के शर्ट के अन्दर आपने हाथ डालता है.. और उसके एक आम पर की ब्रा को निचे से उप्पर सरका देता है.. अब सिमरन का एक आम ओपन हुआ tha..use ओपन आम के निप्पल को अपनी उँगलियों के बीच मसलने लगता हैं.... साथ hi साथ अपने दूसरे हाथों से लता की छूट को सहलाता हैं .......

सिमरन धीरे से बोलती है.. करीम के कानो मई..

सिमरन – थोड़ा क्यों… निकलना था न …

अब करीम का हाथ लता की पैंट के अंदर पहुँच चूका tha.....aur करीम लता के छूट को अपने हाथों में फील कर रहा था ..... वो उसकी छूट के दानों को अपने हाथों से बहुत धीरे धीरे मसल रहा था ...... उधर सिमरन भी अब बहोत मस्त हो गयी थी.. उसने ाअपना एक हाथ विंडो से अन्दर डाला हुआ था और करीम के बालो को सहला रही थी… सिमरन की गरम सानें इस वक़्त करीम महसूस कर रहा था..... अब करीम सिमरन के निप्पल को मसलते हुई hi उसके आम को भी दबा रहा था.. उसकी मस्सगे कर रहा था…

करीम- बहुत hi सॉफ्ट है.. फूलो जैसा..

लता – आआआअह्ह्ह्हह्हआआ… आआआआआ..

सिमरन – ahaaaaaaaaaaaa…. आआआ..

करीम- कैसा लग रहा है…

लता – बहुत अच्छा… ऐसे hi करो…

करीम- बोल न चैनल…

सिमरन – बहुत मज़ा आ रहा है.. ऐसे hi करूऊओ…

करीम – तेरे हस्बैंड ने किया था क्या कभी..

लता – कभी नहीं..

करीम पीछे गार्डन कर के

करीम- तेरे..

सिमरन – न्यूऊऊओ…. नेवरररररर….

करीम – तेरा दूसरा भी खोल न…

करीम के ऐसे कहते hi सिमरन आपने शर्ट का और एक बटन खोलती है और ब्रा भी उप्पर करती है… अब सिमरण के दोनों आम खुल चुके थे… करीम एक बार गार्डन पीछे घुमा कर उसके आम को देखता है… सिमरन के आँखों मई देखते हुई कहता है…

करीम- कितने गोर गोर है.. मोठे है.. मखान जैसे मुलायम और नाज़ुक.. लाजवाब … चिन्यालललल.. द्क्प…

सिमरन शर्माकर आपने दोनों हातो मई आपने फेस छुपा लेते है..

करीम - तुजे तो आज छोड़ना hi पड़ेगा…

आपने एक हाथ से सिमरन के दोनों हाथो को उसके फेस से निकल के निचे लता है… सिमरन ने शर्म की वजह से आपने आँखे बांध की थी…

करीम- तू आज मुझे छोड़ने देगी न…

सिमरन कुछ नहीं बोलती है..

करीम – बता न चैनल..

सिमरन अब पीछे घूम जाती है.. आपने मू आपने हाथो मई छुपकर..

सिमरन – मुझे नहीं पता…

करीम झट से अपना दूसरा हाथ भी लता के पेटीकोट के अंदर दाल देता हैं और झट से उसकी पंतय के पास ले जाता हैं और अपने दोनों हाथों से लता की पंतय को तेज़ी से बहार की ओरे खींचने लगता hain....is वक़्त लता बैठी हुई थी इस वजह से पंतय निकलने में उसे परेशानी हो रही थी..... लता भी करीम का इशारा समझ जाती हैं और झट से अपनी गांड थोड़ा ऊपर की ओरे करती हैं और अगले hi पल उसकी काळा रंग की पंतय उसके घुटनों के पास होती हैं... मगर करीम उसे वहां से भी बहार निकल देता हैं कुछ पलों में उसकी पंतय घुटनों के रास्ते उसकी पैरों से होते हुए करीम के हाथों में होती हैं.... अपनी पंतय को करीम के हाथों में लिया देखकर लता का चेहरा शर्म से लाल पद जाता हैं......

करीम फिर लता की पंतय को अपने नाक के पास ले जाता है और उसकी पंतय को सूंघने लगता हैं...... करीम के इस हरकत से लता झट से अपनी नज़रें दूसरी तरफ फेर लेती हैं ......

करीम – देख… चैनल… गौर से अपनी इस पंतय को ..... ये पूरी गीली हो गयी hai......aur इसमें तेरी छूट का रास लगा हुआ हैं...... ज़रा मैं भी तो देखूं की तेरी जवानी का रूस का टास्ते कैसा हैं...

करीम की ये बात सुनकर सिमरन पीछे घूम कर देखती है की ये क्या कर रहा है…

फिर करीम झट से लता की पंतय को अपने मुँह के पास ले जाता हैं और उसपर अपनी जीभ फेरने लगता हैं ...... लता धीरे से करीम की ओरे मुँह करती हैं ........ ठीक उसकी आँखों के सामने उसकी पंतय थी और करीम उसपर अपनी जीभ फेर रहा था .....

लता - ये क्या कर रहे हो ...... ये कितनी गन्दी चीज़ हैं ... इसे कोई ऐसे मुँह में लेकर चूसता हैं क्या ..... फेंको इसे........

सिमरन ये देखकर सोचने लगाती के कितना गन्दा आदमी है… कोई किसी लेडी की पंतय को आपने हाथो मई इस तर आपने हाथो मई लेता है क्या… और इससे चाटता है क्या …कितना गवर है ये.. और ऐसे गंदे आदमी का हाथ मेने आपने बॉडी पर लगा लिया ….

करीम लता की बाटिओं से मुस्कुरा देता हैं

करीम – चैनल तू क्या जाने की इस नशे के आगे दुनिया की साड़ी नशा बिलकुल फीकी हैं..... कसम से तेरी छूट का स्वाद बहुत लाजवाब हैं ...... मुझे ये बहुत पसंद आया .......

ऐसा कहके लता के चहरे के सामने उसकी पंतय पकड़ लेता है ….

करीम – सुंग इससे… चाट इससे…

लता आपने चेहरा दूसरी साइड घुमा लेती है और अपनी आँखे बंद कर देती है.. अब लता का मू विंडो के लेफ्ट साइड के दिवार की तरफ था और उसने आपने आँखे बंद की हुई थी …. फिर करीम एक हाथ पीछे दाल के सिमरन को विंडो की तरफ खींचता है… और लता के पंतय को सिमरन के मू के पास लता है…

करीम – सुंग… इससे… चैनल..

करीम ने सिमरन का एक हाट पकड़ा था.. और उसे आपने और खिंच रहा था… लेकिन सिमरन आपने मू को दूसरे और घूमते है… दूसरी तरफ लता को लग रहा था की करीम उसे hi सुंघाने को कह रहा है ..इस वजह से वो आपने फेस थोड़ा और दूर ले जा रही थी… अब करीम थोड़ा घूम जाता है और सिमरन के कमर के पीछे से हाथ डालता है … और उसे जोरसे आपने और खींचता है….

करीम- चैनल… रांड…. सुंग इससे … इस पंतय को.. चाट इस के छूट के रास को …बड़ा मजा आएगा तुजे …

लता – नहीं.. नही… करीम मुजसे नहीं होगा…

सिमरन – cheeeeeeeeee…. कितने गंदी.. हो तुम.. ऐसा भी कोई करता है क्या..

उसकी तरफ देखते हुई कहते है..





लता को लग रहा था की उसे hi कह रहा है .. इस वजह से वो वैसे .. आँखे बंद करते हुई करीम के गॉड से उठाती है और बीएड के एक कार्नर मई पेट के बल लेट जाती है.. अब उसके पेअर विंडो के तरफ थे और उसका फेस निचे था… वो अब कुछ भी नहीं देख सकती थी..

सिमरन - न्यूऊऊओ …. Plzzzzzzzz…Karrrrr …iiiii..mmmmmmm..

लता अब करीम के गॉड से उठ गयी थी … इस वजह से करीम पीछे कम्प्लेटली घूम जाता है .. अब उसका एक हाथ सिमरन के कमर के पीछे दाल कर उसे अपनी और खिंच रहा था और दूसरे हाथ मई लता की पंतय लेके वो सिमरन के चहरे को पकड़ के उसको वो सुंगा रहा था… और दूसरी तरफ सिमरन खुद को करीम से बचने की कोशिश कर रही थी.. वो खुद को पीछे खिंच रही थी.. वैसे तो सिमरन हटती कटी लेडी पुलिस अफसर थी.. बहुत सारे नामी गुंडे उसको डरते थे … उसके डंडे को डरते थे.. उसकी हिघ्त करीम से भी ज्यादा थी.. और वो दिल्हाने मई भी करीम से स्ट्रांग दिखती थी… लेकिन करीम आखिर करीम था.. वो किसी को इतने आसानी से आपने हाथो मई से जाने नहीं देता था.. और उसके पकड़ से छूटना हर किसी का काम नहीं था.. सिमरन उसके पकड़ से छूटने की कोशिश कर रही थी.. लेकिन करीम उसको हिलने भी नहीं दे रहा था.. वो एक हाथ से सिमरन को पकड़ा हुआ था और दूसरे हाथ से उसको पंतय सुंगा रहा था….

सिमरन – करीम.. प्ल्ज़… छोड़ दो ना… मुजसे ये नहीं होगा… ये मैंने कभी नहीं किया..

करीम – चैनल .. कभी आपने पंतय को सुंगा नहीं क्या

सिमरन – ये मेरी पंतय नहीं है..

करीम- तो तेरे पंतय निकल.. उसको चाट..

सिमरन – नहीं.. नहीं.. ये मुजसे नहीं होगा..

करीम- तो इससे सुंग… चाट इससे..

सिमरन – मुजसे जबरदस्ती मत करो.. मई एक पुलिस अफसर हु…

करीम- तो अपनी ताकत लगा न… देख मेरे हाथ से छूट सकते है क्या..

सिमरन – करीम प्ल्ज़… मुझे जाने दो न..

अब करीम सिमरन के आम पर एक हाट से लता की पंतय को मसल रहा था.. पहले एक आम पर और बाद मई दूसरे आम पर.. पंतय के छूट के रास से सिमरन के आम लगभग भीग गए ..

करीम – देख अब तेरे आम कैसे दिख रहे है इस छूट के रास से …

सिमरन आपने बूब्स की तरफ देखती है..

सिमरन – ये तूने क्या कर दिया.. करीम… मेरे बूब्स को गन्दा कर दिया तूने..

सिमरन सोचने लग गयी कितना डर्टी इंसान है... हे भगवन मैंने कैसे ऐसे गंदे इंसान को आपने पास आने दिया.. मई क्यों ऐसे इंसान की तरफ अत्त्रक्ट हुई.. मेरे पति कितने अच्छे है.. मई जो बोलती हु वही करते है.. मेरा कितना ख्याल रखते है.. मई अगर सेक्स को नहीं बोलती हु तो वो झट से मान जाते है.. वो कभी भी मुजसे जबरदस्ती नहीं करते .. वो कभी भी मुझे फाॅर्स नहीं करते .. अगर हमारा सेक्स रेगुलर नहीं होता तो क्या हुआ लेकिन मई उनसे सटिस्फी हु... मेरे पति सेक्स मई अच्छे hi है.. इस आदमी की तरह मुज पर हक़ नहीं जताते .. मुझे अपनी और खींचते नहीं और काजलसे अच्छी बात इस गंदे आदमी की तरह ऐसे कोई गन्दी चीज़ करने के लिए फाॅर्स भी नहीं करते.. मई कैसे इस आदमी के हाथो मई फास गयी.. भगवन मुझे इस आदमी से बचाव..

करीम- रांड… देख तेरे आम कितने मस्त लग रहे हे..

सिमरन करीम की तरफ गुस्से से देखते है..

सिमरन- मई कोई बाजारू औरत नहीं हु… जो मुझे रांड बोल रहे हो.. बोलना है तो उसे बोलो ( लता की तरफ इशारा करते हुई ).. मुझे नहीं.. अगर आगेसे मुझे बोलै तो मेरे से बुरा कोई नहीं होगा..

करीम – देख चैनल रांड.. तेरे ये आम कैसे चमक रहे hai…ye तो अब और hi सेक्सी लग रहे है…

सिमरन – बोलै न.. मुझे रांड नहीं बोलना .. है..

करीम – तू मेरे रांड है और मई तुजे रांड hi बोलूंगा..

ऐसे कहते हुई करीम सिमरन के आम पर आपने हातो से लता के छूट का रास को मसल रहा था..

करीम- देख रांड … क्या मज़ा है… मेरे एक रांड के छूट का रास मेरे दूसरे इस द्क्प रांड के आम पर.. कितना अच्छा है.. ये छूट का रास…

सिमरन करीम के हाट को झटका देखे वो हाट वह से हटाने की कोशिश कर रही थी ..

करीम – तू दर मत .. तेरे छूट का रास भी मई उस चैनल लता रांड के चहरे पर लगा दूंगा…

सिमरन – करीम.. प्ल्ज़्ज़.. मुझे जाने दो… मई ये नहीं कर सकती… मई तुम्हारे बाकी के औरतो के जैसे नहीं हु… मेरे साथ ऐसा मत करो .. ये जताती मुजसे बर्दास्त नहीं होगी…

करीम- तो तू किश टाइप की रांड है..

सिमरन – मई कोई तुम्हारी रांड नहीं हु..

करीम- तो क्या चैनल है..

सिमरन – नहीं.. हरगिज़ नही.. मई एक अच्छे घर की लेडी हु.. साथ मई एक पुलिस अफसर हु… मेरे दो बच्चे है.. मई आपने हस्बैंड से कुश हु… मुझे और कुछ भी नहीं चाहिए…

करीम – तू अगर तेरे हस्बैंड से कुश होती न तो मेरे लौड़े के पीछे नहीं आती.. सुबह से देख रहा हु तू मेरे पीछे पड़ी है..

ऐसा कह के उसके होंटो को दबाता है..





सिमरन – मई तुम्हारे पीछे नहीं पड़ी हु..

करीम- फिर ये देखने के लिए क्यों आये… मेरा लौड़ा चाहिए क्या तुजे.. रांड…

सिमरन – मेरी गलती हो गयी.. मुझे यहाँ नहीं आना चाहिए था .. मई ऐसे नहीं हु.. मई एक वेल एडुकेटेड हु.. मई एक डेन्ट फॅमिली से हु करीम.. मई ऐसे वैसे नहीं हु..

करीम- ये बात रांड तो आपने दिमाग मई फिट कर ले.. करीम किसी भी बाजारू रांड को छोड़ता नहीं है.. अभी तक मैंने जितने भी लड़की हो या औरत को छोड़ा है या उनकी गांड मारी है वो सब अछि डेन्ट फॅमिली से थी.. और दूसरी एक बात करीम कभी भी आपने हाथ मई आया माल छोड़ता नहीं है.. और तेरे जैसा छोड़ू आइटम को तो मई छोड़ने के सिवाय छोडूंगा भी नहीं… समाजी क्या..

सिमरन – आज तक मुजसे इतने गन्दी भाषा किसी ने भी उसे नहीं की.. तुम पहले आदमी हो जो मुजसे ऐसा बेहवे कर रहे हो.. सब लोग मुजसे डरते हे.. तुम पहले हो जो मुजसे ऐसा बर्ताव कर रहे हो और मुजसे डरते नहीं हो..

करीम – और आखरी भी…

करीम हँसाने लगता है.. अब करीम का जो हाथ सिमरन के कमर पे था उसको थोड़ा उप्पर लता है.. पीछे से .. और सिमरन के पिट को विंडो की तरफ दबाता है .. पीछे से.. इस वजह से सिमरन के आम विंडो को टच करते है.. करीम आपने एक हाथ मई सिमरन का एक आम को लेता है… और उसे जोरदार दबाता है…

सिमरन – आआआआह्ह्हह्हआआ..

Hhhhhhhhhaaaaaaaaaaa…..

करीम उसे आम को और जोरसे दबाता है..

सिमरन – aaaaaaaaaaaaaaahhhhh…. Hhhhhhhhhhhhhhh……….

Jaraaaaaaaaaa……. धीरीईईए… सी.. नाआआआ.. इतने जोर से क्यों दबा रहे हो..

करीम- तो रांड थोड़ा आगे आ जा न.. मुझे तेरे आम को चूसना है..

सिमरन – नाहीईई.. नाहीई…. पलज़्ज़ज़… ऐसा मत करो

करीम- ज्यादा नखरे मत कर…

सिमरन – मैंने कभी आपने हस्बैंड को भी आपने बूब्स को चूसने नहीं दिया .. और तुम को कैसे दू..

करीम- चैनल… मई तेरा पति नहीं हु.. जो तेरे बात सुनु… मई जो बोलता हु वो कर.. नहीं तो अंजाम बहोत बुरा होगा..

सिमरन - वो उठ जाएगी …

करीम- वो नहीं उठेगी …. तू आपने आम को चूसने दे मुझे…

सिमरन – मई नहीं दे सकती …

करीम – तो अब देख मई क्या करता हु..

करीम झट से एक हाट सिमरन के सर के पीछे ले जाता है… और उसे पकड़ता है और दूसरे हाथ से लता के पंतय का रास सिमरन के पुरे फेस पर रगड़ने लगता है.. पंतय के साथ.. लता के छूट का रास अब सिमरन के पुरे फेस पर करीम ने फैलाया था..

सिमरन – नहीं.. नहीं.. करीम ऐसा मत करो… मुझे जाने दो मई मर जाउंगी.. ये गन्दा रास मेरे फेस पर मत लगाओ.. सुबह hi मई स्पाई मई जेक आयी हु.. मेरा पूरा फेस गन्दा होगा...

लेकिन करीम उसकी कोई बात नहीं सुनाता है..

करीम- तू दर मत .. तेरे छूट और गांड मारने से पहले मई तुजे मरने नहीं दूंगा..

अब करीम सिमरन के फेस पर एक हाथ से लता के छूट का रास फैला रहा tha…aab करीम लता के छूट का रास सिमरन के हूंतो पर लगा देता है.. एक दो बार तो करीम सिमरन के हूंतो के अन्दर भी दाल देता है.. ाब्ब सिमरन का फेस पूरा भीग चुक्का था….. करीम अब सिमरन के फेस को पीछे से दबाता है.. करीम सिमरन के फेस को जितना हो सके उतना आपने जीभ से चाटता है.. उसे चाहताने मई तकलीफ हो रही थी.. क्यों की विंडो से वो आपने फेस न hi बहार ले जा प् रहा था और न hi सिमरन का फेस अन्दर ले प् रहा tha..phir भी करीम सिमरन के पुरे फेस को चाटता है… बीच बीच मई लता की पंतय सिमरन के नाक के पास ले जाती है.. और साथ मई कभी कभी उसके फेस को दबाकर उसके हूंतो को खुलते hi अन्दर डालने की कोशिश भी कर रहा था… करीम ने सिमरन के गुलाबी हूंठ को एक दो बार चूमा भी था लेकिन वो उसको अचे से चूस नहीं प् रहा था.. क्यों की बीच मई विंडो आ रही थी..

सिमरन – करीम मेरे साथ ऐसा क्यों कर रहे हो..

करीम – मैंने तो पहले कहा था तुजे.. तेरे ये गोल गोल गोर गोर आम चूसने दे.. तू तो मानती hi नहीं है..

सिमरन – पहले ये उस रांड की पंतय मेरे मू से

दूर करो और ये मेरे फेस के साथ खेलना बांध करो.. मई तुम आपने बूब्स को चूसने दूंगी…

करीम- अब हुई न बात चैनल रांड… अब लग रहा है की तू मेरे सबसे बेस्ट रांड बनेगी…

करीम उसके चहरे पर का हाथ निकल लेता है … सिमरन अपनी आँखे खोलती है.. उसके चहरे पर गुस्सा था..

सिमरन – मई कोई तुम्हारी रांड नहीं हु… जिसको अपनी रांड बनाना है उसे बना दो.. मुझे कोई आपत्ति नहीं है.. ये मेरे बूब्स को चुसो और मुझे बक्शा दो.. जैसे hi करीम की नज़र सिमरन के दोनों आम पर पड़ी वैसे hi अगले hi पल सिमरन ने अपने दोनों हाथ अपने दोनों बूब्स पर रख दिए. सिमरन के इस हरकत पर करीम उसके और देखते हुई कहता है..

करीम - देखने तो डैन … द्क्प ..सिमरन… मेरी रांड…. इसको तूने मुझे एक बार भी अचे से नहीं देखने दिया ..

सिमरन उसको घूरते हुई बोली..

सिमरन- क्यों थोड़े देर पहले इसको किसने बहार निकला और इतने देर से इससे कोण देख रहा था इससे …

करीम हंस कर बोलै..

करीम- मुझे वो सुब तो एक सपना लग रहा है .

सिमरन हंसी और बोली

सिमरन- तो फिर सपने को अपनी उस रांड के साथ पूरा कर लेते न….

लता के तरफा िश्रा करते हुई..

करीम- हां.. कर सकता हु..

सिमरन - तो करो न.. और मेरा पीछा छोड़ दो..

करीम- नहीं ऐसे कैसे हो सकता है.. तू तो मेरी स्पेशल रांड है.. पुलिसवाली रांड..

सिमरन हसती है..

सिमरन - तुम्हारी तो और बहुत सर्जरी रानडे होंगी न..

करीम- है है.. लेकिन पुलिसवाली स्पेशल है..

सिमरन - ऐसा क्या है इस पुलिसवाली रांड मई

खुद को एक गंदे इंसान की रांड कहने से सिमरन के चहरे पर श्रम आ जाती है .. और वो निचे देखने लगाती है..

करीम- पुलिसवाली को छोड़ने मई एक मज़ा hi कुछ और है..

सिमरन - यहाँ वो कुछ नहीं मिलेगा... वो अगर चाहिए तो उस लता रांड के पास चले जाओ..

करीम ने सिमरन के हथून को पाकर कर उसके बूब्स के ऊपर से हटाया और बोलै

करीम- द्क्प सिमरन… क़सम से बहुत hi प्यारी चातीआँ हैं तेरी . जितनी भी लड़की और लेडी को मैंने आज तक छोड़ा है या उनकी गांड मारी है उन मैं से कोई भी तेरे जितनी खूबसूरत नहीं है और न hi तेरे जितनी टाइट और प्यारी चातीआँ हैं उन मैं से किसी की.

सिमरन को अपने जिस्म और अपने बूब्स की तारीफ सुनकर बहुत ाचा लगा…

अब करीम के गंदे हाथ सिमरन के बूब्स पर पहुंच गयी थे . जैसी hi उसके गंदे सख्त हथून ने सिमरन के गुल गुल सॉलिड बूब्स को पकड़ा तो एक तेज़ सिसकारी सिमरन के मू से निकल गयी…

सिमरन - ssssssssssssssssssssssssssssssss………..

Plzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzz……

Kaaaaaaaaaaaarrrrrrrrimmmmmm….

nahhhhhhhhhhhhhiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii

krooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooo. नाहा......

मगर करीम ने सिमरन के बूब्स को न छोरा और आहिस्ता आहिस्ता उनको दबाने लगा. करीम के दोनों हाथ सिमरन के दोनों आम पर थे … जिनको वो होल होल दबा और सहला रहा था. सिमरन उसको रोक नहीं पा रही थी बस आंखें बंद किये हुई उसके सख्त और गंदे मरदाना हाथूं का टच महसूस कर रही थी.

करीम ने सिमरन की तरफ देखा और उसके आम को अपने हाथ मैं ले कर पंप करते हुई बोलै..

करीम - क़सम से.. रांड.. मैंने बहुत से सेक्सी बदन देखे है लेकिन तेरा जैसा अभी तक नहीं देखा..

उसकी इस बात पर सिमरन मुस्कुरा दी और बोली..





सिमरन- मेरे टैरिफ करने की कोई जरूरत नहीं है.. मई ये सब तुम मेरी मार्गी से करने नहीं दे रही हु …

अब करीम सिमरन का एक आम आपने मू मई लेता है.. विंडो से वो सिमरन के आम को आपने और अन्दर थोड़ा खींचता है.. अब करीम उसके आम को चूस रहा tha..Karim ने सिमरन के गुलाबी नाज़ुक से निप्पल को अपने गंदे काले मोठे होंतून मई लिया और चूसने लगा. अपने दांत मैं सिमरन के आम और निप्पल को ले कर उसे थोड़ा थोड़ा दाबने laga.tab सिमरन तड़प ुति.. जब उसके निप्पल को करीम ने काटा तो सिमरन के मू से सिसकाररी निकल गयी..

सिमरन – Cccccccccccccccccccccccccc.. ीीी…. काटट्ट्टुओं… माआआआट…

करीम आपने दूसरे हाथ से सिमरन के दूसरे बूब्स को दबा रहा था और उनसे खेल भी रहा tha.Karim सिमरन के गोर गोर खूबसूरत बूब्स को अपने गंदे काले काले हथून से छु रहा था.. करीम सिमरन के बूब्स को सहला रहा था और उसके गुलाबी निप्पल्स को अपनी दोउंगलिओं के बीच मैं ले कर उसे मसल रहा था…

अब करीम ने अपने मोठे मोठे हूंतो को सिमरन के दूसरे आम के पिंकी पिंकी निप्पल्स पे रख दिए.. और एक किश कर लिया. फिर उस ने अपनी पान से लाल की हुई जुबां बहार निकाली और सिमरन के गुलाबी निप्पल्स को छेड़ने लगा. उसकी जुबां सिमरन के निप्पल्स से टकराई तो उसका मज़े से बुरा हाल होने लगा.. अब करीम ने सिमरन के निप्पल को चूसना शुरू कर दिया और फिर अपने दांतून मैं ले कर होल होल काटने लगा. सिमरन ने तरप कर उसके बालून मैं हाथ रखा और उसके बालून को अपनी मुठी मैं ले कर उसके सर को अपने बूब्स की तरफ खेंच लिया.

सिमरन- अअअअअअहीीीिस्तत्तत्त्ताआआ…. कहा… rrrr..iiiiiii..mmmmmmm…..

Maaaaaaaaaaaaaaiiiiiii…. काहीईई….. नाहीइइइइइइ……… jaaaaaaaaaa……. Raaaaaahiiiiiiiiiii… हूउउउउउउउ….

करीम सिमरन के निप्पल्स को चूसता और चाट ता और काट ता जा रहा था और सिमरन मज़े और मस्ती के समंदर मैं डूबती जा रही थी.

Simran—aaaaaaaaaaahhhhh…. काहाटो…. माआआत… ननननाआ… माआईईईई…. Aaaaaaaaaabbbbbbbb… तुमरीइइइइइइइ…. हीईईई… हूउउउउउ… एई.. बोओब्स्स्सस्स्स्स…. भी…… ाब्ब्ब.. tumareeeeeeeeeee… हीईई.. हैई..

करीम- sachhhhhhhhhhhh… राहाण्ड….

सिमरन- हाआआआ…..

सिमरन अपनी बेकाबू संसू पर कण्ट्रोल करने के नाकाम कोशिश करते हुई सिसकी .

करीम ने अपने राइट हैंड से सिमरन के एक बूब को सहलाते हुई उसके दूसरे बूब्स को चूम रहा था .. चूस रहा था.. इस वजह से सिमरन के जिस्म मैं मस्ती की लहरें दूरह रहीं थे.

आहिस्ता आहिस्ता उसके गंदे लिप्स सिमरन के नैक की तरफ बढ़ रहे थे. नैक से होते हुई उसके गाल पर अब आ गए थे उसके hoonth..Aik बार करीम ने सिमरन के एक गाल पर अपने गंदे लाल पीले दांत दबाये और आहिस्ता से उस गाल को काटने लगा.

सिमरन- aaaaaaaaaaaahhhhhhhaaaaaaaa…Plzzzzzzzzzzzzzz … गाललललल.. पीई… कटुओ.. मत्तत्तत्त… हस्बैंड्ड़डडडड….. को .. पता चल जाएगाआआ…

काटते हुई करीम की ग्रिफ्ट सिमरन के बूब पर सख्त हो गयी .. इस वजह से मस्ती मई सिमरन ने भी एक तेज़ सिसकारी लेते हुई आपने हाथ करीम के पिट की तरफ ले जाकर उसकी पिट को इस क़दर ज़ोर से अपनी मुट्ठी मैं दबाया की सिमरन के नाखून उसके काले स्किन मैं चुभ गए. और सिमरन उसके दांतो की ग्रिफ्ट को अपने गाल पर काम करने के लिए खुद बा खुद आपने फेस करीम की तरफ सरका दिया.

अब करीम सिमरन के गालो को काटते हुई उसके नंगे बूब्स को जोर से दबाने लगा गया…

सिमरन – Sssssssssssssssssssssss….. mmmmmmmmmmmmm………..

Moooooooooooooooooooooooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

करीम ने अपने लेफ्ट हैंड से सिमरन के सर को पीछे से पाकर कर उसके चहरे को अपनी तरफ खींच रहा था…

अब करीम फिर से निचे आता है और उसके दोनों आम को एक के बाद एक ऐसा चूसता है… साथ मई वो आपने एक हाथ सिमरन के पंत के बेल्ट के पास ले जाता है.. वैसे hi सिमरन उस हाथ को पकड़ती है..

सिमरन – ओनली.. बूब्स… नथिंग ेल्स…

करीम हस्ता है.. और वह से वो हाथ हटा लेता है..

अब करीम आपने हाथ थोड़े उप्पर ले जाता hai..Karim ने आपने सख्त हाथो से सिमरन की नंगी गार्डन को चूना शुरू कर दिया.. और आपने खुरदरे सख्त हथून से गार्डन को सहलाने लगा. गार्डन से उसके हाथ ऊपर को सिमरन के चहरे पर आये और अब करीम सिमरन के दोनों गाळून को अपने हाथूं से सहलाना शुरू कर दिया.

सिमरन - ssssssssssssssssssssssssssssssss………..

Plzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzzz……

Kaaaaaaaaaaaarrrrrrrrimmmmmm….

nahhhhhhhhhhhhhiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii

krooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooo. नाहा......

मगर करीम ने सिमरन के बूब्स को न छोड़ा और आहिस्ता आहिस्ता उनको दबाने लगा. करीम के दोनों हाथ सिमरन के दोनों आम पर थे … जिनको वो होल होल दबा और सहला रहा था. सिमरन उसको रोक नहीं पा रही थी बस आंखें बंद किये हुई उसके सख्त और गंदे मरदाना हाथूं का टच महसूस कर रही थी.

करीम ने सिमरन की तरफ देखा और उसके आम को अपने हाथ मैं ले कर पंप करते हुई बोलै..

करीम - क़सम से.. रांड.. मैंने बहुत से सेक्सी बदन देखे है लेकिन तेरा जैसा अभी तक नहीं देखा..

उसकी इस बात पर सिमरन मुस्कुरा दी और बोली..

सिमरन- मेरे टैरिफ करने की कोई जरूरत नहीं है.. मई ये सब तुम मेरी मार्गी से करने नहीं दे रही हु …

अब करीम सिमरन का एक आम आपने मू मई लेता है.. विंडो से वो सिमरन के आम को आपने और अन्दर थोड़ा खींचता है.. अब करीम उसके आम को चूस रहा tha..Karim ने सिमरन के गुलाबी नाज़ुक से निप्पल को अपने गंदे काले मोठे होंतून मई लिया और चूसने लगा. अपने दांत मैं सिमरन के आम और निप्पल को ले कर उसे थोड़ा थोड़ा दाबने laga.tab सिमरन तड़प ुति.. जब उसके निप्पल को करीम ने काटा तो सिमरन के मू से सिसकाररी निकल गयी..

सिमरन – Cccccccccccccccccccccccccc.. ीीी…. काटट्ट्टुओं… माआआआट…
 
करीम आपने दूसरे हाथ से सिमरन के दूसरे बूब्स को दबा रहा था और उनसे खेल भी रहा tha.Karim सिमरन के गोर गोर खूबसूरत बूब्स को अपने गंदे काले काले हथून से छु रहा था.. करीम सिमरन के बूब्स को सहला रहा था और उसके गुलाबी निप्पल्स को अपनी दोउंगलिओं के बीच मैं ले कर उसे मसल रहा था…

अब करीम ने अपने मोठे मोठे हूंतो को सिमरन के दूसरे आम के पिंकी पिंकी निप्पल्स पे रख दिए.. और एक किश कर लिया. फिर उस ने अपनी पान से लाल की हुई जुबां बहार निकाली और सिमरन के गुलाबी निप्पल्स को छेड़ने लगा. उसकी जुबां सिमरन के निप्पल्स से टकराई तो उसका मज़े से बुरा हाल होने लगा.. अब करीम ने सिमरन के निप्पल को चूसना शुरू कर दिया और फिर अपने दांतून मैं ले कर होल होल काटने लगा. सिमरन ने तरप कर उसके बालून मैं हाथ रखा और उसके बालून को अपनी मुठी मैं ले कर उसके सर को अपने बूब्स की तरफ खेंच लिया.

सिमरन- अअअअअअहीीीिस्तत्तत्त्ताआआ…. कहा… rrrr..iiiiiii..mmmmmmm…..

Maaaaaaaaaaaaaaiiiiiii…. काहीईई….. नाहीइइइइइइ……… jaaaaaaaaaa……. Raaaaaahiiiiiiiiiii… हूउउउउउउउ….

करीम सिमरन के निप्पल्स को चूसता और चाट ता और काट ता जा रहा था और सिमरन मज़े और मस्ती के समंदर मैं डूबती जा रही थी.

Simran—aaaaaaaaaaahhhhh…. काहाटो…. माआआत… ननननाआ… माआईईईई…. Aaaaaaaaaabbbbbbbb… तुमरीइइइइइइइ…. हीईईई… हूउउउउउ… एई.. बोओब्स्स्सस्स्स्स…. भी…… ाब्ब्ब.. tumareeeeeeeeeee… हीईई.. हैई..

करीम- sachhhhhhhhhhhh… राहाण्ड….

सिमरन- हाआआआ…..

सिमरन अपनी बेकाबू संसू पर कण्ट्रोल करने के नाकाम कोशिश करते हुई सिसकी .

करीम ने अपने राइट हैंड से सिमरन के एक बूब को सहलाते हुई उसके दूसरे बूब्स को चूम रहा था .. चूस रहा था.. इस वजह से सिमरन के जिस्म मैं मस्ती की लहरें दूरह रहीं थे.

आहिस्ता आहिस्ता उसके गंदे लिप्स सिमरन के नैक की तरफ बढ़ रहे थे. नैक से होते हुई उसके गाल पर अब आ गए थे उसके hoonth..Aik बार करीम ने सिमरन के एक गाल पर अपने गंदे लाल पीले दांत दबाये और आहिस्ता से उस गाल को काटने लगा.

सिमरन- aaaaaaaaaaaahhhhhhhaaaaaaaa…

Plzzzzzzzzzzzzzz… गाललललल.. पीई… कटुओ.. मत्तत्तत्त… हस्बैंड्ड़डडडड….. को .. पता चल जाएगाआआ…

काटते हुई करीम की ग्रिफ्ट सिमरन के बूब पर सख्त हो गयी .. इस वजह से मस्ती मई सिमरन ने भी एक तेज़ सिसकारी लेते हुई आपने हाथ करीम के पिट की तरफ ले जाकर उसकी पिट को इस क़दर ज़ोर से अपनी मुट्ठी मैं दबाया की सिमरन के नाखून उसके काले स्किन मैं चुभ गए. और सिमरन उसके दांतो की ग्रिफ्ट को अपने गाल पर काम करने के लिए खुद बा खुद आपने फेस करीम की तरफ सरका दिया.

अब करीम सिमरन के गालो को काटते हुई उसके नंगे बूब्स को जोर से दबाने लगा गया…

सिमरन – Sssssssssssssssssssssss….. mmmmmmmmmmmmm………..

Moooooooooooooooooooooooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

करीम ने अपने लेफ्ट हैंड से सिमरन के सर को पीछे से पाकर कर उसके चहरे को अपनी तरफ खींच रहा था…

अब करीम फिर से निचे आता है और उसके दोनों आम को एक के बाद एक ऐसा चूसता है… साथ मई वो आपने एक हाथ सिमरन के पंत के बेल्ट के पास ले जाता है.. वैसे hi सिमरन उस हाथ को पकड़ती है..

सिमरन – ओनली.. बूब्स… नथिंग ेल्स…

करीम हस्ता है.. और वह से वो हाथ हटा लेता है..

अब करीम आपने हाथ थोड़े उप्पर ले जाता hai..Karim ने आपने सख्त हाथो से सिमरन की नंगी गार्डन को चूना शुरू कर दिया.. और आपने खुरदरे सख्त हथून से गार्डन को सहलाने लगा. गार्डन से उसके हाथ ऊपर को सिमरन के चहरे पर आये और अब करीम सिमरन के दोनों गाळून को अपने हाथूं से सहलाना शुरू कर दिया.

सिमरन - mmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmm sssssssssssss nnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn hhhhhhhhhhhhhhhhhhh oooooooooooooooooooooooooooo

सिमरन अब सिसक रही थी…

सिमरन के गाळून पर हाथ फेरते फेरते करीम ने सिमरन के गुलाबी लिप्स को अपनी गन्दी उंगलिओं से छेड़ना शुरू कर दिया. उसके लिप्स पर ऊँगली फिरते हुई करीम ने थोड़ा सा प्रेशर डाला और अपनी ऊँगली को सिमरन के मुंह के अंदर डालने की कोशिश की लेकिन सिमरन उसे ओपपोसे करने लग गयी ..

सिमरन – न्यू.. नूवो..

करीम- रांड ले ले.. ये मेरा लुंड नहीं है उंगली है.. ये नहीं ले रही है तो लुंड कैसे लेगी…

सिमरन आपने साँसों को कण्ट्रोल करके कहते है..

सिमरन – नहीं नहीं उसको कभी भी नहीं लुंगी…

करीम – अभी लेगी चैनल रांड…

सिमरन- करीम मुझे जाने दो.. मई नहीं ले सकती वो… आपने मू.. मई

करीम- क्या

सिमरन- जो तुम बोल रहे हो…

करीम- उसका कुछ नाम तो होगा न ..

सिमरन – मुझे नहीं पता ..

करीम- बोल रांड .. उसका नाम

करीम बहोत जोर से सिमरन का फेस दबाता है और दूसरे हाथ उसके गार्डन के पीछे दाल के उसे अपनी और खींचता है..

सिमरन- पेनिस

करीम- हिंदी मई बोल

सिमरन – lllllllll..uuuuuu… नन्द्द…

करीम – लौड़ा बोल…

सिमरन- मुझे छोड़ दो…

करीम- ठीक है तुजे छोड़ना है क्या.. मई बहार आकर छोड़ता हु..

सिमरन- बहार मत आओ… plzzzzzzzzzz..

करीम- लौड़ा… बोल

सिमरन- lllllll..oudaaaa….

करीम- मई आपने हूंतो मई आपका कला और मोटा लौड़ा ले नहीं सकती ऐसे बोल

सिमरन – नहीं होगा मुजसे..

करीम सिमरन के फेस को जोरसे दबाता है..

करीम- बोलती है या बहार औ

सिमरन- बोलती हु.. तुम बहार मत आओ.. ..

मई तुम्हारा लौड़ा आपने मू मई नहीं ले सकती..

करीम – वैसा नहीं.. मई आपका ये कला मोटा लौड़ा मेरे प्यारे नाज़ुक कोमल गुलाभी हूंतो के अंदर ले नहीं पाऊँगी… ऐसा hi बोल..

सिमरन- मई आपका ये कला मोटा लौड़ा मेरे प्यारे नाज़ुक कोमल गुलाभी हूंतो के अंदर ले नहीं पाऊँगी…

करीम- लेकिन मई तो मेरा लौड़ा तेरे मू मई देना चाहता हु..

सिमरन – प्ल्ज़ करीम ऐसा मत करो … वो बहुत गंदे चीज़ है.. मुज पाई रहम करो..

करीम- हआ… रहम खाके मुझे कुछ नहीं मिलेगा.. तुजे मेरा लुंड आपने मू मई लेना hi पड़ेगा..

सिमरन आपने गार्डन को पीछे ले रही थी.. करीम गुस्से मई आकर उसके बालो को पकड़ता है और उससे जोरदार खींचता है…

सिमरन- aaaaaaaaaaaaaaaahhhhh..

दर्द हो रहा है.. मेरे बालो को छोड़ दो..

फिर भी करीम उसको जोरसे खींचता है… उसके फेस को विंडो पे दबाता है.. करीम आपने एक हाट से पंत को निचे करता है और आपने लुंड ुंदरपनत से बहार निकलकर सिमरन के हूंतो पर घूमता है.. उसके फेस पर घूमता है… उसके गुलाभी लिप्स पर अब करीम का काला लुंड टच करता है.. डरकर सिमरन ने अपनी आँखे बंद की थी .. करीम एक हाथ से उसका चेहरा पकड़ता है और उसे दबाता है.. दबाने की वजह से सिमरन के हूंठ खुल गए थे… करीम और जोर से उसका फेस दबाता है ताकि वो आपने लुंड अन्दर डेल …

सिमरन- noooo..noooooooo..

अब सिमरन पूरा मू खुल गया था.. अब करीम आपने लुंड सिमरन के मू के अन्दर डालने के लिए जैसे hi आगे बढ़ाता है वैसे hi लता करवट बदलती है…

लता – क्या कर रहे हो…

जैसे hi लता की आवाज करीम सुनाता है वैसे hi उसकी पकड़ लूसे होती है… उसी का फायदा सिमरन लेती है और झट से बाजु हो जाती है… विंडो के बाजु मई… ताकि वो लता को न दिखे.. सिमरन का दिल जोरो से धड़क रहा था… उसे लगा की अब खैर नहीं.. लगभग लता मैडम ने मुझे देखा hi था…

लता – क्या कर रहे हो वह..

करीम- मूट रहा हु..

लता- वह

करीम- हां..

लता – बाथरूम मई करो न..

करीम- यहाँ मेरे रांड है और मई बाथरूम मई जेक तिमेपास करो..

फिर करीम आपने लुंड हाथ मई लेके मूतता है… सिमरन बाजु से देख रही थी… सोच रही थी .. कितना गन्दा और घटिया इंसान है ये.. कोई ऐसे पिशाब करता है क्या.

अब सिमरन को आपने आप पर गुस्सा आ रहा था.. उसे अपने आप से घिन सी आ रही थी.. वो सोच रही थी की वो कैसे अपने हाई सोसाइटी के मकाम से इतना नीचे गिर सकती है . आज तक मैं ने कभी किसी भी आदमी को आपने पति के अलावा अपने जिस्म को छूने की इजाजात नहीं दी थी. कभी अपने हस्बैंड से बेवफाई करने का नहीं सोचा था और न hi किसी को अपना जिस्म सौंपा था न hi कभी किसी दूसरे आदमी को देख कर उस से फिजिकल रिलेशन बनाने की इच्छा मेरे दिल मैं पैदा होइ थी. मगर अब अगर मैं ने यह सब किया भी था तो वो भी किसी hi- फि और हैंडसम यंग बन्दे के साथ नहीं बल्कि एक इतने घटिया और गंदे इंसान के साथ किया.. जॉब hi एक टेलर है.. बुद्धा है… जिस के फैशल रिलेशन बहोत सारे लेडीज के साथ है और ये सब मुझे पता है… बल्कि मेरे सामने एक हीफी लेडी के साथ वो ये सब कर रहा था तब मैंने ये किया था.. मुझे अब आपने आप पर गुस्सा आ रहा है.. और फिर यह आदमी था भी मुस्लिम. जिस पर मुझे कुछ घंटे पहले गुस्सा आ रहा था और अब उसके साथ मैंने ये सब करने दिया … मैंने कैसे आपने बॉडी को उसको चुने दिया … वो कैसे मेरे बॉडी के साथ खेल रहा था.. किसी जानवर की तरह मेरे बॉडी के साथ बेहवे कर रहा था.. जैसे मेरा बदन उस के बाप का माल है.. मुझे समाज मई नहीं आ रहा की कसिए माइए इतने देर तक उस निहायती घटिया आदमी को सहन किया.. अब तक तो मई ऐसे घटिया आदमी को आपने पास खड़ा भी नहीं होने देती थी.. इससे भी भतार गुंडे को मैंने ठीक किया है… और इतने घटिया आदमी के वजह से मेरे हस्बैंड से बेवफाई की.. उसको धोका दिया… अपने इतने खूबसूरत, गोर चित्ते ,प्यारे, डेन्ट, स्मार्ट हैंडसम और हाइली एडुकेटेड हस्बैंड जिसकी बॉडी हर वक़्त एक बहुत अट्रैक्टिव से परफ्यूम की खुसबू से महकती रहती है … ऐसे हस्बैंड को चोर कर मैं कैसे एक निहायती गंदे गलीज़, काले से बदसूरत और लौ स्टैण्डर्ड वाले एक लेडीज टेलर से कैसे ातरक्त हो गयी… और वो काम भी कितना गन्दा करता है.. कोई विंडो से भी पिशाब करता है kya..ek नंबर का बत्तमीज आदमी है.. उसके बदन और मुंह से बदबू hi बदबू आ रही थी.. ऐसे इंसान को कैसे मैंने अपना हस्सें बदन सौंप दिया .. मुझे कुछ सामज नहीं आ रहा है… ऐसे बाते सिमरन विंडो से बाजु मई होकर सोच रही thi..wo गुस्से से तिलमिल हो रही थी.. मई ऐसे कैसे कर सकती हु.. और वो मेरे साथ ऐसा कैसा बेहवे कर सकता है.. वो कैसे एक द्क्प के साथ जबरदस्ती कर सकता है.. उसे दिखाना hi पड़ेगा की मई क्या चीज़ हु.. मेरा नाम भी द्क्प सिमरन कौर है.. मई उसे ऐसे नहीं चौंदागी.. मई इस गंदे इंसान को काजलक सिखाऊंगी.. वो मुझे रांड बोल रहा था.. उसकी हिम्मत कैसे hui…kamina कही का…

दूसरी तरफ अब करीम घूम जाता है और लता की पंतय को वहीँ बगल में रख देता हैं.. और लता को आपने तरफ बुला लेता है… लता उसके सामने आकर कड़ी हो जाती है… अपने दोनों हाथों को आगे बढाकर लता के कमर में हाथ डालकर उसका पेटीकोट निकलता hai........thodi डियर में लता का पेटीकोट उसके बदन से आज़ाद हो जाता hain....fir वो उसका ब्रा भी अलग कर देता hain......is वक़्त लता बिना कपडे के करीम के सामने कड़ी थी.. करीम उसे अपनी गॉड में बैठा देता है ......शर्म तो उसे बहुत आ रही थी पर मज़ा भी उतना hi आ रहा था .....वो आपने दोनों हाथो से आपने चेहरा छुपा लेती hai..Karim ने पहले hi अपनी पंत निकल दी थी.. अब वो दोनों नंगे बैठे थे..

करीम फिर लता के हाथों को अपने हाथों में लेता हैं और झट से अपने लुंड पर उसका हाथ रख देता हैं..... करीम के इस हरकत से लता चौंक जाती है और झट से वो अपना हाथ वहां से हटा लेती हैं ......मगर करीम फिर से लता के हाथ को अपने लुंड पर रख देता हैं और इस बार उसके हाथों को पकडे रहता हैं ...... ये लता का पहला अनुभव था की वो किसी मर्द का गुप्तांग को अपने हाथों में फील कर रही थी ..... उसका आपने हस्बैंड के साथ हमेशा नार्मल सेक्स hi होता था.. तो उसमे लुंड हाथ मई लेने का सवाल hi पैदा नहीं होता था..

फिर से करीम वही प्रक्रिया दोहराता हैं और अपना एक हाथ फिर से लता के आम पर रखकर मसलने लगता हैं और दूसरे हाथ को वो झट से लता की छूट को अपने हाथों से पकड़ लेता हैं और पूरी मुट्ठी में ज़ोर से भींच लेता हैं......

लता – aaaaaaaaaaaaaahhhhhhhh….

Kkkkkkkkkk….. अअअअअ….. ररर…… ीीी…. मममममममम…

लता की छूट पिछले दो घंटों से लगातार पानी छोड़ रही थी और अब उसका साबरा भी टूट चूका था... वो अब बहुत गरम हो चुकी thi...kafi डियर से करीम के उसके बदन पर अपना हाथ फिरने से उसका भी डकरीम जवाब देने लगा था ......

करीम झट से अपनी एक उंगली लता की छूट पर धीरे से फिरता हैं और उसके क्लॉस्ट्रॉयल्स को अपने अनुगते से दबाते हुए उसे धीरे धीरे ऊपर से रगड़ने लगता हैं.... लता का बुरा हाल होने लगा था ...... उसकी सांसें बहुत ज़ोरों से चल रही थी ...... और धड़कनें भी बहुत तेज़्ज़ हो चुकी thi.....wo झट से अपने दोनों पैरों को पूरा फैला देती हैं जिस से करीम को और आसान हो जाता है अपनी उंगली को उसकी छूट पर सरकने में ...... दो उँगलियों से वो लता की छूट फैलाये हुए था और अंगूठे से वो उसके छूट के दानों को लगातार मसल रहा था साथ hi साथ अपने एक हाथ से वो लता के निप्पल्स को भी मसल रहा था....

लता का मुँह अब पूरा खुल गया था.. और वो गार्डन घुमा ते हुई करीम को मुँह फाड़े देख रही थी … तभी करीम झट से अपना मुँह लता के मुँह में ले लेता हैं और उसके जीभ को चूसने लगता हैं... जवाब में लता भी अपनी जीभ बहार निकल देती हैं और वो भी उसके जीभ को चूसने लगती हैं ..... इधर करीम के हाथों की स्पीड लगातार बढ़ रही थी और उधर लता ने अपने होंठों को चूसने की गति भी बड़ा दी थी... करीब 5 मिनट बाद लता का साबरा टूट जाता हैं और वो तुरंत अपने होंठों को करीम के होंठों से हटा लेती हैं .......और ज़ोर से चीख पड़ती हैं........

लता –aaaaaaaaaaaaaaaaaaaa ... ह .... hhhhhhhhhhhhhhhhhhh .... आ . …. .. aaaaahhhhh.bbbbbbbbb.............. uuuuuuuuuuuuuuuu... sssssssssssss. कककककक .... aaa.aaaa....... r.rrrrrrrrr... ooooooooooooo………… …… kkkk...aa.aaaaa......rrrrrrr....... iiiiiiiiii..........iiiiiiii....mmmmmmm…..

और इतना कहते हुए लता ज़ोरों से झरने लगती हैं ...... वो झट से बेजान होकर करीम के सीने पर अपने पीठ के बल गिर जाती हैं .. अब करीम लता के चहरे को आपने और घुमाकर उसके होंठों को आगे बढ़कर चूम लेता हैं ...... इस वक़्त लता की धड़कें बहुत ज़ोरों से चल रही थी और आज वो ज़िन्दगी में पहली बार इस तरफ फिराग हुई थी ............. ..............................................

सिमरन को अब करीम से नफरत हो रही थी और अपने आप से भी. सिमरन अब आँखे बंद कर के यही सोच रही थी.. वो वाल से सकते हुई कड़ी थी… वाल के तरफ पिट कर के… वो अब रूम मई क्या चल रहा है ये देख नहीं रही थी… वो ये सोचते सोचते ये सोचने लगी की कैसे मई इस टेलर के हाथ मई आ गयी.. मैंने क्यों कहा की मई अब तुम्हारी hi हु.. मई भग्गी नहीं जा रही हु.. ऐसा मैंने क्यों कहा इस गंदे इंसान को.. क्या मुझे इस गलीज़ इंसान का आपने बॉडी को किया हुआ टच आपने खूबसूरत हस्बैंड के टच से अच्छा लगाने लगा था क्या… ऐसा कैसा हो सकता है.. मई कैसे आपने हस्बैंड का कपरिसिओं इस आदमी के साथ कर सकती हु.. वो सोचने लगी की आदमी गन्दा है लेकिन इस को अचे से पता है की लेडीज को कैसे कुश किया जाता है.. जब सिमरन ये सोचते है तभी अचानक उसके आंखों के सामने करीम आ जाता है.. तभी वो अपनी आँखे खोलती है … नहीं नहीं मैंने ये सोच कैसे लिया ऐसा सिमरन आपने आप से कहती है..

ये सोचते हुई थोड़े बाद सिमरन फिर से अपनी आँखे बांध करती है और पीछे वाल पर सर रख देती hai..thode देर वो वैसे hi कड़ी रहती है.. फिर वो निचे बैठ जाती है.. वाल को पिट करके और वाल पर सर रखकर.. उसने अब सोचना बंद किया tha..aab वो शांत बैठी थी... ऐसे hi थोड़े देर बैठने के बाद उसके आँखों के सामने एक नज़ारा आता है… करीम का गन्दा गलीज़ हाथ सिमरन के साफ़ सुथरे मुलायम खुसबू दार बूब्स पर था और उसके बदबू दार होंठ सिमरन के होंटो पर थे.. जिन से वो सिमरन के गुलाब की पांखड़यूँ के जैसे नरम और मुलायम होंटो को चूस रहा था. और फिर वो उसके नाज़ुक से गोर गोर गाल को चूस रहा था.. काट रहा tha…phir करीम का बड़ा सा लुंड अब सिमरन के आँखों के सामने tha…aab ये नज़ारा सिमरन के आँखों के सामने आ जाता है.. जब वो मूठ रहा था तब उसकी हलकी सी झलक सिमरन ने देखे थी.. उसका लम्बा और मोटा सा लुंड tha..jaise hi सिमरन के आँखों के सामने करीम का लुंड नज़र आता है वैसे उसके बदन मई एक लज़्ज़त की लहार दौड़ गयी .. उसका बदन कापने लगा.. सिमरन सोचने लगी इसका लुंड मेरे हस्बैंड से काफी बड़ा है.. इस लिए तो इतनी साड़ी औरतो को वो पटटा है.. ये सब औरते इस वजह से hi तो इस गंदे आदमी से कुश होती होंगी… लेकिन जब ये पहली बार किसी लेडी के साथ सेक्स करता होगा तो उस लेडी को बहुत तकलीफ होती होगी.. क्या लता मैडम को भी तकलीफ होगी… मुझे भी होगी क्या… अरे मई ये क्यों सोच रही हु.. मई तो अब उसके पास जाने वाली नहीं हु और न hi उसे आपने

पास आने दूंगी… लेकिन उस का पेनिस बहुत काला है… मेरे हस्बैंड का उतना काला नहीं है.. हां ये आदमी भी काला है na…iss वजह से होगा.. अब सिमरन अपनी आखे खोलती है..

ये बाते सोचते हुई उसके फेस पर एक हलकी सी मुस्कराहट फैल गई… वो सोचने लग गयी की कितनी अजीब बात है की एक बन्दे से मैं इतनी नफ़रत खारती हु.. उस पर मुझे इतना गुस्सा आता है … उस बन्दे का चेहरा मेरे आँखों के सामने हमेशा आ रहा है.. उसका पेनिस मेरे नज़रो के सामने आने से मेरा बदन कापने लग रहा है… क्या मई सचमुच मई इस बन्दे से नफ़रत कर रही हु.. क्या मई सचमुच मई इस पर गुस्सा हु… या ये मेरा वहां है… लगता है ये आदमी मुझे पागल बना देगा .. लेकिन एक बात है इतना गुस्सा आने के बाद भी मई इस इंसाने के तरफ अट्रैक्ट हो रही hu..usne मेरे साथ इतने जबरदस्ती की लेकिन उस का बदन मेरे आँखों के सामने है.. क्या इस पागल बन्दे ने मुझे पागल बना दिया है .. अब ये बाँदा लता मैडम के साथ क्या कर रहा hoga..kuch गन्दा hi कर रहा होगा.. इस को ये गंदे चीज़ करने मई hi मज़ा आता है शयद.. देखते है क्या… लगभग 5 मिनट सिमरन सोचते है देखा जय या न… फिर कुछ भी डिसिशन न लेते हुई विंडो के सामने कड़ी हो जाती है .. …

करीम को उम्मीद थी की सिमरन फिर से विंडो मई आएगी.. वो सोचने लगा.. चैनल ने मेरा लुंड देखा है.. आज तक मेरा लुंड जिस किसी ने भी देखा है वो मेरे घुलम हुई है.. मेरे लुंड की घुलम हुई है... तो ये सिमरन क्या चीज़ है… साली द्क्प है तो क्या हुआ.. पुलिसवाली हुई तो क्या हुआ... उसको क्या छूट नहीं है.. उसको क्या छूट की खुजली नहीं है.. जिस तरह मैंने उसके आम दबाये थे उसे तो ये पता चल hi गया की उसका पति उसे हमेशा छोड़ता नहीं है या उसके छोड़ने से ये पूरी तरह से संस्तुतः नहीं है.. ये तो आएगी hi..is बार इसको कुछ भी कर के छोड़ना hi पड़ेगा.. उसको अंदर लाना पड़ेगा.. लेकिन ये दोनों एक साथ छोड़ेंगी क्या.. बड़े घर की है ये दोनों… तो इनको शर्म हाय तो है hi.. सिमरन को तो पता है लेकिन लता को पता नहीं है.. लता शयद सिमरन के साथ मुजसे नहीं छुड़ेगी... कुछ सोचना पड़ेगा .. नहीं तो द्क्प के चक्कर मई ये लता हाथ से छूट जाएगी…

अब करीम लता को बीएड पाई लेता देता है ..करीम का चेहरा विंडो की तरफ था… लता वहीँ लेती हुई अब अपना नंगा बदन करीम के हवाले करने वाली थी........ सिमरन अब वही सब देख रही थी या करीम उसे वो दिखा रहा था ऐसा कहिये .. करीम देखता है सिमरन वह आयी है.. उसके गंदे चहरे पर कातिल हसी आ जाती hai..Karim ने देखते hi सिमरन के चहरे पर करीम को देखकर गुस्सा आ जाता है… ये गन्दा आदमी मुझे फिर से देख रहा है… और मई कुछ नहीं कर पा रही हु.. मई आज कितनी बेबस हु… इस आदमी ने मेरे साथ जबरदस्ती ki..mai चाहे तो इस आदमी को एक मिनट मई इसकी औकात दिखा सकती हु.. लेकिन मई ऐसा क्यों नहीं कर प् रही hu..aaj तक मैं हर किसी पे डोमिनाते रही हु और आज ये आदमी मुज पर डोमिनेट हो रहा hai..kya इस तरह से कोई मुज पर डोमिनेंट होने में मुझे मज़ा आ रहा hai..iss से पहले मई hi लोगो पर डोमिनाते करती थी और आज ये मेरे साथ क्या हो रहा है..

सिमरन सोचने लगी की अब पता नहीं क्या होगा आगे ... .कुछ दुर्र और एक्ससिटेमेंट दोनों का मिला जुला रूप अब सिमरन के चेहरे पर दिखाई दे रहा था ...............................................

लता की सांसें बहुत ज़ोरों से चल रही thi.....aaj कुछ वैसा hi एक्ससिटेमेंट था उसके चेहरे पर जो किसी नयी नवेली दुल्हन की सुहाग रात के वक़्त होता hain....kuch durr....kuch झिझक... कुछ tadap.......aur कुछ chahat.....in सब का मिला जुला रूप लता के चेहरे पर साफ़ दिखाई दे रहा था............

करीम वहीँ उसके बगल में आता हैं और बड़े हौले से अपना लैब लता के होंठों पर रख देता hain................wo बड़े हौले से उसके नरम होंठों को चूसने लगता hain.......Lata फिर से सेहर सी जाती hain.....uska जिस्म अब किसी आग के सामान टप्प रहा था....... सिमरन वहीँ बाजु वाली खिड़की से ये सब देख रही tha........is वक़्त सिमरन की आँखें खुली हुई थी ... उसके चेहरे पर हलकी मुस्कान भी थी.......

करीम के होंठ बढ़ते हुए नीचे की ओरे जाने लगते हैं..... लता के गार्डन की taraf.......jaise जैसे उसके होंठ नीचे की तरफ सरक रहे थे वैसे वैसे लता की आहें तेज़्ज़ होती जा रही thi.......wo जल बिन मछली की तरह तड़प रही thi.......uski बेकरारी उसके बदन की हरकटीओं से साफ़ पता चल रही thi........sansein अब उसकी और भी भरी होती जा रही thi........wo आने वाले उस पल में पूरी तरह से डूबना चाहती thi........bhale hi वो ये बात अपनी जुबान पर न लाना चाहती हो मगर लता की आँखें अब उस सच को पल पल बयां कर रही थी........

करीम हौले हौले अपनी जीभ लता के जिस्म पर फेर रहा tha......jaise hi वो अपना होंठ लता के उभारों पर रखा था हैं वहीँ लता ज़ोरों से सिसक पड़ती हैं और अपने दोनों हाथों को उसके सर पर बड़े प्यार से फेरने लगती हैं...... करीम आगे की और कड़ी सिमरन को देखता है.. अब सिमरन की आँखों से करीम को ये पता चल रहा था की ये अब गरम हो रही hai.Karim अपना मुँह पूरा खोलकर अपने नए आइटम लता के नरम चूचियों का रूस धीरे धीरे पीने लगता hain.........jaise hi वो लता के निप्पल्स पर अपना होंठ रखा हैं लता एक बार फिर से वहीँ तड़प उठती है.......

लता – aaaaaaaaaahhhhhhhhhh…… hhhhhhaaaaaaaaaaaaa…….

Kkarrrrrrrrrrrimmmmmmmmmmm…..

Aiiisssssssssssseeeeeee… हीइइइइइइइ…

लता की आहे सुनकर सिमरन के बदन मई हलचल हो रही थी.. वो तो चाहती थी की वो खुद आपने बूब्स पर हाथ रखे … लेकिन सामने करीम को देखकर रुख जाती है.. मैंने ऐसा कुछ किया तो ये फिर से मेरे पीछे पद जायेगा.. ऐसा सिमरन सोचती है..

करीम के वजह से लता सेहर जाती है ... वो अब ये बात पूरी तरह से भूल चुकी थी की सामने जो साक्ष हैं वो उससे उम्र मई बहोत बड़ा है... वो एक निहति घटिया इंसान है... ......इधर करीम भी अपना एक हाथ आगे बढाकर लता के दूसरे उभारों को मसलने लगता हैं........ लता की हालत अब बिगड़ने लगी thi........uski छूट पूरी तरह से भीग चुकी थी जिस से उसके छूट का बेहटा कुछ पानी बिस्टेर पर भी गिरने लगा था.........

करीम कभी अपने डेंटन से लता के निप्पल्स को काटता तो कभी उसे हौले से अपने मुँह में लेकर चूसता ................ जब करीम जी बहार के लता के बूब्स का रूस पी लेता हैं तब वो अपनी जीभ नीचे सरकते हुए लता के जांघों की तरफ ले जाता hain....ek बार फिर से लता सिहर उठती hain.......uske जिस्म के रोएं पूरी तरह से खड़े हो चुके the.....dimag अब काम करना मनो बंद सा हो गया था ......... उधर कुछ वैसा hi हाल सिमरन का hi हो रहा था लेकिन वो दिशथा नहीं चाहती थी…

जैसे जैसे करीम लता की छूट की तरफ बढ़ रहा था वैसे वैसे सिमरन की बेचैनी बढ़ती जा रही thi..........kuch पल बाद वो अपना जीभ लता के छूट पर हौले से रख देता हैं और बहुत आराम से उसकी छूट पर अपना जीभ फेरने लगता हैं.... करीम के इस हरकत पर लता वहीँ ज़ोरों से चीख पड़ती हैं...

लता – aaaaaaaaaaa… ह्ह्हह्ह्ह्ह…..

aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa……..

ममममममुमुउउउउमिइइइइइइ…..

सिमरन आपने आप को कहती है.. खुद एक बुड्ढे आदमी से आपने छूट चुसवा रही है और अपनी अम्मी को याद कर रही है.. आपने हस्बैंड से बेवफाई कर रही है.. इस से शर्म कैसे नहीं आती आपने हस्बैंड को देखा देने मई.. शर्म कैसे आएगी ये रांड यहाँ तो मज़े ले रही है..

सिमरन को अब लता से जलन हो रही थी.. वो सोच रही थी लता मज़े ले रही है और मई क्यों उस से जल रही हु.. वो आपने आप को समजती है.. मई कहा जल रही हु.. मई तो सच बता रही हु… ऐसे आपने हस्बैंड को देखा देना अच्छी बात नहीं है…

दूसरी तरफ लता आपने दोनों हाथ बिस्टेर को बड़ी hi बेदर्दी से मसल रही the..........wo इस बार अपनी सिसकारी नहीं रोक पति

लता - aaaaaaaaaaaaaa..........mmmmmm.uuuuuuuuuuuuu..mmmmmmm.........mmmmmmmmmmmm......yyyyyyyyyyyy........

करते हुए लता हाफने लगती हैं.......

करीम बिना उसकी कोई परवाह किये अपना जीभ हौले से उसकी छूट पर चलने लगता हैं............. सिमरन यही देख रही थी.. ये सब देखने की आज से सिमरन अब बहुत गरम हो चुकी थी......... करीम slip....slip जैसे आवाज़ें निकलता हुआ लता की छूट लगातार चाट रहा tha.......Lata भी अपनी दोनों जांघें पूरी फैलाये हुए करीम का पूरा साथ दे रही thi......kareeb दो मिनट भी नहीं बीते होंगे की लता वहीँ अपनी दोनों मुट्ठी कसकर बिस्टेर पर जकड लेती हैं और वहीँ इस बार aaaaaaaaaaaaaaaa...............ssssssssssssssss.............hhhhhhhhhhhhhh..........karte हुए किसी लाश की तरह बिलकुल ठंडी पढ़ जाती hain.........uska ओर्गास्म फिर एक बार हो चूका tha........wo अभी भी बिस्टेर पर बेसुध पड़ी हुई हांफ रही थी.......... आँखें अभी भी उसकी बंद थी........ इधर दूसरी तरफ सिमरन सोचती है इतने जल्दी हो गया.. लगता है इस आदमी के अंदर कुछ जादू है.. ये कला सैंड कमल का है ऐसा लग रहा है..

करीम फिर लता के छूट पर आता हैं और वो अपना जीभ लता के छूट पर हौले से रख देता हैं .......





वैसे hi लता आपने आँखों को बंद करती hai..Karim फिरसे लता की छूट चाटना शुरू कर देता है.. एक मिनट के बाद करीम उप्पर अपनी गार्डन उठता है और सिमरन की तरफ देखता hai..Simran करीम को अजीब सी नज़रियों से देखने लगती हैं.......





सिमरन की आँखें सुर्ख लाल हो चुकी thi.........hawas उसकी आँखों में साफ़ नज़र आ रही थी......... करीम बिना एक पल के डियर किये अपनी जीभ हौले हौले से लता के छूट पर फेरने लगता हैं जिस से एक बार फिर से लता ज़ोरों से सिसक पड़ती हैं ......

दूसरे तरफ करीम अब बरी बरी से कभी लता के बूब्स को मसल रहा था तो कभी उसके अंगों से खेल रहा था .......

सिमरन की तरफ देखते हुई करीम कहता है… लता की आँखे अभी भी बंद थी..

करीम- चैनल….. क्या तेरे छूट है…. लाजवाब… तेरे छूट के रास का कोई जवाब नहीं… मेरररररररीई… राण्डड्ढड्डड़….

करीम के ऐसे बोलने से सिमरन के चहरे पर थोड़ी स्माइल आ जाती है.. और वो ढर्रे से बोलती है…





सिमरन – कमीना.. कही का.. तू नहीं सुदरेगा.. तू अपनी हरकत से बाज़ नहीं आएगा … naa…mere तरफ देखने की क्या जरूरत है..

करीम सिमरन की तरफ देख कर लता के आम को जोरसे दबाता है… और उसके दूसरे निप्पल को आपने मू मई लेके चुस्त है…

लता – aaaaaaaaaahhhhhhaaaaaaa…

kaaaaaaarimmmmmmmmmmm…meri जान… धीरीईईए.. करूओ… ना

करीम सिमरन को देखकर कहता है

करीम- मई तो आपने हरकत छोडूंगा नहीं.. और आज तुजे छोड़ के रहूँगा hi.

सिमरन करीम के तरफ देख कर है के कहती है..

सिमरन- नननननननाऊओऊ……..

Neverrrrrrrrrrr…. ऐसा कब्भी नहीं होगा… मई तेरे हाथ मई कभी नहीं आउंगी.. पहले उसकी तो आग buja…mere पीछे क्यों पड़ा है…

करीम- आग तो भुजङ्गा hi रांड…

करीम का लुंड भी अब पूरी तरह से सख्त हो चूका tha.......aab उसका दिल कर रहा था की अभी वो लता की छूट में अपना लुंड पूरा उतर दें...... करीम तेज़ी से अपना जीभ फेर रहा था.. एक बार फिर से लता पूरी तरह से गरम हो जाती हैं और अपनी गांड ऊपर नीचे हिलने लगती hain.......agale hi पल करीम अपनी एक ऊँगली हौले से लता की छूट में दाल देता हैं और अपना जीभ फिर से धीरे धीरे चलने लगता hain.......ungli अंदर जाते hi लता एक बार ज़ोरों से सिसक पड़ती हैं.......

लता – ooooooooouchhhhhhhhhh… aaaaaaaaaahhhhhhhhhaaaaaaaa… क्या कर रहईये हो करिमममममम….

करीम सिमरन की तरफ देख के कहता है..

करीम- क्या कर रहा हु…. रांड…

सिमरन कुछ नहीं बोलती..

करीम- बोल न रांड…

सिमरन न मई गार्डन हिलती है…

सिमरन – मुझे नहीं पता..

करीम- तेरे इस नाज़ुक सी गुलाभी छूट में मई अपनी गन्दी से काली मोती उंगली दाल रहा हु… बोल न रांड

करीम बोल न रांड धीरे से बोलता hai..Simran न मई गार्डन हिलती है..

करीम - बोल न रांड

सिमरन जानती थी अगर मैंने अब कुछ बोलै थो ये हमेशा मुजसे यही गंदे भाषा बुलवाएगा..

सिमरन- मई नहीं बोलूंगी…

करीम – क्या नहीं बोलेगी…

सिमरन – मुझे नहीं पता..

करीम अपनी ऊँगली ज़्यादा अंदर नहीं करता ......वो ाचे से जान चूका था की लता की छूट ज्यादा खुली हुई नहीं है... शयद उसका पति ज्यादा ठुकाये नहीं करता ........... ऐसा करीम सोचता है..

लता – इससे बहार निकालो.. बहोत दर्द हो रहा है..

करीम- क्या रांड.. उंगली नहीं ले पा रही है आपने छूट मई तो मेरा ये बड़ा लुंड ( लुंड आपने हाथ मई लेके सिमरन को दिखते hui)kaise लेगी तू आपने छूट मई..

करीम अब दूसरी भी उंगली डालता है..

लता- aaaahhhhhhhhhhhhaaa… aahistaaaaa..Karimmmm…

सिमरन ये सब देख कर सोच रही थी की कितना गन्दा इंसान है.. वह क्या कोई अपनी फिंगर डालता है.. मेरे प्यारे हस्बैंड ने तो मेरे साथ ऐसा कभी नहीं किया था.. और लता मैडम की तकलीफ की तो इस आदमी को कोई फ़िक्र hi नहीं है.. उनको उसके मोठे उंगली से तकलीफ हो रही है.. वैसे वो बता रही है.. फिर भी इसने वो उंगली निकलने के बजे वह अपनी दूसरी उंगली दाल दी.. बहोत hi घटिया आदमी है.. मेरे हस्बैंड तो मेरे तकलीफ की कितने केयर करते है.. अगर मुझे तोड़ी भी तकलीफ हुई तो आपने पेनिस बहार निकल लेते है… सेक्स के दरम्यान कितने बार पूछते है की जणू तुम कोई तकलीफ तो नहीं है न.. और इधर ये आदमी टोटल उलटा है.. और इसकी भाषा भी कितनी गन्दी है.. मेरे हस्बैंड तो कुश भी वल्गर बात नहीं करते.. ये तो कितना वल्गर बोल रहा है..

करीम – क्या … तेरा पति तेरे चुदाई रोज नहीं करता क्या ….

लता मस्ती मई है मई गार्डन हिलती है.. ये सुनकर सिमरन लता की तरफ आचर्य से देखती है…

लता – तुम ऐसे क्यों लगा…

करीम – तेरे छूट शादी के इतने सालो के बाद भी खुली हुई नहीं है…. वैसे भी वो साला बुद्धा तेरे जैसे माल को क्या छोड़ेगा…

ये बात करीम सिमरन की तरफ देख के बोलता है… लता की आँखे बांध थी ..

करीम – तेरा पति भी तुजे रोज नहीं छोड़ता क्या….

सिमरन की तरफ देख कर पूछता hai..idhar लता मस्ती मई थी… इस वजह से वो सुन नहीं पायी… और दूसरे तरफ सिमरन धीरे से आपने गार्डन को जतका देखे कहती है…

सिमरन – मुझे नहीं पता…

वो हौले हौले से अपना हाथ चला रहा था वहीँ जीभ से उसके क्लीसोतरील्स को छेद भी रहा tha.....ye सिलसिला भी ज़्यादा देर तक नहीं चलता और एक बार फिर लता वहीँ चीखते हुए फिर से बिलकुल ठंडी पढ़ जाती hain.......aab उसके जिस्म में जान बिलकुल नहीं बची थी.. अब वहीँ बगल में राखी तेल की शीशी करीम लेता hai........wo उसमें से कुछ तेल लता के छूट पर गिरता हैं और कुछ तेल वो आपने लुंड पर लगा देता हैं ......... अब तेल की वजह से करीम का लुंड चिकना हो गया tha...................wo हौले से आपने लुंड लता के छूट पर सेट करता हैं ....





लता - Karim....tumhara ये बहोत बड़ा है ...

करीम - ये ... क्या .. चैनल

लता करीम के लुंड की तरफ इश्हारा करती है... करीम सिमरन की तरफ देख के कहता है...

करीम - इस का कुछ नाम भी होगा न .... चैनल..

लता डरते हुई कहती है...

लता - प... ी... नीई.. सससस...

करीम - नाहीइ ... चैनल.... हिंदी मई .. बोल..

लता- मुझे नहीं पता..

करीम घुटनो पाई बैठता है और आपने तना हुआ लुंड हाथ मई लेके उसको हिलने लगता है... सिमरन के तरफ देख कर.. सिमरन ने शयद आपने पति के अलावा ये पहले लुंड देखा था.. और इतना बड़ा भी...

करीम - इससे लुंड बोलते है..

लता हां मई गर्दन हिलती है..

करीम- सिर्फ गर्दन हिलने से काम नहीं चलेगा ... बोल..

लता - लललललल..... उउउउउ ..... नंनंड्डड़

करीम- ये हुई न बात चैनल..

करीम- तेरे पति का इतना बड़ा है क्या...

लता न मई गर्दन हिलती है.. सिमरन के तरफ देख के पूछता है..

करीम- तेरे

सिमरन भी जल्दबाज़ी मई न मई गर्दन हिलती है... और सोचने लगाती है .. मैंने ऐसा क्यों किया..

करीम - तेरा पति ने आज तक तेरे अच्छे से चुदाई नहीं की है..... इस लिए तुजे अब मई चौडूँगा तो शुरवात में तुजे थोड़ा दर्द होगा ...... और कुछ खून भी निकल सकता hai......waise तू कुंवारी तो है नहीं लेकिन तेरे छूट देखकर लग रहा है तेरे छूट की सेवा अब तक नहीं हुई है .. इस लिए तुम बिलकुल मुट्ठ घबराना .......बाद में तुम्हें भी मज़ा आएगा......

लता के चेहरे पर दुर्र और एक्ससिटेमेंट दोनों का मिला जुला रूप था ....... उसका दिल बहुत ज़ोरों से धड़क रहा था...... ये सब देख के सिमरन सोचने लगी की पता नहीं वो इस दर्द को बर्दास्त कर पायेगी या nahin.......is वक़्त सिमरन के दिल और दिमाग में एहि सब सवाल चल रहे थे.....

जैसे hi करीम का लुंड लता के छूट को टच करता हैं अगले hi पल लता वहीँ सेहर जाती हैं.......





उसके जिस्म के रोएं एक बार फिर से खड़े हो गए थे ....... मगर चेहरे पर दुर्र अभी भी बरकरार था........ दूसरे तरफ करीम का बड़ा और काला लुंड लता के छूट पर रखा हुआ देखकर सिमरन दर रही थी..





जैसे की वो उसके छूट पर hi रखा हुआ हो… उसे ये सोच कर hi दर लग रहा था की इतना बड़ा पेनिस लता मैडम कैसे आपने अंदर ले legi….aab लता मैडम का बहुत बुरा हाल हो गए … शयद वो रो लेगी.. शयद उनको इतने बड़े पेनिस की आदत भी नहीं है… मुझे तो नहीं है.. मई अगर होती तो रो hi देती.. मेरे हस्बैंड का तो इतना बड़ा पेनिस नहीं है… करीम क्या बोलता है इससे… लललललल … उउउउउउउ .. ननणणन …. ड़ड़ड़ड़ ….. मई भी कितनी बुद्दू हु ये सब सोच रही हु… लगता है ये पागल आदमी मुझे पागल बना देगा…. मुझे ऐसा सोचना नहीं chahiye….ye सब गलत है… ये सब अब सिमरन सोच रही thi….sochate हुई स्माइल करती है आपने सोच पर..





इस वक़्त करीम के हाथ में आपने लुंड था......... वो लुंड आपने हाथ मई लेके सिमरन को दिखाकर पूछता है…

करीम – छोड़ू क्या… chinaaallllllllll……..

लता की आंखे बंद थी…. वो है मई गार्डन हिलती hai….Karim सिमरन को पूछ रहा था और लता को लग रहा था की वो उसे hi पूछ रहा है.. करीम सिमरन को देख रहा था.. सिमरन भी उसे hi देख रही थी… लेकिन कुछ नहीं बोलती… करीम फिर से पूछता है..

करीम – बता न चिनललललल …… ( धीरी से द्क्प कहता है)… चौडू क्या….

सिमरन करीम को देखकर कहती है ..

सिमरम – मुझे क्या पूछ रहे हो… उस को पूछो न….

करीम फिर से कहता है…

करीम --- बता न चिनलल…. रांदड़…… छोड़ू क्या….

लता – haaaaaaaaaa…..

करीम सिमरन को आँखों से इशारा करता है… और पूछता है… सिमरन करीम के आँखों मई देखकर कहती है..

सिमरन – हा…. मगर…. धीरीई…. से…..

करीम के आँखों मई अब हवस थी…

करीम – क्यों…

सिमरन – बड़ा है…

करीम – क्या…

सिमरन शर्मा जाती है… और आपने हातो मई आपने चेहरा छुपा लेती है..

सिमरन – मुझे नहीं पता..

फिर सोचने लगाती है… मई क्यों शर्मा रही हु… मई तो आपने हस्बैंड को भी कभी शरमाई नहीं… ये आदमी मुझे क्या बना रहा है.. मई इस को देख के शर्मा गयी की उसका वो देख के…. क्या मई इस आदमी की तरफ अट्रैक्ट हो रही हु… मई कैसे अट्रैक्ट हो सकती हु… ये कितना गन्दा इंसान है.. लगता है कितने दिनों से नहाया नहीं है… इसका बदन कितना कला है .. और मई कितनी गोरी हु… मेरा बदन किसी पारी से काम नहीं है.. और मई इस के तरफ कैसे अट्रैक्ट हो सकती hu..phir वो आपने हाथ झट से आपने फेस पाई से निकल देती है…

अब करीम थोड़ा खड़ा होता है… वो आपने घुटनो पाई बैठा tha..wahi घुटनो पाई खड़ा होता है.. आपने लुंड आपने हाथ मई लेके आगे पीछे करता है… सिमरन की तरफ दिखा कर..

करीम- अच्छा है क्या..

अब सिमरन उसके hi लुंड को देख रही thi…lekin कुछ नहीं बोल रही थी करीम फिर से पूछता है..

करीम- अच्छा है क्या..

सिमरन- मुझे नहीं पता..

सिमरन ये जवाब उसके लुंड की तरफ देखकर hi देती है.. उसकी नज़र करीम के लुंड पर जमी हुई थी.. वो वह से अपनी नज़र हटाना चाहती थी मगर हटा नहीं पा रही थी…

करीम- बड़ा है क्या..

सिमरन कुछ नहीं बोलती..

करीम- बड़ा है क्या..

सिमरन अब करीम के लुंड मई खो जा रही थी.. वो मदहोश हो रही थी.. वो आपने साँसों को काबू करते हुई कहती है..

सिमरन- मममुजे…. नाहीईई… पताआ…

करीम- तुजे पसंद आया क्या..

सिमरन जल्दबाज़ी मई अपनी गार्डन हां मई हिलती है.. और फिर सोचने लगाती है.. ऐसे कैसे मुजसे हुआ.. ये ठीक नहीं है..

करीम- तुजे पसंद आया क्या मेरा ये कला और मोटा लुंड..

सिमरन – मुझे नहीं पता..

करीम – बता न रांड…

सिमरन- मुझे क्यों पूछ रहे हो.. जिससे चाहिए उसको पूछो न…

करीम- तुजे नहीं चाहिए क्या..

सिमरन न मई गार्डन हिलती है..

सिमरन – नूवो.. नेवररररर..

करीम- फिर क्यों इससे इतना देख रही है..

सिमरन करीम के लुंड की तरफ देख कर कहती है..

सिमरन – मुझे नहीं पता..

अब करीम आपने लुंड लता के छूट पर सेट करता hai..Karim का लुंड जैसे hi लता के छूट को टच करता हैं वो एक हल्का सा ढाका देता हैं जिस से उसका लुंड लता की गुलाभी छूट में थोड़ा घुस जाता है.........





लता – aahhhhhhhhhhhhhhhaaaaaaaaa…. Jjjjjjjjjj……….aaaaaaa……….. mmmmmmmmmm….. aa…rrrrrrrr….. गगगग… ा…. aaaaaaaa…….yyyy..iiii… jaaaraaaa…rrr आए…. ड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ह्ह्हिरी… kkkkkkk……..aaaaarrrrrrriii………. mmmmmmmmmmm…..

उधर दूसरी तरफ सिमरन के मू से hi आह्ह्ह्ह निकलती है… जैसे की वो उसे hi छोड़ रहा है…

सिमरन- aaaaaaaahhaaaaaaaaaaaaa….. मर गयीईइ लता मडंमम…..

एक बार फिर से लता का मुँह पूरा खुल गया था ..... वो वहीँ ज़ोरों से सिस्का पड़ती हैं.......

लता – ahhhhhhhhhhhhhhhaaa..

उसका दिल बहुत तेज़ी से धड़क रहा tha.......udher करीम बिना वक़्त गंवाए एक करारा ढाका मरता हैं जिस से उसका लुंड का सूपड़ा लता की नाज़ुक छूट को चीरता हुआ अंदर घुस जाता हैं..... लता की छूट ज़ादा खुले नहीं हुई थी.. शयद उसके हस्बैंड का लुंड ज्यादा बड़ा नहीं था.. इस वजह से करीम को लता को छोड़ने मई ऐसा लग रहा था जैसे वो कोई कुंवारी छूट मर रहा है.. अगले hi पल वहीँ लता इस बार ज़ोरों से चिल्ला पड़ती हैं......

लता – aaaaaaaaaaaaahhhhhaaaaaaa..

करिमममममममम.. बहोत्ततत्तत्त.. डरडडडडडडड.. हो राहाआआआ.. हीी… थोड़ा धीरे डालो नाआआआ…..

वार इतना ज़बरदस्त था की इस ढ़ाके से ककरीम का लुंड करीब 4 इंच तक अंदर चला गया था......

करीम सिमरन की तरफ देखता है.. और आपने लुंड पूरा बहार निकलता hai…aur जोर से धक्का मरता है…





ये वॉर पहले से hi जबरदस्त था..

करीम- मुझे धीरे से छोड़ने मई मज़ा नहीं आता रांड…

सिमरन ये देख कर अपनी आँखे बंद करती hai..aur उसके मू से हलकी सी सिसकारी निकलती है….

इधर लता जोरसे इस बार चिलाती है…

लता- ooooooooooo .............. mmmmmmmmmmmmmmmm.......... uuuuuuuuuu ........ ममममम. ...... mmmmmmmmmmmmm ...... yyyyyyyyyyyyy...........

और वो वहीँ अपने दोनों हाथों से बिस्टेर को कसकर मसलने लगती हैं.........

करीम- कैसा लगा धक्का.. मेरे रांड..

सिमरन – पलज़्ज़ज़्ज़ज़…. जारहा…. धीरीईए… करूऊ…. नाहा……. उनको तकलीफ होगी…..

करीम- तूने मु तो ऐसा किया जैसे मैंने तेरे छूट मई लौड़ा डाला हुआ है… और तुजे उसे तकलीफ हुई है…

करीम के ऐसे कहने से सिमरन नार्मल होने की कोशिश करती hai..aur वो निचे देखने लगाती है..

करीम सिमरन के तरफ देखकर उसे पूछता है..

करीम- कभी छोड़ा है क्या तेरे पति ने ऐसे मेरे जैसे..

करीम के ऐसे कहने से सिमरन थोड़े देर के लिए ऊपर देखती है और फिर आपने गार्डन निचे कर लेती है…

करीम- बता न.. चैनल रांड….

लता – नाहीई… कभी…. नाहीइ..

सिमरन निचे देखते हुई hi ना मई गार्डन हिलती है..

करीम कुछ डियर तक यु hi रुका रहता हैं .... मगर लता की बेचैनी अब भी कम नहीं हो रही thi.....dard की वजह से उसके आँखों में आंसूओं आ गए थे....... उधर सिमरन आपने गार्डन ऊपर उठा के लता का हाल देख रही थी.. उसे भी अब बेचेँनी हो रही थी.. वो सोच रहे थे की अभी अगर मैडम का ये हाल है तो आगे क्या होगा.. इस आदमी से भगवन hi बचाये लता मैडम को..

करीम अब बड़े प्यार से लता के बालों पर अपना हाथ फेर रहा था....... उसके हूंतो को चुम रहा था..





करीब 2 मिनट तक करीम ऐसे hi चुप चाप लता के ऊपर लेता रहता हैं ...... कभी वो उसके बूब्स को चूसता तो कभी उसके होंठों को बड़े प्यार से चूम लेता.......

थोड़े डियर बाद लता की चीखें कुछ कम होती hain........udher सिमरन ये सब बड़े प्यार से देख रही थी.





अब करीम अपना लुंड पूरा बहार निकलता हैं और इस बार बिना समय गंवाए वो तेज़ी से अपना लुंड एक hi बार में पूरा अंदर दाल देता हैं...... इस बार लता वहीँ फिर से ज़ोरों से चिल्ला पड़ती है...............

लता- mmmmmmmmmmmmmm… उउउउउम्म्मम्म्म्मीईईईई…. माअररररर.. gayyyyyyyyyyyyyyiiiiiiiiii…. इसी…. Baharrrrrrrrrrrrrr……. निकालूऊऊ.. कररररररीईईईईमममममममम…. वर्ण.. मइईईईई.. मरररररररर.. जौंगीई….

एक बार फिर से उसकी आँखों में आंसूं और भी गहरे हो चुके the......dard से उसका बुरा हाल tha......wo अभी भी वहीँ बिस्टेर पर तड़प रही थी .... सिवाए उसे अब दर्द के अलावा कुछ भी ाचा नहीं लग रहा था.....

ये सब देख कर सिमरन का हाल भी बुरा हो चुक्का था… जैसे hi करीम आपने लुंड लता के छूट मई फिर से एक बार जोरसे डालता है सिमरन के मू से आवाज आयी..

सिमरन- myyyyyyyyyy… गॉड…. कोई इतने जोर से करता है.. क्या…

सिमरन सोचने लग गयी की ये आदमी है या जानवर.. कितना बेरहम इंसान है..

सिमरन के मू से आयी आवाज सुनकर करीम उसकी ओर देखने लग गया.. सिमरन उसकी ओरे देखते हुई कहती है..

सिमरन- इतने बेरहम मत बनो लता मैडम के साथ.. धीरे से करो न.. वर्ण वो मर जाएगी..

करीम सिमरन की तरफ देखकर कहता है..

करीम- नहीं मारेगी.. ये.. मई ऐसे hi हर कोई को छोड़ता hu…ye मेरे चैनल रांड है.. इसे कुछ नहीं होगा.. तू मत डर.. तुजे भी ऐसे hi चौंदूगा.. छुड़ेगी न मुजसे… मेरी रांड..

करीम ऐसे सिमरन की तरफ देख के बोलता है.. अब सिमरन करीम की तरफ देख रही थी लेकिन कुश नहीं बोल रही थी. करीम फिर से बोलता है..

करीम- बता न.. मेरिइइइइइइइइ डकपपपपप रांड….. छोड़ने देंगे क्या मुझे.. तेरे ये गुलाभी छूट को…

सिमरन करीम के आँखों मई देखकर कहती है..

सिमरन- पता नाहीइ…

करीम- छोड़ने दे.. तुजे तो मई इससे से बेरहमी से छोडूंगा.. इससे भी तेरा बुरा हाल करूँगा… एक बार तेरे छूट दे मुझे तू फिर जिंदगी मई दूसरे किसी से नहीं छुड़ेगी … तेरे पति से भी नही.. ये इस करीम का वादा है..

सिमरन चहरे पर कातिल ऐडा लेट हुई कहती है..

सिमरन- मुझे क्या मार डालने का इरादा है क्या..

करीम- तू दर मत मेरे द्क्प रांड..

सिमरन लता की तरफ इशारा कर के कहती है..

सिमरन- वो सुनेगी..

सिमरन- वो नहीं सुन पायेगी अब.. वो दर्द से बेहाल हो गयी है…

सिमरन हसकर कहती है..

सिमरन- तुमने उसका बुरा हाल किया है

करीम- तेरा तो इससे भी बुरा हाल करूँगा..

सिमरन- नहीं बाबा.. मई नहीं दूंगी तुम.. तुम मुझे भी रुलाओगे..

करीम- तू रोयेगी तो जरूर…

ऐसा कहके करीम हस्ता है और सिमरन आपने चेहरा बुरा बना लेते है..

लता अभी भी वहीँ दर्द से सिसक रही thi.......uski आँखों में आंसूं रुकने का नाम नहीं ले रहे थे ..... करीम बार बार उसके सर पर बड़े प्यार से हाथ फेर रहा था........ करीम कुछ पल तक यु hi अपना लुंड लता के छूट में रहने देता हैं और बरी बरी से कभी उसकी निप्पल्स को तो कभी उसके नरम होंठों को चूमने लगता हैं....... अभी भी लता वहीँ बेसुध बिस्टेर पर पड़ी हुई थी ...... करीब 5 मिनट के बाद लता काफी नार्मल होती हैं ........ अब उसका दर्द काफी हुड्ड तक कम हो चूका था ......... जब लता का दर्द काफी कम हो जाता हैं तो करीम सिमरन के तरफ देखकर कहता है..

करीम- छोड़ू क्या अब इस रांड को…

सिमरन करीम को देखकर हां मई गार्डन हिलती hai…Karim बिना एक पल गंवाए अपने कमर को धीरे धीरे बहार की ओरे पुश करता हैं और फिर एक और करारा ढाका मरता हैं अगले hi पल लता फिर से वहीँ ज़ोरों से चीख पड़ती हैं.......

लता – aaaaaaaaaaaahhhhaaa…. करिममममममममम… मारररर… दालुओजीए… क्याआ…

फिर से लता के आँखों से ांसो आहे लगते है.. ये देखकर सिमरन के मू से सिसक की आवाज आती है..

Simran—aaaaaahhhhhh.. मर गयी लता मैडम… आज तो लता मैडम की खैर नहीं..

ये सुनकर करीम हँसाने लगता है.. अब सिमरन बड़े प्यार से तसली से इनकी चुदाई देख रही thi........kabhi कभी वो आपने बूब्स पर हाथ रखकर उसे प्यार से सेहला देती.... लेकिन करीम के देखते hi आपने हाथ निचे कर देती … और नार्मल बनाना की कोशिश करती..

अब धीरे धीरे करीम के धक्कों की रफ़्तार बढ़ने लगी थी ....... वहीँ अब सिमरन का हाथ अब फ़ौरन अपने छूट के पास जाता है .. वो उसे सहला रही थी.. जैसे hi करीम की नज़र वह पड़ती है झट से सिमरन आपने हाथ निचे लेती है… करीम वो देखकर हस्ता है..

करीम- शर्मा मत मेरी रांड… सहला अपनी छूट को.. अब तो तेरा hi नंबर है..

सिमरन आपने चहरे पर कातिल ऐडा लेट हुई इशारे से.. गार्डन हिलाकर न न कहती है.. उस वक़्त उसके चहरे पर हलकी सी मुस्कान थी..





करीम- तुजे ये चुदाई अच्छी लग रही है क्या..

सिमरन है मई गर्दन हिलती है...

करीम- तुजे मेरे चुदाई पसंद आ गयी..

सिमरन स्माइल लेट हुई कहती है..

सिमरन- हां

Karim-to मुझे छोड़ने दे.. न..

तब सिमरन हसते न मई गर्दन हिलती है..

सिमरन- नू... नेवर... कभी नहीं मिलेगा... ओनली मेरे प्यारे हस्बैंड को मिल सकता है.. तुम नहीं.. कभी नहीं..

करीम- तो एक दिन के लिए मुझे हस्बैंड बना दे..

सिमरन - ऐसा नहीं हो सकता... तुम्हारे जैसे गंदे काला बुद्धा आदमी मेरे जैसे हसीं खूबसूरत एडुकेटेड लेडी का हस्बैंड कभी नहीं बन सकता..

करीम हस्ते हुई कहता है..

करीम- एक दिन तू मुजसे जरूर छुड़ेगी..

अब करीम अपना लुंड तेज़ी से चला रहा था........ करीम का ध्यान नहीं है ये देख कर सिमरन आपने छूट को आपने हाथ से रगड़ रही thi....aab सिमरन के अंदर की आग भी अब धीरे धीरे पिघलने लगी थी....... अब कमरे में उन दोनों की आहें गूँज रही थी......... और बहार सिमरन की.. हलकी से aahen…jaise जैसे करीम के ढाकों की रफ़्तार तेज़्ज़ होती जा रही थी वैसे वैसे लता की सिसकारी भी भड़ती जा रही थी...... करीम के हर ढाकों से सिमरन का हाथ जोरो से चल रहा था… और उसके मू से अब सिसकारियां जोरो से आ रही थी.. अब कोनसी सिसकारी लता की है और कोनसी सिमरन की ये पता करना मुश्किल हो गया था.. ये देखकर करीम हसते हुई कहता है..

करीम- ऐसे hi मेरे चैनल रांड… ऐसे hi कर.. मज़ा आ रहा है..

सिमरन हसते हुई कहती है..

सिमरन- हआ…

करीम- मई अच्छा छोड़ता हु क्या..

अब सिमरन का एक हाथ उसके आम को मसल रहा था और दूसरा हाथ उसके छूट को रगड़ा रहा था… सिमरन कातिल हसी लती है और करीम का जवाब हां मई गार्डन हिलके और मू से hi देती है..

सिमरन- हा..

करीम- तू छुड़ेगे न ममुजसे..

सिमरन- हआ…

उस पर अब सेक्स हावी हुआ था…

सिमरन- लेकिन .. कहा..

करीम- यहाँ..

सिमरन – कैसे हो सकता है… उसे पता चल जायेगा..

करीम- तू दर मत.. उसे कुछ नहीं पता चलेगा…

अब करीम सिमरन को देख के जोरो से लता को धक्के लगा रहा था.. और मू से और जोरसे.. और जोरसे कह रहा था.. वो सिमरन को आपने स्पीड बढ़ाने को कह रहा था.. वैसे वैसे सिमरन अपनी स्पीड बड़ा रही थी… अब वो और जोरसे आपने बूब्स को रगड़ रही और छूट को मसल रही thi…ye सिसलिला ज़्यादा देर तक नहीं चलता है और बस चाँद मिनटों में करीम ज़ोरों से चिलता है..

Karim-aaaaaaaaaaaaaaa...............ssssssssssssss...yeeeee…. लीईईई….. राण्डड्द….

ऐसा करते हुए करीम झरने लगता हैं वहीँ लता भी ज़ोरों से चिल्ला पड़ती हैं.... उसका भी ओर्गास्म हो गया था....

उधर सिमरन अपने छूट के दानों को तेज़ी से रगड़ रही थी और अपनी कमर को तेज़ी से ऊपर निचे कर रही थी.... थोड़े डियर बाद वो भी वहीँ ज़ोरों से सिसक पड़ती हैं … वो दोनों शांत हो गए थे इस वजह से आपने आवाज लता को न सुनाइए दे इस वजह से वो विंडो से बाजु होक आपने मू को एक हाथ से दबती है.. और सिमरन अब निचे बैठ जाती है.. अब वो तीनो किसी लाश की तरह बिलकुल ठन्डे हो जाती hain.........aab इस वक़्त कमरे में बिलकुल प्रियता tha.......koi किसी से बोल नहीं रहा tha....bus उनकी सांसें hi सुनाई दे रही थी.......... सिमरन जोर से साँसे ले रही थी.. उसका आवाज अन्दर न जाये इस वजह से उसने अभी भी आपने मू को आपने हाथ से दबा लिया था..

करीब 10 मिनट तक तीनों ऐसे hi पड़े रहते हैं.. दोनों अंदर एक बहार..

अब उठकर लता आपने छूट की तरफ देखने लगती है.. उसे वह करीम का वीर्य और कुछ खून ाचे से साफ़ दिखाए दे रहा था.. वो सोचने लगाती है ये खून कैसे पॉसिबल है.. मेरे शादी होक तो कितने साल हो गए है.. फिर खुद को hi कहती है.. मई भी कितने बुद्दू हु.. मेरे पति से करीम का लुंड कितना बड़ा और लम्बा है.. खून तो निकलेगा hi न.. ....... उसे अपनी छूट पूरी तरह से लाल दिखाई दे रही थी......... फिर वो करीम के छाती पर सर रखकर कहती है..

लता - तो आपने आपने मुन्न की कर hi ली न ......... आखिर अपनी लता मेमसाब को अपने नीचे ला hi दिया और उसको बुरे तरीके से रोड दिया …

इतना कहकर लता हौले से करीम को देखकर मुस्कुरा पड़ती हैं ..

वहीँ करीम एक बार पीछे गार्डन कर के विंडो की तरफ देखता है.. उसे वह सिमरन दिखाए नहीं देती है.. वहीँ बहार सिमरन के चहरे पर भी हलकी मुस्कान थी मगर साथ hi साथ शर्म की लखीर भी साफ़ दिखाई दे रही थी .........

करीम- क्यों मेरी jaan......aacha लगा न ये चुदाई........ अब तो तुम्हें लाइसेंस मिल hi gaya......aab जब दिल करे करीम का लुंड अपने छूट में ले लेना........

लता हां कहती है वही बहार सिमरन ये बात सुनकर उसका चेहरा शर्म से और भी लाल पढ़ गया tha.......aur वो हां मई गार्डन हिलती है.. उसके मू से हां मई अब रोज तुमसे छोडूंगी ऐसा शबद निकल पड़ता है.. और उसे आपने आप पर hi यकीं नहीं होता है की मैंने ये कैसे कह दिया.. उसे अब करीम के साथ चुदाई के बारे सोच कर hi शर्म आ रही थी..

करीम के चुदाई से लता थक गयी थी… करीम उसके तरफ देख कर कहता है..

करीम – एक राउंड और हो जाये..

लता- नहीं बाबा.. मेरे छूट अब भी दुःख रही है… कितने बेरहमी से तूने किया.. अब मई थक गयी हु… मुझे अब थोड़ा आराम करने दो…

करीम- ठीक है रांड.. हम दोनों hi सो जाते है..

लता करीम के शोल्डर पर आपने सर रखकर सो जाती है.. लता को एक मिनट मई hi नींद आ जाती है… लेकिन करीम के दिमाग मई सिमरन घूम रही थी.. वो सोच रहा था इस्को अन्दर लेके चोदे या बहार बालकनी मई..

वही बहार सिमरन इस वक़्त अपनी आँखें बंद की हुई अपने साँसों को संभालने की कोशिश कर रही थी...... अब करीम बहार जाता है.. बालकनी mai...Karim उसके पास जेक उसे बड़े hi प्यार से उसके चहरे को एक तुक देखने लगता hain.....uske चहरे पर हलकी से मुस्कान थी.... थोड़ी डियर बाद सिमरन झट से अपनी आँखें खोलती हैं और अपने सामने करीम को इस तरह घूरता हुआ देखकर उसका चेहरा फिर से शर्म से लाल पद जाता हैं ......





करीम अब निचे बैठ जाता है.. सिमरन के सामने..

इस वक़्त करीम के जिस्म पर एक भी कपड़ा मौजूद नहीं था.... वो नंगा hi सिमरन के सामने बैठा था…

सिमरन आँखे फाड़े करीम के बदन को देख रही थी.....





ऐसा पहला मौका था की वो इतने करीब से किसी मर्द को… उसके हस्बैंड को छोड़ के…. ( और शयद उसका हस्बैंड भी कभी उसके सामने नंगा बैठा नहीं होगा)… इस हालत में वो करीम को देख रही थी..... करीम का लुंड टेंट बना हुआ tha......jiske वजह से सिमरन का गाला बार बार सुख रहा tha......wo बड़े मुश्किल से अपने थूक को निगल रही थी....

करीम – कैसे लगी मेरे चुदाई…. द्क्प रांड…

करीम के इस तरह के सवालों से सिमरन झट से करीम के सीने पर अपने दोनों हाटों से मुक्के मरती हैं और उसके सीने में अपना सर रखकर अपनी आँखें बंद कर लेती है और धीरे से मुस्कुरा देती हैं.....

सिमरन- तुम सच में बहुत गंदे हो ......

सिमरन के इस तरह के बाटिओं से करीम अपने चहरे पर मुस्कान लेन से नहीं रोक पता.....

करीम- बता… न .. मेरे.. द्क्प रांड.. तुजे मज़ा आया की नहीं…

सिमरन आँखे बंद करते हुई कहती है..

सिमरन- मुझे नहीं पता… मुझे रांड मत कहो..

करीम- जब मई लता को छोड़ रहा था तो तू बड़े प्यार से देख रही थी…

सिमरन कुछ नहीं बोलती .. उसकी आँखे बंद थी… और वो शर्म से मरी जा रही थी.. और उसे थोड़ा थोड़ा अन्दर से बुरा भी लग रहा था की कोई आदमी उस से इतनी गन्दी भाषा मई बात कैसे कर सकता hai…koi उसे बार बार रांड कैसे बोल सकता है... आज तक उसके साथ ऐसा कभी नहीं हुआ था..

करीम- अभी कुछ डियर पहले तो तुजे घबराहट और शर्म आ रही thi.....aab कैसा लग रहा hai…....bata न मज़ा आया की नहीं.......

सिमरन एक नज़र करीम को घूर कर देखती हैं…





सिमरन- तुम ज़रा भी शर्म नहीं आती... भला इस तरह से कोई ये सब सवाल पूछता हैं kya.....main तुम्हारी तरह बेशरम नहीं hoon......jawo मैं नहीं बताती..... जाओ अन्दर उसके पास..

इसपर करीम हस्ता है..

करीम - लगता हैं मेरी ये द्क्प रांड मुझसे थोड़ी नाराज़ हो गयी हैं...... चलो मनाता हूँ....

करीम का ये खुद को बार बार रानन्द बुलाना सिमरन को पसंद नहीं आ रहा था …करीम सिमरन को डोमिनाते कर रहा था.. इस से पहले वो लोगो को डोमिनाते करती थी.. आज पहली बार द्क्प सिमरन को कोई डोमिनाते कर रहा था… इस तरह से किसी से डोमिनाते होने मैं सिमरन को मज़ा आ रहा था.. साथ मई करीम की गन्दी भाषा उसे पसंद नहीं आ रही थी.. वो असहज मई थी.. वो आपने गुस्से को काबू करने की कोशिश कर रही थी… मगर करीम के बर्ताव की वजह से वो आपने गुस्से को काबू मई करने मई असफल हो रही थी..

अब करीम अपना हाथ आगे ले जाता हैं और सिमरन के सीने पर अपना हाथ रखकर उसके सीने को धीरे धीरे मसलने लगता hain.......Simran के शर्ट के उप्पर से hi.. और अपना एक हाथ करीम उसकी छूट पर ले जाता है और अपने ुंगियों को वहीँ हरकत करने लगता हैं...... पंत के उप्पर से hi.. सिमरन आपने घुटने को फोल्ड करके बैठे थी.. इस वजह से सिमरन की छूट करीम के नज़रो के सामने थी… सिमरन की पंत गीली हुई thi..chut के जगह पर

करीम- लगता है मेरे द्क्प रांड बहोत गरम हो गयी थी.. लता की चुदाई देखकर…. यहाँ तो द्क्प ने आपने छूट का रास सारा गिरा दिया है….

सिमरन- ऐसे गन्दी बाते की तो मई तुमसे बात नहीं करुँगी… और यहाँ से चली जाउंगी... तुम मुझे द्क्प रांड बोलना बंद करो..

करीम- तू तो मेरे द्क्प रांड है hi न…

करीम के ऐसे कहने से सिमरन करीम की तरफ गुस्से से देखते है …





सिमरन- मई कोई किसी की रांड नहीं हु… मई द्क्प हु… समजे..

और ऐसा कह के करीम के आपने बूब्स पर रखे हुई हाथ को निकल देती है और आपने दोनों बूब्स पर आपने हाथ रख कर उसे छुपा लेते है.. करीम अब एक हाथ सिमरन के एक हाथ के ऊपर रखता hai..upar से उस के एक बूब्स पर आपने हाथ रख कर उसको दबा रहा था और दूसरे हाथ से उसकी छूट पर उंगलिया घुमा रहा था… और सिमरन ने अपनी दोनों हाथ आपने बूब्स पर राखी हुई थी… करीम के हरकत से और बातो से सिमरन श्रम से लाल हो चुकी थी …करीम के ताकत के आगे सिमरन कुछ कर नहीं पा रही थी.. सिमरन ने आपने बूब्स पर हाथ रखने के बावजूद करीम सिमरन के एक बूब्स को दबा रहा था..

सिमरन- करीम मेरे बॉडी से आपने हाथ हटा लो…

करीम- नहीं हटाऊँगा.. क्या करोगी…

सिमरन- मई एक पुलिस अफसर हु .. मुजसे जबरदस्ती बहोत महंगी पड़ेगी तुम…

करीम उसके एक आम को और छूट को जोरसे दबाता है..

करीम- क्या कर लोगी चैनल…

अब करीम भी जबरदस्ती पाई आया था और यही सिमरन को पसंद नहीं था.. उसपर अभी तक कोई हावी नहीं हुआ था .. और ये पहले बार सिमरन के साथ हुआ था की कोई उसके साथ ऐसा बर्ताव कर रहा था…

अगर करीम ये सब प्यार से करता तो सिमरन मन जाती.. मगर करीम सब कुछ आपने मर्जी से करना चाहता था और ये सब सिमरन को पसंद नहीं आता है.. वो गुस्से मई आकर बोलती है..





सिमरन- मेरे बॉडी से हाथ हटा लो.. मुझे यहाँ से जाना है…

करीम- चैनल… अब तू मेरे इज़ाज़त के बगैर कही नहीं जा सकती.. समजे…

सिमरन- नहीं.. मुझे जाना है..

करीम- अब मुझे यहाँ तेरे को छोड़ना है.. समाजी.. चैनल…

सिमरन – हाथ हटाने को बोलै न.. समाज मई नहीं आता क्या..

करीम- चल चैनल… अपने कपडे उतर...... मैंने तो अभी तक आपने इस द्क्प रांड को ठीक से देखा hi नहीं ..... ज़रा मैं भी तो देखूं की मेरी इतनी खुसुआरत और कड़क… द्क्प.. रांड.. बिना कपड़ों के कैसी लगती हैं......

करीम के ऐसे भाषा से उसे गुस्सा आ जाता hai…wo सोच रही थी की अगर मई चहु तो करीम को एक मिनट में उसकी औकात दिखा दो. . ये आपने आप को समजता क्या है… ऐसा सोच कर वो आपने बदन से करीम का हाथ हटा लेती है और कड़ी हो जाती है…

सिमरन - नहीं अब इस से ज़्यादा और कुछ नहीं करना मुझे.... मेरे साथ तूने आज जो कुछ किया है ये बहुत कुछ है.. मैंने आपने बदन को तेरे जैसे घटिया आदमी को हाथ लगाने दिया यही मेरी सबसे बड़ी गलती है..

अब सिमरन कड़ी हो जाती है… करीम फिर से सिमरन पे ज़ोर आज़माता है … सिमरन अब अन्दर जाने वाली थी तो करीम अपना ज़ोर दिखता है और उसके कपडे उतारने की कोशिश करता है.. सिमरन उसे ओपपोसे करती है..

सिमरन- क्या कर रहे हो करीम … तुम मेरे साथ …. ये नहीं कर सकते.. तुम…

करीम- क्या हुआ मेरे रांड.. तेरे आम तो मैंने पहले hi देख लिए है.. अब नखरा क्यों कर रही है.. आपने कपडे उतरने दे न मुझे…

सिमरन शुरू में बहुत प्रयास करती है विरोध करने का… . .पर वह ज़्यादा ज़ोर नहीं कर पति... .शुरू में करीम के बॉडी से लता के जूस का स्मेल आता है जो सिमरन को पसंद नहीं आ रहा था . . अब करीम उसका हाथ पकड़ता है… दोनों ने एक दूसरे के हाथ पकड़े हुई the…iss बार सिमरन सोचती एक बार इसे अपना ज़ोर दिखाना hi पड़ेगा… और ये सोच के करीम का हाथ मरोड़ के उसे उल्टा घुमा लेती है… . .अब सिमरन करीम का हाथ कास के मरोड़ती है… करीम को नहीं लगा था की सिमरन ऐसा कुछ करेगी.. उसे तो लग रहा था की ये अब आपने हाथ मई आयी है… बस थोड़ा नखरा कर रही है… इस्पे जरा जबरदस्ती करेंगे तो ये कुछ नहीं करेगी… पर सबकुछ उलटा hi हो गया… सिमरन के इस हमले के लिए करीम रेडी नहीं था..

सिमरन के हाथ मरोड़ने से उसे दर्द हो रहा था.. वो कुछ नहीं कर प् रहा था… वो दर्द से परेशां हो गया था.. परेशानी मई गालिया दे रहा था..

करीम- चैनल… छोड़ मुझे…

सिमरन- क्या हो गया बूढ़े… अपनी ताकत दिखा न..

ऐसा कहके फिरसे उसका हाथ और मरोड़ती है…

करीम- हरामी… दर्द हो रहा है… छोड़ न…

सिमरन- हां हां हां… मेरे साथ जबरदस्ती करेगा… मेरा नाम सिमरन कौर है… समजे…

करीम- मेरे द्क्प रांड… हाथ छोड़ ..फिर तुजे दिखता हु..

सिमरन फिर से उसके हाथ को मरोड़ती है…

सिमरन- मुझे रांड बोलता है क्या .. हरामी.. अब देख मजा..

करीम जितनी सिमरन को गली देता उतनी वह उसके हाथ मरोड़ती थी. . अब दर्द सहन करना करीम के मुश्किल हो रहा था

करीम – मेरीए.. द्क्प raand….haddiya बूढी हो गयी टूट जाएगी. .थोड़ा रहें कर…

सिमरन- इतना दर्द हो रहा है फिर भी मुझे रांड बोल रहा है..

करीम- तू तो मेरी रांड है hi ना…

करीम ने ऐसे कहते hi सिमरन फिर उसका दूसरा हाथ बे जोरदार पीछे उलटा घुमा लेती है…

करीम- मर… गया…

सिमरन- मुझे रांड बोलेगा..

करीम – नहीं.. बोलूंगा… छोड़ दे इस बार

सिमरन - उम्र रही नहीं मगर जवानी कूट कूट के भरी है तेरे मई..

करीम- वो तो रहेगी hi न… तेरी जैसा माल जब छोड़ने को मिलेगा तो..

सिमरन- तू मुझे छोड़ेगा हरामी…..

सिमरन गुस्से मई फिर उसके गांड पे ज़ोर से लेथ मरती है…

सिमरन- तूने सिमरन कौर से पन्गा लिया है.. ऐसे आसानी से तुजे छोडूंगी नहीं…

जैसे hi सिमरन लाठ मरती है वैसे hi करीम जोरसे चिल्ठा है.. इस वजह से सिमरन को बड़ा मज़ा आ रहा था.. सिमरन ऐसा hi तीन चार बार करती है.. इस वजह से करीम को बहुत दर्द होता है

सिमरन- बहुत गांड मरने का शौक है न. . तुजे..

करीम- हां.. है ..मेरी.. द्क्प रांड.. एक बार मेरा हाथ छूटने दे फिर देख तेरे गांड कैसे मरता हु..…

सिमरन- मेरे गांड मरेगा क्या हरामी.. देख अब तेरा क्या हश्र करती हु अब देख…

करीम- क्या करेगी…

सिमरन- तुजे दर नहीं लगता क्या…

करीम- किश से.. तेरे से क्या..
 
सिमरन- मेरे से तो तुजे डरना hi पड़ेगा… लेकिन मई बात काँटी शेठ की कर रही हु.. तूने उसके वाइफ के साथ किया है उस वजह से…

करीम- उस मई क्या डरना है..

सिमरन – हरामी… अगर कांतिसेठ को पता चला यह सब तो तू ज़िंदा नहीं बचेगा..

ऐसा कहते हुई वह बालकनी मई जो एक टेबल था वह करीम के दोनों हाथ को पीछे से पकड़ के जोरदार मू पे पटक देती है… करीम के मू पर टेबल जोरसे लगा था.. इस वजह से वो जोर से चिलता hai..aab करीम टेबल पे पड़ा tha..uski पिट सिमरन के सामने थी…

अब सिमरन के आँखों के सामने करीम की गन्दी सी काली गांड थी… पहले तो उसे ये देखकर बहोत गन्दा लग रहा था.. लेकिन बाद मई यह सोचके की करीम ने आलरेडी उसके के साथ बहुत कुछ कर लिया है उसे उतना बुरा नहीं लगती. .

सिमरन- जेक कपडे पेहेन ले..

करीम वैसे hi रहता है . . कुछ नहीं बोलता है.. बाद मई वो सोचती है अगर मैंने इससे कपडे पहने को छोड़ दिया तो वो मेरे हाथ से छूट के फिरसे मेरे साथ फ्लेर्टिंग करेगा… ये सोच के सिमरन करीम को कपडे पहने को कहती नहीं है और करीम भी यही चाहता था.. सिमरन खुश थी की वह उसके सामने कुछ कर नहीं प् रहा है … इस बात पर सिमरन उसका मज़ाक उड़ाती है. .

करीम- चूड मुझे चैनल…

सिमरन- मुझे चैनल बोल रहा है …

और उसके हाथ को थोड़ा घूमती है…

करीम- aaaaahhhhhha……aab नहीं बोलूंगा…

सिमरन- तुमने मेरे बूब्स देख लिए और चूस भी लिए. ..

करीम – मई तो तुजे नंगा देखना चाहता हु और तेरे छूट को चाहता हु.. मेरी .. चैनल… द्क्प.. रांड…

इस बात पर करीम के पिट पर सिमरन जोर से मारती है.. और सिमरन करीम से बोलती है ..

सिमरन- हरामी तू सुड्डारेगा नही…

करीम- तेरा जैसा माल अगर साथ मई हो तो कोण सुदराना चाहता है… चैनल..

सिमरन - बोल तेरी माँ चैनल है. .

करीम को सिमरन गुस्सा बहोत आ रहा था… वो सोचता है .. चैनल एक बार मेरा हाथ छूटने दे फिर दिखता हु चैनल क्या होता है… लेकिन दूसरी तरफ उसे दर्द भी बहोत हो रहा था… वो मजबबोरी में बोलता है. ..

करीम- मेरी माँ चैनल है…

सिमरन – तू इतना कमीना है की साले तू अपनी ामी को भी छोड़ेगा..

इस पर करीम हस्ता है…

करीम- साली… मई तो तुजे छोड़ना चाहता हु…

सिमरन- साले.. मुझे छोड़ेगा… तू अपनी औकात मई रह नहीं तो इससे भी ज्यादा बुरा हाल कर दूंगी..

करीम- मुझे छोड़ दे.. तुम जो बोलोगे .. वो मई करूँगा..

करीम को दर्द बहोत हो रहा था.. मगर जब ये वो जनता है की उसे जब दर्द हो रहा था तो सिमरन कुश होती थी.. उसका चेहरा खिल जाता था.. अब वो सोचता है अब सिमरन को थोड़ा मज़ा चकते है.. वैसे करीम किसी से भी हारना नहीं चाहता था .. मगर करीम छूट और गांड के लिए हार भी सकता ttha..wo हर हाल में सिमरन की छूट और गांड मारना छटा था. .ताकि उसका दबदबा सिमरन पे रहे.. उधर सिमरन करीम के हार से कुश thi….Simran खुश थी अपने पावर पे की करीम मुझपे ज़ोर नहीं आज़मा पाया. .वहां करीम भी समझ चूका की यह अलग टाइप की है … इससे अचे से आपने जाल मई लेना पड़ेगा.. वह हर हाल में उसे पाना चाहता था.. इसलिए उसे अपनी हार भी पसंद थी..

करीम- तू पहली औरत है जिस ने मुझपर ज़ोर आज़माया एंड हरा भी दिया. .अब मुझे बहुत बेचैनी हो रही है. .मैं बुद्धा भी हूँ कहीं हार्ट अटैक से मरना जॉन.

सिमरन - ..अभी तक तो बहुत खून दौड़ रहा था अब इतने जल्दी ऐसी हालत हो गयी.

करीम सच मैं काफी बेचैन हो गया tha..aur उसके पास्सेने भरी शरीर से साफ़ पता चल रहा था की वो कितना थक गया है. और दूसरे तरफ सिमरन खुश थी की उसने मज़े भी लिए और करीम को उसकी औकात दिखा भी दी. . सिमरन अब समझ चुकी करीम दर गया है अब उसे तड़पने में और मज़ा आएगा… वैसे देखा जाये तो सिमरन झाड़ चुकी एंड वह करीम के सामने खुल भी गयी थी. . अब वह सिर्फ करीम को तड़पना चाहती थी…

अब करीम बीच बीच मई गार्डन पीछे घुमा कर देखता है.. जैसे hi करीम पीछे देखता था सिमरन उसे आगे देखने को कहती थी… करीम ऐसे hi 4-5 बार करता है… बाद में सिमरन समझ जाती यह नहीं मानने वाला. . अब जब करीम पीछे देखता है तो सिमरन कुछ नहीं बोलती है.. इस वजह से करीम का कॉन्फिडेंस बाद जाता hai..Aab करीम देखता है की सिमरन का गुस्सा काम हो गया है. .

सिमरन- ऐसे क्या देख रहे हो …

करीम- मेरे द्क्प.. रांड के बड़े बड़े आम…

सिमरन को करीम फिर से ज़लील कर के बात कर रहा होता है और इस बार सिमरन उसे मन नहीं करती.. सिमरन जानती थी की मन करके कुछ फायदा नहीं है… जिस तरह करीम उसे बात कर रहा था सिमरन को उत्तेजना हो रही थी. . करीम के ऐसे गन्दी गन्दी भाषा से सिमरन फिरसे ओपन होते जा रही थी…

सिमरन- ऐसे देख रहे हो जैसे इस से पहले किसी के देखे नहीं..

करीम- देखे है लेकिन तेरे जैसे माल के देखे नहीं..

इस पर सिमरन आपने चहरे पर स्माइल लती है…

सिमरन- तो क्या देखा..

करीम – लता से भी बड़े हैं. .

करीम के ऐसे कहने पर सिमरन शर्मा जाती है.. सिमरन अब थोड़ा गरम हो गयी थी… वो बड़ी अड्डा के साथ करीम से पूछती है..

सिमरन- और किस किस के देखे है..

करीम- बहोत के..

सिमरन- इस घर मई..

करीम- लता के..

सिमरन- .. उस गन्दी माइड के साथ भी… कितनी गन्दी चॉइस है तुम्हारी…

करीम- मुझे क्या hai..sirf छूट चाहिए बस... कोई भी छोड़ने को दे .. तो मज़ा hi आता है..

सिमरन आपने चहरे पर हसी लती हुई कहते है…

सिमरन- तुम बहोत गंदे हो..

करीम- हां.. रांड वो तो हु..

सिमरन- उसके कैसे है..

करीम- मेरा मू सामने है.. मई कैसे तेरे आम देखे बगैर बोल सकता हु..

सिमरन- थोड़े देर पहले तो देख चुके हो न..

करीम- अब देखने दे न…

सिमरन- नहीं…

करीम- क्यों…

सिमरन- तुजे अगर मैंने थोड़ी भी आजादी दी तो तू इसका फायदा उठाएगा.. और मुझे सडके करना सुरु करेगा..

करीम- नहीं करूँगा..

सिमरन- मुझे पता है तू करेगा…

करीम- नहीं करूँगा जान…

सिमरन- मई तुम्हारी जान नहीं हु समजे… तुम्हारी जान अंदर सो रही है…

करीम- सिर्फ एक बार हाथ लगाके देखता हु.. फिर कह सकता हु लता के बड़े है या तेरे..

सिमरन मन करती है..

करीम- फिर सिर्फ यही टेबल से तेरे ये बड़े बड़े आम को पीछे मुद के देखने दे

सिमरन मन कराती है.. 2-3 बार करीम पूछता है…

सिमरन- वही जगह पे गार्डन घुमा के देखता है.. ज्यादा छलखि नहीं करनी है..

करीम- हां…

अब करीम अपनी गार्डन वही टेबल पे पड़े पड़े hi घूमता है.. थोड़े देर तक ु hi सिमरन के आम को देखता रहता है.. करीम जिस लालची नज़र से सिमरन के आम को देखता है उस वजह से सिमरन को शर्म आ रही थी.. वो थोड़े देर इधर उधर देखती है… फिर कहती है…

सिमरन- सिर्फ ु hi देखता रहेगा या और कुछ बोलेगा भी…

करीम- तेरे आम hi इतने मस्त है की वह से मेरे नज़र हैट नहीं रही है…

सिमरन- ज्यादा शहाणा मत बन .. पहले बता…

करीम- क्या बताऊ..

सिमरन- मुझे नहीं पता..

करीम- तो रहने दे..

अब तक करीम सिमरन के आम को देख कर hi उसे बाते कर रहा था…

सिमरन- किस के बड़े है…

आपने नज़र निचे जुका के सिमरन कहती है…

करीम- क्या..

सिमरन ने करीम के दोनों हाथ पकड़ के निचे गार्डन कर के करीम के पीछे कड़ी थी.. करीम उसकी तरफ hi देख रहा था..

करीम- बता न मेरे रांड.. किस के क्या बड़े है..

सिमरन - boo..bs

करीम- क्या .. हिंदी मई बोल..

सिमरन- आम

करीम- जरा विस्तार से bol..na ..तो मुझे समाज मई आ jaye..aise बोल न....

सिमरन- किस के आम कैसे है…

करीम हस्ते हुई कहता है

करीम- पद्मा के छोटे है . . तेरे से..

ऐसा कहके करीम सिमरन की तरफ hi देखता है…





सिमरन- ऐसा क्या देख रहा है मेरे तरफ….

करीम- मई सोच रहा हु….

ऐसा कह के करीम शांत वो जाता है.. सिमरन उसके आँखों मई देख के कहते है…

Simran—kya सोच रहे थे…

सिमरन के हाथो की पकड़ थोड़ी लूसे हुई थी ये देख के करीम उसे धीरे से अपनी तरफ थोड़ा खिंच लेता है… बहोत धीरे से करता है ताकि सिमरन को पत्ता न चले..

करीम- मैं एक गरीब सा टेलर हु जिसने दो तीन दिन से नहाया या खाया भी नहीं उसे अगर ऐसे सुन्दर और बहादुर पुलिस वाली को नंगा देखने को मिल जाये तो उसकी खुद्किस्मती होगी. .

सिमरन- कभी.. नाहीईई…

ऐसा कहके वो थोड़ी देर रुख जाती है…

सिमरन- ऐसा कभी नहीं होगा…

यह सब बातें सिमरन को अजीब सेंसिटिविटी देती है… अब करीम आपने एक हाथ सिमरन के आँखों मई देख के उसके हाथो मई से छुड़ा लेता है और उसके आम पर रख देता है… पर उसके आम को दबाता नहीं है..

करीम के आँखों मई देखते हुई सिमरन कहती है…

सिमरन- तेरे जिंदगी मई मेरे जैसे बहोत साड़ी औरते आयी होगी.. न..

करीम- बहोत साड़ी आयी है.. लेकिन तेरे जैसे तू अकेली है.. मेरे द्क्प रांड…

ऐसा कहते हुई उसके आम को जोरसे दबाता है….

सिमरन- आअह्हह्ह्ह्ह……

….. मुज मई ऐसा क्या स्पेशल है

करीम- तुम बहुत सूंदर हो. इतनी सूंदर औरत मैंने आज तक नहीं देखि. आला ने बहुत फुर्सत से बनाया लगता है तुजे. मैं तो तेरे सूरत पहली बार देखते hi तुज पर फ़िदा हो गया था. इतना सूंदर चेहरा हर किसी को नहीं मिलता.

सिमरन को अपनी टैरिफ ाची लगाने लगी थी…

सिमरन- और क्या स्पेशल है..

करीम - होंठ बहुत प्यारे हैं तेरे.( ऐसा कहते हुई उसके हूंतो पर आपने उंगलिया घूमता है) हर वक्त कामुक रास टपकता रहता है तेरे इस होंटो से. खुसनसीब है तेरा पति जो की उसे इतने रसीले होंठ चूसने को मिलते हैं.

फिर आपने चहरे पर हसी लेट हुई कहता है..

करीम- और आज से मई भी खुसनसीब हूँगा…

इसपर अपनी कातिल अड्डा के साथ सिमरन न मई गार्डन हिलती है..

सिमरन- और.. क्या स्पेशल है..

करीम- सिमरन तेरी ये चूचियों की तो बात hi निराली है. जब तू चलती है तो दोनों चूचियां कामुक अंदाज़ में ऊपर नीचे हिलती हैं. दिल बैठ जाता है मेरा उन्हें यु हिलते देख कर. चूचियों की मोटाई और गोलाई एक डैम मस्त है. जो भी उन्हें देखता होगा उसके मुँह में पानी आ जाता होगा. जैसे मेरे मुँह में आ जाता है.

सिमरन ने अपनी गार्डन निचे की हुई थी…

करीम- सिमरन तेरे गांड के बारे में क्या बोलू.. कुछ समझ नहीं आ रहा है. कातिल गांड है सिमरन तेरे . मेरे दिल का कतल कर दिया तेरे इस गांड ने. इतनी मस्त गांड मैंने आज तक नहीं देखि. जब तू चलती है तो गांड के दोनों गोल गोल तरबूज बहुत कामुक अंदाज में हिलते हैं. नपुंसक के लुंड को भी खड़ा कर सकती है सिमरन तेरे ये गांड. मेरा तो तेरे इस गांड के बारे में सोच कर hi बुरा हाल हो जाता है. लुंड बिठाये नहीं बैठता. ….मुझे पूरा यकीं है की तेरे जैसे अप्सरा की छूट भी काम कातिल नहीं होगी. बल्कि वो तो सबसे ज्यादा क़यामत ढाती होगी..

करीम ये बात सिमरन के आम को दबाकर बता रहा था… सिमरन की ऐसे टैरिफ.. इतने सेक्सी .. कामुक.. गंदे वर्ड्स मई किसी ने नहीं किट hi… और उसके सामने मई तो थोड़ा भी गन्दा वर्ड कोई उसे नहीं करता था… सिमरन को ये गन्दी वर्ड्स वाली टैरिफ पसंद आ गयी थी.. अब वो और बहकाने लगी थी..

सिमरन- इस घर में और कितनो के साथ किया..

करीम के आँखों मई देखते हुई कहती है…





करीम उसका एक आम को जोरसे दबाता है…

करीम- तुजे तो पता है hi.. लता को तो तेरे सामने hi छोड़ा है….

करीम सिमरन के हाथो मई से आपने दूसरा हाथ को चूड़ा लेता है….

सिमरन- उसके अलावा…

करीम अब घूम जाता है और पिट के बल टेबल पर सोया हुआ रहता है…

करीम- किसी को नहीं…

सिमरन हसती है…

सिमरन- तेरे बात पे मुझे ट्रस्ट नहीं है… तुमने और किसी न किसी के साथ कुछ न कुछ किया होगा hi…

करीम- कुछ न कुछ क्या… एक तो छूट मारी होगी या गांड मारी होगी..

सिमरन- वही.. वही..

करीम- वही वही .. नहीं क्लियर बोलो…

सिमरन- तुम बहोत गंदे हो … बताओ न…

करीम आपने दोनों हाथ सिमरन के कमर के पीछे दाल देता है… और उसे थोड़ा अपनी और खींचता है.. टेबल पे सोये हुई hi…

करीम- बताता हु.. तू बता तुजे छूट मरवाना पसंद है या गांड मारवाना..

सिमरन अपनी आँखे बंद करके निचे देखने लगाती है…





सिमरन- मुझे नहीं पता..

करीम – बता न चैनल..

सिमरन- मुझे नहीं पता…. तुम बताओ न.. और किस के साथ किया.. इस घर मई..

करीम सिमरन को आपने बदन पे गिरा देता है…

करीम- बता न… क्या पसंद है तुजे.. छूट छुड़वाना या गांड मरवाना..

सिमरन निचे गार्डन करके अपनी आँखे बांध करके कहते है…

सिमरन- हर औरत को जो ज्यादा पसंद है वही मुझे भी…

ऐसा कहके आपने चेहरा हाथो से छिपा लेते है… शर्म से..

करीम- मतलब ..छूट…

सिमरन हां मई गार्डन हिलती है..

थोड़े देर बाद सिमरन आँखे खोल के करीम की तरफ देखते हुई कहते है..





सिमरन- बताओ न.. कोण है..

करीम- है एक…

करीम आपने चेहरा सिमरन के चहरे के पास लता है…

सिमरन- कोण है…

करीम- सिमरन कौर..

सिमरन के आँखों मई हवस थी और फेस पर सेक्सी स्माइल थी… करीम उसके आँखों मई देखता है.. जैसे hi सिमरन उसके तरफ देख कर स्माइल देते है वैसे hi करीम उसके गुलाभी हूंतो पर आपने काळा हूंठ रख देता है…





जैसे hi करीम उसको किश करता है वैसे hi सिमरन उसे धक्का देती है.. और पीछे हैट जाते है…

सिमरन- चल हैट.. तूने समाज क्या रखना है मुझे...

अब वो वाल से सट्टे हुई कड़ी थी.. सिमरन अब कातिल निगाहों से उसको देखने लगी थी...





करीम- मेरी द्क्प रांड..

सिमरन- तेरी रांड अन्दर सोई हुई है.. उसके पास जा..

करीम- वो तो अब मुझे रोज छुड़ाने को देगी..

Simran-fir जा न उसके पास..

करीम- मुझे अब नयी छूट चाहिए..

Simran-bahar जेक ढूंढ ले..

ये बोलते हुई सिमरन के चहरे पर स्माइल थी..





करीम- सामने hi छूट हो तो बहार क्यों ढूंढ लू ...

सिमरन- यहाँ कोई नहीं है..

करीम- क्या नहीं है...

सिमरन - मुझे नहीं पता...

और निचे गर्दन कर के कहती है.. धीरे से....

सिमरन- कमीना कही का... बहोत चालू चीज़ है ये... मुझे बच के रहना पड़ेगा इस से..

करीम टेबल पर बैठा हुआ था.. जब ये बात चल रही थी तब सिमरन की नज़र करीम के लुंड पर जाती है.. ये देख कर करीम आपने लुंड हाथ मई लेके हिलता है..

सिमरन को अपनी आँखों पर यकीन नहीं हो रहा था. जो ये सब वो देख रही थी उसपर. एक द्क्प के सामने एक बुद्धा घटिया आदमी अपने हाथ से अपने लुंड को तेजी से हिला रहा था. ये मेरे सामने ऐसे कैसे बैठ सकता है… और मई कुछ कर नहीं पा रही hu..jiase ही सिमरन की नज़र उसके 9 इंच लम्बे और 3 इंच मोठे लुंड पर padhi….Simran की तो मनो जैसे साँसे ही रुक गयी हो. थोड़ी देर पहले करीम का लुंड देखा था पर इतना क्लियर नहीं देखा था उसने… वो सोच रही थी की मेरे पति का कितना गोरा है और ये कितना कला है… फिर भी मई इससे देखे जा रही हु.. लेकिन ये कितना मोटा और लम्बा है.. मेरे हस्बैंड का ऐसा नहीं hai..Karim का काला लुंड इतना बड़ा था की उसके छूट मैं एक तीस से उठी. और उसके छूट मैं झुरझुरी से दौड़ गए….

सिमरन को करीम के लुंड को देखते हुई श्रम तो आ रही थी पर उसके छूट के आग और बढाती जा रही thee……wo एक दम से बोखला सी गए. और उसने अपनी नज़र दूसरे और घुमा ली.. पर फिर भी करीम का वो फुंकारता हुआ लुंड उसके आँखों से हैट नहीं रहा था. ….अब्ब उसके छूट के खुजली और बढ़ चुकी थी…. सिमरन थोड़ी देर उसके लुंड को देखती तो थोड़ी देर दूसरे तरफ देखती..

अब करीम टेबल पे से निचे उतर चुक्का था और सिमरन की तरफ देखते हुई उसकी तरफ आ रहा था…

सिमरन- मेरे तरफ मत आ तू..

करीम- क्यों..

सिमरन- तुम नज़दीक आओगे और मेरे बॉडी को छुओगे..

करीम- तो क्या होगा उसे…

सिमरन अपनी नज़र दूसरी तरफ ले जेक कहती है..

सिमरन- तुम्हारे टच से कुछ हो जाता है मुझे..

करीम अब सिमरन के पास आ चुक्का था..

करीम- क्या हो जाता है मेरे रांड को.. मेरे टच से..

सिमरन- मुझे नहीं पता… लेकिन कुछ हो जाता है..

अब सिमरन आँख फाड़े करीम के बदन को देख रही थी.....





ऐसा पहला मौका था की वो इतने करीब से किसी मर्द को इस हालत में देख रही थी..... उसका हस्बैंड भी कभी ऐसा पूरा नंगा उसके सामने नहीं आया tha...Karim का लुंड तना हुआ tha......jiske वजह से सिमरन का गाला बार बार सुख रहा tha......wo बड़े मुश्किल से अपने थूक को निगल रही थी....

करीम सिमरन के गाल पर हाथ रखता है.. सिमरन वो झटका देके हटा देते है.. फिर वो उसके आम को टच करता है.. सिमरन उसको भी हटा देते है..

सिमरन- दूर हो जाओ मुजसे.. मेरे पास मत आओ..

सिमरन जब ऐसे बोलते है तब करीम उसके और पास आ जाता है.. करीम की तरफ देखकर थोड़ी स्माइल देती है…

सिमरन- तुम सुदरोगे नहीं.. मई तुम दूर होने को कह रही हु और तुम और मेरे पास आ रहे हो…

अब करीम आपने एक हाथ सिमरन के बाल के पीछे ले जाता है और उसकी हेयरपिन निकल लेता है..

सिमरन- उसको क्यों निकला..

करीम- इससे मेरे रांड और सेक्सी लगगे..

इसपर सिमरन स्माइल देती है..





करीम की छाती नंगी थी.. सिमरन उसके चाहती की तरफ देख रही thi..Karim ने सिमरन के हातो को पकड़ा और बोलै…

करीम- तेरा बदन hi ऐसा है की मई तुम्हारे तरफ आटोमेटिक खींचता चला आ रहा हु..

इस पर सिमरन हसती है.. और अपनी कातिल अड्डा के साथ कहती है…

सिमरन- बदमाश.. हर औरत को ऐसे hi पटटे होंगे…

करीम- नहीं… ऐसे नहीं..

करीम अब सिमरन का हाथ आपने हाथ में पकड़ के आपने चट्टी पर रखता है..

सिमरन- तो कैसे…

करीम- हर औरत को पटाने का एक अलग अंदाज़ होता है.. ये तो सिर्फ तुम्हारे लिए है…

अब करीम अपनी छाती के बालों को प्यार से सिमरन के हातो से सहलाने लगता है. फिर वह झुक कर करीम सिमरन के गलों पर अपने होंठ रख दिए और उसको एक किश कर दिया.. बिना किसी हिचक और बिना कोई दर के करीम सिमरन के छाती से लिपट gaya.aur करीम ने उसके गलों को चूमना शुरू कर दिया.. सिमरन जल बिन मछली की तरह तड़प रही थी. वो करीम की बाँहों में आने के लिए रेडी तो थी मगर वैसे दिखा नहीं रही थी..

करीम को अब मजा आने लगा था. बड़ी मुश्किल से सिमरन खुद की साँसों पर काबू प् रही थी.

करीम- तू अब छुड़ाने के लिए रेडी हो जा…

सिमरन न मई गार्डन हिलती है..

करीम- यहाँ बालकनी मई छुड़ाने के लिए दर रही है क्या..

सिमरन हां मई गार्डन हिलती है..

करीम- दर मत… कुछ नहीं होगा.. यहाँ कोई नन्ही आएगा…

करीम झुक कर आपने मर्दाने होंठों को सिमरन के कोमल से गुअलभि लबों में कैद कर लिया.





सिमरन ने करीम को धक्का दिया और आपने से दूर किया…

सिमरन- मेरे साथ ऐसे छलखि नहीं चलेगी… समजे…

करीम आँखें फाडे सिमरन के आम को देखने लगा. उसके शर्ट के उप्पर से hi..aam तो मनो भगवन ने मोडल के रूप में ढली हों. वैसी जैसे मनो भगवन ने अपनी मर्ज़ी से उनको मन चाहा रूप दिया हो... उनमें मनचाही मस्ती भरी हो... कैसे सीना तने अपनी उचाई और गोलाई पर घमंड कर रही हों जैसे. ये सब देख कर करीम का लुंड बेकाबू होता जा रहा था.

करीम ने अब सिमरन के हाथ को अपने हाथ में लिया और उसको उसके hi छाती पर दबा दिया.

सिमरन- … आह !

सिमरन की सिसकी निकल पड़ी. करीम सिमरन के हाथ से उसके आम दबाने लगा.. जैसे उसका रास निकलना छह रहा हो.

करीम सिमरन से और चिपक गया. दोनों की छातियां आमने सामने थी. ऐसा लगा अभी महासंग्राम होगा!

करीम ने सिमरन के होंठों को अपनी जीभ से जबरदस्ती खोल दिया और जीभ उसके मुंह में घुसा दी.





सिमरन को उसकी सिसकियाँ साफ़ सुनाई दे रही थी.

सिमरन अपनी गार्डन पीछे हटा लेती hai…uske चहरे पर कातिल अड्डा थी..





सिमरन- बहोत जल्दी है क्या…

करीम- अब साबरा नहीं होता.. रांड..

सिमरन हस्ती है…

सिमरन- साबरा का फल मीठा होता है…

सिमरन अपना मुंह करीम के हूंतो के पास ले गयी और उसके काळा हूंतो पर अपनी जीभ फिरने लगी…

क्या मस्त स्टाइल था. करीम को अब पता चल गया की अब आगे से उसको कुछ करने की जरूरत नहीं है ..ये रांड hi सबकुछ करेगी..

आश्चर्यजनक रूप से पहली बार hi सिमरन ने अपने होंटो को पूरा खोल कर करीम के निचले हूंठ को कैद कर लिया. और उसको सूचक करने लगी..





फिर वो वह उस पर जीभ फिरने लगी.. अब सिमरन ने करीम के दोनों हूंठ अपने मू मई ले लिए.. और उसको चूसने लगी…

अब वो सिमरन के होंटो को चूस रहा था और दूसरी तरफ आपने हाथो से उसके दोनों आम को दबा रहा था… करीम तो जैसे आसमान में उड़द रहा था अब. वह मजे ले रहा था. अब सिमरन भी गरम हो चुकी थी… सिमरन उसके कानों को चाटने लगी… चबाने लगी. करीम को उसकी तानी हुयी चूचियां अपनी छाती में चुभती महसूस हुयी. इतनी sakht....a...aah!

इस वजह से अब सिमरन ने आँखे बंद कर li.Simran के दिल की धड़कन तेज हो गयी.

आगे बढ़कर करीम ने उसको अपनी बाँहों में उठा लिया. और प्यार से बोलै

करीम- मैडम खुद तो पूरी तरीके से तैयार बैठी हो और दिखा ऐसे रही है जैसे ये सब कुछ तू चाहती hi नहीं..

सिमरन ने प्यार से उसकी छाती पर घूँसा जमाया और उसके गलों पर किश किया.

करीम ने फिरसे सिमरन के हूंतो को चूमना शुरू कर दिया… सिमरन ने आँखे खोले और उसका जवाब diya..Karim को वो भी चूसने लगी थी… जब सिमरन ये कर रही थी तब करीम आपने दोनों हाथ से उसके दोनों आम को दबा रहा था..

सिमरन उसको चूस रही थी और करीम उसके शर्ट के बटन निकालता है…. अब वो ब्रा के उप्पर से उसके आम को दबाता है.. थोड़े der..thode देर बाद करीम अपना हाथ आगे की ओरे सरकता हैं .. शोल्डर की ओरे और उसके जिस्म पर का शर्ट अपने हाथों में लेकर उसे तुरंत उतरने लगता है.. ...... कुछ hi डियर में उसका शर्ट उसके बदन से अलग हुआ था… उधर दूसरी तरफ सिमरन बेकाबू हो चुकी थी. वो जोर जोरसे करीम के हूंतो को चूस रही थी…

करीम आपने एक हाथ सिमरन के पंत के ज़िप के पास ले गया… जैसे hi वो ज़िप निचे करने लगा वैसे hi सिमरन उसको पकड़ लेती hai..aur किश करते करते hi न मई गार्डन हिलती है.. फिर करीम सिमरन का वही हाथ पकड़ के आपने लुंड तक ले gaya…kiss की वजह से सिमरन पहले से hi गरम हो चुकी थी… अब करीम का लुंड सिमरन के हाथ से जा टकराया. सिमरन ने तो पहले उसको टच नहीं किया लेकिन करीम ने उसके हाथ को पकड़ के उसके हाथ मई आपने लुंड थमा दिया.. थोड़ी देर बाद सिमरन उसपर हाथ फेर कर उसकी सख्ताई और मोटाई का अंदाजा लगाने लगी. उसकी साँसे उखड गयी थी, बल बिखर गए थे.. .

सिमरन अब बहोत ज्यादा बेकाबू हो गयी थी.. ऐसा लग रहा था अब सिमरन को किसी बात का डर नहीं है ... न आपने पति का न जमाने का दर है… जैसे वह जान गयी हो की अब उसका करीम hi सबकुछ है… वह अब इतनी बेकाबू हो गयी थी की करीम का रोड जैसे शख्त हो चुके उसके लुंड को आपने हाथ मई पकड़ के उससे hi रगड़ने लगी… हिलने लगी थी... ये देख कर अब करीम ने सिमरन की पंत जीप निचे कर दी. अब सिमरन की नंगी कमर मई हाथ डालके करीम सिमरन को अपने पास खींचता hai.Simran का जिस्म उसके इतने पास है की उससे सिमरन के जिस्म की खुशबू आती hai.Simran अब करीम की हरकत और बातो से और सिहरती hai.Waise तो सिमरन खुद बिजी रहती थी और उसका पति भी बिज़नेस मई बिजी रहता था इस वजह से पति के साथ वो ज्यादा सेक्स नहीं कर पति thi..itne सालो से उसने अपनी फीलिंग्स पे कण्ट्रोल रखा था पर आज इस करीम के सामने वो बेबस thi.Simran उससे रोकना चाहती थी लेकिन वो रुख नहीं पा रही thi..ek तो उसके गन्दी भाषा और उसके हरकत की वजह से सिमरन गरम हो चुकी thi.Karim की बातो और टच से उससे अंदर से ऐसा फील हो रहा था है की करीम आज उसे छोड़के hi रहेगा.. वो hi एक असली मर्द हो .. ऐसा उसे लग रहा था.. इस वजह से सिमरन की छूट बहुत गीली हो चुकी thi.Karim उसके साथ बिनधास्त होक बात और हरकते कर रहा tha.Woh करीम से शर्मा भी रही थी क्योंकि एक अनजान मर्द … जो उसे 1-2 घंटे पहले मिला ho…uske जिस्म से ऐसे खेल रहा था जैसे वह उसकी बीवी या रखैल या कोई रंडी hai.Aab सिमरन के साइन पे करीम का हाथ घूमता है.. बीच बीच मई वो उसके आम को दबाता भी है..

सिमरन अब करीम का हाथ लगने से सिकुड़ रही थी और उससे शर्म भी आ रही थी ..पैर उसे मज़ा भी आ रहा था ..उसकी छूट की गर्मी अब उसके दिमाग पे हावी हो गए thi.Lekin फिर भी यह सब होते वक़्त भी सिमरन शर्मा रही थी लेकिन अब वह चुदाई के लिए तड़प रही thi…Karim सिमरन के कमर से पीछे हाथ दाल के उसे आपने और जोरदार दबाता है.. उस वजह से सिमरन जरा दर जाती है..

सिमरन- ोुछहहहहहह….

अब करीम एक हाथ सिमरन के कड़क आम पर रखता है और उसे दबाने लगता है.. आम को रगड़ते अब करीम का एक haath..kamar वाला.. सिमरन की गांड पे आता है और करीम उसकी टाइट गांड मसलता hai.Simran का मस्त जिस्म मसलते करीम सोचता है की यह साली द्क्प ने खुदको मस्त मेन्टेन रखा hai.Is रांड को छोड़ने मई बहोत माज़ा आएगा. लेकिन इसको तडपके छोड़ना पड़ेगा… जरा आपने स्टाइल से.. तभी असली मज़ा milega..Simran सिसकारियां लेते मज़े से अपना जिस्म करीम से मसल के ले रही थी..

करीम अब सिमरन को घूमता hai..uski पिट अब करीम के छाती को टच कर रही थी.. अब करीम एक हाथ सिमरन के गार्डन से आगे डालते हुई उसके आम पर रखता है और दूसरा हाथ उसके नवल पर रखता है.. अब करीम धीरे धीरे सिमरन के आजम को दबा रहा था..

अपने आम पे घूमता हुआ करीम का हाथ खुद अपने आम पे सिमरन जोरसे दबाते है.. उसपर करीम बोलता है.

करीम- आहहहआ… मज़ा आ रहा है मेरे रांड को…

आहे भरते वो अब करीम से अपना जिस्म मसलके ले रही थी.

करीम- बता न चैनल.. मज़ा आ रहा है क्या तुजे..

करीम की बात सुनके सिमरन की छूट मई और भी कुलबुली सुरु होती है.

सिमरन – मुझे नहीं पता..

और अपनी आँखे बंद करती है..

अब करीम सिमरन के कमर पे जो हाथ था वो आपने लुंड पे ले जाता है और अपना लुंड उसकी गांड पे रगड़ता है.. करीम के अब डायरेक्ट एक्शन से सिमरन खुश होती hai.Apni गांड पे करीम का मोटा लुंड जैसे hi उससे फील होता है वह बेक़रार हो जाती है चुदाई के liye.Karim के लुंड का साइज उससे अपने पति के लुंड से बड़ी फील होती है.

अब करीम वो हाथ सिमरन के ज़िप के वह ले जाकर उसके खुले हुई ज़िप से अन्दर डालता hai..aur सिमरन की छूट चड्डी के उप्पर से सहलाने लगता है.

सिमरन- aahhhhhhhhhhhaaaaa…

Karimmmmmmmmmmm…

ऊँगली से सिमरन की छूट रगड़ते करीम बोलता है..

करीम- आहहहा.. मेरी.. रांदड़.. तो मुट्ठ रही है..

इसपर सिमरन हसती है..

सिमरन- बदमाश वो मूत नहीं है..

करीम सिमरन के पंतय के साइड से अपनी उंगली अंदर डालता है…

सिमरन- aaaaaahhhhhhhhhhhhhhhha.. Karimmmmm…plzzzzzzzzzzzzz…

करीम अपनी बड़ी उंगली सिमरन के छूट के अंदर डालता है..

Simran—plzzzzzzz………nooooo….

करीम- तो क्या है…

सिमरन- इतना के साथ किया है तो तुम पता होना चाहिए न..

करीम- तू बता न रांड…

सिमरन- मुझे नहीं पता..

करीम अब दो उनगली उसके छूट के अंदर डालता है.. और उसे आगे पीछे करता hai..aur दूसरी तरफ उसके ब्रा के निचे से एक हाथ दाल के उसे एक आम के निप्पल को खींचता है… इस वजह से सिमरन तड़प उठाती है..

करीम- छूट का रास…

सिमरन हां मई गार्डन हिलती hai..aab करीम छूट मई उंगली दाल रहा था और ऍम के निप्पल खिंच रहा था..

सिमरन- आआआअह्हह्ह्ह्हह्हआआ… करिममममम…… जराहा.. धीरीईई… नाआआआ…

करीम- मेरे द्क्प सिमरन रांड के छूट का रास…

सिमरन- हआ…

करीम- सिमरन मई जनता था की तू झूट बोल रही थी …जाने का नाटक कर रही थी.. लेकिन असल मई तू पहले से hi छुड़ाना चाहती थी… मई वह मर्द नहीं जो औरत के सामने झुकू यह याद रख चैनल…

सिमरन कुछ नहीं bolati...Woh हाथ उठके पीछे करीम की गर्दन मई डालते और अपना सीना आगे निकलते है. इससे से करीम को उसके आम मसलने मई आसानी हो रही thi..Simran की छूट रगड़ने से और दूसरे हाथ से निप्पल्स को सहलाने से सिमरन मचलती hai.Karim के कड़क हाथ उससे अपने दूध को मसलते अचे लगते hai.Apni टाइट छूट पे घूम रहे हाथ उसकी छूट को और गरम करते hai.Karim अब सिमरन को पागल कर रहा tha.Karim एकदम बींधसत होक उसका जिस्म मसल रहा था. मस्ती मई सिमरन अपनी गांड ज़रा पीछे करते हुई करीम के लुंड पर दबती है..

करीम अपना खड़ा गरम लुंड सिमरन की गांड पे और जोरसे रगड़ता है और साथ मई उसके मम्मी मसलने लगता hai.Simran तो आँखे बंद करके जोरसे सास ले रही थी बस और कुछ नहीं कर रही थी.. आम के निप्पल करीम के मसलने से एकदम टाइट खड़े हो जाते है ..उसकी छूट गिल्ली होने से पंतय गिल्ली हुई होती है.

सिमरन करीम का लुंड अपनी गांड पे रगड़ने से तड़पने लगती है. अब उससे ऐसा लगता है जैसे करीम उसका लुंड उसकी नंगी गांड पे मसल रहा hai.Jaise- जैसे करीम सिमरन की छूट और आम मस्ती से मसलते रहता है तो सिमरन को और भी बेचैनी होती है और वह आखे बंद करके मोअन करके मज़ा लेने लगती hai.Karim की ऊँगली सिमरन की छूट के रास से गिल्ली होती है जिसे वह एक बार सिमरन को देखके चाट लेता hai.Phir दो उंगलियों से उसकी छूट को मसलते करीम सिमरन को तड़पने के लिए बोलता है

करीम- तेरा पति तुजे रोज छोड़ता है क्या..

सिमरन कुछ नहीं बोलती..

करीम- बता न रांड…

सिमरन न मई गार्डन हिलता है..

करीम- इतना मस्त माल और तेरा पति तुजे रोज नहीं छोड़ता...

सिमरन इस पर हस्ती है..

करीम- मई होता तो दिन मई दस बार छोड़ता..

सिमरन- और मुझे अभी तक मार डालते..

अब करीम पंत के उप्पर से सिमरन की गांड पे लुंड रगड़ते हुई आगे से पंतय मई हाथ डालके सिमरन की नंगी छूट को ऊँगली करते कहता है

करीम- साली सिमरन तू भी कोई बाजारू रांड जैसे गर्म माल है.

सिमरन- मई कोई बाजारू नहीं हु…

करीम- देख कैसे बाजारू रांड की बात सुनते तू खुद तेरा जिस्म मसलके ले रही hai.Behanchod एकदम रांड है तू किसी बाजारू रांड jaisi.Badi गर्म चैनल माल है तू…

सिमरन आज शादी के बाद पहले बार एक पराये मर्द के सामने karib-karib नंगी कड़ी थी.. सिमरन सोचती hai..mai इतना सब कुछ इस गंदे आदमी को करने दे रही हु और ये आदमी मुझे बाजारू कह रहा है.. इस बात पर सिमरन को गुस्स आ रहा था.. गुस्से मई सिमरन बोलती है..

सिमरन- मई कोई बाजारू रांड नहीं हु.. मई मेरे पति के अलावा सिर्फ ये सब तुम hi करने दे रही हु..

करीम- तेरा पति इतना सब करता है क्या तेरे साथ.. बाजारू रंडी..

सिमरन न मई गार्डन हिलती है.. सिमरन गुस्से से अपनी गार्डन पीछे कर के करीम को देखने लगाती है...

सिमरन- मुझे बाजारू मत बोलो

करीम- बोल रांड तुजे चुडैके कितने पैसे चाहिए

सिमरन- मई कोई बाजारू रांड नहीं हु जो पासी लेके सबकुछ करू..

करीम- ारे सभी रांड पैसे hi तो लेती है.. टब hi ले ले…

सिमरन- मई कोई बाजारू नहीं हु.. तुम मुझे ऐसे जलील मत करो…

करीम- तू दार मत बाजारू रांड.. आज इस बालकनी मई तुझे पूरी नंगी करके तेरी जवानी के साथ मई मस्ती से खेलूंगा… आज मई तुझे बहुत माज़ा दूंगा मेरी रांड और तुझे द्क्प सिमरन कौर से मेरी चैनल रांड सिमरन कौर बना दूंगा समझी…

करीम के मुँह से यह सब बाते सुनके सिमरन पूरी तरह से sharmai.Woh अब समझ गयी की ये करीम अब मेरी कुछ नहीं सुनेगा और अपनी मर्ज़ी से hi मुझे उसे करेगा… मेरी कुछ नहीं सुनेगा.. मुझे जान बुझके यह अब जलील करेगा.. अब मई क्या करू … मेरी इज़्ज़त जो मैंने इतने दिनों से कमाई है इसकी ये आदमी अब वाट लगाएगा..

ऐसा नहीं था की सिमरन यह नहीं चाहती थी लेकिन एक बूढ़े के साथ इस तरीके से वह उसके साथ करना नहीं चाहती thi..use करीम के साथ सेक्स करने की इच्छा तो थी लेकिन ऐसे जलील करके करने की नहीं थी..

अब करीम सिमरन को अपनी तरफ घुमा लेता है.. अपना नंगा लुंड सिमरन के हाथ मई डाके सिमरन के आम को ज़रा जोरसे मसलते उसने बोलै…

करीम- तू बता तेरे पति के साथ तू कैसा सेक्स करती है..

सिमरन आचर्य से करीम की तरफ देखके कहती है..

सिमरन- कैसा मतलब .. नार्मल सेक्स..

करीम- मेरा मतलब है उसने कभी तेरे छूट छाती क्या..

सिमरन- नहीं..

करीम- तूने उसका लुंड कभी आपने मू मई लिया क्या..

सिमरन- नहीं..

करीम उसके तरफ देख कर हस्ता है..

सिमरन को समाज मई अब आ गया की करीम क्या चाहता है..

सिमरन- कभी नहीं .. कभी नहीं हो सकता मुजसे..

करीम- क्यों मेरी रंडी… सिमरन कौर… sorry..sorry… मेरी रंडी.. dcp..Simran कौर… पसंद आया मेरा लुंड… यह लौड़ा चूसेगी या उससे छुडवाके लेगी… साली तुम तो एकदम मस्त माल हो.. लता से भी मस्त है तू रंडी .. तुझे तो दिन रात छोड़ना चाहिए रंडी. अब निचे बैठके लुंड मुँह मई लेती है या गांड मरू तेरी सिमरन चैनल…

ऐसा कहके वो सिमरन के आम जोरसे मसलता है… करीम के जोरसे मसलने से सिमरन को दर्द होता है लेकिन उससे ज्यादा करीम की गालिया उससे हैरानी मई डालती है. ये अचानक करीम को क्या हुआ जो वह उससे गालिया डेन लगा यह सिमरन नहीं समझ पाए. ज़िन्दगी मई पहली बार किसी मर्द से गली सुनके उससे बुरा भी लगा और गुस्सा भी आया. करीम के लुंड से हाथ हटते वह ज़रा गुस्से और दर्द से बोली..

सिमरन- अह्ह्ह्ह उईईई माआआ तुम मुझे गली क्यों दे रहे हो … चूरू मुझे और मुझे जाने दो.. मुझे कुछ नहीं करना है तुम्हारे साथ..

करीम इस बात पे ज़रा भी न डरते हुई और उससे धीरे आवाज मई सिमरन के आम को वैसे hi मसलते बोलता है…

करीम- सुन मेरी प्यारी रंडी ..द्क्प सिमरन कौर मुझे आर्डर नहीं देना कभी. मुझे मेरे सामने की नंगी औरत को गुलाम बना के रखना ाचा लगता है. तूने ज्यादा नाटक किया तो तुझे इसी घर से नंगी निकल दूंगा यह याद रख. मेरी रांड अब मैंने तुझे नंगा किया है ..अब तुझे छोड़के hi इस घर से जाऊंगा यह याद रख. चल मेरा लुंड सहलाती रह सिमरन जान.

करीम की आवाज़ से सिमरन डर्टी है. मम्मी दबाने से दर्द हो रहा है लेकिन मस्ती भी चा रही थी उसपे. करीम का गुस्से से भरा चेहरा देखके वह बोली…

सिमरन- करीम सॉरी.. मई कभी तुझसे ऐसे बात नहीं करुँगी पर तू मुझे गालिया मत दे.

अब आवाज़ मई ज़रा सा गुस्सा और ज़रा सी जबरदस्ती दीखते हुई करीम सिमरन की कमर मई हाथ डालके उसे अपनी और खींचते हुई कहता है..

करीम- ारे तुझे बोलै न मेरा लुंड चूस करके.. क्यों नाटक कर रही है…

सिमरन करीम का गुस्सा देखके दार जाती है पैर डरने के बाद भी वह करीम से दूर नहीं होना चाहती क्योकि उससे पता था की एहि आदमी उससे बहुत मजा देगा. सिमरन के चहरे पे दार देखके करीम उसके आम मसलते बोलता है…

करीम- ारे तू क्यों डर्टी है रांड… मैंने तो तुजको सिर्फ मेरा ये काला लुंड चूसने को बोलै है.. तेरे इस प्यारे कोमल गुअलभि हूंतो से… मई थोड़े hi तेरे गांड मारने की बात कर रहा हु… अगर तू चाहे तो मार सकता हु…

ऐसे बोलके वो उसकी गांड एक हाथ से दबा देता है..

सिमरन दर जाती है…

सिमरन- प्ल्ज़्ज़्ज़्ज़… नाहीइ.. नाहीई… वो नहीं हो सकता….

करीम- क्या नहीं हो सकता है..

सिमरन- पीछे से… नहीं हो सकता…

करीम- तो तू चाहती है मई तेरे ये छूट मरू…

ऐसे कहके करीम सिमरन की ज़िप खुली थी वह से हाथ डालके उसके पंतय को साइड मई करके अपनी उंगली अन्दर दाल देता है…

सिमरन- aaaaaaaaaahhh…..

करीम- तू और तेरे ये छूट मुजसे छुड़ाने को बहोत बेताब हो गए हो…

सिमरन ने आँखे बंद किये हुई थे..

करीम- इतना मेरा कला मोटा लुंड पसंद आ गया मेरी रांड तुजे …

सिमरन- ऐसी बात नहीं है… करीम..

करीम गुस्से से उसके बाल को पकड़ के जोर से खींचता है…

सिमरन- कामिनी… मई तुम्हारे उम्र का हु जोट ु मेरा नाम ले रही है… तेरे सी मई बड़ा हु… साली आगे से अगर मेरा नाम लिया तो देख तेरा क्या हाल करता हु…

सिमरन- haa…aage से आप को नाम से नहीं बुलाऊंगी…

करीम उस के बाल को पकड़ के खींचके टेबल के पास पड़ी लकड़ी की चेयर पाई बैठ जाता है और सिमरन के बालो को पकड़ के खींचते हुई ले जाता है…

करीम- मादरचोद …. अगर बोलै तो एहि नंगा करके तेरी गांड मरूंगा समझी….

सिमरन को बहोत दर्द हो रहा था…
 
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